Incest The Tiger - Page 21 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Incest The Tiger

अपडेट 149

मई सुबह जल्दी उठ कर वाक पे निकल गया फिर जब वापस आया तो सुमन दीदी और रम्भा दोनों मिल कर किचन में चाय नास्ता बना रही थी इसलिए मई सिद्ध बाथरूम में घुस गया नाहा धोकर कॉलेज जाने के लिए रेड्डी हो क्र दिंनिंग टेबल पर आ गया हम ने साथ में ब्रेकफास्ट किया फिर थोड़ी देर व्ही पर बैठ कर बात चित करने लगे फिर जब कॉलेज जाने का समय हो गया तब मई उनको bye बोल क्र निकल गया बहार फिर अपने बाइक पर बैठ कर संध्या को आवाज लगाई तो वो जल्दी से आकर एक पेअर क्रॉस क्र के मेरे साथ चिपक कर बैठ गयी क्योकि उसने जीन्स एंड शर्ट्स पहनी हुई थी इसलिए उसके चुके मेरे पीठ में पुरे चिपक गए.

संध्या के मम्मी पापा भी बहार आ गए थे संध्या को ऐसे मुझसे चिपक कर बैठा देख कर उसकी मम्मी संध्या के पापा से बोलने लगी .

स मम्मी: देखो अपनी बेटी को कैसे टाइगर के साथ बैठी है बाइक पे जरा भी आराम लिहाज नहीं है इस लड़की में.

स पापा: ये सब तो आज कल चलता hi है भाग्यवाना और वैसे भी टाइगर बहुत अच्छा लड़का है है और वैसे भी वो मुझे भी पसंद है.

स मम्मी: मतलब क्या है आपका.

स पापा: मेरा मतलब है की अगर टाइगर अपनी संध्या से शादी के लिए मान जाये तो कैसा रहेगा.

स मम्मी: वैसे पसंद तो मुझे भी है वो बाकि उन्दोने के ऊपर है क्या वो भी एक दूसरे को पसंद करते है या नहीं.

वो लोग ऐसे hi बात क्र रहे थे और हम लोग निकल गए रस्ते में मैंने संध्या से कहा की वो थोड़ा पीछे हो क्र बैठे.

संध्या: मई तो ठीक hi बैठी हुई हु और ऐसे hi बैठूंगी जिसको जो करना है वो करे.

मई : बाकियो का तो कुछ नहीं जाएगा लेकिन मेरा हो रहा है बहुत hi बुरा हल हो रहा है ये जो तुम्हारे दोनों आम हैं वो तुमने मेरे पीठ में दबाये हुवे है न इसका असर मुझ पर हो रहे मेरा केला तन गया है इसके कारन.

पहले तो संध्या को कुछ समझ नहीं आया फिर जब उसे आम और केले के बारे में सोचा तब जाकर उसे समझ आया और वह टाइगर से थोड़ा पीछे खिसक कर बैठ गयी फिर टाइगर के पीछे में शरमाते हुए मुक्को की बरसात क्र दी ऐसे hi हसी मजाक करते हुवे हम कॉलेज में आ गए.

कॉलेज आने पर पता चला की सभी को कॉलेज ग्राउंड में जमा होने के लिए कहा गया है हम भी ग्राउंड की तरफ चलर गए जहा सभी लोग अपने अपने फ्रेंड्स ग्रुप के साथ खड़े हो क्र बात ची क्र रहे थे हम भी अपने ग्रुप के पास जाकर खड़े हो गए

मई : ये यह क्यों सब को बुलाया गया है .

मनोज : मैंने सुना है इस साल हमारा कॉलेज अपने स्टूडेंट के हुनर को परखने के लिए बहुत सरे प्रतियोगिता करवा रहे है जिसमे खेल, डांस ,क्विज कम्पटीशन ऐसे hi कई सरे है और इसमें हमारे देश के कई कॉलेज भी भाग लेंगे बहुत मज़ा आने वाला है यार .

विनोद : तुम क्या बोलते हो टाइगर हमे भी भाग लेना चाहिए की नहीं .

मई : है यार मैंने भी आज तक ऐसे पतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया है तो मई भी सोचता हूँ की मई भी भाग लू करके.

हम ऐसे hi बात क्र रहे थे की हमारे कॉलेज के जो डीन थे वो ग्राउंड के स्टेज पर आये और उसने बोलना सुरु किया-

डीन: सभी स्टूडेंट्स धयान से सुन मुझे बताते हुवे बड़ी ख़ुशी हो रही है की इस वर्ष हमारे कॉलेज में एक बहुत बड़ी प्रतियोगिता होने वाली है जिसमे इंडिया के टॉप college's के स्टूडेंट्स हिस्सा लेंगे और ये प्रतियोगिता आज से 15 दिन बार सुरु होगी इसलिए जो भी स्टूडेंट्स इच्छुक है वो हमारे नई स्पोर्ट्स टीचर के पास अपना नाम लिखवा ले और जो भी प्रतियोगिता होने वाली है उसकी लिस्ट नोटिस बोर्ड पर दाल दी गयी है ,फिर जितने भी स्टूडेंट्स होंगे उनमे से हम फाइनल स्टूडेंट्स का चयन करेंगे और इसके लिए इन 15 दिनों के भीतर चयन प्रतियोगिता होगी तो आप सभी लोग अपने रूचि के अनुसार अपना नाम लिखवा ले और आप लोगो की स्पोर्ट्स टीचर होंगी मिस अलका जो पहले प्रोफेसर थी लेकिन किसी कारन वस् इन्होने पढ़ना बंद क्र दिया था लेकिन हमारे अनुरोध पर ये यह पर स्पोर्ट्स टीचर का पद भर संभालेंगी इन्हे ऐसे प्रतियोगिता का पूरा अनुभव है और मैं आशा करता हु की आप लोग बढ़ चढ़ क्र इस प्रतियोगिता में हिसस लेंगे और जायदा से जायदा पुरुस्कार जीत क्र इस कॉलेज का नाम पुरे देश में फैसा फैला दो .

उसके बाद मिस अलका ने भी सरे स्टूडेंट्स को सम्बोधित किया.

अलका: डिअर स्टूडेंट्स आप लोगो ने मुझे सिर्फ पढ़ते हुवे hi देखा होगा लेकिन ऐसे कॉम्पिटिशन का मुझे बहुत एक्सपीरियंस है मैंने कई कॉम्पिटिशन भी जीते है चाहे वो खेल हो या कोई aur,ye कम्पटीशन आप लोगों के लिए ये बहुत hi जरुरी है यह आपके प्रतिभा को निखरता जाएगा और आगे लाइफ में भी ये आपके काम आएगा इसलिए ये आप लोग अपनी रूचि के अनुसार जीजी जोजो कम्पटीशन मैं आप भाग ले सकते हैं तनमन अपना नाम लिखा ले फिर जो आप लोगों में सबसे अच्छा होगा वही येह नेशनल कम्पटीशन में मैं भाग ले गए थैंक यू.

फिर कुछ देर बाद नोटिस बोर्ड पैर कम्पटीशन की लिस्ट चिपकाड़ी गई जो इस प्रकार थे बॉक्सिंग competition,(boys& गर्ल्स') क्विज competition(girls), स्विमिंग competition(boy), फुटबॉल competition(boys) ,डांस competition(boys & गर्ल्स), कबड्डी competition(boys & गर्ल्स), रनिंग (बॉयज & गर्ल्स), पेंटिंग कम्पटीशन (गर्ल्स & बॉयज)

सभी लोग अपने अपने रूचि के अनुसार अपना नाम लिखवाने की सोच रहे थे जॉब लोगो का ग्रुप था वो फुटबॉल और कबड्डी में भाग लेने की सोच रहे थे

मैंने सोच लिया था की किस्मे किस्मे भाग लेना है.

फिर हम सभी क्लास में आये और फिर प्रोफेसर आये वो भी इस टूर्नामेंट के बारे में हमे बताया और फिर कोण कोण किस किस कम्पटीशन में पार्टिसिपेट करने वाले है उनका नाम लिखने लगे मैंने बॉक्सिंग और रनिंग में अपना नाम लिखवा दिया विनोद ने अपनी गर्लफ्रेंड के साथ डांस में अपना नाम लिखवाया और फुटबॉल टीम में भी मनोज ने स्विमिंग में और फुटबॉल टीम में अपना नाम लिखवाया संध्या ने क्विज और कबड्डी में अपना नाम लिखवाया रचना ने रनिंग और कबड्डी, वही काव्य ने डांस ,कबड्डी और पेंटिंग में अपना नाम लिखवाया नीलम ने क्विज और डांस में अपना नाम लिखवा दिया ऐसे hi सभी ने अपना नाम लिखवाया.

प्रोफ़े. :क्यों लड़को में कबड्डी कोई जायदा नहीं खेलता क्या था हर क्लास से एक कबड्डी ग्रुप निकलना है उनमे से hi फाइनल प्लेयर का चयन होगा इसलिए तुम लोग भी एक ग्रुप बना लो कबड्डी के लिए .

तब मनोज और विनोद खड़े हो गए.

मनोज : सर हमारा ग्रुप भी तैयार है.

फिर मनोज और विनोद ने अपना और 6-7 लड़को का नाम लिखवा दिया जिस में मेरा भी नाम शामिल था.

ऐसे hi सभी प्रोफेसर आते गए और अपना लेक्चर देते गए .

कल खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया होनी थी फिर जब कॉलेज के बहार निकले तब दीपिका और कविता ने भी अपना नाम कबड्डी में लिखवाया है वो पता चला.
 
सॉरी छोटा अपडेट थस लेकिन डॉ दिया बहुत दिन हो गया था
 
अपडेट 150

मई घर पहुंचा और खाना वन खा कर मई रम्भा और सुमन दीदी को लेकर अलका के घर आया वो मुझे देख कर बहुत खुस हुई.

अलका: आखिर यद् आ hi गयी मेरी कितने दिनों के बाद आ रहे हो कहा चले गए थे.

मई : वो मई कुछ दिन मसि के यह गया था फिर उनलोगो को लेकर घर गया था आज जब आप की कॉलेज में देख तो रहा नहीं गया और आप से मिलने आ गया ,इनसे मिलो ये है....

अलका: मुझे मालूम है ये तुम्हारी बड़ी बहन सुमन है और ये प्रेग्नेंट है इसलिए तुम इसे यह ले आये .

मई : आपको कैसे पता है ये सब .

अलका: तुम भूल रहे हो मई नील प्लेनेट की महारानी थी और मेरे पास भी कई सकतिया है.

मई : ओह्ह है मई तो भूल hi गया था, दीदी इनसे मिलो ये मेरी माँ थी लेकिन अब मेरी पत्नी है.

सुमन: माँ थी और पत्नी है से क्या मतलब और ये तुम्हारी माँ कैसे हुई..

