अक्कड़ -बककड़ ---जीत गया बिट्टू
और ऐसे भी छह लड़के निकल गए, जिन्होंने अपनी एकदम कच्ची उमर वाली कोरी बहनों की झिल्ली आज सब भौजाइयों के सामने फाड़ी थी और असली पक्के बहनचोद बन गए थे, ... पंकज, बिट्टू, मुन्ना, हरेंद्र, और दो और,...
सबसे तेज लीना और हिना चमेलिया के पीछे पड़ी थीं, दोनों ने कानाफूसी की और हिना ने अनाउंस कर दिया
" भौजी चला अक्कड़ बककड़ कै ला, लेकिन आँख मूँद के और हम लीना करवाएंगे , और जहाँ चोर निकल के भागा आएगा वो हमरी भौजी के अंदर,.... लेकिन अगली बार जो बचे हैं ओहमे से तीन एक साथ अंदर जाएंगे, ...
और जब तक चमेलिया कुछ बोले बोले नीलू और लीला ने मिल के चमेलिया की आँख पे वही हिना की फटी ब्रा पड़ी थी, उसी की पट्टी बाँध दी।
हिना बोल रही थी अक्कड़ और लीना चमेलिया का हाथ पकड़ के खूंटे पे , " अरे भौजी तानी पकड़ के सोहरावा, मुठियावा "
चमेलिया की आँख बंद थी मुंह थोड़े ही, ... जिसका पकड़ती, मुठियाती उसे और उसकी बहिनिया को गरियाती बोलती,...
" बहिनचोद तो हमरे सामने हो गए , लेकिन लगता है पक्का मादरचोद भी है, ... "
और भौजाइयाँ चमेलिया का साथ देतीं,
" मजा आया था जिस भोंसडे से निकले थे उसमे घुसने में "
तो कोई भौजाई बोलती
" बेचारे हमरे देवर तो सीधे हैं , हमार सास सब ही , गरमाई होंगी पटक के पेल दी होंगी, ... "
और उस के बाद बक्क्ड़ बोल के हिना , चमेलिया का हाथ पकड़ के दूसरे खूंटे पर,
चमेलिया मुठियाती गरियाती कभी हिना का नाम ले के कभी लीना का नाम लेके सौ में लगा धागा तक दो बार चमेलिया उन छह लौंडो का लंड पकड़ के सोहरा मुठिया चुकी थी।
दूबे भाभी को वीर्य स्नान कराये भी आधा घंटा हो रहा था, और वो छह के छह फनफनाये, लेकिन लीना और हिना पुरानी सहेलियां दोनों ने मिल के बेईमानी की और जैसे ही चमेलिया ने लीना के भाई बिट्टू का खूंटा पकड़ा , एक साथ चोर निकल के भागा बोल दिया
और चंदा ने चमेलिया की आँख की पट्टी खोल दी,
तीन चार ननदों ने मिल के ऐसा धक्का दिया चमेलिया जमीन पे
और बिट्टू उसकी टांगों के बीच
और ननद सब चमेलिया को छाप ली, जो थोड़ी बड़ी उमर की थीं, इंटर में पढ़ने वाली, नीलू, लीला, चंदा सबों ने चमेलिया की दोनों बाहों को कस के पकड़ लिया। और बाकी भी लीना, हिना, कम्मो, बेला साथ में,...
" अरे छिनरो जब तुम सब हमरे देवर से चुदवा रही तो हम तो नहीं हाथ गोड़ पकडे " चमेलिया ने ननदों को गरियाया।
" अरे नहीं भौजी हम लोग तो तोहार छोट ननद, हम सब खाली देख रहे हैं सीख रहे हैं की मायके क चोदी, हमार भौजी हम लोगन क सामने हमरे भैया से कस चुदवा रही हैं। "
बेला, सबसे छोटी ननद सबसे ज्यादा चहक के बोली।
चमेलिया ने खुद ही टांग उठा के बिट्टू के कंधे पर रख दी थी,
मान गयी मैं बिट्टू को, औजार तो जबरदस्त था ही उसका, खूब मोटा और कड़ा एकदम पत्थर।
लेकिन जिस तरह से उसने चमेलिया को रगड़ना शुरू किया। चमेलिया के दोनों हाथ तो लीला और चंदा ने कस के दबोच रखा था, टाँगे दोनों लीना के भाई बिट्टू के कंधे पर,... बिट्टू अपना मोटा मलखम्भ, बस चमेलिया की गुलाबी फांको पर रगड़ रहा था,
कोई नौसिखिया होता तो ऐसी गरम मस्त जलेबी सामने देख के गप्प से पेल देता पूरा, लेकिन मान गयी मैं अपने देवर को, दोनों फांको पर रगड़ रगड़ के वो चमेलिया को गरमा रहा था लंड के लिए पागल कर रहा था।
लंड के लिए पागल तो इस समय सब भौजाई थीं।
