सुबह माधुरी की नींद जल्दी खुल जाती हे. माधुरी ,आलिया शिल्पा और तपन तीनो hi नुदे थे. माधुरी ने देखा तीनो एक साइड करवट कर के एक दूसरे पर टंगे चढ़ा कर सो रहे हे. आलिया की तंग तपन की कमर पे जकड़ी हुई थी. और शिल्पा को तो पूरा तपन ने दबोच रखा था. माधुरी सब के देख कर स्माइल करती हे. वो आलिया की जंगो पे फिर उसके हिप्स पे अपनी उंगलिया घूमती हे. तपन की भी जंगो पे हाथ घूमती हे पर तीनो में से किसी की नींद नहीं खुलती. माधुरी वह से कड़ी हो कर अपनी निघ्त्य पहनती हे और बहार निकलती हे. बहार हॉल में आई.
निचे मोठे गद्दे पर एक चादर में सोनिआ और विक्रम नुदे थे. चादर सोनिआ के बूब्स तक ढकी हुई थी. माधुरी देख कर स्माइल करती हे. माधुरी की नजर एक साइड गद्दे पर लगे लाल धब्बो पे गई. माधुरी समाज चुकी थी की सोनिआ की सिल्डे टूट चिली हे. वो स्माइल करते हुए उन दोनों के पास गई और घुटनो के बल बैठ कर सोनिआ के गलो पर हाथ घूमते हुए धीमी आवाज में बोली.
माधुरी ; सोनिआ ोू नानन्द रानी सोनिआ.
सोनिआ की आंखे खुली और माधुरी को देख कर उसका मुँह खुला रहे गया.
सोनिआ ; है भाभी.
माधुरी ; (स्माइल) अब तुम्हारे भैया उठे उस से पहले उठ जाओ.
सोनिआ अपने आप को देखती हे और सवालिया नजरो से माधुरी से पूछती हे कैसे?? माधुरी हसने लगी.
माधुरी ; फ़िक्र मत करो घर में हम दोनों के आलावा सब सो रहे हे.
सोनिआ तुरंत hi चादर से बहार आई वो पूरी नुदे थी. माधुरी सोनिआ को देख कर मुँह दबा कर है रही थी. सोनिआ को भी हसी पर साथ शर्म भी आ रही थी. सोनिआ अपनी निघ्त्य पहन ने लगी.
माधुरी ; में तुम्हारे लिए चाय बनती हु.
माधुरी किचन में चाय बना ने लगी. सोनिआ भी किचन में आई. माधुरी को हस्ता देख उसे शर्म आने लगी.
सोनिआ ; (स्माइल) भाभी.... अब बस करो.
माधुरी ; (स्माइल) हम्म्म मेरी नानन्द रानी की नाथ उतर गई. कैसे लग रहा हे काली से फूल बांके.
सोनिआ ; वो मानते hi नहीं. मेने तो रोका शादी के बाद पर वो कहा सुनते हे.
माधुरी ने नोट किया सोनिआ विक्रम को रेस्पेक्ट देने लगी थी.
माधुरी ; अच्छा च च च अरे रे वैसे लगता नहीं की उसकी तुम्हारे सामने चले.
सोनिआ की चोरी पकड़ी गई. वो चौक गई.
सोनिआ ; नहीं भाभी सच्ची वो मानते hi नहीं बड़े जिद्दी हो गए हे.
तभी माधुरी के मोबाइल पे सुरभि का कॉल आया.
सुरभि ; आज जग्गू का बर्थडे हे कुछ कर यार.
माधुरी ने मश्ग पढ़ा उसे भी ख़ुशी हुई. वो भी उसे मश्ग से ाँस देती हे.
माधुरी ; है बोल कहा छुडवाएगी.
सुरभि के फेस पे स्माइल आ गई. दोनों में मज़ाक सूरे हो गया.
सुरभि ; सुधर जा हरामजादी एक काम कर उसे मेरे हॉस्पिटल के पीछे जो खली प्लाट हे वह भेज दे. 11 बज
माधुरी ; भेज दूंगी लेकिन 12 बज पहोचेगा.
सुरभि ; क्यों????
माधुरी ; यार बर्थडे बॉय हे यार. थोड़ा खुश करना पड़ेगा एक राउंड तो लुंगी में भी यार.
सुरभि ; ोय हरामजादी तू पागल मत बन अभी बचा हे वो.
माधुरी ; साली पापन और तू बचे के साथ क्या कर रही हे. ठाणे में क्रैक कटेगा एन्जॉयमेंट करेंगे फिर आएगा. बी चल अपना ख्याल रखना.
सुरभि ; तू भी और उसे पक्का भेजना.
माधुरी सुरभि का मश्ग पढ़ के स्माइल कर रही थी.
सोनिआ ; भाभी कहा खो गई.
माधुरी ; कुछ नहीं वो मेरे स्टाफ में से एक का बर्थडे हे ये लो चाय और फ्रेश हो जाओ.
शिल्पा और आलिया भी उठ गए वो दोनों भी बहार आए सब घर का काम करने लगे.
माधुरी ; मुझे जल्दी जाना हे और वो अभी तक उठे नहीं.
आलिया ; वैसे बीवी तो में भी हु चाय तो में भी पीला दूंगी.
माधुरी को हसी आई. आलिया को गले लगा कर उसे माथे पर एक किश करती हे. और तैयार हो कर ठाणे चली जाती हे.
सुबह मेरी नींद खुली में पूरा नुदे था. चादर का एक कोना hi सिर्फ मेरे पुर्जे को ढके हुए था. वो भी एक साइड का जंग से कमर तक का हिस्सा तो बहार था. ऐसा लग रहा था जैसे लैंड पे चादर नहीं रुमाल हो. तभी मुझे गुड मॉर्निंग सुनाई दिया वो आलिया थी. एक स्माइलिंग फेस
में ; मधु कहा हे.
आलिया ; क्यों सिर्फ दीदी में आप की बीवी नहीं हु ??? लो चाय.
आलिया के हाथ को पकड़ कर चाय को साइड रखा.
आलिया ; अरे बाबा क्या कर रहे हो सोनिआ दीदी जग गई हे.
में ; मेरे सामने असो.
वो मेरे सामने कड़ी हो गई. मुझे नशीली आँखों से देखने लगी. उसके होठ खुल और जुड़ रहे थे. उसकी सांसे भी तेज़ थी.
मेने झटके से उसके T-shirt की चेन खींच दी.
आलिया ; ah.issss (स्माइल)
उसने अंदर एक पुराणी सी ब्रा पहनी हुई थी. उसके आधे बूब्स झुकने से बहार निकल गए मसगर उसने तुरंत hi अपना हाथ रख दिया.
