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- Dec 5, 2013
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पर सच तो ये था की उसके बॉयफ्रेंड को भी क्लीन चूत पसंद थी, ताकि वो उसे आराम से चूस सके
उसे देखकर शमशेर के मुंह में पानी भर आया
उसने अपनी एक उंगली सीधा लेजाकर उसकी चूत के मुहाने पर रखी और धीरे से अंदर सरका दी
“अहह येएसएसएसएसएसएस sssssssss .........”
सिसकारी श्रुति के मुंह से निकली पर उस उंगली का एहसास सलोनी को भी महसूस हुआ अपनी चूत पर
अपने प्यारे पापा को वो अपनी सहेली के साथ आज बांटने जा रही थी
एक पल के लिए तो उसके मन में ये विचार आया की वो सब वहीं रोक दे, उसके पापा पर सिर्फ और सिर्फ उसका हक है
पर अब बात आगे निकल चुकी थी
वो अगर रोकती भी तो ना तो शमशेर रुकने वाला था और न ही श्रुति
अपनी उंगली अंदर डालकर जब शमशेर ने बाहर निकाली तो वो उसके देसी घी से पूरी भीग चुकी थी
वो किसी तुजुर्बेकार डॉक्टर की तरह उसे सूंघकर और गोर दे देखकर बोला : “इसकी हालत तो तुमसे भी ज्यादा गंभीर है , इसका कुछ और इलाज करना पड़ेगा “
सलोनी और श्रुति एक साथ बोले : “क्या .......?”
शमशेर : “वो मैं अभी बताता हूँ, पर पहले इसका ये कीमती रस तो इकट्ठा कर लूँ , तुम्हें तो पता ही है न सलोनी बेटा की ये हमारी सेहत के लिए कितना फायदेमंद है , मिनेरल्स एंड आल रिमेम्बर “
सलोनी : “यस पापा...”
और फिर वो श्रुति की तरफ देखकर बोली : “मैंने कहा था न तुझे, पापा को सब अच्छे से आता है, अभी वो तुझे वहां नीचे से सक्क करेंगे, और ये सारा कीमती मिनरल पी जाएंगे, इस से तेरा काम भी हो जाएगा और इन्हे भी इम्युनिटी बूस्टर मिलेगा, है न पापा “
जवाब में दोनों मुस्कुरा दिये
शमशेर उसकी नादानी पर
और सलोनी अपनी चालाकी पर
उसकी जीभ लपलपा रही थी और किसी पानी से निकली मछ्ली की तरहा फड़फड़ा रही थी
उसने उस जीभ को श्रुति की छोटी सी रसीली झील में डुबकी लगवा दी

वो बिलबिला उठी
उसकी छाती से चादर सिमटकर नीचे हो गयी
परिणामस्वरूप उसके बूब्स किसी बर्फ से ढकी पर्वतमाला की तरहा उजागर हो गए
अब वो चादर नाम मात्र की सिर्फ उसके पेट को धक रही थी
ऊपर से भी नंगी थी वो और नीचे से भी
इसलिए सलोनी ने उसे पूरा ही निकाल फेंका
अब वो जन्मजात नंगी थी उस बेड पर
उत्तेजना के मारे उसका सीना ऊपर की तरफ और पैर पीछे की तरफ मूढ़ गए
मुंह से उसके एक ऐसी मदमस्त सिसकारी निकली की पूरा घर गूंज उठा
“अहह एएएएचएचएचएचएचएचएचएचsssssssss ओहहssssssss येस्सsssssssss “

ओह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह एस्सस ऐसे ही उम्म्म्म हानंन्न ये ..ये चुसो अंकल

अह्हह्ह्ह्ह उम्म्म्म माँ ssssssss मररर्र गयी उम्मम्मम्मम्म स्स्स्सस्स्स्स

हाँ हफ़्फ़्फ़ हफ़्फ़्फ़्फ़ह्ह्हह्ह उम्म्म्म ये ....यही ...... अह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह गॉड ....... ुह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्हह

