Meri biwi RUKHSAAR aur mere KHWAAB (COMPLETE) - SexBaba
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Meri biwi RUKHSAAR aur mere KHWAAB (COMPLETE)

hotaks

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Dec 5, 2013
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HELLO.....

नमस्कार....

ससरियाकाल....

सलाम.....


Hello फ्रेंड्स.........

मैं एक नई स्टोरी पोस्ट करने जा रहा हु.....

Well...mujhe तो आप जानते hi ho.....aur जो नहीं jante....wo भी जान ने lagege....sahi कहा na....hahaha....

ये स्टोरी एक सौहार और उसकी पाकीजा बेगम की hai.....aur ये स्टोरी सौहार के नजरिये से hi आगे बढ़ेगी.....

Well.....ye स्टोरी है एक सौहार और उसके ख्वाबो ki.....jo वो अपने और अपनी बीवी के लिए देखता hai.......jo उसकी सोच और उसकी जिंदगी की हक़ीक़त है......

मैं बस उसकी सोच को अपनी स्टाइल में आप तक ले कर aauga....ok...

और क्योकि शान के ख्वाब उसकी बीवी रुखसार से hi जुड़े hai.....to हम कह सकते gai....ki ये स्टोरी है "" शान और रुखसार "" की.......

ी होप की जैसे आप सब मेरी दूसरी स्टोरीज को पसंद कर के मेरा साथ देते आये hai....waisa hi इस स्टोरी को अपना प्यार देंगे.....

तो आइये सुरु करते है एक नै दास्ताँ....


"" मेरी बीवी रुखसार और मेरे ख्वाब ""

=========

==========

-: डिस्क्लेमर :-

स्टोरी में आये सारे किरदार और स्थान किसी भी जीवित या मृत व्यक्ति से सम्बंधित नहीं है.....

अगर गलती से ऐसा कोई भी मैच मिलता hai....to ये एक इत्तेफ़ाक़ मात्रा होगा.....

ये स्टोरी सिर्फ मनोरंजन के लिए लिखी गई hai....iska उद्देस्य किसी भी व्यक्ति, जाती, और धर्म की भावनाओ को आहात करने का नहीं है.....

और स्टोरी में उसे किये जाने वाले बाकि pics/gifs इंटरनेट से ली हुई है......


नोट - स्टोरी के किसी करैक्टर, प्लेस या पिक्स से किसी को कोई परेशानी हो तो रिपोर्ट करने से पहले वो मुझे BATAAYE....OK
 
-: इंट्रोडक्शन :-


Hello dosto....mera नाम है SHAAN.....aur ये कहानी है मेरी और मेरी बीवी रुखसार की......

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रुखसार........



मेरी बीवी rukhasar.....ek निहायती खूबसूरत, नेक, सरीफ, मजहबी और अच्छी खासी padi-likhi मोहतरमा थी......

वह एक बहुत hi अच्छी और वफादार बीवी thi....jo मुझसे सच्चा प्यार करती thi....aur बिस्टेर वाले प्यार में भी बहुत अच्छी thi...matlab की सेक्स में....

हलाकि वो मिजाज से थोड़ा शर्मीली और मजहबी किस्म की thi....fir भी बिस्तर पर पूरा मज़ा देती थी......

इसके alawa...wo एक ऐसी खातून thi...jo अपने सौहार के अलावा किसी को नजर उठा कर भी नहीं देखती थी....

यहाँ तक ki....jab भी वो घर से बहार जाती thi...to अपने बदन को बुर्के और नकाब से कैद कर के hi जाती thi....taki उसके मखमली जिश्म का कोई भी हिस्सा किसी गैर को न दिख सके.....

वो इतनी संकोची मिजाज की thi...ki बाहर किसी से ज्यादा बात तक नहीं करती thi....ajnabi इंसान से तो बिलकुल nhi...aur हमारी पहचान के लोगो से भी बस काम की बात hi करती थी....

पड़ोसियों के साथ भी वो ज्यादा बात नहीं करती thi....halaki ऐसा नहीं था की वो घंडी ho...ya उसकी पड़ोसियों से बनती न ho....par ज्यादा बातें करना उसकी फितरत में नहीं tha....iski वजह थी उसका शर्मिला मिजाज....

Khair....aap सब सोच रहे होंगे की मैं कब से बोले जा रहा हु की मेरी बीवी ऐसी thi...waisi थी.....

अरे dosto......thi, बोलने की वजह ये नहीं की मेरी बीवी अब इस दुनिया में न रही हो......

असल में use...thi बोलने की वजह है उसका बदल jana....matlab वो आज जैसी hai...waisi पहले बिलकुल भी नहीं थी....

अब ये कैसे hua...kyo hua....kiski वजह से hua....ye आपको कहानी पढ़ कर hi पता चलेगा....

तो आइये dosto.....main आपको बताता hu...ki कैसे मेरी वफादार बीवी RUKHSAAR......mere ख्वाबो को सच करते हुए आगे निकल गई.........
 
अपडेट - 1

[ आगे की KAHANI.....SHAAN की जवानी.......]

Dosto...mera नाम है shaan....meri उम्र 26 साल hai....aur जैसा की मैंने बता hi दिया hai...ki मेरी बीवी का नाम है rukshar......uski उम्र अभी 24 साल है.....

मेरी बीवी दिखने में बेहद hi खूबसूरत hai.....uska जिश्म दूध जैसा गोरा hai....aur उसकी चमड़ी तो इतनी नरम है जैसे की मक्खन.....

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बात करे उसके जिश्म के कामुक अंगो ki.....to उसके दूध है 34 के.....

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उसकी कमर है 29 ki......aur गांड 36 की.....

रुखसार की गांड उसके जिश्म का बेस्ट part hai....jise देख कर acche-acche मर्दो का ईमान दोल जाए........

रुखसार और मेरा निकाह परिवार की मर्जी से हुआ tha.....humne पहली बार ek-dusre को अपनी गोल्डन नाईट पर hi छुआ था.....

उस रात जब मैंने रुखसार के होंठो पर पहली बार अपने होंठ लगाए the....to सच बोलता हु dosto.....meri ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं था......

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उसके होंठ एकदम गुलाबी और रसभरे hai....aur उनका स्वाद aisa...ki क्या bolu...ye बयान करने के लिए मेरे पास तो अलफ़ाज़ hi नहीं है.....

अब बात करे हमारे बीच के सेक्स ki....to उसमे कोई कमी nhi.....hum दोनों सेक्स के मामले में ek-dusre को अच्छे से मज़ा देते थे......

हमे सेक्स के दौरान ek-dusre को कुछ बोलना भी नहीं पड़ता tha....hum दोनों hi ek-dusre की बातों को आँखों से hi समझ जाते थे.....

आखिरकार हमारे निकाह को 2 साल से ज्यादा जो हो चुके the.....aur इन दो सालों में हम दोनों सेक्स के दौरान काफी खुल चुके थे....

हम भले hi सेक्स में खुल चुके the....par अभी भी ऐसा बहुत कुछ tha...jo हमारे बीच नहीं हुआ था.....

( असल में सेक्स के दौरान हमारे बीच कुछ भी नहीं HOTA...JO वाइल्ड हो या हैट कर HO.....HUM दोनों HI सिंपल सेक्स से खुश रहते है.....)

Khair.....ab बात करते है मेरे प्रोफेशन ki.....to मेरे अब्बू का इलेक्ट्रॉनिक्स का बुसिनिस tha.....humare पास कई बड़ी कम्पनीज की डीलरशिप थी....

और फिर निकाह के बाद हमे एक डीलरशिप mili....philips कंपनी ki....par उसके लिए हमे दिल्ली में जा कर रहना tha....kyoki कंपनी किसी बड़े सहर में ब्रांच चाहती thi...aur दिल्ली मेरे कसबे के करीब का बड़ा सहर था.....

Khai....hum दिल्ली शिफ्ट हुए और वह की एक शानदार कॉलोनी के 2ंद फ्लोरे पर बने एक 2 भक फलते में रहने लगे.......

और मेरी शॉप मेरी कॉलोनी से करीब 2हर की दूरी पर thi.....to मैं रोज सुबह 8 बजे घर से निकलता tha....aur रात को aate-aate मुझे 10 - 10:30 बज जाते थे....

और इस दौरान मेरी प्यारी बीवी रुखसार घर में अकेली hi रहती thi...aur मेरा बेसब्री से इंतज़ार करती थी.....

To...main मंडे तो सैटरडे दूकान संभालता था और मेरी बीवी रुखसार सिर्फ घर संभालती है..........

Khair...ab आते है उस कहानी par...jo आज से 1 साल पहले सुरु hui...ya यु कहे की 1 साल पहले हमारी जिंदगी में वो भूचाल aaya....jo हम दोनों की fitrat...mijaaj....soch...aur जिंदगी को बदल कर रख गया......

एक दिन की बात hai...jis दिन मेरी बीवी की एक सहेली जूही हमारे घर aai....wo उसकी बचपन की सहेली थी....

असल me....sirf एक रविबार का दिन hi tha...jo मैं पूरी तरह अपनी बीवी के साथ मिल कर गुजरता tha.....aur उसी दिन kabhi-kabhi रुखसार की सहेली हमारे घर आ जाती thi....ya फिर हम उसके घर चले जाते थे....

रुखसार की सहेली का नाम है juhi.....jo अपने सौहार के साथ दिल्ली में hi रहती thi...uske सौहार एक प्राइवेट कंपनी में काम करते the....aur जूही भी किसी कंपनी में अस्सिस्टेंट मैनेजर की पोस्ट पर काम करती थी.....

Khair....juhi उस दिन अकेली आई thi...uske सौहार को कोई काम tha...to वो रात को आने वाला था......

Khair....dophar के खाने के बाद रुखसार सारे बर्तन ले कर किचेन में गई hi thi...ki जूही मेरे पास आ कर बैठ गई....

और वो मुझे अपने मोबाइल में अपनी और रुखसार की बचपन और जवानी की फोटोज दिखने लगी.....

जो वो आज खास टूर पर अपने फोटो एल्बम से मोबाइल में ले कर आई थी.....

वो मुझे फोटो दिखा hi रही थी की रुखसार ने उसे आवाज दे di....aur वो अपना फोन मुझे पकड़ा कर रुखसार के पास पहुंच गई.....

फिर मैं अकेला hi फोटो देख रहा tha...to मुझे एक ऐसी फोटो मिल gai...jisme रुखसार किसी लड़के के साथ बैठी हुई thi....halaki वो दोनों कुछ गलत नहीं कर रहे थे....

पर वो फोटो उस वक़्त खींची गई hogi...jab रुक्सार का हाथ उस लड़के की जगह को छू रहा tha....aur दोनों हस्ते हुए दिख रहे थे....

पता नहीं kyo...wo फोटो देख कर मेरे जिश्म में अजीब सी हलचल होने lagi...mujhe नहीं पता की वो कैसा अहसास tha....par haa...wo अहसास अच्छा hi था....

और फिर मैंने जल्दी से अपना फोन निकला और उस मोबाइल की एक फोटो ले li....matlab की जो फोटो मैं देख रहा tha...wo अब मेरे मोबाइल में भी आ गई...

और मैंने अपना मोबाइल जल्दी से जेब में दाल liya....aur बापिस उस फोटो को देखने लगा....

और तभी वह जूही आ gai.....jiska मुझे पता भी नहीं चला....

जूही - क्या हुआ jiju....aap इतने ध्यान से क्या देख रहे हो....

मैं- kk..kuch nhi...main तो बस...

जूही- ये अंकित hai.....humara दोस्त....

Main(man में)- ankit....matlab ....

जूही - ये हमारा खास दोस्त hai.....matlab मेरा तो थोड़ा hi hai...par रुखसार का बहुत खास दोस्त hai.......ye स्कूल से hi रुखसार के साथ tha...matlab हमारे sath....fir कॉलेज में भी साथ hi रहा.....

मैं- ओह्ह....

Juhi(has कर)- आपको इसे रुखसार के साथ देख कर अच्छा नहीं लगा kya....hehe....

Main(muskura कर)- अरे nhi...aisa कुछ nhi....main तो बस यु hi....

जूही - accha...aur अगर मैं ये kahu...ki रुखसार का बॉय फ्रेंड tha...to....

मैं- तो kya...tha तो tha....usme क्या....

जूही - अच्छा ji....aur अगर मैं ये bolu...ki इसके साथ रुखसार ka....aap समझ रहे हो na...wo ladka-ladki...ek sath...bistar par....tab भी जलन नहीं होगी...

( जूही मिजाज से hi मजाकिया किस्म की लड़की thi....aur मुझसे तो काफी मजाक करती thi...isliye वो मुझसे खुल कर कुछ भी बोल देती थी....)

Main(has कर)- अब बस भी karo....main क्यों jalu....jo हो चूका सो chuka...mujhe kya...main आज में जीता हु....

जूही - hehehe....waise मैं भी मजाक कर रही thi...aap रुखसार को तो जानते hi hai.....uska बॉय फ्रेंड कभी हो सकता है kya.....haa...

Main(has कर)- जनता हु.....

Khair...humari इतनी hi बात हो पाई थी की रुखसार भी हमारे पास आ gai....aur हम सब दूसरी बातें करते हुए बैठे रहे....

Khair...shaam को जूही का सौहार आ गया तो मेरी जूही से इस बारे में कोई और बात नहीं hui....aur डिनर के बाद जूही और उसके सौहार बापिस चले gay......aur हम भी अपने बैडरूम में आ गए....

और फिर हम दोनों ने ek-dusre को प्यार किया और सोने लगे.....

रुखसार के सोने के बाद मैंने फोन पर वो फोटो nikali.....jisme रुखसार उस लड़के के साथ बैठी थी....

और उस फोटो को देख कर मैं जूही की बातें याद करने laga......aur पता नहीं kyo...jab मैं उस लड़के को रुखसार का बॉय फ्रेंड सोच रहा tha...to मेरे जिश्म में फिर से वही अहसास होने laga....jaisa दिन में हुआ था....

Main(man में)- रुखसार का बॉय फ्रेंड ....क्या ये हो सकता hai.....kya जूही पहले सच बोल रही thi...ya बाद में....

