The Story of a Bodyguard (by Naree) - Page 50 - SexBaba
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The Story of a Bodyguard (by Naree)

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बॉडीगार्ड 16बी, मिस्सिओनर्य सेक्स स्टार्ट ों बीएड,

वही मेरा लुंड पूरा भर चूका था रति की थूक से. यहाँ तक की मेरे तत्तो पर से होते हुए रति का थूक निचे गिर रहा था. इधर रति अपने लाल hont-hon को काटते हुए मेरे काळा सफ़ेद झांटो से भरी काळा तत्तो को थूक से गिला करने लगती है. वही मेरे लिए यह अलग सा एहसास था क्यों की इस बार रति सामने से सब कुछ कर रही थी उसको कुछ बाटना नहीं पद रहा था साथ hi साथ उसके मासूम चेहरे को देख के अब मुझे कण्ट्रोल kar-na मुश्किल था इस लिए देर न करते हुए मैं अब्ब्ब रति को खड़ा कर के उसका पति जहा सोया हुआ था उधर ले जाने लगता हु और मेरा ऐसा करता हुआ देख कर रति डर जाती है और मुझे रोकने लगती है क्युकी हम दोनों बिलकुल नग्गे थे साथ hi साथ रूम में फुल रौशनी थी जिसके कारन उसका पति नीद से जग गया तो हम दोनों को इस हालत में देख के वो पूरा माजरा समझ जाता की क्या हो रहा है हम

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दोनों के बिच.. यही डर रति को सटने लगती है जिसे महसूस करके वो, प्लीज जीजू क्या कर रहे हो रामु जी मुझे और आपको इस हाल में देख लिया तो सब गड बाद हो जायगी ुर हमरा शादी तक टूट सकती है प्ल्ज़ कही ुर चलो न यहाँ से माय आपको किसी बात पे नहीं मन करुँगी एक काम करते है आपके रूम में चलते है. मैं रति के बात को अनसुना करते हुए उसके दोनों नग्गे कंधे को पकड़ के उसके पति के बगल म धकेल के सुला देता हु ुर जल्दी से माय उसके बगल म आ जाता हूँ, अब्ब उस रूम का हाल कुछ ऐसा था की मैं रति और उसका पति रामु दोनों के बीच में लेता हुआ था और रति मुझे रोकने की कोशिश करती है पर माय उसकी कहा मानाने वाला था और उसके 36 साइज के बड़े2 चुचो को मसलने लगता हु.. ुर अपनी बड़े बड़े चुके पे मेरा हाँथ लगते hi रति, ुम्मःहः.. आह्ह्ह्ह.. जिजुओ.. मत करो न ये बात

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धीरे आवाज़ में कहती है लेकिन वह मेरे हांथो को अपने चुचो से हटाने की कोशिश नहीं करती.. जिस महसूस करके माय समझ जाता हु की रति भले hi अपने पति बगल में सोने से डर रही थी लेकिन वो अब मजबूर हो चुकी थी क्युकी उसकी बुर अब लुंड मांग रही थी इस लिए वो अपने मुँह से हल्का विरोध तो कर रही थी लेकिन जो माय कर रहा था उससे उसका बदन किसी काम अग्नि में जल रहा था इधर मुझे भी कण्ट्रोल करना मुश्किल था, इस लिए अब्ब बिना देरी किये माय रति के ऊपर आता हु और उसकी फूली हुई बुर बिना झाटो की एक दम चिकनी बुर की फैंको को खोल कर अपना गुलाबी सूपड़ा रख कर वहा पर रगड़ने लगता हु इसके अहसास से रति, आह्ह्ह्ह.. ऊंठ्ठ.. आह्ह्ह्हह.. उफ्फ्फ्फ्फ़.. जीजूउउउउ.. छ्हम्म.. नहीं.. ऐसा मत करो न प्लीज हटो मेरे ऊपर से आठ.. मेरी हरकतों से अब रति भी सिसकारियां लेने

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लगती है, साथ hi साथ हल्का फुल्का उसका विरोध जारी था क्युकी जस्ट उसके एक हाँथ के दुरी पे उसका पति रामु सरब के नसे में सो रहा था लेकिन मेरे द्वारा लुंड लगातार अपने फूली हुई छूट की फैंको पे पा के उसका डर दिमाग से धीरे धीरे निकलने लगा और वो अब हवस की आग में बिलकुल पागल होने लगती है साथ hi साथ वो अब अपने दोनों पैरो को बिलकुल फैला देती है जिसके कारन मेरा लुंड आसानी से अब उसके फूली हुई फैंको को अच्छे से घिस पा रहा था जिसे देखते हुए मैं, क्यों मेरी रण्डी आ गयी न अपनी असली ोाक्त पर.. हेहेहे... अब नहीं लग रहा न डर तुझे अपने पति से ये कहते हुए अब मैं रति के दोनों निप्पल्स पकड़ कर जोर से मसलता हूँ, जिससे रति की हलकी चीख निकल जागती है आउछ.. ोूई.. माआ.. सशः और वो जल्दी से अपने मुँह पर हाथ रखती है ताकि उसके पति जाग ना जाए..
 
इधर मेरा लुंड अब रति की छूट के राश से सारा बोर हो चूका था उसके छूट की घिसाई से और देर न करते हुए मैं अब रति की दोनों टांग को उठा कर कंधे पर रख कर अपना लुंड उसकी छूट पर लगा कर माय उसके ऊपर थोड़ा झुक जाता हु और वो कुछ बोले इससे पहले hi एक तेज़ धक्का लगा देता हु.. फछहहह और बीएड भी चूऊउउउ की ऐसी आवाज़ गूंज उठती है रति की छूट पहले से hi पानी छोड़ रही थी और मेरा लुंड भी रति की थूक और उसके बुर के प्रे छुम से पहले hi गिला हुआ पड़ा था जिसके कारन मेरे इतनी तेज़ी से धक्के मरने से एक hi पल में मेरा कोयले जैसा कला लुंड जो 12 इंच लुम्बा ुर 5 इंच मोटा था वो पूरा का पूरा रति की संस्कारी फूली हुई बुर के मोठे मोठे फैंको को चीरता हुआ अंदर तक चला जाता है.. जिससे रति के मुँह से आह्ह्ह्हह.. ुंहःहः ऊह्ह्हह्ह्ह्ह.. ममहहहहहहहहह..

