Incest Journey With My Teacher Or Aunty - Page 8 - SexBaba
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Incest Journey With My Teacher Or Aunty

अपडेट 53

डीप एंड डार्क फंतासी ऑफ़ निवेत्ता


रिकैप: इन प्रीवियस part, मैं और अनु दोनों पार्क से घूम कर लौट आये थे और मैंने अनु को उसके घर ड्राप कर अपने घर के निकल गया था.

नाउ नेक्स्ट>>>

जब मैं घर पहुंचा तोह टाइम 2:47 पं हो रहा था, हमने बहार कुछ भी नहीं खाया था इसलिए मुझे भूख लग गयी थी जोरो की.

अर्जुन: नानी खाना दे दो, मुझे बहुत तेज़ भूख लग गयी है.

नानी ने मुझे खाना निकाल कर दिया और मेरे hi पास आ कर बैठ गयी.

अर्जुन: नानी काजल चची, ध्रुव और रश्मिका मौसी कहाँ हैं, दिखाई नहीं दे रहे हैं????

नदिया: तीनो ऊपर वाले रूम में सो रहे हैं.

अर्जुन: अच्छा ठीक है, मेरा खाना हो गया है, मैं भी अपने रूम में जा रहा हूँ सोने कुछ देर के लिए okay.

नदिया: रुको अर्जुन, मैं भी आ रही हूँ तुम्हारे साथ तुम्हारे रूम में, तुम्हारे साथ सोने के लिए.

कुछ देर में हम दोनों मेरे रूम में आ गए सोने के लिए.





मैंने नानी को अपनी बाँहों में भर लिया और छोटे छोटे किस्सेस नानी को देने लगा.





नदिया नानी: क्या बात है अर्जुन आज बड़ा प्यार आ रहा है अपनी नानी पर???

अर्जुन: प्यार तोह आएगा hi न, आखिर आप मेरी फवौरीते नानी जो हो और मुझसे इतना प्यार जो करती हो.

नदिया: अच्छा तोह ये बात है, मुझे मस्का लगा रहे हो प्यार पाने के लिए.

अर्जुन: लगाना hi पड़ेगा नानी माँ, आप कमाल की माल हो, कसम से आपको छोड़ कर बहुत मजा आया था, मेरा पूरा लुंड टाइट जा रहा था आपकी छूट में.

नदिया: वो तोह होना hi था, आखिर तुम्हारा लुंड तुम्हारे नाना जी से 2 गुना मोटा और लम्बा जो है.

मैं कितने hi सैलून से चूड़ी भी नहीं थी तोह मेरी छूट किसी को भी टाइट hi लगनी थी.

तुम्हे तोह लग्न hi था, क्योंकि तुम्हारा लुंड जो कन्टिन्यूसली चुद रही होती है उसके लिए भी टाइट hi लगता है तुम्हे छोड़ कर.

जैसे एक्साम्प्ले मेरी बहु रश्मिका को hi ले लो, क्या तुम्हे रश्मिका की छूट टाइट नहीं लगता है क्या???

अर्जुन: लगा नानी, बहुत hi टाइट लगा.

मौसी की छूट में भी लुंड पूरा फस फस कर जा रहा था.

कसम से नानी आप दोनों hi लाजवाब हो कोई किसी से काम नहीं है, अच्छा आपको कैसा लगा था मुझसे चुद कर???

नदिया: बिलकुल ऐसा की मैं बता नहीं सकती इतना मजा दिया था तुमने.

जिंदगी में पहली बार ऐसा मजा मिला जो तुम्हारे नाना जी से कभी भी नहीं मिला था, एक दम तुम मेरी जान ले रहे थे अपनी दानव जैसे लुंड से.

क्या बताऊँ अर्जुन बीटा जीवन में पहली बार इतना आनद मिला था तुमसे चुद कर जो बयां करना भी मुश्किल है उसे सिर्फ में अपने दिल की गहराई में फील कर सकती हूँ.

अर्जुन: इसका मतलब हुआ की आप मेरी चुदाई से खुश हो??

नदिया: बिलकुल! बहुत खुश हूँ रे जो भी तुमसे छुड़ेगी हमेशा खुश hi रहेगी.

साथ hi साथ तुमसे बार बार छोड़ना चाहेगी, चाहे हो वो कोई चूड़ी हुयी औरत hi क्यों न हो.

तुम हम जैसी चूड़ी हुयी औरतो की जान निकल देते हो तोह फिर जब तुम किसी की वर्जिन छूट मरोगे तोह पता नहीं उसका क्या हाल करोगे, उस बेचारी का पता नहीं क्या हाल होगा.

अर्जुन: तोह फिर से मुझे अपनी रास भरी और टाइट छूट कब मरने डौगी मेरी प्यारी नानी????

नदिया: जब मेरे अर्जुन का मन होगा, बोलो कब मरोगे मेरी छूट को?? तुम्हारा लुंड लेने के लिए तोह मेरी छूट हमेशा तैयार hi रहेगी.

जब मैं करे, जितना मैं करे, आकर मार लिया करो कभी भी मेरी छूट को, आखिर तुम hi तोह अब मेरी पिंक छूट के राजा हो मेरी साजन मेरे अर्जुन.

अर्जुन: जल्द hi आपकी विश पूरी करूँगा नानी और आपकी पिंक छूट को एक बार फिर से आनद की सैर पर ले चलूँगा.





नदिया: मुझे उस पल का इंतज़ार रहेगा अर्जुन बीटा जब तुम अपना ये बड़ा सा मुसल मेरी टाइट और पिंक छूट में सैर करवाओगे.

अर्जुन: Okay! अब सो जाते हैं.

हम दोनों सो गए.

मेरी आईज मेरे फ़ोन की रिंग से खुली, मैंने देखा तोह अमित का कॉल था.

अर्जुन: Hello सीनियर.

अमित: Hello अर्जुन मैसेज टेक्स्ट कर दिया है लोकेशन और टाइम चेक कर लेना.


[Call Disconnected]

मैंने मैसेज चेक किया तोह सीसीडी का लोकेशन था जो हमारे कॉलेज कैंपस के hi पास था.

[CCD : Coffee Cafe Day]

[Time: 6 pm]

मैंने okay लिख कर अमित को मैसेज सेंड कर दिया.

अभी टाइम 5:20 पं हो रहा था मतलब की मेरे पास अभी 40 मिनट्स था.

मैं जल्दी से तैयार हो गया और नदिया नानी से बोल कर निकल गया.

मैं सही टाइम पर सीसीडी पहुँच गया, कुछ hi देर बाद अमित भी आ गया, उसके साथ एक बहुत hi हॉट एंड ब्यूटीफुल लड़की थी, हम एक प्राइवेट केबिन में आ कर बैठ गए.







अमित: अर्जुन इससे मिलो ये है मेरी क्लासमेट और मेरी गर्लफ्रेंड निवेत्ता.


[New Character: Nivetha]





6तह सेमेस्टर स्टूडेंट, टोपर ऑफ़ हेर बैच एंड थे मोस्ट ब्यूटीफुल गर्ल ऑफ़ हेर क्लास एंड गर्लफ्रेंड ऑफ़ अमित.

अर्जुन: Hello.

निवेत्ता: Hello!

हमने एक दूसरे से हैंड शेक किया.

अर्जुन : हाँ, बोलिये सीनियर मुझे किस लिए बुलाया है और आपको मुझसे कैसी सीरियस बात करनी है???

अमित: अर्जुन तुम मुझे आज से अपना बड़ा भाई समझो और मुझे भैया कह कर बुलाओ, या फिर मुझे मेरे नाम से ऐसे सीनियर सुन्ना अच्छा नहीं लगता है.

अर्जुन: Okay! आज से आप मेरे बड़े भाई हुए, अब बताइये क्या बात है, बिलकुल डरने की जरुरत नहीं है जो मैं में है वो दिल खोल कर बोल दीजिये.

अमित: ठीक है अर्जुन तुम मेरी बात को ध्यान से सुनो, मैं और निवेत्ता पिछले 3 इयर्स से एक दूसरे से प्यार करते हैं, हम एक दूसरे से शादी करना चाहते हैं.

अर्जुन: ये तोह अच्छी बात है भैया फिर इसमें परेशां होने की क्या जरुरत है???

अमित: परेशानी की hi बात है अर्जुन, अब मैं तुम्हे कैसे बताऊ मुझे हिम्मत नहीं हो रही है बताने की तुम्हे????

अर्जुन: अगर नहीं बताओगे तोह मुझे कैसे समझ आएगा की क्या प्रॉब्लम है????

जो भी बात है, मुझे आप क्लेअर्ल्य बता सकते हैं, यदि कोई प्राइवेसी वाली बात होगी तोह आप निश्चिंत रहिये आप दोनों का सीक्रेट मेरे पास सेफ रहने वाला है.

अमित: Okay!

तोह सुनो तुम्हारी भाभी की एक बहुत hi बड़ी डीप एंड डार्क फंतासी है.

नोट : ये फंतासी मेरी इमेजिनेशन की है और ऐसे कई सरे फंतासी लोगो की होती है, यदि आपको ऐसे किसी भी फंतासी के बारे में पता न हो तोह माय डिअर फ्रेंड्स आप यही समझना की स्टोरी को इंटरेस्टिंग बनाने के लिए सिर्फ एन्जॉयमेंट के लिए किया गया है.

ी होप आप मेरी बातों को समझोगे और मैं में कोई गलत विचार नहीं लाओगे.


थैंक्स.

अर्जुन: Okay! आगे बताइये मैं सुन रहा हूँ.

अमित: Okay! मैंने 3 इयर्स में कितनी hi बार तुम्हारी भाभी से कहा की हम फिजिकल हो जाते हैं फिर भी तुम्हारी भाभी इसके लिए एग्री नहीं होती है.

अर्जुन: इंडियन लड़किया ऐसी hi होती है भैया, ज्यादातर शादी के बाद hi सब कुछ करने देती हैं, इसमें तोह मुझे कोई प्रॉब्लम नज़र नहीं आती है.

अमित: नहीं भाई प्रॉब्लम उससे भी बड़ी है जितना तुमने सोचा भी नहीं होगा.

अर्जुन: Okay! बताइये मैं सुन रहा हूँ.

अमित: वो एक्चुअली तुम्हारी भाभी की एक डीप फंतासी है की वो अपने बॉयफ्रेंड या पति से पहले किसी दूसरे के साथ एक बार रिलेशनशिप बनाये और यही उसकी डार्क फंतासी भी है.

अर्जुन: ये आप क्या कह रहे हैं भैया, आपके होते हुए भाभी ऐसा सोच भी कैसे सकती है किसी दूसरे के बारे में???

अमित: पहले मुझे भी ऐसा hi लगता था, भाई लेकिन अब नहीं लगता है.

अर्जुन: क्यों????

अमित: क्योंकि मेरी निवेत्ता बहुत अच्छी है, सिर्फ यही एक उसकी डीप फंतासी है जो किसी को भी बुरा लग सकता है.

पर अब मुझे कोई दिक्कत नहीं है.

अर्जुन: क्यों???

अमित: क्योंकि जो 3 इयर्स से मुझे ताल सकती है वो अपनी सोच की बहुत रिच है, जिसने बॉयफ्रेंड के होते हुए भी 3 साल से अभी तक वर्जिन है, मुझे हाथ तक नहीं लगाने दिया है इसने आज तक.

अर्जुन: Okay! आगे बताइये मैं सुन रहा हूँ आपकी बात.

अमित: ये फंतासी होने के बावजूद भी इसने किसी से भी रिलेशनशिप नहीं बनाया है आज तक.

अर्जुन: ये तोह अच्छी बात है फिर क्या प्रॉब्लम है????

अमित: प्रॉब्लम ये है की ये रिलेशनशिप बनाना चाहती तोह है, पर न इसे आज तक कोई सही बाँदा मिला और न hi मुझे जिस पर हम दोनों ट्रस्ट कर सकते हैं.

अर्जुन : Okay! आगे बताइये मैं सुन रहा हूँ.

अमित: मैंने तुम्हे चुना है इस काम के लिए.

अर्जुन: ये आप क्या कह रहे हो भैया आप जानते भी हो???

और आपने ये सोच भी कैसे लिया की मैं मान जाऊंगा इस काम को करने के लिए???

अमित: सोचा तोह मैंने ये भी नहीं था की तुम मुझे अपनी जगह पर टीम का कप्तान बना डोज और टीम के लिए तुमने खुद को डार्क में रखा अपनी क्वालिटी को हाईड कर के.

जिसके कारन मैं क्रिकेट टूर्नामेंट में अच्छा कर सका और मुझे मैं ऑफ़ थे सीरीज चुना गया, यदि तुम पहले hi खेलते तोह तुम इसके असली हक़दार होते.

अर्जुन: वो तोह मैंने इसलिए किया था की आपने बहुत अच्छा परफॉरमेंस दिया था सिलेक्शन प्रोसेस में और मुझे आप पर पूरा भरोसा था की आप टीम को संभल लोगे, हमे मैच में जरूर जीत दिला डोज.

अमित: हाँ पर तुमसे अच्छा नहीं था मैं.

अर्जुन: उससे इस बात का क्या कनेक्शन है????

अमित: कनेक्शन है छोटे भाई और ये है की तुम सबके बारे में अच्छा सोचते हो, इसलिए मैंने तुम्हे चुना है क्योंकि जब तक इसकी ये फंतासी पूरी नहीं हो जाती ये मुझसे शादी भी नहीं करना चाहती है, मेरे दुःख को फील करो छोटे भाई.

अर्जुन: भैया आप कैसे देख पाओगे भाभी को किसी और की बाँहों में, कभी सोचा है आपने इस बात को???

अमित: मैंने इस बारे में बहुत बार सोचा है छोटे भाई, अब मुझे ये समझ आ गया है की यदि प्यार सच्चा हो तोह सिर्फ जिस्म hi मायने नहीं रखती है छोटे भाई.

अर्जुन: पर मैंने तोह सुना है की दो सच्चे प्रेमी एक दूसरे को hi अपने जिस्म देते हैं.

अमित: ये सच है छोटे भाई इसे कभी झूठ लाया नहीं जा सकता है, लेकिन मेरी केस में अलग है छोटे भाई, यहाँ एक सच्चा प्रेमी अपनी प्रेमिका के लिए कुछ भी करने के लिए रेडी है.

अर्जुन: पर क्या यही बात भाभी के केस में है???

निवेत्ता जो अभी तक इन् दोनों का बात सुन रही थी शांति से चुप बैठ कर अब बोल पड़ी.






मैं भी अमित से सच्चा प्यार करती हूँ अर्जुन, इसलिए मैंने अमित को अपनी डीप फंतासी के बारे में बता दिया है, वर्ण मैं अपनी फंतासी को कभी भी पूरा कर लेती और अमित को पता भी नहीं चलता कभी भी इसके बारे में.

अर्जुन: Okay! मैं आप दोनों की बात को समझ गया पर मैं hi क्यों??? कोई दूसरा बाँदा जैसे आपका कोई पुराण दोस्त या फिर आपका क्लास फ्रेंड भी तोह हो सकता है.

अमित: क्योंकि तुम अपने से पहले दुसरो के बारे में सोचते हो अर्जुन.

मैंने अपनी नजरों के सामने से ये फील किया है, क्योंकि वो मेरे साथ hi हुआ है.

और जहाँ तक मेरे पुराने दोस्त की बात है तोह मुझे किसी पर भरोसा hi नहीं हो पाया है.

अर्जुन: Okay! मैं समझ गया और एक लास्ट क्वेश्चन है.

यदि मैं बदल गया तोह, या फिर ऐसा भी हो सकता है की भाभी को मेरी लत लग जाये तोह आप क्या करोगे????

अमित: मैं जनता हूँ की तुम कभी नहीं बदलने वाले हो, क्योंकि पूरा कॉलेज तुम्हारे और अनुपमा की झगडे के बारे में जान गया है, उसने तुम्हे इतना कुछ कहा फिर भी तुमने उसे एक तुक पलट कर जवाब नहीं दिया.

इससे पता चलता है की कितना पेशेंस है तुममे अपनी बेइज्जती बर्दास्त करने की.

और जो अपनी बेइज्जती बर्दाश्त कर ले उसमे कोई भी नेगेटिव आने का क्वेश्चन hi नहीं उठता है मेरे भाई.

अर्जुन: Okay! मैं समझ गया हूँ भैया आपके भरोसे का कारन.

अमित: तोह क्या तुम तैयार हो इसके लिए????

अर्जुन: मैं अपना जवाब आपको घर जा कर मैसेज टेक्स्ट कर दूंगा, अभी मैं इस बारे में कोई डिसिशन इतनी जल्दी नहीं ले सकता हूँ.

अमित: Okay! मुझे तुम्हारे जवाब का इंतज़ार रहेगा छोटे भाई और कोई बात नहीं तुम बिलकुल शांति से सोच लो इस बारे में.

और हाँ एक बात मैं तुम्हे बता देना चाहता हूँ, यदि तुम्हारा डिसिशन न हुआ तोह भी हम दोनों को बिलकुल भी बुरा नहीं लगेगा क्योंकि ये तुम्हारी लाइफ का चॉइस है.

निवेत्ता: और हाँ अर्जुन तुम्हारा जवाब न हुआ तोह तुमसे एक रिक्वेस्ट है की मेरी इस डीप फंतासी को सीक्रेट रखोगे अपने पास, कभी भी ये बात किसी के भी सामने डिस्क्लोसे नहीं करोगे.

अर्जुन: Okay! यदि मेरा आंसर न हुआ तोह मैं आपकी इस फंतासी को कभी भी दूसरे के साथ शेयर नहीं करूँगा, आप मुझ पर इतना भरोसा कर सकती हैं.

निवेत्ता: मुझे तुमसे यही आशा है अर्जुन.

हम तीनो ने इसके बाद कॉफ़ी एन्जॉय किया.







अर्जुन: Okay! Bye भैया, bye भाभी, अब मुझे जाने की परमिशन दीजिये.

बोथ: Okay! Bye अब तुम जा सकते हो.

मैं अपने घर के लिए निकल गया.


[[Some Minutes Later]]

कुछ hi देर में मैं घर पहुँच गया.

काजल चची,
ध्रुव और रश्मिका मौसी भी मुझे निचे hi मिल गए.

काजल: कहाँ थे अर्जुन बहुत देर लगा दिया तुमने आने में???

अर्जुन: वो चची मैं सीसीडी गया था, अमित ने मुझे बुलाया था कुछ काम से.

काजल: अमित को तुमसे क्या काम पद गया वो तोह तुमसे बहुत ज्यादा सीनियर स्टूडेंट है???

अर्जुन: सब बताऊंगा चची थोड़ा सबर कर लीजिये.

काजल: Okay! मैं किचन में डिनर रेडी करने जा रही हूँ, चलो रश्मिका.

दोनों बहन किचन चली गयी डिनर रेडी करने के लिए.

काजल चची और रश्मिका दोनों डिनर रेडी कर रहे थे.

मैं भी किचन में चला गया और काजल चची को अपनी बाँहों में ले लिया.





काजल: क्या बात है माय किंग, क्या कहना चाहते हो मुझसे अमित के बारे में????

अर्जुन: चची अमित की एक गर्लफ्रेंड है निवेत्ता, अमित चाहता है की मैं निवेत्ता के साथ पहली चुदाई करूँ.

काजल: क्या निवेत्ता?? वो तोह क्लास में कितना शांत रहती है?? अपने क्लास में सबसे ब्यूटीफुल लड़की है और क्लास की टोपर भी है तोह फिर ऐसा कैसे???

अर्जुन: हाँ और उसी निवेत्ता की एक डीप फंतासी है की वो अपने बॉयफ्रेंड या हस्बैंड से पहले एक बार किसी और से चुद ले.

काजल: क्या किसी की ऐसी भी कोई फंतासी होती है क्या मैंने तोह आज तक कभी भी ऐसी कोई फंतासी नहीं सुना है????






रश्मिका: होती है दीदी सभी की अपनी कुछ न कुछ डीप

फंतासी जरूर होती है जैसे की मेरी एक फंतासी थी एक बार होटल में छोड़ना.






काजल: Okay! मैं समझ गयी तोह तुमने क्या डिसिशन लिया है माय किंग???

अर्जुन: मैंने अमित को बोल दिया है की मैं अपना आंसर बाद में मैसेज करके बता दूंगा, मैं अभी जल्द बाज़ी में कोई डिसिशन नहीं ले सकता हूँ.

