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- Dec 5, 2013
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डीके और राईस दोनों आपस में बातो में लगे हुए थे. डीके की हालत ख़राब थी. डीके को गुस्सा भी था. वो शिल्पा की सगाई नहीं होने देना चाहता था. साथ hi उसे इन्वाइट कर के शिल्पा ने पिछवाड़ा जलने का काम भी किया था. अंदर रूम में सुरभि कक से कोई प्लान कर के सगाई में जाने की जिद कर रही थी.
सुरभि ; अंकल में कुछ नहीं जानती बस तुम मुझे ले कर जा रहे हो.
कक ; तुम रियल कक की कुछ नहीं लगती. में क्या कहूंगा की ये मेरी गर्लफ्रेंड हे. या बीवी.
सुरभि ; न न रखेल कहदो.
सुरभि को भी गुस्सा आ रहा था. कक को वो खूब खरी खोटी सुनती हे.
सुरभि ; है है है.
कक ; क्या है है. अब प्लीज कोई दूसरा प्लान नहीं तुम वैसे भी बहोत ओवर एक्टिंग करती हो.
सुरभि ; अरे बाबा समझा करो. पैसे वाले लोग अपनी रखेल को भी तो दुनिया को दिखते हे.
कक ; अरे कहा मरवा रही हो.
सुरभि ; में नहीं जानती तुम मुझे मधु की सगाई में ले जा रहे हो बाद
कक ; फिर ये सवाल तुम मुझे डीके के सामने पूछो??
सुरभि ; लो बाप बेटे से डरता हे.
कक ; जब गले पे तलवार लटके तो पता चले. यहाँ तो पिछवाड़े पर लटक रही हे.
सुरभि जोर से हसने लगी.
सुरभि ; देखो पुछवाडे से कही खून तो नहीं निकल रहा.
कक ; बस करो तुम बहाए जाओ में बाद में बहार आऊंगा. और उनके सामने ज्यादा ओवर एक्टिंग मत करना.
सुरभि ; ठीक हे ठीक हे.
बहार डीके और राईस बात कर रहे थे.
डीके ; साला दुल्हन आई थोक के गई फिर वो साली वो फुद्दी सी वो लड़की आलिया आई. फिर वो पुलिस वाली आई. तीनो ने सब को खूब ठोका.
राईस ; हम्म्म साली तीनो भरी पड़ी एक एक पे देखो तो क्या हालत करि हे. हॉस्पिटल चलना पड़ेगा. बन्दों की कभी भी जरुरत पड़ेगी.
डीके ; हम्म्म साला पता नहीं चलता उस चूतिये में ऐसा क्या हे जो वो तीन बहने तो बहने दुल्हन भी उसकी दीवानी हे.
राईस ; हम्म साला डिल से मर्द हे. जिश्म नहीं डिल चुराता हे.
डीके ; घंटा. साला.
राईस ; एक काम करते हे. दुल्हन से परोसनल मिले तो???
डीके ; गुड.
इतने में वह सुरभि कक के रूम से निकली. वो ऐसे एक्टिंग करती हे जैसे अभी अभी चुद के आई हो. अंगड़ाई लेते हुए. सिसकारी भरते हुए.
सुरभि ; सससस उफ्फ्फ्फ़. तुम्हारे पापा बहोत जबरदस्त हे. ससस सैस मेरी पूरी हड्डिया तक चटका दी. ह्यययय
डीके और राईस दोनों सुरभि को देखने लगे.
सुरभि ; पता नहीं तुम भी तो कक डार्लिंग के बेटे हो. फिर भी सिग्नल.
राईस एक डैम धीरे से डीके सुन सके इतनी आवाज में बोलता हे.
राईस ; लो साला अंकल की भी लड़किया दीवानी साला तुम्हारे नशीब पे किसने मुट्ठ मर के गिराया हे.
डीके गुस्से से राईस को देखता हे. तभी कक बहार आया और सोफे पे बेथ गया. एक बार सब को देखता हे. फिर सुरभि को बोलै.
कक ; डार्लिंग तुम वह क्यों कड़ी हो. इधर आओ मेरे पास.
