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- Dec 5, 2013
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मेरी आँख खुली और मैं उठके बैठ गया टाइम देखा तो 12 बज रहे थे, घुटने में दर्द था बहुत तेज़. फ़ोन उठा के देखा तो उसपे भी राज एंड टीम्स की कई कॉल्स थी लेकिन मुझे अभी खुद पे ध्यान देना था. इसलिए मैं खड़ा हुआ और बाथरूम में जाके फ्रेश हु और फिर नहाने के लिए अपना हुड उतरा तो देखा चेस्ट उप्पेर से चिल्ली हुयी है कोहनी पे भी चोट है खून सुख रखा था वह पे फिर जीन्स उतरी बड़ी मुश्किल से तो घुटना भी पूरा लाल हो रखा था खून से. मैंने शावर ों किया और उसके निचे खड़ा हो गया थोड़ी देर में जितना भी खून लगा हुआ था वो सब धुल गया और मैं नहाके बहार आया और कपडे पहने, तभी फिर फ़ोन बजा जो की वर्षा का था.
मैं:- hello.
वर्षा:- जल्दी से ऑफिस पहुँचो.
मैं:- अभी नहीं आ सकता क्यों पहले हॉस्पिटल जाऊंगा और ब्रेकफास्ट भी नहीं किया है मैंने.
वर्षा:- यहाँ तुम्हारे दोनों काम हो जायेंगे जल्दी आओ अर्जेंट है.
मैं:- ोककक किंग.
मैंने फ़ोन कट किया और बहार आके कार निकली क्युकी बाइक कल रात बहुत ज्यादा चलायी थी तो पेट्रोल ख़तम होने वाला था. मैं कार में बैठा और फिर सीधा पंहुचा राज के घर जिसे ऑफिस कहलो या घर एक hi बात है. मैंने सीधा बाइक पार्किंग में कड़ी की और अंदर गया.
तो अंदर का सन ये था की एक चेयर पे अमर बंधा हुआ था जो थोड़ा पीटा हुआ भी लग रहा था लेकिन जिस बन्दे को बार से उठाया था वो ज्यादा पीटा हु बैठा था चेयर पे वो भी आँखे बंद किये और पूरी टीम उसके दोनों साइड कड़ी थी.
मैं:- वसुप गाइस.
वर्षा:- ओह्हो महाराज आ गए आप.
मैं:- फर्स्ट थिंग ी नीड ट्रीटमेंट एंड सेकंड थिंग ी नीड फ़ूड.
राज:- वर्षा दो हिज ट्रीटमेंट और पायल तुम अंदर से खाना लेके आओ इसके लिए.
मैं:- ये ट्रीटमेंट देगी, पागल हो गए हो क्या? ये गोलिया चलना जानती है.
वर्षा:- ी ऍम मेडिक आल्सो.
मैं:- ोककक तो करो.
और मैंने अपनी शर्ट उतर दी फिर मुझे रीलीज़ हुआ यहाँ तीन लड़किया है लेकिन अब तो हो गया जो होना था.
पायल:- ओह्ह माय गॉड तुम्हे बहुत ज्यादा लगी है.
मैं:- बहुत थोड़ी है ये तो.
वर्षा:- और तुम्हारा घुटना.
मैं:- पहले यहाँ तो टेप वगैरह लगा दो.
वर्षा:- ोककक.
फिर मैं वह एक चेयर पे बैठा और वर्षा एक फर्स्ट ऐड बॉक्स लेके आयी उसने पहले कोई पानी सी चीज़ मेरी चेस्ट पे नारी जिससे बहुत तेज़ जलन हुयी लेकिन मैं सेह गया उसके बाद उसने बड़े हलके हाथ से उसपे दवाई लगायी और फिर टेप्स मार दी और शामे चीज़ उसने कोहनी के साथ भी की.
वर्षा:- चलो पंत उतरो.
मैं:- रुको उस रूम में चलो.
फिर हम दोनों बगल वाले रूम में आये और मैं उसे एक बार देखा और अपनी जीन्स उतरी और सोफे पे बैठ गया वो भी घुटनो के बल बैठ के मेरे घुटने को देखा और फिर वह भी दवाई लगा के पट्टी बंदी मैंने पंत पहनी और फर शर्ट भी पहनी जो जॉन ने दी थी लाके.
इस टाइम मैं, राज, वर्षा, सारा, अजय, जॉन और पायल एक रूम में बैठे थे सोफस पे और मैंने ब्रेकफास्ट भी कर लिया था या सायद लंच भी कह सकते हो.
मैं:- सो अब बताओ क्या सन है?
वर्षा:- देखो अमर हमारी हेल्प के लिए रेडी है लेकिन वो तुम्हारे साथ डील करना चाहता है और कुछ मांगना भी.
मैं:- हो जायेगा don't वोर्री.
वर्षा:- और जिसे तुम लोग बार से उठा के लाये हो वो मुँह नहीं खोल रहा है.
मैं:- गंगा तो नहीं है.
अजय:- नहीं गंगा नहीं है बस बोल रहा है की बेसक जान से मार दो ज़फर के बारे में कुछ नहीं बताएगा.
मैं:- देख लेंगे इसे लेकिन पहले अमर से मिलके आता हु मैं.
मैं खड़ा हुआ और मेरे साथ वर्षा भी आयी बाकी सब यही बैठे गिलास में से देख रहे थे बहार. इस टाइम वो दोनों होश में थे और दोनों सांत बैठे थे.
