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अपडेट-56
अब ठाकुर को खुले मैदान में धमकी दी थी माइनर तो रिएक्शन तो होना hi था आखिर उसकी इज्जत का सवाल था.....
रिएक्शन---- उसके कई आदमियों ने आके मुझे घेर लिया और मेरे ऊपर बन्दूक तान di......ye लोग ठाकुर के खाश आदमी थे.......
मई--- बस ये बच्चों वाली हरकत न किया करो कोई गांड मार देगा किसी दिन वो तो तुम्हारी किस्मत अच्छी है जो यहाँ प्रियजन की कमी है बरना अब तक तुमलोगो के हिस्से की ऑक्सीजन ख़तम हो गयी टी......
तभी वहां पापा आ गए.....
पापा को देखकर उनलोग की थोड़ी फटी लेकिन फिर.....
आदमी--- तेरा सूरज ढल चूका अब तू देख वो ढल रहा (ढलते सूरज की और इशारा करते हुए) अब निकल यहाँ से बरना....
मई उसकी तरफ बड़ा तो पापा ने मुझे न का इशारा किया अब पापा की बात कोण ताल सकता है भला.....
पापा--- इस लोहे hi नाली को अपनी जेब मई रख ले जब तू कंचे खेलना भी नहीं सीखा था तब तक मैंने पता नहीं तुझ जैसे कितनो के दिल निकल कर अपने पैरो से कुचले हैं......
तुम सब लोगों की भलाई इसी में हे की इस गाओं नहीं ! नहीं! कही भी अगर लोगों को परेशां किया तो गोटियां निकल कर दिल मैं उतर दूंगा......
आदमी--- तू मुझे जनता भी है कोण हूँ मई ठाकुर शाहब का सबसे खास आदमी हूँ नाम है रघु और मई चहु तो तुझे ऐसा गायब करूँगा की
मई--- मैंने शायद पहले इंग्लिश में एक डायलाग मारा था जो शायद तेरी समझ में नहीं आया खैर मेरे परिवार मई से किसी के बारे मैं कुछ गलत करने का जो कोई भी सोचेगा वो फिर जिंदगी भर यही सोचेगा की उसने ऐसा क्यों सोचा.......
ुस्कने मेरे सर के ऊपर दुनाली तान दी.....
मैंने उसके नाल को पकड़कर बिच में से मोड़ दिया....
मई--- मेरा खून खराबा करने का मूड नहीं है इसलिए तेरी जान बख्स रहा हूँ अब चुपचाप यहाँ से अपने ठाकुर के लेके निकल जा और अबकी बार धमकी नहीं सलाह दे रहा हूँ.....
ठाकुर और उसका परिवार और मिलने जुलने बाले बोहोत लोग भी वहां आ गए.....
Thakur---Surya
पापा--- करेक्शन सूर्य भाई
ठाकुर--- बोहोत अच्छा लग रहा है तुम्हे पहले वाले तेवर मई देख कर लेकिन सभी का अपना अपना समय होता है पहले तुम्हारा टाइम था अब हमारा टाइम hai...samay के आगे किस की चलती है भला तुम्हारा सूरज ढल चूका है अपनी जिंदगी सन्ति से जीना चाहते तो मेरे रस्ते मई आने की कोशिश कभी नहीं करना और अपने इस लड़के को संभल बोहोत बकचोदी पेल रहा है....
पापा--- यशवीर सिंह पहली बात तो तुम्हारे भाड़े के टट्टू उसे खरोंच न दे सके तो तेरे मुट्ठी भर आदमी क्या कर लेंगे वो मेरा खून है तो उबाल तो मरेगा hi.....
दूसरी बात--- सूर्य इस जस्ट लिखे सुन जो थोड़ी देर के लिए छिप तो सकता है पर हर रोज़ रौशनी देना उसकी नियति है उसी तरह मैंने थोड़े दिन समाजसेवा क्या छोड़ दी गीदड़ भी खुद को शेर समझने लगे.....
तीसरी बात--- सरपंची हमारे पेअर की जुटी है हम उसे उतर सकते हैं तो जब चाहे पहन भी सकते हैं... हम सरपंची से नहीं सरपंची हमसे है......
पापा--- राज माइक.....
Papa---on माइक--- सभी गाओं वासियों को सूर्य का प्रणाम तो मई सीधा मुद्दे पे आता हूँ जैसा की राज ने कहा आज के बाद इस गाओं में कोई भी ठाकुर का आदमी नहीं दिखना चाहिए.... वैसे तो ठाकुर की सरत थी की जो दंगल जीतेगा हरने वाला उसको एक सरत पूरी करेगा लेकिन इनसे उम्मीद नहीं की जा सकती अगर कोई भी आदमी इस गाओं मई गलत करता है चाहे वो कोई भी हो उसकी खबर मुझे करें बाकि मई देख लूंगा
और अगले इलेक्शन मई हम अपनी जुटी वापस पहनेंगे.......
ठाकुर के आदमी ने पीछे से पापा को मरने के लिए चाकू फेंका.....
जिसे मैंने उनकी पीठ मई लगने से पहले hi पकड़ लिया और वापस जिसने फेंका था उसके गले के पार कर दिया.....
मई--- ठाकुर साहब लगता है अभी बात किसी के भेजे मई बैठी नहीं है सही सलामत घर जाना है या हॉस्लिटल मई hi जाओगे.......
गाओं वाले भी पुरे जोश मई आ गए थे और सूर्य भाई सूर्य भाई के नारे लग रहे थे......
इस्तिथि को देखकर ठाकुर ने वहां से खिसकना hi बेहतर समझा.....
जिसके बाद सभी गाओं बालों का चुतियापा चालू हुआ वो लोग पापा को कंधो पर उठाकर मेले के चक्कर लगाने लगे.....
कोशिश तो मुझे भी उठाने की थी लेकिन मैंने मन कर दिया......
मैंने अपने कपडे पहने और रानी दीदी तमिना दीदी और चची के पास पोहोच गया.....
रानी didi---wah भाई इतनी गज़ब की फाइट क्या बात है और अब तो बॉडी भी मस्त हो गयी है.....
तमिना--- सिखाया किसने है
चची--- खिलाया किसने है.....
इन सबको नार्मल देखकर मुझे बोहोत अच्छा लगा और हम घर की और पैदल पैदल जा रहे थे मौसम अच्छा खासा था......
