Meri Aashiqui Tumse hi (Bhai aur Behen) - Page 18 - SexBaba
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Meri Aashiqui Tumse hi (Bhai aur Behen)

मेरी आशिकी तुमसे hi.....



अपडेट 163.....
महा मेगा अपडेट....

"शानू की चुदाई"



मिया : क्या हुआ तुम सब अचानक से चौंक क्यों गए....?

दिया : तेरी हरकत देख के और तेरी बातें सुन के हम को झटका लगा है.... दोनों hi चीज़ें एक दूसरे को मैच नहीं कर रही hain....Ek तरफ तू सुलतान की तारीफ कर रही है उस से निकाह करने की बात कर रही है और वहीँ दूसरी तरफ तू ने उसे गोली मारी....

मिया : वो वो मैं वो....

जिया : ये वक़्त इन बातों का नहीं है बल्कि खान सर को ढूंढने का है... जाने इस वक़्त वो कहाँ और कैसे हैं....? सब से पहले सर को ढूंढने के बारे में सोचो..... बाकी सब बाद में....

मिया : तो फिर चलो चल के खान सर का पता लगते हैं....

सब बहार की तरफ चल देते हैं.... अभी वो दरवाज़ा खोल के बहार आये hi थे की तभी अचानक से वहां कुछ अनजान लोग उन्हें घेर के उनपे गन तान देते हैं....

मिया : कौन हो तुम लोग....? और इस तरह हम पे हुम्ला करने का क्या मतलब है....?????

ये लोग कौन हैं जिन्होंने सब को घेर लिया और उनपे गन तान दी.... वहीँ दूसरी तरफ वो 3 लोग कौन हैं जिनसे सुलतान मिलने गया है साथ hi अगली सुबह सुलतान क्या क्या धमाल करने वाला है ये देखना बेहद दिलचस्प होगा....?

मिया के साथ साथ बाकी सब बहार की तरफ चल देते हैं.... अभी वो दरवाज़ा खोल के बहार आये hi थे की तभी अचानक से वहां कुछ अनजान लोग उन्हें घेर के उनपे गन तान देते हैं....

मिया : तुम लोग कौन हो...?

शख्स 1 : पहले सब जल्दी से अंडर चलो....

जेम्स : नहीं पहले बताओ की तुम लोग हो कौन....?

शख्स 2 : हमारे बारे में बाद में पता कर लेना पहले अंडर चलो.... इस से पहले की तुम सब को शूट कर दिया जाए....

अभी कोई कुछ कहने hi वाला होता है की तभी...

दिया : मेरे ख़याल से हम को इनकी बात मान के अंडर जाना चाहिए..... एक गलती हम अभी कुछ देर पहले hi कर चुके हैं.... अब एक और गलती हम को नहीं करनी चाहिए....

सब दिया की बात मान के अंडर चले जाते हैं...

चार्ल्स : हम अंडर तो आ गए मगर खान सर का क्या....?

मिया : उन के बारे में बाद में पहले ये तो पता चल जाए की ये लोग कौन हैं....? और हम पे गन तान के क्यों खड़े हैं....?

जेम्स : हाँ तो अब बताओ की तुम लोग कौन हो....?

शख्स 1 : सवाल जवाब बाद में पहले जल्दी से ये सेफ्टी सूट पेहेन लो और चलो हमारे साथ..... अगर अपनी जान बेकार में नहीं गवाना चाहते तो....

मिया : मतलब क्या है तुम्हारा....?

शख्स : ये जगह अगले 3 मिनट्स में बम से उड़ने वाली है.....

उस शख्स के मुँह से बम सुनके सब बुरी तरह से शॉकेड हो जाते हैं....

सब शॉकेड : Kyaaaaaaaaaaaa....? मगर कैसे....? और क्यों....?

शख्स : मैंने कहा न ये सवाल जवाब सब बाद में पहले जल्दी से सेफ्टी सूट पेहेन के चलो यहाँ से.....

सब फ़ौरन सेफ्टी सूट पेहेन के उनके साथ बहार की तरफ भागते हैं और जल्दी से जा के वहां कड़ी कार में बैठ जाते हैं.... अभी कार कुछ दूर hi गयी थी की तभी एक तेज़ धमाके के साथ उनका सिक्योरिटी बेस उड़द जाता है....

Bhoooooooooommmmm.....

हर तरफ आग hi आग नज़र आने लगती है.... अचानक से उनकी कार के पीछे 10 कार फुल स्पीड से आने लगती है.... साथ hi वो सब उनकी कार पे अंधाधुन गोलियां चलने लगते हैं.... तभी एक कार के ऊपर का हिस्सा खुलता है और उसमे से एक गुंडा बहार आ के खान की टीम जिस कार में है उस पे राकेट लांच कर देता है.... राकेट को अपनी तरफ आते देख खान की टीम को अपनी मौत साफ़ नज़र आने लगती है.... राकेट स्पीड से आ के उनकी कार से टकरा जाता है.... एक तेज़ धमाका होता है.... जिसके साथ सब की चीख निकल जाती है....

सब : Nahiiiiiiiiiiiiiiiiiii....

Bhoooooooooommmmm....

कार के चीथड़े उड़द जाते हैं.... साथ hi तेज़ आग के साथ साथ धुँवे का गुबार वहां फैल जाता है.... कार को उड़ते देख पीछा कर रही गाड़ियां रुक जाती हैं.... उनमे से लोग उतर के कार के जलते हुए टुकड़ों को देखने लगते हैं.... तभी उनमे से एक किसी को कॉल करके सब बताता है.... जिसे सुन के दूसरी तरफ से ख़ुशी में ज़ोर ज़ोर से हसने की आवाज़ आने लगती है....

हहहहहहहह....

मुझपे वार करने वाला कभी ज़िंदा नहीं रहता.... आखिर वो सब कमीने ख़तम हो hi गए....

इधर सुलतान रूम में एंटर होता है....

सुलतान : सॉरी यार मैं थोड़ा लेट हो गया.... वो एक इम्पोर्टेन्ट काम में फस गया था.... वो बात ऐसी थी की....

अभी सुलतान ने इतना hi कहा था की अचानक से सामने कड़ी लड़की दौर के उसके पास आती है और उसके सीने से लिपट के उसके होंठों को चूसने लगती है.... सुलतान उसे खुद से दूर करने की कोशिश करता है मगर वो उसे खुद से दूर नहीं होने देती... करीब 10 मिनट्स तक सुलतान के होंठों को चूसने के बाद उस से अलग होती है.... अभी वो हटी hi थी की दूसरी लड़की सुलतान पे झपट पड़ती है और उसके होंठों को वाइल्ड तरीके से चूसने लगती है.... कुछ देर बाद वो सुलतान से अलग होती है.....

इस से पहले की सुलतान कुछ कहता किसी की बात सुन के सुलतान पलट के उस तरफ देखता है.....

मैक्स : यार इतनी रात को तू ने अचानक से हम को यहाँ क्यों बुलाया....?

सुलतान : अबे ये दोनों मुझे चोरे तब न मैं कुछ कहूं....

दोनों : क्या अपनी जान को प्यार करना गलत है....?

सुलतान : गलत नहीं है मगर अभी मुझे तुम तीनो से बेहद ज़रूरी बात करनी है...

दोनों : क्या वो बात हम दोनों से भी ज़्यादा ज़रूरी है....?

सुलतान : अपनी जान से ज़्यादा मेरे लिए और कुछ ज़रूरी नहीं है.... मगर मैं ये भी अच्छे से जानता हूँ की मेरी जान ये कभी नहीं चाहेगी की लाखो बेक़सूर लोगों की जान जाए....

सुलतान की बात सुन के दोनों के साथ साथ मैक्स भी चौंक जाता है....

तीनो : Kyaaaaaaaaaaaa....?

सुलतान : हाँ ये सच है....

फिर सुलतान उन्हें वो बातें बताता है जो उसे जस्मिने ने बताई थी.... जिसे सुन के तीनो बुरी तरह से चौंक जाते हैं साथ hi उन्हें उन गुंडों के साथ साथ सुलतान पे भी बेहद गुस्सा आने लगता है....

अचानक से 2 झन्नाटेदार थप्पड़ सुलतान के गाल पे रसीद होते हैं....

Chataaaaaaaaaaaak....

ये 2 थप्पड़ उसे ज़रा और सैर ने मारा था....

ज़रा बेहद गुस्से में रट हुए : तेरी हिम्मत कैसे हुई ऐसा करने की....? तू समझता क्या है अपने आप को हाँ....? बता मुझे जवाब दे... क्या ज़रुरत थी तुझे वहां अकेले जाने की...? अगर तुझे कुछ हो जाता तो....? मैं क्या करती...? मैं तो जीते जी मर hi जाती....

सैर रट हुए : अगली बार गलती से भी तू ने ऐसी गलती की न तो सोच लेना.... मैं तेरी दोनों टांगें तोड़ दूंगी.... ताकि तू कहीं नहीं जा सके....

मैक्स : सही कह रही हो तुम दोनों आज कल ये बहुत मनमानी करने लगा है.... बिना बताये कुछ भी करता है....

सुलतान : तुम सब को सब कुछ बताने के लिए hi तो यहाँ बुलाया है.... मगर तुम लोग कुछ सुन hi नहीं रहे.... बस रोये जा रहे हो....

ज़रा गुस्से में : सब कुछ हो जाने के बाद... कह रहा है की तुम सब को बताने बुलाया है... पहले नहीं बता सकता था क्या....?

सुलतान : मैं बताना तो चाहता था... मगर ये सब इतना अचानक हुआ की मुझे मौका hi नहीं मिला.... और वैसे भी अभी तो बस मैंने बुराई के खिलाफ जुंग की शुरुवात की है... जिसमे मुझे तुम तीनो के साथ की बेहद ज़रुरत है... मैं इस दुनिया में सब से ज़्यादा तुम तीनो पे भरोसा करता हूँ..... इस लिए सिर्फ तुम तीनो को hi यहाँ बुलाया है....

ज़रा : वो सब बाद में पहले ये वादा कर की आगे तू जो भी करेगा वो हम को बताये बिना नहीं करेगा.... वादा कर...

सुलतान : पहले तुम दोनों रोना बंद करो...

सैर : नहीं पहले वादा कर...

सुलतान : पहले कहा न की रोना बंद करो... तुम दोनों ये क्यों भूल जाते हो की तुम दोनों को यूँ रट हुए नहीं मैं नहीं देख सकता... आंसू तुम्हारी आँखों से बहते हैं और दर्द मेरे दिल में होता है.... अभी तुम दोनों की आँखों से बहते आंसू देख के मुझे कितनी तकलीफ हो रही है मैं बता नहीं सकता.... अब ये तुम दोनों पे है की तुम क्या चाहती हो यूँ रो के मुझे तकलीफ पहुँचाना या फिर मेरे गले लग के मेरे तड़पते दिल को सुकून पहुँचाना....

ये कह के सुलतान अपनी बाहें फैला देता है.... दोनों फ़ौरन आगे बढ़ के सुलतान के सीने से लिपट जाती हैं... दोनों के गले लग के सुलतान के दिल को बेहद सुकून मिलता है.... वो उनके आंसू पॉच के उन्हें किश करता है.... फिर कुछ देर बाद वो उनसे अलग होता है....

सुलतान को कुछ न कहते देख....

मैक्स : अब क्या तुझे इनविटेशन कार्ड छपवा के दूँ ताकि तू सब कुछ बता सके....

सुलतान : उसकी ज़रुरत नहीं है... मैं वैसे hi सब बताता हूँ....

सुलतान : जैसा की मैंने बताया शैतान अघुरा ने अपनी ताक़त बढ़ानी शुरू कर दी है.... वो हर तरफ बुराई फैला रहा है.... दुनिया में जितनी बुराई बढ़ेगी.... अघुरा की ताक़त भी उतनी hi बढ़ेगी.... तो इस बुराई को रोकने में मुझे तुम तीनो की ज़रुरत है....

मैक्स : हम इस में तेरी कैसे मदत कर सकते हैं.... वो भी बता दे....

सुलतान : तुम तीनो की अपनी hi एक खासियत है.... ज़रा वर्ल्ड की टॉप क्लास हार्डकोर फाइटर है.... इसे इस पूरी दुनिया में कोई नहीं हरा सकता....

ज़रा : सिवाए तेरे....

सुलतान : हाँ ठीक वैसे hi मेरे बाद मैक्स और सैर का भी कोई मुकाबला नहीं.... जहाँ मैक्स जासूसी में नंबर ओने है वहीँ सैर हैकिंग में एक्सपर्ट है....

सैर : वो सब तो ठीक है.... मगर इस सब में पैसे के साथ और भी बहुत सी चीज़ों की ज़रुरत होगी....

सुलतान : पैसों की तो सुलतान के पास कोई कमी नहीं है.... और न hi बाकी सब चीज़ों की.... मैंने पहले hi सब इंतज़ाम कर दिया है.... आओ चलो तुम सब को दिखता हूँ....

ये कह के सुलतान उनको घर के बेसमेंट में ले जाता है वहां एक दिवार पे अपना हाथ घूमता है.... सामने की दिवार के बीच से एक लाज़र लाइट सी बहार निकलती है और एक ट्रांसपेरेंट स्क्रीन में बदल जाती है.... फिर उस स्क्रीन से आवाज़ आती है...

स्क्रीन : ऑय स्कैन कम्पलीट.... हार्ट स्कैन कम्पलीट.... वेलकम तो थे "दें" सुलतान....

सुलतान : थैंक्स माया....

ज़रा : ये माया कौन है....?

सुलतान : सॉरी मैं तुम्हे तो मिलवाना भूल hi गया.... माया ये मेरे दोस्त हैं... मैक्स ज़रा और सैर और ये है.... माया.... माया मेरी जान है...

ज़रा : एक और जान....!!!!

माया : तो आखिर सुलतान को ये कहना hi पड़ा की माया मेरी जान है.... आज मैं बेहद खुश हूँ... आज सुलतान ने माया को अपनी जान जो कह दिया....

माया की आवाज़ के साथ साथ उसकी बातें सुन के सब हैरान हो जाते हैं....

सुलतान : माया मेरा बनाया हुआ एक नायाब और बेशकीमती मास्टर पीेछे है.... माय सुपर कंप्यूटर जिसके पास अपना खुद का एक बेहद hi लाजवाब दिमाग है....

माया : सुलतान तुम हमेशा ये क्यों भूल जाते हो की तुमने मुझे एक तेज़ दिमाग के साथ साथ एक प्यार भरा दिल भी दिया है....

सुलतान : सॉरी यार वो क्या है न जब भी मैं तुम्हारी प्यारी सी आवाज़ सुनता हूँ मैं उस में खो सा जाता हूँ....

माया : चलो कोई बात नहीं आज तुम्हे माफ़ किया.... आज तुमने मुझे जान कह के जो बुलाया है....

सुलतान : Ok माया नाउ ओपन थे दें....

फिर माया मैक्स सैर और ज़रा की आँखों और दिल का स्कैन करने के बाद दें का दरवाज़ा खोल देती है.... सुलतान के साथ साथ तीनो अंडर जाते हैं.... ये एक लिफ्ट है जो उन्हें पहले 50 मीटर नीचे ले जाती है फिर स्पीड से 1 कम आगे..... फिर उसका दरवाज़ा खुलता है.... सामने का नज़ारा देख के सब के होश उड़द जाते हैं.... सामने का नज़ारा देख के उन्हें ऐसा लगता है जैसे की वो इस वक़्त किसी साइंस फिक्शन मूवी में हैं.... यहाँ ज़मीन के नीचे एक पूरा का पूरा शहर बसा हुआ है.... जिसे देख के यकीन करना मुश्किल हो रहा है की एक 15 बैडरूम के बंगलो के नीचे किसी ने एक पूरा का पूरा शहर बसा दिया है....

अंडर का नज़ारा देख के तीनो के होश उड़द जाते हैं.... उनसे कुछ कहते नहीं बन रहा है... वो बस हैरत से सब देखे जा रहे हैं.... किसी कुछ न कहते देख....

सुलतान : क्या हुआ तुम लोग कुछ कहते क्यों नहीं.....?

मैक्स : शॉक पे शॉक दे ने के बाद पूछ रहा है की हम कुछ कहते क्यों नहीं....? ये सब देख के हमारी बोलती बंद हो गयी है.... आखिर ये सब है क्या....?

सुलतान : अभी तो बताया ये दें है... सुलतान का दें.... ये मेरा शहर है... सुलतान का बनाया हुआ शहर इसे मैं खुद अपने हाथों से बनाया है....

सुलतान की बात सुन के मैक्स के साथ साथ ज़रा और सैर भी हसने लगते हैं....

हहहहहहहहह....

सुलतान : अबे तुम लोग हंस क्यों रहे हो....?

ज़रा : तेरे जोके पे हांसे नहीं तो और क्या करें....?

सुलतान : ये कोई जोके नहीं है बल्कि हकीकत है....

मैक्स : अच्छा चल एक पल के लिए ये मान लिया जाए की जो तू कह रहा है वो सच है जो की नामुमकिन सी बात है... तो फिर ये बता की इतना बड़ा शहर तू ने कब और कैसे बनाया.....?

सुलतान : 3 महीने पहले....

अभी सुलतान ने इतना कहा hi था की एक बार फिर से सब हसने लगते हैं....

हहहहहहहहह....

सब को यूँ हस्ते देख सुलतान को उनपे गुस्सा आ जाता है....

सुलतान : ये जानते हुए भी की मैं कभी झूट नहीं बोलता तुम सब मेरी बात यकीन करने के बजाये मेरी बात को झूठ मान के मुझपे हंस रहे हो...

सुलतान को यूँ गुस्सा होते देख सैर बात को संभालते हुए कहती है....

सैर : सुलतान हम ये अच्छे से जानते हैं की तू कभी झूठ नहीं बोलता... हम को तुझपे पूरा यकीन है... मगर जो तू कह रहा है उसपे यकीन कर न भी तो मुश्किल है..... तू खुद सोच क्या ये मुमकिन है की कोई आम इंसान 3 महीने में इतना बड़ा शेहरे बिना किसी की मदत लिए खुद अपने हाथों से बना ले....

इस से पहले की सुलतान कुछ कहता अचानक से वहां नेमत आ जाती है.... नेमत को अचानक से वहां आये देख सब बेहद हैरान हो जाते हैं....

ज़रा शॉकेड : नेमत तू यहाँ कैसे आयी....?

नेमत : वो अभी ज़रूरी नहीं है जो ज़रूरी है वो सुनो.... और सब से ज़रूरी बात ये है की सुलतान जिसे तुम लोग मामूली इंसान समझ रहे हो वो मामूली इंसान न हो के "प्रिंस ऑफ़ यूनिवर्स" है....

सैर : "प्रिंस ऑफ़ यूनिवर्स" अब ये क्या है....?

ज़रा : कुछ नया लगता है....?

मैक्स : हाँ यार सही में मुझे लगा था की यहाँ आ के रात खराब होने वाली है मगर क्या पता था की यहाँ इतना मज़ा आ ने वाला है.... हंस हंस के मेरा तो पेट दुखने लगा है....

नेमत : सुलतान वक़्त आ गया है इन को हकीकत से सामना करवाने का.... इन को वो करके दिखाओ जो तुम ने तीन महीने पहले यहाँ आ के किया था....

नेमत की बात सुन के सुलतान अपना हाथ हवा में घूमता है और देखते hi देखते सामने खड़ा शहर एक छोटे से इलेक्ट्रॉनिक मॉडल में बदल जाता है... जिसे देख के सब हैरान हो जाते हैं....

सुलतान : मैक्स ज़रा गौर से इस मॉडल को देख के बता की इसे तू ने कहाँ देखा था....?

सुलतान की बात सुन के मैक्स उस मॉडल को गौर से देखने लगता है... फिर कुछ सोच के कहता है....

मैक्स : हाँ याद आया ये... ये... ये तो....

सुलतान : ये वो hi मॉडल है जो मैंने कॉलेज के साइंस एक्सहिबिशन के लिए बनाया था... और इसके लिए मुझे 1सत प्राइज भी मिला था....

सुलतान की बात सुन के सैर भी उसे गौर से देख के कहती है....

सैर : हाँ यार ये तो वो hi मॉडल है....

सुलतान : हाँ और इसी को मैंने अपनी पावर्स से एक बड़े साइंटिफिक शहर में बदल दिया.... ऐसे....

ये कह के सुलतान अपना हाथ उस मॉडल पे घूमता है और देखते hi देखते वो मॉडल एक बड़े साइंटिफिक शहर में बदल जाता है.....

जिसे देख सब चौंक जाते हैं....

सब : तेरे पास पावर्स भी हैं....

सुलतान : हाँ... बहुत सी पावर्स हैं... ये कोई नहीं जाता... और न hi किसी को इस बारे में पता चलना चाहिए....

सैर : वो सब तो ठीक है मगर....

सुलतान : अगर मगर बाद में पहले आगे चल के देख लो की यहाँ और क्या क्या है जो मैं तुम सब की दिखाना चाहता हूँ....

फिर सुलतान उन्हें एक स्पेशल रूम में ले जाता है जहाँ....

सुलतान : ये है सुपर कंप्यूटर जिसे माया ने एक ऐसे सर्वर में बदल दिया है जिस का मुक़ाबला पूरी दुनिया के कंप्यूटर मिल के भी नहीं कर सकते.... इसको हैक करना या ट्रेस करना नामुमकिन है.... और न hi इसमें किसी भी तरह का कोई वायरस इनस्टॉल किया जा सकता है..... ये हर वक़्त मेरे साथ कनेक्टेड रहता है... मैं कहीं से भी इसे एक्सेस कर सकता हूँ.....

मैक्स : वाओ यार ये तो कमाल की चीज़ है मैंने ऐसा सर्वर आज तक नहीं देखा.... यकीनन इसका कोई मुकाबला नहीं....

सुलतान : आगे चलो तुम्हे और भी कुछ दिखाना है....

फिर सुलतान उन्हें एक रूम में ले जाता है....

सुलतान : ये है सब से हाई टेक सिक्योरिटी और ट्रेसिंग देवीकेस साथ hi हाई टीच हथियार.... इन का भी कोई मुक़ाबला नहीं....

सब एक साथ : वाओ क्या बात है.... अमेजिंग....

सुलतान : अब आते हैं असल बात पे जिसके लिए मैंने तुम सब को यहाँ बुलाया है.... शैतान अघुरा के हमले और साथ hi मासूमो पे हो रहे लोकल गुंडों और माफिया के हमले और इस दुनिया को बुराई से बचने में मुझे तुम्हारे साथ की ज़रुरत है....

सब : हम तेरे साथ हैं.... बस बता की हम को करना क्या है.....?

सुलतान : तुम सब जिस फील्ड में स्पेशलिस्ट हो तुम को वो hi करना है.... जैसे सैर तू हैकिंग और ट्रेसिंग एक्सपर्ट है.... तो तुझे हर एक कंप्यूटर सर्वर पे नज़र रखनी है वैसे ये काम माया करेगी.... जहाँ भी उसे कोई गड़बड़ का पता चलेगा वो तुझे उस बारे में बता देगी और तुझे उसकी पूरी डिटेल स्टडी कर के मुझे बताना होगा ताकि आगे क्या करना है ये हम डीडे कर सके....

मैक्स तू एक जासूस है तो तुझे ये पता लगाना है की कौनसा गैंग कौनसी बड़ी वारदात प्लान कर रहा है और उसे कैसे रोका जाए...

ज़रा तू फाइटिंग में एक्सपर्ट है इस दुनिया की ऐसी कोई फाइट नहीं जो तुझे नहीं आती है साथ hi सब से बड़ी बात की तुझे इस दुनिया में कोई नहीं हरा सकता सिवाए मेरे... तुझे हमारी टीम के लिए बेस्ट फाइटर सेलेक्ट कर के उन्हें ट्रैन करना है.... अब बताओ क्या तुम सब इस के लिए तैयार हो...

सब : हाँ हम सब बुराई की खिलाफ लड़ने में तेरा साथ ज़रूर देंगे....

सुलतान : मगर ये बात किसी को पता नहीं चलनी चाहिए... वर्ण परेशानी बढ़ सकती है.... क्या पता कौन कब कहाँ हम को धोका दे दे....

सब हाँ में अपनी गर्दन हिला देते हैं...

सैर : सुलतान तू बेफिक्र रह एक (सैम) के गलत हो जाने से सब गलत नहीं हो जाते.... हम हर पल हर लम्हा तेरे साथ हैं और इस बात की खबर किसी को नहीं होगी... ये अपने दोस्त से वादा है हमारा....

सुलतान : ठीक है फिर तुम सब कल से अपने काम पे लग जाओ....

फिर वो लोग घर की तरफ चल देते हैं और सुलतान उस घर की तरफ जहाँ ज़ोया और उसकी बहने हैं....

अगली सुबह....

सुलतान : गुड मॉर्निंग.... चलो जल्दी स्व उठ के फ्रेश हो जाओ फिर हम बहार चल के नाश्ता करते हैं और तुम सब के लिए कपडे और बाकी घर की ज़रुरत का सामान ले लेते हैं.....

सुलतान की बात सुन के तीनो बहने खुश हो जाती हैं और जल्दी से फ्रेश हो के उसके साथ चल देती हैं.... सुलतान उन्हें वहां के सब से बड़े मॉल में ले जाता है वहां के फ़ूड कोर्ट में नाश्ता करने के बाद वो उन्हें शॉपिंग करवाता है फिर साथ ले के अपने कॉलेज चल देता है....

सोया : हम अभी कहाँ जा रहे हैं....?

सुलतान : कॉलेज.... तुम दोनों का एडमिशन करवाने....

सुलतान की बात सुन के दोनों खुश हो जाते हैं....

दोनों ख़ुशी में : क्या सच में....?

सुलतान : हाँ मैंने प्रिंसिपल से बात कर ली है आज तुम दोनों का एडमिशन हो जाएगा.... लो बातों बातों में कॉलेज भी आ गया....

वो उन्हें साथ ले के प्रिंसिपल के ऑफिस में चला जाता है.... फिर वहां से सोहा और नोहा का एडमिशन करवा के उन्हें उनकी क्लास में भेज के ज़ोया के साथ कार की तरफ जा रहा होता है की तभी उसकी नज़र किसी पे पड़ती है... वहां एक लड़का किसी लड़की के साथ बदतमीज़ी कर रहा है..... जिसे देख सुलतान का चेहरा गुस्से से लाल हो जाता है....

सुलतान गुस्से में आगे बढ़ता है उसके पास जा के खड़ा हो जाता है.... सामने खड़े लड़के का हाथ पकड़ के उसे मरोड़ देता है फिर एक ज़ोरदार पंच उसके पेट में मरता है....

एक ज़ोरदार चीख के साथ वो लड़का उड़ता हुआ दूर जा गिरता है उसके मुँह से खून निकलने लगता है....

अअअअअअअअगगगगगगठ्हहहह....

अपने साथी की ऐसी हालत देख के 8 से 10 गुंडे टाइप लड़के वहां आ जाते हैं और गुस्से में सुलतान को मारने के लिए आगे बढ़ते हैं.... सुलतान गुस्से में जैम के सब की धुलाई करने लगता है.... तभी उनमे से एक धोके से सुलतान पे चाकू से वार करता है.... सुलतान के हाथ पे चाक़ू लगने से खून निकलने लगता है... जिसे देख उस लड़की का दिल तड़प जाता है.... उसके मुँह से आह निकल जाती है जिसे सुन के सुलतान हैरत से उसकी तरफ देखता है फिर ज़हरीली मुस्कान के साथ पलट के एक ज़ोरदार किक उस लड़के को मारता है वो उड़ता हुआ दूर जा गिरता है और बेहोश हो जाता है....

फिर सुलतान आगे बढ़ के उस लड़की का हाथ अपने हाथ में ले के अपने हाथ से बहते खून को उसकी पूरी हथेली पे अच्छे से मॉल के कहता है....

सुलतान : लो आज एक बार फिर से मुझे ज़ख्म देने में तुम कामियाब हो गयी.... तुम्हे मेरे जिस्म से निकलते खून को देख बेहद ख़ुशी होती है न लो एक बार फिर से उस खून को महसूस कर लो जो आज फिर से तुम्हारी वजह से बहा है....

सुलतान की बात सुन के और उसके हाथों से बहे खून को देख जहाँ उस लड़की की आँखों में आंसू आ जाते हैं वहीँ उसके होंठों पे मुस्कराहट भी फैल जाती है....

सोना : तो आखिर मेरा प्यार तुम्हे मेरे पास ले hi आया....

जी हाँ ये कोई और नहीं बल्कि सोना hi है...

सुलतान : जी नहीं वो प्यार तो कब का मर चूका है ये तो वो नफरत है जो अब मैं तुझसे करता हूँ....

सोना : अच्छा अगर सुलतान को अपनी सोना से इतनी hi नफरत है तो फिर वो उसे गुंडों से बचने आया hi क्यों....?

सुलतान : वो इस लिए क्यों की तुम्हे तकलीफ पहुँचाने का हक़ सिर्फ मुझे है और किसी को नहीं.... मेरे सिवाए न hi कोई तुम्हारे करीब आ सकता है और न hi कोई तुम्हे चोट पहुंचा सकता है.... जो भी तुम्हारे करीब आएगा या तुम्हे तकलीफ पहुँचाने की गलती से भी कोशिश करेगा मैं उसकी जान ले लूंगा.... और देखो आज मैंने उसकी शुरुवात कर दी....

सोना : मगर मुझे तो ऐसा नहीं लगता.... ये नफरत काम मोहोब्बत ज़्यादा लगती है....

सुलतान : ग़लतफहमी है तुम्हारी.... जल्द hi तुझे मेरी नफरत का अंदाजा हो जाएगा....

सोना : ग़लतफहमी मुझे नहीं बल्कि तुम्हे है.... और जानते हो वो ग़लतफहमी क्या है.... सुलतान अपनी सोना को दिल ो जान से चाहता है बस इस वक़्त वो अपनी सोना से थोड़ा नाराज़ है और उस नाराज़गी को वो नफरत समझ रहा है.... सुलतान सोना से नफरत करे ये मुमकिन नहीं....

सुलतान : ग़लतफहमी में जी रही हो तुम.... जिस दिन हकीकत से तुम्हारा सामना होगा उस दिन....

अभी सुलतान ने इतना hi कहा था की तभी....

सोना : चलो ठीक है एक पल के लिए मैं ये मान लेती हूँ की तुम्हे मुझसे नफरत है.... साबित करो....

सुलतान : क्या.....?

सोना : साबित करो की तुम मुझसे नफरत करते हो.... मारो मुझे ठीक वैसे hi जैसे तुमने अभी उस लड़के को मारा था.... ज़्यादा नहीं बस एक थप्पड़ मुझे मार के दिखाओ... मैं मान लुंगी की तुम्हे मुझसे प्यार नहीं बल्कि नफरत है....

सोना की बात सुन के सुलतान चुप चाप बस उसे देखता रहता है.... उसे कुछ न करते देख....

सोना : मारो मुझे बस एक थप्पड़.... और साबित करो अपनी नफरत.... क्या हुआ हाथ उठाओ और मारो मुझे....? मारते क्यों नहीं....

सुलतान गुस्से में अपना हाथ उठता है मगर थप्पड़ मार नहीं पाटा.... वो गुस्से में पलट के वहां से जाने लगता है... तभी सोना पीछे से उसे आवाज़ दे के कहती है....

सोना : जानते हो सुलतान आज तुमने मुझे थप्पड़ न मार के ये साबित कर दिया की तुम मुझसे बेइन्तेहाँ प्यार करते हो नफरत नहीं.... और इस बात का सबूत है मेरे हाथों में तुम्हारा ये खून.... तुमने मेरे हाथों में मेहँदी की जगह अपना खून लगा के मुझे अपनी आधी बीवी बना लिया है अब जल्द hi मैं अपने सुलतान की पूरी बीवी बन जाउंगी.... और अपने सुलतान के उस प्यार को पा लुंगी जो हमेशा से hi मेरा था है और रहेगा....

सुलतान : ये वो सपना है जो कभी पूरा नहीं होगा.... सुलतान को तुझसे सिर्फ और सिर्फ नफरत है और कुछ नहीं....

ये कह के सुलतान ज़ोया के साथ वहां से चल देता है....

कार में ज़ोया सुलतान के हाथ में कास के अपना रुमाल बाँध देती है फिर उसे हॉस्पिटल चलने को कहती है.... सुलतान उसे मामूली सी चोट बता के कार को आगे बढ़ा देता है....

बस फिर क्या था ज़ोया के सवालों की बौछार शुरू हो जाती है....

सुलतान : अब बस भी कर मेरी माँ कितने सवाल पूछेगी.... इतने सवाल तो पुलिस वाले मुजरिम से भी नहीं पूछते.... अब और कोई सवाल नहीं....

ज़ोया : बस एक आखरी सवाल पूछ सकती हूँ प्लीज....

सुलतान : पूछ ले...

ज़ोया : ये तुम मुझे बार बार मेरी माँ कह के क्यों बुलाते हो.... न तो मैं तुम्हारी माँ हूँ और न hi मेरी उम्र तुम्हारी माँ जितनी है....

ज़ोया की बात सुन के सुलतान की हंसी छूट जाती है....

सुलतान : हहहहहहहहह.... अरे मेरी माँ... ओह ी मैं ज़ोया... तुम बस मेरे एक सवाल का जवाब दे दो... ये तुम इतने सवाल लाती कहाँ से हो... तुम्हारे दिमाग में सवाल का कोई गोडाउन है क्या....? मुँह खुला नहीं की सवाल गिरने शुरू हो जाते हैं....

सुलतान की बात सुन के ज़ोया चीड़ के कहती है....

ज़ोया : वैरी फनी.....

सुलतान : अच्छा वो सब चोरो और ये बताओ की तुम कहाँ तक पढ़ी हो और तुम्हे क्या क्या नॉलेज है.... ताकि तुम्हारे काम का कुछ किया जा सके....

ज़ोया : तो मतलब तुम मेरा इंटरव्यू ले रहे हो....

सुलतान : ऐसा hi कुछ समझ लो.... अब बताओ....

ज़ोया सुलतान को अपनी पढ़ाई और बाकी सब के बारे में बताने लगती है.... अभी उसकी बात पूरी भी नहीं हुई थी की तभी सुलतान कार रोकता है..... सामने का नज़ारा देख के ज़ोया चौंक जाती है....

ज़ोया : ये तो खान ग्रुप ऑफ़ कंपनी की बिल्डिंग है.... तुम मुझे यहाँ क्यों लाये हो...?

सुलतान : अब जिस कंपनी में तुम काम करती हो तुम्हे वहां नहीं लाऊंगा तो कहाँ ले जाऊँगा....

ज़ोया : मैं कल यहाँ जॉब इंटरव्यू के लिए आयी थी मगर जॉब मिलने से पहले की मेरा और मेरी बहनो का किडनैप हो गया था....

सुलतान : तुम्हे यहाँ जॉब कल hi मिल गयी थी....

ज़ोया : ये कैसे हो सकता है....? मैंने तो कोई इंटरव्यू दिया hi नहीं....

सुलतान : अभी कुछ देर पहले तो तुम्हारा इंटरव्यू हुआ.... मैंने खुद लिया....

ज़ोया : तुम्हारे इंटरव्यू लेने से मेरी जॉब का क्या लेना देना....?

सुलतान : अंडर चलो तुम्हे सब पता चल जाएगा....

ये कह के सुलतान ज़ोया को साथ ले के कंपनी के अंडर चल देता है.... वहां रूही किसी से बात कर रही होती है जैसे hi उसकी नज़र सुलतान पे पड़ती है वो दौर के उसके करीब जाती है और कास के उसके सीने से लिपट जाती है.... सुलतान उसे खुद से दूर करके कहता....

सुलतान : मेरी जान ये ऑफिस है... सब देख रहे हैं.... काम से काम यहाँ तो खुद पे काबू रखो.... जो करना हो रात में कर लेना अभी नहीं....

सुलतान की बात सुन के रूही ख़ुशी से उछाल पड़ती और एक बार फिर से उसे कास के अपने सीने से लगा लेती है....

सुलतान उसे खुद से अलग कर के कहता है...

सुलतान : रूही इस से मिलो ये है ज़ोया.... और ज़ोया ये है रूही.... इस कंपनी की मद...

सुलतान : रूही ज़ोया आज से तुम्हारी सेक्रेटरी है... इसे पूरा काम समझने की ज़िम्मेदारी तुम्हारी.... ये दिमाग की बहुत तेज़ है जल्द hi सब सीख जायेगी.... बस इसकी एक hi प्रॉब्लम है.... और वो ये की ये सवाल बहुत करती है.....

ज़ोया : मगर अचानक से जॉब कैसे....? मेरा मतलब है न कोई इंटरव्यू हुआ और न hi मेरे पास मेरे कोई डाक्यूमेंट्स हैं....? तो फिर मेरी जॉब कैसे और वो भी मद की सेक्रेटरी....?

सुलतान : देखा मैंने कहा न ये सवाल बहुत करती है.... अब तू इसके सारे सवालों के जवाब दे मैं तो चला....

ये कह के सुलतान वहां से निकल लेता है....

ज़ोया हैरत से बस उसे देखती रह जाती है.... फिर पलट के रूही की तरफ देखती है जैसे की पूछना छह रही हो क्या अभी सुलतान ने कहा वो सच है....

रूही : हाना सुलतान ने अभी जो भी कुछ कहा वो सच है.... आज से बल्कि अभी से तुम मेरी सेक्रेटरी बन के इस कंपनी में काम कर रही हो.... इस के लिए न तुम्हे किसी को इंटरव्यू देने की ज़रुरत है और न hi किसी सर्टिफिकेट्स की.... क्यों की तुम्हारा इंटरव्यू लेने वाला और तुम्हे जॉब पे रखने वाला कोई और नहीं बल्कि इस कंपनी का मालिक है....

ज़ोया : मगर मैं तो उस से मिली hi नहीं....

रूही : क्या बात कर रही हो....? तुम खुद तो उसके साथ आयी.... और कह रही हो उस से मिली नहीं.....

ज़ोया : मतलब की वो सुलतान है...

रूही : जी हाँ वो और कोई नहीं बल्कि सुलतान है.... अब अगर तुम्हारे सवाल ख़तम हो गए हो काम शुरू करें.... बाकी के सवाल सुलतान से खुद पूछ लेना....

रूही की बात सुन के ज़ोया हाँ में अपनी गर्दन हिला देती है....

इधर सुलतान वहां से सीधे अपने घर जाता है और अपनी साड़ी जान से मिलके उन्हें प्यार करने के बाद बगल वाले घर की तरफ बढ़ जाता है.... वहां पहुँच के वो सीधे ऐना और मीणा के रूम में जाता है.... सुलतान को अपने रूम में देख के दोनों को जितनी ख़ुशी होती है उतनी hi हैरानी भी....

ऐना : सुलतान तुम यहाँ अचानक....?

सुलतान : क्यों मैं यहाँ नहीं आ सकता क्या....?

ऐना : नहीं ऐसी बात नहीं है.... वो अचानक से तुम्हे यहाँ देखा तो खैर.... बताओ कोई काम था क्या...?

सुलतान : क्यों मैं बिना किसी काम के तुम दोनों से मिलने नहीं आ सकता क्या...?

ऐना : आ सकते हो न क्यों नहीं आ सकते.... आओ बैठो.....

सुलतान : हाँ अब तुम दोनों मुझे ये बताओ की इस वक़्त तुम दोनों को कॉलेज में होना चाहिए था तुम दोनों घर पे क्या कर रही हो....?

दोनों : वो.... वो.... वो....

सुलतान : लगता है बाकी सब की तरह तुम दोनों भी मुझे अपना नहीं समझती तभी कुछ बताना नहीं चाहती.... और मैं बेवक़ूफ़ ये सोच के यहाँ आया की... खैर मैं चलता हूँ...

