The Story of a Bodyguard (by Naree) - Page 93 - SexBaba
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The Story of a Bodyguard (by Naree)

अगेन डोगग्य पोजीशन:-

अब माया की गोरी पीठ फिर एक बार मेरे तरफ थी और माया अपने दोनों हाथो से चाट की बाउंड्री वाल को कास के पकडे कर अपने आप को सँभालते हुए, माया, अंकल बस एक मिनट... मुझ.. मुझसे खड़ा भी न्नन्न.. नहीं.. हुआ जा रहा है.. और आप फिर से सुरु करने लगे अपना काम है, थोड़ी देर के लिए तो रुक जाइये प्लीज.. मैं, उसकी बातो को दर किनार करते हुए अपना लुंड उसे पीछे से छूट पर सेट कर के फिर से धक्का मरता हु और इस बार लुंड makh-an की तरह माया की छूट को चीरते हुए पूरा अंदर चला जाता है, क्युकी माया ने अभी अभी अपना पानी गिरे थी जिसकी वजह छूट पूरी तरह से गीली थी, मेरा कला लौड़ा पूरा घुसते hi माया, फिरसे सिसकारियां लेने लगती है. उसके बड़े बड़े सफ़ेद चुके मेरे हर धक्के के साथ आगे पीछे झूलने लगते है, उसका मंगलसूत्र भी मेरे धक्को का साथ..

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आगे पीछे झूल रहे थे, वही मैं उसके पीछे से 24 साइज की कमर को पकड़ कर लगातार तेज़ तेज़ धक्के मार रहा था. इस वक़्त माहौल hi कुछ ऐसा था की हम दोनों अपनी अपनी हवस को काबू नहीं कर पा रहे थे, इधर मैं, उसकी कासी हुई गांड को देखता हु और फिर उस गोरी गांड पर से हाथ फेर कर जोर से चमत मरता हु.. सत्ताकक.. सत्ताकक.. सत्ताककक.. सत्ताककक.. सततताककक.. सत्तत्तएककक.. माया, ओछ्ह.. ऊम्मम ये क्यों कर रहे है आप ुम्मःहः.. मम्मा.. ऊह्ह्ह्ह.. ुँक्ली.. पलासी.. ुंहःहः.. आह्ह्ह्हह.. मैं, कैसा लग रहा है मेरी जान, ऐसे खुले में चुद कर.. मजा आ रहा है न.. वही माया, मेरी बात पर कुछ जवाब नहीं देती ुर माय उसकी ख़ामोशी से थोड़ा नाराज़ होता हु और फिर से उसकी गांड कर जोर से चमत मरता हु.. सततताकक.. सत्ताककक... सततताकक... सत्ताकक..

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सत्तत्तएकककक.. सततताकककक.. सत्तत्तएकककक की आवाज़ उस चाट पर गूंज उठती है, उधर माया अपनी बड़ी गांड पर थपड कहते hi, ुघ्हहह.. आह्ह्ह्ह.. सशह्ह्ह.. ऊम्मम.. कमिणी.. रुककूउ.. आह्ह्ह्ह.. प्लीज.. क्यों मार रहे हो लगती है न मुझे?, मैं, बोल न.. मजा आ रहा है न ऐसे खुले में छोड़कर, मेरे साथ चुद कर.. माया, अपने होंठ कटती है, उसको सच में इस वक़्त बहुत मजा आ रहा था मेरे साथ चुदाई करने में, लेकिन माया, शर्म के मारे कुछ कह नहीं पाती है इधर मेरा लुंड आज नयी छूट पा कर काफी खुस था और वह पानी निकलने के मोड़ में भी नहीं लग रहा था, वही माया, वाल को पकडे हुए तिरछी निगाहो से राधे को देखती है वही राधे भी उसकी छूट पीछे से पेलते हुए उसके 36 साइज के चुके भी मसल रहा था जिसकी वजह से माया को दर्द में भी काफी मज़ा आता है.
 
अब चाट की गेट पर चुदाई करते हुए..

अब मैं, उसके छूट में लुंड को डाले हुए चाट की गेट की और जाने लगता हु जहा सीधी था और माया किसी जानवर की तरह मेरे सामने चलने लगती है बिना अपने छूट से लुंड को निकले हुए और वो इस वक़्त चाहती भी नहीं थी की राधे का लौड़ा उसके छूट से निकले क्युकी उसे एक अजीब सा मज़ा इस सेक्स में आ रहा था, वही कुछ दो चार कदम पर hi सीधी का गेट था और वह पहुंचे कर मैं उसके दोनों नाजुक हाथ पकड़ कर उसको लोहे के गेट से सत्ता देता हु, और मेरा ये वाइल्ड बेहेवियर देख कर माया की छूट मेरे लौड़े को कास लेती है, वही अब माया के दोनों चुचो गेट के सरियो में डाब जाते है और मैं, उसकी गर्दन पर से जुबान फेरते हुए आज तो तेरी जैसी एक दम जवान लड़की वो भी पुरे एक रात के लिए प् कर माय तो धन्य हो गया, मेरी जान? सच में तेरी छूट में अपना लुंड को दाल कर जो मज़ा मुझे आ रहा है,

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वह मज़ा किसी और की छूट में नहीं आया (ये बात माय अक्सर औरतो को छोड़ते वक़्त करता हु क्युकी चुदाई के वक़्त औरतो को लुंड से जायदा अपनी गन्दी बातो से गरम करता हु इससे ये फ़ायदा होता है की औरते जल्दी झड़ती है वही चुदाई में भले hi कितना भी दर्द क्यों न हो रहा हो मगर गन्दी बाते सुन कर वो पुरे जोश के आ कर अपनी छूट जबरदस्त चुदवाती है), इधर मैं, मेरी जान? माय ये भी जनता हु की अब तू दोबारा नहीं मिलेगी इस लिए आज रात मैं अपनी साडी इच्छाएं पूरी करूँगा तेरे साथ ये कह के उसके कान को अपनी जुबान में ले कर चाटने लगता हु वही माया, मेरा बात सुन कर उसकी छूट एक बार मेरे लौड़े को कस्ती है जैसे उसकी छूट माया से कह रही हो इसे यह गन्दी बाटे सुन कर बहुत ाचा लगा वही ऐसे अपने कान को चटवाने से मस्ती में आ कर सिसकारियां लेते हुए

