Adultery Raj-- hero of the family - Page 98 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Adultery Raj-- hero of the family

अपडेट 264 ों 23 नवंबर संडे नाईट

हाइपरटेंशन....
 
अपडेट 264

काउंटडाउन बेगिंस

एटर्निटी “शेरदिल अश्वनी को गोली लगी ह वो अभी सेफ ह पर अगर सुभे होने से पहले वो ऊपर नहीं पहुंच पाया तोह मारा जायेगा”

शेरदिल “ पर उसे बचाये कैसे”

एटर्निटी “राज बचा सकता ह”

शेरदिल “ उसकी लोकेशन 10 कम दूर की दिखा रहा ह वंहा तक पहुंचने और आने मई सुभे हो जाएगी बल्कि राज उस तक पहुंचेगा तब तक हे सुभे हो जाएगी”

एटर्निटी और शेरदिल दोनों हे गहरी सोच मई पद गए..

इधर राज और रविंदर सिंह ने चढ़ाई सुरु करदी थी और सुभे के 3 बजे तक वो ऊपर पहुंच गए …और राज को देखते हे शेरदिल भावुक होकर उसके गले लग गया..

शेरदिल आंसू पौंछते हुवे बोलै “ तू आगया मेरे भाई मैं बता नहीं सकता हु …तुझे अपने सामने देख कर कितना खुस हुवा हु मैं … मेरे भाई इतना मत डराया कर हमे”

राज “ तू शेरदिल ह तू रोटा हुवा ाचा नहीं लगता ह और मेरी मौत हमारे परिवार के हर दुश्मन को मौत के घात उतरने से पहले नहीं होगी…”

शेरदिल ने है मई गर्दन हिलायी और बोलै“ है मेरे यार सबको बुरी से बुरी मौत देंगे . पर तू इतना रिस्क मत लिया कर दर लगता ह कुछ भी गलत हो गया तोह मैं घर पर सबको क्या मू दिखाऊंगा”

राज “तीख ह मेरे भाई जो तू कहे पर ये एटर्निटी क्यों इतना दुखी लग रहा ह खुस नहीं ह क्या मेरे बचने से”

एटर्निटी “ नहीं यार मैं बहुत खुश हु पर अश्वनी की जान खतरे मई ह …हमे 2 चॉपर ढूंढने आएंगे ऐसा होने का आईडिया नहीं था ..उसे बुलेट लगी ह कंधे पर और वो अभी हाफ दुरी तक चढ़कर एक जगह रूक गया h…agar उसे अभी नहीं बचाया गया तोह सुभे उसका बचना नामुंकि hoga…wo आइस मई हे दर्द और खून बाह जाने से मर जायेगा या दुश्मन उसे मार देगा…”

राज “ एटर्निटी राज कभी अपने दोस्तों को अकेला नहीं छोड़ता ह मैं बचाऊंगा उसे तू बस उसके कांटेक्ट मई रहना और इंतज़ार करना मेरा हिसाब भी बाकी ह उस काममन्दिर के sath….Itna कहते हुवे उसकी नज़र एक तरफ गयी और वो बोलै अलविदा बहुत जल्द मिलेंगे हम आह्वानी के साथ ”

कुछ दिएर बाद राज तेज़ी से आइस के ऊपर स्कीट करता हुवा अश्वनी की तरफ जा रहा tha…usai पता था की वो जितनी दिएर करेगा …उतनी हे जल्दी अश्वनी मौत के आग़ोश मई जाता jayega…isliye उसकी स्पीड आइस पर बहुत तेज़ thi…halanki उसने ट्रेनिंग बहुत पहले ली थी वो भी बस इमरजेंसी के लिए …पर इसवक्त उसे बस अश्वनी की चिंता थी की कैसे भी उसे बचना ह ..और वो बिना मौत की परवाह किये की आगे वो किसी भी बर्फ मई बानी खायी मई गिर सकता ह तेज़ी से बढ़ रहा था

राज मन मई बोलते huve“Mujhe जल्दी से अश्वनी तक पहुंचना hoga…usne अपने एक वेड के लिए बिना अपनी जान की परवाह किये अपनी जान को दांव पर लगा दिया …मुझे उसे बचाना हे होगा”

वंही उस खायी मई प्रिसिओं काममन्दिर भी छोपेर से पहुंच चूका था ….

काममन्दिर चारो तरफ देखते हुवे बोलै “ उसे लेकर औ”

तभी दो गॉर्डस ऐश को घसीट ते हुवे लेकर ए और उसे काममन्दिर के आगे फेंक दिया

काममन्दिर ने निचे पड़े अश्वनी की तरफ देखा और बोलै “ ये नर्क ह और इस नर्क मई सिर्फ मेरा राज चलता ह जंहा से सिर्फ उसकी मौत हे उसे आज़ादी दिला सकती ह…” इतना कहते हुवे उसने हाथ मई पकड़ी स्टिक से एक वार ऐश के चेहरे पे किया और उस स्टिक ने गाल की एक तरफ की स्किन पर बड़ा सा कट दे दिया

काममन्दिर “तू बता देगा की घोस्ट किस तरफ गया ह तोह मैं तुझे जिन्दा रखने की सोच सकता हु”

उसने अभी आगे और कहने के लिए मू हे खोला हे था की उसे जोर से हसने की आवाज सुनाई दी उसके चेहरे के एक्सप्रेशन चेंज होने सुरु हो गए और हंसी की आवाज की दिशा मई देखने की वजह से उसका चेहरा गुसाई से बुरी तरह जल उठा..

उसने एक लात खींचकर ऐश को मरी …

किक लगने की वजह से ऐश एक पल रुका और फिर खांसते हुवे बोलै .. “ kho…kho…Maut का मुझे दर नहीं h..aaaahhhhh…kho ..खो ..और तू टेंशन मत ले उसे पता लगेगा मेरी जान खतरे मई ह वो अपने आप तेरे सामने आजायेगा…”

काममन्दिर “ इतना कॉन्फिडेंस ह तुझे की वो मौत के मू मई वापस आएगा वो भी तुझे बचने”

काममन्दिर की बात सुनकर ऐश दुबारा से हंसा और बोलै “ है है है है है ..मेरा नाम आह्वानी ह जिसका मतलब हे एक सितारा होता ह …तोह बेटा…. मैं तोह हमेशा शाइन करूँगा बिलकुल उन सितारों की तरह मेरी लाइफ मई अभी बहुत ऐश लिखी h…toh तू तेरी सोच तेरा क्या hoga…jab तेरा बाप तेरे सामने होगा….” इतना कह कर अश्वनी दुबारा से हसने लगा और उसकी बाते सुनकर काममन्दिर उसे अपनी स्टिक से मरने लगा और कुछ मिनट मरने के बाद बोलै इसके कपडे उतारकर सेल को नंगा पटक do..agar ये सही ह तोह आज उस घोस्ट को भी इसके साथ हे मार देनेगे बाकी जाकर उस रविंदर सिंह को ढूंढो और उसके पास मत जाना दूर से उसे ख़तम कर देना वर्ण उसके हाथ लग गए तोह वो चीयर कर दो टुकड़े कर देगा…”

सभी उसका आर्डर सुनकर जल्दी से चले गए तोह इधर आइस पर राज तेज़ी से अश्वनी के करीब अत जा रहा था….

तोह अश्वनी पल पल मौत के करीब जाता जा रहा था …

दूर कंही …

“ये कौन ह”

आदमी “ भाई ये कौन नहीं बल्कि ये पूछे ये चीज क्या ह …भाई ये पूरी तभई ह साली ने अकेले हे फाइटिंग मई अपने लौंडे के मू और कुछ की गोटिया तक फोड़ दी…”

बॉस “क्या बात कर रहा ह इसने अपने लौंडो को अकेले हे पािल दिया”

आदमी “ जी भाई और सबसे अछि बात गूंगी ह सर्फ पैसो के लिए काम करती ह जो बोलोगी सब सुनेगी पर रोकड़ा खुद तय करती ह”

बॉस कुछ दिएर सोचने के बाद अपने सामने कड़ी लड़की को देख कर “ तेरी उम्र कितनी ह”

सामने कड़ी लड़की ने एक बार उसे घुरा और फिर इसरा किया जो बॉस को समाज नहीं पर बॉस के आदमी को हंसी आगयी और वो बोलै “ ये बोल रही ह चूतिये कितने की भी हु पर तुझे नहीं दूंगी”

और ये सुनकर सब हंसने लगे ..

बॉस गुसाई से “साली”

तोह सामने कड़ी लड़की ने भी ऊँगली दिखाई उसे …

माहौल बिगड़ता देख बॉस का आदमी बोलै “ भाई भाई …ये आपके बड़े कामकी ह याद ह न बड़े बॉस ने एक इंडियन लड़की मांगी थी बड़ी गॉर्ड के लिए और जल्द हे कम्पटीशन मतलब सिलेक्शन भी होने वाला ह अगर ये सेलेक्ट हो गयी तोह आपकी वह वह हो जाएगी”

ये सुनते हे बॉस की आंखे चमक उठी और वो बोलै “ देख लड़की तुझे पैसा चाहिए वो मैं दूंगा मेरे लिए काम करेगी” ये सुनकर लड़की ने कुछ इशारे किये

आदमी “ बॉस ये बोल रही ह पैसा काम देखने के बाद”

बॉस “ पैसा लाखो मई ह न चोरी न डकैती बस बॉडीगार्ड का कम्पटीशन ह उसमे पास होना ह और पैसा इतना ह जितना तूने सुना नहीं होगा .. मंजूर”

सामने कड़ी लड़की ने अपने बॉबकट बालो को हिलाया और इशारा किया मंजूर”

बॉस “ पर तू साली बदबू मार रही ह सुभे सुभे हे पिली थी क्या”

लड़की ने भी कुछ नहीं कहा और मुस्करा दी

बॉस “ नाहा ले पहले फिर तेरा चेंज करते ह”

लड़की बॉस को गुसाई से घूरने लगी

बॉस “बड़े लोग एते ह ऐसे जाएगी क्या वंहा बदबू आरही ह तुझसे”

ये सून कर लड़की ने फिर अपने हाथो से इशारा किया और इस बार कई दिएर तक.. वैसे हे रही

बॉस “ अबे अब क्या बोली इशारे से ये इतनी दिएर तक”

आदमी “ ब्ब्ब्बॉस्सस ये बोल रही ह तोह मुझे कौनसा उन बड्वो के साथ सोने की खुजली ह मेरा मन करेगा वैसे रहूंगी और जो चाहूंगी वो पिऊँगी …तुमको काम चाहिए ह या फैशन वाली लौंडिया”

बॉस “अबे साला ये तोह बारूद से काम नहीं ह बिना तीली जलाये हे भड़क उठती ह”

आदमी “ बॉस मैं समझा दूंगा”

बॉस “ तीख ह इसे तैयार कर और लेकर आ पर पहले नहला इसे मैं चलता हु बड़े साहब की मीटिंग ह”

आदमी “ जी भाई” और बॉस के जाने के बाद पलटकर बोलै “ तू भी न बहुत लोचा करती ह देख तुझे पैसा चाहिए ह और वो तुझे बिना ऐसे चोरी और मारपीट के मिल रहे ह तोह थोड़ा तू भी एडजस्ट कर न”

लड़की न मू टेड़ा किया और कुछ नहीं बोली..

आदमी “ चल तुझे मेरी सेटिंग के पास ले चलता हु वंही नाहा लेना और जब तक तेरे लिए नए कपडे ले आऊंगा”

लड़की “ उसकी बाइक के पीछे बैठ गयी और दोनों चल दिए कुछ दिएर बाद वो एक घरके आगे आकर रुके..

आदमी दूर को नॉक करते huve“shano डार्लिंग क्या कर रही ह दरवाजा खोल”

दूर ओपन हुवा और 25 साल की लड़की ने दूर ओपन किया और आदमी के साथ एक लड़की को देख कर वो गुसाई से बोली “ पता था मेरे को तुम मर्दज़ात होती हे ऐसी ह मुझसे मन भर गया तोह इसके साथ हो गया ह”

आदमी “ अरे यार शानो मुझे बोलने तोह दे ”

शन्नो “बोल”

आदमी “ शन्नो मेरी जिंदगी मसि बस तू हे ह और रहेगी और इसकी बात तोह मैंने इसे बॉस के काम के लिए तैयार किया ह याद ह तुझे बतया था मैंने की बड़े साहब को एक लड़की बॉडीगॉर्ड चाहिए थी”

शानो लड़की को देखते हुवे “ है तू बोलै तोह था”

आदमी “ बस ये वही h…kya लड़ती ह ..raghu,hatela,lambu,shantu और रॉकी को अकेले पािल दिया isne…chal अब ये सब छोड़ इसे थोड़ा चेंज करना ह मतलब थोड़ी मॉडर्न करना ह अब तू बता क्या करना होगा इसके लिए”

शानो “ तू अंदर आकर बैठ मैं बताती हु”

इतना कह वो लड़की को अंदर ले गयी और कुछ दिएर बाद आकर बोली … “ तू रश्मपि एम्पोरियम वाली के पास जा और ये स्लिप दे दे bus..wo सब दे देगी और वो जिसे साथ भेजे उसे लेकर आना वैसे कुछ भी कह कड़क छोकरी ह फिगर किसी मॉडल से काम नहीं ह साली के सीने को किसी ने चुवा तक नहीं ह एक दम कड़क ह”

आदमी “ तू कुछ उल्टा पुल्टा मत सोचना न करना बोलती नहीं ह पर ठोकती बहुत बुरी ह खासकर कोई उसको घूरे तोह”

शानो “ाचा किया जो तुम सबको ठोका सेल ठरकी जो हो तुम हम लड़किया का चलता ह आपस मई अब जा यंहा se”phir अंदर आकर वंहा सामने बाथ रूम ह नाहा ले जब तक तेरे कपडे आजायेंगे बहार टावल लपेट कर हे अजना तू और मैं हे ह ”

लड़की को यंहा वंहा देखता देख वो बोली “चिंता मत कर मेरे घर पर तू सेफ ह ..मैं समझती हु अकेले रहने पर कैसा लगता ह मज़ाक करती हु पर औरत की इज़्ज़त को समझती हु और उसकी इज़्ज़त करती भी हु”

लड़की ने शन्नो को देखा और नहाने चली गयी …शानो भी किचन की तरफ जाने के लिए मूड गयी पर वो देख नहीं पायी की पीछे कड़ी लड़की के चेहरे पर एक मुस्कान आगयी थी जिसका मतलब कोई नहीं समाज सकता था सिवाए उसके खुद के उसने बाथरूम मई जाकर अपने कपडे उतरे और नहाने lagi…par उसकी आँखों जो सामने लगे शीशे मई खुद की आँखों को घूर रही थी वो बहुत कुछ बता रही थी….