मैं:- हां तो अमर क्या चाहिए तुम्हे उस पेण्ड्रीवे के बदले.
अमर:- 10 करोड़ रूपीस और मेरी फॅमिली को और मुझे इस देश से बहार भेज दो सेफ जगह.
मैं:- 10 करोड़ ज्यादा है लेकिन मैं देऊंगा तुझे और देश से बहार जाने के लिए वर्षा से बात कर.
वर्षा:- मैं राज सर से पूछती हु.
अमर:- लेकिन इतना आसान नहीं है वो पेण्ड्रीवे लाना.
मैं:- क्यों नहीं है आसान.
अमर:- क्युकी वो एक सेफ में राखी है और वो सेफ रियल एस्टेट ऑफिस में है, वह तुम chori-chuppe नहीं जा सकते.
मैं:- और वो सेफ कैसे खुलेगी और तेरे किडनैप होने से तो वह की सिक्योरिटी बढ़ा दी होगी हर्ष ने.
अमर:- हर्ष इतने छोटे काम नहीं देखता ये तो रॉय देखता है सब और उसको हरा पाना इम्पॉसिबल है.
मैं:- वो खुद वह बैठ के सिक्योरिटी नहीं देगा और ये भी हो सकता है की वो उस पेण्ड्रीवे को अपने साथ ले जाए.
अमर:- नहीं नहीं वो उसे अपने साथ नहीं ले जा सकता क्युकी वो वह के सिस्टम से कनेक्टेड है और वो कोई नार्मल पेण्ड्रीवे नहीं है, उसको वह से निकलने से पहले तुम्हे वह का सिस्टम हैक करना होगा.
मैं:- और कोई इनफार्मेशन.
अमर:- हां बस एक एडवाइस है हर्ष से मत भिड़ो, वो तुम लोगो को कही का नहीं छोड़ेगा अभी तो उसका ध्यान भी नहीं होगा तुमपे क्युकी वो दिल्ली hi नहीं पूरी इंडिया पे राज़ करने का प्लान बना रहा है.
मैं:- थैंक्स फॉर योर इनफार्मेशन और हां तू हमारी लड़ाई का अंजाम देखने के लिए जिन्दा नहीं रहेगा इसका मुझे अफ़सोस है.
अमर:- क्या?
मैं:- ये
और मैं गन निकल के उसके पूरा फेस गोलियों से भर दिया, वो सब मुझे रोकते या कुछ बोलते उससे पहले मैंने उसे मार दिया था, ी क्नोव वो इनोसेंट है पर मुझे घंटा फर्क नहीं पड़ता उससे साला मेरे सामने मेरे दुश्मन की तारीफ.
राज:- व्हाट थे हेलल तुमने एक इनोसेंट को मार दिया, अरे आउट ऑफ़ योर मंद, ये फॅमिली वाला था
मैंने उसकी बातो पे कोई ध्यान नहीं दिया, एक बार उस अमर की लाश को देखा और एक झटका लगा की ये मैंने क्या कर दिया, व्हाट थे फ़क बाँदा पेल दिया मैंने पर क्यों? एक सेकंड एक सेकंड मैंने दो दिन से ड्रग्स नहीं लिए है और इसका मतलब वो वापिस से ऐसा कर रहा है no वे भेनचोद.
मैं वही अपना सर पकड़ के बैठ गया क्युकी वो एक्टिव है या मेरा दिमाग कुछ और कर रहा है उसे गुस्सा क्यों आया क्युकी उसे फालतू की एडवाइस पसंद नहीं है. लेकिन इतनी सी बात पे कोण किसी को मारता है और आंसर है "मैं".
मैं:- लीव में अलोन.
"तू नहीं रोक पायेगा मुझे बहार आने से"
मैं:- राज ी नीड ड्रग्स किसी को भी मेरे घर भेजो और मुझे ड्रग्स लाके दो नहीं तो ी डिस्ट्रॉय एवरीथिंग.
वो सब लोग मुझे घूर रहे थे क्युकी मैं चुतियो जैसी हरकत कर रहा था निचे पड़ा पड़ा.
राज ने जॉन को इशारा किया और वो वह से तेज़ी से निकल गया.
मैं:- क्यों मेरे पीछे पड़े हो.
"तूने hi बनाया है मुझे और मुझे कोई नहीं रोक पायेगा और जब तक वो गन्दा इंसान मुझे रोकने का इलाज़ लेके आएगा तब तक तो यहाँ सब ख़तम हो चुके होंगे.".
मैं:- लीव में अलोन, वर्षा तुम सब लोग जाओ यहाँ से
मैंने ये बात बहुत तेज़ बोली और सायद राज को मेरी कंडीशन का पता था इसलिए उन्होंने उन सब को एक रूम में जाने का इशारा किया और खुद भी उस रूम में जाके एक बटन दबे जहा एक गिलास का दूर बन गया.
मैं निचे पड़ा पड़ा ये सब देख रहा था और ये सब मेरी वजह से हो रहा था क्युकी मैं इतना ज्यादा ड्रग एडिक्ट हो चूका हु की दो दिन खुद को कण्ट्रोल नहीं रख पाया और फिर मेरी आँखे बंद हो गयी और फिर झटके से खुली और आँखे खुलते hi मैं खड़ा हुआ और एक बार उन सब की तरफ देखा जो की एक गिलास के दूर से मुझे अजीब सी नजरो से देख रहे थे और फिर मेरे पास चेयर पे बंधे फैसल के आदमी को देखा जो मुझे आँखे फाड़े देख रहा था लेकिन वो कुछ समझ पता इससे पहले मैंने उसकी चेस्ट में एक लात मारी जिससे वो चेयर समेत निचे गिरा और गिरते hi चेयर टूट गयी .
