Incest The Tiger - Page 20 - SexBaba
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Incest The Tiger

अपडेट 142

मेघा ने मुझ से एक सवाल किया

मेघा :कल रात में मई पानी पिने के लिए उठी थी लेकिन जग में पानी नहीं था इसलिए मई किचन में पानी लेने गयी , पानी पिने के बाद सोचा आपको एक बार देख लू की आपको होस आया है या नहीं फिर जब मई तुम्हारे रूम में गयी तो दरवाजा तो अंदर से बंद था लेकिन खिड़की खुली हुई थी फिर मैंने खिड़की से देखा तो...

Mai(darte हुए) : क्या देखा तुमने...

मेघा: मैंने देखा की माँ और आप दोनों नंगे हो और माँ घोड़ी बानी हुई है और उनके बालो को पकड़ क्र पीछे से धक्के मर रहे हो, मैंने माँ को सिसकी लेते हुवे देखा तो कभी ऐसा लगता था की माँ को दर्द हो रहा है फिर कुछ देर बाद ऐसा लग रहा था की उन्हें दर्द नहीं बल्कि मजा आ रहा है , मुझे तो कुछ समझ में नहीं आया की आप लोग क्र क्या रहे हो तो फिर मई वह से चली गयी सोचा सुबह आपसे या माँ से पूछ लुंगी.

मुझे तो कुछ समझ में नहीं आया की मई क्या बोलू मई बीएस मेघा को hi देख रहा था की और वो क्या बोलेगी.

मेघा: अरे अब आप मुझे क्यों ऐसे देख रहे है बताइये न की आप लोग क्या क्र रहे थे.

मई : तुम्हे सच में नहीं मालूम की हम लोग क्या क्र रहे थे.

मेघा: पता होता तो मई क्यों पूछती आप से.

फिर मुझे यद् आया की ये तो इस मामले में बिलकुल न समझ है मई ने मान में ऊपर वाले को थैंक्स कहा.

मई : पहले ये बालाओ की तुमने और किसी को तो ये बात नहीं बताई है न.

मेघा : नहीं .

मई : ठीक किया और किसी को बताना भी नहीं.

मेघा: क्यों .

मई : क्यों की मई और मसि याने की तुम्हारी माँ एक खेल खेल रहे थे उसे बंद कमरे का खेल कहते है इस खेल को जो लोग इस खेल को खेलते है वो एक रूम में दरवाजे और खिड़कियों को बंद करते है क्यों की उनके इस सीक्रेट खेल को कोई देख न पाए क्यों की ये उनका सीक्रेट खेल होता है.

मेघा: तो मैंने तो देख लिया आप लोगों को .

मई : इसलिए तो कह रहा हु ये बात किसी को नहीं बताना और अपनी माँ से भी इस बारे में कोई जिक्र नहीं करना नहीं तो उन्हें बुरा लगेगा की उनके इस सीक्रेट खेल को तुम ने देख लिया.

मेघा : जी भैया मई समझ गयी मई किसी से भी नहीं कहूँगी.

मई : गुड गर्ल.

मेघा: पर भैया मुझे भी वो खेल खेलना है बंद कमरे वाला.

मैंने अपना माथा पकड़ लिया उसके बाद उसकी बात को टालने के लिए कह दिया

मई : और इस खेल के लिए अभी तुम बच्ची हो थोड़ा बड़ी हो जाओ तब खेल लेना.

मेघा : पर भैया माँ तो कहती है की अब मई बड़ी हो गयी हु.

मई : देखो मेघा अभी तुम्हे इस खेल के बारे में कोई जानकारी नहीं है पहले पूरी जानकारी हासिल क्र लो उसके बाद तुम किसी के साथ ये खेल खेल लेना.

मेघा: नहीं मुझे सिर्फ आपके साथ hi ये खेल खेलना है .

मई : ठीक है मेरी माँ अब घर चले.

उस के बाद मई मेघा को लेकर घर आ गया.

घर आ क्र देखा तो सभी उस घर के हॉल में बैठे हुवे है फिर मई और मेघा भी व्ही चले गए फिर हुआ सवाल जवाब का सिलसिला.

मई व्ही पर जब बैठा तो सभी लोग मुझे घर रहे थे सिर्फ मसि को छोड़कर.

मई : तुम लोग मुझे ऐसे क्या देख रहे हो जैसे अभी खा जाओगी.

संध्या : तो तुम लड़ने गए थे उस जिव से.

मई : है मई hi गया था.

महिमा: पर तुम्हारे पास ये सकती आयी कहा से हम ने देखा की तुम उड़ थे हो .

मई: ये सकतिया मेरे पास पहले से hi नहीं थी इन्हे मैंने हासिल किया है और मेरे पास अभी जायदा सकती नहीं है कुछ hi है बीएस .

मसि : पर बीटा तुम्हे कुछ हो जाता तो मई तुम्हारी माँ को क्या जवाब देती .

मई : मुझे कुछ भी नहीं होगा मसि मेरा तो जन्म hi इसी कारन हुआ hai,aur मेरे पास ये सकती है ये बात आप लोग किसी को भी नहीं बताओगे आप लोगो को मेरी कसम.

मेघा : वाओ मतलब ये की भैया सुपर मन है.

महिमा: चुप क्र छोटी ये मजाक का समय नहीं है .

महिमा की डट खा क्र मेघा मुँह फुला क्र बैठ गई हम अभी बात चित क्र hi रहे थे की हॉल में धुआँ सा उठने लगा और फिर धुआँ हटते hi वह पर https://i.pinimg.com/564x/aa/a4/0b/aaa40bd61eac7817a4a9b5a68a3f6d17.jpg एक जिन हस्ता हुआ प्रकट हुआ, एक पल तो मई भी उसे देख क्र दर गया.

तभी वो बोलै

जीन : सलाम योद्धा .

मई : सलाम कोण हो तुम और यह क्यों आये हो.

तब मसि ने मुझे बताया की इसी जीन ने तुम्हारे सरीर से उस जिव के जहर को निकला है.

जीन: मेरा नाम परवेज है और मई जीन लोक से आया हु, आपसे मदद मांगने.

मई : कैसी मदद.

जीन : दरअसल बात ये है की आपके hi पृथ्वी लोक का एक तांत्रिक जिन ने मुझे कई वर्षो तक मुझे अपने कैद में रखा फिर उसने मुझे एक सरत पर आजाद किया की जरुरत पड़ने पर मई उसका काम करू फिर एक दिन उसने मुझे ा अपने पास बुलाया और मुझसे कहा की की तुम मुझे अपने जिन लोग लेकर जाओगे मेरे पास कोई रास्ता नहीं था इसलिए मैं उससे जिन लोग लेकर गया मैं नहीं जानता था की वह वहां अपने ा गलत इरादों को अंजाम देने के लिए के जा रहा है वह वहां पैर कुवारी जीन कन्याओं की बलि देकर अमर होना चाहता है उसने मेरी बेटी को भी नहीं छोड़ा उसने उसकी भी बलि दे क्र उसे मर डाला .

मई : दो तुम्हारे जीन लोक में ऐसा कोई नहीं है जो उस तांत्रिक को हरा सके.

जीन: नहीं क्यों की वो जिन्नो को अपने वस् में करना जनता है और वो हमारे बहुत से जीन लोगो को अपने वस् में क्र रखा है इसलिए अब उससे कोई लड़ने भी नहीं जा रहा हमारे बादशाह भी बहुत चिंतित है लेकिन मई ने उन्हें ये नहीं बताया की मैंने hi उस तांत्रिक को यह जीन लोक में लाया हु नहीं तो वो मुझे मर hi देंगे इसलिए मैंने ये सोचा की मई hi उस मुसीबत का जिम्मेदार हु तो मई hi इसका हल ढूंढने यह पृथ्वी लोक में आया तब बहुत दिनों बाद मैंने तुम्हे ुसजिव से लड़ते हुवे देखा तब जाकर मेरी तलाश ख़तम हुई तुम hi वो इंसान हो जो उस तांत्रिक को हरा सकता हो एक और बात आपकी आँखे हमारी राजकुमारी की जैसी hi है एक डैम नीली.

मई : पर मई तो अभी उस जिव की वजह से यह फसा हुआ हु मुझे तो समझ में hi नहीं आ रहा की ुसजिव की मई कैसे ख़त्म करू ,उसके मैंने कई टुकड़े भी क्र दिए पर फिर भी वो जीवित हो जाता है.

मेरी बात सुनकर वो जीन जोर जोर से हसने लगता है.

मई : अब तुम हंस क्यों रहे हो.

जीन : योद्धा मई इसलिए है पड़ा क्यों की उस जिव को मरने के लिए कोई हथियार काम नहीं करेगा बल्कि एक ऐसी चीज है जिससे वो मर सकता है वो बहुत hi मामूली चीज है.

मई : और वो क्या चीज है भला

जीन: नमक.

हम सभी ने उस जीन की बात सुनकर एक साथ कहा- नमक.

जीन: है नमक! नमक में hi वो प्राकृतिक गन है जिससे वो जिव गाल क्र नस्ट हो जायेगा.

मई : तो फिर ठीक है मई आज hi उस जिव को नमक चाटता हु और मुझे तुम्हे बुलाना हो तो कैसे बुलाऊंगा .

फिर उस जीन ने अपने उँगलियों से एक रिंग उतर क्र मुझे दिया और कहा की इसे रगड़ने और मई तुरंत आपके सामने आ जाऊंगा.

फिर वो जीन चला गया उसके बाद मई भी उठा और जाने लगा तब मसि ने मुझे अपना धयान रखने को कहा फिर मई वह से उड़ते हुए जा रहा था की रस्ते में मुझे फायर स्टेशन दिखा जो अब पूरा खली हो चूका था मेरे दिमाग में एक आईडिया आया मई वह गया और एक फायर ब्रिजेट की गाड़ी उठाई और वह से निकल गया मई एक स्टोर पर पंहुचा और वह से बहुत साडी नमक की बोरी उस गाड़ी कीटंकी में घोल दिया टैंक इस पानी बिलकुल चासनी बन गया था फिर मई ुसजिव को देखा जो अपने धुन में सब तोड़ फोड़ करते हुए जा रहा था मुझे ुसजिव के सामने जाना था इसलिए मई ुसजिव के रस्ते के सामने वाल मोड़ पर जाकर खड़ा हो गया मेरे रस्ते में जो भी आता गया मई उसे ठोकर मरते हुवे जा रहा था.

फिर जैसा की मैंने सोचा था वो जिव मेरे सामने आ गया तब मैंने देर न करते हुवे पर नमल मिला हुआ पानी छोड़ दिया वो जिव तड़पने लगा वो अपना जहर इधर उधर छोड़ रहा था अब उस जिव की हाइट 20 फुट का हो चूका थे जो नमक पानी पड़ते hi धीरे धीरे उसका सरीर पिघ रहा था जिससे वो धीरे धीरे छोटा होने लगा और फिर अंत में हो पूरा गाल गया ऊपर हेलीकाप्टर से ये पूरा सीन शट हो रहा था न्यूज़ चैनल में दिखाया जा रहा था की कैसे एक आम इंसान में कोई केमिकल डैड क्र उस जिव के सरीर को गाला दिया है लेकिन उस इंसान बे अपना चेहरा धक् रखा है अब अपना यर सहर खतरे से मुक्त हो चूका है .

फिर मई वह से उनलोगो की नजरों से बचते हुए वापस घर आया.
 
अपडेट 143

मई घर आया और खुसखबरी सभी को सुनाया की अब वो जिव नहीं रहा सभी बहुत खुस हुवे ,तब मसि ने कहा

मसि : तो चलो आज hi हम अपने घर चलते है जाओ सभी अपना अपना सामान ले आओ.

मई: मसि अब आप लोग वह नहीं रह सकते क्यों की वो घर पूरी तरह नस्ट हो चूका है .

मसि को मेरी बात सुन क्र बहुत दुख हुआ उनके आँखों से आंसू निकलने लगे उन्हें बहुत दुख हुआ, दुख तो हमे भी था.

मसि ने रट हुए kaha-ab हम कहा जायेंगे उन्होंने कितनी म्हणत से ये घर बनाया था हमारे पास इतने पैसे भी नहीं है की नया घर ले सके.

मई : मसि आप लोग मेरे साथ चलिए मेरे घर वह आप लोगो को कोई परेशानी नहीं होगी .

मसि: पर बीटा हम कैसे जा सकते है तुम्हारे घर वाले क्या सोचेंगे कुछ दिन होते तो कुछ नहीं होता मगर पता नहीं हमे दूसरा घर मिलेगा भी या नहीं और तुम तो जानते hi हो हमारे पास इतने पैसे भी नहीं है की कही और रह सके.

मई : तभी तो बोल रहा हु मसि की आप मेरे साथ चलिए और मेरे घर वाले कुछ नहीं सोचेंगे उल्टा माँ तो आप को देख क्र खुस हो जाएगी की उनकी छोटी बहन भी अब उनके साथ रहेंगी अब मई कुछ नहीं सुनूंगा आप चल रहे है बीएस.

मसि : ठीक है बीटा जैसे तुम कहो अब तो तुम्हारा hi सहारा है, लेकिन एक बार उस घर में जाना चाहती हु .

मई : ठीक है मसि हम व्ही से निकल जायेंगे

फिर हम सब अपना बेग और सामान लेकर उस घर की तरफ निकल गए वह पहुंच क्र मसि को और भी दुःख हुआ तब मैंने उन्हें सम्हाला मसि घर के अंदर गयी और मासा hi की एक फोटो ले क्र आयी महिमा और मेघा ने भी अपने जरुरत के जो सामान सही थे उन्होंने वो रख लिया फिर हम वह से रेलवे स्टेशन आ गए सही समय पर हमे ट्रैन भी मिल गया अभी शाम हो चुकी थी मैंने अपने घर में भी नहीं बताया था की मई आ रहा हूँ मई माँ को सरप्राइज देना चाहता था .

मैंने सभी के लिए कुछ खाने पिने का सामान ला क्र रख दिया एक सीथ पर मसि और महिमा बैठे हुवे थे दूसरे सीथ पर मेघा फिर मई और संध्या बैठे हुवे थे , संध्या के घर में भी मैंने फ़ोन क्र के बता दिया था की संध्या मेरे साथ आयी है घूमने .

रात में हम सब ने खाना खाया फिर सोने की तयारी करने लगे ऊपर एक साइड में संध्या और एक साइड में महिमा सो गयी मसि एक सीथ पर सो गयी अब बचे मई और मेघा तो दोनों एक सीथ पर सो गए हम दोनों चिपक क्र सो रहे थे क्यों की जगह कम थी अभी थोड़े देर hi हुए थे की महिमा अपने सीथ से उठी और फिर मुझे उठाया .

महिमा: टाइगर उठो न प्लीज मुझे बाथरूम जाना है चलो न मेरे साथ मुझे दर लगता है चलो न प्लीज.