काजल: तोह तुम क्या करना चाहते हो अर्जुन????

अर्जुन: मैं तोह आपसे जानने आया था की मुझे क्या करना चाहिए और निवेत्ता कैसी लड़की है???

काजल: Okay! मेरे अकॉर्डिंग तुम्हे निवेत्ता के साथ आगे बढ़ना चाहिए, क्योंकि वो एक बहुत hi प्यारी लड़की है साथ hi बहुत hi मासूम और क्लास की टोपर भी है, ऐसी प्यारी लड़की का दिल नहीं तोडा करते हैं.

अर्जुन: Okay! मैं मैसेज टेक्स्ट कर देता हूँ अमित को.

मैंने अमित को टेक्स्ट कर दिया.


"भैया, ी ऍम रेडी तो हेल्प यू."

उधर से जवाब भी आ गया.

((Amit's टेक्स्ट))

थैंक यू छोटे भाई की तुम हम दोनों की हेल्प के लिए मान गए.

***

डिनर के बाद मैं और काजल चची मेरे रूम में थे.

मैंने काजल चची को अपनी बाँहों में भर लिया, हम दोनों एक दूसरे को किश करने लगे.





हम दोनों एक दूसरे की लिप्स को लव बाईट देने लगे.

आज ये पहला मौका था जब मैं किसी को लव बाईट दे रहा था.

लव बाईट भी हम दोनों को पूरी किसिंग का मजा दे रहा था, हम दोनों hi हेवन की सैर करने लगे.

10 मिनट्स के बाद हमने किश तोड़ दिया और एक दूसरे को बाँहों में भर कर सो गए.





***

That's आल फॉर थिस episode, वे विल मीट सून इन नेक्स्ट अपडेट टिल थें एन्जॉय थिस अपडेट, ी होप यू वोउल्ड लव आईटी, वर्ड्स काउंट 2.5क.
 
अपडेट 53 है बीन पोस्टेड.

# सॉरी इस अपडेट में कॉलेज लेक्चर नहीं है.

# सायद कल और परसो 2 डेज के लिए कोई अपडेट अपलोड न हो यदि न किया गया तो मैं 3 रद डेफिनिटेली पोस्ट कर दूंगा.

# ऐसा करने का रीज़न ये है की कन्टिन्यूसली आप लोग मेरे स्टोरी को 15 डेज से पढ़ रहे हैं , ऐसे में यदि 2 डेज का ब्रेक मिल जाये तो मेरे और आपके लिए दोनों के लिए अच्छा रहेगा. थैंक्स

# मैं उम्मीद करता हूँ की आप मेरे बातों को समझ गए होंगे.

..................................

अब आगे इस स्टोरी में धीरे धीरे बहुत साडी पास्ट की इन्सिडेंट्स सामने आती जाएगी.
 
#अपडेट 23 में पिक्स और गिफ्स ऐड कर दिया गया है.

#अपडेट 17 को अपग्रेड कर दिया गया है उसमे मैंने कुछ इतर चरक्टेर्स को ऐड कर दिया है साथ में आगे को भी शो कर दिया गया है जो मैंने पहले आगे मेंशन नहीं किया था.

# िफ़ यू विश यू कैन विजिट बोथ थे उपदटेस 17 एंड 23 वन्स अगेन.
 
अपडेट 54

प्राइड ऑफ़ श्रुति


रिकैप: इन थे प्रीवियस अपडेट हमने पढ़ा था की निवेत्ता की एक डीप एंड डार्क फंतासी थी की वो अपनी विर्जिनिटी किसी दूसरे को देना चाहती थी अपने बॉयफ्रेंड के अलावा.

नाउ नेक्स्ट >>>


सुबह 4:30 ऍम को मेरी आईज खुल गयी.

मैं बाथरूम से फ्रेश होकर रनिंग और वर्कआउट करने के लिए चला गया.

जब वर्कआउट फिनिश कर वापस आया तोह सभी नींद से उठ गए थे.

1 ऑवर के लिए पढ़ने बैठ गया फिर नाहा कर लंच टेबल पर आ गया.

रश्मिका मौसी और नदिया नानी ने लंच रेडी कर दिया था.

मैंने और काजल चची ने लंच किया और कॉलेज के लिए निकल गए, ध्रुव पहले hi अपना स्कूल चला गया था.


[Inside the Car]

अर्जुन: माय क्वीन! क्या मुझे निवेत्ता के साथ सच में आगे बढ़ना चाहिए???

काजल: यस माय किंग.

अर्जुन: बूत व्हाई???

काजल: क्योंकि कभी भी किसी लेडी की डिजायर को पूरी कर देनी चाहिए यदि तुम्हारे बस में हुआ तोह नहीं तोह ये बात उसे हमेशा बेचैन करती रहती है और वह ठीक से लाइफ को जी नहीं पति है.

उसे हमेशा यही लगता है की उसकी विश पूरी नहीं हुयी है.

अर्जुन: जी मैं समझ गया माय क्वीन.

काजल: गुड.


[College Arrives]

मैं कार से उतर कर कैंटीन में चला गया जहाँ पहले से hi राशि, रोहन और कृति एक hi टेबल पर बैठी थी.

अर्जुन: Hello एवरीवन.

आल: Hello अर्जुन.

अर्जुन: दीदी ये आपकी फेस पर ये उदासी कैसी???

मैंने देखा है की आप जब से मेरे घर से आयी हैं आपके फेस पर पहले जैसी स्माइल नहीं है.






कृति: हो भी कैसे सकता है भाई, जब एक बहन खुद अपने hi भाई को गाली देती है???

अर्जुन: क्या हुआ है पूरा डिटेल में बताइये???

कृति: भाई जब मैं तुम्हारे घर से वापस आयी थी, तोह अनुपमा दीदी ने मुझे बहुत कुछ सुना दिया लेकिन मुझे उसकी बात का कोई बुरा नहीं लगा.

लेकिन जब दीदी ने तुम्हारे बारे में कहा की तुम हरामी की औलाद हो, तुम उसके भाई तोह क्या उसकी जुटी के बराबर भी नहीं हो, इसलिए मैं उदास हूँ.

अर्जुन: बस इतनी सी बात के लिए मेरी प्यारी दीदी के फेस पर से स्माइल गायब है, भूल जाइये उस बात को. मैंने पहले hi आपसे कहा था की मुझे उनकी किसी भी बात का बुरा नहीं लगेगा.

आप सब कुछ टाइम पर छोड़ दीजिये, किसी दिन वो भी मुझे जरूर समझ जाएगी और मुझे भाई कह कर मेरे गले से लग जाएगी, जैसे आप लग जाती हो.

कृति: भाई तुम इतना अच्छा क्यों हो??? तुमने मेरी साडी टेंशन को एक चुटकी में समाप्त कर दिया.

कृति मेरे गले से लग गयी.






भाई तुम्हारी बाँहों में कितना सुकून मिलता है मुझे??? ऐसा लगता है जैसे मैं कभी अलग hi न हौं तुमसे.

अर्जुन: मुझे भी ऐसा hi लगता है दीदी.

राशि: ोये दूर हटो तुम दोनों, चलो क्लास का टाइम हो गया है.

सभी अपने अपने क्लास रूम में आ गए.


नोट : माय डिअर फ्रेंड्स अब से क्लास में एक लेक्चर को दिखाया जायेगा, इसलिए जो साइंस के स्टूडेंट्स न हो आप क्लास जब तक चलेगी उतना दूर तक स्टोरी को छोड़ सकते हैं.

एक बात और क्लास में ज्यादा तर इंग्लिश लैंग्वेज का hi उसे किया जायेगा वैसे मुझे पता है की लगभग सभी को इंग्लिश आती है.


[IN THE CLASS]

सरिया मम क्लास में आयी.





सरिया: बॉयज एंड गर्ल्स, टुडे वे विल डिसकस ओने ऑफ़ थे मोस्ट इम्पोर्टेन्ट टॉपिक्स ग्राविताशन.

क्या मुझे कोई एक्सप्लेन करेगा ग्राविताशन के बारे में???

आल स्टूडेंट्स रैसेड थेइर हैंड्स उप.

सरिया: गुड! आल स्टूडेंट्स क्नोव अबाउट थे ग्राविताशन.

मुझे आप सभी से यही उम्मीद थी.

Okay! राशि, एक्सप्लेन व्हाट इस ग्राविताशन???






राशि: मम ग्राविताशन इस ान अट्रैक्टिव फाॅर्स व्हिच वर्क्स बिटवीन तवो ऑब्जेक्ट्स.

आईटी इस वैरी वीक फाॅर्स इन नेचर बूत वैरी उसेफुल इन आवर डेली लिव्स.

प्लैनेट्स एंड सैटेलाइट्स अरे बाउंड बी थिस फाॅर्स.

देय तो थिस फाॅर्स, एव्री ऑब्जेक्ट व्हेन वे थ्रो उपवार्ड फाल्स दोनवार्ड.

थिस फाॅर्स इस दिस्कोवेरेड बी नेव्तोन सो थिस फाॅर्स इस मझद बी हिज नाम, आईटी मीन्स तहत यूनिट ऑफ़ फाॅर्स इस नेव्तोन.

बूत व्हेन थे स्पीड ऑफ़ थे ऑब्जेक्ट इस ग्रेटर थान थे एस्केप वेलोसिटी, थे ऑब्जेक्ट गोज आउट ऑफ़ थे ग्रेविटेशनल फील्ड ऑफ़ थे एअर्थ एंड नेवर केस बैक.

थे मगनीटुडे ऑफ़ थे एस्केप वेलोसिटी इस वैरी हाई व्हिच इस 11.2 कम पैर सेकंड व्हिच इस इम्पॉसिबल तो रीच थिस स्पीड बी अन्य लिविंग बैंग्स.

थे क्वांटिटी ऑफ़ थे फाॅर्स इस डायरेक्टली प्रोपोरशनल तो थे प्रोडक्ट ऑफ़ मास्सेस ऑफ़ थे तवो ऑब्जेक्ट्स एंड इनवेरसेली प्रोपोरशनल तो थे स्क्वायर ऑफ़ थे डिस्टेंस बिटवीन थम.

That's आल मम.

आल स्टूडेंट्स क्लैप फॉर राशि.

सरिया मम: वेल दोने राशि, यू हैवे एस्प्लेनेड आईटी वैरी वेल, ी होप यू विल दो वेल इन इतर टॉपिक्स अस वेल.

राशि: थैंक यू मम एंड ी विल तरय माय बेस्ट इन इतर टॉपिक्स अस वेल.


[Class Ends]

काजल और अर्जुन कॉलेज से घर आ गए.

***

मैं अपना कॉलेज वर्क पूरा कर रहा था, नदिया नानी ध्रुव का हेल्प कर रही थी होमवर्क बनाने में.

हम लोग के पास रश्मिका मौसी आयी और मुझे अपने से मिलने के लिए बहार बुलाया.

मैं रश्मिका मौसी के साथ बहार आ गया.

अर्जुन: हाँ बोलिये मौसी क्या बात है, आपने मुझे क्यों बुलाया????

रश्मिका मौसी ने मुझे एक लेडी का फोटो दिखाया और बोली इसका नाम श्रुति है, ये दीदी की बेस्ट फ्रेंड है.


तुम्हे इससे मिलने उसी होटल रूम में जाना है जहाँ हम दोनों पिछली बार गए थे.





अर्जुन: क्या हुआ है मौसी पूरी बात बताइये???

रश्मिका: कुछ देर पहले इसका कॉल आया था काजल दीदी के पास.


[ON CALL, Flashback]





काजल: Hello! हाँ श्रुति बोलो क्या बात है????

श्रुति: क्या बात है काजल?? न सलाम, न कोई दुआ सीधे मुद्दे पर आ गयी ठीक है तोह सुनो.






श्रुति: क्यों मेरे पति को 4 इयर्स से तड़पा रही है यार मेरे हस्बैंड तुम्हे कितना चाहते हैं???

तुम एक रात के लिए बस मेरे हस्बैंड की हो जाओ यार, अब मान भी जाओ यार वैसे भी तुम्हारे हस्बैंड कुछ कर नहीं सकते य.

और उनका परमिशन भी है तुम्हे किसी के साथ फिजिकल रिलेशनशिप बनाने के लिए, फिर क्यों इतना तड़पा रही है मेरे हस्बैंड को???






काजल: देखो मैं तुम्हे 4 इयर्स से ऐसा कह रही हूँ की मैं ये नहीं करुँगी.

मैं अखिल से बहुत प्यार करती हूँ, उसे मैं चीट नहीं कर सकती हूँ.

श्रुति: क्यों इतना हमेशा भाव कहती है यार?? बस एक बार मेरे हस्बैंड के साथ फिजिकल रिलेशनशिप बना लो, फिर देखो तुम्हे कितना मजा मिलता है???

ऐसा मजा कभी तुम्हे तुम्हारे हस्बैंड भी नहीं दे पाए होंगे, यार कसम से क्या छोड़ते हैं.

मुझे जन्नत का मजा आ जाता है, इसलिए तोह मैं अपने हस्बैंड के लिए तुम्हे मन रही हूँ प्रीवियस 4 इयर्स से.

काजल: तुम्हे जितना मजा भी मिलता है अपने पास रखो, मुझे उसके साथ कोई रिलेशन नहीं बनाना है समझी तुम.

श्रुति: क्यों हमेशा इतना भाव कहती है यार?? तुम अभी जवान हो और ये जवानी बेकार चली जाये इससे अच्छा है की मेरे हस्बैंड को दे दो.

तुम्हारी बेऔति के दीवाने हैं यार मेरे हस्बैंड.

काजल : तोह क्या मैं तुम्हारे हस्बैंड के निचे आ जॉन, अब बस भी करो, क्या तुमने कभी अपने हस्बैंड को चीट किया है????

श्रुति: मैं क्यों करुँगी अपने हस्बैंड को चीट, जब मुझे इतना मस्त छोड़ते हैं वो???

मुझे उनसे पूरी तरह से सटिस्फैक्शन मिल जाता है.

काजल: तुम अपने हस्बैंड का घमंड अपने पास रखो, मुझे कुछ भी नहीं करना है तुम्हारे हस्बैंड के साथ okay.

श्रुति: एक बार कर लोगी तोह क्या चला जायेगा यार???

अखिल ने भी तुम्हे कितनी बार कहा है किसी से रिलेशनशिप बना लेने के लिए, फिर क्यों इतना नखरा कर रही है???

काजल: हाँ कहा है लेकिन मैं तुम्हारे हस्बैंड के साथ रिलेशनशिप नहीं बना सकती ये बात तुम अपने भेजे में जितना जल्दी दाल लोगी उतना hi तुम्हारे लिए अच्छा होगा.

श्रुति: मान जाओ न यार ऐसा मजा तुम्हे कभी तुम्हारे हस्बैंड ने भी नहीं दिया होगा, उतना मजा मिलेगा तुम्हे मेरे हस्बैंड के साथ.

तुम्हारे हस्बैंड से ज्यादा मजा मिलेगा तुमको, बस एक बार मेरे पति के साथ करना है, फिर तुम खुद hi मेरे पति के निचे आने के लिए ताड पोगी.

काजल: देखो श्रुति अब तुम अपना हद पार कर रही हो, तुम मेरे hi हस्बैंड को अब निचा दिखा रही हो.

श्रुति: जो है सो है, मेरे हस्बैंड जितना मजा तुम्हे कभी तुम्हारे हस्बैंड ने नहीं दिया होगा.

इतना मजा तुम्हे आएगा की बस मेरे हस्बैंड की दिन रात माला जप्ती रहोगी.

काजल: तुम्हे कुछ ज्यादा hi घमंड है अपने हस्बैंड की मर्दानगी पर जिसके कारन तुम मेरे प्यार अखिल को गाली दे रही हो.

रश्मिका जो अब तक ये सब बातें सुन रही थी, उसने काजल चची से फ़ोन ले लिया.






रश्मिका: लगता है तुम्हे कुछ ज्यादा hi घमंड है अपने पति का????

श्रुति: रश्मिका! अच्छा तोह ये तुम हो, क्यों न हो उसके जितना अच्छा कोई नहीं छोड़ सकता है???

मुझे पूरा रगड़ रगड़ कर 20 मिनट्स तक लगातार छोड़ता है, इतना मजा आता है की मैं जन्नत में पहुँच जाती हूँ.

रश्मिका: मैं तुम्हे एक लोकेशन शेयर कर रही हूँ 7 पं को इस होटल में चले जाना वहां तुम्हे एक लड़का मिलेगा.

उसके साथ तुम्हे फिजिकल रिलेशनशिप बनाना होगा, यदि उस लड़के से बेहतर हुआ तुम्हारा हस्बैंड तोह सिर्फ काजल दीदी hi नहीं मैं भी तुम्हारे हस्बैंड के निचे लेत जाउंगी.

श्रुति: मैं बिलकुल रेडी हूँ अपने पति को 2 नयी छूट दिलाने के लिए.

अगर मेरे हस्बैंड को 2 नयी छूट के लिए उस लड़के के साथ एक बार सोना पड़े तोह मुझे कोई भी दिक्कत नहीं है, मैं अपने हस्बैंड के लिए ये करने के लिए रेडी हूँ.

रश्मिका: लोकेशन शेयर कर दिया है उस लड़के को, मैं तुम्हारा नंबर दे दे रही हूँ, वो तुम्हे कॉल कर लेगा.

श्रुति: Okay!


[Call Disconnected]

रश्मिका: अर्जुन तुम्हे ये करना hi होगा, वो पिछले 4 इयर्स से दीदी को टार्चर कर रही है अपने हस्बैंड के नाम पर.

अर्जुन: आप क्या चाहती हो माय क्वीन???

काजल: मैं चाहती हूँ की इस श्रुति को अब आइना दिखने का सही टाइम आ गया है.

उसकी घमंड को तोड़ने का टाइम आ गया है और आज उसने साडी हद पार कर दिया है मेरे पहले प्यार अखिल को उसने निचा दिखाया है, उसने तुम्हारे चाचा का अपमान किया है अर्जुन.

अर्जुन: जैसी आपकी विश माय क्वीन, मैं आपकी विश जरूर पूरा करूँगा.

रश्मिका: Okay! अब तुम्हे निकलना होगा, मैंने रूम बुक कर दिया है.

अभी तुम्हारे पास सिर्फ 1 ऑवर और 20 मिनट्स hi बचा हुआ है, जाओ जल्दी से रेडी हो जाओ.


[[Some Minutes Later]]

मैं रेडी हो कर कार से अपनी डेस्टिनेशन की तरफ निकल गया.

टाइम पर मैं होटल के बहार खड़ा था, मैंने श्रुति को कॉल लगा दिया.






श्रुति: Hello कहाँ हो??? मैं बस 5 मिनट्स में hi होटल पहुँच रही हूँ.

अर्जुन: Okay! आ जाओ मैं यही वेट कर रहा हूँ.

कुछ देर के बाद हम दोनों होटल रूम के अंदर थे.






अर्जुन: हाँ तोह श्रुति जी आपको अपने हस्बैंड के स्टैमिना पर बहुत घमंड है, ऐसा मैंने सुना है??

श्रुति: जो सच है सिर्फ मैं वही कह रही हूँ, वैसे तुम अर्जुन हो न काजल का भतीजा.

अर्जुन: जी हाँ आपने ठीक पहचाना मुझे.

श्रुति: कैसे नहीं पहचानती? काजल ने कितनी hi बार मुझे तुम्हारा फोटो दिखाई है, बस मिल आज पहली बार रही हूँ तुमसे.

अर्जुन: वो सब हम कभी बाद में डिसकस कर लेंगे, अभी हम वो काम कर लेते हैं जिसके लिए हम यहाँ पर आये हैं.

श्रुति: ऑलराइट.

मैं और श्रुति एक दूसरे को किश करने लगे.

हम दोनों hi एक दूसरे की होंठ का रास पिने लगे, मैं श्रुति की लोअर लिप्स को किश करने लगा जबकि श्रुति मेरी उप्पेर लिप्स को किश करने लगी.






जब हमारा मैं भर गया तोह हमने एक दूसरे को छोड़ दिया.

कुछ देर बाद हम फिर से एक दूसरे की टंग चूसने लगे.






हम दोनों hi एक दूसरे की सलीवा को अपने अंदर ले जा रहे थे, जब हमारे मुँह की साडी थूक समाप्त हो गयी तोह हम दोनों अलग हो गए.

कुछ देर बाद मैंने श्रुति को ब्रा और पंतय में कर दिया.