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माया, ाम्म्म.. अंकल प्लीज अब नहीं आह्ह्ह्ह.. कब से हम कर रहे है अब मेरे से खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा है हम अंदर चलते है न इधर मैं, उसकी एक नहीं सुनता और माया जो थोड़ा स्ट्रैट कड़ी थी तो मैं अब उसकी गांड को अपनी तरफ खींचता हु और उसकी पीठ पर हलके से हाँथ रख के निचे की और दबाता हु और माया मेरे इसारे को समझ के अपनी गांड मेरी और निकल देती है ये देख के मैं, ये हुई न बात अब तू मेरे इसारे समझ गई है अब अपनी गांड को जितना निकल सकती है उतना निकल, माया, मेरी बात सुन कर थोड़ा शर्माती है और बिना कुछ सोचे, अपनी बड़ी गांड पीछे करती है और मैं, उसकी गांड को सहलाते हुए वैसे तेरी ये गोरी गांड मुझे बहुत पसंद आ गई है आज इसकी भी उद्घाटन मुझे करना है समझी ये सुनते hi माया डरते हुए नं.. नहीं.. नं.. नहीं पीछे नहीं ये कह के उठने लगती है की तभी

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मैं, ाचा ठीक है ठीक है तेरी गांड नहीं मरूंगा लेकिन तुझे एक वडा देना होगा माया, कैसा वडा?, मैं, यही की आज तेरी गांड तभी नहीं मरूंगा जब तू मुझसे दोबारा मिलने का वडा नहीं करती समझी, माया, चाहती तो थी वो मेरे से मिलने के लिए दोबारा लेकिन इतनी आसानी से कोई लड़की मान जाये ये हो कैसे सकता है, वही माया, बस आज की रात अपने hi बोले थी ये बात फिर आप दो बारे क्यों मिलोगे मेरे से, ये कह के वो अपनी गांड को मेरे लौड़े की और दबने लगी उसकी यह हरकत देख के मैं, एक जोर का थप्पड़ उसकी बड़ी गांड पर मरता हु सततताकककक.. सततताकककक सततताकककक.. कुछ ऐसी आवाज़ वह गूंज उठती है, वही माया, भी अपनी गांड पर थपड कहते हुए आउछ.. आह्हः.. मैं, मरने के बाद.. तेरी जैसे जवान लड़की? एक बार के छोड़ने के लिए नहीं बानी है मेरी जान?
 
वैसे भी अगर आज तेरी गांड नहीं मरना का वडा तू मुझसे ले सकती है तो उसके बदले दोबारा मिलने का वडा करना होगा नहीं तो आज hi तेरी यह बड़ी गांड भी मरूंगा अभी सुबह होने के 3 घंटे है, ये कह के मैं, पीछे से धक्के मरने लगता हु.. माया, हम्म.. अह्ह्ह.. ओह्ह.. अंकल.. कोइई.. साठ.. आह्ह्ह्हह.. जाएगाआ.. ुम्हह.. मैं, आह्हः.. आ जाने दे.. सबको पता चलना चाहिए की हम दोनों यहाँ चुदाई कर रहे है. मेरी बात से माया का दिल जोरो से धड़कने लगता है न जाने क्यों, पर उसको अजीब सी फीलिंग महसूस होती है उस बात से.. माया, आठ.. बेशर्म.. कही के.. आह्ह्ह्हह.. मेरी शादी.. आठ.. बरदबड कर के.. aahh...maanoge क्या?.. आठ मेरे ससुराल के और मेरी मम्मी के रिस्तेदार सब निचे hi सू रहे है, मैं, तो क्या हुआ आ के देखने दे तभी तो उन्हें पता चलेगा की कैसे एक जवान

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लड़की चुदाई की जाती है? वैसे भी वह तेरा पति क्या hi मजे दिया होगा तेरी उस सुहागरात में तुझे? साला हिजड़ा कही का वैसे तेरी छूट देख के hi मैं समझ गया था की तेरे पति का लुंड नहीं लुल्ली hi होगी तभी तेरी छूट इतनी तित अब तक, अब असली मर्द का लौड़ा गया है तेरी छूट में तो अब देखना तुझे अपने पति के छुड़वाने में न hi कभी दिक्कत होगी न hi कभी दर्द होगा, वही अपने पति को 'हिजड़ा' कहा सुनकर माया गुस्सा हो जाती है और अपनी नज़र मेरी तरफ मुड़कर देखते हुए अंकल.. आठ.. राज के बारे में.. आह.. कुछ मत बोलो.. वो मेरा पति है चाहे जैसा भी हो इस लिए आप कुछ न बोले उन्हें इस बार माया बात में वह गुस्सा नहीं था, जो पहले हुआ करता था. अपने पति को गाली देने के बावजूद माया मेरा लुंड अपनी छूट में ले रही थी अगर दूसरी लड़की होती और अपने पति से प्यार करने वाली होती..

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तो अब तक मेरा लौड़ा अपने छूट से निकल कर मुझे मार देती या फिर वो सोर मचा कर निचे सो रहे अपने घरवालों को यहाँ बुला सकती थी लेकिन उसने ऐसा कुछ नहीं की क्युकी कही न कही माया को भी इस चुदाई में बहुत जयादा मज़ा आ रहा था, इधर मैं, क्या हुआ? अच्छा नहीं laga..Saali... Sanskari..Ye ले.. मैं, माया के पीछे से उसकी छूट म बड़ी तेज़ी से अपना लुंड पेलने लगता हु और मेरे तेज़ धक्को से माया हैरान होकर जोर से सिसकियाँ लेने लगती है. वो समझ जाती है की अपने पति की साइड लेने के कारन माय नाराज़ हो गया हु. माया, आठ.. ओह.. गोड़.. ओह.. गूदड़.. सष्ठ.. ुम्हह.. आह्हः.. ओह्ह्ह.. अंकल.. प्लीज.. स्तत्तुप्पप.. आह्हः.. इतना तेज नहीं ऊह्ह्हह्ह.. गॉड.. आह्ह्ह्हह.. मममहहहह.. ूमम.. सशह्ह्ह.. दर्द हो रहा है ना.. मेरे धक्के इतने तेज़ थे की माया जिस गेट से चिपकी हुई थी वो गेट भी जोर से हिलने लगता है.