मई : नील प्लेनेट में मई उनके hi गर्भ में था फिर जब नील प्लेनेट का विनाश होने वाला था उसी समय इन्होने मुझे अपने गर्भ से यह पृथ्वी पर आरती माँ के गर्भ में दाल दिया और पिता जी ने आखिर समय में इन्हे भी पृथ्वी में भेज दिया लेकिन इनकी यद् दस्त चली गयी थी फिर जब मई कॉलेज में गया तब हमारी मुलाकात हुई और जब हमारा शारीरिक सम्बन्ध बना तब इनकी यद् दस्त वापिस आयी और नील प्लेनेट में नियम अनुसार जो वह का किसी राजा के मरने के बाद नए राजा को पूर्ण राजा की सभी संपत्ति मिल जाती है तो ये मेरी पत्नी बन गयी हो गया न माँ थी अब पत्नी है.

तभी वह एक और आवाज गुंजी - ये मेरी भी माँ है.

ये कोई और नहीं बल्कि नीलम की थी जो सायद अभी अभी आयी थी.

सुमन: अब ये तुम्हारी माँ कैसे हो गयी ये भी बता दो .

नीलम: क्यों की नील प्लेनेट में मई और टाइगर इनके hi गर्भा में थे.

सुमन: इसका मतलब तुम दोनों आगे भाई बहन हो .

मई : है दीदी नील प्लेनेट के अनुसार नीलम मेरी सगी बहन है.

सुमन: तो तुम तीनो के आलावा और कोण कोण है इस पृथ्वी पर नील प्लेनेट के वासी.

मई : हम तीनो के अलावा और कोई नहीं है .

अलका: तुम लोग बैठो मई चाय नास्ता ले कट आती हूँ .

नीलम : नहीं माँ आप बैठो चाय नास्ता मई बनती हु.

फिर नीलम किचन में चली गयी और हम व्ही हॉल में बैठ कर बाटे करने लगे.

अलका: तो तुम कोण कोण से कम्पटीशन में भाग ले रहे हो.

मई : बॉक्सिंग ,रनिंग और कबड्डी में अपना नाम लिखवाया है .

फिर हम ऐसे hi बात करते रहे तब तक नीलम भी चाय नास्ता ले क्र आ गयी सभी ने चाय नास्ता किया फिर अलका ने हमे व्ही डिनर करने लिया क्र दिया तो हम डिनर तक व्ही रहे उसके बाद मई रम्भा और सुमन दीदी को लेकर निकल गया वह से नीलम आज व्ही रुकने वाली थी हम घर आये और ड्रेस चेंज क्र के बिस्तर में घुस गए लाइट के ऑफ होने के बाद मेरा एक हाथ रम्भा पकड़ कर अपनी तरफ खींचने लगी तो दूसरा हाथ सुमन दीदी खींच रही थी जब मई दोनों से तंग आ गया तो मई लाइट ों क्र दी तब दोनों ने अपना हाथ हटा लिया

मई - उठो आप दोनों और मेरी बात धयान से सुनो रम्भा और सुमन दीदी अब आप लोगो को साथ में hi रहना है तो सब को मिल जल कर hi रहना होगा और तुम दोनों को प्यार भी मई एक साथ करूंगा तो क्या तुम लोग तैयार हो.

सुमन- मई तो तैयार हु.

रम्भा- अब आप दोनों तैयार है तो मई क्या बोल सकती हु मगर मुझे थोड़ा समय लगेगा एडजस्ट करने में .

फिर मैंने बरी बरी से दोनों को किश करने लगा पहले सुमन को किश करते हुए उसकी उसके टीशर्ट को उस के कंधे से अलग किया फिर उसके बाद उसके गले को चूमते हुए उसके तित बूब्स को कवर करने के लिए सिर्फ रेड कलर का ब्रा hi बचा था मैंने एक बार दोनों बूब्स को ब्रा के ऊपर से hi दबाये फिर मैंने रम्भा की तरफ अपना रुख किया और उसको भी किश करते हुए टॉप को निकल दिया वाओ आज दोनों ने hi हर चीज मैचिंग का पहना हुआ था फिर मई सुमन की तरफ आया जब मई रम्भा की तरफ था तब तक सुमन मेरे पीठ सहला रही थी मैंने उसको बीएड पर लिटा दिया और उसके ब्रा के निचे से चूमते हुए नाभि तक आया और नाभि में जीभ घुसा क्र चूसने लगा सुमन सिसकते हुए मछली की तरह तड़प रही थी, फिर मई निचे कमर के पास आया और झा पर सलवार का गत था वह पर चुम क्र गत को खोल दिया जिस से सलवार ढीला हो गया और मई ने धीरे धीरे क्र के सलवार को निकला सुरु किया सुमन ने भी अपने कमर को उठा क्र मेरी मदद की ,

जब सलवार निकल गया तब सुमन के केले का तना के जैसे चिकनी मुलायम और मोती सूंदर लाँघ दिखाई दे रही थी फिर मई रम्भा की तरफ देखा उसको भी शामे तरीके से उसके भी लवर को निकल दिया.

मैंने देखा की दोनों की पैंटी गीली हो गयी थी .

मई सुमन के ब्रा हुक को निकल दिया लेकिन सुमन ने ब्रा को अपने बूब्स से हटने नहीं दिया उस को अपने बूब्स को छुपाते हुए पकड़ लिया था जब मई ने उसे निकलना चाहा तो उसने न में सर हिलाया तब मैंने रम्भा की तरफ अपना रुख किया तो रम्भा ने आसानी से अपना ब्रा निकल दिया और मई रम्भा के एक बूब्स को दबाते हुए दूसरे बूब के निप्पल को मुँह में लेकर चूसना सुरु क्र दिया जिस से रम्भा सिसकिया लेने लगी और मेरे सर को अपने बूब्स पर दबाने लगी फिर मई बरी बरी से दोनों निप्पल्स को चूस क्र लाल क्र दिया फिर मैंने सुमन की और देखा तो उसने अपने ब्रा को निकल और मुझ अपने बूब्स को चूसने के लिए नेवता दिया फिर क्या था मैंने दोनों बूब्स को दबा क्र और उसके निप्पल्स को चूस क्र लाल क्र दिया फिर मई निचे बढ़ा और झा पर पैंटी गीली हो गयी थी वह पर सुंघा क्या मादक खुसबू आ रही थी मई बता नहीं सकता फिर मई वह पर किश किया और पैंटी के दोनों सिरे को पकड़ क्र उतर दिया मई उसकी छूट को कुछ क्र पता उस से पहले hi सुमन उठ गयी और मुझे बीएड पर धक्का दे दिया फिर क्या था कमर के ऊपर रम्भा और कमर के निचे सुमन दोनों ने मिल क्र मेरे सरे कपडे उतर दिए और मुझे नंगा क्र दिया.

सुमन मेरे तने हुए लुंड को देख क्र खुस हो गयी और पहले लुंड को किश किया और फिर जीभ से ऊपर से निचे चाटने लगी इधर रम्भा मेरे पेट पर बैठ क्र किश क्र रही थी फिर किश की तोड़ क्र पलट गयी और वो भी मेरे लुंड को मुँह में लेकर चूसना सुरु क्र दिया रम्भा के झुकने के कारन उसकी छूट मुझे साफ दिखाई दे रही थी पूरी क्लीन शवेद छूट थी मई उसके कमर को पकड़ क्र खींचा और उसकी छूट को मेरे मुँह के पास ला क्र उसकी छूट को चाटने लगा रम्भा सिसकिया लेने लगी और बड़बड़ा रही थी अपनी सिसकियों को रोकने के लिए उसने फिर से मेरा लुंड को चूसना स्टार्ट क्र दिया जब रम्भा मेरे लुंड चुस्ती तो सुमन मेरे गोतो को चुस्ती, कुछ समय तक ऐसा hi चलते रहा फिर सुमन उठी और अपने छूट पर थूक लगा क्र मेरे लुंड पर धीरे धीरे क्र के बैठने लगी थोड़ी देर तक वो हिली भी नहीं फिर धीरे धीरे अपने कमर को हिलने लगी इधर मई भी जबरदस्त तरीके से रम्भा की छूट को चाट रहा था कुछ देर में रम्भा मेरे मुँह पर छूट को रगड़ते हुए झाड़ गयी उधर सुमन ने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी थी और तेजी के साथ लुंड पर कूदती रही कुछ समय में वो भी थक गयी तब मैंने कमान अपने हाथो में लिया रम्भा झड़ने के बाद साइड में लुढ़क गयी .

मई सुमन को अपने ऊपर से हटाया और बीएड पर लिटा दिया और दोनों पैरो को मोड़ क्र फैलाया और लुंड को पकड़ क्र छूट के ऊपर 2-3 बार पिता फिर आराम से लुंड को छूट के अंदर दाल दिया पहले धीरे धीरे फिर तेजी से जटके देने लगा .

सुमन - ओह्ह्ह मेरी जान क्या लुंड है तुम्हारा आअह्ह्ह जोर से और जोर से अह्ह्हम्म्म फाड् दो मेरी छूट को एसससस आअह्ह्ह ऐसे hi जोर से अह्ह्हम्म्म यस यस यस .

मई तेजी के साथ सुमन की चुदाई क्र रहा था और सुमन के बूब्स को पकड़ क्र निचोड़ रहा था .

सुमन - ओह्ह्ह मेरे राजा और जोर से करो मेरे होने वाला है ओह्ह्ह्ह हआ आआआआ

ऐसे hi बोलते हुए सीतल झाड़ गयी और निढाल हो गयी.

जब मैंने लुंड को सीतल की छूट से निकला तो बहुत सारा पानी छूट से बहार आया .

अब बरी थी रम्भा की....

मई रम्भा की तरफ देखा तो वो भी हमारी चुदाई देख क्र गरम हो गयी थी और अपने छूट में ऊँगली फेर रही थी .

मई रम्भा को अपनी तरफ कीचा और किश करने लगा फिर किश को तोड़ क्र रम्भा मेरा लुंड को पकड़ क्र चूसने लगी सुमन की छूट का जो पानी मेरे लुंड पर लगा था उसे पूरा रम्भा ने चूस क्र साफ क्र दिया और लुंड को भी गिला क्र दिया कुछ देर तक वो मेरा लुंड चुस्ती रही फिर मई उसे उठा क्र लिटा और उसकी तनड़ो को फैला क्र छूट को कुछ देर चाट क्र गिला किया फिर लुंड को छूट पर सेट क्र के एक धक्का मारा लुंड का सूपड़ा अंदर चला गया

रम्भा - अह्हह्ह्ह्ह धीरे से मेरी जान मरने आ इरादा है क्या .

मई - धीरे में वो मजा खा मेरी जान जो तगड़े झटको में है.

