अपडेट 85
सुबह सुमित राउंड ख़त्म होने के बाद वार्ड से निकल hi रहा था की संजना की आवाज उससे रोक लेता है.
संजना:- सुमित.
सुमित:- Hello.
संजना:- ठीक तो हो ना?
सुमित:- हाँ क्यों?
संजना:- मूड ऑफ लग रहा है tumhara...Aaj ना hi कोई hi hello...Aur राउंड के वक्त भी बिलकुल चुप थे.
सुमित:- एक बीमारी है मुझे.
संजना:- क्या?
सुमित:- नींद ज्यादा लगने ki...Yaa फिर नींद पूरा ना होने की...8, 9 घंटे सोता था लेकिन जब से रेजिडेंट बना हूँ 5 घंटे मुश्किल से सू पाटा हूँ.
संजना:- ये तो सभी के साथ होता है.
सुमित:- लेकिन मेरे लिए ये बर्दास्त के बाहर hai...Abhi के लिए चलता हूँ.
संजना:- कहा?
सुमित:- सोने.
संजना:- 2 हरष के बाद फिर से ड्यूटी है.
सुमित:- काफी hai...Aise hi बीच बीच में नींद पूरा करना होगा.
इतना कह कर सुमित चला जाता है.
2 हॉर्स लेटर
सुमित:- कुछ ज्यादा रौदे तो नहीं था मई?
संजना:- अरे nahi...Lekin थोड़ा अजीब जरूर लग रहे thhe...Kal का बिहेवियर और आज का.
सुमित:- सब मेहेरबानी नींद की hai...Mujhe खुद पता नहीं क्या कुछ बका था मैंने.
संजना:- तो फिर अब्ब?
सुमित:- अब्ब थोड़ा बेहतर hai...Pata नहीं आगे के 3 साल कैसे काटने वाले है.
संजना:- अच्छे से कटेगा.
सुमित:- हाँ अच्छे से hi katega...Aaj तक ऐसे hi तो कट्टा आया है.
संजना:- अरे मई वो वाला काटने की बात नहीं कर रही थी.
सुमित:- लेकिन मई वही काटने की बात कर रहा hun...Aur सच भी है ye...Khair तुम बताओ क्या काटने की बात कह रही थी.
संजना:- वो mai...Khair छोडो.
संजना आगे कुछ बोल नहीं पा रही thi...Sumit संजना की हालत पर अब्ब हसने लगता है.
संजना:- अब्ब क्या हुआ?
सुमित:- नहीं बस ऐसे hi हसने का मौका मिल जाता है जो मूड को हल्का कर देता hai...Warna तो लगी पड़ी है जिंदगी का.
संजना:- एक बात पूछनी थी तुमसे.
सुमित:- एक क्यों जितनी मर्जी पूछ lo...Jab तक प्रोफेसर नहीं आ जाते.
संजना:- मेघा तुम्हारी गर्लफ्रेंड है?
सुमित:- 16
संजना:- क्या?
सुमित:- तुम 16तह इंसान ho...Jisne मुझे ये पूछा है.
संजना:- तो तुमने उन् 16 लोग को क्या जवाब दिया है?
सुमित:- सब को अलग अलग जवाब दिया hai...Lekin सभी जवाब का मतलब एक hi है.
तुम्हे भी जवाब दू इससे पहले एक सवाल तुमसे hi...Aisa तुम्हे क्यों लगा?
संजना:- बहुत फ्रैंकली बात कर रहे थे तुम दोनों.
सुमित:- तब तो कल तुम मुझे प्लेबॉय समझने लगोगी.
संजना:- क्यों?
सुमित:- एक तो मेरे पास वैसे भी दोस्तों की कमी hai...Lekin जितने है उतने hi काफी hai...Aur उन् सभी दोस्तों से चाहे लड़का हो या लड़की उतना hi फ्रैंक hun...Aur रही बात मेघा की तो वो बहुत hi ख़ास दोस्तों में से एक है.
संजना:- लेकिन मुझे तुम दोनों के बिच अलग hi अटैचमेंट महसूस हुआ.
सुमित:- कुछ दिनों में ये ग़लतफहमी दूर हो जायेगा.
