में रूम में तो गया पर मुझे शक था. में रेडी होकर आऊंगा पर वह कोई और hi स्टोरी मिलेगी. पर माधुरी का चहेरा मेरे आँखों में बार बार आ रहा था. इस साडी स्टोरी में से कोई एक स्टोरी सच हो सकती हे. पर सब स्टोरी में सिर्फ एक hi स्टोरी में मुझे मेरी परवाह होते दिखी. जब में खाने के टेबल पर था. मेने अपनी वही ब्लैक शइर्त निकली. और उसे पहन लिया. तभी मेरा दूर बहार से किसी ने नॉक किया. मुझे लगा वो माधुरी hi हो सकती हे.
मेने जा कर दूर खोला तो सामने जग्गू था. वो मुझे स्माइल करते हुए देख रहा था. में सोक था. वो मुझे स्माइल करते हुए क्यों देख रहा हे. कही वो सोकॉल्ड वाला जग्गू हे या रियल वाला.
जग्गू ; (स्माइल) hi सर क्या में अंदर आ सकता हु??
में ; है है क्यों नहीं आओ.
वो अंदर आया और मेरे बाद पर बैठो कर रूम को चारो तरफ देखने लगा. जैसे वो पहेली बार आया हो रूम में. में सोच में पद गया वो क्यों आया हे. में भी उसे देखता रहा.
जग्गू ; (स्माइल) सर दरसल में आप से कुछ बाटे करना चाहता था.
में ; है है कहो?? क्या बाटे करना चाहते हो.
जग्गू ; (स्माइल) वो सर मधु पूरी कोसिस कर रही हे आप का ख्याल रखने की पर फिर भी वो बहोत अपसेट रहती हे आप के लिए. अब आप hi उसे समझाए की जो हो चूका हे उसे तो हम बदल नहीं सकते.
मुझे पारा था की सायद वो माधुरी के कैंसर की बात करेगा. पर अगर ये बात सच हे तो में भी उसकी परवाह करता हु.
में ; में है जग्गू तुम सही कहे रहे हो. उसे मुझसे ज्यादा अपना खुद का ख्याल रखना चाहिए. आखिर वो बीमार हे और फिर भी इतनी भागदौड़ नहीं करनी चाहिए में उसे समझाउंगा.
जग्गू मेरे चहेरे को बड़ी अचरज से देखने लगा.
जग्गू ; (सोक) क्या??? वो..... बीमार हे???
सोक तो में भी हो गया. इसे क्या हो गया हे.
में ; (सोक) है है उसे ब्लड कैंसर हे न.
जग्गू ; (सोक) सर ब्लड कैंसर उसे नहीं आप को हे. में.... तो आप ये कहने आया था की आप अपने आप को अकेला न समझे हम दोनों आप के साथ हे. पिछले 6 मंथ से हम आप का ब्लड बदलवा रहे हे सर.
में सोक हो गया. मुझे जग्गू के फेस पर कुछ सचाई लगी. में सोक हो कर बाद पर बैठ गया.
जग्गू ; डॉक्टर ने बोलै था सर आप के माइंड तक ब्लड काम पहोच पता हे और दिमाग की चोट के कारन आप को कई साड़ी नै नै कहानिया भी दिखती हे. कल hi मधु आप का ब्लड चेंज करवा के ले हे.
में अब मुझे समाज आया की मुझे बार बार अलग अलग स्टोरी क्यों दिखती हे. मुझे एक झटका सा लगा था.
में ; कितना टाइम बाकि हे मेरे पास???
जग्गू ; सर डॉक्टर भले hi चाहे आप को 6 मंथ तक का वक्त बताए पर आप हमारे लिए हमेसा जिन्दा रहोगे सर. आप हिमत मत हारना सर. आप ने हम पर एहसान किया हे. मधु और मेरी शादी आप ने करवाई आप महँ हो सर.
जग्गू मुझे ऐसे बोल कर जोस चढ़ा रहा था जैसे वो मुझे जुंग पर जाने के लिए जोश दिला रहा हो.
जग्गू ; (नर्वस) ऐसे हिमत मत हरो सर. वार्ना मधु बिचारि टूट जाएगी सर.
मेरी आँखों में अंशु आ गए. पर मेने उन्हें पोछा. सायद ये सच होगा. में खड़ा हुआ.
में ; है है उसके सामने हमें खुश दिखना हे. चलो.
हम दोनों हस्ते हुए बहार आए. मेने उसके कंधे पर हाथ रखा. और हम हस्ते हुए निकले.
में ; (स्माइल) अरे भाई मुझे तैयार कर के वो कहा चली गई?.?
जग्गू ; (स्माइल) वो तैयार होने गई हे सर. आप तो औरतो की फितरत जानते hi होना सर.
हम दोनों हसने लगे. तभी बंद रूम से आवाज आई.
माधुरी ; अरे भाई मेरे नए और पुराने दोनों पतियों को किस बात की हसी आ रही हे??
