रिमझिम कहाँ है बीटा तू... और दीदी ने तुरंत अपना हाथ बसपिस खींच लिए और चिल्ला कर बोली..
रिम- आए मम्मी...
और फिर तुरंत अपने कपडे पहनने लगी...
मेरे मुँह से बस एक hi शब्द निकला... सत्यानाश...
दीदी अपनी ब्रा और ब्लाउज पहन कर चली gayi...or मैं खड़ा लुंड लिए हिये हाथ में बैठा रहा.... अब आगे..
अपडेट 32
मैं कुछ देर लेटने के बाद घर पर फ़ोन किआ तो माँ ने उठाया..
माँ- कैसा है मेरा बच्चा...
में- बस आपके इंतज़ार में हूँ माँ..
माँ- मुझे भी तेरी बहुत याद आ रही है...
में- माँ तो फिर जल्दी आ जाओ न...
माँ- आएंगे बीटा पर यहाँ भी पूरा घर है सँभालने के लिए...
में- हाँ माँ और सब कहाँ हैं?... पापा और अनुज...?
माँ- पापा तो बाघ में गए हैं और अनुज का पता नहीं शायद दोस्तों के साथ कहीं निकल गया होगा...
में- ाचा तो हम दोनों अकेले हैं बस घर mein....kash मैं अभी वहां होता...
माँ- हाँ काश होता beta...par तू क्यों चिंता करता है बस दो चार दिनों की बात है फिर तो यहीं होंगे हम सब
में- माँ तुम्हारे बारे में सोचते hi मुझे कुछ हो जाता है...
माँ- ाचा क्या हो जाता है मुझे भी तो बता..
में- अरे माँ वो मेरा वो टाइट हो जाता है...
माँ- क्या टाइट हो जाता है.. साफ़ साफ़ बोल...
में- वो अहह अरे वो मेरा लल ललललललंनंद...
माँ- बदमाश ऐसी बातें करता है माँ के sath...tu यहाँ आ तब बताउंगी तुझे और तेरे उस लुंड को...
में- पर माँ मेरी क्या गलती खड़ा तो लुंड होता है न....
माँ- तो उसे सजा मिलेगी...
में- कैसी सजा माँ..
Maa-tu आएगा तब पता चल jayega...jail में कैद करुँगी उसे...
Me-kaisi जेल
माँ- मेरी जेल.... ले अनुज भी आ gaya...chal बीटा तू अपना ख्याल रख....
मैंने शरारत करते हुए बोलै मुझे पता था माँ कुछ नहीं बोल पाएंगी अनुज सामने है...
में- और लुंड का ख्याल...
माँ- ाचा वो तो मैं रख लुंगी तू ज़्यादा बदमाश हो गया है...
तब तक बुआ मुझे बुलाने भी आ गयी खाने के liye...to मैंने माँ को बोलकर फ़ोन कट कर दिए...
बुआ- घर पर बात कर रहा था..
में- हाँ बुआ माँ से...
बुआ- ाचा कैसी हैं भाभी और सब कैसे हैं वहां पर..
में- अचे हैं sab...kyun पापा के लुंड की याद ा रही hai....he हे हे...
बुआ शर्मा गयी और बोली...
बुआ- नालायक है तू एक नंबर का चल नीचे चल...
में- चलो मेरी जान....
बुआ- कुछ प्लान है आज का रात में?
में- है न बहुत सिंपल
बुआ- क्या बता?
मैंने बुआ को समझाया और फिर हम खाना खाने ा गए हम सब खाना खा रहे थे रिमझिम बार बार मुझे देख रही थी और मुस्कुरा रही thi...main भी उसकी आँखों में देख कर मुस्कुरा देता... वो ऐसे बेहवे कर रही थी जैसे मेरी गफ हो.. मुझे भी ाचा लग रहा था...
सबने खाना खा लिए फिर कुछ देर ऐसे hi बातें करने के बाद सब अपने अपने रूम की तरफ जाने lage...jab रिमझिम ऊपर चली गयी और बड़े फूपाजी और बुआ जी उनके कमरे में चले गए तो मैंने विनीत और पूर्वी को बोलै फूपाजी के कमरे में चलने ko...undono ने मुझसे पुछा इस वक़्त तो माँ होंगी... मैंने बोलै वो किचन में हैं तुम चलो तो सही तो हम लोग बुआ फूपाजी के कमरे में पहुंचे... फूपाजी हमें देखकर थोड़ा चौंके क्या हुआ कोई परेशानी है क्या.?
में - नहीं फूपाजी सोचा आपसे मिल लें...
फूपाजी- अभी पता है न तेरी बुआ आने वाली है तो कुछ सोचना भी मत...
तभी गेट से बड़ी बुआ भी अंदर आ गयी...
फूपाजी- भाभी तुम भी इस वक़्त यहाँ...
बड़ी बुआ- मुझे तो शशि ने बोलै था के जेठजी के सोने के बाद मेरे कमरे में आ जाना...
में- मुझे भी तो बुआ ने hi बोलै था आने को...
फूपाजी- क्या बात हो सकती है? उसे कुछ पता तो नहीं चल गया....
में- वो तो बुआ के आने के बाअद hi पता चलेगा...
सब लोग टेंशन में बैठ gaye...or एक दुसरे की और देखने लगे... मैं मन hi मन मुस्कुरा रहा था...
फिर कर्म का गेट खुला और बुआ अंदर आई सब की नज़रें उन पर टिक gayi...bua भी बिलकुल सीरियस लग रही थी...
फूपाजी- शशि तूने इन सब को यहाँ पर क्यों बुलाया है...
बुआ ने कुछ जवाब नहीं दिए और पास आकर कड़ी हो gayi...logo की टेंशन और बढ़ गयी....
बुआ- तुम सब सोच रहे होंगे की मैंने यहाँ तुम्हे क्यों बुलाया hai...to पहली बात तो ये है की तुम लोगो के बीच क्या क्या होता है वो मुझे सब पता है...
सब ये सुनकर चौंक gaye..or एक दुसरे की तरफ तो कभी बुआ की तरफ देखने लगे...
फूपाजी- पपपता है? क्या पता है तुम किस बारे में बात कर रही हो...
बुआ- ज़्यादा छुपाने की अब ज़रुरत नहीं hai...tum सब की चुदाई के बारे में पता है...
बुआ के मुँह से चुदाई सुनके सब हक्के बक्के रह gaye...sabka बुरा हाल था...
बुआ- तुमने अपनी बेटी और भाभी को छोड़ा है... विनीत अपनी बहिन को और तै जी को छोड़ता hai..karma भी तुम दोनों को छोड़ता है...
सब बुरी तरह से दर गए थे पूर्वी दीदी की आँखों में तो आंसू आ गए the..sab परेशां थे...
बुआ- कर्मा ने मुझे सब बता दिया है...
सब मेरी तरफ सवाल भरी नज़रो से देखने लगे...
मुझे दुःख इस बात का है की तुमने किसी ने बजी एक बार भी मेरे बारे में नहीं सोचा...
बड़ी बुआ- शशि हमें माफ़ करदे ये सब तो बच्चे थे पर हम भी खुद को न रोक पाए...
फूपाजी- हाँ शशि माफ़ करदे और ये बस एक बार हुआ है और आगे से कभी ऐसा नहीं होगा...
बुआ- वाह जी वाह अकेले अकेले मज़े ले लिए और जब मुझे पता चला तो आगे से कभी नहीं होगा ये सही है...
फूपाजी- तुम कहना क्या छह रही हो...
में- ओफ्फो बुआ बहुत हो गया देखो सब बहुत परेशां हो गए हैं अब बंद भी करो...
सब मेरी तरफ हैरत से देखने लगे की ये हो क्या रहा है...
बुआ- तूने hi बोलै था ये सब करने के लिए मुझे मज़ा आने लगा फिर...
में- सब सुनो बात ये है की मैंने बुआ को हम लोगो के बारे में सब बता दिया है और बुआ को कोई ऐतराज़ नहीं है वो भी हमारे साथ शामिल होना चाहती hain...or चुदाई करना चाहती है...
सब एक साथ- क्या...
में- क्यों विनीत कैसा लगा मेरा मज़ाक..? और छोड़ेगा नहीं अपनी माँ को...
व्- भाई तू बहुत गन्दा है... डरा hi दिए तूने तो मुझे...( विनीत खुश होते हुए बोलै)
और बाकि सब की जान में भी जैसे जान आई....
में- फूपाजी तो आपको मंज़ूर होगा की आपकी बीवी आपके बेटे और मुझसे आपके सामने चुदाई करे...
फूपाजी- सच कहूं तो पहली बार से hi मुझे बस ये hi पछतावा था की मैं शशि के साथ धोखा कर रहा हूँ पर मुझे ाचा भी इतना लगा था के मैं रोकना भी नहीं चाहता tha...ab अगर शशि की हाँ है तो मुझे कोई दिक्कत नहीं है जब मैं अपनी बेटी को छोड़ सकता हूँ भाभी को छोड़ सकता हु. तो वो क्यों नहीं...
ये सुनकर सब खुश हो गए...
में- तो लग जाओ सब अपने अपने काम पर
मैं गया और पूर्वी दीदी को उठा कर उनके आंसू पोछने तो उन्होंने झूठे गुस्से से मुझे मारा और फिर अपने होंठों को मेरे होंठों पर रख dia...hum दोनों एक दुसरे के होंठों को चूसने लगे...
उधर विनीत को तो कब से इस पल का इंतज़ार था वो अपनी मम्मी के पास जाकर उनके सामने खड़ा हो गया और उनकी होंठों को चूसने लगा बुआ भी अपने बेटे का पूरा साथ दे रही थी दोनों के होंठों के चूसने में एक दुसरे के शरीर की भूख साफ़ दिख रही थी...

