Incest The Tiger - Page 24 - SexBaba
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Incest The Tiger

अपडेट 164(बी)

अगले दिन बाबा ने मेरी और सुमन की शादी करा दी हमने सब का आशीर्वाद लिया फिर उनसे जाने की बात की जिसे सुन क्र रम्भा को थोड़ा दुःख हुआ क्यों की इतने दिन तक वो हमारे साथ hi थी कुछ दिनों के लिए hi सही मई उस से दूर जाने वाला था सुमन ने उसे गले लगा क्र अपना ख्याल रखने को कहा मैंने भी उसे अपना ख्याल रखने और जल्दी आने का बोल क्र बाकि सब से विदा ले क्र सुमन के साथ वह से निकल गया और एक मैदानी एरिया में आ गया फिर जीन ने जो मुझे रिंग दी थी उसे घिसने लगा और जीन को आने के लिए याद करने लगा कुछ hi देर में हमारे सामने एक विशाल काय जीन प्रगट हो गया जिसे देख क्र सुमन भी दर से मेरे पीछे आ गयी तभी वो जीन बोलै

जीन: आप जीन लोक जाने के लिए सुरवीर.

मई : जी हम जाने के लिए तैयार है.

फिर जीन ने अपना बड़ा सा पंजा जमीं पर रखा और कहा की आप दोनों इस पे आ जाइये तब मैंने सुमन का हाथ पकड़ कर जीन के हथेली पर आ गया फिर जीन ने अपना पंजा ऊपर उठाया और लगा आसमान में उड़ने सुमन को उचाईयों से बहुत दर लग रहा था इसलिए उसने मुझे कास कर पकड़ा हुआ था 2 घंटे आसमान में सफर करने के बाद वो हमे एक बड़े से जालमुखी के ऊपर ले आया.

सुमन तो निचे का नजारा देख कर तो बहुत hi जायदा दर गयी क्यों की नीचे उस बड़े से जालमुखी से लगा तर गरम लावा पिघल क्र बहार आ रहा था.

सुमन: टाइगर ये जीन हमे इस जवाला मुखी में दाल क्र मरना चाहता है क्या , मुझे अभी नहीं मरना ा रे आज hi तो हमारी शादी हुई है और मुझे तो तुम्हारे बच्चे भी पैदा करने है,

मई : डरो मत सुमन मई बात करता हु जीन से ,

ये तुम हमे इस जवाला मुखी के पास ले क्र क्यों आये हो.

जीन: आँका ये जवाला मुखी असली नहीं है ये तो मायावी जालमुखी है यही तो हमारे जीन लोक जाने का दरवाज़ा है .

मई : क्या ये ाली नहीं है फिर कैसे इसमें गरम लावा पिघल क्र बहार निकल रहा है.

जीन : ये सब एक माया है नहीं तो हर कोई जीन लोक में परवेस क्र जाता इसलिए ये माया से बनाया गया जालमुखी है चलिए अब हम चाहते है .

ये बोल क्र वो हमे उस बड़े से जालमुखी में ले जाने लगा जब हम जालमुखी के अंदर जाने पर भी गर्मी क्र अहसास नहीं हो रहा था इसी से पता लग रहा था की ये असली नहीं है मायावी है सुमन ने तो कास कर मुझे पकड़ लिया थे और अपनी आँखे बंद क्र ली थी, काफी देर तक हम उस मायावी जालमुखी के अंदर जाते रहे उसके बाद हम ने जीन लोक में दाखिल हो गए यह का मौसम बहुत hi खुशनुमा tha.aasman से बहुत hi अच्छा नजारा मई देख रहा था.

मई : देखो सुमन हम जीन लोक में आ गए देखो यह कितने सुन्दर सुन्दर पेड़, पक्छी है.

कुछ hi देर में जीन हमे एक नगर के बहार उतर दिया और वो जीन भी अपने सामान्य रूप में आ गया ,फिर वो नगर के प्रवेश द्वार पर जाकर सैनिको से बात करने लगा वो हवा में उड़ते हुवे पहरेदारी क्र रहे थे कुछ देर बाद दरवाज़ा अपने आप खुल गया तब जीन ने हमे अंदर चलने को कहा.
 
अपडेट 165

कुछ hi देर में जीन हमे एक नगर के बहार उतर दिया और वो जीन भी अपने सामान्य रूप में आ गया ,फिर वो नगर के प्रवेश द्वार पर जाकर सैनिको से बात करने लगा वो हवा में उड़ते हुवे पहरेदारी क्र रहे थे कुछ देर बाद दरवाज़ा अपने आप खुल गया तब जीन ने हमे अंदर चलने को कहा.