ये कह के सुलतान वहां से उठ के जाने hi वाला होता है की तभी ऐना उसका हाथ पकड़ के उसे रोक के कहती है....

ऐना : नहीं सुल्तान जैसा तुम समझ रहे हो वैसी बात नहीं है.... वो बस हम तुम्हे परेशान नहीं कर चाहते थे इस लिए नहीं बताया....

सुलतान : तुम दोनों पागल तो नहीं हो गयी.... परेशानी की बात कर रही हो.... जानती भी हो तुम दोनों ने क्या किया.... अगर कल वक़्त पे तुम दोनों को नहीं बचाया जाता तो क्या होता.... तुम दोनों की न ोज़्ज़ात बचती और न hi जान....

सुलतान की बात सुन के दोनों शॉकेड हो जाती हैं....

दोनों : T...T.... Tum...he कैसे पता चला....?

सुलतान : ये ज़रूरी नहीं है की मुझे कैसे पता चला ज़रूरी ये है की तुम दोनों को ऐसी क्या ज़रुरत पद गयी की तुम दोनों पढ़ाई चोर के जॉब ढूंढने के लिए वहां गयी... तुम को तो पता भी नहीं की तुम किस मुसीबत में फस गयी थी.... तुम को किडनैप कर के बाकी लड़कियों के साथ विदेश में बेचा जाने वाला था....

दोनों शॉकेड : Kyaaaaaaaaaaaa....?

सुलतान : जी हाँ.... अब इस से पहले की मैं सच में तुम दोनों से नाराज़ हो जाऊं मुझे ये बताओ की तुम दोनों वहां क्यों गयी थी....? और आज कॉलेज जाने के बजाये तुम दोनों घर पे क्या कर रही हो....?

ऐना : व... व... वो... बात ऐसी है की हम दोनों की कॉलेज की 2 महीने की फीस बाकी है.... और अब तो घर में भी खाने की कमी हो गयी है.... पैसे तो नाम के भी नहीं रह गए हैं.... बिज़नेस पूरी तरह से बंद हो चूका है.... जो भी पैसे बचे थे वो कर्ज़े वाले ले गए अब भी हम पे 15 करोड़ का मार्किट का कर्ज़ा है... अब तुम hi बताओ की ऐसे में हम करे भी तो क्या करें....?

सुलतान : ये बात मुझे नहीं बता सकती थी क्या....? बाकी सब की तरह तुम दोनों ने भी मुझे इतना पराया कर दिया की मुझे इस क़ाबिल भी नहीं समझा की अपना दुःख बाँट सको....

सुलतान की बात सुन के दोनों की आँखों में आंसू आ जाते हैं....

मीणा : नहीं सुलतान वैसी बात नहीं है... एक तो तुम पहले hi हमारे घर वालो की वजह से परेशान बने हुए हो और ऊपर से हम तुम्हे अपनी बात बता के और परेशान नहीं करना चाहते थे बस इसीलिए नहीं बताया.... इस के आलावा हमारा और कोई इरादा नहीं था....

सुलतान : बस एक बात बता दो की तुम दोनों मुझे अपना समझती हो या फिर बाकियों की तरह.....

दोनों : तुम नहीं जानते की तुम हमारे लिए क्या हो....? और आगे से कभी खुद को गैर मत कहना....

सुलतान : तो फिर ये बेकार की बात चोरो और तुम दोनों कल से रोज़ाना कॉलेज जाओगी समझी....

दोनों :. मगर घर की हालत...?

सुलतान : वो सब तुम मुझ पे चोर दो मैं देख लूंगा.... और हाँ चाचू से कहना की एक घंटे के बाद इस (एक कार्ड उसे दे के) बन्दे से मिल ले उनकी साड़ी प्रोब्लेम्स दूर हो जायेगी.... और आगे से कोई भी परेशानी हो बिना देर किये तुम दोनों फ़ौरन आ के मुझे बताओगी.... वादा करो मुझसे...

दोनों : हम वादा करती हैं... अब से कोई भी परेशानी होगी हम फ़ौरन तुझे बताएँगे....

सुलतान : ठीक है चलो अब मैं चलता हूँ कल कॉलेज में तुम दोनों से मुलाक़ात होगी....

ये कह के सुलतान वहां से जाने लगता है.....

ऐना : सुलतान...

ऐना ने अभी इतना hi कहा था की तभी सुलतान....

सुलतान : फ़िक्र मर करो तुम दोनों की पूरे साल की फीस जमा हो गयी है.... और साथ hi जो चीज़ तुम्हे चाहिए वो खरीद लेना उसके लिए तुम दोनों के अकाउंट में मैंने पैसे दाल दिए हैं.....

तभी दोनों के मोबाइल पे मश्ग आ जाता है.... मश्ग पढ़ के दोनों शॉकेड हो जाती हैं....

दोनों : 2 लाख रस.... ये कुछ ज़्यादा नहीं है....? नहीं सुलतान ये हम नहीं ले सकते..... पहले hi तुम ने हमारे लिए बहुत कुछ किया है.... और ये तो....

सुलतान : बस कर दिया न पराया.... अगर मुझे ज़रुरत होती तो क्या तुम दोनों मेरी मदत नहीं करती....?

दोनों : हाँ में गर्दन हिला देती हैं....

सुलतान : तो फिर जब मैं तुम्हे कुछ देना छह रहा हूँ तो इंकार क्यों कर रही हो...?

तभी पीछे से किसी की आवाज़ सुन के तीनो चौंक जाते हैं....

दोनों : माँ (हुस्ना) आप....

हुस्ना : हाँ मैं.... मैं कब से बहार कड़ी तुम तीनो की बात सुन रही थी.... और सुलतान की बात मुझे सही लगी.... ये कोई गैर नहीं बल्कि हमारा अपना है और अपनों की मदत लेने से कैसा इंकार.... रख लो... प्यार से दी हुई चीज़ यूँ लौटाई नहीं जाती.... मगर हाँ तुम दोनों को इतने पैसे मिल गए हैं तो इस का मतलब ये नहीं की इसे खर्च करना शुरू कर दो.... जब तक बहुत ज़रूरी न हो इन पैसों को हाथ नहीं लगाओगी.... वादा करो मुझसे...

दोनों उदास मन से : हम वादा करते हैं...

दोनों का उतरा हुआ चेहरा देख के सुलतान...

सुलतान : क्या चची जान आ भी न.... ऐसा भी कोई करता है क्या...? देखो कैसे आपने मेरी मासूम परियों को उदास कर दिया.... तुम दोनों चची की कोई बात नहीं सुन न... खुल के इन पैसों को खर्च करना और अगर काम पद जाए तो मुझसे और मांग लेना....

स चची : सुलतान इस तरह तो ये बिगड़ जाएंगी....

सुलतान : नहीं चची जान... ये दोनों मेरी प्यारी परियां हैं.... मुझे इन पे पूरा भरोसा है ये कभी ऐसा कोई काम नहीं करेंगी जिसकी वजह से आपके सामने मेरा सर शर्म से झुके.... क्यों ऐना मीणा मैंने ठीक कहा न....

दोनों : हाँ में अपनी गर्दन हिला देती हैं...

सुलतान की बात सुन के साथ hi अपने लिए उसका इतना अपनापन देख के C.Chachi और ऐना मीणा की आँखों में ख़ुशी के आंसू आ जाते हैं.... साथ hi बेइन्तेहाँ गुस्सा भी....

सुलतान : क्या हुआ अचानक से आप सब की आँखें नाम क्यों हो गयी.... और चेहरे पे इतना गुस्सा क्यों....? मैंने कुछ गलत कह दिया क्या....?

C.Chachi : हमारे लिए तेरा अपनापन और प्यार देख आँखें ख़ुशी से नाम हो गयी और गुस्सा उन कमीनो पे आ रहा है जिसने तेरे जैसे मासूम और प्यारे पे बेइन्तेहाँ ज़ुल्म किये... जी तो छह रहा hi की अभी जा के उनकी जान ले लून... मगर वो तेरे गुनेहगार हैं उन्हें सजा देने का हक़ भी तेरा hi हैं....

सुलतान : चची जान आप कहाँ उनकी बात ले के बैठ गयी.... छोड़िये उनको... जिनको हमारी फ़िक्र नहीं हम उनकी फ़िक्र क्यों करें.... अब आप लोगों के साथ कुछ बुरा नहीं होगा न hi कोई तकलीफ आएगी.... अब बस आप सब मज़े करिये....

C.Chachi : सही कहा तू ने तेरे रहते हम को फ़िक्र करने की ज़रुरत hi नहीं है.... तू बैठ के इन दोनों के साथ बातें कर जब तक मैंने तेरे लिए कुछ खाने पीने को लाती हूँ....

सुलतान : नहीं चची जान अभी नहीं... अभी मुझे एक ज़रूरी काम करना है उसके लिए मैं पहले hi लेट हो चूका हूँ.... वो करने के बाद मैं आ के आपसे मिलता हूँ....

ये कह के सुलतान वहां से निकल के शानू की धमाकेदार चुदाई करने के लिए उनके घर की तरफ चल देता है....

घर पहुँच के सुलतान सीधे शानू के रूम में जाता है जहाँ वो बड़ी बेसब्री से उसका इंतज़ार कर रही है...

सुलतान : Hi मेरी जान कैसी हो...

शानू : अब वक़्त मिला तुझे.... बड़ी जल्दी याद आ गयी तुझे मेरी.... तुझे पता भी है मैं कल से तेरा इंतज़ार कर यही हूँ मगर तू है की तुझे मेरी कोई फ़िक्र hi नहीं...

सुलतान : आप तो मेरी जान हो.... आप की फ़िक्र नहीं करूँगा तो किसकी करूँगा....

शानू : जा जा ज़्यादा नाटक मत कर अगर तुझे मेरी इतनी फ़िक्र होती तो क्या तू मुझे इतना इंतज़ार करवाता और अब भी देख यहाँ आने के बाद भी मुझे प्यार करने के बजाये दूर खड़ा बातें बना रहा है....

सुलतान आगे बढ़ के शानू को कास के अपने सीने लगा के कहता है....

सुलतान : हाय मेरी जा आज आप को ऐसे जैम के प्यार करूँगा की देखना आप की साड़ी शिकायतें दूर हो जाएंगी और आप मेरी दीवानी बन जाएंगी.... आज मैं अपनी जान को जन्नत की सैर करवाने वाला हूँ... बस एक बार आप ने मेरे मूसल जैसे लुंड की सवारी कर ली न तो फिर कभी मेरे लुंड को अपनी छूट से निकलने नहीं डौगी....

सुलतान की बात सुन के शानू का चेहरा और उनकी रसीली छूट शर्म से पानी पानी हो जाती है....

शानू : तू न बहुत बेशर्म हो गया है... ऐसे खुलेआम भी कोई कहता है क्या..?

सुलतान : हाय मेरी जान मेरा बस चले तो बातें hi क्या मैं तो खुलेआम अपनी जान को नंगी कर के उसकी रसीली छूट और मदमस्त मखमली गांड का बाजा बजा दूँ.... हाय क्या मस्त सेक्सी गांड है आपकी.... उसे देख के दिल उसका दीवाना हुआ जाता है...

शानू शर्माते हुए : तू न बड़ा शैतान हो गया है..... ऐसा भी कोई कहता है क्या.....? एक बात तो बता.... मेरी छूट का तो समझ में आता है मगर आखिर मेरी ग.... गए.... गांड में ऐसा क्या है.... जिसका तू दीवाना बना हुआ है.....

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सुलतान : आप की मदमस्त गांड में वो कशिश है जिसे देख किसी का लुंड भी खड़ा हो जाए.....

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शानू : तुझे गांड की पड़ी है और यहाँ मेरी छूट कब से तेरे लुंड की याद में रास बहा रही है.....

सुलतान : मैं भी तो कब से आपकी छूट का रास पीने के लिए तरस रहा था.... आज हम दोनों की प्यास बुझेगी.... आज मैं जी भर के आप के तीनो छेद में अपना लुंड डालूंगा.....

शानू शरमाते हुए : जी नहीं अभी तीसरा छेद तेरे लुंड के लिए तैयार नहीं है.... पहले उसे थोड़ा फैल जाने दे फिर जी भर के मेरी गांड भी मार लेना....

ये कह के शानू उठ के जाने लगती है....

सुलतान : अरे कहाँ चली....? अभी तो चुदाई के लिए तड़प रही थी... चूड़े बिना कहाँ जा रही हो.....?

सुलतान की बात सुन के शानू अपनी कानि ऊँगली उसे दिखा के शरमाते हुए बाथरूम में भाग जाती है.... और अपनी साड़ी उठा के सीटी बजाते हुए मूतने लगती है.... सुलतान भी कहाँ मान ने वाला था.... शानू की छूट से निकल रही सीटी की मधुर आवाज़ सुन के वो भी उनके पीछे पीछे बाथरूम में चला जाता है....

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शानू गांड उठा के मूट रही है.... शानू की मदमस्त गांड देख के सुलतान का लुंड खड़ा हो के पूरे जोश में आ जाता है....

सुलतान को अपने पीछे खड़े देख शानू शर्मा जाती है.....

शानू : बहार जा.... देख नहीं रहा मैं मूट रही हूँ.....

सुलतान : वो hi तो देख रहा हूँ... हाय क्या मस्त नज़ारा है....

शानू शरमाते हुआ : अरे बेशर्म कुछ तो चोर दे....

स्तन : हाय शानू कैसे चोर दूँ.... आप की सेक्सी गांड और छूट ने मुझे आपका दीवाना जो बना रखा है.... जी चाहता है.... अपना लुंड इसमें डाले उम्र भर आप को छोड़ता रहूं....

शानू शर्माते हुए : छोड़ लेना... मैंने कौनसा तुझे रोका है... मगर अभी तो बहार जा.... पहले मुझे मूट तो लेने दे....

सुलतान : आप मूतो न मैंने कहाँ आप को रोका है.... आप अपना काम करो और मुझे अपना काम करने दो....

ये कह के सुलतान अपनी जेब से की जेली की तुबे निकालता है और अपनी ऊँगली में थोड़ी जेली ले के शानू की गांड के छेद पे लगाने लगता है.... सुलतान का हाथ अपनी गांड के छेद पे महसूस होते hi शानू उछाल पड़ती है..... लाइफ में आज पहली बार उसने अपनी गांड के छेद पे किसी और की ऊँगली को महसूस किया है....

शानू : ये क्या कर रहा है.....?

सुलतान : आप की गांड मारने की तैयारी कर रहा हूँ.....

ये कह के वो धीरे से अपनी एक ऊँगली शानू की गांड के छेद में घुसा देता है.... ऊँगली में की जेली लगे होने की वजह से ऊँगली शानू की गांड के टाइट में घुस जाती है.... जिस से शानू एक सिसकारी लेते हुए उछाल पड़ती है.....

Aaaaaaaaaagggghhhhhh......

शानू : सुलतान क्या कर रहा है... निकाल ऊँगली.....

सुलतान शानौ की बात को उन सुना कर के एक हाथ से उनकी पिशाब करती छूट को रगड़ते हुए ऊँगली को उनके गांड के छेद में अंडर बहार करने लगता है.....

सुलतान की इस हरकत पे शानू को मज़ा भी आ रहा है और गांड में मीठा मीठा दर्द भी हो रहा है.... वो सुलतान को रोकने की बहुत कोशिश करती है..... मगर सुलतान कहाँ मान ने वाला था.... शानू को अपनी बाहों में जकड के उनकी छूट को रगड़ते हुए अपनी ऊँगली उनकी कमसिन वर्जिन गांड में अंडर बहार कर रहा है....

मस्ती में शानू के मुँह से मादक सिसकारी निकल रही है....

Sssssssssss...... Aaaaaaaaaahhhhh.... ममममममममम... ऊऊऊऊओह्ह्ह्हह.....

मज़े और दर्द के मीठे मीठे एहसास को महसूस करके शानू की छूट कॉमर्स की नदी बहा रही है..... धीरे धीरे वो झड़ने के करीब पहुँच जाती है.... उसका जिस्म अकड़ने लगता है.... मस्ती में वो सुलतान के होंठों को अपने मुँह में ले के चूसने लगती है..... अचानक से उनका जिस्म अकड़ने लगता है और वो झड़ने लगती है...

ठीक तभी सुलतान अपनी जेब से ास्सप्लुग (गांड में घुसाने वाला डिलडो) निकाल के शानू की गांड में धीरे से घुसा देता है..... ठीक तभी शानू मस्ती में झाड़ जाती है उसे पता hi नहीं चलता की कब सुलतान ने अपनी ऊँगली उनकी कमसिन ुंचुड़ी गांड के छेद से निकाल के उसमे ास्सप्लुग घुसा दिया.... वो कास के सुलतान के जिस्म से लिपट जाती है.... और सुलतान के होंठों को चूसते हुए झड़ने का मज़ा लेने लगती है....

कुछ देर बाद जब शानू की मस्ती थोड़ी शांत होती है तब वो शरमाते हुए सुलतान से कहती है....

शानू : पूरा दिन यहीं ऐसे hi गुज़ारना है क्या.....?

सुलतान : जी नहीं..... मेरी तो कुछ और hi चाहत है..... फिलहाल आप बताओ की आप क्या चाहती हो.....?

मस्ती में शानू सुलतान के होंठों को चूम के कहती है....

शानू : मैं चाहती हूँ की तू जल्दी से मुझे बीएड पे ले जा के जैम के मेरी चुदाई कर....

सुलतान : नेक काम में देर नहीं करनी चाहिए.... चलो जल्दी चलो.....

शानू शर्माते हुए : पहले अपनी ऊँगली तो मेरी गांड से निकाल.....

शानू की बात सुन के सुलतान अपने दोनों हाथ शानू को दिखा के कहता है..... वो तो मैं कब का निकाल चूका हूँ.....

सुलतान की बात पे शानू चौंक के कहती है.....

शानू : तो फिर इस वक़्त मेरी गांड में क्या घुसा हुआ है....?

सुलतान : आप की गांड में इस वक़्त वो डिलडो है जो मैं आप के लिए लाया हूँ....

शानू अपनी गांड पे हाथ लगा के महसूस करती है..... तो पाती है की वाकई में उनकी गांड के छेद में डिलडो घुसा हुआ है..... वो हैरत से सुलतान की तरफ देखती है..... जैसे पूछना छह रही हो... की ये तू ने कब और कैसे घुसाया.....?

सुलतान : जिस वक़्त आप झड़ने का मज़ा ले रही थी..... ठीक उसी वक़्त मैंने इसे आपकी गांड में घुसा दिया..... अब इसे अपनी गांड में hi रहने दीजिये..... जिस से जल्द hi आप की गांड मेरा लुंड लेने लायक बन जायेगी..... बस लैट्रिन करने के लिए hi आप इसे बहार निकालेंगी..... इसमें आप को बेहद मज़ा भी आएगा..... चलते वक़्त..... उठते बैठते वक़्त... बस मज़ा hi मज़ा.... साथ hi हर पल आपको मेरी याद दिलाता रहेगा.... और हर गुज़रते पल के साथ मेरे लिए आपकी दीवानगी और प्यार बढ़ता hi जाएगा...

सुलतान की बात सुन के शानू शर्माते हुए कहती है.....

शानू : तू न बड़ा कमीना हो गया है.... अपने मज़े के लिए मेरी गांड मारने पे लगा हुआ है..... अगर तू ने मेरी गांड मारी तो मेरी बंद बज जायेगी.....

शानू की बात सुन के सुलतान उन्हें आँख मार के कहता है.....

सुलतान : बंद नहीं मैं तो पूरा ऑर्केस्ट्रा बजने की सोच रहा हूँ.....

सुलतान की बात सुन के शानू उसके गाल पे प्यार से चपत लगा के कहती है..... पहले मेरी छूट तो बजा ले..... गांड का ऑर्केस्ट्रा बाद में कभी बजाते रहना....

सुलतान : दिल तो नहीं छह रहा आप के सेक्सी चूतड़ों को चोर्ने का..... मगर अभी इसमें वक़्त है..... जल्द hi मैं इसमें अपना लुंड दाल के इसे छोडूंगा.....

ये कह के सुलतान आगे बढ़ के शानू के चूतड़ को प्यार से चूमता है और अपनी हथेली उसकी रास चोरटी छूट पे रख देता है.....

सुलतान की इस हरकत पे सुलतान के साथ साथ शानू का जिस्म भी मस्ती में गंगना जाता है..... सुलतान की हथेली शानौ के छूट रास से सराबोर हो जाती है..... सुलतान इसे अपनी नाक के पास ला के सूंघता है फिर अपनी जुबां बहार निकाल के अपने हाथ पे लगे शानू के छूट रास को चाट ता है.... शानू की छूट की खुशबु और उसका टास्ते सुलतान के लुंड को उछलकूद मचने पे मजबूर कर देता है....

सुलतान शानू की छूट पे प्यार से हाथ फेरने लगता है साथ hi उसकी गांड को चूम भी रहा है.... सुलतान की इस हरकत पे शानू मस्ती के आसमान में उड़ने लगती है उसके मुँह से मादक सिसकारी निकलने लगती है.....

Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa..... Mmmmmmmmmm.... ऊऊऊऊओह्ह्ह्हह....

जिसे सुनके सुलतान थोड़ा नीचे झुक के शानौ की छूट को चूम लेता है.... फिर अपनी जुबां निकल के उसे चाटने लग जाता है..... सुलतान की इस हरकत से शानू की छूट से तेज़ी से कॉमर्स बहने लगता है और वो ाँहें भरते हुए सुलतान को प्यार से अपनी छूट छत्ते हुए देखने लगती है..... सुलतान शानू की छूट को फैला के उसके दाने को अपनी मुँह में ले के मज़े से चूसने लगता है साथ hi अपनी एक ऊँगली उस की छूट में दाल के उसे अंडर बहार करने लगता है..... शानू के हाथ सुलतान के सर पे चले जाते हैं और वो उसे अपनी छूट पे दबाते हुए मस्ती में सिसकारी लेने लगती है...

शानू : Mmmmmmmmmm..... Aaaaaaaaaaahhhhh..... और ज़ोर से chaaaaaaaaaaaaattt.... ममममममममम.... बड़ा माज़आआआ... आ रहा है..... oooooooooohhh.... मममममममम...

शानू की बात सुनके सुलतान और तेज़ी से उसकी छूट में ऊँगली अंडर बहार करते हुए उसकी छूट चाटने लगता है.... पूरे कमरे में शानू की मस्ती भरी सिसकारी गूंजने लगती है....

शानू : Aaaaaaaaaaaaaaaaa..... मममममममम.... Ooooooooooohhhh.... हानन.... ऐसे hi..... ऊऊऊऊओह्ह्ह्ह.... मममममममम... बड़ा मज़ा अअअअअअअ राहाआआआ है और कास के छाअअअअअअअत.... खा jaaaaaaaaaa.... मेरी छूट को.......

धीरे धीरे शानू का जिस्म अकड़ने लगता और झड़ने के करीब पहुँच जाती है.... और एक मादक सिसकारी के साथ उसकी छूट से कॉमर्स की नदी बह के सुलतान के मुँह में जाने लगती है.... सुलतान शानू की छूट से निकले कामर्स को चाट चाट के पीने लगता है.... झड़ने के बाद शानू सुलतान को ऊपर की तरफ खींचती है और उसके होंठ अपने मुँह में ले के उसे चूसने लगती है....

करीब 10 मिनट्स तक उसके होंठों को चूसने के बाद शानू उसके जिस्म से लिपट जाती है....

शानू : ऐसा मज़ा मुझे आज तक नहीं आया.... जो मज़ा आज तू ने मुझे दिया hai....mmmmmmm.... मज़ा आए गया.....

शानू की बात सुन के सुलतान उसे अपनी बाहों में कास लेता है.... और प्यार से उसके होंठों को चुम के कहता है....

सुलतान : असली मज़ा तो अब शुरू होगा...

ये कह के सुलतान शानू को अपनी गॉड में उठता है और लेजा के बीएड पे लेता देता है और उसकी ठोस चूचियों को अपने हाथों में ले के मसलने लगता है.... शानू के मुँह से मस्ती भरी सिसकारी निकलने लगती है....

ममममममम.... aaaaaaaaaaaaahhh.... ऊऊऊऊओह्ह्ह्ह....

फिर सुलतान झुक के शानू के निप्पल को अपने मुँह में ले के चूसने लगता है.... साथ hi दूसरी चूची को मस्ती में दबाने लगता है... सुलतान का लुंड और भी लम्बा और मोटा नज़र आ रहा है.... जिसे देख शानू का मुँह खुल जाता है और उसकी दिल की धरकन बढ़ जाती है.... साथ hi मस्ती में उसकी छूट और गांड का छेद फड़फड़ाने लगता है....

सुलतान शानू के हाथ में अपना खड़ा लुंड थमा देता है..... दर के मारे शानू उसे चोर देती है....

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शानू : आज तो मेरी सच में फटने वाली है....

सुलतान : स्वीटी आप दर क्यों रही हैं...?

शानू : हाथ में एनाकोंडा थमा के पूछ रहा है मैं दर क्यों रही हूँ....?

सुलतान : ये आज आपको इतना मज़ा देगा की आपका सारा दर हवा हो जाएगा...

शानू आगे बढ़ के सुलतान के लुंड को अपने मुँह में ले के मज़े से चूसने लगती है.....

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फिर कुछ देर बाद सुलतान झुक के शानू की छूट को चाटने लगता है.... और साथ hi अपनी दो ऊँगली उसकी छूट में दाल के अंडर बहार करने लगता है....

शानू मस्ती में सिसकारी लेते हुए मचलने लगती है.... उसकी छूट कॉमर्स से सराबोर हो जाती है....

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और उस से एक पल भी और बर्दाश्त करना मुश्किल हो जाता है.... छूट की गर्मी के आगे मजबूर होक वो अपनी साड़ी शर्मा हाय भुला के कहती है.....

शानू : सुलतान कुछ कर न.... प्लीज....

शानू को चरने की नीयत से सुलतान जान के भी अनजान बांके के उस की छूट में तेज़ी से ऊँगली अंडर बहार करते हुए उस से पूछता है....

सुलतान : क्या करूँ स्वीटीपीए....?

शानू : ममममम..... oooooooooooohhh.... है.... क्यों तडपाआआ रहा है...? कर नाआआ जल्दी...?

सुलतान : बताओगी नहीं तो कैसे पता चलेगा की क्या करना है....?

शानू : तू जान के मुझे तड़पा रहा है न..... तू यही चाहता है न की मैं अपने मुँह से कहूं... तो ले मैं कहती हूँ.... अपना मूसल जैसा लुंड मेरी छूट में दाल के छोड़ मुझे....

शानू के मुँह से चुदाई की बात सुन सुलतान का दिल ख़ुशी से झूम उठता है.... और वो अपना मूसल जैसा लुंड शानू की छूट पे सेट करता है.... सुलतान का लुंड अपनी छूट पे महसूस करके शानू के मुँह से मस्ती भरी सिसकारी निकल जाती है.....

Aaaaaaaaaaaaaaahhhhh....

सुलतान अपना लुंड शानू की छूट पे घूमने लगता है.... शानू की छूट मस्ती में कामर्स बहाने लगती है....

शानू : सुलतान क्यों तड़पा रहा है.... अब दाल भी दे.... मगर ज़रा प्यार से करना.... कहीं ऐसा न हो तेरा ये मूसल जैसा लुंड मेरी नन्ही सी छूट का भोसड़ा बना के रख दे.....

सुलतान : घबराओ मत स्वीटीपीए.... मैं और मेरा लुंड अपनी प्यारी पारी का भोसड़ा नहीं बनने देगा....

ये कह के सुलतान शानू के होंठों को अपने मुँह में ले के अपना लुंड शानू की रास चोरटी छूट पे सेट करके एक झटका मारता है.... जिस से उसके लुंड का सूपड़ा शानू की छूट में घुस के अटक जाता है....

दर्द के मारे शानू की चीख निकल जाती है... उसकी चीख सुलतान के मुँह में डाब के रह जाती है.....

सुलतान : स्वीटीपीए दर्द तो नहीं हो रहा है न....?

शानू : कमीने मेरी छूट पहाड़ दी और कहता है दर्द तो नहीं हो रहा.... साले अब तेरा मूसल जैसा लुंड मेरी नन्ही सी छूट में जाएगा तो दर्द तो होना hi है.... मगर मज़े लेना है तो दर्द तो सहना hi पड़ेगा..... तू मेरे दर्द की चोर और चुदाई पे ध्यान दे....

शानू की बात सुन के सुलतान आगे झुक के उसके होंठ अपने मुँह में ले के एक करारा शॉट मारता है.... 4 इंच लुंड शानू की छूट में घुस जाता है.... दर्द के मारे उस की चीख निकल जाती है.... मगर सुलतान के मुँह में उसके होंठ होने की वजह वो वहीँ डाब के रह जाती है....

सुलतान शानू की चूची को दबाये हुए उसके निप्पल को चूसने लगता है.... धीरे धीरे शानू का दर्द काम होने लगता है और उसके जिस्म में मस्ती चढ़ने लगती है.... वो इशारे से सुलतान को आगे बढ़ने को कहती है.... सुलतान इस बार भी शानू के होंठों को अपने मुँह में ले के एक करारा शॉट मारता है.... जिस से उसका 9" लम्बा और 3" मोटा लुंड शानू की छूट को चीरता हुआ उसकी बच्चेदानी से जा टकराता है.... मस्ती में शानू का पूरा जिस्म मदहोश हो जाता है..... मस्ती में उसका जिस्म ैठने लगता है.... वो नीचे से झटके देने लगती है....

शानू के मुँह से मस्ती भरी सिसकारी निकलने लगती है.....

Aaaaaaaaaaagggghhhhh.... ममममममम.... oooooooooohhhhhhh....

अब सुलतान के हर झटके के साथ शानू को मज़ा आने लगता है... और वो धीरे धीरे झड़ने के करीब पहुँच जाती है.... उसकी छूट से कॉमर्स का सैलाब सा बह निकलता है....

सुलतान मस्ती में शानू की चुदाई करने लगता है.... करीब एक घंटे तक वो उसकी छूट में अपना मूसल जैसा लुंड अंडर बहार करते हुए उसे छोड़ने लगता है.... इस बीच शानू 4 बार झाड़ जाती है....

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सुलतान पलट के नीचे आ जाता है और शानू को अपने ऊपर बैठा लेता है...

मस्ती में शानू भी उसके मूसल जैसे लुंड पे बाथ के उस से छुड़वाने लगती है.... उसे ऐसा लगने लगता है जैसे सुलतान उसे नहीं बल्कि वो सुलतान को छोड़ रही है.... छूट में लुंड और गांड में डिलडो उसे जन्नत का मज़ा दे रहा है..... मस्ती में वो सिसकारी लेते हुए सुलतान के लुंड पे उछलने लगती है.....

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सुलतान को भी बेहद मज़ा आने लगता है.... कुछ hi देर में शानू एक बार फिर से झड़ने के करीब पहुँच जाती है.... उसका जिस्म अकड़ने लगता है और वो झड़ने लगती है.... झड़ने के बाद वो सुलतान के जिस्म पे गिर के निढाल हो जाती है....

सुलतान फ़ौरन पलट के उसके ऊपर आ जाता है.... उसकी छूट में सत्ता सात अपना लुंड पेलने लगता है....

शानू से अब और बर्दाश्त नहीं होता.... उसकी छूट में जलन सी होने लगती है....

शानू : सुलतान अब बस भी कर.... मेरी छूट में जलन सी हो रही है....

सुलतान : बस स्वीटीपीए थोड़ी देर और... मेरा बस निकलने hi वाला है....

शानू : जितना मैं आज तेरे साथ एक चुदाई में झड़ी हूँ उतना तो मैं अपनी पूरी ज़िन्दगी में नहीं झड़ी.... बड़ा डैम है रे तुझमे और तेरे मूसल जैसे लुंड में..... जिस से तेरी शादी होगी वो वाक़ई में बेहद लकी होगी......

सुलतान : क्यों आप लकी नहीं हो....?

शानू एक मादक सिसकारी लेते हुए कहती है....

शानू : हाँ हूँ न.... आआआआअह्ह्ह्ह.... mmmmmmmmmm..... मैं तो बहोत लकी हूँ.... तभी तो तेरे मूसल जैसे लुंड से छुड़वा के जन्नत का मज़ा ले रही हूँ.... अब बातें काम कर और छोड़ मुझे....

शानू की बात सुन के सुलतान राजधानी की स्पीड से अपना मूसल जैसा लुंड उस की छूट में अंडर बहार करने लगता है..... अब वो भी झड़ने के करीब पहुँच जाता है....

सुलतान : Aaaaaaaaaaaaaahhhh..... स्वीटीपीए..... मैं झड़ने वाला हूँ.....

ये कह के वो एक मादक सिसकारी के साथ एक करारा शॉट शानू की छूट में मारता है और अपने लुंड के सुपडे से वार्य की पिचकारी मार्के हुए उस की बच्चेदानी दानी में झड़ने लगता है.... करीब दो मिनट तक वो वार्य की पिचकारी शानू की छूट में चोरता रहता है..... शानू भी मस्ती में उसके साथ झड़ने लगती है.....

दोनों इस का मज़ा लेने लगते हैं... करीब 15 मिनट्स के बाद सुलतान शानू की एक और बार जैम के चुदाई करता है.... दोनों थक के निढाल हो जाते हैं.... और एक दूसरे की बाहों में लिपट के सो जाते हैं.....

करीब 2 घंटे के बाद सुलतान उठ के शानू के साथ फ्रेश होता है और उसे एक डीप किश कर के बाद में मिलने का कह के वहां से चल देता है....

वहां से सुलतान सीधे खान के पास आ जाता है....

सुलतान : तो मर. खान अब कैसी तबीयत है आपकी....

खान : मैं तो ठीक हूँ.... मगर पहले तू मुझे ये बता की ये सब क्या है....? तू अचानक से यहाँ कैसे....? और ये सब क्या है....?

सुलतान : ये सब तो मुझे तुझसे पूछना चाहिए की तू इस गेटउप में यहाँ क्या कर रही है....?

खान : तो आखिर तू ने मुझे पहचान hi लिया....

सुलतान : जी हाँ मर. खान उर्फ़ ैप शाइना (अवनि की खला की बेटी)....

शाइना सुलतान को पूरी बात बताती है....

सुलतान : ओह तो ये बात है... मगर अब क्या सोचा है.... मर. खान बन के काम करेगी या फिर शाइना बन के मेरा साथ देगी.... मेरी मान तो तू मर. खान hi बानी रह.... इस से हम को दो फायदे होंगे.... जब भी हम कुछ करेंगे उसमे मेरा नाम कहीं नहीं आएगा.... जो भी होगा उसमे ये hi दिखाया जाएगा की ये सब स्पेशल अफसर और उसकी टीम ने hi किया है.... और मैं तेरा इस में खुल के साथ दे पाऊंगा.... बुराई को मिटने में चेहरा तेरा और तेरी टीम का होगा मगर काम मेरा होगा.... जैसे की कल रात जो भी कुछ हुआ उसमे मेरा नाम कहीं नहीं है बस तेरा और तेरी टीम का hi नाम न्यूज़ में दिखाया जा रहा है....

शाइना : क्या मतलब वो सब तू ने किया....?

सुलतान : हाँ.... वो सब मैंने hi किया था.... उन कमीनो की जान मैंने hi ली थी.... और आगे भी मैं उन सब गुंडों को चुन चुन के मारूंगा जो लोगों को नुक्सान पहुंचाएंगे.... मुझे इस में तेरा साथ चाहिए... बोल देगी मेरा साथ.....

शाइना : जो तू कर रहा है वो कानून के हिसाब से गलत है मगर इंसानियत की खातिर बेहद ज़रूरी है.... मैं इस सब में तेरा साथ ज़रूर दूंगी....

सुलतान : ये तो अच्छी बात है... मगर एक बुरी बात भी है और वो ये की कल रात से न्यूज़ में ये बताया जा रहा है की कल जिस टीम ने लड़कियों को गुंडों से बचाया था... किसी ने उनके ऑफिस के साथ साथ उन सब को भी बम से उदा दिया...

सुलतान की बात सुन के खान उर्फ़ शाइना बुरी तरह से शॉकेड हो जाती है....

शाइना : Kyaaaaaaaaaaaa....????



(वर्ड काउंट 10000)
 
सही कहा भाई हम वरिटेरस तो बस बेवक़ूफ़ hi होते हैं जो बिना बात के कुछ भी लिखते हैं और आप सब को ऐसा लगता है जैसे ये बस एक टाइम पास है.... हमारे न तो वक़्त की कोई कीमत है और न hi म्हणत की....

आप की तारीफ का बहुत बहुत शुक्रिया....

एक स्टोरी आप भी लिखिए ज़रा हम भी तो देखें की आप क्या दमकल करते हैं....



इंतज़ार रहेगा आप की स्टोरी का....
 
लास्ट एंड फाइनल अपडेट फॉर यू....

सुलतान शानू चुदाई.... मासूम माँ डैड मिले... सुलतान शैतान फाइट... सुलतान विन... सब खुश.... तो थे पॉइंट.... स्टोरी एन्ड....

इस से ज़्यादा शार्ट में स्टोरी को नहीं ख़तम कर सकता हूँ.....

थैंक्स ा लोट फॉर आल योर ज़बरदस्ती का सपोर्ट...


अगले शार्ट स्टोरी में फिर मिलेंगे तब तक के लिए अलविदा....
 
दोस्तों मैंने कब कहा की मैं इस स्टोरी को बंद कर रहा हूँ या फिर इसे पूरा नहीं करूँगा... मैंने तो बस ये पुछा की क्या सब को ऐसा hi लगता है की स्टोरी को ज़बरदस्ती लम्बा किया जा रहा है.... इस पे अपना सुग्गेस्टियन्स दे.... बस....



अब अगर किसी एक को स्टोरी पसंद नहीं आ रही है तो वो उसका प्रॉब्लम है न की मेरा.... स्टोरी के लिए जो ठीक है वो hi मैं लिखूंगा...



इसे पढ़ना या न पढ़ना ये रीडर्स की मर्ज़ी है.....
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....



अपडेट 164.....

शाइना सुलतान को पूरी बात बताती है....

सुलतान : बुराई को मिटने में चेहरा तेरा और तेरी टीम का होगा मगर काम मेरा होगा.... जैसे की कल रात जो भी कुछ हुआ उसमे मेरा नाम कहीं नहीं है बस तेरा और तेरी टीम का hi नाम न्यूज़ में दिखाया जा रहा है....

शाइना : क्या मतलब वो सब तू ने किया....?

सुलतान : हाँ.... वो सब मैंने hi किया था.... उन कमीनो की जान मैंने hi ली थी.... और आगे भी मैं उन सब गुंडों को चुन चुन के मारूंगा जो लोगों को नुक्सान पहुंचाएंगे.... मुझे इस में तेरा साथ चाहिए... बोल देगी मेरा साथ.....

शाइना : जो तू कर रहा है वो कानून के हिसाब से गलत है मगर इंसानियत की खातिर बेहद ज़रूरी है.... मैं इस सब में तेरा साथ ज़रूर दूंगी....

सुलतान : ये तो अच्छी बात है... मगर एक बुरी बात भी है और वो ये की कल रात से न्यूज़ में ये बताया जा रहा है की कल जिस टीम ने लड़कियों को गुंडों से बचाया था... किसी ने उनके ऑफिस के साथ साथ उन सब को भी बम से उदा दिया...

सुलतान की बात सुन के खान उर्फ़ शाइना बुरी तरह से शॉकेड हो जाती है....

शाइना : Kyaaaaaaaaaaaa....?

सुलतान : हाँ तेरा वो स्पेशल ऑफिस बम से उड़द चूका है साथ hi तेरी सो कॉल्ड टीम भी.... वो सब अब मर चुके हैं....

शाइना शॉकेड : नहीं सुलतान.... ऐसा नहीं हो सकता.... कह दे की तू ने अभी जो कहा वो झूठ है..... वो सब ज़िंदा हैं.... मिया ज़िंदा है.... वो नहीं मर सकती मेरी बेहेन नहीं मर सकती....