घर के पास पोहचे तो मुझे एक कॉल आया......
मई--- hello कोण
वो--- तुम्हारी मौत तूने मेरे बेटे को मारा था न लेकिन मई अब तेरे परिवार को चुन चुन के मरूंगा....
mai---abe तू है कोण सेल....
vo---awaz नीची तुझे क्या लगा तू बच जायेगा सहर से चला जायेगा तो नहीं बिलकुल नहीं.....
वो--- तेरे पास एक जानता है और मेरे पास तेरे 5 घर वाले हैं आधे घंटे बाद हर 5 मं मई एक मरेगा गांड मई डैम हो तो एक को भी बचा के दिखा......
है है है है है
कॉल डिस्कनेक्टेड.......
मई--- कन्फर्म ये तियागी होगा लेकिन इसके पास मेरा no. मतलब किसी ने धोका दिया है क्योंकि मेरा no मेरे घरवालों के अलावा एक दो लोगों के hi पास है लेकिन 5 लोग कोण कोण मेरी फॅमिली तो यहीं hai......oh सहित ममी मां अंजलि शिवम् लेकिन तो 4 hi हुए ....
तभी मेरी नज़र मोबाइल की स्क्रीन पर गयी जिसमे प्रिय की 1 घंटे पहले की 21 मिस्ड कॉल थी मिलब फाइट के टाइम की....
अब कुछ रीडर्स की सोच भी होगी की उनको बचने के बजाय ये बकचोदी क्यों लिख रहा हूँ तो बता दूँ इतना सब मई 5 सेक् मई सोच लिया और 6थे सेक् मई प्रिय को कॉल लगा दिया.......
उसने कुछ रिंग्स के बाद कॉल पिक किया.....
प्रिय--- hello राज कहाँ है यार तियागी ने सहर मई तबाही मचा दी है सरे पुलिस स्तातिओंस मई आग लगवा दी और मां की फॅमिली को किडनैप कर दिया कंचन भी उन्ही के कब्ज़े मई है.......
Mai---tu कहाँ है अभी.....
प्रिय--- मई और मेरी टीम उन्हें धुंध रहे हैं लेकिन हम उन्हें ट्रेस नहीं कर प् रहे हर 5 मं मई उनकी लोकेशन चेंज हो जाती है.....
राज बे फ़ास्ट वे अरे इन सीरियस पॉब्लम....
मैंने भी उसे कॉल के बारे मई बताया और उससे कहा की अलग अलग होकर ढूंढो मई बस अभी पहुंचा.......
मई--- और सबकी लोकेशन मुझे भेजो......
Rani-Tamina --- क्या हुआ राज क्यों परेशां हो.....
मई--- बाद मई बताऊंगा दीदी ी हैवे तो जो.....
Tamina---mai चालू साथ
मई--- रानी दीदी चची आप जाओ गजर मुझे तमिना दी से थोड़ी बात करनी है..... तो तमिना दी प्लीज बे अलर्ट और किसी को भी घर से बहार न जाने देना ी विल तेल्ल यू लेटर व्हाट इस गोइंग ों.....
Tamina---ok सिक्योरिटी पॉब्लम है तो मई अपने गैंग को बुला सकती हु.....
मई--- फॅमिली की सिक्योरिटी आप पर है आप जो चाहें कर सकता हैं.....
इतना कहकर मई अपना घोडा तूफ़ान लेकर वहां से निकल गया.......
मई मेरे मोबाइल पर जो लोकेशंस आयी थी उसके भीषण से जा रहा था और सबसे पास वाली लोकेशन पर कोई 15 मं मई hi पोहोंच gya......lekin वहां कुछ नहीं था 2 श्री लोकेशन पर भी कुछ नहीं मिला और 22 मं ख़तम हो चुके थे अबतक.....
mai---aise तो मई कुछ नहीं होगा और मैंने हाथ के तत्तो पर हाथ phiraya.......to मेरा फरसा मेरे हाथ में आ गया मैंने अंजलि को याद किया मेरे फरसे की सुई गोल गोल इधर उधर घूमी और फिर एक डायरेक्शन माओ फिक्स हो गयी.......
मैंने तूफ़ान को उधर hi दौड़ा दिया और कुछ hi देर में मैं सहर के बहार जो बस्ती है उसके सामने खड़ा था.....
बस्ती मई घुसते hi लाशें गिरी हुई मिलना सुरु हो गयी मतलब यहाँ प्रिय पहलर से hi पोहोंच चुकी तह.....
इस बस्ती के बारे मई बताऊ तो ये गुंडों की बस्ती थी जहाँ केवल गुंडे hi रहते हैं जिनकी जनसँख्या 10 से 15 हज़ार के बिच मई hai(anumanit)......
हमारे ग्स मिस्सों मई ये बुइ थी लेकिन सबसे लास्ट mai......kyonki इस बस्ती के बीचो बिच है तियागी की बोहोत बड़ी हवेली जहाँ से उसने आतंक फैला रखा है जिसमे की बिना उसकी मर्ज़ी के मच्छर भी किसी को नहीं काट सकता है..........
लाशों की हालत देखकर अंदाज़ा लगाना बिलकुल भी मुश्किल नहीं था की किलर गर्ल इस ों सीरियस हंट.....
सुरु शुरू मई लो लाशें थी वो गोलियों की बजह से मरे थे बस सर मई एक छोटा सा छेड़ था बाकि पूरी बॉडी क्लीन लेकिन अंदर आते आते किसी का हाथ तो किसी का किसी का पेअर कुछ पता नहीं चल रही थी खून बारिश के पानी की तरह बाह रहा था........
शायद उसकी गोलियां ख़तम हो गयी थी और मई सही था कियोंकि सामने प्रिय 2 दोनों हाथों मई तलवार लिए बस गुंडों की माउथ बानी जा रही थी......
तभी गोलियों की बरसात प्रिय पर हुई लेकिन उसने अपनी दोनों तलवार को इतनी तेज़ स्पीड मई अपनी चारो तरफ घुमाया की गोलियां उसकी तलवारों से लगकर निचे गिरती जा रही थी.....