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जैसे कही भूकंप आया हो?? वही हम दोनों के जिस्मो की टकराने की आवाज और माया की तेज तेज सिसकारियां गेट के अंदर सीढ़ियों में गूंजने लगती है वही हम दोनों हवस में अंधे होकर बेशर्मो की तरह एक दूसरे को चुद रहे थे.. हमें अब किसी का डर नहीं था की की हमारी ाहो की आवाज़ सुन सकता है वही मैं, अपने दांतो को पीस कर माया की पतली कमर में हाँथ डेल उसको पीछे से तेज तेज झटके देते हुए ahhh..Ye ले.. साली.. कुटिया.. आह्ह्ह्ह.. अपने कुत्ते का कला लुंड आह्हः.. पति की तारीफ करेगी.. बहनचोद रण्डी कही की साली उस हिजड़े की औकात नहीं तेरी तित और फूली हुई छूट छोड़ने की आठ.. ये ले.. मदर छोड़ आज मेरा लौड़ा ले के देख की असली मर्द का लौड़ा कैसा होता है और बताना अपने हिजड़े पति को कैसे एक मर्द छूट को छोड़ता है, और कभी उसे हमारी चुदाई लाइव दिखाना?
 
येह ले.. साली हरामजादी इधर मेरे तेज झटके से माया, अब्ब थोड़ी कड़ी हो जाती है क्युकी मेरा लौड़ा उसके कोख तक चोट कर रहा था, जिससे वह अपने दर्द को काबू नहीं कर प् रही थी इधर मैं, बिना रुके अब खड़े खड़े hi माया के पीछे से दे दाना दान झटके मरने लगता हूँ, साथ hi माया की पीठ पर अपने दांतो से अब काटने लगता हु, माया, मेरी जंगली पैन और वाइल्ड चुदाई फील करके ओह्ह्ह.. अंकल.. आठ.. धीरे.. उम्म्म.. प्लीज मेरी पीठ पर मत करो ाम्म्म.. दाग हो जायँगे आह्हः.. धीरे धीरीई.. ाघहगह्ह्ह्ह.. मममहहहह.. मैं, माँ की छुट्ट्ट्ट.. आठ.. साली रण्डी हरमजादीय.. तुझे काटूंगा भी और तेरे पति को बोलूंगा की वो एक हिजडाए.. है जो उखाड़ना है मेरा उखड ले साली कुटिया, माया, मेरे धक्को में इतनी मशगूल हो गयी थी की उसके कानो तक मेरे शब्द अब पहुंच hi नहीं पा रहे थे और वो अपने

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छूट के आखरी छोर पर मेरा लौड़ा फील करते हुए माया, आह्ह्ह्ह.. अंकल योर अरे सोऊ.. सोऊ.. वाइल्ड.. प्लीज.. ी रिक्वेस्ट ऊह्ह्ह्ह.. गॉड.. प्लीज.. सलौली.. सलौली महह्ह्ह्ह.. ओह्ह्ह.. ननूवो.. प्लीज.. योर पेनिस सोऊ.. डीप एंड माय इनसाइड सू.. सोऊ प्लीज योर पेनिस सो बिग एंड फैट एंड माय.. पुसियय.. इस.. सोऊ.. तित प्लीज आह्ह्ह्ह.. सशह्ह्ह्ह.. ुम्हह.. ममहहहह.. माया मेरे लुंड सत्ता सात अपने छूट के अंदर आता जाता फील कर के इंग्लिश में पता नहीं क्या2 मेरे से बोले जा रही थी, इधर मैं अपने दोनों हांथो को आगे ले जा कर उसकी 36 साइज की गोरी चुके को अपने एक एक हथेली में पकड़ कर उसे किसी अन्ते की तरह गूथते हुए पीछे से अपना लुंड उसकी छूट में पेल रहा था और वही मेरे जांघ माया के 36 साइज के बड़ी गांड से टकराने से थापा.. थप.. थापा.. थप.. थापा.. ठप्प.. थापा.. ठप्प.. थापा..

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ठप्प.. थापा.. ठप्प.. थापा.. ठप्प.. थापा.. ठप्प.. थापा.. ठप्प.. थापा.. ठप्प.. थापा.. की आवाज़ वह गूंज रही थी, साथ hi साथ मेरे तेज झटके के कारन मेरी जंघे उसकी गोरी गांड से टकराने से उसकी बड़ी गांड डांस किये जा रही थी आज तो मज़ा hi आ गया मुझे माया की चुदाई करके वह भी इतने वाइल्ड तरीके से वही हवस का नशा अब हम दोनों के सर पर चढ़ चूका था साथ hi साथ हम दोनों भी अब झड़ने की कगार पर आ गए थे जिसे फील करते हुए मैं, आठ.. मेरी रनडीई.. मेरा निकलने वाला हीी.. आह्हः.. येह.. लिए.. आह्हः.. मादरजात.. आठ.. कुत्तिया रनडीई.. ऊह्ह्हह्ह.. आह्हः मैं, अब्ब माया की छूट में अपना लुंड अंदर तक डालकर जोर से झड़ने लगता हु ाररह्ह्ह.. ये लेटी.. आअह्ह्ह.. तेरी कोख में.. आअह्ह्ह्हह.. मेरा जालीमंम.. पांणी.. आह्ह्ह्हह..

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इस जालिम पानी को ले कर मेरे बचे की अम्मा बन जा, इधर मेरे टट्टे एक दम कड़क हो गए थे, लौड़े की नसे फूल सी गई थी, टोपा एक दम फूल के टेनिस बाल के जितना मोटा हो गया था की तभी मेरे लौड़े की छेद से 11 से 15 गाढ़े वीर्य की पिचकारियां सीधे माया की बच्चेदानी में गिरने लगती है.. उधर माया, भी मेरा गधा और गरम राश अपने बच्चे दानी में फील करते hi ऊह्ह्हह्ह.. न्यू.. ुग्घहहह.. ममहहहह.. ओह्ह्ह.. फुकककक.. मेई.. प्ल्ज़.. हार्डली.. ी.. अम्म्म.. आह्हः.. आह्हः.. आल्सो.. किंग.. ओह्ह्ह... अंकल.. ऊह्ह्ह्ह.. गोड़.. सशः.. करते हुए मेरे साथ साथ hi झाड़ जाती है और मैं उसकी पीठ से एक दम चिपक जाता हु और उसके गले को अपने मुँह में ले कर चूसने काटने लगता हु वही माया, जोर2 से सांसे लेते हुए सीधी के दरवाजे से एक दम सात के कड़ी रहती है वही हम दोनों की सांसे इस वक़्त तेज तेज चल रही थी.
 
