Meri Police wali Biwi - Page 28 - SexBaba
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Meri Police wali Biwi

में गुस्से में उस रूम में आ गया जिसे में अपना बेडरूम समाज रहा था. और बैठ कर अपने अतीत को तलाशने की कोसिए कर रहा था. कुछ समाज नहीं आ रहा था की करू तो करू क्या. सायद कुछ बिता कल याद आ जाए और मुझे कुछ साबुत मिले की मेरे साथ धोखा क्या हो रहा हे जो माधुरी बदल गई हे वो पहले ऐसा क्या हुआ वो मुझे पता लग जाए. मेने अपने दिमाग पर बहोत जोर डाला. और खुली आँखों से भी माधुरी की सबसे ज्यादा तश्वीर सामने आ जाती. उसमे से एक तश्वीर सामने आई.

मेरी मधु. कितनी खुबशुरत और डिल काश मेरे सामने कड़ी थी.

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मगर ये तश्वीर हे कब की. उसे उस वक्त के डोर में भी याद कर के मेरे फेस पर मुश्कान आ गई. सर तो दर्द से बुरी तरह फैट रहा था. पर फिर भी अपने प्यार को याद कर के जो ख़ुशी मिल रही थी उसके सामने इस दर्द की कीमत कुछ भी नहीं हे. मुझे कुछ कुछ और याद आने लगा. हम कॉलेज के वक्त में थे. कॉलेज के एनुअल फंग्शन में हम दोनों ने एक सांग पर परफॉर्म किया था. बस में और मेरी मधु.

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वो भी क्या वक्त था. हाँ दोनों ने डुओ में बहोत जबरदस्त डांस किया. क्या केमेस्ट्री थी हमारी और अब वो कहा गई पता नहीं. पर वाकई में उस वक्त बहोत मज़ा आया. मेरी जिंदगी का बहोत खुबशुरत लम्हा. वो मेरे कंधे पर हाथ रख कर क्या कमर हिला कर वेब लेती जैसे नागिन की कमर लहरा रही हो. और बालो से तो क्या खेलती थी.

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वो लग भी तो इतनी जबरदस्त रही थी. धीरे धीरे वो छ चुकी थी. उसकी हर लचक लड़को के डिल को ज़नज़ाद रही थी. सब की छह बन चुकी थी. पर वो रहमत मेरे डिल पे hi बरसी थी. हलाकि उसके हर अंग हर बॉडी की एक झलक देखने के लिए दुनिया तरस रही थी. मुझे याद हे उस वक्त मधु ने मेरे सामने फेस किया. और जो अपना जोबन हिलाया आ है है ससस क्या उसके बूब्स की गोलाई थी. और उसने अपना धड़ को आगे पीछे किया. ऐसा लगने लगा उसके बूब्स बड़े छोटे होने लगे

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वो मेरी हालत समाज कर नाचती नाचती है गई. पर वो मुझे कहा बॉक्स ने वाली थी. मेरे सीने पर हाथ रख कर जैसे अपना जोबन खोल के दिखा रही हो. उसने अपनी कोटि को झटके से खोल कर जैसे muje,sab कुछ दिखा देना चाहती हो.

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लेकिन वो ये भूल गई जो उस वक्त वो जो सिर्फ मुझे hi दिखाना चाहती थी. वो सिर्फ में नहीं कॉलेज का हर कोई बाँदा देख चूका था. उस वक्त सिर्फ माधुरी के लिए बहोत साडी सीटिया बजी और हूँ हो हो बहोत हल्ला हुआ. वो है कर शर्मा गई. और मुझसे लिपट गई.

वो मेरी बहो में और वो हर हिस्सा जो में देख रहा था वो मुझसे लिपट गया. क्या उसकी छुअन. वो मेरे कानो को हलके से चुम कर अपने दातो से हल्का काट गई. और मेरी आँखों में नशीली आँखों से देख कर पलट गई. जब जमीं पर बेथ कर सिसक सिसक कर वो आगे को मूव करती तो उसकी नागिन जैसी कमर पर हर किसी का ध्यान चला गया.

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वो वक्त में मधु मेरी गर्लफ्रेंड थी. हर हमें एक रोमांटिक सांग पर परफॉर्म करना था. लेकिन मधु ने तो उस रोमांटिक सांग को सेक्सुअल सांग में बसल गया. माधुरी का हुसैन खूबशूरती ोर्क उसकी कमुख ऐसे अदाए की कॉलेज का हर लड़का उसका दीवाना हो गया. जब वो कड़ी हो कर अपनी कमर को लहराती

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उसकी कमर और नाभि देख कर अच्छे अच्छा की सांसे अटक जाती. और जब वो पलट कर अपने बालो से खेलती तो उसके कमर hi क्या उसके नशीले फेस और जोबन को देख कर hi लोगो के फेस को जैसे लकवा मर गया हो. लोग तो अपने दातो टेल अपना होठ दबा बैठे.

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वो ऐसे भाग कर मेरे पास आई और उसके फेस पर जो मस्तिया थी की होश तो मेरे hi उड़द गए थे. जब वो मुझे धक्का देकर मेरे सामने खड़े हो कर अपने बदन को लागेरती.

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में माधुरी का जितना सुक्रिया ऐडा करू वो काम hi होगा. कॉलेज का हर लड़का उस वक्त यही शापना देख रहा होगा की काश की काश तपन की जगह वो होते. वो मेरे सामने हाथ फैलती और मुझे खींच कर अपने से सत्ता लेती और बड़े करीब से मुझे छू लेती.

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क्या अदाए थी मधु की. उफ्फ्फ जब वो मेरा हाथ पकड़ कर अपने बदन की छुअन मुझे देती में अपने आप को रोक hi नहीं पता. मधु ने उस वक्त मेरा हाथ अपनी कमर पे रखा कर वो मूव कर रही थी तो अचानक से मेमे उसकी कमर को जोर से जकड लिया. और उसे अपने से खींच कर सत्ता लिया कब नेने उसे चुम किया मुझे तो खुद hi बही पता चला. उसका स टाइप का जो बदन दुनिया को दिखा.

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दुनिया ने सोर मचाना सुरु कर दिया. तब मुझे होश आया. अरे भाई गर्लफ्रेंड मेरी हे मुझे कुछ तो करने दो. माधुरी भी मेरी आँखों में देख कर ऐसे शमी की मेरे डिल की धड़कन तेज़ हो गई. वो मुझे अपने ऊपर खींच कर जमीं ओर बेथ गई. में तो उसके ऊपर hi लड़ा जा रहा था.

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उसको छूने में जो मज़ा आ रहा वो में बयां नहीं कर सकता. जब साडी पब्लिक जोर से छिलाई तब हम खड़े हुए. और लोगो को झटका तब लगा जब माधुरी ने मेरी कुर्ती को जोर से खींच कर वापिस मुझसे लिपट गई. हम दोनों के लिप्स एक दूसरे के एकदम करीब आ गए.

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हम दोनों एक दूसरे की गमरम सांसे दोनों hi महसूस कर रहे थे. तब माधुरी ने अचानक से मेरे सर के पीछे हाथ लेजा कर बालो को जोर से जकड़ा और मेरे लिप्स पर अपने लिप्स रख दिए. और जबरदस्त किश मुझे भर पब्लिक के सामने कर दी. पब्लिक क्या छिलने लगी. मुझे हसी आ गई उस वक्त को याद कर के. माधुरी to,sach में माधुरी हे. हम दोनों को सिर्फ वो किश की वजह से 7 दिन कॉलेज से सस्पेंड कर दिया था.

अब मेरा मूड ठीक हो गया. और मुझे सर में दर्द भी नहीं हो रहा था. में सोचता रहा. फिर अचानक से मेरे दिमाग की बत्ती जाली. ये मेरा नाम तो वीर हे. फिर बाईट कल में माधुरी मुझे तपन कहे कर क्यों बुला रही थी. शादी की सलगिरा और अभी जो कॉलेज के वक्त के किस्से में भी ये नाम मेरे जहँ में आया.
 
सिर्फ अपने बाईट कल को याद कर के मुझे अपना खोया प्यार वापस नहीं मिल सकता. अब मुझे खुद कुछ करना होगा. फिलहाल तो माधुरी मुझे गैर मर्द बना कर अफेयर करना चाहती हे तो यही सही. अपनी बीवी को वापिस लेने के लिए अब मुझे पराया बन न hi होगा. मुझे उनका देव उनपे hi आज़माना होगा. में अपने आप को ठीक कर के बहार आया. और जब बहार आया तो मेरे फेस पे स्माइल थी. पर मेरी स्माइल देख कर माधुरी भी मुझे लाइट स्माइल कर के देखने लगी.

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जैसे किसी पराये के साथ हमदर्दी जताई जाती हे.

में ; (स्माइल) भाई कल से सायद घर में hi हु. और पता नहीं कितने वक्त से बेहोश हु. काम से काम कही बहार तो ले चलो.

माधुरी मुझे ऐसे देखने लगी जैसे में एकदम से कैसे बदल गया.

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में ; (स्माइल) भाई मन लिया अब तुम किसी और की बीवी हो. इसका मतलब हमारे बिच कोई रिस्ता नहीं हे???

में उसकी स्माइल को समज़ने की कोसिस कर रहा था. वो अब क्या सोचती हे मेरे बारे में. ये जान न बहोत जरुरी था.

माधुरी ; (स्माइल) नहीं नहीं हम दोस्त हे. चलो आज तुम मेरे साथ मार्किट चलो.

में ; (स्माइल) है ये ठीक हे. चलो फिर. में कुछ पहन लेता हु.

वो है के अपना सर हिलने लगी.

माधुरी ; (स्माइल) में बहार इंतजार कर रही हु.

में वापस रूम में गया. और दूर खोला देखा तो मेरे बहोत से कपडे पहले से रखे हुए थे. मेने पंत तो पहनी पर शइर्त नहीं पहनी. में जनता था की मेरी खुली चेस्ट और चेस्ट पे घने बल देख कर कई औरतो के मन मचल जाते हे.

एक मिनिट मतलब मेरे चेस्ट के बल. सायद में कुछ याद करते करते भूल रहा हु. पर दिमाग पे जोर डालने पर भी याद नहीं आ रहा हे. खेर पहले अपनी क्ष बीवी को तो पहले पटाया जाए तो ज्यादा मज़ा आएगा. अब तक जग्गू मेरे सामने मेरी बीवी को छोड़ रहा था. अब मेरी बरी हे. में जान बच कर ऊपर कुछ पहने बिना hi बहार आ गया. और सिडिया तक भी उतर गया. वो मुझे देख रही थी.

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में ; (स्माइल) यार मन बीवी नहीं हो पर दोस्त तो हो. बताओ न कोनसा शइर्त पहेनू???

माधुरी की आंखे साफ नशीली हो गई. और उसका सीना भी ऊपर निचे होने लगा.

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में ; (स्माइल) अरे बाबा बोलो??

माधुरी हकला सी गई.

माधुरी ; बबबब ब्लैक......

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में वापस चले गया. हलाकि मुझे वो नशीला पैन दिखा पर उसकी आँखों में वो प्यार सच में नहीं दिखा जो बीती जिंदगियों में मुझे दिखाई देता था. मेने जान बच कर वाइट शर्ट पहना. में बहार आया. माधुरी मुझे देख कर स्माइल करती हुई बोली.

माधुरी ; (स्माइल) ओह्ह्ह. वाइट. वह भाई वह.

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में उसके करीब आया और बोलै.

में ; (स्माइल) चले????

माधुरी ; है चलो.

हम दोनों साथ साथ चल रहे थे एक मिनिट तक हम चले दोनों के मुँह से एक वार्ड नहीं निकला.

माधुरी ; कुछ बोलो न.

में ; क्या बोलू???

माधुरी ; बाटे करो.

में ; हम्म्म्म.

माधुरी ; अच्छा ये बताओ तुमने मुझसे पूछा कोनसा शर्ट पहेनू. मेने ब्लैक कहा पर तुम ब्लैक की जगह वाइट पहन कर आ गए. क्यों??? फिर मुझसे पूछा hi क्यों??

में ; (स्माइल) तुम्हे बुरा लगा???

माधुरी ; नहीं...

में ; (स्माइल) है तुम्हे बुरा लगा.

माधुरी ; (स्माइल) अरे बाबा मुझे बुरा कायो लगेगा.

में ; (स्माइल) है बात तो सही हे पर तुम्हे बुरा लगा.

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माधुरी ; (स्माइल) मेरे साथ कोई गेम खेल रहे हो??

में ; (स्माइल) में कहा गेम खेल रहा हु. मेने तो कहा की तुम्हे बुरा लगा क्यों की मेने तुम्हारी पसंद की शर्ट नहीं पहनी. में पहन सकता था. पर तुम मेरी बीवी नहीं हो न.

माधुरी मुझे ऐसे जूठा गुस्सा दिखती हे जैसे वो नाराज हो गई हो.

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में जोर से हँसा फिर माधुरी भी हसने लग गई.

में ; (स्माइल) अच्छा अच्छा सच बताना जब मेरी खुली छाती देखि. तब तुम्हे क्या फील हो रहा था. सच बताना तुम हर्ण्य हो गई थी न.

में हस्ते हुए बोल रहा था. पर माधुरी कड़ी हो कर मुझे बहोत नाराजगी से मुझे देखने लगी.

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माधुरी के फेस पर वो जूठा गुस्सा बहोत प्यारा लग रहा था. पर अब मुझे किसी भी बात पर उसे झटका देना था. उसे नाराज करना था. मेने उसकी कमर पर हिप्स के उठाव के थोड़ा ऊपर हाथ रखा और हटा लिया.

में ; मधु.... ओह सॉरी सॉरी. तुम्हे क्या लगता हे माधुरी. मेने तुम्हे क्यों छोड़ा होगा???

माधुरी ; (स्माइल) क्यों तुम्हे याद आ गया क्या??? तुम मुझसे बोर हो गए थे.

में ; (सोक) सही कहा. मुझे भी ऐसा hi लगता हे. पता हे मुझे जब भी तुम याद आ रही हो में अपनी आंखे बंद करता तो तुम्हारी खूबशूरती इतनी जबरदस्त होती के डिल चाहता हे की आंखे hi न खोलू. पर जब आंखे खोल कर तुम्हे देखता हु तो लगता हे ठीक hi किया. अब तुम में वैसे भी वो बात नहीं रही. जिसका मेह दीवाना था.

मुझे जो देव खेलना था वो मेने खेल hi लिया. और उसके फेस को देखने लगा. वो मुझे बहोत अजीब नजरो से देख रही थी.

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सायद उसको गुस्सा आया पर फिर भी में माधुरी के इरादे समाज नहीं प् रहा था.

माधुरी ; (थोड़ा गुस्सा) डील के हिसाब से तुम्हारे लिए कोई मन नहीं हे न. फिर क्यों ऐसी बाटे कर रहे हो.

में ; (सोक) अरे मेने ऐसा तो क्या कहे दिया जो तुम्हे बुरा लगा???

माधुरी ; (गुस्से में) तुम्हे मेरे साथ हम बिस्तर होना हे में मन नहीं कर रही. बस उनके सामने नहीं.

में ; अरे... करने दो तुम्हारे पति को hi. मुझे तुम्हारे साथ ऐसा कुछ नहीं करना राजा हु में. मेरा टेस्ट सबसे अलग होना चाहिए.

में सोक हो गया. ये मेरे मुँह से क्या निकला में राजा हु. सायद में किसी बहोत बड़ी रॉयल फॅमिली से hi होऊंगा. तभी अचानक से मेरे सर में बहोत जबरदस्त दर्द हुआ. मेने अपना सर पकड़ लिया. लेकिन माधुरी तो मुझपे गुस्स्सा बरसाने लगी थी.

माधुरी ; (गुस्से में) बस इसी कारन से हम अलग हुए. में अकेली थी जिंदगी में. तुम्हे कभी मेरे लिए फुर्सत hi नहीं थी. तुम मुझे कभी वक्त hi नहीं दे पाए. इस लिए अब में जग्गू जी की हु. में उनसे सिर्फ उनसे प्यार करती हु. अब में तुम्हारी कभी नहीं हो पाऊँगी. कभी नहीं.

मेरे कानो में ये वार्डस गूंजने लगे. जैसे पहाड़ो में आवाज गूंजती हे.

अब में जग्गू जी की हु. में उनसे सिर्फ उनसे प्यार करती हु. अब में तुम्हारी कभी नहीं हो पाऊँगी. कभी नहीं.

ये आवाज सुनते सुनते में बेहोश हो गया. जब नींद खुली तो ऐसा लगा शाम हो चुकी हे. मेने चारो और देखा तो ऐसा लगा की कही न कही ये मेरा hi बाद रूम हे. हर चीज जनि पहचानी सी. बिलकुल वैसी hi जैसा मेने अपने खयालो में देखि थी. में खड़ा हुआ. और रूम से बहार निकला. मुझे जैसे किसी ने दाल में चौका मारा हो वैसी आवाज आई.

मेने आवाज की तरफ अपना मुँह घुमाया. तड़के की जबरदस्त खुशबु. पर अब भी ये खुशबु पहले जैसी नहीं थी. न जाने कैसे में सीधा किचन के दूर पर जा कर खड़ा हो गया. माधुरी खाना बना रही थी. ओह में सोक हो गया. माधुरी वापस हॉट सेक्सी रूप में आ गई. उसने आम घरेलु हौस्विफे से हॉट सेक्सी वाइफ का रूप ले लिया. वो समाज गई की में उसे देख रहा हु. इस लिए वो खाना बनाते हुए स्माइल कर रही थी.

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माधुरी ; (स्माइल) देना रेडी हे. बहार बैठो अभी वो भी आते hi होंगे.

में माधुरी को कुछ देर सीडट से देखना चाहता था. पर मुझे अपने आप पर कंट्रोल करना था. में डिल पर पत्थर रख कर बहार ड्रॉइंग रूम में सोफे पर बेथ गया. तभी माधुरी वह आ गई. और मेरे सामने आ कर कड़ी हो गई. वो मुश्कुरा रही थी.

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में बस उसके तराशे हुए बदन को देखे hi जा रहा था. येलो, वाइट प्रिंट ट्रांसफर्मेन्ट साड़ी और वाइट स्लीवलेस बैक लेस्स दीपे नाक ब्लाउज में वो क़यामत लग रही थी. खुले बल डिल काश चहेरे पर स्माइल. और गले में एक नैकलेस.

माधुरी ; (स्माइल) केसा लगा???

मेरे फेस पर भी अपने आप स्माइल आ गई. आज भी में अपनी क्सवीफे पर उतना hi फ़िदा था. जितना अपने उन खयालो में.

में ; (स्माइल) क्या??

माधुरी ; (थोड़ा शर्मा कर स्माइल) किसी लग रही हु??

वो शर्मा भी रही थी. वो कभी मुझे देखती फिर अपनी नजरे हटा देती. फिर अपने बालो की लत अपने कण के पीछे कर के बड़ी स्टाइलिंग पॉश में मेरे सामने कड़ी रही.

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माधुरी ; (स्माइल) बोलो न?? किसी लग रही हु??

में ; (हस्ते हुए) सुन्दर लग रही हो. पर क्यों पूछ रही हो.

माधुरी ; (बहोत धीमी आवाज में) नहीं वो तुम टेस्ट की बात कर रहे थे न. अब तो कोई प्रॉब्लम नहीं हे न???

माधुरी बोलती हुई शर्मा रही थी. और उसका शर्माना उसकी अदाए ऐसी थी की मेरा लैंड तन तना गया.

में ; (स्माइल) है अब तो तुम मेरे टेस्ट के लायक हो.

में तो अपने आप पर काबू करने की कोसिए में था. में उसके खूबसूरत स्माइल फेस को बड़ी गौर से देखता रहा. वो भी बस मुझे hi देख रही थी.

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मेने अपना हाथ उसकी तरफ बढ़ाया. वो शरमाते हुए अपने दोनों हाथ मेरे हाथो में दे दिए. मेने उसे खींच कर अपनी बहो में गिरा लिया.

माधुरी ; आउच सससस अह्ह्ह....

वो मेरी गॉड में थी. मेने उसे काश कर अपने से सत्ता लिया. उसके दोनों घुटने मेरे कमर के इर्द गिर्द. और उसके बूब्स मेरी चेस्ट में धंसे हुए. मेने उसके सर को पकड़ा और जबरदस्त किश करने लगा. जैसे hi हमारे होठ अलग हुए हम दोनों हाफ रहे थे.

में ; (हफ्ते हुए) सच बताओ मुझे क्यों छोड़ा.

माधुरी ; (हफ्ते हुए) मुझे नहीं पता.

मेने उसकी हिप्स पे दोनों हाथो से पकड़ा और एकदम से जातक दिया. वो पलट गई. में उसे निचे से हाथ डालकर उसकी पंतय खींचने लगा. वो खुद भी मेरी मदद करने लगी. बहोत जल्दी उसकी पंतय उतर गई. मेने उसका घागरा ुलेट दिया. और अपने पाजामे का नाडा एक झटके में तोड़ कर निचे कर के लैंड बहार निकला. माधुरी ने भी दोनों टंगे खोल दी. हम दोनों बिना पालख जबके एक दूसरे को देख रहे थे.

में उसकी आँखों में देखते हुए निचे से अपना लैंड उसकी छूट से सताने लगा.

में ; (हफ्ते हुए) मेरा इंतजार नहीं कर सकती थी.

माधुरी ; (हफ्ते हुए) नहीं.... मुझे जग्गू जी से प्यार हो गया था.....

मेरा लैंड उसकी छूट में अंदर घुसने hi वाला था. फूलो जैसी छूट की पंखडियो में मेरा सूपड़ा छुप चूका था.

में ; (हफ्ते हुए) मर डालूंगा सेल जग्गू को.

माधुरी ने पूरी ताकत लगाई और मुझे जातक दिया.

माधुरी ; (गुस्से में) तुम मुझे छूने के भी लायक नहीं हो. ये माकन मेरे नाम होता तो तुम्हे धक्के मर कर घर से निकल देती.

मुझसे गलती हो गई. वो मुझे जातक कर चली गई. जो साथ जीने मरने की कश्मे खाया करती थी. वो आज किसी और के लिए मुझे. पर अब वो किसी और की hi हे. वो जो मेरे साथ कुछ देर पहले कर रही थी. वो प्यार नहीं था. मुझे hi दोबारा धोखा हो गया. अब आगे देखता हु क्या हो सकता हे. माधुरी मेरे वही बाद रूम में चली गई और दूर बंद कर दिया. में उसके दूर पे हाथ मरने लगा.

में ; माधुरी प्लीज दरवाजा खोलो अच्छा सॉरी. में थोड़ी जलन की वजह से ऐसा बोल गया. म रियली सॉरी.

मुझे लगा वो दूर नहीं खोलेगी. लेकिन उसने तुरंत hi दूर खोला. और बहार आई. उसके फेस पे गुस्सा नहीं स्माइल थी.

में ; सॉरी मधु अब ऐसा नहीं होगा. वो मुझे कुछ जालिश जैसा फील हो रहा था.

माधुरी ; जलन तो तुम्हे अब होगी.

माधुरी ने मेरा लैंड काश के पकड़ लिया. मुझे जैसे करंट सा लगा. वो आगे पीछे करती हुई बोली.

माधुरी ; (स्माइल) अब देखो तुम्हारी क्ष तुम्हारे साथ क्या करती हे. तुम्हारे सामने hi. सच में तुम्हारा चहेरा देखने में मुझे बड़ा मज़ा आएगा. अगर असली मार्स हो तो यही रुको हमारे साथ.
 
माधुरी मुझे बहोत बड़ा चलेंगे दे कर चली गई. यही की में जाऊ नहीं. और वो मुझे जलने के लिए कुछ भी करने को तैयार हे. आखिर ऐसा क्या हुआ होगा जो वो मुझसे प्यार करने वाली जीते जी hi मरने पर तुली हुई हे. वो फिर किचन में घुस गई और गण गन गुना ने लगी.

आजा रे आजा हो मेरे डिल बार जनि... डिल की प्यास भुजा जा रे.

उसकी सुरीली आवाज अब मुझे भयानक और जान लेवा लगने लगी. तभी मेरा बदन गरम होने लगा. मुझे जैसे ठण्ड लग रही हो. मेरी कप कपि छूट ने लगी. मेरे सर में भयानक दर्द होने लगा. माधुरी तो खिचन में थी. उसने वही से मुझे आवाज दी.

माधुरी ; जाओ जाकर मेरा वो फेव शर्ट पहन कर आओ.

मेरे सर में बहोत तेज़ दर्द होने लगा. और माधुरी की आवाज मेरे कानो में जबरदस्त तरीके से गूंजने लगी. वो जैसे गुस्से में किचन से चीला रही थी.

माधुरी ; (गुस्से में) सुना नहीं मेने क्या कहा. जाओ जा कर मेरा फेव शर्ट पहनो. वो आते hi होंगे.

वो मुझपे आज टस्क कभी नहीं छिलाई. ुचि आवाज में तो कभी नहीं. कभी मेरी बात तक नहीं ताली पर आज ये रुख क्यों?? में जान न चाहता था. पर ये दर्द धीरे धीरे बहोत भयानक हो गया.

माधुरी वह किचन से जोर जोर से है रही थी. मेने दूर को धक्का मारा वो खुल गया. में बड़ी मिस्किल से अंदर घुस कर. वो शर्ट ढूढ़ने लगा. मेने कपट हुए हाथो से बड़ी मुश्किल से वो शर्ट पहना. मुझसे दर्द बरदास hi नहीं हो रहा था. में दीवार का सहारा लेकर वापिस दूर तक आया. जैसे तैसे में किचन. तक पहोचा.

माधुरी किचन साफ कर रही थी. उसने मुझे पहले तो गुस्से से देखा. फिर अचानक उसकी आँखों में अंशु आ गए. और स्पीड में मेरे पास आई. और रट हुए मेरे गलो पर 3 कहते मर दिए.

माधुरी ; (रट हुए) तुम्हे क्या लगता हे. तुम मेरा ये फेव शर्ट पहन के आओगे तो में पिघल जाउंगी. में तुम्हारी बीवी नहीं हु न फिर क्यों ऐसा कर रहे हो.

में सोक हो गया. माधुरी ने hi तो मुझे शर्ट पहन ने को कहा. और अब उल्टा क्यों बोल रही हे. मेरे सर का दर्द अब एक डैम से गायब हो गया.

