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अब तक आपने पढ़ा की विक्रम क्यूरियस के लोगों को तोह बचा लेता है पर नाही अपने दोस्तों को बचा पाटा है और नाही HI खुदको
अब आगे:-
फाइनल CHAPTER
(एंगेल्स सैक्रिफाइस & डेविल्स डेमोलिशन)
अपडेट-91
प्लेनेट- एअर्थ
प्लेस-********
200 फ़ीट गहरा PAANI.....EK दायरे में बंधी हुई ये पानी की दुनिया पर उसके बावजूद इसके अंदर का दृश्य अंतहीन समंदर से बिलकुल अलग नहीं...
गहरा पर आँखों से देखा और इसकी खूबसूतरी का पूरा अवलोकन किया जा सके ऐसा पानी....
और उस पानी की सतह और गहरायी दोनों पर हज़ारों की तादाद में तैरती ख़ूबसूरत मछलियां जिनका ये साम्राज्य है....
मछलिया जब एक समूह एक ग्रुप में एक ले में तैरती HAIN,TOH वो नज़ारा देखने में अध्बुध लगता है.....
पर आज इन मछलियों को तैरते देख कुछ डाउट हो रहा hai,kyunki साड़ी मछलियां sidhe,yaa दाएं बाएं ना तैरकर ऊपर से सीधे निचे पानी के ताल की तरफ जा रही हैं और उससे भी अजीब ये है की वो वापस नहीं आ रही हैं....
तोह chaliye,hum भी एक डूबकी लगाएं और देखे की आखिर माजरा क्या hai..???ye मछलियां आखिर जा कहाँ रही हैं.....????
अरे ये kya!!!!!aisa तोह ना मैंने कभी देखा ना suna.....ek और अद्भुद घटना....
नहीं समझे doston,chaliye समझाता hun....saari मछलियां पानी के लास्ट पॉइंट जिसकी गहराई जैसा की मैंने बताया था की 200 फ़ीट hai,us जगह पर एक सर्किल बनाकर गोल गोल घूम रही हैं....
पर उनकी तादाद इतनी ज़्यादा है की ये दिख नहीं रहा की आखिर वो सब आखिर किस चीज़ की चक्कर लगा रहीं हैं....
की तभी............
उस झुण्ड में हल्का गैप आया जिस वजह से उनके आगे की चीज़ या फिर ये कहूं की आगे ध्यान की मुद्रा में बैठे एक इंसान का चेहरा दिख गया और ये इंसान और कोई नहीं विक्रम है......
अब आप सब के दिमाग में दो बातें आएँगी...
pehli,ki विक्रम पानी के 200 फ़ीट अंदर आखिर कर क्या रहा है और
dusri,VIKRAM जब सामने है तोह फिर मई कौन हूँ?????
तोह दोस्तों मई वो विक्रम हूँ जो मेरे सामने बैठा विक्रम कभी हुआ करता था....
अभी भी नहीं samjhe,mai विक्रम का वो अस्तित्व हूँ जो वो खो चूका hai...LORD ऑफ़ एंगेल्स.... जी हाँ doston,yahi है मेरा नाम और विक्रम की पहचान....
एक ऐसा नाम जिसने अपनी पहचान खो दी hai.....jis तरह आत्मा शरीर के बिना और शरीर आत्मा के बिना अधूरे रहते hain,waise hi मई और विक्रम भी एक दूसरे की बिना अधूरे हैं....
पर इसका ये मतलब नहीं है की विक्रम ने अपनी शक्तियां भी खो दी hai....ASMODEUS विक्रम से उसकी पोजीशन उसका पढ़ छीन सकता है पर उसकी खुदसे कमाई शक्ति & मोस्ट इम्पॉर्टन्टलय उसका ऐटिटूड नहीं....
विक्रम में आज भी इतनी ताक़त है की वो पुरे ब्रम्हांड को ख़त्म कर सकता है पर जिस अधिकार से वो ये कर सकता है वो अब ास्मोडियस की वजह से उससे दूर कड़ी है....
khair,ye कहानी तोह आफ्टरऑल विक्रम की hi hai...mai तोह बस हर दिन की तरह एक बार अपने मालिक को देखने आता हूँ...
अब जब मैंने उनके दर्शन कर लिए hain,toh अब मई वापस जाता hun...ab आप विक्रम के हवाले......
मेरी ऊर्जा जो की कभी मेरा नाम हुआ करती thi,wo मुझे देखकर गायब हो गयी....
यहाँ मेरी आँखें अब भी बंद thi..waise भी मुझे अब कोई भी naam,kisi भी काम से कोई मतलब नहीं रह गया था....
पर फिर भी अभी मेरी बंद आँखों के ऊपर मेरे माथे पर टेंशन और दर्द की सिलवटें उभर आयी थी और इसका कारण था की फ़िलहाल मेरे बंद आँखों के सामने एक फ़्लैश बैक सन चल रहा था...
चलिए ,मेरे साथ आप सब भी मुझे दिख रहे सन को देख लीजिये
फ़्लैश बैक सन:-
क्या hua,itni साधु जैसे शकल क्यों बनायीं हुई है तूने.......!!!????
अंजलि की बात का रोनित ने कोई जवाब नहीं दिया बस उससे एक तक देखने लगा.....
अंजलि- lo,ab मुझे घूरने laga....kuch बोलेगा भी!!!!
रोनित- कैसे कर लेती है तू???
अंजलि- क्या कर लेती हूँ मई???
रोनित- है कर अपने गम को कैसे छुपा लेती है तू????
रोनित की बात सुनकर अंजलि की झूटी हसी फीकी पढ़ gayi..ek पल के लिए उसकी असली उदासी उसके आँखों तक आयी पर उसने झट से खुदको कण्ट्रोल कर लिया...
पर ये कुछ सेकण्ड्स काफी थे रोनित को अंजलि के मन के भावों को उसके आँखें के ज़रिये पढ़ने के लिए....
रोनित- ANJU,mere सामने तोह कमसेकम प्रिटेंड करना chhod.......mai जानता हूँ की तू खुश नहीं है.....
रोनित की बात सुनकर अंजलि ने जो अपने आंसू दबा कर रखे the,wo आँखों की सलाखों को तोड़ बाहर आ गए....
रोनित ने अंजलि को झट से अपने गले लगा लिया....
अंजलि- 6 mahine...pure 6 महीने हो गए V.J को इस्ला
गए hue.....naa तोह वो अब तक लौटा है और नाही उसने कोई मेस्सगे दिया है...
उसके दिमाग तक भी मई नहीं पहुँच पा रही hun....aur उसके ऊपर नाही मई SHAILA,MOKALSAR और अक्षांत से कनेक्ट हो पा रही हूँ....
इतनी साड़ी निगेटिव्स का एक साथ होना कोई कोइंसिडेन्स तोह हो नहीं sakta....V.J ज़रूर कोई बड़ी मुसीबत में hai...aur हम दोनों उसकी कोई मदद भी नहीं कर पा रहे हैं....
रोनित- V.J से कनेक्ट ना हो पाना नार्मल hai..kyunki वो किसीको भी ऐसा करने से रोक सकता है..
पर SHAILA,MOKALSAR,AKSHAANT,in तीनो से तोह मैंने भी कई बार खुदको कनेक्ट करने की कोशिश की पर नहीं कर पाया....
और सबसे बड़ी बात की हम इस्ला और वारियर्स वर्ल्ड के लिए वर्ल्ड दूर भी ओपन नहीं कर पा रहे hain...ye कोई छोटी बात नहीं हो सकती...
ज़रूर कुछ बड़ा हुआ है और शायद इसीलिए hi V.J ने हमे अपने साथ जाने से मन किया था....
पर तभी रोनित को कुछ याद आया...
रोनित- ANJU,tune एक बात नोटिस की hai....???V.J के जाने के बाद फर्स्ट तीन महीने तक तोह उसके क्लोन का rawaiya,behaviour नार्मल था...
वो V.J की तरह hi बेहवे कर रहा tha,par फिर अचानक उसके नेचर me,ATTITUDE में हल्का चेंज आया है....
बाकी के घर वालों का तोह पता nahi,par मीनू आंटी ने भी इस बात पर गौर किया है...
V.J के क्लोन के अंदर V.J का कोई टैलेंट हो या ना ho,par उसका बेहेवियर तोह उसके गेन्स में होना चाहिए....
पर V.J का क्लोन कई बार आंटी से भी थोड़ा रौदे हो जाता hai..badhti उम्र का चेंज समझ कर आंटी ने तोह कुछ नहीं कहा पर जब मैंने उससे कोंफ्रोंट किया तोह उसने मेरी बातों को भी अवॉयड कर दिया...
ऐसा लग hi नहीं रहा है जैसे वो V.J का क्लोन है....
अंजलि- सिर्फ V.J का नहीं अवंतिका का क्लोन भी अवंतिका का क्लोन नहीं लग रहा है...
ओह शीट......
अंजलि ने अपने गम में बोल तोह दिया पर फिर उससे रीलीज़ हुआ की उसने क्या बोल दिया है...
दरअसल V.J ने सिर्फ अंजलि को बताया था की वो अवंतिका को भी साथ ले जा रहा है रोनित को नहीं...
और reason,RONIT भाई साहब का हाइपर behaviour...agar रोनित को ये बात पता होती तो वो भी साथ जाने की ज़िद करता...
रोनित- WHATTT!!!!jisse हम रेगुलरली मिलते हैं वो अवंतिका का क्लोन है और असली अवंतिका V.J के साथ गयी है....
इसकी ऐसी की taisi...itni बड़ी बात और तूने मुझसे छुपाई....
अंजलि- मुझसे V.J ने प्रॉमिस लिया था yaar....usse पता था की अगर तुझे ये बात पता होती की अवंतिका भी V.J के साथ जा रही hai,toh तू भी साथ जाने की ज़िद्द करता....
रोनित- हाँ toh,zaroor karta....wo उससे लेजा सकता है पर हमे nahi....waah....
अंजलि- yaar,tujhe तोह पता है ना की V.J कोई भी काम बिना कोई रीज़न के नहीं karta..AVANTIKA को साथ लेजाने में भी ज़रूर कोई न कोई रीज़न होगा...
रोनित- तोह तूने उससे रीज़न भी नहीं पूछा....????!!!!!
ANHALI-pucha tha,par उसने कहा की वापस आकर सब बता देगा....
रोनित- saala,wapas hi तोह नहीं आया ye.....ek second,tu अवंतिका के क्लोन के बारे में क्या कह रही थी????
अंजलि- अरे haan....V.J का क्लोन जैसे वीयर्ड बेहवे कर रहा है naa,thik वैसे hi अवंतिका की क्लोन भी कभी कभी अजीब बेहवे करती है...
हमारी अवंतिका कितनी कूल होकर आराम से बात करती hai,jabki उसकी क्लोन कभी कभी अपनी बातों में अग्रेसिव हो जाती है और सबसे बड़ी बात....
मैंने अवंतिका के क्लोन की आँखों में हमेशा एक ग़ुस्सा देखा hai,khaas कर उस वक़्त जब वो हम दोनों से बात कर रही होती है....
