Meri Aashiqui Tumse hi (Bhai aur Behen) - Page 2 - SexBaba
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Meri Aashiqui Tumse hi (Bhai aur Behen)

मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 8

फ़िरोज़ : तुम दोनों को मैं देख लूंगा.... एक दिन ऐसा मज़ा चखाउंगा की तुम दोनों की साड़ी हेकड़ी और होशियारी निकल जायेगी.... देख लेना....

रूही : अबे जा जा ये गीदर भापकी किसी और को देना.... इस से पहले की मुझे गुस्सा आ जाए और गुस्से में मैं तेरी बंद बजा दूँ निकल ले यहाँ से.....

फ़िरोज़ गुस्से में हाथ मलते हुए वहां से निकल जाता है....

सिमी : रूही तो आज कहाँ चलना पार्टी करने.....?

रूही : तू बता कहाँ चलें....?

सिमी : वो जो नया क्लब खुला है वहां चलते हैं.....

रूही : वाओ तो फिर चलो देर किस बात की....

दोनों अपने Friend's के साथ पार्टी करने नए क्लब में चल देते हैं.... वहां सब मस्ती में बियर पीते हैं और नाचते गाते हैं.... करीब रात के 11 बजे रूही का मोबाइल बजने लगता है.... स्क्रीन पे डिस्प्ले हो रहे नंबर को देख के रूही बुरी तरह से घबरा जाती है..... दर के मारे उसके पसीने छूटने लगते हैं....?????

अब आगे.....

एक तरफ बियर का नशा तो दूसरी तरफ क्लब की चकाचोंध.... और साथ में दोस्ती के साथ डांस मस्ती.... रूही और सिमी धमाल मचा रही हैं..... नशे और मस्ती में झूम रही हैं..... जीत की ख़ुशी का जश्न मन रही हैं....

की तभी फ़िरोज़ उनके पास आ के खड़ा हो जाता है....

रूही : फ़िरोज़ तू....!!!! तू यहाँ क्या कर रहा है.....?

फ़िरोज़ : क्यों ये तेरे अब्बा का डिस्को है क्या जो मैं यहाँ नहीं आ सकता....? अभी फ़िरोज़ ने इतना hi कहा था की तभी एक झन्नाटेदार थप्पड़ उसके गाल पे पड़ता है....

Chataaaaaaaaaak.....

थप्पड़ इतना ज़ोरदार था की फ़िरोज़ पूरी तरह से हिल जाता है और पीछे गिरता है....

रूही : साले तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरे अब्बा का नाम लेने की.....? आज मैं तेरी वो हालत करुँगी की तू दोबारा ऐसा कहने से पहले 100 बार सोचेगा....

ये कह के रूही उसे मारने लगती है.... बड़ी मुश्किल से फ़िरोज़ खुद को रूही से बचता है.... और वहां से दूर चला जाता है.... गुस्से से उसका दिमाग पहात रहा है.... उसे समझ नहीं आ रहा है की वो क्या करे....? अपनी बेइज़्ज़ती का बदला लेने के लिए वो तड़प रहा है.... तभी अचानक से उसे एक आईडिया आता है.... वो फ़ौरन अपना फ़ोन निकालता है और रूही की माँ को कॉल करके रूही के कारनामो के बारे में बताता है.....

फिर सीधे जा के रूही के सामने वाली चेयर पे बैठ जाता है..... और मुस्कुराने लगता है....

रूही : फ़िरोज़ तुझे शर्म नहीं आती क्या....? अभी मेरे हाथों से इतनी मार खा के भी तू नहीं सुधरा.... बेशर्मो की तरह मेरे सामने आ के बैठ गया और ऊपर से मुस्कुरा भी रहा है.... लगता है तेरी खातिरदारी में कोई कमी रह गयी है.... रुक अभी पूरी कर देती हूँ.....

फ़िरोज़ : खातिरदारी तो तुम दोनों की होने वाली है वो भी बहुत जल्द.... मैंने तुम दोनों की खातिरदारी का पूरा इंतज़ाम कर दिया है.... कुछ hi देर में तुम हे मेरी बात पे यकीन आ जाएगा....

फ़िरोज़ की बात सुन के दोनों को गुस्सा आ जाता है वो उसे कुछ कहने hi वाली होती हैं की तभी रूही का मोबाइल बजने लगता है.... मोबाइल पे डिस्प्ले हो रहे नंबर को देख दोनों बुरी तरह से घबरा जाती हैं...... वहीँ फ़िरोज़ के चेहरे पे मुस्कराहट फैल जाती है....

ये कॉल रूही की माँ रहना का है.... दर के मारे दोनों में से किसी की हिम्मत नहीं हो रही है कॉल रइवे करने की.... ये देख फ़िरोज़ के चेहरे पे शैतानी हंसी आ जाती है.....

फ़िरोज़ : लगता है तुम दोनों कॉल उठाने से दर रही हो..... चलो मैं कॉल रइवे कर के तुम्हारा ये दर दूर कर देता हूँ.....

फ़िरोज़ जैसे hi फ़ोन उठाने जाता है.... रूही मोबाइल उठा लेती है....

रूही : Hello.... माँ कैसी हो....? मैं कब से आपके कॉल का वेट कर रही थी....?

रहना : मैं ठीक हूँ... मेरी चोर और पहले तू मुझे ये बता की तू कहाँ है....

रूही : मैं....

रहना : हाँ तू.... बता तू कहाँ है.....?

रूही : वो माँ... वो क्या है न.... की हम लोग न.... वो.... न.....

रूही को यूँ बड़बड़ाते देख फ़िरोज़ को बड़ा मज़ा आ रहा है.... रूही की हालत पे वो मज़े से हंस रहा है.....

रूही मन में : साले बड़ा मज़ा आ रहा है न तुझे..... रुक अभी मैं तेरे इस मज़े को सजा में बदल देती हूँ..... जो तीर तू ने हमपे वार करने के लिए चलाया है उसे मैं तेरी तरफ hi मोड़ देती हूँ.... फिर देखती हूँ की तू कैसे हँसता है.....

रहना : ये वो माँ.... वो माँ.... क्या कर रही है.....? ठीक से बोल और बता मुझे की इस वक़्त तू है कहाँ.....?

रूही : वो माँ.... हम क्या है की हम लोग न घर जा रहे थे.... मगर फ़िरोज़ के कहने पे हम को यहाँ आना पड़ा.... उसी ने हम को यहाँ बुलाया है.... और 3 घंटे से हम को यहाँ खड़ा रखा है.... आप चाहो तो सिमी से पूछ लो.....

रूही की बात सुन के फ़िरोज़ के साथ साथ सिमी को भी उसकी चालाकी पता चल जाती है.....

इस से पहले की फ़िरोज़ कुछ कहता.... रूही मोबाइल सिमी को थमा के फ़िरोज़ का मुँह बंद कर देती है..... ताकि वो कुछ बोल न सके....

सिमी भी सारा इलज़ाम फ़िरोज़ पे लगा देती है.... फिर मोबाइल फ़िरोज़ को थमा देती है....

गुस्से में रहना फ़िरोज़ को कुछ कहने का मौका hi नहीं देती.... उसे ज़बरदस्त दांत पीला के दोनों को साथ लेके घर जाने को कहती है....

दांत सुनके फ़िरोज़ का चेहरा उतर जाता है.... अपने फेंके हुए जाल में वो खुद फस जाता है.... उसके चेहरे की हंसी गायब हो चुकी है.... और उसकी जगह दर ने ले लिया है.... सारा इलज़ाम उसके सर जो आ गया है..... दर के मारे उसकी हालत खराब हो गयी है....

उसकी हालत देख के रूही और सिमी की हंसी रुक hi नहीं रही.....

रूही : अभी तू मेरे सामने बच्चा है.... तू तो क्या इस पूरी दुनिया में ऐसा कोई नहीं जो मुझे हरा सके.... मैं हमेशा hi जीत टी आयी हूँ और हमेशा जीतूंगी.... मुझे हारने वाला आज तक पैदा नहीं हुआ....

फ़िरोज़ : इस से पहले की और देर हो जाए और मुझे और दांत पड़े जल्दी से घर चलो....

रूही : जी नहीं....

फ़िरोज़ : नहीं मतलब....

रूही : ऐसे नहीं.... प्लीज कहो.... प्लीज रूही साहिबा घर चलिए....

रूही की बात सुन के फ़िरोज़ को गुस्सा तो बहित आता है मगर वो हालात की वजह से मजबूर है.... उसे रूही की हर बात मान नई पड़ती है.... वो झुक के बड़े अदब से....

फ़िरोज़ : प्लीज रूही मैडम.... मेरी गुज़ारिश है आप से.... प्लीज घर चलिए....

रूही : चल तू भी क्या याद करेगा.... चलते हैं घर वैसे भी मेरा आज का कोटा पूरा हो चूका है....

फिर वो तीनो घर आ जाते हैं....

फ़िरोज़ की हिम्मत नहीं हो रही है घर में दाखिल होने की..... बड़ी मुश्किल से हिम्मत कर के वो घर में दाखिल होता है.... अंडर आते hi उसकी माँ रुकसाना उसपे टूट पड़ती है और न जाने क्या क्या उसे सुनाने लग जाती है.....

दोनों फ़िरोज़ की हालत पे मज़े ले रहे हैं..... फ़िरोज़ छह के भी कुछ नहीं कह पाटा.... ख़ामोशी से अपनी माँ की दांत सुनता रहता है....

फ़िरोज़ मन में : रूही की बच्ची.... आज की बेइज़्ज़ती का मैं तुझसे ऐसा बदला लूंगा की याद करेगी.... देखना एक दिन तुझे ऐसा फसाऊँगा की तू उस से निकल नहीं पाएगी.... उम्र भर तू तड़पती रहेगी....

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नई चरक्टेर्स....

सिमी : रूही की चचेरी बेहेन.

फ़िरोज़ : सिमी का भाई.

रहना : फ़िरोज़ की माँ.

अब्बास : फ़िरोज़ के डैड.

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इधर प्लेन में प्रिंस अपने दोस्तों को पूरी बात बता देता है....

विजय : तो इसका मतलब की आज से तू अरबो की जायदाद का मालिक हो गया है.....

प्रिंस : न चाहते हुए भी हाँ..... मुझे इस में कोई इंटरेस्ट नहीं है बल्कि अपनी खुद का बिज़नेस स्टार्ट करने की चाहत है....

विजय : अबे इस वक़्त तू इतना अमीर है की एक बिज़नेस तो क्या तू जिस देश को चाहे उसे खरीद सकता है....

सैम : तू ने सब कुछ तो बता दिया मगर ये नहीं बताया की हम जा कहाँ रहे हैं....?

मैक्स : इंडिया.... हम इंडिया जा रहे हैं....

विजय : तुझे कैसे पता....

सैम : अबे तू भूल गया ये एक डिटेक्टिव है.... इसे सब पता रहता है....

विजय : वो तो ठीक है.... मगर इसे पता कैसे चला की हम इंडिया जा रहे हैं....

मैक्स : प्रिंस ने hi तो बताया था भूल गया.....

विजय : जी नहीं प्रिंस की कही हुई हर बात मुझे अच्छे से याद है.... उसने सिर्फ इतना hi कहा था की हम यहाँ से कहीं दूर ऐसी जगह जा रहे हैं जहाँ उसे कोई नहीं जानता.....

मैक्स : हाँ और इंडिया hi एक ऐसी जगह है जहाँ प्रिंस को कोई नहीं जानता....

कुछ देर में उनका प्लेन इंडिया में लैंड करता है.....

वो लोग प्लेन से बहार निकलने hi वाले होते हैं की तभी एक बेहद hi खूबसूरत और सेक्सी लड़की उनके पास आती है....

इस से पहले की कोई कुछ कहता.... विजय बोल पड़ता है....

विजय : वाओ.... यार ये है कौन....? कितनी खूबसूरत और सेक्सी है....

अभी विजय ने इतना hi कहा था की तभी एक झन्नाटेदार थप्पड़ उसके गाल पे पड़ता है और वो उड़ता हुआ दूर जा गिरता है....

थप्पड़ खा के दर के मारे विजय की हालत खराब हो जाती है....

विजय अपने गाल सहलाते हुए : ये S...Se...Sexy.... है कौन....?

प्रिंस : ये ज़रा है....

ज़रा : अबे साले थप्पड़ खा के भी तू नहीं सुधरा.... लगता है तुझे और मरम्मत की ज़रुरत है....

ये कह के ज़रा गुस्से में आगे बढ़ती है.... मगर प्रिंस उसे रोक देता है....

प्रिंस : ज़रा तुम भी न.... इसने कौन सी ऐसी गलत बात कह दी जो तुम नाराज़ हो रही हो.....?

ज़रा : इस की हिम्मत कैसे हुई मुझे खूबसूरत और सेक्सी कहने की.....

प्रिंस : तू इसमें गलत क्या है....? क्या तुम खूबसूरत और सेक्सी नहीं हो.....?

ज़रा : हाँ हूँ....

प्रिंस : वो hi तो इसने कहा.... इसने तुम्हारी तारीफ की और तुम हो की इसे मार रही हो.....

ज़रा : इसे तो क्या इस दुनिया में किसी को भी हक़ नहीं की मुझे सेक्सी कहे या फिर मेरी तारीफ करे.... सिवाए तुम्हारे.....

ज़रा की बात सुन के सैर बीच में बोल पड़ती है....

सैर : ऐसा क्यों भला....?

ज़रा : प्रिंस मेरी तारीफ करे इस से बड़ी बात मेरे लिए और क्या हो सकती है.... मेरा दिल करता है की मैं प्रिंस के पास बैठी रहूं और ये उम्र भर मेरी तारीफ करता रहे.... करता रहे.... करता रहे.... करता रहे.....

ज़रा की बात सुन के प्रिंस अपना सर पीट लेता है.....

प्रिंस : लो ये फिर शुरू हो गयी.... ज़रा ख़्वाबों की दुनिया से बहार आओ... और बहार चलो....

ज़रा : है दिल तो नहीं है मगर तुम कहते हो तो चलो.....

सैर : प्रिंस तुमने बताया नहीं ये प्यारी सी लड़की है कौन.....?

प्रिंस : इस का नाम ज़रा है.... और ज़रा ये मेरे दोस्त हैं.... सैम... सैर... मैक्स... और वो है विजय..... ज़रा एक हार्डकोर फाइटर है....

हार्डकोर फाइटर सुन के सब हैरान हो जाते हैं....

सारा : ज़रा क्या तुम सच में एक हार्डकोर फाइटर हो.....?

ज़रा : हाँ और अपनी जान की सब से ख़ास सिक्योरिटी गार्ड भी.... अपनी जान की हिफाज़त करना मेरा फ़र्ज़ है....

सारा : तुम्हारी जान....?

प्रिंस की तरफ इशारा कर के....

ज़रा : ये है न मेरी जान....

प्रिंस : क्या यार ज़रा.... तुम भी कहीं भी कभी भी शुरू हो जाती हो... अब चलो....

फिर वो लोग बहार आ जाते हैं और कार में बैठ के चल देते हैं शिमला की वादियों की तरफ..... वो लोग मस्ती करते हुए जा hi रहे थे की अगले मोड़ पे तेज़ी से आती हुई एक बस इनकी कार को ज़ोरदार टक्कर मारती है.... एक ज़ोरदड़ार धमाका होता है और.....

Dharaaaaaaaaaam.... और फिर......?????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 9

सारा : ज़रा क्या तुम सच में एक हार्डकोर फाइटर हो.....?

ज़रा : हाँ और अपनी जान की सब से ख़ास सिक्योरिटी गार्ड भी.... अपनी जान की हिफाज़त करना मेरा फ़र्ज़ है....

सारा : तुम्हारी जान....?

प्रिंस की तरफ इशारा कर के....

ज़रा : ये है न मेरी जान....

प्रिंस : क्या यार ज़रा.... तुम भी कहीं भी कभी भी शुरू हो जाती हो... अब चलो....

फिर वो लोग बहार आ जाते हैं और कार में बैठ के चल देते हैं शिमला की वादियों की तरफ..... वो लोग मस्ती करते हुए जा hi रहे थे की अगले मोड़ पे तेज़ी से आती हुई एक बस इनकी कार को ज़ोरदार टक्कर मारती है.... एक ज़ोरदड़ार धमाका होता है और.....

Dharaaaaaaaaaam.... और फिर......?????

अब आगे.....

उस ज़ोरदार टक्कर से सब की हालत खराब हो जाती है.... सब बुरी तरह से ज़ख़्मी हो जाते हैं.... प्रिंस को भी काफी चोट आयी है.... उसके साथी बुरी तरह से ज़ख़्मी हैं.... टक्कर होते hi प्रिंस के हाई टेक सिक्योरिटी गार्ड्स उसकी हिफाज़त के लिए वहां आ जाते है..... और सब को कार में बैठा के हॉस्पिटल की तरफ ले जाने लगते हैं.... की तभी किसी की आवाज़ सुन के प्रिंस रुक जाता है.... और पलट के उस तरफ देखने लगता है.....

बस और उसके लोगों की हालत बहुत खराब बानी हुई है.... जिसे देख प्रिंस मदत के लिए आगे बढ़ता है....

तभी ज़रा उसे आवाज़ दे के रोकती है.....

ज़रा : कहाँ जा रहे हो प्रिंस....? तुम्हे बहुत चोट लगी है.... जल्दी से डॉक्टर के पास चलो....

प्रिंस बस की तरफ इशारा कर के कहता है....

प्रिंस : वो देखो उन सब की हालत तो हमसे भी ज़्यादा खराब है.... उन्हें मदत की ज़रुरत है.... उन्हें इस हाल में चोर के मैं नहीं जा सकता.... एक काम करो जल्द से जल्द अपनी सिक्योरिटी टीम को यहाँ आने को कहो और तुम सैम और सभी के साथ हॉस्पिटल चली जाओ.... मैं इन बस के लोगों के साथ वहां आता हूँ... तब तक तुम वहां इन सब के ट्रीटमेंट का इंतज़ाम करवा के रखना....

ज़रा : मगर प्रिंस मैं तुम्हे इस हाल में चोर के कैसे जा सकती हूँ.... नहीं प्रिंस ये मुझसे नहीं होगा....

प्रिंस : ये क्या ज़रा.... तुम इतनी कमज़ोर कबसे हो गयी.... मेरी ज़रा तो ऐसी न थी.... वो बड़ी से बड़ी मुसीबत का डट के सामना करती थी....

ज़रा : हाँ करती थी... मगर यहाँ बात तुम्हारी है.... और मैं तुम्हे इस हाल में चोर के नहीं जा सकती.... ये मुझसे नहीं होगा....

प्रिंस : होगा ज़रा.... होगा... और ये तुम्हे करना hi होगा.... इतने लोगों की ज़िन्दगी का सवाल जो है.... तुम कमज़ोर नहीं पद सकती... मेरी ज़रा कमज़ोर नहीं पद सकती....

ये कह के प्रिंस उसे अपने सीने से लगा लेता है.... और उसे हिम्मत देता है... प्रिंस के सीने से लग के और उसकी बातें सुन के ज़रा की हिम्मत बढ़ जाती है.... मगर फिर भी उसका दिल प्रिंस को इस हाल में चोर के जाने को नहीं करता.... मजबूरन उसे वहां से जाना पड़ता है..... वो सिक्योरिटी टीम को जल्द से जल्द वहां आने का कह के सब को ले के हॉस्पिटल की तरफ चल देती है....

प्रिंस बस की तरफ बढ़ जाता है और सब की मदत करने लगता है.... कुछ hi देर में वहां सिक्योरिटी टीम आ जाती है.... और वो लोग सब को ले के हॉस्पिटल की तरफ चल देते हैं....

प्रिंस भी बस से उतर के उनके साथ जाने hi वाला होता है की तभी उसे किसी लड़की की आवाज़ सुनाई देती है.... कोई लड़की उसका नाम ले के उसे पुकार रहा है....

Pri.....nnnn...ceeeeeeeee..... बाआआअच्छाआऊऊऊ.....

उसकी आवाज़ में इतना दर्द इतनी तड़प है जो कानो से होते हुए सीधे प्रिंस के दिल तक जा रही है.... और उसके दिल को तड़पा रही है....

प्रिंस फ़ौरन उसे ढूंढने लगता है... मगर वो उसे कहीं नहीं मिल रही.... प्रिंस परेशां हो जाता है.... उसे समझ नहीं आ रहा है की वो करे तो क्या करे....? आवाज़ तो आ रही है मगर आवाज़ देने वाली आखिर है कहाँ.... तभी अचानक से उसे दो सीटों के बीच में कुछ नज़र आता है.... प्रिंस फ़ौरन भाग के उस तरफ जाता है.... वहां सीट के नीचे दबी एक लड़की नज़र आती है.... उसके जिस्म पे काफी चोट के निसान हैं.... हर जगह से खून निकल रहा है... यहाँ तक की उसके सर से भी.... उसका चेहरा पूरा उसके खून से भर गया है.... उसे इस हाल में देख प्रिंस का दिल तड़प जाता है.... उसकी आँखों से जाने क्यों आंसू बहने लगते हैं.... वो फ़ौरन उसके पास जाता है और उसे वहां से निकालने की कोशिश करता है... मगर वो 2 सीटों के बीच में इस तरह दबी हुई है की वहां से बाहर नहीं निकल पा रही है.... प्रिंस अपनी पूरी ताक़त लगा के उस दोनों सीटों को अलग करने लगता है.... मगर तभी अचानक से उस लड़की के मुँह से दबी हुई चीख निकल जाती है....