मेरा थोड़ा सा खून तो जला पर में फिर भी नाराजगी नहीं jatai.mene दूर की तरफ देखा. जग्गू भी वही देख रहा था. तभी दूर खुला और वो हुसैन की पारी बहार निकली. वो लहराती हुई मुस्कुराती हुई मेरी आँखों में देखती हुई निकली और किचन की तरफ जाने लगी.
उसकी खुबशुरत स्माइल मुझे hi देख रही थी. जैसे कहे रही हो केसा लगा मेरा जलवा. पर सही में वो खूबशूरती की देवी और उसकी खुबशुरत स्माइल गजब की लग रही थी.
जब वो मेरे पास से निकल कर किचन में गई तो में उसके चहेरे को देखता hi रहे गया. ससस क्या खतरन चल थी उसकी.
जग्गू ; अरे जान कहा जा रही हो???
माधुरी ; एक मिनिट गैस चालू हे मेरा.
जग्गू ने मेरे सामने थोड़ी माधुरी से छेड़ छड़ की मुझे बुरा भी लगा पर में क्या कर सकता था वो उसकी बीवी थी. उसने जब माधुरी जा रही थी तो माधुरी की गांड पर एक चटक से मारा. और मेरा लैंड माधुरी की गांड को देखते hi खड़ा हो रखा था. पर जब उसने मारा माधुरी की मादक आवाज.
माधुरी ; ससस अह्ह्ह (स्माइल) बदमाश..
वो किचन में चली गई. जग्गू की नजर फिर एक डैम से मुझपर गई तो वो मुझसे माफ़ी मांगने लगा.
जग्गू ; अरे सॉरी सर में तो भूल hi गया की आप यही हो. वो हम दोनों एक दूसरे से बहोत प्या.......
में ; है है भाई तुम्हारी बीवी हे. भाई.
जग्गू ; अरे सर बीवी तो अब मेरी हे पर प्यार तो वो आप से भी करती hi हेना. क्यों न हम आज की शाम को याद गर बना दे. तभी एक डैम से माधुरी मेरे hi सामने आ कर कड़ी हो गई.
जैसे पूछ रही हो किसी लग रही हु में?? रेड ट्रांसफर्मेन्ट साड़ी और छोटा ब्रा जैसा ग्रीन ब्लाउज. रेड लिप्स आँखों में काजल. कानो में मस्त एयरिंग्स और गले में नैकलेस क्या जबरदस्त लग रही थी वो.
में ; (स्माइल) आज तो कमल की लग रही हो. पूरी सेक्स बम.
माधुरी एक डैम से खिलखिला कर हसने लगी. में उसकी ये खुबशुरत हसी को देखता hi रहे गया.
तभी जग्गू मेरे पास आया और मेरे कंधे पर हाथ रखा.
जग्गू ; (स्माइल) तो चले गाड़ी रेडी हे.
में ; है चलो.
जग्गू तो चल दिया में ने माधुरी की तरफ देखा वो नशीली अदाओ से मुझे hi देख रही थी. उसके फेस पर शरती स्माइल थी.
में चलने तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझे बहो में खींच लिया. उसके बदन से आ रही खुशबु. मेरा लैंड तना हुआ था. जो माधुरी को उसकी खुली नाभि के पास निचे की तरफ टाच होने लगा. माधुरी ने मेरे फेस के पास अपना फेस किया मेरे लीपा से उसकी लिप्स टाच हुई. उसकी गरम सांसे मुझे मेरे फेस पर फील होने लगी.
माधुरी ; (मदहोश स्माइल) आज की शाम बहोत रंगीन होने वाली हे.
में ; मुझे और क्या चाहिए तुम और एक शाम.
माधुरी ने पंत के ऊपर से hi मेरा लैंड बिच दिया. मेरी अह्ह्ह निकल गई.
माधुरी ; (मदहोस स्माइल) चले???
हम दोनों एक दूसरे का हाथ पकड़ कर चलने लगे में भूल गया की में किसी ट्रेप में भी हो सकता हु. माधुरी मेरा हाथ पकड़ कर चलती हुई मुझे hi देख रही थी. वो बार बार मुझे देखते हुए अपने बूब्स को टाच ज्यादा कर रही थी.
हम बहार आए. मुझे ऐसा लगा जैसे बहोत सालो बाद में बहार आया हु. निचे मेरे फ़्लैट के सामने वही रोड और सामने वही समशान खण्डार जैसी दुकान.
माधुरी ; बैठो..
मेने नजर घुमाई तो जग्गू आगे ड्राइविंग सीट पर बैठा था और माधुरी पीछे बैठी मुझे देख कर मुस्कुरा रही थी. पीछे वाला कार का दूर भी खुला हुआ था. में ये देखने की कोसिए कर रहा था की ये कार तो इंडिया में मेने कही नहीं देखि. ये किसकी हे. और हमारे पास शायद कार तो नहीं थी. फिर ये कार???
माधुरी ; (स्माइल) अरे बैठो न
मेने माधुरी का फेस देखा. उसने अपने बगल में मेरे बैठने के लिए जगह भी बना राखी थी. में उसके बगल में बेथ गया. कार चल पड़ी. माधुरी ने मेरी जंग पर अपना हाथ रख दिया. मेने माधुरी को देखा तो वो मुझे देखते हुए स्माइल कर रही थी. मुझे दर था की कही मेरे साथ धोखा तो नहीं हो रहा हे कही. माधुरी ने धीरे धीरे हाथ आगे बढ़ाया और मेरे पंत की जीप खोल दी. वो मेरे पंत जीप खोल कर लैंड को बहार निकलती हे और फिर सर ऊपर कर के मुझे देखती हे.