में ; कमल हे तुम्ही ने तो कहा जाओ मेरा फेव शर्ट पहन कर आओ.

माधुरी ; क्या??? तुम्हारा दिमाग तो ख़राब नहीं हुआ. मेने कब बोलै.

में शांत हो गया. ये मेरे साथ क्या हो रहा हे. अभी कुछ hi पल पहले. है याद आया. मुझे माधुरी की आवाज किचन से आई. पर मेने उसे बोलते हुए नहीं देखा.

में ; मेने ऐसा क्या कर दिया जो तुम मुझे छोड़ कर किसी और की हो गई.

माधुरी हसने लगी. उसकी आँखों में अब भी अंशु थे.

माधुरी ; (smaile+anshu) दर्द. सिर्फ दर्द दिया तुमने मुझे. सब बताउंगी. पहले आओ मेरे साथ.

वो मुझे वही बाद रूम में केकर गई. और तिजोरी से कुछ कागज़ निकलती हे.

माधुरी ; (स्माइल) ये देखो हमारे डाइवोर्स के पेपर. और ये देखो बांड. तुम्हारी सेक्सुअल बीमारी के. तुम एक मानसिक रोगी हो.

में सोक हो गया. उसपर dast-khat भी हे. तभी माधुरी ने एक बांड पेपर मेरे हाथो में दिया.

माधुरी ये लो इसे पढ़ो इसे पढ़ कर तो तुम्हे और भी ज्यादा मज़ा आएगा.

बांड पेपर में साफ साफ लिखा हुआ था की में एक मानसिक रोगी हु. अपनी बीवी को बहोतो के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाते देख चूका हु. इस लिए में उसे अपना नहीं सकता. में अपनी मर्ज़ी से उसकी और अपनी खुद की जिम्मेदारी में माधुरी को शॉप रहा हु. मेरी बीवी माधुरी अब जिसे चाहे उस से शादी कर के जीवन गुजर सकती हे. माधुरी अपनी मर्जी से मेरे मतलब वीर पहले पति से भी शारीरिक संम्बंध बना सकती हे. माधुरी की मर्जी के बगैर में किसी और से शादी नहीं कर सकता. माधुरी भी मेरा ख्याल रखने में प्रतिबन्ध हे. यदि में उसकी मर्जी के खिलाफ कही और रहना चहु तो में क़ानूनी तोर पर पागल खाने भेज दिया जाएगा. इसकी डिमांड माधुरी की तरफ से हे

माधुरी मुझपर जोर से छिलाई.

माधुरी ; (गुस्से में) समझे मेरी मर्जी मतलब मेरी मर्ज़ी. और तुम अब किसी और से शादी नहीं कर सकते. तुम्हे यही हमारे साथ hi रहना होगा.

में ; पर तुम्हे जो चाहिए था वो मिल गया. फिर मुझे घसीटना क्यों चाहते हो.

माधुरी ; क्यों की में अपना बदला लेना चाहती हु. तुम्हारे लिए मेने कितनो को मारा. तुम्हे अपना सर का तेज़ बनाया. और तुमने मुझे ठुकरा दिया.

मेरी आँखों के सामने माधुरी के हाथो से हुई कई मौत मेरे सामने आने लगी. क्या सच में माधुरी इतनी खतरनाक हे. तो में कोण हु?? में क्या हु???

माधुरी ; (स्माइल) अब तुम्हे पता चलेगा जो तुम मुझे छुप कर देखा करते थे वो सब में तुम्हारे सामने करुँगी. तुम्हारी आँखों में आंखे दाल कर. तुम्हारे ऊपर लेट कर. तुम्हारी गॉड में. और तुम मुझे पाने को तरसोगे.

उसकी बात सुनकर मेरा हाथ उठ गया. और मेने उसे एक थपड मर दिया. वो अपने गलो को ससहेलाती हुई हसने लगी.

माधुरी ; (स्माइल) जानते हो में आज भी तुम्हे अपना पति मानती हु. पर प्यार नहीं करती. कायो की में तुम्हे अपनी hi नजरो में जलील करना चाहती हु. बहोत जलील.

माधुरी के फेस पे गुस्सा और स्माइल दोनों साथ था. मुझे ये तो मालूम पद गया की में जितना याद करने की कोसिए करूँगा मुझे उस से कही ज्यादा सर में दर्द होगा. माधुरी के डिल में मेरे लिए बहोत साडी नफरत हे. और किसी ने उसके डिल में मेरे खिलाफ नफरत और जग्गू के लिर प्यार डाला हे. पर कैसे क्यों?? ये हो सकता हे जग्गू हे. और वो माधुरी की आवाज. क्या कही ऐसा तो नहीं में जो सोचता हु वो उन्हें पता चल जाता हे. याद दस खो जाती हे तो इन्शान भाषा तक भूल जाता हे. पर मेरी सोचने की सकती भी काम नहीं हुई. में अपना अच्छा बुरा समाज सकता हु. पर माधुरी की बेवफाई मुझे ज्यादा दर्द दे रही हे. और सोचने की सकती भी काम कर रही हे.

मुझे अपनी सोचने की समता पर कण्ट्रोल करना होगा. तभी बेल्ल बजी. माधुरी ने स्माइल की.

माधुरी ; (स्माइल) लो आ गए वो. अब जाओ और दूर खोलो. में उनके लिए चेंज कर के आती हु.

में माधुरी को देखते रहा. वो मेरे साथ ऐसा कैसे कर सकती हे. कही मेने hi उसके साथ कोई चित तो नहीं किया.

माधुरी ; अब मुझे घर क्या रहे हो जाओ.

में जाकर दूर खोला तो वो च हेर ा मेरे सामने आ गया. ये तो वो ऑटो वाला hi हे. जब हम पहेली बार यहाँ इसी फ़्लैट में रहने आए थे तब इसी की रिक्सा में हम बाजार गए थे. बस जग्गू का चहेरा देख कर मुझे और कुछ याद नहीं आ रहा था. वो मुझे बड़े तोर में पूछता हे.

जग्गू ; ओह्ह्ह राजा सब तो तुम्हे होश आ गया. चलो सुकर हे.

वो एक कंधे से मुझे टक्कर मर कर मेरे घर में आ गया. और में घर में जैसे आया करता था. बिलकुल वैसे hi स्टाइल में आ कर बैग सोफे पर फेक के अपना शर्ट उतरने लगा.

तभी मुझे कुछ याद आने लगा और मेरे सर में भयानक कार्स. पर मेने दिमाग पर और जोर डाला और मुझे याद आने लगा. मुझे उसकी बहोत साडी तश्वीर अपने जहँ में दिखाई देने लगी. वो मेरी बीवी के साथ hi काम किया करता था. वो मेरी और माधुरी दोनों की बहोत रेस्पेक्ट करता था. पर आज तो वो मुझे बड़े रुआब में बाटे कर रहा हे. लेकिन वो ठीक वैसे hi बेहवे कर रहा था जैसा में किया करता था. वो आकर सोफे पर पसर के बैठा और अपनी सिगरेट जलाई. एक काश मर कर हवा में धुँआ छोड़ा. और मुझे देखने लगा.

जग्गू ; है राजा सब मधु कहा हे.

में ; वो चेंज करने गई हे.

वो जैसे हसकर मेरा मज़ाक उदा रहा हो वैसे बोलै.

जग्गू ; (स्माइल) तुम्हारी बीवी मेरे लिए तैयार होने... ओह सॉरी ी मं अब मेरी बीवी मेरे लिए तैयार होने गई हे.

तभी अचानक से दूर खुला और माधुरी एक पतले नाईट ड्रेस जैसा वेस्टन ड्रेस पहन कर बहार निकली. और अपने लहंगे को लहराते हुए स्माइल करते हुए बोली.

माधुरी ; (स्माइल) किसी लग रही हु में???

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में माधुरी को झूमते हुए देखता hi रहा. उसकी गौण जैसी इतनी पतली और मुलायम लग रही थी. अंदर से उसकी ब्रा को महसूस किया जा सकता हे. आगे से उसका जोबन साफ गोर गोर बूब्स की झलक दिखाई दे रही थी. बालो में गुलाब लिप्स पे रेड लिपस्टिक और कानो में झुमके. उसका फेस तो हर बार के तरह खुबशुरत हे था.

माधुरी ; (स्माइल) बोलो न में किसी लग रही हु??

वो बहोत जबरदस्त स्माइल करते हुए मुझे hi देख रही थी.

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जग्गू कुछ भी नहीं बोल रहा था. और माधुरी का पूछना मुझे ऐसा लगा जैसे मुझे hi पूछ रही हो. मुझसे रहा नहीं गया और बोल गया.

में ; बहोत सुन्दर.

माधुरी ; (स्माइल) मेने तुमसे तो नहीं पूछा.

वो मेरी बजती भी मेरी आँखों में आंखे दाल कर करने लगी. जग्गू जोर से हसने लगा. माधुरी भी हस्ती हुई जग्गू की और जाने लगी.

माधुरी ; (स्माइल) आप भी न. में तो अपने क्ष के साथ बस मजाक कर रही थी. ऐसे मत हसो इन्हे बुरा लगेगा. वो जग्गू की बहो में जा चुकी थी. वो गर्दन घुमा कर मुझे बहोत नशीली स्माइल से देखती हे.

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माधुरी ; (स्माइल) तुम्हे बुरा तो नहीं लगा न वीर???

में क्या बोलता मेरी बजती तो हो गई थी. और अपना hi अब पराया था. कुछ तो याद आ नहीं रहा था मुझे खामोश देख कर माधुरी फिर बोली.

माधुरी ; (स्माइल) लो वीर तुम तो बुरा मन गए. अरे में तो जो तुमने कहा वो में अपने पति के मुँह से सुन न चाहती थी.

जग्गू हसने लगा.

जग्गू अरे भाई तुम्हारी बीवी ी मं मेरी बीवी बहोत खुबशुरत हे. क्यों राजा शब्.

और दोनों हसने लगे. माधुरी जग्गू से बहोत प्यार जाता रही थी. मेरे डिल पे बहोत गहरा वॉर हुआ था. सोच रहा था यहाँ से भाग जाऊ. पर और कोई जगह मेरे जहँ में नहीं आ रही थी. जैसे मुझे कैद किया गया हो. तभी जग्गू खड़ा हुआ

माधुरी ; (स्माइल) आप बाथरूम जा आओ फिर में सब के लिए खाना लगाती हु.

जग्गू बाथरूम जाने लगा. जाते जाते वो बोलै

जग्गू ; देखना राजा शब् कही में बाथरूम में हो और कही मेरी बीवी को मत दबोच लेना.

माधुरी हसने लगी. उसके बाथरूम के दूर को बंद करने की और शावर चालू होने की आवाज आई. मेरा धयान माधुरी पर गया. वो स्माइल करती हुई मुझे hi देख रही थी. अपने हाथो से उसने अपने गौण की कोटि थोड़ी सी हटाई ताकि मेरा ध्यान उसके जोबन पर जाए.

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वो मेरे करीब आई. और मेरा हाथ उठा कर अपने बूब्स पर रख दिए. उसने अभी भी मेरा हाथ पकड़ा हुआ था. वो मुझे स्माइल करती हुई बोली.

माधुरी ; (स्माइल) मौका चुका मत कही फिर कुछ मिले न मिले.

मेरा हाथ तो अब भी उसके बूब्स पे hi था. पर में उसे दबा नहीं रहा था. उसने मेरी पंत के ऊपर से hi मेरे लैंड को अपने हाथो से रगड़ दिया. जाहिर था असर होना hi था. उसने पंत की जीप खोली. और मेरा लैंड बहार निकल कर हिलना सुरु कर दिया. हम दोनों एक दूसरे की आँखों में hi देख रहे थे. बस फर्क ये था की में सोक था. और वो स्माइल कर रही थी. मुझे समाज नहीं आ रहा था मुझे हुआ क्या हे. माधुरी ने मेरे लैंड के टोपे को अपने अंगूठे और तर्जनी ऊँगली से मसल दिया. मेरा मुँह खुल गया.

माधुरी ने तुरंत hi मेरे होठो से अपने होठ जोड़ कर जबरदस्त किश करना सुरु कर दिया. में बहोत जबरदस्त बॉडी में हलचल महसूस कर रहा था. वो मेरे लैंड से बहोत सख्ती से खेल रही थी. में अपने काबू में नहीं रहा. मुझे लगा सायद में बहने वाला हु. मेरे हाथो ने माधुरी के बूब्स को भींच दिया. तभी माधुरी ने मुझे दक्का दे दिया.

माधुरी ; (स्माइल) चल हैट..

मुझे जिस वक्त उसकी सही जरुरत महसूस हुई उसी वक्त hi उसने मुझे दूर धकेल दिया. वो दूर कड़ी है कर जैसे मेरा मज़ाक बना रही थी. उसने अपनी आँखों से हइशारा मेरे लैंड की तरफ किया. जब मेने निचे सर किया तो देखा. मेरा हाथ मेरे लैंड पर था. मेने अपना हाथ हटाया. और लैंड अंदर कर के चैन बंद की. तभी जग्गू की बाथरूम से आवाज आई.

जग्गू ; मधु????? डार्लिंग में टावल लाना भूल गया.

वो मेरी आँखों में देखते हुए बोली.

माधुरी ; (स्माइल) जी अभी ले.

वो मुझे दूर से hi फ़्लाइंग किश करती हे.

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और वो टावल लेकर बाथरूम की तरफ जाने लगी. वो बाथरूम के दूर पर कड़ी होकर मुझे स्माइल करते हुए देखती हे. उसकी नजर तो मुझपे hi थी.

माधुरी ; (स्माइल) लो डार्लिंग टावल.

जैसे वो डार्लिंग मुझे कहे रही हो. माधुरी की आवाज मुझे मदहोश कर रही थी. में बहोत जबरदस्त तनाव महसूस कर रहा था. हाँ दोनों की नजर एक दूसरे की आँखों ने hi थी. तभी दूर थोड़ा सा खुला और माधुरी का हाथ पकड़ कर जग्गू ने अंदर खींच लिया.

मेरी धड़कने तेज़ हो गई. दर्द और तनाव दोनों एक साथ अंदर से माधुरी की आवाज आने लगी. जैसे वो हस्ते हुए उसे रोकने की कोसिए कर रही हो.

माधुरी ; (स्माइल) अह्ह्ह्हह मममम नहीं अभी नहीं बाद में अम्म्म सससस अह्ह्ह ससस अह्ह्ह.

अंदर से माधुरी की मादक आवाज आने लगी. मेरी आँखों से अंशु तो निकले पर मेरा हाथ खुद बा खुद अपने लैंड पर चले गया. मुझे अपने अंडो में दर्द महसूस होने लगा. मेने अपने एंड को भींच लिया. तभी दूर वापस खुला. माधुरी बहार आई. उसके कपडे गीले हो चुके थे. पर वो मेरी हालत देख कर जोर जोर से हसने लगी.

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जैसे मेरी हालत का मज़ाक उदा रही हो. अंदर से जग्गू की आवाज आई.

जग्गू ; क्या हुआ मधु???

माधुरी मेरी आँखों में hi देख रही थी. और वो स्माइल करते हुए मुझे देखती हे. पर जवाब जग्गू को देती हे.

माधुरी ; (स्माइल) डार्लिंग आप भी न. हमारा प्यार देख कर वीर जी की हालत ख़राब हो गई.

वो दोनों हसने लगे. माधुरी मुझे देखते हुए अपनी छूट को कपडे के ऊपर से hi जोर जोर से रगड़ती हे.

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तभी अंदर से जग्गू एक नाईट गौण में बहार आया. वो गौण भी लेडी का hi था. में उसे देख कर सोक हो गया.

जग्गू ; (स्माइल) मधु का hi हे. इसे पहन कर में तुम्हारी बीवी को महसूस करता हु. ी मं मेरी बीवी को.

में जग्गू के फेस को देखने लगा. वो भी मुझे hi देख रहा था. मुझे उसपर बहोत गुस्सा आ रहा था. डिल चाहता था की अभी उसका मुँह तोड़ दू. में उसे मरने के लिए आगे बढ़ा वो मुझे hi देख कर स्माइल कर रहा था. तभी अचानक से मेरे सर में दोबारा से बहोत तेज़ दर्द हुआ. इतना तेज़ की में बरदास hi नहीं कर पाया.

मुझे बहोत बुरे बुरे शपने आए. में शपने बता नहीं सकता इतने दर्द भरे थे. अचानक मेरी नींद टूटी. मुझे महेसुआ हुआ की कोई मेरे लैंड के साथ खेल रहा हे. जब मेरी नींद खुली तो रूम में अँधेरा था. सिर्फ एक लैंप की थोड़ी सी रौशनी. मुझे महसूस हुआ मेरे बगल कोई लेता हुआ हे. और मुझे hi देख रहा हे. मेने बड़ी मुश्किल से करवट बदल के देखा तो माधुरी मेरी तरफ hi करवट लेकर लेती हुई थी. और अपने हाथो से मेरे लैंड से खेल रही थी.

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मेरा लैंड एक डैम लोहे की रोड की तरग सख्त हो गया. मेरी सांसे गरम हो गई. मेने लैंप के उजाले में माधुरी का नशीला चहेरा देखा. वो बहोत hi नशीली स्माइल करते हुए लम्बी लम्बी गरम सांसे छोड़ रही थी. वो मुझे hi देख रही थी.

में समाज ने की कोसिस कर रहा था. ये हो क्या रहा हे. वो मेरे लैंड को छोड़ कर मेरे चहेरे पर ऊँगली घुमा कर बोली.

माधुरी ; (नशीली smaile)(tez सांसे) ओह्ह्ह्ह ससस होश आ गया तुम्हे हहहहह... में इसी पल का इंतजार कर रही थी.

वो मेरे करीब हुई और मेरे चहेरे को थम के मेरे लिप्स पर अपने लिप्स रख देती हे. उसकी कमर का हिस्सा मेरे कमर के हिस्से को टाच होने लगा. वो अपने हाथो से मेरी घने बालो वाली छाती पर रेंगने लगी. मुझे बहोत अच्छा फील होने लगा. में सब भूल गया. और उसके चहेरे को थम के किस्स्स कर दिया. मुझे ऐसा महेसुआ हुआ की माधुरी मुझे झटके मरने की कोसिए कर रही हे. में तो सब भूल चूका था. मेरे करीब बस वो हे

में ; ी लव यू मधु.

तभी उसकी बगलो से 2 हाथ निकले और माधुरी के बूब्स को जोर जोर से मशलने लगे.

माधुरी ; (नशीली पर गन्दी स्माइल) ी हेट यू माय क्ष

और वो बोल कर हस्ते हुए मुझे झटके मरने लगी. में सोक हो गया. झटके वो नहीं मर रही. माधुरी के पीछे कोई हे. में हिमत कर के थोड़ा सा सर उठाया. जग्गू माधुरी को पीछे से छोड़ रहा था. और माधुरी मेरी आँखों में मेरे शॉकिंग फेस को देख के खिल खिला कर है रही हे. में बहोत सोक था. वो मेरे बगल में जग्गू से चुद रही हे??? ये ऐसा कैसे कर सकती हे.

माधुरी ने अपना हाथ मेरे लैंड पाए रख दिया और मुश्कुरा कर बोली.

माधुरी ; (स्माइल) तुम्हारा दोस्त मिथुन याद हे तुम्हे???
 
ये मिथुन कोण हे. और उसका मेरी जिंदगी से क्या फायदा. में अपने दिनाग पे बहोत जोर दाल रहा था. मुझे सोचने के वजह से तेज़ दर्द भी हुआ. पर माधुरी मुझे सोचने का मौका hi नहीं दे रही थी. मेरा शरीर जैसे अकड़ गया हो. बड़ी मुश्किल से मेरे हाथ वो भी थोड़े से और थोड़ी सी गर्दन hi हिल प् रही थी. पता नहीं मुझे क्या हो रहा था. पर मुझे कुछ याद आने लगा. मेने जब माधुरी से कोर्ट में शादी की तब मेरी तरफ से वही विटनेस था.

वो मेरा बहोत पुराण दोस्त जिसे याद कर के hi स्माइल आ जाए. पर में कप रहा था. साला एक no का आईएस. उसने माधुरी पर भी डोरे डेल. पर माधुरी ने उसे थपड मर दिया था. तभी मेरी पीठ पर किसी का हाथ रेंगा. मेरी आंख खुली. वो माधुरी थी जो मेरी पीठ पर किसी माशूका की तरह हाथ घुमा रही थी. मेरी नजर माधुरी पर गई. जो मेरी आँखों में किसी प्रेमिका की तरह देख रही थी. वो हिल भी रही थी. क्यों की उसके पूछे लेता जग्गू उसे पीछे से झटका मर रहा था.

कमल की बात ये की में उसकी बहो में था. पर वो छुड़वा तो जग्गू से रही थी. मेने मुश्किल से थोड़ी गर्दन घुमा कर निचे को देखा. जग्गू ने माधुरी की एक तंग हवा में उठा राखी थी. और वो थोड़ा निचे को ज़ुका हुआ था. मेरी नजर माधुरी के फेस पे गई. जैसे वो स्माइल करते हुए मुझे देख कर मुझसे hi पूछ रही हो. केसा लग रहा हे. वो मुश्कुरा रही थी. उसने अपना हाथ मेरे गलो पर रखा. और मेरी आँखों में देखते हुए अपने अंगूठे से मेरे होठो पर रगड़ा.

माधुरी ; (स्माइल) उसे वायग्रा की 3 गोलिया खिलाई हे. फ़िक्र मत करो. जो में बताने वाली हु. तब तक वो नहीं थकेगा.

में उसकी आँखों में hi देखने लगा. वो क्या बोलने वाली हे.

माधुरी ; (स्माइल) सुनोगे मेरी बेवफाई के किस्से है???? बोलो???

वो बोलकर खिलखिला कर हसने लगी.

माधुरी ; (स्माइल) तुम्हारा दोस्त बहोत कमीना हे. याद हे जब हम कॉलेज से पिकनिक गए थे. हमने कितना मज़ा लिया

माधुरी ने नेरी नोज पकड़ कर हिला दी.

माधुरी ; (स्माइल) पर तुम तो एकदम बुद्धू हो. अपनी खुबशुरत बीवी और हवस खोर आईएस दोस्त दोनों को कोई एक साथ लेकर घूमता हे भी भला.

उस्सकी आंखे बड़ी हो गई.

माधुरी ; और भला कोई ऐसे दोस्त और बीवी को छोड़ कर पहाड़ियों पे ऐसे अकेला आगे चलता हे भी भला.

माधुरी खिल खिला कर हसने लगी.

माधुरी ; (स्माइल) तुम आगे चलते गए. और वो मेरे साथ मस्तिया करता रहा.

माधुरी की जुबानी.

माधुरी ; (स्माइल) तुम आगे चल रहे थे. उसने मेरा हाथ पकड़ा. मेने छुड़ा दिया.

माधुरी ; देखो ऐसा मत करो. उन्हें पता चला तो उन्हें बहोत बुरा लगेगा वो तुम्हारे दोस्त हे.

मिथुन ; मेने जब से तुम्हे देखा हे में पागल हो गया हु मधु प्लीज एक बार.

उसने मेरा हाथ पकड़ा और खींच कर अपनी बहो में ले लिया. और मेरे गलो को चूमने की कोसिए करता रहा.

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मज़ा तो मुझे बहोत आने लगा. में जानती थी. उसके पास कोई सोने का लैंड थोड़ी होगा. पर तुमसे चीटिंग जरने का जो मज़ा हे वो किसी चीज में मुझे नहीं आता. में भी नाटक करने लगी. मेने उसे जातक दिया. और आगे भाग कर तुम्हारे पास आ गई. तुम आगे चलते हुए नज़ारे देख रहे थे. में तुम्हारे पीछे और मेरे पीछे तुम्हारा कमीना दोस्त. तुम नज़ारे देख रहे थे. और तुम्हारा दोस्त तुम्हारी बीवी के नज़ारे देख रहा था.

मेने एक बार पलट कर उसे मुश्कुरा कर देखा. वो चलते हुए अपनी पंत के ऊपर से hi अपना लैंड पकड़ कर मशालते हुए आंखे बंद कर के आहे भर ने लगा. मुझे हसी आ गई. तुम तो आगे बहोत तेज़ी से चल रहे थे. में मस्ती में अपनी बहे फैला कर मौसम का मज़ा लेकर चल रही थी. और तुम्हारा दोस्त तो साला मुझसे बिलकुल नजर hi नहीं हटा रहा था.

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पागल ुम्हे कही पता चल जाता तो?? पर तुम्हे क्या पता चलता तुम तो एक no के चूतिये हो. मुझपे अँधा पागलो के जैसे भरोसा करते हो.

( पहेली बार माधुरी ने मुझे गली दी. जिंदगी में ऐसा पहेली बार हुआ था. मुझे गली देकर माधुरी जोर जोर से हसने लगी. पागल में था की उसे पागलो की तरह प्यार किया. सोचता था माधुरी का जिश्म नहीं डिल मेरा हे. पर वो मेरा डिल तो अपने पिछवाड़े और अपनी चित में रखती थी. जिन्हे हर बाँदा अपने लैंड से ठोकर मर रहा था. मुझे बहोत अफ़सोस हुआ की मुझे मेरा दोस्त याद आया)

उसने मेरा हाथ पकड़ के मुझे रोक लिया. और मेरे सामने आ गया.

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मिथुन ; (स्माइल) तुम तैयार हो न मधु?

माधुरी ; अगर मेरे पति को पता चल गया तो????

मिथुन ; (स्माइल) नहीं पता चलेगा देखो न चुटिया हमें छोड़ कर कैसे अकेला भाग रहा हे.

उसने तुम्हे चुटिया कहा तो मुझे भी हसी आ गई. में तुरंत hi उसकी बहो में समां गई.

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वो मुझे काश के बिछने लगा. साला वो भी चुटिया hi था. जैसे में नंगी हु. वो कपड़ो के ऊपर से hi मेरी चित पे अपना लैंड रगड़ने लगा. लेकिन मज़ा मुझे बहोत आ रहा था. उसने अपने दोनों हाथ मेरी हिप्स पर टिका दिए. और जोर से बिच दिए. अह्ह्ह्हह सससस मेरी तो आंखे hi बंद हो गई.

