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Part-15
आज की ये रात विशाल के लिए बहुत लम्बी होने वाली thi...kyunki जिस छूट के लिए वो रुका था वो उसे मिली नहीं और उसके लुंड पे सारिका के छुवन से आग पहले से कल से रही थी वो और ज्यादा भड़क गयी थी...
वो दुबारा से सारिका को मैसेज करता है..
विशाल- Hello मासी कारन गया क्या...?
पर सामने से कोई जवाब नहीं आता ... सारिका नींद के आगोश में चली गयी थी और जाये भी क्यों न उसका काम तो उसके भांजे ने जीभ से hi कर दिया था...
लास्ट में कोई जवाब न मिलने पैर और साडी उमीदे ख़तम हो जाने से विशाल लुंड मसलते हुवे निचे आ गया और करवट बदलते बदलते लास्ट में वो भी सो गया...
सुबह सारिका दोनों को जगती है.. तब उसकी नज़र विशाल पे पड़ती है जो उसे गुस्से से देख रहा था... विशाल का चेहरा देख के सारिका की हसी छूट जाती है... आज सारिका को विशाल से शर्म भी आ रही थी क्यूंकि जो विशाल अब तक उसके बेटे सामान था वही विशाल कल उसकी छूट का पानी निकल दिया था और अपना लुंड तक उसके मुँह में दाल दिया tha...wo तो कारन के जाग जाने से प्रोग बिच में hi रोकना पद गया ..
सारिका दोनों को फ्रेश होने का बोलके किचन में चली नाश्ता बनाने आ जाती hai..karan उठ के वाशरूम चला जाता है... उसे फ्रेश होने में अमूमन आधा घंटा तो लग hi जाता है और इतना टाइम विशाल के लिए काफी था अपनी मासी के करीब जाने के लिए...
विशाल सीधा किचन में जाता है और अपने मासी के दोनों कूल्हों के बिच क्र बने दरार में अपना मुँह दाल के दोनों चूतड़ों को मसल देता है ..

सारिका इस अचानक हुवे हमले से चिहुँक जाती है...
सारिका- आआह्ह्ह्ह क्या कर रहा है कारन आ जायेगा..
विशाल बिना टाइम गवाए सारिका के तो कोई उसके कंधे से खिसका देता है और उसके गर्दन को चूमने लगता है और साथ hi अपना एक हाथ उसकी पंतय के अंदर दाल देता है और छूट को रगड़ने लगता है...

सारिका इस दोहरे हमले को झेल नहीं पति और उसके मुँह से आअह्ह्ह्हह निकल जाती है
सारिका- मत कर वो देख लिया तो गज़ब हो जायेगा... सारिका इस वक़्त ऊपर से ऑलमोस्ट नंगी थी उसके चुके बहार थे और टॉप कमर पे आ के फांसी हुई थी...
विशाल- क्या गज़ब हो जायेगा फिर तुझे एक साथ दो दो लुंड मिलेंगे ...
सारिका- चुप कर कुछ भी बोलता है.
विशाल के एक के बाद एक हमले से सारिका बहुत ज्यादा गरम होने लगती है उसकी छूट की धार उसके जांघो से बहते हुवे फर्श पे फैलना सुरु कर देता है....
विशाल पे हवस इतना भरी था की वो इस आधे घंटे में hi सब पा लेना चाहता था ...
वो सारिका को वही प्लेटफार्म पे झुका के उसके गांड में झटके मरने लगता hai....agar सारिका ने पंतय न पहनी होती तो विशाल का लोहे का रूप ले चूका उसका लुंड सारिका की छूट फाड़ता हुआ अंदर जरूर घुस जाता

सारिका- आआह्ह्ह्हह आअह्ह्ह्हह धीरे
विशाल- बहुत गरम माल है तू मासी..
सारिका को उसके लुंड को लेना तो चाहती थी पर ये समय सही नहीं था और न hi पर्याप्त था.. कारन कभी भी आ सकता था हलाकि अभी भी उन्दोनो के पास 15-20 मिंट थे
विशाल सारिका का सर पकड़ के उसे अपने दुनो घुटनो के बिच निचे बिठाता है...
सारिका समझ जाती है की उसे क्या करना है और वो विशाल के पंत का ज़िप खोल के उसका लुंड निकलने लगती है..

विशाल के तने हुवे भीमकाय लुंड देख के सारिका की आँखों में चमक आ जाती है ..
सारिका- बाप रे ये क्या है...
विशाल- इसे लुंड बोलते है जो अभी तेरे मुँह में जायेगा फर तेरे इस गुलाबी छूट में...