मैंने उसे खड़ा किया और गार्डन से पकड़ के वो रस्सी और टूटी हुयी चेयर के पार्ट्स अलग किये उससे और फिर उसकी फेस पे non-stop मुक्को की झड़ी सी लगा दी वो पागल हो गया बिचारा हाथ जोड़ने लगा उसके पुरे फेस पे खून टपक रहा था.
वो:- मुझे मत मारो मैं सब बता दूंगा.
मैं:- पर मुझे तो सिर्फ तुझे मारना है, मुझे कोई जानकारी नहीं चाहिए.
इतना बोलके मैंने उसका हाथ पकड़ा और अपने हाथ में फसा के तोड़ दिया वो बहुत तेज़ चिल्लाया और फिर मैंने उसका दूसरा हाथ पकड़ के भी तोड़ दिया और वो इस बार बेहोश हो गया दर्द से.
मैं:- कमज़ोर इंसान.
और मैंने उसके बेहोश सरीर को उठके दिवार पे देके मारा जिससे उसकी खोपड़ी फैट गयी और वो वही मर गया, पर ये सन देख के अंदर रूम के लोगो का खून खोल गया सिर्फ पायल और राज को छोड़ के क्युकी राज को सच पता था और पायल दरी हुयी थी लेकिन अजय ने गेट खोला राज उसे रोकता उससे पहले वो बहार आ गया और उसके पीछे सारा और वर्षा भी, उनको देखके मेरे फेस की स्माइल और गहरी हो गयी.
अजय:- एक स्टॉप, ये क्या पागलपन है.
और वो आगे बढ़ के मेरे को पकड़ता उससे पहले मैंने उछाल के लात मारी उसके मुँह पे जो बहुत फ़ास्ट थी इतनी फ़ास्ट थी की वो मेरे से डबल सरीर का बाँदा निचे गिर गया. इतने में सारा आयी और ये हैंड तो हैंड कॉम्बैट में उस्ताद है इनके अकॉर्डिंग. उसने मेरे फेस पे कई पंचेस मारे जो मैंने ब्लॉक किये और फिर अचानक से उसका पंच पकड़ा और उसका हाथ मोड़ के उसके मुँह पे एक मुक्का मारा और वो इतना तेज़ था की वो सीधा वही लेट गयी उसकी नाक से खून बहने लगा था इतने में अजय खड़ा हुआ और उसने मेरी रिब्स पे पंच मारना चाहा लेकिन मैंने उसका हाथ पकड़ा और दुगनी स्पीड से उसको उसकी रिब्स पे जड़ दिया जिससे वो एक साइड को झुका और झुकते hi मैंने दूसरी रिब्स पे भी जड़ दिया जिससे वो पीछे हटा और पीछे हट्टे hi उसके चेस्ट पे मैंने उछाल के दोनों लात मारी जिससे वो पीछे गिरा, गिरा तो मैं भी लेकिन खड़ा हो गया इतने में वर्षा आयी लेकिन मैं उसका गाला पकड़ लिया लेकिन तभी मुझे मेरे पीछे किसी के होने का एहसास हुआ और मैंने वर्षा को ढाका दिया और पीछे पलटा तो जॉन खड़ा था हाथ में एक पैकेट लिए और वो शॉक भी था अंदर का हाल देखके, मैं उसकी तरफ बढ़ा इतने में पीछे से किसीने मेरे घुटने वाले जॉइंट पे लात मारी जिससे में घुटनो पे आ गया और इतने में राज बहार आके चिल्लाया.
राज:- ये इसके फेस पे उड़ेल दो.
और जॉन ने वो पूरा पैकेट मेरे मुँह पे दे के मारा और जैसे टिगों की स्मेल मेरे नाक से होते हुए खोपड़ी में पहुंची मैं वही पसर गया, क्युकी बहुत ज्यादा ड्रग्स था ये
ड्रग्स अंदर जाते hi मेरी आँखे खुल गयी मेरा कण्ट्रोल वापिस आ गया था मैंने वह निचे पड़ा हुआ ड्रग्स और अपने फेस पे लगा हुआ भी झाड़ा और हाथ में लेके सात से खींच गया, हास्सश्ष्ठ फाइनली शांति और फिर वही लेट गया. पता नहीं कितनी देर मैं ऐसे hi लेता रहा निचे फर्श पे मेरी आँख बंद हो चुकी थी मंद बिलकुल स्टॉप था मतलब रेस्ट मोड पे जा चूका था.
जब मेरी आँख खुली तो वह कोई लाश वगैरह नहीं थी बस सारा का थोबड़ा सुजा हुआ था, अजय का भी यही हाल था वर्षा के गले पे उंगलियों के निशाँ थे, अब इन्हे कैसे फेस करूँगा. मेरी आँखे खुली देखके वो सब मेरे पास आ गए.
वर्षा:- तो होश आ गया जनाब को, सर ी can't वर्क विथ हिम.
सारा:- में तू.
अजय:- मैं भी नहीं कर सकता एक पिस्को के साथ काम, या तो ये रहेगा या मैं.
राज:- जॉन और पायल तुम्हारा क्या कहना है.
जॉन:- मेरे को कोई प्रॉब्लम नहीं पर जब मेरी टीम hi नहीं होगी तो मैं क्या करूँगा.
