अपडेट-22
जिसकी बजह से मुझे गोली न लग सकीय लेकिन में जमीं पर गिर पड़ी और दर्द से कराहने लगी ...
की तभज एक चिर परिचित आवाज़ मेरे कानो में आयी जिसे सुनकर मेरी आँखों मई खून उतर आया...
awaz...ye क्या करवा दिया दिलवर तुमने इसे नहीं मरना था?
Dilawar...to क्या करता मई हाँ ?
Dilawar...ek तो इसने वैसे hi नाक मई दम कर रखा hai...aur दूसरा आज इसने मेरे कितने आदमियों मारा है
अब आगे...
आवाज़ -जिसको मरना था उसका तुम्हे कोई अत पता नहीं इस बेचारी को मार दिया...
दिलावर - जितना नाज़ुक तुम इसे समाज रही हो ये उतनी नाज़ुक है nhi...kya नाम था लड़के का?
ये जो आवाज़ थी ये कोई और नहीं आशा भुआ थी...
bhua...Raj
दिलावर- लगता है ये या तो उसे अपने साथ नहीं लायी या फिर उसे कहीं बहार hi छोड़ कर आयी है...
asha...han ऐसा हो सकता hai...kisi को भेजो बहार देखने...
dilawar...ham...dabria जरा भेजो किसी को...
फिर डबरिआ मुंह से एक आवाज़ करती है की तभी 15 लोगों की उसकी टीम हाज़िर हो जाती है जिसमे 2 लड़के और 13 लड़किया थी...
dabria...jao कुछ लोग जाकर बहार देख कर आओ कोई है तो नहीं...
फिर उनमे से कोई 5-6 लोग चले जाते हैं जिनमे 2 लड़के थे ...
जब मुझे पता चला की ये पूरा प्लान राज को मरने के लिए था तो मेरा दिमाग सटक गया...
इस वक़्त आशा और दिलावर कुछ बातें कर रहे थे ...
Asha...dilawr कहीं ये मर तो नहीं गयी...
अभी दिलावर कुछ कहता उससे पहले hi मैंने उठते हुए कहा...
तुम्हारे बाजुओं में इतना दम नहीं,
मार दो हमें ये किसी बहम से काम नहीं,
वो दोनों मुझे खड़ा देख कर चौंक गए और साथ hi साथ डबरिआ और उसकी टीम भी...
मई... ''आज हमें उन्होंहे धोका दिया,
जिन्होंने कभी हमें गॉड मई लिया''
mai...akhir क्या बिगाड़ा है उसने तुम्हारा...
आशा ने कुछ नहीं कहा
mai...bolo क्या हुआ...
उसने तो कुछ नहीं कहा लेकिन दिलावर ने कहा जो भी हो लेकिन आज तो तुम नहीं बचोगी...
और उसने डबरिआ को कुछ इशारा किया...
मई भी अब रेडी हो गयी थी और मैंने अपनी एक तलवार निकल ली थी...
उसने अपनी एक फाइटर को लड़ने bheja...vo मुझे करते दिखने लगी... लेकिन मई अपनी जगह पर कड़ी रही...
और जैसे hi वो रुकी हुई मैंने उसके उसके घुटने मई सामने से लात मरी जिस से वो वहां से टूट गया और उसकी चीख निकल गयी...
mai...kya डबरिआ बच्चो को पाल रखा है कोई ढंग का सा फाइटर भेजो
फिर उनमे से एक कोई करीब 6 फ़ीट की एक नीग्रो फाइटर निकल कर आयी उसके हाथ मई तलवार भी बोहोत भरी थी...
उसने आते hi तलवार से मुझपर हमला कर दिया मैंने उसे तलवार से रोका लेकिन फिर भी उसकी तलवार मेरे बाजु को चीरते हुए गयी...
उसने तभी फुर्ती से दुशरा बार किया मैंने सँभालते हुए अपनी तलवार को आगे किया लेकिन एक तो वो बोहोत ताकतबर थी और दूसरा उसकी तलवार भी कुछ भरी थी...
