Incest The Tiger - Page 22 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Incest The Tiger

अपडेट 155

रात में देर से सोने के कारन सुबह

मेरी नींद नहीं खुली वो तो जब सुमन ने दरवाज़ा खटखटाया तब जाकर मेरी नींद खुली और जब उठने को हुआ तो देखा की समिति मुझे अपने बाँहों में लेकर सोइ हुई है फिर जब याद आया की रात की धुआँधार चुदाई के बाद हम दोनों नंगे hi सो गए थे तो मैंने धीरे से समिति को अपने से अलग किया और समिति को चादर से धक् क्र मैंने अपने कपडे पहन लिए फिर जाकर दरवाजा खोला तो सामने सुमन को पाया.

सुमन: क्या बात है रात में कुछ जयादा hi म्हणत क्र ली थी क्या जो अभी तक सो रहे हो.

मई : ऐसे कोई बात नहीं है वो सो आंक hi नहीं खुली इसी लिए है.

सुमन : मुझे मत सीखा रात में तुम दोनों की आवाजे हमारे रूम तक आ रही थी ,चलो कोई बात नहीं जाओ रेडी हो क्र आ जाओ कॉलेज नहीं जाना है क्या.

मई: आप चलो मई जल्दी से नाहा धोकर आता हु.

फिर मई बाथरूम चला गया और तैयार हो क्र दिंनिंग टेबल पर आ गया फिर हम तीनो ने साथ में नास्ता किया और उन्हें बता दिया की बाद ने समिति को उठा दे उन्हें भी बुआ के पास जाना है.

आज लास्ट डे था कम्पटीशन के लिए स्टूडेंट्स को सेलेक्ट करने का जिसमे आज मेरा बॉक्सिंग का मैच भी था, इसलिए मई संध्या को लेकर जल्दी से कॉलेज के लिए निकल गया, बाइक को पार्क करने के बाद कैंटीन में चले गए जहा हमारे ग्रुप के सभी लोग बैठे हुवे थे और आज तो काव्य भी साथ में hi थी हम भी उनके पास चले गए सभी को विश करने के बाद हम व्ही बैठ गए .

मनोज : यार टाइगर आज तुम्हारा बॉक्सिंग में सिलेक्शन होना है कुछ तयारी की है के नहीं सुना है की अपने कॉलेज का एक बाँदा स्टेट चैंपियन है .

संध्या: टाइगर को प्रेक्टिस की कोई जरुरत hi नहीं है वो ऐसे hi सम्हाल लेगा.

रचना: फिर भी यार भैया बोल रहे है वो स्टेट चैंपियन है तो सोचना तो पड़ता है .

मई :जो होगा देखा जायेगा जायदा से जायदा क्या होगा मई हार जाऊंगा और क्या होगा वैसे भी और दूसरे स्पोर्ट्स में तो भाग ले hi रहा हु.

रचना: है वो तो है.

मई : मेरे ख्याल से अपने ग्रुप के लगभग सभी लोग कम्पटीशन में पार्टिसिपेट क्र रहे है वैसा लग रहा है .

विनोद: है भाई सही कहा तुम ने अपने ग्रुप के सभी लोग भाग ले रहे है .

नीलम : चलो टाइगर व्ही चलते है जहा बॉक्सिंग का मैच होना है हम भी जाकर देखते है उस बन्दे को की कैसा दीखता है.

फिर हम सब उस हॉल की तरफ चल दिए जहा मेरा बॉक्सिंग का मैच होने वाला था वह पर कुल चार लोग hi पार्टिसिपेट क्र रहे थे सभी व्ही पर मौजूद थे देखने से hi लग रहा था की सभी हट्टे काटते बॉडीबिल्डर टिप लग रहे थे धीरे धीरे वो पूरा हॉल स्टूडेंट्स से भर गया रेफरी भी रिंग पर आ गया,

हम कुल चार hi लोग थे तो 1-1 को आपस में लड़ाया जाना था (नाम तो जरुरी नहीं है फिर भी लिख रहा हु)

  1. राजन (स्टेट चैंपियन)
  2. मोहन
  3. टाइगर
  4. योगेश
पहलेहुए उन दो स्टूडेंट्स के बिच जिसमे से एक स्टेट चैंपियन था 2 मोहन वो दोनों रिंग में चले गए और मैच बेल्ल बजते hi स्टार्ट हुआ.

मोहन ने भी थोड़ी बहुत ट्रेनिंग ली हुई थी उस हिसाब से वो राजन को पंच मर रहा था, मगर राजन उस के साथ खेल रहा था राजन ठहरा स्टेट चैंपियन कोई नया बाँदा उस के सामने खिलोने के सामान था थोड़े देर तक राजन उस के साथ खेलता रहा फिर राजन सुरु हुआ और 7-8 मुक्के जैम के मरे मोहन को फिर मोहन फिर गया रिंग पर रेफ़री 10 तक गिनता रहा लेकिन मोहन उठ नहीं पाया और रेफ़री ने बेल्ल बाजवा दिया इसी के साथ राजन राजन.... बोल क्र छिलने लगे .

अब दूसरा मैच सुरु होने वाला था जो की मेरे और योगेश नमक लड़के के साथ था हम दोनों रिंग में आ गए मेरे पीठ की टैटू टाइगर सब के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया था

दोनों ने एक दूसरे को हाथ मिलाया और रेफ़री ने बेल्ल बाजवा क्र मैच स्टार्ट किया मई पहले राउंड में ऐसा दिखाया की मुझे जायदा कुछ आता hi इस लिए पहले राउंड के जायदा तर पॉइंट उसे लेने दिए ,जब मई अपने साइड में गया तो नीलम मुझे पर भड़क गयी की ये ऐसा क्यों खेल रहे हो तब मैंने उसे से कह दिया की बस देखती जाओ ,फिर सेकंड राउंड स्टार्ट हुआ योगेश मुझ पर मुक्को की बरसात क्र दी मई उसे रोक रहा था





फिर मैंने फिर पलटवार क्र के मैंने भी उसके चेहरे पर साइन पर मुक्को की बरसात क्र दी सेकंड राउंड ख़तम होते तक उस की हालत hi ख़राब हो गयी थी बेल्ल बजते hi हम दोनों अपने अपने साइड में आ गए मेरे दोस्त मुझे बता रहे थे की ये आखिर राउंड है और इसे तुम जितना hi होगा पर उन्हें क्या पता था की मई कुछ अलग hi सोच रहा हु , फिर तीसरे राउंड की बेल्ल बजी हम दोनों अपनी अपनी पोजीशन में आ गए फिर मैंने योगेश को एक जबर दस्त मुक्का मारा ये मेरा नाकआउट पंच था जिससे वो पीछे की गिर गया





फिर रेफ़री ने दस तक गिनती गिनने लगा मगर वो नहीं उठा क्यों की वो बेहोस हो गया था, रेफ़री ने बेल्ल बाजवा दिया इसी के साथ मेरी जीत की घोसना हुई मनोज और विनोद मुझे अपने कंधे पर उठा लिया फिर हमे पता चला की अगला मैच आधा घंटा बाद है तो हम लोग सभी कैंटीन में आ गए वह भी वो लोग मुझे समझने लगे की भाई सम्हाल क्र खेलना वो स्टेट चैंपियन है पर जो लोग मेरे पावर के बारे में जानते थे वो लोग निश्चिंत थे ऐसे hi आधा घंटा बिट गया हम लोग रिंग के पास आ गए राजन मुझे hi घर रहा था .

राजन: बच्चे अभी भी समय है अपना नाम वापस ले ले क्यों मार खायेगा कही चोट वोट लग जाएगी .

मई : रिंग के अंदर चलो फिर बताता हु की बाप हु या बच्चा.

राजन (झल्ला क्र ) सेल तू रिंग में तो आ तेरा मुँह hi पूरा तोड़ दूंगा .

फिर हम दोनों रिंग के अंदर आ गए और रेफ़री ने बेल्ल बाजवा क्र मैच स्टार्ट करवाया हम दोनों अपनी पोजीशन में आ गए





रेफ़री के बेल्ल बाजवा दिया वह पर जायदा से जायदा लोग राजन राजन बोल क्र छिलने लगे थे क्यों की राजन स्टेट चैंपियन था और मई नार्मल कॉलेज बॉय मई सुरु से hi अटैक क्र रहा था जिससे राजन कुछ हद तक रोकने की कोसिस कर रहा था फिर भी मुक्के उसे लग रहे थे.