फिर मई महिमा के साथ टॉयलेट रूम तक गया इस वक्त सभी सो रहे थे महिमा टॉयलेट रूम में घुसी तब तक मई बहार hi खड़ा हुआ था फिर थोड़ी देर बाद महिमा ने गेट खोला और मुझे अंदर खींच लिया मई अभी कुछ बोलता उस से पहले hi महिमा ने मेरी बोलती बंद क्र दी वो मेरे होंठ को बे तहासा चूसने लगी मई अपनी तरफ से कुछ भी नहीं किया फिर थोड़ी देर बाद वो किश तोड़ क्र मुस्कुराते हुए बाथरूम से चली गयी मगर हेट जाते उसने कहा ी लव यू टाइगर

मई भी वह से निकला hi था की संध्या वह आ गयी और उसने भी मुझे टॉयलेट रूम में खींच लिया फिर उसने भी मुझे किश करना स्टार्ट क्र दिया मई भी उसका पूरा साथ दे रहा था मेरे हाथ उसकी पीठ से होते हुवे उसकी गांड तक आ गए मैंने उन्हें जोर से दबा दिया तब संध्या ने किश तोडा और अपनी सांसो को कण्ट्रोल करते हुवे कहा.

संधया : अभी इन सब जे लिए जगह सही नहीं है अब तुम चलो बहार मई आती हु .

मेरा तो लुंड खड़ा hi चूका था अब इस ट्रैन में मई क्र भी क्या सकता था इस लिए संध्या के आने के बाद मई मेघा के साथ लेट गया अब चिपक क्र सोने की वजह से मेरा लुंड मेघा की गांड से पूरा टच हो रहा था क्योकि मेघा मेरे तरफ पीठ क्र के सो रही और हम दोनों ने एक चादर ओढ़ा हुआ था तब मैंने उसकी जांघो में थोड़ा गैप किया और मेरे लुंड को गुसा दिया और आगे पीछे करने लगा और बाकि काम ट्रैन hi क्र रहा था अब खड़े लुंड में नींद कहा आती है और कुछ देर में मेघा ने मुझ कहा भैया क्या क्र रहे हो तब मैंने कहा की कुछ नहीं चुप चाप सो जाओ फिर मई भी सो गया सुबह मेरे कानो में इनलोगो की बातो की आवाज से मेरी नींद खुली असंख्य खोल क्र देखा तो सभी उठ चुके थे और गाड़ी भी किसी स्टेशन में रुकी हुई है मई भी उठ क्र बैठ गया लेकिन मई चादर अभी भी ओढ़ रहा था क्यों की मेरा लुंड अभी भी खड़ा हुआ था मेरे आगे संध्या और महिमा बैठे हुवे थे और दोनों आपस में बात क्र रहे थे मसि और मेघा नहीं था शायद बाथरूम गयी होंगी तब मैंने धीरे से संध्या के कण में कहा - संध्या मुझे फ्रेश होने जाना है पर जा नहीं सकता तब संध्या ने मेरी तरफ देख क्र धीरे से कहा क्यों क्या हुआ तब मैंने उसका हाथ पकड़ क्र अपने लुंड पर रख दिया जिसे संध्या ने एक बार छुआ उसके बाद तुरंत hi अपना हाथ हटा लिया फिर संध्या थोड़ी शर्मा गयी जिसे महिमा ने देख लिया.

महिमा: क्या हुआ संध्या तुम ऐसे अचानक शर्मा क्यों रही हो टाइगर ने कुछ कहा क्या.

संधया : नहीं दीदी कोई बात नहीं है वो देखो न टाइगर के लिए चाय ला दो.

तब महिमा मुस्कुराहट हुवे मेरे लिए चाय लेन के लिए चली गयी .

संध्या : तुम न बहुत गंदे हो तुम्हारी बहन बैठी थी बाजु में क्यों क्या सोचेगी.

मई : अरे उसे कुछ पता नहीं चला होगा और तुम्हे बुरा लगा क्या ,ठीक है आज के बात मई कुछ भी ऐसा वैसा नहीं करूँगा सॉरी.

संध्या : ा रे ऐसी कोई बात नहीं है तुम्हारे लिए तो मेरी जान भी हाजिर है .

मई: तो तुम्हे अच्छा लगा .

संध्या( सरमते हुवे) : मैंने ऐसा कब कहा अब जाओ नहीं तो और कोई अस जायेगा.

फिर मई चादर उठा क्र बाथरूम जाने के लिए उठा तब संध्या मेरे लुंड के उभर को देख लिया और अपने मान में सोचा ओह माय गॉड कितना बड़ा लग रहा है जब मैंने छुआ था तब तो पता नहीं चला .

मेरे आते तक सभी आ क्र बैठे हुवे थे अब हमारा सहर कोई एक घंटा और बचा था ऐसे hi मस्ती मजाक करते हुवे हम अपने घर भी आ गए मैंने बेल्ल बजे सामने मई और संध्या hi खड़े थे बाकि को मैंने साइड में छुपने के लिए कह दिया था .

दरवाजा माँ ने hi खोला वो मुझे यु अचानक देख क्र बहुत खुस हुई और मुझे अपने गले से लगा लिया

माँ: ओह बीटा ये अचानक कैसे हमारी यद् आ गयी न कोई फ़ोन किया और कुछ बताया hi नहीं.

मई : मई आपको सरप्राइज देना चाहता था .

माँ : ओह मेरा बीटा मई बहुत खुस हु तुम्हे देख क्र, ये कोण है बीटा .

मई : ये तुम्हारी बहु है माँ.

तब संध्या ने माँ के पेअर छुए.

माँ शॉकेड होते हुवे: क्या ......

मई : सॉरी माँ मई तो मजाक क्र रहा था ये तो दोस्त है मेरी.

माँ : नालायक अपनी माँ से मजाक करता है .

ये बोल क्र माँ बे मेरे कण मरोड़ दिए.

मई : ओह सॉरी माँ छोडो न दर्द होता है और अभी सरप्राइज तो बाकि है .

माँ : और क्या सरप्राइज है.

तब मैंने मसि को आवाज दिया तो मसि गेट से अंदर आयी माँ मसि को देख क्र बहुत खुस हुई और दौड़ते हुए उनके पास जाकर उन्हें गले से लगा लिया.

फिर उनका रोना धोना सुरु हो गया हमारे आँखे भी नाम हो गयी.

माँ: कैसी हो आराध्य मेरी बहन.

मसि: मई ठीक हु दीदी और आप.

माँ: मई भी ठीक हु आओ अंदर आओ.

माँ और मसि का रोना धोना सुन क्र सभी हॉल में आ चुके थे सभी एक दूसरे से मिले सभी बहुत खुस थे, संध्या को स्नेहा जानती थी, पापा और दोनों चाचा बीएस नहीं थे सायद वो लोग ऑफिस गए होंगे ,फिर हम सभी हॉल में बैठे हुवे थे.

मई : माँ नोकरो से बोल क्र तीन रूम साफ करवा देना क्यों की अब से मसि लोग भी यही रहेंगे वह मुंबई में एक जिव ने आतंक मचाया था उसमे मसि का घर पूरा टूट गया है इसलिए मई इन्हे यह ले आया.

माँ: ठीक किया बीटा अब से मेरी बहन भी मेरे साथ hi रहेगी .

मसि: दीदी स्नेहा कितनी बड़ी हो गयी है जब मैंने देखा था तब तो कितनी छोटी थी .

माँ: है बहन बच्चे कब बड़े हो जाते है माँ बाप को पता hi नहीं चलता अब बीएस अच्छा सा लड़का मिल जाये फिर इसकी सदी क्र दूंगी.

अपनी सदी की बात सुन क्र स्नेहा मेरी तरफ देखने लगी मई भी उसकी तरफ देखा उसका चेहरा hi उतर गया था और जिनको हमारे बारे में बता था वो लोग भी हमे hi देख रहे थे अब माँ को क्या पता उसकी बेटी की सदी तो हो चुकी है बीएस घर से बिदाई hi बाकि है.

फिर माँ ने कहा की बच्चो जाओ और सामने को रूम में शिफ्ट क्र दो रूम साफ हो गया होगा फिर हम सभी लोग वह से उठे और अपना अपना सामान ले क्र अपने रूम की तरफ आ गए पहले मेरे रूम में गए मैंने अपना सामान रखा फिर हम एक रूम में गए तब मेघा और महिमा ने दोनों एक hi रूम में रहने का फैसा किया फिर एक रूम मसि का और रूम में संध्या रुक गयी फिर उनलोगो को आराम करने को बोल क्र मई ,स्नेहा, सोनम ,सुमन और पूर्वी मेरे रूम में आ गए.

रूम में आते hi गेट लॉक क्र के मेरी सभी बहने मेरे गले से लग गयी .

मई : ा रे आप लोग मुझे इतने जोर से क्यों दबा रही हो मई कही भगा थोड़ी न जा रहा हु एक एक क्र क्र मिलो तब मजा आएगा .

फिर सब ने मुझे छोड़ा और पहले स्नेहा आयी मैंने उन्हें गले से लगाया फिर उनके माथे पैर और और होठो पर किश किया जिससे वो थोड़ी सरमते हुवे पीछे हैट गयी फिर सोनम आयी मैंने उन्हें गले से लगा क्र उनके गलो और किश किया तो उन्होंने मेरे होठो पर किश क्र पीछे हैट गयी मई उनको मुस्कुराते हुए देखता रह गया की सुमन आयी और वो सीधा मेरे होठो पर धावा बोल दिया वो मेरे होठो को बड़ी सिद्दड़ से चूस रही थी जब उनकी साँस फूलने लगी तब जाकर उन्होंने किश तोडा और अपनी सांसो को कण्ट्रोल करते हुवे एक बार मुझे देखा फिर वो मुस्कुराते हुवे पीछे हैट गयी फिर बरी आयी पूर्वी की लेकिन वो तो व्ही कड़ी hi रही तब मई उनके पास गया.

मई : क्या हुआ दीदी आप मुझ से नहीं मिलेंगी और जब से मई आया हु आप तो मुझ से बात भी नहीं क्र रही है.

पूर्वी: तुम मुझ से प्यार नहीं करते न .

मई : ये आपको किसने कहा की मई आप से प्यार नहीं करता.

पूर्वी: मुझे लगा की मई तुम्हारी सगी बहन नहीं हु न इसलिए तुम मुझ से प्यार नहीं करते.

मई : आप भी न पागल हो मई अपनी सभी बहनो को बारे प्यार करता हु न किसी को जयादा न किसी को काम और आपको मई आज दिखता हु की आपसे मई कितना प्यार करता हु फिर मई उनके कमर में हाथ दाल क्र अपनी तरफ खींचा वो मेरे आँखों में देखने लगी फिर मई धीरे धीरे अपने होठ उनके होठो के पास ले जाने लगा पूर्वी दीदी बे अपनी आँखे बंद क्र ली फिर हम दोनों के होठ मिल गए हमे कोई जल्दी नहीं थी हम तो बीएस एक दूसरे की किश जो फइलल क्र रहे the.jab उनकी सांसे फूलने लगी तब जाकर हम ने किश तोडा.

मई : अब आपको यकीं आया की और प्यार करू.

पूर्वी दीदी सरमते हुवे अपनी गर्दन है में हिला दिया.

मई: अच्छा और प्यार चाहिए.

पूर्वी एक डैम से नहीं नहीं यकीं हो गया है बीएस उसकी बाटे सुन क्र हम सब हसने लगे.

फिर हम सब बीएड पर बैठ गए हम बात करनेही वाले थे की तभी कोई दरवाजे पर दस्तक दी .....
 
अपडेट 144

स्नेहा में जाकर दरवाजा खोला तो सामने छोटी चची अंकिता कड़ी थी फिर वो अंदर आ गयी उनके चेहरे पर मुस्कराहट थी वो आयी और बीएड पर बैठ क्र मुझ से कहा-

अंकिता : टाइगर तुम्हारा ांश अब मेरे पेट में आ चूका है ये हमारे प्यार की निसानी है मई बहुत खुस हु तुमने hi मुझे एक लड़की से औरत बनाया फिर अब मई माँ भी बन जाउंगी.

सुमन: चची आपके पास तो लाइसेंस है और मेरा क्या होगा किसी ने सोचा है मई क्या करुँगी.

मई : है मेरे पास एक उपाय है मई आज hi जब घर में सभी होंगे तब बात करुंग ठीक है आप लोग बाटे करो मई नाहा क्र आता हु .

फिर मई अपने कपडे लेकर बाथरूम में घुस गया जब बहार आया तो रूम में सिर्फ अंकिता चची hi थी.

वो मुझे hi देख रही थी .

मई : ऐसे क्या देख रही हो चची .

अंकिता: पहली बात तो ये की मुझे अकेले में चची न बोलै करो और दूसरी बात ये की खाना खाने के बाद चुप चाप मेरे रूम में आ जाना समझ गए.

मई : जी अंकिता मैडम और कुछ.

अंकिता : अब रेडी होकर निचे आ जाओ सभी हॉल में तुम्हारा hi इंतजार क्र रहे है.

मई : एक किश तो दे दो अंकिता डार्लिंग.

अंकिता जो दरवाजा खोल क्र जा रही थी वो मेरी बात सुन क्र अचानक रुक गयी और मेरी तरफ वापस आ क्र कहा.

अंकिता : ओह टाइगर इतने प्यार से तो तुम जान भी मागोगे मई खुसी खुसी दे दूंगी ये किश क्या चीज है.

फिर सुरु हुई हमारी किश जो पहले नार्मल चली फिर धीरे धीरे वाइल्ड हो गयी हम दोनों एक दूसरे के होठों को बड़ी जोरो से चूस रहे थे न वो पीछे हैट रही थी और न hi मई फिरजब हमारी सांसे फूलने लगी तब जाकर हम ने किश तोडा अंकिता जोर जोर से साँस लेकर अपने आप को कण्ट्रोल क्र रही थी ,फिर वो मेरी तरफ देख क्र शर्मा गयी और दरवाजे के पास जाकर बोली जल्दी से निचे आ जाओ.

फिर मई तैयार हो क्र हॉल में गया वह पर सभी बैठे हुवे एक दूसरे से बात क्र रहे थे माँ और चची बस नहीं थी वह, सायद वो किचन में थी, मई भी जाकर स्नेहा के बाजु में बैठ गया स्नेहा के सरीर से निकल रही भीनी भीनी खुसबू मुझे पागल क्र रही थी मुझे ऐसा लग रहा था की मई अभी उनसे लिपट जाऊ मैंने सबसे नजरे बचा क्र स्नेहा का साथ पकड़ लिया तब उसने मेरी तरफ देखा फिर धीरे से मेरे कण में बोली

स्नेहा: क्या क्र रहे हो सभी बैठे है छोड़ो मेरा हाथ.

मई : स्नेहा तुम्हारे सरीर से निकल रही मनमोहक खुसबू मुझे पागल क्र रही है चलो न रूम में चलते है.

स्नेहा शर्मा क्र: नहीं मुझे कही नहीं जाना सभी बैठे है क्या सोचेंगे.

तभी मेघा ने हमे देख क्र स्नेहा से कहा -

मेघा: क्या बात है स्नेहा दी आप दोनों क्या खुसुर फुसुर क्र रहे हो एक दूसरे के कण में हमे भी बताओ.

मई : मई बताता हु मई स्नेहा दीदी को क्या बोल रहा था ये की मेघा इतनी बड़ी घोड़ी जैसी हो गयी है फिर भी इसका दिमाग बच्चो जैसा है है न.

मेघा : क्या भैया आप भी अब मई बड़ी हो गयी हु दिमाग से भी .

मई : अच्छा , ठीक है फिर जब कोई बड़े बुजुर्ग नहीं होंगे तब मई इन बाकि लोगो के सामने ये साबित कर दूंगा की तुम अभी भी बच्ची हो.