सुमित ने बात को घूमने की कोशिश करते हुए कहा.
संजना कुछ कहती उससे पहले hi प्रोफेसर आ जाते है.
आफ्टर क्लास
फिर से सोने जा रहे हो?
सुमित के पीछे पीछे आते हुए संजना बोली.
सुमित:- नहीं... अब्ब नींद भगाने. :डी
संजना:- मतलब? कभी मौका मिलते hi सोने चले जाते ho...Aur कभी मौका मिलने के बाद नींद को भगाते हो. :कन्फ्यूज्ड:
सुमित:- अगर अभी नींद को नहीं भगाया तो कॉलेज वाले मुझे भगा देंगे.
संजना:- और भी ज्यादा कन्फ्यूज्ड कर रहे हो अब्ब?
सुमित:- आज नाईट ड्यूटी hai...Bunk मारना मब्ब्स तक hi पॉसिबल tha...Yaha बंक मार दिया तो कल होड़ अपने अंदर का सारा फ़्रस्ट्रेशन मुझ पर निकलेगा.
संजना:- सुना था बंकर लोग कही भी कभी भी बंक मार सकते है.
सुमित:- मार तो सकता hun...Itna दिमाग लगाने की जगह नाईट ड्यूटी कर hi लेता hun...Bahut कुछ सिखने को भी milega...Abb 3 साल hi तो है सिखने के लिए.
संजना:- बहुत कुछ सिख रहे हो.
सुमित:- क्या मतलब?
संजना:- अभी से बड़े सर्जन के लक्षण दिख रहा है तुम me...College के पहले hi दिन सुटुरे (सर्जिकल स्टिचिंग) वो भी पेशेंट में परफेक्शन के साथ.
सुमित इस बात पर हसने लगता है.
संजना:- हस्स क्यों रहे हो?
सुमित:- तुम्हे बाइक चलना आता है?
संजना:- बाइक तो नहीं लेकिन स्कूटर चला लेती हूँ.
सुमित:- एवरेज स्पीड?
संजना:- 45 km/hr
सुमित:- कितनी बार एक्सीडेंट हुआ है?
संजना:- 2 baar...Minor एक्सीडेंट.
सुमित:- मेरा बिका का एवरेज स्पीड है 70 km/hr...Aur एक्सीडेंट कितनी बार हुआ है याद nahi...Aakhiri बार याद था तो 19 बार...3 बार मेजर एक्सीडेंट होते होते बचा है.
संजना:- क्या कह रहे हो कुछ समझ में नहीं आ रहा.
सुमित:- सिर्फ इतना की जितनी बार गलती करते है उतना hi हम सीखते है.
संजना:- इसका मतलब जान बुझ कर गलती करना जरुरी है?
सुमित:- बिलकुल nahi...Agar जान बुझ कर गलती करते है तो वो गलती नहीं क्राइम hai...Dusro के लिए या खुद के liye...Ye कह रहा था की अगर गलती हो जाए तो उससे सीखना चाहिए.
संजना:- कहा मई तुम्हे सुटुरे के बारे में पूछ रही थी और कहा तुम गलती से सिखने की बात कर रहे हो?
सुमित:- अब्ब वही पर आ रहा hun...Tumhare सवाल par...Bas 2, 3 जगह की बात को जोड़ रहा hun...I मैं सुटुरे कर रहा हूँ. :डी
बात उन् दिनों की है जब मब्ब्स में सर्जरी रोटेशन में प्रोफेसर सुटुरे पद में सुटुरे करना सीखा रहे thhe...Maine भी तरय kiya...Bahut घटिया bana...Sabhi दोस्त हसने लगे और साथ में प्रोफेसर bhi...Bas क्या था फिर मेरा जिद्द.
खुद सुटुरे पद खरीद कर इतना तरय किया की इंटर्नशिप में आ कर उसी प्रोफेसर को जिद्द कर के मन लिया पेशेंट में सुटुरे करने देने के liye...Unhi दोस्तों के सामने सर के ऑब्जरवेशन में सर्जरी कर के dikhaya...Tab सर ने भी तारीफ़ किया था.