पहले राउंड के समाप्त होते तक राजन की हालत बुरी हो चुकी थी सेकंड राउंड में मैंने उसकी हालत और बुरी क्र दी वो रिंग पर गिर गया





रेफ़री गिनती गिनने लगा मगर वो 8 में hi उठ गया रेफ़री उसे तको लेने के लिए पूछ रहे थे मगर वो नहीं लिया और लड़ने के लिए तैयार हो गया फिर मैंने एक जबरदस्त मुक्का मारा





जिससे वो रिंग पर धड़ाम से गिर गया रेफरी 10 तक गिनता रहा मगर वो उठ नहीं पाया और नाकआउट ले दिया गया सभी लोग टाइगर टाइगर बोल क्र छिलने लगे मैंने उनका अभिवादन स्वीकार किया





रेफ़री ने बेल्ल बाजवा और मेरा एक हाथ पकड़ कर ऊपर उठाया मेरा सिलेक्शन फाइनल जो चूका था कम्पटीशन के लिए सभी लोग मुझे बधाई देने लगे
 
अपडेट पूरा टाइप हो गया था पता नहीं मोबाइल को क्या हो गया फिर से रिसेट मरना पड़ा
 
अपडेट 156

अगले दिन संडे था और हम लोगो ने प्लान बनाया था की आज कही घूमने जायेंगे साथ hi उधर hi पिकनिक मानाने का सोचा था मैं सुबह उठा और पार्क की तरफ निकल गया वहां से रनिंग कर के वापस आया तो देखा सुमन और रम्भा दोनों किचन में आज की पिकनिक की तयारी कर रहे थे मई दोनों को गुड मॉर्निंग विश किया और फिर सीधे बाथरूम में चला गया वहां से नाहा धोकर रेडी होकर डाइनिंग टेबल के पास आया तब तक वह दोनों hi अपना काम निपटा क्र डाइनिंग टेबल के पास ा गए हम लोगों ने साथ में नाश्ता किया थोड़ी देर बाद सब लोग धीरे धीरे कर के इकट्ठा होने लगे नीलम और दीपिका कर ले आये थे एक बार में नीलम दिव्या सुमन रम्भा और संध्या बैटरी दूसरे में दीपिका काव्य कविता और विनोद अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बैठ गया मनोज अपनी गर्लफ्रेंड को बाइक में मैं ले जा रहा था मेरी भी बाइक खली थी इसलिए मनोज ने मुझे रचना को अपने साथ ले जाने को कहा क्यूंकि की रचना आजकल अपने फ्रेंड के साथ पढ़ाई करने के लिए हॉस्टल में रह रही थी इसलिए मुझे उसे हॉस्टल से पिछ करना था मैं रचना को कॉल करके बता दिया की मैं उसे लेने ा रहा हूँ वह तैयार रहे मैं अपनी बाइक को लेकर हॉस्टल के गेट के पास आया की रचना को कॉल करके बता दिया की मैं ा गया हूँ जल्दी से ा जाए मैं बहार खड़ा hi था की बालकनी से हॉस्टल की सभी लड़कियां मुझे hi देख रही थी और आपस में है है क्र कुछ बात कर रही थी थोड़ी देर बाद रचना जीन्स टॉप पहन कर मेरी तरफ ी उसे देखते hi उसकी खूबसूरती में हो गया था वो कब मेरे पास आयी मुझे पता hi नहीं चला मेरे पास आकर मुझे हिलाया तब जा क्र मुझे होस आया.

रचना: मुंह बंद कर लो वार्ना मक्खी भूल जाएगी.

मई हर बढ़ा कर उसे अपने बाइक पैर बैठने को कहा वह वह अपने दोनों पैर क्रॉस करके बाइक पर बैठ के जैसे लड़के बैठे हैं मैं बाइक स्टार्ट कर के आगे बढ़ा दे वह मुझसे बिलकुल चिपक कर बैठी थी मुझे उसके सॉफ्ट सॉफ्ट बूब्स मेरे पीठ पैर चूभतेते हुए महसूस हुए.

मई : रचना थोड़ा पीछे की शक्कर ठीक से बैठो.

रचना: क्यों क्या हुआ अच्छा नहीं लगा क्या.

मई : देखो रचना तुम मेरी दोस्त की बहन हो मतलब मेरी भी.....

में आगे कुछ बोल पता उसके पहले hi रचना बोल पड़ी....

रचना: बस बस बस के आगे कुछ नहीं देखो टाइगर मैं तुमसे प्यार करती हूँ एक लड़की हो कर भी मुझे यह बोलने में जरा भी शर्म नहीं ा रही हूँ ऐसा तुम सोचते हो गए पैर क्या करूँ जबसे तुम्हें देखा है मेरे दिल में तुम्हारे लिए फीलिंग ा गई है अब मैं तुम्हारे बगैर जी नहीं सकती प्लीज मुझे अपना लो.

मई: देखो रचना यह नहीं हो सकता तुम मेरे बारे में जानती क्या हो एक अट्रैक्शन है इस से ज्यादा कुछ नहीं और फिर भी अगर तुम्हारे दिल में कुछ है तो पहले मेरे बारे में जान लो उसके बाद hi फैसला लेना.

हम अभी पल से गुजर रहे थे जो नदी से काफी ुचि थी रचना ने वहां पैर अचानक से बाइक रुकवा दी, और बाइक से उतर कर पल के किनारे पहुँच गई

रचना: देखो टाइगर मई आखरी बार कर रही हूँ तुम मुझे नहीं मिले तो मेरा यह जीवन किसी काम का नहीं

मई : देखो रचना समझने की कोशिश करो तुम्हें मुझसे भी अच्छे लड़के मिल जाएंगे अब चलो हमें लेट हो रहा है.

मैं अभी कुछ और कहता उससे पहले hi hi रचना नदी में कूद गयी पहले तो मुझे कुछ समझ नहीं आया लेकिन तुरंत में भी पल के निचे जम्प मर दी रचना को नदी में गिरने से पहले hi hi मैं वापस से पल के ऊपर ले आया उसका सिर्फ पेअर hi पानी से टच हुआ था पल के ऊपर आते hi मैं रचना के गलों पैर एक थप्पड़ झाड़ दिया.

मई : यह क्या पागलपन है रचना.

रचना: पागल हाँ हाँ मैं पागल हो गई हूँ लेकिन सिर्फ तुम्हारे प्यार में लेकिन तुम ने मुझे बचाया क्यों और और कैसे...

मई देखो मई इसलिए कह रहा था की तुम मेरे बारे में कुछ भी नहीं जानती चलो अब वह तुम्हे संध्या सब बता देगी मेरे बारे में उसके बाद hi कुछ फैसला करना .

फिर मई संध्या को लेकर जल्दी से बाकि सब लोगो के वस् पहुँच गया वह भी देरी से आने का कारन पूछा तो मैंने रचना का नाम ले दिया की इसके कारन hi देर हुई है तब रचना ने बहाना बना दिया की लड़कियों को तैयार होने में समय तो लगता hi है.

फिर हम भी जाकर उनके पास बैठ गए और फिर इधर उधर की बाटे करने लगे कुछ देर बाद मनोज और विनोद अपनी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ एक एक साइड निकल गए मई भी रचना को इसरा किया तो वो भी संध्या को लेकर एक तरफ चली गयी हलाकि वो जाना तो नहीं छाती थी पर रचना ने रिक्वेस्ट की तो वो चली गयी .

इधर हम बाकि जो बचे थे तो उनलोगो को मई बताया की कम्पटीशन के बाद मुझे जिनलोक जाना होगा और वह जाने से पहले मुझे सदी करनी पड़ेगी और उसे भी साथ में hi जाना होगा .

सुमन: तुम्हे मुझे से सदी करनी पड़ेगी मई बिना शादी के माँ नहीं पन्ना चाहती.

दिव्या :मेरा भी तो कुछ सोचो मैं तुम लोगों से बड़ी हूँ mom-dad मेरे शादी के लिए लड़की देखने वाले थे .

दिव्या का कहना भी सही है हर मन बाप को अपनी बेटी की शादी की चिंता होती है खासकर जब वो बड़ी हो रही होती की चिंता अभी लाजमी है, बढ़ती उम्र के साथ हर माँ बाप को ये चिंता सताती है.

मई : ठीक है फिर इस बार मई आप दोनों से शादी करूँगा.

वो दोनों खुस हो गयी अरे भाई जिसकी शादी उसके मान पसंद के लड़के से हो वो खुस तो होगी hi फिर हम यु hi नार्मल बाटे करते रहे वो लोग सुमन और दिव्या को छेद रही थी कुछ देर बाद रचना और संध्या वापस ा गई.

संध्या : लो भाई सौतनों की लिस्ट में एक और जुड़ गयी.