कुछ दिएर बाद बहार से शानो की आवाज आयी “ अजा कल तुझे बड़े साहब के पास भी जाना ह मिलने के लिए इसलिए वक़्त काम ह”

लड़की जब बहार आयी तोह उसे शानो देखकर बोली “ हम्म तू देखने मई तोह बहुत सुन्दर ह”

दूर कुछ वक़्त पहले बंगलोरे..

राजीव अंडरग्राउंड रूम मई“ तुम टेंशन मत लो”

लड़की गुसाई से “ टेंशन ..न लू मैं अपने हे भाई के सामने फ्रेश हो रही हु ..उसकी पीठ के पीछे ब्रा मई बैठी हु ..कितनी प्रॉब्लम हो रही ह …और आप कहते हो टेंशन नहीं lu…agar नरपत सिंह को आना होता तोह आजाते …पूनम की तबियत ख़राब हो रही ह उसके चाचा परेशां होंगे”

राजीव “ बेटी मैं समझता हु मेरी भी बेटी ह मैंने भी उसे बात नहीं की ह …मुझे नरपत भाई पर पूरा विश्वास ह उन्होंने कहा था की वो आजायेंगे और फिर दूसरा रास्ता भी तोह नहीं ह न हमारे पास”

डॉ “ बूत सर हम कब तक वेट करेंगे अगर उन्हें उन लोगो ने मार दिया होगा तोह हम तोह यही रह जायेंगे”

तभी उनके पैरो के निचे गड़गड़ाहट की आवाज हुवी और निचे का फर्श साइड खिसक गया …और निचे से आवाज आयी… “नरपत सिंह को मरना इतना हे आसान होता तोह कबका मर जाता मैं… अरे मेरी मौत तब होगी जब मैं अपने यार दोस्तों का बदला ले लूंगा”

राजीव “ तुम्हे तोह चोट लगी”

नरपत “ सेल सुवरो ने हर hospital,clinic,bus स्टैंड पर पहरा दे रखा ह पर कोई टेंशन नहीं अपने पास डॉ ह न ये करेगा मेरा ट्रीटमेंट ..और लो तुम्हारे लिए नए कपडे लाया हु चेंज करलो हम मेरा ट्रीटमेंट होते हे निकलेंगे”

राजीव ने नरपत को साइड मई बैठाया और डॉ उसका इलाज करने लग गया नरपत ने पास मई पड़ी बोतल को एक हे सांस मई आधी खली करदी…

राजीव “ बस करो”

नरपत “सेल कुत्ते की तरह धुंध रहे ह हमे पर मैं सब तयारी करके आया हु हमे सीधा उदयपुर जाना ह …और हम यंहा से पहले गुजरात फिर ंप से सीधा उदयपुर जायेंगे”

राजीव “तीख ह पर हर जगह पहरा होगा”

नरपत “ है ह इसलिए तोह इनके हे ट्रक से गुजरात जायेंगे सेल खुदके ट्रक को चेक नहीं करेंगे अचे से..”

राजीव “गुजरात मेरे कुछ आदमी ह जो हमारी मदद करेंगे निकलने मई ”

नरपत “ गुड मुझे लगा फिर किसी को मरना पड़ेगा वैसे व”

राजीव “ आपको इतना बड़ा कट लगा हुवा ह और फिर भी मज़ाक सूझ रहा ह”

नरपत सिंह पूनम की तरफ देखते हुवे“ नरपत सिंह अपना वडा निभाता ह राजीव …वो मेरे यार के घर की अमानत ह भले हे आज वो जिन्दा नहीं पर मैं जब तक जिन्दा हु कोई उसका बाल भी बांका नहीं कर पायेगा….. आज रविंदर भाई होते तोह अकेले हे सालो की गर्दन मरोड़कर मार देते ह …पर मैं हु abhi”ye कहते वक़्त उनकी आँखों से आंसू थे पर वो गुसाई के थे जो दिखते थे की उनके दोस्त और उनकी फॅमिली उनके लिए क्या मायने रखती थी…

कुछ दिएर बाद वो सब चुपके से उस टनल से नरपत सिंह के पीछे पीछे चल पड़े और वो टनल निकली एक बड़े से पेड़ के बीचो बिच mai..aur अब वो पेड़ मई बानी सीढ़ियों से चढ़कर ऊपर पहुंचे तोह..

राजीव “ इसलिए वो ढूंढ नहीं पाए क्योकि इसका दूसरा किनारा पेड़ के अंदर खुलता ह”

नरपत “ सालो के छोटे से दिमाग ह नरपत सिंह से कैसे जीत पाएंगे …चलो बचो घर जाने का वक़्त हो गया ह …अभी हमे 5 कम छिपकर उनके ट्रक तक पहुंचना ह”

नरपत सिंह उन्हें पूरी सावधानी से छिपाते हुवे आगे ले जाता हुवा धीरे धीरे करीब रात के तीन बजे ट्रक के पास ले आया और ट्रक के आस पास पहुंच कर अचे से चेक करने के बाद उन्हें ट्रक मई रखे सामान के पीछे छिपा कर बोलै “ बस अब कोई आवाज नहीं करनी ह जब तक मैं न कहु अगर ये दस कम हम आराम से निकल गए तोह कोई हमारा कुछ नहीं बिगड़ पायेगा”

सब ने है मई इशारा किया और फिर नरपत सिंह ने अपनी ड्रेस को चेंज किया और फिर कुढ़ ट्रक की सीट पर चढ़कर बैठ गया और बोलै “चल नरपत ये रात तुझे अपने दर्द को भूलकर गुजारनी होगी पहले तू कमजोर था पर आज तू लड़ सकता ह” इतना कहकर उसने हाथ जोड़ कर ऊपर वाले को याद किया और बोलै “ मौत भी आयी तोह आज नरपत सिंह को पार करने मई उसकी मौत आजायेगी” और ये कहते वक़्त उसके जबड़े भींच गए और अक्सेलरेशन पर उसने पाँव को दबा दिया …ट्रक एक तेज आवाज के साथ उठा और सुनसान रोड पर चल दिया …कुछ दिएर मई हे पीछे बैठे चारो जानो को हलकी नींद आयी हे थी की ट्रक के रुकने और आवाज होने की आवाज से उनकी नींद टूट गयी और वो भी आवाज सुनने लगे…

बहार…

आदमी “क्या भाई आज क्या ले जा रहे हो”

नरपत सिंह “मैं ड्राइवर हु भाई सामान पहुंचना मेरा काम ह अंदर क्या ह मुझे क्या पता होगा”

आदमी “ आज एक घंटा पहले कैसे आगया”

नरपत “माल लोड था तोह जल्दी निकल गया सोचा खाना आगे खा लूंगा”

आदमी भोंहे सिकोड़कर “खाना तोह वंही खाना होता ह न” ये कहते वक़्त उसका हाथ गन पर चला गया

नतपात “ भाई पेट ख़राब ह दवाई ले राखी ह ये देख” फिर दवाई दिखने के बाद “अब तू चाहता ह की कुछ भी न खो तोह तोह यही सही”

आदमी अपने साथी से “देख पीछे जाकर”

उसका साथी पीछे ट्रक की तरफ गया और तिरपाल को हटाकर देखा तोह सामान खचा खच भरा हुवा था वो अंदर चढ़ा और टॉर्च से लाइट मरकर चेक करने लगा वंही एक बॉक्स के पीछे छिपे हुवे चारो जाने आवाज को अपने पास एते हुवे महसूस और सून प् रहे थे….

आगे नरपत सिंह “ अरे भाई आगे बाथरूम और सब मई टाइम लगेगा क्यों लेट करता ह”

आदमी “ बीड़ी ह”

नरपत “ सिगरेट पिया कर ये ले आज मैं तोह पि नहीं सकता हु प्रेशर बन जायेगा ये ले दो बची ह सायद तेरे हे नाम की ह तू पि लेना”

सिगरेट हाथ मई लेकर आदमी के चेहरे पर मुस्कान आगयी और वो बोलै “अजा बे निचे क्या चूहा धुंधराः ह क्या सेल…”

नरपत ने मुस्कुरा दिया और ट्रक को आगे बढ़ा दिया कुछ और जगह को क्रॉस करने के बाद एक नहर के किनारे पर नरपत ने ट्रक को रोका और पीछे की तरफ देख कर बोलै “भूक लगी होगी खाने के लिए आगे होटल दिख रहा ह वंहा लेते ह”

राजीव “ है 5 - दस मिनट के लिए रोक लो बाथरूम भी जा आएंगे सब”

नरपत ने होटल एते हे ट्रक को रोक दिया और डॉ और उसकी बहन पूनम के साथ निचे उतरे जंहा पूनम को देख नरपत राजीव से बोलै “पूनम की तबियत सही नहीं लग रही ह”

राजीव “आप सही कह रहे ह और यही बात मुझे खा रही ह …आप जानते ह ठाकुर साब ने क्या कहा था …वो रविंदर सिंह की बेटी ह जिसे ठाकुर साब बहुत मानते ह”

नरपत “डॉ को बोलो वो धयान रखे वर्ण उसकी मुंडी काटके यही लटका दूंगा”

राजीव मू बनाकर “ अरे यार आप उसके सामने मत बोल देना वो बेचारा पूरा धयान रख रहा ह और इनदोनो भाई बहनो ने क्या नहीं सहा ह फिर भी अब तक पूरा साथ दिया ह”

नरपत ने कोई जवाब नहीं दिया और होटल मई खाने और पिने के लिए सामान लेने चला गया …कुछ दिएर बाद वो सब फिर से रवाना हो गए.

ड्राइविंग सीट पर बैठ ते हे नरपत ने मोबाइल निकला जो अभी अभी होटल से इसने उठाया था और नंबर डायल किया कुछ दिएर रिंग गयी …और सामने से आवाज आयी “Hello”

नरपत “भीमा नरपत बोल रहा हु अभी कोई सवाल नहीं बस मेरी बात सुनो पूनम के पीछे स्कॉर्पियन ट्राइब वाले लगे ह मैं उसे लेकर उदयपुर हे ारः हु ंप के रस्ते से पर ये बात घर पर मत बताना सब चिंता करेंगे अगली कॉल 2 घंटे बाद करूँगा”

भीमा “ तीख ह”

कॉल कट होते हे भीमा बीएड से खड़ा हो गया. उसके चेहरे पर सिकन के भाव आगये थे और वो हवेली के बहार आगया और एक तरफ आकर हाथ हिलाया तोह अँधेरे मई से दो साये उसके सामने आगये ..

भीमा ने दोनों से 2 मिनट कुछ कहा और दोनों साये भीमा की बात सुनकर वंहा से वापस अँधेरे मई गायब हो गए …पर भीमा वंही खड़ा रहा और काफी दिएर तक गहरी सोच मई डूबा आसमान की तरफ देखता रहा …

दिल्ली

“तुम कन्फर्म हो की वो लोग झुंझुनू गए ह”

स्कॉर्पियन ट्राइब का मेंबर “ है मैंने काफी कक्तव चेक किये तब जाकर मुझे वो डॉ और उसके साथ एक लड़की दोनों बचो को लेकर देखि से झुंझुनू के रस्ते पर कई जगह दिखाई दिए कई बार हाईवे पर तोह कई बार लोकल रास्ता लिया उन्होंने”

पहला स्कॉर्पियन ट्राइब मेंबर बोलै “लीडर को बुला लो लड़की न मिली पर बचे तोह मिल गए हमे”

पहले की बात सुनकर दूसरे ने तुरंत लीडर को कॉल लगाया और लीडर ने भी तुरंत सभी को झुंझुनू आने का आदेश दे दिया और खुद भी झुंझुनू के लिए निकल गया …इधर उनके साथ हे बैठा डेथ हेलो सोच रहा था “ उसने उसे माँ कहा पर ये कैसे मुमकिन ह और ये फोटो तोह बहुत पुराणी लग रही ह”

डेथ हेलो बहुत गहरी सोच मई था पर फिर भी उसके चेहरे पर मुस्कान थी और उसका मुस्कुराना हमेशा राज को अब तक ढक देता आया था सायद इस बार फिर उसके दिमाग मई कुछ तोह प्लान बन रहा था…

इधर फ़िनलैंड …

एक प्राइवेट जेट मई …

शेरदिल “अबे साफ़ और हिंदी मई बोल न तुझे हिंदी अति ह न”

एटर्निटी “इमोशनल मत हो बताएगा वो सब बताएगा पर पहले उसकी हालत भी देख जेल मई रहकर आया ह और अश्वनी को गोली लगी ह”

शेरदिल ने कुछ नहीं कहा और जेट की विंडो से निचे की तरफ देखने लगा

इधर राज रविंदर सिंह की तरफ देखता हुवा बोलै “आपके लिए ड्रिंक लेकर अउ”

रविंदर सिंह ने एक नज़र राज को देखा और बोलै “रम”

राज रम मुश्किल ह मिलनी

Ravinder“nahi सिर्फ रम सहदेव भाई और मैं यही पीते थे सर्दियों मई” ये कहकर अचानक उन्होंने अपना सर पकड़ लिया जैसे बहुत तेज़ दर्द होने लगा हो अपने सर मई

राज “ आप तीख ह”

रविंदर सिंह ने कुछ नहीं कहा और तुरंत मैडिटेशन वाली पोजीशन मई बैठ गए और करीब 15 मिनट बाद खड़े हुवे और खुद कॉउंटरपर जाकर एक बोतल उठायी और नीट हे एक साँस मई पूरी पि गए

ये सन देख कर शेरदिल बोलै “अबे ये क्या बाला ह मतलब कुछ भी ऐसे हे पि गए पूरी बोतल”

एटर्निटी “तू कुछ भी कह पर राज के साथ जितना को देखा सब के सब समाज से बहार ह मेरी सिर्फ तुझे छोड़कर”

शेरदिल ने एटर्निटी को हैरानी से देखा और एटर्निटी ने शेरदिल को हैरानी से देखा और फिर मुस्कुरा दिए इधर आगे कॉकपिट मई बैठे मैच और माइक जो राज के लिए रूक गए थे वो दोनों जेट को उड़ाते हुवे एक दूसरे से बोले “ अपना डिसिशन सही था राज फॅमिली के लिए जीता ह”

माइक “ वो छोड़ क्या उसे बता दिया की हमे उदयपुर जाना ह”

मैच “ मई बता देता हु”

माइक “ तू पिटेगा तुझे कहा था न सभी सर और आग सर ने की राज को जल्दी से जल्दी उदयपुर लेकर आना ह उसके मिलते हे”

मैच जल्दी से कॉकपिट से बहार आकर बोलै … “ राज भाई वो हमे डायरेक्ट उदयपुर चलना ह वंहा हवेली मई सब इंतज़ार कर रहे ह “

राज “ है मैच मुझे भी सब से मिलना ह और एक बेटी को उसके बाप से मिलाना ह …उसे उसकी खुशिया देनी ह और जो वडा उसे दिया ह उसे पूरा करना ह”

राज पूनम के बारे मई सोचने लगा aur.phir हलकी मुस्कान के साथ बोलै “ तुम अनाथ नहीं हो पूनम तुम दुनिया की साडी ख़ुशी को डेसेर्वे करती हो और वो साडी खुसिया मई तुहे लाकरदु दूंगा”

इधर राज पूनम की खुशिया का सोच रहा था तोह इधर नरपत पूनम को मौत के मू से बचाकर उदयपुर लेकर जा रहा था तोह इधर उदयपुर मई पूरा परिवार एक साथ इखट्टा हो रहा था सबके चेहरों पर मुस्कान थी पर उस मुस्कान के पीछे का दर्द हर कोई समाज सकता था क्यों की घर की बड़ी बहु सबको छोड़कर कान्हा चली गयी थी किसी को नहीं पता था और वो वापस आएगी भी या नहीं ये भी नहीं पता tha…dono बचो की जिमेदारी साडी मनिषापार आगयी थी और वो हे दोनों को संभल रही थी.