शी वास् जस्ट अमेजिंग लेकिन उसकी तलवार के हैदर मई उसके हाथ के पास गोली लगी तो उसकी तलवार गिर गयी वो काफी थक भी चुकी थी क्योंकि उसने काम से सैम 1000-1500 गुंडों को आराम से माउथ के घाट उतर दिया था.....
उसकी तलवार गिरते hi प्रिय के सामने मई पोहोंच गया न ये बात उसे पता चली और न hi किसी गुंडे वो लोग भी प्रिय पर गोली चला रहे थे लेकिन उसे लग एक भी नहीं रही थी क्योंकि मई तलवार घूमते हुए गोली चलने वाले के पास पोहोंच गया और घूमते hi रहा जब तक बन्दूक के साटन उसके हाथ भी नहीं काट गए......
मेरी स्पीड इतनी थी की इस ये सब बस 30 सेक् मई हुआ और किसी को पता भी नहीं चला.....
जब मई प्रिय के सामने आया था तो उसके पास एक गन छोड़ गया था जो की मेरे पास थी जिससे उसने सभी ज्यादातर गनर के भेजे मई बुलेट फिक्स कर दी थी मई और माइनर जिसके हाथ कटे थे उसके गार्डन के दोनों तरफ तलवार रख कर कैंची की तरह बनाया और उसकी गर्दन काट दी........
मई--- रिलैक्स बेबी ! यू अरे टायर्ड सो जस्ट चिल.....
वहां गुंडों की क्या कमी मेरे पीछे तलवार करने आ गया एक और लेकिन मैंने बिना देखे hi उसके पेट से तलवार पार कर दी.....
उसके पीछे धकेलते हुए अपनी मैजिकल सोर्ड को और लम्बा किया और 20 लोगों मई से एक साथ पार दिया और फिर तलवार को 360 के एंगल पर 2 रोटेशन कराये......
30 मं पुरे होने मई 2 मं बचे थे.....
ऐसे तो हवेली तक नहीं पोहोंचा जायेगा.....
मैंने अपनी सोर्ड को इलेक्ट्रिक गन मई बदला शायद मैंने पहले बताया नहीं लेकिन मेरा फरसा किसी भी वेपन का रूप ले सकता है विथ इतस पावर्स......
तो मैंने अपने पार्स को इलेक्ट्रिक गन मई तब्दील kiya......jo की बोहोत हो पावर फुल थी.....
उसमे से इलेक्ट्रिक बुलेट्स निकल रही थी जो की लाइट की स्पीड से जा रही थी और जिसके भी सरीर से बुलेट छू जाती उसके बुरी बॉडी मई शॉक लगता और फिर कुछ hi सेकण्ड्स मई उसकी बॉडी रख हो जाती.......
45 सेक् मई वहां रख hi रख हो गयी और अब बस वही लोग बचे थे कहीं छुप गए थे......
थें ी चेंज्ड माय गन तो फायर केनन और जहाँ कुछ देर पहले बस्ती थी वहां अब रख के अल्वा कुछ नहीं था......
अब अब तियागी की हवेली और उसके पीछे की बस्ती बाकि थी बाकि तो बस अब वहां रख hi रख थी.....
ये पावर सही निकै बस इतने सरे लाशें थी की सहर तक बदबू जाती जे अच्छा हुआ सभी जलकर रख हो गयी...
प्रिय का भी मुंह बस खुला का खुला रह गया की बस ये हुआ क्या इतनी खतरनाक किलिंग की 1.5 मई hi 10000 जे आस पास लोगों को जलाकर रख कर दिया......
Priya---what वास् तहत राज ी can't बिलीव की जो मेरे सामने हुआ क्या वो सच है....
mai---idhar आना और मैंने उसके होठों को हल्का सा किश किया....
प्रिय--- ओह्ह इतस रियल पर कैसे
mai---its ा मिस्ट्री!!! विल तेल्ल ु later.....chal पहले तियागी के लौड़े लगा कर आते हैं......
अब ज्यादा लोग बचे नहीं थे फिर भी उसकी हवेली की सिक्योरिटी के लिए काफी थी लेकिन इनको टपकना कोई जयादा बड़ी बात तो थी नहीं......
उसके बाद मैंने हवेली में एंट्री मारी......
वहां उसकी दर के मरे पूरी फटी पड़ी थी वो एक गांजा सा आदमी था और मध्यम बॉडी थी कोई 49-50 साल का होगा.........
लेकिन मां वहां डर्टी में पड़े थे और तियागी के आदमी उन्हों मरे जा रहे थे और वाकई सब अंजलि ममी और शिवम् रो रहे थे जो की खम्बो से बंधे हुए थे.....
2 गुंडे कंचन को कपडे फाड़ रहे थे....
अब मेरी गुस्से से सटक गयी और जो कंचन के पास जाकर जो 2 लोग उसके कपडे फाड़ रहे थे उनमे एक ने होना लुंड बहार निकल रखा था मैंने गाल पर एक थप्पड़ दिया मुंह टेड़ा हो गया उसका और उसका लुंड मैंने काट दिया उसकी चीख निकली तो वो उसकी के मुंह मई फसा दिया,,, उसे निचे गिराकर उसके दोनों पेअर पकड़ लिए और उसके गांड के ऊपर एक लात कर के मारी जिसकी बजह से उसकी स्पाइन के साथ साथ उसका कनेक्शन भी टूट गया इस दुनिया se........ye सब देखकर शिवम् बेहोश हो गया......
इस सन को देखर दूसरा वाले गुंडे और तियागी ने भागने की कोशिश की गुंडे को मैंने पकड़ लिया और तियागी को प्रिय ने पकड़ लिया.....
उस गुंडे के सर के बालों को पकड़कर मैंने उसके सर को एंटी clockwise(ghadi की विपरीत दिशा मैं) घुमाया और सर को झटके से ऊपर उखड लिया जिसकी वजह उसके अंदर का सिस्टम भी गर्दन के थ्रू बहार निकल आया लिखे लीवर एंड इंटेस्टिनेस.....
इस सन को देखकर ममी और अंजलि को उल्टियां होने लगी कंचन का भी कुछ ऐसा hi हाल tha....Priya ने भी एक पल अपनी आंखें बंद कर ली थी तियागी की तो टांगें कंपनी लगी और उसका मूट निकल गया ...