मेघा: ठीक है देखते है , लेकिन मई भी साबित कर दूंगी की में बड़ी हो गयी हु.

उसके बाद हम सब ने खाना खाया माँ ने मेरे और मसि के लिए हमारी फवौरीते डिश बनाई थी खाना खा क्र मज़ा आ गया फिर सभी आराम करने चले गए क्यों की सफर के कारन थक गए थे पर मुझे खा आराम मिलेगा आदेश जो जारी hi गया था इसलिए मैं कुछ देर अपने रूम में रुक क्र चची के रूम में चला गया दरवाजा खुला हुआ था मई अंदर जा क्र दरवाजा लॉक क्र दिया और जा क्र बीएड पर बैठ गया अंकिता बाथरूम में थी क्योंकि बाथरूम से पानी गिरने की आवाज आ रही थी तभी दरवाजा खुला फिर मैंने जो देखा तो मेरा मुँह खुला का खुला रह गया





क्योकि अंकिता बड़ी ऐडा के साथ बाथरूम के दरवाजे पर कड़ी हो gayi,fir वो मेरे पास किसी मॉडल की तरह कैटवाक करती हुई आयी और मेरा मुँह अपने हाथ से बंद किया फिर वो मुस्कुराते हुए बीएड पर मेरे बाजु में बैठ गयी मई उसे देखता hi रह गया .

अंकिता: अब मुझे देखते hi रहोगे या मुझे प्यार भी करोगे तुम्हारे जाने के बाद तो मई तरस hi जाती हु वो दिन को यद् करती हु जब तुम ने मुझे कली से फूल बनाया था हर रात मई यही सोचती रहती हु अब और मत तरसाओ न मेरे मालिक .

अंकिता के इतना बोलते hi मैंने उनको उठा लिया और बीएड पर लेकर पटक diya.maine अंकिता की पंतय खींच

कर निकल अंकिता की छूट का छेद देख मेरे

मोह मैं पानी ा gya.ankita की छूट पर इक भी बाल नै tha,sayad अभी hi अपने छूट के बल साफ किये है छूट भी पहले से काफी फोली हुई थी पोरोटी की त्र.

मैं और कण्ट्रोल नै कर सका और अंकिता के ऊपर लेट gya.mane इक हाथ से अंकिता के ब्रा को उतर उसके बड़े से चुके आज़ाद कर दिए.

अंकिता ने मेरा चेहरा पकड़ मेरे

होंठो पर अपने होंठ रख दिए.

मने भी अंकिता के होंठो को बेरहमी से चुस्नु सुरु कर diya.ankita के होंठ कोमल और रसीले the.ankita ने मेरे मोह में अपनी जीभ दाल di.mai रास से भरी जीभ को गलापपपप गलापपपपपप की आवाज़ कर चूसने लगा अंकिता आँखें बंद किये

मेरे होंठो को चुस्ती जा रही थी.

करीब 10 मिंट तक मैं अंकिता के होंठो का रास पता रहा .फिर अंकिता ने साँस लेने

के लिए मुझे पीछे कर दिया. अंकिता की सांसे काफी बाद गई थी और उनके बड़े बड़े

चुके ऊपर निचे हो रहे the.mane अपने हाथ से दोनों चुकी को पकड़ कर

मसलना सुरु कर दिया.

और फिर मेरी नज़र छूट पर गई.

मने अंकिता की छूट में दो ऊँगली खच्च कर के दाल di.ankita चीख पड़ी क्यों की अभी उसकी छूट ठीक सेखुली नहीं थी चूड़ी hi कितनी थी बेचारी अंकिता की रसीली छूट मैं

मेरी दोनों ऊँगली गयाब सी हो गई.

Ankita:-aahhh टाइगर अहह जान क्या किया आपने , अह्ह्ह मज़ा ा गया ओह्ह्ह...

मई अंकिता की छूट मैं दोनों ऊँगली अंदर बहार करनी सुरु kardi.meri ऊँगली के

साथ अंकिता का रास भी बह रहा tha.kuch देर छूट मैं ऊँगली अंदर बहार करने के

बाद मने छूट मैं से ऊँगली बहार निकल ली और मोह मैं लेकर चूसने लगा अंकिता यह देख थोड़ा शर्मा गई.

मई और न रुक पाया और अंकिता की छूट की पहनको को अलग लार अपनी जीभ छूट मैं दाल

चूसने lga.ankita अपने हाथो से छूट को और फैला देती hai.ab मैं ताबड़तोड़ अंकिता की छूट चूसे जा रहा tha.ankita भी गांड उठा उठा छूट चूसा रही थी.

मैंने अंकितकी छूट चाट चाट कर लाल करदी thi.ab अंकिता की टंगे कम्प रही thi.vo अपना सर बीएड

पैर ेहडेर ोहडेर मर रही थी.

मने भी छूट के छोले को मोह मैं भर कास कास कर चूसना सुरु kiya.ankia तोह मज़े से सर उठा बैठ से gai.main छूट के छोले को दांतो मैं भर जोर से खींचा

तोह अंकिता के छूट ने तेज़ पानी की भूशर कर di.mere मोह उस पानी से भीग

gya.mai अंकिता के छूट के लिसलिसे पानी को हाम्मूणछह हम्म्म्मूउछह

कर चाटने और पीने lga.ankita की छूट का पानी नमकीन और रसीला tha.maine अंकिता कीपूरी छूट चाट चाट कर साफ़ कर दिए

अब अंकिता ने मुझे अपने ऊपर कीच रही थी मई भी उसकी बात मन क्र ऊपर हो गया

अंकिता मेरे होंठो को चूसने लगी अंकिता पर अब सेक्स की गर्मी चढ़ चुकी थी.

अंकिता पागलो जैसे मेरा होंठो को दांतो मैं काट रही thi.main भी पूरी जोर लगा कर

अंकिता के होंठ चूस रहा था.

अंकिता ने इक हाथ निचे लेजा मेरा मोटा लुंड हाथ मैं पकड़ लिया फिर उसने मेरे लुंड को मुँह में ले क्र अच्छे से गिला किया





अंकिता ने लुंड अपनी छूट की पहनको मैं फसा diya.ankita तोह काफी छुडासी हो गई thi,mai समझ गया था की बहुत दिन हो गए थे चूड़े हुवे इसलिए इतनी छुडासी हो गयी है

मैंने भी कसकर एक ढाका मारा और आधे से जायदा लुंड अंकिता की छूट को फाड़ता हुआ अंदर

घुस गया.

Ankita:-(chekhte हुए) अह्हह्ह्ह्ह टाइगर धीरे करो तुम्हारा अह्ह्ह्ह बहुत बड़ा है जानू

अह्ह्ह मेरी छूट फाड् दी

मई अंकिता की बात पर दयँ नै दिया और थोड़ा उठ कर अंकिता की टंगे अपने कंदो पर रख इक कास कर ढाका और मर दिया.

"fffaatttcchhhh"ki आवाज़ करता लुंड जड़ तक छूट मैं घुस गया अंकिता के मोह से एक दर्द भरी चीख निकल गई.

अंकिता :-अह्ह्ह्हह कमीने खा था धीरे कर आइइइइइ माआ फाड् दी मेरी छूट अह्ह्ह्हह

मादरचोद आह्ह्ह्हह्ह बहनचोद अब अह्ह्ह्ह क्या देख रहा है अह्ह्ह्हह छोड़ अब

मुझे.

अंकिता की गळ्यां सुन मुझे जोश ा गया क्यों की मुझे बहुत काम hi गली सुनने को मिलता है चुदाई के समय मई अंकिता के घुटने उनकी चुचु पर लगा

तेज़ तेज़ ढके मरने लगा.

मई अंकिता के ऊपर चढ़ा तेज़ तेज़ अंकिता को छोड़ रहा tha.ankita भी अपनी गांड

निचे से उठा कर मेरे मोठे लुंड पर मर रही थी.

"पांच पांच पांच पांच पांच अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह सी अह्ह्ह्ह की आवाज़ों का शोर गूंज उठा था

कमरे में ,अंकिता की छूट अब काफी पानी छोड़ चुकी थी , अब लुंड गप्पआगापपप छूट मैं जा

रहा था.

मैं सुपडे तक लुंड बहार निकल कर जोरदार ढके के साथ छूट मैं पेल देता.

थोड़ी देर बाद मने अंकिता को घोड़ी बना diya.ankita की उठी हुई मस्त मोती गांड

देख मैं सब कुछ भूल गया , मई अंकिता के चूतड़ों को चाटने lga.main इक दो बार

तोह अंकिता के चूतड़ों को काट भी दिया.





Ankita:-(chekhte हुए) अह्ह्ह्ह टाइगर मदर छोड़ अह्ह्ह क्यों काट रहा है अह्ह्ह्हह

बहनचोद छूट मैं लोयडा दाल आह्हः सेल मादरचोद अह्ह्ह छूट छोड़ सेल.

मुझे अंकिता की गळ्यां सुन गुस्सा ा gya.mane छूट पर लुंड रख इक hi ढके मैं

पूरा दाल दिया.

अंकिता:- आह्ह्ह्ह हहह सेल धीरे मर.

मने तेज़ तेज़ अंकिता की छूट को फाड़ना सुरु कर diya.ankita की छूट पानी छोड़ रही

थी.

मई :-ले मेरी रंडी अह्ह्ह साली कितने दिनों बाद छोड़ रहा हूँ तुझे बहुत तित छूट है तुम्हारी ले मोटा लुंड अह्ह्ह्ह

साली मेरी रंडी है तू अह्ह्ह्हह.

मने अंकिता की छूट मर मर कर लाल करदी thi.ankita का पानी निकलने वाला tha.ab

उनकी गळ्यां भी तेज़ हो गई थी.

मने अंकिता के चूतड़ पकड़ कास कास कर 10-15 ढके मरे तोह अंकिता का पानी

छूट gya.ahhh ओह्ह्ह मेरे राजा अह्ह्ह्ह मैं गई.

अंकिता का पानी निकलते hi वो ढेली पद gai.ankuta को घोड़ी बना छोड़ने मैं बड़ा मज़ा ा रहा tha.meri जांगू की मर से अंकिता के चूतड़ पोरे लाल हो गए थे.

अब मेरा भी पानी निकलने वाला था , मने भी पूरी जान से ढके मरने सुरु जार

दिए.

थप थप थप पांच पांच पांच की आवाज़ों का शोर तेज़ हो गया .

अंकिता मेरे ढको को सेह नै पाई और निचे गिर gai.ankita पेट के बल लेती हुई thi.mai अंकिता के ऊपर लेट उनको छोड़ने लगा.

नरम गांड पर मेरी जांगू के टकराने से थप थप की आवाज़ ुचि हो गई.

मने कास कास कर 10-12 ढके लगाए और अंकिता की छूट में hi छूट gya.mera पानी

अंकिता की छूट की गहरायिओं मैं छूटने लगा.

मैंने अपनी आँखें बंद किये छूट से लुंड बहार निकल और एक तरफ लेट gya.ankita की सांसे

भी काफी तेज़ चल रही थी.
 
अपडेट 145

मई और अंकिता दोनों एक दुसरे की बहो में बहे दाल क्र ऐसे hi सो गए शाम को अंकिता ने hi मुझे उठाया उनके चेहरे पर मुस्करात थी जो बता रही थी की वो मेरे दिए हुवे प्यार से कितना संतुष्ट है .

अंकिता : अब ऐसे क्या देख रहे हो .

मई : देख रहा हु एक बार में hi तुम इतनी खुस हो तो दुबारा प्यार करने पर कितनी ज्यादा खुस होगी आओ न एक बार और हो जाये.

अंकिता : न बाबा न मई एक बार में hi खुस हु दुबारा अभी और तुम्हारे मुसल को मई अपनी ओखली में नहीं ले सकती अभी भी yha(chut की तरफ दीखते हुवे) मीठा मीठा दर्द हो रहा है और वैसे भी अब तुम्हे ढूंढते हुए कोई भी आ सकता है अब जल्दी से उठो और बाथरूम में जाकर अपने कपडे पहन ली कोई भी आ सकता है.

फिर मई अंकिता की बात मन क्र अपने कपडे ले क्र बाथरूम में चला गया.

मई रेडी हो क्र निचे हॉल में आया वह पर पूरी मंडली hi जमा थी मई भी उनके बिच जा क्र बैठ गया तभी मेघा ने मुझे कहा.

मेघा : भैया आप कहा थे मई आपके रूम में भी गयी थी आप वह भी नहीं थे.

मई : वो मई छोटी चची के रूम में था उनसे बाटे करते हुए पता नहीं कब मुझे नींद आ गयी पता hi नहीं चला.

बड़ी चची: बीटा कभी मेरे साथ भी थोड़ी बात चित क्र लिया क्र पता नहीं कब तूने मेरे पास बैठ कर आराम से बात किया है.

मई: है चची आप सही बोल रही है मुझे भी यद् नहीं है की मैंने आराम से बैठ क्र आपसे कब बात की है सॉरी चची और आप तो खुद कभी आराम से बैठी hi नहीं है की मई आप से कुछ बात क्र सकू सारा दिन काम बीएस काम hi करती रहती हो और रात होते hi चाचा जी के साथ..

चची : चुप क्र बदमाश कुछ भी बोलता है .

मई : ा रे चची मई तो कह रहा था की रात में आप उनकी सेवा करती वो .

मेरी इस बात पर सब हसने लगे चची भी हसने लग गयी.

फिर कुछ देर हम ऐसे hi हसी मजाक करते हुवे बैठे थे थोड़ी देर बाद पापा और चाचा लोग भी आ गए वो लोग भी मुझे देख क्र बहुत खुस हुवे मैंने सभी के पेअर छुए तो सभी में मुझे गले से लगा लिया.

फिर मसि पापा से मिली ,पापा थोड़ी देर तक मसि का चेहरा देखते रहे और यद् करने की कोसिस करने लगे की ये कोण है क्योकि की बहुत सालो बाद वो पापा से मिल रही थी.

मसि : क्या जीजा जी आप तो मुझे भूल hi गए लगता है.

पापा: ओह्ह आराध्य ,अब क्या कृ इतने सालो बाद देख रहा हु तो यद् hi नहीं आ रहा था.

माँ: आप लोग फ्रेश हो लीजिये फिर बैठ क्र आराम से बात क्र लेना .

फिर थोड़ी देर बाद पापा और चाचा लोग फ्रेश हो क्र आये फिर उनकी बात चित सुरु हुई मसि ने उन्हें अपने बारे में बताया और माँ ने पापा से कह दिया की मसि अब से हमारे साथ hi रहेगी पापा ने भी हामी भर दी फिर मैंने पापा से बात की

मई : पापा मई सोच रहा था की मई सुमन दीदी को अपने साथ लेकर जाऊ वो क्या है न की जब हम अपना नया बिज़नेस स्टार्ट करे तब वो मेरी हेल्प कर देगी.

पापा: पर बीटा वो यह पर भी हमलोगो के साथ रह क्र भी तो सिख सकती है.

मई : पापा जो बिज़नेस हम स्टार्ट करेंगे उसकी मार्केटिंग ऑफिस वह देहरादून में है तो वो यह कैसे सिख सकती है .

पापा: ठीक है बीटा ले जाना अपने साथ तो कब जा रहे हो वापस.

मई : हम कल hi जा रहे है पापा वापस .

