Incest The Tiger - Page 19 - SexBaba
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Incest The Tiger

अपडेट 134

घर में आते hi महिमा सीधे अपने रूम में चली गयी मैं भी जाकर अपने रूम में लेट गया क्यूंकि रात मुझे जागना था इसलिए आराम करना भी जरुरी था.

इधर वो साइंटिस्ट अपने खतरनाक मंसूबा को अंजाम देने में लगा था वह और उसका एक असिस्टेंट दोनों पूरी जी जान से लगे हुए थे वो उस जिव के खाने पिने के बारे में रिसर्च कर रहे थे साइंटिस्ट का असिस्टेंट पेंसिल उस जिव की तरफ बढ़ता है और यह क्या वह जीव तो पुरे पेंसिल खा गई और पेंसिल खाने के बाद उस जिव के आकर थोड़ा बढ़ गया.

असिस्टेंट: सर ये देखिये इस जिन ने तो पूरी पेंसिल hi निगल ली और पेंसिल खाने के बाद इसका आकर और बढ़ गया.

साइंटिस्ट: ी can't बिलीव आईटी ऐसा भी कर सकता है चलो और देखते हैं की क्या क्या खा सकता है.

पीर साइंटिस्ट और उसके असिस्टेंट कई तरह के चीजें जीव को खिलाई जिससे उसका आकर धीरे धीरे बढ़ने लगा अब एक 10 साल के बच्चे के सामान हो गया था.

वो जिव लकड़ी प्लास्टिक कूड़ा कचरा सब कहा जाता था साइंटिस्ट का रिसर्च सफल हुआ था इसलिए वो दोनों लैब को बंद करके घर चले जाते है

उधर रात 9:00 बजे मेघा मुझे उठाने आती है.

मेघा: दो भैया रात के 9:00 बज गए हैं मम्मी डिनर के लिए बुला रही है.

मई : तुम चलो मैं फ्रेश हो क्र आता हूँ.

फिर मैं फ्रेश होकर डाइनिंग टेबल के पास गया और और फिर हमने साथ में खाना खाया आज महिमा का चेहरा मुरझाया हुआ था मुझे मालूम था ऐसा क्यों hi फिर भी मैं चुपचाप खाना खाया थोड़ी देर मौसी से बात की फिर मैं वह से निकल गया और एक टैक्सी लेकर मैं जगु के लिए हुए अड्रेस पैर पहुंचा वहां बहुत चहल पहल थी लेकिन यह जगह बहुत पुराणी सी लग रही थी जैसे कोई बंद पड़ा हुआ मिल हो पर मुझे क्या जैसे जैसे मैं अंदर गया वैसे वैसे मुझे शोर की आवाज़ ा रही थी उस जगह के अंदर पूरी रौशनी थी ऐसा लग hi नहीं रहा था की यह कोई बंद पड़ा हुआ मिल है जब मैं सोर की दिशा में अंदर गया तो क्या देखता हूँ एक बहुत hi बड़ा फाइट रिंग था और बहुत सरे लोग उसको चारो तरफ से घेरे हुए थे और जिस पैर उन लोगों ने पैसा लगाया है उसका नाम ले ले क्र चिल्ला रहे थे.

मैंने भी सोचा एक बार देख लेता हु की यह क्या होता है .

रिंग के अंदर एक आदमी जो बॉडी बिल्डर लग रहा था वह रिंकेश चरों और अपने हाथ ऊपर करके चला रहा था कभी रिंकी दूसरी तरफ से ा एक आदमी आया जिसके चेहरे पैर नकाब था और हाथों में एक को करि थी और इनके अंदर आया और खोपड़ी को अपने दोनों हाथों में मसलकर चुरा कर दिया अपना मास्क निकल कर बहार फेंक दिया यह तो एक कला चाँद जैसा लग रहा था फिर भी आया और मैच स्टार्ट हुई वह बॉडीबिल्डर जैसा आदमी उसे सैंड जैसे आदमी को मरे जा रहा था प्रसाद को तो कुछ प्रभाव hi नहीं पद रहा था जब वह बॉडी बिल्डर आदमी मर मर के थक गया तब उसे सैंड ने ा उसके शेर को पकड़ा और दोनों हाथों से दबा दिया वह बॉडीबिल्डर जैसा आदमी सीखने लगा तड़पने लगा उसके मुँह और नाक से फूल बने लगा कुछ देर तक वह चटपटा चटपटा रहा फिर उसने डैम तोड़ दिया किधर लोगों की भीड़ का जो था वह थम गया क्यूंकि वह बॉडीबिल्डर जैसा दिखने वाला आदमी मर चूका था और लोगों ने उसी पैर पैसे लगाए थे जो जीते वह ख़ुशी मन रहे थे तभी एक आदमी मेरे पास आया और कहा चलो तुम्हे जगह भाई ने बुलाया है जब मैं उसके पीछे पीछे शर्दी चढ़ते हुए एक केबिन में पहुंचा वहां कई सरे मॉनिटर लगे हुए थे जो अलग अलग कमरे को दिखा रहे थे अब मैं समझा इसलिए मुझे कमरे में देखकर hi मुझे बुलाया है.

जग्गा: हाँ तो बोल लड़के मुझे जोहनी भाई से मिलाना है मगर क्यों.

मई : ये तो मई जॉनी भाई से मिलकर hi उसे बताऊंगा की मुझे उनसे क्यों मिलाना है.

जग्गा: जॉनी भाई से ऐसे कोई जाकर नहीं मिल सकता खास उसके लिए तुम्हें कुछ करना होगा तब मैं खुद तुम्हे जोहनी भाई के पास ले चलूँगा.

मई : क्या करना होगा मुझे.

जग्गा: काल मैं तुम्हारी फाइट देखि थी इसलिए तुम यहाँ के फाइटर व्होलेसलेर डोज और जीतो गए तो इनाम hi मिलेगा और जॉनी भाई से मिलाने का मौका भी मिलेगा कहो तैयार हो

मई : है मैं तैयार हूँ.

तभी जग्गा भाई के आदमी एक लड़का और और एक लड़की को लेकर आये जिसके हाथ पीछे से बंधे हुए थे.

गुंडा: भाई यह दोनों सरकारी जासूस हमारी जासूसी करने आये थे इन लोगों ने हमारे कई आदमियों को भी मार दिया है हमने बड़ी मुश्किल से इन्हे पकड़ा है अब इसका क्या करना है.

जग्गा: इन सेल सरकारी जासूस की ऐसी की तैसी एक काम करो इन दोनों को पीछे गोडाउन में ले जा क्र बंद दो इन दोनों का फैसला जॉनी भाई करेंगे लड़की तो अच्छी लग रही है मेरे ख्याल से जोहनी भाई भाई इस लड़की को भी बाकि लड़कियों की तरह बेच देंगे जो आज रात कंटेनर के द्वारा शिप में लोडे होकर विदेशों में ले जा क्र बच्चे जाएंगे.

फिर वो लोग उन एजेंट्स को लेकर चले गए और फिर जग्गा में अपने आदमियों से खा.

Jagga:suno बे इस लड़के की एंट्री एकदम धांसू होनी चाहिए क्या नाम है भाई तेरा.

मई : टाइगर.

जग्गा : है तो इसका नाम होगा थे टाइगर ये भी एक फाइटर है और फाइटर का मई दिल से सम्मान करता हु.

इधर रिंग में वो कला सैंड दहाड़ रहा था तभी डिस्प्ले बोर्ड में नाम अन्तर होता है

टी









थे टाइगर

फिर रिंग में मेरी एंट्री होती हैरंग बिरंगे लाइट जल रही थी और 1 फ्लैशलाइट मुझ पर पढ़ रही थी टाइगर का मास्क लगाए हुए रिंग में आया सभी लोग शोर मचा रहे थे टाइगर टाइगर...... .....

रिंग में एक अल्लोवान्केर आया और बोलने लगा - दोस्तों अब रिंग में आ चुके है थे टाइगर जो अब फाइट करेंगे जोकोबा से और मुकाबला होगा पिंजरे में दोस्तों जल्दी से देव लगावो और मॉल कमाओ ....

फिर बेल्ल बजती है और फाइट स्टार्ट होती है जोकोबा पहले की तरह चुप चाप खड़ा हो गया क्यों की वो सामने वाले फाइटर को पहले थकता था फिर उसको मरता था .

मई : सेल तू सब की खोपड़ी तोड़ता है न ले अब अपनी खोपड़ी सम्हाल .

ये बोल क्र मई उछाल क्र एक लत उसके सर पर मारा ,लत पड़ते hi वो अपनी जगह से पीछे चला गया और झल्ला पर मुझ पर वर करने लगा मई जल्दी से उसके वर से बच क्र पिंजरे पर चढ़ा और व्ही से उसके नक् को निशाना लगा क्र कूद गया मेरा पंच पड़ते hi उसका नक् फुट गया और वो व्ही गिर गया मई उसके साइन पर बैठ गया और उसके चेहरे पर मुक्को की बरसात क्र दी पर फिर भी उसने अपनी ताकत जुताई और मुझे दूर धकेल दिया, वो किसी तरह उठा मगर वो अपना सर की पकडे हुए था और आँखों को भी मसल रहा था क्योकि चेहरा तो पूरा उसके खून से सना हुआ था खैर वो किसी तरह खड़ा हो गया मई भी एक कोने में पिंजरे पर चढ़ क्र उसका इंतजार क्र रहा था की वो कब मेरे पास आये .

वो अपनी आँखों को मसलते हुए मेरे करीब आया मई फिर से एक पंच उसके थोबड़े में दे मारा वो फिर से फिर गया अब इसका आखरी समय आ गया था मई एक कोने में गया और दौड़ते हुए उसके सर को फुटबॉल की तरह एक किक मारा नतीजा ये हुआ की उसके गर्दन की हड्डी टूट गयी और वो व्ही ढेर हो गया रेफरी आया और उसे मारा हुआ घोसित क्र दिया

चारो तरफ टाइगर टाइगर के सोर से गूंजने लगा मई भी सोच रहा था की अब मुकाबला ख़तम हो गया अब मई जोंनि भाई तक पहुँचू सकता हु यह पर मई अपनी ताकत का इस्तमाल नहीं करना चाहता था क्यों की मई अपने आप को एक आम आदमी hi दिखाना चाहता था.

मगर इधर जग्गा में कुछ और hi सोच रहा था पिंजरे के ऊपर उठते hi मई रिंग से बहार आने hi वाला था की तभी.............
 
अपडेट 135

मई रिंग से बहार आने hi वाला था की तभी उस मिछ वाले भाई ने फिर से बोलना सुरु क्र दिया - टाइगर का मुक़ाबला होगा दो करते चैंपियन से तो तैयार हो जाइये दोस्तों देव लगाने के लिए, जल्दी से अपने देव लगाइये और डबल कमाइए जी है डबल.

तभी रिंग में दो फाइटर आये जो करते करते हुवे आ रहे थे हम तीनो आमने सामने आये तब रेफ़री आया और बेल्ल बजने का इसरा किया अभी मई कुछ समझ पता उससे पहले hi वो दोनों अपने करते के देव पेज मुझे पैर दिखने लगे दोनों ने एक साथ मुझ पर हमला क्र दिया और दोनों ने ऐसी लत मरी की मई सीधे रिंग राशि से जाकर टकराया ,मेरा दिमाग ख़राब हुआ मई वह से उठा और एक को मैंने लत मरी वो रिंग के कोने में गिरा और दूसरा जो मुझे लत से मर रहा था उसकी एक तंग को पकड़ क्र पटक दिया जैसे धोबी धोबीघाट में कपड़ो को पटकता है वो उठ hi नहीं पता दूसरा जो गिरा हुआ था वो उठ क्र मेरे पास आया और अपने साथी की ऐसी हालत देख क्र वो गुस्से में अपनी पूरी स्पीड के साथ मुझ पर वर करने लगा मई उसके हर वर को ब्लॉक और रहा था ,जिससे वो और गुस्से में आकर एक गलती क्र दी मुझे मरने का समय दे दिया मई एक पंच उसके जबड़े के निचे मारा जिससे वो ऊपर उछाला और उसी समय मैंने कूद क्र एक लत उसके पेट में दे मारा नतीजा ये हुआ की वो रिंग में बड़ी तेजी के साथ रिंग में गिरा और बेहोस हो गया ,

फिर से लोग टाइगर टाइगर बोल क्र चिल्लाने लगे तभी एक स्वोर्डमास्टर रिंग में आये वो अपनी तलवार से कला बजी करते हुए आ रहा था ,मई समझ गया अब इससे लड़ना होगा मुझे ,उसके पास तलवार था और मई निहत्था, तलवार तो मई भी ला सकता था अपनी सकती से लेकिन मई ऐसा नहीकर सकता था क्योकि मई लोगो के नजर में एक आम आदमी hi बने रहना चाहता था .