में ; ये हुई न मिल्की गुड मॉर्निंग.
आलिया ; (स्माइल) अब ज्यादा रोमांटिक मत बनो सोनिआ दी ने आप को ऐसे देख लिए तो क्या सोचेगी आप के बारे में.
में ; अरे है.
मेने तुरंत hi अपनी अंडरवियर और पजामा पहना.
आलिया ; आज क्या प्लान हे सैम से पहले आप का???
में ; मुझे ेराम को ढूढ़ना हे वो मेरी वजह से गायब हे.
आलिया ; तो मत जाओ न. वैसे भी कुटिया धरती पे बोज हे.
में ; (गुस्से में) आलू प्लीज.
आलिया ; ठीक हे मिलो आप की मर्जी मगर घर मत लाना. ी मं शादी वगेरा प्लीज कोई वादा मत कर.
आलिया बोलते बोलते रुक गई. उसे क्या दर था मुझे पता था.
में ; फ़िक्र मत करो आलू तुम्हारे बाद मेरी और कोई भी बीवी नहीं होगी.
आलिया ; (स्माइल) वादा???
में ; (स्माइल) है वादा.
में घर से फ्रेश हुआ नास्ता किया और ेराम के घर की तरफ निकल गया. में सिटी तक ऑटो में गया.
घर में तपन पर विक्रम की नजर थी. ये बात वो सोनिआ से भी छुपा रहा था. विक्रम नींद से उठा तो सोनिआ भी उसे देख कर स्माइल भी कर रही थी और नजरे भी चुरा रही थी. माधुरी के जाने के बाद सोनिआ विक्रम को चाय देती हे. विकरण ने जब चाय ली तो जान बच कर कप पकड़ते वक्त सोनिआ की उंगलिया छू ली. विक्रम का टाच उसे रत को किये रोमांचक प्यार का एहसास दिला रहा था. टाच से उसकी सांसे तेज़ हो गई. और सिसकारियां भी निकल गई.
सोनिआ ; ससस अहंमम.
विक्रम ; क्या हुआ??
सोनिआ ने विक्रम से नजरे मोड़ ली और स्माइल करते हुए बोली.
सोनिआ ; (स्माइल) कुछ नहीं.
विक्रम ; अच्छा आज क्या प्रोग्राम हे??
सोनिआ ने विक्रम की आँखों में देखा और सिर्फ एक hi वार्ड में बड़ा सवाल पूछ लिआ.
सोनिआ ; आलिया???
विक्रम ; और भला वो क्यों???
सोनिआ ; मासूम चहेरा और सामान फरेबी.
विक्रम चौक गया सोनिआ क्या कहना चाहती हे.
सोनिआ ; उड़के बैग में स्नाइपर हे.
विक्रम को विस्वास नहीं हो राणा था सोनिआ क्या बोल रही हे. वो दोनों फ्रेश हुए और अपने काम में लग गए. आलिया माँ को खुद खबर देना चाहती थी. और तपन ेराम से मिलना चाहता था. तपन घर से एक ऑटो में निकला. वो सिटी पहोचते hi ऑटो छोड़ देता हे. तपन पेडल चलने लगा. उसे महसूस हुआ उसका कोई पीछा कर रहा हे. वही उसके पीछे विक्रम लगा हुआ था. वो सोचने लगा तपन को जहा जाना चाहिए वह सीधा न जा कर बिच में कैसे उतर गया. वही तपन अपना मोबाईल निकल कर माधुरी को कॉल करता हे.
माधुरी ; (स्माइल) है बोलो क्या बात हो गई. कैसे याद किया.
तपन ; कोई मेरा पीछा कर रहा हे.
माधुरी ; (गुस्से में) आप हो कहा इस वक्त???
तपन ; में सिटी पहोच गया.
वही आलिया तपन से पहले घर से निकली थी. वो भी ऑटो में गई. सोनिआ उसके पीछे लग गई. सोनिआ ने देखा आलिया कुछ दुरी पर रुकी और माँ के फ्लैट में घुस गई. सोनिआ भी छुप कर देखती हे आलिया एक फ्लेट में घुसी. सोनिआ सीढ़ियों से ऊपर चली गई. अंदर आलिया और माँ.
आलिया माँ के गले लगी.
आलिया ; (स्माइल) माँ कल शादी हे मेरी.
माँ ; सच???
माँ आलिया की बात सुनकर बहोत खुश हुई.
आलिया ; माँ अब वक्त आ गया हे की में डीके से सीधा बिधु.
माँ ; बेवकूफ मत बन. तेरी जिंदगी में अब जा कर बड़ी ख़ुशी आई हे और तू.
आलिया ; नहीं माँ अब वक्त आ गया हे आप बताओ मेरे साथ हो या नहीं???
माँ ; पर तू.
आलिया ; मेने कहा आप मेरे साथ हो या नहीं.
माँ कुछ नहीं बोलती.
आलिया ; समाज गई. मेरी शादी में जरूर आना माँ वह मेरी तरफ से सिर्फ आप hi होंगी.
आलिया वह से जाने लगी. ऊपर से सीढ़ियों के गैप से सोनिआ ने देखा दूर खुला और आलिया बहार निकली. माँ ने पीछे से आवाज दी.
माँ ; आलू बीटा.
आलिया ने पीछे मुद कर अंशु भरे फेस से देखा.
माँ ; में हर वक्त तेरे साथ हु बीटा.
आलिया पीछे मुड़ी और माँ के गले लग गई. ऊपर से ज्यादा कुछ नहीं दिख रहा था. पर आवाज सुनाई दे रही थी. सोनिआ ने देखा आलिया अंशु पोछते और स्माइल करते हुए आलिया बहार निकली और सिडिया उतारते हुए चली गई. माँ ने दूर बंद किया वो आलिया के लिए बहोत खुश थी. सोनिआ निचे आई. और दूर नॉक किया. माँ पीछे मुड़ी. उसने सोचा आलिया hi फिर से आई. उसने बिना चेक किये hi सीधा दूर खोल दिया. माँ और सोनिआ दोनों की नजर आपस में मिली तो दोनों hi सोक हो गए.
सोनिआ ; माँ.........
माँ ; सोनिआ तुम जिन्दा होओओओ??????
दोनों गले मिले और दोनों बहोत रट हे. सोनिआ को माँ छोड़ hi नहीं रही थी.
माँ ; काश तेरे पापा भी जिन्दा होते.
सोनिआ को होश आया वो माँ से अलग हुई और बोली.