इधर मैं, कोई 1 मिनट्स ग्रामा ग्राम वीर्ये उसके छूट में गिराने के बाद अब मेरा हब्सी लौड़ा उसके छूट के अंदर hi अब नरम हो जाता है जो माया की गुलाबी छूट से निकल कर लटकने लगता है. माया को अपनी कोख में मेरा गरम और गाढ़ा रास महसूस हो रहा था वही मेरा लुंड उसके छूट से निकलते hi माया की छूट से धीरे धीरे ढेर सारा सफ़ेद मेरा वीर्य टपक कर नीचे गिरने लगता है. वही मैं, हां.. हां.. अह्ह्ह.. हां.. हां.. वाह्ह.. मजा आ गया तुम माँ बेटी को छोड़ कर.. हहह.. hah..hahh.. तुम्हारे घर की दोनों माँ बेटी की छूट जितनी गरम है उतनी hi बड़ा सा बड़ा लुंड लेने में कोई संकोच नहीं करती है मज़ा hi आ गया, मैं, अपनी साँसों को काबू करते हुए.. बोलता हु, पर माया इस वक़्त कुछ सोचने समझने की हालत में बिलकुल नहीं थी. जो मेरी कही बात उसके कान में नहीं घुसी

थी. वो दरवाज़े को पकड़ कर वैसे hi नीचे बैठ जाती है और जोर से साँसे लेने लगती है. इधर मैं भी हफ्ते हुए निचे बैठी माया को देख कर अपना लुंड उसके मुँह के पास ले जाता हु, माया, हँ? अब.. हां.. हां.. हहह... अब क्या है?, मैं, अपना कला जो माया के छूट राश से एक दम सन्ना चूका था साथ hi मेरे लुंड से सफ़ेद वीर्य की धार निचे फर्श पर टपक रही थी. माया, हफ्ते हुए मुझे देखती है और फिर मेरा मुरझाया हुआ लुंड को देखती है इधर मैं, उसको अपना गिला लौड़ा निहारते देख के.. चल मेरे लौड़े को मुँह में ले कर उसे अपना पानी साफ़ कर, माया, मेरी बातो को सुन के अपना गन्दा सा मुँह बनाते हुए ीववव छियई मैं ये सब कभी नहीं कर सकती, मैं, चुप कर साली अभी तक तेरी हेकड़ी नहीं निकली क्या जो कह रहा हु वो कर वर्ण मेरे से बुरा कोई नहीं होगा समझी, माया, मेरी और

देख के प्लीज मेरे से नहीं होगा जो आप कह रहे हो मैं, ाचा एक काम कर बस मेरे लौड़े को प्यार से अपने कोमल होंठो को सुपडे पर रख के किश कर दे माया, अब मजबूर हो कर वो अपने होंठो को मेरे टोपे के पास लाती है और वह से एक अजीब सी स्मेल सुंघते hi उसे उलटी सी आती है लेकिन वो किसी तरह मेरे सुपडे पर मुँह रख के एक लुम्बी किश देती है.. माया, हो गयी न आपकी मन की मुराद पूरी? चलो अब माय निचे जा रही हु ये कह के वो गेट को पकड़ के किसी तरह उठती है मैं, इतनी जल्दी भी क्या है मैने कहा था न की तू आज पूरी रात मेरे साथ रहेगी अभी चुदाई का एक hi दौर ख़तम हुआ है मेरी जान लेकिन अभी एक दौर और बाकि है, माया, डरते हुए, बिलकुल नहीं अब मुझसे नहीं होगा?, ये कह कर माया थोड़ा लंगड़ाते हुए जल्दी से वह से जाने के लिए अपने कदम बढाती है वैसे hi

मैं, उसके नाजुक हांथो को पकड़ कर अपनी बाँहों में खींच लेता हु और माय, अरे रुक जा जरा.. ऐसी मस्त चुदाई के बाद थकन सी हो रही है, थोड़ी ठंडी हवा तो खाने दे अपने एक रात के पति को?, मैं उसके नग्गे नंगे जिस्म को अपने नंगे पसीने से भीगे जिस्म में दबा देता हु और माया के बड़े बड़े सफ़ेद चुके अब मेरी छाती के डाब जाते है. इधर मैं, अपनी हालत देख तू ढंग से चल भी नहीं पा रही है फिर तू मेरे से दूर भाग रही है वैसे भी इस हालत में तू कितना दूर भाग सकती है भला खुद सोच कर देख, माया, मेरी इस हालत का जिम्मेदार कौन है आप hi बताइये न?, मैं, अब तेरी छूट hi इतनी तित है तो इसमें मेरी क्या गलती है अब ये सब छोड़ वैसे भी माय जब तक नहीं चाहूंगा तब तक तू यहाँ से कही न जा सकती है मेरी जान?, माया, मेरी बहो से निकलने की कोशिश

करते हुए.. अंकल.. अब बस करो न प्लीज जो आपको करना था मेरे साथ वो तो कर hi लिया, अब बचा hi क्या है अब यहाँ से जाने दो, अब सच में मुझे डर लग रहा है.. मुझे उस की बेचैनी देख मजा आ रहा था. उसकी यही बेचैनी देख मेरा जालिम लुंड फिर से धीरे धीरे सख्त होने लगता है वही मैं उसके बातो को जवाब देते हुए साली चुड़ते वक़्त तो डर नहीं लगा तुझे और चुड़ते वक़्त तो ऐसे आहे भर रही थी जैसी कोई बाजारू रंडी हो.. हहै.. और कैसे मेरा इतना बड़ा मोटा लौड़ा कुछ देर पहले गच्चा गाछ अपने छूट म लिए जा रही थी तब ये ख्याल नहीं आया.. खुद को रंडी कहने से माया मेरे पर बहुत ज्यादा गुस्सा हो जाती है, लेकिन वो कुछ कह नहीं पाती इस बार क्युकी उसे पता था की अपने हवस के आगे वो कुछ ऐसा कर गई थी जिसकी कल्पना वो खुद hi नहीं कर पा रही थी.
 