अगर ये सच hai...tab तो इनके बीच काफी कुछ हुआ hoga.....jaise gf-bf के बीच होता hai.....jaise किश karna....gale lagna.....ek-dusre से गरम बातें karna....ek-dusre के जिश्म को छूना...

और ये सब सोचते hi मुझे अहसास हुआ की मेरे लुंड में एक झटका सा laga.....pata नहीं kyo...par रुखसार को किसी गैर लड़के के साथ सोच कर मैं गरम होने लगा था....

मैंने सोचा की सायद ये इत्तिफ़ाक़ hai...aisa नहीं हो sakta....isliye मैंने एक कदम आगे बाद कर सोचना सुरु किया....

Main(man में)- अगर जूही की बात को सच maanu...to इसका मतलब है की.... इस गैर लड़के ने hi रुखसार को पहली बार छोड़ा hoga....uski सील तोड़ी होगी....

Haa..kyoki मुझे याद है की मैंने जब पहली बार रुखसार को छोड़ा tha...to उसे खून नहीं आया tha....matlab जूही सच बोल रही thi.....us लड़के ने रुखसार को छोड़ा है....

मतलब मेरी बीवी को एक gair-mard छोड़ता tha......wo भी चमड़ी वाले लुंड se....aahh.....

और ये सोचते hi मेरा लुंड एकदम से अकड़ने laga.....aur मुझे एक बेहद hi मीठा अहसास होने लगा....

मैं ये देख कर हैरान tha...ki आखिर ये क्यों हो रहा hai....kya मैं किसी गैर लड़के के चमड़ी वाले लुंड से मेरी बीवी को छुड़ता देख कर गरम हो jauga...kya मुझे ये देख कर अच्छा लगेगा.....

कुछ hi लम्हों में मेरे दिल में ऐसे कई सवाल घूमने lage....aur मैंने जल्दी से मोबाइल रखा और सोने लगा.......

अगले दिन मैं रोज की तरह शॉप पर आ gaya....par पुरे दिन मेरे दिमाग में rah-rah कर वही ख्याल घूमता रहा....

की मेरी बीवी रुखसार अगर किसी गैर- मर्द की गर्ल फ्रेंड hoti...to वो क्या karti....kaise karti....wo लड़का उसके साथ क्या karta....kya उसे सीने से lagata...use किश karta....uske अंगो से khelta.....uske साथ चुदाई करता....

और यकीन मनो dosto....jab मैंने अपनी बीवी को गैर- मर्द से चुड़ते हुए socha...to मेरे लुंड में एक बिजली सी दौड़ gai....aur पूरा लुंड एक बार में तन गया......

मुझे नहीं pata...ki ये कैसे hua..kyo hua.....aur इस तरह अचानक से ये सब सोचना मुझे अच्छा क्यों लगने लगा......

पर उस दिन के बाद se....dheere-dheere मुझे दूसरे गैर- मर्दो के साथ मेरी बीवी को सोचना अच्छा लगने लगा.......

मैं सोचने लगा की कोई गैर- मर्द मेरी बीवी से अगर छेड़खानी करे to....aur मैंने पाया की वो छेड़खानी सोच कर मैं एकदम गरम होने लगा.......

और फिर dheere-dheere वो वक़्त भी आ gaya.....jab मैं ये सोचने laga...ki अगर कोई चमड़ी वाला लुंड मेरे सामने hi मेरी सरीफ बेगम की छूट में jaayega....to उसे देख कर मेरा क्या हाल होगा.....

और यकीन मानो dosto....ye ख्याल करते हुए मेरे लुंड का पानी एकदम से बाह जाता था......

और जब कभी मैं ये सोचता tha...ki वो मर्द अपने चमड़ी वाले लुंड से मेरी फूल सी बीवी को बेरहमी से छोड़ रहा hai...tab तो मेरा पानी कही जल्दी और ज्यादा निकलने लगा था......

मैं इन सब में इतना डूब चूका tha...ki अब मेरी दिली तमन्ना हो चली thi...ki कोई hatta-katta गैर- मर्द मेरी नाजुक बीवी को मेरे सामने बेदर्दी से chode.....aur मैं उन्हें देख कर मज़ा ले सकू......

मैं रोज रात को रुखसार के सोने के बाद अपने मोबाइल में ऐसी पोर्न फिल्म देखने laga....jisme एक चमड़ी वाला लुंड एक खातून को बेरहमी से छोड़ रहा ho....aur उसका सौहार वही बैठ कर ये सब देख रहा हो.....

Khair...mudde की बात ये hai...ki अब मेरा दिल और दिमाग में एक जूनून सा छ गया.....

वो junoon....jisme एक चमड़ी वाले लुंड का hatta-katta मालिक मेरी सरीफ बेगम को जैम कर chode....aur मैं सामने बैठ कर इस दमदार चुदाई को अपनी आँखों से देखु......

ये मेरी ज़िद बन gai......ki मेरी बीवी मेरे सामने किसी गैर- मर्द से chude.....par इस ज़िद को पूरा कर पाना इतना आसान नहीं tha.....bilkul नहीं.....

क्योकि एक तो मेरी बीवी निहायती सरीफ और वफादार thi...uper से बेहद hi .....तो वो गैर मर्द के बारे में सोच भी नहीं सकती thi.....khas कर गैर मर्द के बारे में.......

फिर ऐसे hi sochte-sochte कई दिन गुजर gaye......par मेरी हिम्मत नहीं हुई की मैं ये सब अपनी बीवी को कहु.....

मुझे लगता था की पता नहीं वो क्या sochegi...kya bolegi...kahi मुझसे हमेशा के लिए रिश्ता न ख़त्म कर दे....

पर मेरा जूनून मेरे दिमाग पर हाभी हो चला tha....isliye मैंने एक दिन उससे बात करने का तय कर hi लिया.....

उस रात मैंने अपनी बीवी से प्यार किया और फिर हम थक कर साँसे hi ले रहे the...ki मैंने उससे बात करने का सोच लिया.....

मैं- rukhsaar....ek बात kahu...tum बुरा तो नहीं मानोगी.....

रुखसार- bura....are...main अपने सौहार की बात का बुरा क्यों मैंने lagi....kahiye....kya कहना है....

मैं- पता नहीं कैसे kahu....asal me....aaj-kal मेरे दिल में एक अजीब सा ख्याल आता है....

रुखसार- कैसा ख्याल......

मैंने रुखसार को बाहों में कैसा और उसकी आँखों में देखने laga.....aur रुखसार भी मुझे ek-tak देखने लगी.....

रुखसार- क्या हुआ aapko....kahiye न....

मैं- असल me....wo....accha batao....tumne कभी किसी गैर- मर्द ka....matlab....use kabhi...kaise कहु....

रुखसार- गैर mard.....aap saaf-saaf बोलिये na....kahna क्या चाहते है....

मैं- haa...wo....accha...tumhe पता है na..ki हमारे के अलावा दूसरे में मर्दो के लुंड पर चमड़ी होती है.....

रुखसार- chhee...ye कैसी बात बोल रहे hai....jo होता है होने do...chhodo उसे....

मैं- nhi...tum bolo...janti हो न...

Rukhsaar(najren झुका कर)- hmm.....suna है मैंने.....

मैं- accha....to एक बात batao....ki क्या कभी तुम्हारा दिल नहीं kiya....ki तुम भी वो चमड़ी वाला लुंड देखो....

Rukhsaar(thoda गुस्से से)- ये क्या बोल रहे ho...chhee...main ऐसा क्यों chaahu....bilkul नहीं....

मैं- are..tum गुस्सा मत ho....accha suno....tumhe पता hai...ki aaj-kal हमारे यहाँ की एयरटेन चमड़ी वाले लुंड बेहद पसंद करती है....

रुखसार- तो करने do....paagal होगी wo....ab छोडो मुझे....

मैं- plz....meri बात तो सुनो....

रुखसार- तो कहो na....aap कब से ये फालतू बातें कर रहो हो....

मैं- ठीक hai...main सीढ़ी बात बोलता hu....asal me....main...main चाहता hu...matlab....main देखना चाहता हु की तुम किसी चमड़ी वाले लुंड se...pyaar....

रुखसार इतना सुनते hi aag-babula हो gai...usne अपने आपको मेरी बाहों से छुड़ाया और बीएड के नीचे कड़ी हो गई.....

मैं- ये क्या बकवास कर रहे हो aap..sharm नहीं आती ऐसा सोचते हुए bhi.....apni hi बीवी को किसी गैर मर्द के sath.....chhee..mujhe तो सोच कर hi गुस्सा आ रहा hai....aap ऐसा सोच भी कैसे सकते ho...haa....

मैं रुखसार के तेवर देख कर सकते में आ gaya....mujhe समझ hi नहीं आ रहा था की क्या bolu....isliye मैंने शांति से उसे समझाया....

मैं- अरे nhi...tum जैसा सोच रही ho...waisa नहीं hai.....sach में....

रुखसार- तो फिर क्या मतलब था आपका....

मैं- wo...wo...haa...are रोल play....bas...

रुखसार को रोलप्ले के बारे में पता tha...kyoki मैंने एक बार उसे रोल प्ले बताया tha...par हमने रोल प्ले कभी किया नहीं था.....

रुखसार- ohh...wo आपकी गन्दी khwahis....uff....ye kya-kya सोचते है आप.....

मैं- ठीक hai...main कभी नहीं sochuga...kabhi nhi...bas एक बार तरय कर लो मेरे sath...bas एक baar...plz....

रुखसार- पर आप...

Main(beech में)- बस एक baar....fir मैं कभी नहीं boluga....plz...ek बार...

रुखसार- are...aap...plz...aap ऐसे मत boliye....agar आप चाहते hai...to ठीक hai...ek बार कर lege...par आज nhi...mera मन नहीं आज....

मैं- तो कल करे....

रुखसार - dekhiye....main इसके लिए तैयार nhi....isliye मुझ पर दवाब मत daliye....main आपके मन का कर dugi...par जब मेरा दिल करेगा tab...theek है....

मैं- ठीक hai....aaj वक़्त भी बहुत हो gaya...hum फिर कभी karege....chalo...ab गुस्सा छोडो और सो जाओ...

रुखसार- hmm..main फ्रेश हो कर आती हु...

फिर रुखसार फ्रेश हो कर सो gai...aur मैं अपनी पहली और छोटी सी जीत पर खुश होने लगा....

मैं चाहता था की अगर रुखसार रोल पलए करते हुए ज्यादा गरम hui....to उसको सच में किसी गैर के साथ सेक्स करना आसान हो सकता है...

पर मेरी परेशानी थी की आखिर मैं किसे सोच कर रोल पलए karu......kyoki मुझे ऐसा मर्द सोचना tha.....jo गैर- हो.... दिखने में भी अच्छा ho....uska जिश्म भी hatta-katta ho....taki वो ायरत को देखते hi पसंद आ जाए.......

और ये सोचते हुए hi मेरी आँख लग gai....aur अगली सुबह मैं फिर से रोज की तरह दूकान पर चला गया......

Khair....fir ऐसे hi कुछ दिन और निकल gaye....in दिनों में... मैंने रुखसार को रोलप्लाइ के लिए पूरी तरह तैयार कर लिया tha...matlab अब रुखसार दिल से इसके लिए तैयार थी.....

बस अब मुझे एक hatte-katte और दिखने में मस्त गैर- मर्द की जरूरत thi....jisko सोच कर मैं रुखसार के साथ रोल प्ले करू.....

पता नहीं अब मुझे कब वो मर्द milega...aur कहा milega....jisme वो साड़ी खूबियां ho....jo मैं चाहता हु....???

ताकि मैं उसकी तस्वीर रुखसार के दिमाग में बसा कर उसे उस मर्द की तरफ खींच saku....aur अपने ख्वाब को पूरा कर सकू......

नोट - अपडेट पोस्टेड frnds....hope ु लिखे आईटी.....

और haa....story के बारे में अपने बिचार जरूर शेयर kare....acche हो या bure....koi प्रॉब्लम nhi....ok


थैंक्स फ्रेंड्स.....

कीप रीडिंग......
 
Dost...khoon न आने की वजह तो और भी हो सकती है na...u क्नोव it...i होप...

इसलिए शान ने भी उसे मंद नहीं किया hoga...kyoki खून से ज्यादा कसावट सच बोलती hai....mari हुई और उन छुई में अंदर तो मर्द को पता चल hi जाता है....

अब आगे की कहानी किस तरफ jaygi...i मैं ककोल्ड, चीटिंग, फाॅर्स, और समथिंग else....iske लिए आपको वेट करना होगा......

एंड plz...sorry मत boliye...mujhe पता है आप कुछ चूतिये वृत्तेर की स्टोरी पढ़ रहे the...jo जल्दी hi मुँह फूलता tha...sach सुन kar....hahaha..

बूत हम ऐसे nhi....story के बारे में जो भी दिल kare....express जरूर kare...good और bad...no problem..ok ...

बक्क शान क्या karega...kya dekhega....iske लिए सब्र rakhe....aur स्टोरी का मज़ा ले....


थैंक्स फ्रंड....

कीप रीडिंग....
 
अरे bhai....waha गाला फाड़ने से कुछ नहीं hoga....uska एन्ड मैंने बहुत पहले बट्स दिया tha....ki पति चुटिया hi रहेगा और वाइफ सलूट बन jaygi.....sudhregi nhi...ye आप भाई से पूछ सकते है....

well...dusro को जाने दो...***** me....samjh गए न....

अब बात करे आपके सवाल ki...to उसका जवाब आगे मिल jayga....ok....

और मेरी story...uske चरक्टेर्स को चाहे जो bole.....main कभी बुरा नहीं manta....aur हमेशा जवाब देता hu.....kya है na...main स्टोरी likhna...readers पर अहसान नहीं manta.....ye मेरे ओल्ड रीडर्स जानते hai....aap भी साथ रहे तो समझ जायेगे....

थैंक्स फ्रंड...

कीप रीडिंग....
 
अपडेट - 2

बस अब मुझे एक hatte-katte और दिखने में मस्त मर्द की जरूरत thi....jisko सोच कर मैं रुखसार के साथ रोल प्ले करू.....

पता नहीं अब मुझे कब वो मर्द milega...aur कहा milega....jisme वो साड़ी खूबियां ho....jo मैं चाहता हु....???