फिर रेफ़री आया और फाइट सुरु हुई इसबार उसने कोई जल्द बजी नहीं दिखाई पहले तो वो तलवार लेकर मुझे देखते हुवे एक राउंड घुमा फिर मुझ पर वर करने लगा मई उसके वर से बचने लगा और ऐसा मौका तलाशने लगा की मई उस और वर क्र saku,ek बार उसका वर मुझे लगा मेरे बाजु को तलवार से कट लग गया और वह से खून बहने लगा , खैर उसकी चिंता मुझे नहीं थी क्यों की वो अपने आप खून रुक जायेगा और घाव भी अपने आप hi भर जायेगा वह फिर से मुझ पर ताबड़तोड़ बहार करने लगा मैं ठीक इसी तरह उसके वॉर से बच रहा था एक बार जब वो मुझ पर वॉर करने के लिए हुआ वैसे hi बच क्र मैंने एक लत उसके पेट में दे मरी जिससे वो निचे झुक गया फिर मैंने पेअर से उसके सर को मारा जिससे वो पीछे हो क्र फॉर गया मई तुरंत जाकर उसका वो हाथ दबा दिया जिससे वो तलवार पकड़ा था जब मैंने उसके हाथ को अपने पेअर से दबाया तब उसके हाथ से तलवार छूट गयी फिर मैंने वो तलवार रिंग के कोने में फेक दिया और फिर उसके बालो को पकड़ा और उसके थोबड़े में मुक्को की बरसात क्र दी वो बाँदा भी व्ही ढेर हो गया.

फिर से रिंग के चारो तरफ टाइगर टाइगर बोल क्र चिल्लाने lge,thodi देर तक मई व्ही रुका हुआ था ये देखने की अब कोण आता है.

मैं उस गेट की तरफ देख रहा था झा से ये सभी फाइटर आये थे तभी ऐसा लगा जैसे रिंग रहा है और रेफ़री तो गिरते गिरते बचा जो लोग चिल्ला रहे थे वो सब चुप हो गए क्यों की अब जो फाइट करने आ रहा था नाइके बूजो जो 10 फ़ीट लम्बा सरीर भी बलिस्त था देखने से hi राक्छस लग रहा था भरी भरकम सरीर लिए हुए ये विदेशी राक्छस जब चलता हुआ आ रहा था तब रिंग भी हिलरहा था एक बार तो रेफ़री भी गिरते गिरते बचा फिर जब वो मेरे पास आया तब रेफ़री ने बेल्ल बजने का इसरा किया मगर ये क्या जैसे hi बेल्ल बजी उस विदेशी राक्छस ने उस रेफ़री को ऐसा मारा की वो सीधा रिंग से बहार गिरा और बेहोस हो गया फिर वो विदेशी राक्षस धीरे धीरे मेरी और बढ़ने लगा मैं धीरे धीरे पीछे हटाता हुआ रिंग से जा टकराया अब मेरे पास पीछे हटने का कोई रास्ता नहीं था तब मुझे एक तरकीब सूझी मैं उसके दोनों टांगों के बिच से उसके पीछे जा निकला वह अपनी मुट्ठी मसलता हुआ पीछे मुंडा फिर वो मेरी और धीरे धीरे बढ़ने लगा मैं उसके पास गया और और उसके पेट में अनगिनत घुसे मरे पैर उससे कोई फर्क नहीं पड़ा फिर उसने जोर से मुझे धक्का मारा मई रिंग के रूप से जा टकराया मेरी तो हालत hi ख़राब हो गई वह फिर मेरे पास आया और मुझे उठाकर रिंग से बहार पाठक दिया वह तो अच्छा हुआ की मैं रिंग के बहार खड़े हुए लोगों पैर जा गिरा नहीं तो पता नहीं मेरी कितनी हड्डी टूट जाती फिर वो विदेशी रक्षक रिंग से बहार कूद गया और जो भी उसके पास आता वो उसे मारता हुआ आगे बढ़ रहा था सभी लोग इधर उधर भागने लगे उस विदेशी रक्षा के आगे जो भी आता उसे वह मरते हुए आगे बढ़ रहा था चरों तरफ अफरा तफरी का माहौल हो गया इसी का फायदा उठाकर मैंने जोहनी भाई के कुछ आदमियों को मार दिया वह विदेशी राक्षस मुझे hi धुंध रहा था तभी मेरे दिमाग में एक आईडिया आया की मैं सभी के नजरों से दूर इस रक्षा को ले जाऊं और अपनी तलवार से इसका गर्दन hi उदा दू फिर मैं उसे रक्षा के पास गया और हवा में जम्प लगते हुए उसके सर को मारा वह कुछ कदम पीछे खता बाकि उससे कोई फर्क नहीं पड़ा वह मेरे पास आया और मुझे ा फिरसे मारा मैं हवा में उड़ता हुए उसे बंद पड़ी हुई फैक्ट्री में मैं एक ऐसे जगह पैर जा गिरा जहाँ लकड़ी का प्लाई लगा हुआ था और बहुत शलो से लगे हुए होने के कारन वह कमजोर हो गए थे इसलिए मैं सीधे निचे जगीरा और वो रक्षक भी मुझे ढूंढते हुए निचे कूद गया अब यहाँ कोई नहीं था नाही लोगों के भीड़ थी और नहीं जॉनी भाई के आदमी थे मैं अपनी तलवार को यद् किया वह मेरे हाथों में ा गया जब वो राक्षस मेरी और बढ़ा मैं हवा में उड़ गया वो राक्षस थोड़ी देर के लिए दर गया फिर भी वो लड़ने के लिए तैयार था मेरे पास जायदा समय नहीं था इसलिए मैंने तुरंत hi उस राक्षस का सर धड़ से अलग क्र दिया वो बिना सर के कुछ दूर चल क्र जमीं में ढेर हो गया मई अफरा तफरी का फ़ायदा उठा क्र जोंनि भाई के सभी आदमियों को ढूंढ ढूंढ क्र मरने लगा फिर मई जग्गा के पास गया वो अपने केबिन में बैठा हुआ था और सभी कमरों के जरिये मुझे ढूंढ रहा था मैं उसके केबिन में गया और वहां जितने भी आदमी थे उनके सर धड़ से अलग कर दिया और जग्गा के गले में अपनी तलवार रख क्र पूछा.

मई : अब बता ये जोंनि भाई मुझे खा मिलेगा नहीं तो तेरा भी अंजाम तेरे इन टट्टुओ की तरह होगा.

जग्गा: तुम ने उस विदेशी राक्छस को भी मर दिया ये तो न मुमकिन है, खैर तुम्हे जोंनि भाई से मिलना है न तो मई मिलता हु न वो यह के गोडाउन में है , मुझे छोड़ दो मैं तो साधारण सा आदमी हु.

मई: ठीक है चलो अगर तुम ने जरा भी होशियारी की तुम्हारा भी अंजाम ठीक नहीं होगा .

फिर मई जग्गा के पीछे पीछे चलने लगा कुछ दूर चलने के बाद बहुत बड़ा हॉल मिला ये बहुत hi भव्य तरीके से सजाया गया था वह बहुत hi बड़ा था गोदान जैसे लग रहा था लेकिन वो गोडाउन जैसा नहीं था क्यूंकि यहाँ बहुत hi बड़ा ऑफिस था जो जोंनि भाई यह से पूरी सिटी को यहाँ से कण्ट्रोल करता है इसलिए यह कोई मामूली गोदाम नहीं था मई जग्गा के साथ चल रहा था साथ hi ये भी देख रहा था की कितने और आदमी है यह के सभी आदमियों के पास एक-47 था जब हम जोंनि भाई के ऑफिस में पहुंचे तो जोंनि में जग्गा को देख क्र कहा .

जोंनि: है जग्गा बोलो कुछ काम था और ये कोण है तुम्हारे साथ.

जग्गा: भाई ये टाइगर है इसने हमारे सभी फाइटर को मर दिया है और ये आप से मिलना चाहता था.

जोंनि: क्या सभी फाइटर को मर दिया इसने पर ये कैसे हो सकता है उस सेल विदेशी राक्षस को भी मर दिया इसने कैसे हो सकता है मुझे तो विश्वास hi नहीं हो रहा है ठीक है जगा तुम बहार जाओ मई बात करता हु इस से .

फिर जग्गा वह से निकल जाता है अब वह मई और जोंनि hi थे.

जोंनि: तुम तो देखने में 20-25 साल के लग रहे हो फिर तुम में इतनी ताकत कहा से आयी की तुम ने मेरे सभी फाइटर को मर दिए कही से स्पेशल ट्रेनिंग ले रहे हो क्या या फिर कुछ और बात है.

मई : देखो मई तुम्हे ये सब बताने नहीं आया हु मुझे बीएस मेरी संध्या लौटा दो मई चुप चाप चला जाऊंगा यह .

जोंनि: ओह लड़की का मामला है लवर है क्या ,जानते हो ये सब जो मई क्र रहा हु वो भी इन्ही लड़कियों की वजह से क्र रहा हु जानते हो मई पहले ऐसा नहीं था मई भी तुम्हारी तरह hi जब जवान था मैंने भी बहुत लड़किया पाते पर जब उन्हें छोड़ने की बरी आती तब मेरा लुंड छोटा होने के कारन उनकी छूट की गहराई तक नहीं जा पता था इसलिए लड़की ये बोल क्र भाग जाती थी की पहले अपना लुंड को बड़ा क्र लो फिर छोड़ने के सपने देखना, जानते हो मई हार्ट हुआ था उस दिन फिर बाद में जब मैंने अपने दोस्तों को ये बात बताई तो पहले तो वो लोग भी हसे मुझ पर फिर उनलोगो ने मुझे बताया की लुंड को भी बड़ा किया जा सकता है आज कल सब हो जाता है फिर मैंने आर्डर से लुंड बड़ा करने की दवाई मागै लेकिन मई जयादा बड़ा लुंड करने के चक्कर में जयादा hi दवाई खा ली नतीजा ये हुआ की लुंड तो बड़ा हो गया मगर मेरा लुंड उठाना hi बंद हो गया बहुत इलाज कराया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ और इन सब का जिम्मेदार मई इन्ही लड़की जाट को मंटा हु तब से मैंने ये निश्चय किया की मई नहीं छोड़ सकता तो क्या हुआ लेकिन जो लड़किया येजो प्यार मोहब्बत के चक्करो में रहती है न हम इन्हे उठा लेते है और फिर इनका सौदा क्र देते है बहुत साडी लड़किया तो तुम्हारे जैसे मजनू hi लेट है अब क्या बताऊ तुम भी एक हफ्ते रुक जाओ उसके बाद मई तुम्हारी संध्या को तुम्हे लौटा दूंगा वैसे तुम कहा से आये हो अरे भाई बताओगे तभी तो पता चलेगा न की कोण संध्या है .

मई: उसे तुम लोगो ने देहरादून से उठाया है.

जोंनि: ओह है देहरादून वाली लड़की पर उसको तो उसके किसी आशिक में मुझे फ़ोन क्र के बुलाया था और उसका सौदा तो दुबई के एक शेख से हुआ है जब उस शेख का मन भर जायेगा तो तुम्हारी संध्या तुम्हे मिल जाएगी अब तुम भी यह से जाओ मुझे और भी काम है .

मई: मई यह से बिना संध्या को लिए नहीं जाऊंगा चाहे कुछ भी हो जाये.

तब जोहनी ने अपनी जेब से गन निकल क्र मुझ पर तन दिया तब मैं भी अपनी तलवार उसे दिखा दी वो मुझ पर फायर किया मैंने अपनी तलवार से उसके गोली को रोक दिया उसके बाद उसने लगातार मुझ पैर फायरिंग स्टार्ट कर दे मैं उसके हर गोली को अपनी तलवार से रोक रहा था जब उसके गन की गोली ख़तम हो गयी तब उसने अपने बहार खड़े हुए आदमियों को आवाज़ लगाई उसके आदमी दौड़ते हुए अपने हाथों में एक 47 ले क्र दौड़ते हुए आये और जोहनी भाई ने मुझ पैर गोली चलने का हुकुम दिया फिर क्या था वहां पैर जितने भी लोग थे और सब मुझमें पैर गोली चलने लगे मैं भी अपनी तलवार को पूरी स्पीड में घुमा रहा था उन लोगों की एक भी गोली मुझे नहीं लग रही थी धीरे धीरे करके सभी इ की बन्दुक और से गोलियां ख़त्म हो गई फिर क्या था अंधाधुन सबके सर कांत दिया मैंने, यह देख कर जोंनि सभी आदमी मर रहे हैं वह भागने लगा लेकिन मैं उसे देख लिया मैं उसके पीछे डोरा उसके उसको बचने के लिए तीन चार आदमी हाथों में तलवार लिए तेरे सामने ा गए उन लोगों ने तलवार से ा मुझ पर हमला किया लेकिन मैं भी इ अपनी तलवार से ा के तलवारों को दो टुकड़ो में कर दिया और उसके बाद उनके सर hi उदा दिए फिर जोंनि जिस तरफ भगा था मई उड़ते हुए उसके सामने जाकर खड़ा हो गया.

