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और एक बार फिर से वह जोर से झड़ते हुए चिल्लाती है.. ठीककककक हैई आह्हः कररर डूंगीए मददददद आह्ह्ह्हह्ह आप दोनों को मिलवाने.. मेई.. अब्ब खुस.. ननननाआ.. मैं, राधा की बात सुन्नन कर अपनी स्पीड काम करता हु, जिसके चलते राधा मेरी छाती पर गिर जाती है और उसके चुके मेरी काली छाती में धस जाते है वही मैं राधा के बालो में से हाथ फेरते हुए.. मुस्कुराते हुए.. ये हुई न बात.. उधर राधा, जोर से साँसे लेते हुए मेरी काली छाती पर लेती रहती है. माय भी काफी थक सा गया था उसकी कासी हुई गांड मर मर कर.. वही राधा अब अपने साँसों को संभल कर मुझे देखती है.. और धीरे से फुसफुसाते हुए मम.. मम.. मैं.. कर दूंगी मदद.. पप.. पप पर.. पर आप.. आप नहीं जाओगे उन लोगो के पास.. राधा अपनी साँसों को काबू करते हुए मेरी और देखती है. वही राधा के बातो को सुन के मैं, हलके से
मुस्कुराते हुए जैसे तू कहे.. मैं नहीं जाऊंगा तेरी होने वाली सास और ननद के पास जब तक तू मुझे अपने ससुराल नहीं बुलाएगी, राधा मेरी बात से खुश होकर मेरी काली छाती पर सर रख कर अपने आप को वोऊ सँभालने लगती है. मैं, मन में (अभी नहीं... लेकिन आने वाले दिनों में तेरे होने वाली सास ननद को मैं अपनी रखेल बनाऊंगा.. उसके बाद तुम तीनो को एक साथ छोडूंगा?), इधर मेरा कला लुंड अभी भी राधा की गांड में hi था. माय अब राधा की कमर पकड़ के थोड़ा उठा लेता हु और उसके 32 साइज के चुके की गुलाबी निप्पल को अपने मुँह में लेकर चूसते हुए आराम आराम से निचे से ऊपर की और धक्के मार कर छोड़ने लगता हु वही मेरी निप्पल चूसै से कुछ ऐसे आवाज़ उस रूम में गूंज उठती है स्लरुप्प.. गलरूपपप.. उम्म्म.. स्लरुपपप.. स्लरुपपपप.. गलरूपपपप..
उम्म्म्म.. स्लरुपपपप.. उम्म्म्म.. स्लरुपपप.. गलरूपप.. उम्म्म्म.. स्लरुप्प उम्.. क्या मस्त चुके है.. एक दम गोल गोल उम्.. कब से ऐसे जवान स्लरुप्प लड़की के चुके चूसने गलरूपप के लिए माय मरता था, लेकिन भगवन ने आज मेरी सुन ली और देख तेरे रूप में मुझे कितने जवान और खूबसूरत लड़की मेरे लिए ुम उपरवाले ने भेज दिए, राधा मुझे देखते हुए, कितने कमीने हो आप.. आह्ह्ह्ह.. अपनी बात मनवाने के लिए hi ऐसा किया न.. मैं, स्लरुपपप.. स्लरुपपपप.. तू जल्दी मान जाती तो इतनी तेज़ी से थोड़ी न छोड़ता तुझे.. ऐसे hi राधा से बात करते हुए मैं लगातार उसे 15 मिनट तक धक्के मरता हु और थक कर रुक जाता हूँ साथ hi अपना लुंड भी निकल लेता हु राधा की गांड से.. इधर राधा भी पूरी तरह थक गयी थी, उसका पूरा बदन पसीने से भीग गया था, वह वैसे hi मेरी छाती पर निढाल होते हुए लेट जाती है...