मैं श्रुति को चूमने और चाटने लगा, साथ hi साथ बूब्स भी मसलने लगा.






मैंने श्रुति की ब्रा और पंतय निकाल दिया और उसके बूब्स को चूसने लगा.





मैंने श्रुति की बूब्स चूस चूस कर और मसल मसल कर पूरा लाल कर दिया.

श्रुति: हाय जालिम ये तुमने क्या कर दिया मेरे चुके को पूरा रेड कर दिया तुमने मसल मसल कर????

अर्जुन: क्यों, मजा नहीं आया क्या????

श्रुति: मजा तोह अभी तक बहुत आया है बच्चे, अब आगे देखना है तुम क्या करते हो????

मैं श्रुति की छूट को चूस चूस कर गिला कर दिया और लुंड अंदर डालने के लिए तैयार करने लगा.










श्रुति: अकेले अकेले मजा लेते रहोगे क्या???

श्रुति ने मेरा लुंड पंत से बहार निकाल लिया.






जैसे hi लुंड बहार आया श्रुति शॉकेड रह गयी और उसका गाला सूखने लगा, लुंड को अपनी आँख पहाड़ पहाड़ कर देखने लगी.





अर्जुन: ऐसे क्या देख रही हो मैडम तुमने तोह इससे भी बड़ा लुंड लिया है न अपने हस्बैंड का जिस पर आपको बहुत घमंड है की आप मेरी hi चची को उसके निचे लाने के लिए रेडी हो गयी??

श्रुति: क्यूंकि मैंने इससे पहले तुम्हारा लुंड देखा नहीं था न.

मैं श्रुति का मुँह पकड़ कर उसका मुँह छोड़ने लगा.

ऐसा मैं पहली बार किसी का बेरहमी से मुँह पकड़ कर छोड़ने लगा जो मेरा करैक्टर नहीं है, लेकिन श्रुति को भी ग़लतफ़हमी से बहार निकलना जरुरी हो गया था, इसलिए मैं ऐसा कर रहा था.






और जब लुंड अच्छे से गिला हो गया तोह बहार निकाल लिया.

अर्जुन: तोह बताओ मैडम, क्या आप रेडी हो स्वर्ग की सैर करने के लिए????

श्रुति: यस I'm रेडी.

मैंने लुंड को सेट किया और एक करारा धक्का मारा, लुंड सिर्फ 3" तक hi अंदर गया और श्रुति के आईज से आंसू निकलने लगा.






अर्जुन: क्या हुआ श्रुति बेबी तुम्हारी छूट इतनी टाइट कैसे है????? लगता है तुम्हारे हस्बैंड में जान नहीं है जो तुम्हारी छूट अब तक टाइट है??

श्रुति: मेरी छूट टाइट नहीं है रे जालिम, तुम्हारा लुंड बहुत लम्बा और मोटा है मेरे हस्बैंड का सिर्फ 6.5" hi है और तुम्हारा लुंड 10" का लग रहा है.

अर्जुन: ये 10" का hi है श्रुति मैडम जी.

मैंने दूसरा करारा शॉट मार दिया, लुंड छूट में 6" तक अंदर चला गया.






श्रुति: आह अब नहीं ले पाऊँगी मैं इसे, निकल लो प्लीज.

अर्जुन: अभी कहाँ मैडम?? तुम्हे अपने पति के लुंड पर इतना घमंड था अब कहाँ गया वो घमंड???

मैंने कुछ देर बाद बिना श्रुति के दर्द की परवाह किये एक करारा शॉट मार दिया.

लुंड पूरा 10" तक जड़ तक अंदर चला गया.










श्रुति बेहोश हो गयी.

कुछ देर के बाद श्रुति खुद खुद hi होश में आ गयी.

मैं श्रुति को मिशनरी पोजीशन में छोड़ने लगा, श्रुति के मुँह से एक साथ दर्द और खुसी के सिसकार निकलने लगी.






श्रुति: आआआआ उउउउउउउउ

ुम्ह यह उउउउ कक्कक्कक्स यह ओह धीरे करो, तुम्हारा लुंड मेरे पति से बहुत बड़ा है और मोटा इतना की मेरे पूरा G-spot को रगड़ रगड़ कर पूरा बच्चेदानी तक जा रहा है.

यह आआआ uuuuuuuuuu ुम्ह ुम्ह ुम्ह, प्लीज धीरे करो.






अर्जुन: बस मजा लो चुदाई का बेबी.

मैं शॉट पे शॉट मारने लगा.






श्रुति: आह उउउउ कक्कक्क्स उउउ कितना जोर जोर से छोड़ रहे हो, पूरी बॉडी दर्द से दुखने लगा है.

आआआआआ उउउउउउउ ुम्ह ुम्ह उन्ह यह यह उउउउउ आआआ प्लीज धीरे करो, बहुत दर्द हो रहा है, इतना मोटा लुंड मैंने कभी नहीं लिया है.

10 मिनट्स के बाद मैंने श्रुति को अपने ऊपर बैठा कर निचे से छोड़ने लगा.

जांघ से जांघ टकराने के कारन पुरे रूम में थप थप थप की जोर जोर की आवाज़ गूंजने लगी.

मैं निचे से शॉट मारने लगा और श्रुति ऊपर से मेरे लुंड पर उछलने लगी.






श्रुति: आह यह आआ उउउउउ ुम्ह यह ुम्ह उन्ह उन्ह आआ आआआआ ufffffffffff, ऐसा मजा पहले कभी नहीं आया, ओह गॉड, यू अरे पेनेट्रेटिंग में सो हार्ड एंड सो डीप, प्लीज धीरे करो.

यह यह ओह ुम्ह उन्ह ओह गॉड प्लीज मर्सी ों में अर्जुन, तुम्हारा लुंड बहुत बड़ा और बहुत मोटा है, इतना बड़ा लुंड मैंने कभी नहीं लिया है, प्लीज मुझ पर दया करो.

उउउउउ कक्कक्स ओह गॉड, ओह माँ इतना तेज़ क्यों कर रहे हो अर्जुन धीरे करो न प्लीज??

आआआ उउउउउउउ ufffffffffff यू अरे मॉन्स्टर, बहुत दर्द कर रहा है, प्लीज धीरे धीरे छोड़ो मुझे.

अर्जुन: अभी कहाँ बेबी??? अभी तोह स्टार्ट हुआ है, अभी तोह तुम्हे जन्नत का मज़ा लेना बाकि है.

और मैं फिर से श्रुति को घोड़ी बना कर पीछे से छोड़ने लगा, इस पोजीशन में श्रुति को और भी ज्यादा दर्द होने लगा.

श्रुति और जोर जोर से कामुक सिसकारी दर्द भरे साउंड में निकालने लगी.






Aaaaaaaaaaa उउउउउउउउ कक्कक्कक्कक्स ओह यह ुम्ह कक्कक्स उउउउउउ ufffffffffffffff ुम्ह ुम्ह उन्ह उन्ह उन्ह हाँ ऐसे hi छोड़ो, बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन मजा उससे ज्यादा आ रहा है.

यह aaaaaaaaaaaa ओह गॉड उउउउ ुम्ह ुम्ह उउउउ कक्कक्क्स ओह काजल, सेव में, मुझे बचा ले रश्मिका अपने अर्जुन से.

अर्जुन: क्यों तुम्हारे पति ने अच्छे से तुम्हे आज तक नहीं छोड़ा है क्या????

श्रुति: यह! आज तक मुझे यही लगता था की मेरे पति से अच्छा कोई नहीं छोड़ सकता है, लेकिन अब मुझे समझ आ गया है की मैं उस मेढक की भांति थी जिसे लगता है की दुनिया इतनी hi बड़ी है और जब कुए से बहार आता है तोह उसे समझ आता है की दुनिया कितनी बड़ी है.

मैं इसी पोजीशन में श्रुति को 20 मिनट्स से छोड़ रहा था श्रुति का कमर दर्द करने लगा.

मैंने श्रुति को अपनी गौड़ में उठा कर छोड़ने लगा, श्रुति ने अपनी दोनों लेग्स को मेरे हाथ पर रख लिया और अपने राइट हैंड से मेरे कंधे को पकड़ लिया.






श्रुति: आह उउउउउ कक्कक्क्स उउउउउउउ ुइ माँ कितना जालिम है रे तू, अर्जुन मुझ पर बिलकुल भी तरस नहीं कर रहा है.

उउउउउउउउ और तेज़ और तेज़ हाँ ऐसे hi यह उउउ ओह माँ, इतना मजा आज तक कभी नहीं दिया मेरे पति ने.

यह कितना ताकत है अर्जुन तुममे जो मुझे ऐसे फ्लावर की तरह गौड़ में उठा कर छोड़ रहे हो.

अर्जुन अब बस करो, मुझ पर रहम करो अब मैं नहीं सह पाऊँगी, तुमने आलरेडी मेरा 3 बार पानी निकाल दिया है और मैं चौथी बार आने वाली हूँ.

अर्जुन: और 10 मिनट्स रुक जाओ डार्लिंग मैं भी आने hi वाला हूँ.

मैं अब श्रुति को फिर से पोजीशन चेंज कर जोर जोर से शॉट मारने लगा, साथ में बूब्स को भी दबाने लगा.

मैं लुंड को पूरा बहार निकाल निकाल कर पूरा जड़ तक ले जाकर छोड़ने लगा, गहरे गहरे धक्के लगाने लगा.






श्रुति: Aaaaaaaaaa उउउउउउउउउ कक्कक्कक्कक्स ुम्ह ुम्ह ुम्ह थोड़ा धीरे, बहुत दर्द हो रहा है अर्जुन.

यह यह उउउउउउउ ुयी माँ कक्कक्कक्स उउउउउउ ुम्ह प्लीज मुझ पर रहम करो, आज मेरी जान लेने का इरादा है क्या???

अब मेरा भी लास्ट टाइम आ गया मैंने और जोर जोर से अपने ढकों की स्पीड बढ़ा दिया और बहुत hi तेज़ और तेज़ शॉट मारने लगा.

श्रुति का दर्द से बुरा हाल होने लगा, श्रुति का पूरा बॉडी हिलने लगा और दर्द से फेस का रंग चेंज होने लगा.






श्रुति: आह अर्जुन प्लीज इतना जोर से नहीं, प्लीज मुझे माफ़ कर दो मुझसे गलती हो गयी, मुझे तुम्हारे चची को फाॅर्स नहीं करना चाहिए था, अब मैं समझ गयी हूँ ये मेरी hi गलती है जिसके कारन सायद तुम मुझ पर थोड़ा भी रहम नहीं कर रहे हो, प्लीज मुझे माफ़ कर दो यह आआआ उउउउउउउउउ ुम्ह ुम्ह उन्ह उन्ह.

श्रुति के माफ़ी मांगने के कारन मैं श्रुति को थोड़ा आराम आराम से छोड़ने लगा क्योंकि श्रुति को अपनी गलती का आभास हो गया था और जिसे अपनी गलती का एहसास हो जाये उसे हमे गलती सुधरने का एक चांस जरूर देना चाहिए.

मैं अब श्रुति को आराम आराम से और धीरे धीरे छोड़ने लगा.






श्रुति: हाँ ऐसे hi आराम आराम से करो, कितना मजा आ रहा है जब तुम धीरे धीरे मुझे छोड़ रहे हो.

यह यह उउउउउ कक्कक्स उउउउउ ुम यह ुम उउउउउ ुम्ह अहह.

मैं श्रुति को ऐसे hi 10 मिनट्स तक आराम आराम से छोड़ने लगा.

मैं और श्रुति दोनों एक साथ hi झाड़ गए और मैंने अपना सारा गधा रास श्रुति की छूट के बहार निकाल दिया.






[20 minutes Later]

अर्जुन: चलो अब हमे घर वापस चलना चाहिए.

श्रुति: तुम चले जाओ मैं एक घंटा और रुक कर चली जाउंगी.

अर्जुन: पक्का न मुझ पर गुस्सा तोह नहीं हो न????

श्रुति: नहीं हूँ मैं तुम पर गुस्सा, तुमने तोह मुझे सच का दर्पण दिखाया है.

अर्जुन : Okay!

मैं बहार चला आया.

बहार आया तोह मुझे माधुरी आंटी मिल गयी.

माधुरी: अर्जुन घर जा रहे हो क्या???

अर्जुन: हाँ आंटी.

माधुरी: Okay! मुझे भी ले चलो.

अर्जुन: Okay!

मैं और मधरी आंटी दोनों मेरे कार में आ गए.

***

That's आल फॉर थिस episode माय डिअर फ्रेंड्स, टोटल वर्ड्स काउंट 3.3क.
 
अपडेट 55

ऐम्बर्रेस्सेड श्रुति

[Some Past Recall]

रिकैप: इन थे प्रीवियस अपडेट हमने पढ़ा था की कैसे श्रुति को अपनी भूल का आभास हो चूका था की उसके हस्बैंड सबसे बेस्ट नहीं हैं सेक्स के मामले में.

नाउ नेक्स्ट>>>

1)) अर्जुन ने अपनी रश्मिका मौसी, काजल क्वीन और नदिया नानी को छोड़ कर संतुस्ट कर दिया था.

2)) अर्जुन ने अनु की वर्जिन छूट ले लिया था.

3)) अर्जुन ने कृति मम की लव को एक्सेप्ट कर लिया था.

4)) अर्जुन ने कृति को अपनी बहन बना लिया था.

5)) अर्जुन ने माधुरी आंटी और श्रेया भाभी दोनों सास बहु को खुश कर दिया था.

6)) निवेत्ता जो अमित की गर्लफ्रेंड है अब अर्जुन की भाभी बन चुकी है और अर्जुन को अपनी वर्जिन छूट देने के लिए रेडी है.

7)) अर्जुन ने श्रुति का घमंड तोड़ दिया था और उसे सच का मिरर दिखा दिया था.


[Now Back To The Story]

मैं और माधुरी आंटी मेरे कार में आ गए.

[Inside The Car]

माधुरी: क्या बात है अर्जुन तुम तोह डे बी डे तरक्की कर रहे हो, हर रोज नयी नयी छूट मार रहे हो???

यहाँ होटल में तुमने अभी तक तीन को पेल दिया है और मेरे घर में हम दोनों सास बहु को भी पेल दिया है.






कितनी किस्मत वाले हो तुम जो इतनी ब्यूटीफुल गर्ल्स एंड वीमेन तुम्हारे साथ हैं.

अर्जुन: क्यों आप लकी नहीं हैं क्या आंटी????

माधुरी: ये कैसा क्वेश्चन पूछ लिया तुमने अर्जुन???

मैं भी तुमसे चुद कर के बहुत खुश हु रे, मैं इतना खुश की बता भी नहीं सकती हूँ.

अर्जुन तुम्हे किसके साथ सबसे ज्यादा अच्छा लगा???

अर्जुन: इस क्वेश्चन का आंसर देने से पहले आप मेरे क्वेश्चन का आंसर दीजिये.

माधुरी: पूछो क्या पूछना चाहते हो तुम मुझसे????

अर्जुन: कौन सा बॉडी पार्ट्स हमारे लिए सबसे ज्यादा जरुरी है ,आंटी बस मेरी इस छोटे से क्वेश्चन का जवाब दे दीजिये????

माधुरी: सबका एक इम्पोर्टेन्ट वर्क है, सभी एक दूसरे के बिना अधूरे हैं, इसलिए सभी जरुरी हैं हमारी बॉडी के लिए, किसी की भी कमी हमारी बॉडी को अधूरा बना देती है.

अर्जुन: बिलकुल सही कहा आपने आंटी, उसी तरह सभी गर्ल्स एंड वीमेन अलग अलग होती हैं, हमे सबकी रेस्पेक्ट करनी चाहिए, किसी को बेहतर और किसी को काम मान कर उसकी डिसरेस्पेक्ट नहीं करना चाहिए.

माधुरी: बहुत खूब मेरे बच्चे, बहुत सही आंसर दिया है तुमने, कभी किसी का दिल मत तोडना, सबको रेस्पेक्ट देना.

अर्जुन: जी आंटी जरूर, मैं आपकी बात को ध्यान में रखूँगा.


[Home Arrives]

माधुरी आंटी अपने घर चली गयी जबकि मैं अपने घर के अंदर आ गया.

रात का 8:30 पं टाइम हो रहा था.

डिनर रेडी हो गया था, हम सबने डिनर कर लिया.

मैं, रश्मिका मौसी और काजल चची मेरे रूम में बैठे थे, टाइम 9:20 पं हो रहा था.

काजल चची का फ़ोन बजा, श्रुति का कॉल था.

काजल चची ने फ़ोन उठा लिया.


[Phone Conversations]

काजल: Hello.

श्रुति: Hello.






काजल: हाँ बोलो श्रुति क्या बात है, तुम्हे फिर से कॉल करने की इतनी जल्दी जरुरत पद गयी???

श्रुति: मुझे माफ़ कर दे काजल, मैंने तुम्हारे प्यार और तुम्हारे बचपन के दोस्त अखिल को गाली दे दिया??

उसे मैंने तुम्हारे सामने hi निचा दिखने का पाप किया है.

काजल: आगे बोलो मैं सुन रही हूँ.

श्रुति: मुझे माफ़ कर दे, मैंने तुम्हे अपने हस्बैंड के नाम पर बहुत टार्चर किया है.






ये भी मैं भूल गयी की सबकी अपनी अपनी विश होती है हमें किसी की मज़बूरी के नाम पर उसे परेशां नहीं करना चाहिए.

काजल : और कुछ कहना है तुम्हे, बोलो मैं सुन रही हूँ???

श्रुति: हाँ, मुझे अब समझ आ गया है की मैं कितना गलत थी, तुम्हे बार बार मुझे फाॅर्स नहीं करना चाहिए था अपने हस्बैंड के नाम पर.

और तुम्हे न जाने मैंने कितनी hi बार उसके निचे लेटने के लिए फाॅर्स किया.

अर्जुन ने मुझ पर बिलकुल भी रहम नहीं किया काजल मुझ पर, लेकिन जैसे hi मैंने उससे सॉरी कहा उसे मुझ पर तरस आ गया.

काजल: कैसे करता वो तुम पर रहम जब तुमने उसकी चची को 4 इयर्स से टार्चर कर रही थी और तोह और तुमने उसके एकलौते चाचा का इंसल्ट किया, उसे तुमने निचा दिखने का प्रयास किया???

अखिल की मज़बूरी के कारन तुम ये कैसे भूल गयी की मुझे अखिल ने हमेशा hi छूट दी थी किसी के साथ भी रिलेशनशिप बनाने के लिए??

क्योंकि वो मुझसे सच्चा प्यार करता है, उसे मेरी साडी ख़ुशी और जरुरत की हमेशा चिंता रहती है.

इसलिए तोह उसने मुझसे बार बार किसी से रिलेशनशिप बनाने के लिए कहा पर मुझे उसके अलावा किसी से प्यार हुआ hi नहीं, तोह मैं कैसे किसी से सम्बन्ध बना लेती बिना किसी को जाने हुए, उसकी टेस्ट लिए बिना???

श्रुति: सॉरी! मुझे माफ़ कर दे, मैं भूल गयी थी की तुम अखिल से कितना प्यार करती हो.

ये भी भूल गयी थी की जब तुम्हे प्यार का मतलब भी नहीं समझ था तब भी तुम उससे जुडी थी, उसकी दोस्त थी उसे पसंद करती थी.

अगेन सॉरी, अपनी बेस्टफ्रेंड को माफ़ कर दे, पर मैं भी क्या करती तुम्हे तड़पते हुए नहीं देख सकती थी जिसके लिए ये गलती मैं कर बैठी???

काजल: मैं जानती हूँ की तुम ये सब मेरे बारे में सोच कर hi ये सब कर रही थी, पर जब तुम्हे पता था की मैं किसी दूसरे के साथ रिलेशनशिप नहीं बढ़ा सकती तोह तुम्हे मुझे फाॅर्स नहीं करना चाहिए था.

श्रुति: अगेन सॉरी, प्लीज मुझे माफ़ कर दे, मैं अपने गलती के लिए बहुत hi शर्मिंदा हूँ.

मैं बहुत ऐम्बर्रेस्सेड फील कर रही हूँ, प्लीज एक लास्ट बार चांस दे दे, इसके बाद ये गलती फिर कभी भी मुझसे दुबारा नहीं होगी.