माँ बेटे का ऐसा मिलान हमेशा से hi एक कामुक दृषिअ होता hai...wo दोनों तो जैसे एक दुसरे को खा जाना चाहते the...ek दुसरे को होंठों को चूसते तो कभी एक दुसरे के मुँह में जीभ डालकर चूसते... मैंने पूर्वी दीदी के होंठों को छोड़ा और दोनों माँ बेटे को देखा फिर मेरी नज़र फूपाजी पर पड़ी तो वो भी उनकी तरफ देख रहे the...shayad अपनी पत्नी और बेटे की चुदाई देखना एक बाप के लिए कितना अलग hi भाव होता होगा... मैं भी अपने बारे में सोचने लगा के क्या होगा अगर पापा मेरी और माँ की चुदाई देखें तो... क्या दृषिअ होगा wo...mera लुंड तो पहले से hi उफान पर था और ये सोचके और कड़क हो गया...
पूर्वी दीदी ने मेरा ध्यान बापिस लाया और मैं उनके पीछे से अपना लुंड उनके चूतड़ों पर घिसने लगा और उनकी साड़ी का पल्लू नीचे गिरा diya...or हाथ कमर पर लेजाकर उनके चिकने पेट और कमर को मसलने लगा और साथ hi में उनके होंठो को चूसने लगा....