सुरभि कक को बहोत नशीले अंदाज़ में देखती हे. और फिर आ गए कक की गॉड में बैठ गई. डीके और राईस को दिखते हुए. कक का हाथ उठा के अपने बूब्स पे रख दिया. कक ने भी मौका न गवाया और एक बार बूब्स मशाल दिया. वो वह से अपना हाथ नहीं hataya.surbhi ने महसूस किया की उसकी हिप्स की दरारों में कुछ चूब रहा हे. सुरभि नजर चुरा कर कक को आंखे दिखती हे.
कक को थोड़ी घबराहट हुई लेकिन मजा इतना आ रहा था की वो मौका नहीं गवाना चाहता था. सुरभि भी क्या करती उसे भी मज़बूरी में सब सहना पद रहा था. पर मजा उसे भी आ रहा था. उसकी छूट की घाटी से झरने बहने लगे थे. जब सुरभि ने उसे आंखे दिखाई तो वो उस से नजरे चुरा कर बोलै.
कक ; ममम में वो बबब बोल रहा था की अजय की बेटी की सगाई हे और में वह जा रहा हु. तुम तो कुछ कर नहीं पाए. अब वो तुम्हारी हो भी पाएगी या छोडो साला.
डीके ; होगी डेड होगी. अब भी सगाई हुए हे शादी नहीं.
कक ; खाक साला रोज पेलता होगा उसे. और तुम.
राईस शिल्पा और तपन की सेक्स की कल्पना में खो गया. उसमे घी डालने का काम सुरभि और कक की हरकते भी कर रही थी. सुरभि नशीले अंदाज़ में कक के कण की लव चुम ने और चूसने लगी.
सुरभि ; अम्म्म में भी तुम्हारे साथ चलूंगी डार्लिंग.
कक ; अरे वो हह सरीफो की पार्टी हे. तुम रैंड जैसे कपडे पहनोगी ससस नहीं चलेगा.
सुरभि की हरकतों से और लैंड चुबने की वजह से सुरभि थोड़ा उठी और कक का लैंड एकदम छेड़ पे पूरा सेट हो गया. जिस से चर्भी को hi नहीं कक को भी करंट सा लगा. उसने गलती से सुरभि का बूब्स पूरा मशाल दिया. सुरभि को गुस्सा भी आ रहा था. पर मज़ा भी आ रहा था.
सुरभि ; स अह्ह्ह. नोट्टी कही के. में अच्छे से रेडी होउंगी दलिंग प्रॉमिस. पुरे कपडे.
कक ; ok ok स अहह चलो जल्दी रूम में.
सुरभि कड़ी हुई और रूम में भागी. उसके पीछे कक भी चले गया.
राईस ; अंकल को मन न पड़ेगा. अब भी लड़किया.
डीके ; बस करो यार.
सुरभि अंदर जाते hi रूम बंद करती हे और एक चटक दे करके कक को थपड मर देती हे.
सुरभि ; बहोत चांस मरते हो है.
कक ; गलती किस की हे.
लेकिन सुरभि गरम हो चुकी थी. वो एक डैम से जाप्ता मर के कक को जकड लेती हे. और लिप्स को लॉक कर के किश करने लगी. दोनों पागलो की तरह एक दूसरे को किश करने लगे. दोनों के बिच थूक और लार भी टपक गई. सुरभि ने मुश्किल से कण्ट्रोल किया और कक को धक्का मर दिया.
कुछ वक्त बाद दोनों संत हुए. अपनी सांसो को दुरुस्त किया.
कक ; वह सगाई में कुछ कर मत देना कही पकड़वा दो.
सुरभि हसने लगी.
सुरभि ; मेरी दोस्त की सगाई में और में नाचू नहीं. ऐसा कैसे हो सकता he.(smaile).
कक ने अपने सर पे हाथ मारा.
कक ; हे भगवन.
डीके और राईस भी ुशी पार्टी में जाने थे. लेकिन उस से पहले वो हॉस्पिटल जाते हे. अपने गुंडों की हालत का पता लगाने. वही सगाई के लिए तीनो दुल्हन भी तैयार हो रही थी. बेऔतिपार्लर, अपनी पसंद का ड्रेस. वगेरा वगेरा. सब शिल्पा का करेंगे किया हुआ था.
