RAJ -The mystery man (thriller & Magic) - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

RAJ -The mystery man (thriller & Magic)

hotaks

Administrator
Staff member
Joined
Dec 5, 2013
Messages
148,789
Pics-Art-12-21-08-59-36.jpg


ये एक गाओं की कहानी है जिसमे हीरो का नाम राज hai...aur राज की जिंदगी में कई रज़ज़ हैं जिनका उसे पर्दाफाह करना है.
 
खुशियों की सबसे बडी दुश्मन उम्मीदें होती हैं।

इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन घमंड होता है।

uc.jpg


Character's ऑफ़ स्टोरी

दादाजी- लेट विजेंद्र sharma....flash बैक में थोड़ा सा रोले है बस

दादी g-vimala देवी

दादा ग के जुड़वाँ भाई - लेट सुरेंद्र sharma....cancer की वजह से माउथ हो चुकी है.

दादी ग- नाम लक्ष्मी w/o सुरेंद्र शर्मा ...जब इनके पति की माउथ हुई है ये कौमा में हैं.

पिता ग - सूरज शर्मा ये एक बोहोत hi नेक बन्दे हैं ...एक बार गाओं के प्रधान भी रह चुके हैं आजकल तबियत ख़राब रहती है..

माता ग - शालिनी शर्मा इनकी माउथ हो चुकी ....जिसके पीछे एक बड़ा राज है वो बाद में पता चलेगा.

बहन - रानी शर्मा ये अपने हीरो की जान है ,पड़े में हमेशा टॉप करती है ...इसकी खूबसूरती शब्दों बयां करना इसकी तौहीन hogi...kyonki कोई भी इंसान अपने कर्मों से खूबसूरत होता है न की चेहरे से ....

हीरो .....राज... हाइट -6''2 न तो ये दुबला पतला है और न hi मोटा ....इसका सिर्फ नाम hi राज नहीं है इसकी जिंदगी में और भी बहुत से राज हैं जो इसे खुद नहीं पता ...दिल का बहोत साफ़ बाँदा है कभी किसी के आँखों में आँशु नहीं देखा सकता ...और रानी के तो बिलकुल नहीं ...इसलिए ये घर की बजाय अपने खेतों पर रहना पसंद करता है जिसकी बझा आगे पता चलेगी..

बी चाचा- करमवीर s/o सुरेंद्र शर्मा

बी चची - सहमति देवी ...नाम के बिलकुल उल्टा वयवहार है इनका

इनके एक बीटा और दो बेटी हैं

ladka-abhay शर्मा ..गाओं में पहलवानी करता है ..अब पहलवान है तो बॉडी सहोदय तो होगी hi बन्दे की

बड़ी लड़की - कंचन ...डेली up-down करके सहर जाती है b.sc 2न ईयर में है

छोटी लड़की - स्वाति शर्मा ये भी राज और रानी की हम उम्र है और उन्ही की क्लास में पड़ती है ...है बोहोत hi नटखट

(ये तीनो हीरो से नफरत करते हैं वजह है इनकी माँ का राज के खिलाफ भड़काना)

स चाचा - पृथ्वी शर्मा ये एक फौजी हैं साल में 2...3 महीने के लिए घर आते हैं

स चची- आशा देवी

इनके अभी कोई संतान नहीं है अभी .....कारन टीम न मिल पाना

अभी के लिए इतना hi इंट्रो काफी है ..और आगे जो जो आते जायेगा उसका इंट्रो मिलता रहेगा

रानी ,राज , स्वाति ....तीनो एक hi क्लास में पड़ते है यानी की ये इस साल 18 में आये हैं और अब छुटियों के बाद स्कूल चालू होने जा रहे हैं ....रानी पड़े में बहुत hi तेज है और उसने 10 में 96% के साटन डिस्ट्रिक्ट टॉप किया था .

राज भी पड़े में ठीक थक है उसे 10 में 83% मार्क्स मिले थे .और स्वाति को 10 में 76 % मार्क्स मिले थे .

राज परिवार का गाओं में बोहोत नाम है और पास के गाओं का थुकुर इनका दुश्मन भी है

तो ये था इंट्रो वाकई देखते हैं आगे और क्या क्या होता है


______________________________

तो ये था इंट्रो वाकई देखते हे
 
अपडेट-1

सुबह - सुबह एक कमरे में से शोर शराबे के आवाजें आ रही थी वैसे ये कोई नै बात नहीं थी जब भी राज घर सोता था ऐसा हे होता था इसलिए वो ज्यातर अपने खेतों पर hi सोता था ....पर आज किसी की कसम के कारन उसे घर पर सोना पड़ा था....



शोर की आवाजें सुन कर किसी के कदम तेजी से दरवाजे की तरफ बाद रहे थे ...और उसकी आँखों में से आँशु छलक रहे थे वो कदम दरवाजे पर पहुँच कर रुक गए ..

shanti-(jaisa की पहले बताया था की इसका नाम hi शांति है ...पर जहाँ भी रहती हैं अशांति hi करती है) देखो कैसे राजा -महाराजाओं की तरह सो रहा है ,कितनी देर हो गई चिल्लाते चिल्लाते पर देखो साहबज़ादे के कान पर जो तक नहीं रेंग रही .

(जब शोर राज के कानो में पंहुचा तो वो जगता है ...आज उसके देर से जागने का कारन था उसकी तबियत ख़राब होना)

राज -क्या हो गया सवेरे -सवेरे?

शांति -( जोर से चिल्लाते हुए) चल उठ आज घर पर है तो जानवरो को चारा दाल दे ...वाइस भी पुरे दिन करता hi क्या है पड़ा रहता है ...बस खा लिए और सो लिए

सन्ति- अब क्या तेरी आरती करूँ जब hi उठे ....एक बार की सुनाई नहीं देती तुझे ...मई अभय को उठाने जा रही हूँ तब तक जानवरों को चारा पद जाना चाहिए ....

(शांति के जाने के बाद कमरे में कोई आता है जिसको देख कर राज का दिल धधक उठता है)

Raj...tumne अपना ये क्या हल बना रखा है दी ... और रो क्यों रही है?

Rani...aaj तुम्हे सुबह सुबह मेरी वजह से दांत पड़ी तो मेरी आँखों से अंशु नहीं निकलेंगे तो क्या niklenga...agar में तुम्हारी बात मन लेती तो ऐसा नहीं होता और जोर से रोने लगी

राज ने रानी की आँखों में से अंशु साफ़ करते हुए कहा की ''ऐसा न रोया करो दीदी मुझे बहुत तकलीफ होती है और शायद तुम रात भर सोई नहीं आँखे देखो अपनी पूरी लाल हो रही हैं .....बीएस थोड़ा सा hi तो बुखार था ''

रानी -थोड़ा सा बुखार रत भर तपते रहे हो बुखार से चलो अब ज्यादा बातें न करों वर्ण वो आके फिर से सुनाएंगी.

राज - ठीक है जा रहा हूँ ....पर तुम मेरी बजह से अपने आप को दुःख न दिया करो ...जब तुम hi खुश नहीं रहोगी तो मई कैसे खुश रह सकता हूँ.

Rani....theek है अब जाओ वो आती hi होंगी ...

राज जा के जानवरों को चारा डालता है उसके फ्रेश होने चला जाता है ....और जैसे hi वो घर से बहार जाने को होता की तभी रानी आ जाती है .....जैसे hi उसकी नज़र रानी पर पड़ती है वैसे hi राज के चेहरे पर मुस्कान और दुःख के भाव एक साथ आ जाते हैं....

क्योंकि रानी के हाथ में दूध का गल्स था अब राज के चेहरे पर दुःख के भाव इसलिए आये थे क्योंकि रानी जो दूध लायी थी अगर शांति को पता चल गया तो उसपर बाओहोट दांत पद सकती थी...

राज .....आप क्यों करती हो ऐसा क्या तुम्हे मुझे दुःख देने मई ज्यादा मज़ा आता है

रानी.... बातें बाद में पहले गिलास खली करो

Raj.....ek शर्त पे पियूँगा में दूध मंजूर हो तो बताओ?

रानी ..... क्या?

Raj.....isme से आधा तुम्हे पीना पड़ेगा और ऐसा कोई काम नहीं करोगी जिस से तुम्हे दुःख पहुंचगे.

Rani....ye तो बेमानी है तुमने एक शर्त की कहा था दो मांग ली ....चलो मैं तुम्हारी एक शर्त मान लेती hun....aur मैं तुम्हारे लिए कोई काम करूँ उसमे मुझे दुःख नहीं होता सुख मिला है

(और रानी उसमे से थोड़ा सा दूध पि लेती है)

Raj.....ye क्या बात हुई भला

Rani...ab कोई बहाना नहीं चुपचाप दूध पि लो

इसके बाद राज दूध पि कर चला जाता है और उसका सारा दिन t.v देखने में बिट जाता है ...उसको बीएस एक चीज का सुख था t.v में भी वो बीएस ववे देखना पसंद करता था .....

आज उसकोघर तो जाना नहीं था इसलिए वो खेत पर चला जाता है राज का खेत घर से कोई 1 कम दूर था और वहां भी रहने की अच्छी खासी सुबिधा थी वहां तीन रूम नीचे और 1 ऊपर चाट पे था .