सारिका- विशु ये बहुत बड़ा है ये मेरे मुँह में नहीं जायेगा...
विशाल- सब जायेगा मासी तू बस कोशिश कर...
सारिका डरते हुवे उसके को पहले चेतना फर धीरे धीरे चूसना सुरु कर देती hai...itne में बहार बेल्ल बजता है..
विशाल- साला जब इसके मुँह में लुंड डालता हु कोई न कोई टपक पड़ता है
सारिका- विशाल की बेचैनी देख है देती है .
विशाल की नज़र जब सारिका की पंतय पे जाती है तो वो पूरी गीली हो चुकी होती है...
Vishal-;ruko मई देख के आता हु..
सारिका- ऐसे जाओगे....!?? विशाल के विकराल रूप ले चुके लुंड किणतर्फ इशारा करते हुवे लगती है...
रुको मई जाती हु ...
और

और अपनी पतली झिल्लीदार गाउन में दरवाजे पे चली जाती है ... गाउन इतना पारदर्शी था की सारिका की गांड छूट यह तक की उसके निपल का कलर तक दिख रहा था...
बहार दूध वाला दूध देने आया था... सारिका के इस रूप को देख कर बेचारे को आंखे hi फैट gayi...vasna के नशे और जल्दबाजी में सारिका ये भूल hi गयी थी की जो गाउन वो पहनी है वो बिलकुल पारदर्शी है और उसने अंदर कुछ नहीं पहना है ..
सारिका जब दूधवाले के नजरो का पीछा करती है तो पाती है की वो उसके कामुक जिस्म का सराय कर रहा है...
सारिका जब ये देखती है तो उसकी धड़कने बढ़ जाती है वो मन में बोल पड़ती है ..( ो गॉड मैंने ये गाउन डाला पर गाउन के अंदर तो पूरी नंगी hi हु और ये मुझे इसलिए इतना घर रहा है ..) सारिका जल्दी से दूध ले के अंदर आने लगती है…
विशाल- वह मासी तूने तो दूध वाले का hi पानी निकल दिया
Sarika-blush करने लग जाती है…..
इतने में कारन आ जाता hai……fir सभी लोग बैठ के चाय नाश्ता करने लग जाते hai…par विशाल के दिमाग में एक hi बात चल रही थी और वो ये की सारिका की कैसे ली jaye….lekin कहते है न किसी चीज को सच्चे दिल से चाहो तो वो मिल hi जाता है.. कुछ इसी तरह विशाल की किसमय भी आज मेहरबान thi…aaj उसे सारिका की छूट मिलनी hi थी जिसमे उसकी हेल्प खुद कारन के पापा करते hai…hua ये की जब सभी लोग नाश्ता कर रहे होते है तभी कारन के डैड की कॉल आती है.. जिसमे वो कारन से किसी फाइल और कुछ पैसे अपने पार्टनर को भेजने को कहते है जो की जयपुर में जा के डिलीवर करना था.. और दिल्ली से जयपुर की डिलीवरी यानि पुरे दिन की chutti….sarika ने अपने पति के कहे अनुसार पैसे और फाइल कारन को दे दिया और कारन उन्हें ले के जयपुर को जाने लगता है हालाँकि वो विशाल से भी साथ चलने को कहता है पर विशाल ऐसा मौका चोर के फाइल देने जयपुर जाये इतना बेवकूफ थोड़े न है….
विशाल के जाने के बाद घर में केवल सारिका और विशाल hi the..aur दोनों के लिए मैदान पूरा खली था.. सारिका भी कही न कही विशाल को अब अपने अंदर लेना चाहती थी क्यूंकि विशाल उसे कितना सुकून देने वाला है इस बात का टीज़र उसे कल रात hi मिल गया था… सारिका वापस किचन में जाने लगती है विशाल भी उसके पीछे पीछे किचन की और चल देता है..

विशाल- मासी…..
विशाल की आवाज सुनते सारिका का दिल जोरो से ढकने लगता है… उसकी बॉडी में सेंसशनट्स होने लगती है…
सारिका- हाँ बोल
विशाल- सुरु करे…
सारिका- कुछ जवाब नहीं देती बस शर्मा रही होती है…
विशाल से अब और बर्दाश्त का पाना मुश्किल था ो सिद्ध सारिका पे झपटा मरता है और उसे अपनी बहो में भर लेता hai…sarika भी बिना किसी विरोध के खुद को विशाल को सौंप देती हिअ…
सारिका- विशाल यहां नहीं bête…. बैडरूम में षाले है… विशाल सारिका के कूल्हों में हाथ दाल के गोदी में उठा लेता है और वैसे किश करते हुवे उसे बैडरूम में ले के जाने लगता है…
बैडरूम पे पहुंचते hi विशाल सारिका को बीएड पे लिटा देता है और दोनों में एक जबरदस्त वाइल्ड किश सुरु हो जाती है..
विशाल उसके ड्रेस जो पहले से इतनी लूसे थी जिस से उसकी चुचिओ की झलक मिल जाती थी उसे खिसका के निचे कर देता hai…aur उसके उरोजों को मसलना चूमना सुरु कर देता है..

