Incest The Tiger - Page 26 - SexBaba
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Incest The Tiger

अपडेट 176

टाइगर को एक बड़े से टब पर बैठाया गया था दूध से सुगंधित जलो फूलो से टाइगर का अभिषेक किया जा रहा था जीन लोक में सभी तरफ ख़ुशी का माहौल था सभी प्रजा गैन अपने होने वाले नए राजा के लिए उत्साहित थे सभी लोगों को हर काम बात दिया गया था चारो तरफ ढोल नागदा बज रहे थे गीत संगीत का भी प्रोग्राम हो रहा था जीन लोक के सभी लोगो का दावत का इंतजाम महल में hi था ऐसे hi इधर टाइगर को राजा बनाने की तयारी चल hi रही थी और उधर सुलेमान अपने विश्वास पत्र सैनिकों के साथ सहजादी नरगिस को अगवा करने की तयारी में थे ,वो लोग भी अपने मंसूबो को अंजाम देने की पूरी तरह फ़िराक में थे , इधर टाइगर को नए वस्त्रो और आभूसणो से सजाय जा रहा था फिर बरी आयी ताज पहनने की उस से पहले उस्ताद जी ने टाइगर से कहा...

उस्ताद जी: जीन लोक के होने वाले बादशाह ये ताज जिसके सर पर होगा वो जीन लोक में सबसे सकती साली जीन होता है लेकिन इस ताज में अभी भी एक कमी है वो ये है की इस ताज में एक मणि भी रहती है है और वो नाग लोक में है आप के पूर्वजो ने ये ताज बनाया था और फिर जब उनका अंत समय आया तब उन्होंने सभी जगहों से जाया पर उन्हें सकती और ताकत मिली थी उनको उन्होंने वापस लौटा दिया था अब ये आपको देखना है की आप भी अपने पूर्वजो की तरह उन सक्तियो को हासिल करना चाहोगे की नहीं.

फिर उस्ताद जी ने टाइगर को वो ताज पहना दिया ताज जैसे hi टाइगर के सर पर पहनाया गया टाइगर के सरीर में नयी ऊर्जा का संचार होने लगा और देखते hi देखते टाइगर का कद बढ़ने लगा , उस्ताद जी ये जानते थे की ऐसा होगा इस लिए ये राज तिलक का समारोह उन्होंने मैदान में कराया था ,

टाइगर अब एक विशाल काय जीन में बदल चूका था ,उस से बड़ा जीन आज तक जीन लोक में किसी भी ने नहीं देखा था फिर टाइगर ने अपनी तलवार को आसमान की तरफ किया तब आसमान में जोरो की गर्जना के साथ बिजली भी चमकने लगी चारो तरफ बादशाह टाइगर के जैकारे की आवाज़ गूंज रही थी फिर टाइगर ने सभी प्रजा गैन को संत करा क्र कहा.

टाइगर: जीन लोक के सभी प्रजा को मेरा सलाम मई जीन लोक के बादशाह होने के नाते आप सभी की हिफाज़त का जिम्मा अपने ऊपर लेता हु और जिन सक्तियो को मेरे पूर्वजो ने हासिल किया उसे तो मई ले क्र रहूँगा बल्कि उनसे भी जायेगा सकती हासिल करूंगा.

फिर मई अपने नार्मल रूप में आ गया और उस्ताद जी ने घोसना क्र दी की आप से कुछ समय बाद महल में बादशाह के निकाह होगा इसलिए आ सभी आमंत्रित है .

सभी प्रजा गैन महल की तरफ प्रस्थान करने लगे , सभी सहजादी भी अपने अपने रूम में जाने लगे क्योंकि उन्हें तैयार भी होना था अपने निकाह के लिए सहजादी हीना तो टाइगर का पीछा hi नहीं छोड़ रही थी तब मुमताज ने उसे टोक क्र कहा ..

मुमताज: तू क्यों बादशाह के पीछे पीछे घूम रही है अब से वो तेरे होने वाले जीजा है सांझी अब जा अपने रूम में और तैयार हो क्र आ.

हीना न चाहते हुवे भी एक रूम में चली गयी ,कुछ देर बाद एक तरफ बादशाह टाइगर और अन्य पुरुष बैठे हुवे थे तो परदे के दूसरी तरफ महिलाये बैठी हुई थी पहले नुसरत को खालिदा बेगम लेकर आयी फिर नीलोफर को सुमन लेकर आयी फिर जब नरगिस का समय आया तो नरगिस कुछ देर तक नहीं आयी तो स्टेबेला खुद hi जाकर नरगिस को लेन के लिए चली गयी काफी समय बाद भी जब नरगिस नहीं आयी तो प्रजा गैन में आपस में बात चित होने लगी टाइगर भी कुछ परेशां हो गया था तभी भागते हुवे स्टेबेला आती है और परदे के पीछे से hi कहती है.

स्टेबेला: गजब हो गया बादशाह सलामत गजब हो गया सहजादी नरगिस अपने होजरी में नहीं है और दसिया भी मूर्छित मिली है.

ये सुन कर टाइगर समेत सभी पुरुष गैन कड़े हो जाते है.

तभी जुबेर सुलेमान पो पकड़ कर लेन का आदेश सैनिकों को देता है , सभी सैनिक सुलेमान के ढूढ़ने में लग जाते हैं कुछ hi देर बाद एक सैनिक आकर बताता है की सुलेमान राजमहल में नहीं है, तब टाइगर उस गुप्तचर को बुलाने को कहता है जिसने तांत्रिक का ठिकाना ढूंढा था, कुछ hi देर में वो गुप्तचर भी आ गया.

टाइगर: गुप्तचर तुम उस तांत्रिक का पता ठिकाना जानते हो.

गुप्तचर: जी बादशाह सलामत.

टाइगर: ठीक हमारे साथ चलो और उस का ठिकाना हमे दिखाओ मेरे साथ और कोई नहीं आएगा मई अकेले hi वह जाऊंगा.

हीना: मई आपके साथ चलूंगी जीजा जी.

टाइगर: नहीं मेरे साथ कोई नहीं आएगा मई किसी और की जान जोखिम में नहीं दाल सकता इसलिए मेरे साथ कोई नहीं आएगा.

कदर: टाइगर बीटा तुम हीना को अपने साथ ले जा सकते हो जैसे तुम्हारे पास इस जीन लोक की ताकत है वैसे hi हीना के पास काळा जादू वाले जीन लोक की ताकत है तुम उसे अपने साथ लेकर जा सकते हो वो तुम्हे निराश नहीं करेगी उल्टा वो तुम्हारी मदद hi करेगी .

फिर उसके बाद टाइगर हीना और वो गुप्तचर तीनो लोग गायब हो क्र सीधे उस गुफा के पास पहुँच जाते है जहा पर तांत्रिक का ठिकाना था
 
अपडेट 177

फिर उसके बाद टाइगर हीना और वो गुप्तचर तीनो लोग गायब हो क्र सीधे उस गुफा के पास पहुँच जाते है जहा पर तांत्रिक का ठिकाना था.

हम एक पहाड़ के सामने कड़े थे हीना इधर उधर देख रही थी ,जब उसे कुछ समझ में नहीं आया तब उसने कहा.

हीना: गुप्तचर यहाँ तो कोई गुफा दिखाई नहीं दे रही है यहाँ तो सिर्फ पत्थर पत्थर हैं और यह झड़ी है.

गुप्तचर: शहज़ादी जी इ इसी पत्थरों के पहाड़ में उसे तांत्रिक ने अपना ठिकाना बनाया हुआ है (एक तरफ इशारा करते हुवे) उसे बड़े से चट्टान के पीछे hi गुफा में जाने का रास्ता है हमें उसे हटाना पड़ेगा.

मई : तो फिर देर किस बात की आओ चल क्र उस चट्टान को हटते है.

फिर हम तीनों उसे बड़े से चट्टान के पास जाते हैं पहले गुप्तचर उस चट्टान को हटाने का प्रयास किया लेकिन उससे हिला भी नहीं फिर मैंने भी उसे चट्टान को हटाने का प्रयास किया लेकिन वह अपनी जगह से हिलना तक नहीं हम तीनों ने मिलकर उस चट्टान को हटाने का प्रयास किया लेकिन कोई सफलता नहीं मिली ,फिर मैंने अपनी जीन ताकत का इस्तेमाल करते हुवे अपने आप को विशाल काय जीन में बदल लिया और उस चट्टान को हटाने का प्रयास किया लेकिन नतीजा वही हुआ वो अपनी जगह से हिला तक nahi,mai उसे घुसे मार क्र तोड़ने का प्रयास भी किया लेकिन कुछ नहीं हुआ, मैं वापस अपने सामान्य रूप में आ गया.