और इधर रानी को दूध अभी को देने पर बहोत दन्त पड़ती है .....शाम को रानी राज को खेतों पर hi खाना खिलाके आ जाती है .....

आज का दिन ख़तम हुआ हुआ और सभी सो गए एक नयी उम्मीद के साथ कल से इनके स्कूल ओपन हो रहे थे

मैंने पहली बार कुछ लिखा है उम्मीद तो मई रखता नहीं जिंदगी में फिर भी जो कोई भी पड़े कोई न कोई गलती तो हुई होगी मुझे उसके लिए माफ़ी मांगता हूँ

आगे और अच्छा अपडेट देने की कोशिश रहेगी
 
अपडेट -2

आगे की कहानी राज की जुबानी

आज सुबह- सुबह जल्दी जाग गया और फिर फ्रेश होकर रनिंग के लिए निकल गया मैंने कोई आधे घंटे रनिंग की ....

और फिर थोड़ी देर हलकी फुलकी एक्सरसाइज करने के बाद थोड़ा रिलैक्स हुआ ....और फिर टूबवेल पर hi नाहा धोकर निकला लिया अपने घर की तरफ..

गाओं में घुसते hi मुझे अपना एक दोस्त मिल गया नाम था कालू

(चलो कालू भाई से थोड़ी जान पहचान कर लेते हैं)

नाम तो वैसे तनुज है ...और न hi ये कला है फिर भी अब कालू कहना लोगों की आदत में आ गया hai...vaise है बहुत hi जुगाड़ू टाइप का इंसान गाओं की ज्यादातर कहबरें इसे पता रहती hein......agar इनको गुस्सा दिलाना हो तो बस ''धतूरा '' कह दो फिर तो ये आग बबूला हो जाता hai.....iske पीछे एक दिलचस्प कहानी है कालू को भूक लग रही थी और एक औरत मंदिर पे पूजा करके धतूरा और लड्डू चढ़ा गई ....फिर क्या था एक तो ये खुरापाती ऊपर से भूका ...कालू जब तक औरत के जाने का इंतजार कर रहा था तब तक एक बन्दर लड्डू को खा गया .....जब कालू वहां पहुंचा तो लड्डू तो मिला नहीं ''धतूरे ''को hi खा गया .....अब खा तो गया पर पचा नहीं पाया ....क्योंकि धतूरा का जहरीला पौधा होता है ..........और कालू बेहोश हो गया ...तब से ये धतूरे के नाम से बहुत चिढ़ता है.

mai....are कालू आज तो बड़े दिन बाद दिखा है .....कहाँ चला गया था?

kalu.....kuchh नहीं यार ....छुटियों में मां के घर चला गया था ....और सुना क्या हाल चल हैं

mai....badiya hein....aaj से स्कूल चालू हो रहे हैं...

(कालू और राज दोनों एक hi स्कूल और एक hi क्लास में हैं )

कालू ....आज स्कूल जायेगा पड़ने की नहीं ?

mai.....jaunga और तू अपनी बया जायेगा की नहीं?

kalu....abe सेल पहले hi दिन नए नए माल देखने का मौका कोण छोड़ सकता ....तू भले hi छोड़ दे में तो न छोड़ता किसी भी कीमत पर

mai.....abe घोंचू तू नहीं सुधरेगा ....जब देखो तब लौंडिया बजी करते रहता है ...

kalu....jo मज़ा बिगड़ने में है वो सुधरने में कहाँ है ...

कालू ...वैसे सुना है मैथ का कोई नया मास्टर आया है ...और बोहोत खड़ूस भी है

mai....dekh लेंगे उसे भी स्कूल जेक .....

कालू ...चल यार स्कूल में मिलते हैं ...अभी थोड़ा काम है मुझे ...

mai...chal ठीक है स्कूल में मिलते है....

और फिर में कालू से मिलने के बाद चल देता हूँ घर की तरफ ...रस्ते में गाओं के लोग मिलते रहते हैं दुआ- सलाम होती रहती है

बड़ी चची कहीं जल्दी में घर से बहार जा रही होते हैं

mai...chachi राम -राम ....कहाँ जा रही हो...

बी chachi(Shanti)....haye राम किस कलमुहे का मुंह देखा लिया सुबह subah...aaj तो रोटी भी न नसीब hogi...aaya बड़ा राम -राम वाला ....इस से अच्छा तो बिल्ली hi रास्ता काट जाती...

और पता नहीं क्या - क्या गलियां निकलती रहीं मेरे लिए ....पर मई सबको अनसुना कर के घर में आ गया ...

(कंचन और स्वाति अभी अपने मां के घर हैं शायद आज या कल आ jayeingi....choti चची भी अभी ऍबे मायके में thi.....abhay भैया तो इस वख्त अखाड़े में hi मिलते हैं तो अब घर पर बीएस पापा ,बी चाचा , दादी ...और मेरी आँखों का तारा मेरी बड़ी बहन रानी थी .)

मई पहले दीदी के कमरे में गया तो वो मुझे कहीं दिखी नहीं ...इसलिए में पापा के पास चला गया ..जो इस वख्त अखवार पद रहे थे ...

mai....papa राम - राम ...अब तबियत कैसी है आपकी.....

पापा- राम -राम बीटा राम राम ....अब तो ठीक है ....तू अपनी सुना....

मई ....मई तो बिलकुल फिट हूँ ....आपकी दवाई कब तक की हैं ....

papa.....abhi तो 5 दिन की बाकि है तू क्यों टेंशन लेता है ....करमवीर दिलवा layega...aur बता खेतों पर सब कैसा चल रहा है ...

(अब थोड़ा खेतों के बारे में भी जान लिया जाए हमारे परिवार के पास कुल 300 बीघा जमीन थी 150 मेरे पापा के नाम और 75-75 छोटे और बड़े चाचा के पास ये तो पेपर्स पर थी वैसे सभी एक साथ hi रहते थे और एक साथ hi जमीन करते थे ......हमारे खेतों में करीब 80 बीघे में तो फलों का बाग़ फैला हुआ था और कोई 60-70 बीघे में आनाज और सब्ज़िया उगते थे .और बाकि की जमीन बंज़र पड़ी थी ....पापा की तबियत ख़राब होने की बजह से बाग़ और खेतों को बी चाचा hi देखते थे .....करने को तो कुछ था नहीं सारा काम मजदूर करते थे बस उनका हिसाब करना पड़ता था और फलों को मंडी पहुँचाना पड़ता था...

हमारे घर की साडी इनकम फलों के बाग़ से होती थी जिसमे ज्यादातर सभी फलों के पेड़ थे .....मुनाफा भी अच्छी खशी होता था.)

mai...wahan भी सब ठीक चल रहा है बीएस फलों का स्टॉक बहुत हो गया hai....b चाचा बहुत दिन से मंडी नहीं गए हैं

papa...theek है में आज करमवीर से कह dunga....aaj से तुम्हारे स्कूल चालू हो रहे हैं

मई ...हाँ पापा ....किताबों और कपड़ों के लिए पैसे दे देना कल मई सहर जेक ले आऊंगा

papa....theek ले आना .....और रानी को भी ले जाना ....उसे भी कुछ जरुरी काम है .....और बस से जाना अभी तुन्हे बाइक चलना पूरी तरह से नहीं आया है.....

mai....theek है

दादी खाना पका रहीं थीं उनसे थोड़ी देर बात कर के में तैयार होने चल दिया ...पर सामने रानी दीदी बाल बना रही थी और जैसे hi मेरी नज़र उन पर पड़ी मई तो हैंग हो gya....kisi की अवाज़ा से मेरी तन्द्रा टूटी .....ये दीदी की हु सुरीली आवाज़ थी....

Rani...aise क्या देख रहे ??

mai....apko hi देख रहा हूँ....

Rani....kyon पहले कभी देखा नहीं है क्या ....

mai....dekha तो है पर आज आप कुछ ज्यादा hi खूबसूरत लग रही हो....

रानी....( शरमाते हुए) चल झूठे ...क्यों सुबह सुबह मज़ाक कर रहा है...

Mai.....are नहीं सच में आप बहुत खूबसूरत हो..

Rani....mujhe पहाड़ पर न chadha...aur स्कूल नहीं जाना क्या ..चल जा के तैयार हो जा

mai...ja तो रहा hun...aap गुस्सा क्यों हो रही हो .....

रानी ....जल्दी तैयार हो जब तक में खाना लगाती हूँ ...

और फिर में और दीदी खाना खा कर स्कूल की तरफ निकल जाते...
 
अपडेट-3

अब जब तक राज और रानी स्कूल तक पहुँचते हैं हम थोड़ा स्कूल के बारे में जान लेते हैं ……ये स्कूल दो गाओं के बीच में है ….जैसा की पहले बताया था उस g5aon का ठाकुर हमरा दुश्मन है …और ये स्कूल हमारे दोनों गाओं के दान सर hi चलता है ये हमरे गेन से करीब कोई 1.5 कम दूर है …..और इसमें hi आस पास के ज्यादातर सरे गाओं के बच्चे पड़ने आते हैं और जैसा की पहले बताया गया है ये स्कूल दान पर चलता है तो फीस तो बोहोत काम hi ली जाती है ….या कहिये की नाम मात्रा के लिए जाती ….