सोनिआ ; वो जिन्दा हे माँ.
माँ भावना में बाह चुकी थी. अपने पति के जिन्दा होने की बात से वो भी होश में आई. माँ ने सोनिआ का हाथ पकड़ा और उसे अंदर खींचा.
माँ ; क्या सच में वो जिन्दा हे???
माँ की ख़ुशी के मरे आंखे बड़ी हो गई. वो कपटी हुई आवाज में बोल रही थी.
सोनिआ ; है माँ हमें आईएनएस ने बचा लिया. पापा की hi सब प्लानिंग थी. उन्हें गॉव को अपनी मौत दिखानी थी. पापा **** के हद हे.
माँ ; अपना मकशद हासिल करने वो बीवी तक को अकेला छोड़ गए.
सोनिआ ; माँ प्लीज आप पापा को गलत मत संजो.
माँ ; (स्माइल) तू बहोत बड़ी हो गई. बदल गई हे tu.lekin तू यहाँ कैसे.
सोनिआ ; में भैया के साथ हु माँ. भैया मुशीबत में हे उनपे खून का इल्जाम हे.
माँ ; मुझे सब पता हे. तू फ़िक्र मत कर में हु उसके साथ.
सोनिआ वह से जाने लगी.
सोनिआ ; में फिर आउंगी माँ अभी मुझे जाना होगा.
सोनिआ दूर के बहार निकली. और पीछे मुद कर माँ को देखती हे.
सोनिआ ; माँ क्या अब भी आप एक एजेंट??.
माँ ने सिर्फ है में सर हिलाया.
सोनिआ ; भैया को पापा के बारे में कुछ मत बताना माँ. वो बहोत एक साधारण जिंदगी जी रहे हे.
माँ ; वो मुझे नहीं जनता हम आपस में अनजान हे. लेकिन मेरी आंखे हे वह.
सोनिआ वह से चली जाती हे. आलिया को वो माँ की आंखे समाज रही थी. पर उसे नहीं पता की वो माधुरी हे. साथ माँ को भी ये नहीं पता की माधुरी को उन्होंने ट्रेनिंग से उठाया पर वो आल रेडी **** की एजेंट हे.
वही तपन और माधुरी कॉल पर.
माधुरी ; में जैसा बोलू आप वैसा करना. आप इस वक्त सिटी में कहा हो???
तपन ; रिक्सा स्टैंड से 200 मीटर सिटी की तरफ.
माधुरी ; सीधा चलो स्पीड में आगे बैंक आएगा.
में ; आ गया.
माधुरी ; अंदर घुसो.
में अंदर गया.
माधुरी ; तुरंत राइट. अब दूसरे दूर से निकलो. अब लेफ्ट वाले रोड को पकड़ो और चलते रहो.
में ; मंडी की तरफ.
माधुरी ; नहीं वह गलती से भी नहीं. अब अंडरग्राउंड मार्किट आया. उसमे निचे उतरो.
माधुरी बोलती बोलती वह से निकल चुकी थी. और जीप में बैठ कर उस तरफ आ रही थी.
माधुरी ; राइट. मुड़े ???
में ; है मुद गया.
माधुरी ; अब बहार जाने का रास्ता हे ऊपर चङो. और कोई तुम्हारा पीछा नहीं होगा अब
में सिडिया चढ़ के ऊपर आया तो माधुरी फुल यूनिफार्म में थी. मेरी आँखों में आँखे दाल कर बोली.
माधुरी ; अब जाओ में देख लुंगी.
मेने पीछे देखा तो माधुरी एक साइड छिप कर कड़ी हुई. में वह से चले आया. मुझे वह रुकना था पर माधुरी ने मुझे वह से जाने का हिसार दिया. मेने एक ऑटो किया और ेराम के घर की तरफ चल दिया.
विक्रम जैसे बहार आया वो आगे निकलने गया पर उसका हाथ माधुरी ने पकड़ लिया. विक्रम ने उसे देखा तो वो सोक हो गया
माधुरी ; (थोड़ा गुस्से में) क्यों उनका पीछा कर रहे हे???
विक्रम ; मुझे शक हे देखो में उन्हें कोई तकलीफ पहोचाना नहीं चाहता में बस अपना काम कर रहा हु??
माधुरी ; काम??? और अपना वो भी इस तरह?? देखो वो मेरे भगवन हे और उन्हें तकलीफ डोज तो ठीक नहीं होगा. दोस्ती तो में जल्दी भूल जाउंगी. सुकर करो की तुम मेरे पति के दामाद हो. समझे.
सोनिआ ; और में भी ये भूल जाउंगी की तुम मेरी भाभी हो समझी.
माधुरी ने देखा विक्रम से पीछे से चलती हुई सोनिआ आ रही थी. वो करीब आई. और विक्रम के हाथ को जो माधुरी ने सकती से पकड़ा था. सोनिआ ने माधुरी की कलाई सकती से पकड़ ली. और रुआब से बोली.
सोनिआ ; तुम्हारा पति तुम्हारा भगवन हे तो ये मेरा भगवन हे. समझी.
माधुरी ; तुम जस्बाती मत बनो सोनिआ. विक्रम मेरे भाई की जासूसी कर रहा था.
सोनिआ ; अगर तुम अपने पति के लिए सरे गुनाह माफ़ तो मेरे लिए भी इनके सरे गुनाह माफ़.
विक्रम ; अरे चुप हो जाओ तुम दोनों क्यों बेकार में भीड़ रही हो.
सोनिआ ; तुम अब चुप रही इसे में देखती हु.
माधुरी को भी गुस्सा आ गया. उसने विक्रम का हाथ छोड़ा और घुमा के उसी हाथ से सोनिआ का हाथ पकड़ लिया जिस से सोनिआ के हाथ से माधुरी का हाथ छूट गया. उल्टा माधुरी ने सोनिआ की कलाई पकड़ ली. और सोनिआ की आँखों में आंखे दाल कर बोली.
माधुरी ; तुम कहना क्या चाहती हो सोनिआ.
सोनिआ ; ज्यादा गर्मी हे तो आ जाओ सामने देख लू कितना डैम हे तुजमे.
माधुरी ने अपने डट पइसे और बोली. गुस्से में.
माधुरी ; सुकर कर सोनिआ तुम मेरे पति की बहन हो.
सोनिआ ; क्या भाई भाई लगा रखा हे. चल उसे साइड रखते हे आ जा तुजे और मुझे हम दोनों को पापा ने ट्रेन किया हे न.
माधुरी ; में अब भी कहती हु मन जाओ वार्ना.
विक्रम ने गॉड फादर को कॉल लगा दिया था. और वो भी वीडियो कॉल.
