TUSHAR EK YODHA 《Incest, Thrill, Magical》 - Page 12 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

TUSHAR EK YODHA 《Incest, Thrill, Magical》

थैंक्स भाई...

थैंक्स भाई...

थैंक्स भाई...

थैंक्स भाई...

थैंक्स भाई...

थैंक्स भाई.. टाइम नहीं मिलता भाई, क्या करे...

थैंक्स भाई...

थैंक्स भाई...

थैंक्स भाई.. हाँ अब से जल्दी अपडेट आएंगे...

थैंक्स भाई...

थैंक्स भाई...

थैंक्स भाई...

थैंक्स भाई...

थैंक्स भाई...

थैंक्स भाई.. हम्म सही kaha..:D.

थैंक्स भाई...

थैंक्स भाई...

थैंक्स भाई...

थैंक्स भाई...

थैंक्स भाई...

थैंक्स आकाश बीआरओ...

थैंक्स भाई...

थैंक्स भाई...

थैंक्स भाई...

थैंक्स भाई...

थैंक्स भाई...

थैंक्स भाई...

थैंक्स भाई...

थैंक्स शिवू...

:नौपे: यह सब नहीं बोलै करते...

थैंक्स भाई. लकिन मैं खुद काफी बिजी रहता हु..

थैंक्स भाई. हम्म भाई बस मैं काफी टाइम बाद अपडेट दिया था तोह यह अपडेट में बस सबको रेमिंद करना था की कोण कहा है, किस सन में है, इसलिए मैंने हर लोकेशन पर chota-chota सन बना दिया.. लकिन अफ़सोस मैं वापिस बिजी हो गया...

थैंक्स भाई...
 
अपडेट-52



सम्राट- आप क्या कर रहे है यहाँ.. आपको पता है न आपका घर से बहार जाना मन है.. और खास कर अस्सी ख़ानदार जैसी जगह पर.. हमारा सबसे बड़ा दुश्मन जेल से फरार हो गया है.. आपकी जान को खतरा हो सकता है इसलिए अभी कुछ वक़्त के लिए आप घर से बहार मत निकलिए…




विराट- (बहार जाता हुआ) चल ज्यादा ज्ञान मत छोड़.. कुत्ता मेरे बाप का…



(सम्राट ने उसकी बात सुनली वो उससे गुस्से भरी नजरो से जाते हुए देखता रहता है…)

|अब अग्गे|

|बैक तो रूद्र|

(रूद्र अपनी कार को जंगल से निकल कर अभी चीन की सैकड़ो पर दौड़ा रहा था.. सरे ट्रैफिक रूल्स को तोड़ते हुए वो पुलिस की गाड़ियों के बिच से निकल गया, कुछ पोलिसवाले उसने रोकने को आगे आये लकिन रूद्र की कार से टकराने से baar-baar बच गए.. वह पुलिसवालो में हड़कंप मच गया, एक अफसर ने आगे सभी पुलिसवालो को इन्फॉर्म कर दिया की इस कार को आगे जाने से रोको, और कुछ पोलिसवाले ने अपनी कार और बाइक रूद्र के पीछे लगा दी…)

(रूद्र आगे कोई भी नाकाबंदी होती उससे चकमा देकर साइड को निकल जाता.. कुछ 10 मिनट और अपनी कार को सेहर में घूमता हुआ वो एक बिल्डिंग के सामने पहुँच गया, उसने कार को बिल्डिंग के गेट के बहार खड़ा किया और कार से निकल के बहार ा गया, वह उससे देख उसके 2 गार्ड्स bhagte-bhagte उसके पास ए.. वो काफी हेरैं और खुश लग रहे थे…)

गार्ड.1- लूसिफ़ेर सर आप.. आप कब आये.. मुझे फ़ोन कर दिया होता.. (उसके और पास आकर गले लगने की कोशिश करता हुआ) आप नहीं जानते मैं कितना कह………

रूद्र- (उसको पास आने से रोकता हुआ) अह्ह्म्म पीछे.. (कार की चाबी देता हुआ) यह पकड़…

(गार्ड कार की छबि पकड़ कार में बेथ जाता है और कार स्टार्ट कर उससे पार्किंग की और लेजाने hi लगता है की उसके पीछे से पुलिस की दर्जनों कार और बाइक आकर रुक जाती है…)

पुलिस- (गन्स उसकी और करते हुए) बस वही रुक जाओ अभी तुम, वर्ण अब हम गोली चला देंगे…