एक तरफ खड़ा अभय अपनी हे सोच मई था क्योकि उसे पता था की कौनसा तूफ़ान उनकी तरफ ारः ह …और जब वो आएगा तब क्या होगा इसलिए वो भी पूरी तरह तैयार था सुनील के साथ जिसने दीवार सी कड़ी कर दी थी शैडो वारियर्स की हवेली के चारो taraf..aur पुरे उदयपुर मई

सुनील “उम्मीद ह की तुम पहले पहुंच जाओगे राज”

दोपहर को…

मंडावा मई लाशो के बिच खड़ा डेथ हेलो बोलै “वो लोग उदयपुर के लिए निकले ह इस पुराने ज़माने के बूढ़े को पता था सब पर बीमार होने का नाटक करते हुवे बोल नहीं रहा था”

लीडर ने बूढ़े को गर्दन से पकड़ कर ऊपर उठाया और बोलै “कचरा” और उसकी गर्दन तोड़ दी और साइड मई फेंटा हुवा बोलै डेथ हेलो सबको मर दो”

डेथ हेलो ने अपनी सोर्ड निकली और 5 मिनट मई सबको मौत के घाट उतारकर बोलै चले उदयपुर लीडर हमारी तलाश वंही पूरी होगी

लीडर “ याद रखना दोनों बचे चाहिए ह हमे पहला टारगेट उन बचो को हासिल करना ह”

सब ने है मई गर्दन हिलायी और एक साथ हे उदयपुर की तरफ निकल लिए…

आज के लिए इतना हे अपडेट की सुरुवात हो चुकी ह बहुत सी घटनाये एक साथ दिखाई गयी h..aur अब मंथ मई 2 अपडेट आएंगे हे जो 5क के होंगे वजह ह जायदा टाइम नहीं मिलता ह सुभे 9.30 से शामको 7 बज जाते ह घर पहुंचते पहुँचते…

वडा किया ह स्टोरी पूरी जरूर करूँगा
 
Upcoming....update 265

किलिंग और

टुनाइट
 
अपडेट 265



किलिंग और

रिकैप

दोपहर को…

मंडावा मई लाशो के बिच खड़ा डेथ हेलो बोलै “वो लोग उदयपुर के लिए निकले ह इस पुराने ज़माने के बूढ़े को पता था सब पर बीमार होने का नाटक करते हुवे बोल नहीं रहा था”

लीडर ने बूढ़े को गर्दन से पकड़ कर ऊपर उठाया और बोलै “कचरा” और उसकी गर्दन तोड़ दी और साइड मई फेंटा हुवा बोलै डेथ हेलो सबको मर दो”

डेथ हेलो ने अपनी सोर्ड निकली और 5 मिनट मई हे सबको मौत के घाट उतारकर बोलै “चले उदयपुर लीडर हमारी तलाश वंही पूरी होगी”

लीडर “ याद रखना दोनों बचे चाहिए ह हमे पहला टारगेट उन बचो को हासिल करना ह”

सब ने है मई गर्दन हिलायी और एक साथ हे उदयपुर की तरफ निकल दिए…

अब आगे…

शन्नो जो उस लड़की को तैयार कर रही थी वो बोली “ एक बात बता तू इस धंदे मई कैसे आयी…. अरे मैं भी न तू तोह बोल नहीं सकती ह न ..ाचा छोड़ मैं तेरी इतनी मदद कर रही हु तू एक मदद करेगी न”

लड़की ने शन्नो को सवालिया नज़र से देखा तोह शन्नो मुस्कुरा कर बोली “अरे ऐसा कोई मुश्किल काम भी नहीं ह ..ये सुरेश ह न are…jo तुझे यंहा लाया ह मैं इस साई बहुत प्यार करती हु ….देखना किसी कुटिया के पीछे न लग जाये …वैसे तोह ये बहुत ाचा ह मुझे प्यार भी बहुत करता ह पर क्या ह न मर्द ज़ात ऐसी हे होती h…tu समाज रही ह न किसी कुटिया ने लटके झटके दिखा कर फंसा लिया तोह मैं तोह मर हे jaungi….mera इस दुनिया मई इसके सिवाए कोई नहीं h…tu करेगी न मेरे लिए इतना सा काम”

लड़की ने इस बार धयान से शन्नो को देखा और बस एक बार आंखे झपकाई”

शन्नो ख़ुशी के साथ “ तू आज जाएगी न बड़े साब के यंहा तोह वंहा उस नकचढ़ी साहबज़ादी से संभलकर रहना उसी की सेफ्टी के लिए ये बॉडीगॉर्ड धुंध रहे ह वैसे तू पढ़ लिख सकती ह क्या

उस लड़की ने बस है मई गर्दन हिला दी…

शन्नो “तोह तू तेरा नाम लिख कर बता न तेरे साथ से बात करने मई आसानी होगी”

लड़की ने शन्नो का हाथ पकड़ा और उसके हाथ पर अख्सर बनाने लगी और शन्नो धीरे धीरे समझते हुवे साथ बोलने लगी

स…

ह…

ी….

व…

ा…

न…

ी…

शिवनीय ओह्ह तोह तेरा नाम शिवानी ह बहुत ाचा नाम ह तेरा”

लड़की जिसका नाम शिवानी था वो पहली बार मुस्करायी…

शन्नो “तेरा कोई नहीं ह इस दुनिया मई”

तब शिवानी ने अपनी पॉकेट से मोबाइल निकला और टाइप करने लगी

शन्नो “तू चिंता मत कर मेरा भी कोई नहीं ह जब तेरा दिल करे तू मेरे पास अजना मैं लोगो के घर झाड़ू पोछा खाना बनती हु पर इज्जत से रहती हु पुरे माहौल मई नाम चलता ह अपना और ये ले…

….. बातो बातो मई तू तैयार भी हो गयी क्या मस्त लग रही ह”

इतने मई शन्नो को दरवज़ा पीटने की आवाज आयी

शन्नो “ले सुरेश भी आगया तेरे कपडे लेकर अति hu”itna कह उसने दरवाज़ा खोला तोह सामने सुरेश हे खड़ा था

सुरेश “hi मेरी जान कितनी प्यारी लग रे ले ह तू”

शन्नो “ मस्का मत मर रे मैं जानती हु तेरेको अचे से क्या चाहता हु तू वो तुझे शादी से पहले नहीं मिलेगा अब बैठ जा चुप चाप समझा” इतना कह वो पीछे मुड़ी और अंदर आगयी सुरेश भी अंदर आकर दूसरे रूम के एक सोफे पर मुस्कुराता हुवा बैठ गया

अंदर शन्नो ने शिवानी को ड्रेस दी जिसमे 3 टी शर्ट और तीन हे जीन्स थी साथ मई अंडर गारमेंट्स…

शन्नो “ जो पसंद ए वो पहन लेना”

कुछ दिएर बाद शिवानी जब आयी तोह उसे देख कर शन्नो ने सिटी बजादि और बोली “ नज़र न लगे बहुत सुन्दर लग रे ली ह तू इतना कह उसे वो सुरेश के पास ले आयी और सुरेश की भी आँखों चौड़ी हो गयी शिवानी को देखकर

सुरेश “माँ की आंख क्या सॉलिड लग रे ह तू toh…tere को तोह मॉडलिंग वोडलिंग करनी चाहिए”

शिवानी ने इशारे से कहा कब चलना ह

सुरेश “ एक ऑवर बाद ट्रायल होगा”

शन्नो “ देख सुरेश तू ध्यान रखना इसका अपुन ने इसको अपना मन ह”

सुरेश “ जो हुकुम मेरी रानी अपुन पूरी मदद करेगा तेरी दोस्त की”

सुरेश और शिवानी रवाना हो गए …बाइक के पीछे बैठी शिवानी आसपास देख रही थी

….. बाइक सहर के बिच से होती हुवी एक बड़ी सी फैक्ट्री के आगे आकर रुकी….

सुरेश “यंहा से पैदल हे जाना होगा”

दोनों एक बड़े से गेट के पास पहुंचे तोह गॉर्डस ने उन्हें रोक लिए .

सुरेश “ अंदर जाना ह”

गॉर्डस “सुरेश आज किसी लेकर आया ह तू”

सुरेश “ ट्रायल के लिए लाया हु इसे”

गॉर्ड “ तीख ह चेकिंग करनी होगी” इतना कह उस गॉर्ड ने दूसरे गॉर्ड को इशारा किया जो इशारा समाज कर शिवानी की तरफ गया पर दुगनी स्पीड से वापस पीछे आकर गिरा

सुरेश “ अबे बहुत पिटेगी समझा और अंदर पता लगा तुम्हारी इस हरकत के बारे मई तोह तुम जानते हो क्या होगा तुम दोनों के साथ”

दोनों गॉर्डस साइड हैट गए …

सुरेश “ चल उसको समाज आगया ह की तू क्या तूफ़ान ह”

शिवानी ने दोनों को गुरा और सुरेश के साथ अंदर चल दी शिवानी को आगे बड़ी सी बिल्डिंग दिखाई दी जो बहुत पीछे तक फैली हुवी थी…

सुरेश “ असली जगह ये नहीं नहीं” इतना कह सुरेश ने बिल्डिंग के अंदर आगे आकर एक चैन को खिंच तोह अंडरग्राउंड जाने के लिए एक रास्ता बन गया जंहा से म्यूजिक की आवाज आने लगी..

सुरेश “ ये ह यंहा की जन्नत यंहा स्कूल कॉलेज बिज़नेस क्लास सब एते ह पुरे बंगलोरे की रहीसी यंहा नज़र आती ह charas,afeem सब तरह के नशे यंहा होते ह बोले तोह स्वर्ग यही ह” शिवानी सुरेश के पीछे चलती हुवी निचे पहुंची तोह वंहा स्कूल की लड़कियों से लेकर कॉलेज के लड़को तक सब म्यूजिक पर थिरक रहे थे ….सब अपनी धुन मई नाच रहे थे तोह कंही बाइक्स के स्टंट चल रहे थे….

सुरेश “ बहुत बड़ी जगह ह …रओ इंडस्ट्रीज का दबदबा ह कोई पुलिस वाला और राजनेता छू तक नहीं करता ह”

शिवानी की नज़र बार की तरफ गयी तोह

सुरेश “ अभी नहीं मेरी माँ बादमे पि लेना पहले मिल तोह ले”

तभी सुरेश के पास एक आदमी आकर “ और सुरेश तू यंहा”

सुरेश “ है ट्रायल के लिए फाइटर लाया हु”

आदमी “ किस्मत आजमा रहा ह आजमा ले मैं भी इसलिए इस फाइटर को हरियाणा से लाया हु पहलवानी करती ह ये” आदमी का इशारा देख सुरेश ने देखा की एक 6 फिट की लड़की उस आदमी के पीछे से आगे आ गयी …और उसे देखने के लिए सुरेश को भी गर्दन हलकी सी ऊपर करनी पड़ी और मू से इतना हे निकला “डायन”

इधर शिवानी बस पार्टी को देख रही थी तभी उसे अपने कंधे पर किसी का हाथ महसूस हुवा और उसने पलट कर पीछे कड़ी लड़की को देखा और सवालिया नज़रो से उसे घुरा

सुरेश आदमी से “ देख भाई ट्रायल मई करे तोह ाचा रहेगा फोकट मई तमाशा नहीं छठा ह अपुन”

आदमी “टेंशन मत ले बस थोड़े से मज़े honge”itna कह वो अपनी पहलवान और शिवानी की तरफ मुस्कुराते हुवे देखने लगा

इधर उस पहलवान ने शिवानी को कंधो पर थोड़ा सा उंगलियों का प्रेशर भधय…

वंही ऊपर बने विप काबिन्स मई से एक मई कुछ निघाये उन दोनों की तरफ हे देख rahi…ki आगे क्या होने वाला ह…

निचे शिवानी ने मुड़कर उसकी तरफ देखा

उस पहलवान लड़की ने कहा “ चोरी हड़िया टूट jaangi…phool जैसी ह तू रिंग मई न मिल जइयो”

इतना कह वापस मुड़कर आदमी के पीछे कड़ी हो गयी सुरेश ने आदमी को कहा “ तू गलत जगह भीड़ गया ह बेस्ट ऑफ़ लक” फिर शिवानी के पास आकर हमे उस तरफ जाना ह”

इतना कह उसने शिवानी को अपने साथ लिया और लड़के लड़कियों के बिच से गुजरते हुवे एक दरवाज़े के आगे पंहुचा जंहा दो बाउंसर्स परफेक्ट ऑउटफिट मई खड़े थे जिन्हे सुरेश ने अपना कार्ड दिखाया तोह बाउंसर्स ने उसे अंदर जाने दिया..