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मर गई अह्ह्ह, इतना कहते hi वो अपने मुँह पर हाथ रख देती है ताकि उसकी चीख बगल में सोये हुए उसका पति ना सुन पाए. उसके दोनों हाथ अपने मुँह पर थे और आँखे मेरे चेहरे को निहार रही थी और मैं जैसे hi रति की छूट के अंदर की गर्मी महसूस करता हु वैसे hi जोर से सिसकर्ता हु आठ ऊंठ्हहह... सशह्ह्ह.. मादर.. छोड़ड़ड़.. क्या? गरम छूट है.. साली भैंचोड़?, मेरे ऐसा बोलना सुन के रति की गांड फिर एक बार फैट जाती है क्युकी माय थोड़े तेज आवाज़ में बोलता हु और रति दर से अपने पति को और देखती है लेकिन वो तो साला नसे में ऐसे सोया हुआ था की जैसे मर hi गया हो ये देख के उसे थोड़ा सुकून मिलता है.. वही रति मन hi मन में सोच रही थी की (रामु कैसे मर्द है उसकी बीवी चुद रही है उसके hi बड़ी बहन के 40 साल के पति से लेकिन आपको तो होश hi नहीं है.. भला ऐसा कौन सा नासा कर लिया जो एक दम..

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बेहोश से हो गए आप इससे ज्यादा तो राधे जीजू ने सरब पिया है लेकिन देखो कैसे मुझे आधे घंटे से पहले फोरप्ले किये और तो और आज उनका इतना बड़ा लिंग अपने मुँह में ली हु जो आज तक आपका छोटा सा नुनु कभी नहीं ली और अब मेरे साथ वो सब कर रहे है जो आप का हुक था मेरे ऊपर?, कास रामु जी के पास भी राधे जीजू की तरह ताकत होती तो माय किसी गैर के साथ क्यों करती ये गन्दा काम?, उपरवाले मुझे माफ़ करना माय नहीं चाहती थी की जीजू कभी मेरे साथ ऐसा करेंगे लेकिन जब से किये है तब से बस मुझे उनकी hi याद आती है और रात दिन बस उन्ही के बारे में सोचती हु और तो और मेरा जलता हुआ बदन भी अब मेरा साथ नहीं देता जब भी राधे जीजू मेरे आस पास होते है मुझे कुछ होने लगता है और मेरा जलता बदन कहता है की राधे जीजू मुझे जहा पाए वह पटक के मेरे साथ जबरदस्ती..

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करे माय जितना मन करू वो मेरा एक न सुने और मुझे किसी कुत्तिया की तरह पेश ए और कोई रहें न करे), इधर माय अपना लुंड थोड़ी देर ऐसे hi रति की छूट में पूरा दाल के धीरे धीरे से उसकी छूट में अपना लुंड घूमने लगता हु. थोड़ी देर बाद रति अपने मुँह पर से हाथ हटाकर मेरे काली पीठ पर रख कर अपने नाख़ून गाड़ देती है.. उसके ऐसा करते hi मैं रति की और देखता हु, जिसके चेहरे पर हल्का सा दर्द अभी भी झलक रहा था. वही रति गले में मंगलसूत्र को देखता हु, जिसे से मेरा लुंड और सख्त हो जाता है क्युकी उसका मंगलसूत्र इस बात का गवाह था की रति रामु की बीवी ह, उसके जिस्म पर सिर्फ ुर सिर्फ उसके पति रामु का हक़ है, लेकिन इस वक़्त रति का खूबसूरत गोरा जिस्म को कोई गैर मर्द चख रहा था, साथ hi साथ उसकी शादी शुदा छूट म एक गैर मर्द का जालिम,
 
कला लुंड घुसा हुआ था. यह बात सोच के मुझे खुद पर गर्व महसूस होता है और अपना लुंड बहार निकल कर फिर से रति की तित और फूली हुई छूट के अंदर पेलता हु.. रति, मेरे इस तेज झटके से अपने मुँह पर हाथ रख कर धीरे आवाज़ में सिसकारियां निकलने लगती है आह्ह्ह्हह्ह.. महहहहहह.. मर.. गई.. ुम्मःहहह.. सशह्ह्ह्ह.. आह्ह्ह्ह ुफ्फुओं.. ुम्मःहः.. हहहांम.. धीरे जीजूउउउउउउ.. माय कही भागी नहीं जा रही हु जो इतनी तेज तेज कर रहे है? देखो कितनी बीएड हिल रही है आह्ह्ह्ह.. जिजुओ.. धीरी.. एक तरफ शराब का नासा तो दूसरी तरफ छूट का नासा मुझे दोनों एक साथ चढ़ चूका था जिसके आगे रति की सिसकारियां और उसकी आवाज़ मुझे सुनाई नहीं दे रही थी, या ये कह लो की माय जैसे सुनाने के मूड में बिलकुल भी नहीं था. वही माय, रति के ऊपर हल्का झुका होने से उसके सेक्सी और मासूम एक्सप्रेशन को देखते हुए मेरा लुंड..