काव्य: मतलब रचना भी हे भगवन अब और कौन कौन जुड़ना बाकि है यह भी बता दो टाइगर.

मई : अब मैं क्या कर सकता हूँ ये तो मुझे भी आज पहली बार पता चला की रचना भी मुझसे प्यार करती और भगवन hi जाने और अब और कौन कौन आना बाकि है.

नीलम: अब क्या कर सकते हैं टाइगर है hi ऐसा कोई भी लड़की या औरत एक बार इसे देख ले वो उसकी दीवानी हो जाती, हमें हमारे हिस्से का प्यार मिले इतना hi बहुत है हमारे लिए.

कुछ देर बाद मनोज और विनोद अपनी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ वापस ा गए फिर हमने अपने साथ जो भी कुछ खाने पीने का सामान लाया था सब ने मिल बात कर खाएं सभी ने अपने घर से कुछ न कुछ एक्स्ट्रा hi बना कर लाया tha,pet पूजा के बाद हम ने वह अंताक्षरी खेली फिर हम सभी अपने अपने ग्रुप के साथ घूमने निकल गए ग्रुप क्या मनोज और विनोद hi अपनी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ अलग थे बाकि सब तो मेरे hi साथ थी एक ने हसी मजाक के साथ पिकनिक का आनंद लिया फिर हम सभी जैसे आये थे वैसे hi वापस घर चले गए जाने के समय तो रचना ने फुल मस्ती की मई आधे रास्ते में बिक रोक क्र रचना को अपने सामने बैठने को कहा वो बिना कुछ बोले सामने आकर बैठ गयी फिर मैंने स्लो स्पीड में बाइक को चलने लगा फिर उसकी आँखों में देखते हुवे अपने होठ आगे बढ़ा दिए रचना ने भी अपने होते मेरे होठों से मिला दे हम दोनों चलती गाड़ी में किश करने लगे इसमें भी अलग माजा है दोस्तों कभी क्र के देखना तो ऐसे hi इश्क़ करते हुए हम घर वापस लौट गए थे एक दो बार मैं उसकी चूचिया भी दबा दी.

इधर हमारे कॉलेज में मैं दूसरे शहरों के कॉलेज के जो प्रतिभागी थे वो आ गए थे उनके रहने खाने पीने का सारा इंतजाम कॉलेज की तरफ से किया गया था और कल मेरे लिए भी एक सरप्राइज था वह मुझे काल कॉलेज जाने पैर hi पता चलेगा......
 
अपडेट 157

अगली मैं अपने टाइम से उठा और t-shirt lower,aur जुटे पहन क्र मई घर से निकल गया रनिंग करते हुए पार्क की तरफ वहां जाकर देखा तो रचना पहले से hi मौजूद थी हमने साथ मिलकर पार्क के 2 3 राउंड लगाएं उसके बाद हम वही एक खली बेंच देख कर बैठ गए तब रचना ने बोलना सुरु किया .

रचना: टाइगर तुम सच नहीं मुझसे प्यार करते हो न या फिर मैं तुम्हारे जबरदस्ती गले पद गई प्लीज सच बताना.

मई : ये तुम कैसी बात कर रही हो रचना मई तुमसे सच में hi प्यार करता हूँ. आइंदा कभी मत सोचना की मैं तुम्हें जबरदस्ती प्यार करता हूँ.

rachana:ohhh... टाइगर ी लव यू सो मच

ये बोल क्र रचना मुझे किश करने लगी

तभी बाजु वाले बेंच में भाई साहब ने कहा - ओह भाई ये सब इधर नहीं उधर जेक करो उधर कोई आता जाता नहीं hai,mai भी समझ सकता हूँ मैंने भी लव मैरिज की है.

रचन मुझ से अलग होकर शर्मा रही थी तब मई रचना का हाथ पकड़ कर उस तरफ ले गया जहा बहुत काम लोग hi आते जाते थे एक कोने में ले जाकर रचना के सर को पकड़ कर मई उसके होठों को बे तहासा चूसने लगा रचना भी मेरा पूरा साथ दे रही थी जब तक हम लोगों की की शान से नहीं उखड गई तब तक हम लोग अपने किस में दुबे हुए थे मेरे लिए तो नार्मल बात थी मगर रचना के लिए ये थोड़ा लम्बा किश था वो जोर जोर से साँस ले रही थी कुछ देर बाद जब उसने अपनी सांसों को कण्ट्रोल किया तब इसमें बोल न सुरु किया.

रचना: ये मेरी लाइफ का फर्स्ट लॉन्ग इस था थोड़ी देर और तुम मेरे सर को नहीं छोड़ते तो मेरी सांस hi थम जनि थी.

मई : ओह सॉरी मेरी जान पैर क्या करूँ तुम्हारे होते hi इतने मीठे थे की छोड़ने का मन नहीं कर रहा था िलोवे यू

यह फ़ोन कर रचना थोड़ी शर्मा गयी.

रचना: ी लव यू मेरी तो खैर संध्या ने मुझे बताया था की तुम्हारे पास उड़ने की भी सकती है तो तुम मेरी एक इच्छा पूरी करोगे.

मई : हाँ संध्या नहीं तुम्हें ठीक है कहा था मेरे पास उड़ने की शक्ति है और क्या है तुम्हारी इच्छा बोलो मई जरूर पूरी करूँगा मेरी जान.

रचना: मई हमेशा सोचती थी की खास मेरे भी पंख होते तो मई चिडियो की तरह आसमान में उड़ती कोई बात नहीं मई उड़ नहीं सकती तो क्या हुआ तुम मुझे ले चलो आसमान में .

मई बस इतनी सी बात चलो मैं तुम्हें आज आसमान की सहर करते हुए तुम्हारे घर तक छोड़ देता हूँ.

मई रचना की कमर को पकड़ कर अपने से पूरा छिपका लिए और रचना को लेकर उड़ गए आसमान में रचना को सुरु में थोड़ा दर लगा इसलिए वो मुझे कास कर पकड़ लिया था और अपनी आँखे बंद कर ली थी, आसमान में उड़ते हुवे मैंने रचना से कहा .

मई : आँखे खोलो रचना देखो तुम्हारी इच्छा थी न आसमान में उड़ने की देखो हम आसमान में गई .

रचना ने धीरे से अपनी आँखों को खोल कर देखा फिर उसके चेहरे पर मुस्कान आ गयी वो उड़ने का मजा लेने लगी मई रचना को लेजाकर उसके चाट पर उतरा.

रचना : थैंक यू सो मच टाइगर आज तुम ने मेरा सपना पूरा क्र diya,mai बहुत खुश हु .

मई : मैं तुम्हारे चेहरे पर सदा ऐसी hi ख़ुशी देखना चाहता हूँ, अच्छा अब मई चलता हु कॉलेज में मिलते है.

फिर वहां से उड़ते हुवे अपने घर के चाट पर आकर रुका वह चाट में संध्या ब्रश कर रही थी मैं चुप क्या उसके पीछे जाकर उत्तरा और धीरे से आगे बढ़कर उसकी कमर में हाथ दाल कर अपने से चिपका लिया एक पल के लिए तो वह घर hi गई थी लेकिन मेरे हाथों को महसूस करके बहुत शांत हो गई.

संध्या: तुम कहाँ से अचानक आ गए अभी तो नहीं थे.

मई : वो मैं पार्क गया था मॉर्निंग वाक के लिए वहां रचना भी मिल गई उसको आसमान में उड़ न था तो मैं बस इच्छा पूरी कर दी थी वहां से सीधा यहीं ा रहा हूँ.

संध्या : मुझे तो तुम कभी अपने साथ नहीं ले ले आसमान की सैर करने के लिए.

मई : तुम्हे भी ले क्र जाऊंगा कभी अभी चलता हु कॉलेज के लिए तैयार भी होना है.

मैं मैं घर आया तो देखा मेरी दोनों जानेमन उठ चुकी थी और छान में नाश्ते की तयारी कर रही थी मैं तेरा अपने रूम में गया और अपने कपडे लेकर बाथरूम में चला गया वाहन से रेडी होकर सीधे डाइनिंग टेबल के पास आया फिर हम सभी ने साथ में मिल क्र नास्ता किया और उन्हें बता दिया की नास्ते के बाद तैयार हो जाओ मैं नीलम को कॉल क्र के बुला रहा हूँ तुम दोनों भी मेरे साथ कॉलेज चलोगे आज से कम्पटीशन स्टार्ट हो रहे है.