सुरेश “ अब दिखता हु तुझे असली जगह इस जगह बैटिंग होती ह मतलब पैसा लगता ह यंहा एक रात मई लोग करोड़पति तोह रोडपति बन जाते ह”

शिवानी जैसी हे उस पतली गली से आगे पहुंची तोह वंहा शिवानी को बड़ी सी रिंग दिखाई दी जंहा मारो मारो की आवाज आरही thi…aur

शिवानी की निघाये रिंग मई गयी जंहा दो फिघ्टर्स हाथ मई नाइफ लेकर लड़ रहे थे

सुरेश “ रियल फाइट होती ह एक हे जिन्दा बचेगा चलो हमे रजिस्ट्रेशन करवाना ह”

सुरेश शिवानी को लेकर रजिस्ट्रेशन काउंटर के आगे आया और बोलै “ शिवानी”

सामने से एक नंबर रिसिप्ट मिली

सुरेश ने शिवानी की पीठ पर मिला हुवा वो नंबर चिपका दिया और बोलै “ टाइम हो गया ह हमे जल्दी पहुंचना hoga…aur साथ चलते हुवे बोलै वो देख वो दिख रही ह न है वही रेड ड्रेस वाली वो हे छोटी मेमसाहब ह जिनका बॉडी गॉर्ड तुम्हे बनना ह”

शिवानी की नज़र उस तरफ गयी तोह वो उस लड़की को देखती रह गयी और उसकी आंखे सिकुड़ती चली गयी फिर वो नज़रे हटाकर दूसरी सुरेश के पीछे पीछे फिघ्टर्स ड्रेसिंग रूम की तरफ आगयी

सुरेश “बेस्ट ऑफ़ लक याद रखना यंहा एक हे रूल ह सामने वाली की मौत हे तुम्हारी जीत ह”

शिवानी ड्रेसिंग रूम की तरफ गयी तोह वंहा पर उसे बहुत साडी फाइटर दिखाई दी …और उसे दिखाई दी सीढ़ियों से अति हुवी छोटी मेम साहब और रओ इंडस्ट्रीज का युवराज जो आकर बोलै “ तुम क्या थी इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता ह यंहा …यंहा एक हे रूल ह एक हे जिन्दा बचेगी वो हे जीतेगी इसलिए जो जाना चाहे वो अभी हे वापस जा सकती ह क्योकि 5 मिनट के बाद दुबारा मौका नहीं मिलेगा ये सब सुनकर कुछ फिघ्टर्स ने कुछ पल सोचा और वंहा से चली गयी अब पीछे 10 फाइटर हे बची हुवी थी..

रओ इंडस्ट्रीज का युवराज “ तोह अब तुम दस हो जो जीतेगा वो मेरी बहन की बॉडीगॉर्ड बनेगी उसे 1 कर इयरली पैकेज मिलेगा प्लस उसे यही रहना होगा यही कॉन्ट्रैक्ट की कंडीशन होंगी खाना पीना रहना सब हमारी जिमेदारी होगी ”

कुछ और बाते कह वो अपनी बहन के साथ चला गया पीछे मैनेजर ने लिस्ट बनायीं और कौन किसके अगेंस्ट फाइट करेगा …

कुछ दिएर बाद फाइट सूरी हुवी जंहा दो फाइटर रिंग मई आयी और एक दूसरे से फाइट करने लगी

निचे शिवानी आराम से फाइट देख रही थी ….कई और फाइट हुवी फिर शिवानी का नंबर आया और शिवानी उठकर रिंग की तरफ जाने लगी जबकि उसके सामने वाली फाइटर एक जम्प के साथ रिंग मई आगयी और रिंग मई कड़ी होकर उसे घूरने lagi…aur शिवानी के रिंग मई एते हे बोली.. “तेरी मौत बहुत बुरीई” अभी उसने पूरी बात भी नहीं बोली थी की एक किक उसके मू पर लगी और वो फाइटर साइड मई जाकर गिरी …उस फाइटर ने जल्दी से खड़े होने की कोसिस की पर उसे पहले हे उसके मू पर एक घुटना पड़ा और वो वंही मू से खून थूकती हुवी लेट गयी भीड़ का शोर एक हे पल मई शांत हो गया और चारो तरफ शांति चाह गयी…

और निचे सुरेश का मू खुला हुवा था और मन हे मन चीख रहा था की सिर्फ 20 सेकंड और इसने उसे लेता दिया आखिर ये चीज क्या h…shiwani के रिंग से निचे एते हे सुरेश उसे पानी देता हुवे बोलै “ 20 सेकंड मई लेता दिया”

शिवानी कुछ नहीं बोली और पानी पीती रही …ऊपर बैठी रॉय इंडस्ट्रीज की छोटी मेम साहब जिसका नाम था नैना रॉय उसकी आँखों मई एक अलग हे आग दिख रही थी …फाइट धीरे धीरे आगे बढ़ती गयी और शिवानी सबको अपनी स्किल्स से सबको लेटती rahi…ab अगले दिन फाइनल फाइट होने वाली थी जो शिवानी और साउथ की मार्टिकल फाइट एक्सपर्ट नित्य के बिच होना था..

राज साइड इन प्लेन….

शेरदिल - अब अगर तू नहीं बोलै तोह अश्वनी बहुत पिटेगा मुझसे

Aish(ashwani) - तेरी हरकते देख एक बात कन्फर्म ह तू पैदा उल्टा और जल्दी मई हुवा था

अश्वनी की बात सुनते हे एटर्निटी खिलखिलाकर हंस पड़ा..

तोह शेरदिल की गुसाई से सांसे फूल गयी और उसे ऐसे भड़का हुवा देख कर अश्वनी बोलै “साबरा कर यार तू तोह शेर की तरह खाने को तैयार हो गया …”

फिर अश्वनी ने आगे कहा… “ -20 डिग्री की रात थी चारो तरफ बर्फ की चादर थी आसमान मई टारे चमक रहे थे पर मुझे नहीं दिख रहे थे वो अलग बात thi…kyo की मेरी ठुकाई हुवी थी न तोह आंखे सूजी हुवी थी” अश्वनी की बाते सुनकर शेरदिल लाल पीला हो गया तोह एटर्निटी फिर जोर से हंसपदा और बोलै “ बरोथेर सॉलिड रहा कैर्री ों”

अश्वनी “ बैठ जा यार तू शांति रख देख फील कर तभी तू मेरी बात मेरे इमोशन समझेगा तोह है हम कान्हे थे…”

एटर्निटी “ मेरी ठुकाई हुवी थी और आंखे सूझी हुवी थी”

अश्वनी “ हां …मेरी ठुकाई हुवी thi..matlb हो हे रही थी सेल ने नंगा करके आइस पर लेता दिया था मतलब पटक रखा था और मरे जा रहा tha….mujhe पूरा यकीं था की राज आएगा पर उसे जायदा यकीं था की तब तक मैं मर जाऊंगा … पारर”

शेरदिल “ क्या पारर आगे बोल न”

अश्वनी मू बना कर “ फील कर बिच मई टोक मत अब सून अचानक उस कमांडर के हाथ रूक गए और जब तक मैं देखने की कोसिस करता की क्या हुवा … गाड़ियों की लाइट बंद होने लिख bhadak….bhadak की आवाज आयी और शीशे टूटने की आवाज हुवी aur….bole तोह ब्लैक ब्लैक हो गया sab…sara माहौल शांत हो गया ….जैसे भूत की मूवीज मई होता ह ….”

शेरदिल “ फेंक मत सुच बोल”

अश्वनी “ सच मई मुझे बस कमांडर की आवाज आयी की कौन ह देखो पर वंहा एक के बाद एक टूटने की आवाजे हे आयी और चारो तरफ फिर शांति चा गयी… कमांडर ने मोबिल की लाइट जला कर इधर देखा पर उसे मेरे सिवाए उसे कुछ दिखाई नहीं दिया … पर हर बार उसे एक चिक सुनाई देती रही और उसकी दिल की धड़कन तेज़ी से धड़कती रही ….वो गुसाई से चीखा …

काममन्दिर “अगर तू सामने नहीं आया तोह तेरा इस साथी को मरने मई मुझे एक पल नहीं लगेगा”

पर उसकी आवाज सुनकर भी कोई सामने नहीं आया तोह उसने गन से एक गोली फायर कर दी जो मेरे सर के करीब आइस मई लगी आइस ke…aur काममन्दिर दुबारा से चीखा “ आखिरी बार बोल रहा हु सामने आ या इसे मरते हुवे देख”

और इस बार तोह मुझे भी लगा शेरदिल की मैं तोह गया… और गन को अपने सर की तरफ देखा तोह लगा यमराज ऊपर से रवाना भी हो गया होगा मेरे लिए मैंने आंखे बंद कर्ली और अपनी मौत को महसूस करने लगा की साला काना ठोकेगा गोली बस कानिया न बना de…par पर

….. तभी फायर की एक साथ कई आवाज आयी और एक के के बाद एक कई पैरो की आवाज हुवी और मैंने एक आंख खोल कर देखा की आखिर हो क्या रहा तोह मुझे दिखाई दिया कमांडर के सीने मई चार नाइफ धंसे हुवे थे और गन खली हो चुकी thi….aur मुझे दिखाई दिया यमराज का रियल फेस ी मैं राज का फेस ….जो मेरी तरफ देखता हुवा आगे जा रहा था … और शेरदिल फर्स्ट टाइम ऐसा लगा की सवियर होता ह और वो मेरे तीख सामने सजा रहा था …

शेरदिल “ सेल तड़का मत मारा आगे बोल साफ़ साफ़”

ैश्वनी “वही बता रहा हु तू बढ़ता बहुत ह फील हे नहीं करने देता फ्लो को अब सून राज ने उसे एक हाथ से गर्दन पकड़कर ऊपर उठा रखा था .. और उसे बोलै

राज “ मैंने तुझे कहा था की तेरी मौत बहुत बुरी होगी “

अश्वनी कुछ पल रुका और फिर आगे बोलै “ पर पता नहीं अचानक हे उसे क्या हुवा उसकी आवाज भरी होगयी और वो फिर कुछ और हे बोलने लगा..

एटर्निटी “ कुछ से क्या मतलब चिनेसे बोलने लगा क्या”

अश्वनी “ अरे nahi…yaar वो गुसाई से बोलै …रविंदर सिंह मेरी माँ का अपना ह और तूने उसे शॉक दिए उनकी यादास्त तक भुला दी ये कहते कहते उसने कमांडर को निचे पटका और आइस व्हीकल के अंदर से बैटरी लेकर आगया …और तोह और वायर निकलकर उसने अपने हाथ से जोड़ दिया ऐसा लगा जैसे उसे करंट से फर्क हे नहीं पड़ता ह जबकि साफ़ पता था की करंट का शॉक कैसा होता ह ..और जब उसने आगे वाले दोनों वायर काममन्दिर के सीने मई धंसे नाइफ से लगाए तोह वो कमांडर थार थार कांपने लगा शॉक से ..और ये सब भी छोड़ो वो मुझे देख कर बोलै …एक गोली से तू ऐसे पड़ा ह जैसे मर गया ho..tu भी राज की तरह ह बेकार.. ये सुनकर तोह मुझे रोना हे आगया यार मतलब गोली खायी लाइफ का रिस्क लिया और मुझे बोलता ह मैं बेकार हु मैं साला इज़्ज़त का कचरा कर दिया सोचा था ठांस वांका कहेगा पर कचरा …पूरा वर्ल्ड मुझे जनता ह …

शेरदिल “ तू मन छोटा मत कर मुझे भी बोलै ह उसने बेकार धरती पर भोज ”

एटर्निटी “ और मुझे तोह पिता भी था उसने”

अश्वनी “ hmmm…isiliye नहीं बता रहा था की कल रात क्या हुवा”

शेरदिल “ कोई न आगे बता”

अश्वनी “ आगे क्या होना था आगे ववे हुवा मतलब वो उसे करंट के शॉक देकर सटिस्फीएड नहीं हुवा तोह उठा उठाकर पटकने लगा और एक हे बात पूछता रहा किसने दिए तुझे पैसे रविंदर सिंह के साथ ऐसा करने के लिए …वैसे एक बात बता शेरदिल ये रविंदर सिंह आखिर लगता क्या ह राज का जिसके लिए वो इस हद तक गया ..

शेरदिल “ वो राज का होने वाला ससुर ह”

ये सुनकर अश्वनी गहरी सांस छोड़कर बोलै “ माँ की आंख लोग बीवी के लिए क्या कुछ नहीं करते ह ये सिर्फ सुना tha…par आज देख भी लिया की बीवी के लिए लोग दुनिया की सबसे खूंखार जेल को भी तोड़ देते ह

उसकी बातसुन्कर एटर्निटी और शेरदिल मुस्करा दिए…

शेरदिल “ इसके अलावा एक वजह और भी ह की पास्ट मई राज के मम्मी पापा और मेरे पापा को किसने मारा और क्यों मारा ये भी जानना ह जो रविंदर अंकल हे बता सकते ह…

अश्वनी “ पता ह यार लाइफ मई लगा अब कोई गोआल हे नहीं बचा ह पर अब एक और गोआल मिल गया ह अब इस लड़ाई मई मैं भी तुम्हारे साथ हु ..और तू मुझे फाइट सिखाएगा मैं सबकी फाड़ दूंगा”

शेरदिल “ तू सन्ति मत हो अभी तीख नहीं हुवा ह और फाइट तू गुरूजी से हे सीखना उन्होंने हे राज को फाइट सिखाई ह”

अश्वनी “ यार ये राज ने कौनसा लिक्विड पिलाया ह मुझे बहुत ाचा महसूस कर रहा हु जैसे तीख हो गया हु ये देख” इतना कह वो उठकर बैठ गया

शेरदिल “ भाई ये उसके अंदर एक शख्स और बैठा ह वो बनता ह और उसे तू मिला हे था जिसने तेरी इज़्ज़त का कचरा कर diya…tu रेस्ट कर अभी हालाँकि तूने पूरी बात नहीं बताई मुझे”

अश्वनी मुस्कुराकर“ फिर बता दूंगा”

इधर राज को एक बार फिर बेचैनी महसूस होने लगी और उसका दिल धड़कने laga..raj तुरंत वंहा से एटर्निटी के पास आया ..

एटर्निटी “ क्या हुवा”

राज “मंडावा राजस्थान की सॅटॅलाइट इमेज निकल सकता ह”

एटर्निटी “ फ्लाइट मई मुश्किल ह क्योकि बहार मौसम ख़राब ह”

राज ये सुनकर परेशां हो गया..

और सोचने लगा..

शेरदिल “ वो सब उदयपुर शिफ्ट हो रहे ह हवेली मई सब तीख ह यार और फिर लक हमरे साथ ह अश्वनी के रूप मई क्यों ऐशबरो “

ऐश मुस्कुरा दिया

राज “ पता नहीं दिल बैचैन हो रहा ह तू उतारते हे सबसे कांटेक्ट करना”

शेरदिल “ तीख ह भाई”

राज “ मैच कितना टाइम लगेगा”

मैच “ कुछ ऑवर और लगेंगे जयपुर के राज फिर उदयपुर जायेंगे”

राज ने कुछ नहीं कहा और रविंदर सिंह की तरफ देखने लगा जो ड्रिंक कर रहे थे राज के दिल मई क्या चल रहा था ये तोह सिर्फ वही जनता था और उसका घबराना गलत भी नहीं tha…kyoki खतरा तोह था और बहुत बड़ा जो उदयपुर की तरफ बढ़ता आरहा था ….

