ननद भौजाई
मैं यादो के सफर से वापस आयी .
बड़ी देर तक हम दोनों का चुम्मा चलता रहा और मैं साड़ी के अंदर हाथ डाल के उनका जोबन मसलती रही. जब मेरी ननद ने मेरे मुंह से जीभ निकाली तो मैंने हँसते हुए उनके निपल को खींच के चिढ़ाते हुए कहा
" अब नौ महीने बाद जब एहमें से दूध बहेगा तो एक से मुन्ना पियेगा चुसूर चुसूर, दुसरे से मुन्ने के मामा '
ननद का चेहरा एकदम खुस, दमकने लगा, मेरी ठुड्डी पकड़ के बोली,
" भौजी तोहरे मुंह में गुड़ घी, सात रंग चुनर तोहें "
तीन साल उनकी शादी के हो रहे थे पहले दो ढाई साल तो सास ने बर्दास्त कर लिया फिर अब किसी न किसी बहाने टोकना शुरू कर दिया था,... मैंने साफ़ साफ़ पूछ लिया, ...
" लेकिन कहीं गोली ओली तो नहीं खा रही हैं ननद रानी "
" एकदम नहीं सब बंद है " हँसते हुए उन्होंने कबूला और फिर जोड़ा की वो का कहते हैं स्ट्रिप दर्जन भर से ऊपर का के रखी हूँ, कितनी बार चेक की लेकिन,... "
" अरे तो का पता है हो गया हो, एक बार आज चेक कर लीजिये '
" एकदम लेकिन तुम भी " ननद बोली,
और थोड़ी देर में अंदर के कच्चे आंगन में नाली के पास बैठे,...
" अरे मूत न भौजी, ... और बस जैसे धार निकलनी शुरू हो ये पट्टी लगा देना, थोड़ी देर धार सीधे,... " ननद ने समझाया,...
बस सीटी की आवाज निकलनी शुरू हुयी की ननद ने एक स्ट्रिप में धार पे,... और मैं समझ गयी, मैंने अपने हाथ की स्ट्रिप ननद की बुर से एकदम सटा के,...
और जब हम लोग उठे तो,..दोनों में सिर्फ एक लाइन दिख रही थी, मेरे कुछ समझ में नहीं आया लेकिन ननद रानी हंसती बोलीं
" देख यार, जउने दिन दो लाइन दिखी, तोहार मिठाई पक्की "
" अरे आज आसीर्बाद मिला है पांच दिन में हो जाएगा दो लाइन,.. पांच दिन बाद भिन्सारे मैं ही चेक करुँगी, जबरदस्त दो लाइन होगी,... और मिठाई तो लूंगी ही लेकिन तबतक थोड़ा खारी नमकीन चिखा दूँ,... "
और वहीँ उन्हें धक्का देकर गिरा के उनके ऊपर चढ़ के अपनी खारे शरबत से अच्छी तरह गीली बुर उनके मुंह पे रगड़ने लगी. कुछ देर तक नखड़ा करने के बाद ननद चूस रही थीं, चूत चटोरी तो वो गजब की थीं।
" पांच दिन बाद तोहार पक्का दो लाइन हो जायेगी, लेकिन बियाओगी कहाँ " मैंने ननद को उकसाया। पल भर के लिए मुंह हटा के बोलीं वो,...
" और कहाँ यही, भौजी हैं न सौरी रखाने को, करोगी न। वहां तो नेग के नाम पे सास ननद लूट लेंगी। "
" एकदम पक्का, ... कुल इंतजाम हमरे जिम्मे, लेकिन एक नेग मैं भी नेग लूंगी। पहली धार मुन्ने के बाद मुन्ने के मामा के मुंह में जायेगी। "
" मंजूर, लेकिन होलिका माई वो दिन दिखावें " ननद बोली,... और मैंने बाजी पलट दी, और अब मैं ननद की जाँघों के बीच में मैं चूस रही थी।
थोड़ी देर में इसी बुर में मेरे मर्द का मोटा लंड घुसेगा।
थोड़ी देर में ही ननद रानी की बिल पनिया गयी. वैसे ही वो गर्मायी हुयी थीं, कुछ होलिका माई के भभूत का असर जो उन्होंने अपने हाथ से मेरी ननद के जोबन और बिल दोनों पर मला था, दूसरे ये आसिरबाद की पांच दिन के अंदर वो गाभिन हो जाएंगी,... और कबड्डी और उसके बाद की मस्ती के बाद सब औरतें एकदम माती थीं,...
ननद की प्रेम सुरंग की दोनों फांको को फैला के मैं उसी से बोली,..
" हे बुर महरानी तोहार जय हो, जो देख देख के झांट आने पहले से पनिया रही थी, ... वो अब नूनी नहीं रहा मस्त लौंड़ा हो गया, गदहा घोडा मात उसके आगे. तो आज वही मिलेगा, ओके घोंटा, ओकर मलाई घोंटा और ठीक नौ महीने बाद अँजोरिया अस बिटिया उगला एही मुंह से,.... "
ननद मेरी खूब खुश, खिलखिला रही थी,... मेरी बात सुन के,
और मैंने फिर अपनी हथेली ननद की बिल पे रगड़ना शुरू किया और दूसरे हाथ से उनके जोबन को हलके हलके सहलाना, और छेड़ना,...
