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अपडेट 78 चावला गेट्स वरीड अबाउट थे डे संजना विल बे इन थे हाउस
सेक्सुअल एनकाउंटर के बाद दोनों एक दूसरे को बाँहों में जाकर लेते रहे कुछ देर तक बीएड पर यूँही. सुबह के 4 बज गए और सान्वी का उठने का टाइम करीब हो रहे थे तो चावला साहब ने उस से कहा, “जाओ एक घंटे तक सो सकती हो, 5 बजे तो किचन में रहती हो तुम!”
सान्वी बोली, “एहि मुझे बेहद पसंद है, आप मुझको बहोत अच्छी तरह से जानती हो, कब जागती हूँ, कब काम करती हूँ, कब नहाती हूँ, कौन कौन सी ड्रेस पहनती हूँ, कब किआ करती हूँ आप को सब का पता है मेरे बारे में जो मेरे पति खुद नहीं जानते, तो असली पति तो आप hi हुए मेरे हम्म?” चावला साहब खामोश रहे कुछ सोचते हुए तो सान्वी ने थोड़ा नाहकरे वाली ऐडा से कहा, “नहीं मैं नहीं जाती ऊपर अब, विवान तो गहरे नींद में होगा और अगर मुझको बीएड पर नहीं देखा तो वो एहि सोचेगा के मैं किचन में चली गयी हूँ, चलो पांच बजे तक आप के साथ hi सोती हूँ, आप जगा देना अगर नींद लग गयी तो okay?”
चावला साहब ने उसस्के माथे को चूमते हुए कहा, “और अगर मुझको भी नींद लग गयी तो? हम 10 बजे तक यूँही नींद में रह गए और विवान उठेगा, और तुमको किचन में नहीं पाकर मेरे दरवाज़े को खोला और देखेगा के उस्सकी पत्नी नंगी उसस्के बाप से लिपटी बीएड पर सो रहे हैं तब किआ होगा स्वीटहार्ट?”
सान्वी थोड़ा ज़ोर से हँस्ते हुए कहा, “ोफो ऐसा कुछ बी नहीं होने वाला बुसस अलार्म लगादो 5 बजे के लिए अपने मोबाइल पर नाह सो सिंपल!” तो चावला साहब ने कहा okay और उठकर गया पहले किचन में लाइट ों करने, और अपने दरवाज़े को लॉक करके अलार्म लगाया 5.15 के लिए और वापस सान्वी को नंगी अपने बाहों में भरके दोनों चादर ओढ़के सो गए एक दूसरे को बाहों में जाकर.
सान्वी कोई 15 मिनट तक चावला साहब के छाती पर अपना जीब फर्टी रही, चुस्ती रही उनको करेस करते हुए और चावला साहब को नींद लग गए फिर सान्वी भी सो गयी. और नींद गहरे था दोनों के…..
5.15 पर अलार्म ने जगाया दोनों को और जल्दी से सान्वी उठी अपने कपडे पेहेन्ने के लिए तो चावला साहब ने उस्सको फिर जाकर के बीएड पर पटका और उस पर चढ़ गया और एक बार फिर से छोड़ा सान्वी को, खूब मज़े से किया इस बार भी और सान्वी झड़ते हुए तड़पती हुई कहांरने लगी और आखिर में चावला साहब ने अपने वीर्य को चोर्रा उसस्के पथ और बॉब्स के ऊपर….
सान्वी उनको किश करके जल्दी से अपनी निघ्त्य में निकली और कहा, “मेरे निघ्त्य की गाउन तो ऊपर कमरे में है…. उस्सको लेकर वापस किचन में आती हूँ आप और थोड़ा सो जाइए.
और सान्वी वापस अपने कमरे में गयी, निघ्त्य लिया और देखा के विवान तो गेंरे नींद मैं है, उस्सको पता भी नहीं चला के सान्वी रात भर बीएड पर नहीं थी!! तो संवी ने सोचा अब ऐसे बहोत साड़ी रातों को वो चावला साहब के साथ रात गुज़ार पाएगी. ये सोचकर वो बहोत खुश हुई और उसस्के जिस्म में एक और अजीब लेहेर दौड़ी सिर्फ इतना सोचते हुए.
वो अपने काम में बिजी हो गयी टिया और ब्रेकफास्ट बनाते हुए और बार बार चावला साहब के कमरे के तराव देखती जा रही थी मगर उस्सको पता था के आज तो चावला साहब बहोत रिलैक्स होकर आराम से देर तक सोएंगे तो उस्सको सोने दिया…..