उसके फेस पर शरती स्माइल थी. उसने अपनी ऊँगली और अंगूठे के बिच मेरे लैंड के टोपे को हल्का सा मशला. मेरी आंखे बंद होने लगी. मेने आगे देखा तो जग्गू मिरर से मुझे hi देख रहा हे. वो कमीना मुझे देख कर स्माइल करने लगा. माधुरी ने मेरे लैंड को हिलना स्टार्ट कर दिया. जब वो मेरा लैंड हिलती तो उसका हाथ हिलता और चूडियो के खनक ने की आवाज भी आती.
जग्गू साला कमीना ड्राइव करते हुए hi अपना लैंड मशलने लगा. मेने उसके आगे से तो नहीं देखा पर हरकत देख कर पता भी लग hi रहा था. एक जगह पर उसने कार रोकी. मुझे ऐसा लगा जैसे पहले कभी मेने ये जगह देखि नहीं हे. जग्गू उतरा. तो माधुरी ने मेरी तरफ देखा. और स्माइल करते हुए बोली.
माधुरी ; (स्माइल) आ गए हम.
मेने भी माधुरी को स्माइल किया और कार से उतरा.
माधुरी ; ये कोनसी जगह हे.
में भी वो जगह पहेली बार hi देख रहा था.
जग्गू ; नई रेस्टोरेंट खुला हे. ज्यादा लोगो को अभी पता नहीं हे. पर बहोत अच्छा हे.
मुझे दाल में कुछ कला लग रहा था. मिरर में देख कर जग्गू का हसना और माधुरी का मेरे साथ खेलना सब मुझे एक ट्रेप जैसा लगा. हम अंदर गए तो वो किसी महल जैसा लगा. बड़ा सा चमकता हुआ हॉल. पर एक hi टेबल था.
माधुरी ; ऍम मम पहले मुझे वाशरूम जाना हे.
जग्गू ; वह उस तरफ हे.
में सोच में पद गया. ये केसा रेस्टोरेंट हे. यहाँ कोई वेटर क्यों नहीं हे.
में ; यार जग्गू कोई वेटर भी नहीं हे. ये किसी जगह हे.
जग्गू ; अरे आप बैठिये तो सही वो भी आ जाएगा.
में जैसे hi चेयर पर बैठा. उसमे से पत्तिया निकली. और मुझे ऊपर चेस्ट की तरफ से दोनों हाथ और दोनों पशू को एक पट्टी ने जकड लिया. में हिल भी नहीं पाया. मेने थोड़ा छूटने की कोसिए की पर फायदा नहीं था. में समाज गया ये क्या होने वाला हे. मेने जग्गू को घर के देखा.
जग्गू ; (हस्ते हुए) है है तुम फास गए मेरे जल में.
जग्गू जोर जोर से हसने लगा. जैसे hi मेने मुँह खोला उसने मेरे मुँह में कपडा थुश दिया. फिर जो शख्स आया उसे देख कर में सोक हो गया. वो राईस था. में उसे देख कर सोक हो गया. मेने उसे कही देखा हुआ था. मुझे याद नहीं आ रहा था की मेने उसे कही देखा हे. पर कहा?? वो मेरे कैब आया. उसके हाथ में एक िंगजेटिओं था.
राईस ; (स्माइल) है राजा शब् में जिन्दा हु. और जैसे तुम फसे हुए हो वैसे तुम्हारी बीवी भी फांसी हुई हे.
में छूटने की कोसिस करता पर उस चेयर पर में जकड़ा हुआ था. में उसे याद करने की कोसिस कर रहा था. तभी वो बोल पड़ा.
राईस ; ज्यादा दिमाग पर जोर मत डालो राजा शब् मुझे तुम्हारी बीवी ने hi मारा था. पर में जिन्दा बच गया. अब में तुम्हारी बीवी से hi बदला ले रहा हु.
तभी जग्गू पागलो के जैसे मेरे करीब फेस लेकर आया और बड़ी बड़ी आंखे करता हुआ बोलै.
जग्गू ; और जानते हो वो तुम्हारी बीवी जो अब मेरी हे वो तुम्हे राईस समाज रही हे. वो भी हमारी शिकार हे. उसे तुम नहीं तुम्हारी जगह राईस दिख रहा हे.
दोनों जोर जोर से हसने लगे. तभी राईस ने मुझे इंजेस्टिव लगा दिया. वो लगते हुए बोलै.
राईस ; वो बदला लेने आई हे. वो खुद तुम्हे मारेगी. ऐसा hi एक इंजेस्टिव उसे भी हमने लगाया हे. अब देखो तमसा कैसे वो तुम्हारे सामने रंडी बनेगी.
