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वही महिमा, के ब्रा जो मैने किश करते वक़्त खोल दी थी वो अपने ब्रा को पकड़ लेती है ताकि उसकी चुके बे पर्दा न हो, वही महिमा अपने पति के साइड के वाले दीवार से सटे हुए बड़ी सासे लेने लगती है ुर वो राधे को देखती है जो शैतानी हसी के साथ अपने होंठ चाट रहा था, माहि अपनी इज्जत को सँभालने में लगी हुई थी और उसकी कोशिश देख राधे को मजा आ रहा था, इधर मैं, अपनी साँसों पर काबू करते हुए एक बार उसके पति की और देखता हु तो वो इस वक़्त अपनी नज़र माहि के बड़े बड़े चुके पर hi था ये देख के मैं, माहि से, मेरी जहां मज़ा आया मेरे गन्दी जुबान ुर होंठो को चूसकर?, महिमा, अब मेरी तरफ गुस्से से देखती है और अपने होंठो पर से थूक साफ़ करते हुए तुम.. तुम एक दम पागल और सनकी हो.. कही मुझे मरने का तो तुम्हारा कोई प्लान तो नहीं था है? कितने
वाइल्ड तरीके से मेरे होंठो को चूस और काट रहे थे देखो मेरे होंठ तुमने कैसे काटे है जिसकी वजह से मेरे होंठो से खून भी निकलने लगे है वह अपनी ऊँगली मेरी तरफ दीखते हुए बोली, मैं नसे में थोड़ा झूम रहा था मेरे पेअर सही ढंग से खड़े भी नहीं हुए जा रहे थे लेकिन ये नासा मेरे रोज का काम था इस लिए माय जितना भी शराब पि लू लेकिन मेरी ताकत पहले जितना hi रहता है, वही मैं, माहि की बातो को कोई तबज्जु न देते हुए अब आगे बढ़ने लगा तभी महिमा, मेरे से दूर रहो देखो न राघव इसे तुम कुछ कहते क्यों नहीं प्लीज इस हैवन्स मुझे बचा लो प्लीज राघव तुम प्रॉपर्टी पर सिग्नेचर करते क्यों नहीं, इधर मैं, हस्ते हुए हेहेहे.. साला ये नामर्द मेरे से आज नहीं बचा सकता तेरे नामर्द पति को ऑप्शन दिया था लेकिन वह उस वक़्त भी नहीं मन तो अब क्या मानेगा ये कहते हुए माहि के करीब आ
कर उसकी नग्गी और गोरी कमर में हाथ डालता हु और उसको अपने पास खींचते हुए तू दर मत मेरी जान मैं भले hi हैवान नज़र आता हु लेकिन मेरी एक बात तू गांठ बांध के रख ले तुझे पर मेरे अलावा कोई खरोच भी नहीं लगा सकता.. तो चुने की बात hi छोड़ दे बस एक बार मेरा साथ दे फिर तेरे नामर्द पति के सामने हर रोज तेरी बुर और गांड मार के तेरी ये मादक बदन की प्यास बुझाता रहूँगा.. वैसे मेरी उम्र पे तू मत जा जिसमे तेरे पति से 4 गुना दम बाकी है, मेरी बात सुन कर माहि का दिल जोरो से धड़कने लगता है, वही उसको कुछ समझ नहीं आता की वह राधे की बात पर कैसे रियेक्ट करे, असल में राधे की बात सुनकर माहि को अच्छा लगता है पर वह अपने चेहरे पर कोई भो नहीं लाती क्यों की उसका पति सामने hi बैठा था.
वाइल्ड तरीके से मेरे होंठो को चूस और काट रहे थे देखो मेरे होंठ तुमने कैसे काटे है जिसकी वजह से मेरे होंठो से खून भी निकलने लगे है वह अपनी ऊँगली मेरी तरफ दीखते हुए बोली, मैं नसे में थोड़ा झूम रहा था मेरे पेअर सही ढंग से खड़े भी नहीं हुए जा रहे थे लेकिन ये नासा मेरे रोज का काम था इस लिए माय जितना भी शराब पि लू लेकिन मेरी ताकत पहले जितना hi रहता है, वही मैं, माहि की बातो को कोई तबज्जु न देते हुए अब आगे बढ़ने लगा तभी महिमा, मेरे से दूर रहो देखो न राघव इसे तुम कुछ कहते क्यों नहीं प्लीज इस हैवन्स मुझे बचा लो प्लीज राघव तुम प्रॉपर्टी पर सिग्नेचर करते क्यों नहीं, इधर मैं, हस्ते हुए हेहेहे.. साला ये नामर्द मेरे से आज नहीं बचा सकता तेरे नामर्द पति को ऑप्शन दिया था लेकिन वह उस वक़्त भी नहीं मन तो अब क्या मानेगा ये कहते हुए माहि के करीब आ
कर उसकी नग्गी और गोरी कमर में हाथ डालता हु और उसको अपने पास खींचते हुए तू दर मत मेरी जान मैं भले hi हैवान नज़र आता हु लेकिन मेरी एक बात तू गांठ बांध के रख ले तुझे पर मेरे अलावा कोई खरोच भी नहीं लगा सकता.. तो चुने की बात hi छोड़ दे बस एक बार मेरा साथ दे फिर तेरे नामर्द पति के सामने हर रोज तेरी बुर और गांड मार के तेरी ये मादक बदन की प्यास बुझाता रहूँगा.. वैसे मेरी उम्र पे तू मत जा जिसमे तेरे पति से 4 गुना दम बाकी है, मेरी बात सुन कर माहि का दिल जोरो से धड़कने लगता है, वही उसको कुछ समझ नहीं आता की वह राधे की बात पर कैसे रियेक्ट करे, असल में राधे की बात सुनकर माहि को अच्छा लगता है पर वह अपने चेहरे पर कोई भो नहीं लाती क्यों की उसका पति सामने hi बैठा था.