जोंनि: तुम तो अभी वह थे यह कैसे आ गए इतनी जल्दी.

मई : मौत से भी कोई बच सका है भला जो तुम बच जाओगे.

जोंनि: मुझे छोड़ दो मैं सभी लड़कियों को आजाद क्र दूंगा तुम्हे जितना भी पैसा चाहे मई दूंगा बीएस मुझे छोड़ दो .

मई : पहले संध्या कहा है ये बता.

जोंनि : संध्या और बाकि सभी लड़किया गोडाउन के अगले हिस्से में है जहा से उन्हें कंटेनर में लोड क्र के बहार भेजा जाता है ,अब मुझे छोड़ दो.

मई : तुझ जैसे इंसान को जिन्दा रख क्र मुझे पंप का भागीदार नहीं बनना इसलिए तुझे तो मरना होगा .

ये बोल क्र मैंने उसके बॉडी को दो टुकड़ो में बाँट दिया.

फिर मई गोडाउन के अगले हिस्से में गया इनसभी चीजों के दौरान मैंने अपने चेहरे से मास्क नहीं उतरा था, वह पहुंच क्र मैंने देखा की वो दो अफसर थे जिनमे से एक लड़की थी मुझे ऐसा क्यों लग रहा था की मई उसे जनता हु खाई मैंने पहले उन्दोनो को छुड़ाया फिर उनसे पूछा की बाकि और जो लड़किया है वो कहा है तब उन्होंने एक कंटेनर की तरफ इसरा किया जो ट्रक में लोड हो चूका था मई कंटेनर की तरफ जा hi रहा था की वह पर जग्गा आ गया .

जग्गा : भाई मैंने hi ट्रक को रुकवाया है मई भी फॅमिली वाला हु और ये सब छोड़ना चाहता था मगर जोंनि भाई के दर की वजह से छोड़ नहीं पाया जब उस दिन आपने सभी जोंनि भाई के आदमियों को मारा तभी मई समझ गया था की आप hi है जो जोंनि भाई को उसके अंजाम तक पंहुचा सकते है .

मई : ठीक है अब से अच्छी जिंदगी जीना और है अपने भाई पर भी थोड़ा धयान देना.

जग्गा : ठीक है भाई अब मई चलता हु और है इस पुरे गोडाउन को उदा दो क्यों की यह बहुत से गैर क़ानूनी सामान है जोंनि भाई के ऑफिस में एक बटन है उसे दबाते hi 10 मिनट्स बाद ये पूरी जगह धमाकों के साथ उड़ जाएगी.

ये बात वो दोनों अफसर भी सुन रहे थे तब उनमे से एक जो लड़का था वो वह से चुप चाप खिसक गया फिर मैंने कंटेनर का गेट खोला तो देखा की सभी लड़कियों को बेहोस क्र के रखा गया है मैंने उनमे संध्या को तलाशने लगा वो एक कोने में पड़ी हुई थी मैंने उसे बहार निकला और उस लेडी अफसर को कहा की -

मई : ये लड़की मेरे सहर की है इस लिए मई इसे अपने साथ लेकर जाऊंगा आप लड़कियों को सब से पहले यह से बहार निकालो फिर बाद में इन सब को उनके घर पंहुचा देना मई इस जगह को उड़ने वाला हु तो जल्दी से यह से निकलो .

लेडी अफसर: पर तुम कोण हो जोंनि भाई और उसके आदमियों का क्या हुआ .

मई : वो सब नरक में चले गए .

ये बोल क्र मई संध्या को अपनी गॉड में उठा क्र ले गया उस लेडी अफसर ने तुरंत ट्रक को स्टार्ट किया और गोडाउन से बहार की तरफ निकल गयी मई जोंनि भाई के ऑफिस में गया और वह पर एक रेड कलर का एक बड़ा सा स्विच था उसे दबा दिया फिर मई संध्या को लेकर वह से उड़ गया और कुछ दूर जाकर एक बिल्डिंग के ऊपर जाकर रुक गया 10 मिनट बाद एक के बाद एक कई धमाके हुए जिससे पूरा सहर दहल गया फिर मई संध्या को लेकर मस्सी के घर आ गया तब सुबह के 5 बज चुके थे संध्या को बिस्तर पर सुला क्र मई व्ही चेयर पर बैठ क्र आज जो कुछ भी हुआ उस के बारे में सोचने लगा
 
अपडेट 136

सोचते सोचते कब मेरी आँख लग गयी मुझे पता hi नहीं चला रूम के बहार कुछ आवाज़ हुई तब मैं नींद से जगा फिर दरवाजा को धीरे से खोल कर देखा यह तो सामने मौसी ब्लाउज और पेटीकोट में मैं झुक कर झाड़ू लगा रही थी झुकने के कारन की बड़ी बड़ी गांड साफ़ पता चल रही थी फिर जब झाड़ू लगते लगते पलटी तब ब्लाउज से उनकी बड़े बड़े बूब्स झूल रहे थे इस उम्र में भी इ मसि के बूब्स ढीले नहीं लग रहे थे अचानक उन्हें एहसास हुआ की यहाँ कोई और भी है तब उन्होंने सामने मुझे देखा एक पल के लिए तो वह हड़बड़ा सी गई तब तुरंत उन्होंने अपने आप को संभाला और मुझसे कहा-

मौसी: इतनी जल्दी उठ गए बीटा रात को कितने बजे आये .

मई : मैं तो अभी अभी hi आया हूँ मसि तो सोया hi नहीं.

मौसी: कोई बात नहीं बीटा अभी सो सकते हो या फिर बाद में आराम क्र लेना जैसे तुम्हारी मर्जी.

मई : बाद में सो जाऊंगा मौसी अब तो सुबह हो गई है.

मौसी: ठीक है जाओ हाथ मुँह धो लो मई अभी चाय लेकर आयी.

फिर मसि वहां से अपने रूम में चली जाती है और मैं बाथरूम की तरफ चला जाता, फेसबुक मैं बहार आया और डाइनिंग टेबल पैर जाकर बैठ गया तभी मौसी मेरे लिए चाय लेकर आती है अब उन्होंने सदी पहन ली थी चाय पीने के बाद मसि कहती है जाओ बीटा उन दोनों को भी उठा दो तब तक मैं तुम लोगों के लिए नाश्ता बनती हूँ.

फिर मैं पहले महिमा के रूम में गया तो देखा सोते हुए महिमा कितनी मासूम लग रही थी और कितनी प्यारी भी दिख रही थी मेरा तो दिल आया की अभी जाकर उसके होठों को चुम लूँ पैर मैंने अपने आप को कण्ट्रोल किया अगर मैं मैं उसे चुम भी लेता तब भी महिमा कुछ नहीं कहती क्यूंकि वह मुझसे प्यार करने लगी थी पैर वह मेरे बारे में अभी कुछ नहीं जानती थी इस लिए उसे थोड़ा समय देना था पहले तो मैं महिमा को आवाज़ देकर उठाया लेकिन वो नहीं थी फिर मैं उसके बाजु को पकड़कर हिलाया तब उसने सोने दो न मम्मी बोलकर फिर से सो गई तब मैं दोबारा उसे आवाज़ देकर उसके बाजु को हिलाया तब जाकर वह ुति और मुझे अपने सामने देख क्र उसके चेहरे पैर मुस्कराहट आ गई.

महिमा: तुम्हारा चेहरा देख लिया आज मेरा दिन सही जायेगा बीएस एक चीज की कमी है वह मिल जाए तो और क्या चाहिए.

मई : क्या?

महिमा : गुड मॉर्निंग किश मिल जाये तो और क्या कहने.

मई : ये कुछ बहुत जोड़ा हो रहा है महिमा चलो अब उठ जाओ मौसी बुला रही है.

महिमा: प्लीज बीएस एक किश hi तो मांग रही हु लवर वाला न सही फ्रेंड वाला hi दे दो .

तब मैं उसका चेहरा दोनों हाथों में लिया तब महिमा ने अपनी आँखें बंद कर ली मैं धीरे से एक किश उसके माथे पैर दे दिया और उसका चेहरा छोड़ दिया महिमा ने तुरंत अपनी आँखें खोली.

महिमा: ये क्या था ?

मई : बीएस इस से जायदा मई और कुछ नहीं करूँगा मई मेघा को उठाने जा रहा हु तुम भी जल्दी से फ्रेश होकर निचे ा जाओ.

महिमा: मई इसी से काम चला लुंगी, (धीरे से) ी लव यू.

फिर मई मेघा के रूम में गया और जैसे hi दरवाजा खोला तो मैं क्या देखता हूँ मेघा ने जो निघ्त्य पहन राखी थी वह थोड़ी ऊपर उठ चुकी है और और मेघा की ब्लैक कलर की पैंटी मुझे साफ दिख रही मैं अपने मन में सोचने लगा ये लड़की भी न एक डैम बच्चों जैसी है कुछ होश नहीं रहता इससे एक वो है महिमा जो मुझे देख कर अपना दिन अच्छा होने वाला है कह रही थी एक मैं हूँ जिसे सुबह से अलग hi चीज के दर्शन हो रहे हैं पता नहीं आज मेरा दिन कैसा जायेगा फिर मैं मेघा के पास गया और एक चादर से पहले मेघा को ढाका फिर जाकर मेघा को देखा वह कितनी मासूम लग रही थी बिलकुल बच्चों जैसे hi सो रही थी तब मैं धीरे से उसके गाल पैर एक छोटा सा किश किया फिर उसे जगाने लगा मेघा ने जब मेरी आवाज सुनी तो धीरे से अपनी आँखों को खोल क्र देखा फिर मेरा हाथ पकड़ क्र बिस्तर पर खींच लिया.

मेघा: आप भी सो जाओ और मुझे भी थोड़ा सा सोने दो.

मेघा ने मुझे अपने से पूरी तरह चिपका दिया था मेघा के दोनों बूब्स मेरे साइन से दबे हुए थे मई अपने मन में सोचने लगा की ये लड़की एक दिन मेरा कबाड़ा क्र के hi मानेगी, थोड़ी देर तक तो मई भी वैसा hi रहा फिर मई धीरे से उस से अलग हुआ और फिर उसे भी उठाया

मई : चलो अब उठ जाओ मौसी बुला रही है तुम्हे स्कूल भी जाना है और जल्दी आना मई डाइनिंग टेबल पैर तुम्हारा इंतजार करूँगा.

फिर मैं वहां से वापस आता डाइनिंग टेबल पैर बैठ गया कुछ देर बाद धीरे धीरे करके दोनों बहाने भी ा गई फिर मसि ने हम सभी के लिए ब्रेकफास्ट लगाया मई ब्रेकफास्ट करते हुवे कहा.

मई : मशीन मेरा यहाँ का काम अब ख़त्म हो गया है मैं एक दो दिन में हाथ से चला जाऊंगा.

मसि: बीटा अभी तुम्हे आये हुए भी तो इतने दिन नहीं हुए हैं और तुम इतनी जल्दी जाने की बात कर रहे हो और कौन सा काम था बीटा जो तुम अभी तक मुझे बताया भी नहीं.

मसि : मसि मेरी एक फ्रेंड है जिसे यह के जोंनि भाई ने किडनैप क्र लिया थे उसे hi छोड़ने मई यह आया था वो लोग उन्हें दूसरे देशो में बेचने जा रहे थे सही समय पर मई उसे बचा लिया और यह पर ला लिया.

मसि: यह पर ! लेकिन वो अभी है कहा.

मई : उसे बेहोसी की दवा दी गयी थी जिससे वो अभी भी सो रही है एक बार दवा का असर ख़त्म हो जाये फिर वो उठ जाएगी वो अभी रूम में hi सो रही है.

मेघा: पर भैया आप इतनी जल्दी चले जाओगे मैंने तो अभी आपको अपना सहर घुमाया hi नहीं है.

मई : ा रे पागल मई अभी थोड़ी न जा रहा हु दो दिन बाद जाऊंगा आवर कल संडे है तो कल मुझे घुमा देना ठीक है .

फिर ब्रेकफास्ट के बाद सब बे जाकर संध्या को देखा जो दवा के असर से सो रही थी महिमा और मेघा दोनों अपने स्कूल और कॉलेज के लिए निकल गए मसि भी मुझे आराम करने को बोल क्र मार्किट चली गयी मई भी एक रूम में जाकर सो गया .

