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- Dec 5, 2013
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अपडेट. 53
रूपा देवी .....कल को ये भी उसके जैसे भाग गई तो फिर ढूंढ़ते रहना इनको भी जैसे आज तू दंड रहा है
जोरावर .....मैं क्यों ढूंढ़ने लगा भला उसको
रूपा देवी ......कुछ दिन पहले किस से बोल रहा था फिर तू फ़ोन पे वही था न तेरा दोस्त महेंद्र ठाकुर
विक्रम सिंह ......रूपा चुप कर के खाना खा आवर अगर दुबारा बचिए पे गुस्सा किया तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा कह देता हूँ
खाना खाओ आवर जाओ अपने अपने रूम में
सब खाना खा कर अपने अपने रूम की आवर निकल जाते है ......
अब आगे ........
लेट रात तक सूर्य फॅमिली दिल्ली पहुंच चुकी थी
शिव अपने फॅमिली के साथ होटल में स्टे करता है
सूर्य ......डैड हम कब दादू से मिलेंगे
शिव ......बीटा थोड़ा वेट करो हम कल चल तो रहे है बस अब सो जाओ
सूर्य ......OK माँ डैड गुड नाईट
सूर्य दोनों के बिच लेट जाता है
रात तक़रीबन 2 बजे के आसपास सूर्य फिर से बड़बड़ाने लगता है
जिअ से शिव आवर शालिनी के आँखे खुली जाती है
सूर्य नींद में हस्ते हुए
सूर्य ........स्वीटी मैं आ गया हूँ अब कभी तुजसे दूर नहीं जाऊंगा
शिव .......शालू देखो हमारा बेटे को कैसे बहु को याद कर आपने देख रहा है
shalu.....ha देखो तो जार्स इसका चेहरा कितना खुश है मेरा बच्चा
शालिनी अपने बेटस को अपनी आवर गुमा कर अपने सीने से चिपका लेती है
कुछ देर में हे सूर्य का बड़बड़ाना बंद हो जाता है
वही �किरण भी किसी का सपना देख रहे थी
जिसका भी सपना वो देख रहे थी वो कुछ खास हे था �किरण के लिया जो की उसके चेहरे पे चाय खूबसूरत मुस्कान बता रहे थी
सुबह सबसे पहले सूर्य उठ जाता है
आवर अपने माँ डैड को भी सुबह जल्दी हे जगह देता है
शालिनी ......लगता है मेरा बेटे को कुछ ज्यादा हे जल्दी है दादा दादी नाना नानी से मिलने की
शिव ......चलो भाई बेटे के चाकर में कही बीबी के हाथो हे न पिट जॉन जल्दी हे त्यार hi कर एयरपोर्ट की आवर निकलते है
सूर्य .......डैड हम बी कार जायेंगे यहाँ से
शिव .......बीटा उसमे काफी टाइम लगेगा
सूर्य .....प्लेसेस डैड
शालिनी ......OK बीटा शिव आप नई कार ले लीजिये उस से हे चले है हम
शिव कार को किसी कार शोरूम की आवर गुमा देता है वह से नई कार ले कर
निकल पड़े सूर्यगढ़ की आवर जो की लगभग 5,6 हर का बी रोड रास्ता था
सूर्य .......डैड देखिये कितने अच्छा जगह है यहाँ के लोग देखो कैसे गम रहे है ी लव इंडिया
शालिनी .......लगता है जी अब आपको यही पे अपना बिज़नेस सेट कर लेना चाइये मुझे नहीं लगता सूर्य वापिस जायेगा
शिव .......मैं भी यही रहा चाहता हूँ शालू पैर माँ बाबा के साथ
अगर उन्होंने हमें सवीकार किया तो हम यही पे रहेंगे
