Incest The Tiger - Page 25 - SexBaba
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Incest The Tiger

अपडेट 167(ा)

सुमन ने जो ड्रेस पहना हुआ था उसमे वो बहुत hi खूबसूरत लग रही थी बिलकुल जीन लोक की सहजादी की तरह.

सुमन : ये लो तुम्हारे लिए भी कपडे ले क्र आयी हु पहन के दिखाओ.

फिर मई भी कपडे ले क्र चला गया, फ्रेश होने के बाद मई कपडे पहन कर बहार आया तो मई देखता हु की वो लोग अभी भी अपने बातो में लगे हुवे है मई भी अपने मन में सोचा की ये लड़किया भी न कितना बाटे करती है कभी ख़तम hi नहीं होता पता नहीं क्या क्या टॉपिक होता होगा इनलोगो के पास जब वो लोग मेरी तरफ धयान नहीं दे रहे थे तब मैंने अपनी मौजूदगी का उन्हें अहसास कराया तब जाकर सब मुझे hi देखने लगे .

टाइगर: ऐसा क्या देख रहे हो आप लोग क्या मई अच्छा नहीं दिख रहा .

सुमन: वाओ टाइगर तुम तो बहुत hi स्मार्ट लग रहे हो इन कपड़ो में.

नीलोफर: है वाकई तुम तो बहुत सुन्दर लग रहे हो हो इन कपड़ो में जीन लोक के सहजादे की तरह.

टाइगर: धन्यवाद् नीलो जी आपका, और सुमन तुम तो राजमहल देख आयी मुझे कोण दिखायेगा.

सुमन: टाइगर मई तो बहुत थक गयी हु इसलिए मई तो नहीं जा सकती.

नीलोफर: और मई .

नरगिस: आप मेरे साथ चलिए मई दिखती हु आपको राजमहल.

टाइगर: है तो चलो फिर आप hi दिखा दो अपना राजमहल.

फिर मई नरगिस के पीछे पीछे रूम से निकल गया , जब हम कुछ आगे आये तब मैंने नरगिस से कहा.

टाइगर : नरगिस जी मुझे ऐसा लगता है की मैंने आपको पहले भी कही देखा है मगर याद नहीं आ रहा है कहा.

नरगिस: और ये कैसे पता चला आपको की हम पहले भी कही मिले है.

टाइगर: आपके आँखों को देख कर ऐसा लगता है क्योकि मैंने इन आँखों को पहले भी कही देखा है.

नरगिस: है हम पहले भी मिल चुके है और तब आप मेरी आँखों को देख रहे थे और मई आपकी......

नरगिस को आगे बोलै नहीं गया वो शर्मा रही थी.

टाइगर: हम पहले भी मिल चुके है मगर जब और कहा.

नरगिस: याद करो आज hi हम मिले है बाजार में आप किसी से टकरा गए थे .

टाइगर: ोूहा याद आया तो वो आप hi है जिनसे मई टकराया था , लेकिन आपने उस समय अपना चेहरा ढाका हुआ था इसलिए मैंने आपकी आँखों को hi देख पाया था.

नरगिस: वो सब छोडो ये अब्बू का कमरा है .

नरगिस ने एक कमरे की तरफ इशारा किया था जहा पर 2 सिपाही पाही दे रहे थे फिर कुछ दुरी पर नीलोफर की अम्मी का कमरा था जिसका दरवाज़ा बंद था और अंदर से सिसकी की आवाजे आ रही थी जो मई और नरगिस दोनों सुन प् रहे थे ,मई प्रश्नवाचक (?) नरजो से नरगिश की तरफ देखा तो वो मुझे देख कर बीएस मुस्कुरा दी मई समझ गया अंदर कुछ झोल है, फिर हम आगे बढे तब नीलोफर का कमरा आया उसके बाद नरगिश का जहा मुझे वि अपने कमरे में ले गयी और अपना कमरा दिखने लगी फिर उसके कमरे से निकल कर दूसरे कमरे में गए जहा पर उसकी अम्मी रहती थी याने की स्टेबेला रहती थी, जब हम उसके कमरे में गए तब वो अपने कपडे समेत रही थी.

नरगिश : अम्मी इनसे मिलिए ये है टाइगर , सुमन से तो आप मिल hi चुकी है ये लोग आदम लोक से आये है और टाइगर ये है मेरी प्यारी अम्मी.

हाला की मई अहले भी इनसे मिल चूका था लेकिन नरगिश को पता न चले इसलिए मैंने दोनों हाथ जोड़ क्र उनका अभिवादन किया तो उन्होंने भी मुझे सलाम कहा.

नरगिस: अम्मी आप कुछ देर इनसे बाते कीजिये मई कुछ hi देर में आयी.

मई वही पर एक सोफे जैसा था उसमे बैठ गया स्टेबेला मुझे अपना काम करते हुवे बिच बिच में देख रही थी मगर बोल कुछ भी नहीं रही थी तब मैंने hi बात सुरु की

टाइगर: मई आपके बारे में सब जान गया हु नरगिश की अम्मी जी.

स्टेबेला: क्या तुम सच कह रहे हो, क्या क्या जानते हो तुम मेरे बारे में मुझे बताओ मुझे कुछ भी याद नहीं अपने बारे में पिछले 18 सालो से मई जानने की कोसिस क्र रही हु की मई कोण हु मेरे नाते रिश्तेदार कोण है पर मुझे अभी तक किसी ने नहीं बताया तुम बहुत की मई कोण हु.

टाइगर: मेरे जरिये आपको सब कुछ याद आ जायेगा लेकिन उसके लिए आपको hi सब कुछ करना पड़ेगा.

स्टेबेला: मई अपने पिछली जिंदगी के बारे में जाने के लिए सब कुछ करुँगी तुम बताओ मुझे क्या करना होगा.

टाइगर: आपको जो सपना आता है वैसा hi करना है और आप जान भी गयी है की किसके साथ करना है.

स्टेबेला: मेरे सपने के बारे में तुम्हे कैसे पता चला.

टाइगर: मैंने कहा न मई सब जनता हु आपके बारे में.

कुछ देर सोचने के बाद स्टेबेला बोली ठीक है मई तैयार हु तुम्हारे साथ सम्भोग करने के लिए.

टाइगर: ठीक है फिर नेक काम में देरी क्यों आज रात में hi करते है आप क्या कहती हो.

स्टेबेला: ठीक है आज रात मई इंतजार करूंगी तुम्हारा.

तभी वह नरगिश आ गयी और बोली किसका इंतजार की बात हो रही है अम्मी.

स्टेबेला बात को सम्हाल क्र बोली तुम्हारे hi तो इंतजार कर रहा है बेचारा tiger,vo मुझसे पूछ रहा था की और कितना इंतजार करना padega,tab मैंने कहा की आती hi होगी बीटा आप इंतजार करो है न टाइगर.

टाइगर: जी जी जी...

नरगिस: ठीक है चलो आखिर में तुम्हे हमारा बगीचा भी दिखाना है .

टाइगर: पर अब तो अँधेरा हो रहा है.

नरगिस: यही तो हमारे बगीचे की खासियत है की चल क्र देखोगे तभी तो पता चलेगा.

फिर हम स्टेबेला के कमरे से निकल कर राजमहल में आगे की तरफ गए जहा पर राज महल के बाकि मंत्री, वजीर, बादशाह के सिपेसलर और भी बाकि लोगो के कमरे थे फिर हम बगीचे की तरफ जा रहे थे तब आखरी में एक और कमरा था जिसका दरवाज़ा बंद था.

नरगिश: ये मेरी सबसे बड़ी बजी नुसरत का कमरा है वो बहुत काम hi बहार निकलती है जायदा तर अपने कमरे में hi रहती है इनके इजाजत के बिना कोई भी इनके कमरे में जा नहीं सकता इनके दरवाजे पर सकती साली रक्षा कवच लगा हुआ जिसे तोडना किसे के बस की बात नहीं है.

नरगिस: चलो बगीचे में चलते है सायद उदार उनका खिड़खी का दरवाज़ा खुला हुआ होगा वो भी देख लेते है.

फिर मई नरगिस के साथ बगीचे में गया तो देखा की यह तो अँधेरे में भी भरपूर रोशनी है और ये रोशनी पेड़ पौदो में लगे फूलो से आ रही थी रंग बी रंगो के फूलो से वैसे hi रंग बी रंगी रोशनी आ रही थी मई बहुत देर तक पूरा बगीचा घुमा बातो बातो में मैंने नरगिश से ये भी जान लिया की यह सबसे सकती साली कोण है और उनको वो सकती कहा से मिलती है फिर अचानक मेरी नजर बगीचे से लगे हुवे एक खिड़की पर गयी वह देखा तो एक सुन्दर सी लड़की कड़ी हो क्र मुझे देख रही थी मई भी उसकी तरफ देखा कुछ देर बाद वो खिड़की से हैट गयी.

नरगिस: देख लिए मेरी बजी को है न कमल की खूबसूरत.

टाइगर: है है तो पर तुम से जयादा नहीं.

नरगिस (शर्मा क्र) तुम भी न...

चलो अब खाने का समय हो गया है .

फिर हम लोग वापस महल लौट आये .

पहले नरगिस अपने कमरे में चली गयी मई भी घूमते हुवे अपने कमरे में जा रहा था की मेरे सामने एक लड़का आ गया और मुझ से बोलै.

लड़का: तो तुम हो वो आदम जाट जो हमे मुसीबत से निकलने आये ho,pr देख कर लगता नहीं क्र की तुम में वो काबिलियत है.

टाइगर: काबिलियत देखनी है तो चलो मैदान में अभी तुम्हे दिखता हु.

लड़का: अगर अब्बूजान ने मन नहीं किया होता तो अभी तुम को तुम्हारी गुस्ताखी की सजा देता फिर भी कल तुम्हे दिखता हु मई क्या चीज हु.

फिर वो लड़का वह से चला गया फिर मैं भी रूम में आ गया वह देखा तो अभी भी वो दोनों बाटे hi क्र रही थी मई भी फ्रेश हो क्र उनके पास जा क्र बैठ गया थोड़ी देर बाद नीलो भी अपने कमरे में चली गयी.
 
अपडेट 168

रात में सब के सोने के बाद मई चुपके से अपने रूम से निकल क्र सब की नजरो से बचते हुवे मई स्टेबेला के रूम की तरफ चला गया रात में सैनिक भी ऊंघ रहे the,mai सब की नजरो से बचते हुवे स्टेबेला के रूम में आ गया जिसका दरवाज़ा लॉक नहीं था बीएस अंदर से बंद किया हुआ था इस से पहले भी क्या हुआ ये बता दू बगीचे से आने के बाद फ्रेश हो क्र अपने रूम में बैठा hi था की एक दासी आयी और बोली की बादशाह सलामत ने आप लोगो को भोजन के लिए बुलाया है तब मई और सुमन भोजन के लिए गए जहा पर बादशाह उनकी पत्नी खालिदा और नीलोफर, नरगिस के साथ स्टेबेला भी मौजूद थी दिंनिंग टेबल पर बहुत सरे पकवान बने हुवे रहे थे भोजन करने के बाद भी बादशाह से बहुत देर तक बात होती रही

अब आते है स्टेबेला के रूम में मई रूम के अंदर आते hi दरवाज़ा बंद किया लेकिन लॉक नहीं किया फिर जब मई स्टेबेला की तरफ देखा तो वो पुरे तैयार हो क्र बीएड पर बैठ कर मेरा hi इंतजार क्र रही थी जब मई उसके पास गया तो देखा की स्टेबेला एक बहुत hi सेक्सी सी ड्रेस पहने हुई थी जिसमे वो बहुत hi खूबसूरत लग रही थी.