काजल: क्योंकि तुम ये गलती मेरे hi बारे में सोच कर कर रही थी, इसलिए तुम्हे माफ़ करती हूँ, लेकिन दूसरी गलती माफ़ नहीं की जाएगी, इसलिए अगली बार ऐसा बोलने से पहले 1000 टाइम्स सोच लेना.

श्रुति: थैंक यू काजल, आज तुमने मुझे सच का दर्पण दिखा दिया की हमे कभी भी घमंड नहीं करनी चाहिए.

और शुक्रिया तुम्हारा की तुमने अपनी बेस्ट फ्रेंड को माफ़ कर दिया, मैं तुमसे प्रॉमिस करती हूँ की अब भूल से भी मैं कुछ नहीं कहूँगी इस बारे में.

काजल: It's okay! अब भूल जाओ इस बात को, पता है न हम बेस्ट फ्रेंड हैं और हमेशा रहेंगे???

श्रुति: बिलकुल! हमेशा रहेंगे और हमें कोई अलग नहीं कर सकता है, कोई भी नहीं.

काजल: Okay! कैसी हो तुम?? चलने फिरने के लायक बची हो की नहीं या अभी भी बीएड पर hi पड़ी हुयी हो???

श्रुति: हाँ यार अभी भी बीएड पर hi पड़ी हुयी हूँ, बिलकुल भी उसने मुझ पर थोड़ी सी भी दया नहीं दिखाई है.

श्रुति: एक मिनट ये तुम्हे कैसे पता चला की अर्जुन मेरा घमंड तोड़ देगा और अभी मेरी हालत ख़राब है कही तुमने भी अर्जुन के साथ????

काजल: अब मैं तुमसे कैसे कुछ छुपा सकती हूँ, यू क्नोव हम दोनों बेस्ट फ्रेंड्स हैं???

हाँ मैंने और रश्मिका दोनों ने hi अर्जुन के साथ ये सब कर लिया है.

श्रुति: बड़ी कामिनी निकली तुम तोह, तुमने मुझे कुछ बताया भी नहीं और अकेले अकेले मजा कर लिया, मुझे ये पहले hi पता चल जाता तोह मैं ये गलती शायद नहीं करती.

काजल: कोई बात नहीं अब कर लेना, कौन सा वो कोई बहार का है तुम्हारा अपना hi है समझो???

श्रुति: Okay! कोई बात नहीं ये सब कब और कैसे हुआ???

काजल: इतनी भी जल्दी क्या है मेरी जान??? हम मिल कर कभी बात करेंगे, अभी तुम्हे रेस्ट की जरुरत होगी, इसलिए आराम करो, bye एंड टेक केयर ऑफ़ योरसेल्फ.

श्रुति : Okay bye!


[[Call Disconnected]]

अर्जुन: मुझे माफ़ कर दीजिये चची की मैंने आपकी बेस्टफ्रेंड पर बिलकुल भी रहम नहीं किया, ऐसा पहली बार मैंने किसी के साथ किया है बिना इमोशंस के.

रश्मिका: नहीं अर्जुन तुमने कोई गलती नहीं की है, काजल दीदी तुम पर बिलकुल भी गुस्सा नहीं होगी, तुमने तोह सिर्फ उसे सच का आइना दिखाया है जो वो भूल बैठी थी.

ी ऍम इम्प्रेस्सेड विथ यू.






काजल: यस माय किंग! मैं तुम पर बिलकुल भी गुस्सा नहीं हूँ, तुमने तोह श्रुति को सिर्फ सच का आइना दिखाया है जो अब बहुत ज्यादा जरुरी हो गया था, मैं भी तुमसे खुश हूँ.

चची मेरे गाल से खेलने लगी.






काजल, अर्जुन और रश्मिका आज तीनो एक hi बीएड पर सो गए.

ध्रुव, नदिया नानी के साथ सोया था.


[NEXT MORNING 4:40 AM]

अर्जुन की आईज खुल गयी, अर्जुन फ्रेश हो कर गार्डन में चला गया रनिंग और वर्कआउट करने के लिए, अभी कुछ देर हुयी थी की गार्डन में रश्मिका भी आ गयी.

अर्जुन: मौसी! वेलकम बैक ों थे ग्राउंड.

आज आप कितने hi दिनों बाद मेरे साथ फिर से रनिंग और वर्कआउट करने के लिए आयी हैं.

रश्मिका: मैं अपने घर पर हमेशा hi वर्कआउट करती रही हूँ बेबी सिर्फ दीदी ने hi 4 इयर्स से छोड़ रखा है जब से ध्रुव का जनम हुआ है.

रश्मिका और अर्जुन दोनों एक साथ गार्डन का चक्कर लगाने लगे.

जब इनका रनिंग कम्पलीट हुआ तोह अर्जुन अपनी रश्मिका मौसी से पुरे 1.5 मिनट्स लेट था.

अर्जुन: मौसी आज फिर से आप जित गयी, आज भी मैं आपको नहीं हरा पाया और न hi मैं आपकी बराबरी कर पाया.

रश्मिका: कोई बात नहीं अर्जुन, तुम जल्द hi हम दोनों बहनो की बराबरी कर लोगे, अब तुम सिर्फ 1.5 मिनट्स hi मुझसे पीछे रह गए हो.






अर्जुन: हाँ मौसी मैं डेली hi रनिंग और वर्कआउट कर रहा हूँ, शायद मैं आपकी बराबरी आने वाले कुछ महीने या इयर्स में कर लूंगा.

मैं रश्मिका मौसी की क्लीवेज को देखने लगा.

रश्मिका मौसी मेरी नज़रों को पहचान कर मुझसे बोली.

यू नॉटी बच्चे, ध्यान कहाँ है तुम्हारा???

तुम्हे हम दोनों की बराबरी hi नहीं करनी है अर्जुन बेबी बल्कि तुम्हे हम दोनों से भी बेहतर बनना है.

अर्जुन: मैं कोशिश करूँगा मौसी.

एक बात है मौसी, क्या मैं आपसे पूछ लून???

रश्मिका: तुम्हे कुछ भी पूछने के लिए परमिशन की जरुरत नहीं है, जो मैं में है पूछ लिया करो डायरेक्टली.

अर्जुन: Okay! मुझे फाइटिंग आप दोनों बहनो ने सिखाया है, पर आप दोनों को किसने सिखाया, किसने आप दोनों को इतनी अच्छी फाइटिंग सिखाया???

रश्मिका: इस क्वेश्चन का आंसर बहुत hi पेनफुल है अर्जुन, पर कोई बात नहीं जब तुमने पूछ hi लिया है तोह हम दोनों बहन जब एक साथ होंगी तोह तुम्हारे इस सवाल का आंसर दे देंगी.

क्योंकि इस क्वेश्चन का जवाब बहुत hi पीड़ा दायक है अर्जुन.

अर्जुन: Okay! मैं इतना तोह समझ hi गया हूँ की इससे आप दोनों बहन की शायद कोई दर्दनाक यादें जुडी हुयी हैं.

रश्मिका: तुम बिलकुल सही समझ रहे हो अर्जुन, हम दोनों बहन जरूर बताएँगे तुम्हे सभी बात.

बात करते करते दोनों रूम के अंदर आ गए.


[After The Breakfast]

अर्जुन और काजल दोनों कार से कॉलेज पहुँच गए.

अर्जुन कैंटीन पर गया तोह वहां पहले से hi कृति, रोहन और राशि बैठे थे.

अर्जुन: Hello एवरीवन.

आल: Hello अर्जुन.

अर्जुन: कृति दीदी आप मॉर्निंग में एक्सरसाइज और रनिंग कर रही है या नहीं?

कृति: कर रही हूँ भाई.

अर्जुन: क्या प्रोग्रेस है???






कृति: शायद 1 मंथ तक मेरी स्टैमिना बढ़ जायेगा भाई.

अर्जुन: वैरी गुड, लेकिन धीरे धीरे टाइमिंग बढ़ाना नहीं तोह एक दम से बहुत ज्यादा रनिंग कर लोगी तोह लेग्स में पैन होने का खतरा ज्यादा रहता है.

कृति: मैं समझ गयी भाई, मैं आपकी बात को ध्यान में रखूंगी.

अर्जुन: राशि हम 1 मंथ के बाद से फाइटिंग सीखेंगे, okay.






राशि: Okay! मैं तोह कब से hi इस पल का इंतज़ार कर रही हूँ.

मैं अमिका को भी बोल दूंगी की 1 मंथ के बाद रेडी रहना फाइटिंग सिखने के लिए.

अर्जुन: That's गुड, उसे बता देना.

रोहन: It's नॉट गुड भाई, मुझे भी सीखना है.

अर्जुन: Okay! तोह तुम भी अपनी स्टैमिना बढ़ा लो वैसे तुम्हारा स्टैमिना जल्दी hi बढ़ जायेगा, क्योंकि तुम एक स्पोर्ट्सपर्सन हो.

सभी अपने अपने क्लास में आ गए.


[In the Class]

नोट: जब तक स्टोरी क्लास में रहेगी कुछ रीडर्स स्टोरी को स्किप कर सकते हैं, इससे उन्हें स्टोरी समझने में कोई भी प्रॉब्लम नहीं होगी

सरिया मम क्लास में आयी.

सरिया: गुड मॉर्निंग स्टूडेंट्स.

आल स्टूडेंट्स: गुड मॉर्निंग मम.

सरिया: Okay! आज हम लोग एक इम्पोर्टेन्ट टॉपिक डिसकस करने जा रहे हैं, ग्रेविटी.






कैन अन्य्बोद्य एक्सप्लेन, व्हाट इस ग्रेविटी???

आल स्टूडेंट्स रैसेड थेइर हैंड्स उप.

सरिया: Okay! रोहन एक्सप्लेन, व्हाट इस ग्रेविटी.

रोहन: थे पुल्लिंग कैपेसिटी ऑफ़ थे एअर्थ बी व्हिच ान ऑब्जेक्ट फाल्स दोनवार्ड इस कॉल्ड ग्रेविटी.

आईटी चंगेस व्हेन वे जो उप.

आईटी डिक्रीसेस ऐथेर वे जो उपवार्ड और दोनवार्ड.

ात थे सेंटर ऑफ़ थे एअर्थ, ग्रेविटी इस जीरो एंड आल्सो ात थे हाइट ऑफ़ 3200 कम अबोवे थे एअर्थ, आईटी इस आल्सो जीरो.

That's आल मम.

आल स्टूडेंट्स क्लैप फॉर रोहन.

सरिया: वैरी गुड रोहन, यू एस्प्लेनेड आईटी वैरी वेल.

नाउ आंसर में.

िफ़ थे तवो ऑब्जेक्ट्स अरे ों थे शामे हाइट बूत ऑफ़ डिफरेंट मास्सेस एंड लेट थम फॉल, व्हिच ओने विल के तो थे ग्राउंड फर्स्ट???

रोहन: मम ी don't क्नोव थे आंसर ऑफ़ थिस क्वेश्चन.

सरिया: Okay don't वोर्री, कैन अन्य्बोद्य आंसर तो थिस क्वेश्चन???

ओनली अर्जुन एंड राशि रैसेड थेइर हैंड्स उप.

सरिया : Okay अर्जुन, आंसर तो थिस क्वेश्चन.

अर्जुन: मम व्हेन थे तवो ऑब्जेक्ट्स अरे ों थे शामे हाइट बूत ऑफ़ डिफरेंट मास्स एंड लेट थम फॉल थें व्हिच ओने विल के फर्स्ट, आईटी डिपेंडस ों तवो केसेस.

फर्स्ट केस : िफ़ तेरे इस no एयर रेजिस्टेंस मीन्स वैक्यूम, थें बोथ थे ऑब्जेक्ट्स विल फॉल ों थे ग्राउंड ात थे शामे टाइम, हैविंग इक्वल वेलोसिटी बिकॉज़ थे फॉल विथ कांस्टेंट अक्सेलरेशन एंड थिस इस नोन अस फ्री फॉल.








सेकंड केस: व्हेन तेरे इस एयर रेजिस्टेंस थें थे हेवियर ऑब्जेक्ट विल रीच फर्स्ट ात थे ग्राउंड हैविंग मोरे वेलोसिटी थान थे लाइटर ऑब्जेक्ट बिकॉज़ थे हेवियर ऑब्जेक्ट फील लेस्स एयर रेजिस्टेंस.

व्हेन वे थ्रो ान ऑब्जेक्ट इन उपवार्ड डायरेक्शन थे वेलोसिटी ऑफ़ थे ऑब्जेक्ट बेकस जीरो ात थे टॉप.






व्हेन ान ऑब्जेक्ट फाल्स इन थे दोनवार्ड डायरेक्शन अंडर थे फ्री फॉल थें थे वेलोसिटी ऑफ़ थे ऑब्जेक्ट कन्टिन्यूसली इन्क्रेअसेस एंड बेकस मैक्सिमम ात थे लोवेस्ट पॉइंट.





सरिया: वैरी वेल, यू हैवे एस्प्लेनेड आईटी इन वैरी इजी वे एंड ब्रिलिएंटली.

[Class Ends]

काजल और अर्जुन दोनों कॉलेज से घर वापस आ गए.

***

[[Kajal Home]]

अर्जुन, ध्रुव का होमवर्क करा रहा था और खुद भी अपना लेक्चर कम्पलीट कर रहा था.

ध्रुव: भैया व्हाट इस स्क्वायर????

अर्जुन: आईटी इस ा 2 -डी फिगर, आईटी है फोर साइड्स एंड फोर एंगल्स.






आल साइड्स अरे इक्वल एंड आल्सो आल एंगल्स अरे इक्वल तो 90 डिग्री.

ध्रुव: व्हाट इस क्यूब???

अर्जुन: आईटी इस ा 3 - डी फिगर हैविंग सिक्स फेसेस एंड आल फेसेस अरे इक्वल.

एक्साम्प्ले: डाइस.

ध्रुव: Okay! मैं समझ गया भैया.

***

रश्मिका मौसी आज किचन में अकेले hi डिनर रेडी कर रही थी.

अर्जुन ने पीछे से रश्मिका को पकड़ लिया.






रश्मिका: क्या कर रहे हो अर्जुन छोडो मुझे, ध्रुव देख लेगा???

अर्जुन: यहाँ कोई नहीं है मौसी सभी छत पर हैं.

रश्मिका: अच्छा तोह इसलिए इतनी हिम्मत आ गया तुम में.

Arjun(Smiles): हाँ.

मैं वहीँ किचन में hi रश्मिका मौसी को किश करने लगा.






हम दोनों hi बड़े आराम से एक दूसरे की होंठ चूस रहे थे.

जब हम दोनों को संतुस्ती मिल गयी तोह हमने एक दूसरे को छोड़ दिया.


[At The Dining Table]

हम सभी भोजन कर रहे थे.

ध्रुव : भैया आज मैं आपके साथ सोना चाहता हूँ, बहुत दिनों से मैं आपके साथ नहीं सोया हूँ ठीक से, आज मैं अकेले आपके साथ सोना चाहता हूँ और दूसरा कोई भी नहीं.

अर्जुन: Okay छोटे भाई.

मेरे इस डिसिशन से किसी को कोई भी प्रॉब्लम नहीं हुयी.

डिनर के बाद हम दोनों भाई मेरे रूम में hi सो गए.


***

[Rohan Home]

एक मर्द एक औरत को छोड़ रहा था, अभी ठीक से एक hi मिनट हुआ था की मर्द का लावा छूट गया, बेचारी औरत प्यासी hi रह गयी.

औरत जिसका नाम कीर्ति था, अपने हस्बैंड सुरेश से बोली.






जी आपको मैंने कितनी hi बार कहा है पहले अपना इलाज डॉक्टर से करा लीजिये फिर मेरे साथ सेक्स करिये.

आपका क्या है?? आपका तोह एक hi मिनट में निकल जाता है, लेकिन आप मुझे हर बार प्यासा hi छोड़ देते हो.

देख लेना यदि तुमने अपना इलाज नहीं कराया तोह मैं एक दिन किसी और के साथ फिजिकल सम्बन्ध बना लुंगी, फिर मुझे दोष मत दीजियेगा.

सुरेश: मैंने भी तुमसे बोल दिया है की मैं अपना इलाज नहीं करने वाला हूँ, मुझे शर्म आती है.

और रही बात तुम्हारा किसी के साथ सम्बन्ध बनाने की बात, तोह तुम बना लो मगर किसी गलत आदमी के चक्कर में मत फस जाना, बस मेरी इस बात का ध्यान रखना.

कीर्ति बेचारी आगे कुछ न बोली अब, क्योंकि अब उसे इतना तोह समझ आ hi चूका था की अब इसे नहीं समझाया जा सकता है.






कीर्ति अपनी छूट में फिंगरिंग करने लगी, जब उसका पानी निकल गया तोह सो गयी.

***

That's आल फॉर थिस episode,


टोटल वर्ड्स काउंट 2.5क.
 
अपडेट 56

टेस्ट फॉर Arjun's लॉयल्टी

रिकैप: इन थे प्रीवियस अपडेट हमने पढ़ा था की श्रुति जो काजल को 4 इयर्स से टार्चर कर रही थी उसके लिए श्रुति ेम्बरसेद थी और उसने काजल से अपनी गलती के लिए माफ़ी भी मांगी थी.

नाउ नेक्स्ट >>>


सुबह मैं उठ कर मॉर्निंग वर्कआउट के लिए आ गया, गार्डन में कुछ hi देर बाद रश्मिका मौसी भी आ गयी वर्कआउट करने के लिए.

अर्जुन: मौसी आप भी मेरे साथ अब डेली फाइटिंग और रनिंग की प्रैक्टिस किया करो जिससे मेरी फाइटिंग स्किल और फ़ास्ट हो सके और मैं परफेक्शन की और बढ़ सकूँ.






रश्मिका: बिलकुल माय बेबी, मैं वैसा hi करुँगी जैसा तुम चाहते हो, अब मैं तुम्हे फिर से ट्रैन करुँगी और तुमसे भी कुछ नयी स्किल्स सिख लुंगी जो तुमने डेवेलोप किया है.

अर्जुन : बिलकुल मौसी ऐसा hi होगा, मैं आपको अपनी नयी स्किल्स दिखाऊंगा और आप मुझे उन स्किल्स में परफेक्ट बनने में मेरी हेल्प कर देना.

रश्मिका: Okay अर्जुन जैसा तुम कहो वैसा hi होगा माय कुटी.

मैं और रश्मिका मौसी वर्कआउट और फाइटिंग की प्रैक्टिस कर वापस घर के अंदर आ गए.

काजल: क्या बात है रश्मिका लगता है तुम फिर से अर्जुन को ज्वाइन कर रही हो????

रश्मिका: बिलकुल दीदी जब तक मैं प्रेग्नेंट नहीं हो जाती, मैं अपनी फाइटिंग की प्रैक्टिस अर्जुन के साथ कंटिन्यू करुँगी.

काजल: बिलकुल सही डिसिशन है तुम्हारा रश्मिका, मैं भी जल्दी hi फिर से अपनी ट्रेनिंग स्टार्ट करुँगी जो मैंने लगभग 5 इयर्स से छोड़ रखा है.

रश्मिका: हाँ ये सही रहेगा आपके लिए भी और अर्जुन के लिए भी.

***

ब्रेकफास्ट कर मैं और काजल चची कॉलेज आ गए.

मैं, कृति, राशि और रोहन कैंटीन पर कॉफ़ी एन्जॉय कर रहे थे.

तभी हमारे पास एक लड़की आयी और बोली.

गर्ल: मई ी ज्वाइन यू गाइस???

अर्जुन: यस भाभी, आप बैठ जाइये यहाँ आपका स्वागत है हमारे ग्रुप मण्डली में.

रोहन: भाभी, ये तुम्हारी भाभी कैसे जब तुम्हारा कोई भाई hi नहीं है???

अर्जुन: चिल दोस्तों इनका नाम निवेत्ता है, ये 6तह सेमेस्टर की स्टूडेंट है और ये अमित की गर्लफ्रेंड है.

अमित ने मुझे अपना छोटा भाई बना लिया है, इसलिए ये मेरी भाभी हुयी न.






कृति: तोह फिर मेरी भी भाभी हुयी, क्योंकि ये मेरी भाई की भाभी है.

राशि और रोहन दोनों ने एक साथ कहा.

"और हम दोनों की भी भाभी हुयी क्योंकि ये मेरे दोस्त की भाभी है."

निवेत्ता: Okay! मैं तुम सब की भाभी हुयी, मगर सबके सामने मेरे नाम से hi बुलाना okay.