जब हम उस बड़े से दरवाज़े के अंदर गए तो मुझे ऐसा लगने लगा की मई कोई पुराणी फिल्मो के सेट पर आ गया हु क्योंकि यह बिलकुल वैसे hi माकन बने हुवे थे जैसे राजा महाराजा के ज़माने में होते थे मई और सुमन दोनों सभी तरफ ध्यान से देख रहे थे कुछ देर आगे जाने के बाद कुछ वह और भी जीन और जीने दिखाई देने लगे सब अपने hi कामो में लगे हुवे थे यह सभी लोग आम इंसानो जैसा hi दिख रहे थे लेकिन उनके पहनावा जो था वो हम इंसानो से थोड़ा अलग था झा जीन ऊपर बिना बाजु के कुरता जो खुले hi थे ऐसा लग रहा था की ये सिर्फ तन को ढकने के लिए hi पहना गया हो और निचे ढीला सा पैजामा पहने हुवे थे और व्ही जीने बिना बाजु के ब्लाउज जैसे पहने हुवे थे जिसमे से उनकी बड़े बड़े चुके आराम से दिखाई दे रहे थे और निचे उन्होंने ने भी ढीला सा पैजामा पहने हुवे थे लेकिन उनका पैजामा पारदर्शी था पैरो से लेकर जांघों तक पूरा हिस्सा आराम से दिखाई दे रहा था लेकिन बाकि का हिस्सा मोठे कपड़ो के कारन दिखाई नहीं दे रहा था जो लोग अपने घरो से आस पास थे वो जीने अपने चेहरे को नहीं ढके हुवे थे लेकिन जीने अपने घरो के बहार थे या कहि जा रहे थे उन जैनीयो ने अपने चेहरे पर रेशमी कपड़ो से अपना चेहरा ढाका हुआ था.

एक बात मैंने और नोटिस की ये की सभी जीने के चुकी और गांड बड़े बड़े और निकले हुवे थे चाहे वो औरत हो या लड़की सभी के चुकी और गांड बड़े बड़े hi थे मैं तो सभी जीने को देख रहा था जिससे मेरा लुंड खड़ा हो गया था जो भी जीन या जीने हम लोगो को देखते तो इन सभी को आश्चर्य हो रहा वो सभी हमे घर घर क्र देख रहे थे मेरे मान में एक सवाल पैदा हो रहा था इसलिए मैंने उस जीन से पूछा जो हमे यह लेकर आया था और हमारे आगे चल रहा था.

मई : यह पर जितने भी लोगो को हम ने देखा वो तो हमारे जैसे hi आम इंसान लग रहे है मैंने तो सोचा था की जिन्नो के पास बहुत hi सकती होती है वो सभी बड़े बड़े जादू जानते है तो जीन लोक में हमे जादू देखने को मिलेगा पर अभी तक तो ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिला.

जीन : है है है ....

क्योंकि इस नगरी के अंदर आम जिन्नो का जादू करने पर प्रतिबन्ध है या यु समझ लो की यह के बादशाह ने रोक लगा दी है यह जादू या सकती का प्रयोग सिर्फ सैनिक या फिर शाही परिवार के लोग की क्र सकते है वो भी जरुरी हो तब , इसीलिए यह के आम जीन आम इंसानो की तरह hi रहते है.

मई : और ये हमे ऐसे घर घर क्र क्यों देख रहे है.

जीन: वो इसलिए मेरे आँका की वो लोग जान गए है की आप लोग आदम जाट हो और कोई भी आदम जाट जिन लोक में दाखिल नहीं हो सकता.

मई : पर ये लोग कैसे जान गए की हम आदम जाट है .

जीन: आपको यह के वातावरण में जो गंध आ रही है वो कैसा लग रहा है.

मई : ऐसा लग रहा है की जैसे कोई बहुत hi खुसबूदार परफ्यूम लगा क्र हमारे आस पास hi घूम रहा है.

जीन: ये कोई परफ्यूम का कमल नहीं है मेरे आँका ये हम जिन्नो की सरीर से निकलने वाली गंध है जो आपको परफ्यूम जैसी लग रही है ठीक उसी प्रकार हम जिन्नो को भी इंसानो की गंध से पता चल जाता है और कपडे भी तो आप इंसानो जैसे hi हो.
 
अपडेट 165(ा)

फिर हम कुछ दूर आगे गए तभी सुमन को कुछ दिखा तब उसने मुझे भी ऊँगली से इसरा करते हुए दिखाया तब मई क्या देखता हु कुछ लोग चटाई पर बैठ कर उड़ते हुवे कही जा रहे the,tab मैंने जीन से फिर पूछा.

मई : आपने बोलै था की इस नगर में जादू नहीं होता फिर वो क्या है लोग चटाई में बैठ क्र घूम रहे है.

जीन : है हाहाहाहा....

मेरे आँका वो जादुई कालीन है लोग उस से hi कही आने जाने के लिए प्रयोग करते है जैसे आप लोग अपनी दुनिया में साइकिल bike,car, ट्रैन ,एरोप्लेन आदि का उपयोग करते है उसी तरह हम जीन नगरी में जादुई कालीन का उपयोग करते है.