फिर हम सब ने साथ में मिल कर खाना खाने के लिए डाइनिंग टेबल पैर बैठ गए मेरे एक साइड में संध्या और दूसरे साइड में सुमन बैठी हुई थी जब मई खाना का रहा था तब अचानक से एक हाथ मेरे लुंड के ऊपर आया मई थोड़ा चौक गया फिर एक नजर सब की तरफ देखा तो सभी खाना खा रहे थे फिर मैंने संध्या को देखा वो भी नार्मल hi लगी फिर मैंने सुमन की तरफ देखा तो वो मुस्कुराते हुए खाना खा रही थी मई समझ गया ये इसी का हाथ है वो पेंट के ऊपर से hi मेरे लुंड को सहलाने लगी फिर धीरे से मेरे पैंठ की चैन खींचा और मेरे लुंड को बहार निकल लिया

मई धीरे से उनके कण में बोलै- ये क्या क्र रही हो दीदी किसी ने देख लिया तो आफत हो जाएगी.

उसने भी मेरे कण में कहा- कुछ नहीं होगा बीएस मजा लो .

फिर वो धीरे धीरे मेरे लुंड को सहलाने लगी उसे ऊपर निचे करने लगी मेरा लुंड धीरे धीरे पूरा खड़ा हो गया अब मुझे भी अच्छा लगने लगा था मैं खाना बहुत hi धीरे खा रहा था जिसे चाचा ने देख लिया.

चाचा: क्या बात है टाइगर बीटा इतना धीरे क्यों खा रहे हो खाने का मान नहीं है तो रहने दो .

मई : नहीं चाचा ऐसे कोई बात नहीं है वो तो मई स्वाद लेकर फइलल करके खा रहा था.

चाचा; मैंने तो आज तक ऐसा किसी को कहते नहीं देखा ठीक है तुम खाओ जैसे खाना है.

सभी ने अपना अपना खाना ख़तम किया सुमन ने जाते हुवे मेरे काम में धीरे से कहा की रात को मेरे रूम में आ जाना उसके जाने के बाद मई किसी तरह एडजस्ट क्र के अपने लुंड को पैंठ के अंदर किया फिर अपना खाना ख़तम कर के मई भी अपने रूम में आ गया और फिर नीलम को कॉल लगाया कुछ hi रिंग के बाद नीलम ने फ़ोन उठा लिया.

नीलम : hello हस्बैंड जी अब यद् आ गयी हमारी पुरे दो दिन हो गए है आपने न कोई फ़ोन किया न hi कोई मैसेज.

मई : ा रे बस भी करो मेरी जान अब क्या कृ जहा भी जाता हु मुसीबत मेरे पीछे पीछे चली आती है इसलिए टाइम hi नहीं मिला सॉरी .

नीलम : हम लोगो का तो ठीक है पर ये रम्भा तो तुम्हे बहुत यद् क्र रही है पूछ पूछ के जान खा गयी है दीदी वो कब आएंगे उनका कोई फ़ोन आया क्या ओह्ह लो बात क्र लो .

रम्भा: hello जी आप कब आ रहे है बहुत यद् आती है आपकी .

मई : अरे मेरी सब से बहादुर बीवी हो क्र भी ऐसा करती हो .

रम्भा: अब क्या कृ आपके साथ रह क्र आदत सी हो गयी है मान नहीं लगता आपको बिना जल्दी आ जाओ न जी .

मई : ओह्ह्ह्हह मेरी जान मई कल आ रहा हु और वह बाकि सब कैसे है दीपिका और दिव्या.

रम्भा: सभी ठीक है बस आपको hi याद करते है.

मई: सब को मेरा प्यार देना िलोवे यू उम्म्म अब रखता हु बया.

फिर मई बैठ क्र उन्ही के बारे में सोच रहा था की तभी मेरी बहने स्नेहा, सुमन सोनम और प्राची मेरे रूम में आ क्र बीएड पर बैठ गयी.

सोनम : और भाई क्या क्र रहे हो .

मई : मई बीएस अभी सोने hi जा रहा था.

प्राची : ओह हो कितना सोते हो तुम दिन में भी सोये हो फिर भी नींद आ रही है तुम्हे ,हमे तो नींद hi नहीं आ रही तो सोचा यह तुम्हारे साथ थोड़ी टाइम पास क्र ले पर तुम तो ....चलो दीदी चलते है.

मई: अरे रुको मुझे भी नींद नहीं आ रही है चलो कुछ गेम कहते..

स्नेहा: पर कोण सा गेम खेलेंगे.

सुमन : ट्रू & दिएर.

प्राची: वाओ मजा आएगा.

मई : इस गेम को मई और भी मजेदार बना डुंग सोनम दीदी आप जाओ और मेघा को ये बोल क्र लाना की वो आपके साथ सोयेगी.

सोनम : मेघा को पर क्यों .

मई : सब पता चल जायेगा.

फिर सोनम चली गयी मेघा को लेन अब मजा आएगा.

फिर थोड़ी देर बाद वो दोनों आ गयी .

मई: आओ मेघा ट्रू & दिएर खेलते है .

मेघा: वाओ मजा आएगा मैंने पहले कभी नहीं खेला है ये गेम लेकिन जानती हु इसके बारे में.

फिर सुरु हुआ ये खेल हम अलग तरह से खेलने वाले थे तो बोतल को घुमाया गया और सबसे पहले प्राची की तरफ बोतल रुका.

सोनम: ट्रू या दिएर

प्राची : ट्रू.

सोनम: तो ऐसी एक बात बता जो हम में से कोई नहीं जनता.

प्राची : उम्म्म... है रात को सोने के समय मई पैंटी उतर कर सोती हु.

सुमन : कामिनी ये तू हमे बता रही है या टाइगर को .

उसकी इस बात पर सब हसने लगे, फिर बोतल घुमाया गया इस बार स्नेहा की तरफ बोतल रुका.

प्राची : तो दीदी ट्रू या दिएर.

स्नेहा: ट्रू.

प्राची: तू दीदी
 
अपडेट 145 बी

रूचि: तो दीदी ट्रू या दिएर.

स्नेहा: ट्रू.

रूचि: तो दीदी आप ये बताओ की अपने पहली बार किस उम्र में अपने निचे के बल साफ किये थे.

स्नेहा: तू न सच में बिगड़ चुकी है खैर अब पूछ लिया है तो मई बता देती hu(sarmate हुवे) वो मई 20 साल की थी तब मेरे फ्रेंड के साथ मार्किट गयी थी तो जब उसने हेयर रेमोवेर क्रीम ले रही थी तब उसका देख क्र मैंने भी ले लिया था .

उसके बाद फिर बोतल को घुमाया गया अब की बार वो मेरी तरफ आ क्र रुका .

सुमन : तो टाइगर ट्रू या दिएर.

मई : उम्म्म ट्रू.

सुमन: तो तुम ये बताओ की लास्ट टाइम तुम ने किसके किस के साथ सेक्स किये hai.koi 3 नाम बताओ.

मई : ये कैसा सवाल है बहने हो तुम लोग मेरी है न मेघा.

मेघा: पहले ये बताओ ये सेक्स क्या होता है.

सब लोग मेघा की तरफ देखने लगे

सुमन : तू सच में नहीं जानती सेक्स क्या होता है.

मेघा : नहीं दीदी .

सुमन: तब तो टाइगर सच hi कहता है तू सच में बच्ची hi है, और तू चल जल्दी .

मई : आपको तो मई देख लूंगा, देखना रहम की भीख मांगोगी.

सुमन: तब की तब देखेंगे चल अभी बता.

मई : रम्भा, अंकिता chachi,aur ....

सुमन : और कोण जल्दी बोलो और सच hi बोलना.

मई : और ... आराध्य मसि .

सुमन : मसि के साथ भी ो माय गॉड कब किया और चची के साथ कब क्र लिया.

मई : मसि के साथ कल और चची के साथ आज दोपहर में .

सुमन: मेघा जा तो मेरे रूम से मेरा मोबाइल लाना.

मेघा के जाने के बाद .

सुमन: (स्नेहा से) देखा दीदी आप सदी के बाद भी कुवारी है और ये है की सभी को अपना प्यार बताता फिर रहा है.

स्नेहा: तू अपना देख बिन व्यहि माँ बनने वाली है.

सुमन : मई तो इस मामले में आगे रहती हु , लेकिन मई क्या क्र सकती हु ये अपनी निसानी भी मेरे पेट में छोड़ दिया तो मेरा बीएस चले तो मई अभी सुरु हो जाओ पर क्या कृ सब के सामने तो नहीं क्र सकती न.

स्नेहा: तू बीएस इतना करना की जब भी तुम प्यार करो तो धयान रखना की घर वालो को भनक भी न लगे नहीं तो लेने के देने पद जायेंगे.

तब तक मेघा भी आ गयी उसे जान भुझ क्र भेजा था सुमन ने .

फिर गेम स्टार्ट हुआ इस बार मेघा की तरफ बोतल रुका .


मई : चल मेघा अब तेरी बरी तू क्या लेती है ट्रू या दिएर.

मेघा: मई भी ट्रू hi लुंगी.

मई : तो चल बता तुमने इस वक्त कोनसे कलर की पंतय पहनी है .

मेघा : ब्लैक कलर की,

मई : वाओ ी लव ब्लैक.

सोनम : चुप क्र बदमाश .

मई : और तुम्हारी दीदी ने.

मेघा : उसका ब्लू कलर का है .

मई : और तुम्हारी माँ का.

मेघा: उनका पिंक कलर का है .

सोनम : चुप क्र यार इसके भोले पैन का बहुत फायदा उठा रहा है तू.

मई : अभी अपने देखा hi कहा है दीदी अभी देखती जाओ आप .

फिर गेम सुरु हुआ इस बार सोनम दीदी की तरफ बोतल का मुँह था .

सुमन : तो सोनम रानी तू क्या लेना चाहती है.

सोनम : मई तो दिएर लुंगी.

सुमन: तो सोनम रानी तुझे टाइगर के सामने सेदूसिंग डांस करना है.

सोनम: दीदी मुझे तो नार्मल डांस नहीं आता है आप फाइट करने को बोल दो वो मई क्र लुंगी मगर डांस वो भी सेदूसिंग डांस मुझ से तो नहीं होगा.

प्राची: अब दिएर लिया है तो करना तो पड़ेगा सोनम .

फिर प्राची ने एक सांग लगा दिया जिसमे सोनम डांस करने लगी पर वो मुझे सेदूसेड करने की बजाय डरा रही थी फिर सांग ख़तम हुआ.

स्नेहा: तू उसको सेदूसेड क्र रही थी या डरा रही थी .

दीदी की इस बात पर सब हसने लगे डांस hi ऐसा किया था सोनम ने, सोनम चीड़ क्र फिर से बैठ गयी अपनी जगह फिर बोतल घूमी इस बार फिर मेघा की बरी आयी .

सुमन: तो मेघा ट्रू या दिएर.

megha:ummm.. है इस बार दिएर .

सुमन : तो....

मई : रुको रुको रुको... इसे टास्क मई डूंगस , है तो मेघा तुम्हे तुम्हे एक एक करके अपने सभी कपडे उतरने होंगे.

मेघा: इस में क्या प्रॉब्लम है लो अभी उतर देती हु.

सोनम : टाइगर ये क्या करवा रहे हो कुछ तो सरम करो.

मई : जब इसे नहीं है तो मुझे क्या सरम .

फिर क्या था मेघा ने सब से पहले अपना टी शर्ट जो उसने पहन रखा था उसे उतर दिया अब वो ब्लैक कलर के ब्रा और ब्लैक स्कर्ट में थी फिर उसने अपना स्कर्ट भी उतर दिया अब ब्लैक ब्रा और ब्लैक पंतय में थी मई तो देखता hi रह गया दूध से भी सफ़ेद जिस्म और ब्रा के अंदर संतरे जैसे चुके क़यामत ध रही थी फिर उसने अपना ब्रा भी उतर कर रख दिया, मेरे मुँह से अपने आप वाओ निकल गया सब लोग मेघा को hi देख रहे थे गोरा बूब्स और उस पर वो छोटे छोटे पिंक निप्पल्स मज़ा आ गया देख क्र फिर जब उस ने अपने पंतय को निकलने hi जा रही थी की स्नेहा ने उसे रोक दिया.

स्नेहा: बीएस बहोत हो गया तू रुक जा मेघा चल अपने कपडे पहन जल्दी बेवकूफ लड़की जरा भी दिमाग नहीं है तेरे पास,
अब इस खेल को यही ख़तम करते..

मई : क्या हो गया मज़ा तो आ रहा था.

स्नेहा: ये अभी नादाँ है तुम लोग तो समझदार हो फिर भी और तुम्हे कपडे उतरवाना hi है तो हम सभी बहने तो है hi उतर दे बोलो.

मई : ठीक है मेरी माँ गेम को क्लोज करो चलो सोना भी है कल वापस भी जाना है.

स्नेहा: मेघा इस गेम के बारे में और किसी को मत बताना ok अब जाओ सोनम के साथ सो जाना और सोनम तुम इस लड़की को थोड़ा दिमाग दो सिखाओ इसे कुछ इतनी बड़ी घोड़ी जैसी हो गयी है फिर भी दिमाग नाम की चीज है hi नहीं .

फिर सभी एक एक क्र के मेरे रूम से जाने लगे लास्ट में सुमन रह गयी जो मुझे कुछ देर बाद अपने रूम में आने को बोल क्र चली गयी.

कुछ देर बाद मई सुमन दीदी के रूम में गया तो क्या देखता हूँ सुमन दीदी तो पहले से hi पूरी तैयार थी मई तो देखता hi रह गया बिस्तर पर पूरी तरह से नंगी हो क्र लेती हुई थी उसके छूट पर जो बालो का गुच्छा था उसे देख क्र ऐसा लग रहा था की जैसे गोर बदन पर कला टिल हो बहुत hi सुन्दर लग रही थी सुमन दीदी.

मई सीधे जाकर सुमन दीदी के दोनों पैरो को फैला दिया फिर एक बार अच्छे से छूट को देखा छूट अभी भी तित hi लग रहे थे दीदी चूड़ी hi बहुत काम थी फिर मई झुक क्र एक बार दीदी की छूट को किश किया फिर दीदी की छूट को चूसना सुरु कर दिया ….


सुमन दीदी सिसकारियां लेने लगी…. आअह्ह्ह्ह आआअह्ह्ह्ह ……….. मेरी चूऊऊऊत….. ऐसे हीईई.... पि jaaaaaa....bahot पनीईई हैईईई ….aise….hi….chuste..raho….

मैंने अपनी जीभ दीदी की छूट में दाल दी ...जीभ छूट में जाते hi दिदिएपनि छूट को उछलने लगी….

दीदी जायेगा देर मेरा छूट चूसना बर्दास्त नहीं कर पायी और थोड़ी hi देर में अपना पानी मेरे मुँह पर दाल दिया ...

मैंने पूरा पानी पि लिया…. छूट का पानी पिने के बाद मैंने छूट को चाट चाट कर साफ कर दिया…..

फिर मैं सुमन दीदी के ऊपर आ गया…. ऊपर आकर मैंने अपने होठो को उनके होठो से मिला दिए…..

मैं दीदी के निचे के होठ को किश करते करते चूस रहा था ... फिर ऊपर के होठो को चूसने लगा…..

थोड़ी देर होठो को चूसने के बाद मैंने अपनी जीभ दीदी के मुँह में दाल दी….