अकेले में hi सिर्फ मुझे भाभी बुलाना.

आल: Okay! जैसा आप कहे भाभी.






निवेत्ता: तोह आज से मैं भी तुम चारो के ग्रुप में शामिल हुयी, अब हम पांचो फ्रेंड्स हैं.

अमित: पांचो नहीं मैं भी.

अमित ने सामने से आते हुए बोलै.

सभी ने एक दूसरे से हैंड शेक किया.

रोहन : अर्जुन हमारा ग्रुप तोह डे बी डे बढ़ता hi जा रहा है.

अर्जुन: हाँ पहले हम 2 थे और अब 6 हो गए हैं.

रोहन: अच्छा है न, जितने ज्यादा दोस्त होंगे मुझे उतना hi ज्यादा मजा आता है नए दोस्त बना कर.






राशि: और मुझे भी नए दोस्त बनाना अच्छा लगता है.

सभी अपने अपने क्लास आ गए.


[In The Class]

सरिया: डिअर स्टूडेंट्स, वे अरे गोइंग तो डिसकस ानोथेर ओने ऑफ़ थे मोस्ट इम्पोर्टेन्ट टॉपिक्स ग्रेविटेशनल फील्ड.





कैन अन्य्बोद्य तेल्ल में व्हाट इस ग्रेविटेशनल फील्ड????

ओनली ा फ्यू स्टूडेंट्स रैसेड थेइर हैंड्स उप.

सरिया: Okay! अर्जुन, एक्सप्लेन ग्रेविटेशनल फील्ड.

अर्जुन: थे एरिया और स्पेस अराउंड ान ऑब्जेक्ट वेयर ान ऑब्जेक्ट कैन फील थे फाॅर्स ऑफ़ अट्रैक्शन इस कॉल्ड ग्रेविटेशनल फील्ड.

आल थे ऑब्जेक्ट्स अरे बाउंड विथ ओने ानोथेर बी थिस फाॅर्स.

आवर एअर्थ इस बाउंड बी थे ग्रेविटेशनल फील्ड ऑफ़ थे सुन, बी व्हिच आईटी रेवोल्वेस अराउंड थे सुन एंड वे फील बोथ डे एंड नाईट देय तो इतस रोटेशन एंड सीजन चंगेस देय तो earth's रेवोलुशन अराउंड थे सुन इन ा फिक्स्ड ऑर्बिट. आवर एअर्थ इस part ऑफ़ थे सोलर सिस्टम.

आल्सो अपार्ट फ्रॉम थे एअर्थ, आल थे रेस्ट प्लैनेट्स रेवोल्वे अराउंड थे सुन इन थेइर रेस्पेक्टिवे ोर्बिट्स.








आल्सो थे मून इस बाउंड बी थे ग्रेविटेशनल फील्ड ऑफ़ थे एअर्थ एंड आईटी रेवोल्वेस अराउंड थे एअर्थ इन अप्प्रोक्सिमाटेली 29 डेज.







लिखे मैग्नेटिक फील्ड लाइन्स, ग्रेविटेशनल फील्ड लाइन्स अरे प्रेजेंट व्हिच इस स्ट्रांगर नियर थे एअर्थ एंड वीकेर फार फ्रॉम थे एअर्थ.







सरिया: वेल दोने अर्जुन, यू एस्प्लेनेड आईटी वैरी वेल.

ी होप यू विल दो मच बेटर इन योर एग्जामिनेशन.

अर्जुन: थैंक्स मम.


[Class Ends]

***

अर्जुन के मोबाइल पर एक मैसेज आया देखा तोह निवेत्ता का मैसेज था.


छुट्टी के बाद आज घर नहीं जाना यहीं रुक जाना, मुझे तुम्हारे साथ कहीं घूमने चलना है.

अर्जुन कार के पास hi था काजल भी वहीँ आ गयी.

अर्जुन ने काजल चची को निवेत्ता का मैसेज दिखा दिया.

काजल: Okay! तुम यहीं रुक जाओ मैं घर जा रही हूँ.






काजल आज अकेली घर चली गयी.

निवेत्ता कुछ देर के बाद अर्जुन के पास आ गयी, वह बहुत hi ज्यादा ब्यूटीफुल लग रही थी.

अर्जुन: बहुत खूबसूरत लग रही हो भाभी.

कान में एअर्रिंग, आँख में हल्का सा काजल साथ में लहंगा चोली में कमाल की लग रही थी निवेत्ता भाभी.






निवेत्ता: थैंक्स!

मैं तुम्हारे लिए hi सज धज कर आयी हूँ.

अर्जुन: Okay! बोलिये भाभी कहाँ चलना है घूमने के लिए????

निवेत्ता: ज्यादा कुछ नहीं करना है बस थोड़ा सा मुझे तुम्हारे साथ टाइम स्पेंड करना है, इसलिए जहाँ तुम्हे लगता है की हम दोनों को थोड़ी प्राइवेसी मिल सके वहां ले चलो मुझे.

अर्जुन: Okay! मैं ले चलूँगा आपको, मगर जाना कैसे होगा, ऑटो से या फिर टैक्सी से????

निवेत्ता: मेरे पास अमित के बाइक की चाभी है, ये लो.

अर्जुन ने बाइक की के निवेत्ता से ले लिया और बाइक स्टार्ट कर दिया, निवेत्ता पीछे बैठ गयी.

निवेत्ता: बाइक स्लो चलना.

अर्जुन: क्यों????

निवेत्ता: क्योंकि मुझे डर लगता है.

अर्जुन: Don't वोर्री भाभी मैं स्लो hi चलाऊंगा.

निवेत्ता: It's okay चलो.

अर्जुन ने बाइक को एक झील की तरफ भगा दिया.

निवेत्ता भाभी मुझसे किसी चुम्बक की तरह चिपक कर बैठ गयी.

मुझे निवेत्ता भाभी की गोल गोल बूब्स का फील अच्छे से होने लगा, पूरी रस्ते भाभी मुझे अपनी जिस्म की गर्मी से मुझमे एक तरंग पैदा करने लगी और मुझमे एक नयी एनर्जी का संचार करने लगी.






ओह पहली बार मैं इस तरह से किसी के बूब्स को फील करने लगा.

सच में ये नया सुख निवेत्ता भाभी के गोल गोल और 34" की बूब्स मुझे किसी स्वर्ग का आनंद सा प्रतीक होने लगा.

लेकिन इस आनंद का भी एन्ड हो गया.

लेक की दुरी कॉलेज से ज्यादा दूर नहीं थी, इसलिए हम दोनों लेक 15 मिनट्स से पहले hi पहुँच गए.








हम दोनों लेक के किनारे बैठे थे.

आज मौसम भी बड़ा अच्छा था और चारो तरफ हरा भरा पेड़ लगा हुआ था, जो इस लेक की खूबसूरती को बढ़ा रही थी.

पुरे लेक में कमल के फूल थे, जो झील की ब्यूटी को और भी ज्यादा बढ़ा रही थी.






और हम दोनों 20 मिनट्स से ऐसे hi एक साथ बिलकुल शांत बैठे थे.

इसलिए मैंने hi इस ख़ामोशी को तोडा.

अर्जुन: हाँ तोह कहिये भाभी, कोई बात करनी है आपको मुझसे या सिर्फ आपको मेरे साथ सिर्फ टाइम hi स्पेंड करना है.

निवेत्ता: वो दरअसल मैं तुमसे कुछ जानना चाहती हूँ तुम्हारे बारे में, पर समझ नहीं आ रहा है की कैसे कहु.

अर्जुन: आप बिलकुल भी डरिये मत जो मैं में है पूछ लीजिये मुझसे, यदि मेरे बस में हुआ तोह जरूर बताऊंगा.

निवेत्ता: Okay मेरा फर्स्ट क्वेश्चन है, क्या तुम वर्जिन हो????

अर्जुन: नौपे.

निवेत्ता: मेरा दूसरा क्वेश्चन है, क्या तुम बता सकते हो की वो लेडी या गर्ल कौन है जिसके साथ तुमने ये सब किया है???

अर्जुन: No! ी can't तेल्ल यू.

निवेत्ता: व्हाई????

अर्जुन: क्योंकि ये उस लेडी या गर्ल की प्राइवेसी की बात है जिसे मैं दूसरे के सामने नहीं ला सकता हूँ.


मैं उसे सबके सामने शर्मिंदा नहीं कर सकता हूँ और न hi उसकी डिग्निटी को खोने दे सकता हूँ.





निवेत्ता: वैरी गुड मैंने तुम्हारा टेस्ट लिया और तुम इस टेस्ट में पास हो गए हो.

अर्जुन: कैसा टेस्ट भाभी, मैं कुछ समझा नहीं???

निवेत्ता: यही की मैं यदि तुम्हारे साथ रिलेशनशिप बनती हूँ तोह तुम मेरा सीक्रेट रख पाओगे या नहीं, या फिर किसी के सामने मेरा सीक्रेट खोल कर मुझे किसी के सामने बदनाम कर डोज.

अर्जुन: कोई बात नहीं.

निवेत्ता: तुम्हे बुरा तोह नहीं लगा न मैंने तुम्हारा लॉयल्टी चेक किया, क्योंकि अक्सर लड़के इस बात से गुस्सा हो जाते हैं की कोई उनका इस तरह से टेस्ट ले रहा है, उन्हें कोई संदेह भरी नज़रों से देख रहा है.

अर्जुन: मुझे बिलकुल भी बुरा नहीं लगा इस बात का.

निवेत्ता: क्या मैं इसका कारन जान सकती हूँ तुमसे????

अर्जुन: बिलकुल जान सकती हैं, क्योंकि कोई भी लड़की किसी को अपनी इज्जत ऐसे कैसे किसी को दे सकती है जो उसके लायक hi न हो और उसकी प्राइवेसी को न बनाये रखे.

हर लड़की को अपने पार्टनर पे बिलीव करने का रीज़न तोह होना hi चाहिए न भाभी, फिर मैं कैसे बुरा फील कर सकता हूँ.

निवेत्ता: वैरी इम्प्रेससिवे, मुझे तुमसे ऐसे शानदार आंसर की आशा नहीं थी, मुझे लगा था तुम गुस्सा हो जाओगे.

बूत ी ऍम हैप्पी तहत यू प्रोवेद में रॉंग, तुम हर टेस्ट में 💯 परसेंट सफल हुए, मैं तुम्हारे जवाब से संतुस्ट हुयी, तुम सच में मुझे पाने के हक़दार हो.

अर्जुन: Okay! तोह अब बताइये मेरी प्यारी भाभी को क्या करना है????

निवेत्ता: ी थिंक, वे शुड लीव राइट नाउ, वे अरे दोने हेरे.

अर्जुन: जैसा आपको ठीक लगे भाभी.

और एक बार फिर से मुझे वही जन्नत का मजा पुरे रस्ते में मिलता रहा.






अर्जुन और निवेत्ता लेक से कॉलेज वापस आ गए.

अर्जुन ने निवेत्ता को हॉस्टल छोड़ दिया और अपने घर के लिए ऑटो से निकल गया.

आज पहली बार मैं इस सिटी में ऑटो से ट्रेवल कर रहा था.


***

निवेत्ता ने अमित को कॉल लगा दिया, अमित ने कॉल रिसीव कर लिया.

[[Phone Conversations]]

अमित: Hello! हाँ बेबी, बोलो क्या बात है???

निवेत्ता: अर्जुन मेरे टेस्ट में पास हो गया है.

अमित: मैंने तुम्हे पहले hi कहा था की अर्जुन लॉयल है और हम उस पर भरोसा कर सकते हैं की वो हम दोनों को बदनाम नहीं करेगा.

उसकी आँखों में इनोसेंस और मासूमियत दीखता है.

वो अपने से पहले दुसरो के बारे में सोचता है.

निवेत्ता: हाँ, तुमने सही कहा था, मुझे उसकी टेस्ट नहीं लेनी चाहिए थी, मुझसे भूल हुयी बेबी.

अमित: No बेबी, तुमसे भूल कर भी भूल नहीं हो सकती है, आखिर तुम जिसे अपना सबसे कीमती चीज डौगी उसके बारे में अच्छे से जान लेना तुम्हारा हक़ है और इसे तुमसे कोई भी नहीं छीन सकता है.






निवेत्ता: मेरा बर्थडे आ रहा है उसी दिन मैं अर्जुन को अपनी सबसे कीमती खजाना दूंगी.

अमित: जैसी तुम्हारी विश, उसके बाद तोह मैं तुम्हारे साथ मजे कर सकता हूँ न.

निवेत्ता: बिलकुल बेबी.


[Call Disconnected]

***

अर्जुन अपने घर आ गया, टाइम 4:50 पं हो रहा था.

रश्मिका मौसी ने अर्जुन के लिए खाना गरम कर उसे खाने के लिए दिया, क्योंकि अर्जुन ने मौसी से जल्दी खाने के लिए माँगा था, क्योंकि उसे बहुत तेज़ भूख लग गयी थी.


[After the Lunch]

रश्मिका मौसी, अर्जुन और काजल तीनो एक साथ काजल के बैडरूम में थे.

ध्रुव और नदिया नानी ऊपर के रूम में थे.

काजल: हाँ तोह बोलो माय किंग क्या कहा निवेत्ता ने तुमसे??

क्योंकि जहाँ तक मैं निवेत्ता को जानती हूँ उसने तुम्हे तोह सिर्फ घूमने के लिए बिलकुल भी नहीं बुलगा होगा.

अर्जुन: आप बिलकुल सही कह रही हैं माय क्वीन, उसने मुझे सिर्फ घूमने के लिए नहीं बुलाया था बल्कि मेरी लॉयल्टी टेस्ट करने के लिए बुलाया था.

काजल: कैसी लॉयल्टी टेस्ट अर्जुन????






अर्जुन: यही की यदि मैं उसके साथ रिलेशनशिप बनता हूँ तोह क्या मैं उसकी प्राइवेसी को रख पाउँगा या नहीं, या फिर उसकी सीक्रेट को किसी के साथ डिस्क्लोसे तोह नहीं कर दूंगा.

रश्मिका: और मेरा अर्जुन उसकी टेस्ट में पास जरूर हुआ होगा है न, क्या मैं सही कह रही हूँ????

अर्जुन: हाँ! मैं पास हो गया हूँ मौसी, आप बिलकुल सही हो.

रश्मिका: क्या तुम्हे बुरा नहीं लोग की उसने तुम पर डाउट किया और तुम्हारा टेस्ट लिया???

अर्जुन: बिलकुल भी बुरा नहीं लगा मौसी, क्योंकि हर एक लड़की को अपनी डिग्निटी प्यारी होती है, उसे ऐसे किसी को नहीं दे देनी चाहिए जो उसका रियल हक़दार hi न हो.

और आज कल ऐसी कितनी hi घटना सामने आती है की लड़की ने सुसाइड कर लिया, क्यूंकि उसके बॉयफ्रेंड ने उसे चीट किया था.

फिर मैं भला उस पर कैसे गुस्सा हो सकता हूँ??

न जाने कितनी hi लड़कियां किसी गलत लड़के के चक्कर में पद कर ब्लैकमेलिंग और मंस जैसे घटिया चीज़ का शिकार हो जाती हैं.

और उनकी लाइफ बड्ड से बदतर हो जाती है, उनके पास कोई भी रास्ता नहीं बचता सुसाइड के अलावा.

इससे तोह यही अच्छा है न मौसी की हर लड़की को जिस पर वो विश्वास करे उसकी लॉयल्टी को पहले hi चेक कर लेना चाहिए, ताकि बाद में ऐसे गलत कामों का शिकार होने से खुद को किसी हद तक काम किया जा सके.

क्योंकि इन् कामों को रोकना बहुत hi कठिन है, क्योंकि कोई नहीं जनता है कब किसकी नियत बिगड़ जाये.

काजल: बिलकुल सही माय किंग, इसलिए तोह तुम सबके दिलों में राज़ करते हो, सभी तुम पर ट्रस्ट करते हैं.

और हाँ, हमे किसे अपना दोस्त बनाना चाहिए इसकी भी टेस्ट कर लेनी चाहिए, क्योंकि एक अच्छा दोस्त तुम्हारा जीवन भर साथ रहता है.

इसलिए एक सच्चा और लॉयल दोस्त कई बुक्स के बराबर है, क्योंकि वो हमेशा तुम्हारी लाइफ को एक बेहतर बनाने में हेल्प करती है और हर दुःख के टाइम तुम्हारे साथ खड़ा होता है, तुम्हे उस दुःख से बहार ले जाने के लिए.

रश्मिका: दीदी अर्जुन की गोपियों की नंबर डे बी डे तोह बढ़ता hi जा रहा है.

अभी तक 7 हो चुकी है और नंबर 8 है निवेत्ता, इसकी लव कृति को तोह अभी हमने काउंट भी नहीं किया है.

काजल: हाँ बढ़ेगी hi, अर्जुन आखिर किंग जो है, किंग सभी प्रजा के लिए hi जीता है और अपनी सभी सब्जेक्ट्स का होता है.






रश्मिका: तोह तुम्हे कब मिल रही है निवेत्ता की वर्जिन छूट, क्या उसने तुम्हे कुछ बताया है इस बारे में???

अर्जुन: नहीं, मुझे नहीं पता है कब मिलेगी.

ये पूरी तरह से उसकी विश होनी चाहिए की कब वो रेडी होती है इसके लिए, आखिर ये उसकी डिग्निटी का सवाल है मौसी.

काजल: तुमने बिलकुल सही कहा है अर्जुन, ये उसकी डिग्निटी का सवाल है, इसलिए ये डिसिशन उसी पर छोड़ दो की कब वो तुम्हारे साथ आगे बढ़ना चाहती है.

अर्जुन: बिलकुल माय क्वीन ऐसा hi होगा, जो वो चाहती है.

***

अर्जुन और ध्रुव दोनों भाई एक साथ अपना अपना कॉलेज और स्कूल का टास्क कम्पलीट कर रहे थे.

अर्जुन अपना लेक्चर कम्पलीट करने के साथ साथ अपने छोटे भाई ध्रुव का भी हेल्प कर रहा था उसका होमवर्क कम्पलीट करने में.

नदिया नानी उन् दोनों के पास आयी और बोली.

चलो दोनों भाई डिनर कर लो, डिनर बन कर रेडी हो गया है.

दोनों भाई डिनर के लिए आ गए.


[After The Dinner]

अर्जुन, रश्मिका और काजल तीनो आज काजल के बैडरूम में थे.

अर्जुन: मौसी आज तोह आप बता hi दीजिये की आप दोनों ने इतनी अच्छी फाइटिंग कहाँ से सीखी है?

काजल: ये जानने के लिए तुम्हे मेरी माँ दिव्या की स्टोरी जननी होगी.

अर्जुन: क्या दिव्या नानी की स्टोरी इंटरेस्टिंग, बताइये मैं बहुत hi उत्सुक हूँ जानने के लिए.

काजल: ये कहानी जितनी इंटरेस्टिंग है उससे भी ज्यादा दर्द, पीड़ा और गम से भरी हुयी है अर्जुन, इसे सुन्ना और समझना बिलकुल भी इजी नहीं है.

अर्जुन: कोई बात नहीं माय क्वीन.

आप बताइये मैं जरूर सुन्ना चाहूंगा अपनी दिव्या नानी की स्टोरी.

रश्मिका: Okay! जरूर हम तुम्हे अपनी माँ और उसकी फॅमिली की वो दर्द भरी स्टोरी सुनाएंगे.

काजल: और हाँ तुम इससे अपनी लाइफ की एक बहुत hi इम्पोर्टेन्ट लेसन सिखने को मिलेगी.

जो तुम्हारा लाइफ टाइम मार्ग दर्शन करती रहेगी, ऐसी है मेरी माँ की स्टोरी.

अर्जुन: इम्प्रेससिवे! तब तोह मैं जरूर अपनी दिव्या नानी माँ की स्टोरी जानना चाहूंगा.

***

That's आल फॉर थिस episode, थे अपडेट कपरिसेस 2.7क वर्ड्स, we'll मीट सून इन थे नेक्स्ट episode.
 
अपडेट 57 : थे पास्ट इस वैरी पेनफुल.

# स्टोरी ऑफ़ दिव्या एंड हेर फॅमिली.

# केमिस्ट्री ⚗️ एलिमेंट्स.

# ा डेडलिएस्ट पाइजन पोटैशियम साइनाइड.

# आज तक का सबसे बड़ा अपडेट. इसमें एक क्वेश्चन दिया गया है लास्ट में यदि आप चाहे तो उसका आंसर दे भी सकते हैं और नहीं भी आप लोगो की मर्जी कोई जरुरी नहीं है.
 