अब आगे.......

मैं सुबह जगा और रेडी हो कर नास्ते के लिए बैठा tha....tabhi रुखसार किचेन से chai-nasta ले कर बाहर aai....aur मैं उसे देखता hi रह गया....

क्योकि इस वक़्त रुखसार बेहद खूबसूरत नजर आ रही thi.....usne अभी सिर्फ salwar-kurti hi पहनी हुई thi....nhi तो ज्यादातर वो लिवास पहने हुए होती है....

रुखसार (पास आ कर)- ऐसे क्या देख रहे है....

मैं- कुछ nhi....bas आज tum....waise तुम्हारा लिवास कहा गया....

रुखसार- अच्छा wo....asal में मैंने आज सुबह से hi बाल धो liye.....to सूखने के बाद hi लिवास पहनुंगी....

मैं- ओह्ह.....

Rukhsaar(baith कर)- क्यों पूछा tha....kya मैं बिना लिवास के घर में नहीं रह सकती....

मैं- ये तुम मुझसे बोल रही ho....are...maine तो कितनी बार तुमसे बोलै की यहाँ पर लिवास पहनो hi mat.....chaaho तो फैंसी ड्रेसेस pahno....jeans pahno...skirt pahno....par तुम्ही baar-baar बोलती ho...ki हमारे घर -हमारे यहाँ .....

रुखसार- ठीक hai.....samjh gai...par मैं ऐसा कभी नहीं karoogi...main लिवास hi pahnugi...samjhe न....

मैं- ohh.....theek hai...ab तुम्हारे सामने मैं क्या bolu.....chalo नास्ता कर लो....

रुखसार- अरे haa...aaj वो मुझे पडोसी आंटी के साथ मार्किट तक जाना hai....chali जाओ न....

मैं- है bilkul.....waise भी तुम सारा दिन बोर हो जाती hogi....aur ये batao....tum इतनी छोटी सी बात पर मेरी इजाजत क्यों मांग रही ho.....tum चली जाया karo...baad में बता दिया करना....

रुखसार- बिलकुल nhi....main अपने सौहार से बिना पूछे कुछ नहीं करने wali.....samjhe न aap....main आपकी मर्जी से hi जिंदगी जिऊंगी....

Main(muskura कर)- ohh..meri प्यारी biwi......main सब समझ gaya...ab तो नास्ता करोगी na...mujhe जाना भी है....

रुखसार- हम्म...

और फिर हमने नास्ता किया और मैं शॉप निकल गया और रुखसार अपने कामो में लग गई.....

शॉप पर पहुंचने के बाद मैं आज बोर हो रहा tha.....kyoki आज मार्किट ठीक नहीं चल रहा tha....coustmor काम hi थे...

इसलिए मैं फ्री हो कर आराम से टीवी देखने लगा.......

दोपहर का वक़्त tha....meri बीवी रुखसार घर पर अकेली thi....aur मैं अपनी शॉप पर काम में बिजी था....

तभी मुझे याद आया की मैं डीलरशिप से रिलेटेड जरूरी पेपर्स घर पर hi भूल gaya......jo मुझे आज hi चाहिए the....kyoki कंपनी के लोग इंपेक्शन के लिए आने वाले थे....

अब या तो मुझे घर जाना padta...ya फिर रुखसार को वो पेपर्स ले कर शॉप पर आना होगा....

और मैं जाता तो मेरा काफी वक़्त खराब हो jata....isliye मैंने तय किया की रुखसार को hi बुला लेता हु....

पर जब मैंने रुखसार को कॉल किया तो उसने कॉल पिक hi नहीं kiya.....maine 3-4 बार उसे कॉल lagaya...par फोन पिछ नहीं हुआ....

Main(man में)- लगता है बेचारी काम कर के थक गई hogi...isliye सो रही hogi....hmm...mujhe hi जाना होगा....

और फिर मैं घर की तरफ निकल aaya....aur जब मैं घर पंहुचा तो मुझे अपने hi फ्लोरे पर बने दूसरे फलते पर रहने वाली पड़ोसन आंटी मिल गई....

आंटी - are...shaan....tum नीचे कब आये...

मैं- neeche...matlab....

आंटी- थोड़ी देर पहले तो तुम ऊपर hi the....to अचानक से नीचे कैसे....

Main(hairani से)- आप क्या बोल रही है aunty...main समझ नहीं प् रहा....

आंटी - are...abhi जब मैं नीचे आ रही thi..to मैंने रुखसार को आवाज di...ki वो भी मेरे साथ मार्किट तक chale....par उसने बोलै की आज तुम घर पर हो तो वो नहीं आ sakti....aur मैं सीढ़ियां उतर कर आई hi hu...aur तुम मुझे बाहर मिल gaye....isliye puchha...tum नीचे कब आये....

Main(hairani से)- रुखसार ने ऐसा bola....par क्यों....

आंटी- अब क्या सोचने lage...bolege भी...

मैं- huh..ha..wo...wo मैं थोड़ा मार्किट तक गया था....

आंटी- oh...par आज शॉप क्यों नहीं gaye....chutti राखी क्या....

मैं- nhi...wo लड़के है शॉप par...main थोड़ा थकान महसूस कर रहा tha...to नहीं गया...

आंटी- ohh...chalo...tum आराम karo....main मार्किट निकलती हु...

मैं- ok आंटी....

फिर आंटी तो चली gai...par मेरे दिमाग में uthal-puthal मचा कर रख गई....

आंटी के हिसाब से रुखसार ने थोड़ी देर पहले hi उनसे बात ki....matlab रुखसार जाग रही hai...to फिर उसने मेरा कॉल क्यों नहीं लिया...

और रुखसार ने ये क्यों बोलै की मैं आज घर पर hi hu....aakhir वो झूठ क्यों बोली....

लगता है की कुछ ऐसा जरूर hai...jo रुखसार छिपा रही hai....par सवाल ये है की आखिर kya....aur क्यों....????

Main(man में)- मुझे सच तो जानना hi hoga....par kaise....haa...mere पास घर की दूसरी चाबी तो hai.....hmm...main चुपचाप गेट खोल कर jauga....tab सायद मुझे सच का पता चलेगा...

ये सब सोच कर मैं आगे बड़ा और घर पहुंच कर चुपके से घर का गेट खोल कर अंदर चला गया....

और जैसे hi मैं गेट को बापिस बंद कर के palta...to मुझे हॉल में रुखसार का कला लिबास दिख गया..,...

Main(hairani से)- ये kya....rukhsaar ने लिवास यहाँ क्यों chhoda.....aur वो भी aise...jameen पर....

मैंने सोचा की मैं लिवास उठा कर रख du...isliye मैं आगे bada...par तभी मुझे रुखसार की कुर्ती और सलवार भी पड़ी dikhi....jise देख कर तो मेरा दिमाग hi घूम गया...

मुझे समझ hi नहीं आ रहा था की आखिर ये सब है kya...rukhsaar तो ऐसी नहीं है की अपने कपडे यु hi फेक दे....

मैंने गुस्से से सारे कपडे उठाये और उनको सोफे पर रखने hi वाला था की मेरी नजर एक जैंसे और t-shirt पर पड़ी....

जिसे देख कर मैं समझ गया की वो मेरे कपडे तो है nhi....iska मतलब तो यही था की ये किसी गैर मर्द के कपडे hai...par सवाल ये था ki...ye कपडे मेरे घर में कैसे आये....

वो कपडे देख कर मैं गुस्से से भर gaya....aur इन सवालों के जवाब जानने के लिए बैडरूम की तरफ बाद gaya...kyoki मुझे पता था की रुखसार बैडरूम में hi hogi...kyoki हॉल तो खली hi था.....

पर तभी मेरी नजर दूसरे कमरे पर padi...to मैंने देखा की उस रूम के गेट के पास hi ब्रा डाली हुई thi...aur वो ब्रा रुखसार की hi थी....

ब्रा देख कर तो मेरा गुस्सा सातवे आसमान पर पहुंच gaya....aur मेरे दिमाग में कई ऐसे ख्याल आने lage....jisse मैं पागल होने लगा....

मेरे घर में मिले कपड़ो और उनके हालात मुझसे baar-baar बोल रहे the...ki जरूर रुखसार किसी गैर मर्द के साथ hai....wo भी बंद कमरे me.....bina कपड़ों के....

और जैसे hi मैंने ये सब socha...to मेरे लुंड ने एक जोरदार झटका मार दिया....

पता नहीं kyo...par मुझे गुस्से के sath-sath एक प्यारा सा अहसाह भी हो रहा tha....jo मेरी समझ से परे था....

और फिर मेरा दिल कहने लगा ki...is वक़्त रुखसार से बात करने की जगह मुझे छिप कर देखना चाहिए की कमरे में क्या हो रहा है....

और मैं दिल की बात मान कर उस रूम के गेट पर पंहुचा और कान लगा कर सुनने लगा.....

और मैंने जो suna....use सुन कर तो मेरा लुंड पूरा कड़क हो गया.....

मुझे अंदर से ऐसी आवाजें आ रही thi...jaise की कोई ायरत किसी मर्द के लुंड को जोरों से चूस रही हो....

( क्योकि मैंने काफी साड़ी पोर्न मूवीज में ऐसी आवाजें सुनी thi....isliye मैं जल्दी समझ गया.....)

और इस वक़्त घर में सिर्फ रुखसार hi एक ायरत thi.....aur हो न हो वही किसी मर्द का लुंड चूस रही है....

ये सारे ख्याल मुझे बेहद गरम कर रहे the.....aur मैं अंदर देखने के लिए पागल होने लगा था....

पर मुझे दर tha....ki कही रुखसार को भनक लग गई की मैं यहाँ hu...to क्या होगा...

इसलिए मैं अपने रूम में गया और फिर बाथरूम में जा कर मैंने एक चोर खिड़की kholi....jiski जानकारी सिर्फ मुझे hi थी....

उस खिड़की से मैं दूसरे रूम से लगे बाथरूम में पंहुचा और फिर उस बाथरूम के गेट को थोड़ा सा खोल कर देखने लगा.....

यहाँ से मैं अंदर का नजारा saaf-saaf देख प् रहा था.....

मैंने देखा की बीएड पर एक मर्द नंगा हो कर लेता हुआ था और ायरत झुक कर उसका लुंड चूस रही थी...

उस ायरत के बालों की वजह से मुझे उसका चेहरा तो नहीं dikha.....par मैं समझ गया की वो मेरी बीवी hi thi...rukhsaar....

Main(man में)- मेरी सरीफ बीवी aisi.....yakeen नहीं hota...meri रुखसार मेरी पीठ पीछे ऐसा भी कर सकती है....

तभी रुखसार ने लुंड छोस्ना छोड़ा और सर उठा कर साँसे लेने lagi...aur अब मैं साफ़ टूर पर रुखसार का चेहरा देख प् रहा था....

रुखसार- aaahh.....ankit कितना प्यारा लुंड है tumhara.....ise कितना भी chooso...par मन नहीं भरता......

अंकित- तो रुक क्यों gai....choosti रहो....

रुखसार- hmm...thoda और चूसना hai.....aaauuummmm...uuummm..uuummm..uuummmm...

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और रुखसार फिर से लुंड चूसने lagi...aur मैं उस मर्द का नाम सुन कर दांग रह गया....

Main(man में)- ankit.....matlab...kahi ये वही अंकित तो nhi....rukhsaar का dost.....hmm..pakka वही hoga.....usi ने तो सील तोड़ी थी रुखसार ki....aur साला अब तक छोड़ रहा hai...pata नहीं ये सब कबसे चल रहा hai...saayad कभी रुका hi न ho....hmm...saayad तभी रुखसार दिल्ली आने की बात पर बेहद खुश thi....kyoki उसे पता tha...ki यहाँ तो सिर्फ हम दोनों hi rahege....aur मैं जाउगा शॉप par...to वो आराम से अंकित से छुड़वा legi....hmm...yahi बात है....

यहाँ मैं अपनी hi सोच में पागल था और वह अंकित ने रुखसार को रोक कर उसे लिटा diya....aur खुद घुटनो पर बैठ गया...

तब मेरी नजर उसके लुंड पर padi....aur उसे देख कर मेरर जिश्म में अजीब सी सनसनी दौड़ गई...

उसका लुंड काफी तगड़ा tha....lamba भी और मोटा bhi....halaki मेरा लुंड भी काम नहीं hai...par उस चमड़ीवाले लुंड की बात hi अलग थी....

फिर अंकित ने अपनी पोजीशन ली और रुखसार की तागे फैला कर उसे छोड़ने लगा.....

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रुखसार- aaahhhh...ankit....aaahhh...tumhara लुंड आज भी mujhe.....aaahhh....takleef देता hai....aaahh...

अंकित- तभी तो तू रोज इसे अंदर लेती hai.....hai न....

रुखसार- aaahh...haa.....bahut बेदर्द है tumhara....behad maza.....aaahhh...aaahhh...

रुखसार इस वक़्त मस्ती में भरी हुई अपनी कमर hila-hila कर जोरदार सिसकियों के साथ चमड़ीवाले लुंड का मज़ा ले रही थी....

आउट उसकी चुदाई देख कर मेरा लुंड एकदम उफान पर आ गया था....

थोड़ी देर बाद hi वह रुखसार एक जोरदार चीख के साथ झड़ी और उसकी चीख सुन कर मेरे लुंड ने भी पानी छोड़ दिया....

मैं आम टूर पर इतनी जल्दी नहीं jhadta...par जब मैं रुखसार को चमड़ीवाले लुंड से चुड़ते हुए सोचता भी hu...tab भी जल्दी झाड़ जाता hu....to आज तो सामने से hi देख रहा था....

Khair....yaha मैंने लुंड का पानी nikala...aur वह अंकित ने रुखसार को पलटा कर छोड़ना सुरु कर दिया....

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अंकित के हर धक्के पर रुखसार की आह निकल रही thi....aur अंकित दनादन रुखसार को चोदे जा रहा था.....

रुखसार- aaahhh...ankit....aahhh....aaraam से....

अंकित- आराम गया तेरी गांड me.....chup रह कर चुदती रह....