Aaaaaaaaaaggggggghhhhhhhh.....

जिसे सुन के प्रिंस घबरा के उन सीटों को चोर देता है..... और उस लड़की की तरफ गौर से देखता है... तब उसे उसके चीखने की वजह का पता चलता है.... सीट में लगे लोहे के रोड का नुकीला हिस्सा उस लड़की के पेट में चुभ रहा hai....jis से उसके पेट से खून निकल रहा है.... हर गुज़रते पल के साथ उस लड़की की हालत बाद से बत्तर होती जा रही है.... अगर जल्द hi कुछ न किया गया तो वो मर भी सकती है.... ये सोच के प्रिंस के दिल की धरकन तेज़ हो जाती है.... उसकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं.... प्रिंस फ़ौरन उसके पेट को एक हाथ से हलके सा दबाता है और अपने दूसरे हाथ की हथेली उसके पेट और रोड के बीच में दाल देता है..... फिर अपने दूसरे हाथ और पैरों को सीट में फसा के उन्हें अलग करने लगता है.... ऐसा करते hi उस रोड का नुकीला हिस्सा प्रिंस की हथेली को चीरते हुए उसमे घुसने लगता है.... प्रिंस को अपनी हथेली में तेज़ दर्द सा महसूस होने लगता है.... इस वक़्त जाने क्यों प्रिंस को अपने दर्द से ज़्यादा उस लड़की के दर्द की फ़िक्र है.... कुछ hi देर में दोनों सीट अलग हो जाती है और वो लड़की आज़ाद हो जाती है.... प्रिंस का हाथ बुरी तरह से ज़ख़्मी हो गया है.... उसमे से खून निकल रहा है.... प्रिंस अपने हाथ की परवाह किये बगैर उस लड़की को अपनी गॉड में उठता है और बहार की तरफ जाने लगता है.... ठीक तभी बस में आग लग जाती है और देखते hi देखते बस जलने लगती है.... प्रिंस फ़ौरन उस लड़की को ले के बस के बाहर आ जाता है.... वो उसे साथ ले के कुछ दूर गया hi था की तभी एक तेज़ धमाके के साथ बस उड़द जाती है.... प्रिंस फ़ौरन उस लड़की को अपनी बाहों में समेत लेता है ताकि उसे कोई चोट न आये.... वो उस लड़की को तो बचा लेता है मगर खुद को नहीं बचा पाटा.... बस के पहात ते hi उसमे लगे शीशे टूट के तीजी से प्रिंस की तरफ आते हैं और उसकी पीठ में घुस जाते है.... प्रिंस के मुँह से दर्द भरी आह निकल जाती है.....

अअअअअअअअअगगगगगठ्हहहह....

जिसे सुन के वो लड़की प्रिंस के चेहरे की तरफ देखती है.... उसके मुँह से बस इतना hi निकलता है.... "P...rin....ce.... और फिर वो बेहोश हो जाती है....

प्रिंस फ़ौरन उसे ले के कार की तरफ भागता है.... वो उसे गॉड में ले के कार में बैठ जाता है और जल्द से जॉफ हॉस्पिटल चलने को कहता है....

हॉस्पिटल पहुँचते hi प्रिंस उसे गॉड में ले के अंडर जाता है चीखते हुए डॉ को अकाज देने लगता है.... उसकी आवाज़ में इतना गुस्सा है इतना दर्द है इतनी तड़प है की जिसे सुन के वहां मौजूद सभी का दिल तड़प जाता है....

डॉ की एक टीम फ़ौरन उसके पा आ जाती है...

डॉ : क्या हुआ इसे....?

प्रिंस : एक्सीडेंट हुआ है....

डॉ : कब....? कहाँ....? कैसे....?

प्रिंस : वो बताने का अभी वक़्त नहीं है.... इसकी हालत बहुत खराब है जल्द से जल्द इसका इलाज कीजिये....

डॉ : ये तो पुलिस केस है.... पहले आप जा के पुलिस में कंप्लेंट लिखवाइए तब जा के हम इस का इलाज करेंगे....

प्रिंस : वो सब मैं बाद में कर लूंगा... फिलहाल आप इसका इलाज कीजिये.... इस की हालत बहुत खराब है... प्लीज जल्दी से इसका इलाज कीजिये....

डॉ : जी नहीं... जब तक आप कंप्लेंट नहीं लिखवा देते मैं तो क्या इसे इस हॉस्पिटल का कोई डॉ हाथ नहीं लगाएगा....

प्रिंस : नहीं डॉ प्लीज ऐसा मत कहिये.... प्लीज इसका इलाज कीजिये... अगर जल्द hi इसका इलाज न हुआ तो कही इसे कुछ हो न जाए.... प्लीज मैं आपके हाथ जोड़ता हूँ जल्दी से इसका इलाज कीजिये....

फिर डॉ जो कहता है उसे सुन के प्रिंस गुस्से से पागल हो जाता है.....

डॉ : ये मुमकिन nahi....Bina कंप्लेंट लिखवाये हम इसका इलाज नहीं करेंगे.... और ज़्यादा से ज़्यादा क्या होगा... ये मर जायेगी... और क्या....? वैसे भी यहाँ रोज़ ऐसे जाने कितने hi लोग मरते आये हैं एक और सही....

डॉ के मुँह से उस लड़की के मरने की बात सुन के प्रिंस गुस्से से पागल हो जाता है... वो एक ज़ोरदार लत उस डॉ के सीने पे मारता और एक घायल शेर की तरह दहाड़ते हुए कहता है.....

प्रिंस : खबरदार डॉ.... दुबारा तू ने अपनी जुबां से ये लफ्ज़ गलती से भी निकाला तो मैं तेरे हलक़ में हाथ दाल के तेरी जान निकाल दूंगा.... जल्दी से इसका इलाज कर... अगर इसे कुछ भी हुआ तो न तू रहेगा और न hi तेरा ये हॉस्पिटल.... इस से पहले की मैं तेरे साथ तेरे इस हॉस्पिटल को जला के राख कर दूँ... इस का इलाज कर....

प्रिंस को इतने गुस्से में देख और उसकी दहाड़ सुन के वहां मौजूद सभी बुरी तरह से दर जाते है और फ़ौरन उसे साथ लेके ऑपरेशन थिएटर में जाते हैं....

प्रिंस उस लड़की को ऑपरेशन थिएटर के बीएड पे लेता के बहार जाने लगता है मगर जा नहीं पाटा.... वो पलट के देखता है.... वजह जान के वो बुरी तरह से चौंक जाता है....?????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 10

डॉ : ये मुमकिन nahi....Bina कंप्लेंट लिखवाये हम इसका इलाज नहीं करेंगे.... और ज़्यादा से ज़्यादा क्या होगा... ये मर जायेगी... और क्या....? वैसे भी यहाँ रोज़ ऐसे जाने कितने hi लोग मरते आये हैं एक और सही....

डॉ के मुँह से उस लड़की के मरने की बात सुन के प्रिंस गुस्से से पागल हो जाता है... वो एक ज़ोरदार लत उस डॉ के सीने पे मारता और एक घायल शेर की तरह दहाड़ते हुए कहता है.....

प्रिंस : खबरदार डॉ.... दुबारा तू ने अपनी जुबां से ये लफ्ज़ गलती से भी निकाला तो मैं तेरे हलक़ में हाथ दाल के तेरी जान निकाल दूंगा.... जल्दी से इसका इलाज कर... अगर इसे कुछ भी हुआ तो न तू रहेगा और न hi तेरा ये हॉस्पिटल.... इस से पहले की मैं तेरे साथ तेरे इस हॉस्पिटल को जला के राख कर दूँ... इस का इलाज कर....

प्रिंस को इतने गुस्से में देख और उसकी दहाड़ सुन के वहां मौजूद सभी बुरी तरह से दर जाते है और फ़ौरन उसे साथ लेके ऑपरेशन थिएटर में जाते हैं....

प्रिंस उस लड़की को ऑपरेशन थिएटर के बीएड पे लेता के बहार जाने लगता है मगर जा नहीं पाटा.... वो पलट के देखता है.... तो बुरी तरह से चौंक जाता है....?????

अब आगे.....

प्रिंस अपना हाथ उस लड़की के हाथ में पाटा है.... उस लड़की ने कास के प्रिंस के हाथ को अपने हाथ से पकड़ा हुआ है....

डॉ डरते डरते प्रिंस से कहता है....

डॉ : आप जल्दी से बहार जाइये.... ताकि हम इस लड़की का ऑपरेशन शुरू कर सकें....

प्रिंस : जाना तो मैं भी चाहता हूँ.... मगर जा नहीं पा रहा हूँ.... इसने मेरे हाथ को बहुत hi मज़बूती से पकड़ा हुआ है.... मैं छह के भी अपना हाथ इस के हाथ से नहीं छुड़ा प् रहा हूँ....

वहां मौजूद डॉ और नर्स भी कोशिश करते हैं मगर प्रिंस का हाथ उस लड़की के हाथ से नहीं छुड़ा पाते....

नर्स : डॉ जल्दी से कुछ कीजिये इस लड़की की हालत खराब होती जा रही है... इसकी नॉब्स भी डूब रही है.....

नर्स की बात सुन सब घबरा जाते हैं.... वो प्रिंस का हाथ चोर के उस लड़की की तरफ जाते हैं.... और उसका इलाज शुरू कर देते हैं..... नर्स की बात सुन के प्रिंस भी उस लड़की की तरफ बढ़ता है.... उसकी हालत के बारे में सुन के प्रिंस का दिल तड़प जाता है.... वो फ़ौरन उसके हाथ को अपने हाथ में कास लेता है.... ऐसे जैसे की अगर उसने उस लड़की को छोरा तो वो कहीं उस से दूर न चली जाए.... प्रिंस के हाथ की मज़बूती को अपने हाथ पे महसूस करते hi उस लड़की के जिस्म में बदलाव आने लगते हैं.... उसकी नॉब्स और दिल की धरकन नार्मल होने लगती है.... और सब से हैरत की बात तो ये है की अचानक से उसके होंठों पे मुस्कराहट चा जाती है.....

नर्स उस लड़की के चेहरे पे लगे खून साफ़ करती है जिस से उस लड़की का खूबसूरत चेहरा प्रिंस की नज़रूँ के सामने आ जाता है..... उसे देखे hi प्रिंस उसके खूबसूरत चेहरे और उसकी प्यारी सी मुस्कराहट में खो सा जाता है.... ठीक तभी डॉ की बात सुन के प्रिंस की तंत्र टूट टी है.....

डॉ : हम ने इस के जिस्म पे लगे घाव का इलाज तो कर दिया है मगर इस के सर में बहुत गहरी चोट आयी है.... जिसका इलाज जल्द से जल्द होना चाहिए..... अगर ज़रा सी भी देर हो गयी तो इस का बच पाना मुश्किल हो जाएगा....

डॉ की बात सुन के प्रिंस गुस्से में आ जाता है.....

प्रिंस : तो फिर बातें क्यों बना रहे हो.... जल्दी से इसका इलाज क्यों नहीं करते.....?

डॉ : जी वो क्या है की इसका इलाज एक hi डॉ कर सकती है और वो है डॉ सपना.... मगर शायद वो भी इस का इलाज न कर पाए....

प्रिंस : क्या बेकार की बात कर रहे हो डॉ.... जब डॉ सपना इस का इलाज कर सकती है तो उसे बुलाते क्यों नहीं.... जल्द से जल्द उसे यहाँ बुला के लाओ....

कुछ देर में डॉ सपना वहां आ जाती है.... और उस लड़की का चेकउप करती है....

डॉ सपना : इस के सर की चोट बहुत गहरी है.... और खून भी बहुत निकल चूका है.... इसे बचाना बहुत hi मुश्किल है....

प्रिंस : मुश्किल है नामुमकिन तो नहीं.... तो ये बेकार की बात चोरो और जल्द से जल्द इसका इलाज करो इस से पहले की मेरा गुस्सा और भी ज़्यादा तेज़ हो जाए और मैं गुस्से में कुछ गलत कर बैठूं....

प्रिंस को गुस्से में देख और उस लड़की की नाज़ुक हालत देख के डॉ सपना उस लड़की का इलाज शुरू कर देती है....

डॉ सपना : मैं इसका इलाज तो कर रही हूँ मगर इस का बच पाना बहुत hi मुश्किल है....

प्रिंस : इसे कुछ नहीं होगा... सुना तुमने.... कुछ नहीं होगा इसे... जब तक मैं इसके साथ हूँ इसे कुछ भी होने नहीं दूंगा....

करीब 4 घंटे तक उसका इलाज चलता रहता है.... प्रिंस अपने दर्द को भूल उसका हाथ थामे एक तक बस उस के मासूम और खूबसूरत चेहरे को देखता रहता है....

डॉ सपना : शुक्र है ऊपर वाले का इस का ऑपरेशन सक्सेसफुल रहा.... साथ hi हैरत भी है.... इतनी गहरी चोट लगने पे भी ये लड़की ज़िंदा कैसे है.....? ऐसी हालत में तो लोगों की जगह पे hi मौत हो जाती है....

डॉ की बात सुन के प्रिंस मुस्कुराते हुए कहता है....

प्रिंस : मैंने कहा था न जब तक मैं इस के साथ हूँ इसे कुछ नहीं हो सकता....

सपना : सही कहा आप ने ये आपका प्यार और विश्वास hi है जो इस लड़की को मौत के मुँह से खींच लाया.... वैसे पूछना तो नहीं चाहिए मगर फिर भी मैं पूछ लेती हूँ.... ये क्या लगती है आपकी....?

प्रिंस : कुछ नहीं....

सपना : मतलब....!!!!

प्रिंस : मतलब मैं इसे नहीं जानता.... आज पहली बार इस से मिला हूँ.... मिला क्या बस देखा है.... हाँ आज पहली बार मैंने इसे देखा है.....

प्रिंस की बात सुन के सब बुरी तरह से चौंक जाते हैं....

डॉ : जब तुम इसे नहीं जानते तो तुमने इतना हंगामा किया.... अगर जानते तो क्या करते....?

प्रिंस : मैं इसे जानता भी हूँ और नहीं भी....

डॉ : मतलब....

प्रिंस : मेरा दिमाग कहता है की मैं इसे नहीं जानता मगर दिल कहता है की मैं इसे बरसो से जानता हूँ.... ये मेरी ख़ास बहुत ख़ास लगती है... इस से मेरा बेहद करीबी रिश्ता है.... मगर क्या ये मैं नहीं जानता..... ये कौन है....? कहाँ से आयी है मैं नहीं जानता.... मैं इसके बारे में कुछ नहीं जाता.....

प्रिंस अभी अपनी बात कर hi रहा था की तभी अचानक से दरवाज़ा खुलता है और प्रिंस को ढूंढते ढूंढते ज़रा अंडर आती है....

प्रिंस को देख जहाँ उसे बेहद ख़ुशी होती है वहीँ उसके जिस्म पे ख़ास करके पीठ और हाथ पे लगे ज़ख्मों को और उस से निकल रहे खून को देख ज़रा बेचैन हो जाती है.... साथ hi उसे वहां मौजूद डॉ पे गुस्सा भी आने लगता है....

ज़रा बेहद गुस्से में : डॉ तुम्हे दिखाई नहीं दे रहा.... प्रिंस कितना ज़ख़्मी है.... उसका इलाज करने के बजाये.... तुम लोग यहाँ खड़े बातें बना रहे हो.... जल्दी से उसका इलाज करो इस से पहले की मैं....

ज़रा की बात सुन के डॉ दर के मारे फ़ौरन प्रिंस का इलाज करने लग जाता है....

ठीक तभी वहां पुलिस आ जाती है और प्रिंस को अरेस्ट करने लगती है....?????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 11

प्रिंस अभी अपनी बात कर hi रहा था की तभी अचानक से दरवाज़ा खुलता है और प्रिंस को ढूंढते ढूंढते ज़रा अंडर आती है....

प्रिंस को देख जहाँ उसे बेहद ख़ुशी होती है वहीँ उसके जिस्म पे ख़ास करके पीठ और हाथ पे लगे ज़ख्मों को और उस से निकल रहे खून को देख ज़रा बेचैन हो जाती है.... साथ hi उसे वहां मौजूद डॉ पे गुस्सा भी आने लगता है....

ज़रा बेहद गुस्से में : डॉ तुम्हे दिखाई नहीं दे रहा.... प्रिंस कितना ज़ख़्मी है.... उसका इलाज करने के बजाये.... तुम लोग यहाँ खड़े बातें बना रहे हो.... जल्दी से उसका इलाज करो इस से पहले की मैं....

ज़रा की बात सुन के डॉ दर के मारे फ़ौरन प्रिंस का इलाज करने लग जाता है....

ठीक तभी वहां पुलिस आ जाती है और प्रिंस को अरेस्ट करने लगती है....?????

अब आगे....

ैप अजय जैसे hi आगे बढ़ के प्रिंस को अरेस्ट करने जाता है ज़रा बीच में आ जाती है....

ज़रा बेहद गुस्से में : ये क्या कर रहे हो....?

ैप : इसे अरेस्ट कर रहा हूँ....

ज़रा : इसे अरेस्ट करना तो बहुत दूर की बात है... तुम प्रिंस को छू भी नहीं सकते....

ैप : प्रिंस तो ऐसे कह रही है जैसे की ये कहीं का प्रिंस हो....?

ज़रा गुस्से में कुछ कहने hi वाली होती है की तभी प्रिंस उसे आगे कुछ भी कहने से रोक देता है.....

प्रिंस : क्या मैं जान सकता हूँ की आप मुझे किस जुर्म में अरेस्ट कर रहे हैं....?

ैप : एक्सीडेंट कर के बस के लोगों को जान से मारने की कोशिश में... एटेम्पट तो मर्डर....

ैप की बात सुन के प्रिंस हसने लगता है..... जिस से ैप चीड़ जाता है.....

ैप : मैंने कोई जोके मारा है जो तू हंस रहा है....

प्रिंस : जोके hi तो है.... मैं इन लोगों को जानता तक नयी पहली बार इंडिया आया हूँ.... मैं तो अपने रास्ते जा रहा था.... तेज़ी से बस आ के हमारी कार से टकरा गयी... और आप कह रहे हैं की मैंने इन्हे जान से मारने की कोशिश की है....

ैप : वो सब पुलिस स्टेशन में जा के पता चलेगा.... फिलहाल अपना मुँह बंद कर और चुप चाप मेरे साथ पुलिस स्टेशन चल.....

प्रिंस : वो तो मुमकिन नहीं.... जब मैंने कुछ गलत किया hi नहीं तो मैं पुलिस स्टेशन जाऊँगा भी नहीं.... पहले जा के पता करो की एक्सीडेंट क्यों और कैसे हुआ.... बाद में मेरे पास आना....

ैप : साले पुलिस स्टेशन तू तो क्या तेरा बाप भी जाएगा.....

ैप की बात सुन के प्रिंस गुस्से में आ जाता है.... बड़ी मुश्किल से वो खुद को शांत करता है ये सोच के की कहीं इस सब का पता नानी को चला तो प्रॉब्लम हो जायेगी.... वो बात को आगे नहीं बढ़ाता...

प्रिंस : ैप साहब तमीज से.... मैं कोई सड़क चाप नहीं जो आप मुझसे इस तरह बात कर रहे हैं.... मैं एक अच्छे खानदान से हूँ....

ैप : साले तू मुझे तमीज सिखाएगा.... तेरे जैसे सड़कछाप लोगों को मैं खूब जानता हूँ.... तेरे जैसे गन्दी नाली के कीड़ों का इलाज़ खूब जानता हूँ मैं.... हवालात में दाल के जब मैं तेरी बंद बजाऊंगा न तो तू तो क्या तेरा बाप भी ये कबूल कर लेगा की तू ने hi ये एक्सीडेंट किया है....

ैप की बात सुन के प्रिंस का गुस्सा बढ़ने लगता है.... बड़ी मुश्किल से वो खुद पे काबू रखता है....

प्रिंस : ैप साहब मैं फिर कह रहा हूँ.... प्लीज तमीज से बात कीजिये....

ैप : साले तू मुझे तमीज सिखाएगा.... रुक अभी तेरी साड़ी तमीज तेरी गांड से निका.....

अभी ैप ने इतना hi कहा था की तभी प्रिंस के सब्र का बाँध टूट जाता है और वो एक ज़ोरदार पंच ैप के मुँह पे मारता है.... जिस से ैप उड़ता हुआ दूर जा गिरता है.....

उसका का मुँह पहात चूका है.... उसके दांत टूट चुके हैं और उसके मुँह से खून निकल रहा है..... ये देख वहां मौजूद हवलदार प्रिंस को मारने के लिए आगे आते हैं.... मगर वो प्रिंस तक पहुँच नहीं पाते प्रिंस के सिक्योरिटी गार्ड्स उन्हें रोक देते हैं....

गुस्से में प्रिंस आगे बढ़ के उस ैप को और मारना चाहता है मगर वो आगे बढ़ नहीं पाटा.... उस लड़की ने प्रिंस के हाथ को जो पकड़ा हुआ है.... प्रिंस ज़रा की तरफ देखता है.... ज़रा प्रिंस की बात समझ जाती है और फ़ौरन आगे बढ़ के ैप के पास जाती है और उसे गिरेबान से पकड़ के घसीट ते हुए प्रिंस के पास ला के ज़मीन पे पटक देती है.... बस फिर क्या था प्रिंस मार मार के उस ैप की हालत खराब कर देता है....