(गार्ड पीछे मुद के देखता है और इतनी पुलिस देख अचानक दर जाता है और कार को वापिस बंद कर देता है…)

पुलिस- बैठा क्या है अंदर, हाथ ऊपर कर और बहार निकल…

(गार्ड darta-darta अपने हाथ ऊपर कर बहार निकल जाता है.. वो एक बार रूद्र की और देखता है तोह रूद्र उससे कुछ इशारे से कहता है और फिर रूद्र दूसरे गार्ड के साथ अंदर क्लब की और जाने लगता है, सरे पोलिसवाले भी रूद्र को अजीब से देख रहे थे, जैसे उससे पहचाने की कोशिश कर रहे हो.. इधर उस गार्ड को एक पोलिकोवाला कास के एक ग़ुस्सा मरता है और शो घुटनो के बल बिठा कर हथकड़ी लगा कर कुछ देर puch-tash करते है और फिर उससे अपने साथ ले जाते है…)

गार्ड.2- सर यह अपने क्या किया..?

रूद्र- तू अभी इतना काबिल हो गया की मुझसे सवाल पूछे…

गार्ड.2- (अपनी गार्डन निचे झुका कर) so..sorry सर…

रूद्र- हम्म, यह क्लब में इतनी लइते कैसे चमक रही है.. मैं इससे बंद करके गया था न…

गार्ड.2- वो.. वो सर आपके मैनेजर ने.. वो आपके जाने के बाद भी इससे चला रहे है.. सॉरी सर.. उन्होंने हमे धमकी दी थी आपको न बताने के लिए, नहीं तोह वो हमे काम से निकल देते…

रूद्र- हहहहह.. ाचा.. तोह तुझे मेरे से यदा उसकी धमकी से दर लगता है…

गार्ड.2- (डरता हुआ) नहीं नहीं सर मेरा मतलब था की उनसे मुझे डा…………

रूद्र- ssshhhhhhhhhhh.. निकल…

(वो गार्ड जल्दी से वह से निकल जाता है और इधर रूद्र अपने क्लब में पेअर रख देता है.. क्लब फुल भरा हुआ था और gana-bajana भी joro-shoro से चल रहा था…)

रूद्र- (एक सांस अंदर खींच कर) ह्ह्ह्हम्म्म.. वाह्ह्ह.. अपनी जगह की बात की बात hi कुछ अलग होती है, और जब जगह आपके दिल के इतने करीब हो.. (दूर एक आदमी को लड़कियों से साथ नाचता देख, आवाज लगता हुआ) ोुह्ह्हह्ह मैनेजर…

(मैनेजर की जैसे hi नजर रूद्र पर गयी उसकी आत्मा उसका साथ छोड़ गयी.. वो एक जगह khada-khada hi thar-thar कम्पनी लगा…)

रूद्र- (मुस्कुराता हुआ उसके पास जाकर) हैं, बड़ा एन्जॉय हो रहा है मैनेजर साहब…

मैनेजर- (हकलाता हुआ) सीयरर.. लुइफेरर सीडर.. वो मैं,…

रूद्र- (चिक्खता हुआ) मुझे बताओ मेरा बंद क्लब चालू करनी की तुम्हारी हिम्मत कैसी हुयी…

(रूद्र की चीख से पूरा क्लब हिल गया, जो उसके aas-pass लड़कियां थी वो पूरी दर गयी.. और दज ने भी म्यूजिक बंद कर दिया.. इस वक़्त रूद्र अपने मैनेजर को घर के देख रहा था और उसके मैनेजर के लिए उसके सामने अभी एक sach-much का लूसिफ़ेर खड़ा था.. जो की अभी उसकी ज़िन्दगी और मौत का फैसला करेगा…)

रूद्र- jis-jis को भी अपनी ज़िन्दगी प्यारी है वो मेरे क्लब से rafu-chakar हो जाये.. वर्ण अंजाम बहुत बुरा होगा तुम लोग के लिए…

(कुछ लड़के रूद्र को घर कर देख रहे थे, रूद्र ने उनको देख और कहा..)

रूद्र- (एक लकड़ी का चेहरा अपने पंजो में पकड़) क्यों बे सालो घूरते क्या हो.. चलो apne-apne लौड़े अपनी चड्डी में डालो और निकलो यहाँ से...