पायल कुछ भी नहीं बोली सायद अभी भी दरी हुयी थी वो.
राज:- ोकक तो अब तुम लोग सम्भालो वापिस, एक रेस्ट पे जायेगा.
मैं:- वेट! कैसा रेस्ट ी ऍम फाइन.
राज:- no यू अरे नॉट फाइन कल दिन में 3 बजे डॉ. प्रभाकर के से अपॉइंटमेंट है तुम्हारी.
मैं:- ोककक फाइन.
राज:- अब बताओ वो पेण्ड्रीवे कहा है.
मैं:- याद नहीं है क्युकी वो साड़ी इनफार्मेशन उसने ली है मैंने नहीं वो गेम खेल रहा है मेरे साथ hi, इनफार्मेशन लेके मार दिया उसे ताकि हमारे हाथ कुछ न लग सके, अब तुम लोगो को अपनी पुराणी टीम मुबारक हो किस्मत में हुआ तो जरूर मिलेंगे.
और इतना बोलके मैं बहार आया तो रात hi हो चुकी थी ऑलमोस्ट, मैं कार में बैठा और निकल दिया घर की तरफ, भेनचोद ड्रग्स भी ख़तम अब क्या करूँगा मैं? डॉ hi बेस्ट ऑप्शन है पर क्यों मुझे कोनसा बीमारी है पर दुसरे तो यही बोलते है और अगर ये बीमारी है तो मैं खुद के साथ hi क्यों खेल रहा हु और अब गुस्सा नहीं करना वो गुस्से से hi एक्टिव हो रहा है.
इतना सब सोचते हुए मैं घर पंहुचा कार पार्क की और दूर के पास आया तो वो लॉक नहीं था, सोचा जॉन ने बंद नहीं किया होगा इसलिए बेख़ौफ़ अंदर चला गया लेकिन अंदर आया तो सरप्राइज मिला क्युकी मेरे सामने किरण बैठी थी एक हॉट सी रेड निघ्त्य में और फिर मुझे याद आया की वो तो आज आने वाली थी.
उसने भी मुझे देखा तो वो भी भाग के आयी और मेरे से लिपट गयी लेकिन मेरी आह्हः निकल गयी क्युकी चेस्ट में पैन हुआ.
किरण:- क्या हुआ?
मैं:- कुछ नहीं इन्जुरेड हु थोड़ा, डिनर रूम में ले आओ.
वो किचन में चली गयी और मैं अपने रूम में आया और बाथरूम में घुस के फ्रेश हुआ और फिर बहार आके सोफे पे बैठा इतने में किरण खाना लेके आयी और हमने साथ में डिनर निपटाया और डिनर करके अब हम दोनों वही सोफे पे बैठे थे पर अब दोनों के हाथ में सिगग्रेटे थी.
किरण:- क्या हुआ है यहाँ पे.
फिर मैंने उसे साड़ी बात बताई.
किरण:- तुम बचे नहीं हो एक, हाउ कैन यू ट्रस्ट ों सीबीआई वो अपने फायदा देख के काम करते है. तुम उनके साथ कोई काम नहीं करोगे और कल डॉक्टर से भी मिलोगे.
मैं:- वो खुद hi मेरे साथ काम नहीं करेंगे. और वैसे भी अभी फ़िलहाल मैं भी थोड़ा रेस्ट चाहता हु और अपनी बीमारी का इलाज़ भी तो इतने ओनली स्कूल और नार्मल लाइफ.
किरण:- वो तो तुम्हे करना पड़ेगा लेकिन मेरे हिसाब से तुम्हे त्रिनेड हो जाना चाहिए और इतने इन सीबीआई वालो को देखने दो इनसे कुछ नहीं होगा वैसे भी.
मैं:- हम्म्म कहती तो तुम सही हो हर्ष से ऐसे नौसिखियों की तरह नहीं भीड़ सकता मुझे उसके बराबर नहीं तो कमसेकम उप्पेर तो उठना hi होगा. और उसके लिए मेरे पास प्लान है.
किरण:- कैसा प्लान और तुमने कहा था न की रेस्ट लोगे.
मैं:- ये प्लान पूरा होने में काम से काम 9 या 10 महीने या 1 साल लग जायेगा.
किरण:- तो बताओ.
मैं:- लिसेन तुम बिज़नेस स्टार्ट करो मेरे नाम से पैसे जितने लगाने है लगा दो, मेरे पास है वो भी लगा दो और तुम्हारे पास है वो भी, बस मुझे एक साल में दिल्ली का सबसे बड़ा बिज़नेस टाइकून बना दो.
किरण:- वो तो हो जायेगा, पर तुम क्या करने वाले हो.
मैं:- बस देखती जाओ अब तुम क्या क्या करता हु मैं. हर्ष को 1 साल भूल जाते है, और उसकी हिटलिस्ट से हटने के लिए मैं कल hi ऑफिशियली सीबीआई छोड़ दूंगा.
किरण:- हम्म्म ग्रेट चलो अब सोने, मैं थक गयी हु..
मैं:- आओ तुम्हारी थकन मिटाता हु.
और मैंने उसे अपनी तरफ खींचा और उसे गौड़ में उठके बीएड पे लिटाया और फिर उसके होठो पे होठ रखे और फिर प्यार के या सरीर के इस खेल में ऐसा खोये की आँख कब लगी पता hi नहीं चला.
तो बे कॉन्टिनोएड ??