जब मई सो रहा था तब दूसरे रूम में सो रही संध्या की नींद खुली वो इधर उधर देखने लगी उसे मालूम था की उसे दुबई के एक शेख को बेच दिया गया है रूम और बिस्तर को देख क्र वो ये सोच बैठी की वो अब दुबई आ चुकी है ये सोच क्र वो रोने लगी कुछ देर रोने के बाद वो सोचती है की यह से निकलने का कोई रास्ता तो होगा hi ये सोच क्र वो अपने आँशु पोछ क्र धीरे से दरवाजे को खोलती है , दरवाजा खुल जाता है तब वो अपना सर धीरे से दरवाजे के बहार निकल क्र देखती है उसे कोई भी नहीं दिखाई दिया तब वो छुपते हुए हॉल में पहुंची तभी उसकी नजर हल में लगे हुए तस्वीरों पर पड़ी उसे देख क्र वो असमंजस में पद जाती है की वो दुबई में है या कही और ,तब वो इधर उधर चेक करती है फिर उसे कन्फर्म हो जाता है की वो अभी भटट में hi है ,ये सोच क्र की वो अभी भी भारत में hi है वो थोड़ी खुस हो जाती है तब वो जानना चाहती है की वो कहा पर है इस लिए फिर वो इधर उधर चेक करने लग जाती है और इसी चक्कर में मैं उसके हाथ से एक फ्लावर part निचे गिर जाता है जिसकी आवाज़ से मेरी नींद खुल जाती मैं यह सोच कर तुरंत हॉल मैं आता हूँ की कहीं चोर तो नहीं घुस गया तब मेरी नज़र संध्या पैर पड़ती है मैं धीरे से उसका नाम पुकारता हूँ तब संध्या मुद कर मेरी तरफ देखती है मुझे देखने के बाद उसकी ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं था वह मेरी तरफ दौड़ते हुए चली आती है और मेरे गले से लग जाती है .

संध्या : मुझे मालूम था मुझे बचने तुम hi आओगे बहुत hi तकलीफ दी इनलोगो में मुझे मई बता नहीं सकती मई कितना रोइ हु.

फिर वह मुझसे अलग होती है hi और पूछती है-

संध्या: ये कोण सो जगह है ? और वहां और भी बहुत सी लड़किया थी उनलोगो का क्या हुआ ? और उन गुंडों का क्या हुआ?

मई : बीएस बीएस बीएस इतने सरे सवाल एक साथ पूछोगी तो मई कैसे बता पाउँगा आओ बैठ क्र आराम से मई तुम्हे सब बताता हु की वह क्या हुआ .

हम व्ही हॉल के सोफे पर बैठ गए.

संध्या: अब बताओ मुझे की क्या हुआ.

मई : हम्म.. ये मुंबई है और तुम इस वक्त मेरी मसि के यह हो रोके से मुझे पता चला की तुम्हे उसने जोंनि भाई को बेच दिया है तब मई तुम्हे ढूंढते हुए यह पर आया फिर मैंने सब को मर क्र तुम्हे और बाकि सभी लड़कियों को बचाया वो सभी अब तक अपनी घर भी पहुंच गयी होंगी और मई तुम्हे यह ले आया.

........... बाकि अगले अपडेट में
 
अपडेट 137

मई : हम्म.. ये मुंबई है और तुम इस वक्त मेरी मसि के यह हो रोके से मुझे पता चला की तुम्हे उसने जोंनि भाई को बेच दिया है तब मई तुम्हे ढूंढते हुए यह पर आया फिर मैंने सब को मर क्र तुम्हे और बाकि सभी लड़कियों को बचाया वो सभी अब तक अपनी घर भी पहुंच गयी होंगी और मई तुम्हे यह ले आया.

संध्या: पर तुम ने उनसब को मारा कैसे वो लोग तो बहुत थे एयर तो और उनके पास गन भी थी .

मई ; देखो संध्या मैंने तुम्हारे प्यार को भी इसीलिए एक्सेप्ट नहीं किया था की तुम मेरे बारे में कुछ भी नहीं जानती मई कोण हु कैसा हु तुम्हे कुछ भी नहीं पता पर आज मई तुम्हे बता रहा हु अगर तुम ने मुझे सच्चा प्यार किया है तो इसे अपने तक hi रखना अब सुनो मैंने भले hi इस पृथ्वी पर जन्म जरूर लिया है और मेरी असली पहचान नील प्लेनेट से है मेरे माता पिता ने मेरे जन्म से पहले hi मुझे यह पृथ्वी पर आरती माँ के गर्भ में भेज दिया था मेरे पास असामान्य सकती है जैसे मैं हवा में उड़ सकता हु मेरे घाव भी तुरंत भर जाये है मेरी आँखों को hi देख लो ये मेरी तरफ सब को सम्मोहित करती है मेरे पास एक तलवार भी है जिसे मई जब भी यब करता हु तब वो मेरे हाथो में आ जाती है ये देखो ( ये बोल क्र मैंने अपनी तलवार को यद् किया और वो मेरे हाथो में आ गया) ये तलवार कोई मामूली तलवार नहीं है ये चट्टानों को भी काट सकता है इसी की मदद से मैंने उनसब गुंडों को मारा है और इनसभी सक्तियो को पाने के लिए मुझे विवाह करना पड़ता है अब तक मेरी बहुत साडी पत्निया हो चुकी है और आगे भी हो सकती है अब बोलो क्या अब भी तुम मुझ से प्यार करना चाहोगी.

संध्या: क्या उनसब को भी तुम्हारे बारे में पता है.

मई : है उनसभी को मेरे बारे में पूरा पता है और मई भी सब को बराबर प्यार करता हु.

संध्या: अगर उनसब को कोई फर्क नहीं पड़ता तो मुझे क्यों फर्क पड़ेगा मई भी तो तुमसे अपनी जान से जायदा प्यार करती हु ी लव यू.

मई : ी लव यू तू संध्या.

वो अभी किश करने के लिए मेरी तरफ बढ़ने hi वाली थी की दरवाजे पर आहात हुई, मैंने तुरंत संध्या को रोका और जल्दी से कहा -

मई : देखो ये मेरी मसि का घर है तो प्लीज यह सिर्फ दोस्त जैसी hi रहना ठीक है.

संध्या: ok

दरवाजे पर मसि थी जो मार्किट से सामान खरीद क्र आयी थी.

मसि : भगवान् का सुकर है की तुम्हे होस आ गया बेटी बहुत समय से तुम सो hi रही थी अब कैसा लग रहा है.

संध्या: अब ठीक हु आंटी बीएस नहाने का मान क्र रहा है कई दिनों से नहीं नहीं हु लेकिन मेरे पास कपडे नहीं है.

मसि: कोई बात नहीं बेटी यह मेरी बेटियों के कपडे है न चाहो तो तुम उस में सी कुछ पहन सकती हो.

संध्या: थैंक्स आंटी.

फिर संध्या नहाने के लिए चली गयी और मई सोने के लिए चला गया जब मेघा और महिमा आ गयी थी तब संध्या ने मुझे उठाया और खाने के लिए बुलाया फिर हम सब ने खाना खाया ,खाने के बाद मैंने सभी को कहा की आज शाम हम लोग घूमने चलेंगे तो मसि ने ये कह क्र मन क्र दिया की मेरे कमर में दर्द है तुम लोग चले जाना फिर ये डीडे हुआ की मसि घर पर रहेंगी बाकि हम सब घूमने चलेंगे .

फिर शाम को सब रेडी होकर घर से निकल गए हम ने एक टैक्सी ली और सब से पहले मॉल गए वह मैंने ुन्तीणो को बोल दिया की जाओ अपने मन से जो भी लेना हो ले लो तीनो चली गयी अपने लिए ड्रेस खरीदने मई बीएस उनलोगो को देख रहा क्यों की मई जनता था की ये लड़किया बहुत समय लगाती है एक ड्रेस खरीदने में कुछ देर बाद संध्या और महिमा अपनी अपनी ड्रेस लेकर ट्रायल रूम में चली जाती है लेकिन मेघा व्ही पर रुकी रहती है मई देख रहा था की उसे कुछ पसंद hi नहीं आ रहा था तब मई उसके पास गया.

मई क्या हुआ मेघा तुमने अभी तक ड्रेस सेलेक्ट नहीं की .

मेघा: भैया मुझे तो कुछ समझ में hi नहीं आ रहा की क्या लू आप hi सेलेक्ट क्र दो न.

मई : मई ! अच्छा ठीक है रुको .

फिर मैंने सेल्स गर्ल को एक ड्रेस दिखा क्र उसे लेन को कहा तब उसने वो ड्रेस हमारे पास लेकर आयी उसे देख क्र मेघा खुस हो गयी.

मेघा: वाओ भैया कितनी अच्छी ड्रेस है मई अभी ट्रायल क्र के आती हु आप भी आओ आप मुझे बताना की मई कैसी लग रही हु.

मई : मुझे आने की क्या जरुरत है जाओ वह संध्या और महिमा तो है hi वो बता देंगे तुझे.

मई अभी इतना hi बोलै था की महिमा और संध्या वापस आ चुकी थी.

संध्या : हमने ड्रेस ले की है अब मई महिमा के साथ अपने मेकअप का कुछ सामान खरीद लेती हु तुम भी अपने लिए कुछ ले लेना.

मेघा: लो ये लोग भी चली गयी अब आप hi बचे हो अब आप hi चलो मेरे साथ .

अब मई क्र भी क्या सकता था चला गया उस के साथ .

उस ने ट्रायल रूम में मुझे भी अपने साथ ले गयी फिर अपने कपडे उतरने लगी , मुझे तो अब तक समझ में नहीं आया था की ये जान बुझ क्र ऐसा करती है या फिर सच मच में hi ये अभी पूरी तरह नादाँ है, खैर ये तो अच्छा था की उसने ब्रा की जगह सिमिज पहना था और पंतय भी इंडियन स्टाइल वाला था बड़ी साइज का फिर भी उसे देख क्र मेरा लुंड जरूर खड़ा हो गया था .

फिर उस ने ड्रेस पहन क्र मुझे दिखाया मई ठीक है क्र के बताया और वह से ये कह क्र निकल गया की तुम चेंज करके आ जाना .

मेघा : भैया आप ने मेरी ड्रेस सेलेक्ट की अब आप के लिए मई कपडे लुंगी .

फिर ढेर सरे कपडे देखने के बाद उस ने बहुत hi खूबसूरत कपडे मेरे लिए सेलेक्ट किया.

फिर सभी बे अपने लिए कुछ और सामान लिए उसकेबाद वह से निकल गए एक टैक्सी ली और निकल क्र मुंबई दरसन के लिए गेटवे ऑफ़ इंडिया, मरीन ड्राइव, जुहू बीच और भी बहुत सरे जगहों पर घुमा हम ने फिर हम ने एक अच्छा सा रेस्टोरेंट देख क्र वह खाना खाया फिर निकल गए घर की तरफ बहुत समय हो गया था रात के 11 बज गए थे घर जाते hi मसि ने हमे थोड़ा बहुत सुने की देर रात तक नहीं घूमते वगेरा वगेरा .

उसके बाद फिर सोने की बरी आयी तो रूम तो तीन hi थे और बिस्तर मसि के रूम में hi डबल बीएड था बाकि तीन सब सिंगल the,tab मसि ने दिसिडे किया की मई आज उसके साथ सो जाऊ कुछ बात भी हो जाएगी मेरे साथ फिर क्या था मई चला गया मसि के साथ और बीएड पर जाकर बैठ गया, मसि आयी और उन्होंने अपनी सदी निकल क्र बीएड पर आ गयी मई उन्हें hi देख रहा था तब मसि ने hi मुझसे कहा-

मसि - बीटा वो क्या है न मुझे ऐसे hi सोने की आदत हो गयी है तुम्हे कोई प्रॉब्लम तो नहीं है न.

नहीं मसि मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है चलिए सोते है रात बहुत हो गयी है.

फिर मई पलट क्र सो गया इधर वो साइंटिस्ट अपने एक्सपेरिमेंट को आज पूरा तैयार करना चाहता था इसलिए वो और उसका असिस्टेंट दोनों पूरी जी जान से लगे हुए थे ुसजिव को प्लास्टिक कचरा hi खिला रहे थे क्यों की भारत में प्लास्टिक hi सब से जायदा उपयोग होता है , इसलिए वो प्लास्टिक खा खा क्र 7 फ़ीट का हो गया था तब साइंटिस्ट अपने असिस्टेंस को बोल क्र उस केबिन से बहार निकल क्र कंप्यूटर पर कुछ प्रोग्राम क्र रहा था तब उसे कुछ आहात hi सुनाई पड़ी तब को फिर से केबिन के पास जाता है तो क्या देखता है की वो जिव उस असिस्टेंट पर अपना विषैला जहर छोड़ रहा है और वो असिस्टेंट तड़प रहा है तब साइंटिस्ट ने एक गन निकली और पूरी की पूरी गुर उस जिव के ऊपर खली क्र दी पर उस जिव को कोई फर्क नहीं पड़ा फिर उसने तेज धार वाले हथियार से उस पर कई वर किये यह तक की उसका हाथ भी दो टुकड़ो में काट दिया पर देखते hi देखते उसका हाथ फिर से वापस आ गया ये देख क्र साइंटिस्ट के चेहरे पर कुटिल मुस्कान आ गयी और वो अपने असिस्टेंट की बॉडी को लेकर लैब में चला जाता है और वो वह जाकर उस जहर को चेक करता है तब वो क्या पता है की इस जहर का कोई तोड़ hi नहीं बना है अभी तक तब वो साइंटिस्ट जोर जोर से हसने लगता है .