अब आगे चलिए सामने hi हमारे नगर का बाजार है .

फिर हम कुछ दूर और आगे आये तब हमे जीन लोक का बाजार नजर आया ,बाजार में काफी चहल पहल थी यह कही कालीन बिक रही थी तो कही खाने पिने की सामग्री मई ऐसे hi बाजार कीप रौनक देख hi रहा था की मई किसी से टकरा गया
 
अपडेट 165(बी)

मई बाजार के रौनक चहल पहल और जैनीयो में इतना खो गया था की मुझे खुद पता नहीं चला और मई एक लड़की से टकरा गया उस वक्त उसका चेहरा दूसरी तरफ था, मई उसे बोल रहा था माफ़ करना मेरा धयान कही और था अभी मई इतना hi बोलै था की उसने पलट क्र मेरी तरफ देखा उसने अपने चेहरे पर काळा रंग का नकाब लगाया हुआ था जो उसके दूध जैसी सफ़ेद चेहरे पर चार चाँद लगा रहा था पर उसकी खास चीज जिसे देख क्र मई खो सा गया था और वो थी उसकी आँखे जो बिलकुल मेरी तरह hi नीली थी और एक आकर्सन था .

मई उसकी आँखों में खो गया और वो भी मेरे hi आँखों को देख क्र खो गयी थी उसके बाद हमे आस पास क्या हो रहा है वो भी धयान नहीं रहा.

इधर जब मई उस लड़की से टकराया तब उस की सहेलिया मुझे पूरा सुना रही थी गुस्ताख़ अंधे हो क्या जो दिखाई नहीं देता तुम जैसे लोगो को हम अच्छी तहर से जानते है खातून देखि नहीं और आ गए लार टपकते तुम्हारा सर कलम करवा देंगे तुम हमे जानते नहीं हो.

जीन : माफ़ी मोहतरमा माफ़ी वो क्या है ये लोग यह पहली बार आये है इसलिए यह के वातावरण को देख क्र खो गए थे इसलिए गलती हो गयी.

सहेली: गलती नहीं गुनाह किया है इस ने तुम जानते भी हो की ये कोण है सिपाहियो से बोल क्र कालकोठरी में डलवा दूंगी .

जीन: इतनी छोटी सी बात के इतनी बड़ी सजा किसलिए ये जान बुझ क्र थोड़ी hi टकराया है .

सहेली: नहीं ये जान भुझ क्र hi टकराया है सुन्दर खातून देख क्र ये जनाब जान भुझ क्र hi टकराया है.

सुमन : ये लड़की ये मेरे पति है और इन्हे कोई सूक नहीं है यह की लड़कियों से टकराने का समझी .

सहेली: (जीन से) : ये जीन लोक के तो नहीं लगते कहा से आये है ( गंध को सूंघ क्र) ये तो आदम जाट है .

वो लड़की ने आदम जाट क्या बोलै आस पास के लोग भी हमारी तरफ आने लगे कुछ सिपाही भी आ गए थे.

जीन: है ये आदम जाट hi है बादशाह सलामत ने hi इन्हे लेन को कहा था .

सहेली: क्या वे व्ही आदम जाट है जिसे बादशाह सलामत ने लेन को कहा था .


अपनी सहेली को बोलती है - सुना नूर ये व्ही आदम जाट है

पर उसकी वो सहेली का धयान तो कही और था और मेरा भी.

तब उनलोगो का धयान हमारी तरफ गया जो एक दूसरे की आँखों में खोये हुवे थे तब उसकी सहेली ने उसे हिलाया और मुझे सुमन ने तब जाकर हमारा धयान वह पर गया तो देखा की यह पर भीड़ हो चुकी थी उस लड़की ने बिना अपनी सहेलियों की बात सुने वह से जाने लगी और उन्हें भी चलने को कहा उसने एक दो बार पलट क्र मुझे देखा फिर वो बाजार की भीड़ में लुप्त हो गयी.

तभी सिपाही ने जीन से कहा की हम बादशाह सलामत को खबर देते है की वो आदम जाट आ गए है तुम इन्हे ले क्र जलहि hi महल पहुँचो.
 
अपडेट 166

सिपाही के जाने के बाद हम भी जीन लोक के बाजार को घूमते हुवे राजमहल की तरफ जाने लगे .

व्ही राजमहल के दर्दर में सभा लगी हुई थी तभी वो जीन सिपाही आकर कहता है.

सिपाही: सलाम जह्पना.

बादशाह- बोलो सिपाही क्या खबर लाये हो.

सिपाही: बादशाह वो अहमद (जीन) दो आदम जाट को ले कर जीन लोक में आ गया है मैंने उसे आपके सामने पेस होने को कहा है.

