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- Dec 5, 2013
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उनका मुँह न बोल रहा था और उनका बदन कुछ और बोल रहा tha....main पेट को मसलते हुए उनकी पीठ को चाट रहा था जिससे ममी की हलकी सिसकिया ले रही थी....
तभी किसी के आने की आहात हुई और वो और मैं दर गए.... अब आगे..
अपडेट 43
ममी झट से रसोई के दरवाजे की तरफ मुँह करके कड़ी हो गयी... जिससे उनका पीछे से खुला हुआ ब्लाउज न दिखे... मैं उनके पीछे खड़ा हो गया... कुछ पल बाद बुआ रसोई में आई... और मुझे देखकर बोली...
बुआ- अरे कर्मा तू क्या कर रहा है yahan...or चारु चाय एक दो कप और बढ़ा दे तेरे जीजाजी भी पिएंगे और शायद जेठ जी भी...
चारु म- ठीक है दीदी...
में- वो मैं पानी पीने आया था पर ममी को देखा यहाँ तो सोचा मैं भी पि लूंगा चाय और इसी बहाने बातें भी हो जाएगी कुछ ममी से..
और ये कहकर मैंने बुआ को आँख मार दी जो चारु ममी मेरे आगे होने की वजह से नहीं देख सकती थी बुआ मेरा इशारा समझ gayi...or साथ hi मैंने पीछे से ममी के चूतड़ को मसल dia...mami बेचारी दर गयी इस अचानक हुए हमले से पर कुछ जताया नहीं चेहरे से....
बुआ- चलो करो तुम लोग अपनी बातें और चाय बन जाये तो जल्दी ले आना...
और बुआ ये ककहकार चली gayi...unke जाते hi चारु ममी मेरी तरफ पलट गयी
चारु म- क्या कर रहा था तू अगर दीदी देख लेती तो पता है क्या होता....
में- कुछ नहीं होता mami...main कुछ गलत थोड़े hi कर रहा था. मैं तो बस अपनी ममी को खुश कर रहा था...
और ये कहके मैंने उन्हें बाँहों में भर लिया... गरम तो वो भी थी इसलिए मेरे बदन से चिपक gayi...mere हाथ उनके चूतड़ों पर पहुंच गए और उसे मसलने lage...wo मेरी पीठ पर हाथ चला रही थी..
मैंने फिर उन्हें उठा कर रसोई की स्लिप पर बिठा diya....wo मेरी आँखों में देखते हुए बड़ी कामुक मुस्कान दे रही थी...
मैं उनकी इस मुस्कान पर फ़िदा हो गया तो मैंने अपना चेहरा आगे किआ और अपने होंठो को उनकी तरफ बढ़ने लगा तो वो अपना चेहरा पीछे करने लगी और होंठो को दूर कर लिए.. मुझे समझ नहीं आया ये ऐसा क्यों कर रही है फिर अचानक से उन्होंने खुद अपने होंठो को मेरे होंठो से चिपका दिए और चूसने lagi...mujhe भी उनके रसीले होंठो को चूसने में बड़ा मज़ा आ रहा था....

हम दोनों एक दुसरे के होंठो के रास को पीने में लगे हुए the...mujhe लगा भी नहीं था की मिलने के पहले दिन hi ममी और मैं इतने करीब आ jayenge...par जिस्म की भूख, छूट की प्यास और खड़ा लुंड ये सब कहाँ देखते हैं....
और मेरा लुंड भी अब चट्टान की तरह खड़ा था ममी का वो गदराया हुआ बदन देख कर मुझे उन्हें छोड़ने की लालसा बढाती जा रही थी... मैंने उनके होंठों को चूसते हुए अपने हाथ उनकी छूछीयो पर रख दिए और उन मख्हन के पर्वतो को सहलाने लगा... इतने बड़े बड़े और मुलायम छुछियां थी ममी की... ब्लाउज के ऊपर से hi मैं उनकी कोमलता का माप लेने लगा... ममी के हाथ मेरे ऊपर और टाइट हो गए वहीं वो और ज़ोरों से मेरी जीभ को चूसने lagi...mera लुंड बहुत हार्ड हो गया था मैंने ममी का हाथ पकड़ कर पाजामे के ऊपर से hi लुंड पर रलह दिया... ममी के तो जैसे लुंड को छूटे hi करंट दौड़ गया....