सारिका को ये सब बहुत आनंद दे रहा था ो गरम सिसकारियां लेना सुरु कर देती है
सारिका- aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh vvvvvvvvvviiiiiiiiiiiiiiihhhhhhhhhhhhhhsssssssssssh ddddddddddhhhhhhhirrrrreeeeeeeeeeeeeee bbbbbbbbeeeeeettttttttteeeeeeeeeeeeeee
पर विशाल को सारिका के किसी भी बात का ख्याल नहीं था उसे ख्याल था तो बस कैसे सारिका के छूट नमे घुसा जाये….. वो सारिका की बड़ी बड़ी कासी हुई गोल गोल चूचियों को देखते हुवे मसलने लगता है….

विशाल- आआह्ह्ह्हह्ह maaaaaaaasssssssssiiiiiiiiii कितना टाइट है मौसा ने कभी दबाया और पिया नहीं है क्या………..???
सारिका- तू खुद पिले फिर बाकि को चोर किसने क्या किया..
विशाल- पियुंग नहीं मेरी जान निचोड़ूंगा तेरे इन कैसे हुवे चूचियों को ……और दन्त से उसके निपल्स पकड़ के काटने लगता है जिस से सारिका के दर्द के साथ मजा दोनों का अनुभव हो रहा था….
सरिक- aaaaaahhhhhhhhhhhhhhh काट मत निशान पद जायेंगे oooohhhhhhhhhhh माआआआआ

विशाल- निशान तो पांडा चाइये न मासी मेरे प्यार का तेरे इस मखमली जिस्म पे…..
सारिका- फिर तेरे मौसा को क्या बोलूंगी..
विशाल- बोल देना अब कोई और ा गया है उनकी बीवी छोड़ने के लिए….
सारिका- हसने लगती है….
विशाल उसके निपल्स को चुटकी में दबा के मसल देता है

सारिका के लिए ये सब एक नया अनुभव था सेक्स केन ऍम पिउ ो बस चुड़ते आयी आयी थी ये जिस्म के साथ खेलवाड़ पहली बा रो रहा था इस लिए उसे बहुत मजा आ रहा था और दर्द गुदगुदी भी हो रही थी
सारिका- aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhh uuuuuuuuuuuuuiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii मममममअअअअअअअअ
फिर विशाल उसके पेट के पास आ जाता है और उसके चुचिओ से बने घातिओ के बिच अपनी जुबान रख देता है और फिर उन घाटियों को छत्ते हुवे उसके मुँह में अपना जीभ दाल के किश करने लगता है जिसमे सारिका भी उसका पूरा पूरा साथ देती है और दोनों के जीभ आपस में टकरा जाते है और वो एक दूसरे के होंठो को चूसने लग जाते है...

सारिका- aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh ooooooooohhhhhhhhhhh
फिर विशाल एक डैम से सारिका को पलट देता है और खुद निचे हो जाता है और सारिका उसके ऊपर आ जाती hai…sarika के कूल्हे विशाल के खड़े लुंड के ठीक ऊपर रहा.. वो निचे झुक के विशाल को किश करने लगती है और साथ hi जोश जोश में अपने छूट को विशाल के लुंड पे रगड़ने लगती है..

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लुंड के अपने छूट पे एहसास मात्रा से सारिका का शरीर अकड़ने लग जाता है और वो विशाल के ऊपर hi झाड़ जाती है.. उसकी पंतय और विषक का जीन्स दोनों सारिका के छूट से निकले पानी से भीग जाता है…..
विशाल- मसि
सारिका किश करते हुवे- ….. ह्म्म्मम्म्म्म
Vishal-Dard हो रहा है… पंत उतर दू….
सारिका- रुक कह के उसके पंत की तरफ झुकने लगती है जिसका मतलब था सारिका खुद से अपने भांजे विशाल को पंत उतर के उसे नंगा करना छह रही थी…
सारिका जैसे hi विशाल का पेंट उतरती है विशाल का लुंड किसी स्प्रिंग की तरह उछाल के बहार आ जाता है…

इतने बड़े और मोठे लुंड को देख के सारिका के मुँह से चीख निकल जाती है….
सारिका- ओह माय godddddddddddddddddddddd ये क्या है इतना बड़ा…………..

