Meri Aashiqui Tumse hi (Bhai aur Behen) - Page 17 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Meri Aashiqui Tumse hi (Bhai aur Behen)

मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 154....

बंगारू बाबा : शहनूर ने गुस्से में प्रिंस के पूरे खानदान को श्राप तो दे दिया मगर खुद ये भूल गयी की वो और उसकी बेटियां.... यहाँ तक की प्रिंस के अपने माँ और डैड भी इस खानदान के सदस्य होने की वजह से न चाहते हुए भी इस श्राप के शिकार हो गए..... उस श्राप की वजह से जैसा प्रिंस खानदान की बाकी लड़कियों और औरतों के साथ करेगा ठीक वैसा hi उसे इनके साथ भी करना पड़ेगा.... फर्क सिर्फ इतना होगा की उनके साथ सेक्स प्रिंस गुस्से में अपना बदला लेने के लिए करेगा.... मगर इनके साथ श्राप की वजह से.... बल्कि उस श्राप की वजह से अलीना आइना के साथ साथ शहनूर खुद भी प्रिंस की तरफ अत्त्रक्ट होने लगेगी.... न चाहते हुए भी वो प्रिंस को चाहने लगेंगी....

नानी : Kyaaaaaaaaaaaa....?

बाबा : हाँ ऐसा होगा ज़रूर होगा..... ये hi सब की किस्मत में लिखा है और किस्मत के लिखे को कोई नहीं बदल सकता... न चाहते हुए भी प्रिंस की माँ शिफा भी इस श्राप का शिकार है.... एक और भी है जो इस श्राप का शिकार है और वो है *******

जल्द hi उसके बारे में भी पता चलेगा की वो कौन है.....??????

अब आगे.....


सुलतान की बात सुन के शहनूर ख़ामोशी से बस एक तक उसे देखने लग जाती है....

सुलतान : क्या हुआ माँ आप अचानक से खामोश क्यों हो गयी....?

शहनूर : क्या वाकई में तू मज़ाक कर रहा था....?

अभी सुलतान कुछ कहने hi वाला होता है की तभी डॉ वहां आ जाता है और शहनूर को नींद का इंजेक्शन लगा के आराम करने को कह के चला जाता है....

सुलतान भी मुस्कुरा के शहनूर की तरफ बढ़ता है और उसके माथे को चूम के आराम करने को कहता है.... फिर जाने उसे क्या सूझता है.... वो शहनूर के गाल को चूमने के लिए आगे बढ़ता है.... वो अभी शहनूर के गाल चूमने hi वाला होता है की तभी शहनूर सुलतान से अपना सवाल पूछने के लिए अपना चेहरा उस तरफ घूमती है.... तभी सुलतान के होंठ शहनूर के गाल को न चूम के उसके होंठों को छू जाते हैं.... सालों बाद आज पहली बार दोनों के होंठों ने एक दूसरे के होंठों को छुआ था.... इस एहसास को महसूस करते hi दोनों के जिस्म में एक करंट सा दौर जाता है.... जो उन्हें एक अलग hi एहसास से वाकिफ करवाता है.... दोनों इस एहसास में इतना खो जाते हैं की उन्हें ये पता hi नहीं चलता की कब वो एक दूसरे के होंठों को अपने मुँह में ले के चूसने लगे.... शहनूर को जब तक इस बात का एहसास होता है की वो सुलतान को किश कर रही है वो नींद की आगोश में चली जाती है.... वहीँ जब सुलतान को इस बात का एहसास होता है तब वो फ़ौरन शहनूर की आँखों की तरफ देखता है.... उन्हें बंद देख के वो इस बात का पता नहीं कर पा रहा है की शहनूर की आँखें इस किश को महसूस करने की वजह से बंद है या फिर शर्म की वजह से या फिर मस्ती की वजह से या फिर नींद के इंजेक्शन की वजह से.... कुछ पल तक सुलतान बिना कोई हरकत किये बस शहनूर के होंठों को चूसता रहता है मगर जब शहनूर की तरफ से उसे किश में कोई रिस्पांस नहीं मिलता तब वो उनसे अलग होता है... और कुछ कहने hi वाला होता है की तभी वहां नर्स आ जाती है....

नर्स : डॉ ने पेशेंट को नींद का इंजेक्शन लगा दिया है आप उन्हें आराम करने दीजिये और खुद भी जा के आराम कीजिये.... इन की देखभाल के लिए मैं हूँ यहाँ....

नर्स की बात सुन के सुलतान को ये समझते देर नहीं लगती की किश करते वक़्त माँ की आँखें नींद के इंजेक्शन के असर की वजह से बंद हो गयी थी.... यानी किश करते वक़्त वो सो चुकी थी.... मगर अब सुलतान को ये बात सताने लगती है की किश करने के पहले माँ सो चुकी थी या फिर किश के बाद.... खैर जो भी हो अब इस बात का पता तो माँ के उठने के बाद hi चलेगा.... चलो तब तक सैर से मिल लेता हूँ....

ये सोच के Sultan/Prince सैर के वार्ड की तरफ चल देता है.... इधर कुसुम के वार्ड में नर्स आ के कहती है....

नर्स : जी आप के पति को डॉ साहब बुला रहे हैं उन्हें आपके बारे में उनसे कुछ बात करनी है....

नुसरे के मुँह से पति सुन के तीनो कुसुम रिया (कुसुम और रिया जिब्रान के भाई ऑस्ट्रेलियाई डॉन दिनेश ठाकुर की बेटी और म्यूजिकल डॉन शांती की बेहेन है) और सुहानी (जिब्रान की बेटी) चौंक जाती हैं....

कुसुम : जब हॉस्पिटल में एडमिट हुई थी तब तो मैं कुंवारी थी ये अचानक से मेरा पति कहाँ से आ गया....?

नर्स : ये आप क्या कह रही हैं...? माना की पति पत्नी में लड़ाई झगडे होते रहते हैं इस का ये मतलब थोड़े hi है की आप अपने पति को भूल जाए.... बुलाइये उन्हें और कहिये की जा के डॉ साहब से मिल ले....

कुसुम : अबे जब पति है hi नहीं तो फिर बुलाऊँ किसे....? मैं अभी तक कुंवारी हूँ मेरी शादी नहीं हुई है....

नर्स : अच्छा अगर शादी नहीं हुई तो फिर तुम्हारी मांग में जो ये सिन्दूर है वो क्या तुमने फैशन की वजह से लगाया हुआ है....?

नर्स की बात सुन के रिया और सुहानी कुसुम की मांग की तरफ देखते हैं वहां उन्हें लाल रंग नज़र आता है जिसे देख....

रिया : ये क्या सिसो आप ने शादी कर ली और हम को बताया तक नहीं....

सुहानी : और नहीं तो क्या...? सिसो आपको शादी करनी hi थी तो काम से काम हम को तो बता देती.... हम भी आपकी शादी में शरीक हो जाते ये चुपके चुपके शादी करने की ज़रुरत क्या थी....?

कुसुम : अबे किसकी शादी....? कौन सा पति...? तुम दोनों क्या बक रही हो....? पहले ये कमीनी नर्स जो मुँह में आये बक रही थी और अब तुम दोनों भी....

सुहानी : अच्छा अगर हम बक रही हैं तो फिर आप hi ये बता दीजिये की आपकी मांग में जो सिन्दूर है वो क्या जादू से आ गया... क्या ये सिन्दूर आपकी मांग में उस प्रिंस ने नहीं लगाया....? बताइये... जवाब दीजिये....

सुहानी की बात सुन के कोमल अपना चेहरा आईने में देखती है.... अपनी मांग में लाल रंग देख के वो खुद भी हैरान हो जाती है.... फिर जब उसे उस रात की बात याद आती है..... तब उसके होश उड़द जाते हैं.... उस रात हुआ ये था की प्रिंस की टक्कर कुसुम से हो जाती है.... कुसुम प्रिंस से टकरा के पीछे कांच पे गिरने लगती है... प्रिंस उसे गिरने से बचने के लिए उसे अपनी तरफ खींचता है मगर बैलेंस संभल नहीं पाटा... वो उसके साथ साइड पे कांच के टेबल पे गिरता है.... कांच टूटने की वजह से प्रिंस का हाथ बुरी तरह ज़ख़्मी हो जाता है उसमे से खून निकलने लगता है.... और बह के कुसुम के चेहरे और सर पे गिरके उसे खून से भर देता है....

ये याद आते hi कुसुम के होश उड़द जाते हैं.... उस के मुँह से बस इतना निकलता है....

कुसुम : ये सिन्दूर नहीं बल्कि प्रिंस का खून है.... उसके ज़ख़्मी हाथ से बहा हुआ खून....

रिया : मतलब उसका हाथ ज़ख़्मी है....

कुसुम : हाँ मुझे बचने के चक्कर में उसका हाथ ज़ख़्मी हुआ था और ये उसी का खून.....

ये कहते कहते कुसुम तड़प के प्रिंस से मिलने के लिए वार्ड से बहार की तरफ दौड़ती है.... ठीक तभी प्रिंस वहां से गुज़रते हुए सैर से मिलने उसके वार्ड की तरफ जा रहा होता है.... अचानक से कुसुम एक बार फिर से प्रिंस से टकरा जाती है.... इस बार वो टकरा के तीसरी मंज़िल के रेलिंग से नीचे की तरफ गिरने लगती है.... किसी को यूँ गिरते देख प्रिंस फ़ौरन आगे बढ़ के उसका हाथ थाम लेता है.... कुसुम प्रिंस का हाथ पकड़ के तीसरी मंज़िल से नीचे लटक जाती है.... कुसुम को यूँ गिरते देख दर के मारे सुहानी और रिया की चीख निकल जाती है....

दोनों : Sisoooooooooo... Nahiiiiiiiiiiiiiiiiiii....

प्रिंस : अरे तुम दोनों यहाँ... और ये तुम दोनों चीख क्यों रही हो....?

सुहानी कुसुम की तरफ इशारा करके : व.... व.... वो सिसो....

सुहानी का इशारा पा के प्रिंस पलट के नीचे की तरफ देखता है... वहां उसके हाथ को पकडे कुसुम को तीसरी मंज़िल से नीचे लटके देख प्रिंस अपना सर पीट लेता है....

प्रिंस : बड़ी अजीब लड़की हो यार तुम.... हर बार तुम ये कहाँ भागती रहती हो...? और तो और तुम मुझसे hi क्यों टकरा जाती हो....? ये चक्कर क्या है हाँ....? कहीं तुम्हे मुझसे प्यार तो नहीं हो गया....? या फिर कहीं तुम पागल दीवानी तो नहीं हो....?

कुसुम ख़ामोशी से प्रिंस का हाथ मज़बूती से पकडे बस एक तक उसे देखती रहती है....

सुहानी गुस्से में : तुम्हे पता भी है की तुम किस से और क्या बात कर रहे हो....?

प्रिंस : इस पागल दीवानी लड़की से... जो बार बार बिना बात के मुझसे टकरा जाती है.... और हर बार मुझे इसे बचाना पड़ता है...

रिया गुस्से में : ये पागल दीवानी नहीं बल्कि कुसुम है.... कुसुम....

रिया की बात सुन के प्रिंस कुसुम को गौर से देख के कहता है....

प्रिंस : सही कहा तुमने ये दीवानी नहीं है... बल्कि जन्नत की खूबसूरत पारी से भी ज़्यादा खूबसूरत है.....

फिर कुसुम के गाल को अपनी उँगलियों में दबा के कहता है....

प्रिंस : देखो इस के गाल कितने मुलायम और गोर गोर हैं... ये इसकी आँखें देखो कैसे झील सी गहरी हैं.... की इनमे डूब जाने का दिल करे.... और इसकी गुलाब की पंखुड़ी जैसे मदभरे होंठों को देखो.... कितना मीठा रास भरा है इसमें जी चाहता है इन्हे चूस के इन का पूरा रास पी जाऊं.... और इसकी ये कातिल जवानी देख के मैं तो क्या कोई भी इसे प्यार किये बिना न रह पाए.... हाय कोई सम्भालो मुझे कहीं मैं इसका दीवाना न हो जाऊं....

प्रिंस के मुँह से अपनी तारीफ सुन के कुसुम का चेहरा शर्म से लाल हो जाता है.... साथ hi उसका दिल ख़ुशी से झूम उठता है....

तभी....

सुहानी : अबे मजनू के बच्चे पहले इसकी जान तो बचा फिर कर लेना जी भर के प्यार....

प्रिंस : सॉरी यार वो मैं भूल hi गया था.... वो क्या है न इसकी खूबसूरती ने मुझे इस कदर मदहोश कर दिया था की मुझे कुछ होश hi नहीं रहा....

रिया : अब बचा भी ले यार मेरी बेहेन को इस से पहले की वो नीचे गिर जाए....

प्रिंस फ़ौरन कुसुम को ऊपर की तरफ खींच लेता है.... फिर उसकी आँखों में देख के कहता है....

प्रिंस : अगली बार फिर से गिरने का दिल करे तो मुझे बता देना वक़्त से पहले मैं वहां पहुँच जाऊँगा....

ये कह के प्रिंस वहां से जाने लगता है... मगर तभी जाने क्यों वो पलट के कुसुम के करीब जाता है.... और प्यार से उसके गाल को चूमने के बाद उसे आँख मार के कहता है....

प्रिंस : यू अरे रियली वैरी ब्यूटीफुल हॉट न सेक्सी.... सी या....

ये कह के वो मुस्कुराते हुए वहां से चला जाता है....

कुसुम प्रिंस में खो सी जाती है.... वो एक तक बस उसे जाते हुए देखती रह जाती है.... उसकी तंत्र सुहानी और रिया के हिलने से टूट टी है....

दोनों : सिसो.... आप ठीक तो हो न....

होश में आते hi वो इधर उधर प्रिंस को ढूंढने लगती है.....

वहीँ प्रिंस अब तक सैर के वार्ड में आ चूका है....

इस से पहले की प्रिंस सैर से उसकी तबीयत के बारे में पूछता.... सैर राशन पानी ले के उसके ऊपर चढ़ जाती है और शुरू हो जाती है उसके सवालों की बौछार....

सैर : तो जनाब को आखिर फुर्सत मिल hi गयी.... कल के गए अब आ रहे हो....? कहाँ थे इतनी देर तक....? क्या कर रहे थे...? तुम्हे मेरी ज़रा भी परवाह नहीं है न.... अगर परवाह होती तो अपनी दोस्त को यूँ अकेला चोर के नहीं जाते.... बात मत करो मुझसे.... मेरे करीब भी मत आना और हाँ मुझे सीने से तो बिलकुल भी नहीं लगाना.....

सैर ये कहती जा रही है साथ hi प्रिंस की तरफ बढ़ती भी जा रही है... फिर उसके बेहद करीब जा के कहती है....

सैर : अब बस देखते hi रहोगे या मुझे अपने सीने से भी लगाओगे.... तुम न बहुत खराब हो.... जानते हो तुम्हारे बिना पिछली रात कैसे काटी है मैंने....? कैसे बीता है मेरा आज का ये दिन.... एक एक पल एक एक सदी के बराबर लग रहा था.... और एक तुम हो की.... तुम्हे मेरी ज़रा भी फ़िक्र नहीं..... मैं जियूं या मर....

अभी सैर अपनी बात पूरी भी नहीं कर पायी थी की प्रिंस वो करता है जिसे देख सैर के साथ साथ वहां मौजूद सब बुरी तरह से चौंक जाते हैं....

प्रिंस ने ऐसा क्या किया जिस से सब इस तरह से चौंक गए....??????

ये आगे चल के पता चलेगा.... फिलहाल चलते हैं हॉस्पिटल के उस हिस्से में जहाँ आबिद को एडमिट किया गया है.... आबिद की खबर मिलते hi उसकी बीवी नसरीन अपनी दोनों बेटी मेहरीन और समरीन को ले के फ़ौरन वहां आ जाती है....

नसरीन : डॉ इन्हे हुआ क्या है....?

डॉ : शॉक या फिर किसी दर की वजह से इनके दिमाग को एक झटका लगा जिसकी वजह से इनके जिस्म का राइट साइड का पूरा हिस्सा बेजान सा हो गया है.... अब शायद hi ये कभी ठीक हो सके....

नसरीन : ऐसा मत कहिये डॉ.... प्लीज इन्हे ठीक कर दीजिये.... मैं आपके हाथ जोड़ती हूँ.... प्लीज...

डॉ : हम छह के भी कुछ नहीं कर सकते... इनके दिमाग की कुछ नस डैमेज हो गयी है जिसकी वजह से इनको पैरालिसिस का अटैक हुआ है.... इनका ठीक हो पाना लगभग नामुमकिन है....

ये कह के डॉ वहां से चले जाते हैं.... आबिद की हालत को देख के नसरीन और उसकी दोनों बेटियों का रो रो के बुरा हाल बना हुआ है.... बड़ी मुश्किल से अरबाज़ और जमीला उन्हें संभालते हैं....

अरबाज़ : चुप हो जा मेरी बेहेन.... ये रो ने का वक़्त नहीं है.... बल्कि आबिद के साथ साथ अपनी दोनों बेटियों को संभालने का है... इस वक़्त इन्हे सब से ज़्यादा तेरी ज़रुरत है.... अगर तू टूट जायेगी तो इनका क्या होगा....? संभाल खुद को... अब इन को तुझे hi संभालना है....

काफी देर तक वो सब रट रहते हैं... फिर कुछ देर बाद....

नसरीन : मगर ये सब हुआ कैसे....?

अरबाज़ जो कहते हैं उसे सुन के नसरीन के साथ साथ उसकी दोनों बेटी मेहरीन और समरीन बुरी तरह से शॉकेड हो जाती हैं.....

तीनो : Kyaaaaaaaaaaaa....?

अरबाज़ : हाँ नसरीन ये सब उसी वजह से हुआ है....

नसरीन : ये कैसे मुमकिन है....? सुलतान तो सालो पहले मर चूका है... वो ज़िंदा कैसे हो सकता है....? सोना ने खुद उसे अपने हाथों से मारा था.....

नसरीन की बात सुन के जमीला भड़क जाती है....

जमीला : सोना ने नहीं मारा था सुलतान को बल्कि वो एक एक्सीडेंट था.... गलती से सोना का धक्का उसे लगा.... वो खुद को संभाल नहीं पाया और छत से नीचे गिर गया....

नसरीन : हाँ और फिर महक ने उसके सर पे गमला फेक के मारा ताकि सुलतान मर जाए....

जमीला : जी नहीं ये झूठ है.... मेरी बेटियों ने कुछ नहीं किया था.... बल्कि ये सब आबिद और तेरी शाजिश थी.... जिसे हम न समझ सके और मासूम सुलतान को गलत समझने का गुनाह कर बैठे....

नसरीन : जी नहीं इस सब में हमारा कोई हाथ नहीं था.... और वैसे भी क्या सबूत है तुम्हारे पास की ये सब आबिद और मैंने किया था....?

जमीला : आबिद खुद इस बात का सबूत है.... उसने कल खुद सब के सामने अपने सारे गुनाह क़ुबूल किये.... ये बात हम को hi नहीं बल्कि पूरे घर वालों को पता है की ये साड़ी शाजिश तुम दोनों पति पत्नी की थी और इस सब में कहीं न कहीं तेरी बेटी भी शामिल है.... तू ने पैसे की लालच में आ के अपने कमीने पति का साथ दिया और तेरे कमीने पति ने हवस में अंधे हो के इतनी नीच और गिरी हुई हरकत की..... उस मासूम सुलतान के साथ हैवानो से भी बत्तर सलूक किया.... उसकी हस्ती खेलती ज़िन्दगी को अज़ाब बना के रख दिया.....

फिर जमीला वो सब बताती है जो सच है.... वो सच जो प्रिंस ने सब को दिखाया था....

जमीला : तेरे कमीने पति और तेरी घिनौनी हरकतों की वजह से पूरा खानदान उस श्राप की चपेट में आ गया.... न चाहते हुए भी पिछले 10 साल से हम उस श्राप को भुगत रहे हैं.... उस श्राप की वजह इस खानदान का हर एक मर्द पिछले 10 साल से नामर्द बना हुआ है.... और उसी श्राप की वजह से इस पूरे खानदान की न तो कोई लड़की माँ बन सकती है और न hi कोई औरत.... सब कुछ तुम पति पत्नी और तेरी बेटियों की वजह से हो रहा है.... जिसका खामियाज़ा हम सब को भुगतना पद रहा है....

नसरीन : जी नहीं ये सब झूट है... उस कमीने प्रिंस ने झूठा इलज़ाम लगाया है हम पे....

नसरीन की बात सुन के ख़ास कर के प्रिंस के लिए उसके मुँह से कमीना सुन के जमीला को उसपे बेहद गुस्सा आ जाता है...

जमीला गुस्से में : कमीना वो नहीं बल्कि तुम लोग हो.... और रही बात उस श्राप की तो श्राप सच्चा है.... आबिद के साथ साथ इस पूरे खानदान का हर एक मर्द 10 सालों से नामर्द बन के रह गया है....

नसरीन : मैंने कहा न की ये झूट है...

जमीला : अच्छा अगर ये झूट है तो फिर बता क्यों तेरी बेटी की शादी के 2 साल बाद भी उसको अभी तक कोई बच्चा नहीं हुआ....? बता जवाब दे....

नसरीन : व... व... वो इस लिए क्यों की वो अभी बच्ची है... इतनी जल्दी बच्चे की ज़रुरत hi क्या है....?

जमीला : एक और झूट... अरे कितना झूट बोलेगी.... अब बस भी कर....

नसरीन : मैंने कोई झूट नहीं कहा जो कहा सब सच hi कहा है....

जमीला : जी नहीं तेरी हर एक बात झूट है.... जिसका सबूत है ये फाइल... जानती है इस फाइल में क्या है....? इसमें इस पूरे खानदान के लोगों की जन्मकुंडली है... इस फाइल में हमारे खानदान के हर एक शख्स के बारे में हर एक चीज़ लिखी हुई है.... इस फाइल के हिसाब से इस खानदान का हर एक मर्द अब नामर्द है.... और इस खानदान की जिस भी लड़की की शादी हुई है उसका पति भी शादी करते hi नामर्द बन चूका है.... ये रहे सभी मर्दों के मर्दानगी के टेस्ट रिपोर्ट.... इसमें आबिद इमरान और अरबाज़ से लेके हमारे खानदान के बाकी आदमियों और सभी दामाद तक के मर्दानी के रिपोर्ट्स हैं जिनसे ये साबित होता है की सब के सब नामर्द बन चुके हैं.... जिस बात का सबूत मैं खुद हूँ.... मुझे खुद को सेक्स किये हुए 10 साल हो चुके हैं... पहले तो मुझे लगा की शायद किसी वजह से अरबाज़ के साथ ऐसा हुआ है... मगर कल जब मैंने साड़ी सच्चाई आबिद के मुँह से सुनी और इन रिपोर्ट्स को देखा तब जा के मुझे इस बात पे यकीन आया की शहनूर ने हमारे खानदान को जो श्राप दिया है वो सच्चा साबित हुआ....

नसरीन : अगर उसका वो श्राप सच्चा है तो इसका शिकार तो खुद वो और उसकी बेटियां भी हुई.... क्यों की वो भी इसी खानदान का हिस्सा हैं... और तो और सुलतान के माँ बाप भी इस श्राप से बचे नहीं होंगे.... आखिर वो भी तो इसी खानदान का हिस्सा हैं.... अब जो हमारे साथ हो रहा है या आगे होगा वो सब शहनूर उसकी बेटियों और साथ hi सुलतान के माँ बाबा को भी भुगतना पड़ेगा.... इस श्राप से बचने के लिए जो तरीका हमारे लिए है वो hi तरीका उन सब के लिए भी है.... अब देखना ये है की सुलतान क्या करेगा....? क्या वो अपने माँ बाप के साथ साथ शहनूर और उसकी बेटियों को मजबूरन श्रापित ज़िन्दगी गुज़ारने देगा या फिर वो करेगा जो एक बीटा कभी अपने माँ और भाई अपनी बहनो के साथ नहीं कर सकता.... जानती है क्या....? सेक्स....????


(वर्ड काउंट 3250)
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 155....

जमीला : इस फाइल में आबिद इमरान और अरबाज़ से लेके हमारे खानदान के बाकी आदमियों और सभी दामाद तक के मर्दानी के रिपोर्ट्स हैं जिनसे ये साबित होता है की सब के सब नामर्द बन चुके हैं.... जिस बात का सबूत मैं खुद हूँ.... मुझे खुद को सेक्स किये हुए 10 साल हो चुके हैं... पहले तो मुझे लगा की शायद किसी वजह से अरबाज़ के साथ ऐसा हुआ है... मगर कल रात जब मैंने साड़ी सच्चाई आबिद के मुँह से सुनी और इन रिपोर्ट्स को देखा तब जा के मुझे इस बात पे यकीन आया की शहनूर ने हमारे खानदान को जो श्राप दिया है वो सच्चा साबित हुआ....

नसरीन : अगर उसका वो श्राप सच्चा है तो इसका शिकार तो खुद वो और उसकी बेटियां भी हुई.... क्यों की वो भी इसी खानदान का हिस्सा हैं... और तो और सुलतान के माँ बाप भी इस श्राप से बचे नहीं होंगे.... आखिर वो भी तो इसी खानदान का हिस्सा हैं.... अब जो हमारे साथ हो रहा है या आगे होगा वो सब शहनूर उसकी बेटियों और साथ hi सुलतान के माँ बाबा को भी भुगतना पड़ेगा.... इस श्राप से बचने के लिए जो तरीका हमारे लिए है वो hi तरीका उन सब के लिए भी है.... अब देखना ये है की सुलतान क्या करेगा....? क्या वो अपने माँ बाप के साथ साथ शहनूर और उसकी बेटियों को मजबूरन श्रापित ज़िन्दगी गुज़ारने देगा या फिर वो करेगा जो एक बीटा कभी अपने माँ और भाई अपनी बहनो के साथ नहीं कर सकता.... जानती है क्या....? सेक्स....????

अब आगे....

नसरीन : अब सुलतान को अपने खानदान की औरतों और लड़कियों को ख़ास कर के अपनी माँ शिफा के साथ साथ शहनूर और उसकी बेटियों को अगर उस श्राप से मुक्त करना है तो उसे उनके साथ चुदाई करनी hi होगी.... हहहहहहहह... अब मज़ा आएगा ये देखने में की एक बीटा अपनी माँ के साथ और एक भाई अपनी बहनो के साथ कैसे चुदाई करता है.... कैसे उन्हें छोड़ छोड़ के अपने बच्चो की माँ बनता है....?

ये कह के नसरीन ज़ोर ज़ोर से हसने लगती है....

हहहहहहहहह....

नसरीन की बात सुन के अरबाज़ के साथ साथ जमीला को भी बेहद गुस्सा आ जाता है.....

जमीला : तुझे ज़रा भी शर्म नहीं है क्या...? इतनी गन्दी बात कहते हुए तेरी जुबां क्यों नहीं काट गयी....?

नसरीन : मुझे क्यों शर्म आएगी भला....? शर्म तो उस कमीने प्रिंस को आणि चाहिए... जो ये करने वाला है.... जानती है क्या अपनी माँ बहनो की चुदाई... अब तो मुझे बस ये सब देख के मज़े लेने हैं.... हाय जब वो अपनी माँ और बहनो को जैम के छोड़ेगा तो सोच कितना मज़ा आएगा.... उसको चुदाई करने में और हम को उस को चुदाई करते हुए देखने में....

जमीला : कमीनी काम से काम अपनी बेटियों के सामने तो ऐसी गन्दी गन्दी बातें मत कर....

नसरीन : मैंने कोई गलत बात थोड़े hi की है जिसकी वजह से मुझे शर्म आएगी.... मैंने वो hi कहा जो सच है.... बस एक बार वो कमीना प्रिंस अपनी माँ बेहेन में से किसी एक के साथ सेक्स कर ले फिर देख मैं का करती हूँ.... उस कमीने को ब्लैकमेल कर के उसे अपना गुलाम बना के रखूंगी.... जल्द hi वो मेरे क़दमों के नीचे पड़ा रहेगा.... मैं उसे अपना कुत्ता बनाउंगी.... मेरे कहने पे वो जब मैं चहुँ वो मेरी छूट और गांड चाटेगा..... और मुझे सेक्स का वो मज़ा देगा जिसे पाने के लिए मैं और मेरी छूट जाने कब से तड़प रही है.... और अगर उसने मेरी बात मान ने से इंकार किया तो मैं उसकी वो हालत करुँगी की वो उसे ज़िन्दगी भर नहीं भूल पायेगा.... जैसे बचपन में उसे मैंने अपना गुलाम बनाया था आज फिर से उसे अपना गुलाम बनाउंगी.... ऐसा करने से मुझे कोई नहीं रोक सकता.... प्रिंस मेरा गुलाम बनेगा.... हहहहहहह.... मेरा गुलाम.... हहहहहहह....

ये कह के नसरीन हसने लगती है.... उसे इस तरह से अपने भाई और बेटियों के सामने गन्दी गन्दी बातें करते देख जमीला को उसपे बेहद गुस्सा आने लगता है वो खींच के नसरीन के गाल पे एक थप्पड़ मार देती है....

Chataaaaaaaaaaaak....

जमीला : की.... तू औरत नहीं हो सकती तू एक गन्दी नाली का कीड़ा है.... किसी भी औरत की इतनी गन्दी और घटिया सोच नहीं हो सकती... थू है तुझपे और तेरी घटिया सोच पे....

नसरीन : मुझे मारने से या मुझे गालियां देने से वो बदल नहीं जाएगा जो सच है.... और सच ये है की इस पूरी दुनिया में एक प्रिंस hi है जो हमारे खानदान की लड़की या औरत को चुदाई का सुख दे सकता है.... अगर हम को वो सुख पाना है तो न चाहते हुए भी हम को उसके साथ चुदाई करनी hi होगी.... वर्ण इस पूरे खानदान की कोई भी लड़की या औरत कभी माँ नहीं बन पाएगी... हमारी मौत के बाद इस खानदान का नामोनिशान भी मिट जाएगा....

जमीला : बस खानदान के नाम को बचने के लिए हम में से कोई भी ऐसी घिनौनी हरकत नहीं कर सकता है जैसा की तू कह रही है.... नहीं ये नहीं हो सकता हम सब कैसे प्रिंस के साथ.... की.... मुझे तो ये सोच के भी गईं आ रही है... चीटीई....

नसरीन : जिस बात को तू गन्दा कह रही है अब वो hi हमारी किस्मत बन चुकी है... इसे तू तो क्या कोई भी नहीं बदल सकता.... खुद प्रिंस भी नहीं... शहनूर का हमारे खानदान को दिया हुआ वो श्राप सच हो के रहेगा.... इस पूरे खानदान की हर एक लड़की और औरत को प्रिंस के बच्चे की माँ बन न hi होगा.... यही हमारी किस्मत है.... एक पल के लिए मैं ये मान भी लून की तू जो कह रही है वो सही है.... और हम औरतें उसे अपने ऊपर होने से शायद रोक भी ले जो की मुमकिन नहीं.... मगर इस खानदान की उन मासूम लड़कियों का क्या जिन्होंने अभी जवानी की देहलीज़ पे अपना कदम रखा hi है.... क्या वो उम्र भर के लिए छुड़ाए के उस सुख से खुद को दूर रख पाएंगी.... क्या वो चुदाई के इस सागर में उतर के इसका मज़ा नहीं लेना चाहेंगी.... बता मुझे जवाब दे.... क्या वो खुद को रोक पाएंगी.... क्या तू उन सब को रोक पाएगी.... नहीं कभी नहीं.... प्रिंस को देखते hi इस खानदान की हर औरत या फिर लड़की उसकी दीवानी बन जायेगी और उसके साथ चुदाई करने को मजबूर हो जायेगी... ठीक उसी तरह जिस तरह इस खानदान के सभी आदमी और दामाद उस श्राप की वजह से नामर्द बन गए.... उन्हें नामर्द बनने से हम नहीं रोक पाए ठीक वैसे hi अब हम खुद को या किसी और को प्रिंस के साथ चुदाई करने से नहीं रोक पाएंगे...

नसरीन की बात सुन के जहाँ उसकी बेटियां शॉक हो जाती हैं वहीँ जमीला गुस्से में खींच के एक और थप्पड़ उसे मार के कहती है....

Chataaaaaaaaaaaak....

जमीला : तू हवस में पूरी तरह से अंधी हो चुकी है.... इस लिए इतनी ज़लील बात कर रही है.... तुझे देख के भी मुझे तुझसे गईं आ रही है.... सच कहा था प्रिंस ने तू वाकई में एक हैवान है जिसने बचपन में सुलतान के साथ हैवानो जैसा सलूक किया और अब उसी सुलतान के साथ खुले आम सेक्स करने की इतनी घटिया बात कह रही है.... की ठु है तुझपे और तेरी घटिया सोच पे.... आज से मैं और मेरी दोनों बेटी कभी किसी चीज़ में तेरा साथ नहीं देंगी....

नसरीन : मुझे मारने से सच बदल नहीं जाएगा.... और रही बात हैवानियत की तो हाँ मैंने सुलतान के साथ हैवानो जैसा सलूक किया.... मगर वो किस वजह से किया था.... वो तू नहीं जानती... तू तो क्या उस वजह को कोई नहीं जानता.... मैं छह के भी तुझे नहीं बता सकती... वक़्त आने पे तुझे अपने आप वो वजह पता चल जायेगी.... की मैंने सुलतान के साथ वैसा क्यों किया.... और रही बात तेरी और तेरी बेटियों की तो अब मैं भी ये देखती हूँ की तू कब तक खुद के साथ साथ अपनी दोनों बेटियों को प्रिंस से चुदाई करने से रोक पाती है....

नसरीन की बात सुन के जमीला एक बार गुस्से से उसे देखती है फिर अरबाज़ को ये कह के घर की तरफ चल देती है की अब इन कमीनो के साथ मेरा कोई वास्ता नहीं....

*****************************************

इधर हॉस्पिटल के दूसरी तरफ सैर के वार्ड में....

सैर : तुम्हे मेरी ज़रा भी फ़िक्र नहीं है..... मैं जियूं या मर....

अभी सैर अपनी बात पूरी भी नहीं कर पायी थी की प्रिंस वो करता है जिसे देख सैर के साथ साथ वहां मौजूद सब बुरी तरह से चौंक जाते हैं....

प्रिंस ने ऐसा क्या किया की जिस से सब इस तरह से चौंक गए....?

प्रिंस आगे बढ़ के सैर के गाल पे एक थप्पड़ मार के कहता है....

प्रिंस : खबरदार जो तू ने दोबारा कभी अपनी जुबां से मरने की बात की तो....? तू नहीं जानती की तू मेरे लिए क्या मायने रक्ति है.... तू मेरे लिए वो है जिसपे मैं खुद से भी ज़्यादा यकीन करता हूँ.... जानती है क्यों....? क्यों की मुझे इस बात का पूरा यकीन है की अगर कभी मैं खुद तुझे गन दे के ये कहूं की तू मुझे जान से मार दे तो उस वक़्त तू अपनी खुद की जान ले लेगी मगर मेरे जिस्म पे एक खरोच तक नहीं आने देगी.... अब बता ऐसे इंसान से ऐसे सच्चे दोस्त से भला कोई दूर रह सकता है क्या...? मैं तो बिलकुल भी नहीं... तू खुद भी अगर ये चाहे की मैं तुझसे दूर चला जाऊं तब भी मैं तुझे चोर के कहीं नहीं जाऊँगा.... हर लम्हा हर पल तेरे साथ hi रहूँगा.... तुझे नहीं पता उस वक़्त जब सैम के हमले से तू घायल हो गयी थी... तब तुझे उस हाल में देख मेरी क्या हालत हुई थी... तुझे ज़ख़्मी देख के मेरा दिल तड़प उठा था साथ hi गुस्से से दिमाग फटने लगा था.... वो तो सैम अचानक से वहां से भाग गया वर्ण मैं उसी वक़्त उसे चीयर पहाड़ के रख देता.... जिस दिन वो मेरे सामने आया वो दिन उसकी ज़िन्दगी का आखिरी दिन होगा... मैं उसे ऐसी मौत मारुंगा की एक पल के लिए मौत भी कांप उठेगी.... उसकी हिम्मत कैसे हुई तुझ पे मेरी सैर पे हुम्ला करने की...

ये कह के प्रिंस आगे बढ़ के सैर को कास के अपने सीने से लगा लेता है.... प्रिंस की बात सुन के और साथ hi अपने लिए उसकी इतनी केयर देख सैर का दिल ख़ुशी स झूम उठता है..... और वो ख़ुशी में प्रिंस के पूरे चेहरे को चूमने लगती है.... जब उसे होश आता है की वो क्या कर रही है... तो अपनी हरकत को देख शर्म के मारे उसके गोर गाल लाल हो जाते हैं और वो प्रिंस के सीने में अपना मुँह छुपा लेती है..... सैर की हरकत को देख साथ उसका शर्म से लाल चेहरे को देख जाने अचानक प्रिंस को क्या होता hai....Wo सैर का चेहरा अपने हाथों में ले के उसके होंठों को चूसने लगता है.... इस से पहले की सैर कुछ समझ पाती प्रिंस उसके नरम मुलायम गुलाब की पंखुड़ी जैसे मदभरे होंठों के रास को चूस चूस के पीने लगता है.... सैर को ऐसा लगता है जैसे की उसे जन्नत मिल गयी.... वो समझ नहीं पा रही है की क्या करे....? किश में प्रिंस का साथ दे या नहीं....? वो बस एक तक प्रिंस के चेहरे को देखने लगती है.... फिर कुछ सोच के वो भी किश में प्रिंस का साथ देने लगती है... दोनों एक दूसरे के होंठों को चूस रहे हैं... उन्हें ये होश hi नहीं की इस वक़्त वो कहाँ हैं और किन के बीच क्या कर रहे हैं.... इस वक़्त उन्हें तो बस एक hi लगन लगी है और वो ये है की अपने साथी के होंठों के रास को आज जैम के चूसना है.... दोनों ंव से कोई भी एक दूसरे को चोर्ने को तैयार hi नहीं.... दोनों कभी एक दूसरे के होंठों को चूस रहे हैं तो कभी जुबां को.... करीब 10 मिनट्स तक एक दूसरे के होंठों का रास चूसने के बाद जब उनकी सांस उखाड़ने लगती है तब वो एक दूसरे अलग होते हैं.... तब जा के उन्हें होश आता है की इस वक़्त वो कहाँ और किन के बीच हैं और अभी अभी उन्होंने क्या किया.... सैर की तो शर्म के मारे हालत खराब बानी हुई है... वो शर्म के मारे फ़ौरन अपना चेहरा प्रिंस के सीने में छुपा लेती है....

इधर ज़रा और नेमत हैरत से बस प्रिंस को देखे जा रहे हैं.... खुद को इस तरह घूरते देख.... इशारे से दोनों से पूछता है....

प्रिंस : क्या हुआ...?

दोनों : हम से क्या पूछ रहा है....? ये सवाल तो हमारा होना चाहिए था... ये अभी जो तू ने किया वो क्या था....?

प्रिंस : मैंने क्या किया....?

ज़रा : कर के भी पूछ रहा है की तू ने क्या किया....?

प्रिंस : यार यूँ बात को घुमा मत सीधे सीधे बता की मैंने ऐसा क्या किया जो तू ऐसा कह रही है....?

ज़रा : जी सैर को तू अपनी दोस्त कहता है उसे किश कैसे कर सकता है....?

प्रिंस : क्यों दोस्तों से प्यार नहीं किया जाता क्या....? बस मैंने भी वो hi क्या...? अपनी सब से प्यारी दोस्त को आज पहली बार थोड़ा सा प्यार किया तो इसमें इतना चौंकने वाली क्या बात है.....

ज़रा : मुझे तो तू ने कभी ऐसे किश नहीं किया....

नेमत : मुझे भी नहीं....

ज़रा : क्या बस एक सैर hi तेरी दोस्त है.... हम तेरे कुछ नहीं लगते....?

प्रिंस आगे बढ़ के दोनों के गाल पे एक एक थप्पड़ रसीद करता है..... और गुस्से में कहता है...

प्रिंस : आज कह दिया दोबारा गलती से भी तुम दोनों ने ऐसा कहना तो दूर ऐसा सोचा भी तो मैं तुम दोनों से नाराज़ हो जाऊँगा.... फिर कभी बात नहीं करूँगा.... क्या तुम नहीं जानती की तुम दोनों मेरे लिए क्या हो....? जान hi तुम दोनों मेरी.... जैसे मेरे लिए सैर है वैसे hi तुम दोनों भी... समझी....

ज़रा अपना गाल सहलाते हुए : जान को भी भला कोई इस तरह थप्पड़ मारता है क्या....?

प्रिंस : सब कुछ जान ने के बाद भी जब कोई अपना ऐसी बात करे तो उसे इसी तरह थप्पड़ मार के hi यकीन दिलाना पड़ता है....

ज़रा : जी नहीं यकीन दिलाने का एक और भी तरीका है....

अभी प्रिंस कुछ कहने hi वाला होता है की तभी ज़रा उसका मुँह बंद कर देती है... उसके होंठों को अपने मुँह में ले के वाइल्ड तरीके से किश करने लगती है.... प्रिंस को ज़रा से इस बात की बिलकुल भी उम्मीद नहीं थी.... न hi बाकी सब को.... करीब 10 मिनट्स तक प्रिंस के होंठों को चूसने के बाद ज़रा उस से अलग होती है.... अभी ज़रा हटी hi थी की तभी नेमत प्रिंस को एक शॉक देती है.... वो आगे बढ़ के प्रिंस के होंठों को अपने मुँह में ले के आरा से भी ज़्यादा वाइल्ड तरीके से किश करने लगती है.... वो प्रिंस के होंठों को काट भी रही है साथ hi उसके होंठों को चूस भी रही है..... पहले ज़रा और फिर नेमत.... प्रिंस का जिस्म इस किश में मदहोश होने लगता है साथ hi उसके अंडर नील ज़हर बहारप आते हुए अपना रंग दिखने लगता है.... प्रिंस का सोया हुआ लुंड मस्ती में आ के खड़ा होने लगता है.... धीरे धीरे वो पूरे जोश में आ के झटका लेता है.... और एक करारा शॉट नेमत की छूट पे मारता है... जैसे hi प्रिंस का कड़क लुंड नेमत की छूट से टकराता है नेमत के जिस्म में मस्ती की एक तेज़ लेहेर सी दौर जाती है... उसे ये समझते देर नहीं लगती की ओस वक़्त उसकी छूट को जो ठोकर मारा रहा है वो प्रिंस का खड़ा लुंड है... इस मधुर एहसास को महसूस करते hi नेमत की छूट कॉमर्स की कुछ बूँदें उसकी छोटी सी पंतय में टपका देता हैं.... नमः के किश और नील ज़हर के असर की वजह से प्रिंस मदहोश होने लगता है... उसके हाथ नेमत के जिस्म पे घूमने लगते हैं..... एक हाथ से प्रिंस नेमत के मदमस्त गद्देदार चूतड़ों को मसलने लगता है और दूसरे हाथ से उसके ठोस मुलायम चूची को दबाते हुए किश में उसका साथ देने लगता है.... प्रिं इ की इस हरकत पे नेमत पे मदहोशी छाने लगती है... वो और भी ज़्यादा जोश और मस्ती में प्रिंस को होंठों को चूस रही है... फिर जब उसे इस बात का एहसास होता है की किश मदहोश हो के वो क्या कर रही है और आगे क्या होने वाला है..... वो फ़ौरन किश तोड़ के प्रिंस से दूर हो जाती है.... प्रिंस हैरत से उसे देखने लगता है.... जैसे की पूछना छह रहा हो की अचानक से यूँ दूर क्यों हो गयी.... इस से पहले की प्रिंस उस से कोई सवाल करता.....

नेमत गुस्से में : तू फिर शुरू हो गया....? एक बात तेरी समझ में नहीं आती क्या....? तुझे बार बार वो hi समझाना पड़ता है....

प्रिंस : अबे अब मैंने ऐसा क्या कर दिया.... जो तू इतना नाराज़ हो रही है....

नेमत : मासूम बन के ऐसे पूछ रहा है जैसे तुझे कुछ मालूम hi नहीं.... मैंने तुझे मन किया था न फिर भी तू बाज़ नहीं आया... और....

प्रिंस : और क्या.....? तू hi तो ये चाहती थी न.... फिर....

नेमत : अबे कमीने झूट मत बोल.... मैंने कब तुझसे कहा छू... मेरा मतलब है सेक्स करने को....

प्रिंस हैरत से : अबे मैंने कब तेरे साथ सेक्स किया....? मैं तो बस.... नहीं मैं नहीं बल्कि तू खुद मेरे होंठों को चूस रही थी.... वो भी जंगली शेरनी की तरह.... मैं क्या करता मुझे भी उसमे मज़ा आने लगा और साथ में जोश भी.... और उसी जोश में मेरे हाथ.... अब बता इसमें मेरी क्या गलती थी....

नेमत : चल माना की मेरे वाइल्ड किश की वजह से तुझे जोश आ गया... मगर तू खुद को रोक सकता था... मगर तू ने ऐसा नहीं किया....

प्रिंस : यार मुझे लगा की तू यही चाहती है इस लिए मैंने न तुझे रोका और न hi खुद को... और वैसे भी इस में मेरी कोई गलती नहीं है.... सब तेरी hi गलती है.... सब जान ने के बाद भी तू ने वो किया जो नहीं करना चाहिए था....

नेमत : देख रही है ज़रा इस कमीने को कैसे ये साड़ी गलती मुझपे थोप के खुद को अच्छा बता रहा है....

ज़रा : सही तो कहा प्रिंस ने गलती इसकी नहीं बल्कि हमारी है... हम ने hi वाइल्ड किश करके इसे जोश दिलाया और बाकी का काम इसके जिस्म में मौजूद नील ज़हर ने किया....

ज़रा की बात सुन के नेमत कुछ कहने hi वाली होती है की तभी बंगारू बाबा वहां आ जाते हैं... बाबा को देख सब खामोश हो जाते हैं....

बाबा : रात काफी हो गयी है... तुम लोगों अब घर जाना चाहिए....

बाबा की बात मान के न चाहते हुए भी नेमत और ज़रा मैक्स के साथ घर की तरफ चल देती हैं.....

प्रिंस : बाबा एक बात मेरी समझ में नहीं आती की चाहे मैं कितना भी अच्छा करनी की कोशिश करूँ मगर हमेशा मुझे hi बुरा समझते हैं.... चाहे मेरी गलती हो या न हो.... कभी कभी तो मुझे ऐसा लगता है की मैं गलत हूँ मेरे दिल में मेरे अपनों के लिए जो प्यार है वो गलत है....

बाबा : तू गलत नहीं है... और न hi कभी हो सकता है....

प्रिंस : ये आप कैसे कह सकते हैं... आखिर मैं भी तो एक इंसान हूँ.... और मुझसे भी गलती होती है....

बाबा : ठीक वैसे hi जैसे.... ऊपर वाला सब को चाहता है उसी तरह तू भी साफ़ दिल से सब को अपना समझता है.... तो ये गलत कैसे हुआ.... न hi तू गलत है और न hi सब के लिए तेरे दिल में प्यार गलत है....

प्रिंस : बाबा... मैं एक मामूली इंसान हूँ... मेरी तुलना आप उपरवाले से कैसे कर सकते हैं....?

बाबा : वो ऐसे की तू मासूम है.... तेरा दिल साफ़ है.... तू साफ़ मन से सब को अपना मानता है.... न hi कभी किसी के साथ खुद बुरा कर सकता है और न hi किसी के साथ बुरा होते हुए देख सकता है....

प्रिंस : तो फिर बाबा हमेशा मेरे साथ hi क्यों बुरा होता है.... सब को ख़ुशी देने के बाद भी हमेशा मेरे हिस्से में सिर्फ गम और तकलीफ hi क्यों आती है....? क्यों मुझे ख़ुशी नहीं मिलती....? क्यों मुझसे वो हमेशा hi जुड़ा हो जाता है जिसे मैं दिल से चाहता हूँ....? क्यों बाबा.....? क्यों जिसे मैं अपना समझता हूँ वो hi मुझे धोका देता है....? क्यों....? क्या मुझे कभी किसी का सच प्यार नसीब नहीं होगा....? बोलिये बाबा... जवाब दीजिये.... क्यों ऊपर वाले ने मेरे माँ बाबा और मासूम को मुझसे जुड़ा कर दिया....? क्यों मेरे परिवार वालों को जिन्हे मैं दिल से चाहता था अपना मानता था.... वो मुझे अपना दुश्मन समझने लगे... यहाँ तक की उन होने मुझे जान से मारने तक की कोशिश की.... वो तो मेरी अच्छी किस्मत थी की मैं बच गया.... जिस सैम को मैंने दोस्त से बढ़ के माना अपने सेज भाई की तरह समझा उसे वो हर चीज़ दी जिसकी उसको ज़रुरत थी... फिर भी उसने मेरे साथ धोका किया.... क्यों बाबा क्यों....?