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और तुम तो जानते hi हो. मेरी लिप्स कितनी खुबशरत और रसीली हे. सेल ने मौका बिलकुल नहीं छोड़ा. मेरे दोनों बूब्स को कितना जोर से मशला. मेरा डिल तो जोर से छिलने को कर रहा था. पर तुम्हे पता चल जाता. फिर सेल ने मेरी छूट को मुट्ठी में भर लिया. सुकर हे मेरी सलवार बिच में थी. वो मुट्ठी भर मेरी छूट मशाल रहा था. में तो ज़ुल गई उसकी बहो में.

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उसका एक हाथ तो मेरी गांड की बिच और दूसरा भर मुट्ठी छूट पर. में तो पागल सी हो गई. मेरी आंखे बिलकुल नशीली हो गई. बड़ी मुश्किल से मेने उसे पकड़ा और थोड़ी ऊपर हो कर उसकी आँखों में देखने लगी

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हम तो गिरने वाले थे. उसका तो चहेरा देख कर hi मुझे साफ पता चल रहा था. नजाने कब से मुझे हासिल करने का इंतजार कर रहा था. बस मुझे घूरे hi जा रहा था. मेने भी उसके जिंश की चैन खोली. और उसका लैंड पकड़ लिया. में एक हाथ से उसकी बहो में. उसे थामे लटकी हुई थी. और दूसरे हाथ में जब उसका लैंड पकड़ा तब मेरी तो आंखे hi बंद हो गई.

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माधुरी ; (आंखे बंद) सससस मिथुन ससस तुम्हारा तो बहोत मोटा हे सससस.

अरे बाबा जुट नहीं बोल रही. उसका लैंड सही में मस्त मोटा और लम्बा था. मेने तो उसी वक्त देसीडे कर लिया था. अब तो छोड़ना hi हे. में सच में पागल सी हो गई थी. वो मुझे पलटने की कोसिस कर रहा था. वो मेरे सलवार का नाडा खोलने की कोसिस करते करते मेरी हिप्स दबा रहा था. में तो ससस मदहोश hi हो गई. मेरी आंखे बंद हो गई

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मेरी तो आंखे hi बंद हो गई. साला एक्सपोर्ट हे. उसने मेरी सलवार का नाडा खोल दिया और मेरी छूट को मशालते मशालते मुझे घूमने लगा. मेरी सलवार मेरे कदमो में गिर गई. सेल ने मेरी पंतय भी निचके खींच ली. मेरी पंतय मेरे घटना तक थी. में तो चल भी नहीं सकती थी. वो दोनों हाथो से मेरी. चित और गांड मशाल रहा था. और में आंखे बंद कर के मज़े ले रही थी.

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सच में बड़ा मज़ा आया. तुम तो कितना आगे निकल गए. और में सिर्फ ऊपर के कपड़ो में तुम्हारे दोस्त के साथ छुड़वाने को तैयार थी. तभी सेल ने मुझे पलट दिया और मेरे पीछे आ गया. मेरी छूट तो बिलकुल गीली हो चुकी थी. वो मेरे गलो को चूमता हुआ अपना लैंड मेरी छूट पे रगड़ रहा था.

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मुझे सच में बहोत मज़ा आ रहा था. यू क्नोव अगर तुम ओपन माइंड होते तो उस से भी तुम्हारे सामने चुदवाती. पर तुम तो मुझे पागलो वाला प्यार. चूतिये कही के. देखो तो कैसे आंखे फाडे अपनी बीवी की बेवफाई सुन रहे हो.

(माधुरी जोर से हसने लगी. मेरा लैंड तो सही में अकड़ा हुआ था. और वो खींच खींच कर उस से खेल रही थी. मेरा डिल तो उसके पेट में चक्कू मरने की सोच रहा था. पर जैसे मुझे तो लकवा मर गया हो. अपनी पति की बेवफा ऐयासिया सुन रहा था.)

माधुरी ; फ़िक्र मत करो. तुमसे भी छुडवाउंगी तुम तो बहोत मज़ेदार हो. वैसे तुम कोई बुरे नहीं हो. पर ये बदला हे बदला. अब आगे सुनो.

उसके लैंड का टोपा मेरी छूट में घुस गया. अह्ह्ह जैसे ऐसा लगा कोई ने मशरूम की छतरी मेरी छूट में दाल दी हो. वो मेरे कण की लावो को अपने मुँह में भर के चूसने लगा. साला होठो से भी बहोत मस्त मशलता रहा.

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शादी के बाद ये मेरी पहेली बेवफाई थी. मुझे उसका लैंड लेने में कोई अफ़सोस नहीं हुआ. मज़ा तो तब आता अगर तुम छुप कर मुझे देख रहे होते. सेल ने एक झटका मारा और पूरा लैंड मेरी छूट में दाल दिया. में तो पूरी हिल गई. वो मुझे छोड़ते हुए मेरे गले और कण की लावो से मस्त खेल रहा था.

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माधुरी ; ससस जल्दी करो कही वो पीछे न आ जाए.

वो जोर जोर से झटके मरने लगा. पर तुम सेल चूतिये छीलते हुए हमारे पास आने लगे.

माधुरी ; सेल चूतिये पति देव थोड़ा और लेट बही आ सकते थे. मेरा होने hi वाला था. कितना नाज़ा आ रहा था. अब देखो. ये मेरा चूहे जैसा पति मेरी प्यास भुजने के लिए कितनी महेनत कर रहा हे. पर अब ये मेरा हीरो हे. में इसे राजा और तुम्हे भिखारी बनाउंगी.

वो मेरी आँखों मेमुस्कुरा के देख रही थी. में कुछ बोल नहीं प् रहा था. ये मेरे साथ क्या हो रहा हे. किए निकलू इस दाल दाल से. अगर मौका मिला तो माधुरी को जान से जरूर मर डालूंगा. मेने इसी वक्त काशम खा ली थी. पर उसी वक्त माधुरी हस्ते हुए बोली.

माधुरी ; (स्माइल) नहीं मर पाओगे.

कमल हे. मतलब मेरे मन पर खुद माधुरी का कण्ट्रोल हे. और सुसरु से वो मेरा बस इस्तेमाल कर रही हे.

माधुरी ; (हस्ते हुए) अब आगे सुनो

फिर आगे की कहानी माधुरी की जुबानी.

ऐसा नहीं की बाद में हमें मौका नहीं मिला. वही मिला जहा हमारा पहेली बार हुआ था. उस दिन तुम्हारा बर्थडे था. और तुम वही पिकनिक वाली यादे ताज़ा करने मुझे और तुम्हारे दोस्त को वही ले गए थे. अरे भूल गए. हम कॉलेज के ड्रामे में जो हिस्सा लिया था. तुमने तो हमें कसकम भी बदली नहीं करने दिया. सीधा हम मिथुन की कार लेकर वही पहोच गए थे. तब उसने मुझे तुम्हारे सामने छोड़ा. और मेने खुद सरुअत की. और तुम्हे पता भी नहीं चला. याद हे वो पहाड़ी जिसके निचे खाई में तुम उतरना चाहते थे.

तपन ; चलो न मधु निचे चलते हे???

माधुरी ; न बाबा न. इतनी निचे कोण चलेगा. मेरी टंगे दरस कर रही हे. तुम्ही देख आओ.

तपन ; चल यार मिथुन तू तो चल??

मिथुन ; यार फिर भाभी अकेली बैठेगी????

तपन ; एक काम करता हु मधु में निचे जाता हु. और फिर निचे से तुम्हारा फोटो खीचूंगा.

में तो खुश हो गई. अब तो ये पहाड़ियों पस खुला छोडूंगी ये मेने सोच लिया था. तुम जाने लगे.

माधुरी ; (स्माइल) देखना संभल के जाना.

तुम खुश थे. तुम निचे जाने लगे. तुम्हारा दोस्त ने मुझे पीछे से तुरंत hi पकड़ लिया.

मिथुन ; (स्माइल) देखो हे न तुम्हारा पति चुटिया.

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में मदहोश होने लगी.

माधुरी ; सससस अरे ससस उसे जाने तो दो ससस में मन थोड़े कर रही हु.

लेकिन वो कहा मंटा उसने मुझे तुरंत hi अपनी तरफ किया. और मेरे मस्त बूब्स पर ब्लाउज के ऊपर से hi चूसने लगा.

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तुम जानते हो. ब्रा तो मेने पहनी नहीं थी. और पंतय में तुमसे नजर चुरा कर कार में hi छोड़ आई थी. में भी मस्त होने लगी. वो मेरे गर्दन के हर हिस्से को चूमने लगा. अपने हाथो से मशलने भी लगा. मेरे मुँह से गरम गरम हवा निकलने लगी. मेरी आंखे बंद और मुँह खुल गया.

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क्या मशाल रहा था. उसका तो मुझे पूरा नंगा करने का प्लान था. पर कोई आ जाता तो उसका दर था. में उसे भी तड़पना चाहती थी. मेने उसे एक झटके से धक्का मारा वो गिर गया. में जोर जोर से हसने कागि. मुझे मालूम ठु तुम दूर जा चुके होंगे. में एक लहर की तरह गोल घूमी. जिस से मेरे घेर दर घाघरा गोल घुमा और हवा में उठ गया.

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अम्म्म तुम्हे पता हे वीर में उसे बताना चाहती थी की मेने अंदर खुछ नहीं पहना. ताकि वो समाज जाए में तैयार हु. तभी तुम्हारी आवाज आई.

तपन ; माधुरी....... मधु ु........ मधु....

तुम चीला कर मुझे आवाज दे रहे थे. मुझे हसी आ गई.

माधुरी ; (स्माइल) लो मेरा चुटिया निचे पहोच गया.

हम दोनों एक साथ हसे. हम वही किनारे पर आए. तुम कैसे चुतियो की तरह स्माइल करते हुए हमें हाथ दिखा कर हिला रहे थे. जैसे कहे रहे हो में चुटिया हु. मुझे कुछ नहीं पता चलेगा मेरी बीवी को छोड़ लो.

(माधुरी जोर जोर से खिल खिला कर हसने लगी. मेरा खून खोल रहा था. मेरे प्यार और विस्वास की तो माधुरी ने धजिया उदा दी. पर में उसका कुछ भी नहीं कर सकता था. मेरा बदन अकड़ा हुआ था. वो मेरे लैंड को पकड़ कर अब भी खेल रही थी. मेरी आँखों के अंशु. टेड़ा लेते होने के कारन एक आंख से दूसरी आंख के अंशु से मिल कर नोज के साइड से निचे तक गिरने लगे. मुझे अपने आप पर दया आने लगी. उसने मेरे अंशु पोछे और बोली.)

माधुरी ; अभी मत रो अभी तो आगे बहोत साडी कहानिया हे. कितनी बार रो ोओगे.

माधुरी की जुबानी आगे की कहानी.

में जानती थी. ऊपर से तुम्हे में दिखूंगी तुम्हारा दोस्त भी दिखेगा पर हम क्या कर रहे हे वो नहीं दिखेगा. कैमरा भी तो इतना अच्छा नहीं था न...... फिर क्या वो मेरे पास मेरी कमर पर दोनों साइड पकड़ कर खड़ा हुआ. हम तैयार थे. और हम दोनों तुम्हे देख कर है रहे थे. क्या मस्त वो मेरी नाभि और कमर मशाल रहा था.

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मुझे बहोत मज़ा आने लगा. मेने खुद अपना घागरा अपने इन दोनों हाथो से ऊपर उठाया. और थोड़ा सा आगे को ज़ुकी. मेरी छूट तो एक्साइटमेंट में बहोत गीली थी. तुम कभी भी आ सकते थे. हमें अपना काम भी तो पूरा करना था. उसने मेरी छूट के मुँह पे अपना सूपड़ा टाच किया. में बता नहीं सकती थी कितना अच्छा लग रहा था.

माधुरी ; सससस जल्दी डालो सससस.

चिकनाहट hi इतनी थी की जल्दी उसका पूरा लैंड अंदर घुस गया.

माधुरी ; (आंखे बंद) सससस अह्ह्ह्ह बहोत अच्छा लग रहा हे अस्सेस.

मज़ा तो आएगा hi न. पराए मर्दो का लैंड होता hi मस्त हे. फिर वो चाहे छोटा हो या बड़ा. ससस बहोत मज़ा आता हे चीटिंग करने में सससस में मदहोश होने लगी. उसने मुझे पीछे से सख्ती से पकड़ा हुआए था.

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में नहीं चाहती थी की तुम जल्दी आओ. वो धक्के पर धक्के मरने लगा. में निचे तुम्हे देखते हुए तुम्हारे सामने hi चुद रही थी. और तुम्हे बिलकुल पता नहीं चला सससस अह्ह्ह्हह बहोत मस्त छोड़ रहा था वो. सससस क्या झटके थे उसके सससस तुम समाज hi सकते हो कोई दुसरो की बीवी को कैसे छोड़ेगा. और बीवी दूसरे मर्द से चूड़े तो कितना खुल कर खेलती हे ससस मज़ा hi मज़ा वो अंदर तक ठोकर मर रहा था. पर साला हमारा ख़तम हो गया. वो मुझसे पहले ज़ादा. ढेर सारा पानी से मेरी पूरी छूट भर दी. तुम तो सच में हमारी पूरी चुदाई के बाद आए.

वो कमीना तो बोल रहा था की

मिथुन ; मधु इसे साफ मत करो. अपनी छूट अपने पति से चटवा कर साफ करो.

पर मेने सोचा नहीं. तब मुझे भी तुमसे प्यार था न. सच में तुम मेरी छूट चैहटन के hi लायक हो.

माधुरी ; (स्माइल) नहीं यार बेचारे की बीवी तो छोड़ दी. अब इतना गन्दा भी मत करवाओ जाओ जा कर कार से पानी की बोतल ले आओ.

वो क्या मुझपे रहें कर रही थी उस वक्त इतना गन्दा धोखा तो कर hi दिया था. अब और इस से गन्दा क्या होगा. मेने उसका गाला पकड़ा और दबाने की कोसिस कर रहा था. वो है रही थी. तभी एक जोर का दरस हुआ जैसे सर अब फैट hi जाएगा. में जैसे एक डैम से खो गया. और तुरंत hi होश में आया. जब होश आया तो में खाने के टेबल पे था. जग्गू मेरे बगल में बैठा मुझे जगाने की कोसिए कर रहा था. और माधुरी मेरे दूसरी तरफ बगल में कड़ी मेरे सर को मशाल रही थी.

जग्गू ; वीर वीर राजा शब्. राजा शब् आप ठीक तो हे. अचानक क्या हो गया.

सामने खाना रखा हुआ था. में पसीना पसीना हो गया. माधुरी ने मुझे पानी का गिलास दिया. उसकी आँखों में अंशु थे.

माधुरी ; (रट हुए) लो पानी पीओ भगवन का सुकर हे की तुम्हे होश आए गया.

मेने पानी पिया और सोचने लगा क्या सच में ये शापना था??? मुझे विश्वास hi नहीं हो रहा था. आखिर कोण हे जो मेरी ऐसी हालत कर रहा हे.
 
में क्या शापना देख रहा था या इनके ट्रेप में फास गया था मुझे नहीं मालूम पर मेने जो देखा वो सच न हो तो अच्छा हे. और ऊपर से माधुरी ने जो कहानी सुनाई वो गलत नहीं हो सकती. में जनता हु मेरे जहँ में मिथुन का चहेरा साफ घूमने लगा. पर उस वक्त तो जब माधुरी मुझे कहानी सुनते हुए जग्गू के साथ सेक्स कर रही थी. उस वक्त आधी रत थी. और जब मुझे जोश आया में वही जग्गू के सामने hi था. एक मिनिट में जग्गू के सामने से खाने के लिए टेबल पर कब आया. और उसके बिच क्या हुआ ये मुझे क्यों याद नहीं.

और जब मुझे जोश आया तब माधुरी मेरे लिए रो क्यों रही थी. उसे तो मुझसे प्यार नहीं था. पर उसके आँखों के अंशु जूठे नहीं लग रहे थे. में यही सब सोच रहा था की माधुरी ने मुझे टोका.

माधुरी ; अरे कहा खो गए. कुछ तो खा लो. तुम्हारी तबियत ठीक नहीं हे. फिर कमजोरी आएगी.

में कुछ बोलै नहीं और खड़ा हो कर उसी बाद रूम में जाने लगा. माधुरी ने मुझे रोकने की कोसिस की. पर मेने कोई जवाब नहीं दिया.

माधुरी ; अरे कहा जा रहे हो खड़ा तो खा कर जाओ.

पर मेने उसे कोई जवाब नहीं दिया. में जाकर बाद पर केता. में जग्गू और माधुरी की बाटे सुनते हुए लेता hi रहा. मुझे बुखार आने लगा. मेरा शरीर तपने लगा. मुझे सब कुछ जैसे धुंधला hi दिख रहा था. न मुझे नींद आ रही थी. और न hi में जग प् रहा था. बार बार मेरी आंखे बंद हो रही थी. तभी मुझे माधुरी की और जग्गू की आवाज आने लगी.

माधुरी ; डार्लिंग में नाहा ने जा रही हु. तुम साथ आ रहे हो क्या.

जग्गू ; (हस्ते हुए) जाओ जाओ तुम्हारे क्ष पति को साथ लेजाओ.

माधुरी : हे हे हे वैरी फन्नी. में तो चली जाउंगी फिर तुम hi रट फिरोगे.

जग्गू ; यार उन्हें हम दोनों को साथ देख कर बहोत तकलीफ होती होगी.

माधुरी ; है यार मुझे उनको ऐसे तकलीफ में देख कर बहोत फील हो रहा हे.

जग्गू ; पर अब कर भी क्या सकते हे.

माधुरी ; (स्माइल) फिर चली जाऊ वापस उनके पास. कर लू उनसे शादी वापस.

जग्गू ; (हस्ते हुए) जाओ तुम पहले नाहा लो. हर वक्त मज़ाक.

में सोचने लगा. एक तरफ तो वो मुझे निचा दिखा रहे हे. मेरा मज़ाक बना रहे हे. और एक तरफ मेरी परवाह कर रहे हे. सच क्या हे. या तो ये बहोत अच्छे हे मुझे तकलीफ देना नहीं चाहते और कोई और hi हे जो मेरे दिमाग से खेल रहा हे. या फिर यही लोग मुझे 2 या 3 जिन्दगिया दिखने की कोसिस कर रहे हे. हो सकता हे. मुझे याद आई वो रसोई वाली बात जब माधुरी ने मुझे ब्लैक सहित पहन ने को बोलै था. और जब वापिस आई तो माधुरी रोने लगी और कहने लगी मेने कहा बोलै. मुझे शावर की आवाज आने लगी. मतलब माधुरी अकेली नाहा रही हे. तभी माधुरी की खिल खिला कर हसने की आवाज आई.

माधुरी ; है है है. गुदगुदी क्यों कर रहे हो.

जग्गू ; डार्लिंग चुसो न.

माधुरी ; रुको. ....... अरे बाबा रुको न...

जग्गू ; सससस अह्ह्ह्ह सससस अह्ह्ह्ह सससस आज तो उनके पास नहीं सोने वाली न.

माधुरी ; आज वो बेहोश हुए तो उनसे नहीं छोडूंगी.

जग्गू ; प्रॉमिस अगर वो बेहोस हुए तो उन्हें तुम हाथ भी नहीं लगाओगी.

माधुरी ; है बाबा प्रॉमिस. अब मज़े लो.

जग्गू ; अह्ह्ह सससस अह्ह्ह मनम

में सोच में पद गया ये हो क्या रहा हे. एक तरफ तो जग्गू बाथरूम में माधुरी के साथ मस्ती कर रहा हे. उसे लैंड चूसा कर मज़े ले रहा हे. मेरा खून जलने लगा. में अब भी ये सब गंदगी बरदास नहीं कर प् रहा हु. और ये क्या बात कर रहे हे. में बेहोश था तो माधुरी ने मेरे साथ सेक्स किया. ओह्ह्ह तभी मेरा लैंड और ाँद दर्द कर रहा था. मतलब वो सायद मेरे साथ ओवरलिमित सेक्स किया होगा. सायद मुझे निचोड़ दिया हो. पर में बेहोश था तो जो अब तक जागते हुए सब देखा वो क्या था

क्या सच हे और क्या झूठ मुझे कुछ पता नहीं चल रहा हे. में कही अभी फिर से तो बेहोश नहीं होने वाला मुझे समज़ना पड़ेगा. कोनसी स्टोरी असली हे. कोनसा शपना और कोनसा धोखा. मेरा दिमाग काम करना बंद होने लगा. तभी मुझे फिर जग्गू की आवाज आई.

जग्गू ; यार आज मत जाओ न यार प्लीज मेरा बहोत मन हे.

माधुरी ; जग्गू तुम जानते हो न अगर उन्होंने हम पर एहसान बही किया होता तो में तुम्हे कभी नहीं मिल पति. और वैसे भी मुझे उनसे अब भी बहोत प्यार हे.

सायद जग्गू चिप हो गया होगा. उसे वही फील हो रहा होगा जो में फील कर रहा था.

माधुरी ; अब ऐसे मुँह मत लटकाओ. अच्छा तुम हमें छुप के से देख कर मुट्ठ मर सकते हो.

जग्गू ; प्रॉमिस????

माधुरी खिल खिला कर हसने लगी.

माधुरी ; है बाबा प्रॉमिस.

ये में क्या सुन रहा हु. शापना था तो ी हेट यू सुना अभी वो मुझसे hi प्यार करती हे. और जग्गू उसका केसा पति बना हे. वो मुझसे माधुरी को बात रहा हे क्या सच हे क्या झूठ कुछ समाज नहीं आ रहा तभी दूर खुला मेने तुरंत hi अपनी आंखे बंद कर ली. अब सायद कोई नया झटका मिलने वाला हे. सायद हो सकता हे अब में जो देखूंगा वो भी शापना hi न निकले. मुझे वैसे भी ठीक से नहीं दिख राणा था सब धुंधला मेने अपनी आंखे बंद कर ली. तभी वो अंदर आई. सायद उसने कुछ येलो सा कुछ पहना हुआ हे. मुझे ठीक से कुछ साफ दिखाई नहीं दे रहा था.

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मेने अपनी आंखे जान बच कर बंद कर ली. वो मेरे पास आ कर बेथ गई. में चाहता था वो यहाँ से चली जाए. पर उसकी जरीबी मुझे महसूस हो रही थी. में पेट के बल लेता हुआ था. उसने मेरे पीठ पर ऊँगली घुमाई.

माधुरी ; में तुम्हारे साथ कई साल रहे चुकी हु. में तुम्हे महसूस कर के बता सकती हु तुम कब सो रहे हो और कब जग रहे हो.

में फिर भी नहीं उठा. उसने मेरे कंधो को दोनों हाथो से जोर लगा कर पलट दिया.

माधुरी ; आंखे खोलो माय क्ष आज मुझे तुम्हारी जरुरत हे.

उसने बात hi ऐसी बोल दी की मुझे आंखे खोलनी hi पड़ी. अगर उसे मेरी जरुरत हे तो में उसे पीछे नहीं छोड़ सकता. मेने आंखे खोली. मुझे अब भी पूरी तरीके से तो साफ नहीं दिख रहा था. पर वो एक येलो गौण में मेरे पास बैठी मुझे hi देख रही थी.

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में ; अपने पति को छोड़ कर मेरे पास आई हो.

माधुरी ; समुन्दर में चाहे कितना भी पानी हो वो प्यास नहीं भुजा सकते.

में ; तो तुम्हे क्या लगता हे और क्या हे जो तुम्हारी प्यास भुजा सकता हे. कोण हे वो जिसकी तुम प्यासी हो.

माधुरी की आंखे बहोत नशीली हो गई. वो मुझे बड़े प्यार और प्यासी नजर से मुझे देखने लगी.

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माधुरी ; तुम.... तुम हो वीर. मुझे तुम्हारी प्यास हे. हमेसा से मेरी प्यास सिर्फ तुम hi भुजा पाए हो वीर. मेरा पहला प्यार.

में सोच में पद गया. जब आया था तब माधुरी ने कोई और बात की वो जग्गू से प्यार और मुझसे हमदर्दी जाता रही थी. जब नींद से उठा तो वो मुझसे बदले की बात कर रही थी. और शपने में तो कुछ और hi दिखा दिया. और अभी अपने पति को छोड़ कर मुझसे प्यार का इज़हार कर रही हे. आखिर सच क्या हे. मुझे कुछ समाज hi नहीं आ रहा. वो मेरी गॉड में सर रख कर मेरी जंगो को कुरेदने लगी. उसके गीले बल भी मुझे जंगो पे महसूस होने लगे.

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माधुरी ; जब से तुम्हे हॉस्पिटल से ले हु 1 मंथ हो चूका हे. पर तुम होश में hi नहीं रहते. 1 मंथ से रोज तुम्हारे बदन को सहेला रही हु. और इंतजार कर रही हु कब तुम्हे होश आओ और मुझे बहो में भर लो.

में सोक हो गया.

में ; (सोक) क्या तुम मुझे हॉस्पिटल से लेकर आई???

माधुरी ; और नहीं तो क्या तुम्हे कितने दिन अपने से दूर रहने देती भला. बड़ी मुश्किल से तुम्हे होश आया. बस अब में कितना जिऊंगी. जितने दिन भी जिउ मेरे साथ hi रहो.

में कुछ समाज नहीं प् रहा था. एक तो में खुद भागते हुए हॉस्पिटल से आया था और माधुरी कहे रही हे मुझे माधुरी खुद होपितल से अपने पास घर ले. और मुझे आज hi होश आया. अगर आज hi होश आया तो जो जिंदगी मेने पहले जी वो क्या था. और ये नया क्या हे. माधुरी बस कुछ hi दिनों की महेमान. में साला कोनसी खिचड़ी का नमक हु ये मेरे साथ क्या हो रहा हे.

माधुरी ; (स्माइल) अब बस में जब तक जिन्दा हु तुम मेरे पास hi रहोगे. वादा करो मुझसे.

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माधुरी ने मेरे लैंड पे पाजामे के ऊपर से हाथ घुमाया. मेने उसका हाथ पकड़ लिया.

में ; ीे एक मिनिट माधुरी मुझे कुछ याद नहीं आए रहा हे. तुम कुछ.

