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ज़बी, का जैसे hi अपने मोठे मोठे जांघो के बिच कोई गरम सी मोती गद्दे दार का अहसास हुआ तो उसे समझने में देर नहीं लगती की वह क्या चीज हो सकती है, क्युकी उसकी सहेली और अपनी बड़ी बहन से लुंड छूट के बारे में सुन चुकी थी और एक बार तो अपने घर में hi अपने जीजू को उसकी बहन की चुदाई करते हुए देख चुकी थी, लेकिन अब ज़बी भी थोड़ी गरम हो चुकी थी राधे के मालिश की वजह से अब उसे भी थोड़ा थोड़ा ाचा लगने लगा था राधे के उसके बदन के छेद चढ़ से, इधर राधे जब ज़बी के चेहरे के कोई 1 फ़ीट होता है वैसे hi रुक जाता है और अपनी कमर थोड़ी ऊपर hi रखता है जिससे जो राधे का मोठे लौड़े का सूपड़ा होता है वह ज़बी के जांघो से अब टच नहीं होता है, वही जो मज़ा ज़बी को राधे के सूपड़ा अपने जांघो पर टच होने से आ रहा था वह अब एक पल में ख़तम हो जाता है और जो आंख वह
बंद की हुई थी वह तुरंत खोल कर राधे की तरफ देखती है लेकिन अंदर में बस उसे राधे का बदबूदार सांसे आती है और जैसे hi आती है वैसे hi ज़बी अपनी नाक उस गंध को सूंघ के अजीब सा लगता है और अपनी चेहरे को दूसरी और कर लेती है लेकिन कुछ बोलती नहीं राधे को, इधर राधे, थोड़ा और करीब अपना कला मुँह ज़बी के करीब लाते हुए उसके कानो में फुकता है वैसे ज़बी की बदन अंगड़ाई लेती है और उसकी छूट जैसे और कास सी जाती है एक दो बून्द छूट का काम राश चालक सी जाती है और ऐसा होते hi वह अपने जांघो को थोड़ा सिकोड़ने की कोशिश करती है लेकिन अभी भी उसका बदन उसका कहा नहीं मंटा है, इधर राधे, सांसे छोड़ते हुए बेटी मेरा भर तू अपने बदन पर ले सकती है क्या?, ज़बी, राधे की बातो को सुनते hi, साहेब माय क्या बोलू आज से पहले मैने कभी किसी को अपने ऊपर ली तो नहीं हु तो मुझे कैसे पता चलेगा, मैं, बेटी अगर तेरे ऊपर लेट गया तो मेरा
सारा बदन तेरे ऊपर होगा और तो और मेरा लुंड भी तेरी बुर में घुस सकता है, मेरे ऐसा बोलते hi फिर से ज़बी गुस्सा करते हुए, चीई फिर से अपनी गन्दी अल्फ़ाज़ का iste-mal करने लगे, माय पहले hi बोल दी थी की मेरे से ऐसे बाते न करे आप लेकिन ap-ne फिर की, मैं, माफ़ कर बेटी लेकिन माय तेरे इलाज़ के लिए ऐसे बाते इस्तेमाल कर रहा हूँ, ाचा ये बता मेरे गंदे शब्द बोलते hi तेरे बदन में कुछ बदलाव हो रहा है, ज़बी, जो आज से पहले ऐसे शब्द कभी सुनी नहीं थी न hi आज से पहले ap-ne बदन में ऐसे कुछ बदलाव हुआ था वह कैसे बता सकती थी की उसे कैसा लग रहा था इस लिए वह थोड़े रूठे हुए sha-bd में, मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा है आप करना और कहना चाहते है, ज़बी को थोड़े रूठे हुए शब्द में बाते करता देख के, बेटी तू गुस्सा मत हो माय आज तेरा सारा दर्द निकल दूंगा यह मेरा वडा है लेकिन इस तेरे बदन से दर्द को
निकलने के लिए तू मेरा साथ देगी न, ज़बी, आपको क्या लगता है माय ऐसे किसी के सामने ऐसे नग्गी लेट सकती हु क्या?, जब मेरी सहमति है और आप पे विश्वास है, तभी तो माय आपके सामने इस अवस्था में हु, मैं, तो ठीक है लेकिन एक बार और बता देता हूँ की मेरा अंधरुनि अंग तेरे अंधरुनि अंग में टच हो गया तो बुरा तो नहीं मानेगी क्युकी अगर माय तेरे ऊपर लेट कर अपने बदन को तेरे बदन में लगा के बॉडी मस्सगे दूंगा तो मेरा स्वाभाविक है की टच तो होगा hi, ज़बी, राधे की इसी बात सुन कर फिर से शर्मा जाती है साथ hi उसके बदन में अब एक अजीब एक्ससिटेमेंट भी भर रही थी इस लिए वो अब Rad-he की बातो का जवाब धीरे से देते हुए नहीं नहीं वह कुछ करने की जरुरत नहीं है, ज़बी छह कर भी राधे को उसकी अनुमति नहीं देती है, इधर राधे अब उसके ऊपर से उठ कर बेटी तब तेरा दर्द माय नहीं निकल सकता तुझे अब हॉस्पिटल लेजाना होगा?.