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कुछ ज्यादा hi तित हो चूका था और उसी पत्थर जैसे हार्ड लुंड से रति की कोमल फूली छूट में पेलने लगता हु मेरा लुंड अभी किसी देशी काटते (गन) की गोली जैसे निकलती है वैसे hi मेरे लुंड की रफ़्तार थी जिसके वजह से मेरी जांघ और रति की जांघ आपस में लगने से थापा.. ठप्प.. थापा.. थप.. थापा.. ठप्प.. ठप्प.. थापा.. थप.. थापा.. ठप्प.. ठप्प.. थापा.. थप.. थापा.. ठप्प.. ठप्प.. थापा.. थप.. थापा.. ठप्प.. की कुछ ऐसी आवाज़ अब्ब तेज होने लगी साथ hi साथ रति की दुबले बीएड मेरे इतने तेज धक्के नहीं सेह पा रहे थे जो चूऊउ.. कररररर.. चूऊउ.. कररररर.. छुऊं.. करररर.. चूऊउ.. कररररर.. कररररर.. चूऊउ.. करररर.. छुऊं.. कर रहे थे साथ hi साथ बीएड का मोटा गद्दा भी मेरे धक्के से ऊपर निचे हो रहा था जिसकी वजह से बगल में रति का पति रामु हल्का ऊपर निचे हो रहा था इधर रति, अब कुछ बोलने

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की हालत में नहीं थी लेकिन मेरे इतने तेज धक्के वो नहीं सेह पाती और अपने मुँह पर से हाथ हटाकर अपने सफ़ेद मोती जैसे डाट मेरे कंधे में दबा देती है. उसके ऐसा करने से मुझे कुछ फर्क नहीं पड़ता क्यों की नसे में इंसान एक तरह से जान वॉर बन जाता है? जो अब्ब रति झेल रही थी वही मैं, अपनी रफ़्तार काम न करते हुए अपना सुपडे तक लुंड को उसकी बुर से निकलता और अगले hi पल उसकी बुर के अंदर.. या ये कह लो की छूट को चीरते हुए सीधा बच्चे दानी के अंदर तक पंहुचा देता था.. ऐसे hi लगातार 8 से 9 तक धक्के उसकी बुर के अंदर तक मरता हु, जिससे रति की हालत अब पतली हो जाती है और उसके मुँह से.. ुंहःहः.. आह्ह्ह्हह्ह.. ऊह्ह्हह्ह्ह्ह.. आह्ह्ह्हह्ह.. जीजूउउउउ.. कामिनी.. कही.. के.. आह्ह्ह्ह.. ुम्हह.. रररुकक्क.. जोऊ.. ममहह.. प्लीज.. देखो आह्ह्ह्ह.. आपके.. पपप.. प्यार

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की निशानी मेरे अंदर है उसे कुछ हो गया तो आपके इतने तेज धक्के से?, रति, जब मेरे प्यार की निशानी बोली तो माय जैसे होश में आया और एक आखिरी धक्का मरकर जैसे मैं एक दम से रुक जाता हूँ, इधर रति, मेरे तेज़ धक्को से उसकी साँसे उखड चुकी थी और लुम्बी लुम्बी साँस लेते हुए वो आहे भरते हुए मुझे घूरते हुए अब बस्स्स.. बास.. करिये.. जीजू.. प्लेसस्ससी.. माय इतने तेज तेज झटके नहीं झेल सकती एक तो आप मुझे कही और नहीं ले जा रहे है और पता नहीं आपको आज क्या हो गया है एक दम जानवर बन चुके है देखो बगल में रामु जी सोये हुए वो भी आपके झटके के कारन कैसे गद्दे पे से ऊपर निचे हो रहे थे कही उनकी आंख खुल जाती तो मेरा सब कुछ बर्वाद हो जाता अब्ब हटिये कही और चलिए यहाँ से मुझे बहुत डर लग रहा है यहाँ.. प्लीज जीजू एक बार मेरी बात मान जाइये न प्लीज आठ..
 
मैं, अभी तो शुरुवात भी नहीं हुई और तूने हार मान ली मेरी जान? अभी तो चुदाई की शुरुआत हुई है, अब तो पानी निकलने तक तुझे इसी बिस्तर और तेरे पति के बगल में hi छोडूंगा मेरी रण्डी?.. रति, प्लेससी.. जीजू जो चाहिए वो करो, पर यहाँ नहीं.. प्लीसीई.. रामु जी अगर जाग गए तो सच में मुसीबत हो जाएगी.. मैं, अब एक दम से रुक जाता हु और रति की बात सुनकर और चेहरे पर एक कामिनी मुस्कान लेट हुए क्या बोली तू अभी रांड?, रति, हँ? रामु जी जग गए तो मुसीबत.. मैं, नं.. नहीं.. नं.. नहीं.. वह.. नहीं.. उससे पहले क्या बोली थी वो बता पहले?, रति, आ.. आ.. आप को जो चाहिए वो करो पर यहाँ नहीं कही और ले जेक करो न?. मैं, कामिनी मुस्कान अपने चेहरे पे लेट हुए मुझे जो चाहिए वो तू करेगी?, मेरे कामिनी स्माइल देख कर रति, को एक दम से अपनी कही हुई बात पर पछतावा होने लगता है. वो जान

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चुकी थी की उसने बड़ी गलती कर दी है ऐसी बात कर के, पर अब्ब उसके पास कोई चारा भी नहीं था, उसको तो अपने बैडरूम से किसी भी कीमत पर बहार जाना था और उसी बेताबी में hi उसने मुझे यह बात बोल दी थी जिसे फील करते हुए.. आ.. आ.. आप जो सोच रहे हो वो नहीं करुँगी माय ये जान लीजिये?, रति को जैसे मालूम हो की माय कुछ गन्दी हरकत उससे करने के लिए hi बोलने वाला हु, इसलिए वो पहले hi ना कर देती है. उसकी बात पे मैं, माय क्या सोच रहा हु ये तुझे कैसे पता? और माय जो बोल रहा हु वो तू करेगी या नहीं?, बस इतना बता.. रति, (अपने टंगे फैलाये और अपने छूट में पूरा लुंड लिए मेरे से बात कर रही थी साथ hi साथ उस बात के दौरान वो अपनी कमर भी धीरे धीरे उठा रही थी क्युकी उसकी छूट भले hi दर्द कर रही थी लेकिन आज कई दिनों के बाद फिर एक बार अपने जीजा का मोटा लुम्बा लुंड लेके उसकी छूट बार बार अपना