रुखसार- aaahh...mujhe तुम इसीलिए पसंद ho....aahh..berahmi से छोड़ते ho...aaahhh...

अंकित- accha....tera वो सौहार नहीं छोड़ता क्या.....

रुखसार- aaahh..berahmi से nhi...aaahh....aur फिर उसका लुंड to....aaahh.....chamdi भी nhi....aaaahh...mujhe ये पसंद hai.....aaahhh....

Main(man में)- kya....rukhsaar को मेरा लुंड पसंद nhi.....chamdiwala hi पसंद hai....khair.....mujhe bhi....saayad....

थोड़ी देर बाद रुखसार फिर से झाड़ gai....aur अंकित ने उसे उठाया और उसका गाला पकड़ पर तेजी से छोड़ने लगा....

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ये पोजीशन देख कर मैं हैरान tha...kyoki मैं तो ये सब सोचता भी नहीं था....

पर रुखसार को सायद यही सब पसंद tha....tabhi तो वो मस्ती में अपनी गांड हिलाते हुए चांदीवाला लुंड खा रही थी.....

ये नजारा देखते hi मेरा लुंड फिर से उफान पर आ gaya.....aur फिर.... मैं और रुखसार एक बार फिर से साथ में झाड़ गए....

पर अंकित का काम अभी ख़त्म नहीं हुआ tha....usne रुखसार को गॉड में बैठा लिया और फिर से चुदाई सुरु कर दी....

कुछ देर बाद hi रुखसार फिर से गरम हो गई और खुद hi ucchal-ucchal कर लुंड खाने लगी.....

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अंकित- क्यों saali....fir से गरम हो गई...

रुखसार - aaahhh....tumhara लुंड hi ऐसा hai.....aaahhh....thanda रहने hi नहीं देता....

अंकित- है saali...janta hu...badi गर्मी है tujhme......jo तेरा सौहार नहीं संभाल पता....

रुखसार- aaahhh...tabhi तो तुमसे दिन भर चुदवाती hu....aaahhh.....aaahhh...

Main(choun कर)- kya...din bhar....matlab मेरे शॉप पर जाते hi ये अंकित मेरे घर आ जाता hai....aur शाम तक रुखसार को छोड़ता रहता hai....haa....

रुखसार- aaahhh.....main गई ankit...aaahhh.....aahh..

अंकित- मैं भी aaya....daal दू अंदर....

रुखसार - aahhh....nhi...aaj nhi....meri दवा खत्म हो gai.....aahh..aur मैं अभी बच्चा नहीं chahti.....bahar निकालो.....

फिर अंकित ने रुखसार को बीएड पर पटका और उसके ऊपर लुन्द्रास की पिचकारियां मारने लगा......

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मैं- ओह teri.....kitna ज्यादा पानी निकलता है iska....aur गाड़ा भी.....

फिर रुखसार ने अपनी ऊगली से पेट पर पड़ा लुन्द्रास लिया और मुँह में दवा कर ऊगली चूसने लगी...

रुखसार- uuummmmm...aah...maza आ गया....

अंकित- ha....mujhe bhi...ab मैं चलता हु...

रुखसार - nhi....abhi nhi.....ek बार और...

अंकित- accha....kya तेरा सौहार तुझसे बिलकुल नहीं छोड़ता क्या....

रुखसार- छोड़ता hai....par चांदीवाला लुंड नहीं है उसके paas....aur मुझे यही मज़ा देता है....

Main(man में)- देखि तो ise.....maine सिर्फ गैर- मर्द को सोच कर रोलप्ले का बोलै tha.....wo तो इसने मन nhi....aur असलियत ये hai....roj चमड़ीवाले लुंड से चुदवाती hai.....rukhsaar.....kya बोलू tujhe....huh...

अंकित- ठीक hai...thoda आराम कर le.....fir छोड़ता हु....

ये बोल कर अंकित भी रुखसार के बाजु में लेट gaya....aur तभी मुझे ताड़ आया की मेरा यहाँ रहना ठीक नहीं है...

एक तो पकडे जाने का दर tha....aur ऊपर से मुझे शॉप पर जरूरी काम भी था....

इसलिए मैं चुपचाप वह से निकला और घर से बहार आ कर बापिस लॉक कर के निकल गया....

Main(man में)- मेरी रुखसार मेरी गैरहाजरी में रोज अंकित से चुदवाती hai.....aur मैं उसे कितनी नेक और सरीफ समझता रहा...

एक तरफ बोलती है की मेरी मर्जी के बिना कुछ नहीं karegi....aur दूसरी तरफ मेरे यकीन की धज्जियाँ उदा रही है....

एक तरफ तो रिश्ते का वास्ता दे कर हमेशा लिवास पहनना चाहती hai....aur दूसरी तरफ उसी लिवास को फेक कर किसी gair-mard की बाहों में नंगी hi समां जाती है....

मुझे तो लगता था की मैं रोलप्ले की बात को baar-baar बोल कर रुखसार को परेशान करता hu....par वो तो रोलप्ले से कही आगे निकल चुकी है.....

वो एक गैर मर्द के चमड़ीवाले लुंड की दीवानी hai....aur सायद आज से nhi....balki निकाह के पहले से hi....

और सायद तभी वो रोज hi चुदवाती hogi....fir निकाह के बाद उसे मेरे साथ काम चलना पड़ा....

पर उसकी पसंद तो चांदीवाला लुंड tha....tabhi तो उसे जी भर कर चूस रही thi....aur mera...mera तो कभी ठीक से मुँह में भी नहीं लिया....

Hmm.....nikaah के बाद वो चमड़ीवाले लुंड के लिए तरस गई hogi....isiliye अब उसे मौका मिला hai....to वो pura-pura दिन छुड़वा कर कमी पूरी कर रही है.....

पर एक बात समझ में नहीं aai.....ki अगर अंकित रोज मेरे घर आता hai...to उसे aate-jaate तो किसी ने देखा hi hoga....to फिर मुझसे किसी ने क्यों नहीं बोलै....

ये कैसे हो सकता hai...ki कोई उसे मेरे घर aate-jate dekhta....aur बताता भी nhi....mere तो सबसे अच्छे रिलेशन hai.....kam से काम वॉचमैन तो बताता hi...usse तो मेरी अच्छी दोस्ती है....

क्या मैं उससे puchhu....nhi-nhi...aise तो मेरी hi बदनामी हो jaygi...wo क्या सोचेगा मेरे बारे me.....oohh...main अब करू तो क्या करू......

मैं अपने hi ख्यालों में खोया था की तभी मेरे कानो में जोर से आवाज आई.....

""शहान bhai....shaan bhai....shaan भऐई......"'

Main(man में)- अब ये कौन hai...jo मुझे आवाज दे रहा है.....???

नोट - अपडेट पोस्टेड frnds.....hope ु लिखे आईटी.....

थैंक्स फ्रेंड्स....


कीप रीडिंग.....
 
अब तक शान ने ये कहा बोलै की वो रियल में देखना चाहता hai....sirf रोलप्ले का bola....right ...

साइज भी आगे पता चल jaygi...aur रुखसार की वजह भी...

अभी बता दिया तो आपको hi मज़ा नहीं aayga....kuch ट्विस्ट ंद तुरंस का मज़ा तो लो यार....

ी होप आगे पसंद aaygi...ok


थैंक्स फ्रंड....

कीप रीडिंग....
 
अपडेट - 3

मैं अपने hi ख्यालों में खोया था की तभी मेरे कानो में जोर से आवाज आई.....

""शहान bhai....shaan bhai....shaan भऐई......"'

Main(man में)- अब ये कौन hai...jo मुझे आवाज दे रहा है.....???

अब आगे......

मैं सोच hi रहा था की अचानक उस तेज आवाज के साथ एक हाथ मेरे बाजु पर laga....aur मैं चौंक गया.....

और जब मैंने चौंक कर आँखे kholi....to मुझे सामने मेरी शॉप पर काम करने वाला लड़का दिखाई दिया....

और मैंने हैरानी से अपबा सर idhar-udhar ghumaya....to मैंने पाया की मैं अभी अपनी शॉप पर hi हु.....

लड़का - शान bhai...aap ठीक तो है न....

मैं- huh...haa...theek hu...kyo...kya हुआ...

लड़का- वो आपको पसीना आ रहा है....

Main(sir पोछ कर)- ohh..saayas मेरी आँख लग गई thi....bolo...kya हुआ....

लड़का- आप वो पेपर्स मगवाने वाले थे न घर se....subah बताया था न....

मैं- hmm...main मगवा लेता hu....tum काम करो....

फिर लड़का अपने काम में लग गया और मैं अपने आप पर hi हैरान होने लगा.....

Main(man में)- ये सब एक सपना tha.....uff..kitna भयानक सपना tha.....meri rukhsaar....ohh...ye साला उस टीवी सेरिएल की वजह से hua....usme जो देखा tha....wahi साला सपने में देखने laga....wo भी खुद के साथ.....

( असल me.....free हो कर मैं ""साबधान आदमी"" सेरिएल देख रहा tha....aur वही देखते हुए मेरी आँख लग गई thi...to फिर मैं उस कहानी में अपने आपको देखने लगा था.....)

Khair.....maine पानी पिया और थोड़ा आराम कर के नार्मल हो gaya....aur फिर पेपर्स के लिए रुखसार को कॉल kiya.....par उसने कॉल नहीं लिया.....

Main(man में)- ये kya...ye तो फिर से वैसा hi हो रहा hai....kahi....nhi-nhi...ek बार फिर से कॉल करता हु....

और जैसे hi मैंने दोवारा कॉल किया तो रुखसार ने 2 रिंग में hi कॉल ले ली....

( कॉल पर )

रुखसार - hello....

मैं- ha..rukhsaar....tum कहा ho....call क्यों नहीं उठा रही थी....

रुखसार - मैं आंटी के साथ मार्किट में hu...bataya था na.....aur यहाँ शोर इतना है की जब तक रिंग सुनाई di....tab तक कॉल कट हो गई थी....

मैं- ohh.....yo हो गई शॉपिंग.....

रुखसार - nhi...abhi तो आये hai....wo आंटी को कुछ काम था तो देर से hi निकले....

मैं- ओह ho...tab तो तुम्हे टाइम लगेगा....

रुखसार - haa...kyo...koi काम था क्या....

मैं- अरे haa..kuch पेपर्स मगवाने the.....wo घर पर hi रह gaye.....aur आज hi चाहिए....

रुखसार - तो मैं घर चली जाती hu.....aur पेपर्स ले कर आ jaugi...par 2-3 घंटे लग jayege....hum बड़े बाज़ार में आये hai....par आंटी को क्या bolu....unki शॉपिंग सुरु भी नहीं हुई अभी......

मैं- ohh...to तुम रहने do.....main आ जाता hu...mere पास चाबी है....

तभी मुझे आंटी की आवाज aai...jo रुखसार को एक दूकान पर चलने को बोल रही थी....

रुखसार - है aunty....hello...aap आ रहे है की मैं...

Main(beech में)- nhi...tum शॉपिंग कर lo.....warna आंटी को बुरा lagega....main ले आता हु पेपर्स...

रुखसार- ठीक hai....bye....

मैं- bye....

फिर कॉल कट कर के मैं घर निकल aaya....aur पुरे रस्ते में अपने ख्वाब के बारे में सोचता रहा....

मुझे अब अपने आप पर गुस्सा आ रहा tha....kyoki मैं रुखसार के लिए अपने आपको कसूरवार मान रहा था....

मैं (मन में)- मेरी रुखसार तो बेचारी मार्किट गई hai....wo भी मुझसे पूछ kar....aunty के sath....aur मैं उसके लिए ऐसा सब सोच रहा tha....chhee....

फिर मैंने घर पहुंच कर पेपर्स उठाये और जब बापिस आने laga....to मेरा दिल कह इ लगा की एक बार मैं दूसरे रूम को देख लू.....

पर मेरा दिमाग इसके खिलाफ tha.....wo कह रहा था की रुखसार ऐसा सोच भी नहीं सकती....

फिर भी दिल से मजबूर हो कर मेरे कदम रूम तक पहुंच gaye...aur मैं रूम खोल कर देखने लगा....

रूम में सब सही tha.....bed भी एकदम सेट tha.....jise देख कर मैंने राहत की सांस ली और अपने सर पर तपली मार कर शॉप पर निकल गया........

फिर मैं पूरा दिन होने आपको समझाता raha..ki रुखसार ऐसा कभी नहीं karegi....wo किसी gair-mard से नहीं छुड़वाने wali....aur मुझे भी ये ज़िद छोड़ देनी chahiye....yaha तक की ऐसा रोलप्ले भी नहीं करना चाहिए......

पर रात होते- होते मेरे ख्यालात फिर बदल gaye......aur मैं फिर से gair-mard के बारे में सोचने लगा.....

Main(man में)- कुछ भी ho....mujhe एक मर्द ढूंढ़ना hi hoga....jisko सोच कर मैं रुखसार से रोलप्ले करवा saku.....tab hi मैं जान पाउगा की रुखसार का दिल क्या कहता hai...haa.....

Khair....raat को खाने के बाद हमने ek-dusre को प्यार किया और सो गए......

और अगले दिन से मैं एक gair-mard, hatte-katte मर्द की तलाश में लग गया.....

यु तो मैं कोई भी नाम सोच कर सबकुछ कर सकता tha....par मुझे एक रियल मर्द चाहिए tha....jis से मैं आगे भी अपने ख्वाब पुरे करने की कोसिस कर सकू.....

और ऐसे मर्द को तलाश करने का सबसे अच्छा जरिया था internet......jaha मैं अपनी पहचान छिपा कर भी किसी के बारे में जान सकता था....

और मैंने वही kiya....main इंटरनेट पर गैर- मर्द ढूंढ़ने laga....par मुझे जितनी खूबी चाहिए thi....wo सब किसी एक मर्द में नहीं मिल रही thi.....jis से मैं थोड़ा परेशान हो गया था......

क्योकि मुझे ऐसा मर्द चाहिए tha...jisme मेरी पसंद की साड़ी खूबिया भी ho....aur उससे मैं खुल कर सेक्स रिलेटेड बातें भी कर saku......bas इसीलिए मुझे परेशानी हो रही thi.....kyoki ऐसे hi मैं किसी से सेक्स की बात नहीं कर सकता था......