गॉड फादर ; सोनिआ अभी की अभी माफ़ी मानगो मधु से वार्ना ठीक नहीं होगा.
सोनिआ ने पीछे मुद कर देखा. माधुरी ने भी सोनिआ का हाथ छोड़ा और बोली.
माधुरी ; सॉरी पापा.
सोनिआ ; नहीं डैड में माफ़ी नहीं मांगूगी.
सोनिआ गुस्से में वह से चली गई. माधुरी की आँखों में भी अंशु आ गए
माधुरी ; म रॉय सॉरी डैड पता नहीं मुझे क्या हो गया मुझे उस से ऐसे बात नहीं करनी चाहिए थी.
गॉड फादर ; बीटा उसे अभी रिस्तो की समाज नहीं हे अब जाओ और उसे मनाओ.
विक्रम ने कॉल कट कर दिया.
विक्रम ; म रॉय सॉरी मधु यार मेरी वजह से.
माधुरी ; तुम पागल तो नहीं हो. सारा खेल तो में उन्हें बचने के लिए तो कर रही हु.
विक्रम ; म सॉरी में सोनिआ के पास जाता हु.
विक्रम भी सोनिआ के पीछे घर पहोच जाता हे सोनिआ सामान पैक कर रही थी. विक्रम ने उसे रोका.
विक्रम ; तुम क्या कर रही हो हमें कही नहीं जाना प्लीज रुको.
सोनिआ ; चुप चाप कोई होटल चलो प्लीज.
सोनिआ बहोत गुस्से में थी.
विक्रम ; अच्छा अच्छा ok हम तुम्हारे भाई से मिलकर चले जाएंगे प्लीज सोनिआ प्लीज काम से काम तब तक तो रुक जाओ इसमें उसकी क्या गलती हे.
सोनिआ भाई का नाम सुनकर रुक गई.
सोनिआ ; तुम मेरे भाई की जासूसी बंद करो प्लीज. और वो चुड़ैल समज़ती क्या हे. तुम्हे ओपन ढकी. साली अगर दोबारा तुमसे बतमीजी की तो उसे यही उसी के घर में दफना दूंगी.
विक्रम को सोनिआ का गुस्सा संत करना था वो मजाक करता हे.
विक्रम ; (स्माइल) ोय होय इतना गुस्सा वो भी मेरे लिए है ोय होय.
सोनिआ को भी हसी आ गई. विक्रम सोनिआ के कंधे से कन्धा टकराता हे.
सोनिआ ; यह (स्माइल) अब ज्यादा नाटक किया तो तुम्हारे डट तोड़ दूंगी.
सोनिआ को विक्रम बहो में भर लेता हे. और सोनिआ की कानो की लैब अपने होतो से मशाल ने लगा.
सोनिआ ; अह्ह्ह ससस छोडो यार सससस अह्ह्ह्ह.
ेराम ने अपना माकन चेंज कर दिया था. वो रोड क्रॉस सामने वाले फ्लेट में चली गई थी. उसकी नजर सामने निचे अपने घर पे गई. तपन उसके घर जा रहा था. ेराम ने सोच लिआ था अब वो कभी तपन से नहीं मिलेगी. मगर तपन को देख कर उसका डिल वापस तरंगे लेने लगा.
में ेराम के घर पहोचा तो उसके घर लॉक था. मुझे बहोत दुःख हुआ. वो मेरी वजह से सायद कही चली गई. तभी मेरे मोबाईल पे ेराम का मश्ग आया
ेराम ; अब क्यों आए हो. मुझे बोल रहे थे मेरी जिंदगी से चले जा.
मेने चारो बाजु देखा ेराम मुझे कही नहीं दिखी. मुझे ख़ुशी इस बात की थी की ेराम अब भी यही हे. में घर के आगे पीछे भागने लगा मगर ऐसा लगा जैसे 3 ,4 दिन से घर बंद हे. तभी ेराम ने मुझे कॉल किया.
ेराम ; hello किसे दूध रहे हो आप में नहीं मिलने वाली आप से.
में ; ेराम प्लीज ऐसा मत करो यार प्लीज
ेराम ; अच्छा अच्छा ऐसे प्लीज वलसे मत बोलो मुझे अच्छा नहीं लगेगा आप पीछे देखो ऊपर.
मेने पीछे ऊपर देखा ेराम 4 तह फ्लोर पे थी. में भागने लगा. में सीढ़ियों से hi ऊपर आने लगा.
ेराम भी देखती हे निचे वो उसकी तरफ आ रहा हे.
ेराम के डिल की धड़कने तेज़ हो गई. ख़ुशी के मरे उसकी आँखों में अंशु आ गए.
में ऊपर पहोचा बहोत हाफ रहा था. पर ेराम को देख कर डिल को एक सुकून मिल रहा था. वो रोनी सूरत बना कर मुझे देख रही थी.
ेराम की आवाज में ख़ुशी और दर्द दोनों था.
ेराम ; अब क्यों आए हो यहाँ. ये देखने की में जिन्दा भी हु या नहीं.
में ; ऐसा मत बोलो ेराम. सॉरी में तुम्हे उस दिन कुछ गलत बोल दिया.
ेराम ; बोल दिया तो बोल दिया में कोनसी आप की बीवी हु.
ेराम का फेस उसका दर्द मुझे नासूर की तरह मुझे चूब रहा था.
में ; बीवी नहीं तो क्या मेरा प्यार भी नहीं हो. तुम जानती हो जितना प्यार मुझे उन तीनो से हे उतना तुमसे भी हे. बस शादी करने का हक़ तुमसे नहीं हे.
ेराम मुझे प्यार और शिकायत दोनों नजरो से देख रही थी. जैसे जाता रही हो मेने उसे रुसवा किया हे.
में ; कल मेरी शादी हे ेराम और तुम्हे आना होगा.
ेराम ; मतलब मेरा दर्द और बढ़ने आए हो.
में ; प्यार किया हे ेराम तुमसे शादी नहीं कर सकता तुम चाहो तो मुझे छोड़ कर जा सकती हो. लेकिन ये वादा करता हु तुम्हे हमेसा प्यार करता रहूँगा.
ेराम के फेस पे एक बहोत प्यारी स्माइल आ गई. उसने अपने दुपटे से अपने अंशु पोछे.
ेराम ; (स्माइल) अंदर नहीं आओगे???
में ; नहीं लेकिन आज शाम को तुम अपना सामान लेकर मेरे घर आ रही हो पूरी शादी तुम हमारे साथ रहोगी.