विशाल के चेहरे पे एक प्राउड वाली मुस्कान आ जाती है ….. सारिका का विशाल के लुंड को देख के शॉकेड होने का मतलब था की उसका लुंड कारन और उसके बाप के लुंड से बड़ा था…..
Sarika-itna बड़ा नहीं ले पाऊँगी ये बहुत बड़ा है ये टी मेरे कलाई जितना बड़ा और मोटा है…. वो सरो बाटे बोल भी रही थी और विशाल के लुंड को मसल भी रही थी उसकी आँखों में देखते हुवे….
विशाल- औरत के छूट से बड़ा कोई लुंड नहीं होता मासी….. आदमी का चाहे जितना बड़ा हो औरत समां hi लेती है और हजम कर hi जाती है…
विशाल अपना अंगूठा सारिका के मुँह में दाल देता है और सारिका भी उसके इशारे को समझते देर नहीं लगाती और बहुत प्यार से उसे चूसने लगती है…

विशाल सारिका के मुँह के गर्माहट में खो सा जाता hai….aur सारिका दोनों आँखे बंद किये उसके अंगूठे को ऐसे चूस रही थी मनो विशाल का लुंड हो और उसे वो अंदर लेने के लिए तैयार कर रही हो…. विशाल भी मुँह में अंगूठा तो निचे सारिका की छूट में अपनी दो उंगलिया दाल देता hai….vishal के इस हमले से सारिका जन्नत के मजे लेने लगती है…
सारिका- aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh fuuuuuuuukkkkkkkkkkkkkkk hhhhhhhuuuuuuuuuuu और गहरी सांसे लेते हुवे विशाल के अंगूठे को अपने गले के और गहराई में उतरने लगती है
अपनी मासी के चेहरे के भाव पढ़ते विशाल को देर नहीं लगती वो सारिका के मजे को और दोगुना करने के सोचता है और जो करता है वो सारिका के सोच और ख्याल से परे था…
विसाहल का अंगूठा सारिका के मुँह में जिसे वो बड़े इंटेंस हो के चूस रही थी और ऊँगली जो सारिका के छूट में थे उसे निकल के अपना बिच वाले ऊँगली को सारिका के गांड में दाल देता है और दूसरे हाथ का अंगूठा भी सारिका के छूट में दाल देता है बनो वो अब चुटकी बजाना छह रहा हो…… इसके साथ hi वो सारिका के चूचियों को भी चूसना सुरु कर देना है
गांड तो तो गांड सारिका की छूट भी काम टाइट नहीं थी....

ये तीन तरफा हमला सारिका से बर्दाश्त नहीं होता….. उसके पुरे शरीर में सिहरन दौड़ जाती है मनो छूट में करंट लगा हो और झटका उसकी गांड ने महसूस किया… उसकी आँखे बड़ी बड़ी हो गयी उसने जोश में विशाल के अंगूठे को भी काट लिया…
सारिका- aaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh kkkkaaaaaaaaaammmmmmmmmiiineeeeeeeeeeee yeyyeeeeeeeeeee kkyyyyyyyyyyyaaaaaaaaaahhhhhhhh काआर्डरररररर रआआआअह्हह्ह्ह्हह्हआआआ haaaaaaaaaaaiiiiiiiii uuuuuuuuuuuuiiiiiiiiiii mmmmmmmmaaaaaaaaaaaaaaaaa mmmmmmaaaaaaaiiiiiiiiiii maaaaaaaaarrrrrrrrrr gagyyiiiiiiiiiiiiiiiiiiii
सारिका के छूट से पेशाब की धार फुट padi…uska शरीर झटका लेने लगा मनो वो फिर से झड़ने वाली हो.. पर अभी तो झड़ी थी फिर इतनी जल्दी कैसे… लेकिन विशाल जो एक के बाद एक हमले कर रहा र्था उसने झेलना भी कोई मजाक तो था नहीं उस के ऊपर सारिका के लिए ये सब नया अनुभव था.

सारिका के छूट चुकी और गांड तीनो के साथ विशाल एक साथ खेलने लगा था … और सारिका की छूट अभी से hi बहने लगी थी..
सारिका विशाल को रोकना चाहती है पर विशाल को सारिका को मुत्ते देख एक सटिस्फैक्शन मिलता है और वो और जोर जोर से फिंगरिंग करता जाता है...