सुलतान : क्या कहा मिया तेरी बेहेन....?

शाइना रट हुए : हाँ मिया मेरी छोटी बेहेन थी.... मेरी जान थी वो मेरे जिगर का टुकड़ा....

ये कह के शाइना रोने लगती है....

सुलतान सामने स्क्रीन की तरफ ईशर कर के कहता है.....

सुलतान : कहीं वो मिया ये तो नहीं.... जिसकी तू बात कर रही है....?

सुलतान की बात सुन के शाइना फ़ौरन उस तरफ देखती है.... मिया को ज़िंदा देख के उसे बेहद ख़ुशी होती है.... साथ hi बेहद हैरानी भी....

शाइना खुश होते हुए : हाँ ये वो hi है.... मगर तू ने तो अभी ये कहा की मिया मर चुकी है.... तो फिर ये ज़िंदा कैसे है....?

सुलतान : हैरत है शाइना को अपनी बेहेन को ज़िंदा देख के ख़ुशी नहीं हुई....

शाइना : जी नहीं बात वो नहीं है बल्कि ये है की सुलतान कभी झूठ नहीं कहता आज उसने मुझसे झूठ कहा.... इस बात से मुझे हैरानी हो रही है....

सुलतान : ये सच है की सुलतान कभी झूठ नहीं बोलता और आज भी मैंने सच hi कहा है... मिया और उसके साथी मर चुके हैं सिर्फ दुनिया के लिए.... हमारे लिए वो आज भी ज़िंदा हैं.....

शाइना : सुलतान तू क्या कहना छह रहा है खुल के बताएगा....

सुलतान : सुन वो हुआ ये था की कल रात के वाक़ये के बाद मुझे इस बात का शक नहीं बल्कि पूरा यकीन था की ीनता नुक्सान होने के बाद वो लोग चुप नहीं बैठेंगे... कुछ न कुछ ज़रूर करेंगे.... जैसे तेरे ऑफिस और तेरे साथ साथ तेरी टीम को जान से मारने की कोशिश.... तेरे यहाँ होने की वजह से वो तुझे तो ढूंढ नहीं पाए मगर हाँ उन लोगों ने तेरे स्पेशल ऑफिस और साथ hi तेरी टीम को ढूंढ निकला और उन्हें जान से मारने के लिए निकल पड़े.... इस से पहले की वो कमीने तेरी टीम के साथ कुछ गलत करते मैं वहां पहुँच गया और मैंने उन्हें अपने साथ मिलाने की कोशिश की मगर....

शाइना : मगर क्या सुलतान....?

सुलतान : आगे जो हुआ वो मैं बताना नहीं चाहता उसे सुन के तुझे बेहद दुःख होगा...

शाइना : सुलतान आगे क्या हुआ बता मुझे...

सुलतान : नहीं यार रहने दे...

शाइना बेहद गुस्से में चीखते हुए....

शाइना : सुलतान बता आगे क्या हुआ....? क्या किया तू ने उनके साथ....? जवाब दे.... कहीं तू ने उन्हें जान से तो नहीं....

सुलतान : तू जान न hi चाहती है तो ठीक है वो देख वो हुआ था कल रात वहां....

फिर सुलतान सामने पड़ी स्क्रीन पे रात की रिकॉर्डिंग चालू करता है... जो रात हुआ था.... जैसे hi मिया सुलतान पे गोली चलती है शाइना के मुँह से चीख निकल जाती है....

शाइना : नहीं ये झूठ है... मिया ऐसा कभी नहीं कर सकती....

सुलतान शाइना की बात का कोई जवाब नहीं देता... बल्कि उसे आगे देखने का इशारा करता है... आगे शाइना का स्पेशल ऑफिस बम के धमाके से उड़द जाता है फिर मई और बाकी सब जिस कार में थे उसपे गोलियां चलने लगती हैं.... और देखते hi देखते एक राकेट उस कार के चीथड़े उदा देता है....

ये देख शाइना से बर्दाश्त नहीं होता और वो एक चीख के साथ बेहोश हो जाती है....

Nahiiiiiiiiiiiiiiiiiii....

कुछ देर बाद अचानक से शाइना एक चीख के साथ उठती है और रोने लगती है... तभी अपने कंधे पे किसी के हाथ को महसूस करके साथ hi उसकी आवाज़ सुनके शाइना चौंक के उसकी तरफ देखती है.... सामने खड़े शख्स को देख शाइना की आँखों में ख़ुशी के आंसू आ जाते हैं.... वो आगे बढ़ के उसे अपने सीने से लगा लेती है....

शाइना : मेरी बेहेन तू ज़िंदा है...

मिया : हाँ दी मैं ज़िंदा हूँ.... अब आप कैसी हैं....? आप को गोली लगी थी न....

शाइना : हाँ... मैं ठीक हूँ.... मुझे यहाँ सुलतान लेके आया था उसी ने मेरा इलाज करवा के मुझे ठीक किया...

तभी अचानक से शाइना की नज़र सुलतान पे पड़ती है जो बेहद गुस्से में मिया को देख रहा होता है....

सुलतान को यूँ मिया को गुस्से में घूरते देख दर के मारे शाइना के पसीने छूट जाते हैं...

शाइना : सुलतान.... मिया ने जो भी किया उसके लिए मैं तुझसे माफ़ी मांगती हूँ.... प्लीज उसे कुछ मत करना तू चाहे तो मेरी जान ले... मगर मेरी बेहेन की जान बक्श दे.... मैं तेरे हाथ जोड़ती हूँ.... प्लीज मेरी बेहेन की जान मत ले....

सुलतान : कल रात जब इसने मेरी पीठ पे गोली चलने के लिए गन तानी तब दिल तो किया की उसी वक़्त इसकी जान ले लूँ... मगर... हाँ मगर सिर्फ और सिर्फ तेरी वजह से मैंने इसकी जान बक्श दी... तू घबरा मत मैं इसकी जान नहीं लूंगा... अगर मुझे इस की जान लेनी hi होती तो दुनिया की कोई ताक़त मुझे इसे जान से मारने से नहीं रोक सकती.... ये ज़िंदा है बस तेरी वजह से क्यों की मैं किसी भी हालत में तुझे तकलीफ में नहीं देख सकता.... इसकी दो वजह है पहली ये की तू मेरे प्यारी दोस्त है.... और दूसरी तेरी तरह ये भी अवनि की बेहेन है.... Av...ni... खैर....

शाइना : थैंक्स सुलतान मेरी खातिर इतना सब करने के लिए...

सुलतान : पागल है क्या दोस्त को थैंक्स कहती है.... लगाऊं क्या एक थप्पड़.... तेरी खातिर कुछ भी... चल अब जल्दी से ठीक हो जा फिर तुझसे बहुत सी बात करनी है और काम को भी तो आगे बढ़ाना है.... एक सेकंड भी हम बर्बाद नहीं कर सकते....

शाइना : मिया... देख गौर से देख ये है सुलतान मेरा सच्चा और प्यारा दोस्त.... जिसके बारे में मैं हमेशा तुझे बताया करती थी.... इस ने न सिर्फ उन मासूम लड़कियों की जान बचायी बल्कि मेरे साथ साथ तुम सब भी जो आज ज़िंदा हो वो इसी की मेहरबानियों का नतीजा है... वर्ण तो हम सब कल रात hi मर चुके होते.... और तू ने ऐसे इंसान पे गोली चलायी क्यों...? बता मुझे जवाब दे.... आखिर ऐसी क्या बात हो गयी की तू ने सुलतान पे गोली चलायी....

मई : दी मैं उस बात को ले के खुद परेशान हूँ.... मुझे खुद कुछ समझ नहीं आ रहा है की मैंने इनपे गोली क्यों चलायी....? मैं ऐसा हरगिज़ नहीं कर सकती... सुलतान पे तो क्या मैं किसी की पीठ पे गोली नहीं चला सकती... धोखा देना या पीठ पे वार करना मेरी फितरत नहीं है...

शाइना : मिया मुझे तुझसे ऐसी उम्मीद नहीं थी की तू ऐसा करेगी.... एक तो पीठ पे वार करती है और ऊपर से अब खुद को साफ़ सुथरा दिखने के लिए झूठ भी बोल रही है....

मिया : नहीं दी मैं झूठ नहीं बोल रही हूँ.... मैं सच कह रही हूँ सुलतान की पीठ पे मैं नहीं गोली चलायी थी... हाँ ये सच है की गुस्से में आ के मैंने उसपे गन ज़रूर तानी थी मगर गोली मैंने नहीं चलायी.... आप चाहे तो मेरी गन देख सकती हैं... इसमें से एक भी गोली नहीं चली है ये पूरी की पूरी भरी हुई है....

शाइना : झूठ.... और कितना झूठ बोलेगी तू मिया....?

सुलतान : ये झूठ नहीं बल्कि सच बोल रही है.... उस वक़्त तो मुझे भी ऐसा hi लगा था की मेरी पीठ पे गोली मिया ने hi चलायी थी.... और गुस्से में आ के मैं अपनी तलवार से मिया को जान से मारने hi वाला था की तभी मुझे वो नज़र आया जिसने मेरी पीठ पे वार किया था.... और उसका अगला निशाना पता है कौन था.... वो थी मिया... मेरे बाद वो मिया को जान से मारने वाला था.... मगर इस से पहले की वो मिया पे गोली चला पाटा मैंने उसे मार दिया....

सुलतान की बात सुन के शाइना के साथ साथ मिया भी शॉकेड हो जाती है....

दोनों : Kyaaaaaaaaaaaa....?

सुलतान : हाँ ये सच है....

मिया : मगर वहां तो हमारी टीम के अलावा और कोई नहीं था.... और न hi तुमने वहां किसी की जान ली....

सुलतान : तुम शायद भूल रही हो मैंने अपनी तलवार से उसपे वार किया था... याद करो.....

मिया : मुझे अच्छे से याद है तुमने जिसपे तलवार से वार किया था वो हमारा सर्वर था....

सुलतान : जी हाँ वो hi था असली क़ातिल जो मेरे बाद एक एक कर के तुम सब की जान लेना चाहता था.....

मिया : ये क्या बकवास है....? एक कंप्यूटर सर्वर भला कैसे किसी की जान ले सकता है....?

सुलतान : कंप्यूटर सर्वर खुद ये काम नहीं कर सकता मगर उसके अंडर वायरस प्रोग्राम फीड करके के उस से ये काम करवाया भी तो जा सकता है न....

मिया : Kyaaaaaaaaaaaa...?

सुलतान : जी हाँ तुम्हारे सर्वर को हैक करके उसमे एक ऐसा वायरस फीड कर दिया जो एक एक कर के वहां मौजूद सभी की जान ले ले....

मिया : मगर कंप्यूटर सर्वर गन कैसे चला सकता है...?

सुलतान : छोटे से स्पाई ड्रोन के ज़रिये.... ड्रोन में गन फिट की गयी थी जिसे सर्वर के ज़रिये ऑपरेट किया जा रहा था.... जब मुझे इस बात का पता चला उसी वक़्त मैंने सर्वर तो तोड़ दिया जिस से सर्वर के साथ साथ वो वायरस ख़तम हो गया और वायरस के ख़तम होते hi ड्रोन बेकार हो गया...

मिया : मगर इस बात का पता हम को कैसे नहीं चला....?

सुलतान : वो ऐसे की गुस्से में इंसान का दिमाग अक्सर पूरी तरह से काम कर न बंद कर देता है.... उसे सही बात भी गलत लगने लगती है.... उस वक़्त तुम सब गुस्से में थे जिस वजह से तुम में से किसी का ध्यान उस सब पे नहीं गया.... फिर वहां से बहार आने के बाद मैंने सब पता लगाया और तुम सब को सेफ करने के लिए अपनी स्पेशल टीम को साथ ले के मैं फिर से भेस बदल के तुम सब के पास गया.... और तुम सब को साफल्य वहां से निकाल लिया....

मिया : वो तुम थे जिसने हम सब की जान बचायी....

सुलतान : जी हाँ... वो मैं था....

शाइना : वो सब तो ठीक है सुलतान मगर मेरी समझ में ये नहीं आ रहा है की जिस कार में तुम सब थे उस कार को तो उन कमीनो ने बम से उदा दिया था तो फिर तुम सब बचे कैसे....?

सुलतान : वो ऐसे की इस से पहले कार पे वो राकेट लगता मेरे कार के स्पेशल बटन के प्रेस करते hi कार का आउटर कवर कार से अलग हो गया और सामने से कार का इनर निकल के सामने ज़मीन में बने में स्पेशल बेसमेंट में चला गया... वो बेसमेंट इतना स्ट्रांग है की उसपे नुक्लेअर बम का असर भी नहीं हो सकता....

शाइना : मतलब मिया के साथ साथ बाकी सब भी ज़िंदा हैं....

सुलतान : हाँ बाकी सब भी ज़िंदा हैं... मगर समझ नहीं आ रहा है की उसका क्या करूँ जिसने सर्वर में वायरस लगाया था....?

सुलतान की बात सुन के दोनों चौंक जाते हैं....

शाइना : कौन है वो....? जिसने हमारे साथ गद्दारी की....? बताओ मुझे... मैं उसे अपने हाथों से मारूंगी.... गद्दारी करने की एक hi सजा है और वो है मौत....

सुलतान : ठीक कहा तू ने शाइना... गद्दारी की एक hi सजा है और वो है मौत.... मगर क्या तू उसे सजा दे पाएगी...

शाइना : तू बस मुझे उसका नाम बता....

सुलतान : वो और कोई नहीं बल्कि मिया है....

सुलतान के मुँह से मिया सुनते hi दोनों शॉकेड हो जाते हैं.....

मिया : ये क्या बकवास कर रहे हो....?

शाइना : नहीं मिया ऐसा बिलकुल नहीं कर सकती.... ज़रूर तुझे कोई ग़लतफहमी हुई है....

सुलतान : अच्छा अगर मुझे ग़लतफहमी है तो फिर मुझे ये बताओ की ये क्या है....?

ये कह के सुलतान मिया की शर्ट सामने से पहाड़ देता है.... सुलतान से इस हरकत की दोनों में से किसी ने उम्मीद नहीं की थी.... इस हरकत पे दोनों को बेहद गुस्सा आ जाता है और मिया गुस्से में अपनी गन निकाल के सुलतान पे गोली चला देती है....

मिया : कमीने तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरे साथ ऐसा करने की....?

गोली चलते hi सुलतान स्पीड से एक तरफ हो जाता है और गोली उसकी बगल से होक पीछे दिवार पे लग जाती है.... अभी मिया दूसरी गोली चलने hi वाली होती है की तभी अचानक से हर तरफ से गन्स निकल आते हैं और फायरिंग शुरू हो जाती है....

माया बेहद गुस्से में : तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई सुलतान पे गोली चलने की.... तुम दोनों को मैं ज़िंदा नहीं छोड़ूंगी.... दोनों की जान ले लुंगी.....

दर के मारे मिया और शाइना की हालत खराब हो जाती है उन्हें अपनी मौत साफ़ नज़र आने लगती है....

इस से पहले की गोली किसी को लगती सुलतान फ़ौरन दोनों के ऊपर सुरक्षा शैलद दाल देता है... गोली उस शैलद को लग के नीचे गिरने लगती है....

सुलतान : माया रिलैक्स ये मेरे दोस्त है....

माया : वो सब मैं नहीं जानती... इन होने तुमपे गोली चला के तुम्हारी जान लेने की कोशिश की है उसकी सजा इन्हे मिलेगी....

सुलतान बड़ी मुश्किल से माया को शांत करता है....

शाइना दर ते हुए : सु... सु.... सुलतान ये क्या था....?

सुलतान : रिलैक्स शाइना वो सब माया ने जान के नहीं किया.... वो बस गलती से....

शाइना : अबे क्या गलती से... अभी हम मर जाते....

सुलतान : नहीं यार वैसा कुछ नहीं होता.... मैं हूँ न यहाँ... वो क्या है की मुझे ले के माया बोहोत पोस्सेस्सिवे है.... मेरी ज़रा भी तकलीफ से वो तड़प जाती है.... और उसे दूर करने लगती hai....yahan तो इन मिया ने उसकी मौजूदगी में मुझ पे गोली चला दी.... जो माया से बर्दाश्त नहीं हुआ और...

शाइना : उसने हम पे फायरिंग शुरू कर दी.... जैसे हम तेरे दोस्त न हो की दुश्मन हो....

सुलतान : जब तक सुलतान है तुम दोनों को कुछ नहीं हो सकता....

शाइना : मगर ये माया है कौन....?

सुलतान : वो बाद में पहले उस बारे में बात कर लें जो बात कुछ देर पहले चल रही थी....

सुलतान की बात सुन के मिया को अभी कुछ देर पहले हुई बात याद आ जाती है.... और उसे फिर से गुस्सा आने लगता है....

शाइना : सुलतान अब ये बता की मिया के साथ ऐसी हरकत तू ने क्यों की....?

सुलतान : पहले तू मुझे ये बता की मिया के राइट कंधे के 3 इंच नीचे जो घाव का निशाँ है वो कब और कैसे लगा....?

शाइना : वो कुछ दिन पहले जब हम डी ठाकुर की एक इल्लीगल फैक्ट्री पे छापा मारने गए थे तब लड़ाई में मिया को उस जगह पे बेहद गहरी चोट लग गयी थी.... ये उसकी के निशाँ हैं....

सुलतान : चोट लगने के बाद उसका इलाज भी हुआ होगा....

शाइना : हाँ हुआ था.... ****** हॉस्पिटल में.... मगर उस बात से इस सब का क्या तालुक....

सुलतान : बहोत hi गहरा ताल्लुक़ है... और वो ये की इलाज के दौरान डॉ ने मिया के जिस्म के उस हिस्से में एक हिप्नोटिक डिवाइस फिट कर दिया था.... उसमे से दो तरह की आवाज़ निकलती थी.... पहली आवाज़ हिप्नोतिजे कर के लिए और दूसरी हिप्नोतिजे को तोड़ने के लिए.... सेर में वायरस भी मिया को हिप्नोतिजे कर के इस के ज़रिये डलवाया गया था....

शाइना : मगर मिया hi क्यों....?

सुलतान : क्यों की मिया hi वो है जिसे सर्वर के बारे में सब पता था....

फिर सुलतान डॉ फलक से कह के मिया के सीने में से हिप्नोटिक डिवाइस निकलवा के उसे तोड़ देता है....

शाइना : सुलतान एक बात का दर अभी भी है की अगर मिया के जिस्म में वो डिवाइस अभी तक था तो उसके ज़रिये उन कमीनो के ये पता चल गया होगा की इस वक़्त मिया ज़िंदा है और यहाँ है....

सुलतान : ये मुमकिन नहीं क्यों की जैसे hi मिया मेरे साथ मेरे दें के इन्दर स्पेशल बेसमेंट में घुसी बाहरी दुनिया से उसके सारे नेटवर्क टूट गए.... यहाँ का सिक्योरिटी सिस्टम इतना स्ट्रांग है की यहाँ न तो हैकिंग डिवाइस काम करती है और न hi कोई ट्रैकिंग डिवाइस.... तुम लोग अभी आराम करो तुम दोनों से आके मैं बाद में मिलता हूँ.... ख़ास कर के इस मिया से... दो बार इसने मेरे ऊपर गोली चलायी है.... जल्द hi इसका दिमाग ठिकाने न लगाना पड़ेगा... ताकि ये दुश्मनो पे गोली चलाये न की मुझपे....

शाइना : सुलतान तू मिया के साथ क्या करने वाला है....

डॉ फलक : लगता है सुलतान मिया की बंद बजने वाला है...

सुलतान आँख मार के : जी नहीं इस का तो मैं पूरा ऑर्केस्ट्रा बजाऊंगा.... बे रेडी फॉर तहत...

ये कह के सुलतान शैतानी स्माइल के साथ वहां से निकल लेता है....

सुलतान वहां से निकल के सीधे शनाया के घर की तरफ चल देता है... अपनी जान से मिले इतने दिन जो हो गए थे... उसे शनाया की बेहद याद आने लगती है....

शनाया के डैड : बड़े दिन बाद आये hi सुलतान....

सुलतान : हाँ ***** कुछ दिन से थोड़ा बिजी था... शनाया को भी वक़्त नहीं दे पा रहा था... सोचा क्यों न आज उसे सरप्राइज कर दूँ.... तो बस चला आया....

स डैड : जाओ मिल लो उस से वो ऊपर अपने रूम में है....

सुलतान फ़ौरन शनाया के रूम के तरफ चल देता है.... रूम का दरवाज़ा खोल के वो धीरे से रूम में एंटर होता है.... सामने देखता है की शनाया बीएड पे लेती आँखों में आंसू लिए सुलतान की फोटो से बात कर रही है...

शनाया : सुलतान आज पूरे 2 दिन हो गए तुम से मिले हुए... तुम्हे पता है ये दो दिन अपनी जान के बिना कैसे गुज़रे हैं मुझपे....? नहीं तुम कुछ नहीं जानते.... एक एक पल एक एक बरस की तरह बीता है मुझपे.... मैंने तुम्हे कहाँ कहाँ नहीं ढूँढा... तुम्हारे घर गयी तो वहां तुम नहीं मिले कॉलेज गयी तो वहां भी तुम नहीं मिले.... कहाँ हो सुलतान तुम....? तुम मुझे अपनी जान कहते हो न और अपनी hi जान से दूर चले गए....? क्या तुम्हे मेरी ज़रा भी याद नहीं आती....? बोलो न बोलते क्यों नहीं....?

सुलतान : आती है न.... तुम मेरी जान हो... और अपनी जान की याद मुझे कैसे नहीं आएगी...

शनाया : अगर इतनी hi याद आ रही है तो फिर मेरे पास आते क्यों नहीं...? क्यों मुझसे दूर रह के मुझे तड़पा रहे हो....?

सुलतान : मैं तुम्हारे पास hi तो हूँ...

शनाया : फोटो में पास होने से क्या होता है.... तुम पास होंगे तब न मैं तुम्हे कास के अपने सीने से लगा के प्यार कर पाउंगी....

सुलतान उसके करीब जा के उसके गाल को प्यार से चूम के कहता है....

सुलतान : लो मैं आ गया अपनी जान के पास.... कर लो जी भर के प्यार....

सुलतान को अपने इतने करीब देख के हुए उसकी बात सुन शनाया ख़ुशी से उछाल पड़ती है.... और कास के अपने सीने से लगा लेती है पागलों की तरह उसके चेहरे को चूमने लगती है साथ hi रोये भी जा रही है.... सुलतान उसके आंसू पॉच के....

सुलतान : ये क्या जान अब तो मैं तुम्हारे पास आ गया हूँ न तो फिर अब रो क्यों रही हो....?

शनाया सुलतान की बात के जवाब में आगे बढ़ के उसके होंठों को अपने मुँह में ले के चूसने लगती है.... सुलतान भी किश में उसका साथ देने लगता है... धीरे धीरे दोनों की किश वाइल्ड हो जाती है.... करीब 10 मिनट्स तक एक दूसरे के होंठों को चूसने के बाद दोनों अलग होते हैं....

शनाया : अब जा के दिल को सुकून मिला.... अपनी जान को किश करने के बाद अब जा के ऐसा महसूस हो रहा है जैसे की मेरे जिस्म में मेरी रूह लौट आयी हो.... वर्ण तो मैं जैसे अपनी जान से बिछड़ के मर...

अभी शनाया ने इतना hi कहा था की तभी एक थप्पड़ उसके गाल पे पड़ता है....

वो हैरत से सुलतान को देखने लगती है... जैसे की पूछना छह रही हो की मैंने ऐसा क्या किया जो तुम ने मुझे थप्पड़ मारा....

सुलतान शनाया के सवाल के जवाब में आगे बढ़ के एक बार फिर से उसके होंठों को चूस के बेहद गुस्से में कहता है....

सुलतान : आज के बाद गलती से भी तुम ने मरने की बात की न तो देख लेना... मैं कभी तुझसे बात नहीं करूँगा...

शनाया : बात नहीं करोगे.... मगर प्यार तो करोगे न....

सुलतान : शनाया मैं मज़ाक के मूड में नहीं हूँ....

शनाया : मैं भी नहीं.... अब तू hi बता की अपनी जान से दूर रह के मुझे ख़ुशी होगी क्या....?

सुलतान : तेरी बात मैं समझ रहा हूँ....

शनाया : तो फिर बता की क्या किया जाए....

सुलतान : तू चल मेरे साथ...

शनाया : तू चल तो सही....

सुलतान शनाया का हाथ पकड़ के उसे स डैड के पास ले के जाता है....

शनाया : ये तू मुझे डैड के पास ले के क्यों आया....?

सुलतान : अभी बताता हूँ...

स डैड : इस से पहले की सुलतान तुम मुझसे वो बात कहो जो कहने के लिए आज तुम यहाँ आये हो... मैं तुम्हे ये बता दूँ की मुझे मंज़ूर है....

सुलतान : आप को कैसे पता चला की मैं आपसे क्या बात कहने आया हूँ....?

शनाया : ये आप दोनों किस बारे में बात कर रहे हो....?

स डैड : सुलतान यहाँ मुझसे तुम्हारा हाथ मांगने आया है....

शनाया शॉकेड : Kyaaaaaaaaaaaa...? ये सच है...

सुलतान : हाँ.... अब मैं तुम से और दूर नहीं रह सकता हूँ इस लिए सोचा क्यों न तुम्हे अपना बना लून....

सुलतान की बात सुन के शनाया ख़ुशी से उछाल पड़ती है... और आगे बढ़ के कास के सुलतान के सीने से लिपट जाती है.... सुलतान उसे फ़ौरन खुद से दूर कर के कहता है...

सुलतान : क्या कर रही हो शनाया डैड यहीं हैं....

सुलतान के मुँह से डैड सुन के शनाया फ़ौरन उस से अलग हो जाती है.... शर्म से उसका चेहरा लाल हो जाता है.... शर्म तो सुलतान को भी आने लगती है वो बात को घूमते हुए कहता है....

सुलतान : आप को कैसे पता चला की मैं क्या कहने वाला हूँ.....?

स डैड : आने के बाद जैसे hi तुमने मुझे अंकल की जगह डैड कहा मैं तभी समझ गया था....

सुलतान : वैसे तो रिश्ते की बात बड़े करते हैं मगर यहाँ मेरा कोई अपना बड़ा नहीं है जिसे मैं ला सकूँ....

स डैड : क्यों मैं तुम्हारे डैड की तरह नहीं हूँ क्या....?

सुलतान : शनाया के डैड होने के साथ साथ आप मेरे भी डैड हैं....

स डैड : तो फिर ये समझ लो की तुम्हारी तरफ से मैंने शनाया के डैड से बात कर कर ली और उन्होंने शनाया और तुम्हारा रिश्ता क़ुबूल कर लिया.... अब ये बताओ की निकाह की तरीक़ कब तये करें....

सुलतान : जल्द hi मैं अपनी नानी के साथ यहाँ आऊंगा तब निकाह की तरीक़ तये कर लेंगे....

स डैड : जैसा तुम ठीक समझो....

फिर सुलतान कुछ वक़्त शनाया के साथ बिता घर लौट आता है....

घर में घुसते hi उसकी नज़र ज़रा पे पद जाती है.... ज़रा सोफे पे आँखें बंद किये बैठी हुई है.... सुलतान धीरे धीरे ज़रा के करीब जाता है और झुक के प्यार से उसके होंठों को चूम के वो जैसे hi हटने वाला होता है की तभी ज़रा कास के उसे अपनी बाहों में जकड लेती है और उसके होंठों को अपने मुँह में ले के चूसने लगती है.... सुलतान उसे खुद से अलग करने की बेहद कोशिश करता है.... मगर जब तक ज़रा का दिल नहीं बार जाता वो उसे नहीं चोरटी....

ज़रा से अलग होने के बाद सुलतान हैरत से उसे देखता रहता है जैसे की पूछना छह रहा हो की ये क्या था....?

ज़रा : तुझे क्या लगा तू चुपके से आ के मुझे किश कर लेगा और मुझे पता भी नहीं चलेगा... अरे मैं तेरा साया हूँ.... जिस्म कब कहाँ जाता है ये साये को पता रहता है.... तेरी हर आहात मैं पहचानती हूँ तेरे जिस्म की खुशबु मेरी रूह में बसी हुई है.... तू मुझसे अलग नहीं बल्कि इस तरह से जुड़ा हुआ है की मौत भी हम को अलग नहीं कर सकती.... चाहे जो हो जाए ज़रा कभी अपने सुलतान से जुड़ा नहीं हो सकती....

ज़रा की बात सुन के सुलतान बेहद खुश हो जाता है...

सुलतान : यार आज तू ने दिल खुश कर दिया मेरा....

ज़रा : हाय जाने तू मुझे कब खुश करेगा....?

सुलतान : मतलब...?

ज़रा : यार तू भी न तुझे सब कुछ समझाना पड़ता है.... यार मैं उस की बात कर रही हूँ जो बंद कमरे में किया जाता है.... सेक्स....

सुलतान : चुप कर तू न बहुत बिगड़ गयी है....

ज़रा : क्या करूँ यार तू इतना स्मार्ट डैशिंग और हैंडसम जो है तुझे देखते hi दिल तेरा दीवाना हुआ जाता है.... और जब से तू शानू का इलाज कर के लौटा है.... तुझे देखते hi जाने क्यों मेरे जिस्म में मस्ती की लेहेर सी दौर जाती है.... मैं छह के भी अपनी पंतय को गीली होने से नहीं रोक पाती....

ज़रा की बात सुन के सुलतान कुछ कहने hi वाला होता है की तभी अचानक से सुलतान के जिस्म से जस्मिने बहार आ के उसके सामने कड़ी हो जाती है....

जस्मिने : ज़रा ने आपको जो भी कुछ बताया वो सब आपकी आकर्षण शक्ति का कमाल है उसकी वजह से hi जो भी लड़की या औरत एक बार आपकी आँखों में या आप के मज़बूत 8 पैक्स बॉडी को बिना कपड़ों के देख ले वो आपकी दीवानी हो जायेगी.... उसका दिल आपके साथ सेक्स करने को मजबूर करने लगेगा.... जब तक वो आपसे सेक्स नहीं कर लेती उसके बेचैन दिल के साथ साथ उसके जिस्म को चैन नहीं आएगा....

सुक्तां : लेकिन अचानक से ये सब हुआ कैसे....?

जस्मिने : ये सब उसी पल से हुआ जिस पल से आप ने शानू के साथ सेक्स किया है... उस पल से आपके अंडर की काफी साड़ी पावर्स एक्टिवटे हो गयी hai....jiska पता आपको धीरे धीरे चलता जाएगा....

सुलतान : क्या मैं अपनी इस आकर्षण शक्ति को काम नहीं कर सकता....?

जस्मिने : नहीं इसे काम करना फिलहाल आप के लिए नामुमकिन है.... मगर सिर्फ तब तक जब तक आपको आपका वो लॉकेट नहीं मिल जाता जिसमे गुलाब मणि जड़ी हुई है.... गुलाब मणि में बहुत सी पावर्स हैं जिनमे से एक आपकी आकर्षण शक्ति को काम या ज़्यादा करने की पावर है....

सुलतान : कहाँ मिलेगा मुझे वो गुलाब मणि का लॉकेट....?

जस्मिने : मैं बता तो दूँ मगर उसे आप नहीं पा सकेंगे....?

सुलतान : क्यों नहीं पा सकता मैं उसे....? बताओ मुझे....

जस्मिने : वो लॉकेट आप ने खुद मलिका सुनहरी के जिस्म में डाला था... मगर श्राप की वजह से उनके जिस्म के 7 हिस्से हो गए.... और वो लॉकेट इस वक़्त मलिका सुनहरी के किसी एक हिस्से में है... उसे पाने का एक hi रास्ता है.... जिसके जिस्म में गुलाब मणि वाला लॉकेट है उसे आपको साफ़ दिल से अपना के प्यार से उसके साथ सेक्स करना होगा वो भी तब जब आप के दिल में उसके लिए सिर्फ और सिर्फ बेइन्तेहाँ प्यार हो.... जिसके साथ आपको प्यार करके सेक्स करना है वो....

सुलतान : क्या हुआ...? तुम बोलते बोलते अचानक से रुक क्यों गयी...? बताओ मुझे कौन है वो....?

जस्मिने : वो और कोई नहीं बल्कि सोना है....

सुलतान शॉकेड : Kyaaaaaaaaaaaa....?

जस्मिने : जी हाँ वो और कोई नहीं बल्कि सोना hi है.... सोना मलिका सुनहरी के जिस्म के सात हिस्सों में से एक हिस्सा है... जिसके पास इस वक़्त आपका गुलाब मणि वाला लॉकेट है....

सुलतान : मुझे नहीं चाहिए वो लॉकेट.... जिसके लिए मुझे उसके साथ... नहीं कभी नहीं.... मैं ऐसे hi जी लूंगा मगर उसके साथ वो नहीं कभी नहीं...

जस्मिने : सोना के साथ आप को न चाहते हुए भी सेक्स करना होगा.... ताकि आपको आपका वो लॉकेट मिल सके.... वो लॉकेट आप के और आपके माँ डैड के लिए बेहद ज़रूरी है....

सुलतान : मरे माँ डैड से उस लॉकेट का क्या लेना देना....?

जस्मिने : अभी उस बात को बताने का वक़्त नहीं आया है.... जब वक़्त आएगा तब मैं खुद आपको बता दूंगी....

इस से पहले की सुलतान जस्मिने से और कुछ पूछता जस्मिने उसके जिस्म में समां जाती है....

उसके जाने के बाद सुलतान अपनी बाकी साड़ी लवर्स के साथ प्यार भरे लम्हे बिताने के बाद रूही के रूम की तरफ चल देता है.... रूम का दरवाज़ा खोल के सुलतान जैस hi रूम में दाखिल होता है सामने का नज़ारा देख उसके होश उड़द जाते हैं.... वो एक तक बस उस तरफ देखता रह जाता है.... वो धीरे धीरे उस तरफ बढ़ता जाता है और फिर....?????



(वर्ड काउंट 4777)
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....



अपडेट 165.....
मेगा अपडेट....



जस्मिने : सोना के साथ आप को न चाहते हुए भी सेक्स करना होगा.... ताकि आपको आपका वो लॉकेट मिल सके.... वो लॉकेट आप के और आपके माँ डैड के लिए बेहद ज़रूरी है....

सुलतान : मरे माँ डैड से उस लॉकेट का क्या लेना देना....?

जस्मिने : अभी उस बात को बताने का वक़्त नहीं आया है.... जब वक़्त आएगा तब मैं खुद आपको बता दूंगी....

इस से पहले की सुलतान जस्मिने से और कुछ पूछता जस्मिने उसके जिस्म में समां जाती है....

उसके जाने के बाद सुलतान अपनी बाकी साड़ी लवर्स के साथ प्यार भरे लम्हे बिताने के बाद रूही के रूम की तरफ चल देता है.... रूम का दरवाज़ा खोल के सुलतान जैस hi रूम में दाखिल होता है सामने का नज़ारा देख उसके होश उड़द जाते हैं.... वो एक तक बस उस तरफ देखता रह जाता है.... वो धीरे धीरे उस तरफ बढ़ता जाता है और फिर....?????

जैसे hi सुलतान नज़र ड्रेसिंग टेबल के शीशे पे जाती है.... सामने कड़ी लड़की का चेहरा देख के वो चौंक जाता है....

सुलतान मन में : मैं तो रूही के रूम में आया था.... ये रूही की जगह कुसुम कहाँ से आ गयी....

ये सोच के सुलतान चारो तरफ रूम को देखने लगता है....


"सुलतान और कुसुम की सुहागरात"....



सुलतान मन में : ये तो कुसुम का रूम है मतलब मैं रूही के रूम में जाने के बजाये कुसुम के रूम में आ गया.... चलो कोई नहीं रूही और कुसुम दोनों मेरी hi बीवी है... आज रात कुसुम के साथ कल रूही के साथ....

सुलतान कुसुम के बेहद करीब जा के पीछे के से उसके गाल को चुम के कहता है....

सुलतान : बोहत ख़ूबसूरत लग रही हो.... मेरी जान.... तुम्हारी खूबसूरती को देख दिल कर है की मैं....

कुसुम : रोका किसने है.... मैं तो खुद कब से इंतज़ार कर रही हूँ की आप कुछ करो.....

कुसुम ने ये कह तो दिया था मगर अपनी बात पे वो खुद शर्मा जाती है.... शर्म के मारे वो अपनी गर्दन झुका लेती है... उसके गोर गुलाबी गाल लाल हो जाते हैं....

सुलतान : हाय मुझे नहीं पता था की मेरा यार इतना शर्मीला भी है....

ये कह के वो आगे बढ़ के प्यार से कुसुम का चेहरा अपने हाथ से ऊपर कर के उसकी आँखों में देखने लगता है.... दोनों एक दूसरे की आँखों में जैसे खो जाते है.... कब उनके होठ एक दूसरे के होंठों से मिलते हैं उन्हें पता hi नहीं चलता.... वो दोनों हाथों से कुसुम के चेहरे को पकड़ कर उसके गर्म नरम मुलायम रसीले होंठों को अपने होंठों से मिला देता है और मज़े से उसे चूसने लग जाता है..... कुसुम भी किश में उसका साथ देने लगती है.....

दोनों के होंठ ऐसे जुड़ जाते हैं जैसे कभी अलग hi न हो पाए..... सुलतान उसके होंठों को खूब दिल लगा कर चूस ने लगता है..... कुसुम सुलतान के मुँह में अपनी जुबां दाल कर चूसने लगती है.... किश करते करते दोनों एक दूसरे में खो से जाते हैं.....

करीब 10 मिनट बाद जब दोनों की सांस उकेरती है तब कहीं जा कर दोनों अलग होते हैं.....

हॉट किसिंग की वजह से सुल्तान का लुंड पूरी से खड़ा हो जाता है और कुसुम की छूट से कॉमर्स बहने लगता है..... सुलतान के 9 इंच के खड़े को लुंड देख कर वो शर्मा जाती है..... सुलतान अपने लुंड की तरफ इशारा करके उस से कहता है....

सुलतान अपनी पंत में से अपने 9 इंच के खड़े लुंड को बहार निकाल के कहता है....

सुलतान : जान इसका भी तो ख्याल करो.... मेरे साथ साथ मेरे इस लुंड को भी तुम्हारे प्यार की सख्त ज़रुरत है.....

सुलतान का लुंड मस्ती में एक लोहे की रोड की तरह सख्त हो कर ऐसे झटके मार रहा है जैसे बहुत गुस्से में हो.....

सुलतान कुसुम के हाथ में अपना खड़ा लुंड थमा देता है..... दर के मारे कुसुम उसे चोर देती है....

कुसुम : Y...Y.... ये क्या है.....?

सुलतान : मेरा लुंड है और क्या....?

कुसुम : ये अगर मेरी छूट में गया तो पक्का मेरी छूट का भोसड़ा बन जाएगा....

सुलतान : जान इस से डरा नहीं जाता बल्कि इसे तो प्यार किया जाता है.... ताकि ये खुश हो के तुम्हे जन्नत की सैर कराये...

कुसुम : हाथ में एनाकोंडा थमा के पूछ कह रहे हो की मुझे दर क्यों लग रहा है....? और रही बात जन्नत की सैर की तो इसे देख ये पाका है की ये मुझे जन्नत की सैर कराये या न कराये मगर मेरी छूट का आज भोसड़ा बनना तये है.... आज तो मैं और मेरी छूट दोनों की खैर नहीं....

सुलतान : ये आज तुम्हे इतना मज़ा देगा की तुम्हारा सारा दर हवा हो जाएगा... बस एक बार इसे प्यार तो करो....