दीदी ने मेरी जीभ को चूसना सुरु कर दिया…. दीदी मेरे जीभ को चूस रही थी बिलकुल वीलडली ….

मैं ने अपने हाथो को उनकी चूचियों पर रख दिए और धीरे धीरे सहलाने लगा….

जैसे जैसे किश करने में मज़ा आने लगा वैसे वैसे मैं दीदी की चूचियों को जोर जोर से मसलने लगा…..

मैं दीदी की चूचियों को बुरी तरह से मसल रहा था...

सुमन- aahhha….aise hi.. bhai…inko…masalte raho….kitne दिनों baad….inko…pyar…kar…rahe..ho……aaaahhh…..aur jor…seeeee……

10 मिनट के बाद मैंने दीदी को किश करना बंद कर दिया……

किश ख़तम करते hi मैं दीदी की गर्दन को जगह जगह पर किश करने laga….sath hi उनकी चूचियों को भी जोर जोर से मीजता जा रहा था…..

और धीरे धीरे किश करते हुए मैं दीदी की चूचियों के पास अपना मुँह ले गया…..

मैंने दीदी की एक चुकी को एक हाथ से मसलने लगा और दूसरी चुकी के निप्पल को जीभ से चाट लिया…..

उसके बाद मैं दीदी की चुकी को चूसने laga….Main दीदी की एक चुकी को चूस रहा था और दूसरे चुकी को हाथ से मसल रहा था…..

सुमन -aaaaaaaaaahhhhhhh…. आआआआहहहहहहह….. भाई…. पि lo…inka..sara…ras…aur..jor..se..dabao…meri चुकी ..ha…aise…hi….ab इनको…. तुम…. रोज …खूब…. masalna…bhai…

मई- ha…didi…mai अब हर roj…apki chuchi…daba दबा kar…piyunga….apko…roj…nangi…karunga…meri प्यारी दीदी...

सुमन- हां…. bhai…mujhe…aise..hi…roj…poori…nangi ..karke…khoob….pyar….karna….

थोड़ी देर चूचियों के साथ खेलने के बाद मैं खड़ा हो गया …..

मैंने अपने कपडे निकाल दिए मैं पूरा नंगा हो गया...

और फिर से दीदीकी टैंगो के बिच आ गया….

और छूट के होठो को खोल दिया और छूट में जीभ दाल कर चाटने लगा….

मेरे ऐसा करते hi दीदी ने सिसकारियां लेने लगी...

सुमन -ssssssssssshhhhhhhhh…….. Aahhhhhhhhhhhhhh… मुझे bahut…maza..aa..raha..hai.. bhai…mai..to…teri ..gulam…ho..gayi…..re…se.

दीदी के सिसकारी लेने की वजह से मैं उनकी छूट को चूसने लगा…..

फिर मैंने दीदी के छूट के डेन को अपने डेंटन से पकड़ liya….dane के साथ खेलने लगा ...फिर जीभ से छूट चाटने लगा …..

सुमन – aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh.. कककककययय्यआआआआ करररररररर …. Rahhhhhhhhhheeeee hooooooooooooooo meriiiiiiiiiiiii जाआआंत्र लोगी kyaaaaaa…..aur….jor जोर. ..se…karo….jor…se….chato….meri…choot….ye….sirf…aur…sirf..tumhari…..hai….hhhhaaa

दीदी ने अपने दोनों हाथो से मेरे सर को पकड़ लिया और छूट पे दबाने लगी…..

थोड़ी देर छूट को चाटने से दीदी पूरी गरम हो गयी और फिर से अपना पानी मेरे मुँह पर दाल दिया….

एक और बार पानी पिने के बाद मैंने सुमन दीदी की तरफ देखा…

मई- सुमन मेरी जान

सुमन– हां…. मेरी जान

मई- दीदी मेरा लुंड चुसो न….

सुमन- भाई अगली बार चूसूंगी अभी बीएस मेरी आग को संत करो

मई- थोड़ा सा चूस लो…

सुमन- ठीक है…

सुमन दीदी उठकर बैठ gayi…jaise hi उनकी नज़र लुंड पर gayi…unhone अपने मुँह पर हाथ रख लिया…

सुमन- भाई ये तो पहले से भी बड़ा लग रहा है..

मई- उफ़ दीदी ये लुंड उतना hi बड़ा है जितना आप ने पहली बार लिया था.


फिर दीदी ने सुपडे को कुछ देर बहार से अपनी जीभ निकल के छठा फिर पहले सुपडे को अपने मुँह में लिया फिर दीदी ने पूरा लुंड मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया मई तो सातवे आसमान में उड़ रहा लेकिन कुछ देर बाद दीदी ने लुंड मुँह से निकल दिया

सुमन- अब मुझसे नहीं होगा….


Mai-lund को छूट में दाल दू….

Suman-aisi गन्दी बाटे मत करो. जो करना है करो पर मेरी प्यास बुझा दो….

मई -मुझे तो आराम से करना है..

Suman-kal आराम से कर लेना ... बस आज जल्दी से अंदर दाल दो.

फिर क्या था मैंने दीदी की टंगे फैला दी... और लुंड को दीदी की छूट पर रख दिया ….और छूट पर रगड़ना चालू कर दिया…..

सुमन दीदी की छूट गीली थी मैंने
लुंड को दीदी की छूट पर रख दिया ...

मैंने लुंड पर अपना दबाव बढ़ाया और एक धक्का मार दिया जिस से लुंड का टोपा अंदर चला गया…..

टोपा अंदर जाते hi मैं ने एक झटके से लुंड को दीदी की छूट के अंदर दाल दिया ….

लुंड 3 इंच तक अंदर चला गया…. और दीदी की चीख निकल गयी….

मई -चिल्लाना बंद करो अगर किसी ने सुन लिया तो….

Suman-tumara ाःह लुंड पहले से मोटा ऑरररर लंबाआ हो गया hai.dard तो hooooga…hi और मेरी चीख कोई नहीं sunegaaaaa.kamare से आवाज़ बहार नहीं jatiii…tum धीरे धीरे अपना लुंड मेरी छूट को फाड़ते हुए घुसेड़ते जाओ..

फिर क्या था मैंने दूसरा झटका इतना जबरदस्त मारा की 6 इंच लुंड अंदर चला गया ….

दीदी की फिर से एक चीख निकल गयी aaaaaaaaaaaaaahhhh अम्मीी मर dalaaaa….phir एक तेज़ झटका मार के पूरा लुंड अंदर पेल दिया…..

दीदी एक बार फिर जोर से चीक पडीऔर उनके आँखों में आंसू आ गए.

मई -क्या हुआ…..

बुआ -मैं ने कहा था की तुम्हारा लुंड पहले से मोटा और लम्बा है आआह्ह्ह फाड् दी मेरी छूट अह्ह्ह्हह मा पहले भी चूड़ी हु इस लुंड से लेकिन अभी ऐसा लग रहा है की पहली बार चुद रही हु.

मई -आज फाड् दी है तो कल तक अच्छी भी हो jayegi….maine उनके होठो पे अपने होठ लगा उनका रसपान करते हुए दोनों चूचियों को मसलने laga….jab देखा की उनकी हालत अब पहले से बेहतर है….

और मैं धीरे धीरे लुंड को अंदर बहार करने लगा..

दीदी को थोड़ा दर्द हो रहा था पर वो सिसकारियां भी ले रही थी….

थोड़ी देर धीरे धीरे लुंड अंदर बहार कर ने से दीदी ने पानी छोड़ दिया…. कितना पानी छोड़ रही है....

पानी छोड़ने से लुंड आराम से अंदर जा रहा था. और अब दीदी को दर्द नहीं हो रहा था…..

फिर मैंने अपनी गति बढ़ा दी …..और हुमच कर सुमन दीदी की छूट में लुंड पेलने लगा….

सुमन- आह्ह्ह्ह भाई bahut..achchha..lag..raha..hai…. ab…pelte..raho…meri…choot…aur…jor…jor…se..lund..pelo…andar…..aur..phad..ke….meri..choot…ko…khoob…choudi….kar…do….uuuuuimmmaa

फिर मैं और जोर से दीदी की छूट में धक्के लगाने लगा.

मई- apki..choot…bahut…mast..hai…didi aaj…mai..ise… khoob…chod…chod…ke…phadunga…

सुमन दी - ha…bhai…khoob…chodo…apni…bahan..ko

मई- सुमन मेरी जान ab..daily.. chodunga.apki छूट डौगी na…apni…choot… छोड़ने को …

सुमन- haa…daily…chodna…mujhe….roj…nangi…kar ke…chodna…apni…bahan..ko.. बीबी बना कर छोड़ना.

मई- दीदी वह रम्भा भी है तब मैं डेली तू दोनों को एक साथ chodunga…poori…nangi..kar के…

सुमन- Aaaaaahhhhhh…chod lena..dono…ko एक... साथ मेरे बच्चो के पापा आआआअह्हह्ह्ह्हह मर गयी आआआआ....

मेरे हर धक्के से लुंड उनकी छूट में समां जाता और सीधा उनकी बच्चेदानी से जा कर टकरा जाता….

सुमन -aaaaaaaiiiiiiiiiiiiiii मर गयी आआआअह्हह्ह्ह्हह .

दीदी की छूट ने फिर पानी छोड़ दिया और दीदी ढीली पद गयी….

मैंने लुंड छूट से बहार निकाला और बीएड पर जाकर बैठ gaya...Mera वीर्ये अभी तक निकला नहीं था….

मुझे कुछ न करते हुए देख कर बुआ ने मेरी तरफ देखा….

सुमन-
क्या hua…chodna क्यों बंद कर दिया….

मई –अब आप मेरे लुंड पर बैठो…

दीदी बीएड से उठाकर मेरे लुंड पर छूट रख कर बैठ gayi….Lund छूट में समां गया...


दीदी मेरे कंधो को पकड़ कर ऊपर निचे होने को कहा….

सुमन दीदी ने अपनी गांड ऊपर की और मैं ने निचे से धक्का मारा….. दीदी ने अपना पूरा वेट मेरे लुंड पर दाल कर ऊपर निचे कूदने lagi….Main दीदी की छूट में निचे से धक्के मरने laga…..poore रूम में fach..fach..fach..ki आवाज़ गूंजने लगी….

दीदी तो मज़े में सिसकारियां लेने लगी….. दीदी की आँखों में मुझे सुकून दिख रहा था….

मैंने दीदी की दोनों टैंगो को पकड़ कर अपने कन्धों पर रख दिया ….जिससे दीदी की छूट खुल gayi….phir मैंने लुंड को छूट के अंदर दाल दिया और दाना दान धक्के मरने लगा ….हर धक्के के साथ आआआह आआआअह्हह्ह्ह्ह की आवाज़े निकाल रही thi….main धक्के लगता गया….

सुमन - हां जोर से दाल दो अंदर तक दाल दो मारो मेरी छूट. और जोर से मारो हां और जोर se…..poori पहाड़ दो…

दीदी की इन बातो से मैंने मेरी गति बढ़ा दी ... और गति बढ़ने से मेरा पानी निकलने laga…..main ने अपना वीर्ये दीदी की छूट में दाल diya….mere साथ hi दीदी भी झाड़ गयी….

बहुत देर से मैं दीदी की चुदाई करता रहा... फिर मैं दीदी के ऊपर गिर गया….

10 मिनट के बाद मैं दीदी के ऊपर से अलग हो कर उनके बाजु में लेट गया…. दीदी भी नार्मल हो गयी थी... दीदी की छूट से मेरा पानी निकल रहा था…

दीदी ने अपनी छूट में ऊँगली दाल कर मेरा वीर्ये अपनी ऊँगली पर ले कर ऊँगली को चूसने लगी….

मई -मज़ा आया मेरी जान

Suman–haa…re ..आज का दिन मेरी जिंदगी का सबसे बेस्ट है…

मई – दीदी और छोड़ना है आपको…. आपकी गांड मारने का बहुत मैं है मेरा….

दीदी- अब मेरी हिम्मत नहीं hai…mujhe बाथरूम तक ले chalo….kal दिन में जितना मैं करे मेरी छूट छोड़ lena…aur गांड भी मार लेना जीभर के…

मई- ठीक है didi…lekin रात में एक बार जरूर छोडूंगा आज….


सुमन- ठीक hai…cholo अब .

फिर हम दोनों बाथरूम में गए एक दूसरे को साफ किये फिर आकर बीएड पर सो गए.
 
अपडेट 146

मई सुमन को अपनी बहो में ले क्र सोया हुआ था अचानक रात को hi मेरी नींद खुली हम दोनों नंगे hi सो रहे थे मेरा लुंड खड़ा था जो सुमन के चूतड़ों में दस्तक दे रहे थे तब मैंने दीदी के पैरो को फैला कर अपने लुंड के लिए जगह बनाई फिर अपने लुंड पर थूक लगा क्र दीदी के छूट पर सेट किया जबर दस्त धक्का मारा जिससे मेरा आधे से जायदा लुंड एक बार में hi चला गया, सुमन दीदी जोर से चिल्ला कर उठ गयी .

सुमन - आआह्ह्ह बता तो देते ऐसे नींद में सो रहे इंसान को भी कोई ऐसे करता है क्या ,अब जो भी करना है जल्दी करो मुझे नींद आ रही है.

फिर एक राउंड तूफानी रफ़्तार से चला सुमन दीदी तो ऐसे थक गयी थी की वो बिना बाथरूम गए hi ऐसे hi सो गयी मई बाथरूम में फ्रेश हो क्र अपने कपडे पहन क्र अपने रूम में आ गया और सो गया .

सुबह जब मुझे सोनम दीदी उठाने आयी तब मेरी नींद खुली जब मेरी आँख खुली तब मैंने देखा की सोनम दीदी नाहा क्र आयी थी उनके बालो से पानी टपक रहा था वो बहुत hi सुन्दर लग रही थी वो कुछ बोल रही थी लेकिन मई तो उनकी सुंदरता में हो गया था फिर अचानक पता नहीं मुझे क्या हुआ की मैंने अपने दोनों हाथो से उनके गलो को पकड़ा और उन्हें खींच क्र अपने होठ उनके होठो से मिला दिया सोनम दीदी पहले तो कुछ रिस्पांस नहीं क्र रही थी फिर बाद में वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी , हम दोनों अपने किश में खोये हुए थे की पूर्वी दीदी की आवाज से हम एक दूसरे से अलग हुवे ..

पूर्वी: है राम तुम लोगो को कुछ लाज सरम है की नहीं गेट खुला हुआ है और तुम दोनों तो ऐसे लगे हुवे हो जैसे मिया बीबी लगे रहते है अगर मेरी जगह कोई और होता तो और तू सोनम तुम्हे दीदी ने टाइगर को उठाने के लिए भेजा था न की सुबह सुबह ये सब करने .

सोनम : दीदी इस में मेरी कोई गलती नहीं है ये टाइगर ने hi मुझे पकड़ लिया और....

सोनम शर्मा गयी और मेरी तरफ देख क्र मुस्कुराता रही थी.

पूर्वी : है मई समझ गयी मगर थोड़ा धयान रखा करो नहीं तो अभी बवाल हो जाता .