एक के बाद एक अलग अलग डिस्ट्रिक्ट से तोह कोई स्टेट से गुजरात से पंजाब से रॉय ग्रुप के गुंडे उदयपुर की तरफ बढ़ रहे थे …

अभय “ तुम कन्फर्म हो अज्जू”

अज्जू “ कन्फर्म हु सरे लिस्टेड क्रिमिनल ह और कुछ तोह इंटरनेशनल लिस्टेड ह ..मतलब साफ़ ह वो बचो के लिए आरहे ह जैसा तूने कहा था”

अभय “ चीफ सर को बोल दिया ह उनको लेट करे ….ताकि वो पुलिस के दर से जल्दी न पहुंचे और हम और तयारी कर ले”

अज्जू “ उन्हें कह दिया ह पर उन हरामियों को पता था इसलिए बंगलोरे और दिल्ली मई बम ब्लास्ट कर दिए ह ताकि सबका मंद उधर हे लगा रहे और होम मिनिस्टर सर ने भी चीफ सर को रॉ का सपोर्ट करने को कहा ह फिर भी उन्होंने अपने खास ऑफिसर्स को कह दिया ह डरने वाली बात नहीं ह जायदा”

अभय “ नहीं अज्जू ये युद्ध बहुत बड़ा ह और आगे जो होने वाली ह वो आगे होने वाले महा युद्ध की एक झलक ह वो जो आरहे ह वो सोच से जायदा खतरनाक ह …पर हम लड़ेंगे और इस बार जो पिछली बार हुवा पास्ट मई वो हम नहीं होने देंगे क्योकि ये अब हमारा परिवार ह ….”

अज्जू “ तू कुछ छिपा रहा ह सच बता”

अभय “ तू बस नज़र रख और मेरी बहन का ख्याल रख …उन सबको मैं देख luunga..tu उनसे नहीं लड़ पायेगा”

अज्जू सीरियस होकर “ क्या मतलब ह तेरा तू फिर हीरो बनने चला ह क्या ….” इतना कह उसने श्रुति को आवाज मरी “श्रुतीय”

अभय “ तू समाज ये कोई आम फिघ्टर्स नहीं ह” उसकी बात अधूरी हे रह गयी क्योकि श्रुती बिच मई बोल गयी…

श्रुती “ तू फिर से उल्टा सीधा करने की कुछ भी सोचा तोह देख लेना..”

अभय “तू भूल गयी हमारी कसम को मेरी बातो को …वो लोग आरहे ह …”

श्रुति “ वो लोग आरहे ह क्या मतलब”

अभय “ स्कॉर्पियन ट्राइब के मेंबर आरहे ह और इस बार उनका लीडर भी साथ ह उनके एक साथी को म्यांमार चूका हु पर अभी भी चार बाकि ह और चार का मतलब तू जानती ह”

श्रुति “ ठाकुर साब को बताया”

अभय “ नहीं पर गुरूजी को पता ह और उन्होंने हे मुझे कहा ह की कुछ भी हो जाये बस बचे उनके हाथ न लगे वर्ण ये युद्ध हम हार जायेंगे …मुझे नहीं पता की उन बचो मई ऐसा क्या ह पर उन्होंने जो मुझे दिखाया और बताया ह वो मैं तुझे समझा नहीं सकता हु पर अगर वो बचो को ले गए तोह सब ख़तम हो जायेगा”

श्रुति और अज्जू कुछ नहीं बोले पर तीनो हे जानते थे की आगे क्या होने वाला ह…

इधर सुनील भीमा से लगातार टच मई था क्योकि पूनम राजस्थान मई एंटर करके उनके पास पहुंचने वाली थी…

सुनील अपने पास कड़ी मनीषा से “ तुम्हे पता ह न क्या करना ह”

मनीषा “ पूनम मेरी बेस्ट फ्रेंड और इस घर की होने वाली बहु ह मैं उसे कुछ नहीं होने दूंगी”

सुनील “ चाहे कुछ भी हो जाये अगर हम हारते दिखे तोह बस तुम पूनम को लेकर चली जाना अज्जू और श्रुति के पास ..हमे गुरूजी के आदेश का हर हाल मई पालन करना ह”

मनीषा ने कुछ नहीं कहा और है मई गर्दन हिला दी उसकी चिंता देख कर सुनील बोलै “ वैलेंटाइन राइडर को मरना इतना आसान भी नहीं ह”

ये सुनकर मनीषा के चेहरे पर हलकी मुस्कान आगयी और ये मुस्कान बताती थी की वैलेंटाइन राइडर के बारे मई वो सबकुछ जान गयी हो

एक दिन पहले…

ठाकुर जगमाल सिंह और गुरूजी बात कर रहे थे तब मनीषा चुपके से सब सुन रही थी

ठाकुर साब “ गुरूजी आपको तोह सब पता ह आपसे क्या छिपा ह”

गुरूजी “ पुत्र जगमाल मैं सिर्फ भविस्य की धुंधली झलक देख सकता हु”

ठाकुर साब “ मतलब युद्ध होकर रहेगा”

गुरूजी “ पुत्र जितनी मेरी समाज ह युद्ध की घडी आ चुकी ह और इसमे हमरी हर भी दिख रही ह ..और हमारी हार का मतलब मित्यु ह”

ठाकुर साब “ तोह हमे यंहा से चले जाना चाहिए”

गुरूजी “ नहीं पुत्र इस बार नहीं जा सकते ह वो चारो तरफ से आरहे ह और उनकी तादात भी बहुत जायदा ह तुम तोह बस इस पल को खुसी से jiyo…aur सबको खुस रखो वैसे मैंने मनीषा के गर्भ मई आने वाले इस परिवार के राख्षक के अंश को महसूस किया ह”

जगमाल सिंह ख़ुशी से “ सच गुरुदेव”

गुरूजी “ जल्द हे तुम्हे पता लग जायेगा पर अभी जाओ और जो यंहा आयी ह उन्ही मई से एक अभय की और शेरदिल की अर्धांग्नी बनेगी जिन्हे खुद निर्वाण ने चुना ह वो भी ये युद्ध लड़ेगी कंधे से कन्धा मिलकर….”

मनीषा ये सब सुनकर वंहा से चल कर हॉल मई आगयी जंहा

Neha…acp की बेटी

प्रीती कॉलेज प्रिंसिपल

शालिनी बॉक्सर और अनु मां की लड़की

जैस्मिन मार्टिकल आर्ट्स स्टूडेंट

श्वेता ..कविता ममता और जैस्मिन और रिफत शेरदिल की बहन रिंकी सब गप्पे मर रही थी…

मनीषा मन मई “ राज किसी पसंद कर सकता ह जो बिना शादी के उसकी होकर रहेगी….” वो कहते हुवे सबको देख रही thi…par उसे कुछ समाज नहीं ारः था..

जबकि साडी लड़किया खिलखिलाकर बास्त कर rahi…thii

नेहा “ अरे ये (jasmin)raj की स्टूडेंट ह उसने क्या मोटीवेट किया था की लूज़र से फाइटर और अब तोह गुरुकुल की स्टूडेंट भी बन गयी ह”

जैस्मिन “ मुझे क्या इस शालिनी को देख ये भी तोह बॉक्सिंग मई नेशनल्स मई सेलेक्ट हो गयी ह और इसे भी तोह अब गुरुकुल मई एडमिशन मिल गया ह”

प्रीती “ अरे ये तोह मरती थी राज पर पता लगा उसकी तोह तीन बीविया पहले से हे फिक्स ह तोह बेचारियो का आज दिल टूट गया”

ये सुनकर सब खिल खिलाकर हंस पड़ी ..

श्वेता “ अरे अरे धीरे धीरे शुक्र मनाओ हिटलर भाभी सोनाली यंहा नहीं ह वर्ण वो गोली मरती पहले और बात करती बाद मई वो सिर्फ राज की जान को खतरा ह कुंडली ेट्स की वजह से हे मणि ह बाकि दो के लिए वर्ण राज के पास कोई भी पसंद नहीं ह …ऊपर से राज के दो बचे ह बिना शादी के हे राज के लिए सोच सोच कर मैं पागल हो रही हु की राज भाई कैसे पीटेंगे बी गॉड मूवी से जायदा मजा आएगा…”

प्रीती “ राज इतना डरते ह सोनाली से”

कविता “डरते नहीं ह बस पिट ते जरूर ह और सुनील भाई भी”

ममता “ वो सब छोड़ो सबसे जायदा दर तोह इसी को लगता ह क्यों श्वेता”

श्वेता “ बाप रे बाप …बहुत खतरनाक भाभी ह वो दिख जाये तोह मेरी हालत ख़राब हो जाती ह तुम सब भी बच के रहना अगर एक बार उनकी नज़र मई चढ़ गयी तोह फिर तुम्हे कोई नहीं बचा सकता ह उनके हाथो से वैसे केयर भी बहुत करती ह”

प्रीती “ हम्म्म”

श्वेता “ वैसे मैंने देख रही हु आप राज भाई की बात बड़े धयान से सुन रही ह क्या बात ह कुछ चल तोह नहीं रहा ह न”

और उसकी बात सुनकर वो शर्मा गयी…

और मनीषा के दिमाग की घंटी बज गयी वो भी सबके पास आगयी और बोली … “ बहुत खिलखिलाकर हंस रही हो”

कविता “ आपके बेस्ट फ्रेंड आपके लादले देवर की बाते हो रही ह की कितनी कन्याये लाइन मई ह और अब तोह प्रीती मैडम भी लाइन मई लग गयी ह”

और एक बार फिर सब हंस पड़ी तभी सबको कृति अति हुवी दिखाई दी…

श्वेता “ ये लो सबसे बड़ी कॉम्पिटिटर आगयी भाई की सबसे खास ह बोले तोह फिर ईशर करके इतनी खास”

और सब दुबारा हंस पड़ी …

कृति पास आकर “ पक्का मेरी चुगली करि होगी..

मनीषा नौगहत्य स्माइल बनाकर“ नहीं ऐसा तोह नहीं ह वो तोह कह रही थी की स्कूल मई काफी करीब से ख्याल रखा ह राजका”

और कृति आंखे बड़ी करती हुवी मनीषा चुम्म्म्म

कविता “हां हां बोलो बोलो”

रिंकी “ कृति सच मई ”

मनीषा “ अरे रे ये कौन बोली इसकी मैं बताती हु हरकते”

रिंकी “ ी किल यू कामिनी चुप रहा” और उठकर मनीषा की तरफ चली की बाकि लड़कियों ने पकड़ लिया

मनीषा “ ये मैडम तोह फुल गेम खेल गयी थी पर बेचारी कोई सुहागरात नहीं मन पायी और आधी प्यासी रह गयी और बाज़ी मर गयी थी मधु मम जिन्होंने सुहागरात भी मनाई और दो निशानी भी ले ली एक हे बार मई”

और ये बात सुनकर सब रिंकी के मज़े लेने लगे की क्या किया बता न

सब आपस मई बात कर रहे थे …इधर स्कॉर्पियन ट्राइब के सरे मेंबर उदयपुर मई पहुंच चुके थे…

डेथ हेलो “ सिक्योरिटी मई उनके नाईट शैडो वारियर्स लगे हुवे ह और पुलिस का भी कड़ा पहरा ह”

लीडर “ अपने सामने सभी को देखते हुवे तुम सब को यंहा क्यों बुलाया ह पता ह हमारा टारगेट फिर पूनम की और बचो की फोटो दिखा कर ये लड़की और ये दोनों बचे ह जिन्हे जिन्दा धयान se.mere पास लाना ह देख लो दोनों की फोटो बाकि कोई जिए या मरे मुझे फरक नहीं पड़ता ह …पैसा 100 कर उसके ग्रुप को मिल जायेगा जो इन दोनों मई से कोई भी टारगेट पूरा कर लेगा लड़की या दोनों बचे बिना खरोच के और अगर मुझे मिले दोनों मई से कोई भी तोह 5 - 5 कर पूंछो ग्रुप को मिलेगा … हेल्प करने के liye…phir डेथ हेलो से डेथ हेलो तुम्हारा काम इतना ह बहार से कोई सपोर्ट नहीं मिले पुलिस .. कम्युनिकेटिव सब थप kardo…aur हमारा वेट करो

डेथ हेलो “ लीडर जैसा आप कहे”

लीडर की बात सुनकर एक बार डेथ हेलो ने अपने सामने खड़े अपने आदमियों को लिया और चला gaya…uske जाने के बाद लीडर ने अपने 2 साथियो से कहा …तुम्हे उनके शैडो वारियर्स को मौत के घाट उतरना ह

दोनों मेंबर्स ने कहा उनकी औकात लीडर एक कीड़ो से जायदा कुछ नहीं ह…

लीडर “ वो चूहा भी होगा जो पिछली बार बच गया था क्योकि एक बात मेरा दिमाग बार बार कह रहा ह वो chuha(narpat)bhi यही हे होगाऔर इस बार हमारे बिच कोई नहीं आसक्त ह …क्योकि इस बार मई स्कॉर्पियन ट्राइब का कॉम्बैट सूट साथ लेकर जाऊंगा और दिखाऊंगा की कैसे बचेगा ये सब कीड़े सिर्फ मरने के लिए हे h….bus आज की रात और फिर कल की रात मौत की रात hogi…tum सब उदयपुर को एक अभेद घेरे मई बदल दो जिसे न बहार जा सके और न अंदर कोई उसके”

सब ने है कहा और निकल गए लीडर बस कल का दिन ह तुम्हारे पास..

आज के लिए इतना हे

अपकमिंग..

स्पोइलर....

“ मैं वैलेंटाइन राइडर जो अपनी कसम के लिए जीता हु और मेरे जीते जी तू इसे नहीं ले जा सकता ह” ये कहते हुवे उसने तेज़ी से जम्प के साथ एक किक मरी पर लीडर ने एक हाथ इसकी ब्लॉक करि और एक किक उसकी चेस्ट पर मार दी और वैलेंटाइन राइडर पीछे जाकर कई फ़ीट दूर घसीटा हुवा गिरा…

लीडर “इतनी मसर खा चूका ह फिर भी कोसिस कर रहा ह वो देख तेरे साथी को कैसे पिट रहे ह”

वैलेंटाइन राइडर ने गर्दन घुमा कर देखा तोह अभय दोनों स्कॉर्पियन ट्राइब के मेंबर्स से अकेला भीड़ हुवा था पर दिख रहा था की वो बस मार खा रहा ह और बुरी तरह खून से लेथ पथ ह हवेली के चारो तरफ लाशो के ढेर थे और शैडो वारियर्स लड़ रहे थे….