सुलतान की बात मान के कुसुम झुक के सुलतान के लुंड से निकले प्रेकम की मुस्की स्मेल को सूंघती है तो उसकी छूट में करंट सा दौड़ जाता है..... वो अपनी जुबां से उस प्रेकम को चाट लेती है और टास्ते चकने के बाद आंख मार के सुलतान से कहती है...

कुसुम : बहुत टेस्टी है एक दम शहद जैसा.....

सुलतान का लुंड काफी लम्बा होने के साथ साथ बहुत मोटा भी है और इस वक़्त वो मस्ती में बुरी तरह से झटके खा रहा है.....

कुसुम : ऐसा दुमदार लुंड मैंने आज से पहले कभी किसी भी ब्लू फिल्म में नहीं देखा था.....

वो झुक के सुलतान के लुंड पे किश करती है फिर अपनी जुबां बहार निकाल के उस के लुंड को ऊपर से निचे तक चाट टी है... और अपना मुँह उसके पहले हुए लुंड के बिलकुल सामने लाती है... और लाल सुपडे को चूमती है और फिर उसे अपने होंठों को खोल के मुँह में भर लेती है....

उस की इस हरकत पे सुलतान का लुंड मस्ती में उसके मुँह में झटके मारने लगता है.... जिसे महसूस करके वो ख़ुशी और मस्ती में कास कास के सुलतान के लुंड को चूसने लगती है.....

उसके द्वारा अपना लुंड चूसे जाने पर सुलतान मस्ती में कराहने लगता है.....

आआआआहहहहह..... ममममममम.... ऊऊऊओह्ह्ह्हह्ह.....

सुलतान ने कभी सोचा भी नहीं था की जन्नत की पारी जैसी हसीं लड़की उसका लुंड अपने मुँह में लेके मस्ती में चूसेगी..... मस्ती में उस का जिस्म गंगना जाता है और उसका लुंड कुसुम के मुँह में झटके मरने लगता है..... सुलतान अपने हाथ आगे बढ़ा के उसके बूब्स को पकड़ के दबाने लगता है.... साथ hi उसके निप्पलों को अपनी उँगलियों के बीच में ले के मसलने लगता है..... कुसुम के मुँह से मस्ती में सिसकियाँ फूटने लगती हैं.....

कुसुम : अअअअअअअगगगगगठ्ठ.... ममममम..... oooooooooo.....

उसके निप्पलों से कामुकता की तरंगे निकल कर उसकी छूट तक फैल जाती हैं और वो अपनी टंगे कास कर बंद करते हुए आपस में रगड़ने लगती है....

सुलतान : आअह्हह्ह्ह्ह... उफ्फ्फ... बहुत मज़ा आ रहा है.... मममममम.... हाँ... ऐसे hi चूसो मेरा लुंड..... और ज़ोर से चूसो.....

वो अपने हाथ पीछे ले जाकर सुलतान के शूटरों को कास के पकड़ती है और फिर उसे आगे अपनी और खींचती है और अपना मुँह तेज़ी से उसके लुंड पे चलती है....

सुलतान के लुंड का सवाद उस को इतना टेस्टी लगता है की वो लगभग तीन चौथाई लुंड मुँह में लेकर चूसने लगती है.... वो शायद पूरा लुंड मुँह में ले लेती अगर ये मुमकिन होता तो.... मगर इतना लम्बा मोटा लुंड पूरा मुँह में लेकर चूसना

उसके बस के बहार की बात थी....

आज पहली बार वो किसी का लुंड चूस रही है.... उसे बेहद मज़ा आ रहा है.... मज़ा तो सुलतान को भी आ रहा है कुसुम की चूची दबाते हुए उस से अपना लुंड चुसवा के..... दोनों hi मस्ती के आसमान में उड़द रहे हैं....

सुलतान उसके बाल पाकर कर अपना लुंड धीरे धीरे उसके मुँह में आगे पीछे करते हुए उसके मुँह को छोड़ने लगता है...

मस्ती में वो अपना हाथ निचे ले जाकर अपनी छूट को रगड़ने लगती है... जिससे उसकी कामुकता और उत्तेजना और भी बढ़ जाती है.... वो एक ऊँगली छूट के होंठो पर फेरती है और फिर अंदर दाल कर डेन को मसलती है.... सुलतान उस को अपनी छूट में ऊँगली करते देख खुश होता है और उसके मुँह को और भी ज़ोर से छोड़ने लगता है..... जल्द hi सुलतान को अपने तटों में अपना वार्य उबलता हुआ महसूस होता

है..... तो वो उस के सर को पकडे हुए तेज़ तेज़ धक्के लगाने लगता है..... सुलतान का लुंड उस के मुँह में झटके मारते हुए

ऐंठने लगता है.... वो भी मस्ती में सुलतान के लुंड पर तेज़ी से जुबां चलते हुए ज़ोर से सुपर सुपर कर चूसने लगती है.... जल्द hi सुलतान का जिस्म अकड़ जाता है फिर वो मस्ती में सिसकारी लेते हुए उस के मुँह में अपने लुंड से वार्य की पिचकारी चोर्ने लगता है.....

एक के बाद एक वार्य की पिचकारी उस के मुँह में गिरने लगती है.... फिर कुछ देर बाद जब उसे ये यकीन हो जाता है की सुलतान के लुंड से पूरा रास निकल चूका है.... तब वो धीरे से अपना मुँह उसके लुंड से हटा लेती है.... सुलतान बड़े गौर से उस की हरकतों को देख रहा है.... वो अपना मुँह खोल के अपने मुँह में भरा वार्य सुलतान को दिखती है फिर उसे आँख मार के पी जाती है फिर चटखारे ले के कहती है....

कुसुम : मममममममम..... जान मज़ा आ गया.... Waaaaaaaaah....Bahut hi टेस्टी था..... इतना टेस्टी मीठा रूस मैंने

आज तक नहीं चखा.... आज लाइफ में पहली बार मैंने लुंड चूसा है और उसे चूसते चूसते मैं खुद दो बार झड़ी

हूँ.... तुम्हे और तुम्हारे लुंड को पा के आज मैं बेहद खुश हूँ.... जब तुम्हारा लुंड चूस के मेरा ये हाल है तो सोचो जब तुम मुझे छोड़ोगे तब मेरा क्या हाल होगा....?

सुलतान : ोोोूह जान.... तुम्हारे लुंड चूसने का अंदाज़ तो बड़ा hi निराला है... क्या लुंड चुस्ती हो तुम... मुझे कितना मज़ा आया के मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता....

कुसुम : तो क्या जानू अब तुम तैयार हो....?

प्रिंस : किस चीज़ के लिए जान....?

कुसुम : जानू मेरी छूट चाटने के लिए.....

ये कह के वो शर्मा जाती है... मस्ती में सुलतान का लुंड फिर से खड़ा हो जाता है.....

सुलतान उसे पीठ के बल बीएड पे लेता देता है.... इस वक़्त वो बाला की खूबसूरत लग रही है.... उसके हुस्न को देख सुलतान के दिल के साथ साथ उसका लुंड भी मस्ती में उछाल कूद मचा रहा है....

वो आगे बढ़ के उसे किश करने लगता है फिर धीरे धीरे उसके जिस्म को चाट ने लगता है.... फिर एक हाथ से उसके बूब्स को कास कास के दबाते हुए उसके निप्पल को मुँह में ले चूसने लगता है....

मस्ती में वो सिसकारी ले ते हुए चीखने लगती है.....

कुसुम : Aaaaaaaaaaahhhhh.... Oooooooooohhhh.... Uuuuuuuuuufffff.... सुलतान धीरे दबाओ.... ऊऊओह्ह्ह्ह... ज़ोर से मत काटो.... बस चूसते जाओ.... आआह्ह्ह्हह्ह.... ममममममम.... बड़ा मज़ा आ रहा है....

उसके पिंक निप्पल सख्त होने लगते हैं.... उसके बूब्स को दबा कर सुलतान ने लाल कर दिया.... फिर वो उसकी टांगों को किश करने लगा.... उसकी गोरी गुलाबी मखमली जांघ को खूब जमकर चाटने लगा.... मस्ती में कुसुम ज़ोर ज़ोर से ाँहें भरने लगी....

कुसुम : आआआआहहहहहहह..... ममममममम....

कुछ देर तक उसकी जाँघों को चूम ने और चाटने के बार सुलतान उसकी कमसिन गोरी गुलाबी चिकनी रास चोरटी रसीली छूट तक पहुँच जाता है और अपना नाक उसकी छूट के पास ले जा के उसे सूंघता है.... फिर अपनी उँगलियों से उसे फैला के अंडर का नज़ारा देख के ख़ुशी से उछाल पड़ता है....

उसकी कमसिन गोरी गुलाबी छूट की पंखुड़ियों के बीच में उसकी गुलाबी रंग की छोटी सी सुरंग नज़र आ रही है साथ hi ऊपर की और उस का पिशाब करने का छोटा सा कामुक छेद भी दिख रहा है....

सुलतान : वाओ..... गोरी गुलाबी छूट.... दोनों होंठ गुलाबी.... छूट का दाना हल्का सा बहार निकला हुआ है.... रास से भीगी छूट और कॉमर्स की बूँदें टपक रही हैं.... ऐसा हसीं नज़ारा मैंने आज तक नहीं देखा....

सुलतान को अपनी छूट की तरफ देखे देख और उसकी बातें सुन के वो शर्माने लगती है....

कुसुम : जान ऐसे क्या देख रहे हो....? सब तुम्हारा hi तो है.... मैं मेरा जिस्म हुए मेरी ये रास चोरटी छूट....

सुलतान : जान क्या गुलाबी छूट है तुम्हारी..... जी करता है इसे चाट चाट के खा जाऊं....

कुसुम शर्माते हुए : तो खा लो न मैंने कब रोका है.... मैं भी तुम्हारी हूँ और मेरी छूट भी तुम्हारी hi है....

उस की बात सुन के सुलतान उसकी छूट को चाटने के लिए उसकी जांघों को फैलता है... और जैसे hi उसकी छूट को किश करता है मस्ती में वो उछाल पड़ती है.... उसके मुँह से मस्ती भरी सिसकारी निकल जाती है.....

कुसुम : Isssssshhhhhhhhhhhh….

सुलतान उसकी छूट की फांकों को फैला के अपनी जुबां से उसकी छूट चाटने लगता है.... फिर उसकी छूट के छेद में अपनी जुबां दाल के उसे अपनी जुबां से छोड़ने लगता है....

मस्ती में उस के मुँह से.. ऊऊऊओ.... उफ़..... मममम... की आवाज़ निकलने लगती है....

सुलतान : कैसा लग रहा है जान....?

कुसुम : मममममम.... बड़ा मज़ा आ रहा है..... छतो खूब ज़ोर से छतो.... खा जाओ मेरी चूऊऊऊत..... को...

ये कह के वो बहुत hi ज़ोर ज़ोर से आहे भरने लगी...

कुसुम : Aaaaaaaaahhhhhhhhhh.... ऊऊऊह्ह्ह्ह.... ममममममम..... उउउउउउउउफ्फ्फ्फ्फ़.... है जान मुझे आज पता चला के छूट चटवा के भी मज़ा लिया जाता है.... है ऐसा मज़ा तो मुझे आज पहली बार मिला है.... और तुम पहले मर्द हो जिसने मुझे नंगा देखा है और मेरी छूट को छाता है.... चूसो और ज़ोर से चूसो.... आआआआहहह.... उफ्फफ्फ्फ़.... हीईई....

मस्ती में सुलतान अपनी जुबां उसकी छूट के अंडर दाल के उसे गोल गोल घूमना शुरू कर दिया.... मस्ती में उस की चीखें इतनी ज़ोर से निकलने लगती हैं की उसे सुन के घर वाले तो क्या पूरा मोहल्ला वहां जमा हो जाता अगर रूम साउंडप्रूफ नहीं होता तो....

कुसुम : हाँ और ज़ोर से.... हैं… जान मैं झरने वाली होऊणणन्न....

ये सुन ते hi सुलतान अपना मुँह उसकी छूट के छेद पे सेट कर के ज़ोर ज़ोर से चूसने लगता है.... जल्द hi उस के सब्र का बाँध टूट जाता है... उसका जिस्म अकड़ने लगता है और वो झड़ने लगती है...

कुसुम : aaa..aaa..aaaaaahhhhhhh.... जान..... मैं gayiiiiiiiiii..… उफ्फ्फ..... है... ये क्या कर दियाआआ.....

उसकी छूट से काम रास बह के सुलतान के मुँह में जाने लगता है जिसे वो मज़े ले ले के पी जाता है फिर उसकी छूट को चाट ते हुए साफ़ करता है.... सुलतान की जुबां जब उसकी छूट के दाने से टकराती तो वो.... ऊऊओह्ह..... ishhh….Basssssss..... कहने लगती है.....

कुछ देर उसकी छूट को इसी तरह चूसने के बाद सुलतान उसके ऊपर आ जाता है और फिर उसके होंठों को चूमने लगता है.... सुलतान को होंठों पे जो उस की छूट का जूस लगा हुआ था.... उसे वो मस्ती में मस्ती में सुलतान के होंठों को चूसते हुए चाटने लगती है.....

सुलतान का लुंड मस्ती में खड़े हो के उसकी जाँघों के बीच से छूट को छू रहा है.... जिसे महसूस करके कुसुम अपनी अपनी जांघें थोड़ी फैला देती है... जिससे सुलतान के लुंड का सूपड़ा उसकी छूट के दाने को रगड़ने लगता है....

सुलतान : कैसा लगा जान....?

कुसुम : है जान.... मज़ा आ गया.... ऐसा लग रहा है के मैं जन्नत में हूँ....

ये कह के वो उठने लगी पर सुलतान ने उसे उठने नहीं दिया....

सुलतान : जान कहाँ जा रही हो.....?

कुसुम शरमाते हुए : पेशाब करने....

ये कह के वो बाथरूम में भाग जाती है.... कुछ देर बाद जब वो मूट के वापिस आती है तब....

सुलतान : आ गयी अपनी छूट की सीटी बजा के.... कसम से जान तुम्हारी छूट की सीटी में ज़बरदस्त आवाज़ है.... जिसे सुन के मेरा लुंड बेकाबू हो रहा है.... दिल और लुंड चाह रहा की जैम के तुम्हारी चुदाई करूँ.... ऐसी चुदाई जो न पहले कभी किसी ने की हो और न hi कोई करेगा...

सुलतान की बात सुन के उस का चेहरा शर्म से लाल हो जाता है.... शर्म के मारे वो सुलतान से नज़रें चुराते हुए मुस्कुराने लगी....

सुलतान उसे धीरे से अपनी तरफ खींच कर पीठ के बल लेता देता है.... उस की गोरी गुलाबी चिकनी छूट देख के सुलतान का लुंड मस्ती में उछलने लगा..... वो झुक के उसकी छूट को चूम लेता है... फिर चाटने लगता है....

मस्ती में वो सिसकारी लेने लगती है... उसकी छूट एक दम गीली हो गयी थी.... उसकी पिशाब की महक सुलतान को पागल कर रही

थी.... वो अपना मुँह उसकी छूट पैर रख कर चाटने लगा साथ hi उसकी छूट में ऊँगली दाल कर अंदर बहार करने लगा...... कुसुम मस्ती में सिसकारी लेने लगती है..... उसकी छूट मस्ती में खुल बंद होने लगती है.... सुलतान अपनी जुबां उसकी छूट में दाल के उसे चाटने लगा.... कुछ hi देर में उसका जिस्म अकड़ने लगा और उसकी छूट ने पानी चोर दिया.....

सुलतान एक बार फिर से कुसुम की छूट से बहे काम रास को चटखारे ले ले के मज़े से पी जाता है फिर उसकी छूट के छेद पे अपने लुंड के सुपडे को टिका के एक करारा शॉट मारा.... सुलतान के लुंड का मोटा सूपड़ा जैसे hi उसकी छूट में घुसा.... उस की चीक निकल गयी....

कुसुम : Aaaaaaaaaaaggggghhhhh.... Maaaaaaaaaaaaaaa.... आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह.... मैं मर gayiiiiiiiiiii.... उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़..... निकालो इसे..... आआआआगगजघ्हहहहह.... प्लीज निकालो.... सुलताआआआंत्र.... प्लीज निकालो..... बोहोत दर्द हो राहाआआ है....

सुलतान वहीँ रुक जाता है और झुक के उसके होंठों को चूसते हुए उसके बूब्स को दबाने लगता है..... कुछ देर इसी तरह उसके होंठों को चूसने और बूब्स दबाने से कुसुम का दर्द कुछ काम होता है और उसे मज़ा आने लगता है उसकी छूट से मस्ती में कॉमर्स बहने लगता है.... जब सुलतान को इस बात का एहसास होता है तब वो एक करारा शॉट उसकी छूट में मारता है.... जिस से सुलतान का आधे से ज़्यादा लुंड उसकी छूट को सील को तोड़ता हुआ अंदर तक चला जाता है....

दर्द के मारे कुसुम की चीख निकाल जाती है.... सुलतान का मुँह उसके मुँह से जुड़े होने की वजह से उसकी चीख सुलतान के मुँह में डाब के रह जाती है.... सुलतान कुसुम के होंठों को चूसते हुए उसकी छूट में अपने लुंड धीरे धीरे अंडर बाहर करने लगता है.... कुछ देर बाद कुसुम को मस्ती चढ़ने लगती है और मस्ती में वो नीचे से अपनी गांड उठा के चुदाई में सुलतान का साथ देने लगती है...

जिसे महसूस करते hi सुलतान उसकी छूट में अपने लुंड की रफ़्तार तेज़ कर देता है....

कुसुम : Aahhhhhhhhhhhhhhhh Sultaaaaaaaaaaaan और तेज़ आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह... उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़.... plzzzzzzzzzzzzzz और अंडर तक दाल के छोड़ो मुझे.... आआआआह्ह्ह्ह.... ऊऊओह्ह्ह्ह.... मममममम..... बड़ा मज़ा आ रहा है....

कुसुम की बात सुन के सुलतान जैम के उसकी चुदाई करने लगता है.... पूरे रूम में फुछ फुछ.... थप थप.... की आवाज़ गूंजने लगती है.... कुसुम अपनी गांड उठा उठा कर.... छोड़ने लगती है....

कुसुम : अह्ह्ह्हह्हह.... उफ्फ्फफ्फ्फ़.... आआआआह्ह्ह्ह.... उफ्फ्फ.... और तेज़... और तेज़.... मममममम ... बड़ा मज़ा आ रहा है.... ऐसे hi जैम के छोड़ो मुझे.... आह्ह्हह्ह्ह्ह.... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़.... आआआह्ह्ह्ह.... आह्ह्ह्हह्ह niiiiiiiiiiiiii uffffffffff..... Aaahhhhhhhhhhh... उसे दर्द भी हो रहा था... और मज़ा भी आ रहा था.....

सुलतान अपना मूसल जैसा लुंड उसकी छूट में फैलता रहा..... और वो आआआहहहहहहह.... ाः.... उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़....

aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhh..... कर के मस्ती में चिल्लाती रही....

जल्द hi दोनों मस्ती की चरम सीमा पे पहुँच जाते हैं.... कुसुम की छूट से तेज़ी से कॉमर्स बहाने लगता है और वो झड़ने लगती है....

सुलतान भी अपने लुंड से वार्य की पिचकारी उसकी बच्चे दानी में मारते हुए झड़ने लगता है.... दोनों एक hi वक़्त पे एक साथ झाड़ जाते हैं.... और कुछ hi देर में थक के नंगे hi एक दूसरे की बाहों में लिपट के नींद की आगोश में चले जाते हैं.....

अगली सुबह जब सुलतान सो के उठता है तब सामने कुसुम का मासूम और प्यारा चेहरा नज़र आता है जिसे देख के सुलतान का दिल मदहोश हुआ जाता है वो आगे बढ़ के कुसुम के होंठों को चुम लेता है.... मगर एक किश से कहाँ सुलतान का दिल भरने वाला था वो कुसुम के होंठों को अपने मुँह में ले के प्यार से उसे चूसने लगता है.... अपने होंठों पे गीलापन महसूस होते hi कुसुम की नींद टूट जाती है.... वो आँखें खोल के देखती है.... सामने सुलतान को पा के वो बेहद खुश हो जाती है.... साथ hi किश में उसका साथ देने लगती है.... सुलतान मस्ती में कुसुम के मदमस्त जिस्म पे हाथ गुमने लगता है... धीरे धीरे कुसुम मस्ती के आस्मां में उड़ने लगती है.... उसका जिस्म अकड़ने लगता है और एक तेज़ सिसकारी के साथ वो झाड़ जाती है....

सुलतान : ये क्या जान झड़ने से पहले काम से काम मुझे बता तो देती.... तुमहति छूट से बहा ये अमृत रुपी कॉमर्स यूँ बर्बाद तो न होता... मैं इस मज़े ले के पी जाता....

सुलतान की बात सुन के कुसुम शर्मा जाती है....

कुसुम : धत सुलतान तुम भी न... बड़े बेशर्म हो.... ऐसा भी कोई कहता है क्या....?

ये कह के कुसुम शर्मा के बाथरूम में भाग जाती है... तभी अचानक से जस्मिने सुलतान के जिस्म से बहार आ जाती है.... सुलतान को नंगा देख ख़ास कर के उसके 9 इंच के खड़े लुंड को मस्ती में उछाल कूद मचाते देख शर्म के मारे वो पानी पानी हो जाती है उसके गोर गुलाबी गाल लाल हो जाते हैं.... साथ hi शर्म से वो अपनी गर्दन झुका लेती है... मगर सुलतान के खड़े मज़बूत लुंड से अपनी नज़रें नहीं हटा पाती... तिरछी निगाह से वो उसके लुंड को देखने लगती है....

सुलतान की नज़र जैसे hi जस्मिने पे पड़ती है उसे देख वो खुश हो जाता है...

सुलतान : वाओ क्या बात है... आज का दिन मेरा बेहद खुशनुमा जाएगा.... सुबह सुबह हुस्न की मलिका जस्मिने के दीदार जो हो गए....

सुलतान के मुँह से अपनी तारीफ सुन के जस्मिने बेहद खुश हो जाती है....

सुलतान : इतनी दूर क्यों कड़ी हो....? यहाँ मेरे पास आओ न... यहाँ बैठ के बात करते हैं....

जस्मिने : व... व.... वो.. वो...

सुलतान : क्या हुआ ये तुम वो वो क्या कर रही हो....? इधर आओ न मेरे पास.... तुम्हारी हरी हरी खूबसूरत आँखों को देख के दिल को बेहद सुकून मिलता है.... तुम्हारी मीठी आवाज़ सुन के रूह में मिठास सी फैल जाती है....

जस्मिने बड़ी मुश्किल से बस इतना hi कह पाती है....

जस्मिने : पहले छोटे सुलतान को तो अंडर करो....?

सुलतान कन्फ्यूज्ड : छोटा सुलतान...!!! अब ये कौन है....????

जस्मिने शर्माते हुए सुलतान के लुंड की ततफ इशारा कर के कहती है....

जस्मिने : वो रहा छोटा सुलतान....

जस्मिने का इशारा प् के सुलतान जैसे hi नीचे देखता है... खुद को उसके सामने नंगा पा के हड़बड़ा सा जाता है....

सुलतान : वो... वो.... वो... मुझे ख़याल hi नहीं रहा....

ये कह के सुलतान फ़ौरन खुद को चादर से धक् लेता है.... सुलतान को यूँ हाड़बते हुए देख जस्मिने की हंसी छूट जाती है...

जस्मिने : हहहहहहहहह.... रिलैक्स सुलतान आप तो हड़बड़ाने लगे... मैं तो ऐसे hi कह रही थी.... वैसे छोटा सुलतान बड़े सुलतान से भी काफी ज़्यादा डैशिंग और प्यारा है.... और सेक्सी भी....

ये कह के जस्मिने हसने लगती है....

सुलतान : जज तुम भी न ज़रा की तरह बिगड़ गयी हो... वो भी इसी तरह.... बेशर्मो की तरह कुछ भी कहती रहती है....

जस्मिने : मुझे नहीं पता था की आज कल आप लड़कियों की तरह शर्माने भी लगे हो....

सुलतान : क्यों शर्म सिर्फ लड़कियों को hi आती है....? मुझे नहीं आ सकती....

जस्मिने : नहीं सुलतान बात वो नहीं है बल्कि पहले कभी आपको यूँ शर्माते हुए नहीं देखा इस लिए कहा.... पहले हमेशा आप बिना आवाज़ दिए मेरे कमरे में आ जाय करते थे.... जब कभी मैं नहाया करती थी तब तो आप भी पूरे कपडे उतार के बेशर्मो की तरह मेरे पीछे बाथरूम में घुस जाय करते थे... और फिर जो हरकतें करते थे उसे देख के रो शर्म को भी शर्म आ जाए...

सुलतान : जी नहीं मैं वैसा कभी नहीं कर सकता....

जस्मिने : देखना चाहेंगे....

अभी दोनों बात कर hi रहे थे की तभी ज़रा रूम में आ जाती है.... सुलतान को बिना कपड़ों के देख उसके चेहरे पे शरारती स्माइल आ जाती है... इस से पहले की सुलतान उसे रोक पाटा.... वो दौरते हुए उसके करीब जाती है और बीएड में उसके चादर के अंडर घुस के उसके नंगे जिस्म से लिपट जाती है... साथ hi सुलतान के होंठों को चूसने लगती है.... एक तरफ वो सुलतान के होंठों को अपने मुँह में ले के चूस रही है वहीँ दूसरी तरफ उसके 9 इंच के खड़े को अपने हाथ में ले उसे मुठियाने लगती है.... ज़रा के इस दोहरे हमले को सुलतान बर्दाश्त नहीं कर पाटा वो ज़रा को खुद से दूर करने की बेहद कोशिश करता है मगर ज़रा न hi उसके होंठों को चोर रही है न hi उसके लुंड को.... करीब 5 मिनट्स के बाद ज़रा किश तोड़ टी है.... सुलतान अभी उसे कुछ कहने hi वाला होता है की तभी ज़रा उसके लुंड पे हुम्ला बोल देती है... वो सुलतान के खड़े लुंड को अपने मुँह में ले में मज़े से चूसने लगती है... ज़रा की इस हरकत पे सुलतान को एक झटका सा लगता है... उसे ये उम्मीद नहीं थी की ज़रा ऐसा कुछ करेगी.... मस्ती में सुलतान की आँखें बंद होने लगती हैं.... उसके मुँह से मस्ती भरी सिसकारी निकलने लगती है... वो झड़ने के बेहद करीब पहुँच जाता है.... अभी उसके लुंड से वार्य की पिचकारी निकल के ज़रा के मुँह में गयी hi थी की तभी बाथरूम से फ्रेश हो के कुसुम बहार आती है... सामने का नज़ारा देख के उसकी आँखें बड़ी हो जाती है साथ hi चेहरे पे शरारती मुस्कान फैल जाती है....

कुसुम : वाओ क्या हसीं नज़ारा है....? इस से हसीं नज़ारा मैंने आज तक नहीं देखा.... दो जिस्म एक जान का मस्ती भरा अद्भुत संगम....

इधर कुसुम दोनों को मस्ती में देख मस्ती भरी बातें किये जा रही है वहीँ सामने बीएड पे ज़रा बेशर्मो की तरह अपनी जान सुलतान के लुंड को मज़े से चूसते हुए उसके लुंड से निकल रहे वार्य को चूस चूस के पी रही है.... साथ hi खुद भी मस्ती me.jhad रही है.... दोनों एक साथ झाड़ जाते हैं ज़रा सुलतान के लुंड से निकले वार्य की आखरी भून तक को चाट में पी जाती है फिर निढाल हो के सुलतान के सीने पे गिर जाती है....

अभी कुसुम कुछ कहने hi वाली होती है की तभी रूही रूम में आ के सुलतान के होंठों को प्यार से चुम के कहती है... अगर तुम दोनों का हो गया हो तो जल्दी से फ्रेश हो के नीचे आ जाओ... सब नाश्ते पे इंतज़ार कर रहे हैं.... फिर कुसुम की तरफ देख के कहती है...

रूही आँख मार के : तुम्हारा हो गया या फिर अभी कुछ बाकी है....

कुसुम : जी नहीं आज के लिए इतना बहुत है... कल रात जो मेरी बंद बजी है... अब तो दो दिन तक कुछ भी करने की मुझ में हिम्मत नहीं....

रूही : सही कहा.... पहली रात मस्ती में सुलतान के साथ गुज़ारने के बाद अगली सुबह मेरा भी ऐसा hi कुछ हाल था... मगर लगता है ज़रा आज कुछ ज़्यादा hi जोश में है.... आज तो वो सुलतान की बंद बजा देगी....

रूही की बात सुन के ज़रा तड़प के कहती है....

ज़रा : यार मन तो मेरा बहुत है सुलतान के साथ मज़े करने का.... जैम के जवानी का खेल खेलने का... मगर हाय रे मेरी निगोड़ी किस्मत मेरी मजबूरी है... (अपनी छूट की तरफ इशारा कर के) वो क्या है की यहाँ मैदान में खून खराबा मचा हुआ है... तो जब तक मैदान साफ़ नहीं हो जाता.... कोई मैच नहीं खेला जा सकता है....

रूही : मैच न सही नेट प्रैक्टिस तो की जा सकती है न....

ज़रा : वो hi तो करने आयी थी मैं यहाँ... कसम से यार जब नेट प्रैक्टिस में इतना मज़ा आया तो असली मैच में कितना धमाल होगा.... मेरी तो ये सोच hi पिच एक बार फिर से गीली होने लगी...

सुलतान हैरत से तीनो की बेशर्मी भरी बात सुन रहा था...

सुलतान : यार कहाँ मैं तुम तीनो को शरीफ समझ रहा था... मगर तुम तीनो तो हद से ज़्यादा बेशर्म निकली.... अगर मैं थोड़ी देर और यहाँ रुका न तो कहीं ऐसा न हो की तुम तीनो मुझे भी अपने जैसा बना दो....

सुलतान की बात सुन के तीनो के साथ साथ अचानक जस्मिने के मुँह से भी ये hi निकलता है....

चारो : हाय उसमे भी तो अपनी hi एक मज़ा होगा... जहाँ हम सभी बेशर्मो को साथ मिल के जन्नत का मज़ा आएगा.... बोलो तो शुरू करें....

अभी उन सब ने इतना कहा hi था की तभी सुलतान अपनी इज़्ज़त बचा के बाथरूम में भाग जाता है.... जिसे देख सब हसने लग जाती हैं....

फिर रूही कुसुम को साथ ले के नीचे चली जाती है... ज़रा फ्रेश होने अपने रूम में और जस्मिने वहीँ खड़े खड़े सुलतान के आने का इंतज़ार करने लगती है....

सुलतान के आने के बाद.....

सुलतान : मुझे नहीं पता था जज की तुम भी बाकी सब की तरह बेशर्म निकलोगी....

जस्मिने : आप से तो काफी काम हूँ.... वैसे मेरा बस चले तो मैं वो हर बेशर्मी करने को तैयार हूँ जो आप चाहते थे....

सुलतान शॉकेड : Kyaaaaaaaaaaaa....?

जस्मिने : वो सब बाद में पहले ये तो जान लीजिये की इस वक़्त मेरे यहाँ आने की वजह क्या है....?

सुलतान उदास मन से : यार कभी तो ये कह दो की तुम किसी और वजह से नहीं बल्कि बस मुझसे मिलने मेरे पास आयी हो....

जस्मिने : आप ने ऐसा कभी चाहा hi नहीं....

सुलतान : मतलब....?

जस्मिने : आपकी चाहत के आगे मैं कुछ नहीं.... चाहती तो मैं भी बहुत हूँ मगर आपकी बिना इजाज़त के आपको प्यार करना तो दूर मैं आपको छू भी नहीं सकती....

सुलतान : मैं तुम्हे पूरी इजाज़त देता हूँ कुछ भी करने की.... तुम जो चाहे मेरे साथ कर सकती हो....

जस्मिने ख़ुशी से : सच्ची...

सुलतान : हाँ सच्ची मुचि...

सुलतान के मुँह से हाँ सुन के जस्मिने ख़ुशी से नाचने लगती है... जैस्मिन ेको खुश देख के सुलतान भी बेहद खुश हो जाता है....

जस्मिने ख़ुशी में आगे बढ़ के सुलतान के सीने से लिपट जाती है.... वो सुलतान को किश करने hi वाली होती है की तभी ज़रा की आवाज़ सुन के दोनों फ़ौरन एक दूसरे से अलग हो जाते हैं....

ज़रा : ये क्या अभी तक तुम फ्रेश नहीं हुए जल्दी से फ्रेश हो के नीचे आ जाओ....

ये कह के ज़रा नीचे चली जाती है...

सुलतान : सॉरी यार वो अचानक से ज़रा आ गयी....

जस्मिने : कोई नहीं आज नहीं तो किसी और दिन फिलहाल आप जल्दी से जा के फ्रेश हो जाइये....

सुलतान : वो बात जो तुम मुझसे कहने आयी थी वो....

जस्मिने : वो मैं आप को नाश्ते के बाद कॉलेज के रस्ते में बता दूंगी.... फिलहाल के लिए आप ने जो काम शुरू किया है उसे पूरा कीजिये....

सुलतान : कैसा काम...? तुम्हे किश करने का....

सुलतान की बात सुन के जस्मिने शर्माते हुए कहती है....

जस्मिने : जी नहीं.... वो बाद में फिलहाल के लिए खान उर्फ़ शाइना की टीम के साथ साथ ज़रा की टीम को फुल्ली ट्रैन करवा के बुराई के खिलाफ जुंग लड़ने का.... सब की ट्रेनिंग आज से शुरू करवा दीजिये.... बाकी बात कॉलेज के रास्ते में....

जस्मिने की बात पे सुलतान हाँ में अपनी गर्दन हिला देता है... फिर जस्मिने सुलतान के जिस्म में समां जाती है और वो फ्रेश हो ने चल देता है....

फ्रेश हो के वो जैसे hi नीचे आता है किसी को देख के बुरी तरह से चौंक जाता है... ख़ुशी के मारे उसकी आँखें नाम हो जाती हैं....



(वर्ड काउंट 5151)
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....



अपडेट 166....

जस्मिने : वो मैं आप को नाश्ते के बाद कॉलेज के रस्ते में बता दूंगी.... फिलहाल के लिए आप ने जो काम शुरू किया है उसे पूरा कीजिये....

सुलतान : कैसा काम...? तुम्हे किश करने का....

सुलतान की बात सुन के जस्मिने शर्माते हुए कहती है....

जस्मिने : जी नहीं.... वो बाद में फिलहाल के लिए खान उर्फ़ शाइना की टीम के साथ साथ ज़रा की टीम को फुल्ली ट्रैन करवा के बुराई के खिलाफ जुंग लड़ने का.... सब की ट्रेनिंग आज से शुरू करवा दीजिये.... बाकी बात कॉलेज के रास्ते में....

जस्मिने की बात पे सुलतान हाँ में अपनी गर्दन हिला देता है... फिर जस्मिने सुलतान के जिस्म में समां जाती है और वो फ्रेश हो ने चल देता है....

फ्रेश हो के वो जैसे hi नीचे आता है किसी को देख के बुरी तरह से चौंक जाता है... ख़ुशी के मारे उसकी आँखें नाम हो जाती हैं....

सुलतान दौरते हुए उनके पास जाता है और आगे बढ़ के कास के उनके सीने से लिपट जाता है....

सुलतान : माँ.... मैं बता नहीं सकता आप को यहाँ देख के मुझे कितनी ख़ुशी हो रही है.... जानती हैं मैंने आपको कितना मिस किया...

जी हाँ ये रहना है रूही की माँ....

रहना : जा जा बातें न बना.... अगर इतनी hi मेरी याद आ रही थी तो फिर तू ने एक बार भी मुझे कॉल क्यों नहीं किया... बता जवाब दे... क्या यही प्यार है तेरा....?

इस से पहले की सुलतान कुछ कहता रूही बीच में बोल पड़ती है....

रूही : नहीं माँ बात वो नहीं है.... जो आप समझ रही हो... बल्कि ************* (फिर रूही शुरू से ले के अब तक जो जो हुआ वो रहना को बताने लगती है जिसे सुन के रहना के साथ साथ रुखसाना का दिमाग भी गुस्से से फटने लगता है....)

दोनों : कौन है वो कमीने जिन्होंने मेरे सुलतान के साथ वेह्शी जानवर जैसा सलूक किया....

रूही : वो बगल वाले घर में रहते हैं...

अभी रूही ने इतना hi कहा था की तभी रहना और रुखसाना बेहद गुस्से में उस घर की तरफ चल देती है... सुलतान उन्हें रोकने की बहुत कोशिश करता है मगर दोनों में से कोई उसकी बात सुन ने को तैयार hi नहीं.... जैसे hi वो दोनों घर से बहार निकलती हैं किसी को देख के चौंक जाती हैं....

रहना : तू इमरान है न.... खान चाचा का बीटा....?

इमरान : जी मगर आप क्यों....? मैंने आप को पहचाना नहीं....

रहना : मैं रहना हूँ.... तेरी चचेरी बेहेन....

इमरान : अरे दी आप.... कितने साल हो गए आप को देखे हुए.... आप तो बिलकुल पहचान में नहीं आ रही हैं....

रहना : हाँ तू भी काफी बदल गया है.... 18 साल हो गए तुझे मिले हुए....

बस फिर क्या था सब कुछ भूल के दोनों आपस में बातें करने लगते हैं....

इतना सुन न था की तभी सुलतान के दिमाग में एक लफ्ज़ उभरता है और वो है "श्राप" सुलतान अपना सर पीट लेता है....

रहना इमरान के साथ बीती बातें करने लगती है.... जिसे देख रुखसाना उसे हिला के कहती है...

रुखसाना : आप शायद भूल रही हैं याद कीजिये हम अभी कहाँ जा रहे थे...?

रुखसाना की बात सुन के रहना को रूही की कही हुई बातें याद आने लगती है और वो इमरान से बाद में मिलने का कह के सामने वाले घर की तरफ चल देती है....

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***************************************

सुलतान मन में : प्लीज ऊपर वाले अब बस बहुत हो गया.... ये लोग नहीं.... पहले hi क्या काम आफत है जो ये दोनों भी....

तभी उसे जस्मिने की आवाज़ सुनाई देती है....

जस्मिने : सुलतान.... किस्मत के लिखे को कोई नहीं बदल सकता... आप भी नहीं....

सुलतान : मगर ये सब क्यों....? ऐसा क्या गुनाह किया था मैंने जो मेरे साथ ये हो रहा है.... ऐसा लग रहा है जैसे की वो श्राप मेरे खानदान के लोगों के बजाये मुझे दिया गया है.... मेरे हर रिश्ते के मायने बदल गए हैं.... कोई साफ़ सुथरा रिश्ता बाकी नहीं रह गया है... बस कुछ है तो वो रिश्ता है चुदाई का.... ये मैं कहाँ फस गया इस से तो अच्छा होता मैं यहाँ आता hi नहीं.... न मैं यहाँ आता और न ये सब होता.... (रहना और रुखसाना की तरफ देख के) इन दोनों को मैंने माँ माना है और तो और ये मेरी जान रूही की माँ और चची हैं मैं इसके साथ कैसे....? नहीं नहीं इस से पहली की श्राप की वजह से मैं वो करूँ मैं यहाँ से चला जाऊँगा....

जस्मिने : सुलतान आप छह के भी इस सब से दूर नहीं भाग सकते हैं.... जो आपकी किस्मत में लिखा है वो हो के रहेगा... इस लिए परेशान होने के बजाये वो कीजिये जो आप को इस वक़्त करना चाहिए....

सुलतान गुस्से में : क्या करना चाहिए....? बताओ मुझे....

जस्मिने : पहले तो आप अपने गुस्से को शांत कीजिये और ठन्डे दिमाग से मेरी बात सुनिए....

सुलतान बड़ी मुश्किल से खुद को शांत करता है....