रोनित- अजीब hai..pehle V.J और अवंतिका अपने क्लोन्स पीछे छोड़ कर जाते hain,fir अचानक हमारा उनसे और वो जिस जगह गए hai,us जगह और वहां के लोगों से कांटेक्ट टूट जाता hai,fir वहां जाने का वर्ल्ड दूर भी नहीं खुलता और यहाँ उनके क्लोन्स भी उनसे अलग बेहवे करने लगते हैं....
साला ये चक्कर क्या hai,aur इससे सुलझाएं कैसे????
अंजलि- क्यों ना हम एक बार अवंतिका के क्लोन से बात करके देखें.....
रोनित- haan,ye सही rahega..chal चलते हैं.....
अंजलि और रोनित अवंतिका के घर निकल जाते hain..unke घर पहुँचते hi अवंतिका की माँ उन्हें बताती है की अवंतिका अपने कामे में है....
दोनों उसके कमरे की तरफ निकल पड़ते हैं.....
अंजलि- अवनि.......
रूम में पहुँचते hi दोनों की नज़र अवंतिका के क्लोन पर पड़ती है जो दरवाज़े की तरफ hi मुँह करके बैठी थी...
वहीँ अंजलि और रोनित को अपने सामने देख अवंतिका के क्लोन की आँखों में ग़ुस्सा दिखने लगता है जिससे वो छुपाने की कोशिश कर रही होती है पर इस बार अंजलि की hi तरह रोनित भी ये बात नोटिस कर लता है......
रोनित- कौन हो tum????aur V.J के घर पर जो क्लोन hai,wo कौन है????
इससे पहले की अंजलि कुछ kahe,RONIT अपने सवाल के तीर अवंतिका के ऊपर छोड़ देता है....
यूँ अचानक सवाल सुनकर अवंतिका की क्लोन हड़बड़ा जाती है पर फिर तुरंत खुदको नार्मल भी कर लेती है....
अवंतिका- क्या मतलब है tumhara...mai अवंतिका की क्लोन हूँ और V.J के घर पर V.J का क्लोन है.....
अवंतिका की क्लोन की बात सुनकर पहले तोह अंजलि और रोनित शॉकेड हो जाते है पर इस शॉक से उनका डाउट भी क्लियर हो जाता है की ना तोह उनके सामने कड़ी लड़की अवंतिका की असली क्लोन है और नाही V.J का क्लोन वो है जिससे V.J ने अपने पीछे यहाँ छोड़ा था....
रोनित- तूने खुद hi ये साबित कर दिया की तू अवंतिका की क्लोन नहीं है और अगर तू वो क्लोन नहीं है जिससे हमारे दोस्त ने बनाया था तोह V.J के घर पर जो है वो भी हमारे दोस्त का क्लोन नहीं हो सकता....
रोनित की बात सुनकर अवंतिका की क्लोन शॉकेड हो जाती है....
अवंतिका- ये तुम कैसे कह सकते हो???
अंजलि- एक तरह से क्लोन्स अपने असली रूप के यार फिर उस रूप को देने वाले के गुलाम होते हैं....
इसीलिए क्लोन्स कभी भी अपने असली रूप का या फिर उसका जिसने उससे रूप दिया ho,uska नाम नहीं लेते....
ख़ास कर किसी ऐसे के सामने जो उनकी असलियत जानते ho...par तुमने अभी विक्रम को V.J कहा.....
अपने मालिक का नाम लिया वो भी वो नाम जिससे उससे सिर्फ उसके दोस्त बुलाते हैं...
इसीलिए तुम अवंतिका की वो क्लोन तोह हो नहीं सकती जो V.J ने बनाया था और अगर तुम V.J की बनायीं क्लोन नहीं हो तोह खुद V.J का क्लोन भी कोई और है क्यूंकि अगर ऐसा नहीं होता तोह V.J का क्लोन तुम्हे पहचान लेता.....
1
कुछ पल तक अवंतिका की क्लोन रोनित और अंजलि को घूरती रही पर फिर.....
हहहहहहहहहहहह.........
वो क्लोन हसने लगी पर उसकी हसी सुन रोनित और अंजलि फिरसे चौंक गए और वो इसीलिए क्यूंकि अवंतिका की क्लोन के हस्ते वक़्त जो आवाज़ निकल रही थी वो किसी और लड़की की थी....
पर अभी उन दोनों को दो बार और चौंका बचा tha,kyunki अवंतिका के ठीक बाजू में एक काला साया उभरा और उस काले साये ने हौले हौले रूप लेना शुरू किया और आख़िरकार जब उस साये का रूप पूरा हुआ तोह वहां पर V.J का क्लोन खड़ा था...
अंजलि या रोनित कुछ कहते उससे पहले hi उन्हें अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा...
और वो इसलिलये क्यूंकि अवंतिका और V.J के क्लोन्स ने एक बार फिरसे अपना रूप बदलना शुरू किया या फिर ये कहूं की अब वो दोनों अपने असली रूप में आ रहे थे...
कुछ hi पलों में रोनित और अंजलि के सामने दो नए चेहरे खड़े थे....
अंजलि- कौन हो tum????aur V.J और अवंतिका कहाँ हैं???
1सत पर्सन- भुविका
2ंद पर्सन- बिल्जेबब
रोनित- अब्बे पौराणिक कथाओं से बहार फुंडकर कर आये हो kya???ye कैसे नाम रखे हैं तुम दोनों के तुम्हारे घर वालों ने...
बिल्जेबब- पौराणिक कथाएं हमारे बाद जन्मी हैं बच्चे....
रोनित- तू इतना डोकरा hai.....kya लगता है यार जो अभी तक जवान है.....
बिल्जेबब- लगता नहीं लगवाता hun..mout को gale...tum दोनों को भी वही लगवाने आया था पर अब योजना थोड़ी बदल गयी है...
तुझे बोलने का बोहोत शौक है naa,aaj के बाद तेरे मुँह में जुबां तोह होगी पर तू कुछ बोलेगा nahi....bas इस पल को याद कर कर के तड़पेगा....
भुविका- तेरे सामने आज तेरी प्रेमिका मारेगी और तू कुछ कर नहीं पायेगा....
BEELZEBUB-aur जब ऐसा होगा तब देखेंगे की तेरी जुबां कितनी चलती है...
बिल्जेबब और भुविका की बात सुनकर रोनित को ग़ुस्सा आ गया था पर इससे पहले की वो कुछ बोलता या करता...
अंजलि- V.J कहाँ है???
बिल्जेबब- फ़िलहाल ज़िंदा hain...par कब तक पता नहीं!!!!
रोनित- तुम जैसे लाखों को वो अपने मूठ में बहा de,itna दम है उसमे समझा चूतिये.....
रोनित की बात सुनकर बिल्जेबब को तोह ज़्यादा नहीं पर भुविका को ग़ुस्सा आ गया...
और अगले hi पल.........
अंजलि- अरे हम यहाँ कैसे????
रोनित भी इधर उधर देखने लगा.....
हुआ ये की भुविका ने अपने मन में एक सुनसान जगह का आवाहन किया और अगले hi पल चारों उस सुनसान जगह पर पहुँच चुके थे.....
भुविका- ये है तुम्हारी मरण भूमि....
बिना अपनी मर्ज़ी के भुविका का यूँ उन दोनों को एक नयी जगह पर ट्रांसपोर्ट करने से रोनित और अंजलि ये समझ गए थे की उन दोनों के सामने जो दो लोग खड़े hain,wo मामूली नहीं हैं...
दोनों ने hi तलवार का आवाहन किया और अगले hi पल.....
अह्हह्ह्ह्ह............
आह्ह्ह्हह.............
ये दोनों दर्द भरी आह रोनित और अंजलि के मुँह से निकली थी पर ये आह ना तोह भुविका के वार से निकली थी और नाही hi बिल्जेबब के वार से...
दरअसल आवाहन से प्रकट हुई रोनित और अंजलि के हाथ की तलवार अगले hi पल आग जैसी गर्म होकर गलने लगी...
यहाँ तक की तलवार की जिस मूट को अंजलि और रोनित पकडे हुए the,wo भी आग सी गर्म हो गयी जिस वजह से दोनों के हाथ से उनकी तलवार छूठ गयी और उनके मुँह से ाः निकल गयी.....
बिल्जेबब- क्या hua???baat नहीं bani...ek और बार कोशिश कर लो....
रोनित- तेरी तोह मई........
ये बोलकर रोनित तेज़ी से बिल्जेबब की तरफ आगे बढ़ा पर वो ज़्यादा आगे बढ़ नहीं पाया..
बिल्जेबब ने हवा रोनित के सामने उसके शरीर के साइज का hi एक एयर फाॅर्स खड़ा कर दिया जिसकी वजह से रोनित आगे नहीं बढ़ पा रहा था....
वहीँ अंजलि ने एक बार फिरसे एक तलवार का आवाहन किया पर इस बार उसने उससे हाथ में ना लेकर हवा के सहारे होल्ड किया और भुविका की तरफ छलांग लगा दी...
अंजलि को ऐसा करते देख भुविका के चेहरे पर एक ज़हरीली मुस्कान आ गयी...
भुविका ने भी बिल्जेबब की hi तरह हवा में सामने की तरफ एक तरंग छोड़ा जो सामने से तैरता हुआ आया अंजलि के शरीर से टकराया...
अंजलि का शरीर वापस पीछे की तरफ फेका गया पर अंजलि ने खुदको हवा में hi एडजस्ट कर लिया और कलाबाज़ी खाते हुए अपने पैरों पर लैंड हुई....
बिल्जेबब- तुम दोनों को खुश होना चाहिए की तुम्हारे जैसे साधारण तुच्छ लोगों को हम जैसे महा शक्तिशाली डेविल्स से लड़ने का मौका मिला.....
अंजलि- mahashaktishali!!!!tum दोनों के अंदर जो शक्तियां hain,ya तोह वो विक्रम की जागीर है यार फिर उसके भाई की....
रोनित- ये एक भीक hai...aur भीक में मिली शक्तियों का घमंड नहीं किया jaata....jab तक हमारा दोस्त वापस नहीं आ jaata,apni इस गलत फेहमी को जी लो...
उसके बाद मौका नहीं मिलेगा....
अंजलि और रोनित की बात सुनकर बिल्जेबब और भुविका को ग़ुस्सा आ गया....
बिल्जेबब एक सेकंड के सौवे हिस्से में रोनित के ठीक सामने पहुँच गया और....
रोणिततटत.........
ये आवाज़ अंजलि के मुँह से निकली thi....kaaran....!!!!
इससे पहले की रोनित कुछ समझ paata,BEELZEBUB ने एक पंच रोनित के पेट में मारा....
रोनित के मुँह से खून बाहर फेका गया जिससे देखकर अंजलि की चीख निकल गयी पर बिल्जेबब यही नहीं रूका....
रोनित के झुकने की वजह से उसका माथा बिल्जेबब के पेअर के सामने tha...BEELZEBUB ने अपने घुटने मोड़ते हुए रोनित के सेरीब्रम ( सर ) पर एक प्रहार किया...
रोनित के सर के नस इस टक्कर से हिल से gaye...RONIT के नाक से खून की पतली सी नदी बहने लगी....
रोणिततत.......
अंजलि की ये दर्द भरी चीख और तेज़ thi....par दर्द के साथ साथ अंजलि को नोहोत तेज़ ग़ुस्सा भी आया और जैसे hi उसने अपना सर सामने किया वो शॉकेड हो गयी..
kaaran,uske जस्ट सामने भुविका कड़ी थी जिसके चेहरे पर हैवानियत से भरी मुस्कान थी और अगले hi पल.....