ेराम ; ओह और आप की तीनो बीवी मुझे कच्चा खा जाएगी.
में ; कुछ नहीं होगा. उल्टा उन्हें पता चलेगा तुम डिल की बहोत अच्छी हो.
ेराम ; है आउंगी पर पहले तुम अंदर चलो.
में ; नहीं ेराम ये गलत हे. में स्वार्थी नहीं होना चाहता.
ेराम ने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे अंदर ले गई.
ेराम ; ऑफ़ फ़ो बाबा चलो तुम नहीं में हु स्वार्थी. वह आने के बाद तुम्हारी बीविया मुझे छूने तक नहीं देगी तुम्हे.
मुझे ेराम की बात पे हसी आ गई.
में ; (स्माइल) तो अभी क्या करोगी तुम??
ेराम ; (स्माइल) जयदा स्मार्ट मत बनो तुम्हे पारा हे.
में ; अरे बाबा बोलो तो पता चले?
ेराम ; सेक्स, चुदाई, सम्भोग अब और भी कुछ सुन न हे.
ेराम ने मुझे बाद पर धक्का दिया. वो मेरे सामने पूरी नुदे हो गई. वो कमर मटकते एक कातिल हसीना की तरह मेरे करीब आई. मेरे शर्ट के बोटों खोलते हुए वो मेरे लिप्स से अपने लिप्स टाच करती हे. कब में खो गया मुझे पारा hi नहीं चला. हम वासना के समुन्दर में साथ डुबकिया लगते रहे.
में ; अब मुझे चलना चाहिए. तुम रत को घर आ जाना. हम साथ बैठ कर खाना खाएंगे.
ेराम ; जरूर आउंगी.
उधर घर में अपने भाई के बाद रूम में सोनिआ लेती विक्रम के जातको का फुल मजा ले रही थी. सोनिआ की दोनों टंगे विक्रम के कंधो पर थी. दोनों पुरे नुदे विक्रम के हर झटके के साथ सोनिया के 36 साइज के बूब्स ढोलक की तरह हिल रहे थे.
सोनिआ ; अह्ह्ह ससस आराम से यार में कही भागी जा रही हु क्या. वैसे भी मुझे दर्द हो रहा हे यार.
विक्रम ; (स्माइल) ससस अह्ह्ह पररर मजाआए भी तो आआआ रहा ही.
विक्रम की बात सुनकर सोनिआ के फेस पे भी स्माइल आ गई.
विक्रम अपने दोनों हाथो को सोनिआ के बूब्स पे रख देता हे. और जोर से मशाल देता हे.
सोनिआ ; ससस धीरे पहले hi बड़े हे तुम और बड़े कर रहे हो.
तभी विक्रम के मोबाईल पे एक बीप हुआ. विक्रम ने चुदाई करते करते मोबाईल देखा.
विक्रम ; तुम्हारा भाई किसी ेराम के घर हे उसका एड्रेस ये हे.
मोबाईल में जीपीएस के मद्धम से पता लग रहा था. विक्रम ने तपन के जुटे में जीपीएस ट्रेकर फिट कर दिया था. सोनिआ ने विक्रम को दक्का diya.Or गुस्से में बोली.
सोनिआ ; अब में तुम्हे मर डालूंगी तुमने ये सब बंद नहीं किया तो.
विक्रम ; अरे पर अच्छा लास्ट बार. हम तुम्हारे भाई को नहीं. पर ेराम को तो चेक कर सकते हे. प्लीज लास्ट बार मेरे लिए.
सोनिआ ; वो तुम्हे मर डालेगी समझे.
विक्रम ; कोण मधु. दुसमन की तारीफ.
सोनिआ ; ोय वो दुसमन नहीं हे मेरी भाभी हे. और हम दोनों भाभी से माफ़ी मांगे गए समझे.
विक्रम ; अरे तुम्हारे लिए तो में दुसमन से माफ़ी मांग लू ये तो फिर भी मेरी दोस्त हे यार. पर कल ये प्लीज यार लास्ट बार??? प्लीज मेरे लिए.
सोनिआ ; (स्माइल) अच्छा ok पर लास्ट बार है.
विक्रम ; है बाबा.
सोनिआ ; अब आओ म नॉट फिनिश्ड.
विक्रम फिर सोनिआ पर सवार हो गया.
मोनी एक गार्डन में एक बाद के पेड़ के निचे बैठ कर तिगर का इंतजार कर रही थी. तिगर आया. उसकी नजर मोनी पर गई. और वो मोनी के करीब आया.
तिगर ; कहो क्यों बुलाया मुझे?
तिगर की नजर मोनी पर गई. एकदम सिंपल लुक में मोनी बहोत किते लग रही थी
मोनी ने एक नजर तिगर को देखा.
मोनी ; क्यों नहीं बुला सकती.
तिगर ; है पर कोई काम तो होगा.
मोनी ; कोई काम नहीं हे. बस मिलने को मन किया तो बुला लिआ.
तिगर ; तुम्हारा दिमाग तो ख़राब नहीं हो गया कोई देख लेगा तो.
मोनी ; चिल्लाओ मत क्या रत को तुम्हारा बिस्तर गरम करना हो क्या तब hi मेरी याद आती हे.
मोनी को भी गुस्सा आ गया वो कड़ी होने लगी. तपन ने उसे वापस बिठाया वो तिगर से नजरे नहीं मिला रही थी.
तिगर ; यार प्लीज गुस्सा मत करो मुझे अपनी नहीं तुम्हारी फ़िक्र हे. कोई तुम्हारे दमन पे खीचड़ उछाले में कैसे बरदास कर पाउँगा. है बोलो??
मोनी को अच्छा लगा तिगर मेरे बारे में सोचता हे ये जानकर वो वापस बैठी.
तिगर ; ोय??
तिगर ; ोय??
तिगर ; ी मोनी.
मोनी ; ससस क्या हे सुन रही हु हाथ मत लगाओ.
तिगर ; तुमने बताया नहीं मुझे बुलाया क्यों.
मोनी ; में शादी नहीं करना चाहती.
तिगर ; जब तुम्हारे बाप का कांड सामने आएगा तो तुम्हे लगता हे वो तुमसे शादी करेगा है???
और फिर जब तुम कम बनोगी तो में तो सरकारी नौकर हु. में तुम्हे सलाम करूँगा और बोलूंगा. यस मेम बताओ क्या करना हे.
तिगर की बाटे मोनी को अच्छी लग रही थी. वो एक गुस्सा तिगर के पेट में मरती हे. प्यार से.
मोनी ; (स्माइल) अच्छा ये बताओ मेरे जैसी तुम्हारी कितनी हे.