जस्मिने : अब सुनिए.... सब से पहले आप को सोना को अपने सच्चे प्यार का यकीन दिला के उसके साथ सेक्स करना होगा.... तब hi जा के आपको आप का लॉकेट मिल सकता है....

सुलतान : किस सच्चे प्यार की बात कर रही हो जज तुम... उसकी जो मर चूका है.... उस प्यार को सोना ने खुद अपने हाथों से मार दिया.... अब उसका वापिस लौटना नामुमकिन है....

जस्मिने : माना की सोना ने आपके साथ जो किया वो बोहोत गलत था..... उसकी हरकतों पे मुझे भी गुस्सा आया दिल की उसे जान से मार दूँ... मगर सिर्फ आप की वजह से मैंने खुद को रोक लिया जानते हैं क्यों....? क्यों की सोना को तकलीफ पहुँचाने का मतलब है सुलतान को तकलीफ पहुँचाना.... भले hi इस वक़्त आप सोना से नाराज़ हैं मगर आज भी सोना के मुँह से निकली एक हलकी सी आह भी आपके दिल को तड़पा देती है... आप उसकी तकलीफ को दूर करने को बेचैन हो जाते हैं.... जब तक आप सोना की तकलीफ को दूर नहीं कर देते आप को चैन नहीं आता.... इसलिए कल कॉलेज में आप ने उन लड़कों को मारा जो सोना के साथ बदतमीज़ी कर रहे थे....

सुलतान : नहीं ऐसा बिलकुल नहीं है....

जस्मिने : अच्छा अगर ऐसा नहीं है तो फिर साबित कीजिये की मैं गलत हूँ और आप सही.... सोना अंडर कॉलेज जाने के लिए तैयार हो रही है.... अंडर जा के उसपे अपना सारा गुस्सा निकाल दीजिये.... थप्पड़ मार मार के उसके गाल लाल कर दीजिये.... लोहे के गरम चिमटे से उसकी पीठ ठीक वैसे hi जलाइए जैसे उसने बचपन में आपकी पीठ जलाई थी....

जस्मिने की बात सुन के सुलतान खामोश हो जाता है.... वो न hi कुछ कह रहा है और न hi कुछ कर रहा है....

जस्मिने : क्या हुआ सुलतान जाइये न.... सोना को मार के ये साबित करिये की आप उस से सच्चा प्यार नहीं बल्कि नफरत करते हैं... ज़्यादा नहीं बस उसे एक थप्पड़ मार के दिखाइए... मैं ये मान लुंगी की आप उस से नफरत करते हैं....

सुलतान : तुम देखना चाहती हो न तो ठीक है... अभी दिखता हूँ मैं तुम्हे....

ये कह के सुलतान सोना के घर की तरफ बढ़ जाता है वो जैसे hi गेट के पास पहुँचता है सोना कॉलेज की लिए निकल रही होती है.... सुल्तान को अचानक से वहां देख रुक जाती है... इस से पहले की वो कुछ कह पाती सुलतान गुस्से में उसे थप्पड़ मारने के लिए अपना हाथ उठता है... फिर जाने कुछ सोच के उसे थप्पड़ मारने के बजाये उसका हाथ पकड़ के उसे ले जा के अपनी कार में बैठा देता है और कार को स्पीड से ले के निकल जाता है.... सोना चुप चाप कार में बैठी बस सुलतान को hi देखे जा रही है.... सुलतान कार को शहर से दूर ले जा के एक जगह रोकता है... फिर गुस्से में सोना को कार से बहार निकालता है... जाने कैसे कार के दरवाज़े के किनारे लगे पटरे के नुकीले हिस्से से सोना की हथेली कट जाती है और उसमे से खून निकलने लगता है... दर्द के मारे सोना के मुँह से चीख निकल जाती है....

सोना : अअअअअअअगगगगगठ्ठ....

सोना की चीख सुन के सुलतान का गुस्सा जैसे हवा हो जाता है वो फ़ौरन उसके करीब जाता है..... सोना के हाथ से बहते खून को देख उसे बेहद गुस्सा आने लगता है... वो फ़ौरन सोना के हाथ को थाम लेता है और अपने जेब से रुमाल निकाल के उसके हाथ में कास के बांध देता है.... फिर बेहद गुस्से से कहता है....

प्रिंस : क्यों किया तुम ने ऐसा kyuuuuuuuuuuunnn.....? बताओ मुझे.... तुम्हे पता है न की तुम्हारी ज़रा सी भी तकलीफ मुझे तड़पा देती है.... फिर भी तुम ने ऐसा किया.... देखो गुजर से देखो कितना खून निकल रहा है....

सुलतान की बात सुन के साथ hi उसे खुद के लिए इतना परेशान देख के सोना को बेहद हैरानी हो टी है.... इस से पहले की वो कुछ कहती....

सुलतान : अब यहाँ कड़ी कड़ी क्या कर रही हो.... जल्दी से कार में बैठो.... हम को जल्द से जल्द हॉस्पिटल जाना होगा....

ये कह के सुलतान किसी को मश्ग कर के सोना को कार में बैठा देता है और फुल स्पीड से हॉस्पिटल की तरफ बढ़ जाता है.... हॉस्पिटल पहुँच के वो सोना को साथ ले के अंडर जाता है....

अपने लिए सुलतान को इतना परेशान देख सोना की आँखों से आंसू बहने लगते हैं... वो रोने लगती है....

सुलतान से सोना का रोना देखा नहीं जाता.... वो आगे बढ़ के उसके आंसू पोछना चाहता है मगर जैसे hi वो उसकी आँखों से बहते आंसू पूछने के लिए अपने हाथ आगे बढ़ता है.... उसे बीती बातें याद आने लगती हैं और वो अपना हाथ पीछे खींच लेता है.... तभी वहां डॉ आ जाता है.....

डॉ : ये क्या हुआ...? कैसे हुआ....? कब हुआ...?

अभी डॉ ने इतना hi कहा था की तभी... सुलतान बेहद गुस्से में उसपे चीखता है....

सुलतान : डॉ सवाल जवाब बाद में करना पहले इस का इलाज करो..... जल्दी.... देख नहीं रहे कितना खून निकल रहा है....

डॉ : इनका घाव बेहद गहरा है... टाँके लगाने पड़ेंगे....

सुलतान गुस्से में : तो लगाओ न टाँके किसका इंतज़ार कर रहे हो.... मगर हाँ याद रहे सोना को ज़रा सी भी तकलीफ नहीं होनी चाहिए....

सुलतान को गुस्से में देख डॉ फ़ौरन सोना का इलाज करने लगता है.... जैसे hi डॉ सोना को पहला टांका लगता है.... दर्द के मारे सोना के मुँह से चीख निकल जाती है.....

अअअअअगगगगठ्हहह....

सोना की चीख सुन के सुलतान परेशान हो जाता है... उसका दिल तड़प उठता है... और वो गुस्से में खींच के एक झन्नाटेदार थप्पड़ डॉ के गाल पे रसीद करता है....

Chataaaaaaaaaaaak....

डॉ उस थप्पड़ को झेल नहीं पाटा वो उड़ता हुआ दूर जा गिरता है....

सुलतान की हरकत पे डॉ के साथ साथ सोना को भी बेहद हैरानी होती है....

सुलतान गुस्से में : मैंने कहा था इसे ज़रा सी भी तकलीफ नहीं होनी चाहिए....

डॉ डरते हुए अपने गाल सेहला के कहता है...

डॉ : टाँके लगेंगे तो दर्द तो होगा hi न....

सुलतान : वो मैं नहीं जानता... मैं बस इतना जानता हूँ की सोना को मैं दर्द में नहीं देख सकता.... उसकी ज़रा सी भी तकलीफ तड़पा देती है मुझे.... जो इसे दर्द देगा मैं उसकी जान ले लूंगा... चल अब जल्दी से सोना का इलाज कर.... मगर याद रहे इसे ज़रा सी भी तकलीफ नहीं होनी चाहिए....

सुलतान की बात सुन के डॉ की पहात के हाथ में आ जाती है..... उसे समझ में नहीं आ रहा है की आखिर वो करे तो क्या करे....?

तभी किसी की आवाज़ सुन के सब पलट के उसकी तरफ देखते हैं.... मैक्स जो बहार खड़े सब देख और सुन रहा था वो अंडर जा के सुलतान से कहता है....

मैक्स : यार तू यहाँ खड़ा रहेगा तो डॉ इलाज कैसे करेगा....? तू बहार चल और यहाँ डॉ को अपना काम करने दे...

सुलतान : मगर सोना....

मैक्स : डॉ है न.... तू चल बहार....

मैक्स की बात सुन के सुलतान सोना के हाथ की तरफ देखता है फिर उसके चेहरे की तरफ.... सोना को सुलतान के चेहरे पे दर्द साफ़ नज़र आता है वो दर्द जो उसे हो रहा जिसे महसूस कर के सुलतान का दिल तड़प रहा है....

सुलतान पलट के बेहद गुस्से में डॉ की तरफ देख के कहता है.... मैं बहार जा रहा हूँ इस ये मतलब नहीं की मैं यहाँ नहीं हूँ तो तू कुछ भी करेगा.... मेरी बात कान खोल के सुन ले इलाज के वक़्त सोनो को अगर ज़रा सा भी दर्द हुआ या फिर उसकी हलकी सी भी आवाज़ आयी.... तो फिर मैं तेरा क्या हाल करूँगा ये मैं खुद नहीं जानता.... पहले तुझे मारूंगा फिर तेरे इस हॉस्पिटल का नामोनिशान तक मिटा दूंगा....

मैक्स : यार बस भी कर ऐसा न हो तेरी धमकी सुन के दर के मारे डॉ को हार्ट अटैक आ जाए... फिर तेरी सोना का इलाज कौन करेगा....?

मैक्स के मुँह से तेरी सोना सुन के सोना हैरत से मैक्स की तरफ देखती है.... मैक्स सुलतान को ले के बहार आ जाता है... इधर डॉ डरते डरते सोना के पास जाता है और उसके हाथ पे दूसरा टांका लगता है.... अब ताका लगेगा तो दर्द तो होगा hi.... सोना ने बोहोत कोशिश की की वो दर्द को दबा के अपने मुँह से चीख निकलने से रोक ले मगर वो नाकाम रही.... उसके मुँह से चीख निकली hi थी की....

अअअअअअअअअगह्ह्हह्ह्ह्ह....

अचानक hi बिजली की स्पीड से रूम में आता है और बेहद गुस्से में जैम के डॉ की धुलाई करने लगता है....

सुलतान : साले कमीने एक बात तेरी समझ में नहीं आती.... मैंने कहा था सोना को ज़रा भी दर्द नहीं होना चाहिए... मेरे समझने के बाद भी तू ने उसे दर्द दिया अब देख मैं तेरे साथ साथ इस हॉस्पिटल का क्या करता हूँ....

मैक्स सुलतान को रोकने की बोहोत कोशिश करता है मगर सुलतान है की रुकने को तैयार hi नहीं वो जैम के डॉ की धुलाई करने में लगा हुआ है...

मैक्स : सोना कुछ करो.... अगर स्तन को रोका न गया तो वो गुस्से में डॉ की जान ले लेगा साथ hi इस हॉस्पिटल को भी तबाह कर देगा.... अब सिर्फ तुम hi सुलतान को रोक सकती हो....

सोना : मैं... मगर कैसे....?

फिर कुछ सोच के सोना चीखती है...

अअअअअगगगगठ्हहह...

सोना की चीख सुनते hi सुलतान के हाथ रुक जाते हैं वो डॉ को चोर के पलट के सोना की तरफ देखता है.... सोना के चेहरे पे दर्द और आँखों में आंसू देख सुलतान का दिल तड़प जाता है वो फ़ौरन दौर के सोना के पास जाता है और उसके आंसू पॉच के कहता है....

सुलतान : बोहोत दर्द हो रहा है क्या....? फिर अपने सर पे मार के कहता है... तू भी न सुलतान एक नंबर का उल्लू है चोट लगी है तो दर्द तो होगा hi न.... बस कुछ देर बस फिर तुम्हे ज़रा सा भी दर्द नहीं होगा... देखो कैसे मैं तुम्हारा दर्द ठीक करता हूँ.... फिर सोना का हाथ बेहद संभाल के अपने हाथ में ले के उसपे प्यार से फूँक मारने लगता है....

एक्चुअली सुलतान अपनी पावर्स का इस्तेमाल कर के सोना के हाथ में हो रहे दर्द को काम करने लगता है.... देखते hi देखते सोना का दर्द गायब हो जाता है....

मैक्स : अबे यार ये तू ने क्या किया... डॉ को इतना मारा की डॉ बेहोश हो गया अब तेरी सोना का इलाज कौन करेगा....? बता मुझे....

सुलतान : मैं अभी ज़िंदा हूँ.... मेरे रहते सोना को किसी और की ज़रुरत नहीं इसका इलाज मैं खुद करूँगा....

फिर सुलतान खुद बेहद धीरे धीरे सोना के हाथ में टाँके लगाने लगता है... हर टाँके पे सुलतान के मुँह से दर्द भरी आह साथ में आँखों से आंसू की बूँद टपक जाती है.... सुलतान ने अपनी पावर्स से सोना के हाथ का दर्द तो गायब कर दिया मगर उसे खुद उस दर्द को महसूस कर रहा है.... सोना को एक खरोच भी आ जाए तो सुलतान से बर्दाश्त नहीं होता है वही सुलतान खुद सोना के हाथ में सूई चुभो रहा है.... भले hi ये काम वो सोना का इलाज करने के लिए कर रहा है... मगर फिर भी सोना को सूई चुभने वाले हाथ खुद उसके हैं.... इस बात से उसका दिल तड़प रहा है उसकी आँखों से आंसू बह रहे हैं.... जल्द hi वो पूरे टाँके लगा की पट्टी कर देता है..... सुलतान की आँखों से बहते आंसू देख के सोना का दिल तड़प जाता है... वो सुलतान के आंसू पोछना चाहती है मगर वो छह के भी ऐसा कर नहीं पा रही है.... एक ततफ तो अपने लिए सुलतान को इतना फ़िक्र करते देख उसे बेहद ख़ुशी हो रही है वहीँ दूसरी तरफ उसे इस बात का दुःख भी है की पहले की तरह आज भी सुलतान की आँखों में आये आंसू की ज़िम्मेदार वो खुद है.... वो ये अच्छे से समझ गयी है की सुलतान आज भी उस से नफरत नहीं बल्कि बेइन्तेहाँ प्यार करता है..... सच्चा प्यार.... बस इस वक़्त वो उस से थोड़ा... नहीं थोड़ा नहीं बल्कि बोहोत नाराज़ है.... चाहे जो हो जाए अब वो सुलतान की नाराज़गी दूर कर के उसका सच्चा प्यार पा के रहेगी....

सोना अभी ये सोच hi रही होती है की तभी वहां कोई आ जाता है.... जिसकी आवाज़ सुन के सोना के चेहरा उतर जाता है....

ये और कोई नहीं बल्कि ज़रा है....

ज़रा : सुलतान तू ने मुझे यहाँ हॉस्पिटल में क्यों बुलाया है... तेरी तबीयत तो ठीक है न.....

ज़रा की आवाज़ सुन के सुलतान फ़ौरन उस से छुपा के अपने आंसू पॉच के पलट के कहता है....

सुलतान : हाँ मैं ठीक हूँ....

ज़रा आगे बढ़ के सुलतान के सीने से लिपट जाती है.... ये देख सोना का दिल जल उठता है.... उसकी आँखें नाम हो जाती हैं..... अपने प्यार को किसी और की बाहों में देख उस से बर्दाश्त नहीं होता..... मगर वो छह के भी कुछ कर नहीं पाती... अपनी जान को अपने प्यार को उसने खुद अपने हाथों से खुद से दूर कर दिया है.... इतना दूर की उसे वापिस पाना अब नामुमकिन सा हो गया है..... अब आंसू बहाने के सिवाए उसके पास और कोई चारा नहीं है....

ज़रा की नज़र जैसे hi सोना पे पड़ती है.... गुस्से से उसका चेहरा लाल हो जाता है....

ज़रा : कमीनी तू यहाँ क्या कर रही है....? कहीं ऐसा तो नहीं की तू सुलतान को फिर से तकलीफ पहुँचाने यहाँ चली आयी.... अगर ये सच है तो आज मैं तुझे छोड़ूंगी नहीं... तेरी वो हालत करुँगी की तू दोबारा ऐसा करना तो दूर इस बारे में सपने में भी सोच के दर जायेगी.....

ये कह के ज़रा गुस्से में सोना को मारने के लिए आगे बढ़ती है... मगर सुलतान उसे रोक लेता है.... मगर ज़रा है की न hi कुछ सुनने को तैयार है और न hi उसका गुस्सा काम हो रहा है.... वो सुलतान से खुद को छुड़ा के सोना के ऊपर कोड के बेहद गुस्से में उसे मारने लगती है.... सुलतान फ़ौरन आगे बढ़ के उसे सोना से अलग करता है..... मगर ज़रा है की न तो वो प्रिंस की बात सुन रही है और न hi रुक रही है... गुस्से में पागल बानी वो सोना को मारने में लगी हुई है.... सुलतान उसे समझने की बहुत कोशिश करता है... मगर वो कुछ सुनने को तैयार hi नहीं.... सोना भी चुप चाप बस ज़रा से मार खा रही है.... न hi वो उसे कुछ कह रही है और न hi रोक रही है....

सोना : हाँ ज़रा मारो मुझे.... मैंने काम hi ऐसा किया है..... मारो मुझे... मेरे किये की यही सजा है की मुझे मारा जाए... मैंने गलती नहीं बल्कि गुनाह किया है.... अपनी जान को बेइन्तेहाँ दर्द देने का गुनाह.....

जब सुलतान ज़रा को नहीं रोक पाटा तब वो कास के उसे अपनी बाहों में समेत लेता है और उसके होंठों को अपने मुँह में ले के चूसने लगता है.... ये देख सोना का दिल तड़प जाता है.... अपनी जान को किसी और लड़की को किश करते देख उस से बर्दाश्त नहीं होता.... उसकी आँखों से hi नहीं बल्कि दिल से भी आंसू बहने लगते हैं.... वो बेबस तड़पते दिल के साथ अपनी जान को किसी और का होते हुए देखती रहती है.....

धीरे धीरे ज़रा का गुस्सा शांत हो जाता है..... फिर इस से पहले की कोई कुछ कहे सुलतान मुद के सोना की तरफ देखता है....

सुलतान : वादा है मेरा तुमसे.... जब तक मैं ज़िंदा हूँ.... मैं तुम्हे कुछ नहीं होने दूंगा.... तुम्हे ज़िंदा रहना होगा.... टिल टिल मरने के लिए.... जो मैंने सहा है वो सब सहने के लिए.... हर रोज़ एक नयी मौत मरने के लिए.... मौत से भी बत्तर ज़िन्दगी जो मैंने जी है.... ठीक वैसी hi ज़िन्दगी अब तुम्हे जीनी है.... तुम्हे वो सब सहना होगा जो मैंने सहा है.... ताकि तुम्हे और तुम जैसे उन लोगों को जो प्यार के नाम पे लोगों के दिल के साथ खेलते हैं.... उन्हें धोका देते हैं.... यहाँ तक की उनकी जान लेने से भी बाज़ नहीं आते.... उन सब को ये सबक मिल सके और आगे से कोई प्यार के नाम पे किसी को धोका न दे सके.... जीना होगा तुम्हे.... मैं तुम्हे कुछ नहीं होने दूंगा..... ज़िंदा रखूँगा मैं तुम्हे..... अब से हर लम्हा तुम मेरे साथ रहोगी.... मेरे साथ रह के भी तुम मेरा साथ नहीं पा सकोगी.... मैं तुम्हारी ज़िन्दगी जहन्नुम बना दूंगा.....

ये कह के वो सोना का हाथ पकड़ के उसे घसीट ते हुए बहार लाता है...

सुलतान को और उसकी हरकत को देख सोना को बड़ी हैरानी सी होती है.... वो उस से कुछ पूछने hi वाली होती है की तभी सुलतान ज़रा को अपने करीब ला के उसकी कमर में हाथ दाल के प्यार से कहता है....

सुलतान : चले जान अपनी प्यार भरी दुनिया में....

सुलतान की बात सुन के ज़रा मुस्कुराते हुए हाँ में सर हिला देती है....

सुलतान : That's माय लव....

ये कह के सुलतान ज़रा को अपने सीने से लगा के उसके होंठों को चूम लेता है.... फिर आगे बढ़ जाता है....

सुलतान की ये हरकत न ज़रा को समझ में आ रही है न hi सोना को...

सुलतान ने एक हाथ से ज़रा को अपनी बाहों में समेटा हुआ है तो दूसरे हाथ से सोना का हाथ पकड़ा हुआ है.... वो दोनों को साथ ले के बहार की तरफ जा रहा है.... ज़रा सुलतान की बाहों से लिपटी उसके साथ चल रही है.... वहीँ सोना अपनी किस्मत पे रट हुए सुलतान के पीछे पीछे चल रही है.....

सोना को कार की बैक सीट पे बैठा के सुलतान ज़रा को अपने साथ ले के आगे बैठ जाता है.... सोना को जलने के लिए वो ज़रा से हंस हंस के प्यार भरी बातें करने लगता है.... बीच बीच में वो ज़रा को किश भी कर रहा है....

सुलतान की हरकतों को देख सोना का दिल रो रहा है..... उस से बर्दाश्त नहीं हो रहा.... वो रोये जा रही है.... साथ hi खुद को कोस भी रही है.... अपनी जान सुलतान को गलत समझ के उसके साथ वहशियाना सलूक किया यहाँ तक की उसकी जान लेने की कोशिश करके जो गलती.... नहीं गलती नहीं बल्कि उसने तो गुनाह किया है.... उस गुनाह की यही सजा है....

कुछ देर बाद सुलतान एक जगह पे कार रोकता है फिर कार से दूर जा के मैक्स और ज़रा से शाइना के साथ साथ अपनी टीम की भी ट्रेनिंग आज से शुरू करवाने का कह के वापिस कार में आ के बैठ जाता है और अपने घर की तरफ चल देता है.... कार की पिछली सीट पे सोना ख़ामोशी से बस रोये जा रही है..... कुछ देर में कार उन के घर पास जा के रूकती है.....

सुलतान कार से बहार निकलता है.... और पिछले गेट को नॉक कर के कहता है....

सुलतान : ये मगरमछ के आंसू बहाना बंद करो और बाहर आओ.....

सुलतान की बात सुन के सोना अपने आंसू पॉच के उदास मन से बाहर आती है....

सुलतान घर की तरफ चल देता है.... सोना भी उदास मन से उस के पीछे पीछे चल देती है....

रूही के साथ साथ कोमल ऑफिस जा चुकी है.... नेमत टीम को ट्रैन करने के लिए सुलतान के स्पेशल दें में जा चुकी है.... शीना अपने घर में है और शनाया कॉलेज में घर पे बस कोई है तो वो है कुसुम....

घर में घुसते hi कुसुम जो बड़ी बेसब्री से सुलतान के आने का इंतज़ार कर रही थी..... वो भागते हुए आती है और सुलतान के सीने से लिपट जाती है....

कुसुम को सुलतान के सीने से लिपटे देख एक बार फिर से सोना का दिल तड़प जाता है....

सोना (मन में) : हे ऊपर वाले ये मैंने क्या कर दिया.....? ये कैसा गुनाह हो गया मुझसे जिसकी मुझे इतनी बड़ी सजा मिल रही है.... जो सुलतान कभी मेरा था.... मेरे सिवाए किसी और को देखना तो दूर वो किसी के बारे में सोचता तक नहीं था.... सिर्फ और सिर्फ मुझसे प्यार करता था.... बेइन्तेहाँ प्यार.... और आज वो मुझे चोर के जाने कितनी hi लड़कियों से प्यार करने लगा है.... एक वक़्त था जब मेरी हलकी सी भी तकलीफ से परेशान हो जाता था... और आज उसे मेरा रोना.... मेरी तड़प.... मेरे दिल का दर्द.... कुछ भी तो नज़र नहीं आ रहा है.... जिसे मेरी ज़रा सी भी तकलीफ गवारा न थी.... वो आज खुद मुझे तकलीफ देने पे आमादा है.... मुझे तकलीफ दे के उसे ख़ुशी मिल रही है.... या खुदा ये मैंने क्या कर दिया....? अपनी जान सुलतान के साथ भी और अपने साथ भी....

ये सोच के सोना रोने लगती है.... उसकी आँखों से hi नहीं बल्कि उसके दिल से भी आंसू बहने लगते हैं.... तभी कुसुम की नज़र सोना पे पड़ती है....

कुसुम : सुलतान ये कौन है....? और ये रो क्यों रही है....?

इस से पहले की सोना कुछ कहती....

सुलतान सोना की तरफ गुस्से से देख के कहता है....

सुलतान : ये मेरे सो कॉल्ड चाचा की बेहद शरीफ बेटी है.... आज से हमारे घर का सारा काम ये hi करेगी....

कुसुम : ये तुम्हारे चाचा की बेटी होक यहाँ हमारे घर में नौकरानी की तरह घर का सारा काम करेगी बात कुछ समझ नहीं आयी.....?

सुलतान : जी हाँ वो बात ऐसी है की इसमें एक बोहोत बुरी आदत है इसे अच्छे और शरीफ लोग पसंद नहीं ये उन्हें शैतान कह के बुलाती है.... साथ hi उनपे वहशियाना सलूक करना इसकी आदत है.... उसे सुधारने के लिए और इसे एक अच्छा इंसान बनाने के लिए मैं इसे यहाँ लाया हूँ....

कुसुम : वो तो ठीक है मगर फिर भी जान तुम्हारे चाचा की लड़की हमारे घर में नौकरानी की तरह काम करे अच्छा लगेगा क्या...? वैसे भी देखने में ये कितनी मासूम और प्यारी है....

प्रिंस : वो hi एक तरीका है इसे सुधारने का.... और रही बात इसकी तो देखने भी भले hi बेहद मासूम खूबसूरत और प्यारी लगती है मगर ये उतनी hi खतरनाक भी है.... आज से 10 साल पहले इसने अपनी बहनो और बाकी के रिश्तेदारों के साथ मिल के एक मासूम बच्चे को ज़बरदस्ती शैतान बता के उसकी जान ले ली... इसने उसके दिल पे ऐसा वार किया की वो जीते जी मर गया.... फिर उसकी ज़िंदा लाश को चाट से नीचे फ़ेंक दिया जब उस से भी इसका दिल नहीं भरा तो इसके फूल का बड़ा सा गमला उसके सर पे गिरा के उसकी जान ले ली....

कुसुम शॉकेड : क्या कहा इस ने एक मासूम बच्चे की जान ले ली वो भी तब जब ये खुद ****** साल की बच्ची थी....!!!

सुलतान : हाँ.... इसने वार hi ऐसा किया था की उस मासूम के दिल के साथ साथ उसकी रूह भी ज़ख़्मी हो गयी और वो मर गया.... सबूत न होने की वजह से उस जुर्म में इसे सजा नहीं हुई...

सुलतान के मुँह से मरने की बात सुन के सोना का दिल रोने लगता hai....uske दिल से खून के आंसू बहने लगते हैं.... वो तड़प जाती है.... और रोने लगती है.....

सोना का रोना कुसुम से देखा नहीं जाता.... वो आगे बढ़ के उसे चुप करने जाती है... मगर सुलतान उसे रोक देता है...

सुलतान : कुसुम क्या कर रही हो.....? ये नौकर है.... और नौकरों के पास नहीं जाते... नहीं तो वो सर पे बैठ के नाचने लगते हैं....

कुसुम : ये कैसी बात कर रहे हो सुलतान तुम.... नौकर हुई तो क्या हुआ.... आखिर ये भी तो हमारी hi तरह इंसान hi है न.... और वैसे भी ये तुम्हारे चाचा की बेटी भी तो है.... तो इस रिश्ते से ये मेरी ननद हुई....

सुलतान गुस्से में : न चाहते हुए भी हाँ.... मगर साथ hi ये एक खुनी भी... जिसने बड़ी बेदर्दी से किसी के दिल पे वार करके उसका खून किया है.... और मैं नहीं चाहता की तुम एक खुनी के पास जाओ.... क्या पता ये तुम्हारे साथ कुछ उल्टा सीधा कर बैठे.... न बाबा न... मैं रिस्क नहीं ले सकता.... तुमको ले के तो बिलकुल भी नहीं....

कुसुम : अगर ये इतनी hi खतरनाक है तो फिर तुम इसे यहाँ लाये hi क्यों....?

सुलतान : वो क्या है की.... ये लोग पूरी तरह से बर्बाद हो चुके हैं... इनकी दर दर की ठोकर खाने की नौबत आ गयी है.... वैसे आना तो नहीं चाहिए मगर फिर भी मुझे इस पे तरस आ गया और मैं इसे यहाँ ले आया.... वो क्या है की मैं तो दुश्मन को भी तकलीफ में नहीं देख सकता.... ये तो फिर भी मेरे सो कॉल्ड चाचा की बेटी है.... अब से ये यहीं रहेगी और हमारे घर का सारा काम करेगी.... मगर हाँ तुम इस से ज़रा दूर hi रहना....

कुसुम : वो तो ठीक है... लेकिन अगर इस ने किसी दिन गुस्से में आके घर में किसी पे या फिर तुम पे हुम्ला कर दिया तो....?

सुलतान की बातें वैसे hi सोना के दिल पे गहरी चोट कर रही थी.... ये क्या काम था जो कुसुम ने ये कह दिया की सोना कहीं गुस्से में आ के सुलतान पे hi न हुम्ला कर दे.... इस बात के सुनते hi बीती साड़ी बातें.... हर एक लम्हा सोना की आँखों के सामने घूमने लगा... की कैसे उसने सुलतान को शैतान कह के बेइन्तेहाँ दर्द दिया... उसे खून के आंसू रोने पे मजबूर कर दिया... उस के साथ ऐसा सलूक किया जिसे करने में एक बार के लिए शैतान का दिल भी देहल जाए.... यहाँ तक की सुलतान की जान तक लेने की कोशिश की... इस बात से सोना का कलेजा फटने लगता है और वो घुटनो के बल ज़मीन पे बैठ के रोने लगती है.... साथ hi हाथ जोड़ के अपने किये की माफ़ी मांगने लगती है.....

सोना बेतहाशा रट हुए : मैंने जो भी किया उसके लिए प्लीज मुझे माफ़ कर दो.... मैं हाथ जोड़ के माफ़ी मांगती हूँ..... प्लीज मुझे माफ़ कर दो.... ी ऍम सॉरी.... प्लीज मुझे खुनी मत कहो... प्लीज... ी ऍम सॉरी... वो मैंने जान के नहीं किया....

ये कह के सोना पागलों की तरह रोने लगती है....

इस से पहले की कुसुम और कुछ कहे.... या बात और आगे बढे.... सुलतान फ़ौरन बात को संभाल लेता है....

सुलतान : अच्छा अच्छा ठीक है.... अपना रोना बंद करो और वो सामने तुम्हारा रूम है तुम वहां जा के आराम करो....

ये कह के सुलतान सोना का हाथ पकड़ के उसे उठता है और सामने वाले रूम में ले जाता है.....

सुलतान : अपने ये मगरमछ के आंसू बहाना बंद करो.... मैं नहीं चाहता की कुसुम को कुछ भी पता चले..... वो तुम्हारी तरह नहीं है.... वो मुझे दिल से चाहती है.... अपनी जान समझती है.... वो मासूम है.... उसे तुम्हारी तरह धोका देना नहीं आता.... मगर हाँ उसे ज़रा की तरह गुस्से बहुत आता है..... तुम जानती नहीं हो उसे अगर उसे पता चला की तुमने मेरे साथ क्या किया है....? तो वो गुस्से में जाने तुम्हारा क्या हाल करे....? हो सकता है की वो तुम्हारी जान ले ले.... जो की मैं नहीं चाहता.... मैं नहीं चाहता की वो तो क्या कोई भी तुम्हे जान से मारे.... मैं तुम्हे ज़िंदा रखना चाहता.... ताकि तुम वो सब सहो जो मैंने सहा है.... अब से तुम ज़िन्दगी भर मेरे साथ रहोगी.... और वो सब सहोगी जो मैंने सहा है.... घबराओ नहीं जल्द hi तुम्हे इस सब की आदत पद जायेगी.... जैसे मुझे पद गयी थी.... कुछ नहीं भूला हूँ मैं.... मुझे आज भी 10 साल पहले का हर एक पल हर एक लम्हा याद है.... किस तरह तुमने एक मासूम बच्चे से उसके माँ बाप को चीन लिया किस तरह रोज़ाना हर पल हर लम्हा उसे बेइन्तेहाँ दर्द दिया.... मेरी ज़िन्दगी के वो साल जो मैंने तुम्हारे और तुम्हारी सो कॉल्ड परिवार वालों की वजह से घुट घुट के सिसक सिसक के गुज़ारे हैं..... जाने कितनी मौत मारा हूँ मैं उन सालों में..... जो सलूक तुम सब ने मेरे साथ किया है.... ठीक वैसा hi सलूक मैं अब तुम सब के साथ करूँगा..... तुम सब की ज़िन्दगी को मौत से भी बत्तर बना दूंगा.... तुम लोग मौत को तड़पोगे... मगर तुम्हे मौत नहीं आएगी.... मैं तुम लोगों को मरने नहीं दूंगा.... तुम सब को ज़िंदा रहना होगा मेरी नफरत सहने के लिए....

ये कह सुलतान उसे बीएड पे धकेल देता है और मुद के वहां से चला जाता है....

सुलतान की बातें तलवार बन के सोना के दिल को चीयर रही है.... सोना से बर्दाश्त नहीं होता.... उसे सदमा सा लगता और वो बेहोश हो जाती है....

काफी देर बाद जब उसे होश आता है.... तो किसी को सामने देख के वो बुरी तरह से चौंक जाती है....????

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चलिए चल के पता करते हैं की रहना और रुकसाना जो सच जान ने के बाद गुस्से में सोना के घर में सब की बंद बजने गयी थी उन्होंने क्या किया....?

साथ hi ये की डी ठाकुर को जो 150 लडकियां बहार सप्लाई करनी थी जिसे खान की टीम के साथ सुलतान ने बचा के हिफाज़त से साथ उनको उनके घर पहुंचा दिया... अब डी ठाकुर क्या करेगा....???? क्या वो फिर से उन 150 लड़कियों को किडनैप करेगा....???? या फिर वो कुछ और करेगा....? क्या होगा अब उसका अगला कदम....?

जब अगले अपडेट में कुसुम और सुलतान को एक दूसरे की असलियत पता चलेगी तब क्या होगा....? क्या वो दोनों अलग हो जाएंगे... या फिर सब कुछ भूल के एक दूसरे को माफ़ कर देंगे....? और जब सोना का सच कुसुम के सामने आएगा तब क्या होगा कुसुम का रिएक्शन....?

क्या सोना को घर वाले सोना को सुलतान के घर में नौकरानी की तरह काम करते हुए देख के खामोश रहेंगे या फिर वो कुछ ऐसा करेंगे जो सुलतान को उनसे और भी ज़्यादा दूर ले जाएगा....?

क्या होगा आगे जान ने के लिए साथ बने रहिये....?

और अगर किसी को कोई सुग्गेस्टियन्स देने है तो वो शौक से दे सकता है....



(वर्ड काउंट 5656)
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....



अपडेट 167....

सुलतान : मुझे आज भी 10 साल पहले का हर एक पल हर एक लम्हा याद है.... किस तरह तुमने एक मासूम बच्चे से उसके माँ बाप को चीन लिया किस तरह रोज़ाना हर पल हर लम्हा उसे बेइन्तेहाँ दर्द दिया.... मेरी ज़िन्दगी के वो साल जो मैंने तुम्हारे और तुम्हारी सो कॉल्ड परिवार वालों की वजह से घुट घुट के सिसक सिसक के गुज़ारे हैं..... जाने कितनी मौत मारा हूँ मैं उन सालों में..... जो सलूक तुम सब ने मेरे साथ किया है.... ठीक वैसा hi सलूक मैं अब तुम सब के साथ करूँगा..... तुम सब की ज़िन्दगी को मौत से भी बत्तर बना दूंगा.... तुम लोग मौत को तड़पोगे... मगर तुम्हे मौत नहीं आएगी.... मैं तुम लोगों को मरने नहीं दूंगा.... तुम सब को ज़िंदा रहना होगा मेरी नफरत सहने के लिए....

ये कह सुलतान उसे बीएड पे धकेल देता है और मुद के वहां से चला जाता है....

सुलतान की बातें तलवार बन के सोना के दिल को चीयर रही है.... सोना से बर्दाश्त नहीं होता.... उसे सदमा सा लगता और वो बेहोश हो जाती है....

काफी देर बाद जब उसे होश आता है.... तो किसी को सामने देख के वो बुरी तरह से चौंक जाती है....????

अब आगे....

ये और कोई नहीं बल्कि सुलतान है....

सुलतान : तो मैडम जी को होश आ गया....

सोना बस ख़ामोशी से सुलतान को देख रही है....

सुलतान : क्या बात है आज सोना मैडम बड़ी खामोश हैं....? आज सोना मैडम को कुछ नहीं कहना क्या....? पहले तो हमेशा मुझे कुछ न कुछ सुनती रहती थी.... बिना बात के इलज़ाम लगाया करती थी....? सोने पे सुहागा तो तब होता जब मुझे नींद से जगाने या फिर बेहोशी से होश में लाने के लिए सोना मैडम अपने शुभ हाथों से लोहे के गरम गरम चिमटे से मेरी पीठ को जलती थी.... जिसे याद करके आज भी मेरी रूह कांप जाती है... आज भी मुझे वो बेइन्तेहाँ दर्द वो तकलीफ महसूस होती है जो तुम ने मुझे दिया था.... क्या कसूर था मेरा ये की मैं तुम्हे दिल ो जान से चाहता था... या फिर ये की तुम मेरी जान थी.... जानती हो कुछ देर पहले जब मैं इस रूम में आया तब तुम्हे बेहोश पा के मेरे दिमाग ने कहा की मैं भी तुम्हे उसी तरह होश में लाऊँ जिस तरह तुम मुझे लाया करती थी... लोहे के चिमटे से मेरी पीठ जला के.. मगर मैं छह के भी ऐसा न कर सका.... जानती हो क्यों... क्यों की तुम वो हो जिसे मैंने दिल ो जान से चाहा उसे मैं दर्द में तड़पते हुए कैसे देख सकता था...? नहीं मैं छह के भी तुम्हारे साथ कुछ गलत नहीं कर सकता.... और फिर मैंने ये फैसला किया की मैं तुम्हे तकलीफ तो नहीं पहुंचा सकता हूँ... मगर उस तकलीफ का एहसास ज़रूर करवा सकता हूँ.... न मैं तुम्हे मारूंगा न hi किसी और को तुम्हे हाथ भी लगाने दूंगा.... मेरे रहते तुम्हे एक खरोच भी नहीं आएगी... मगर फिर भी तुम तड़पोगी... मैं हर वो काम करूँगा जिस से तुम्हे तकलीफ होगी....

सोना को सुलतान की कोई बात समझ नहीं आ रही है.... एक तरफ वो ये कह रहा है की वो उसे ज़रा सी भी तकलीफ नहीं होने देगा वहीँ दूसरी तरफ ये कह रहा है की वो उसे बेइन्तेहाँ दर्द देगा.... सोना बस एक तक सुलतान को देख रही है.... सुलतान की बातें सुन के उसकी आँखों से आंसू बह रहे हैं....

सुलतान : ये मगरमछ के आंसू बहाना बंद करो जल्दी से ये (सामने टेबल पे पड़े खाने की तरफ इशारा करके) खाना खाओ... मुझे एक ज़रूरी काम के लिए जाना है और उसके लिए मैं पहले hi लेट हूँ.... अब और लेट नहीं होना चाहता....

सोना हैरत से कभी सुलतान की तरफ देखती है तो कभी खाने की तरफ....