बादशाह-: ये तो बहुत अच्छी खबर सुनाई है तुम ने ,वो लोग राजमहल आये तो उन्हें शाही विश्राम गह में ठहराया जाये .

सिपाही: जो हुकुम बादशाह सलामत.

सिपाही के जाने के बाद बादशाह अपने मंत्री और वजीर से चर्चा करते है.

बादशाह-: आप लोगो को क्या लगता है ये आदम जाट हमे इस परेशानी से निकल सकते है.

वजीर: बादशाह सलामत हम कैसे मान के इस आदम जाट के पास कोई ताकत भी है आप तो जानते hi है आदम लोक ने आदम जाट कैसे कीड़े मकोड़ो की तरह रहते है.

बादशाह-: है तुम्हारी बात भी सही है तो क्या किया जाये वजीर.

वजीर: बादशाह सलामत मेरी तो सलाह है की इस आदम जाट की परीक्षा ली जाये जिस से ये तो पता चल जायेगा की ये सच में हमे इस मुसीबत से निकल पायेगा भी या नहीं.

बादशाह-: हम तुम्हारी बात से सहमत है वजीर तो ठीक है

जीन लोक के सूरवीरो से हम उस आदम जाट को लड़ा क्र पता करते है की सच में वो महावीर है या तुच्छ आदम जाट.

वजीर: बादशाह आप अगर हुकुम दो तो मई अपने बेटे को आदम जाट से लड़वाना चाहता hu,jo जिन्नो में सुरवीर है और उसमे मुकाबले में काळा जिन्नो को भी हराया है.

बादशाह-: जैसा तुम चाहो वैसा करो हमे तो उस आदम जाट से मतलब है की वो कितना सकती साली है.

(अब जीन लोक के लोगो के बारे में भी थोड़ा जान ले .)

जीन लोक दो भागो में बता है एक अच्छाई के रास्तो पर चलने वाले जीन और काली सक्तियो को ग्रहण करने वाले जीन हलाकि दोनों जगहों के बादशाह आपस में सेज भाई है एक ने नार्मल जिंदगी चुनी तो दूसरे ने काली सक्तियो को अपना लिया लेकिन दोनों भाइयो में बहुत प्यार है वो कभी भी एक दूसरे के कामो में दखल नहीं देते और हर काम के लिए एक दूसरे से बात चित क्र के सलाह लेते थे.

बादशाह जुबेर इनकी दो बेगम thi,khalida बेगम और तनूजा बेगम,

खालिदा बेगम की दो बेटी थी नुसरत और नीलोफर.

झा नुसरत को एक अद्भुत सकती प्राप्त थी वो है एक सकती साली शील्ड के रचना जो कोई भी तोड़ पाए न लेकिन वो खुद एक डैम चुप सी रहती थी हमेशा अपने कमरे में वो भी शील्ड लगा के जो बादशाह तो क्या कोई भी तोड़ नहीं पता था जब तक उनकी मर्जी नहीं होती तब तक.

दूसरी नीलोफर प्यार से सब इन्हे नीलो बुलाते है ये बहुत hi सरारती नटखट है ये अपनी जादुई सकती से सब को परेशां करती है फिर बाद में उनसे माफ़ी भी मांग लेती है और ये सब की मदद भी करती रहती है जिस कारन लोग इन से बुरा नहीं मानते थे

दूसरी बेगम तनूजा इनकी बेटी का नाम है नरगिस प्यार से सब इन्हे नूर बुलाते है क्योकि इनकी नेल्ली आँखों के कारन ये बहुत hi खूबसूरत दिखती है

नरगिश को जन्म देते hi तनूजा की मौत हो जाती है जिसके कारन नरगिस बहोत hi रोटी है किसी की गॉड में चुप नहीं हो रही थी बहुत से लोगो ने इन्हे गॉड में लिया और दुलारा लेकिन ये चुप hi नहीं हो रही थी फिर उस्ताद ने अपने साथ आयी हुई एक कनीज से उसको गॉड में लेने को कहा.
 
अपडेट 166(ा)

कनीज के गॉड में आते hi नरगिस चुप हुई बल्कि मुस्कुराने भी लगी तब बादशाह ने उस्ताद से इस का कारन पूछा.

बादशाह- उस्ताद जी मेरी बच्ची किसी के पास भी चुप नहीं हो रही थी किन्तु इस मोहतरमा के पास आते hi चुप हो गयी कैसे.

उस्ताद: क्यों की ये मोहतरमा भी कोई दिव्या आत्मा है जिनका जीन लोक से और भी कई लोको से नाता है ये हमे जंगल में मिली इसे अपने बारे में कुछ भी नहीं पता था इसलिए हमने इन्हे अपने साथ ले आये फिर अपने सकती से इनके बारे में जानना चाहा तो पता छठा की की ये इनका जीन लोक से पुराण नाता है इस से ज्यादा हम इनके बारे में नहीं खोज पाए क्यों की इनका कोई विशेष कार्य है जो हमे भी नहीं दिखा इसलिए हमने इन्हे अपने साथ रख लिया और एक बात अपने इनका चेहरा नहीं देखा है लेकिन इनकी आँखे भी नीली है बिलकुल आपकी बच्ची की तरह .