पर कहते है na....ki अगर कोई चीज सिद्दड़ से मांगो तो साड़ी कायनात वो चीज तुम्हे दिला देती है....

Bas...yahi मेरे साथ hua.....ek दिन मुझे नेट चलते हुए एक वेबसाइट के बारे में पता chala.....xforume......

वह जब मैंने dekha...to मुझे कई तरह की सेक्सी कहानी mili.....kahi कोई घर में hi चुदाई कर रहा hai...to कभी कोई किसी की बीवी को छोड़ raha....to किसी में तो एक सरीफ बीवी रंडी बन कर चुद रही है....

Khair...unhi कहानियों में से मुझे एक कहानी ऐसी भी mili...jo एक इंटरफेथ स्टोरी thi....matlab की एक गैर मर्द और एक पाकीज़ा खातून के बीच शारीरिक सम्बन्ध के ऊपर.....

उसमे एक गैरमजबी मर्द किसी और की पाकीज़ा सरीफ बीवी को बेदर्दी से छोड़ रहा है....

मुझे वो कहानी पढ़ कर kuch-kuch अपनी hi कहानी lagi....aur मैंने उस कहानी के वृत्तेर से पर्सनल चाट से बातें सुरु कर दी......

मैं जानना चाहता था की क्या वो वृत्तेर सच में वैसा hi hai...jaisa उसने अपने आपको कहानी में dikhaya....ye फिर ये सिर्फ उसकी सोच hai....jaise की मेरी....

और जब मैंने उस से बात की तो मुझे पता चला की वाकई में उसे पाकीज़ा खातूनों को छोड़ने का चस्का hai...aur कुछ को वो छोड़ भी चूका hai....aur भी छोड़ना छठा है.....

और उसकी बॉडी भी वैसी hi thi...jaise की उसने कहानी में बताई थी....

असल में उसने बातों hi बातों में अपनी कुछ फोटो दिखाई thi...uske कैसे हुए जिश्म की और उसके चमड़ी वाले लुंड की....

जिसे देख कर मैंने सोच लिया था की अब इसी के नाम से मैं अपनी बीवी के साथ रोल प्ले करुगा.....

Are...uska नाम तो बताना भूल hi gaya....us hatte-katte जवान मर्द का नाम है........गोलू

गोलू से बात करने के बाद मैंने उसे अपने ख्वाब पुरे करने के लिए चुन लिया tha.....ab बस देर थी रुखसार की तरफ से.....

इसलिए मैं उसी दिन से रोज रुखसार से रोलप्ले के लिए बोलने laga......aur एक raat...jab हम सेक्स कर रहे the....tab.....

मैं- aahh....rukhsaar.....bolo na.....kab तक मन karogi...ek बार तो है कहो....

रुखसार- aaahh...thoda...aaahh...mera....aaahhh...

मैं- aahh..main भी.....

और हम दोनों झाड़ कर पास्ट पद गए.....

मैं- बोलो न रुखसार.....

रुखसार- आप ये सब सोचते hi क्यों hai....kya होगा इससे....

मैं- इस se....are इस से हमारी सेक्स लाइफ में मज़ा बाद जायगा.....

रुखसार- accha....par कैसे......

मैं- कैसे kya.....saayad तुम गैर- मर्द के नाम से ज्यादा गरम हो कर सेक्स karogi.....hai न...

Rukhsaar(muh बना कर)- ये तो आपकी सोच hai....meri nhi....aisa कुछ नहीं होने वाला....

मैं- पर कोसिस तो karo...matlab एक बार करते है na......fir देखते है क्या होता है....

रुखसार- accha....par अगर वाकई मैं गरम होने लगी to...fir क्या करोगे.....

Main(baahon में भर कर)- to....to फिर मैं अपनी गरम बीवी की गर्मी मिटा दुगा न.....

रुखसार - accha....aur नहीं मिटा सके तो....

रुखसार की ये बात मेरा दिमाग हिला gai....par तभी रुखसार ने मुझे देखा और बैठ गई....

रुखसार- sorry...maine तो ऐसे hi बोल diya....sorry...

मैं- अरे nhi.....isme सॉरी kya....chalta hai...accha batao....karogi न एक बार....

Rukhsaar(soch कर)- ठीक hai.....hum 2-3 दिन बाद karege....khush....

Main(kiss कर के)- uuummmmmhhh...bahut khush...i लव यू....

रुखसार- bas....ab बाकि का प्यार बाद me....chalo..fresh हो कर सो jao.....bahut वक़्त हो गया.....

मैं- हम्म....

और उस रात मैं khushi-khushi सो gaya....kyoki आज रुखसार ने मेरे ख़्वाबों को पूरा करने के लिए पहला कदम बड़ा लिया था.......

Khair.....fir 3 दिन यु hi निकल gaye......aur इस बीच मेरी गोलू से बातचीत चलती rahi.....par मैंने उसे ये नहीं बोलै था की मैं उसके नाम से अपनी बीवी के साथ रोलप्ले करने वाला hu....bas इतना hi बोलै tha...ki मेरी बीवी पहली बार रोलप्ले के लिए मान गई hai...jise सुन कर गोलू भी खुश था.....

Khair.....fir वो गुरुवार (थर्सडे) की रात aai...jis दिन मैंने पहली बार अपनी बीवी रुखसार को उस रोल प्ले के liye....jisme उसे गोलू नाम के गैर- मर्द से छुड़वाना था.....

रुखसार- आप अब भी सोच लीजिये.....

मैं- सोच कर hi बोल रहा hu....bhool जाओ की तुम मेरे साथ ho....socho की तुम एक गैर मर्द के साथ ho....jiska लुंड चमड़ी वाला hai....aur तुम मेरे सामने उसके साथ मज़ा करने वाली ho....socho रुखसार....

रुखसार- पर कैसे सोच lu....maine आज तक किसी गैर मर्द के बारे में तक नहीं socha...aur आप तो एक गैर- मर्द की बात कर रहे है.....

मैं- तो इसमें क्या बड़ी बात हो gai....mard तो मर्द होते hai...aur gair-mardo के लुंड बड़े कमाल होते hai.....chamdi वाले....

रुखसार- जानती हु...

Main(hairani से)- तुम कैसे जानती ho...kya तुमने....

रुखसार (बीच में)- chhee...fir उल्टा सोचने lage....are...mere कहने का मतलब था की मुझे पता hai...suna है मैंने....

मैं- तो अब तैयार हो jao...waise भी तुमने पहले है बोलै tha...ab मुक्रो मत....

रुखसार- आप meri....hmm...theek hai...par ये मुझसे kaise....saayad मुझसे होगा नहीं....

मैं- तुम सुरु तो karo...jaisa मैंने कहा tha.....fir देखते है....

रुखसार- accha....to क्या नाम बताया tha.....golu...yahi न....

मैं- है...

रुखसार- hmm...to गोलू ji....aaj मैं आपकी hui....aaj आप मुझे मज़ा do....aur मेरे सौहार को दिखा do...ki चमड़ी वाला लुंड कितना मज़ा देता hai....yahi न....

ये बोल कर रुखसार ने शर्म और गिलटी से अपनी नजरें झुका li.....kyoki उसने आज तक मेरे सामने ऐसा कुछ नहीं बोलै tha....jisme किसी गैर मर्द का इस तरह से नाम आये.....

मैं ये बात समझता tha...isliye मैंने रुखसार का चेहरा ऊपर किया और उसकी आँखों में देखते हुए बोलै.....

मैं- है रुखसार begum......aaj मैं तुम्हे ऐसे choduga...ki तुम अपने इस सौहार को भूल jaogi....aur हमेशा मेरा चमड़ी वाला लुंड hi अपनी छूट में चाहोगी....

Rukhsaar(hichkicha कर)- aa...accha....chalo देखते hai.....ki...ki आपका लुंड कितना कमाल करता है......

इतना सुनते hi मैंने मोबाइल में गोलू के लुंड की फोटो रुखसार को दिखा di....jise देख कर उसने ज्यादा तो nhi...par थोड़ा ऐसा dikhaya...ki उसे कुछ अच्छा नहीं लगा....

और फिर रुखसार ने मेरा लुंड पकड़ा और ऊपर नीचे हाथ चलने लगी....

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मैं- रुखसार begum....yu चुपचाप रह कर मज़ा नहीं aayega....kuch तो कहो.....

रुखसार- hmm...golu ji....aapka ये चमड़ी वाला लुंड तो बड़ा खतरनाक hai...dekho to...kaise इसका सूपड़ा चमड़ी फाड़ कर बाहर आता hai...uummm...

मैं- तुम्हे पसंद आया na.....ab इसे प्यार karo.....fir dekho....ye तुम्हे कितना मज़ा देता है....

रुखसार- hmm...aisa लुंड हो तो प्यार करना hi chahiye....sssrrruuuuppppp.....

और रुखसार ने झुक कर सुपडे पर जवान फिर di......jisse मेरी आह निकल गई....

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मैं- aah...rukhsaar....apne नाजुक होंठो में दवाओं ise....ye तुम्हारे होंठो का प्यार प् कर खुश हो जायगा....

मेरे बोलते hi रुखसार ने अपने नाजुक होंठो को खोला और हलके से चूम लिया.....

असल में रुखसार ने aaj-tak लुंड को अच्छे से नहीं चूसा tha.....kabhi-kabhi मेरी ज़िद पर वो कुछ लम्हों तक सूपड़ा चाट लिया करती thi....aur थोड़ी देर के लिए सुपडे को मुँह में दवा लेती थी....

मैं- aahh....ye तेरे सौहार का आधा लुंड नहीं rukhsaar....golu का असली लुंड hai.....ise मुँह में भर कर चूसो....

मेरी बात सुन कर रुखसार ने कोसिस ki...par तुरंत hi मुँह से बाहर निकाल कर मुँह बनाने लगी...

पर तभी मुझे याद aaya...aur मैंने फिर से गोलू के लुंड की फोटो रुखसार के सामने कर दी....

मैं- चूसो मेरी jaan.....chooso....

फिर वो हुआ जिसकी मुझे उम्मीद काम hi thi....rukhsaar ने मुँह कोला और एक चौथाई (1/4) लुंड का हिस्सा मुँह में भर कर चूसने लगी....

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ये देख कर मैं खुश भी था और हैरान bhi....ki आखिर रुखसार इतनी जल्दी कैसे मान gai....saayad मेरी ख़ुशी के लिए.....

मैं- aaahh....aise hi rukhsaar....joor se.....dikha दो अपने सौहार ko..ki असली लुंड के मज़े कैसे लेती है tu...uuumm..joor से चूस....

रुखसार अब पूरी मस्ती से लुंड चूस रही thi...aur मैं हैरान हो कर उसे देख रहा था....

मुझे लगा नहीं था की पहली hi बार में रुखसार ऐसा कुछ karegi...par ये मेरी खुशकिस्मती thi...ki रुखसार ये सब पसंद कर रही थी.....

मैं मज़े में सिसक रहा था और रुखसार सटासट लुंड चूसे जा रही thi....halaki उसने जरा सा लुंड hi मुँह में दवा कर रखा tha....fir bhi...kam से काम सुरुवात तो अच्छी थी....

मैं- aahhh....bas मेरी jaan....ab रुक ja....ab मेरे लुंड का कमाल देख.....

और मैंने रुखसार को रोक कर litaya...aur जैसी hi उसकी तागे फैलाई तो मैं देख कर दांग रह गया.....

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असल में रुखसार की छूट पानी बहाने लगी thi....jabki निकाह के इतने वक़्त बाद भी उसकी छूट को गीला करने में मुझे 5-10 मिनट लगते थे....

जब मैं उसको choomte-chaat ते हुए उसकी छूट को ऊगली से सहलाता tha...tab जा कर वो गरम होती थी.....

पर आज तो कुछ hi मिनटों में उसकी छूट पानी बहाने लगी थी.....

ये देख कर मैं हैरान hi हो रहा था की तभी रुखसार ने मुझे टोका....

रुखसार- क्या हुआ गोलू ji....dekh कर hi काम चलाओगे kya.....bheeter नहीं डालोगे....

मैं- क्यों नहीं jaan...tumhari छूट मेरे चमड़ीवाले लुंड के लिए hi बानी है......

रुखसार- अब तो मुझे भी यही लगता hai...ab डालो bhi....mere सौहार कब से इंतज़ार कर रहे hai...aahhh...

और फिर मैंने पोजीशन बना कर लुंड को रुखसार की छूट में धकेल दिया.....

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रुखसार- aaaaahhhh.....ye चांदीवाला lund....uuummm....maza आ गया....

मैं- तो बता अपने सौहार ko....wo देख रहा है....

रुझसार- aaahhh...suniye ji....ye गोलू जी का लुंड मुझे बहुत पसंद aaya....aaahhh...maza आ gaya.....aapko आया की नहीं....

मैं- वो बहुत मज़ा ले रहा hai....ruk....thoda धक्के लगने दो...

और फिर मैंने धक्के मारने सुरु कर diye....aur उम्मीद से भी jyada.....rukhsaar joor-joor से चीखने लगी....

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मैंने आज तक रुखसार को इतना मज़ा लेते हुए नहीं देखा tha.....par आज उसे देख कर मैं हैरान होने के sath-sath खुश भी बहुत tha....aur दोगुनी तेजी से उसे कोड़ने लगा था.....

मुझे मेरा प्लान काम करता हुआ साफ़ दिख रहा tha....isliye मैं भी गोलू के नाम से जोरदार धक्के मारने लगा.....

उस रात रुखसार और मैंने इतना पानी बहाया की क्या कहु.....

अरे एक रात में हम दोनों जितनी बार झड़ते the.....usse कही ज्यादा आज झड़े the....aur जोश तो ऐसा था की क्या बोलू....

Khair....us रात के हालात देख कर मैं समझ गया की रुखसार को चांदीवाला लुंड पसंद hai...aur अगर उसे थोड़ा और बोलै jaaye....to वो आसानी से गैर- मर्द के साथ छोड़ने को मान जाएगी.....

फिर अगली रात मैंने फिर से रुखसार को वैसा hi रोलप्ले करने को kaha....aur मेरी उम्मीद से ulta....rukhsaar तुरंत मान गई.....