वो तीनो आपने अलग रूम में तैयार हो रही थी. आलिया को सजाने का जिम्मा माँ ने ले लिया था. सभी को इन्वाइट किया जा चूका था. लेकिन शिल्पा अपने रूम में सगाई की बजाए किसी और काम के लिए तैयार हो रही थी. वो शामे तिगर के जैसा hi. फीमेल कॉश्चुम पहन रही थी.
शिल्पा ने ऊपर मास्क लगया और वह विंडो से निकल गई. रत का अँधेरा भी हो चूका था. माधुरी को एहसास हुआ की कोई उसके घर से निकला हे. पीछे के रस्ते मगर दिखाई नहीं दिया. माधुरी बहार भी आई. वो घर के पीछे के हिस्से में भी एक घाना बगीचा था. वह तक गई. उसे आवाज आई. पीछे जोई बाइक निकली हे. माधुरी समाज गई कोई था जो जा चूका हे. माधुरी को लगा सायद वो तिगर हो सकता हे. वो दोबारा अंदर आई. और तिगर को कॉल लगाती हे.
माधुरी ; hello तिगर क्या तुम यहाँ हो.
तिगर ; हम्म्म्म जान कर भी अनजान बन रही हो बहोत अच्छे.
माधुरी को विस्वास हो गया. वो शिल्पा को तिगर समाज जाती हे.
माधुरी ; दुसमन भी यहाँ हे. तुम्हे मेरी मदद करनी होगी.
तिगर ; एक शर्त पे??!
माधुरी स्माइल करती हे.
माधुरी ; बोल क्या शर्त हे.
तिगर ; आज जब तू अपने पति के साथ होगी तो साडी विंडो खुली रखना.
माधुरी ; क्यों मेरे पति का लैंड देखेगा क्या. मंजूर हे साडी विंडो ओपन होगी.
माधुरी तुरंत कॉल काट करती हे. और आलिया और माँ की बाटे सुनती हे.
आलिया ; थैंक यू माँ.
माँ ; अपनी माँ को भी कोई थैंक्यू बोलता हे क्या??!
आलिया स्माइल करती हे.
माँ ; लेकिन में तुजसे नाराज हु बीटा.
आलिया ; क्यों.
माँ ; एक तो तेरी बहन ने मुझे तुजसे अलग किया कोई बात नहीं. लेकिन तू अपनी मर्जी से किसी को बताए बिना डगर के इलाके में क्यों घूम रही थी.
आलिया ; नहीं माँ.
माँ हस्ती हे.
माँ ; तूने जिस बूढ़े को खाना खिलाया वो मेरा एजेंट हे बीटा. तू समझती हे की मुझे पता नहीं तो तू गलत हे.
आलिया ; मतलब आप मुझपे नजर रखती हो.
माँ ; क्या करू बीटा माँ हु तेरी. तेरी फ़िक्र रहती हे.
आलिया ; माँ मेरी फ़िक्र मत करो. में ट्रैन हु. दीदी और आप ने मुझे ट्रैन किया हे.
माँ ; बेवकूफ लड़की. हमेसा कवर और बैकिंग बिना कभी अकेले दुश्मन के ऊपर हमला मत करो.
आलिया ; नोटेड माँ.
माँ ; और तू अपने आप को चालक समज़ती हे?? ये तेरी दीदी का दिया हुआ लॉकेट तूने क्यों उतरा था???
आलिया ; इस से दीदी मुझपे नजर रखती हे.
माँ ; आज के बाद ये लॉकेट तू कभी नहीं उतारेगी. तुजे मेरी कसम हे.
आलिया ; वादा माँ.
माधुरी की आँखों में अंशु आ गए उसे एहसास हुआ उसने माँ को समज़ने में गलती करि. माधुरी को एहसास हुआ की माँ आलिया का नहीं. आलिया माँ का इस्तमाल कर रही हे.
उधर हॉस्पिटल में राईस निचे था. और डीके ऊपर अपने गुंडों की हालत का जायज़ा ले रहा था.
डॉक्टर ; हर एक की काम से काम 7 से 8 जगह हड्डी टूटी हे. सुकर हे की जिसने भी मारा जिन्दा छोड़ा. न ये चलने फिरने के काबिल हे और न ये उठने बैठने के. मेरी मनो तो इन्हे भूल जाओ.