दिन के 10 बजे चावला साहब उठे तो देखा संजा ा के बहोत सारे मेस्सगेस और मॉस्कल्स हैं. अब चावला साहब के लिए एक प्रॉब्लम हो गयी. अभी दो बार संवी के साथ सेक्स किया तो अब संजना को किआ वो खुश कर पाएगा या नहीं वो इस सोच से अब परेशां होगये थे…. सोच रहा था के दो दिन संजना के साथ नहीं किया तह और उस्सको सेक्स का इंतज़ार था चावला साहब के साथ….. यह अब चावला साहब के लिए एक दुविधा बन गए.
उस्सने सोचा अब तो टाईमटेबल के हिसाब से करना पड़ेगा सेक्स… अगर रात में सान्वी से किया तो दिन के लिए संजना के लिए बचाना चाहिए और अगर दिन में सान्वी से किया तब संजना के लिए रात की एनर्जी बचाना पड़ेगा उनको. मगर किआ 24 हॉर्स में हर रोज़ दो बार कर पाएंगे इस सोच में वो उलझे हुए थे… संजना बहोत हॉट और सेक्सी थी और अपने अदाओं और नखरों से जल्द hi चावला साहब को खड़ा कर देती थी तो उस्सने सोचा के संजना के साथ शायद ज़्यादा आसान होगा करने को… हालां के अभी दो बार कर चुके थे और 5 घंटे की नींद पूरी हुई तो जब तक संजना के घर पहुंचेंगे तब तक तो कोई 8 घंटा हो जाएगा लास्ट सेक्स किये हुए तो उस्सको यकीन था के संजना को भी खुश कर पाएंगे वो.
मगर अब सान्वी उनको जाने देता तब नाह जाता संजना के यहाँ? 10.30 बजे जब चावला साहब तैयार हो रहे थे जब सान्वी उंनसे लिपट गयी और नखरें करने लगी के कल उन् दोनों का सुहाग रात हुआ तो उस्का हक़ बनता है के वो उनको घर पर hi रोकें और उनके साथ और सेक्स करे और दिन भर उन से प्यार करे.
चावला साहब समझते समझते थक गए के वहां संजना उस्का वेट कर रही होगी, कल नहीं गए थे, ड्राइविंग स्कूल लेजाना है उस्सको वो भी उस्सको मिस कर रही होगी मगर सान्वी चाहती थी के वो उसस्के साथ पूरा दिन गुज़ारे. चावला साहब सोचने लगे अगर अभी ऐसा है तो संजना का इस घर में आने के बाद किआ मंज़र होगा.
सान्वी ने चावला साहब से कहा के संजना को मैसेज या कॉल करके बता दे के उनकी तबियत ठीक नहीं है इस लिए वो आज नहीं आ पाएंगे. मगर चावला साहब खुद संजना से मिलना चाहता था. क्यूंकि संजना के साथ रहना, वक़्त गुज़ारना एक अलग बात थी. उस्का प्यार और प्यार करने का तरीका अलग था, संजना की भोलेपन और चुलबुली ऐडा बहोत मिस कर रहे थे चावला साहब. संजना की मीठी आवाज़, उस्सकी बोलने की ऐडा, उस्सकी बेहद जान लेवा मुस्कराहट उस्सकी हंसी सब चावला साहब को बहोत hi पसंद था. अगर संजना और सान्वी में चूसे करना होता तो चावला साहब बहोत ऊंचे नंबर से संजना को चूसे करते. तो उस वक़्त चावला साहब बड़े दुविधा में पद गए थे के कैसे उस सिचुएशन को संभाले.
उस्सने बुसस सान्वी से इतना कहा के वो उसस्के साथ दिन के बारह बजे तक रहेगा उसस्के बाद वो चला जाएगा संजना के पास. और तब भी सान्वी ने कुछ कहा तो चावला साहब ने कहा, “कल hi तुमसे से बात हुई थी नाह के तुम संजना से नहीं जलेगी, और अभी hi शुरू हो गए?” पर सान्वी ने अपने सफाई में कहा, “मैं सिर्फ आज के लिए कह रही हूँ सिर्फ आज के दिन चाहती हूँ के आप मेरे साथ रहो क्यूंकि कल हमारा बिल्कुल एक सुहाग रात की तरह मेल हुआ है बुसस इसी कारण….”