टाइगर: आप तो आज बहुत hi खूबसूरत लग रही हो स्टेबेला.

स्टेबेला : ये स्टेबेला क्यों कहा आपने मुझे.

टाइगर : क्यों की ये आपका hi नाम है.

स्टेबेला : क्या सच में.

टाइगर: जी और आप इस ड्रेस में बहुत hi कमल की खूबसूरत लग रही हो.

Stebela:ji सुक्रिया ये सब आप के लिए hi किया है वो क्या है न की मुझे अपनी बीती जिंदगी के बारे में कुछ भी याद नहीं लेकिन इतना तो मुझे पता hi है की औरतो के जिस्म में सिर्फ उसके सौहार का hi अधिकार होता है और अगर मुझे अपनी बीती जिंदगी के बारे में पता भी चल जायेगा तो भी आप hi मेरे सौहार hi रहोगे .

टाइगर: मई आपकी भावनाओ की इज्जत करता हु स्टेबेला जी आपने पिछले 18 सालो से जीन लोक में रही फिर भी आप ने किसी को भी अपने जिस्म को छूने भी नहीं दिया ये तो सच में कमल है और मई जनता हूँ आप बहुत प्यासी है लेकिन आप ने मुझे चुना ये भी मेरे लिए ख़ुशी की बात है आज मई खुश hoon..aur आज तो मई आपको वो प्यार दूंगा की मेरा लुंड hi आपके लिए आज से सबकुछ हो जायेगा...

स्टेबेला : तो बस देखते hi रहेंगे या आगे भी कुछ करना है..

टाइगर -हाँ हाँ क्यों नहीं..

अब मेरे सामने स्टेबेला कड़ी थी बिलकुल सेक्सी सी ड्रेस में me...mai उनको कंधे से पकड़ा और गद्दे पर बैठा diya...unke बगल में मई भी बैठ गया..

वो मुझे देखे जा रही थी और मई उनको..

उसके बाद मई धीरे धीरे करके थोड़ा सा आगे झुका... स्टेबेला के सरीर से मस्त जीन वाली खुसबू आ रहा tha...mera चेहरा अब बिलकुल स्टेबेला के चेहरे के सामने tha...humdono की धड़कन तेज thi..mai झुका और स्टेबेला ने आंख बंद कर li...mai पहले उनके माथे को chuma...uske बाद मैंने पहले उसके पारदर्शी नकाब को जिस से उसने अपना चेहरा ढाका हुआ था उसे निकल diya...aur फिर उनके कंपते हुए होठों पर अपने होठ रख कर चुसन सुरु कर दिया... स्टेबेला तो जैसे इस रात का बरसो से इंतजार में thi..jaise hi मई उनके ऊपर वाले होठ को चूसने लगा वो मेरे निचे वाले होठ को अपने होठों में लेकर चूसने lagi..ab आलम ये था की मई उसके के चेहरे को पकडे उनके होठों को चूसे जा रहा था और स्टेबेला मेरे चेहरे को पकड़ के मेरे होठों को खाये जा रही thi...fir स्टेबेला का सास फूलने लगा तो वो थोड़ा सा पीछे हटी लेकिन तब तक मई तुरंत सांस लेकर इस बार उनके निचे वाले होठों को अपने होठों में दबा के चूसने laga..wo तो जोर जोर से सांस लेने lagi...aur सरीर तो इस चुम्मे से hi गंगना गया था..

फिर कुछ देर बाद हमदोनो एक दूसरे के होठों को chode..ab खुमारी हम दोनों के आँखों में tha...hum दोनों एक दूसरे को प्यार और प्यास दोनों नजरो से देख रहे थे..

mai-aapke होठ तो बड़े मीठे है स्टेबेला जी..

स्टेबेला -तुम्हारे भी होठ कुछ काम नहीं है..

अब मई थोड़ा सा और झुका और उनके कंधे और गर्दन के बिच वाले नंगे जगह पर अपनी जीभ फेरने लगा..

स्टेबेला मादक आवाज़ में बोली -ुह्ह्ह्ह तिगरररर रर क्याआ ा कररर रहे हो...

mai-aapse प्यार और क्या.....

और फिर मई उनके गर्दन से लेकर काढ़े तक चूमने चाटने laga...isi बिच अचानक से स्टेबेला का एक हाथ मेरे पैजामे पर गया और जैसे hi उनके हाथ पर मेरा कड़क लुंड pada..wo तो जोश में आ gayi..aur पैजामे के ऊपर से hi मेरे लुंड को दबाने lagi...ab तो मुझमे भी गर्मी बढ़ने laga...mai भी अब अपने हाथ से उनके ब्लाउज जैसा जो उन्होंने पहन रखा था को पकड़ा और एक एक करके हुक खोलने laga...har हुक खुलने के साथ जितना चुकी उनका बहार आ रहा था उसपर मई चूमते जा रहा था साथ hi हुक खोलते जा रहा था..4-5 चुम्मियों के बाद उनका हुक खुल गया जिससे उनका दूध खुल कर बहार आ gaya...mai तो फाटक से उनके दोनों चुकी को पकड़ के मसलने laga..idhar स्टेबेला भी मेरे पैजामे को लुंड पर से सरका di..aur अच्छे से अपने कोमल कोमल हाथों से मेरे लुंड के चमड़े को कभी ऊपर निचे करती तो कभी लुंड को पकड़ के मुठी में दबा दे रही thi.....mai फिर उनके निप्पल को दोनों हाथों की उंगलिओ से

पकड़ पकड़ कर खींचने laga..jaise किसी गाय की दूध निकलते hai.unki चूचिया इतनी बड़ी थी की मेरे एक हाथ से पकड़ने पर भी वो पूरा नहीं समां प् रहा था मुझे दोनों हाथों से पकड़ एक उसकी एक चुकी दबाना पद रहा tha..wo तो बस जोर जोर से सिसकते हुए मेरे लुंड पर हाथ चला रही थी.. अब मई भी कितना बर्दास्त कर पात और वो भी कितना बर्दास्त karti...mai उनको लेटाया और उनके पैजामे का नाडा भी खींच कर खोल diya...aur वो भी अपनी कमर उठा कर साथ दी तो आसानी से उनका कपडे उतर gaye..idhar मेरा भी पैजामा बहुत निचे तक आ hi चूका था तो मई hi खोल दिया..

अब जहाँ उनकी नजर मेरे खड़े लुंड पर thi...wahi मेरी नजर उनके पंतय पर जो गीली हो चुकी थी..

मई अब उनको अच्छे से लेता diya..aur खींच कर उनका चड्डी भी उतर diya...ab उनके फूली हुई छूट मेरे सामने आ gayi..jispar छोटे छोटे बाल the...pyaare pyaare...mai तो बिलकुल छूट के करीब आया और एक बार उनके छूट का सुगंध लिया.. क्या मदमस्त सुगंध था... मेरे तो मुँह में पानी आ gaya...mai तुरंत अपना मुँह खोला और जीभ उनके छूट पर लगाकर गीले छूट को चैहटन लगा..

मई जैसे hi उनके छूट में मुँह लगाया स्टेबेला का हाथ अपने आप मेरे सर पर आ गया..

स्टेबेला: बहुत सालो से प्यासी है मेरी मुनिओया... टाइगर आज खा जा isko...chat चाट के ख़त्म कर दे इसका paani...abhut सालो से इसका पानी नहीं निकला hai...aahhhhh टैग्जीरररर ओह्ह्ह्हह्ह

और मई इधर अपना जीभ उनके छूट में घुसा diya...wo तो अब अपनी जांघ उठा के मेरे कमर को गहरे li...aur मई उनका छूट चाट ता raha..wo भी कमर उठा उठा कर अपने छूट को मेरे मुँह पर घिस रही thi...saath hi..aahhhhhhh ओह्ह्ह्हह्हह ummmmmmm....aaaaaaaaa...maaaaaaa.....ummmmmmmmmm करते हुए अपने hi दूध को दबदने lagi..apne hi होठों को अपने जीभ से चाटने lagi..aur फिर उनका बदन कांपने laga...mai समझ गया अब क्या होने वाला hai..isliye मई भी तैयार tha...mai मस्त और ज्यादा जीभ उनके छूट में घुसा diya...aur स्टेबेला फिर अकड़ते हुए झड़ने लगी...

वो जोर से chillayi-ahhhhhhhhhhhhhhhhhhh ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh sumannnnnnnnnnnnnnnnnnn aahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh...aur फिर उनके छूट से ढेर सारा पानी nikla...kuch नमकीन सा पानी मेरे मुँह में गया और ढेर सारा पानी नीच गिरता हुआ बीएड पर गिरने laga...aisa लग रहा था जैसे स्टेबेला ने इतने सालों से पानी बचा कर राकः था छूट me..ek बाढ़ सा पानी आया उनके छूट से और बीएड भीग gaya...aur वो मेरे सर को छूट में dabaye...ahahahahahah होहूऊऊओह्ह्ह्ह

करते हुए 3-4 मिनट तक झड़ती rahi..aur कुछ देर तक पूछह पूछह करके और पानी भी उनके छूट से निकला और वो बिलकुल बेजान सी बीएड पर हाफने लगी...

मई बस उनके आँखों में ख़ुशी देख रहा tha..jo सायद आज तक उनको नहीं मिला tha...aaj वो बहुत संतुस्ट thi...mai उनके बगल में आ कर लेट gaya..aur उनके होठों को थोड़ा थोड़ा चूमने laga...wo भी मेरे तरफ प्यार भरे नजरो से देख रही thi....fir उनकी नजर मेरे लुंड पर गया जो की अकड़ कर कमरे के चाट को देख रहा था..

तो उठ कर बैठ गयी..

स्टेबेला : अब आपकी बारी है ...आप आराम kijiye...ye बोलकर मुझे लेता di..aur अपने हाथों से धीरे धीरे करके पहले लुंड को sahlayi..fir अंडे को भी sahlayi..aur फिर वो झुक kar..apne मुलायम होठों से मेरे लुंड को चूमने lagi...fir धीरे धीरे मुँह खोल कर वो मेरे लुंड को अपने मुँह में ले कर चूसने lagi...ab मुझे मज़ा आने laga..wo पूरा मुँह खोल कर मेरे लुंड को जितना हो सके उतना चूसने lagi...wo भी अब फिर से गरम होने lagi..aur मई तो गरम था hi...mai जनता था वैसे भी अभी चूस चूस कर तो मेरे लुंड को झाड़ पायेगी nahi..aur कही झाड़ गया तो अगली चुदाई में तो स्टेबेला की समेत आ ajyegi...kyonki बिना झड़े मई मानूंगा नहीं और एक बार अभी झाड़ गया तो अगले बार तो और ज्यादा टाइम लग jayega...isliye मई स्टेबेला को पकड़ा और अपने ऊपर खींच liya...ab स्टेबेला जी मेरे ऊपर लेती हुई thi...mai फिर उनको पलट diya..ab मई स्टेबेला के ऊपर आ gaya...aur हम दोनों का सीना एक दूसरे में घुसा जा रहा था..

मई स्टेबेला की आँखों में देखते हुए bola-aap तैयार है..