सुबह से देवरों का लंड पकड़ के सोहरा के, सामने ननदों की कच्ची कोरी बिल में जबरदस्ती घुसा के, ननदों की चुदाई देख देख के सब की सब बौराई थीं, देवर न चोदते तो वही पकड़ के चोद देतीं, पर बेचारी चमेलिया, ... बिट्टू ऐसा जबरदंग देवर ऊपर चढ़ा, मोटा कड़ा खूब गरम लौंड़ा चूत के ऊपर से रगड़ रहा लेकिन अंदर नहीं घुस रहा था, अब उससे नहीं रहा गया, गरियाते बोली,
" अरे ससुरे तोहरी कोरी बहिनिया लीना क कच्ची चूत नहीं है जो इतने देर से छेद ढूंढ रहा है, ... अरे मादरचोद, महतारी क भोंसड़ा में घुसाय के सीखे नहीं का की कैसे पेला जाता है। "
चमेलिया तड़प रही थी दोनों ननदों से हाथ छुड़ाने की कोशिश कर रही थी, लंड लेने के लिए चूतड़ उचका रही थी, कसमसा रही थी और बिट्टू भी समझ गया चमेलिया की का हालत हो रही है और अब उसे तड़पाया तो वो पता नहीं क्या करे,... बस।
लेकिन घुसाने के पहले उसने ऊँगली से चमेलिया की क्लिट जरा सी खोल दी,
चमेलिया ने जोर से सिसकी मारी, एक तो वैसे ही गरमाई, दूसरे इतनी देर से सुपाड़ा बुर की फांक पे रगड़ रहा था, फिर बिट्टू जैसे अंगूठे और तर्जनी से उसकी क्लिट हलके से मसला,... कोई दूसरी होती तो पानी फेंक देती, लीला और चंदा कस के अपनी भौजी क हाथ पकडे थीं वरना वो छुड़ा भी लेती। बार बार चूतड़ पटक रही थी, सिसक रही थी, अभी कुछ देर पहले जो सब ननदों को गरिया रही थी, देवरों के पीछे पड़ी थी, खुद उसकी हालत खराब थी,
बिट्टू ने अपनी छोटी बहन लीना को इशारा किया और उसने चमेलिया की चिपकी कसी दोनों फांक पूरी ताकत से फैला दी और उसके भाई का मोटा लंड गचाक, ...
गप्प से सुपाड़ा अंदर घुस गया, लेकिन अब बिट्टू के चौंकने की बारी थी।
चमेलिया शादी शुदा थी लेकिन बुर उसकी बहुते टाइट,... एक तो उमरिया की बारी, मेरी अकेली देवरानी, मेरा गौना चैत में हुआ उसका जेठ में। मेरा भी गौना इंटर का रिजल्ट निकलने के पहले ही हो गया था, और चमेलिया तो उमर में मुझसे भी छह सात महीने छोटी,... और बिट्टू के पहिले सिर्फ अपने मरद कल्लू से चुदी थी. गौने के पहले एकदम कोरी। और उसके बाद भी मरद के अलावा किसी के आगे लहंगा नहीं पसारा था उसने। गाँव की कितनी बिनब्याही ननदों से भी ज्यादा कसी।
लेकिन मैं बिट्टू की बदमाशी देख रही थी, कौन स्साला लौंडा ऐसी मस्त चूत पा के धक्के पर धक्का न मारता, पूरा लंड अंदर घुसा के ही मानता। ;लेकिन बिट्टू का सुपाड़ा उसकी बहिनिया लीना के कलाई इतना मोटा तो रहा ही होगा,... और ताकत भी बहुत थी, एक धक्के में ही उसने पूरा सुपाड़ा अंदर धकेल दिया।
फिर रुक गया, उसे मालूम था की आधी से ज्यादा नर्व एंडिंग्स तो चूत के शुरू में ही रहती हैं, हाँ खूब मोटा हो तो जब फैलाते फाड़ते दरेरते घुसता है , और बार बार वहां रगड़ता है तो लौंडिया की हालत खराब हो जाती है।
चमेलिया की हालत खराब थी, वो सिसक रही थी, देह काँप रही थी, मस्ती से आवाज नहीं निकल रही थी और अब उसकी दोनों कलाइयाँ भी उसकी ननदों ने लीला और चंदा ने छोड़ दिया और बिट्टू के जबरदस्त तगड़ी कलाइयों में उसकी चूड़ियां चुरचुरा रही थीं।
बिट्टू ने एक धक्का लगाया, दरेरते हुए मूसल थोड़ा और घुसा और बिट्टू फिर रुक गया. जब उस के अंदर घुसने का अहसास बुर के फटने की हद तक फ़ैलने का अहसास चमेलिया को हुआ, आँखे उसकी दर्द से मजे से बंद हो गयीं तो बहुत धीरे धीरे बिट्टू ने आलमोस्ट पूरा बाहर निकाला।
हम सब को, भौजाइयों को ननदों को लग रहा था अबकी बिट्टू कस के पेलेगा, पूरा ठोंक देगा अंदर।
चमेलिया भी यही गुहार कर रही थी,
"पेल दे न अंदर, काहे तड़पा रहा है, कर न,"
" का करीं भौजी "
बिट्टू ने गाँव की लड़कियों की ओर देख के हलके से मुस्क्ररा के बोला।
भौजाइयां झल्ला रही थीं।