वो और मैं दोनों hi उत्तेजना के सागर में गोते लगाने लगे... ममी मेरे लुंड को पाजामे के ऊपर से hi दबा रही thi...jisse वो और हार्ड होता जा रहा था और अब लुंड में दर्द भी होने लगा था... मैंने होंठों को अलग किआ ममी के होंठों से और बोलै
Me-mami लुंड में दर्द हो रहा है कुछ करो न...
ममी मेरे से लुंड सुनकर शर्मा गयी...
चारु म- मैं क्या karun..tu शांत करले न जैसे करता है हाथ से...
Me-mami खड़ा अपने किआ है और शांत मैं करूँ ये क्या बात हुई...
चारु म- मैं क्या कर सकती हूँ अब इसमें..
में- आप शांत करो न इसे..
चारु म - नहीं पागल है क्या शर्म आती है मुझे..
में- अरे ममी अब क्या शर्माना और बाइक पर भी तो किआ था..
चारु म- अभी कोई भी आ सकता है बाइक की बात और थी...
Me-nahi ममी कुछ करो प्लीज इसकी हालत देखो आप..
ये कहकर मैंने लुंड को पाजामे से बहार निकल लिए और ममी उसे नंगा देखकर बिक्कुल चौंक hi गयी... ममी मेरे लुंड को आँखें पहाड़ कर देखे जा रही thi...lund की फूली हुई नसें.... पर्पल topa...uspar उभरती एक दो वीर्य की बूँदें... अपने आप ऊपर नीचे झटके खाना... ममी तो जैसे उसमे खो hi गयी और लुंड के सामने सम्मोहित हो गयी थी...
ममी का हाथ खुद बा खुद मेरे लुंड पर पहुंच गया और उसे थाम लिए लुंड पर ममी का हाथ लगते hi मेरे मुँह से आह्ह्ह्हह nikali...to उनके मुँह से भी सिसकारी निकल गयी...
ममी का हाथ मेरे लुंड पर आगे पीछे चलने लगा और मेरे हाथ उनकी छूछीयो par...mera लुंड तो अब ममी के हाथो में फुंकारने laga...maine ममी को पकड़कर स्लिप से नीचे उतर लिया मेरा लुंड अब बेकाबू होता जा रहा था... मैंने ममी को बोलै-
में- ममी हाथ से ज़्यादा कुछ नहीं हो रहा देखो कितना टाइट हो गया है कुछ और करो न...
चारु म - क्या मैं क्या...
मैंने उनके कंधो को पकड़ कर नीचे की तरफ दबाया तो वो समझ गयी और नीचे बैठ gayi...ab मेरा लुंड उनके मुँह के सामने tha....wo बार बार अपनी जीभ अपने होंठों पर घुमा रही थी... ममी के मन में अब भी झिझक थी पर मुझसे अब रुका नहीं जा रहा था तो मैंने खुद hi लुंड के टोपे को उनके होंठो से टच कर दिया ममी को तो जैसे इसी का इंतज़ार था और उन्होंने तुरंत मेरे टोपे को अपने होंठों में कैद कर लिए और उनकी जीभ मेरे लुंड के टोपे पर घूमने लगी...
Me-Aaahh ममी क्या गरम मुँह है tumhara....aahhhh ऐसे hi जीभ लगाओ अह्ह्ह्हह हॉँण्णन....
चारु म- म्ह्म्म्मम्म
और ममी मेरे लुंड को पूरी शिद्दत से चूसने लगी मैंने हाथ नीचे लेजाकर ममी के ब्लाउज के हुक्स को खोल दिया और फिर ममी ने खुद अपने हाथो से पकड़ कर अपनी दोनों छूछीयो को बहार निकल lia....or लुंड चूसने में लगी रही..