फिर मैं नीलम को यहीं बुला लिया और सुमन और रम्भा को उन के साथ भेज दिया मैं संध्या को मई बाइक पैर बिठाकर निकले कॉलेज की आज कॉलेज में बहुत चहल पहल थी क्यूंकि कई दूसरे कॉलेज के स्टूडेंट यह आये हुवे थे ऐसा लग रहा था की कॉलेज में मेला लगा हो खैर मई बाइक स्टैंड की और व्ही से नीलम को कॉल लगाया और पूछा की तुम सब कहा पे हो तो उस ने हमे अलका के ऑफिस में आने को कहा मई संध्या को लेकर अलका के ऑफिस में चला गया ,वह उन्होंने मुझे पुरे वीक की सचेडूले दे दी की उसमे पूरा बताया गया था की कब कब कोण सा खेल होना है.

अलका: तुम लोग अपने खेल के साथ साथ कॉलेज की हर गति वीडियो पर भी धयान देना है किसी को कोई भी तकलीफ न होने पाए ये हमारे कॉलेज की रेपुटेशन का सवाल है एंड बेस्ट ऑफ़ लक आल ऑफ़ यू सभी लोग अच्छे से खेलना क्योकि कई कॉलेज की तरफ से उनके स्पेशल player's आये हुवे तुम लोग समझ गए न स्पेशल का मतलब नहीं समझे तो मई बता देती हु वो अपने एक्स स्टूडेंट को जो अपने खेल में बेस्ट है उन्हें लेकर आये है तो धयान से खेलना .

सभी लोग अलका को ok मम बोलकर उनके ऑफिस से बहार आ गए .

विनोद : चलो यार देख लेते है की कोण सा खेल कहा होने वाला है और तयारी भी देख लेते है .

संध्या: है भाई ठीक कह रहे है बाद में हमे परेशानी भी नहीं होगी.

फिर हम सब घूम घूम कर देखने लगे की कोण से खेल का ग्राउंड कहा है एक घंटे बाद खेल सुरु होने वाला था तो हम लोग कैंटीन में आगये यह भी आज पूरा भीड़ लगा हुआ था हम भी जगह देख कर बैठ कर बात करने लगे जो लो खेल लम्भा जाने वाला था वो आज से hi सुरु होने वाला था बाकि बाद में होने वाला था सब से आखिर दिन डांस कम्पटीशन रखा गया था.

एक घंटे बाद माँ सरस्वती की पूजा के बाद कम्पटीशन स्टार्ट हुआ जिन जिन के आज मैच था वो अपने अपने ग्राउंड की तरफ जा रहे थे और जिनका मैच भी था वो उनका हौसला बढ़ने के लिए उनके साथ थे , मुझे जो जानते थे उन्हें मालूम था की मई ये मैच ऐसे hi जीत जाऊंगा इसलिए वो मेरे साथ नहीं आये थे और विनोद और मनोज अपना और अपनी गर्लफ्रेंड का मैच से मतलब था खैर मई अपने ग्राउंड की तरफ आया जहाँ मेरा बॉक्सिंग का मैच होने वाला था पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट से, रिंग साइड के ऊपर रेफरी पहले से hi मौजूद था पहले मई रिंग के अंदर गया उसके बाद पंजाब यूनिवर्सिटी का वो लड़का भी अंदर आया हम दोनों ने ग्लव्स तक्रकारेक दूसरे का अभिवादन किया फिर रेफरी के बेल्ल बजाते hi मैच स्टार्ट हुई मई उस लड़के के चेहरे को देख रहा था तभी उसके पीछे मैंने किसी को देखा तो मेरा पूरा धयान उस तरफ hi चला गया मई मान में सोच रहा था की ये लोग यह क्या क्र रहे है तभी मेरे थोबड़े में एक पंच पड़ा जिससे मई खवाब से बहार आया मैंने सोच लिया था मुझे जल्दी hi ये मैच कहातम करना hi होगा तभी मई उनके पास जा सकता हु मई थोड़ा ताकत से एक पंच उसके थोबड़े में मारा बेचारा उछाल कर रिंग में पसर गया जो रेफरी के 10 काउंटिंग के बाद भी नहीं उठा मई वह से जल्दी निकल कर उन्हें ढूढ़ने लगा ,ढूढ़ते ढूढ़ते मई ऐसी जगह पर पहुंच गया जहा पर लड़कियों का बॉक्सिंग मैच हो रहा था तभी मेरा धयान रिंग की तरफ गया तो वो वह थी उनका मैच भी सुरु hi हुआ था की मैंने अपना हाथ हिलाकर उसकी तरफ इशारा किया तब वो मुझे देखने लगी तभी उसके साथ भी वैसा hi हुआ जो मेरे साथ हुआ था ,वो मेरे तरफ देखने लगी थी की दूसरी लड़की ने एक पंच उसके चेहरे पर मारा मैंने ऐसा रिएक्शन दिया की जोर से लगी हो पर उसने मुझे हाथ दिखा कर रुकने का इसरा किया और तो तीन पंच में hi वो लड़की रिंग में गिर गयी ,

जीतने के बाद वो लड़की आयी और मेरे गले लग गयी

वो कोण है ये आप लोग बताओ भाइयो....
 
आप लोग इतना मेरी स्टोरी को पसंद करते हो ये मुझे पता चल गया है 2 दिन बाद अगला अपडेट आएगा
 
अपडेट 158

जीतने के बाद वो लड़की आयी और मेरे गले लग गयी वो लड़की कोई और नहीं बल्कि मेरी बहन सोनम थी .

सोनम : पता है हम कब से तुम्हे धुंध रहे थे.

मई : हम मतलब और कोण आया है आपके साथ और कोण आया है.

सोनम: वो मेरे साथ पूर्वी भी आयी है हम दोनों को जब पता चला की कम्पटीशन तुम्हारे सहर में हो रहा है तो हम दोनों ने भी कंपाइलेशन में भाग लिया नहीं तो हम नहीं आते .

मई : तो पूर्वी दीदी कहा है उसे भी आपके साथ होना चाहिए था न.

सोनम: वो तुम्हे hi ढूढ़ने गयी है आती hi होगी अभी और बताओ सुमन दीदी कैसी है उनके तो मजे है तुम्हारा साथ hi रह रही है ,कहा है वो अभी.

मई : वो भी आयी है यह बाकि लोगो के साथ होगी ,चलो आओ कैंटीन की तरफ चलते है व्ही सभी होंगे .

मई सोनम दीदी को कैंटीन की तरफ ले कर जा hi रहा की पूर्वी दीदी के साथ बाकि सब भी सोनम दीदी से मिलने hi आ रहे थे फिर वो लोग सोनम दीदी से मिले और मई पूर्वी दीदी से फिर सब लोग कैंटीन की तरफ निकल गए वह पहुंच क्र लड़किया अपने hi बातो में सुरु हो गयी और जितने भी लोगो के मैच थे वो सब अपना निपटा क्र कैंटीन में hi आते थे मेरा भी एक मैच थे मैं भी क्लियर क्र के आ गया जब कम्पटीशन रुका तब मैंने सोनम और पूर्वी दीदी को घर चलने के लिए कहा .

सोनम : अभी तो फ़िलहाल मुश्किल है कॉलेज स्टाफ के लोग है वे हमे बहार रुकने की इजाज़त नहीं देंगे उसके लिए बात करनी पड़ेगी तभी हम जा सकते है मान तो हमारा भी था लेकिन क्या क्र सकते है.

मई : कोई बात नहीं मई कुछ जुगाड़ लगता हु काम से काम एक दो दिन के लिए तो क्र hi सकता हु.

फिर हम लोग सुमन और पूर्वी दीदी को bye बोल क्र अपने अपने घर आ गए ऐसे hi तीन दिन कब बिट गए पता hi नहीं चला इस बिच मई अपने रनिंग में फर्स्ट आया और बॉक्सिंग के सेमीफइनल में भी पहुंच गया था सोनम और पूर्वी दीदी को घर ले जाने के लिए मैंने अलका जी कहा था की वो उनके कॉलेज स्टाफ से बात करे की वो उनके रिलेटिव है इसलिए वो उनके साथ जाने दे , अलका ने उनके कॉलेज स्टाफ से बात की और चौथे दिन सोनम और पूर्वी दीदी हमारे साथ hi घर आयी शाम तक सभी हमारे घर में hi बैठे थे बात चित करते हुवे ये लड़किया भी पता नहीं कहा कहा से टॉपिक धुंध लेती है बात करने के लिए इनकी बाटे कभी ख़तम होती hi नहीं ये अपना hi बात करती है सारा दिन साथ थे फिर भी लगी हुई है मई हो गया था बोर इसलिए उनको बोल क्र अपने रूम में आ गया और आँख बंद कर इ लेट गया अभी मुझे लेते हुए 10 मिनट्स hi हुवे थे की ऐसा लगा की कोई मुझे साइड से अपने बहो में भर के सोया हुआ है मई आंख खोल कर देखा तो पूर्वी दीदी मुझे अपने बाँहों में लेकर सोइ हुई थी मैं उन्हें अचानक अपने पास देख कर थोड़ा शॉकेड हुआ फिर दरवाजे की तरफ देखा जिसे बांध पाया यह देखकर मैं थोड़ा रिलैक्स हुआ.