माधुरी ; अच्छा अब आज में मधु से माधुरी हो गई. एक तो तुमने मेरी शादी जग्गू से करवाई और अब मुझे माधुरी बोलने लगे. अरे सिर्फ बॉयफ्रेंड बन के जरुरी मेरी फंतासी पूरी करना था. तुम हस्बैंड भी तो ठीक hi थे.

में ; अच्छा ठीक हे ठीक हे प्लीज मधु मुझे क्या हुआ तुम ठीक से बताओ तुमने मुझे क्यों छोड़ा कब मुझे यहाँ ले तुम्हे क्या हुआ सब कुछ.

माधुरी उठ गई और उल्टा वो मुझे सोक हो कर देखने लगी.

माधुरी ; तुम्हे सच में कुछ याद बही?????

में ; है है सच में याद नहीं.

माधुरी ; मुझे ब्लड कैंसर हे. और में ज्यादा से ज्यादा एक महीने जीने वाली हु अब. तुमने hi पूछा था मेरी कोई ख्वाइस हो तो बताओ. मेने कहा मुझे सोकॉल्ड हस्बैंड चाहिए ये मेरी फंतासी थी. तो तुमने जग्गू से मेरी शादी कवि. और खुद मेरे बॉयफ्रेंड बन गए. अब में जग्गू से तुम्हारे कहने पर प्यार किया. और उसके सामने तुमसे चुदवाती हु. तुम सीढ़ियों से गिर गए थे मेरी और जग्गू की शादी के दिन. अब बस करो.

माधुरी एक साँस में जोर जोर से बोलकर चुप हो गई. मेने उसकी आँखों में देखा वो तो रही थी. चाहे ये सच हे या झूठ में उसकी आँखों में अंशु नहीं देख सकता. मेने उसके अंशु पोछे. मेरे साथ कुछ नया हो जाए उस से पहले मेने उसे अपनी बहो में ले लिया. उसके बूब्स मुझे मेरी चेस्ट पर फील होने लगे. मुझे अभी भी ये बात कुछ अजीब सी hi लग रही थी. क्या झूठ क्या सच पर मुझे अब चुप चाप जो हो रहा हे वो होते हुए बस देखना hi होगा. में अब भी कोई लिंक की तलाश में था. में ये तो जनता था में फसा हुआ हु. पर कहा और कितना बस ये जान न था. और कोनसी कहानी सच हे ये जान न था. मेने भी माधुरी के कंधे पर हाथ रखा और हमदर्दी जाता ते हुए उस से कहा.

में ; मधु में तुमसे आज भी उन hi प्यार करता हु जितना कल करता था. तुम्हारी ख़ुशी में लिए कुछ भी. बोलो क्या चाहती हो.

उसने मेरे पाजामे को ढीला कर दिया था. अंदर मेने अंडरवेर भी नहीं पहना था. उसने मेरा लैंड पकड़ लिया. और बड़े प्यार से उसे हिलाते हुए बोली.

माधुरी ; (स्माइल) फिर मेरी प्यास भुजा दो. नजाने किश जनम की प्यासी हु तुम्हारी.

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माधुरी की नशीली ऐडा वो मुझसे लिपट गई. मुझे चूमने लगी. मेरे गलो को काट ने लगी.

में ; क्या तुम्हारा पति देख रहा हे???

उसने दूर की तरफ फेस किया.

माधुरी ; (स्माइल) जी सुनिए आप अंदर आ जाओ उन्हें कोई प्रॉब्लम नहीं हे.

तुरंत hi दूर खुला और दुबला पतला जग्गू अंदर आया. साला नंगा था. और अपना लैंड हिलाते हुए स्माइल कर रहा था. माधुरी की कमर पे एक कपडे का बेल्ट था. जो माधुरी ने खुद hi खींच लिया. वो अंदर से नंगी थी. में भी घुटनो के बल हुआ. और माधुरी अपना गौण ूयर्ते हुए बेथ गई. वो ज़ुकी और अपने बालो को सवारते हुए झुक कर मेरा लैंड अपने हाथो में पकड़ कर मेरी आँखों में बहोत नशीली अदाओ से देखने लगी. उसने झुक कर मेरा लैंड अपने मुँह में ले लिया. मेने माधुरी के सर पर हाथ रखा. और उसकी पीठ तक सहलाने लगा.

मेरा ध्यान जग्गू पर गया. वो ये सीन देख कर किसी लूज़र चूतिये की तरह अपना लैंड हिला रहा था. मुझे ऐसे मर्द बिलकुल नहीं पसंद. सेल कायर होते हे. और एन्ड वक्त पर धोखा भी देने की फितरत इनमे होती हे. जग्गू की आँखों पर चश्मे थे. सायद no के होंगे. पर अब मुझे मज़ा आने लगा था. पर मेरा दिमाग हमेसा तैयार रहता हे. तभी जग्गू धीरे धीरे बाद पर आया. मुझे शांत रहना ठीक लगा. कोई माधुरी को टाच भी करे तो में उसके टुकड़े कर दू. पर क्या ये जो हो रहा हे वो असली हे या अब भी कोई गेम??

मुझे कुछ समाज नहीं था. वो बाद पर माधुरी की गांड की तरफ बेथ गया. में जो हो रहा हे वो सब नोट कर रहा था. जग्गू ने अपने दोनों हाथो से माधुरी की हिप्स पर हाथ रखा और उन्हें खोलने लगा. जैसे कोई किताब खोल रहा हो. उस कुत्ते ने दोनों हिप्स की दरारों में मुँह दाल दिया. माधुरी ने लैंड से मुँह हटाया. उसकी आंखे बंद थी और मुँह से लार टपक गई. उसने पीछे मुँह कर के देखा.

माधुरी ; ahhhhhh...ssss नोट्टी...

माधुरी ने उसके सर पर हाथ रखा और सहलाया. फिर अपनी गांड पे फिर से दबा दिया. माधुरी ने वापस मेरा लैंड मुँह में भर लिया. वो जोर जोर से मेरा लैंड चूस रही थी. मेने उसे झटका और उसे गिरा कर उसके ऊपर चढ़ गया. उसकी दोनों टंगे खोल कर में बिच में आ गया. माधुरी की टैंगो के पास जग्गू बैठा हुआ था. मेने देर नहीं की और तुरंत लैंड माधुरी की छूट में दाल दिया.

माधुरी ; ससस अह्ह्ह्ह आज भुजा दो मेरी प्यास.

उसकी आवाज बहोत नशीली थी. मेने झटका मारा तो एहसास हुआ की उसकी छूट जैसे बहोत कशी हुई हे. जैसे किसी छोटे बचे की हो. वो जोर से छिलाई

माधुरी ; (आँखों में अंशु) अह्ह्ह्ह सससस दाल दो. जोर से मुझे दरस दो में बहोत बुरी हु ससस अह्ह्ह्ह.

में ये क्या माजरा हे. मेने जोर जोर से धक्के मरना सुरु कर दिया. वो चुटिया जग्गू माधुरी में फेस के पास आए गया और माधुरी के बूब्स पर अपने हाथ घुमा कर गोल गोल घूमने लगा. में बहोत तेज़ तेज़ झटके मरने लगा. तभी मुझे ऐसा लगा जैसे मेरी आँखों के सामने अँधेरा छ गया हु. मुझे लगा में माधुरी के ऊपर hi गिर जाऊंगा. और फिर.....
 
एकदम से दूर खुला और मेरी नींद टूटी. गुस्से में चूर माधुरी अंदर आई. और मेरे सामने आ कर कड़ी हो गई. ब्लैक साड़ी में छोटे ब्लाउज में बहोत हॉट लग रही थी. गोरा मासूम चहेरा. लग hi नहीं रहा था की ये वो रत वाली माधुरी हे. वो मुझे बहोत गुस्से में देख रही थी. उसके हाथ में कागज़ थे.

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माधुरी ने गुस्से में वो कागज़ मेरे मुँह पर मरे. वो सरे कागज़ बीएड और निचे तक बिखर गए.

माधुरी ; (गुस्से में) ये लो डाइवोर्स के पेपर. पढ़ो. अब तो तुम्हे विस्वास होगा की में तुम्हारी बीवी नहीं हु.

में ; (सोक) ये सब क्या हे मधु. और मेने किया क्या हे.

माधुरी ; (गुस्से में चीला कर) अब बस करो. बस बस बस. अगर इतना hi प्यार था तो तल्ख क्यों दिया. मेने बोल दिया न जब वो नहीं होंगे तो बुझा दूंगी तुम्हारी प्यास. कर लेना जो चाहते हो. उतर दूंगी तुम्हारे सामने कपडे हो जाउंगी नंगी. बस यही चाहिए न तुम्हे. मगर मेरे पति पर हाथ उठाया तो मुझे बुरा कोई नहीं होगा.

साला ये क्या नया हुआ. पर इसके लिए में तैयार था. अब मुझे बस एक्टिंग करनी थी. कायो की ये भी झूठ hi होगा.

में ; (सोक) मेने कब हाथ उठाया.

माधुरी रोने लगी.

माधुरी ; (रट हुए) कल रत तुम दारू के नशे में हमारे रूम में घुस आए. और उन्हें मरने लगे. सेल मेरी बीवी को छूने की तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई. अरे अब तुम्हारी बीवी नहीं हु. अब मुझपर उनका हक़ हे.

ये साला वाकई में नई हे. कल कुछ और.

माधुरी ; (रट हुए) हाथ जोड़ती हु तुम्हारे. प्लीज हमें जीने दो. कहोगे तो तुम्हारे घर से हम चले जाएंगे. अगर तुम्हारा एहसान न होता तो हम कभी यहाँ नहीं रुकते.

में ; बस मधु मुझे माफ़ कार्डो. मुझसे गलती हो गई.

माधुरी फिर गुस्से में छिलाई.

माधुरी ; और ये मुझे मधु मधु कहना बंद करो ये हक़ सिर्फ मेरे पति का हे. और तुम मेरे पति नहीं हो.

अब मुझे झटका लगा. क्यों की माधुरी के फेस पर मुझे सचाई लगने लगी. में पिघल गया.

में ; नहीं मधु सॉरी माधुरी मुझे माफ़ कार्डो प्लीज

वो मुझे घर कर देखने लगी.

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उसका खुबशुरत चहेरा उसकी मासूमियत उसके लिप्स में मचल गया. मेने उसका हाथ पकड़ा और उसे बहो में भर लिया. वो मुझसे छुड़ाने की कोसिस करती रही.

माधुरी ; नहीं वीर प्लीज ऐसा मत करो प्लीज.

लेकिन मेने उसकी सुनी नहीं. उसके लीपा पर अपने लिप्स रख कर उसे किश करने लगा. पहले तो वो मेरा विरोध कर रही थी. बाद में वो भी मेरा साथ देने लगी. मेरे बालो में उंगलिया घूमने लगी. तभी जग्गू की आवाज आई.

जग्गू ; मधु..... में ऑफिस जा रहा हु. मुझे टिफिन दे दो.

वो बहार दूसरे रूम से बोल रहा था. तभी माधुरी ने मुझसे अपने आप को छुड़ाया. उसके फेस पर स्माइल बिलकुल नहीं थी.

माधुरी ; (धीमी आवाज में) वो ऑफिस निकल जाए बाद में आती हु.

माधुरी रूम से निकल गई. में सोचता रहा अब क्या होने वाला हे. बहोत देर में सोचता hi रहा. फिर में खड़ा हुआ और रूम से बहार निकला. माधुरी कोई और hi साड़ी में दिखी. वो हलकी सी स्माइल में मुझे hi देख रही थी.

माधुरी ; अरे तुम तैयार नहीं हुए???

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पहले तो मेने माधुरी को ऊपर से निचे तक देखा पूरी सेक्स बम लग रही थी.

माधुरी ; में तुमसे बात कर रही हु. तैयार कायो नहीं हुए अब तक.

में ; पर क्यों??

माधुरी ; तुम्ही ने तो कहा था घर पे बोर हो रहा हु कही बहार ले चलो. तुम्हारी वजह से तो उन्होंने छूती ली हे आज

में फिर सोक हो गया. अभी माधुरी मुझसे झगड़ा कर के गई. और जग्गू ऑफिस. और अब ये.
 
में रूम में तो गया पर मुझे शक था. में रेडी होकर आऊंगा पर वह कोई और hi स्टोरी मिलेगी. पर माधुरी का चहेरा मेरे आँखों में बार बार आ रहा था. इस साडी स्टोरी में से कोई एक स्टोरी सच हो सकती हे. पर सब स्टोरी में सिर्फ एक hi स्टोरी में मुझे मेरी परवाह होते दिखी. जब में खाने के टेबल पर था. मेने अपनी वही ब्लैक शइर्त निकली. और उसे पहन लिया. तभी मेरा दूर बहार से किसी ने नॉक किया. मुझे लगा वो माधुरी hi हो सकती हे.

मेने जा कर दूर खोला तो सामने जग्गू था. वो मुझे स्माइल करते हुए देख रहा था. में सोक था. वो मुझे स्माइल करते हुए क्यों देख रहा हे. कही वो सोकॉल्ड वाला जग्गू हे या रियल वाला.

जग्गू ; (स्माइल) hi सर क्या में अंदर आ सकता हु??

में ; है है क्यों नहीं आओ.

वो अंदर आया और मेरे बाद पर बैठो कर रूम को चारो तरफ देखने लगा. जैसे वो पहेली बार आया हो रूम में. में सोच में पद गया वो क्यों आया हे. में भी उसे देखता रहा.

जग्गू ; (स्माइल) सर दरसल में आप से कुछ बाटे करना चाहता था.

में ; है है कहो?? क्या बाटे करना चाहते हो.

जग्गू ; (स्माइल) वो सर मधु पूरी कोसिस कर रही हे आप का ख्याल रखने की पर फिर भी वो बहोत अपसेट रहती हे आप के लिए. अब आप hi उसे समझाए की जो हो चूका हे उसे तो हम बदल नहीं सकते.

मुझे पारा था की सायद वो माधुरी के कैंसर की बात करेगा. पर अगर ये बात सच हे तो में भी उसकी परवाह करता हु.

में ; में है जग्गू तुम सही कहे रहे हो. उसे मुझसे ज्यादा अपना खुद का ख्याल रखना चाहिए. आखिर वो बीमार हे और फिर भी इतनी भागदौड़ नहीं करनी चाहिए में उसे समझाउंगा.

जग्गू मेरे चहेरे को बड़ी अचरज से देखने लगा.

जग्गू ; (सोक) क्या??? वो..... बीमार हे???

सोक तो में भी हो गया. इसे क्या हो गया हे.

में ; (सोक) है है उसे ब्लड कैंसर हे न.

जग्गू ; (सोक) सर ब्लड कैंसर उसे नहीं आप को हे. में.... तो आप ये कहने आया था की आप अपने आप को अकेला न समझे हम दोनों आप के साथ हे. पिछले 6 मंथ से हम आप का ब्लड बदलवा रहे हे सर.

में सोक हो गया. मुझे जग्गू के फेस पर कुछ सचाई लगी. में सोक हो कर बाद पर बैठ गया.

जग्गू ; डॉक्टर ने बोलै था सर आप के माइंड तक ब्लड काम पहोच पता हे और दिमाग की चोट के कारन आप को कई साड़ी नै नै कहानिया भी दिखती हे. कल hi मधु आप का ब्लड चेंज करवा के ले हे.

में अब मुझे समाज आया की मुझे बार बार अलग अलग स्टोरी क्यों दिखती हे. मुझे एक झटका सा लगा था.

में ; कितना टाइम बाकि हे मेरे पास???

जग्गू ; सर डॉक्टर भले hi चाहे आप को 6 मंथ तक का वक्त बताए पर आप हमारे लिए हमेसा जिन्दा रहोगे सर. आप हिमत मत हारना सर. आप ने हम पर एहसान किया हे. मधु और मेरी शादी आप ने करवाई आप महँ हो सर.

जग्गू मुझे ऐसे बोल कर जोस चढ़ा रहा था जैसे वो मुझे जुंग पर जाने के लिए जोश दिला रहा हो.

जग्गू ; (नर्वस) ऐसे हिमत मत हरो सर. वार्ना मधु बिचारि टूट जाएगी सर.

मेरी आँखों में अंशु आ गए. पर मेने उन्हें पोछा. सायद ये सच होगा. में खड़ा हुआ.

में ; है है उसके सामने हमें खुश दिखना हे. चलो.

हम दोनों हस्ते हुए बहार आए. मेने उसके कंधे पर हाथ रखा. और हम हस्ते हुए निकले.

में ; (स्माइल) अरे भाई मुझे तैयार कर के वो कहा चली गई?.?

जग्गू ; (स्माइल) वो तैयार होने गई हे सर. आप तो औरतो की फितरत जानते hi होना सर.

हम दोनों हसने लगे. तभी बंद रूम से आवाज आई.

माधुरी ; अरे भाई मेरे नए और पुराने दोनों पतियों को किस बात की हसी आ रही हे??

मेरा थोड़ा सा खून तो जला पर में फिर भी नाराजगी नहीं jatai.mene दूर की तरफ देखा. जग्गू भी वही देख रहा था. तभी दूर खुला और वो हुसैन की पारी बहार निकली. वो लहराती हुई मुस्कुराती हुई मेरी आँखों में देखती हुई निकली और किचन की तरफ जाने लगी.

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उसकी खुबशुरत स्माइल मुझे hi देख रही थी. जैसे कहे रही हो केसा लगा मेरा जलवा. पर सही में वो खूबशूरती की देवी और उसकी खुबशुरत स्माइल गजब की लग रही थी.

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जब वो मेरे पास से निकल कर किचन में गई तो में उसके चहेरे को देखता hi रहे गया. ससस क्या खतरन चल थी उसकी.

जग्गू ; अरे जान कहा जा रही हो???

माधुरी ; एक मिनिट गैस चालू हे मेरा.

जग्गू ने मेरे सामने थोड़ी माधुरी से छेड़ छड़ की मुझे बुरा भी लगा पर में क्या कर सकता था वो उसकी बीवी थी. उसने जब माधुरी जा रही थी तो माधुरी की गांड पर एक चटक से मारा. और मेरा लैंड माधुरी की गांड को देखते hi खड़ा हो रखा था. पर जब उसने मारा माधुरी की मादक आवाज.

माधुरी ; ससस अह्ह्ह (स्माइल) बदमाश..

वो किचन में चली गई. जग्गू की नजर फिर एक डैम से मुझपर गई तो वो मुझसे माफ़ी मांगने लगा.

जग्गू ; अरे सॉरी सर में तो भूल hi गया की आप यही हो. वो हम दोनों एक दूसरे से बहोत प्या.......

में ; है है भाई तुम्हारी बीवी हे. भाई.

जग्गू ; अरे सर बीवी तो अब मेरी हे पर प्यार तो वो आप से भी करती hi हेना. क्यों न हम आज की शाम को याद गर बना दे. तभी एक डैम से माधुरी मेरे hi सामने आ कर कड़ी हो गई.

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जैसे पूछ रही हो किसी लग रही हु में?? रेड ट्रांसफर्मेन्ट साड़ी और छोटा ब्रा जैसा ग्रीन ब्लाउज. रेड लिप्स आँखों में काजल. कानो में मस्त एयरिंग्स और गले में नैकलेस क्या जबरदस्त लग रही थी वो.

में ; (स्माइल) आज तो कमल की लग रही हो. पूरी सेक्स बम.

माधुरी एक डैम से खिलखिला कर हसने लगी. में उसकी ये खुबशुरत हसी को देखता hi रहे गया.

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तभी जग्गू मेरे पास आया और मेरे कंधे पर हाथ रखा.

जग्गू ; (स्माइल) तो चले गाड़ी रेडी हे.

में ; है चलो.

जग्गू तो चल दिया में ने माधुरी की तरफ देखा वो नशीली अदाओ से मुझे hi देख रही थी. उसके फेस पर शरती स्माइल थी.

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में चलने तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझे बहो में खींच लिया. उसके बदन से आ रही खुशबु. मेरा लैंड तना हुआ था. जो माधुरी को उसकी खुली नाभि के पास निचे की तरफ टाच होने लगा. माधुरी ने मेरे फेस के पास अपना फेस किया मेरे लीपा से उसकी लिप्स टाच हुई. उसकी गरम सांसे मुझे मेरे फेस पर फील होने लगी.

माधुरी ; (मदहोश स्माइल) आज की शाम बहोत रंगीन होने वाली हे.

में ; मुझे और क्या चाहिए तुम और एक शाम.

माधुरी ने पंत के ऊपर से hi मेरा लैंड बिच दिया. मेरी अह्ह्ह निकल गई.

माधुरी ; (मदहोस स्माइल) चले???

हम दोनों एक दूसरे का हाथ पकड़ कर चलने लगे में भूल गया की में किसी ट्रेप में भी हो सकता हु. माधुरी मेरा हाथ पकड़ कर चलती हुई मुझे hi देख रही थी. वो बार बार मुझे देखते हुए अपने बूब्स को टाच ज्यादा कर रही थी.

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हम बहार आए. मुझे ऐसा लगा जैसे बहोत सालो बाद में बहार आया हु. निचे मेरे फ़्लैट के सामने वही रोड और सामने वही समशान खण्डार जैसी दुकान.

माधुरी ; बैठो..

मेने नजर घुमाई तो जग्गू आगे ड्राइविंग सीट पर बैठा था और माधुरी पीछे बैठी मुझे देख कर मुस्कुरा रही थी. पीछे वाला कार का दूर भी खुला हुआ था. में ये देखने की कोसिए कर रहा था की ये कार तो इंडिया में मेने कही नहीं देखि. ये किसकी हे. और हमारे पास शायद कार तो नहीं थी. फिर ये कार???

माधुरी ; (स्माइल) अरे बैठो न

मेने माधुरी का फेस देखा. उसने अपने बगल में मेरे बैठने के लिए जगह भी बना राखी थी. में उसके बगल में बेथ गया. कार चल पड़ी. माधुरी ने मेरी जंग पर अपना हाथ रख दिया. मेने माधुरी को देखा तो वो मुझे देखते हुए स्माइल कर रही थी. मुझे दर था की कही मेरे साथ धोखा तो नहीं हो रहा हे कही. माधुरी ने धीरे धीरे हाथ आगे बढ़ाया और मेरे पंत की जीप खोल दी. वो मेरे पंत जीप खोल कर लैंड को बहार निकलती हे और फिर सर ऊपर कर के मुझे देखती हे.

उसके फेस पर शरती स्माइल थी. उसने अपनी ऊँगली और अंगूठे के बिच मेरे लैंड के टोपे को हल्का सा मशला. मेरी आंखे बंद होने लगी. मेने आगे देखा तो जग्गू मिरर से मुझे hi देख रहा हे. वो कमीना मुझे देख कर स्माइल करने लगा. माधुरी ने मेरे लैंड को हिलना स्टार्ट कर दिया. जब वो मेरा लैंड हिलती तो उसका हाथ हिलता और चूडियो के खनक ने की आवाज भी आती.

जग्गू साला कमीना ड्राइव करते हुए hi अपना लैंड मशलने लगा. मेने उसके आगे से तो नहीं देखा पर हरकत देख कर पता भी लग hi रहा था. एक जगह पर उसने कार रोकी. मुझे ऐसा लगा जैसे पहले कभी मेने ये जगह देखि नहीं हे. जग्गू उतरा. तो माधुरी ने मेरी तरफ देखा. और स्माइल करते हुए बोली.

माधुरी ; (स्माइल) आ गए हम.

मेने भी माधुरी को स्माइल किया और कार से उतरा.

माधुरी ; ये कोनसी जगह हे.

में भी वो जगह पहेली बार hi देख रहा था.

जग्गू ; नई रेस्टोरेंट खुला हे. ज्यादा लोगो को अभी पता नहीं हे. पर बहोत अच्छा हे.

मुझे दाल में कुछ कला लग रहा था. मिरर में देख कर जग्गू का हसना और माधुरी का मेरे साथ खेलना सब मुझे एक ट्रेप जैसा लगा. हम अंदर गए तो वो किसी महल जैसा लगा. बड़ा सा चमकता हुआ हॉल. पर एक hi टेबल था.

माधुरी ; ऍम मम पहले मुझे वाशरूम जाना हे.

जग्गू ; वह उस तरफ हे.

में सोच में पद गया. ये केसा रेस्टोरेंट हे. यहाँ कोई वेटर क्यों नहीं हे.

में ; यार जग्गू कोई वेटर भी नहीं हे. ये किसी जगह हे.

जग्गू ; अरे आप बैठिये तो सही वो भी आ जाएगा.

में जैसे hi चेयर पर बैठा. उसमे से पत्तिया निकली. और मुझे ऊपर चेस्ट की तरफ से दोनों हाथ और दोनों पशू को एक पट्टी ने जकड लिया. में हिल भी नहीं पाया. मेने थोड़ा छूटने की कोसिए की पर फायदा नहीं था. में समाज गया ये क्या होने वाला हे. मेने जग्गू को घर के देखा.

जग्गू ; (हस्ते हुए) है है तुम फास गए मेरे जल में.

जग्गू जोर जोर से हसने लगा. जैसे hi मेने मुँह खोला उसने मेरे मुँह में कपडा थुश दिया. फिर जो शख्स आया उसे देख कर में सोक हो गया. वो राईस था. में उसे देख कर सोक हो गया. मेने उसे कही देखा हुआ था. मुझे याद नहीं आ रहा था की मेने उसे कही देखा हे. पर कहा?? वो मेरे कैब आया. उसके हाथ में एक िंगजेटिओं था.

राईस ; (स्माइल) है राजा शब् में जिन्दा हु. और जैसे तुम फसे हुए हो वैसे तुम्हारी बीवी भी फांसी हुई हे.

में छूटने की कोसिस करता पर उस चेयर पर में जकड़ा हुआ था. में उसे याद करने की कोसिस कर रहा था. तभी वो बोल पड़ा.

राईस ; ज्यादा दिमाग पर जोर मत डालो राजा शब् मुझे तुम्हारी बीवी ने hi मारा था. पर में जिन्दा बच गया. अब में तुम्हारी बीवी से hi बदला ले रहा हु.

तभी जग्गू पागलो के जैसे मेरे करीब फेस लेकर आया और बड़ी बड़ी आंखे करता हुआ बोलै.