मेरी नज़र तो उनकी छूछीयो पर टिक गयी... जैसा सोचा था ममी की छुछियां उससे भी प्यारी थी मेरा मन कर रहा था की अभी झुक कर इन्हे मुँह में भरकर चूस लूँ और इनका सारा दूध पि जॉन.... पर लुंड उनके मुँह से बहार ऐनी को राज़ी नहीं tha....main हाथ नीचे लेजाकर उनके बड़ी बड़ी छूछीयों को दबाने लगा ममी के चूसने की गति और बढ़ gayi....mujhe लुंड पर बहुत ाचा लग रहा था.. ममी का यूँ मन लगाकर चूसने से ये पता चल रहा था की उन्हें भी बहुत मज़ा आ रहा था लुंड चूसने में.... तभी अचानक से ममी ने मेरे लुंड को मुँह से निकल दिया और कड़ी हो गयी...
मैं हैरान हो gaya...ki अचानक से ममी को क्या हो गया...
Me-kya हुआ ममी यूँ उठ क्यों गयी बहुत मज़ा ा रहा था...
ममी ने गैस की तरफ देखा और बंद करदी
चारु म- चाय बन गयी है और तू है की झड़ने का नाम hi नहीं ले रहा...
में- नहीं ममी ऐसे नहीं आप कुछ और भी करो न...
चारु म- बहुत देर हो गयी है चाय भी बन गयी hai...abhi ठीक नहीं कर्मा कोई आ जायेगा...
में- कोई नहीं आएगा ममी मैं जल्दी hi झाड़ jaunga...is बार छूछीयो को उसे करेंगे हम...
और मैं स्लिप पर गांड टिका कर बैठ गया ममी मेरी टैंगो के बीच में आ कर झुक गयी और फिर से एक बार मेरे लुंड को मुँह में भरा और एक दो मिनट तक जितना अंदर तक लेकर चूस सकती थी चूसा और फिर निकल कर मेरे केले को अपने दोनों पपीता के बीच फंसा लिए और ऊपर नीचे करने लगी..

आअह्ह्ह्हह उनके मुलायम छूछीयो का मेरे लुंड पर स्पर्श इतना ाचा लग रहा था... मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैंने मख्हन में अपना लुंड घुसेड़ रखा हो... ममी अपनी छूछीयो को मेरे लुंड पर ऊपर नीचे कर रही thi...jab मेरा लुंड उनकी छूछीयो से ऊपर निकलता तो ममी अपनी जीभ निकल कर उसे चाट leti...main तो जैसे जन्नत में था मेरी आँखें बंद थी और मैं ममी की छूछीयों को छोड़ने का मज़ा ले रहा tha....tabhi फिर से अचानक से किसी के आने की आहात हुई तो ममी तुरंत दर गयी और कड़ी हो गयी और अपनी साड़ी का पल्लू अपने सीने पर दाल लिए जिससे उनके नंगी छुछियां धक् gayi...maine भी जल्दी से अपना पजामा ऊपर खींचा इस बार देखा तो रिमझिम दीदी thi...wo तो मुझे वहां देखते hi खुद hi शर्मा gayi...phir बोली-
रिमझिम- ममी बानी नहीं चाय अभी...
चारु- हाँ रिम्मी बन गयी बस दाल hi रही हूँ...
Rimjhim-daal दो आप मैं ले जाती hun...or तू क्या कर रहा है यहाँ?
में- मैं भी चाय पियूँगा तो ममी की हेल्प कर रहा था बनाने में
रिमझिम- बड़ी हेल्प कर रहा होगा तू...
Me-main ममी को बोर होने से बचा रहा था...
तब तक ममी ने चाय दाल थी पर शायद घबराहट से उनसे थोड़ी चाय फर्श पर गिर गयी...
चारु- ले रिम्मी ले जा चाय मैं ये साफ़ करके आती हूँ...
Rimjhim-koi नहीं मणि बाद में हो जायेगा...
Charu-nahi बीटा चीटियां लग jayegi...tu लेजा और सबको दे....
रिमझिम दीदी चाय और गिलास लेकर चली गयी...
Me-mami अब तो कुछ करो न रहा नहीं जा रहा लुंड फटने को हो रहा है...
चारु- नहीं बीटा अब कुछ नहीं.... अभी बाल बाल बचे hain...or अब मुझे वहां जाना भी hai...nahi तो सब पूछने लगेंगे... बस ये साफ़ करके जाती हूँ main...tu भी खुद से शांत करके जेक सो जा अब...
ये कहते हुए ममी ने अपनी छूछीयो को भी अंदर दाल लिए और ब्लाउज भी बंद कर दिया...