मई उनसे थोड़ा दूर हुआ तो उन्होंने भी मुझे देखा उनके चेहरे पर मुस्कान थी .

मई : दीदी आप यह अगर किसी ने आपको मेरे साथ ऐसे सोये हुए देख लेता तो.

पूर्वी : तू इतना दर क्यों रहा है मई सब को बता क्र आयी थी की मई तेरे पास जा रही हु और देख मैंने दरवाजा भी बंद कर दिया था तो डरने की कोई बात hi नहीं और मई लड़की हो क्र दर नहीं रही और तू लड़का होते हुवे भी दर गया या फिर मेरे यह तेरे रूम में आना पसंद नहीं आया .

मई : ऐसी बात नहीं है दी वो क्या है न सब लोग यही पे है न इसलिए मई थोड़ा दर गया था .

पूर्वी : मई सब समझती हु तू मुझसे प्यार नहीं करता बस ऐसे hi दिखावा करता है

ये बोल वो बीएड से उतने लगी तो मई तेजी से उन्हें अपनी तरफ खींचा और अपने निचे ला क्र बिना समय गवाए अपने होंठ उन्हें होठों से मिला दिया कुछ पल तो वो शॉकेड रही फिर नार्मल जो क्र किश में मेरा साथ देने लगी जब हमारी सांसे फूलने लगी तब जाकर हम ने किश तोडा.

मई : अब भी आपको लगता है की मई आपसे प्यार नहीं करता.

पूर्वी: हर बार की तरह इस बार भी मेरी बोलती बंद कर दी तूने ी लव यू टाइगर ी लव यू.

मई : ी लव यू तू दी बताओ फिर कैसा लगा.

पूर्वी : ( धीरे से ) अच्छा लगा एक बार और करो न.

फिर क्या था एक बार फिर से हमारे होठ मिल गए मगर इसबार बहुत hi आराम से कोई जल्दी नहीं थी मेरा हाथ धीरे से खसक क्र उनके बूब्स तक आ गए पहले मैंने उन्हें सहलाया मेरे ऐसा करते hi पूर्वी दीदी मदहोश होने लगी इस बात का साबुत उनके खड़े हो चुके निप्पल्स दे रहे थे ,मई उनके निप्पल्स को ऊँगली से कुरेदने लगा जिससे पूर्वी दीदी और मदहोश होने लगी मेरा घुटना जो उनके छूट के पास hi tha,vo अपनी छूट मेरे घुटने पर धीरे धीरे घिसने लगी,

मई फिर धीरे से दीदी के एक बूब्स को दबाया वाओ क्या अहसास था इतने नरम सॉफ्ट सॉफ्ट मई किश तोड़ क्र धीरे धीरे पूर्वी दीदी के टॉप को ऊपर उठाने लगा वो मुझे hi देख रही थी मगर कुछ बोल नहीं रही थी न hi मुझे रोक रही जब टॉप ऊपर हुआ तो देख की उनके अनमोल खाजा काळा ब्रा रूपी पिंजरे में कैद है मैंने एक बार फिर से ब्रा के ऊपर से hi दोनों बूब्स को दबाया तो दीदी के मुँह से सिसकी निकल गयी फिर मई अपने हाथों को पीछे ले जाकर उसका ब्रा भी निकल दिया ,ब्रा के अलग होते hi मुझे दीदी के दोनों बूब्स के दर्शन हो गए दीदी के बूब्स जायदा बड़े थे न जायदा छोटे ऊपर से उनके निप्पल्स बड़े सां से खड़े थे मुझ से अलग रहा नहीं गया और मैंने दीदी के निप्पल्स को बरी बरी से अपने जीभ से चाट लिया दीदी के मुँह से एक बार फिर सिसकी निकल गयी फिर क्या था मई एक निप्पल को अपने मुँह में ले कर चूसने लगा दूसरे को धीरे धीरे दबाने लगा इधर दीदी भी अपने छूट को मेरे घुटने पर धीरे धीरे घिसने लगी थी फिर मैंने दूसरे निप्पल को जोर जोर से चूसने लगा तब दीदी भी जोर जोर से अपनी छूट को मेरे घुटने पर रगड़ने लगी और उसके मुँह से ाःह जैसी आवाजे निकल रही थी कुछ hi देर में दीदी का जिस्म अकड़ने लगा मई समझ गया दीदी का पानी निकल गया है फिर वो संत हो गयी मई भी चुसाई रोक दीदी दीदी के गोर बूब्स मेरे दबाने और चूसने से लाल हो गए थे फिर मैंने दीदी के चेहरे की तरफ देखा जो अपनी आँखों को बंद कर के जोर जोर से साँस ले रही थी कुछ देर बाद उन्होंने अपनी अपनी आंखे खोली तोह उन्होंने देखा की मई उन्हें hi देख रहा हु तो उन्होंने अपने हाथों से अपना चेहरा धक् लिया और फिर बोली.

पूर्वी : टाइगर प्लीज भाई मुझे ऐसा नहीं देखो मुझे बहुत शर्म ा रही है.

मई : दीदी अगर आप मुझसे सचमुच में प्यार करती है तू मेरी आँखों में आँखें दाल कर देखो इसमें आपको सिर्फ प्यार hi नजर आएगा.

फिर दीदी ने ा अपनी आँखें खोली और मेरी आँखों में देखा फिर मुझे खिंच कर अपने होठों से मेरे होना लगा दिए फिर थोड़ी देर बाद हमने किस तोड़ी अब दीदी नहीं शर्मा रही थी.

तभी दरवाजे पैर दस्तक हुई जिससे दीदी दर गयी उसने जल्दी से अपने आप को ठीक किया फिर मैंने जाकर दरवाजा खोला सामने देखा तो सोनम दीदी थी वो रूम के अंदर आयी उनके चेहरे पर मुस्कान थी और वो आते hi बीएड पर बैठी पूर्वी दीदी से कहा.

सोनम: ा रे पुरु बहन इतना जोर से क्यों चीला रही थी बहार तक आ रही थी तेरी आवाज थोड़ा कण्ट्रोल करो यार अभी बहार सभी लोग है.

पूर्वी: (शरमाते हुवे) दीदी सब अपने आप जो गया और ये सब टाइगर ने किया है मैंने नहीं .

सोनम: तो क्या ये जबरदस्ती क्र रहा था.

पूर्वी : नहीं दीदी मेरी भाभी रजामंदी थी .

सोनम: चलो ठीक है आगे से धयान रखना अब चलो वो लोग जा रहे है , चलो टाइगर और तुम्हे मई बाद में बताउंगी.

पूर्वी: दीदी मई चेंज क्र के आती हु.

सोनम : है है जा पूरा गिला हो गया होगा न जा चेंज क्र ले.

पूर्वी: आप भी न didi,jab आपका टाइम आएगा न तब बताऊँ आपको.

फिर मई और सोनम दीदी बाकि सब लोगो के पास आ गए एक कार से नीलम काव्य और कविता को लेकर जा रही थी दूसरी में दिव्या और दीपिका जा रही थी अब बची रचना तो मई उसे कहा की वो हमारे साथ hi डिनर करे उसके बाद मई उसे घर छोड़ दूंगा, लेकिन रचना नहीं मणि वो कहने लगी की उसे अपनी फ्रेंड के पास जाना है हॉस्टल तो फॉर मई उसे छोड़ने चला गया जब रचना को छोड़ क्र आये तो किचन से hi सभी की आवाजे आ रही थी मई भी उनके पास चला गया थोड़ी देर उनलोगो से बात की फिर मई रूम में आ गया फ्रेश होने के बाद मई बीएड पर लेता hi था की तभी सोनम दीदी रूम में आयी और मेरे पास hi बैठ गयी.

मई : दीदी बाकि सब कैसे है घर में स्नेहा मेघा और माहिम वो सब ठीक तो है न.

सोनम : जानते हो आराध्य मसि भी प्रेग्नेंट है जब सभी को पता चला तो मसि ने कह दिया के बेटे की छह में उन्होंने टेस्ट- तुबे बेबी का सहारा लिया मगर मुझे सुच का पता लग गया.

मई (चौथे हुवे ) कैसा सुच.