ठीक तभी वहां कमिश्नर आ जाता है और वो प्रिंस को रोकता है.....

कमिश्नर को देख ैप की हिम्मत बढ़ जाती है..... वो बात को बढ़ा चढ़ा के कमिश्नर को बताता है.... जिस से कमिश्नर बेहद गुस्से में आ जाता है.....

कमिश्नर : साले तेरी हिम्मत कैसे हुई एक ैप को मारने की.... देख अब मैं तेरे साथ क्या करता हूँ....

ये कह के कमिश्नर गुस्से में आगे बढ़ के प्रिंस का गिरेबान पकड़ लेता है.... ऐसा करके उसने बहुत बड़ी गलती कर दी है....

प्रिंस का दिमाग गुस्से से फटने लगता है.... गुस्से में वो आगे बढ़ के कमिश्नर को खींच के एक ज़ोरदार पंच उसके पेट में मारता है.... कमिश्नर उड़ता हुआ दूर जा गिरता है....

प्रिंस आगे बढ़ के उसे और मारना चाहता है मगर उस लड़की की वजह से आगे नहीं जा पाटा.... वो पलट के उस लड़की के पास जाता है और प्यार से उसके गाल को सेहला के कहता है.... बस दस मिनट्स के लिए मेरा हाथ चोर दो.... ताकि मैं इन कमीनो को बता सकूँ की मैं क्या चीज़ हूँ.... बस दस मिनट्स....

प्रिंस की बात सुनते hi उस लड़की के दिल की धड़कन तेज़ हो जाती है और वो प्रिंस के हाथ में अपनी पकड़ और कास लेती है.... उसे देख ऐसा लग रहा है जैसे की अगर उसने प्रिंस का हाथ छोड़ा तो कहीं वो उस से दूर न चले जाए.... ये देख प्रिंस मुस्कुरा देता है....

प्रिंस : मैं वादा करता हूँ.... बस 10 मिनट्स में मैं तुम्हारे पास लौट आऊंगा.... बस 10 मिनट्स Pleaseeeeeeeeeee.....

मगर वो लड़की है की उसकी बात माने को तैयार hi नहीं.... वो उसका हाथ चोर्ने को तैयार नहीं.... ये देख प्रिंस हुक के उस लड़की के गाल को चूम के प्यार से प्लीज कहता है....

प्रिंस : मैं वादा करता हूँ.... 10 मिनट्स में तुम्हारे पास लौट आऊंगा... बस 10 मिनट्स.... मेरा यकीन करो....

प्रिंस के किश करते hi उस लड़की का गोरा गुलाबी चेहरा शर्म से लाल हो जाता है.... साथ hi उसके होंठों पे प्यारी सी स्माइल आ जाती है.... और वो प्रिंस का हाथ चोर देती है.....

सब हैरत से प्रिंस और उस लड़की को देख रहे हैं.....

डॉ : यार ये हो क्या रहा है.....? ये उस बेहोश लड़की से बात कर रहा है... और वो लड़की जो बेहोश है उसकी बात का जवाब दे रही है.... होंठों से न सही जिस्म से hi सही.....

डॉ सपना : ये शायद इन दोनों के बीच का प्यार है..... जो की बेहोशी की हालत में भी प्रिंस को अपने पास महसूस करके इसका दिल उस से बातें कर रहा है.... और उसका जिस्म उसे अपने साथ रखने के लिए तड़प रहा है.....

सपना की बात सुन के ज़रा हैरत और गुस्से से कहती है....

ज़रा : ये क्या बकवास कर रही हो....? इन दोनों के बीच प्यार कैसे हो सकता है....? प्रिंस इसे जानता तक नहीं.... और न hi कभी इस से मिला है.... प्यार करना तो बहुत दूर की बात है.....

सपना : वो मैं नहीं जानती.... मगर जो देख रही हूँ उसे कैसे इंकार कर दूँ.... आज पहली बार किसी को बेहोशी में रेस्पोंद करते देख रही हूँ.... जो की नामुमकिन है..... एक डॉ होने के नाते मैं ये कभी नहीं मान सकती की ये जो हो रहा है वो मुमकिन है..... मगर एक इंसान होने के नाते आँखों के सामने हो रही बात को इंकार भी तो नहीं कर सकती....

अभी ज़रा कुछ कहने hi वाली होती है की तभी..... किसी के चीखने की आवाज़ सुनाई देने लगती है....

प्रिंस पागलों की तरह कमिश्नर को पीते जा रहा है.... कुछ hi देर में कमिश्नर की हालत भी ैप जैसी hi हो जाती है.....

प्रिंस : इस से पहले की मेरा गुस्से और तेज़ हो जाए..... फ़ौरन निकल लो यहाँ से....

अभी प्रिंस ने इतना hi कहा था की तभी स्पेशल पुलिस स्क्वाड वहां आ जाते हैं.... जिन्हे देखते hi... कमिश्नर और ैप की हिम्मत बढ़ जाती है...

कमिश्नर (स्पेशल स्क्वाड से) : Giraf....taaar कर लो इस कमीने को.... साले ने वर्दी में एक ैप और कमिश्नर पे हाथ उठाया है.....

ैप : Haa....aaat..... आआह्ह.... नहीं utha....ya बल्कि जी भर के पीटा है.... साले को अरेस्ट कर के जेल में दाल दो.... और इतने केस और चार्जेज इस पे लगाओ की इस की साड़ी ज़िन्दगी जेल की चार दीवारी में गट गट के रह जाए.... इस कमीने को पता चलना चाहिए की एक पुलिस वाले की वर्दी की क्या पावर होती है....

दोनों की बात सुन के प्रिंस हंसने लगता है....

प्रिंस : हहहहहहहहह..... अबे साले जिस वर्दी की पावर मुझे दिखने की तुम दोनों कोशिश कर रहे हो.... पहले ये तो चेक करलो की वो तुम्हारी अब रही भी की नहीं....

कमिश्नर : क्या बकवास कर रहा है....? साले आज तक कोई ऐसा पैदा नहीं हुआ जो मेरी वर्दी उतार सके..... (फिर स्पेशल स्क्वाड से) तुम लोग खड़े खड़े मेरा मुँह क्या देख रहे हो.... इस कमीने को गिरफ्तार कर के....

अभी कमिश्नर ने इतना hi कहा था की तभी एक ज़ोरदार किक उसके मुँह पे पड़ता है और वो उड़ता हुआ दूर जा गिरता है....

इस बार उसे प्रिंस ने नहीं बल्कि ज़रा ने मारा है.... ज़रा बेहद गुस्से में आगे बढ़ के उसे मारने hi वाली होती है की तभी स्पेशल स्क्वाड उसे रोक देते हैं.... और ैप के साथ साथ कमिश्नर को अरेस्ट कर ने लगते हैं....

कमिश्नर : ये तुम लोग क्या कर रहे हो.....? इस कमीने के बजाये मुझे क्यों अरेस्ट कर रहे हो.....?

कमिश्नर के मुँह से प्रिंस के लिए कमीना सुन के ज़रा बेहद गुस्से में आ जाती है.... और उसे मारने के लिए आगे बढ़ती है.... मगर स्पेशल स्क्वाड उसे रोक देते हैं.....

स्क्वाड ऑफिस : नहीं मैडम.... आप को कुछ करने की ज़रुरत नहीं.... आगे हम संभाल लेंगे.... इन दोनों को ऐसी जगह फेकेंगे जहाँ से दोनों कभी लौट के नहीं आ पाएंगे....

कमिश्नर को समझ नहीं आ रहा है की आखिर ये हो क्या रहा है....? क्यों स्पेशल स्क्वाड वाले प्रिंस को चोर के उन दोनों को अरेस्ट कर रहे हैं.....??????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 12

अभी कमिश्नर ने इतना hi कहा था की तभी एक ज़ोरदार किक उसके मुँह पे पड़ता है और वो उड़ता हुआ दूर जा गिरता है....

इस बार उसे प्रिंस ने नहीं बल्कि ज़रा ने मारा है.... ज़रा बेहद गुस्से में आगे बढ़ के उसे मारने hi वाली होती है की तभी स्पेशल स्क्वाड उसे रोक देते हैं.... और ैप के साथ साथ कमिश्नर को अरेस्ट कर ने लगते हैं....

कमिश्नर : ये तुम लोग क्या कर रहे हो.....? इस कमीने के बजाये मुझे क्यों अरेस्ट कर रहे हो.....?

कमिश्नर के मुँह से प्रिंस के लिए कमीना सुन के ज़रा बेहद गुस्से में आ जाती है.... और उसे मारने के लिए आगे बढ़ती है.... मगर स्पेशल स्क्वाड उसे रोक देते हैं.....

स्क्वाड ऑफिस : नहीं मैडम.... आप को कुछ करने की ज़रुरत नहीं.... आगे हम संभाल लेंगे.... इन दोनों को ऐसी जगह फेकेंगे जहाँ से दोनों कभी लौट के नहीं आ पाएंगे....

कमिश्नर को समझ नहीं आ रहा है की आखिर हो क्या रहा है.... क्यों स्पेशल स्क्वाड वाले प्रिंस को चोर के उन दोनों को क्यों अरेस्ट कर रहे हैं.....??????

अब आगे.....

कमिश्नर : ये हो क्या रहा है....? तुम लोग इस का... मेरा मतलब है इसे अरेस्ट करने के बजाये हम को क्यों और किस लिए अरेस्ट कर रहे हो.....?

स्क्वाड अफसर : इस की एक नहीं बल्कि 2 वजह है.... पहली ये की तुमने बिना किसी सबूत के हमारे देश के मेहमान.... और एक विदेशी हस्ती मर. प्रिंस पे झूठा इलज़ाम लगा के उन्हें फसाने की कोशिश की.... इतना hi नहीं तुमने उनकी बेइज़्ज़ती भी की.... और दूसरी वजह ये है की तुम दोनों पे जो हमारा जो शक था वो साबित हो चूका है.... पिछले साल जो ...... बैंक में रोबेरी हुई थी उसमे तुम दोनों का भी हाथ है इस बात के सबूत हम को मिल गए हैं..... और न जाने कितने hi केस थे तुम्हारे ऊपर जिस सब के सबूत हम को मिल चुके हैं.... थैंक यू ज़रा मैडम..... (फिर ैप और कमिश्नर से) अब साड़ी ज़िन्दगी तुम दोनों की जेल में गुजरने वाली है.... तुम दोनों आज़ादी का सूरज नहीं देख पाओगे....

फिर वो लोग प्रिंस से माफ़ी मांग के वहां से चले जाते हैं....

प्रिंस : ज़रा ये सब क्या है....? मैंने तुम्हे मन किया था न मुझसे बिना पूछे कुछ भी न करने से....

ज़रा : हाँ किया था....

प्रिंस : तो फिर तुमने ये सब क्यों किया....? बताओ.... जवाब दो मेरी बात का.... क्यों किया तुमने ये सब.... तुम जानती हो न अगर नानी को इस बारे में ज़रा भी खबर लगी तो क्या होगा....? मेरा सपना अधूरा रह जाएगा.... आज़ादी की ज़िन्दगी जो मैं जीना चाहता हूँ वो मुझसे चीन जायेगी.... यहाँ तक की मैं अपनी पहचान भी नहीं बना पाऊंगा.... नानी मुझे अपने पास बुला लेगी और सब ख़तम हो जाएगा.... सब कुछ.... सब जान ने के बाद भी तुम ने ये किया.... क्यों....? (बेहद गुस्से में) बताओ.... जवाब दो मेरी बात का आखिर क्यों....?

प्रिंस को इतने गुस्से में देख वहां मौजूद सभी दर जाते हैं.... यहाँ तक की वो लड़की भी... उसके दिल की धरकन भी तेज़ हो जाती है और तबीयत खराब होने लगती है.....

ये देख डॉ बेहद परेशान हो जाते हैं....

डॉ : ये अचानक से इसे क्या हो गया....? इसकी तबियत यूँ अचानक से कैसे खराब हो गयी....? अभी तो ये बिलकुल ठीक थी.....

डॉ बहुत कोशिश करते हैं मगर उस लड़की की हालत में कोई सुधार नहीं आ रहा है.... उसकी हालत हर गुज़रते पल के साथ बिगड़ती hi जा रही है.... ये देख वहां मौजूद सभी के साथ साथ प्रिंस भी परेशान हो जाता है.... किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा है की आखिर करे तो क्या....?

प्रिंस गुस्से में डॉ से कहता है....

प्रिंस : यहाँ खड़े खड़े मेरा मुँह क्या देख रहे हो....? इसका इलाज क्यों नहीं करते....?

डॉ : हम जो कर सकते थे वो हम ने कर लिया.... मगर इसकी हालत में कोई सुधार नहीं आ रहा है.... क्यों पता नहीं....? और अचानक से इसे क्या हो गया है वो भी अभी तक पता नहीं चल रहा है....

सपना : प्रिंस मुझे लगता है ये दर गयी है....

प्रिंस : दर गयी है.... मतलब इसे किसी का दर है क्या....?

सपना : किसी और का नहीं बल्कि तुम्हारा.... ये तुम्हारी गुस्से में भरी आवाज़ सुनके बेहद दर गयी है....

प्रिंस : मगर मैंने इसे तो कुछ कहा hi नहीं.... और न hi कभी कह सकता हूँ....

ये कह के प्रिंस फ़ौरन उसके पास जाता है और उसका हाथ अपने हाथ में ले के कहता है....

प्रिंस : ये इतनी खूबसूरत.... प्यारी... और मासूम जो है.... देखो इसके चेहरे की ये मासूमियत.... ये किसी पारी जैसी नहीं लगती.... नहीं नहीं ये तो जन्नत की पारी से भी ज़्यादा खूबसूरत है....

प्रिंस की बात सुन के और उसके हाथ को अपने महसूस करते hi उस लड़की के दिल को बेहद सुकून मिलने लगता है और धीरे धीरे उसके दिल की धरकन नार्मल हो जाती है....

ये देख सब को बड़ी हैरानी सी होती है....

फिर प्रिंस के कहने पे उस लड़की को प्रिंस के साथ स्पेशल वार्ड में शिफ्ट कर देते हैं.....

उसके बगल वाले बीएड पे प्रिंस लेट जाता है.... उस लड़की के मासूम चेहरे को देख कब उसे नींद आ जाती है उसे पता hi नहीं चलता....

अगली सुबह.....

एक नर्स भागते हुए डॉ सपना के पास आती है....

नर्स : डॉ..... व.... वो..... वो.... Wa..han.... वो....

सपना : क्या बात है....? ठीक से बताओ....

नर्स : जी वो वहां बहुत बरी प्रॉब्लम हो गयी है....

सपना : ऐसा क्या हो गया जो तुम इतनी दरी हुई हो....?

नर्स : जी वो जिसका कल आपने ऑपरेशन किया था..... वो गुस्से में सब को मार रही है.... किसी को अपने पास नहीं आने दे रही.... जो डॉ उसका चेक उप करने गए थे... उस ने उनका सर फोड़ दिया.... आप जल्दी से चलिए....

नर्स की बात सुन के सपना फ़ौरन वहां जाती है.... वहां का हाल देख सपना भी दर जाती है.... वो लड़की गुस्से में सारा सामान फ़ेंक रही है साथ hi चीख भी रही है.... कोई भी उसे संभाल नहीं पा रहा है... वो किसी को भी अपने करीब नहीं आने दे रही है.... सपना के कहने पे बड़ी मुस्खिल से कुछ वॉर्डबॉयस उसे पकड़ते हैं... फिर सपना उसे नींद का इंजेक्शन लगा देती है....

नर्स : डॉ ये अचानक से इसे क्या हो गया....? ये ऐसे क्यों कर रही है.....?

सपना : मुझे लगता है सर में चोट लगने की वजह से इसकी ऐसी हालत हो गयी है....

नर्स : ऐसे तो इसका इलाज करना मुश्किल हो जाएगा....

सपना : हाँ जानती हूँ.... मगर इसका इलाज भी तो ज़रूरी है.... हम इसे ऐसे तो चोर नहीं सकते.... खैर देखते हैं आगे हम क्या कर सकते हैं....

फिर जैसे hi सपना की नज़र बगल वाले बीएड पे जाती है... उस बीएड को खाली देख सपना चौंक जाती है....

सपना : हे वो हैंडसम.... मेरा मतलब है वो ladka...kya नाम था उसका.... प्रिंस ... हाँ प्रिंस कहाँ गया....?

नर्स : जी वो अपने दोस्तों के पास उनका हाल पूछने गया है.....

सपना : मगर वो तो बहुत ज़ख़्मी था... उसे आराम की ज़रुरत है.... उसे यहाँ से क्यों जाने दिया..... तुम लोग भी न....

ये कह के सपना गुस्से में वहां से सीधे प्रिंस के पास जाती है....

इधर प्रिंस अपने दोस्तों से मिल के उनका हाल चाल पूछता है....

सैम : यार हम से ज़्यादा तो तू ज़ख़्मी है....

सैर : हाँ सैम देखो न कितनी चोट आयी है इसे और ये है की आराम करने के बजाये यहाँ चला आया.....

प्रिंस : अरे यार तुम लोग दोस्त हो मेरे.... मुझे तुम सब की फ़िक्र हो रही थी....

सैर : फ़िक्र तो मुझे भी हो रही थी तुम्हारी.... रात भर मैं तुम्हारे लिए परेशान हो रही थी..... देखो कितनी चोट आयी है तुम्हे.... बहुत दर्द हो रहा है क्या.....?

सैर को प्रिंस की इतनी फ़िक्र करते देख सैम जल उठता है.....

सैम (सैर से) : यार कभी मेरी भी इसी तरह फ़िक्र कर लिया कर.... आखिर बॉयफ्रेंड हूँ तेरा....

सैम को चिढ़ते देख प्रिंस को मज़ा आने लगता है.... वो सैर के करीब जा के कहता है....

प्रिंस : हाँ देखो न सैर बहुत चोट आयी है मुझे और दर्द भी बहुत हो रहा है.....

प्रिंस की बात सुन के सैर फ़ौरन अपने बीएड से उठ के प्रिंस को अपने बीएड पे लेता के उसके घाव पे प्यार से सहलाते हुए कहती है....

सैर : घबराओ मत प्रिंस.... जल्द hi ठीक हो जाएगा और दर्द भी काम हो जाएगा.....

सैर की इस हरकत पे सैम बुरी तरह से जल जाता है....

सैम : अरे मैंने कहा कभी मेरी फिर इसी तरह फ़िक्र कर लिया करो.....

प्रिंस : सैर कहीं कुछ जल रहा है क्या....? मुझे कहीं से कुछ जलने की बू आ रही है.....

प्रिंस की बात सुन के सैर समझ जाती है की वो सैम की बात कर रहा है....

सैर : हाँ शायद मुझे भी ऐसा hi लग रहा है....

ये कह के दोनों हसने लगते हैं.....

दोनों को हस्ते देख सैम बुरी तरह से चीड़ जाता है और वो कह जाता है जो उसे नहीं कहना चाहिए था.....

सैम : मैं भला क्यों जलने लगा.... तुम दोनों जो चाहे करो चाहो तो लवर्स की तरह मज़े करो मैं होता कौन हूँ बीच में आने वाला..... मुझे उम्मीद नहीं थी मेरा दोस्त और मेरी गर्लफ्रेंड मेरे साथ ऐसा करेंगे....

अभी सैम ने इतना hi कहा था की तभी एक झन्नाटेदार थप्पड़ उसके गाल पे पड़ता है.....

Chataaaaaaaaaak.....

सैर आगे बढ़ के पागलों की तरह सैम को पीटने लगती है.....

ये देख प्रिंस फ़ौरन उसे रोकता है....

प्रिंस : सैर क्या कर रही हो.....? पागल तो नहीं हो गयी....?

सैर : नहीं प्रिंस आज नहीं आज मत रोको मुझे..... आज मैं इसे नहीं चोर्ने वाली....

प्रिंस : अरे यार पागल मत बन ये तेरा बॉयफ्रेंड है और बॉयफ्रेंड के साथ ऐसा भी कोई करता है क्या....?

सैर : अच्छा.... और इसने जो गिरी हुई बात हमारे बारे में कही क्या वो सही है....? नहीं वो गलत बात थी.... बहुत गलत....

सैर बेहद गुस्से में सैम को देख के कहती है.....

सैर : तुम्हे ज़रा भी शर्म नहीं आयी ऐसी गिरी हुई बात कहने me.....ye बात कह के तुम ने मेरे प्यार के साथ साथ हमारी सच्ची दोस्ती को भी गाली दी है.... प्रिंस के लिए मैं अपनी जान भी लुटा दूँ तो वो भी काम hi होगा..... तुम शायद भूल गए मगर मैं कुछ नहीं भूली हूँ.... आज ये है तो हम हैं..... इस की hi वजह से आज हम चारो ज़िंदा है..... अगर ये न होता तो हम कब के मर चुके होते..... इसने न सिर्फ हमारी जान बचायी बल्कि अपनी दोस्ती का अनमोल तोहफा दे के हम चारो को जीना भी सिखाया..... वर्ण हम को कब के मर चुके होते.... अगर इस ने हम चारो को उस ड्रग्स की लत से और उस कमीने गुंडे होशंग से न बचाया होता..... उस रात वो कमीना मेरी इज़्ज़त लूट hi चूका होता और साथ hi हम सब को जान से मार चूका होता अगर उस रात प्रिंस वहां न आता.... इसने अपनी जान पे खेल के मेरी इज़्ज़त और हम चारो की जान बचायी thi....uske बदले क्या मिला इसे.... उस रात हमारी वजह से इसके सीने में दो गोली लगी और आज गाली और ज़लालत.... जिसे ये अपना दोस्त मानता है उसी ने इसे ज़लील किया..... हाँ ये सच है की मैं इसे चाहती हूँ.... दिल ो जान से चाहती हूँ मैं इसे.... इस जैसा सच्चा इंसान और प्यारा दोस्त पूरी कायनात में ढूढ़ने से भी न मिले.....