डॉक्टर भी डीके का hi आदमी था. इतने में लाइट बंद चालू होने लगी. ऊपर फें पे कोई उल्टा लटक रहा था. हाथो में चाबुक. अचानक एक गुने को चाबुक से गले में लपेट कर खींचा. गुंडा ऊपर छत से टकराया फिर जमीं पे. डीके और डॉक्टर देखते रहे गए.
डीके ; अब ये कोण आ गई.
हर एक को फिर वैसे hi. पिटाई झेलनी पड़ी. न वो साफ दिखती और जब भी दिखती पड़छै की तरह. लाइट बंद चालू होती रहती. जैसे जोई बहुत आया हो. चिल्लाने की और गिरने की आवाज आती रहती. कभी कोई टीवी से ताकृत. बाँदा और टीवी दोनों चकना चूर.
डॉक्टर ने पेण्ट में hi पेशाब कर दी. डीके बस देखता hi रहा. उधर राईस भी आवाज सुन कर भागता हुआ ऊपर आया. वो भी डीके और डॉक्टर के पास आ कर खड़ा हो गया. डीके को भी एक दर का एहसास हुआ. उसके सरे गुंडों को फिर पिता गया. हर एक को उछाल उछाल के फेका जा रहा था. और पड़छै. कभी फें तो कभी किसी के बीएड तो कभी विंडो पे स्पाइडर मन की तरह मूवमेंट करते नजर आया.
राईस ; ययय ये कोण हे???
डीके ; पता नहीं. पर लड़की हे.
वो अचानक डीके के सामने आ कर कड़ी हो गई. उसने वॉइस चंगेर का इस्तेमाल कर के पूछा.
शिल्पा ; वो कोण था. जिसने तपन जी पर हाथ उठाया था??
राईस ; ववववव तो ममममर गया.
शिल्पा हस्ती हे
शिल्पा ; तो उसे दोबारा जिन्दा करो. उसे फिर से मरना हे.
शिल्पा ने चाबुक पीछे घुमाई. दूर जो सब से लास्ट बाँदा जो सिर्फ उठ hi पाया था. उसके गले में चाबुक लिपट गई. शिल्पा ने उसे खींचा वो फिर राउंड उछाल के गिरा और बेहोश. शिल्पा ने डीके की आँखों में देखा. डीके को शिल्पा की आंखे जनि पहचानी लगी.
शिल्पा ; मेने कुछ तुम से पूछा डीके
डीके ; देखो वो बाँदा मर गया. जिसे मेरे आदमी गलती से उठा कर लाए उस लड़की ने hi उसे मर दिया हे. वो पुलिस वाली और उसकी बहन भी लाश देख चुकी हे. आज के बाद हम तपन जी को नजर उठने की गलती कभी नहीं करेंगे.
अचानक लाइट चली गई. अँधेरा हो गया. और कुछ मिनिट बाद लाइट आई तो कोई नहीं था. सिर्फ डॉक्टर राईस और डीके hi खड़े थे. हॉस्पिटल की हालत ख़राब हो चुकी थी. और उसके सरे गुंडे जमीं पर बेहोश थे.
डीके ; (छीलते हुए) एक और नाहीईई.
राईस ; कुछ सोचो यार ये तो बजी निकल लेंगे हमारे हाथो से.
डीके ; मुझे पता हे ये कोण थी.
राईस ; कोण???
डीके ; हो न हो ये शिल्पा थी. मेने उसकी आंखे देखि हे.
राईस ; क्या बकवास यार वो तो फुल्लो जैसी हे.
डीके ; यार विस्वास करो ये वो hi थी.
राईस ; तो चलो आज पार्टी में चलते हे. पता चल hi जाएगा.
डीके और राईस पार्टी में पहोच जाते हे. पार्टी में बहोत लोग थे. जो उन्हें पहचान ते थे. तपन के गेस्ट. शिल्पा के गेस्ट. माधुरी की तक़रीबन पूरी टीम, सरे शहर के आमिर लोग. आलिया की बस एक hi गेस्ट. माँ.
में तैयार हो कर आया. सिर्फ अकेला सभी लोगो ने तालिया बजे. मेने आज बहोत महँगा शूट पहना था. जो माधुरी ने अपनी शैलरी से ख़रीदा था. में सिर्फ माधुरी से hi कुछ मांगता था. जब भी पेसो की जरुरत होती. में वैसे जोरू की कमाई पर जीने वाला आदमी नहीं हु. पर औरत और आदमी में भेद नहीं रखता.