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औरत को खुश करने के मामले में विशाल मनो जादूगर था.. अभी तक विशाल ने अपना लुंड ना सारिका के मुँह में डाला था न छूट या न उसके गांड में फिर भी सारिका का 2 बार पानी निकल दिया आगे जाने क्या hi हल करेगा आज इस औरत का….
आज की ये रात विशाल के लिए बहुत लम्बी होने वाली thi...kyunki जिस छूट के लिए वो रुका था वो उसे मिली नहीं और उसके लुंड पे सारिका के छुवन से आग पहले से कल से रही थी वो और ज्यादा भड़क गयी थी...
वो दुबारा से सारिका को मैसेज करता है..
विशाल- Hello मासी कारन गया क्या...?
पर सामने से कोई जवाब नहीं आता ... सारिका नींद के आगोश में चली गयी थी और जाये भी क्यों न उसका काम तो उसके भांजे ने जीभ से hi कर दिया था...
लास्ट में कोई जवाब न मिलने पैर और साडी उमीदे ख़तम हो जाने से विशाल लुंड मसलते हुवे निचे आ गया और करवट बदलते बदलते लास्ट में वो भी सो गया...
सुबह सारिका दोनों को जगती है.. तब उसकी नज़र विशाल पे पड़ती है जो उसे गुस्से से देख रहा था... विशाल का चेहरा देख के सारिका की हसी छूट जाती है... आज सारिका को विशाल से शर्म भी आ रही थी क्यूंकि जो विशाल अब तक उसके बेटे सामान था वही विशाल कल उसकी छूट का पानी निकल दिया था और अपना लुंड तक उसके मुँह में दाल दिया tha...wo तो कारन के जाग जाने से प्रोग बिच में hi रोकना पद गया ..
सारिका दोनों को फ्रेश होने का बोलके किचन में चली नाश्ता बनाने आ जाती hai..karan उठ के वाशरूम चला जाता है... उसे फ्रेश होने में अमूमन आधा घंटा तो लग hi जाता है और इतना टाइम विशाल के लिए काफी था अपनी मासी के करीब जाने के लिए...
विशाल सीधा किचन में जाता है और अपने मासी के दोनों कूल्हों के बिच क्र बने दरार में अपना मुँह दाल के दोनों चूतड़ों को मसल देता है ..

सारिका इस अचानक हुवे हमले से चिहुँक जाती है...
सारिका- आआह्ह्ह्ह क्या कर रहा है कारन आ जायेगा..
विशाल बिना टाइम गवाए सारिका के तो कोई उसके कंधे से खिसका देता है और उसके गर्दन को चूमने लगता है और साथ hi अपना एक हाथ उसकी पंतय के अंदर दाल देता है और छूट को रगड़ने लगता है...

सारिका इस दोहरे हमले को झेल नहीं पति और उसके मुँह से आअह्ह्ह्हह निकल जाती है
सारिका- मत कर वो देख लिया तो गज़ब हो जायेगा... सारिका इस वक़्त ऊपर से ऑलमोस्ट नंगी थी उसके चुके बहार थे और टॉप कमर पे आ के फांसी हुई थी...
विशाल- क्या गज़ब हो जायेगा फिर तुझे एक साथ दो दो लुंड मिलेंगे ...
सारिका- चुप कर कुछ भी बोलता है.
विशाल के एक के बाद एक हमले से सारिका बहुत ज्यादा गरम होने लगती है उसकी छूट की धार उसके जांघो से बहते हुवे फर्श पे फैलना सुरु कर देता है....
विशाल पे हवस इतना भरी था की वो इस आधे घंटे में hi सब पा लेना चाहता था ...
वो सारिका को वही प्लेटफार्म पे झुका के उसके गांड में झटके मरने लगता hai....agar सारिका ने पंतय न पहनी होती तो विशाल का लोहे का रूप ले चूका उसका लुंड सारिका की छूट फाड़ता हुआ अंदर जरूर घुस जाता

सारिका- आआह्ह्ह्हह आअह्ह्ह्हह धीरे
विशाल- बहुत गरम माल है तू मासी..
सारिका को उसके लुंड को लेना तो चाहती थी पर ये समय सही नहीं था और न hi पर्याप्त था.. कारन कभी भी आ सकता था हलाकि अभी भी उन्दोनो के पास 15-20 मिंट थे
विशाल सारिका का सर पकड़ के उसे अपने दुनो घुटनो के बिच निचे बिठाता है...
सारिका समझ जाती है की उसे क्या करना है और वो विशाल के पंत का ज़िप खोल के उसका लुंड निकलने लगती है..

विशाल के तने हुवे भीमकाय लुंड देख के सारिका की आँखों में चमक आ जाती है ..
सारिका- बाप रे ये क्या है...
विशाल- इसे लुंड बोलते है जो अभी तेरे मुँह में जायेगा फर तेरे इस गुलाबी छूट में...