ये कह के प्रिंस रो ने लगता है.... उसका रोना देख बाबा की आँखों में भी आंसू आ जाते हैं.... बड़ी मुश्किल से बाबा खुद के साथ साथ प्रिंस को संभालते हैं....

बाबा : प्रिंस ये वक़्त टूट के बिखरने का नहीं बल्कि खुद को मज़बूत बनाने का है.... अगर तू hi इस तरह टूट जाएगा तो तेरे अपनों का क्या होगा... वो अपने जो बिना किसी लालच के तुझे दिलो जान से चाहते है....

प्रिंस : किन अपनों की बात कर रहे हैं बाबा आप....? उनकी जिन्होंने मेरे साथ हैवानो से भी बत्तर सलूक किया....

बाबा : नहीं बल्कि उनकी जो तेरे हर दुःख तकलीफ में हमेशा तेरे साथ खड़े रहे हैं.... और मरते दम तक तेरा साथ नहीं छोड़ेंगे....

प्रिंस : अच्छा....!! कौन हैं वो मेरे अपने ज़रा मैं भी तो सुनु....?

बाबा : सब से पहले मैं तेरे बंगारू बाबा... फिर तेरी नानी रानी साहिबा... तेरे माँ डैड.... तेरी सब से प्यारी दोस्त और माँ शहनूर.... फिर तेरे प्यार मासूम.... ज़रा.... और शनाया तेरी बीवी रूही.... तेरी सब से पयति दोस्त सैर कोमल और नेमत.... तेरा जिगरी यार मैक्स और शेरा... और न जाने कितने hi हैं जो तेरे अपने हैं.... तुझे दिल से अपना मानते हैं.... तेरे लिए अपनी जान दे भी सकते हैं और किसी की जान ले भी सकते हैं.... तो बता क्या कुछ लोगों के बदल जाने से या तेरे साथ बुरा करने से बाकी सब जो तुझे दिल से चाहते हैं जो तेरे अपने हैं वो भी बुरे बन गए.... नहीं.... कभी नहीं.... सब तेरी तरह hi अच्छे और नेक हैं.... जो तुझे मरते दम तक चाहते रहेंगे.... तुझसे कभी अलग नहीं होंगे.... तू तो क्या ऊपर वाला भी चाहे तब भी ये सब तुझसे कभी अलग नहीं होंगे.... ये हैं तेरे अपने.... जिनके लिए तुझे जीना होगा... जिनके सच्चे प्यार के बदले उन्हें सच्चा प्यार देना होगा.... उस प्यार की जिनकी चाहत हम सब को तुझसे है....

प्रिंस : हाँ बाबा आप ठीक कह रहे हैं... मगर उनके क्या जो मेरे अपने हो के भी अपने न बन सके....?

बाबा : रही बात तेरे परिवार वालों की तो वो बुरे नहीं हैं.... माना की उन्होंने तेरे साथ बुरा किया बहुत बुरा.... मगर वो सब उन्होंने किसी के बहकावे में आ के किया.... न की अपनी मर्ज़ी से....

प्रिंस : वो कोई दूध पीते बच्चे नहीं थे जो किसी के बहकावे में आ जाए....

बाबा : माना की जो तू कह रहा है वो ठीक है मगर ये भी उन्हे hi सच है की शैतान जब अपनी चाल चलता है तब उसकी चाल में सब फस hi जाते हैं.... तेरे साथ जो भी कुछ हुआ उसमे सब से बड़ा हाथ शैतान का था....

प्रिंस : क्या शैतान का हाथ....? मगर सब को तो आबिद ने भड़काया था न....

बाबा : हाँ ये सच है सब को भड़काने वाला आबिद hi था.... मगर ये भी उतना hi सच है की इस सब के पीछे शैतान का hi हाथ tha....Shaitaan अघुरा ने अपने काले जादू से पूरे घर को बाँध दिया था.... उसके काले जादू की वजह से सब छह के भी तुझपे यकीन नहीं कर पा रहे थे... उन्हें ऐसा लग रहा था की जो भी कुछ आबिद ने तेरे खिलाफ उन्हें बताया है वो सच है....

प्रिंस : शैतान अघुरा का काला जादू....!!! वो भी मेरे घर पे.... अगर घर में शैतान अघुरा का काला जादू था तो फिर उसका असर माँ डैड मासूम और शहनूर माँ पे क्यों नहीं हुआ....?

बाबा : वो इस लिए क्यों की अघुरा ये अच्छे से जानता था की वो उन चारो को तेरे खिलाफ नहीं भड़का सकता था.... उसकी वजह थी उनके दिल में तेरे लिए सच्चा प्यार और सब से बढ़ के ये की तेरी पावर्स के कुछ अंश उनके जिस्म में मौजूद हैं जिसकी वजह से आगरा के काले जादू का असर उन पे नहीं हुआ....

प्रिंस : क्या आप जानते हैं की मेरे माँ डैड और मासूम कहाँ हैं....?

प्रिंस का सवाल सुन के बाबा के चेहरे पे पसीना आने लगता है.... जिस सवाल से वो दूर भाग रहे थे.... वो सवाल आखिर उनके सामने आ hi गया.... उन्हें समझ नहीं आ रहा है की इस सवाल का जवाब वो प्रिंस को क्या दे....? वो प्रिंस से झूट कह नहीं सकते और जवाब लिए बिना प्रिंस मानेगा नहीं.... तो न चाहते हुए भी उन्हें सच बताना hi पड़ता है.... वो सच जो प्रिंस जिसे जान के प्रिंस का पूरा वजूद hi हिल जाएगा.... आखिर क्या है वो सच.....??????

(वर्ड काउंट 4160)
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 156.... मेगा अपडेट

प्रिंस : क्या आप जानते हैं की मेरे माँ डैड और मासूम कहाँ हैं....?

प्रिंस का सवाल सुन के बाबा के चेहरे पे पसीना आने लगता है.... जिस सवाल से वो दूर भाग रहे थे.... वो सवाल आखिर उनके सामने आ hi गया.... उन्हें समझ नहीं आ रहा है की इस सवाल का जवाब वो प्रिंस को क्या दे....? वो प्रिंस से झूट कह नहीं सकते और जवाब लिए बिना प्रिंस मानेगा नहीं.... तो न चाहते हुए भी उन्हें सच बताना hi पड़ता है.... वो सच जो प्रिंस जिसे जान के प्रिंस का पूरा वजूद hi हिल जाएगा.... आखिर क्या है वो सच.....??????

अब आगे.....

बाबा : क.... क.... कुछ बातें मैं जानता हूँ और कुछ नहीं.....

प्रिंस : मतलब....

बाबा : मतलब ये की मैं ये जानता हूँ की तुम्हारे माँ डैड और मासूम ज़िंदा हैं... मगर ये नहीं की वो कहाँ हैं....? तुम्हारे माँ और डैड के बारे में कुछ पता नहीं की वो कहाँ हैं.... मैंने हर तरफ पता कर लिया है... वो इस ब्रह्माण्ड में कहीं हैं मगर कहाँ ये नहीं पता.... उन्हें मैं तो क्या शैतान अघुरा भी नहीं ढूंढ सकता.... उन्हें सिर्फ और सिर्फ वो hi ढूंढ सकती है....

प्रिंस : वो कौन....?

बाबा : म.... म... मलिका सुनहरी....

प्रिंस : मलिका सुनहरी....!!!!!

बाबा : हाँ क्यों की 10 साल पहले जिस वक़्त तुम सब पे हुम्ला हुआ था उस वक़्त एक वो hi थी जो तुम सब को बचा सकती थी.... क्यों की शैतान अघुरा के काले जादू के वार को इस पूरे ब्रह्माण्ड में सिर्फ तुम्हारी hi पावर्स रोक सकती है... जो इस वक़्त मलिका सुनहरी के जिस्म में हैं.... तुमने अपनी पावर्स का एक हिस्सा मलिका सुनहरी के जिस्म में डाला था और दूसरा हिस्सा पारी के जिस्म में... और बाकी इस पूरे ब्रह्माण्ड में टुकड़ों में फैली हुई है.... जिन्हे तुम्हे वापिस हासिल करना है....

प्रिंस : इसका मतलब उस वक़्त मलिका सुनहरी ने मेरी मदत की थी....

बाबा : हाँ....

प्रिंस : मगर आप ने तो कहा था की वो मुझसे बेइन्तेहाँ नफरत करती है....

बाबा : हाँ वो तुमसे जितनी नफरत करती है उतना hi प्यार भी करती है.... ये सच है की इस ब्रह्माण्ड में उसे सब से ज़्यादा नफरत जिस से है वो और कोई नहीं बल्कि तुम हो..... और ये भी उतना hi सच है की इस पूरे ब्रह्माण्ड में उसे किसी से बेइन्तेहाँ मोहोब्बत है तो वो है तुमसे....

प्रिंस : ये आप क्या कह रहे हैं बाबा....?

बाबा : वो hi जो सच है....?

प्रिंस : मगर ये कैसे मुमकिन है....? जहाँ प्यार है वहां नफरत नहीं हो सकती और जहाँ नफरत है वहां प्यार नहीं हो sakta....Ek hi इंसान से भला कोई प्यार भी करे और नफरत भी ये मुमकिन नहीं...

बाबा : मुमकिन है प्रिंस.... मलिका सुनहरी के लिए ये मुमकिन है.... तुम्हारे लिए नफरत उसके दिमाग में है और प्यार उसके दिल में.... दोनों hi बेइन्तेहाँ है.... बस तुम्हे उसके दिमाग में बेस अपने उस नफरत को ख़तम करना है.... फिर मलिका सुनहरी दिल और दिमाग दोनों से तुम्हे बेइन्तेहाँ मोहोब्बत करने लगेगी.... जैसे वो पहले किया करती थी.... उसके दिल ो दिमाग पे सिर्फ तुम hi छाए हुए थे....

प्रिंस : अगर ऐसा है तो फिर वो क्यों मुझसे नफरत करने लगी...? इस नफरत की आखिर वजह क्या है....?

बाबा : उस वजह को बताने का अभी वक़्त नहीं आया है.... जब आएगा तब मैं खुद तुम्हे वो वजह बता दूंगा... फिलहाल मलिका सुनहरी के बारे में नहीं बल्कि अपने माँ डैड और मासूम के बारे में सोचो.... तुम्हारे माँ डैड के बारे में सिर्फ और सिर्फ मलिका सुनहरी hi बता सकती है.... मगर जब तक उसके दिल में तुम्हारे लिए नफरत ख़तम नहीं हो जाती वो उनके बारे में तुम्हे कुछ नहीं बताएगी....

प्रिंस : बाबा अगर गुस्से में आ के उसने मेरे माँ डैड के साथ कुछ गलत....

बाबा : ये मुमकिन नहीं.... वो गलती से भी तुम्हारे माँ डैड के साथ न खुद कुछ गलत होने देगी और न hi किसी और को कुछ गलत करने देगी.... जानते हो क्यों...?

प्रिंस : .......

बाबा : क्यों की जितना तुम अपने माँ डैड को चाहते हो उस से हज़ार गुना ज़्यादा वो उन्हें चाहती है.... उन्हें अपना मानती है.... तभी तो तुमसे बेइन्तेहाँ नफरत होने के बावजूद भी उसने न सिर्फ उनकी जान बचायी बल्कि उनको अपनी हिफाज़त में रखा.... मलिका सुनहरी की इजाज़त के बिना उन तक इस पूरे ब्रह्माण्ड की कोई ताक़त नहीं पहुँच सकती.... ये नामुमकिन है....

प्रिंस : मतलब मैं अपने माँ डैड के पास तब तक नहीं पहुँच सकता जब तक मैं मलिका सुनहरी के दिमाग में मेरे लिए जो नफरत है उस को ख़तम न कर दूँ....

बाबा : हाँ....

बाबा के मुँह से हाँ सुन के प्रिंस उदास हो जाता है उसकी आँखें नाम हो जाती hai....apne माँ डैड के ज़िंदा होते हुए भी उनसे न मिल पाने का दर्द उस के दिल को तड़पाने लगता है.... जिसे देख बाबा से सेहेन नहीं होता.... वो आगे बढ़ के प्रिंस को संभालते हैं...

बाबा : दुखी मत हो प्रिंस.... मुझे यकीन है.... एक दिन तू ज़रूर अपने माँ डैड से मिलेगा.... फिलहाल उनके बारे में नहीं बल्कि मासूम के बारे में सोच.... उस का पता लगाना बेहद ज़रूरी है... क्यों की भले hi उस दिन मलिका सुनहरी ने तेरे माँ डैड के साथ साथ मासूम की भी जान बचायी थी.... मगर इस वक़्त मासूम कहाँ है ये तो उसे भी नहीं पता....

बाबा की बात सुन के प्रिंस को एक झटका सा लगता है....

प्रिंस शॉकेड : Kyaaaaaaaaaaaa....?

बाबा : हाँ.... ये सच है मासूम इस वक़्त कहाँ है ये तो मलिका सुनहरी भी नहीं जानती... न hi मैं और न hi शैतान अघुरा.... क्यों की मासूम की हिफाज़त खुद तेरी पावर्स कर रही है....

प्रिंस : क्या कहा मेरी पावर्स तो फिर तो मैं खुद ये पता लगा सकता हूँ की वो कहाँ है....?

बाबा : नहीं ये भी मुमकिन नहीं... भले hi मासूम की हिफाज़त तेरी पावर्स कर रही हैं.... मगर ये वो किसी और के आदेश पे ऐसा कर रही हैं जिसके अंडर तेरी पावर्स हैं.... वो कौन है ये नहीं पता....

प्रिंस : अगर उसके बारे में कोई नहीं जानता तो फिर ये पता कैसे चलेगा की मासूम इस वक़्त कहाँ और कैसी है....?

बाबा : दो लोग ऐसे हैं जिन्हे ये पता है की मासूम इस वक़्त कहाँ है....?

प्रिंस : कौन है वो दो शख्स.... बताइये मुझे....

बाबा : वो दो शख्स और कोई नहीं बल्कि सोना और शहनूर हैं....

प्रिंस शॉकेड : Kyaaaaaaaaaaaa....? मतलब शहनूर माँ को ये पता है की मासूम इस वक़्त कहाँ है और कैसी है....?

बाबा : नहीं उन्हें बस इतना पता है की मासूम ज़िंदा है.... मगर वो कहाँ और कैसी है ये तो ये दोनों भी नहीं जानती....

प्रिंस : बाबा आपकी बात मेरी समझ में नहीं आ रही है... एक तरफ आप ये कह रहे हैं की मासूम कहाँ है ये सोना और शहनूर माँ जानते हैं... वहीँ आप ये भी कह रहे हैं की वो कैसी है ये उन्हें भी नहीं पता.... चलिए एक पल के लिए मैं ये मान लेता हूँ की 10 साल से कोमा में रहने की वजह से शहनूर माँ को ये नहीं पता होगा की मासूम इस वक़्त कहाँ है....? मगर सोना को तो ये बात अच्छे से पता होगी की मासूम इस वक़्त कहाँ है....?

बाबा : मासूम इस वक़्त कहाँ और कैसी है ये सोना तो क्या शहनूर भी तुझे नहीं बता सकती.... क्यों की सोना तो क्या शहनूर को भी इस वक़्त ये नहीं पता की मासूम कहाँ है....? शैतान अघुरा के काले जादू के असर की वजह से मासूम के बारे में दोनों भूल चुकी हैं.... उन्हें बस इतना पता है की मासूम ज़िंदा है मगर कहाँ ये उन्हें याद नहीं....

प्रिंस : याद नहीं.... तो फिर हम मासूम को कैसे ढूंढेंगे....? कोई तो रास्ता होगा उस के बारे में पता करने का.... जादू से या फिर किसी और तरीके से....

बाबा : नहीं जादू के ज़रिये हम मासूम को नहीं ढूंढ सकते.... क्यों की इस वक़्त मासूम के जिस्म के इर्द गिर्द तेरी पावर्स की एक शैलद सी बानी हुई है जो उसकी पहचान छुपाये हुए है.... जिसकी वजह से उसे ढूंढ पाना नामुमकिन है.... हो सकता है वो किसी और प्लेनेट पे हो.... या फिर इसी प्लेनेट पे हो.... या फिर इस देश में हो.... ये फिर इस शहर में हो.... या फिर हमारे आस पास hi हो.... और हम उसे देख के भी नहीं पहचान पा रहे हो....

बाबा की बात सुन के प्रिंस गुस्से और तड़प की वजह से चीख उठता है....

प्रिंस : kyuuuuuuuuuuunnn....? आखिर क्यों मैं छह के भी अपने माँ और डैड के पास नहीं पहुँच सकता....? Kyuuuuuuuuuuunnn...? क्यों मैं मासूम को नहीं ढूंढ सकता....? Kyuuuuuuuuuuunnn....? क्यों...? आखिर इतनी बेबसी kyuuuuuuuuuuunnn....? हर तकलीफ मुझे hi kyuuuuuuuuuuunnn....? बिना किसी गलती के सजा मुझे hi kyuuuuuuuuuuunnn....?

ये कह के प्रिंस रोने लगता है... उस का दिल तड़पने लगता है.... प्रिंस की इस तड़प को बहुत से लोग महसूस कर पा रहे हैं.... उनमे पारी और मलिका सुनहरी भी है.... प्रिंस की तड़प को महसूस करके जहाँ दोनों के होंठों पे मुस्कराहट फैली हुई है वहीँ उन की आँखों से आंसू बह रहे हैं.... एक तरफ प्रिंस की तड़प उनके दिमाग को सुकून पहुंचा रही है तो वहीँ दूसरी तरफ अपनी जान को इस तरह तड़पते देख दोनों का दिल रो रहा है... उनकी आँखों से ज़ारो कतार आंसू बह रहे हैं.... वो छह के भी प्रिंस की मदत नहीं कर पा रही हैं.... उनके दिमाग में प्रिंस के लिए जो नफरत है वो उन्हें उसकी मदत करने से रोक रहा है....

बाबा आगे बढ़ के बड़ी मुश्किल से प्रिंस को शांत करते हैं....

बाबा : शांत हो जा मेरे बच्चे.... शांत हो जा.... ऐसे टूट के बिखरने से कुछ हासिल नहीं होगा... तुझे मज़बूत बनना होगा... तभी तू वो सब कर सकेगा जो तेरे लिए अपने प्यार और परिवार को पाने के लिए ज़रूरी है....

प्रिंस : कैसे शांत हो जाऊं बाबा...? मेरे जितना बेबस इंसान शायद hi और कोई होगा... जिसके पास इस ब्रह्माण्ड की बेइन्तेहाँ पावर्स होने के बावजूद भी वो अपने प्यार और माँ डैड को नहीं ढूंढ सकता....

प्रिंस की तड़प देख के बाबा प्रिंस को वो राज़ बताने पे मजबूर हो जाते हैं जो वो उसे नहीं बताना चाहते थे....

बाबा : एक रास्ता है प्रिंस जिस से मासूम के बारे में पता लगाया जा सकता है...

प्रिंस : क्या है वो रास्ता...? बताइये मुझे....

बाबा : व... वो... वो क्या है की... वो तुझे.. वो....

प्रिंस : ऐसी क्या बात है बाबा जिसे बताने आप इतना घबरा रहे हैं....?

बाबा : बात hi कुछ ऐसी है की मैं वो तुझे नहीं बता पा रहा हूँ....

प्रिंस : बाबा जो भी बात है वो बताइये....

बाबा : बात ऐसी है की मासूम के बारे में पता करने का एक hi तरीका है और वो ये है की तुझे लगातार 1 महीने तक दिन में दो बार उसके साथ सेक्स करके उसे माँ बनाना पड़ेगा.... जैसे hi उसकी कोख में तेरा बच्चा पलने लगेगा.... उसके ऊपर से काले जादू का असर ख़तम हो जाएगा और उसे ये याद आ जाएगा की मासूम कहाँ है....

प्रिंस शॉकेड : Kyaaaaaaaaaaaa....?

बाबा : हाँ ये hi एक रास्ता है मासूम का पता लगाने का....

प्रिंस : मगर मैं अपनी पूरी पावर्स पाने के बाद भी तो मासूम का पता लगा सकता हूँ....

बाबा : हाँ लगा तो सकते हो मगर उसमे एक प्रॉब्लम है और वो ये की मासूम के जिस्म में भी तुम्हारी पावर्स हैं जो उसकी हिफाज़त कर रही हैं.... जैसे hi तुम अपनी पूरी पावर्स को वापिस पाओगे मासूम के जिस्म में तुम्हारी जो पावर्स है वो बाकी पावर्स के साथ तुम्हारे अंडर समां जायेगी.... मासूम के जिस्म से तुम्हारी पावर्स के निकलते hi मासूम का पता सब को चल जाएगा... शैतान अघुरा को भी और वो जो इस पल का बड़ी बेसब्री से इंतज़ार कर रहा है वो उसी वक़्त मासूम को जान से मार देगा.... क्यों की वो ये अच्छे से जानता है की उसके और तुम्हारी पावर्स के बीच अगर कोई है तो वो मासूम है.... मासूम को जान से मारने के बाद शैतान अघुरा तुम्हारी पावर्स को आसानी से हासिल कर लेगा.... तो अब तुम्हारे पास एक hi रास्ता है और वो है उसके साथ लगातार 1 महीने तक दिन में 2 बार सेक्स करके उसे अपने बच्चे की माँ बनाना.... तब hi कहीं जा के तुम्हे मासूम का पता चलेगा....

प्रिंस : क्या ये करना ज़रूरी है....?

बाबा : हाँ... क्यों की ये hi एक रास्ता है मासूम का पता लगाने का....

प्रिंस : तो फिर बताइये की वो कौन है जिसके साथ मुझे सेक्स करके उसे माँ बनाना है....?

अभी बाबा कुछ कहने hi वाले होते हैं की तभी रूम का दरवाज़ा खुलता है और....

कुसुम : सुनिए जी....

सुहानी : जीजा जी...

प्रिंस : अरे तुम लोग यहाँ.... और ये सुनिए जी.... जीजा जी... ये सब क्या है...?

कुसुम : क्या आप को ये पता नहीं की इंडिया में पति को सुनिए जी hi कहा जाता है....?

सुहानी : और बेहेन के पति को जीजा जी....?

बाबा शॉकेड : प्रिंस ये तीनो कौन हैं और क्या कह रहे हैं....?

प्रिंस : बाबा ये तो मेरी भी समझ में नहीं आ रहा है....

कुसुम : मैं बताती हूँ.... (प्रिंस की तरफ इशारा कर के) ये मेरे पति हैं....

कुसुम की बात सुन की बाबा के साथ साथ प्रिंस भी चौंक जाता है....

बाबा : Kyaaaaaaaaaaaa...??? मगर ये कब हुआ....?

कुसुम शर्माते हुए : 2 दिन पहले....

प्रिंस : अबे क्या 2 दिन पहले.... जान बचने का ये मतलब थोड़े hi है की

तुम मेरे गले पद जाओ....

कुसुम की बात सुन के बाबा प्रिंस के करीब जा के गुस्से में उसे देखते हुए कहते हैं....

बाबा : प्रिंस ये सब क्या है....? तू पागल हो गया है.... एक तो पहले hi पारी और मलिका सुनहरी की नफरत की वजह से तेरी बंद बजी पड़ी हुई है और अब ये.... रूही का चलो माना की वो पारी का हिस्सा है मगर ये कौन है....? और तू ने इस से शादी भी कर ली.... वो भी बिना किसी को बताये....

प्रिंस : बाबा मैंने कोई शादी वादी नहीं की.... वो तो उस दिन....

फिर प्रिंस बाबा को कुसुम से हुई पहली मुलाकात यानी एक्सीडेंट से ले के आज तक की पूरी बात बताता है... जिसे सुन के बाबा अपना सर पीट लेते हैं....

बाबा : इस का मतलब तू ने सही में इस से शादी कर ली है....

प्रिंस : ये आप क्या कह रहे हैं बाबा.... मैंने कोई शादी नहीं की...

बाबा : तो फिर इसकी मांग में ये लाली क्यों है....?

प्रिंस : बाबा वो तो उस दिन अनजाने में मेरा खून इसकी मांग में लग गया था... ये हो hi है.... देखिये मैं अभी इसे साफ़ कर देता हूँ....

ये कह के प्रिंस कुसुम की तरफ बढ़ता है....

कुसुम फ़ौरन अपना हाथ अपनी मांग पे रख के दूर हैट जाती है और गुस्से में प्रिंस को देखते हुए कहती है....

कुसुम : खबरदार जो इसे मिटने की कोशिश भी की तो.... इसे तुम तो क्या ऊपर वाला भी चाहे तो वो भी नहीं मिटा सकता है....

प्रिंस : गलती से तुम्हारी मांग में भरे मेरे इस खून का कोई मतलब नहीं.... इसे मिटा देना hi हम दोनों के लिए बेहतर है....

कुसुम : जी नहीं तुम्हारा खून मेरी मांग में सिन्दूर की तरह उसी ऊपर वाले की मर्ज़ी से भरा गया है.... उसी ने मुझे तुम्हारी बीवी बनाया है.... ये सब उस ऊपर वाले की मर्ज़ी से hi हुआ है... न की गलती से.... हमारी शादी हो चुकी है... तुम मेरे पति हो और मैं तुम्हारी पत्नी....

प्रिंस : ये क्या बकवास है....?

कुसुम : ये कोई बकवास नहीं बल्कि वो हकीकत है जिसे कोई छह के भी नहीं बदल सकता....

प्रिंस कुछ कहने hi वाला होता है की तभी....

बाबा : ये सच कह रही है... ये सब उस ऊपर वाले की मर्ज़ी से hi हुआ है.... और अब से ये तेरी बीवी है.....

बाबा की बात सुन के प्रिंस अपना सर पीट लेता है....

प्रिंस : बाबा पहले hi मेरी लाइफ में क्या काम मुसीबत है जो आप एक और को मेरे साथ बाँध रहे हैं....

प्रिंस की बात सुन के ख़ास कर के अपने लिए मुसीबत लफ्ज़ सुन के कुसुम को बहुत तकलीफ होती है.... उसकी आँखों में आंसू आ जाते हैं वहीँ सुहानी और रिया गुस्से में कहती हैं....

दोनों : आपकी हिम्मत कैसे हुई हमारी सिसो को मुसीबत कह के उनका दिल दुखने की.... एक तो आप ने हमारी सिसो से शादी की और अब उसे अपना ने के बजाये मुसीबत कह के उनसे यूँ पीछा छुड़ा रहे हैं....

प्रिंस : अरे पागल लड़कियों... तुम दोनों बात को समझ नहीं रही हो.... तुम्हे सच का पता नहीं है इस लिए ऐसी बातें कर रही हो.... एक बार सच पता चल गया न तो फिर ये शादी और पति पत्नी वाली बात हमेशा के लिए भूल जाओगी....

दोनों : ऐसी क्या बात है हम भी तो सु ने ज़रा.... आखिर वो क्या बात है जिसकी वजह से आप हमारी परियों से भी ज़्यादा खूबसूरत और सेक्सी सिसो को मुसीबत कह के उनसे अपना पीछा छुड़ा रहे हैं....

प्रिंस : बात ऐसी है की मेरी आलरेडी एक बीवी है.... नाम रूही.... और न जाने और कितनी बनने वाली है.... मेरी किस्मत में किसी एक का नहीं बल्कि कई लड़कियों का प्यार लिखा हुआ है....

प्रिंस की बात सुन के कुसुम के साथ साथ सुहानी और रिया भी शॉकेड हो जाती हैं....

कुसुम : तुम मुझसे पीछा छुड़ाने के लिए ये सब कह रहे हो न....

प्रिंस : नहीं यार बात वैसी नहीं है.... तुम मुझे गलत समझ रही हो.... मैंने अभी जो भी कुछ कहा वो इस लिए नहीं की मैं तुमसे पीछा चुराना चाहता हूँ... बल्कि इस लिए कहा क्यों की वो सब सच है.... और रही बात तुम्हारी तो तुम्हारे जैसी खूबसूरत और प्यारी लड़की का निकाह जिसके साथ होगा वो कोई किस्मत वाला hi होगा....

कुसुम : कोई और क्यों...? तुम क्यों नहीं....?

बाबा : क्यों की ये नहीं चाहता की तुम्हारी ज़िन्दगी बर्बाद हो.... तुम्हे इस से भी अच्छा लड़का मिल सकता है...

कुसुम : मेरी ज़िन्दगी में जिसे मेरा पति बन के आना लिखा था वो आ चूका है और उसने मेरी मांग भर के मुझे अपना भी लिया है.... अब किसी और का मेरी ज़िन्दगी में आना नामुमकिन है....

बाबा : मगर उसका क्या जो इसने कहा....? वो सब सच है.... इसकी एक बीवी आलरेडी है और न जाने आगे और इसके कितने निकाह हो....

कुसुम : वो सब मैं नहीं जानती मैं बस इतना जानती हूँ की ये मेरे पति हैं और मैं इनकी पत्नी.... और अब हम दोनों को मौत के सिवाए कोई अलग नहीं कर सकता.... रही बात इनकी मौजूदा और आने वाली बीवियों की तो मुझे उस से कोई ऐतराज़ नहीं... मैं बस इतना चाहती हूँ की मुझे मेरे हिस्से का प्यार मिलना चाहिए.... वर्ण मैं इन्हे (प्रिंस की तरफ इशारा कर के) तो कुछ नहीं करुँगी मगर हाँ बाकी सब की जान ले लुंगी....

कुसुम की बात सुन के जहाँ प्रिंस अपना सर पीट लेता है.... वहीँ सुहानी और रिया कुसुम के करीब जा के उस से पूछती हैं....

दोनों : सिसो आप ये क्या कह रही हैं...? आप एक ऐसे इंसान के साथ अपनी साड़ी ज़िन्दगी गुज़ारना चाहती हैं.... जो पहले से hi शादी शुदा है और आगे न जाने और कितनी शादी करने वाला है.... ऐसा क्या ख़ास है इसमें जो आप इसके लिए पागल बानी हुई हैं....?

कुसुम प्रिंस की तरफ प्यार से देखते हुए कहती है....

कुसुम : इसमें ऐसा क्या है जो ख़ास नहीं है... ये सब से स्पेशल है... ये बेहद शरीफ है.... सीधा है मासूम है... स्मार्ट है हैंडसम है.. और सब से बड़ी बात ये एक सच्चा और बहादुर इंसान है.... जो किसी को मुसीबत में देख के उसकी जान बचने के लिए अपनी जान पे खेलने से भी पीछे नहीं हैट ता... अपनी जान पे खेल के मेरी जान इसने 3 बार बचायी और उस दिन तुम दोनों की इज़्ज़त और जान भी तो उन गुंडों से इसी ने hi बचायी थी... और रही बात इसके सच्चे होने की तो ये चाहता तो हम से वो साड़ी बात जो इसने अभी हम को बताई है उसे छुपा सकता था मगर इसने ऐसा नहीं किया... सब कुछ सच सच बता दिया.... अब तुम दोनों मुझे ये बताओ की क्या मुझे इसे चोर देना चाहिए...

कुसुम की बात सुन के दोनों न में अपनी गर्दन हिला देती हैं....

दोनों : मगर सिसो.... ये भी तो सच है की इनकी आलरेडी एक बीवी है और आगे न जाने कितनी hi आने वाली हैं... उनका क्या....?

कुसुम : मुझे उनकी फ़िक्र नहीं है.... न hi इस बात का दर की इनकी मेरे अलावा एक और बीवी है और आगे चल के इनकी और भी शादी होने वाली है जिस के बाद कहीं ये मुझे चोर न दे.... नहीं ये मुमकिन नहीं.... ये मुझे तो क्या अपनी किसी भी बीवी को कभी भी नहीं छोड़ेंगे... बल्कि मुझे इस बात का पूरा यकीन है की पूरी दुनिया की लड़कियों से भी इनकी शादी क्यों न हो जाए ये मुझे मेरे हिस्से का प्यार ज़रूर देंगे....

फिर प्रिंस की आँखों में देखते हुए उस से पूछती है.....

कुसुम : मैंने अभी जो कहा वो सच है न....

कुसुम की बात सुन के बाबा हाँ कहते हैं साथ hi प्रिंस भी हाँ में अपनी गर्दन हिला देता है...

प्रिंस की हाँ देख के कुसुम की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहता.... वो दौर के प्रिंस के करीब जा के उसके सीने से लिपट जाती है.... और प्रिंस को किश करने के लिए अपने होंठों को उसके होंठों के करीब ले जाने लगती है.... की तभी....

बाबा : अरे कुछ तो शर्म कर लो बेशर्मो.... माना की तुम्हारी शादी हो चुकी है इसका मतलब ये नहीं की तुम दोनों कहीं भी शुरू हो जाओ.... तुम दोनों इस वक़्त अपने बैडरूम में नहीं हो... हॉस्पिटल में हमारे सामने खड़े हो.... किसी और का नहीं तो काम से काम मेरा hi लिहाज़ कर लो....

बाबा की बात सुन के दोनों फ़ौरन एक दूसरे से अलग हो जाते हैं.... कुसुम तो बुरी तरह से शर्माने लगती है....

प्रिंस : वो बाबा वो... मैंने कुछ नहीं किया वो तो ये....

अभी प्रिंस ने इतना hi कहा था की तभी वहां एक नर्स आ जाती है....

नर्स : आप सब यहाँ इस वार्ड में क्या कर रहे हैं.... पेशेंट्स के साथ सिर्फ एक hi अल्लोवेद है.... तो एक को चोर के बाकी सब यहाँ से जाइये.... (फिर कुसुम को देख के कहती है) तुम तो उस वार्ड की पेशेंट हो न... तुम्हे तो वार्ड में अपने बीएड पे होना चाहिए.... तुम यहाँ क्या कर रही हो... तुम्हारे जैसे पेशेंट न उफ़ ज़रा से ठीक क्या हुए की हवा में उड़ने लगते हो... बन्दर की तरह ुचकुद मचने लगते हो... और दूसरे पेशेंट्स को परेशान करने चले आते हो.... इस से पहले की मुझे गुस्सा आ जाए और मैं तेरा अपने हिसाब से इलाज करूँ चल जा अपने बीएड पे....

नर्स की बात सुन के कुसुम के साथ साथ सुहानी और रिया को भी उस पे बेहद गुस्सा आ जाता है.... प्रिंस और बाबा की मौजूदगी की वजह से कुसुम अपना गुस्सा दबा लेती है.... मगर सुहानी और रिया अपने गुस्से को रोक नहीं पाती.... वो कुछ कहने hi वाली होती है की तभी किसी की आवाज़ सुन के वो चौंक जाती है....

प्रिंस गुस्से में : तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरी बीवी से इतनी बदतमीज़ी से बात करने की... और ये कौन सा तरीका है एक पेशेंट से बात करने का.... तुम्हे ज़रा भी तमीज नहीं है क्या....?

नर्स : अबे तू है कौन जो मुझे तमीज सिखाएगा....? अभी नुसरे ने इतना hi कहा था की तभी एक झन्नाटेदार थप्पड़ उसके गाल पे रसीद होता है....

Chataaaaaaaaaaaak....

थप्पड़ पड़ते hi नुसरे को तारों के साथ साथ पूरा ब्रह्माण्ड भी नज़र आने लगता है.... उसके गाल लाल हो जाते हैं साथ hi होंठों के किनारे से खून निकलने लगता है....

कुसुम बेहद गुस्से में : अबे कमीनी कहीं की तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरे प्रिंस से ऐसे बदतमीज़ी से बात करने की.... तू एक नर्स है नर्स बन के रह ज़्यादा उड़द मत कहीं ऐसा न हो की मैं तेरे पंख के साथ साथ तेरी ये गन्दी जुबां भी काट दूँ.... चल अब निकल ले यहाँ से कहीं ऐसा न हो की तू कुछ और उल्टा सीधा कहे और तेरी कबर यहीं खुद जाए.... चल अब फुट ले....

कुसुम का थप्पड़ खा के और उसकी बातें सुन के दर के मारे नर्स की हालत खराब हो जाती है.... वो सॉरी बोल के फ़ौरन वहां से निकल लेती है....

बाबा : बीटा अब आप लोग भी जाओ.... रात काफी हो गयी है....

प्रिंस : बाबा मैं इनको चोर के फिर आप से यहीं आके मिलता हूँ... आप कहीं जाइएगा नहीं....

ये कह के प्रिंस उनको ले के कुसुम के वार्ड की तरफ बढ़ जाता है....

प्रिंस : तुम कुसुम के साथ यहीं रुको.... मैं डॉ से बात कर लूंगा वो तुम दोनों को यहाँ रुकने देंगे.... (कुसुम की तरफ देख के प्यार से कहता है) तुम आराम करो मैं सुबह आ के तुमसे मिलता हूँ... अभी मुझे बाबा से कुछ काम है....

कुसुम मासूम सी शकल बना के : मुझे रात में दर लगा तो..... या फिर तुम्हारी ज़रुरत पड़ी तो....?

प्रिंस मुस्कुराते हुए उसके पास जा के प्यार से उसके सर पे हाथ फेर के कहता है...

प्रिंस : रात में अगर तुम्हे दर लगा या फिर मेरी ज़रुरत पड़ी तो बस अपनी आँखें बंद कर के एक बार मुझे दिल से याद कर लेना मैं फ़ौरन तुम्हारे पास चला आऊंगा....

ये कह के प्रिंस वहां से जाने लगता है... अभी वो गेट तक पहुंचा hi था की तभी रुक के पीछे मुद के मुस्कुराते हुए कहता है....

प्रिंस : मैंने रात में कहा था न की अभी....

कुसुम : अभी रात hi तो है... और मुझे दर भी लग रहा है.... क्या तुम यहाँ नहीं रुक सकते... प्लीज रुक जाओ न....

प्रिंस उसकी बात सुन के उसके करीब जा के प्यार से कहता है....

प्रिंस : अगर ज़रूरी नहीं होता तो मैं रुक जाता... मगर अभी मुझे बाबा से बेहद ज़रूरी काम है.... फिलहाल तुम आराम से सो जाओ हम कल सुबह बात करेंगे...

कुसुम शर्माते हुए : ठीक है मगर... E...Ek.... क... क.... की... किश तो देते जाओ... ताकि उसके सहारे मैं रात भर चैन से सो सकूँ...

प्रिंस आगे बढ़ के कुसुम के माथे पे प्यार से किश करके कहता है...

प्रिंस : लो दे दी किश अब सो जाओ...

ये कह के प्रिंस तेज़ कदमो से वहां से बाबा के पास चला जाता है....

कुसुम : मैं क्या कोई छोटी बच्ची हूँ जो मेरे माथे पे किश किया....?

कुसुम की बात सुन के सुहानी और रिया उसे छेड़ते हुए कहती हैं...

दोनों : घबराओ मत सिसो होंठों पे भी जीजाजी जल्द hi किश करेंगे.... वैसे जीजा जी वाकई में काफी स्मार्ट डैशिंग और हैंडसम हैं... अपने साथ साथ हम दोनों को भी एक एक किश दिलवा देना... आखिर हम उनकी साली जो हैं... और साली आधी घरवाली होती है....

दोनों की बात सुन के कुसुम अपने सर पीट लेती है...

कुसुम : लो जी गाओं बसा नहीं की लुटेरे पहले hi आ गए.... अरे कामिनियों पहले मुझे जो उनकी बीवी है उसे तो किश मिलने दो....

कुसुम की बात सुन के दोनों हसने लगती हैं....

प्रिंस : हाँ बाबा.... अब बताइये की वो कौन है....?

बाबा : व... व.... वो और कोई नहीं बल्कि सोना है....

प्रिंस शॉकेड : Kyaaaaaaaaaaaa....? सोना....!!!!

बाबा : हाँ सोना वो है जिसके साथ तुझे एक महीने तक दिन में 2 बार सेक्स करके उसे माँ बनाना है....

प्रिंस : मगर सोना hi क्यों....?

बाबा : वो इस लिए क्यों की सोना hi ये जानती है की मासूम कहाँ है....?

प्रिंस : मैं सोना के साथ कैसे नहीं नहीं ये मैं नहीं कर सकता... और अगर एक पल की लिए मैं ये करने को राज़ी भी जो जाऊं तब भी ये मुमकिन नहीं क्यों की इसके लिए सोना कभी राज़ी नहीं होगी... वो ये कभी नहीं चाहेगी की मासूम जो की उसकी सौतन है उसे ढूंढने में उसका इस्तेमाल हो.... बचपन में भी वो मासूम को मेरे साथ नहीं देखना चाहती थी... हम को साथ देख के उसे हम पे ख़ास कर के मासूम पे बेहद गुस्सा आ ता था... उसी गुस्से की वजह से उसने मेरे साथ वो सब किया जिसे करने के बारे में सोच के भी रूह कांप जाती है....

बाबा : अगर ऐसा है तो फिर अब तेरे पास बस एक आखिरी रास्ता बचा है और वो है तेरी शहनूर माँ.... तुझे एक महीने तक दिन में 2 बार सेक्स करके शहनूर को माँ बनाना है....

प्रिंस शॉकेड : ये आप क्या कह रहे हैं बाबा.... वो माँ है... माँ... एक बीटा अपनी बेटे के साथ स... वो कैसे कर सकता है... नहीं बाबा नहीं....

बाबा : हाँ मुझे पता है की वो माँ है और एक माँ अपने बच्चों के लिए कुछ भी कर सकती है.... और यहाँ बात उसके बच्चों की है.... यानी तेरी और मासूम की.... तुम दोनों के लिए शहनूर ये ज़रूर करेगी.... और वैसे भी जो श्राप उसने तेरे पूरे खानदान को दिया है उस खानदान का एक हिस्सा वो खुद भी है... तो उस श्राप की वजह से वो तेरे साथ संभोग करके बच्चे पैदा करेगी.... ये तुम सब की किस्मत में लिखा है और किस्मत के लिखे को कोई नहीं बदल सकता....

प्रिंस : नहीं बाबा ये मुमकिन नहीं की मैं माँ के साथ S...ex.... नहीं हरगिज़ नहीं....

बाबा : अब ये फैसला तेरे हाथ में है की तू कैसे और किस के साथ करता है....? तुझे अगर मासूम को ढूंढना है तो तुझे इन दोनों में से किसी एक के साथ एक महीने तक रोज़ाना 2 बार सेक्स कर के उसे अपने बच्चे की माँ बनाना hi होगा... तभी तुझे मासूम का पता चल पायेगा... वर्ण नहीं...

ये कह के बाबा वहां से चले जाते हैं और प्रिंस गहरी सोच में डूब जाता है.... उसे ये समझ नहीं आ रहा है की आखिर वो करे तो क्या करे....? प्रिंस क्या फैसला लेता है.... वो किसके साथ सेक्स करने को राज़ी होता है सोना के साथ या शहनूर के साथ.... और फिर वो उसे कैसे अपने साथ सेक्स करके अपने बच्चे की माँ बनने पे राज़ी करता है... ये देखना बेहद दिलचस्प होगा....

अगली सुबह.....

महक : सोना अभी प्रिंस आया था क्या...?

सोना : हाँ आया था.... मगर अचानक से बिना कुछ कहे चला गया....

महक : वो यहाँ आया था.... और फिर बिना कुछ कहे अचानक से चला गया.... मैं कुछ समझी नहीं.... आखिर तू कहना क्या छह रही है....? कहीं तू ने फिर तो उसके साथ कुछ गलत नहीं कर दिया....?

सोना : नहीं महक सुलतान की कसम मैंने उसे कुछ नहीं कहा.... बल्कि उसे यहाँ मेरे रूम में मुझ से मिलने आया देख मुझे कितनी ख़ुशी हुई ये मैं तुझे बता नहीं सकती.... मगर....

महक : मगर क्या सोना...? बता मुझे.... जवाब दे.... ऐसा क्या हुआ की प्रिंस यहाँ तुझ से मिलने आया और मिले बिना hi चला गया....?????

(वर्ड काउंट 5000)
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 157.....

महक : सोना अभी प्रिंस आया था क्या...?

सोना : हाँ आया था.... मगर अचानक से बिना कुछ कहे चला गया....

महक : वो यहाँ आया था.... और फिर बिना कुछ कहे अचानक से चला गया.... मैं कुछ समझी नहीं.... आखिर तू कहना क्या छह रही है....? कहीं तू ने फिर तो उसके साथ कुछ गलत नहीं कर दिया....?

सोना : नहीं महक सुलतान की कसम मैंने उसे कुछ नहीं कहा.... बल्कि उसे यहाँ मेरे रूम में मुझ से मिलने आया देख मुझे कितनी ख़ुशी हुई ये मैं तुझे बता नहीं सकती.... मगर....

महक : मगर क्या सोना...? बता मुझे.... जवाब दे.... ऐसा क्या हुआ की प्रिंस यहाँ तुझ से मिलने आया और मिले बिना hi चला गया....?????

अब आगे....

सुबह होते hi प्रिंस शहनूर के करीब जा के बड़े hi प्यार से उसे देखने लगता है.... उसे पता hi नहीं चलता की कब वो शहनूर के बेहद करीब पहुँच जाता है और उसके नाज़ुक होंठों को अपने मुँह में ले के उसे चूसने लगता है.... कुछ देर बाद शहनूर की नींद खुलती है तब वो किसी को अपने होंठों को चूसता पाती है.... गुस्से से उसका दिमाग फटने लगता है.... वो अपने हाथ उठा के उसे खुद से दूर धकेलना चाहती है मगर छह की भी वो अपने गले से नीचे किसी भी हिस्से को हिला नहीं पा रही है..... वो फ़ौरन अपना चेहरा दूसरी तरफ घुमा लेती है.... जिस की वजह से किश टूट जाती है.... शहनूर गुस्से में पलट के कुछ कहने hi वाली होती है की तभी प्रिंस का चेहरा देख उसकी बात आधे में रुक जाती है....

शहनूर : अबे तू है कौन और तेरी हिम्मत.....

प्रिंस मुस्कुराते हुए : गुड मॉर्निंग शानू....

(नोट : अब से प्रिंस को सुल्तानगढ में लोग सुलतान के नाम से hi जानेगे....)

शहनूर : सुलतान ये क्या था हाँ....?

सुलतान : अपनी शानू को जगा रहा था....

शहनूर : सुबह सुबह इस तरह कोई जगाता है क्या....? और भी तो तरीके हैं जगाने के.... पता है मैं कितना दर गयी थी....

सुलतान : मैंने तो वैसे hi जगाया जैसे बचपन में मेरी शानू मुझे जगाया करती थी.... प्यार से स्वीट सी किश कर के.... और रही डरने की बात तो मेरे रहते आप को डरने की ज़रुरत नहीं.... मेरे रहते किसी का आपको नुक्सान पहुँचाना तो दूर कोई आप को छू भी नहीं सकता.... तो फ़िक्र नॉट शानू.... वैसे भी मेरी शानू कोई आम लड़की नहीं बल्कि एक शेरनी है.... और शेरनी डरा नहीं करती बल्कि डराया करती है....

शहनूर : शानू.... आज सालो बाद तेरे मुँह से शानू नाम सुन के अच्छा लगा.... और तुझे मैं कहाँ से लड़की नज़र आ रही हूँ.....?

सुलतान : हर जगह से.... ऊपर से ले के नीचे तक.... आप जैसी खूबसूरत हसीं प्यारी मासूम और सेक्सी लड़की मैंने आज तक नहीं देखि....

प्रिंस के मुँह से अपनी तारीफ सुन के शहनूर बेहद खुश हो जाती है वहीँ सेक्सी सुन के उसके गोर गुलाबी गाल शर्म से लाल हो जाते हैं....

शहनूर शर्माते हुए : धत तू भी न कुछ भी कहता है.... मैं और सेक्सी.... और रही बात मेरी खूबसूरती की तो मुझसे ज़्यादा खूबसूरत और हसीं तो मेरी बेटियां हैं....