सुलतान : क्यों यकीन नहीं आ रहा है न की मैं तुम्हारे लिए खुद खाना लाया हूँ... यकीन तो मुझे भी नहीं आ रहा है की मैं जिस से नफरत करता हूँ उसके लिए खुद अपने हाथ से खाना बना के लाया हूँ.... ये मैं क्यों कर रहा हूँ मैं खुद नहीं समझ पा रहा हूँ.... खैर जल्दी से खाना खाओ और चलो मेरे साथ....

सुलतान के मुँह से ये सुन के की वो उस से नफरत करता है.... सोना को जितनी तकलीफ होती है उसे कई ज़्यादा ख़ुशी ये बात जान के होती है की सुलतान खुद अपने हाथों से खाना बना के उसके लिए लाया है... वो ख़ुशी में आगे बढ़ के खाना खाने के लिए अपना हाथ आगे बढ़ती है मगर उसके हाथ में तो टाँके लगे है हैं... वो खाना खाये तो कैसे.... ये देख सुलतान गुस्से से उसके करीब जा के बैठ जाता है.... और खाने की प्लेट अपने हाथ में ले के निवाला बना के गुस्से से सोना के मुँह की तरफ बढ़ा के कहता है....

सुलतान : लो जी अब मुझे महारानी साहिबा को अपने हाथों से खाना भी खिलाना पड़ेगा.... ये काम भी अब मुझसे hi करवा लो.... जल्दी से ठीक हो जाओ मैं यूँ रोज़ रोज़ तुम्हे खाना नहीं खिलने वाला.... और नहीं तो क्या जैसे इनको खाना खिलने के अलावा मेरे पास और कोई काम hi नहीं है... अब मुझे देखती hi रहोगी या फिर खाना भी खाओगी....

सुलतान की बात सुन के सोना के उदास चेहरे पे मुस्कराहट आ जाती है.... जिसे देख के सुलतान गुस्से से अपना मुँह बना लेता है.... सोना सुलतान के हाथ से निवाला अपने मुँह में ले के उसे खाने लगती है....

सोना अपने दिल में कहती है : सुलतान तुम चाहे मुझ से नफरत करने की कितनी भी कोशिश कर लो मगर छह के भी तुम मुझसे नफरत नहीं कर पाओगे.... नफरत करना तुम्हे नहीं आता.... तुम्हे तो बस एक hi चीज़ आती है और वो है सिर्फ और सिर्फ प्यार लूटना... चाहे वो तुम्हारा दुश्मन hi क्यों न हो.... तुम मुझसे तो क्या किसी से भी नफरत नहीं कर सकते.... हाँ गुस्से में अपने दुश्मन को मार ज़रूर सकते हो.... मगर वो भी तब जब बात तुम्हारे किसी अपने की हो... और आज तुमने अपनी हरकतों से मुझे इस बात का एहसास दिला दिया है की तुम आज भी मुझसे... अपनी सोना से बेइन्तेहाँ प्यार करते हो.... तुम्हारे दिल में मेरे लिए नफरत नहीं बल्कि सिर्फ और सिर्फ नाराज़गी है... जिसे मैं जल्द से जल्द दूर कर दूंगी.... अब से मेरे दिल से बस एक hi आवाज़ निकलेगी...



"मेरी आशिकी तुमसे HI"



सुलतान सोना को अपने हाथों से खाना खिलने लगता है... जिसे सोना बड़े प्यार से उसकी आँखों में देखते हुए खाती रहती है....

खाना ख़तम होने के बाद....

सुलतान : कैसा लगा खाना...?

सोना ख़ुशी से : बोहोत टेस्टी था... इतना टेस्टी खाना मैंने आज तक नहीं खाया.... और साथ में जो शरबत था वो बेहद hi लाजवाब था....

सोना की बात सुन के सुलतान की आँखों में आंसू आ जाते हैं.... जिसे देख सोना को बेहद हैरानी होती है... उसे समझ नहीं आता की उसने तो खाने को टेस्टी कह के उसकी तारीफ़ की फिर सुलतान की आँखें नाम क्यों हो गयी....?

सुलतान : काश मुझे भी ऐसा खाना नसीब hota....magar नहीं मुझे खाने में क्या दिया जाता था... याद है... गन्दी जूठी थाली में तुम लोगों के चोदे हुए रोटी के टुकड़े साथ में लाल मिर्च में सनी हुई एक चम्मच से भी काम सब्जी... जब उसे खा के मुझे मिर्ची का तीखा पैन लगता और मेरी जुबां के साथ साथ मेरा पूरा मुँह जलने लगता तब पानी पीने के लिए मैं किचन की तरफ जा के जैसे hi पानी को हाथ लगता मेरे गाल पे एक झन्नाटेदार थप्पड़ रसीद करके मुझे चार गालियां सुनाने के बाद पीने के लिए दिया जाता गंदे गिलास में तुम में से किसी का थूका हुआ पानी.... मरता क्या न करता मुझे वो थूका हुआ पानी पीना पड़ता था.... आज भी जब वो सब याद आता है तो मेरा दिल तड़प जाता है.... मुझे समझ में नहीं आता की मैंने ऐसा कौन सा गुनाह किया है जो मुझे ऐसी सजा मिली.... और आज तक मिल रही है.... जिसे भी मैं अपना समझ के दिल से चाहता वो उतनी hi शिद्दत के साथ मुझसे नफरत करता... आखिर इस नफरत की वजह क्या है....?

सुलतान की बात सुन के सोना के साथ साथ रूम के दरवाज़े के बहार खड़े जमीला महक और बाकी सब की आँखों से आंसू बहने लगते हैं.... सब को सोना के साथ साथ जमीला और महक पे भी बेहद गुस्सा आ ने लगता है मगर वो छह के भी न कुछ कह पाते हैं और न hi कुछ कर पाते हैं... सुलतान ने उन्हें कुछ भी कहने या करने से सख्ती से मन किया है... जो भी करना या कहना है वो मैं खुद करूँगा....

सुलतान अपनी आँखों से बहते आंसू जिसे सोना पोछना छह रही थी मगर पॉच नहीं पाती उसे पॉच के सुलतान उठता है और सोना का हाथ पकड़ के उस को साथ ले बहार की तरफ चल देता है.... वहां जमीला महक और बाकी सब को देख के जमीला से कहता है....

सुलतान : आप को मंज़ूर हो या न हो मगर आज से आपकी दोनों बेटी सोना और मुस्कान मेरे साथ मेरे घर में रहेंगी.... मेरी पर्सनल नौकरानी बन के....

सुलतान के मुँह से अपने लिए महक की जगह फिर से मुस्कान सुन के महक की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहता.... जब सुलतान को असलियत पता चली थी तब से वो महक को मुस्कान की जगह महक कह के बुलाता आया था... मगर आज उसने महक नहीं बल्कि उसे मुस्कान कहा ये इस बात का सबूत है की सुलतान उसे अब महक नहीं समझता जिसने बचपन में उसके साथ वहशियाना सलूक किया था बल्कि अपनी सच्ची और प्यारी दोस्त मुस्कान समझता है.... वहीँ सुलतान की बातों के साथ साथ उसकी हरकतों को देख के जमीला को दुःख के साथ साथ इस बात की बेहद ख़ुशी होती है की सुलतान उसकी दोनों बेटियों को दिल से चाहता है उनकी फ़िक्र करता है....

सोना जस्मिने और मुस्कान के मुँह से एक साथ एक hi बात निकलती है...

तीनो : मुझे मंज़ूर है....

ये कह के जमीला सोना के साथ साथ मुस्कान को भी वहीँ सुलतान के पास चोर के अपने घर की तरफ चल देती है....

अब ये देखना होगा की आखिर सुलतान ने सोना और मुस्कान को अपने पास क्यों रोका और वो उनके साथ आगे क्या करने वाला है...?

रूम से बहार आने के बाद सुलतान अपनी सब जान से मिल के रहना और रुखसाना को आराम करने को कह के सोना के साथ कार में बैठ के कॉलेज की तरफ चल देता है....

चलिए चल के पता करते हैं की रहना और रुखसाना ने सोना के घर में जा के क्या धमाल मचाया...?

सुबह का फ्लैशबैक....

दोनों घर के अंडर घुस के बेहद गुस्से में चीखते हुए कहती हैं....

रहना : बहार निकलो सब के सब.... किसकी इतनी हिम्मत हुई सुलतान के साथ जानवरो जैसा सलूक करने की.... बहार निकलो कमीनो मैं आज किसी को नहीं छोड़ूंगी...

रहना की आवाज़ सुन के सब जैसे hi बहार आते हैं.... रहना और रुखसाना सब पे राशन पानी ले के चढ़ जाती है... जाने क्या क्या सुनाने लग जाती है....

जमीला गुस्से में : तुम दोनों हो कौन और हम से इतनी बदतमीज़ी से बात करने की तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई...?

रहना : कमीनी एक तो तू ने मेरे बेटे सुलतान के साथ जानवरो जैसा सलूक किया माफ़ी मांगने के बजाये उल्टा हम को बातें सुना रही है... रुक अभी बताती हूँ मैं तुझे....

ये कह के रहना और रुखसाना जमीला के साथ साथ घर की बाकी सब लेडीज को जैम के मारने लगती है इमरान बीच में आ के बड़ी मुश्किल से उन्हें रोकता है...

इमरान : दी ये आप क्या कर रही हैं...? चोर दीजिये इन्हे....

रहना : ये तू क्या कह रहा है... तू जानता है न की इन कमीनो ने सुलतान के साथ क्या किया फिर भी....

इमरान : हाँ सब जान ने के बाद भी मैं ये कह रहा हूँ क्यों उसकी एक वजह है.... इस सब ने जो वहशियाना हरकत सुलतान के साथ की उसे जान के मेरा दिल कर रहा है की मैं इन सब की जान ले लून... मगर मैं छह के भी इनके साथ कुछ गलत नहीं कर सकता क्यों की ये सब पहले सुलतान के गुनेहगार हैं उसके बाद हमारे... इन्हे सजा देने का हक़ भी सुलतान का hi है.... अब जो वो चाहेगा वो hi होगा और उसने सब को मन कर रखा है की इस सब के साथ कोई कुछ नहीं करेगा जो भी करना है वो खुद करेगा....

रुखसाना : मगर....

रहना : नहीं रुखसाना इमरान ठीक कह रहा है... इन कमीनो को सजा देने का हक़ सिर्फ और सिर्फ सुलतान को है ये उसके गुनेहगार जो हैं....

जमीला : माना की हम ने किया वो गलत था बेहद गलत उसकी कोई माफ़ी नहीं मगर फिर भी मैं आप लोगों से हाथ जोड़ के माफ़ी मांगती हूँ... वो सब हमने आबिद के बहकावे में आ के किया.... हम को पता की हम ने जो किया वो गलत था.... बेहद गलत... उसकी कोई माफ़ी नहीं है... हम सब अपने किये पे बेहद शर्मिंदा हैं....

रहना बेहद गुस्से में : जी तो चाहता है की इसी वक़्त तुम सब की जान ले लून मगर नहीं तुम सब सुलतान के गुनेहगार हो तुम सब को सजा वो hi देगा....

ये कह के रहना और रुखसाना पलट के घर की तरफ चल देती हैं....

इधर कार में सोना एक तक सुलतान को hi देख रही है.... साथ hi उसे समझने की कोशिश कर रही है.... की ये सब सुलतान क्यों कर रहा है... नाराज़गी की वजह से या फिर प्यार की वजह से....?

सुलतान को खुद ये समझ नहीं आ रहा है की आखिर वो ये क्या और क्यों कर रहा है....? तभी अचानक से उसे एक साथ दो आवाज़ सुनाई देती है... जस्मिने और सोना एक साथ उसका नाम ले के प्यार से उसे आवाज़ देती हैं....

दोनों : सुलतान....

सुलतान : हाँ....

दोनों : ये सब तुम क्यों कर रहे हो.... प्यार की वजह से या फिर नाराज़गी की वजह से....?

सुलतान : ये तो मुझे भी पता नहीं....

दोनों : शायद मुझे पता है... ये उस प्यार की वजह से जो तुम्हे अपनी सोना से है....

इत्तेफ़ाक़ से सोना और जस्मिने सुलतान से एक साथ एक hi बात कह रही हैं....

सुलतान : जी नहीं ऐसा कुछ नहीं है...

दोनों : अच्छा अगर ऐसा नहीं है तो फिर क्यों तुम ने खुद अपने हाथ से अपनी सोना के लिए खाना बनाया इतना hi नहीं उसे खुद अपने हाथ से खिलाया भी.... अगर इसे प्यार नहीं कहते तो फिर और क्या कहते हैं...?

सुलतान : जी नहीं ये सच नहीं है... वो तो बस मैं ये दिखाना चाहता था की आप ने जिसको बेइन्तेहाँ दर्द दिया है वो आप के साथ बदसलूकी न कर के अच्छा सलूक करता है तब आप को कैसा महसूस होता है....? और जो मैंने किया वो नफरत में आ के किया न की किसी प्यार की वजह से...

दोनों : नफरत में कोई कभी वो नहीं करता जो तुम ने किया.... तुम ने वो सब कर के ये साबित कर दिया की तुम्हे अपनी सोना से बेइन्तेहाँ प्यार है न की नफरत... हाँ बस वक़्ती तौर पे थोड़ी नाराज़गी ज़रूर है.... मगर नफरत तो बिलकुल भी नहीं....

सुलतान : जी नहीं बस देखती जाओ की मैं आगे आगे क्या करता हूँ.... और रही आज सुबह की बात तो थोड़ी ख़ुशी देने के बाद दर्द देने का अपना hi एक मज़ा होता है.... सोना हर लम्हा हर पल मेरे साथ रहेगी मगर मैं उसकी तरफ देखूंगा भी नहीं उसके सामने मेरी साड़ी दीवाणियों को प्यार करूँगा जिसे देख उसे तकलीफ होगी बेइन्तेहाँ तकलीफ....

दोनों : इस बात पे यकीन करना नामुमकिन है....

सुलतान : जल्द hi सब मुमकिन होता हुआ नज़र आने लगेगा....

दोनों : जब सुलतान की नाराज़गी इतनी प्यारी है तो प्यार कितना हसीं होगा... उसमे जन्नत से काम मज़ा नहीं होगा....

सुलतान : वो सब चोरो और ये बताओ की तुम मुझे क्या बताने वाली थी....?

जस्मिने : हाँ वो मैं

सोना : मैं कुछ समझी नहीं.... तुम किस बारे में बात कर रहे हो....?

सुलतान : मैं तुम से बात नहीं कर रहा....?

जस्मिने : ओह मुझे लगा की आप मुझसे बात कर रहे हैं....

सोना : मुझसे नहीं तो फिर किस से बात कर रहे हो....?

सुलतान : मैंने कहा न की मैं तुमसे बात नहीं कर रहा.... हाँ अब कहो क्या कहना था तुम्हे....?

दोनों : सुलतान तुम क्या कह रहे हो कुछ समझ नहीं आ रहा है....? एक तरफ तुम मुझे कहने को कह रहे हो वहीँ दूसरी तरफ ये कह रहे हो की मैं तुम से बात नहीं कर रहा.... आखिर तुम कहना क्या छह रहे हो....?

तभी कॉलेज आ जाता है सुलतान सोना को कॉलेज के अंडर उतार के कार पार्क करने चल देता है... पार्किंग में....

सुलतान : हाँ जस्मिने अब बताओ की तुम मुझे क्या बताने वाली थी....?

जस्मिने : वो सुलतान बात ऐसी है की आज से करीब 7 दिन बाद आपको अपनी तलवार हासिल करने के लिए ******** जगह जाना होगा.... वहां आप का सामना शैतानी ताक़तों से होगा... उन्हें हारने के बाद आप तलवार तक पहुँच सकते हैं... मगर उस तक पहुँचने के लिए आपको वहां का तिलस्म तोड़ न होगा.... इस सफर में आप के साथ आपकी साड़ी प्रेमिकाओं का होना बेहद ज़रूरी है... और सब से ज़रूरी है उन चारो का आप के साथ होना.... उन के साथ होने की से hi आप उस तिलिस्म को तोड़ पाएंगे.... उन चारो के साथ के बिना उस तिलिस्म को तोडना नामुमकिन है.....

सुलतान : कौन है वो चारो....? और क्या है वो तिलिस्म....?

जस्मिने : उस तिलिस्म के बारे में आपको वहां जाने के बाद hi पता चलेगा... फिलहाल के लिए उन चारो के नाम जान लीजिये जिनका आपके साथ वहां होना बेहद ज़रूरी है... उनमे से 2 पारी का हिस्सा है और 2 मलिका सुनहरी का.... और उन चारो के नाम हैं...

1. सोना... मलिका सुनहरी का हिस्सा

2. सुहानी... मलिका सुनहरी का हिस्सा

सुलतान : क्या कहा सुहानी मल्लिका सुनहरी का हिस्सा है....?

जस्मिने : जी हाँ.... और अब ये जान लीजिये की पारी के वो 2 हिस्से कौन हैं....?

3. रूही.... पारी का हिस्सा

और

4तह नाम है.... ******** पारी का हिस्सा

जस्मिने के मुँह से 4तह नाम सुन के सुलतान चौंक जाता है.... साथ hi उसके चेहरे का रंग बदल जाता है....

सुलतान : बाकी सब का तो समझ में आया मगर ******* क्यों....?

जस्मिने : वो इस लिए क्यों की बाकी तीनो के साथ साथ ****** के जिस्म में भी वो है जिसकी वजह से उस तिलिस्म को तोडा जा सकता है.... क्यों की आज से हज़ारो साल पहले उस तिलिस्म को बनाने में आपका साथ उन चहरो ने मिल के दिया था ताकि आपकी सुनहरी तलवार को सुरक्षित रखा जा सके.... उनमे से अगर एक भी वहां मौजूद नहीं होगा तो वो तिलिस्म नहीं टूटेगा... और न hi सुनहरी तलवार को आप पा सकोगे....

इस से पहले की सुलतान जस्मिने से कोई और सवाल करता.... एक दर्दनाक चीख फ़िज़ा में गूँज उठती है....

अअअअअअअअअगह्ह्हह्ह्ह्ह.... सुलताआआआंत्र....

आवाज़ को सुन के सुलतान और जस्मिने दोनों के मुँह से एक hi नाम निकलता है और वो है....

दोनों : सोना....

सुलतान दौरते हुए बहार की तरफ जाता है.... वहां जो हो रहा है उसे देख के गुस्से से सुलतान का दिमाग फटने लगता है.... कॉलेज के कुछ लड़कों के साथ कुछ गुंडे भी हैं जिन में से कुछ ने ऐना और मीणा को पकड़ा हुआ है और कुछ ने सोना वो... वो सब उन को गालियां दे रहे हैं थप्पड़ मार रहे हैं साथ hi उनकी इज़्ज़त लूटने के लिए उनके कपडे भी पहाड़ रहे हैं....

वहां मौजूद सभी खड़े होक बस तमाशा देख रहे हैं गुंडों के दर की वजह से कोई उनकी मदत करने के लिए आगे नहीं जा रहा है....

गुंडा 1 सोना को थप्पड़ मारने के बाद उसके बाल पकड़ के उसे घसीट ते हुए कैंटीन के पास से बीच मैदान में ला के कहता है....

ग 1 : साली उस दिन तू बहुत उछाल रही थी न.... मिनिस्टर साहब के बेटे नदीम बाबा की बात नहीं मान के तू ने बहुत गलत किया... उस दिन बाबा की बात मान लेती तो आज तेरे साथ ये नहीं होता.... वो तुझे अपनी रानी बनाना चाहते थे.... मगर तू न मानी.... तू ने अपने यार के साथ मिल के बाबा को मारा उनके प्यार को ठुकराया... उन्हें धोका दिया.... अब देख हम तेरे साथ क्या करते हैं... यहाँ सरे आम तेरी इज़्ज़त लूटेंगे.... तू और तेरा वो यार कुछ नहीं कर पायेगा... तेरे साथ साथ इस कमीनी को भी अपनी रंडी बना के रखेंगे....

सोना : कमीने मुझे और मेरी बेहेन ऐना को हाथ लगा के तू ने अपनी मौत को दावत दी है.... मुझे एक करोच भी आ जाए तो सुलतान गुस्से में दुनिया तबाह कर दे... यहाँ तो तू ने मेरे और ऐना के कपडे फाड़े हम को मारा हमारा खून निकला यहाँ तक की हमारी इज़्ज़त तक की लूटने की कोशिश की अब देख सुलतान तेरे साथ क्या करता है.... वो तुम में से किसी को ज़िंदा नहीं छोड़ेगा.... तुम सब को ऐसी मौत मारेगा जिसे देख के मौत भी कांप जायेगी....

ग 2 गुस्से में : कमीनी तेरी इतनी हिम्मत की तू मिनिस्टर साहब के आदमियों को धमकी दे रही है... बुला उस कमीने को... आज तेरे उस यार के सामने पहले हम तुम तीनो को नंगी कर के तुम्हारी इज़्ज़त लूटेंगे फिर तेरे उस यार को तड़पा तड़पा के जान से मारेंगे....

ये कह के वो सोना को थप्पड़ मारने hi वाला था की तभी एक दर्दनाक चीख से पूरा कॉलेज गूंज उठता है....

अअअअअअअअअगह्ह्हह्ह्ह्ह....

इस से पहले की वो गुंडा सोना को थप्पड़ मार पाटा सुलतान गुस्से में उसके पास जाता है और उस गुंडे का हाथ पकड़ के उसे मरोड़ के उसके कंधे से उखाड़ देता है.... फिर एक ज़ोरदार पंच उसके सीने में मारता है.... उस गुंडे के सीने की साड़ी पसलियां टूट जाती है... उसके मुँह से और कंधे से बेतहाशा खून निकलने लगता है.... सुलतान गुस्से में उसे उठा के कास के सर के बल ज़मीन पे पटक देता है जिस से उस गुंडे का सर पहात जाता है और वो डैम तोड़ देता है....

फिर सुलतान सोना के पास जा के अपनी शर्ट उसे पहना के उसे कास के अपने सीने से लगा लेता है.... फिर सोना की तरफ ऐसे देखने लगता है जैसे की पूछ रहा हो तुम ठीक तो हो न.... सोना के होंठों के किनारे बह रहे खून को देख सुलतान की आँखों में आंसू के साथ साथ गुस्से की लाली च जाती है.... वो सोना के होंठों से बहे खून के अपनी ऊँगली से पॉच के बेहद गुस्से में उन गुंडों की तरफ बढ़ता है और खींच के उसे एक किक मारता है जिसने ऐना को पकड़ा हुआ था.... फिर ऐना और सोना को एक तरफ कर के गुस्से में उन गुंडों की धुलाई करने लगता है.... अपने साथी की ऐसी हालत देख के बाकी गुंडे एक पल के लिए तो दर जाते हैं मगर फिर भी हिम्मत कर के सुलतान को मारने के लिए हथियार उठा लेते हैं....

वो सुलतान को मारना तो चाहते हैं मगर मार नहीं पाते.... सुलतान एक एक की हालत खराब करने लगता है.... पूरा कॉलेज गुंडों की हड्डियों के टूटने की आवाज़ के साथ साथ उन सब की दर्दनाक चीखों से गूंजने लगता है.... देखते hi देखते सब की लाश ज़मीन पे पड़ी नज़र आती है.... बस एक को चोर के... सुलतान बेहद गुस्से में उसके पास जा के कहता है....

सुलतान : 5 मिनट्स हैं तेरे पास इस से पहले की मैं तेरी जान ले लून इन सब की लाश ले के फ़ौरन निकल ले यहाँ से....

ये कह के सुलतान सोना और ऐना मीणा के पास जाता है....

सुलतान आगे बढ़ के सोना को अपने सीने से लगा लेता है....

ऐना : सुलतान अगर तुम वक़्त पे नहीं आते तो आज हम किसी को मुँह दिखने के लायक नहीं रहते....

सुलतान : मगर ये सब हुआ कैसे....? और ये मिनिस्टर और उसके बेटे नदीम का क्या चक्कर है....? कौन है ये दोनों....?

इस से पहले की कोई कुछ कहता.... सोना और ऐना के फटे कपड़ों को देख सुलतान उन्हें कार में बैठा के मॉल की तरफ चल देता है.... मॉल से ड्रेस खरीद के चेंज कर ने के बाद जब जब सुलतान की नज़र सोना पे पड़ती है तो वो बस उसे देखता hi रह जाता है उस ड्रेस में वो बेहद हसीं जो लग रही है.... सुलतान को यूँ खुद को घूरते देख सोना शर्मा जाती है.... शर्म से उसके गोर गुलाबी गाल लाल हो जाते हैं.... वो कुछ कहने hi वाली होती है की तभी.... वहां सोना की दोस्त मीज़ा आ जाती है.... वो जो कहती है उसे सुन के सुलतान के चेहरे के भाव बदल जाते हैं....

मीज़ा : सोना मैं कुछ दिन के लिए अपने घर छुट्टी पे क्या गयी यहाँ तू ने इतना बड़ा काण्ड कर दिया....?

सोना : मैंने क्या किया....? जो किया नदीम ने किया.... तू तो जानती है उसे....

मीज़ा : हाँ जानती हूँ.... तेरी सब से करीबी दोस्त हूँ तेरे बारे में मैं नहीं जाँऊगी तो और कौन जानेगा.... मगर मेरी समझ में एक बात नहीं आ रही है नदीम और तेरे बीच झगड़ा हुआ है क्या....? क्यों की ये मुमकिन नहीं की आप जिसे दिल ो जान से चाहते हो उसे बिमारी की हालत में हॉस्पिटल में एडमिट चोर के आप यहाँ मॉल में शॉपिंग करो.... तुम दोनों एक दूसरे को बेइन्तेहाँ प्यार करते थे ये अचानक से क्या हो गया जो तू ने उसे चोर दिया....

मीज़ा की बात सुन के सुलतान के साथ साथ ऐना और मीणा को भी एक बड़ा झटका लगता है.... तीनो हैरत से सोना को देखते हैं... इस से पहले की सोना कुछ कहती...

मीज़ा : वो तो अच्छा हुआ की मुझे सलीम (नदीम का छोटा भाई) ने बता दिया और मैं यहाँ तुम दोनों का पैच उप करवाने आ गयी.... चल इस से पहले की बात और बिगड़ जाए....

सोना : तुझे पता भी है की तू क्या कह रही है....?

मीज़ा : हाँ मैं जानती हूँ तुम दोनों को अलग करने वाला और तेरे प्यार से तुझे दूर करने वाला वो कमीना सुलतान है.... ये सब उसी का किया धरा है....

सुलतान के लिए मीज़ा के मुँह कमीना सुन के ऐना मीणा को बेहद गुस्सा आ जाता है वो दोनों मीज़ा को कहने वाले होते हैं मगर सुलतान दोनों को खामोश रहने का इशारा करता है....

मीज़ा की बात सुन के गुस्सा तो सोना को भी आता है मगर मीज़ा है की सोना को कुछ बोलने का मौका hi नहीं देती... दिल खोल के सुलतान को गालियां देने लगती है....

सुलतान : तुम्हे पता है की सुलतान कौन है....?

मीज़ा : मैंने उसे देखा नहीं है.... मगर उस कमीने के बारे में अपनी कॉलेज की दोस्त रीना से सुना है की उसने सोना के सच्चे प्यार नदीम के साथ क्या किया....? उस कमीने ने नदीम को मार के और सोना को उसके प्यार से जुड़ा कर के अच्छा नहीं किया.... अब वो कमीना नहीं बचे गए.... वैसे तुम हो कौन जो मुझसे ये सब पूछ रहे हो....? जाओ जा के अपना काम देखो....

सुलतान : काश तू लड़की की जगह लड़का होती तो तू ने अभी मेरे बारे में जो कहा उसके बदले मेरा एक झन्नाटेदार थप्पड़ तेरे पूरे दांत तोड़ने के लिए काफी होता.... वो क्या है न मैं लड़कियों पे हाथ नहीं उठता.... ये मेरे उसूल के खिलाफ है....

मीज़ा : तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरे साथ इतनी बदतमीज़ी से बात करने की....? तू है कौन....?

सुलतान : अभी जिस सुलतान के बारे में तू ये फ़ालतू की बकवास कर रही थी न वो सुलतान मैं हूँ....

मीज़ा : अच्छा तो वो कमीना तू है.... देख अब मैं तेरे साथ क्या करती हूँ....

मीज़ा की बात सुन के सोना.....

सोना : मीज़ा तू....

मीज़ा सोना को आगे बोलने का कोई मौका hi नहीं देती.....

मीज़ा : सोना तू दर मत मैंने डैड को बता दिया है वो अभी यहाँ आते hi होंगे.... तू तो जानती है मेरे डैड पुलिस में सप हैं वो इस कमीने (सुलतान की तरफ इशारा कर के) को नदीम पे जान लेवा हुम्ला करने के जुर्म में जेल में दाल के जैम के इसकी ऐसी धुलाई करेंगे की ये सपने में भी तुम दोनों के बीच में आने की कोशिश नहीं करेगा.... और अगर इस से भी बात नहीं बानी तो हम ये कह देंगे की इस कमीने ने तेरा रपे करने की कोशिश की है.... फिर देखना इस कमीना का क्या होता है.... सालो तक जेल से बहार नहीं निकल पायेगा....

अभी मीज़ा ने ये कहा hi था की तभी पीछे से उसके डैड सप आ जाते हैं....

मीज़ा : (सुलतान की तरफ इशारा कर के) डैड ये hi है वो कमीना सुलतान जिसके बारे में मैंने आप को बताया था.... इसने नदीम पे जान लेवा हुम्ला किया.... इतना hi नहीं इस कमीने ने सोना का रपे करने की भी कोशिश की.... अरेस्ट कर लीजिये इसे....

अपनी बेटी की बात सुन के सप बिना सुलतान को बिना देखे पीछे से उसकी गर्दन पकड़ के उसे गाली दे के कहता है....

सप : अरेस्ट कर लो इस कमीने को....

अभी उसने इतना कहा hi था की तभी वहां सुलतान के हाई टेक सिक्योरिटी गार्ड्स आ जाते हैं और वो सप के साथ साथ बाकी पुलिस वालों पे भी गन तान देते हैं....

उन को देख के वहां मौजूद सभी हैरान हो जाते हैं....

सप : तुम्हे पता है तुम ने किस पे गन तानी है.... मैं सप हूँ...

तभी सुलतान बेहद गुस्से में सप का हाथ झटक के बिना उसकी तरफ देखे कहता है....

सुलतान गुस्से में : मुझे तो पता है की तू कौन है मगर क्या तुझे पता है की तू ने किस के गिरेबान पे हाथ डाला है.... अब अगर गलती से भी तू ने या तेरी बेटी ने मेरे साथ कुछ भी गलत करने के बारे में सोचा भी तो अगले hi पल यहाँ तुम दोनों की लाश पड़ी होगी....

सप : साले कमीने ों ड्यूटी पुलिस अफसर को धमकी देता है... देख अभी मैं तेरे साथ क्या करता हूँ.... तेरे ऊपर इतने चार्जेज लगाऊंगा की तू साड़ी ज़िन्दगी जेल की सलाखों के पीछे सड़ता रहेगा.... एक रपिस्ताआआआअह्हह्ह्ह्ह......

अभी सप ने इतना hi कहा था की तभी एक ज़ोरदार पंच उसके पेट पे पड़ता है.... और वो उड़ता हुआ दूर जा गिरता है....

सुलतान बेहद गुस्से में उसकी तरफ पलट के कहता है....

सुलतान : साले तुझे एक बात समझ नहीं आती क्या....? मैं कोई चोर या उठायी गिरा नहीं हूँ जो तू मुझ पे झूठा इलज़ाम लगा के यूँ गालियां दे रहा है.... मैं हूँ सुलतान हूँ.... सुलतान अली खान....

जैसे hi सप की नज़र सुलतान पे पड़ती है उसे शिमला का वो खौफनाक मंज़र याद आ जाता है जब उसने अकेले जिब्रान के साथ साथ वहां मौजूद 300 गुंडों को मौत के घात उतरा था.... ये वो सुलतान है जिसके सामने दिग भी सर झुका के खड़ा रहता है तो उसकी औकाद hi क्या है.... सप दर के मारे फ़ौरन आगे बढ़ के सुलतान के पैरों में गिर के उस से माफ़ी मांगने लगता है.....

सप : सुलतान सर मैं अपने किये पे बेहद शर्मिंदा हूँ.... प्लीज मेरी ये पहली और आखरी गलती समझ के आप मुझे और मेरी बेटी को माफ़ कर दीजिये....

सप को सुलतान के पैरों पे गिर के माफ़ी मांगते देख मीज़ा को अच्छा नहीं लगता...

मीज़ा : डैड आप इस कमीने से माफ़ी....

अभी उसने इतना hi कहा था की तभी ऐना आगे बढ़ के एक झन्नाटेदार थप्पड़ उसके गाल पे रसीद करके कहती है....

Chataaaaaaaaaaaak....

ऐना : खबरदार जो तू ने एक और गलत लफ्ज़ सुलतान के बारे में अपने मुँह से निकला तो मैं तेरी जान ले लुंगी....

मीज़ा गुस्से में : मैंने ऐसा क्या गलत कहा जो तू....

अभी वो इतना hi कह पायी थी की एक और थप्पड़ उसके गाल पे रसीद होता है...

Chataaaaaaaaaaaak....

ये थप्पड़ उसे सप ने मारा था....

सप गुस्से में : तू पता भी है की किसके बारे में क्या बोल रही है... ये सुलतान सर हैं... सुलतान सर.... ये वो फरिश्ता है जो बिना किसी फायदे की सब की मदत करता है.... और तू इस्पे इतना घिनोना इलज़ाम लगा रही थी....

मीज़ा : मगर डैड....

सप : कोई अगर मगर नहीं.... बस बहुत बोल चुकी तू.... पहले सुलतान सर से माफ़ी मांग....

मीज़ा न चाहते हुए भी सुलतान से माफ़ी मांगती है....

मीज़ा : ी ऍम सॉरी....

सुलतान : सप इस से पहले की मैं गुस्से में आ के तुम दोनों बाप बेटी के साथ कुछ गलत कर बैठूं... फ़ौरन निकल लो यहाँ से....

सुलतान की बात सुन के सप फ़ौरन अपनी बेटी को साथ लेके वहां से निकल लेता है.... उनके जाने के बाद सुलतान बेहद गुस्से में सोना की तरफ देखता है फिर ऐना मीणा को साथ ले के बहार कार की तरफ बढ़ जाता है.... सोना भी सर झुका के उनके पीछे चल देती है....

कार में.....

ऐना : सोना ये सब क्या था....? तू ने तो ये कहा था की तू सुलतान को चाहती थी तो फिर ये नदीम कौन है...?

ऐना की बात पे सोना कुछ कहती सुलतान बीच में बोलता है....

सुलतान : ऐना मैंने जो बात तुमसे कही थी वो बात तुम ने अपने डैड को बताई की नहीं....

ऐना : सोना मैं तुमसे कुछ पूछ रही हूँ....

सुलतान : ऐना चाचू उस से मिले की नहीं... तुमने बताया नहीं....

ऐना सुलतान की बात का जवाब देने के बजाये सोना से सवाल कर रही है.... मगर सुलतान है की वो सोना को ऐना के सवालों का जवाब देने का मौका hi नहीं दे रहा है... वो पूरे रास्ते ऐना को बातों में लगाए रखता है.... जल्द hi वो तीनो को घर ड्राप कर के शानू को घर की तरफ चल देता है....

इधर डी ठाकुर जिस जिस लड़कियों को किडनैप करना है उसकी लिस्ट अपने गुंडों को दे के कहता है...

डी ठाकुर बेहद गुस्से में : 2 दिन के अंडर ये साड़ी 150 लडकियां किडनैप होक विदेश पहुँच जानी चाहिए.... अपने सारे लोगों को इस काम पे लगा दो... और याद रहे अगर इस बार कोई भी गड़बड़ हुई तो तुम में से कोई ज़िंदा नहीं rahega....aur हाँ आज दोपहर को ड्रग्स और हथियार आ जाएंगे... ड्रग्स को शहर के हर एक कॉलेज और क्लब्स में पहुंचा दो और साथ hi हथियारों की डिलीवरी भी करवा दो....

छगन : जी बॉस हो जाएगा....

डी ठाकुर : गुलशन उस कमीने सुलतान का कुछ पता चला....? वो कौन है...? कहाँ रहता है....?

गुलशन : नहीं अभी तक तो उसके बारे में पता नहीं चला है जल्द hi पता चल जाएगा....

डी ठाकुर : जितनी जल्दी हो सके पता लगाओ उस कमीने का... उसे ज़िंदा पकड़ के मेरे सामने लाओ... मैं उस कमीने को अपने हाथों से ऐसी मौत मारूंगा की उसकी रूह तक कांप जायेगी.... उसकी मौत का खौफनाक मंज़र देख के आगे से कोई हमारे रास्ते में आना तो दूर हमारा नाम सुन के सपने में भी डरेगा....

डी ठाकुर की बात सुन के उसके गुंडे और उसका बीटा गुलशन अपने अपने काम में लग जाते हैं....

इधर सुलतान खराब मूड के साथ शानू के घर उसकी चौड़ाई करने के लिए पहुँच के दूर बेल्ल बजता है... दरवाज़ा खुलते hi शानू की नज़र जैसे hi सुलतान पे जाती है वो ख़ुशी के मारे उछाल पड़ती है.... वो आगे बढ़ के सुलतान के सीने लिपट के उसके होंठों को अपने मुँह में ले के उसे वाइल्ड तरीके से चूसने लगती है.... शानू के होंठों का रास जब सुलतान के मुँह में जाता है तब उसके जिस्म में मदहोशी सी छाने लगती है.... वो सब कुछ भूल के किश में शानू का साथ देने लगता है.... सुलतान शानू मस्ती में अपने हाथ शानू के मदमस्त चूतड़ों पे ले जाता है और उन्हें मस्ती में मसलने लगता है.... उसका लुंड अपने पूरे जोश में आ के उसकी पंत में उछाल कूद मचने लगता है.... सुलतान शानू को उसके चूतड़ों से पकड़ के अपनी गॉड में उठा लेता है और उसे किश करते हुए बैडरूम की तरफ बढ़ जाता है....



(वर्ड काउंट 6000)
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 168....

सुलतान खराब मूड के साथ शानू के घर उसकी चौड़ाई करने के लिए पहुँच के दूर बेल्ल बजता है... दरवाज़ा खुलते hi शानू की नज़र जैसे hi सुलतान पे जाती है वो ख़ुशी के मारे उछाल पड़ती है.... वो आगे बढ़ के सुलतान के सीने लिपट के उसके होंठों को अपने मुँह में ले के उसे वाइल्ड तरीके से चूसने लगती है.... शानू के होंठों का रास जब सुलतान के मुँह में जाता है तब उसके जिस्म में मदहोशी सी छाने लगती है.... वो सब कुछ भूल के किश में शानू का साथ देने लगता है.... सुलतान शानू मस्ती में अपने हाथ शानू के मदमस्त चूतड़ों पे ले जाता है और उन्हें मस्ती में मसलने लगता है.... उसका लुंड अपने पूरे जोश में आ के उसकी पंत में उछाल कूद मचने लगता है.... सुलतान शानू को उसके चूतड़ों से पकड़ के अपनी गॉड में उठा लेता है और उसे किश करते हुए बैडरूम की तरफ बढ़ जाता है....

बैडरूम में पहुँच के सुलतान शानू को अपनी गॉड से नीचे उतारता है.... और उसके बेपनाह हुस्न को ऊपर से नीचे तक निहारने लगता है.... सुलतान को अपने जिस्म को यूँ घूरते देख शानू को बड़ी शर्म सी आने लगती है.... Sharma.ke वो पीछे घूम के कड़ी हो जाती है....