बादशाह-: तो ठीक है उस्ताद आज से hi ये मेरी बच्ची की माँ कहलाएंगी भले hi ये हमारी पत्नी न हो फिर भी इन्हे भी वैसा hi दर्जा मिलेगा जो महारानी का होता है.

उस्ताद: ये आपने ठीक किया बादशाह ,ये hi आज से इस शहजादी (नरगिस) का पालन पोसन करेगी.

(ये कनीज कोण है इस का आगे आने वाले अपडेट ने पता चलेगा अगर किसी को मालूम हो तो बता सकता है)

कादर ये बादशाह के छोटे भाई है जब नागो ने जीन लोक में हड़कंप नचाया था तब इस में अपने भाई जुबेर से सलाह ले क्र काली सक्तियो को ग्रहण किया जिस से जिन्नो को नागो से बचाया जा सके.

जाव इनके पास काली ताकत आ गयी उसके बाद उन्होंने नागो को अपने लोक में आने पर रोक लगा दिया फिर अपने भाई से सलाह ले क्र अपना अलग राज्य बना लिया इनके राज्य में कोई रोक टोक नहीं थी यह के सभी जीन जादू क्र सकते थे इन्होने बस कुछ hi कानून बनाया था जिसमे से एक है इनके भाई के राज्य में यह का कोई भी जीन दखल नहीं देगा और जैसे भी हो अपनी सकती बढ़ाते रहे इसलिए यह से जीन दूसरे लोक के लोगो को ला क्र अपनी सकती बढ़ाते थे या सेक्स आदि करते थे.

मुमताज : ये कादर की बेगम है इनकी बेटी का नाम है हीना ये अपने नाम की तरह hi थी जैसे कोई हीना ( Mehandi)ko कोई छू भी ले तो उनका हाथ लाल हो जाता है उसी प्रकार हीना हीना किसी को भी कुछ प्यार से बोल दे तो वो काम कोई भी क्र देता था मतलब की हीना अपनी बातो से किसी को भी सम्मोहित क्र सकती थी.

जमाल ये कादर का बीटा है लेकिन इनकी बूढी थोड़ा काम है ये बड़े हो हो गए है लेकिन इनका आचरण बिलकुल एक छोटे बच्चे की तरह hi है.

वजीर इन का नाम है सुलेमान ये एक लालची किस्म का जीन है जो जीन लोक का बादशाह बनने का खवाब देख रहा है की लिए ये अपने बेटे को काली सक्तियो को ग्रहण करने के लिए दूसरे राज्य में बेजा है जो की बादशाह के भाई का राज्य था.

जफ़र वजीर का बीटा ये काली सक्तियो को ग्रहण क्र लिया है और अब ये बादशाह कादर को खुश क्र के हीना को अपनी बेगम बनाना चाहता है क्योकि की हीना का सौहार hi इस राज्य का बादशाह होगा ऐसा ऐलान कादर ने कर दिया है.

उस्ताद: ये जीन लोक के राजगुरु कोई भी काम हो इनके विचार विमर्श के बिना नहीं होता था.

अहमद : ये वो जीन है जिसने टाइगर को यह जीन लोक में लाया था इनकी भी फॅमिली रहती है यह पे .

अहमद टाइगर और सुमन को राजमहल ले आया फिर यह के सिपाहियो ने उन्हें शाही विश्राम गह में ठहराया .

ये बात पुरे जीन लोक में आग की तरह फ़ैल गयी थी की कोई आदम जाट आया है जो तांत्रिक से इन्हे निजाज दिलाएंगे

नीलोफर भी जब ये सुनती है की आदत जाट उनके महल में रुके हुवे है तो वो भी उनसे मिलने के लिए विश्राम गाह की तरफ चल देती है
 
अपडेट 166(बी)

मई और सुमन विश्राम गह को चारो तरफ से देख रहे थे सुमन व्ही बिस्तर पर बैठ गयी तभी नीलो दरवाज़े के बहार से देखती है की ये लोग सभी इधर उधर देख रहे है तो उसके मान में सररात करने की सूझती .

फिर वो टेबल पर रहे हुवे सोने (गोल्ड) के गिलास को अपने जादू से हवा में hi उठा देती है फिर सुमन की तरफ बढ़ा देती है , सुमन अपनी तरफ गिलास को हवा में hi आते हुवे देख कर घबरा जाती है वो जोर से टाइगर को चिल्लाती है तब टाइगर की निगाह भी गिलास की तरफ जाती है पहले तो टाइगर को भी थोड़ा अचम्भा भी होता है फिर वो गिलास को पकड़ने के लिए हाथ को आगे करता है तो गिलास पीछे हो जाता है फिर हाथ आगे बढ़ता है तो ऊपर हो जाता है ऐसे hi गिलास कभी आगे तो कभी पीछे कभी ऊपर तो कभी नीचे ये सब नीलो दरवाज़े के बहार चुप क्र अपनी हसी को रोक क्र क्र रही थी.