जग्गू ; और जानते हो वो तुम्हारी बीवी जो अब मेरी हे वो तुम्हे राईस समाज रही हे. वो भी हमारी शिकार हे. उसे तुम नहीं तुम्हारी जगह राईस दिख रहा हे.

दोनों जोर जोर से हसने लगे. तभी राईस ने मुझे इंजेस्टिव लगा दिया. वो लगते हुए बोलै.

राईस ; वो बदला लेने आई हे. वो खुद तुम्हे मारेगी. ऐसा hi एक इंजेस्टिव उसे भी हमने लगाया हे. अब देखो तमसा कैसे वो तुम्हारे सामने रंडी बनेगी.

जग्गू ; (स्माइल) है है है. और वो मेरी हो जाएगी. वो तुम्हे अपने प्यारे पति वीर का कातिल समाज कर मर देगी. फिर सिर्फ में उसका पति होऊंगा. है है है. फिर में तुम्हारे घर में तुम्हारी जगह.

मुझे जैसे नशा होने लगा. मुझे गहन चढ़ने लगा. मेरी आँखों के सामने राईस का चहेरा घूमने लगा. और मुझे नींद आ गई. में शापना देखने लगा. शपने में वही सीन जिसमे माधुरी पूरी नंगी राईस के जिश्म से खेल रही थी. और अचानक उसके गले पर किसी जानवर जैसा वर. मतलब माधुरी ने राईस को मर डाला. तभी मुझे आवाज आने लगी.

माधुरी ; वीर वीर आंखे खोलो वीर.

मेरी आंखे खुली मेरे सामने माधुरी थी. वो अपने हाथो से मेरा पसीना पोछ रही थी. पोछते पोछते उसका अंगूठा मेरे गले पर रेंग रहा था. में समाज गया वो एक नाटक प्ले कर रही हे. और मुझे मरने के लिए मेरे गले को जाँच रही हे. वो मुझे वीर के जैसे ट्रीट कर रही हे. पर उसे नहीं पता की में hi असली वीर हु. पर मेरे हाथ पाव काम नहीं कर रहे थे. माधुरी की हालत पर मुझे तरस आने लगा. मुझे तो असलियत का पता चल गया. पर वो मेरी तरह सब नाटक समाज रही थी. और वो भी असली राईस को मरने के लिए खोज रही हे. जो हर बार में नै नै स्टोरी देख रहा था. वैसे सायद वो भी देख रही हे.

माधुरी मेरे सामने आ गई.

माधुरी ; (स्माइल) अब तो ठीक हेना? हम्म

मेने कोई जवाब नहीं दिया. वो मेरे बगल में hi बेथ गई. मुझे अपने आप से ज्यादा उसपर तरस आने लगा. तब्बी माधुरी ने जग्गू से कहा.

माधुरी ; तुमने इंग्जेस्टिव ठीक से लगा दिया न.

जग्गू ; है अब राईस रेडी हे.

माधुरी ; सससससस ससस. इसे राईस मत बोलो. ये अभी वीर हे.

माधुरी ने मेरे सामने फेस किया और स्माइल करते हुए मेरे बालो में हाथ घुमाया.

माधुरी ; (स्माइल) और तुम मुझे पिंकी संजो हम्म्म ठीक हे???

अब ये पिंकी कोण होगी मुझे कुछ याद नहीं आ रहा था पर में जग्गू को और माधुरी को देखने लगा. अभी भी मेरे हाथ बंधे हुए थे पर वो राईस कही दिखाई hi नहीं दे रहा था. माधुरी चारो तरफ देखने लगी.

माधुरी ; जग्गू डार्लिंग मूड नहीं बन रहा लाइट वगेरा कुछ चेंज करो कुछ नशीला सा.

तभी जग्गू ने ताकि बजे लाइट साडी बंद हो गई. फिर एकदम से ग्रीन लाइट जबरदस्त नशीला माहौल बन गया. जग्गू ने भी उसे टेबल के निचे से एक और इंग्जेस्टिव निकला. वो खड़ा हुआ और माधुरी के पास आया. माधुरी मेरे बगल में बैठी हुई थी. उसने सर उठा कर जग्गू को देखा.

माधुरी ; मुझे स्ट्रांग दोसे चाहिए.

जग्गू ; ये स्ट्रांग hi हे.

माधुरी ने अपने बाजु से साड़ी का पल्लू हटाया. और अपना बाजु आगे किया. वो मुझे देख कर मुस्कुराने लगी. जग्गू ने इंग्जेस्टिव उसके बाजु पे लगाया. माधुरी मुझे बस देखती मुस्कुराती रही जैसे उसे दर्द नहीं मज़ा आ रहा हो. फिर माधुरी ने अपनी आंखे बंद कर ली और अपने सर को गोल घूमने लगी. वो बैठी बैठी hi झूमने लगी. जैसे उसमे बहुत आ गया हो. माधुरी ने एकदम धीमे से आंखे खोली और नशीली आँखों से मुझे देखने लगी. उसे जैसे नशा हो गया हो.

वो कड़ी हुई. उसके पाव लड़खड़ा रहे थे. वो मुझे स्माइल करते हुए देख कर अपने दोनों हाथ अपनी कमर पर रख कर अपनी कमर और गांड हिलने लगी.

माधुरी ; हु मममम हु ममम.

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उसकी नजर में हवस थी. वो मेरे शर्ट के बोटों खोलने लगी. जग्गू भी है रहा था.

जग्गू ; डार्लिंग आज क्या प्लान हे.

वो मेरी आँखों में देखते हुए बोली

माधुरी ; (स्माइल) अज्ज्ज इनकी गॉड में hi.

वो कड़ी हुई और जोर जोर से हस्ते हुए जमीं पर hi गिर गई. जग्गू मेरे पास आया. और मेरे कण में बहोत धीमे से बोलै.

जग्गू ; (धीमी आवाज में) वीर सब वाकई आप की बीवी क्या मॉल हे देखो कैसे जमीं पर वायग्रा के नशे में अपना जिश्म दिखा रही हे.

में उसे गली देना चाहता था पर मेरी जुबान भी मेरा साथ नहीं दे रही थी.

जग्गू ; तुम्हारे सामने तुम्हारी बीवी को रगड़ कर छोडूंगा तुम कुछ नहीं कर पाओगे. वो ख़ुशी से तुम्हारे सामने छुड़ेगी.

माधुरी की साड़ी ऊपर से खुल चुकी थी. उसका जोबन पूरा दिखाई देने लगा. ग्रीन ब्लाउज में से आधे से ज्यादा बूब्स बहार दिखाई देने लगे. में माधुरी को hi देख रहा था पर कुछ कर नहीं सकता था. तभी मुझे ुंग्लोयो में कुछ गरम महसूस हुआ. बड़ी मुश्किल से मेने थोड़ी सी गर्दन घुमाई. देखा तो जग्गू मेरी उंगलियों के बिच अपना लैंड आगे पीछे कर रहा हे.

मुझे गुस्सा आया. मेरी उंगलियों के बिच वो कमीना अपना लैंड फसा कर हिला रहा हे. मुझे बहोत जबरदस्त गुस्सा आया. पर में सर ऊपर तक नहीं कर प् रहा था. वो नंगा हो चूका था. में उसके लैंड को मरोड़ कर उसके लैंड को तोड़ देना चाहता था.

जग्गू ; (स्माइल) तुम्हारी बीवी के लिए इसे तैयार करवा रहा हु. हिलो मत इसकी उसको जरुरत हे.

वो कमीना मेरा मज़ाक बना कर हसने लगा. में कुछ नहीं कर सकता था. माधुरी कड़ी हुई. वो कमीना जग्गू मेरे कानो के पास फिर अपना मुँह लेकर आया. और फिर धीमे से कहा.

जग्गू ; (धीमी आवाज में) तुम जानते हो आज रत तुम्हारी बीवी किसके साथ हम बिस्तर होने वाली हे.

में कपङे लगा मेरी आंखे बड़ी हो गई. जैसे मेरी आँखों में खून उतर आया हो.

जग्गू ; (स्माइल) राईस के साथ. है है है.

जग्गू बहोत कामिनी हसी हसने लगा. सामने माधुरी फुल जैसे शारब पि राखी हो.

जग्गू ; वो आज राईस को तुम समझेगी. में उसे पुराने वक्त में लेजाऊंगा. तुम खड़े देखते रहोगे. अपनी बीवी को किसी गैर मर्द की बहो में. और तुम कुछ नहीं कर पाओगे.

माधुरी झूमती हुई कड़ी हुई वो मुझे hi देख रही थी. उसने झटके से अपने साड़ी का पल्लू उठा कर अपने जोबन को ढाका. तभी जग्गू उसके पास पहोच गया और माधुरी की कमर पकड़ कर गरदन घूमता हे. और मुझे बहोत गन्दी स्माइल करते हुए देखने लगा. माधुरी भी मुझे hi नशीली आँखों से देख रही थी. पर वो मुझे सायद बदले की भावना से देख रही थी.

तभी जग्गू ने माधुरी की साड़ी को निचे से उठाना सुरु किया. माधुरी के गोर गोर पाव. और भरी भरी सी जंगे सब दिखाई देने लगा. अचानक उसने सब कुछ दिखा दिया. अंदर पंतय नहीं पहनी थी. उसकी फूली हुई छूट पर जग्गू चूमने लगा. माधुरी तो नशे में सिसकारियां निकलते हुए हसने लगी. उसकी आंखे बंद हो गई. और एक हाथ तो ऊपर hi उठ गया.

माधुरी ; अह्ह्ह ससस (सुरीली आवाज में हसना)

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माधुरी मेरी आँखों में देखती हुई जोर जोर से सिसकारियां भर रही थी. और मुझे देख रही थी. अचानक से माधुरी ने मेरी आँखों मेदेखते हुए अपने सीने से साड़ी का पल्लू जातक दिया. दोबारा वही माधुरी का जोबन मेरे सामने खुल गया. सिर्फ कंधे पर पट्टी वाला और डीप नाक, बैकलेस. बिना बाजु वजा ब्रा जैसा ग्रीन ब्लाउज में से जो आधे से ज्यादा बूब्स बहार आने को तड़प पाहे हो. मेरे सामने आ गए.

वो मुझे बड़ी नशीली अदाओ से देखने लगी. अचानक उसने जग्गू को झटका और अपनी साड़ी उतर कर फेक दी. जग्गू तो निचे गिर गया. पर गिरा हुआ hi वो है कर मेरा मज़ाक उदा रहा था. माधुरी लचकती लहराती हुई नशीली मादक चल से धीरे धीरे चलती हुई मेरे पास आ गई. वो मेरी गॉड में चढ़ गई. उसके दोनों घुटने मेरी कमर की हड्डियों से टाच हो गई. और मेरा फेस पकड़ कर मेरे गलो को चूमने लगी.

माधुरी ; (स्माइल नशीली आंखे) आखरी बार तुम अपनी हसरत पूरी कर लो. तुम्हे किसी और से अपनी पार्टनर को देखना पसंद हे न.

में बोलना चाहता था की में राईस नहीं हु. पर बोल hi नहीं प् रहा था. मेरी जुबान hi मेरे काबू में नहीं थी. वो बहोत प्यार से मेरे फेस और कॉल को चूमने लगी मेरे बालो को अपने हाथो से सहलाने लगी. फिर मेरी आँखों में देखते हुए अपने दोनों हाथो को पीछे लेजाकर अपना घागरा ऊपर उठा देती हे. पीछे का हिस्सा तो में नहीं दरख सकता था. पर माधुरी की पीठ जैसे कोई पहाड़ी की रिज हो. चिकनी पीठ और बिच कमर पर बना गधा. मुझे साफ दिखाई दे रहा था. माधुरी मेरी आँखों में देखते हुए नशीली अदाओ से बोली.

माधुरी ; (नशीली आँखों से) आओ जग्गू इनकी आखरी हसरत पूरी करे.

जग्गू हस्ता हुए अपना लैंड हिलाते हुए खड़ा हुआ और वो भी धीमी चल से माधुरी के पीछे मेरे सामने आने लग. वो माधुरी की हिप्स पर अपने दोनों हाथ रखता हे. मेने अपनी आंखे बंद कर ली. पर बंद आँखों से भी मेरी आँखों से अंशु बहे गए. में कुछ नहीं कर पाया.

तभी माधुरी ने मेरे लिप्स पर अपने लिप्स रख दिए. वो मेरी गॉड में जग्गू से छोड़ने वाली थी. ये वक्त मेरे लिए बहोत दर्दनाक था. बस एक गलत फेमि एक धोखे की वजह से आज मेरी बीवी मुझे जान से मर देने वाली थी. तभी एकदम से उसके लिप्स मेरे लिप्स पर ज्यादा प्रेस हुए. में समाज गया की जग्गू ने माधुरी के पीछे से धक्का दे दिया हे. पर में कुछ नहीं कर पाया. माधुरी मेरी गॉड में मेरी तरफ हिल रही थी.

जग्गू उसे छोड़ रहा था. धीरे धीरे माधुरी मेरे गले को चाटने लगी. मुझे अपना बिता कल याद आने लगा. एक के बाद एक कैसे वो लोगो को अपने जबड़े से बिच कर लोगो का डैम घोट दिया करती थी. कैसे बहोत सरे लोगो को माधुरी ने मौत के घाट उतर दिया. और अब वो उसे हुए धोके से मुझे कोई और समाज कर मौत के घाट उतरने वाली थी.

मुझे उसके तीखे नोकीले डट अपने गले पर महसूस होने लगे. वो बड़े आहिस्ता से अपने जबड़े को प्रेस करने लगी. मेने अपनी आंखे बंद कर ली. बस ख़ुशी इस बात की थी की में किसी कायर के हाथो से नहीं मर रहा मुझे जान से मरने वाली बीवी ने मुझे जिंदगी में बहोत प्यार दिया. उसके डट मुझे चुबने लगे और मेरी आँखों के सामने अँधेरा छ गया.........

मुझे ऐसा लगा जैसे में एक दाल दाल में हु. और ऊपर आने की कोसिस कर रहा हु. अचानक मेरा हाथ किनारे तक पहोच गया. में बहोत जोर लगा कर ऊपर आया. जैसे hi बहार निकला बारिश होने लगी. में जमीं पर hi पीठ के बल लेट गया. और जोर जोर से हाफने लगा. तभी मेरी आंख खुली और मुझे पता चला में जिन्दा हु. में अब भी एक चेयर पर बंधा हुआ था. तभी मुझे जग्गू के हसने की आवाज आई.

जग्गू ; है है है (स्माइल) अभी जिन्दा हो तुम मरे नहीं हो. पर मर जाओगे. क्यों की तुम्हे में मरूंगा. ओह्ह्ह्ह तुम बचे कैसे यही न. जो तुम्हारे साथ हुआ वो तुम्हारी बीवी के साथ भी हुआ. है ठीक सुना तुमने. अभी हमारी शादी नहीं हुई. वो अब भी तुम्हारी hi बीवी हे.

में ; तुम्हे चाहिए क्या?? तुम मेरे साथ ऐसा क्यों कर रहे हो??? तुम्हारी और हमारी तो कोई दुश्मनी भी नहीं हे.

जग्गू ; हम्म्म नहीं हे. पर मुझे मधु चाहिए. में तुम दोनों बीवियों को ऐसे भयानक शपने दिखा रहा हु. ताकि वो मेरी हो जाए. पर जब तक तुम जिन्दा हो वो मेरी नहीं हो सकती.

में ; (गुस्से में) वो तुम्हारी कभी होगी भी नहीं. अब में सब जान चूका हु.

जग्गू जोरो से हसने लगा.

जग्गू ; है है पर सिर्फ आधा. कल हमारी सगाई हे. मेने एक नया देव खेला हे. अब उसके लिए तुम उसके एक्स hi रहोगे. पर उसका असली प्यार में रहूँगा. जैसा तुम्हे पहले 2 शापनो में दिखा. तुम हमारी सगाई और शादी दोनों देखोगे.

में ; तुम कभी कामयाब नहीं हो पाओगे.

जग्गू ; 100% हो जाऊंगा. में जो मर्जी चाहे वो स्टोरी बना सकता हु. फिलहाल सामने देखो. तुम्हारी बीवी तुम्हे समाज कर राईस के साथ प्यार करने वाली हे. ये राईस ने मुझसे सोडा किया हे. वो तुम्हारी बीवी को कुछ दिन छोड़ेगा. और फिर वो मेरी हो जाएगी. वैसे भी तुम्हारी बीवी बिस्तर पर हर बार एक नया एहसास देती हे.

में सामने देखने लगा. जग्गू मेरे जंगो पर हाथ घूमने लगा. में नंगा था इसका एहसास मुझे जग्गू के हाथ टाच करने से हुआ. मेने जग्गू को देखा. में सोक था उसे ये क्या सोख हे.

जग्गू ; (स्माइल) अरे नहीं नहीं. में गांडू नहीं हु. बस चाहता हु तुम शर्म से दुब मारो. जब तुम्हारी बीवी छुड़ेगी. और वो देख कर तुम्हारा लैंड खड़ा होगा तो तुम खुद की नजरो में गिर जाओगे. है सच बड़ा मज़ा आएगा. अपनी बीवी की चुदाई दरख कर जब तुम्हारा लैंड रोने लगेगा. मेने अपनी नजर माधुरी की तरफ घुमाई. वो लाइट येलो पतली सी ट्रांसफर्मेन्ट साड़ी में थी. वो बहोत हॉट लुक में थी. हवा से उसकी साड़ी का पल्लू और उसके खुले बल लहरा रहे थे.

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जग्गू देखो कैसे उस राईस के सामने शूम रही हे. कैसे राईस को खुश करने के लिए उसके आगे पीछे घूम रही हे. वो समाज रही हे वो तुम हो. और तुम बीमार हो. मेने माधुरी को देखा. वो सच में ज़ूम रही थी.

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जग्गू ; एक मिनिट तुम्हे उनकी आवाज नहीं ढूंसि दे रही होगी. ये लो.

में एक बड़े कच के पीछे से उन्हें देख रहा था. में तो बंधा हुआ था. में कुछ नहीं कर सकता था. तभी जग्गू ने एक रिमोट का बोटों दबाया और मुझे उनकी आवाज भी सुनाई देने लगी.

माधुरी ; देखो न कितना प्यारा मौसम हे वीर अह्ह्ह मुझे तो प्यार करने का मन कर रहा हे.

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माधुरी बार बार उसके वास् पास साड़ी लहराती हुई ज़ूम रही थी. मेने जग्गू को देखा वो मेरे पीछे आ गया. उसने मेरे कंधो पर हाथ रखा.

जग्गू ; (स्माइल) बहोत गरम हे वीर शब्. उसे तुम जी भर के खेलने दो. उसकी हवस मिटाना तुम्हारा काम नहीं हे. उसे हम पर छोड़ दो.

में ; तुम उस से शादी कर लो में बिच में नहीं आऊंगा पर प्लीज उसे ऐसे बेइज्जत मत करो.

जग्गू ; अरे कर तो लेता पर तुम बिच में हो न. अब मुझे बहोत सरे गेम खेलने हे. तुम जानते हो कल वो तुम्हे जग्गू समझेगी और मुझे तुम. और में शादी करूँगा उस से और सुहागरात मनाऊंगा. अगर तुम बिच में आए तो इसी रिमोट से एक बोटों डा बेग ी और उसके सर में वैसा hi दर्द होगा जैसा तुम्हारे सर में होता हे. और उसका सर किसी बेम की तरह फैट कर ब्लास्ट हो जाएगा.

में दर गया. माधुरी को बचाना जरुरी हे.

में ; नहीं नहीं में बिच में नहीं आऊंगा मेरा वादा पर प्लीज उसके साथ कुछ मत करना.

जग्गू ; पर छोडूंगा जरूर तुम मरने से पहले सुहागरात जरूर देखोगे. समझे अब दिल्ली तुम्हारी बीवी की मस्त चुदाई.

जग्गू ने अपना हाथ आगे बढ़ा कर मेरे लैंड पर हाथ रख दिया. मेरा लैंड तो सोया हुआ था. तभी सामने एक वील चेयर पर बैठे राईस ने माधुरी की दोनों हिप्स की तरफ हाथ किया.

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अचानक से उसने हाथ आगे बढ़ा कर माधुरी की दोनों हिप्स जोर से मशाल दी. माधुरी एक डैम से उछाल कर आगे हो गई. और पीछे मुद कर राईस को देखती हे.

माधुरी ; अह्ह्ह्ह ससस बदमाश ससस

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माधुरी की मादक सिसकारी और जग्गू ने मेरा लैंड ऐसे हिलाया के मेरे अंदर सं सनी मच गई. मेने अपनी आंखे बंद कर ली.

जग्गू ; (स्माइल) आंखे खोलो राजा शब्.

मेने आंखे नहीं खोली तो उसने मुझे बहोत प्यार से धमकी दी.

जग्गू ; अगर आंखे नहीं खोली तो में रिमोट का बोटों दबा दूंगा.

मुझे आंखे खोलनी पड़ी माधुरी राईस की चेयर पर ज़ुकती हे. एक हाथ उसकी जंग और दूसरा हाथ उसके कंधो पर रखती हे.

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माधुरी ; अगर प्यार का मूड नहीं था तो मेरी गांड क्यों बिछी बोलो है बोलो.

में माधुरी की ये बात नहीं सुन न चाहता था. मुझे अंदर hi अंदर अपना खून जलता महसूस होने लगा. एक बहोत बड़ी बजती और जिल्लत महसूस होने लगी. तभी राईस हसने लगा. और माधुरी के बूब्स पर अपने हाथ घूमने लगा.

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माधुरी भी उसके फेस को चूमने लगी. जग्गू ने मेरे लैंड को जोर से हिलाया. मेरा लैंड तन गया. वो हसने लगा.

जग्गू ; (स्माइल) वह अपनी बीवी को देख कर खड़ा हो गया. तुम तो बड़े बेगैरत हो.

मुझे अपने आप पर शर्म आने लगी. वही वो राईस बड़े प्यार से बैठा मेरी बीवी के बूब्स गोल गोल मशाल रहा था.

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मेरे होश गायब होने लगे. में कुछ नहीं कर पाया. ऊपर से जग्गू के हाथ और बीवी की मादकता से मेरे अंदर भी उत्तेजना भड़क गई. तभी वो दोनों जोर जोर से किश करने लगे और एकदम से माधुरी हाफति हुई अलग हुई. जोर जोर से हाफने से उसे बूब्स भी पुरे हिप रहे थे.

माधुरी ; (हफ्ते हुए) बाप रे तुमने तो मेरी जान hi निकल दी.

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जग्गू हसने लगा. मेने शर्म से अपनी नजरे ज़ुका ली.

जग्गू ; (स्माइल) क्यों मज़ा आया.

में ; बस करो जग्गू में नहीं देख सकता ये सब.

जग्गू ; तुम तो कई बार देख चुके हो. पहले भी तो कई बार देखा हे.

बस जग्गू की यही बात मेरा मंद कुछ वक्त के लिए डाइवर्ट हुआ. में ऐसा तो नहीं था में कब उसे किसी और के साथ देखा होगा. मुझे ज्यादा याद नहीं आ रहा था.

राईस ; ओफ्फो ये पल्लू बताओ यार.

माधुरी हसने लगी. उसकी सुरीली आवाज सच में अच्छे अच्छा का लैंड खड़ा कर दे.

माधुरी ; (शरत स्माइल) अम्म्म हम्म्म नहीं हटाऊँगी.

राईस ; प्लीज यार हटाओ न मुझे देखना हे.

माधुरी ; (स्माइल) दिखाऊ???

राईस ; है बाबा दिखाओ न.

माधुरी हसकर उसे तड़पने लगी. उसे खेलना बखूबी आता हे. तभी हवा चली और माधुरी अपना पल्लू गिरने से सँभालने लगी.

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जग्गू मेरे लैंड पे कुछ टैक्सी से हाथ चलने लगा. मेरी भी सांसे अटैक गई. माधुरी सम्भली और राईस को देख कर हसने लगी.

जग्गू ; हैट साला बहोत तड़पती हे.

तभी अचानक वो हो गया जो में नहीं चाहता था. माधुरी ने अपना पल्लू एक झटके में खींच कर निचे गिरा दिया. और राईस के सामने तन कर कड़ी हो गई.

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माधुरी के बूब्स एकदम सामने से निखार कर आए.

जग्गू ; (स्माइल) अह्ह्ह ससस अब मज़ा आया ससस क्या क़यामत हे.

वो बड़ी जोर से मेरा लैंड हिलने लगा. सामने भी तो माधुरी खुले जोबन में कड़ी थी. तभी अचानक माधुरी चलते हुए आगे बढ़ी वो राईस की तरफ बढ़ रही थी.

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जग्गू भी वो सीन देख कर मेरा लैंड जोर जोर से हिलने लगा. मेरी आंखे छोटी बड़ी होने लगी. में चरम पर पहोच गया. तभी नेने अपनी आंखे बंद की. और मुझे अपना पुराण अतीत दिख गया. जैसे में खलित हुआ. मेरे लैंड से पानी निकला में चीला कर बोलै.

में ; (चीला कर) एक मिनिट. वो उसे नहीं छोड़ पाएगा.

जग्गू के हाथ मेरा वीर्य चिपका हुआ था. वो सोक हो कर मुझे देखने लगा.

जग्गू ; क्या????.

में ; (स्माइल) वो उसे छोड़ नहीं सकता. उसके पास लैंड hi नहीं हे.

जग्गू ने जोर से मेरे फेस पर मुक्का मारा और में चेयर समेत गिर गया.

जग्गू ; (गुस्से में) तब तू आज रत देख लेना. वो मुझसे खुद छुड़वाने आएगी.
 
उसने मुझे मुक्का मारा और में चेयर के समेत hi बढ़ा हुआ निचे गिर गया. उसने रिमोट का एक बोटों दबाया और सामने माधुरी चीखने लगी. मुझे इस दौरान चुप रहना चाहिए था और जग्गू को समज़ना चाहिए था. आखिर आधी याद देश प् कर में उसका पूरा प्लान नहीं समाज सकता था. वो मुझे हर बार अपना नया नया प्लान बता रहा था. मतलब उसका दिमाग संतुलन में नहीं हे. मतलब वो भी असली प्लानर नहीं हे. पर उसने जब बोटों दबाया तो माधुरी जोर से चीखने लगी.