अह्ह्ह्हह्हह.........
नाहीईई.........
दर्द भरी कराह अंजलि के मुँह से निकली thi..wajah,uske सीने के ठीक नीचे पेट जहाँ से शुरू होता है वहां से एक तलवार आर पार हो चुकी थी.....
ये एक मायावी तलवार थी जिससे भुविका ने बिना छुए इस्तेमाल किया था जिस वजह से अंजलि उससे देख नहीं पायी......
दूसरी आवाज़ रोनित के मुँह से निकली थी जो अपनी आधी खुली आधी बंद हो रही आँखों से अपने प्यार को मरते हुए देख रहा था....
अंजलि के अंदर तलवार ग़ुस्सा भुविका रोनित की तरफ बढ़ी पर....
बिल्जेबब- अपने मेहबूब को अपने आखों के सामने मरते देखने से बड़ी सजा और कुछ नहीं हो सकती....
रहने दे isse...maine कहा tha,baaki की ज़िन्दगी इससे बिना आवाज़ के आज के दिन को याद करके रो रो कर बितानी होगी...
ज़िन्दगी hi इसकी सजा है........
बिल्जेबब की बात वो आखरी आवाज़ थी जो रोनित के कानो ने सुनी....
इसके बाद रोनित की आँखें बंद होती चली गयी और उसका शरीर एक तरफ लुढ़कता चला गया..
वही उससे कुछ दूर पर अपने घुटनो के बल एक तलवार को अपने आर पार लिए बैठी अंजलि भी रोनित को देखते हुए एक तरफ लुढ़क गयी.....
रोनित से उलट अंजलि के आँखों में एक सुकून tha...sukoon की कमसेकम उसका प्यार सिर्फ बेहोश हुआ है मारा नहीं......
सुकून की अपने आखरी लम्हो में उसके आँखों के सामने उसका प्यार तोह है.....
एक खून की हिचकी लेते हुए अंजलि की आखें बंद हो गयी....
वहां अंजलि की आँखें बंद hui,yahan हमेशा की तरह मेरे सर में दर्द उठा और मेरी आखें खुल गयी.....
मुझे जिस मछलियों ने चारों तरफ से घेरा हुआ tha,mere आँख खुलते hi वो सब भाग गयीं.....
ठन्डे पानी के अंदर इस वक़्त मेरी आखें आग सी गर्म thi....pura पानी मेरे आँखों की गर्मी से गर्म होने लगा....
कुछ देर तक मई शुन्य में घूरता raha,fir अपनी आखें बंद की और जब दोबारा खोली तोह तोह सब ठीक था....
मैंने अपने शरीर को एक झटका दिया और अगले hi पल मेरा शरीर एक तेज़ तीर की स्पीड से पानी को चीरता हुआ बाहर आ गया..2 सेकंड और मेरे पेअर हरे हरे घास के ऊपर थे...
मई- ऐ zindagi,tu भी ज़्यादा जीकर
क्या करेगी?????
dekhna,ek दिन आएगा जब तू
भी तड़प तड़प कर मारेगी.........
मई गायब हो गया.......
प्लेस- ST,PETER'S COLLEGE,DELHI
सत PETER'S COLLEGE....ONE ऑफ़ थे फिनस्ट कॉलेज इन DELHI....MATHS,SCIENCE,COMMERCE,ARTS, यहाँ हर सब्जेक्ट का अलग अलग डिपार्टमेंट है....
और आज यहाँ पर हर सब्जेक्ट के एडमिशन और रेडमीशन का फाइनल डेट hai...commerce स्टूडेंट्स हो या आर्ट्स students,engineering सेक्टर हो या फिर मेडिकल फील्ड के students,sabhi आज यहाँ फॉर्म फइलल करने के लिए मौजूद हैं....
ST.PETERS की इंटरके में बना एक बड़ा सा लोहे का gate,jisse अभी होते हुए B.M.W से जैगुआर tak,AUDI से लेकर मस्टंग तक साड़ी ब्रांड्स की कार एंटर कर रही थी...
की तभी.........
अब्बे लोदु यही ROK........APNE अम्मा के घर तक छोड़ेगा क्या????
मेरी आवाज़ सुनकर ऑटो ड्राइवर जो कॉलेज गेट को क्रॉस करता हुआ आगे निकलने लगा tha,usne तुरंत ब्रेक मार दी.....
ऑटो ड्राइवर- क्या sahab,gaali तोह मत दो....
मई- aww,mere बाबू को बुरा लग gaya...aa,ek चुम्मी देता hun...saale BHOS******,auto को प्लेन बनाकर भगाये जा रहा hai,toh गाली नहीं तोह क्या तारीफ़ करू तेरी..
तेरे को बोलै तोह था की ST.PETER जाना hai,toh रोका काहे नहीं तू....???
ऑटो ड्राइवर- oh,toh आपको सत पीटर कॉलेज जाना tha,mujhe लगा आप सत पेटर्स चर्च बोल रहे ho,isiliye मई भगा रहा था....
मई- aisa..toh एक काम kar.pehle चर्च hi lele...par चर्च से थोड़ा पहले उतर dena..udhar तेरा मुरदुर कर dunga,fir चर्च में कॉनफीसिओं बॉक्स में जाकर गॉड से माफ़ी मांग लूंगा...
वैसे भी गॉड आज कल इंसानो से ज़्यादा शैतानो पर मेहरबान हैं......
चल चलें...
ऑटो ड्राइवर- क्या साहब आप bhi...ab उतरिये bhi,aapka कॉलेज आ गया है..
मई- ाचा हुआ बता diya....waise कितने हुए तेरे....???
ऑटो ड्राइवर- 150 रूपीस...
मई- कितना 150...सालों लूट मचा राखी है सब ne....isse ाचा तोह पैदल आ jaata....le पकड़ मेरा......
ऑटो ड्राइवर - क्या साहब????
मई- क्या क्या पकड़ता है tu....pakad मेरा पैसा जो अब तेरा हो गया है...
ये बोलकर मैंने ऑटो वाले को पैसे दिए और कॉलेज गेट की तरफ निकल पड़ा....
मई- तोह ये है ST.PETERS....ST स्टीफेंस जैसा hi है.....
मई इंटरके गेट के बीच खड़े हो एक अंगड़ाई ले कॉलेज को देखने लगा....
मई- लगता है दिल्ली के सारे रहिस लौंडे लौंडिया यहीं पढ़ते hain....saalon के बीच मई कहा फिट बैठता हूँ....
घंटा मई कहाँ फिट बैठता hun...saale ये सब मेरे साथ कौनसा फिट बैठते हैं...
अजीब चुतियापा hai...form सबमिशन का लास्ट डेट है और ये सब चुटी***** गैप मारने में बिजी हैं....
हाँ सालों के माप बाप ने फ़ोन में hi सब काम करवा दिया होगा गन्दुओं का...
कोई काम खुदसे नहीं hota.saale सुहागरात मानाने के लिए भी किसी और की मदद लेंगे क्या????
अरे भाड़ में जाएँ ये सब और मई इन छू*** के बारे में सोचकर क्यों अपना टाइम वास्ते कर रहा हूँ....
चल भाई V.J...jaldi से फॉर्म भर और कल्टी मार इधर se..itne सारे पैसे वाले भिखारियों को देखकर उलटी आ रही है मेरेको...
पोन्नपोणंण...............
मई आगे बढ़ने hi वाला था की मेरे पीछे से किसी ने कार हॉर्न ब्लो किया....
वैसे तोह गलती मेरी थी क्यूंकि मई इंटरके गेट के बीच में खड़ा था पर......
घंटा गलती मेरी थी....
मेरी marzi,mai जहाँ भी खड़ा रहूं....
मई- अब्बे chup......apne बाप के गए**** में जाकर बजा horn....ho सकता है तेरेको एक भाई का सुख मिल जाए....
मई पीछे पलट कर chillaya.....mere पीछे इस वक़्त एक रेड कलर की फेरारी कड़ी थी जिसके अंदर दो बन्दे बैठे हुए थे और फ़िलहाल उन दोनों के hi सर बाहर थे...
मैंने जो बोलै वो उन दोनों ने सुन लिया और मेरी बात सुनकर दोनों की hi सटक गयी....
1सत बाँदा- क्या बोलै बस*******........
अपने अपने साइड का दूर खोलते खोलते गाली देते देते दोनों बाहर आने के लिए हुए hi थे की मेरा हाथ उनकी कार के बोनेट के बीच में पड़ा और अगले hi पल
भाददददद.........
इस आवाज़ के साथ उनकी फेरारी की मौत हो गयी....
बोनेट के बीच से होते हुए मेरा हाथ इंजन तक को चीरते हुए निकल गया....
वो तोह गनीमत है की उनकी कार का ओह सॉरी ी मैं उनकी लेट कार के सेफ्टी बलून्स तुरंत एक्टिवटे हो गए जिस वजह से उनका शरीर पीछे सीट्स से चिपक सा गया वर्ण उन दोनों को भी काफी सीरियस चोटें आती.....
जहाँ उन सेफ्टी बलून्स के पीछे दबे उन दो लड़कों के चेहरों पर दर के भाव the,wahin मेरे ाएस पास जितने भी स्टूडेंट्स the,wo भी काफी शॉकेड थे...
दरअसल उन सब ने बस उस आवाज़ को सुना था जो मेरे हाथों के उस कार के बोनेट पर लगने के बाद हुई thi..kisi ने भी उस पुरे इंसिडेंट को नहीं देखा था वर्ण उनके शॉक सदमे में कोवर्ट हो जाते...
सभी मेरे सामने कड़ी और शुड ी से पड़ी कार की तरफ लपके वहीँ मई अपनी मस्ती में कॉलेज के अंदर की तरफ निकल पड़ा....
मई थोड़ा आगे hi गया था की,
एक्सक्यूज़ में.....
आवाज़ मेरे पीछे से आयी thi..mai पलटा तोह देखा की एक सुखी कंकाल के ऊपर हलकी हलकी चमड़ी ओढ़े लड़का आँखों में मोठे मोठे लेन्सेस वाला चश्मा लगाए मुझे देख रहा था....
मई- bhai,mere पास खाने के लिए कुछ नहीं है...
मेरी बात उसके पल्ले नहीं पड़ी...
लड़का- khaana...!!!!mai तोह आपसे ये पूछना चाह रहा था की एडमिशन फॉर्म कहाँ सबमिट करना है???
मई- yahan.meri चड्डी के अंदर.... आ घुस जा.....
लड़का- व्हाट nonsense...ye कैसी बात कर रहे हैं aap???aapko किसी से बात करने का तरीका भी नहीं पता क्या???
मई- नहीं pata..ab ghusega.....abbe chu*****,mai क्या तेरेको यहाँ का पेओन दीखता हूँ जो मुझसे अड्रेस पूछ रहा है तू...
और वैसे bhi,tujhe कॉलेज में एडमिशन की nahi,hospital में एडमिट होने की ज़रुरत hai...saale,halki सी हवा चल गयी naa,toh उड़ जाएगा तू...
लड़का- मैंने आज तक तुम्हारे जैसे बत्तमीज़ लड़का नहीं देखा...