ऐसे बात करते हुए ये लोग 4 हर की ड्राइव करते हुए जयपुर के पास पहुंचे
सूर्य .....डैड मुझे भूख लगी है
शिव .....OK बीटा कोई अच्छा आ होटल देख कर खाना कहते है वैसे भी दोपहर होने को है
सूर्य .....होटल नहीं पापा वो टास्ते पे स्टाल लगता है न बाद वाला वही पे खाएंगे खाना
शिव ......हाहाहा यू मैं दाभे पे
सूर्य .....है डैड वो देखे वही खाना कहते है
शिव आगे एक पंजाबी दाभे पे कार रोक देता है
सूर्य जल्दी से कार रुकते हे निचे उतर जाता है
शालिनी .....अरे बीटा आराम से हम भी आ रहे है
सूर्य अच्छे से दाभे में गम गम कर देखता है
दाभे वाले सरदारजी
सरदारजी ......तुस्सी के वेख रहे हो पुत्रजी
सूर्य उनकी देखने लगा कुछ समाज तो आया नहीं सूर्य को सरदारजी क्या होल
पीछे से आया हुआ शिव
शिव ....नमस्ते अंकल जी वो मेरा बीटा है उनसे आज दभा पहली बार देखा है तो कुछ ज्यादा हे खुश जो गया
आवर उसको पंजाबी समाज नहीं आती आवर माफ कीजियेगा मुझे भी पंजाबी नहीं आती
सरदारजी ......कोई बात बीटा जी आप बैठो बीटा अभी खाना लगवाता हूँ
सूर्य .....डैड हम बहार बेथ कर हे खाना कहते है
शालिनी शिव के मन में कुछ बोलती है
शिव ....अंकल जी यहाँ कोई लेडीज बाथरूम है क्या
सरदारजी ......है बीटा जी है तो सही पर वो सायद ठीक नहीं है आप अंदर जाओ बेटी के ले कर मेरा बाथरूम उसे कर लो यहाँ बहार में सराबी नसेड़ी लोग बाथरूम ख़राब कर देते है
शिव सूर्य आवर शालिनी को अंदर भेज देता है
शिव .....शुक्रिया अंकल जी
सरदारजी .....बीटा जी कोई बात नहीं बिटिया को परेशानी न hi बस इस लिया हे किया
अभी ये लोग बात कर रहे थे की एक कार वह आ कर रूकती है जिसमे सरब से जुलते 4,5 लोग 30,35 के आगे के उतारते है हाथ में सरब की बोतल सब नशे में झूम रहे थे
दाभे पे काम करने वाला एक लड़का इन सबको के पास पानी रख खाने का आर्डर लेता है आवर चला आया है कुछ देर में सेबल सामने खाना रख कर वो अपने काम में लग जाता है
ीदार सूर्य आवर शालिनी भी बाथरूम से फ्रेश hi कर आ गए थे
सरदारजी .....बीटा जी आप यही पे बेथ कर खाना खाया बिटिया साथ में है आवर बहार वो सराबी बे थे है कुछ ऊंच नीच जो जाएगी
शिव ने एक बार सबको देखा फिर उनसे अंदर बेथ न हे ठीक समजा क्युकी शालिनी भी साथ थी आवर सूर्य भी साथ था
तीनो का खाना लग गया तीनो आराम से मज़े से खाना खाया रहे थे
तभी उनमे से एक की नज़र शालिनी पे पेड जो इस वक़्त लाल साड़ी में लाल पारी से काम नहीं लग रहे थी

सराबी 1.....वह देख भाई क्या जबरदस्त लाल मिर्च है
उसकी बात सुन कर सबकी नज़र उस तरफ गई जहा पे ये तीनो खाना खा रहे थे
.सराबी.2 .....भाई मॉल तो कड़क सरब है
मिसाल भी खुद के जैसे गिस्सी पीठि दे दे
इनका बॉस या लीडर
बॉस .....देख क्या रहे hi उठा लो साली को अभी पूरा मिरच मसलते है
एक एक करके अपने बोतल सरब की पि कर ख़तम करते है
आवर शालिनी की आवर बैश जाते है