बंद की हुई थी वह तुरंत खोल कर राधे की तरफ देखती है लेकिन अंदर में बस उसे राधे का बदबूदार सांसे आती है और जैसे hi आती है वैसे hi ज़बी अपनी नाक उस गंध को सूंघ के अजीब सा लगता है और अपनी चेहरे को दूसरी और कर लेती है लेकिन कुछ बोलती नहीं राधे को, इधर राधे, थोड़ा और करीब अपना कला मुँह ज़बी के करीब लाते हुए उसके कानो में फुकता है वैसे ज़बी की बदन अंगड़ाई लेती है और उसकी छूट जैसे और कास सी जाती है एक दो बून्द छूट का काम राश चालक सी जाती है और ऐसा होते hi वह अपने जांघो को थोड़ा सिकोड़ने की कोशिश करती है लेकिन अभी भी उसका बदन उसका कहा नहीं मंटा है, इधर राधे, सांसे छोड़ते हुए बेटी मेरा भर तू अपने बदन पर ले सकती है क्या?, ज़बी, राधे की बातो को सुनते hi, साहेब माय क्या बोलू आज से पहले मैने कभी किसी को अपने ऊपर ली तो नहीं हु तो मुझे कैसे पता चलेगा, मैं, बेटी अगर तेरे ऊपर लेट गया तो मेरा
सारा बदन तेरे ऊपर होगा और तो और मेरा लुंड भी तेरी बुर में घुस सकता है, मेरे ऐसा बोलते hi फिर से ज़बी गुस्सा करते हुए, चीई फिर से अपनी गन्दी अल्फ़ाज़ का iste-mal करने लगे, माय पहले hi बोल दी थी की मेरे से ऐसे बाते न करे आप लेकिन ap-ne फिर की, मैं, माफ़ कर बेटी लेकिन माय तेरे इलाज़ के लिए ऐसे बाते इस्तेमाल कर रहा हूँ, ाचा ये बता मेरे गंदे शब्द बोलते hi तेरे बदन में कुछ बदलाव हो रहा है, ज़बी, जो आज से पहले ऐसे शब्द कभी सुनी नहीं थी न hi आज से पहले ap-ne बदन में ऐसे कुछ बदलाव हुआ था वह कैसे बता सकती थी की उसे कैसा लग रहा था इस लिए वह थोड़े रूठे हुए sha-bd में, मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा है आप करना और कहना चाहते है, ज़बी को थोड़े रूठे हुए शब्द में बाते करता देख के, बेटी तू गुस्सा मत हो माय आज तेरा सारा दर्द निकल दूंगा यह मेरा वडा है लेकिन इस तेरे बदन से दर्द को
निकलने के लिए तू मेरा साथ देगी न, ज़बी, आपको क्या लगता है माय ऐसे किसी के सामने ऐसे नग्गी लेट सकती हु क्या?, जब मेरी सहमति है और आप पे विश्वास है, तभी तो माय आपके सामने इस अवस्था में हु, मैं, तो ठीक है लेकिन एक बार और बता देता हूँ की मेरा अंधरुनि अंग तेरे अंधरुनि अंग में टच हो गया तो बुरा तो नहीं मानेगी क्युकी अगर माय तेरे ऊपर लेट कर अपने बदन को तेरे बदन में लगा के बॉडी मस्सगे दूंगा तो मेरा स्वाभाविक है की टच तो होगा hi, ज़बी, राधे की इसी बात सुन कर फिर से शर्मा जाती है साथ hi उसके बदन में अब एक अजीब एक्ससिटेमेंट भी भर रही थी इस लिए वो अब Rad-he की बातो का जवाब धीरे से देते हुए नहीं नहीं वह कुछ करने की जरुरत नहीं है, ज़बी छह कर भी राधे को उसकी अनुमति नहीं देती है, इधर राधे अब उसके ऊपर से उठ कर बेटी तब तेरा दर्द माय नहीं निकल सकता तुझे अब हॉस्पिटल लेजाना होगा?.