एएएएए मममममम अह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह ममममममम

उसे देखकर शमशेर के मुंह में पानी भर आया
उसने अपनी एक उंगली सीधा लेजाकर उसकी चूत के मुहाने पर रखी और धीरे से अंदर सरका दी
“अहह येएसएसएसएसएसएस sssssssss .........”
सिसकारी श्रुति के मुंह से निकली पर उस उंगली का एहसास सलोनी को भी महसूस हुआ अपनी चूत पर
अपने प्यारे पापा को वो अपनी सहेली के साथ आज बांटने जा रही थी
एक पल के लिए तो उसके मन में ये विचार आया की वो सब वहीं रोक दे, उसके पापा पर सिर्फ और सिर्फ उसका हक है
पर अब बात आगे निकल चुकी थी
वो अगर रोकती भी तो ना तो शमशेर रुकने वाला था और न ही श्रुति
अपनी उंगली अंदर डालकर जब शमशेर ने बाहर निकाली तो वो उसके देसी घी से पूरी भीग चुकी थी
वो किसी तुजुर्बेकार डॉक्टर की तरह उसे सूंघकर और गोर दे देखकर बोला : “इसकी हालत तो तुमसे भी ज्यादा गंभीर है , इसका कुछ और इलाज करना पड़ेगा “
सलोनी और श्रुति एक साथ बोले : “क्या .......?”
शमशेर : “वो मैं अभी बताता हूँ, पर पहले इसका ये कीमती रस तो इकट्ठा कर लूँ , तुम्हें तो पता ही है न सलोनी बेटा की ये हमारी सेहत के लिए कितना फायदेमंद है , मिनेरल्स एंड आल रिमेम्बर “
सलोनी : “यस पापा...”
और फिर वो श्रुति की तरफ देखकर बोली : “मैंने कहा था न तुझे, पापा को सब अच्छे से आता है, अभी वो तुझे वहां नीचे से सक्क करेंगे, और ये सारा कीमती मिनरल पी जाएंगे, इस से तेरा काम भी हो जाएगा और इन्हे भी इम्युनिटी बूस्टर मिलेगा, है न पापा “
जवाब में दोनों मुस्कुरा दिये
शमशेर उसकी नादानी पर
और सलोनी अपनी चालाकी पर
उसकी जीभ लपलपा रही थी और किसी पानी से निकली मछ्ली की तरहा फड़फड़ा रही थी
उसने उस जीभ को श्रुति की छोटी सी रसीली झील में डुबकी लगवा दी

वो बिलबिला उठी
उसकी छाती से चादर सिमटकर नीचे हो गयी
परिणामस्वरूप उसके बूब्स किसी बर्फ से ढकी पर्वतमाला की तरहा उजागर हो गए
अब वो चादर नाम मात्र की सिर्फ उसके पेट को धक रही थी
ऊपर से भी नंगी थी वो और नीचे से भी
इसलिए सलोनी ने उसे पूरा ही निकाल फेंका
अब वो जन्मजात नंगी थी उस बेड पर
उत्तेजना के मारे उसका सीना ऊपर की तरफ और पैर पीछे की तरफ मूढ़ गए
मुंह से उसके एक ऐसी मदमस्त सिसकारी निकली की पूरा घर गूंज उठा
“अहह एएएएचएचएचएचएचएचएचएचsssssssss ओहहssssssss येस्सsssssssss “

ओह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह एस्सस ऐसे ही उम्म्म्म हानंन्न ये ..ये चुसो अंकल

अह्हह्ह्ह्ह उम्म्म्म माँ ssssssss मररर्र गयी उम्मम्मम्मम्म स्स्स्सस्स्स्स

हाँ हफ़्फ़्फ़ हफ़्फ़्फ़्फ़ह्ह्हह्ह उम्म्म्म ये ....यही ...... अह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह गॉड ....... ुह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्हह

एएएएए मममममम अह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह ममममममम
