सरदारजी इन को देख लेता है पैर वो भी कुछ करने में असमर्थ था रोजी रोटी जो चलनी थी
बॉस शालिनी के पास पहुंच कर निचे जुकता है
शिव ......ये क्या बतमीज़ी है दूर हटो वह से
बॉस .....हाय वाली क्या थिंक लाल मिरच है
इसको चखने में मज़ा आएगा
शालिनी को फार लगने लगता है क्युकी वो 5 थे आवर शिव अकेला
सूर्य ......माँ आप ठीक तो है
शालिनी अब अपने बेटे को क्या जबाब देती
शिव खड़ा hi कर उस बॉस को देखा दे देता है
शिव .....मैंने बोलै न दूर हटो यहाँ से सेल सराबी कही के
अपने बॉस को देखा देते देख चारो शिव को पकड़ लेते है
शालिनी ......छोड़ो मेरे पति को वार्न्स अच्छा नहीं होगा
बॉस शालिनी का हाथ पकड़ लेता है
अपनी माँ के साथ ऐसे बतमीज़ी होते देख सूर्य का गुस्सा बढ़ने लगता है
जब शिव की नज़र अपने बेटे पे पड़ती है वो उसको कुछ बुरा होने का फार लगने लगता है
वही बॉस अपने एक हाथ को शालिनी के सीने की आवर बढ़ता है
बस यही गलती कर दी बॉस ने
सूर्य आगे बैश कर उस हाथ को पाकः कर एक जोर का जड़का करता है
बॉस के कंडे से एक काट जैसे आवाज निक्की आवर उसके साथ हे उस ढाबे में बॉस की चीख गूंजने लगी
बॉस अपने कंडे को पकड़ कर छिलने लगा शालिनी जल्दी से सूर्य की आवर लपकी पर जैसे उसकी नज़र सूर्य की गुस्से में जाती आँखे देखि उसके पेअर वही काम गए
सूर्य आगे बाद कर शिव को पकडे सरबियो पे टूट पैड्स
सरदारजी शालिनी शिव आवर कुछ लोग जो धभे पे या तो खाना खाना आये थे या फिर यही काम करने वाले होने
सब बस सूर्य का तांडव देख रहे थे
देखते हे देखते 5 की हड़िया तोड़ डाली सूर्य ने
कोई खटिया पे पड़ा था तो कोई खटिया के निचे
अभी भी सूर्य गुस्से में फुंकार रहा था
सूर्य .......मेरे माँ को चुहेगा इस हाथ से टच किया था माँ को
सूर्य बॉस के उस हाथ को पकड़ जिस से शालिनी को पकड़ था
बॉस के छाती पे पैर रख कर सूर्य ने देखते हे देखते उस बॉस की बॉडी से उसका हाथ हे अलग कर दिया
किसी को यकीं हे नहीं आ रहा था की एक ### साल का लड़का इतना खतरनाक भी हो सकता है
बॉस का हाथ उखाड़ने से खून के फुहार सूर्य के पैरो में आ पेड
सूर्य दूसरे हाथ को पकड़ कर इस हाथ से तुमने मेरी माँ को चुना चाहा न सूर्य उसके दूसरे हाथ को पकड़ कर खींचने हे जा रहा था की शालिनी ने सूर्य को गले से लगा लिया
शालिनी .......बीटा उसको छोड़ दो वो मर जायेगा
सूर्य .......मार डालूंगा जिसने भी आपको प्रॉब्लम दी फिर चाइये वो कोई भी
शालिनी .....नहीं बीटा तू तो मेरा अच्छा बीटा है न छोड़ दे उसको
शालिनी किसी तरह सूर्य को शांत करती है shan't होते हे सूर्य बेहोश जो कर अपनी माँ के बाँहों में हे झूल जाता है
शिव आगे बढ़ कर सूर्य को संभालता है
कुछ देर बाद एम्बुलेंस में डील कर इन सरबीओ को वह से रवाना कर दिया जाता है
शालिनी सूर्य के मच पे पानी मार कर होश में लगी है