उस रात तो मुझे ऐसा महसूस हो रहा था की अब ये सिलसिला चलता rahega....aur मैं रोज hi रुखसार को गरम kar-kar के एक दिन उसे असलियत में गैर- मर्द से छोड़ने को मन लगा......

पर मैं गलत tha....kyoki जैसे hi तीसरी रात aai...aur मैंने रुखसार को रोलप्ले के लिए bola.....to उसने साफ़ मन कर दिया...

रुखसार ने saaf-saaf बोल दिया की उसने 2 बार ये सब सिर्फ मेरी ख़ुशी के लिए कर दिया है....

और नहीं करना chahti...aur मैं उसे मजबूर न करू.....

Khair...haalat को देखते हुए मैं भी चुप raha...par इस बात का मुझे बड़ा मलाल भी हुआ....

मुझे अपना ख्वाब अधूरा नजर आने लगा tha.....fir भी मैंने रुखसार की बात समझी और उसे प्यार करने के बाद लेट गया....

फिर रुखसार के सोने के बाद मैंने गोलू से बात करना ठीक samjha....kyoki पिछले 2 दिन से मैंने उससे ज्यादा बात hi नहीं की थी.....

मैंने सोचा की गोलू से सब कुछ शेयर karu...saayad वो मुझे कोई रास्ता dikhaye.....jis से मेरा ख्वाब पूरा हो सके.....

( चाट पर )

मैं- hi गोलू....

गोलू - hello....kaise हो....

मैं- क्या bolu....thoda परेशान हु...

गोलू - kyo...kya hua....teri बीवी रोलप्ले के लिए नहीं mani.....are.....tune तो कहा था की मान gai....hai न....

मैं- ha...maan भी गई thi...aur किया भी tha...wo भी 2 baar...matlab 2 रात में 2 बार.....

गोलू- ohh..ye तो ख़ुशी की बात hai....fir तो तू खुश होगा na....tera काम बन रहा है....

मैं- अरे कहा yaar....kaam यो दूर की baat....usne आज रोलप्ले के लिए भी मन कर diya....bolti है की बहुत hua....ab नहीं करेगी...

गोलू- ohh...ye तो बाद न्यूज़ hai....khair...aage क्या सोचा....

मैं- ये सवाल तो मैं तुमसे पूछने वाला tha....tumhe तो काफी तजुर्बा है na....to बताओ कुछ....

गोलू- ohk....pahle तुम मुझे पूरी बात batao...ki तुम्हारे बीच क्या hua...kaise hua...tumhe कैसा महसूस hua...aur तेरी बीवी का रिएक्शन क्या tha...sab kuch...fir hi कुछ बता सकता hu...ok...

मैं- hmm..batata हु....

और फिर मैंने गोलू को साड़ी बात बता di....ki मैंने रोलप्ले में क्या किया और रुखसार की क्या हालत हुई थी....

हलाकि मैंने गोलू को ये नहीं बताया था की मैंने उसके नाम से hi रुखसार के साथ रोलप्ले किया था.......

ये बातें मैंने जब गोलू को batai...ki मेरी रुखसार गैर- मर्द के नाम से ज्यादा गरम होती hai....to उसने मुझे आगे बढ़ने को कहा....

मैं- पर आगे बदु kaise....usne तो रोलप्ले के लिए साफ़ मन कर diya....aaj तो किया भी नहीं....

गोलू- ohh...to तुम अपनी कोसिस जारी rakho....main कुछ सोच कर बताउगा की आगे क्या किया जा सकता hai...ok...

मैं- हम्म..

गोकु- accha...mujhe नीड आ रही hai....to कल बात करते hai.....ok...bye..

मैं- bye....

गोलू से बात करने के बाद मैंने सोचा की अब वक़्त आ गया है की मैं रुखसार से अपने ख्वाबो के बारे में saaf-saaf बात करू.....

और सोच हुए मैंने फैसला ले liya...ki मैं रुखसार से saaf-saaf boluga....ki मैं उसे गैर मर्द के साथ चुड़ते हुए देखना चाहता हु........

यही सब सोचते हुए मैं सोने के लिए लेट गया.....

Main(man में)- पता नहीं मेरी बात सुन कर रुखसार क्या kahegi....aur क्या करेगी......???

अगला दिन संडे का दिन tha....isliye मैं देर तक सोता raha.....kyoki शॉप की छुट्टी थी......

फिर नास्ता करने के बाद जब मैं और रुखसार बैठ कर बहार जाने का प्लान कर रहे the....tabhi मैंने रुखसार से अपने दिल की बात छेड़ दी.....

मैं- rukhsaar....ek बात कहु....

रुखसार- हम्म....

मैं- देखो rukhsaar...mujhe ऐसा लगता है की तुम चमड़ीवाले लुंड....

Rukhsaar(beech में)- सुबह से hi सुरु हो gaye.....kya है ये.....

मैं- are...meri बात तो सुन lo....bas एक बार....

रुखसार- ठीक hai...boliye...

मैं- dekho...mujhe लगता है की तुम gair-mard के नाम से ज्यादा hi गरम हो जाती ho...hai न...

Rukhsaar(najren चुरा कर)- पता nhi....ab छोडो भी ये sab...hume जूही के घर जाना है....

मैं- haa....chalte hai...par मेरी बात तो सुन लो....

रुखसार- तो बोलिये na...kab से ये फालतू बातें कर रहे हो....

मैं- ये फालतू की बात nhi....balki बहुत जरूरी बात है...

रुखसार - accha...to bataiye...kya जरूरी है इसमें....

मैं- जरूरी तुम ho...tumhari ख़ुशी hai....tumhari तमन्ना है....

Rukhsaar(hairani से)- आप कहना क्या चाहते हो...

मैं- dekho...main जनता हु की तुम चांदीवाला लुंड पसंद करती ho....isliye...

Rukhsaar(gusse से)- ये किसने बोल दिया aapko....haa...

मैं- उसमे बोलना kya...maine देखा hai.....maine देखा है tumhe...ki तुम चमड़ीवाले लुंड के नाम से पागल हो जाती ho....aur इतनी गरम हो कर चुदाई करती हो की पूछो hi मत....

Rukhsaar(gusse से)- ये क्या बकवास कर रहे हो aap....aisa कुछ नहीं hai...samjhe...

मैं- accha...to तुम इतना मज़ा कैसे लेने lagi...kyo गोलू का नाम ले कर मस्त हो जाती ho.....aur मज़े से चुदवाती हो...

Rukhsaar(pure गुस्से में)- ये सब आपकी ख़ुशी के liye...aapne hi मुझे बोलै tha...main तो बस आपके लिए कर रही hu...aur आप मुझे hi गक्लात्त बोलने लगे....

मैं- nhi...main तुम्हे गलत नहीं बोल raha....main तो बस ये चाहता हु की अब तुम्हे असली में किसी gair-mard के साथ....

Rukhsaar(joor से)- bas....ab और कुछ नट bolna....aapne मुझे समझ क्या रखा hai...main कोई सड़क छाप ran....uuhhh....kya हु main...haa...

मैं- are....tum ऐसा क्यों सोचती ho...tum मेरी बीवी ho....aur मैं तुम्हे बहुत प्यार करता hu.....tumhare बारे में गलत तो सोच भी नहीं सकता....

रुखसार- तो फिर ये क्या tha....mujhe किसी गैर- मर्द के sath...chhee...aapko बोलते हुए शर्म नहीं aai....apni hi बीवी के लिए ऐसा....

Main(beech में)- ha...biwi हो tabhi...kyoki मैं अपनी बीवी को खुश देखना चाहता hu....aur तुम्हारी ख़ुशी एक गैर- मर्द है....

रुखसार- ये किसने बोल दिया aapse...main तो ऐसा सोच भी नहीं sakti...samjhe.....

मैं- accha...soch नहीं sakti...to फिर अंकित से अपनी....

Rukhsaar(hairani से)- ankit....uska kya....aur आपको ये नाम बताया किसने....

मैं- मुझे जूही ने bataya....usne बोलै की तुम और अंकित बचपन से साथ ho...aur तुम दोनों के बीच....

Rukhsaar(joor से)- bas....ek लब्ज भी मत bolna......main....main अभी उस कमीनी जूही को देखती hu....uski हिम्मत कैसे hui.....mere बारे में गलत bolegi....saali....main छोडूगी नहीं उसे.....

मैंने देखा की रुखसार की आँखे गुस्से से लाल हो चुकी thi....aur साथ hi साथ उसकी आँखे भी भर आई थी...

Main(paas जा कर)- रुखसार मेरी बात....

Rukhsaar(hath उठा कर)- दूर raho....ab मैं कोई बात नहीं sunugi....main अभी इस घर से जा रही hu.....aur उस जूही ko...use तो मैं.....

और रुखसार गुस्से से भरी हुई आगे बड़ी और घर से निकल गई....

और मैं भी उसके पीछे उसका नाम पुकारता हुआ भागने लगा......

मैं- rukhsaar...meri बात suno...tum घर चलो plz.....hum बात करते है na...plz rukhsaar.......aahh...ye मैंने क्या कर diya.....rukhsaar......ruk जाओ plz.....rukhsaar....rukhsaar.......rukhsaar........

नोट - अपडेट पोस्टेड frnds....hope ु लिखे आईटी.....

थैंक्स फ्रेंड्स....


कीप रीडिंग.....
 
असल में जब 1सत टाइम रुखसार से लुंड के बारे में पूछा tha...tab कसुआलय पूछा गया tha....aur उसने बोलै था ki...."ha सुना है "

बूत इस टाइम उसने बोलै की जानती hu..jabki इस बार दोनों मर्द की बात कर रहे the...dekho...

#


मैं- तो इसमें क्या बड़ी बात हो gai....mard तो मर्द होते hai...aur gair-majhabi मर्दो के लुंड बड़े कमाल होते hai.....chamdi वाले....

रुखसार- जानती हु...

#

अब ऐसे में बोलेगी तो हैरानी होगी hi na...haha....

बाकि रुखसार मानेगी या nhi....ye तो नेक्स्ट में hi batauga...ok...

थैंक्स फ्रंड....

कीप रीडिंग....
 
अपडेट - 4

और रुखसार गुस्से से भरी हुई आगे बड़ी और घर से निकल गई....

और मैं भी उसके पीछे उसका नाम पुकारता हुआ भागने लगा......

मैं- rukhsaar...meri बात suno...tum घर चलो plz.....hum बात करते है na...plz rukhsaar.......aahh...ye मैंने क्या कर diya.....rukhsaar......ruk जाओ plz.....rukhsaar....rukhsaar.......rukhsaar.....

अब आगे......

मेरी आवाज सुनते hi रुखसार भाग कर आई और मुझे हिलने लगी.....

और उसके हिलने से मेरी नीड टूटी और रुखसार को सामने देख कर मैं हैरान रह gaya....aur मैंने तभी उसे गले से चिपका लिया.....

मैं- शुक्र है तुम मेरे पास हो....

रुखसार - क्या hua...koi बुरा ख्वाब देखा क्या.....

मैं- huh....haa....

रुखसार- पीछे हो कर - लगता है बहुत बुरा ख्वाब था.....

मैं- kya...matlab...tumhe कैसे पता....

रुखसार- खुद hi देख lo...pura चेहरा paseena-paseena हो रहा hai.....aisa भी क्या देख लिया ख्वाब में....

मैं- huh...wo...wo मैंने देखा की तुम मुझे छोड़ कर जा रही ho.....aur मैं तुम्हे जोर से आवाज दे रहा hu....par तुम रुकी hi नहीं.....

रुखसार- पता hai....aapki आवाज मुझे किचेन तक सुनाई di...tabhi तो मैं भाग कर आई.....

मैं- sorry....mujhe नहीं pata....kaise...par तुम मुझे चूड कर जा रही thi.....to मैं...

रुखसार- are....aise-kaise छोड़ कर jaugi....aap ऐसा सोचना भी mat...main आपको छोड़ कर कभी नहीं jaugi....samjhe आप.....

Main(rukhsaar को गले लगा कर)- ी लव यू रुखसार.....

रुखसार- मैं bhi.....ab ये फालतू का ख्वाब chhodiye....aur फ्रेश हो jaiye....maine आपके लिए खास चिकेन टिक्का बनाया hai...chaliye....jaiye...waise भी आज बहुत सोये आप....10 बजने वाले hai....aur हमे जूही के घर भी जाना है न...

मैं- hmm...main अभी तैयार होता हु....

फिर रुखसार बापिस किचेन में चली गई और मैं बाथरूम में आ गया.....

फिर मैं रेडी हो कर बहार आया और नास्ता कर के गोलू से चाट करने laga.....kyoki रुखसार को रेडी होने में वक़्त था.....

मैंने सोचा था की आज रुखसार से साड़ी बातें saaf-saaf कर luga...par मैं अपने ख्वाब से इतना घबरा गया tha....ki मेरी हिम्मत hi नहीं हुई रुखसार से इस बारे में बात करने की....

पर ये बात मैंने गोलू को batai.....maine उसे अपना दर भी samjhaya....aur उस दर की वजह भी...

मैंने उसे बताया की मैं रुखसार को बेहद प्यार करता hu....aur उसे खोना नहीं चाहता.......

तब गोलू ने मुझे एक आईडिया diya....usne bola....ki पहले तो मुझे सब्र रखना chahiye....aur दूसरी नलबाट ye.....ki मुझे रुखसार से ये सब बातें सेक्स के दौरान करना चाहिए.......

वो भी tab....jab वो पूरी तरह गरम ho...aur अपना चरमसुख पाने के लिए बेताब हो रही हो....

तब अगर मैं उसे फिर से रोलप्ले का bolu...to सायद वो हां कह de.....aur बात बन जाए.....

और मैंने ठीक वैसा hi kiya......jaisa की गोलू ने बोलै tha......wo भी उसी raat......par उसका नतीजा मेरे लिए अच्छा नहीं रहा.....

रुखसार ने साफ़ टूर पर उस बात को ताल diya....aur मैं फिर से हताश हो gaya....aur सेक्स ख़त्म होने के बाद जल्दी hi सो गया.....