उनके मखमली पेट को हाथ लगा कर मेरा लुंड तो जैसे उनके पिछवाड़े में घुसने लगा... मैं उनकी और वो मेरे मुँह में जीभ डालकर चूसने लगी...
दूसरी तरफ बीएड पर देखा तो अब फूपाजी और बड़ी बुआ भी एक दुसरे को किश कर रहे थे देवर भाभी एक दुसरे के होंठों को चूसने में लगे हुए थे....
बीएड के पास hi विनीत और बुआ के मुँह अभी भी आपस में जुड़े हुए the...or विनीत का हाथ बुआ की कमर को मसल रहा था... वो पागलो की तरह एक दुसरे की जीभ चूस रहे थे तो कभी विनीत उनके पूरे चेहरे पर चूम रहा था तो कभी उनकी गर्दन पर और फिर बापिस होंठों पर... उसके हाथ बुआ के पेट के नंगे मॉस को मसल रहे थे...

माँ बेटे की रासलीला देख कर मैं भी उत्तेजित होता जा रहा था.. मैंने अपने हाथ पूर्वी दीदी के छूछीयो के ऊपर रख दिए और दबाने लगा...
पीछे हाथ ले जाकर मैंने अपने पाजामे को नीचे खिसका कर उतर दिया और अपने लुंड को आज़ाद कर दिया और उसे पूर्वी दीदी की गांड की दरार में फंसा दिया और घिसने लगा और सामने से पूर्वी दीदी के के ब्लाउज के हुक्स खोलने लगा...
उधर फूपाजी ने बड़ी बुआ को बीएड पर लिटा दिए था और उनके होंठो को तो कभी गर्दन को और फिर नीचे जाकर उनके पेट को मसलने लगे और चूमने चाटने lage...har चूमने के साथ बड़ी बुआ के मुँह से एक आअह्ह्ह निकल jati...or वो सिसकने लगती

देवर और भाभी वासना की भूख एक दुसरे के जिस्म से मिटा रहे थे, बड़ी बुआ बीएड पर कराह रही थी अपने हाथ इधर उधर चला रही thi...phir फूपाजी उनके पेट पर हाथ फिरते हुए उनके होंठो को चूसने चाटने lage...or ब्लाउज के ऊपर से hi उनकी छूछीयो को दबा रहे थे.....
मेरा ये देख कर बुरा हाल था मैंने पूर्वी दीदी की साड़ी को पकड़ा और उतार dia...or फिर पेटीकोट के नारे को पकड़ कर खींच कर उसे भी उनके जिस्म से अलग कर दिया अब मेरा लुंड उनकी गांड में पंतय के ऊपर से उनके चूतड़ों पर ठोकर मार रहा था और मेरे हाथ उनकी छूछीयो और पेट पर चल रहे थे और दीदी मेरे होंठों को चूस रही थी...
वहीं बीएड पर दूसरी और विनीत ने बुआ को अब बीएड पे लिटा लिए था और उनके होंठो और गर्दन को चूसते हुए उनके पेट पर हाथ फिरा रहा था...