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राश बहा रही थी साथ hi साथ रति की कामवासना भी बाद रही थी वह खुल के चुदाई का मज़ा लेना चाहती थी? बिना डरे के और इसी लिए वह बर्बर रिक्वेस्ट कर रही थी की इस रूम से कही और ले जाने को जहा कोई न हो सिर्फ हम दोनों के अलावा, लेकिन मैं, नसे में था और मुझे छूट और लुंड के अलावा कुछ दिखाई नहीं दे रहा था साथ hi साथ माय रति को सेक्स के लिए एक दम ओपन करना चाहता था आगे के लिए की माय जब चहु जहा चाहिए वह रति अपनी छूट खोल के तैयार हो जाये मेरे से छोड़ने के लिए).. इधर, रति अपनी छूट कभी ढीली करती तो कभी तित करते हुए धीरे आवाज़ में अगर आप कुछ गंदा.. ीीीे.. मममहहह.. रति कुछ बोलती इससे पहले hi माय फिर से अपना लुंड सुपडे तक बहार खींचता हु और अगले hi पल अपना पूरा कला लुंड उसकी गरम भट्ठी जैसी गोरी छूट के अंदर पेल देता हु ुर ऐसे बिना कुछ सोचे समझे

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मैं फिर एक बार उसकी रफ़ और हार्ड धक्के मर के चुदाई करने लगता हु और रति फिर से अपने मुँह पर हाथ रख कर अपनी चीखो को काबू करने म लग जाती है. मैं, धक्के मरते हुए.. जितना कहा है तुझसे उतना hi बोल.. aahh..bol..my जो.. आह कहूंगा वो करेगी ना.. बोलल.. ुम्हह.. इतना कहने के बाद मैं, बिना रुके लगातार 10 से 14 धक्के डीप मरता हु, जिससे रति की आँखे लाल पिली हो जाती है और उसकी बुर अंदर से पानी का सैलाब छोड़ने लगती है साथ hi साथ उसके मुँह से गर्म सांसो के साथ उसकी सिसकारियां आह्ह्हह्ह्ह्ह.. ुघ्हहहहह... सशह्ह्ह्हह्ह.. हहययययययय.. ऊह्ह्ह्हह्ह.. उम्मंहहहहह.. निकलने लगती है साथ hi साथ अपने दोनों पैरो को मेरी काली पीठ पर रख कर क्रॉस लेती है साथ hi साथ अपने दोनों हाथो को मेरे मजबूत हांथो को पकड़ के झड़ने का मज़ा लेने लगती है साथ hi साथ उसका जिस्म जोरो से थरथराने लगता..

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है ुर उसकी बुर के अंदर से निकल रहा काम राश मेरे लुंड के साइड से निकल कर उसके पुरे बीएड शीट को भीगा देता है और मैं उसके चेहरे का एक्सप्रेशंस देख कर अपने आप पर जैसे गर्व महसूस करने लगता हु, क्यूंकि इस उम्र में भी माय रति जैसी जवान और संस्कारी औरत का पानी निकल रहा था साथ hi साथ अपने मन में (मदर जाट पानी छोड़ दी इस रण्डी ने.. हहै.. वाह्ह राधे वाह्ह.. देख कैसे हाफ रही है ये कुत्तिया पानी निकल के?), यह सोचने के बाद मैं उसके दोनों चुचो को अपने दोनों काळा हांथो में पकड़ कर मसलते हुए एक बार फिर से रति की छूट म अपना कला लुंड पेलने लगता हु और रति जो अभी अभी ढीली पद गई थी अपना राश बहाने क बाद वो अब्ब मेरे तेज धक्के अपने कोमल छूट में लेते hi आह.. रुको, अह्ह्ह्ह.. ठीक है.. माय.. आह्ह्ह्ह.. मम.. माय करुँगी.. आप जो आठ.. जो आप बोलोगे वो.. आह्हः.. रुकक्क..

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आह्ह्ह्ह.. रुकक्क.. रति की बात सुनकर मैं, खुश हो जाता हूँ और अपना लुंड उसकी छूट से निकल कर खड़ा हो जाता हु और रति वैसे hi बीएड पर दोनों टंगे फैलाये और लुम्बी लुम्बी साँस लेते हुए मुझे देखने लगती है.. वही उसके छूट से उसका काम राश निकलते हुए बेडशीट को भिगो रहा था इधर मैं, अपना लुंड हिलाते हुए रति को उठने के लिए कहता हु मेरी आवाज़ सुन कर रति जो लुम्बी लुम्बी साँस ले रही थी वो मुझे घूरने लगती है जिसे देख माय साली रंडी जो कह रहा हु तू सुनती क्यों नहीं ये कहते हुए माय फिर से बीएड के और जाने लगा तो रति जल्दी से बीएड पे बैठ जाती है और अपनी एक ऊँगली अपने होंठों पे रख क शुऊ करके मुझे चुप रहने के लिए कहती है, मैं, क्यों शुऊ.. कर रही है चल उठ मुझे छोड़ना है तुझे देख मेरा लुंड कितना प्यासा ह, इसकी प्यास को तू नहीं बुझेगी?
 
यह कह के माय रति के दोनों कंधो को पकड़ के उसे बीएड से उठा के अपने साइन से लगा लेता हु और मेरा खड़ा लुंड रति के पेट से जा लगता है या यह कह लो की उसकी गहरी खाई जैसी नाभि में जा लगता है जिसे महसूस करते hi रति एक लुम्बी साँस लेती है और वो बिना कुछ कहे एक हाँथ मेरे भीगे हुए लुंड पे रखती है और अपने पेअर की अदि उठा के मेरे होंठों को चूसने लगती है उसका ऐसा खुद से करने से माय फिर एक बार चौका क्युकी मुझे बोलना नहीं पड़ा की उसे क्या करना है वो तो बिना बताये hi ये सब कर रही थी वही मैं, भी उसके किश का जवाब देते हुए कभी उसके कोमल होंठ के ऊपरी हिस्से को तो कभी निचली को चुस्त साथ hi साथ कभी माय अपने जुबान रति के मुँह में डालता तो वह बिना विरोध के उसे चूसने लगती भले hi वह अभी कुछ देर पहले झड़ी थी लेकिन उसके किश को देख मेरी हवस और जागने लगी वही रति को..