साइंटिस्ट: हाहाहा मुंबई वासियो कल तुम लोग तबाही के लिए तैयार हो जाओ कल मेरा ये अविष्कार पुरे मुंबई को तबाह करने के लिए आ रहा है हाहाहा.

इधर सुबह को सबसे पहले महिमा उठती है फिर संध्या , महिमा सोचती है की आज माँ को क्या हुआ जो अभी तक हमे उठाया भी नहीं, फिर वो अपने बाजु में सो रही मेघा को जगाने का प्रयास करती है लेकिन वो उठने का नाम hi नहीं लेती तब वो रूम से बहार निकलती है तो देखती है की संध्या भी उठ चुकी थी तब वो अपने माँ के रूम की तरफ जाती है और दरवाजा खटखटसलाती है तब उसकी माँ की नींद खुलती है तब वो देखती है की वो और मई दोनों नंगे थे तो उसने तुरंत मुझे चादर से ढाका फिर उसने अपने कपडे पहन क्र दरवाजा खोला.

महिमा: क्या माँ आप तो पहले कभी इतनी देर तक नहीं सोइ फिर आज कैसे .

Masi:vo क्या है न बीटा मई और टाइगर देर रात तक बाटे क्र रहे थे इस लिए लेट से सोये इसलिए उठने में लेट हो गया सॉरी बीटा.

महिमा: कोई बात नहीं माँ वैसे भी आज संडे है तो सब चलता है आप फ्रेश हो जाओ तब तक मैं चाय बना देती हु.

बाकि नेक्स्ट अपडेट में......
 
अपडेट 138

महिमा: कोई बात नहीं माँ वैसे भी आज संडे है तो सब चलता है आप फ्रेश हो जाओ तब तक मैं चाय बना देती हु.

महिमा वह से किचन की तरफ जाती और आराध्य मसि एक बार मुझे देखती है फिर मुस्कुराते हुए बाथरूम में चली जाती है धीरे धीरे क्र के सभी उठ जाते है और डाइनिंग टेबल पैर मिलते है मसि हम लोग कल सुबह hi निकल जायेंगे .

मसि: ठीक है बीटा पर और कुछ दिन रुक जाते तो अच्छा होता .

महिमा: ओह हो कल जाओगे न आज तो नहीं आज की सोचो आज क्या करना है .

तभी संध्या ने t.v ों किया वो चैनल चेंज क्र रही थी तभी एक न्यूज़ चैनल में दिखाया जा रहा था की एक विचित्र दानव जैसे लगने वाले एक जिव में मुंबई और तबाही मचा रहा है , सभी लोगो का धयान t.v पर hi था वो इस वक्त एकता नगर की तरफ बढ़ रहा है सर्कार में लोगो से अपील की है की वो तुरंत अपना घर खली क्र के कही दूर सुरक्छित जगह पर चले जाये.

महिमा: माँ ये तो हमारे घर की तरफ hi आ रहा है चलो जल्दी से यह से निकलते है .

मसि: है बेटी तुम ठीक कह रही हो, चलो बच्चो हम भी किसी दूसरी जगह पैर चलते है अपना अपना जो भी जरुरी सामान हो वो hi अपने साथ रखना बाकि यही रहने दो.

तब न्यूज़ रिपोर्टर बे बताया की पहले ये जिव 7 फ़ीट का था लेकिन अब ये 10 फ़ीट का हो गया है ये प्लास्टिक लकड़ी सब को खा जा रहा है और पुलिस की गोलियों और बॉम्ब्स का भी इसपर कोई असर नहीं हो रहा है इस जिव के कारन पूरी ट्रैफिक hi जैम हो गयी है ये एक विशेष प्रकार का जहर छोड़ रहा है जिसका कोई तोड़ नहीं है अब तक 20 लोगो की जान जा चुकी है आगे खबरों के लिए हमारे साथ बने रहिएगा.

मई ये सोच रहा था की कैसे इनलोगो से बच क्र यह से निकलू और देखु तो ये कोण है जो यह तबाही मचा रहा है.

थोड़ी hi देर में सभी अपना अपना सामान लेकर आ गए सिवाय मेरे क्यों की ये मेरा एक प्लान था हम लोग जब घर से बहार आये तो देखा की सभी नगर वासी अपने घर को लॉक क्र के जा रहे है हम लोग भी चल दिए उसी दिशा में जिधर सभी लोग जा रहे थे कुछ दूर चलने के बाद मई मसि से बोलता हु .

मई : मसि मैंने अपना सामान तो लिया hi नहीं आप लोग चलो मैं दौड़ क्र जाता हु और सामान लेकर आता हु .

मसि : जल्दी आना बीटा और धयान से जाना .

फिर मई उनलोगो को आगे जाने को बोल क्र वापस घर आया अपना मास्क लगाकर उड़ते हुए वह पंहुचा तो देखा पुलिस वाले उस पर गोलियां चला रहे थे पर उस जिव पर कोई फर्क hi नहीं पद रहा था तब मैंने अपनी तलवार को यद् किया और उस जिव के सर को hi धड़ से अलग क्र दिया तब उसका पूरा धड़ जमीं पर गिर गया वह पर जितने भी लोग ये देख रहे थे वो लोग खुसी मानाने लगे की वो जिव अब मर गया किन्तु धीरे धीरे क्र के उस जिव का नया सर निकल रहा था जब उसके फिर से सर वापस आ गया तब उसने फिर से जहर छोड़ दिया मई तो किसी तरह बच गया परन्तु वह कुछ लोग थे वो उनकी चपेट में आ गए ये देख क्र मेरा फिर से दिमाग ख़राब हो गया तब मई फिर उड़ते हुए गया और उसके जहर से बचते हुए उसके बॉडी के कई टुकड़े क्र दिए वो फिर से जानीं में गिर पड़ा अब की बार कोई उसके पास नहीं गया तब मैंने जाकर देखा तो क्या देखता हूँ जिस जिस अंग को मैंने कटा था उसके जगह न्य अंग फिर से आ रहे है और कुछ hi देर में वो फिर से पहले जैसा हो गया फिर तुरंत hi उठ खड़ा हुआ और खड़ा होते hi उसने मुझ पर अपना जहर छोड़ दिया इसबार मई उसके जहर से नहीं बच सका जब वो मुझ पर जहर छोड़ रहा था तब मैंने अपनी तलवार को फेक क्र उसके मुँह में hi घुसा दिया सुरु में मुझे कुछ भी पता नहीं चल रहा था मगर थोड़ी hi देर बाद मुझे खासी आणि सुरु हो गयी मई समझ गया की मुझ पर जहर का असर हो रहा है उधर उस जिव ने तलवार को निकल क्र फेक दिया और फिर से मुझ पर जहर छोड़ता उस से पहले hi मई वह से निकल गया और उड़ते हुए उस जिव से दूर जाने लगा तभी मुझे अहसास हुआ की कोई मुझे पुकार रहा है यह मसि की hi आवाज़ लग रही थी जो मुझे hi ढून्ढ रही थी क्यूंकि मैं अभी तक वापस नहीं आया था मैं उसी दिशा में उड़ते हुए जाने लगा कभी मेरी इ आँखें बंद होने लगी मैं बेहोश हो गया और हवा में Hi घूमते हुए एक खली पड़े घर में खिड़की के कांच को तोड़ के अंदर जा गिरा मौसी लोग भी यही थे क्योकि यह घर उस जिव से काफी दूर था शायद ज्यादा दूर पैदल न चल पाने के कारन मसि लोग यही रुक गए होंगे ये इलाका भी पूरा खली हो चूका था खिड़की से जब मैं अंदर गया तो मसि लोग खिड़की के खछ टूटने के कारन काफी दर गए वो इलाका पूरा सुनसान हो गया था वह लोग इस कारन दर्द गए थे की कही वो जीव तो नहीं गया फिर भी मेघा ने हिम्मत दिखाई और डरते हुए वो देखने के लिए उस रूम में गयी और झा जमीन पर बेसुध पड़ा हुआ मुझे पाया फिर वह जोर से ा माँ... बोली चिल्लाई तब सब मसि और बाकि लोग दौड़ते हुए आये और मुझे ऐसे जमीं में पड़ा हुआ देख क्र पहले तो मसि मेरा नाम लेते हुवे मेरे पास आयी और मुझे उठाने का प्रयास किया

मसि: टाइगर टाइगर उठो बीटा क्या हो गया तुम्हे उठो बीटा.

महिमा: संध्या चलो पहले टाइगर को उठाने में मेरी मदद करो इसे बीएड पर जाते है.

फिर सभी ने मुझे उठा क्र बीएड पर लिटाया, मसि का रोना सुरु हो गया था उन्हें देख क्र बाकि सब ने भी अपना कण्ट्रोल खो दिया सभी के आँखों में आंसू आ गए थे.

मेघा: माँ भैया को क्या गया है वो उठ क्यों नहीं प् रहे है.

मसि: महिमा चलो इसे डॉक्टर के पास ले चलते है.

महिमा: माँ उस कमीने खतरनाक जिव के कारन सभी हॉस्पिटल खली पड़े हुए है और सभी डॉक्टर भी दूर चले गए है कोई नहीं मेलगा यह आस पास , मुझे तो लगता है की उस जिव ने hi टाइगर को कुछ किया है.

मसि: तो अब क्या करे मई कैसे उसको इस हालत में देख भी तो नहीं सकती भगवान् न करे मगर इसे कुछ हो गया तो दीदी को क्या जवाब दूंगी नहीं इसे कुछ नहीं होना चाहिए टाइगर उठो बीटा..... उठो ...

संध्या : महिमा देखो न टाइगर का सरीर नीला होते जा रहा है लगता है उस जिव ने टाइगर पर अपना जहर छोड़ दिया है .

सभी लोग मुझे घेरे हुए थे और सभी तो रहे थे उधर रम्भा नीलम और जितने भी मुझ से जुड़े हुवे थे उन्हें भी ये अहसास हो रहा था की मुझे कुछ हुआ है रम्भा नीलम के पास जाती है .

रम्भा: दीदी मुझे ऐसा क्यों लग रहा है की उन्हें कुछ हुआ है मेरा दिल बैठा जा रहा है आप उन्हें फ़ोन क्र के देखिये न.

नीलम: है मुझे भी लग रहा है और लैब से hi मई उसका फ़ोन तरय क्र रही हु मगर फ़ोन hi नहीं लग रहा है .

तभी दिव्या और दीपिका भागते हुए आते है.

दिव्या: नीलम अभी टीवी पर दिखा रहे थे की मुंबई में एक खतरनाक जिव ने आतंक मचाया हुआ है और जो उस से लड़ रहा था वो हमारा टाइगर hi है मगर जब उस जिव ने टाइगर पर अपना जहर छोड़ा तो वो कही चला गया मुझे लग रहा है टाइगर को कुछ हो गया है .

दीपिका : है नीलम मेरा भी दिल बहुत घबरा रहा है कुछ करो न जिससे हम जान सकते की टाइगर ठीक है या नहीं .

नीलम : एक है जो हमे बता सकती है की टाइगर कहा है और कैसा है.

रम्भा : कोण ?

नीलम: हमारी सासु माँ और कोण चलो चलते है उन्ही के पास.

ये सभी बहार निकल hi रहे थे की कविता भी व्ही आ जाती है.

कविता: कहा जा रही हो तुम सब और टाइगर कहा है .

नीलम: तुम भी हमारे साथ चलो तुम्हे भी तुम्हारे सवालो का जवाब मिल जायेगा.

फिर सभी कार में बैठ क्र अमांडा यानि अलका के पास जाते है अलका को टाइगर के बारे में पता चल चूका था वो अपनी सकती से टाइगर को देख सकती थी जब ये लोग उनके घर पहुंचे तब वो थोड़ी चिंता में लग रही थी .

नीलम: माँ टाइगर के बारे में कुछ पता है आपको.

अलका : है बेटी पता है वो इसवक्त खतरनाक जहर से जूझ रहा है लेकिन तुम लोग फ़िक्र न करो भगवान् सब ठीक क्र देगा .