ये बोल क्र मई एक बार फिर से झटका मारा लुंड का आधे से जायदा हिस्सा अंदर चला गया.

रम्भा हलकी सी चीख उठी,15 सेकंड रुक क्र फ़िनल झटका मारा जिससे मेरा पूरा लुंड रम्भा की छूट में चला गया इस बार रम्भा थोड़ी जोर से कराह उठी मई उसके बूब्स को दबाते हुए धीरे धीरे चुदाई सुरु क्र दिया फिर मैंने स्पीड तेज क्र दी तेजी से छोड़ने के कारन थप थप की आवाज रूम में गूंजने लगी और रम्भा मेरे हेर झटको से पूरी हिल रही थी , मेरा पूरा लुंड जड़ तक रम्भा की छूट में जा रहा था जिस कारन मेरे गोते भी रम्भा के गांड के हॉल में थप दे रहे थे.

रम्भा - अह्हह्ह्ह्ह लगता है आज मेरी छूट सच में फैट जाएगी हआ हआ उम्म्म्म तिगररररर तुम्हारा लुंड मेरी बच्चा दानी से टकरा रहा है ऐसे hi जोर से हूउउ....

कुछ देर तक मई उसी पोजीशन में करता रहा फिर पोजीशन चेंज की और डौगी स्टाइल में कर्म लगा पीछे से कमर को पकड़ क्र तेजी से चुदाई क्र रहा था मई सुमन की तरफ देखा जो हमारी धुआँ धार चुदाई के कारन वो भी अपनी छूट में ऊँगली क्र रही थी मई उस से इसारे से पास में पड़ी हुई तेल की शीशी को मगाया और थोड़ा साइड तेल्ल रम्भा की गांड के हॉल में गिराया और अपनी उंगलियों में भी थोड़ा सा तेल लगा क्र पहले अगुठे से कुरेदा फिर धीरे धीरे अगुठे को अंदर घुसने लगा गांड का हॉल सच में बहुत तित था अभी तो अगुठे का हाफ इंच hi अंदर गया था इस बिच मई उसकी छूट में चुदाई जारी hi रखी

रम्भा - आअह्ह्ह जान मजा भी आ रहा है और थोड़ा दर्द भी हो रहा है प्लीज जो भी करना आराम से hi करना .

मई जितना अंगूठा डाला था उतना फिर से निकला और फिर से तेल लगा क्र अंदर डाला इस बार थोड़ा और अंदर चला गया ऐसे hi करते हुए मैंने पूरा अंगूठा अंदर दाल दिया अब मई अगुठे को hi अंदर बहार करते हुए उसकी चुदाई करने लगा जब मेरा अंगूठा आसानी से अंदर बहार होने लगा तब मैंने फिर से थोड़ा तेल गांड में दाल क्र दो उंगलियों को घुसा दिया रम्भा को भी थोड़ा सा दर्द हुआ पर वो छूट की मस्ती के कारन थोड़ी hi देर में सब भूल गयी अब मेरा भी अंत निकट आ गया था इस लिए मई और जोर जोर से छोड़ने लगा और गांड में भी उंगलियों को पेल रहा था समिति भी दो तरफा हमला बर्दास्त नहीं क्र पायी और वो भी झड़ने लगी और मई भी उसकी छूट में झाड़ गया .

मेरे लुंड उसकी छूट में पूरा घुसा था और गांड में मेरी दो ऊँगली घुसी हुई थी.

रम्भा भी पास्ट हो क्र ऐसे hi पेट के बल लेट गयी और इस कारन मेरा लुंड और ऊँगली दोनों छूट और गांड से बहार निकल आये मई भी थोड़ा लेट गया रेस्ट लेने के लिए नेक्स्ट राउंड के लिए रेडी जो होना था.

कुछ देर बाद सुमन काजू बादाम वाला मिल्कशेक ले क्र आयी और मुझे पिने के लिए दिया.

सुमन - अभी तो सिर्फ यही दूध मिलेगा पिने के लिए लेकिन जल्द hi मई अपना दूध तुम्हे पीला दूंगी .

फिर मई दोनों को एक एक राउंड लगा क्र सो गया क्योकि सुबह जल्दी जो उठना था.

सुबह उठ कर मई जॉगिंग करते हुए पार्क में आ गया आज पार्क में काफी चहल पहल थी जायदा तर हमारे hi कॉलेज के लड़के और लड़किया दिखाई दे रही थी उनमे से hi रचना और संध्या भी एक थी क्योंकि आज से कॉलेज में प्लेयर सिलेक्शन जो होने वाले थे कॉम्पिटिशन के लिए.

मैंने भी संध्या और रचना को ज्वाइन क्र लिया संध्या को मुझ से ज्यादा चिपकता देख कर रचना के मन में कुछ चल रहा था लेकिन वो बोली कुछ nahi,fir हम एक बेंच पर जा क्र बैठ गए.

रचना- टाइगर तुम्हे डांस भी आता है तुम ने बताया नहीं .

मई - कोण कहता है की मुझे डांस आता है ा रे मई तो डांस का अबकड भी नहीं जनता.

रचना- जब तुम्हे डांस आता hi नहीं तो डांस कम्पटीशन में नाम क्यों लिखवाया अपना.

मई - जब मुझे डांस आता hi नहीं तो क्यों अपना नाम लिखवाने लगा.

रचना- मगर मैंने तो तुम्हारा नाम देखा है लिस्ट में .

मई - क्या बात क्र रही हो लिस्ट में मेरा भी नाम लिखा हुआ है पर मैंने तो नहीं लिखवाया.

संध्या: कोई बात नहीं हम आज जा क्र मिस को बोल क्र तुम्हारा नाम कटवा देंगे.

मई- नहीं रहने दो जिस किसी ने भी लिखवाया है मेरा नाम वो मुझे चलेंगे दे रही है और मैं उसे एक्सेप्ट करता हु.

उसके बाद हम घर की तरफ निकल गए पार्क से.
 
अपडेट 151

मई पार्क से घर गया झा मेरी दोनों बीवी किचन में लंच बना रही थी मई वह से सीधा बाथरूम में गया वह जा के फ्रेश हुआ नाहा धो कर तैयार हो क्र दिंनिंग टेबल पर आ गया जहा मेरा ब्रेकफास्ट रेड्डी था मेरे साथ उन दोनों ने भी ब्रेकफास्ट किया और दोनों को भी रेड्डी होने को कहा मेरे साथ कॉलेज जाने के लिए क्योकि अब कॉलेज में पढाई तो नहीं होने वाली थी, मई उन्दोनो को ले कर कॉलेज आ गया .

कॉलेज में आज बहुत hi चहल पहल थी हर खेल के लिए ग्राउंड के तैयार किया गया था मई सुमन और रम्भा को लेकर अपने ग्रुप के पास आया तब रम्भा और सुमन को देख कर विनोद ने कहा- टाइगर तुम इन दोनों को लेकर आये हो तो संध्या को कोण लेकर आ रहा है.

मई - ओह माय गॉड मई उसको कैसे भूल गया मई अभी आया .

मई तुरंत वापस घर आया और संध्या के गया जो तैयार हो क्र घर के बहार कड़ी थी.

संधया - टाइगर तुम कहा चले गए थे मई कब से तुम्हारा वेट क्र रही हु .

मई - चलो जल्दी बैठो कॉलेज चल के सब पता चल जायेगा.

फिर मई संध्या को लेकर कॉलेज आया और सुमन और रम्भा को देख वो सब समझ गयी की मई उन्हें कॉलेज छोड़ कर उसे लेने गया था.

तभी अनाउंसमेंट हुआ कितने भी रनिंग में भाग लेने वाले हैं वह ग्राउंड पैर ा जाए फिर मैं सभी के साथ वहां पैर रनिंग शुरू होने वाली थी वहां गया पहले हमारे जो सीनियर थे उन लोगों की रनिंग हुई जो पहला और दूसरा आने वाले को सेलेक्ट किया जाता था ऐसे hi सभी क्लास के लड़को को रनिंग करवा रहे थे मेरे क्लास लड़कों की भी रनिंग हुई इसमें में 1सत और एक लड़का सेकंड आया फिर जितने भी क्लास के लड़के थे चाहे वह सीनियर हो या जूनियर सभी को एक साथ रनिंग करवाया गया पहले तो मैं धीरे धीरे रनिंग कर रहा था बिच में अचानक अपनी स्पीड बढ़ा देता था जिससे किसी को मुझ पैर कोई शक न हो नहीं तो मैं मैं उनकी आधे रस्ते में पहुंचते तक फिनिशिंग लाइन टच क्र जाता , रनिंग के लिए सिलेक्शन हो चूका था मई और एक सीनियर लड़के को सेलेक्ट किया गया था फिर आयी गर्ल्स की बरी जिसको कॉलेज के सभी लड़के देखने के लिए आ गए थे क्योकि जब वो लड़किया रनिंग करती थी तब उनके बूब्स ऊपर निचे उछलते थे खैर गर्ल्स की रनिंग में रचना ा सिलेक्शन हो चूका tha,fir बरी आयी लड़को के फुटबॉल टीम सिलेक्शन की जिसमे मैंने पार्टिसिपेट नहीं किया था और गर्ल्स के लिए पेंटिंग कम्पटीशन में सिलेक्शन होना था जिसमे काव्य भाग ले रही थी तो मई उधर hi चला गया , काव्य ने एक बार मेरी तरफ देखा फिर अपने काम में लग गयी, पेंटिंग कम्पटीशन के लिए बहुत साडी लड़कियों ने हिस्सा लिया था , पेंटिंग एक समय सिमा के अंतर्गत बनाना था फिर टाइम आउट हुआ और प्रोफेसर आये और सभी पेंटिंग को बारीकी से देखने लगे उन्हें काव्य के द्वारा बनाई गयी पेंटिंग बहुत पसंद आयी और उन्होंने काव्य का नाम सेलेक्ट क्र लिया , काव्य हो शुरू से hi पेंटिंग बनाने का बहुत शौक था वह घर पैर भी कभी कभी पेंटिंग कर लिया करती थी से आज उसकी म्हणत रंग ले और वह पेंटिंग कम्पटीशन के लिए सेलेक्ट हो गयी ऐसे hi धीरे धीरे समय कब निकल गया पता भी नहीं चला उधर विनोद और मनोज का भी सिलेक्शन फुटबॉल टीम में हो चूका था अलका सिलेक्शन के हर गति वीडियो पर नजर रखे हुवे थी उन्हें भी पता चल चूका था की मेरा नाम डांस कम्पटीशन के लिए लिखा हुआ है लेकिन कल मैंने उन्हें इस बारे में नहीं बताया था इसलिए वो मुझे बुला क्र पूछने लगी की तुम ने अपना नाम डांस में भी लिखवाया है तब मैंने उन्हें बताया की मैंने तो नहीं लिखवाया किसी ने जान बुझ कर मेरा नाम डांस कम्पटीशन के लिए लिखवाया है तब उन्होंने कहा भी की मई तुम्हारा नाम कटवा दूंगी पर मैंने मन क्र दिया

अलका- पर तुम्हे तो डांस आता hi नहीं फिर कैसे करोगे .