सारिका- विशु ये बहुत बड़ा है ये मेरे मुँह में नहीं जायेगा...
विशाल- सब जायेगा मासी तू बस कोशिश कर...
सारिका डरते हुवे उसके को पहले चेतना फर धीरे धीरे चूसना सुरु कर देती hai...itne में बहार बेल्ल बजता है..
विशाल- साला जब इसके मुँह में लुंड डालता हु कोई न कोई टपक पड़ता है
सारिका- विशाल की बेचैनी देख है देती है .
विशाल की नज़र जब सारिका की पंतय पे जाती है तो वो पूरी गीली हो चुकी होती है...
Vishal-;ruko मई देख के आता हु..
सारिका- ऐसे जाओगे....!?? विशाल के विकराल रूप ले चुके लुंड किणतर्फ इशारा करते हुवे लगती है...
रुको मई जाती हु ...
और

और अपनी पतली झिल्लीदार गाउन में दरवाजे पे चली जाती है ... गाउन इतना पारदर्शी था की सारिका की गांड छूट यह तक की उसके निपल का कलर तक दिख रहा था...
बहार दूध वाला दूध देने आया था... सारिका के इस रूप को देख कर बेचारे को आंखे hi फैट gayi...vasna के नशे और जल्दबाजी में सारिका ये भूल hi गयी थी की जो गाउन वो पहनी है वो बिलकुल पारदर्शी है और उसने अंदर कुछ नहीं पहना है ..
सारिका जब दूधवाले के नजरो का पीछा करती है तो पाती है की वो उसके कामुक जिस्म का सराय कर रहा है...
सारिका जब ये देखती है तो उसकी धड़कने बढ़ जाती है वो मन में बोल पड़ती है ..( ो गॉड मैंने ये गाउन डाला पर गाउन के अंदर तो पूरी नंगी hi हु और ये मुझे इसलिए इतना घर रहा है ..) सारिका जल्दी से दूध ले के अंदर आने लगती है…
विशाल- वह मासी तूने तो दूध वाले का hi पानी निकल दिया
Sarika-blush करने लग जाती है…..
इतने में कारन आ जाता hai……fir सभी लोग बैठ के चाय नाश्ता करने लग जाते hai…par विशाल के दिमाग में एक hi बात चल रही थी और वो ये की सारिका की कैसे ली jaye….lekin कहते है न किसी चीज को सच्चे दिल से चाहो तो वो मिल hi जाता है.. कुछ इसी तरह विशाल की किसमय भी आज मेहरबान thi…aaj उसे सारिका की छूट मिलनी hi थी जिसमे उसकी हेल्प खुद कारन के पापा करते hai…hua ये की जब सभी लोग नाश्ता कर रहे होते है तभी कारन के डैड की कॉल आती है.. जिसमे वो कारन से किसी फाइल और कुछ पैसे अपने पार्टनर को भेजने को कहते है जो की जयपुर में जा के डिलीवर करना था.. और दिल्ली से जयपुर की डिलीवरी यानि पुरे दिन की chutti….sarika ने अपने पति के कहे अनुसार पैसे और फाइल कारन को दे दिया और कारन उन्हें ले के जयपुर को जाने लगता है हालाँकि वो विशाल से भी साथ चलने को कहता है पर विशाल ऐसा मौका चोर के फाइल देने जयपुर जाये इतना बेवकूफ थोड़े न है….
विशाल के जाने के बाद घर में केवल सारिका और विशाल hi the..aur दोनों के लिए मैदान पूरा खली था.. सारिका भी कही न कही विशाल को अब अपने अंदर लेना चाहती थी क्यूंकि विशाल उसे कितना सुकून देने वाला है इस बात का टीज़र उसे कल रात hi मिल गया था… सारिका वापस किचन में जाने लगती है विशाल भी उसके पीछे पीछे किचन की और चल देता है..

विशाल- मासी…..
विशाल की आवाज सुनते सारिका का दिल जोरो से ढकने लगता है… उसकी बॉडी में सेंसशनट्स होने लगती है…
सारिका- हाँ बोल
विशाल- सुरु करे…
सारिका- कुछ जवाब नहीं देती बस शर्मा रही होती है…
विशाल से अब और बर्दाश्त का पाना मुश्किल था ो सिद्ध सारिका पे झपटा मरता है और उसे अपनी बहो में भर लेता hai…sarika भी बिना किसी विरोध के खुद को विशाल को सौंप देती हिअ…
सारिका- विशाल यहां नहीं bête…. बैडरूम में षाले है… विशाल सारिका के कूल्हों में हाथ दाल के गोदी में उठा लेता है और वैसे किश करते हुवे उसे बैडरूम में ले के जाने लगता है…
बैडरूम पे पहुंचते hi विशाल सारिका को बीएड पे लिटा देता है और दोनों में एक जबरदस्त वाइल्ड किश सुरु हो जाती है..
विशाल उसके ड्रेस जो पहले से इतनी लूसे थी जिस से उसकी चुचिओ की झलक मिल जाती थी उसे खिसका के निचे कर देता hai…aur उसके उरोजों को मसलना चूमना सुरु कर देता है..