तिगर ; बहोत साडी पर प्यार का इज़हार तो मेने बस तुमसे किया हे.
मोनी ; झूठ.
तिगर ; नहीं सच.
सुरभि जग्गू का इंतजार कर रही थी. उसे वो आता हुआ दिखा. जग्गू की नजर अब भी सुरभि पर नहीं पड़ी थी. सुरभि जग्गू को देख कर खुश हो जाती हे. आज वो बहोत हॉट बन कर आई थी. एक पद के सहारे कड़ी सुरभि जग्गू को देख कर खुश हो गई.
सुरभि की नजर जग्गू से हैट hi नहीं रही थी. जग्गू ने भी उसे देखा. दोनों की आंखे 4 हुई. सुरभि की आँखों में नशा था. जग्गू सुरभि की तरफ hi आ रहा था.
जग्गू सुरभि के सामने आ कर खड़ा हो गया.
सुरभि ; हैप्पी बर्थडे जग्गू. (नशीली आँखों से)
जग्गू ; (स्माइल) वाओ इतना नशीला विश. लग ता हे कक काटने से पहले hi नशा हो जाएगा
सुरभि नशीले अंदाज़ में बोली.
सुरभि ; आज कक तो में तुम्हारा करुँगी यू बर्थडे बॉय...
सुरभि के हाव् भाव में सेक्सुअल नेस जयदा था. वो जग्गू को खा जाने वाली नजरो से देख रही थी.
जग्गू ; (स्माइल) आज क्या हो गया हे तुम्हे ऐसे क्यों बात कर रही हो.
जग्गू को थोड़ी हसी और मजा दोनों hi आ रहा था.
सुरभि ; ये स्पेशल तुम्हारे लिए हे डार्लिंग. पहले ये बताओ तुम्हारी वो कामिनी बॉस यानि तुम्हारी माधुरी मम ने तुम्हे क्या गिफ्ट दिया हे?
सुरभि ने नशीली अंदाज़ में एक और सवाल दे मारा. दे नहीं मारा बल्कि जैसे फेक के मारा हो.
जग्गू ; ओह्ह्ह्ह अच्छा मेडम ने. (स्माइल) उन्होंने तो गिफ्ट के साथ साथ तुम्हारे लिए मश्ग भी दिया हे. भाई में तुम दोस्तों के बिच नहीं आना चाहता बल्कि मेरा कोई रोल भी नहीं हे.
माहौल सेक्सुअल काम और कॉमेडी ज्यादा बन रहा था.
सुरभि ; अच्छा क्या दिया गिफ्ट जरा बताओ तो.
जग्गू ने अपने लिप्स पे अपनी उंगलिया ठोकी.
जग्गू ; किश यहाँ पर पुरे 5 मिनिट्स मेरी तो सांसे फुल गई थी. उफ्फ्फ्फ़ कोई भला इतनी गहरी किश करता हे क्या भला. लेकिन ऐसा लगा जैसे में जन्नत में उड़द रहा हु.
सुरभि ; वो साली हे hi कामिनी. देखना साली के सामने उसके पति से उछाल उछाल के न छुड़वाया न तो मेरा नाम बदल देना.
सुरभि जोश में जग्गू के सामने क्या बोल गई.
जग्गू ; क्या?????? (स्टॉक)
सुरभि ; अरे में तो मजाक कर रही थी. और वैसे क्या मश्ग दिया मेरे लिए.
जग्गू ; में नहीं बोलूंगा मुझे शर्म आती हे.
सुरभि ; अब बोलो भी नहीं तो में सही में उसके पति से.
जग्गू ; अच्छा अच्छा बताता हु. लेकिन तुम मुझे गलत मत संजना में तो बस वही बोलूंगा जो मेडम ने बोलै हे.
सुरभि ; है बोलो. नहीं मानूंगी बुरा.
जग्गू ; मेडम ने बोलै ोय छिनाल सुरभि देख तेरे जग्गू को एक hi किश में दीवाना कर दिया. वो नशे में हवाओ में उड़द रहा था. तुजमे डैम हे अगर तो उस से अच्छा उसका पप्पू चुस्की दिखा. अगर मेरी किश से बेस्ट हुआ तो में समझूंगी की में हर गई.
सुरभि ; (जोश में) साली कुटिया हरजादि अब देख में मेरे जग्गू का केसा चुस्ती हु पप्पू. की कल से तेरा नाम भी भूल जाएगा.
सुरभि ने जग्गू की आँखों में देखा और स्माइल करते हुए बोली.
सुरभि ; आओ बर्थडे बॉय आज में तुम्हे जन्नत की सरे कराती हु.
सुरभि गम गई. और जग्गू को पेड़ के पीछे आने का हिसार करती हे.
पेड़ के पीछे पेड़ से जग्गू की पीठ टिका कर अपने बालो को ठीक करने लगी और दे बै देखने लगी. कोई नहीं था वह सुरभि निचे झुक कर घुटने तक के बैठ गई. अपने हाथो से hi उसका बेल्ट खोला और फिर चेन निचे की पेण्ट की बोटों भी खोल कर अंडरवेर समेत निचे की. जग्गू का लैंड बहार निकला तो सोच कर hi स्प्रिंग की तरह तन भर का खड़ा था.
सुरभि ने लैंड को देखा और फिर नजर ऊपर कर के नशीले अंदाज़ में जग्गू को देखा.
सुरभि ; तो रेडी हो बर्थडे बॉय???
जग्गू ने सिर्फ है में गर्दन हिलाई.
सुरभि ने जीभ की नोक से पहले जग्गू के टोपे को कुरेदा और नजरे ऊपर कर के जग्गू को देखने लगी. फिर पूरा लैंड आहिस्ता से अंदर निगल कर अपनी आंखे बंद करती हे और जैसे वो लैंड को इंजॉय कर रही हो. जैसे वो कोई कुल्फी चूस रही हो. जग्गू को भी बहोत मज़ा आया.
जग्गू ; ससस अहह तुमसे तो मेडम जयदा फ़ास्ट हे.
जग्गू का बोलना और सुरभि को गुस्सा आया. उसने लैंड बहार निकला.
सुरभि ; क्या???? अब देखो में बताती हु. सुरभि ने गैप देकर लैंड मुँह में लिया और जोर जोर से चूसने लगी. उसके बल फेल गए. ऐसा लगे जैसे उसके अंदर कोई बहुत आ गया हो. जग्गू की भी आंखे बंद हो गई. और एक डैम से झटके से खुल कर बड़ी हो गई.