मई और रानी स्कूल पहुँच चुके थे

आज स्कूल में भीड़ बहुत काम थी कियोंकि ये स्कूल का पहला दिन था …और ज्यादती बच्चे अभी अपने अपने घर नहीं लौटे थे

स्कूल पहुँच कर रानी अपनी दोस्तों के पास चली जाती और मैं कालू को ढूंढने निकल जाता हूँ

कालू अभी दूर से आता हुआ दिखाई दे रहा था …थोड़ी देर इंतजार करने पर कालू आ जाता है…

mai….aa गए आप ….कहाँ रह गए थे अब तक ….

कालू ….अबे रस्ते में एक माल दिख गया था बस उसी के पीछे -पीछे आ रहा tha…par कोई साली ने कोई भाव नहीं दिया…

मई ….मुझे लगा hi था ऐसा hi कुछ हुआ होगा …तू सेल अपनी हरकतों से तो बाज आने से रहा

कालू ….यही तो दिन हैं यार जिंदगी जीने ….शादी के बाद तो घंटे की तरह हो जाती है ….कोई भी बजा के चला जाता है ….इसलिए खुल के जिओ

(पीछे से स्कूल की प्रेयर की वेल की आवाज़ आ जाती )

mai…..chal चलते हैं अब …तेरा घंटा जब बजे गए बज जायेगा पर अभी तो स्कूल की घंटी बज गयी….

फिर सभी लोग प्रेयर में चले जाते हैं …प्रेयर होती है और हमारे प्रिंसिपल साहब हमें हमारे नए मैथ के टीचर से मिलवाते हैं ….(इनका और इनके परिवार का इंट्रोडक्शन बाद में दिया jayega)fir सभी अपनी -अपनी क्लास्सेस में चले जाते हैं

इन क्लास

मई और कालू बात कर रहे होते हैं की तभी एक चिर परिचित आवाज हमारे कानो में पड़ती है ….ये थी सुनैना मैडम जो केबल 11 और 12 में केमिस्ट्री पद्धति हैं …अब आप लोग सोच रहे होंगे की जब ये इस साल से hi हमें पढ़येंगी तो आवाज़ चिर परिचित कैसे hui….to बात ये है की ये हमरे hi पदोष में रहती हैं और इनके पति भी इसी स्कूल में फिजिक्स के टीचर हैं ….

फिर क्लास चालू होती है तो क्लास में कुछ जाने पहचाने तो कुछ अनजान चेहरे भी थे …..

सुनैना मैडम -सम

सम – गुड मॉर्निंग स्टूडेंट्स …..तो आज तो तुम पड़ोगे नहीं एक तो पहला दिन ऊपर से क्लास की स्ट्रेंगत इतनी kam(less स्टूडेंट्स अरे प्रेजेंट) तो ऐसा करो सब अपना अपना इंट्रो hi दे दो….

फिर सभी अपना अपना इंट्रो देते हैं मैं भी अपना इंट्रो देता हूँ मेरे पास बैठे कालू का no आता है….

kalu…are मैडम आप मैंने न जानो हो….

SM…kyon तुम कोई प्रधानमंत्री हो क्या जो में तुम्हे जनता होउंगी….

कालू ….अरे मैडम में kalu…jo आपके bagal….are नहीं आपके पीछे रहता हूँ …..

सम …..कहीं टीम वो तो नहीं जिसे धतूरा कहते हैं …..

मैडम के धतूरा कहते hi पूरी क्लास हसने लग जाती है और कालू गुस्से में अपनी सीट पर बैठ जाता है….

फिर मम लड़कियों का इंट्रो चालू करती हैं और रानी का no आते hi उसका इंट्रो खुद hi देती हैं …..रानी बहुत hi खुश होती है और फिर ये पीरियड ख़तम हो जाता है और आगे भी कुछ नहीं होता बस इंट्रोडक्शन hi चला था अब बीएस एक मैथ का पीरियड रह गया था …..

मैथ टीचर एंड फॅमिली इंट्रोडक्शन

मैथ टीचर -प्रशांत सिंह

wife-savita देवी

son-Aryan सिंह ….बी टेक 2ंद ईयर हॉस्टल में रह कर पड़े कर रहा है ….स्टोरी में शायद कोई रोले नहीं है….

डॉटर -दिव्या सिंह …..हमारी hi क्लास में है और इस मास्टर की जान है ..अब इसके नेचर और फिगर का पता स्टोरी में चल जायेगा …इसका रोले है स्टोरी में

(अभी केवल प्रशांत सर hi आये हैं पहले दिन जोइनिंग के लिए …फॅमिली शायद कल तक आ जाये ) …

प्रशांत सर= P.S

P.s…..good मॉर्निंग स्टूडेंट्स ….एक बात सभी कान खोल कर सुनलो मुझे इनडिस्कॉपलीने बिलकुल भू पसंद नहीं है …..अगर तुम मेरे अनुसार काम करोगे तो फायदे में रहोगे और मार्क्स भी अच्छे आएंगे…..

(और पता नई कितना लम्बा भासन दिया मेने तो एक कान से सुना दूसरे से निकल दिया फिर स्कूल की छुट्टी हो गयी और मई और रानी निकल पड़े घर की और ….)

रस्ते में……

Mai…..aaj किताब और कपडे ले आता हूँ सहर जाकर …..

Rani…mei भी जाउंगी

mai…..are दीदी आप क्यों फालतू में परेशां हो रही हो में ले आऊंगा न …

रानी ….मुझे जरुरी काम है …तुम नहीं कर सकते …मुझे hi जाना पड़ेगा…

mai…Aisa क्या जरुरी काम है जो में नहीं कर सकता ….

Rani….kuchh तो …है

mai….theek तो 3 बजे तक तैयार रहना ….पापा ने कहा है बस से जाना है …और अब अगली बस 3 hi आएगी….

रानी …..ठीक है …

फिर हम घर पहुँच जाते हैं ….में खाना खा कर निकल जाता हूँ कालू के घर की तरफ …टीवी देखने …..ऐसा नहीं था की t.v हमारे घर नहीं थी ….t.v तो थी पर वो बी चची के कमरे के सामने थी …जिनको पता नहीं क्यों में बिलकुल भी पसंद नहीं था और मेरा कोई मूड नहीं था की में उनकी जाली कटी सुनकर अपना मूड ख़राब करूँ …..

जैसा की मैंने पहले बताया था मुझे ववे देखना hi पदंड था …सो में कोई करीब 2: 30 बजे तक t.v देखकर अपने घर की तरफ निकल जाता हूँ…

मई ….दीदी चलो तैयार हो जायो बस के आने का टीम होने वाला …

रानी ….है बस 5 मिनट ( अब लड़कियों के 5 मं का तो पता hi होगा आप लोगों को कितना बड़ा होता )

चलो दीदी तैयार होकर तो hi गयी …पर अगर में खूबसूरती की तारीफ करने लगा तो फिर बस निकल जाएगी ….इसलिए हम दोनों बस स्टैंड की तरफ निकल जाते ….हमारे वहां पहुँचने से पहले hi बस धीरे – धीरे चल पड़ी थी …पर मैंने और दीदी ने थोड़ा भाग के बस पकड़ ली ….

बस में ज्यादा भीड़ नहीं थी ….तो सीट की तो कोई परेशानी थी hi नहीं ….सहर गाओं से 10 कम दूर था …..

थोड़ी देर बाद हक़ सहर पहुँच गए ..और निकल लिए मार्किट की तरफ

mai….aisa करते हैं पहले किताबें ले लेते हैं …..

रानी ….पहले कपडे लेंगे क्यों की किताबों के बजन को कोण उठाते फिरेगा बाद में लेंगे किताब

mai…baat तो आपकी भी सही है ऐसा hi करते हैं …

फिर हम स्कूल की ड्रेस खरीदते हैं …और दीदी अपने लिए कुछ कपडे लेती हैं तब तक में भी बहार जाकर अपना कुछ काम कर आया था क्योंकि मुझे अपने लिए कोई कपडे नहीं खरीदने थे ….

रानी …..राज भूख लग रही है …यार कुछ किला दे न …

mei…kyon नहीं चलो देखते हैं ….क्या है खाने लायक ….

फिर हम खाना खाने के बाद बस स्टॉप की तरफ निकल जाते हैं ….अभी बस नहीं आयी थी ..अँधेरा भी होने को hi था ….

थोड़ी देर बाद बस आ गयी पर अबकी बार सभी सहर से गाओं लौट रहे थे तो बस भरी हुई थी …पर हमें सीट मिल गयी क्योंकि अभी इस स्टॉप से कोई नहीं चढ़ा था और 2 सीट खली थी मई और रानी जेक उनपर बैठ गए ….

थोड़ी देर और बस रुकी तो बस पूरी खचाखच भर गयी ….

हमारे hi बगल में एक आंटी और एक लड़की कड़ी थी शायद उनकी बेटी हो…..

आंटी के चेहरे से ऐसा लग रहा था की जैसे बो किसी परेशै में हो …..मैंने सोचा पूछ hi लेता हूँ क्या बात है…

mai….aunty क्या आपको कोई परेशानी है ….

आंटी ने तो कुछ नहीं कहा पर उनके पास कड़ी ने कहा की मम्मी की तबियत ख़राब है ….तो फिर मैंने अपनी सीट उन्हें दे दी और खुद खड़ा हो गया ….