तुमने कहा था परफेक्शन बस इसी वजह से हस्सी आ गया.
Perfection...Abhi भी उस चीज को हासिल नहीं कर paaya...Lekin उसके करीब पहुँचने के लिए कितनी रात म्हणत किया hai...Kabhi कभी तो रात में उठ कर प्रैक्टिस करता tha...Jitne सिगरराते पॉकेट में होते थे 1सत ईयर में उतने सुटुरे होते थे इंटर्नशिप में.
संजना:- पढाई के मामले में तो बहुत सीरियस हो.
सुमित:- बिलकुल nahi...Padhai तो अभी तक मस्ती में बिता hai...Entrance एक्साम्स के अलावा बाकी सभी एक्साम्स में पासिंग मार्क सॉल्वर कर के छोड़ देता tha...Aur टीचर्स जिस टॉपिक को इम्पोर्टेन्ट बताते थे उसी को सबसे पहले इग्नोर कर देता था.
हाँ वो बात अलग है की जितना आना चाहिए उतना किसी भी हाल में कम्पलीट कर लेता हूँ एंडिंग तक.
संजना कुछ कहती उससे पहले hi.
सुमित:- अच्छा चलता हूँ abb...Fir मिलेंगे.
संजना:- कहा?
सुमित:- पहले hi बताया था नींद bhagaane...Coffee शॉप.
संजना:- मई भी चलती हूँ.
सुमित:- Nahi...Abhi कॉलेज ख़त्म हुआ hai...Hostel जा कर मजे karo...Mera नाईट ड्यूटी hai...Issi लिए स्ट्रांग कॉफ़ी का प्रिस्क्रिप्शन खुद के लिए hi लिख सकता हूँ फिलहाल.
संजना:- ठीक है फिर.
सुमित:- और हाँ तुमसे बदला जरूर लूंगा.
संजना:- क्या?
सुमत:- सुबह से मेरा विवा ले रही ho...Mera भी हक़ बनता है.
संजना:- जरूर
फिर सुमित चला जाता hai...Sanjana भी जाने लगती hai...Ek दो बार पीछे मुद कर सुमित को देखती hai...Lekin सुमित तो खुद में hi मस्त हो कर चले जा रहा था.
संजना:- इंटरेस्टिंग.
कॉफ़ी शॉप में पहुंचने के बाद कॉफ़ी आर्डर कर के एक टेबल में बैठ जाता hai...Baahar अभी बारिश का शुरुवात हो hi रहा था.
वो अपने कुछ यादों में खोने hi लगा था की.
Hello सर्जन.
एक सेकंड भी नहीं लगा सुमित को आवाज पहचानने में.
सुमित:- Hi मेघा.
फिर वो मेघा की तरफ देखता है.
सुमित:- तुम यहाँ? देखा hi नहीं.
मेघा:- तुम्हारा पीछा कर रही थी.
सुमित:- अच्छा मजाक था.
मेघा:- सच है.
सुमित:- रियली?
अब्ब सुमित थोड़ा हैरान था.
मेघा:- कॉलेज के गेट से निकलते hi अपने hi धुन में चल रहे thhe...Socha की देखती हूँ ऐसे कहा जा रहे हो.
सुमित:- अकेले चलने में भी मजा अलग है.
मेघा:- इन ानोथेर word...Grapes अरे सावर.
सुमित:- क्या?
मेघा:- अंगूर खट्टा है.
सुमित:- क्या कहना चाहती हो?
मेघा:- अब्ब कीर्ति ने छोड़ दिया तो अकेले में मजा hai...Sahi एक्सक्यूज़ है.
इस बात पर सुमित हँसता है.
सुमित:- क्या तुम भी...3 साल हो गए है उस बात ko...Abb तो कभी कभी hi याद आती है Kirti...Kabhi अच्छी यादों में तो कभी बुरी.
मेघा:- अच्छा अब्ब बुरी भी हो गयी Kirti...Sach में अंगूर खट्टा hi है.
सुमित:- वो कभी बुरी नहीं थी मेरे मामले mein...Baaki पता nahi...Aur उसका जो भी फैसला था उसने liya...Koi गलत नहीं tha...Buri याद इस लिए की मैंने खुद के साथ बुरा kiya...Bas इतनी सी बात है.