अपडेट 57

थे पास्ट इस वैरी पेनफुल

[Flashback: 49 Years Ago]

[Story of Divya and Her Sister: Part 1]

रिकैप: अभी तक आपने जाना की रश्मिका और काजल दोनों बहने अर्जुन को अपनी माँ डीविया की स्टोरी सुनाने वाली हैं और साथ hi साथ हमने ये भी जाना था की कैसे निवेत्ता ने अर्जुन का लॉयल्टी टेस्ट लिया था की अर्जुन उसका प्राइवेसी रख पायेगा या नहीं जिसमे अर्जुन सफल हुआ था.

नाउ नेक्स्ट>>>

काजल: अर्जुन क्या तुम तैयार हो मेरी माँ दिव्या की स्टोरी जानने के लिए???

अर्जुन: यस माय क्वीन ी ऍम रेडी तो क्नोव थे स्टोरी.

काजल: ये बात आज से 49 इयर्स पहले की है जब मेरी माँ दिव्या अपनी माँ की गर्भ में थी.

और जल्द hi वो दिन भी आ गया जब मेरी माँ का जनम होने वाला था इस धरा पर.

काजल: उस टाइम आज के जितनी सुविधा नहीं थी की बच्चे का जनम हॉस्पिटल में डॉक्टर की देख रेख में हो सके.

ऐसे में घर पर hi मेरी नानी को लेबर पैन होना स्टार्ट हो गया था.

एक दे माँ को बुलाया गया नानी और बच्चे की देखभाल के लिए जैसा की पहले से होता आया था डिलीवरी के समय.

रश्मिका: जैसे जैसे डिलीवरी का टाइम आ रहा था धीरे धीरे लगातार नानी का दर्द बढ़ता hi जा रहा था.

और वो टाइम भी आ गया जब नानी का दर्द सहना बहुत hi कठिन हो गया.

और क्या तुम्हे पता है अर्जुन की एक बच्चे को जनम देते टाइम एक माँ को जो पीड़ा होती है वो एक पुरुष कभी नहीं सह सकता है???


उतनी पीड़ा जब एक मर्द को होती है तोह 95 परसेंट से ज्यादा मर्द अपनी जान खो देते हैं, ओनली 5 परसेंट उस दर्द को बर्दाश्त कर सर्वाइव कर पते हैं.

काजल: और जब माँ का जनम हुआ तोह मेरी नानी इस दुनिया को लेबर पैन के कारन इस दुनिया को छोड़ कर चली गयी हमेशा हमेशा के लिए.

नानी माँ, माँ का चेहरा भी नहीं देख पायी जिसके लिए वो इतना दर्द सह रही थी.

एक छोटी सी नन्ही फूल जिसने अभी अभी जनम लिया और अपनी माँ को खो दिया.

तीनो अर्जुन, काजल और रश्मिका की आँखों में आंसू थे उस मंजर की कल्पना करके.






जब तीनो शांत हुए तोह काजल ने आगे कहा.

क्या तुम्हे पता है अर्जुन आज भी इंडिया में 223 मोठेर्स की डेथ हो जाती है लेबर पैन से हर एक लाख बच्चे को जन्म देने पर???

यानि की 223 बच्चे इंडिया में आज भी बिना माँ के होते हैं, वे अपनी माँ का चेहरा भी नहीं देख पते हैं और उनके सर से माँ का हाथ छूट जाता है.

तोह सोचो जरा उस टाइम क्या हालत रही होगी जब आज की जितनी मॉडर्न फैसिलिटीज नहीं हुआ करती थी???

कितने hi बच्चे जनम लेते hi माँ की आँचल से महरूम हो जताए होंगे, जरा उस दर्द को फील करो अर्जुन, तब तुम्हे मेरी माँ और मेरी माँ की फॅमिली की वो दर्द भरी दास्ताँ समझ आएगी.

अर्जुन: सच में नानी माँ ने बहुत दुःख सहा है चची, मैं नानी की दर्द को महसूस कर प् रहा हूँ.


रश्मिका: कितनी परेशानी उन्हें झेलनी पड़ती होगी इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है.

अर्जुन: आप बिलकुल सही कह रही हैं मौसी ये एक सीरियस इशू है आज भी इंडिया में, हमे इस प्रॉब्लम पर सोचने की जरुरत है.

रश्मिका फिर से आगे बोली.

रश्मिका: मेरी माँ ने तोह अपनी माँ का दूध पीना तोह दूर की बात है अर्जुन उसका चेहरा भी नहीं देखा, एक फोटो भी नहीं है नानी माँ की.

ऐसे में मेरे नाना के एक छोटे भाई थे जिनकी एक बेटी 3 दिन पहले hi पैदा हुयी थी, उसकी माँ ने hi मेरी माँ को अपना दूध पिलाया.

रश्मिका : लेकिन सायद किस्मत को इतना hi रास नहीं आया और नाना जी की एक महीने बाद hi अकस्मात् नानी के गम में डेथ हो गयी.

एक बार फिर से तीनो की आँखों से जहर जहर आंसू बहते चले जा रहे थे उस दृश्य को सोच कर.

आँखों से आंसू रुकने का नाम hi नहीं ले रहा था तीनो के आईज से.






कुछ देर बाद जब तीनो ने अपने आपको संभाला तोह.

रश्मिका: मेरी माँ जो अभी दुनिया में नयी नयी आयी थी एक अनाथ हो गयी, उसके सर से माँ और पिता दोनों का साया छूट गया, एक अबोध सी बच्ची इस दुनिया में अकेला हो गयी और एक अनाथ हो गयी.

न माँ ने अपनी माँ का फेस और न hi अपने पिता का चेहरा देख पाया.

एक महीने के अंदर hi उस छोटी सी बच्ची के सर से पिता का भी साया छूट गया, एक बार भी अपने माँ को न माँ कह सकीय और न hi अपने पिता को पिता कह कर पुकार पायी.

लेकिन कहते हैं न गॉड उतना भी निर्दयी नहीं है अर्जुन जितना हम उन्हें समझ लेते हैं कभी कभी.

ऐसे में पिता के छोटे भाई और उसकी पत्नी ने उसे संभाला, अपना दूध पिलाया और उसका अच्छे से पालन पोषण किया.

लेकिन ये इतना भी इजी नहीं था अर्जुन, क्योंकि मेरी माँ के चाचा चची एक सिंपल से परिवार से थे कोई बहुत बड़े रिच फॅमिली से नहीं थे की माँ का पालन पोषण अच्छे से कर सके बहुत hi दुःख से उन्हें भी गुजरना पड़ा माँ का पालन पोषण करने के लिए.

उन्हें अपनी बेटी के साथ साथ मेरी माँ दिव्या का भी पालन पोषण करना था जो उनके लिए बिलकुल भी इजी नहीं था.

ऐसे में मेरी माँ के चाचा चची ने और बच्चा न पैदा करने का डिसिशन लिया.

काजल: जरा सोचो अर्जुन मेरी माँ के चाचा चची के बारे में की कितना बड़ा डिसिशन उन्होंने लिया था मेरी माँ दिव्या के खातिर.

जहाँ सभी माता पिता चाहते हैं की उनके घर एक लड़का पैदा हो जो उनके खंडन को आगे ले जाये.

लेकिन माँ के चाचा और चची ने अपने दोनों बेटियों को hi अपना वरिष्ठ मान लिया, सोचो कितना बड़ा हार्ट रहा होगा उन् दोनों का.

अर्जुन: आप बिलकुल सही कह रही हैं चची ऐसे इंसान इस धरा पर बहुत hi काम देखने को मिलते हैं, जिनका हार्ट इतना बड़ा हो, चची और मौसी उन् दोनों को मेरा सात सात नमन है.


[Samay Gujra]

काजल: दोनों बहन बड़ी हो रही थी, हमेशा दोनों एक दूसरे के साथ hi रहती, एक साथ कहती और एक साथ hi सोती, जैसे वे दोनों, दो न होकर एक हो, दोनों बहन एक दूसरे को कम्पलीट करती थी.

दोनों बहन एक दूसरे की जान थी, हमेशा अपने से पहले अपनी अपनी बहन के बारे में सोचती, ऐसी थी मेरी माँ की बहन.

उनके इस तरह के प्यार को देख कर माँ के चाचा और चची को कभी ये फील hi नहीं हुआ की ये दोनों चचेरी बहन हैं, उन्हें सदा यही लगता की माँ भी उसकी अपनी hi सगी बेटी है और उनकी अपनी hi औलाद है.

दोनों बहन बड़ी हो रही थी और जब दोनों 12 इयर्स की हुयी तब उनके घर में पहली बार टीवी आया.

दोनों बहन के मनो पंख लग गए हो टीवी को पाकर, दोनों बहने hi पूरी फॅमिली के साथ मिल कर टीवी देखा करती थी.






काजल: लेकिन दिव्या उन् सबसे अलग थी, जहाँ सभी को पारिवारिक फिल्म्स पसंद आती थी.

वहीँ दिव्या को वो फिल्म्स पसंद आती थी जिसमे मार धड़ हो जिसमे एक्शन भर पुर हो.

वो अक्सर कहा करती थी की पापा मुझे इसी के जैसा बिलकुल फाइट करना है.

जो दिव्या पहले बिलकुल शांत रहती थी वही अब फाइट सन को देख कर थोड़ा वायलेंट होने लगी थी और जिद्द करने लगी थी फाइट सिखने के लिए.

लेकिन उसके चाचा और चची के लिए ये इतना भी इजी नहीं था की वो दिव्या के लिए किसी फाइट क्लब का खर्चा उठा सके.

रश्मिका: लेकिन कोई बात नहीं, माँ के चची और चची ने माँ का एडमिशन करा दिया फाइट सिखने के लिए पास के hi एक क्लब में.

टाइम तेज़ी से गुजर रहा था, दिव्या और उसकी बहन दोनों साथ साथ पढ़ रही थी और बड़ी भी हो रही थी जैसे जैसे ये दोनों बहन बड़ी हो रही थी, घर का खर्च भी बढ़ रहा था.

इनकी पढाई का खर्च और ड्रेस भी बार बार नई खरीदना पद रहा था, क्योंकि ये दोनों बहन युवा स्टेज में पहुंच रही थी.

काजल: वहीँ दोनों बहन भी अपने घर की हालत से अनजान नहीं थी, ऐसे में दिव्या ने अपनी फाइटिंग ट्रेनिंग में जी जान लगा कर म्हणत करती चली गयी.

क्लब से आकर अपनी बहन को अपनी साथ रखती और उसे अपनी नई नई फाइटिंग स्टाइल दिखती और उससे पूछती की कैसा रहा मेरा आज का परफॉरमेंस दीदी????

उसकी बहन से माँ दिव्या को हमेशा एक hi आंसर मिलता और वो आंसर था आज तुमने कल से बेहतर परफॉरमेंस दी है दिव्या, मुझे अपनी बहन पर गर्व है.






दिव्या हर नयी सुबह और इवनिंग में अपनी फाइटिंग स्किल दोनों जगह घर पर और क्लब में प्रैक्टिस करती रही.

हर दिन उसका परफॉरमेंस लगातार अच्छा होता रहा उसकी फाइटिंग स्किल की स्पीड लगातार बढ़ रही थी.

रश्मिका: देखते hi देखते दोनों बहन 17 इयर्स की हो गयी.

और इन 5 इयर्स में दिव्या की कठिन म्हणत और तपस्या ने अपना रंग लाया और दिव्या करते चैंपियन बन गयी.

अब उसने घर को अब संभल लिया था जो पहले घर चलना मुश्किल हो रहा था.

दिव्या के इस सक्सेस से पूरा फॅमिली खुश था.

काजल: ये सब इतना भी इजी नहीं था अर्जुन दिव्या के लिए, ये उसके चाचा और चची के सैक्रिफिकेस का फल था.

उसकी बहन का भरोसे का नतीजा था, उसके गुरु जी के आशीर्वाद का फल था, उसकी कठिन म्हणत और लगन का फल था जो माँ दिव्या को मिला.

जो परिवार पहले गरीबी में जी रहा था अब मिडिल क्लास से थोड़ी सी ऊपर लेवल तक आ गयी थी, पूरा परिवार खुश था ऐसे में.

रश्मिका: दोनों बहन अब जवान हो गयी थी और उनकी खूबसूरती के चर्चे आस पास के एरिया में फैल रही थी.

और दिव्या की बहन से पहले hi दिव्या के लिए एक रिश्ता आ गया, क्योंकि लड़का एक अच्छे परिवार से था, अच्छा पढ़ा लिखा था.

लेकिन अकेला था फिर भी कोई बात नहीं, उस लड़के से दिव्या माँ का रिश्ता फिक्स कर दिया गया.

काजल: पूरा परिवार खुश था उन्हें कोई दुःख नहीं था की पहले छोटी बेटी का विवाह हो रहा है.

जल्दी hi शादी की डेट फिक्स हुयी और माँ दिव्या की शादी मेरे डैड से हो गयी, आज पहली बार उसके चाचा चची ने दिव्या से कहा.

दिव्या बेटी जहाँ तुम जा रही हो वहां सदा खुश रहना भले hi हम दोनों ने तुम्हे जनम नहीं दिया है लेकिन जो भी हम दोनों को जानते हैं उसे पता है की हम दोनों ने तुममे और अपनी बेटी में कभी भी फर्क नहीं किया है.

दिव्या: मैं जानती हूँ माँ पापा की मुझे आप दोनों ने जनम भले hi नहीं दिया है लेकिन मुझे ऐसा कभी भी महसूस नहीं हुआ की आप दोनों मेरे माता पिता नहीं हैं.

मैंने तोह उस माँ बाप का चेहरा भी नहीं देखा है जिसने मुझे जनम दिया, जब मैं बड़ी हुयी तोह आप दोनों की गौड़ में थी और आप दोनों की hi ममता और छाव के निचे पाली बढ़ी हूँ.






और देखो आज आप दोनों ने hi मुझे इस काबिल बनाया की मैं जहाँ भी रहूंगी खुद को सेफ फील करुँगी और अपना ध्यान खुद से रख पाऊँगी, आप दोनों ने मुझे इस काबिल बना दिया है माँ पापा.

क्या कोई गैर ऐसा कर सकता है बिलकुल भी नहीं, आप दोनों ने मेरा पालन पोषण किया है और पालन पोषण करने वाला हमेशा जनम देने वाले से बड़ा होता है, इसलिए आप दोनों कल भी मेरे माता पिता थे, आज भी हैं और कल भी रहेंगे.






रश्मिका: पूरा परिवार इस बिदाई को सहने के लिए तैयार नहीं था अर्जुन.

कितने सालो बाद इस घर में खुशियां आयी थी और दिव्या आज फिर से उसे अपने साथ hi ले जा रही थी.

ऐसा लग रहा था जैसे मेरे नाना नानी के भाग्य में 2 पल की भी खुश भगवन ने लिखी hi नहीं है, सिर्फ उनकी तक़दीर में दुःख hi लिख दिया गया हो.

खैर इन्हे अलग तोह होना hi था.

विदाई की समय मनो तीनो दिव्या से कह रही हो हम तुम्हारे बगैर कैसे रहेंगी दिव्या.

दिव्या को भी इस बात का आभाष हो गया था की उनके मैं में क्या चल रहा था इसलिए दिव्या ने कहा.

दिव्या: माँ, पापा और दीदी आप सब क्यों चिंता करती हैं, मेरी सिर्फ शादी हुयी है, मैं कहीं दूर नहीं जा रही हूँ???

मैं जिन्दा रहते हुए इस फॅमिली को मैं कभी भी अब फिर से दुखी नहीं होने दूंगी, क्या मुझे नहीं पता है की मेरे लिया आप तीनो ने क्या क्या सहा है.

आप दोनों खुद भूखे पेट सोये, लेकिन हम दोनों बहन को अपने हिस्से का भोजन खिलाया है.

जब कभी भी हम दोनों बहन भूख से परेशां हुयी, आप दोनों का दिल तड़पा है माँ पापा.

जब कभी आपने हम दोनों बहन को नई कपडे फेस्टिवल में नहीं दिलाया, आपका दिल हर बार रोया है माँ पापा.






आप दोनों को क्या लगता आप दोनों हम दोनों बहन से ये बात इतनी आसानी से छुपा लेंगी.

नहीं, बिलकुल भी नहीं हम दोनों बहन को सब कुछ पता है माँ पापा.

आप दोनों का हर एक दर्द और हर एक बेबसी हम दोनों बहन ने महसूस किया है.

आप दोनों को जब भी हमने बेबस पाया है दिल हमारा भी रोया है माँ पापा, आपको क्या लगता मुझे ये सब इतनी आसानी से मिल गया बिलकुल भी नहीं, आज मैं जो कुछ भी हूँ आप दोनों की एक एक आंसू की बून्द की कीमत हूँ.

आप दोनों की त्याग का परिणाम है ये दिव्या, मेरी दीदी के भरोसे और विश्वास का परिणाम है ये दिव्या.

माँ पापा मैं जहाँ भी रहूंगी, मेरी हमेशा आप तीनो पर नज़र रहेगी.

जब तक मैं जिन्दा हूँ, मैं किसी को कुछ भी नहीं होने दूंगी, किसी की आँखों में एक बून्द भी गम के आंसू कभी भी गिरने नहीं दूंगी माँ पापा.

आज मैं इस घर से भले hi जा रही हूँ, लेकिन ये मत समझना की मैं हमेशा वहीँ रहूंगी बिलकुल भी नहीं मैं भी अपनी ज्यादा से ज्यादा समय यहीं पर बिताया करुँगी माँ पापा.

रश्मिका: फाइनली दिव्या घर से बीड़ा होकर चली गयी और एक महीने में hi पेट से हो गयी.

और हम दोनों बहने अपनी माँ के गर्भ में आ गए और एक बार फिर से माँ और नाना नानी का परिवार खुश था, आज फिर से घर में 18 इयर्स बाद किसी का जनम होने वाला था.

काजल: टाइम बिता और माँ की दीदी यानि हम दोनों की मौसी की शादी भी फिक्स हो गयी डैड के hi एक दोस्त से जो की एक रिच फॅमिली से बिलोंग करते थे.

मौसी की भी देखते hi देखते शादी हो गयी, एक तरफ जहाँ घर पर ख़ुशी का मंज़र था की दोनों बहन अब खुशाल रहेंगी वहीँ माँ दिव्या को नाना नानी की चिंता थी की अब उन्हें अकेले नहीं छोड़ा जा सकता है.

ऐसे मैं डैड नाना नानी को अपने साथ घर ले आये.

आखिर कैसे न लेट, जहाँ माँ दिव्या को उनकी देखभाल के लिए नाना नानी की जरुरत थी तोह वहीँ अब नाना नानी को भी उनकी जरुरत थी.

रश्मिका: लेकिन ये ख़ुशी बस कुछ hi घंटो की थी अर्जुन.

क्योंकि सुहागरात को मौसी की हस्बैंड की अकस्मात् डेथ हो गयी और सबने इसका जिम्मेदार मेरी मौसी को ठहराया.

पता नहीं उन् लोगो ने मेरी मौसी के साथ क्या किया जिससे मौसी घर छोड़ कर चली गयी.

काजल: आगे सुनो अर्जुन मेरी माँ दिव्या की दर्द भरी कहानी.

किस्मत को इतने से hi रास नहीं आया और डैड को 5 डेज के बाद पता चला की मौसी के हस्बैंड की डेथ अकस्मात् हो गयी और तोह और मौसी की कोई खबर नहीं है.

नाना नानी के लिए ये खबर किसी भयानक दर्द से काम नहीं था.

खबर सुन कर दोनों को गहरा आघात लगा आखिर कैसे न लगता जिस बेटी के लिए उन् दोनों ने और कोई संतान न जनम देने का डिसिशन लिया था, वही उनकी बेटी उन् दोनों से दूर चली गयी और नाना नानी दोनों को हार्ट अटैक का शिकार हो गए, उन् दोनों की hi डेथ हो गयी.

तीनो अर्जुन, काजल और रश्मिका एक बार फिर से दुःख के उन् मंजर की कल्पना कर रो पड़े.

तीनो की hi आँखों से लगातार आंसू बहते चले गए.






जब तीनो शांत हुए.