हीना: अब क्या करे जीजा जी ये तो अपनी जगह से हिल भी नहीं रहा है.

मई : लगता है तांत्रिक ने इस चट्टान पर जादू क्र के इसे बंद किया है, अब आखिर उपाय hi बचा hai,aap दोनों पीछे हो जाइये.

फिर मैंने अपनी तलवार को याद किया और तलवार को अपने माथे से लगा क्र मान में कहा की इस चट्टान के टुकड़े टुकड़े कर do,fir मैंने अपनी तलवार की दिशा उस चट्टान की तरफ क्र दिया तलवार से बिजली की किरदे निकली और उस चट्टान से टकराई एक जोरदार धमाके के साथ चट्टान के टुकड़े टुकड़े हो गए.

इधर जैसे hi चट्टान टुटा उधर हवं कुंड के सामने बैठे तांत्रिक को पता चल गया की गुफा का दरवाज़ा खुल चूका है उसने सुलेमान को कहा जो अपने विश्वास पत्र सैनिकों के साथ था .

तांत्रिक: जाओ जाकर उन्हें रोको कोई भी अंदर न आने पाए जब तक मई hi इस सहजादी की बलि न दे दू.

सुलेमान अपने सैनिकों के साथ दरवाज़े की तरफ आने लगा इधर हम चट्टान के हटते hi हम गुफा के भीतर जाने लगे अभी हम थोड़ा hi आगे बढे थे की सुलेमान ने हमे रोक लिया.

सुलेमान: वही रुक जाओ जीन लोक के नए baadshah,itni भी क्या जल्दी है अंदर जाने की पहले हम से भी तो मुकाबला क्र लो .

मई : तुम्हे भी तुम्हारे बेटे के पास पहुँच देता हु बेचारा जहन्नुम में अकेला hi तड़प रहा होगा.

सुलेमान: गुस्ताख़ लड़के, सैनिकों ख़तम क्र दो इन सब को .

फिर सैनिकों ने हम पर हुम्ला क्र दिया मेरी तलवार तो मेरे हाथों में hi थी हीना और गुप्तचर ने भी जादू से अपनी तलवार ले ली मेरे सामने जो भी आता मई उसको गाजर मूली की तरह काटने लगा हीना भी फुर्ती से उन सैनिकों को काट रही थी अब आखिरी में सुलेमान hi बचा था, तब हीना ने कहा.

हीना: जी आप अंदर जाइये मई इन्हे संभालती हूँ.

फिर मई गुफा के अंदर जाने लगा इधर सुलेमान और हीना आमने सामने थे.

सुलेमान: तू क्या मुझे सम्हाले गई कल की बच्ची.

ये बोल क्र सुलेमान ने अपने आप को 10 भागो में बात दिया अब 10 सुलेमान हीना के सामने कड़े थे और है रहे थे हीना ने भी मुस्कुराते हुए अपनी मुट्ठी को बंद कर के कुछ मंत्र पढ़े और सुलेमान की तरफ हाथ क्र के मुट्ठी कॉल दी ,

इस से 9 सुलेमान आग से जल क्र भस्म हो गए सिर्फ अब व्ही बचा था .

सुलेमान: मुझे तो पता hi नहीं था तुम भी कला जादू जानती होगी पर अब उसके बच मुझ से ,

सुलेमान ने अपने आप को एक विशाल काय पछि में बदल लिया और हीना पर हमला क्र दिया हीना इसके लिए तैयार hi कड़ी थी इस से पहले की पछि रूपी सुलेमान अपने पंजो से हीना को नुकसान पंहुचा पता उस से पहले hi हीना उछाल कर उसके पीठ पर सवार हो गयी और तुरंत hi उसके पीठ में अपनी तलवार घुसा दी. सुलेमान दर्द से तड़प गया और वो गुफा की दिवार से टकराता उस से पहले hi हीना उछाल कर निचे कूद गयी सुलेमान दिवार से टकरा क्र तड़पता हुआ मर गया.

इधर जब मई गुफा अंदर गया तो देखा हवं कुंड के पास नरगिस बेसुध बैठी हुई है उसकी आँखे खुली हुई थी लेकिन उसको कुछ भी होस नहीं था ,बाजु में तांत्रिक बैठ के हवं कुंड में मंत्र पढ़ कर आहुति दे रहा था और उनके चेले तांत्रिक जी मदद क्र रहे थे जब मई उनकी तरफ बढ़ने लगा तो एक चेला मुझे रोकने के लिए मेरी तरफ बढ़ने लगा मैंने एक hi झटके से अपनी तलवार से उसका सर धड़ से अलग क्र दिया तब दूसरा चेला उठने को हुआ तब तांत्रिक ने उसे बैठे रहने का इसरा किया और अपनी मुट्ठी बंद कर के कुछ मंत्र पढ़े और उसे हवं कुंड में डाला तभी हवं कुंड से एक भयंकर रूप का एक रक्षक बहार निकला





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उस राक्षस को देख कर मैं भी कुछ पल के लिए अचंभित रह गया क्यों की ऐसा राक्षस पटल लोक में मई देख चूका था , तांत्रिक से आदेश मिलने के बाद वो मुझ पर कभी आग के गोले से हमला करता तो कभी लेज़र बीम से से मई उस से हमले से लगा तार बचता जा रहा था क्यों की वो मुझे कुछ करने का मौका hi नहीं दे रहा था तब तक हीना भी सुलेमान को मार कर आ चुकी थी और उसने अपने काळा जादू के प्रयोग से उस राक्षस पर हमला कर दिया तब उस राक्षस का धयान हीना की तरफ गया बस ये पल hi मेरे लिए काफी थे , हीना के हमले से वो काफी गुस्से में आ गया था इस लिए उसने अपना विशाल काय रूपा धारण क्र लिया उस के सामने मई कुछ भी नहीं था





तब मैंने अपनी तलवार को देखा जो काफी चमक रहा था तब मई उसको अपने मस्तक से लगा क्र कहा की ये राक्षस का संपूर्ण नास हो जाये और फिर अपनी तलवार का रुख उस राक्षस की तरफ क्र दिया मेरे तलवार से बिजली की किरदे निकली और साइड उस राक्षस पर जा लगी वो राक्षस तड़पने लगा और धीरे धीरे आग की लपटों में जलने लगा और कुछ hi समय बाद वो भस्म हो गया .

इधर जब मई राक्षस को मार रहा था तब वो तांत्रिक अपने खडग से नरगिस की बलि लेने वाला था तभी हीना की नजर उस पर पद गयी वो उसे बचने के लिए तांत्रिक से जा भिड़ी लेकिन तांत्रिक ने उसे कैद कर लिया उसी उसके बाद वो फिर नरगिश की तरफ बढ़ने लगा तब मेरी नजर उसकी तरफ पड़ी तांत्रिक ने बलि लेने के लिए खडग को ऊपर उठाया hi था की मैंने उड़ते हुवे उसके पास जाकर उसको बिच में hi अपने तलवार से रोक लिया और एक लत उसके पेट में मर क्र उसको नरगिस से दूर क्र दिया वो तांत्रिक मुझ पर हर संभव प्रयास करने लगा की वो मुझ पर काबू प् ले लेकिन मई उसके हर वर का जवाब अपनी तलवार से ले रहा था फिर अंत में मैंने अपने तलवार को मस्तक से लगा क्र उस तांत्रिक का विशेष हो जाये ऐसा बोल क्र उस तांत्रिक का नास क्र दिया तांत्रिक का एक चेला जो बचा हुआ था वो ये देख कर भाग गया तांत्रिक के मरते hi हीना भी उसके जाल से मुक्त हो गयी और नरगिस की भी होश आ गया .

नरगिस को होश आते hi वो मुझ से गले लग क्र रोने लगी और मेरे पुरे चेहरे पर चुंबनों की बरसात क्र दी ये देख कर हीना को ऐसा लगने लगा की वो भी ऐसे hi मेरे साथ करे लेकिन वो सोच रही थी वो किस हक़ से ऐसा क्र सकती थी इसलिए उसने नरगिस को रोका और कहा.

हीना: नरगिस मेरी बहन अब जीजा जी को चूमना hi गया हो तो महल चले आपका निकाह होने वाला है उसके बाद आप जी भर क्र जीजा जी को चुम लेना .