मेघा:- खुद को जबरदस्ती विश्वाश दिलाना कोई तुमसे सीखे? अच्छा ये बताओ बाहर बारिश को देख कर क्या सोच रहे थे?
सुमित:- बचपन की yaadein...Maa हमेशा बारिश में बाहर निकलने से मन करती थी.
लेकिन तुम तो जानती hi हो mujhe...Maa से छुप कर बात बॉल ले कर निकल जाता था बारा होते hi...Aur तब तक खेलता था जब तक बाकी बच्चे बिजली गिरने के दर से भाग नहीं जाते थे.
वो अलग बात है की बाद में माँ मेरे hi बात से मुझे बॉल की तरह धो डालती थी.
वही याद आ गया.
मेघा:- मुझे तो लगा तुम्हे वो हुमति टूर की बारिश याद आ रहा है.
सुमित:- वो भी याद आता है कभी kabhi...Especially नदी में वो स्विमिंग.
मेघा:- वैसे कीर्ति ना sahi...Abb कोई और उसकी जगह ले रही है तुम्हारी लाइफ में.
सुमित:- हाँ सर्जरी.
मेघा:- मई संजना की बात कर रही थी.
सुमित:- क्या तुम भी टांग खींचती रहती ho...Ek टॉपिक ख़त्म हुआ नहीं की दोस्ती सुरु?
तब वेटर 2 कॉफ़ी ले कर आता है.
सुमित:- मैंने तो एक hi कॉफ़ी आर्डर किया था.
मेघा:- एक मैंने खुद se...Abb तुम मेरे लिए कॉफ़ी आर्डर करोगे नहीं.
सुमित:- क्युकी तुम्हे कॉफ़ी पसंद hi कहा है?
मेघा:- किसी मुर्ख से सुना था बहुत पहले की कॉफ़ी से नींद गायब हो जाता hai...Socha आज तरय कर लू.
सुमित:- और ये बात उसी मुर्ख के सामने कह रही हो.
मेघा:- अब्ब खुद hi मान रहे हो तो मई क्या कह सकती हु.
मेघा:- बात संजना के बारे में हो रहा tha...Divert मत करो.
सुमित:- अफवाह है ye...Jo तुम से सुरु हुआ है और तुम तक hi रहेगा.
मेघा:- इतनी जल्दी इतना frank...Ye तो अफवाह नहीं है.
सुमित:- तुम्हारे साथ तो और भी ज्यादा फ्रैंक tha...Iska मतलब ये नहीं की तुमसे प्यार करता था.
मेघा:- वो तो तुमने जान बुझ कर किया था.
सुमित:- ये भी जान बुझ कर कर रहा हूँ.
मेघा:- क्या?
सुमित:- अरे are...Itna भी हैरान मत ho...Ye साजिश नहीं है.
मेघा:- तो फिर?
सुमित:- अब्ब डॉक्टर बन चूका हु तो फ्रैंक भी तो होजा chahiye...Issi लिए हर किसी से फ्रैंकली बात करना पड़ता है.
मेघा इस जवाब पर कुछ नहीं कहती.
सुमित:- लेकिन कही से जलने की बदबू आ रहा है?
मेघा:- और ये अफवाह भी तुमसे सुरु हो कर तुम तक hi रहेगा.
सुमित:- अगर जल रही हो तो बता दो.
मेघा:- ऐसा क्यों लग रहा है तुम्हे?
सुमित:- अगर सच है तो जलाने में और भी मजा आएगा.
मेघा को बहुत गुस्सा आता है लेकिन वो कुछ नहीं बोलती.
मेघा:- अच्छा अब्ब मई चलती हूँ.
सुमित:- कहा?
मेघा:- मेरा भी नाईट ड्यूटी है.
इतना कह कर मेघा गुस्से में चली जाई hai...Naa hi सुमित उससे रोकना चाहता था और ना hi मेघा रुकना चाहती थी.
सुमित मेघा को जाते हुए देख पीछे से मुस्कुराता है.