जिसका नतीजा ये हुआ की मेरी तलवार टूट गयी और मई पीछे की तरफ गिर गयी...
और वो दोनों हाथ ऊपर कर के तलवार को मेरे मई मरने hi वाली थी की अचानक गिर जाती है...
हुए ये था की जहाँ हम लड़ रहे थे वो जगह सीढ़ियों के करीब थी और उसकी पीठ सीढ़ियों की तरफ थी जैसे hi उसने
मुझे मरने के लिए की तभी उसने उसके पीछे से उसके घुटने मई लात मरी जिसकी बजह से उसका बैलेंस बिगड़ गया और वो घुटन के बल ज़मीं पर गिर ठीक उसी वक़्त मई पीछे को पलट gyi...or कड़ी हो गयी
गिरने की बजह से उसकी तलवार ज़मीं मई गड गयी जिसका फायदा उठाते हुए मैंने उसके मुंह पर एक सुपर किक ज़द दी और वो चारो खाने चित हो गयी...
राज़ को देखकर दिलवर ने गुस्से मई कहा की खड़े खड़े क्या देख रहे हो मारो इन्हे ...
तभी सभी एक साथ अटैक कर देते हैं यहाँ अब लगभग 7-8 मेंबर थे 2 तो पास्ट पड़े थे और 5-6 मेंबर्स बहार गए थे...
उसके आर्डर को सुनते hi सभी एक साथ हमला कर देते हैं...
अब हम भी दो थे लेकिन मुझे राज की चिंता हो रही थी क्योंकि ये सभी त्रिनेड थे और राज ने शायद पहले hi कभी ऐसा किया हो...
लेकिन वो भी दिखने मई कोई काम नहीं था एक तो उसकी लम्बाई और बॉडी भी ठीक थक थी जिसकी बजह से वो किसी से भी काम नहीं था ....
अब तक वो लोग हम तक पहुँच चुके थे ...और हम दोनों एक दूसरे की पीठ से पीठ भिड़ाये खादर हुए थे और दोनों की hi तलवारें ऊपर थी कुछ इस तरह...
उनलोगों के आते hi मैंने अपनी तलवार को घूमना स्टार्ट कर दिया जिसका कोई तोड़ नहीं जनता था उसके पास आते आते hi दो लोग नरक सिधार चुके थे...
उदाहर राज ने भी एक को मार दिया था...
अब केबल 5 लोग बचे थे जिनमे से एक डबरिआ थी...
की तन तक जो उनके जो लोग बहार गए थे वो भी आ गए...
और लड़ने लगे अब उनका पलड़ा थोड़ा भरी हो गया था ...और अभी तक मेरी टीम भी यहाँ नहीं पोहोंची थी...
लेकिन लड़ने के अलावा हमारे पास कोई चारा नहीं था...
3 लड़किया एक साथ मुझसे लड़ रही थी और एक लड़का राज से जिसको की राज ने थोड़ी मसक्कत के बाद गिर दिया और उसके हाथ तोड़ दिए...
मैंने भी उन तीनो मई से एक को मार दिया था जिसकी बजह से डबरिआ को छोड़ कर सभी ने मुझपर अटैक कर दिया ...
जिसमे से की राज ने उस लड़के को खींच लिया लेकिन उसने राज के हाथ मई लात मार्के उसकी तलवार गिरा दी...
और अपनी तलवार से उसे मरने लगा लेकिन वो बचने लगा वो राज पर हावी बो रहा था इसलिए जो मुझसे लड़ रहे थे मैंने उन मई से तेज़ी से 2 की गर्दन काट दी और तलवार फेंक के मरी और जो राज़ से लड़ रहा था वो सीधे उसके पेट मई से पार गयी...
लेकिन मई अब निहत्थी थी और वो तीन हथियार के साथ लेकिन मैंने उछाल कर एक के मुंह पर अपना घुटना मारा वहां से भाग कर तेज़ी से अपनी गन ली और सभी को भून दिया जिसे देखर डबरिआ गुस्से से पागल हो गयी...