वहां पर एक एक मौजूद इंसान की ऐसी दरिंदगी देखकर रूह कैंप गयी उन्हें उल्टिया होने लगी बस प्रिय hi कुछ कुछ नार्मल थी क्योंकि उसे इनसब की आदत थी......
तियागी हाथ जोड़कर मेरे पैरों मई गिरकर रोने laga...maine उसको दूर उछाल दिया तियागी तुझे इतना आसान मौत नहीं मिलेगी तू चिंता न कर.....
वो वहां से भागने लगा तो मैंने उसके चरों तरफ इलेक्ट्रिक बार्स बना दिए वो जैसे hi थोड़ा हिलता मई उसे गांड फाड़ शॉक लगा.....
लेकिन मैंने उस शॉक को इतना कण्ट्रोल मई रखा था की उसको बॉडी को hi डैमेज हो वो मरे न.....
वो जान भाग रहा था तो मैंने उसे इतना भागे दिया था की वो सबसे दूर हो जाये.....
मैं वापस जहाँ सब थे वहां आया और मां को चेक किया तो वो बेहोश थे और शायद उनका एक पेअर टूट गया था...
मई--- प्रिय यार इन सबकी हालत तो ख़राब है ऐसा कर इनको हॉस्पिटल ले जा....
Priya---halat तो ख़राब होनी hi थी ये सब देखकर... अब इस तियागी का क्या करना है.....
Mai---isko सहर के बीचो बिच ले जाकर ताकि गुंडों का कहुआफ ख़तम होकर गुंडों मई hi खौफ हो जाये....
प्रिय--- नीस...
मई--- तुम इनलोगों को संभल लोगी......
Priya---off कोर्स यस.....
थें मैंने प्रिय से मास्क लिया ोर्फिर से तियागी के पास आया उसके सर पे तो बाल थे नहीं लेकिन उसकी एएब्रोस के बाल जल चुके थे और वो बोहोत अजीब लग रहा था.....
खैर मुझे क्या मुझे तो उसको बस मरना है.....
मैंने अपना फरसा निकला इलेक्ट्रिक की जगह पर मैंने उसे आइस बार्स मई बंद किया...... जब उसकी गांड सिकुड़ गयी थी आइस बार्स के अंदर उसे पानी मई डुबो दिया जिससे उसकी गांड और ज्यादा सिकुड़ गयी उसके हाथ पैरों ने हिलना बंद कर diya......to फिर मैंने आइस और वाटर को फायर से रेप्लस किया और उसको कुछ सन्ति मिली लेकिन फिर अचानक मैंने टेम्परेचर इतना रेज कर दिया की तियागी की जो गांड सिकुड़ी थी वो अब फात गयी उसका पूरा सरीर गरमी से झुलस गया उसमे से जलने की बदबू आने लगी......
लेकिन अभी तियागी को ये धरती तियाग्नि नहीं थी इसलिए मैंने फायर को आइस से रेप्लस किया तियागी को ठंडा किया......
मैंने तियागी को कैद से आज़ाद किया उसकी गांड मई डैम नहीं था की वो गांड भी हिलाये अब....
मई--- तियागी बस किस चूतिये ने तेरा ये नाम रखा था आज तक तूने सरम के अल्वा कोई भी चीज़ त्यागी है क्या..... चल छोड़ तू बड़ा तियागी है सीधा जीवन hi तियागेगा.....
मई--- तियागी आलास तियाग तो लौड़े से गांड तक का जोर लगाके सहर मि तरफ भाग ....इतस समथिंग लिखे
जब तक तेरी गांड hilegi...tab तक तेरी साँस चलेगी.....
तियागी ने गांड के घोड़े दौड़ाये और भागने लगा लेकिन अपनी बस्ती के पर जाने मई भी तीन बार गिर चुका था...
मैंने सीटी बजायी और तूफ़ान मेरे सामने आ गया और थोड़ी hi देर मैं तियागी के पास थे अब तियागी से भगा नहीं जा रहा था मैंने अपने फरसे को लोहे के चाबुक मई तब्दील kiya....or तियागी की गांड में मारा कपड़ों समय खाल उसके सरीर से अलग हो गयी.....
कुछ hi देर मई उसकी बैक साइड मई खून से लथपथ हो गयी क्योंकि पीछे से उसकी खाल खिंच ली थी मैंने.....
अब तियागी के बास्की बात न रही और वो बिकुल धराशाही हो गया मैं उसके हाथो मई चाबुक फसकर मैंने तूफ़ान को डूडा दिया सहर की तरफ......
और सहन के सेंटर पॉइंट पर ले जाकर उसे खड़ा कर दिया.......
लेकिन उसमे खड़ा होने hi ताकत कहाँ थी.......
वहां भीड़ जमा हो गयी चारो तरफ....
मैंने तियागी को मरना शुरू किया और ऐसा मारा की दर्द तो बेइंतहा हो लेकिन जान न निकले....
मीडिया वाले भी आ गए थे वो भी रिकॉर्ड कर रहे थे.....
मैंने एक कैमरा मन को पकड़ा और अपने ऊपर कैमरा सेट कराया.....
मई--- ये रहा तुम्हारे सहर का डॉन तियागी लेकिन अब ये किसी को मार सकता मार क्या मरने की सोच भी नहीं सकता.....
mai---Aise बोहोत से तियागी हर गली मोहल्ले कॉलोनी में बैठे होने उन्हें मई इ बात बता दूँ अगर समाज मई गंदगी फ़ैलाने की कोशिश की तो मई उन्हें hi इस दुनिया से साफ़ कर दूंगा......
और फिर मैंने तियागी की टैंगो को उसे जैसे कपडे धोते हैं उस तरह से जमीं मई पटकने लगा.....
और फिर मैंने उसको बिच मई से चिर दिया ......
एंड वन्स सब फ्रीज हो गए लेकिन टांगें कैंप रही थी....
खड़े थे लेकिन गांड फैट रही थी और उल्टियां तो इतना भयंकर सन देखने के बाद कॉमन सी बात हैं.....
मई--- थिस इस व्हाट ी कैन दो िफ़ अन्य ओने तरय तो मेस विथ me...NEVER एवर तरय तो क्नोव हु ी ऍम ोथेरविसे यू विल बे ा मिस्ट्री फ्रॉम तहत मूवमेंट बिकॉज़ ी ऍम मिस्ट्री मन.....
तो बे कॉन्टिनोएड......