मई- और देखेगा भी nahi..mere जैसे पीेछे बार बार पैदा नहीं hote....aur वाह beta,bohot जल्दी आप से तुम में आ गया तू...
लड़का- तुम आप कहने के लायक नहीं हो...
मई- अब्बे तू भी तोह ज़िंदा कहलाने के लायक नहीं hai...fir भी ज़िंदा तोह है ना...
लड़का- तुमसे तोह बात करना hi बेकार है...
ये बोलकर वो दूसरी तरफ जाने लगा...
मई- ोये furfundi,us तरफ नहीं इस taraf..yahan हो रहे हैं फॉर्म सबमिट...
मैंने एक तरफ पॉइंट करते हुए उस बन्दे को बताया...
लड़का- जब पता था तोह सीधे सीधे बताया क्यों नहीं...
मई- में तेरी बॉडी चेक आउट कर रहा tha...yaar एक बात तोह bata,kitne सालों के उपवास के बाद ऐसी बॉडी banegi...ek बार मई भी तरय करूँगा....
उस लड़के ने एक बार मुझे घर कर dekha,aur फिर मेरे दिखाए रास्ते की तरफ चल पड़ा..
मई भी उसके पीछे पीछे चलने लगा.....
लड़का- ओह god...yahan तोह कितनी लम्बी लाइन hai....hamari बारी आने में तोह 2 घंटे से ज़्यादा लग जाएंगे...
मई- हमारी नहीं सिर्फ teri....mai तोह 2 मिनट में hi फॉर्म भर दूंगा...
लड़का- बोल तोह ऐसा रहा है जैसे करोड़ पति बाप का बीटा हो!!!!
मई- बाप के नाम और पैसों की ज़रुरत बिना रीढ़ की हड्डियों वाले बन्दों को होती hai...mujhe नहीं....
अपने पास हर चीज़ का जुगाड़ रहता है....
लड़का- कैसा जुगाड़....
मई- दिखा तोह दूँ पर फटेगी तोह नहीं तेरी....
लड़का- मई किसी से नहीं डरता....
मई- हाँ दीखता है...
ये बोलकर मैंने अपने बैग में हाथ डाला और अगले hi पल जब मेरा हाथ बाहर निकला तोह.....
मई- अब्बे chup.....chilla कर गेम मत ख़राब कर.....
कुछ देर लगा फिर धीरे धीरे वो लड़का नार्मल हो गया पर अभी भी वो बोहोत डरा हुआ था...
तोह हुआ ये की जैसे hi मैंने अपने बैग से अपना लेफ्ट हाथ बाहर निकला तोह मेरे हाथों में एक ब्लैक माम्बा था....( स्नेक )
और ब्लैक माम्बा को देखकर तोह अचे अचे दर जाते hain,fir मेरे सामने खड़ा लड़का तोह पहले से सूखा चुवारा था....
सांप को देखकर वो चिल्लाने hi वाला था पर मैंने उसके मुँह को अपने दूसरे हाथ से बंद कर दिया और कुछ देर बाद जब वो नार्मल हुआ तब मैंने अपना हाथ हटाया...
लड़का- ये तोह
मई- ब्लैक माम्बा है....
लड़के की ये नाम सुनकर और फैट गयी...
लड़का- पर ये तुम्हे काट क्यों नहीं रहा...
मई- मैंने इससे शादी कर ली hai....ab भला कोई अपने पति को काटता है क्या??
लड़का- तुम कोई भी बात का सीधा सीधा जवाब नहीं दे सकते क्या???
मई- nahi....abbe बैटरी कब से ये मुँह खोले हुए है ध्यान से dekh..iske दांत hi नहीं हैं तोह ये डसेगा कैसे...
उस लड़के ने जब ध्यान से देखा तोह पाया की मई सच बोल रहा हूँ...
लड़का- अरे haan.iske तोह दांत hi नहीं hain..par इससे यहाँ क्यों लाया है...????
मई- नागिन डांस करवाने....
ये बोलकर मैंने सांप को नीचे ज़मीं पर छोड़ दिया और अगले hi पल.....
मई- SAANP.........BHAAGO........
मेरी आवाज़ सुन सामने खड़े बन्दों की नज़र उनके तरफ आ रहे सांप पे पड़ी और उसके बाद क्या हुआ hoga,ye तोह आप सब जानते hi हैं....
सांप से ज़्यादा तोह वहां मौजूद स्टूडेंट्स टेढ़े मेढ़े होकर भागने लगे...1 मिनट से भी काम टाइम में पूरा एडमिशन काउंटर खाली हो गया....
सब के गायब होते hi मैंने सांप को भी गायब कर दिया....
मई- चलो bhai,mai चला एडमीशन karane...tu 2 घंटे बाद ायियो....
लड़का- bhai,mai भी चलूँ क्या???
मई- अब्बे मेरी शादी है क्या जो तू इनविटेशन देने पर hi aayega....chal....
मई और वो बाँदा एडमिशन कोउन्टर पर पहुंचे...
मई- sirji,ye मेरा फॉर्म और स्कालरशिप लेटर......
काउंटर वाले बन्दे ने पहले मेरा स्कालरशिप लेटर देखा....
कन्फर्म करने के बाद उसने मेरा एडमिशन फॉर्म ले लिया....
सर- तोह आप हैं नेशनल टोपर विक्रम जयराज सिंह......
मई- nahi,mai उसका हमशकल hun...usko मारकर उसकी जगह पढ़ने आया hun,free में...
मेरी बात सुनकर वो बाँदा है दिया...
सर- नीस सेंस ऑफ़ हुमूर....
अपना एडमिशन प्रोसेस कम्पलीट कर जब मई पलटा तोह मुझे हसी आ gayi...wo लड़का मुझे मुँह फाड़े देखे जा रहा था....
मई- इतनी गन्दी shakal,uspe मुँह फाड़ रखा है tune...aise hi मार दे yaar,dheere धीरे टार्चर ना कर....
लड़का- आप हैं नेशनल टोपर VIKRAM....aapne टॉप करने के बाद जितने भी इंटरव्यूज दिए hain,wo सब पढ़े है मैंने...
शायद आपकी फोटो भी देखि hai..par हमारी मुलाकात जिस तरह से hui,mai आपको पहचान hi नहीं paaya....hi,myself सुजीत नायर....
मई- वाह beta,aap से तुम, और फिर तुम से aap....aur मुझे पहचान कर क्या karega...APNI पहचान बना....
ये बोलकर मई आगे बढ़ गया और वो मुझे जाता देखता रह गया.....
प्लेस- होटल किसीने अनलिमिटेड
मैनेजर- हे u,mobile में घुसे रहने के पैसे मिलते है क्या tumhe...table no 4 अभी अभी ोकुप्य हुआ hai...jaao,aur आर्डर लो....
उस वेटर ने अपना मोबाइल जेब में डाला और टेबल no.4 की तरफ चल पड़ा.....
वेटर- गुड इवनिंग sir...good इवनिंग ma'aaaaaammmm...........tum............
वो लड़की भी वेटर को देखकर काफी शॉकेड हो गयी थी....
लड़का- दो ु क्नोव हिम????
पर उस लड़की ने अपने साथ आये लड़के की बात जैसे सुनी hi nahi..wo एक तक वेटर को देख रही थी......
जब लड़के ने देखा की उस लड़की ने उसकी बात नहीं सुनी तोह उसने उससे hilaya.....tab जाकर कहीं वो लड़की होश में आयी....
लड़की- विक्रम तुम....!!!!!
जी हाँ doston,ye वेटर और कोई नहीं मई hi था.....
और वो लड़की....
मई- hi SHAIFALI.......how अरे ु????
जी हाँ doston,ye हमारी कॉलेज की गेम क्वीन शैफाली hi थी जो अपने भाई के साथ यहाँ आयी हुई थी.....
शैफाली ने मेरे हाउ अरे ु के जवाब के बदले खुद hi सवाल पूछ लिया....
शैफाली- tum,waiter कैसे????
मई- अरे yaar,ye मेरा ड्रीम जॉब था जो फाइनली मुझे मिल गया....
मेरी बात सुनकर शैफाली का कजिन बरोथेर है दिया....
S/BROTHER- अरे yaar,uski फाइनेंसियल प्रॉब्लम होगी....
अपने भाई की बात सुनकर शैफाली ने उससे घूरकर देखा....
शैफाली- तुम्हारे डैड किस कंपनी के ब्रांच में सीनियर मैनेजर हैं???
S/BROTHER- जयराज स्टील.....
शैफाली- तुम्हे पता है ना की उनका बीटा मेरे साथ hi पढता है....
S/BROTHER- हाँ तोह???
शैफाली- मिलना चाहोगे उससे...???
S/BROTHER- ी वोउल्ड लव तू.....
शैफाली- तोह milo..tumhare सामने hi तोह खड़ा है....
शैफाली ने मेरी तरफ इशारा कर अपने भाई से ये बात कही और इसके बाद उसके भाई के चेहरे पर वही छू*** वाला रिएक्शन आ गया जिससे देखने से मुझे चिढ है....
शैफाली- यार V.J ये सब.....
मई- फिर कभी.......
मैंने शैफाली की बात बीच में hi काट दी.....
अभी हममे से कोई कुछ कहता उससे पहले hi मैनेजर आ गया...
मनगर- तू यहाँ खड़े खड़े क्या कर रहा hai????order लेने में इतना टाइम लगता है क्या???
मैनेजर की बात शैफाली को अछि नहीं lagi..wo कुछ कहने hi वाली थी की....
मई- sir.in में और आप में फर्क है naa.ye आपकी तरह लंगर में तोह खाते नहीं की जो मिल जाए फटाफट खा len...apni पसंद का खाना चॉइस करने में वक़्त तोह लगता hi है ना....
शहहहहह.........
मेरी बात सुनकर मैनेजर को ग़ुस्सा आ गया था और वो कुछ कहने के लिए अपना मुँह खोलने hi वाला था की मैंने अपनी एक उंगली उसके मुँह के सामने रख दी....
मई- अगर कोई बकवास की ना bhos****,toh ऐसी जगह मारूंगा की मूतने वाली जगह से तू हुग्ना भी स्टार्ट कर देगा और हगने वाली जगह से खाना....
ये जॉब मुझे इस रेस्टुरेंट के ओनर ने दी hai....tune नहीं इसीलिए अपनी अकड़ अपने नाजायज़ बाप के सामने दिखाना.....
ये बोलकर मई आगे बढ़ने लगा hi था की....
SHAIFALI-V.J......
उसकी आवाज़ सुनकर मई रूक गया....
शैफाली- ी ऍम रियली सॉरी अबाउट अंजलि...
अंजलि का नाम सुनकर मुझे फिरसे ग़ुस्सा आने लगा था पर मैंने कण्ट्रोल कर लिया....
मई- it's ok.....
शैफाली- बूत ी ऍम ग्लैड की रोनित बच गया एंड नाउ हे इस पर्फेक्ट्ली फाइन....
मई- हम्म्म.....
शैफाली- मुझे ये तोह नहीं पता की तुम ये सब क्यों कर रहे हो पर क्या तुम्हारी फॅमिली को पता है??
मई- nahi......aur हो सके तोह तुम बताना भी मत.....
शैफाली- रोनित को भी nahi....!!!after आल hi इस ुर बेस्ट फ्रेंड.....