मेने एक और गलती की. माधुरी की हॉटनेस से ज्यादा मुझे उस राईस के फेस पर ज्यादा रिसर्च करनी चाहिए थी. इतना हॉट माहौल होने के बाद भी राईस के फेस पर बिलकुल भी सेक्सुअल फील नहीं था. उल्टा जग्गू ज्यादा गरम होकर मेरे लैंड से ज्यादा खेल रहा था. आखिर क्यों उसे ऐसी नामर्द गिरी करने की जरुरत पड़ी. पर सामने माधुरी जोर से चीखी यक़ीनन में इस दर्द को समाज सकता हु.

क्यों की में इस दर्द को जेल चूका हु. मुझे माधुरी की परवाह होने लगी. वो जमीं पर गिरी तड़प रही थी. में जग्गू के सामने गिड़गिड़ाया.

में ; (रट हुए) प्लीज ऐसा मत करो. प्लीज.

तभी उस बेरहम ने एक और बोटों दबाया और वो दरस मुझे भी होने लगा. में समाज गया की जिस तरह में फसा हुआ हु वैसे मेरी बीवी भी फांसी हुई हे. वो भी मेरी तरह मंद वाश की शिकार हे. एक मिनिट मंद वाश. मंद गेम में जनता हु कोई इसमें माहिर हे. जिसे में जनता हु. आखिर वो हे कोण. कोई तो हे जो मेरा हे. और इनसब का तोड़ जनता हे. तभी में बेहोश होने लगा. मेरी आँखों के सामने अँधेरा छ गया. में बेहोश होते हुए लास्ट में देखा की जग्गू माधुरी की तंग खींच कर उसे घसीट ते हुए लेजा रहा हे. वो बेहोश थी. लेकिन में भी बेहोश हो गया. तभी बहोत साड़ी आवाजे मेरे कानो में गूंजने लगी.

के ों तिगर ये तुम कर सकते हो. के ों तिगर. तुमसे बेस्ट कोई नहीं.

मेरी कमर पर एक ट्रेक्टर का तैयार एक रस्सी से बढ़ा हुआ हे. में एक कीचड़ की क्रॉल से रेंगता हुआ गुजर रहा था. मेरे साथ पीछे वो तैयार भी घसीट कर खींच रहा tha.vo बार बार क्रॉल में फास जाता. जिस कारन मेरी कमर पे जो रस्सी बंधी हुई थी वो खींचती. वो रस्सी मुझे जकड रही थी. चूब रही थी. घिस रही थी. में बहोत दर्द में था. तभी मुझे होश आया. में चेयर पर अकेला बैठा हुआ था. मेरे आस पास कोई नहीं था.

पास में एक टेबल पर सायद चिनाई मिटटी का पोर्ट था. में पूरी ताकत से झटका मर कर चेयर को उचकने लगा. में धीरे धीरे टेबल तक पहोच. और उस पोर्ट को गिराया. पोर्ट गिर कर टूट गया. पर न मेरे हाथ उसे उठा कर दे सकते थे न पाव. में खुद अपनी चेयर को उछाल कर गिराया. में भी गिर गया. मेरे कंधो पर बहोत जोर की चोट लगी.

पर उस दर्द से ज्यादा मुझे माधुरी की फ़िक्र होने लगी. मेने एक टुकड़ा अपने मुँह से उठाया और बड़ी मुश्किल से अपने हाथो की पट्टी कटी. मेरे हाथ आज़ाद हुए तो में अपने पाव को खोल कर आज़ाद हो गया. चारो तरफ अँधेरा था. ये जगह कोनसी हे में ये भी बही जनता था. में छुप कर धीरे धीरे वही अगन में आया जहा माधुरी और राईस को देखा था. वह आया तो पता चली की वो कोई अगन नहीं सब नाजलि बनावट हे. जो एक डैम ओरिजनल दीखता हे.

में धीरे कुछ रूम से हो कर गुजरने लगा. तभी मुझे माधुरी के खिल खिला कर हसने की आवाज आई. में एक अलमारी के पास छुप गया. कही जग्गू भी साथ न हो. तभी मुझे अन्हेरे में माधुरी नजर आई. वो ग्रीन ड्रेस में खुबशुरत दबे पाव आ रही थी. जैसे किसी को दूध रही हो.

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तभी मुझे जग्गू की आवाज आई.

जग्गू ; (हसने की) ढूढो मुझे में कहा हु?? है है है.

पर वो मुझे भी कही दिखाई नहीं दे रहा था. माधुरी ने आवाज की तरफ मुँह मोड़ा. वो एक्साइट और खुश नजर आ रही थी. उसके फेस पर स्माइल थी.

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मुझे माधुरी की खुली पीठ दिखाई दी. जग्गू ने जो मुझे दिखाया और जो उसने किया. अब मुझे उसका असर होने लगा था. उसकी नंगी और गोरी पीठ देख कर में अपनी जीभ अपने होठो पर घिसने लगा. मुझे उत्तेजना महसूस होने लगी. साथ hi जग्गू की बात याद आई वो खुद मेरे पास आएगी. ये मेरे लिए शायद सोकॉल्ड नेस का जनम था.

लेकिन डिल ये नहीं चाहता था. पर दिमाग नै नै सोच को जनम देने लगा. में उत्तेजित होने लगा. तभी मुझे जग्गू की आवाज सुनाई देने लगी.

जग्गू ; (स्माइल) तुम्हे कोई देख रहा हे मधु. उस तरफ जहा अँधेरा हे.

सायद जग्गू किसी मइके से बोल रहा था. क्यों की थोड़ा साउंड एक्को आ रहा था. माधुरी ने मेरी तरफ देखा. वो मेरी तरफ देख कर मुस्कुरा रही थी.

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में दर गया कही जग्गू ने जो बोलै वो सच न हो और वो मेरे बारे में क्या सोचेगी की कोई पति अपनी बीवी को ऐसे देखने आया हे. पर तभी माधुरी बोल पड़ी.

माधुरी ; कहा वह तो सिर्फ अँधेरा हे. कुछ नहीं दिखाई दे रहा हे.

तभी बस थोड़ी सी मुझे रहत हुई. जग्गू मेरे साथ बहोत hi गन्दा खेल खेल रहा था.

जग्गू ; (हसने की आवाज) अरे बाबा मन लो की वह अँधेरे में तुम्हारा पति छुपा हुआ हे. और वो तुम्हे किसी और के साथ देखना चाहता हे. अब तुम क्या करोगी.

माधुरी सुरीली आवाज में झूमने लगी. वो अपने घागरे को उठा कर खुसी से गोल घूमने लगी.

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माधुरी जोर से खिल खिला कर हसने लगी. जिस कारन मेरे अंदर बहोत hi तेज़ उत्तेजना होने लगी. मुझे अपने आप पे शर्म और घिरना भी आ रही थी. पर क्या करता.

माधुरी ; (स्माइल) मतलब क्या सच में अगर वो मुझे देख रहे होते???

जग्गू ; है और वो तुम्हे किसी और के साथ कुछ होते देखना चाहते तो तुम क्या करती.

माधुरी ; (स्माइल) तो???? में?????. सच????

माधुरी बोल कर जोर जो से सांसे लेने लगी. उसके बूब्स बहोत तेज़ ऊपर निचे होने lage.vo फिट झूमने लगी.

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माधुरी ; (स्माइल) उनकी ख़ुशी के लिए तो??? (शर्माना) (रुक कर बोलना) कुछ भी.

मतलब वो तैयार हे??? वो मुझे गलत समाज रही हे. भगवन का लाख सुकर हे की वो सिर्फ कल्पना समाज रही हे. हकीकत होती तो में नीति जी मर जाता. जो मेरे साथ हो रहा हे वैसी हर में अपनी जिंदगी में कभी नहीं देखि. में अपनी बीवी को देख कर hi उत्तेजित होने लगा था. जिसके लिए में अपनी नजरो में hi बार बार गिर रहा था. तभी अचानक किसी ने माधुरी के घागरे का पल्लू खींच न सुरु कर दिया. ऐसा लग रहा था जैसे माधुरी जूठा विरोध कर रही हे.

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माधुरी ; (स्माइल) नहीं प्लीज उनके सामने मुझे नंगा मत करो.

तभी देखा मेरे सामने जग्गू पूरा नंगा आ गया और वो माधुरी को कीच कर उसे अपनी बहो में भर लिया. माधुरी उसे देय करने की को सीस कर राहु हे.

माधुरी ; नहीं प्लीज रुकी उनके सामने में नहीं कर सकती प्लीज.

जग्गू ने उसे छोड़ दिया.

जग्गू ; अरे पर उसे मज़ा आ रहा हे. वो तुम्हे देखना चाहता हे.

माधुरी अँधेरे की तरफ 2 कदम बढ़ी और अँधेरे में दे बै नजरे घूमने लगी.

माधुरी ; क्या सच में तुम मुझे देख रहे हो??. अगर देख रहे हो तो प्लीज मुझे अपने होने का कोई सिग्नल दो.

में ये नहीं कर सकता था. तभी मेरे पास से जमीं पर एक रिंग लुढ़कती हुई अँधेरे से उजाले की तरफ जाने लगी. हे भगवन वो मेरी शादी वाली रिंग थी जो माधुरी ने मुझे पहनाई थी. मेने उसे नहीं फेकि थी. तो वो मेरे पास से किसने फेकि. माधुरी ने उसे उठाया और उसे पहन कर चुम लिया. वो मुस्कुरा कर बोली.

माधुरी ; (स्माइल) आप के लिए कुछ भी.

मेरी आँखों से अंशु निकल आए वो मुझे गलत समाज रही थी. माधुरी अपने घागरे का नाडा खोलने लगी तो जग्गू ने उसे रोक दिया.

जग्गू ; नहीं नहीं मधु डार्लिंग अभी नहीं. चुदाई तो हम सिर्फ अपनी सुहागरात को hi दिखाएंगे. अभी तो सिर्फ तुम मेरे लैंड को चूस कर दिखाओ.

माधुरी एक्साइटमेंट में बोली.

माधुरी ; (स्माइल) क्या वो ये सब चाहते हे???

जग्गू ; है है वो चाहते हे की हमारी शादी हो जाए और तुम मेरी हो जाओ. क्या तुम उनकी आखरी ख्वाइस पूरी नहीं करोगी.

माधुरी ; अगर वो खुद मुझे बोलवंगे तो पागल कुत्ते से भी शादी कर लुंगी.

जग्गू ; अच्छा तो वो तुम्हे खुद कहेंगे ये मेरा वादा हे. अब मेरा लैंड चुसो ताकि उन्हें भी मज़ा आए

माधुरी घुटनो पर बेथ गई और जग्गू का लैंड पकड़ कर. मेरी तरफ देखने लगी. जैसे में उसे दिखाई दे रहा हो.

माधुरी ; (स्माइल) सिर्फ आप के लिए.

माधुरी ने जग्गू का लैंड मुँह में भर लिया और उसे चूसने लगी. मेरी आँखों से आंसू आ गए. आवाज न निकले इस लिए मेने अपने मुँह पर हाथ रख लिया. पर तभी अँधेरे में मुझे किसी का हाथ अपने लैंड पर महसूस हुआ. में उसे देख नहीं सकता था. पर मेने वो हाथ को पकड़ा तो महसूस हुआ की वो हाथ किसी औरत या लड़की का हे.

क्यों की उसके हाथ में चूड़ी थी. वो मेरे लैंड को हिलने लगी. में दुखी था पर एक उत्तेजित वासना ने मुझे जकड लिया. सामने मेरी बीवी जग्गू का लैंड चूस रही थी. और कोई फीमेल मेरा लैंड हिला रही थी. मेरी सांसे भरी हो गई. तभी जग्गू ने मेरी तरफ फेस किया. वो कमीना मुझे देख कर है रहा था. जैसे मुझे देख कर hi है रहा हे. और मेरी मज़ाक उदा रहा हे.

मुझे शर्म और ग्लानि महेसुआ हुई. तभी उस औरत का हाथ मेरी कमर और जंग पे महसूस होने लगा जैसे वो झुक गई हो. सामने मेरी बीवी जग्गू का चूस रही थी वही लैंड पर मुझे कुछ गिला महसूस हुआ. मेने उसके सर को पकड़ कर रोकने की कोसिए की. में उसे देख नहीं सकता था. पर वो जबरदस्ती मेरे लैंड को अपने लिप्स में दबाने में कामयाब हो गई. में नाकामयाब रहा.

वो मेरे लैंड को निगल गई. में ये क्या कर रहा था. मेरे अंशु भी मेरी ग्लानि और शर्म को छुपा नहीं सकते. हम दोनों मिया बीवी जग्गू की चालाकी का शिकार हो गए वही जग्गू मुझे देख कर चिलाय

जग्गू ; अह्ह्ह है म किंग मेरी रैंड सससस आआह्ह्ह्ह.

सायद जग्गू का हो गया उसका चिलाना और माधुरी की खनक में भी अपने लैंड से पानी उगल बैठा. वो माधुरी का हाथ पकड़ के जाने लगा. में जमीं पर गिर के रोने लगा. मुझे महेसुआ होने लगा की कोई औरत मेरे पास से कड़ी हो कर गुजरी हे. में अपनी नजरो में hi गिर गया. आज में वही लचर पड़ा रहा में बेहोश नहीं हुआ. कुछ देर बाद एकदम से रौशनी हुई. में चौक गया. साडी लाइट्स चालू हो गई. और जग्गू पूरा नंगा हस्ता हुआ मेरे करीब आने लगा.
 
वो हस्ता हुआ मेरे पास आया. और अपने पाव को मेरे कंधे से लगा कर उसने मुझे पलटा. मेरी आँखों में अंशु थे. वो अपने पाव को हवा में उठा कर अपने पाव के अंगूठे को मेरे फेस पर घूमने लगा. फिर उसके पाव का अंगूठा मेरी चेस्ट के घने बालो से मेरी नाभि तक और फिर मेरे लैंड पे घूमने लगा. मेरे वीर्य से उसके पाव का अंगूठा सं गया. वो फिर घुटनो पर बेथ कर मेरे लैंड को पकड़ लिया. और घुमा गुमा कर देखने लगा.

जग्गू ; (स्माइल) ऐसा तुम्हारे हथियार में कोनसे हिरे जेड हे जो लड़किया इसकी दीवानी हो जाती हे??? है????

मेने कोई जवाब नहीं दिया.

जग्गू ; कल तुम्हे मधु को खुद अपने मुँह से कहना होगा की वो मुझसे शादी करे. वो तुम्हारी बात मन जाएगी.

में ; (गुस्से में) में ऐसा नहीं करूँगा.

जग्गू ; जरूर करोगे नहीं तो तुम्हारी बीवी का सर फैट जाएगा. और तुम्हे ये भी उस से जिद करनी होगी की तुम हमारी सुहागरात देखना चाहते हो.

में ; तुम मुझे सोकॉल्ड बना न चाहते हो???

जग्गू ; (स्माइल) बड़े समज़दार हो. चलो अब चुप चाप अपनी बीवी की तरह इंग्जेस्टिव लगवा लो.

जग्गू ने अपनी जेब से इंग्जेस्टिव निकला में मजबूर था. उसने मुझे इंजेस्टिव लगाया. में बेहोश तो हुआ पर में पूरी टिके से नहीं. मेरी आंखे थोड़ी सी खुली थी. मुझे सब धुंधला दिखाई दे रहा था. आंखे खुली होने की वजह से आँखों से पानी निकल रहा था. कोई जींस वाली लड़की आई और वो अपने कपडे उतरने लगी. मुझे सीधा लेता कर उसने मेरे साथ सेक्स किया. पर में कुछ फील नहीं कर प् रहा था. पर कुछ वक्त बाद मेने अपने दिमाग पर जोर डालना छोड़ दिया. आंखे तो मेरी खुली hi रही पर में सो गया.

सुबह मेरी नींद खुली तो मुझे घर में चहल पहल सी लगी. वो जालिम दरिंदा फिर रूम में आ गया. शूट बूट में हीरो बन के. जैसे आज hi उसकी शादी हो.

जग्गू ; (स्माइल) तो किसी रही रत राजा शब्.

में ; रत को वो लड़की कोण थी??

जग्गू ; ऍम मम सोक होने की (जुटी एक्टिंग) कोण लड़की?? लगता हे अब तुम्हे दोसे का ज्यादा असर होने लगा हे.

में ; जुट मत बोलो जग्गू.

तभी अचानक से माधुरी की आवाज आई

माधुरी ; वह मेरे दोनों होने वाले और पहले पति दोनों hi यहाँ हे और में घर में कहा कहा नहीं ढूढ़ा.

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में माधुरी को देखता hi रहे गया. क्या खुबशुरत लग रही थी. उस ब्लू साड़ी में. कमल की खूबशूरती फेस पर मासूमियत. वो मेरे करीब आई. में उसे अपनी बहो में लेना चाहता था पर जग्गू ने बिच में अपना गन्दा देव खेल दिया.

जग्गू ; (स्माइल) लो आ गई तुम अब सुन लो इनके मुँह से hi. पर ये बोलने से थोड़ा हीच कीचा रहे हे.

माधुरी ने मुझे बड़े प्यार से देखा.

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माधुरी ; में तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकती हु. आप क्या सच में ये चाहते हो की में जग्गू से शादी करू.

में उसकी मासूमियत को देखता hi रहे गया. पर जब मेने जग्गू की तरफ देखा तो उसने बस जरा से रिमोट की झलक दिखाई. में दर गया. क्यों की मेरी बीवी फांसी हुई थी. कोई खेल जग्गू ने खेल रहा हे. मेने हकलाते हुए तुरंत hi जवाब दे दिया.

में ; हहह है माधुरी तुम जग्गू से शादी कर लो.

में बड़ी मुश्किल से ये बोल पाया. माधुरी मुझे देखती रहे गई. और फिर मेरे गले लग गई. जग्गू मेरे सामने माधुरी के पीछे आया. और उसने मुझे न रोने का हिसार किया. मेने अपनी भावनाओ पे काबू रखा. उसके बड़े बूब्स मेरे साइन में दबे हुए थे. उसके बदन की नरम नरम गर्मी में महसूस कर रहा था. तभी जग्गू ने एक हाथ उसकी साड़ी के ऊपर से hi उसकी दोनों हिप्स में बिच टाच किया. माधुरी थोड़ी उछाल गई. पर मेरी बहो से नहीं निकली. मुझे अफ़सोस हुआ और अपने आप से ढेर साडी घिरना. क्यों की ऐसा करने से मेरा लैंड टाइट हो गया जो माधुरी ने भी महसूस कर लिया. वो मेरी बहो में सर छुपाए hi हस्ते हुए बोली.

माधुरी ; (स्माइल) जग्गू अभी प्लीज मत करो न अभी. मुझे इनके सामने शर्म आएगी.

जग्गू मेरी आँखों में hi स्माइल करते हुए बोलै.

जग्गू ; (स्माइल) में तो सिर्फ वही कर रहा हु जो राजा शब् ने बोलै.

माधुरी मेरी बहो में hi सिसक रही थी. और जग्गू साड़ी के ऊपर से hi उसकी गांड के छेड़ से खेलने लगा. ऊपर से माधुरी मेरी बहो में. हे भगवन में ऐसा नहीं हो सकता. और न hi कभी ऐसा होना चाहता था. प्लीज इसे ख़तम कर दो. अपनी नजरो में और जलील नहीं होना चाहता. तभी माधुरी हम दोनों को जातक कर निकल गई. और दूर की तरफ भाग निकली. वो दूर पे जाकर फिर कड़ी हो गई. और पीछे मुद कर बड़ी प्यासी नजरो से मुझे देखने लगी.

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तब मुझे उसकी खुली पीठ दिखाई दी. मेने उसके फेस उसकी आँखों को देखा. सससस बहोत प्यास थी उसकी आँखों में. किसी को भी दीवाना बना दे. लेकिन एक चीज अच्छी थी की माधुरी ने मुझे एक बात खुद hi पूछ ली. क्यों की में वो उसे नहीं बता सकता था. और मुझे अपनी बीवी की जान बचने के लिए उसे ये बताना जरुरी था.

माधुरी ; क्या सच में तुम मुझे जग्गू के साथ....... देखना चाहते हो.

जग्गू ने मेरी पीठ पर हाथ रखा और बड़ी बेशर्मी से बोलै.

जग्गू ; (स्माइल) है मधु ये हम दोनों को सेक्स देखना चाहते हे. इन्होने मुझे स्पेशल रिक्वेस्ट की के सुहागरात को ये भी हमारे साथ रहना चाहते हे और तुम भी एक अच्छे सोकॉल्ड हस्बैंड की बीवी की तरह मेरी दुल्हन बनो. क्यों इनकी ख्वाइस पूरी करोगे न.

माधुरी ने मेरी आँखों में देखा. मुझे जग्गू के कारन है में गर्दन हिलनी पड़ी. वो वह से चली गई. उसके लास्ट चहेरे के भाव में देख hi नहीं पाया. तभी जग्गू मेरे सामने आ गया और मुझे गले लगा लिया. डिल तो चाहता था की उसे दबोच कर मर दालु पर में मजबूर था.

जग्गू ; चलो अब तैयार हो जाओ. हमारी सगाई यहाँ नहीं हे.

वो मुझसे अलग हुआ और मुझे देखता hi रहा. उसकी नजर मेरा मज़ाक बना रही थी. में कुछ नहीं कर सकता था. वो वह से चले गया. में तैयार हुआ. जब रूम से बहार आया तो बहोत से लोग थे. जिन्हे में नहीं जनता सब के सब जाने की प्लानिंग कर रहे थे. में भी उनमे शामिल था और सब रोकने का प्लान दूध रहा था. तभी माधुरी मेरे पीछे से आई. उसके फेस पर बहोत प्यारी स्माइल थी.

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माधुरी ; तुम हमारे साथ चलो न. मेरे लिए.

में उसकी मासूमियत उसके प्यार में खो गया. वो मेरा हाथ पकड़ कर निचे ले. बहार बहोत तेज़ धुप थी. और उस धुप में किसी सुन की तरह वो भी चमक रही थी. एक कार में वो पीछे बेथ कर खिसक गई. और बहार मुँह निकल कर मुझे सीट पर हाथ मर के बोली.

माधुरी ; (स्माइल) आओ मेरे पास बैठो.

में उसे मन नहीं कर पाया और कार में उसकी बगल में बेथ गया. जब बैठा तो में सोक हो गया. माधुरी की दूसरी बगल में जग्गू था. वो मुझे देख कर मुस्कुराने लगा.

जग्गू ; ओह्ह्ह वह राजा शब् चलो आप की फंतासी को हम रोक नहीं सकते.

वो हसने लगा. माधुरी ने मेरी गॉड में मेरे लैंड पे hi हाथ रखा और झुक कर दूर बंद किया. कार चल पड़ी पर मेरा लैंड सही में खड़ा हो गया. जिसे देख कर माधुरी मुझे देखती hi रही. में भी उसकी प्यासी निगाहो में खो गया. तभी जग्गू ने माधुरी के बूब्स पे हाथ रखा. माधुरी ने उसका हाथ पकड़ लिया.

माधुरी ; जग्गू नहीं प्लीज.

जग्गू ; (स्माइल) में सिर्फ राजा शब् के लिए कर रहा हु.

माधुरी ने अपनी आंखे बंद कर ली और मेरे कंधो पर सर टिका कर जैसे सो गई हो. पर उसकी सांसे टिया चल रही थी. मेने आगे बैठे दृवार पे नजर डाली वो कच में हमारी हरकत देख रहा था. मुझे अपने आप पर शर्म आने लगी. और जग्गू उसके दोनों बूबा को बड़े प्यार से दबाने लगा. पता नहीं माधुरी को क्या हुआ. वो झटके से पीछे मुँह कर के मेरा सर पकड़ लिया. और मुझे लिप किश करने लगी.

वो किश करती hi गई. मेने भी अपनी आंखे बंद कर ली और माधुरी में hi खो गया. पता नहीं कितना वक्त लगा होगा. तभी जग्गू की आवाज मेरे कानो में गई.

जग्गू ; मधु राजा शब्, राजा शब् हम पहोच गए. अब बस करो.

हमने फेस ऊपर किया तो हम सही में पहोच चुके थे. कोई बहोत बड़ा होटल था. हमें पता hi नहीं चला की कब वक्त गुजर गया. में बहार आया और माधुरी के पीछे जाने लगा पर जग्गू ने मुझे रोक दिया. उसने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे पीछे खींचा.

जग्गू ; अरे अरे अरे अब उसके पीछे कहा जा रागे हो. अब वो मेरी होने वाली हे. आओ इधर आओ.

वो मुझे अपने साथ एक रूम में ले गया. वह उसने सब बंदोबस्त पहले से hi कर रखा था. एक रूम में टेबल चेयर. टेबल पर एक 8पं की बोतल सिर्फ 2 गिलास. और तरह तरह का नस्म्किन. मुझसे पहले वो टेबल पर बैठ गया.

जग्गू ; आओ मेरी सगाई का जश्न मनाए. जब तक रिंग सेरेमनी नहीं होती हम थोड़ा हलके हो जाए. (स्माइल) क्यों ठीक हे न.

में होश में रहना चाहता था. मेने सोचा उसे ज्यादा पीला कर उस से रिमोट छीन लूंगा. में भी उसके सामने बेथ गया. उसने 2 पग बनाए.

जग्गू ; (स्माइल) तो केसा लगा मेरा तुम्हारी बीवी को टाच. आज तो कोई शापना भी नहीं था. आज तो तुमने होशो आवाज में सब देखा. क्यों मज़ा आया.

मुझे गुस्सा आया और में पग जातक गया.

जग्गू ; तुम्हारे सामने में उस से शादी करूँगा. फिर उसके साथ सुहागरात मनाऊंगा. उसे नंगी करूँगा. उसे अपना लैंड चुसवाऊँगा. और तुम एक नामर्द की तरह हमें देखोगे.

वो मुझे उकसा उकसा कर शराब पिलाता गया. मुझे ज्यादा नशा होने लगा. में बाहेक गया. में उसे लुढ़कने गया था.

जग्गू ; (स्माइल) अरे हमें बहोत वक्त हो गया. अब हमें उठना होगा.