स्टेबेला : आज के बाद मई तुम्हारी बेगम गुलाम सभी हु समझ gaye...tumhar मुझ पर पूरा हक़ hai...tum जब चाहो जैसे चाहो जहाँ चाहो मेरे साथ कर सकते ho...aaj के बाद मेरी पुरे सरीर पर सिर्फ तुम्हारा hi हक़ है .

टाइगर: तो चलो अब करते है.

स्टेबेला: क्या करना है.

टाइगर: चुदाई.

मई जब ये बोलै तो स्टेबेला शर्मा गयी.

Tiger-ohhooo तो अब शर्म आ रही hai...pahle नहीं आयी ..

स्टेबेला : अब करो भी..

टाइगर -जैसी हुक्म आपका.

ये बोलकर मई अपना लुंड स्टेबेला के छूट पे लगाया..

स्टेबेला के छूट पे लुंड सेट होते hi वो जोर से सांस li-aahhhhhh...

Tiger-kya हुआ स्टेबेला.

वो कुछ नहीं boli...bas आंखे बंद कर li...mai भी उनके होठों को अपने होठों में कैद किया और नीच ऐसे लुंड पर जोर से धक्का lagaya...lund..gupppppp की हलकी आवाज़ के साथ आधा अंदर घुस gaya...andar उनकी छूट बहुत चिकनी thi...lekin टाइट bhi...mai छूट की चिकनाई का फायदा उठाया अभी मेरा लुंड भी गिला hi था स्टेबेला के मुँह के लार se...to मई भी सोचा ये सही मौका hai..isliey मई फिर से 3-4 बार और जोर से धक्का mara...aur गुप्प्प गुप्प्प गुप्प्प गुप्प्प करते हुए मेरा लुंड अंदर घुसता चला गया..

स्टेबेला का चेहरे की रणगत भी बदलें lagi...lekin मई उनके होठों को नहीं choda..hothon को चूसते हुए hi..ek बार और पूरे जोश में धक्का मारा और gupppppppppp की आवाज़ के साथ मेरा लुंड उनके बच्चेदानी से टकरा गया..

स्टेबेला इस दर्द को झेल नहीं पायी और अपना सर दर्द से दूसरे तरफ घुमा कर chillayi...maaarrrrrrr gayiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa...ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh dardddddddddd..

मई उनके सर को सहलाते हुए bola-bas हो गया मेरी jaan...ho gaya........aur मई उनके होठों को चूसने laga..gaalon को चूमने laga...saath hi थोड़ी देर रुका raha...to उनको भी अच्छा लगा की मई उनका केयर करता hoon...bas ये नहीं की छूट मिल गया तो चुदाई suru....bhad में गया दुसरो का दर्द...

स्टेबेला जब थोड़ी नार्मल हुई तो बस इतना hi boli-kash तुम मुझे पहले hi मिले होते तो मुझे इतना तड़पना तो नहीं पड़ता, लेकिन देर से hi सही उपरवाले ने मेरी सुन li...aaaaahhhhhhhh

Stebela-aaram से करररररररओओओओओओओ अभूत डरडडडडडडडड देता है....

टाइगर: बस हो गया अब to...ye बोलकर मई फिर से स्टेबेला के होठों को अपने होठों में कैद किया और अपने लुंड को निचे से अंदर बहार करना सुरु कर दिया.... स्टेबेला भी उम्म्म्म उम्मम्मम्म ummmmmmmmmmm की दबी हुई आवाज़ के साथ सिसकने lagi...unko अब दर्द और मज़ा दोनों मिलने laga...fir क्या ..मई और तेजी से चुदाई करने laga...mera मोटा तजा लुंड अच्छे से उनके छूट में अंदर बहार होने लगा और उनकी छूट को छोड़ने laga...ab हमदोनो को पसीना और जोश दोनों आ gaya...mai भी पूरी तेजी से ठप्प्प थप्प्प्प करके स्टेबेला की चुदाई करने laga..idhar वो भी आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह करके छोड़ने लगी..

फिर मई स्टेबेला के ऊपर से उठ गया और उनके एक पेअर को मोड़ कर अपने कंधे पर रख liya...ab स्टेबेला का छूट एक साइड से खुला हुआ दिख रहा tha...mai भी फिर से अपना खड़ा लुंड उनकी छूट में घुसा diya...aur पूरे रफ़्तार में चुदाई करने laga...ab स्टेबेला का भी मुँह आज़ाद था तो वो भी जोर जोर से अह्हह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ohhhhhhhhhhhhhh ahhhhhhhhhhhhh ahhhhhhhhhhhhhhhhh करके चिकटे हुए छोड़ने lagi...mere हर धक्के के साथ उनका पुरा सरीर हिल रहा tha...ab उनका सरीर फिर से कांपने लगा लेकिन मई रुका nahi...mai पूरे रफ़्तार में चुदाई में लगा raha...unka छूट फिर से ढेर सारा पानी बहाने laga..wo आह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह चिल्लाते हुए झड़ने lagi...lekin मई रुका nahi...unki छूट में लुंड पेलता raha..aur उनके छूट से पुछठ पुछःह की आवाज़ और उसके साथ कामर्स निकलता रहा.... स्टेबेला की तो हालत पतली हो गयी अब मेरा भी होने hi वाला था तो मई और स्पीड में छोड़ने laga...aur मई भी पूरे जान लगाकर 10-12 धक्के मारे और मेरा लुंड पूरे तेजी से अकड़ते हुए पूछह पिछहः काटते हुए उनके छूट को पूरा भर diya...aur मई भी हफ्ते हुए उनके बगल में लेट gaya...hum दोनों लगे लेते हुए the...lekin फिर स्टेबेला hi थोड़ा सा मेरे करीब आयी और अपना सर मेरे साइन पर रखकर मुझे देखने lagi...aur फिर हम दोनों एक दूसरे को चूमते हुए hi कब सो गए पता नहीं चला

.......................................

लेकिन चुदाई के बाद स्टेबेला के रूम का दरवाजा भी बंद हुआ जिसे मैंने लॉक नहीं किया था और इस बात से हम दोनों भी अनजान थे.......
 
अपडेट 169

सुबह सबसे पहले स्टेबेला की आँख खुली तो उसने देखा की वो किसी दूसरे पुरुष की बहो में सोइ हुई है वो तुरंत hi तिघ्र की बहो से आजाद हुई फिर उसे पता चला की उसके सरीर पर तो कोई भी वस्त्र hi नहीं है तो वो तुरंत hi अपने सरीर के ऊपर एक चादर को धक् लिया और बिस्तर के एक कोने पर जाकर बैठ गयी, इधर जब स्टेबेला मेरी बहो से आजाद हुई तब मई भी कुनमुनाते हुवे दूसरी तरफ करवट ले क्र सो गया जिस से मेरी पीठ पर बने टैटू स्टेबेला की नजर में आ गए तब स्टेबेला को नील प्लेनेट के बारे में सोचने लगी की कैसे अंत समय में उनलोगो ने अपने - अपने बच्चो को अपने अपने मनपसंद जगहों पर भेजा था फिर कैसे उनके पति ने भी उनलोगो को अपने बच्चो के पास hi भेज दिया था ये सोच कर hi उसके आँखों में आंसू आ गए फिर स्टेबेला जीन लोक में जब से आयी थी उस से लेकर क्र अब तक जो भी हुआ उसके बारे में सोचने लगी फिर उसके चेहरे पर मुस्कराहट आ गयी .

स्टेबेला (अपने मान में) सच में इस युवक से सम्भोग के बाद मुझे सब कुछ याद आ गया पर ये है कोण क्या रिश्ता है इसका नील प्लेनेट से कही ये दोनों दीदियो में किसी का बीटा भी हो सकता है अब जो कोई भी हो क्या फर्क पड़ता है अब से तो ये hi है मेरे सौहार मेरे मालिक है लेकिन पूछूँगी जरूर क्या पता इसे मेरी बेटी के बारे में भी मालूम हो की वो कोण है कहा है इनके उठने के बाद पूछ लुंगी.

फिर स्टेबेला धीरे से बिस्तर से उठी और अपने कपड़ो को समेत क्र स्नानघर में चली गयी.

अब एक नजर पृथ्वी लोक की तरफ देख लेते है की वह क्या हो रहा है जम्मू कश्मीर के एक गाओ में आर्मी के जवान पुरे उस गाओ को सर्च क्र रहे थे उन्हें खबर मिली थी की आतंक वादियों की ख़ुफ़िया मीटिंग होने वाली है जिसमे बहुत से आतंकवादी शामिल होने वाले थे उन्होंने सभी जगह देख लिया पर उन्हें कोई भी ऐसा सुराग नहीं मिला की यह कुछ ऐसा मीटिंग होने वाला है.

कैंप के अंदर ऑफिसर्स बाटे क्र रहे है.

केशव: यार विक्रम क्या करे अभी तक ऐसा कोई सुराग नहीं मिला जिसे ये लगे की आज यहाँ कोई मीटिंग होने वाली हो.

विक्रम: जी सर ऐसा कोई सुराग तो नहीं मिला लेकिन मुझे एक बात खटक रही है.

केशव: और वो क्या विक्रम.

विक्रम: सर जब हम गाओ में सर्च कर रहे थे तब मैंने देखा की गाओ में चौक और चौराहे पर बहुत सरे लोग कम्बल ओढ़ क्र बैठे हुवे थे .

केशव: यार विक्रम अब ये गाओ है ऊपर से यह ठण्ड भी बहुत है तो हो सकता है की यह के लोग ऐसे hi करते हो .

विक्रम : यस सर आओ बोल रहे है तो ाइआ hi होगा .

केशव : अब जाओ भाभी जी से भी मिल लो तुम्हारे कहने पर उनकी भी ड्यूटी मेडिकल कैंप में लगा दी है.

विक्रम: थैंक्स यस मई मिलता हु सर

( सेलुटे करते हुवे) जय हिन्द सर.

केशव: जय हिन्द .

विक्रम की पत्नी आर्मी में hi डॉक्टर थी और केशव ने hi सिफारिश क्र के उनको यह के मेडिकल कैंप में ड्यूटी पर लगवाया था.

अब एक नजर टाइगर के घर की तरफ भी देख लेते है यह क्या हो रहा है.

घर के हॉल में सभी बैठे हुवे थे, टाइगर के माँ papa,dono चाचा ,दोनों चचिया और आराध्य मसि स्नेहा किचन में थी सोनम , Megha,Purvi और महिमा एक रूम में गप्पे लड़ा रही थी.

राजेश्वर: मई स्नेहा की शादी अपने दोस्त के बेटे के साथ करवाना छठा हु और वो लोग कल स्नेहा को देखने के लिए आने वाले है.

आरती : लड़का कैसा है क्या करता है वो सब आपने पता किया है की नहीं जी.

राजेश्वर: मैंने सब पता क्र लिया है स्नेहा की माँ लड़का दिखने में भी अच्छा है और अपने पापा का बिज़नेस सम्हालता है .

राजेंद्र: ये तो बहुत hi ख़ुशी की बात है भय हमारी सभी बेतिया अब बड़ी हो गयी है अब शुरुआत तो करनी hi थी पर एक बार स्नेहा बेटी से भी पूछ ले लेना चाहिए.

राजेश्वर: है भाई अब शादी उसे करनी है तब मर्जी भी उसकी hi चलेगी.

तभी स्नेहा सभी के लिए चाय ले क्र आ गयी तब आराध्य ने स्नेहा को अपने पास hi बैठा लिया.