मेरा भी दिमाग खराब हो गया था तब मैंने अपनी तलवार को याद किया मेरे हाथो में मेरी तलवार आ गयी फिर मैंने फुर्ती से उस गिलास को भागो में चिर diya,vo गिलास दो टुकड़ो में काट क्र नीचे जमीं पर गिर गया.

तभी हस्ती हुई नीलो दरवाज़े से अंदर आयी फिर अपनी हसी को काबू क्र के कहा तुम लोग तो एक गिलास से hi दर गए और आये हो हमे मुसीबत से निकलने.

मई : देखिये वो सब अचानक हुआ इसलिए ऐसा हुआ नहीं तो मई किसी से नहीं डरता और आप कोण है?

नीलो : मई दूसरी नंबर की सहजादी हु मेरा नाम नीलोफर है और प्यार से सब मुझे नीलो बुलाते है.

मई : मेरा नाम शेर सिंह है प्यार से सब मुझे टाइगर बुलाते है और ये है सुमन.

नीलो : आप लोगो से मिल क्र अच्छा लगा , और आपकी आँखे तो बिलकुल नूर और और छोटी माँ से बिलकुल मिलती उनकी भी आँखे आपकी तरफ बिलकुल नीली है.

सुमन: क्या सच मेज़ मुझे भी मिलना है उनसे.

नीलो: है तो चलो आप मेरे साथ मई आपको महल भी घुमा देती हु और उन से मिला भी देती हु .

सुमन: टाइगर मई आती हु तुम यही रहना .

फिर सुमन नीलो के साथ चली गयी और मई व्ही रह गया कुछ देर बाद दो तीन सेविका आयी उनके हाथो में खाने पिने का सामान था उन्हें वो एक टेबल पर रख कर मुझे खाने को बोल क्र चली गयी .

मेरे खाने पिने के कुछ देर बाद बादशाह वजीर और कुछ मंत्रियो के साथ मुझ से मिलने आये और सलाम किया तो मई भी हाथ जोड़ कर उनका अभिवादन किया.

बादशाह: यह आने में कुछ कास्ट तो नहीं हुआ आप लोगो को .

मई : नहीं बादशाह जी हमे यह आने में कोई कास्ट नहीं हुआ और अपने जो हमे सम्मान दिया उसके लिए भी आपको धन्यवाद्.

बादशाह- आपको तो पता hi होगा की आपको यह पर किस लिए बुलाया गया है.

मई : है मुझे पता है कोई अघोरी तांत्रिक है जिसने जीन लोक में अपने नापाक मंसूबो को अंजाम देने के लिए था के जीन लड़कियों की बलि दे रहा है जिन्हे आप लोग भी नहीं रोक प् रहे है

बादशाह: है हमे तो ये भी पता नहीं चला है अभी तक की वो जीन लोक में कहा है.

मई: कोई बात नहीं बादशाह सलामत जब उस तांत्रिक का मरना मेरे हाथो लिखा है तो मई उसे धुंध क्र hi रहूँगा.

बादशाह: हमे भी आपसे यही उम्मीद है मगर हम छह रहे थे की.....

तभी वजीर बोलै- हम सभी जानना चाहता है की आप में उतना बल है की नहीं जो आप उस तांत्रिक को मार सकीय.

मई : तो ये साबित करने के लिए मुझे क्या करना होगा.

वजीर: तुम्हे यह के महा सुरवीर योद्धा से लड़ना होगा तभी तो हमे पता चलेगा की तुम कितने सकती साली हो
 
अपडेट 166(स)

बादशाह लोगो के जाने के बाद मई भी बीएड पर लेट क्र आराम करने लगा क्योंकि मेरा तो खाना पीना हो गया था सुमन तो सहजादी के साथ गयी हुई थी मई अपना शर्ट निकल कर करवट ले क्र सो गया ,वह से वो मोहतरमा गुजर रही थी जिसने नरगिस का पालन पोसन किया था ये मोहतरमा कोई और नहीं बल्कि नील प्लेनेट के राजा सेज़ेन्डर की दूसरी पत्नी स्टेबेला थी जिसने अपने बेटी को जीन लोक भेजा था क्यों की ये जीन लोक की hi कन्या थी इसी कारन इसने अपने बेटी के लिए जीन लोक चुना था ,फिर जब सेज़ेन्डर ने अपनी सभी पत्नियों को उनके बच्चो के पास भेजा तो ये भी जीन लोक आ गयी और इनकी याद दस्त भी चली गयी.