वही मेरे साथ रह कर अब्ब उसको धीरे धीरे मेरी गन्दी बातो की आदत सी होने लगती है.. यह बदलाव देख कर मैं खुश हो जाता हु और माया की चुप्पी देख मुस्कुराता हु. ऐसी गन्दी बात बोलने के बावजूद उस ने कुछ बोलै नहीं था जिससे मेरा हौसला बढ़ जाता है और उसे देख कर मैं, और तो और मेरा गर्म पानी निचोड़ लिया तूने अपनी छूट में, प्यासी रंडी की तरह, माया को मेरे मुँह स ऐसे रंडी सुनाने से अजीब सा लग रहा था. वो गुस्सा भी हो रही थी और साथ hi साथ शर्मा भी रही थी. वो चुदाई में इतनी खो गयी थी की उसको ये एहसास भी नहीं था की उसने अपने बच्चेदानी में एक गैर मर्द का बीज ले लिया है. वो अपनी छूट पर हाथ लगाती है और गाढ़ा सा सफ़ेद चिपचिपा सा वीर्य उसके हाथ पर लगता है.. माया अच्छे से जानती थी की ऐसा करने से क्या हो सकता है, वही मेरा गर्म वीर्य माया को अजीब सा सुकून देता है, लेकिन साथ hi उसको

राधे जैसे भद्दे गैर मर्द के बच्चे की माँ बनाने का डर भी लग रहा था. इधर मैं, इतना क्या सोच रही है अरे, ये सोच की कितना मजा आएगा जब तेरी इस संस्कारी कोख से मेरी औलाद पैदा होगी.. मेरी बात पर माया डर और शर्म दोनों से पानी पानी हो जाती है, वह जो सोच रही थी वही बात राधे के मुँह से सुन कर उसका दिल जोरो से धड़क उठता है.. माया, Ku..Kuch भी मत बोलो अंकल आप.. अपनी हद्द में रहकर बोलै करो, समझे.. माया अपनी बेकाबू साँसों को रोकने की कोशिश करते हुए बोलती है. उसको समाज नहीं आ रहा था की वो मेरी बात पर क्या जवाब दे इस लिए जो मुँह पे आया वो बोल दी, इधर मैं, हेहेहे.. लगता है तेरे संस्कार वापस आ रहे है.. हहै.. ऐसी संस्कारी रंडियो को छोड़ने में जो मजा है वो और किसी में नहीं, माया, कुछ... कुछ.. भी मत बोलो.. माय नहीं.. नहीं बानगी आपके बच्चे की मम्मी वगैरा,

माया अपनी बेकाबू साँसों को रोक रही थी और मेरे से अपनी नज़ारे छुपा रही थी. मैं, उसको ऐसे देख उसकी गदराई गांड को मसलते हुए, अरे डर क्यों रही है.. मेरे राश अपने छूट में ले कर माय सोच रहा हु की तू मेरे बच्चे की अम्मा बन जा उसके बाद अपने पति राज हिजड़े को मेरे बच्चे का बाप बता देना.. हहै.. मैं बातो hi बातो में राज को फिर से हिजड़ा बोल देता हु, पर इस बार माया कुछ बोलती नहीं और वो मेरी बात सुनकर मुझे देखते हुए क्या मतलब.. राज को बाप बता dena..Main, तू वो सब छोड़.. तू बस इतना बता की तू बनेगी न मेरे बचे की माँ?, हम दोनों एक दूसरे की तरफ देखते रहते है. माया मेरे सवाल पर कुछ जवाब नहीं दे रही थी. हम दोनों बस नंगे बिना किसी शर्म के एक दूसरे से लिपट कर चाट के गेट के सामने खड़े थे, उधर माया की छूट से मेरा सफ़ेद वीर्य नीचे टपक रहा था और मेरा

कला कटुआ लुंड फिर स सख्त होने लगा था. वही माया, राधे के बचे की माँ बनाने के ख्याल से उसके जिस्म में गुड़ गुड़ी सी हो रही थी ये सोच कर hi, इधर हम दोनों वैसे hi गेट के पास नंगे खड़े थे की एकदम से कुत्ते की भोंकने के आवाज से माया डर जाती है और मेरे हाथ को पकड़ कर वह से जाने लगती है. मैं, अरे.. रुक तो.. बता न.. मेरी जान? बनेगी न मेरे नाजायज औलाद की अम्मा.. 'नाजायज' शब्द सुनकर माया का दिल जोर से दहाड़ने लगता है. उसके मन में अजीब सी एक्ससिटेमेंट होने लगती है वो शब्द सुनाने से वही माया, अंकल बस करो ऐसे सवाल करना और चलो जल्दी से नहीं तो कोई हमारी बात सीधी से निचे गई और कोई मेरे रिस्तेदार जागे होंगे तो वह सुन लिए तो बहुत बड़ी मुसीबत हो जाएगी. अब माया कुछ सोच कर वह मेरे हाथ पकड़ लेती है और लगभग मुझे खींचते कर वह से लंगड़ाते हुए जल्दी से चाट

वाले रूम की तरफ जाने लगती है, मुझे मालूम था की निचे सब सो रहे है और चाट से हमारी आवाज़ उन तक नहीं पहुंच सकती है यह सोचते हुए मैं, अरे वो नहीं जागेगी आज रात.. तू फ़िक्र मत कर.. मैं एकदम से रुक जाता हु और मेरे शैतानी दिमाग में एक मस्त आईडिया आता है और माय जल्दी से उसे बहो में उठा लेता हु और रूम की तरफ जाने लगता हु, माया, हँ? ये.. ये.. क्या कर रहे हो? छोडो.. अब मुझे एक पल भी यहाँ नहीं रहना प्लीज अंकल मुझे निचे जाने दोऊ?, मैं, अरे तू ऐसे hi नग्गी जायगी क्या कपडे तो रूम में hi है न वैसे भी तू वडा दी थी की हम आज पूरी रात एक दूसरे के बहो में बीतेंगे.. माया, माय कोई वडा नहीं दी थी ये अपने खुद hi देसीडे किया था.
 
इधर माया, की हालत ख़राब हो रही थी, वही वो मुझे समझने की कोशिश में लगी हुई थी, की माय जो कुछ कर रहा हु उसके साथ? वो सब गलत है क्युकी लुम्बी चुदाई क बाद पूरी तरह स थक चुकी थी, माया, Nahi..Nahi.. रुको uncle..pleasse... मेरे कपडे दे दो माय निचे चली जाउंगी, वो मेरे चुंगल से छूटने की नाकाम कोशिश करती है पर माय उसको अच्छे से पकड़ कर रखता हुआ था इस लिए वो मेरी गॉड से उतर नहीं पाती है, उधर माया, ऊह्ह्ह्ह गोड़.. Please..Kya कर रहे हो.. मैं, उसकी गोल गांड अपने हांथो से मसलता हु जिससे उसकी सिसकारी निकल जाती है, मैं, चल अब दूसरा राउंड सुरु करे, Maya,meri बात पर मन में, (ओह गॉड ये इंसान है या सैतान अभी कुछ देर पहले hi तो इसने अपना स्पर्म गिराया है, लेकिन इतनी जल्दी कैसे इसका पेनिस तैयार हो गया), माया को अब्ब समझ नहीं आ रहा था की