उसकी आवाज भी चली गई. तभी पास से एक बूढ़ा जो अपनी उम्र की आखरी पायदान पे हो वैसा धीरे धीरे चलता उन तक पहोचा.
वो ठीक से चल भी नहीं प् रहा था. वो उनके पास जा कर रुक गया. पहले तो वो समझ hi नहीं पाया ये हो क्या रहा हे. जग्गू ने आंखे खोली और गर्दन घुमा कर देखा. वो बुद्धा और जग्गू की नज़ारे मिली. वो बूढ़ा जैसे अभी हार्ट फेल हो कर मर जाएगा. वो जल्दी से घुमा और बेबी स्टेप से तक तक करते वह से चले गया.
सुरभि तो जैसे पागल हो गई हो. वो तो अपने मुँह से जैसे जग्गू को ठोकर मर रही हो. इतनी जोर जोर से चूस रही थी की उसकी लार तक टपक गई. पर जग्गू से बरदास hi नहीं हुआ एक लम्बी पिचकारी उसके मुँह में hi छोड़ दी. लेकिन सुरभि जो पागल हो चुकी थी. वो जातक जातक पीती गई. वो सब ख़तम करने के बाद भी उसे नहीं छोड़ रही थी.
जग्गू ; बस बस बस अब हो गया मेरा भी और टाइम भी बस करो सुरभि.
सुरभि तुरंत hi कड़ी हुई और अपने बालो को ठीक करती हुई हफ्ते हुए बोली.
सुरभि ; काहूऊ केसाआ लगाआ बर्थडे बॉय???
जग्गू ; बहोत जबरदस्त पर एक बात और.
हाफ तो जग्गू भी रहा था.
सुरभि ; क्या???
जग्गू ; (स्माइल) न मेडम ने मुझे न किश किया और न तुम्हारे लिए कोई मश्ग दिया में तो बस तुमसे मज़ाक किया.
वो सोक हो गई और उसे मरने दौड़ ने लगी. जग्गू भी भागने लगा
सुरभि ; क्या रुको यू चित्तेर रुको में तुम्हे अभी बताती हु.
दोनों में प्यार मस्ती सेक्स सब हुआ दोनों रत 11 बज तक दोनों ने साथ में टाइम स्पेंड किया. सुरभि जग्गू को ये दिन याद गर बना देना चाहती थी. लेकिन वो दो ये नहीं जानते थे की अँधेरे के बाद उजाला होता हे तो उजाले के बाद काली रत भी होती हे. कोई उनका पीछा भी कर रहा था.
शाम हो चुकी थी. माधुरी घर एस्टी हे. सोनिआ का सामान अब भी पैक था. माधुरी अंदर आई और उसने देखा. सामान पैक हे. उसे फील हुआ उसके कारन उसके पति की बहन जा रही हे. उसे दुख हुआ ख्याल भी आया अपने पति का. माधुरी ने सोच लिआ की वो सोनिआ को कैसे भी मां कर रोकेगी.
माधुरी ; तुम जा रही हो??
सोनिआ ; है.
माधुरी ; मत जाओ सोनिआ में तुमसे माफ़ी मांगती हु.
सोनिआ ; अब माफ़ी क्यों मांग रही हो भाभी मेने फैसला कर लिआ हे में जा रही हु.
विक्रम भी सोच में पद गया सोनिआ माफ़ी मांगने की बात कर रही थी अभी भाव खा रही हे. माधुरी को भी लगा उसके पति पर क्या गुजरेगी माधुरी सोनिआ के पाव पकड़ लेती हे.
माधुरी ; प्लीज मत जाओ सोनिआ मुझे माफ़ कार्डो बरसो बाद तो तुम्हारे भाई को कोई अपना मिला हे.
सोनिआ को भी बहोत दुःख हुआ उसके कारन उसकी भाभी उसके पाव में गिर गई.
सोनिआ ; अरे नहीं भाभी गलती मेरी फिर भी आप ने मेरे पाव पकड़ लिए. उठो छोटी हु में आप से प्लीज आप मुझे माफ़ कार्डो.
माधुरी ; पहले बोलो तुम नहीं जा रही न.
सोनिआ ; है भाभी उठो मेने तो सोचा आप मुझे मनाओगी और में रुक जाउंगी लेकिन आप तो पाव में इस्सस मुझे कितना पाप लगेगा.
सोनिआ माधुरी के गले लग गई.
सोनिआ ; क्या करे भाभी नानन्द भाभी का रिस्ता hi कुछ ऐसा होता हे.
माधुरी ; रेडी हो जाओ हमें बहार कल की शादी की शॉपिंग करनी हे खाना भी बहार खाएंगे.
सोनिआ ; वो क्या हे की भाभी हमें बहार जाना हे हम आप को बहार hi मिलेंगे भाभी.
माधुरी ; ठीक हे कोई बात नहीं हम तुम्हे कॉल कर देंगे
माधुरी ने पूछा तक नहीं वो कहा जा रहे हे. शिल्पा अपने पापा के घर से आने वाली थी.
में शाम को घर पहोचा दूर खुला हुआ था. सामने माधुरी आ गई. ोय होय आज माधुरी बहोत गजब लग रही थी ग्रीन साडी में. वो अपना हाथ बालकनी की रीलिंग पे तक कर मुझे स्माइल करते हुए देख रही थी.
उफ़ बहोत खुबशुरत में उसके करीब गया.
माधुरी ; आ गए आप जल्दी तैयार हो जाओ में चाय बनती हु.
में बस उसे देखे जा रहा था. वो बहोत खुश थी.
माधुरी ; ऐसे क्या देख रहे हो???
में ; आज तुम बहोत हॉट लग रही हो.
मेने उसे बहो में लिआ और उसके हिप्स मशाल दिए
माधुरी ; आउच ससस अरे देर हो रही हे.
मेने उसे अपने से पूरा सत्ता दिया.
में ; शादी तो होती रहेगी पहले सुहागरात मन ले.
माधुरी ने मेरे गले में रेड लिपस्टिक का निशान देख लिए.
माधुरी ; अरे ये लिपस्टिक आप के गले में क्या शिल्पा के साथ थे??
मुझे लगा सायद में पहेली बार माधुरी के सामने सर्मिन्दा हुआ. लेकिन उसे सच बताना hi ठीक हे
में ; नहीं ेराम के साथ.
मेने देखा माधुरी का फेस डॉन हुआ पर उसने फेस पे एक लाचारी और स्माइल नहीं छोड़ी.
माधुरी ; (स्माइल बस नाम की) आप फ्रेश हो जाओ में चाय लती हु आप के लिए.
वो जाने लगी. मेने उसका हाथ पकड़ लिआ.