ये सुनते hi नरगिस शर्मा क्र मुझ से अलग हो गयी फिर हम गायब हो क्र सीधे महल में आ गए.
 
अपडेट 178

हीना: नरगिस मेरी बहन अब जीजा जी को चूमना हो गया हो तो महल चले आपका निकाह होने वाला है उसके बाद आप जी भर क्र जीजा जी को चुम लेना .

ये सुनते hi नरगिस शर्मा क्र मुझ से अलग हो गयी फिर हम गायब हो क्र सीधे महल में आ गए.

नरगिस को सा कुशल देख कर सभी बहुत खुश हुवे , स्टेबेला आगे बढ़ क्र अपनी बेटी को गले से लगा लिया फिर सभी ने उसका हल चल पूछा फिर जुबेर ने मुझे से सुलेमान और तांत्रिक के बारे में पूछा तो मैंने बता दिया की सुलेमान को हीना ने जहन्नुम में उसके बेटे के पास भेज दिया और तांत्रिक को भी मैंने मार दिया है ये सुन कर सब बहुत खुश हुवे फिर काजी साहब के कहने पर निकाह की तयारी में लग गए

कुछ hi समय के बाद तीनो सहजादियो और मेरी स्वीकृति से हमारा निकाह हो गया .

स्टेबेला ने चुप के से खालिदा को ये बताया की आज बादशाह टाइगर नुसरत से सुहागरात मानाने के बाद तुम्हारे पास आएंगे मई सब समझ दूंगी टाइगर को आप की भी आज रात सुहागरात हो जाएँगी भी से .

ये सुन क्र खालिदा शर्मा गयी और सुहागरात का सुन क्र उनके सरीर में एक लहार सी आ गयी ,खैर निकाह के बाद सभी ने मिलकर भोजन किया और उसके बाद सभी एक हाल में जाकर बैठ कर बात चित करने लगे .

मुमताज इतनी देर से हीना को न देख कर वो उसको ढूंढने उसके कमरे की तरफ चली गयी क्योंकि हीना निकाह के समय और भोजन के समय भी वो नहीं दिखी थी.

मुमताज हीना के कमरे में गयी तो देखा की हीना तकिये को पकड़ कर पेट के बल बिस्तर पर लेती हुई है , मुमताज उसके पास जाकर उसके सर पर हाथ फेरती है और व्ही बिस्तर पर बैठ जाती है मुमताज ने अभी तक हीना का चेहरा नहीं देखा था इस लिए उसे लगा की हीना सो रही है इसलिए वो उसे आवाज़ दे क्र बोलती है.

मुमताज: हीना मेरी बच्ची क्या हुआ है तुझे वह सब ख़ुशी मन रहे है और तू कमरे में सो रही है कही चोट तो नहीं लगी है न .

मुमताज की आवाज़ सुन क्र जैसे hi हीना अपनी अम्मी की तरफ अपना चेहरा करती है मुमताज हीना का चेहरा देख कर उसका दिल दहल गया क्योंकि की हीना की आँखों में कभी भी आंसुओं नहीं आने दिए थे हीना की हर जायज नाजायज मांग को पूरा किया जाता था लेकिन आज उसकी आँखों में आये आंसू देख कर उसकी अम्मी का दिल दहल गया.

मुमताज : क्या हुआ मेरी बच्ची तू ऐसे क्यों रो रही है किसी ने कुछ कहा क्या तुझे बता मेरी बच्ची .

हीना: नहीं अम्मी ऐसी कोई बात नहीं है .

मुमताज: तो बता न फिर क्या बात है तू रुक मई अभी तेरे अब्बा हुजूर को बुला कर लती हु व्ही जब आ क्र पूछेंगे तभी तू बताएगी.

ये बोल क्र मुमताज कदर को बुलाने के लिए व्ही हॉल की तरफ जाती है वह पहुंच क्र वो उन्हें अपने साथ हीना के कमरे में चलने के लिए कहती है ये बात जुबेर को थोड़ी अटपटी लगती , जो कदर और मुमताज के जाने के बाद वो भी कहते है की मई भी देख कर आता हु की बात क्या है.

इधर हीना अपने आंसुओं को साफ़ कर के गहरी सोच में खोई हुई हुई थी तभी कदर और मुमताज दोनों रूम में आते है .

कदर: हीना मेरी बच्ची क्या हुआ तुझे ऐसे गुमसुम सी क्यों बैठी हुई हो और तुम तो भोजन करने भी नहीं आयी.

मुमताज: ये तो निकाह में भी नहीं आयी थी पता नहीं कमरे में बैठ कर रो रही थी कितना पूछा क्या हुआ है क्र के फिर भी बता hi नहीं रही है अब आप hi पूछिए.

कदर: क्या हुआ मेरी बच्ची रो क्यों रही थी किसी ने कुछ कहा क्या तुझे बता मुझे मई अभी उसको सबक सिखाता हु.

हीना: नहीं बता ऐसी कोई बात नहीं है.

कदर: तो फिर क्या बात है मेरी बची.

हीना: बाबा वो वो...

कदर: बोलो बेटी तुम तो जानती hi हो मई तुम्हारी हर मांग पूरी करते आया हु ,तुम बिना संकोच के मुझे बताओ आखिर बात क्या है.

हीना: बाबा मुझे टाइगर पसंद है और मई भी उन से निकाह करना चाहती हु.

कदर: (चूकते हुवे) क्यों! पर ये कैसे हो सकता है मेरी बच्ची उनका निकाह तुम्हारी बहनो के साथ हो चूका है.

बहार दरवाज़े के पास जुबेर जो सभी बातो को सुन रहा था वो कमरे के भीरर आते हुवे कहा.

जुबेर: क्यों नहीं हो सकता हीना का निकाह टाइगर से.

कदर: पर भाईजान तुम निकाह तो पहले से hi तीनो बेटियों के साथ हो चूका है .

जुबेर : मई बात करता हु जब तीनो बहने एक से hi निकाह क्र सकती है तो एक और सही चोलो सभी मई बात करता हु व्ही पर सभी के सामने.

फिर सभी वह से हॉल ने आ जाते है जहा पर अभी भी हम लोग बैठ कर बात कर रहे थे.

जुबेर और उसके साथ कदर , मुमताज हीना वो लोग भी आकर व्ही बैठ गए सभी ने हीना को पूछा की वो कहा थी तो उसने बहाना बना दिया की वो थोड़ी थक गयी थी इसलिए आराम क्र रही थी.

तब जुबेर ने बोलना सुरु किया.

जुबेर: टाइगर बीटा मुझे तुम से एक बात करनी थी.

मई : जी बोलिये अब से तो आप भी मेरे अब्बा हुवे तो आपको मुझ से पूछने की जरुरत नहीं है.

जुबेर: बात hi ऐसी है की मुझे पूछना पद रहा है देखो बीटा तुम मेरी तीनो बेटियों से निकाह क्र चुके हो तो मई सोच रहा था की तुम हीना बेटी से भी निकाह क्र लो मेरी सभी बेतिया एक साथ एक hi घर में ख़ुशी ख़ुशी रहेंगी.

मई कुछ बोलता उस से पहले hi नीलोफर बोल पड़ी ...

नीलोफर: पर अब्बू हीना से तो एक बार पूछ लो की उन्हें (मेरी तरफ इशारा क्र के ) ये पसंद है या नहीं?

जुबेर: हीना को टाइगर पसंद है नीलो हमे हीना ने अभी hi बताया है.

नीलोफर (हीना से) हीना की बच्ची तूने मुझे पहले क्यों नहीं कहा जब मई तुमसे पूछ रही थी तब.

हीना: वो बजी पहले ऐसा कुछ नहीं था लेकिन जब तांत्रिक के पास गए तब हो गया.

नीलोफर: क्या hi गया.

हीना : क्या बजी आप भी नहीं समझते, जीजा जी मुझ बहुत...

बाकि के बार हीना बोल नहीं पायी और सरमते हुवे अपने कमरे में चली गयी.

जुबेर: है तो टाइगर बीटा तुम क्या कहते हो हीना से तुम्हारा निकाह अभी hi करा देते है.

मसु : माफ़ करना लेकिन मई अभी कोई निकाह करना नहीं चाहता...
 
जिओ सिम में सफ नहीं खुल रहा है कोई उपाय बताओ
 
अपडेट 179

जुबेर: है तो टाइगर बीटा तुम क्या कहते हो हीना से तुम्हारा निकाह अभी hi करा देते है.