और उसने भी मुझपर गोलियां चला दी लेकिन मैंने एक दीवार की आउट ले ली...
की कहीं से राज ने डबरिआ के तरफ तलवार फेंक कर माज़ी जिस से उसको कोई खासी चोट तो नहीं आयी लेकिन उसके हाथ से बन्दूक गिर गयी...
जिसका फायदा उठतव हुए मई उसके पास पगुंछ gyi...aur अपनी तलवार उठा कर कहा
'' आओ डबरिआ आमने सामने का मुक़ाबला करते हैं''
जिस से उसके होठों पर एक कातिलाना मुश्कान आ gyi...aur उसने लड़ने के लिए तुरंत हामी भर दी...
और फिर शुरू हुआ तलवार बाज़ी का एक घमाशान संग्राम जिसको चलते चलते कोई 30 मं हो गए लेकिन कोई भी हार मन ने को तैयार नहीं था...
डबरिआ अब बुरी तहर से थक चुकी थी और बोहोत hi जल्दी अपने घुटने टेकने वाली थी...
की तभी दिलावर ने आवाज़ लगाई की इ लड़की अपने हथियार दाल दे वर्ण इसका गाला उदा दूंगा...
जिससे मि मेरा ध्यान भटक गया और डबरिआ ने मेरे पहले से कटे हुए हाथ मई फिर से तलवार से बार कर दिया...
दिलावर ने आशा के गले पर चाकू रख रखा था और मरने की धमकी के दे रहा था...
और वो चिल्ला रही थी की मुझे बचा लो...
मुझे लगा था की ये इनका फिर से कोई ड्रामा है...
इसलिए मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया और डबरिआ से लड़ने lagi...lekin राज को क्या पता था उसके पीछे यहाँ क्या हुआ है...
वो उसे बचने चला तो दिलावर ने चुकु को गर्दन पर दवा diya...jiski बजह से गर्दन से खून बहाने लग gya...or राज जहाँ था वहीँ रुक गया...
अब तक डबरिआ को माइबे पूरा छका लिया था लेकिन और उसको बुरी तरह से घायल कर दिया उसकी तलवार को ज़मीं पर गिरा दिया था.. ...
लेकिन उसने बेईमानी करते हुए मेरी आँखों मई रेट dàal दिया और मेरी जांघ मई एक छोटा चाकू घुसा दिया...
जब ये मंज़र राज़ ने देखा तो उसकी आँखों मई खून उतर आया और उसने डबरिआ को शूट कर दिया...
लेकिन इसका फायदा दिलावर ने उठया और वो वहां से भाग nikla...aur उस आशा को वहीँ छोड़ गया ...
मुझे उस का चेहरा देखते hi बोहोत गुस्सा आ रहा था...
दिलावर का भागना हुआ और मेरी टीम की खण्डार मई एंट्री हुई...
( टीम का इंट्रो बाद मई दिया जायेगा)
मैंने उन्हें तुरंत hi दिलावर को पकने के लिए भेज दिया...
वो लोग गए लेकिन उन्हें दिलावर कहीं नहीं मिला तो मैंने उन्हें वहां की लाशों को ठिकाने लगाने के लिए कहा...
और जूली से कहा की तुम मुझे घर तक छोड़ आओ क्योंकि मेरी हाथों और पैरों मई चोट थी जिसकी बजह से गाड़ी चलने मई दिक्कलत होती और रात का समय वैसे hi था...
जब ये घाव टीम के डॉक्टर ने देखे तो उसने इन्हे साफ़ कर के ड्रेसिंग
कर दी...
Asha...mujhe माफ़ दो मुझसे बोहोत बड़ी गलती हो गयी...
और पता नहीं क्या क्या नहीं कहा लेकिन मैंने कुछ भी नहीं सुना...
और राज़ और जूली से गाड़ी मई चलने को कहा...
वो दोनों चल दिए मेरे पेअर मई लगी थी इसलिए राज मुझे सहारा दे रहा था...
तो बे कॉन्टिनोएड