मई- अब हम दोस्त नहीं रहे.....
आज के लिए इतना HI
आपका अपना V...J
अब आगे:-
फाइनल CHAPTER
(एंगेल्स सैक्रिफाइस & डेविल्स डेमोलिशन)
अपडेट-91
प्लेनेट- एअर्थ
प्लेस-********
200 फ़ीट गहरा PAANI.....EK दायरे में बंधी हुई ये पानी की दुनिया पर उसके बावजूद इसके अंदर का दृश्य अंतहीन समंदर से बिलकुल अलग नहीं...
गहरा पर आँखों से देखा और इसकी खूबसूतरी का पूरा अवलोकन किया जा सके ऐसा पानी....
और उस पानी की सतह और गहरायी दोनों पर हज़ारों की तादाद में तैरती ख़ूबसूरत मछलियां जिनका ये साम्राज्य है....
मछलिया जब एक समूह एक ग्रुप में एक ले में तैरती HAIN,TOH वो नज़ारा देखने में अध्बुध लगता है.....
पर आज इन मछलियों को तैरते देख कुछ डाउट हो रहा hai,kyunki साड़ी मछलियां sidhe,yaa दाएं बाएं ना तैरकर ऊपर से सीधे निचे पानी के ताल की तरफ जा रही हैं और उससे भी अजीब ये है की वो वापस नहीं आ रही हैं....
तोह chaliye,hum भी एक डूबकी लगाएं और देखे की आखिर माजरा क्या hai..???ye मछलियां आखिर जा कहाँ रही हैं.....????
अरे ये kya!!!!!aisa तोह ना मैंने कभी देखा ना suna.....ek और अद्भुद घटना....
नहीं समझे doston,chaliye समझाता hun....saari मछलियां पानी के लास्ट पॉइंट जिसकी गहराई जैसा की मैंने बताया था की 200 फ़ीट hai,us जगह पर एक सर्किल बनाकर गोल गोल घूम रही हैं....
पर उनकी तादाद इतनी ज़्यादा है की ये दिख नहीं रहा की आखिर वो सब आखिर किस चीज़ की चक्कर लगा रहीं हैं....
की तभी............
उस झुण्ड में हल्का गैप आया जिस वजह से उनके आगे की चीज़ या फिर ये कहूं की आगे ध्यान की मुद्रा में बैठे एक इंसान का चेहरा दिख गया और ये इंसान और कोई नहीं विक्रम है......
अब आप सब के दिमाग में दो बातें आएँगी...
pehli,ki विक्रम पानी के 200 फ़ीट अंदर आखिर कर क्या रहा है और
dusri,VIKRAM जब सामने है तोह फिर मई कौन हूँ?????
तोह दोस्तों मई वो विक्रम हूँ जो मेरे सामने बैठा विक्रम कभी हुआ करता था....
अभी भी नहीं samjhe,mai विक्रम का वो अस्तित्व हूँ जो वो खो चूका hai...LORD ऑफ़ एंगेल्स.... जी हाँ doston,yahi है मेरा नाम और विक्रम की पहचान....
एक ऐसा नाम जिसने अपनी पहचान खो दी hai.....jis तरह आत्मा शरीर के बिना और शरीर आत्मा के बिना अधूरे रहते hain,waise hi मई और विक्रम भी एक दूसरे की बिना अधूरे हैं....
पर इसका ये मतलब नहीं है की विक्रम ने अपनी शक्तियां भी खो दी hai....ASMODEUS विक्रम से उसकी पोजीशन उसका पढ़ छीन सकता है पर उसकी खुदसे कमाई शक्ति & मोस्ट इम्पॉर्टन्टलय उसका ऐटिटूड नहीं....
विक्रम में आज भी इतनी ताक़त है की वो पुरे ब्रम्हांड को ख़त्म कर सकता है पर जिस अधिकार से वो ये कर सकता है वो अब ास्मोडियस की वजह से उससे दूर कड़ी है....
khair,ye कहानी तोह आफ्टरऑल विक्रम की hi hai...mai तोह बस हर दिन की तरह एक बार अपने मालिक को देखने आता हूँ...
अब जब मैंने उनके दर्शन कर लिए hain,toh अब मई वापस जाता hun...ab आप विक्रम के हवाले......
मेरी ऊर्जा जो की कभी मेरा नाम हुआ करती thi,wo मुझे देखकर गायब हो गयी....
यहाँ मेरी आँखें अब भी बंद thi..waise भी मुझे अब कोई भी naam,kisi भी काम से कोई मतलब नहीं रह गया था....
पर फिर भी अभी मेरी बंद आँखों के ऊपर मेरे माथे पर टेंशन और दर्द की सिलवटें उभर आयी थी और इसका कारण था की फ़िलहाल मेरे बंद आँखों के सामने एक फ़्लैश बैक सन चल रहा था...
चलिए ,मेरे साथ आप सब भी मुझे दिख रहे सन को देख लीजिये
फ़्लैश बैक सन:-
क्या hua,itni साधु जैसे शकल क्यों बनायीं हुई है तूने.......!!!????
अंजलि की बात का रोनित ने कोई जवाब नहीं दिया बस उससे एक तक देखने लगा.....
अंजलि- lo,ab मुझे घूरने laga....kuch बोलेगा भी!!!!
रोनित- कैसे कर लेती है तू???
अंजलि- क्या कर लेती हूँ मई???
रोनित- है कर अपने गम को कैसे छुपा लेती है तू????
रोनित की बात सुनकर अंजलि की झूटी हसी फीकी पढ़ gayi..ek पल के लिए उसकी असली उदासी उसके आँखों तक आयी पर उसने झट से खुदको कण्ट्रोल कर लिया...
पर ये कुछ सेकण्ड्स काफी थे रोनित को अंजलि के मन के भावों को उसके आँखें के ज़रिये पढ़ने के लिए....
रोनित- ANJU,mere सामने तोह कमसेकम प्रिटेंड करना chhod.......mai जानता हूँ की तू खुश नहीं है.....
रोनित की बात सुनकर अंजलि ने जो अपने आंसू दबा कर रखे the,wo आँखों की सलाखों को तोड़ बाहर आ गए....
रोनित ने अंजलि को झट से अपने गले लगा लिया....
अंजलि- 6 mahine...pure 6 महीने हो गए V.J को इस्ला
गए hue.....naa तोह वो अब तक लौटा है और नाही उसने कोई मेस्सगे दिया है...
उसके दिमाग तक भी मई नहीं पहुँच पा रही hun....aur उसके ऊपर नाही मई SHAILA,MOKALSAR और अक्षांत से कनेक्ट हो पा रही हूँ....
इतनी साड़ी निगेटिव्स का एक साथ होना कोई कोइंसिडेन्स तोह हो नहीं sakta....V.J ज़रूर कोई बड़ी मुसीबत में hai...aur हम दोनों उसकी कोई मदद भी नहीं कर पा रहे हैं....
रोनित- V.J से कनेक्ट ना हो पाना नार्मल hai..kyunki वो किसीको भी ऐसा करने से रोक सकता है..
पर SHAILA,MOKALSAR,AKSHAANT,in तीनो से तोह मैंने भी कई बार खुदको कनेक्ट करने की कोशिश की पर नहीं कर पाया....
और सबसे बड़ी बात की हम इस्ला और वारियर्स वर्ल्ड के लिए वर्ल्ड दूर भी ओपन नहीं कर पा रहे hain...ye कोई छोटी बात नहीं हो सकती...
ज़रूर कुछ बड़ा हुआ है और शायद इसीलिए hi V.J ने हमे अपने साथ जाने से मन किया था....
पर तभी रोनित को कुछ याद आया...
रोनित- ANJU,tune एक बात नोटिस की hai....???V.J के जाने के बाद फर्स्ट तीन महीने तक तोह उसके क्लोन का rawaiya,behaviour नार्मल था...
वो V.J की तरह hi बेहवे कर रहा tha,par फिर अचानक उसके नेचर me,ATTITUDE में हल्का चेंज आया है....
बाकी के घर वालों का तोह पता nahi,par मीनू आंटी ने भी इस बात पर गौर किया है...
V.J के क्लोन के अंदर V.J का कोई टैलेंट हो या ना ho,par उसका बेहेवियर तोह उसके गेन्स में होना चाहिए....
पर V.J का क्लोन कई बार आंटी से भी थोड़ा रौदे हो जाता hai..badhti उम्र का चेंज समझ कर आंटी ने तोह कुछ नहीं कहा पर जब मैंने उससे कोंफ्रोंट किया तोह उसने मेरी बातों को भी अवॉयड कर दिया...
ऐसा लग hi नहीं रहा है जैसे वो V.J का क्लोन है....
अंजलि- सिर्फ V.J का नहीं अवंतिका का क्लोन भी अवंतिका का क्लोन नहीं लग रहा है...
ओह शीट......
अंजलि ने अपने गम में बोल तोह दिया पर फिर उससे रीलीज़ हुआ की उसने क्या बोल दिया है...
दरअसल V.J ने सिर्फ अंजलि को बताया था की वो अवंतिका को भी साथ ले जा रहा है रोनित को नहीं...
और reason,RONIT भाई साहब का हाइपर behaviour...agar रोनित को ये बात पता होती तो वो भी साथ जाने की ज़िद करता...
रोनित- WHATTT!!!!jisse हम रेगुलरली मिलते हैं वो अवंतिका का क्लोन है और असली अवंतिका V.J के साथ गयी है....
इसकी ऐसी की taisi...itni बड़ी बात और तूने मुझसे छुपाई....
अंजलि- मुझसे V.J ने प्रॉमिस लिया था yaar....usse पता था की अगर तुझे ये बात पता होती की अवंतिका भी V.J के साथ जा रही hai,toh तू भी साथ जाने की ज़िद्द करता....
रोनित- हाँ toh,zaroor karta....wo उससे लेजा सकता है पर हमे nahi....waah....
अंजलि- yaar,tujhe तोह पता है ना की V.J कोई भी काम बिना कोई रीज़न के नहीं karta..AVANTIKA को साथ लेजाने में भी ज़रूर कोई न कोई रीज़न होगा...
रोनित- तोह तूने उससे रीज़न भी नहीं पूछा....????!!!!!
ANHALI-pucha tha,par उसने कहा की वापस आकर सब बता देगा....
रोनित- saala,wapas hi तोह नहीं आया ye.....ek second,tu अवंतिका के क्लोन के बारे में क्या कह रही थी????
अंजलि- अरे haan....V.J का क्लोन जैसे वीयर्ड बेहवे कर रहा है naa,thik वैसे hi अवंतिका की क्लोन भी कभी कभी अजीब बेहवे करती है...
हमारी अवंतिका कितनी कूल होकर आराम से बात करती hai,jabki उसकी क्लोन कभी कभी अपनी बातों में अग्रेसिव हो जाती है और सबसे बड़ी बात....
मैंने अवंतिका के क्लोन की आँखों में हमेशा एक ग़ुस्सा देखा hai,khaas कर उस वक़्त जब वो हम दोनों से बात कर रही होती है....
रोनित- अजीब hai..pehle V.J और अवंतिका अपने क्लोन्स पीछे छोड़ कर जाते hain,fir अचानक हमारा उनसे और वो जिस जगह गए hai,us जगह और वहां के लोगों से कांटेक्ट टूट जाता hai,fir वहां जाने का वर्ल्ड दूर भी नहीं खुलता और यहाँ उनके क्लोन्स भी उनसे अलग बेहवे करने लगते हैं....