उसने मुझे कई वक्त तक वही रखा. में उठने के काबिल नहीं रहा. वो वह से चले गया. मेरा सर घूमने लगा. में कई देर वही रुका रहा. मुझे बहोत वोमिट भी हुई. में पता नहीं चला कितने वक्त वह रहा. जब मेरा नशा फटा में बहार निकला. जग्गू फिर हस्ते हुए मेरे सामने आया.

जग्गू ; (स्माइल) अरे वह वीर शब् मुझे तो लगा आप नहीं उठोगे अब ये अपना होलिया थोड़ा ठीक कर लो. गेस्ट क्या सोचेंगे चलो देखो वह तोलते हे.

में अभी भी लड़खड़ा रहा था में वह तक पहोचा. मेने अपना फेस धोया. और फिर में बहार आया. मुझे अभी भी नशा हो रखा था. लोगो का नाच गण चल रहा था. में भीड़ में बस एक शरभ था. किसी को मेरे होने का कोई फर्क नहीं पद रहा था.

मेने सोचा मुझे भीड़ से कही निकल जाना चाहिए. में लदखते कदमो से वह से चल दिया. वो बहोत बड़ा होटल जैसा था. में कई रूम के सामने से होकर गुजरा. तभी मेरे सामने एक दूर खुला और उसमे से माधुरी बहार निकली. वो दूर पर बड़ी स्टाइल से कड़ी हो गई.

माधुरी ; कहा जा रहे हो??

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मेने सर उठा कर देखा. और बस अपनी बेबसी और जरा सा मुस्कुराया.

माधुरी ; (स्माइल) अंदर आओ न. मुझे तुम्हारी हेल्प चाहिए.

वो अंदर रूम में चली गई. में उसे देखता रहा. फिर लड़खड़ाते कदमो के साथ में भी उसके पीछे जाने लगा. अंदर रूम में गया तो माधुरी अपने मुँह में पिन दबाए जरा सा पीछे देख रही थी. उसकी खुली नंगी पीठ मुझे दिखाई देने लगी. में होश में नहीं था. मेरे अंदर सं सनी फैलने लगी और वो मुझे अपने पास बुलाने लगी.

माधुरी ; जरा ये पिन लगा दो न.

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में नशे था और उसकी तरफ बढ़ने लगा. में उसके करीब पहोचा और बड़े करीब से उसकी नंगी पीठ को निहारने लगा.

माधुरी ; अरे क्या कर रहे हो? लगाओ न बाबा

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मेने उसकी नंगी पीठ पर हाथ रखा. मुझे अब भी नशा था. मेने पिन तो पकड़ी पर वो मेरे हाथ से छूट गई.

माधुरी ; लगा दिया???

लेकिन पिन तो निचे गिर चुकी थी. और मुजमे इतनी हिम्मत नहीं थी की में झुक कर पिन उठा सकू या लगा सकू. मेने उसकी खुली नंगी पीठ पर अपने दोनों हाथ रखे और चुम लिया.

माधुरी ; ससससस अह्ह्ह. (स्माइल) बस इसी लिए तो मेने तुम्हे बुलाया हे.

वो पलटी और मेरे लीपा पर अपने लिप्स रख दिए. में बेकाबू उसके बूब्स को मशलने लगा. वो मुझे किश किये जा रही थी. जैसे बरसो की भूखी हो. जब उसने मुझे छोड़ा में हाफने लगा. Mera,sara नशा फैट गया. वो मुझे देख कर मुस्कुराई.

माधुरी ; (स्माइल) ऐसा लगता हे आप की निगाहे बहोत कुछ कहना चाहती हे.

मुझे याद आया. में होश में आया सोचा में उसे सब कुछ सच बता दू. ताकि वो कैसे भी काम से काम उसके चंगुल से निकल जाए.

में ; है मधु में तुमसे कुछ कहना चाहता हु.

तभी अचानक एक लेडीज गलती से अंदर आ गई.

लेडीज ; (स्माइल) ओह्ह्ह सॉरी.

वो बहार चली गई. मेने फिर माधुरी की तरफ फेस किया.

माधुरी ; (स्माइल) है कहो क्या कहना चाहते हो.

वो मुझे शरत भरी नजरो से देखने लगी. उस पगली को ये नहीं पता था की में बहोत खास बात करना चाहता हु.

में ; यहाँ नहीं. कही और जहा कोई हमें सुन न सके.

माधुरी ने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे होटल के पीछे वाले हिस्से में ले गई. वह स्वीमिंग पुल्ल था. पर वह कोई नहीं था एकदम शांति. थोड़ी बहोत म्यूजिक की आवाज अंदर से आ रही थी. पर हम बात कर सकते थे. फिर भी मेने चारो तरफ नजर घुमाई कोई नहीं था. फिर मेने बगल में कड़ी माधुरी पर नजर डाली तो वो मेरे बगल में नहीं thi.me सोक हो गया अरे ये कहा गई. तब्बी मुझे माधुरी की बहोत hi खिल खिलाती हसने की मधुर आवाज आई.

मेने थोड़ी नजरे उस तरफ घुमाई तो माधुरी मेरी तरफ पीठ कर के बैठी थी. वो शर्मा रही थी. उसके फेस पर स्माइल और खुली पीठ का क्या जबरदस्त उतर चढाव था.

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उसकी कमर तक की झलक दिख रही थी. में भूल गया की में उसे सचेत करने आया हु. में उसके पास गया और उसकी पीठ को फिर सहलाने लगा. उसके कंधो को चुम लिया.

में ; मधु में तुमसे बहोत प्यार करता हु.

माधुरी ; (स्माइल) फिर भी मुझे किसी और के हवाले कर रहे हो???

मुझे होश आया.

में ; है है मधु बस यही तो जरुरी बात......

माधुरी पलटी और मेरे मुँह पर हाथ रख दिया.

माधुरी ; (स्माइल शर्मीला पैन नशीला पैन) कुछ मत कहो में जानती हु तुम क्या चाहते हो. तुम्हे ये सब बहोत अच्छा लगता हेना. अब देखो में तुम्हारी ख़ुशी के लिए क्या क्या करुँगी. सिर्फ तुम्हारे लिए. तुम तड़पना चाहते हो न. सोकॉल्ड फीलिंग लेना चाहते हो न. आज में तुम्हे बहोत मज़ा दूंगी.

में ; नहीं वो....

माधुरी ने जैसे हाथ हटाया में बोलने hi वाला था की अंदर से अनाउंसमेंट हुआ.

माधुरी जहा कही भी हो रिंग सेरेमनी के लिए यहाँ स्टेज पर आए.

माधुरी ; (एक्साइट स्माइल) मुझे जाना होगा चलो तुमभी.

वो मेरा हाथ पकड़ कर भागने लगी. जब उस हॉल में पहोचे मेने अपना हाथ छुड़ा लिया. वो रुकी और पीछे मुद कर देखने लगी.

में ; तुम जाओ मधु.

वो एक मिनिट देखती रही. सब उसे पुकारने लगे. फिर वो मुड़ी और जाने लगी. में उसे भीड़ में से जाते हुए देखता रहा.

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मेरे सरे अरमान टूट गए. वो स्टेज पर गई. और बरी बरी दोनों ने एक दूसरे को रिंग पहनाई. सब ने तालिया बजे. ये मेरे लिए बहोत दुःख का वक्त था. में बरदास नहीं कर प् रहा था. मेरी आँखों से आंसू बहने लगे. तभी उस कमीने जग्गू ने मेरा नाम पुकारा. वो माइक लेकर पब्लिक में बोलने लगा

जग्गू ; में कभी भी मधु जैसी खुबशुरत हसीना को प् नहीं सकता था. पर एक मेरी जिंदगी में फैलता आया. और उसने मुझे अपने हिस्से की साडी खुशिया मुझे दे दी. उनका नाम हे. वीर सिंह जो जोधपुर रियासत के राजा हे. में चाहता हु प्लीज वो हमारे बिच आए.

सब तालिया बजने लगे. मुझे वह जाना होगा. मेने अपने अंशु पोछे और लोगो के बिच छुप गया. पर माधुरी ने जो किया वो सायद कोई और नहीं कर सकता था. उसने जग्गू के हाथ से माइक लिया.

माधुरी ; में जानती हु आप यहाँ नहीं आना चाहते पर प्लीज मेरे लिए. क्यों की आज भी में दुनिया में सब से ज्यादा प्यार सिर्फ तुमसे करती हु. और तुम्हारे कहने पर hi में ये शादी कर रही हु. तो प्लीज इस वक्त मुझे तुम्हारी सब से ज्यादा जरुरत हे. प्लीज मेरे पास आओ.

माधुरी पुकारे और में न जाऊ. ऐसा न मुमकिन हे. में बहार आया सब तालिया बजा रहे थे. मेरे फेस पे सिर्फ नाम की मुश्कान थी. वो भी में माधुरी के बोलने से भावुक हो गया था इस लिए. में बहार आया. में उनके पास धीरे धीरे पहोच गया. उसने मुझे गले लगा लिया. कोई क्या सोचेगा इसकी उसको बिलकुल परवाह नहीं थी. में चीख कर कहे सकता था ये हे मेरी मधु मेरा प्यार. वो सब के सामने मुझे गले से लगा लिया. पर जब तुम मुशीबत में हो तब तुम्हे ये पता नहीं चलता की नै मुशीबत तुम्हारे लिए कोण लेकर आएगा.

माधुरी मेरी बहो में hi थी. उसने सब के सामने मेरा गाल चूमा और बड़े धीमे से मेरे कण में बोली.

माधुरी ; (स्माइल) तुम मुझे देखना बहोत पसंद हेना. पीछे एक और हॉल हे. उसमे आओ तुम्हे बहोत मज़ा आने वाला हे.

वो मेरी बहो से निकली और तालिया बजने लगी. मेरे शिव हर कोई तालिया बजा रहा था. वो भीड़ में से चली गई. जग्गू मेरा हाथ पकड़ कर मुझे स्टेज से निचे लाया.

में ; (घबराहट) कहा लेजा रहे हो मुझे.

जग्गू सामने hi देखते हुए स्माइल करता हुआ बोलै.

जग्गू ; (स्माइल) don't मंद राजा शब्. ये मेरा बिलकुल प्लान नहीं हे. ये तुम्हारी बीवी ने तुम्हे hi खुश करने के लिए सब किया हे. अब सवाल मत करो चलो तुम्हे सब पता चल जाएगा.

मुझे घबराहट होने लगी. में डरने लगा. मुझे वो एक बंद बड़े से हॉल में ले आया.

में ; (घबराहट) इधर... इधर क्यों लाए मुझे???

वो मेरी लाचारी पर हसने लगा. तभी वो मेरे करीब आया और मेरी थोड़ी को पकड़ कर मोड़ ते हुए बोलै.

जग्गू ; (स्माइल) उधर देखो.

जब मेने गरदन घुमाई. और देखा तो सोक हो गया. माधुरी एक शरती कमुख स्माइल करती हुई धीरे धीरे सिडिया उतरती हुई निचे आ रही थी. वो मुझे hi देख रही थी.

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वो धीरे धीरे निचे आ गई मेरा डिल जोर जोर से धड़कने लगा. जग्गू ने धीरे धीरे सोकॉल्ड बना hi दिया था. सब में देखना नहीं चाहता था. पर सब देख कर में अपने आप पर काबू hi नहीं कर पता था. में उत्तेजित होने लगा था. मेरे बदन में खून की रफतार तेज़ हो गई. और मुँह का सारा थूक सुख गया वो निचे आई. और मेरे बिलकुल सामने आ गई.

माधुरी ; (स्माइल शरती कमुख) तुम्हे मुझे देखने में बहोत मज़ा आता हेना?? तुम तड़पने का मज़ा लेना चाहते हो न. सिर्फ तुम्हारे लिए

उसने मेरे गाल पर सिर्फ एक किश की और मुझसे 10 कदम दूर चली गई. और वो झुक गई. सिर्फ एक टेबल का सहारा लेकर. उसका पिछवाड़ा पीछे को हो गया और उसके बूब्स उसके ब्लाउज में hi ज़ुल गए. जग्गू उसके पीछे आ कर उसकी दिनों हिप्स पर अपने पंजे टिका देता हे. में समाज गया क्या होने वाला हे. वो ज़ुकी हुई मुझे hi देख रही थी. उसकी बड़ी खुबशुरत आंखे सिर्फ मुझपे तिकी हुई थी.

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मेरा डिल जोर से ढकने लगा. में अपना थूक बिगालने की कोसिए करने लगा. मुझे पैना भी आने लगा. मेरा हाथ खुद hi पंत के ऊपर से hi अपने लैंड पर चले गया. जिसे उसने भी देख लिया. वो मेरी आँखों में देख कर मुश्कुराने लगी.

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मुझे अपने आप पर शर्म महसूस हुई. जग्गू उसकी हिप्स पर साड़ी के ऊपर से hi गोल गोल हाथ घूमने लगा. मेरे होठ तक कप गए. एक बहोत जबरदस्त सं सनी मेरे अपने बदन में महसूस की. मेरी नजर जग्गू पर गई. उसने मुझे अपना लैंड निकलने का हिसार किया. मेने न में हलकी सी गर्दन हिलाई. उसने मुझे आंखे दिखाई. और फिर एक हाथ ऊपर कर के रिमोट निकला और मुझे दिखाया.

में अब रो भी नहीं सकता था. मुझे उसकी बात मन no पड़ी. मेने अपने कपट हुए हाथो से अपना लैंड निकला. और भर मुट्ठी पकड़ लिया. जिसे माधुरी देख कर एक शरती मकान से हस्ते हुए मुझे देखती हे. और अपने होठो को थोड़ा सा टेढ़ा करती हे.

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जो हसी अकसर अपनी पार्टनर सोकॉल्ड सेक्स में किया करती हे. जिसे वो अपने पार्टनर को उसकी नामर्दानगी याद दिलाती हे. और बाँदा अपनी पार्टनर से ऐसी हसी द्वारा उड़ाए गए मज़ाक से ज्यादा उत्तेजित होता हे. ठीक यही मुझे भी फील हुआ. पर ये फीलिंग नामर्दानगी के साथ अपने आप में एक ऐसी घिरना पैदा करती हे. जिसमे इंसान पूरी तरीके से जिलात में दुब जाता हे. ठीक मेरे साथ भी यही हुआ.

मेरे अंदर की जिलात और माधुरी की वो हसी से hi में जबरदस्त उत्तेजित होने लगा. अपने हाथो के स्पर्श से hi में अंदर तक बहोत ज्यादा उत्तेजित हो गया. उसने मेरी आँखों में कमुख और नशीली निगाहो से देखते हुए कहा.

माधुरी ; (स्माइल) ससस सुरु करो जग्गू सससस.

माधुरी बहोत ज्यादा कमुख हो चुकी थी. वो थोड़ा सा उठी और पूछे देखने की कोसिए की. जग्गू बहोत धीरे से उसकी साड़ी पीछे से उठाने लगा.

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माधुरी मेरी आँखों में देखती हुई बोली.

माधुरी ; (मादक फेस) जग्गू मेरा कुछ भी इन्हे दिखना नहीं चाहिए. में इन्हे तड़पना चाहती हु.

ऐसे अकसर सोकॉल्ड सेक्स में अपने रियल पार्टनर को उत्तेजित करने की लिए किया जाता हे. माधुरी भी मेरी फंतासी समाज कर वही सब मेरे साथ में करने लगी. में बस कल्पना hi करने लगा सिर्फ माधुरी के फेस को hi देख कर में कल्पना कर रहा था की वो उसे कहा टाच कर रहा होगा क्या उसने अंदर डाला या नहीं. वो उसे अच्छे से उसकी साड़ी और घागरा ुलेड चूका था. मेने माधुरी के फेस को देखा एकदम से वो बड़ी आँखों से मुझे देखते हुए अह्ह्ह करते हुए अपना मुँह खोलती हे.

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वो उसे छोड़ रहा था या गांड ये मुझे पता नहीं चला पर ये समाज गया की लैंड अंदर जा चूका हे. बहोत सरे गहने उसके गले और फेस पर थे. वो उसे धक्के मरने लगा. उसके माथे का टिका और कानो के झुमके तक हिलने लगे. वो अपनी आँखों को मुझे देखते हुए खोलती और बंद करती. उसने दातो से अपना निचला होठ दबाया. तभी में ज्यादा उत्तेजना में अपना लैंड जोर जोर से हिलने लगा. मेरे अंदर ऐसा तूफान आया की में जोर से चीख पड़ा दूर तक मेरे लैंड से पिचकारी छूती. में हाफने लगा. मेरी नजरे जब माधुरी पर गई तो वो जैसे मेरा मज़ाक उदा रही हो वैसे हसने लगी.

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में ये बजती सही नहीं पाया. वो तो मेरी फेनटस्य समाज कर सब कर रही थी पर मेरी आँखों से अंशु आ गए. में सर निचे कर के रट हुए घुटनो पर hi जमीं पर बेथ गया. सायद माधुरी समाजी या वो मुझे रोटा हुआ नहीं dekh,sakti zatke,se जग्गू को धकेल कर वो मेरे pas,aai.

और उसने जोर से मुझे बहो में काश लिया. उसकी ankho,se भी अंशु आ गए.

माधुरी ; क्या क्या क्या तुम्हे ये सब बुरा लगा. म वैरी सॉरी में to....tumharu फंतासी समाज कर तुम्हे खुश करने के लिए कर रही थी. प्लीज मुझे माफ़ कर दो. में तुम कहो तो ये शादी भी नहीं करुँगी.

तभी जग्गू बिच में बोलै.

जग्गू ; पर मधु ये सब उन्हें अच्छा लगा.

माधुरी ने गर्दन घुमाई.

माधुरी ; प्लीज जग्गू तुम थोड़ी देर के लिए बहार जाओ.

जग्गू ; पर... में....

माधुरी जोर से चीखी.

माधुरी ; (गुस्से में चीख कर) मेने कहा न तुम बहार जाओ.
 
माधुरी को एहसास हो गया की उसे सेक्स करते देख मुझे बहोत दुःख हुआ हे. वो मुझे गले लगाए मेरी जंग पे hi बेथ गई. उसने मुझे बहोत जोर से काश रखा था. वैसे तो में खलित हो चूका था. पर माधुरी का वो रूप और बदन की गर्मी. मुझे फिर से हल्का सा उत्तेजना का एहसा हुआ. वो मुझे छोड़ hi नहीं रही थी. उसके नरम बूब्स जब वो ज़ुकी थी तो उसके ब्लाउज में से नरम मूलायल मैश के लोथड़े को लटकता देख कर वैसे भी कोई भी उत्तेजित हो जाता.

फिर में तो अब भी उसका पति था. वो मेरे सीने में धंसे हुए थे. मुझे बहोत अच्छा लगने लगा. मेरा लैंड दोबारा हरकत में आ कर उसकी एक हिप्स को छूने लगा. उसे भी सायद हो गया. उसने मेरे फेस को पकड़ा और मेरी आँखों में देखने लगी.

माधुरी ; (आँखों में अंशु) क्या तुम्हे बुरा लगा??? क्या तुम मुझे किसी और के साथ बरदास नहीं कर पाए???

मुझे उस से छुपाना hi था. क्यों की उसकी जान मेरे चुप रहने से hi बच सकती हे. मेरी आँखों में दोबारा आंसू आ गए. पर में न में गर्दन हिलने लगा. पर में माधुरी की छुअन से उत्तेजित भी हो रहा था. में सोकॉल्ड नेस को बस कुछ hi महसूस किया था. पर में सोकॉल्ड नहीं था. में जनता था ये सोकॉल्ड बन ने की सरुअत होती हे. लेकिन माधुरी मुझे गलत समाज रही थी. वो मेरी उत्तेजना को सोकॉल्ड नेस अब भी समाज रही थी.

माधुरी ; बोलो न क्या तुम बरदास नहीं कर प् रहे हो.

में ; (रट हुए) है मधु में बरदास नहीं कर प् रहा हु. में तुम्हे किसी और के साथ नहीं देख सकता.

माधुरी ; मुझे खींच कर एक थपड मारो. प्लीज.

में ; में ये नहीं कर सकता ये. में तुमसे प्यार करता हु.

माधुरी ; वो तो में भी करती हु. पर मेरी ख़ुशी के लिए मुझे थपड मारो प्लीज. और वो हर बात पर मरना जो तुम्हे बुरी लगे.

उसने मेरे हाथो को ज़नज़ादा. में बरदास नहीं कर प् रहा था. मेने खींच कर एक मर दिया. और चीख कर बोलै.

में ; (जोर से चीख कर) है है में तुम्हे किसी और के साथ नहीं देख सकता.

उसने मेरा लैंड पकड़ लिया. जो अभी भी बहार था. और बड़ी जोर से काश के पकड़ा.

माधुरी ; सससस तो ये क्यों खड़ा हे बोलो सससस हा ससस बोलो तुम्हे मुझे किसी और के साथ देखने में मज़ा आ रहा था न बोलो ससस तब कहा गई थी तुम्हारी मर्दानगी सससस बोलो.

माधुरी ने ऐसा बोलकर मेरे लैंड को जोर से हिलना सुरु कर दिया. अकसर जब कोई औरत या लड़की खुद अपने पर्नर को सोकॉल्ड बना ने की कोसिए करे तब वो ऐसा करती हे. और उनका पार्टनर अपने अंशु और अपनी लाचारी को इंजॉय करते हुए उत्तेजित होता हे. माधुरी समाज रही थी की में सोकॉल्ड हु. इस लिए वो मुझे गलत समाज कर मुझे मेरा पैन इंजॉय करवाने की कोसिए कर रही थी. पर वो गलत थी. में माधुरी के लिए उत्तेजित था. इस लिए मेने उसे छोड़ दिया. वो मेरी गॉड से उठी और जमीं पर पेट के बल लेट गई.

माधुरी ; (गुस्से में धीमी आवाज में) आओ और दिखाओ अपनी मर्दानगी.

मुझे ये ककडनेस की उत्तेजना अपने आप में महसूस हुई. में भी जान ने को उत्सुक सा हो गया. जग्गू ने उसको आगे से छोड़ा या पीछे से. में गुणो के बल उसकी कमर के पास हो गया. मेरे हाथ कपङे लगे. मेने उसकी साड़ी उसके घाघरा के पल्लू को पकड़ा. और आहिस्ता आहिस्ता से ऊपर उठाना सुरु किया. उसकी केले जैसी नंगी टंगे. एक डैम चिकनी. गोरी. एक भी बल नहीं. मेरी आँखों के सामने दिखने लगी.

मेरी सांसे तेज़ होने लगी. महेसुआ किया तो माधुरी में सांसो की आवाज भी मेरे कानो तक आ रही थी. उसकी पिण्डलिया, उसके घुटनो का पिछले हिस्सा उसकी कशी हुई जंगे देख कर मुझे पेट में कुछ महेसुआ होने लगा. धीरे धीरे उसकी हिप्स का उठाव दिखने लगा. फिर पूरी हिप्स. मेमे उसे कमर तक नंगा कर दिया. फिर उसकी हिप्स पर एक हाथ बड़े आहिस्ता से रखा. वो एक डैम से कप गई.

माधुरी ; सससस अह्ह्ह.

में ज़ुका और उसकी हिप्स पर अपने लिप्स रख दिए. माधुरी के मुँह से मादक सिसकारियां फुट गई.

माधुरी ; ahhhhhhh....(sayad आंखे बंद)

मेने अपने हाथ को उसकी हिप्स के बिच दरार में डाला. मुझे चिकनाहट महेसुआ हुई. मुझे गुस्सा आया. मेने उसकी हिप्स पर जोर से छठा मर दिया.

में ; साली मादरचोद.... (गुस्से में)

वो जोरो से हसी.

में खड़ा हुआ. मुझे डिल में दर्द हुआ. वो भी आँखों में अंशु लिए अपनी बॉडी को दोनों हाथो से उठा कर मुझे देखने लगी. उसने मेरी तंग पकड़ ली. और मुझे अपनी और खींचने लगी. वो एकदम से कड़ी होकर मुझे बहो में काश कर रोने लगी.

माधुरी ; नै नै नै प्लीज मुझे छोड़ कर मत जाओ.

में उस को अपने से दूर करने की कोसिए करता रहा. पर वो मुझसे बिलकुल दूर नहीं जा रही थी. पूरी रत वो मुझे काश कर पकड़ के बैठी hi रही. हम दोनों एक दूसरे से कुछ नहीं बोले. मुझे लगा अब उठना चाहिए. मेने उसे उठाने की कोसिए की.

में ; मधु मधु उठो.

तब मुझे पता चला माधुरी मेरी बहो में hi सो गई थी. वो कड़ी हुई. और अपनी साड़ी ठीक करने लगी. वो मुझे देख कर स्माइल करने लगी.

माधुरी ; तुम बहार चलो में कार निकलती हु.

वो चली गई. मेने अपना होलिया ठीक किया और बहार आया. हर कोई जा चूका था. तभी मेरे सामने कार आ कर रुकी. उसका मिरर डाउन हुआ और माधुरी ने अपना फेस बहार निकला.

माधुरी ; आओ बैठो.

में माधुरी की बगल में बेथ गया. में रत भर जगता hi रहा तो मुझे नींद आ गई. और में अपने बाईट कल को याद करने लगा. माधुरी कैसे मेरे लिए हर रंग हर कपडा पहरा करती थी. उसके फेस की हर मुश्कान सिर्फ मेरे लिए थी. हम कॉलेज में थे और पहेली बार उसने मेरे लिए साड़ी पहनी थी. ऑरेंज साड़ी, ऑरेंज बिकनी जैसा ब्लाउज, ऑरेंज जेवेलरी, सब कुछ ऑरेंज. और मुझे तड़पने के लिए जब वो चल कर अचानक से रुक कर मुझे अपनी प्यासी नजर से जब देखती

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तब तो ओह हो हो गजब हो जाता. उस दिन हम एक बहोत बड़े रिसोर्ट में गए थे. हर एक की नजर माधुरी पर थी. पर उसकी नजर सिर्फ मुज पर. जब वो अपनी साड़ी लहरा कर मुझे देखती और शर्मा जाती तो उसके चहेरे पर जो स्माइल आती वो गजब की थी.

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उसकी पतली कमर उस साड़ी के आर पर दिखती. उसकी गहरी नाभि, उसके सीने पर जो उभर जैसे कोई छोटे पहाड़. हर कोई देखने वाला उसका दीवाना हो गया. पर वो जो भी कर रही थी सब सिर्फ मेरे लिए. उसकी हर नशीली अदाए, उसका नशीला पैन.