सैर की बात सुन के सब चौंक जाते हैं....

प्रिंस : सैर ये तुम क्या कह रही हो....?

सैर : वो hi जो सच है.... मैं तुम्हे दिल ो जान से चाहती हूँ.... मेरे दिल में तुम्हारे लिए जो प्यार हो वो तुम्हारी तरह सच्चा और पाक है....

विजय : मगर तुम तो सैम को चाहती हो न.... वो तुम्हारा बॉयफ्रेंड है....

सैर : हाँ मगर उस प्यार में और प्रिंस के प्यार में ज़मीन आस्मां का फर्क है.... प्रिंस मेरा सच्चा और प्यारा दोस्त है और सैम मेरा बॉयफ्रेंड है.... ये बात प्रिंस समझता है मगर ये नहीं... इसे तो बस अपनी पड़ी है.... ये तो बस हर पल हर जगह खुद की hi बात करता है... बस अपने hi बारे में सोचता है.... देखो इसे और साथ hi प्रिंस को भी.... और बताओ मुझे क्या इसके ज़ख्म प्रिंस से ज़्यादा गहरे हैं...? क्या प्रिंस से ज़्यादा इसे चोट आयी है....? नहीं हम सब को तो बस मामूली सी चोट आयी है... बल्कि प्रिंस तो बुरी तरह से ज़ख़्मी है.... फिर भी इस वक़्त इसे अपनी नहीं बल्कि हम सब की फर्क है.... इसे इस वक़्त आराम करना चाहिए था... मगर नहीं ये अपने दर्द अपनी तकलीफ को भूल के हमारा हाल चाल पूछने चला आया.... इसे कहते हैं सच्चा दोस्त.... जो हर पल हर लम्हा अपने दोस्तों की फ़िक्र करता है.... मगर ये (सैम).... इस जैसा एहसान फरामोश मैंने आज तक नहीं देखा.... इसने आज न सिर्फ हमारी सच्ची दोस्ती को गाली दी है बल्कि एक फ़रिश्ते को भी ज़लील किया है.....

सैर की बात सुन के सैम को अपनी गलती का एहसास हो जाता है.... वो फ़ौरन आगे बढ़ प्रिंस के पैरों में गिर जाता है और उस से माफ़ी मांगने लगता है.....

अपने दोस्त को इस तरह अपने पैरों में गिरे देख प्रिंस को अच्छा नहीं लगता वो फ़ौरन सैम को उठता है....

प्रिंस : यार तू पागल तो नहीं हो गया.... ये क्या कर रहा है....

सैम : प्लीज मुझे माफ़ कर दे.... तू जो चाहे मुझे सजा दे.... मुझे मंज़ूर है मगर प्लीज मुझे माफ़ कर दे.... मैं अपनी बात पे बेहद शर्मिंदा हूँ.... मैंने जो कहा है उसकी कोई माफ़ी नहीं मगर फिर भी प्लीज मुझे माफ़ कर दे.... ी ऍम सॉरी....

ये कह के सैम रोने लगता है....

प्रिंस सैम को अपने सीने से लगा लेता है.... और उसे चुप करने लगता है....

प्रिंस : ये बात सच है की तू ने जो कहा वो सही नहीं था.... मगर उस वक़्त अगर तेरी जगह मैं होता तो शायद मैं भी वो hi कहता.... तुझे चिढ़ाने के चक्कर में मैं hi शायद कुछ ज़्यादा बोल गया....

सैम : नहीं प्रिंस ये मुमकिन नहीं.... मैंने जो घटिया बात कही वो तुम कभी नहीं कहते.... आज मुझे खुद पे शर्म आ रही है की कैसे मैं इतना नीचे गिर गया.... कैसे मैंने तुम्हारी और सैर की सच्ची दोस्ती को गाली दी.... उसे ज़लील किया.... ये कैसा गुनाह हो गया मुझसे.... मेरा गुनाह माफ़ी के काबिल तो नहीं है मगर फिर भी मुझे माफ़ कर दो.... ी ऍम सॉरी....

प्रिंस : यार जो बीत गया उसे हम बदल तो नहीं सकते मगर हाल भूल ज़रूर सकते हैं.... भूल जा उस बात को.... और ये रोना बंद कर..... क्या बच्चों की तरह रो रहा है....? मेरा दोस्त इतना कमज़ोर नहीं हो सकता जो जारी सी बात पे रो दे.....

सैम : इसे तू ज़रा सी बात कह रहा है.... सच hi कहा सैर ने..... तू इंसान नहीं बल्कि फरिश्ता है.... तभी तो इतनी बड़ी बात को भी आसानी से भूलने की बात कर रहा है..... तू सचमे एक सच्चा दोस्त है... बस मैं hi एक दोस्त न बन पाया....

प्रिंस : यार मुझे इंसान hi रहने दे.... और किसने कहा की तू दोस्त नहीं बन पाया.... बस मेरे एक बार कहने पे सिर्फ मेरी खातिर तू बिना सोचे समझे इतनी दूर चला आया... ये hi तो दोस्ती है...

सैम : ये सब न हुआ होता तो शायद आज भी मैं झूट hi कह देता की मैं तेरे लिए यहाँ आया हूँ... मगर नहीं अब मैं और झूट नहीं कह सकता.... मैं यहाँ तेरे लिए नहीं बल्कि अपने फायदे के लिए आया था.... यहाँ तेरे साथ मुझे भी नाम के साथ साथ ज़्यादा पैसे कमाने का मौका मिलेगा.... बस इस लालच में मैं यहाँ चला आया.... मगर सैर की बात और तेरी दोस्ती ने मुझे इस बात का एहसास दिला दिया है की सच्ची दोस्ती से बढ़ के कुछ भी नहीं होता है.... अब से मैं तेरे जैसे hi सब के लिए सोचूंगा और जो भी करूँगा वो हम सब के लिए करूँगा.... बस इस बार मुझे माफ़ कर दे.... मैं वादा करता हूँ... आगे से मैं ऐसा कभी नहीं करूँगा.... प्लीज मुझे माफ़ कर दे... ी ऍम सॉरी.....

प्रिंस : मैंने कहा न भूल जा सब कुछ.... और जल्दी से जा के सैर को मन ले...

सैम सैर को मानाने की बहुत कोशिश करता है मगर वो है की मान ने को तैयार hi नहीं.... आखिर प्रिंस के कहने पे वो मान जाती है....

वहीँ पास कड़ी सपना ये सब देख के खुश हो रही है.....

सपना : तुम यहाँ क्या कर रहे हो....? चलो अपने वार्ड में तुम्हे आराम की सख्त ज़रुरत है....

प्रिंस : डॉ मैं अपने दोस्तों के साथ hi रहना चाहता हूँ.... इनसे दूर नहीं जाना चाहता....

सपना : ठीक है तुम उस बीएड पे लेट जाओ.... मुझे तुम्हारा चेकउप करना है....

चेक उप करने के बाद सपना उसे आराम करने को कह के वहां से चली जाती है.....

इधर प्रिंस के बारे में जान ने के लिए पारी बेचैन बानी हुई है.... मगर उसे कुछ पता नहीं चल पा रहा है.... जैसे जैसे वक़्त बीत रहा है प्रिंस से मिलने की उसकी तड़प बढ़ती hi जा रही है.....

अगली सुबह....

डॉ प्रिंस और उसके दोस्तों का चेक उप करते हैं..... वो प्रिंस को चोर के बाकी सब को डिस्चार्ज कर देते हैं....

डॉ : प्रिंस को अभी कुछ दिन और हॉस्पिटल में रहना पड़ेगा....

इस बात से सब उदास हो जाते हैं... ख़ास कर के सैर....

प्रिंस : यार तुम सब उदास क्यों होते हो....? मैं भी जल्द hi ठीक हो जाऊँगा.... फिलहाल तुम लोग शिमला जा के वहां का काम शुरू कर दो... मैं जल्द hi तुम्हे वहां आ के मिलता हूँ....

कोई भी उसे इस हाल में चोर के जाने तैयार hi नहीं.... प्रिंस के समझने पे बड़ी मुश्किल से वो लोग वहां से जाने को तैयार होते है.... फिर आगे क्या करना ये सब को समझा के प्रिंस उन्हें वहां से शिमला भेज देता है....

कुछ देर बाद अचानक से एक नर्स दौरति हुई प्रिंस के पास आती है और जो कहती है उसे सुन के प्रिंस को बड़ी हैरानी सी होती है....????????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 13

अगली सुबह....

डॉ प्रिंस और उसके दोस्तों का चेक उप करते हैं..... वो प्रिंस को चोर के बाकी सब को डिस्चार्ज कर देते हैं....

डॉ : प्रिंस को अभी कुछ दिन और हॉस्पिटल में रहना पड़ेगा....

इस बात से सब उदास हो जाते हैं... ख़ास कर के सैर....

प्रिंस : यार तुम सब उदास क्यों होते हो....? मैं भी जल्द hi ठीक हो जाऊँगा.... फिलहाल तुम लोग शिमला जा के वहां का काम शुरू कर दो... मैं जल्द hi तुम्हे वहां आ के मिलता हूँ....

कोई भी उसे इस हाल में चोर के जाने तैयार hi नहीं.... प्रिंस के समझने पे बड़ी मुश्किल से वो लोग वहां से जाने को तैयार होते है.... फिर आगे क्या करना ये सब को समझा के प्रिंस उन्हें वहां से शिमला भेज देता है....

कुछ देर बाद अचानक से एक नर्स दौरति हुई प्रिंस के पास आती है और जो कहती है उसे सुन के प्रिंस को बड़ी हैरानी सी होती है....????????

अब आगे.....

नर्स : Wo....wo....wo.... आप को डॉ.... Sa....pna बुला रही है..... जल्दी चलिए.... प्लीज....

प्रिंस : मगर हुआ क्या है....? तुम इतनी घबराई हुई क्यों हो.....?

नर्स : जी वो जिस लड़की को आप यहाँ लाये थे वो..... वो.... आप जल्दी चलिए इस से पहले की.....

ये कह के नर्स फ़ौरन बहार की तरफ चल देती है.... प्रिंस भी उसके पीछे पीछे चल देता है....

स्पेशल वार्ड के बाहर डॉ सपना बेहद परेशान कड़ी है.... उसे समझ नहीं आ रहा है क्या करे....

प्रिंस : क्या बात है डॉ सपना.....? आप ने मुझे यहाँ क्यों बुलाया है....? और उस लड़की को क्या हुआ है.....?

सपना स्पेशल वार्ड के दरवाज़े पे लगे शीशे की तरफ इशारा कर के कहती है....

सपना : खुद देख लो.....

अंडर का हाल देख प्रिंस चौंक जाता है....

प्रिंस : क्या हुआ है इसे.....? ये ऐसे क्यों कर रही है....?

सपना : कल से ले के अब तक ये इसी तरह hi कर रही है..... शायद सर में चोट लगने की वजह से इसकी ऐसी हालत हो गयी है.... आज से पहले मैंने कभी किसी को इतने गुस्से में नहीं देखा..... समझ नहीं आ रहा है की इसे इतना गुस्सा क्यों और कैसे आ रहा है....? इस का इलाज करना भी मुश्किल हो गया है.... हर गुज़रते पल के साथ इसकी हालत खराब होती जा रही है.... ये किसी को भी खुद को चुना तो दूर पास तक नहीं आने दे रही.... अब तुम hi बताओ की हम इसका इलाज करे भी तो कैसे.... इसे बार बार नींद का इंजेक्शन भी तो नहीं दिया जा सकता.... इस से इसकी जान को भी खतरा हो सकता है....

प्रिंस : आप इसके घर वालों को क्यों नहीं बुला लेते.... उन्हें देख के शायद इसका गुस्सा कुछ काम हो जाए....

सपना : इस के बारे में कुछ पता हो तब न.... ये कौन है....? कहाँ से आयी है....? हम कुछ भी तो नहीं जानते.... और इसके पास भी ऐसा कुछ नहीं है जिस से ये पता चल सके की ये कौन है और कहाँ रहती है....? यहाँ तक की इसका नाम भी पता नहीं चल पाया है..... सर में चोर लगने की वजह से इसकी याददाश्त चली गयी है....

प्रिंस : ओह....

सपना : अब तुम hi हमारी मदत कर सकते हो.....

प्रिंस : मैं.... वो कैसे....? इसमें मैं आपकी क्या मदत कर सकता हूँ.....?

सपना : तुम एक बार अंडर जा के देखो.... शायद तुम्हे देख इसका गुस्सा शांत हो जाए....

प्रिंस : मगर ये कैसे हो सकता है.... न hi ये मुझे जानती है और न मैं इसे जानता हूँ.... किसी अजनबी को देख के कैसे किसी का गुस्सा शांत हो सकता है....? ये मुमकिन नहीं.... चलो फिर भी आपकी बात मान के मैं अंडर चला भी जाता हूँ तो इस बात की क्या गारंटी है की मुझे देख के ये गुस्से में नहीं आ जायेगी.... और मुझपे हमला नहीं करेगी....

सपना : जाने क्यों मुझे ऐसा नहीं लगता की ये तुम पे हुम्ला नहीं करेगी....

प्रिंस : ये आप कैसे कह सकती हैं....?

सपना : वो ऐसे की जब से तुम इसे यहाँ लाये हो.... तुम्हारे पास होने पे hi इसे सुकून आया है..... तुम्हारे दूर जाते hi ये बेचैन हो जाती है.... बेहोशी में भी इसे तुम्हारे पास होने का एहसास हो जाता है.... इसका जिस्म hi नहीं इसका दिल इसकी रूह भी तुम्हे पहचान लेती है.... मुझे यकीन है की सिर्फ और सिर्फ तुम hi इसे संभाल सकते हो.... इस से पहले की इसकी हालत और खराब हो जाए और इसे बचाना मुश्किल हो जाए.... जल्दी से जा के सम्भालो इसे....

सपना की बात सुन के और मौके की नज़ाकत को समझ के प्रिंस अंडर जाता है और दरवाज़ा बंद कर देता है.... इस बात से सपना को बड़ी हैरानी सी होती है....

फिर प्रिंस आगे बढ़ता है.... रूम में किसी को महसूस करते hi उस लड़की का गुस्सा और भी तेज़ हो जाता है और वो बिना देखे hi उसपे हमला कर देती है.... टेबल पे पड़े जग को उठा के ज़ोर से फेक के प्रिंस को मारती है.... साथ hi बेहद गुस्से में उसे बाहर जाने को कहती है.... जग प्रिंस के सर पे आ के लगता है और उसके सर से खून निकलने लग जाता है.... वो फिर भी नहीं रुकता आगे बढ़ता hi रहता है.... प्रिंस को आगे बढ़ते देख वो लड़की गुस्से में चीज़ें उठा के प्रिंस पे फेकने लगती है.... उन चीज़ों से बचते हुए प्रिंस आगे बढ़ता रहता है.... बड़ी मुश्किल से वो उसके करीब पहुँचता है और उसे शांत करने की कोशिश करता है.... मगर वो लड़की है की शांत होने को तैयार hi नहीं..... प्रिंस उसे अपने सीने से कास के लगा लेता है.... वो लड़की उसे खुद से दूर करने लगती है.... गुस्से में वो पागलों की तरह प्रिंस की पीठ नोचने लगती है.... प्रिंस की कमीज पहात जाती है... और उसके पीठ पे लगे ज़ख्मों से खून निकलने लगता है.... वो लड़की पागलों की तरह प्रिंस की पीठ नोचे जा रही है.... उसके नाखुनो से प्रिंस की पीठ ज़ख़्मी हो रही है.... उसमे से खून निकल रहा है..... ये देख बहार कड़ी डॉ सपना और नर्स घबरा जाती हैं..... प्रिंस को बचने के लिए वो दरवाज़े को खोलने की कोशिश करने लगती हैं.... मगर दरवाज़ा अंडर से बंद है वो खुल hi नहीं रहा..... प्रिंस बड़ी मुश्किल से दर्द को दबा रहा है.... प्रिंस के दिल की धरकन उस लड़की का दिल पहचान जाता है और उसका गुस्सा धीरे धीरे शांत होने लगता है.... कुछ देर में वो खामोश हो जाती है.... प्रिंस उसे बीएड पे लेता देता है और प्यार से उसके चेहरे पे हाथ फेरने लगता है.... फिर बड़े प्यार से उसे अपने हाथों से नाश्ता करने के बाद दवाई खिलता है.... और उसे सुला देता है..... प्रिंस का हाथ अपने हाथों में कास के पकड़ के वो सुकून से सो जाती है.....

उसके सो ने के बाद प्रिंस धीरे से वहां से उठता है और दरवाज़ा खोलता है.....

सपना : कहीं तुम पागल तो नहीं हो....? ये क्या हरकत थी.....? ऐसा भी कोई करता है क्या.....? अगर तुम्हे कुछ हो जाता तो....?

प्रिंस : जाने क्यों उसका दर्द देखा नहीं गया.... उसे दर्द में देख के दिल तड़प उठा.....

सपना : और उस दर्द का क्या जो उस ने तुम्हे दिया..... देखो क्या हाल कर दिया है उसने तुम्हारा..... मैंने अपनी पूरी लाइफ में ऐसा लोगों को नहीं देखा.... एक वो जिसने तुम्हे इतना दर्द दिया और एक तुम हो जिसने एक अनजान के लिए इतना दर्द सहा.... तुमने उसके लिए वो किया है जो कोई अपना भी न करे..... तुम इंसान नहीं बल्कि एक फरिश्ता हो.....

प्रिंस : इतना भी कुछ ख़ास नहीं किया है मैंने डॉ जो आप मुझे फरिश्ता कह रही हैं.... वो तकलीफ में थी और मैंने उसकी थोड़ी तकलीफ काम कर दी और क्या.....?

सपना : और जो दर्द उसने तुम्हे दिया वो कुछ भी नहीं.....

प्रिंस : उस मासूम की जान बचने के लिए मैं ऐसे और न जाने कितने hi दर्द बर्दाश्त कर सकता हूँ....

सपना : मगर क्यों.....? वो भी किसी अनजान के लिए.....

प्रिंस : इस क्यों का जवाब तो मेरे पास भी नहीं है.... बस मैं इतना जानता हूँ की उसे दर्द में देख के दिल तड़प जाता है.... अब से जब तक वो ठीक नहीं हो जाती मैं उसके साथ hi रहूँगा....

प्रिंस की ज़ख़्मी पीठ देख के सपना का दिल देहल जाता है..... उसकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं.... बड़ी मुश्किल से वो खुद को संभालती है और प्रिंस के ज़ख्मो पे मरहम लगाती है.... और उसे आराम करने का कह के वहां से चली जाती है....

इधर प्रिंस की टीम शिमला पहुँच जाती है..... और सब अपने काम पे लग जाते हैं..... जल्द hi सब काम पूरा हो जाता है मगर सबसे बड़ा काम अभी बाकी है और वो है प्रॉपर्टी ख़रीदना..... प्रिंस छह के भी अपने नाम पे कोई प्रॉपर्टी नहीं खरीद सकता..... इंडिया के कानून के हिसाब से कोई भी नृ इंडिया में कोई प्रॉपर्टी नहीं खरीद सकता.... बस उसे लीज पे ले सकता है वो भी सिर्फ 5 साल के एग्रीमेंट पे..... अगर उसे यहाँ कोई प्रॉपर्टी खरीदनी है तो उसे यहाँ की नॅशनलिटी चाहिए.....

सैम : यार अब क्या करें.....? बिना प्रॉपर्टी खरीदे काम आगे कैसे बढ़ेगा.... और लीज पे ज़मीन ले के बिज़नेस करना सही नहीं होगा....

मैक्स : हाँ यार बात तो तू ठीक hi कह रहा है.....

विजय : तो फिर अब किया क्या जाए....?

मैक्स : एक रास्ता है.... अगर प्रिंस किसी इंडियन लड़की से शादी कर ले तो उसे इंडियन नॅशनलिटी मिल जायेगी और वो यहाँ जितनी चाहे ज़मीन जायदाद खरीद सकता है.....

सैर : बात तो तुम्हारी सही है.... मगर अपने फायदे के लिए किसी लड़की का इस्तेमाल करना क्या ये सही होगा.... नहीं कभी नहीं... मैं जानती हूँ उसे.... वो इस बात के लिए कभी राज़ी नहीं होगा.....

मैक्स : तो फिर तुम hi बताओ की क्या किया जाए.....?

सैर : तुम फ़िक्र मत करो.... प्रिंस है न वो कोई न कोई रास्ता ज़रूर निकाल लेगा.... बस हम को उसे ये बात बतानी है..... बस एक बार वो ठीक हो जाए.....

अभी वो लोग बातें कर hi रहे थे की तभी सैर का मोबाइल बजने लगता है.... प्रिंस का नंबर देख के वो बेहद खुश हो जाती है.....