मैंने कुछ नहीं बोलै मैं सोचने लगा क्या किया जाये जिससे ममी मान जाये क्यूंकि मेरा लुंड बहुत टाइट हो चूका था बिना इसको शांत किये नहीं सो सकता था main...wohin ममी ने एक गन्दा कपडा उठाया और झुक कर घुटनो पर बैठ कर पोंछा मरने लगी... उनके झुकने से उनके बड़े बड़े चूतड़ मेरे सामने आ gaye...mujhse अब तो बर्दाश्त करना बहुत मुश्किल हो गया तो मैं अपना कण्ट्रोल खो बैठा...
मैंने अपना पजामा नीचे खिसका दिए और उनके पीछे घुटनो पर आ गया और उनके पैरो से उनकी साड़ी और पेटीकोट को उठाकर कमर पर जल्दी से चढ़ा दिया... मेरे इस अचानक हमले से वो चौंक गयी...
Charu-Karmaaaaaahhhhhhhhhhhh क्या कर रहा hai....abhi मत कररररम..
उनकी साड़ी कमर तक होते hi उनकी बड़ी गांड मेरे सामने ा gayi....or हैरानी की बात ये थी की ममी ने भी बुआ की तरह पंतय नहीं पहनी thi...unki मस्त चिकनी छूट जो अभी काफी गीली नज़र आ रही थी और गांड मेरे सामने थी और मैंने भी देर न करते हुए अपना लुंड पकड़ा और उसे ममी की छूट के होंठों पर लगाया और एक झटका मारा मेरा लुंड ममी की छूट में घुस गया...
चारु- aaaaaaaaaaaaajhhhhhhhhh मायआ ुह्ह्हह्हह्ह्ह्ह छूट फाड़ di...aahhhhhh
में- ममी धीरे कोई सुन लेगा.....
चारु- लुंड घुसेड़ने से पहले सोच लेता ये...
में- ाःह ममी क्या रसीली छूट है तुम्हारी.... मज़ा आए रहा है और ये ककहकार मैंने उनकी कमर को पकड़ कर दो तीन झटके मरे और लुंड पूरा चारु ममी की छूट में घुस गया....
मैं भी बिना डर करते हुए अपनी कमर आगे पीछे करने laga...jissse लुंड ममी की छूट से अंदर बहार होने laga....mami के हाथ में अब भी पोंछा hi hai...or वो भी हाथ हिलके साफ़ करने लगी इधर मैं अपने धक्के के साथ ममी की छूट मरने लगा....

ममी चाय के निशानों को साफ़ कर रही thi....mujhe बहुत मज़ा आ रहा रहा उनकी गरम भट्टी जैसी छूट में मेरमलुण्ड हर पल गरम होता जा रहा tha....jisse मेरे धक्के तेज़ होते जा रहे थे..... और वहीं ममी भी अब पोंछा वगेरा छोड़ कर अब अपनी गांड पीछे करके मुझसे छूट मरवा रही thi...pahli बार शायद इतना बड़ा लुंड लिए था ममी ne...mami भी मुझे और तेज़ करने को बोल रही thi...main और तेज़ ममी को छोड़ने लगा और फिर कुछ hi पालो में ममी की बॉडी अकड़ने लगी और वो झड़ने lagi...par उनका झड़ना इतना खतरनाक था की मैं यहाँ अब और नहीं सह पाया और उनकी छूट में धार मरने लगैक के बाद एक पिचकारी से पूरी छूट को भर diya....jisse ममी आगे फर्श पर गिर गयी... और लेट गयी मेरा लुंड भी छूट से बहार निकल गया...
Charu-aaaaaaaaaaaaajhhhhhhhhh मायआ बीटा अब तू जा मुझे भी जाना होगा... बहुत लेट हो गया...
ममी ने अपने कपडे थूक करते हुए कहा...
Me-mami गीत के बाद कमरे में मिलना मेरे वाले में....
Charu-haan वो बाद में अभी जा और मैं और ममी अपनी चैन लेकर किचन से बहार निकल आये... और मैं अपने रूम में और ममी गीतों में.... अपनी छूट में मेरा रास लिए हुए बैठ गयी....
इसके बाद की दास्ताँ अगली अपडेट में...