सोनम : वो क्या है न महिमा बहुत hi भोली है उसे बच्चा कैसे पैदा होता है वो नहीं पता था अब वो वह मेरे साथ hi रहती है तो मैंने पूरा वीडियो दिखा कर उसे संजय तब मुझे उस ने बताया.

मई : क्या बताया उसने?

सोनम : यही की मुंबई में मम्मी (महिमा की )और टाइगर भाई एक बार ऐसा क्र रहे थे उसने पूरा देखा था और जब उसने तुम्हे पूछा की क्या क्र रहे थे तो तुमने बड़ी hi सफाई से उसे बेवकूफ बना दिया ये कर क्र की वो मासी को प्यार क्र रहा था वह भाई वह अब इतना तो कन्फर्म है की मसि के पेट में पल रहा वो बच्चा तुम्हारा है.

मई : ये महिमा भी न कही मुझे मरवा मत दे कभी .

सोनम : नहीं अब वो ऐसा कभी नहीं करेगी अब मैंने उसे पूरी तरह ट्रैन क्र दिया है और है वो भी अब तुम से वैसा वाला प्यार करना चाहती है.

मई : उसको बाद में देखते है अभी आप बताओ आपका क्या ख्याल है .

सोनम: अभी भी डिनर के बाद मई दीदी को बोल क्र यही तुम्हारे पास hi सोऊंगी तब देखते है , अभी चलो बहार डिनर बन गया होगा

फिर मई दीदी के साथ डिनर करने के लिए बहार आया.
 
अपडेट 159

मई भी फ्रेश हो क्र दिंनिंग टेबल और आ गया और सब के साथ बैठ गया डिनर करते वक्त भी हम बात चित क्र रहे थे इसी दौरान मैं पूर्वी दीदी से पूछा.

मई : पूर्वी दीदी ये प्राची दीदी कहाँ रहती है कभी देखा hi नहीं मैंने घर गया था तब भी नहीं दिखी बचपन में hi देखा था उसके बाद से देखा hi नहीं कहाँ रहती है आजकल.

पूर्वी: अब क्या बताऊ भाई उनका पता तो सिर्फ मम्मी पापा को hi पता है वो कहा रहती है क्या करती है इसके अलावा कोई नहीं जनता मुझे भी कुछ नहीं बताया उन्होंने और न hi मम्मी पापा ने जब मैंने पापा से पूछा तो उन्होंने ने डाट दिए और खा की तुझे जान क्र क्या करना है उसे अपना काम करने दे तू अपना काम कर.

सुमन : है मैंने भी उस से एक बार पूछा था लेकिन उस ने मेरी बात hi ताल दी.

सोनम : है भाई और यहाँ तक के उनके अभी के एक भी फोटोज नहीं है घर में सिर्फ बचपन के hi फोटोज है बीएस.

मई : ऐसा लगता है की जैसे दीदी कोई सीक्रेट जगह पर रहती है या काम करती है , जिसके आइडेंटिटी छुपा के रखा गया है.

पूर्वी : है भाई ऐसा hi हो सकता है इसी लिए दीदी ने कभी मेरे साथ सेल्फी भी नहीं ली.

मई : ठीक अभी इस बात को यही ख़तम करो जब मई घर वापस जाऊंगा तब देखेंगे दीदी का क्या सीक्रेट है.

ऐसे hi बात करते हुए हम सब का खाना भी हो गया थोड़ी देर व्ही बैठ कर मई रूम में चला गया वो लोग भी बर्तन समेत कर दूसरे रूम में चली gai,vha जाकर सोनम ने अपनी बात कही .

सोनम : दीदी आप लोग तो हर दिन भाई के साथ सोती है तो क्या अभी जब तक हम यह है तब तक क्या हम भाई के साथ सो जाये.

सुमन : देखो सोने के लिए मई मन नहीं करुँगी लेकिन तुम लोग यह कंपाइलेशन के लिए आयी हो तो no मस्ती ,मई ये तुम लोगो के लिए hi कह रही हु क्यों की अगर तुम लोगो ने उसके साथ मस्ती की तो 2 दिन तो तुम लोग बिस्तर से उठ hi नहीं पाओगी और फिर बाद में मेरे और रम्भा के जैसे हाल न हो जाये तुम लोगो का तो थोड़ा सोच समझ कर hi कुछ करना आगे तुम लोगो की मर्जी.

सोनम : मई इस बात का धयान रखूंगी दीदी वैसे भी मई अपना फर्स्ट टाइम स्पेशल hi रखना चाहती हु.

सुमन : ठीक है फिर जाओ दोनों सो जाओ .

फिर सोनम और पूर्वी दीदी दोनों उस रूम से निकल कर मेरे रूम में आने लगी तब सोनम ने पूर्वी को वही रोक दिया.

सोनम : तुम तो भाई के साथ मस्ती क्र ली अब मुझे करने दे और जब मई कॉल कृ तब आ जाना अब जा दीदी लोगो के पास hi रहना और पूछे तो बहाना बना देना की मुझे आप लोगो से बात करनी है.

उसके बाद पूर्वी दीदी वापस सुमन और रम्भा के रूम में चली गयी और सोनम मेरे रूम में आकर गेट को अंदर से बंद कर दिया मई उस समय मोबाइल पर गेम खेल रहा था.

सोनम दीदी इस वक्त सुमन की एक नाईट ड्रेस को पहना हुआ था जिसे मैंने hi खरीद कर दिया हुआ था वो ड्रेस घुटनो से थोड़ी ऊपर तक hi थी सोनम दीदी का कैसा हुआ जिस्म इस ड्रेस में साफ़ पता चल रहा था वो आयी और मेरे साथ से मोबाइल छीन क्र एक साइड क्र दिया और मेरे होठों पे टूट पड़ी मई तो हड़बड़ा क्र सोचने लगा की ये दीदी को अचानक से क्या हो गया फिर मई भी सब कुछ भूल क्र दीदी को किश करने लगा दीदी मेरे ऊपर थी थी उनके ठोस चुके मेरे साइन में धसे जा रहे थे क्यों की दीदी भी जिम जाती थी और ऊपर से वो एक फाइटर थी.

वो पूरी सिद्दड़ से मेरे होठों को चूस रही थी मई भी उनका पूरा साथ दे रहा किश करते हुए hi उन्होंने मेरे शर्ट के बटन खोल दिए फिर किश तोड़ कर मेरा लोअर को खींचने लगी मैंने अपनी कमर उठा कर उनकी मदद की लोअर को निकलने में फिर उन्होंने मेरा अंडर वियर भी खींच क्र निकल दिया मेरा लुंड को दीदी के किश करने से hi जाग गया था वो खुली हवा में साँस लेने लगा सोनम दीदी मेरे आँखों में देखते हुवे मेरे लुंड को अपने हाथों से पाकर लिया.

सोनम : आह कितना गर्म और सख्त है मैंने सिर्फ पोर्न मूवीज में hi देखा है रियल में पहली बार hi देख रही हु कितना मोटा और बड़ा भी है पता नहीं कैसे ये छोटे से छेड़ में घुस जाता है अगर कंपाइलेशन नहीं होता तो आज मई इसे अपने अंदर भी ले लेती ,पर कोई बात नहीं बाकि के मजे तो ले hi सकती हु .

मई : सब आपका hi है दीदी आह्हः जैसे चाहे वैसा करो इसे प्यार करो इसे आपके प्यार की जरुरत है.

दीदी मेरे आँखों में देखते हुवे दीदी ने अपना जीभ निकल कर सुपडे पर प्यार से अपना जीभ फेरने लगी मई आनंद से अपनी आँखे hi बंद कर ली फिर जब दीदी ने लुंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी तो मई तो आनंद के सागर में गोते लगाने laga,didi पहली बार लुंड चूस रही थी मगर वो पूरी लगन से चूस रही थी ऐसा लगा hi नहीं की वो पहली बार लुंड चूस रही है सायद वो पोर्न मूवीज देख देख कर लुंड चूसै की पीएचडी क्र ली थी उनकी म्हणत कुछ देर बाद रंग लेन लगी मेरे हाथ अपने आप उसके सर के पीछे चले गए और मई भी निचे से धक्के मरने लगा जब मुझे लगा की मेरा होने वाला है तो मई स्पीड बड़ा क्र पूरा लुंड उनके मुँह में थुश दिया एक के बाद एक पिचकारी उनके मुँह के अंदर छोड़ने लगा जब मई संत हुआ और मेरी पकड़ ढीली हुई तब दीदी ने तुरंत अपना सर उठा कर जोर जोर से साँस लेने लगी फिर अपनी सांसो को कण्ट्रोल क्र के बोलने लगी .