आरती: स्नेहा बेटी तुम्हारे पापा ने तुम्हारे लिए एक लड़का देख रहा है शादी के लिए और वो लोग कल आ रहे है तुम्हे देखने.

स्नेहा: पर माँ इतनी जल्दी क्या है आप लोगो को अभी मेरी उम्र hi क्या है.

आरती : जल्दी कहा बेटी तेरी उम्र हो गयी है शादी के लायक और जब मई तेरी उम्र की थी तब तो तू पैदा हो चुकी थी .

राजेश्वर: है बीटा तुझे कोई जबरदस्ती शादी करने के लिए नहीं कह रहा है एक बार तुम देख लो मिल लो उसके बाद hi अपना फैसला बताना.

इधर जीन लोक में जब मेरी नींद खुली तो देखा की मई बिस्तर पर अकेला हु तो मैंने इधर उधर देख रूम में कोई भी नजर नहीं आया तब मैंने मन में सोचा की सायद स्टेबेला फ्रेश होने गयी होगी तब मई भी बिस्तर से उठा और अपने कपडे पहन कर अपने रूम की तरफ चला गया
 
अपडेट 169(ा)

इधर जीन लोक में जब मेरी नींद खुली तो देखा की मई बिस्तर पर अकेला हु तो मैंने इधर उधर देख रूम में कोई भी नजर नहीं आया तब मैंने मन में सोचा की सायद स्टेबेला फ्रेश होने गयी होगी तब मई भी बिस्तर से उठा और अपने कपडे पहन कर अपने रूम की तरफ चला गया.

मेरे जाने के बाद स्टेबेला तैयार हो क्र आयी थी इस वक्त वो किसी महारानी से काम नहीं लग रही थी, क्यों की अब उसे सब पता चल चूका था अपने बारे में की वो कोण है.

असल में स्टेबेला जीन लोक की hi सहजादी थी बरसो पूर्व उनका विवाह सेजेन्दर से हुवा था जब जीन लोक में स्टेबेला के पिता बादशाह कासिम का राज चलता था उस से भी पूर्व जीन लोक की सहजादियो का विवाह नील प्लेनेट के राजा या राजकुमार के साथ हो चूका है.

स्टेबेला थोड़ी उदास जरूर हो गयी थी टाइगर के न मिलने पर आखिर उन्ही के लिए तो उसने इतना सिंगर किया था फिर रात के बारे में सोच कर उसके चेहरे पर मुस्कराहट आ गयी अब वो अपने बारे में उस्ताद जी को बताने वाली थी

इधर टाइगर कपङे रूम में आकर फ्रेश हुआ और तैयार होने लगा क्योंकि आज उसे जीन लोक की चुनौती का सामना करना था, थोड़ी hi देर में उसके रूम में सुमन के साथ नरगिस और नीलोफर भी आ गयी.

सुमन: टाइगर तुम तैयार हो गए ,मई जानती हु जीत तुम्हरी hi हो गयी बस अपना धयान रखना जायदा चोट न आये.

नीलोफर: हम भी दुआ करेंगे की जीत तुम्हरी hi हो.

मई : जी सुक्रिया आप सभी का.

तभी वह पर एक सैनिक आ क्र कहता है.

सैनिक: सलाम सहजादी जी बादशाह सलामत ने इनको मैदान में चुनौती के लिए बुलाया है.

नीलोफर: ठीक है तुम जा सकते हो ये आ रहे है.

सैनिक के जाने के बाद उनसभी ने एक बार फिर से मुझे जीतने के लिए हौसला बढ़ाया फिर मई उनके पीछे पीछे मैदान की तरफ चला गया जाना वजीर के बेटे जफ़र से मुझे लड़ना था .

मैदान में पहुंच क्र नरगिस और नीलोफर अपने पिता बादशाह सलामत के पास चली गयी और उसके साथ सुमन भी चली गयी, बादशाह सलामत मैदान में बने ुचे चबूतरे पर अपनी राजगद्दी पर बैठे हुए थे और उनके एक बाजु में महारानी खालिदा और जीन लोक के उस्ताद जी बैठे हुवे थे महारानी के बाजु में क्रमसः नीलोफर नरगिस और सुमन baithe,vhi उस्ताद के बाजु में वजीर और सिपेसलर लोग बैठे हुवे थे.

मैदान के बिच में जफ़र खड़ा था और मेरे आने से पहले शायद ये अपनी ताकत का नमूना दिखा रहा था जिससे खुश हो क्र मैदान के चारो तरफ जो जीन लोक वासी बैठे हुवे थे वो उनकी जय जय कर क्र रहे थे.

फिर बादशाह सलामत अपनी गद्दी से खड़े हो क्र अपने प्रजा को सम्बोधित करते हुवे कहने लगे- मेरे प्यारे जीन लोक वासियो ये कोई खुनी लड़ाई नहीं है ये सिर्फ इस योद्धा का सकती परिछन करने के लिए सिर्फ एक चुनौती के रूप में दी गयी है ये योद्धा हम जीन वासियो को उस नामुराद तांत्रिक से बचने के लिए आये है जो हमारे जीन लोक के युवतियों का अपहरण क्र रहे है हम बस ये देखना चाहते है की इस योद्धा में इतनी ताकत है की नहीं और ये उसे जफ़र हो हरा क्र शिव करना होगा.

फिर बादशाह अपनी जगह पर बैठ जाते है और वजीर उठ कर मुझे कहता है योद्धा क्या बिना हथियार के hi लड़ना चाहते हो , जाओ कोई हथियार चुन लो तब मई अपने तलवार को याद करता हु जिसके बाद मेरे हाथों में मेरी तलवार आ जाती है जिसे देख कर बादशाह भी हैरान रहा जाते है जिससे वो अपने उस्ताद जी से कहते है.

बादशाह:- उस्ताद जी अपने उस योद्धा का तलवार देखा क्या ये वही तलवार है जिसके बारे में हमारे पूर्वज हमे बताये थे.

उस्ताद: है बादशाह सलामत ये व्ही तलवार है.

महारानी: ऐसी क्या खास बात है इस तलवार में .

बादशाह: बेगम इस तलवार को बिना उसकी मर्जी के कोई छू भी नहीं सकता और दूसरी खास बात ये है की ये है की ये तलवार चट्टानों को भी चिर सकता hai,is की सक्तियो को कोई भी समझ नहीं पाया है और जो जान गया वो पूरी कायनात पर राज करेगा.

बादशाह की बात सुनकर वजीर को अपने बेटे की चिंता होने लगी अगर सच में ये व्ही तलवार है तब तो मेरे बेटे की जान को खतरा हो सकता है.
 
अपडेट 170

बादशाह की बात सुनकर वजीर को अपने बेटे की चिंता होने लगी अगर सच में ये व्ही तलवार है तब तो मेरे बेटे की जान को खतरा हो सकता है.





उस तलवार में कितनी ताकत है ये तो मुझे भी नहीं पता था.

अब मैदान में मई और जफ़र आमने सनमे थे अभी जफ़र भी हम इंसान की तरह नार्मल रूप में hi था उस ने भी तलवार पकड़ राखी थी, चारो तरफ जीन लोक की जनता का शोर था.

फिर मुकाबला सुरु हुआ जफ़र ने पहला वार किया जिसे मैंने सिर्फ रोका hi था लेकिन मेरे तलवार से टकराते hi उसकी तलवार दो टुकड़ो में बात गयी ये देख कर सरे जीन लोक की जनता का शोर थम सा गया जफ़र कभी मुझे देखता तो कभी अपनी तलवार को फिर उसने अपनी तलवार को फेक क्र अपने जादू से दूसरी तलवार ले ली लेकिन उसका भी नतीजा व्ही हुआ जो उसकी पुराणी तलवार का हुआ था ऐसे hi उसने 4-5 अलग अलग प्रकार के तलवार से मुझे पर वार किया परन्तु उन सभी का एक hi हज़ार हुआ वो दो टुकड़ो में काट जाता था अब जफ़र का दिमाग ख़राब हो गया तब उसने अपने आप को जीन रूप में बदल लिया जो मुझे से कई गुना ुचा और बड़ा हो गया और है रहा था जैसे मुझे चिढ़ा रहा हो की देखो मई तुम से कितना बल साली हु ,मई तो पहले से hi जनता था की जिन्नो को पास बहुत hi ताकत होती है जिससे वो कुछ भी क्र सकते है इसलिए मुझे कोई आश्चर्य नहीं हुआ उसके बड़े होने से.

जफ़र: (अपने मान में) ये तो मुझ से दर hi नहीं रहा है अभी इसको दिखता हु जिन्नो में किनता डैम होता है.

फिर जफ़र में मुझ पर अपने हाथ से आग बरसाने लगा ,आग इतनी जायदा और तेज थी की किसी को भी दिखाई नहीं दे रहा था सब को यही लगा की मई आग में जल जाऊंगा सुमन भी जोर से tiger...chillati हुई अपने जगह से कड़ी हो गयी थी ,फिर जब जफ़र ने आग उगलना बंद किया और मुझे सही सलामत प् क्र सब को आश्चर्य हुआ सुमन ने भी रहत की सास ली ,

जफ़र का गुस्सा अब बढ़ने लगा तो उसने अपने जादू से एक बड़ी सी चट्टान अपने हाथों में ले लिया.

चट्टान को देख कर मई अपने मान में सोचने लगा की आग तो मेरा कुछ नहीं बिगड़ पायी उस से तो मई बच गया पर अब इस चट्टान से कैसे बच्चू असल में वो जफ़र के लिए चट्टान था पर मेरे लिए तो वो एक पहाड़ से काम नहीं था मैं मान hi मान भगवन को याद किया और कहा की हे भगवन ये पहाड़ मुझ तक पहुंचने से पहले hi नस्ट हो जाये मई ये सोच कर मई अपनी तलवार को पहाड़ की तरफ क्र दिया .

जफ़र ने वो चट्टान मेरी तरफ फेक दिया तभी अचानक मेरी तलवार से जोर दर आवाज के साथ बिजली निकलती है और सीधे चट्टान से टकराती है नतीजा ये हुआ की एक तेज विस्फ़ोर्ट के साथ चट्टान चकनाचूर हो गया .

ये देख कर सब अचंभित थे मई भी क्योंकि मुझे खुद hi नहीं पता था की मेरी तलवार में इतनी ताकत है.

जफ़र का गुस्सा अब बढ़ने लगा साथ hi उसे दर भी लग रहा था की कही सच में वो जायदा ताकत वर तो नहीं ,जफ़र ने मुझे पकड़ने के लिए अपने हाथ को आगे बढ़ाया तब मई हवा में उड़ते हुव hi उसकी पहुंच से बहार हो गया .

जब मई उड़ते हुव उसके सर के सामने आया तब वो मुझे पकड़ने के लिए हवा में hi हाथ घूमने लगा मगर मेरी स्पीड जायदा थी जिस कारन मई उसके हाथ hi नहीं आ रहा था तब मैंने भी तेजी से उड़ते हुव घूम घूम क्र अपनी तलवार से उसके सरीर में छोटे छोटे कट देने लगा कभी हाथ में कभी पेअर में तो कभी kandhe,ghutne,aur गलो पर अब उसके सरीर के हर हिस्से से खून बहने लगे, जिससे जफ़र को और भी गुस्सा आने लगा और इसी गुस्से से वो तिलमिला क्र अपने काळा जादू को जगा दिया.