सुलतान : जी नहीं.... मेरी शानू से ज़्यादा खूबसूरत हसीं और सेक्सी कोई नहीं.... न आलू न चालु न मासूम और न hi कोई और.... यहाँ तक की जन्नत की पारी भी आप के हुस्न को देख के जल उठे....

प्रिंस के मुँह से अपनी तारीफ सुन के शहनूर का दिल ख़ुशी से झूम उठता है....

शहनूर : सुलतान तू न बहुत बिगड़ गया है..... भला कोई बीटा अपनी माँ के साथ फ़्लर्ट करता है क्या.....?

सुलतान : मैं तो करता हूँ.... क्यों की आप मेरी माँ होने के साथ साथ मेरी प्यारी और सेक्सी शानू जो हो.... और मुझे अपनी सेक्सी शानू से फ़्लर्ट करने से कोई नहीं रोक सकता... आप भी नहीं.... समझी....

अभी शाहनूर कुछ कहने hi वाली होती है की तभी वहां डॉ उनका चेक उप करने आ जाते हैं.... वो अभी शहनूर का चेक उप कर hi रहे होते हैं की तभी....

शहनूर : डॉ मैं अपने गले से नीचे का हिस्सा नहीं हिला पा रही हूँ.... मुझे अपने गले से नीचे का हिस्सा महसूस hi नहीं हो रहा है ऐसा लग रहा है जैसे की मेरे गले से नीचे के हिस्से में जान hi नहीं है.... या फिर मेरा नीचे का हिस्सा है hi नहीं....

डॉ : आप को ऐसा इस लिए महसूस हो रहा है क्यों की आपने गले से नीचे का हिस्सा बिलकुल बेजान सा हो गया है.... 10 साल पहले किसी बहुत बड़े शॉक की वजह से आपके दिमाग की कुछ नस डैमेज हो गयी थी जिसकी वजह से आप के गले के नीचे का हिस्सा बेजान हो गया और साथ hi आप कोमा में चली गयी.... अब आप न तो कभी अपने जिस्म का इस्तेमाल कर पाएंगी और hi कभी अपनी ताकत से बीएड से उठना तो दूर हिल भी नहीं पाएंगी....

तभी किसी की आवाज़ सुन के सब पीछे पलट के देखते हैं....

दरवाज़े पे आलू और चालु कड़ी हैं.... डॉ की बात सुन के दोनों को एक झटका सा लगा है....

दोनों शॉकेड : Kyaaaaaaaaaaaa....?

दोनों फ़ौरन दौर के अपनी माँ के पास आते हैं.... और उनसे लिपट के रोने लगते हैं...

सुलतान : डॉ कोई तो तरीका होगा इन्हे ठीक करने का.... आप कहें तो मैं इन्हे अमेरिका ले जाता हूँ वहां शायद इनका इलाज हो जाए और ये ठीक हो जाए....

डॉ : शायद आप ये भूल रहे हैं की इनके इलाज के लिए आप पहले hi वर्ल्ड के बेस्ट डॉ को यहाँ बुलवा चुके हैं और सब का ये hi कहना है की ये अब कभी ठीक नहीं हो सकेंगी... अब इन्हे ज़िन्दगी भर इसी तरह जीना होगा.... एक ज़िंदा लाश की तरह....

डॉ की बात अभी पूरी भी नहीं हुई थी की तभी एक झन्नाटेदार थप्पड़ उसके गाल पे पड़ता है और वो उड़ता हुआ दूर जा गिरता है...

सुलतान बेहद गुस्से में : तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरी शानू को ज़िंदा लाश कहने की.... नहीं है वो ज़िंदा लाश... सुना तू ने... मेरी शानू ज़िंदा लाश नहीं है... और रही बात उनके ठीक होने की तो बस 7 दिन.... अगले 7 दिन में मेरी शानू पूरी तरह से ठीक हो जायेगी.... मैं करूँगा इन्हे ठीक....

डॉ डरते हुए : य... य... ये नामुमकिन है...

सुल्तान : सुलतान के लिए कुछ भी न मुमकिन नहीं है.... मुझे कुछ भी क्यों न करना पड़े.... मैं अगले 7 दिन में माँ को पूरी तरह से ठीक कर के दिखाऊंगा.... तू निकल ले यहाँ से इस से पहले की मैं गुस्से में आ के तेरी जान ले लून....

सुलतान को गुस्से में देख डॉ फ़ौरन वहां से निकल लेता है....

सुलतान आगे बढ़ के आलू और चालु... मतलब अलीना और आइना के सर पे हाथ फेर के कहता है....

सुलतान : तुम दोनों रो क्यों रही हो....? मैंने कहा न शानू को कुछ नहीं हुआ है.... वो जल्दी hi ठीक हो जायेगी....

अलीना : वो डॉ जो कह रहा था उसका क्या....?

सुलतान : इन डॉ लोगों का तो काम hi होता है पेशेंट के घर वालों को डरना... ताकि वो मोती रकम लूट सकें....

अलीना : तुम हम को चुप करने के लिए ऐसा कह रहे हो न....

सुलतान : आलू तुझे मुझपे इतना भी भरोसा नहीं है क्या....? ये जान ने के बाद भी की चाहे कुछ भी हो जाए सुलतान कभी झूट नहीं कहता.... तू ऐसा कह रही है....

अलीना : अगर ऐसी बात है तो वादा कर मुझसे की तू अगले 7 दिन में माँ को पूरी तरह से ठीक कर देगा....

आलू : ये डॉ थोड़े hi है जो माँ का इलाज करके माँ को ठीक कर देगा....

अलीना अपना हाथ सुलतान की तरफ बढ़ा के कहती है....

अलीना : सुलतान देख क्या रहा है वादा कर....

आलू : मगर अलीना मैं क्या कह रही हूँ वो भी तो सुन....

सुलतान अलीना के हाथ में अपना हाथ रख के कहता है....

सुलतान : मैं वादा करता हूँ की अगले 7 दिन में शानू पूरी तरह से ठीक हो जायेगी....

आलू : ये शानू कौन है...

शहनूर : मैं.....

आलू : मगर आप का नाम तो शहनूर है न....

शहनूर : हाँ मगर सुलतान बचपन में मुझे प्यार से शानू hi बुलाता था.... जिस तरह से ये अलीना को आलू और तुझे चालु... ठीक उसी तरह मुझे भी शानू बुलाता था....

आलू : वो तो ठीक है मगर ये तो डॉ नहीं है तो फिर आपको ठीक कैसे करेगा....

सुलतान : वो मेरी प्रॉब्लम है.... की मैं कैसे शानू को ठीक करता हूँ.... तुम बस शानू के ठीक होने का इंतज़ार करो...

अलीना : याद रखना सुलतान.... तू ने वादा किया है.... 7 दिन... तेरे पास सिर्फ 7 दिन हैं....

सुलतान : हाँ मुझे पता है.... 7 दिन में शानू ठीक हो जायेगी.... चलो अब तुम दोनों भी अपना चेहरा ठीक करो... रो रो के दोनों ने खुद को बंदरिया बना लिया है....

चालु : क्या कहा हम बंदरिया हैं.... तो तू क्या है जंगली बुंदेर....

सुलतान : जी नहीं सुलतान शेर है शेर....

चालु : जा जा चेहरा देखा है अपना... बड़ा आया खुद को शेर कहने waala....Tu बंदर है वो भी जंगली....

सुलतान : आज तुम दोनों गयी काम से देखो मैं कैसे तुम दोनों की हालत खराब करता हूँ....

सुलतान की बात सुन के दोनों उसे चिढ़ाते हुए वहां से भागने लगती हैं....

दोनों : अबे जा जा बड़ा आया हमारी हालत खराब करने वाला पहले हम को पकड़ के तो दिखा जंगली बुंदेर....

सुलतान : रुक अभी बताता हूँ मैं तुम दोनों को....

ये कह के सुलतान अलीना और आइना के पीछे भागता है.... दोनों तेज़ी से सुलतान को चिढ़ाते हुए शानू के बीएड के चारो तरफ दौरने लगती है और सुलतान उनके पीछे पीछे.... वो जान बूच के धीरे भाग रहा है ताकि इस मस्ती भरे भाग दौर में दोनों डॉ की कही हुई बात भूल जाए और माहौल थोड़ा हल्का हो जाए....

कुछ देर बाद सुलतान दोनों को पकड़ लेता है....

सुलतान : देखा पकड़ लिया न... बड़ी आयी थी सुलतान से तेज़ दौड़ने वाली... कितना भी तेज़ भाग लो बंदरिया कभी शेर से जीत नहीं सकती....

ये कह के सुलतान हसने लगता है...

हहहहहहहहह.....

अलीना सुलतान के करीब जा के उसकी आँखों में देखते हुए उस से पूछती है...

अलीना : पक्का 7 दिन में माँ ठीक हो जायेगी न...

सुलतान भी उसे उतने hi यकीन के साथ उसकी आँखों में देखते हुए कहता है...

सुलतान : हाँ अगले 7 दिन में शानू यकीनन ठीक हो जायेगी....

सुलतान के मुँह से ये सुन के और साथ hi उसकी आँखों में सचाई देख के अलीना के साथ साथ आइना को भी इस बात का यकीन हो जाता है की सुलतान जो कह रहा है वो हो के रहेगा... अगले 7 दिन में शहनूर ज़रूर ठीक हो जायेगी....

दोनों आगे बढ़ के कास के सुलतान के सीने से लिपट जाती हैं और उसे थैंक्स कहने लगती हैं....

सुलतान : अरे पहले शानू को ठीक तो हो जाने दो... और मैं क्या कोई गैर हूँ जो तुम दोनों मुझे थैंक्स कह रही हो....?

दोनों : सॉरी...

सुलतान : आज से no सॉरी no थैंक्स... चलो अब तुम दोनों शानू के पास बैठो... मुझे कुछ काम है उसे पूरा कर के मैं जल्द hi वापिस आता हूँ....

दोनों : और माँ का इलाज....

सुलतान : वो कल से शुरू होगा.... और अगले 7 दिन में शानू पूरी तरह से ठीक हो जायेगी...

ये कह के प्रिंस वहां से सैर से मिल के उसका हाल चाल पूछ के और साथ hi उस से एक स्वीट सी किश ले के कुसुम से मिलने चल देता है....

कुसुम बड़ी बेसब्री से सुलतान के आने का इंतज़ार कर रही थी.... सुलतान के आते hi वो दौर के उसके पास जाती है और उसके सीने से लिपट जाती है....

कुसुम : तुम नहीं जानते मैं कब से तुम्हारा इंतज़ार कर रही थी.... तुम्हारे गाला लगने को तड़प रही थी... अब जा के मेरे दिल को सुकून आया है....

सुलतान : ये क्या कुसुम अभी एक रात भी नहीं गुज़री और तुम्हारा ये हाल है.... तो अगले 7 दिन तक तुम कैसे रहोगी....

कुसुम : ऐसा क्यों कह रहे हो....? और तुम कहीं जा रहे हो क्या....?

सुलतान : हाँ कल से अगले 7 दिन तक मैं यहाँ नहीं हूँ.... मुझे शानू... मेरा मतलब है की मेरी माँ की बेहेन और तुम्हारी सास शहनूर माँ के इलाज के लिए मुझे उनके साथ अगले 7 दिन के लिए जाना होगा....

सुलतान के मुँह से सास सुन के कुसुम शर्मा जाती है वहीँ सुलतान से 7 दिन दूर रहने की बात जान के उसका दिल तड़प जाता है उसकी आँखों में आंसू आ जाते हैं....

सुलतान फ़ौरन उसकी आँखों से बहते आंसू पॉच के उसकी आँखों को प्यार से चुम के कहता है....

सुलतान : अगर ज़रूरी नहीं होता तो मैं नहीं जाता....

कुसुम : जब बात मेरी सासु माँ के इलाज की है तो मैं तुम्हे जाने से नहीं रोकूंगी.... मगर क्या मैं तुम्हारे साथ नहीं चल सकती... इस से हम साथ रहेंगे और मैं माँ के इलाज में तुम्हारी मदत भी कर दिया करुँगी...

सुलतान : अगर हो सकता तो मैं तुम्हे ज़रूर ले जाता मगर ये मुमकिन नहीं... वहां मुझे उनके साथ अकेले hi जाना होगा....

कुसुम : 7 दिन... कैसे रहूंगी तुम्हारे बिना....

सुलतान उसे कास के अपने सीने से लगा के कहता है....

सुलतान : बस 7 दिन की hi तो बात है देखना यूँ देखते देखते hi काट जाएंगे ये 7 दिन....

कुसुम : ये कोई मामूली 7 दिन नहीं हैं बल्कि जुदाई के हैं ये सालों की तरह लगने वाले 7 दिन....

सुलतान : जुदाई के बाद मिलान का भी तो अपना hi एक अलग मज़ा होगा न...

सुलतान की बात सुन के कुसुम कुछ कहने hi वाली होती है की तभी सुलतान उसका चेहरा अपने हाथों में ले के उसके होंठों को अपने मुँह में ले उन्हें चूसने लगता है....

कुसुम को इस बात की उम्मीद नहीं थी की सुलतान ऐसा कुछ करेगा.... वो सुलतान की इस हरकत से शॉकेड हो जाती है.... वो बस सुलतान के होंठों के एहसास को अपने होंठों पे महसूस करने लगती है.... ये उसकी लाइफ का पहले किश है और वो भी उसके साथ जिसे वो दिल ो जान से चाहने लगी है... साथ hi अब वो उसका पति भी है.... धीरे धीरे वो किश में मदहोश हो के सुलतान का साथ देने लगती है.... करीब 10 मिनट तक दोनों की किश चलती रहती है.... फिर सुलतान उस से अलग हो के बिना कुछ कहे चला जाता है.... कुसुम किश में मदहोश सी वहां कड़ी रहती hai....kuch देर बाद सुहानी और रिया की आवाज़ सुन के उसकी तंत्र टूट टी है....

सुहानी : क्या हुआ सिसो आप यहाँ इस तरह क्यों कड़ी हैं....?

कुसुम दोनों को पूरी बात बताती है जिसे सुन के....

सुहानी : तो आखिर उसने आपको धोका दे hi दिया.... मुझे पता था की वो धोकेबाज़ है.... और देखो आप को झूटी कहानी सुना के चला गया....

सुहानी की बात सुन के कुसुम कुछ कहने hi वाली होती है की तभी किसी की आवाज़ सुन के तीनो चौंक जाती हैं.....

मैक्स : वो धोकेबाज़ नहीं है.... सुना तुमने... नहीं है वो धोकेबाज़.... और उसने जो भी कुछ कहा वो सच है.... प्रिंस उर्फ़ सुलतान कभी झूट नहीं कहता... वो एक सच्चा इंसान है....

सुहानी : तुम कौन हो....?

मैक्स : मेरा नाम मैक्स है मैं Sultaan/Prince का दोस्त हूँ.... उसने मुझे कुसुम भाभी को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज करवा के उन्हें पूरी हिफाज़त के साथ घर पहुँचाने को कहा है... और साथ hi ये भी कहा है की अगले 7 दिन के बाद वो खुद आ के कुसुम भाभी को अपने घर ले जाएगा.... ये रहे डिस्चार्ज के पेपर्स... डॉ के हिसाब से भाभी अब ठीक है... भाभी आप तैयार हो जाइये मैं बहार आप का वेट कर रहा हूँ....

ये कह के मैक्स बहार चला जाता है.... फिर कुछ देर बाद हाई टेक सिक्योरिटी गार्ड्स के साथ कुसुम को उसके घर चोर आता है.... सुलतान के हाई टेक सिक्योरिटी गार्ड्स को देख कुसुम के साथ साथ सुहानी और रिया भी बेहद हपीरां हो जाते हैं.... इधर प्रिंस सैर से मिल के सीधे अपने घर की तरफ चल देता है...

वहां अपने घर में जाने के बजाये वो सोना से मिलने उसके घर में जाता है... मगर उस से मिल के भी नहीं मिलता.... वो बिना उस से कुछ बात किये वहां से अपने घर लौट आता है.... सुलतान के घर में आने की बात जब महक को पता चलती है और ख़ास कर के ये की वो यहाँ आ के सीधे सोना से मिला और फिर चला गया.... तो वो सोना से इस की वजह पूछने चली जाती है....

महक : सोना अभी सुलतान आया था क्या...?

सोना : हाँ आया तो था.... मगर अचानक से बिना कुछ कहे चला गया....

महक : वो यहाँ आया था.... और फिर बिना कुछ कहे अचानक से चला गया.... मैं कुछ समझी नहीं.... आखिर तू कहना क्या छह रही है....? कहीं तू ने फिर तो उसके साथ कुछ गलत नहीं कर दिया....?

सोना : नहीं महक सुलतान की कसम मैंने उसे कुछ नहीं कहा.... बल्कि उसे यहाँ मेरे रूम में मुझ से मिलने आया देख मुझे कितनी ख़ुशी हुई ये मैं तुझे बता नहीं सकती.... मगर....

महक : मगर क्या सोना...? बता मुझे.... जवाब दे.... ऐसा क्या हुआ की सुलतान यहाँ तुझ से मिलने आया और मिले बिना hi चला गया....?

सोना : मुझे नहीं पता की वो यहाँ क्यों आया था....? क्यों घर में आने के बाद किसी से मिले बिना वो सीधे मेरे रूम में आ गया....? यहाँ मैं उसकी पेंटिंग बना रही थी.... वो कभी मुझे देखता तो कभी इस पेंटिंग को.... मुझे लगा की उसकी पेंटिंग बनाते देख वो मुझ पे नाराज़ होगा या फिर कुछ और कहेगा... मगर उसने एक लफ्ज़ भी नहीं कहा.... बस कुछ देर तक एक तक मेरी आँखों में देकता रहा... मुझे ऐसा लगा की वो कुछ कहना चाहता है मगर क्या पता नहीं.... कुछ तो बात थी जो वो मुझे बताना चाहता था.... क्या पता नहीं....?

महक : तुझे ऐसा क्यों लगा की वो तुझसे कुछ कहना चाहता था....?

सोना : उसकी आँखों में नमी थी.... हाँ महक उसकी आँखों की नमी ये बता रही थी की उसके दिल में ज़रूर कोई बात है जो उसे बेहद तकलीफ पहुंचा रही है और वो बात वो मुझे बताना छह रहा था.... मगर उस ने मुझ से कुछ नहीं कहा..... या फिर ये कहना ज़्यादा ठीक होगा की वो छह के भी मुझ से अपने दिल की बात नहीं कह पाया... क्यों पता नहीं.... मगर कोई बात तो ज़रूर थी जो उसे परेशान कर रही थी.....

महक : और वो बात सुलतान तुझसे कहने आया था....

सोना : शायद हाँ....

महक : एक बात बता... की कोई इंसान अपने दिल की सब से ज़रूरी बात क्या हर एक को बताता है.... नहीं.... कभी नहीं.... वो अपने दिल की ज़रूरी बात या फिर कोई गहरा राज़ उसे और सिर्फ उसे hi बताता है जो उसके दिल के बेहद करीब हो.... जैसे की उसका कोई अपना जिस पे वो भरोसा करता हो....

सोना खुश होते हुए : तो इसका मतलब ये है की सुलतान.... मेरा सुल्तान अपनी सोना पे यकीन करता है....

महक : शायद हाँ या फिर शायद न....

सोना चीड़ के : न क्यों.....?

महक : न इस लिए क्यों की अगर वाकई में सुलतान तुझ पे भरोसा करता तो जो बात वो तुझे बताने आया था वो ज़रूर बताता... यूँ बिना बताये अचानक से यहाँ से चला नहीं जाता...

सोना : हाँ शायद मगर कोई बात तो ज़रूर है जो वो मुझे बताना चाहता है....

महक : हाँ और वो बात उसके बताने पे hi पता चल सकती है.... तो अब सोचना ये है की सुलतान से वो बात कैसे पता की जाए....? ऐसा कौन है जो उस से ये पता लगा सकता है की सुलतान आखिर तुझ से कहने क्या आया था....?

सोना : ऐसा तो एक hi शख्स है और वो है शीना.... वो hi सुलतान से ये पता लगा सकती है....

महक : चल फिर शीना को चल के पटटे है....

इधर सुलतान जैसे hi घर पहुँचता है उसकी सब दिवानियाँ उस पे टूट पड़ती हैं.... सुलतान का पूरा चेहरा लिपस्टिक के निशाँ से भर जाता है.... बड़ी मुश्किल से सुलतान खुद को उनसे दूर करता है....

तभी वहां बाबा आ जाते हैं....

बाबा : सुलतान क्या वाकई में तू वो करने वाला है....?

सुलतान : हाँ बाबा इसके अलावा मेरे पास और कोई रास्ता नहीं है....

बाबा : ये जानते हुए भी की वैसा करने से तुझे बेइन्तेहाँ तकलीफ होगी....

सुलतान : हाँ बाबा.... उसके लिए मैं हर तकलीफ बर्दाश्त करने को तैयार हूँ....

वहां मौजूद सभी हैरत से बस बाबा और सुलतान को देखे जा रहे हैं किसी को दोनों की ये बात समझ में नहीं आ रही है.... आखिर दोनों किस बारे में बात कर रहे हैं.....??????

(वर्ड काउंट 3351)
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....



अपडेट 158..... महा मेगा अपडेट

"शानू के इलाज की सेक्सी शुरुवात"



बाबा : सुलतान क्या वाकई में तू वो करने वाला है....?

सुलतान : हाँ बाबा इसके अलावा मेरे पास और कोई रास्ता नहीं है....

बाबा : ये जानते हुए भी की वैसा करने से तुझे बेइन्तेहाँ तकलीफ होगी....

सुलतान : हाँ बाबा.... उसके लिए मैं हर तकलीफ बर्दाश्त करने को तैयार हूँ....

वहां मौजूद सभी हैरत से बस बाबा और सुलतान को देखे जा रहे हैं किसी को दोनों की ये बात समझ में नहीं आ रही है.... आखिर दोनों किस बारे में बात कर रहे हैं.....??????

अब आगे....

ज़रा : बाबा आप दोनों ये किस बारे में बात कर रहे हैं....? और सुलतान 7 दिन के लिए कहाँ जाने वाला है....?

सुलतान : वो बात ऐसी है की शानू बीमार है तो उनका इलाज करने के लिए अगले 7 दिन मुझे उनके साथ जाना होगा....

ज़रा : कब जाना है बता मैं भी तेरे साथ जाउंगी... आफ्टर आल मैं तेरी सिक्योरिटी गार्ड जो हूँ.... मेरा तो तेरे साथ जाना बनता है....

नेमत : मैं भी....

बस फिर क्या था सुलतान की साड़ी दिवानियाँ एक एक कर के साथ चलने की ज़िद करने लगती हैं.... सुलतान न कहते कहते थक जाता है मगर कोई उसकी बात मान ने को तैयार hi नहीं.... आखिर बाबा को बीच में आना hi पड़ता है.... बाबा के मन करने पे सब खामोश हो जाते हैं.... सब के चेहरे पे उदासी च जाती है.... जो सुलतान से देखि नहीं जाती....

सुलतान : यार अब तुम सब ऐसे उदास हो जाओगी तो मैं जा नहीं पाऊंगा.... और इस वक़्त शानू माँ के इलाज के लिए मेरा उन के साथ जाना बेहद ज़रूरी है.... वहां मैं छह के भी तुम में से किसी को नहीं ले जा सकता हूँ.... मगर वादा करता हूँ की 7 दिन बाद जैसे hi शानू माँ का इलाज पूरा हो जाएगा तब मैं तुम सब को अपने साथ एक स्पेशल जगह घूमने ले जाऊँगा... ऐसी जगह जो आज से पहले किसी ने नहीं देखि होगी....

सुलतान से 7 दिन की जुदाई की बात सुन के जहाँ सब उदास हो जाते हैं वहीँ उसके साथ एक स्पेशल जगह घूमने की बात सुन के सब ख़ुशी से नाचने लगती हैं.....

अगली सुबह....

सुलतान शानू को साथ ले के ड्रीम वर्ल्ड जाता है....

शानू : सुलतान ये तू मुझे कहाँ ले आया....?

सुलतान : ये ड्रीम वर्ल्ड है.... ये मेरा प्लेनेट है... इसे मैंने अपने हाथों से बनाया है....

सुलतान की बात सुन के शानू शॉकेड हो जाती हैं....

शानू : Kyaaaaaaaaaaaa....????

फिर वो शानू को पूरी बात बताता है साथ hi ये भी की इन 7 दिनों में वो कैसे उनका इलाज करने वाला है....? (ठीक वैसे hi जैसे उस ने मुस्कान का इलाज किया था) साथ hi ये भी की 7 दिन बाद शानू के ठीक होने के बाद से अगले एक महीने तक दोनों को रोज़ाना 2 बार चुदाई करनी होगी ताकि शानू सुलतान के बच्चे की माँ बन सके और उसके माँ बनते hi उसे ये याद आ जाएगा की मासूम इस वक़्त कहाँ है.... सुलतान की बात सुन के शानू गुस्से से पागल सी हो जाती है... वो गुस्से में उसका नाम ले के चीखती है....

शानू गुस्से में : सुलताआआआं.... तू पागल तो नहीं हो गया.... ये क्या बेहूदा बात कह रहा है.... दोबारा ऐसा कहा तो अच्छा नहीं होगा.... तेरी जगह ये बात किसी और ने कही होती तो अब तक मैं उसकी जान ले चुकी होती.....

सुलतान : मेरी जान लेने के लिए भी तो आप को पहले ठीक होना होगा.... आप बस एक बार ठीक हो जाए उसके बाद हम मासूम को ढूंढ ले फिर शौक से आप मेरी जान ले लीजियेगा.... मैं उफ़ तक नहीं करूँगा....

शानू : तू ये क्यों करना चाहता है....?

सुलतान : क्यों की मैं आप से और मासूम से प्यार करता हूँ.... मैं न तो आप को ऐसे देख सकता हूँ और न hi मासूम के बिना रह सकता हूँ....

शानू : मगर मैं hi क्यों....? कोई और क्यों नहीं....?

सुलतान : वो इस लिए क्यों की इस दुनिया में दो hi ऐसे लोग हैं जो ये जानते हैं की मासूम कहाँ है.... एक आप और दूसरी सोना.... आप के साथ साथ एक सोना hi है जिसे ये पता है की मासूम इस वक़्त कहाँ है....? मगर शैतान के काले जादू के असर की वजह से वो ये बात भूल चुकी है.... उसे याद तभी आ सकता है जब मैं अगले एक महीने तक रोज़ाना दिन में 2 बार उसके साथ सेक्स करके उसे अपने बच्चे की माँ बनाऊ.... उसके माँ बनते hi उसे ये याद आ जाएगा की मासूम कहाँ है....

शानू : तो फिर तू उस से बात क्यों नहीं करता.... शायद वो तेरी बात मान जाए....

सुलतान : मैंने उस से इस बारे में बात की थी मगर वो इस बात के लिए राज़ी नहीं है.... उसका ये कहना है की....

सोना : जिस कमीनी की वजह से मेरा सुलतान जिसे मैं दिल ो जान से चाहती थी... वो मुझसे दूर हो गया उसको वापिस लाने में मैं कभी तेरी मदत नहीं करुँगी.... चाहे कुछ भी क्यों न हो जाए.... ये काम मैं हरगिज़ नहीं करुँगी....

सुलतान : अब आप के सिवाए मेरे पास और कोई रास्ता नहीं है.... एक आप hi वो हैं जिस की मदत से हम मासूम को ढूंढ सकते हैं.... और उसके लिए हम को वो करना hi होगा....

शानू : क्या इसके सिवाए और कोई दूसरा रास्ता नहीं है....?

सुलतान : नहीं ये hi एक आखरी रास्ता है और मेरे अलावा आप को और कोई ठीक नहीं कर सकता.... इस पूरी दुनिया में ऐसा कोई डॉ या ऐसा कोई इलाज नहीं जिस से आप ठीक हो सके.... आप का डॉ भी मैं hi हूँ और आप का इलाज भी मेरे hi पास है.... आपके और मासूम के लिए मुझे ये करना hi होगा.... और आपके इलाज के बाद का काम (चुदाई) भी....

शानू : तू शायद होश में नहीं है इस लिए ऐसी पागलों जैसी बातें कह रहा है....

सुलतान : मैं पागल नहीं हूँ बल्कि पूरे होश में हूँ और आपको बस मैं hi ठीक कर सकता हूँ... अब ये आप पैर है की आप क्या चाहती हैं.... मुझसे अपना इलाज करवा के ठीक होना और अपनी यादें वापिस ला के मासूम का पता लगाना या फिर ज़िन्दगी भर इसी तरह बिस्तर पे मासूम की याद में जीना.... जाने इस वक़्त मेरी मासूम कहाँ होगी कैसी होगी....? कहीं उसे कुछ हो तो नहीं गया....? कहीं शैतान अघुरा ने उसके साथ कुछ गलत कर दिया तो क्या आप अपने आप को कभी माफ़ कर पाएंगी.... नहीं कभी नहीं....

शानू : सुलतान तू जो कह रहा है वो ठीक है... मगर फिर भी मैं तुझे वो करने की इजाज़त कैसे दे दूँ.... नहीं ये मुझसे नहीं होगा.... मैं एक माँ होने के साथ साथ एक औरत भी हूँ.... एक सच्ची औरत जिसने आज तक अपने पति के सिवाए किसी और को अपने जिस्म को बिना कपड़ों के देखने तक नहीं दिया.... चुना तो बहुत दूर की बात है.... और तू है की मेरे साथ छू... वो करने की बात कर रहा है... मैं कैसे तुझे उसकी इजाज़त दे दूँ.... ये गुनाह है और मैं न खुद ये गुनाह करुँगी और न hi तुझे ये गुनाह करने दूंगी.... नहीं मैं हरगिज़ तुझे उसकी इजाज़त नहीं दे सकती....

सुलतान : प्लीज शानू मेरी बात मान लीजिये.... प्लीज.....

शानू : एक बात बता क्या वाकई में मेरे माँ बनते hi मुझे ये याद आ जाएगा की मासूम कहाँ है....?

सुलतान : हाँ.... यकीनन....

शानू : तो फिर तो मैं किसी और के बच्चे की माँ भी बन सकती हूँ ये ज़रूरी नहीं की मेरे बच्चे का बाप तू hi हो....

सुलतान : ये मुमकिन नहीं.....

शानू : क्यों मुमकिन नहीं.....?

सुलतान : शायद आप अपना वो श्राप भूल रही हैं.... जो आप ने मेरे पूरे खानदान को दिया था.... की इस पूरे खानदान की कोई भी औरत या लड़की कभी किसी के बच्चे की माँ नहीं बन पाएगी.... उसे अगर कोई माँ बना सकता है तो वो सुलतान यानी की मैं हूँ....

शानू : तो इस से मेरे माँ बनने का क्या सम्बन्ध है....?

सुलतान : शायद आप भूल रही है की आप भी मेरे खानदान की हैं और आप की तीनो बेटियां भी.... तो इस हिसाब से आप को सिर्फ मैं hi माँ बना सकता हूँ... और कोई नहीं....

शानू : तू कुछ भी कह ले मगर फिर भी मैं तेरे साथ ये नहीं कर सकती.... तू मेरी बेटी का होने वाला सुहाग है और मैं अपनी बेटी के होने वाले पति के साथ... नहीं कभी नहीं... ये मैं हरगिज़ नहीं करुँगी... न hi तुझे इस बात की इजाज़त दूँगी....

सुलतान शानू को मानाने की लाख कोशिश करता है मगर शानू मान ने को तैयार hi नहीं.... ये देख सुलतान का दिल तड़प जाता है.... वो अपने घुटनो पे बैठ के ज़ोर से छीकता है.... और साथ hi ज़ोर ज़ोर से रोने लगता है.... उसकी आँखों से hi नहीं बल्कि उसके दिल से भी आंसू निकलने लगते हैं.... वो अपने हाथ जोड़ के रट हुए कहता है.....

सुलतान : शानू प्लीज मेरी बात मान जाइये.... प्लीज मुझे इजाज़त दे दीजिये.... मैं आपके हाथ जोड़ता हूँ.... मुझे आपके और मासूम के लिए इजाज़त दे दीजिये... प्लीज शानू.... प्लीज.... मैं न आप को इस हाल में देख सकता हूँ और न hi मासूम के बिना ज़िंदा रह सकता हूँ... मैं मर जाऊँगा.... प्लीज मेरी बात मान लीजिये प्लीज....

ये कह के सुलतान पागलों की तरह रोने लगता है.... सुलतान को यूँ रट तड़पते देख शानू का दिल भी तड़प जाता है.... उसकी आँखों से भी आंसू बहने लगते हैं... न चाहते हुए भी वो सुलतान की बात मान ने को मजबूर हो जाती है....

शानू मन में : हे ऊपर वाले ये तू मेरा कैसा इम्तेहान ले रहा है....? क्यों मुझसे तू ऐसे काम करवाना छह रहा है जो मैं नहीं करना चाहती....? कैसे मैं सुलतान के साथ....? नहीं मैं उसे उस बात की इजाज़त नहीं दे सकती.... ये मुझसे नहीं होगा.... बता मुझे मैं अब क्या करूँ....? न मैं उसे इस हाल में तड़पते हुए देख सकती हूँ और न hi उस बात की इजाज़त दे सकती हूँ जिस से मैं ठीक हो सकती हूँ और मेरी बेटी मासूम का पता लगा के उस से मिल सकती हूँ.... मगर सुलतान ने जो कहा वो भी तो सच hi है.... हम को जल्द से जल्द मासूम तक पहुंचना होगा इस से पहले की शैतान अघुरा उस तक पहुंचे और उसे जान से.... नहीं नहीं मेरी मासूम को कुछ नहीं हो सकता.... मैं उसके साथ कुछ गलत नहीं होने दूंगी.... इस के लिए मुझे सुलतान की बात मान नई hi होगी... इसके सिवाए हमारे पास और कोई रास्ता नहीं है.... न मैं सुलतान को इस तरह तड़पते हुए देख सकती हूँ और न hi अपनी बेटी मासूम के साथ कुछ गलत होते हुए देख सकती हूँ... इन दोनों के लिए मुझे वो करना hi होगा.... न चाहते हुए भी मुझे सुलतान को उस के लिए इजाज़त देनी hi होगी.... ये hi एक आखरी रास्ता बचा है हमारे पास....

शानू : टी.... टी... ठीक है सुलतान.... म.... म.... मैं तैयार हूँ....

शानू की बात सुन के सुलतान फ़ौरन चौंक के उसकी तरफ देखता है जैसे की पूछना छह रहा हो की अभी आप ने क्या कहा....?

शानू : ह.... ह.... Ha...an..... मैं तैयार हूँ.... तेरे और मासूम के लिए मैं कुछ भी करने को तैयार हूँ....

शानू की बात सुन के सुलतान खुश हो जाता है.... और आगे बढ़ के उसके सीने से लिपट के रट हुए कहता है....

सुलतान : ओह.... शानू आप नहीं जानती आप ने हाँ कह के मुझे दुनिया की सब से बड़ी ख़ुशी दे दी है.... आज मैं बेहद खुश हूँ इतनी ख़ुशी मुझे कभी नहीं हुई...

सुलतान की बात सुन के शानू शॉकेड हो जाती है....

शानू शॉकेड : ख़ुशी... मैं कुछ समझी नहीं.... आखिर किस बात की ख़ुशी....?

सुलतान ख़ुशी में उछलते हुए : अरे आप को ठीक करने की ख़ुशी.... मासूम का पता मिलने की ख़ुशी.... जिस वक़्त आप ठीक होंगी और हम मस्सों का पता लगा के उसके पास पहुंचेंगे वो पल मेरे लिए मेरी ज़िन्दगी का सब के ख़ुशी का पल होगा.... आप को पता है आपको इस हाल में देख मुझे जितनी तकलीफ हो रही है उस से लाख गुना ज़्यादा ख़ुशी मुझे आप को ठीक देख के होने वाली है.... बस 7 दिन... 7 दिन में आप पूरी तरह से ठीक हो जाएंगी.... और फिर उसके बाद....

सुलतान के मुँह से बाद का सुन के साथ hi ये सोच के की 7 दिन बाद सुलतान उसके साथ क्या करने वाला है (अगले 1 महीने तक रोज़ाना दिन में 2 बार उसके साथ चुदाई कर के उसे माँ बनाने वाला है) शर्म के मारे शानू के गोर गुलाबी गाल लाल हो जाते हैं....

शानू शर्माते हुए : खुश बाद में हो लेना पहले मुझे ठीक तो कर....

सुलतान : सॉरी शानू वो मैं वो ख़ुशी में इतना खो गया था की....

सुलतान को ख्यालों में खोये देख शानू को बड़ी हैरानी होती है....

शानू : सुलतान.... क्या हुआ कहाँ खो गया....?

शानू की आवाज़ सुन के सुलतान की तंत्र टूट टी है....

सुलतान : न.... न.... नहीं कुछ नहीं वो मैं बस ऐसे hi.... खैर आप का इलाज शुरू करते हैं....

शानू : H....H....Ha...aaaaaan....

शानू के मुँह से हाँ सुन के सुलतान आगे बढ़ता है.... और उस के बेहद करीब जा के खड़ा हो जाता है.... फिर शानू की आँखों में देखता है जैसे की कहना छह रहा हो की प्लीज शानू मुझे माफ़ करना मैं जो कर रहा हूँ वो आप के और मासूम के लिए ज़रूरी है..... इसके सिवाए मेरे पास और कोई दूसरा रास्ता नहीं है.....

शानू सुलतान की बेबसी समझ रही है और साथ hi ये भी की इस वक़्त ये बेहद ज़रूरी है.... मासूम को ढूंढने के लिए उसका ठीक होना बेहद ज़रूरी है.... इस लिए वो सुलतान को आगे बढ़ने का इशारा करती है....

शानू का इशारा पा के सुलतान शानू को अपनी गॉड में उठा के जादुई झील के किनारे पहुंच के उसे झील के पास घास की नरम चादर पे लेटता है फिर वो झील के किनारे लगे जादुई पौधे हसीना को अपनी पावर्स से निकाल के उन्हें पीस के उनका रास निकाल के उसमे अपना खून मिलता है और फिर उसे ले के शानू के पास जाता है.... और उसकी आँखों में प्यार और शर्मिंदगी से देखने लगता है.... जैसे की वो उस से आगे बढ़ने की इजाज़त मान रहा हो....

शानू अपनी पलकें झुका के उसे आगे बढ़ने का इशारा कर देती है... आगे उसे क्या करना है ये सोच के सुलतान के हाथ कांपने लगते हैं.... वो कांपते हाथों को शानू की तरफ बढ़ता है और एक एक करके शानू की कमीज के बटन खोले लगता है.... सुलतान के साथ साथ शर्म के मारे शानू की साँसे भी तेज़ी से चलने लगती हैं.... साथ hi उसका जिस्म कांपने लगता है... जब से वो कोमा से बहार आयी है ऐसा पहली बार हुआ है की उसके बेजान जिस्म में कोई हरकत हुई है... ये देख के उसे बड़ी हैरानी सी होती है....

सुलतान शानू की कमीज उतार देता है... शानू के जिस्म के ऊपरी हिस्से पे इस वक़्त ब्लैक नेट वाली ब्रा है जो उकसे 34 के नरम मुलायम गोर गुलाबी बूब्स को कैद किये हुए है.... उसे देख के सुलतान को एक झटका सा लगता है उसके जिस्म में एक सिरहन सी दौर जाती है.... जिसका असर नील ज़हर पे भी होता है और वो अपना असर दिखाना शुरू कर देता है...

सुलतान फ़ौरन अपनी नज़रें वहां से हाथ के अपने हाथ शानू के पाजामे की तरफ ले जाता है और उसके पाजामे का नाडा खोल देता है.... फिर उसे धीरे धीरे उसके जिस्म से निकालने लगता है.... जैसे जैसे शानू का पजामा उतरता जाता है उस की ब्लैक जाली वाली पंतय के साथ साथ उसकी गोरी जांघें भी नज़र आने लगती हैं.... उसकी पंतय छूट की तरफ काफी पहली हुई है... ये देखते hi सुलतान का लुंड एक जतका लेता है... और अपना सर उठाने लगता है.... सुलतान शानू के पाजामे को उसके जिस्म से अलग करने के बाद उसकी ब्रा की तरफ बढ़ता है... शर्म के मारे शानू के चेहरे के साथ साथ उसके गाल भी लाल हो जाते हैं और साथ hi उसकी आँखें भी बंद हो जाती हैं.... 12 साल पहले उसके पति की मौत हो गयी थी.... आज 12 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है की किसी गैर मर्द ने उसके जिस्म को छुआ है.... उसके कपडे उतरे हैं और उसे नंगी हालत में देखा है... ये और कोई नहीं बल्कि उसका अपना सब से प्यारा सुलतान है.... सुलतान कांपते हाथों से शानू की ब्रा का हुक खोल देता है और धीरे धीरे उसकी ब्रा को उसके जिस्म से अलग कर देता है.... शानू के दोनों गोर गुलाबी बूब्स बेपर्दा हो जाते हैं... उन्हें देख के सुलतान एक पल के लिए उनमे खो सा जाता है.... वो एक तक प्यार और काम वासना से उन्हें देखने लगता है.... उसका दिल चाहने लगता है की वो आगे बढे और उन्हें कास कास के दबाये और उन्हें मुँह में ले के जी भर के चूसे... शानू के गुलाबी निप्पल को अपनी उँगलियों के बीच पकड़ के मसले... कुछ देर तक उन्हें यूँ hi घूरने के बाद बड़ी मुश्किल से सुलतान शानू के बूब्स को दबाने और उन्हें चूसने से खुद को रोकता है... फिर उसके कमर की तरफ अपने कांपते हुए हाथ बढ़ता है... जैसे hi उसकी उंगलियां शानू की पंतय के पास उसके कमर के हिस्से को चुटी है... शानू के साथ साथ सुलतान के जिस्म में भी मस्ती की तेज़ लेहेर सी दौर जाती है... दोनों का जिस्म मस्ती में झनझना जाता है.... बड़ी मुश्किल से सुलतान खुद पे काबू करता है और शानू की पंतय के इलास्टिक में अपनी उंगलियां फसा के उन्हें नीचे की तरफ सरकाने लगता है... धीरे धीरे सुलतान शानू की पंतय को सरकाता जाता है... और सामने उसे शानू की छूट की झांटे नज़र आने लगती है... उन झांटों के बीच गुलाबी रंग की छूट की लकीर के नज़र आते hi सुलतान का लुंड एक जटके के साथ खड़ा हो जाता है जैसे की वो खड़े हो के शानू की छूट को सलामी दे रह हो.... सुलतान शानू की पंतय को उतार के एक तरफ रख देता है.... और उसके पूरे जिस्म को प्यार से निहारने लगता है.... शानू की झांटों भरी पहली हुई छूट और मस्त बूब्स देख के सुलतान का लुंड मस्ती में झटके लेने लगता है.... एक तरफ पारी से भी ज़्यादा सेक्सी और खूबसूरत औरत नंगी उसके सामने लेती हुई है और दूसरे उसके जिस्म में नील ज़हर पूरी तरह से अपना असर दिखते हुए उसे शानू के साथ सेक्स करने को उकसाने लगता है.....

सुलतान फ़ौरन अपनी आँखें बंद करके बड़ी मुश्किल से खुद को ऐसा करने से रोकता है.... फिर एक गहरी सांस लेके पास पड़े प्याले जिसमे उसके खून के साथ साथ जादुई पौधा हसीना का रास मिला हुआ है उसमे अपनी उंगलियां डुबोता है और फिर शानू के जिस्म की मालिश शुरू कर देता है... वो उसकी पेअर की उँगलियों से होते हुए उसके घुटनो तक अच्छे से मालिश करने लगता है.... ये अलग बात है की शानू का नरम मुलायम सेक्सी जिस्म उसे बार बार बहकने पे मजबूर कर रहा है.... सुलतान अपनी आँखें बंद करके उसे मस्सगे देने में लगा हुआ है.. इस वक़्त वो बड़ी मुश्किल से अपने दिमाग से सेक्स की भावनाओं को हटा के पूरे दिल से शानू का इलाज कर रहा है.... शानू के पैरों की मालिश करने के बाद वो ऊपर की तरफ बढ़ने लगता है... जैसे जैसे उसके हाथ शानू की जाँघों की तरफ बढ़ते हैं.... शानू के जिस्म में मस्ती की लेहेर और तेज़ी से दौरने लगती है..... न चाहते हुए भी उसके मुँह से मस्ती भरी सिसकारी निकलने लगती है.... इधर सुलतान की भी हालत खराब होने लगती है... वो अपने अंडर उठ रही सेक्स की आग को दबाने लगता है... जिस से उसे दर्द होना शुरू हो जाता है.... सुलतान उस दर्द को सहते हुए शानू की दोनों जाँघों की मालिश करने लगता है.... उसकी जानतों भरी पहली हुई गुलाबी टाइट छूट और मदमस्त चूतड़ों को चोर के सुलतान ऊपर की तरफ बढ़ने लगता है और इसकी कमर के साथ साथ उसके पेट की मालिश शुरू कर देता है.... सुलतान की उंगलियां शानू के नरम मुलायम पेट पे फिसलते हुए कभी उसकी नाभि में घुस जाते है तो कभी उसके नरम मुलायम गोर गुलाबी बूब्स के निचले हिस्से से टकरा जाते हैं.... जिस से शानू के साथ साथ सुल्तान के जिस्म में भी मस्ती की तेज़ लेहेर सी दौर जाती है... शानू स बर्दाश्त करना मुश्किल हो जाता है.... उसके मुँह से मस्ती भरी सिसकारी निकलने लगती है.... इधर सुलतान बड़ी मुश्किल से अपने जिस्म में उठ रही सेक्स की भावनाओं और दर्द को सहते हुए शानू के कमर और पेट की मालिश करने लगता है.... फिर कुछ देर बाद वो उसे पलट देता है.... उसके ऐसा करते hi शानू के मदमस्त मखमली पहले हुए चूतड़ सुलतान की आँखों के सामने आ जाते हैं जिन्हे देख उसके मुँह से मस्ती भरी सिसकारी के साथ दर्द भरी आह भी निकल जाती है..... जिसे सुन के शानू को एक झटका सा लगता है.... उसे ये समझते देर नहीं लगती की सुलतान के ऊपर नील ज़हर का असर हावी होना शुरू हो गया है और वो उसे दबाने भी लगा है जिसकी वजह से सुलतान को और भी तेज़ दर्द हो रहा है.... ये दर्द अब धीरे धीरे बढ़ने वाला है....

और इस वक़्त हो भी ठीक वैसा hi रहा है.... सुलतान जैसे जैसे शानू के मखमली चूतड़ों के साथ साथ उसके नरम मुलायम पीठ की मालिश करने लगता है.... सुलतान के अंडर सेक्स की भावना बढ़ने लगती हैं और साथ hi बढ़ने लगता है उसका दर्द.... शानू भी सुलतान के हाथ को अपने पीठ और चूतड़ों पे महसूस करके न चाहते हुए भी मस्ती के आसमान में उड़ने लगती है.... उसके मुँह से मस्ती भरी सिसकारी निकलने लगती है....

शानू : ऊऊऊह्ह्हह्ह.... Ssssssssssssss..... Sult.....aaaaaaaaannnnnnn... मममममम..... अअअअअअअअअगगगठ्हहहह.... ऊऊह्ह्हह्ह्ह्ह...... ये क्या कर रहे hooooooooooo..... Sultaaaaaaaaaaaan.... मममममममम.... हयईईईई.... मत कर मुझे कुछ हो रहा है... प्लीज ऐसा मत कर..... मममममम.....

ये कहते कहते अचानक से शानू के मुँह एक मस्ती भरी चीख निकल जाती है और वो झड़ने लगती है उसकी छूट से कॉमर्स बहने लगता है....

शानू : Aaaaaaahhhhhhhhhh.... Sultaaaaaaaaaaaan.... मैं gayieeeeeeeeee.....

अभी वो झड़ने के बाद ठीक से शांत भी नहीं हो पायी थी की तभी....

शानू के कमर और चूतड़ों के मस्सगे करने के बाद सुलतान उसे सीधा लेता के उसके दोनों हाथों की मालिश करता है.... फिर उसके सर गर्दन गले और चेहरे की मालिश करने के बाद.... न चाहते हुए भी सुलतान के हाथ शानू की चूची की तरफ जा रहे हैं और वो उन्हें अपना हाथों में ले के मस्सगे करने लग जाता है....

ये शानू के लिए अलग hi एहसास है... एक बार फिर से वो मस्ती के आसमान में उड़ने लगती है....