फिर वो दोनों चली गयी मई भी उठ कर बाथरूम जाकर नाहा धोकर रेडी होकर निचे गया जहा सभी मेरा hi इंतजार क्र रहे थे फिर हम ने साथ में ब्रेकफास्ट किया और कुछ देर बाद सबसे मिल कर विदा ले क्र मई संध्या और सुमन दीदी निकल gye,papa ने एक टैक्सी पहले से hi बुला लिए थे मगर मई तो कुछ और hi सोच रहा था खैर हम टैक्सी में बैठ क्र उनके सामने निकले और एक सुनसान जगह पैर टैक्सी रुकवा क्र उतर गए टैक्सी ड्राइवर को मैंने पुरे पैसे दिए और उसको जाने को कह दिया फिर मैंने संध्या और सुमन के कमर में हाथ लड़ क्र उन्हें पकड़ा और उड़ते हुए निकल गया देहरादून के लिए ,

कुछ hi समय में हम संध्या के घर के बहार खड़े थे फिर हम संध्या के घर की दूर बेल्ल बजे तो दूर उसकी मम्मी ने खोला फिर हम सब अंदर गए ,अंदर उसके पापा और विनोद भी था फिर सुरु हो गए सवाल जो संध्या के मम्मी पापा संध्या से करने लगे .

अब बेचारी संध्या क्या जवाब देती तो मई hi बोल पड़ा.

मई - अंकल आंटी संत हो जाइये संध्या मेरे साथ मेरे घर गयी थी रस्ते में उसका मोबाइल गम हो गया इसलिए आपको बता नहीं पायी पर मैंने विनोद को फ़ोन क्र के बता दिया था.

अंकल: है बीटा बाद में विनोद ने बताया था और तुम्हारे घर में कैसे है सब.

मई : सभी बढ़िया है अंकल , ठीक है अब मई चलता हु.

आंटी : बीटा ये कोण है तुम्हारे साथ .

मई : ओह मई तो बताना hi भूल गया ये मेरी दीदी है सुमन नाम है .

दीदी ने भी उनको नमस्ते किया तब तक नौकर सब के लिए चाय लेकर आ गया फिर हम चाय पि क्र हमारे रूम में आ गए .

सुमन: भाई तुम यह रहते हो पर घर में तो सभी तुमको बुआ के घर पर रहता है क्र के जानते है.

मई : दीदी अब मई सदी क्र के सभी को बुआ के घर तो नहीं ले जा सकता न इसलिए यह रेंट पर रुका हु अगर बुआ जी को पता चला तो वो घर में सब को बता देती अब चलो फ्रेश हो जाओ हम घूम क्र आते है.

फिर मई और सुमन दीदी बरी बरी से फ्रेश हुवे फिर रेडी होकर बुआ के घर जाने के लिए निकल गए

सुमन दीदी ने जब मेरी बाइक देखि तो बहुत खुस हुई क्यों की पहली बार वो किसी के साथ बाइक पर बैठ रही थी नहीं तो कही भी जाने के लिए कार या फिर टैक्सी से hi जाती थी ,

सुमन दीदी ने जीन्स और टॉप पहना हुआ था इसलिए वो पेअर फैला कर मेरे बाइक पर बैठ गयी वो पूरी तरह से मुझ से चिपक कर बैठी हुई थी उसके दोनों बूब्स मेरे पीठ क्र दबे हुए थे वो पूरी तरह मेरी गर्लफ्रेंड की तरह बैठी हुई थी हम बुआ के घर आ गए दूर बेल्ल बजने पर समिति ने दरवाजा खोला वो मुझे देख पर बहुत खुस हुई वो मुझे गले लगाने hi वाली थी की सुमन दीदी को देख क्र अपने आप को कण्ट्रोल किया लेकिन मुझे कहा कण्ट्रोल हुआ मैंने आगे बढ़ क्र समिति को गले लगा लिया लेकिन उसने कोई रिएक्शन नहीं दिया तब मैंने उसके कण में कहा वो भी मेरी होने वाली पत्नी है और तुम तो मेरी पत्नी हो तो क्यों दर रही हो तब जेक उसने मुझे जोर से अपनी बहो में जकड लिया.

समिति : टाइगर कब से मई तुम से मिलना चाहती थी तुम्हे तो मेरी यद् hi नहीं आती की चलो यह तुम्हारी एक बीबी भी है चल क्र मिल लू .

मई : क्या कृ समिति मेरी जान तुम्हे तो पता है न काव्य ने क्या कहा था.

समिति : छोडो उन बातो को आओ
अंदर आओ.

तभी रूम में अंदर से बुआ ने आवाज लगाई कोण है समिति .

समिति : टाइगर आया है भाभी आपसे मिलने.

सीता बुआ तुरंत रूम से बहार आयी वो अपने पेट पर हाथ रख क्र धीरे धीरे चलते हुवे आ रही थी .

सीता: ओह्ह्ह सुमन तुम कब आयी और घर में कैसे है सब.

सुमन: मैं आज hi आयी हूँ बुआ सुबह और घर में भी ये सब ठीक है आप बताओ आप कैसे हो.

सीता: तू खुद देख ले मैं कैसी हूँ.

सुमन: नया मेहमान आने वाला है कौन सा महीना चल रहा है बुआ.

सीता : आखरी महीना है इसी हफ्ते की डेट दिया है डॉक्टर ने.

फिर हम लोग वहीँ बैठ गए समिति हम लोगों के लिए ये चाय पानी लेने चली गई तब मैं इधर उधर देखते हुए बुआ से कहा.

मई : घर में बाकि लोग नहीं दिख रहे काव्य कविता घर में नहीं है क्या.

सीता : वह दोनों तो कॉलेज गयी है बीटा और तेरी पढ़ी कैसे चल रही है .

मई : ठीक चल रही है बुआ.

फिर समिति चाय नास्ता ले और आ गयी और व्ही बैठ गयी मई और समिति में सुबह नास्ता नहीं किया था इस लिए हम ने पहले नास्ता किया फिर ऐसे hi बैठे थे.

तब समिति अपनी जगह से उठती है और मुझे इसरा किया अपने पीछे आने का जिसे बुआ ने देख लिया और मुस्कुराने लगी.

समिति के जाते hi मई बुआ से कहा आप लोग बाटे करो मई आता हु और मई समिति से रूम में चला गया ,उसके रूम में जाते hi उसने मुझे गले से लगा लिया.

समिति- ओह्ह टाइगर तुम्हे अपने इस बीबी की यद् नहीं आती है क्या या फिर तुम मुझे से अपना पीछा छुड़ा रो हो देखो मई तुम्हारे बगैर नहीं रह सकती तुम्हारे यादो के सहारे hi जी रही हु की तुम मुझे से मिलने आओगे एक न एक दिन जरूर आओगे.

मई- ऐसा नहीं है मेरी जान तुम ने hi तो मुझे सरिसिक सुख कैसा होता है इसका अहसास पहले कराया है और मई तुम्हे भूल गया ये तुम ने सोच भी कैसे लिया खैर छोडो अबतो मई आ गया हु न तो जी भर के देख लो .

मई - देखने से क्या होगा मुझे आपके साथ प्यार करना है जी भर के प्यार करना है .

मई - प्यार भी करूँगा मेरी जान मुझे भी बहुत दिन हो गए है तुम से प्यार किये हुवे.

समिति- रुको एक मिनट तुम्हे कुछ दिखती हु .

ये बोल क्र समिति ने मुझे अपने मोबाइल पर एक बेबी की फोटो दिखी .

मई - वाओ बहुत hi क्यूट बेबी है किसका बच्चा है.

समिति- तुम बताओ किसका हो सकता है

मई - इसकी आँखे तो मेरी hi जैसी है एक डैम नीली चेहरा भी मेरे से कुछ कुछ मिल रहा है बताओ न किसका बच्चा है.

समिति- तुम्हारा hi तो है .

मई - (शॉकेड हो क्र ) क्या .

समिति-: है तुम्हारा hi बच्चा है और इसकी माँ का नाम है... सीतल .

मई -( खुसी से) क्या सीतल और मेरा बच्चा ओह्ह समिति मई बता नहीं सकता मई कितना खुस हु कहा है सीतल मुझे बताओ मई जाऊंगा उनसे मिलने और मेरे बच्चे को देखने.

समिति- तुम जाओगे उस से मिलने.

मई : है मई जाऊंगा.

समिति- वो नई यॉर्क ने है व्ही रहती है अकेली .

मई - वो नई यॉर्क में हो चाहे कही भी हो मई जाऊंगा और कल hi जाऊंगा उस से मिलने.

फिर हम ने थोड़ी देर और इधर उधर की बात करते रहे फिर उसके रूम से बहार आ गया बुआ को हॉस्पिटल जाने के समय मुझे बताने को बोल क्र हम वह से निकल कर नीलम के घर आ गया .

वह पर पहुंचते hi रम्भा दौड़ते हुवे अस क्र मेरे गले लग क्र और रोने लग गयी वह पर सभी लोग थे .

मई - अरे क्या हुआ रो क्यों रही हो इन लोगो ने कुछ कहा क्या .

नीलम - है है हम लोग तो तुम्हारी इस बीवी को दुःख देते है नौकरानी की तरह रखते है सौतन जो है हमारी .

rambha(rote हुवे)- दीदी आप भी क्या बोल रही हो आप लोगो ने तो मुझे सगी बहनो जैसे प्यार दिया है वो क्या है न इतने दिनों बाद इनसे मिल रही हु न तो मुझे रोना आ गया.

मई - ओह्ह मेरी जान मई कोई सालो बाद नहीं आ रहा हु जो इस तरह रो रही हो और देखो मेरे साथ कोण आया है.

रम्भा- ओह्ह सुमन दीदी .

फिर सभी मेरे और सुमन दीदी से मिले आज रात हम व्ही रुकने वाले थे क्योकि मुझे कल नई यॉर्क सिटी जाना था तो मई सुमन दीदी को भी यही छोड़ने वाला था..
 
ये अपडेट 147 कहा गायब हो गया यार
 
अपडेट 147 कुछ फेर बदल के साथ आएगा.
 
अपडेट 147

दिव्या के घर में हम ने साथ में डिनर किया फिर मैंने सभी को कह दिया की शाम को सब घूमने चलेंगे और उधर hi खाना भी खा लेंगे , अभी मई थोड़ा आराम करने जा रहा हु ,शाम को सब रेडी rahna.ztzz

फिर मई आराम करने चला गया शाम को टाइम से उठा और फिर रेडी हो क्र हॉल में आ क्र सबको आवाज लगाई तो सभी एक एक क्र के हॉल में आने लगे पहले रम्भा आयी जिसने जीन्स और टॉप पहना हुआ था टॉप उसके बूब्स के थोड़ा hi निचे तक था और बाकि एक जालीदार कपडा थे जो पेट को पारदर्शी बना रहा था इन कपड़ो में रम्भा बहुत सुन्दर लग रही थी वो धीरे से मेरे करीब आयी तब मैंने उसे कहा.

मई : अब तुम भी मॉर्डन ज़माने में राम गयी हो .

रम्भा: अब ज़माने के साथ साथ जो चलना है.

फिर उसके बाद दिव्या आयी जो बहुत hi सेक्सी ड्रेस पहनी हुई थी जिसमे उस के चुके के उभर साफ पता चल रहा था सरीर से पूरा चिपका हुआ उसका ड्रेस सरीर के हर कटाव को साफ दर्शा रहा था मैंने पहली बार दिव्या को ऐसे ड्रेस में देखा था नहीं तो वो हमेशा hi सलवार शट में hi रहती है, वो मेरे पास आ क्र.

दिव्या : मई कैसी लग रही हु इस ड्रेस में.

मई : एक डैम सेक्सी लग रही हो ,मई तो कहता हु छोडो बहार घूमना फिरना रूम में चलो जन्नत की सैर करता हु.

दिव्या: (मुस्कुराते हुए) उसके लिए तो तुम्हे पहले मुझ से शादी करनी पड़ेगी फिर तो मई खुद तुम्हे रूम से बहार जाने hi नहीं दूंगी.

मई: ठीक है शादी भी क्र लेंगे लेकिन मई क्या कहता हु क्यों न थोड़ी प्रेक्टिस क्र ले क्या कहती हो .

दिव्या: तुम्हे प्रेक्टिस की क्या जरुरत है तुम तो हर चीज़ में माहिर हो क्यों रम्भा .

इस बात पर रम्भा थोड़ी शर्मा gyi,fir दीपिका आयी वो भी सिंगल पीेछे ड्रेस में थी जो कंधे से लेकर घुटनो से थोड़ी ऊपर तक थी पूरा सरीर से चिपका हुआ जिसमे उसके चुके और गांड दोनों बहार निकले हुवे साफ पता चल रहा था वो आकर मेरे बाजु में खड़ा हो गयी फिर सुमन दीदी आयी जो एक तित जीन्स, t-shirt और एक जैकेट पहना हुआ था वो भी कमल की लग रही थी सब उसको hi देख रहे थे मैंने हरह पीछे ले जाकर दीपिका के गांड को मुट्ठी में भर क्र जोर से मसल दिया.

दीपिका: आउच...

दिव्या: क्या हुआ दीपिका.

दीपिका : कुछ नहीं दी सायद चिति ने काट लिया.

फिर लास्ट में नीलम आयी जो एक वाइट कलर की तवो पीसेज ड्रेस में थी जिसे देख कर ऐसा लग रहा था की जन्नत से पारी उतर कर आयी वो वो धीरे धीरे हमारी तरफ आ रही थी वह पर खड़े सभी लोग नीलम को hi देख रहे थे मई तो मुँह फाडे बीएस उसे hi देख रहा था वो मेरे पास आ क्र बोली.

नीलम: मुँह बंद कर लो जनाब नहीं तो मक्खी घुस जाएगी.

मैंने सभी को एक बार फिर से देखा और फिर कहा.

मई : लगता है तुम लोग इस सहर में दंगा करवा क्र hi रहोगे क्योकि तुम लोगो को देख कर लोग आपस में hi लड़ पड़ेंगे.

दिव्या: अब चलो भी लेट हो जायेंगे .

मई : तम लोग तैयार भी तो ऐसे हुई हो जैसे हम कोई फैसों शो में जा रहे है, चलो अब .

फिर दिव्या, नीलम, रम्भा और सुमन दीदी एक कार में बैठ गए मई और दीपिका मेरे बाइक में बैठ गयी सबसे पहले हम एक पार्क में जाने वाले थे ये व्ही पार्क था जहा मई दिव्या से पहली बार मिला था और इस पार्क में मई काव्य के साथ भी आता था पार्क में जाने की डिमांड दिव्या की थी इसलिए हम उधर hi चले गए,

दिव्या वह पहुंच क्र सब को बताने लगी यही मई और टाइगर पहली बार मिले थे और यही से हमारा प्यार सुरु हुआ हलै नीलम और दीपिका को तो सब पता था फिर हम सब व्ही एक जगह सभी लोग घास पर बैठ क्र इधर उधर की बात करते रहे फिर मई दिव्या दीपिका और नीलम को बैठने को बोल क्र कहा .

मई : तुम लोग थी बैठो मई रम्भा और सुमन दीदी को पार्क में घुमा लेता हु .

दिव्या: सुमन को अब तो दीदी बोलबा छोड़ दो पेट में तुम्हारा बच्चा ले के घूम रही है और अब भी दीदी बोल रहे हो.

मई : अभी मैंने इन से शादी नहीं की है इसलिए ये अब भी मेरी दीदी hi है.