शालिनी ....बीटा सूर्य आप ठीक है न
सूर्य .....मुझे क्या हुआ है माँ मैं तो ठीक हम आप मुझे लेता क्यों राखी है आवर वो बाद अंकल कहा गए
शिव शालिनी के साथ बाकि सबको भी जतका लगा
अभी शिव कुछ बोल्ट्स उस से पहले हे
सरदारजी ......बीटा जी वो लोगो को पुलिस ले गई आप चिंता न करो
सरदारजी शिव को एक तरफ बुला कर बीटा जी आप जल्दी यहाँ से निकलो आवर अपने बेटे को किसी बाबा को दिखाओ इसको कुछ न बताना आज के बारे में
शिव .....जी अंकल जी
शिव .....चलो हम चले है
सरदारजी ....रुको बीटा जी आप
सरदारजी अंदर जा कर एक बॉक्स लता है
ये लीजिये बीटा ये आपके लिया है इसको घर पे खोलना आवर उसमे जो भी जो उसको हमेशा अपने पास रखना
सूर्य .....थैंक यू सरदारजी
तीनो हे वह से निकल गए अपने सफर की आवर
कुछ देर कार में खामोशी रहे
सूर्य .....माँ मुझे नींद आ रहे है मैं लेट जाता हु.
शालिनी सूर्य को अपनी ग्लैड में सुला लेती है
कुछ देर में सूर्य सो जाता है है
शिव ......शालू तुमने वो देखा जब उसने तुम्हारे साथ में बतमीज़ी करने की कोशिश की
शालिनी ........शिव सूर्य को कुछ तो हुआ है वो बदल रहा है उसका गुस्सा उसके कण्ट्रोल से बहार होगा जा रहा है या फॉर ये कुछ आवर हे है
शिव ......पता नहीं मुझे कुछ समाज नहीं आ रहा की सूर्य के अंदर इतनी ताकत इतना गुसा कहा से आ गया अचानक से एज्ड तुम नहीं रोकती तो वो सायद उस सराबी को जान से हे मर देता
02,30 जानते बाद ये सब सूरजगढ़ की सीमा के बहार थे क्युकी सूर्यगढ़ का रास्ता सूरजगढ़ जो कर हे गुजरता है
शालिनी .......शिव मुझे बहुत दर लग रहा है किसी ने हमें यहाँ देख लिया तो
शिव .....अब जो होगा देखा जायेगा कब तक ऐसे भागते रहेंगे
शिव कार को आगे बढ़ा देता है
कुछ लोग टास्ते में मिले भी जिनको शिव आवर शालिनी ने पहचानी लिया किन्तु बिना बोले हे लोग आगे बढ़ते रहे
किन्तु कोई था जो शिव आवर शालिनी को देख चूका था आवर पहचान भी लिया था
शिव आवर शालिनी की कार के निकलते हे उसमे अपनी बाइक उनके पीछे लगा दी
साथ हे किसी को फ़ोन कर दिया शिव आवर शालिनी का लौटने की खबर दे दी थी ............
अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ........
रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ........
रूपा देवी .....कल को ये भी उसके जैसे भाग गई तो फिर ढूंढ़ते रहना इनको भी जैसे आज तू दंड रहा है
जोरावर .....मैं क्यों ढूंढ़ने लगा भला उसको
रूपा देवी ......कुछ दिन पहले किस से बोल रहा था फिर तू फ़ोन पे वही था न तेरा दोस्त महेंद्र ठाकुर
विक्रम सिंह ......रूपा चुप कर के खाना खा आवर अगर दुबारा बचिए पे गुस्सा किया तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा कह देता हूँ
खाना खाओ आवर जाओ अपने अपने रूम में
सब खाना खा कर अपने अपने रूम की आवर निकल जाते है ......
अब आगे ........