राधे का लुंड इतनी जल्दी कैसे तैयार हो सकता है लेकिन वो नहीं जानती थी की राधे बहुत बड़ा चुदकड़ है वो लगातार दो बार किसी भी औरत को छोड़ सकता है.. भले hi ऊपर वाले ने राधे को सकल सूरत ना दिया हो, लेकिन उन्होंने उसे एक पावर दी है वो भी लगातार छोड़ने की साथ hi उसके लुम्बा और मोटा लौड़ा होने के कारन कई औरते उससे दूर भगति है, लेकिन आज माया का पला एक चुड़क्कड़ से पड़ा था इस लिए वह डर रही थी, क्युकी उसको इतनी लुम्बी चुदाई का कोई एक्सपीरियंस नहीं था, वो तो आज पहली बार इतनी लुम्बी चुदाई की थी वह भी किसी गैर मर्द से.. इधर मैं, अब अपने बिस्तर उसे लेटने लगा तभी माया, प्लीज मुझे बाथरूम जाना है, मैं, इसमें पूछने वाली क्या बात है जा, ये कह के उसे अपने गॉड से उतर देता हु उधर माया, ये सुन के वो लंगड़ाते हुए बाथरूम में जाने लगती है.

इधर मैं, उसकी बड़ी गांड को देख कर अपने लौड़े को सहलाते हुए, बस कुछ पल और आज इसकी गांड भी मर देता हु नहीं तो ये बाद में मेरे हाँथ भी नहीं आएगी आज मेरे पास ाचा सुनहरा मौका है.. वही माया, बाथरूम में जा कर बड़े मिरर के सामने खड़े हो कर अब अपने नग्गे बदन को निहारने लगी और जैसे जैसे अपने नजर अपने बदन पर करती है वैसे वैसे उसकी आंखे बड़ी होने लगती है क्युकी उसके गर्दन, चुके पेट जांघ पैरो ऐसे कही जगह नहीं बची थी जहा राधे ने नीसाण न दिया हो वही वो जैसे hi पलटी वैसे hi ओह्ह गॉड राधे सैतान है क्या जो मेरी पीठ पर भी उसके काटा है अपने दांतो से कही मेरा पति राज ने देख लिया तो वो समझ जायगा मेरे साथ क्या हुआ है लेकिन इसमें मेरी क्या गलती अंकल ने hi तो मेरे साथ जबरदस्ती की है, लेकिन मेरी सुनेगा कौन सब मेरे ऊपर

hi ऊँगली उठाएंगे अब क्या करू मुझे इस बारे में किसी को बताना चाहिए अरे माय तो भूल गई मम्मी है न उन्हें बता दूंगी तब अंकल को वह देख लेंगी तभी उसके दिमाग में ये कैसे भूल गई माय? राधे अंकल तो मम्मी के साथ भी सेक्स किया है वो मेरी बात सुन कर भी राधे अंकल के साथ कुछ नहीं करेंगी भले hi मेरी मम्मी मेरे साथ फ्रेंड जैसी रहती है, लेकिन इतने सरे नीसाण मेरा पति देखा तो उसे क्या जवाब दूंगी हो न हो कल जब राज मेरे से मिलेगा वो पक्का सेक्स करेंगे क्युकी आज hi फ़ोन पर वो रोमांटिक हो रहा थे, तभी उसके दिमाग की घंटी बजी अरे है उसे रौशनी में सेक्स करने hi नहीं दूंगी फिर कैसे वो मेरे बदन के नीसाण देख पाएगा यह दिमाग में आते hi अब थोड़ा रिलैक्स हो जाती है और कमोड पर बैठ कर जैसे hi टॉयलेट करने को बैठी वैसे hi उसकी नज़र छूट पर पड़ी और
 
माया छूट को देखते hi (ऊह्ह्ह्ह गॉड कमीने ने मेरी वागिना का नक्शा hi पूरा बदल दिया है वैसे पहले कितनी चिपकी हुई फांके थी मेरी? एक ऊँगली भी कभी अंदर नहीं जाती थी, लेकिन अब मेरी छूट की कितना फुला दिया कमीने ने, भला इतना बड़ा पेनिस डालेगा तो इसकी ये हाल तो होगी hi), ये सोचते हुए वो सुसु की और अपने छूट की अचे से धोने के बाद बहार ै, इधर मैं, बिस्तर पर लेता हुआ था माया, मुझे देख के अब जाऊ यहाँ से ये कह के वह अपने ब्रा पंतय पहने लगी तभी मैं बीएड से उठ के अरे कहा चली अभी एक अराउंड बाकी है, माया, प्लीज मेरे से अब नहीं होगा, अपने मेरी क्या हालत की है देखो कहा कहा नीसाण बना दिए कही राज ने देख लिया तो मेरा क्या होगा है, मैं, उसको बहो में ले कर अरे मेरी जान तू परेशां क्यों हो रही है ये नीसाण हमारे प्यार की निसानी है, चल अब

बिस्तर पर आराम कर अगर तू कहती है तो नहीं छोडूंगा लेकिन साडी रात मेरे साथ hi सोना होगा माय अब कुछ नहीं सुनूंगा, माया, मेरी और देख के अगर सुबह उठ के मुझे सब लोग खोजने लगे तब क्या होगा, मैं, उसकी फ़िक्र तू छोड़ दे बस इतना करना की उनके उठने से पहले तू निचे अपने रूम में चले जाना या फिर दूसरा ऑप्शन ये है की एक राउंड तुझे और छोड़ देता हु उसके बाद तू अभी hi चले जाना?, माया, चुदाई का नाम सुन कर डरते हुए नहीं.. नहीं मुझे नहीं करवाना दोबारा माय यही सोऊंगी आपके पास लेकिन आप वडा करो मेरे साथ कुछ नहीं करोगे, मैं, है है क्यों नहीं चल फिर लेट जा, मैं उसे छोड़ दिया और माया लंगड़ाते हुए ब्रा पंतय उठाने लगी तभी मैं, अरे अब उसे क्यों उठा रही है तुझे नग्गे hi मेरे साथ सोना है समझी, माया, ब्रा पंतय को वही रख के अब बिस्तर पर लेट जाती है,

मैं, भी उसके बगल में लेट जाता हु, माया, करवट ले कर सोइ हुई थी और मेरे तरफ उसकी बड़ी गांड थी जिसे देख के मन तो कर रहा था की इसे जबरदस्ती hi गांड मर दू लेकिन मैं सोचा अब जबर दस्ती नहीं करनी चाहिए मुझे वैसे भी वो इतने बड़े लौड़े की आदि नहीं है तभी तो मेरे एक बार की चुदाई के बाद hi एक दम थक सी गई है और मैं ये भी जनता था की उसकी छूट इस वक़्त दर्द दे रही होगी, अब मैं, उसके पीछे से सात गया और मेरा अधखड़ा लुंड माया की गांड के दोनों फैंको में बिच फास गया वही माया, अचानक मेरा लौड़ा अपने गांड के बिच महसूस करके के डर गई और वो जल्दी से मेरी और पलट कर के प्लीज मत करो न, मैं, अरे डर मत मैं नहीं छोड़ने वाला तेरी गांड पहले इधर आ मेरी बहो में माया, बिना कुछ बोले मेरी और खिसक ै और वो मेरे बाजु में सर को रख ली.
 