सोनम : पागल मेरी जान लेना चाहता है क्या अगर और कुछ देर और मई ऐसी रहती तो मेरे साँस hi बंद हो जाता .

मई : सॉरी दीदी वो मुझे पता hi नहीं चल की मई क्या क्र रहा हु मैंने अपना कण्ट्रोल hi खो दिया था सॉरी .

सोनम : ठीक है आइंदा धयान रखना या बता देना था तुम्हारे होने वाला है पूरा मेरे पेट में hi भर दिया ,ठीक है अब चलो तुम्हारी बरी है मुझे प्यार करने की .

फिर मई अपने जगह से उठा और दीदी ने जो नाईट ड्रेस पहना हुआ था उसे निकल दिया ,ड्रेस के निकलते hi दीदी का संगेमरमर सा बदन मेरे आँखों के सामने आ गया दीदी ने अंदर ब्रा नहीं पहना था ड्रेस को मैंने एक साइड रखा और फिर से दीदी के होठों पे टूट पड़ा ,थोड़ी देर होठों को किश करने के बाद मई उनके पुरे चेहरे को किश किया फिर उनके गर्दन को चूमने लगा सोनम दीदी पूरी तरह मदहोस होने लगी थी फिर मई निचे आया और उनके खड़े हो चुके निप्पल को एक बार जीभ निकल कर छठा फिर दूसरे को मुँह में ले क्र चूसा और एक हाथ से एक चुके को पकड़ कर पहले हलके से दबाया फिर जोर से मसलने लगा क्यों की सोनम दीदी के चुके एक डैम तित से उसे मसलने में hi मजा आ रहा था , मसलने से दीदी को दर्द भी हो रहा था और चुके चूसने से उनको मजा भी आ रहा था मई बदल बदल कर उनके चुचो को चूस कर मसल रहा था ,मई मसल मसल क्र उनके चुचो को लाल क्र दिया था फिर मई उनके नाभि में अपनी जीभ दाल क्र चूसने लगा दीदी पूरा मदहोश हो गयी थी फिर मई निचे आया और उनके पाओ को चूमते हुवे ऊपर की तरफ बढ़ने लगा दीदी के हाथो ने चादर को अपने मुट्ठी में कास लिया जब मई उनके जांघों को चूमने लगा फिर आखिर में उनके पिंक कलर की पंतय के ऊपर से hi एक किश उनके छूट के ऊपर किया पंतय पूरा काम रास से सना हुआ था और फिर मैंने पंतय के दोनों सिरों को पकड़ कर निचे खिसकने लगा तो दीदी ने अपनी कमर उठा कर उसे निकलने में मेरी मदद की , पंतय के निकलते hi मेरी सोनम दीदी का अनमोल खजाना मेरे सामने आ गया .

मई : दीदी ये तो बहुत hi खूबसूरत लग रही है.

सोनम: सब तुम्हारा hi है मेरे भाई ये ले इन्हे देख कैसे नदी की तरह बाह रही है पि जा तुम्हारी बहन का रास संत क्र दे मुझे.

फिर क्या था मैंने एक बार जीभ निकल कर दीदी की छूट से बाह रहे अमृत रूपी रास को पूरा ऊपर से निचे तक छठा फिर मुँह टिका दिया और जोर से चाट ने लगा.

सोनम : उफ्फ्फ ये क्या कर रहे हो मेरे भाई आह्हः माँ क्या जादू कर रहे हो भाई बहुत ाचा लग रहा है कसम से आठ माँ खा जाओ एड निगोड़ी को बहुत तंग किया है इस ने आआह ये क्या हो रहा है मुझे तुम तो मुझे मार डालोगे ऊफ्फ में पागल हो जाउंगी आह मा मई हवा में िफ़ रही हु ऐसा लग रहा है छोड़ दो मुझे आअह्ह्ह्ह नही

इसी के साथ दीदी ने मेरा सर अपने छूट में जोर से दबा दिया और अपने कमर को ऊपर उठा कर तेज़ तेज़ मेरे मुँह पे hi झड़ने लगी उसकी तो सांसें भी ऐसे चल रही थी जैसे कितनी दूर से दौड़ लगा कर आयी हो मई चाट क्र उनका पूरा छूट hi साफ क्र दिया और साइड में hi लेट गया फिर जब दीदी की सांस नार्मल हुई तब उन्होंने मेरी तरफ देखा और मेरे होठों को चूमने लगी फिर बोली.

सोनम : थैंक्स भाई तुम ने मुझे खुश क्र दिया ऐसा लग रहा है की सरीर की साडी गर्मी निकल गयी हो.

मई : ये तो कुछ भी नहीं है दीदी इस जे भी ज्यादा ख़ुशी दूंगा आपको लेकिन उस के लिए आपको थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा.

सोनम : कोई बात नहीं भाई मई इंतजार कर लुंगी तुम पहले फ्रेश हो लो उसके बाद पूर्वी दीदी को भी बुला लेना.

फिर मई बाथरूम गया फ्रेश हो क्र अपने कपडे पहन कर चल दिया दूसरे रूम की तरफ तब तक सोनम दीदी अपने कपडे लेकर बाथरूम में जा चुकी थी ,.

मई पूर्वी दीदी को बुला क्र ले आया था तब तक सोनम दीदी बिस्तर ठीक क्र के एक साइड लेट चुकी थी मई बिच में जाकर लेट गया दूसरे साइड में पूर्वी दीदी आकर लेट गयी दोनों ने मेरे एक एक हाथो को तकिये की तरह अपने सर के निचे रख कर अपना एक एक पेअर मेरे पैरो के ऊपर रख कर सो गयी मई भी ऐसे hi सो गया.

सुबह सुमन दीदी ने hi आकर हमे जगाया बरी बरी से सब फ्रेश हो क्र दिंनिंग टेबल पर आये वह हम ने साथ में नास्ता किया तब तक दीपिका और नीलम अभी अपनी अपनी कार लेकर आ गयी सोनम दीदी मेरे साथ बाइक पर जाना चाहती थी इसलिए बाकि सब दीपिका और नीलम की कार में सब बैठ कर निकल गए जब हम कॉलेज के पार्किंग में अपनी गाड़ी लगा रहा था तब एक लड़का आया देखने में भी अच्छा था खूब बॉडी सदी भी बनाई हुई थी दीदी ने बता दिया की ये उसके कॉलेज का hi लड़का है उस के साथ 2 और लड़के वो आकर मेरे से बोलै

लड़का: ोय बॉक्सर वीमेन के साथ बॉक्सर में hi अच्छा लगता है कोई दूसरा ठीक नहीं लगता .

सोनम: तुम ने सही कहा ,देखो मई तुम्हे एक चैलेंज देती हु अगर तुम ने बॉक्सिंग का फाइनल जीत लिया तो मई सब के सामने तुम्हे किश करुँगी.

लड़का : क्या तुम सच कह रही हो सोनम देखो अपनी बात से मुक्रो गई तो नहीं न.

सोनम : मई वडा करती हु की मई अपनी बात से पीछे नहीं हटूंगी और अगर हार गए तो ये अपनी मनहूस सकल मुझे दुबारा नहीं दिखाओगे .

लडक : ok दोने फिर मिलते है बॉक्सिंग ग्राउंड में और देखना मई जीत क्र hi रहूँगा.

फिर वो लोग चले गए मैंने दीदी की तरफ देखा तो वो मुस्कुरा रही थी मई समझ गया दीदी को मुझ पर पूरा भरोसा है फिर हम भी कैंटीन की तरफ चले गए. इन
 
अपडेट 160

कैंटीन में hi हमे सब मिल गए थे वह पर पता चल गया की आज मेरा सेमीफइनल होगा और कबड्डी का मैच भी आज से होगा जो की मेरे दोस्तों ने उसमे भी मेरा नाम दाल दिया था कल क्वेस्ट कॉम्पिटिशन और बाकि का फाइनल , परसो डांस कम्पटीशन और प्राइस दृष्टि बुते होगा थोड़ी देर बाद हम सभी का बुलावा आ गया मई अपना सेमीफइनल भी जीत गया वह पर वो लड़का भी आया था मेरा मैच देखने जिससे सोनम दीदी में सरत लगाई थी और कबड्डी के फाइनल में भी पहुंच गए थे ऐसे hi आज का दिन निकल गया था .

अगले दिन बॉक्सिंग रिंग में मई और वो लड़का आमने सामने थे दीदी ने मुझे बताया था की ये नेशनल में भी खेल चूका है तो थोड़ा अच्छे से खेलने के लिए बोल रही थी मैंने उसे भरोसा दिलाया की आप सिर्फ मुझे hi किश करोगी और किसी को नहीं.