आप लोग प्लीज कमैंट्स kariye...or सुझाव देते रशिये शुक्रिया...
तभी किसी के आने की आहात हुई और वो और मैं दर गए.... अब आगे..
अपडेट 43
ममी झट से रसोई के दरवाजे की तरफ मुँह करके कड़ी हो गयी... जिससे उनका पीछे से खुला हुआ ब्लाउज न दिखे... मैं उनके पीछे खड़ा हो गया... कुछ पल बाद बुआ रसोई में आई... और मुझे देखकर बोली...
बुआ- अरे कर्मा तू क्या कर रहा है yahan...or चारु चाय एक दो कप और बढ़ा दे तेरे जीजाजी भी पिएंगे और शायद जेठ जी भी...
चारु म- ठीक है दीदी...
में- वो मैं पानी पीने आया था पर ममी को देखा यहाँ तो सोचा मैं भी पि लूंगा चाय और इसी बहाने बातें भी हो जाएगी कुछ ममी से..
और ये कहकर मैंने बुआ को आँख मार दी जो चारु ममी मेरे आगे होने की वजह से नहीं देख सकती थी बुआ मेरा इशारा समझ gayi...or साथ hi मैंने पीछे से ममी के चूतड़ को मसल dia...mami बेचारी दर गयी इस अचानक हुए हमले से पर कुछ जताया नहीं चेहरे से....
बुआ- चलो करो तुम लोग अपनी बातें और चाय बन जाये तो जल्दी ले आना...
और बुआ ये ककहकार चली gayi...unke जाते hi चारु ममी मेरी तरफ पलट गयी
चारु म- क्या कर रहा था तू अगर दीदी देख लेती तो पता है क्या होता....
में- कुछ नहीं होता mami...main कुछ गलत थोड़े hi कर रहा था. मैं तो बस अपनी ममी को खुश कर रहा था...
और ये कहके मैंने उन्हें बाँहों में भर लिया... गरम तो वो भी थी इसलिए मेरे बदन से चिपक gayi...mere हाथ उनके चूतड़ों पर पहुंच गए और उसे मसलने lage...wo मेरी पीठ पर हाथ चला रही थी..
मैंने फिर उन्हें उठा कर रसोई की स्लिप पर बिठा diya....wo मेरी आँखों में देखते हुए बड़ी कामुक मुस्कान दे रही थी...
मैं उनकी इस मुस्कान पर फ़िदा हो गया तो मैंने अपना चेहरा आगे किआ और अपने होंठो को उनकी तरफ बढ़ने लगा तो वो अपना चेहरा पीछे करने लगी और होंठो को दूर कर लिए.. मुझे समझ नहीं आया ये ऐसा क्यों कर रही है फिर अचानक से उन्होंने खुद अपने होंठो को मेरे होंठो से चिपका दिए और चूसने lagi...mujhe भी उनके रसीले होंठो को चूसने में बड़ा मज़ा आ रहा था....

हम दोनों एक दुसरे के होंठो के रास को पीने में लगे हुए the...mujhe लगा भी नहीं था की मिलने के पहले दिन hi ममी और मैं इतने करीब आ jayenge...par जिस्म की भूख, छूट की प्यास और खड़ा लुंड ये सब कहाँ देखते हैं....
और मेरा लुंड भी अब चट्टान की तरह खड़ा था ममी का वो गदराया हुआ बदन देख कर मुझे उन्हें छोड़ने की लालसा बढाती जा रही थी... मैंने उनके होंठों को चूसते हुए अपने हाथ उनकी छूछीयो पर रख दिए और उन मख्हन के पर्वतो को सहलाने लगा... इतने बड़े बड़े और मुलायम छुछियां थी ममी की... ब्लाउज के ऊपर से hi मैं उनकी कोमलता का माप लेने लगा... ममी के हाथ मेरे ऊपर और टाइट हो गए वहीं वो और ज़ोरों से मेरी जीभ को चूसने lagi...mera लुंड बहुत हार्ड हो गया था मैंने ममी का हाथ पकड़ कर पाजामे के ऊपर से hi लुंड पर रलह दिया... ममी के तो जैसे लुंड को छूटे hi करंट दौड़ गया....