मई : माफ़ करना लेकिन मई अभी कोई निकाह करना नहीं चाहता...

मेरी बात सून क्र सभी मुझे देखने लगते है की मैंने ऐसा क्यों कहा और सब के मान में अलग अलग सवाल थे.

कुछ लोग सोच रहे थे की मेरी अभी अभी तीन तीन लड़कियों के साथ निकाह हुआ है इसलिए मई हीना से निकाह नहीं क्र रहा हु और व्ही कुछ लोग ये भी सोच रहे थे की मई हीना को पसंद नहीं क्र रहा हु मगर सब के बात को गलत साबित करते हुवे मैंने बताया की मई ये निकाह क्यों नहीं करना चाहता .

जुबेर: आखिर क्यों नहीं करना चाहते हमारी हीना से निकाह क्या कमी है हमारी बच्ची में.

मई : कोई कमी नहीं है अब्बा हीना में और मैंने जो कहा वो आप लोगो ने ठीक से समझा नहीं , मैंने ये कहा था की मई अभी हीना से निकाह नहीं करना चाहता .

मेरी बात सून क्र सभी को सुकून मिला तब कदर ने कहा.

कदर: तो बीटा कब करोगे मेरी बची से निकाह.

मई: चाचा जान अब्बा ने बताया था की मेरे पूर्वजो ने यह आने के बाद नाग लोक में गए थे तो मई भी चाहता हु की मई भी नाग लोक में जाकर वो सकती हासिल करना चाहता हु और जब मई वह जाऊ उस से पहले मई हीना से निकाह करके hi वह जाऊंगा.

कदर: बीटा मई तुम्हे बताना चाहूंगा की नाग राज को जब उनको अपनी सकती वापस मिली तब उसे फिर कोई छीन न ले इसलिए उनलोग ने हवं क्र के एक अमोघ अस्त्र हासिल क्र लिया है जिसका वार कभी खली नहीं जाता इसलिए जाने से पहले एक बार जरूर सोच लेना.

नुसरत: मेरे होते हुवे मेरे सौहार का कोई बाल भी बका नहीं क्र सकता मेरा शील्ड 🛡️ हमेशा hi इनकी हिफाजत करेगा.

जुबेर: ये सही मेरी बच्ची तूने तेरे शील्ड का कोई तोड़ नहीं.

स्टेबेला: अब आप सब का हो गया हो तो जीन लोक वासी अपने नए बादशाह और उनकी बेगमो को भेट देना चाहते है.

फिर हम सभी महल के बहार आ गए सभी जीन लोक वासी हमारी जय जय कर रहे थे फिर सभी ने हमे शुभकामनाये दी ऐसे hi शाम से रात हो गयी, रात का भी भोजन हम सब ने साथ में hi किया फिर तीनो सहजादियो को खालिदा, मुमताज हीना और स्टेबेला अपने साथ में ले क्र चली गयी , कुछ देर बाद जुबेर और कदर भी आराम करने के लिए अपने रूम की तरफ चले गए उनके जाने के कुछ देर बाद स्टेबेला मेरे पास आयी और उसने बताया की आज नुसरत के साथ उसकी सुहागरात है और उसके बाद तुम्हे उसकी अम्मी को भी खुश करना होगा.

मई : पर नुसरत की अम्मी के साथ कैसे होगा क्या वो इस सब के लिए राजी है और मई नुसरत को क्या बोल क्र उसकी अम्मी के पास जाऊंगा.

स्टेबेला: जैसे मेरे साथ किया था वैसे hi करना है और वो इसके लिए राजी है उसने हम दोनों को उस रात देख लिया था इसलिए वो भी तुम्हारी दीवानी हो गयी है , तुम्हे भी कुछ मजा आएगा खालिदा बेगम का बदन तो तुमने देखा hi होगा मेरे से भी गदराई हुई है ,आज निचोड़ दो अच्छे से और ये लो ये बूटी है जब तुम्हारा नुसरत के साथ हो जाये तो चुप चाप नुसरत को इसे सुंघा देना जिससे वि सुबह तक नहीं उठेगी , चलो अब जाओ नुसरत के रूम में .

फिर मई नुसरत के रूम में पंहुचा तो देखा की उसकी सभी बहन उसी के पास बैठी हुई है मुझे देख कर सभी उठ कर वह से जाने लगी पर हीना दरवाज़े पर hi रास्ता रोक क्र कड़ी हो गयी .

मई : वो लोग तो चली गयी तुम्हे क्या हुआ तुम भी जाओ.

हीना: वो दोनों तो आपकी बेगम थी इसलिए चली गयी.

मई : तुम भी तो मेरे होने वाली बेगम हो तो .

हीना: होने वाली हु अभी हुई नहीं हु अभी तक मई आपकी साली हु और तब तक आप मुझे कुछ उपहार नहीं डोज तब तक जाने नहीं दूंगी बजी के पास.

मेरे दिमाग में हीना के लिए बहुत hi अच्छ सा उपहार देने का विचार आया तब मैंने हीना को अपने सामने कड़ा किया और आँखें बंद करने को कहा और जब उसने अपनी आँखें बंद की तब मई आगे बढ़ क्र हीना के होठो को चुम लिया, फिर मैंने उस से पूछा की मिल गया उपहार या इस से बड़ा चाहिए, हीना कुछ भी नहीं बोल पायी और मुस्कुराते हुए वह से चली गयी .

फिर मई नुसरत के रूम में गया और दरवाज़े को बंद कर के नुसरत के पास जाकर बैठ गया, पूरा बिस्तर और वो कमरा फूलो से सजा हुआ था फिर मैंने नुसरत का घूँघट ऊपर किया नुसरत दुल्हन के लिबह में बहुत hi खूबसूरत लग रही थी





थोड़ी देर तक तो मई उसके चाँद से मुखड़े को देखता hi रह गया फिर जब मई उसके होठों को चूमने के लिए अपने होठ आगे करने लगा तो नुसरत ने अपना एक हाथ मेरे होठो पे रख दिया फिर उठ कर वो मेरे पास आयी और मेरे पेअर छू क्र आशीर्वाद लिए फिर टेबल में रखा हुआ धुंध का गिलास ले क्र मेरे पास आयी





तब मैंने नुसरत को पूछा की नुसरत ये सब क्या है.

नुसरत: जी सुमन से मैंने पूछा था की तुम्हारे लोक कैसे होता है तो उसने मुझे बताया था की ऐसा करना क्या मैंने कुछ गलत क्र दिया क्या .

मई : नहीं तुम ने कुछ गलत नहीं किया और क्या बताया सुमन ने तुम्हे.

नुसरत: जी फिर वो बोली की बाकि का काम आप खुद क्र लेंगे .

मई हम्म्म...

फिर मैंने गिलास का आधा ढूढ़ पिया और आधा नुसरत को पीला दिया फिर उसको बीएड पर लिटाया और उसके होठों को चूसने laga.vo भी मेरा पूरा साथ दे रही थी फिर मैंने किश तोड़ क्र उसके उसके गहने उतरने सुरु किया

नेक्स्ट सुहागरात बहुत जल्द..........
 
अपडेट 180

फिर मैंने गिलास का आधा ढूढ़ पिया और आधा नुसरत को पीला दिया फिर उसको बीएड पर लिटाया और उसके होठों को चूसने laga.vo भी मेरा पूरा साथ दे रही थी फिर मैंने किश तोड़ क्र उसके उसके गहने उतरने सुरु किया .

गहने उतरने के बाद मैंने उसके 2 पिक्स कपडे जो उसके सधी के जोड़े थे उन्हें भी निकल दिया था जीन लोक में कोई ब्रा पैंट्री नहीं पहनती थी इसलिए इस वक्त नुसरत मेरे सामने बिलकुल नंगी लेती हुई थी उसने अपनी आँखें बंद क्र ली थी सायद उसको बहुत सरन आ रही थी.

फिर नै आगे बढ़ा और उसके होठों को बेतहासा चूमने लगा फिर उसके गले को नुसरत की मुँह से सिसकी निकलने लगी वो धीरे धीरे गरम हो रही थी .

नुसरत: ओह्ह्ह मेरे सरताज ऐसा मेरे साथ पहली बार हो रहा है ऐसे hi मुझे चूमते रहिये ओह्ह्ह ...