वही मैं, उसके मासूम फेस को सहलाते हुए तुझे दर्द हो रहा है तो माय तेरे लिए दर्द की दवा ले कर आता हु, माया, मेरे बदले हुए रूप को देख के थोड़ा स्माइल के साथ पहले दर्द देती हो उसके बाद दवा देने की सोचते हो, मैं, अब माय क्या करू मुझे तो लगा तू शादी सुदा है इस लिए मेरा लौड़ा आसानी से ले लेगी, लेकिन तेरी छूट छोड़ने क बाद hi मुझे पता चला की कितनी तित है, माया, अब मेरी गन्दी बातो को सुन कर मोड़ में आने लगती है उसकी छूट में फिर से चिति रेंगने लगती है, उसकी छूट से हल्का प्रे छुम भी निकल जाती है, इधर मैं, उसे अपनी बाजु से उठा कर अपने ऊपर ले लेता हु और उसकी बड़ी गांड को अपने काळा खुरदरे हांथो से सहलाने लगता हु उधर माया, को मेरा अधखड़ा लुंड अपने फूली छूट पर फील होता है लेकिन वो कुछ कहती नहीं है लेकिन वो धीरे से अपनी फूली हुई छूट को मेरे अधखड़े लुंड पर रख के मेरे साइन पर लेट जाती है.

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उसके लेट ते hi मैं, उसके चेहरे पर से बाल को हटते हुए, वैसे तेरी छूट ने आज मेरे लौड़े को खुस कर दिया मुझे ुर ये बात भी पता है आज के बाद तू मुझे कभी देखेगी भी नहीं वैसे भी मेरे जैसे भद्दी सकल वाले को तेरी जैसी रूप की मलिका कैसे नसीब हो सकती है, माया, तो अब खो सी गई थी मेरा गरम लौड़ा अपने छूट के फैंको पर पा कर.. उसे माय क्या बोल रहा हु वो उसे सुन भी नहीं रही थी वो अपनी छूट मेरे लौड़े पर धीरे धीरे दबाने लगती है वो अब फिर एक बार हवस की आग पर सवार हो चुकी थी, उसके गोर चुके मेरी छाती म डाब हुए थे, वही माया झड़ने के बाद अब फिर एक बार गरम होने लगती है उसके गर्म छूट के कारन मेरा लौड़ा भी धीरे धीरे सख्त हो चूका था वही माया अनजाने में hi अपनी छूट की छेद पर मेरा सूपड़ा ले कर उस पर धीरे धीरे सहलाते हुए माय फील कर के..

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क्यों मेरी जान? अभी तो कह रही थी की तेरे छूट बहुत दर्द हो रही है लेकिन फिर तू मेरे लौड़े को अपनी छूट से सेहला क्यों रही है? अगर छुड़वाना है तो खुल के बोल मैं तुझे खा नहीं जाऊंगा.. माया मेरी बातो से शर्मा जाट है क्युकी उसकी चोरी पकड़ी गई थी वही मैं, उसके फेस को अपने साइन से उठ के देखते हुए फिर से मेरा लौड़ा लेना है तुझे या नहीं, माया, मेरी आँखों में देखती है लेकिन कहते कुछ नहीं मगर वो अपनी छूट को मेरे टोपे के ऊपर दबाते हुए इसरा कर देती है की हां मुझे छुड़वाना है, उसका इसरा मिलते hi मैं, उसकी फेस को छोड़ के अपने दोनों हांथो को उसके जांघो पर रख के उसे थोड़ा उठता हु और अपने लुंड को उसकी जांघो के बिच रख देता हु लेकिन मेरा लौड़ा उसके छूट से फिसल कर दूसरी और चला जाता है ये फील होते hi माया जो मेरे साइन में अपना सर

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छुपाई हुई थी वो तुरंत अपने नाजुक हांथो को निचे ले जाती है और अपनी बड़ी गांड को उठा के सही नीसाण पर रख दी, यानि छूट की छेद पर उसको ऐसा खुद से करते हुए देख के मैं, लगता है मेरी जान को मेरा लुंड पसंद आ गया है तभी तो इतना दर्द होने के बाद भी तेरी छूट प्यासी लग रही है क्यों है न माया, मेरी बात कर कुछ नहीं कहती, वो अब अपना चेहरा मेरे काळा साइन में छुपा लेती है, इधर मेरा लौड़ा माया की गरम छूट पाते hi एक दम सख्त हो चूका था और अब मैं माया की कमर पकड़ कर थोड़ा ऊपर उठता हु और उसकी छूट में निचे ऊपर की और एक तेज धक्के मर के अपना कला लौड़ा पेल देता हु, मेरे इस हमले से माया, दर्द से आह्हः.. मम्मी.. सशह्ह्ह, वह इस बार सिसकारती है मुझे देख के, मैं उसकी कमर पकड़ कर फिर से धक्का मरता हु. मेरा लुंड बड़ी hi आराम से अब..

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उसकी छूट में पूरा चला जाता है. माया को जलन सी महसूस हो रही थी थोड़ी सी पर वो अब काफी अच्छा फील करने लगती है, क्युकी उसकी छूट पूरी तरह से गीली थी साथ hi उसकी पहली चुदाई के बाद उसकी छूट खुल सी गई थी लेकिन अभी भी काफी तित थी मैं, बहनचोद तेरी छूट तो बहुत गीली है साली और पहले तो तू बोल रही थी नहीं छुड़वाना लेकिन तेरी छूट बता रही है तू बहुत छुडासी है ये कह के मैं, उसकी बड़ी बड़ी गांड के दोनों फैंको अपने मजबूत हांथो में ले कर अचे से मसलने लगता हु वही माया, मेरे मुँह से गन्दी गालिया सुनकर चौंक जाती है, लेकिन साथ hi साथ उसके दिल की धड़कन भी बढ़ने लगती है उसे आज तक ऐसी गन्दी गालिया कभी किसी के मुहसे नहीं सुनी थी, लेकिन आज उसने राधे के मुँह से गालिया सुन सुन कर उसकी छूट में अजीब सा सुख मिलता है, इधर मैं, अपने लौड़े पर से उसकी छूट तित होना महसूस करता हु और..
 