जग्गू ; (स्माइल) है है है. और वो मेरी हो जाएगी. वो तुम्हे अपने प्यारे पति वीर का कातिल समाज कर मर देगी. फिर सिर्फ में उसका पति होऊंगा. है है है. फिर में तुम्हारे घर में तुम्हारी जगह.
मुझे जैसे नशा होने लगा. मुझे गहन चढ़ने लगा. मेरी आँखों के सामने राईस का चहेरा घूमने लगा. और मुझे नींद आ गई. में शापना देखने लगा. शपने में वही सीन जिसमे माधुरी पूरी नंगी राईस के जिश्म से खेल रही थी. और अचानक उसके गले पर किसी जानवर जैसा वर. मतलब माधुरी ने राईस को मर डाला. तभी मुझे आवाज आने लगी.
माधुरी ; वीर वीर आंखे खोलो वीर.
मेरी आंखे खुली मेरे सामने माधुरी थी. वो अपने हाथो से मेरा पसीना पोछ रही थी. पोछते पोछते उसका अंगूठा मेरे गले पर रेंग रहा था. में समाज गया वो एक नाटक प्ले कर रही हे. और मुझे मरने के लिए मेरे गले को जाँच रही हे. वो मुझे वीर के जैसे ट्रीट कर रही हे. पर उसे नहीं पता की में hi असली वीर हु. पर मेरे हाथ पाव काम नहीं कर रहे थे. माधुरी की हालत पर मुझे तरस आने लगा. मुझे तो असलियत का पता चल गया. पर वो मेरी तरह सब नाटक समाज रही थी. और वो भी असली राईस को मरने के लिए खोज रही हे. जो हर बार में नै नै स्टोरी देख रहा था. वैसे सायद वो भी देख रही हे.
माधुरी मेरे सामने आ गई.
माधुरी ; (स्माइल) अब तो ठीक हेना? हम्म
मेने कोई जवाब नहीं दिया. वो मेरे बगल में hi बेथ गई. मुझे अपने आप से ज्यादा उसपर तरस आने लगा. तब्बी माधुरी ने जग्गू से कहा.
माधुरी ; तुमने इंग्जेस्टिव ठीक से लगा दिया न.
जग्गू ; है अब राईस रेडी हे.
माधुरी ; सससससस ससस. इसे राईस मत बोलो. ये अभी वीर हे.
माधुरी ने मेरे सामने फेस किया और स्माइल करते हुए मेरे बालो में हाथ घुमाया.
माधुरी ; (स्माइल) और तुम मुझे पिंकी संजो हम्म्म ठीक हे???
अब ये पिंकी कोण होगी मुझे कुछ याद नहीं आ रहा था पर में जग्गू को और माधुरी को देखने लगा. अभी भी मेरे हाथ बंधे हुए थे पर वो राईस कही दिखाई hi नहीं दे रहा था. माधुरी चारो तरफ देखने लगी.
माधुरी ; जग्गू डार्लिंग मूड नहीं बन रहा लाइट वगेरा कुछ चेंज करो कुछ नशीला सा.
तभी जग्गू ने ताकि बजे लाइट साडी बंद हो गई. फिर एकदम से ग्रीन लाइट जबरदस्त नशीला माहौल बन गया. जग्गू ने भी उसे टेबल के निचे से एक और इंग्जेस्टिव निकला. वो खड़ा हुआ और माधुरी के पास आया. माधुरी मेरे बगल में बैठी हुई थी. उसने सर उठा कर जग्गू को देखा.
माधुरी ; मुझे स्ट्रांग दोसे चाहिए.
जग्गू ; ये स्ट्रांग hi हे.
माधुरी ने अपने बाजु से साड़ी का पल्लू हटाया. और अपना बाजु आगे किया. वो मुझे देख कर मुस्कुराने लगी. जग्गू ने इंग्जेस्टिव उसके बाजु पे लगाया. माधुरी मुझे बस देखती मुस्कुराती रही जैसे उसे दर्द नहीं मज़ा आ रहा हो. फिर माधुरी ने अपनी आंखे बंद कर ली और अपने सर को गोल घूमने लगी. वो बैठी बैठी hi झूमने लगी. जैसे उसमे बहुत आ गया हो. माधुरी ने एकदम धीमे से आंखे खोली और नशीली आँखों से मुझे देखने लगी. उसे जैसे नशा हो गया हो.
वो कड़ी हुई. उसके पाव लड़खड़ा रहे थे. वो मुझे स्माइल करते हुए देख कर अपने दोनों हाथ अपनी कमर पर रख कर अपनी कमर और गांड हिलने लगी.
माधुरी ; हु मममम हु ममम.
उसकी नजर में हवस थी. वो मेरे शर्ट के बोटों खोलने लगी. जग्गू भी है रहा था.
जग्गू ; डार्लिंग आज क्या प्लान हे.
वो मेरी आँखों में देखते हुए बोली
माधुरी ; (स्माइल) अज्ज्ज इनकी गॉड में hi.
वो कड़ी हुई और जोर जोर से हस्ते हुए जमीं पर hi गिर गई. जग्गू मेरे पास आया. और मेरे कण में बहोत धीमे से बोलै.