मई - मई सोच रहा हु की मई डांस की ट्रेनिंग ले लू.

अलका- इतना समय नहीं है की तुम डांस सिख सको एक काम करना शाम को मेरे पास आ जाना मई तुम्हे पूरा ट्रैन क्र दूंगी

कॉलेज के बाद हम सब घर आ गए रस्ते में मैंने होटल से खाना पैक करवा लिया था क्योंकि खाना तो बनाया hi नहीं था , फ्रेश हो क्र हम ने साथ में खाना खाया फिर थोड़े देर आराम क्र क्र मई दोनों को बता क्र अलका के घर आ गया वह वो हॉल में बैठ कर मेरा hi इंतजार कर रही थी.

अलका: आओ मेरे सरताज मई आपका hi इंतजार कर रही थी.

मई - क्या बात है मेरी जान मेरा hi इंतजार कर रही है कोई स्पेशल प्रोग्राम तो नहीं है न.

अलका - कोई प्रोग्राम नहीं भी हुआ तो हम बना देंगे हम अपने पति देव के लिए.

मई उनके पास आ क्र -अगर ऐसा है तो मई भी बेक़रार हु मेरी जान .

फिर हमारे होठ आपस में मिल गए और जीभ एक दूसरे से जड़ गए धीरे धीरे मई उसको उसी बड़े सोफे पर सुला दिया जहा पर वो बैठी थी मेरे हाथ धीरे से उसके दूध के ऊपर आ गए और मई उन्हें धीरे धीरे दबाने लगा अलका को भी जोश चढ़ने लगा जिससे वो किश करते हुवे अपने पेअर को मेरे पीठ पर कैची की तरह क्रॉस क्र के मुझे अपने ऊपर दबाने लगी तो मैंने अपना हाथ उसके बूब्स से हटा कर उसके कमर के निचे ले जा क्र उसे उठा लिया अलका ने अपना हाथ मेरे गले में दाल दिया उस किश तोड़ कर मुझे देखने लगी उप बोली कुछ नहीं, मई उसे ऐसे hi अपने साइन से चिपका क्र एक रूम में ले गया और उसे ऐसे hi बीएड पर लिटा कर मई भी उस के ऊपर लेट गया और फिर से किश करने लगा और साथ में अलका ने जो सलवार पहनी हुई थी उसको निकल दिया जिसमे अलका ने भी मेरी मदद की फिर उसके ब्लैक ब्रा को भी हाथ पीठ पर ले जाकर उसके हुक को खोल दिया अब अलका के बड़े बड़े बूब्स मेरे सामने थे मई ललचाई आँखों से उसे देख रहा था ये देखकर अलका को थोड़ी सरम आयी तब उसके एक चुन्नी से अपने दूध को छुपा लिए मैं और कण्ट्रोल नै कर सका और अलका के ऊपर लेट क्र मैंने एक हाथ से अलका की निचे पैजामा को भी उतर दिया, और चुन्नी को साइड हटा के उसके बड़े से चुके आज़ाद कर diye.alka ने मेरा चेहरा पकड़ मेरे

होंठो पर अपने होंठ रख दिए.

मने भी अलका के होंठो को बेरहमी से चुस्नु सुरु कर दिया अलका के होंठ

कोमल और रसीले the.alka ने मेरे मोह मैं अपनी जीभ दाल di.main रास से भरी

जीभ को गलापपपप गलापपपपपप की आवाज़ कर चूसने lga.alka आँखें बंद किये

मेरे होंठो को चुस्ती जा रही थी.

करीब 10 मिंट तक मैं अलका के होंठो का रास पता रहा .फिर मई उनसे अलग होगया उनके बड़े बड़े

चुके ऊपर निचे हो रहे the.mane अपने हाथ से दोनों चुकी को पकड़ कर

मसलना सुरु कर दिया.

और फिर मेरी नज़र छूट पर gai.kyoki ॉक्स ने किस्सके दौरान अपनी पैंटी भी निकल चुकी थी

मैंने उसकी छूट मैं दो ऊँगली खच्च कर के दाल दी अलका की रसीली छूट मैं

मेरी दोनों ऊँगली गयाब सी हो गई.

मई अलका की छूट में दोनों ऊँगली अंदर बहार करनी सुरु kardi.meri ऊँगली के

साथ छूट का रास भी बह रहा tha.kuch देर छूट मैं ऊँगली अंदर बहार करने के

बाद मने छूट मैं से ऊँगली बहार निकल ली और मोह मैं लेकर चूसने lga.alka

यह देख थोड़ा शर्मा गई.

मैं और न रुक पाया और अलका की छूट की पहनको को अलग लार अपनी जीभ छूट मैं दाल

चूसने lga.alka अपने हाथो से छूट को और फैला देती hai.ab मैं ताबड़तोड़ अलका

की छूट चूसे जा रहा tha.alka भी गांड उठा उठा छूट चूसा रही thi.maine अलका की छूट चाट चाट कर लाल करदी thi.ab अलका की टंगे कम्प रही thi.vo अपना सर बीएड

पैर ेहडेर ोहडेर मर रही थी.

मने भी छूट के छोले को मोह मैं भर कास कास कर चूसना सुरु kiya.alka तोह

मज़े से सर उठा बेथ से gai.main छूट के छोले को दांतो मैं भर जोर से खींचा

तोह अलका के छूट ने तेज़ पानी की भूशर कर di.mere मोह उस पानी से भीग

gya.main अलका के छूट के लिसलिसे पानी को हाम्मूणछह हम्म्म्मूउछह

कर चाटने और पीने lga.alka की छूट का पानी नमकीन और रसीला tha.mainr अलका की पूरी छूट चाट चाट कर साफ करदी.

अलका अब मुझे अपने ऊपर खेच रही thi.mane भी अलका का कहना मन liya.jaise

hi मैं अलका के ऊपर चढ़ा तो वो मेरे होंठो को चूसने लगी अलका पर सेक्स की गर्मी चढ़ चुकी thi.vo

पागलो जैसे मेरा होंठो को दांतो मैं काट रही thi.main भी पूरी जोर लगा कर

उसके के होंठ चूस रहा था.

ॉक्स ने इक हाथ निचे लेजा मेरा मोटा लुंड हाथ मैं पकड़ liya.vo मेरे

होंठ चुस्ती हुई , मेरा लुंड मुठिया रही thi.kafi देर लुंड सहलाने के बाद अलका ने लुंड अपनी छूट की पहनको मैं फसा diya.alka तोह काफी छुडासी हो गई thi.mane

भी कसकर इक ढाका मारा और आधे से जायदा लुंड अलका की छूट को फाड़ता हुआ अंदर

घुस गया.

अलका :-(चीखते हुए) अह्हह्ह्ह्ह टाइगर धीरे कर तेरे अह्ह्ह्ह बहुत बड़ा है रीई ,

अह्ह्ह मेरी छूट फैट गई एक बार hi बीएस चूड़ी हु तू से.

मई अलका की बात पर दयँ नै दिया और थोड़ा उठ कर उसकी टंगे अपने कण्डु

पर रख इक कास कर ढाका और मर दिया.

"fffaatttcchhhh"ki आवाज़ करता लुंड जड़ तक छूट मैं घुस gya.alka के मोह सी इक

दर्द भरी चीख निकल गई.

Alka:-ahhhhh जालिम खा था धीरे कर आइइइइइ माआ फाड् दी मेरी बुर अह्ह्ह्हह

मादरचोद आह्ह्ह्हह्ह बहनचोद अब अह्ह्ह्ह क्या देख रहा है अह्ह्ह्हह छोड़ अब

मुझे.

मई उसकी गळ्यां सुन क्र शॉकेड हुआ क्यों की उसके मुँह से पहली बार गली सुन रहा था जिससे मुझे और जोश आने लगा मैं अलजा के घुटने उनकी चुचु पर लगा

तेज़ तेज़ ढके मरने लगा.

मैं उसके ऊपर चढ़ा तेज़ तेज़ छोड़ रहा tha.alka भी अपनी गांड

निचे से उठा कर मेरे मोठे लुंड पर मर रही थी.

"पांच पांच पांच पांच पांच अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह सी अह्ह्ह्ह की आवाज़ों का शोर गूंज उठा था

कमरे मैं.

अलका की छूट अब काफी पानी छोड़ चुकी थी , अब लुंड गप्पआगापपप छूट मैं जा

रहा था.

मैं सुपडे तक लुंड बहार निकल कर जोरदार ढके के साथ छूट मैं पेल देता.

थोड़ी देर बाद मने अलका को घोड़ी बना diya.alka की उठी हुई मस्त मोती गांड

देख मैं सब कुछ भूल गया , मैं मैं के चितदो को चाटने lga.main इक दो बार

तोह अलका के चूतड़ों को काट भी दिया.

Alka:-(chekhte हुए) अह्ह्ह्ह टाइगर मदर छोड़ अह्ह्ह क्यों काट रहा है अह्ह्ह्हह

बहनचोद छूट मैं लोयडा दाल आह्हः सेल मादरचोद अह्ह्ह छूट छोड़ सेल.

मुझे अलका की गळ्यां सुन जोश ा gya.mane छूट पर लुंड रख इक hi ढके मैं

पूरा दाल दिया.

आह्ह्ह्ह हहह सेल धीरे मर.

मने तेज़ तेज़ अलका की छूट को फाड़ना सुरु कर diya.alka की छूट पानी छोड़ रही

थी.

मई :-ले मेरी रंडी माँ अह्ह्ह साली कितने दिनों से तड़फा रही है अब ले मोटा लुंड अह्ह्ह्ह

साली मेरी रंडी है तू अह्ह्ह्हह.

मने उसकी छूट मर मर कर लाल करदी thi.alka का पानी निकलने वाला tha.ab

उनकी गळ्यां भी तेज़ हो गई थी.

मने अलका के चूतड़ पकड़ कास कास कर 10-15 ढके मरे तोह अलका का पानी

छूट gya.ahhh ओह्ह्ह मेरे राजा अह्ह्ह्ह मैं गई.

अलका का पानी निकलते hi वो ढेली पद gai.alka को घोड़ी बना छोड़ने मैं बड़ा

मज़ा ा रहा tha.meri जांगू की मर से उसके चूतड़ पोरे लाल हो गए थे.

अब मेरा भी पानी निकलने वाला था , मने भी पूरी जान से ढके मरने सुरु जार

दिए.

थप थप थप पांच पांच पांच की आवाज़ों का शोर तेज़ हो गया .