लेट रात तक सूर्य फॅमिली दिल्ली पहुंच चुकी थी
शिव अपने फॅमिली के साथ होटल में स्टे करता है
सूर्य ......डैड हम कब दादू से मिलेंगे
शिव ......बीटा थोड़ा वेट करो हम कल चल तो रहे है बस अब सो जाओ
सूर्य ......OK माँ डैड गुड नाईट
सूर्य दोनों के बिच लेट जाता है
रात तक़रीबन 2 बजे के आसपास सूर्य फिर से बड़बड़ाने लगता है
जिअ से शिव आवर शालिनी के आँखे खुली जाती है
सूर्य नींद में हस्ते हुए
सूर्य ........स्वीटी मैं आ गया हूँ अब कभी तुजसे दूर नहीं जाऊंगा
शिव .......शालू देखो हमारा बेटे को कैसे बहु को याद कर आपने देख रहा है
shalu.....ha देखो तो जार्स इसका चेहरा कितना खुश है मेरा बच्चा
शालिनी अपने बेटस को अपनी आवर गुमा कर अपने सीने से चिपका लेती है
कुछ देर में हे सूर्य का बड़बड़ाना बंद हो जाता है
वही �किरण भी किसी का सपना देख रहे थी
जिसका भी सपना वो देख रहे थी वो कुछ खास हे था �किरण के लिया जो की उसके चेहरे पे चाय खूबसूरत मुस्कान बता रहे थी
सुबह सबसे पहले सूर्य उठ जाता है
आवर अपने माँ डैड को भी सुबह जल्दी हे जगह देता है
शालिनी ......लगता है मेरा बेटे को कुछ ज्यादा हे जल्दी है दादा दादी नाना नानी से मिलने की
शिव ......चलो भाई बेटे के चाकर में कही बीबी के हाथो हे न पिट जॉन जल्दी हे त्यार hi कर एयरपोर्ट की आवर निकलते है
सूर्य .......डैड हम बी कार जायेंगे यहाँ से
शिव .......बीटा उसमे काफी टाइम लगेगा
सूर्य .....प्लेसेस डैड
शालिनी ......OK बीटा शिव आप नई कार ले लीजिये उस से हे चले है हम
शिव कार को किसी कार शोरूम की आवर गुमा देता है वह से नई कार ले कर
निकल पड़े सूर्यगढ़ की आवर जो की लगभग 5,6 हर का बी रोड रास्ता था
सूर्य .......डैड देखिये कितने अच्छा जगह है यहाँ के लोग देखो कैसे गम रहे है ी लव इंडिया
शालिनी .......लगता है जी अब आपको यही पे अपना बिज़नेस सेट कर लेना चाइये मुझे नहीं लगता सूर्य वापिस जायेगा
शिव .......मैं भी यही रहा चाहता हूँ शालू पैर माँ बाबा के साथ
अगर उन्होंने हमें सवीकार किया तो हम यही पे रहेंगे
ऐसे बात करते हुए ये लोग 4 हर की ड्राइव करते हुए जयपुर के पास पहुंचे
सूर्य .....डैड मुझे भूख लगी है
शिव .....OK बीटा कोई अच्छा आ होटल देख कर खाना कहते है वैसे भी दोपहर होने को है
सूर्य .....होटल नहीं पापा वो टास्ते पे स्टाल लगता है न बाद वाला वही पे खाएंगे खाना
शिव ......हाहाहा यू मैं दाभे पे
सूर्य .....है डैड वो देखे वही खाना कहते है
शिव आगे एक पंजाबी दाभे पे कार रोक देता है
सूर्य जल्दी से कार रुकते हे निचे उतर जाता है
शालिनी .....अरे बीटा आराम से हम भी आ रहे है
सूर्य अच्छे से दाभे में गम गम कर देखता है
दाभे वाले सरदारजी
सरदारजी ......तुस्सी के वेख रहे हो पुत्रजी
सूर्य उनकी देखने लगा कुछ समाज तो आया नहीं सूर्य को सरदारजी क्या होल