अब ठाकुर को खुले मैदान में धमकी दी थी माइनर तो रिएक्शन तो होना hi था आखिर उसकी इज्जत का सवाल था.....
रिएक्शन---- उसके कई आदमियों ने आके मुझे घेर लिया और मेरे ऊपर बन्दूक तान di......ye लोग ठाकुर के खाश आदमी थे.......
मई--- बस ये बच्चों वाली हरकत न किया करो कोई गांड मार देगा किसी दिन वो तो तुम्हारी किस्मत अच्छी है जो यहाँ प्रियजन की कमी है बरना अब तक तुमलोगो के हिस्से की ऑक्सीजन ख़तम हो गयी टी......
तभी वहां पापा आ गए.....
पापा को देखकर उनलोग की थोड़ी फटी लेकिन फिर.....
आदमी--- तेरा सूरज ढल चूका अब तू देख वो ढल रहा (ढलते सूरज की और इशारा करते हुए) अब निकल यहाँ से बरना....
मई उसकी तरफ बड़ा तो पापा ने मुझे न का इशारा किया अब पापा की बात कोण ताल सकता है भला.....
पापा--- इस लोहे hi नाली को अपनी जेब मई रख ले जब तू कंचे खेलना भी नहीं सीखा था तब तक मैंने पता नहीं तुझ जैसे कितनो के दिल निकल कर अपने पैरो से कुचले हैं......
तुम सब लोगों की भलाई इसी में हे की इस गाओं नहीं ! नहीं! कही भी अगर लोगों को परेशां किया तो गोटियां निकल कर दिल मैं उतर दूंगा......
आदमी--- तू मुझे जनता भी है कोण हूँ मई ठाकुर शाहब का सबसे खास आदमी हूँ नाम है रघु और मई चहु तो तुझे ऐसा गायब करूँगा की
मई--- मैंने शायद पहले इंग्लिश में एक डायलाग मारा था जो शायद तेरी समझ में नहीं आया खैर मेरे परिवार मई से किसी के बारे मैं कुछ गलत करने का जो कोई भी सोचेगा वो फिर जिंदगी भर यही सोचेगा की उसने ऐसा क्यों सोचा.......
ुस्कने मेरे सर के ऊपर दुनाली तान दी.....
मैंने उसके नाल को पकड़कर बिच में से मोड़ दिया....
मई--- मेरा खून खराबा करने का मूड नहीं है इसलिए तेरी जान बख्स रहा हूँ अब चुपचाप यहाँ से अपने ठाकुर के लेके निकल जा और अबकी बार धमकी नहीं सलाह दे रहा हूँ.....
ठाकुर और उसका परिवार और मिलने जुलने बाले बोहोत लोग भी वहां आ गए.....
Thakur---Surya
पापा--- करेक्शन सूर्य भाई
ठाकुर--- बोहोत अच्छा लग रहा है तुम्हे पहले वाले तेवर मई देख कर लेकिन सभी का अपना अपना समय होता है पहले तुम्हारा टाइम था अब हमारा टाइम hai...samay के आगे किस की चलती है भला तुम्हारा सूरज ढल चूका है अपनी जिंदगी सन्ति से जीना चाहते तो मेरे रस्ते मई आने की कोशिश कभी नहीं करना और अपने इस लड़के को संभल बोहोत बकचोदी पेल रहा है....
पापा--- यशवीर सिंह पहली बात तो तुम्हारे भाड़े के टट्टू उसे खरोंच न दे सके तो तेरे मुट्ठी भर आदमी क्या कर लेंगे वो मेरा खून है तो उबाल तो मरेगा hi.....
दूसरी बात--- सूर्य इस जस्ट लिखे सुन जो थोड़ी देर के लिए छिप तो सकता है पर हर रोज़ रौशनी देना उसकी नियति है उसी तरह मैंने थोड़े दिन समाजसेवा क्या छोड़ दी गीदड़ भी खुद को शेर समझने लगे.....
तीसरी बात--- सरपंची हमारे पेअर की जुटी है हम उसे उतर सकते हैं तो जब चाहे पहन भी सकते हैं... हम सरपंची से नहीं सरपंची हमसे है......
पापा--- राज माइक.....
Papa---on माइक--- सभी गाओं वासियों को सूर्य का प्रणाम तो मई सीधा मुद्दे पे आता हूँ जैसा की राज ने कहा आज के बाद इस गाओं में कोई भी ठाकुर का आदमी नहीं दिखना चाहिए.... वैसे तो ठाकुर की सरत थी की जो दंगल जीतेगा हरने वाला उसको एक सरत पूरी करेगा लेकिन इनसे उम्मीद नहीं की जा सकती अगर कोई भी आदमी इस गाओं मई गलत करता है चाहे वो कोई भी हो उसकी खबर मुझे करें बाकि मई देख लूंगा
और अगले इलेक्शन मई हम अपनी जुटी वापस पहनेंगे.......
ठाकुर के आदमी ने पीछे से पापा को मरने के लिए चाकू फेंका.....
जिसे मैंने उनकी पीठ मई लगने से पहले hi पकड़ लिया और वापस जिसने फेंका था उसके गले के पार कर दिया.....
मई--- ठाकुर साहब लगता है अभी बात किसी के भेजे मई बैठी नहीं है सही सलामत घर जाना है या हॉस्लिटल मई hi जाओगे.......
गाओं वाले भी पुरे जोश मई आ गए थे और सूर्य भाई सूर्य भाई के नारे लग रहे थे......
इस्तिथि को देखकर ठाकुर ने वहां से खिसकना hi बेहतर समझा.....
जिसके बाद सभी गाओं बालों का चुतियापा चालू हुआ वो लोग पापा को कंधो पर उठाकर मेले के चक्कर लगाने लगे.....
कोशिश तो मुझे भी उठाने की थी लेकिन मैंने मन कर दिया......
मैंने अपने कपडे पहने और रानी दीदी तमिना दीदी और चची के पास पोहोच गया.....
रानी didi---wah भाई इतनी गज़ब की फाइट क्या बात है और अब तो बॉडी भी मस्त हो गयी है.....
तमिना--- सिखाया किसने है
चची--- खिलाया किसने है.....
इन सबको नार्मल देखकर मुझे बोहोत अच्छा लगा और हम घर की और पैदल पैदल जा रहे थे मौसम अच्छा खासा था......