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अब मेरे मु से शराब की गंध नहीं आ रही थी या यह कह सकते है रति को अब्ब कोई फर्क नहीं पद रहा था इधर मैं, रति की 36 साइज की गोल मटोल गांड को अपने बड़े और काळा हाँथ में लेके अन्ते की तरह गूथ रहा था वही रति भी अपने दोनों हाथ- ों से मेरा लुंड सहलाने और मरोड़ रही थी, ऐसे hi थोड़ी देर हम किश करने के बाद मैं, उससे अलग करता हु और फिर से उसे बिस्तर पे धकलने लगता हूँ मेरे ऐसा करने से रति, जीजू अब यहाँ नहीं कही और चलते है देखो न कितना टाइम हो गया हम दोनों को ये सब करने में इस लिए अब कभी भी रामु जी जाग सकते है?, (यहाँ रति की हालत ख़राब हो चुकी थी और वो मुझे समझने की कोशिश में लगी हुई थी की माय जो कुछ क्र रहा हु वो गलत है), इधर माय उसकी एक न सुनी और उसे बीएड पे धकलने लगा तो रति, जीजू क्या कर रहे हो? प्ल्ज़ मेरे पति कभी भी नीद से जाग सकते है और

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हमे इस हालत में देख लिए तो मेरा क्या होगा प्लीज.. प्लीज.. अब यहाँ नहीं.. (ये कहते हुए रति के चेहरे पर एक दम से खौफ छ जाता है और वो डर कर मेरे पीछे छुप जाती है), ये देख कर मैं, अरे मेरी जान, तू डर क्यों रही है.. तेरा पति पूरा नशे में धुत होकर सो चूका है अब वो सुबह hi उठेगा जब तू उसे जागेगी वो देख कैसे सो रहा है पूरा चादर हटा के?.. रति मेरी बात सुनकर धीरे से अपना सर मेरे पीछे से निकल के अपने पति की और देखती है तो पाती है की उसका पति रामु जो अंडरवियर और बनियान में सोया हुआ था और तभी रति का ध्यान एक दम से रामु की अंडरवियर में बने एक छोटा सा तम्बू पर जाती है जिसे देख कर वो फिर से अपनी नज़र दूसरी और कर देती है. इधर मैं अब रति को अपने आगे करता हु और उसे बिस्तर की और फिर से ले जाने लगता हूँ, रति, Nahi..Nahi.. रुको जीजू प्लीज नहीं,

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ये कह के वो मेरे चुंगल से छूटने की नाकाम कोशिश करती है पर माय उसको अच्छे से पकड़ कर रखता हु जिसकी वजह से वो मेरी पकड़ से आज़ाद नहीं हो पाती, रति, हे भगवन प्लीज jiju..Kya कर रहे हो प्ल्ज़.. आपको जो कुछ करना है वह आपके बैडरूम में चल के करते है.. यहाँ बहुत रिस्क है समझो मेरी बात को, (रति की नज़र फिर से रामु की अंडरवियर में बने तम्बू पर जाती है और वो फिर से शर्मा कर दूसरी तरफ मुँह फेर लेती है. रति को ऐसे अपने पति के लुंड को निहारते हुए देख मेरे मन में अजीब सी एक्ससिटेमेंट होने लगती है और माय रति की गोल गांड पर थप्पड़ मरता हु जिससे रति की सिसकारी निकल जाती है.. आठ.. महः और मुझे गुस्से से घूरती है की तभी.. माय उसे अपनी बहो में उठता हु जिसकी वजह से रति डर के मारे मेरे गले में अपने दोनों

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हाथों को डालकर मुझे दूर देखने लगती है और दर कर अपना मुँह मेरे काली छाती में दबाते हुए धीरे आवाज़ में, जीजू.. प्लीज.. यहाँ नहीं.. माय उसकी बात को अनसुना कर के उसको गद्दे पे फिर एक बार ले जाता हु (वही रति आज तक इतनी शर्म महसूस नहीं की थी जितनी उसको आज महसूस हो रही थी भले hi अभी कुछ देर पहले hi अपने पति के बगल में लेट के चुदाई की थी लेकिन जब उसके छूट से काम राश गिरा उसके बाद से उसे अब अपने गलती का अहसास हो चूका था की उसने अपने जिस्म की आग अपने hi पति के बगल में किसी गैर से बुझाई है), इधर माय, ारी.. डर क्यों रही है मेरी जान अभी थोड़ी देर पहले hi तो उसके बगल में लेता के तुझे कुटिया की तरह छोड़ा था लेकिन तेरा हरामजादा पति को कोई फर्क नहीं पड़ा देख कैसे सो रहा है बहनचोद,
 
रति, एक दम चुप आपकी हिम्मत कैसे हुई रामु जी को गली देने की है, इधर नसे में होने के कारन मुझे घंटा कुछ फरक नहीं पड़ा की रति ने क्या कहा वही मैं रति के दोनों कंधो को पकड़ कर उसको फिर से रामु के बाजु में लिटा देता हु और फिर सोचा रति आज मेरे सामने अपने पति को लेके गुस्सा हुई है मेरे द्वारा गली देने से अगर इसे जवाब नहीं दिया तो साली ऐसा बार बार करेगी ये सोच ने के बाद मैं, तेज आवाज़ में मेरे से बात मत करना हरामजादी नहीं तो ये जो तेरी बड़ी गांड है न इसे माय सरे घर वालो के सामने तुझे घर के बीचो बिच आगाँ में खड़ा करके और तुझे नग्गी करके उनके सामने मरूंगा और मेरा कोई कुछ बिगड़ नहीं पायेगा समझी साली रंडी कुटिया?.. रति जिसको आज तक किसी के गाली सुनाने पर गुस्सा आता था, वो मेरे मुँह से निकल रही गुस्से वाली गालिया बिना किसी शर्म के सुन रही थी, साथ hi साथ उसे