वो और मैं दोनों hi उत्तेजना के सागर में गोते लगाने लगे... ममी मेरे लुंड को पाजामे के ऊपर से hi दबा रही thi...jisse वो और हार्ड होता जा रहा था और अब लुंड में दर्द भी होने लगा था... मैंने होंठों को अलग किआ ममी के होंठों से और बोलै
Me-mami लुंड में दर्द हो रहा है कुछ करो न...
ममी मेरे से लुंड सुनकर शर्मा गयी...
चारु म- मैं क्या karun..tu शांत करले न जैसे करता है हाथ से...
Me-mami खड़ा अपने किआ है और शांत मैं करूँ ये क्या बात हुई...
चारु म- मैं क्या कर सकती हूँ अब इसमें..
में- आप शांत करो न इसे..
चारु म - नहीं पागल है क्या शर्म आती है मुझे..
में- अरे ममी अब क्या शर्माना और बाइक पर भी तो किआ था..
चारु म- अभी कोई भी आ सकता है बाइक की बात और थी...
Me-nahi ममी कुछ करो प्लीज इसकी हालत देखो आप..
ये कहकर मैंने लुंड को पाजामे से बहार निकल लिए और ममी उसे नंगा देखकर बिक्कुल चौंक hi गयी... ममी मेरे लुंड को आँखें पहाड़ कर देखे जा रही thi...lund की फूली हुई नसें.... पर्पल topa...uspar उभरती एक दो वीर्य की बूँदें... अपने आप ऊपर नीचे झटके खाना... ममी तो जैसे उसमे खो hi गयी और लुंड के सामने सम्मोहित हो गयी थी...
ममी का हाथ खुद बा खुद मेरे लुंड पर पहुंच गया और उसे थाम लिए लुंड पर ममी का हाथ लगते hi मेरे मुँह से आह्ह्ह्हह nikali...to उनके मुँह से भी सिसकारी निकल गयी...
ममी का हाथ मेरे लुंड पर आगे पीछे चलने लगा और मेरे हाथ उनकी छूछीयो par...mera लुंड तो अब ममी के हाथो में फुंकारने laga...maine ममी को पकड़कर स्लिप से नीचे उतर लिया मेरा लुंड अब बेकाबू होता जा रहा था... मैंने ममी को बोलै-
में- ममी हाथ से ज़्यादा कुछ नहीं हो रहा देखो कितना टाइट हो गया है कुछ और करो न...
चारु म - क्या मैं क्या...
मैंने उनके कंधो को पकड़ कर नीचे की तरफ दबाया तो वो समझ गयी और नीचे बैठ gayi...ab मेरा लुंड उनके मुँह के सामने tha....wo बार बार अपनी जीभ अपने होंठों पर घुमा रही थी... ममी के मन में अब भी झिझक थी पर मुझसे अब रुका नहीं जा रहा था तो मैंने खुद hi लुंड के टोपे को उनके होंठो से टच कर दिया ममी को तो जैसे इसी का इंतज़ार था और उन्होंने तुरंत मेरे टोपे को अपने होंठों में कैद कर लिए और उनकी जीभ मेरे लुंड के टोपे पर घूमने लगी...
Me-Aaahh ममी क्या गरम मुँह है tumhara....aahhhh ऐसे hi जीभ लगाओ अह्ह्ह्हह हॉँण्णन....
चारु म- म्ह्म्म्मम्म
और ममी मेरे लुंड को पूरी शिद्दत से चूसने लगी मैंने हाथ नीचे लेजाकर ममी के ब्लाउज के हुक्स को खोल दिया और फिर ममी ने खुद अपने हाथो से पकड़ कर अपनी दोनों छूछीयो को बहार निकल lia....or लुंड चूसने में लगी रही..

मेरी नज़र तो उनकी छूछीयो पर टिक गयी... जैसा सोचा था ममी की छुछियां उससे भी प्यारी थी मेरा मन कर रहा था की अभी झुक कर इन्हे मुँह में भरकर चूस लूँ और इनका सारा दूध पि जॉन.... पर लुंड उनके मुँह से बहार ऐनी को राज़ी नहीं tha....main हाथ नीचे लेजाकर उनके बड़ी बड़ी छूछीयों को दबाने लगा ममी के चूसने की गति और बढ़ gayi....mujhe लुंड पर बहुत ाचा लग रहा था.. ममी का यूँ मन लगाकर चूसने से ये पता चल रहा था की उन्हें भी बहुत मज़ा आ रहा था लुंड चूसने में.... तभी अचानक से ममी ने मेरे लुंड को मुँह से निकल दिया और कड़ी हो गयी...