स्टेबेला को भी मालूम हुआ की दूसरे लोक से दो लोग आये है तब उनकी भी इच्छा हुई की वो भी उन आदम जाट को देखे तो वो चुपके से उस रूम में घुस गयी फिर वो जब बीएड के पास आयी तो टाइगर की पीठ उसकी तरफ थी तब वो टाइगर के पीठ के टैटू को देख कर चौक जाती है .

स्टेबेला: ये टैटू को तो हर रात मई अपने सपने में देखती हु तो क्या ये व्ही है मेरे मालिक.

फ्लैशबैक......

स्टेबेला जब से जीन लोक आयी थी तब से उन्हें रात में सपना आता था की वो किसी पुरुष के साथ नंगी हो क्र सेक्स क्र रही है लेकिन उस पुरुष का चेहरा नहीं देख पति थी केवल उसकी पीठ और उस पर बना टैटू जो एक शेर का था उसे hi देखती थी फिर जब वो उस्ताद जी से मिली तब उसने अपने सपने के बारे में उस्ताद जी से पूछा.

स्टेबेला: उस्ताद जी मुझे बहुत दिनों से रात में एक सपना हमेशा hi आता है की मई एक पुरुष के साथ शारीरिक सम्बन्ध बना रही हु पर मुझे उस पुरुष का चेहरा दिखाई नहीं देता है बीएस उसकी पीठ पर शेर का टैटू hi दीखता है उस सपने से मेरा कोई सम्बन्ध है या ये ऐसे hi मुझे दीखता है.

उस्ताद जी कुछ देर अपनी आँखों को बंद कर के दिव्या दृस्टि से उनके बारे में पता लगते है फिर अपनी आँखों को खोल कर मुस्कुराते हुए बोलते है.

उस्ताद जी: मोहतरमा आप एक दिव्या आत्मा है आपका जन्म जीन लोक में hi हुआ है लेकिन हम भी आपके बारे में कुछ जयादा नहीं जान पाए है हम ये जरूर बता सकते है की आपको जो सपना आता है उसका क्या कारन है.

स्टेबेला: बताइये उस्ताद जी क्या कारन है इन सपनो का.

उस्ताद जी: जो सपने तुम देखती हो उसमे वो पुरुष hi तुम्हारा मालिक है तुम्हारे तन का तुमहति आत्मा का , और अभी तुम्हे अपने बारे में कुछ भी पता नहीं है न तो तब तुम उस पुरुष से सम्बन्ध बनाओगी उसके बाद तुम्हे अपनी पिछली जिंदगी के बारे में भी पता चल जायेगा.

स्टेबेला: मालिक होगा मतलब वो मेरा पति होगा.

उस्ताद जी: है तुम ऐसा कह सटकती हो .

स्टेबेला: उस्ताद जी पर वो मिलेंगे कहा और दीखते कैसे है.

उस्ताद जी: ये तो मुझे भी नहीं मालूम और जब तुम्हे hi उनका चेहरा नहीं दिखा तो मुझे कहा से दिख जायेगा है इतना जरूर बता सकते हु की वो बहुत जल्द hi तुम्हे मिलने वाला है.

प्रेजेंट

स्टेबेला बीएड के पास आकर बड़े धयान से टाइगर की पीठ पर बने टैटू को देखने लगी ,फिर जब उसको पूरा यकीं हो गया की ये वही टैटू है तो वो बहुत hi खुस हुई ,वो खुसी में अपने आप को कण्ट्रोल नहीं क्र पायी और टाइगर का चेहरा देखने के लिए उसके कंधे को पकड़ कर घुमा दिया जिससे स्टेबेला को टाइगर का चेहरा तो दिख गया मगर स्टेबेला के स्पर्श से टाइगर की नींद भी खुल गयी और वो किसी महिला को अपने बेहद करीब देख कर बिस्तर से उस क्र बैठ गया स्टेबेला तो टाइगर की आँखों को hi देख रही थी टाइगर भी बैठने के बाद पहले स्टेबेला के चेहरे को देखा फिर उसकी आँखों को देखने लगा और अपने मान में बोलै की इनकी भी आँखे मेरी तरह बिलकुल नीली है क्या इनका भी सम्बन्ध नील प्लेनेट से है जानना पड़ेगा, फिर टाइगर ने उनसे कहा.

टाइगर: आप कोण है मोहतरमा और ऐसे मुझे जगाने की वजह मई जान सकता हु.

स्टेबेला: मुझे खुद hi नहीं मालूम की मई कोण हु लेकिन तुम्हारे पीठ पर जो शेर का नीसाण है उसे मई अपने सपने में देखती थी पर तुम्हारा चेहरा hi मुझे नहीं दीखता था इसलिए मैंने तुम्हारे चेहरे को देखने के लिए उन्हें पलटा और तुम जाग गए.