शानू के मुँह से एक बार फिर से मस्ती भरी सिसकारी निकलने लगती है....

शानू : ममममममम.... आआआआह्ह्ह्ह.... ऊऊऊओह्ह्ह्ह.... ये तू क्या कर rahaaaaaaaaaa... है Sultaaaaaaaaaaaan.....

जैसे hi सुलतान के हाथ शानू की चूचियों के छूटे हैं... शानू की पावरोटी जैसी पहली हुई छूट जो मस्ती में रास बहा रही थी उसमे से तेज़ी से पानी आने लगता है और वो झड़ने लगती है... उसकी छूट से एक सैलाब सा निकलते हुए नीचे बिछी घास की चादर को भिगोने लगता है.... शानू के मुँह से मदभरी सिसकारी निकलने लगती है.....

शानू : ऊऊऊह्ह्हह्ह.... Ssssssssssssss..... Sult.....aaaaaaaaannnnnnn... मममममम..... अअअअअअअअअगगगठ्हहहह.... ऊऊह्ह्हह्ह्ह्ह...... ये क्या कर रहे hooooooooooo..... Sultaaaaaaaaaaaan.... मममममममम....

साथ hi सुलतान का दर्द अब बढ़ते बढ़ते अपनी हद पार करने की कगार पे पहुंच जाता है.... शानू के बूब्स की मस्सगे करने के बाद सुलतान अब अंतिम पड़ाव यानी शानू की रास भरी छूट की तरफ बढ़ जाता है.... और उसकी जानतों भरी कमसिन गोरी गुलाबी कासी हुई छूट की मालिश करने लगता है.... शानू से अब और बर्दाश्त करना मुश्किल हो जाता और वो एक तेज़ सिसकारी के साथ झड़ने लगती है....

शानू : आआआआह्ह्ह्ह....

जैसे hi सुलतान के हाथ शानू की छूट को छूटे हैं नील ज़हर का असर प्रिंस पे पूरी तरह से हावी हो जाता है और वो सुलतान को शानू के साथ सेक्स करने को पूरी तरह से मजबूर का देता है.... सुलतान वासना की आग में जलते हुए एक बार शानू के चेहरे की तरफ देखता है और फिर मस्ती में अपना हाथ उसकी छूट के दाने पे रगड़ने लगता है.... साथ hi उसकी आँखों से आंसू भी बहने लगते हैं.....

जैसे hi शानू को सुलतान की उँगलियों का एहसास अपनी छूट के दाने पे होता है वो मस्ती में तड़प उठती है.... उसका जिस्म मस्ती में पूरी तरह से जहनझाना जाता है.... साथ hi वो बुरी तरह से चौंक भी जाती है... उसे सुलतान से इस बात की उम्मीद नहीं थी... वो फ़ौरन सुलतान की आँखों में देखती है.... दोनों की नज़र जैसे hi आपस में टकराती है.... सुलतान को शर्मिंदगी सी महसूस होने लगती है.... शर्म से उसकी नज़रें झुक जाती हैं....

उसे ऐसा लगने लगता है जैसे की वो शानू का इलाज नहीं बल्कि उसकी मजबूरी का फायदा उठा रहा है.... ये सोच के उसे खुद बे बेहद गुस्सा आने लगता है.... वो अपना हाथ शानू की छूट से हटाना चाहता है मगर हटा नहीं पा रहा है.... शानू का इलाज वो बीच में नहीं चोर सकता.... वो गुस्से में अपना दूसरा हाथ ऊपर आसमान की तरफ उठता है.... अचानक से आसमान में बिजली सी काढ़ने लगती है.... और बिजली का एक हंटर उसके हाथ में आ जाता है.... बिजली की आवाज़ सुन के शानू की तंत्र टूट टी है और वो सुलतान की तरफ हैरत से देखने लगती है.... सुलतान के हाथों में बिजली के हंटर को देखते hi शानू ये समझते देर नहीं लगती की आगे क्या होने वाला है.... दर के मारे उनका जिस्म कांपने लगता है.... और वो सुलतान को वो करने से रोकना चाहती हैं.... मगर छह के भी रोक नहीं पा रही हैं..... तभी अचानक से वो हंटर चलता है....

Chataaaaaaaaaaaaaak....

साथ hi दर्दनाक चीख से पूरा ड्रीम वर्ल्ड कांप जाता है.....

अअअअअअअअअगगगगगठ्हहहह....

ये दर्दनाक चीख सुलतान के मुँह से निकल रही है... एक हाथ से वो शानू का मस्सगे करते हुए दूसरे हाथ से खुद पे उस हंटर को बरसाने लगता है.... ताकि नील ज़हर का असर काम हो सके.... वो नील ज़हर के असर को काम करने में कामियाब तो हो जाता है.... मगर उस बेइन्तेहाँ दर्द से खुद को बचा नहीं पाटा.... उसका पूरा जिस्म दर्द से तड़पने लगता है... रह रह के वो दर्द से चीख उठता है.... जब उसके दर्द की हद पार हो जाती है तब वो होता है जिसे देख शानू की आँखों से hi नहीं बल्कि दिल से भी खून के आंसू निकलने लगते हैं.....

सुलतान के नाक मुँह और कान से खून निकलने लगता है.... हर गुज़रते पल के साथ सुलतान की हालत बाद से बत्तर होने लगती है..... वो हर दर्द बर्दाश्त करता जाता है और साथ hi शानू का मस्सगे भी करता जाता है..... सुलतान की ऐसी हालत शानू से देखि नहीं जाती वो अपनी पूरी ताक़त लगा के अपना जिस्म हिलने की कोशिश करती है मगर वो न तो अपने जिस्म को हिला पा रही है और न सुलतान को ऐसा करने से रोक पा रही है और न hi सुलतान की कोई मदत कर पा रही है.... बस रट हुए सुलतान को उस बेइन्तेहाँ दर्द में तड़पते हुए देख रही है.... उसे इस वक़्त बेहद गुस्सा आ रहा है सुलतान पे मासूम पे साथ hi खुद पे भी... उसने आज तक कभी खुद को इतना मजबूर नहीं महसूस किया था जितना वो इस वक़्त महसूस कर रही है....

सुलतान के बर्दाश्त की हद पार हो जाती है उसका जिस्म कमज़ोर पड़ने लगता है उसपे बेहोशी छाने लगती है.... मगर इस हाल में भी वो शानू का इलाज करने में लगा हुआ है.... 30 मिनट्स पूरे होने में अभी 2 मिनट्स बाकी हैं.... सुलतान से अब एक पल भी खुद को संभालना मुश्किल हो रहा है वो अपनी पूरी ताकत लगा के ज़ोर से चीखता है और दर्द से तड़पते हुए बड़ी मुश्किल से खुद को बेहोश होने से रोकता है.... साथ hi खुद से कहता है....

सुलतान : नहीं सुलतान कमज़ोर मत पद.... शानू को तेरी ज़रुरत है... तू उसका इलाज बीच में नहीं चोर सकता.... बस 2 मिनट्स की बात है.... बस 2 मिनट्स के लिए खुद को संभाल ले.... तू इतना खुदगर्ज़ नहीं हो सकता.... देख शानू को उनको और साथ hi मासूम को दोनों को तेरी ज़रुरत है.... तू ने शानू को ठीक करने का वादा किया है.... तू अपना वादा नहीं तोड़ सकता.... उस ने तुझ पे भरोसा किया है तू उसके भरोसे को नहीं तोड़ सकता.... बस 2 मिनट्स तक खुद को संभाल ले बस दो मिनट्स की hi तो बात है.... जहाँ तू ने इतना सहा है वहां 2 मिनट्स और सही....

ये कहते कहते सुलतान दर्द से तड़प के चीखता जा रहा है साथ hi शानू का इलाज भी कर रहा है.... सुलतान को यूँ दर्द में तड़पते देख शानू से बर्दाश्त करना मुश्किल हो जाता है..... वो रट हुए ऊपर वाले से सुलतान के लिए दुआ करने लगती हैं....

शानू : हे ऊपर वाले इस मासूम पे रेहम कर इसे इस दर्द से निजात दिला दे....

सुलतान की दर्दनाक चीखें सुन के पूरा ड्रीम वर्ल्ड तड़प के कांपने लगता है.... सुलतान से अब एक भी पल और बर्दाश्त करना मुश्किल हो जाता है.... उसकी आँखें बंद होने लगती है वो पूरी तरह से कमज़ोर पद जाता है.... वो बेहोश हो के गिरने hi वाला होता है की तभी शानू का पूरा जिस्म गुलाबी रौशनी से चमक उठता है.... जिस से ये पता चल रहा है की 30 मिनट्स पूरे हो चुके हैं.... और तभी सुलतान बेहोश हो के एक तरफ गिर जाता है.....

सुलतान के गिरते hi शानू का दिल देहल जाता है और वो दर के मारे चीख उठती हैं....

शानू : Sultaaaaaaaaaaaan.....

वो सुलतान को संभालना छह रही है मगर वो छह के भी ऐसा कर नहीं पा रही है.... बस रट हुए उसे देख रही हैं.... साथ hi ऊपर वाले से उसके ठीक होने की दुआ कर रही हैं....

**************************************

इधर जैसे hi सुलतान दर्द से तड़प के बेहोश होता है.... शानू के साथ साथ उसकी दीवाणियों का भी दिल उसे महसूस कर के तड़प उठता है.... उन्हें ऐसा लगने लगता है जैसे की सुल्तान किसी बड़ी मुसीबत में है उसे उनकी ज़रुरत है.... उन्हें जल्द से जल्द उसके पास जाना चाहिए.... मगर वो छह के भी ऐसा नहीं कर पा रही हैं.... उनमे से कुछ को तो ये पता hi नहीं की इस वक़्त सुलतान कहाँ है....?

सुलतान बुरी तरह से ज़ख़्मी हालत में बेहोश पड़ा हुआ है.... शानू उसे इस हाल में देख के उसके पास जाने के लिए तड़प रही हैं.... मगर छह के भी उसके पास नहीं जा पा रही हैं.... शानू अपनी पूरी ताक़त लगा के उठना चाहती है मगर उठ नहीं पा रही है.... बस घुटनो से नीचे तक hi अपने पेअर हिला पा रही है.... जैसे hi उसे ये महसूस होता है की उसके पेअर हिल रहे हैं... उसकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहता.... उसका दिल ख़ुशी से झूम उठता है.... वहीँ दूसरी तरफ सुलतान का हाल देख उसकी आँखों से आंसू बह रहे हैं.... वो सुलतान को बताना छह रही है की देखो सुलतान मेरे पेअर ठीक हो गए.... तुम्हारी म्हणत रंग लायी.... मगर छह के भी वो बता नहीं पा रही है.... क्यों की इस वक़्त सुलतान बेहोश है....

शानू ऊपर वाले से दुआ करने लगती हैं.... उनका दिल तड़प तड़प के सुलतान के लिए दुआएं मांगने लगता है.... और फिर वो होता है जिसे देख उन्हें ऐसा लगता है की जैसे ऊपर वाले ने उनकी दुआ क़ुबूल कर ली.... सुल्तान के जिस्म में उसकी रिकवरी पावर्स एक्टिवटे हो जाती है.... और धीरे धीरे उसके घाव भरने लगते हैं.... उसके जिस्म से बहा हुआ खून वापिस उसके जिस्म में जाने लगता है.... कुछ hi देर में वो पूरी तरह से ठीक हो जाता है.... शानू कह के सुलतान चीखे हुए होश में आ जाता है.... होश में आते hi वो इधर उधर शानू को ढूंढने लगता है..... जैसे hi उसकी नज़र शानू पे पड़ती है वो फ़ौरन उसके पास जाता है.... उस की आँखों में आंसू देख के वो घबरा जाता है.... फिर शुरू हो जाती है उसके सवालों की बौछार....

सुलतान : शानू आप ठीक तो हो न....? शानू आप को कुछ हुआ तो नहीं न....? ये आप रो क्यों रही हो....? बोलो न आप बोलती क्यों नहीं....?

और न जाने क्या क्या सवाल वो शानू से पूछने लगता है.... साथ hi उसके पूरे जिस्म को गौर से छू छू के चेक करने लगता है.... सुलतान को अपने लिए इतनी फ़िक्र करते देख शानू को उसपे बेहद प्यार आने लगता है.... उसका दिल चाहता है जैसे की वो सुलतान को कास के अपने सीने से लगा ले..... अभी उसने ऐसा सोचा hi था की तभी सुलतान की नज़र उसके पैरों पे पड़ती है जिसे हिल ते देख सुलतान ख़ुशी से उछाल पड़ता है..... वो ख़ुशी में शानू को अपने सीने से लगा के कहता है....

सुलतान : शानू देखो आप के पेअर ठीक हो गए.... देखा आपने ये ठीक हो गए.... बस अब कुछ दिन और फिर आप पूरी तरह से ठीक हो जाओगी.... मेरी शानू पूरी तरह से ठीक हो जायेगी.... वाओ.... मैं बता नहीं सकता आप के पैरों को ठीक देख के मुझे कितनी ख़ुशी हो रही है....

ये कह के सुलतान शानू को कास के अपने सीने से लगा लेता है.... और उसके होंठों को अपने मुँह में ले उसे चूसने लगता है.... उसे अपनी गॉड में उठा के ख़ुशी से नाचने लगता है.... सुलतान को अपने लिए इतना खुश देख के शानू भी बेहद खुश हो जाती है.... लेकिन तभी जब उसे इस बात का एहसास होता है की इस वक़्त वो प्रिंस की बाहों में पूरी तरह से नंगी है.... शर्म के मारे वो अपनी चेहरा सुलतान के सीने में छुपा लेती है.... शर्म से उसके होंठ सील से जाते हैं.... छह के भी उसकी आवाज़ नहीं निकल रही है.... बड़ी मुश्किल से वो बस इतना कह पाती है....

शानू शर्माते हुए : S...S...Su... सुलतान.... मेरे kap....de....

ये कह के शर्म के मारे शानू की आँखें बंद हो जाती हैं और उनके गोर गुलाबी गाल लाल हो जाते हैं साथ hi उनके जिस्म में मस्ती की एक लेहेर सी दौर जाती है.... और उनकी रसीली छूट कॉमर्स की कुछ बूँदें टपका देती है....

शानू की बात सुन के और उनके गोर मखमली सेक्सी नंगे जिस्म को देख के सुलतान के साथ साथ उसके लुंड को भी एक झटका सा लगता है... शानू की छूट की तरह सुलतान के लुंड से भी प्रेकम की बूँद तैलप जाती है.... बड़ी मुश्किल से सुलतान खुद को काबू करता है और अपने जादू से शानू को कपडे पहना देता है....

वो कुछ कहने hi वाला होता है की तभी अचानक से नेमत का अक्स सामने नज़र आता है....

सुलतान शॉकेड : नेमत तू यहाँ....?

नेमत : सुलतान पहले तू मेरे सवाल का जवाब दे की बाबा ने जो कहा क्या वो सच है....? क्या शानू माँ का इलाज करने तू उन्हें D...D...Dream वर्ल्ड ले के गया है.... बता मुझे जवाब दे.... क्या ये सच है....?

सुलतान : हाँ....

नेमत : वहां तू उनका कैसे इलाज करने वाला है...? कहीं.... मुस्कान के जैसे तो नहीं....?

सुलतान : हाँ....

नेमत शॉकेड : क्या हाँ....? कहीं तू पागल तो नहीं हो गया.... तू जानता भी है की तू क्या कह रहा है....? तुझे याद है न की मुस्कान के इलाज के वक़्त तुझे किस दर्द से गुज़ारना पड़ा था.... (रट हुए) तू क्यों फिर से वो सब सहना चाहता है....? Kyuuuuuuuuuuunnn...?

सुलतान : क्यों की यहाँ बात शानू माँ और मासूम की है... उनके लिए मैं हस्ते हस्ते अपनी जान भी दे दूँ... ये मामूली दर्द क्या चीज़ है....?

नेमत : सुलतान आगे बढ़ने से पहले एक बार फिर सोच ले....

सुलतान : इसमें सोचना क्या है...? मुझे हर हाल में ये करना hi है....

नेमत : सुलतान तू बात को समझ नहीं रहा है.... जैसे hi तू शानू माँ का इलाज शुरू करेगा.... तेरे जिस्म में नील ज़हर एक्टिवटे होक तेज़ी से असर करने लगेगा.... साथ hi तुझे शानू माँ के साथ सेक्स करने को मजबूर करने लगेगा....

सुलतान : नील ज़हर को तो मैं अपनी त्रिकोण पावर्स से रोक सकता हूँ.... मगर जाने क्यों मेरी त्रिकोण पावर्स काम नहीं कर रही है....

नेमत : वो इस लिए क्यों की अब ड्रीम वर्ल्ड में कभी तेरी त्रिकोण पावर्स काम नहीं करेगी.... मलिका सुनहरी ने ड्रीम वर्ल्ड में अपने पावर्स से ऐसा जाल बिछाया है जिस से तेरी त्रिकोण पावर्स काम नहीं करेंगी.... तू छह के भी नील ज़हर को नहीं रोक पायेगा.... और तब क्या होगा ये तू अच्छे से जानता है.... तुझे फिर से वो hi बेइन्तेहाँ दर्द सहना होगा जो तू ने मुस्कान को ठीक करने के वक़्त सहा था..... शानू माँ के इलाज के दौरान अगले 7 दिन में तू ने अगर नील ज़हर के हाथों मजबूर हो के उनके साथ सेक्स किया तो फिर इस पूरे ब्रह्माण्ड की कोई ताक़त उन्हें ठीक नहीं कर पाएगी.... सेक्स के फ़ौरन बाद उनकी मौत हो जायेगी....

सुलतान : अब चाहे मुझे कितना hi दर्द क्यों न सहना पड़े मैं पीछे नहीं हैट सकता क्यों की यहाँ बात शानू और मासूम की है... इन दोनों के लिए मैं किसी भी हद तक जा सकता हूँ.... अपनी जान तक दे सकता हूँ ये तो सिर्फ मामूली सा दर्द है.... और बात शानू माँ की तो चाहे अगले 7 दिन मेरा जिस्म बेइन्तेहाँ दर्द से तड़पे या फिर ज़ख्मों से चन्नी hi क्यों न हो जाए मैं पीछे नहीं हटूंगा और न hi उन्हें कुछ होने दूंगा....

नेमत रट हुए : जिसे तू मामूली कह रहा है वो दर्द कितना तकलीफ देह है मैंने खुद अपनी आँखों से देखा है.... मत कर सुलतान ऐसा प्लीज मत कर....

सुलतान : नेमत शानू और मासूम कोई गैर नहीं बल्कि मेरे अपने हैं... मैं कैसे मेरे अपनों को तकलीफ में देख सकता हूँ.... नहीं ये मुझसे नहीं होगा.... खुद को तकलीफ से बचने के लिए मैं उन दोनों को ज़िन्दगी भर की तकलीफ नहीं दे सकता.... मुझे हर हाल में ये करना hi होगा....

नेमत : मगर....

सुलतान : अब कोई अगर मगर नहीं.... और अब शानू के ठीक होने के बाद hi बात होगी.... तब तक के लिए अलविदा....

ये कह के सुलतान नेमत के साथ साथ बाकी सब से भी अपने सारे कनेक्शन तोड़ लेता है....

नेमत छह के भी सुलतान को रोक नहीं पाती.... न hi ड्रीम वर्ल्ड पे बने मलिका सुनहरी के शैलद को तोड़ के अंडर जा पाती है....

शानू सुलतान की बातें सुन भी रही थी और समझ भी रही थी.... सुलतान की बातें सुन के उसे उसपे बेहद प्यार आने लगता है.... सुलतान ने क्या कुछ नहीं किया उसके और उसकी बेटी के लिए.... बेइन्तेहाँ दर्द सहा सिर्फ और सिर्फ उसकी खातिर.... इतना hi नहीं अभी उसे आगे जाने और कितनी तकलीफ झेलनी है और कितना दर्द सहना है सिर्फ उसे ठीक करने के लिए.... ये कोई आम इंसान तो हो hi नहीं सकता.... ये एक सच्चा दिलवाला है एक नेक फरिश्ता है..... जो सिर्फ प्यार देना जानता है... सब पे प्यार लूटना जानता है.... चाहे उसके लिए उसे कितना hi दर्द क्यों न सहना पड़े....

ये सोचते hi शानू की आँखों से आंसू बहने लगते हैं वो रोने लगती है... उसे रट देख सुलतान परेशान हो जाता है और फ़ौरन उसके करीब जा के उस से उसके रोने की वजह पूछता है...

सुलतान : क्या हुआ शानू आप अचानक से रोने क्यों लगी....? कुछ प्रॉब्लम हो गयी क्या....? आपको कोई तकलीफ है क्या....? बताइये मुझे..... मैं अभी उसे ठीक कर दूंगा.... बोलिये न.... आप बोलती क्यों नहीं.... बताइये मुझे....

शानू : नहीं मुझे कोई तकलीफ नहीं है.... वैसे भी अपने सुलतान के रहते शानू को कोई तकलीफ हो सकती है क्या....?

शानू की बात सुन के सुलतान न में अपनी गर्दन हिला देता है.....

सुलतान : तो फिर आप की आँखों में ये आंसूं क्यों आ गए....?

शानू : ये तो ख़ुशी के आंसू हैं....

सुलतान : ख़ुशी के आंसू.... मैं कुछ समझा नहीं....

शानू : मुझे इस बात की ख़ुशी है की इस दुनिया में कोई ऐसा भी है जो मुझसे बेइन्तेहाँ प्यार करता है... मेरे लिए कुछ भी कर सकता है... किसी भी हद तक जा सकता है.... हँसते हँसते कितना भी दर्द बर्दाश्त कर सकता है.... वो कोई और नहीं तू है... हाँ सुलतान वो तू है.... तू ने आज ये साबित कर दिया की इस दुनिया में तुझसे ज़्यादा मुझे कोई नहीं छह सकता....

सुलतान : हाँ ये सच है की आप को ज़रा सी तकलीफ होती है तो मेरा दिल तड़प जाता है.... आप के लिए मैं कुछ भी कर सकता हूँ.... किसी भी तकलीफ को बर्दाश्त कर सकता हूँ.... जानती हैं क्यों....? क्यों की मैं आप को बेहद चाहता हूँ.... एक बेटे की तरह और एक लवर....

इतना कह के सुलतान खामोश हो जाता है.... शर्म से उसकी नज़रें झुक जाती हैं.... बातों hi बातों में कुछ ज़्यादा hi बोल जाता है.... इस बात का एहसास उसे तब होता है जब उसके मुँह से शानू के लिए लवर निकल जाता है.... जिस तरह से कमान से निकला तीर वापिस नहीं आता ठीक उसी तरह मुँह से निकली बात भी वापिस नहीं ली जा सकती....

सुलतान के मुँह से अपने लिए लवर सुन के शानू का क्या रिएक्शन होता है वो अगले अपडेट में देखेंगे....?????

जल्द hi मुलाकात होगी... तब तक के लिए अलविदा....

(वर्ड काउंट 6767)
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 158..... सुपर महा मेगा अपडेट

"शानू के इलाज की सेक्सी शुरुवात 2"

सुलतान : आप के लिए मैं कुछ भी कर सकता हूँ.... किसी भी तकलीफ को बर्दाश्त कर सकता हूँ.... जानती हैं क्यों....? क्यों की मैं आप को बेहद चाहता हूँ.... एक बेटे की तरह और एक लवर....

इतना कह के सुलतान खामोश हो जाता है.... शर्म से उसकी नज़रें झुक जाती हैं.... बातों hi बातों में कुछ ज़्यादा hi बोल जाता है.... इस बात का एहसास उसे तब होता है जब उसके मुँह से शानू के लिए लवर निकल जाता है.... जिस तरह से कमान से निकला तीर वापिस नहीं आता ठीक उसी तरह मुँह से निकली बात भी वापिस नहीं ली जा सकती....

सुलतान के मुँह से लवर सुन के शानू की आँखें बड़ी हो जाती हैं वो हैरत से सुलतान को देखने लगती है....

अब आगे....


सुल्तान शर्म और दर के मारे फ़ौरन अपनी नज़रें और गर्दन नीचे झुका लेता है....

शानू शॉकेड : सुलतान अभी क्या कहा तू ने....?

सुल्तान : W....w...wo श... Sh...Shaanu.... वो क्या है न.... वो मैं न.... वो मैं कहना नहीं चाहता था... वो बस ऐसे hi जाने कैसे अचानक मेरे मुँह से दिल की बात निकल गयी....

शानू झूठा गुस्सा दिखते हुए : Kyaaaaaaaaaaaa....? दिल की बात....? मतलब तू मुझे इस नज़र से देखता है....? हाँ बता मुझे... जवाब दे....

सुलतान दर के फ़ौरन : नहीं...

शानू को यूँ सुलतान को परेशान करने में मज़ा आ रहा है... वो उसे और परेशान करने की खातिर थोड़ा ऊंची आवाज़ में कहती है....

शानू : क्या नहीं....? मतलब तू मुझे अपनी लवर नहीं समझता....?

सुलतान : नहीं नहीं मैंने वैसा नहीं कहा....

शानू : तो फिर... बता मुझे जवाब दे...

सुलतान : वो... मैं वो... मैं आपको अपनी लवर hi समझता हूँ..... हाँ आप हो मेरी लवर....

शानू : Kyaaaaaaaaaaaa....? कहा.... मैं तेरी लवर हूँ.... रुक अभी बताती हूँ मैं तुह्जे....

सुलतान दर के मारे फ़ौरन अपने हाथों से अपने चेहरा छुपा के कहता है : नहीं शानू वो मैं.... वो.... नहीं.... वो.... मैं वो.... सॉरी....

सुलतान की हालत देख के शानू की हंसी छूट जाती है....

शानू : हहहहहहहहहह....

शानू को यूँ हस्ते देख सुलतान को बड़ी हैरानी सी होती है.... वो हैरत से शानू को देखने लगता है...

शानू : ऐसे क्या देख रहा है....? अपनी हालत देख.... मेरे दर से भीगी बिल्ली जैसा लग रहा है....

सुलतान : मतलब....

शानू : अरे बाबा मैं मज़ाक कर रही थी....

शानू की बात सुन के सुलतान चीड़ जाता है....

सुलतान : जाइये बात मत कीजिये मुझसे.... आपको यूँ गुस्से में देख मेरी बंद बजी हुई थी और आप कह रही हैं की आप मज़ाक कर रही थी.... आप न बड़ी वो हो... जाओ नहीं बात करनी मुझे आपसे....

सुलतान की बात सुन के शानू की आँखें नाम हो जाती हैं उन्हें अपनी गलती का एहसास हो जाता है.... उन्हें सुलतान के जज़्बातों का इस तरह से मज़ाक नहीं बनाना चाहिए था.... वो सुलतान जो उनको ठीक करने के लिए बेइन्तेहाँ दर्द तक ख़ामोशी से बर्दाश्त कर रहा है....

शानू रट हुए : सुलतान मुझे माफ़ कर दे.... मैं बस मज़ाक कर रही थी... तेरा दिल दुखने का मेरा कोई इरादा नहीं था.... प्लीज मुझे माफ़ कर दे....

सुलतान गुस्से में दूसरी तरफ घूम के अपना मुँह पहला के खड़ा रहता है... वो शानू की कोई बात नहीं सुनता....

शानू : सुलतान सुन न प्लीज मुझे माफ़ कर दे... बस इस बार मुझे माफ़ कर दे मैं आइंदा फिर कभी तेरे साथ ऐसा मज़ाक नहीं करुँगी... तेरी कसम बस इस बार के लिए अपनी शानू को माफ़ कर दे....

शानू के मुँह से तेरी शानू सुन के सुल्तान का गुस्सा हवा हो जाता है और वो फ़ौरन पलट के शानू को देखता है.... शानू की आँखों में आंसू देख उसका दिल तड़प जाता है वो फ़ौरन शानू को कास के अपने सीने से लगा लेता है... और उनके आंसू पॉच के कहता है....

सुलतान : शानू प्लीज चुप हो जाइये.... आप जानती हैं न की मैं आप को यूँ रट हुए नहीं देख सकता.... प्लीज आपको मेरी कसम आप चुप हो जाइये...

शानू : नहीं ऐसे नहीं... पहले तू बोल की तू मुझसे नाराज़ नहीं है....

सुलतान : मैं अपनी शानू से क्या कभी नाराज़ हो सकता हूँ... नहीं कभी नहीं... ये मुमकिन नहीं....

शानू : तू सच कह रहा है न....

सुलतान आगे बढ़ के शानू के होंठों को प्यार से चूम के कहता है....

सुलतान : हाँ....

सुलतान की हाँ सुन के शानू खुश हो जाती है....

सुलतान चलो अब जल्दी से अपने लवर यानी मुझे अपनी वो प्यारी सी मुस्कान दिखाओ जिसे देख के मेरे दिल को सुकून मिलता है...

सुलतान की बात सुन के शानू के चेहरे पे प्यारी सी मुस्कान आ जाती है जिसे देख सुलतान ख़ुशी से उछाल पड़ता है.... और नाचने लगता है.... जिसे देख शानू के होंठों की मुस्कान और भी गहरी हो जाती है....

सुलतान : यार हंसी मतलब फांसी.... याआआअह्हह्हूऊऊऊ.....

अभी सुलतान ख़ुशी में नाच रहा होता है की तभी शानू उसे आवाज़ दे के अपने करीब आने को कहती है.... सुलतान के करीब आते hi शानू बेहद शर्माते हुए सुलतान से कुछ कहती है... जिसे सुन के सुलतान बुरी तरह से चौंक जाता है.....

शानू : व.... व.... वो मुझे स... स.... Su....su जाना है....

सुलतान : kyaaaaaaaaaaaa....?????

शानू हाँ कह के अपनी नज़रें झुका लेती है....

सुलतान : यार यहाँ इस हाल में तो मुश्किल है.... अगर टॉयलेट होता तो कुछ आसान हो जाता.... क्यों न यहाँ एक घर बना दूँ.... हाँ यही ठीक रहेगा....

सुलतान फ़ौरन अपने हाथ आगे करता है और जादू से एक बेहद hi खूबसूरत घर बना देता है..... अब उसमे जीनी की पावर्स होने की वजह से ये उसके लिए मामूली सी बात है.... उस घर की खूबसूरती को देख शानू उसमे खो सी जाती है.... सुलतान उसे घर के अंडर वाशरूम में ले जाता है.... वहां पहुँच के वो चुप चाप खड़ा रहता है....

सुलतान को कुछ न करते देख शानू....

शानू : क्या हुआ सुलतान तुम कुछ करते क्यों नहीं....?

सुलतान अपना सर झुका के शर्माते हुए कहता है....

सुलतान : व.... वो.... यार mu...jhe शर्म आ रही है.... मैं आपको कैसे S...S...Su....Su करवा सकता हूँ... नहीं ये मुझसे नहीं होगा...

शानू : शर्म तो मुझे आणि चाहिए.... जब की शर्मा तू रहा है.... ये शर्माना चोरो और जल्दी से कुछ कर इस से पहले की देर हो जाए.... और मेरी सुसु मेरे कपड़ों में hi निकल जाए....

सुलतान : आप बात को समझो.... ये इतना आसान नहीं है.... मैं कैसे...?

शानू : ठीक वैसे hi जैसे बचपन में मैं तुझे सुसु करवाती थी....

सुलतान : वो बात अलग थी तब मैं छोटा था.... और अब बात अलग है.... (शर्माते हुए) A....Aaaap बड़ी है और वो... वो.... नहीं ये मुझसे नहीं होगा... मैं नहीं कर सकता....

शानू : क्यों नहीं....? जब मेरे पूरे कपडे उतार के मुझे नंगी कर के मेरी मालिश कर सकता है तो मुझे सुसु क्यों नहीं करवा सकता....?

सुलतान : वो बात अलग है वो आपके इलाज का हिस्सा है....

शानू : ये भी तो वो hi है... तू ये जानता है की मैं खुद से अपने कपडे नहीं उतार सकती फिर भी तू.... तू न बाकी सब के जैसा hi है.... बस नाम के लिए मुझे अपना लवर बोलता है... अगर सच में मैं तेरी लवर होती तो क्या तू मुझे... खैर जाने दे...

सुलतान : शानू आप मुझे गलत समझ रही हो.... मेरे कहने का वो मतलब नहीं था.... मैं तो बस वो कह रहा था जो सच है.... और सच ये है की मुझे शर्म आ रही है....

शानू : यहाँ सुसु के प्रेशर की वजह से मेरी बंद बजी हुई है और तुझे शर्म आ रही है.... सीधे सीधे क्यों नहीं कहता की तुझे वो नहीं करना.... ये बेकार के बहाने मत बना.... सच बात तो ये है की तू मेरी मदत करना चाहता hi नहीं.... वर्ण यूँ खड़े खड़े बहाने न बना रहा होता....

सुलतान : नहीं यार ऐसी कोई बात नहीं है....

शानू : अच्छा अगर ऐसी बात नहीं है तो फिर इस से पहले की देर हो जाए और मेरे कपडे मेरी सुसु से गंदे हो जाए.... जल्दी से मेरे कपडे निकाल के मुझे सुसु करा....

सुलतान मरता क्या न करता.... न चाहते हुए भी उसे वो करना पड़ता है.... वो आगे बढ़ के शानू की कमीज उतारने लगता है....

शानू : अबे पागल तो नहीं हो गया ये क्या कर रहा है....?

सुलतान : आपको सुसु करने के लिए आपके कपडे उतार रहा हूँ और क्या....?

शानू गुस्से में : तू क्या सुसु जिस्म के ऊपरी हिस्से से करता है....?

सुलतान : नहीं तो क्यों....? मैं भी सबकी तरह नीचे अपनी पंत खोल के hi करता हूँ....

शानू : अबे तो फिर मेरी कमीज क्यों उतार रहा है....? तुरी जानकारी के लिए बता दूँ की मैं भी सब की तरह सुसु नीचे से hi करती हूँ.... वो अलग बात है की मैं अपना पजामा खुद नहीं उतार सकती....

शानू की बात सुन के सुलतान को अपनी गलती का एहसास होता है.....

सुलतान : सॉरी शानू वो जल्दबाज़ी और घबराहट में मैं आप का पजामा उतारने के बजाये आपकी कमीज उतारने लगा....

शानू गुस्से में : यहाँ प्रेशर के मारे मेरी बंद बजी हुई है और तू है की टाइम पास कर रहा है.. याद रखना अगर गलती से भी मेरी सुसु मेरे कपड़ों में हो गयी न तो मैं तेरी बंद बजा दूंगी....

सुलतान : उसके लिए आपको पहले ठीक होना होगा....

शानू : हाँ तो उसमे कौनसी बड़ी बात है..... बंद आज नहीं तो क्या 6 दिन बाज बजाउगि.... मगर बजाऊंगी ज़रूर.... बस एक बार मुझे ठीक हो जाने दे फिर देख मैं कैसे तेरी खबर लेती हूँ....

सुलतान : जाओ मैं नहीं करता कुछ भी.... आप तो डरा रही हो... भला कोई लड़की अपने लवर को इस तरह डरती है क्या....? और वैसे भी अब जब आप ने ये तये कर hi लिया है की आप मेरी बंद बजाये बिना मानोगी नहीं तो फिर आज वो हो hi जाए.... आज आप अपने पाजामे में सुसु कर hi दो.... ज़रा मैं भी तो देखूं की मेरी स्वीट और सेक्सी शानू बच्चों की तरह अपने पाजामे में सुसु करती हुई कैसी लगती है....

ये कह के सुलतान मुस्कुराने लगता है.... हर गुज़रते पल के साथ सुसु के प्रेशर बढ़ता hi जा रहा है साथ hi शानू की हालत खराब हो टी जा रही है... उस से अब और एक पल भी अपनी सुसु को रोकना मुश्किल होता जा रहा है.... वो सुलतान की तरफ प्यार भरी नज़रों से देखते हुए कहती है....

शानू : सुलतान.... मैं तेरी लवर हूँ न.... क्या तू अपनी लवर की बात नहीं मानेगा.... प्लीज मेरी बात मान जा और मुझे जल्दी से सुसु करवा इस से पहले की देर हो जाए.... Pleaseeeeeeeeee.....

सुलतान : हाँ ये हुई न बात.... अब आया न ूँथ पहाड़ के नीचे.... पहले तो बड़ा धमका रही थी.... एक बार ठीक हो जाने दे फिर देखती हूँ तुझे.... अब क्या हुआ....? अब कैसे खुद भीगी बिल्ली बन गयी....

शानू : क्या करूँ यार वक़्त पे गधे को भी बाप बनाना पड़ता है....

सुलतान : क्या कहा गधा....?

शानू : नहीं यार मैंने तो कहा गुस्सा.... हाँ मेरा प्यारा स्वीट सा लवर बिना बात पे hi मुझसे गुस्सा हो गया.... जानता है मेरा लवर इतना स्वीट और प्यारा है की बिना बोले hi वो मेरे दिल की बात समझ लेता है और फ़ौरन मदत करने लग जाता है... मुझे यकीन है अभी भी वो ऐसा hi करेगा.... इस से पहले की मेरा सुसु मेरे पाजामे में निकल जाए वो मेरी मदत करेगा.... है न....

सुलतान : आप भी न शानू.... बातें बनाना कोई आपसे सीखे.... मुझे कैसे मानना है ये आप अच्छे से जानती हैं...

शानू : कैसे नहीं जाँऊगी... तू मेरा स्वीट स्मार्ट और हैंडसम लवर जो है....

सुलतान : अब ज़्यादा मस्का लगाने की ज़रुरत नहीं है... आप चाहे न चाहे मैं फिर भी हर पल हर लम्हा आपकी मदत करूँगा.... मैं तो गैरों की भी दिल से मदत किया करता हूँ.... आप तो मेरी स्वीट और सेक्सी लवर हो.....

ये कह के सुलतान शानू का पजामा उतार देता है और उन्हें गॉड में उठा के टॉयलेट सीट पे बैठा के वहां से जाना चाहता है मगर जा नहीं पाटा.... मजबूरन उसे वहां रुकना पड़ता है.... शानू बिना सहारे के उस पे बैठ नहीं सकती.... सुलतान को समझ नहीं आ रहा है की वो करे तो क्या करे.... अभी वो ये सोच hi रहा होता है की तभी जो आवाज़ उसके कानो में पड़ती है उसे सुनते hi वो उस तरफ देखने से खुद को रोक नहीं पाटा....

शानू की सेक्सी गोरी गुलाबी पावरोटी जैसी पहली हुई छूट से सीटी बजाते हुए पिशाब की धार निकलने लगती है.....

Shuuuuuuuuuuuuuuu......

शानू की छूट से निकल रहे पेशाब के साथ आ रही सीटी की आवाज़ में इतनी मिठास और कामुकता होती है की सुलतान खुद को वहां देखने से रोक नहीं पाटा.... वो गौर से शानू की छूट की तरफ देखने लगता है.... उसकी गोरी गुलाबी छूट से पिशाब की मोती धार सीटी बजाते हुए निकल रही है... जिसे देखते hi सुलतान के जिस्म में नील ज़हर का असर शुरू हो जाता है और साथ hi उसका लुंड एक ज़ोर का झटका ले के लोहे के रोड की तरह खड़ा हो जाता है... साथ hi मस्ती में झटके भी लेने लगता है....

शानू मजबूरी में शरमाते हुए सुलतान के सामने अपनी नंगी छूट लिए मूत रही है.... ऐसा आज पहली बार हुआ है की वो किसी लड़के के सामने नंगी हो के सीटी बजाते हुए अपनी चुतरनी से पिशाब की तेज़ धार बहते हुए मूट रही है.... शर्म से उसकी नज़रें झुकी हुई हैं.... वो छह के भी अपनी नज़रें ऊपर नहीं उठा पा रही हैं....

शानू मन में : कहीं ऐसा तो नहीं की शानू मुझे मूट ते हुए देख रहा है....?

ये सोच के शानू जैसे hi अपनी नज़रें उठा के सुलतान की तरफ देखती है.... अपनी छूट की तरफ सुलतान को घूट हुए पाती है... शर्म के मारे उसके गोर गाल के साथ साथ उसकी गोरी गुलाबी छूट भी गुलाबी से सुर्ख लाल हो जाती है.... उसकी नज़र फ़ौरन शर्म से झुक जाती हैं.... बड़ी मुश्किल से वो सुलतान का नाम ले के उसे पुकारती है....

शानू : Sultaaaaaaaaaaaaan....

मगर सुलतान को तो जैसे कुछ होश hi नहीं आज लाइफ में पहली बार किसी औरत को सीटी बजाते हुए मूट ते हुए देख रहा है.... वो भी कोई ऐसी वैसी औरत नहीं बल्कि इस दुनिया की सब से खूबसूरत और सेक्सी औरत जो की उसकी लवर शानू है.... उस की बेहद खूबसूरत और निहायत hi सेक्सी पावरोटी की तरह पहली हुई छूट से निकलते हुए पिशाब को देख रहा है.... जिसे देख के वो और उसका एनाकोंडा रुपी लुंड पूरी तरह से मस्ती में पागल हो जाता है.... वो आगे बढ़ के शानू की छूट को जी भर के प्यार करना चाहता है.... उसे चाट चाट के उसका रास पीना छठा है.... उसमे अपना लुंड दाल के उसे छोड़ना चाहता है.... वो अभी ये सोच hi रहा होता है की तभी शानू की आवाज़ सुन के उसकी तंत्र टूट टी है.... और वो मस्ती की दुनिया से हक़ीक़त की दुनिया में वापिस आ जाता है....

शानू : सुलतान क्या साड़ी ज़िन्दगी मुझे यहीं टॉयलेट सीट पे hi बैठा के रखने का इरादा है....? मेरा हो गया... अब यूँ बेशर्मो की तरह बस देखता hi रहेगा या फिर जल्दी से मुझे साफ़ भी करेगा....

शानौ की बात सुन के सुलतान को अपनी गलती का एहसास होता है.... वो फ़ौरन अपनी नज़र वहां से हटा के पास पड़े हैंड स्प्रे से शानू की छूट को साफ़ करता है फिर उन्हें पैजामा पहना के वापिस व्हील चेयर पे बैठा के रूम में ले आता है....

वो बड़ी मुश्किल से खुद को शानू के करीब जाने और उनके साथ सेक्स करने से रोक रहा है.... वहीँ नील ज़हर उसे शानू के साथ सेक्स करने के लिए पूरी तरह से मजबूर कर रहा है....

तभी शानू की बात सुन के सुलतान का लुंड तेज़ी से उछाल कूद मचने लगता है....

शानू : तुम्हे शर्म नहीं आयी मेरे वहां देखते हुए....? ऐसे भी भला कोई किसी लड़की मेरा मतलब है औरत के वहां देखता है क्या....? और वो भी जब वो अपनी सीटी बजाते हुए सुसु कर रही हो....

सुलतान ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था की शानू ऐसा कुछ कहेगी.... उसकी बात सुन सुलतान हैरत से शानू की तरफ देखने लगता है.... उसे समझ नहीं आ रहा है की वो शानू की बात का क्या जवाब दे....

तभी शानू जो कहती है उसे सुनके सुलतान के होश उड़द जाते हैं उसकी आँखें शर्मिंदगी की वजह से झुक जाती हैं.... साथ hi उसकी आँखों से आंसू भी बहने लगते हैं.... अपनी इस हरकत पे वो खुद को धिक्कारने लगता है....

शानू : बोलो न बोलते क्यों नहीं....? क्या तुझे मुझ जैसी एक मजबूर को उस हाल में देख के ज़रा भी शर्म नहीं आयी....?

सुलतान : न.... न.... नहीं... शानू मैंने जान के नहीं देखा.... वो तो बस अपने आप hi हो गया.... कसम से.... मेरा यकीन करो मैंने आपको गलत नज़र से बिलकुल भी नहीं देखा....

शानू गुस्सा दिखते हुए : झूट बोलते हो तुम...

सुलतान : नहीं शानू मेरा यकीन करो मैं झूट नहीं बोल रहा.... वो अनजाने में हुआ उसमे मेरी कोई गलती नहीं थी... कसम से मैंने तुम्हे गलत निगाह से नहीं देखा....

शानू : अच्छा अगर ऐसा है तो फिर वो जो तेरे पंत में बड़ा सा तम्बू बनाये हुए है क्या वो भी झूट hi है....? क्या किसी सेक्सी औरत को बिना गलत निगाह से देखे hi वैसा हुआ है....? बोलै न बोलता क्यों नहीं... कह दे की ये भी झूट है....

एक तरफ उसके जिस्म में नील ज़हर तेज़ी से अपना असर दिखते हुए उसे सेक्स करने पे मजबूर कर रहा है तो दूसरी तरफ शानू की बातें उसे तकलीफ पहुंचा रही है... एक तरह से देखा जाए तो शानू सच hi कह रही है.... मगर ये भी उतना hi सच है की इस वक़्त सुलतान भी गलत नहीं है.... माना की किसी औरत या लड़की को इस हाल में देखना सही नहीं है... मगर हालात hi ऐसे थे की न चाहते हुए भी सुलतान वो कर चूका है जो उसे नहीं करना चाहिए था.... जवानी और नील ज़हर के असर के आगे मजबूर हो के वो शानू की छूट से सीटी बजाते हुए पिशाब की धार को निकलते हुए देख चूका है.... खुद को नील ज़हर के आगे मजबूर होक शानू के साथ सेक्स करने से सुलतान खुद को रोक रहा है जिस से उसे एक बार फिर से अपने जिस्म में तेज़ दर्द का एहसास हो रहा है.... मगर ये दर्द उस दर्द के आगे कुछ भी नहीं है जो इस वक़्त शानू की कड़वी मगर सच्ची बातें सुन के उसे हो रहा है....

इस वक़्त शानू की बातें सुन के सुलतान खुद को गुनेहगार मान रहा है.... उसकी आँखों से तेज़ी से आंसू बहने लगते हैं... उसे खुद पे बहुत गुस्सा आने लगता है....

सुलतान को कुछ न कहते देख शानू एक बार फिर से उस से वही सवाल करती है...

शानू : बोल न सुलतान.... जवाब डा मेरी बात का.... क्या किसी मजबूर औरत या लड़की को तेरा उस हालत में देखना सही था....?

सुलतान से कुछ कहा नहीं जा रहा है... वो शर्मिंदगी में ना में अपनी गर्दन हिला के कहता है....

सुलतान : नहीं वो सही नहीं बल्कि गलत है.... मगर मैंने वो गलती जान के नहीं की.... अनजाने में हो गयी...

शानू : गलती तो गलती होती है जान के की हो या फिर अनजाने में.... और जब तूने गलती की है तो तुझे उसकी सजा भी मिलेगी.... और तेरी सजा ये है की....

अभी शानौ ने इतना hi कहा था की तभी सुलतान के हाथ में बिजली का हंटर आ जाता है और वो तेज़ी से अपने जिस्म पे उस हंटर को बरसाने लगता है....

Chataaaaaaaaaaaaaak.....

उस हंटर की हर चोट के साथ साथ सुलतान के मुँह से दर्दनाक चीख भी निकल रही है...

अअअअअअगगगगगगगठ्हहहहह....

जिसे सुन के शानू को एक ज़ोर का झटका लगता है.... वो बुरी तरह चौंक जाती है.... उसने ये नहीं सोचा था की सुलतान ऐसा कुछ करेगा.... शानू सुलतान का नाम ले के ज़ोर से चीख उठती है....

शानू : सुलतान..... तू पागल तो नहीं हो गे@ ये क्या कर रहा है....?

सुलतान उसकी बात का कोई जवाब नहीं देता वो तब तक खुद को उस हंटर से मारता रहता जब तक वो गिर के बेहोश नहीं हो जाता.... उसका जिस्म बुरी तरह से ज़ख़्मी बना हुआ है जिस्म के कई हिस्से से खून निकल रहा है....

शानू से सुलतान की ऐसी हालत देखि नहीं जाती... उसकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं....

कुछ देर तक सुलतान इसी तरह ज़ख़्मी हालत में बेहोश पड़ा रहता है.... फिर अचानक से उसके जिस्म में रिकवरी पावर्स एक्टिवटे हो जाती है और उसके घाव भरने लगते हैं.... और वो ठीक होने लगता है.... फिर जब उसे होश आता है तब वो शानू से अपने किये की माफ़ी मांगता है....