विनीत ने पेट पर हाथ फिरते हुए अपना हाथ नीचे लेजाकर साड़ी के नीचे अंदर से घुसेड़ दिए और अपनी मम्मी की छूट पर अपनी उंगलियां ले gaya....apani छूट पर बेटे की उँगलियों के स्पर्श से hi बुआ की aaaaaaaaaaaaajhhhhhhhhh निकल गयी और उनका जिस्म झटके खाने लगा और उनका मुँह खुला रह गया, वो अपने हाथ अपने बेटे के बालो में फिरते हुए उसे और उकसा रही थी... विनीत तो जैसे आज अपनी मुम्ममय को महा जाना चाहता था...
मैंने भी आगे बढ़ाते हुए अपने सरे कपडे उतर दिये और नंगा हो गया फिर मैंने पूर्वी दीदी को आगे झुकाया और बड़े आराम से उनकी पंतय को उनके बड़े बड़े चूतड़ों से नीचे kia...unki नंगी गांड मेरे सामने आ gayi...didi की गांड बेहद hi खूबसूरत और कामुक hai.....unki गांड का भूरा छेड़ उनकी रसीली छूट, उनके बड़े बड़े चूतड़ों को देखकर तो किसी का भी ईमान दोल जाये मैंने उनकी पंतय को उनके चूतड़ों के नीचे टिका दिए और उनकी जांघो को पकड़ के हिलने लगा तो दीदी के चूतड़ हिलने लगे उनकी गांड कभी खुलती तो कभी बंद होती ये नज़ारा देखकर तो मेरा लुंड लोहे का हो गया... दीदी की गांड का ये बेहद कामुक नाच देखकर मुर्दों में भी जान आ जाये

मैंने कुछ देर तक इस बेहद कुक और उत्तेजक नाच का मज़ा लिया उनकी गांड और छूट देखकर मेरा मुँह लार टपकने लगा ऐसा लग रहा था जैसे मैं कबसे प्यासा हूँ
मैंने अपना मुँह उनकी छूट पर रख दिया और उसे चाटने laga..unki छूट के जेके और रसीले होंठो को अपने होंठो में लेकर उनका रास पीने लगा... फिर मैनेअपनी जीभ से उनकी छूट से लेकर उनकी गांड के छेड़ तक चाटने लगा वो अपनी गांड को हिलाकर मुझे उकसा रही थी साथ में उनके मुँह से भी सिसकारियां निकल रही थी...
पूर्वी- आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह कर्मा मेरे भाई चाट मेरी छूट खा जा इसे आअह्ह्ह भाई आह्हः ऐसे hi...
मैं मममम करते हुए उनकी छूट और गांड चाटने में लगा हुआ था...
वहीं बीएड के दूसरी तरफ बड़ी बुआ का ब्लाउज उतर चूका था और फूपाजी उनके छूछीयो को ब्रा के ऊपर से hi चूस रहे थे और साथ में दबा रहे थे

बड़ी बुआ अपने देवर के सर को पकड़ कर अपने छूछीयो पर दबा रही थी जैसे बोल रही हो के खाजाओ inhe...phoopaji भी पूरी शिद्दत से उनकी छूछीयो पर लगे हुए the...sath में हाथो से उन्हें मसल भी रहे थे... बड़ी बुआ अपनी छाती बीएड से उठा उठा कर देवर के मुँह में अपनी बड़ी बड़ी छूछीयों को दे रही थी जैसे अपने देवर को दूध पीला कर ताकत देना छह रही थी.... फूपाजी साथ में अपने लुंड को कपड़ो के ऊपर से hi अपनी भाभी की छूट और जांघ पर घिस रहे थे...
वहीं बीएड की दूसरी तरफ बात काफी आगे बढ़ चुकी थी... विनीत और बुआ दोनों hi पूरी तरह से नंगे थे दोनों माँ बेटे एक दुसरे के सामने पूरी तरह से नंगे होकर अपनी रासलीला में व्यस्त the...Bua बीएड पर लेती थी और उनका बीटा उनकी पेट पर बैठा था और अपने लुंड को अपनी माँ की छूछीयो के बीच फंसा कर उन्हें छोड़ रहा था....

बुआ भी हर धक्के के साथ विनीत का हौंसला बढ़ा रही थी और उसे उकसा रही थी,...
बुआ- आह्ह्ह्हह बीटा छोड़ अपनी माँ की छूछीयो को आह्हः कितना मस्त लग रहा है तेरा lund...meri चूचियों के बीच आह्ह्ह्ह बीटा ऐसे hi ...
V-ohhh मा हॉँण्णन मस्त छुछियां हैं तुम्हारी कबसे मैं इनमे लुंड दाल के छोड़ना चाहता था आह्ह्हह्ह्ह्ह माँ...
दोनों माँ बेटे एक दुसरे को जिस्म का सुख देने में बेखबर होकर लगे हुए थे...
मैं और पूर्वी दीदी भी कुछ पीछे नहीं the...hum दोनों भी मादरजात नंगे थे और जो सुख मैंने पूर्वी दीदी को कुछ देर पहले दिया था उनकी छूट और गांड को चाटकर वहीं सुख दीदी अब मुझे दे रही थी...