जिससे वो और भी जायदा भयानक दिखने लगा चारो तरफ सोर होने लगा क्योंकि की जिन्नो की इस दुनिया में कला जादू करना गुनाह था.

जफ़र ने जब कालाजादु को जगाया तब मौसम भी चेंज हो गया था चारो तरफ अँधेरा hi अँधेरा था तब मई भी वापस जमीं में आ कर खड़ा हो गया.

जफ़र ने अपने कलेजादु से बात क अजीब hi प्रकार का हथियार अपने हाथ में ले लिया और मेरी तरफ फेका मई इस बात से अनजान था क्योंकि अँधेरे के कारन मुझे कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था .

वो हथियार मुझे लगती उस से पहले hi वो किसी चीज़ से टकरा क्र एक विस्फ़ोर्ट हो गयी और उस से एक तेज रोशनी हुई उस रोशनी में मैंने देखा की कोई मेरे सामने आ क्र खड़ा था.....
 
अपडेट 171

जफ़र ने अपने कलेजादु की मदद से अजीब hi प्रकार का हथियार अपने हाथ में ले लिया और मेरी तरफ फेका मई इस बात से अनजान था क्योंकि अँधेरे के कारन मुझे कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था .

वो हथियार मुझे लगती उस से पहले hi वो किसी चीज़ से टकरा क्र एक विस्फ़ोर्ट हो गयी और उस से एक तेज रोशनी हुई उस रोशनी में मैंने देखा की कोई मेरे सामने आ क्र खड़ा था.

जब वो मैदान में आयी तो अँधेरे में भी उसका रूप चमक रहा था





वो कोई और नहीं बादशाह की बेटी नुसरत थी जो मुझे बचने के लिए अपनी शील्ड के साथ मेरे आगे कड़ी thi,usko वह देख कर हर कोई हैरान था की वो कैसे इस मैदान में आ गयी जब के वो तो अपने कमरे से भी बहार नहीं निकलती थी.

बादशाह: ये नुसरत बेटी वह क्या क्र रही है वो कैसे चली आयी यह .

उस्ताद: मुझे लगता है बादशाह सलामत की नुसरत बेटी ने भी अपना जीवन साथी चुन लिया है तभी तो वो उसे काळा जादू के प्रहार से उसे बचने के लिए वो खुद hi चली आयी.

बादशाह: ये तो बड़े hi खुसी की बात है उस्ताद जी क्योंकि मुझे भी उसके निकाह की चिंता खायी जा रही थी अब तो मेरे दोनों बेटियों का निकाह इस सुरवीर से करोगे.

नीलोफर: दोनों नहीं अब्बू तीनो कहो.

खालिदा: नीलो इनदोनो का तो ठीक है पर तुम कैसे.

नीलोफर: अम्मी मुझे भी अपनी बहनो से साथ hi रहना है और टाइगर जी मुझे भी पसंद है.

बादशाह: ये तो और भी खुसी की बात है अब तो पुरे जीन लोक को दुल्हन की तरह सजाया जायेगा क्योंकि मेरे तीनो बेटियों का निकाह आज से तीन दिन बाद hi किया जायेगा.

इधर मैदान के अंदर मई नुसरत को hi देख रहा था और वो भी प्यार से मुझे देख रही थी फिर जब जफ़र ने ग़ुस्से से चिल्लाया तब जाकर मेरा और नुसरत का धयान उस पर गया.

नुसरत: इसने जीन लोक के कानून को तोडा है यह जीन लोक में कला जादू करना मन होने के बावजूद इसने काल जादू किया और इसका एक hi दंड है मृत्युदंड है ,मार दो इसे .

नुसरत की बात सुनकर मैंने मान में कहा इसे मौत के घाट उतर दो फिर मैंने अपनी तलवार को जफ़र की तरफ क्र दिया एक जो दार आवाज के साथ तलवार से बिजली के किरणे निकल कर जफ़र से टकराई .

जफ़र के ऊपर बिजली पड़ते hi जफ़र तड़पने लगा और आग से जलने , बिजली की गर्जना इतनी तेज थी की सारा जीन लोक गूंज रहा था कुछ hi पल में तड़प तड़प क्र मर गया जफ़र के पिता वजीर भी कुछ नहीं क्र सका लेकिन उसने मान में थान लिया था की इसका बदला वो जरूर लेगा वक्त आने पे.

जफ़र के खात्मे के बाद मई और नुसरत बादशाह के पास गए तो वो खड़े हो क्र बोले.

बादशाह : मुबारक हो शूरवीर तुम ने जफ़र का अंत क्र के जीन लोक के कानून को बनाये रखा इस के लिए धन्यवाद् उसके साथ ऐसा hi होना था हमे भी खबर नहीं थी की वो कला जादू भी सिख चूका है क्यों वजीर तुम्हे ये बात पता थी.

वजीर: नहीं हुजूर मुझे भी इस बात का बहन नहीं था की वो कुछ ऐसा भी करता है.

बादशाह: ठीक है वजीर शूरवीर आज से तीन दिन बाद आपका निकाह जीन लोक की तीनो सहजादी से संपन्न होगा और उपहार के रूप में आपकी अमानत आपको दे दी जाएगी उसके बाद hi आप उस तांत्रिक से जीन लोक को बचाओगे.

उसके बाद सभी महल में वापस आ गए भोजन का भी समय हो गया था इसलिए सभी साथ में hi भोजन करने के लिए चले गए आज नुसरत भी उन सब के साथ hi भोजन करने के लिए आयी हुई थी ,खाने के दौरान खालिदा बेगम टाइगर को hi देख रही थी और ये बात नीलो बहुत देर से नोट क्र रही थी .

अब आप लोग ये बताओ वो टाइगर को क्यों देख रही थी.....
 
अपडेट 172

वजीर अपने बेटे की मौत से बहुत hi गुस्से में था वो अपने रूम में बैठ कर सोच रहा था की कोण उसकी मदद क्र सकता है पहले वो नाग लोक के बारे में सोचा लेकिन फिर उसे याद आया की बहुत पहले hi जीन और नागो में संधि हुई थी की कोई भी किसी के kaam,ya उसकी दुनिया में हस्तछेप नहीं करेंगे, अगर वजीर नाग लोक में जाता तो उसे व्ही मार दिया जाता क्यों? ये बात जान्ने के लिए पास्ट में जाना पड़ेगा.

पास्ट .......

हजारो वर्षो पहले की बात है उस समय नील प्लेनेट पर शेर सिंह की हुकूमत चलती थी वो बहुत hi सकती साली था एक तरह से वो अपने प्लेनेट का भगवन था वो अपने आस पास के जितने भी प्लेनेट था उसको वो जीत चूका था तब उसके मान में पूरी कायनात को जीतने इच्छा हुई तब वो अपनी सेना के साथ निकल पड़ा पूरी कायनात को जीतने वो जिस भी लोक में जाता अपनी तलवार के डैम पर सब को झुका देता और वह की सकती को अपने में मिला लेता फिर वो जीन लोक आया यह भी उसने जिन्नो को हरा क्र उनकी सकती हो जिन्नो के बादशाह के ताज में होती है उसे हासिल की, फिर उसके जिस जीन बादशाह को बिना मारे hi छोड़ दिया था उसने शेर सिंह से दोस्ती क्र ली और कहा की अब मेरी बहन से निकाह क्र ले उसके बाद मई खुद hi आपको दुनिया की बड़ी बड़ी सक्तियो के बारे में बताऊंगा और आपकी मदद भी करूँगा.

तब शेर सिंह ने उसकी सरत मानते हुवे कहा की ठीक है मुझे आपका प्रस्ताव मंजूर है लेकिन मेरी भी एक क सरत है सरत की बात सुन क्र एक बार तो जीन बादशाह भी दर गए की ऐसा क्या मांग लेंगे अपनी सरत में शेर सिंह.

शेर सिंह: सरत ये है की मेरे बाद जितने भी राजा नील प्लेनेट के बनेगा उनकस विवाह जीन लोक की कन्याओ से होता रहेगा इसे आप आज से hi एक रिवाज के रूप में स्वीकार करे.

जीन बादशाह: ये तो बहुत hi खुसी की बात है हमे आपका ये सरत मंजूर है आज से hi ये रिवाज बन जायेगा.

फिर शेर सिंह ने जीन लोक की सहजादी से निकाह क्र लिया तब जीन बादशाह ने उन्हें नाग लोक के बारे में बताया की वह की नाग मणि को आप हासिल क्र लो उस नाग मणि में बहुत hi ताकत है आप और भी सकती साली हो जाओगे.

फिर क्या था शेर सिंह और जीन लोक की सेना ने नाग लोक पर हमला बोल दिया उस समय नाग लोक में नाग रानी हुकूमत चलती थी उसको भी अपने सकती पर घमंड था उसने भी प्रतिज्ञा लिया हुआ था की जिसने भी उसे हरा दिया उसी से वो विवाह करेगी ,जीन लोक के बादशाह भी उसको हरा नहीं पाए थे और उसको अपमानित क्र अभयदान दे क्र छोड़ दिया गया था और उसने अपने उस अपमान का बदला लेने के लिए hi शेर सिंह को नाग लोक पर हमला करने के लिए बोलै था .

शेर सिंह की सेना और जीन लोक की सेना ने नाग लोक के सैनिकों को गाजर मूली की तरह काट रहे थे ,जुंग के मैदान में एक बार फिर नाग रानी और और जीन बादशाह आमने सामने हो गए.

नाग रानी: तू फिर से आ गया जीन तुम्हे मैंने इतना अपमानित किया ऊपर से तुम्हे अभय दान दे क्र छोड़ भी दिया था मगर अब की बार तुम मई नहीं छोडूंगी.

जीन बादशाह: नागिन मई अपने अपमान को कैसे भूल सकता हु उसी का बदला मई तुझ से लेने आया हु और मई तुम से नहीं लडूंगा मेरे जमाई शेर सिंह जी तुम से लड़ेंगे कितना गुरुर है न तुझे अपनी ताकत पर तो तैयार हो जा .

तब जीन बादशाह पीछे हैट गया और शेर सिंह नाग रानी के सामने आ गया एक पल के लिए तो नाग रानी शेर सिंह के चेहरे को देख कर खो सी गयी थी तब

उसका गुरुर बिच में आ गया तब वो शेर को गुस्से से देखने लगी.

नाग रानी: तो तुम भी तैयार हो जाओ हरने के लिए वो भी एक नारी से.

शेर सिंह: वो तो वक्त की बताएगा नाग रानी.

फिर सुरु हुआ शेर सिंह और नाग रानी के बिच कड़ी टक्कर नाग रानी के पास बहुत hi दिव्या अस्त्र सस्त्र थे लेकिन शेर सिंह के पास भी है उसकी तलवार थी जिसका कोई तोड़ नहीं था नाग रानी के प्रहार से शेर सिंह भी जख्मी हो चूका था शेर सिंह नाग रानी को मरना hi नहीं चाहता था ,नाग रानी भी शेर सिंह के तलवार की ताकत को जान गयी थी फिर भी वो आखिर सास तक लड़ना चाहती थी, आखरी में जब नाग रानी के कोई अस्त्र काम नहीं आये तब वो भी अपनी दिव्या तलवार ले क्र शेर सिंह के साथ लड़ने लगी जब भी दोनों की तलवार आपस में टकराती तब तब आसमान में गरज के साथ बिजली भी चमकती दोनों बहुत देर से लड़ रहे थे नाग लोक की सेना आधी से भी काम हो गयी थी बाकि के जो भी सैनिक बचे हुवे थे उन्हें जीन लोक और शेर सिंह की सेना ने बंदी बना लिया था वो भी सब शेर सिंह और नाग रानी का युद्ध देख रहे थे कभी नाग रानी हावी होती थी तो कभी शेर सिंह ,फिर शेर सिंह ने चालाकी से नाग रानी का तलवार उसके हाथ से छुड़ा दिया और अपनी तलवार की मदद से नाग रानी को रस्सी से बंद दिया.