सुलतान : शानू.... मेरा यकीन करो वो सब मैंने जान के नहीं किया था... वक़्त और हालात की वजह से अनजाने में हो गया था.... मुझे पता है उस वजह से आपको बहुत बुरा लगा है.... बस इस बार के लिए मुझे माफ़ कर दो मैं वादा करता हूँ आइंदा से ऐसा कभी नहीं होगा... प्लीज बस इस बार के लिए मुझे माफ़ कर दो.... आप जो चाहे मुझे सजा दे दो मैं उफ़ तक नहीं करूँगा... बस सिर्फ इस बार के लिए मुझे माफ़ कर दो.... प्लीज.... ी ऍम सॉरी....

शानू : नहीं सुलतान तू ने ऐसी कोई गलती नहीं की जिसके लिए तुझे माफ़ी मांगनी पड़े.... बल्कि माफ़ी तो मुझे मांगनी चाहिए.... जिसने तेरी गलती न होने पे भी तुझे गलत ठहराया... मगर वो सब मैंने जान के नहीं कहा था.... बस तुम्हे परेशान करने के लिए कहा था.... मुझे क्या पता था की मेरी कही बातें तुझे मेरे लवर को इतनी बुरी लगेगी की वो खुद को उस गलती की सजा देगा जो उस ने की hi nahi....Maine एक नेक फ़रिश्ते पे झूठा इलज़ाम लगा के उसे खुद को दोषी मान के खुद को सजा देने पे मजबूर कर दिया.... माफ़ी तो मुझे मांगनी चाहिए.... मैं बुरी हूँ बहुत बुरी... तभी तो ऊपर वाले ने मुझे ऐसी सजा दी है.... ये सजा मेरे उस गुनाह के लिए बहुत hi काम है जो मैंने एक नेक फ़रिश्ते को गलत ठहरा के किया है.... हंटर तो मेरे जिस्म पे पड़ने चाहिए... तेरे नहीं.... मेरी गन्दी जुबां को काट देना चाहिए.... जिस से मैंने नेक फ़रिश्ते पे इलज़ाम लगाया....

सुलतान : नहीं शानू... आप ने कुछ गलत नहीं कहा.... जो कहा वो कुछ हद तक ठीक hi था.... मुझे hi खुद को कण्ट्रोल कर के रखना चाहिए था... इस सब में आपकी कोई गलती नहीं है... वो वक़्त और हालात hi ऐसे थे की वो हो गया जो नहीं होना चाहिए था.... इस लिए प्लीज खुद को दोषी मत मानो....

शानू रट हुए : मैं माफ़ी के काबिल तो नहीं मगर फिर भी क्या तुम मुझे माफ़ कर सकते हो....?

सुलतान : जब आपकी कोई गलती hi नहीं है तो माफ़ी कैसी.... मुझे आपसे कोई गिला कोई नाराज़गी नहीं.... और वैसे भी आप कोई गैर नहीं बल्कि मेरी लवर हो और अपनी लवर से कैसी नाराज़गी....

शानू : ऐसे नहीं मुझे सीने से लगा के कहो तब मानूगी की तूने मुझे माफ़ कर दिया.....

शानू की बात सुन के सुलतान आगे बढ़ के उसके आंसू पॉच के उसे कास के अपने सीने से लगा लेता है.... फिर उनके होंठों को अपने मुँह में ले के उन्हें मज़े से चूसने लगता है.... शानू भी किश में उसका खुले दिल से साथ देती है....

अगले 5 दिन तक ऐसा hi चलता है.... हर रोज़ शानू का इलाज करते करते सुलतान को नील ज़हर के असर को काम करने के लिए खुद पे बिजली के हंटर का वार करना पड़ता है.... साथ hi बेइन्तेहाँ दर्द भी सहना पड़ता है.... सुलतान के उस दर्द को और बढ़ने में शानू की छूट से पिशाब के साथ निकली सीटी अपना पूरी तरह से साथ देती है.... हर दिन शानू के जिस्म का एक हिस्सा ठीक होता जाता है....

1सत डे शानू के दोनों पेअर की उँगलियों से लेके दोनों घुटनो तक का हिस्सा ठीक होता है.... 2ंद डे उसके घुटनो से ऊपर कमर तक का हिस्सा.... 3रद डे उसकी कमर से ले के सीने तक का हिस्सा... 4तह डे उसके सीने से उसके गले तक का हिस्सा ठीक हो जाता है... 5तह डे उसके दोनों हाथ ठीक हो जाते हैं..... 6तह डे उसके गले से सर तक का हिस्सा....

और अब आखरी दिन बारी है शानू के दिमाग की साथ hi उस के दिमाग के उस हिस्से की जहाँ की नस डैमेज हुई है.... आखिर क्या होगा 7तह दिन...? जब शानू का दिमाग पूरी तरह से ठीक होगा.... और फिर क्या शानू और सुलतान चुदाई की शुरुवात कर पाएंगे....?????

***************************************

इधर सुल्तानगढ में....

सुलतान को जा के आज 6 दिन हो चुके हैं.... सुलतान की दोनों बीवी रूही और कुसुम के साथ साथ उसकी साड़ी लवर्स उसकी याद में तड़प रही हैं.... सुलतान की जुदाई उनसे बर्दाश्त नहीं हो रही.... ख़ास कर के ये बात वो सेह नहीं पा रही हैं की इस वक़्त शानू का इलाज करते हुए सुलतान किस बेइन्तेहाँ दर्द से गुज़र रहा है.... उस दर्द को सब भले hi अपने जिस्म पे महसूस नहीं कर रही हैं मगर फिर भी उनका दिल अपनी जान की तड़प उसके मुँह से निकली हर एक दर्द भरी आह को महसूस करके तड़प रहा है.... सब की आँखों से आंसू बह रहे हैं वो छह के भी न तो सुलतान के करीब जा पा रही है और न hi उसके जिस्म में हो रहे दर्द को होने से रोक पा रही हैं.... बस तड़पते हुए आंसू बहा रही हैं....

वहीँ महक शीना से ये पता करने की कोशिश करती है की उस दिन सुलतान उनके घर क्यों आया था....? और वो बिना कुछ कहे क्यों चला गया....? जब उसे शीना से कुछ पता नहीं चलता तब उसके दिमाग में एक hi शख्स का नाम आता है जो उसे उसके सवालों के जवाब दे सकता है और वो है... बाबा....

सोना : क्या कहा बाबा....?

महक : हाँ सोना अब एक बाबा hi हैं जो हमारे सवालों के जवाब दे सकते हैं....

सोना : तो फिर चल अभी चल के बाबा से पूछते हैं... वो इस वक़्त यहीं उस बगल वाले घर के गार्डन में हैं....

महक : नहीं तू नहीं बाबा के पास सिर्फ मैं जाउंगी.... तुझे वहां देख शायद बाबा कुछ न बताये....

सोना महक के साथ जाने की बहुत ज़िद करती है मगर महक उसे अपने साथ ले जाने को राज़ी hi नहीं होती.... और अकेली बाबा से अपने सवालों के जवाब लेने चली जाती है.... सोना भी कहाँ मान ने वाली थी.... वो भी महक से दुरी बना के उसके पीछे पीछे चल देती है....

बाबा : आओ महक मुझे तुम्हारा hi इंतज़ार था...

बाबा की आवाज़ सुन के महक चौंक जाती है....

महक शॉकेड : बाबा आपको कैसे पता चला की मैं आप से मिलने आ रही हूँ....?

बाबा : मुझे तो ये भी पता है की इस वक़्त तुम यहाँ मुझसे मिलने नहीं बल्कि अपने सवालों के जवाब लेने आयी हो...

बाबा की बात सुन के महक एक बार फिर से चौंक जाती है....

बाबा : अरे तुम तो अभी से चौंकने लगी.... असली चौंकाने वाली बात तो वो है जो अभी मैं तुम्हे बताऊंगा....

महक : मैं कुछ समझी नहीं...

बाबा : मैं समझाता हूँ... तुम मुझसे ये hi जान न छाती हो न की उस दिन सुबह सुबह सुलतान तुम्हारे घर में क्यों आया था....? और वो सिर्फ सोना से मिला... और फिर वो बिना कुछ कहे चुप चाप वहां से चला गया.... यही बताया था न सोना ने तुम्हे....?

महक : हाँ बाबा सोना ने यही बताया था मुझे.... मेरी ये समझ में नहीं आ रहा है की जब वो घर में आया और सोना से मिलने उसके पास गया तो उसने सोना से कुछ कहा क्यों नहीं....? क्यों वो बिना कुछ कहे चुप चाप चला गया....? क्यों जाते वक़्त उसकी आँखें नाम थी....? क्यों उसका चेहरा उतरा हुआ था....? क्यों बाबा क्यों....?

बाबा : इस क्यों का जवाब क्या तुम्हे सोना ने नहीं दिया...?

महक : नहीं बाबा वो कहती है की उसे कुछ नहीं पता....

महक की बात सुन के बाबा गुस्से में चीखते हैं....

बाबा गुस्से में : झूठ बोलती है सोना... झूठ...

तभी सोना सामने आके कहती है...

सोना : जी नहीं मैंने कुछ झूठ नहीं कहा... वो hi कहा जो सच है... और सच ये है की मुझे नहीं पता की सुलतान उस दिन मेरे रूम में क्यों आया था... और वो बिना कुछ कहे आँखों में आंसू लिए क्यों चला गया...

बाबा : ये सब झूठ है... तेरा कहा हुआ एक एक लफ्ज़ झूठ है...

सोना : नहीं मैंने कुछ झूठ नहीं कहा....

महक : बाबा अगर सोना झूठ कह रही है तो फिर आप hi ये बताइये की सच क्या है....?

बाबा : तू सच जान न चाहती है तो ठीक है... मैं तुझे सच बताऊंगा नहीं बल्कि दिखाऊंगा.... की उस सुबह आखिर हुआ क्या था....?

ये कह के बाबा सामने हवा में अपना हाथ घूमते हैं जिस से एक स्क्रीन सा बन जाता है.... और उसमे महक का घर नज़र आने लगता है साथ hi नज़र आने लगता है सुलतान.... जो की घर के अंडर घुस रहा है.... सुलतान चलते हुए सोना के रूम के पास जाता है... और दरवाज़े के पास जा के खड़ा हो के कुछ देर तक कुछ सोचने लगता है.... फिर वो सोना के रूम में एंटर करता है....

सोना को देख के सुलतान के चेहरे पे ठीक वैसी hi स्माइल आ जाती है जैसे की बचपन में सोना जब उसके साथ थी तब सोने के चेहरे को देख के आती थी.... सुलतान कुछ देर तक सोना को देखता रहता है फिर उसका नाम ले के प्यार से उसे पुकारता है....

सुलतान : Sonaaaaaaaaaa....

सोना इस वक़्त सुलतान की पेंटिंग बनाने में पूरी तरह से खोयी हुई है... उसकी तंत्र सुलतान की आवाज़ से टूट टी है.... वो पलट के सुलतान की तरफ देखती है...

सुलतान को देख के ख़ास करके अपने रूम में अपने इतने करीब खुद को यूँ देखते हुए पा के सोना खुश हो जाती है... मगर उसकी ये ख़ुशी उसके होंठों की मुस्कराहट अचानक से गायब हो जाती है जब सुलतान के मुँह से वो पेंटिंग के बारे में सुनती हैं....

सुलतान : अच्छी पेंटिंग बना लेती हो....

सोना को ऐसा महसूस होने लगता है जैसे की सुलतान एक बार फिर से यहाँ उसकी बनायीं हुई पेंटिंग को आग लगाने आया है.... ये सोच के उसका दिल घबरा जाता है.... उस दिन की बात याद करके जिस दिन सुलतान ने उसकी साड़ी पेंटिंग्स को आग लगा दिया था.... सोना का दिल तरप जाता है साथ hi उसकी आँखों में आंसू आ जाते हैं.... उसे देख के ऐसा लग रहा है जैसे hi सुलतान उसकी पेंटिंग को हाथ लगाएगा और सोना रो देगी....

मगर ये उसकी ग़लतफहमी निकली... सुलतान ने आज उसकी बनायीं हुई अपनी पेंटिंग को जलाया नहीं बल्कि सोना की तारीफ की.... इस बात से सोना को बेहद हैरानी हुई....

वो अभी सुलतान से कुछ कहने hi वाली होती है की तभी सुलतान....

सुलतान : अच्छा हुआ सोना तुम यहाँ मिल गयी.... मुझे न तुमसे एक बेहद ज़रूरी बात करनी है....

सामने स्क्रीन पे सुलतान को सोना के साथ बात करते देख महक के साथ साथ खुद सोना को भी बेहद हैरानी सी होती है.... दोनों को एक झटका सा लगता है.... महक का तो समझ में आता है... मगर सोना इतना शॉकेड क्यों हो गयी....? आखिर इस क्यों की वजह क्या है...?

तो चाइये चल के पता करते हैं की आखिर सोना के शॉकेड होने की वजह क्या है....? उस वक़्त सुलतान और सोना के बीच क्या बात हुई....?????

************************************

इधर ड्रीमवोर्ल्ड में आज 7तह दिन सुलतान का दिल आज बेहद बेचैन बना हुआ है.... उसे आज अपने दिल की धड़कन कुछ अलग सी महसूस हो रही है... एक अजीब सी घबराहट सी उसे हो रही है.... जैसे कुछ बुरा होने वाला है बहुत बुरा.... मगर क्या....? पता नहीं.... कुछ तो ऐसा है जो सुलतान समझ नहीं पा रहा है.... फ़िज़ा में भी इस वक़्त एक ख़ामोशी सी छायी हुई है.... ऐसा जैसे की इस ख़ामोशी को चीयर के एक बहुत hi बड़ा तूफ़ान आने वाला है.... वो तूफ़ान अपने साथ क्या लाएगा.... और तबाही मचा के अपने साथ क्या ले जाएगा.... ये अभी कहना मुश्किल है... मगर कुछ तो ज़रूर होने वाला.... कुछ ऐसा जो सुलतान की सोच से परे है.... फिलहाल सुलतान इस सब को अपने दिमाग से झटक के आगे बढ़ता है और शानू के करीब जा के खड़ा हो जाता है.... और प्यार से उसकी आँखों में देखते हुए कहता है....

सुलतान : शानू आज के आखरी इलाज के बाद आप पूरी तरह से ठीक हो जाओगी.... है न ख़ुशी की बात.... आज मेरी शानू पूरी तरह से ठीक हो जायेगी.... आज मैं बेहद खुश हूँ.... बेहद....

सुलतान की बात सुन के शानू भी खुश हो जाती है.....

फिर सुलतान शानू की इजाज़त ले के उसका इलाज शुरू करता है.... मगर जैसे वो शानू का इलाज करना शुरू करता है..... वैसे उसके दिल की धड़कन बढ़ने लगती है... उसे अलग सी बेचैनी होने लगती है.... एक दर सा उसके दिल में उठने लगता है.... सुलतान को बेहद घबराहट सी होने लगती है.... नील ज़हर आज पूरे उफान पे है और सुलतान को सेक्स करने पे मजबूर कर है.... आज नील ज़हर के आगे सुलतान खुद को कमज़ोर महसूस कर रहा है.... वो छह के भी नील ज़हर के असर को दबा नहीं पा रहा है.... जैसे जैसे सुलतान शानू के जिस्म पे अपने हाथों से मस्सगे कर रहा है वैसे वैसे उसके जिस्म में इतनी hi तेज़ी से सेक्स की तड़प बढ़ रही है.... उसका लुंड पूरे जोश में खड़े हो के उसे सेक्स करने को मजबूर कर रहा है..... शानू की दिलकश और क़ातिल जवानी भी सुलतान को अपनी और खींच रही है.... वो छह के भी अपनी सेक्स की भावनाओं को बढ़ने से नहीं रोक पा रहा है.... शानू का हाल भी पहले के मुताबिक आज बेहद बुरा है.... आज सेक्स की आज उसके जिस्म को पागल बना रही है.... न चाहते हुए भी उसके मुँह से मस्ती भरी सिसकारी निकल रही है.....

शानू : मममममममम..... Aaaaaaahhhhhhhhhh.... ऊऊऊओह्ह्ह्ह....

आज सुलतान के हाथों को अपने ठोस बूब्स और छूट पे महसूस कर के शानू का पूरा जिस्म मस्ती में उदा जा रहा है.... उसके जिस्म में तेज़ी से सिरहन हो रही है.... उसकी छूट से कॉमर्स बह रहा है.... जिसकी खुशबु सुलतान के साथ साथ उसके एनाकोंडा रुपी लुंड को मदहोश किये जा रही है.... सुलतान छह के भी अपनी नज़रें शानू की ठोस चूची और रास चोरटी छूट से नहीं हटा पा रहा है.... उसका लुंड पूरे जोश में झटके ले रहा है.... आखिर सुलतान भी तो एक इंसान hi है.... शानू के कामुक और सेक्सी जिस्म को देख उसके दिल में ऐसी भावनाओं का आना कोई बड़ी बात नहीं है.... शानू के नंगे जिस्म को देख मुर्दे का भी लुंड खड़ा हो जाए.... यहाँ तो फिर भी सुलतान ज़िंदा है..... वो छह के भी खुद को शानू की तरफ आकर्षित होने से रोक नहीं पाटा....

वो शानू की मालिश पूरी करने के बाद उसके चेहरे की तरफ बढ़ता है..... फिर उसके मासूम और प्यारे चेहरे को अपने हाथों में लेके अपना चेहरा उसके चेहरे के करीब ले जाने लगता है.... शानू को ये समझते देर नहीं लगती की सुलतान आगे क्या करने वाला है.... वो ख़ामोशी से सुलतान की आँखों में देखती रहती है..... धीरे धीरे दोनों के चेहरे एक दूसरे के बेहद करीब आ जाते है.... दोनों के दिल की धड़कन काफी तेज़ हो जाती है.... एक दूसरे की साँसों को वो अपने चेहरे पे महसूस करके मस्ती के आसमान में उड़ने लगते हैं.... उनके जिस्म में मस्ती की तेज़ लेहेर सी दौरने लगती है....

सुलतान : शानू आपके दिमाग की नस को ठीक करने के लिए मुझे आप के मुँह के ज़रिये आप के दिमाग तक अपनी पावर्स को पहुँचाना होगा.... ताकि वो पूरी तरह से असर कर सके.... जिस से आप के दिमाग की नस ठीक हो जायेगी और आगे चाहे आप को कितना hi बड़ा झटका क्यों न लगे उन पावर्स की वजह से कभी भी आपके दिमाग को कोई नुक्सान नहीं हो पायेगा.... मगर मेरे ऐसा करते hi आपके जिस्म के साथ साथ आपकी रूह भी हमेशा हमेशा के लिए मेरे साथ जुड़ जायेगी.... आप ज़िन्दगी भर के लिए मेरी लवर के साथ साथ मेरी बीवी भी बन के रह जाएंगी.... फिर आप को कोई भी मुझसे जुड़ा नहीं कर पायेगा.... ऊपर वाला भी नहीं.... रही मेरी बात तो आप मुझे एक लवर के साथ साथ एक बीवी की तरह दिल से मंज़ूर हो.... अब ये फैसला मैं आप पे चोरता हूँ की आप क्या करना चाहती है....?

ये कह के सुलतान शानू की आँखों में देखने लगता है जैसे की उस से आगे बढ़ने की इजाज़त मांग रहा हो.... शानू सुलतान की बात समझ के अपनी आँखें बंद कर लेती है फिर धीरे से शर्माते हुए कहती है....

शानू : मुझे मंज़ूर है.... मैं तो उसी दिन तुम्हारी हो गयी थी जब तुम ने मेरा इलाज करना शुरू किया था.... इतना hi नहीं सिर्फ और सिर्फ मेरी खातिर 7 दिन से उस बेइन्तेहाँ दर्द को सहते आ रहे हो.... मैं तन से मन से अब बस तुम्हारी हूँ.... मेरे दिल और जिस्म के साथ साथ मेरी रूह भी अब तुम्हारी है....

शानू की बात सुन के सुलतान ख़ुशी से उछाल पड़ता है.... उसे यकीन नहीं हो रहा है की शानू ने हाँ कह दिया....

सुलतान : क्या वाकई में आप को मेरी बनना मंज़ूर है....?

सुलतान की बात सुन के शानू शर्माते हुए हाँ में अपनी गर्दन हिला देती है....

शानू की हाँ सुन के सुलतान फ़ौरन आगे बढ़ के अपने होंठ शानू के होंठों से जोड़ देता है और प्यार से उसे अपने मुँह में ले के चूसने लगता है.... शानू इस किश को महसूस करके वो मस्ती के आसमान में उडी जा रही है.... उसकी छूट मस्ती में कॉमर्स की बूंदों का छिड़काव कर रही है.... उसके जिस्म के साथ साथ उसकी छूट में भी मस्ती की करंट सी दौर रही है.... किश में वो भी पूरे जोश के साथ सुलतान का साथ देने लग जाती है.... वो कभी सुलतान के नीचे के होंठों को चूसती है तो कभी ऊपर के होंठों को.... धीरे धीरे मस्ती में दोनों की किश वाइल्ड होने लगती है.... शानू मस्ती में सुलतान के होंठों को काट ने लगती है.... सुलतान का हाल काफी बुरा है.... उसका लुंड पूरे जोश में खड़े हो के जटके लेने लगता है..... जिसकी ठोकर शानू को अपनी छूट पे साफ़ महसूस होने लगती hai...wo कास के सुलतान से जिस्म से लिपट जाती है और मस्ती में अपनी जुबां सुलतान के मुँह में दाल के घूमने लगती है.... शानू की जुबां को अपने मुँह में महसूस करके सुलतान फ़ौरन उसे चूसने लगता है.... शानू के होंठों और जुबां के रास को मज़े ले के पीने लगता है..... दोनों पूरी शिद्दत से एक दूसरे को किश करने में लगे हुए हैं.... कोई भी अलग होना नहीं छह रहा है.... शानू की छूट कॉमर्स से सराबोर हो चुकी है और जाने कितना रास बहाये जा रही है.... करीब 10 मिनट्स तक दोनों एक दूसरे के होंठों और जुबां को चूसते रहते हैं.... फिर जब उसकी साँसें उखाड़ने लगती हैं तब न चाहते हुए भी उन्हें एक दूसरे से अलग होना पड़ता है....

इस से पहले की शानू के होंठ सुलतान के होंठों से अलग होते.... शानू के साथ साथ सुलतान का जिस्म भी गुलाबी रौशनी से चमकने लगता है.... एक तरफ सुलतान का जिस्म और भी ज़्यादा मज़बूत और आकर्षक हो जाता है..... वहीँ दूसरी तरफ शानू के दिमाग की साड़ी नस पूरी तरह से ठीक हो जाती है साथ hi के जिस्म में भी काफी बदलाव आने लगते हैं.... देखते hi देखते उसका जिस्म एक 18 साल की कमसिन सेक्सी और खूबसूरत लड़की की तरह हो जाता है.... साथ hi उसके चेहरे में भी काफी बदलाव आने लगते हैं.....

किश के टूटने के बाद अपनी साँसों को काबू करते हैं तब अचानक से वो होता है जिसे देख के शानू का दिल देहल जाता है.... उसकी रूह कांप जाती है.....

सुलतान के जिस्म में नील ज़हर पूरी तरह से एक्टिवटे हो जाता है.... जो उसे शानू के साथ सेक्स करने को मजबूर करने लगता है.... शानू का इलाज पूरा हो चूका है... अब अगर सुलतान चाहे तो शानू के साथ चुदाई कर सकता है.... मगर यहाँ ड्रीम वर्ल्ड में वो सिर्फ और सिर्फ मलिका सुनहरी के साथ hi चुदाई कर सकता है....

अगर उसने किसी और के साथ चुदाई की तो पूरा ड्रीम वर्ल्ड तबाह हो जाएगा.... मलिका सुनहरी गुस्से में इसे पूरी तरह से तबाह कर देगी....

सुलतान के जिस्म में बेइन्तेहाँ दर्द होने लगता है.... वो दर्द के तड़प के चीख उठता है....

अअअअअअअअअगगगगगठ्हहहह.....

उसकी चीखें सुन के साथ hi उसका हाल देख के शानू का दिल तड़पने लगता है उसकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं.... वो सुलतान के करीब जाना चाहती है मगर सुलतान उसे अपने करीब आने से रोक देता है.... साथ hi शानू को एक बेहद hi पावरफुल सुरक्षा घिरे में दाल देता है..... फिर वो अपनी पूरी पावर्स लगा के नील ज़हर को रोकने की कोशिश करता है.... जिसकी वजह से वो अंदर से ज़ख़्मी होने लगता है उसके नाक कान से खून निकलने लगता है.... वो फ़ौरन जादुई हंटर को याद करता है और उसे अपनी पूरी ताक़त लगा अपने जिस्म पे वार करता है.... जिस से धीरे धीरे नील ज़हर का असर ख़तम होने लगता है.... साथ hi सुलतान को बुरी तरह से ज़ख़्मी हो जाता है.... वो नीचे गिर के बेहोश हो जाता है.... सुलतान की ऐसी हालत देख के शानू का दिल देहल जाता है वो सुलतान का नाम ले के चीख उठती है....

शानू : Sultaaaaaaaaaaaan....

वो सुलतान के करीब जा के बैठ जाती है और उस के सर को अपनी गॉड में रख के उसे उठाने की कोशिश करने लगती है....

शानू रट हुए : सुलतान.... उठो न सुलतान.... देखो न तुम्हारी शानू ठीक हो गयी... प्लीज उठ जाओ... सुलतान.... तुम्हारी ये हालत मुझसे देखि नहीं जा रही है प्लीज उठ जाओ.... Alinaaaaaaaaaaaa.... आइंआआआआआ.... कोई है.... देखो न सुलतान का क्या हाल हो गया....? प्लीज कोई तो आओ.... Sultaaaaaaaaaaaan..... आज मेरी वजह से तुम्हारा ये हाल हो गया है.... मैं बहुत बुरी हूँ.... न मैं तुमसे मिलती और न hi मेरी वजह से तुम्हे इतनी तकलीफ पहुँचती.... न hi तुम्हारा ऐसा हाल होता.... प्लीज सुलतान होश में आओ... बात करो मुझसे.... देखो न मैं ठीक हो गयी.... देखो न तुम्हारी शानू ठीक हो गयी..... प्लीज उठ जाओ न....

ये कह के वो ज़ोर ज़ोर से रोने लगती है....

कुछ देर बाद सुलतान की हीलिंग पावर्स एक्टिवटे हो जाती है और उस के ज़ख्म भरने लगते हैं वो ठीक होने लगता है.... फिर उसे होश आ जाता है... होश में आते hi जब वो शानू को रट देखता है तो उसका दिल तड़प जाता है.... वो फ़ौरन उठ के बैठ जाता है....

सुलतान : क्या हुआ शानू....? आप इस तरह से रो क्यों रही हो....? आपको कोई प्रॉब्लम है क्या....? बताइये मुझे... जवाब दीजिये... क्या हुआ....? प्लीज बताइये न....

सुलतान को ठीक देख के शानू की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहता वो फ़ौरन आगे बढ़ के उसे अपने सीने से लगा लेती है... और ख़ुशी के मारे ज़ोर ज़ोर से रोने लगती है.... वो सुलतान का चेहरा अपने हाथों में ले के उसके पूरे चेहरे को चूमने लगती है.... साथ रट हुए hi एक hi बात बार बार बोले जा रही है....

शानू : ऊपर वाले का लाख लाख शुक्र है सुलतान तुम ठीक हो गए... तुम्हे कुछ नहीं हुआ.... तुम ठीक हो गए.... मेरा सुलतान मेरी जान ठीक हो गया...

वहीँ शानू को ठीक देख सुलतान की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहता....

सुलतान : शानू आप ठीक हो गयी....

शानू : हाँ मैं ठीक हो गयी... मैं पूरी तरह से ठीक हो गयी.... आज मैं बेहद खुश हूँ... और ये ख़ुशी मुझे सिर्फ और सिर्फ तुम्हारी वजह से मिली है... मेरे प्यारे सुलतान की वजह से.....

ये कह के शानू आगे बढ़ के ख़ुशी के मारे सुलतान के होंठों को अपने मुँह में ले के उन्हें चूसने लगती है.... करीब 10 मिनट्स के बाद वो उस से अलग होती है....

फिर जब दोनों एक दूसरे की तरफ देखते हैं तो उन्हें एक झटका सा लगता है.... दोनों एक दूसरे को देख के शॉकेड हो जाते हैं....

सुलतान : शानू ये आप को क्या हुआ....?

शानू : क्यों ऐसा क्या हुआ जो तू इस तरह शॉकेड हो गया....?

सुलतान : आप पहले से भी ज़्यादा हसीं खूबसूरत और सेक्सी लग रही हैं.... एक 18 साल की लड़की की तरह....

शानू : सुलतान तू फिर से मेरा मज़ाक बनाने लगा....

सुलतान : नहीं शानू.... मैं मज़ाक नहीं कर रहा हूँ बल्कि सच कह रहा हूँ..... आप को मेरी बात पे यकीन नहीं तो खुद को आईने में देख लो...

ये कह के सुलतान शानू को आइना दिखता है.... खुद को आईने में देख के शानू खुद भी बुरी तरह से शॉकेड हो जाती है....

शानू : य.... य..... ये कैसे हुआ....?

सुलतान : शायद हमारे प्यार के जादू ने आप को बदल दिया.... (फिर शानू को आँख मार के कहता है) हाय जो भी हुआ है बेहद खूबसूरत और सेक्सी हुआ है.... कसम से शानू आपकी खूबसूरती और सेक्सी जिस्म को देख के दिल आप का दीवाना हुआ जा रहा है...

सुलतान के मुँह से अपनी तारीफ सुन के शानू बेहद खुश हो जाती है..... साथ hi सेक्सी लफ्ज़ सुन के शर्म से उसके गोर गुलाबी गाल लाल हो जाते हैं....

शानू शर्माते हुए : वैसे तू भी काम हैंडसम नहीं लग रहा है.... तुझे देख के मेरा दिल कर रहा है की मैं अभी तुझे कास के अपने सीने से लगा के तेरे साथ जैम के छू...

इतना कह के शानू खामोश हो जाती है... आगे उस से कुछ कहा hi नहीं जाता.... शर्म के मारे उसकी नज़रें झुक जाती हैं और उसके होंठ सील से जाते हैं....

शानू की बात सुन के ख़ास कर के जैम के छू.... सुलतान की आँखें हैरत से बड़ी हो जाती हैं... उसे यकीन hi नहीं हो रहा है की अभी जो उसने सुना वो और किसी ने नहीं बल्कि शानू ने कहा....

सुलतान : शानू क्या वाकई में आप का दिल छह रहा है की हम छू....

अभी सुलतान इतना hi कह पाया था की तभी शानू उसे बीच में hi रोक के बात को बदल देती है....

शानू : सुलतान क्या वाकई में मैं पूरी तरह से ठीक हो गयी....? मेरा मतलब है की मेरे जिस्म के साथ साथ क्या मेरे दिमाग की साड़ी डैमेज नस भी पूरी तरह से ठीक हो गयी....

सुलतान : ये गलत बात है शानू आप बात को बदल रही हैं.... आप पहले मेरे सवाल का जवाब दीजिये की आप अभी क्या करने की बात कर रही थी....? मेरे साथ जैम के क्या....?

सुलतान की बात सुन के शानू को बेहद शर्म सी आने लगती है.... वो सुलतान को झूठा गुस्सा दिखते हुए कहती है....

शानू : सुलतान.... तू न बहुत बिगड़ गया है.... तुझे सुधारना पड़ेगा....

सुलतान शानू को आँख मार के कहता है....

सुलतान : हाय जान... मैं तो कब से ये छह रहा हूँ की आप मुझे सुधारो.... वो भी जैम के....

सुलतान की बात सुन के शानू के गोर गुलाबी गाल शर्म से लाल हो जाते हैं और साथ hi उसकी छूट मस्ती में कॉमर्स की कुछ बूँदें टपका देती है....

शानू : तू न अब मुझसे मार खायेगा.... पहले घर चल फिर मैं तुझे बताती हूँ....

सुलतान : हाय शानू वहां घर पे तो सब होंगे न.... सब के सामने हम छू.... मेरा मतलब है वो कैसे करेंगे....? क्यों न हम छू... की शुरुवात यहीं से करें....? रसम भी है.... मौका भी है... और दस्तूर भी....

शानू का दिल तो छह रहा है की वो सुलतान के साथ चुदाई की शुरुवात यहीं से करे मगर वो छह के भी ऐसा नहीं कर सकती.... क्यों की अगर ड्रीम वर्ल्ड में सुलतान ने मलिका सुनहरी के बजाये किसी और के साथ चुदाई की तो मलिका सुनहरी गुस्से में आ के पूरे ड्रीम वर्ल्ड को तबाह कर देगी....

शानू झूठा गुस्सा दिखते हुए कहती है....

शानू : सुलतान.... तू ने एक बार और कहा न तो देख लेना मैं घर पे भी तुझे कुछ नहीं करने दूंगी....

सुलतान : नहीं नहीं शानू मैं तो मज़ाक कर रहा था.... आप फ़िक्र मत कीजिये हम घर जा के hi जैम के चुदाई करेंगे....

शानू : Kyaaaaaaaaaaaa....?

इस से पहले की शानू और कुछ कहती.... सुलतान उसको साथ ले के पैंडोरा चला जाता है....

सुलतान : बाबा देखिये शानू ठीक हो गयी..... मैंने अपनी शानू को ठीक कर दिया....

सुलतान के मुँह से बाबा सुन के शानू चौंक जाती है..... वो कुछ कहने hi वाली होती है की तभी बाबा उसे इशारे से खामोश रहने को कहते हैं.... बाबा का इशारा पा के शानू कुछ नहीं कहती.... चुप चाप दोनों की बातें सुन ने लगती है....

सुलतान : क्या बात है बाबा आप इतना परेशान क्यों लग रहे हैं....?

बाबा : वो बात hi कुछ ऐसी है.... तुम्हे अंदाजा भी नहीं की बात कितनी बड़ी है.... जो नहीं होना चाहिए था वो हो गया है.... मगर होनी को ताला भी तो नहीं जा सकता है न.... जो होना होता है वो हो के hi रहता है.... और आखिर वो शुरू हो गया जिसका दर था...

सुलतान : वो hi तो मैं पूछ रहा हूँ की आखिर बात क्या है....? ऐसा क्या हो गया है....? और किस बात का दर....? ऐसी क्या बात हो गयी बाबा जिसे ले के आप इतना परेशान बने हुए हैं.... बताइये मुझे....

बड़ी मुश्किल से बाबा बस इतना hi कह पाते हैं.....

बाबा : व.... व.... वो... माँ.... Mali...ka Su....neh....ri....

सुलतान : मलिका सुनेहि....!!!! अब उसने फिर क्या किया....?

बाबा : मलिका सुनहरी को तुम्हारे यहाँ आने की खराब हो गयी है.... और ये भी पता चल गया की तुम यहाँ क्यों आये हो.... (शहनूर का इलाज कर के उसे ठीक करने) और आगे क्या करने वाले हो.... (शहनूर के साथ 1 महीने तक चुदाई करते हुए उसे माँ बनाने ताकि मासूम का पता चल सके) इस बात से मलिका सुनहरी बेहद नाराज़ है.... उसे ऐसा लग रहा है की इस बार भी तुम्हे न तो उस की फ़िक्र है और न hi उस से प्यार... बल्कि वो ये समझ रही है की इस बार भी तुम उसे धोका दे रहे हो....

सुलतान : ये आप क्या कह रहे हैं बाबा.... आप तो सब कुछ जानते हैं.... फिर भी...

बाबा : हाँ मैं तो जानता हूँ मगर मलिका सुनहरी को पूरी बात पता नहीं है.... उसे जितना पता चला है उसे वो सच मान रही है.... साथ hi उसे तुम्हारे खिलाफ भड़काने में शैतान अघुरा ने कोई कमी बाकी नहीं चोरी है....

सुलतान शॉकेड : क्या कहा मलिका सुनहरी शैतान अघुरा के साथ....?

बाबा : नहीं वो उसके साथ नहीं है.... और न hi कभी हो सकती है.... मलिका सुनहरी भले hi इस वक़्त तुम से नाराज़ है बेहद नाराज़ मगर वो कभी तुम्हारे खिलाफ नहीं जा सकती... तुम्हारे खिलाफ जा के शैतान अघुरा का साथ देना उसके लिए नामुमकिन सी बात है....

सुलतान : अगर ऐसा है तो फिर आप इतना घबरा क्यों रहे हैं....?

बाबा : वो इस लिए क्यों की मलिका सुनहरी ने एक एक कर के तुम्हारी साड़ी चाहने वालियों को तुम्हारे खिलाफ भड़काना शुरू कर दिया है.... जिसकी शुरुवात सोना से हो चुकी है.... वर्ण तुम खुद सोचो जब तुमने उस दिन सुबह सुबह सोना के पास जा के उसे ************ कहा तो उसने तुम्हे मन क्यों कर दिया....? बताओ मुझे जवाब दो... आखिर जो वो चाहती थी वो तुम खुद उसे देना चाहते थे.... फिर उसने तुम्हे इंकार क्यों कर दिया....?????

(वर्ड काउंट 8400)
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....



अपडेट 159..... महा मेगा अपडेट

दोस्तों पिछले अपडेट में काफी सवाल आये थे जिसमे से कुछ के जवाब इस अपडेट में मिल जाएंगे और कुछ के आगे चल के....

सवाल :

1. शानू बाबा की आवाज़ सुन के चौंक क्यों गयी....? और बाबा ने उसे खामोश रहने का इशारा क्यों किया....? क्या वो बाबा को पहले से जानती है....?

2. एक तरफ सोना का ये कहना है की उस सुबह जब सुलतान उस घर में आया था तब वो उसके पास तो आया मगर बिना कुछ बोले चुप चाप वहां से चला गया.... वहीँ महक के पूछने पे बाबा ने उनको दिखाया की उस सुबह सुलतान ने सोना से बात की जिसे देख महक के साथ साथ सोना भी चौंक गयी.... क्यों पता नहीं....?

अगर बाबा के कहने के मुताबिक सुलतान ने सोना से बात की तो फिर सोना ऐसा क्यों कह रही है की सुलतान उस से बिना कुछ कहे hi चला गया....? आखिर सच क्या है....?

अब आगे....

सामने स्क्रीन पे सुलतान को सोना के साथ बात करते देख महक के साथ साथ खुद सोना को भी बेहद हैरानी सी होती है.... दोनों को एक झटका सा लगता है.... महक का तो समझ में आता है... मगर सोना इतना शॉकेड क्यों हो गयी....? आखिर इस क्यों की वजह क्या है...?

तो चाइये चल के पता करते हैं की आखिर सोना के शॉकेड होने की वजह क्या है....? उस वक़्त सुलतान और सोना के बीच क्या बात हुई....?

फ्लैशबैक :

सुलतान चलते हुए सोना के रूम के पास जाता है... और दरवाज़े के पास जा के खड़ा हो के कुछ देर तक कुछ सोचने लगता है.... फिर वो सोना के रूम में एंटर करता है....

सोना को देख के सुलतान के चेहरे पे ठीक वैसी hi स्माइल आ जाती है जैसे की बचपन में सोना जब उसके साथ थी तब सोना के चेहरे को देख के आती थी.... सुलतान कुछ देर तक सोना को देखता रहता है फिर उसका नाम ले के प्यार से उसे पुकारता है....

सुलतान : Sonaaaaaaaaaa....

सोना इस वक़्त सुलतान की पेंटिंग बनाने में पूरी तरह से खोयी हुई है... उसकी तंत्र सुलतान की आवाज़ से टूट टी है.... वो पलट के सुलतान की तरफ देखती है...

सुलतान को देख के ख़ास करके अपने रूम में अपने इतने करीब खुद को यूँ देखते हुए पा के सोना खुश हो जाती है... मगर उसकी ये ख़ुशी उसके होंठों की मुस्कराहट अचानक से गायब हो जाती है जब सुलतान के मुँह से वो पेंटिंग के बारे में सुनती है....

सुलतान : अच्छी पेंटिंग बना लेती हो....

सोना को ऐसा महसूस होने लगता है जैसे की सुलतान एक बार फिर से यहाँ उसकी बनायीं हुई पेंटिंग को आग लगाने आया है.... ये सोच के उसका दिल घबरा जाता है.... उस दिन की बात याद करके जिस दिन सुलतान ने उसकी साड़ी पेंटिंग्स को आग लगा दिया था.... सोना का दिल तरप जाता है साथ hi उसकी आँखों में आंसू आ जाते हैं.... उसे देख के ऐसा लग रहा है जैसे की सुलतान उसकी पेंटिंग को हाथ लगाएगा और सोना रो देगी....

मगर ये उसकी ग़लतफहमी निकली... सुलतान ने आज उसकी बनायीं हुई अपनी पेंटिंग को जलाया नहीं बल्कि सोना की तारीफ की.... इस बात से सोना को बेहद हैरानी हुई....

वो अभी सुलतान से कुछ कहने hi वाली होती है की तभी सुलतान....

सुलतान : अच्छा हुआ सोना तुम यहाँ मिल गयी.... मुझे न तुमसे एक बेहद ज़रूरी बात करनी है....

सोना : K....k....kaho....

सुलतान : कैसे कहूं कुछ समझ नहीं आ रहा है.... मगर कहना भी ज़रूरी है...

सोना : ऐसी क्या बात है जिसे कहने में तुम इतना सोच रहे हो....?

सुलतान : वो.... वो... बात ये है की मुझे तुम्हारी मदत की ज़रुरत है... क्या तुम मेरी मदत करोगी....?

सोना : हाँ करुँगी....

सुलतान खुश होते हुए : क्या सच में तुम मेरी मदत करोगी...?

सोना : हाँ.... बताओ मैं तुम्हारी क्या मदत कर सकती हूँ....?

सुलतान : वो क्या है की मुझे मासूम को ढूंढ के वापिस लाने में तुम्हारी मदत चाहिए....

सुलतान के मुँह से मासूम का नाम सुनके सोना को गुस्सा आ जाता है...

सोना : जिस कमीनी की वजह से मेरा सुलतान जिसे मैं दिल ो जान से चाहती थी... वो मुझसे दूर हो गया.... उस कमीनी को वापिस लाने में मैं कभी तेरी मदत नहीं करुँगी.... चाहे कुछ भी क्यों न हो जाए.... ये काम मैं हरगिज़ नहीं करुँगी....

सुलतान : अगर मैं ये कहूं की इसके बदले में मैं सब कुछ भूल के तुमसे निकाह करने को तैयार हूँ तब....?

सोना : तब भी नहीं....

सुलतान : और अगर मैं ये कहूं की मैं तुम्हे वो प्यार और वो सारे हक़ दूंगा जिसकी तुम हक़दार हो तब....?

सोना : तब भी नहीं....

सुलतान : और अगर मैं ये कहूं की मैं ज़िन्दगी भर तुम्हारी गुलामी करूँगा तब...?

सोना : तब भी मेरा एक hi जवाब होगा और वो है नहीं.... हरगिज़ नहीं....

सोना के मुँह से न सुन के सुलतान का दिल तड़प जाता है.... वो अपने घुटनो पे बैठ से सोना के सामने हाथ जोड़ के कहता....

सुलतान : प्लीज सोना मेरी मदत करो... प्लीज.... बदले तुम जो कहोगी मैं वो करने को तैयार हूँ.... प्लीज सोना मासूम को ढूंढने में मेरी मदत करो प्लीज.... चाहे तो बदले में मेरी जान ले लो मगर प्लीज मेरी मदत करो....

ये कह के सुलतान रोने लगता है.... मगर सोना को उसका रोना देख के भी फर्क नहीं पड़ता....

सोना गुस्से में : बचपन की तरह आज भी तुझे सिर्फ और सिर्फ उस कमीनी की फर्क है.... न की मेरी.... तू यहाँ उसके लिए आया है न की मेरे लिए.... मुझसे निकाह भी तू उसके लिए करना चाहता है न की मेरे लिए.... तू खुद को समझता क्या है....? तू जो कहेगा वो मैं मान लुंगी....? नहीं कभी नहीं.... तू कल भी कमीना था और आज भी कमीना hi है.... तुझे न कल मुझसे प्यार था और न hi आज है.... तू बस उस कमीनी को hi चाहता है...

सुलतान : नहीं सोना ये सच नहीं है.... मैंने कभी तुम दोनों में कोई फर्क नहीं किया है... मैं जितना उसे चाहता हूँ उतना hi तुम्हे भी.... तभी तो तुम्हारे पास आया हूँ ताकि तुमसे निकाह कर के तुम्हे अपना बनान सकू....

सोना : झूठ बोलता है तू झूठ.... तू यहाँ मेरे लिए नहीं उस कमीनी के लिए आया है....

सुलतान : हाँ ये सच है की मैं यहाँ उसके लिए आया हूँ.... मगर ये भी उतना hi सच है की मैं पिछले सब कुछ भुला के तुम्हे दिल से अपना बनाने आया हूँ... मैं दिल से तुम्हे चाहता हूँ और तुमसे निकाह भी करना चाहता हूँ...

सोना : साले फिर झूठ.... कल तक तो तू मुझसे नफरत करता था बेइन्तेहाँ नफरत... याद है कल तू ने क्या किया था....? नफरत की वजह से तू ने वो साड़ी पेंटिंग्स जला दी थी.... याद है... मैं रोटी रही तेरे हाथ पेअर जोड़ती रही मगर तू ने मेरी एक न सुनी मेरे प्यार को मेरी चाहत को बेरहमी से आग के हवाले कर दिया... उस वक़्त तेरा ये सो कॉल्ड प्यार क्या मर गया था....? बता मुझे जवाब दे....

सुलतान : मानता हूँ की कल मैंने जो किया वो मुझे नहीं करना चाहिए था... वो मेरी गलती थी.... उस वक़्त मैं गुस्से में था.... और इंसान गुस्से में अक्सर गलत काम hi करता है.... मैं उसके लिए बेहद शर्मिंदा हूँ.... तू चाहे तो उसके बदले मुझे जो सजा दे मेरी चमड़ी उधर दे मैं उफ़ तक नहीं करूँगा.... मगर प्लीज मेरी उस गलती की सजा मासूम को मत दे.... प्लीज उसे ढूढ़ने में मेरी मदत कर प्लीज.... मैं तेरे हाथ जोड़ता हूँ...

अभी सुलतान ने सोना का हाथ छुआ hi था की तभी सोना एक ज़ोरदार लात सुलतान के सीने पे मारती है.... जिस से सुलतान पीछे की तरफ गिरता है....

सोना : साले कमीने तेरी हिम्मत कैसे हुई मुझे हाथ लगाने की....?

सुलतान : तू चाहे तो मुझे और मार ले.... जब तक तेरा दिल नहीं भर जाता मुझे मार मैं कुछ नहीं कहूंगा.... मगर मेरी मदत कर प्लीज मासूम को ढूंढने में मेरी मदत कर....

सोना : खबरदार जो तू ने उस कमीनी का नाम मेरे सामने लिया तो.... तेरी हिम्मत कैसे हुई मुझे चुने की...? जा चला जा यहाँ से.... मैं न तो तेरी शकल देखना चाहती हूँ न hi उस कमीनी की.... उसको ढूंढना तो बहुत दूर की बात है मेरा बस चले तो मैं उसकी जान ले लून....

सोना ने अभी इतना कहा था की तभी सुलतान गुस्से में चीख उठता है....

सुलतान : Sonaaaaaaaaaaa....

गुस्से में वो सोना पे हाथ उठा देता है... मगर उसे थापड़ मारे बिना अपना हाथ पीछे खींच के कहता है....

सुलतान : अब अगर गलती से भी तू ने मेरी मासूम के खिलाफ एक और लफ्ज़ कहा न तो मैं ये भूल जाऊँगा की उसकी तरह मैं तुझे भी चाहता हूँ.... इस वक़्त मुझे तुझसे ज़्यादा खुद पे गुस्सा आ रहा है... शर्म सी आ रही है मुझे अपने आप से.... मैंने कैसे एक ऐसी लड़की को दिल ो जान से चाहा जिसके सीने में दिल नहीं बल्कि पत्थर है... जो इंसान कहलाने के लायक hi नहीं है.... अरे तू क्या मेरी शकल नहीं देखेगी... मैं सुलतान उस शख्स की शकल तक नहीं देखूंगा जो तुझसे बात भी करेगा.... जिस तरह मैं तड़प रहा हूँ... देख अब मैं किस तरह तुझे तड़पाता हूँ... अब बस बहुत सेह लिया मैंने... अब और नहीं.... अब मैं बताऊंगा की नफरत क्या चीज़ होती है.... तेरी वो हालत कर दूंगा की मौत को तरसेगी मगर तुझे मैं मरने भी नहीं दूंगा.... जितना प्यार मैंने तुझे किया है अब उतनी hi नफरत मैं तुझसे करूँगा.... अब बस उसे hi मेरा प्यार नसीब होगा जो मुझे दिल से चाहेगी.... जिसका प्यार मेरे लिए सच्चा होगा....