मैं बीएड पर लेता हुआ था और दीदी मेरे ऊपर झुक कर मेरे लुंड को चूस रही thi...unke लुंड को चूसने का तरीका बेहद hi कामुक था वो पहले लुंड पर थूकती फिर मेरे टोपे पर अपनी जीभ से चाटने लगती और फिर मेरे पूरे लुंड को मुँह में भरकर choosti...aisi लुंड चूसै में मुझे परम आनंद मिल रहा था...
में- ाःह चूस रंडी ऐसे hi choos....kya मस्त चूसती है तू मेरी जान ....आअह्ह्ह्हह
दीदी बिना कुछ बोले बस चूसने में व्यस्त थी....
वहीं अब बीएड की दूसरी तरफ बड़ी बुआ और फूपाजी भी बिलकुल नंगे थे और फूपाजी बीएड के बलाल में खड़े थे और बड़ी बुआ बीएड पर बैठी थी और फूपाजी का लुंड उनकी भाभी के मुँह में था....

फूपाजी अपनी भाभी के बालो को पकड़ कर अपना लुंड उनके मुँह में अंदर बहार कर रहे the...unke झटके और रदम ऐसा hi था जैसे वो उनके मुँह को छोड़ रहे ho...badi बुआ अपनी आँखें बंद करके अपने देवर को अपना मुँह उसे करने दे रही thi...badi बुआ के बड़े छुछियां फूपाजी के झटको के साथ हिल रही थी.....
बीएड के लेफ्ट साइड में माँ बेटे ने भी काफी तरक्की कर ली thi...or बुआ अब अपने बेटे को को अपने मुँह का सुख प्रदान कर रही थी..

विनीत बीएड पर लेता था और बुआ उसके साइड में बेथ कर उसका लुंड चूसने में व्यस्त thi...bua के झुके होने से उनकी बड़ी गांड मेरी तरफ थी और जसे देखकर मुझे अपना लुंड पूर्वी दीदी से चुसवाने में बहुत मज़ा आ रहा था... विनीत लेट कर अपनी कमर के झटको से अपना लुंड अपनी मुम्ममय के मुँह में अंदर बहार कर रहा tha...or कभी बुआ के पीछे हाथ लेजाकर उनके चूतड़ों को मसल रहा था...
इधर अब मुझसे और सहन नहीं हुआ तो मैंने पूर्वी दीदी को बीएड पर लिटाया और खुद उनकी टैंगो के बीच gaya....or अपने लुंड को पकड़ कर उनकी छूट पर घिसने लगा दीदी भी बहुत गरम हो गयी थी और अपनी गांड उठा कर मेरा लुंड छूट में लेने की कोशिश कर रही थी पर मैं उन्हें तड़पा रहा था...
पूर्वी- अह्हह्ह्ह्ह भेनचोद दाल दे न क्यों तड़पा रहा है.
में- और क्या दाल दूँ और कहाँ.. साफ़ साफ़ बोलो दीदी...
पूर्वी- आह्ह्ह्हह अपना लुंड अझह्म्म्म इस मूसल को दाल दे मेरी इस चुड़क्कड़ छूट में और छोड़ मुझे बहिन छोड़...
अपने माँ बाप के सामने गली देने से दीदी और भी उत्तेजित हो रही थी वहीं... उनके ऐसे बोलने से सब पर ऐसा hi असर हो रहा tha....bua ने अपने मुँह से विनीत का लुंड निकला और हमारी तरफ देखकर बोली...
बुआ- दाल दे अपना लुंड कर्मा मेरी रंडी बेटी की छूट mein....bahut प्यासी है इसकी छूट.. रंडी माँ की रंडी बेटी है ये...
फूपाजी-- आआह्ह्ह साली तुम तीनो hi रंडी हो...( बड़ी बुआ से) अह्हह्ह्ह्ह ऐसे hi चूसो रंडी bhabhi...daal दे कर्मा इसकी छूट में लुंड ...और मैंने भी देर न करते हुए अपना लुंड पकड़ा और उसे पूर्वी दीदी की छूट के मुँह पर लेकर तगड़ा झटका दिया और मेरा आधा लुंड उनकी छूट में चला गया...
पूर्वी- आअह्ह्ह सेल फाड़ दी मेरी choot...aahhh माँ देखो इसमें तुम्हारी प्यारी बेटी की छूट फाड् दी... इतना लम्बा लुंड एक hi बार में घुसेड़ दिए...
में- आह्हः रैंड बड़ा तरस रही थी न लुंड के लिए तो अब चुद
और मैं तगड़े धक्को से दीदी को छोड़ने लगा..