अलका मेरे ढको को सेह नै पाई और निचे गिर gai.alka पेट के बल लेती हुई thi.main

उन के ऊपर लेट उनको छोड़ने लगा.

नरम गांड पर मेरी जांगू के टकराने से थप थप की आवाज़ ुचि हो गई.

मने कास कास कर 10-12 ढके लगाए और अलका की छूट मैं hi छूट gya.mera पानी

अलका की छूट की गहरायिओं मैं छूटने लगा.

मैंने अपनी आँखें बंद किये छूट से लुंड बहार निकल इक और लेट gya.alka की सांसे

भी काफी तेज़ चल रही थोड़ी देर बाद हम दोनों ने hi बरी बरी उठ क्र बाथरूम से फ्रेश हो क्र अपने कपडे पहन लिए फिर हॉल में आ गए.

मई - आज बहुत मजा आया क्यों की आप के मुँह से जो गली निकल रही थी उससे मेरा जोश और बढ़ रहा था.

अलका- गलतभी तो नहीं कहा मादरचोद और बहनचोद तो आप हो hi .

मई उसकी बात पर है दिया.

मई - लेकिन आप भी आज बहुत उतावली हो रही थी क्या बात है.

अलका - सच पूछो तो इसका आज बहुत hi बड़ा कारन है मई बहुत दिनों से सोच रही थी की मई ने तुम्हे और नीलम को पला भी नहीं और मुझे मातृत्व का सुख कभी मिला hi नहीं तो मैंने सोचा की अब मई तुम्हारे द्वारा हमारे बच्चे पैदा कृ और उसको पल पास का बड़ा कृ क्यों तुम क्या बोलते हो.

मई - अब इसमें मई क्या बोलू जैसा आप को ठीक लगे वैसा कीजिये.

अलका- मेरा काम तो हो गया अब तुम्हारा काम करते है .

हम अभी बात hi क्र रहे थे की दूर बेल्ल बजने की आवाज आयी........
 
भाई अपडेट जल्द hi आएगा अभी मई दूसरे भाइयो की स्टोरी रीड क्र रहा हु क्योकि की मई पहले रीडर था स्टोरी लिखने के कारन रीड नहीं क्र पता था इसलिए अभी रीड क्र रहा हु बहुत जल्दी hi वापस सुरु करूंगा
 
अपडेट 152

हम अभी बात hi क्र रहे थे की दूर बेल्ल बजने की आवाज आयी तब अलका ने जाकर दरवाजा खोला तो सामने नीलम कड़ी हुई थी उसको अंदर आने दिया और वो आकर मेरे बाजु में बैठ गई.

अलका: अरे नीलम बेटी तुम इस वक़्त कुछ काम था क्या.

नीलम : माँ आप भी कैसी बात करती हो मुझे आपसे काम होगा तभी आउंगी क्या आपके पास.

अलका: नहीं बेटी वो बात नहीं है ये तेरा hi घर है तू कभी भी आ सकती है मई तो ऐसे hi पूछ रही थी.

नीलम: माँ क्या है न काम तो है मुझे आपसे क्या है की आप टाइगर को डांस के लिए सकती देने वाली थी न तो मई सोच रही थी की मुझे भी डांस में परफेक्ट हो जाऊ इस लिए मुझे भी सकती दे दो .

अलका: पर तुम्हे इस की जरुरत नहीं है.

नीलम : क्यों माँ?

अलका: तुम दोनों धयान से सुनो नील प्लेनेट से सम्बन्ध रखने वाला प्रत्येक प्राणी सब कुछ माँ के गर्भ से पैदा होने से पहले hi सब कुछ सिख के पैदा होते है.

मई ; मतलब!

अलका: मतलब ये की जैसे लड़का पैदा होता है तो उसे हथियार चलना आता है और दुनिया दरी की समझ होती है और जो यह के नार्मल लड़के आगे चल क्र धीरे धीरे सीखते है वो नील प्लेनेट के लड़के सब पहले से hi सिख जाते है वही लड़किया पैदा होती है तो उसमे वो सरे गन होते है जो लड़कियों में होनी चाहिए और एक बात नील प्लेनेट में पुरुष डांस नहीं करते थे इस कारन उनमे वो गन नहीं होते है अब आयी बात समझ में .

नीलम: है मतलब मई डांस में पहले से hi परफेक्ट थी और मई खाना वन भी बना सकती हु जो मैंने आज तक नहीं की .

अलका: है बेटी तुम में वो सरे गन है जो लड़कियों में होने चाहिए एक बात और सुनो नील प्लेनेट में कोई भी औरत को जब बच्चा चाहिए होता है तो वो मान में एक बार अच्छे से थान लेती है की उससे क्या पैदा करना है अगर लड़की पैदा करना है तो लड़की के बारे में सोचती है और अगर लड़का पैदा करना है तो लड़के के बारे में सोचती है .

नीलम: क्या ऐसा भी होता है माँ.

अलका: है हमारे नील प्लेनेट में तो ऐसा hi होता था लेकिन वह की सभी महिलाएं लड़किया hi पैदा करने के बारे में hi सोचती है क्योकि अगर लड़का पैदा हो गया तो किसी कारन पति की मौत हो जाने पर उसे hi अपना पति मन्ना पड़ता है इसमें उन्हें भी असहज महसूस होता है इसलिए जायदा तर महिलाएं लड़किया hi पैदा करती है हमारे नील प्लेनेट में लड़कियों की संख्या बहुत hi जायदा थी.

मई : तभी तो वह पर कई संख्या में पत्नी रखने का रिवाज है.

अलका: है.

नीलम : पर माँ आपने तो हम दोनों को पैदा करना चाहती थी कैसे.

अलका: मेरी भी इच्छा थी की मई भी लड़की को hi जन्म दू पर तुम्हारे पिता जी के कहने पर बेटे के बारे में भी सोचने लगी इसलिए तुम दोनों मेरी कोख में आ गए.

नीलम : तो क्या माँ आप भी टाइगर की पत्नी है.

अलका : है बेटी पति के मरने के बाद बीटा को hi पिता का पूरा अधिकार मिल जाता है, और मई भी अब दिल से इसे अपना पति मानती hu,chalo ये सब छोडो टाइगर को डांस के लिए पावर दे दू इसके लिए hi वो आया है .

नीलम : है माँ मई भी देखना चाहती हु की टाइगर को बिलकुल डांस नहीं आता वो पावर मिलने के बाद किस प्रकार डांस करेगा.

अलका : टाइगर धयान की मुद्रा में बैठ जाओ.

मई धयान की मुद्रा में बैठ गया और अलका भी धयान की मुद्रा में बैठ गया फिर अलका के सरीर से नीली रोशनी निकल क्र मेरे सरीर में सामने लगी कुछ देर बाद अलका ने hi मुझे आँखे खोलने को खा.

अलका: टाइगर मैंने तुम्हे पावर दे दी है अब तुम दोनों मुझे डांस करके दिखाओगे चलो दोनों खड़े हो जाओ मई सांग प्ले करती हु.

फिर मई और नीलम खड़े हो गए और अलका ने सांग प्ले क्र दिया पहले नीलम ने शुरुआत की फिर मई उसे देखते हुवे डांस करना स्टार्ट किया फिर भी उसके ताल से ताल मिला क्र डांस करने लगा अब मुझे नीलम को देखने की जरुरत भी नहीं पद रही थी ऐसा लग रहा था की हम इस सांग पर पहले से hi प्रेक्टिस क्र चुके है और डांस क्र रहे है दोनों एक साथ एक जैसे hi डांस क्र रहे थे इधर अलका भी सांग बदल बदल कर हमारी डांस देख रही थी कभी बांगड़ा कभी भारत नाट्यम तो कभी बोली वुड तो कभी हिप पॉप ऐसे hi कई गांव में हम ने डांस किया ,फिर सांग बंद हुआ.

अलका : बीएस अब तुमलोग को कोई टक्कर नहीं दे पायेगा तुम अब परफेक्ट डांसर बन चुके हो

फिर उसके बाद मई अलका से विदा लेकर घर आ गया नीलम व्ही रुक गयी रात में खाना खाने के बाद दोनों के साथ एक एक राउंड चुदाई के बाद हम सो गए .

सुबह मई अपने टाइम से उठा और जॉगिंग के लिए पार्क की तरफ निकल गया वह आज भी रचना और अपने कॉलेज की कई लड़किया दिखी मुझे देख कर रचना मेरे पास आयी मई भी उसे hi देख रहा था रनिंग करने के कारन t-shirt में छिपे उसके बूब्स ऊपर निचे हो रहे थे जब वो मेरे नजदीक आयी तब मैंने नजर वह से हटा ली .

रचना: गुड मॉर्निंग टाइगर.

मई : गुड मॉर्निंग रचना कैसी हो.

रचना: मई ठीक हु तुम कैसे हो .

मई: मई तो मज़े में गु ,आओ रनिंग करते हुवे बात करते है .

रनिंग करते हुवे रचना अपने मान. में सोचने लगी की मई इसी के लिए इतने तित t-shirt पहन कर आयी हु और ये तो मुझे देख hi नहीं रहा है.

मई: रचना ये टी शर्ट कुछ ज्यादा hi तित नहीं लग रही.

रचना : है वो क्या है की न माँ ने सभी कपडे दोने के लिए ले गयी थी इसलिए ये पहन क्र आ गयी .

जब हम रनिंग क्र के एक जगह रुके तो रचना थोड़ा जोर से साँस लेने लगी जिस कारन उसके बूब्स ऊपर निचे होने लगे मेरी नजर व्ही पर जैम सी गयी तब रचना मेरी तरफ देख क्र थोड़ा मुस्कुराते हुए बोली .

रचना : अच्छा लगा न .

मई हड़बड़ाते हुवे उसके चेहरे की तरफ देखने लगा .

रचना : तो रनिंग करने के बाद सुस्ताने पर अच्छा लगता है न.

मई : है है वो तो है .

मई उस से पीछा छुड़ाने के लिए कहा

मई : अच्छा रचना कॉलेज में मिलते है .

फिर मई वह से घर आ गया घर पहुंचा तो देखा दोनों उठ चुकी थी और किचन में नास्ता बना रही थी मई सीधा बाथरूम में घुस गया और नाहा दो क्र रेड्डी हो क्र दिंनिंग टेबल पर आ क्र बैठ फिर हम ने साथ में नास्ता किया और मई उन्दोनो के गाल पर किश क्र के निकल गया कॉलेज जाने के लिए घर के बहार बाइक के पास संध्या मेरा hi इंतजार क्र रही थी मई उसे लेकर निकल गया कॉलेज की तरफ संध्या दोनों पेअर क्रॉस क्र के बैठी हुई थी और वो जानबूझ क्र अपने बूब्स मेरे पीठ में दबा रही थी जिससे मेरा लुंड खड़ा होने लगा था.

मई : संधा ठीक से बैठो न.