पीछे से आया हुआ शिव
शिव ....नमस्ते अंकल जी वो मेरा बीटा है उनसे आज दभा पहली बार देखा है तो कुछ ज्यादा हे खुश जो गया
आवर उसको पंजाबी समाज नहीं आती आवर माफ कीजियेगा मुझे भी पंजाबी नहीं आती
सरदारजी ......कोई बात बीटा जी आप बैठो बीटा अभी खाना लगवाता हूँ
सूर्य .....डैड हम बहार बेथ कर हे खाना कहते है
शालिनी शिव के मन में कुछ बोलती है
शिव ....अंकल जी यहाँ कोई लेडीज बाथरूम है क्या
सरदारजी ......है बीटा जी है तो सही पर वो सायद ठीक नहीं है आप अंदर जाओ बेटी के ले कर मेरा बाथरूम उसे कर लो यहाँ बहार में सराबी नसेड़ी लोग बाथरूम ख़राब कर देते है
शिव सूर्य आवर शालिनी को अंदर भेज देता है
शिव .....शुक्रिया अंकल जी
सरदारजी .....बीटा जी कोई बात नहीं बिटिया को परेशानी न hi बस इस लिया हे किया
अभी ये लोग बात कर रहे थे की एक कार वह आ कर रूकती है जिसमे सरब से जुलते 4,5 लोग 30,35 के आगे के उतारते है हाथ में सरब की बोतल सब नशे में झूम रहे थे
दाभे पे काम करने वाला एक लड़का इन सबको के पास पानी रख खाने का आर्डर लेता है आवर चला आया है कुछ देर में सेबल सामने खाना रख कर वो अपने काम में लग जाता है
ीदार सूर्य आवर शालिनी भी बाथरूम से फ्रेश hi कर आ गए थे
सरदारजी .....बीटा जी आप यही पे बेथ कर खाना खाया बिटिया साथ में है आवर बहार वो सराबी बे थे है कुछ ऊंच नीच जो जाएगी
शिव ने एक बार सबको देखा फिर उनसे अंदर बेथ न हे ठीक समजा क्युकी शालिनी भी साथ थी आवर सूर्य भी साथ था
तीनो का खाना लग गया तीनो आराम से मज़े से खाना खाया रहे थे
तभी उनमे से एक की नज़र शालिनी पे पेड जो इस वक़्त लाल साड़ी में लाल पारी से काम नहीं लग रहे थी

सराबी 1.....वह देख भाई क्या जबरदस्त लाल मिर्च है
उसकी बात सुन कर सबकी नज़र उस तरफ गई जहा पे ये तीनो खाना खा रहे थे
.सराबी.2 .....भाई मॉल तो कड़क सरब है
मिसाल भी खुद के जैसे गिस्सी पीठि दे दे
इनका बॉस या लीडर
बॉस .....देख क्या रहे hi उठा लो साली को अभी पूरा मिरच मसलते है
एक एक करके अपने बोतल सरब की पि कर ख़तम करते है
आवर शालिनी की आवर बैश जाते है
सरदारजी इन को देख लेता है पैर वो भी कुछ करने में असमर्थ था रोजी रोटी जो चलनी थी
बॉस शालिनी के पास पहुंच कर निचे जुकता है
शिव ......ये क्या बतमीज़ी है दूर हटो वह से
बॉस .....हाय वाली क्या थिंक लाल मिरच है
इसको चखने में मज़ा आएगा
शालिनी को फार लगने लगता है क्युकी वो 5 थे आवर शिव अकेला
सूर्य ......माँ आप ठीक तो है
शालिनी अब अपने बेटे को क्या जबाब देती
शिव खड़ा hi कर उस बॉस को देखा दे देता है
शिव .....मैंने बोलै न दूर हटो यहाँ से सेल सराबी कही के
अपने बॉस को देखा देते देख चारो शिव को पकड़ लेते है
शालिनी ......छोड़ो मेरे पति को वार्न्स अच्छा नहीं होगा
बॉस शालिनी का हाथ पकड़ लेता है