दीदी कोहनी पर उठकर मेरा लुंड उनकी छूट में जाते हुए देख रही thi...or आह्ह्ह्हह कर्मा ऐसे hi आअह्हह्ह्ह्ह छोड़ अपनी बहिन ko...aaahhhhhhh मम्मी...
मैं उनके उछलती छूछीयो को देखकर और उत्तेजित हो गया और तेज़ छोड़ने लगा... हमारी चुदाई से बड़ी तेज़ थप थप की आवाज़ें आ रही थी... पूर्वी दीदी की कासी हुई छूट में मेरे लुंड को एक गर्मी का एहसास मिल रहा tha...or पूर्वी दीदी भी बड़े मज़े से छुड़वा रही थी...
तभी एक आह्ह्ह्ह की आवाज़ से मेरा ध्यान राइट में गया तो देखा बड़ी बुआ घोड़ी बानी हुई हैं और फूपाजी ने अपना लुंड पीछे से उनकी छूट में दाल दिया... और फिर छोड़ रहे थे...

फूपाजी- आअह्ह्ह्ह भाभी क्या गरम है छूट है teri.....aaaahhh साली रैंड पहले पता होता तू इतनी प्यासी है तो कबसे तेरी प्यास बुझा देता... अह्हह्ह्ह्ह... ले अपनी छूट में...
बड़ी बुआ- हनन मार हमारी छूट आअह्ह्ह अपनी बिटिया बछ्ह और बीवी के सामने छोड़कर कैसा लग रहा है तुझे..
Phoopaji-isi बात से तो मैं और गरम हो रहा हूँ के मैं अपनी बीवी के सामने तुझे छोड़ रहा hun...l जहाँ वो मेरे बेटे से लहि हुई है मेरी बेटी अपने मां के लड़के से छुड़वा रही है कैसे उछाल उछाल कर लुंड ले रही हसि....
पूर्वी- हाँ पापा छोड़ दो तै जी की बड़ी छूट आअह्हह्ह्ह्ह फाड़ दो
और फूपाजी अपनी भाभी को बड़े बड़े झक्को से छोड़ने lage...idhar मैं भी पूर्वी दीदी को मसल मसल कर छोड़ रहा था...
तभी लेफ्ट से विनीत की आवाज़ आए...
व्- आह्ह्ह्ह मा इस पल का तो मैं कबसे इंतज़ार कर रहा था...
मैंने देखा की बुआ लेती हुई है और विनीत उनके पैरों के बीच है और अपना लुंड पकड़ कर अपनी माँ की छूट पर मार रहा है जैसे अंदर जाने से पहले गेट खटकता रहा हो..