जग्गू ; (धीमी आवाज में) वीर सब वाकई आप की बीवी क्या मॉल हे देखो कैसे जमीं पर वायग्रा के नशे में अपना जिश्म दिखा रही हे.
में उसे गली देना चाहता था पर मेरी जुबान भी मेरा साथ नहीं दे रही थी.
जग्गू ; तुम्हारे सामने तुम्हारी बीवी को रगड़ कर छोडूंगा तुम कुछ नहीं कर पाओगे. वो ख़ुशी से तुम्हारे सामने छुड़ेगी.
माधुरी की साड़ी ऊपर से खुल चुकी थी. उसका जोबन पूरा दिखाई देने लगा. ग्रीन ब्लाउज में से आधे से ज्यादा बूब्स बहार दिखाई देने लगे. में माधुरी को hi देख रहा था पर कुछ कर नहीं सकता था. तभी मुझे ुंग्लोयो में कुछ गरम महसूस हुआ. बड़ी मुश्किल से मेने थोड़ी सी गर्दन घुमाई. देखा तो जग्गू मेरी उंगलियों के बिच अपना लैंड आगे पीछे कर रहा हे.
मुझे गुस्सा आया. मेरी उंगलियों के बिच वो कमीना अपना लैंड फसा कर हिला रहा हे. मुझे बहोत जबरदस्त गुस्सा आया. पर में सर ऊपर तक नहीं कर प् रहा था. वो नंगा हो चूका था. में उसके लैंड को मरोड़ कर उसके लैंड को तोड़ देना चाहता था.
जग्गू ; (स्माइल) तुम्हारी बीवी के लिए इसे तैयार करवा रहा हु. हिलो मत इसकी उसको जरुरत हे.
वो कमीना मेरा मज़ाक बना कर हसने लगा. में कुछ नहीं कर सकता था. माधुरी कड़ी हुई. वो कमीना जग्गू मेरे कानो के पास फिर अपना मुँह लेकर आया. और फिर धीमे से कहा.
जग्गू ; (धीमी आवाज में) तुम जानते हो आज रत तुम्हारी बीवी किसके साथ हम बिस्तर होने वाली हे.
में कपङे लगा मेरी आंखे बड़ी हो गई. जैसे मेरी आँखों में खून उतर आया हो.
जग्गू ; (स्माइल) राईस के साथ. है है है.
जग्गू बहोत कामिनी हसी हसने लगा. सामने माधुरी फुल जैसे शारब पि राखी हो.
जग्गू ; वो आज राईस को तुम समझेगी. में उसे पुराने वक्त में लेजाऊंगा. तुम खड़े देखते रहोगे. अपनी बीवी को किसी गैर मर्द की बहो में. और तुम कुछ नहीं कर पाओगे.
माधुरी झूमती हुई कड़ी हुई वो मुझे hi देख रही थी. उसने झटके से अपने साड़ी का पल्लू उठा कर अपने जोबन को ढाका. तभी जग्गू उसके पास पहोच गया और माधुरी की कमर पकड़ कर गरदन घूमता हे. और मुझे बहोत गन्दी स्माइल करते हुए देखने लगा. माधुरी भी मुझे hi नशीली आँखों से देख रही थी. पर वो मुझे सायद बदले की भावना से देख रही थी.
तभी जग्गू ने माधुरी की साड़ी को निचे से उठाना सुरु किया. माधुरी के गोर गोर पाव. और भरी भरी सी जंगे सब दिखाई देने लगा. अचानक उसने सब कुछ दिखा दिया. अंदर पंतय नहीं पहनी थी. उसकी फूली हुई छूट पर जग्गू चूमने लगा. माधुरी तो नशे में सिसकारियां निकलते हुए हसने लगी. उसकी आंखे बंद हो गई. और एक हाथ तो ऊपर hi उठ गया.
माधुरी ; अह्ह्ह ससस (सुरीली आवाज में हसना)
माधुरी मेरी आँखों में देखती हुई जोर जोर से सिसकारियां भर रही थी. और मुझे देख रही थी. अचानक से माधुरी ने मेरी आँखों मेदेखते हुए अपने सीने से साड़ी का पल्लू जातक दिया. दोबारा वही माधुरी का जोबन मेरे सामने खुल गया. सिर्फ कंधे पर पट्टी वाला और डीप नाक, बैकलेस. बिना बाजु वजा ब्रा जैसा ग्रीन ब्लाउज में से जो आधे से ज्यादा बूब्स बहार आने को तड़प पाहे हो. मेरे सामने आ गए.
वो मुझे बड़ी नशीली अदाओ से देखने लगी. अचानक उसने जग्गू को झटका और अपनी साड़ी उतर कर फेक दी. जग्गू तो निचे गिर गया. पर गिरा हुआ hi वो है कर मेरा मज़ाक उदा रहा था. माधुरी लचकती लहराती हुई नशीली मादक चल से धीरे धीरे चलती हुई मेरे पास आ गई. वो मेरी गॉड में चढ़ गई. उसके दोनों घुटने मेरी कमर की हड्डियों से टाच हो गई. और मेरा फेस पकड़ कर मेरे गलो को चूमने लगी.