रानी दीदी ने आंटी को पानी पिलाया ….और फिर वो उनसे बात करने लगी….

मई उस लड़की के आगे खड़ा था …और वो भी मुझे ऐसा लग रहा था की कम्फर्टेबले फील नहीं कर रही थी ….

मैंने पीछे मुद कर देखा तो 30 – 35 साल का आदमी उस लड़की की खुशबू ले रहा था और उंगलिया फेर रहा था में उसे जानता था ….

mai….kaise चाचा ….लगता है चची को अब तुम्हारी हरकतों के बारे में बताना पड़ेगा शायद …..

मेरी बात सुनते hi वो बिलकुल झेंप गए और शांति से खड़े हो

गए ……उस लड़की ने मुझे थैंक्स कहा …मैंने कहा कोई न ….मुसीबत में जो काम न आये वो इंसान कैसा ….

लड़की …..आपका नाम क्या है

mein…..its सीक्रेट….

ladki…..kaisa सीक्रेट? ??

main……are यार राज ….

ladki….ohh ऐसा क्या….

mai….or तुम्हारा नाम क्या है…..

ladki….Divya …..दिव्या सिंह…

इतनी देर में बस रुक जाती है और मई और रानी उन्हें bye बोलकर उतर जाते हैं ….

घर पहुंचकर …पापा से थोड़ी देर बात करके में तो निकल जाता हूँ खेतों पर सोने के लिए …खाना तो सहर में hi खा लिया था …और जाके बिस्तर पर पड़ते hi सो जाता हूँ……

तो बे कॉन्टिनोएड…
 
अपडेट-4

mai….or तुम्हारा नाम क्या है…..

ladki….Divya …..दिव्या सिंह…

इतनी देर में बस रुक जाती है और मई और रानी उन्हें bye बोलकर उतर जाते हैं ….

घर पहुंचकर …पापा से थोड़ी देर बात करके में तो निकल जाता हूँ खेतों पर सोने के लिए …खाना तो सहर में hi खा लिया था …और जाके बिस्तर पर पड़ते hi सो जाता हूँ……

अब आगे …

मई सुबह -सुबह जल्दी जाग जाता हूँ वजह थी शोर शराब की आवाज़..

mai…ab साला यहाँ तो बी चची भी नहीं hai….ab यहाँ कौन आ गया इतनी रत को नींद ख़राब करने ….मई बहार आया तो मेरी सोच बिलकुल गलत थी …क्योंकि बहार सूर्य देवता आ चुके थे….

और शोर शराबे की वजह थी बाग़ में काम करने वाले मजदूर एक बूढ़े बाबा पर गुस्सा कर रहे थे और बड़ी बदतमीज़ी से बात कर रहे थे

mai….kya हुआ हरिया चाचा कैसे सुबह सुबह शोर हो रहा है ….

(हरिया चाचा वही है जो कल दिव्या के सतब बस में छेद चढ़ कर रहा था और ये हमरे बागों पर काम कार्टर हैं…)

हरिया – चाचा= H.C

H.C-kuchh नहीं बीटा ये बाबा सुबह सुबह बागों में चोरी से घुस गया और फल तोड़कर खा रहा था …

मैंने बाबा की तरफ देखा तो बाबा की इस्तिथि दयनीय थी क्योंकि सरीर में से हड्डियां बहन झांक रही थी …कमर नबी हुई …उनके गर्दन से ऊपर के भाग पर के तीन चीजें दिख रहे थे …एक तो नाक ,दो आँख जो की बिलकुल अंदर की तरफ धसी हुई thi…..aur एक सफ़ेद बैल का जंगल यानी की उनके सफ़ेद रस्सी के जैसे बाल….

mai…Baba अपने चोरी क्यों की आप किसी से मांग लेते तो कोई मन थोड़ी करता आपके लिए….

Baba…beta मई कई दिन से भूखा था और मेरी तबियत ख़राब इसलिए …मुझे खाने की सख्त जरुरत थी और यहाँ कोई दिख नहीं रहा था …इसलिए मुझे अपनी भूख के आगे विवश होना pada…mujhe माफ़ कर दो आज के बाद में यहाँ कभी नहीं आऊंगा…

mai…Are बाबा इसमें माफ़ी मांगने बलि क्या बात है ”इंसान सब कुछ अपने पेट के लिए hi करता है” और भी एक इंसान hi ho….aapko जितने फल खाने हैं खा लीजिये….

mai…Hariya चाचा आगे से किसी के भी साथ ऐसा बर्ताव नहीं होना चाहिए….

mai…aur बाबा आपने बताया था की आप बीमार हैं ..तो जब तक आप पूरी तरह सही नहीं हो जाते में आप यहीं rahenge….mai आपको डॉक्टर से दवा दिलबा दूंगा…

Baba….nhu बीटा इसको कोई जरुरत नहीं है …वैसे भी मुझे कोई दवा अब सही नहीं कर सकती…

mai…aise क्या परेशानी है आपको…

Baba…mujhe गठिया का रोग है …जिससे मेरे हाथ- पेअर टेड़े – मेढे हो गए hein…mein इस से 50 साल से पीड़ित hun…sab तरह की दवा ले ली लेकिन कोई फायदा नहीं मिला….

( जिसके परिवार में कोई गठिया पीड़ित होगा वो इस बारे में जरूर जानता होगा )

mai….lekin बाबा फिर भी कोई तो इलाज होगा इसका ….

बाबा …एक तरीका है ..लेकिन अब मेरे सरीर में डैम नहीं है की में वहां तक जा सकूँ…

mai…aap बताइये तो सही अगर मेरे बस की बात हुई तो में आपकी मदद जरूर करूँगा….

Baba….yahan से कुछ दूर एक गाओं है उस गाओं के ****** जंगल में एक पेड़ है ….पारिजात नाम है उसका ..उसके पत्तों का कड़ा बहुत फायदेमंद है इस रोग है…

mai…wahan तो बाबा में चला जाऊंगा …वहां तो मेरा एक दोस्त रहता hai…aap जब तक सही नहीं हो जाते तब तक यहीं रहिये में स्कूल से आकर आपको मिलता हूँ …

थोड़ी देर बाद नाहा- धोकर में घर की तरफ निकल जाता हूँ…

घर पर

आज श्रुति और कंचन दीदी वापस आ गयी थी ….पर स चची अभी तक नहीं आयी थी …

घर पर सभी से मिलकर में और रानी दीदी निकल गए स्कूल की तरफ …

रस्ते में मैंने और दीदी ने थोड़ी बहुत इधर – उदार की बातें की ….और इतने में hi हम स्कूल पहुँच गए थे …

आज ज्यादातर बच्चे स्कूल आये थे …प्रेयर के बाद क्लास स्टार्ट हुई ..आज क्लास में बहुत से नए और पुराने चेहरे थे …

पहला पीरियड नायरा मैडम hi था पहले तो जो कल नहीं आये थे उनका इंट्रोडक्शन हुआ फिर पड़े चालू हुई…

कुछ 20 मं हर होंगे मेरा पूरा ध्यान पड़े में था ….

ladaki…may ी के मम??

mam…g कहिये …क्या काम है बीटा आपको …

(मेरा धयान अभी पड़े में hi था…)

लड़की …मम …नई एडमिशन. …

(जब लड़की ने कहा नई एडमिशन तो मैंने उसकी तरफ देखा और देखते hi चौंक गया…)

mam…ok के इन…

(भाईलोग क्लास के सिटींग अरेंजमेंट के बारे में भी जान लेते हैं …. हमारी क्लास में 3-3 सीट की 2 रौ थी जिसके बीच में एक 4 सीट बाली रौ थी जिसपे लड़किया बैठ टी थी और हर एक रौ में सीट की 5 लाइन hein….calculate कर के बताना टोटल कितनी सीट हो गयीं?????? )

में लास्ट में अपनी लाइन की साइड बलि सीट पर बैठा था और वो लड़की भी आ कर लड़कियों बलि कोने की सीट पर बैठ गयी वो भी मुझे देख कर हैरान रह गयी….

अन्य गेस ये लड़की कोण hai…galtiyon ले लिए दिल से माफ़ी चाहता hun..agar स्टोरी पसंद न आ रही हो तो एक बार कमेंट करके जरूर बताएं …

(िफ़ ु लिखे )….तो बे कॉन्टिनोएड…
 
अपडेट-5
में लास्ट में अपनी लाइन की साइड बलि सीट पर बैठा था और वो लड़की भी आ कर लड़कियों बलि कोने की सीट पर बैठ गयी वो भी मुझे देख कर हैरान रह गयी….

अब आगे...

अध्कि के आने के बाद पुरे पीरियड पड़े हुई ...पर जब भी मैंने उस लड़की की तरफ देखा उसे अपने तरफ hi देखता पाया...

जैसे hi पीरियड ख़तम hua...us लड़की ने कहा मुझसे बात करनी शुरू की...

ladki...mujhe लगा hi था की तुमसे दोबारा जरूर मुलाकात hogi...par ये नई पता था की इतनी जल्दी हो जाएगी...

mai...vo ता है ...वैसे ये कोण जनता है कोण कब कहाँ किस से जिंदगी के किस मोड़ पे मिल जाये ...

ladki...hmm...vaise कल के लिए एक बार फिर से थैंक्स M.r स्ट्रेंज...