नाग रानी अब हिल भी नहीं प् रहे थी शेर सिंह अपनी तलवार ले क्र नाग रानी के पास गया और कहा.

शेर सिंह: नाग रानी वाकई में तुम में बहुत ताकत है और तुम खूबसूरत भी बहुत हो, इसलिए इतना गुरुर तो होना भी चाहिए.

नाग रानी: तुम मुझे मार भी सकते थे फिर मुझे बंदी क्यों बनाया.

शेर सिंह: इसलिए क्योंकि मई तुम्हे और भी सकती साली बनाना चाहता हु.

नाग रानी: तुम मुझे और भी सकती साली बनाना चाहते हो पर क्यों.

शेर सिंह: मई घुमा फिर क्र बात नहीं करना चाहता इसलिए सीधे कहता हु मई तुम से विवाह करना चाहता हु जिससे मेरी ताकत तुम्हारी होगी और तुम्हारी ताकत मेरी सोच समझ कर जवाब देना.

नाग रानी: मैंने एक प्रतिज्ञा ली थी की जिसने मुझे हरा दिया मई उसी से विवाह करुँगी तब सोचना कैसा.

ये सून क्र शेर सिंह खुश हो गए और फिर उन्होंने नाग रानी को भी आजाद क्र दिया और नाग रानी को अपने गले से लगा लिया पर जीन बादशाह इस से खुश नहीं था वो तो नाग रानी को मरते हुवे देखना चाहता था लेकिन वो अब कुछ क्र नहीं सकता था खैर नाग रानी और शेर सिंह का विवाह हुआ और शेर सिंह अपनी कायनात विजय यात्रा को रोक क्र अपनी पत्नियों के साथ वापस नील प्लेनेट आ गए.

नाग रानी ने जाते समय अपने खास आदमी को नाग लोक की बाग़ डोर सम्हालने के लिए दे दी.

लेकिन जीन बादशाह ने शेर सिंह के जाते hi नाग लोक से दुश्मनी निकलता रहा ,वो नाग लोक में अपने लोगो को घुसा क्र नाग नगीनो को मरवा देता इसका पता जब नाग लोक में चला तो वो भी जिन्नो को मरने लगा सदियों तक ऐसा hi चला फिर बाद में दोनों लोको के समझदार राजाओ ने मिल एक एक संधि क्र ली की कोई भी जीन हो या नाग एक दूसरे के लोक में नहीं जायेगा अगर कोई ऐसा करते हुवे पाया गया तो उसे तुरंत hi मार दिया जायेगा.

और तब से ये संधि चलती आ रही है.

नोट: आगे और भी शेर सिंह से जुड़े हुवे पास्ट आएंगे...

प्रेजेंट

इस लिए वजीर नाग लोक नहीं जा सकता था तब उसे एक hi रास्ता नजर आया की वो जाकर तांत्रिक से मिलेगा और उसके साथ मिलकर अपने बेटे की मौत का बदला लेगा ये सोच कर वो रूम से गायब हो क्र निकल गया तांत्रिक को ढूंढ़ने.

उधर पृथ्वी पर जम्मू कश्मीर के उस गाओ में रात होते hi जो लोग चौक चौराहे पर बैठे हुवे थे वो सब उठ कर एक जगह पर जमा होने लगे लेकिन ये क्या उन सभी ने अपने कम्बल और चादर के अंदर गन्स छिपा क्र रखे थे.

जब सभी लोग एक जगह इकट्ठा हो गया तब उनके लीडर ने बोलना सुरु किया मेरे जेहादी साथियो आज हम यह इकट्ठा हुवे है इन काफिरो को ये दिखने के लिए की अगर हम अपने पे आ गए तो पुरे के पुरे एक मुल्क पर कब्ज़ा कर सकते है लेकिन ये हमारी बात समझते hi नहीं हमे उन्हें ये बात समझनी पड़ेगी तो कल सूर्य निकलने से पहले hi हम उन पर हमला क्र देंगे इंशाल्लाह कामयाबी हमारी hi होगी दिखादो उन काफिरो को भी की हम में कितना दम है.

अब इनलोगो सुबह होने का इंतज़ार है और आप लोगो को अगले अपडेट का...
 
अपडेट 173

अगली सुबह सूर्य भी निकला नहीं था सुबह के 5:30 बजे थे आर्मी कैंप में भी सब लोग चैन से सो रहे और जो लोग पहरा दे रहे थे वो लोग भी सुबह हो जाने के कारन थोड़ा आराम क्र रहे थे तभी धड़ धड़ गोलियों की आवाज़ गुजने लगी किसी को भी समझ नहीं आ रहा था की क्या हो रहा है और कहा से गोलिया चल रही है केसव और विक्रम भी अपनी गन लेकर कैंप से बहार आ गए और अपनी पोजीशन ले क्र आतंक वादियों को निशाना बनाने लगे 120 जवानो में से 30 जवान तो सहीद hi हो चुके थे और जो बचे थे वो डट क्र मुकाबला क्र रहे थे इधर आतंक वादियों की संख्या 1000से ऊपर थी पीर भी आर्मी के जवान अभी भी डेट हुवे थे, आतंक वादियों ने साजिस के तहत इस हमले को अंजाम दिया था इस लिए उन्होंने पूरा आर्मी कैंप को hi घेर लिया था 100 से भी जायेगा आतंकवादी मरे जा चुके थे इधर आर्मी के जवानो की संख्या भी काम होती जा रही थी अब तक 60 से ऊपर सैनिक सहीद हो चुके थे .

विक्रम : सर इनलोगो ने हमे चारो तरफ से घेर लिया है और उनकी संख्या भी जाएदा है.

केशव: तो क्या दर लग रहा है ऑफिसर्स .

विक्रम: no सर जब तक मेरे सरीर में जान रहेगी तब तक मई उन्हें अपने कैंप के आस पास तक आने नहीं दूंगा.

केशव: गुड यही सुन्ना चाहता था मई .

देखते hi देखते सूर्य भी आसमान में निकल चूका था लेकिन गोली बरी बंद नहीं हुई थी आर्मी वालो ने वायरलेस पे सन्देश भेज चुके थे की उन पर हमला हुआ है बैक उप के लिए और सैनिक भेजने के लिए कहा गया जिसे आने में बहुत समय लगने वाला था विक्रम को भी एक गोली लग चुकी थी फिर भी वो आतंकवादी को मार hi रहा था 300 से से जयादा आतंकवादी अब तक मर चुके थे इधर आर्मी के 30 hi जवान बचे हुवे थे केशव भी अपनी गन लेकर आतंकवादियों को मार रहा था की तभी एक ग्रेनेड उसके पास आकर गिरा वो कुछ समझ पता उस से पहले hi वो फैट गया और केशव व्ही सहीद हो गए ये देख कर विक्रम ने भी ग्रेनेड का बॉक्स खोला जीता भी ग्रेनेड वो अपने पास रख सकता था उतना hi उसने रखा और फिर चुप चुप क्र आतंकवादियों को उड़ने लगा बहुत hi संख्या में आतंकवादियों को विक्रम ने मार गिराया इससे उनका लीडर गुस्से में आ गया और उसने सभी लोगो विक्रम पर hi हुम्ला करने के लिए कहा ,बड़ी समस्या में आतंकवादियों ने सिर्फ विक्रम की तरफ hi गोलिया बरसाने लगे तभी एक गन लेकर विक्रम की पत्नी भी उसके पास आ गयी और दोनों ने मिलकर बहुत सरे आतंकवादियों को मार गिराया लेकिन इसी बिच उन्हें चारो तरफ से घेर लिया गया क्योंकि बाकि के सभी आर्मी के जवान सहीद हो चुके थे इधर विक्रम और उसकी पत्नी को भी घेर क्र आतंकवादियों ने गोलियों से भुञ्ज दिया 1000 की संख्या में आतंकवादी आये थे मगर अब सिर्फ 250 hi बचे थे ,उसने लीडर के कहने पर आतंकवादियों ने आर्मी वालो के सभी हथियार लूट लिए और जो भी जिन्दा बचा था उनको मार क्र वह से चले गए.

नोट- (केशव को तो आप जानते hi होंगे अगर नहीं भी मालूम तो बता देता हु केशव टाइगर के फूफा है ,उनके सीता बुआ का पति, और विक्रम का भी नाम आगे उसे होगा)

इधर टाइगर के घर भी स्नेहा को देखने के लिए लड़के वाले आने वाले थे सभी तयारी हो चुकी थी स्नेहा को भी उसके बहनो ने सजा दिया था सोनम और पूर्वी को तो पता hi था की स्नेहा ये शादी नहीं करेगी बाकियों को नहीं पता था ,फिर लड़के वाले आये और उन्होंने स्नेहा को देखते hi उसको अपने बेटे के लिए पसंद क्र लिया लड़के को भी स्नेहा पसंद आयी लड़का भी बहुत अच्छा था उसने कोई खराबी नहीं थी टाइगर के मम्मी पापा चाचा चची को भी लड़का बहुत पसंद आया मगर स्नेहा के मान में तो कुछ और hi चल रहा था टाइगर के पापा ने लड़के वालो को ये कह क्र विदा किया की वो बाद में फ़ोन कर के बता देंगे.

व्ही जीन लोक में भोजन के पश्चात सभी लोग एक रूम में बैठे हुवे थे तभी स्टेबेला वह पर आयी जिसे देख कर सब अचंभित हो गए क्योकि वो पूरी तरह से सज धज क्र जीन लोक की रानी की तरह लग रही थी सब लोग उसे hi देख रहे थे मई भी उसका ये रूप देख कर अचंभित थे की कैसे एक hi रात स्टेबेला इतना बदल गयी है इतना मुझे जरूर पता था की उसे अपनी पुराणी बाटे याद आ गयी है अभी कोई कुछ बोलता उस से पहले hi उस्ताद जी ने उन्हें अपने पास बुलाया और उसके सर पर हाथ रख कर अपनी आँखे बंद क्र ली फिर कुछ समय बाद अपनी आँखे खोल कर स्टेबेला के सर से अपना हाथ हटा लिया और बोले.

उस्ताद: मुझे ऐसा लगता hi था की तुम जैसे दिखती थी वैसे hi नहीं तुम्हारी याद दास अब वापस आ चुकी है अब तो तुम्हे अपने बारे में सब पता चल गया होगा न.

स्टेबेला: जी उस्ताद जी सब याद आ गया मुझे बीएस एक विनती है आपसे.

उस्ताद: बे हिचक बोलो हमारे बीएस में होगा तो हम वो भी करेंगे.

स्टेबेला: उस्ताद जी मेरी बेटी भी यही जीन लोक में है मगर मुझे पता नहीं वो कोण है कहा पर है तो क्या आप बता सकते है मुझे उसके बारे में.