औरत सिर्फ घर का काम करने के लिए hi नहीं बानी. वो घर की मुखिया भी हो सकती हे. अगर वो ज्यादा काबिल हो तो.
सुरभि ; अंकल में कुछ नहीं जानती बस तुम मुझे ले कर जा रहे हो.
कक ; तुम रियल कक की कुछ नहीं लगती. में क्या कहूंगा की ये मेरी गर्लफ्रेंड हे. या बीवी.
सुरभि ; न न रखेल कहदो.
सुरभि को भी गुस्सा आ रहा था. कक को वो खूब खरी खोटी सुनती हे.
सुरभि ; है है है.
कक ; क्या है है. अब प्लीज कोई दूसरा प्लान नहीं तुम वैसे भी बहोत ओवर एक्टिंग करती हो.
सुरभि ; अरे बाबा समझा करो. पैसे वाले लोग अपनी रखेल को भी तो दुनिया को दिखते हे.
कक ; अरे कहा मरवा रही हो.
सुरभि ; में नहीं जानती तुम मुझे मधु की सगाई में ले जा रहे हो बाद
कक ; फिर ये सवाल तुम मुझे डीके के सामने पूछो??
सुरभि ; लो बाप बेटे से डरता हे.
कक ; जब गले पे तलवार लटके तो पता चले. यहाँ तो पिछवाड़े पर लटक रही हे.
सुरभि जोर से हसने लगी.
सुरभि ; देखो पुछवाडे से कही खून तो नहीं निकल रहा.
कक ; बस करो तुम बहाए जाओ में बाद में बहार आऊंगा. और उनके सामने ज्यादा ओवर एक्टिंग मत करना.
सुरभि ; ठीक हे ठीक हे.
बहार डीके और राईस बात कर रहे थे.
डीके ; साला दुल्हन आई थोक के गई फिर वो साली वो फुद्दी सी वो लड़की आलिया आई. फिर वो पुलिस वाली आई. तीनो ने सब को खूब ठोका.
राईस ; हम्म्म साली तीनो भरी पड़ी एक एक पे देखो तो क्या हालत करि हे. हॉस्पिटल चलना पड़ेगा. बन्दों की कभी भी जरुरत पड़ेगी.
डीके ; हम्म्म साला पता नहीं चलता उस चूतिये में ऐसा क्या हे जो वो तीन बहने तो बहने दुल्हन भी उसकी दीवानी हे.
राईस ; हम्म साला डिल से मर्द हे. जिश्म नहीं डिल चुराता हे.
डीके ; घंटा. साला.
राईस ; एक काम करते हे. दुल्हन से परोसनल मिले तो???
डीके ; गुड.
इतने में वह सुरभि कक के रूम से निकली. वो ऐसे एक्टिंग करती हे जैसे अभी अभी चुद के आई हो. अंगड़ाई लेते हुए. सिसकारी भरते हुए.
सुरभि ; सससस उफ्फ्फ्फ़. तुम्हारे पापा बहोत जबरदस्त हे. ससस सैस मेरी पूरी हड्डिया तक चटका दी. ह्यययय
डीके और राईस दोनों सुरभि को देखने लगे.
सुरभि ; पता नहीं तुम भी तो कक डार्लिंग के बेटे हो. फिर भी सिग्नल.
राईस एक डैम धीरे से डीके सुन सके इतनी आवाज में बोलता हे.
राईस ; लो साला अंकल की भी लड़किया दीवानी साला तुम्हारे नशीब पे किसने मुट्ठ मर के गिराया हे.
डीके गुस्से से राईस को देखता हे. तभी कक बहार आया और सोफे पे बेथ गया. एक बार सब को देखता हे. फिर सुरभि को बोलै.
कक ; डार्लिंग तुम वह क्यों कड़ी हो. इधर आओ मेरे पास.
सुरभि कक को बहोत नशीले अंदाज़ में देखती हे. और फिर आ गए कक की गॉड में बैठ गई. डीके और राईस को दिखते हुए. कक का हाथ उठा के अपने बूब्स पे रख दिया. कक ने भी मौका न गवाया और एक बार बूब्स मशाल दिया. वो वह से अपना हाथ नहीं hataya.surbhi ने महसूस किया की उसकी हिप्स की दरारों में कुछ चूब रहा हे. सुरभि नजर चुरा कर कक को आंखे दिखती हे.