मैं, निचे से तेज़ धक्को की झड़ी लगा देता हु और लगातार धक्के निचे से ऊपर की और मरता रहता हु. माया मेरी ताकत देख कर कायल हो जाती है और सोचने लगती है की (राधे मुझे अपने ऊपर लिए हुए कैसे निचे से सेक्स कर सकता है वो भी 40 साल की उम्र में?), लेकिन उसको कौन समझाए की राधे बहुत बड़ा चुदकड़ है और वह जिसको भी अपने लौड़े से छोड़ता है वो उस लड़की या औरत की हालत ख़राब कर देता है इधर माया, अपने दोनों नाजुक हाथों को मेरे घने काळा सफ़ेद बालो से भरी छाती पर रख कर जोरो से आहे भरते हुए मेरे लुंड को अपनी छूट में लेने लगती है, वही मेरे तेज झटके से मेरा लुंड उसके छूट म घुसता और मेरी जांघ उसके गांड से टकराती तो.. थापा.. थप.. थापा.. थप.. थापा.. थप.. थापा.. थप.. थापा.. थप.. थापा और माया दर्द से आह्ह्ह्ह.. कर..

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ुम्हह.. सशह्ह्ह... कार्र.. ोूहः.. अंकल.. छ्हम्म.. फुक्ककक.. आह्हः.. पपप.. प्लीज.. सससससी.. सलौलियी... ससष्ठ... पुरे रूम में अब उसके कंगन चुडिया, पायल और उसके चीखों की और हम दोनों की बदन आपस में टकराने से थापा.. थप की आवाज गूंजने लगती है.. धक्को के करण अब माया नीचे झुक जाती है और उसके बड़े बड़े गोर चुके मेरे चेहरे के सामने लटकने लगता है. मैं उसकी गांड को पकड़ कर मसलते हुए अपना स्पीड बढ़ा देता है. थापा.. थप.. थापा.. थप.. थापा.. थप.. थापा.. थप.. THAPa..THAP.. माया, आह्ह्ह्ह... ऊह्ह्ह्ह.. गॉड. सस्शह्ह्ह.. प्लीज अंकल.. आह्हः... धीरे.. ओह्ह्ह.. उमठ.. छ्हम्म.. माया, मेरे लुंड को अपने बच्चे दानी के अंदर तक महसूस कर रही थी और उसकी ये पोजीशन में होने से उसकी "ग" पॉइंट बार बार मेरे मोठे सुपडे से हिट हो रही थी.

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इस वजह से माया अपनी प्रे छुम लगातार बहा रही थी उसको मेरी तेज़ धक्के और ज्यादा गर्म कर रहे थे. वही पीछे से वो सन काफी मस्त दिख रहा था. माया की गोरी गांड में मेरा कला लुंड अंदर बहार हो रहा था. उसकी छूट से पानी बह रहा था जो अब मेरे लुंड से हो कर मेरी जनता से होते हुए सीधा बड़े बड़े दो तत्तो (गोते) को पूरा भीगा चूका था... मेरे धक्को के वजह से अब माया अपने दोनों हाथ मेरी छाती पर से हटा कर बिस्तर पर रखती है और आहे भरते हुए आनंद लेती है मेरे लुंड का? वही उसके झुके होने के कारन माया के बड़े बड़े 36 साइज के एक दम गोर चुके मेरे मुँह पर लगते है और माय अपना मुँह खोल कर उसके गुलाबी निप्पल को चूसने लगता हु. वो तो बिलकुल अनजान थी और बस मेरे ऊपर लेती रहती है और वो चुदाई के आगे सब भूल गई थी, मैं, आह्हः देख एक दिन तू..

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मेरे बच्चे की माँ बनेगी और तेरा वो हरामी पति राज कुछ नहीं कर पायेगा?, माया, आह्हः.. च्छूप.. ऊंठ... करररो.. मेरे.. पति... आह्ह्ह्हह.. के बारे.. में.. सशह्ह्ह्ह.. ुफ्फुओं.. ीककककक.. आह्ह्ह्ह.. शब्द.. भी.. उल्टा.. आह्ह्ह्ह.. या.. गाली.. ूमम.. मत.. बोलना.. ऊंहा.. आह्हः.. मैं, माया की बात सुनकर गुस्सा हो जाता हु क्युकी उसने फिर एक बार अपने पति की साइड ली थी और अब मैं उसको सबक सीखने का एक फैसला लेने की सोचता हूँ. क्युकी माय माया को जब भी चहु तब छोड़ लू इसके लिए मुझे माया को अपना रौब दिखाना होगा तब जा के वो मेरा कदर करेगी और मेरे सामने ुचि आवाज़ में बात करने से सौ बार सोचेगी और अब मैं, उसकी बेदाग गोरी बड़ी गांड की दो बड़ी बड़ी फुटबॉल को अपने दोनों बड़े बड़े काळा खुरदरे हांथो में कास कर पकड़ता हु और बड़ी hi तेज़ी के साथ निचे..

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से ऊपर की और धक्के मरता हु मेरे इस तेज झटके से उसकी फूली हुई छूट की फैंको को चीरते हुए सीधा बचे दानी के अंदर तक मेरा कला कोबरा लुंड वॉर करता है और यही मैं कई बार अपने लुंड को निकल निकल कर उसकी फूली हुई छूट पैर हमला करता हु जिससे माया की छूट कुछ ज्यादा hi पानी बहाने लगती है, मेरे वाइल्ड हमले से.. साथ hi साथ वो अपनी छूट अंदर से कभी तित कर लेती तो कभी ढीली कर देती और वो बार बार अपना प्रे छुम पानी बहा रही थी जिससे जब मैं उसकी छूट में लौड़ा पेलता तो उसकी छूट के अंदर से फचा.. फच्च.. फचा.. फच्च.. फचा.. फच्च.. फचा.. फचा.. फच.. फचा.. फच.. फचा.. फच फचा की तेज़ आवाज़ रूम म गूंजने लगती है, इधर मेरे तेज धक्के अपनी छूट में लेने से माया, आह्ह्ह्ह.. नाहीइ.. ऊह्ह्ह्ह.. गॉड ऊह्ह्ह्ह.. ुँक्ली.. आह्हः.. पलासी.. रुकूउ.. रुकूउ.. फुकककककक.. मी.. ुम्हहठ.. आह्ह्ह्हह..
 
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