फिर जब मैंने ये बात गोलू को batai...to उसने मुझसे सब्र रखने को bola....aur कहा की अपनी कोसिस जारी rakho.....saayad किसी दिन काम बन जाए......

फिर मैंने भी सब्र से काम liya....main हर बार सेक्स के दौरान रुखसार से रोलप्ले की बात छेड़ता tha......par नतीजा वही tha....rukhsaar की naa.....par मैंने कोसिस जारी राखी......

इसी दौरान मैं गोलू से रोज hi चाट करता tha......aur अब तो मैं उसके साथ अपनी इस सोच को खुल कर शेयर करता tha.....aur उसे वो सब बताता tha.....jo आज तक मेरे अलावा किसी को भी पता नहीं tha......jaise की मेरे khwaab...meri soch.....meri fantacy...etc...

और मज़े की बात ये thi....ki वो भी मेरी सोच को जान कर काफी एक्सीटेंड tha......isliye उस से अपनी सोच शेयर करना मुझे पसंद था.......

और इसी वजह से कुछ hi दिनों में हमारी दोस्त इतनी बाद चुकी thi.....ki मैं उसके बारे में ज्यादा से ज्यादा जान्ने को बेताब होने लगा था.......

उसने मुझे बताया की वो पहले एक बिज़नेस मैनेजर tha....par अब जॉब छोड़ चूका hai....aur एक बिजनेसमैन hai....wo ंप का रहने वाला hai....par पिछले 7 सालों से दिल्ली में hi रहता hai....uski उम्र 27 साल hai....aur अब तक कुंवारा hai....aur 1 बड़े से बंगलो में अकेला रहता है.....

उसके पास पैसों की कोई कमी नहीं thi......wo सॉफ्टवेर के मार्किट में काफी आगे बाद चूका tha....usne एक आईटी कंपनी भी सुरु की thi...jo अब मंच बन चुकी thi......halaki अब तक मुझे उसकी कंपनी का नाम नहीं पता था....

साथ hi साथ उसके पास होमटाउन में कई फार्म भी the...waha से भी उसे अच्छी कमाई होती thi....aur इसके अलावा एक 20 मंजिला बिल्डिंग भी उसने दिल्ली में बनवा राखी thi....jiske 19 फ्लोरे किराए पर चल रहे the...aur टॉप फॉर उसने अपने लिए बचा कर रखा था.....

उसके पास 5 टॉप मॉडल कार्स thi...aur 4 स्पोर्ट bike......kyoki राइडिंग उसका सूक tha....wo कार की हो या बाइक की या फिर किसी सरीफ खातून के जिश्म ki....wo रफ़्तार के साथ राइडिंग करने का सूक रखता था...

और देखने की बात kare...to बेहद कसेले जिश्म का मालिक tha.....chehra भी बेहद saandaar....ekdam gora...uper से उसके बालों का कलर ब्राउन होना उसे और ज्यादा अट्रैक्टिव बनता tha......kul मिला कर गोलू ऐसा दीखता tha...jo की हर ladki/aourat को पसंद आ जाए.......

Khair...usse बात करते हुए मुझे अहसास हो गया था..... की वो मेरी बातों पर यकीन करता hai....na की मजाक उडाता है....

और जब कभी भी मैं उससे bolta...ki मैं रियल में अपनी बीवी को चमड़ी वाले लुंड से चुड़ते हुए देखना चाहता hu...to वो काफी खुश होता था.....

वो मुझे naye-naye तरीके बताता tha...ki सेक्स के दौरान क्या kare....jisse मेरी बीवी ज्यादा गरम ho....aur मेरी बात मान jaaye.....aur सेक्स लाइफ का मज़ा भी बड़े.....

हलाकि मेरी सेक्स लाइफ अच्छी hi thi....jaisa मैं समझता tha......par उसकी बातों पर गौर करने पर वो और अच्छी हो गई thi....jabki मैंने उसकी बताई कुछ hi चीजे तरय की thi....jaise मुँह में जवान दाल कर choosna......lund को छूट में दाल कर धक्को की जगह सिर्फ कमर घुमा कर मज़ा lena....aisa सब.....

Khair....mujhe ऐसा लगने लगा था की गोलू hi वो साक्ष hai...jo मेरी सोच को सही मायने में हक़ीक़त बना सकता hai....kyoki गोलू मुझे भी पसंद आ चूका था.....

पर मैं अभी तक उससे saaf-saaf बोलने में थोड़ा दर रहा tha......aur वजह साफ़ thi...ek गैर मर्द पर ऐसे hi यकीन करना मुश्किल काम होता hi है न......

पर एक दिन गोलू ने सामने से hi ये बात छेड़ दी.....

( चाट पर )

गोलू - ाचा shaan.....ek बात puchu...sach बताना.....

मैं- ha...bolo....

गोलू - क्या तुम सच में अपनी बीवी ko.....matlab की असलियत में किसी हिन्दू मर्द के साथ सोते हुए देखना चाहते ho......ya सिर्फ ख्वाबो में hi....

मैं- nhi...ye सिर्फ ख्वाब के लिए nhi....balki मैं सच में यही चाहता hu....ye मेरी ख्वाहिस है....

गोलू- dekh....sirf कहने की बात nhi......seriously पूछ रहा hu....kya तू सच में ऐसा करना चाहता है.....

मैं - है bhai.....main बहुत सीरियस hu.....main यही चाहता हु.....

गोलू- ok...to क्यों न मैं hi तुम्हारी सोच को हक़ीक़त बना du...kya बोलते हो...

मैं- क्या matlab.....matlab तुम मेरी बीवी के sath....yahi न...

गोलू - bilkul....agar तुम चाहो to.....main रेडी हु.....

Main(soch कर)- क्या tum....tum सच बोल रहे हो....

गोलू- ha....mujhe ये सब कर के बहुत मज़ा aayega....bas तुम है बोलो तो.....

Main(soch कर)- ha...ha bhai...main तो तैयार hi हु....

गोलू - तो पहले साबित karo....ki तुम सच में ऐसा करना चाहते हो....

मैं- sabit...par कैसे.....

गोलू- अपनी बीवी को दिखा kar.....matlab फोटो nhi......asli में......

Main(hairani से)- पर aise-kaise..main उससे क्या bolu....wo मानेगी kya....nhi....wo नहीं मानेगी....

गोलू- जनता hu...manne में वक़्त lagega....par काम से काम तुम उसे कमरे पर तो दिखा hi सकते हो न......

मैं- पर ये उसे पसंद nhi...wo नहीं manegi....aur मोबाइल में उसे dikhauga...to उसे पता भी चल सकता है......

गोलू- तो चुपके से दिखा दो......

मैं- are...ye मुश्किल होगा....

गोलू- तो आसानी से कुछ नहीं hota....jab दिखने में ghabraoge...to छुडवाओगे कैसे......

गोलू की बात सही thi....agar मैं वाकई में उससे अपनी रुखसार को छुड़वाना hi चाहता hu...tab तो मुझे इतने छोटे काम में परेशानी नहीं होनी चाहिए....

गोलू - ok....kuch देर और सोच lo.....baat करो usse.....ki तुम एक दोस्त से मिलवा रहे ho....mane तो theek....warna फिर कमरा छिपा कर काम karo....chalo...kal तक सोच कर batana...bye...

मैं- hmm..bye....

उस baat-cheet के बाद मैं सोच में पद gaya......halaki मेरे लिए ये काम उतना मुश्किल नहीं tha....fir भी मुझे दर tha....kyoki रुखसार को ये बिलकुल पसंद नहीं था.....

रुखसार का खुद कमरे से किसी के सामने आना तो दूर की बात thi....use तो मेरा भी कमरे से बात करना पसंद नहीं था....

रुखसार कभी नहीं चाहती थी की मैं विडिओ कॉल करू और खुद को या हमारे घर को किसी गैर को दिखाऊ.....

लेकिन गोलू की बात मेरे दिमाग में घर कर गई thi......uski बात सही भी thi...agar वो मेरी बीवी को छोड़ना चाहता hai...to उसे देखने का हक़ तो बनता hi है न.......

और फिर मैं सब सोच कर गोलू की बात को मानने के लिए तैयार हो चूका था......

इसलिए मैंने काफी soch-samjh कर chori-chori कमरे के द्वारा अपने aapko....apne घर ko...aur यहाँ तक की रुखसार को भी गोलू को दिखाना शुरू कर दिया.......

गोलू ने जब मेरी बीवी रुखसार को विडिओ कॉल पर dekha....to वो बहुत खुश हो gaya....use रुखसार बेहद पसंद aai....aur उसने रुखसार को देखते hi बोल दिया की वो उसे छोड़ने को बेताब हो रहा है.....

गोलू की बात सुन कर मैं भी बेहद खुश tha....aur फिर ये हमारा रोज का काम हो गया.....

मैं रोज छिप कर गोलू को रुखसार की एक झलक दिखा देता tha.....aur फिर हम उसके बारे में बात करते थे.....

गोलू मेरी बीवी रुखसार में इतना इंट्रेस्ट ले रहा tha...ki उसे रुखसार के बारे में सब जान्ने की तमन्ना होने लगी.....

जैसे ki.....ghar पर रुखसार सारा दिन kya-kya करती hai.....kaha जाती hai....kab जाती hai......uski पसंद क्या hai.....etc....

Dheere-dheere कर के गोलू की डिमांड बढ़ने lagi.....use रुखसार का saamaan....uske kapde.....uska खाना banana.....sab कुछ देखना था....

तो मैं भी मौका मिलते hi ये सब उसे दिखा देता था......

और एक दिन उसने मुझसे बोलै की वो रुखसार की bra-panty देखना चाहता hai....jise सुन कर मुझे थोड़ा दर लगा...

पर मेरे ऊपर गोलू का भूत सवार हो चूका tha....isliye मैं चुपके से बैडरूम में गया और रुखसार की bra-panty उठा कर गोलू को दिखा दी.....

गोलू- haaye....iski bra-panty देख कर hi मेरा लुंड तड़प utha.....socho....jab इनमे छिपे अंग मेरे सामने aayege....uummm..tab क्या होगा......

मैं- वो इतनी आसानी से हाथ नहीं आएंगे गोलू ji...accha bolo...aur कुछ भी देखना चाहोगे,.....

गोलू- nhi....ab तो मुझे कपडे nhi...teri बीवी hi chahiye....bol देगा.....

मैं- सूक se....par उससे पहले हमे अपनी पहचान तो कन्फर्म करनी chahiye.....kyoki...saayad हम झूठे नाम से ek-dusre से बात कर रहे ho...hai न....

गोलू- तुम्हारा शक सही hai...par मैं रियल में गोलू hi hu....aur मैंने तुम सब सच बताया hai.....chaho तो मुझसे मेरे घर आ कर मिल सकते ho....address ये रहा......

( गोलू ने अपना एड्रेस भेज diya.....jise देख कर मुझे यकीन सा होने laga....kyoki कोई भी गलत अड्रेस बता कर रिस्क नहीं लेगा )

गोलू- अब तुम भी अपनी पहचान साबित karo....aur और अपनी बीवी की भी.....

मैं- बीवी ki...matlab....kyo...

गोलू- क्योकि मुझे कन्फर्म करना है की वो तुम्हारी बीवी है भी या nhi....samjhe...ab साबित करो......

पता नहीं kyo...par गोलू की बात मैं तुरंत मान gaya.....maine तुरंत अपना और रुखसार का आधार कार्ड गोलू को दिखा दिया.......

जिससे उसे क्लियर हो गया की मैं शान hi हु और रुखसार मेरी hi बीवी है.......

Khair...ek-dusre की असली पहचान देखने के बाद हमारी नजदीकियां और ज्यादा बाद gai...aur हम और भी ज्यादा खुल कर बातें करने लगे.....

और फिर हमारा भरोषा इतना ज्यादा हो गया की हमने ek-dusre को अपना मोबाइल नंबर भी दे दिया.......

( अब तक हम एक अप्प के थ्रू चाट करते the....han***t .....)

इस तरह कुछ दिन और निकल gaye....aur गोलू की रुखसार के बारे में कामुक बातें सुन कर मेरी बेचैनी बढ़ने लगी थी.....

फिर कुछ दिन बाद गोलू ने मेरे सामने एक और फरमाइश कर di.....jise सुन कर मैं थोड़ा सा घबरा गया था....

( चाट पर )

गोलू - अच्छा shaan....mujhe एक बात करनी थी....

मैं- है बोलो...

गोलू- yaar..main रुखसार को हक़ीक़त में देखना चाहता hu...matlab कमरे पर nhi....saamne से.....

मैं- पर अचानक se...kyo......

गोलू- dekho...mujhe लगता है की अब मुझे रुखसार से नजदीकी बदनी chahiye...aur इसके लिए उससे मिलना तो hoga....atleast कोसिस तो करनी चाहिए न....

मैं- par....ye kaise....wo नहीं मानेगी....

गोलू- जनता hu...saayad तुम्हारे कहने से नहीं manegi....par अगर मैं अकेला hi उससे मिलु to...matlab तुम उसे न भी bolo....fir भी मैं उससे मिल luga....ye तो हो सकता है न...

मैं- पर ये कैसे हो सकता है.....

गोलू- मेरे पास एक आईडिया hai....agar तुम चाहो तो....

मैं- है बोलो.....

गोलू - dekho...is आईडिया से मैं रुखसार को असलियत में भी देख luga.....aur हो सका तो उससे बातें भी कर लगा....

मैं- पर kaise....tum करोगे kaise....aur मुझे क्या करना होगा....

गोलू- तुम्हे बस इतना करना hai...ki मुझे बताना है की तुम्हारी बीवी कहा जाने वाली hai.....matlab घर से बहार ..शॉपिंग या कही bhi....fir मैं भी वही पहुंच jauga...ok....

मैं- आईडिया तो अच्छा hai....par....

गोलू- पर kya....ab भी भरोषा नहीं....

मैं- अरे nhi...aisa कुछ nhi....theek hai.....main देखता hu....jab वो घर से बहार jaygi....tab मैं तुम्हे बता duga...ok.....

गोलू- ग्रेट.....

मैं- पर suno.....ye काम खतरनाक hoga....kyoki रुखसार अजनबी लोगो से बात करना बिलकुल पसंद नहीं करती......