माधुरी ; (स्माइल नशीली आंखे) आखरी बार तुम अपनी हसरत पूरी कर लो. तुम्हे किसी और से अपनी पार्टनर को देखना पसंद हे न.
में बोलना चाहता था की में राईस नहीं हु. पर बोल hi नहीं प् रहा था. मेरी जुबान hi मेरे काबू में नहीं थी. वो बहोत प्यार से मेरे फेस और कॉल को चूमने लगी मेरे बालो को अपने हाथो से सहलाने लगी. फिर मेरी आँखों में देखते हुए अपने दोनों हाथो को पीछे लेजाकर अपना घागरा ऊपर उठा देती हे. पीछे का हिस्सा तो में नहीं दरख सकता था. पर माधुरी की पीठ जैसे कोई पहाड़ी की रिज हो. चिकनी पीठ और बिच कमर पर बना गधा. मुझे साफ दिखाई दे रहा था. माधुरी मेरी आँखों में देखते हुए नशीली अदाओ से बोली.
माधुरी ; (नशीली आँखों से) आओ जग्गू इनकी आखरी हसरत पूरी करे.
जग्गू हस्ता हुए अपना लैंड हिलाते हुए खड़ा हुआ और वो भी धीमी चल से माधुरी के पीछे मेरे सामने आने लग. वो माधुरी की हिप्स पर अपने दोनों हाथ रखता हे. मेने अपनी आंखे बंद कर ली. पर बंद आँखों से भी मेरी आँखों से अंशु बहे गए. में कुछ नहीं कर पाया.
तभी माधुरी ने मेरे लिप्स पर अपने लिप्स रख दिए. वो मेरी गॉड में जग्गू से छोड़ने वाली थी. ये वक्त मेरे लिए बहोत दर्दनाक था. बस एक गलत फेमि एक धोखे की वजह से आज मेरी बीवी मुझे जान से मर देने वाली थी. तभी एकदम से उसके लिप्स मेरे लिप्स पर ज्यादा प्रेस हुए. में समाज गया की जग्गू ने माधुरी के पीछे से धक्का दे दिया हे. पर में कुछ नहीं कर पाया. माधुरी मेरी गॉड में मेरी तरफ हिल रही थी.
जग्गू उसे छोड़ रहा था. धीरे धीरे माधुरी मेरे गले को चाटने लगी. मुझे अपना बिता कल याद आने लगा. एक के बाद एक कैसे वो लोगो को अपने जबड़े से बिच कर लोगो का डैम घोट दिया करती थी. कैसे बहोत सरे लोगो को माधुरी ने मौत के घाट उतर दिया. और अब वो उसे हुए धोके से मुझे कोई और समाज कर मौत के घाट उतरने वाली थी.
मुझे उसके तीखे नोकीले डट अपने गले पर महसूस होने लगे. वो बड़े आहिस्ता से अपने जबड़े को प्रेस करने लगी. मेने अपनी आंखे बंद कर ली. बस ख़ुशी इस बात की थी की में किसी कायर के हाथो से नहीं मर रहा मुझे जान से मरने वाली बीवी ने मुझे जिंदगी में बहोत प्यार दिया. उसके डट मुझे चुबने लगे और मेरी आँखों के सामने अँधेरा छ गया.........
मुझे ऐसा लगा जैसे में एक दाल दाल में हु. और ऊपर आने की कोसिस कर रहा हु. अचानक मेरा हाथ किनारे तक पहोच गया. में बहोत जोर लगा कर ऊपर आया. जैसे hi बहार निकला बारिश होने लगी. में जमीं पर hi पीठ के बल लेट गया. और जोर जोर से हाफने लगा. तभी मेरी आंख खुली और मुझे पता चला में जिन्दा हु. में अब भी एक चेयर पर बंधा हुआ था. तभी मुझे जग्गू के हसने की आवाज आई.
जग्गू ; है है है (स्माइल) अभी जिन्दा हो तुम मरे नहीं हो. पर मर जाओगे. क्यों की तुम्हे में मरूंगा. ओह्ह्ह्ह तुम बचे कैसे यही न. जो तुम्हारे साथ हुआ वो तुम्हारी बीवी के साथ भी हुआ. है ठीक सुना तुमने. अभी हमारी शादी नहीं हुई. वो अब भी तुम्हारी hi बीवी हे.
में ; तुम्हे चाहिए क्या?? तुम मेरे साथ ऐसा क्यों कर रहे हो??? तुम्हारी और हमारी तो कोई दुश्मनी भी नहीं हे.
जग्गू ; हम्म्म नहीं हे. पर मुझे मधु चाहिए. में तुम दोनों बीवियों को ऐसे भयानक शपने दिखा रहा हु. ताकि वो मेरी हो जाए. पर जब तक तुम जिन्दा हो वो मेरी नहीं हो सकती.
में ; (गुस्से में) वो तुम्हारी कभी होगी भी नहीं. अब में सब जान चूका हु.
जग्गू जोरो से हसने लगा.
जग्गू ; है है पर सिर्फ आधा. कल हमारी सगाई हे. मेने एक नया देव खेला हे. अब उसके लिए तुम उसके एक्स hi रहोगे. पर उसका असली प्यार में रहूँगा. जैसा तुम्हे पहले 2 शापनो में दिखा. तुम हमारी सगाई और शादी दोनों देखोगे.