फिर मई रम्भा और सुमन दीदी को लेकर आगे की तरफ निकल गया पार्क बहुत बड़े जरिये में बना हुआ था इसलिए यह सुबह शाम सभी लोग आते थे कोई अपनी फॅमिली के साथ आता था तो कोई अपनी गर्लफ्रेंड के साथ तो कोई छोड़ने के लिए भी लेकर आता था क्यों की ये गर्दन बना hi ऐसा था की सब का जुगाड़ हो जाता था .

हुआ थोड़ा आगे गए hi थे की एक जगह काव्य हमे दिखी वो अपनी फ्रेंड्स के साथ आयी हुई थी जो सभी हमारे साथ कॉलेज में hi पढ़ते the,mai तो उनके पास नहीं गया लेकिन सुमन दीदी जरूर गयी काव्य से मिलने.

सुमन: hi काव्य ,कैसी हो.

काव्य: hi दीदी मई तो ठीक हु और अप्प यह कैसे.

सुमन: वो हम लोग घूमने के लिए निकले है दिव्या, दीपिका और नीलम वो लोग उधर बैठे है और हम इधर पार्क को पूरा घूम रहे है .

काव्य: दीदी वो टाइगर के साथ लड़की कोण है.

सुमन: वो उस की बीबी है .

काव्य (आश्चर्य से ) क्या टाइगर ने शादी क्र ली .

सुमन ( हस्ते ) नहीं पगली मई तो मजाक क्र रही थी वो मेरी फ्रेंड है लेकिन बहन जैसी है ,ठीक है हम चले है फिर मिलूंगी bye.

काव्य: bye दीदी.

फिर सुमन दीदी वापस हम लोगो के साथ वापस आ गयी और हम आगे बढ़ गए इस बिच काव्य मुझे चोर नजरो से देख रही थी फिर हम लोग पार्क इ एक राउंड मर क्र वापस दिव्या लोगो के पास आ गए उसके बाद हम वह से शॉपिंग करने का सोचा तो हम मॉल की तरफ निकल गए दीपिका मेरे साथ बैठी हुई थी तो मैंने दीपिका के कहा .

मई : दीपिका क्यों न आज हम सुहागरात मनाये.

दीपिका : क्या सच में मई तो कब से hi हो स पल का इंतजार कर रही हु पर घर में हम ो सभी होंगे न फिर कैसे होगा.

मई : तुम उसकी चिंता मत करो हम दोनों मिल क्र अपने सुहागरात की तयारी करेंगे तुम यह अपना जो भी सामान लेना है ले लेना चुपके से मई चुप चाप घर जाकर तुम्हारे रूम में बाकि का सामान अर्रंगे क्र के रख दूंगा ठीक है .

दीपिका: ठीक है मेरे पयाये पति देव.

फिर हम मॉल में आ गए मई जल्दी से अपने लिए कपडे और आज के लिए ड्रेस ले क्र जल्दी से वह से बिना किसी को बताये निकल गया और राष्ट्र में मैंने फूल और कैंडल्स लेकर मैं घर ा गया और सभी सामान को दीपिका के रूम में मैं रख कर वापस मॉल आ गया वहां पैर मैं एक ज्वेलरी शॉप में मैं एक नेकलेस लिया और उसे छुपा लिया मेरे वापस आते तक भी इन लोगों की शॉपिंग अभी तक नहीं हुई थी थोड़ी देर बाद एक एक करके सभी ा गए फिर हम वहां से ा एक अच्छे से रेस्टोरेंट में गए वहां खाना खाकर हम घर की तरफ निकल गए थोड़े देर हॉल में बैठकर बातचीत की रात बहुत हो चुकी थी और थोड़े थक भी गए थे इस कारन सभी धीरे धीरे अपने कमरे में चले गए मैं थोड़ी देर बाद अपने रूम से निकल कर दीपिका के रूम में गया वहां जाकर देखा तो दीपिका अपने सभी सामान को देख रही थी की कुछ छूट तो नहीं गया.

मई भी जाकर फूल और कैंडल्स को निकलकर सजाने लगा इसलिए दीपिका ने भी मेरी हेल्प की फिर सब ठीक हो जाने के बाद मैं अपने रूम में ा गया तैयार होने के लिए दीपिका भी रूम में तैयार हो रही थी थोड़ी देर बाद मैं धीरे से अपने रूम से निकल दीपिका के रूम में पहुंचा जहाँ दीपिका बीएड पैर घूँघट मैं बैठी थी वह बिलकुल एक दुल्हन की तरह hi लग रही थी मैं भी दूल्हे वाला hi ड्रेस पहना था मैं दूर को लॉक करके दीपिका के पास धीरे धीरे पहुंचा वह आने वाले फल को सोचकर थोड़ा घबरा रही थी.

मैं जाकर गेट पर बैठ गया और धीरे से उसका घूँघट उठाया दो दीपिका थोड़ा शर्मा रही थी मैं उसके लिए जो नेकलेस लिया था उसे मुँह दिखाई के रूप में दिया नेकलेस को देखकर वह थोड़ा खुस हो गयी.

दीपिका उठकर मेरे लिए गिलास में जो दूध रखा था वो ले आयी तो मैंने उसे पकड़ क्र पहले एक घुट पिलाया फिर मैंने एक घुट पि इसी तरह एक एक घुट पिटे हुवे हम ने पूरा ढूढ़ ख़तम क्र दिया.

मई : ये दूध तो ख़तम हो गया अब मुझे तुम्हारा दूध पीना है .

दीपिका ये सुन क्र थोड़ा शर्मा गयी फिर मई दीपिका को पकड़ क्र किश करने लगा वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी हम दोनों के जीभ आपस में लड़ रहे थे की कोण किसको पहले पकड़ता है लेकिन कोई हर नहीं मन रहा था फिर जब हमारी सांसे उखाड़ने लगी तब जाकर हम ने किश तोडा ,किश के टूटते hi दीपिका मुझ से थोड़ा आगे जाकर जोर जोर से साँस ले रही थी.

तब मैंने अपनी शर्ट निकल के फेक देता हु और दीपिका को पीछे से जाकर चिपका लेता

मेरे नंगा जिस्म को अपने जिस्म से मिलते hi दीपिका की ऑंखें फिर से बंद होने लगती है

मई ... दीपिका की पीठ पर अपनों जीभ से फेरने लगा दीपिका के मुँह से आआह्ह्ह्ह निकल गयी.

दीपिका फुल गरम होगयी थी तब मैंने उसे गॉड मई उठा लेता हु और उसे बीएड पैर लिटा देते हु और उसके ऊपर अस जाता हु, पहले उसके माथे पर किश किया फिर आँखों गलो पर फिर गर्दन पर आकर रुक गया क्यों की वह सरीर पर कपडे का पर्दा था इसलिए मैंने पहले उस परदे को हटाना hi जरुरी समझ ,

तब मैंने पहले दीपिका के सदी को निकल क्र एक साइड क्र दिया फिर उसके ब्लाउज के बटन को धीरे धीरे क्र के खोल दिया उसने अंदर लाल रंग का ब्रा पहना हुआ tha.blouse के खुलते hi मई उसके बूब्स को प्यार से देख रहा था

दीपिका ने अपने दोनों बूब्स पर हाथ रख दिया.

मई : दीपिका हाथ हटाओ तब न मज़ा आएंगे.

लेकिन दीपिका नै मानती है और अपना सर न में हिला देती है.

तब मई उसके नंगे पेट पर अपनी जीब रक् क्र पेट को चाटने लगता हु .

Muahhhhhhhhhhhhhh

दीपिका के मुँह से सिसकारियां निकल रही थी

जैसे hi दीपिका ने बूब्स से हाथ हटाया मैंने ने बूब्स पर दोनों हाथ रक् कर उसे दबाने लगे

मैंने फिर लिप्स मिला दिए और दीपिका केलिप्स को चूसने लगा

लिप्स चूसते हए मैंने दीपिका के पीठ के पीछे हाथ डालते हु और ब्रा का हुक खोल देता हु दीपिका को पता लग जाता है वो अपने हाथ से ब्रा पकड़ लेती है

दीपिका ऐसा करोगी तो सुहागरात कैसे होगा और तुम काली से फूल कैसे बनोगी.

ये सुनकर दीपिका शर्मा जाती है मैंने ब्रा खिंच क्र हटा देता हु .

अदिति दोनों बूब्स पर अपने हाथ रक् देती है

मई उसके दोनों हाथ पर अपने हाथ रक् क्र बूब्स दबाने लगता हु साथ hi गले के किश भी क्र रहा था.

दीपिका अब गरम हो रही थी अब उसे सेक्स चाइये था

दीपिका डार्लिंग हाथ हटाओ न भोत मज़ा दूंगा तुम्हे.

कहते हुए मैंने हाथ हटा लिए दीपिका के और मेरे सामने दीपिका के नंगे बूब्स आगये

एक दम वाइट बूब्स थे उसपर छोटा सा पिंक क्लोर का निपल था

मई बूब्स देकते hi पागल होगये और टूट पड़ा बूब्स पर

झट से एक निपल मुँह मई लेलिऐ और उसे चूसने लग जाता हु दूसरे बूब्स को दबा भी थे

बूब्स को पिटे हुए चाचा निपल पर दांत भी काट रहे है जिससे अदिति चिल्ला देती है बीच बीच मई

औछहःछः

औछहःछः

बूब्स पिटे हुए मई पेटीकोट का नाडा खोल देते हु और बीएड पर बैठ कर पेटीकोट निचे फेक देता हु

अब दीपिका सिर्फ पंतय में थी मई दीपिका के जिस्म को घर रहा था जिससे दीपिका भोत शर्मा जाती है

दीपिका ने एक हाथ से दोनों बूब्स छुपाया और दूसरा हाथ अपनी पंतय पर रखा है

मई दीपिका का हाथ हटा देता हु पंतय पर से, पंतय पर हाथ रक्त तो देखा पंतय पूरी गीली हो चुकी थी.

मई दीपिका की तरफ देख मुस्कुरा देता हु और झट से पंतय उतर देते हु

इससे पहले दीपिका कुछ करे मई दीपिका की दोनों टंगे दूर करके बीच मई आकर दीपिका की छूट को देखा वह क्या गुलाबी छूट थी एक भी बाल नई थे उसपर

एक दम मासूम छूट दिक् रही थी छूट पर ऐसा लग रहा था मनो एक लाइन hi खींची है ,मई दीपिका के चेहरे को देखते हुवे उसके छूट पर झुकता चला गया और छूट मई अपनी जीब डालते हुवे अंदर तक छूट को चाटने लगता हु.

दीपिका बिन पानी के मछली की तरह तड़प रही थी क्योंकि ये उसका पहला अनुभव था उसने कभी टच भी नहीं किया था अपनी छूट को .

कुछ देर छूट चाटने के बाद मई बीएड से उतरा और मुझे बीएड से उतरता डेक दीपिका भी सोच मई पद जाती है की अब आगे क्या होने वाला है.

मई अपनी पेंट उतरके एक साइड में रख देता गु जिसे दीपिका बड़े धयान से देखती है और शर्मा जाती है और दुसरु तफ मुँह कर लेती है फिर मई अपनी अंडरवियर उतर कर बीएड पर आ जाते हु दीपिका के दिनों टैंगो के बीच

दीपिका आने वाले पल को सोच कर थोड़ी घबरा रही थी फिर मई अपने लुंड का टोपा उसकी छूट मैं फसा देता है.

"दीपिका थोड़ा दर्द होगा , थोड़ा सेहन कर लेना , फेर ये दर्द काम हो jayega"mai

अपने लुंड के सुपडे को छूट छेद मैं रगड़ते हुए बोलता हु

"अह्ह्ह पति देव मैं सेह लुंगी"

दीपिका ने इतना hi बोलै था के मई ने कास कर इक ढाका लगता हु , आधे से जायदा लुंड

छूट को फाड़ता हुआ अंदर घुस जाता hai.mera मोटा लुंड दीपिका की नाज़ुक सी

छूट मैं फसा हुआ tha.deepika की अखन बहार को ा जाती a.ahhh टाइगर मर गई बहार

निकालो अह्ह्ह जैसी अवाज़ा निकलने लगती है.

मई रुका नै और इक होर कास कर ढाका मर देता हु mera.pura लुंड छूट की देवरो को

छेरता हुआ जड़ तक घुस जाता है.

अह्ह्ह्हह्हह टाइगर निकालो बहार , दीपिका बहुत चीखती चिलाती है , वो रोने लगती hai.par

मई अपना लुंड उसकी छूट मैं फसाये रखता हु

दीपिका की छूट से खून बहने लगता hai.vo अपनी टंगे ehder-oder मर रही थी.

मई दीपिका के मोठे मोठे चुचु को दबाने लगता hu.mai उसके चुचु को कास कास

का निचोड़ता hu,mai कभी उसके चुचु को दबाता हु तो, कभी उनके निपलो को मरोड़

देता hu.dhere धीरे दीपिका अपना दर्द भूलने लग जाती है.

मई मेरी जान दीपिका के इक चुकी ko.moh मैं बहार हामृऊछह कर चूसने लग

जाता hai.koi 10 मिंटो तक मैंने दीपिका के चुके दबा दबा कर लाल कर दिया था

जिससे दीपिका फिर से मदहोश होने लगती hai.vo अपनी मोती गांड को ऊपर उठा छूट मैं

लुंड को हिलने लगती hai.vo मेरी कमर को अपने ऊपर दबाने लगती है.

मई दीपिका से पूरा चिपक कर ढके मरने लगता hu.deepika अपनी टंगे उठा अपने

भाई की कमर मैं लपेट लेती hai.vo अपने गांड उठा कर अपनर सैया का मोटा लुंड

छूट मैं लेने लगती है.

मुझे बहुत मज़ा ा रहा था दीपिका को छोड़ने main.kyu की उसकी छूट ने

लुंड को पूरा जकड रखा tha.mai अपनी पूरी जान लगा sta-sat लुंड पेल रहा था.

दीपिका भी अह्ह्ह टाइगर अह्ह्ह तेज़ मारो अह्ह्ह जिअसि सिस्कियाँ भरी अवाज़ा निकल रही थी.

कुश देर बाद मई दीपिका की टंगे उठा अपने कंडे पर रख लेता hu.ab दीपिका की

छूट फुल कर ऊपर की तरफ हो गई thi.mai छूट पर लुंड रख इक कास कर ढाका मरता

फातच की आवाज़ करता लुंड जड़ तक छूट मैं समै जाता है.

"आह्ह्ह्ह टाइगर अहह तुम बड़े जालिम हो अह्ह्ह्ह धीरे करो अह्ह्ह ओह्ह मा मज़ा ा

gya"deepika अपने पति के कमर पर हाथ रख बोलती है

मई अपनी पत्नी दीपिका की मस्त चुके मसलते हुए ढके मरने लगता hu.bahar पूरा सन्नाटा पसरा हुआ था और इस रूम में थप थप थप पांच पांच पांच अह्ह्ह

ओह्ह्ह्ह अहह जैसी अवाज़ा ा रही thi.deepika की छूट अब चिकनी हो गई थी , लुंड बड़ी तेज़ी से

फिसलता हुआ अंदर बहार हो रहा tha.maine ने कास कर ऐसे ढके छूट मैं लगये के

बीएड भी छ्हूउउ चूऊउ चाररररर चर्रर्र चूऊउ जैसी अवाज़ा करने

lagi.mere तूफानी लुंड अपना पूरा केहर अपनी जान की छूट पर ध रहा था.