(वैसे तो आप लोग पहचान गए होंगे की ये लड़की कोण hai...par फिर भी में बता hi देता hun...ye है दिव्या सिंह ...जो कल बस में मिली थी. .)

mai...pahli बात तो एक इंसान का दूसरे इंसान की मदद करना फ़र्ज़ है ...और दूसरी न मुझे थैंक्स कहने की आदत न कहलवाने ...

Divya...achhi सोच है tum...(abhi इतना hi बोल पायी थी की किसी को देख कर चुप हो गयी)

अब उसके चुप होने का कारन था हमारा नया मास्टर khadoosh(Mr प्रशांत सिंह) ...वो क्लास में आये तो सही पर एक ट्विस्ट के साथ ...

हमारी क्लास में दो दरवाहे हैं एक आगे और एक पीछे ... पीछे वाले दरवाजे के ठीक सामने मेरी सीट है

प्रशांत सर= p.s

p.s ...ये क्या हो रहा है क्लास में तुमलोग यहाँ पड़ने आते हो या गप्पे मरने ...

p.s...kyon बे लड़के बहुत गप्पे मर रहा है ...क्या बातें हो रही हैं ??

(में चुप रहा मैंने कोई जवाब नहीं दिया)

p.s ...बिलकुल hi जाहिल और गंवार लोग hai...tameez नाम की तो कोई चीज़ है hi नहीं ...

p.s ...क्या तुम लोगों को किसी ने ये नहीं बताया की जब कोई टीचर क्लास में आता है तो उसे कैसे रेस्पेक्ट देते हैं...

p.s...aur एक बात कान खोलकर सुन लो मुझसे जब भी कोई कुछ पूछे या मेरे क्वेश्चन का आंसर दे तो खड़े होकर hi दे ...

क्लास के सभी स्टूडेंट्स खड़े हो

गए पर में नहीं हुआ ... ऐसा नहीं था की में ऐटिटूड में खड़ा नहीं हुआ था ...में सभी टीचर्स की रेस्पेक्ट करता था चाहे उसका विभार मेरे प्रति अच्छा हो या बुरा...

ये तो आप लोग जानते hi हैं की मेरी हाइट 6.2 फ़ीट है ...बस आज इसी की बजह से बकचोदी काट गयी मेरे साथ??

हुआ ये था की मेरी हाइट ज्यादा होने की बजह से मेरी टांगें थोड़ी लम्बी थे .... जल्दवाजी में खड़े होने के चक्कर में मेरी टांगें सीट के नीचे फास गयी ...

p.s...kitna बेशरम लड़का है पूरी क्लास कड़ी हो गयी ...पर ये नहीं हुआ है..

p.s...(chidkar)yahi संस्कार दिए हैं तुम्हे तुम्हारे माँ- बाप ने और घरवालों ने...

मई खड़ा होते hue...sir आप इसमें मेरे maa-baap और घरवालों को क्यों घसीट रहे हो...

(सर की बात सुन कर मुझे अपनी माँ की याद आ गयी थी)

mai...mere पेअर सीट के नीचे फास गए थे इसलिए में खड़ा नहीं हो प्या और इसके लिए में आप से माफ़ी मांगता हूँ .... पर सर ऐसे hi किसी के maa-baap के बारे में नहीं कहना चाहिए...

(इतनी बात कहकर में अपने सीने में एक दर्द के साथ संत खड़ा हो गया)

p.s...attitude तो देखो इस लड़के का ...देखो कैसे जुबान लड़ा रहा hai..sahi में तमीज नाम की तो कोई चीज़ है hi नहीं....

p.s...sudhar जाओ नहीं तो मई सुधर दूंगा ...ये जो ऐटिटूड है न सब जेब में रखा रहा जाता है 12 के बाद...

और पता नहीं क्या क्या सुनाया उन्होंने पर मैंने ध्यान नहीं दिया में तो अपनी hi सोच में गम घ...

आज मेरे साथ हुए इस कांड की बजह से कुछ चेहरों पर हसी थी और चार आँखों में अंशु थे...

(अब हसी किस -किस के चेहरे पर थी ये तो बाद में पता चलेगा )

क्लास में पड़े शुरू हो गयी ...0ार मेरा मन नहीं लग रहा था पड़े में ...अजीब सी घुटन हो रही थी ..एक दर्द हो रहा था सीने में ...किसी को खो देने का ...मई बाहय अशांत हो गया था ....कुछ समझ नहीं आ रहा था क्या करूँ...

इंसान को हमेशा hi नेचर और उसकी बोटु शांति देतें हैं चाहे वो कोई सुध नदी हो या खूबसूरत पहाड़ चाहे कोई भी प्राकृतिक चीज़ हो वो इंसान को शांति hi देती hai...maine ऐसा सुना ...

यहाँ केबल एक hi इंसान था जो की मुझे शांति दे सकता है और वो इस वख्त पहली सीट पर बैठा है ... वो हैं रानी दीदी...

अब इस खड़ूस मास्टर के पीरियड में उनसे बात तो नहीं कर skta..isliye में उनके मासूम चेहरे को देखने ...

धीरे -धीरे मेरे dil...dimag और मन तीनो को hi शांति मिल गयी...

रानी दीदी को भी इस बात का एहसास हो गया था की में उन्हें देख रहा hun...par जैसे hi उन्होंने पलट कर देखा तो मेरा दिल बैठा गया क्योंकि उनकी आँखे लाल हो रही थी...

अभी उन्होंने पीछे देखा hi था की फिर से एक काण्ड हो गया ...p.s की नज़र दीदी पर पद गयी...

p.s...ae लड़की पीछे क्या देखा रही है...

p.s...ale waha...pahli सीट पर बैठ के hi आँखे चार हो रही हैं...

रानी didi...(subkte हुए) सर भाई है वि मेरा ...

mai...sir इसमें दीदी की को गलती नहीं है....

p.s...ale वह भाई- बहन का प्यार ??? अब तो और मज़ा आएगा...

p.s...ek तो तुम दोनों क्लास को दुस्रूब कर रहे हो ऊपर से जुबान और चला रहे हो...

p.s...aisa करो तुम दोनों खड़े हो jao...aaj तुम्हारे साथ एक गेम खेलेंगे ...

p.s... और गेम का नाम होगा K.C.B

तो बे कॉन्टिनोएड.

उस लड़की के आने के बाद पुरे पीरियड पड़े हुई ...पर जब भी मैंने उस लड़की की तरफ देखा उसे अपने तरफ hi देखता पाया...

जैसे hi पीरियड ख़तम hua...us लड़की ने कहा मुझसे बात करनी शुरू की...

ladki...mujhe लगा hi था की तुमसे दोबारा जरूर मुलाकात hogi...par ये नई पता था की इतनी जल्दी हो जाएगी...

mai...vo ता है ...वैसे ये कोण जनता है कोण कब कहाँ किस से जिंदगी के किस मोड़ पे मिल जाये ...

ladki...hmm...vaise कल के लिए एक बार फिर से थैंक्स M.r स्ट्रेंज...

(वैसे तो आप लोग पहचान गए होंगे की ये लड़की कोण hai...par फिर भी में बता hi देता hun...ye है दिव्या सिंह ...जो कल बस में मिली थी. .)

mai...pahli बात तो एक इंसान का दूसरे इंसान की मदद करना फ़र्ज़ है ...और दूसरी न मुझे थैंक्स कहने की आदत न कहलवाने ...

Divya...achhi सोच है tum...(abhi इतना hi बोल पायी थी की किसी को देख कर चुप हो गयी)

अब उसके चुप होने का कारन था हमारा नया मास्टर khadoosh(Mr प्रशांत सिंह) ...वो क्लास में आये तो सही पर एक ट्विस्ट के साथ ...

हमारी क्लास में दो दरवाहे हैं एक आगे और एक पीछे ... पीछे वाले दरवाजे के ठीक सामने मेरी सीट है

प्रशांत सर= p.s

p.s ...ये क्या हो रहा है क्लास में तुमलोग यहाँ पड़ने आते हो या गप्पे मरने ...

p.s...kyon बे लड़के बहुत गप्पे मर रहा है ...क्या बातें हो रही हैं ??

(में चुप रहा मैंने कोई जवाब नहीं दिया)

p.s ...बिलकुल hi जाहिल और गंवार लोग hai...tameez नाम की तो कोई चीज़ है hi नहीं ...

p.s ...क्या तुम लोगों को किसी ने ये नहीं बताया की जब कोई टीचर क्लास में आता है तो उसे कैसे रेस्पेक्ट देते हैं...

p.s...aur एक बात कान खोलकर सुन लो मुझसे जब भी कोई कुछ पूछे या मेरे क्वेश्चन का आंसर दे तो खड़े होकर hi दे ...

क्लास के सभी स्टूडेंट्स खड़े हो

गए पर में नहीं हुआ ... ऐसा नहीं था की में ऐटिटूड में खड़ा नहीं हुआ था ...में सभी टीचर्स की रेस्पेक्ट करता था चाहे उसका विभार मेरे प्रति अच्छा हो या बुरा...

ये तो आप लोग जानते hi हैं की मेरी हाइट 6.2 फ़ीट है ...बस आज इसी की बजह से बकचोदी काट गयी मेरे साथ??