मेरी आँख खुली और मैं उठके बैठ गया टाइम देखा तो 12 बज रहे थे, घुटने में दर्द था बहुत तेज़. फ़ोन उठा के देखा तो उसपे भी राज एंड टीम्स की कई कॉल्स थी लेकिन मुझे अभी खुद पे ध्यान देना था. इसलिए मैं खड़ा हुआ और बाथरूम में जाके फ्रेश हु और फिर नहाने के लिए अपना हुड उतरा तो देखा चेस्ट उप्पेर से चिल्ली हुयी है कोहनी पे भी चोट है खून सुख रखा था वह पे फिर जीन्स उतरी बड़ी मुश्किल से तो घुटना भी पूरा लाल हो रखा था खून से. मैंने शावर ों किया और उसके निचे खड़ा हो गया थोड़ी देर में जितना भी खून लगा हुआ था वो सब धुल गया और मैं नहाके बहार आया और कपडे पहने, तभी फिर फ़ोन बजा जो की वर्षा का था.
मैं:- hello.
वर्षा:- जल्दी से ऑफिस पहुँचो.
मैं:- अभी नहीं आ सकता क्यों पहले हॉस्पिटल जाऊंगा और ब्रेकफास्ट भी नहीं किया है मैंने.
वर्षा:- यहाँ तुम्हारे दोनों काम हो जायेंगे जल्दी आओ अर्जेंट है.
मैं:- ोककक किंग.
मैंने फ़ोन कट किया और बहार आके कार निकली क्युकी बाइक कल रात बहुत ज्यादा चलायी थी तो पेट्रोल ख़तम होने वाला था. मैं कार में बैठा और फिर सीधा पंहुचा राज के घर जिसे ऑफिस कहलो या घर एक hi बात है. मैंने सीधा बाइक पार्किंग में कड़ी की और अंदर गया.
तो अंदर का सन ये था की एक चेयर पे अमर बंधा हुआ था जो थोड़ा पीटा हुआ भी लग रहा था लेकिन जिस बन्दे को बार से उठाया था वो ज्यादा पीटा हु बैठा था चेयर पे वो भी आँखे बंद किये और पूरी टीम उसके दोनों साइड कड़ी थी.
मैं:- वसुप गाइस.
वर्षा:- ओह्हो महाराज आ गए आप.
मैं:- फर्स्ट थिंग ी नीड ट्रीटमेंट एंड सेकंड थिंग ी नीड फ़ूड.
राज:- वर्षा दो हिज ट्रीटमेंट और पायल तुम अंदर से खाना लेके आओ इसके लिए.
मैं:- ये ट्रीटमेंट देगी, पागल हो गए हो क्या? ये गोलिया चलना जानती है.
वर्षा:- ी ऍम मेडिक आल्सो.
मैं:- ोककक तो करो.
और मैंने अपनी शर्ट उतर दी फिर मुझे रीलीज़ हुआ यहाँ तीन लड़किया है लेकिन अब तो हो गया जो होना था.
पायल:- ओह्ह माय गॉड तुम्हे बहुत ज्यादा लगी है.
मैं:- बहुत थोड़ी है ये तो.
वर्षा:- और तुम्हारा घुटना.
मैं:- पहले यहाँ तो टेप वगैरह लगा दो.
वर्षा:- ोककक.
फिर मैं वह एक चेयर पे बैठा और वर्षा एक फर्स्ट ऐड बॉक्स लेके आयी उसने पहले कोई पानी सी चीज़ मेरी चेस्ट पे नारी जिससे बहुत तेज़ जलन हुयी लेकिन मैं सेह गया उसके बाद उसने बड़े हलके हाथ से उसपे दवाई लगायी और फिर टेप्स मार दी और शामे चीज़ उसने कोहनी के साथ भी की.
वर्षा:- चलो पंत उतरो.
मैं:- रुको उस रूम में चलो.
फिर हम दोनों बगल वाले रूम में आये और मैं उसे एक बार देखा और अपनी जीन्स उतरी और सोफे पे बैठ गया वो भी घुटनो के बल बैठ के मेरे घुटने को देखा और फिर वह भी दवाई लगा के पट्टी बंदी मैंने पंत पहनी और फर शर्ट भी पहनी जो जॉन ने दी थी लाके.
इस टाइम मैं, राज, वर्षा, सारा, अजय, जॉन और पायल एक रूम में बैठे थे सोफस पे और मैंने ब्रेकफास्ट भी कर लिया था या सायद लंच भी कह सकते हो.
मैं:- सो अब बताओ क्या सन है?
वर्षा:- देखो अमर हमारी हेल्प के लिए रेडी है लेकिन वो तुम्हारे साथ डील करना चाहता है और कुछ मांगना भी.
मैं:- हो जायेगा don't वोर्री.
वर्षा:- और जिसे तुम लोग बार से उठा के लाये हो वो मुँह नहीं खोल रहा है.
मैं:- गंगा तो नहीं है.
अजय:- नहीं गंगा नहीं है बस बोल रहा है की बेसक जान से मार दो ज़फर के बारे में कुछ नहीं बताएगा.
मैं:- देख लेंगे इसे लेकिन पहले अमर से मिलके आता हु मैं.
मैं खड़ा हुआ और मेरे साथ वर्षा भी आयी बाकी सब यही बैठे गिलास में से देख रहे थे बहार. इस टाइम वो दोनों होश में थे और दोनों सांत बैठे थे.