दीपिका से और रुका नै गया वो जटके कहती होइ मेरे से चिपक gai.usne अपनी टंगे

मेरे कंदो मैं जकड ली.

"आआह्ह्ह्ह टाइगर मई जड़ गई अह्ह्ह मैं gai"deepika चिलाती होइ जड़ रही थी.

मई उठा और दीपिका का हाथ

पकड़ उसे

बीएड पर घोड़ी बना diya.mai दीपिका के पीछे आया और अपना लुंड उसकी रास भरी

मस्त छूट पर टिका के कास कर ढाका मारा , फातच की आवाज़ करता लुंड फिरसे जड़ तक

छूट मैं घुस गया.

मई ने दीपिका की गांड पकड़ कर तेज़ तेज़ ढके लगाने सुरु कर diye.lund किसी

पिस्टन की तरह अंदर बहार होने लगा.

"आह्हः टाइगर अहह मज़ा ा रहा है अह्ह्ह मेरी सवारी करो अह्ह्ह्ह क्या लुंड है तेरा

अह्ह्ह्ह "दीपिका अपनी गांड पीछे करती हुई बोलती है.

मई दीपिका की चूतड़ों पर कास कास कर थपड मरता हुआ उसकी छूट की धजया

उड़ने लगता है.

मई दीपिका के ऊपर झुक उसके मोठे हिलते हुए चुचु को मसलने लगता हु मई अपनी प्यारी पत्नी को

मस्त घोड़ी बना क्र घोड़ सवारी कर रहा था.

करीब 20 मिंटो तक छूट मरने के बाद मैअपना पानी दीपिका की छूट की

गेहरायों मैं छोड़ देता हु दीपिका दो बार जड़ चुकी थी. वो पेट के बल बीएड पर

लेट जाती hai.mai भी उसकी छूट मैं लुंड फसये उसके ऊपर लेट जाता हु.......
 
अपडेट 148

सुबह किसी के दरवाजा पीटने से मेरी नींद खुली यर सायद नीलम की आवाज़ है जो दीपिका को उठाने आयी थी क्योंकि सुबह के 9 बज चुके थे मैंने तुरंत दीपिका को जगाया .

मई : दीपिका उठो 9 बज चुके है.

दीपिका: अम्मम्म सोने दो न रात भर तो परेशान किये हो तुम भी सो जाओ.

मई : ा रे वो बहार दरवाजे पे नीलम कड़ी है कही किसी ने हमे इस हालत में देख लिया तो क्या होगा नहीं नहीं तुम जल्दी उठो और उसे व्ही से hi बात क्र के भगा दो मई बाथरूम में छिप जाता हु और पीछे तो कह देना रात में देर से सोइ नींद नहीं आ रही थी.

फिर दीपिका जैसे hi उठाना को होइ तो उसके छूट में दर्द हुआ वह फिर से ाः करते हुए बीएड पैर बैठ गई मई उसकी आवाज़ शूम कर बाथरूम जाते जाते रुक गया और तुरंत उसके पास आया और उससे पूछा क्या हुआ जब दीपिका ने बताया की उसे अभी भी दर्द हो रहा है जब मैं उससे सहारा देकर उठाया और धीरे धीरे ले जाकर दरवाजा के पास खड़ा कर दिया और मैं दरवाजे के साइड में छिप गया दीपिका ने दरवाजा खोला सामने नीलम दीपिका को घर रही थी.

दीपिका : क्या हुआ?

नीलम : मैं कब से आपको आवाज़ दे रही हूँ ऐसा क्या कर रही थी रात में जो अभी तक सो रही थी टाइम देखा है 9:00 बज गए हैं दीदी.

दीपिका : वो क्या है की न रात में देर से सोइ नींद hi नहीं ा रही थी ठीक है तो चल मैं फ्रेश हो क्र आती हूँ.

नीलम: ठीक hi जल्दी आना यह टाइगर अभी पता नहीं कहाँ चला गया है सुबह सुबह अपने रूम में भी नहीं है.

दीपिका : शायद जॉगिंग करने गया होगा आज आएगा थोड़ी देर.

नीलम : हाँ हो सकता है जॉगिंग करने hi गया हो.

फिर नीलम वह से चली गयी और दीपिका तुरंत दरवाजा बंद कर देती है दीपिका धीरे से चलते हुए बाथरूम की तरफ चली जाती है और मैं मौका देख कर अपने रूम में ा जाता हूँ फिर नाहा धो कर ब्रेकफास्ट के लिए निचे चला जाता हूँ डाइनिंग टेबल पैर सभी मेरा और दीपिका का hi इंतजार कर रहे थे दीपिका भी ा गई थी.

सुमन: टाइगर तुम सुबह सुबह कहा चले गए थे सुबह जब मई तुम्हारे रूम में गयी तो तुम वह नहीं थे .

मई : वो मई ऊपर चाट में एक्सरसाइज कर रहा था.

सुमन : और तुम्हे क्या हुआ दीपिका ये लंगड़ा क्र क्यों चल रही हो .

दीपिका: वो दीदी मई बाथरूम में फिसल क्र गिर गयी थी तो थोड़ा मोच आ गया है.

सुमन : ओह मेरी भोली बहना ये बहाना मैंने भी बनाया था इसलिए छुपाने से कोई फायदा नहीं तो सब सच सच बताओ की क्या हुआ है .

ये बोलते वक्त सुमन दीदी मुझे hi देख रही थी.

लेकिन दीपिका ने कोई उत्तर नहीं दिया तब दिव्या ने भी दीपिका से खाकी वो कुछ बोलती क्यों नहीं है क्या बहाना बना रही हुआ क्या है.

मई : मई बताता हु क्या हुआ है

वो क्या है की रात में मैं दीपिका के साथ सुहागरात मनाया है और कुछ कहना है किसी को.

दिव्या: क्या लोगों ने सुहागरात भी बना लिया और हमें कुछ मालूम भी नहीं चलने दिया .

सुमन : वो सब तो ठीक है लेकिन प्रेगनेंसी रोकने के लिए गोली खा लेना नहीं तो बाद में कुछ गड़बड़ न हो जाये.

दीपिका जो अब तक चुप थी वो बोल पड़ी.

दीपिका : भी दीदी मई कोई गोली वाली hi कहूंगी और वैसे भी हमारी शादी तो हो hi चिकि है तो कुछ हो भी गया तो मेरे पति तो है hi , आप सोचो अभी तो आपकी शादी भी नहीं हुई है.

सुमन: हाँ हाँ मैं भी करुँगी जल्दी शादी क्यों टाइगर.

मई बीएस है में गर्दन हिला दिया तब तक मई नास्ता क्र चूका था इसलिए मई सब को बता दिया की मई बहार जा रहा हु कल शाम तक वापस आऊंगा.

फिर मैं घर से निकला और समिति को फ़ोन करके ा शीतल का अड्रेस ले लिया फिर मई निकल गए अमेरिका के लिए तेजी से उड़ते हुए जा रहा था फिर भी मुझे 6-7 घंटे लग गए वहां पहुंचा तो सुबह के 8 बज रहे थे मई उसके घर के सामने उतरा देखा तो घर बहुत hi सुन्दर और बड़ा था फिर मैं जाकर दूर बेल्ल बजे थोड़ी देर बाद एक बहुत hi गोरी लड़की ने दरवाज़ा खोला वो बहुत hi सुन्दर लग रही थी गोरा बदन और काळा बल मई तो कुछ देर उसे देखता hi रहा फिर उसने मुझे से पूछ कोण हो आप और किस्से मिलना है .

मई तो उस अमेरिकन लड़की को हिंदी बोलते देख कर दांग रह गया फिर मैंने कहा मेरा नाम टाइगर है और मुझे सीतल से मिलना है.

लड़की: आप अंदर आइये.

फिर मैं उसके साथ अंदर गया फिर उसने मुझे हॉल में मैं एक सोफे पैर बैठा दिया और कहा की आप यही बताइये मैं मैडम को बुला कर अति हु.

फिर थोड़ी देर बाद सीतल दौड़ते हुवे आयी और मेरे गले लग गयी.

सीतल : ओह टाइगर तुम मुझे से मिलने आये हो इतनी दूर मई बता नहीं सकती मई कितनी खुस हु.

मई : तुमसे मिलाने तो आना hi था बहुत दिन हो गए थे तुम से मिले हुए और समिति से पता चला की की तुमने हमारे बेटे को भी जन्म दिया है तब तो मैं एक दिन भी रुकना सका और तुरंत चला आया.

सीतल : हाँ हमारा बीटा पूरा टुम्पा गया है कभी आँखें पूरी नीली है जैसी तुम्हारी है.

मई : सच मुझे भी देखना है उसे .

सीतल : है है क्यों नहीं तुम्हारा hi तो बीटा है पहले तुम फ्रेश हो जाओ फिर मिल लेना .

मई : ठीक है .

सीतल : मरिया ये मेरे हस्बैंड है इन्हे रूम दिखा दो और कुछ भी चीज की जरुरत पड़े तो दे देना.

मरिया : ok मम. चलिए सर.

उसके बाद मारिया मुझे एक रूम में ले गई और जो भी सामान की जरुरत थी वह सब बता दिया फिर मैं उसके बारे में पूछने लगा.

मई : मरिया तुम यहाँ कब से काम कर रही हो.

मरिया: सर पहले यह मेरे डैड काम करते थे वो सर के ड्राइवर थे एक कार एक्सीडेंट में माँ और डैड दोनों चल बेस उसके बाद मैंने अपने सिस्टर को आगे पढ़ने के लिए यह काम करना स्टार्ट क्र दिया.

मई : ओह मैं तो सोचता था की ऐसा सिर्फ इंडिया में hi होता है लेकिन अब पता चला की सभी जगह hi ऐसा होता है एक बड़ी बहन अपनी छोटी बहन के लिए अपना सुख दुःख छोड़ कर उसे सुखी देखने के लिए अपना सुख कुर्बान क्र देती है, अच्छा ये बताओ तुम इतनी अच्छी हिंदी कैसे बोल लेती हो .

मरिया : वो क्या है सर पहले मेरे डैड यह काम करते थे तो वो भी हिंदी खिख गए थे वो उन्होंने हमे भी थोड़ा सीखा दिया था फिर जब मई यह काम करने लगी तो मम में मुझे पूरा सीखा दिया ..

मई : ठीक है मरिया अब तुम जाओ कुछ भी जरुरत पड़ेगी तो मैं भुला लूंगा.

मरिया: सर एक बात पूछना था आपसे .

मई : है पूछो न .

मरिया : सर आपकी इन नीली आँखों में कुछ जादू है क्या पता नहीं जब से देखा है दिल में कुछ कुछ हो रहा है .

मई : मरिया मई तो कहूंगा की तुम मेरी आँखों में मत देखा करो नहीं तो अपनी जो जिम्मेदारी है उसे भूल जाओगी ठीक है अब तुम जाओ.

मई (मान में) लगता है अब से हर जगह अपनी आँखों पैर चश्मा पहन कर चलना पड़ेगा नहीं तो पता नहीं और कितनी लम्बी लाइन लग जाएगी और मैं किसी को न नहीं कर पाउँगा.

फिर मैं फ्रेश होकर रूम से ा बहार निकला शीतल अभी ब्रेकफास्ट लगा रही थी मैं भी उसके पास जाकर बैठ गया तो उसने कहा की आप ब्रेकफास्ट कर हम ने साथ में ब्रेकफास्ट कर लिया फिर वह मुझे अपने रूम में ले गई और और रूम में ले जाकर झूले की तरफ इशारा किया मैं धीरे धीरे झूले के पास गया तो देखा की की एक बहुत hi सुन्दर बच्चा झूले मालिक खेल रहा है उसकी आँखें सचमुच नीली थी मैं एक बार शीतल की तरफ देखा उसने फिर वो भी मेरे पास आयी थोड़ी देर तक मई बच्चे को देखता रहा.

फिर शीतल को मैं अपनी बाँहों में लेकर उसे चुने लगा मैं थोड़ा भावुक हो गया था अपने बेटे को देखकर.

मई : शीतल मैं बता नहीं सकता मैं कितना खुश हूँ तुमने सच में hi मुझे बहुत बड़ी ख़ुशी दी है ी लव यू शीतल ी लव यू.

मेरी आँखों से दो बूँद ख़ुशी के आंसू निकल गए. मैं अपने बच्चे को अपनी गॉड में लेकर खिलने लगा वह भी मुझे देख कर ऐसा लग रहा था की की भी बहुत ख़ुशी मिल रही है और इस ख़ुशी में उसने मेरी गोद में hi सुसु कर दिया.

मई : ओह मेरे बेटे ने मेरे कड़पे hi ख़राब क्र दिया अब मई क्या पहनूंगा बीटा मेरे पास तो कपडे भी नहीं है.

सीतल : ये तो बच्चो का हक़ होता है की वो अपने माँ बाप के कंदो को गन्दा क्र सकता है कोई बात नहीं मई अभी मार्किट से आपके लिए कुछ कपडे ले आउंगी तब तक आप अपने रूम में hi आराम कीजिये और हमारे बेटे को भी आराम करने दो ..

फिर मैं अपने को झूले पैर सुला कर अपने रूम में ा गया और कपडे उतार कर डबल में hi बीएड पैर लेट गया पूरी थकन के कारन मुझे नींद ा गई दोपहर हो चुकी थी शीतल मेरे रूम में मुझे जगाने आयी और मेरे लिए ये 3 4 जोड़ी शर्ट और पेंट लेकर ा गए थी हमने साथ में दोपहर में खाना खाया और वही हॉल में बैठ कर बात करने लगे ऐसे hi पूरा दिन निकल गया रात में खाना खाने के बाद मई अपने रूम में आकर सो गया सीतल को बच्चे की देख भल भी करनी थी इसलिए वो मेरे पास नहीं आयी .

सुबह उठ कर थोड़े देर बहार टहला फिर उसके बाद फ्रेश हो क्र ब्रेकफास्ट क्र के मई सीतल से मेरे वापस जाने की बात कही जिसे सुन क्र वो थोड़ा दुखी हुई वो तो और कुछ दिन रुकने को बोलने लगी पर मई उसे समझाया की मई अभी नहीं रुक सकता बहुत सरे काम पूरा करने है वो मुझे समझती थी इसलिए उसने कुछ नहीं कहा लेकिन उसके आँखों से आंसू जरूर आ गए थे तब मैंने उसे कहा अब की बार जब मई वापस आऊंगा तब मई आराम से रहूँगा अपने बीवी बच्चो के साथ और तुम्हे अपने घर भी लेकर जाऊंगा घर की बहु बना के .

फिर मई वह से निकलने लगा मारिया भी मुझे देख रही थी सायद उसके मन में भी कुछ था लेकिन मैं धयान नहीं दिया और वह से निकल गया फिर इंडिया आ क्र सुमन दीदी और रम्भा को लेकर अपने घर आ गया क्योकि कॉलेज भी जाना भी जरुरी था हलाकि दिव्या ने कहा था की वो आज थी रुक जाये लेकिन मई नहीं रुका और वापस आ गया .

संध्या मुझे देख कर बहुत खुस हुई वो काफी देर तक हम लोगो के साथ hi रही रात में हम तीनो साथ में सोये लेकिन जायदा कुछ किया नहीं और थके होने के कारन सो गए.
 
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