बुआ का मुँह खुला हुआ था और साँसे तेज़ thi..apane बेटे के लुंड का पहली बार घुसने का इंतज़ार साफ़ साफ बुआ के चेहरे पर दिख रहा tha..is पल को देखने के लिए हम सब hi रुक गए the....mere धक्के भी पूर्वी दीदी की छूट में रुक गए थे और हम दोनों की नज़र उस कामुक दृषिअ पर thi...udhar बड़ी बुआ और फूपाजी भी अपनी चुदाई रोक कर उन्ही माँ बेटे की तरफ देख रहे थे....
पूर्वी- दाल दे मम्मी की छूट में अपना लुंड bhai....or भें छोड़ के साथ साथ मदर छोड़ भी बन ja....ahhh मम्मी..
बड़ी बुआ- हाआनंनं बछ्ह तूने अपनी बड़ी माँ को तो छोड़ लिए अब अपनी माँ को भी छोड़ उसे भी ये सुख दे...
में- दाल दे विनीत ये hi तू और बुआ न जाने कबसे चाहते थे... बनालो माँ बेटे का सबसे करीब और अलग रिश्ता...
फूपाजी- कल तक मुझे इस बात का कोई अंदाज़ा नहीं था की ये सब होगा पर जब आअज हो रहा है तो मैं भी यही चाहता हूँ की शशि तू ले ले अपने बेटे का लुंड अपने andar...sama ले उसे अपनी छूट mein...chod दे बीटा अपनी मुम्ममय को...
ये दृषिअ जितना उत्तेजक कामुक और गरम करने वाला तो था hi इसके साथ साथ कहीं न कहीं भावुक भी था इसलिए सबने अपनी अपनी सहमति माँ बेटे को दी....
एक माँ का बेटे से ऐसा मिलान सचमें माँ बेटे के रिश्ते को और भी मज़बूत करदेता है...
Bua-aaahhh बेटे अब और मत तड़पा और घुसा दे अपना लुंड अपनी माँ की छूट mein...bapis वहीं घुस जा जहाँ से तू निकला hai...aaaja मेरे बच्ची अह्ह्ह्हह्हह...
विनीत कुछ बोलने की हालत में नहीं था और उसने अपनी माँ की आंखों में देखते हुए एक धक्का मारा और उसका लुंड बुआ की छूट में घुस गया...
Bua-aaahhh मेरे लाल..... आह्ह्हह्ह्ह्ह पुरा दाल दे...
व्- आह्ह्ह्ह maaa...tumhari छूट कितनी गरम है...
हम सबने विनीत का लुंड बुआ की छूट में जाता हुआ देखा और सबके मुँह से एक अह्ह्ह जैसी निकक गयी फिर विनीत ने अपना लुंड बहार निकल कर एक धक्का और मारा और पूरा लुंड अपनी मुम्ममय की चुत में पेल दिया....
बुआ ने उसे आगे खींचकर उसके होंठों को चूम लिए और बोली- अब छोड़ अपनी माँ को beta...faad दे मेरी छूट अपने लुंड से...
विनीत ने अपनी माँ की बात मानकर धक्के लगाने शुरू किये..
V-hmmmm ले माँ अपने बेटे का लुंड अपनी छूट में आह्ह्ह्हह मम्मी कबसे तुझे छोड़ना चाहता tha...aahhhhhh..
उन दोनों के साथ साथ हम लोग भी बापिस अपनी चुदाई में जुट गए.... फूपाजी फिर से बड़ी बुआ को घोड़ी बनाकर छोड़ने lage....or मैं पूर्वी दीदी की छूट में लुंड पेलने लगा...
पूर्वी दीदी अपने भाई और माँ की चुदाई देख कर बहुत उत्तेजित हो गयी थी और यही हाल मेरा था मैं उन्हें बहुत तेज़ धक्को के साथ छोड़ने लगा मेरा लुंड उनकी छूट से मशीन की तरह अंदर बहार हो रहा tha...or फिर पूर्वी दीदी ने मुझे खुद से चिपका लिए और मेरे लुंड पर झड़ने लगी....
पूर्वी- आअह्ह्ह्हह्ह्ह्हजहहह maaaaaaaaaaa अह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्हह ...
उनका झड़ना जब बंद हुआ तो उनकी पकड़ मुझसे कुछ ढीली हुई और वो फिर उठ कर बैठ गयी जिससे मेरा लुंड उनकी छूट से निकल गया और तुरंत उन्होंने उसे अपने मुँह में लिए और अपनी छूट का रास मेरे लुंड से चाटने lagi...phir एक मिनट तक लुंड चूसने के बाद घोड़ी बन गयी और बोली कर्मा दाल अपना लुंड मेरी गांड में...
मैं उनकी गांड का तो दीवाना था तो उन्हें कैसे मन कर सकता था मैंने उनके पीछे जाकर अपना लुंड पूर्वी दीदी की गांड के छेड़ पर रखा और धक्के से अंदर घुसा dia...lund दीदी की गांड को चीरता हुआ अंदर चला गया...

पूर्वी- आअह्ह्ह्ह भाई कितना बड़ा लुंड है रे तेरा हर बार गांड में दर्द होता है लेने में आअह्ह्ह्ह अब मार मेरी गांड अपने मुसल से....
में- मस्त गांड है दीदी तेरी... ऐसी तो रणदीव की भी न हो ाआहजहहह इतनी बड़ी और टाइट आह्ह्ह्हह्ह्ह्हजहह मज़ा आ रहा है मेरी रांड...
मैं और दीदी गांड चुदाई में व्यस्त हो गए... दीदी अपनी गांड पीछे करके मेरा लुंड लेने लगी गांड में...
हमसे थोड़ी दूर राइट में... बड़ी बुआ फूपाजी की तरफ पीठ करके उनके लुंड को अपनी छूट में लेकर उनके ऊपर बैठके उछाल रही थी...

फूपाजी भी नीचे से अपनी गांड उठा उठा कर अपना लुंड बड़ी बुआ की छूट में पेल रहे the...bua हर झटके के साठः आअह्ह्ह आहहहहक कर रही थी और उनके उछलने की गति भी काफी तेज़ थी....
बड़ी bua-aaahhh आह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह... भैया छोड़ो लल्ला आह्ह्ह्ह फाड़ दो अपनी भाभी की आह्हः...
Phoopaji-hmmm भाभी ऐसे hi उछलो मेरे लुंड पर अह्ह्ह...
बड़ी बुआ की बड़ी बड़ी छुछियां उनके उछलने से ऊपर नीचे हो रही थी....
मेरे लेफ्ट साइड में भी चुदाई का तूफ़ान पूरी तबाही मचा रहा था... विनीत अपना पूरा ज़ोर लगाकर बुआ को छोड़ रहा था...