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वो मेरे पास आई में वही एक बैंच पर बैठा उसे देखते हुए स्माइल कर रहा था. वो एक नागिन की तरह अपनी कमर चकती मेरे पास आई. और बहोत नज़दीक.

में ; (स्माइल) मधु क्या कर रही हो. लोग तुम्हे देख रहे हे.

माधुरी ; (नशीली स्माइल) पर में तो तुम्हे देख रही हु. मुझे टाच करो. मुझे किश करो. यहाँ.

उसने 2 ऊँगली से अपनी साड़ी का पल्लू थोड़ा साइड कर के अपनी गहरी नाभि अपनी कमर नंगी कर दी. मुझे भी अब दुनिया की परवाह नहीं थी. मेरे हाथो में एक मॉकटेल का गिलास था. मेने उसे साइड रखा. और माधुरी की कमर पर अपने हाथ रखे.

माधुरी ; (एक्साइट स्माइल) सससस ...

उसकी आंखे बड़ी हो गई. फिर एक डैम से सुकुद कर दोबारा बड़ी हुई. मेने उसे उसकी कमर उसकी नाभि को चुम लिया. उसकी कमुख सिसकारियां. उसके चहेरे के भाव. वो तो पागल सी हो गई.

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पर आज उसे कोई और hi छू रहा हे. सिर्फ छू hi नहीं रहा बल्कि मेरे सामने hi. में एक गहरे दाल दाल में फास चूका हु. और मेरे बचने का कोई भी अब रास्ता नहीं हे. सब कुछ ऊपर वाले पर hi हे. सायद वो कोई करिश्मा कर दे.

माधुरी ; उठो वीर... वीर उठो हम पहोच गए.

मेरी आंखे खुली. हम उस जगह से घर पहोच गए. कमल की सगाई थी. वो भी मेरी hi बीवी की. में माधुरी और जग्गू के शिव किसी को भी नहीं जनता. खेर छोडो. मेने अपने फेस पे हाथ घुमाया और फिर गर्दन घुमा कर माधुरी को देखा. वो बस मुझे hi देखे जा रही थी.

माधुरी ; क्या तुम ठीक हो???

मेने है में गर्दन हिलाई.

माधुरी ; पर में ठीक नहीं हु.

में सोच में पद गया. उसे तो मज़ा आना चाहिए. जिस तरह उसने सेक्स इंजॉय किया. मुझे सोकॉल्ड बना ने की कोसिए की. इसमें लेडी को तो मज़ा hi आता हे. अपने पार्टनर को गुलाम जैसा एहसा दिला कर. ये एक स्लीव और सोकॉल्ड का मिला जुला मिश्रण था. पर वो खुश क्यों नहीं हे.

माधुरी ; वीर में शादी के लिए सिर्फ तुम्हारे लिए मणि. और जो रत को मेने वो सब किया वो तुम्हारी ख़ुशी के लिए किया. पर तुम सही नहीं पाए.

में ; हां मधु muje,achha नहीं लगा.

माधुरी ; अच्छा तो तुम्हे लगा. तुम्हारा लैंड मुझे देख कर खड़ा था. पर बाद में में तुम्हारे निचे आना चाहती थी. जो तुमने नहीं किया. में इसकी सजा दूंगी तुम्हे.

में समाज गया. ये मुझे सोकॉल्ड बना ने की सजा दे रही हे.

माधुरी ; अब तुम मेरी और जग्गू की पूरी शादी में हर पल तुम मेरे साथ hi रहोगे. रत को हमारी सुहागरात पर भी. है में तुम्हे अब वैसा दर्द नहीं दूंगी. पर तुम्हे मेरी सुहागरात को भी मेरे साथ hi रहना होगा. और अब तुम मुझे हाथ भी नहीं लगाओगे. समझे????

में सोक हो गया. वो मुझे सोकॉल्ड नेस के गहरे दाल दाल में धकेलने की कोसिए कर रही थी. वो कार का दूर खोल कर बहार निकली.

माधुरी ; अगर ऐसा नहीं हुआ. तुमने मेरा साथ नहीं दिया तो उसी वक्त में अपनी जान दे दूंगी. और मुझे कोई नहीं रोक पाएगा. तुम भी नहीं.

फट्ट्ट्ट...

उसने दूर जोर से पटक कर बंद किया. वो स्पीड में अंदर जाने लगी. जैसे बहोत गुस्से में हो. मेरे तो एक तरफ कुआ एक तरफ खाई थी. अब में क्या कर सकता था. वो मौत के खेल को सेक्स फनटस्य गेम समाज रही हे. उसे पता नहीं में जीते जी मर जाऊंगा. निचे अपार्टमेंट के निचे सामियाना बंधा हुआ था. जैसे कोई शादी वाला घर था. में उतरा और अंदर गया. में वही उसी रूम में.

ऐसे वक्त में सिर्फ एक hi चीज साथ दे सकती हे. में जग्गू के रूम की तरफ गया. उनके दूर तक पहोचा तो मुझे जग्गू और माधुरी ki,aavaj सुनाई दी. जैसे दोनों में झगड़ा हो रहा हो.

जग्गू ; के ों मधु उन्हें मज़ा आ रहा था. अब ऐसे मत रो तुम.

माधुरी ; (रट हुए) नहीं चाहे कुछ भी हो. में उनकी आँखों में अंशु नहीं देख सकती समझे.

मेरी आँखों से भी अंशु आ गए. वो आज भी मेरी परवाह करती हे. मेने दूर नॉक किया. जग्गू ने दूर खोला. लेकिन जब खोला तो में माधुरी को देख कर हैरान रहे गया. ओह माय गॉड. वो बाद पर लती हुई मुझे hi देख रही थी. चादर उसके गले तक थी. गर्मी के मौसम में जिस रूम में एक न हो तो चादर कोण ओढ़ता हे. मतलब उसने कपडे नहीं पहने. क्या वो नंगी थी. क्या उसने कपडे नहीं पहने

वो कही सेक्स तो नहीं कर रहे थे. मेरे सर तो आश्मान टूट पड़ा. कही वो मेरे लिए प्यार जग्गू से छुड़वाते हुए तो नहीं जाता रही थी.

जग्गू ; कहो सर अब कैसे हो???

में ; वो वो मुझे शारब चाहिए.

माधुरी ; इन्हे स्कॉच की बोतल दे दो. और सिगरेट भी ये स्कॉच पिटे हे.

उसे आज भी मेरा टेस्ट पता हे. पर वो किसी और की सेज पर नंगी हे. और मुज से अपना बदन छुपा रही हे. जग्गू ने मुझे सारा समान ला कर दे दिया. में सब सामान लेकर अपने रूम में आ गया. रोने के इलावा मेरे पास कोई चारा hi नहीं था. मेरी आँखों से अंशु बहने लगे और मेने अपना पग बना कर गटकना सुरु कर दिया.

में 3 पग नीट पि काया. जब कलेजा जला तो दर्द का एहसास हुआ. तभी जग्गू आया. और मेरा हल देख कर हसने लगा.

जग्गू ; (स्माइल) क्यों राजा शब् गम मन रहे हो या अफ़सोस.

वो मेरे पास बेथ गया.

जग्गू ; अगर एतराज़ न हो तो मेरे लिए भी पग बना दो.

मेने उसके लिए भी एक गिलास में पग बना दिया. पानी तो था नहीं

जग्गू ; (स्माइल) बिना पानी के. वह रे मेरे आशिक.

वो भी एक नीट जातक गया. और मेरा हाथ पकड़ के मुझे उठाने लगा.

जग्गू ; आओ देखो मधु कितनी खुश हे चलो में तुम्हे दिखता हु.

वो मुझे उठाने लगा. में नहीं जाना चाहता था पर बावजूद मुझे उसके साथ चलना पड़ा.

जग्गू ; (चलते चलते) तुमने गुलाम बना कर रख दिया उसे. अब वो जीना चाहती हे. खुश रहना चाहते हे. तुम्हे पता हे उसे सब से ज्यादा ख़ुशी कब होती हे???

में सोच में पद गया. नशा मुझपर हावी हो चूका था. वो मुझे खींचते हुए लेजा रहा था.

जग्गू ; जब वो मेरे निचे सोती हे. मुझसे सेक्स करती हे. और ऐसा करते हुए जब तुम उसे देखते हो उसे बहोत मज़ा आता हे. पर तुम. तुम उसे वो ख़ुशी दे नहीं सकते या देना नहीं चाहते वो तड़प रही हे. वो छाती हो तुम उसे देखो.

में अजीब सी दुविधा में फास गया क्या सच में इसी से उसे ख़ुशी मिलेगी. नशे में मेरा दिमाग ख़राब हो गया. अगर उसे इस में ख़ुशी मिलती हे तो में जरूर उसे ये ख़ुशी दूंगा. ये जग्गू का प्लान था और में उसमे चुटिया बड़ी अशनि से हो गया. वो मुझे खींच कर निचे ले गया जहा सरे गेस्ट आए हुए थे. जिसमे से में किसी को भी नहीं जनता.

जग्गू ; वो देखो वो रही मधु.

मेने माधुरी को देखा. उसकी पीठ मेरी तरफ थी. अब जादू जग्गू की बातो से होने वाला था. मेने माधुरी को पीछे से देखा. मुझे रत वाला सीन याद आया जब वो झुक कर जग्गू से मेरे सामने गांड मरवा रही थी. और रत जब मेने माधुरी की दोनों हिप्स की दरारों को खोला तो पूरी दरार चिकनी हो राखी थी. मेरी नजर माधुरी की गांड पे hi टिक गई.

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ये बात जग्गू ने भी महेसुआ की. वो मुस्कुराया.

जग्गू ; (स्माइल) क्यों राजा शब् सही कहना तुम्हे बहोत मज़ा आया न.

में चुप रहा पर सच बोलू तो अंदर उत्तेजना महसूस हो रही थी. तभी माधुरी पलटी और उसकी नजर भी मुझपर hi गई. क्या खुबशुरत लग रही थी वो. खुले बल और बहोत खुबशुरत मुश्कान.

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में उसे देखता hi रागे गया. कल्पना में hi उसे छूने लगा. उसे चूमने लगा उसे प्यार करने लगा.

जग्गू ; वो चाहती हे की कोई उसे तुम्हारे सामने प्यार करे.

बस यही बात मुझे पसंद नहीं आई और में पीछे मुद गया. में सिडिया चढ़ कर ऊपर अपने रूम में आ गया. और अपने बाद पर बेथ गया. मुझे तेज़ उत्तेजना हुई. में फाटक से उठा कर दूर बंद किया और पूरा नंगा हो गया. और बाद पर लेट कर अपने लैंड को जोर से मुट्ठी में बिच लिया. मेने अपना लैंड जोर से जकड रखा था. मेरी आंखे बंद थी. तभी एकदम से दूर खुला. और माधुरी अंदर आई. मुझे याद आया मेने दरवाजे की कुण्डी नहीं लगाई थी.

बस यही गलती हुई. उसने मेरा हल देखा और दूर उसने भी बंद कर दिया. उसने कुण्डी भी लगाई. में उसे देखता रहा. वो मुझे एक कमुख स्माइल करती हुई देख रही थी.

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माधुरी ; (स्माइल) तो ये हल हे जनाब का. फिर मन क्यों नहीं जाते. अपनी न सही मेरी ख़ुशी के लिए.

वो मेरे पास आ कर घुटनो पर बैठी. उसने सर झुकाया और मेरा पूरा लैंड निगल गई. मेरी दोनों जंगो पर उसके खुले बल गुदगुदी करने लगे. में उत्तेजित हो गया. मेने उसकी पीठ पर हाथ रखा तो उसने मेरा हाथ जातक दिया.

माधुरी ; आज के बाद तुम मुझे नहीं छुओगे. बस में जब डिल चाहा में तुम्हे छुंगी.

वो फिर मेरा लैंड निगल गई. क्या उत्तेजना का जबरदस्त एहसास. उसके मुँह की गर्मी उसके जीभ का कुरेदना और जोर जोर से गिला एहसास. बहोत टाइम तक में नहीं टिक पाया. मेने उसका सर पकड़ने की कोसिए की पर उसने मेरे दोनों हाथ पकड़ लिआ जैसे वो मेरा बलात्कार कर रहो हो. वो पूरी पिचकारी निगलने के बाद भी मुझे नहीं छोड़ रही थी.

में निढाल हो गया. मेरी आंखे कई देर बंद रही.

माधुरी ; अगर आज रत तुम मेरी सुहागरात में मेरे साथ नहीं हुए तो कल सुबह तुम मेरी लाश देखोगे.

मेने आंखे खोली वो जोर से दरवाजा पटक कर चली गई. में बहोत देर तक सोचने की कोसिस करता रहा पर मेरी आंखे नहीं खुली. में फिर शराब का नशा करने लगा. दोपहर को जग्गू शेरबानी में आया. में होश में नहीं था. मुझे कुछ याद नहीं आ रहा था. मुझे बहोत तेज़ वोमिट हुई. और मेरी आंखे बंद हो गई. जब मेरी आंखे खुली तो में अब भी बहोत नशे में था. मुझे सब धुंधला दिख रहा था. ऐसा लग रहा था कोई लड़की मेरे रूम में हे.

में समज़ने की कोसिस कर रहा था वो कोण हे. वो लाल साड़ी पहन ने लगी. वो टेबल पर बेथ के कुछ कर रही थी. तभी दूर पे कोई मर्द आया.

तुम तैयार हो???

ये आवाज तो जग्गू की थी. ओह वो किसे तैयार होने को कहे रहा हे.

बस थोड़ी देर थोड़ा रुको. इन्हे भी होश में लेकर आती हु.

ओह ये तो माधुरी हे. मेरी बीवी शादी के जोड़े में. ओह माय गॉड. वो जग्गू से शादी करने के लिए जोड़ा पहन रही थी. वो तैयार हो चुकी थी. में ये गम नहीं सह सकता था. मेने अपनी आंखे बंद कर ली. तभी किसी ने मुझपर बर्फ का ठंडा पानी फेका. में झटके से बेथ गया. वो पानी जैसे मुझे कारणत सा लगा हो. वो माधुरी थी.

माधुरी ; उठो और सीधा बाथरूम में जाओ.

में उसे देखता रहे गया. कितना कुछ बदल गया. माधुरी का अब तक ये सब से गन्दा नींद से उठाने का तरीका था. मेरा नशा फैट चूका था. में बाथरूम में घुस गया. मेने अपने आप को ठीक किया. में नहाया. और बहार निकला. बाद पर मेरे लिए भी एक सुन्दर शेरबानी राखी हुई थी. बिलकुल वैसी जेशी जग्गू ने पहनी हुई थी.

माधुरी ; पहनो इसे.

में जैसे वो मेरी टीचर हो. में उसका हर हुकुम मंटा गया और मेने शेरबानी पहनी. सब कुछ मेरे लिए पहले से मोजूद था. एक थाली में खाना भी. माधुरी दुल्हन के जोड़े में खाने की थाली लेकर बाद पर मेरे पास बेथ गई. में समाज गया की मुझे खाना खाना हे. मेने बस थाली को टाच किया. माधुरी ने हल्का सा मेरे हाथ पे मारा.

माधुरी ; रुको में खिला रही हु.

माधुरी ; ऐसे मत देखो. मुँह खोलो अपना.

में माधुरी की हर बात मंटा गया. उसने अपने हाथो से मुझे खाना खिलाया. वो न स्माइल कर रही थी न गुस्सा जैसे एक मां अपने बचे को खाना खिलाती हे बिलकुल वैसे. मेरा मुँह भी पोछा. मेरा नशा बहोत काम हो गया था. तभी दूर नॉक हुआ. बहार से किसी लेडीज की आवाज आई

माधुरी जी जाइये मंडप में आप को बुला रहे हे. माधुरी निचे गई. शादी अपार्टमेंट के निचे hi थी. वो मेरा हाथ पकड़ कर मुझे भी लेजाने लगी. में भी उसके साथ चलता रहा. माधुरी ने अपने साथ बैठा दिया. सब कुछ असली hi लग रहा था. में सोच रहा था सायद ये शापना होता पर ऐसा कुछ नहीं हुआ. पंडित मंतर पढता रहा में बस देखता hi रहा. फिर वो दोनों खड़े हुए और शादी के फेरे भी लेने लगे. शादी के 7 फेरे जो कभी माधुरी ने मेरे साथ भी लिए थे.

पर अब वो आज़ाद हो गई और किसी और से बांध चुकी थी. अब मेरा माधुरी पर कोई हक़ नहीं था. उसने माधुरी की मांग में सिंदूर और मंगलसुरता जब डाला तो मेरा डिल चूर चूर हो चूका था. शादी की हर रेशम में बरदास नहीं कर पाया. वो शादी के बाद मेरे पास आई. और दोनों मेरे पाव छूने लगे. में पीछे हैट गया और भाग कर अपने रूम में आ गया. ये दर्द मुझे बरदास नहीं हो प् रहा था. में बाद पर hi लेट गया. अँधेरा भी हो चूका था. तभी मुझे नींद आ गई. नजाने में कितनी देर सोया होऊंगा पर रत के 1 बज मेरी नींद खुली. मेने घडी में देखा तो मुझे दर लगने लगा.

माधुरी ने कहा था अगर में उसके साथ न हुआ तो सुबह उसकी लाश मिलेगी. में दर गया. में रूम से बहार निकला तो अँधेरा और सनता था. अब में क्या करू. क्या में अपनी बीवी की सुहागरात देखने जाऊ. में ये नहीं कर सकता. पर मुझे जाना होगा. में वापिस आया. देखा अब भी बोतल में शराब बची हुई हे. मेने बोतल को मुँह से लगाया और एक झटके में बहोत साडी जातक गया. मेरा कलेजा जलने लगा. पर बिना पिए अगर में गया तो डिल भी जलने लगेगा.

मेरी वह जाने की हिम्मत नहीं हो रही थी. फिर भी में रूम से निकला. में बहोत धीमे कदमो से जग्गू और माधुरी के रूम तक पहोचा. में कैसे उनके दूर को नॉक करू. में खुदकी नजरो में बार बार बेइज्जत हो रहा था. तभी अंदर से मुझे माधुरी के सिसकने की आवाज aai.ye सुन कर एकदम से अपने अंदर तनाव उत्तेजना महसूस होने लगी.

में सोच रहा था की दूर नॉक करू या नहीं. में पीछे मुद कर जाने लगा. पर माधुरी की वो धमकी mera,sar चकराने लगा. तभी अचानक से दूर खुला और सिर्फ अंडरवेर में जग्गू बहार निकला.

जग्गू ; वीर शब्...

में पीछे मुद कर देखा.

में ; हां.

में घबरा गया. जैसे मेरी चोरी पकड़ी गई हो. वो मुझे देख कर मुस्कुरा रहा था

जग्गू ; (स्माइल) वो आप का वेट कर रही हे.

में अपना थूक तक नहीं निगल प् रहा था. वो 2 कदम आगे आया और मेरा हाथ पकड़ कर मुझे रूम में खींच कर दूर बंद कर देता हे. में अंदर आया तो माधुरी पूरी नंगी दूसरी तरफ करवट से लती हुई थी.

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उसे देख कर एकदम से मेरा लैंड जबरदस्त टाइट हो गया. एक डैम से खून का संचार पूरी बॉडी में फेल गया. सायद में सोकॉल्ड हो चूका था. जैसे पहेली बार माधुरी को नंगी देख रहा हो. वो बस मुझे देख कर जरा सा पलटी

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में सोच में पद गया में उस से नजरे कैसे मिलाऊँगा. पर वो धीरे से और पलट कर मुझे देखने लगी. उसकी नजरे मेरी नजरो से टकरा गई.

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खुले बल लाल लाल होठ माथे पर एक गोल लाल बिंदी. खुले काळा बल जो उसकी गोरी गोरी पीठ पर फैले हुए थे. मेरा लैंड एकदम टाइट हो गया. में उस से नजर नहीं हटा प् रहा था. जब की मुझे ग्लानि और शर्म भी आ रही थी. वो एकदम प्यासी नजरो से मुझे hi देख रही थी.

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मुझे तो ऐसा लग रहा था जैसे मेरी hi सुहागरात हो. तभी जग्गू ने मेरी पंत के हुक खोल दिए और अंडरवेर समेत निचे घुटनो से भी निचे तक खींच दिए. में घरबरा सा गया. तभी मेरी नजर माधुरी से जग्गू पर गई. जो मुझे शर्म और बजती सी महसूस हुई. फिर मेने नज़ारे नीची कर ली. पर जग्गू ने 2 ऊँगली से mera,sar फिर ऊपर किया और मेरी नजर सीधी माधुरी से टकरा गई. जो नंगी प्यासी नजरो से सिर्फ मुझे hi देख रही थी.

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मुझे देखते हुए वो लंबी सांसे ले रही थी. जिस से उसका सीना ऊपर निचे हो रहा था. उसके होठ खुल बंद रहे थे. हिलने से उसकी चूडियो की खनक भी पुरे रूम में सुनाई दे रही थी.

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में बस माधुरी के चहेरे में hi खो गया. जैसे वो मुझे hi इन्वाइट कर रही हो. उसके चहेरे पर प्यास साफ झलक रही थी.

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तभी जग्गू मेरे सामने आ गया. वो बिलकुल मेरे सामने मुझे देख कर स्माइल करने लगा. मुझे शर्म सी आई. वो मेरी ा आँखों में देखता हुआ बोलै.

जग्गू ; मेने कहा था न मधु तुम्हारे क्ष पति देव जरूर आएँगे. लो अब तो तुम्हारी हसरत पूरी हो गई न.

मेने इस बार माधुरी को देखा तो उसने मुझसे नजर हटा ली. मेरे आने से पहले सायद उनका सेक्स चालू होगा. जग्गू ने तुरंत hi अपनी अंडरवेर उतरी और जमीं पर फेक कर माधुरी की कमर के पास बेथ गया. कल माधुरी मेरी आँखों में देख कर मुस्कुरा रही थी. पर अब वो मुझसे नजरे चुरा रही थी. सायद कल जो मुझे दर्द हुआ सायद वो नहीं करना छह रही थी. तभी बड़े आहिस्ता से जग्गू माधुरी पर सवार हो गया मुझे अब माधुरी का कोई भी सेक्सुअल part नहीं दिख रहा था.

जग्गू ने माधुरी के फेस को थमा और लिप्स उसकी लिप्स के पास ले गया. माधुरी ने भी आंखे बंद कर ली.

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वो सीन बहोत कमुख था. मेरा तो थूक hi सुख चूका था. दोनों की नोज आपस में टकरा रही थी. में ये जान ने को उत्सुकः था की क्या उसने माधुरी के अंदर दाल दिया हे. ऐसे अभी तक फील तो नहीं हुआ क्यों की मुझे उनके निचे वाले सेक्सुअल part नहीं दिख रहे थे. सिर्फ जग्गू की सवाली गांड दिख रही थी. और माधुरी की गोरी गोरी पत्. तभी मेरी नजर माधुरी के फेस पर गई. मेरी तो साँस hi अटक गई. माधुरी के गोर मुखड़े पर उसकी लिप्स खुल चुकी थी. और जग्गू ने उसकी लिप्स पर खुदकी लिप्स रख दिया था.

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ये सब देख कर मेरे पुरे बदन में कर्णाट सा मर गया. पूरा बाद ान ज़नज़ाना गया. वो बड़े प्यार से माधुरी को किश किये जा रहा था. जैसे दोनों प्रेमी जोड़े का मिलान हो रहा हो. जैसे में नहीं वो hi उसका ढाचा प्यार हो. मेरी आँखों से आंसू बहे गए मेरी बीवी किसी और की बहो में पूरी नंगी. मेरे सामने hi थी. और में उसे देख कर बस अंशु बहा रहा था. तभी माधुरी के मुख से एक बहोत कमुख सिसकारी निकली.

माधुरी ; (आंखे बंद) ससस अह्ह्ह्हह ससस

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माधुरी ने आंखे बंद कर के उसे अपने अंदर बड़े प्यार से दबोचा. जग्गू का फेस माधुरी की गर्दन पे चले गया. सायद उसने अपना लैंड माधुरी की छूट में दाल दिया होगा. क्यों की जग्गू की गांड एक बार सुकड़ी और फिर खुली. मेरी नजर फिर माधुरी पर गई. वो आंखे बंद कर के सिसकारी लेती हुई अपने सर को पीछे कर के जग्गू के सर को अपने गले पर दबोच रही थी. और वो भी हर जगह चुम रहा था.

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अचानक जग्गू और ऊपर खिसका माधुरी का फेस जग्गू की पीठ के पीछे छिप गया. मुझे बस दिख रहा था तो जग्गू की पीठ पर माधुरी का रेंगता हाथ

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में ये लम्हा बरदास नहीं कर पाया में घुटनो पर बेथ कर सर निचे कर के घुटनो पर hi बेथ गया. मेरे अंशु फर्श पर गिर रहे थे.

जग्गू ; वो रो रहे हे.

माधुरी ; सससस रोने दो. मुझे बस यही चाहिए था. सससस वो मुझे बहोत प्यारा सुकून दे रहे हे.

ये में क्या सुन रहा हु. एक hi बात मुज में अच्छी थी बस में उनसे नजरे हटा कर जमीं को देख रहा था. क्यों की में सोकॉल्ड नहीं हु. में वैसे hi बैठा रोटा रहा रत भर मुझे उनकी सिसकारियां सुनाई देने लगी. में खड़ा हुआ और अपनी पेण्ट ऊपर चढ़ा कर जाने लगा तो

माधुरी ; कहा जा रहे हो??? कही मत जाओ. यहाँ आओ मेरे पास.

में चुप रहा जग्गू पेट के बल लेता हुआ था. सायद वो सो गया हो. माधुरी कड़ी हुई और मेरा हाथ पकड़ कर मुझे अपने बाद पर लेजाने लगी. उसने जबरदस्त मुझे बाद पर अपनी जगह लेटाया. और वो मेरी छति पर अपना सर टिका कर लेट गई. मेने पंत पहनी हुई थी. पर वो नंगी थी. मुझे कब नींद आई मुझे पता नहीं चला.

पर वो रत के बाद सायद मेरी जिंदगी बदल गई थी. सायद मुझे असली राज पता चल गया था.
 
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