ये कह के सुलतान आँखों में आंसू लिए वहां से चला जाता है....

अचानक एक झन्नाटेदार थप्पड़ सोना के गाल पे पड़ता है....

Chataaaaaaaaaaaak....

महक बेहद गुस्से में : तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरे सुलतान के साथ इतनी नीच हरकत करने की....? आज मैं तुझे ज़िंदा नहीं छोड़ूंगी... तुझे जान से मार दूंगी....

ये कह महक आगे बढ़ती है और गुस्से में सोना को पीटने लगती है.... तभी वहां जमीला आ जाती है.... वो आगे बढ़ में महक को रोकती है....

जमीला : महक तू पागल तो नहीं हो गयी.... ये क्या कर रही है....?

महक : माँ आप चोर दीजिये मुझे मैं आज इस कमीनी की जान ले लुंगी...

जमीला : ऐसा क्या हुआ है जो तू अपनी बेहेन को मार रही है....?

महक : खबरदार जो आपने इस कमीनी को मेरी बेहेन कहा तो... ये मेरी बेहेन नहीं हो सकती....

जमीला : ऐसा क्या हुआ है...? बता मुझे...

महक : मुझसे क्या पूछ रही हैं इस कमीनी से पूछिए.... मुझे तो बताते हुए भी शर्म आ रही है....

जमीला : सोना बता मुझे आखिर बात क्या है...? तेरे और महक के बीच किस बात को ले के झगड़ा हो रहा है....?

सोना : माँ मैंने कुछ नहीं किया....? सब झूठ है... सुलतान की कसम मैंने कुछ नहीं किया....?

सोना ने अभी इतना hi कहा था की तभी एक और झन्नाटेदार थप्पड़ उसके गाल पे रसीद होता है....

Chataaaaaaaaaaaak...

महक : साली कमीनी तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरे सुलतान की झूठी कसम खाने की....?

जमीला : कोई बताएगा मुझे की आखिर बात क्या है....?

महक : आप जान न hi चाहती हैं तो देखिये क्या किया है इसने सुलतान के साथ.... बाबा क्या आप एक बार फिर से वो दिखा सकते हैं...

महक की बात सुन के बाबा हवा में हाथ घूमते हैं और फिर से वो hi नज़र आने लगता है जो पहले दिखा था.... उसे देख के जमीला को भी सोना पे बेहद गुस्सा आने लगता है....

जमीला गुस्से में : सोना तेरी हिम्मत कैसे हुई सुलतान के साथ ऐसा करने की....? आखिर क्यों किया तू ने ऐसा... क्यों जवाब दे....? तू तो चाहती थी न उसे.... क्या यही है तेरी चाहत... बता.... जवाब दे....

सोना : माँ मेरा यकीन कीजिये ये मैं नहीं हूँ और न hi ये मैंने किया... मैं सच कह रही हूँ उस दिन मेरी सुलतान से कोई बात नहीं हुई थी...

अभी सोना रट हुए ये कह hi रही थी की तभी किसी की आवाज़ सुन के सब चौंक जाते हैं...

मैक्स : सोना सच कह रही है....

बाबा : क्या कहा तू ने....?

मैक्स : मैंने कहा सोना सच कह रही है... उसने कुछ नहीं किया....

बाबा : तू कहना क्या चाहता है की मैं झूठ कह रहा हूँ.... सुलतान झूठा है.... सामने जो दिख रहा है वो भी झूठ है....

मैक्स : नहीं सब सच है.... आप सुलतान और सामने जो नज़र आ रहा है और वो भी जो सोना कह रही है....

बाबा : तू कहना क्या छह रहा है....?

मैक्स : बाबा मैं ये कहना छह रहा हूँ की ये जो भी नज़र आ रहा है वो सोना ने नहीं किया... माना की ये सोना जैसी नज़र आ रही है मगर सोना नहीं है...

बाबा : तेरे कहने का मतलब क्या है....?

मैक्स : क्या आप मुझे बता सकते हैं की ये कब हुआ था....?

बाबा : सुलतान के जाने के दिन सुबह सुबह....

मैक्स : कहाँ हुआ था...?

बाबा : सोना के घर में...?

मैक्स : महक क्या तुम बता सकती हो की जिस दिन या जिस वक़्त ये हुआ था क्या उस वक़्त घर में कोई और भी था या फिर घर में सिर्फ सुलतान और सोना अकेले थे....?

महक : नहीं माँ और डैड को चोर के बाकी सब उस वक़्त घर में hi मौजूद थे.... वो सुबह का वक़्त था और सब अपने कमरे में थे....

मैक्स : तो अगर सब उस वक़्त घर में थे और अपने कमरे में hi थे तो फिर किसी ने सुल्तान और सोना की बात क्यों नहीं सुनी....? किसी को इनके चिल्लाने की आवाज़ सुनाई क्यों नहीं दी....? आप सब में से कोई भी इनकी आवाज़ सुन के इनका झगड़ा रोकने वहां क्यों नहीं आया.....? क्यों....? जितनी ज़ोर से दोनों चिल्ला रहे थे उसे सुन के तो बगल वाले घर से भी सब को आ जाना चाहिए था फिर कोई क्यों नहीं आया....? किसी और की बात चोरो तुम खुद को hi ले लो.... तुम्हे इनकी आवाज़ क्यों नहीं सुनाई दी....? बताओ मुझे जवाब दो... क्यों....?

मैक्स की बात सुन के वहां मौजूद सब इस बात को सोचने पे मजबूर हो जाते हैं....

ये अभी भी एक राज़ बना हुआ है की आखिर असल में हुआ क्या था....? जो अभी बाबा ने दिखाया या फिर वो जो सोना ने बताया....??? अगर सोना सच कह रही है तो इसका मतलब बाबा ने जो दिखाया वो झूठ है.... मगर बाबा ऐसा क्यों करेंगे....? और अगर बाबा ने जो दिखाया वो सच है तो फिर मैक्स ने जो कहा उसका क्या....? मैक्स की बात को भी तो नाकारा नहीं जा सकता....?

वहीँ दूसरी तरफ शानू बाबा को देख के क्यों चौंक गयी....? साथ hi बाबा ने सुलतान से ये क्यों कहा की मलिका सुनहरी सब को सुलतान के खिलाफ भड़का रही है...? जब की वो उस से प्यार करती है फिर उसने ऐसा क्यों किया....? आखिर क्यों....?

आखिर इस सब के पीछे किस का हाथ है.....? कौन है असल सूत्रधार...? किसके इशारे पे हो रहा है ये सब....?

और वो चाहता क्या है.....??????

*****************************

बाबा की बातें सुन के सुलतान को बेहद तकलीफ होती है.... ख़ास कर के जब उसे बाबा ये बताते हैं की इस सब के पीछे मलिका सुनहरी का हाथ है तब उसकी आँखें नाम हो जाती हैं... सुल्तान का दिल इस बात को ले के तड़प जाता है की जिसे उसने दिल ो जान से चाहा वो उस से बेइन्तेहाँ नफरत करती है.... सुलतान टूट जाता है वो घुटनो पे बैठ के रोने लगता है.... उसे बेहद तकलीफ सी होने लगती है.... शानू से सुलतान की ये हालत देखि नहीं जाती वो आगे बढ़ के सुलतान को संभालती है.... उसे कास के अपने सीने से लगा लेती है.... शानू के सीने से लग के सुलतान के दिल को सुकून मिलता है और वो कुछ देर में नार्मल हो जाता है.... फिर वो शानू को ले के घर लौट आता है....

सुलतान को वापिस आया देख अलीना और आइना बेहद खुश हो जाती हैं....

अलीना : सुलतान तू वापिस आ गया.... मतलब माँ ठीक हो गयी.....?

सुलतान : हाँ.....

सुलतान की हाँ सुन के दोनों ख़ुशी से उछाल पड़ती हैं..... आगे बढ़ के कास के सुलतान के सीने से लिपट जाती हैं....

अलीना : सुलतान बता न माँ कहाँ है....?

सुलतान : इनसे मिल ये हैं.....

अलीना : इनसे बाद में मिल लेंगे पहले ये बता की माँ कहाँ है....? उनसे मिलने के लिए दिल तड़प रहा है....

सुल्तान : वो hi तो मैं कह रहा हूँ इन से तो मिल....

आइना : अच्छा चल तू कहता है तो इनसे भी मिल लेते हैं.... Hello जी... कैसी हैं आप.....? हम से मिलिए.... मेरा नाम आइना है और ये मेरी बेहेन अलीना है....

अलीना : ले मिल लिए तेरी गर्लफ्रेंड से अब तो बता दे की माँ कहाँ है....

सुलतान : वो hi तो मैं कह रहा हूँ की ये....

अलीना : अबे क्यों बार बार एक hi बात कह रहा है.... इनसे मिल लो.... इनसे मिल लो.... माना की तेरी गर्लफ्रेंड बेहद खूबसूरत और सेक्सी है.... और इन से हम मिल भी चुके हैं..... अब प्लीज बता दे की माँ कहाँ हैं....?

अपनी बेटियों के मुँह से अपने लिए सुलतान की गर्लफ्रेंड सुन के शानू शर्मा जाती है..... अलीना की बात सुन के सुलतान अपना सर पीट लेता है....

अलीना : क्या हुआ बता न माँ कहाँ है....? वो ठीक हो गयी है न....?

सुलतान : हाँ....

आइना : तो फिर तू अपना सर क्यों पीट रहा है....? बताता क्यों नहीं की माँ कहाँ है....?

इस से पहले की सुलतान कुछ कहता शानू बोलती है.... शानू की आवाज़ सुन के दोनों पलट के उसकी (जिसे अभी दोनों सुलतान की गर्लफ्रेंड कह रहे थे) तरफ देख के दोनों चौंक जाती हैं.....

अलीना : आप की आवाज़ मेरी माँ से बहुत मिलती है....

सुलतान : अबे सिर्फ आवाज़ hi नहीं मिलती बल्कि ये सच में तुम दोनों की माँ है....

सुलतान की बात सुन के पहले तो दोनों चौंक जाती हैं.... फिर अचानक से ज़ोर ज़ोर से हसने लगती हैं.....

दोनों : ये और हमारी माँ....!!!! अच्छा मज़ाक था सुलतान.... तू ने मज़ाक किया और हांसे भी चल अब मज़ाक चोर और ये बता की माँ कहाँ है....?

सुलतान : ये तुम्हारी माँ है....

सुलतान की बात सुन दोनों को गुस्सा आ जाता है....

दोनों : सुलतान कहा न मज़ाक नहीं....

तभी पीछे से दादी की आवाज़ आती है....

दादी : सुलतान झूठ नहीं सच कह रहा है.... ये hi शानू है....

ये कह के दादी शानू को अपने सीने से लगा लेती है.... वहीँ दादी की बात सुन के दोनों हैरत से कभी सुलतान को देखती है तो कभी शानू को.... जैसे की पूछना छह रही हो की क्या ये वाकई में हमारी माँ है....?

सुलतान : जी हाँ ये hi मैं कब से कहना छह रहा था की ये hi तुम्हारी माँ है.... मगर तुम दोनों हो की कुछ सुन ने को तैयार hi नहीं.... बार बार अपनी माँ को मेरी गर्लफ्रेंड बनाने पे तू ली थी....

दोनों शॉकेड : क्या सच में ये हमारी माँ है....? ये हमारी माँ कैसे हो सकती है...? हमारी माँ तो बड़ी थी.... ये तो हमारी उम्र की लगती हैं.....

दादी : हाँ सुलतान ये बात तो मेरी भी समझ में नहीं आ रही है की अचानक से शानू की उम्र काम कैसे हो गयी....?

सुलतान : वो सब मैं आप तीनो को बाद में फुर्सत से बताऊंगा.... फिलहाल ये जान लीजिये की शानू अब पूरी तरह से ठीक हो गयी है.... अब उन्हें कोई तकलीफ नहीं है.... अभी आप तीनो शानू इनके ठीक होने की ख़ुशी मनाइये तब तक मैं घर जा के आता हूँ....

ये कह के सुलतान वहां से सीधे अपने घर की तरफ चल देता है.... जैसे जैसे सुलतान घर की तरफ बढ़ने लगता है उसकी दीवाणियों के दिल की धड़कन तेज़ होने लगती है.... साथ hi उन्हें इस बात का एहसास करने लगती है की सुलतान वापिस आ रहा है....

बेल्ल की आवाज़ सुन के ज़रा दौरति हुई आती है और दरवाज़ा खोलती है.... सामने सुलतान को खड़े देख वो ख़ुशी से उछाल पड़ती है और सुलतान से सीने से कास के लिपट जाती है.... और उसके होंठों को अपने मुँह में ले के चूसने लगती है.... करीब 10 मिनट्स तक सुलतान के होंठों को चूसने के बाद जब उसकी साँसे उखाड़ने लगती हैं तब जा के वो सुलतान से लगा होती है..... उसके अलग होते hi एक एक कर के सुलतान की साड़ी दिवानियाँ उस से इसी तरह लिपट के प्यार करती हैं....

सब से मिलने के बाद सुलतान सब को सामने सोफे पे बैठने का इशारा करता है....

सुलतान : अब जो मैं कहने वाला हूँ उसे पूरा सुन ने बाद hi कोई कुछ बोलेगा उस से पहले नहीं...

सब रूही.... ज़रा.... सैर.... शनाया.... नेमत.... कोमल.... हाँ में अपनी गर्दन हिला देते हैं....

फिर सुलतान उन्हें शुरू से ले के अब तक का सब कुछ बताता है और ये भी की आगे क्या क्या होने वाला है....

सुलतान : तुम सब के अलावा मेरी लाइफ में और भी कई साड़ी लडकियां आएँगी... कुछ से मेरी शादी होगी तो कुछ से मेरे सिर्फ जिस्मानी सम्बन्ध होंगे.... कुछ के साथ शहनूर माँ के दिए गए श्राप की वजह से तो कुछ के साथ दोस्ती या फिर किसी और वजह से... मगर.... हाँ मगर... इस सब के बावजूद भी मेरा प्यार किसी के लिए ज़र्रा बराबर भी काम नहीं होगा.... ये मेरा वादा है आप सब से.... मैं सब को एक जैसा hi प्यार करूँगा.... न कभी किसी को छोड़ूंगा और न hi कभी धोका दूंगा.... मगर हाँ आप सब में से किसी से साथ ऐसी कोई बंदिश नहीं है.... आप में से जो चाहे जब चाहे मुझे चोर के जा सकती है.... ये अलग बात है की उसके जाने से मेरे दिल को बेहद तकलीफ पहुंचेगी... क्यों की वो अपने साथ साथ मेरे दिल का एक हिस्सा भी ले जायेगी.... अब ये फैसला मैं आप सब पे चोरता हूँ की आप क्या चाहती हो.... अगर आपको मेरे साथ किसी और का प्यार बाटने में कोई तकलीफ नहीं है तब hi आगे बढ़ना वर्ण नहीं... और सब से बड़ी बात ये की चाहे तो मुझे चोर देना चाहे मेरी जान मांग लेना मैं ख़ुशी से आप पे अपनी जान लुटा दूंगा मगर प्लीज मुझे कभी धोखा मत देना.... धोके से मुझे सख्त नफरत है.... आप सब के पास सोचने के लिया कल सुबह 10 बजे तक का वक़्त है अच्छे से सोच समझ के जवाब देना.... अगर सब के साथ आपको मेरा प्यार बाटना मंज़ूर है तभी यहाँ रुकना अगर नहीं तो आप को यहाँ से जाने की पूरी आज़ादी है....

ये कह के सुलतान रूम में चला जाता है....

अगली सुबह जब सुलतान अपने कमरे से बहार निकलता है तब बहार किसी को न पा के उसे बड़ी हैरानी सी होती है.... क्यों की बहार हॉल में उसे कोई नज़र नहीं आता और न hi घर के किसी भी कमरे में कोई मौजूद है.... यहाँ तक की घर में किसी का सामान तक नहीं है.... बस मैक्स और विजय बहार गार्डन में खामोश बैठे हैं....

सुलतान : घर में कोई नहीं है... क्या वाकई में सब मुझे चोर के चले गए....? इसका मतलब किसी को भी मुझसे ज़रा सा भी प्यार नहीं है....? क्या सब का प्यार सिर्फ दिखावा था....? कल मेरे आने पे जो ख़ुशी जो प्यार सब ने मुझपे दिखाया था क्या वो भी एक झूठ था....?

ये सोच के सुलतान का दिल तड़प जाता है.... उसकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं....



(वर्ड काउंट 3785)
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 160.....

अगली सुबह जब सुलतान अपने कमरे से बहार निकलता है तब बहार किसी को न पा के उसे बड़ी हैरानी सी होती है.... क्यों की बहार हॉल में उसे कोई नज़र नहीं आता और न hi घर के किसी भी कमरे में कोई मौजूद है.... यहाँ तक की घर में किसी का सामान तक नहीं है.... बस मैक्स और विजय बहार गार्डन में खामोश बैठे हैं....

सुलतान : घर में कोई नहीं है... क्या वाकई में सब मुझे चोर के चले गए....? इसका मतलब किसी को भी मुझसे ज़रा सा भी प्यार नहीं है....? क्या सब का प्यार सिर्फ दिखावा था....? कल मेरे आने पे जो ख़ुशी जो प्यार सब ने मुझपे दिखाया था क्या वो भी एक झूठ था....?

ये सोच के सुलतान का दिल तड़प जाता है.... उसकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं....

तभी उसके सीने में से एक तेज़ रौशनी बहार आती है और एक बेहद hi खूबसूरत लड़की का रूप ले लेती है.... उसे देख सुलतान चौंक जाता है....

सुलतान : कौन हो तुम.....?

लड़की : मेरा नाम जस्मिने है... और मैं एक गिनी हूँ साथ hi आपकी गुलाम भी....

सुलतान : गिनी....!!!! मेरी गुलाम....

जस्मिने : जी मेरे मालिक....

सुलतान : मतलब कुछ भी हाँ.... यहाँ मेरी पहले hi बंद बजी हुई है और ऊपर से तुम आ के मज़ाक कर रही हो.... यार मेरी लाइफ में पहले hi लड़कियों की कमी नहीं है.... ऊपर से तुम भी.... प्लीज यार चली जाओ यहाँ से इस से पहले की कोई तुम्हे देखे....

जस्मिने : आपके सिवाए मुझे कोई नहीं देख सकता और न hi मेरी बात सुन सकता है....

सुलतान : चलो माना की तुम गिनी हो... मगर यहाँ क्या कर रही हो....? मतलब मेरे पास क्यों आयी हो....?

जस्मिने : आप की परेशानी कुछ हद तक दूर करने.... और आप को ये बताने की जो आपको नज़र आ रहा है वो एक धोका है और जिसे आप धोका समझ रहे हैं वो सच है....

सुलतान : मतलब....

जस्मिने : मतलब ये की जिसे आप अपना समझ रहे हैं वो आपके दुश्मन हैं और जिसे आप अपना दुश्मन समझ रहे हैं वो आपके अपने हैं....

सुलतान : ये क्या बकवास कर रही हो....? जो मेरे अपने हैं वो मेरे दुश्मन कैसे हो सकते हैं....?

जस्मिने : ठीक उसी तरह जिस तरह आपका दोस्त सैम आप का अपना था... मगर असल में वो आप का दुश्मन था.... ठीक उसी तरह आप के अपनों में hi आपका दुश्मन छुपा हुआ है....

सुलतान : अच्छा तो बताओ की कौन है मेरा वो सो कॉल्ड दुश्मन....?

जस्मिने : ये आपको खुद पता लगाना होगा.... इसमें मैं आपकी कोई मदत नहीं कर सकती....

सुलतान : अगर मदत नहीं कर सकती तो फिर यहाँ आयी hi क्यों....?

जस्मिने : आप को इस बात से आगाह करने की आप जल्दी से न तो किसी पे भरोसा करें और न hi किसी से नफरत.... अच्छे से देख परख के अपना फैसला ले.... जो आपका अपना है वो आपको कभी धोका नहीं दे सकता और जो आपको धोका देने आया है वो आपका अपना नहीं हो सकता....

ये कह के जस्मिने आगे बढ़ती है और सुलतान के सीने पे अपना हाथ रखती है.... सुलतान के बेचैन दिल को सुकून आ जाता है.... उसे ये एह्साह होने लगता है जैसे की ये कोई गैर नहीं बल्कि अपनी है.... सुलतान गौर से जस्मिने की आँखों में देखने लगता है.... जस्मिने भी सुलतान की नीली आँखों में खो सी जाती है.... साथ hi सुलतान की तरफ खींचती चली जाती है... दोनों के चेहरे एक दूसरे के बेहद करीब आ जाते हैं.... उन्हें अपने चेहरे पे एक दूसरे की गर्म सांस महसूस होने लगती है... उनके होंठों के बीच का फासला एक इंच से भी काम रह जाता है.... दोनों के होंठ अभी मिलने hi वाले थे की तभी किसी की आवाज़ सुन के दोनों की तंत्र टूट टी है....

मैक्स : सुलतान तू यहाँ हॉल में अकेले ऐसे क्यों खड़ा है....?

मैक्स की आवाज़ सुन के दोनों अलग हो जाते हैं.... अभी जो हुआ या जो होने वाला था उसे सोच के शर्म के मारे जस्मिने की गोर गुलाबी गाल लाल हो जाते हैं.... इस से पहले की सुलतान कुछ कहता.... जस्मिने रौशनी बन के उसके सीने में समां जाती है....

सुलतान : W...W....Wo मैं वो जस....

मैक्स : जस....!!!!!

सुलतान : नहीं कुछ नहीं.... वो बस ऐसे hi....

मैक्स : अच्छा सुलतान सुन तुझसे कुछ ज़रूरी बात करनी है.....

सुलतान : हाँ बोल न....

मैक्स सुलतान के करीब जा के उसके कान में कहता है.... *********************** जिसे सुन के सुलतान को बेहद हैरानी सी होती है.... उसे यकीन नहीं आता की वाकई में ऐसा हुआ है.....

सुलतान : क्या तू सच कह रहा है....?

मैक्स : हाँ.... अभी मैंने तुझे जो भी बताया उसका एक एक लफ्ज़ सच है.... और मैं ये चाहूंगा की तू मेरी बात पे यकीन न कर के खुद सच का पता लगा.... और फिर ये फैसला ले की तुझे क्या करना है.... तब तक के लिए जो हो रहा है उसे ख़ामोशी से होने दे... जब तक उसका कोई सबूत नहीं मिल जाता और ये पता नहीं चल जाता की इस सब के पीछे आखिर कौन है.....?

सुलतान : शायद तू ठीक कह रहा है.... अब तो सच का पता लगाना hi होगा... वो भी सुलतान के स्टाइल में....

मैक्स : ये हुई न बात.... आज इतने दिन बाद तुझे देख के और तेरी बात सुन के जानता है कैसा लग रहा है....?

सुलतान : कैसा....?

मैक्स :
सुलतान इस बैक विथ ा "बिग बंग".... अब सब की बजेगी.... और मेरा यार सब की जैम के बजायेगा....

सुलतान : जिसमे मेरा यार मेरे साथ है....

मैक्स : बिलकुल.... सुलतान खुद इतना पावरफुल है की उसे मेरी ज़रुरत नहीं मगर फिर भी मैं हर पल अपने यार के साथ हूँ... चाहे जैसे भी हालात क्यों न हो....

ये कह के मैक्स सुलतान के सीने से लग जाता है.... और ख़ुशी में सुलतान के गाल को किश करता है.... सुलतान फ़ौरन उसे खुद से दूर कर देता है....

सुलतान : अबे कमीने क्या कर रहा है....? मैं वैसा नहीं हूँ जैसा तू मुझे समझ रहा है....

मैक्स : मैं भी वैसा नहीं हूँ.... वो तो मुझे अपने यार पे कुछ ज़्यादा hi प्यार उमड़ आया और अनजाने में वो हो गया....

सुलतान : साले कमीने दूर रह मुझसे तेरा क्या भरोसा किसी दिन तेरा ये सो कॉल्ड प्यार फिर उमड़ आया और कहीं तू ने मेरा रपे....

अभी सुलतान ने इतना hi कहा था की तभी उसे किसी के ज़ोर ज़ोर से हसने की आवाज़ आने लगती है....

हहहहहहहहह....

सुलतान चौंक के इधर उधर देखने लगता है....

जस्मिने : इधर उधर क्या देख रहे हो मालिक ये मैं हूँ जस्मिने....?

सुलतान : तुम हंस क्यों रही हो....?

मैक्स हैरत से : अबे मैं कहाँ हंस रहा हूँ....

एक बार फिर से जस्मिने की हंसी छूट जाती है....

जस्मिने : हहहहहहहहह....

सुलतान : फिर हंसी....

मैक्स : अबे क्या बकवास कर रहा है.... मैं कहाँ हंस रहा हूँ... और हंस क्यों रही है से क्या मतलब है तेरा... ? मैं लड़की नहीं लड़का हूँ....

सुलतान : मैं तुझसे नहीं जस्मिने से बात कर रहा हूँ....

मैक्स इधर उधर देख के कहता है : मगर यहाँ तो कोई नहीं है....

सुल्तान : वो यहीं है... बस तुझे दिखाई नहीं दे रही....

मैक्स : मतलब....!!!! बहूऊऊऊऊत....

ये कह के दर के मारे मैक्स सुलतान से लिपट जाय है... सुलतान फ़ौरन उसे खुद से दूर करके कहता...

सुलतान : अबे कमीने दूर हैट एक बार कहा न मैं वैसा नहीं हूँ...

मैक्स : मैं भी वैसा नहीं हूँ... वो तो मैं उस भूत को देख के दर गया था....

सुलतान : जस्मिने भूत नहीं है... वो तो बेहद हसीं और खूबसूरत है.... प्यारी सी नाज़ुक सी... क्यूट सी... सेक्सी सी.... उसकी हरी हरी आँखें जिन में एक जादू है ऐसा जादू जिसे देख के दिल मदहोश हुआ जाता है....

सुलतान के मुँह से अपनी तारीफ सुन के जहाँ जस्मिने ख़ुशी से उछाल पड़ती है... उसका दिल झूमने लगता है.... वहीँ मैक्स अपना सर पीट लेता है....

सुलतान : अबे अब तुझे क्या हुआ....? तू क्यों अपना सर पीट रहा है....?

मैक्स : तेरी लाइफ में पहले hi क्या काम लडकियां हैं जो तू एक और की बात कर रहा है....

सुलतान : यार जस्मिने की बात hi अलग है.... वो एक नशा है एक मदहोशी है.... जाने क्यों अब तक उसकी प्यारी सूरत मेरी आँखों के सामने घूम रही है.... और तू है की....

मैक्स : चल ठीक है... वैसे ये बता आज घर में इतना सन्नाटा क्यों है....? आज तेरी दीवाणियों में से कोई भी नज़र क्यों नहीं आ रहा है....? सब हैं कहाँ....?

मैक्स की बात सुन के सुलतान की आँखों में नमी आ जाती है.... वो उसे रात हुई साड़ी बात बताता है....

सुलतान : और जब मैं सुबह उठा तब मैंने देखा घर में कोई नहीं है....

मैक्स : ये मुमकिन नहीं.... की वो तुझे चोर के चली जाए.... बाकी के बारे में नहीं पता मगर ऐसी दो हैं जो तेरे चाहने पे भी तुझे नहीं चोर्ने वाली.... एक नेमत और दूसरी तेरी जान ज़रा....

सुलतान : मगर वो है कहाँ....?

तभी सुलतान के बैडरूम से आवाज़ आने लगती है.... जिसे सुन के सुलतान बीएड रूम में जाता है.... वो अभी अंडर घुसा hi था की उसका हाथ पकड़ के कोई उसे बीएड पे खींच लेता है और फिर क्या था एक साथ सब उसपे टूट पड़ते हैं.... देखते hi देखते सुलतान का पूरा चेहरा लिपस्टिक से भर जाता है....

ज़रा सुलतान के सीने पे चढ़ी हुई है....

सुलतान : तुम सब यहाँ....?

ज़रा : हाँ हम तो रात से hi यहीं हैं....

सुलतान : मगर मुझे पता कैसे नहीं चला.... सुबह जब मैं उठा तब भी मैंने किसी को नहीं देखा....

नेमत : वो इस लिए क्यों की सुबह उठने के साथ hi तू बिना अपने अगल बगल देखे हम सब को ढूंढने कमरे से बहार चला गया.... जब की हम रात से यहीं तेरे साथ तेरे hi बीएड पे मौजूद हैं....

सुलतान : तो फिर क्या सोचा तुम सब ने....?

ज़रा : तुझे अब भी समझ में नहीं आया....

सुलतान : समझ में तो आ गया है मगर फिर भी मैं तुम सब के मुँह से सुन न चाहता हूँ....

रूही : हम में से कोई भी तुझे कभी भी चोर के नहीं जाएगा.....

नेमत : तू चाहेगा तब भी नहीं....

शनाया : चाहे तेरी लाइफ में पूरे जहाँ की लडकियां hi क्यों नहीं आ जाए....

सैर : हम सब हमेशा तेरे साथ रहेंगे....

शीना : न कभी तुझे धोका देंगे और न hi कभी तुझे चोर के जाएंगे....

ज़रा : और अगर कहीं तू ने हम को चोर्ने की बात की न तो देख लेना.... तेरी दोनों टांगें तोड़ के तुझे अपने पास रख लेंगे.... ताकि तू हम को चोर के कहीं नहीं जा सके....

ये कह के सब सुलतान से लिपट जाती हैं....

ख़ुशी के मारे सुलतान की आँखों में आंसू आ जाते हैं....

सुलतान : क्या वाकई में तुम सब मुझे इतना चाहती हो....

सब : हाँ.... हम तुम्हे बेहद चाहती हैं.... और तुझसे ये चाहती हैं की तू भी हम को हमारे हिस्से का पूरा प्यार दे....

प्रिंस : मैं वादा करता हूँ.... हर पल हर लम्हा तुम सब को चाहता रहूँगा... तुम सब के लिए मेरे दिल में जो प्यार है वो कभी काम नहीं होगा... बल्कि हर गुज़रते पल के साथ बढ़ता hi जाएगा.... मैं तुम सब को एक सा प्यार करूँगा न किसी को काम न किसी को ज़्यादा..... और जल्द hi तुम सब से निकाह भी करूँगा.....

सुलतान की बात सुन के सब ख़ुशी से उछाल पड़ती है.... फिर सब सुलतान के ऊपर टूट पड़ती हैं और जिसे जहाँ जगह मिलती है उसे किश करने लगती हैं....

करीब 10 मिनट्स बाद... जब सब सुलतान से अलग होती हैं.... तब सुलतान की नज़र कोमल पे जाती है.... वो दूर कड़ी सुलतान को देखे जा रही है....

सुलतान कोमल को अपने पास बुलाता है....

सुलतान : क्या बात है....? तू इस तरह यूँ खामोश क्यों कड़ी है....?

कोमल : मुझे कुछ वक़्त चाहिए... मैं अभी इस हालत में नहीं हूँ की कुछ कह सकूँ.... मैं अभी छह के भी कुछ फैसला नहीं ले पा रही हूँ की मैं क्या चाहती हूँ....?

सुलतान : मैं समझ सकता हूँ..... तुझे जितना टाइम चाहिए तू ले ले.... मगर जो भी फैसला लेना सोच समझ के लेना....

कुछ देर बाद शीना और शनाया ख़ुशी से उछलती हुई अपने अपने घर की तरफ चल देती है....

घर में जमीला महक और सोना को बाबा ने जो दिखाया और मैक्स ने जो कहा उस बात को ले के अभी परशान बैठे थे की तभी शीना ख़ुशी में उछलती कूदती उसने पास आ जाती है और नाचने लगती है....

सोना गुस्से में : यहाँ दुःख और टेंशन के मारे हमारी जान जा रही है और इस कमीनी को देखो कैसे बन्दर की तरह उछाल कूद मचा रही है....

जमीला फ़ौरन उसे ये कह के चुप करा देती है की....

जमीला : तू फिर से वही हरकत करने जा रही है जिस से सुलतान को तकलीफ हो... भूल गयी शीना सुलतान की बचपन की दोस्त है.... शीना को नाराज़ करने का मतलब है सुलतान को नाराज़ करना.... एक तो सुलतान तुझसे पहले hi नाराज़ बैठा है अब क्या तू उसे और नाराज़ करना चाहती है....

सोना : नहीं कभी नहीं.... मैं तो सपने में भी अपने सुलतान को नाराज़ करने के बारे में नहीं सोच सकती....

जमीला : तो फिर खामोश रह....

महक : वो सब तो ठीक है माँ मगर इसे अचानक से क्या हो गया जो इस तरह ख़ुशी में नाच रही है....

जमीला : रुक मैं पूछती हूँ....

जमीला : क्या बात है आज मेरी शीना बड़ी खुश नज़र आ रही है....

शीना : बात hi ख़ुशी की है मामी....

जमीला : ऐसी क्या बात है अपनी मामी को नहीं बताएगी....

शीना : बताउंगी न ज़रूर बताउंगी.... बात ये है की...

शीना वहां हुई साड़ी बात जमीला को बताती है.... फिर लास्ट में जो कहती है उसे सुन के सोना के साथ साथ महक का दिल भी तड़प जाता है... दोनों की आँखें नाम हो जाती हैं.... जो हक़ उनका था वो किसी और को मिल रहा है.... इस सब की ज़िम्मेदार वो खुद हैं.... दोनों ने खुद अपने हाथों से सुलतान को खुद से दूर कर दिया....

शीना : मामी सुलतान ने कहा है की वो रूही.... शनाया.... सैर.... ज़रा.... और नेमत.... के साथ साथ मुझसे भी बेइन्तेहाँ प्यार करता है और जल्द hi वो हम सब के साथ निकाह करेगा.... है न ख़ुशी की बात....


************############************

************############************


इधर शैतान लोक में....

शैतान अघुरा : जल्द hi वक़्त आने वाला है सुलतान पे घातक वार करने का.... जिस से वो जिस्मानी नहीं बल्कि अंदरुहनी ज़ख़्मी हो जाए.... फिलहाल के लिए सुल्तानगढ के साथ साथ ********* पे भी अपनी शैतानी हरकतें शुरू करवा दो.... हर तरफ मौत दुश्मनी दर्द तकलीफ नज़र आणि चाहिए.... ताकि सुलतान उसमे उलझ के रह जाए और हम जो करने वाले हैं उस पे ध्यान न दे सके....

सामने खड़ा गुलाम झुक के अझुरा से कहता है....

गुलाम : जो हुकुम मेरे आक़ा... आओ ने जैसा कहा है वैसा hi होगा... मैंने पहले hi उस सब की शुरुवात कर दी है.... जल्द hi एक बड़ा धमाका होगा जिस में सुलतान उलझ के रह जाएगा....

शैतान अघुरा : मगर ध्यान रहे भूल से भी सुलतान पे हमला नहीं करना वर्ण.... अगर गलती से भी हम में से किसी ने उसपे हुम्ला किया तो मलिका सुनहरी और पारी के केहर से हम को कोई नहीं बचा पायेगा....

गुलाम : ये आप खा कह रहे हैं मेरे आक़ा.... मलिका सुनहरी और पारी तो सुलतान से नफरत करती हैं न....

शैतान : वो सुलतान से उतनी नफरत नहीं करती जितना की उसे चाहती हैं.... उनके नफरत की वजह भी सुलतान है और उनके बेइन्तेहाँ प्यार की वजह भी वो hi है.... मगर जिस दिन उन्हें सच्चाई का पता चलेगा.... वो नफरत प्यार में बदल जाएगा.... और फिर तीनो (सुलतान मलिका सुनहरी और पारी) केहर बन के टूटेंगे हम पे.... इस से पहले की वैसा हो.... हम को किसी भी तरह सुलतान की पावर्स को हासिल करना होगा.... और ये तुम hi कर सकते हो.... एक तुम hi हो जिसपे तीनो (सुलतान मलिका सुनेहि और पारी) आँख बंद करके भरोसा करते हैं.....

गुलाम : मैं पूरी कोशिश करूँगा की जो आप चाहते हैं वो आपके लिए हासिल कर सकूँ.... जल्द hi मैं सुलतान को सब से बड़ा ज़ख्म दे के उसे इतना मजबूर कर दूंगा की खुद अपनी साड़ी पावर्स आप को देने पे मजबूर हो जाएगा.... आप बस देखते जाइये हम जैसा चाहते हैं वैसा hi होगा....

रेहबा : ********** झूठे गुरूर में इतना भी अँधा मत हो जा की ये भूल जा की तेरा मुकाबला किसी मामूली लड़के से नहीं बल्कि इस ब्रह्माण्ड के बादशाह से यानी प्रिंस ऑफ़ यूनिवर्स से है.... जिसे हराना मौत के लिए भी मुमकिन नहीं.... न hi कोई उस हरा सकता है और न hi उसे मारा जा सकता है.... उसे सिर्फ और सिर्फ वो खुद hi मार सकता है.... जब तक वो न चाहे उसकी जान नहीं जा सकती.... और अब तो शहनूर की वजह से उसे हमेशा जवान रहने वाली उसकी पावर्स भी मिल गयी है....

गुलाम : हाँ मगर उसे उसकी तलवार तो नहीं मिली न.... जब तक उसे वो नहीं मिल जाती उसे अपने बारे में पिछले कुछ भी याद नहीं आ सकता....

रेहबा : वो भी जल्द hi मिल जायेगी और फिर उसे वो सब उसके बारे में सब याद आ जाएगा साथ hi ये भी किउसके साथ क्या हुआ था....?

गुलाम : हाँ मगर वो यादें भी तो अधूरी hi होंगी....

शैतान अघुरा : फिलहाल के लिए जा के वो काम करो जिसे करने के लिए मैंने तुझे कहा है.... बाकी आगे क्या करना है वो मैं देख लूंगा....

अघुरा की बात सुन के वो गुलाम सर झुका के हाँ कहता है और चल देता है अपना काम पूरा करने....

अघुरा : बस एक बार मुझे सुलतान की असीम पावर्स हासिल हो जाए फिर उस कमीने को अपना गुलाम बना के रखूँगा.... और उसकी आँखों के सामने उसकी दोनों प्रेमिकाओं को अपनी रखैल बना के नंगी कर के जैम के छोडूंगा... फिर यहाँ के हर एक शैतान से उन दोनों की छूट फड़वाउंगा.... हहहहहहहहह.... वो दिन जल्द hi आएगा जब प्रिंस ऑफ़ यूनिवर्स सुलतान की पावर्स मेरी होगी और पूरी दुनिया मेरी गुलाम होगी.... पूरे ब्रह्माण्ड पे मेरा राज होगा शैतान के राजा अघुरा का....

हहहहहहहहह....

शैतान अघुरा की शैतानी हंसी की गूँज से पूरा शैतान गृह गूँज उठता है....

शैतान का गुलाम अपने साथी शैतानो को ले के शिमला के साथ साथ वहां के अगल बगल के शहर में जाता है और अपने काले जादू से वहां के अच्छे बुरे लोगों के दिल और दिमाग को अपने काबू में करने लगता है.... देखते hi देखते शिमला.... के साथ साथ सुल्तानगढ और उसके आस पास के शहर में लोगों पे हमले होने शुरू हो जाते हैं....


************############************

************############************


वहीँ शिमला के कमिश्नर ऑफिस में स्पेशल मीटिंग बुलाई गयी है....

कॉम : ये यहाँ हो क्या रहा है....? अचानक से लूट पात... रपे..... बैंक डकैती.... किडनेपिंग.... लोगों को मारना उनके घर जलना... हर ततफ से चीखो पुकार की आवाज़ें आ रही हैं.... लॉ एंड आर्डर की ऐसी की तैसी कर राखी है इन कमीनो ने.... लोकल गैंग्स क्या काम थी जो अब इंटरनेशनल माफिया भी यहाँ आ गयी है....

सप : सर ये सब उस जिब्रान की वजह से हो रहा है.... उसका भाई दिनेश ठाकुर जो ऑस्ट्रेलिया का बहुत बड़ा डॉन है.... वो करवा रहा hai....Wo अपने भाई जिब्रान और बेटे शांती का बदला पूरे शहर से ले रहा है.... इस सब में उसका साथ यहाँ के कई मला और मिनिस्टर्स भी दे रहे हैं.... उनके साथ इस शहर के और भी बड़े बड़े लोग मिले हुए हैं.... उनपे हाथ डालना मतलब आग से खेलने के बराबर है....

कॉम : इसीलिए मैंने एक स्पेशल ऑफिस को अप्पोइंट किया जिसे आग से खेलने का शौक है....

तभी कोई अंडर आता है जिसे देख के वहां मौजूद सब हसने लगते हैं.... जिसे देख कमिश्नर के साथ साथ उस आने वाले को भी गुस्सा आ जाता है.....

कॉम : इस में हसने की क्या बात है....?

इंस्पेक्टर सतीश : सर आप ने बात hi ऐसी की है.... आप ने जिस तरह नई ऑप्पोइंट अफसर के बारे में बताया की उसे आग से खेलने का शौक है तो हम समझे की वो कोई दबंग टाइप डोले शोले वाला स्पेशल अफसर होगा मगर ये तो..... इस से तो अच्छा हमारा ये हवलदार सूखे लाल है.... ये भी इसे आराम से धुल छठा सकता है....

हहहहहहहहहह....

ये कह के िंप सतीश हसने लगता है.... उसका देखा देखि वहां मौजूद सभी हसने लगते हैं....

तभी उस स्पेशल अफसर की आवाज़ गूंजती है....

स. अफसर : वो क्यों.... ? तुम खुद क्यों नहीं.... मैं भी तो देखूं की तुम्हे सिर्फ बातें hi करना आता है या फिर तुम्हारे हाथ पेअर भी चलते हैं.... क्यों न एक फाइट हो जाए.... सिर्फ 5 पंच.... 5 पंच में अगर तुम ने मुझे गिरा दिया तो तुम जीते... और अगर मैंने तुम्हे गिराया तो जीत मेरी होगी.... बोलो मंज़ूर है....

िंप सतीश : मुझे मंज़ूर है.... वैसे तुम्हारे लिए मेरा एक hi पंच काफी है....

स. अफसर : देखते हैं....

फाइट शुरू होती है सतीश का कोई भी पंच स. अफसर को नहीं लग पाटा.... अब बारी है स. अफसर की.... वो आगे बढ़ के सतीश के पेट में पंच मारने का इशारा करता है.... बचने के लिए सतीश जैसे hi अपना पेट पीछे करता है.... उसका चेहरा आगे हो जाता है बस इसी बात का फायदा उठा के स. अफसर सतीश के मुँह पे एक करारा पंच मारता है.... सतीश को दिन में तारे नज़र आने लगते हैं.... वो गिर के बेहोश हो जाता है.... उसे उठा के हॉस्पिटल ले जाते हैं.... वहीँ कमिश्नर खुश हो के स. अफसर को कोंग्रटुलते करते हैं....

कॉम : तुम्हे चुन के मैंने कोई गलती नहीं की.... तुम्हे पता नहीं आईएनएस सतीश यहाँ के बेस्ट अफसर में से एक है और उसे फाइट में गिरना बड़े से बड़े पहलवान के लिए भी नामुमकिन सी बात है उसे तुमने सिर्फ एक पंच में गिरा दिया..... मुझे यकीन है की जल्द hi उन गुंडों का भी ऐसा hi हाल होगा....

स. अफसर : जी सर.... जैसा आपने कहा वैसा ज़रूर होगा मगर ज्वाइन करने से पहले मैं आपको ये बता दूँ की मुझे फुल फ्रीडम चाहिए.... कोई मेरे काम में टांग नहीं अदाएगा.... मेरी रिपोर्टिंग या तो आपको होगी या फिर यहाँ के कम को होगी और किसी को नहीं.... साथ hi मुझे अपनी टीम चुनने की पूरी आज़ादी होगी.... और साथ में ये किसी को भी पता नहीं चलना चाहिए की वो स्पेशल अफसर कौन है....?

कॉम : ये कैसे मुमकिन है....? यहाँ मौजूद सब ने तुम्हे देखा है....

स. अफसर : सब ने वो hi देखा है जो मैंने उन्हें दिखाया है वो नहीं जो मैं हूँ.... वो मुझे देख के भी नहीं देख पाए और पहचान के भी नहीं पहचान पाए.... सिर्फ आप और इस स्टेट के कम hi ये जानते हैं की मैं कौन हूँ....?

कॉम : वो तो है.... ये लो मैंने इन पेपर्स पे सिग्न कर दिए हैं साथ hi इस्पे कम के भी सिग्न हैं.... तुम फुल फ्रीडम के साथ जल्द से जल्द अपना काम शुरू कर दो....

कॉम की बात सुन के वो स. अफसर खुश होक वहां से निकल लेता है....

बस फिर क्या था.... एक एक कर के गुंडों के एनकाउंटर होने शुरू हो जाते हैं.... इललीगल दारु और जूवे के अड्डे.... इललीगल फैक्ट्रीज और न जाने क्या क्या सील हो ने लगती है... जिसकी वजह से दिनेश ठाकुर बौखला जाता है....

डी ठाकुर : आखिर कौन है जो हमारे आदमियों का एनकाउंटर कर रहा है....? किसकी इतनी हिम्मत हो गयी....?

गुलशन (दिनेश ठाकुर का बीटा) : कोई स. अफसर है.... ये सब उसी का किया धरा है....

डी ठाकुर : खरीद लो उसे.... अगर न माने तो डराओ.... और अगर फिर भी न माने तो उदा दो उसे....

गुलशन : Ok डैड मैं आज hi ये काम करता हूँ....

डी ठाकुर गुस्से में : याद रहे जल्द से जल्द हमारा ये काम हो जाना चाहिए..... अगले महीने जो कंटेनर आ रहा है उसपे इसका कोई असर नहीं होना चाहिए....


************############************

************############************


इधर सुलतान जब अपने रूम में आँखें बंद किये आराम कर रहा होता है तब जस्मिने उसके सामने आ के प्यार से उसे देखने लगती है....

सुलतान : ऐसे मत देख पगली प्यार हो जाएगा....

सुलतान की आवाज़ सुन के जस्मिने चौंक जाती है.....

जस्मिने : तुम्हे कैसे पता चला की मैं तुम्हे देख रही हूँ.... तुम तो सो रहे थे न....?

सुलतान : सो नहीं रहा था.... बस यूँ hi लेता हुआ था..... रही बात तुम्हारी तो तुम्हारी खुशबु से मुझे ये पता चल गया की तुम मेरे सामने कड़ी हो....

जस्मिने शर्माते हुए : अभी तो हमको मिले हुए बस कुछ hi पल हुए हैं और तुम मेरी खुशबु भी पहचान ने लगे....

सुलतान : तुम्हारी खुशबु तो मेरी रूह में बसी हुई है....

जस्मिने : लो जी आप तो फ़्लर्ट करने लगे....

सुलतान : मैं फ़्लर्ट नहीं कर रहा बल्कि वो कह रहा हूँ जो सच है.... और वैसे भी तुम मेरे अंडर रहती हो तो तुम्हारी खुशबु भी तो मेरे अंडर hi होगी न....

जस्मिने : बात तो आपकी सच है....

सुलतान : मतलब तुम ये मानती हो की तुम मुझसे जुडी हुई हो....

जस्मिने धीरे से : मैं तो जन्मो से आपसे जुडी हुई हूँ....

सुलतान : कुछ कहा तुमने....?