(सभी लोग जल्दी से क्लब खली करने लगे, और मैनेजर भी उनके साथ hi भीड़ में निकलने वाला था की रूद्र ने उसकी कलर से पकड़ वापिस खींच लिया…)

रूद्र- तुझे अपनी ज़िन्दगी प्यारी नहीं है मैनेजर.. हैना…

मैनेजर- ना नहीं सर.. मुझे भी प्यारी है मेरी ज़िन्दगी.. प्लेस………

रूद्र- (उसकी गार्डन दबोचता हुआ) नाह, प्यारी होती तोह मेरे पीछे मेरा क्लब चला के पैसे नहीं कमा रहा होता.. चल किसी और की बात होती तोह चलता, लकिन तू लूसिफ़ेर से गद्दारी कर रहा…

मैनेजर- (रोटा हुआ) सर मुझे माफ़ कार्डो, आप दूसरी काउंटी थे तोह पता नहीं मेरे अंदर कहा से लालच ा गया, सोचा जब तक आप नहीं आते मैं क्लब चालू करके कुछ पैसे कमा लेता हु.. लेकिंन, लकिन मुझे पता नहीं था की आप bina-bataye यहाँ ा जाओगे…

रूद्र- क्यों बे रंडी की औलाद, मैं यहाँ क्या तेरी पूछ कर ायूँगा…

मैनेजर- मेरा मतलब वो नहीं था सर…

रूद्र- (बिच में) चुप होजा अभी…

मैनेजर- तोह सर आप मुझे मरोगे तोह नहीं न.. प्लीज मुझे छोड़ दो.. मेरा ghar-pariwar है.. अगर मैं न रहा तोह वो………

रूद्र- (उससे गुस्से से देखता हुआ) झट है तेरी..?

मैनेजर- (न समझता हुआ) क्या सर..?

रूद्र- पेण्ट खोल अपनी…

मैनेजर- (हैरानी से) क्यों सर…

(रूद्र आगे बढ़ा और उसकी पेण्ट और बेल्ट एक साथ पकड़ के खींच डाली.. मैनेजर की बेल्ट के sath-sath उसकी पेण्ट फटकार उसके टैंगो से अलग हो गयी.. जिसमे मैनेजर की करारी चीख भी निकल गयी…)

रूद्र- (उसके लुंड के aas-pass उसकी झाटो को देखता हुआ) हम्म, काफी फसल ुघा राखी है तूने.. चल कोई न मैं इसकी सफाई कर देता हु…

मैनेजर- क्या करने वाले हो सर आप.. प्लीज कुछ मत करिये, मैं, मैं खुद इससे साफ़ कर लूंगा…

रूद्र- (पास खड़े अपने 2 आदमियों से) ओह्ह लोदो.. इधर ायो.. बांधो इससे, वो खम्बे के साथ…

(वो दोनों आदमी मैनेजर के खास थे लकिन रूद्र के एक इशारा से उन्होंने मैनेजर को पराया कर दिया.. दोनों ने मैनेजर को घसीट कर खम्बे के साथ बांध दिया.. रूद्र ने एक बूटले दारू की उठाई और पिता हुआ उसके पास आया…)

रूद्र- देखा.. क्या मिला तुझे मैनेजर.. क्या तेरी कमाई काम थी.. क्लब बंद होने के बाद भी तुझे इतना पैसा बेज रहा था.. लकिन नहीं.. गद्दारो को मैं जिन्दा नहीं छोड़ता.. देखा अब इस गद्दारी के कारन तूने अपनी झट जला ली न…

मैनेजर- (चौंकता हुआ) क्या.. नहीं.. नहीं सर प्लीज यह मत करो.. मैं अब से आपका वफादार बन कर रहूँगा.. मुझे माफ़ कार्डो सर…

(रूद्र उसके और करीब गया और उसके लुंड और झाटो पर दारू गिरना शुरू कर दिया.. कुछ देर में मैनेजर सर से पेअर तक पूरा दारू से नहाया हुआ था.. और चीखता- छिलता जा रहा था.. रूद्र ने माचिस ली और एक तिल्ली जला डाली.. थोड़ा सा आगे होकर उसने मैनेजर की झाटो के पास कर दिया औरर, तारर तारर टर्र करती क्यों उसकी झाते जलने लगी.. मैनेजर की सासने अटकने लगी उसकी लुंड की चमड़ी भी साथ hi साथ सिडक्ने लगी.. कुछ hi देर में उसके लुंड और aas-pass खून hi खून बहने लगा…)

रूद्र- कितना उलटी भरा नज़ारा है.. मिलावटी बीज की औलाद, चिलाना थोड़ा काम करेगा… मैं hi चलता हु गांडू साला.. (उन् आदमियों से) थोड़ी देर बाद पानी दाल देना इसपर.. (और खुद वो लिफ्ट से ऊपर के फ्लोर पर चला गया)

|बैक तू तुषार|

(तुषार को सवाना का मैसेज मिला था तोह वो जल्दी से बहार जाकर कार में बेथ गया और जाने hi लगा था की………)

सिया- कहा जा रहे हो भैया…!!