" अरे जब कच्ची अमिया था तब से मेरा मरद ललचा रहा था आज कुतरेगा कस कस के,,,,”
और मैंने पलटी मारी, ऐसी मस्त चूँचियाँ मसली, ... अरे मेरा मरद मसलेगा रगड़ेगा, लेकिन अभी तो मैं मज़ा ले लूँ, दोनों मेरी मुट्ठी में आ गयीं, और मैं सरक कर ऊपर, मेरे होंठ ननद के होंठों के ऊपर,... कस कस के मैंने चूसना शुरू कर दिया,.. और जैसे कुछ देर में उसका भाई मेरा मरद चढ़ेगा रगड़ेगा अपनी बहन बस एकदम उसी तरह, खुली टांगों के बीच मैं,...
और अपनी चूत से ननद जी की चूत रगड़नी शुरू कर दी.
झांटे उनकी भी सफाचट्ट थीं, मेरी भी मक्खन मलाई चिकनी चमेली। जैसे दर्जा दस वाली कोई दो सहेलियां पहली बार आपस में चूत रगड़घिस्स कर के झड़ने, झाड़ने की कोशिश कर रही हों एकदम वैसे ही. ननद भी मेरी उसी तरह जोश में नीचे से चूतड़ उठा उठा के, गोल गोल घुमा के अपनी बुर मेरी बुर पे रगड़ रही थी, दोनों की बिल से एक तार की चासनी निकलने लगी.
लेकिन उस चासनी का फायदा का, जब तक कोई चटोरी चाटने वाली न हो, और ननद की चूत सबसे पहले तो भाभी ही चाटती है,... तो मैं एक बार फिर से सरक के नीचे, और उस शहद के छत्ते में मुंह लगा दिया, चुसूर चुसूर,...
और जैसे दही बिलोड़ने के लिए कोई मथानी डालें, अपनी तर्जनी ननद की बिल में लेकिन मैं चौंक गयी. स्साली छिनार की कितनी टाइट थी. पता नहीं कब से चुद रही थी, ब्याह के पहले से,... और ननदोई भी नंबरी चोदू, फिर ससुराल में इनके देवर, नन्दोई भी तो नंबर लगाते ही होंगे, लेकिन अभी भी गौने की रात की तरह,... मैं गोल गोल ऊँगली घुमा रही थी, और चाशनी और निकलने लगी, मस्ती से नन्द चूतड़ उछाल रही थी, सिसक रही थी,
" हाँ, भौजी हाँ, हाँ ऐस , ओह्ह्ह बहुत अच्छा लग रहा है "
जो ननद को अच्छा लगता है वो भौजाई को कभी अच्छा लग सकता है, सूरज उस दिन पच्छिम से निकलेगा।
मैंने ऊँगली निकाल ली और ननद बेचारी तड़प उठी, जैसी बिना झाड़े, बिना झड़े कोई मरद खाली तंग करने के लिए मस्तायी औरत की बिल से खूंटा बाहर खींच ले.
लेकिन मेरे तरकश में एक ही हथियार थोड़े ही थे और इसी ननद के बीरन से सीखा था खेल तमासा,
दोनों फांको को जोड़ के मैं दोनों उँगलियों से आपस में रगड़ने लगी , ... जीभ मेरी क्लिट पर पतुरिया की तरह नाच रही थी.
और चासनी और जोर से निकलने लगी, और ननद झड़ने के करीब,.. मैंने फिर उँगलियाँ हटा ली और अब ऊँगली की जगह मेरी जीभ उसकी बुर में और मैं कस कस के चाट रही थी, उँगलियाँ अब क्लिट को रगड़ रही थीं, चासनी सब मेरे होंठों पर लिथड़ रही थी, ...
" ओह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ हां भाभी, भौजी ओह्ह्ह भौजी झाड़ दो , तोहार गोड़ पड़ रही हूँ " ननद सिसक रही थी.
पहले बोल आज किससे चुदाई होगी ननद की
" ननद के भाई से " वो बोली।
" अरे नहीं कस के जोर से बाहर तक सुनाई पड़े,... तभी ये बुर झड़ेगी " मैंने शर्त रख दी।
" अरे भाभी, आज अपने भैया से तोहरे सैंया से चुदवाउंगी, अपने भैया का मोटा लंड लूंगी चूत में ऐसी आग लगी पता नहीं भैया कहाँ रह गए आने दो। वो नहीं चढ़ेंगे तो मैं चढ़ के चोद दूंगी अपने भैया को "
वो जोर जोर से चिल्ला रही थी।
मैं समझ रही थी की बस अभी कुण्डी खटकेगी, वो आ गए हैं और अपनी बहन की एक एक बात सुन रहे होंगे, मैं और कस के चूसने लगी, ढेर सारी चूत की चाशनी मेरे होंठों पर,...
तभी कुण्डी खटकी
" आगया तुझे झाड़ने वाला " मैं हंस के बोली और हम दोनों ने जल्दी से साड़ी बस लपेट ली।
न ब्लाउज न साया, चड्ढी बनयाइन का तो सवाल ही नहीं था, न मैं पहनती थी न वो न गाँव में कोई और. बस उभारों पर कस के बाँध लिया, हम दोनों के जोबन जोर से छलक रहे थे। और वो बस झड़ते झड़ते रह गयी थी थीं, तो चेहरे से भी खूब गरम एकदम चुदवासी, लग रही थीं, निप भी टनाटन, चूँची भी एकदम पथराई,...