फिर मई निचे आया और नुसरत के बूब्स पे दूध की तरह सफ़ेद फिल्कुल गोरा सरीर उसके दोनों बूब्स और उसके ऊपर गुलबी निप्पल्स देख कर hi मुँह में पानी आ गया मई नुसरत की तरफ मुस्कुरा कर देख, नुसरत की आँखें नशीली हो चुकी थीफिर मैंने नुसरत के दूधो को चूमना सुरु कर दिया और नुसरत आँखे बंद कर के सिसकने लगी....

मैंने नुसरत के दूधो को पहले तो जवान से अच्छी तरह chata...aur फिर ek-ek दूध को मुँह में दवा कर चूसने laga....jisse नुसरत तड़प उठी और उसकी सिसकियाँ तेज हो गई..

नुसरत: ओह्ह्ह्हह्ह महबूब ऐसे hi पता है मेरे जिस्म को बहुत अच्छा लग रहा है ऐसा अनुभूति मुझे कभी नहीं हुई..

मई ये अच्छी तरह से जनता था की नुसरत के लिए ये सब पहली बार वाला अहसास hai...isliye मई इस अहसास को नुसरत के लिए बहुत यादगार बना चाहता था..

इसलिए मैंने नुसरत के दूधो को अच्छी तरह चूसने के बाद उसके निप्पल को होंठो में दवा कर खींचना सुरु कर दिया..

इस हमले से तो नुसरत की चीख hi निकल gai....jo गेट के बाहर भी सुनाई दी थी..

इस तरह मई ने कुछ देर और नुसरत को तड़पाया और फिर उसका पेट चूमते हुए जांघो के पास पहुंच गया..

मई नुसरत के दोनों दूधो को चूस चूस क्र लाल क्र दिया था फिर मई ने नुसरत की तागे मोड़ कर फैला दी और कासी हुई छूट को सहलाने लगा.....

फिर मई ने बड़े प्यार से नुसरत की छूट को choomna-chatna सुरु कर diya....aur नुसरत के जिश्म की गर्मी dheere-dheere बढ़ने लगी....

मई : ssssrrrruuuuuuupppppp......sssssrrrrrruuuuuuuuppppppp.....aah....bahut अच्छी hai....sssrrruuuppp....

नुसरत: aaaahhh........ye...ye आप.... क्या आअह्ह्ह..

मेरी इस हरकतों से आज नुसरत बेहद ज्यादा हैरान thi....usne कभी सुना और सोचा नहीं था की छूट को भी कोई ऐसे चूसा और छठा जाता है.

नुसरत ने छूट चुसाई की बातें तो कभी सुनी hi नहीं thi....par उसे अपने शौहर आज जो मजा मिल रहा था वो लेना चाहती थी नुसरत की हालत बहुत बुरी हो रही थी.

वही मई अपने काम में पूरी तरह डूबा हुआ था.... और अपनी जुबान को नुसरत की चिकनी छूट पर फिराए जा रहा था...

मेरे द्वारा यु छूट चेतना नुसरत को खूब पसंद आ रहा tha....aur वो बिस्तर पर सर पटकते हुए बुरी तरह मचलने लगी थी..

कुछ देर बाद hi नुसरत का सब्र टूटने laga...to उसने मेरा सर हटाना chaha....par जैसे hi उसने हाथो को मेरे सर से lagaya...to मैंने उसके हाथ थाम लिए.

मई समझ चूका था की नुसरत झड़ने वाली hai...isliye मैंने जुबान की रफ़्तार बड़ा दी और नुसरत बुरी तरह तड़पने लगी..

नुसरत joor-joor से सिसक रही thi...aur उसकी कमर अपने आप hi हरकत करने लगी थी.

नुसरत अपनी कमर को हवा में उठा कर सिसक रही thi...aur मई उसकी छूट को होठो में दबाये चूसने लगा था..

फिर एक तेज सिसकी के साथ नुसरत का बदन कांप उठा और उसकी छूट का रास मेरे के होठो पर आ गया..

नुसरत: aaaahhhhhh...suniye ji...hat jaiye.mere वह से कुछ निकलने वाला है.

पर मई कहा नुसरत की बात मानने वाला tha....wo तो मई एक नै छूट का रास चखने में लगा था...

फिर कुछ देर में नुसरत यु hi चीखते ........if..........if..........uf क्र के झाड़ गयी और नै उसके पुरे छूट रास को चाट चाट कर साफ़ कर दिया नुसरत बिस्तर पर निढाल हो क्र लम्बी लम्बी साँस ले रही थी.

इधर मई बिस्तर से उतर कर अपने कपडे उतरने लगा नुसरत मुझे hi देख रही थी पर बोल कुछ नहीं रही थी

फिर मई बिस्तर पर वापस आया और अपने लुंड को सहलाते हुवे नुसरत से कहा की -; नुसरत इसे भी प्यार करो जैसा मैंने तुम्हे किया था.

नुसरत ने सरमते कहा की उसने तो अभी तक ऐसा कुछ भी नहीं किया है और न hi कही देखा है इसलिए उसे कुछ भी नहीं पता .

मई : क्या तुम्हे सच में कुछ नहीं पता.

नुसरत: नहीं जी आपने तो देखा की था की कैसे मई अपना पूरा समय अपने इसी कमरे में hi बिता देती थी इस लिए बहार की दुनिया से मुझे कोई मतलब hi नहीं होता था न hi मई कुछ देख पायी और न hi कुछ सिख पायी.

मई : कोई बात नहीं मई तुम्हे धीरे धीरे सब सीखा दूंगा सिखोगी न .

नुसरत: जी.

मई : ठीक है फिर आओ मेरे पास आओ is(lund) अपने हाथों में लो इसे सहलाओ.
 
अपडेट 180(ा)

मई : ठीक है फिर आओ मेरे पास आओ is(lund) अपने हाथों में लो इसे सहलाओ.





मई : है ऐसे hi , तुम इसे ऐसे hi प्यार दो ये तुम्हे जन्नत की सैर कराएगा.

कुछ देर तक नुसरत ऐसे मेरे लुंड को सहलाती रही फिर मैंने उसे मुँह में लेने को कहा .

नुसरत: छी क्या इसे मुँह में भी लेते है.

मई : है इसे मुँह में लेकर चूसा जाता है और वैसे भी मैंने तुम्हारी छूट को भी तो अपने मुँह से hi तो चूसा था न तो तुम भी क्र के देखो.

नुसरत: मुझ से अभी नहीं हो पायेगा जी माफ़ कर दो धीरे धीरे मई सिख लुंगी पर अभी ये मुझ से नहीं हो पायेगा.

मई ( बुरा सा मुँह बनाते हुवे) कोई बात नहीं ऐसे hi करती रो.

नुसरत: मुझे माफ़ कर दो जी अगली बार मई आपको कोई शिकायत का मौका नहीं दूंगी मई वादा करती हु आप से ,आप नाराज न होइए.

मई : ठीक है नुसरत कोई तेल होगा उसे ले आओ और इस की मालिश कर दो नहीं तो तुम्हे बहुत तकलीफ हो सकती है .

फिर नुसरत एक पत्र में तेल लेकर आयी और मेरे पुरे लुंड पर तेल लगाने लगी





उसने पूरा मेरे लुंड को तेल से नहला दिया .

मई : अब चलो मेरी जान अब तुम्हे जन्नत की सैर करता हु

ये बोल क्र मैंने उसे डौगी पोजीशन में किया और अपना लुंड उसकी कमसिन छूट में फिरने लगा.





मई : क्या तुम तैयार हो मेरी जान नुसरत जन्नत की सैर के लिए.

नुसरत: है मेरे महबूब .

नुसरत के ये बोलते hi मैंने अपने लुंड का सूपड़ा उसकी छूट में अंदर डाला.





नुसरत का रिएक्शन कुछ इस प्रकार था फिर मैंने एक धक्का और मारा नुसरत के मुँह एक दर्द चीख निकली जो दूसरे कमरे में मेरा इंतज़ार कर रही उसकी अम्मी ने भी सुनी .

मई थोड़ी देर रुक क्र उसके गार्डन और उसके पीठ को चूमने लगा साथ hi साथ उसके दोनों दूधो को भी मसलने लगा जिससे उसका धयान भटका और थोड़ी देर में उसको रहत भी मिली नुसरत खुद hi अपने सरीर को हिलने लगी तब मैंने भी उतने hi लुंड को अंदर बहार करने लगा, ऐसे hi थोड़ी देर तक मई नुसरत को छोड़ता रहा फिर अपना लुंड बहार निकल कर नुसरत को पलट दिया .