घर के पास पोहचे तो मुझे एक कॉल आया......
मई--- hello कोण
वो--- तुम्हारी मौत तूने मेरे बेटे को मारा था न लेकिन मई अब तेरे परिवार को चुन चुन के मरूंगा....
mai---abe तू है कोण सेल....
vo---awaz नीची तुझे क्या लगा तू बच जायेगा सहर से चला जायेगा तो नहीं बिलकुल नहीं.....
वो--- तेरे पास एक जानता है और मेरे पास तेरे 5 घर वाले हैं आधे घंटे बाद हर 5 मं मई एक मरेगा गांड मई डैम हो तो एक को भी बचा के दिखा......
है है है है है
कॉल डिस्कनेक्टेड.......
मई--- कन्फर्म ये तियागी होगा लेकिन इसके पास मेरा no. मतलब किसी ने धोका दिया है क्योंकि मेरा no मेरे घरवालों के अलावा एक दो लोगों के hi पास है लेकिन 5 लोग कोण कोण मेरी फॅमिली तो यहीं hai......oh सहित ममी मां अंजलि शिवम् लेकिन तो 4 hi हुए ....
तभी मेरी नज़र मोबाइल की स्क्रीन पर गयी जिसमे प्रिय की 1 घंटे पहले की 21 मिस्ड कॉल थी मिलब फाइट के टाइम की....
अब कुछ रीडर्स की सोच भी होगी की उनको बचने के बजाय ये बकचोदी क्यों लिख रहा हूँ तो बता दूँ इतना सब मई 5 सेक् मई सोच लिया और 6थे सेक् मई प्रिय को कॉल लगा दिया.......
उसने कुछ रिंग्स के बाद कॉल पिक किया.....
प्रिय--- hello राज कहाँ है यार तियागी ने सहर मई तबाही मचा दी है सरे पुलिस स्तातिओंस मई आग लगवा दी और मां की फॅमिली को किडनैप कर दिया कंचन भी उन्ही के कब्ज़े मई है.......
Mai---tu कहाँ है अभी.....
प्रिय--- मई और मेरी टीम उन्हें धुंध रहे हैं लेकिन हम उन्हें ट्रेस नहीं कर प् रहे हर 5 मं मई उनकी लोकेशन चेंज हो जाती है.....
राज बे फ़ास्ट वे अरे इन सीरियस पॉब्लम....
मैंने भी उसे कॉल के बारे मई बताया और उससे कहा की अलग अलग होकर ढूंढो मई बस अभी पहुंचा.......
मई--- और सबकी लोकेशन मुझे भेजो......
Rani-Tamina --- क्या हुआ राज क्यों परेशां हो.....
मई--- बाद मई बताऊंगा दीदी ी हैवे तो जो.....
Tamina---mai चालू साथ
मई--- रानी दीदी चची आप जाओ गजर मुझे तमिना दी से थोड़ी बात करनी है..... तो तमिना दी प्लीज बे अलर्ट और किसी को भी घर से बहार न जाने देना ी विल तेल्ल यू लेटर व्हाट इस गोइंग ों.....
Tamina---ok सिक्योरिटी पॉब्लम है तो मई अपने गैंग को बुला सकती हु.....
मई--- फॅमिली की सिक्योरिटी आप पर है आप जो चाहें कर सकता हैं.....
इतना कहकर मई अपना घोडा तूफ़ान लेकर वहां से निकल गया.......
मई मेरे मोबाइल पर जो लोकेशंस आयी थी उसके भीषण से जा रहा था और सबसे पास वाली लोकेशन पर कोई 15 मं मई hi पोहोंच gya......lekin वहां कुछ नहीं था 2 श्री लोकेशन पर भी कुछ नहीं मिला और 22 मं ख़तम हो चुके थे अबतक.....
mai---aise तो मई कुछ नहीं होगा और मैंने हाथ के तत्तो पर हाथ phiraya.......to मेरा फरसा मेरे हाथ में आ गया मैंने अंजलि को याद किया मेरे फरसे की सुई गोल गोल इधर उधर घूमी और फिर एक डायरेक्शन माओ फिक्स हो गयी.......
मैंने तूफ़ान को उधर hi दौड़ा दिया और कुछ hi देर में मैं सहर के बहार जो बस्ती है उसके सामने खड़ा था.....
बस्ती मई घुसते hi लाशें गिरी हुई मिलना सुरु हो गयी मतलब यहाँ प्रिय पहलर से hi पोहोंच चुकी तह.....
इस बस्ती के बारे मई बताऊ तो ये गुंडों की बस्ती थी जहाँ केवल गुंडे hi रहते हैं जिनकी जनसँख्या 10 से 15 हज़ार के बिच मई hai(anumanit)......
हमारे ग्स मिस्सों मई ये बुइ थी लेकिन सबसे लास्ट mai......kyonki इस बस्ती के बीचो बिच है तियागी की बोहोत बड़ी हवेली जहाँ से उसने आतंक फैला रखा है जिसमे की बिना उसकी मर्ज़ी के मच्छर भी किसी को नहीं काट सकता है..........
लाशों की हालत देखकर अंदाज़ा लगाना बिलकुल भी मुश्किल नहीं था की किलर गर्ल इस ों सीरियस हंट.....
सुरु शुरू मई लो लाशें थी वो गोलियों की बजह से मरे थे बस सर मई एक छोटा सा छेड़ था बाकि पूरी बॉडी क्लीन लेकिन अंदर आते आते किसी का हाथ तो किसी का किसी का पेअर कुछ पता नहीं चल रही थी खून बारिश के पानी की तरह बाह रहा था........
शायद उसकी गोलियां ख़तम हो गयी थी और मई सही था कियोंकि सामने प्रिय 2 दोनों हाथों मई तलवार लिए बस गुंडों की माउथ बानी जा रही थी......
तभी गोलियों की बरसात प्रिय पर हुई लेकिन उसने अपनी दोनों तलवार को इतनी तेज़ स्पीड मई अपनी चारो तरफ घुमाया की गोलियां उसकी तलवारों से लगकर निचे गिरती जा रही थी.....