जस्मिने : नहीं कुछ नहीं.... हाँ वो मैं कह रही थी अब से आपको वो करना होगा जो आपका फ़र्ज़ है.... मासूम लोगों की हिफाज़त और बुराई का नाश..... चाहे वो शैतान हो... दानव हो... वामपिरेस हो.... दरिंदे हो.... गुंडे हो या फिर इंटरनेशनल माफिया.... आपको सब से लड़ना होगा.... शैतान अघुरा ने अपने काले जादू की ताक़त को बढ़ाना शुरू कर दिया है.... जितनी बुराई बढ़ेगी उतनी hi उसकी ताक़त बढ़ेगी.... आप को उसकी ताक़त को बढ़ने से रोकने के लिए बुराई का नाश करना होगा.... अपने लोगों की हिफाज़त करनी होगी.... जल्द hi कुछ बहुत बड़ा और खतरनाक होने वाला है जिसमे लाखो मासूमों की जान जायेगी आपको उसका पता लगा के उसे रोकना होगा.... इसके लिए आपको एक टीम की ज़रुरत होगी एक ऐसी टीम जो स्पेशल त्रिनेड हो.... जिसके पास हाई टेक हथियार हो.... जो निडर हो... और सब से बड़ी बात वो आपके साथ वफादार हो....

सुलतान : ऐसी टीम मुझे कहाँ मिलेगी...?

जस्मिने : एक एक कर के वो सब खुद आपके सामने आएंगे... बस आपको उन्हें पहचाना होगा.... जिसमे आपकी मदत आपके अपने दोस्त करेंगे.... मैक्स सैर और विजय.... और वो स्पेशल अफसर जिसे कमिश्नर ने गुंडों और माफिया का सफाया करने के लिए अप्पोइंट किया है....

सुलतान : कौन है वो स्पेशल अफसर....????


************############************

************############************


इधर कुसुम अपने घर में बड़ी बेसब्री से सुलतान के आने का इंतज़ार कर रही है....

सुहानी : मुझे कहना तो नहीं चाहिए मगर मजबूरी में कह रही हूँ.... सिसो आप बेकार में उसका इंतज़ार कर रही हैं..... वो नहीं आएगा.... सुलतान ने आपको धोका दिया है....

अभी सुहानी ने इतना कहा hi था की एक झन्नाटेदार थप्पड़ उसके गाल पे रसीद होता है....

Chataaaaaaaaaaaak....

कुसुम बेहद गुस्से में : खबरदार जो तू ने एक और गलत लफ्ज़ मेरे सुलतान के खिलाफ निकला तो... मैं ये भूल जाउंगी की तू मेरी बेहेन है.... दुनिया इधर की उधर हो सकती है मगर सुलतान अपने वादे से मुकर जाए.... वो मुझे धोका दे दे ये मुमकिन नहीं....

तभी.....

सुलतान : बिलकुल ठीक कहा मेरी जान.... सुलतान अपनों बीवी कुसुम को धोका दे ये मुमकिन नहीं....

सुलतान को देख के कुसुम की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहता वो भागते हुए सुलतान के करीब जा के कास के उसके सीने से लिपट जाती है....

कुसुम : ऊऊऊ.... सुलतान तुम आ गए.... मैं बता नहीं सकती तुम्हे देख के मुझे कितनी ख़ुशी हो रही है...

कुछ देर तक सुलतान के गले लगने के बाद वो उस से अलग हो के कहती है....

कुसुम : चले सुलतान....

सुलतान : इस से पहले की हम अपनी ज़िन्दगी की शुरुवात करें मुझे तुम्हे अपने बारे में सब कुछ बताना है....

फिर सुलतान कुसुम को शुरू से ले के अब तक सब कुछ बताता है ये भी की कुसुम के अलावा और भी कई लड़कियां हैं उसकी ज़िन्दगी में... साथ hi आगे और भी कई लडकियां और औरतें आने वाली है उसकी लाइफ में....

सुलतान : अब ये फैसला मैं तुमपे चोरता हूँ की तुम क्या चाहती हो....? अगर तुम्हारा फैसला हाँ है तो तुम्हे मेरे साथ बाकी सब को भी क़ुबूल करना होगा.... मैं ये वादा करता हूँ की बाकी सब की तरह तुम्हारे लिए मेरे दिल में कभी प्यार काम न होगा.... जितना मैं बाकी सब को चाहता हूँ उतना hi तुम्हे भी चाहूंगा.... लेकिन अगर तुम्हारा जवाब न है तो मैं वापिस चला जाऊँगा.... एक आह सी दिल में हमेशा रहेगी की मेरी बीवी जिसे मैं चाहने लगा हूँ वो मेरे साथ नहीं है....

ये कह के सुलतान कुसुम के जवाब का इंतज़ार करने लगता है.... आखिर कुसुम का जवाब क्या होगा हाँ या न....??????


************############************

************############************


इधर अवनि...


(वर्ड काउंट 4646)
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 161..... महा मेगा रोमांटिक सेक्सी एक्शन अपडेट

सुलतान : अब ये फैसला मैं तुमपे चोरता हूँ की तुम क्या चाहती हो....? अगर तुम्हारा फैसला हाँ है तो तुम्हे मेरे साथ बाकी सब को भी क़ुबूल करना होगा.... मैं ये वादा करता हूँ की बाकी सब की तरह तुम्हारे लिए मेरे दिल में कभी प्यार काम न होगा.... जितना मैं बाकी सब को चाहता हूँ उतना hi तुम्हे भी चाहूंगा.... लेकिन अगर तुम्हारा जवाब न है तो मैं वापिस चला जाऊँगा.... एक आह सी दिल में हमेशा रहेगी की मेरी बीवी जिसे मैं चाहने लगा हूँ वो मेरे साथ नहीं है....

ये कह के सुलतान कुसुम के जवाब का इंतज़ार करने लगता है.... आखिर कुसुम का जवाब क्या होगा हाँ या न....?

कुसुम : मुझे सब मंज़ूर है.... मैं बस इतना चाहती हूँ की तुम से मुझे मेरे हिस्से का प्यार मिलता रहे....

कुसुम की बात सुन के सुलतान उसे कास के अपने सीने से लगा लेता है और उसके होंठों को अपने मुँह में ले के चूसने लगता है.... शहद से भी ज़्यादा मीठे होंठों का रास चूसने लगता है.... कुसुम भी किश में उसका पूरा साथ देने लगती है.... वो कभी उसका ऊपर वाला तो कभी नीची वाला होंठ चूस रही थी.... उसकी जुबां सुलतान के होंठों को चूस रही थी.... सुलतान कुसुम की जुबां को अपने मुँह में ले के चूसने लगता है... उसे रास पीने लगता है.... करीब 10 मिनट्स तक दोनों एक दूसरे के होंठों को चूसते रहते हैं.... तभी किसी की आवाज़ सुन के दोनों अलग हो जाते हैं....

सुहानी : जीजू चोर भी दो सिसो को.... अब क्या पूरा खा hi जाओगे....?

रिया भी कहाँ पीछे रहने वाली है....

रिया : वैसे जीजू आप को बता दूँ रात होने में अभी वक़्त है.... मगर आप चाहो तो सुहाग दिन मन सकते हो.... कहो तो रूम रेडी करूँ....

जहाँ सुहानी की बात कुसुम शर्मा जाती है.... वहीँ सुलतान आँख मार के कहता है....

सुलतान : नेकी और पूछ पूछ....

सुहानी : सिसो जीजू तो तैयार हैं आप क्या कहती हो....? सुहागदिन मनाओगी या सुहागरात....?

रिया : आप दोनों hi मन लो सुहागदिन के साथ साथ सुहागरात भी.... वैसे भी जीजू जितने जोश में लग रहे हैं मुझे नहीं लगता की वो एक बार शुरू हुए तो आप को कल सुबह से पहले छोड़ेंगे..... क्यों जीजू मैंने ठीक कहा न....?

दोनों की बात सुन के कुसुम को जितना मज़ा आ रहा है उतनी hi शर्म भी....

कुसुम झूठा गुस्सा दिखते हुए कहती है....

कुसुम : तुम दोनों न पिताजी अभी.... कुछ ज़्यादा hi बिगड़ गयी हो.... बिलकुल बेशर्म बन गयी हो.....

सुहानी : बेशर्म तो आपको आज जीजू बनायेगे.... वो भी जैम के....

रिया : हाँ जीजू आज ऐसा करना की हम जल्द से जल्द खला बन जाए....

ये कह के दोनों हसने लगती हैं.... कुसुम उनको मारने के लिए उनके पीछे भागती है.... मगर तब तक दोनों रूम में जा के रूम को अंडर से लॉक कर देती हैं....

कुसुम : दरवाज़ा खोलो....

रिया : सिसो हमारे पास नहीं बल्कि जीजू के पास जा के हम को खला बनाने की तैयारी में लग जाओ.....

कुसुम : बस एक बार तुम दोनों बहार निकल जाओ फिर दिखती हूँ मैं तुम्हे....

सुहानी : सिसो जो भी देखना दिखाना है जीजू को जा के दिखाओ....

दोनों की बात सुन के कुसुम को उनपे बेहद गुस्सा और साथ hi बड़ी शर्म सी आने लगती है....

सुलतान आगे बढ़ के पीछे से कुसुम को अपनी बाहों में ले लेता है और उसके कान के पास किश करता है.... किश को महसूस करके कुसुम के मुँह से सिसकारी निकल जाती है वहीँ मस्ती और शर्म के मारे उसकी आँखें बंद हो जाती है.... सुलतान उसकी कान की लौ को मुँह में ले के चूसने लगता है.... कुसुम के जिस्म में मस्ती की लेहेर सी दौर जाती है.... मस्ती में उसके मुँह से सिसकारी निकलने लगती है....

कुसुम : Mmmmmmmmmm.... ऊऊऊह्ह्हह्ह.... सुलताआआआंत्र... क्या कर रहे होओओओओओओ... M...m...mmmmm मुझे कुछ हो रहा है.... मत करो न....

कुसुम ये कहती भी जा रही है साथ hi सुलतान के जिस्म से लिपट भी रही है.... सुलतान कुसुम के कान को किश करते हुए उसके होंठों की तरफ बढ़ने लगता है..... और उसके होंठों को अपने मुँह में ले के चूसने लगता है.... मस्ती में कुसुम की छूट से कॉमर्स की बूँदें टपक के उसकी पंतय को भिगोने लगती हैं....

धीरे धीरे दोनों की किश वाइल्ड होने लगती है.... मस्ती में कुसुम अपनी जुबां सुलतान के मुँह में दाल देती है जिसे वो मज़े ले के चूसने लगता है.... कुसुम का बुरा हाल हो रहा है आज पहली बार उसे ऐसा मज़ा आ रहा है.... कुसुम की छूट मस्ती में फड़फड़ा ने लगती है.... उसकी छूट से कॉमर्स बहने लगता है.... वो झड़ने के करीब पहुँच जाती है.... उसका जिस्म अकड़ने लगता है.... और एक तेज़ सिसकारी के साथ वो झड़ने लगती है.... कुसुम निढाल हो के सुलतान के ऊपर झूल जाती है.....

मदहोशी काम होने के बाद जब कुसुम सामने कड़ी सुहानी और रिया को खुद को यूँ घूरते पाती है तब वो बुरी तरह से शर्मा जाती है....

सुहानी : सिसो हम तो मज़ाक कर रहे थे आप तो जीजू के साथ सच में hi शुरू हो गयी....

सुहानी की बात सुन के....

कुसुम शर्माते हुए : व... वो... वो मैं वो....

रिया : ये वो मैं वो क्या कर रही हो सिसो.... ये तो अच्छा हुआ की हम वक़्त पे बहार आ गए.... अगर कुछ देर और न आते तो आप तो सच में सुहागदिन मन लेती....

सुलतान : अब बस भी करो तुम दोनों कितना टांग खींचोगी अपनी सिसो की....

सुहानी : जीजू अब तो खींचा तानी आपके और सिसो के बीच होने वाली है.... देखना ये है की इसमें जीत किसकी होती है....

रिया : जीत किसी की भी हो..... खला तो हम hi बनेगी.... क्यों जीजू मैंने ठीक कहा न....

कुसुम : रुक जीजू की बच्ची अभी बताती हूँ मैं तुझे....

सुहानी : ये वक़्त बताने का नहीं बल्कि जैम ले मज़े ले ने का है जिसमे अभी कुछ देर पहले आप दोनों मदहोश हुए खड़े थे....

ये कह के दोनों हसने लगती हैं.... वहीँ कुसुम आगे बढ़ के दोनों को मारने जाती है.... मगर उस से पहले hi दोनों सुलतान के पीछे चुप जाती हैं....

सुलतान : जाने दो चोर दो ये तुम्हारी बहने हैं....

कुसुम : ये दोनों न बहुत बिगड़ गयी हैं....

सुलतान : थोड़ा बहुत बिगड़ने में कुछ बुराई नहीं.... वैसे भी ये सुलतान की सालियान हैं और सुलतान की सालियों का इतना बिगड़ना चलता है....

कुसुम : आप के कहने पे चोर रही हूँ.... वर्ण आज मैं इनकी बंद बजा देती....

सुहानी : क्या बात है सिसो बड़ा बात मान ने लगी हो जीजू की...

रिया : हाँ और नहीं तो क्या....? हमारी तो आज तक कोई बात नहीं मानी आपने....?

कुसुम : अच्छा रुक अभी बताती हूँ मैं....

इस से पहले की कुसुम कुछ कहती सुलतान आगे बढ़ के उसे अपनी बाहों में भर लेता है.... जिस से कुसुम का गुस्सा हवा हो जाता है....

फिर कुछ देर बाद....

सुहानी : जीजू आज आप ने बचा लिया वर्ण आज तो हिटलर ने हमारी बंद बजा hi दी थी....

कुसुम : क्या कहा तू ने....?

सुलतान : क्या यार कुसुम इतनी देर हो गयी मुझे यहाँ आये हुए कुछ नहीं तो काम से काम एक गिलास पानी hi पीला दो....

रिया : जीजू आप पानी की क्या बात करते हैं.... हम अभी आप के लिए शाही खाने का इंतज़ाम करते हैं....

सुलतान : नहीं खाना नहीं... खाना हम घर जा के hi सब के साथ खाएंगे... फिलहाल तुम मुझे अपने हाथ की एक हॉट न स्वीट सी कॉफ़ी hi पीला दो.... मगर हाँ कॉफ़ी बिलकुल कुसुम जितनी हॉट और स्वीट होनी चाहिए....

सुलतान की बात सुन के जहाँ सुहानी और रिया हसने लगती हैं वहीँ कुसुम शर्मा जाती है....

कुसुम : क्या सुलतान आप भी न....

कॉफ़ी पीने के बाद सुलतान कुसुम सुहानी और रिया को ले के घर की तरफ चल देता है.... कार सुलतान के घर के पास रूकती है....

सुलतान घर की तरफ इशारा कर के कहता है....

सुलतान : लो कुसुम आ गयी तुम्हारी ससुराल....

घर को देख के कुसुम जितनी एक्ससिटेड होती है वहीँ सुहानी के साथ साथ रिया का चेहरा भी उतर जाता है.... जिसे सुलतान देख लेता है....

सुलतान : क्या बात है अचानक से तुम दोनों का चेहरा क्यों उतर गया....? तुम दोनों इतनी परेशान क्यों हो गयी.....?

सुहानी : कुछ नहीं जीजू ऐसा कोई बात नहीं है....

सुलतान : अपने जीजू से छुपाओगी....

रिया : वो बात ऐसी है जीजू की सिसो को बचपन से ले के आज तक राजकुमारी की तरह शाही ज़िन्दगी जीने की आदत है.... ऑस्ट्रेलिया के 5 अमीरों में हम एक हैं.... और ये घर तो.... सिसो के घर के नौकरों के पास भी इस से बड़ा और खूबसूरत घर है.... हम इस बात से परेशान हैं की सिसो यहाँ इस छोटे से घर में कैसे रह पाएगी....?

इस से पहले की सुलतान कुछ कहता.... कुसुम बीच में बोल पड़ती है....

कुसुम : घर के छोटे बड़े होने से कुछ नहीं होता.... घर में खुशियां होनी चाहिए.... जिस घर में खुशियां और प्यार हो वो घर छोटा होने पे भी बहुत बड़ा होता है.... जानती हो क्यों....? क्यों की ख़ुशी बड़े घर में रहने से नहीं मिलती बल्कि उसके साथ रहने से मिलती है जिन्हे आप और जो आप को प्यार करते हैं.... काम पैसों में ज़िन्दगी जी जा सकती है मगर सच्चे प्यार के बिना नहीं.... बिना प्यार के घर घर नहीं मकान होता है....

सुहानी : मगर सिसो....

कुसुम : अब कोई अगर मगर नहीं.... जल्दी से अंडर चलो.... मैं जल्द से जल्द अपने ससुराल में जाना चाहती हूँ....

ये कह के वो आगे बढ़ जाती है....

सुलतान : फ़िक्र मत करो मेरे रहते तुम्हारी सिसो को कभी किसी चीज़ की तकलीफ नहीं होगी.... जिस रईसी में जीती आयी है आगे भी वो वैसे hi जियेगी....

रिया : मगर कैसे....?

सुलतान : अंडर चलो तुम्हे सब अपने आप पता चल जाएगा....

ये कह के सुलतान कुसुम को ले के घर में घुस जाता है पीछे पीछे उदास मन से सुहानी और रिया भी आती हैं.... घर के अंडर की खूबसूरती को देख के उनके होश उड़द जाते हैं.... तीनो के मुँह से एक साथ वाओ निकल जाता है....

कुसुम : वाओ सुलतान मेरी ससुराल तो बेहद खूबसूरत है....

सुहानी : सही कहा सिसो आप ने ये घर वाकई में बेहद खूबसूरत है....

रिया : इतना खूबसूरत घर तो मैंने ऑस्ट्रेलिया में भी नहीं देखा.... यहाँ तक की सिसो का घर भी इस के सामने जीरो है...

सुलतान : अभी तो तुमने कुछ देखा hi नहीं है.... जिस दिन अपनी सिसो की असली ससुराल देख लोगी उस दिन ये कहोगी की सिसो की ससुराल के जैसा घर पूरी दुनिया में कोई नहीं....

दोनों एक साथ : हम तो यहाँ सिसो को उनकी ससुराल चोर्ने आये थे.... मगर इस घर की खूबसूरती को देख के हमारा यहाँ से जाने का दिल hi नहीं कर रहा है....

सुलतान : तो किसने कहा है तुम दोनों को यहाँ से जाने को.... यहीं अपनी सिसो और जीजू के साथ आराम से रहो....

दोनों : वैसे यहाँ आप के साथ और कौन कौन रहता है....?

अभी ये बातें कर hi रहे थे की तभी....

एक साथ सब (रूही.... सैर.... ज़रा.... नेमत और कोमल.... ) बहार आती हैं.... शीना और शनाया अपने अपने घर जा चुकी हैं....

सुलतान : कुसुम की तरह ये सब भी मेरी जान हैं.... मैं इन सब से बेइन्तेहाँ प्यार करता हूँ.... आओ तुम्हे इनसे मिलवाता हूँ....

रूही के करीब जा के उसके होंठों को प्यार से चूम के कहता है.....

सुलतान : ये रूही है मेरी जान.... मेरी पहली बीवी.... वो अलग बात है की इस जनम में मेरी लाइफ में सब से पहले ज़रा आयी थी...

फिर ज़रा के करीब जा के उसके होंठों को भी प्यार से चूमता है फिर....

सुलतान : ये ज़रा है.... बचपन से ज़रा मुझे चाहती है और अब मैं इसे.... ये मेरा प्यार होने के साथ साथ मेरी हाई टेक सिक्योरिटी गार्ड भी है.... मगर मेरा निकाह सब से पहले रूही के साथ हुआ....

फिर सैर के करीब जा के उसके भी होंठों को चूम के कहता है....

ये है सैर.... मेरी सब से करीबी दोस्त और अब मेरा प्यार है.... वो प्यार जिस से मैं अनजान था.... मगर अब अपने प्यार सैर को दिल से चाहता हूँ.... बाकी सब की तरह ये भी मुझे बेइन्तेहाँ चाहती है....

फिर नेमत के करीब जा के उसके भी होंठों को प्यार से चूम के कहता है....

ये है नेमत.... मेरी बेस्ट फ्रेंड और मेरा प्यार.... मेरी तरह ये भी मुझे बेहद चाहती है....

फिर कोमल के करीब जा के कहता....

ये है कोमल.... मेरी दोस्त.... में तरफ से तो हाँ है मगर अभी इसकी हाँ बाकी है.... मुझे उस दिन का बेसब्री से इंतज़ार है जिस दिन ये हाँ कहेगी... वो मेरी लाइफ का बेस्ट दिन होगा....

वैसे तो और भी बहुत हैं मगर फिलहाल इनके अलावा 4 और हैं जो इस वक़्त यहाँ नहीं हैं.... वो चारो अपने अपने घर में हैं.... उनसे मैं तुम्हे बाद में मिलवाऊंगा... फिलहाल उनके नाम जान लो... उनके नाम हैं.... शनाया... शीना.... शानू.... और अवनि....

अवनि का नाम जुबां पे आते hi सुलतान के दिल में एक तड़प सी उठती है... उसकी आँखें नाम हो जाती हैं.... वो फ़ौरन सब से छुपा के अपनी आँखों में चलके आंसू पॉच के कहता है....

सुलतान : और अब तुम सब इन से मिलो.... ये है कुसुम... रूही की तरह ये भी मेरी बीवी है.... और ये दोनों कुसुम की बहने हैं.... ये सुहानी है और ये रिया.... कुसुम और तुम सब की तरह ये दोनों भी बेहद हसीं खूबसूरत और सेक्सी हैं.... अब सुलतान की सालियान हैं तो इनका खूबसूरत और हसीं होना तो लाज़मी है.... सुलतान की बीवी... उसकी माशूका या फिर उसकी साली.... सेक्सी न हो ये मुमकिन नहीं... सब की सब इतनी खूबसूरत और सेक्सी हैं की उन्हें देख के जन्नत की पारी भी जल उठे....

सुलतान के मुँह से अपनी तारीफ सुन के जहाँ उसकी दोनों बीवी और उसकी बाकी माशूका बेहद खुश हो जाती है वहीँ सुहानी और रिया ख़ुशी से उछाल पड़ती है.... और आगे बढ़ के कास के सुलतान के सीने से लिपट जाती हैं.... साथ hi ख़ुशी में सुलतान के गाल पे किश कर देती हैं....

सुलतान : यार मैं क्या कोई बच्चा हूँ जो तुम दोनों मेरे गाल पे किश कर रही हो... किश होंठों पे किया जाता है गाल पे नहीं... और मैंने तुम दोनों की इतनी तारीफ की है एक लिप तो लिप किश तो बनती है.... आफ्टर आल तुम दोनों मेरी सालियान हो.... और साली आधी घरवाली होती है....

सुलतान की बात सुन के दोनों मुस्कुरा के उसे चिढ़ाते हुए कहती हैं....

दोनों : बड़े आये साली आधी घर वाली कह के हमारी किश लेने वाले.... पहले हमारी सिसो जो की तुम्हारी बीवी है उसे तो जी भर के प्यार कर लो.... फिर आना अपनी सालियों के पास....

सुलतान : यार ये तो चीटिंग है....

दोनों : एवरीथिंग इस फेयर इन लव एंड वॉर.... और हम अपनी सिसो को बहुत चाहते हैं...

सुलतान : मुझसे ज़्यादा मेरी कुसुम को कोई नहीं छह सकता... तुम दोनों भी नहीं...

दोनों : ये बात याद रखना जीजू अगर गलती से भी ये प्यार कभी काम हुआ न तो हम दोनों मिल के आपकी टांगें तोड़ देंगे....

दोनों की बात सुन के बाकी सब जो कहते हैं उसे सुन के सुलतान चौंक जाता है....

सब : दोनों की तरह हम भी तुम्हारी दोनों टांग तोड़ देंगे....

सुलतान : ये क्या यार तुम सब ने तो दाल hi बदल लिया....

सब एक साथ : जब बात यहाँ हमारे लिए तेरे प्यार की है तो हम सब एक hi दाल में हैं.... हम को कोई अलग नहीं कर सकता तू तो क्या ऊपर वाला भी नहीं... आज से हम सब भी तेरी तरह एक जैसा hi तुझे चाहेंगे न कोई ज़्यादा न कोई काम.... आज से हम सब सगी बहनो की तरह रहेंगे.... और तुझे जी भर के प्यार करेंगे....

सब की बात सुन के सुलतान की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहता.... वो अपनी बाहें फैला देता है और सब उसके सीने से लिपट जाती हैं....

************############************

************############************

इधर दिनेश ठाकुर बेहद परेशान बना हुआ है.... पुलिस के स्पेशल अफसर की टीम एक एक कर के उसके गुंडों का एनकाउंटर कर रही है साथ hi उसके नाजायज़ और गैर कानूनी धन्दों को भी बंद कर रही है.... जिस से उसे बेहद नुक्सान हो रहा है.... वो फ़ौरन मीटिंग बुलाता है और गुस्से में अपने आदमियों के साथ साथ मला और मिनिस्टर्स पे भी अपना गुस्सा निकालने लगता है...

डी ठाकुर बेहद गुस्से में : उन मामूली से पुलिस वालों की इतनी हिम्मत हो गयी की वो मेरे गुंडों को मारे.... मेरे धंधे बंद करे.... क्या कर रहे हो तुम लोग....? किस बात के पैसे देता हूँ मैं तुम्हे की तुम लोगों के रहते मैं आसानी से बिना किसी रोक टोक के अपने काले धंधे को चला सकूँ या फिर उन कमीनो के हाथों यूँ बर्बाद होता रहूं.... बताओ मुझे जवाब दो....

डी ठाकुर को गुस्से में देख के सब की बोलती बंद हो जाती है.... उसकी गुस्से में लाल आँखें और चेहरे पे हैवानियत देख के दर के मारे सब की हालत खराब हो जाती है.... किसी के मुँह से एक आवाज़ तक नहीं निकलती.... सब ख़ामोशी से बस उसे देखते रहते हैं.....

डी ठाकुर : खामोश क्यों हो जवाब दो मेरी बात का.... क्यों अभी तक उस स्पेशल अफसर को खरीदा नहीं गया.... क्यों...?

डरते डरते डी ठाकुर का बीटा गुलशन जवाब देता है.....

गुलशन : डैड हम ने हर तरह से कोशिश कर ली न तो वो बिकने को तैयार है और न hi हमारी बात मान ने को.... हम ने उसे डरा धमका के देख लिया पैसे दे के देख लिए.... वो किसी भी हाल में हमारा साथ देने को तैयार नहीं....

मिनिस्टर दुर्जन सिंह : हम न hi उसे तोड़ पा रहे हैं और न hi उसका ट्रांसफर कर पा रहे हैं.... उसे कमिश्नर के कहने पे यहाँ के कम ने अप्पोइंट किया है.... जिस वजह से हम छह के भी उसका कुछ नहीं बिगाड़ पा रहे हैं....

डी ठाकुर : इस कम की तो मैं.... साले को छोड़ूंगा नहीं मैं.... बस एक बात मेरा वो कंटेनर आ जाए और मेरा काम हो जाए फिर गईं गईं के बदले लूंगा सब से....

तभी वहां बैठा मला हजारे लाल....

मला : वो सब तो ठीक है मगर उस कंटेनर के बलडले हम को उन विदेशियों को 150 कमसिन कुंवारी लडकियां सप्लाई करनी थी उनका क्या हुआ...?

मला की बात सुन के डी ठाकुर अपने बेटे गुलशन की तरफ देखता है जैसे की जवाब मांग रहा हो....

गुलशन : 148 कमसिन लडकियां हम ने जमा कर ली हैं बस दो लड़कियों की कमी है आज रात तक उनका भी इंतज़ाम जाएगा.... छगन का फ़ोन आया था... उसके आदमी आज शाम तक बची हुई 2 लड़कियों को किडनैप कर के ले आएंगे... और फिर रात में बाकी सब के साथ साथ उनको भी उनकी मंज़िल पे रवाना कर दिया जाएगा....

डी ठाकुर : ध्यान रहे गुलशन चाहे कुछ भी क्यों न हो जाए कहीं भी तेरा नाम नहीं आ न चाहिए... मैं जल्द hi यहाँ की सरकार गिरा के तुझे यहाँ का कम बनाना चाहता हूँ.... अगर गलती से भी तेरा नाम किसी केस में आया तो तुझे यहाँ का कम बनाने का मेरा ये सपना सपना बन के hi रह जाएगा.... बस एक बार तू यहाँ का कम बन गया फिर हम को यहाँ पे खुले आम राज करने से कोई नहीं रोक पायेगा... न वो स्पेशल अफसर और न hi कोई और... पूरे स्टेट पे हमारा hi राज होगा.... तू किसी भी काम को खुद नहीं करेगा.... बहार से गुंडों को बुलवा के ये काम करवा.... ताकि अगर वो लोग पकडे भी गए तो कहीं भी तेरा नाम न आये.... आज अगर मेरे भाई जिब्रान की वैसी हालत न होती और वो हमारा पालतू कुत्ता सप जेल में न होता तो ये दिन नहीं देखना पड़ता... वैसे उस कमीने प्रिंस का क्या हुआ...? जिसने मेरे भाई की मौत से बत्तर हालत कर दी....

गुलशन : हम उसे ढूंढने की पूरी कोईशिष कर रहे हैं.... जल्द hi वो हम को मिल जाएगा... फिर हम उस से हर बात का बदला लेंगे.... उस कमीने को ऐसी मौत देंगे की उसकी रूह भी कांप जायेगी...

डी ठाकुर : उस कमीने को जल्द से जल्द ढूंढो और जैसे hi वो हाथ लगे उसे फ़ौरन मौत के घात उतार दो.... और याद रहे चाहे कुछ भी क्यों न हो जाए आज रात तक किसी भी तरह 150 लडकियां शिप से रवाना हो जानी चाहिए... औरर अगर कोई बीच में आये तो उसे शौक से जान से मार देना.... चाहे बीच में आने वाला स्पेशल अफसर या उसकी टीम hi क्यों न हो.... किसी को ज़िंदा मत चूर्ण.... इस काम के लिए खुद मत जाना.... बहार से मंगवाए गुंडों का इस्तेमाल करना.... अब जाओ यहाँ से और अपने काम को अंजाम दो....

डी ठाकुर की बात सुन के गुलशन अपने काम को अंजाम देने अपने गुंडों के साथ वहां से निकल लेता है....

************############************

************############************

इधर सुलतान सब के साथ मस्ती करने के बाद आराम कर रहा है तभी जस्मिने उसके अंडर से बहार आ के उसे प्यार से देखने लगती है....

सुलतान : ऐसे मत देख पगली प्यार हो जाएगा....

जस्मिने धीरे से : वो तो कब का हो चूका है....

सुलतान : क्या कहा....? मैंने सुना नहीं

जस्मिने : यही तो बात है की आप कभी सुनते नहीं.... काश आप कभी मेरे दिल की बात को सुन लेते.....

सुल्तान : तुम क्या कहना छह रही हो... खुल के कहो न....

जस्मिने : वो... खैर जाने दीजिये.... इस वक़्त उस से भी ज़्यादा ज़रूरी बात मुझे तुम्हे बतानी है और वो ये है की आज रात किडनैप की हुई150 मासूम लड़कियों को इस बेचने के लिए ले जाय जाएगा.... आपको उन्हें रोकना होगा....

सुलतान : ये काम तो पुलिस का है न....

जस्मिने : हाँ मगर इस में उन गुंडों के साथ पुलिस और शहर के नामी लोग भी मिले हुए हैं.... जो साधु के लिबास में शैतान से काम नहीं हैं.... दुनिया का ऐसा कोई गलत काम नहीं है जो वो न करते हो या फिर अपने गुंडों से नहीं करवाते.... आप को उन कमीनो से उन मासूम लड़कियों को बचाना है और उन कमीनो को उनके किये की सजा देनी है....

सुलतान : ये काम तो मैं अपनी पावर्स से चुटकी बजा के कर सकता हूँ...

जस्मिने : नहीं आप ऐसा नहीं कर सकते.... माना की उनके काम शैतानो वाले हैं.... मगर फिर भी हैं तो वो इंसान hi और जब तक बेहद ज़्यादा ज़रूरी न हो इंसानो पे आप अपनी पावर्स का इस्तेमाल नहीं कर सकते.... आप को उनसे अपनी जिस्मानी पावर्स से hi लड़ाई करनी होगी....

सुलतान : हम्म.... समझ गया.... तो कब और कहाँ जाना है...

जस्मिने : आज रात 8 बजे.... ******* जगह पे एक बंद पड़ी फैक्ट्री है वहां उन लड़किओं को बंद कर के रखा गया है वहां से उन्हें बेचने के लिए विदेश ले जाय जाएगा.... इस से पहले की वो उन मासूम लड़कियों को विदेश ले जा के बेच दे आप को उन्हें बचाना होगा....

सुलतान : हम्म्म....

फिर जस्मिने अपनी आँखें बंद करके अपने सीने पे हाथ रखती है... अचानक से उसके सीने से रौशनी निकलने लगती है और देखते hi देखते एक बेहद खूबसूरत चांदी की जादुई चमकती हुई तलवार उसके हाथ में आ जाती है....

सुलतान : वाओ.... ब्यूटीफुल.... कितनी खूबसूरत तलवार है....

जस्मिने : हाँ वो है.... इसकी खूबसूरती का कोई मुकाबला नहीं.... और ये बेहद तेज़ भी है जो किसी को भी घायल कर दे....

सुलतान : गलत... भले hi ये तलवार बेहद खूबसूरत हो मगर तुम से ज़्यादा खूबसूरत नहीं है.... और न hi इसकी धार तुम्हारी आँखों की तरह तेज़ है की किसी के भी दिल में उतर के उसे घायल कर दे....

सुलतान के मुँह से अपनी तारीफ सुन के जस्मिने बेहद खुश हो जाती है.... वहीँ कुछ सोच के उसका चेहरा उदास हो जाता है....

सुलतान : क्या हुआ तुम अचानक से उदास क्यों हो गयी....?

जस्मिने : कुछ नहीं मेरे मालिक....

सुलतान : नहीं कुछ बात तो ज़रूर है....

जस्मिने : अभी उसे बताने का वक़्त नहीं आया है जब आएगा तब मैं खुद आपको बता दूंगी.... फिलहाल आप उस काम पे ध्यान दीजिये बाकी सब बाद में....

सुलतान : ठीक है जैसा तुम कहो....

जस्मिने : ये तलवार लीजिये.... जब तक आप को आपकी तलवार नहीं मिल जाती इसे आप रखिये....

सुलतान : इसे मैं कैसे ले सकता हूँ ये तो तुम्हारी है न....

जस्मिने : हाँ मगर दी भी तो आपने hi थी.... जैसे मैं आपका एक हिस्सा हूँ वैसे hi ये भी आपकी सुनहरी तलवार का hi एक हिस्सा है.... इसे आप ने बड़े प्यार से मुझे तोहफे के रूप में दिया था.... जानते हैं इसकी खासियत ये है की ये न कभी टूट सकती है और न hi इसकी तेज़ धार कभी काम हो सकती है.... और इसकी सब से बड़ी खासियत ये है की इस पूरे ब्रह्माण्ड में ऐसी कोई चीज़ नहीं जिस को इस से काट के दो टुकड़े न किया जा सके.... इस का मुकाबला सिर्फ और सिर्फ एक hi तलवार कर सकती है और वो है मेरे मालिक की यानी आपकी सुनहरी तलवार....

फिर अचानक से वो तलवार गायब हो जाती है....

सुलतान : हे वो तलवार कहाँ गयी....?

जस्मिने : वो कहीं नहीं गयी बल्कि अब भी आप के पास hi है.... वो एक टैटू के रूप में आप के राइट हैंड पे है.... जब आपको उसकी ज़रुरत होगी तब वो आपके हाथ में आ जायेगी और उसकी ज़रुरत ख़तम हो ते hi वो फिर से टैटू के रूप में आप के हाथ में समां जायेगी....

सुलतान : वाओ.... लवली.... मगर यार ये बार बार तुम मुझे मालिक क्यों कह रही हो....? मुझे मेरे नाम से भी तो बुला सकती हो न....

जस्मिने : क्यों की आप मेरे मालिक हो.... तो मालिक को मालिक कहूँगी न.... और रही बात आप को नाम से बुलाने की तो मैं अपने मालिक को नाम से कैसे बुला सकती हूँ.....?

सुलतान : ठीक वैसे hi जैसे बाकी सब बुलाते हैं.... चलो अब जल्दी से मेरा नाम ले के मुझे बुलाओ....

जस्मिने : S...Su...Su... सुलतान....

सुलतान : मेरा नाम सु... सु... सुलतान नहीं बल्कि सिर्फ सुलतान है....

जस्मिने : सुलतान....

सुलतान का नाम ले ते hi जस्मिने की रूह तक को सुकून आ जाता है.... जिस नाम को वो सदियों से ले न छह रही थी.... वो आज उसे ले न नसीब हुआ है... आज जा के उसके बेकरार दिल को करार आया है.... वो सुलतान की आँखों में खो सी जाती है...

सुलतान : ये हुई न बात... चलो अब मैं चलता हूँ इस से पहले की देर हो जाए....

ये कह के सुलतान वहां से सीधे अपनी बीवी और लवर्स के पास जाता है और उन्हें कुछ इम्पोर्टेन्ट काम का कह के वहां से उन मासूम लड़कियों को बचने के लिए निकल जाता है....

************############************

************############************

इधर स्पेशल अफसर को जब उन लड़कियों के किडनेपिंग की खबर मिलती है तब वो अपनी टीम ले के पूरी तैयारी के साथ उन्हें बचने चल देता है....

स्पेशल अफसर : मर. खान ( असली नाम और पहचान कुछ और hi है)

टीम में 8 स्पेशल मेंबर्स :


मिया : हैकिंग एक्सपर्ट....

जेम्स : शार्प शूटर....

अन्य : शार्पशूटर...

चिराग : फाइट में एक्सपर्ट....

जिया : फाइट में एक्सपर्ट...

दिया : हिप्नोटिस्म न फेस चेंजिंग एक्सपर्ट..

तेजस : प्लानिंग एक्सपर्ट....


एहसान : एविडेंस क्लियर एक्सपर्ट....

स्पेशल अफसर और उसकी टीम उस बंद पड़ी

फैक्ट्री के पास पहुँच जाते हैं....

तेजस : यहाँ काम से काम 80 से 100 लोग मौजूद हैं.... उनके पास लेटेस्ट हथियार भी हैं.....

खान : तो क्या हुआ हम भी किसी से काम नहीं हैं.... एक एक को चुन चुन के मारेंगे....

सब एक साथ : हाँ ज़रूर.... एक एक की बंद बजा देंगे.... वो 100 तो क्या अगर 1000 भी हो तब भी हम उनकी बंद बजा देंगे....

खान : सब रेडी....

सब : हाँ....

खान : तो फिर चलो प्लान के मुताबिक सब आगे बढ़ते हैं और उन कमीनो को मौत के घात उतार के उन मासूम लड़कियों की जान बचते हैं....

जेम्स और अन्य सीलेंसर लगी सपनीपर गन से गोली चलते हुए बाकी सब के लिए रास्ता क्लियर करने लगते हैं.... खान और उसकी टीम पूरी होशियारी से आगे बढ़ने लगती है.... मगर तभी किसी की नज़र उनपे पद जाती है और उनपे हुम्ला होने लगता है.....

दोनों तरफ से गोलीबारी होने लगती है....

सब एक दूसरे से ब्लूटूथ के ज़रिये कनेक्टेड हैं....

जिया : (खान से) सर अगर ऐसा hi चला तो हमारी परेशानी बढ़ जायेगी.... हम को कुछ करना होगा वो भी जल्द इस से पहले की हमारी गोलिया ख़तम हो जाएँ....

जेम्स : सही कहा जिया तुम ने.... हम जितना इनको मार रहे हैं काम होने के बजाये ये उतने hi बढ़ते जा रहे हैं....

खान : जो भी हो हम रुक नहीं सकते हम को आगे बढ़ते जाना है....

दिया : हाँ मगर कोई रास्ता तो मिले....

मिया : आगे लेफ्ट साइड के दूर के पीछे रास्ता क्लियर है.... सर (खान) आप वहां से अंडर जा सकते हैं.... मगर वो रास्ता सीधे सेण्टर के हिस्से की तरफ जाता है....

खान : तब तो बिलकुल सही रास्ता है.... मैं सब का ध्यान अपनी तरफ करते हुए वहां जाता हूँ तब तक जिया दिया और तेजस नीचे तैखाने में जाओ जहाँ उन लड़कियों को रखा गया है.... जेम्स और अन्य तुम दोनों सब को कवर करो.... तेजस और चिराग तुम दोनों राइट साइड के दूर की तरफ से जाओ.... और मिया तुम मेरे पीछे aao....zaroorat पड़ने पे तुम मुझे सपोर्ट करोगी.... इस तहत क्लियर....

सब : यस सर....

खान : तो फिर चलो.... अब जुंग जीत ने के बाद उन मासूम लड़कियों को बचा के hi हम वापिस लौटेंगे....

सब गुंडों के शूट करते हुए आगे बढ़ने लगते हैं.... चारो तरफ से गोलियों की आवाज़ें आने लगती हैं....

अचानक से गोलियों की आवाज़ सुन के फैक्ट्री में मौजूद गुंडे हैरान हो जाते हैं....

बॉस : अभी तक तो सब ठीक था ये अचानक से गोलियां कैसे चलने लगी.... कहीं पुलिस वाले तो नहीं....

ग1 : नहीं ये पुलिस वाले नहीं हो सकते... वो कुत्ते यहाँ नहीं आ सकते.... उन सब को पहले hi हड्डी फेंकी जा चुकी है....

बॉस : तो फिर किसकी हिम्मत हो गयी....? हमारे अड्डे आ के हमपे हुम्ला करने की....

ग2 : ये कम की स्पेशल अफसर की टीम है....

बॉस : बहुत परेशान कर के रखा है इन कमीनो ने.... आज किसी को यहाँ से ज़िंदा नहीं जाने देना.... एक एक को चुन चुन के ऐसी मौत मारना की आगे से मौत भी हमारे खौफ से दर के मर जाए....

तभी अचानक से आसमान में बिजलियाँ कड़कने लगती हैं.... तेज़ हवाएं चलने लगती है.... देखते hi देखते चारो तरफ का मौहौल बेहद खौफनाक हो जाता है.... की तभी खौफनाक चीख से पूरी फैक्ट्री गूँज उठती है....

सामने ज़मीन पे पड़ी नज़र आती है बेरहमी से कटी हुई एक लाश.... और खून से सनी एक चमकती हुई तलवार.... इस से पहले की वहां पास खड़े गुंडे कुछ समझ पाते फ़िज़ा में उनकी भी चीखें गूंजने लगती हैं.... और साथ hi उनके जिस्म टुकड़ों में काट के ज़मीन पे गिरने लगते हैं....

चीखों को सुन के वहां मौजूद सब का दिल देहल जाता है.... दर हर किसी की आँखों में साफ़ नज़र आने लगता है चाहे वो खान और उसकी टीम हो या फिर बॉस और उसके गुंडे....

सफ़ेद लिपास पहने एक शख्स हाथ में चमकती हुई तलवार लिए सब को मौत के घात उतारते हुए आगे बढ़ता जा रहा है.... सब उसकी तरफ गोलियां चलने लगते हैं.... मगर इस से पहले की गोली उनकी बन्दूक से निकलती वो शख्स अपनी स्पीड से उनके बेहद करीब पहुंच के उनके जिस्म को काट ते हुए आगे निकल जाता है.... फिर एक गुंडे के करीब जा के कहता है....

शख्स : बस एक सवाल और जवाब के लिए 1 सेकंड दूसरे सेकंड में तेरी कटी हुई लाश ज़मीन पे पड़ी मिलेगी....

शख्स को देख के ख़ास करके खून से साणे उसके कपडे और चमकती हुई तलवार से टपकते खून को देख दर और खौफ के मारे उस गुंडे की हालत खराब हो जाती है.... वो छह के भी कुछ बोल नहीं पाटा....

शख्स : लड़कियों को बंद कर के कहाँ रखा गया है....

सामने खड़े गुंडे को कुछ न कहते देख वो शख्स गुस्से में पूरी स्पीड से अपनी तलवार घूमता है और उस गुंडे के जिस्म को कई हिस्सों में काट देता है....

फिर दूसरे गुंडे की तरफ मुद के देखता है.... उसके पूछने से पहले hi वो गुंडा वहां नीचे कह के अपना दम तोड़ देता है... हार्ट अटैक से उसकी मौत हो जाती है....

सब दर के मारे पागलों की तरह हर आवाज़ पे गोलियां चला रहे हैं....

वो शख्स सब को अपनी तलवार से काट ते हुए नीचे की तरफ जाने लगता है.... तभी अचानक से जिया उसके सामने आ जाती है..... उसको देख के जिया बुरी तरह से दर जाती है.... इस वक़्त को खून से नहाये किसी शैतान से काम नहीं लग रहा है..... दर के मारे न उसकी आवाज़ निकल रही है और न hi उसके हाथ पेअर हिल रहे हैं.... वो एक जगह पे जैम सी गयी है....

तभी वो शख्स अपनी तलवार से जिया के ऊपर वार करता है.... उस पल जिया को अपनी मौत नज़र आने लगती है उसे ऐसा महसूस होता है जैसे वो तलवार अभी उसकी जान ले लेगी.... दर के मारे उसकी आँख बंद हो जाती है.... दिया के हिलने पे उसे होश आता है.... उसके मुँह से दर्द भरी चीख निकल जाती है....

दिया : क्या हुआ जिया....? तू इस तरह चीखी क्यों....?

जिया : व.... वो... वो अभी यहाँ था... उसने मुझपे अपनी तलवार से वार किया....

दिया : किसने वार किया तुझपे....? तू किस की बात कर रही है.....?

जिया : वो... वो....

अभी जिया ने इतना कहा hi था की तभी किसी की दर्दनाक चीख सुन के दोनों बुरी तरह से दर जाती हैं.... दोनों धीरे धीरे आगे बढ़ने लगती है.... तैखने के गेट के पास हर तरफ कटी हुई लाशें hi पड़ी हैं.... सामने खून से साणे हुए कपड़ों में हाथ में खून टपकती तलवार लिए शख्स खड़ा उनकी तरफ देख रहा है....

जिया डरते डरते : क... क... कौन हो तुम...?

शख्स : सुलतान.... प्रिंस ऑफ़ यूनिवर्स.... मौत का फरिश्ता....

दिया : K....k....kya तुम हम को भी मार डोज.....?

सुलतान : मैं सिर्फ बुराई का नाश करता हूँ..... उसी के लिए मैं यहाँ आया हूँ और शायद तुम लोग भी....?

सुलतान की बात सुन के दिया और जिया हाँ में अपनी गर्दन हिला देती हैं....

सुलतान : तो फिर यहाँ क्यों कड़ी हो चलो मेरे साथ.....?

ये कह के सुलतान आगे बढ़ता है.... जैसे hi वो तैखने के दरवाज़े खोल के अंडर जाने लगता है उसके चेहरे और कपड़ों पे लगा खून अचानक से गायब हो जाता है.... साथ hi उसकी तलवार भी.....

सुलतान जिया और दिया को देख वहां बढ़ी लडकियां दर के मारे रोने लगती हैं.... साथ hi अपनी ज़िन्दगी की भीक मांगने लगती हैं....

सुलतान आगे बढ़ के उन लड़कियों के करीब जा के कहता है....

सुलतान : तुम सब को डरने कोई ज़रुरत नहीं.... हम तुम सब को मारने नहीं बल्कि बचने आये हैं.... अब तुम आज़ाद हो....

फिर पीछे वाली दिवार पे एक ज़ोरदार पंच मार के उसे तोड़ देता है.... और पीछे मुद के दिया और जिया से कहता है....

सुलतान : वो सामने जो 2 स्पेशल बस कड़ी है सब को उसमे बैठा के यहाँ से ले जाओ और इनको इनके घर पे चोर आओ.... बस में डॉ भी हैं इन सब का चेक उप भी करवा देना....

ये कह के सुलतान वहां से जा hi रहा होता है की तभी किसी देख के रुक जाता है....

सुलतान : तुम दोनों यहाँ क्या कर रही हो.....?

दर के मारे उन की आवाज़ hi नहीं निकल रही है....

सुलतान : मैंने तुम दोनों कुछ पुछा है.... तुम दोनों यहाँ क्या कर रही हो....?

दोनों : व.... वो वो... हम आज सुबह जॉब इंटरव्यू देने के लिए नयी खुली खान ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज में गए थे.... वहां के वाशरूम से हम दोनों किडनैप किया गया....

सुलतान : कॉलेज जाने के बजाये तुम दोनों वहां क्यों गए थे....?

दोनों : आपको कैसे पता की हम कॉलेज जाते हैं....? आप हैं कौन.....?