ये सून क्र उस्ताद जी मुस्कुराने lage,vhi बादशाह जो अब तक चुप चाप उनकी बाते सून रहे वो बोल hi पड़े.

बादशाह: ये सब क्या हो रहा है उस्ताद जी ये आपकी kanij....(thoda रुक कर) मेरा मतलब है की नरगिस की अम्मी को क्या हो गया है और ये कोण सी बेटी की बात क्र रहे है.

उस्ताद जी: बादशाह और बाकि सभी के मान में जो भी सवाल है उनका जवाब मई आप सभी को बताऊंगा नहीं बल्कि दिखता हु.

उसके बाद उस्ताद जी ने अपने जादू से एक बड़ा सा पतीला ले आये और उस पतीले में नील कलर का पानी भरा हुआ था फिर उस्ताद जी ने सब को उस पतीले के पास बुलाया और अपनी मुट्ठी और आँखों को बंद कर कुछ मंत्र पढ़ कर उस पतीले में छोड़ा फिर उस पतीले में दिखने लगा स्टेबेला के बचपन से लेकर शादी तक जो थोड़ा फॉरवर्ड क्र के दिखा रहा था स्टेबेला का निकाह कैसे सेजेन्दर से हुवा फिर नील प्लेनेट के विनास के समय कैसे उन्होंने अपने बच्चो को कैसे किसी और के गर्भ में डाला, और कैसे वो जीन लोक आयी सभी ने ये बाटे देख ली की कैसे स्टेबेला के साथ क्या क्या हुआ.

ये देखने के बाद सब की आँखों में आंसू थे लेकिन दो लोगो की आँखों में गम के साथ साथ ख़ुशी के आंसुओं भी थे और वो कोण थे इसका इंतजार कीजिये अगले अपडेट का
 
अपडेट 174

स्टेबेला के पास्ट को देखने के बाद सब की आँखों में आंसू थे लेकिन दो लोगो की आँखों में गम के साथ साथ ख़ुशी के आंसुओं भी थे उनमे से एक थे बादशाह जुबेर ,जी है बादशाह जुबेर स्टेबेला को देख रहे थे और उनकी आँखों में इस वक्त खुसी के आंसू थे तभी उनके मुँह से जो अल्फाज निकले वो सभी को चौका दिए सिवाय उस्ताद जी के क्योंकि वो अल्फाज थे बजी.....

स्टेबेला: (हैरान हो क्र ) क्या आपने मुझे बजी कहा बादशाह सलामत.

जुबेर: बादशाह तो मई जीन लोक के लिए हु आपके लिए तो मई आपका जुफु हु बजी...

स्टेबेला: (कुछ सोच कर) क्या तुम सच में जुफु हो मेरे छोटे भाई...

जुबेर: है बाजी मई hi आपका जुफु हु आपके निकाह के समय हम बहुत छोटे थे, और निकाह के बाद आप कभी जीन लोक वापस hi नहीं आयी और जब आप यह आयी फिर इतने वर्ष हमारे बिच रही फिर भी मई आपको पहचान नहीं पाया मुझे माफ़ क्र देना बजी मुझे माफ़ कर दे न.

स्टेबेला: इसमें तुम्हारी कोई गलती नहीं है मेरे भाई जब मेरा निकाह हुआ था तब तुम बहुत छोटे थे उसके बाद मई तुम से कभी मिली भी और जब मिली भी तो मुझे कुछ याद भी नहीं था और अब तो तुम इतने बड़े हो गए हो ,मेरी याद दास वापस आने के बाद भी मई तुम्हे पहचान hi नहीं पायी.

जुबेर: पहचान तो मई भी नहीं पाया था बजी वो तो जब उस्ताद जी ने आपके बारे में दिखाया उस वक़्त आपके निकाह के समय अम्मी और अब्बा को आपके साथ देखा तब hi मुझे पता चला की आप मेरी बजी हो ,कदर भी जल्द hi यहाँ आ रहा है देखना वो भी आपको देख कर खुस हो जायेगा.

तभी जो अब तक खामोश थी वो अचानक अम्मी बोल क्र स्टेबेला से लिपट गयी.

वो नरगिस थी जो अब तक अपने अम्मी को भीगी पलकों के साथ देख रही थी कब स्टेबेला आये और उन्हें अपने गले लगा ले मगर जब उसका सबर टूट गया तब वो खुद hi जाकर अपने अम्मी के गले लग गयी, स्टेबेला भी मेरी बच्ची बोल क्र नरगिस से लिपट गयी.

स्टेबेला: बचपन से hi तुझे पल पास क्र बड़ा किया मगर मुझे सच नहीं पता था की तू hi मेरी बेटी hai.(ye बोल क्र स्टेबेला रट हुवे नरगिस के चेहरे को चूमने लगी)

नरगिस: है अम्मी अब से मुझे कोई बिन माँ के बच्ची नहीं कहेगा अब से मेरी भी अम्मी है मई सब को बोलूंगी (ये बोल क्र वो भी रोटी हुई अपनी माँ को कास गले लगा लेती है.

उसके बाद सभी स्टेबेला से नए रिश्ते से मिलते है स्टेबेला ने भी नरगिस की तरह नुसरत और नीलोफर को भी प्यार दिया, ऐसे hi थोड़ी देर तक सभी आपस में बैठ कर बात चित करते है फिर खालिदा ने स्टेबेला से कहा...

खालिदा: बजी चलो न मेरे हराम में बैठ कर बात करते है.

स्टेबेला : है ठीक है चलिए मुझे भी थोड़ा काम है.

फिर स्टेबेला और खालिदा दोनों वह से निकल कर खालिदा के रूम में चली जाती है वह स्टेबेला फ्रेश हो क्र खालिदा के पास hi बैठ गयी.

स्टेबेला: है तो बोलिये भाभी क्या बात करनी है है मुझे लग रहा है आप मान में कुछ सोच रही है.

खालिदा: ऐसा कुछ नहीं है भाभी मई तो बच्चो के बारे में सोच रही थी देखिये न तीन दिन बाद मेरी दोनों बेटी और अपनी बेटी का निकाह हो जायेगा तो वो अपने शौहर के साथ चली जाएँगी हम तो अकेले हो जायेंगे न उनके जाने के बाद.

स्टेबेला: है ये तो है भाभी लेकिन अकेली आप हो जाएँगी मई तो उन्ही के साथ जाउंगी मेरी एक बहन है आदम लोक में मई उन्ही के साथ रहूंगी.

खालिदा: ये तो खुसी की बात है बजी आप आदम लोक में रहेंगी तो मेरी भी बेटियों को उनकी अम्मी की कमी नहीं खलेगी.

स्टेबेला: वो दोनों मेरी भी बेतिया है भाभी मई उनका भी धयान रखूंगी.

थोड़ी देर तक फिर रूम में सन्ति छ गयी तब फिर से स्टेबेला ने कहा.

स्टेबेला: बोल दो भाभी क्या बात है जो आप बोलने में हिचकिचा रही है आप तो हम दोनों का रिश्ता hi ऐसा हो गया है की हम एक दूसरे से मजाक भी कर सकती है.

खालिदा: (हस्ते हुवे) है ये तो है बजी बजी एक बात पुछु आप से .

स्टेबेला: है पूछो.

खालिदा: वो बजी जीजा जी को गए हुवे बरसो हो गए फिर भी आप को उनकी कमी महसूस नहीं हुई आज तक या फिर जब आप की याद दास चली गयी थी तो अपने किसी के साथ... सम्बन्ध बना लिए थे.

स्टेबेला: शौहर की कमी किसे नहीं खलेगी भाभी लेकिन मैंने अपने शौहर के अलावा किसी के साथ सम्बन्ध नहीं बनाये है .

खालिदा: आप झूठ बोल रही है बजी मैंने खुद आपको टाइगर के साथ सम्बन्ध बनाते देखा है.

स्टेबेला: ओह्ह्ह तो अपने देख लिया है पर ये तो सच है मैंने अपने शौहर के अलावा किसी के साथ सम्बन्ध नहीं बनाये.

खालिदा: मतलब क्या है दीदी आपका.

स्टेबेला: मतलब ये की हमारे नील प्लेनेट का एक नियम है की अगर वह के बादशाह न रहे तो उसकी साडी जायदात चाहे वो संपत्ति हो या फिर उनकी पत्नी बेटी या प्रजा कोई भी हो वो सरे नए बादशाह की हो जाएँगी, और अब टाइगर hi नील प्लेनेट का बादशाह है इस लिए वो मेरे शौहर हो गए.

खालिदा: आपके तो मजे hi हो गए है बजी अब आप एक जवान लड़के के साथ सो सकती हो एक हम है बरसो के प्यासे तुम्हारे भाई जान भी अब हम पर धयान नहीं देते.

स्टेबेला: ऐसा क्या हो गया भाभी और जिन्नो में तो बहुत ताकत होती है वो लम्बे समय तक प्यार करते है फिर क्या हो गया.

खालिदा: है ये तो है सुरु सुरु में तो वो मुझे हराम से बहार hi नहीं निकलने देते थे फिर बेतिया पैदा हुई तो थोड़ा काम हो गया मगर बेगम तनूजा के जाने के बाद से तो उन्होंने मुझे छुआ तक नहीं प्यार तो दूर की बात है और मई किसी दूसरे के साथ सम्बन्ध भी बना नहीं सकती डर्टी हु हु कही बादशाह को पता चल गया तो क्या होगा.

स्टेबेला: ये तो बहुत hi दुःख की बात है भाभी, पर क्या कर सकते है.

खालिदा: (थोड़ा डरते हुवे) बजी क्या आप एक रात के लिए टाइगर को मेरे साथ सुला सकती हो...

पहले तो स्टेबेला ने आश्चर्य होते हुवे खालिदा को घुरा जिससे खालिदा और दर गयी लेकिन कुछ सोच क्र सुला तो दू पर आप किस रिश्ते से सुलाना चाहती हो सास दमांद वाला या शौहर वाला.

खालिदा : क्या बजी आप भी मई अपने दमांद मानकर के तो कभी भी सके साथ सो नहीं पाऊँगी.

स्टेबेला: तो शौहर मान क्र सोना चाहती हो ये तो बहुत अच्छी बात hai,pr भाभी मई आप को बता दू की जो भी नील प्लेनेट के बादशाह के साथ सम्बन्ध बना ले फिर वो भी नील प्लेनेट के लोगो में गिना जाता है मतलब की आप भी नील प्लेनेट की वासी हो जाएँगी और जब आप उनका बच्चा पैदा करेंगी तो आप पूरा बदल जाएँगी जैसे की अपनी आँखों का रंग नीला हो जायेगा मेरी जगह मई भी जिनि हु लेकिन नील प्लेनेट की वासी भी , इसलिए सोच कर जवाब देना आपके पास समय भी है तीन दिन.

खालिदा: नील प्लेनेट की वासी और बदलाव तो ठीक है पर बजी बच्चे और वो भी इस उम्र में मेरी बेतिया क्या सोचेगी और उससे बड़ी बात मई बादशाह को क्या जवाब दूंगी.

स्टेबेला: मई हु न भाभी मई आपकी मदद करुँगी.

खालिदा: जब आप मदद के लिए तैयार hi है तो आज रात को hi बोल दो न बजी..

स्टेबेला: ओह्ह हूँ बड़ी उतावली हो नील प्लेनेट की वासी बनने के लिए भाभी लेकिन मैंने कहा न तीन दिन बाद hi हो सकता है.