शी वास् जस्ट अमेजिंग लेकिन उसकी तलवार के हैदर मई उसके हाथ के पास गोली लगी तो उसकी तलवार गिर गयी वो काफी थक भी चुकी थी क्योंकि उसने काम से सैम 1000-1500 गुंडों को आराम से माउथ के घाट उतर दिया था.....
उसकी तलवार गिरते hi प्रिय के सामने मई पोहोंच गया न ये बात उसे पता चली और न hi किसी गुंडे वो लोग भी प्रिय पर गोली चला रहे थे लेकिन उसे लग एक भी नहीं रही थी क्योंकि मई तलवार घूमते हुए गोली चलने वाले के पास पोहोंच गया और घूमते hi रहा जब तक बन्दूक के साटन उसके हाथ भी नहीं काट गए......
मेरी स्पीड इतनी थी की इस ये सब बस 30 सेक् मई हुआ और किसी को पता भी नहीं चला.....
जब मई प्रिय के सामने आया था तो उसके पास एक गन छोड़ गया था जो की मेरे पास थी जिससे उसने सभी ज्यादातर गनर के भेजे मई बुलेट फिक्स कर दी थी मई और माइनर जिसके हाथ कटे थे उसके गार्डन के दोनों तरफ तलवार रख कर कैंची की तरह बनाया और उसकी गर्दन काट दी........
मई--- रिलैक्स बेबी ! यू अरे टायर्ड सो जस्ट चिल.....
वहां गुंडों की क्या कमी मेरे पीछे तलवार करने आ गया एक और लेकिन मैंने बिना देखे hi उसके पेट से तलवार पार कर दी.....
उसके पीछे धकेलते हुए अपनी मैजिकल सोर्ड को और लम्बा किया और 20 लोगों मई से एक साथ पार दिया और फिर तलवार को 360 के एंगल पर 2 रोटेशन कराये......
30 मं पुरे होने मई 2 मं बचे थे.....
ऐसे तो हवेली तक नहीं पोहोंचा जायेगा.....
मैंने अपनी सोर्ड को इलेक्ट्रिक गन मई बदला शायद मैंने पहले बताया नहीं लेकिन मेरा फरसा किसी भी वेपन का रूप ले सकता है विथ इतस पावर्स......
तो मैंने अपने पार्स को इलेक्ट्रिक गन मई तब्दील kiya......jo की बोहोत हो पावर फुल थी.....
उसमे से इलेक्ट्रिक बुलेट्स निकल रही थी जो की लाइट की स्पीड से जा रही थी और जिसके भी सरीर से बुलेट छू जाती उसके बुरी बॉडी मई शॉक लगता और फिर कुछ hi सेकण्ड्स मई उसकी बॉडी रख हो जाती.......
45 सेक् मई वहां रख hi रख हो गयी और अब बस वही लोग बचे थे कहीं छुप गए थे......
थें ी चेंज्ड माय गन तो फायर केनन और जहाँ कुछ देर पहले बस्ती थी वहां अब रख के अल्वा कुछ नहीं था......
अब अब तियागी की हवेली और उसके पीछे की बस्ती बाकि थी बाकि तो बस अब वहां रख hi रख थी.....
ये पावर सही निकै बस इतने सरे लाशें थी की सहर तक बदबू जाती जे अच्छा हुआ सभी जलकर रख हो गयी...
प्रिय का भी मुंह बस खुला का खुला रह गया की बस ये हुआ क्या इतनी खतरनाक किलिंग की 1.5 मई hi 10000 जे आस पास लोगों को जलाकर रख कर दिया......
Priya---what वास् तहत राज ी can't बिलीव की जो मेरे सामने हुआ क्या वो सच है....
mai---idhar आना और मैंने उसके होठों को हल्का सा किश किया....
प्रिय--- ओह्ह इतस रियल पर कैसे
mai---its ा मिस्ट्री!!! विल तेल्ल ु later.....chal पहले तियागी के लौड़े लगा कर आते हैं......
अब ज्यादा लोग बचे नहीं थे फिर भी उसकी हवेली की सिक्योरिटी के लिए काफी थी लेकिन इनको टपकना कोई जयादा बड़ी बात तो थी नहीं......
उसके बाद मैंने हवेली में एंट्री मारी......
वहां उसकी दर के मरे पूरी फटी पड़ी थी वो एक गांजा सा आदमी था और मध्यम बॉडी थी कोई 49-50 साल का होगा.........
लेकिन मां वहां डर्टी में पड़े थे और तियागी के आदमी उन्हों मरे जा रहे थे और वाकई सब अंजलि ममी और शिवम् रो रहे थे जो की खम्बो से बंधे हुए थे.....
2 गुंडे कंचन को कपडे फाड़ रहे थे....
अब मेरी गुस्से से सटक गयी और जो कंचन के पास जाकर जो 2 लोग उसके कपडे फाड़ रहे थे उनमे एक ने होना लुंड बहार निकल रखा था मैंने गाल पर एक थप्पड़ दिया मुंह टेड़ा हो गया उसका और उसका लुंड मैंने काट दिया उसकी चीख निकली तो वो उसकी के मुंह मई फसा दिया,,, उसे निचे गिराकर उसके दोनों पेअर पकड़ लिए और उसके गांड के ऊपर एक लात कर के मारी जिसकी बजह से उसकी स्पाइन के साथ साथ उसका कनेक्शन भी टूट गया इस दुनिया se........ye सब देखकर शिवम् बेहोश हो गया......
इस सन को देखर दूसरा वाले गुंडे और तियागी ने भागने की कोशिश की गुंडे को मैंने पकड़ लिया और तियागी को प्रिय ने पकड़ लिया.....
उस गुंडे के सर के बालों को पकड़कर मैंने उसके सर को एंटी clockwise(ghadi की विपरीत दिशा मैं) घुमाया और सर को झटके से ऊपर उखड लिया जिसकी वजह उसके अंदर का सिस्टम भी गर्दन के थ्रू बहार निकल आया लिखे लीवर एंड इंटेस्टिनेस.....
इस सन को देखकर ममी और अंजलि को उल्टियां होने लगी कंचन का भी कुछ ऐसा hi हाल tha....Priya ने भी एक पल अपनी आंखें बंद कर ली थी तियागी की तो टांगें कंपनी लगी और उसका मूट निकल गया ...