अब वो अपने पीठ के बल लेती हुई थी मई उसके दोनों टैंगो को ऊपर उठाया और फिर मैंने 2 धक्को में hi अपना पूरा लुंड नुसरत की छूट में सरका diya.....aur नुसरत की छूट इतनी गीली थी और उधर से मेरे लुंड पर तेल भी लगा हुआ था जिससे मेरे लुंड कोई ख़ास परेशानी नहीं hui....par लुंड की लम्बाई और मोटाई से नुसरत जोर दर चीखी और उसकी आँखों से आंसू बहाने लगे वो बुरी तरह चाट पता रही थी पर मैंने भी कोई रहम नहीं दिखी और नुसरत को छोड़ने लगा





नुसरत अभी भी आह उह्ह्ह क्र रही थी फिर भी मई उसको चोदे जा रहा था

यहाँ मत लुंड भीतर डालते hi बिना रुके धक्के सुरु कर diye....aur फिर कुछ hi धक्को के बाद नुसरत भी भी गरम हो कर हर धक्के का मज़ा लेने लगी.....

मई : बहुत गरम है tu...aur तेरा छूट bhi....yeeehhh....gajab..maja आ रहा है मेरी जानेमन...

नुसरत: आपका ये बहुत hi ूउम्मंहहह.... बहुत कमाल hai....aaahhhh.....faad कर रख di....uuummm...meri choot.....aaahhhh...

मई : क्या बात है अब तुम भी लाइन में आ रही हो मजा आएगा तुम्हे तो मई पक्का बुरा बेशरम बना दूंगा तुम देखती जाओ.. आह के मेरी सहजादी के मेरा लुंड अपनी छूट में

नुसरत: aaahhhh...ha मेरे सरताज बना दो मुझे बेशरम ताकि uuuu....aaahhh.....mai aaaiiii.....aaaahhhhh....aaaahhhh........aapka पूरा साथ दे सकू .

मई नुसरत के दोनों दूधो को मसल क्र उसे छोड़ रहा था





MAi(Nusrat के मुँह में ऊँगली फसा कर)- तेरे मुँह में भी ऐसे hi लुंड दाल क्र छोडूंगा मई .

सलमा- uuuummmhh...aaahh...ha छोड़ लेना ....aaahhh....mere सरताज u....aaahhh..

मई काफी कासी हुई छूट है teri...maza आ गया..

नुसरत aaaahhh.....paas aao....aaauuummmm....uuummmmhh.. मेरे होठो को chuso...aaauuummmm.

और नुसरत ने मुझे





अपने ऊपर आते hi चूमना सुरु कर diya..........Waha नुसरत की छूट मेरा लुंड खा रही thi...aur यहाँ नुसरत बड़े चाव से टाइगर के होंठ चूसने में लगी थी......

हर धक्के के साथ नुसरत के दिल को सुकून और उसके बदन को वो मज़ा मिल रहा tha...jiske लिए वो अब तक तरस रही थी....

और यहाँ मई भी नुसरत के बदन की कसावट देख कर जोश में आ gaya....aur नुसरत को पूरी रफ़्तार से छोड़ने लगा....

नुसरत के मुँह से अब सिर्फ aah-aah की आवाजें hi आ रही thi...aur टाइगर उसका बदन मसलते हुए उसकी गर्मी को और भड़का रहा था....

मई : क्या माल है tu.....sach me....aisa माल काम hi मिलता है. जिन लोक में पहला इतना कैसा badan....chod रहा हु uuum...maza आ गया....

नुसरत aaahhh....aap भी तो काम nhi....kitna तगड़ा बदन hai....aaahhh....aur आपका लुंड to....aaaahhh...meri choot.....fir से....

मई : yeehhh....tere दूध bhi....inki तो मैं....

और मैंने झुक कर नुसरत के दूधो को baari-baari चूसना सुरु कर दिया....

मई तेजी से धक्के मारते हुए beech-beech में नुसरत के निप्पल भी काट रहा tha...jisse नुसरत तिलमिला रही thi...par उसे इस सब में बेहद ज्यादा मज़ा आ रहा था.....

नुसरत aaahhh...mere sartaj..meri choot....main फिर से gaaai....aaahhhh......kitna अच्छा chodteeee....aaahhhh.....

और नुसरत ने एक बार फिर से पानी निकाल diya....par मई रुका नहीं.... और झुक कर नुसरत के होंठ चूसने laga...aur नुसरत





का भी जोश काम नहीं हुआ....

दोनों के बदन इस वक़्त पुरे जोश में बस चुदाई का खेल खेलने में लगे थे......

कुछ देर बाद मैंने नुसरत फिर से गरम हो गयी फिर मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी





अगले 10 मं. तक मई ऐसे hi ताबड़ तोड़ धक्का मरता रहा फिर कुछ hi देर में मई और नुसरत साथ में hi जड़ गए मैंने अपना पूरा वीर्य उसके कोख में छोड़ दिया
 
अपडेट 181

मई और नुसरत दोनों चुदाई के बाद अपने सांसो को नार्मल करने के लिए बिस्तर पर लेते हुवे थे नुसरत की आँखे बंद थी तब मैंने उस जड़ी बूटी को निकला जिसे स्टेबेला ने दिया था उसे लेकर नुसरत के नाक के पास ले गया कुछ hi देर में नुसरत वैसे hi आँखे बंद किये हुवे नींद के आगोस में चली गयी .

फिर मैंने कन्फर्म करने के लिए एक दो बार पुकार क्र हिलाया भी जब उसकी तरफ से कोई रिस्पांस नहीं मिला तब मैंने नुसरत को सही से बिस्तर पर सुलाया और चादर को उसके ऊपर दाल क्र अपने कपडे पहने और निकल गया दूसरे कमरे की तरफ जहा पर नुसरत की अम्मी मेरा इंतज़ार क्र रही थी.

जब मई नुसरत की अम्मी के कमरे में पंहुचा तो देखा की वो जीन पावर का इस्तेमाल क्र के टीवी जिसे स्क्रीन बना क्र कुछ देख रही थी ,जब उनको मेरे आने का अहसास हुआ तो उन्होंने तुरंत hi उसे हटा दिया.

मई : क्या देख रही थी सासु माँ , कही अपनी बेटी के कमरे का हल तो नहीं देख रही थी.

(नुसरत की अम्मी का नाम खालिदा है तो मई सिर्फ नाम लिखूंगा )

खालिदा: सुरु में तो मई व्ही देख रही थी दामाद जी लेकिन मेरी बेटी ने जिस वजह से आपको निराश किया उसकी वजह जानने के लिए मैं आपके आदम लोक में ये सब कैसे किया जाता वो सब देख के सिख रही थी.

मई : ये तो बहुत अच्छी बात है सासु माँ तो आप ने कुछ सिख हमारे लोक में कैसे किया जाता है .

खालिदा: जी दामाद जी बहुत कुछ सिख लिया है और मई आपको कोई शिकायत का मौका नहीं दूंगी बीएस आप मेरी बरसो की प्यास बुझा दीजिये.

मई : जी सासु माँ मई आपकी बरसो की प्यास बुझाने hi आया हु और अगर आप मुझे निराश नहीं करेगी तो मई भी वादा करता हु आज मई आपको ऐसा प्यार दूंगा की आप अपने सौहार को भुला देंगी.

खालिदा : वो मैंने देखा है दमांद जी की आप कैसे हम जैसे खातून को कैसा प्यार करते hai,maine आपको और स्टेबेला बजी को देख लिया था जब आप उन्हें अपना प्यार दे रहे थे.

मई : है मुझे भी बताया उन्होंने मगर मई आपको एक बात बता दू की मई चुदाई के दौरान खुल क्र बोलता हु हो सकता है की आपको गन्दा लगे लेकिन मई उम्मीद करता हु की आप भी पूरा साथ दे.

खालिदा : जी दामाद जी मई कोसिस करूंगी आपका पूरा साथ दे सकू.

मई : चलो फिर देर किस बात की उतर अपने कपडे मेरी रंडी.

खालिदा: है मेरे मालिक मई आपकी रंडी कुटिया सब कुछ हु मैंने देखा था आपके लोक में ऐसे hi गन्दी गन्दी गालिया देकर छोड़ते है आप भी मुझे वैसे hi छोड़ो मेरे मालिक.

मई : ये हुई न बात मेरी रंडी तुझे छोड़ने में बड़ा मजा आएगा तेरी बेटी को छोड़ने में उतना मजा नहीं आया था उसे तो कुछ भी पता नहीं है अच्छा हुआ तू पहले से hi सिख चुकी hai,chal आ मेरे पास.