साला ये चक्कर क्या hai,aur इससे सुलझाएं कैसे????
अंजलि- क्यों ना हम एक बार अवंतिका के क्लोन से बात करके देखें.....
रोनित- haan,ye सही rahega..chal चलते हैं.....
अंजलि और रोनित अवंतिका के घर निकल जाते hain..unke घर पहुँचते hi अवंतिका की माँ उन्हें बताती है की अवंतिका अपने कामे में है....
दोनों उसके कमरे की तरफ निकल पड़ते हैं.....
अंजलि- अवनि.......
रूम में पहुँचते hi दोनों की नज़र अवंतिका के क्लोन पर पड़ती है जो दरवाज़े की तरफ hi मुँह करके बैठी थी...
वहीँ अंजलि और रोनित को अपने सामने देख अवंतिका के क्लोन की आँखों में ग़ुस्सा दिखने लगता है जिससे वो छुपाने की कोशिश कर रही होती है पर इस बार अंजलि की hi तरह रोनित भी ये बात नोटिस कर लता है......
रोनित- कौन हो tum????aur V.J के घर पर जो क्लोन hai,wo कौन है????
इससे पहले की अंजलि कुछ kahe,RONIT अपने सवाल के तीर अवंतिका के ऊपर छोड़ देता है....
यूँ अचानक सवाल सुनकर अवंतिका की क्लोन हड़बड़ा जाती है पर फिर तुरंत खुदको नार्मल भी कर लेती है....
अवंतिका- क्या मतलब है tumhara...mai अवंतिका की क्लोन हूँ और V.J के घर पर V.J का क्लोन है.....
अवंतिका की क्लोन की बात सुनकर पहले तोह अंजलि और रोनित शॉकेड हो जाते है पर इस शॉक से उनका डाउट भी क्लियर हो जाता है की ना तोह उनके सामने कड़ी लड़की अवंतिका की असली क्लोन है और नाही V.J का क्लोन वो है जिससे V.J ने अपने पीछे यहाँ छोड़ा था....
रोनित- तूने खुद hi ये साबित कर दिया की तू अवंतिका की क्लोन नहीं है और अगर तू वो क्लोन नहीं है जिससे हमारे दोस्त ने बनाया था तोह V.J के घर पर जो है वो भी हमारे दोस्त का क्लोन नहीं हो सकता....
रोनित की बात सुनकर अवंतिका की क्लोन शॉकेड हो जाती है....
अवंतिका- ये तुम कैसे कह सकते हो???
अंजलि- एक तरह से क्लोन्स अपने असली रूप के यार फिर उस रूप को देने वाले के गुलाम होते हैं....
इसीलिए क्लोन्स कभी भी अपने असली रूप का या फिर उसका जिसने उससे रूप दिया ho,uska नाम नहीं लेते....
ख़ास कर किसी ऐसे के सामने जो उनकी असलियत जानते ho...par तुमने अभी विक्रम को V.J कहा.....
अपने मालिक का नाम लिया वो भी वो नाम जिससे उससे सिर्फ उसके दोस्त बुलाते हैं...
इसीलिए तुम अवंतिका की वो क्लोन तोह हो नहीं सकती जो V.J ने बनाया था और अगर तुम V.J की बनायीं क्लोन नहीं हो तोह खुद V.J का क्लोन भी कोई और है क्यूंकि अगर ऐसा नहीं होता तोह V.J का क्लोन तुम्हे पहचान लेता.....
1
कुछ पल तक अवंतिका की क्लोन रोनित और अंजलि को घूरती रही पर फिर.....
हहहहहहहहहहहह.........
वो क्लोन हसने लगी पर उसकी हसी सुन रोनित और अंजलि फिरसे चौंक गए और वो इसीलिए क्यूंकि अवंतिका की क्लोन के हस्ते वक़्त जो आवाज़ निकल रही थी वो किसी और लड़की की थी....
पर अभी उन दोनों को दो बार और चौंका बचा tha,kyunki अवंतिका के ठीक बाजू में एक काला साया उभरा और उस काले साये ने हौले हौले रूप लेना शुरू किया और आख़िरकार जब उस साये का रूप पूरा हुआ तोह वहां पर V.J का क्लोन खड़ा था...
अंजलि या रोनित कुछ कहते उससे पहले hi उन्हें अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा...
और वो इसलिलये क्यूंकि अवंतिका और V.J के क्लोन्स ने एक बार फिरसे अपना रूप बदलना शुरू किया या फिर ये कहूं की अब वो दोनों अपने असली रूप में आ रहे थे...
कुछ hi पलों में रोनित और अंजलि के सामने दो नए चेहरे खड़े थे....
अंजलि- कौन हो tum????aur V.J और अवंतिका कहाँ हैं???
1सत पर्सन- भुविका
2ंद पर्सन- बिल्जेबब
रोनित- अब्बे पौराणिक कथाओं से बहार फुंडकर कर आये हो kya???ye कैसे नाम रखे हैं तुम दोनों के तुम्हारे घर वालों ने...
बिल्जेबब- पौराणिक कथाएं हमारे बाद जन्मी हैं बच्चे....
रोनित- तू इतना डोकरा hai.....kya लगता है यार जो अभी तक जवान है.....
बिल्जेबब- लगता नहीं लगवाता hun..mout को gale...tum दोनों को भी वही लगवाने आया था पर अब योजना थोड़ी बदल गयी है...
तुझे बोलने का बोहोत शौक है naa,aaj के बाद तेरे मुँह में जुबां तोह होगी पर तू कुछ बोलेगा nahi....bas इस पल को याद कर कर के तड़पेगा....
भुविका- तेरे सामने आज तेरी प्रेमिका मारेगी और तू कुछ कर नहीं पायेगा....
BEELZEBUB-aur जब ऐसा होगा तब देखेंगे की तेरी जुबां कितनी चलती है...
बिल्जेबब और भुविका की बात सुनकर रोनित को ग़ुस्सा आ गया था पर इससे पहले की वो कुछ बोलता या करता...
अंजलि- V.J कहाँ है???
बिल्जेबब- फ़िलहाल ज़िंदा hain...par कब तक पता नहीं!!!!
रोनित- तुम जैसे लाखों को वो अपने मूठ में बहा de,itna दम है उसमे समझा चूतिये.....
रोनित की बात सुनकर बिल्जेबब को तोह ज़्यादा नहीं पर भुविका को ग़ुस्सा आ गया...
और अगले hi पल.........
अंजलि- अरे हम यहाँ कैसे????
रोनित भी इधर उधर देखने लगा.....
हुआ ये की भुविका ने अपने मन में एक सुनसान जगह का आवाहन किया और अगले hi पल चारों उस सुनसान जगह पर पहुँच चुके थे.....
भुविका- ये है तुम्हारी मरण भूमि....
बिना अपनी मर्ज़ी के भुविका का यूँ उन दोनों को एक नयी जगह पर ट्रांसपोर्ट करने से रोनित और अंजलि ये समझ गए थे की उन दोनों के सामने जो दो लोग खड़े hain,wo मामूली नहीं हैं...
दोनों ने hi तलवार का आवाहन किया और अगले hi पल.....
अह्हह्ह्ह्ह............
आह्ह्ह्हह.............
ये दोनों दर्द भरी आह रोनित और अंजलि के मुँह से निकली थी पर ये आह ना तोह भुविका के वार से निकली थी और नाही hi बिल्जेबब के वार से...
दरअसल आवाहन से प्रकट हुई रोनित और अंजलि के हाथ की तलवार अगले hi पल आग जैसी गर्म होकर गलने लगी...
यहाँ तक की तलवार की जिस मूट को अंजलि और रोनित पकडे हुए the,wo भी आग सी गर्म हो गयी जिस वजह से दोनों के हाथ से उनकी तलवार छूठ गयी और उनके मुँह से ाः निकल गयी.....
बिल्जेबब- क्या hua???baat नहीं bani...ek और बार कोशिश कर लो....
रोनित- तेरी तोह मई........
ये बोलकर रोनित तेज़ी से बिल्जेबब की तरफ आगे बढ़ा पर वो ज़्यादा आगे बढ़ नहीं पाया..
बिल्जेबब ने हवा रोनित के सामने उसके शरीर के साइज का hi एक एयर फाॅर्स खड़ा कर दिया जिसकी वजह से रोनित आगे नहीं बढ़ पा रहा था....
वहीँ अंजलि ने एक बार फिरसे एक तलवार का आवाहन किया पर इस बार उसने उससे हाथ में ना लेकर हवा के सहारे होल्ड किया और भुविका की तरफ छलांग लगा दी...
अंजलि को ऐसा करते देख भुविका के चेहरे पर एक ज़हरीली मुस्कान आ गयी...
भुविका ने भी बिल्जेबब की hi तरह हवा में सामने की तरफ एक तरंग छोड़ा जो सामने से तैरता हुआ आया अंजलि के शरीर से टकराया...
अंजलि का शरीर वापस पीछे की तरफ फेका गया पर अंजलि ने खुदको हवा में hi एडजस्ट कर लिया और कलाबाज़ी खाते हुए अपने पैरों पर लैंड हुई....
बिल्जेबब- तुम दोनों को खुश होना चाहिए की तुम्हारे जैसे साधारण तुच्छ लोगों को हम जैसे महा शक्तिशाली डेविल्स से लड़ने का मौका मिला.....
अंजलि- mahashaktishali!!!!tum दोनों के अंदर जो शक्तियां hain,ya तोह वो विक्रम की जागीर है यार फिर उसके भाई की....
रोनित- ये एक भीक hai...aur भीक में मिली शक्तियों का घमंड नहीं किया jaata....jab तक हमारा दोस्त वापस नहीं आ jaata,apni इस गलत फेहमी को जी लो...
उसके बाद मौका नहीं मिलेगा....
अंजलि और रोनित की बात सुनकर बिल्जेबब और भुविका को ग़ुस्सा आ गया....
बिल्जेबब एक सेकंड के सौवे हिस्से में रोनित के ठीक सामने पहुँच गया और....
रोणिततटत.........
ये आवाज़ अंजलि के मुँह से निकली thi....kaaran....!!!!
इससे पहले की रोनित कुछ समझ paata,BEELZEBUB ने एक पंच रोनित के पेट में मारा....
रोनित के मुँह से खून बाहर फेका गया जिससे देखकर अंजलि की चीख निकल गयी पर बिल्जेबब यही नहीं रूका....
रोनित के झुकने की वजह से उसका माथा बिल्जेबब के पेअर के सामने tha...BEELZEBUB ने अपने घुटने मोड़ते हुए रोनित के सेरीब्रम ( सर ) पर एक प्रहार किया...
रोनित के सर के नस इस टक्कर से हिल से gaye...RONIT के नाक से खून की पतली सी नदी बहने लगी....
रोणिततत.......
अंजलि की ये दर्द भरी चीख और तेज़ thi....par दर्द के साथ साथ अंजलि को नोहोत तेज़ ग़ुस्सा भी आया और जैसे hi उसने अपना सर सामने किया वो शॉकेड हो गयी..
kaaran,uske जस्ट सामने भुविका कड़ी थी जिसके चेहरे पर हैवानियत से भरी मुस्कान थी और अगले hi पल.....