गोलू- तो कोई बात nhi....main उससे ऐसे hi बात नहीं karuga.....chalo...bat करुगा hi nahi......theek.....aur कोई परेशानी....

मैं- haa....wo अकेली तो बहुत hi काम जाती hai....matlab मेरी पड़ोसन आंटी के साथ hi जाती है ज्यादातर....

गोलू- तो कोई बात nhi....main सिर्फ देख luga...aur अगर मौका mila....to बात karuga...nhi तो देख कर hi काम chauga....theek है....

मैं- ok....

मैं सोच रहा था की गोलू मेरी बीवी को सिर्फ दूर से देख कर क्या कर payga.....kuch भी nhi.....lekin कही न कही मेरे दिल में ये ख्याल आते hi मेरे जिश्म में सनसनी होने lagi.....ki एक गैर mard...jo मेरी बीवी को छोड़ना चाहता hai....wo मेरी बीवी से असलियत में मिलेगा.....

पर परेशानी ये थी की रुखसार अकेले कही जाती hi नहीं thi.....wo हमेशा मेरे साथ hi बहार जाती thi....mere बिना तो बस सब्जी लेने और शाम को कॉलोनी के गार्डन में टहलने जाती thi...par वह भी हमारे पड़ोस की कई एयरटेन उसके साथ रहती थी...

इसीलिए हम सही वक़्त का इंतज़ार tha....aur वो आया फ्राइडे के din....us दिन रुखसार को एक पड़ोसन के साथ पास की मस्जिद में इबादत के लिए जाना था......

ये बात मुझे रुखसार ने कॉल कर के batai....aur ये भी bola...ki वो लोग इबादत के बाद पास hi बने एक मॉल में भी जायगे.....

तो मैंने सोचा की यही सही मौका hai....kyoki रुखसार के साथ सिर्फ एक hi ायरत thi....jisse गोलू उसे आसानी से देख payga.....aur मस्जिद तो गोलू जायगा hi nhi.....fir मॉल में भी गोलू उसे कुछ ऐसा नहीं कर payga...jisse कोई खतरा हो...

इसलिए मैंने गोलू को जल्दी से सब कुछ बता diya......aur उससे बोलै की वो चाट से मुझे सब कुछ बताता रहे....

असल बात ये thi...ki भले hi मेरी और गोलू की काफी बातें होती thi.....lekin मुझे अपनी बीवी रुखसार को ले कर थोड़ा दर लग रहा था.....

इस वक़्त मेरे दिमाग में बहुत हलचल हो रही thi...pata नहीं kyo...main खुद hi नहीं समझ प् रहा था......

जिस इंसान के साथ मैं अपनी बीवी को छुड़वाने के लिए तैयार करने की कोसिस कर रहा tha....aaj उसी इंसान का मेरी बीवी को असलियत में देखना मुझे थोड़ा बेचैन कर रहा था.....

मेरी धड़कने तेज हो रही thi.....har लम्हा बीतने के sath-sath मेरे दिल की बेचैनी बढ़ती जा रही थी.....

और इसकी एक hi वजह thi....golu....akhirakar मुझे गोलू के करैक्टर के बारे में ज्यादा पता नहीं tha....halaki मुझे उसकी असलियत पता thi...matlab उसकी पहचान.....

पर मेरी परेशानी थी उसका character......pata नहीं उसका करैक्टर कैसा hoga.....kya वो अयर्तों के मामले में सरीफ hoga...ya फिर घटिया होगा.....

ये सब सोच मेरे दिमाग में अचानक से बढ़ने lagi....mujhe दर लगने लगा की कही वो रुखसार के साथ कुछ बुरा न कर दे....

पर अब क्या tha...main गोलू को रुखसार के जाने के बारे में सबकुछ बता चूका tha....aur गोलू भी निकल चूका था.....

अब बस मुझे उपरवाले और गोलू पर यकीन रखना tha.....ki उसने मुझे आज तक चाट पर अपने बारे में जो भी bataya....wahi सही hai.....matlab की वो यकीन करने लायक hai....dagabaaj nhi.....ghatiya नहीं....

Main(man में)- अरे yaar...main इतना गलत क्यों सोच रहा hu....usne पहले भी रुखसार को देखा है न कमरे पर.....

तो अब असलियत में देखने में क्या बुराई hai.....aur मैं उस से रुखसार को छुड़वाना चाहता hu...to देखने देने में क्या dar....haa....

मैं baar-baar अपने दिल को समझा रहा tha....par फिर भी मेरा दिल घबरा रहा था.....

क्योकि कुछ भी ho..wo मेरी बीवी thi...jise मैं बेहद प्यार करता tha...aur मुझे उसकी बहुत फ़िक्र थी....

मेरा दिमाग और दिल alag-alag दिशा में सोच रहे the......aur मेरा दिमाग मेरे दिल को काबू कर रहा tha....aur इसलिए मैं घबरा रहा tha....kyoki मेरे दिल को गोलू पर यकीन tha....par दिमाग को रुखसार की फ़िक्र थी.....

Khair.....main अगले 3 घंटे तक गोलू के मस्सगे का इंतज़ार करता raha.....lekin उसका कोई मश्ग नहीं aaya....yaha तक की मैंने जो मश्ग kiye.,..uska भी मुझे कोई रिप्लाई नहीं aaya.....jisse मेरी घबराहट और बढ़ने लगी.....

Main(man में)- ये मैंने क्या कर diya....kahi गोलू पर यकीन करना मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल तो नहीं हो गई......????????????

ऐसे hi परेशान होते हुए मुझे पुरे 3 घंटे हो चुके the...is बीच गोलू ने कोई भी मश्ग नहीं किया tha....aur न hi मेरे मश्ग का जवाब दिया tha.......jisse मेरी घबराहट हर पल बढ़ती जा रही थी.....

पर लगभग 3 घंटे के बाद मुझे गोलू का रिप्लाई aaya......usne मुझे एक विडिओ मश्ग भेजा था.....

मैंने तुरंत विडिओ ओपन kiya.....to देखा की वो विडिओ मस्जिद के पास का tha...usme मेरी बीवी और मेरी पड़ोसन आंटी नजर आ रही thi...halaki दोनों लिवास में thi....par मैं अपनी रुखसार को पहचान गया था.....

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उसी के साथ गोलू ने एक दूसरा विडिओ bheja.....wo विडिओ मॉल का tha......aur उसमे सिर्फ मेरी बीवी रुखसार दिखाई दे रही thi......wo भी बिना नकाब ke....(mall में वो नकाब हटा लेती थी )

रुखसार को देखते hi मेरा दिक् की धड़कने तुरंत बढ़ने lagi.....kyoki भले hi मेरी सोच कैसी भी ho...par मेरी बीवी का किसी गैर मर्द के हाथो विडिओ बनाते हुए dekhna.....merr लिए काफी अजीब अहसास था........

आज ये पहली बार tha....jab मेरे सामने कोई गैर मर्द मेरी बीवी को इस तरह से देख रहा tha.....aur ये अहसास मेरे जिश्म में सनसनी मचा रहा था.....

रुखसार इस वक़्त एक जूतों की शॉप में जूते देख रही thi.......aur गोलू उससे थोड़ी दूर खड़ा हुआ विडिओ बना रहा था......

कुछ देर बाद गोलू आगे बड़ा और रुखसार के करीब पहुंच gaya......aur रुखसार की पीठ को पास से देखने लगा....

रुखसार इस सब से अनजान हो कर जूतों के रैक में जूते देखने में लगी थी...... उसे बिलकुल भी अहसास नहीं था की वह किसी के कमरे में कैद हो रही है.....

Khair....golu और ज्यादा करीब चला गया और फिर कमरे को रुखसार की गांड की तरफ ले गया......

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रुखसार की गांड इस वक़्त लिवास में कैद thi...fir भी काफी दिलकस नजर आ रही थी....

तभी रुखसार नीचे झुक कर रैक के नीचे वाले जूते देखने lagi....jisse उसकी गांड उभर कर सामने आ गई....

और उसकी गांड को इस तरह देख कर गोलू के मुँह से वाओ निकल gaya....jise सुन कर मेरा लुंड भी अकड़ने लगा....

एक गैर मर्द मेरी hi बीवी की उभरी हुई गांड देख कर उसे मस्त बोल रहा tha....aur ये देख कर मेरे लुंड में सनसनी हो रही थी.....

Khair...golu ने रुखसार की गांड पर फोकस करते हुए कमरे को ज़ूम kiya....aur तभी एक फोटो क्लिक कर ली....

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पर वो आगे कुछ नहीं कर paya...kyoki रुखसार बापिस कड़ी हुई और पलट कर जाने लगी....

ृषसार के खड़े होते hi गोलू ने अपना मुँह दूसरी तरफ कर liya...jisse रुखसार उसे देख नहीं पाई....

Khair....kuch hi देर बाद गोलू ने फिर से कमरे को रुखसार पर फोकस कर दिया.....

इस बार कमरा रुखसार के सामने tha....aur वो शॉप पर काम करने वाले से जूतों के बारे में बात कर रही थी...

फिर देखते hi देखते गोलू कमरे को रुखसार के सीने पर ले gaya.....aur उसके लिवास में कैसे उसके दूध दिखाई देने लगे....

गोलू- wow.....aam तो काफी ृषभरे hoge.....bahar से hi मस्त दिख रहे है....

गोलू के मुँह से रुखसार के दूधो की तारीफ सुन कर मेरे लुंड ने एक झटका मार दिया....

मुझे रुखसार के बारे में गोलू के मुँह से निकलने वाली हर बात अच्छी लग रही thi....aur मेरे लुंड में सनसनी बढ़ती जा रही थी.....

फिर गोलू ने कमरे को रुखसार के दूधो पर टिका लिया और फुल ज़ूम कर diya.....jisse उसके दूधो का कैसा हुआ आकार साफ़ दिखने laga.....aur फिर से एक फोटो क्लिक कर ली.....

ये सब देख कर मैं बेहद गरम हो चूका tha....aur अब मेरे दिल की घबराहट भी दूर हो चुकी थी...

क्योकि एक तो गोलू ने फाइनली मश्ग किया tha...aur रुखसार का कॉल भी आ चूका था की वो घर पर पहुंच चुकी है......

इसी के बाद मैंने राहत की सांस li...ki तभी गोलू का मश्ग आ गया.....

( चाट पर )

गोलू- shaan....teri बीवी तो कमाल है yaar....uumm...liwaas में पूरी तरह कैद thi.....fir भी मज़ा आ gaya......sach में.....

मैं- मुझे ख़ुशी है की तुम्हे वो पसंद आई.....

गोलू - pasand....are मुझे तो इतनी पसंद आई की मुझसे इंतज़ार hi नहीं हो raha.....main उसे पाने के लिए तड़पने लगा हु.....

मैं- haha....ye इतना आसान नहीं है गोलू जी....

गोलू- आसान होता तो सायद मज़ा न aata.....but अब मज़ा आएगा....

मैं- मतलब....

गोलू- मतलब ye...ki ऐसी कड़क और सरीफ लड़की को पटाने में hi मुझे मज़ा आता है.....

मैं- ohh...par भूलो mat...wo लड़की nhi...balki मेरी बीवी hai.....use पटना आसान नहीं.....

गोलू- तभी to.....kisi सौहार की सरीफ बेगम को पटना काफी चलैंगिंग होता hai.....aur मुझे ऐसे चलेंगे पसंद है.....

मैं- accha....acchi सोच hai....aur bolo....usko रियल में देख कर तुम्हे क्या महसूस hua....uske जिश्म और उसके मिजाज के बारे में...

गोलू- सबसे पहले तो ये boluga..ki वो मुझे बहुत घटिया किस्म की खातून lagi...jo अपने हुस्न को सिर्फ अपने सौहार को hi दिखा सकती hai...gair को nhi..khas कर gair-mard को तो nhi...hai न....

मैं- है yaar...wo ऐसी hi hai....par मैं तो यही चाहता हु न....

गोलू- तो उदास क्यों होते ho.....ye भी hoga....bas देखते जाओ......

मैं- बस इसी उम्मीद में hi इंतज़ार कर रहा hu...aur batao.....aur क्या महसूस हुआ मेरी बीवी के बारे में......

उसके बाद मैं और गोलू काफी देर तक सिर्फ रुखसार की hi बातें करते रहे.....

सच me....aise किसी गैर मर्द के साथ अपनी hi बीवी के बारे में बातें करना मेरे लिए बेहद कामुक अहसास था.....

अब गोलू की बातें सुन कर मुझे ऐसा अहसास हो रहा tha...ki गोलू hi वो मर्द hai....jiski मुझे तलाश थी.....

असल me....ab मुझे गोलू पर बहुत ज्यादा यकीन हो चला tha.....mere दिल का दर अब काफी हद तक निकल चूका था......

Khair......us रत रुखसार के सोने के बाद भी मैं और गोलू काफी देर तक बातें करते रहे......

गोलू मेरी बीवी के बारे में बाटे करता raha....aur मैं मज़े से सुनता रहा.....

उसने मुझे रुखसार के chehre....uski खूबसूरत aankho....uske कैसे हुए doodho.,...uski बलखाती kamar....aur उसकी मदमस्त गांड के बारे में खुल कर अपना ख्याल बताया.......

और उसने ये भी bataya...ki एक जगह रुखसार के झुकने par....usne रुखसार के दूधो की हलकी दी दरार भी देख ली thi.....kyoki उसके लिवास का एक बटन थोड़ा लूसे tha....to उसे थोड़ी सी झलक मिल गई थी....

( सायद रुखसार ने डीप नेक की कुर्ती पहनी हुई होगी )

और उसे देख कर hi उसका मन किया tha..ki वो रुखसार को पकड़ कर उसके सीने की दरार को चूम ले....

गोलू के मुँह से रुखसार के बारे में ऐसी बातें सुन कर मैं पूरा गरम हो गया.....

इसलिए मैंने गोलू को bye बोलै और ये सोचते हुए मुट्ठ मरी की गोलू मेरी बीवी रुखसार का दनादन छोड़ रहा hai....aur मैं ये मस्त चुदाई देख रहा हु,....

ये सोचते हुए मेरा पानी कुछ hi देर में निकल gaya...aur मैं फ्रेश हो कर सोने चला गया......
 
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