कक को थोड़ी घबराहट हुई लेकिन मजा इतना आ रहा था की वो मौका नहीं गवाना चाहता था. सुरभि भी क्या करती उसे भी मज़बूरी में सब सहना पद रहा था. पर मजा उसे भी आ रहा था. उसकी छूट की घाटी से झरने बहने लगे थे. जब सुरभि ने उसे आंखे दिखाई तो वो उस से नजरे चुरा कर बोलै.
कक ; ममम में वो बबब बोल रहा था की अजय की बेटी की सगाई हे और में वह जा रहा हु. तुम तो कुछ कर नहीं पाए. अब वो तुम्हारी हो भी पाएगी या छोडो साला.
डीके ; होगी डेड होगी. अब भी सगाई हुए हे शादी नहीं.
कक ; खाक साला रोज पेलता होगा उसे. और तुम.
राईस शिल्पा और तपन की सेक्स की कल्पना में खो गया. उसमे घी डालने का काम सुरभि और कक की हरकते भी कर रही थी. सुरभि नशीले अंदाज़ में कक के कण की लव चुम ने और चूसने लगी.
सुरभि ; अम्म्म में भी तुम्हारे साथ चलूंगी डार्लिंग.
कक ; अरे वो हह सरीफो की पार्टी हे. तुम रैंड जैसे कपडे पहनोगी ससस नहीं चलेगा.
सुरभि की हरकतों से और लैंड चुबने की वजह से सुरभि थोड़ा उठी और कक का लैंड एकदम छेड़ पे पूरा सेट हो गया. जिस से चर्भी को hi नहीं कक को भी करंट सा लगा. उसने गलती से सुरभि का बूब्स पूरा मशाल दिया. सुरभि को गुस्सा भी आ रहा था. पर मज़ा भी आ रहा था.
सुरभि ; स अह्ह्ह. नोट्टी कही के. में अच्छे से रेडी होउंगी दलिंग प्रॉमिस. पुरे कपडे.
कक ; ok ok स अहह चलो जल्दी रूम में.
सुरभि कड़ी हुई और रूम में भागी. उसके पीछे कक भी चले गया.
राईस ; अंकल को मन न पड़ेगा. अब भी लड़किया.
डीके ; बस करो यार.
सुरभि अंदर जाते hi रूम बंद करती हे और एक चटक दे करके कक को थपड मर देती हे.
सुरभि ; बहोत चांस मरते हो है.
कक ; गलती किस की हे.
लेकिन सुरभि गरम हो चुकी थी. वो एक डैम से जाप्ता मर के कक को जकड लेती हे. और लिप्स को लॉक कर के किश करने लगी. दोनों पागलो की तरह एक दूसरे को किश करने लगे. दोनों के बिच थूक और लार भी टपक गई. सुरभि ने मुश्किल से कण्ट्रोल किया और कक को धक्का मर दिया.
कुछ वक्त बाद दोनों संत हुए. अपनी सांसो को दुरुस्त किया.
कक ; वह सगाई में कुछ कर मत देना कही पकड़वा दो.
सुरभि हसने लगी.
सुरभि ; मेरी दोस्त की सगाई में और में नाचू नहीं. ऐसा कैसे हो सकता he.(smaile).
कक ने अपने सर पे हाथ मारा.
कक ; हे भगवन.
डीके और राईस भी ुशी पार्टी में जाने थे. लेकिन उस से पहले वो हॉस्पिटल जाते हे. अपने गुंडों की हालत का पता लगाने. वही सगाई के लिए तीनो दुल्हन भी तैयार हो रही थी. बेऔतिपार्लर, अपनी पसंद का ड्रेस. वगेरा वगेरा. सब शिल्पा का करेंगे किया हुआ था.
वो तीनो आपने अलग रूम में तैयार हो रही थी. आलिया को सजाने का जिम्मा माँ ने ले लिया था. सभी को इन्वाइट किया जा चूका था. लेकिन शिल्पा अपने रूम में सगाई की बजाए किसी और काम के लिए तैयार हो रही थी. वो शामे तिगर के जैसा hi. फीमेल कॉश्चुम पहन रही थी.