तुषार- यही हु सिया, बस कुछ काम है, आता हु थोड़ी देर में…

सिया- (उसके पास आती हुई) मैं भी चालू क्या भैया..?

तुषार- लकिन बीटा तुम वह क्या करोगी.. मैं बस कुछ देर में लौट ायूँगा…

सिया- प्लीज न भैया.. प्लीज प्लीज प्लीज.. मेरे golu-molu भैया, मुझे आने दो…

तुषार- क्या कहा golu-molu.. ाचा ठीक है आजा…

(सिया भाग के गयी और विंडो के अंदर से तुषार की गाल पर पहले एक लम्बा सा किश किया, और फिर विंडो से hi कार के अंदर चली गयी…)

तुषार- हे बागवान, किधर से आयी देखो.. sidhe-sidhe दूर खोल के आ जाती…

सिया- (हस्ती हुई) बची होना शरारत तोह करुँगी hi, हेहीहे…

तुषार- (उसकी नाक खींचता हुआ) हहहह, ाचा.. मेरा प्यार बचा.. तोह चले…

सिया- हाँ भैया, चलो…

|करीब 30 मिनट बाद हवेली में|

सवाना- वैसे बॉस ने रुकने को क्यों कहा हमे..?

सफल- शायद वो उससे खुद ख़तम करना चाहते होंगे…

सवाना- हम्म, हो सकता.. (बहार देखती हुई) लो ा गए बॉस…

तुषार- (कार से निकल उनकी और आता हुआ) तोह.. क्या था यह…

सवाना- क्या हुआ बॉस…

तुषार- उस जग्गू को सजा मैं दूंगा, मैंने यह वडा दिया था किसी को, भूल गए क्या तुम लोग…

सफल- सॉरी बॉस.. हमने सचमे इस बात पर धयान नहीं दिया…

तुषार- ठीक है कोई नहीं, चलो…

सवाना- बॉस..!!

तुषार- हाँ बोलो…

सवाना- वो बॉस एक गड़बड़ हो गयी है…

तुषार- क्या..?

सवाना- बॉस वो इन्फो थी जो जग्गू और लाला की, वो. वो हमसे कोर्रुप्त हो गयी औरर, और उन्हें हमारी लोकेशन भी पता चल गयी और यह भी की हम कुछ cheed-shaad कर रहे है उनके सर्वर में…

तुषार- (चौंकता हुआ) क्या.. मतलब.. यह तुम लोग पागल हो गए हो.. कैसे, कब हुआ..?

सफल- वो बॉस आज………

सिया- (बिच में) हहहह, बस.!! मैं देखु क्या..?

सफल, सवाना- तुम…

सिया- हाँ चलो मुझे दिखाओ क्या हुआ है…

(चारो पक रूम में चले गए और सिया चेयर पर जाकर बेथ गयी, और कीबोर्ड से कुछ करने लगी…)

सवाना- यह तुम क्या कर रही हो.. क्या तुम वापिस वो फाइल्स हैक करके निकलने वाली हो..?

सफल- कोई फयदा नहीं है अभी…

सिया- नहीं दीदी, मैं वही कर्रप्टेड फाइल्स को फिक्स कर रही हु.. बस 2 मिनट दो मुझे.. मैंने पापा के पक पर बहुत बार किया है…

सवाना- (तुषार को हैरानी से देख) यह क्या बोल रही है तुषार.. पहले तोह इसने यह साडी फाइल्स हमारे सर्वर में कैसे ट्रांसफर की मुझे यही समाज नहीं ा रहा और अभी यह झटके पे झटका देना नहीं रुक रही.. यह कर्रप्टेड फाइल्स फिक्स करेगी...?

तुषार- तुम्हे पहले hi इससे बुला लेना चाहिए था.. इस वक़्त दुनिआ का सबसे पावरफुल ब्रेन हमारे पास है, और वो है सिया खुद..

सवाना, सफल- (चौंकते हुए) व्हाटट..!!!