सुलतान बस एक तक उसके मखमली गुदाज़ चूतड़ों को घूरने लग जाता है... सुलतान को यूँ अपने चूतड़ों को घूरते देख शानू शर्म से पानी पानी होने लगती है.....

शानू शरमाते हुए : सुलतान कुछ करोगे भी या फिर यूँ hi बस घूरते रहोगे......

शानू की बात सुन के सुलतान की तंत्र टूट टी है.....

सुलतान : वाओ शानू..... मुझे नहीं पता था की आपके चूतड़ इतने हसीं और सेक्सी हैं.... आज तक इतने सेक्सी चूतड़ मैंने नहीं देखे..... इनकी खूबसूरती के आगे जन्नत की पारी भी फ़ैल हो जाए.... हाय कोई सम्भालो मुझे.... कहीं शानू के हुस्न का जादो मुझसे कोई खता न करवा बैठे....

ये कह के सुलतान आगे बढ़ता है और शानू के चूतड़ों को छू के कहता है....

सुलतान : हाय शानू आपकी मदमस्त जवानी का मैं आशिक हो गया.... दिल करता है की आप से निकाह हमेशा हमेशा के लिए आपको अपनी बना लूँ....

ये कह के सुलतान शानू के चूतड़ों को अपने हाथ में ले के दबाने लगता है साथ hi उसकी नरम मुलायम मखमली गर्दन को भी चूमने लगता है....

सुलतान की इस हरकत पे शानू का जिस्म मस्ती से सिहर उठता है.... उसके मुँह से मादक सिसकारी निकलने लगती है..... साथ hi उसकी छूट से काम रास की कुछ बूँदें टपक जाती हैं.....

शानू : मममममम.... आआआआअह्ह्ह्हह.... हाय सुलतान.... ये क्या कर रहे हो....?

सुलतान : अपनी जान को प्यार कर रहा हूँ.....

सुलतान मस्ती में शानू के चूतड़ों को दबाने के साथ साथ उसके कंधे को चूमते हुए नीचे की तरफ आने लगता है....

धीरे धीरे वो उसके मखमली चूतड़ तक पहुँच जाता है फिर एक एक करके वो उसके चूतड़ों को चूम के कहता है....

सुलतान : जान.... आज अगर मैं कोई गुस्ताखी कर जाऊं तो मुझे गलत न समझना.... आपका ये बेमिसाल हुस्न न चाहते हुए भी मुझे गुस्ताखी करने पे मजबूर कर रहा है....

ये कह के सुलतान बिना शानू का जवाब सुने पागलों की तरह उसके चूतड़ों को चूमने लगता है..... उन्हें अपने हाथों में ले के दबाने लगता है.... मसलने लगता है.....

सुलतान की इस हरकत से शानू सिसकारी लेते हुए मस्ती के आसमान में उड़ने लगती है.... वो छह के भी सुलतान को रोक नहीं पाती..... उसकी रास चोरटी छूट उसे सुलतान को रोकने से मन कर रही hai.....aakhir शानू भी तो यही चाहती है की सुलतान जबम के उसकी चुदाई करे.... वो मस्ती में सिसकारी लेते हुए... इस हसीं पल का मज़ा लेने लगती है.....

तभी अचानक से सुलतान उसे अपनी तरफ घुमा देता है.... फिर सामने से उसकी स्कर्ट रुपी घूंघट उठा के उसकी कमसिन चिकनी छूट का दीदार करता है.....

सुलतान की इस हरकत पे शानू और उसकी छूट शर्म से पानी पानी हो जाती है..... वो फ़ौरन अपने हाथ से अपनी छूट को छुपा लेती है....

सुलतान : ये क्या शानू आप तो ऐसे शर्मा रही हैं जैसे नयी नवेली दुल्हन सुहागरात के वक़्त शर्माती है...

ये कह के सुलतान शानू का हाथ उसकी छूट से हटा के उनकी कमसिन चिकनी छूट को देख मदहोश हो जाता है और आगे बढ़ के उसकी छूट को चूम लेता है.... शानू का पूरा जिस्म गंगना जाता है..... उसकी मुँह से मादक सिसकारी निकलने लगती है....

Aaaaaaaaaahhhhhh..... मममममममम ..... ऊऊऊऊओह्ह्ह्हह.....

सुलतान शानू के चूतड़ों को अपने दोनों हाथों से पकड़ के उसकी छूट को अपने करीब लाता है फिर अपनी जुबां बहार निकाल के उसकी छूट को चाट लेता है....

सुलतान की इस हरकत पे शानू को 440 वाल्ट का झटका लगता है.....

सुलतान उसकी छूट के होंठों को अपने होंठों में दबाया और उसको चूसना शुरू कर देता है.... मस्ती में शानू की छूट से तेज़ी से रास निकलने लगता.... उसकी छूट का रास कुछ मीठा सा तो कुछ नमकीन सा था...... शानू की छूट से निकल रही मादक खुशबु सुलतान को पागल बनाने के लिए काफी थी..... सुलतान शानू की छूट के दाने को अपने मुँह में लेके चूसने लगता है.... मस्ती में शानू पागल सी हो जाती है.... इतनी मस्ती उसे पहले कभी नहीं चढ़ी थी..... जितनी मस्ती उसे उसका सुलतान अपनी जुबां से उसकी छूट को चाट चाट के दे रहा है..... शानू मस्ती में सुलतान का सर अपनी छूट पे दबाते हुए सिसकारी लेने लगती है..... उसकी छूट से काम रास की तेज़ धार बहने लगती है......

शानू : हाँ.... सुलतान.... ऐसे hi छतो मेरी छूट को..... और कास के चाटो.... खा जाओ इसे.... मममममममम..... Aaaaaaaaaagggghhhhh..... ऊऊऊऊओह्ह्ह्हह..... ममममममम..... Sssssssssssss..... ऊऊऊऊह्ह्ह्ह..... बड़ा मज़ा आ रहा है.... और कास के चाटो......

ये कह के शानू अपनी गांड आगे पीछे करते हुए अपनी छूट सुलतान के मुँह में रगड़ने लगती है..... साथ hi मस्ती में जाने क्या क्या बड़बड़ाये जा रही है....

अचानक से उसका जिस्म अकड़ने लगता है और वो मस्ती में एक तेज़ सिसकारी लेते हुए सुलतान के मुँह में झड़ने लगती है..... सुलतान को जब इस बात का एहसास होता है तब वो अपना मुँह शानू की छूट से जोड़ देता है और मज़े ले के उसकी छूट से निकल रहे काम रास को चाट चाट के पीने लगता है..... इधर मस्ती तो सुलतान पे भी छाने लगी उसका लुंड खड़ा होक उसकी पंत में उछाल कूद मचने लगता है....

झड़ने के बाद शानू निढाल होक गिरने वाली होती है मगर सुलतान फ़ौरन उसे अपनी मज़बूत बाहों में थाम लेता है.... ताकि वो नीचे न गिर जाए.....

फिर बड़े आराम से उसे गॉड में उठा के बीएड पे लेता के एक बार फिर से उसकी छूट को चाटने लगा..... अपनी जुबां उसकी टाइट छूट के छेद में घुसा के अंडर बहार करने लगा..... जैसे की वो अपनी जुबां से उसकी नाज़ुक कमसिन छूट छोड़ रहा हो..... सुलतान की इस हरकत पे शानू एक बार फिर से मस्ती के आसमान में उड़ने लगती है.... वो अपनी गांड उठा उठा के सुलतान के मुँह पे धक्का मारने लगती है.... जिस से सुलतान की जुबां और भी अंडर तक उसकी छूट में जा सके.....

शानू : हाँ.... सुलतान.... ऐसे hi छतो मेरी छूट को..... और कास के चाटो.... खा जाओ इसे.... मममममममम..... Aaaaaaaaaagggghhhhh..... ऊऊऊऊओह्ह्ह्हह..... ममममममम..... Sssssssssssss..... ऊऊऊऊह्ह्ह्ह..... बड़ा मज़ा आ रहा है.... और कास के चाटो...... घुसा दो अपनी पूरी ज़ुबाहाँ..... मेरी चूऊउउउउउउत में..... ममममममम..... है इस मज़े के लिए जाने कब से तड़प रही थी..... आज जाके मुझे ये सुख प्राप्त हुआ है.... आज चाट चाट के मेरी छूट का पूंऊऊऊरा.... पानी nikaaaaaaaaaaal... दो..... मममममममम ... ऊऊऊऊओह्ह्ह्हह.... आआआअह्ह्ह्ह..... ममममम....

ोोोोोूह..... माआआ.... है कितना मज़ाआआ अअअअअ रहा है सुलतान हैं ऐसे hi करते रहो..... वह क्या मस्ती चढ़ रही है..... लगता है बहुत जल्द मेरी छूट फिर से झाड़ जायेगी....

उसकी नंगी गांड ज़ोर ज़ोर से ऊपर नीचे.... आगे पीछे हिलने लगी....

शानू की बात सुन के सुलतान पूरे जोश में आ के अपनी जुबां से उसकी छूट छोड़ने लगा.....

एक बार फिर से शानू का जिस्म अकड़ने लगा..... वो सुलतान के सर को अपनी छूट पे कास के दबाते हुए उसके मुँह में झड़ने लगी.... देखते hi देखते सुलतान का पूरा चेरा महक की छूट रास से भर गया.....

सुलतान उसकी छूट का दाना तब तक लगातार चुस्त रहा जब तक की वो दोबारा नहीं झाड़ गयी..... वो इतनी जोर से झड़ी की उसकी छूट से जैसे बाढ़ hi आ गयी..... सुलतान का पूरा चेहरा यहाँ तक की उसकी शर्ट भी शानू की छूट रास से पूरी तरह से भीग गयी.....

सुलतान ने शानू की छूट से निकले स्वादिस्ट रास को चाट कर पूरी तरह साफ़ कर दिया..... फिर उसके ऊपर आ के उसके होठों को चूसने लगा.....

शानू भी मस्ती में सुलतान के होंठों को चूसने लगती है.... उसके होंठों पे लगे अपनी छूट को को मज़े ले के चाट ने लगती है...

सुलतान की हालत खराब हो चुकी है..… उसका लुंड पूरा रोड की तरह तन गया है…… वो अब शानू की नाज़ुक चिकनी छूट को छोड़ने के लिए तड़प रहा है.....

शानू सुलतान के होंठों को चूम के सेक्सी अंदाज़ में कहती है.....

शानू : जान अब और मत तड़पाओ..... अपनी शानू की छूट की जैम के चुदाई करो..... जाने कब से तुम्हारे मूसल जैसे लुंड से छुड़वाने को मैं और मेरी छूट दोनों hi तड़प रही हैं..... अब एक पल भी और बर्दाश्त नहीं हो रहा है.... जल्दी से मुझे छोड़ के मेरी छूट की प्यास बुझाओ....

शानू की बात सुन के सुलतान उठा और अपना लुंड उसकी छूट के मुहाने पे सत्ता के रगड़ने लगा....

शानू : आआआआह.... जाआआं.... अब और मत तड़पाओ अपनी जान को.... अब दाल भी दो अपना मूसल जैसा लुंड मेरी छूट में..... मममममममम.... आआआआअह्ह्ह..... ऊऊऊओह्ह्ह्ह...

सुलतान : आज मैं आपको छोड़ के आपकी साड़ी गर्मी निकाल दूंगा.....

शानू : जान मेरी और मेरी छूट की गर्मी इतनी जल्दी नहीं ख़तम होने वाली……. तुझे रोज इसे छोड़ना होगा….. तभी मेरी ये रसीली छूट खुश और ठंडी रहेगी.... आआह्ह्ह्हह्ह.... मममममम.....

सुलतान : मममममम.... हाँ हाँ क्यों नहीं.... अब उम्र भर मैं आपकी छूट को छोड़ के इसे ठंडा कर दिया करूँगा..... ये वादा है मेरा आपसे और आपकी इस रसीली छूट से.....

शानू : सोच लो जान.... तुमने वादा किया है.... अब तुम मुकर नहीं सकते.... चाहो तो एक बार फिर सोच लो.....

सुलतान : सुलतान ने एक बार वादा कर दिया तो वो उसे कभी नहीं तोड़ता.... आज से मेरा ये लुंड आपका हुआ.... आप जब चाहे इस से छुड़वा के अपनी छूट की आग ठंडी करवा सकती हैं....

शानू : सच्ची....

सुलतान : मुचि....

शानू की बात सुन के सुलतान जो कहता है उसे सुनके शानू ख़ुशी से उछाल पड़ती है जिस से सुलतान के लुंड का सूपड़ा एक hi झटके में उसकी छूट में घुस जाता है.... और वो ज़ोर से सिसकार उठती है.....

शानू : Aaaaaaaaaagggghhhh.... मज़ा आ गया.... ममममम.... सुलतान अब और देर मत करो और जैम के मेरी चुदाई करो.... Mmm....mmmmm..... ऊऊऊओह्ह्ह....

ये सुनते hi सुलतान एक ज़ोर का झटका मारता है.... जिस से उसका लुंड शानू की छूट में 4 इंच तक अंडर घुस जाता है.....

शानू : आअह्हह्ह्ह्ह……. ुउउइइइइइइइइ…….. जान!!!....... dheere…….araam se……aaahhhhhh……mmmmmm….

सुलतान : आअह्हह्ह्ह्ह…… uuuuuhhhhhhh……Jaan आपकी छूट तो भट्टी की तरह गरम है…….

शानू : आह्ह्ह्हह्ह.... जान तुम्हारे लुंड का hi असर है.... अब छोड़ो मुझे और अंडर तक.... मगर थोड़ा धीरे.... आह्ह्ह्हह्ह....

सुलतान धीरे धीरे शानू की छूट में अपना लुंड अंडर बाहर करते हुए उन्हें छोड़ने लगता है....

शानू को भी अब मज़ा आने लगा है.... मस्ती में वो अपनी गांड ऊपर की तरफ उठा उठा के चुदाई में सुलतान का साथ दे रही है..... धीरे धीरे सुलतान ने धक्के की रफ़्तार तेज़ कर दी और फिर एक करारा शॉट शानू की छूट में मारा जिस से उसका पूरा लुंड शानू की छूट में जा घुसा और सीधे उसकी बच्चेदानी से जा टकराया.... मस्ती और दर्द के मारे शानू तड़प उठी.... उसके मुँह से ज़ोरदार चीख निकल गयी.....

शानू : Aaaaaaaaaagggghhhhh.... Sultaaaaaaaaaaaan.....dheere …… aaahhhh…....aaahhhhhh

शानू की चीख सुन के सुलतान झुक के उसकी चूची को अपने मुँह में ले के चूसते हुए उसकी छूट में धीरे धीरे धक्के लगाने लगा.....

सुलतान : आअह्ह्ह्हह आए……. कितनी सेक्सी छूट है शानू aapki……uuuuuuuuhhhhhh.... मुझे तो जन्नत का मज़ा आआ.... रहा है..... ममममममम....

शानू : aaaaaaaaahhhhhhhhhh..... ममममममममम… जान आआह्ह्ह्हह……. आज तुम्हारा लुंड कुछ अलग hi मज़ा दे रहा है.... इतना मज़ा मुझे पहले कभी नहीं आया..... मममममम.... हाआआआंत्र.... ऐसे hi छोड़ो मुझे.... मममममम..... ऊऊऊऊह्ह्ह.... और कास के छोड़ूऊऊऊ..... फआयआयड दो मेरी छूट को...... मममममम.... अचानक से शानू का जिस्म अकड़ने लगता है और वो झड़ने लगती है.... उसकी छूट से कॉमर्स बहने लगता है..... वो अपनी गांड उठा उठा के सुलतान का साथ दे रही है.... और झड़ने का मज़ा ले रही है....

सुलतान मस्ती में शानू की चुदाई करने लगता है.... करीब एक घंटे तक वो उनकी छूट में अपना मूसल जैसा लुंड अंडर बहार करते हुए उन्हें छोड़ने लगता है.... इस बीच शानू 4 बार झाड़ जाती है....

सुलतान पलट के नीचे आ जाता है शानू को अपने ऊपर बैठा लेता है...

मस्ती में शानू भी उसके मूसल जैसे लुंड पे बाथ के उस से छुड़वाने लगती है.... उसे ऐसा लगने लगता है जैसे सुलतान उसे नहीं बल्कि वो सुलतान को छोड़ रही है.... छूट में लुंड उसे जन्नत का मज़ा दे रहा है..... मस्ती में वो सिसकारी लेते हुए सुलतान के लुंड पे उछलने लगती है.....

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सुलतान को भी बेहद मज़ा आने लगता है.... कुछ hi देर में शानू एक बार फिर से झड़ने के करीब पहुँच जाती है.... उसका जिस्म अकड़ने लगता है और वो झड़ने लगती है.... झड़ने के बाद वो सुलतान के जिस्म पे गिर के निढाल हो जाती है....

सुलतान फ़ौरन पलट के उसके ऊपर आ जाता है.... उसकी छूट में सत्ता सात अपना लुंड पेलने लगता है....

शानू से अब और बर्दाश्त नहीं होता.... उसकी छूट में जलन सी होने लगती है....

शानू : सुलतान अब बस भी कर.... मेरी छूट में जलन सी हो रही है....

सुलतान : बस जान थोड़ी देर और... मेरा बस निकलने hi वाला है....

शानू : जितना मैं आज तेरे साथ एक चुदाई में झड़ी हूँ उतना मैं पहले कभी नहीं झड़ी.... आज तेरा ये मूसल जैसा लुंड मुझे एक अलग hi मज़ा दे रहा है..... वाकई में मैं बेहद लकी हूँ..... जो तू मुझे मिला....

सुलतान : मैं भी तो लकी हूँ जो एक खूबसूरत पारी को छोड़ रहा हूँ....

शानू : आआआआअह्ह्ह्ह.... mmmmmmmmmm..... मैं तो बहोत लकी हूँ.... तभी तो तेरे मूसल जैसे लुंड से छुड़वा के जन्नत का मज़ा ले रही हूँ.... अब बातें काम कर और छोड़ मुझे....

शानू की बात सुन के सुलतान राजधानी की स्पीड से अपना मूसल जैसा लुंड उसकी छूट में अंडर बहार करने लगता है..... अब वो भी झड़ने के करीब पहुँच जाता है....

सुलतान : Aaaaaaaaaaaaaahhhh..... स्वीटीपीए..... मैं झड़ने वाला हूँ.....

सुलतान एक मादक सिसकारी के साथ एक करारा शॉट शानू की छूट में मारता है और अपने लुंड के सुपडे से वार्य की पिचकारी मारते हुए शानू की बच्चेदानी में झड़ने लगता है.... करीब दो मिनट तक वो वार्य की पिचकारी उस की छूट में चोरता रहता है..... शानू भी मस्ती में उसके साथ झड़ने लगती है.....

दोनों इस दुमदार चुदाई का मज़ा लेने लगते हैं और थक के निढाल हो जाते हैं.... कुछ देर आराम करने के बाद सुलतान एक बार फिर से शानू की जैम के बजता है... एक बार फिर से शानू की बच्चेदानी को अपने वार्य से भर देता है....

दोनों इस बात से अनजान हैं की दरवाज़ा के के होल से 2 आँखें जाने कब से उन्हें देख रही हैं.... सुलतान और शानू के बीच हुए इस चुदाई के प्रोग्राम को देख पहले तो उसे दोनों पे बेहद गुस्सा आता है मगर फिर जाने कुछ सोच के उसके होंठों पे कातिल मुस्कान आ जाती है.... और कुछ सोच के वो मुस्कुराती हुई वहां से चल देती है....

कुछ देर आराम करने के बाद सुलतान शानू को किश करने के सीधे अपने दें की तरफ चल देता है....

सुलतान को देखते hi ज़रा आगे बढ़ के उसके सीने से कास के लिपट जाती है... और उसके होंठों को अपने मुँह में ले के चूसने लगती है.... सुलतान उसे खुद से अलग करने की बहोत कोशिश करता है मगर ज़रा उस से अलग होने को तैयार hi नहीं.... करीब 10 मिनट्स तक सुलतान के होंठों को चूसने के बाद जब ज़रा की साँसे उखाड़ने लगती हैं तब कहीं जा के वो उस से अलग होती है....

सुलतान : ज़रा ये क्या था हाँ.... न तू वक़्त देखती है न जगह कहीं भी शुरू हो जाती है...

ज़रा : क्या करूँ जान तू है hi इतना सेक्सी की तुझे देखते hi तुझपे प्यार आने लगता है... खुद पे मेरा काबू नहीं रहता.... दिल करता है तुझसे कास के अपने सीने से लगा के जी भर के प्यार करूँ.... और वैसे भी तू मेरी जान है और मुझे अपनी जान को प्यार करने से कोई नहीं रोक सकता तू भी नहीं....

ज़रा की बात सुन के सुलतान को उसपे प्यार आने लगता है और इस बार वो आगे बढ़ के उसके कास के अपने सीने से लगा के वाइल्ड तरीके से उसके होंठों को चूसने लगता है.... सुलतान की इस हरकत पे ज़रा ख़ुशी से उछाल पड़ती है और किश में उसका साथ देने लगती है.... कुछ देर बाद जब दोनों की किश टूट टी है तब....

मैक्स : यार मुझे नहीं लगता की आज ट्रेनिंग शुरू की जा सकती है.... तुम दोनों लगे रहो हम ट्रेनिंग कल से शुरू कर लेंगे....

ज़रा : हाय मैक्स तू ने तो मेरे दिल की बात कह दी....

सुलतान : क्या दिल की बात कह दी... मतलब कुछ भी हाँ.... ट्रेनिंग आज से बल्कि अभी से शुरू होगी.... जल्दी से सब को ट्रेनिंग एरिया में आने को कहो....

दिया : हम सब को यहाँ किसने और क्यों जमा किया है....?

मिया : ट्रेनिंग के लिए....

जेम्स : किस चीज़ की ट्रेनिंग....? हम को किसी ट्रेनिंग की ज़रुरत नहीं....

मैक्स : ये तुम नहीं बल्कि हम तये करेंगे.... फिलहाल ट्रेनिंग के लिए रेडी हो जाओ....

अन्य : यार ये तो ज़बरदस्ती है... मान न मान मैं तेरा मेहमान.... हम ने कहा न की हम को किसी ट्रेनिंग की ज़रुरत नहीं है....

अभी अन्य ने इतना कहा hi था की तभी सुलतान की आवाज़ सुन के सब खामोश हो जाते हैं.....

सुलतान : ठीक है अगर तुम सब को ऐसा लगता है की तुम्हे ट्रेनिंग की ज़रुरत नहीं है तो फिर मेरा मुकाबला करो....

ये कह के सुलतान फील्ड में आ जाता है....

सुलतान के मुँह से मुक़ाबले की बात सुन के सब को कल रात की मार याद आ जाती है.... दर के मारे सब की हालत खराब हो जाती है....

जिया : ये गलत है.... तुम जानते हो की हम तुमसे नहीं लड़ सकते फिर भी हम को मुक़ाबला करने को कह रहे हो....

सुलतान : चलो मान लेते हैं की तुम मुझसे नहीं लड़ सकते मगर मुझपे वार तो कर hi सकते हो.....

जिया : मतलब....

सुलतान : मतलब ये की तुम को सिर्फ 5 मिनट्स तक मुझपे हुम्ला कर के मुझे ज़मीन पे गिरना है.... अगर तुम में से किसी ने भी मुझे ज़मीन पे गिरा दिया तो मैं ये मान लूंगा की तुम सब को ट्रेनिंग की ज़रुरत नहीं.... और अगर कहीं तुम मुझे ज़मीन पे गिराने में नाकामियाब रहे तो फिर तुम सब को चुप चाप वो ट्रेनिंग लेनी होगी....

जेम्स : ये जानते हुए की तुम हम से ज़्यादा ताक़तवर हो हम को एक पंच में गिरा सकते हो.... हम को अपने साथ लड़ने को कह रहे हो..... ये तो गलत बात है....

सुलतान : चलो ठीक है.... इस को थोड़ा आसान कर देता हूँ.... अगले 5 मिनट्स तक मैं तुम में से किसी पे हाथ नहीं उठाऊंगा.... न hi पलट वार करूँगा....

चिराग : वो सब तो ठीक है मगर ट्रेनिंग की ज़रुरत क्या है.... हम आलरेडी त्रिनेड हैं... तभी तो खान सर ने हम को अपनी टीम में शामिल किया था....

इस से पहले की सुलतान कुछ कहता....

शाइना उर्फ़ मर खान : हाँ ये सच है की तुम सब पहले से hi त्रिनेड हो मगर उतने नहीं की आगे आने वाले गुंडों का मुक़ाबला कर सको.... अब तक तुम सब का सामना जिनसे हुआ वो लोकल गुंडे थे.... मगर आगे तुम सब का सामना जिनसे होने वाला है वो इंटरनेशनल माफिया है जो हाइली त्रिनेड हैं... उन से लड़ने के लिए तुम सब को स्पेशल ट्रेनिंग की ज़रुरत है.....

मिया : वो तो ठीक hI मगर हमारा मुक़ाबला सुलतान से hi क्यों....?

मैक्स : वो इस लिए ताकि तुम सब अपने बारे में ये पता कर सको की तुम सब में कितना दम है....

सुलतान बीच में जा के खड़ा हो जाता है और कहता है.....

सुलतान : अगर तुम सब को मेरे और मेरी टीम के साथ काम मरना है तो जैसा मैं कहूं वैसा करना होगा.... अगर नहीं तो तुम यहाँ से जा सकते हो.... फिर आगे तुम सब के साथ क्या होता है उसका ज़िम्मेदार मैं नहीं....

सुलतान की बात सुन के सब शाइना की तरफ देखते हैं... शाइना हाँ में अपनी गर्दन हिला देती है....

सब : हम तैयार है....

सुलतान : तो फिर देर किस बात की है... शुरू हो जाओ.... के ों अटैक में...

सुलतान के कहते hi सब आगे बढ़ के एक साथ सुलतान को पंच और किक मारते हैं.... हर पंच और किक पे दर्दनाक चीख फ़िज़ा में गूँज उठती है....

अअअअअअअअअगह्ह्हह्ह्ह्ह....

ये चीख उन सब की है... सब अपना हाथ और पेअर पकड़ के दर्द में तड़प के कहते हैं....

मिया : ये गलत बात है.... अपने कपड़ों के अंडर स्टील का सेफ्टी सूट पेहेन के हम को खुद पे वार करने को कह रहे हो.... क्या ये सही है....? क्या ऐसे hi हम की धोका दे की यहाँ ट्रेनिंग दी जायेगी....?

मिया की बात सुन के ज़रा गुस्से में कहती है....

ज़रा : तेरी हिम्मत कैसे हुई सुलतान को धोकेबाज़ कहने की.... सुलतान ने कोई धोका नहीं दिया....

मिया : अगर ऐसा है तो इस से कहो की अपना जैकेट और शर्ट निकाल के दिखाए की इस ने अंडर कोई सेफ्टी सूट नहीं पहना है....

मिया की बात सुन के सुलतान को न चाहते हुए भी अपना जैकेट और शर्ट उतारना पड़ता है....

सुलतान बेहद गुस्से में मिया को देखते हुए.... अपनी जैकेट उतारता है फिर शर्ट....

सुलतान की 8 पैक्स मस्कुलर बॉडी देख के वहां मौजूद सभी के होश उड़द जाते हैं.... सब एक तक उसे देखते रह जाते हैं.... ज़रा और शाइना के साथ साथ वहां मौजूद सभी लडकियां बस एक तक सुलतान के जिस्म को घूरे जा रही हैं.... सुलतान की मस्कुलर बॉडी को देख के वो उसकी तरफ आकर्षित होने लगती हैं.... उनके जिस्म में सेक्स की तेज़ लेहेर सी दौड़ जाती है... साथ hi उनकी छूट मस्ती में कॉमर्स की कुछ बूंदे टपका देती है.... सब को यूँ अपने जिस्म की तरफ घूरता पा के सुलतान का गुस्सा और भी तेज़ हो जाता है.... वो अभी कुछ कहने hi वाला होता है की तभी....

जस्मिने : सुलतान ये क्या किया आपने.... ये जानते हुए भी की आपका सेक्सी और मज़बूत जिस्म देख के ये लडकियां आपकी तरफ आकर्षित होने लगेंगी आप ने इन्हे अपना सेक्सी और मज़बूत जिस्म इनके सामने बेपर्दा कर दिया.... थोड़ा संभल के कहीं ऐसा न हो की आपकी मस्कुलर बॉडी पे फ़िदा होक यहाँ मौजूद सभी लडकियां आपकी इज़्ज़त लूट लें....

अभी सुलतान कुछ कहने hi वाला होता है की तभी.... वहां मौजूद सभी के मुँह से एक साथ वाओ निकल जाता है....

जिया : यार मुझे नहीं पता था की सुलतान की बॉडी इतनी सेक्सी... ी मैं इतनी मज़बूत है....

दिया : सच कह रही है यार.... ये कपड़ों के ऊपर से जितना स्मार्ट डैशिंग और हैंडसम लगता है.... उस से कई ज़्यादा हैंडसम तो ये बिना कपड़ों के है...

मिया : हाय ये वाकई में बेहद सेक्सी है.... इसे देख के जाने मेरे अंडर क्या क्या हो रहा है....

वहां मौजूद सुलतान की टीम की लडकियां भी सुलतान की बॉडी को देख के ाँहें भरने लगती है... साथ hi कुछ न कुछ कहने लगती हैं....

सब की बात सुन के वहां मौजूद लड़कों को सुलतान से जलन होने लगती है... जलन तो ज़रा को भी होती है.... वो गुस्से में कहती है....

ज़रा गुस्से में सिक्योरिटी गार्ड्स से कहती है....

ज़रा : अगर अब इन लोगों ने सुलतान को यूँ घूरना बंद कर के उसपे हुम्ला करना नहीं शुरू किया तो इनको एक एक कर के गोली मार देना....

ज़रा के कहते hi सिक्योरिटी गार्ड्स सब पे गन तान देते हैं.... न चाहते हुए भी सब को सुलतान पे हुम्ला करना पड़ता है.... सुलतान पे किये हर पंच और किक पे उनके मुँह से दर्दनाक चीख निकल जाती है.... कुछ hi देर में उनके हालत खराब हो जाती है....

सुलतान : वो सामने हथियार पड़े हैं चाहो तो उन्हें इस्तेमाल कर सकते हो....

सुलतान की बात सुन के सब सामने पड़े हथियार ले के सुलतान पे वार करने लगते हैं.... सुलतान उनके हर वार से खुद को बचता रहता है.... 20 के 20 मिल के भी सुलतान पे हथियारों से एक वार तक नहीं कर पाते.... कुछ देर में थक के सब चूर हो जाते हैं किसी में इतनी हिम्मत नहीं की सुलतान पे एक वार भी और कर सके....

सुलतान : क्या हुआ.... बस इतने से में हवा निकल गयी.... बस तुम सब को बड़ी बड़ी बातें करना आता है लड़ना नहीं.... तो ये सब ड्रामा चोरो और ट्रेनिंग में लग जाओ.... 30 दिन हैं तुम सब के पास सिर्फ 30 दिन उसके बाद तुम सब का टेस्ट होगा और जो उसमे पास होगा वो hi हमारे साथ काम कर पायेगा....

फिर अपने स्पेशल फाइटर को उन्हें ट्रैन कर ने को कह के सुलतान पलट के मिया के करीब जा के उसकी आँखों में देखते हुए कहता है...

सुलतान : तुझे तो मैं खुद ट्रैन करूँगा.... बहुत शौक है न तुझे मुझपे गोलियां चलने का.... बस देखती जा कल से तेरे साथ क्या होता है.... बे रेडी फॉर तहत....

ये कह के सुलतान वहां से निकल के अपने घर लौट आता है.... घर के बहार पहुँच के सुलतान इधर उधर देखता है फिर अपने हाथ उठा के घर की तरफ करता है देखते hi देखते सुलतान के हाथ से नीले रंग की रौशनी निकल के घर को चारो तरफ से धक् लेती है फिर कुछ पल बाद वो गायब हो जाती है.... जिसे देख सुलतान के चेहरे पे मुस्कराहट फैल जाती है और वो मुस्कुराते हुए घर के अंडर चल देता है....

सुलतान सीधे कुसुम के पास जाता है और उस के साथ कुछ प्यार भरे लम्हे बिताने के बाद सोना के रूम की तरफ बढ़ जाता है....

वहां रूम में ऐना और मीणा जाने सोना को क्या क्या सुनाये जा रही हैं.... वो मीज़ा (सोना के कॉलेज की दोस्त) की बात को ले के सोना पे नाराज़ हो रही हैं.... सुलतान को देख के दोनों खामोश hi जाती हैं.....

सुलतान : क्या बात है मेरी दोनों परियां यहाँ क्या कर रही हैं.... और इतनी गुस्से में क्यों हैं....?

ऐना : वो हम सोना से सच जान ने आये थे....

सुलतान : सच...!!! कैसा सच...???

ऐना : ये सच की एक तरफ तो इनका कहना है की ये आपको सुलतान दिल ो जान से चाहती हैं... वहीँ इनकी बेस्ट फ्रेंड ने इनके सामने ये कहा की ये आपको नहीं बल्कि उस कमीने नदीम को चाहती हैं..... जिसके गुंडों ने आज मेरे साथ साथ इनकी भी इज़्ज़त लूटने की कोशिश की....? वो तो ऊपर वाले का करम हुआ की आप वक़्त पे आ गए और आपने हमारी इज़्ज़त और जान बचा ली वर्ण तो हम आज किसी को मुँह दिखने के लायक न होते.... ऊपर से इनकी वो सो कलीद कमीनी दोस्त उलटे आप पे इलज़ाम लगा रही थी.... इतना सब होने के बाद भी ये खामोश हैं.... आखिर इस सब की वजह क्या है....? वो क्या बात है जिसे ये हम से छुपा रही हैं.... पूरा कॉलेज जानता है की नदीम एक नंबर का आवारा और ऐयाश किस्म का लड़का है.... इस पूरी दुनिया में ऐसा कौन सा बुरा काम है जो वो नहीं करता.... उस से घटिया इंसान से इनका क्या रिश्ता है....????

सुलतान : मैंने कहा था न की सोना से जो भी बात करनी होगी वो मैं खुद करूँगा.... इसे जो भी सजा देनी होगी वो मैं खुद दूंगा.... और कोई नहीं.... कहा था की नहीं....

मीणा : हाँ कहा था मगर....

सुलतान : कोई अगर मगर नहीं.... तुम दोनों ये सब चोरो और जा के अपनी पढ़ाई पे ध्यान दो... इसके साथ क्या करना है वो मैं देख लूंगा.... और हाँ एक बात और.... तुम दोनों को किसी से डरने की ज़रुरत नहीं है... तुम दोनों कोई मामूली लडकियां नहीं हो बल्कि सुलतान की परियां हो... आज से बल्कि अभी से मैंने अपनी दोनों परियों की सिक्योरिटी का पूरा इंतज़ाम करवा दिया है.... तुम दोनों को चुना तो दूर आज के बाद से कोई बिना तुम्हारी इजाज़त के तुम्हारे करीब भी नहीं आ सकता.... और अगर किसी ने ज़बरदस्ती करने की कोशिश की तो फिर आज जो भी उन गुंडों के साथ हुआ वो सब उनके साथ भी होगा...

सुलतान की बात सुन के ऐना और मीणा आगे बढ़ के सुलतान के सीने से लिपट जाती हैं.... सुलतान उनके माथे पे किश करके उन्हें घर जाने को कहता है.... और साथ hi ये भी कहता है की

सुलतान : आज जो भी कुछ हुआ वो किसी को बताने की ज़रुरत नहीं... बेकार में सब परेशान हो जाएंगे.... अब तुम दोनों बेफिक्र हो के जाओ....

सुलतान की बात सुन के दोनों ख़ुशी से मुस्कुराती हुई वहां से चल देती हैं....

सुलतान पलट के सोना की तरफ देखता है.... जो वहीँ पास में कड़ी आंसू बहा रही है.... वो छह के भी सुलतान से कुछ नहीं कह पा रही हैं....

सुलतान एक पल उसको देख के रूम से बहार की तरफ चल देता है.... सुलतान के यूँ बिना कुछ कहे रूम से निकल जाने से सोना को हैरानी भी होती है साथ hi खुद पे गुस्सा भी आता है....

हैरानी इस बात पे की इतना सब हो जाने के बाद भी सुलतान ने क्यों उस से एक लफ्ज़ तक नहीं कहा....? क्यों उस से एक सवाल तक नहीं पुछा...? क्यों....? और गुस्सा उसे खुद पे आता है की मॉल में सब के सामने मीज़ा सुलतान को जाने क्या क्या नहीं सुनाये जा रही थी यहाँ तक की उसपे बेबुनियाद इलज़ाम भी लगाए जा रही थी.... उसे थप्पड़ मार के खामोश करवाने के बजाये सोना खुद ख़ामोशी से खड़े सब देख रही थी.... आखिर उसने मीज़ा को कुछ कहा क्यों नहीं....? आखिर वो उस वक़्त खामोश क्यों रही...? क्यों...?

अभी वो इन सवालों के जवाब ढूंढ hi रही थी की तभी रूम का दरवाज़ा खुलता है और सुलतान रूम में आता है.... सुलतान के हाथ में खाने की प्लेट देख सोना और भी ज़्यादा हैरान हो जाती है.... सुलतान कहानी की प्लेट को टेबल पे रख के सोना के करीब जाता है और उसका हाथ पकड़ के उसे पास पड़े चेयर पे अपने बगल में बैठा देता है.... फिर बिना कोई सवाल जवाब किये उसकी आँखों से बहते आंसू को पॉच के खाने की प्लेट से एक निवाला बना के सोना के मुँह की तरफ बढ़ा देता है....

सोना हैरत से बस सुलतान को देखे जा रही है.... सुलतान निवाले की तरफ इशारा करता है.... सुलतान का इशारा पा के सोना निवाला मुँह में ले के खाने लगती है... सुलतान ख़ामोशी से बस एक तक सोना की आँखों में देखते हुए उसे खाना खिलता रहता है....

सुलतान : आराम करो.... 3 घंटे के बाद हम को एक ज़रूरी काम के लिए जाना है...

इतना कह के वो सोना के दिमाग में सवालों का अम्बार चोर के रूम से बहार आ जाता है....

किचन में प्लेट रखने के बाद वो अपने रूम की तरफ जा hi रहा होता है की तभी उसकी नज़र सोफे पे बैठी महक पे पद जाती है.... महक सामने लगी सुलतान की तस्वीर को देखते हुए आंसू बहाये जा रही है....

सुलतान से महक का रोना देखा नहीं जाता.... उसका दिल तड़प जाता है... और वो प्यार से उसका नाम ले के उसे पुकारता है....

सुलतान : मुस्कान....

सुलतान की आवाज़ सुन के महक चौंक के उस तरफ देखती है.... सुलतान को वहां खड़े देख साथ hi उसके मुँह से महक की जगह फिर से मुस्कान सुन के उसे बेहद ख़ुशी होती है.... वो आगे बढ़ के सुलतान के सीने से लिपट के रोना चाहती है उस से बचपन में की अपनी गलती की माफ़ी माँगना चाहती है... मगर शर्मिंदगी की वजह से न hi वो कुछ बोल पा रही है और न hi अपने पेअर हिला पा रही है.... बस एक तक सुलतान को देख के रोये जा रही है....

सुलतान : इन 2 दिनों में जो भी कुछ हुआ उसकी वजह से क्या तुम मुझसे इतनी नाराज़ हो गयी की अब मुझसे बात तक करना तुम्हे गवारा नहीं....? क्या मेरी यही गलती थी की मैंने सच जान ने की कोशिश की....? बताओ मुझे मुस्कान क्या गलती थी मेरी....? ये की सच जा ने के बाद भी मेरे दिल में मेरी सब से प्यारी दोस्त के लिए न hi इज़्ज़त काम हुई और न hi प्यार....? मगर शायद सच जान न hi मेरी सब से बड़ी गलती थी.... शायद सच जानते hi मैंने अपनी सब से प्यारी दोस्त को खो दिया.... अपनी दोस्त की खातिर मैंने तो सब कुछ भुला दिया मगर शायद मेरी दोस्त आज भी वो सब नहीं भूल पायी है..... आज भी वो मुझे शैतान....