अह्ह्ह्हह्हह.........
नाहीईई.........
दर्द भरी कराह अंजलि के मुँह से निकली thi..wajah,uske सीने के ठीक नीचे पेट जहाँ से शुरू होता है वहां से एक तलवार आर पार हो चुकी थी.....
ये एक मायावी तलवार थी जिससे भुविका ने बिना छुए इस्तेमाल किया था जिस वजह से अंजलि उससे देख नहीं पायी......
दूसरी आवाज़ रोनित के मुँह से निकली थी जो अपनी आधी खुली आधी बंद हो रही आँखों से अपने प्यार को मरते हुए देख रहा था....
अंजलि के अंदर तलवार ग़ुस्सा भुविका रोनित की तरफ बढ़ी पर....
बिल्जेबब- अपने मेहबूब को अपने आखों के सामने मरते देखने से बड़ी सजा और कुछ नहीं हो सकती....
रहने दे isse...maine कहा tha,baaki की ज़िन्दगी इससे बिना आवाज़ के आज के दिन को याद करके रो रो कर बितानी होगी...
ज़िन्दगी hi इसकी सजा है........
बिल्जेबब की बात वो आखरी आवाज़ थी जो रोनित के कानो ने सुनी....
इसके बाद रोनित की आँखें बंद होती चली गयी और उसका शरीर एक तरफ लुढ़कता चला गया..
वही उससे कुछ दूर पर अपने घुटनो के बल एक तलवार को अपने आर पार लिए बैठी अंजलि भी रोनित को देखते हुए एक तरफ लुढ़क गयी.....
रोनित से उलट अंजलि के आँखों में एक सुकून tha...sukoon की कमसेकम उसका प्यार सिर्फ बेहोश हुआ है मारा नहीं......
सुकून की अपने आखरी लम्हो में उसके आँखों के सामने उसका प्यार तोह है.....
एक खून की हिचकी लेते हुए अंजलि की आखें बंद हो गयी....
वहां अंजलि की आँखें बंद hui,yahan हमेशा की तरह मेरे सर में दर्द उठा और मेरी आखें खुल गयी.....
मुझे जिस मछलियों ने चारों तरफ से घेरा हुआ tha,mere आँख खुलते hi वो सब भाग गयीं.....
ठन्डे पानी के अंदर इस वक़्त मेरी आखें आग सी गर्म thi....pura पानी मेरे आँखों की गर्मी से गर्म होने लगा....
कुछ देर तक मई शुन्य में घूरता raha,fir अपनी आखें बंद की और जब दोबारा खोली तोह तोह सब ठीक था....
मैंने अपने शरीर को एक झटका दिया और अगले hi पल मेरा शरीर एक तेज़ तीर की स्पीड से पानी को चीरता हुआ बाहर आ गया..2 सेकंड और मेरे पेअर हरे हरे घास के ऊपर थे...
मई- ऐ zindagi,tu भी ज़्यादा जीकर
क्या करेगी?????
dekhna,ek दिन आएगा जब तू
भी तड़प तड़प कर मारेगी.........
मई गायब हो गया.......
प्लेस- ST,PETER'S COLLEGE,DELHI
सत PETER'S COLLEGE....ONE ऑफ़ थे फिनस्ट कॉलेज इन DELHI....MATHS,SCIENCE,COMMERCE,ARTS, यहाँ हर सब्जेक्ट का अलग अलग डिपार्टमेंट है....
और आज यहाँ पर हर सब्जेक्ट के एडमिशन और रेडमीशन का फाइनल डेट hai...commerce स्टूडेंट्स हो या आर्ट्स students,engineering सेक्टर हो या फिर मेडिकल फील्ड के students,sabhi आज यहाँ फॉर्म फइलल करने के लिए मौजूद हैं....
ST.PETERS की इंटरके में बना एक बड़ा सा लोहे का gate,jisse अभी होते हुए B.M.W से जैगुआर tak,AUDI से लेकर मस्टंग तक साड़ी ब्रांड्स की कार एंटर कर रही थी...
की तभी.........
अब्बे लोदु यही ROK........APNE अम्मा के घर तक छोड़ेगा क्या????
मेरी आवाज़ सुनकर ऑटो ड्राइवर जो कॉलेज गेट को क्रॉस करता हुआ आगे निकलने लगा tha,usne तुरंत ब्रेक मार दी.....
ऑटो ड्राइवर- क्या sahab,gaali तोह मत दो....
मई- aww,mere बाबू को बुरा लग gaya...aa,ek चुम्मी देता hun...saale BHOS******,auto को प्लेन बनाकर भगाये जा रहा hai,toh गाली नहीं तोह क्या तारीफ़ करू तेरी..
तेरे को बोलै तोह था की ST.PETER जाना hai,toh रोका काहे नहीं तू....???
ऑटो ड्राइवर- oh,toh आपको सत पीटर कॉलेज जाना tha,mujhe लगा आप सत पेटर्स चर्च बोल रहे ho,isiliye मई भगा रहा था....
मई- aisa..toh एक काम kar.pehle चर्च hi lele...par चर्च से थोड़ा पहले उतर dena..udhar तेरा मुरदुर कर dunga,fir चर्च में कॉनफीसिओं बॉक्स में जाकर गॉड से माफ़ी मांग लूंगा...
वैसे भी गॉड आज कल इंसानो से ज़्यादा शैतानो पर मेहरबान हैं......
चल चलें...
ऑटो ड्राइवर- क्या साहब आप bhi...ab उतरिये bhi,aapka कॉलेज आ गया है..
मई- ाचा हुआ बता diya....waise कितने हुए तेरे....???
ऑटो ड्राइवर- 150 रूपीस...
मई- कितना 150...सालों लूट मचा राखी है सब ne....isse ाचा तोह पैदल आ jaata....le पकड़ मेरा......
ऑटो ड्राइवर - क्या साहब????
मई- क्या क्या पकड़ता है tu....pakad मेरा पैसा जो अब तेरा हो गया है...
ये बोलकर मैंने ऑटो वाले को पैसे दिए और कॉलेज गेट की तरफ निकल पड़ा....
मई- तोह ये है ST.PETERS....ST स्टीफेंस जैसा hi है.....
मई इंटरके गेट के बीच खड़े हो एक अंगड़ाई ले कॉलेज को देखने लगा....
मई- लगता है दिल्ली के सारे रहिस लौंडे लौंडिया यहीं पढ़ते hain....saalon के बीच मई कहा फिट बैठता हूँ....
घंटा मई कहाँ फिट बैठता hun...saale ये सब मेरे साथ कौनसा फिट बैठते हैं...
अजीब चुतियापा hai...form सबमिशन का लास्ट डेट है और ये सब चुटी***** गैप मारने में बिजी हैं....
हाँ सालों के माप बाप ने फ़ोन में hi सब काम करवा दिया होगा गन्दुओं का...
कोई काम खुदसे नहीं hota.saale सुहागरात मानाने के लिए भी किसी और की मदद लेंगे क्या????
अरे भाड़ में जाएँ ये सब और मई इन छू*** के बारे में सोचकर क्यों अपना टाइम वास्ते कर रहा हूँ....
चल भाई V.J...jaldi से फॉर्म भर और कल्टी मार इधर se..itne सारे पैसे वाले भिखारियों को देखकर उलटी आ रही है मेरेको...
पोन्नपोणंण...............
मई आगे बढ़ने hi वाला था की मेरे पीछे से किसी ने कार हॉर्न ब्लो किया....
वैसे तोह गलती मेरी थी क्यूंकि मई इंटरके गेट के बीच में खड़ा था पर......
घंटा गलती मेरी थी....
मेरी marzi,mai जहाँ भी खड़ा रहूं....
मई- अब्बे chup......apne बाप के गए**** में जाकर बजा horn....ho सकता है तेरेको एक भाई का सुख मिल जाए....
मई पीछे पलट कर chillaya.....mere पीछे इस वक़्त एक रेड कलर की फेरारी कड़ी थी जिसके अंदर दो बन्दे बैठे हुए थे और फ़िलहाल उन दोनों के hi सर बाहर थे...
मैंने जो बोलै वो उन दोनों ने सुन लिया और मेरी बात सुनकर दोनों की hi सटक गयी....
1सत बाँदा- क्या बोलै बस*******........
अपने अपने साइड का दूर खोलते खोलते गाली देते देते दोनों बाहर आने के लिए हुए hi थे की मेरा हाथ उनकी कार के बोनेट के बीच में पड़ा और अगले hi पल
भाददददद.........
इस आवाज़ के साथ उनकी फेरारी की मौत हो गयी....
बोनेट के बीच से होते हुए मेरा हाथ इंजन तक को चीरते हुए निकल गया....
वो तोह गनीमत है की उनकी कार का ओह सॉरी ी मैं उनकी लेट कार के सेफ्टी बलून्स तुरंत एक्टिवटे हो गए जिस वजह से उनका शरीर पीछे सीट्स से चिपक सा गया वर्ण उन दोनों को भी काफी सीरियस चोटें आती.....
जहाँ उन सेफ्टी बलून्स के पीछे दबे उन दो लड़कों के चेहरों पर दर के भाव the,wahin मेरे ाएस पास जितने भी स्टूडेंट्स the,wo भी काफी शॉकेड थे...
दरअसल उन सब ने बस उस आवाज़ को सुना था जो मेरे हाथों के उस कार के बोनेट पर लगने के बाद हुई thi..kisi ने भी उस पुरे इंसिडेंट को नहीं देखा था वर्ण उनके शॉक सदमे में कोवर्ट हो जाते...
सभी मेरे सामने कड़ी और शुड ी से पड़ी कार की तरफ लपके वहीँ मई अपनी मस्ती में कॉलेज के अंदर की तरफ निकल पड़ा....
मई थोड़ा आगे hi गया था की,
एक्सक्यूज़ में.....
आवाज़ मेरे पीछे से आयी thi..mai पलटा तोह देखा की एक सुखी कंकाल के ऊपर हलकी हलकी चमड़ी ओढ़े लड़का आँखों में मोठे मोठे लेन्सेस वाला चश्मा लगाए मुझे देख रहा था....
मई- bhai,mere पास खाने के लिए कुछ नहीं है...
मेरी बात उसके पल्ले नहीं पड़ी...
लड़का- khaana...!!!!mai तोह आपसे ये पूछना चाह रहा था की एडमिशन फॉर्म कहाँ सबमिट करना है???
मई- yahan.meri चड्डी के अंदर.... आ घुस जा.....
लड़का- व्हाट nonsense...ye कैसी बात कर रहे हैं aap???aapko किसी से बात करने का तरीका भी नहीं पता क्या???
मई- नहीं pata..ab ghusega.....abbe chu*****,mai क्या तेरेको यहाँ का पेओन दीखता हूँ जो मुझसे अड्रेस पूछ रहा है तू...
और वैसे bhi,tujhe कॉलेज में एडमिशन की nahi,hospital में एडमिट होने की ज़रुरत hai...saale,halki सी हवा चल गयी naa,toh उड़ जाएगा तू...
लड़का- मैंने आज तक तुम्हारे जैसे बत्तमीज़ लड़का नहीं देखा...
मई- और देखेगा भी nahi..mere जैसे पीेछे बार बार पैदा नहीं hote....aur वाह beta,bohot जल्दी आप से तुम में आ गया तू...