मैं हैरान हो gaya...ki अचानक से ममी को क्या हो गया...
Me-kya हुआ ममी यूँ उठ क्यों गयी बहुत मज़ा ा रहा था...
ममी ने गैस की तरफ देखा और बंद करदी
चारु म- चाय बन गयी है और तू है की झड़ने का नाम hi नहीं ले रहा...
में- नहीं ममी ऐसे नहीं आप कुछ और भी करो न...
चारु म- बहुत देर हो गयी है चाय भी बन गयी hai...abhi ठीक नहीं कर्मा कोई आ जायेगा...
में- कोई नहीं आएगा ममी मैं जल्दी hi झाड़ jaunga...is बार छूछीयो को उसे करेंगे हम...
और मैं स्लिप पर गांड टिका कर बैठ गया ममी मेरी टैंगो के बीच में आ कर झुक गयी और फिर से एक बार मेरे लुंड को मुँह में भरा और एक दो मिनट तक जितना अंदर तक लेकर चूस सकती थी चूसा और फिर निकल कर मेरे केले को अपने दोनों पपीता के बीच फंसा लिए और ऊपर नीचे करने लगी..

आअह्ह्ह्हह उनके मुलायम छूछीयो का मेरे लुंड पर स्पर्श इतना ाचा लग रहा था... मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैंने मख्हन में अपना लुंड घुसेड़ रखा हो... ममी अपनी छूछीयो को मेरे लुंड पर ऊपर नीचे कर रही thi...jab मेरा लुंड उनकी छूछीयो से ऊपर निकलता तो ममी अपनी जीभ निकल कर उसे चाट leti...main तो जैसे जन्नत में था मेरी आँखें बंद थी और मैं ममी की छूछीयों को छोड़ने का मज़ा ले रहा tha....tabhi फिर से अचानक से किसी के आने की आहात हुई तो ममी तुरंत दर गयी और कड़ी हो गयी और अपनी साड़ी का पल्लू अपने सीने पर दाल लिए जिससे उनके नंगी छुछियां धक् gayi...maine भी जल्दी से अपना पजामा ऊपर खींचा इस बार देखा तो रिमझिम दीदी thi...wo तो मुझे वहां देखते hi खुद hi शर्मा gayi...phir बोली-
रिमझिम- ममी बानी नहीं चाय अभी...
चारु- हाँ रिम्मी बन गयी बस दाल hi रही हूँ...
Rimjhim-daal दो आप मैं ले जाती hun...or तू क्या कर रहा है यहाँ?
में- मैं भी चाय पियूँगा तो ममी की हेल्प कर रहा था बनाने में
रिमझिम- बड़ी हेल्प कर रहा होगा तू...
Me-main ममी को बोर होने से बचा रहा था...
तब तक ममी ने चाय दाल थी पर शायद घबराहट से उनसे थोड़ी चाय फर्श पर गिर गयी...
चारु- ले रिम्मी ले जा चाय मैं ये साफ़ करके आती हूँ...
Rimjhim-koi नहीं मणि बाद में हो जायेगा...
Charu-nahi बीटा चीटियां लग jayegi...tu लेजा और सबको दे....
रिमझिम दीदी चाय और गिलास लेकर चली गयी...
Me-mami अब तो कुछ करो न रहा नहीं जा रहा लुंड फटने को हो रहा है...
चारु- नहीं बीटा अब कुछ नहीं.... अभी बाल बाल बचे hain...or अब मुझे वहां जाना भी hai...nahi तो सब पूछने लगेंगे... बस ये साफ़ करके जाती हूँ main...tu भी खुद से शांत करके जेक सो जा अब...
ये कहते हुए ममी ने अपनी छूछीयो को भी अंदर दाल लिए और ब्लाउज भी बंद कर दिया...