मई : वाह पुरे जीन लोक में तेरे दूध और गाड़ सबसे बड़े है.

खालिदा: है मेरे मालिक मेरे बाद मुमताज का नंबर आता है उसके दूध और गाड़ भी मेरे जैसी hi है .

मई तू अपना देख मुझे उस से कोई मतलब नहीं है जब उसको मुझ से छुड़वाना होगा तब उसकी देखेंगे.

खालिदा: वो भी आप से छुड़वा लेगी मालिक क्योंकि वो तो मुझ से भी बड़ी रंडी है जिस्म की आग ने उसे अँधा क्र दिया है वो तो कई लोगो से अपने जिस्म को परोसने भी लगी थी मगर किसी ने भी कदर के दर से उसको हाथ तक नहीं लगाया हीना को इसकी भनक हुई तब उसके समझने पर वो अब संत है.

मई : उसको तू देख कैसे क्या करना है लेकिन अभी तो तू है पहले तेरी प्यार तो बुझा दू मेरी कुटिया .

फिर मैंने खालिदा को दिवार से चिपका क्र उसको बड़े बड़े चूतड़ों पर थप्पड़ मरने लगा





खालिदा: ाः बड़ा मरते हो आप अपनी रंडी को

मई : मैं ऐसे हे मार मार कर छोड़ता हूँ मेरी कुटिया

खालिदा : आआह अब कुटिया भी बना दिया

मई : चल अब जरा अपने ये बड़े बड़े बूब्स दिखा देखु तोह सही इनसे दूध पि कर तेरी दोनों बेटी बड़ी हुए है और खूबसूरत भी.





मई : तुम्हारे दूध तो बड़े मस्त है मेरी जान इन्हे चूसने दबाने में बड़ा मजा आएगा खालिदा

खालिदा : हैं आप भी मेरे दूध को पियो मेरे मालिक मेरी जान ऐसे हे चुसो इन्हे , क्यों की अब आप के ससुर जी के बस का नहीं है अब कुछ अब आप को हे अपनी खालिदा को ठंडा करना है

ये सुन कर मैं उसके बूब्स को कास कास कर चूसने लगा





खालिदा: आआह हैं इन्हे इसी बेरहमी की जरुरत है दामाद जी जितनी कास कर चूसै करोगे इनकी उतना हे मज़ा आएगा आप की खालिदा को

पर मैं ज्यादा टाइम लगाने के मूड मैं नहीं था क्यों की आज मुझे इसकी गांड की सील भी खोलनी है

मई वो तोह मैं तेरी चुदाई करूँगा दमदार तरीके से चल अब अपनी गुफा दिखा जिसमे मुझे अपने ये लौड़ा डालना है.

खालिदा गुफा का मतलब समझ गई तोह मुस्कुरा कर अपने बचे हुवे कपडे भी बिना किसी सरम के उतर दी और बीएड पर बैठ गई जैसे उसकी छूट छुप गयी.

मई : जब अपनी छूट hi छुपानी थी तो नंगी hi क्यों हो गयी .

खालिदा: क्या करू मेरा ये सब पहली बार है न तो थोड़ी शर्मा अब भी आती है, मगर मई आपको निराश नहीं करूंगी ये देखो.





ये लो अपनी सासु माँ का रंडी वाला रूप और खुद अपनी छूट और गांड का छेड़ मुझे दिखने लगी

और मैं अपनी लाइफ में जीन लोक की तीसरी छूट देख कर खुश था

मई : बहुत खूब मेरी रैंड मस्त छूट है तेरी.

फिर खालिदा को बीएड पर उल्टा लिटा दिया और अपने लौड़े को उसके मुँह के पास लाया और कहा

ले चल अब इससे चूस और अच्छे से खड़ा कर जिससे मैं तेरी अच्छे से चुदाई कर सकू तोह खालिदा ने मुस्कुराते हुए लौड़ा चूसना सुरु कर दिए और मैं उसके चेहरे को अपने हाथों मैं भर लिया और आगे पीछे करने लगा और वो चुस्ती रही





मई: ुऊम मस्त लौड़ा चूस रही है तू मेरी जान ऐसे हे मेरे लौड़े को क्यों की ये हे तुझे ठंडा करेगा जितना इससे कड़क करेगी उतना तेरी छूट अच्छी छुड़ेगी.

तोह खालिदा चुप चाप उससे चुस्ती रही अपने हाथों मैं ले कर





मई बोलै चल अब हो गया खड़ा आज तेरी छूट फाड़ता हूँ तोह खालिदा खुश हो गई और बीएड पर अपनी टंगे खोल कर हवा मैं उठा ली और

खालिदा: लो मेरी जान और इतने अच्छे से फाड़ना इससे की मेरे सौहार के कानो तक मेरी छीके सुनाई दे और उन्हें पता पड़ा की उनकी बेगम किसी असली मर्द से चुद रही है तोह मैंने बिना देर किया अपना लौड़ा छूट पर रखा और हाथ से पकड़ कर घुसाने लगा.





फिर मैंने जैसे हे सूपड़ा अंदर गया.

खालिदा: माआआआ मैं मर गई दमांद जी निकालो इससे ये बहुत बड़ा है माआआआ मेरी छूट फैट गई maaaaaaaaaa क्या करू मैं उउउउउउफ maaaaaaaaaa रुक जाओ दामाद जी .

पर मैं रुका नहीं हल्का सा निकला और फिर से डालने लगा





खालिदा: aaaaaaaaaahhhhhhhh दामाद जी रुक जा थोड़ी सना तोह लेने को uuuuuuuuuffffffffff कितना मोटा लौड़ा है ये maaaaaaaaaa 2 दो बच्चो की अम्मी की छूट फाड़ दी आप ने maaaaaaaaaa रुक जाओ थोड़ा आराम से करो न

मई : कुटिया तुझे हे तोह मेरा लौड़ा चाहिए था अब क्यों चीख रही है हरमजादि तेरा सौहार आ जायेगा रैंड.

खालिदा: तोह क्या करू आप तोह मुझे बाज़ारू रंडी की तरह छोड़ रहे हो मैं आप की रंडी हूँ बाज़ारू नहीं

पर मैं जनता था की रुका तोह रुक गया इस लिए इस लिए इस बार पूरा का पूरा लौड़ा निकला और फिर से दाल दिए





खालिदा: ाआअह आप ने सुच मैं मेरी फ़ायद दी है माआआआ क्या मस्त लौड़ा है आप का अब लग रहा है जिसके लिए इतने दिनों से तड़प रही थी वो मुझे आज मिल रहा है.

जब उसके चेहरे पर हलकी सी मुस्कराहट दिखी तोह मैं लौड़े को पूरा का पूरा निकल कर अंदर बहार करने लगा पर उसके चेहरे पर दर्द भी था पर मई उस धयान नहीं दिया और अपनी स्पीड थोड़ी बढ़ा दी.



खालिदा: आआआ हआ हआ ऐसे हे छोड़ो अपनी रंडी को दमांद जी इसी तरह के लौड़े के लिए हे मेरी छूट प्यासी थी अच्छे से छोड़ो अपनी रैंड को मेरे मालिक

मई : क्यों न मेरी हरामज़ादी कुटिया तुझे तोह ऐसे छोडूंगा जैसे किसी बाज़ारू रंडी को छोड़ा जाता है तू देखती जा.

और इस बार उसकी तंग मैंने भी पकड़ ली और कास कास धक्के मरने लगा





खालिदा: हआ हआ ऐसे हे छोड़ो मेरे राजा फ़ायद दो अपनी कुटिया रैंड की छोट मेरे राजा फ़ायद दो.

और इस तरह के धक्को से खालिदा की हालत ख़राब हो गई या कहु मस्त हो गई और जोर जोर से सिसकी लेने लगी.





खालिदा: uuuuuuuuffffffffff maaaaaaaaaa कितना मोटा और लम्बा लौड़ा है आप का मेरे राजा मेरे मालिक उउउउउउफ maaaaaaaaaa और कास कास छोड़ो अपनी कुटिया को मेरे मालिक अच्छे से फ़ायद दो इससे बड़ी तदपि है आप की सासु माँ फ़ायद दो maaaaaaaaaa

मई: हैं तोह ले न मेरी हरामज़ादी कुटिया रंडी ले मेरा लौड़ा.