रम्भा (रट हुए) : चिंता कैसे नहीं करे माँ सुबह से दिल बहुत बैठा जा रहा है न जाने कैसे होंगे वो .

अलका: ा रे तुम तो बहुत बहादुर हो एयर बच्चो जैसे रो रही हो चिंता तो मुझे भी है क्यों इस जहर का तोड़ इस दुनिया में बहुत काम लोग hi जानते है लेकिन मई जानती गेट हु टाइगर को कुछ नहीं हो सकता वो नील गृह का राजा है उसे कुछ नहीं होगा .

इधर जिस रूम में मई था वह तेज हवाएं आने लगती है ये देख क्र मसि और बाकि सभी लोग दर जाते है तभी उस रूम में विशाल के एक जीन प्रकट होता है जो अपनी आदत के अनुसार जोर जोर से है रहा था ,इतना बड़ा जीन उस रूम में प्रकट होता देख क्र सभी लोग एक कोने दर के कारन चिपक जाते है.

जीन: डरो नहीं मई तो तुम लोगो की मदद करने आया हु.

मसि (डरते हुए) : ma...da...d Kai....si...madad...

जीन: मई इस योद्धा के सरीर से इस घातक जहर को बहार निकलने आया .

मेघा: क्या आप सच में मेरे भैया के सरीर से जहर को बहार निकलने आये है.

जीन : है .

मेघा : तो फिर जल्दी से बहार निकालिये न मेरे भैया के सरीर से ये जहर .

फिर उस जीन ने मुट्ठी बांध क्र कुछ मंत्र पढ़ा और मेरी तरफ दिखा क्र मुट्ठी खोल दी फिर क्या था देखते hi देखते मेरे सरीर का जहर मेरे सरीर से निकलने लगा जिसे जीन ने एक बोतल में कैद क्र लिया .

जीन : इनको आधी रात तक होस आ जायेगा और हे है वो भयानक जहर जो इनके अंदर था इसे सम्हाला क्र रखिये मई फिर आऊंगा ये कह क्र जीन गायब हो गया देखते hi देखते रात हो गयी उस घर में खाने पिने का पूरा सामान था इसलिए संध्या, महिमा और मेघा ने मिल क्र खाना बनाया फिर महिमा अपने माँ को बुलाने आयी.

महिमा: माँ चलो आओ खाना बन गया है खा लो .

मसि: नहीं मुझे भूक नहीं है तुम लोग खा लो .

महिमा: देखो अगर आप ने खाना नहीं खाया तो हम भी नहीं खाएंगे.

मसि: जिद्दी लड़की चलो मई आती हु.

फिर सभी ने साथ मिल क्र खाना खाया फिर मसि में सब को आराम करने को बोल क्र खुद मेरे रूम में आ गयी .

मुझे एक बार चेक किया फिर मुझे चादर ओढ़ा क्र खुद एक चेयर लेकर बैठ गई और कल रात के बाटे में सोचने लगी........
 
अपडेट 139

मसि मुझे एक बार चेक किया फिर मुझे चादर ओढ़ा क्र खुद एक चेयर लेकर बैठ गई और कल रात के बाटे में सोचने लगी..

(यह पर मई बताऊंगा की रात में क्या हुआ.)

कल रात मई मसि के साथ सोया था मसि में अपनी सदी ये कह क्र उतर दी थी की मुझे सदी पहन क्र नींद नहीं आती वो ब्लाउज और पेटीकोट में hi सोइ थी कमरे में नाईट लैंप जल रहा था आधी रात को मेरी नींद खुली तो मेरा लुंड खड़ा हुआ था अब खड़े लुंड में नींद कहा आती है किसी को तो मैंने उसे सुलाने की बहुत कोसिस की पर वो बैठ hi नहीं रहा था फिर मैंने मसि की तरफ देखा की कही वो मुझे देख तो नहीं रही तब मेरा धयान मसि के ब्लाउज से आधे से जयादा निकले हुए बूब्स दिखाई दिया कितने गोर और तित लग रहे थे कुछ देर तक मई देखता रहा फिर मई हिम्मत क्र के उसे छूने की सोची फिर मैंने अपना एक हाथ धीरे से मसि के बूब्स के ऊपर रख दिए आठ क्या मुलायम लग रहे थे मई बता नहीं सकता जान मसि की तरफ से कोई रिस्पांस नहीं मिला तब मेरी हिम्मत बढ़ गयी मई बूब्स को धीरे धीरे सहला और हलके हलके दबा रहा था मुझे तो मज़ा आ रहा था अचानक मसि हिली तब मैंने अपना हाथ बूब्स से निचे पेट में रख दिया मसि की आँख खुली मेरे हाथ को अपने पेट से हटाया फिर पानी पिया फिर सोने जा hi रही थी तब उसका धयान मेरे लोअर में बने हुए टेंट पर गया उस्क्स मन थोड़ा ललचाया लेकिन दर भी लग रहा था की कहि मई उठ न जाऊ फिर भी उन्होंने हिम्मत क्र के अपना हाथ आगे बढ़ाया और अपना हाथ में लोअर में जो टेंट बना था उस के ऊपर रख दिया फिर वो अपने हाथ से मेरे लुंड की लम्बाई मोटाई नापने लगी .

मसि: ा रे बाप रे इसका लुंड तो काफी बड़ा और मोटा भी लग रहा है देखना तो पड़ेगा क्यों की आज तक मैंने ऐसा लुंड देखा नहीं है इनके मौसा जी का तो इससे छोटा Hi था.

फिर उन्होंने धीरे से मेरे लोअर निचे खिसकाया फिर मेरे अंडरवियर को भी निचे खिसकाया दिया मेरे लुंड स्प्रिंग की तरह हिलता हुअबाहर निकल मई जग तो रहा था मगर आँखे बंद क्र के बीएस ये देख रहा था की मसि कितने आगे तक जाती है मैंने तो सोचा भी नहीं था की मसि ऐसा भी कुछ क्र सकती है

मसि : वाओ कितना बड़ा है और सुन्दर भी लग रहा है .

फिर पता नहीं उन्हें क्या सुझा उन्होंने मेरा लुंड अपने मुँह में ले लिया और लोल्लयपोप की तरह चूसने लगी कितनी सिद्दत से मसि मेरा लुंड चूस रही थी अब मई भी अपने आप को रोक नहीं पाया और मस्ती मुझे भी चढ़ने लगी अब तो मुझे भी छूट चाहिए था इसके लिए अब मसि को रेड्डी करना था तब मैंने अपनी आँखे खोली .

मई: मसि ये आप क्या क्र रही है ये गलत है आप ऐसा कैसे क्र सकती है मई तो सोच भी नहीं सकता था की आप ऐसा भी क्र सकती है.

मसि : बीटा वो.. वो .. मई .. बहक गयी थी बीटा वो क्या है न की तुम्हारे मौसा hi हो गुजरे बहुत समय हो गया है तो मेरी सेक्स लाइफ भी पूरी तरह बंद हो गयी है लेकिन जब मैंने तुम्हारे लोअर में उभर देखा तो मई अपने आप को रोक नहीं पायी सॉरी बीटा मुझे माफ़ क्र दो और इस बारे में किसी को कुछ मत बताना नहीं तो मई किसी को मुँह दिखने के काबिल नहीं रखूंगी .

मई (अपनी चल चलते हुवे) : कोई बात नहीं मौसी मई समझ सकता हु कितने दिन हो गए है आपकी भी सेक्स किये हुवे बुआ के साथ भी ऐसा hi हुआ था.

मौसी: hu...Kya,kya कहा तुम ने .

मई : ओह कुछ नहीं कुछ नहीं वो ऐसे hi मेरे मुँह से निकल गया था .

मौसी: तुम्हे मेरी कसम है टाइगर सच सच बताओ क्या हुआ था तुम्हारे बुआ के साथ.

मई: मसि बात ये है की फूफा जी आर्मी में है तो बुआ की भी को भी सेक्स किये हुवे बहुत दिन हो जाते थे ऊपर से हमारे खंडन को जो श्राप मिला था वो मेरे जन्म के बाद मिट तो चूका था इसलिए उन्हें भी अब बेटे की लालसा थी .

मसि: श्राप कैसा श्राप ?

मई : दादा जो को श्राप मिला था की उनके खंडन में और उनसे जुड़े हुवे किसी के घर भी बीटा पैदा नहीं होगा और ये श्राप मेरे जन्म के बाद ख़तम हो गया और इसी लालसा और सरीर की भूख की वजह से हमारा सम्बन्ध बंद गया अब तो बुआ किसी भी समय एक बेटे को जन्म दे सकती है उनका आखरी महीना चल रहा है.

मसि: मतलब श्राप का प्रभाव हम पर भी पड़ा था इसकारण मुझे भी बीटा नहीं हुआ खैर छोडो जब तुम अपनी बुआ के सरीर की भूख मिटा सकते हो तो क्या मेरे सरीर की भूख को तुम संत नहीं क्र सकते .

मई : क्र तो सकता हु अगर आप इजाजत दो तो .

बस मेरा इतना hi बोलना था की मसि मुझे किश करने लगा जाती है मई भी उसका भर पुर साथ देता हु फिर किश तोड़ क्र मसि में मेरी लोअर खींच क्र निकल दिया फिर मुझे खड़ा क्र के मेरा अंडरवियर निचे खिसकने लगी मैंने सपोर्ट किया फिर उनका सर पकड़ कर उनके मुँह के पास मेरे लुंड को ले कर गया. मसि के नाजुक होठ के पास मेरे लुंड ने दस्तक दी और मसि ने हलका सा मुँह खोला और मैंने मसि के सर को पकड़ते हुए धीमे धीमे मसि के मुँह अपना लुंड एंटर किया. ाआअह क्या गिला गरम मुँह था मसि का. मज़ा आ गया... पर मुझे और अंदर डालना था. टोपी hi अंदर गई थी. पर मस्सी ने बजी संभल ली थी. मई अपने आपको खड़े खड़े नहीं संभल प् रहा था तो मैंने वापस लुंड बहार निकला और बिस्तर पर बैठा. और मसि मेरे पैरो के बिच में आ कर वापस मुँह में लुंड ले लिया. मसि में थोड़ा थोड़ा चूसना स्टार्ट किया और धीरे धीरे अपने मुँह में मेरे लुंड को पूरा लेने की कोसिस क्र रही थी और वो पूरा ले नहीं प् रही थी फिर मई खुद लेट जाता हु, और मसि को अपनी छूट मेरे मोह पर रखने के लिए बोलता हु.

मसि अपनी छूट अपने बेटे के मोह पर रख लेट जाती है , मसि का चेहरा मेरे

मोठे लुंड के सामने था.

"आआअह्ह्ह मसि चुसो न मेरे लुंड ko"Mai सिसकी भरता हुआ अपनी मसि की छूट मैं इक ऊँगली दाल देता हु.

"आह्हः बेरा मुझे ाचा नै लगता "मसि अपनी छूट ऊपर की और करती होइ बोलती है.

मसि पहले मौसा hi में नहीं किया इस लिए आपको ऐसा लग रहा है आप बीएस मज़े लीजिये.

मसि कुछ नै बोलती और अपने कोमल

, नरम हाथों में अपने बहन के बेटे का मोटा लुंड पकड़ लेती है.

मेरालुंड अपनी मसि के नाज़ुक हाथों में एक झटका मर देता hai.masi मेरे लुंड को धीरे धीरे सहलाने लगती है.

मई अपनी उँगलियों से मसि की छूट को खोल उसमे अपनी जीब दाल देता हु मई , मसि की मस्त गांड को हाथो में पकड़ अपने मोह मैं दबा लेता है.

"अह्ह्ह बीटा अह्ह्ह और छतो अह्ह्ह अंदर तक डालो उफ्फ्फ अह्ह्ह"

मसि लुंड को सहलाती

होइ बोलती है.

फिर वो मदहोश हुई अपने लाल जीब निकल क्र मेरे लुंड के मोठे टोपे को चट्टी है.

मसि का पूरा जिस्म कम्प जाता hai.masi फिर से मेरे लुंड के चमड़ी पीछे कच्छ उसके

सूपड़ा बहार निकलती hai.mota सूपड़ा देख मसि और भी मदहोश हो jati.masi

अपने अखन बंद कर लुंड को मोह मैं भर लेती है.

"आठ मसि , उफ्फ्फ जोर से चूस साली रैंड अह्ह्ह मज़ा ा गया "मेरे मोह से एक सिसकी निकल

जाती है.

फिर मसि कास कर मेरा लुंड चूसने लगती hai.ab उसे भी मज़ा ा रहा tha.vo लुंड को

आधा मोह मैं लेती और कास कर चुस्ती हुई बहार निकल देती मुझ को लगता मेरी जान

लुंड के रस्ते बहार निकल रही हो.