सैर : कैसे हो प्रिंस.....?

प्रिंस : ठीक हूँ.... जल्द hi पूरी तरह ठीक हो के तुम सब के पास आ जाऊँगा... और सुनाओ तुम सब कैसे हो.....? कैसा चल रहा है वहां सब.....?

सैर : हम सब ठीक हैं.... और यहाँ का सारा काम पूरा हो चूका है.... बस एक प्रॉब्लम है और वो है ज़मीन की....

फिर सैर प्रिंस को पूरी बात बताती है.... जिसे सुन के प्रिंस हंस देता है....

प्रिंस : बस इतनी सी बात.... अरे यार तुम सब को परेशान होने की ज़रुरत नहीं है.... शिमला में hi नहीं बल्कि पूरे इंडिया में मेरी... मेरा मतलब है मेरे नाना की बहुत सी प्रॉपर्टीज है.... सिर्फ इंडिया में hi क्यों दुनिया के कई देश में हमारी बहुत सी प्रॉपर्टीज है.... जिसका मालिक अब मैं हूँ..... मैं तुम्हे उसका एड्रेस अभी भेजता हूँ.... तुम लोग जल्दी से वहां जा के आगे का काम शुरू कर दो....

प्रिंस की बात सुन के सब ख़ुशी से उछाल पड़ते हैं..... और काम पे लग जाते हैं....

इधर दोपहर के वक़्त नर्स प्रिंस के पास आती है....

नर्स : जी आप से एक बात केहनी थी.... आप की खराब तबीयत देख के दिल तो नहीं कर रहा है की ये बात मैं आप से कहूं मगर मजबूरी है.... वो बात ऐसी है की उस लड़की को खाना खिलाना है मगर वो हम में से किसी को भी रूम में जाने नहीं देगी.... एक आप hi हैं जो उसे खाना खिला सकते हैं.....

प्रिंस : हाँ हाँ क्यों नहीं लाओ दो मुझे..... वैसे उस लड़की का नाम क्या है....?

नर्स : पता नहीं.... उसके बारे में हम को अभी तक कुछ नहीं पता चला है.... न हम में से किसी में इतनी हिम्मत है की उस से पूछ सके.... और न hi वो कुछ कहती है.... बस खामोश सी अपने बीएड पे लेते लेते दरवाज़े की तरफ देखती रहती है.... जैसे की उसे किसी के आने का इंतज़ार हो.... मगर जब भी कोई उसके रूम में जाने की कोशिश करता है.... तब वो गुस्से से पागल सी हो जाती है और चीज़ें फेक के उसे मारने लगती है..... बस एक आप hi हो जो उसे संभाल सकते हो.....

फिर प्रिंस खाना ले के उस लड़की के रूम में जाता है..... प्रिंस को देख के उसके होंठों पे मुस्कान आ जाती है.... प्यारी सी स्माइल के साथ वो प्रिंस का स्वागत करती है.....

प्रिंस उसके करीब जा के बैठ जाता है और प्यार से उसके चेहरे पे हाथ फेर के उस से पूछता है....

प्रिंस : अब कैसी तबीयत है तुम्हारी....?

वो लड़की मासूम सी शकल बना के कहती है....

लड़की : सर में बहुत दर्द है.... बर्दाश्त नहीं हो रहा है....

प्रिंस उसके सर पे प्यार से हाथ फेर के कहता है....

प्रिंस : ठीक हो जाएगा.... जल्द hi तुम पूरी तरह से ठीक हो जाओगी.... वैसे तुमने अभी तक अपना नाम नहीं बताया.... क्या मैं जान सकता हूँ की इस प्यारी सी पारी का नाम क्या है.....?????

लड़की : नाम.....!!!!

प्रिंस : हाँ तुम्हारा नाम....? जैसे मेरा नाम प्रिंस है.... तुम्हारा नाम क्या है....? तुम कौन हो....? कहाँ से आयी हो....?

प्रिंस की बात सुन के लड़की अपना नाम बताना चाहती है मगर बता नहीं पाती उसे अपना नाम याद नहीं आ रहा है.... न hi कुछ और याद आ रहा है.... इस बात से वो परेशान हो जाती है.... उसको यूँ परेशान होते देख प्रिंस को अच्छा नहीं लगता....

प्रिंस : रहने दो कोई बात नहीं.... बाद में याद कर लेना.... पहले खाना खा लो....

प्रिंस की बात मान के वो लड़की फ़ौरन उठ के बैठ जाती है.... और प्यार से उसके चेहरे को देखने लगती है....

प्रिंस उसकी तरफ खाने का प्लेट बढ़ता है मगर वो उसे हाथ भी नहीं लगाती.... प्रिंस उसे खाने को कहता है मगर वो है की खाना खाने को तैयार hi नहीं.... प्रिंस की समझ में नहीं आता की वो करे तो क्या करे..... तब वो अपने हाथ से निवाला तोड़ता है और उसके मुँह की तरफ बढ़ा के कहता है....

प्रिंस : तुम्हे अपने हाथ से नहीं खाना कोई बात नहीं.... मेरे हाथ से तो कगाऊगी न....

प्रिंस की बात सुनते hi वो फ़ौरन अपना मुँह खोल देती है और प्रिंस निवाला उसके मुँह में दाल देता है.... धीरे धीरे प्रिंस उसे खाना खिला देता है और फिर दवाई खिला के उसे लेता के सोने को कहता है.... मगर वो फ़ौरन उठ के बैठ जाती है....

प्रिंस : क्या हुआ तुम अचानक से उठ के क्यों बैठ गयी....?

लड़की : मुझे नहीं सोना.... मेरे सोते hi तुम मुझे चोर के चले जाओगे.... इस लिए मैं नहीं सोऊंगी....

उसकी मासूम बात सुन के प्रिंस हंस देता है....

प्रिंस : मैं कहीं नहीं जाऊँगा.... तुम सो जाओ....

लड़की : अगर तुम चले गए तो....

प्रिंस : जी नहीं मैं तुम्हे चोर के कहीं नहीं जाऊँगा.... जब तक तुम पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाती मैं यहीं तुम्हारे पास hi रहूँगा....

लड़की अपना हाथ आते बढ़ा के कहती है....

लड़की : वादा करते हो.....

प्रिंस : हाँ वादा.... पक्का वादा..... अब तो मेरी बात मान लो और सो जाओ....

प्रिंस की बात मान के वो लड़की सो जाती है.... और प्रिंस उसके पास बैठे बैठे प्यार से उसका मासूम और खूबसूरत चेहरे को देखता रहता है.... जाने कब उसे नींद आ जाती है उसे पता hi नहीं चलता....

अगली सुबह डॉ सपना रूम में उस लड़की का चेक उप करने आती है.... दोनों को देख के उसके चेहरे पे मुस्कराहट फैल जाती है....

वो लड़की प्रिंस का हाथ थामे सुकून से सो रही है और प्रिंस उसकी बगल में बैठा बैठा सो रहा है.... दोनों को देख के ऐसा लग रहा है जैसे की ऊपर वाले ने दोनों को एक दूसरे के लिए hi बनाया हो....

सपना के आने की आहात से प्रिंस की नींद टूट जाती है....

सपना : तुम इस तरह यहाँ क्यों बैठे हुए हो....?

प्रिंस सपना को रात हुई पूरी बात बताता है....

सपना : तुम इस के लिए रात भर यहाँ बैठे रहे.... तुम्हे भी तो आराम की ज़रुरत है.... तुम भी तो बुरी तरह से ज़ख़्मी हो....

प्रिंस : हाँ हूँ मगर इसके दर्द के आगे मुझे मेरा दर्द महसूस hi नहीं होता... इसे तकलीफ में देख के मेरा दिल तड़प जाता है.... इसे इस हाल में चोर के जाने का दिल hi नहीं करता.... बस इस लिए....

सपना : ज़रूर इस लड़की ने बहुत hi नेक काम किये होंगे तभी तो इसे तुम मिले... जो अपनी परवाह किये बगैर सिर्फ और सिर्फ इसकी फ़िक्र कर रहा है.... जो काम इसके अपनों को करना चाहिए वो एक अनजान कर रहा है... अब तुम hi बताओ की ऐसे इंसान को फरिश्ता न कहूं तो और क्या कहूं....?

प्रिंस : आप को तो बस मौका मिलना चाहिए... मौका मिला नहीं की आप मेरी तारीफ के पल बाँधने लग जाती हैं.... मेरी तारीफ करना छोड़िये और इसका चेक उप कीजिये....

जैसे hi सपना आगे बढ़ के उस लड़की का चेक उप करने जाती है.... उस लड़की की नींद टूट जाती है... और वो सपना को अपने करीब आते देख गुस्से से पागल हो जाती है.... बस फिर क्या था जो चीज़ उसके हाथ में आती है वो उसे उठा के सपना के ऊपर फेकने लगती है साथ hi चीख भी रही है....

प्रिंस उसे ऐसा करने से रोकने की बहुत कोशिश करता है मगर वो है की कुछ भी सुन ने को तैयार hi नहीं.... न चाहते हुए भी प्रिंस को वो करना पड़ता है जो वो नहीं करना चाहता..... एक बार फिर से उसे उसी दर्द से गुज़ारना पड़ता है.... जिस दर्द से वो कल रात गुज़रा है.... एक बार फिर से उसकी पीठ खून से सं जाती है.... इस लड़की के नाखून उसके ज़ख्मों को जो अभी भरे भी नहीं थे उन्हें एक बार फिर से हरा कर देते हैं.... एक बार फिर से प्रिंस उस असीम दर्द को बर्दाश्त करता है.... कुछ देर में उस लड़की का गुस्सा शांत हो जाता है और वो प्रिंस की बाहों में बेहोश हो जाती है.....

प्रिंस उसे बीएड पे लेता देता है.... और सपना को उसका चेक उप करने को कहता है....

प्रिंस : इस से पहले की ये होश में आ जाए और ये फिर से भड़क जाए जल्दी से इसका चेक उप कीजिये....

डॉ सपना : बस हो गया प्रिंस अब और नहीं.... अब मुझसे और बर्दाश्त नहीं होता.... ये दर्द और ये हालत मुझसे अब और देखि नहीं जाती.....

प्रिंस : हाँ सपना मुझसे भी इसका दर्द देखा नहीं जाता....

सपना : मैं इसकी नहीं बल्कि तुम्हारी बात कर रही हूँ.... इसके लिए तुमने जाने कितना दर्द सहा अब बस और मैं तुम्हे ज़रा सा भी दर्द सहने नहीं दूंगी.....

प्रिंस : क्या सपना इस मामूली से दर्द के लिए तुम कुछ भी कह रही हो....

सपना : जिसे तुम मामूली कह रहे हो.... तुम्हे पता भी है की तुम्हारे ज़ख्मो का क्या हाल है....? वो ज़ख्म अब नासूर बन गए हैं.... तुम्हारी पीट की चमड़ी कई जगह से पूरी उदार चुकी है और तुम्हारी पीठ का गोश्त तक नज़र आ रहा है.... नहीं प्रिंस अब बस अब और नहीं.... अब अगर मैंने तुम्हे नहीं रोका तो जाने आगे क्या हो जाए.... अब मैं और तुम्हे इस ज़र्द को सहने नहीं दूंगी.... हद होती है यार किसी भी चीज़ की और वो हद पार हो चुकी है.... अब बस अब तुम कुछ भी नहीं करोगे इसके लिए.....

प्रिंस : जी नहीं मैं इसके लिए ऐसे लाखों ज़ख्म अपने जिस्म पे झेल सकता हूँ.... मैं इसके लिए कुछ भी कर सकता हूँ.... कुछ भी....

फिर सपना जो कहती है उसे सुन के प्रिंस बुरी तरह से चौंक जाता है....

सपना : अच्छा कुछ भी कर सकते हो इसके लिए....?

प्रिंस : हाँ....

सपना : तो फिर ठीक है इसके कपडे उतारो और इसे बीएड बाथ दो....

प्रिंस : क्याआआआ.....? ये क्या बेहूदा बात कर रही हो.... मैं इस के साथ वो कैसे कर सकता हूँ....?

सपना : क्यों अभी तो तुमने कहा की तुम इसके लिए कुछ भी कर सकते हो....

प्रिंस : हाँ कहा और अब भी कहता हूँ.... मैं इसके लिए कुछ भी कर सकता हूँ.... मगर वो नहीं जो तुम कह रही हो....

सपना : अगर वो ज़रूरी हो तब....

प्रिंस : तब भी नहीं.... मैं इस के साथ ऐसा कुछ नहीं कर सकता.....

सपना : चाहे इसकी जान hi क्यों न चली जाए.....

प्रिंस : कहीं तुम पागल तो नहीं हो गयी.... बीएड बाथ न देने की वजह से क्या कभी किसी की जान गयी है....

सपना : हाँ नहीं गयी है.... मगर इन्फेक्शन होने की वजह से तो जा सकती गई न.... अगर इसे बीएड बाथ न दिया गया तो इसके जिस्म में इन्फेक्शन हो जाएगा और उस वजह से इसकी जान भी जा सकती है....

प्रिंस : नहीं ऐसा नहीं हो सकता....

सपना : ऐसा hi होगा.... अगर तुमने इसे बीएड बाथ न दिया तो.....

प्रिंस : मगर मैं hi क्यों....? तुम भी तो इसे बीएड बाथ दे सकती हो.... और तो और यहाँ इतनी नर्स है कोई भी इसे बीएड बाथ दे सकती है.... फिर मैं hi क्यों.....?

सपना : वो इस लिए क्यों की टुंगरी अलावा ये किसी और को अपने जिस्म को चुना तो दूर अपने करीब तक नहीं आने देती... अब तुम hi बताओ की इसे कैसे बीएड बाथ दिया जाए.... हम रोज़ इसे नींद का इंजेक्शन भी तो नहीं लगा सकते.... उस से इसकी जान को खतरा हो सकता है.... और इसके घर वालों के बारे में भी हम को कुछ पता नहीं.... अगर पता होता तो हम इसके घर के किसी लेडीज से ये काम करवा लेता.... अब हमारे पास तुम्हारे सिवाए और कोई दूसरा रास्ता नहीं है.... एक तुम hi हो जो इसकी जान बचा सकते हो.... अब ये तुम्हे तय करना है की तुम क्या चाहते हो.... इसे बीएड बाथ दे के इसकी जान बचाओगे या फिर इसे इन्फेक्शन से मरने के लिए चोर डोज.....

प्रिंस : इसे समझाया भी तो जा सकता है....

सपना : हाँ और वो सिर्फ तुम hi कर सकते हो.... तुम्हारे पास 2 घंटे का वक़्त है.... या तो तुम इसे इस बात के लिए राज़ी कर लो की कोई नर्स इसे बीएड बाथ दे या फिर तुम खुद इसे बीएड बाथ दो.... मैं अपने केबिन में जा रही हूँ.... तुम दोनों के बीच जो भी बात हो मुझे बता देना.... मुझे तुम्हारे जवाब का इंतज़ार रहेगा....

ये कह के सपना चली जाती है.....

इधर सपना की बात से प्रिंस बेहद परेशान हो जाता है.... उसे समझ नहीं आ रहा है की आखिर वो करे तो क्या करे....

कुछ देर बाद वो लड़की होश में आती है.... प्रिंस को इतना परेशान देख वो उस से उसकी परेशानी की वजह पूछती है....

प्रिंस उसे उसके और डॉ सपना के बीच हुई पूरी बात बताता है.... और उसे नर्स के ज़रिये बीएड बाथ लेने को कहता है....

प्रिंस की बात सुन के वो लड़की जो कहती है उसे सुन के प्रिंस के पैरों टेल से ज़मीन निकल जाती है....??????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 14

सपना : हाँ और वो सिर्फ तुम hi कर सकते हो.... तुम्हारे पास 2 घंटे का वक़्त है.... या तो तुम इसे इस बात के लिए राज़ी कर लो की कोई नर्स इसे बीएड बाथ दे या फिर तुम खुद इसे बीएड बाथ दो.... मैं अपने केबिन में जा रही हूँ.... तुम दोनों के बीच जो भी बात हो मुझे बता देना.... मुझे तुम्हारे जवाब का इंतज़ार रहेगा....

ये कह के सपना चली जाती है.....

इधर सपना की बात से प्रिंस बेहद परेशान हो जाता है.... उसे समझ नहीं आ रहा है की आखिर वो करे तो क्या करे....

कुछ देर बाद वो लड़की होश में आती है.... प्रिंस को इतना परेशान देख वो उस से उसकी परेशानी की वजह पूछती है....

प्रिंस उसे उसके और डॉ सपना के बीच हुई पूरी बात बताता है.... और उसे नर्स के ज़रिये बीएड बाथ लेने को कहता है....

प्रिंस की बात सुन के वो लड़की जो कहती है उसे सुन के प्रिंस के पैरों टेल से ज़मीन निकल जाती है....??????

अब आगे....

लड़की की बात सुन के प्रिंस बुरी तरह से चौंक जाता है....

प्रिंस : तुम्हे पता भी है की तुम क्या कह रही हो.....?

लड़की : हाँ अच्छे से पता है.... मुझे तुम्हारे आलावा किसी और पे भरोसा नहीं.... तुम्हारे आलावा कोई मुझे हाथ नहीं लगाएगा.....

प्रिंस : मगर....

लड़की : अगर मगर कुछ नहीं.... एक बार मैंने कह दिया तो कह दिया.... नहीं मतलब नहीं.... अगर तुम चाहते हो की मुझे बीएड बाथ दिया जाए तो वो तुम डोज.... न की कोई और.....

प्रिंस : तुम बात को समझती क्यों नहीं....

लड़की : मुझे कुछ नहीं समझना....

प्रिंस उस लड़की को मानाने की लाख कोशिश करता है मगर वो है की मान ने को तैयार hi नहीं.... मजबूरन उसे उसकी बात मान नई पड़ती है.... फिर प्रिंस साइड टेबल पे लगे फ़ोन से सपना को कॉल करके उसे पूरी बात बताता है..... जिसे सुन के सपना फ़ौरन उसके पास आ जाती है....

सपना : अब जैसा जैसा मैं कहूं तुम वैसे वैसे करते जाओ....

प्रिंस : यार ये मैं कहाँ फस गया....

सपना : तुम्हे hi शौक चढ़ा था न एक अनजान लड़की की मदत करने का.... तो अब भुगतो.... मैंने तुम्हे लाख समझाया था मगर तुम न माने.... चलो अब शुरू हो जाओ.... तुम दोनों hi बिलकुल पागल हो.... तुम पे अच्छाई का भूत सवार है और इस्पे तुम्हारा....

प्रिंस : अब बस भी कर यार.... अब क्या जान लेगी....

सपना : अच्छा अच्छा ठीक है.... चलो अब जल्दी से उसके कपडे उतरो....

प्रिंस : क्याआआआ.....? मगर क्यों....?

सपना : तुम क्या कपडे पेहेन के नहाते हो....?

प्रिंस : जी नहीं मैं तो क्या इस दुनिया में कोई भी कपडे पेहेन के नहीं नाहटा....

सपना : ठीक कहा तुमने.... तो इसे भी नहलाने के लिए इसके कपडे तो उतारने पड़ेंगे न.... और वो तुम उतरोगे....

प्रिंस : पागल हो क्या....? मैं इसे नंगी.... मेरा मतलब है इसके कपडे कैसे उतार सकता हूँ....?

सपना : वैसे hi जैसे नहाने से पहले अपने कपडे तुम खुद उतारते थे....

सपना की बात सुन के उसे अपने वो दिन याद आ जाते हैं.... जब लडकियां उसे नहलाने के लिए उसके कपडे उतारती थी.... अब भी बात वही है... मगर बस इतना बदला है की घर पे लडकियां प्रिंस को नहलाने के लिए उसके कपडे उतारती थी और अब इस लड़की को नहलाने के लिए प्रिंस को उसके कपङे उतार ने हैं.....

सपना की बात सुन के जितनी शर्म उस लड़की को आ रही है उस से ज़्यादा प्रिंस शर्मा रहा है..... न चाहते हुए भी मजबूरन प्रिंस उस लड़की की तरफ बढ़ता है.... शर्म के मारे उस लड़की का गोरा गुलाबी चेहरा लाल हो जाता है.... वो अपनी आँखें बंद कर लेती है....

प्रिंस के हाथ कांपने लगते हैं.... बड़ी मुश्किल से वो अपने कांपते हाथों को आगे बढ़ता है और उस लड़की की शर्ट की तरफ ले जाता है.... मगर वो उसके बटन नहीं खोल पाटा वो फ़ौरन अपने हाथ पीछे खींच लेता है.... और मुद के सपना की तरफ देखता है....

प्रिंस की ऐसा हालत देख के सपना को उसपे हंसी आ जाती है.... बड़ी मुश्किल से वो अपनी हंसी रोक के प्रिंस को गुस्से से आगे बढ़ने का इशारा करती है....

प्रिंस पलट के एक बार फिर से उस लड़की की तरफ देखता है फिर ऊपर की तरफ देख के कहता है.....

प्रिंस : हे ऊपर वाले मेरी मदत कर.... मैं जान के कुछ नहीं कर रहा हूँ..... बल्कि इसकी जान बचने के लिए जो सही है वो कर रहा हूँ वो भी मजबूरी में....