बुआ की टाँगे बिलकुल फैली हुई थी और विनीत उनकी जाह्गो को पकड़ कर बहुत तगड़े धक्के अपनी माँ की छूट में लगा रहा tha...bua का मुँह फटा हुआ था वो बस विनीत की आँखों में देख कर उसके लुंड का प्रहार अपनी छूट में सह रही thi...dono hi काफी उत्तेजित थे और फिर ऐसे hi कुछ और तगड़े झटको के साथ विनीत अपनी माँ की छूट में झड़ने laga...apani माँ की छूट की गर्मी के आगे वो और न टिक सका और उसने अपनी मलाई की धार अपनी मुम्ममय की छूट में मर दी.... बुआ ने जैसे hi विनीत का का रास अपनी छूट में बहता हुआ महसूस किआ वो भी इस एहसास के आगे टिक नहीं पाई और झड़ने लगी दोनों माँ बेटे करीब करीब साथ hi झाड़ गए...
विनीत तो अपनी माँ के ऊपर गिर गया... बुआ ने उसके माथे को चूम लिए और दोनों एक दुसरे से चिपक कर लेते रहे.....
और हमारी चुदाई देखने लगे... मैंने पूर्वी दीदी की गांड मरते हुए अपनी दो उंगलियां उनकी छूट में घुसेड़ दी और उनके छूट के डेन को अपने अंगूठे से रगड़ने लगा....
तभी हमारे राइट में फूपाजी और बुआ जी भी एक साथ झड़ने लगे फूपाजी ने अपना रास अपनी भाभी की छूट में भर diya...or बड़ी बुआ उनके ऊपर से हटकर उनके साइड में लेट गयी और उनके लुंड चाटकर साफ किआ फिर दोनों आराम करने लगे......
इधर दोहरे मज़े से पूर्वी दीदी का बुरा हाल था गांड मैं मेरा लुंड सततत उनकी गांड मारे जा रहा tha...or वहीं मेरी उंगलियां उनकी छूट को मज़े दे रही thi...wo इस दोहरे हमले के आगे ज़्यादा देर नहीं टिक पाई और झड़ने लगी उनकी छूट से रास बहने लगा जो मेरी उंगलियों को भीगने lagaa...unki कमर झटके खाने लगी और फिर पूर्वी दीदी झटको के साथ आगे बीएड पर गिर गयी और मेरा लुंड उनकी गांड से पक्क से निकल गया पर जैसे hi उनका झड़ना ख़त्म हुआ वो तुरंत hi पलट कर मेरे सामने बैठ गयी और अपनी गांड के रास से भीगा हुआ मेरा लुंड चूसने लगी or...unhone अपने हाथो से मेरे चूतड़ों को पकड़ लिए और मेरा लुंड आधा मुँह में भर कर चूसने lagi...phir दीदी ने अपनी उंगली मेरी गांड की दरार में फिरै जो की मुझे उत्तेजित करने के लिए काफी थी और मैं भी अपने शिखर पर पहुंच गया और जैसे hi दीदी को लगा मैं झड़ने वाला हूँ वो अपनी जीभ निकल कर लुंड के सामने हो गयी और मेरे लुंड से निकलती धार से उनका चेहरा भीगने लगा...

कुछ रास उनकी जीभ पर गिरा जिसे वो पि गयी तो कुछ उनके चेहरे पर जब मेरा झड़ना बंद हुआ तो दीदी ने बापिस मेरा लुंड चूसा जैसे एक एक बूँद निचोड़ लेना चाहती हो और जब उन्हें यकीं हो गया के सब ख़त्म हो गया तो उन्होंने मेरा लुंड छोड़ दिए और मैं उनके बगल में बीएड पर लेट गया....
तभी बुआ ने दीदी को अपने पास bulaya...or दीदी अपनी माँ के पास गयी तो बुआ ने दीदी के चेहरे को अपने हाथो में पकड़ा और उनके होंठो चूसने लगी मेरा जो रास दीदी के होंठों और चेहरे पर लगा था बुआ ने वो सब चाट कर साफ़ कर diya...or सारा पि गयी फिर दीदी ने दोबारा से अपनी माँ के होंठों को अपने होंठों की कैद में ले लिए और चूसने lagi...sath hi वो एक दुसरे के छूछीयो को भी दबाने लगी....
माँ बेटी के ऐसे प्यार को देखकर हम मर्दो के लुंड फिर से सर उठाने लगे...
इसके बाद क्या हुआ वो सब अगली अपडेट में क्यूंकि अभी भी पूरी रात बाकि hai....aap लोग पढ़ते रहिये एन्जॉय करते रशिये और प्लीज कमैंट्स करके अपने विचार बताते रहिये... शुक्रिया