तो बे कॉन्टिनोएड…………
सेक्सुअल एनकाउंटर के बाद दोनों एक दूसरे को बाँहों में जाकर लेते रहे कुछ देर तक बीएड पर यूँही. सुबह के 4 बज गए और सान्वी का उठने का टाइम करीब हो रहे थे तो चावला साहब ने उस से कहा, “जाओ एक घंटे तक सो सकती हो, 5 बजे तो किचन में रहती हो तुम!”
सान्वी बोली, “एहि मुझे बेहद पसंद है, आप मुझको बहोत अच्छी तरह से जानती हो, कब जागती हूँ, कब काम करती हूँ, कब नहाती हूँ, कौन कौन सी ड्रेस पहनती हूँ, कब किआ करती हूँ आप को सब का पता है मेरे बारे में जो मेरे पति खुद नहीं जानते, तो असली पति तो आप hi हुए मेरे हम्म?” चावला साहब खामोश रहे कुछ सोचते हुए तो सान्वी ने थोड़ा नाहकरे वाली ऐडा से कहा, “नहीं मैं नहीं जाती ऊपर अब, विवान तो गहरे नींद में होगा और अगर मुझको बीएड पर नहीं देखा तो वो एहि सोचेगा के मैं किचन में चली गयी हूँ, चलो पांच बजे तक आप के साथ hi सोती हूँ, आप जगा देना अगर नींद लग गयी तो okay?”
चावला साहब ने उसस्के माथे को चूमते हुए कहा, “और अगर मुझको भी नींद लग गयी तो? हम 10 बजे तक यूँही नींद में रह गए और विवान उठेगा, और तुमको किचन में नहीं पाकर मेरे दरवाज़े को खोला और देखेगा के उस्सकी पत्नी नंगी उसस्के बाप से लिपटी बीएड पर सो रहे हैं तब किआ होगा स्वीटहार्ट?”
सान्वी थोड़ा ज़ोर से हँस्ते हुए कहा, “ोफो ऐसा कुछ बी नहीं होने वाला बुसस अलार्म लगादो 5 बजे के लिए अपने मोबाइल पर नाह सो सिंपल!” तो चावला साहब ने कहा okay और उठकर गया पहले किचन में लाइट ों करने, और अपने दरवाज़े को लॉक करके अलार्म लगाया 5.15 के लिए और वापस सान्वी को नंगी अपने बाहों में भरके दोनों चादर ओढ़के सो गए एक दूसरे को बाहों में जाकर.
सान्वी कोई 15 मिनट तक चावला साहब के छाती पर अपना जीब फर्टी रही, चुस्ती रही उनको करेस करते हुए और चावला साहब को नींद लग गए फिर सान्वी भी सो गयी. और नींद गहरे था दोनों के…..
5.15 पर अलार्म ने जगाया दोनों को और जल्दी से सान्वी उठी अपने कपडे पेहेन्ने के लिए तो चावला साहब ने उस्सको फिर जाकर के बीएड पर पटका और उस पर चढ़ गया और एक बार फिर से छोड़ा सान्वी को, खूब मज़े से किया इस बार भी और सान्वी झड़ते हुए तड़पती हुई कहांरने लगी और आखिर में चावला साहब ने अपने वीर्य को चोर्रा उसस्के पथ और बॉब्स के ऊपर….
सान्वी उनको किश करके जल्दी से अपनी निघ्त्य में निकली और कहा, “मेरे निघ्त्य की गाउन तो ऊपर कमरे में है…. उस्सको लेकर वापस किचन में आती हूँ आप और थोड़ा सो जाइए.
और सान्वी वापस अपने कमरे में गयी, निघ्त्य लिया और देखा के विवान तो गेंरे नींद मैं है, उस्सको पता भी नहीं चला के सान्वी रात भर बीएड पर नहीं थी!! तो संवी ने सोचा अब ऐसे बहोत साड़ी रातों को वो चावला साहब के साथ रात गुज़ार पाएगी. ये सोचकर वो बहोत खुश हुई और उसस्के जिस्म में एक और अजीब लेहेर दौड़ी सिर्फ इतना सोचते हुए.
वो अपने काम में बिजी हो गयी टिया और ब्रेकफास्ट बनाते हुए और बार बार चावला साहब के कमरे के तराव देखती जा रही थी मगर उस्सको पता था के आज तो चावला साहब बहोत रिलैक्स होकर आराम से देर तक सोएंगे तो उस्सको सोने दिया…..