सारिका को ये सब बहुत आनंद दे रहा था ो गरम सिसकारियां लेना सुरु कर देती है
सारिका- aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh vvvvvvvvvviiiiiiiiiiiiiiihhhhhhhhhhhhhhsssssssssssh ddddddddddhhhhhhhirrrrreeeeeeeeeeeeeee bbbbbbbbeeeeeettttttttteeeeeeeeeeeeeee
पर विशाल को सारिका के किसी भी बात का ख्याल नहीं था उसे ख्याल था तो बस कैसे सारिका के छूट नमे घुसा जाये….. वो सारिका की बड़ी बड़ी कासी हुई गोल गोल चूचियों को देखते हुवे मसलने लगता है….

विशाल- आआह्ह्ह्हह्ह maaaaaaaasssssssssiiiiiiiiii कितना टाइट है मौसा ने कभी दबाया और पिया नहीं है क्या………..???
सारिका- तू खुद पिले फिर बाकि को चोर किसने क्या किया..
विशाल- पियुंग नहीं मेरी जान निचोड़ूंगा तेरे इन कैसे हुवे चूचियों को ……और दन्त से उसके निपल्स पकड़ के काटने लगता है जिस से सारिका के दर्द के साथ मजा दोनों का अनुभव हो रहा था….
सरिक- aaaaaahhhhhhhhhhhhhhh काट मत निशान पद जायेंगे oooohhhhhhhhhhh माआआआआ

विशाल- निशान तो पांडा चाइये न मासी मेरे प्यार का तेरे इस मखमली जिस्म पे…..
सारिका- फिर तेरे मौसा को क्या बोलूंगी..
विशाल- बोल देना अब कोई और ा गया है उनकी बीवी छोड़ने के लिए….
सारिका- हसने लगती है….
विशाल उसके निपल्स को चुटकी में दबा के मसल देता है

सारिका के लिए ये सब एक नया अनुभव था सेक्स केन ऍम पिउ ो बस चुड़ते आयी आयी थी ये जिस्म के साथ खेलवाड़ पहली बा रो रहा था इस लिए उसे बहुत मजा आ रहा था और दर्द गुदगुदी भी हो रही थी
सारिका- aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhh uuuuuuuuuuuuuiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii मममममअअअअअअअअ
फिर विशाल उसके पेट के पास आ जाता है और उसके चुचिओ से बने घातिओ के बिच अपनी जुबान रख देता है और फिर उन घाटियों को छत्ते हुवे उसके मुँह में अपना जीभ दाल के किश करने लगता है जिसमे सारिका भी उसका पूरा पूरा साथ देती है और दोनों के जीभ आपस में टकरा जाते है और वो एक दूसरे के होंठो को चूसने लग जाते है...

सारिका- aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh ooooooooohhhhhhhhhhh
फिर विशाल एक डैम से सारिका को पलट देता है और खुद निचे हो जाता है और सारिका उसके ऊपर आ जाती hai…sarika के कूल्हे विशाल के खड़े लुंड के ठीक ऊपर रहा.. वो निचे झुक के विशाल को किश करने लगती है और साथ hi जोश जोश में अपने छूट को विशाल के लुंड पे रगड़ने लगती है..

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लुंड के अपने छूट पे एहसास मात्रा से सारिका का शरीर अकड़ने लग जाता है और वो विशाल के ऊपर hi झाड़ जाती है.. उसकी पंतय और विषक का जीन्स दोनों सारिका के छूट से निकले पानी से भीग जाता है…..
विशाल- मसि
सारिका किश करते हुवे- ….. ह्म्म्मम्म्म्म
Vishal-Dard हो रहा है… पंत उतर दू….
सारिका- रुक कह के उसके पंत की तरफ झुकने लगती है जिसका मतलब था सारिका खुद से अपने भांजे विशाल को पंत उतर के उसे नंगा करना छह रही थी…
सारिका जैसे hi विशाल का पेंट उतरती है विशाल का लुंड किसी स्प्रिंग की तरह उछाल के बहार आ जाता है…

इतने बड़े और मोठे लुंड को देख के सारिका के मुँह से चीख निकल जाती है….
सारिका- ओह माय godddddddddddddddddddddd ये क्या है इतना बड़ा…………..