मैंने कुछ नहीं बोलै मैं सोचने लगा क्या किया जाये जिससे ममी मान जाये क्यूंकि मेरा लुंड बहुत टाइट हो चूका था बिना इसको शांत किये नहीं सो सकता था main...wohin ममी ने एक गन्दा कपडा उठाया और झुक कर घुटनो पर बैठ कर पोंछा मरने लगी... उनके झुकने से उनके बड़े बड़े चूतड़ मेरे सामने आ gaye...mujhse अब तो बर्दाश्त करना बहुत मुश्किल हो गया तो मैं अपना कण्ट्रोल खो बैठा...
मैंने अपना पजामा नीचे खिसका दिए और उनके पीछे घुटनो पर आ गया और उनके पैरो से उनकी साड़ी और पेटीकोट को उठाकर कमर पर जल्दी से चढ़ा दिया... मेरे इस अचानक हमले से वो चौंक गयी...
Charu-Karmaaaaaahhhhhhhhhhhh क्या कर रहा hai....abhi मत कररररम..
उनकी साड़ी कमर तक होते hi उनकी बड़ी गांड मेरे सामने ा gayi....or हैरानी की बात ये थी की ममी ने भी बुआ की तरह पंतय नहीं पहनी thi...unki मस्त चिकनी छूट जो अभी काफी गीली नज़र आ रही थी और गांड मेरे सामने थी और मैंने भी देर न करते हुए अपना लुंड पकड़ा और उसे ममी की छूट के होंठों पर लगाया और एक झटका मारा मेरा लुंड ममी की छूट में घुस गया...
चारु- aaaaaaaaaaaaajhhhhhhhhh मायआ ुह्ह्हह्हह्ह्ह्ह छूट फाड़ di...aahhhhhh
में- ममी धीरे कोई सुन लेगा.....
चारु- लुंड घुसेड़ने से पहले सोच लेता ये...
में- ाःह ममी क्या रसीली छूट है तुम्हारी.... मज़ा आए रहा है और ये ककहकार मैंने उनकी कमर को पकड़ कर दो तीन झटके मरे और लुंड पूरा चारु ममी की छूट में घुस गया....
मैं भी बिना डर करते हुए अपनी कमर आगे पीछे करने laga...jissse लुंड ममी की छूट से अंदर बहार होने laga....mami के हाथ में अब भी पोंछा hi hai...or वो भी हाथ हिलके साफ़ करने लगी इधर मैं अपने धक्के के साथ ममी की छूट मरने लगा....

ममी चाय के निशानों को साफ़ कर रही thi....mujhe बहुत मज़ा आ रहा रहा उनकी गरम भट्टी जैसी छूट में मेरमलुण्ड हर पल गरम होता जा रहा tha....jisse मेरे धक्के तेज़ होते जा रहे थे..... और वहीं ममी भी अब पोंछा वगेरा छोड़ कर अब अपनी गांड पीछे करके मुझसे छूट मरवा रही thi...pahli बार शायद इतना बड़ा लुंड लिए था ममी ne...mami भी मुझे और तेज़ करने को बोल रही thi...main और तेज़ ममी को छोड़ने लगा और फिर कुछ hi पालो में ममी की बॉडी अकड़ने लगी और वो झड़ने lagi...par उनका झड़ना इतना खतरनाक था की मैं यहाँ अब और नहीं सह पाया और उनकी छूट में धार मरने लगैक के बाद एक पिचकारी से पूरी छूट को भर diya....jisse ममी आगे फर्श पर गिर गयी... और लेट गयी मेरा लुंड भी छूट से बहार निकल गया...
Charu-aaaaaaaaaaaaajhhhhhhhhh मायआ बीटा अब तू जा मुझे भी जाना होगा... बहुत लेट हो गया...
ममी ने अपने कपडे थूक करते हुए कहा...
Me-mami गीत के बाद कमरे में मिलना मेरे वाले में....
Charu-haan वो बाद में अभी जा और मैं और ममी अपनी चैन लेकर किचन से बहार निकल आये... और मैं अपने रूम में और ममी गीतों में.... अपनी छूट में मेरा रास लिए हुए बैठ गयी....
इसके बाद की दास्ताँ अगली अपडेट में...
आप लोग प्लीज कमैंट्स kariye...or सुझाव देते रशिये शुक्रिया...


























