दिन के 10 बजे चावला साहब उठे तो देखा संजा ा के बहोत सारे मेस्सगेस और मॉस्कल्स हैं. अब चावला साहब के लिए एक प्रॉब्लम हो गयी. अभी दो बार संवी के साथ सेक्स किया तो अब संजना को किआ वो खुश कर पाएगा या नहीं वो इस सोच से अब परेशां होगये थे…. सोच रहा था के दो दिन संजना के साथ नहीं किया तह और उस्सको सेक्स का इंतज़ार था चावला साहब के साथ….. यह अब चावला साहब के लिए एक दुविधा बन गए.
उस्सने सोचा अब तो टाईमटेबल के हिसाब से करना पड़ेगा सेक्स… अगर रात में सान्वी से किया तो दिन के लिए संजना के लिए बचाना चाहिए और अगर दिन में सान्वी से किया तब संजना के लिए रात की एनर्जी बचाना पड़ेगा उनको. मगर किआ 24 हॉर्स में हर रोज़ दो बार कर पाएंगे इस सोच में वो उलझे हुए थे… संजना बहोत हॉट और सेक्सी थी और अपने अदाओं और नखरों से जल्द hi चावला साहब को खड़ा कर देती थी तो उस्सने सोचा के संजना के साथ शायद ज़्यादा आसान होगा करने को… हालां के अभी दो बार कर चुके थे और 5 घंटे की नींद पूरी हुई तो जब तक संजना के घर पहुंचेंगे तब तक तो कोई 8 घंटा हो जाएगा लास्ट सेक्स किये हुए तो उस्सको यकीन था के संजना को भी खुश कर पाएंगे वो.
मगर अब सान्वी उनको जाने देता तब नाह जाता संजना के यहाँ? 10.30 बजे जब चावला साहब तैयार हो रहे थे जब सान्वी उंनसे लिपट गयी और नखरें करने लगी के कल उन् दोनों का सुहाग रात हुआ तो उस्का हक़ बनता है के वो उनको घर पर hi रोकें और उनके साथ और सेक्स करे और दिन भर उन से प्यार करे.
चावला साहब समझते समझते थक गए के वहां संजना उस्का वेट कर रही होगी, कल नहीं गए थे, ड्राइविंग स्कूल लेजाना है उस्सको वो भी उस्सको मिस कर रही होगी मगर सान्वी चाहती थी के वो उसस्के साथ पूरा दिन गुज़ारे. चावला साहब सोचने लगे अगर अभी ऐसा है तो संजना का इस घर में आने के बाद किआ मंज़र होगा.
सान्वी ने चावला साहब से कहा के संजना को मैसेज या कॉल करके बता दे के उनकी तबियत ठीक नहीं है इस लिए वो आज नहीं आ पाएंगे. मगर चावला साहब खुद संजना से मिलना चाहता था. क्यूंकि संजना के साथ रहना, वक़्त गुज़ारना एक अलग बात थी. उस्का प्यार और प्यार करने का तरीका अलग था, संजना की भोलेपन और चुलबुली ऐडा बहोत मिस कर रहे थे चावला साहब. संजना की मीठी आवाज़, उस्सकी बोलने की ऐडा, उस्सकी बेहद जान लेवा मुस्कराहट उस्सकी हंसी सब चावला साहब को बहोत hi पसंद था. अगर संजना और सान्वी में चूसे करना होता तो चावला साहब बहोत ऊंचे नंबर से संजना को चूसे करते. तो उस वक़्त चावला साहब बड़े दुविधा में पद गए थे के कैसे उस सिचुएशन को संभाले.
उस्सने बुसस सान्वी से इतना कहा के वो उसस्के साथ दिन के बारह बजे तक रहेगा उसस्के बाद वो चला जाएगा संजना के पास. और तब भी सान्वी ने कुछ कहा तो चावला साहब ने कहा, “कल hi तुमसे से बात हुई थी नाह के तुम संजना से नहीं जलेगी, और अभी hi शुरू हो गए?” पर सान्वी ने अपने सफाई में कहा, “मैं सिर्फ आज के लिए कह रही हूँ सिर्फ आज के दिन चाहती हूँ के आप मेरे साथ रहो क्यूंकि कल हमारा बिल्कुल एक सुहाग रात की तरह मेल हुआ है बुसस इसी कारण….”
तो बे कॉन्टिनोएड…………