मसि ने लुंड के सुपडे पर जीब घुमानी सुरु कर di.mai और भी मदहोश हो

गया.

मैंने अपनी जीब मसि के गांड के छेद मैं डालनी सुरु करदी .मसि तोह पागल हो

गई.

मई छूट और गांड के छेद को चाटने lga,masi की छूट और पनिया gai.mai उसकी छूट

के पानी चाटने लगा.

मसि की छूट मैं खुजली बढ़ती जा रही thi.vo अपनी छूट कास कर मेरे मोह पर

मरने lagi.masi से और सेहन न होया वो छिलने लगी.

"आह्हः बी छोड़ दो अह्ह्ह्ह मर गई अह्ह्ह और मत तड़पाओ आठ जल्दी karo"rema की

सिस्कियाँ और तेज़ हो जाती है.

अब तो मुझे भी सहन नहीं हो रहा था इसलिए मैंने मसि की अपने ऊपर से हटाया और फिर.....
 
आप सभी के डिमांड पर फिर से एक बार स्टोरी के मुख्य किरदारों का इंट्रोडक्शन

मई याने के स्टोरी का हीरो और ये है मेरी फॅमिली-

राजनाथ - दादा जी

सांता देवी- दादी जी (डेथ)

राजेस्वर (फादर) - आरती (मदर)

Rajendra(chacha) - aarchana(badi चची)

रवि- (चाचा) - अंकिता (छोटी चची)

राजेस्वर- आरती

  1. स्नेहा (डॉटर)
  2. सुमन (डॉटर)
  3. सोनम (डॉटर)
  4. टाइगर (सोन) हीरो
राजेंद्र- अर्चना

  1. प्राची
  2. पूर्वी
Sita(bua) - kesav(fufa जी)

  1. कविता
  2. काव्य
Gita(bua)- मुकेश (फूफा जी)

  1. ऋतू
  2. रूचि
राजवीर या dhanraj(mama) - वर्षा (ममी)

  1. दिव्या (डॉटर)
  2. दीपिका (डॉटर)
  3. नीलम (डॉटर)
आराध्य (मसि)- jitendra(mausa जी)

  1. मेघा (डॉटर)
  2. Mahima(daughter)
Anita(masi) इनका रोले बाद में आएगा

सेजेन्दर- नील प्लेनेट के राजा

  1. अमांडा- वाइफ
  2. स्टेबेला- वाइफ
  3. सकेंद्र- वाइफ
टाइगर की पत्निया जिनसे सदी हो चुकी है

  1. समिति (काव्य की बुआ)
  2. सीतल (समिति की फ्रेंड)
  3. स्नेहा
  4. रम्भा ( बाबा जो की बेटी)
  5. नीलम
  6. दीपिका
टाइगर के फ्रेंड

  1. विनोद
  2. संध्या (विनोद की सिस्टर)
  3. मनोज
  4. रचना (मनोज की सिस्टर)
स्टोरी के इतर किरदार

  1. पतलासुर
  2. मल्लिका
  3. प्रेमलता
आगे और भी किरदार आएंगे
 
आप सभी के डिमांड पर फिर से एक बार स्टोरी के मुख्य किरदारों का इंट्रोडक्शन

मई याने के स्टोरी का हीरो और ये है मेरी फॅमिली-

राजनाथ - दादा जी

सांता देवी- दादी जी (डेथ)

राजेस्वर (फादर) - आरती (मदर)

Rajendra(chacha) - aarchana(badi चची)

रवि- (चाचा) - अंकिता (छोटी चची)

राजेस्वर- आरती

  1. स्नेहा (डॉटर)
  2. सुमन (डॉटर)
  3. सोनम (डॉटर)
  4. टाइगर (सोन) हीरो
राजेंद्र- अर्चना

  1. प्राची
  2. पूर्वी
Sita(bua) - kesav(fufa जी)

  1. कविता
  2. काव्य
Gita(bua)- मुकेश (फूफा जी)

  1. ऋतू
  2. रूचि
राजवीर या dhanraj(mama) - वर्षा (ममी)

  1. दिव्या (डॉटर)
  2. दीपिका (डॉटर)
  3. नीलम (डॉटर)
आराध्य (मसि)- jitendra(mausa की)

mahima(daughter)

मेघना (डॉटर)

Anita(masi) इनका रोले बाद में आएगा

सेजेन्दर- नील प्लेनेट के राजा

  1. अमांडा- वाइफ
  2. स्टेबेला- वाइफ
  3. सकेंद्र- वाइफ
टाइगर की पत्निया जिनसे सदी हो चुकी है

  1. समिति (काव्य की बुआ)
  2. सीतल (समिति की फ्रेंड)
  3. स्नेहा
  4. रम्भा ( बाबा जी की बेटी)
  5. नीलम
  6. दीपिका
टाइगर के फ्रेंड

  1. विनोद
  2. संध्या (विनोद की सिस्टर)
  3. मनोज
  4. रचना (मनोज की सिस्टर)

स्टोरी के इतर किरदार

  1. पतलासुर
  2. मल्लिका
  3. प्रेमलता
  4. मर्री (शीतल की म्मैद
जीन लोक के किरदार

  1. जुबेर बादशाह जीन लोक
  2. खालिदा (बेगम)
  3. तनूजा (बेगम)
  4. नुसरत (खालिदा डॉटर)
  5. नीलोफर (खालिदा डॉटर)
  6. नरगिस (तनूजा डॉटर)
  7. कादर ( जीन लोक के काली सक्तियो के मालिक)
  8. मुमताज़ (बेगम ऑफ़ कादर)
  9. Heena(mumtaj डॉटर)
  10. जमाल ( मुमताज सोन)
  11. सुलेमान ( वजीर ऑफ़ जीन लोक)
  12. जफ़र (वजीर सोन).
आगे और भी किरदार आएंगे
 
अपडेट 140

अब तो मुझे भी सहन नहीं हो रहा था इसलिए मैंने मसि की अपने ऊपर से हटाया और फिर मैंने मसि एक जटके में बीएड के ऊपर लेता देता हु और मई अपनी मसि आराध्य की जंगे उठा कर

अपने लुंड का टोपा उसकी छूट मैं फसा देता हु

अपने लुंड के सुपडे को छूट छेद में रगड़ते हुए बोलता हु मसि अब जन्नत की सैर के लिए तैयार हो जाओ

"अह्ह्ह बीटा मई तो लैब से कह रही हु दाल दो" मसि ने इतना hi बोलै था के मैंने कास कर इक ढाका लगा देता हु आधे से जायदा लुंड

छूट को फाड़ता हुआ अंदर घुस जाता hai.mera लम्बा और मोटा लुंड अपनी मसि की नाज़ुक सी

छूट मैं फसा हुआ tha.masi की अखन बहार को ा जाती a.ahhh माँ मर गई धीरे बीटा बहुत दिनों बाद hi इसमें लुंड जा रहा है आराम से डालो वैसे भी तुम्हारा लुंड तुम्हारे मौसा hi से मोटा और बड़ा है, अह्ह्ह ओह्ह्ह जैसी अवाज़ा निकलने लगती है.

मई रुकता नै और एक और कास कर ढाका मर देता हु पूरा लुंड छूट की दीवारों को छेरता हुआ जड़ तक घुस जाता है.

अह्ह्ह बीटा निकालो बहार , मसि बहुत चीखती चिलाती है , आँखों में आंसू भी आ गए थे पर मई अपना लुंड उसकी छूट मैं फसाये रखता हु.

मई मसि के मोठे मोठे चुचु को दबाने लगता हु और उसके चुचु को कास कास का निचोड़ता है , वो कबि उसके चुचु को दबाता है , कभी उनके निपलो को मरोड़ देता हु धीरे धीरे मसि अपना दर्द भूलने लग जाती है और उनको अब अच्छा लगने स्टार्ट हो जाता है.

मई अपनी मसि आराध्य के एक चुकी को मोह में भरकर हामृऊछह कर चूसने लग

जाता हु .कोई 10 मिंटो तक मसि के चुके दबा दबा कर लाल कर देता

हु मड़ई फिर से मदहोश होने लगती hai.vo अपनी मोती गांड को ऊपर उठा क्र छूट में लुंड को हिलने लगती hai.vo मेरी कमर को अपने ऊपर दबाने लगती है.

मई मसि से चिपक कर ढके मरने लगता हु मसि अपनी टंगे उठा क्र मेरे कमर में लपेट लेती hai.vo अपनी गांड उठा उठा क्र अपने बेटे का मोटा लुंड

छूट मैं लेने लगती है.

मुझ को बहुत मज़ा ा रहा था अपनी मसि को छोड़ने main.kyu की उसकी छूट ने

लुंड को पूरा जकड रखा tha.mai अपनी पूरी जान लगा शता सात लुंड पेल रहा था.

मसि भी अह्ह्ह अह्ह्ह बीटा तेज़ मारो अह्ह्ह जिअसि सिस्कियाँ भरी अवाज़ा निकल रही थी.

कुश देर बाद मई मसि की टंगे उठा अपने कंडे पर रख लेता हु अब मसि की छूट फुल कर ऊपर की तरफ हो गई thi.mai छूट पर लुंड रख एक कास कर ढाका मरता हु फातच की आवाज़ करता हुआ लुंड जड़ तक छूट मैं समां जाता है.

"आह्ह्ह्ह बैठक अहह तुम बड़े जालिम हो अह्ह्ह्ह धीरे करो अह्ह्ह ओह्ह मा मज़ा आआ gya"masi मेरे कमर पर हाथ रख बोलती है.

मई मसि के बड़े बड़े मस्त चुके मसलते हुए ढके मरने लगता hu.bahar पता नहीं हमारी आवाज जा रही थी या नहीं ये तो मुझे पता नहीं लेकिन कमरे में थप थप थप पांच पांच पांच अह्ह्ह

ओह्ह्ह्ह अहह जैसी अवाज़ा ा रही thi.masi की छूट अब चिकनी हो गई थी , लुंड बड़ी तेज़ी से फिसलता हुआ अंदर बहार हो रहा tha.mai ने कास कर ऐसे ढके छूट मैं लगये के

बीएड भी छ्हूउउ चूऊउ चाररररर चर्रर्र चूऊउ जैसी अवाज़ा करने

lagi.mera तूफानी लुंड अपना पूरा केहर अपनी मसि की छूट पर ध रहा था.

मसि से और रुका नै गया वो जटके कहती होइ मेरे से चिपक gai.usne अपनी टंगे मेरे कंदो मैं जकड ली.

"आआह्ह्ह्ह बीटा मई जड़ गई अह्ह्ह मई gai"masi चिलाती हुई जड़ रही थी.

मई उठा और मसि का हाथ

पकड़ उसे बीएड पर घोड़ी बना diya.mai, मसि के पीछे आया और अपना लुंड उसकी रास भरी मस्त छूट पर टिका के कास कर ढाका मारा , फातच की आवाज़ करता लुंड फिर से जड़ तक छूट मैं घुस गया.

मैंने अपनी मसि की चौड़ी गांड पकड़ कर तेज़ तेज़ ढके लगाने सुरु कर diye.lund किसी पिस्टन की तरह अंदर बहार होने लगा.

"आह्हः बीटा अहह मज़ा ा रहा है अह्ह्ह मेरी सवारी करो अह्ह्ह्ह क्या लुंड है तेरा अह्ह्ह्ह ohhhhh"masi अपनी गांड पीछे करती हुई बोलती है.

मई : मसि मुझे आपका ये चौड़ी गांड बहुत पसंद आयी मुझे ये भी मरना है .

मसि : तेरे मौसा ने आज तक मेरी गांड नहीं मरी है लेकिन तेरे लिए मई ये भी करने को तैयार हु लेकिन बाद में मर लेना बीटा अभी तो मेरी छूट की hi प्यास बुझा आआह्ह्ह.

मई मसि की चौड़ी गांड पर कास कास कर थपड मरता हुआ उसकी छूट की धज्जिया उड़ने लगता हु.

मई मसि के ऊपर झुक क्र उसके मोठे मोठे हिलते हुए चुचु को मसलने लगता हु और मई अपनी

मस्त घोड़ी मसि की घुड़ सवारी कर रहा था.

करीब 20 मिंटो तक छूट मरने के बाद मई अपना पानी अपनी मसि की छूट की

गेहरायों मैं छोड़ देता हु मसि इस बिच दो बार जड़ चुकी थी. वो पेट के बल बीएड पर

लेट जाती hai.mai भी उसकी छूट मैं लुंड फसये उसके ऊपर लेट जाता हु .