संधया : क्यों क्या हुआ ठीक से तो बैठी हु .

मई : तुम्हारे ऐसा बैठने से मुझे प्रॉब्लम हो रही है.

संधया कहा प्रॉब्लम हो रही है मेरे सोना को .

मई :था (मई ने उसका हाथ पकड़ कर अपने लुंड पर कख दिया )

मेरे खड़े लुंड का अहसास होते hi संध्या ने अपना हाथ वह से हटा लिया और मेरे पीठ पर मुक्के मरने लगी .

संधया : गंदे कही के और कुछ नहीं सुझा तुम्हें .

मई हुस्ने लगा ऐसे hi हम लोग कॉलेज पहुँच गए , ग्राउंड में hi हमे साडी वानर सेना मिल गयी वह जाकर पता चला की आज सिर्फ डांस का सिलेक्शन होना है .

नीलम : टाइगर चलो सांग का सिलेक्शन क्र प्रेक्टिस क्र लेते है.

संधया : क्या तुम दोनों साथ में डांस क्र रहे हो.

मई : है मुझे नीलम ने hi डांस सिखाया है .

मई सब से बच क्र नीलम इसरा क्र दिया.

नीलम: है मैंने टाइगर को पूरा डांस स्टेप्स सीखा दिया है अब हमे कोई टक्कर नहीं दे सकता.

कविता : एक है जो तुम्हे टक्कर दे सकती है.

मई : कोण

कविता: काव्य......
 
अपडेट 153

कविता : एक है जो तुम्हे टक्कर दे सकती है.

मई : कोण

कविता: काव्य...

मई : क्या! काव्य पर उसे मैंने आज तक डांस करते हुवे नहीं देखा.

कविता : है पर वो डांस में मास्टर है अब तुम सुबह मॉर्निंग वाक के लिए जाते थे तब वो डांस किया करती थी रूम में ईरफ़ोन लगा के इसलिए तुम्हे पता नहीं चला .

नीलम : चलो फिर कोई तो टक्कर का मिलेगा बहुत मज़ा आने वाला है.

फिर हम सब कॉलेज के हॉल में आ गए जहा डांस के लिए लोगो को चुना जा रहा था अभी सीनियर्स का नंबर चल रहा था उसके बाद हम लोगो के नंबर लगने वाला था हम व्ही पर चेयर पर बैठ गए ये एक बहुत बड़ा हल था यही डांस का कम्पटीशन भी यही होना था.

नित्य एक कला है और इस कला को जो पूजते है वही जानते हैं मगर यहाँ कुछ लोग हैं जो इसे मजाक समझते हैं वैसे यहाँ भी हो रहा था कुछ अच्छे डांस कर रहे थे लेकिन बिच में ऐसे लोग भी आते थे जिनके डांस देखकर हसी भी ा जाती थी पता नहीं ऐसे लोग डांस को क्या समझते हैं यह वे hi जाने परन्तु जब से मैं नीलम के साथ डांस किया है है उसके बाद से hi hi मुझे ा ा डांस के लिए बहुत सम्मान बढ़ गया है.

फिर सीनियर का डांस हो गया अब हमारी बरी आने वाली थी धीरे धीरे सभी लोग अपना डांस परफॉरमेंस करने लगे फिर मेरी और नीलम की बरी ी हमने भी अपना डांस परफॉरमेंस दिया लोगों ने खूब तालिया बजे फिर काव्य की बरी ी का डांस देखकर कर लग रहा था की वो परफेक्ट डांसर है सब की आँखें बस उसी के ऊपर तिकी हुई थी , काव्य के डांस परफॉरमेंस के बाद भी लोगो ने खूब तालिया बजे फिर कुछ देर बाद अलका ने आकर सभी को बताया की जिन जिन लोगो को सेलेक्ट किया गया है उनमे फिर से एक बार डांस कम्पटीशन होगा और इस बार जो फोम में हम कहेंगे उस फोम में डांस करना है..

कुछ देर बाद फिर से डांस सुरु हुआ जिस ने जो फोम में डांस किया था उसका उल्टा hi फोम दिया गया था डांस करने के लिए जिसमे कुछ लोग तो ठीक क्र रहे थे लेकिन कुछ लोगो से तो किया भी नहीं जा रहा था क्योंकि वो लोग एक hi तरह के डांस सिख क्र आये थे फिर हमारी बरी आयी तो हम ने हिप पॉप डांस किया था और हम जोड़ी में डांस क्र रहे थे इसलिए हमे रोमांटिक डांस फोम मिला फिर क्या था क बेहद hi रोमांटिक सांग पर हम ने डांस किया सभी लोग बीएस हमे hi देख कर खो गए थे जब सांग ख़तम हुआ जब जाकर लोगो तन्द्रा बंद हुई फिर लोगो ने जोर से तालिया बजे.

फिर काव्य की बरी आयी उसने बॉलीवुड फोम में डांस किया था तो उसे अब क्लासिकल म्यूजिक पर डांस करना था जो उसने बखूबी किया किया सभी ने तालियों से उसका उत्साह बढ़ाया.

अब बरी थी रिजल्ट्स की थोड़े देर जजेस की माथा पच्ची के बाद अलका रिजल्ट्स लेकर हमे बताया.

अलका : डांस में भी जूनियर्स ने बजी मर ली है तो सब को पता है की डांस कम्पटीशन के लिए किसी एक को सेलेक्ट किया जाना है लेकिन यह हमे तीन लोग मिले है जिसने परफेक्ट डांस किया है और वो नाम है टाइगर नीलम और काव्य तो तुम तीनो को एक साथ डांस करना है डांस कम्पटीशन में आप लोग अपना देख लीजिये क्या करना है.

फिर सब लोग हॉल से जाने लगे मई और नीलम व्ही जा hi रहे थे की काव्य ने पीछे से मुझे आवाज दी .

काव्य: टाइगर .........कोंग्रटुलतिओन्स .

मई : तुम्हे भी .

काव्य: टाइगर मुझे तुम से अकेले में कुछ बात करनी है .

नीलम: ठीक है टाइगर मई बहार तुम्हारा वेट क्र रही हु.

नीलम के जाने के बाद काव्य मेरे पैरों के पास झुक कर कहने लगी.

काव्य: टाइगर प्लीज मुझे माफ़ क्र दो मई शेलफिश हो हो गयी थी जो तुम्हारे प्यार को समझ नहीं पायी तुम्हारा जिसके भी साथ जो रिश्ता है वो रहे लेकिन प्लीज मुझे अपना थोड़ा सा प्यार देदो अपने दिल में मेरे लिए थोड़ी सी जगह दे दो .

मई : अब बहुत देर हो चुकी है काव्य मई बहुत आगे बढ़ चूका हु .

काव्य: मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता की तुम कैसे हो और दीदी को भी तो अपने अपना लिया फिर मुझे क्यों नहीं.

मई: ठीक है पहले उठो और मेरे साथ चलो अभी कुछ फैसला मत करना मई तुम्हे कुछ बताऊंगा उसके बाद hi फैसला लेना की तब भी तुम्हे मुझे से प्यार है .

मई : और ये बताओ की तुम्हे डांस पहले से आता था , मैंने कभी नहीं देखा तुझे डांस करते हुए.

काव्य: है आता है पता नहीं क्यों मई कोई भी सांग सुनती हु तो मुझे अपने आप hi डांस करने लग जाती हु पर तुम्हे भी तो डांस नहीं आता था और ये तुमने अपने पावर से किया राइट.

मई : है ऐसा hi कुछ है पर तुम्हे मेरे पावर का कैसे पता

काव्य: दीदी बताती है तुम्हारे बारे में मेरे सामने रुम्हारा रोज गुणगान जो करती रहती है और इसलिए जान बुझ कर मैंने hi तुम्हारा नाम डांस कम्पटीशन में लिखवाया था .

मई: ओह्ह्ह्ह मतलब वो जबरदस्ती मेरा नाम तुम ने लिखवाया था पर क्यों.

काव्य: वो इसलिए क्योकि मई तुम्हारे साथ डांस करना चाहती थी मगर ये नीलम भी साथ में आ गयी.

मई : वो इसलिए क्योकि वो खूबी तुम्हारे अंदर है वो उसके अंदर भी है और अगर मई डांस hi नहीं करता तो .

काव्य: मुझे मालूम था तुम करोगे क्योकि कोई भी चैलेंज हो तुम उसको पूरा करते हो .

मई : चलो अब मेरे साथ .

फिर मई काव्य को लेकर हॉल से बहार आया और नीलम को बोलै की दीपिका , कविता और संध्या को लेकर घर आ जाओ और मैं काव्य को अपनी बाइक पर बैठा क्र घर आ गया.
 
अपडेट 154

फिर मई काव्य को लेकर हॉल से बहार आया और नीलम को बोलै की दीपिका , कविता और संध्या को लेकर घर आ जाओ और दिव्या को भी फ़ोन क्र के बुला लेना मैं काव्य को अपनी बाइक पर बैठा क्र घर आ गया.

कुछ देर में घर के हॉल में मैंने समिति को भी मैसेज क्र के बुला लिया था क्यों की वो भी मेरी पत्नी थी उसे भी सब मालूम होना चाहिए था और सब से मिल भी लेती.

मई : है तो मैंने आप सब को इसलिए क साथ यह बुलाया है क्योकि आप सब मुझ से प्यार करती है .

मेरे ऐसा बोलते hi सब लोग एक दूसरे को देखने लगे .

मई : आपमें से कुछ कुछ लोगो को hi पूरी बात पता होगी इसलिए मैंने सोचा की सब के सामने मई पूरी बात कहता हु ,यह जितने भी है वो मुझ से प्यार करती है और कैयो के साथ तो मेरी सदी भी हो चुकी है जैसे की rambh,sneha ,samita,sital,neelam दीपिका और कुछ लोग तो मेरे बच्चे की माँ भी बनने वाली है जैसे की सुमन, rambha,aur सीतल तो माँ बन hi चुकी है मई आप लोगो को अँधेरे में नहीं रखना चाहता इसलिए बता रहा हु ,मेरा जन्म भले hi पृथ्वी पर भले hi हुआ है मगर मेरा नाता नील प्लेनेट से है और नीलम का भी वह के सम्बन्ध के हिसाब से वो मेरी सगी बहन है और मिस अलका हमारी माँ है.

इतना सब सुन क्र संधया बोल पड़ी

संधया: मिस अलका आपकी सगी माँ है तभी मई सोचु की मिस अलका की भी आँखे तुम दोनों की तरह hi नीली है .

नीलम : है वो नील प्लेनेट के हिसाब से हमारी सगी माँ है.

फिर नीलम ने उन सभी को नील गृह के नष्ट होने से ा लेकर हम दोनों के पैदा होने तक की पूरी घटना सभी को सुना दे जो कुछ लोगों को तो पता थी लेकिन कुछ लोगों को नहीं पता थी.