पता भी था की माय जो कह रहा हु वो उसके सतह कर भी सकता हु इस लिए वो मेरी बात सुनकर एक पालतू कुत्तिया की तरह वैसे hi अपने पति के बाजु में एक बार फिर से लेट जाती है लेकिन लेट ते लेट ते एक बार फिर से अपने डर को साबित करते हुए प्लीज जीजू अब दोबारा नहीं अगर इनकी आँख खुल गयी तो मेरी इज़्ज़त के साथ hi साथ मेरी शादी ख़राब हो जाएगी सा ह में आपकी भी होगी, मैं, मन में (इस रंडी की इज़्ज़त? और अचानक से संस्कार कहा से जाग गए अभी थोड़ी देर पहले कैसे अपनी कमर उठा उठा के मेरा लुंड अपने छूट में ले रही थी और झड़ते hi संस्कार जाग गए), मैं, तू डर मत.. ये जाग गया तो भी कुछ नहीं बोलेगा wohhh..Rati, नहीं.. बिलकुल भी नहीं.. माय कोई बाजारू औरत नहीं हु जो अपने पति के सामने किसी गैर मर्द के साथ ये सब गन्दी हरकते करुँगी वो मेरे बारे में क्या सोच ेंगे बिलकुल नहीं, यह कह के वो वह से उठाने hi

वाली थी की एक दम से उसका पति रामु एक तरफ घूम जाता है और अपना हाथ रति के चुचो पर रख देता है. रामु के ऐसा करने से रति एकदम से ठंडी पद जाती है. उसकी तो जैसे जान hi निकल जाती है अपने पति का हाथ ऐसे अपने बड़े 36 साइज के नग्गी चुचो पर पा कर. वो डर कर आँखों के एक कोने स अपने पति रामु की तरफ नज़र डालती है तो वो सोया हुआ था. उसको सोता देख रति चैन की सांस लेती है और धीरे से अपने पति रामु का हाथ अपने चुचो पर से हटाने लगती है वही मैं, जो रति के बाजु में hi बैठा हुआ था, ये सब देख मेरा लुंड जो थोड़ा ढीला पद चूका था वो अब फिर एक बार सख्त हो जाता है. मुझे अपने दिल में एक अजीब सी फीलिंग महसूस हो रही थी उसके पति रामु का ऐसे रति के चुचो पर हाथ रखना और फिर रति का डर कर मेरी तरफ देखना और फिर

धीरे से उसके हाथ को अपने जिस्म से हटाने की कोशिश... वो देख मेरे मन में अजीब सी एक्साइट मेन्ट होने लगी थी. उधर रति भी अब धीरे से रामु का हाथ अपने जिस्म से हटती है की तभी वह अचानक अपनी एक टांग उठा कर रति की नग्गी छूट के ऊपर रखता है.. और रति, धीरे से पस्छ्ह.. यह भी न.. रति अपने पति के पेअर को पकड़ कर हटाने लगती है की तभी रामु फिर से अपना हाथ रति के नग्गी चुचो पर रखता है. इधर मेरा लुंड इस वक़्त लोहे सा सख्त हो गया था ये सब देख कर. उधर रति फिर से रामु के पेअर और हाथ अपने जिस्म से हटाने लगती है की तभी उसका पति रामु नीद में जोर से उसका दाया चुका दबाता है ुर रति के मुँह से आह्हः निकल जाती है और फिर वो मेरी तरफ देखती है, जो माय ये सब देख कर अपना कला लुंड हिलने म लगा हुआ था, रति, धीरे

से जीजू प्लीज यहाँ से चलो ये देखो न ये कही उठ गए तो?.. उम्मठ.. सशह्ह्ह्ह.. उफ्फ्फफ्फ्फ़.. वही रामु फिर से अपने जिस्म को रति के जिस्म से चिपका देता है, इस बार रति को रामु के बदन से शराब की गन्दी बदबू आने लगती है, जिससे वह अपना चेहरा दूसरी तरफ करती है, जहा मैं अपना लुंड हिलाये जा रहा था वही रति को आज तक इतना ावक्वार्ड फील नहीं हुआ था, जितना वो अब महसूस कर रही थी उसके आँखों के सामने एक तरफ उसके जीजा का कला लुंड था तो दूसरी तरफ उसके पति का लुंड जो अंडरवियर के अंदर एक दम तित था वो उसको अपनी जांघो पर महसूस कर रही थी, वही वो इस वक़्त अपने hi बैडरूम में दो मर्दो के बीच में नंगी लेती हुई थी और न चाहते हुए भी अपने पति रामु को अपने खूबसूरत जिस्म को छू ने नहीं दे रही थी क्युकी वो नहीं चाहती थी की उसके जीजा के सामने उसका पति उसके खूबसूरत जिस्म से छेद चढ़ करे, मैं, भेनचोद ये माय क्या देख

रहा हूँ, ये तो साला वो मोबाइल वीडियो जैसा है.. दो मर्द एक साथ एक औरत की चुदाई करते है उस वीडियो में.. हहै.. हहै.. क्या नज़ारा है मदर छोड़ क्या नज़ारा है. रति, धीरे से जीजूउउ???.. पलासी.. इन्हे हटाओ न या यहाँ से कही ुर चलो मुझे बहुत शर्म आ रही है प्लीज जिजुओ???, रति, (को रामु के मुँह से आ रही शराब की बॉस से अजीब सा नशा सा चढ़ रहा था साथ hi साथ 2 मर्दो के सामने खुद को नग्गी पके वह दो बार झड़ने के बावजूद फिर से उसका जिस्म गर्म होने लगा). इधर उसका पति रामु नीद में hi बाद बढ़ाते हुए उम्.. रति मेरी.. जान.. उम्म्म्म.. आ.. मेरी.. जाआआआं कहा गई थी तू?, ये सुनते hi रति दर कर (अपने पति रामु को देखती है. उसको एक पल के लिए लगता है की रामु ने आँख खोल दी है, पर असल में उसका पति रामु नींद में बाद बड़ा..