मैं:- हां तो अमर क्या चाहिए तुम्हे उस पेण्ड्रीवे के बदले.
अमर:- 10 करोड़ रूपीस और मेरी फॅमिली को और मुझे इस देश से बहार भेज दो सेफ जगह.
मैं:- 10 करोड़ ज्यादा है लेकिन मैं देऊंगा तुझे और देश से बहार जाने के लिए वर्षा से बात कर.
वर्षा:- मैं राज सर से पूछती हु.
अमर:- लेकिन इतना आसान नहीं है वो पेण्ड्रीवे लाना.
मैं:- क्यों नहीं है आसान.
अमर:- क्युकी वो एक सेफ में राखी है और वो सेफ रियल एस्टेट ऑफिस में है, वह तुम chori-chuppe नहीं जा सकते.
मैं:- और वो सेफ कैसे खुलेगी और तेरे किडनैप होने से तो वह की सिक्योरिटी बढ़ा दी होगी हर्ष ने.
अमर:- हर्ष इतने छोटे काम नहीं देखता ये तो रॉय देखता है सब और उसको हरा पाना इम्पॉसिबल है.
मैं:- वो खुद वह बैठ के सिक्योरिटी नहीं देगा और ये भी हो सकता है की वो उस पेण्ड्रीवे को अपने साथ ले जाए.
अमर:- नहीं नहीं वो उसे अपने साथ नहीं ले जा सकता क्युकी वो वह के सिस्टम से कनेक्टेड है और वो कोई नार्मल पेण्ड्रीवे नहीं है, उसको वह से निकलने से पहले तुम्हे वह का सिस्टम हैक करना होगा.
मैं:- और कोई इनफार्मेशन.
अमर:- हां बस एक एडवाइस है हर्ष से मत भिड़ो, वो तुम लोगो को कही का नहीं छोड़ेगा अभी तो उसका ध्यान भी नहीं होगा तुमपे क्युकी वो दिल्ली hi नहीं पूरी इंडिया पे राज़ करने का प्लान बना रहा है.
मैं:- थैंक्स फॉर योर इनफार्मेशन और हां तू हमारी लड़ाई का अंजाम देखने के लिए जिन्दा नहीं रहेगा इसका मुझे अफ़सोस है.
अमर:- क्या?
मैं:- ये
और मैं गन निकल के उसके पूरा फेस गोलियों से भर दिया, वो सब मुझे रोकते या कुछ बोलते उससे पहले मैंने उसे मार दिया था, ी क्नोव वो इनोसेंट है पर मुझे घंटा फर्क नहीं पड़ता उससे साला मेरे सामने मेरे दुश्मन की तारीफ.
राज:- व्हाट थे हेलल तुमने एक इनोसेंट को मार दिया, अरे आउट ऑफ़ योर मंद, ये फॅमिली वाला था
मैंने उसकी बातो पे कोई ध्यान नहीं दिया, एक बार उस अमर की लाश को देखा और एक झटका लगा की ये मैंने क्या कर दिया, व्हाट थे फ़क बाँदा पेल दिया मैंने पर क्यों? एक सेकंड एक सेकंड मैंने दो दिन से ड्रग्स नहीं लिए है और इसका मतलब वो वापिस से ऐसा कर रहा है no वे भेनचोद.
मैं वही अपना सर पकड़ के बैठ गया क्युकी वो एक्टिव है या मेरा दिमाग कुछ और कर रहा है उसे गुस्सा क्यों आया क्युकी उसे फालतू की एडवाइस पसंद नहीं है. लेकिन इतनी सी बात पे कोण किसी को मारता है और आंसर है "मैं".
मैं:- लीव में अलोन.
"तू नहीं रोक पायेगा मुझे बहार आने से"
मैं:- राज ी नीड ड्रग्स किसी को भी मेरे घर भेजो और मुझे ड्रग्स लाके दो नहीं तो ी डिस्ट्रॉय एवरीथिंग.
वो सब लोग मुझे घूर रहे थे क्युकी मैं चुतियो जैसी हरकत कर रहा था निचे पड़ा पड़ा.
राज ने जॉन को इशारा किया और वो वह से तेज़ी से निकल गया.
मैं:- क्यों मेरे पीछे पड़े हो.
"तूने hi बनाया है मुझे और मुझे कोई नहीं रोक पायेगा और जब तक वो गन्दा इंसान मुझे रोकने का इलाज़ लेके आएगा तब तक तो यहाँ सब ख़तम हो चुके होंगे.".
मैं:- लीव में अलोन, वर्षा तुम सब लोग जाओ यहाँ से
मैंने ये बात बहुत तेज़ बोली और सायद राज को मेरी कंडीशन का पता था इसलिए उन्होंने उन सब को एक रूम में जाने का इशारा किया और खुद भी उस रूम में जाके एक बटन दबे जहा एक गिलास का दूर बन गया.
मैं निचे पड़ा पड़ा ये सब देख रहा था और ये सब मेरी वजह से हो रहा था क्युकी मैं इतना ज्यादा ड्रग एडिक्ट हो चूका हु की दो दिन खुद को कण्ट्रोल नहीं रख पाया और फिर मेरी आँखे बंद हो गयी और फिर झटके से खुली और आँखे खुलते hi मैं खड़ा हुआ और एक बार उन सब की तरफ देखा जो की एक गिलास के दूर से मुझे अजीब सी नजरो से देख रहे थे और फिर मेरे पास चेयर पे बंधे फैसल के आदमी को देखा जो मुझे आँखे फाड़े देख रहा था लेकिन वो कुछ समझ पता इससे पहले मैंने उसकी चेस्ट में एक लात मारी जिससे वो चेयर समेत निचे गिरा और गिरते hi चेयर टूट गयी .