फिर प्रिंस एक बार फिर से अपने कापते हाथ उस लड़की की शर्ट की तरफ बढ़ता है और बड़ी मुश्किल से उसके पहले बटन को खोलता है.... अपने जिस्म पे प्रिंस के हाथ को महसूस करके उस लड़की का जिस्म बुरी तरह से सिहर उठता है..... आज लाइफ में पहली बार उसने किसी के हाथ को अपने जिस्म पे महसूस किया है.... उसे अपनी पिछली ज़िन्दगी तो याद नहीं मगर ये नया एहसास उसे काफी मज़ा दे रहा है.... शर्म के साथ उसे मज़ा भी आ रहा है.....

एक एक कर के प्रिंस उसकी शर्ट के सारे बटन्स को खोल देता है.... फिर उसकी शर्ट को उसके जिस्म से अलग करता है.... ब्लैक कलर की नेट वाली ब्रा में उसकी 36 की ठोस नरम मुलायम चूची गजब ध रही है..... प्रिंस एक तक बस उसकी खूबसूरती में खो सा जाता है.... तभी पीछे से डॉ सपना की आवाज़ सुन के उसकी तंत्र टूट टी है....

सपना : अब उसका पजामा उतारो.....

बड़ी मुश्किल से प्रिंस अपना हाथ आगे बढ़ा के उसके पाजामे का नाडा खोलता है और धीरे धीरे कर के उसके पाजामे को उतारने लगता है..... पाजामे के नीचे का नज़ारा देख के प्रिंस के होश उड़द जाते हैं.... उस लड़की ने पाजामे के नीचे ब्लैक कलर की छोटी सी G-String पंतय पह्नु हुई है.... जिस पे नज़र पड़ते hi न चाहते हुए भी प्रिंस के पंत में हलचल पैदा हो जाती है.....

अब वो लड़की बीएड पे छोटी सी ब्रा और G-STRING पंतय पहने लेती हुई है.... शर्म के मारे उसकी हालत खराब बानी हुई है.... उस से कई ज़्यादा खराब हालत इस वक़्त प्रिंस की बानी हुई है.... सामने का हसीं खूबसूरत और बेहद सेक्सी नज़ारा देख के उसके पंत में उसका लुंड मस्ती में उछाल कूद मचा रहा है....

प्रिंस की हालत को देख सपना को हंसी आ रही है.... बड़ी मुश्किल से वो अपनी हंसी रोक के कहती है.....

सपना : अब उस छोटे टॉवल को इस पानी में गीला करो और उस लड़की के पूरे चेहरे को उस से पूछो....

जैसे जैसे सपना बताती जा रही है प्रिंस करता जा रहा है.....

सपना : अब उस लड़की के गले से ले के सीने के हिस्से को साफ़ करो.... अब उसके हाथों को... फिर उसके पेट के हिस्से को.... अब उसके पैरों को....

फिर सपना जो कहती है उसे सुन के प्रिंस के साथ साथ उस लड़की के भी होश उड़द जाते हैं.... शर्म के मारे दोनों के गाल लाल हो जाते हैं....

सपना : अब उसकी ब्रा उतारो....

सपना की बात सुन के प्रिंस चौंक के उसकी तरफ देखता है....

प्रिंस : क्या ये ज़रूरी है....? क्या हम इसे चोर नहीं सकते....?

सपना : जी नहीं.... सब से ज़रूरी तो यही है.... और इसके बाद का भी.... चलो जल्दी करो देर हो रही है.... हमारे पास पूरा दिन नहीं है मुझे और भी पेशेंट्स को देखना है....

न चाहते हुए भी प्रिंस उस लड़की को एक तरफ घूमता है और उसकी ब्रा का हुक खोल देता है.... फिर धीरे धीरे उसकी ब्रा को उसके जिस्म से अलग कर देता है.... फिर उसे सीधा लेता देता है.... शर्म के मारे वो लड़की फ़ौरन अपनी चूचियों को अपने हाथों से धक् लेती है....

सपना : चलो अब उसके हाथों को अलग करो और अच्छे से उसकी छु... मेरा मतलब है उसके सीने को साफ़ करो.....

बड़ी मुश्किल से प्रिंस अपने हाथ से उसके हाथ उसकी चूचियों से अलग करता है और कपडे को गीला कर के कांपते हाथों से उसकी चूची को साफ़ करने लगता है..... उस लड़की की ठोस नरम मुलायम चूची और गोर गुलाबी निप्पल को देख प्रिंस का लुंड उसके पंत में खड़ा हो के उछाल कूद मचने लगता है....

जैसे जैसे प्रिंस उस लड़की की चूची को साफ़ कर रहा है वैसे वैसे उस लड़की के मुँह से मस्ती भरी सिसकारी निकल रही है.... मस्ती में उसकी हालत खराब होती जा रही है.... उसकी पंतय से काम रास बह रहा है.... ठीक यही हाल सपना का भी है उसकी छूट भी मस्ती में कॉमर्स बहा के उसकी पंतय को गीला कर रही है.....

जब उसकी दोनों चूची साफ़ हो जाती है तब सपना की बात सुन के प्रिंस की हालत खराब हो जाती है....

सपना : चलो अब उसकी प..... Pan...ty उतर के उसकी छू.... मेरा मतलब है उसके नीचे और पीछे का हिस्सा साफ़ करो....

बड़ी मुश्किल से प्रिंस उसकी पंतय के पास अपने हाथ ले जाता है और धीरे धीरे उसे निकाल के अलग कर देता है....

उस लड़की की चिकनी रास चोरटी कमसिन कुंवारी पावरोटी जैसी पहली हुई प्यारी सी गोरी गुलाबी छूट प्रिंस के आँखों के आगे बेपर्दा हो जाती है....

सामने का बेहद हसीं और सेक्सी नज़ारा देख बड़ी मुश्किल से प्रिंस खुद को झड़ने से रोक पाटा है.... उसका लुंड अभी वार्य की पिचकारी मार hi देता....

प्रिंस बस उसकी खूबसूरती में खो सा जाता है.... उसे कुछ न करते देख सपना....

सपना : बस देखते hi रहोगे या आगे भी कुछ करोगे....

प्रिंस : हाँ वो मैं.... वो.... हाँ....

सपना : चलो जल्दी से उसकी छू.... मेरा मतलब है नीचे और पीछे का हिस्सा साफ़ करो....

प्रिंस बड़ी मुश्किल से उसकी छूट से अपनी नज़रों को हटाता है और कपडे को पानी में गीला कर के उसकी छूट की तरफ बढ़ने लगता है.... जैसे hi वो उसकी छूट को छूटा है.... शर्म और मस्ती में वो लड़की पलट जाती है.... जिस से उसके गोर गुलाबी गद्देदार चूतड़ प्रिंस की आँखों के सामने बेपर्दा हो जाते हैं.... जिसे देखते hi प्रिंस के सब्र का बाँध टूट जाता है और उसके लुंड से वार्य की कुछ बूँदें टपक जाती हैं.... बड़ी मुश्किल से प्रिंस खुद को काबू करता है और अच्छे से उसके चूतड़ों को साफ़ करने लगता है.... पहले राइट चूतड़ को फिर लेफ्ट वाले को फिर उसकी गांड के भूरे छेद को..... जैसे hi प्रिंस की ऊँगली उसकी गांड के छेद से टकराती है... मस्ती में उस लड़की का पूरा जिस्म गंगना जाता है और एक तेज़ मादक सिसकारी उसके मुँह से निकल जाती है....

अअअअअअअअअगगगगगठ्हहह.....

प्रिंस फ़ौरन अपना हाथ वहां से हटा लेता है और चौंक के पूछता है.....

प्रिंस : क्या हुआ.....? दर्द हुआ क्या....? मैंने कुछ गलत कर दिया क्या.....?

सपना बात को फ़ौरन संभाल लेती है.....

सपना : नहीं तुमने कुछ गलत नहीं किया.... वो क्या है न की.... जब तुम्हारा हाथ वहां उसकी गए....

इतना कह के सपना रुक जाती है.... शर्म के मारे वो आगे कुछ कह hi नहीं पाती....

प्रिंस : बताओ न मैंने कुछ गलत किया क्या....?

सपना : न.... नाहाही.... तुम ने उसकी वो... गए.... नहीं कुछ नहीं... तुम वो सब चोरो और अपना काम जल्दी से पूरा करो.... चलो अब पीछे का हो गया अब आगे का साफ़ करो.... और हाँ अब चाहे कुछ भी हो जाए तुम कुछ नहीं बोलोगे और न hi रुकोगे... अपना काम जल्द से जल्द पूरा करोगे.....

प्रिंस : ठीक है.....

ये कह के प्रिंस उस लड़की को सीधा करता है और फिर टॉवल को गीला कर के उसकी कमसिन कुवारी छूट को साफ़ करने लगता है.... प्रिंस का हाथ अपनी छूट पे महसूस करके उस लड़की से बर्दाश्त नहीं होता.... उसके सब्र का बाँध टूट जाता है.... मस्ती में उसका जिस्म अकड़ने लगता है और एक तेज़ मादक सिसकारी के साथ वो झड़ने लगती है..... सामने का नज़र देख के सपना से भी बर्दाश्त करना मुश्किल हो जाता है और वो भी उसी वक़्त झाड़ जाती है.... प्रिंस के हाथ उस लड़की छूट से निकले कॉमर्स से भीग जाते हैं तो इधर सपना की पंतय उसके छूट रास से.... दोनों hi मस्ती में झड़ने लगती है.... झड़ते वक़्त सपना बड़ी मुश्किल से खुद को नीचे गिरने से बचाहति है.... झड़ने के बाद वो लड़की निढाल हो जाती है.... प्रिंस अच्छे से उसकी छूट से कॉमर्स को साफ़ करता है फिर उसे नई ड्रेस पहना देता है....

सब हो जाने के बाद सपना बिना कुछ कहे फ़ौरन वहां से बहार निकल के सीधे वाशरूम की तरफ भागती है.... वहां जा के जल्दी से अपनी कॉमर्स से भीगी पंतय उतार के अपनी रसीली छूट से सीटी बजाते हुए पिशाब करती है.... और धो के बहार आती है...

बहार उसे प्रिंस मिल जाता है.... सपना के हाथ में उसकी गुलाबी पंतय देख के प्रिंस हैरत से उसकी तरफ देखता है....

प्रिंस को इस तरह उसकी पंतय को देख सपना शर्मा जाती है.... और फ़ौरन अपनी पंतय को पीछे छुपा लेते है....

सपना : T....T....Tum यहाँ क्या कर रहे हो.....?

प्रिंस : वो..... वो.... मुझे वाशरूम जाना है....

सपना : तो जाओ न.... वो वहां उस तरफ है.... और हाँ अच्छे से हल्का हो के hi बहार आना.....

ये कह के सपना शर्माते हुए शरारती हंसी हस्ते हुए तेज़ी से अपने केबिन की तरफ चल देती है....

उसकी बात जब प्रिंस की समझ में आती है तो वो भी शरमाते हुए हंस देता है और वाशरूम में जा के खुद को ठंडा कर के बहार आता है.....

कुछ देर इधर उधर टहलने के बाद वो उस लड़की के रूम में जाता है.... जैसे hi वो रूम में एंटर करता है.... उस लड़की के सवालों की बौछार शुरू हो जाती है....

लड़की : कहाँ चले गए थे....? क्यों चले गए थे.....? इतने टाइम से कहाँ थे....?

और न जाने क्या क्या....? प्रिंस खामोश खड़े उसके सवालों को सुनता रहता है.... और प्यार से उसके मासूम और खूबसूरत चेहरे को देखता रहता है.....

लड़की : ऐसे क्या देख रहे हो.....?

प्रिंस : देख रहा हूँ तुम्हारा खूबसूरत और मासूम चेहरा और सोच रहा हूँ की आसमान का चाँद ज़्यादा खूबसूरत है या वो चाँद जो इस वक़्त मेरे सामने अपने हुस्न के जलवे बिखेर रहा है.....

प्रिंस के मुँह से अपनी तारीफ सुन के वो लड़की बेहद खुश हो जाती है.....

प्रिंस : पतली दुबली सी.... छुई मुई सी.... झील सी नीली आँखें... तीखे नैन नक्श.... गुलाब की पंखुड़ी जैसे रसीले मधभरे होंठ.... गोर गोर गाल.... सुराहीदार गर्दन... पतली कमर.... है.... बड़ी फुर्सत से बनाया है खुदा ने तुम्हे.... तुम्हे देख के जन्नत की पारी भी शर्मा जाए.... उफ्फ्फ... कितनी खूबसूरत हो तुम.... है काश.....

ये कह के प्रिंस खामोश हो जाता है....

लड़की : क्या हुआ कहते कहते रुक क्यों गए.....? अपनी बात पूरी करो....

प्रिंस : अभी उसका वक़्त नहीं आया.... जब आएगा तब वो भी कह दूंगा....

लड़की : मुझे उस वक़्त के आने का बेसब्री से इंतज़ार रहेगा.....

प्रिंस : चलो अब जल्दी से खाना खा लो.... ठंडा हो रहा है....

ये कह के प्रिंस खाना उसके सामने रख देता है..... और उसे खाने को कहता है मगर वो लड़की उसे हाथ तक नहीं लगाती बस ख़ामोशी से प्यार भरी नज़रों से प्रिंस को देखने लगती है....

प्रिंस : बस देखती hi रहोगी या फिर खाओगी भी....

लड़की : तुम खिलाओगे तब न खाउंगी....

प्रिंस : अच्छा तो ये बात है....

लड़की : हाँ जी यही बात है.... चलो अब जल्दी से मुझे खाना खिलाओ बड़ी ज़ोर की भूक लगी है....

प्रिंस : जो हुक्म मेरी मल्लिका....

फिर प्रिंस प्यार से निवाला बना के उसके मुँह में डालता है.... उस लड़की को अचानक से शरारत सूझती है और वो प्रिंस की ऊँगली को काट लेती है.... प्रिंस फ़ौरन अपना हाथ पीछे कर लेता है....

फिर अगले निवाले पे वो लड़की एक बार फिर से मस्ती में प्रिंस की ऊँगली को काट लेती है.... इस बार भी प्रिंस कुछ नहीं कहता....

फिर तीसरी बार वो लड़की थोड़ा कास के प्रिंस की ऊँगली को काट टी है.... इस बार दर्द की वजह से प्रिंस के मुँह से आह निकल जाती है.... जिसे सुन के वो बेहद घबरा जाती है और फ़ौरन उसकी ऊँगली को अपने मुँह में ले के चूसने लगती है....

उसकी इस मासूम सी हरकत और घबराहट को देख प्रिंस हंस देता है.... जिस से वो चीड़ जाती है.....

लड़की : अभी तो तुम्हे दर्द हो रहा था और अब तुम हंस रहे हो.....?

प्रिंस : वो तो मैं ऐसे hi दर्द हो का नाटक कर रहा था..... तुम्हारी किसी भी हरकत से मुझे तकलीफ हो सकती है भला....

लड़की : अच्छा तो तुम मेरा मज़ाक बना रहे थे.... बड़े वो हो तुम.... जाओ मैं तुमसे बात नहीं करती.....

प्रिंस : साड़ी दुनिया मुझसे रूठ जाए गम नहीं.... लेकिन अगर तुम रूठ गयी तो मैं सेह नहीं पाऊंगा.... तुमसे जुड़ा हो के शायद मैं मर hi न जाऊं.....

अभी प्रिंस ने इतना hi कहा था की तभी अचानक से उसके एक थप्पड़ पड़ता है और उसके गाल लाल हो जाते हैं....

Chataaaaaaaaaak....

लड़की : खबरदार जो दोबारा तुमने अपने मुँह से ऐसी बात निकाली तो.... तुम्हे कुछ होने से पहले मैं अपनी जान दे दूंगी.... मगर तुम्हे कुछ होने नहीं दूंगी....

प्रिंस : अच्छा जी मैंने मरने की बात की तो तुमने मुझे थप्पड़ मार दिया.... अब तुम खुद जो जान देने की बात कर रही हो उसका क्या....? क्या वो गलत नहीं है.....? अब तुम बताओ की मैं क्या करूँ तुम्हारे साथ....

लड़की : तुम भी मुझे एक थप्पड़ मार लो....

प्रिंस : वो मुमकिन नहीं...

लड़की : क्यों.....?

प्रिंस : इस क्यों का जवाब नहीं है मेरे पास.... मैं बस इतना जानता हूँ की तुम्हे दर्द में देख के दिल तड़प जाता है.... तुम्हे थप्पड़ मारना तो दूर उसके बारे में मैं सोच भी नहीं सकता....

लड़की : चाहे मैं कुछ भी क्यों न कर दूँ.....?

प्रिंस : हाँ चाहे तुम मेरी जान hi क्यों न ले लो.... मैं फिर भी तुम्हे थप्पड़ नहीं मार सकता....

लड़की : तुम फिर शुरू हो गए....

प्रिंस : मैंने तो वो hi कहा जो सच है.... तुम्हे तकलीफ में देख के दिल तड़प जाता है और तुम्हे खुश देख के दिल खुश हो जाता है....

लड़की : मगर.....

प्रिंस : अब कोई अगर मगर नहीं.... जल्दी से तुम आराम करो.....

लड़की : ताकि तुम मुझे चोर के जा सको....

प्रिंस : ये तुमसे किसने कहा....?

लड़की : तुम hi ने तो खुद कहा की जब तक मैं ठीक नहीं हो जाती तुम मेरे साथ रहोगे.... इस का एक hi मतलब होता है की मेरे ठीक होते hi तुम मुझे चोर के चले जाओगे....

प्रिंस : तुम भी न यार कुछ भी सोच लेती हो.... पहले ठीक तो हो जाओ....

लड़की : मुझे ठीक नहीं होना.....

प्रिंस : मेरे लिए भी नहीं.....

लड़की : तुम्हारे लिए तो मैं कुछ भी कर सकती हूँ.....

प्रिंस : तो फिर जल्दी से दवा खा के आराम करो....

लड़की : तुम कहते हो तो ये hi सही....

इसी तरह दिन गुजरने लगते हैं..... रोज़ प्रिंस उसे अपने हाथों से बीएड बाथ देता है और खाना खिलता है... फिर उस से प्यारी प्यारी बातें कर के उसे सुला देता है.... धीरे धीरे वो ठीक होने लगती है.... और एक हफ्ते बाद उसके सर की पत्तियां खुल जाती हैं....

प्रिंस आज भी उसे बीएड बाथ दे रहा था की तभी दरवाज़ा खुलता है और कोई अंडर आ के एक झन्नाटेदार थप्पड़ प्रिंस को मारता है....??????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 15

लड़की : मुझे ठीक नहीं होना.....

प्रिंस : मेरे लिए भी नहीं.....

लड़की : तुम्हारे लिए तो मैं कुछ भी कर सकती हूँ.....

प्रिंस : तो फिर जल्दी से दवा खा के आराम करो....

लड़की : तुम कहते हो तो ये hi सही....

इसी तरह दिन गुजरने लगते हैं..... रोज़ प्रिंस उसे अपने हाथों से बीएड बाथ देता है और खाना खिलता है... फिर उस से प्यारी प्यारी बातें कर के उसे सुला देता है.... धीरे धीरे वो ठीक होने लगती है.... और एक हफ्ते बाद उसके सर की पत्तियां खुल जाती हैं....

प्रिंस आज भी उसे बीएड बाथ दे रहा था की तभी दरवाज़ा खुलता है और कोई अंडर आ के एक झन्नाटेदार थप्पड़ प्रिंस को मारता है....??????

अब आगे.....

दरवाज़ा खुलता है और कोई अंडर आ के एक झन्नाटेदार थप्पड़ प्रिंस को मारता है....

Chataaaaaaaaaaaak.....

साले कमीने तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरी बेटी अवनि के साथ ऐसी ज़लील हरकत करने की.....?

उस औरत को देख वहां मौजूद तीनो चौंक जाते हैं.... डॉ सपना... प्रिंस और वो लड़की....

वो औरत आगे कुछ कहने hi वाली होती है की तभी वो लड़की बेहद गुस्से मेंउसके ऊपर चीखती है और उसे मारने के लिए आगे बढ़ती है....

लड़की : तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरे प्रिंस को थप्पड़ मारने की... मैं तुझे नहीं छोड़ूंगी..... तेरी जान ले लुंगी....

ये कह के वो लड़की बेहद गुस्से में उस औरत को मारने के लिए आगे बढ़ती है मगर प्रिंस उसे रोक देता है... वो लड़की है की रुकने को तैयार hi नहीं... वो पागलों की तरह बेहद गुस्से में चीख रही है....

मौके की नज़ाकत को समझ के सपना फ़ौरन उस औरत को ज़बरदस्ती वहां से अपने साथ अपने केबिन में ले जाती है....

औरत बेहद हैरत और गुस्से में : यहाँ हो क्या रहा है....? उस की हिम्मत कैसे हुई मेरी बेटी के साथ ऐसा करने की.... मैं उस कमीने को छोड़ूंगी नहीं.... और मेरी बेटी अवनि... उसे क्या हुआ है....? वो ऐसे क्यों कर रही है.....? बताओ मुझे जवाब दो....?

सपना : पहले तो आप बताइये की आप कौन हैं....? और उसे अवनि क्यों कह रही हैं....?

औरत : क्यों की उसका नाम अवनि है और मैं उसकी माँ अंजू हूँ....

सपना : मैं ये कैसे मान लून की आप उसकी माँ हो....?