में ; तुम कभी कामयाब नहीं हो पाओगे.
जग्गू ; 100% हो जाऊंगा. में जो मर्जी चाहे वो स्टोरी बना सकता हु. फिलहाल सामने देखो. तुम्हारी बीवी तुम्हे समाज कर राईस के साथ प्यार करने वाली हे. ये राईस ने मुझसे सोडा किया हे. वो तुम्हारी बीवी को कुछ दिन छोड़ेगा. और फिर वो मेरी हो जाएगी. वैसे भी तुम्हारी बीवी बिस्तर पर हर बार एक नया एहसास देती हे.
में सामने देखने लगा. जग्गू मेरे जंगो पर हाथ घूमने लगा. में नंगा था इसका एहसास मुझे जग्गू के हाथ टाच करने से हुआ. मेने जग्गू को देखा. में सोक था उसे ये क्या सोख हे.
जग्गू ; (स्माइल) अरे नहीं नहीं. में गांडू नहीं हु. बस चाहता हु तुम शर्म से दुब मारो. जब तुम्हारी बीवी छुड़ेगी. और वो देख कर तुम्हारा लैंड खड़ा होगा तो तुम खुद की नजरो में गिर जाओगे. है सच बड़ा मज़ा आएगा. अपनी बीवी की चुदाई दरख कर जब तुम्हारा लैंड रोने लगेगा. मेने अपनी नजर माधुरी की तरफ घुमाई. वो लाइट येलो पतली सी ट्रांसफर्मेन्ट साड़ी में थी. वो बहोत हॉट लुक में थी. हवा से उसकी साड़ी का पल्लू और उसके खुले बल लहरा रहे थे.
जग्गू देखो कैसे उस राईस के सामने शूम रही हे. कैसे राईस को खुश करने के लिए उसके आगे पीछे घूम रही हे. वो समाज रही हे वो तुम हो. और तुम बीमार हो. मेने माधुरी को देखा. वो सच में ज़ूम रही थी.
जग्गू ; एक मिनिट तुम्हे उनकी आवाज नहीं ढूंसि दे रही होगी. ये लो.
में एक बड़े कच के पीछे से उन्हें देख रहा था. में तो बंधा हुआ था. में कुछ नहीं कर सकता था. तभी जग्गू ने एक रिमोट का बोटों दबाया और मुझे उनकी आवाज भी सुनाई देने लगी.
माधुरी ; देखो न कितना प्यारा मौसम हे वीर अह्ह्ह मुझे तो प्यार करने का मन कर रहा हे.
माधुरी बार बार उसके वास् पास साड़ी लहराती हुई ज़ूम रही थी. मेने जग्गू को देखा वो मेरे पीछे आ गया. उसने मेरे कंधो पर हाथ रखा.
जग्गू ; (स्माइल) बहोत गरम हे वीर शब्. उसे तुम जी भर के खेलने दो. उसकी हवस मिटाना तुम्हारा काम नहीं हे. उसे हम पर छोड़ दो.
में ; तुम उस से शादी कर लो में बिच में नहीं आऊंगा पर प्लीज उसे ऐसे बेइज्जत मत करो.
जग्गू ; अरे कर तो लेता पर तुम बिच में हो न. अब मुझे बहोत सरे गेम खेलने हे. तुम जानते हो कल वो तुम्हे जग्गू समझेगी और मुझे तुम. और में शादी करूँगा उस से और सुहागरात मनाऊंगा. अगर तुम बिच में आए तो इसी रिमोट से एक बोटों डा बेग ी और उसके सर में वैसा hi दर्द होगा जैसा तुम्हारे सर में होता हे. और उसका सर किसी बेम की तरह फैट कर ब्लास्ट हो जाएगा.
में दर गया. माधुरी को बचाना जरुरी हे.
में ; नहीं नहीं में बिच में नहीं आऊंगा मेरा वादा पर प्लीज उसके साथ कुछ मत करना.
जग्गू ; पर छोडूंगा जरूर तुम मरने से पहले सुहागरात जरूर देखोगे. समझे अब दिल्ली तुम्हारी बीवी की मस्त चुदाई.
जग्गू ने अपना हाथ आगे बढ़ा कर मेरे लैंड पर हाथ रख दिया. मेरा लैंड तो सोया हुआ था. तभी सामने एक वील चेयर पर बैठे राईस ने माधुरी की दोनों हिप्स की तरफ हाथ किया.
अचानक से उसने हाथ आगे बढ़ा कर माधुरी की दोनों हिप्स जोर से मशाल दी. माधुरी एक डैम से उछाल कर आगे हो गई. और पीछे मुद कर राईस को देखती हे.
माधुरी ; अह्ह्ह्ह ससस बदमाश ससस
माधुरी की मादक सिसकारी और जग्गू ने मेरा लैंड ऐसे हिलाया के मेरे अंदर सं सनी मच गई. मेने अपनी आंखे बंद कर ली.
जग्गू ; (स्माइल) आंखे खोलो राजा शब्.