तुषार- हाँ, यह बात तुमलोग को मैं बाद में संजोऊँगा.. अभी मुझे यह बताओ शिवं कहा है…

सफल- वो तोह जग्गू के पास है…

तुषार- हम्म, तुम लोग यही रुको मैं उसके पास जा रहा हु…

सिया- (खुश होती हुई) हूँ गया.. एस…

सवाना- (मॉनिटर में आँखे फाड़ देखती हुई) ईठ, यह कैसे किया तूने.. 2 मिनट में वो भी.. मैं इससे खोल नहीं पायी थी पुरे 2 दिन तक लकिन तूने कर्रप्टेड फाइल्स को hi कुछ मिन्तुइस में फिक्स कर दिया.. कैसे..?

सिया- पापा कहते थे सिया तुम कुछ भी कर सकती हो.. जो तुम चाहो बस उसके बारे में सोचो और उसको कैसे बनाना या ठीक करना है सब तुम्हारे दिमाग में आता जायेगा.. (साद होकर) पापा बिलकुल ठीक कहते थे.. (अचानक खुश होकर) हाँ, मैं जिसके बारे में सोचु वो बना सकती हु.. ओह्ह्ह्ह, यह मुझे पहले क्यों नहीं सुजा.. (वो उठी और घूम कर उसने सवाना को कास के गले लगा लिया) ोुम्माआ उम्माह्ह्ह.. ी लव ु दीदी… (और रूम से बहार भाग गयी…)

सवाना- (हैरानी से) इससे क्या हुआ अचानक.. मुझे और भी बहुत से सवाल करने थे इससे, आखिर यह चीज़ क्या है…?

सफल- छोडो न तुम, बॉस ने कहा है वो खुद बता देंगे.. फ़िलहाल जो फाइल्स है उससे चेक कर…

सवाना- (चेयर पर बैठती हुई) हम्म देखती हु मैं…

(इधर तुषार, जग्गू के दिन पुरे करने जा रहा था.. वो सब जो उसने उस लड़की के रपे की वीडियो देखा था उससे अपने दिमाग में दोधरा के अपना गुस्सा बड़का रहा था.. jaise-jaise वो जग्गू की, की हुई हरकते याद करता उसके बॉडी की नासे फूलती जा रही थी, आज तुषार केहर बरसाने वाला था और यहाँ मौसम कुछ देर पहले साफ़ था, वो भी तुषार का गुस्सा देख अपना बहकाल रूप दिखने को उतावला था हो रहा था, नीला आसमान अपने सफ़ीद बदलो को बदलता हुआ काले अँधेरे बदलो में तब्दील हो रहा था.. और जैसे वो कह रहा हो की नरक से आया हु, एक पापी को उसके किये कर्मो का इनाम देने………………)


《2088 -वर्ड्स》
 
अब क्या hi कहु, आप लोग कहोगे की बहाना बना रहा है बार बार, लकिन मैं थोड़ा, नहीं काफी बिजी हु, अपडेट लिखा था लकिन पोस्ट नहीं किया, क्युकी मुझे नहीं पता उससे अगला अपडेट कब दे पायूँगा, इसलिए सोचा रहने देता हु, इससे इंट्रेस्ट चला जायेगा आप लोगो का, अब मैं 4, 5 अपडेट एक साथ लिखकर पोस्ट करूँगा, और तभी आता हु जब थोड़ा काम सर से हल्का होगा, आप लोगो का इतना भरी मात्रा में सपोर्ट मिला है की दिल कहता है धन्यवाद कह दू...

शुक्रिया.. मिलता हु कुछ दिन में............
 
मम, एक्चुअली..

फरी

जो अभी मैंने पोस्ट करा है , वो मेरी ऐनी वाली गेम का छोटा सा सन था.. I'm मेकिंग ा गेम, एंड ी रोट ा स्टोरी.. सो मैंने इसलिए hi यह स्टोरी छोड़ दी थी सोज़ टाइम नहीं था.. पिछले 1 साल से मैं अपनी गेम की स्टोरी लिख रहा था.. और अब वो कम्पलीट हो गयी, ंद नाउ I'm मेकिंग गेम.. जिसको कम्पलीट होने में मैक्सिमम 2023 का टाइम लग सकता.. सू मेरा पूरा फोकस उसपर है, येह ी don't क्नोव मैंने यह छोटा सा सन क्यों पोस्ट कर दिया🙄..

कभी ा पाया तोह जरूर ायूँगा.. टिल थें टाटा
 
Back
Top