मैंने उसे खड़ा किया और गार्डन से पकड़ के वो रस्सी और टूटी हुयी चेयर के पार्ट्स अलग किये उससे और फिर उसकी फेस पे non-stop मुक्को की झड़ी सी लगा दी वो पागल हो गया बिचारा हाथ जोड़ने लगा उसके पुरे फेस पे खून टपक रहा था.
वो:- मुझे मत मारो मैं सब बता दूंगा.
मैं:- पर मुझे तो सिर्फ तुझे मारना है, मुझे कोई जानकारी नहीं चाहिए.
इतना बोलके मैंने उसका हाथ पकड़ा और अपने हाथ में फसा के तोड़ दिया वो बहुत तेज़ चिल्लाया और फिर मैंने उसका दूसरा हाथ पकड़ के भी तोड़ दिया और वो इस बार बेहोश हो गया दर्द से.
मैं:- कमज़ोर इंसान.
और मैंने उसके बेहोश सरीर को उठके दिवार पे देके मारा जिससे उसकी खोपड़ी फैट गयी और वो वही मर गया, पर ये सन देख के अंदर रूम के लोगो का खून खोल गया सिर्फ पायल और राज को छोड़ के क्युकी राज को सच पता था और पायल दरी हुयी थी लेकिन अजय ने गेट खोला राज उसे रोकता उससे पहले वो बहार आ गया और उसके पीछे सारा और वर्षा भी, उनको देखके मेरे फेस की स्माइल और गहरी हो गयी.
अजय:- एक स्टॉप, ये क्या पागलपन है.
और वो आगे बढ़ के मेरे को पकड़ता उससे पहले मैंने उछाल के लात मारी उसके मुँह पे जो बहुत फ़ास्ट थी इतनी फ़ास्ट थी की वो मेरे से डबल सरीर का बाँदा निचे गिर गया. इतने में सारा आयी और ये हैंड तो हैंड कॉम्बैट में उस्ताद है इनके अकॉर्डिंग. उसने मेरे फेस पे कई पंचेस मारे जो मैंने ब्लॉक किये और फिर अचानक से उसका पंच पकड़ा और उसका हाथ मोड़ के उसके मुँह पे एक मुक्का मारा और वो इतना तेज़ था की वो सीधा वही लेट गयी उसकी नाक से खून बहने लगा था इतने में अजय खड़ा हुआ और उसने मेरी रिब्स पे पंच मारना चाहा लेकिन मैंने उसका हाथ पकड़ा और दुगनी स्पीड से उसको उसकी रिब्स पे जड़ दिया जिससे वो एक साइड को झुका और झुकते hi मैंने दूसरी रिब्स पे भी जड़ दिया जिससे वो पीछे हटा और पीछे हट्टे hi उसके चेस्ट पे मैंने उछाल के दोनों लात मारी जिससे वो पीछे गिरा, गिरा तो मैं भी लेकिन खड़ा हो गया इतने में वर्षा आयी लेकिन मैं उसका गाला पकड़ लिया लेकिन तभी मुझे मेरे पीछे किसी के होने का एहसास हुआ और मैंने वर्षा को ढाका दिया और पीछे पलटा तो जॉन खड़ा था हाथ में एक पैकेट लिए और वो शॉक भी था अंदर का हाल देखके, मैं उसकी तरफ बढ़ा इतने में पीछे से किसीने मेरे घुटने वाले जॉइंट पे लात मारी जिससे में घुटनो पे आ गया और इतने में राज बहार आके चिल्लाया.
राज:- ये इसके फेस पे उड़ेल दो.
और जॉन ने वो पूरा पैकेट मेरे मुँह पे दे के मारा और जैसे टिगों की स्मेल मेरे नाक से होते हुए खोपड़ी में पहुंची मैं वही पसर गया, क्युकी बहुत ज्यादा ड्रग्स था ये
ड्रग्स अंदर जाते hi मेरी आँखे खुल गयी मेरा कण्ट्रोल वापिस आ गया था मैंने वह निचे पड़ा हुआ ड्रग्स और अपने फेस पे लगा हुआ भी झाड़ा और हाथ में लेके सात से खींच गया, हास्सश्ष्ठ फाइनली शांति और फिर वही लेट गया. पता नहीं कितनी देर मैं ऐसे hi लेता रहा निचे फर्श पे मेरी आँख बंद हो चुकी थी मंद बिलकुल स्टॉप था मतलब रेस्ट मोड पे जा चूका था.
जब मेरी आँख खुली तो वह कोई लाश वगैरह नहीं थी बस सारा का थोबड़ा सुजा हुआ था, अजय का भी यही हाल था वर्षा के गले पे उंगलियों के निशाँ थे, अब इन्हे कैसे फेस करूँगा. मेरी आँखे खुली देखके वो सब मेरे पास आ गए.
वर्षा:- तो होश आ गया जनाब को, सर ी can't वर्क विथ हिम.
सारा:- में तू.
अजय:- मैं भी नहीं कर सकता एक पिस्को के साथ काम, या तो ये रहेगा या मैं.
राज:- जॉन और पायल तुम्हारा क्या कहना है.
जॉन:- मेरे को कोई प्रॉब्लम नहीं पर जब मेरी टीम hi नहीं होगी तो मैं क्या करूँगा.