मेने आंखे नहीं खोली तो उसने मुझे बहोत प्यार से धमकी दी.
जग्गू ; अगर आंखे नहीं खोली तो में रिमोट का बोटों दबा दूंगा.
मुझे आंखे खोलनी पड़ी माधुरी राईस की चेयर पर ज़ुकती हे. एक हाथ उसकी जंग और दूसरा हाथ उसके कंधो पर रखती हे.
माधुरी ; अगर प्यार का मूड नहीं था तो मेरी गांड क्यों बिछी बोलो है बोलो.
में माधुरी की ये बात नहीं सुन न चाहता था. मुझे अंदर hi अंदर अपना खून जलता महसूस होने लगा. एक बहोत बड़ी बजती और जिल्लत महसूस होने लगी. तभी राईस हसने लगा. और माधुरी के बूब्स पर अपने हाथ घूमने लगा.
माधुरी भी उसके फेस को चूमने लगी. जग्गू ने मेरे लैंड को जोर से हिलाया. मेरा लैंड तन गया. वो हसने लगा.
जग्गू ; (स्माइल) वह अपनी बीवी को देख कर खड़ा हो गया. तुम तो बड़े बेगैरत हो.
मुझे अपने आप पर शर्म आने लगी. वही वो राईस बड़े प्यार से बैठा मेरी बीवी के बूब्स गोल गोल मशाल रहा था.
मेरे होश गायब होने लगे. में कुछ नहीं कर पाया. ऊपर से जग्गू के हाथ और बीवी की मादकता से मेरे अंदर भी उत्तेजना भड़क गई. तभी वो दोनों जोर जोर से किश करने लगे और एकदम से माधुरी हाफति हुई अलग हुई. जोर जोर से हाफने से उसे बूब्स भी पुरे हिप रहे थे.
माधुरी ; (हफ्ते हुए) बाप रे तुमने तो मेरी जान hi निकल दी.
जग्गू हसने लगा. मेने शर्म से अपनी नजरे ज़ुका ली.
जग्गू ; (स्माइल) क्यों मज़ा आया.
में ; बस करो जग्गू में नहीं देख सकता ये सब.
जग्गू ; तुम तो कई बार देख चुके हो. पहले भी तो कई बार देखा हे.
बस जग्गू की यही बात मेरा मंद कुछ वक्त के लिए डाइवर्ट हुआ. में ऐसा तो नहीं था में कब उसे किसी और के साथ देखा होगा. मुझे ज्यादा याद नहीं आ रहा था.
राईस ; ओफ्फो ये पल्लू बताओ यार.
माधुरी हसने लगी. उसकी सुरीली आवाज सच में अच्छे अच्छा का लैंड खड़ा कर दे.
माधुरी ; (शरत स्माइल) अम्म्म हम्म्म नहीं हटाऊँगी.
राईस ; प्लीज यार हटाओ न मुझे देखना हे.
माधुरी ; (स्माइल) दिखाऊ???
राईस ; है बाबा दिखाओ न.
माधुरी हसकर उसे तड़पने लगी. उसे खेलना बखूबी आता हे. तभी हवा चली और माधुरी अपना पल्लू गिरने से सँभालने लगी.
जग्गू मेरे लैंड पे कुछ टैक्सी से हाथ चलने लगा. मेरी भी सांसे अटैक गई. माधुरी सम्भली और राईस को देख कर हसने लगी.
जग्गू ; हैट साला बहोत तड़पती हे.
तभी अचानक वो हो गया जो में नहीं चाहता था. माधुरी ने अपना पल्लू एक झटके में खींच कर निचे गिरा दिया. और राईस के सामने तन कर कड़ी हो गई.
माधुरी के बूब्स एकदम सामने से निखार कर आए.
जग्गू ; (स्माइल) अह्ह्ह ससस अब मज़ा आया ससस क्या क़यामत हे.
वो बड़ी जोर से मेरा लैंड हिलने लगा. सामने भी तो माधुरी खुले जोबन में कड़ी थी. तभी अचानक माधुरी चलते हुए आगे बढ़ी वो राईस की तरफ बढ़ रही थी.
जग्गू भी वो सीन देख कर मेरा लैंड जोर जोर से हिलने लगा. मेरी आंखे छोटी बड़ी होने लगी. में चरम पर पहोच गया. तभी नेने अपनी आंखे बंद की. और मुझे अपना पुराण अतीत दिख गया. जैसे में खलित हुआ. मेरे लैंड से पानी निकला में चीला कर बोलै.
में ; (चीला कर) एक मिनिट. वो उसे नहीं छोड़ पाएगा.
जग्गू के हाथ मेरा वीर्य चिपका हुआ था. वो सोक हो कर मुझे देखने लगा.
जग्गू ; क्या????.
में ; (स्माइल) वो उसे छोड़ नहीं सकता. उसके पास लैंड hi नहीं हे.
जग्गू ने जोर से मेरे फेस पर मुक्का मारा और में चेयर समेत गिर गया.
जग्गू ; (गुस्से में) तब तू आज रत देख लेना. वो मुझसे खुद छुड़वाने आएगी.