अभी सुलतान इतना hi कह पाया था की तभी Muskaan/Mehek दौड़ती हुई उसके पास जाती है और कास के उसके सीने से लिपट के रोने लग जाती है.... सुलतान उसे कास के अपनी बाहों में समेत लेता है.... और खुद के साथ साथ उसे भी अपनी पावर्स के घेरे में ले के इनविजिबल सा हो होता है ताकि कोई उन्हें न देख सके.... फिर मुस्कान के कान में कुछ कहता है जिसे सुन के मुस्कान का रोना बंद हो जाता है वो हैरत से सुलतान के चेहरे की तरफ देखने लगती है.... जैसे की पूछना छह रही हो की जो भी कुछ अभी सुलतान ने उसके कान में कहा क्या वो सच है....?

सुलतान आँखों के ज़रिये उसकी बात समझ जाता है और दिमाग के ज़रिये उसकी बात का जवाब देता है....

सुलतान दिमाग के ज़रिये : हाँ मुस्कान... मैंने अभी जो भी कुछ तुझे बताया वो सब सच है....

सुलतान की आवाज़ को अपने दिमाग में सुन ते hi मुस्कान को बड़ी हैरानी होती है.... वो सुलतान से कुछ पूछने hi वाली होती है की तभी....

सुलतान उसे पूरी बात बताता है... जिसे सुन के मुस्कान के होश उड़द जाते हैं....

मुस्कान शॉकेड : Kyaaaaaaaaaaaa....?

सुलतान : हाँ ये सच है.... मगर आधा सच.... पूरा सच तो मुझे भी नहीं पता.... मगर हाँ जल्द से जल्द हम को ये पता लगाना है की पूरा सच है क्या....? आखिर ये सब कर कौन रहा है....? वो कौन है जो ये खेल खेल रहा है.... न चाहते हुए भी उस खेल के मोहरे मेरे पूरे परिवार वाले बन गए हैं.....

मुस्कान कुछ कहने hi वाली होती है की तभी सुलतान उसे चुप करा देता है....

सुलतान : अब से हम जब भी इस बारे में कुछ बात करेंगे.... तो जुबां से नहीं बल्कि दिमाग से बात करेंगे.... क्यों की अभी ये नहीं पता चल पाया है की हमारे बीच वो हमारा दुश्मन कौन है....? वो बेहद hi चालाक और शातिर है.... उसने बड़ी चालाकी से सब को मेरे खिलाफ कर दिया है.... ताकि मैं इस सब में उलझ के रह जाऊं.... और वो बड़ी सफाई से अपने काम और नापाक इरादों को अंजाम दे सके...? मगर ये उसकी भूल है.... शातिर से शातिर मुजरिम भी कहीं न कहीं कोई न कोई गलती ज़रूर करता है.... जिस से उसका सच सब के सामने आ जाता है.... ठीक उसी तरह ये जो भी कोई है वो भी एक न एक दिन गलती ज़रूर करेगा.... मुझे बस इंतज़ार है उसकी गलती का.... उसकी एक गलती और वो मेरे सामने होगा.... फिर मैं उसका क्या हाल करूँगा ये उसने सपने में भी नहीं सोचा होगा....

मुस्कान : वो सब तो ठीक है मगर उसने कहीं तुम्हे नुक्सान पहुँचाने की कोशिश की तो....?

सुलतान : बचपन की बात और थी तब मैं कमज़ोर और बेसहारा था मगर अब ये मुमकिन नहीं.... अब मैं इतना पावरफुल हूँ की कोई भी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता.... रही बात उस ुंजाने दुश्मन की तो वो जो कोई भी है वो इतना ताक़तवर नहीं है की मुझपे सीधे वार करके मुझे नुक्सान पहुंचा सके... वो मेरे अपनों में से hi किसी न किसी का इस्तेमाल करके मुझे तकलीफ पहुँचाना चाहता है.... बस अब से हम को पूरी तरह से चौकन्ना रहना होगा और सभी की हर एक हरकतों पे नज़र रखना होगा.... हो सकता है की वो हम में से कोई हो....

मुस्कान : मतलब की तुम्हे सब पे शक है....

सुलतान : मैं कहना तो नहीं चाहता मगर हाँ ये सच है.... मुझे सब पे शक है....

मुस्कान : M.....M....Mu...Mujhpe भी....

सुलतान : नहीं....

मुस्कान : मैं भी तो सब की तरह hi हूँ.... हो सकता है शैतान तेरे खिलाफ मुझे इस्तेमाल कर रहा हो....?

सुलतान : नहीं ये मुमकिन नहीं.... जानती है क्यों...? क्यों की तेरा इलाज करते वक़्त काली शक्तियों को तेरे जिस्म से बहार निकालने के बाद मैंने तेरे जिस्म को अपनी पावर्स से बाँध दिया था ताकि इस पूरे ब्रह्माण्ड की कोई भी काली शक्ति तेरे अंडर वापिस जा के तुझे नुक्सान नहीं पहुंचा सके.... न hi तेरे ज़रिये मेरे साथ कुछ गलत कर सके.... तेरी तरह शानू माँ के जिस्म में भी मेरी पावर्स हैं वो भी शैतान की काली शक्तियों का शिकार नहीं हो सकती.... और रही बात इस घर की तो इसे भी मैंने अपनी पावर्स से बाँध दिया है... अब से यहाँ भी कोई काली शक्ति अपना असर नहीं कर सकती है....

मुस्कान : सुलतान प्लीज मुझे माफ़ कर दो... मैंने जो भी किया वो बहकावे में आ के किया.... उस वक़्त मैं एक छोटी सी बच्ची थी.... मुझे न तो अच्छे बुरे की समझ थी और न hi अपने पराये की... मुझे जो भी मेरे बड़ों ने बताया उसे hi मैंने सच मान लिया और तुम्हारे साथ वो....

इतना कह के मुस्कान रोने लगती है... सुलतान उसे चुप करने की बहुत कोशिश करता है मगर मुस्कान है की चुप होने का नाम hi नहीं ले रही है.... बस सुलतान से माफ़ी मांगते हुए रोये जा रही है.... मुस्कान को चुप न होते देख सुलतान जो करता है उसे देख के मुस्कान बुरी तरह से शॉक हो जाती है.... वो हैरत से बस सुलतान को देखने लगती है....?????

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इधर अपने बेटे नदीम और अपने गुंडों की ऐसी हालत देख के मिनिस्टर गुस्से से पागल हो जाता है....

मिनिस्टर : कौन है वो कमीना जिसने मेरे बेटे की ऐसी हालत की है....? पकड़ के लाओ उस कमीने को मैं उसे खुद अपने हाथों से ऐसी मौत मारूंगा की आज के बाद कोई मेरे बेटे के ऊपर हाथ उठाना तो दूर उसे देख के भी डरेगा....

गुंडा : M....M....Magar बॉस वो कोई मामूली इंसान नहीं है बहुत पावरफुल है उसपे हम यूँ hi हाथ नहीं दाल सकते.... उस से यहाँ का सप भी डरता है.... तो हम कैसे...?

अभी उस गुंडे ने इतना hi कहा था की तभी मिनिस्टर गुस्से में आ के उसे गोली मार के कहता है....

मिनिस्टर : साले कमीने मेरे सामने उस कमीने की तारीफ कर रहा है इतना hi नहीं उस से दर भी रहा है.... साले तेरे जैसे डरपोक की एक hi सजा है और वो है मौत.... अब तुम सब कान खोल के सुन लो अगर इस की तरह बेमौत मरना नहीं चाहते हो तो जल्दी से जा के उस कमीने को पकड़ के मेरे पास लाओ....

मिनिस्टर की बात सुन के वहां मौजूद सभी गुंडों की दर के मारे पहात जाती है.... वो सब फ़ौरन वहां से निकल लेते है....

इधर डी ठाकुर का बीटा और उसके गुंडे भी अपने काम में लगे हुए हैं.... एक एक कर के फिर से वो लोग लड़कियों को किडनैप कर रहे हैं.... किडनेपिंग को छुपाने के लिए शहर में जगह जगह पे घागडे मार काट और लूट पात भी मचा रहे हैं... ताकि शहर की पुलिस इस सब में उलझ के रह जाए और किसी को कानो कान खबर न हो सके की फिर से लड़कियों को किडनैप किया जा रहा है.... बस एक बार 150 लडकियां विदेश पहुँच जाए और डी ठाकुर का कंटेनर आ जाए फिर होगा असली चौंकाने वाला धमाका.... आखिर डी ठाकुर करने क्या वाला है....??????


(वर्ड काउंट 6570)
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....



अपडेट 169....

मुस्कान : सुलतान प्लीज मुझे माफ़ कर दो... मैंने जो भी किया वो बहकावे में आ के किया.... उस वक़्त मैं एक छोटी सी बच्ची थी.... मुझे न तो अच्छे बुरे की समझ थी और न hi अपने पराये की... मुझे जो भी मेरे बड़ों ने बताया उसे hi मैंने सच मान लिया और तुम्हारे साथ वो....

इतना कह के मुस्कान रोने लगती है... सुलतान उसे चुप करने की बहुत कोशिश करता है मगर मुस्कान है की चुप होने का नाम hi नहीं ले रही है.... बस सुलतान से माफ़ी मांगते हुए रोये जा रही है.... मुस्कान को चुप न होते देख सुलतान जो करता है उसे देख के मुस्कान बुरी तरह से शॉक हो जाती है.... वो हैरत से बस सुलतान को देखने लगती है....?????

अब आगे....

सुलतान मुस्कान का चेहरा अपने हाथों में ले के उसके होंठों को अपने मुँह में ले के चूसने लगता है.... सुलतान के इस अचानक से की हरकत की मुस्कान को उम्मीद नहीं थी.... वो चौंक जाती है.... उसका रोना बंद हो जाता है... उसे समझ नहीं आ रहा है की सुलतान ने अचानक से ऐसा क्यों किया....? कहाँ वो मुस्कान पे अपनी नाजाज़गी दिखा रहा था वहीँ अब वो उसपे प्यार दिखा के उसके होंठों को चूस यानी उसे किश कर रहा है.... ये गुस्सा है या प्यार उसे समझ नहीं आ रहा है... वो खुद को सुलतान से अलग करने की कोशिश करना चाहती है मगर कर नहीं पाती... बिना हिले डुले बस सुलतान के चेहरे की तरफ देखने लगती है.... करीब 10 मिनट्स तक मुस्कान के होंठों को चूसने के बाद सुलतान उस से अलग होता है.... मुस्कान को खुद को यूँ हैरत से घूरते देख उसे इस बात का एहसास होता है की अभी उसने क्या किया.... मुस्कान को कुछ न कहते देख सुलतान को ऐसा लगता है की शायद सुलतान ने उसे किश करके गलती कर दी वो उसे कुछ कहने hi वाला होता है की तभी....

सुलतान : स.... स... सॉरी यार.... वो गलती से हो गया.... मैं क्या करता... तू बस रोये जा रही थी... चुप होने का नाम hi नहीं ले रही थी... मैंने तुझे चुप करने की बहुत कोशिश की मगर मैं नाकाम रहा.... फिर जाने मुझे क्या सूझा मुझसे वो हो गया.... मैं अपनी इस हरकत पे बेहद शर्मिंदा हूँ प्लीज मुझे माआ...

अभी सुलतान बस इतना hi कह पाया था की तभी उसके होंठों खामोश हो जाते हैं.... उसमे से आवाज़ hi नहीं निकलती.... मुस्कान सुलतान को आगे कुछ बोलने hi नहीं देती... उसके होंठों को अपने होंठों से खामोश कर देती है... अब चौंकने की बारी सुलतान की है.... उसे मुस्कान की इस हरकत पे बेहद हैरानी होती है... वो मुस्कान से खुद को अलग करने की कोशिश करता है मगर कर नहीं पाटा मुस्कान उसे चोर्ने को तैयार hi नहीं है.... वो बस उसके होंठों को चूसने में लगी हुई है.... फिर जब मुस्कान की साँसे उखाड़ने लगती हैं तब कहीं जा के वो सुलतान से अलग होती है....

मुस्कान : तुमने ऐसा कुछ नहीं किया जिसके लिए तुम्हे सॉरी कहना पड़े.... और रही बात मुझे बुरा लगने की तो अगर तुम वो न करते तू शायद मुझे बुरा लगता.... मगर अब मैं बेहद खुश हूँ... हाँ मैं बेहद खुश हूँ.... अपने सुलतान को वापिस पा के मैं बेहद खुश हूँ... अब मुस्कान को उसके सुलतान से कोई अलग नहीं कर सकता.... कोई भी नहीं.... ये कह के मुस्कान आगे बढ़ के कास के सुलतान के सीने से लिपट जाती है.... सुलतान भी उसे अपनी बाहों में कास लेता है....

कुछ देर तक दोनों एक दूसरे के जिस्म से ऐसे hi लिपटे एक दूसरे को महसूस करते रहते हैं.... तभी सुलतान के मोबाइल पे कॉल आने लगती है जिस से दोनों की तंत्र टूट टी है....

सुलतान : हाँ बोल मैक्स....

मैक्स : W....W.... वो सुलतान बात ये है की वो.... वो...

सुलतान : क्या बात है मैक्स....? आखिर ऐसी क्या बात है जिसे बताने में तू इतना घबरा रहा है.....?

मैक्स : वो.... वो बात hi कुछ ऐसी है की वो मैं तुझे फ़ोन पे नहीं बता सकता.... वो पता नहीं कुछ बेहद अजीब है.....

सुलतान : मैक्स तू क्या कह रहा है मेरी कुछ समझ में नहीं आ रहा है....

मैक्स : सुलतान तू यहाँ आके खुद देख ले....

सुलतान : ठीक है चल में आता हूँ.....

फिर सुलतान मुस्कान को कुछ अर्जेंट काम बोल के वहां से चल देता है दें की तरफ.....

सुलतान : हाँ मैक्स बोल तू क्या कह रहा था.....?

मैक्स : कल जो तू ने अपने सीक्रेट Drone's में लगे माइक्रो कैमरा को पूरे शहर में छोरा था.... उन सब की रिकॉर्डिंग मैंने चेक की है और जो देखा वो कुछ अजीब सा है बेहद अजीब और खौफनाक....

सुलतान : अजीब और खौफनाक मतलब....

मैक्स : तू खुद देख ले तुझे पता चल जाएगा की मैं क्या कहना छह रहा हूँ....

फिर मैक्स सुलतान को कुछ video's दिखता है जिसे देख के पहले तो सुलतान को बेहद हैरानी होती है मगर फिर कुछ सोच के उसके चेहरे पे गुस्सा और होंठों पे मुस्कराहट फैल जाती है.... वो ज़ोर ज़ोर से हसने लगता है जिसे देख मैक्स को बेहद अजीब लगता है....

मैक्स : तेरे चेहरे पे गुस्सा तो समझ में आया मगर ये अचानक से तू हसने क्यों लगा....?

सुलतान : मुझे गुस्सा ये देख के आया की शैतान अपनी हैवानियत पे उतर आया है उस ने मासूम लोगों को अपना शिकार बना कर अपनी ताक़त बढ़ाना शुरू कर दिया है.... रही बात मेरे हसने की तो इस वीडियो को देख तुझे खुद पता चल जाएगा....

ये कह के सुलतान सामने स्क्रीन पे एक वीडियो प्ले कर देता है.... जिसे देख के मैक्स चौंक जाता है...

मैक्स : ये तो सोना है.... मगर ये उन शैतानो का साथ क्यों दे रही है....? क्या ये भी उनमे से एक है....?

सुलतान : जो बात तू ने सोना के लिए कही वो बात अगर ऊपरवाला खुद आके भी कहे तब भी न मानु.... सोना न कभी गलत थी और न hi कभी गलत हो सकती है.... वो मेरी जान है.... मेरी रूह है... मेरी धड़कन है.... वो मेरे राग राग में समायी हुई है.... अपनी रूह की गहराइयों से चाहता हूँ मैं उसे.... मेरी चाहत कभी गलत नहीं हो सकती....

मैक्स : तेरी कोई भी बात मेरी समझ में नहीं आ रही है.... एक तरफ तो तू ये कहता है की तू सोना से नफरत करता है वहीँ दूसरी तरफ तू ये कह रहा है की तू उसे दिल ो जान से चाहता है.... आखिर तेरे दिल ो दिमाग में है क्या...? प्यार या फिर नफरत....?

सुलतान : जिस दिन तुझे सच्चा प्यार होगा उस दिन तुझे खुद पता चल जाएगा की मेरे दिल और दिमाग में क्या है....

मैक्स : समझ गया की सोना.... ओह सॉरी.... सोना नहीं.... भाभीजाण.... क्यों मैंने ठीक कहा न....

मैक्स की बात सुन के सुलतान मुस्कुराते हुए कहता है....

सुलतान : कभी कभी तू समझदारी वाली बात करता है....

मैक्स : मैं तो हमेशा hi समझदारी वाली बातें करता हूँ वो अलग बात है की तुझे मेरी बात काम hi समझ आती है....

सुलतान : अच्छा जी उस्ताद से उस्तादी.....

मैक्स : अब तेरी संघात का कुछ तो असर होना hi है.... खैर वो सब चोर और ये बता की अगर वो सोना नहीं है तो फिर वो है कौन और ये जो शैतान आउट गुंडे हैं उन सब को रोका कैसे जाए....?

सुलतान : वो सोना नहीं है ये बात पक्की है क्यों की जिस वक़्त की ये वीडियो है उस वक़्त सोना मेरे साथ कॉलेज में थी.... ये कोई और hi है जिसने सोना का रूप लिया हुआ है हम सब को उलझने के लिए.... ये उसी का काम है जिसने पहले भी सोना का इस्तेमाल किया था हम को उसके खिलाफ करने के लिए....

मैक्स : हाँ याद है मुझे मगर ये सोना के भेस में है कौन....? और इन सब के पीछे किस का हाथ है....?

सुलतान : वो hi तो पता लगाना है की वो कौन है जो चुप के वार कर रहा है.... ये सब खेल खेल रहा है.... इस पूरी शाजिश का सूत्रधार.... जल्द hi उसका पता भी चल जाएगा.... फिलहाल हम को उन कमीनो को रोकना होगा जो उन मासूम लोगों को मार रहे हैं... उन को रोकना मुश्किल नहीं मगर आसान भी नहीं है.... आसान इस लिए नहीं क्यों की इनमे 20% शैतान हैं और मुश्किल इस लिए नहीं की बाकी सब इंसान हैं.... शैतानो का मुक़ाबला इंसान नहीं कर सकते....

मैक्स : हाँ माना की हम इंसान शैतानो का मुक़ाबला नहीं कर सकते हैं मगर प्रिंस ऑफ़ यूनिवर्स यानी तेरे लिए ये कोई मुश्किल बात नहीं.... सुलतान बड़ी आसान से इन शैतानो को मार के मासूम लोगों को बचा सकता है.... और रही बात गुंडों की तो उसके लिए हमारी टीम काफी है... जो की जल्द पूरी तरह से ट्रैन हो जायेगी....

सुलतान : वो सब तो ठीक है मगर पहले ये पता लगाना होगा की आखिर वो जगह कौनसी है जहाँ से शैतान इंसानो पे हुम्ला कर रहे हैं.... ख़ास कर के इन 3 वीडियो में दिखाई गयी जगह जहाँ शैतान इंसानो पे अपना केहर ध रहे हैं....

अभी मैक्स कुछ कहने hi वाला होता है की तभी सुलतान को एक दर्द भरी चीख सुनाई देती है..... जिसे सुनते hi सुलतान का दिल तड़प जाता है.... उसकी आँखें नाम हो जाती है....

अअअअअअअअअगह्ह्हह्ह्ह्ह बचाओ Sultaaaaaaaaaaaan..... बचाओओओओओ....

मैक्स : क्या हुआ सुलतान ये अचानक से तेरी आँखें नाम क्यों हो गयी....?

सुलतान : यार ऐसा लगा जैसे की मेरा कोई अपना मुझे मदत के लिए पुकार रहा है.... उसकी दर्द भरी पुकार सुन के मेरी आँखें नाम हो गयी....

मैक्स : आवाज़....!!!! कैसी आवाज़.... मुझे तो कोई आवाज़ नहीं सुनाई दी.... और तू ये किस अपने की बात कर रहा है.....? कौन है वो....?

सुलतान : पता नहीं यार वो कौन है....? कहाँ है....? मगर कोई तो है जो बेहद तकलीफ में है.... उसकी आवाज़ में इतना दर्द है.... जिसे सुन के पत्थर दिल इंसान भी तड़प उठे....

मैक्स : किसकी आवाज़ है वो जो तुझे इतना तड़पा रही है....?

सुलतान : पता नहीं.... शायद वो कोई लड़की या फिर कोई औरत है....

सुलतान ने अभी इतना hi कहा था की तभी....

जस्मिने : "मन्नत"

सुलतान : क्या कहा....?

मैक्स : मैंने कहाँ कुछ कहा....?

जस्मिने : मैंने कहा मन्नत....

सुलतान : ये मन्नत क्या है....?

मैक्स : मन्नत....!!! अब ये क्या है....?

जस्मिने : मन्नत वो लड़की है जिसकी दर्द भरी पुकार आपको सुनाई दे रही है....

सुल्तान : लड़की.... अब ये कौन है....?

मैक्स : पहले hi क्या तेरी लाइफ में लडकियां काम है जो तू एक और की बात कर रहा है....?

सुलतान : तू कुछ देर चुप रहेगा.... मैं तुझसे नहीं बात कर रहा हूँ....

मैक्स : मुझसे नहीं तो फिर किस से बात कर रहा है.... कहीं w...wo... वो... Bh...oot तो नहीं....

सुलतान : तुझे मैं आखरी बार कह रहा हूँ जस्मिने को भूत बोलना बंद कर अगर आइंदा तू ने कभी उसे भूत कहा न तो मुझसे बुरा कोई न होगा....

मैक्स : यार नाराज़ क्यों हो रहा है.... मैंने जो महसूस किया वो hi कहा.... वो भू....

सुलतान : तू फिर बोलै....

सुलतान को गुस्से में देख मैक्स फ़ौरन अपने कान पकड़ के कहता है....

मैक्स : सॉरी यार माफ़ कर दे आइंदा से मैं उस भूत को भूत नहीं कहूंगा....

अभी मैक्स ने इतना hi कहा था की तभी एक झन्नाटेदार थप्पड़ उसके गाल पे पड़ता है....

Chataaaaaaaaaaaak....

ये थप्पड़ उसे जस्मिने ने मारा था.... वो गुस्से में मैक्स को घूरे जा रही है.... उसका गुस्सा काम नहीं हो रहा है.... वो गुस्से में उसे मारने के लिए आगे बढ़ती है मगर सुलतान उसे रोक लेता है....

सुलतान मैक्स को देख के : अब एक दम खामोश रहना और गलती से भी जस्मिने के बारे में कुछ न कहना... वर्ण वो तो तुझे बाद में मारेगी उस से पहले मैं तेरी बंद बजा दूंगा....

मैक्स दर के मारे फ़ौरन अपने कान पकड़ के माफ़ी मांगने लगता है....

मैक्स : सॉरी यार माफ़ कर दे... मेरी तौबा मेरे बाप की तौबा.... आइंदा से मैं कभी किसी के बारे में कुछ नहीं कहूंगा.... उस भो... मेरा मतलब है जस्मिने... हाँ उस जस्मिने के बारे में तो बिलकुल भी नहीं कहूंगा....

सुलतान : जस्मिने माफ़ कर दे यार... ये मेरा जिगरी यार है.... इस ने जान के नहीं कहा.... प्लीज इसे माफ़ कर दे....

जस्मिने : आप कह रहे हैं तो चोर रही हूँ वर्ण आज तो पक्का मैं इसकी बंद बजा देती....

सुलतान : लव यू डिअर ये हुई न बात... यू अरे रियली ा स्वीटहार्ट....

सुलतान की बात सुन के जस्मिने खुश हो जाती है....

सुलतान : और तू साले तू न उस विजय के साथ रहना चोर दे.... उसके असरात तेरे अंडर आने लगे हैं.... वो भी इसी तरह बिना सोचे समझे कुछ भी कहता है और बिना मतलब के पिट जाता है....

मैक्स : सॉरी कहा न यार अब और कितना शर्मिंदा करेगा.... वैसे भी मैं तो उस से हफ़्तों से मिला भी नहीं... वो तो शिमला में है कंपनी का काम संभल रहा है....

सुलतान : चलो अच्छा है....

तभी अचानक से सुलतान को सामने स्क्रीन पे कुछ नज़र आता है जिसे देख के उसका चेहरा गुस्से से लाल हो जाता है... और वो बिना कुछ कहे तेज़ी से वहां से निकल लेता है....

मैक्स : ये अचानक से इसे क्या हुआ....? ये इतने गुस्से में कहाँ चला गया....?

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इधर घर में....

कुसुम : आ गयी तुम दोनों..... क्या बात है आज बहुत थकी थकी लग रही हो....?

सुहानी : हाँ सिसो.... वो हम ने स्पोर्ट्स में part लिया है उसी की ट्रेनिंग में काफी थक गयी हैं....

कुसुम : स्पोर्ट्स में वाओ.... हर बार की तरह इस बार भी तुम दोनों खूब म्हणत करना और फर्स्ट आना.... चलो अब जल्दी से तुम दोनों फ्रेश हो जाओ फिर साथ मिल के खाना कहते हैं....

खाने की टेबल पे....

रिया : सिसो जीजू कहाँ है...?

कुसुम : वो किसी काम से बहार गए हैं शाम तक आ जाएंगे....

रिया : वैसे सिसो आपसे एक बात पूछनी थी.... आप ने जीजू को अपने बारे में सब बता तो दिया है न....

कुसुम : नहीं अभी नहीं....

रिया : मगर क्यों सिसो....? आप को जीजू को सब बता देना चाहिए....

कुसुम : बताना तो मैं भी चाहती हूँ मगर डर्टी हूँ की कहीं सच जान ने के बाद वो मुझे चोर न दे....

सुहानी : बात तो आप ठीक कह रही हैं... कुआँ ये बर्दास्त करेगा की उसकी बीवी और ससुर इंटरनेशनल डॉन हो...

कुसुम : जी नहीं मैंने कोई गलत काम नहीं किया... न hi मैं कोई डॉन या गैंगस्टर हूँ....

रिया : हाँ मगर एक डॉन की बेटी तो हो.... जिसने न जाने कितने लोगों की जान ली है.... दुनिया का ऐसा कौनसा गलत काम नहीं जो डैड नहीं करते.... इसीलिए तो हमेशा से मैं उनसे दूर रहती आयी हूँ.... मगर आप ने कभी उनका साथ नहीं छोरा... हमेशा hi डैड के साथ रही....

कुसुम : हाँ मैं डैड के साथ रहती थी मगर उनके किसी भी गलत काम में मैंने कभी उनका साथ नहीं दिया... न hi मैंने कोई गलत काम किया है....

रिया : अगर ऐसा है तो फिर आप जीजू को सच क्यों नहीं बता देती...?

कुसुम : नहीं मैं उन्हें कुछ नहीं बता सकती.... मुझे दर है की सच जान ने के बाद कहीं उन्होंने मुझे चोर दिया तो...

सुहानी : और अगर कहीं उन्हें आप के बारे में किसी और से पता चला तब क्या होगा.... क्या नहीं सोचा आपने....? तब तो वो आप से और नाज़ायज़ हो जाएंगे.... मेरी मानिये तो उन्हें सब सच बता दीजिये... और अपने सच्चे प्यार का यकीन दिलाइये.... इस से पहले की उनके सामने आप का सच गलत तरीके से आये... तब बात को संभालना बेहद मुश्किल हो जाएगा.... सच्चा प्यार कभी झूट की बुनियाद पे नहीं टिका होता.... अगर आपको वाकई में जीजू से सच्चा प्यार है तो आप उन्हें सब कुछ सच सच बता दीजिये...

कुसुम : तुम दोनों सही कह रही हो... मुझे उन्हें सच बताना hi होगा.... मगर कैसे ये समझ नहीं आ रहा है.... मुझे जल्द से जल्द कोई ऐसा रास्ता ढूंढना होगा जिस से उन्हें सब सच पता भी चल जाए और वो मुझे न तो गलत समझे और न hi मुझसे नाराज़ हो....

इधर सुलतान तेज़ी से अपनी कार को रोड पे भगा रहा है.... वो जल्द से जल्द वहां पहुंचना चाहता है इस से पहले की कोई उन्होनी हो जाए....

सुलतान अपने जेब से मोबाइल निकलता है और एक नंबर डायल कर के कहता है....

सुलतान : उस पूरे एरिया को घेर लो और जब तक मैं न कहूं कोई कुछ नहीं करेगा.. बस उन सब पे नज़र रखो.... मैं जल्द hi वहां आ रहा हूँ....

चलिए पता करते हैं की सुलतान आखिर इतने गुस्से में कार को स्पीड से भागते हुए आखिर जा कहाँ रहा है....?

शहर से दूर ये एक फार्महाउस है जहाँ कुछ लड़कियों को किडनैप करके लाया गया है ताकि उनकी चुदाई की वीडियो बनायीं जा सके.... क्या सिर्फ इन अनजान लड़कियों की वजह से सुल्तान को इतना गुस्सा आया की उन गुंडों को उनके किये की सजा देने वो खुद निकल पड़ा....????

शायद नहीं.... बात कुछ और hi है... शायद इन लड़कियों में कोई ऐसा भी है जो सुलतान के बेहद करीब है... जिसकी इज़्ज़त सुलतान को अपनी जान से भी ज़्यादा प्यारी है.... जिसे एक खरोच भी आ जाए ये सुलतान बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है.... कौन है वो....?

फार्महाउस के अंडर....

कुछ गुंडे लड़कियों को पकड़ के फार्महाउस में ले जाते हैं.... उन लड़कियों में से एक ज़ोर से चीखते हुए कहती है....

कमीनो चोर दो हम को....

ग 1 : अबे तुझे इन 3 लड़कियों को लाने को कहा था ये किसको उठा लाया....?

ग 2 : बॉस जब हम इन लड़कियों को किडनैप कर रहे थे तब जाने ये कहाँ से आ गयी.... और इन लड़कियों को बचने के लिए इस ने हम पे हुम्ला कर दिया.... वहां लोगों के जमा होने का खतरा होने लगा.... तो हम इसे भी उठा लाये....

ग 1 : आज पहली बार तू ने सही काम किया है.... वाकई में यार ये एक दम मस्त माल है.... इस की उम्र थोड़ी ज़्यादा है.... मगर इसका जिस्म इन लड़कियॉं से भी कई ज़्यादा सेक्सी है.... इसे छोड़ने में बड़ा मज़ा आएगा.... पहले इस कमीनी को वो इंजेक्शन लगा ताकि ये हम को गालियां देने के बजाये हम से चुदाई की भीक मांगे.... फुल पावर का इंजेक्शन लगाना इस कमीनी को.... फिर देखना कैसे ये एक रंडी की तरह खुद अपने हाथ से अपने छूट खोल के हमारे लुंड से चुदाई की भीक मांगती है....

कमीनो तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरे बारे में ऐसे बात करने की.... मुझे हाथ भी लगाया तो एक एक को जान से मार दूंगी....

ग 2 : साली का जिस्म जितना कदद है इसकी आवाज़ भी उतनी hi मस्त है... रक दम खुर्राट.... बिलकुल अपने टक्कर की है.... जग्गू जल्दी लगा इस कमीनी को वो हाई पावर वियाग्रा और स्पेशल ड्रग का इंजेक्शन.... जब से मैंने इसके मदमस्त भरे हुए सेक्सी जिस्म को देखा है.... इसे छोड़ने के लिए मेरा लुंड तभी से खड़ा हो के उछाल रहा है.... आज को जैम के इसे छोडूंगा और साथ में इसकी गांड भी मारूंगा.... जल्दी कर यार अब मुझसे और बर्दाश्त नहीं हो रहा है....

इस से पहले की वो कुछ कर पाती जग्गू उसे दोनों इंजेक्शन लगा देता है.... इंजेक्शन अपना असर दिखाना शुरू कर देता है... न चाहते हुए भी वो मदहोश होने लगती है... उसपे पूरे जोश में सेक्स की खुमारी छाने लगती है.... उसके जिस्म के हर हिस्से से आग सी निकलने लगती है.... छूट के तेज़ी से काम रास बहने लगता है....

ग 1 और ग 2 आगे बढ़ के एक एक कर के उसके जिस्म से सारे कपडे निकालने लगते हैं.... देखते hi देखते वो जन्मजात नंगी हो जाती है.... उसकी गोरी गुलाबी मदमस्त जवानी को देख के पास खड़े गुंडों का लुंड उनकी पंत में उछलकूद मचने लगता है....

वो आँखों में बेबसी के आंसू लिए उन गुंडों को देखती रहती है.... उसके जिस्म के साथ साथ उसका दिमाग भी विरोध करना बंद कर देता है.... उसके जिस्म के साथ साथ उसके दिमाग में भी इस वक़्त एक hi चीज़ मांग रहा है और वो है चुदाई... धमाकेदार चुदाई.... सभी गुंडे अपना खड़ा लुंड पंत से बहार निकाल के उसे हाथ से मुठियाते हुए उसकी तरफ बढ़ने लगते हैं....

उसका हाल देख के वहां मौजूद बाकी लडकियां बुरी तरह से दर से कांपने लगती हैं.... उन्हें अपनी इज़्ज़त और जान के लूटने का दर सताने लगता है....

इधर सुलतान फार्महाउस के बहार अपनी कार रोकता है.... और अपनी स्पेशल टीम के पास जा के कहता है....

सुलतान : क्या पोजीशन है....?

स्पेशल टीम हेड : सर फार्महाउस के बहार 20 गुंडे हैं और चाट पे 5 गुंडे हैं.... फार्महाउस के अंडर 6 गुंडों ने 3 लड़कियों को और एक मैडम को किडनैप किया हुआ है.... वो उन्हें हाई पावर सेक्स के इंजेक्शन के साथ साथ स्पेशल ड्रग का हैवी दोसे भी देने वाले हैं.... ताकि आराम से उनकी ब्लू फिल्म बना सके.... अगर जल्द hi उन्हें रोका न गया तो....

सुलतान गुस्से में : वो सब मैं देख लूंगा... मेरे रहते कोई उन्हें छू भी नहीं सकता... उनके साथ कोई गलत काम करना तो बहुत दूर को बात है....

स्पेशल टीम हेड : सर इन गुंडों को तो हम hi देख लेते साथ hi उन लड़कियों को बचा भी लेते... आप के यहाँ आने की ज़रुरत hi नहीं थी.... फिर भी आप यहाँ आये हैं तो ज़रूर उनमे से कोई ऐसी है जो आप के लिए बहुत मायने रखती है.... वो कौन है सर...?

सुलतान गुस्से में : वो सब तुम्हे जान ने की ज़रुरत नहीं है.... तुम लोग बस इतना समझ लो की जब तक मैं न कहूं तब तक न hi कोई अंडर आएगा और न hi कोई हरकत करेगा.... अब जैसे hi मैं अंडर की तरफ जाऊँगा रास्ते के सारे कचरे यानी बहार और चाट पे मौजूद इन गुंडों को एक एक करके मेरे रस्ते से हटा देना... मगर याद रहे निशाना सीधे सर पे होना चाहिए.... एक शॉट और सामने वाला ख़तम किसी की ज़रा सी भी आवाज़ नहीं आणि चाहिए.... बहार खड़े सभी गुंडों को ख़तम करने के बाद यही रुक के मेरे आर्डर का वेट करना.... इस तहत क्लियर...

सब एक साथ : यस सर....

सुलतान तेज़ी से आगे बढ़ने लगता है.... स्पेशल टीम सीलेंसर लगी गन्स से उन गुंडों पे गोलियां चलते हुए सुलतान के लिए रास्ता साफ़ करने लगते हैं.... सुलतान के फार्महाउस के गेट तक पहुँचते पहुँचते 25 गुंडों की लाश ज़मीन पे नज़र आने लगती है....

सुलतान बेहद गुस्से में फार्महाउस के दरवाज़े पे एक ज़ोरदार लात मारता है... एक ज़ोरदार आवाज़ के साथ वो दरवाज़ा उड़द जाता है और सुलतान अंडर दाखिल होता है.... अंडर का नज़ारा देख के सुलतान गुस्से से पागल हो जाता है....

ग 1 अपना खड़ा लुंड अपने हाथ में लिए उस औरत की छूट के में घुसाने hi वाला होता है की तभी एक ज़ोरदार चीख पूरे फार्महाउस में गूँज उठती है....

अअअअअअअअअगह्ह्हह्ह्ह्ह.....

सब हैरत से उसकी तरफ देखने लगते हैं... उसका लुंड काट के एक तरफ उछाल रहा है और उसके पैरों के बीच से बेतहाशा खून बह रहा है.... दर्द के मारे वो पागलों की तरह चीख रहा है.... इस से पहले की कोई कुछ समझ पाटा की अभी अचानक से यहाँ क्या हुआ है.... एक बार फिर से ग 1 की चीख से पूरा फार्महाउस गूँज उठता है.... सुलतान बेहद गुस्से में अपनी तलवार से उस गुंडे का हाथ काट देता है.... फिर दूसरा हाथ.... फिर उसका एक पेअर फिर दूसरा पेअर... फिर उसकी गर्दन उसके धड़ से अलग कर देता है....

सामने का खौफनाक नज़ारा देख के वहां मौजूद सभी बुरी तरह से दर जाते हैं.... लडकियां तो दर के मारे बेहोश हो जाती हैं....

ग 1 की हालत देख के किसी की हिम्मत hi नहीं होती की वो आगे बढ़ के सुलतान पे वार कर सके.... ग 1 को मारने के बाद सुलतान पलट की बाकी गुंडों की तरफ देख बेहद गुस्से में कहता है....

सुलतान : ये मेरे अपने हैं.... इन को एक खरोच भी आ जाए ये मैं बर्दाश्त नहीं कर सकता... गुस्से से मेरा दिमाग फटने लगता है.... जी चाहता है की उसे फ़ौरन जान से मार दूँ.... यहाँ तो तुम सब ने मिल के इनके साथ इतनी ज़लील हरकत करनी चाही.... अब तुम सब को मेरे केहर से कोई नहीं बचा सकता....

ये कह के सुलतान आगे बढ़ता है और बाकी सब को भी बुरी तरह से अपनी तलवार से काट ते हुए मौत के घात उतार देता है.... तब कहीं जा के उसका गुस्सा शांत होता है.... तभी किसी की आवाज़ सुनके सुलतान पलट के उस ततफ देखता है..... वो बीएड पे पूरी तरह से नंगी लेती मचल रही है.... उसकी आँखों में सेक्स की भूख साफ़ नज़र आ रही है.... यहाँ तक की उसके मुँह से भी कामुक सिसकारी निकल रही है.... सुलतान फ़ौरन अपना चेहरा दूसरी तरफ घुमा लेता है.... और अपने जादू से उसे कपडे पहना देता है.... बाकी लड़कियों का हाल भी कुछ ऐसा hi है.... फर्क सिर्फ इतना है की बाकी की लड़कियों के जिस्म पे कपडे मौजूद है.... सुलतान अपनी टीम को यहाँ सब साफ़ करने को कह के सब को ले के हॉस्पिटल निकल लेता है....



वहां डॉ फ़ौरन सब का इलाज करने लगते हैं.... इलाज के बाद जो बात डॉ सुलतान को बताती है उसे सुन के सुलतान के पैरों टेल से ज़मीन निकल जाती है.... उसे समझ नहीं आ रहा है की आखिर वो करे तो क्या करे....????
 
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