शिल्पा ने ऊपर मास्क लगया और वह विंडो से निकल गई. रत का अँधेरा भी हो चूका था. माधुरी को एहसास हुआ की कोई उसके घर से निकला हे. पीछे के रस्ते मगर दिखाई नहीं दिया. माधुरी बहार भी आई. वो घर के पीछे के हिस्से में भी एक घाना बगीचा था. वह तक गई. उसे आवाज आई. पीछे जोई बाइक निकली हे. माधुरी समाज गई कोई था जो जा चूका हे. माधुरी को लगा सायद वो तिगर हो सकता हे. वो दोबारा अंदर आई. और तिगर को कॉल लगाती हे.
माधुरी ; hello तिगर क्या तुम यहाँ हो.
तिगर ; हम्म्म्म जान कर भी अनजान बन रही हो बहोत अच्छे.
माधुरी को विस्वास हो गया. वो शिल्पा को तिगर समाज जाती हे.
माधुरी ; दुसमन भी यहाँ हे. तुम्हे मेरी मदद करनी होगी.
तिगर ; एक शर्त पे??!
माधुरी स्माइल करती हे.
माधुरी ; बोल क्या शर्त हे.
तिगर ; आज जब तू अपने पति के साथ होगी तो साडी विंडो खुली रखना.
माधुरी ; क्यों मेरे पति का लैंड देखेगा क्या. मंजूर हे साडी विंडो ओपन होगी.
माधुरी तुरंत कॉल काट करती हे. और आलिया और माँ की बाटे सुनती हे.
आलिया ; थैंक यू माँ.
माँ ; अपनी माँ को भी कोई थैंक्यू बोलता हे क्या??!
आलिया स्माइल करती हे.
माँ ; लेकिन में तुजसे नाराज हु बीटा.
आलिया ; क्यों.
माँ ; एक तो तेरी बहन ने मुझे तुजसे अलग किया कोई बात नहीं. लेकिन तू अपनी मर्जी से किसी को बताए बिना डगर के इलाके में क्यों घूम रही थी.
आलिया ; नहीं माँ.
माँ हस्ती हे.
माँ ; तूने जिस बूढ़े को खाना खिलाया वो मेरा एजेंट हे बीटा. तू समझती हे की मुझे पता नहीं तो तू गलत हे.
आलिया ; मतलब आप मुझपे नजर रखती हो.
माँ ; क्या करू बीटा माँ हु तेरी. तेरी फ़िक्र रहती हे.
आलिया ; माँ मेरी फ़िक्र मत करो. में ट्रैन हु. दीदी और आप ने मुझे ट्रैन किया हे.
माँ ; बेवकूफ लड़की. हमेसा कवर और बैकिंग बिना कभी अकेले दुश्मन के ऊपर हमला मत करो.
आलिया ; नोटेड माँ.
माँ ; और तू अपने आप को चालक समज़ती हे?? ये तेरी दीदी का दिया हुआ लॉकेट तूने क्यों उतरा था???
आलिया ; इस से दीदी मुझपे नजर रखती हे.
माँ ; आज के बाद ये लॉकेट तू कभी नहीं उतारेगी. तुजे मेरी कसम हे.
आलिया ; वादा माँ.
माधुरी की आँखों में अंशु आ गए उसे एहसास हुआ उसने माँ को समज़ने में गलती करि. माधुरी को एहसास हुआ की माँ आलिया का नहीं. आलिया माँ का इस्तमाल कर रही हे.
उधर हॉस्पिटल में राईस निचे था. और डीके ऊपर अपने गुंडों की हालत का जायज़ा ले रहा था.
डॉक्टर ; हर एक की काम से काम 7 से 8 जगह हड्डी टूटी हे. सुकर हे की जिसने भी मारा जिन्दा छोड़ा. न ये चलने फिरने के काबिल हे और न ये उठने बैठने के. मेरी मनो तो इन्हे भूल जाओ.
डॉक्टर भी डीके का hi आदमी था. इतने में लाइट बंद चालू होने लगी. ऊपर फें पे कोई उल्टा लटक रहा था. हाथो में चाबुक. अचानक एक गुने को चाबुक से गले में लपेट कर खींचा. गुंडा ऊपर छत से टकराया फिर जमीं पे. डीके और डॉक्टर देखते रहे गए.