काव्य: तो क्या तुम यह अपने सगी बहनो के साथ भी सदी करोगे तुम्हारे इतने चाहने वाले भी है और ऊपर से कई बिबिया भी है .

मई : देखो काव्य मुझे अपनी सक्तियो को पाने के लिए सदी करनी पड़ती है और मेरी जितनी जायदा सदी होगी उतनी hi मेरी ताकत बढ़ेगी और उसका कुछ अंश मेरी पत्नियों को भी मिलता है क्यों रम्भा सदी के बाद तुम में कुछ अलग सी ताकत महसूस होती है की नहीं.

रम्भा: शादी के बाद से मेरी ताकत और कई गुना बाद गयी है.

मई : रम्भा को छोडो रम्भा के पास तो पहले से hi शक्तियां थी समिति तुम बताओ शादी के बाद तुमने कुछ सकती महसूस की है की नहीं.

समिति : है शादी के बाद से मेरे अंदर एक आम लड़कियों से जयादा ताकत महसूस की है एक बार मुझे एक लड़का परेशान क्र रहा था तब मैंने उसे एक तमाचा मारा जिससे वो दूर जा गिरा और उसके दो डाट भी टूट गए थे .

काव्य: आपने बताया भी नहीं की आपने टाइगर से सदी क्र ली है.

समिति : मई तुझे सब बताना चाहती थी पर तू उस दिन के बाद से गुस्से में थी और मेरे साथ ठीक से बात भी नहीं करती थी मगर कविता को पता है .

मई : मुझे जब भी अपने सकती को हदिल करने जाना होता है तब मुझे सदी करनी पड़ती है.

दिव्या: मेरा नंबर कब आएगा?

मई : किस लिए .

दिव्या : सदी के लिए और किसके लिए ?

मई : ohh..maine सोचा...

सुमन : तुम आज कल उस बारे में बहुत सोचते हो घर में 2-2 बिबिया है रात में क्र लेना जो भी करना है.

नीलम : दीदी दुसरो को भी मौका दो क्या आप दोनों hi मजे लेती रहेंगी.

रम्भा: मैंने तो कभी इन्हे कुछ नहीं कहा जो वो बोलते है व्ही मई करती हु.

मई : देखो इसे कहते है संस्कारी बीबी जो सभी के बारे में सोचती है और आप सभी को कुछ कहना है तो बोल दो kavya,sandhya, दिव्या.

काव्य : मुझे कुछ नहीं कहना है मई बीएस अब से तुम्हारे बगैर रहना हिनहि है चाहे अब कुछ भी हो

संधया : मुझे तो सिर्फ टाइगर का प्यार मिल जाये व्ही बहुत है उसी के सहारे जिंदगी गुजर लुंगी.

दिव्या: मुझे तो अच्छा है जिंदगी भर मई अपनी बाँहों के साथ जो रहूंगी, मगर मुझे अपना नंबर लगवाना है शादी के लिए भी और उसके के लिए भी .

नीलम : ओहो दीदी कुछ जयादा hi आग है आपके अंदर जो इतनी उतावली हो रही हो यह तो हमारी शादी भी हो गयी है मगर सुहाग रात अभी तक नहीं हुई है.

दिव्या: मई सब से बड़ी हु मेरी उम्र भी तुम लोगो से जयादा है तो खुद सोचो कितनी आग होगी अंदर.

मई : सब अपने टाइम पर होगा जो भी होना है अब अगर किसी को कुछ नहीं कहना है तो कोई चाय पीला सकता है .

रम्भा: मई लती हु जी सब के लिए.

काव्य: रम्भा तुम बैठो आज टाइगर को मई अपने हाथों से चाय बना क्र पिलाऊंगी.

फिर काव्य चाय बनाने किचन में चली गयी और उसके पीछे संध्या भी चली गयी चाय के साथ कुछ और बनाने का बोल क्र, उनके जाने के बाद मैंने देखा कविता खामोश बैठी हुई थी कुछ बोल भी नहीं रही थी.

मई : कविता क्या सोच रही हो चुप चाप बैठी हुई हो .

कविता: टाइगर मई सोच रही थी की तुम सब से शादी करोगे तो घर वाले समाज वाले दुनिया वाले क्या कहेंगे समाज और दुनिया को छोडो घर वाले वो क्या मानेंगे.

मई : देखो कविता अभी तो उस बारे में मैंने कुछ नहीं सोचा है और जब इसका समय आएगा तब देखा जायेगा.

फिर हम सब के चाय पिने के बाद मैंने काव्य और कविता को घर भेज दिया क्योकि बुआ घर में अकेली थी समिति को यही रुकने का बोल दिया था इसलिए वो दोनों चली गयी कुछ समय बाद संध्या भी अपने घर आ गया बाकि तीनो बहने आज यही रात को खाना खा क्र जाने वाली थी वो लोग समझ तो गए थे की मैंने समिति को यह क्यों रोके रखा है ऐसे hi देखते देखते रात हो गयी सभी ने साथ में खाना खाया फिर वो तीनो नीलम दीपिका और दिव्या अपने घर के लिए निकल गयी फिर मई समिति को एक रूम में ले गया कुछ देर उसके साथ बात करने के बाद थोड़ी देर में आया बोल क्र दूसरे रूम में आ गया झा रम्भा और सुमन दीदी थी.

मई : आज रात मई समिति के साथ सो रहा हु तो आप दोनों सो जाना.

सुमन: क्या हम भी साथ नहीं चल सकते

मई: नहीं क्यों की आप दोनों के पास तो मई हमेशा रहता हु मगर उनके पास बहुत दिन हो गए है मुझे उन से प्यार किये हुवे इसलिए आज की रात पूरा उसका होगा.

रम्भा : कोई बात नहीं आप जाइये दीदी को आपके प्यार की जरुरत है.

फिर मई दोनों को किश क्र के समिति के पास आ गया
 
अपडेट 154 कंटिन्यू

जब मई रूम में गया तो देखा समिति में मेरा hi इंतजार कर रही थी बहुत hi सुन्दर लग रही थी समिति मई दरवाजा बंद कर के उसके पास धीरे धीरे जाने लगा मई उसके चाँद जैसे चेहरे को पकड़ कर

मई : समिति तुम सच में बहुत hi सुन्दर हो मेरा सौभाग्य है तुम मुझे मिली

इतना कह कर मैंने समिति क चेहरे पर झुकता गया और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए . समिति ने भी आज मेरा साथ देते हुए मुझे किश करना शुरू कर दिया . मैंने समिति के सर के पीछे अपना हाथ रख कर पश्नल्ली किश करना शुरू किया तो समिति का किश करना भी एक डैम वाइल्ड होता गया. अब समिति के हाथ भी मेरे सर क पीछे थे और मेरा दूसरा हाथ उसके नरम मुलायम गोलों पर .

समिति के बूब्स को दबाता हुआ मैं उसे किश करने में hi बिजी था और समिति मेरे साथ ज्यादा से ज्यादा चिपक कर अपने बूब्स मेरे सीने घुसा रही थी. हमारी ऑंखें बंद थी और साँसे उखड रही थी. जैसे hi सांस लेने क लिए मैंने किश तोड़ी तो मेरी नज़र समीरा पर गयी . वो ज़ोर ज़ोर से साँस ले रही थी और उसका सीना ऊपर नीचे हो रहा था. चेहरा गुलाबी से लाल हो रहा था. हमारी नज़रें आपस में मिली तो मैंने फिर से उसे किश करना शुरू कर दिया. समिति भी मेरा साथ दे रही थी और इस बार मैं उसकी ऑंखें में देखता हुआ किश कर रहा था. एक बार फिर से हम दोनों वीलडली किश करने लगे और मैंने अपने दोनों हाथ उसके कूल्हों पर ले जाकर उसे थम लिया और ऊपर उठाते हुए अपनी गॉड में ले लिया. समिति ने भी अपने पाऊँ मेरी कमर पर कास लिए और मैं उसे आहिस्ता से बिस्टेर पर लेटने क बाद मैं ऊपर हुआ और अपनी T-shirt उतर दी. समिति मदहोश आँखों से मुझे और मेरी छोड़ी छाती को देख रही थी. उसने अपने हाथ बढाकर मेरी छाती पर लगा दिए और मैंने. उसके हाथ को पकड़ कर चूम लिया. मैं समिति की टांगों क बीच था और मैंने उसके दोनों पाऊँ को पकड़ कर ऊपर उठाते हुए उसके पाऊँ को चुम लिया.

मई : आपके पाऊँ कितने कोमल हैं , आप सर से पाऊँ तक प्यार करने क लायक हैं.

समिति : ऐसी बातें मत करो मुझे शर्म अति है

मई : आप कब से शर्माने लगी..

समिति ने अपना चेहरा हाथों में छुपा लिया और मैंने उसके पाऊँ को चूमते हुए कन्धों पर रखा और उसकी कमर में हाथ दाल कर सलवार को पकड़ा. सलवार में लास्टिक लगी थी तो उतरने में आसानी हो गयी और समिति ने भी अपनी कमर को थोड़ा सा उचका कर मेरी मदद की . सलवार को पाऊँ से अलग कर क मैंने बीएड पर फेंक दिया और उनकी गोरी दूधिया टंगे नंगी हो गयी.

समिति ने अपनी टंगे अपने पेट से लगा ली . केले क तने सी सफ़ेद मुलायम जांघें हाथों में लेते hi मुझे उसकी कोमलता का एहसास हो रहा था . गुलाबी सलवार क नीचे गुलाबी पेंटी उसके खजाने को छुपाये हुए थी जिसे मैं एक बार पहले भी कई बार भोग चूका था पर आज बात और थी . मैंने पेंटी को दोनों तरफ से पकड़ कर उतरने की कोशिश की तो एक बार समिति ने रोका मगर मैंने पेंटी को उसके जिस्म से अलग कर दिया . समिति ने फिर से टंगे सिकोड़ ली थी. मैंने उसकी टांगों को पकड़ कर खोला तो उसकी छूट सामने आ गयी मगर अगले hi पल उसने हाथ से उसे फिर से छिपा लिया

मई : अब मुझसे क्यों छुपा रही हैं आप ? क्या आप नहीं चाहती क मैं इसे प्यार करूँ ?

समिति: मुझे शर्म आ रही है . पहले की बात और थी मगर अब तुम हमेशा कहा मिलते हो .

मई: आज मैं आपको वो ख़ुशी दूंगा जिससे साडी करार उतर जाएगी.

इतना बोल कर मैंने समिति के हाथ उसकी छूट क ऊपर से हटाए और उसकी गोरी गुलाबी रंगत वाली छूट क ऊपर झुक कर अपने होंठ उस पर लगा दिए

समिति : आआह्ह्ह्हह कक्ककक्कक्स ओह टट्ट्टिगेररर उम्म्म्म ी लोवव यू....