रहा था. नींद में hi रामु अपनी बीवी की चुचो को पकड़ कर मसलने लगता है), जिसके कारन रति, ुमंम्हह.. सशह्ह्हह्ह.. मुँह से ये निकलते hi वो अपने मुँह पर हाथ रख कर अपनी सिसकारियों को रोक देती है और मुझे देखने लगती है. वही माय ये सब देख कर काफी ज्यादा एक्ससिटेड हो चूका था और रति की तरफ देखते हुए अपना लुंड हिलाये जा रहा था. रति को तो यकीन नहीं हो रहा था की उसका आशिक़ अपनी गर्लफ्रेंड को ऐसे दूसरे मर्द के साथ देखकर अपना लुंड हिला रहा है, वो कुछ बोल भी नहीं सकती थी इस हालत में. रामु फिर से रति के चुके को दबाने लगता है और वो जल्दी से उसके हाथ को पकड़ कर अपने चुके से हटा देती है.. वह बिलकुल भी नहीं चाहती थी की उसके जीजा के सामने उसका पति कुछ ऐसा वैसा करे क्युकी रति भले hi अभी किसी गैर मर्द से छुड़वा रही थी लेकिन उसकी शर्म और गिलटी पाना नहीं निकला था?,
 
इधर उसका पति नीद में hi फिर से रति के चुचो को पकड़ कर दबाने लगता है और इस बार वो अपनी टांग भी उसके जिस्म पर दाल देता है, जिससे रति पूरी तरह उसके बाहो में फास जाती है जिसकी वजह से वो फिर स अपने आप को उससे छुड़ाने की kosh-ish करती है पर रामु के मजबूत पकड़ से छूट पाना उसके लिए मुश्किल हो रहा था ये फील करते hi रति धीरे आवाज़ में आह्हः उमठ जीजू देख क्या रहे हो.. माह.. मदद करो meri...aahh.. रति मुझे देख कर मदद के लिए पुकार लगा रही थी पर मेरे दिमाग पर अलग सा नशा चढ़ गया था रति और रामु को इस हालत में देख कर और मुझे तो बिलकुल भी गुस्सा नहीं आ रहा था, बल्कि एक अलग सा मजा च रहा था. वही अब आगे झुक कर रति के होंठो के सामने अपना लुंड ले जाता हु और us-ko देखने लगता हु.. रति मुझे ऐसा करते देख गुस्सा हो जाती है. एक तरफ से उसका पति नशे में

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उसके जिस्म के साथ खेल रहा था और दूसरी तरफ मैं अपना कला लुंड उसके मुँह के पास ले गया था. वही रति मुझे गुस्से वाली नज़रो से देखते हुए, कमीने.. कही के ये क्या कर रहे हो आप? हटाओ मेरे ऊपर से रामु जी को छीटीए.. वो मेरे लुंड को अपने कोमल हांथो से हटते हुए कहती है जिसे देख मैं, अरे गुस्सा क्यों कर रही है? वैसे भी तेरा पति नशे में ये सब कर रहा है लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा है की तू उसे किसी गैर मर्द जैसा क्यों बेहवे कर रही है?, उसे तुझपे मेरे से ज्यादा हक़ है तेरे साथ कुछ भी करने का वो तुझे शादी करके लाया है इस घर में?, मेरी बात सुन के रति, अब क्या बोले के वह मेरे सामने अपने पति के साथ कुछ भी नहीं करना चाहती थी (वैसे भी उसका पति रति को जब भी छोड़ता था तो 1 से 2 मिनट्स भी नहीं लगता था अपना पानी गिराने में और रति रात रात भर अपने बदन की आग में जलती रहती लेकिन जब से मैने

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उसे असली चुदाई का सुख दिया है तब से वो चुदाई का असली मज़ा चखी है उसके बाद से वह अपने पति से थोड़ा दूर दूर hi रहती थी), इधर मेरे सवाल का जवाब न देते हुए रति, प्लीज जीजू इन्हे हटाओ और मेरी मदद करो वर्ण.. रति कुछ और बोलती इससे पहले मैं अपना बदबूदार कला लुंड रति के होंठो पर सत्ता देता हु जिससे रति और ज्यादा गुस्सा हो जाती है. लेकिन माय उसके गुस्से को इग्नोर करते हुए उसके दूसरे चुके को अपने मजबूत काळा हांथो में लेकर दबाने लगता हूँ, जिससे रति, के मुँह से.. ुम्मःहःहः.. आह्ह्ह्हह.. सशह्ह्हह्ह.. ुम्हह निकल जाती है और वो काफी गुस्से में थी, पर उसके दिल में अजीब सी सेंसेशन हो रही थी. एक साथ ऐसे दो मर्द उसके चुचो को मसल रहे थे और 2 बार झरने के बावजूद फिर एक बार गर्म हो चुकी थी और अब मेरे और अपने पति के हाँथ अपने गोर चुचो को मसलना देख वो,
 
अनजाने में अपने होंठ कटाने लगती है और उसके मुँह से आह्ह्ह्हह.. ुम्हहठ.. मममहह.. सशह्ह्ह.. जीजूउउ.. प्लीज.. यह कहते हुए वह मेरे और अपने पति रामु के हाथो पर अपने हाँथ रख कर उनको हटाने लगती है की लेकिन मैं फिर से अपने काळा लुंड को रति के मुँह पर रखता हु. उधर (रति को समझ नहीं आ रहा था की मैं ऐसा क्यों कर रहा हु उसके साथ) जिसे फील कर क रति उम्म्म.. जीजू.. ऐसा क्यों कर रहे हो आप? मत करो न?, माय उसकी बात का कोई जवाब नहीं देता और फिर से अपने सख्त लुंड के मोटा सूपड़ा उसके गुलाबी पंखुड़ी जैसे होंठो पर रख कर हलके हलके से घिसने लगता हु रति अब एक हाथ में मेरा लुंड को पकड़ कर उसको अपने मुँह से थोड़ा दूर करते हुए आह्हः ummmhh...aahhh.. जीजू.. पलासी.. ये कह hi रही थी की तभी उसका पति नीद में hi उसके एक चुकी के गुलाबी निप्पल को अपने मुँह में ले लेता है. उसके ऐसा करने से रति के जिस्म से बिजली सी दौड़ जाती है