डीके ; अब ये कोण आ गई.
हर एक को फिर वैसे hi. पिटाई झेलनी पड़ी. न वो साफ दिखती और जब भी दिखती पड़छै की तरह. लाइट बंद चालू होती रहती. जैसे जोई बहुत आया हो. चिल्लाने की और गिरने की आवाज आती रहती. कभी कोई टीवी से ताकृत. बाँदा और टीवी दोनों चकना चूर.
डॉक्टर ने पेण्ट में hi पेशाब कर दी. डीके बस देखता hi रहा. उधर राईस भी आवाज सुन कर भागता हुआ ऊपर आया. वो भी डीके और डॉक्टर के पास आ कर खड़ा हो गया. डीके को भी एक दर का एहसास हुआ. उसके सरे गुंडों को फिर पिता गया. हर एक को उछाल उछाल के फेका जा रहा था. और पड़छै. कभी फें तो कभी किसी के बीएड तो कभी विंडो पे स्पाइडर मन की तरह मूवमेंट करते नजर आया.
राईस ; ययय ये कोण हे???
डीके ; पता नहीं. पर लड़की हे.
वो अचानक डीके के सामने आ कर कड़ी हो गई. उसने वॉइस चंगेर का इस्तेमाल कर के पूछा.
शिल्पा ; वो कोण था. जिसने तपन जी पर हाथ उठाया था??
राईस ; ववववव तो ममममर गया.
शिल्पा हस्ती हे
शिल्पा ; तो उसे दोबारा जिन्दा करो. उसे फिर से मरना हे.
शिल्पा ने चाबुक पीछे घुमाई. दूर जो सब से लास्ट बाँदा जो सिर्फ उठ hi पाया था. उसके गले में चाबुक लिपट गई. शिल्पा ने उसे खींचा वो फिर राउंड उछाल के गिरा और बेहोश. शिल्पा ने डीके की आँखों में देखा. डीके को शिल्पा की आंखे जनि पहचानी लगी.
शिल्पा ; मेने कुछ तुम से पूछा डीके
डीके ; देखो वो बाँदा मर गया. जिसे मेरे आदमी गलती से उठा कर लाए उस लड़की ने hi उसे मर दिया हे. वो पुलिस वाली और उसकी बहन भी लाश देख चुकी हे. आज के बाद हम तपन जी को नजर उठने की गलती कभी नहीं करेंगे.
अचानक लाइट चली गई. अँधेरा हो गया. और कुछ मिनिट बाद लाइट आई तो कोई नहीं था. सिर्फ डॉक्टर राईस और डीके hi खड़े थे. हॉस्पिटल की हालत ख़राब हो चुकी थी. और उसके सरे गुंडे जमीं पर बेहोश थे.
डीके ; (छीलते हुए) एक और नाहीईई.
राईस ; कुछ सोचो यार ये तो बजी निकल लेंगे हमारे हाथो से.
डीके ; मुझे पता हे ये कोण थी.
राईस ; कोण???
डीके ; हो न हो ये शिल्पा थी. मेने उसकी आंखे देखि हे.
राईस ; क्या बकवास यार वो तो फुल्लो जैसी हे.
डीके ; यार विस्वास करो ये वो hi थी.
राईस ; तो चलो आज पार्टी में चलते हे. पता चल hi जाएगा.
डीके और राईस पार्टी में पहोच जाते हे. पार्टी में बहोत लोग थे. जो उन्हें पहचान ते थे. तपन के गेस्ट. शिल्पा के गेस्ट. माधुरी की तक़रीबन पूरी टीम, सरे शहर के आमिर लोग. आलिया की बस एक hi गेस्ट. माँ.
में तैयार हो कर आया. सिर्फ अकेला सभी लोगो ने तालिया बजे. मेने आज बहोत महँगा शूट पहना था. जो माधुरी ने अपनी शैलरी से ख़रीदा था. में सिर्फ माधुरी से hi कुछ मांगता था. जब भी पेसो की जरुरत होती. में वैसे जोरू की कमाई पर जीने वाला आदमी नहीं हु. पर औरत और आदमी में भेद नहीं रखता.
औरत सिर्फ घर का काम करने के लिए hi नहीं बानी. वो घर की मुखिया भी हो सकती हे. अगर वो ज्यादा काबिल हो तो.