समिति की छूट मेरे होंठ लगते hi पानी या गयी. जो इस बात का सबूत था क वो भी अंदर से इस पल को कितना एन्जॉय कर रही थी. मैंने अपनी एक उंगली से छूट को कुरेदते हुए अपनी जीभ छूट में अंदर बहार करनी शुरू कर दी. समिति के जिस्म में वाइब्रेशन शुरू हो गयी. धीरे धीरे उसकी सिसकारियां बढ़ने लगी और उसके हाथ मेरे सर पर चलने लगे. मैं लगातार उसकी छूट को चाट ता जा रहा था और उसकी सिसकारियां पूरे कमरे में गूंजने लगी. वो अपनी कमर को उठाने लगी और मेरा सर अपनी छूट पर दबाने लगी .

समीरा: आआअह्ह्ह्हह कक्कक्क्स आअह्ह्ह्ह उनममम ये क्याआ आअह्ह्ह्हह जादू कर रहे हो कक्कक्क्स उन्न्नन्नं मैं गयी आआह्ह्ह्हह आह्ह्हह्ह्ह्ह आअह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्हह उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ एआइइइइ मायआ आआअह्ह्ह्हह ओह्ह्ह टाइगर.....

इसके साथ hi समिति का पानी निकल गया और मैं उसकी छूट का रास निचोड़ता गया. पानी निकलने क कुछ पल बाद उसका बदन ढीला हुआ और मेरा सर उसकी जांघों की पकड़ से आज़ाद हुआ. समिति ऑंखें बंद किये इस पल का मज़ा ले रही थी और उसके स्तन ऊपर नीचे हो रहे थे. मैंने अपनी पेण्ट भी उतर कर एक साइड रख दी और अंडरवियर उतर कर लैंड को आज़ाद कर दिया जो कब से अकड़ रहा था . मैं फिर से समिति की जांघों में बीच आ गया और उसकी गोरी चिकनी जांघों को चूमने लगा. समिति वैसे hi पड़ी रही. फिर मैंने पोजीशन बनाते हुए समिति की कमर के नीचे तकिया रखा और अपने लैंड को उसकी छूट पर सेट किया . समिति ने ऑंखें खोल कर मुझे देखा , उसकी आँखों में लाल डोरे नज़र आ रहे थे. समिति ने एक नज़र मुझे देखा और फिर अपनी छूट पर सलामी दे रहे मेरे लैंड को. बिना कुछ कहे समिति थोड़ा सा ऊपर हुई और अपनी कमीज निकल कर साइड में रख दी और फिर से लेट गयी. मैं समझ गया वो कमीज भी उसे तंग क्र रहे थे इसलिए उसे निकल कर अपने जिस्म को आजाद क्र दिया

मैंने फिर से समिति और अपनी पोजीशन सेट की और उसकी टंगे अपने कन्धों पर रख कर लैंड का सूपड़ा छूट पर सेट कर क हल्का सा पुश किया. सूपड़ा छूट में फिट हो गया तो मैंने एक माध्यम वेग से धक्का मर कर आधा लैंड छूट में घुसा दिया.

समिति: आआह्ह्ह्हह्ह कक्कक्कक्स उम्मम्मम तुम्हारा इतना बड़ा क्यों है आआह्ह्ह्हह कक्कक्स पिछली बार मेरी हालत पतली हो गयी थी आआह्ह्ह्हह कक्कक्क्स

मई : ये ऐसा hi है . वैसे आप भी तो कई बार इसे ले चुकी हो फिर भी और आप इतनी खूबसूरत है की मई अपने आप को कैसे रोक पता हु मई hi जनता हु.

समिति : सायद बहुत दिन हो गए है तुमसे प्यार किये हुवे इसलिए ऐसा लग रहा hai.Tum ऐसी बातें करते हो तो कुछ कुछ होता है मत करो न

मई : मैं तो वही कह रहा हूँ जो सच है. मैं दिल से आपकी खूबसूरती का कायल हो गया था आपको देखते hi . आपसे प्यार हो गया था उस समय मुझे कुछ भी नहीं आता था मगर आपने hi मुझे सब सिखाया है

समिति : तुम बड़े तेज़ हो सब जल्दी शिख गए मुझे अब बातें hi करोगे या जो शिखाया है वो क्र के भी दिखाओगे.

समिति की बात पूरी होने से पहले hi मैंने लैंड को थोड़ा सा पीछे किया और एक और एक और प्रहार कर दिया. इस बार पूरा लैंड छूट की गहराईयों में उतर चूका था . छूट में लैंड पूरा तिघ्टलय फिट हो चूका था. समिति के चेहरे पर पीड़ा क भाव आ गए थे और मुँह खुला हुआ था जैसे वो दर्द बर्दाश्त करने की कोशिश कर रही हो.

समिति : आआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह माआआआ जान hi निकल दी तुमने . ाआईईईई कक्कक्कक्स कोई ऐसे करता है क्या? थोड़ा आराम से नहीं कर सकते . माआआ इतना दर्द तो आअह्ह्ह्हह ककक पहली रत में तो मई मरते मरते बची थी.

मई : आपको देख कर मैं खुद पर काबू नहीं रख प् रहा हूँ. आप सच मच बहुत खूबसूरत हैं और कोई चुदाई से भी मरता है क्या?

उसकी आवाज बहार दूसरे रूम तक जा रही थी जहा सुमन और रम्भा सो रहे थे , सो क्या रहे थे आवाज शूम क्र उनकी छूट भी गीली होने लगी थी.

मैंने समिति पर झुकते हुए उसके स्तनों को ब्रा से खींचकर बहार निकला और बरी बरी से दोनों स्तनों को मुँह में लेकर चूसने लगा. समिति मेरे सर को अपने स्तनों पर दबाने लगी . कुछ hi पलों में समिति अपनी कमर हिलने लगी तो मैंने कमर हिलनी शुरू कर दी. समिति के मुँह से मज़े की सिसकियाँ निकलने लगी

समिति : आअह्ह्ह्ह ुकम्म्म कक्कक्स आआह्ह्ह्ह ऐसे hi करो उम्म्म्म उफ्फ्फफ्फ्फ़ आआआह्ह्ह्हह्ह ऐसे करते रहो मेरे टाइगर.

मैं लगातार धक्के मरते हुए उसके बूब्स मसल रहा था और साथ hi उसके पाऊँ को चूम रहा था जो मेरे कन्धों पर थे. समिति इतनी मस्ती में आ गयी क खुद hi पाने बूब्स मसलने लगी और कमर उठाने लगी .

समिति : आअह्ह्ह्हह कक्कक्स उम्म्म्म और तेज़ करो कक्कक्स उम्म्म आआअह्ह्ह्ह और तेज़ मैं होने वाली हूँ आआह्ह्ह्ह ककक आअह्ह्ह आह्ह्ह्ह ाहः आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह

एक बार फिर से समिति का पानी निकल गया और मेरा लैंड उसकी छूट में था उसके छूट रास में नाहा गया. समिति का जिस्म कुछ देर झटके खता रहा और फिर शांत हो गया. मैंने छूट से लैंड बहार निकला और समिति को पलट कर उल्टा कर दिया. अब मेरी आँखों क सामने पहाड़ो की तरह सर उठाये उसके बड़े बड़े चूतड़ थे जिन्हे देख कर मेरा मन मचलने लगा. पहले भी मई समिति की गांड नहीं ले पाया था . मैंने झुक कर उसके चूतड़ों पर किश किया और बाईट भी कर दी. मैंने चूतड़ों को फैला कर गांड का सुराख़ देखा जो हल्का भूरा था मगर छोटा सा. मैंने उस पर थूक लगाकर अपनी एक उंगली वहां डाली तो समिति पूरी की पूरी हिल गयी .

समिति : प्लीज वहां मत करो मैं वहां नहीं ले सकती .

मई : प्लीज सिर्फ एक बार , मुझे आपकी ये खूबसूरत गांड बहुत पसंद है. मैं एक बार यहाँ से करना चाहता हूँ.

समिति: प्लीज अभी नहीं , मैंने कभी वहां करने का सोचा भी नहीं है तुम्हारा तो ये लुंड भी कितना बड़ा है. इसके लिए तो बहुत म्हणत करनी पड़ेगी मई खुद तुम्हे वह करने के लिए कहूँगी पर अभी नहीं प्लीज

मैंने सोचा ठीक है अभी नहीं तो बाद में दे देगी आखिर है तो मेरी hi बीबी आखा जाएगी बच क्र ये सोच कर मैंने एक hi बार में अपना लुंड पूरा समिति के छूट में उतर दिया. .

समिति: आआअह्ह्ह्हह कक्कक्क्स जानवर मत बनो प्लीज आराम से करो आआह्ह्ह्हह मैं कहीं भागी नहीं जा रही .

मैंने दोनों हाथों से समिति की कमर को थमा और धक्के मरने शुरू कर दिए . कुछ hi पलों में समिति भी रंग में आ गयी और अपनी कमर पीछे को ठेलने लगी. मेरे धक्कों से समिति के चूतड़ थिरक रहे थे और कमरे में ‘ थापपपप थापपपपप थापपपपप ‘ की आवाज़ें आ रही थी. समिति का कामर्स उसकी छूट से बह कर उसकी जाँघों से होता हुआ घुटनो तक आ रहा था. मैं अपनी मस्ती में लगा धक्कों की स्पीड बसता जा रहा था. एक बार फिर से समिति का पानी निकल गया और वो थक कर बीएड पर गिरने लगी तो मैंने उसकी कमर थम कर ताबड़तोड़ धक्के मरने शुरू कर दिए . अब मैं भी अपना पानी निकलना चाहता था.

समिति : आयआईईई आआअह्हह्ह्ह्हह छोड़ दो मुझे जलन होने लगी है प्लीज रुक जाओ

मई : आअह्ह्ह उम्म्म्म मेरा भी होने वाला है बस थोड़ी देर और

मैंने पूरी जान लगते हुए आखिर क तेज़ धक्के मरे और समिति की छूट में अपना पानी निकलना शुरू कर दिया . समिति औंधे मुँह बीएड पर गिरी पड़ी थी. मैं अपना पानी निकलने के बाद समिति के साथ hi बीएड पर लेट गया. हम दोनों पसीने में भीग चुके थे. कुछ देर ऑंखें बंद कर क हूँ अपनी साँसे दुरुस्त करने में लगे रहे .

थोड़ी देर बाद हम एक एक क्र के बाथरूम में जाकर फ्रेश हुवे और बिस्तर पर आकर लेट गए उसके बाद हम ने एक बार और सेक्स किया फिर सो गए मुझे भी कॉलेज जाना था सुबह और समिति भी पूरी थक चुकी थी.
 
Back
Top