वैलेंटाइन राइडर “ क़ुरबानी हमारे खून मई ह पर तू इसे नहीं ले जा पायेगा चाहे हम सब हे क्यों न मर जाये”

वैलेंटाइन राइडर खून से बुरी तरह लेथ पथ था और कुछ नहीं कर सकता था क्योकि लीडर की पावर कॉम्बैट सूट पहनने के बाद बहुत जायदा बढ़ गयी थी….

और अबकी बार उसने किक मरी तोह राइडर जमीन पर गिर पड़ा और उठने की हीमत मई हे न रहा ….

लीडर ने पूनम को देखा और उसकी तरफ चल पड़ा …पूनम जो अकेली कड़ी थी वो सबकुछ जो हो रहा था उसे समझने की कोसिस कर रही थी उसके बगल मई नरपत सिंह अधमरे पड़े थे था….

लीडर “ ये सब मर चुके ह और तू चलेगी अब मेरे साथ” इतना कह उसने पूनम के बालो को पकड़ा और जैसे मुड़ना चाहा वो मूड तक नहीं पाया उसने पूरी कोसिस की पर वो हिल तक नहीं पाया और उसे उसके कान मई आवाज सुनाई दी बेहद ठंडी पर दरवानी जिसने उसकी रूह को भी कम्पकम्पा दिया “ बेटी को ले जाने से पहले बाप से पूछा क्या” और वो लीडर एक झटके से पीछे उड़ता हुवा जाकर

गिरा …

और एक तेज़ सीटी की आवाज आयी …

अश्वनी “ क्या एंट्री मरी ह बॉडी मई संसातिओं आगयी … “बेटी को ले जाने से पहले बाप से पूछा क्या”

माँ की आंख मुझे भी जोश आगया ह “ मेरे दोस्त की फॅमिली को हस्त लगाने से पहले मुझसे पूछा क्या” अब मरूंगा सालो को ये कह उसने अपने दोनों हाथो मई गन निकल ली और बोलै कोई जिन्दा नहीं बचना चाहिए h…aur एक के बाद गोलिया फायर kardi…sherdil मैच माइक राज और एटर्निटी भी टूट पड़े और एक घमासान युद्ध चीड़ गया …और राज को आया देख …एक बार फिर सब मई जोश आगया..

 
अपडेट 266

टिक टोक टिक टोक

हॉल मई बैठी सभी लेडीज बातो मई लगी हुवी खिलखिला कर हंस रही थी तभी ऊपर सीढ़ियों से ऋचा अति हुवी दिखाई दी और सबकी नज़र एक एक करके उसकी तरफ gayi…aur उसे इतना तैयार देख कर कृति बोली “ मेरी छोड़ो मुझे तोह पता था की राज मेरे नसीब मई नहीं ह जो मिल जाये उसी मई खुस हु पर ऋचा की किस्मत देखो राज से शादी बचपन मई हे फिक्स हो गयी और स्कूल मई राज भी इस पर प्यार की नदी बहा रहा था”

जैस्मिन “ प्यार की नदी बहा रहा था से क्या मतलब ह”

श्वेता “ मैं बताती हु मैडम गोस्वामी खंडन की इकलौती वरिष्ठ ह तोह पैसो का घमंड चढ़ रखा था उस वक़्त इनके सर पर”

शालिनी “ पर राज तोह खुद बहुत आमिर ह”

श्वेता “ अरे रुको तोह वही बता रही हु … राज ने हमेशा खुद को लौ प्रोफाइल रखा स्कूल लाइफ mai…aur इसने राज से दूरिया बनानी सुरु कर दी अपने दोस्तों के बहकावे मई आकर और लास्ट मई राज को लगभग पूरी तरह अवॉयड हे कर दिया था मतलब उसे पूरी तरह नेग्लेक्ट किया और भाई बेचारे मेरा पयरररर…. मेरा पयररररर करते रहे इसे समझते रहे मानते रहे पर मैडम टास से मासस्स नहीं हुवी”

नेहा “ फिर क्या हुवा”

श्वेता “ फिर क्या होना था मैंने इसे समझाया भी की भाई वो नहीं ह जो तू समझती ह वो तुझसे सच्चा प्यार करते h..jo तू कर रही ह उनके साथ वो बहुत गलत ह जब सचाई सामने आएगी तू puchtayegi…par ये नहीं समझी और मुझसे भी दूर रहने लगी” फिर कृति की तरफ देख कर बोली “कुछ बाते ह जो नहीं बताई जा सकती ह पर उन बातो से मिस अंडरस्टैंडिंग हुवी भाई और ऋचा के bich…bhai ने कहा भी था की जो दीखता ह वो होता नहीं ह सचाई कुछ और हे होती ह पर ये नहीं समझी और ट्रिप पर कुछ बड़ा हुवा था जिसकी वजह से भाई को मैडम ने सबके सामने हे थपड मार दिया था और साथ मई इतना बुरा कहा की बता नहीं सकती hu…aur लास्ट मई गुस्सी के चलते अपने पापा से राज को उसकी औकात दिखने चली थी स्कूल के लास्ट डे पर” तब तक ऋचा भी पास आगयी थी और श्वेता उसकी तरफ देख कर बोली “और पापा के आने पर मैडम को पता लगा की राज के साथ तोह उसकी शादी बचपन मई हे तय हो गयी थी और उसका सारा बिज़नेस राज के पापा की हे वजह से ह इवन उसकी लाइफ भी और रही सही कसार कृति ने मैडम को सचाई बताकर करदी थी फिर मैडम मेंटली डिस्टर्ब हो गयी और फॉरेन चली गयी पर कुछ भी कहो सॉलिड के बैक किया ह मुझे मनाया फिर फॅमिली को अब अपनी दोनों सौतन को मनाएगी फिर राज को तब जाकर इसका रास्ता खुलेगा …और लास्ट मुझे भी बड़ा सा गिफ्ट देकर मानना पड़ेगा क्यों मैडम सही कहा न ”

ऋचा बेचारी ने दोनों हाथ जोड़कर कहा “जो हुकुम नानन्द जी आप सही हो साडी मेरी हे गलती ह और अब आप कहो तोह श्री श्री श्वेता देवी जी के चरणों मई माथा टीकाकार माफ़ी मांगू”

श्वेता सीधी होकर बड़प्पन दिखती हुवी “ नहीं वाटस…. नहीं इसकी जरुरत नहीं ह शवेता ने अपने भाखत को माफ़ किया”

और उसकी इस ओवर एक्टिंग को देख कर सब हंस पड़े …

पर मनीषा जो मुस्कुराती हुवी सबकुछ ऑब्सेर्वे कर रही थी वो मन मई बोली “ राज की लगने वाली ह क्योकि ये तोह साफ़ ह की राज को सब जी जान से चाहती ह और सबको जितना भी जैसा भी प्यार राज से मिले वो ख़ुशी ख़ुशी ले लेंगी पर राज कैसे इन सबको संभालेगा क्योकि काम कोई भी नहीं ह इनमे से और ये भी इनके चेहरे से साफ़ दिख रहा ह मुझे की फिजिकल रिलेशनशिप भी जरूर होंगे राज के साथ इनके हम्म्म राज तुम बहुत बुरा फंसोगे एक दिन”

श्वेता धीरे से कविता के कान मई “ देख लेना भाई आएंगे तोह ये साडी कैसे लड़ेंगी”

कविता “ मज़ा आने वाला ह babe…ek सीकर और सीकरी इतनी भाई की लगने वाली ह मैं तोह स्टार्ट से हे यही नोटिस कर रही हु अब तोह ये प्रीती और नेहा भी ह वैसे एक मैडम निशा का भी जिक्र हुवा ह हे हे हे अपने तोह प्रॉफिट हे ह babe..par इनसे पहले हम नहीं छोड़ेंगे भाई को बहुत मरने वाली हु”

श्वेता “ में तू कसम से इतना मरेंगे की डॉ को समाज नहीं आएगा की पहले ट्रीटमेंट कहा से सुरु करू”

ऋचा “तुम दोनों को क्या हुवा क्या सीक्रेट शेयर कर रही हो …वैसे वो राजघरने और बुसिनेसस्मेन्स आने वाले ह उदयपुर ke…kriti तुमसे मीटिंग करना चाहते ह”

कृति “ है जेनिफर ने बताया मुझे नाईट का अपॉइंटमेंट दिया ह सेवन स्टार होटल का प्रोजेक्ट डिसकस करना चाहते ह”

मनीषा “ गुड”

कृति “ ओह्ह गुड मतलब मालकिन जग गयी ह”

मनीषा “ शट उप… ये तुम्हारी हे हार्ड वर्किंग ह हम होटल इंडस्ट्री मई आरहे ह”

कृति “ थैंक यू थैंक यू ..वैसे प्रीती राज ने कहा था की ंप मई कॉलेज लिया ह”

प्रीती “ है छोटी स्टोरी ह उसके पीछे भी बूत यस राज ने लिया ह”

कृति “ ी क्नोव मैंने उसे टॉप क्लास लेवल का बनने के लिए प्रोजेक्ट तैयार कर लिया h…aur वंहा से डायरेक्ट हायरिंग सिंह ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज करेगी स्टूडेंट्स की जल्द हे तुमसे जेनिफर कांटेक्ट करेगी”

ये सुनकर नेहा प्रीती जैस्मिन शालिनी बहुत खुस हो गयी…

मनीषा “ वैसे गुड न्यूज़ ह सुनील बता रहे थे की शेरदिल के लिए लड़की पसंद कर ली ह”

ये सुनते हे सभी एक साथ शॉक होकर “ ककककयाआ…. Kaise….Matlb कौन ह वो जो शेरदिल भाई की वाइफ बनेगी”

मनीषा के चेहरे पर बड़ी सी मुस्कराहट आगयी और वो जैस्मिन की तरफ देखने लगी और उसे अपनी तरफ देख जैस्मिन को लगा बहुत बड़ा शॉक ….और वो सबको घूरता देख कर देख कर बोली “ नननहीइ ये मज़ाक ह”

मनीषा “ मज़्ज़ाक़...” फिर उसके कंधे पर हाथ रख कर “नहीं ये बिलकुल सच ह टेंशन मत लो शेरिल मेरे देवर भी काम नहीं ह ..तुम्हारी जोड़ी खूब जमेगी …सिंपल सरल और लड़कियों से दूर हे रहते ह वो… तुम्हे देखने मई हे उसके हाथ पाँवफूल जाये गए और तुम्हारे पापा ने नहीं बताया तुम्हे बहुत अचे ह शेरदिल”

कविता “ यस”

रिफत “ भाभी आप टेंशन मत लो वो कुछ भी कान्हे तोह मुझे बोलना मैं पिट दूंगी भाई को”

कविता” वैसे शेरदिल भाई के सामने भाभी हलकी नहीं लग रही h…suhagrat को हे हालत ख़राब करदेंगे”

ये सुनकर सब हंस पड़े तोह जैस्मिन शर्मा गयी और गर्दन निचे कर्ली.

मनीषा कविता के कान पकड़कर “चुहिया बहुत पातर पातर करने लग गयी ह …तेरी शादी पहले करवाउंगी …ममता और रिफत को देख कुछ नहीं बोलती ह”

अनु “ है मनीषा …मुझे भी बहुत तंग किया था राज की गफ समझकर”

ममता “ कविता क्या सून रही हु मैं ये माँ को बताऊ तेरी करतूत”

कविता “ अरे भाभी क्यों पिटवाने की तयारी कर रही हो वो तोह बस मज़ाक था …और अनु दी …आप तोह बोलिये कुछ”

अनु “छोड़ दो मनीषा वर्ण और नौटंकी करेगी ये”

मनीषा “ तुम दोनों घोड़ी जैसे हो राखी हो उछाल कुढ़ काम कार्डो”

दोनों आंखे टिमटिमाते हुवे “ जी भाभी”

और उनकी सकल देख सब एक साथ जोर से हंस पड़ी …

हवेली के बहार…

सुनील “ क्या खबर ह चाचा जी”

भीमा “ वो आज रात हमला करेंगे मुझे पूरा यकीं ह”

सुनील “ अभय कान्हा ह”

भीमा “ वो उन्ही के पीछे गया ह ”

सुनील “ अजय और जानवी”

भीमा “ उन्होंने सरे कक्तव हक कर रखे ह सिटी के और नज़र बनाये हुवे ह अज्जू और श्रुती के साथ”

सुनील “ चाचा जी वो दोनों अभी बचे ह…”

भीमा गहरी सांस छोड़कर कर“ जानवी ने जो पहले देखा और सहा ह उस साई उसे इतनी समाज आगयी ह की क्या हो सकता ह इसलिए वो भी इस लड़ाई मई पूरा साथ दे रही ह”

सुनील “ सही कहा अपने और आगे चलकर वो इस परिवार की एक मजबूत कड़ी बनेगी”

भीमा सुनील के कंधे पर हाथ रखते हुवे बोले “ तुम भी बचे हे थे जब इस लड़ाई मई ए ….तुमने भी अपनी गलतियों से बहुत कुछ सीखा ह …हमारी मौत कब अजय हमे पता नहीं ह इसलिए तुम्हे भी कप्तान को अब माफ़ कर देना चाहिए ह … एक बाप हमेशा अपनी औलाद का भला हे चाहता ह …उसे पता ह की सहदेव भाई के साथियो के साथ क्या हुवा इसलिए वो भी दर गया था …और बस दीपिका की शादी अचे घर मई करना चाहता था …और वैसे भी सब तोह उस मनोहर ने किया था धोखा देकर उसमे उसकी इतनी बड़ी गलती भी नहीं ह…”

सुनील ने कुछ नहीं कहा …पर उसका एक तक सामने की तरफ देखना बता रहा था की वो कुछ तोह सोच रहा था ….

भीमा ने सुनील को गहरी सोच मई देखा तोह आगे कुछ नहीं कहा और वंहा से चले गए …..

सुनील अपनी सोच मई dooba..School मई दीपिका के साथ बिताये पल याद करने लगा ..जंहा दीपिका उसके कान खींच रही थी

“ तोह तू मुझे बेवक़ूफ़ बनाएगा अपनी बहन को उल्लू बनाएगा”

सुनील “दीदी मैंने कान्हा कुछ किया वो राज हे बिना बताये चला गया और मुझे भी साथ मई फांस्वा दिया”

दीपिका “ तुम दोनों मुझे समझते क्या हो”

सुनील “ आप तोह मेरी प्यारी सी स्वीट सी बड़ी दी हो न …प्लीज मेरा कान छोड़ दीजिये गलती उसकी ह”

आह्हः सुनील के सर पर एक थपड पड़ा और दीपिका बोली “ ये कोई बात नहीं होती ह सुनील पहले गलती करो और फिर मानलो”

सुनील दीपिका के हाथपकड़ते हुवे “ मेरी एक हे बहन ह वो श्वेता तोह नकचढ़ी इडियट ह लड़ती रहती ह …आप तोह स्वीट हो क्यूट हो ी लव यू न”

दीपिका “ मुस्कुरा कर गले लगाती हुवी लव यू तू”

सुनील खयालो मई था पर उसके चेहरे पर इस वक़्त मुस्कराहट थी …जो बता रही थी वो आज भी दीपिका को कितना याद करता ह उसकी आँखों मई इस वक़्त एक नमी सी थी जो उसके दर्द को अंदर न दबा पाने की वजह से आँखों मई आंसू के रूप दिख रही थी ..