हुआ ये था की मेरी हाइट ज्यादा होने की बजह से मेरी टांगें थोड़ी लम्बी थे .... जल्दवाजी में खड़े होने के चक्कर में मेरी टांगें सीट के नीचे फास गयी ...

p.s...kitna बेशरम लड़का है पूरी क्लास कड़ी हो गयी ...पर ये नहीं हुआ है..

p.s...(chidkar)yahi संस्कार दिए हैं तुम्हे तुम्हारे माँ- बाप ने और घरवालों ने...

मई खड़ा होते hue...sir आप इसमें मेरे maa-baap और घरवालों को क्यों घसीट रहे हो...

(सर की बात सुन कर मुझे अपनी माँ की याद आ गयी थी)

mai...mere पेअर सीट के नीचे फास गए थे इसलिए में खड़ा नहीं हो प्या और इसके लिए में आप से माफ़ी मांगता हूँ .... पर सर ऐसे hi किसी के maa-baap के बारे में नहीं कहना चाहिए...

(इतनी बात कहकर में अपने सीने में एक दर्द के साथ संत खड़ा हो गया)

p.s...attitude तो देखो इस लड़के का ...देखो कैसे जुबान लड़ा रहा hai..sahi में तमीज नाम की तो कोई चीज़ है hi नहीं....

p.s...sudhar जाओ नहीं तो मई सुधर दूंगा ...ये जो ऐटिटूड है न सब जेब में रखा रहा जाता है 12 के बाद...

और पता नहीं क्या क्या सुनाया उन्होंने पर मैंने ध्यान नहीं दिया में तो अपनी hi सोच में गम घ...

आज मेरे साथ हुए इस कांड की बजह से कुछ चेहरों पर हसी थी और चार आँखों में अंशु थे...

(अब हसी किस -किस के चेहरे पर थी ये तो बाद में पता चलेगा )

क्लास में पड़े शुरू हो गयी ...0ार मेरा मन नहीं लग रहा था पड़े में ...अजीब सी घुटन हो रही थी ..एक दर्द हो रहा था सीने में ...किसी को खो देने का ...मई बाहय अशांत हो गया था ....कुछ समझ नहीं आ रहा था क्या करूँ...

इंसान को हमेशा hi नेचर और उसकी बोटु शांति देतें हैं चाहे वो कोई सुध नदी हो या खूबसूरत पहाड़ चाहे कोई भी प्राकृतिक चीज़ हो वो इंसान को शांति hi देती hai...maine ऐसा सुना ...

यहाँ केबल एक hi इंसान था जो की मुझे शांति दे सकता है और वो इस वख्त पहली सीट पर बैठा है ... वो हैं रानी दीदी...

अब इस खड़ूस मास्टर के पीरियड में उनसे बात तो नहीं कर skta..isliye में उनके मासूम चेहरे को देखने ...

धीरे -धीरे मेरे dil...dimag और मन तीनो को hi शांति मिल गयी...

रानी दीदी को भी इस बात का एहसास हो गया था की में उन्हें देख रहा hun...par जैसे hi उन्होंने पलट कर देखा तो मेरा दिल बैठा गया क्योंकि उनकी आँखे लाल हो रही थी...

अभी उन्होंने पीछे देखा hi था की फिर से एक काण्ड हो गया ...p.s की नज़र दीदी पर पद गयी...

p.s...ae लड़की पीछे क्या देखा रही है...

p.s...ale waha...pahli सीट पर बैठ के hi आँखे चार हो रही हैं...

रानी didi...(subkte हुए) सर भाई है वि मेरा ...

mai...sir इसमें दीदी की को गलती नहीं है....

p.s...ale वह भाई- बहन का प्यार ??? अब तो और मज़ा आएगा...

p.s...ek तो तुम दोनों क्लास को दुस्रूब कर रहे हो ऊपर से जुबान और चला रहे हो...

p.s...aisa करो तुम दोनों खड़े हो jao...aaj तुम्हारे साथ एक गेम खेलेंगे ...

p.s... और गेम का नाम होगा K.C.B

तो बे कॉन्टिनोएड.
 
अपडेट-6

(और इसी के साथ p.s idhar-udhar घूमते हुए कुछ सोचने लगे)



इतने में एक आवाज ने क्लास की शांति को भांग कर दिया ...

राधिका singh...sir जे K.C.B का होव है...

(इसके बारे में जानकारी बाद में दी jayegi...ye क्या बाला hai...aur किस का प्रोडक्ट है)

p.s...ye लड़की ये क्या तहज़ीब है बात करने की ...सरे के सरे hi जाहिल गंवार हैं...

p.s...maine पहले भी बताया था की जब को कोई सवाल पूछना हो या कोई और काम हो ...मुझसे बात खड़े होकर hi करनी है समझी...

राधिका बुरा सा मुंह बनाते हुए खड़े हो गयी...

p.s...ha तो अब तुम लोगों ने पूछ hi लिया है तो ...K.C.B का फुल फॉर्म है ''कौन जायेगा क्लास से बहार''...

p.s...radhika से ... ये तुम्हारी पहली गलती है इस लिए माफ़ कर रहा हूँ आगे से ध्यान रखना ...सीट डाउन..

राधिका चिढ़कर मुंह बनाते हुए बैठ गयीममं

p.s...to स्टूडेंट्स हमरे K.C.B के पहले प्रतियोगी हैं एक भाई और बहन ...

p.s...sabse पहले खेल के नियम जान लेते हैं मेरे गंवार बच्चो??

p.s...tum दोनों को एक सवाल दिया जायेगा जो पहले कर देगा वो हार जायेगा और जो नहीं करेगा वो होगा हमर पहला K.C.B विनर

p.s...lekin एक ट्विस्ट है वो बाद में पता चलेगा...

(तभी पीरियड की घंटी बाज़ जाती ...और राज के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है)

Raj...man mein...ab तो ये खुद hi क्लास से बहार जायेगा...

लेकिन ये ख़ुशी ज्यादा देर की नहीं थी

p.s आज बाकी के तुम्हारे सरे पीरियड मेरे hi हैं???

राज...??? आज hi ये होना था.

p.s ने ट्रिक वाला सवाल बोर्ड पे लिख दिया और दोनों से कहा जो पहले कर देगा वो क्लास से बहार जाने से बच जायेगा...

मेरे चेहरे पर ख़ुशी झलक उठी क्योंकि ये मुझे आता tha...or रानी तो थी hi टोपर...

थोड़ी hi देर मैंने सवाल कर लिया पर बताया नहीं और रानी दीदी की तरफ देखने laga...aur कुछ hi देर बाद उन्होंने भी कर लिया ...पर दोनों में से किसी बे दिया नहीं...

जब दीदी ने मेरी तरफ देखा तो मैंने उनको इशारा किया की वो अपना सलूशन टीचर को दिखा dein...lekin उन्होंने आंखों को हिला कर मन कर दिया...

मई उन्हें किसी भी परेशानी में नहीं दाल सकता था इसलिए दीदी के कोई कदम उठाने से पहले hi मैं सर से कह दिया मुझे नहीं आता...

मेरे ऐसा करने से रानी दीदी ने गुस्से से आँखें दिखाएं और उन्होंने भी कहा की मुझे भी नहीं aata...par..

तब तक देर हो चुकी थी और p.s उन्ही के पास खड़े थे और उन्होंने दीदी का सलूशन देख लिया था...

p.s...siatani हसी के sath...are वह क्या प्यार है दोनों में एक को कहो तो चोट दूसरे को लगती है...

p.s...to रानी ने ये सवाल कर दिया है और हमारे ...K.C.B के विनर है इनके भाई...

p.s...han तो अब पीरियड होने का वख्त हो गया है जैसा की आपलोग जानते हैं वो भी मेरा hi है ...में अभी गटा और अभी आया ...और तुम्हे अभी खड़े hi रहना है...

वो क्लास से बहार चले गए दिव्या और रानी दीदी ने मुझे बात करने की कोशिश की और कई साथियों ने मुझसे बैठे के लिए भी कहा पर में बैठा नहीं...

क्योंकि p.s पीछे क्लास के बहार ऐसे खड़े थे की अंदर से किसी को न दिखें और वो देख sakein...pr मुझे वो दरवाजे में लगे हुए गिलास में से दिख गए इसलिए मैंने किसी की कोई बात न मानी....

थोड़ी देर बाद वो अंदर आते है और कहते हैं

p.s...to मैंने कहा था की अभी एक ट्विस्ट बाकी है...

students...yes सर

p.s...ye लड़का आज से 7 दिन तक मेरी क्लास में नहीं बैठेगा और बहार खड़ा राजः और आज तो सभी पीरियड्स मेरे hi हैं तो निकलो क्लास से...

Divya...khde होते hue...but सर इसने ऐसा तो कुछ नहीं किया की आप इसे ये सजा दे रहे हैं ...

p.s ...अरे वह ...तो अब मुझे तुमसे पूछना चाहिए की किस को क्या सजा देनी chahiye...yahan पड़ने आती हो तो केबल पदों और अपने काम से काम रखो...

दिव्या रुवासी सी सकल बना के बैठ गयी...

p.s...aur तुम अभी तक यहाँ क्या कर रहे हो ... चलो बहार निकलो...