उसकी आज माय ने बहुत बुरी तरह से चुदाई की थी.. 45 मिनट्स हो चुके थे राधा के गांड की चुदाई कर के, लेकिन ये अभी तक उसके प्यारे जीजू झड़े नहीं थे. राधा यही सोचते हुए अपने जीजू के काली छाती पर लेती रहती है थोड़ी देर के लिए, वही मैं, चल अब उठ जा मेरी जान?, राधा, हँ? वह अपना चेहरा ऊपर लेकर मेरी और देखती है और मैं, थक गयी क्या? अभी तो मेरा झड़ना बाकि है जान, राधा, मन में (कैसा आदमी है ye...Iss उम्र में इतनी देर तक चुदाई करने के बावजूद ये आदमी इतना एनर्जेटिक कैसे रह सकते है. मेरी सहेलिया तो कहती है की आदमी लोग ज्यादा से ज्यादा 10 मिनट्स hi टिक पते है लेकिन जीजू तो रुकने का नाम hi नहीं ले रहे है और इनका लिंग तो मेरी आज फाड़ के रख दी है ये कब ख़तम होगा?),
मुस्कुराते हुए जैसे तू कहे.. मैं नहीं जाऊंगा तेरी होने वाली सास और ननद के पास जब तक तू मुझे अपने ससुराल नहीं बुलाएगी, राधा मेरी बात से खुश होकर मेरी काली छाती पर सर रख कर अपने आप को वोऊ सँभालने लगती है. मैं, मन में (अभी नहीं... लेकिन आने वाले दिनों में तेरे होने वाली सास ननद को मैं अपनी रखेल बनाऊंगा.. उसके बाद तुम तीनो को एक साथ छोडूंगा?), इधर मेरा कला लुंड अभी भी राधा की गांड में hi था. माय अब राधा की कमर पकड़ के थोड़ा उठा लेता हु और उसके 32 साइज के चुके की गुलाबी निप्पल को अपने मुँह में लेकर चूसते हुए आराम आराम से निचे से ऊपर की और धक्के मार कर छोड़ने लगता हु वही मेरी निप्पल चूसै से कुछ ऐसे आवाज़ उस रूम में गूंज उठती है स्लरुप्प.. गलरूपपप.. उम्म्म.. स्लरुपपप.. स्लरुपपपप.. गलरूपपपप..
उम्म्म्म.. स्लरुपपपप.. उम्म्म्म.. स्लरुपपप.. गलरूपप.. उम्म्म्म.. स्लरुप्प उम्.. क्या मस्त चुके है.. एक दम गोल गोल उम्.. कब से ऐसे जवान स्लरुप्प लड़की के चुके चूसने गलरूपप के लिए माय मरता था, लेकिन भगवन ने आज मेरी सुन ली और देख तेरे रूप में मुझे कितने जवान और खूबसूरत लड़की मेरे लिए ुम उपरवाले ने भेज दिए, राधा मुझे देखते हुए, कितने कमीने हो आप.. आह्ह्ह्ह.. अपनी बात मनवाने के लिए hi ऐसा किया न.. मैं, स्लरुपपप.. स्लरुपपपप.. तू जल्दी मान जाती तो इतनी तेज़ी से थोड़ी न छोड़ता तुझे.. ऐसे hi राधा से बात करते हुए मैं लगातार उसे 15 मिनट तक धक्के मरता हु और थक कर रुक जाता हूँ साथ hi अपना लुंड भी निकल लेता हु राधा की गांड से.. इधर राधा भी पूरी तरह थक गयी थी, उसका पूरा बदन पसीने से भीग गया था, वह वैसे hi मेरी छाती पर निढाल होते हुए लेट जाती है...
उसकी आज माय ने बहुत बुरी तरह से चुदाई की थी.. 45 मिनट्स हो चुके थे राधा के गांड की चुदाई कर के, लेकिन ये अभी तक उसके प्यारे जीजू झड़े नहीं थे. राधा यही सोचते हुए अपने जीजू के काली छाती पर लेती रहती है थोड़ी देर के लिए, वही मैं, चल अब उठ जा मेरी जान?, राधा, हँ? वह अपना चेहरा ऊपर लेकर मेरी और देखती है और मैं, थक गयी क्या? अभी तो मेरा झड़ना बाकि है जान, राधा, मन में (कैसा आदमी है ye...Iss उम्र में इतनी देर तक चुदाई करने के बावजूद ये आदमी इतना एनर्जेटिक कैसे रह सकते है. मेरी सहेलिया तो कहती है की आदमी लोग ज्यादा से ज्यादा 10 मिनट्स hi टिक पते है लेकिन जीजू तो रुकने का नाम hi नहीं ले रहे है और इनका लिंग तो मेरी आज फाड़ के रख दी है ये कब ख़तम होगा?),