सुनील ने एक गहरी सांस चौड़ी और कुढ़ को नार्मल करने की कोसिस kari…par उसे पता था की ये दर्द ऐसे हे नहीं जाने वाला था…

“ आपको उनसे मिलने जाना चाहिए ….वो जैसे भी ह आपके माता पिता ह …और उस बहन ने आपको अपने सेज भाई से बढ़कर मन ह एक गलती सबकी माफ़ होती ह”

सुनील तुरंत पीछे पलटा “ Apppp..ap कब आयी …”

मनीषा “ बस अभी जब आपका दुख दर्द आपकी आँखों मई आगया था”

सुनील “ मैं तीख हु वो तोह बस”

मनीषा “राज आपको माफ़ नहीं करेंगे उन्होंने हमेशा एक हे बात कही ह न आपसे की फॅमिली फर्स्ट …ये परिवार नहीं टूटना चाहिए ह ….दीपिका दी को यंहा नहीं देखेंगे तोह वो पूछेंगे नहीं …सोचा ह उनपर क्या बीतेगी आप क्या जवाब देंगे unhe…kaise कहेंगे की आप मिले हे नहीं उनसे”

सुनील “ पर उन्होंने जो किया”

मनीषा प्यार से “ गलती सबसे होती ह तोह क्या एक गलती के लिए हम उनकी साडी आचायी भूल जाये”

सुनील “ पर”

मनीषा “ यंहा से सब ख़तम होते हे आप मम्मी पापा और दीदी को लेने जायेंगे”

सुनील “ राज के साथ जाऊ तोह तीख नहीं रहेगा”

मनीषा हैरानी से देखती हुवी बोली “ आपको दर लग रहा ह उन्हें फेस करने मई”

सुनील “ नहीं”

मनीषा के चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान आगयी और बोली “ कोई बात नहीं दोनों जाना एक साथ पर राज का लगता नहीं ह वो जा पाएंगे क्योकि उनकी गोपियों की लाइन बड़ी हो गयी ह”

सुनील “ पिटेगा वो एक दिन बहुत बुरा मुझसे मेरी तीन बहने काम पद गयी उसे …कमीने की टांग तोड़ दूंगा”

मनीषा “ ख़बरदार जो मेरे राज को कुछ कहा तोह”

सुनील हैरानी से “ मतलब वो जो कर रहा ह मेरी बहनो के साथ वो सही ह”

मनीषा “ मैंने ऐसा कब कहा”

सुनील “ रिएक्शन और सपोर्ट तोह ऐसे हे दिया था उसके लिए”

मनीषा ने कुछ नहीं कहा और फिर कुछ पल बाद बोली “ ऐसे घूरो मत बस मैं इतना कहना चाहती थी की राज पर गुसा मत करो वो हे इतना हैंडसम एक बार तोह मैं भी पसंद करने लग गयी थी”

सुनील “हहहहह क्या कहा …”

मनीषा मुस्कुराकर “ मज़ाक कर रही थी …उसने हमेशा हे मुझे भाभी मन ह” फिर जाते हुवे बोली “ ाचा लगा आपकी जलन देख कर”

सुनील पीछे खड़ा मुस्कुराता रहा पर मनीषा के जाते हे उसकी मुस्कराहट गायब हो गयी क्योकि उसके कान मई लगे एअर पीेछे मई जो इनफार्मेशन आयी थी उसे उसने सीरियस कर दिया था ….

उसने रिप्लाई किया तोह हाफ ऑवर बाद दोनों मित्युदूत सामने आगये और काफी वक़्त बाद दिखी राज की मॉडिफाइड हार्ले डैविडसन

मित्युदूत “ उनकी काउंटिंग का कोई हिसाब नहीं ह”

मित्युदूत 2 “ करोड़ो का इनाम रखा ह और उनका फोकस सिर्फ दोनों बचो को लेने पर ह”

मित्युदूत 1 “ वो एक लड़की की भी बात कर रहे थे”

सुनील “ वो जरूर पूनम होगी पर वो तोह अभी यंहा पहुंची भी नहीं तोह उन्हें कैसे पता की वो यंहा मिलेगी”

मित्युदूत 2 “ सायद उन्हें अंदाज़ा होगा की दोनों बचे और पूनम आपस मई जुड़े हुवे हो सकते ह”

ये सुनकर सुनील की मुठिया कास गयी …और वो घुर्राटे हुवे बोलै उन्हें उन दोनों तक पहुंचने से पहले मुझसे होकर गुजरना पड़ेगा …..और मैं उन्हें किसी भी कीमत पर उन दोनों तक नहीं पहुंचने दूंगा..”

इधर भीमा के मोबाइल पर रिंग हुवी…

भीमा “ hello”

“ और कैसा ह …हम पहुंच रहे ह”

भीमा “ क्सक्सक्सक्स रोड पर होटल आश्रीवाद मई मैनेजर से मिलना वो तुमको यंहा तक ले आएगा … पूनम बेटी कैसी ह”

“ नरपत सिंह के रहते कुछ हो सकता ह क्या वो तीख ह और डॉक्टर और उसकी बहन डरे हुवे ह पर राजीव ने संभाला हुवा ह तुम तोह बस स्वागत की तयारी करो”

भीमा “ मेरी बात धयान से सुनो”

नरपत सीरियस होते हुवे“ क्या बात ह” ये उसने इसलिए कहा क्योकि वो जनता था की भीमा के सीरियस होने का क्या मतलब था

भीमा “ स्कॉर्पियन ट्राइब के लोग यंहा पूनम और बचो के लिए आरहे ह”

नरपत क्या “ तोह फिर हम यंहा से दूर रहते ह मतलब पूनम को सेफ जगह पर ले जाता हु किसी दूसरी जगह”

भीमा “ Nahi…poonam को यंहा से हे सेफ जगह लेकर जायेंगे पूरी तयारी कर राखी ह”

नरपत सिंह “ तोह फिट तीख ह उन कुत्तो को भी यंहा से जिन्दा नहीं जाने देंगे इस बार सालो की कब्र यही बना दूंगा”

भीमा “ मैं बाबूजी को बताता हु कितना वक़्त लगेगा”

नरपत “ 3 ऑवर लगेंगे”

भीमा ने कॉल कट किया और हवेली की तरफ वापस चल दिया

अंदर गुरूजी और ठाकुर जगमाल सिंह बाते कर रहे थे…

भीमा “ प्रणाम गुरूजी …”

गुरूजी “जीते रहो इस्वर तुम पर अपनी किरपा सदैव बनाये रखे”

ठाकुर जगमाल सिंह “ क्या बात ह भीमा”

भीमा “ बाबूजी पूनम बेटी दोपहर तक पहुंच जाएगी”

जगमाल सिंह “ क्या पूनम बेटी आरही ह बहुत अछि बात ह” ये कहकर उन्होंने गुरूजी की तरफ देखा

गुरूजी “ सब तीख ह सब भाग्य का लिखा हो रहा ह बाकी जो ऊपर वाला चाहे तुम अपना करम करो तुम्हारी बहु घर आरही ह उसके स्वागत की तयारी करो”

ठाकुर जगमाल सिंह ने मनीषा और छोटी चची सुप्यार को बुला कर बता दिया की पूनम आरही ह

गुरूजी “ भीमा तैयार कैसी ह”

भीमा “ उदयपुर के अंदर 30 कम तक हमारे शैडो वारियर्स और फिघ्टर्स फैले हुवे ह उनसे छिपकर हवेली तक पहुंचना नामुनकिन होगा”

ये सुनकर गुरूजी बस मुस्कुरा दिए उनकी हंसी का मतलब भीमा नहीं समाज पाए पर जगमाल सिंह जरूर चिंतित हो गए

जगमाल सिंह “ क्या बात ह गुरुदेव”

गुरूजी “ सब भाग्य का लिखा हुवा ह ….जगमाल अब हम हवं करने जा रहे ह …चाहे कुछ भी हो जाये हमारे हवं मई वीगन न पहुंचाया जाये”

जगमाल सिंह “ जो आज्ञा गुरु ji"itna कह उन्होंने भीमा को गुरूजी को हवं के स्थान तक पहुंचने का आदेश दिया जंहा उन्होंने पहले हे हवं की तयारी करि हुवी थी

गुरूजी चलते हुवे “विधि का लिखा कौन ताल सकता ह ये तोह परीक्षा का पहला पड़ाव ह अभी तोह तुम्हे वंहा जाना ह जंहा से तुम्हारी कहनी सुरु हुवी थी”

भीमा को कुछ समाज नहीं ारः था की गुरूजी क्या कह रहे रहे..

गुरूजी खुद मई बुदबुदाते हुवे “ तुम्हारी जीत हे मेरी मुक्ति होगी …मेरी वर्षो की तपस्या तभी साकार होगी जब तुम ये युद्ध jitoge..meri मुक्ति तुम्हारे युद्ध से तय होगी” ये कहते कहते कहते वो एक बार पालते और बोले अपने पिता के साथ समय बिताओ पुत्र क्या पता तुम्हे दुबारा ये पल न मिले” ये कह वो हवं करने बैठे गए और पीछे भीमा का दिल मनो बैठ सा गया उसे पता था की गुरूजी की हर बात मई रहस्य होता ह और उन्होंने जो कहा उसका मतलब बाबूजी को कुछ होने वाला h….nahi नहीं मैं कुछ नहीं होने दूंगा बाबूजी को ये कहते हुवे वो जगमाल सिंह के कमरे मई चले गए …और सीधा जगमाल सिंह के गले लग गए …

जगमाल “ आज तुम्हे क्या हुवा भीमा”

भीमा गले लगे हुवे “ कुछ भी नहीं बस गले लगे रहने दीजिये”

जगमाल सिंह उसके सर पर हाथ फिरते हुवे “ मुझे कुछ नहीं होगा मैं तोह तुम्हारी भी शादी करके हे मरूंगा समझा”

भीमा “ मरे आपके दुश्मन आप जो कहेंगे मैं वो करूँगा बस आप मरने की बात मत कीजिये”

इधर अंदर

“ क्या पूनम आरही ह”

कविता श्वेता “ भाभी आरही ह”

ऋचा “ पूनम आरही ह”

मनीषा “ अरे मेरी बात तोह सुनो पूरी पहले …वो आरही ह हमे तयारी करनी ह उसकी ड्रेस सेलेक्ट करनी ह और कपडे भी ..सब काम बाँट लो”

कविता श्वेता और अनु “ हम ड्रेस पसंद करती ह”

ममता रिफत “ हम एक्सेसरीज पसंद करती ह मतलब खरीद कर लती ह”

प्रीती नेहा और बाकि हम मेक उप का देख लेंगी..

ऋचा “ परफेक्ट”

यंहा सब काम बाँट रही थी वंही स्कॉर्पियन ट्राइब और रओ इंडस्ट्रीज के 100 कर के इनाम के बाद चारो गैंग के लीडर अलग अलग जगह खड़े हुवे थे अपने गैंग के सामने

गैंग 1 लीडर - 100 करोड़ मिलेंगे तुम अपने अपने ग्रुप मई भी बांटोगे तोह भी आधा करोड़ आएगा एक एक के हिस्से मई..

गैंग मेंबर “ हम हे ढूंढेंगे उन दोनों बचो और उस छोकरी को उन्होंने एक माँगा ह हम तीनो देंगे उन्हें”

दूसरा गैंग मेंबर “ क्या पता हमे तीनो का और पैसा मिल जाये”

गैंग लीडर “ इसे जायदा भी मिलेगा मूर्खो पर जो मिलेगा वो ह काम हमे फिर साउथ से भी काम मिलेगा मतलब हमारी गैंग हरियाणा दिल्ली से निकलकर मुंबई तक पहुंच जाएगी”

इधर दूसरी गैंग जो तीन स्टेट्स मई एक्टिव थी उनका गैंग लीडर भी अपनी गैंग के सामने खड़ा हुवा था और सबको देखते हुवे बोलै “ हमे हे ढूँढना ह सबसे पहले दोनों बचो को अब तुम सबीस मैप मई देखो ये हवेली की तरफ जाने वाला रास्ता ह ..

बूका तेरा काम सिग्नल जम्मर लगाना ह ताकि कोई मदद न पहुंच पाए और फिर उन पुलिस वालो को बेहोस कर देना बेहोसी वाले स्मोक बम se..jo उनकी सिक्योरिटी मई लगे हुवे ह

बुक्का “ समझो हो गया लीडर बुक्का का वडा ह आपसे ”

लीडर “ बाकि तू लूखा 100 आदमियों के साथ सीधा हमला करेगा और मैं बाकि गैंग के साथ उन दोनों बचो को हवेली मई ढूंढूंगा ताकि उन्हें दूसरी गैंग वाले न ले सके”

एक गैंग मेंबर “ कोई दूसरी गैंग का बिच मई आया तोह”

लीडर तिरछी मुस्कान के साथ“ काट डालना सालो को पर तभी जब बचे उनके पास हो वर्ण जब तक वो तुमसे न उलझे कोई जगदा नहीं करना ह हमे बस बचो पर ध्यान देना ह समाज गए सब”

सब “ हां”

ऐसे हे तीसरा और चौथा गैंग भी प्लानिंग कर रहे थे

तीसरा “ गैंग लीडर हमे सीधे टकराव से बचना ह हम पहले बाकि तीन गैंग को सुरुवात करने देंगे ताकि अगर हवेली के आसपास जो भी सिक्योरिटी होगी उनकी तरफ जाएगी और फिर हम हवेली की राइट साइड से सीधा अंदर घुस जायेंगे और अपने को बस वो लड़की या बचे दोनों मई से जो मिल जाये ले लेना ह”

चौथा गैंग “ शामको तीख 5 बजे हमला hoga…teen गैंग और आयी ह तोह ये भी साफ़ ह की सामने खतरा भी बड़ा होगा ह पर हम भी डेविल गैंग ह जो किसी से नहीं डरते ह …जो भी रोकने ए सबको मर दो ये 100 कर सिर्फ हमारे ह …अपनी गन को लोड करलो aur…hathiyaar की धार तेज़ करलो क्योकि आज की रात सिर्फ हमारी ह….”