अंजू : अच्छा तो अब मुझे ये साबित करना होगा की मैं उसकी माँ हूँ.... तो ये देखो.... (अपने मोबाइल में अपने साथ अवनि की फोटो दिखा के कहती है....) अब मिल गया सबूत.... अब तुम मुझे बताओ की वो लड़का वहां कर क्या रहा है....? और मेरी बेटी उसपे नाराज़ होने के बजाये मुझपे क्यों चीख रही थी....?

सपना अंजू को शुरू से लेके अब तक की पूरी बात बताती है जिसे सुन के अंजू को हैरत भी होती है और साथ hi गुस्सा भी आता है....

अंजू : ये क्या बकवास कर रही हो....? जो मन में आये वो बोले जा रही हो.... तुम जो कह रही हो वो मुमकिन नहीं.... ये बेकार की बात करना चोरो और जल्दी से मेरी बेटी के पास चलो इस से पहले की वो कमीना मेरी मासूम बेटी के साथ कुछ गलत कर दे.....

ये कह के अंजू बहार जाने लगती है मगर सपना की बात सुन के रुक जाती है....

सपना बेहद गुस्से में : वो कमीना नहीं है.... सुना तुमने.... नहीं है वो कमीना.... बल्कि वो एक नेक फरिश्ता है....

अंजू : नेक फरिश्ता और वो.... फ़रिश्ते कभी किसी मासूम की इज़्ज़त के साथ नहीं खेलते.... न तो मैं उसे छोड़ूंगी और न hi तुम्हे.... तुम दोनों को मैं ऐसी सजा दिलवाऊंगी की दोबारा कोई किसी मासूम के साथ कुछ गलत करने से पहले 100 बार सोचेगा....

ये कह के अंजू फ़ौरन पुलिस को कॉल कर देती है.... फिर गुस्से में वापिस उस कमरे की तरफ जाती है और दरवाज़ा खोलने की कोशिश करने लगती है.... ये देख सपना उसे रोकती है मगर अंजू है की कुछ भी सुन ने को तैयार hi नहीं.... गुस्से में वो दरवाज़े को पीते जा रही है और साथ hi खोलो खोलो कह के चीख भी रही है....

सपना : प्लीज रुक जाइये.... मर कीजिये ऐसा.... प्लीज मैं आपके हाथ जोड़ती हूँ.... अगर आप अभी चुप नहीं हुई तो अनर्थ हो जाएगा....

अंजू : अब होने को बाकी hi क्या रह गया है.... वो कमीना मेरी बेटी की इज़्ज़त लूट चूका है.... और अब भी उसे वो तकलीफ hi पंहुचा रहा होगा.....

सपना : वो hi तो मैं कह रही हूँ... की उसे इस तकलीफ से बचने के लिए प्लीज खामोश हो जाइये.... नहीं तो उसे फिर से उस बेइन्तेहाँ दर्द से गुज़ारना होगा.... जिसके बार में सोच के भी दर लगता है.... मेरी रूह तक कांप जाती है....

अभी अंजू कुछ कहने hi वाली होती है की तभी वहां नेवली अप्पोइंटेड ैप शाइना आ जाती है....

शाइना : क्या हुआ बुआ....? आप ने मुझे इतनी जल्दी से यहाँ आने को क्यों कहा....?

शाइना को देख अंजू की आँखों से आंसू बहने लगते हैं और वो रट हुए उसे....

अंजू : वो उस कमीने ने मेरी बेटी की इज़्ज़त लूट ली और अब उसे तकलीफ पहुंचा रहा है.... मुझे तो दर है की कहीं वो उसकी जान hi न ले ले.... प्लीज शाइना उसे बचा ले.... मेरी बेटी को बचा ले....

अंजू की बात सुन के शाइना को प्रिंस पे और सपना को अंजू पे गुस्सा आने लगता है....

सपना : ये झूट है.... प्रिंस ने कुछ नहीं किया....

अंजू : तू चुप कर तू भी उस कमीने से मिली हुई है.... शाइना तू कड़ी क्यों है कुछ करती क्यों नहीं....?

अंजू की बात सुन के शाइना दरवाज़ा खोलने की कोशिश करती है मगर उसे अंडर से लॉक पाती है.... सपना उसे भी दरवाज़े को खोलने से रोकने लगती है मगर शाइना गुस्से में उसकी एक नहीं सुनती.... वो आगे बढ़ के दरवाज़े को तोड़ देती है.... और फिर अंडर जा के प्रिंस को थप्पड़ मारने hi वाली होती है की तभी प्रिंस उसका हाथ पकड़ लेता है और उसे पीछे धकेल के रूम से बहार कर देता है.... साथ hi बेहद गुस्से में उस से कहता है....

प्रिंस : खबरदार जो कोई भी इस वक़्त अंडर गया तो अच्छा नहीं होगा....

शाइना : साले अच्छा तो तेरे लिए नहीं होगा.... चुप चाप मेरे रस्ते से हैट जा और मुझे अंडर जाने दे.... कहीं ऐसा न हो मैं इसी वक़्त तेरे किये की सजा तुझे दे दूँ....

प्रिंस : अगर इस वक़्त किसी ने अंडर जाने के लिए अपना एक कदम भी आगे बढ़ाया तो उसके साथ मैं क्या करूँगा ये मैं खुद भी नहीं जानता....

शाइना : साले एक ैप को धमकी देता है..... तेरी तो मैं वो हालत करुँगी की तू सात जनम तक उसे नहीं भूल पायेगा....

ये कह के शाइना प्रिंस को मारने के लिए आगे बढ़ी hi थी की तभी प्रिंस के हाई टेक सिक्योरिटी गार्ड्स वहां आ जाते हैं और वहां मौजूद सभी पे गन्स तान देते हैं.....

शाइना : तुम लोग एक रेपिस्ट को प्रोटेक्ट कर रहे हो....

प्रिंस बेहद गुस्से में आगे बढ़ के शाइना का गिरबान पकड़ के कहता है....

प्रिंस : तेरी हिम्मत कैसे हुई मुझे रेपिस्ट कहने की....? मैंने किसी का रपे नहीं किया है....

अंजू : तू ने मेरी मासूम बेटी अवनि का रपे किया है.....

प्रिंस : क्या बक रही हैं आप....?

अंजू : मैं बक नहीं रही बल्कि वो hi कह रही हो सच है..... शाइना चूर्ण मत इस कमीने को..... मैं जब रूम में गयी थी तब मैं खुद इस कमीने को उसके साथ गलत करते देखा था.....

प्रिंस : आप ने जो देखा और आप जो समझ रही हैं उसमे ज़मीन आसमान का फर्क है.... उस मासूम का तो क्या मैं दुनिया की किसी भी लड़की का रपे करने के बारे में सपने में भी नहीं सोच सकता.... मैं तो उसकी मदत कर रहा था.... वो भी उसकी जान बचने के लिए....

अंजू : जान बचने के लिए या फिर अपने पाप को छुपाने के लिए मेरी बेटी की जान लेने के लिए.... मुझे तो शक है की कहीं अब तक तू ने उसकी जान न ले ली हो....

प्रिंस : मैं और उसकी जान लूंगा.... ये मुमकिन नहीं आप चाहो तो खुद जा के देख लो....

प्रिंस की बात सुन के अंजू और शाइना फ़ौरन अंडर जा के देखते हैं.... अन्वी सही सलामत बीएड पे आँखें बंद किये लेती हुई है....

अंजू : मेरी बेटी को क्या हुआ है....? ये बोलती क्यों नहीं.....?

प्रिंस : वो बेहोश है.....

शाइना : बेहोश मगर क्यों....?

फिर प्रिंस उसे वहां हुई पूरी बात बताता है.... जिसे सुन के अंजू के साथ साथ शाइना को भी उस पे यकीन नहीं आता....

शाइना : तुम जो कह रहे हो वो झूट भी तो हो सकता है.....

अंजू : झूट हो नहीं सकता बल्कि ये सब झूट hi है....

दोनों की बात सुन के सपना के सब्र का बाँध टूट जाता है और वो बेहद गुस्से में आ जाती है और चीखते हुए कहती है....

सपना : अच्छा अगर ये झूट है तो फिर ये क्या है....?

ये कह के वो ज़बरदस्ती प्रिंस की शर्ट उतार के उसकी ज़ख़्मी पीठ और उस से बह रहे खून को दोनों को दिखा के पूछती है.....

सपना : कह दो की ये ज़ख्म भी झूठे हैं जो तुम्हारी बेटी और तुम्हारी बेहेन ने इस नेक फ़रिश्ते को दिए हैं.... देखो गौर से देखो कैसे तुम्हारी बेटी ने इसकी पीठ को नोच नोच के ज़ख़्मी किया है.... आज पहली बार नहीं बल्कि हर बार जब भी उसे गुस्सा आया है उसके गुस्से को शांत करने के लिए इस फ़रिश्ते ने खुद को ज़ख़्मी किया और इस बेपनाह दर्द को सहा है.... कह दो की ये भी झूट है....

अंजू : हाँ ये सब झूट है... बल्कि ये इस कमीनी की सजा है... जब भी इस ने मेरी बेटी का रपे किया होगा तब तब मेरी बेटी ने अपनी इज़्ज़त बचने के लिए इसे नोचा होगा आज भी ये hi हुआ है... जिसे तुम इस कमीने को बचने के लिए कुछ और तरीके से पेश कर रही हो..... आज मैं न तुम्हे छोड़ूंगी और न hi इस कमीने को....

सब की चीखो पुकार सुन के अवनि बेहोशी से जागती है.... अंजू को प्रिंस को कमीना कहते देख वो गुस्से से पागल हो जाती है और उसे मारने के लिए उसके पास जाने लगती है....

ये देख शाइना को बड़ी हैरानी होती है....

प्रिंस फ़ौरन अवनि को रोकता है मगर गुस्से में अवनि उसकी पकड़ से छूट के सामने पड़ी चीज़ें उठा के अंजू और शाइना पे फेकने लगती है और साथ hi चीकने भी लगती है....

अवनि : तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरे प्रिंस को कमीना कहने की....? मैं तुम दोनों को ज़िंदा नहीं छोड़ूंगी....

प्रिंस फ़ौरन आगे बढ़ के उसे रोक लेता है.... मगर अवनि है की शांत होने का नाम नहीं ले रही है.... गुस्से से पागल बानी हुई है....

तभी एक नर्स नींद का इंजेक्शन ला के सपना को देती है.... अवनि को नींद का इंजेक्शन लगाने के लिए सपना जैसे hi आगे बढ़ती है प्रिंस उसे रोक देता है....

सपना : प्रिंस बात को समझो.... इसके गुस्से को शांत करने के लिए मुझे इसे नींद का इंजेक्शन लगाना hi होगा....

प्रिंस : नहीं सपना कभी नहीं.... तुम्हे पता है इस से इसकी जान भी जा सकती है.... और वो मैं कभी होने नहीं दूंगा....

सपना : प्रिंस तुम बात को समझ नहीं रहे इस के सिवाए हमारे पास दूसरा और कोई रास्ता नहीं है.... ज़िद मत करो और मुझे इसे नींद का इंजेक्शन लगाने दो....

प्रिंस : नहीं सपना कभी नहीं.... जब तक मैं ज़िंदा हूँ इसे कभी कुछ नहीं होने दूंगा.... नींद के इंजेक्शन के अलावा भी एक दूसरा रास्ता है....

प्रिंस की बात सुन के सपना बुरी तरह से घबरा जाती है....

सपना : नहीं प्रिंस.... पागल मत बनो.... तुम जो सोच रहे हो वैसा कुछ नहीं करोगे.... तुम पहले hi बेहद ज़ख़्मी हो मैं तुम्हे और ज़ख़्मी नहीं होने दूंगी.... मैं अभी इसे नींद का इंजेक्शन लगा देती हूँ....

ये कह के सपना जैसे hi आगे बढ़ती है.... प्रिंस मुस्कुराते हुए अवनि को अपनी बाँहों में समेत लेता है और फिर सामने आता है वो खौफनाक मंज़र.... गुस्से में अवनि पागलों की तरह प्रिंस की पीठ को नोचने लगती है....

ये देख अंजू और शाइना के साथ साथ वहां मौजूद सभी के दिल की धड़कन रुक सी जाती है... सब के मुँह से दर्द भरी आह निकल जाती है.... मगर प्रिंस है की अपने दर्द को दबाये हुए अवनि को शांत करने की कोशिश कर रहा है.... वो प्यार से अवनि के सर को सेहला रहा है और उसे शांत होने को कह रहा है..... अवनि है की गुस्से में प्रिंस की ज़ख़्मी पीठ को और भी ज़ख़्मी किये जा रही है.... प्रिंस की पीठ से बेतहाशा खून बह रहा है.... धीरे धीरे अवनि का गुस्सा शांत होने लगता है.... और कुछ देर बाद वो बेहोश सी हो जाती है.... प्रिंस उस सहारा दे के बीएड पे लेता देता है.... और जैसे hi पीछे मुड़ता है लड़खड़ा के नीचे गिर जाता है.... उसके मुँह से दर्द भरी आह निकल जाती है....

Aaaaaaaaaagggghhhhhh....

जिसे सुनते hi अवनि का दिल धड़क जाता है और वो प्रिंस को आवाज़ देती है..... बड़ी मुश्किल से प्रिंस खुद को संभालता है और उठ के अवनि के पास जा के उसके सर के सहलाते हुए उसे सोने को कहता है.....

प्रिंस : K....k...kuch नहीं हुआ.... मैं यहीं हूँ.... तुम सो जाओ आराम करो... मैं यहीं तुम्हारे पास hi हूँ....

प्रिंस की बात सुनके और उसका हाथ अपने सर पे महसूस करके अवनि सुकून से सो जाती है....

सपना फ़ौरन प्रिंस के पास जाती है और उसके ज़ख्मों पे मरहम लगा के पट्टी बाँध देती है....

प्रिंस की हालत देख के अंजू और शाइना की आँखों से आंसू बहने लगते हैं... अभी जो भी कुछ हुआ उसे देख के उन्हें ये समझते देर नहीं लगती की सपना और प्रिंस ने उन्हें जो भी कुछ कहा वो गलत नहीं है बल्कि उसका एक एक लफ्ज़ सच है.... सच जान के दोनों बेहद शर्मिंदा हो जाती हैं.... और प्रिंस से माफ़ी मांगने के लिए उसकी तरफ बढ़ने लगती हैं.... मगर सपना उन दोनों को वहीँ रुक देती है....

सपना : खबरदार जो तुम दोनों में से कोई भी प्रिंस के पास आया तो... मैं उसकी जान ले लुंगी.... ये लड़की क्या काम थी जो तुम दोनों भी आ गए प्रिंस की जान लेने.... आखिर गलती क्या है इसकी....? यही न की इसने अपनी जान की परवाह किये बगैर एक अनजान लड़की की जान बचायी.... और उसे ज़िंदा रखने के लिए उसका सारा गुस्सा.... सारा दर्द अपने जिस्म पे ले लिए.... देखो गौर से देखो इसे ये वही है जिसे अभी कुछ देर पहले तुम एक रेपिस्ट कह रहे थे.... कह दो की अभी जो भी कुछ तुम दोनों ने देखा वो सब भी झूट था.... इस लड़की का गुस्से में प्रिंस की पीठ को पागलों की तरह नोचना इसके पीठ से चमड़ी के साथ साथ खून का भी निकलना और तो और जो जान लेवा दर्द अभी इस मासूम ने तुम्हारी इस सो कॉल्ड बेटी के लिए सहा है कह दो की वो भी झूट है.... इतने दिनों तक जिस फ़रिश्ते ने अपना खून बहा बहा के जिस लड़की को मौत के मुँह से निकल के उसे ज़िंदा रहने की वजह दी.... उसके गुस्से को शांत करके उसे हसना सिखाया... उस नेक फ़रिश्ते पे इतना घिनोना इलज़ाम लगाने से पहले तुम दोनों ने एक बार भी नहीं सोचा.... ये क्या काम थी जो तुम दोनों भी इस मासूम फ़रिश्ते की जान लेने आ गए.... चले जाओ यहाँ से और अपनी बेटी को भी ले जाओ इस से पहले की मैं गलत कर बैठूं....

प्रिंस : ये क्या कह रही हो सपना तुम....?

सपना : वो hi जो मुझे कहना चाहिए.... अब बस बहुत हो गया प्रिंस.... अब साड़ी हद पार हो चुकी है.... अब और नहीं.... अब मैं तुम्हे यहाँ एक पल के लिए भी नहीं रहने दूंगी... और न hi इस जानलेवा दरस को सहने दूंगी.... इस के सो कॉल्ड रिश्तेदार यहाँ आ गए हैं.... अब वो इसकी देखभाल करेंगे.... तुम चलो मेरे साथ.... ये कह के सपना प्रिंस का हाथ पकड़ के उसे वहां से ले जाने लगती है... प्रिंस का हाथ जैसे hi अवनि के हाथ से छूट ता है वो नींद से जाग जाती है और आगे बढ़ के प्रिंस के सीने से कास के लिपट के कहती है....

अवनि : मुझे चोर के कहाँ जा रहे हो प्रिंस.... तुमने वादा किया था मेरे साथ रहने का....

अवनि की बात सुन के सपना गुस्से में कुछ कहने hi वाली होती है की तभी प्रिंस उसे खोमश रहने का इशारा करता है.....

प्रिंस : नहीं तो मैं कहाँ जा रहा हूँ.... मैं तू कहीं नहीं जा रहा..... मैं यहीं हूँ तुम्हारे पास.... तुम उठ क्यों गयी.... सो जाओ तुम्हे आराम की ज़रुरत है....

अवनि : नहीं मैं नहीं सोऊंगी.... मेरे सोते hi तुम मुझे चोर के चले जाओगे....

प्रिंस : किसने कहा ये तुमसे.... मैं यहीं हूँ कहीं नहीं जाऊँगा.... मैंने तुमसे वादा जो किया है... और तुम तो जानती हो मैं अपना वादा कभी नहीं तोड़ता... चलो अब जल्दी से सो जाओ.....

प्रिंस की बात मान के अवनि सो जाती है.... ठीक तभी अंजू जो करती है उसे देख के प्रिंस के साथ साथ वहां मौजूद सभी बुरी तरह से चौंक जाते हैं.....??????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 16

अवनि की बात सुन के सपना गुस्से में कुछ कहने hi वाली होती है की तभी प्रिंस उसे खामोश रहने का इशारा करता है.....

प्रिंस : नहीं तो मैं कहाँ जा रहा हूँ.... मैं तू कहीं नहीं जा रहा..... मैं यहीं हूँ तुम्हारे पास.... तुम उठ क्यों गयी.... सो जाओ तुम्हे आराम की ज़रुरत है....

अवनि : नहीं मैं नहीं सोऊंगी.... मेरे सोते hi तुम मुझे चोर के चले जाओगे....

प्रिंस : किसने कहा ये तुमसे.... मैं यहीं हूँ कहीं नहीं जाऊँगा.... मैंने तुमसे वादा जो किया है... और तुम तो जानती हो मैं अपना वादा कभी नहीं तोड़ता... चलो अब जल्दी से सो जाओ.....

प्रिंस की बात मान के अवनि सो जाती है.... ठीक तभी अंजू जो करती है उसे देख के प्रिंस के साथ साथ वहां मौजूद सभी बुरी तरह से चौंक जाते हैं.....??????

अब आगे....

अंजू प्रिंस के पैरों में गिर के उस से माफ़ी मांगने लगती है.....

अंजू : प्लीज मुझे माफ़ कर दो.... मैंने तुम्हे गलत समझा.... एक फ़रिश्ते पे इतना घिनोना इलज़ाम लगाया..... जिसकी पूजा करनी चाहिए थी उसे गालियां दी.... कितना बड़ा गुनाह हो गया मुझसे.... मेरे गुनाहों की सजा मेरी बेटी को मत दो... प्लीज उसे चोर के मत जाओ.... प्लीज.... ी ऍम सॉरी....

ये कह के अंजू रोने लगती है....

प्रिंस फ़ौरन उसे उठा के कहता है....

प्रिंस : ये आप क्या कर रही हैं....? प्लीज ऐसा मत कीजिये.... आप ने जो किया वो गलत था.... मगर इस में आपकी कोई गलती नहीं है.... उस वक़्त हालात hi ऐसे थे की आपकी जगह अगर मैं होता तो मैं भी यही करता....

अंजू : नहीं तुम ऐसा कभी नहीं करते.... मुझे यकीन है इस बात का.... प्लीज मेरी गलती की सजा मेरी बेटी को मत दो.... प्लीज उसे चोर के मत जाओ.... प्लीज हम दोनों को माफ़ कर दो....

प्रिंस : पहली बात तो ये की मैं इसे मेरा मतलब है अवनि.... यही नाम है न इस प्यारी पारी का.... मैं अवनि को चोर के कहीं नहीं जा रहा हूँ.... और दूसरी.... ये की आप ये बार बार मुझसे माफ़ी मांग कर मुझे गुनेहगार मत बनाइये... बड़े माफ़ी नहीं माँगा करते.... बल्कि हक़ जताया करते हैं और अपने से चोटों पे प्यार लुटाया करते हैं....

अंजू : ओह सॉरी.....

प्रिंस : अब अगर आप ने गलती से भी सॉरी कहा तो सच में मैं आप से नाराज़ हो जाऊँगा.....

अंजू : इसका मतलब है की तुमने हम को माफ़ कर दिया.....

प्रिंस : कहा न जो बीत गया उसे भूल जाइये और अवनि का ख़याल रखिये....