मई क्लास से बहार चला गया मुझे गुस्सा भी आ रहा था और शर्म भी आ रही थी ...गुस्सा था की आज p.s ने उसकी आँखों में आंशू ला दिए जो इंसान मेरी जिंदगी thi...aur शर्म इस बजह से आ रही गहि कियोंकि आज ऐसा पहली बार हुआ था जब किसी टीचर ने ऐसे बेइज्जती की और क्लास से बहार निकल दिया....

स्कूल के ज्यादातर टीचर और स्टूडेंट्स मुझे जानते ते थे और जो भी निकल कर जा रहा था वो पूछ जरूर रहा था की बहार क्यों खड़े हो ...चाहे वो टीचर हो या student...mujhe बहुत सर्मिंदगी मह्सुश हो रही thi...mein अपना सर निचे कर के खड़ा था और कर भी क्या सकता था...

सुनैना mam...Raj क्या हुआ ऐसे बहार क्यों खड़े हो ...अंदर तुम्हारी क्लास चल रही है...

mai...kuchh नहीं मम सर ने क्लास से बहार निकल दिया है...

mam...kyon ...

फिर मैं ने मम को साडी बात बताई...

mam...koi नहीं बीटा में बात करुँगी p.s se...ki क्या तरीका हुआ...

mai...ok थैंक्स मम

फिर ऐसे hi सरे पीरियड्स निकल जाते है और छूती हो जाती है...

मैं क्लास के अंदर जाता हूँ तो क्लास में ज्यादातर बच्चे मुझ पर है रहे थे कुछ एक को छोड़कर...

मई अपना बैग लेकर निकलने को होता हूँ की कोई मेरा हाथ पकड़ लेता है ...ये कोई और नबी दिव्या थी...

divya...sorry ! यार तुम्हे आज मेरी बजह से ये सब सहना पड़ा...

mai...are कोई बात नहीं इसमें तुम अपने आप की गलती निकल रही हो .... जो होना था हो गया ..आज का दिन hi ख़राब था...

divya...tum इतने अच्छे कैसे हो ...कोई और होता तो वो तुरंत गुस्सा होता और टीचर को बुरा भला कहता...

mai...ab उनकी कोई पर्सनल दुश्मनी तो है नहीं मुझे बस आज मेरा समय hi ख़राब था जिसकी बजह से आज दो बार फास गया...

divya...nhi ऐसा नहीं है उनकी आदत hi है किसी न किसी की बेइजत्ती karana...aur वो बही कर रहे है

mai...tum ये सब कैसे कह रही हो...

divya...he इस माय डैड...

mai...mera तो मुंह खुला का खुला रह गया

इतने में कोई मेरे कंधे पर तप करता है ...में पीछे मुड़कर देखता हूँ तो....

chatakk..chatakkk...

तो बे कॉन्टिनोएड

किसने मारे होंगे ये थप्पड़ राज के..
 
अपडेट-7

थप्पड़ पड़ते hi मई तो शॉक रह गया क्योंकि ये थप्पड़ मरने बलि मेरी सगी बहन थी...

उसने थप्पड़ मेरे मारा और खुद रोने लगी... और भाग कर स्कूल से घर की और चल पड़ी...

मई भी दिव्या को bye बोलकर जल्दी से उसके पीछे भगा और थोड़ी जी देर में उसके पास पहुँच गया...

mai...ye तो गलत बात है दीदी तुमने मारा मुझे और रो खुद रही हो...

दीदी ने कुछ नहीं बोलै बस चले जा रही थी...

mai...itni किस बात की नाराज़गी कोई गलती हो गयी हो तो मुझे माफ़ कार्डो

उन्होंने फिर भी कुछ नहीं कहा

mai...didi ऐसा न करो ...मुझसे बात तो karo...koi गलती हो गयी हो तो मुझे सजा दे दो पर मुझसे से बात करो...

mai...agar आप मुझसे बात नहीं करोगी तो में भी रो दूंगा...

didi...han अब यही रह गया है???

mai...didi बताओ तो सही हुआ क्या है...

dadi...tumhe वि सवाल आठ था तो तुमने मन क्यों किया बताओ मुझे...

mai...didi मुझे नहीं आता था..

didi...dekh ज्यादा होसियार बन ने की कोशिश न kare...mujhe पता है तुझे आता tha...tu माथा का टोपर है....

mai...are नहीं...

didi...agar नहीं बताएगा तो तुझसे बात नहीं करुंग..

mai...ha आटा था ...

didi...to फिर तीन ऐसा क्यों किया..

mai...mai अपने होते हुए तुम्हे दुःख में नहीं देख सकता....

didi...to फिर तू सोच मई तुम्हे कैसे अपनी आँखों के सामने जलील होते हुए देख सकती हूँ..

mai...chalo जो हुआ उसे छोड़...

didi..aise कैसे छोडो आगे से तूने ऐसा कुछ किया तो मई तुझसे बात नहीं करुँगी...

mai...theek है मई कोशिश karunga..ab तो है दो... वैसे आप गुस्से में चुड़ैल लगती हो...

दीदी मेरे पीछे भागने लगी और कहा

didi....tu नहीं सुधरेगा...

इतनी देर मई हम घर पहुँच गए...

मैंने खाना खा खाया और दीदी से शाम के खाने की मन कर कर निकल गया खेतों की तरफ...

वहां जाकर बाबा से उनके हाल चल पूछे और सो गया...

कोई 2 घंटे सोने के बाद में जगा और एक बार फिर से नाहा लिया...

mai...to बाबा अब आप बताइये उस पेड़ की पारिजात के पेड़ की पहचान ..मई उसे कैसे पहचानुगा....

baba...beta तुम क्यों मेरे लिए परेशानी उठा रहे हो ...वहां खतरा भी हो सकता ...

mai...baba जो होगा सो देखा jayega...maine कह दिया की मई आपकी मदद करूँगा तो karunga...ek पंडित अपनी जुबान से पीछे नहीं हैट सकता..

mai...chahe कुछ भी हो जाये में उस दवाई को लेकर रहूंगा... कोई ज्यादा दूर तो है नहीं यहीं पास में hi तो है...

baba...ek बार और सोच लो बीटा ..जंगल का मामला है ...

mai...aap बताइये तो सही...

बाबा ...उस पेड़ के पत्ते regmal(sand पेपर) की तरह होते hein...uspe रात में फूल खिलते हैं और एक मन को शांति देने वाली खुसबू होती है उस पेड़ के आस pass...fool सफ़ेद रंग के होते हैं और उसमे नारंगी रंग की घुंडी होती है....

baba...agarvtum पत्ते हो हाट पर रगड़ के देखो गए तो तुम्हे पता चल जायेगा उस के बारे में रेगमाल की तरह खुरदरा होता है...

mai...teek है बाबा में थोड़ी देर बाद निकलता हूँ...

baba..beta ध्यान से जाना...

mai...baba आपकी कृपा बानी रही तो पेड़ भी ले आऊंगा...

फिर में खेत पर बने छत पर चला जाता hun...wahan से बड़ा hi सुन्दर दृश्य दिख रहा था...

mai...agar में बाइक ले कर जाता हूँ तो घरवालीन को पता चल जाएगी और मुझे हज़ार सवाल karenge...kalu की भी नहीं ले क्र जा सकता उसमे भी पता चलने का खतरा है...

तभी दूर से हरिया चाचा आते हुए दिखाई दिए ...मेरे होटों पर मुस्कान aagyi...kyonki वो रात में खेतों और बाग़ की रखवाली करते the...to मई उनकी साइकिल ले कर जा सकता था किसी को पता चलने का बुइ खतरा नहीं था....

बो जंगल कोई 8- 9 कम दूर होगा हमारे गाओं से वहां साइकिल से आराम से आया जाया सकता था...

अब रात का अँधेरा होने लगा tha...mai छत से उतर कर निचे आ गया...

और कुछ फल खा कर पहले तो पूजा ki...aur एक बैग में कुछ जरुरी सामान रख liya...fir में गया हरिया चाचा के पास

mai...aur हरिया चाचा कैसे ho..aur चची कैसे है.

H.C...mein भी बढ़िया हूँ चची भी बढ़िया हैं...

mai...apse एक काम tha...kya आप मेरी मदद करेंगे...

h.c...ha क्यों नहीं हुकुम तो करिये सर्कार...

mai...pahle तो आप मुझे ये सर्कार वर्कर मत कहा करिये...

mai...mujhe आज रत के लिए आपकी साइकिल चाहिए...

h.c...raat में कहाँ जा रहे हो बीटा...

mai...un बाबा जे लिए दवाई का इंतज़ाम करने ...और घर पर किसी को पता नहीं चलना चाहिए...

h.c...teekh hai...Nhi बताऊंगा...

फिर मई थोड़ी देर बाद साइकिल लेकर निकल जाता हूँ उस जाओं के जंगल की तरफ ...उस गाओं में मेरा एक दोस्त भी रहता था पर मैं बहन जाना जी चाहता था ...क्योंकि मुझे सुबह जल्दी घर पहुंचके स्कूल भी जाना था ...और में अगर दोस्त के घर जाता तो वो मुझे नहीं आने deta...isliye मैंने सीधा उस जंगल में जेक दवाई लेना hi ठीक समझा...

मई कोई 11 बजे के करीब जंगल में पहुँच गया और उस पेड़ को ढूंढ़ने लगा टोर्च की मदद से जो की में अपने साथ लाया था...