उसके इतना कहते हे सब ाहूऊऊ आएहुउउ ाहूऊऊ की आवाज करने लगे …

इन सबसे से अलग …सप ऑफिस से कुछ दूर एक शख्स मुस्कुराता हुवा ऑफिस की तरफ बढ़ रहा था ….उसकी मुस्कुराहट मई हे इतने गहरे राज दबे थे की जो समाज लेता वो साक्षात आगे होने वाले मौत के तांडव की झलक देख लेता … वो शख्स धीरे धीरे आगे बढ़ता रहा और ऑफिस के आगे रूक कर ..

“सप साहब के लिए मैडम ने भेझा ह” इतना कह वो आगे बढ़ा तोह कॉन्स्टेबल्स ने रोक लिया और बोलै “ रूक जा भाई तुझे पहले तोह नहीं देखा ह”

शख्स “मैडम ने भेझा ह देख लेना भाई कंही सप साहब का कहर तुम पर न टूट पड़े”

इतना सुनकर दोनों कांस्टेबल सोच मई पढ़ गए की क्या करे फिर एक बोलै “ ला मैं दे देता हु “

शख्स “ ये भी ाचा ह” इतना कह वो मुदा और फिर बोलै “ सर को बोलना की स्पेशल गिफ्ट ह शामको हे खोले मैडम ने बोलै ह….

शख्स इतना कह चला गया पर उसके चेहरे की मुस्कराहट सब भैया कर रही थी की आगे क्या होने वाला ह ….उसने अपने मोबाइल मई नेक्स्ट लोकेशन देखि जो एक स्कूल की थी पर लोकेशन देख उसने मोबाइल मई दूसरी लोकेशन को सेट किया और चल दिया और लोकेशन थी एक हाई ट्रैफिक वाला चौहराय …जंहा उसने छोटा सा हाथ मई पकड़ा पैकेट एक साइड मई कड़ी बंद कार मई निचे की तरफ फिट कर दिया और बोलै “ इतना बहुत ह पुलिस को डाइवर्ट करने के लिए पर मीडिया जरूर परेशां करेगी क्यों न मीडिया के ऑफिस को हे उदा दू” इतना कहते हुवे उसके चेहरे पर गहरी मुस्कान agayi…aur फिर वो लोकेशन सेट कर चल दिया उस तरफ”

इधर सब तयारी कर रही thi…toh नरपत ट्रक को लेकर होटल के आगे पंहुचा और उतारकर मैनेजर के पास गया..

मैनेजर “ यस सर हाउ कैन ी हेल्प यू”

नरपत सिंह “नरपत सिंह”

मैनेजर जल्दी से “ सॉरी सर आईये मैं आपका हे वेट कर रहा था”

नरपत “ट्रक को तीखाने लगाना ह और”

मैनेजर “सर मुझे इंस्ट्रक्शंस मिले हुवे ह मैंने सब अर्रंगे कर दिया ह आप फ्रेश हो लीजिये जब तक मैं फ़ूड अर्रंगे कर देता हु”

नरपत “ ok” और फिर राजीव और पूनम डॉक्टर और मुस्कान को लेकर अंदर आगये जंहा मकान और पूनम को एक रूम मिला और डॉ राजीव और नरपत एक रूम मई रहे और कुछ दिएर बाद निचे आगये जंहा टेबल पर उनके लिए खाना तैयार था…

कुछ दिएर बाद

मुस्कान “ मतलब आप कह रहे ह की पूनम इतने पॉवरफुल बैक ग्राउंड से ह”

नरपत सिंह “ बिलकुल रविंद्र भाई बहुत पावरफुल थे …बल्कि वो तोह सहदेव भाई से भी जायदा ताकतवर लगते थे… अब मेरी बात सुनो अभी वंहा बहुत खतरा होगा वो पूनम के पीछे ह तोह तुम दोनों को मैनेजर सही से तुम्हारे घर पंहुचा देगा बाद मई तुम आकर पूनम से मिल kena…tum दोनों ने जो हेल्प की ह उसके लिए हम हमेशा तुम्हारे आभारी रहेंगे और वडा ह जब भी तुम्हे लगे मदद की जरुरत ह याद कर लेना ….”

मुस्कान “ नहीं बस पूनम जैसी दोस्त मिल गयी यही बहुत ह …मैं सब तीख होने पर मिलने आउंगी”

राजीव “ हमे निकलना चाहिए नरपत भाई दिएर हो रही ह और तुम दोनों बहुत अचे इंसान हो ये मेरा नंबर ह जो कुछ दिएर बाद एक्टिव हो जायेगा तोह जब जरुरत हो याद कर lena…Bus इतना कहूंगा थैंक यू थैंक यू सो मच जो भी तुम दोनों ने किया उसके लिए जितना थैंक्य यू कहु काम ह”

मुस्कान ने पूनम को गले लगाया और फिर भीगती आंसुओ के साथ अलविदा कहा…

राजीव “ पूनम बेटी अब बहुत जल्द तुम तीख हो जाओगी …मुझे ईश्वर पर पूरा विस्वास ह…”

नरपत सिंह “होगी क्यों नहीं आखिर वो ारः ह”

पूनम जो कार से बहार देख रही थी उसने नरपत की बात सुनी तोह उनकी तरफ एक बार देखा और फिर दुबारा से बहार देखने लगी …”

पर कंही न कंही नरपत ने जो कहा वो सच हो भी सकता ह क्योकि जिस प्यार के लिए वो आज इस हालत मई पहुंच चुकी थी वो भी ारः था…

इधर राज “ मैच माइक हम किशनगरघ पर लेंड करेंगे परमिशन लो वंहा से जल्दी उदयपुर पहुंचेंगे मुझे कुछ सही नहीं लग रहा ह तुम अज्जू से कांटेक्ट करने की कोसिस लगातार करते रहो”

मैच “ कोसिस कर रहा हु पर लगता ह जैसे फ्रीक्वेंसी मई कुछ प्रॉब्लम आरही ह सायद अज्जू के यंहा कुछ प्रॉब्लम हो”

राज “ नहीं उसे पता ह की उसपर कितनी जिमेदारी ह”

मैच “ ok भाई मैं कोसिस करता रहता हु”

राज पलटकर वापस आगया और बोलै “ शेरदिल”

श्वर्डिल “ क्या हुवा बोल न”

राज “ कुछ बुरा होने वाला ह मेरा दिमाग चीक चीक कर कह रहा ह”

शेरदिल “ भाई कुछ दिएर की बात ह हम पहुंच हे जायेंगे”

राज का दिल नहीं मान रहा था इसलिए उसने एक बार रविंदर सिंह की तरफ देखा और उनकी तरफ जाकर बोलै “जो मौका आपको पहले नहीं मिला था वो अब मिलेगा अपनों को बचने का”

रविंदर सिंह दारू पिटे हुवे “मेरे अपने सब मर चुके ह …और मुझे भी जीने की ीचा नहीं ह” इतना कह वो वापस पिने लगे

राज ने कुछ नहीं कहा बस वंहा से मुड़कर सीट पर आकर बैठ गया…

टाइम 2 .30 pm….udaipur

हवेली के बहार ढोल बज रहे थे और जब पूनम की कार एंटर हुवी तोह उसपर फूलो की बारिश होने लगी हवेली के बहार सबसे आगे खड़े जगमाल सिंह के चेहरे पर मुस्कान थी उनके बगल मई छोटी चची शेरदिल की माँ दिव्या और बहु के रूप मई मनीषा कड़ी थी जिसके हाथ मई बड़ी सी आरती की थाल थी और उसके पीछे कविता श्वेता ममता अनु रिफत प्रीती नेहा जैस्मिन शालिनी ऋचा और कृति कड़ी थी… और बाकी गेस्ट खड़े जो अलग अलग बुसिनेस्स्में फॅमिली और राघारणो से थे…

कार के रूकते हे नरपत और राजीव उतरे और दोनों में हे ठाकुर जगमाल सिंह के चरण चुवे..

जगमाल सिंह “ गले लगो तुम दोनों का स्थान मेरे हिर्दय मई” ये कह दोनों को गले लगा लिया क्योकि वो जानते थे की दोनों मौत को मात देकर पूनम को यंहा लेकर पहुंचे थे…

फिर उनकी नज़र पीछे कड़ी पूनम पर गयी जो थोड़ी दरी हुवी सी…

जगमाल सिंह ने मनीषा की तरफ देख कर “ Bahuuu”jao पूनम की आरती उतरो …

मनीषा आगे बढ़ी चेहरे पर मुस्कान पर आँखों से गिरते आंसू उसके दिल का हाल साफ़ बांया कर रहे थे की उसके दिल की हालत क्या ह इस वक़्त पर एक और भी था जिसके दिल मई सबसे जायदा दर्द था ….वो एक तक पूनम को देखे जा रहा tha…aur वो और कोई नहीं सुनील था जो बहुत काम समय मई पूनम से जुड़ गया था …और जुड़े क्यों नहीं पूनम ने दीपिका के बाद से मोबिल से तोह मिलकर सुनील को समझा था …और उसी का ये असर था की सुनील पूनम को बहुत याद करता था और उसकी हालत के लिए खुदको जिम्मेदार मंटा था…

मनीषा की आँखों मई आंसू देखकर पूनम उसके गले लग गयी …और ये पहली बार था जब पूनम रोई थी ….एक मनीषा हे थी जो जानती थी की राज क्या था उसके लिए और उसने पूनम को यकीं दिलाया था की राज उसका होगा …

“ पूनम रो mat”khud से अलग करते हुवे मनीषा ने उसके आंसू पॉंच और आगे बोली “ मेरी पूनम तोह अपनी रौशनी से पूरी दुनिया को उम्मीद देती ह की अंधकार मई भी मैं हु तुम्हारे साथ ….और आज वो खुद हे उम्मीद का दमन चौड़े बैठी ह …” फिर साइड हटकर पीछे दिखती हुवी बोली “ देख सब तेरे आने से कितने खुस ह” पूनम की नज़र सब पर गयी और उसे हर आंख मई अपने लिए अपना पैन और सहानभूति दिखाई दी जिसे देख पूनम का दिल और भर आया …

मनीषा “ तू अब अपने घर आगयी ह और अब कंही नहीं जाना ह हमारे साथ rahegi….apne घर हमेशा”

सब पूनम के पास आगये और उसे सबने गले लगते हुवे खूब सारा प्यार दिया ….

और उसी वक़्त रणवीर सिंह की कार भी पहुंच गयी

जगमाल सिंह “पूनम बेटी तुम्हारे चाचा चची भी आगये ह”

पूनम की नज़र पीछे की तरफ से आरही कार की तरफ गयी और रणवीर सिंह भी जल्दी से कार से उतरे और तेज़ कदमो के साथ पूनम की तरफ चलकर आने लगे ….

पूनम उन्हें देखते हे फुट फूटकर फफक पड़ी और उनके गले लग गयी …और पूनम को इस तरह रोटा देख कर वो भी अपने आंसू रोक नहीं पाए और खुद भी साथ रो pade….ek चाचा भतीजी का भावुक मिलान और स्नेहा देख सब और इमोशनल हो गए

जगमाल सिंह “ रणवीर अब भी बचो की तरह रट हो …चलो अंदर चलो वंहा बात करते h..sab पूनम के साथ अंदर आगये पर जगमाल सिंह और rajeev,narpat singh,bheema एक रूम मई आगये

नरपत सिंह “ क्या सिचुएशन ह भीमा भाई”

भीमा" “ आज रात को हे हमला होगा मेहमानो को अभी कुछ दिएर बाद भेज देंगे बिज़नेस मीटिंग भी बहार हे राखी ह”

नरपत “ कितने आरहे ह”

भीमा “ कोई अंदाज़ा नहीं ह पर पूरी तयारी के साथ आरहे ह पुरे सहर मई ख़ामोशी ह”

जगमाल सिंह “ एक बात तय ह वो लोग बचो और पूनम के लिए आरहे ह तोह वो शोरे नहीं मचाएंगे”

राजीव “ क्या मतलब ठाकुर साब”

जगमाल सिंह “ राजीव वो लोग जो चाहते ह वो मिल जाये तोह वो चुप चाप चले जायेंगे ..पर बात यही ह की वो हम दे नहीं सकते ह इसलिए वो रात के अँधेरे मई हमला करेंगे पूरी ताकत के साथ और जैसा हमे पता लगा ह उन्होंने मंडावा मई सबको मार दिया ह तोह हम उनमे से किसी को जिन्दा तोह नहीं जाने देंगे वर्ण जो हमारे लिए लाडे और मरे ह उनकी आत्मा को शांति नहीं मिलेगी …”

नरपत “ तोह बाबूजी उनलोगी की कब्र नरपत सिंह अपने इन्ही हाथो से आज की रात खोदेगा”

भीमा “ बचो की जगह उन्हें उनकी कब्र मिलेगी”

टाइम 4 baje…udaipur

सुनील “ मित्युदूत आपको हवेली से 100 मीटर के अंदर आने वाले हर खतरे से निपटना ह और आपके साथ षोडो वारियर्स रहेंगे और आप राजीव अंकल स्निपर्स को लीड करेंगे हवेली के टॉप से”

नरपत अंकल “ आपको सिर्फ उन स्कॉर्पियन ट्राइब वालो का धयान रखना ह वो अंदर नहीं घुसने चाहिए”

नरपत “ फाड़ दूंगा सालो को तू फुकर मत कर मेरे हथियार इस बार मेरेसाथ होंगे”

“और हल्क तुम्हे पता हे ह की क्या करना ह”

अभय ने अपनी दोनों मुठिया आपस मई टकरा कर बता दिया की वो क्या करने वाला ह

“ और मैं उनके लीडर को रोकूंगा चाहे कुछ भी हो जाये कोई भी मरे हमे उनको राज के आने तक बचो और पूनम तक नहीं पहुंचने देना ह”

तभी अज्जू का एआरपीएस मई मैसेज आया “ सुनील उदयपुर मई एक धमका ट्रैफिक सिग्नल पर और एक धमका पुलिस कमिश्नर ऑफिस मई हुवा ह मतलब वो आने वाले ह …वेट एक और धमका मीडिया ओफ्फिसमसी हुवाह” इतना कहते कहते कहते सिग्नल डिसकनेक्ट हो गया और सुनील बोलै “वो लोग आरहे ह तैयार हो जाओ”

और सुनील की बात सुनकर सबके चेहरे के भाव पूरी तरह बदल गए…


आज के लिए इतना हे मस्ती मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने का..
 
अपडेट 266 टिक टोक टिक टोक मस्ती मई पढ़ने का और बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने का
 
तोम्मोरोव NIGHT....UPDATE 267

"हार्ड हिट"
 
Back
Top