ये सब सोचते सोचते मसि की छूट में पानी आ जाता है वो मेरे तरफ देखती है फिर मेरे लुंड की तरफ ,तब वो क्या डेक्टि है मेरे पैंठ में तम्बू बना हुआ है तब मसि अपनी जगह से उठती है और मेरे पैंठ के बटन को खोल क्र मेरे पैंठ को अंडरवियर सहित निचे सरका देती है मेरा लुंड किसी स्प्रिंग की तरह उछाल क्र बहार आ जाता है .

मसि : टाइगर तो आराम क्र रहा है मगर उसका ये बदमाश तो पूरा जगा हुआ है अब मुझे hi इसको संत करना होगा.

फिर मसि मेरे लुंड पर एक किश करती है फिर अपना जीभ बहार निकल क्र मेरे लुंड के टोपे पर अपना जीभ फिरने लगती है फिर धीरे से अपना मुँह खोल क्र मेरे लुंड को चूसने लगती है ,

मसि बड़ी hi सिद्दत के साथ मेरा लुंड चूस रही थी भला उसकी म्हणत कैसे बेकार जाती मई अपने आप को रोक नहीं पाया और मेरी आँखे खुल जाती है.....
 
अपडेट 141

मसि बड़ी hi सिद्दत के साथ मेरा लुंड चूस रही थी भला उसकी म्हणत कैसे बेकार जाती मई अपने आप को रोक नहीं पाया और मेरी आँखे खुल जाती है तब मई मसि से कहता हूँ.

मई : मसि आपको इतनी जल्दी थी फिर से लुंड लेने की, की आपने मेरे उठने तक का इंतजार भी नहीं किया.

मसि : नहीं बीटा ऐसा नहीं है वो क्या है न तुम तो आराम क्र रहे थे लेकिन तुम्हारा ये बदमाश तो पूरा जगा हुआ था की लिए मैंने सोचा की इसे भी सुला देती हु.

मई : लेकिन मसि ये ऐसे hi नहीं सोता है इसके लिए इसे बहुत म्हणत करनी पड़ेगी.

मसि: किन्तु तुम क्या म्हणत क्र पाओगे अभी तो तुम उस जहर के कारन बेहोस थे.

मई : अब मई बिलकुल फिट हु आप मौका तो दो म्हणत करने के लिए .

मसि: मई तो तैयार hi हु .

ये बोल क्र मसि ने अपनी सदी निकल क्र एक साइड फेक दिया और अपना ब्लाउज भी उतर दिया

मसि अपने मन मैं सोचती है के आज तोह वो मेरे के मोठे लुंड से कास कर छूट मरवाउंगी , कितना बड़ा लुंड है मेरे का , उफ़ अब दाल भी दो अपनी मसि की छूट में .

मैंने जैसे hi मसि के नंगे दूध देखे मई उनमे खो hi gya.mote मोठे

चुचुए , इक डैम रास से भरे हुए थे , मोठे चुके के ब्राउन निपल पोरे तन कर सलामी दे रहे थे.

मई अपनी मसि के मोठे दूध को अपने हाथों मैं भर कास कास कर मसलने लगता हु मसि भी मेरे लैंड को हाथ मैं पकड़ लेती है.

मई मसि के दूध को दबता हुआ उसकी गांड पर इक हाथ रख उसे मसलने लगता है.

मसि की गदराई गोरी गांड इतनी नरम थी के मेरा लुंड जटके पर जटके मरने

लगता है.

मई काफी देर तक मसि की मस्त दूध और उसकी गदराई मोती गांड को मसलता रहता हु.

फिर जिअसे hi मई अपना हाथ उसकी फुल्ली हुई मस्त छूट पर लेजाता हु और उसे हाथ में भर कर मसलता है , मसि की आह्ह्ह्ह बीटा करती हुई सिसक पड़ती है.

मई अपनी उंगलियन से छूट की पह्कों को खोल अपनी दो उंगिलन छूट के अंदर दाल देता hai.Aur मसि ोुह्ह्ह शी बीटा करती हुई , अपनी जंगे आपस मैं कास लेती hai.mai अपनी

उंगलियन से छूट को छोड़ना सुरु कर देता hai.masi के हाथ में मारा मोटा लुंड था , वो कबि पूरा लुंड हाथ मैं ले मसलती तो कबि उसके सुपडे को दबा देती.

कुछ देर बाद मई अपनी उंगलियाँ बहार निकल लेता हु मसि मेरी तरफ मदहोश नज़रो से देख रही थिमै मसि की तरफ देखते हुए उंगलिअ चाट लेता हु

मसि शर्मा कर अपनी अखन बंद कर लेती है.

मई अपनी मसि की मस्त मोती जंगो को मसलता हुआ उसे उल्टा लेता देता hu.ab मसि की मस्त मोती गदराई गांड ऊपर को हो जाती hai.bde बड़े मोठे चूतड़ों के बेच उसका छेद भी नै दिख रहा tha.mai अपने दोनों हाथों से चूतड़ों को अलग कर अपनी

मसि की गांड का छोटा सा छेद देखता hu.mera तो मज़े के मरे बुरा हल हो जाता है क्यों की मसि का छोटा सा छेद , जो के एकदम कुंवारा था , मई अपना लुंड हाथ

मैं पकड़ मसल देता हु.

मई तोह अपनी मसि की मोती गांड को देख पागल हो गया था मुझे कोई होश न रहा ,

मई अपना पैंठ शर्ट उतर कर फेका और मसि के ऊपर लेट gya.mera लुंड अपनी बहिन की

मोती गदराई गांड मैं डाब gya.mujh को लगा के मई जानत मैं पहुंच चूका हु.

"आह्हः बीटा जल्दी करो , अहह मुज़से और नै रहा jata"masi अपने चूतड़ों को अलग कर

अपनी गांड का छेद अपने बेटे को दिखती हुई बोलती है.

मुझसे और सेहन नै हुआ मैंने अपने लुंड पर ढेर सारा थूक लगा देता हु .इसके बाद मई मसि की गांड की मोरी के पास अपना मोह कर उसपर दो तीन बार थूक देता हु गांड की मोरी थूक से भर जाती है.

मई अपने लुंड के मोठे मस्त टोपे को बहार निकल क्र मसि के ऊपर लेट जाता हु मुझ को लगता है के मेरे वजन से गांड फ़ैल रही ho.masi की गांड बहुत नरम थी , जब भी

वो चलती थी तोह उसकी गांड बहुत हिलती thi.madi की मोरी को जब मेरे मोठे लुंड ने छुआ तोह मसि की सिसकी निकल गई.

"बीटा आराम से अह्ह्ह्ह दर्द मत होने देना मैंने वह पर एक ऊँगली भी नहीं घुसाई है मैंने आज तक कभी गांड में लुंड लेने के बारे में सोचा भी नहीं था लेकिन तुम्हारे लिए वो भी क्र लुंगी ahhh"masi सिसकती हुई बोलती है.

मैंने लुंड को जोर से दबा दिया , लुंड का मोटा टोपा गांड की छोटी सी मोरी को

छेरता हुआ अंदर चला गया.

"आह्हःइईईई बेताऑ , बहार निकालो aahhhiiii"masi दर्द से चटपटे हुए बोलती है.

मई ऐसे hi अपनी मसि के ऊपर लेट जाता hai.masi का चेहरा इक तरफ tha.uski मस्त

फुल्ली होइ कोमल गाल देख मई उसकी गलो को चूमने लगता hu.use काटने लगता हु.

मई अपनी जीब निकल उसकी गलो को , उसके होंठो को चाटने लगता hu.masi को फिर

मज़ा आने लगता है.

मैंने अपने लुंड को थोड़ा सा और दबा कर ढका मारा , टोपे के साथ लुंड काफी अंदर चला गया.

मसि को लगा जैसे उसकी गांड फैट गई ho.vo मुझ को पीछे करने lagi.mai ने मसि के

मोह पर हाथ रख कास कर ढाका मारा , लुंड गांड को फाड़ता हुआ अंदर घुस

gya.masi दर्द से छटपटने लगी.

"एआइइइइ बीटा छोडो मुझे , अह्ह्ह मुझे नै सीई गांड मारवणी , अह्ह्ह निकालो बहार ,

अह्ह्ह छूट मर लो ahh"Masi रोटी हुई पता नै क्या कुछ बोली जा रही थी.

मई काफी देर तक मसि की गलो को चूमता रहा , उसके होंठो को छत्ता रहा , उसके दूध मसलता reha.akhir मसि का दर्द काम हो गया फिर मई ने ढके लगाने सुरु

कर दिए.

मैनेने वैसे hi गांड मैं लुंड फसये अपनी मसि को घोड़ी बना दिया गांड मैं अभी भी लुंड फसा हुआ tha.mai धीरे धीरे ढके लगाने लगा.

मई मसि की गर्दन मैं बहे दाल ढके मरने सुरु कर dyia.mai मसि के कानो को काटने लगा , उसकी मस्त गलो को चूमने लगा.

मसि भी मस्ती में गांड पीछे कर लुंड अंदर ले रही thi.masi मेरे हर ढके के साथ अपनी गांड को पीछे की और कर deti.mujhe लगा के गांड का गेहराव बहुत जयादा है मेरा लुंड जड़ तक अंदर जाता , और टोपे तक बहार निकलता.

थप थप थप पांच पांच पांच की आवाज़े गूंज रही thi.mai अपनी मसि की

घोड़सवारी कर रहा tha.uski गांड मैं अपना घोड़े जिअसे लुंड दाल उसकी गांड मर रहा था.

मैंने मसि के बाल पकड़ पीछे खींच liye.masi का सर ऊपर की और उठ गया उसकी कमर में थोड़ा झुकाव ा गया., और मसि की गांड ऊपर की और उठ गई.

मसि के mohse"aahhhhuuu...aahhuuu

आह्ह्ह्हह उउउउ ैई माआ बीटा तेज़ ahhhh"esi तेज़ सिस्कियाँ निकल रही थी.

मई मसि को जल्दी से सीधा लेता दिया और उसकी छूट मैं लुंड रख इक hi ढके

मैं पूरा लुंड जड़ तक पेल दिए.

"आह्ह्ह्हह्ह बेताआए dhere"masi की एक चीख निकल गई.

मई ने मसि की टंगे अपने कंदो पर रख छूट मैं लुंड पेलने pga.masi मज़े के सागर मैं दुब आह्ह्हू अह्ह्ह करती छुड़वाने lgi.akhir कुछ मिंटो बाद मसि की छूट ने हथियार दाल दिए वो अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह्ह सीई बेटा मई गई अह्ह्ह चिलाती हुई

अपना पानी छोड़ने lgi.masi ने मुझे अपने ऊपर कास कर जकड लिए.

वो मेरे होंठ चूसने lagi.mai भी फिर साडी रत कभी मसि की गांड मरता रहा तोह

कभी chut.subah होने तक मसि की छूट और गांड सूज कर लाल हो चुकी thi.uski गांड

और छूट मेरे वीर्य से भरी हुई thi.pta नै कितनी बार मैंने ने मसि की गदराई

मोती गांड को छोड़ा.....

मसि तो पूरी पास्ट हो चुकी थी इसलिए वो सुबह के 5 बजे सो गयी मई भी उनके ऊपर चादर दाल क्र निकल गया उस रूम से बहार फिर मई उस रूम में गया झा संध्या और बाकि सभी सो रहे थे लेकिन वह पर मेघा नहीं थी तभी बाथरूम से मेघा बहार निकली.

मई : उठ गयी मेघा.

मेघा: भैया मुझे तो नींद hi नहीं आयी यह अपना घर अपना hi होता है और आप इतनी सुबह कहा जा रहे है.

मई: मई बीएस बहार घूमने जा रहा था आओ तुम भी चलोगी मेरे साथ.

मेघा: पर भैया बहार तो वो खतरनाक जिव घूम रहा होगा न .

मई : मुझ पर भरोसा है न मई तुम्हे कुछ भी नहीं होने दूंगा.

अब वैसे भी िंल्गो मेरे बारे में बताना hi था तो छुपाने का भी कोई फायदा नहीं था इसलिए मैंने मेघा का हाथ पकड़ क्र हवा में उड़ गया मेघा दर रही थी तब मैंने उसकी कमर में हाथ दाल क्र उसे अपने से चिपका दिया फिर हम मेघा के घर ः वो लोग रहते थे वह जाकर देखा तो पूरा का पूरा घर तबाह हो गया था ये देखने के बाद मेघा को बहुत दुःख हुआ दुःख तो मुझे भी था उस इलाके में कुछ hi घर सही सलामत थे बाकि उस जिव ने नस्ट क्र दिया था आधा सहर खली हो गया था फिर हम एक बड़ी सी बिल्डिंग के ऊपर गए जहा से हम देख सके की वो जी कहा पर है पर हमे वो कही भी दिखाई नहीं दिया तब मेघा ने मुझ से एक सवाल किया जिसे सुन क्र थोड़ी देर के लिए मेरे होस hi गम हो गए
 
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