ढूंढते ढूंढते बहुत समय हो गया पर मुझे वो दवाई वाला पेड़ कहीं नहीं मिला...

अभी में पेड़ को ढूढ़ने में hi लगा था की मुझे कोई दर्द भरी चीख सुनाई di...pahle तो में दर गया कहीं कोई जंगली जानवर तो nhi...phir मैंने सोचा जो होगा सो देखा जायेगा ....

और में उस चीख की दिशा में बढ़ने लगा... अभी में बाद hi रहा था hi की मेरा पेअर घास में फास कर में गिर गया...

जब मैंने पास खड़े हुए पेड़ को पकड़कर खड़े होना चाहा तो एक बार फिर से मुझे चीख सुनाई di...phir मैंने जब मैंने खड़े होने की कोशिश की तो पेअर फसा होने की बजह से में खड़ा नहीं हो प्या और उस पेड़ की पत्तियों की बजह से मेरा हाथ छील गया...

तब मुझे ध्यान आया की बाबा ने कहा था की पेड़ की पट्टी रेगमाल की तरह हैं ...मतलब पेड़ मिल gya...maine कुछ पत्तिया तोड़ ली और कोई छोटा उसी तरह का छोटा पेड़ ढूंढ़ने लगा...

पर वहां इस तरह का कोई और पेड़ नहीं था इसलिए मई यहाँ से केबल पेटियां और उनपर लगे हुए फूल हो ले कर जा सकता था...

मैंने ज्यादा सी पत्तिया तोड़कर उन्हें बैग में रख लिया और फिर उस आवाज़ की दिशा में मैंने अपने कदम बड़ा दिए... मई जैसे जैसे आगे बाद रहा था वैसे वैसे चीखों की आवाज काम होती जा रही थी... थोड़ी आगे जाने के बाद मुझे जंगल में रौशनी नज़र आने लगी...

रत का करीब कोई 1 बज रहा होगा और इस वख्त रौशनी वो भी जंगल में ....

मुझे कुछ गड़बड़ नज़र आने लगी इसलिए इसलिए मैंने अपनी साइकिल को छुपा रख दिया और टोर्च को बंद करके धीरे धीरे आगे बढ़ने लगा...

थोड़ी hi देर मई मई वहां पहुँच गया और जो मैंने देखा उसे देखकर पहली बार तो मेरा दिल दहल gya...mai सोचने लगा की क्या कोई ऐसा भी कर सकता है ...क्या कोई इतना बेरहम हो सकता है ... क्या इनके अंदर दिल नहीं है kya...aise कोई किसी को कैसे दर्द दे सकता है...

मई अभी यही सोच रहा था की फिर से एक चीख ने मेरी सोच को तोड़ दिया

तो बे कॉन्टिनोएड. ...
 
अपडेट-8

वो एक औरत की चीख थी जिसके कंधे के नीचे की तरफ हाथ में धीरे धीरे चाकू की नोक को घुसा रहा था....

वहां का मंज़र ये था की एक आदमी कोई करीब 45 साल का होगा वो पुलिस की बर्डी में tha...aur एक पेड़ से उसको उल्टा लटकाया गया tha...ek औरत थी जिसके हाथ में चाकू घुसाया जा रहा था... एक लड़की जो कोई 20 साल के करीब होगी और एक लड़का कोई करीब 14 से 15 साल का होगा...

लड़का तो बेहोश था ...और लड़की का रो - रो कर बुरा हल था....

वहां कई गाड़ियां और ट्रक खड़े हुए थे आस पास में hi बहुत से मरे हुए जंगली जानवर भी थे...

और कोई करीब 20 से 25 गुंडे थे ... तभी उन गुंडों का बोलता है....

boss...bahut प्यार है न तुझे अपने परिवार से ....छियई ये क्या मेरी तो जुबान फिसल gayi...tujhe तो जानवर और कानून से प्यार है...

boss...A.C.P मैंने तुझे पहले hi कहा था की मेरे काम में टांग न अदा ...पर तू कहाँ मन तुझे में तो बड़ी देशभक्ति और इन दो कोड़ी के जानवरों के लिए प्यार उमड़ रहा था

boss...a.c.p के मुंह को पकड़ते हुए ... इस देश में देश भक्तों के साथ यही होता है...

a.c.p उस बॉस के मुंह पर थूक देता है क्योंकि वो अपने हाथ पेअर का इस्तमाल को कर नहीं सकता था बंधा हुआ था इसलिए...

बॉस को गुस्सा आ जाता है और वो उसके मुंह पर 4-5 थप्पड़ जड़ देता है और फिर a.c.p से कहता है...

boss...a.c.p तूने थूक तो दिया लेकिन तेरे इस थूक की कीमत तेरी बीबी को चुकानी padegi...kya मस्त माल है साली ...आज तो इसे निचोड़ के रखा dunga...aut इसी के साथ a.c.p की बीवी की तरफ बढ़ने लगता है...

a.c.p... आई कुत्ते के पिल्ली एक बार मुझे खोल के दिखा फिर तेरी तुझे बताता hun...aurat पे क्या जवरजस्ती कर रहा है ...

admi1...boss कहो तो थोक दूँ इसे बहुत बाद -बाद कर रहा है...

बॉस ...नहीं रे इसे मरना नहीं है इसके सामने इसकी बीबी और बेटी को छोड़ना ...(जोर से हस्ते हुए) बड़ा मज़ा आएगा ...

आदमी1 ....सही कहा सर्कार ....दोनों एक डैम संत माल हैं ... पर इसके लाड़जे का क्या करना है ...साला बड़ा hi कमजोर hai...itni सी देर में बेहोश हो गए अभी तो इसको अपनी माँ और बहन को चुड़ते हुए देखना था...

boss...baap के सामने बेटी और भाई के सामने उसकी बहन को छोड़ने में अलग की मज़ा है...

a.c.p... अगर तुमने अपनी गन्दी जुबान से मेरी बीबी और बेटी का नाम भी लिया तो में तुम्हारी जुबान काट लूंगा...

आदमी 2 ...अबे सेल पहले खिड़ तो छूट जा ...बॉस ये हमारी जुबान कटेगा ...अबे भोस्डिके पहले जुबान संभल के बात करना सीख ले...

और उस admi.ki बात पर सभी हसने लगे

इधर में सोच रहा था की क्या करूँ क्यां न करूँ एक मन तो कह रहा था भाग चल यहाँ से क्यों लफड़े में padna...aur एक मन कह रहा था की तू ऐसे कैसे किसी को मुसीबत में छोड़ के जा सकता है...

उधर वो बॉस उस औरत के पास पहुंचकर उसके होटों को चूमने की कोशिश कर रहा था ...पर वो औरत अपने मुंह को इधर उधर करके बच रही थी...

boss...aurat के बालों को पकड़ते hue...a.c.p बहुत अकड़ है रे तेरी बीबी में तो इसके साथ तो मज़ा आएगा ...इसे तो में अपनी रेखाइल बना का रखूँगा.......

a.c.p...sale एक माँ का दूध पिया है तो खोकर dikha...fir बताता हूँ तुझे

boss...kya रे कालू a.c.p का दिमाग तो गरम हो रहा है जरा इसको ठंडा करो रे....

kalu...vo कैसे सरदार...

बॉस.... जिस ड्रम में पानी भरा रखा है उसे लेकर इसके नीचे रख दो ...जब भी जुडा बाद -बाद करे इसके भेजो को ड्रम में डूबा दो....

इधर मैंने सोच लिया था की में इन्हे ऐसे छोड़ कर नहीं जाऊंगा कुछ न कुछ तो करना पड़ेगा ...पर अब सवाल ये था की ऐसा क्या किया जाये की ये लोग बच जाएं ...

मैंने सोचा चलो इनका ध्यान बता के देखते हैं क्या होता है ...

मई आस पास पठार देखने लगा थोड़ा देखने के बाद एक सही सा पत्थर मिल गया ...मैंने वो पठार अपने से दूसरी दिशा में फेंका ताकि कोई मेरी तरफ न aaye...par

उधर

boss...jara देखो ये कैसी आवाज़ hai...koi और पुलिस वाला तो नहीं आ गया ..

एक आदमी उधर देखने चला जाता हाउ जिधर से आवाज़ आती hai...aur थोड़ी देर बाद लौटकर आता है ..

admi...udhar तो कुछ नहीं है ...लगता है कोई जांगलू जानवर होगा ...इंसान तो इधर दिन में भी बहुत काम आते हैं

इधर...

पर मेरे पठार फेंकने से कोई काम नहीं बना क्योंकि वह से केबल एक hi आदमी गया था और वहां थे हथियारों लैस 20 आदमी ... सामने से जाकर इनसे पन्गा लेना तो माउथ को मौसी कहना hoga...isliye कुछ ऐसा करना होगा जिस से लड़ना भी न पड़े और और a.c.p की फॅमिली बच jaye...mtlb सांप भी मर जाये एयर लाठी बजी न टूटे...

इस से तो कोई काम नहीं बना अब क्या किया जाये में फिर से सोचने लगा तभी मेरे दिमाग में एक आईडिया आया और में चल दिया उसको आजमाने ...अगर ये काम कर गया तो इस a.c.p की फॅमिली बच जाएगी ...

तो बे कॉन्टिनोएड....
 
Back
Top