रश्मिका: जो दिव्या अपनी जनम देने वाली माता पिता को कभी देख भी नहीं पायी थी और उनका डेथ हो गया, ऐसे में उनके चाचा चची ने उन्हें अपनी सगी बेटी जैसा प्यार दिया.

आज वो दोनों भी उन्हें छोड़ कर चली गयी, जिस बहन के साथ वह जवान हुयी थी वह भी माँ को छोड़ उनसे दूर चली गयी.

काजल: दिव्या माँ का पूरा परिवार आज सम्पत हो चुकी थी, माँ बिलकुल टूट चुकी थी, उन्हें कुछ समझ hi नहीं आ रहा था वो क्या करे.

माँ ने जिस परिवार को हमेशा रक्षा करने का प्रॉमिस किया था वही परिवार आज उन्हें छोड़ कर चली गयी थी.

माँ के पास क्या बचा था कुछ भी नहीं जीरो, जिस परिवार ने उसे सब कुछ दिया, आज वही परिवार माँ से दूर चली गयी एक बार फिर माँ के साथ किस्मत ने ऐसा खेल खेला और माँ का सब कुछ ख़तम हो गया था.

एक बार फिर से माँ अनाथ हो गयी और रह गयी बिलकुल अकेली इस भीड़ भरी दुनिया में.

माँ एक घरे सदमे में चली गयी थी जैसे माँ हसना hi भूल गयी हो, हमेशा दुःख के सागर में डूबी रहने लगी थी.

माँ खाना पीना जैसे सब कुछ भूल चुकी थी, उन्हें कोई सुध hi नहीं रह गयी थी की वो कौन है जैसे माँ को अब दुनिया से कोई मतलब hi नहीं रह गया हो.

हर गुजरते दिन के साथ माँ की हालत और ख़राब होती जा रही थी, आँखों से आंसू गिर गिर कर अब आँख से आंसू भी निकलना बंद हो गया था, मनो अब आँख में आंसू की एक बून्द भी नहीं बची हो, आँखों के साइड साइड ब्लैक स्पॉट दिखने लगा था.








रश्मिका: हम दोनों बहने hi माँ की गर्भ में थी ऐसे में माँ की पीड़ा और दुःख हम दोनों बहन को नुकसान पंहुचा सकती थी, इसलिए माँ को इस दुःख से बहार लाना जरुरी हो गया था वर्ण ये न माँ के लिए अच्छा होता और न hi हम दोनों बहन के लिए.

इसलिए डैड किसी तरह से माँ का दुःख पूरी तरह से ख़तम तोह नहीं कर सके लेकिन कुछ हद तक काम करने में जरूर सफल हुए.

काजल: टाइम पूरा हुआ और हम दोनों बहन का इस धरा पर जनम हुआ, एक बार थोड़ी सी खुशियां इस घर में लौटी और कितने hi महीनो के बाद माँ के फेस पर हम दोनों को देख कर थोड़ी सी मुस्कान आयी.

रश्मिका: आगे सुनो अर्जुन दिव्या माँ की दर्द भरी कहानी.

किस्मत को इतना hi रास नहीं आया धीरे धीरे हम दोनों बहने 4 इयर्स की हो गयी और फिर आया वो मनहूस दिन जिस दिन पापा भी हमे छोड़ कर चले गए और हम दोनों बहन के सर से पापा का हाथ हमेशा हमेशा के लिए छूट गया.

मौसी और चची दोनों बहन फुट फुट कर रोने लगी.








मैंने दोनों बहन को अपने साइन से लगा लिया.







जब दोनों शांत हुए.

रश्मिका: क्या तुम्हे पता है अर्जुन वर्ल्ड में किस कंट्री में सबसे ज्यादा कार एक्सीडेंट से डेथ होती है???

अर्जुन: हाँ मौसी, मैं जनता हूँ इसका आंसर, हमारा देश इंडिया hi है जहाँ सबसे ज्यादा कार एक्सीडेंट से डेथ होती है और कितने hi परिवार को इस तकलीफ से गुजारनी पड़ती है.

हर साल, हर महीने, हर दिन और हर घंटे न जाने कितनी hi डेथ इंडिया में इस इशू से होती रहती है और उसकी भरपाई साडी फॅमिली मेंबर्स को सहना पड़ता है.

ये हमारे कंट्री का सबसे बड़ी प्रॉब्लम में से एक है मौसी, हमे इस इशू पर ध्यान देने की बहुत hi ज्यादा जरुरत है.






काजल: एक बार फिर से माँ के साथ किस्मत ने ऐसा खेल खेला और पति का साथ भी छूट गया.

वह रे किस्मत ने भी क्या खेल खेला समय समय पर माँ दिव्या के साथ.

1. जनम लेते hi माँ बाप का साथ छूट गया, उनका प्यार नसीब होना तोह दूर की बात है उनका चेहरा तक माँ को नहीं पता है.

वह! किस्मत ने क्या खेल खेला इस नन्ही सी बच्ची के साथ.

2. जिस माँ बाप ने पाल पॉश कर बड़ा किया, उसका भी साथ छूट गया और एक बार फिर से माँ अनाथ हो गयी, फिर से एक बार माँ बाप का साया अपनी जवानी में hi खो दिया.

3. जिस बहन के साथ बड़ी हुयी उसकी कोई खबर नहीं है, आज भी माँ अपनी दीदी का इंतज़ार कर रही है की एक दिन वो जरूर आएगी लेकिन किस्मत तोह देखो, माँ अपनी बड़ी बहन का आज भी 30 इयर्स से सिर्फ इंतज़ार hi कर रही है, पता नहीं माँ का ये इंतज़ार कभी समाप्त होगा भी या नहीं.

4. जिस पति के सहारे इस घर में आयी थी उसने भी बिच राह में hi उसका साथ छोड़ दिया, 22 इयर्स में hi माँ विधवा हो गयी.

आज माँ के पास हम दोनों बहन के अलावा कुछ नहीं था, बिलकुल अकेली हो गयी थी माँ इस दुनिया में.

काजल: अब माँ के पास 2 रस्ते थे, या तोह वो टूट कर बिखर जाती या फिर एक शेरनी की तरह हम दोनों बहन का पालन पोषण करती.

माँ ने दूसरा ऑप्शन चुना और अपना गम और अपना दर्द सब कुछ भूल कर हम दोनों को आज इस काबिल बनाया है की हम दोनों बहन जहाँ भी रहे धरती की सीना को चिर कर उसे अपने सर्वाइवल के लिए बना लेंगे.

आखिर माँ कैसे न ये सब कर पति वो एक रियल फाइटर थी, पैदा लेते hi उसने जीने के लिए संघर्ष किया था.

माँ हम दोनों बहन की हीरो है, हम दोनों बहन की रोले मॉडल है और हमारे लाइफ की प्रेरणा का सोर्स है.

जिसने जिन्दा रहने के लिए hi बचपन से सब कुछ खोटी आयी थी, लेकिन कभी भी हालत उनकी इच्छा शक्ति को डिगा नहीं पायी और न hi माँ के हौसले को कभी डिगा पायी, माँ हर मुश्किल को सहती चली गयी.

रश्मिका: तुम्हे क्या लगता था अर्जुन हम दोनों को ये सब इतनी आसानी से मिल गया था बिलकुल भी नहीं, ये माँ की कठिन तपस्या और त्याग का परिणाम है.

हम दोनों बहन आज जो भी हैं, ये माँ की उसी कठिन तपस्या और त्याग का परिणाम है.

काजल: मरने से पहले डैड ने पता लगाया था अपने फ्रेंड के डेथ के बारे में तोह जानते हो अर्जुन डैड को क्या पता चला था???

अर्जुन: क्या चची???






रश्मिका: मौसा जी को उनकी hi भाभी ने सुहागरात की रात को दूध में पोटैशियम साइनाइड मिलाया था इस बात से अनजान मौसी घर को छोड़ कर चली गयी, उन्हें तोह कुछ पता hi नहीं था की उनके खिलाफ कुछ प्रॉपर्टी के लिए इतना बड़ा काण्ड रचा गया है.

जब माँ को ये बात पता चली तोह उस दिन माँ ने इस दुनिया का एक नया चेहरा देखा था.

कहाँ माँ का परिवार एक दूसरे पर सभी अपनी जान छिड़कते थे वहीँ एक परिवार ने प्रॉपर्टी के लालच में अपने hi देवर की जान ले ली थी.

काजल: क्या तुम्हे पता है अर्जुन ये पोटैशियम साइनाइड क्या है???

अर्जुन: यस चची, आईटी इस ओने ऑफ़ थे डेडलिएस्ट पोइसंस व्हिच कैन कॉज सुद्दीन डेथ ऑफ़ इनहेलर.

जिसे भी ये जहर दिया जाता है, उसकी दर्दनाक डेथ हो जाती है.

***


[Potassium Cyanide]

केमिकल फार्मूला: ककन.





क: आईटी स्टैंड्स फॉर पोटैशियम, आईटी इस वैरी लाइट मेटल एंड वैरी रिएक्टिव व्हिच बर्न्स विगोरोस्क्लि व्हेन आईटी केस तो थे कांटेक्ट ऑफ़ एयर एंड वाटर, थेरेफोरे आईटी इस केपट इनसाइड केरोसिन आयल.

स: आईटी स्टैंड्स फॉर कार्बन, आईटी इस थे एलिमेंट व्हिच इस फाउंड इन एव्री लिविंग बैंग्स.

न : आईटी स्टैंड्स फॉर नाइट्रोजन व्हिच इस थे मोस्ट आबूनदॉँत गैस इन आवर अट्मॉस्फेरे व्हिच एकाउंट्स 78 परसेंट बी वॉल्यूम अलोन एंड ओठेर्स अरे ओनली 22 परसेंट बी वॉल्यूम.

***

काजल: हमने माँ को कितनी hi बार हमारे साथ रहने के लिए कहा पर माँ कभी नहीं मणि, माँ को आज भी अपनी बड़ी बहन का इंतज़ार है.

अर्जुन: चची, लेकिन अभी भी मुझे कुछ क़ुएस्तिओन्स के आंसर नहीं मिले हैं.

काजल: तुम्हारे क्वेश्चन का आंसर हम कल देंगे अब रात बहुत हो चुकी है, अभी सो जाते हैं.

तीनो hi एक hi बीएड पर काजल के hi बैडरूम में सो गए.

थिस इस थे एन्ड ऑफ़ थे part 1 स्टोरी ऑफ़ दिव्या एंड हेर सिस्टर.

***


एडिशनल डाटा:

1. इंडिया है रीछेड ा रिकॉर्ड हाई नंबर ऑफ़ रोड क्रैश फाटलिटीज़ इन 2022, विथ ओवर 1.68 लाख डॉट्स पैर डे और ओने डेथ इन एव्री थ्री मिनट्स अकॉर्डिंग तो थे मिनिस्ट्री ऑफ़ रोड एंड ट्रांसपोर्टेशन.

2. इन 2022, थे इंडियन स्टेट विथ थे हाईएस्ट नंबर ऑफ़ रोड एक्सीडेंट्स वास् तमिलनाडु, विथ ओवर 64 थाउजेंड केसेस रिपोर्टेड, फोल्लोवेद बी मध्य प्रदेश, विथ मोरे थान 54 थाउजेंड रिपोर्टेड रोड एक्सीडेंट्स.

आईटी इस ओने ऑफ़ थे मोस्ट सीरियस इश्यूज ऑफ़ आवर नेशन. वे नीड तो थिंक अबाउट आईटी.

***

टोटल वर्ड्स काउंट: 4.1 क.

That's आल फॉर नाउ, ी होप यू गोंना लिखे थिस अपडेट. आईटी इस थे बिग्गेस्त episode टिल नाउ.
 
Hello फ्रेंड्स: इम्पोर्टेन्ट नोटिस.

# आप अपना वोट चाहे तो सभी चरक्टेर्स को दे सकते हो.

# आप अपना वोट बदल भी सकते हो.

#कोई शिवांगी को भी वोट दे दो यार कितनी ब्यूटीफुल ❤️ लेडी है.
 
अपडेट 58

ुनंस्वेरेद क़ुएस्तिओन्स एंड श्रेया भाभी

[Beautiful Sunday part 1]

रिकैप: पिछले अपडेट में हमने दिव्या और उसकी फॅमिली की स्टोरी पढ़ी थी फिर भी अर्जुन के मैं में कुछ सवाल थे क्या अर्जुन के डॉब्टस क्लियर होंगे या फिर अभी भी कुछ डॉब्टस ुनंस्वेरेद रहेंगे.

नाउ नेक्स्ट >>>

तीनो जब सोये थे तोह टाइम 2 ऍम हो रहा था और आज सुबह के 6:30 ऍम हो गया था और अभी तक इन तीनो की hi आईज नहीं खुली थी.

इन तीनो की आईज तब खुली जब ध्रुव ने इन् तीनो को जगाया.

ध्रुव: मुम्मा, मौसी और भैया उठ जाइये, देखिये कितनी देर हो चुकी है.

तीनो की hi ध्रुव की आवाज से आईज खुल गयी, जब अर्जुन ने वाच में टाइम देखा तोह टाइम 6: 37 ऍम हो रहा था.

अर्जुन: ओह! आज कितना लेट हो गया उठने में, आज तोह मेरी मॉर्निंग की प्रैक्टिस मिस हो गयी.

तीनो hi बीएड से उठ कर जल्दी hi फ्रेश होने चले गए.

तीनो फ्रेश हुए तोह टाइम 7:30 ऍम हो रहा था, काजल और रश्मिका दोनों बहन किचन में चली गयी ब्रेकफास्ट रेडी करने के लिए.

अर्जुन अपने रूम में बैठा था, नदिया नानी अर्जुन के रूम में आयी.

नदिया: क्या बात है अर्जुन बीटा आज पहली बार तुम्हारी नींद इतनी देर से खुली, तुम इतनी देर तक कैसे सोते रह गए???

अर्जुन: वो एक्चुअली नानी माँ, रात में मुझे चची और मौसी अपनी माँ दिव्या नानी की स्टोरी सुना रही थी तोह सोने में देर हो गयी, इसलिए मेरी आँख आज लेट से खुली है.






नदिया: क्या तुमने पूरी स्टोरी सुन लिया है???

अर्जुन: नहीं मुझे अभी भी मेरे सरे क़ुएस्तिओन्स के आंसर नहीं मिले हैं नानी.

नदिया: कोई बात नहीं, तुम्हे तुम्हारे हर सवाल का आंसर मिल जायेगा, okay.

अर्जुन: क्या आप भी दिव्या नानी माँ की स्टोरी जानती हैं नानी??

नदिया: हाँ सभी जानते हैं तुम्हारे मम्मी, पापा, चाचा, मौसा और मैं, सिर्फ तुम और ध्रुव hi नहीं जानते थे, पर अब तुम भी लगभग जान hi चुके हो अर्जुन बीटा.

अर्जुन: हाँ बस मुझे मेरे कुछ क़ुएस्तिओन्स के अंसवेरस मिल जाये जल्दी से.

नदिया: वो तुम्हे जल्द hi दोनों बहन से मिल जायेगा.


[At The Breakfast Table]

सभी ब्रेकफास्ट कर रहे थे तभी अर्जुन का फ़ोन बीप हुआ, देखा तोह श्रेया भाभी का मैसेज था.

[Sriya Text message]

घर पर कोई नहीं है, माधुरी मम्मी अपने होटल चली गयी है, आ जाओ देवर जी मुझे तुम्हारी जरुरत फील हो रही है.

अर्जुन ने काजल क्वीन को मैसेज दिखाया तोह काजल ने हाँ कहने के लिए बोल दिया.

अर्जुन ने टेक्स्ट लिख कर मैसेज सेंड कर दिया.


"अभी मुझे थोड़ा सा लेट होगा, मैं 12 पं के बाद आऊंगा भाभी."

उधर से तुरंत श्रेया का रिप्लाई भी आ गया कोई बात नहीं देवर जी, आराम से आइये कोई जल्दबाज़ी की बात नहीं है.

ब्रेकफास्ट ख़तम कर तीनो एक बार फिर से काजल के बैडरूम में आ गए थे.

काजल: हाँ तोह बोलो अर्जुन तुम्हे अपने कौन कौन से क़ुएस्तिओन्स के अंसवेरस चाहिए जो तुम्हे अभी तक नहीं मिले हैं???

अर्जुन: मेरा पहला सवाल है, यदि आपके डैड ने ये पता लगा लिया था की उनके फ्रेंड की डेथ उनकी भाभी ने मिल्क में जहर मिला कर किया था तोह फिर आपके डैड यानि नाना जी ने उनके साथ क्या किया??

क्या उन्होंने उसके खिलाफ कोई शख्त कदम नहीं उठाया??






रश्मिका: तुम्हारे इस क्वेश्चन का आंसर मैं देती हूँ अर्जुन.

जब तक डैड ने ये बात पता लगाया था तब तक 2 इयर्स लगभग गुजर चुके थे.

और किस्मत की माया तोह देखो, कहते हैं न जैसी करनी वैसी भरनी (अस यू सौ, सो शॉल यू रेआप), ठीक उनके साथ भी इतना बुरा हुआ की डैड को उनके खिलाफ कोई शख्त कदम उठाने की जरुरत hi नहीं पड़ी थी.

अर्जुन: आखिर ऐसा क्या हुआ उनके साथ की नाना जी को कुछ भी करने की जरुरत नहीं पड़ी उनके खिलाफ????

काजल: क्योंकि उनका बिज़नेस पूरा दुब गया और वो रोड पर आ गए, पूरी तरह से बर्बाद हो गए, और कहते हैं जो पहले से hi मारा हो उन्हें और क्या मारना, इसलिए डैड को कुछ भी करने की जरुरत hi नहीं पड़ी, क्योंकि टाइम ने उन्हें खुद सजा दे दिया था.

उन्हें अपने कर्मो की सजा खुद उन्हें टाइम ने दिया अर्जुन इसलिए कहते हैं, नथिंग इस बिग्गेर थान टाइम.

टाइम इस प्रेसियस एंड आईटी नेवर केस बैक, सो वे शुड रेस्पेक्ट एंड वैल्यू आईटी.

अर्जुन: नाना जी ने बिलकुल सही किया जो पहले से hi बर्बाद हो उनके पीछे अपना हाथ क्यों गन्दा करना.

रश्मिका: तुम्हारा दूसरा क्वेश्चन क्या है अर्जुन???

अर्जुन: मेरा दूसरा क्वेश्चन है की दिव्या नानी माँ को ऐसा आज भी क्यों लगता है की उनकी बहन अभी भी जिन्दा है और एक दिन उनके पास जरूर लौट कर आएगी, हो सकता है की उनकी भी डेथ हो गयी हो???






काजल: हमने भी माँ को कितनी बार यही कहा है अर्जुन की मौसी की डेथ हो चुकी है, नहीं तोह अब तक वो काम से काम एक बार अपनी छोटी बहन से जरूर मिलने के लिए आयी होती.

अर्जुन: तोह फिर दिव्या नानी क्या कहती है इस बारे में??

रश्मिका: माँ कहती है मेरी दीदी जिन्दा है और एक दिन उनके पास जरूर लौट कर आएगी, उन्हें इस बात का पूरा विश्वाश है.

अर्जुन: क्या नानी के इस विश्वास की कोई ठोस वजह है????

काजल: हाँ, माँ कहती है की की उनका हार्ट कहता है की मेरी दीदी जिन्दा है और एक दिन जरूर लौट कर आएगी, इसलिए माँ आज भी उसी घर में अपनी बड़ी बहन का इंतज़ार कर रही है जिस घर को उसकी बहन ने देखा हुआ है.

अर्जुन: Okay! मेरा नेक्स्ट क्वेश्चन है, मुझे बहुत सारा नाम अभी तक पता नहीं चला है, इसलिए मेरा तीसरा क्वेश्चन है आपकी मौसी का नाम क्या है????

रश्मिका: क्या अभी तक हमने तुम्हे माँ के अलावा किसी की भी नाम का जीकर किया है अर्जुन????

अर्जुन: नहीं किया है.

काजल: तोह फिर इस क्वेश्चन का आंसर टाइम पर छोड़ दो, यदि तुम्हारी किस्मत में ये जानना लिखा होगा तोह तुम जान जाओगे वर्ण इस सवाल का आंसर तोह तुम अभी भूल hi जाओ फिलहाल के लिए समझे.

अर्जुन: जैसी आपकी विश माय क्वीन.

मेरा सबसे बड़ा क्वेश्चन अभी भी ुनंस्वेरेद है.

रश्मिका: कौन सा क्वेश्चन अर्जुन???