खालिदा: पर क्यों बजी?

स्टेबेला: वो इसलिए मेरी भाभी क्योंकि आप जैसी जिन्नि को मसलने के लिए कोई तगड़ा जीन hi चाहिए , वैसे भी आप अपने आप को देखो जीन लोक में किसी भी खातून की चूचिया इतनी बड़ी और ठोस नहीं है और आपका पिछवाड़ा भी जीन लोक में किसी भी खातून के आस पास भी नहीं है सिवाय नुसरत के लेकिन वो भी आप से काम hi है और ऐसे घोडियो को मसलने के लिए टाइगर को जीन लोक की सकती चाहिए जो की उसे तीन दिन बाद hi मिलेगी अब समझी मेरी बात.

खालिदा : ओह्ह बजी सच में आपसे मिलते hi मेरी किस्मत hi पलट गयी अब आप आदम लोक में रहोगी तो मई भी वह आती जाती रहूंगी और आपकी मदद से मेरी जिंदगी में बहार आती रहेगी सक्रिय बजी आपका, आप अगर मुझे नहीं मिलती तो पता नहीं मेरा क्या होता.

स्टेबेला : सुक्रिया बोलने की जरुरत नहीं है भाभी मई भी खातून हु इसलिए मई समझ सकती हु की तन की आग क्या होती है अब चलो व्ही देखते है वो लोग क्या कर रहे है .

इधर वजीर सुलेमान को तांत्रिक का पता चल जाता है और वो उस से मिलने के लिए चला जाता hai,vo एक गुफा और उसका द्वार पत्थर और झाड़ियों से ढाका हुआ था इसलिए अब तक किसी को भी इस का पता नहीं चला की यह तांत्रिक हो सकता है और तांत्रिक ने अपने जादू से इस गुफा को बांध दिया था जिससे कोई दिवय दृष्टि से भी देख नहीं सकता था, अभी सुलेमान उस गुफा के चक्कर लगा क्र जाने का रास्ता खोज hi रहा था की तभी तांत्रिक के चेले उसको पकड़ लेते है जो चुप क्र गुफा की रक्षा क्र रहे थे.

चेला: ये कोण हो तुम और यह क्या करने आये हो.

सुलेमान: मई एक जीन हु और मुझे तांत्रिक जी से मिलने है .

चेला: यह कोई तांत्रिक नहीं है चले जाओ यह से .

तब तांत्रिक जो अपनी दिव्या दृष्टि से बहार क्या हो रहा है वो देख रहा था उसने सुलेमान के मान की बात जान ली और उसने मन में hi अपने चलो को सुलेमान को गुफा के भीतर लेन को कहा .

सुलेमान: मुझे पता है तांत्रिक यही कही है मुझे उन से मिल क्र उनकी मदद भी करूँगा और मेरा बदले की इच्छा भी पूरी करवानी है.

चेला: ठीक है तो चलो हमारे साथ .

फिर तांत्रिक के चलो ने जादू से गुफा के द्वार के सामने से झाड़ियों को हटाया जिससे गुफा के अंदर जाने का रास्ता दिखाई diya,fir चलो के साथ सुलेमान भी गुफा के अंदर गया उसके बाद गुफा का द्वार अपने आप hi फिर से बंद हो गयी लेकिन पीछे एक जासूस ने सुलेमान को चलो के साथ गुफा के अंदर जाते हुवे देख लिया था ये व्ही जासूस है जिसको बादशाह ने तांत्रिक का पता लगाने के लिए कहा tha,vo तुरंत महल की तरफ निकल गया.

इधर सुलेमान जब अंदर गया तो देखा की जगह जगह पर नर कंकाल लटक रहे है जिसको वो देख रहा था तब चलो ने उन्हें बताया की ये भी तुम्हारी तरह hi जीन थे जिसको हमारे बाबा ने भस्म क्र के उनके सरीर से मांस को जला दिया और खली कंकाल hi रह गया .

सुलेमान फिर से अंदर चलता गया फिर उसने देखा की एक विशाल मूर्ति के आगे तांत्रिक साधना में लीन है और हवं कुंड में आग जल रही है और मुत्री के पास hi उन जीन कन्याओ का सर पड़ा हुआ था जिसको तांत्रिक ने बलि देकर मूर्ति को अर्पण किया था.
 
अपडेट 175

सुलेमान फिर से अंदर चलता गया फिर उसने देखा की एक विशाल मूर्ति के आगे तांत्रिक साधना में लीन है और हवं कुंड में आग जल रही है और मुत्री के पास hi उन जीन कन्याओ का सर पड़ा हुआ था जिसको तांत्रिक ने बलि देकर मूर्ति को अर्पण किया था.

इधर राजमहल में अभी भी सभी लोग बैठ कर बात चित क्र hi रहे थे, स्टेबेला और खालिदा भी आ चुकी थी तभी एक सिपाही उस कमरे में आया.

सिपाही: सलाम बादशाह सलामत एक गुप्तचर आया है जो आपसे मिलने की अनुमति चाहता है.

जुबेर : ठीक है उसे अंदर भेजो.

फिर सिपाही कमरे से बहार चला जाता है और उसके जगह पर गुप्तचर कमरे में आता है और बादशाह को झुक क्र सलाम कहता है.

जुबेर: कहो गुप्तचर क्या खबर लाये हो.

गुप्तचर: बादशाह सलामत उस तांत्रिक का पता चल गया है जो जीन कन्याओ को अगवा क्र उनकी बलि चढ़ाता है.

जुबेर: ये तो तुम ने बहुत hi अच्छी खबर सुनाई है गुप्तचर.

गुप्तचर: बादशाह सलामत लेकिन एक बुरी खबर भी है की हमारे वजीर सुलेमान भी उनसे मिल गया है सायद वो अपने बेटे की मौत का बदला लेने के लिए ऐसा किया हो .

जुबेर: हम्म सुलेमान तांत्रिक से मिल क्र हमारा कुछ न कुछ तो अहित करना चाहता होगा ठीक है अभी जैसा चल रहा है चलने देते है मेरी बेटियों के शादी के बाद उस सुलेमान को भी उसकी करनी की सजा देंगे.

इधर सुलेमान तांत्रिक के पास आकर खड़ा हो गया थोड़ी देर बाद तांत्रिक ने आँखें खोली.

तांत्रिक: कहो जीन किस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमारे पास आये हो .

सुलेमान: महँ तांत्रिक को मेरा सलाम आप बहुत hi ताकत वर हो ये मई जान गया हु क्योंकि आप जीन लोक में हो पर भी आपको कोई धुंध नहीं पाया कोई भी जीन आपके सामने भी टिक नहीं पायेगा.

तांत्रिक: मेरी बात छोडो जीन और अपनी बात बताओ की तुम यह क्यों आये हो.

सुलेमान: तांत्रिक बाबा आपको सायद पता नहीं होगा आपसे लड़ने के लिए जीन बादशाह ने आदम लोक से एक सुर वीर योद्धा को बुलाया है

तब एक चेला बोलै कोई भी तुर्रम खान क्यों न आ जाये बाबा जी आगे जायदा देर टिक नहीं पायेगा.

सुलेमान: उसी योद्धा ने मेरे बेटे को भी मार दिया और जीन लोक का कोई भी आदमी उसे नहीं बचाया उल्टा जीन बादशाह ने तो अपनी तीनो बेटियों का निकाह भी उनसे करा रहे है तो मई चाहता हु की आप उस योद्धा को तो मरेंगे hi क्योंकि वो आपके रस्ते का कांटा बन सकता है, साथ hi आप जीन लोक के बादशाह को भी मार दो .

तांत्रिक : हम्म्म हम तुम्हारी इच्छा पूरी क्र देंगे लेकिन बदले में तुम्हे भी हमारा एक काम करना होगा.

सुलेमान: मुझे मंजूर है आप जो बोलेगा मई वो करूंगा.

तांत्रिक: तुम्हे कैसे भी क्र के निकाह के पूर्व बादशाह की सबसे छोटी बेटी सहजादी नरगिस को यह लाना होगा उसकी hi आखिरी बलि दे क्र hi हमारा काम पूरा होगा.

सुलेमान: ये काम थोड़ा मुश्किल तो है फिर भी मई ये करूँगा.

ऐसे hi दिन बिट गए और वो दिन भी आ गया और वो दिन भी आ गया आज राजमहल को पुरे फूलो से सजाया गया था हर तरफ चहल पहल थी क्योंकि आज टाइगर का राज तिलक भी होना था और निकल भी वो भी तीनो सहजादियो के साथ बादशाह जुबेर के छोटे भाई भी आ गए थे वो अपने बड़े भाई फिर अपनी बजी स्टेबेला से भी मिली और अपने पुरे परिवार से भी मिलाया, कदर की बेगम मुमताज भी खालिदा बेगम की hi तरह भरे हुवे बदन की महिला थी गोरी होने के कारन काळा परिधान में वो बहुत hi खूबसूरत लग रही थी और उनकी बेटी हीना भी काळा लिबास में वो भी बहुत खूबसूरत लग रही थी स्टेबेला से मिलने के बाद सभी को टाइगर से मिलाया गया कदर ने उसे अपने गले से लगा क्र आशीर्वाद दिवा उसके बाद मुमताज ने भी उसे लगे से लगा .

टाइगर को उसके बड़े बड़े बूब्स अपने छतियो में दबते हुवे महसूस हुवे, फिर हीना ने भी टाइगर को सलाम कहा, हीना तो टाइगर को hi देखे जा रही थी.

हीना (अपने मान में) : कितना सुन्दर दिख रहा है ये मनुस्य कास मेरा भी इनसे निकाह हो पता.

हीना अपने मान में सोच रही थी और टाइगर को मुस्कुराते हुए देखे जा रही थी. तभी नीलोफर की नजर हीना पर पड़ी जो कब से टाइगर को देखे जा रही thi,tab नीलोफर हीना के पास आकर धीरे से उसके कान में कहा, .....

नीलोफर: ऐसे क्या देख रही है अपने होने वाले जीजा जी ko,kahi तू भी तो लट्टू नहीं हो गयी उस पे.

Heena:nhi बजी ऐसा कुछ नहीं है वो क्या है न की मैंने आज तक ऐसा सुन्दर मनुस्य कभी नहीं देखा है न इसलिए इन्हे देख रही thi,wakai में जीजा जी बहुत सुन्दर है आप लोग तो बहुत खुशकिस्मत हो की आप लोगो को ऐसा सुन्दर और बहादुर सौहार मिल रहा है.

नीलोफर: है वो तो है लेकिन तू भी अभी बता दे तुझे भी टाइगर से निकाह करना है तो नहीं तो बाद में देर हो जाएगी.

हीना ने पहले तो सोचा है बोल दे फिर बाद में कुछ और सोचकर कहा की नहीं बजी ऐसा कुछ भी नहीं है,

जहा एक तरफ नीलोफर हीना के मज़े ले रही थी व्ही उस तरफ कदर की बड़ाई क्र रहे थे.

कदर: तुम सच में बहुत बहादुर हो टाइगर जफ़र के हरा क्र तुम ने साबित भी क्र दिया , जानते हो जफ़र मेरा hi शागिर्द था वो सच में hi एक जीन लोक का योद्धा था लेकिन उसने गलती क्र यह के कानून को तोड़ क्र उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था चलो कोई बात नहीं आओ उस्ताद जी बुला रहे है तुम्हारे तिलक का वक़्त हो गया है
 
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