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और मुँह से ुंहःहःह.. आह्ह्हह्ह्ह्ह.. सशह्ह्ह्ह.. उग्गफ्फ.. निकल जाती है और जल्दी से रामु का सर पकड़ कर उसके मुँह से अपने निप्पल को छुड़ा लेती है, लेकिन नशे में चूर रामु फिर से अपने बीवी के चुके को अपने हांथो में पकड़ क्र उसके निप्पल को अपने मुँह में लेने की कोशिश करने लगता है.. रति, धीरे आवाज़ में बाद बढ़ती है ये आएगग.. ंममहहह.. जीजू.. सम्भालो इन्हे.. मैं कुछ नहीं बोलता और फिर से अपने काळा लुंड को उसके होंठो के पास ले जाता हु उधर रति, को मुझे और रामु को संभल पाना मुश्किल सा हो रहा था. रति, (अपने नंगे जिस्म को अपने hi पति से छुड़ाने की कोशिश कर रही थी और दूसरी तरफ वो मेरे बदले हुए बर्ताव से हैरान भी हो रही थी क्युकी उसे लगता था की माय उसे बहुत प्यार करता हु और उसे किसी और के साथ नहीं बताऊंगा लेकिन यह सब सोचना रति का बिलकुल उल्टा था) इधर रति,

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जिजुओ.. क्या हो गया है आपको.. क्यों ऐसा कर रहे हो.. ुम्मःहः.. आह्ह्ह्हह.. सष्ठ, मैं, क्या कर रहा हु? जो कुछ कर रहा है वो तेरा पति hi कर रहा है, उधर नशे में चूर रामु अपने हाथ रति के जिस्म पर यहाँ वह फेर रहा था और रति उसके हाथो को पकड़ कर रोकने की नाकाम कोशिश करने में लगी हुई थी, वही रति, आह्ह्ह्ह.. जीजूउउ.. ज्यादा होशियार मत bano..ummhhh.. आपको अच्छा लग रहा है मुझे इनके साथ.. आह्ह्ह्हह.. माआ.. रति कुछ बोलती इससे पहले उसका पति फिर एक बार अपने मुँह में रति के गुलाबी निप्पल को लेकर उसको चूसने लगता है. और रति उसका सर पकड़ लेती है और उसको अपने निप्पल से हटाने लगती है.. ूफू.. इन्हे भी पता नहीं ुम्मःहःहः.. क्याआ? आह्ह्ह्ह.. हो ममहहहहहहह.. गया है.. रति रामु की तरफ देखती है तो पाती है की उसकी आँखे बंद थी और नशे में ये सब हरकत कर रहा था ये देख के,
 
अब्ब उसे थोड़ा चैन की सांस लेती है पर उसको मुझ पर बहुत गुस्सा आ रहा था और गुस्से में hi जिजुओ आप.. आह्ह्हह्ह्ह्ह.. बहुत बड़े कमीने हो.. ुम्हहठ्हहह.. रति अपने पति के मुँह को अपने निप्पल्स पर से हटाने की कोशिश करते हुए वो मुझे कोस रही थी और ये सब देख कर मुझे बड़ा मजा आ रहा था और साथ hi साथ माय उसके चेहरे पर बदल रहे एक्सप्रेशंस भी देख प् रहा था. उसके चेहरे पर गुस्सा और हवस साथ साथ झलक रही थी उधर रति मेरी तरफ गुस्से से घर रही थी, इसी बिच वो अपने पति की तरफ देखते हुए अपने होंठ काट रही थी और बड़े hi कामुक तरीके से वो रामु को अपने निप्पल्स चूसते हुए देख रही थी साथ hi साथ उसके मुँह से एक अलग तरह की सिसकारियां भी निकल रही थी उग्गम.. ुम्हह ोफ्फूऊ आह्ह्ह्ह.. सशह्ह्ह्ह.. उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़.. ुम्हहठ.. अब उसका दिल जोरो से धड़क रहा था ुर उसके मन म अजीब सी एक्ससिटेमेंट पैदा हो रही थी ुर अपने

पति का सर अपने चुके से हटाने की कोशिश जरूर कर रही थी पर जैसे hi रामु का मुँह रति के खड़े निप्पल्स से हैट जाता, वो फिर से उसके सर को छोड़ देती थी. इस वजह से रामु फिर से उसके गुलाबी निप्पल्स को अपने मुँह में लेकर किसी बच्चे की तरह चूसना शुरू कर देता साथ hi साथ रति की 36 साइज के चुके को भी वो बड़े जोर से दबा और मसल रहा था, वही मुझे रति के इस वार्ताओं को देख के मेरी नज़रो से छुप नहीं पाती रति सोच रही थी की माय ये बात नोटिस नहीं कर रहा हु की रामु का सर वो नहीं हटा रही थी, इधर रामु के ऐसा करते देख कर माय गरम होते हुए बोलै.. जानेमन जरा अपना मुँह तो khol..Ye कह के मैं अपना लुंड फिर से उस के मुँह के पास ले जाता हु. रति का ध्यान अब अपने पति से हैट जाता है और उसको शर्म सी महसूस होने लगती है उसे लगा की उसकी चोरी पकड़ी गई ुर वो जल्दी से रामु का मुँह

अपने चुके से हटा कर उसको अपने कातिल बदन से दूर कर देती है ुर मेरी तरफ देखती है... इधर माय उसको देख मुस्कुरा रहा था, जिससे रति और ज्यादा शर्मा जाती है. मैं, जानेमन.. लगता है तुझे काफी ज्यादा मजा आ रहा था अपने पति के अपने चुके चूसने में.. हेहेहे.. रति, क.. की.. की.. क्या बात कर रहे हो आप? मु.. मु.. मु.. Mu..Mujhe क्यों मजा आएगा भला?, रति अपने पति के बाजू में लेती हुई मेरे काळा लुंड को एक बार निहारते हुए अपनी नज़र दूर कर देती है. वो शर्म से पानी पानी हो चुकी थी क्यूंकि उसको भी मालूम था की वह अपने पति को अपने चुके चुसवाते हुए मजे ले रही थी. मैं, अच्छा? मुझे लगा की तुझे मजे आ रहे है इसीलिए तू उसका मुँह अपने चुके से हटा कर फिर से उसके मुँह में अपने चुके.. आगे कुछ बोलता इससे पहले hi रति, सशः.. चुप.. चुप करो.. बेशर्म
 
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