अर्जुन: वैसे तोह मुझे बहुत हद तक ये बात क्लियर हो hi गया है फिर भी बता hi दीजिये की आप दोनों ने इतनी अच्छी फाइटिंग कहाँ से सीखा है???

रश्मिका: इस क्वेश्चन का आंसर बहुत लम्बा है अर्जुन, इसलिए तुम्हे हम इस क्वेश्चन का आंसर बाद में कभी दे देंगी.

अभी तुम्हारा श्रेया के पास जाने का टाइम हो गया है, तुम वहां चले जाओ इस क्वेश्चन का आंसर तुम फिर दूसरे किसी दिन जान लेना.

अर्जुन: जैसा आप कहे मौसी.

मैं दोनों को bye बोल कर श्रेया भाभी के घर के लिए निकल गया.


[Shreya Home]

मैं श्रेया भाभी के घर आ गया.

श्रेया भाभी मेरा hi इंतज़ार कर रही थी.

श्रेया: आ गए देवर जी बोलो कुछ लोगे क्या???

अर्जुन: हाँ! आज तोह मैं बहुत कुछ लूंगा आपसे और आपको भी दूंगा.






श्रेया अर्जुन के बातों का मतलब समझ कर ब्लश करने लगी.

श्रेया: बोलो क्या चाहिए मेरे अर्जुन को, अगर मेरे बस में हुआ तोह मैं जरूर दूंगी???

अर्जुन: अभी रहने देता हूँ भाभी जब राइट टाइम आएगा मैं आपसे मांग लूंगा और मुझे उम्मीद है तब आप कोई बहाना नहीं करेंगी और मुझे जरूर देंगी.

श्रेया: मैं भला बहाना क्यों करुँगी जो मेरे पास होगा वो मैं तुम्हे जरूर दूंगी ये मेरा प्रॉमिस है तुमसे.

अर्जुन: Okay! वो हम बाद में देखेंगे, पहले हम अभी का काम कर लेते हैं.

श्रेया: जरूर, इसलिए तोह मैंने मेरी सास के जाते hi तुम्हे यहाँ आने के लिए टेक्स्ट मैसेज कर दिया था.

अर्जुन: लगता है बहुत तड़प रही हैं आप, आज मैं फिर से आपकी साडी तड़प को मिटा hi देता हूँ.

श्रेया : बिलकुल यही तोह मैं तुमसे चाहती हूँ और हाँ देवर जी आज मैं भी तुम्हे ऐसा मजा दूंगी की तुम भी मुझे कभी भी बिलकुल भूल नहीं पाओगे.

श्रेया उठ कर दूसरे कमरे में चली गयी, जब लौट कर आयी तोह उसके हाथ में 2 डिब्बे थे.

अर्जुन : इसमें क्या है भाभी??

श्रेया: ये अभी फिलहाल के लिए सरप्राइज है, कुछ देर के बाद तुम्हे खुद hi पता चल जायेगा की इसमें क्या है.

अर्जुन: Okay! क्या करना है अब फिर आप hi बोलो???






श्रेया: मैंने तुम्हे जिस काम के लिए बुलाया है वही करेंगे और क्या करेंगे???

अर्जुन: ठीक है तोह फिर मैं बिलकुल तैयार हूँ, बोलो क्या करना है????

श्रेया: तुम्हे कुछ भी नहीं करना है देवर जी जब तक मैं तुम्हे परमिशन नहीं देती दूँ, okay.

अर्जुन: Okay! मैं समझ गया, जैसा आप कहेंगी मैं बिलकुल वैसा hi करूँगा.

श्रेया भाभी मुझे अपने बैडरूम में ले आयी और मुझे बीएड पर सुला दिया.

सबसे पहले अपनी जीभ निकल कर मेरे गाल को चाट कर अपनी थूक से गीला करने लगी.

जब गाल पूरी तरह से गीला हो गया तोह श्रेया भाभी मेरे शर्ट को निकल दी और मेरे पेट को चूमने और चाटने लगी, साथ hi साथ मेरे पेट को अपनी थूक से पूरा गीला कर दिया.






कुछ देर बाद श्रेया भाभी अपनी टंग से खेलने लगी, मुझे गुड़ गुड़ी होने लगी.

ये पहली बार था जब कोई मेरे साथ इस तरह का प्यार कर रही थी.

ये प्यार भी एक अलग hi तरह की थी जो मेरे बदन की गर्मी को बढ़ा रही थी और मुझे सेक्स के लिए एक्साइट कर रही थी.

अर्जुन: बस कीजिये भाभी मुझे कुछ अलग hi तरह का नशा चढ़ने लगा है.

श्रेया: अभी कहाँ देवर जी, अभी तोह मजे की शुरुवात हुयी है, आगे आगे देखो तुम्हारे साथ आज क्या क्या होता है अभी तोह खेल स्टार्ट हुआ है.

श्रेया भाभी ने मेरी पैन्ट्स और अंडरवियर को उतर दिया और मेरे लुंड पर बटर लगाने लगी जो डब्बे में लायी थी.

अर्जुन: अच्छा तोह ये डब्बा आप इसी लिए लायी थी???

श्रेया: हाँ!

मैंने आज सोच लिया था की आज मैं अपने देवर अर्जुन को जन्नत दिखाउंगी जो मुझे स्वर्ग दिखता है, इसलिए तोह मैंने अपने सास के जाते hi तुम्हे मैसेज कर आने के लिए बोलै था अपने देवर को स्पेशल प्यार देने के लिए.

मुझे भी श्रेया भाभी की जरुरत थी, क्योंकि दिव्या नानी माँ की स्टोरी सुन कर मेरा मैं भी विचलित था दिव्या नानी के लिए.

कुछ देर के बाद श्रेया भाभी ने मेरे लुंड पर अच्छी तरह से बटर को पूरा लगा दिया और लॉलीपॉप के जैसे चूसने लगी.

कभी ऊपर ऊपर से मेरे लुंड को चूमने और चाटने लगी तोह कभी पूरा लुंड मुँह में ले कर चूसने लगी.








श्रेया: आह! क्या स्वाद आ रहा है अर्जुन, आज तुम्हारे लुंड का इसका टास्ते तोह पहले से भी ज्यादा मजा आ रहा है, ऐसा लग रहा है जैसे पूरा का पूरा चुस्ती hi राहु.

अर्जुन: तोह चूसते रहिये न भाभी किसने रोका है, आज ये आपका hi है, जो करना है आप इसके साथ करते रहिये.

श्रेया भाभी मेरे लुंड को पूरा अपने मुँह में भर कर चपर चपर चूसने लगी, मैं भी श्रेया भाभी की बाल को पकड़ कर हेल्प करने लगा.






मुझे आज श्रेया भाभी एक नए आनद का अलौकिक मजा देने लगी, ऐसा मजा आज मुझे पहली hi बार मिल रहा था.

जब श्रेया भाभी का मैं पूरा 20 मिनट्स तक लुंड को चूसने के बाद भर गया तोह लुंड अपनी मुँह से निकल दी और बोली.

वह! मजा आ गया अर्जुन, क्या टास्ते है तुम्हारे लुंड का और माखन लगाने से टास्ते और भी ज्यादा भाड़ गया है.

अर्जुन: क्या आपने इससे पहले ये किया था भाभी????

श्रेया: No! आज hi पहली बार कर रही हूँ.

अर्जुन: फिर आपको कैसे पता चला इसके बारे में???

श्रेया: पोर्न मूवी में देख कर पता चला.

अर्जुन: गन्दी भाभी आप पोर्न मूवीज देखती हैं ये अच्छी बात नहीं है.

श्रेया: नहीं पहले देखती थी, क्योंकि कभी कभी खुद को शांत करने के लिए पोर्न का सहारा लेना पड़ता था पर अब तुम हो न अब जरुरत नहीं पड़ेगी मुझे पोर्न देखने की.

अर्जुन: कोई बात नहीं भाभी मेरा भी थोड़ा फायदा हो गया, इससे एक नए सुख का आपने एहसास कराया है आज मुझे.

श्रेया: मजा आया तुम्हे???

अर्जुन: हाँ बहुत मजा आया.

श्रेया: अब तुम्हारी बारी मुझे खुश करने की.

अर्जुन: Okay, जैसी आपकी विश.

मैं श्रेया भाभी को किश करने लगा, श्रेया भाभी भी मुझे किश करने लगी, हम दोनों hi एक लम्बे फ्रेंच किश में दुब गए.






हम दोनों hi अपना अपना जीभ एक दूसरे की मुँह में दाल कर एक दूसरे का थूक निगल रहे थे, एक दूसरे की जीभ से कुस्ती करने लगे.

जब हम दोनों को ब्रीथिंग प्रॉब्लम होने लगी तोह हम दोनों ने किश तोड़ दिया.

हम दोनों अलग होकर लम्बी लम्बी सांस लेकर अपनी सांस को कण्ट्रोल करने लगे.

जब हमारी सांस फिर से नार्मल हो गयी तोह मैंने श्रेया भाभी की दूध को उनके साडी को हटा कर ब्लाउज के ऊपर से hi दबाने लगा.








श्रेया भाभी धीरे धीरे अपनी मुँह से कामुक आवाज़ निकलने लगी.

श्रेया: ब्लाउज और ब्रा निकल कर अच्छे से दबाओ, मसलो और चुसो अर्जुन, तब तुम्हे और मुझे हम दोनों को hi और ज्यादा मजा आएगा.

मैंने भाभी की ब्लाउज, ब्रा और साडी को निकाल दिया, अब भाभी ऊपर से बिलकुल नंगी हो गयी.






मैं श्रेया भाभी की एक एक दूध को मसल मसल कर चूसने और दबाने लगा, श्रेया भाभी मजे के कारन बहुत hi मादक भरी सिसकार करने लगी.







हाँ हाँ हाँ, ऐसे hi इन्हे मसलो अर्जुन.

आआआआ ह्ह्हह्ह्ह्ह, कसम से बहुत मजा दे रहे हो तुम मुझे.








मैं श्रेया भाभी की बूब्स को चूसने और मसलने लगा, साथ hi साथ दबाने भी लगा और वो टाइम भी आ गया जब श्रेया भाभी ने कहा अब इन्हे छोड़ दो देवर जी ये दर्द करने लगे हैं.

मैं श्रेया भाभी की बूब्स को छोड़ कर उनकी नाभि को अपनी जीभ से चाटने के साथ खेलने लगा.






श्रेया भाभी की मस्ती भरी सिसकार निकलने लगी.

ऐसा लगने लगा जैसे नाभि उनके लिए एक्ससिटिंग पॉइंट हो जो उन्हें और ज्यादा एक्साइट करती हो.

श्रेया: आह उउउउ उउउ माँ यह यह देवर जी, लगता है तुम मेरा पानी बिना कुछ किये hi निकल डोज.

ये सुनते hi मैंने श्रेया भाभी की नाभि से खेलना छोड़ दिया.

क्योंकि चुदाई के समय पानी जितना hi ज्यादा निकलती है उतना hi मजा आता है, क्योंकि पानी के निकलने के कारन जो छाप छाप की आवाज आती है मुझे बहुत एक्साइट करती है और मेरा मजा दुगुना हो जाता है.

श्रेया: हाँ अब ठीक है नहीं तोह मैं अभी झाड़ गयी होती.

मैंने अब भाभी की पेटीकोट और पंतय को भी उनकी शरीर से निकाल दिया, भाभी अब पूरी तरह से नंगी हो गयी.






और मैं श्रेया भाभी की गुलाबी और रास से भरे छूट को सहलाने लगा.

श्रेया: ऐसा क्या देख रहे हो अर्जुन???

अर्जुन: देख रहा हूँ मेरी भाभी की छूट कितनी प्यारी है एक डैम गुलाबी गुलाबी और साइड साइड जो आपने बाल से सजा रखा है अपनी छूट को बहुत hi लाजवाब है और बहुत hi खूबसूरत दिख रही है.

श्रेया: ये अब आपके hi हैं देवर जी, इनसे खूब प्यार करो और मुझे भी मजा दो और खुद भी मजा लो.

मैं श्रेया भाभी की छूट से खेलना लगा और अपनी जीभ से उनकी क्लाइटोरिस को छेड़ने लगा जिससे भाभी की छूट से थोड़ी hi देर में थोड़ा थोड़ा पानी आना शुरू हो गया.

मैं समझ गया की अब असली काम करने का टाइम आ गया है.






मैंने अपने लुंड पर अपने थूक से गीला किया और थोड़ी सी थूक श्रेया भाभी ने भी अपनी छूट पर लगा दिया.







मैंने लुंड को छूट की छेड़ पर सेट किया और एक जोरदार शॉट मारा, लुंड भाभी की छूट में 35 परसेंट अंदर चला गया.





श्रेया: थोड़ी देर ऐसे hi रुक जाओ अर्जुन, थोड़ा दर्द काम होने दो.

मैं श्रेया भाभी का मैं भटकने के लिए उनकी बूब्स धीरे धीरे दबाने लगा और लिप्स को किश करने लगा कुछ hi देर में भाभी का दर्द थोड़ा काम हो गया.

मैंने मौका देख कर एक और करारा शॉट मारा, लुंड छूट में 70 परसेंट से ज्यादा अंदर चला गया.

श्रेया भाभी की आईज में साफ़ साफ़ आंसू देखे जा सकते थे.

अर्जुन: भाभी ये आपके आईज में आंसू कैसे???

श्रेया: आंसू तोह निकलने hi है अर्जुन जब इतना दर्द होगा, अभी भी मैं तुमसे सिर्फ एक बार hi चूड़ी हूँ तोह मेरी छूट तुम्हारे लुंड के लायक पूरी तरह से हुयी नहीं है.

मैं श्रेया भाभी को उतने hi लुंड से छोड़ने लगा कुछ hi देर में श्रेया भाभी को और मजा आने लगा.

भाभी की छूट से पानी निकलना शुरू हो गयी और लुंड अब आराम से छूट में जाने लगा मैंने यही मौके को सही जान कर एक जोर का प्रहार किया और मेरा लुंड पूरा जड़ तक भाभी की छूट में अंदर चला गया.

मेरे पुरे लुंड को भाभी की छूट ने पूरी तरह से अपने अंदर निगल लिया.

जब श्रेया भाभी का दर्द समाप्त हो गया तोह मैं भाभी को हलके हलके धक्को के साथ छोड़ने लगा.








श्रेया: ओह हाँ ऐसे hi करते रहो अर्जुन, बहुत hi मजा आ रहा है अब.

यह यह यह आए उउउ हाँ ऐसे hi धीरे धीरे करते रहो.

मैंने थोड़ी स्पीड बढ़ा दी और श्रेया भाभी को धीरे धीरे, मगर पूरा लुंड बहार निकाल कर पूरा अंदर तक ले जाकर छोड़ने लगा मुझे भी अब श्रेया भाभी को छोड़ने में बहुत मजा आने लगा.






लुंड के छूट में जाने से जो पानी निकली रही थी उसके कारन पहच पहच की आवाज आने लगी.

मैं श्रेया भाभी को अब मजे से छोड़ने लगा और भाभी बहुत की कामुक सिसकारी निकलने लगी.








Aaaaaaaaaaaaaa uuuuuuuuuuuuuuuuu hhhhhhhhhhh ccccccccccccc आआ hhhhhhhhhhhh ुम्ह यह ुम्ह यह ओह माँ.

मैं भाभी को 20 मिनट्स से छोड़ रहा था और हम दोनों को hi एक अलौकिक सुख का आनंद मिलने लगा.

मैंने पोजीशन चेंज कर लिया और श्रेया भाभी को छोड़ने लगा.

भाभी एक hi साथ दर्द और ख़ुशी से मोअन करने लगी.










धीरे अर्जुन, प्लीज आराम आराम से करो तुम्हारा लुंड बहुत बड़ा है यह धीरे करो न मेरा बेबी, मेरा जानू प्लीज धीरे धीरे करो.

अअअअअअअ उउउउउउउउ कक्ककक्कक्स हहहहहह उउउ ुम्ह यह यह यह यह आह यह.

मैं उसी पोजीशन में श्रेया भाभी को धीरे धीरे छोड़ने लगा, अब श्रेया भाभी मस्ती भरी सिसकार करने लगी.






आआआ उउउउउ कक्कक्स जानू बहुत अच्छा लग रहा है हाँ ऐसे hi करो.

अअअअअ उउउउ कक्कक्स हहहह यह यह ओह माँ बहुत डीप जा रहा है तुम्हारा लुंड मेरी छूट में अर्जुन.

आह यह उउउउ यू अरे मेकिंग में सो एक्स्टैटिक, यह उउउउ ककक बेबी बहुत मजा दे रहो हो मुझे, यह धरती पर hi स्वर्ग का सुख दे रहे हो अर्जुन ओह माँ.

मैंने अपनी और भाभी की पोजीशन एक बार फिर से चेंज कर लिया और पीछे से लुंड को छूट में सेट कर के छोड़ने लगा.








श्रेया: आह यह ुम्ह उफ़ यह ू यह आआ उउउउ ककक हहह ककक यह ओह माँ इस पोजीशन में तुम्हारा लुंड और कैसा कैसा मेरी छूट में जा रहा है अर्जुन.

ओह माँ हाँ ऐसे hi छोड़ो अपनी श्रेया भाभी को अहह उउउउ कक्कक्क्स बेबी बहुत मजा आ रहा है मुझे यह क्या कमाल के हो तुम अर्जुन.

मैंने भाभी को इस पोजीशन में 10 मिनट्स तक छोड़ा.

फिर मैंने भाभी को अपने ऊपर लिटा लिया.

अब श्रेया भाभी खुद hi मेरे लुंड पर उछलने लगी जिससे भाभी की बूब्स हिलते हुए एक कामुक सन बनाने लगा.






इस पोजीशन में श्रेया भाभी की हिलते हुए बूब्स मुझे एक अलग hi आनंद की अनुभूति दे रही थी.

मैं भी निचे से जोर लगा कर भाभी को छोड़ने लगा.






एक बार फिर से श्रेया भाभी के मुँह से यह यह यह ुम मममम ककक उउउउ हाँ हाँ हहह की आवाज निकलने लगी.

भाभी की जांघ से मेरा जांघ टकरा कर थप थप थप की आवाज करने लगी और छूट से निकली रास के कारन पहच पहच पहच और छाप छाप की आवाज आ रही थी.

ऐसा लगने लगा मनो बारिश हुआ हो और मैं उस पानी पर चल रहा हूँ जिससे छाप छाप की आवाज आ रही है.

हर बढ़ते लम्हे के साथ मजे में बढ़ोतरी हो रही थी और हम दोनों अपने अपने डेस्टिनेशन की और पहुँच रहे थे.

अभी तक श्रेया भाभी आलरेडी कई बार अपना पानी अपनी छूट से निकाल चुकी थी.

मुझे श्रेया भाभी को छोड़ते हुए काफी देर हो चुकी थी.

मैंने एक बार फिर से पोजीशन बदल कर श्रेया भाभी को काफी जोर जोर से छोड़ने लगा.

मैं जितना तेज़ी से धक्के मार रहा था श्रेया भाभी भी उतना hi जोर से सिसकारी लेने लगी.






आह यह यह उउउउ आआ कक्कक्स ुम्ह उउउउउ ककक ओह गॉड यू अरे पेनेट्रेटिंग में सो हार्ड, सो डीप, यू अरे सुच ा फूकिंग मॉन्स्टर, ओह गॉड प्लीज सेव में फ्रॉम थिस मॉन्स्टर.

आआ उउउउउ यह ओह माँ बचाओ मुझे इस दानव से, ऐसा लग रहा है जैसे मेरी जान निकल रही है.

यह उउउ यह ुम्ह ुम्ह ुम्ह ुम्ह उफ़ यह उउउ आआ की मादक और कामुक भरी सिसकारी निकलने लगी.

अर्जुन अब बस भी करो मेरी जान जा रही है, अब निकाल लो अपना गरम गरम घड़ा वीर्य मेरी छूट के अंदर मैं जल्दी से तुम्हारे बच्चे की माँ बनाना चाहती हूँ.

अर्जुन: बस हो hi गया भाभी.

मैं तेज और तेज 10-12 शॉट मार कर श्रेया भाभी की छूट में hi अपना सारा माल निकाल दिया.






हम दोनों ऐसे hi एक दूसरे की बाँहों में पड़े रहे.

***

टोटल वर्ड्स काउंट 3.3क, टी
hat's आल फॉर नाउ.
 
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