पायल कुछ भी नहीं बोली सायद अभी भी दरी हुयी थी वो.
राज:- ोकक तो अब तुम लोग सम्भालो वापिस, एक रेस्ट पे जायेगा.
मैं:- वेट! कैसा रेस्ट ी ऍम फाइन.
राज:- no यू अरे नॉट फाइन कल दिन में 3 बजे डॉ. प्रभाकर के से अपॉइंटमेंट है तुम्हारी.
मैं:- ोककक फाइन.
राज:- अब बताओ वो पेण्ड्रीवे कहा है.
मैं:- याद नहीं है क्युकी वो साड़ी इनफार्मेशन उसने ली है मैंने नहीं वो गेम खेल रहा है मेरे साथ hi, इनफार्मेशन लेके मार दिया उसे ताकि हमारे हाथ कुछ न लग सके, अब तुम लोगो को अपनी पुराणी टीम मुबारक हो किस्मत में हुआ तो जरूर मिलेंगे.
और इतना बोलके मैं बहार आया तो रात hi हो चुकी थी ऑलमोस्ट, मैं कार में बैठा और निकल दिया घर की तरफ, भेनचोद ड्रग्स भी ख़तम अब क्या करूँगा मैं? डॉ hi बेस्ट ऑप्शन है पर क्यों मुझे कोनसा बीमारी है पर दुसरे तो यही बोलते है और अगर ये बीमारी है तो मैं खुद के साथ hi क्यों खेल रहा हु और अब गुस्सा नहीं करना वो गुस्से से hi एक्टिव हो रहा है.
इतना सब सोचते हुए मैं घर पंहुचा कार पार्क की और दूर के पास आया तो वो लॉक नहीं था, सोचा जॉन ने बंद नहीं किया होगा इसलिए बेख़ौफ़ अंदर चला गया लेकिन अंदर आया तो सरप्राइज मिला क्युकी मेरे सामने किरण बैठी थी एक हॉट सी रेड निघ्त्य में और फिर मुझे याद आया की वो तो आज आने वाली थी.
उसने भी मुझे देखा तो वो भी भाग के आयी और मेरे से लिपट गयी लेकिन मेरी आह्हः निकल गयी क्युकी चेस्ट में पैन हुआ.
किरण:- क्या हुआ?
मैं:- कुछ नहीं इन्जुरेड हु थोड़ा, डिनर रूम में ले आओ.
वो किचन में चली गयी और मैं अपने रूम में आया और बाथरूम में घुस के फ्रेश हुआ और फिर बहार आके सोफे पे बैठा इतने में किरण खाना लेके आयी और हमने साथ में डिनर निपटाया और डिनर करके अब हम दोनों वही सोफे पे बैठे थे पर अब दोनों के हाथ में सिगग्रेटे थी.
किरण:- क्या हुआ है यहाँ पे.
फिर मैंने उसे साड़ी बात बताई.
किरण:- तुम बचे नहीं हो एक, हाउ कैन यू ट्रस्ट ों सीबीआई वो अपने फायदा देख के काम करते है. तुम उनके साथ कोई काम नहीं करोगे और कल डॉक्टर से भी मिलोगे.
मैं:- वो खुद hi मेरे साथ काम नहीं करेंगे. और वैसे भी अभी फ़िलहाल मैं भी थोड़ा रेस्ट चाहता हु और अपनी बीमारी का इलाज़ भी तो इतने ओनली स्कूल और नार्मल लाइफ.
किरण:- वो तो तुम्हे करना पड़ेगा लेकिन मेरे हिसाब से तुम्हे त्रिनेड हो जाना चाहिए और इतने इन सीबीआई वालो को देखने दो इनसे कुछ नहीं होगा वैसे भी.
मैं:- हम्म्म कहती तो तुम सही हो हर्ष से ऐसे नौसिखियों की तरह नहीं भीड़ सकता मुझे उसके बराबर नहीं तो कमसेकम उप्पेर तो उठना hi होगा. और उसके लिए मेरे पास प्लान है.
किरण:- कैसा प्लान और तुमने कहा था न की रेस्ट लोगे.
मैं:- ये प्लान पूरा होने में काम से काम 9 या 10 महीने या 1 साल लग जायेगा.
किरण:- तो बताओ.
मैं:- लिसेन तुम बिज़नेस स्टार्ट करो मेरे नाम से पैसे जितने लगाने है लगा दो, मेरे पास है वो भी लगा दो और तुम्हारे पास है वो भी, बस मुझे एक साल में दिल्ली का सबसे बड़ा बिज़नेस टाइकून बना दो.
किरण:- वो तो हो जायेगा, पर तुम क्या करने वाले हो.
मैं:- बस देखती जाओ अब तुम क्या क्या करता हु मैं. हर्ष को 1 साल भूल जाते है, और उसकी हिटलिस्ट से हटने के लिए मैं कल hi ऑफिशियली सीबीआई छोड़ दूंगा.
किरण:- हम्म्म ग्रेट चलो अब सोने, मैं थक गयी हु..
मैं:- आओ तुम्हारी थकन मिटाता हु.
और मैंने उसे अपनी तरफ खींचा और उसे गौड़ में उठके बीएड पे लिटाया और फिर उसके होठो पे होठ रखे और फिर प्यार के या सरीर के इस खेल में ऐसा खोये की आँख कब लगी पता hi नहीं चला.
तो बे कॉन्टिनोएड ??