अंजू : उसकी अब मुझे फ़िक्र नहीं.... उसके लिए तुम जो हो.... मुझे ख़ुशी है की उसे एक सच्चे फ़रिश्ते का साथ मिल गया....

प्रिंस : और अवनि के ज़रिये मुझे आप मिल गयी.... आप बहुत प्यारी हैं..... वैसे भी ये सच hi है.... जब अवनि इतनी प्यारी है तो उसकी माँ का प्यारी होना तो लाज़मी hi है....

शाइना : और मैं....

शाइना की बात सुन के प्रिंस उसे चिढ़ाने के लिए कहता है....

प्रिंस : तुममममम...... ठीक ठाक हो.... मतलब एवरेज यू क्नोव.....

प्रिंस की बात सुन के शाइना चीड़ जाती है.... जिसे देख प्रिंस हंस देता है....

शाइना : अच्छा... मगर मेरे दोस्त तो कहते हैं की मैं बेहद खूबसूरत हूँ.... और तुम हो की मुझे एवरेज कह रहे हो.....

प्रिंस : अरे मैं तो मज़ाक कर रहा था.... तुम वाकई में बेहद खूबसूरत हो.....

ठीक तभी शाइना जो कहती है और सुन के सब हैरत और गुस्से से उसकी तरफ देखने लगते हैं....

शाइना : तुम वाकई में इतने अच्छे हो या फिर अच्छे होने का दिखावा कर रहे हो....?

प्रिंस : तुम पुलिस वालों को शक करने के अलावा और दूसरा कोई काम नहीं है क्या....?

शाइना : वो तो मैं बस ऐसे hi कह रही थी.... वैसे तुम्हे देख के लगता तो नहीं..... खैर जो भी हो.... तुमने मेरी बेहेन की मदत कर के दिल जीत लिया मेरा.... दिल चाहता है की ख़ुशी में तुम्हारा मुँह चूम लून....

अंजू : तू भी न शाइना कुछ भी बोल देती है....

शाइना : नहीं बुआ मैं सच कह रही हूँ..... आप खुद देख लीजिये..... ये कितना स्मार्ट डैशिंग और हैंडसम है.... इसे देख के किसी को भी इस से प्यार हो जाएगा....

प्रिंस : जैसे की तुम्हे हो गया है....

शाइना : हाँ शायद....

शाइना की बात सुन के सपना चीड़ के कहती है....

सपना : अभी तो इसे गालियां दे रही थी और अब अचानक से प्यार होने की बात कर रही हो.... तुम्हारा दिमाग तो ठीक है न....

शाइना : पहले ठीक था मगर अब नहीं.... जब से इसे देखा है.... मैं और मेरा दिल दोनों hi इसके दीवाने बन गए हैं....

सपना : यार इन पुलिस वाला का कुछ भरोसा नहीं होता..... ये कब कहाँ क्या कर जाए ये कहना मुश्किल होता है.... इस से पहले की ये तुमसे निकाह कर ले.... मेरी मानो तो निकल लो यहाँ से....

सपना की बात सुन के शाइना प्रिंस को आँख मार के कहती है.....

शाइना : वैसे आईडिया बुरा नहीं है.... क्या कहते हो प्रिंस....? हमारी जोड़ी कमाल की रहेगी....

अंजू : क्या शाइना तू भी न न वक़्त देखती है न मौका कहीं भी मज़ाक करने लग जाती है....

शाइना : बुआ मैं मज़ाक नहीं कर रही हूँ.... बल्कि सच कह रही हूँ... अगर प्रिंस हाँ कहे तो मैं अभी के अभी इस से निकाह करने को तैयार हूँ.... इस के जैसा स्मार्ट डैशिंग हैंडसम और नेक दिलवाला मुझे बल्ब ले के ढूंढने से भी नहीं मिलेगा....

अंजू : बल्ब नहीं चिराग होता है....

शाइना : जो भी हो.... मुझे तो इस से निकाह करना है.... अब देखते हैं की प्रिंस क्या कहता है.... क्यों प्रिंस क्या कहते हो....? करोगे मुझसे निकाह.....? बनाओगे मुझे अपनी दुल्हन....

अभी प्रिंस कुछ कहने hi वाला होता है की तभी अवनि के आवाज़ आती है.... जिसे सुन के सब मुद के उसकी तरफ देखते हैं....

अवनि : तुम सब कौन हो और यहाँ क्या कर रहे हो....? चले जाओ यहाँ से....

प्रिंस फ़ौरन अवनि के पास जाता है और उसके सर पे प्यार से हाथ फेर के कहता है....

प्रिंस : अवनि....

अवनि : ये अवनि कौन है....?

प्रिंस : अवनि तुम्हारा नाम है और ये लोग कोई गैर नहीं बल्कि तुम्हारे अपने हैं.... ये तुम्हारी माँ अंजू है और वो तुम्हारी बुआ की बेटी शाइना....

प्रिंस की बात सुन के अवनि गौर से अपनी माँ को देख के याद करने की कोशिश करने लगती है.... बहुत याद करने के बाद उसे कुछ धुंधला धुंधला सा नज़र आता है मगर चेहरा पहचान में नहीं आता....

अवनि : क्या वाकई में ये मेरी माँ है....?

प्रिंस : हाँ ये वाकई में तुम्हारी माँ और बेहेन है....

अवनि : मगर मुझे कुछ ठीक से याद क्यों नहीं आ रहा है....?

सपना : वो इस लिए क्यों की सर में चोट लगने की वजह से उस जगह पे ब्लड क्लॉट जमा हो गया था जिस से तुम्हारी याददाश्त कमज़ोर हो गयी है... उस ब्लड क्लॉट के हैट ते hi धीरे धीरे तुम्हे सब याद आ जाएगा....

इधर प्रिंस के दोस्त शिमला में नई कंपनी स्टार्ट करने की पूरी तैयार कर चुके हैं.... और कंपनी में इंटरव्यू भी स्टार्ट हो चूका है.... एक एक करके कैंडिडेट का सिलेक्शन भी किया जा चूका है.... बस इंतज़ार है तो प्रिंस के आने का वो आये और कंपनी को स्टार्ट करे....

कुछ hi दिनों में प्रिंस और अवनि पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं.... और सब से बड़ी बात तो ये है की अब अवनि को सब याद आ चूका है....

आज दोनों को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज मिल रहा है.... जिस से प्रिंस बेहद खुश है मगर बाकी के लोग (अवनि.... अंजू.... सपना... और शाइना....) उतने hi उदास....

प्रिंस : आज मैं बेहद खुश हूँ.... बेहद....

अवनि : क्या मैं जान सकती हूँ की जनाब की इस ख़ुशी की वजह क्या है....?

प्रिंस : तुम्हे पता है आज हम दोनों को इस हॉस्पिटल से डिस्चार्ज मिल गया है....

अवनि : क्याआआआ....?

प्रिंस : हाँ.... है न ये ख़ुशी की बात....

अवनि : क्या ख़ाक ख़ुशी की बात है.... मुझे नहीं चाहिए ऐसी ख़ुशी.... न hi मुझे यहाँ से डिस्चार्ज होना है....

प्रिंस : मतलब.... मैं कुछ समझा नहीं....

अवनि : मलतब ये की हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने का मतलब है तुम से दूर होना... जो मैं नहीं चाहती..... मैं तुमसे जुड़ा नहीं होना चाहती....

प्रिंस : किसने कहा की यहाँ से डिस्चार्ज मिलते hi हम जुड़ा हो जायेगे.... जी नहीं बल्कि हम हमेशा साथ रहेंगे.... जैसे की यहाँ रहते थे....

अवनि : तो इसका मतलब की तुम भी हमारे साथ मुंबई चल रहे हो.....?

प्रिंस : मुंबई.....? मगर क्यों....?

अवनि : मुंबई में मेरा घर है मैं वहीँ रहती हूँ.... यहाँ शिमला में तो मैं अपनी एक दोस्त की शादी अटेंड करने आयी थी.... जिसके बाद मैं वापिस जा hi रही थी की वो एक्सीडेंट हो गया.... अच्छा hi हुआ जो ये एक्सीडेंट हो गया....

प्रिंस : एक्सीडेंट होना भी कभी अच्छा होता है क्या....?

अवनि : मेरे लिए तो बहुत hi अच्छा था.... इसी बहाने मुझे तुम जो मिल गए..... अब मुझे मौत भी आ जाए तो कोई गम नहीं.....

प्रिंस : तुम फिर शुरू हो गयी.... तुम्हे मैंने मन किया था न....

अवनि : हाँ किया तो था.... मगर.... खैर अब तो मैं जीना चाहती हूँ तुम्हारे साथ.... हर एक पल हर एक लम्हा.... सिर्फ और सिर्फ तुम्हारे साथ..... मगर रह नहीं सकती.... अब तुम hi बताओ की क्या इस बात से मुझे तकलीफ नहीं होगी.....?

प्रिंस : तकलीफ तो मुझे भी होगी..... मगर हम कर भी क्या सकते हैं.....? वहां मुंबई में तुम्हारी पढ़ाई है..... और यहाँ शिमला मेरा काम....

अवनि : इसी लिए तो मैं यहाँ से नहीं जाना चाहती.... मैं तुमसे जुड़ा नहीं होना चाहती....

प्रिंस : अरे बस एक साल की hi तो बात है.... देखना कैसे चुटकी में बीत जाता है....

अवनि : एक साल.... मतलब 365 दिन... वो भी तुम्हारे बिना.... नामुमकिन....

प्रिंस : मुमकिन है....

अवनि : जी नहीं.... तुमसे जुड़ा होक मैं एक दिन नहीं रह सकती एक साल तो बहुत दूर की बात है....

प्रिंस : किसने कहा की हम जुड़ा हो जाएंगे.... फ़ोन के ज़रिये हम दोनों हमेशा साथ रहेंगे.... और जब भी मुझे मौका मिलेगा मैं तुमसे मिलने आ जाय करूँगा....

अवनि : तुम जो कह रहे हो वो ठीक है मगर फिर भी हम अलग तो हो hi जाएंगे न.... जी नहीं मैं तुम से अलग नहीं होना चाहती इस लिए मेरे यहाँ से मुंबई जाने का तो सवाल hi नहीं उठता...

अवनि है की मान ने को तैयार hi नहीं.... बड़ी मुश्किल से प्रिंस उसे मनाता है.... एयरपोर्ट पे प्रिंस से जुड़ा होते वक़्त अवनि उसे गले लगा के खूब रोटी है... प्रिंस से जुड़ा होक अंजू की आँखें भी नाम हो जाती हैं.... प्रिंस भी काफी दुखी है... वो भी अवनि से जुड़ा नहीं होना छह रहा.... मगर मजबूरी है.... एक तरफ अवनि की पढ़ाई का आखरी इम्पोर्टेन्ट साल है और दूसरी तरफ प्रिंस की कंपनी जो अभी शुरू होने वाली है....

अवनि और अंजू उदास मन से आँखों में आंसू लिए प्लेन में बैठ के मुंबई के लिए निकल जाती हैं.... और प्रिंस शिमला की हसीं वादियों की तरफ.... जहाँ उसकी मुलाक़ात किसी ख़ास.... बेहद ख़ास से होने वाली है....

अब वो कौन है और ये मुलाकात कैसी होगी ये अगले अपडेट में पता चल जाएगा....?????.
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 17

अवनि : तुम जो कह रहे हो वो ठीक है मगर फिर भी हम अलग तो हो hi जाएंगे न.... जी नहीं मैं तुम से अलग नहीं होना चाहती इस लिए मेरे यहाँ से मुंबई जाने का तो सवाल hi नहीं उठता...

अवनि है की मान ने को तैयार hi नहीं.... बड़ी मुश्किल से प्रिंस उसे मनाता है.... एयरपोर्ट पे प्रिंस से जुड़ा होते वक़्त अवनि उसे गले लगा के खूब रोटी है... प्रिंस से जुड़ा होक अंजू की आँखें भी नाम हो जाती हैं.... प्रिंस भी काफी दुखी है... वो भी अवनि से जुड़ा नहीं होना छह रहा.... मगर मजबूरी है.... एक तरफ अवनि की पढ़ाई का आखरी इम्पोर्टेन्ट साल है और दूसरी तरफ प्रिंस की कंपनी जो अभी शुरू होने वाली है....

अवनि और अंजू उदास मन से आँखों में आंसू लिए प्लेन में बैठ के मुंबई के लिए निकल जाती हैं.... और प्रिंस शिमला की हसीं वादियों की तरफ.... जहाँ उसकी मुलाक़ात किसी ख़ास.... बेहद ख़ास से होने वाली है....

अब वो कौन है और ये मुलाकात कैसी होगी ये अगले अपडेट में पता चल जाएगा....?????

अब आगे.....

एक बेहद hi स्टाइलिश स्पोर्ट्स कार में बैठ के प्रिंस शिमला की तरफ चल देता है..... पूरे रास्ते ज़रा उसके साथ मस्ती भरी चेर चार करती रहती है.... प्रिंस उसे लाख मन करता रह जाता है मगर ज़रा है की कुछ भी सुन ने को तैयार hi नहीं..... ज़रा की मस्ती से धीरे धीरे प्रिंस का मूड चेंज होने लगता है.... और वो उसी के रंग में रंग जाता है.... और उसके साथ मस्ती करने लगता है..... जल्द hi दोनों शिमला पहुँच जाते हैं....

शिमला के सब से आलिशान और खूबसूरत बंगलो में प्रिंस की कार आ के रूकती है.... उसके दोस्त बड़ी बेसब्री से उसके आने का इंतज़ार कर रहे थे.... उसके आते hi ख़ुशी में उसे सीने से लगा लेते है....

सैर : तुम्हे ठीक देख के आज मैं बेहद खुश हूँ....

मैक्स : हाँ यार सही कहा सैर ने....

सैम : यार तेरे ठीक होने की ख़ुशी में पार्टी होनी चाहिए....

विजय : हाँ.... सही कहा वे वांट पार्टी....

प्रिंस : वो भी हो जाएगा पहले मुझे अंडर तो आने दो.....

फिर वो लोग बिज़नेस की कुछ बातें करते हैं और तैयार हो के चल देते हैं पार्टी करने..... वहां के सब से आलिशान होटल में.....

जैसे hi वो लोग अंडर जाते हैं वहां का माहौल देख के बेहद खुश हो जाते हैं...

होटल बेहद hi खूबसूरती से सजा हुआ है उसकी खूबसूरती देखते hi बनती है....

सैर : वाओ कितना खूबसूरत है.... यहाँ की सजावट देख के तो ऐसे लग रहा है की जैसे यहाँ किसी की शादी होने वाली है....

सैर ने अभी इतना hi कहा था की तभी.... होटल का मैनेजर वहां आता है और उनका स्वागत कर के उन्हें वहां से सब से ख़ास टेबल पे ले जाता है....

विजय : क्या बात है प्रिंस इतना शाही स्वागत.... ये तो ठीक वैसे hi है जैसे पेरिस में हुआ करता था.... जब भी हम किसी स्पेशल दिन होटल जाते थे हमारा स्वागत ठीक ऐसे hi होता था....

सैम : हाँ मगर आज का दिन तो कोई स्पेशल नहीं है.... तो फिर आज ऐसा क्यों....? और ये सब तैयारी की किसने....?

सैम की बात सुन के प्रिंस मुस्कुराते हुए कहता है....

प्रिंस : आज का दिन बेहद ख़ास है.... क्यों की आज तेरी धुलाई होने वाली है वो भी बिना साबुन के....

सैम : मेरी धुलाई.... मगर क्यों....? मैंने ऐसा क्या कर दिया....? और किसकी इतनी हिम्मत की तेरे होते हुए मेरी धुलाई करे....?

प्रिंस : क्यों भाई मैंने तेरे ठेका धरा है क्या....?

सैम : अरे यार दोस्त हूँ तेरा.... इतना तो हक़ बनता hi है....

प्रिंस : जी नहीं.... आज तुझे पीटने से मैं भी नहीं बचा सकता.... तू ने काम hi ऐसा किया है....

सैम : वो hi तो जान न छह रहा हूँ की मैंने ऐसा किया क्या है....? और वो कौन है और क्यों मुझे मारना चाहता है....?

प्रिंस : वो भी जल्द hi पता चल जाएगा....

फिर प्रिंस के इशारे पे म्यूजिक शुरू हो जाता है और दो waiter's शैम्पेन के साथ केक लेके आते हैं....

सैम : ऊऊऊ.... तो आज किसी का बर्थडे है....

अभी सैम ने इतना hi कहा था की तभी एक झन्नाटेदार थप्पड़ उसके गाल पे पड़ता है.....

Chataaaaaaaaaaaaaak.....

सैम को तारे नज़र आने लगते हैं....

सैर बेहद गुस्से में सैम को देखने लगती है....

सैर : इस बार भी तुम मेरा बर्थडे भूल गए.....

सैम को मार कहते देख विजय मज़े लेते हुए कहता है....

विजय : इस साल का मिला के हैट्रिक हो गयी.... भूलने के साथ साथ पिटाई की भी.... अबे साले भला कोई अपनी गर्लफ्रेंड का बर्थडे भी भूलता है क्या....? तेरी जगह अगर मैं होता तो ऐसा कभी नहीं करता....

सैम : साले तू दोस्त है या दुश्मन.... क्यों आग में घी दाल रहा है....? यहाँ पहले hi मेरी लगी पड़ी है और तू है की आग को और हवा दे रहा है.... और प्रिंस तू... तू भी इस जैसा hi निकला.... तुझे याद था तू मुझे भी याद दिला देता.... काम से काम मैं आज के दिन सब के सामने मार न खता... सालो तुम जैसे दोस्त हो तो दुश्मन की कमी hi क्या है....?

प्रिंस : साले एक तो गलती करता है और ऊपर से गाली भी देता है.... मारो सैर इसे इस कमीने की यही सजा है....

सैर गुस्से में : इसे तो आज मैं छोड़ूंगी नहीं.... इसकी ऐसी धुलाई करुँगी की ये फिर कभी मेरा बर्थडे नहीं भूलेगा....

ये कह के सैर गुस्से में बिना साबुन के सैम की धुलाई करने लग जाती है.... लेकिन जब बात आगे बढ़ने लगती है तो प्रिंस बीच में आ के सैर को रोकता है....

प्रिंस : यार सैर अभी के लिए इतना काफी है.... बाकी की धुलाई पार्टी के बाद कर लेना....

प्रिंस की बात मान के सैर बर्थडे केक कट करती है और सब से पहले प्रिंस को खिलाती है... फिर मैक्स और विजय को....

सैम : थोड़ा मुझे भी आखिर तुम्हारा बॉयफ्रेंड हूँ इतना तो हक़ बनता है मेरा....

सैम की बात सुन के सैर का गुस्सा तेज़ हो जाता है और वो केक ले के सैम के मुँह पे मॉल देती है....

सैर : बर्थडे तो तुम्हे याद रहता नहीं.... मगर केक खाना बराबर याद रहता है.... लो ठूस लो....

ये कह के सैर गुस्से में एक तरफ बैठ जाती है.... सैर को गुस्से में देख सैम को अच्छा नहीं लगता वो आगे बढ़ के उसे मानाने की बहुत कोशिश करता है मगर सैर है की मान ने को तैयार hi नहीं.....

सैम : यार प्रिंस अब तू hi है जो उसे मन सकता है.... यार मैं मानता हूँ की मुझसे गलती हो गयी.... मुझे उसका बर्थडे याद रखना चाहिए था....

प्रिंस : जो की तू भूल गया.....

सैम : हाँ यार... और उसकी सजा मुझे मिल भी गयी है.... मगर सैर है की उसका गुस्सा शांत hi नहीं हो रहा.... प्लीज कुछ कर न.... अब तू hi उसे मन सकता है.... इस दुनिया में वो सब की बात ताल सकती है मगर तेरी नहीं.... तू उसके लिए हम सब से बढ़ के है.... वो तेरी हर बात माटी है.... प्लीज उसे मन ले.... आज उसका बर्थडे है... आज के दिन मैं उसे उदास नहीं देख सकता... प्लीज उसे मन ले....

प्रिंस : यार ये तेरा अच्छा है... बर्थडे भूले तू... झगड़ा करे तो और उसे मनौ मैं.... भला ऐसा भी कहीं सुना है क्या.... की किसी एयर की गर्लफ्रेंड को कोई और मन रहा है....?

सैम : यार मेरी गर्लफ्रेंड है तो क्या तेरी कुछ भी नहीं.... तेरी भी तो दोस्त है..... वो भी सबसे ख़ास.... आज तेरी बेस्ट फ्रेंड का बर्थडे है और अपने बर्थडे के दिन वो नाराज़ बैठी रहे क्या तुझे ये अच्छा लगेगा.... नहीं न.... इसीलिए तो कह रहा हूँ की प्लीज उसे मन ले... एक तू hi है जो उसे मन सकता है.... प्लीज उसे मन.... प्लीज....

प्रिंस : अच्छा बस बस अब ज़्यादा नाटक मत कर.... साले गलती तू करे और मनौ मैं.... आज ये आखिरी बार.... इसके बाद अगर तू ने ऐसा किया तो फिर मेरे पास मत आना.... आइंदा मैं तेरी कोई मदत नहीं करूँगा....

प्रिंस सैर को मन लेता है.... फिर वहां धमाकेदार पार्टी कर के वो लोग घर लौट आते हैं....

अगली सुबह सब के साथ प्रिंस कंपनी स्टार्ट करने चल देता है.....
 
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