विशाल के चेहरे पे एक प्राउड वाली मुस्कान आ जाती है ….. सारिका का विशाल के लुंड को देख के शॉकेड होने का मतलब था की उसका लुंड कारन और उसके बाप के लुंड से बड़ा था…..
Sarika-itna बड़ा नहीं ले पाऊँगी ये बहुत बड़ा है ये टी मेरे कलाई जितना बड़ा और मोटा है…. वो सरो बाटे बोल भी रही थी और विशाल के लुंड को मसल भी रही थी उसकी आँखों में देखते हुवे….
विशाल- औरत के छूट से बड़ा कोई लुंड नहीं होता मासी….. आदमी का चाहे जितना बड़ा हो औरत समां hi लेती है और हजम कर hi जाती है…
विशाल अपना अंगूठा सारिका के मुँह में दाल देता है और सारिका भी उसके इशारे को समझते देर नहीं लगाती और बहुत प्यार से उसे चूसने लगती है…

विशाल सारिका के मुँह के गर्माहट में खो सा जाता hai….aur सारिका दोनों आँखे बंद किये उसके अंगूठे को ऐसे चूस रही थी मनो विशाल का लुंड हो और उसे वो अंदर लेने के लिए तैयार कर रही हो…. विशाल भी मुँह में अंगूठा तो निचे सारिका की छूट में अपनी दो उंगलिया दाल देता hai….vishal के इस हमले से सारिका जन्नत के मजे लेने लगती है…
सारिका- aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh fuuuuuuuukkkkkkkkkkkkkkk hhhhhhhuuuuuuuuuuu और गहरी सांसे लेते हुवे विशाल के अंगूठे को अपने गले के और गहराई में उतरने लगती है
अपनी मासी के चेहरे के भाव पढ़ते विशाल को देर नहीं लगती वो सारिका के मजे को और दोगुना करने के सोचता है और जो करता है वो सारिका के सोच और ख्याल से परे था…
विसाहल का अंगूठा सारिका के मुँह में जिसे वो बड़े इंटेंस हो के चूस रही थी और ऊँगली जो सारिका के छूट में थे उसे निकल के अपना बिच वाले ऊँगली को सारिका के गांड में दाल देता है और दूसरे हाथ का अंगूठा भी सारिका के छूट में दाल देता है बनो वो अब चुटकी बजाना छह रहा हो…… इसके साथ hi वो सारिका के चूचियों को भी चूसना सुरु कर देना है
गांड तो तो गांड सारिका की छूट भी काम टाइट नहीं थी....

ये तीन तरफा हमला सारिका से बर्दाश्त नहीं होता….. उसके पुरे शरीर में सिहरन दौड़ जाती है मनो छूट में करंट लगा हो और झटका उसकी गांड ने महसूस किया… उसकी आँखे बड़ी बड़ी हो गयी उसने जोश में विशाल के अंगूठे को भी काट लिया…
सारिका- aaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh kkkkaaaaaaaaaammmmmmmmmiiineeeeeeeeeeee yeyyeeeeeeeeeee kkyyyyyyyyyyyaaaaaaaaaahhhhhhhh काआर्डरररररर रआआआअह्हह्ह्ह्हह्हआआआ haaaaaaaaaaaiiiiiiiii uuuuuuuuuuuuiiiiiiiiiii mmmmmmmmaaaaaaaaaaaaaaaaa mmmmmmaaaaaaaiiiiiiiiiii maaaaaaaaarrrrrrrrrr gagyyiiiiiiiiiiiiiiiiiiii
सारिका के छूट से पेशाब की धार फुट padi…uska शरीर झटका लेने लगा मनो वो फिर से झड़ने वाली हो.. पर अभी तो झड़ी थी फिर इतनी जल्दी कैसे… लेकिन विशाल जो एक के बाद एक हमले कर रहा र्था उसने झेलना भी कोई मजाक तो था नहीं उस के ऊपर सारिका के लिए ये सब नया अनुभव था.

सारिका के छूट चुकी और गांड तीनो के साथ विशाल एक साथ खेलने लगा था … और सारिका की छूट अभी से hi बहने लगी थी..
सारिका विशाल को रोकना चाहती है पर विशाल को सारिका को मुत्ते देख एक सटिस्फैक्शन मिलता है और वो और जोर जोर से फिंगरिंग करता जाता है...

english to binary
औरत को खुश करने के मामले में विशाल मनो जादूगर था.. अभी तक विशाल ने अपना लुंड ना सारिका के मुँह में डाला था न छूट या न उसके गांड में फिर भी सारिका का 2 बार पानी निकल दिया आगे जाने क्या hi हल करेगा आज इस औरत का….





















































































