टाइगर: क्या मई तुम्हारे सपने में आता था ये कैसे हो सकता है मई तो तुम्हे जनता भी नहीं आज पहली बार hi आपसे मिला हु हां आपकी आँखे भी मेरी hi तरह बिलकुल नीली है.

स्टेबेला: आप नहीं आपके पीठ पर जो शेर का नीसाण बना है उसे hi मई अपने सपने में देखती थी और है हमारी आँखे तो शामे है पता नहीं क्यों लेकिन तुम को देख कर अपनेपन का अहसास होता है.

टाइगर: है मुझे भी आपको देख कर अपनेपन का अहसास हो रहा है आप बैठिये न कब से आप कड़ी है.

स्टेबेला: नहीं नहीं मुझे जाना होगा काफी समय हो गया और और कोई भी आ सकता है मुझे यह देख कर कोई कुछ भी सोच सकता है मई बाद में फिर मिलने आउंगी अब मई चलती हु.

फिर स्टेबेला चली गयी उसके बाद टाइगर अपने मान में hi सोचता है की इनका नील प्लेनेट से पक्का कोई न कोई वास्ता तो जरूर है तभी टाइगर के अंदर से आवाज़ आयी है वास्ता तो जरूर है...
 
जिस किसी को स्टोरी के किरदारों को जाना है या जो लोग भूल चुके है वो लोग पाज़े no.1 देख सकते है.
 
अपडेट 167

टाइगर अपने मान में hi सोचता है की इनका नील प्लेनेट से पक्का कोई न कोई वास्ता तो जरूर है तभी टाइगर के अंदर से आवाज़ आयी है वास्ता तो जरूर है.

ये आवाज़ किसी और की नहीं बल्कि शेर सिंह की थी.

टाइगर: बहुत दिनों बाद आपकी आवाज़ सुनने को मिली नहीं तो आप बात hi नहीं करते थे मुझ से.

शेर सिंह: तुम ने भी तो यद् नहीं किया मुझे और मेरा काम है जब जरुरत होगी तब hi मई तुम्हे कुछ बताने के लिए hi बोलता हु.

टाइगर: है ये भी आपने ठीक कहा तो बताइये की इस मोहतरमा का नील प्लेनेट से क्या रिश्ता है.

शेर सिंह: तुम तो जानते हो की तुम्हारे पिता की कितनी पत्निया थी.

टाइगर: है मालूम है मेरी पिता जी की तीन पत्निया थी तो.

शेर सिंह: तो ये तुम्हारे पिता की दूसरी पत्नी स्टेबेला है और ये मान लो की तुम्हारी छोटी माँ भी है.

टाइगर: पर ये कैसे हो सकता है.

शेर सिंह: स्टेबेला जीन लोक की hi कन्या है इस लिए उसने भी तुम्हारी माँ की तरह जब तुम्हे पृथिवी लोक में भेजा तो स्टेबेला ने अपनी बेटी को जीन लोक में भेजा था और जब नील प्लेनेट के अंत समय में तुम्हारे पिता ने इन्हे अपनी बेटी के पास जीन लोक में भेज दिया.

टाइगर : तो फिर इन्हे कुछ भी याद क्यों नहीं है.

शेर सिंह : उफ्फ्फ तुम भी न जब तुम्हारी माँ अलका को कुछ याद नहीं था तब उसकी याद दस्त कैसे वापस आयी ये तो तुम्हे पता है न.

टाइगर : तो क्या इनकी भी याद दस्त भी वैसे hi आएगी.

शेर सिंह: है अब तुम सही समझे ,ये सब तुम्हारे पिता ने hi किया था की जब तुम लोगो का मिलान होगा तभी उन्हें सब याद आ जायेगा.

टाइगर: पर क्या छोटी माँ मेरे साथ वो सब के लिए राजी होंगी.

शेर सिंह: है वो राजी हो जाएगी क्योंकि उन्हें सपना आता है की वो एक ऐसे आदमी के साथ सम्बन्ध बना रही है जिसकी पीठ पर नील प्लेनेट का प्रतीक चिन्ह है और वो तुम्हारी पीठ पर भी बना है हो वो देख चुकी है इसलिए जायदा परेशानी वाली बात नहीं है.

टाइगर: और उनकी बेटी कोण है, कहा मिलेगी.

शेर सिंह - वो अब तुम्हे ढूढ़ना है अब मई चलता हु.

टाइगर बीएड पर बैठ कर सोचता रहा जब तक शाम वो गयी फिर सुमन को लेकर दो सहजादी भी उस कमरे में आ गयी एक तो नीलोफर थी और दूसरी भी जनि पहचानी लगी, मई सुमन को देखने लगा क्यों की उसने भी जीन लोक में जो लड़किया ड्रेस पहनती थी उसने भी वैसा hi ड्रेस पहना हुआ था.

जो कुछ इस तरह था.



 
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