हम दोनों आमने सामने आ गए तब लड़के ने बॉक्सिंग ग्लव्स टकराते हुवे कहा.

लड़का : आज तुझे हरा कर सोनम का किश भी प् लूंगा और उसे अपना भी बना लूंगा.

मई : दिन में सपने देखना छोड़ दो रात में hi देखा क्र और तू सपना देखने के आलावा कुछ क्र भी नहीं पायेगा.

लड़का : ये तेरा घमंड मई आज उतर दूंगा और अपने सपने को सच क्र के दिखा दूंगा.

मई : चलो देखते है किसका घमंड आज टूट जाता है.

फिर रेफ़री ने रिंग बजवाई इसी के साथ मैच स्टार्ट हुआ वो लड़का जिसका नाम रखा था वो सुरु से hi अटक क्र रहा था मई फिर सिर्फ पीछे हैट क्र बच रहा था और सही मौका धुंध रहा था बिच बिच में उसने भी पंच मुझे मरे और मैंने भी बच क्र उसे पंच लगा दिया ऐसे hi पूछ लगने के कारन उसका थोड़ा बैलेंस बिगड़ा तो मैंने कई पंच उसके थोबड़े में मरता रहा जिसे रेफ़री ने आ क्र छुड़ाया तब तक उसके नक् से खून आना सुरु हो गया था , रेफ़री ने एक बार फिर से मैच स्टार्ट करवाया एक बार फिर से वो अटक करने लगा मई भी उसके चेहरे को पंच मर रहा था क्यों की नाक को मैंने डैमेज क्र दिया था व्ही मेरा प्लस पॉइंट बन गया था, मई चाहता तो इसे तुरंत निचे गिरा सकता था लेकिन मई नार्मल hi खेलना चाहता था ऐसे hi जब हम दोनों एक दूसरे को मर रहे थे तब एक बार फिर से उसके नाक में दर्द हुआ तो वो थोड़ा पीछे हटा यही पर मैंने अटक किया और पंच मरता गया उसे सम्हलने का मौका hi नहीं मिला लास्ट में मैंने उसके जबड़े में भरपूर वर किया जिससे उछलता हुआ वो पीछे जा गिरा रेफ़री गिनने लगा 10 गिनने के बाद भी जब रखा नहीं उठा तो रेफ़री ने बेल्ल बाजवा क्र मेरी जीत की घोसना क्र दी.

रिंग के बहार मेरे जितने भी चाहने वाले थे वो सब ख़ुशी से झूम उठे सोनम दीदी रिंग में मेरे पास आयी रखा भी लेते हुवे हमे देख रहा था सोनम दीदी ने रखा को ऊँगली से अपने तरफ देखने का इसरा किया और उन्होंने मेरे गलो पर किश क्र दिया , रिंग के बहार खड़े सब हैरान थे दीदी के ऐसा करते हुए जब हम रिंग से बहार गए तब दीदी ने अपने सरत वाला किस्सा बता दिया .

विनोद: कोंग्रटुलतिओन्स टाइगर तुम ने तो कमल hi क्र दिया रनिंग और अब बॉक्सिंग तो जीत hi लिए अब चलो कबड्डी में भी अपना कमल दिखा दो.

मई: कबड्डी में मई क्या क्र सकता हु भाई मई तो सिर्फ कप्तान हु मई अकेले क्या क्र लूंगा, वो तो सभी अच्छे से खेलने तभी जीतेंगे न
.

मनोज: नहीं टाइगर इस में भी तुम्हारी hi जरुरत पड़ने वाली है क्यों की अभी हम जिस टीम से फाइनल में भिड़ने वाले है वो लोग कबड्डी खेलते नहीं लड़ते है .

मई : लड़ते है से क्या मतलब है तुम्हारा भाई.

विनोद: देख टाइगर कबड्डी में हाथ पेअर तो सभी थोड़ा बहुत चलते है मगर वो लोग ऐसा खेले है की सामने वाले को चोट लग जाती है , जितने भी टीम से मैच उनलोगो ने खेला है उनमे से जयादा तर प्लेयर्स इन्जुरेड हो चुके है एक बार तुम भी देख लो फिर कहना.

मई : ऐसा है तो फिर देखते है उनलोगो को भी पर पहले कैंटीन में बैठ कर कुछ खा पी लेते है और व्ही बात भी होजायेगी.

फिर हम हम लोग कैंटीन में आ गए और व्ही बात चित करने लगे.

सोनम : मेरा टाइगर झा भी जायेगा विजय उसके कदम hi चूमेगी.

नीलम : तुम्हे टाइगर पर इतना भरोसा है.

सोनम : मुझे टाइगर पर अपने आप से जयादा भरोसा है.

पूर्वी : और मुझे भी टाइगर पर अपने आप से जयादा भरोसा है क्या तुम्हे नहीं है नीलम ?

नीलम : मैंने तो ऐसा नहीं कहा दीदी मुझे भी पूरा भरोसा है टाइगर पे और देखना कबड्डी और डांस कम्पटीशन हम hi जीतेंगे क्यों काव्य.

काव्य : बिलकुल इसमें भी कोई सक की बात है क्या.

विनोद : तुम लोग तो ऐसे बोल रहे हो जैसे टाइगर hi पूरा कबड्डी मैच जीता देगा.

संध्या : तो ठीक है भाई फिर टाइगर ये मैच नहीं खेलेगा और आप लोग अपने डैम पे मैच जीत के दिखाओ फिर.

मनोज: ये लोग सही बोल रहे है यार विनोद हम टाइगर के बिना ये मैच जीत hi नहीं सकते उल्टा हाथ पेअर तोड़ देंगे वो सेल लोग.

रचना: मेरा भाई हमेशा hi सही बोलता है .

इस बात पर सब लोग हसने लगे कुछ देर बाद हम कबड्डी के ग्राउंड में पहुंचे वह अपोजिट पार्टी भी पहुंच चुके थे देखने से hi पूरा साउथ के सैंड लग रहे थे उनमे से उसका कप्तान जो था वो hi थोड़ा स्मार्ट लग रहा था बाकि के सब काळा थे कप्तान hi उनका लीडर लग रहा था यह दोनों टीम ग्राउंड में आयी मई और अपोजिट टीम का कप्तान सामने आये रेफ़री ने पूछा क्र टॉस किया जिसमे वो जीत गया पहले खुद जाने का फैसला किया दोनों टीम अपने अपने साइड में आ गए तब उनके तरफ का एक प्लेयर कबड्डी कबड्डी बोलते हुए सामने आये वो जायदा अंदर आने का प्रयास hi नहीं क्र रहा था वो हाथ और पाओ को बड़ी जोरो से घुमा रहा था हमारे तरफ का एक बाँदा अपने आप को होसियार समझ रहा था वो झुक कर उनके पेअर पकड़ना चाहा मगर वो साउथ के प्लेयर ने एक लत उसके कनपट्टी पे लगा दिया हमारा वो प्लेयर दर्द से कराहता हुआ पीछे गिर गया वो साउथ क्र प्लेयर भी धीरे धीरे पीछे होते हुवे अपने साइड में चला गया उनके तरफ के सभी प्लेयर है रहे थे एक पॉइंट उन्हें मिल गया फिर हमारे तरफ से विनोद गया वो भी एक्स्ट्रा पॉइंट लेने के चक्कर में जायदा hi अंदर चला गया और इधर से भागते हुवे 2 साउथ प्लेयर दिवार की तरह उसके सामने आ गए और विनोद दबोच लिया गया एक और पॉइंट उनके कहते में चढ़ गए उनके तरफ से एक और बंद आ गया तब मैंने सब को पीछे रह क्र आराम से खेलने को कहा मई थोड़ा सामने आये और जब वो मुझे अपने पेअर से मरना चाहा तब मई थोड़ा पीछे हैट क्र उसके पेअर को hi हवा में पकड़ कर जमीं में पटक दिया फिर उसके गिरते हमारे बन्दे उस साउथ के सैंड पर चढ़ बैठे तब तक दबा कर रखा जब तक उसकी साँस न फुल जाये.

अब जब की बारी मेरी थी मई भी कबड्डी कबड्डी बोलते हुए सामने चला गया पहले तो बहार से hi उनलोगो को कैसे निपटना है व्ही सोच रहा था फिर मई थोड़ा अंदर गया 2 लोग मुझे पकड़ने के फ़िराक में थे उनलोगो को घुमा क्र एक एक किक लगाया तब एक और मुझे पकड़ने आ गए मई पीछे जाते हुवे उसके सर को पकड़ कर क्रासिंग लाइन पे ला के पटक दिया इस तरह तीन पॉइंट हमारे टीम को मिले
 
Back
Top