फिर मैंने दोनों टैंगो को उप्पेर उठा कर और तेज तेज छोड़ने लगा खालिदा के दोनों बड़े बड़े दूध मेरी ले से ले मिलकर हिल रहे थे.

खालिदा तेज तेज चीखने लगी aaaaaaaaaahhhhhhhh दमांद जी मैं मर जाउंगी maaaaaaaaaa ऐसे मत छोड़ो किसी बाज़ारू रंडी की तरह maaaaaaaaaa बहुत दर्द हो रहा है दमांद जी कुत्ते मादरचोद रुक जा मेरी फैट गई है माआआआ मैं मर जाउंगी रुक न कुत्ते

मई : नहीं रुक सकता मेरी रैंड तेरी फाड़ कर हे रहूँगा तू कुछ भी बोल और अपने धक्को की रफ़्तार भाड़ा दी





खालिदा: माआ मैं मर जाउंगी मेरे राजा रुक जा न maaaaaaaaaa सायद मेरा आने वाला है सालो बाद मेरा माल छूटने वाला है

मई : तोह झाड़ जा न भें की लोदी हरामज़ादी कुटिया झाड़ अपने मालिक के लौड़े पर झाड़ मेरी रैंड झाड़ जा

खालिदा: हआ हआ हआ मेरा आने वाला है दमांद जी मेरा आने वाला है उउउउउउउउउइइइइइ maaaaaaaaaa मेरे आने वाला है अपने मालिक के लौड़े से छोड़ने के बाद maaaaaaaaaa नीलो के अब्बू कहा सो गए हो तुम्हारी बेगम दूसरा कमरा मैं तुम्हारे दामाद से चुद रही है और तुम सो रहे हो घोड़े बेच कर मेरी चीखे भी सुनाई नहीं दे रही है maaaaaaaaaa .

फिर खालिदा का जिस्म कंपा और वो झड़ने लगी पर मैं रुका नहीं

खालिदा: रुक jaaaaaaaaaaaaaaaa कुत्ते मादरचोद रुक जा हरामी रुक जा और मुझे अपने से अलग करने लगी पर मैं कहा रुकता था उल्टा उनकी गर्दन पकड़ कर छोड़ता रहा
 
अपडेट 182

मुझे अपने से अलग करने लगी पर मैं कहा रुकता था उल्टा उनकी गर्दन पकड़ कर छोड़ता रहा





Khalida:Buaaaaahhhhhhhh maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa मैं मर जाउंगी दामाद जी थोड़ा तोह आराम दे दो

मई : अब नहीं हरामज़ादी अब जब तक तू पूरी तरह ठंडी नहीं हो जाएगी मैं रुकने वाला नहीं हूँ भें की लोदी और उससे बाँहों मैं भरा और अपने उप्पर लिया और तेज तेज छोड़ता रहा उसके दर्द की परवाह किये बिना.

खालिदा: maaaaaaaaaa रुक जाओ न प्लस मुझ से गलती हो गई रुक जाओ दामाद जी रुक जाओ मैं मर जाउंगी मेरा बेटे जैसा है न तू रुक जा प्लस पर मैं कहा रुकने वाला था खालिदा को अच्छे से अपने उप्पर लिया और निचे से छोड़ता रहा

खालिदा: aaaaaaaaaahhhhhhhh maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa मैं मर जाउंगी दमांद जी थोड़ा तोह आराम दे दो

मई : अब नहीं हरामज़ादी अब जब तक तू पूरी तरह ठंडी नहीं हो जाएगी मैं रुकने वाला नहीं हूँ भें की लोदी और उससे बाँहों मैं भरा और अपने उप्पर लिया और तेज तेज छोड़ता रहा साथ hi उसके दोनों दूधो को दबोच क्र उसके दर्द की परवाह किये बिना उसे छोड़ता रहा.





खालिदा: की आँखों मैं आंसू थे

Maaaaaaaaaa रुक जा टाइगर रुक जा मेरे लाल रुक जाआआ maaaaaaaaaa मेरा फिर से आने वाला है माआआआ मैं फिर से झाड़ रही हूँ maaaaaaaaaa

ये सुन कर मैंने अपने धक्को की स्पीड और भाड़ा दी





खालिदा: ाआअह मेरा फिर से आयने वाला है नीलो के अब्बू देखो आप का दमांद मेरे उस जगह तक पहुंच कर छोड़ रहा है जहा आप का छोटा का लुंड पहुंच भी नहीं सकता मैं बता नहीं सकती की कितना मज़ा आ रहा है दर्द के साथ साथ maaaaaaaaaa मैं फिर से आ रही हूँ.

Maaaaaaaaaa मैं आआआआ रही हूँ maaaaaaaaaa और एक दम से अपनी छूट उप्पेर उठाई जिसकी बजह से मेरा लौड़ा उनकी छूट से निकल गया और और साथ मैं उनकी छूट ने पेशाब की धार छोड़ दी





खालिदा





aaaaaaaaaahhhhhhhh देख तूने क्या किया कुत्ते मेरी पेशाब भी निकल गई इतनी बुरी तरह से तूने छोड़ है अपनी रंडी को maaaaaaaaaa पर मुझे इससे क्या फर्क पड़ने वाला था मैंने उन्हें अपनी बाँहों मैं भर लिया और अपनी गोदी मैं उठा कर वही पड़े एक स्टूल पर बिठाया और पीछे से छूट मैं एक झटके से लौड़ा अंदर डाला और छोड़ने लगा.

मई : क्यों मज़ा आ रहा है न सासु माँ अपने दमांद जी के लौड़े से चुद कर बोल न रंडी

खालिदा: क्याआआआ बोलू मेरे राजा दर्द दे रहा है पर उससे ज्यादा मज़ा भी आ रहा है मुझे और तेज तेज छोड़ मेरी जाआआं और कास कास छोड़ अपनी रंडी को maaaaaaaaaa तोह मैंने उन्हें खड़ा किया और उनके बालो को पकड़ कर और तेज तेज छोड़ने लगा





खालिदा: उउउउउउफ maaaaaaaaaa कितना मस्त छोड़ता है तू और बेदर्द बेरहम चुदाई और क्या चाहिए मुझ जैसी प्यासी औरत को और छोड़ मुझे छोड़ दे अच्छे से सालो की प्यास बुझा दे मेरे राजा और ये सुन कर मैं छोड़ता रहा. उउउउउउफ maaaaaaaaaa टाइगर और कितनी देर लगेगी तुझे झड़ने मैं और बर्दाश्त नहीं हो रहा थक रही हूँ मैं

पम्मी पहले क्यों नहीं बताया मेरी जान हुए उन्हें अपनी बाँहों मैं भर लिया और अपनी गोदी मैं ले कर अपने लौड़े पर उछलने लगा.







खालिदा : आह ये कहा से सीखा तूने माआ मैं गिर जाउंगी मैं बहुत भरी हूँ दामाद जी मैं गिर जाउंगी

मैं मुस्कुरा कर जब मेरी माँ नहीं गिरी तोह तू कैसे गिर जाएगी मेरी जान और होने धक्को की स्पीड इतनी भाड़ा दी की खालिदा फिर से चीखने लगी.



कगालिदा : उउउउम maaaaaaaaaa मैं मर जाउंगी मेरे बेटे रुक जा मैं गिर भी सकती हूँ maaaaaaaaaa रुक जा और बर्दाश्त नहीं हो रहा झाड़ जा अब तोह और बर्दाश्त नहीं हो रहा है माआआआ तोह अब तोह मेरा भी आने वाला था इस लिए एक स्टडी रदम से मैं छोड़ने लगा.







खालिदा : उउउउम मेरा आने वाला है फिर से दमांद जी आप भी आ जाओ न प्लस बाद मैं छोड़ लेना दोबारा मायआ मैं आ रही हूँ और मैंने उनको मुस्कुरा कर देखा और उनको बीएड पर उलटा लिटाया और पीछे से छोड़ने लगा

ाआअह maaaaaaaaaa पहली बार मैं हे जन्नत दिखा दी आप ने दमांद जी maaaaaaaaaa मैं आ रही होओओओओ मायआ मैं आआआआ रही हूँ

मई : मैं भी आ रहा हूँ मेरी जाआआं मैं भी आ रहा हूँ और हम दोनों एक साथ झड़ने लगे और दोनों के हे जिस्म कम्पनी लगे





और मेरे धक्को की रफ़्तार इतनी तेज थी की झड़ने के बाद खालिदा किसी तड़पती कुटिया की तरह बीएड पर अधमरी हालत मैं गिर पड़ी



 
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