वहां पर एक एक मौजूद इंसान की ऐसी दरिंदगी देखकर रूह कैंप गयी उन्हें उल्टिया होने लगी बस प्रिय hi कुछ कुछ नार्मल थी क्योंकि उसे इनसब की आदत थी......
तियागी हाथ जोड़कर मेरे पैरों मई गिरकर रोने laga...maine उसको दूर उछाल दिया तियागी तुझे इतना आसान मौत नहीं मिलेगी तू चिंता न कर.....
वो वहां से भागने लगा तो मैंने उसके चरों तरफ इलेक्ट्रिक बार्स बना दिए वो जैसे hi थोड़ा हिलता मई उसे गांड फाड़ शॉक लगा.....
लेकिन मैंने उस शॉक को इतना कण्ट्रोल मई रखा था की उसको बॉडी को hi डैमेज हो वो मरे न.....
वो जान भाग रहा था तो मैंने उसे इतना भागे दिया था की वो सबसे दूर हो जाये.....
मैं वापस जहाँ सब थे वहां आया और मां को चेक किया तो वो बेहोश थे और शायद उनका एक पेअर टूट गया था...
मई--- प्रिय यार इन सबकी हालत तो ख़राब है ऐसा कर इनको हॉस्पिटल ले जा....
Priya---halat तो ख़राब होनी hi थी ये सब देखकर... अब इस तियागी का क्या करना है.....
Mai---isko सहर के बीचो बिच ले जाकर ताकि गुंडों का कहुआफ ख़तम होकर गुंडों मई hi खौफ हो जाये....
प्रिय--- नीस...
मई--- तुम इनलोगों को संभल लोगी......
Priya---off कोर्स यस.....
थें मैंने प्रिय से मास्क लिया ोर्फिर से तियागी के पास आया उसके सर पे तो बाल थे नहीं लेकिन उसकी एएब्रोस के बाल जल चुके थे और वो बोहोत अजीब लग रहा था.....
खैर मुझे क्या मुझे तो उसको बस मरना है.....
मैंने अपना फरसा निकला इलेक्ट्रिक की जगह पर मैंने उसे आइस बार्स मई बंद किया...... जब उसकी गांड सिकुड़ गयी थी आइस बार्स के अंदर उसे पानी मई डुबो दिया जिससे उसकी गांड और ज्यादा सिकुड़ गयी उसके हाथ पैरों ने हिलना बंद कर diya......to फिर मैंने आइस और वाटर को फायर से रेप्लस किया और उसको कुछ सन्ति मिली लेकिन फिर अचानक मैंने टेम्परेचर इतना रेज कर दिया की तियागी की जो गांड सिकुड़ी थी वो अब फात गयी उसका पूरा सरीर गरमी से झुलस गया उसमे से जलने की बदबू आने लगी......
लेकिन अभी तियागी को ये धरती तियाग्नि नहीं थी इसलिए मैंने फायर को आइस से रेप्लस किया तियागी को ठंडा किया......
मैंने तियागी को कैद से आज़ाद किया उसकी गांड मई डैम नहीं था की वो गांड भी हिलाये अब....
मई--- तियागी बस किस चूतिये ने तेरा ये नाम रखा था आज तक तूने सरम के अल्वा कोई भी चीज़ त्यागी है क्या..... चल छोड़ तू बड़ा तियागी है सीधा जीवन hi तियागेगा.....
मई--- तियागी आलास तियाग तो लौड़े से गांड तक का जोर लगाके सहर मि तरफ भाग ....इतस समथिंग लिखे
जब तक तेरी गांड hilegi...tab तक तेरी साँस चलेगी.....
तियागी ने गांड के घोड़े दौड़ाये और भागने लगा लेकिन अपनी बस्ती के पर जाने मई भी तीन बार गिर चुका था...
मैंने सीटी बजायी और तूफ़ान मेरे सामने आ गया और थोड़ी hi देर मैं तियागी के पास थे अब तियागी से भगा नहीं जा रहा था मैंने अपने फरसे को लोहे के चाबुक मई तब्दील kiya....or तियागी की गांड में मारा कपड़ों समय खाल उसके सरीर से अलग हो गयी.....
कुछ hi देर मई उसकी बैक साइड मई खून से लथपथ हो गयी क्योंकि पीछे से उसकी खाल खिंच ली थी मैंने.....
अब तियागी के बास्की बात न रही और वो बिकुल धराशाही हो गया मैं उसके हाथो मई चाबुक फसकर मैंने तूफ़ान को डूडा दिया सहर की तरफ......
और सहन के सेंटर पॉइंट पर ले जाकर उसे खड़ा कर दिया.......
लेकिन उसमे खड़ा होने hi ताकत कहाँ थी.......
वहां भीड़ जमा हो गयी चारो तरफ....
मैंने तियागी को मरना शुरू किया और ऐसा मारा की दर्द तो बेइंतहा हो लेकिन जान न निकले....
मीडिया वाले भी आ गए थे वो भी रिकॉर्ड कर रहे थे.....
मैंने एक कैमरा मन को पकड़ा और अपने ऊपर कैमरा सेट कराया.....
मई--- ये रहा तुम्हारे सहर का डॉन तियागी लेकिन अब ये किसी को मार सकता मार क्या मरने की सोच भी नहीं सकता.....
mai---Aise बोहोत से तियागी हर गली मोहल्ले कॉलोनी में बैठे होने उन्हें मई इ बात बता दूँ अगर समाज मई गंदगी फ़ैलाने की कोशिश की तो मई उन्हें hi इस दुनिया से साफ़ कर दूंगा......
और फिर मैंने तियागी की टैंगो को उसे जैसे कपडे धोते हैं उस तरह से जमीं मई पटकने लगा.....
और फिर मैंने उसको बिच मई से चिर दिया ......
एंड वन्स सब फ्रीज हो गए लेकिन टांगें कैंप रही थी....
खड़े थे लेकिन गांड फैट रही थी और उल्टियां तो इतना भयंकर सन देखने के बाद कॉमन सी बात हैं.....
मई--- थिस इस व्हाट ी कैन दो िफ़ अन्य ओने तरय तो मेस विथ me...NEVER एवर तरय तो क्नोव हु ी ऍम ोथेरविसे यू विल बे ा मिस्ट्री फ्रॉम तहत मूवमेंट बिकॉज़ ी ऍम मिस्ट्री मन.....
तो बे कॉन्टिनोएड......