सुलतान : अभी तुम दोनों जाओ मैं तुमसे बाद में मिलता हूँ....

ये कह के सुलतान दिया और जिया को सब को वहां से ले जाने को कह के पलट के ऊपर की तरफ चल देता है....

सुलतान जैसे hi ऊपर पहुँचता है.... अचानक से उसे गोली चलने की आवाज़ सुनाई देती है.... अंडर का हाल देख के सुलतान गुस्से से पागल हो जाता है.... सामने मर. खान के सीने के ऊपरी राइट हिस्से पे गोली लगी हुई है.... और उसके सीने से बेतहाशा खून निकल रहा है..... ये देख सुलतान गुस्से में एक घायल शेर की तरह दहाड़ते हुए अपनी तलवार ले के आगे बढ़ता है और एक एक कर के वहां मौजूद सब को बेरहमी से अपनी तलवार से काटने लगता है....

सुलतान का खुनी खेल देख के दर के मारे बॉस को हार्ट अटैक आ जाता है....

बॉस : K...au...n हो तुम....?

सुलतान उसके बेहद करीब जा के गुस्से में उसकी आँखों में आँखें दाल के देखता है और सुलतान कह के अपनी तलवार से उसके सर को काट के उसके जिस्म से अलग कर देता है.....

फिर सुलतान मर. खान को ले के वहां से गायब हो जाता है..... और पीछे चोर जाता है कटी हुई लाशों का अम्बार.... साथ hi कई सवाल...????

कुछ देर इंतज़ार के बाद एक हाई टेक लैब में से एक डॉ बहार निकलती है....

सुलतान : अब कैसे हैं मर. खान....?

डॉ : कौन मर. खान....?

सुलतान : वो hi जिसको गोली लगी थी और आप उसका इलाज कर रही थी....

डॉ : मगर वो तो....

सुलतान : वो तो क्या....? वो ठीक तो है न....?

डॉ : हाँ वो ठीक है मगर तुम जो कह रहे हो वो कुछ अलग कुछ अजीब सा है.... आओ चल के खुद देख लो....

सुलतान की नज़र जैसे hi उसपे जाती है.... वो बुरी तरह से चौंक जाता है....?

सुलतान शॉकेड : ये कैसे....?

डॉ : ये hi तो मेरी समझ में नहीं आ रहा है.... मगर जो भी है तुम्हारे सामने है.... ये क्यों है नहीं पता....? अब तो ये इसके होश में आने के बाद hi पता चलेगा....

सुलतान उसके करीब जा के उसे गौर से देख के कहता है....

सुलतान : शायद मुझे पता है की ये कौन है और ऐसा क्यों है....?

डॉ : अच्छा तो मुझे भी बताओ....

सुलतान : वो सब बाद में फिलहाल इसे ठीक वैसा hi कर दो जैसे ये पहले था... इसे ज़रा भी शक नहीं होना चाहिए.... मैं यहीं बहार बैठा हूँ इसके होश में आने के बाद मुझे बुला लेना....

डॉ : मगर ये तो....

सुलतान : जैसा कहा है वैसा करो.... आयी बात समझ में....

डॉ : जी सुलतान....

सुलतान वहां से बहार आ के एक रूम में जा के कुछ सोचता है फिर किसी को कॉल कर के 3 घंटे बाद दोनों को साथ ले के वहां आने को कहता है....


(वर्ड काउंट 6300)
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 162.... महा मेगा एक्शन अपडेट

सुलतान उसके करीब जा के उसे गौर से देख के कहता है....

सुलतान : शायद मुझे पता है की ये कौन है और ऐसा क्यों है....?

डॉ : अच्छा तो मुझे भी बताओ....

सुलतान : वो सब बाद में फिलहाल इसे ठीक वैसा hi कर दो जैसे ये पहले था... इसे ज़रा भी शक नहीं होना चाहिए.... मैं यहीं बहार बैठा हूँ इसके होश में आने के बाद मुझे बुला लेना....

डॉ : मगर ये तो....

सुलतान : जैसा कहा है वैसा करो.... आयी बात समझ में....

डॉ : जी सुलतान....

सुलतान वहां से बहार आ के एक रूम में जा के कुछ सोचता है फिर किसी को कॉल कर के 3 घंटे बाद दोनों को साथ ले के वहां आने को कहता है....

फिर घर कॉल कर के अपनी साड़ी जान को इम्पोर्टेन्ट काम की वजह से रात में घर न आ ने की बात बताता है.... फिर सामने लगे स्क्रीन पे गौर से देखने लगता है.... करीब 2 घंटे के बाद वो अचानक से उठ के कहीं चल देता है....

यहाँ हाई टेक सिक्योरिटी एरिया में कुछ लोग बैठे बातें कर रहे थे की तभी सुलतान की आवाज़ सुन के चौंक जाते हैं....

सुलतान : जो काम दिया था उसे अधूरा चोर के तुम सब यहाँ मीटिंग कर रहे हो....

मिया शॉकेड : तुम कौन हो और यहाँ कैसे आये....?

सुलतान : रिलैक्स मिया.... न Hi... न Hello.... न ठंडा पुछा न गरम... सीधे सवाल पूछ रही हो.... पहले मेहमान नवाज़ी तो करो फिर हम आराम से एक दूसरे को जान लेंगे.... इतनी भी जल्दी क्या है.... "स्वागत तो करो हमारा".....

ये कह के सुलतान मुस्कुराते हुए आ गए बढ़ता है और पास पड़े सोफे पे बैठ जाता है....

जेम्स : अबे तू है कौन और तेरी हिम्मत कैसे हुई हम से इस तरह से बात करने की....?

जेम्स की बात सुन के चिराग और अन्य....

दोनों : पहले ये बता की इतनी सिक्योरिटी के होते हुए तू यहाँ अंडर आया कैसे....?

सुलतान : कुछ ज़्यादा hi बद्तमीज़ नहीं हो रहे तुम दोनों....?

जिया : लगता है ये ऐसे नहीं मानेगा.... मार खा के hi बताएगा की ये यहाँ आया कैसे....?

दिया : सही कहा तूने चल फिर देर किस बात की है.... इसकी पहले धुलाई करते हैं फिर पूछेंगे आगे के सवाल....

सुलतान : ये क्या दिया तुम मेरी धुलाई करने की बात कर रही हो... पहले मुझे छू के तो दिखाओ.... ज़रा मैं भी तो देखूं की खान ने अपनी फ़ौज में जो लोग जमा किये हैं वो किसी काम के भी हैं या सिर्फ बातों के शेर हैं....

अभी सुलतान ने इतना hi कहा था की तभी चिराज गुस्से में जम्प लगा के सुलतान के करीब आता है और उसे किक मारता है.... सुलतान स्पीड से खुद को पीछे कर के रिवर्स किक चिराग को जड़ देता है... चिराज खुद को संभाल नहीं पाटा और उड़ते हुए पीछे जा गिरता है... उसकी हालत खराब हो जाती है वो उठने के काबिल नहीं रहता... ये देख सब को बड़ी हैरानी सी होती है.... अपने साथी की ऐसी हालत देख के अन्य और जेम्स एक साथ सुलतान पे हुम्ला कर देते हैं.... मगर इस से पहले की दोनों सुलतान को छू पाते सुलतान के पंचेस खा के हवा में उड़ते हुए नज़र आते हैं... ऐसा hi हाल बाकी सब का भी होता है.... कुछ hi देर में 8 के 8 ज़मीन पे धुल चाट ते नज़र आने लगते हैं.... किसी में इतनी हिम्मत नहीं की उठ के सुलतान का मुक़ाबला कर सके....

सुलतान : ये क्या यार मुझे तो लगा था की खान की टीम में डैम होगा... मगर ये क्या तुम सब तो मेरे एक वार को भी ठीक से झेल नहीं पाए.... एक हवा का झोंका आया नहीं की तुम सब तो कागज़ के पाटों की तरह हवा में उड़द गए.... तुम से अच्छे तो स्कूल के छोटे बच्चे लड़ते हैं काम से काम सामने वाले को एक पंच तो मार पाते हैं.... मैं तो यहाँ ये सोच के आया था की मुझे यहाँ एक मज़बूत टीम देखने को मिलेगी मगर तुम सब तो... खैर चलता हूँ.... खान आये तो उसे ये मत बताना की यहाँ अभी क्या हुआ था.... वर्ण उसका दिल टूट जाएगा.... उसे बेहद शर्मिंदगी महसूस होगी ये जान के की जिन्हे वो टॉप क्लास फाइटर समझ रहा है वो किसी काम के नहीं हैं....

फिर पलट के सुलतान वहां से जाने लगता है.... तभी मिया जो काफी देर से सुलतान की बातें सुन रही थी वो गुस्से में अपनी गन निकाल के सुलतान पे गोली चला देती है... मगर तभी सुलतान जो करता है उसे देख के उन्हें बड़ी हैरानी होती है.... किसी को यकीन hi नहीं होता की जो अभी उन सब ने देखा वैसा होना मुमकिन है....

गोली की आवाज़ सुन के सुलतान स्पीड से पीछे पलट के देखता है.... मिया की गन से निकली गोली उसकी तरफ आ रही है.... इस से पहले की गोली सुलतान को लगती सुलतान गोली को अपनी उँगलियों में पकड़ लेता है.... उसे बेहद गुस्सा आने लगता है..... आसमान में बिजलियाँ कड़कने लगती है.... देखते hi देखते कमरे का माहौल बेहद खौफनाक हो जाता है.... गुस्से में सुलतान की आँखें लाल होने लगती हैं... उसका जिस्म बदलने लगता है उसके कपडे चेंज हो जाते हैं और हाथ में तलवार आ जाती है.... सुलतान बेहद गुस्से में आगे बड़ाहट है और अपनी तलवार का ज़ोरदार वार मिया पे करता है.... मिया पे वार होते देख सब के मुँह से चीख निकल जाती है....

Nahiiiiiiiiiiiiiiiiiii.....

दर के मारे सब अपनी आँखें बंद कर लेते हैं.... कुछ देर बाद जब वो अपनी आँखें खोल के देकते हैं तो सामने मिया को सही सलामत पा के उनकी जान में जान आती है.... मगर मिया के पीछे पड़ा उनका कंप्यूटर सर्वर बर्बाद हो चूका है.... वो 2 टुकड़ों में ज़मीन पे पड़ा हुआ है.... सुलतान हाथ में तलवार और चेहरे पे गुस्सा लिए सामने खड़ा है...

सुलतान : धोका देने और पीठ पे वार करने वालों से मुझे सख्त नफरत है.... जानते हो मैं यहाँ क्यों आया था.... तुम लोगों को अपने साथ मिला के बुराई का नाश करने... मगर मुझे ये नहीं पता था की मैं तुम जैसे कमज़ोर और पीठ पे वार करने वालों को अपना साथी बनाने आया था.... पहली बार मुझसे लोगों को परखने में गलती हुई है.... बस खान की वजह से मैं आज तुम सब की जान बक्श रहा हूँ वर्ण तुम सब को मारने में मुझे एक पल की देर नहीं लगती....

ये कह के सुलतान वहां से जाने लगता है....

सब शॉकेड : टी.... टी... तुम आखिर हो कौन.....?

सुलतान पलट के उनकी तरफ गुस्से से देखता है....

सुलतान : सुलतान...

ये कह के वो वहां से जाने लगता है....

सुलतान के मुँह से उसका नाम सुन के सब को फैक्ट्री का वो खौफनाक मंज़र याद आ जाता है जब अकेले सुलतान ने 100 गुंडों को बस 5 मिनट्स के अंडर तलवार से काट दिया था..... और अभी कुछ देर पहले एक hi वार में सब की हालत खराब कर दी और तो और फास्टेस्ट बन्दूक से चली गोली को भी आसानी से अपनी उँगलियों में ऐसे पकड़ लिया जैसे की वो गोली न हो के आम लकड़ी का टुकड़ा हो.... इस से पहले की कोई उसे रोक पाटा या उस से माफ़ी मांग पाटा सुलतान वहां से जा चूका है...

वहां से बहार आ के सुलतान खुद को नार्मल करता है फिर सीधे उस रूम की तरफ जाता है जहाँ इस वक़्त किडनैप की गयी लड़कियों में से बची हुई 3 लडकियां मौजूद है.... बाकी सब को खान की टीम ने उनके घर पहुंचा दिया है....

तीनो लडकियां एक अनजान शख्स को वहां देख के बेहद दर जाती हैं....

सुलतान : तुम तीनो को मुझसे डरने की ज़रुरत नहीं है... मैं यहाँ तुम लोगों को नुक्सान पहुँचाने बिलकुल नहीं आया हूँ..... बल्कि ये जान ने आया हूँ की बाकी सब की तरह तुम तीनो अपने घर क्यों नहीं गयी....?

ल1 : आप हैं कौन और हम से ये सब क्यों पूछ रहे हैं....?

सुलतान : जी मेरा नाम प्रिंस है और मुझे सुलतान ने भेजा है जिसने आप सब को गुंडों से बचाया था.... मैं यहाँ आप सब को हिफाज़त से आप के घर पहुंचने आया हूँ....

ल2 : आप झूठ बोल रहे हैं.... आप प्रिंस नहीं बल्कि खुद सुलतान है जिसने हमारी िज़ात और जान बचायी थी....

प्रिंस : जी नहीं आपको ग़लतफहमी हो रही है मैं सुलतान नहीं बल्कि प्रिंस हूँ.... प्रिंस अली खान.....

ल2 : जी नहीं आप सुलतान hi हैं.... इन नीली आँखों को और आँखों के किनारे उस काले टिल को मैं नहीं भूल सकती... ये वही आँखें हैं.... हम सब को बचने वाले फ़रिश्ते की आँखें....

प्रिंस : आप को धोका हो रहा है आप ने जिन आँखों को देखा था वो सुलतान की आँखें हैं.... न की मेरी आप गलती कर रही हैं.....

ल3 : ये सच कह रही है.... किसी चीज़ को एक बार देखने के बाद उसे दोबारा देख के पहचान ने में ये कभी गलती नहीं कर सकती.... इसका दिमाग बहुत तेज़ है ये एक बार जिस चीज़ को देख ले उसे कभी नहीं भूलती.... अगर ये कह रही है की आपकी और सुलतान की आँखें एक है तो इसका मतलब आप hi सुलतान हैं....

सुलतान : हाँ मैं hi सुलतान हूँ... अब तुम तीनो मुझे ये बताओ की अपने घर जाने के बजाये तुम तीनो यहाँ क्या कर रही हो....?

ल1 : जी वो क्या है की हम तीनो बहने हैं.... हम दोनों यहाँ अपनी पढ़ाई पूरी करके कुछ बन ने आये थे.... और ये ज़ोया मेरी बड़ी बेहेन है.... हम को आगे पढ़ने के लिए ये यहाँ की नयी खुली खान ग्रुप ऑफ़ कंपनी में जॉब अप्लाई करने आयी थी.... वहीँ से हम तीनो बहनो को किडनैप किया गया था....

सुलतान : हाँ ठीक है मगर अब तो तुम तीनो आज़ाद हो न फिर अपने घर क्यों नहीं जा रही....?

ल2 : वो इस लिए क्यों की हमारा कोई घर नहीं है.... हम जब छोटे थे तब एक कार एक्सीडेंट में हमारे माँ डैड की डेथ हो गयी थी.... उनके सिवाए हमारा इस दुनिया में और कोई नहीं था तो पुलिस वालों ने हम तीनो बहनो को अनाथ आश्रम में भर्ती करवा दिया.... वहां रह के हम ने बड़ी मुश्किल से अपनी पढ़ाई पूरी की 10तह पास होने के बाद आगे पढ़ने के लिए हम यहाँ इस सेहर में आ गए.... हम वापिस वहां जाना नहीं chahte....Main यहाँ रह के जॉब करके अपनी बहेनो की आगे की पढ़ाई पूरी करनवाने चाहती हूँ.... मैं खुद तो न पढ़ सकीय सोच रही हूँ की जो सपने मैंने अपने लिए देखे थे वो तो न पूरे हो सके क्यों न अपनी बहनो की पढ़ाई पूरी करवा के इनका कुछ बन ने का जो सपना है उसे पूरा करने में इनकी मदत करूँ.... मगर अब लगता है ये भी मुमकिन नहीं.... मेरे सर्टिफिकेट की फाइल उन गुंडों ने जला दी अब मेरे पास कोई भी पेपर्स नहीं हैं जिनके ज़रिये मैं अपने सर्टिफिकेट वापिस निकलवा सकूँ और अपनी बहनो को पढ़ा के उनका सपना पूरा कर सकूँ.... हमारी किस्मत hi खराब है... अब हमारे सपने कभी पूरे नहीं होंगे....

ये कह के वो रोने लगती है....

सुल्तान : दिल में अगर सचाई और लगन हो तो सपने कभी अधूरे नहीं रहते....

ल2 : बड़ी बड़ी बातें कहना बेहद आसान होता है मगर उन्हें पूरा करना बेहद मुश्किल....

सुलतान : सिर्फ मुश्किल hi होता है न... नामुमकिन तो नहीं....

ल2 : मतलब....

सुलतान : मतलब ये की तुम तीनो के सपने ज़रूर पूरे होंगे.... उन्हें पूरा करने में मैं तुम्हारी मदत करूँगा.... अगर....

ल2 : अगर क्या....? अपनी बहनो के सपनो को पूरा करने के लिए मैं कुछ भी करने को तैयार हूँ.... कुछ भी....

सुलतान : मैंने कहा न की उनके सपने ज़रूर पूरे होंगे.... मैं उन्हें पूरा करने में तुम्हारी मदत ज़रूर करूँगा मगर....

ल2 : मैं समझ गयी तुम्हारे मगर का मतलब.... बताओ कहाँ चलना है...

सुलतान : क्या....? मैं कुछ समझा नहीं...

ल2 : लेकिन मैं समझ गयी...

सुलतान : अच्छा मुझे भी तो बताओ की तुम क्या समझ गयी....?

ल2 : यही की तुम मेरे साथ वो....

सुलतान : तुम्हारे साथ क्या....?

ल2 : तुम मेरे साथ सोना चाहते हो....

सुलतान : ये क्या बकवास कर रही हो...?

ल2 : ये बकवास नहीं बल्कि वो सच है जो तुम्हारे जैसा हर एक ठरकी शख्स मेरे जैसे हसीं और खूबसूरत लड़की की मदत के बदले चाहता है....

सुलतान : जान सकता हूँ की मेरी ऐसी किस बात या हरकत की वजह से तुम्हारे इस सो कॉल्ड दिमाग में जो की है hi नहीं फिर भी उनमे ये बेवकूफी भरा घटिया ख़याल आया....

ल2 : जिस तरह यहाँ आते hi तुम मुझे घूर घूर के देख रहे थे उस से मुझे ये यकीन हो गया....

सुलतान : की मैं ठरकी हूँ और तुम्हारी बहनो की मदत करने के बदले तुम्हारे साथ सोना चाहता हूँ.... यही कहना चाहती हो न तुम....?

ल2 : हाँ....

सुलतान : क्या हाँ....? एक खींच के थप्पड़ माउंगा न की तुम्हारे दिमाग के साथ साथ तुम्हारे होश भी ठिकाने आ जाएंगे.... ये सच है की तुम तीनो बहने बेहद हसीं और खूबसूरत हो... इसका मतलब ये नहीं की मैं कोई आवारा हूँ और तुम्हारे साथ सोने के लिए तड़प रहा हूँ और तुम्हारी मदत करने के बदले तुम्हारे साथ तुम्हारे जिस्म का सौदा करना चाहता हूँ....

ल2 : अगर ऐसा नहीं है.... तो फिर जब से तुम यहाँ आये हो क्यों हम तीनो बहनो को घूर घूर के देख रहे हो....? बताओ मुझे....

ल2 की बात सुन के सुलतान अपना सर पीट के कहता है....

सुलतान : वो इस लिए मेरी माँ क्यों की जब से मैंने तुम तीनो को देखा है ख़ास करके तुम्हे जाने क्यों मुझे तुम्हारा चेहरा जाना पहचाना सा लग रहा है.... मुझे ऐसा लग रहा है की तुम तीनो कोई गैर नहीं बल्कि मेरी अपनी हो.... मैं तुम तीनो से पहले भी मिल चूका हूँ तुम तीनो के साथ काफी वक़्त गुज़ार चूका हूँ.... मगर कब और कहाँ ये मुझे नहीं याद आ रहा है... तो बस इसी वजह से मैं तुम तीनो को ख़ास कर के तुम्हे गौर से देख के याद करने की कोशिश कर रहा था... और तुम हो की जाने क्या क्या सोचने लगी... तुमने तो यार मुझ जैसे सीधे और शरीफ इंसान को हवस का पुजारी बना दिया....

ल2 : सॉरी मुझसे गलती हो गयी... मैं आपको भी बाकी सब जैसा समझने लगी... प्लीज मेरी गलती के लिए मुझे माफ़ कर के हमारी मदत कीजिये प्लीज....

सुलतान : वो तो मैं करूँगा hi... इस में तुम्हे प्लीज कहने की ज़रुरत नहीं है.... बस इतना ध्यान रखना की आगे से मुझे जो चाहे समझ लेना मगर हवस का पुजारी नहीं.... आफ्टर आल मेरी भी कुछ इज़्ज़त है और वैसे भी मैं वैसा तो बिलकुल भी नहीं हूँ.... सो प्लीज....

ल2 : मैं अपनी बात पे दिल से शर्मिंदा हूँ.... मैंने बिना सोचे समझे आप को न जाने क्या क्या समझ लिया....

सुलतान : चलो ठीक है कोई नहीं.... अक्सर हसीं और खूबसूरत लड़कियों से ऐसी छोटी छोटी गलतियां होती रहती हैं... और वैसे भी दोस्तों के बीच न सॉरी होता है और न hi थैंक यू....

ल2 : हम दोस्त कब बने....?

सुलतान : अभी कुछ देर पहले.... क्यों तुम्हे मेरी दोस्त बन ने में कोई प्रॉब्लम है क्या....?

ल1 & ल3 : इस को (ल2) हो मगर हमको तो बिलकुल भी नहीं है.... आज से बल्कि अभी से हम आपकी बेस्ट फ्रेंड्स हैं....

ये कह के दोनों अपना हाथ आगे बढ़ा देती है सुलतान ल2 की तरफ देखता है... वो भी अपना हाथ आगे बढ़ा देती है... इस पे सुलतान मुस्कुराते हुए उनका हाथ पकड़ लेता है....

सुलतान : जैसे की हम फ्रेंड्स बन गए हैं.... क्या अपने दोस्त को अपने नाम नहीं बताओगी....

ल2 : ये ल1 सोहा है.... ये ल3 नोहा है.... और मैं ज़ोया....

ज़ोया : बड़ी बेहेन है....

सोहा और नोहा दोनों जुड़वाँ बहने हैं....

सुलतान : जितनी प्यारी और खूबसूरत तुम तीनो हो उतना hi प्यारे तुम्हारे नाम भी हैं....

ज़ोया : लो जी अभी हम को दोस्त बने 1 मिनट भी नहीं हुआ और तुम ने फ्लिर्टिंग भी शुरू कर दी....

ज़ोया की बात सुन के सुलतान के साथ साथ सोहा और नोहा भी अपना सर पीट लेते हैं....

सुलतान : यार मुझे समझ नहीं आ रहा है की तेरा मैं क्या करूँ....?

ज़ोया : क्या मतलब....?

सुलतान : मतलब ये मेरी माँ की मैंने अभी तुम तीनो की साफ़ दिल से तारीफ की न की फ़्लर्ट....

ज़ोया : दोनों एक hi तो बात है....

सुलतान : मेरी माँ तारीफ करने और फ़्लर्ट करने में बहुत फर्क होता है....

ज़ोया : मुझे कैसे पता चलेगा की तुम मेरी तारीफ कर रहे हो या फिर फ़्लर्ट.... अब तक जो भी मिले वो.....

सुलतान : अब बस भी कर दे यार.... मैं वैसा नहीं हूँ जैसा तू मुझे समझ रही है.... बात को मान ले....

ज़ोया : मैं कहाँ कुछ कह रही हूँ मैं तो बस....

सुलतान : एक बात बताओ तुम तीनो... तुम्हे मुझपे यकीन तो है न....

सोहा और नोहा : ज़ोया का पता नहीं मगर तुम पे हम को पूरा यकीन है.... चाहे कुछ भी हो जाए तुम हम को कभी नुक्सान नहीं पहुंचा सकते....

इस से पहले की ज़ोया कुछ कहती....

सुलतान : रात काफी हो चुकी है हम को अब चलना चाहिए....

सुलतान तीनो को एक घर में ले आता है....

सुलतान : आज से तुम तीनो यहाँ रहोगे....

घर को देख के सोहा और नोहा बेहद खुश हो जाती हैं....

दोनों : वाओ कितना आलिशान और खूबसूरत घर है ये....

ज़ोया : हाँ और उतना hi महंगा भी....

दोनों : हाँ तो....?

ज़ोया : इतने महंगे घर का हम भाड़ा कहाँ से देंगे....?

सुलतान : तुम से किसने कहा की तुम्हे यहाँ का भाड़ा देना है....?

ज़ोया : किसी ने कहा तो नहीं मगर फिर भी....

सुलतान : क्या फिर भी....? ये घर मेरा है... और आज से तुम तीनो यहीं रहोगी.... वो भी बिना कोई भाड़ा दिए....

ज़ोया : मगर....

सुलतान : अब बस भी कर मेरी माँ.... कितना शक करेगी.... एक वो कोमल है और एक तू... दोनों बिलकुल एक जैसी हो.... हर बात पे शक करती हो....

ज़ोया : ये कोमल कौन है....?

सुलतान : कोई नहीं.... मेरी माँ प्लीज शक करना बंद कर और ये मान ले की मैं तुम तीनो की मदत अच्छी नीयत से कर रहा हूँ न की किसी फायदे की वजह से.....

ज़ोया : वो तो मैं इस लिए कह रही थी क्यों की अब तक जो भी मिले वो....

सुलतान : यार इसका बंद होने वाला नहीं.... इस से पहले की इसका शक और इसके सवाल मेरा दिमाग खराब कर दे.... मैं कुछ खाने के और साथ में रात में तुम लोगों के पेहेन ने के लिए कुछ कपडे ले आता हूँ.... बाकी की शॉपिंग कल मेरे साथ चल के खुद कर लेना.... अभी तुम लोग आराम करो....

ये कह के सुलतान वहां से बहार चला जाता है....

सोहा और नोहा : ज़ोया ये आप क्या कर रही हैं....? जिस इंसान ने अपनी जान पे खेल के हमारी इज़्ज़त और जान बचायी आप उसपे शक कर रही हैं...?

ज़ोया : इसमें गलती मेरी नहीं है... बल्कि सुलतान की है.... जहाँ इस मतलबी दुनिया में कोई बिना किसी मतलब के बात तक नहीं करता वहीँ सुलतान हम तीनो बहनो पे मेहरबानियों की बारिश किये जा रहा है वो भी बिना किसी मतलब के.... तो शक तो होगा hi न.... कोई इतना भी अच्छा कैसे हो सकता है....? वैसे वो जितना अच्छा है उतना hi स्मार्ट हैंडसम मासूम और प्यारा भी है....

ज़ोया की बात सुन के दोनों हैरान परेशान हो जाती हैं... उन्हें ज़ोया की कोई बात समझ नहीं आती... एक तरफ ज़ोया ये कह रही है की उसे सुलतान पे शक है.... वहीँ दूसरी तरफ वो उसकी तारीफ़ कर रही है.... उसे मासूम और प्यारा कह रही है....

सुलतान वहां से सीधे अपने लैब में आ ता है....

सुलतान : डॉ. फलक अब मर. खान की तबीयत कैसी है....?

सुलतान की बात सुन के डॉ फलक एक नज़र उसे देख के थोड़ा गुस्से में कहती है....

डॉ : वो अभी ठीक हैं सर....

सुलतान : सर....!!!!! मतलब फलक मुझसे नाराज़ है....

डॉ : मैं भला आपसे कैसे नाराज़ हो सकती हूँ....?

सुलतान : बाप रे इतना गुस्सा....

डॉ : गुस्सा नहीं आएगा क्या....? एक तो 3 महीने बाद आये हो और आने के बाद प्यार से बात करने के बजाये उल्टा मुझ पे hi गुस्सा दिखा के चले गए.... जैसे मैं तुम्हारी कोई लगती hi नहीं....

सुलतान : यार तुम तो मेरी सब से प्यारी दोस्त हो....

डॉ : जाओ जाओ बातें न बताओ...

सुलतान : मैं बातें कहाँ बना रहा हूँ वो hi कह रहा हूँ जो सच है.... और रही उस वक़्त की बात तो उस वक़्त मेरा मूड खराब था मैं गुस्से में था.... तुझे तो पता है न की गुस्से में मेरे मुँह से कुछ भी उल्टा सीधा निकल जाता है.... चल न अब माफ़ भी करदे न अपने दोस्त को....

फिर सुलतान अपने कान पकड़ के प्यार से उसे सॉरी कहता है.... जिसे देख फलक का गुस्सा हवा हो जाता है.... वो आगे बढ़ के सुलतान के हाथ उसे कान से हटा के कहती है...

फलक : बस बस अब ज़्यादा नाटक करने की ज़रुरत नहीं है....

सुलतान आगे बढ़ के फलक को अपने सीने से लगा लेता है....

तभी रूम में से किसी की आवाज़ आती है.... दोनों अंडर जा के देखते हैं....

खान : तुम कौन हो और मैं यहाँ कैसे आया....?

ये कह के खान उठने की कोशिश करता है... मगर दर्द की वजह से उठ नहीं पाटा..... उसके मुँह से दर्द भरी आह निकल जाती है....

खान : अअअअअअअअअगह्ह्हह्ह्ह्ह....

तभी सुलतान दौर के उसके पास जा के कहता है....

सुलतान : तेरा दिमाग तो नहीं खराब हो गया....? तुझे गोली लगी थी गोली.... कोई मामूली चोट नहीं.... अभी तेरा घाव भरा भी नहीं है और तू है की.... खबरदार जो तू ने बीएड से उठने की कोशिश भी की तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा....

सुलतान को वहां देख के खान को जितनी हैरानी होती है वहीँ उस की बातें सुन के और अपने लिए उसे इतना फ़िक्र करते देख खान की आँखें नाम हो जाती है उसके मुँह से एक hi लफ्ज़ निकलता है सुलतान....

सुलतान : मुझे पता है मेरा नाम सुलतान है और तेरा....

ये कहते कहते सुलतान रुक जाता है वो न तो उसका नाम लेता है और न hi कुछ कहता....

सुलतान : तू अभी आराम कर मैं कल आ के तुझसे मिलता हूँ फिर आराम से बैठ के बात करेंगे....

फिर फलक की तरफ देख के कहता है....

सुलतान : फलक.... ये मेरे दिल के बेहद करीब है इसे चोट पहुँचाने का मतलब है मुझे चोट पहुँचाना.... और जब कोई सुलतान को चोट पहुंचता है तब क्या होता है ये तुम अच्छे से जानती हो...

फलक : सुलतान तुझे फ़िक्र करने की कोई ज़रुरत नहीं यहाँ ये सेफ है इसे कुछ नहीं हो सकता.... यहाँ तेरी मर्ज़ी के खिलाफ न कोई आ सकता है और न hi कोई यहाँ से जा सकता है.... वैसे तेरा जाना ज़रूरी है क्या....?

सुलतान : हाँ एक काम अधूरा रह गया है उसे पूरा कर के मैं कल तुझे और इसे (खान की तरफ इशारा कर के) मिलता हूँ....

ये कह के सुलतान वहां से निकल जाता है और चोर जाता है सवालों का अम्बार खान के दिमाग में....

सुलतान चाहे तो अपनी पावर्स से पल भर में खान को ठीक कर सकता है मगर अभी वो सब को अपनी पावर्स नहीं दिखाना चाहता....

अभी सुलतान वहां से निकला hi था की तभी उसे शानू का कॉल आ जाता है....

सुलतान : Hi मेरी जान कैसी हो....?

शानू : जान के बच्चे तू है कहाँ...? सुबह मुझे यहाँ चोर के गया था रात हो गयी न तू खुद आया और न hi तू ने कॉल भी किया....?

सुलतान : वो... वो... शानू बात ऐसी है की एक ज़रूरी काम आ गया था उसमे फस गया था...

शानू गुस्से में : ऐसा कौनसा ज़रूरी काम आ गया था जो तुझे ये भी होश नहीं रहा की तुझे मासूम का पता लगाना है....?

सुलतान : हाँ मुझे याद है....

शानू गुस्से में : तो फिर तुझे ये भी याद होगा की उसके लिए तुझे क्या करना है...?

सुलतान : हाँ याद है उसे मैं कैसे भूल सकता हूँ.... मैं दुनिया की हर एक बात भूल सकता हूँ मगर आप के साथ चुदाई करने की बात मैं कैसे भूल सकता हूँ....

सुलतान के मुँह से खुलेआम चुदाई की बात सुन के शानो शर्म से पानी पानी हो जाती है....

शानू शर्माते हुए : धत सुलतान ऐसे भी कोई कहता है क्या....?

सुलतान : अब चुदाई को चुदाई न कहूं तो और क्या कहूं....?

शानू : हाँ मगर साफ़ लफ़्ज़ों में कहने की क्या ज़रुरत थी... छुपे लफ़्ज़ों में भी तो कह सकता था न.... की आप के साथ वो करना है....

सुलतान : ए हाय.... मेरी शानू को बड़ी शर्म आ रही है.... हाय मेरी जान ऐसे शर्माती रहोगी तो अपने सुलतान के साथ चुदाई कर के बच्चे कैसे पैदा करोगी....?

शानू : उसके लिए मुझे बेशर्म बन ने की ज़रुरत नहीं.... एक hi बेशर्म काफी है और वो तू है... एक नंबर का कमीना है तू.... साथ hi बेशर्म भी....

सुलतान : आप बस देखती जाइये मैं कैसे आप को अपने रंग में रखता हूँ.... आप को भी अपनी तरह बेशर्म न बना दिया तो कहना....

शानू : तू बस एक बार आ फिर बताती हूँ मैं तुझे....

सुलतान : हाय जान मतलब आग दोनों ततफ बराबर लगी हुई है....

सुलतान की बात सुन के शानू शर्मा जाती है.... साथ hi मस्ती में उसकी छूट कॉमर्स की कुछ बूँदें टपका देती हैं....

शानू शर्माते हुए : सुलताआआआं....

सुलतान : हाँ मेरी जान बस आज रात की बात है कल आ के मैं आपकी साड़ी शिकायत दूर कर दूंगा... आप को जन्नत की ऐसी सैर कराऊंगा आप को मस्ती के उस आसमानी झूले पे झुलाऊँगा की आप उसपे से उतरने का नाम नहीं लोगी.... हर वक़्त आप का दिल चाहेगा की आप उस झूले की जैम के सवारी करो....

सुलतान की मस्ती भरी बातें सुन के शानू भी मस्ती में आ जाती है....

शानू : चल चल ज़्यादा बातें न बना... बेकार अपने झूले की तारीफ न कर ऐसा न हो की मुझे झूले पे सवार करते hi 2 मिनट में तेरा झूला थक के रुक जाते....

सुलतान : जान अभी आपने मेरे झूले को देखा नहीं है तभी ऐसी बात कर रही हो... एक बार उसे देख लोगी न तब ऐसा भूले से भी नहीं कहोगी.... और रही बात सवारी के वक़्त की तो मेरे झूले में इतना डैम है की वो आपको 1 घंटे तक लगातार सवारी करवाने के बाद भी न थके.... सवारी करते करते आप थक जाओगी मगर मेरा झूला नहीं थकेगा....

शानू : ये तो कल सवारी करने के बाद hi पता चलेगा.... की तेरी बातों के साथ साथ तेरे झूले में कितना दम है.... (फिर अपनी छूट को मसलते हुए कहती है) मैं और मेरी मुनिया बड़ी बेसब्री से तेरा इंतज़ार कर रही हैं....

सुलतान : बस आज रात का इंतज़ार कल दोपहर को आपकी और आपकी मुनिया की साड़ी बेसब्री ऐसे दूर करूँगा की दोनों मेरे और मेरे लुंड की दीवानी हो जाएंगी....

सुलतान के मुँह से मुनिया और लुंड सुन के शानू मस्ती के आस्मां पे पहुँच जाती है.... मस्ती में उसका जिस्म अकड़ने लगता है और एक तेज़ सिसकारी के साथ वो झाड़ जाती है....

शानू : आआआआह्ह्ह्हह्ह.... सुलतान मैं gayieeeeeeeeee....

सुलतान : क्या बात है शानू आपकी मुनिया लगता है मेरे लुंड के बारे में सुन के hi ख़ुशी से झाड़ गयी.... कल जब मैं उसे अपने मज़बूत लुंड की सवारी करवा के उसे इसका मीठा रास पिलाऊंगा तब आपकी मुनिया का क्या हाल होगा....?

शानू शर्माते हुए धत कह के फ़ोन कट कर देती है....

इधर सुलतान हस्ते हुए उस घर की तरफ बढ़ जाता है जहाँ ज़ोया और उसकी बहने हैं.... वहां पहुँच के वो जैसे hi बेल्ल बजने वाला होता है की तभी....

सुलतान : अरे यार सब के चक्कर में मैं असल काम करना तो भूल hi गया.... अब तक तो होटल और मॉल भी बंद हो गए होंगे... अब क्या करूँ...? यार मैं तो भूल hi गया मेरी गिनी की पावर्स किस दिन काम आएगी... क्यों न पावर्स के ज़रिये खाने और कपड़ों को इंतज़ाम कर लून.... हाँ यही ठीक रहेगा....

बस फिर क्या था इधर सुलतान ने सोचा और उधर उसके हाथ में खाने और बेहद खूबसूरत ड्रेस के पैकेट्स आ गए....

फिर वो आगे बढ़ के बेल्ल बजता है....

दरवाज़ा ज़ोया खोलती है.... सामने सुलतान को देखते के साथ hi वो शुरू हो जाती है....

ज़ोया : सॉरी सुलतान अपनी कही हुई बातों की वजह से मैं बेहद शर्मिंदा हूँ.... प्लीज मुझे माफ़ कर दो....

बस फिर क्या था.... एक बार ज़ोया शुरू हुई तो बंद होने का नाम hi नहीं ले रही.... सुलतान के साथ साथ सोहा और नोहा भी अपना सर पीट लेते हैं.... बड़ी मुश्किल से दोनों ज़ोया को खामोश करवाते हैं....

दोनों : ज़ोया अब बस भी करो.... क्या रात भर सुलतान को बहार खड़े रखने का इरादा है... अरे उसे अंडर तो आने दो....

दोनों की बात सुन के ज़ोया को अपनी गलती का एहसास होता है....

ज़ोया : सॉरी यार वो मैं भूल गयी थी... वो हुआ ऐसा था की...

सुलतान : अब बस भी कर मेरी माँ मैं तेरी साड़ी भावनाओं को समझ गया की तेरे दिल और दिमाग में क्या है... मुझे बक्श दे.... मेरा दिमाग खाने के बजाये वो खाना खा जो मैं लाया हूँ.... इस से पहले की खाना ठंडा हो जाए....

ज़ोया : हाँ तो चलो न मैंने कब मन किया है... वो तो तुमने hi मुझे खुद बातों में फसा लिया था वर्ण ज़्यादा बात करने की मेरी आदत नहीं है....

ज़ोया की बात सुन के सुलतान हैरत से उसे देखने लगता है....

ज़ोया : अब यहाँ बहार खड़े बस देखते hi रहोगे या अंडर भी आओगे....

सुलतान : हे ऊपर वाले मुझे इसके शक से और इसकी बातों से बचा लेना....

ज़ोया : वैसे खाने में क्या है....?

सुलतान : बहुत सी चीज़ें हैं....

सोहा और नोहा : तो फिर जल्दी से निकालो भूक के मारे मेरे पेट में चूहे कूद रहे हैं....

सुलतान : जी नहीं... ये लो कपडे पहले जा के नाहा के आओ... तब तक मैं खाना निकालता हूँ....

ज़ोया : मगर यहाँ तो एक बाथरूम है और जब तक हम तीनो नहाएंगे तब तक खाना ठंडा हो जाएगा...

सुलतान : ये आप से किसने कहा की यहाँ सिर्फ एक बाथरूम है....?

ज़ोया : किसी के कहने की क्या ज़रुरत है.. मुझे पता है की हर घर में सिर्फ एक hi बाथरूम होता है....

सुलतान : नहीं मेरी माँ इस घर में जितने रूम हैं उतने hi बाथरूम भी... हर रूम में आत्ताच बाथरूम है....

सुलतान की बात सुन के तीनो चौंक जाते हैं....

सुलतान : अब जाओ भी.... प्लीज....

ज़ोया : यार ये प्लीज मत कहो... हम बस यूँ गए और यूँ आये....

ये कह के तीनो वहां से जाने लगते है की तभी ज़ोया पलट के सुलतान से कहती है....

ज़ोया : जब तक हम नहाते हैं क्यों न तुम भी नाहा लो... वो क्या है न रात में नाहा के सोना चाहिए ऐसे गन्दी हालत में नहीं...

सुलतान : हाँ मेरी माँ मैं भी जा के नाहा लेता हूँ.... अब क्या आप जाने का कष्ट करेंगी....

ज़ोया : भलाई का तो ज़माना नहीं रहा... एक तो अच्छी बात भी बताओ और ऊपर से जनाब की नाराज़गी भी सहो.... हँ....

ये कह के ज़ोया नहाने चली जाती है....

सुलतान : बीटा तू भी चल के नाहा ले.... अगर कहीं उस ज़ोया ने तुझे ऐसे hi देख लिया न तो फिर से शुरू हो जायेगी.... न बाबा न इस से पहले की वो फिर से शुरू हो जाए चल के नाहा ले बीटा....

ये कह के सुलतान नहाने चल देता है....

कुछ देर बाद सब नाहा के बहार आते हैं.... नहाने के बाद सुलतान के लाये गए कपड़ों को देख के तीनो बेहद खुश हो जाती हैं....

सोहा : वाओ यार सुलतान की चॉइस को मान न पड़ेगा.... कितने खूबसूरत कपडे लाया है वो....

नोहा : हाँ ये वाकई में बेहद खूबसूरत हैं....

ज़ोया : और साथ में महंगे भी....

सुलतान : यार मैंने कब तुमसे इनके बिल के पैसे मांगे हैं जो तुम महंगे और सस्ते की बात कर रही हो.... मेरे लिए इतना बहोत है की ये कपडे तुम तीनो को पसंद आये....

ज़ोया अभी कुछ कहने hi वाली होती है की तभी....

सुलतान : यार रात बहुत हो चुकी है क्यों न चल के चुप चाप खाने का मज़ा लिया जाए.... इस से पहले की वो ठंडा हो जाए....

फिर वो खाना खा के सोने चले जाते हैं.... सुलतान उन्हें बिना कुछ बताये वहां चला जाता है जहाँ 3 लोग उसका इंतज़ार कर रहे हैं.....

इधर जब डी ठाकुर को इस बारे में पता चलता है तो वो गुस्से से पागल हो जाता है.... अपने गुंडों को खान और उसकी टीम को मारने के लिए भेज देता है....

तब तक चलिए चल के देखते हैं की इधर सुलतान के जाने के बाद खान की टीम का क्या हाल है....?

सब राशन पानी ले के मिया पे चढ़े हुए हैं...

एहसान : क्या ज़रुरत थी सुलतान पे गोली चलने की....? हम उस से बात भी तो कर सकते थे न....?

मिया : जैसे वो हमारी बात सुन लेता....

जेम्स : भले hi न सुन ता मगर वो तो न होता जो तेरे उसकी पीठ पे गोली चलने की वजह से हुआ है.... न तू गोली चलती और न वो गुस्से में आ के हमारे सर्वर को तोड़ता....

मिया : लो जी उल्टा चोर कोतवाल को डांटे.... सारा इलज़ाम मुझ मासूम पे दाल के देखो सब खुद कैसे शरीफ बन रहे हैं.... सुलतान से बात करने के बजाये लड़ाई की शुरुवात की तुम सब ने और इलज़ाम मुझ मासूम पे दाल रहे हो....

दिया : हाँ माना की गलती सिर्फ तेरी नहीं बल्कि हम सब की है.... मगर अब किया क्या जाए....? कैसे सुलतान की नाराज़गी को दूर किया जाए....? कैसे उस से किये अपने गलत बर्ताव की माफ़ी मांगी जाए....? और सब से बड़ी बात खान सर को क्या जवाब देंगे ये समझ नहीं आ रहा है....?

अन्य : वैसे खान सर हैं कहाँ....?

मिया : पता नहीं.... बस इतना पता है की जिस कमरे में वो थे उसमे गोली चली थी

सब शॉकेड : Kyaaaaaaaaaaaa....?

मिया : हाँ.... वहां गोली चली थी.... उन्हें बचने के लिए जब मैं उस कमरे में गयी तो वहां वो मुझे कहीं नहीं मिले.... उस कमरे में बस कुछ था तो सिर्फ कटी हुई लाशें थी.... मैंने हर जगह उन्हें ढूंढ लिया मगर वो मुझे कहीं नहीं मिले.... मैं तब से उनका पता लगाने की कोशिश कर रही हूँ मगर कुछ पता नहीं चल पा रहा है... ऐसा लग रहा है जैसे की सारे ट्रैकिंग डिवाइस बेकार हो चुके हैं.... और अब तो हमारा सर्वर भी टूट गया....

जेम्स : ये सब उस सुलतान किया धरा है....

दिया : जी नहीं ये सब हमारा किया धरा है.... न हम सुलतान के साथ बदतमीज़ी करते और न वो गुस्से में आ के हमारे साथ ये करता... वो तो शुक्र मनाओ की उसने हम को ज़िंदा चोर दिया.... वर्ण हम को जान से मारने में उसे एक सेकंड भी नहीं लगता.... भूल गए कैसे 5 मिनट्स के अंडर hi उसने कैसे अपनी तलवार के उन 100 गुंडों को मौत के घात उतरा था...

मिया : वो खौफनाक मंज़र हम छह के भी नहीं भूल सकते.... उस वक़्त एक वेह्शी दरिंदा लग रहा था वो.... अब जब वो यहाँ आया था तब कितना मासूम लग रहा था..... एक मासूम फ़रिश्ते की तरह.... कितना स्मार्ट डैशिंग और हैंडसम पर्सनालिटी है उसकी... ख़ास कर के उसकी नीली आँखें और वो प्यारी से दिल लुभाने वाली स्माइल.... उसकी नीली आँखों में एक कशिश है जिसे देख के कोई भी मदहोश हुए बिना नहीं रह सकता.... है दिल उसका दीवाना हुआ जाता है.... मेरा बस चले तो मैं खड़े खड़े उस से निकाह कर लून....

मिया की बात सुन के सब शॉकेड हो जाते हैं....

सब : Kyaaaaaaaaaaaa....?

मिया : क्या हुआ तुम सब अचानक से चौंक क्यों गए....?

दिया : तेरी हरकत देख के और तेरी बातें सुन के हम को झटका लगा है.... दोनों hi चीज़ें एक दूसरे को मैच नहीं कर रही hain....Ek तरफ तू सुलतान की तारीफ कर रही है उस से निकाह करने की बात कर रही है और वहीँ दूसरी तरफ तू ने उसे गोली मारी....

मिया : वो वो मैं वो....

जिया : ये वक़्त इन बातों का नहीं है बल्कि खान सर को ढूंढने का है... जाने इस वक़्त वो कहाँ और कैसे हैं....? सब से पहले सर को ढूंढने के बारे में सोचो..... बाकी सब बाद में....

मिया : तो फिर चलो चल के खान सर का पता लगते हैं....

सब बहार की तरफ चल देते हैं.... अभी वो दरवाज़ा खोल के बहार आये hi थे की तभी अचानक से वहां कुछ अनजान लोग उन्हें घेर के उनपे गन तान देते हैं....

मिया : कौन हो तुम लोग....? और इस तरह हम पे हुम्ला करने का क्या मतलब है....?????

ये लोग कौन हैं जिन्होंने सब को घेर लिया और उनपे गन तान दी.... वहीँ दूसरी तरफ वो 3 लोग कौन हैं जिनसे सुलतान मिलने गया है साथ hi अगली सुबह सुलतान क्या क्या धमाल करने वाला है ये देखना बेहद दिलचस्प होगा....????


(वर्ड काउंट 6000)
 
Back
Top