में ; मुझे मालूम हे मधु तुम क्या फील कर रही हो. मगर तुम्हे हम दोनों के बिच किसी और को नहीं लाना चाहिए था. तुम आलिया और फिर शिल्पा को ले. मेने काबुल किया है ेराम मेरी मर्जी से मेरी जिंदगी में आई और मुझे उस से भी प्यार हुआ.
माधुरी ने मेरे गाल पे हाथ रखा.
माधुरी ; मेने कब इंकार किया मेरे sartaj.(smaile)
में ; मधु तुम्हारे पास सिर्फ हक़ हे मेरी जिंदगी में तुम किसे लाओगी. तुम्हे मुझसे वादा करना होगा मेरी जिंदगी में चौथी कोई भी बीवी नहीं आएगी.
माधुरी ; वादा
माधुरी ; मुझे पता नहीं क्यों उस से गाडरी की बू आती हे. पता नहीं क्यों पर वो मुझे कुछ अपनी सी भी लगती हे.
मेने माधुरी को एक किश किया और अपने रूम में आ गया. में फ्रेश हुआ चाय पि रहा था की अपने जलवे बिखेर ने मेरी बीवी no 3 आई
आलिया ; में किसी लग रही हु???
में ; मॉल पताका सुपर्ब जबरदस्त खुबशुरत. माशा अल्लाह.
आलिया मेरी तारीफों से खुश हो गई और मेरे गले लग गई चाय भी गिर गई
आलिया सच में बहोत जबरदस्त लग रही थी.
मेने आलिया का फेस थम लिया. उसके लिप्स कप रहे थे. गोरा चहेरा मुझे चूमने के लिए इन्वाइट कर रहा था.
मेने तुरंत hi एक किश कर दी.
वही सोनिआ और विक्रम ेराम के अपार्टमेंट में पहोच चुके थे. दोनों लिफ्ट में घुसे. लिफ्ट चल गई. सोनिआ ने 4तह फ्लोर के बदले 5 तह फ्लोर का बोटों दबाया था. विक्रम की नजर सोनिया पे थी जो मोबाईल में लगी हुई थी.
सोनिआ ; ऐसे मत देखो विक्रम ये काम का वक्त हे.
विक्रम ; (स्माइल) आज तुम पताका लग रही हो ऐसी hi ड्रेस पहना करो न क्या वो फाइटर वाले कपडे पहने रहती हो.
सोनिआ ; शर्ट उप. अब चलो.
दोनों लिफ्ट से बहार निकले. 5तह फ्लोर पे कोई भी दूर ओपन नहीं था. दोनों वेट करने लगे.
सोनिआ ; ये साली निकलेगी नहीं हम अंदर चलते हे??
विक्रम ; रुको यार उसके सोने का वेट तो करो.
सोनिआ ; क्या ईयर दो लगाएंगे गिरेगी निचे.
विक्रम ; क्या तुम्हे पता हे वो दोस्त हे या दुश्मन?? और वो तुम्हारे भाई की चौथी बीवी निकली तो???
सोनिआ को गुस्सा आया. वो विक्रम को घर के देखती हे.
सोनिआ ; तुम्हे क्या जलन होती हे उनसे??
विक्रम ; सॉरी सॉरी.
देखो दूर खुला.
ेराम एक हाथो में बैग लेकर बहार आई और लिफ्ट से निचे जाने लगी. सोनिआ और विक्रम दोनों hi निचे सीढ़ियों से उतरे ेराम अपने सामने वाले घर की तरफ जाने लगी.
सोनिआ : ये साली जा कहा रही हे??
विक्रम ; सायद सामने वाले घर में.
विक्रम और सोनिआ निचे आए और माकन के पीछे गए. छुप कर बिना आवाज किये. कुछ देर बाद ेराम बहार निकली और घर लॉक कर के वापस अपने अपार्टमेंट में चली गई. मतलब ेराम का घर उसने इस लिए चेंज किया क्यों की उसके घर में कुछ था.
विक्रम ; एंड ात चले???
सोनिआ ; अभी नहीं. हम आधी रत को आएँगे जब भाई और मेरी भाभियाँ सो जाए अभी वो हमारा वेट कर रहे हे. देना के लिए.
विक्रम ; (स्माइल) मेरी होने वाली बीवी बहोत समज़दार हे. चलो ऑटो पकड़ते हे.
सोनिआ ; (स्माइल) no ओनली टेक्सी.
शिल्पा अपनी कार लेकर आई हम सब को पिक कर के हमें ले गई सब ने बहोत शॉपिंग की. हम सब धीरे धीरे मार्किट में अलग हो गए. में एक वाइन शॉप में गया और एक बेयर लेकर पिने लगा. सामने शॉप से शिल्पा निकली. शिल्पा हमेसा हॉट hi लगती हे.
वो मुझे स्माइल करते हुए देख रही थी.
वो रोड क्रॉस कर के आई और मुझे खींच कर लेजाने लगी.
शिल्पा ; अब चलो यार अभी मत पीना सुरु करो.
वही सुरभि और जग्गू दोनों एक रोड पर बिच में किश करते हुए खोए हुए थे. समशान रोड और लाइट भी नहीं थी. आस पास कोई नहीं था. सुरभि की कार और जग्गू की बाइक दोनों वही थी.
सुरभि ; (स्माइल) अब में चालू बर्थडे बॉय रत बहोत हो चुकी हे.
जग्गू ने सुरभि को बहो में लिआ.
जग्गू ; आज का दिन मुझे हमेसा याद रहेगा मेरी जान. तुमने आज मेरे बर्थडे को बहोत स्पेशल बना दिया.
सुरभि ने एक किश की और कार स्टार्ट कर के जाने लगी. और जाते जाते बोली.
सुरभि ; (स्माइल) आदत दाल लो माय लव अब हर साल तुम्हे ऐसे hi मेरे साथ बर्थडे मन न हे.
वो चली गई जग्गू बहोत देर तक वही खड़ा उसे जाते हुए देखता रहा उसके फेस पे स्माइल थी. अचानक एक कार उसके सामने 50 मीटर पर आ कर रुकी. उसमे से कोई एक कोट बादसा और गोल टोपी सर पे थी. वो उतरा और उसकी तरफ बढ़ाते हुए बड़ी गन्दी सुर में गाने लगा.
शैतान ; हैप्पी बर्थडे तो यू, हैप्पी बर्थडे तो यू. हैप्पी बर्थडे डिअर जग्गू.
और उसने आते hi एक डंडा जग्गू के सर पे मारा. उसके सर से खून निकला और जग्गू बेहोश.