लड़का- तुम आप कहने के लायक नहीं हो...
मई- अब्बे तू भी तोह ज़िंदा कहलाने के लायक नहीं hai...fir भी ज़िंदा तोह है ना...
लड़का- तुमसे तोह बात करना hi बेकार है...
ये बोलकर वो दूसरी तरफ जाने लगा...
मई- ोये furfundi,us तरफ नहीं इस taraf..yahan हो रहे हैं फॉर्म सबमिट...
मैंने एक तरफ पॉइंट करते हुए उस बन्दे को बताया...
लड़का- जब पता था तोह सीधे सीधे बताया क्यों नहीं...
मई- में तेरी बॉडी चेक आउट कर रहा tha...yaar एक बात तोह bata,kitne सालों के उपवास के बाद ऐसी बॉडी banegi...ek बार मई भी तरय करूँगा....
उस लड़के ने एक बार मुझे घर कर dekha,aur फिर मेरे दिखाए रास्ते की तरफ चल पड़ा..
मई भी उसके पीछे पीछे चलने लगा.....
लड़का- ओह god...yahan तोह कितनी लम्बी लाइन hai....hamari बारी आने में तोह 2 घंटे से ज़्यादा लग जाएंगे...
मई- हमारी नहीं सिर्फ teri....mai तोह 2 मिनट में hi फॉर्म भर दूंगा...
लड़का- बोल तोह ऐसा रहा है जैसे करोड़ पति बाप का बीटा हो!!!!
मई- बाप के नाम और पैसों की ज़रुरत बिना रीढ़ की हड्डियों वाले बन्दों को होती hai...mujhe नहीं....
अपने पास हर चीज़ का जुगाड़ रहता है....
लड़का- कैसा जुगाड़....
मई- दिखा तोह दूँ पर फटेगी तोह नहीं तेरी....
लड़का- मई किसी से नहीं डरता....
मई- हाँ दीखता है...
ये बोलकर मैंने अपने बैग में हाथ डाला और अगले hi पल जब मेरा हाथ बाहर निकला तोह.....
मई- अब्बे chup.....chilla कर गेम मत ख़राब कर.....
कुछ देर लगा फिर धीरे धीरे वो लड़का नार्मल हो गया पर अभी भी वो बोहोत डरा हुआ था...
तोह हुआ ये की जैसे hi मैंने अपने बैग से अपना लेफ्ट हाथ बाहर निकला तोह मेरे हाथों में एक ब्लैक माम्बा था....( स्नेक )
और ब्लैक माम्बा को देखकर तोह अचे अचे दर जाते hain,fir मेरे सामने खड़ा लड़का तोह पहले से सूखा चुवारा था....
सांप को देखकर वो चिल्लाने hi वाला था पर मैंने उसके मुँह को अपने दूसरे हाथ से बंद कर दिया और कुछ देर बाद जब वो नार्मल हुआ तब मैंने अपना हाथ हटाया...
लड़का- ये तोह
मई- ब्लैक माम्बा है....
लड़के की ये नाम सुनकर और फैट गयी...
लड़का- पर ये तुम्हे काट क्यों नहीं रहा...
मई- मैंने इससे शादी कर ली hai....ab भला कोई अपने पति को काटता है क्या??
लड़का- तुम कोई भी बात का सीधा सीधा जवाब नहीं दे सकते क्या???
मई- nahi....abbe बैटरी कब से ये मुँह खोले हुए है ध्यान से dekh..iske दांत hi नहीं हैं तोह ये डसेगा कैसे...
उस लड़के ने जब ध्यान से देखा तोह पाया की मई सच बोल रहा हूँ...
लड़का- अरे haan.iske तोह दांत hi नहीं hain..par इससे यहाँ क्यों लाया है...????
मई- नागिन डांस करवाने....
ये बोलकर मैंने सांप को नीचे ज़मीं पर छोड़ दिया और अगले hi पल.....
मई- SAANP.........BHAAGO........
मेरी आवाज़ सुन सामने खड़े बन्दों की नज़र उनके तरफ आ रहे सांप पे पड़ी और उसके बाद क्या हुआ hoga,ye तोह आप सब जानते hi हैं....
सांप से ज़्यादा तोह वहां मौजूद स्टूडेंट्स टेढ़े मेढ़े होकर भागने लगे...1 मिनट से भी काम टाइम में पूरा एडमिशन काउंटर खाली हो गया....
सब के गायब होते hi मैंने सांप को भी गायब कर दिया....
मई- चलो bhai,mai चला एडमीशन karane...tu 2 घंटे बाद ायियो....
लड़का- bhai,mai भी चलूँ क्या???
मई- अब्बे मेरी शादी है क्या जो तू इनविटेशन देने पर hi aayega....chal....
मई और वो बाँदा एडमिशन कोउन्टर पर पहुंचे...
मई- sirji,ye मेरा फॉर्म और स्कालरशिप लेटर......
काउंटर वाले बन्दे ने पहले मेरा स्कालरशिप लेटर देखा....
कन्फर्म करने के बाद उसने मेरा एडमिशन फॉर्म ले लिया....
सर- तोह आप हैं नेशनल टोपर विक्रम जयराज सिंह......
मई- nahi,mai उसका हमशकल hun...usko मारकर उसकी जगह पढ़ने आया hun,free में...
मेरी बात सुनकर वो बाँदा है दिया...
सर- नीस सेंस ऑफ़ हुमूर....
अपना एडमिशन प्रोसेस कम्पलीट कर जब मई पलटा तोह मुझे हसी आ gayi...wo लड़का मुझे मुँह फाड़े देखे जा रहा था....
मई- इतनी गन्दी shakal,uspe मुँह फाड़ रखा है tune...aise hi मार दे yaar,dheere धीरे टार्चर ना कर....
लड़का- आप हैं नेशनल टोपर VIKRAM....aapne टॉप करने के बाद जितने भी इंटरव्यूज दिए hain,wo सब पढ़े है मैंने...
शायद आपकी फोटो भी देखि hai..par हमारी मुलाकात जिस तरह से hui,mai आपको पहचान hi नहीं paaya....hi,myself सुजीत नायर....
मई- वाह beta,aap से तुम, और फिर तुम से aap....aur मुझे पहचान कर क्या karega...APNI पहचान बना....
ये बोलकर मई आगे बढ़ गया और वो मुझे जाता देखता रह गया.....
प्लेस- होटल किसीने अनलिमिटेड
मैनेजर- हे u,mobile में घुसे रहने के पैसे मिलते है क्या tumhe...table no 4 अभी अभी ोकुप्य हुआ hai...jaao,aur आर्डर लो....
उस वेटर ने अपना मोबाइल जेब में डाला और टेबल no.4 की तरफ चल पड़ा.....
वेटर- गुड इवनिंग sir...good इवनिंग ma'aaaaaammmm...........tum............
वो लड़की भी वेटर को देखकर काफी शॉकेड हो गयी थी....
लड़का- दो ु क्नोव हिम????
पर उस लड़की ने अपने साथ आये लड़के की बात जैसे सुनी hi nahi..wo एक तक वेटर को देख रही थी......
जब लड़के ने देखा की उस लड़की ने उसकी बात नहीं सुनी तोह उसने उससे hilaya.....tab जाकर कहीं वो लड़की होश में आयी....
लड़की- विक्रम तुम....!!!!!
जी हाँ doston,ye वेटर और कोई नहीं मई hi था.....
और वो लड़की....
मई- hi SHAIFALI.......how अरे ु????
जी हाँ doston,ye हमारी कॉलेज की गेम क्वीन शैफाली hi थी जो अपने भाई के साथ यहाँ आयी हुई थी.....
शैफाली ने मेरे हाउ अरे ु के जवाब के बदले खुद hi सवाल पूछ लिया....
शैफाली- tum,waiter कैसे????
मई- अरे yaar,ye मेरा ड्रीम जॉब था जो फाइनली मुझे मिल गया....
मेरी बात सुनकर शैफाली का कजिन बरोथेर है दिया....
S/BROTHER- अरे yaar,uski फाइनेंसियल प्रॉब्लम होगी....
अपने भाई की बात सुनकर शैफाली ने उससे घूरकर देखा....
शैफाली- तुम्हारे डैड किस कंपनी के ब्रांच में सीनियर मैनेजर हैं???
S/BROTHER- जयराज स्टील.....
शैफाली- तुम्हे पता है ना की उनका बीटा मेरे साथ hi पढता है....
S/BROTHER- हाँ तोह???
शैफाली- मिलना चाहोगे उससे...???
S/BROTHER- ी वोउल्ड लव तू.....
शैफाली- तोह milo..tumhare सामने hi तोह खड़ा है....
शैफाली ने मेरी तरफ इशारा कर अपने भाई से ये बात कही और इसके बाद उसके भाई के चेहरे पर वही छू*** वाला रिएक्शन आ गया जिससे देखने से मुझे चिढ है....
शैफाली- यार V.J ये सब.....
मई- फिर कभी.......
मैंने शैफाली की बात बीच में hi काट दी.....
अभी हममे से कोई कुछ कहता उससे पहले hi मैनेजर आ गया...
मनगर- तू यहाँ खड़े खड़े क्या कर रहा hai????order लेने में इतना टाइम लगता है क्या???
मैनेजर की बात शैफाली को अछि नहीं lagi..wo कुछ कहने hi वाली थी की....
मई- sir.in में और आप में फर्क है naa.ye आपकी तरह लंगर में तोह खाते नहीं की जो मिल जाए फटाफट खा len...apni पसंद का खाना चॉइस करने में वक़्त तोह लगता hi है ना....
शहहहहह.........
मेरी बात सुनकर मैनेजर को ग़ुस्सा आ गया था और वो कुछ कहने के लिए अपना मुँह खोलने hi वाला था की मैंने अपनी एक उंगली उसके मुँह के सामने रख दी....
मई- अगर कोई बकवास की ना bhos****,toh ऐसी जगह मारूंगा की मूतने वाली जगह से तू हुग्ना भी स्टार्ट कर देगा और हगने वाली जगह से खाना....
ये जॉब मुझे इस रेस्टुरेंट के ओनर ने दी hai....tune नहीं इसीलिए अपनी अकड़ अपने नाजायज़ बाप के सामने दिखाना.....
ये बोलकर मई आगे बढ़ने लगा hi था की....
SHAIFALI-V.J......
उसकी आवाज़ सुनकर मई रूक गया....
शैफाली- ी ऍम रियली सॉरी अबाउट अंजलि...
अंजलि का नाम सुनकर मुझे फिरसे ग़ुस्सा आने लगा था पर मैंने कण्ट्रोल कर लिया....
मई- it's ok.....
शैफाली- बूत ी ऍम ग्लैड की रोनित बच गया एंड नाउ हे इस पर्फेक्ट्ली फाइन....
मई- हम्म्म.....
शैफाली- मुझे ये तोह नहीं पता की तुम ये सब क्यों कर रहे हो पर क्या तुम्हारी फॅमिली को पता है??
मई- nahi......aur हो सके तोह तुम बताना भी मत.....
शैफाली- रोनित को भी nahi....!!!after आल hi इस ुर बेस्ट फ्रेंड.....
मई- अब हम दोस्त नहीं रहे.....
आज के लिए इतना HI
आपका अपना V...J