अपनी माँ के साथ ऐसे बतमीज़ी होते देख सूर्य का गुस्सा बढ़ने लगता है
जब शिव की नज़र अपने बेटे पे पड़ती है वो उसको कुछ बुरा होने का फार लगने लगता है
वही बॉस अपने एक हाथ को शालिनी के सीने की आवर बढ़ता है
बस यही गलती कर दी बॉस ने
सूर्य आगे बैश कर उस हाथ को पाकः कर एक जोर का जड़का करता है
बॉस के कंडे से एक काट जैसे आवाज निक्की आवर उसके साथ हे उस ढाबे में बॉस की चीख गूंजने लगी
बॉस अपने कंडे को पकड़ कर छिलने लगा शालिनी जल्दी से सूर्य की आवर लपकी पर जैसे उसकी नज़र सूर्य की गुस्से में जाती आँखे देखि उसके पेअर वही काम गए
सूर्य आगे बाद कर शिव को पकडे सरबियो पे टूट पैड्स
सरदारजी शालिनी शिव आवर कुछ लोग जो धभे पे या तो खाना खाना आये थे या फिर यही काम करने वाले होने
सब बस सूर्य का तांडव देख रहे थे
देखते हे देखते 5 की हड़िया तोड़ डाली सूर्य ने
कोई खटिया पे पड़ा था तो कोई खटिया के निचे
अभी भी सूर्य गुस्से में फुंकार रहा था
सूर्य .......मेरे माँ को चुहेगा इस हाथ से टच किया था माँ को
सूर्य बॉस के उस हाथ को पकड़ जिस से शालिनी को पकड़ था
बॉस के छाती पे पैर रख कर सूर्य ने देखते हे देखते उस बॉस की बॉडी से उसका हाथ हे अलग कर दिया
किसी को यकीं हे नहीं आ रहा था की एक ### साल का लड़का इतना खतरनाक भी हो सकता है
बॉस का हाथ उखाड़ने से खून के फुहार सूर्य के पैरो में आ पेड
सूर्य दूसरे हाथ को पकड़ कर इस हाथ से तुमने मेरी माँ को चुना चाहा न सूर्य उसके दूसरे हाथ को पकड़ कर खींचने हे जा रहा था की शालिनी ने सूर्य को गले से लगा लिया
शालिनी .......बीटा उसको छोड़ दो वो मर जायेगा
सूर्य .......मार डालूंगा जिसने भी आपको प्रॉब्लम दी फिर चाइये वो कोई भी
शालिनी .....नहीं बीटा तू तो मेरा अच्छा बीटा है न छोड़ दे उसको
शालिनी किसी तरह सूर्य को शांत करती है shan't होते हे सूर्य बेहोश जो कर अपनी माँ के बाँहों में हे झूल जाता है
शिव आगे बढ़ कर सूर्य को संभालता है
कुछ देर बाद एम्बुलेंस में डील कर इन सरबीओ को वह से रवाना कर दिया जाता है
शालिनी सूर्य के मच पे पानी मार कर होश में लगी है
शालिनी ....बीटा सूर्य आप ठीक है न
सूर्य .....मुझे क्या हुआ है माँ मैं तो ठीक हम आप मुझे लेता क्यों राखी है आवर वो बाद अंकल कहा गए
शिव शालिनी के साथ बाकि सबको भी जतका लगा
अभी शिव कुछ बोल्ट्स उस से पहले हे
सरदारजी ......बीटा जी वो लोगो को पुलिस ले गई आप चिंता न करो
सरदारजी शिव को एक तरफ बुला कर बीटा जी आप जल्दी यहाँ से निकलो आवर अपने बेटे को किसी बाबा को दिखाओ इसको कुछ न बताना आज के बारे में
शिव .....जी अंकल जी
शिव .....चलो हम चले है
सरदारजी ....रुको बीटा जी आप
सरदारजी अंदर जा कर एक बॉक्स लता है
ये लीजिये बीटा ये आपके लिया है इसको घर पे खोलना आवर उसमे जो भी जो उसको हमेशा अपने पास रखना
सूर्य .....थैंक यू सरदारजी
तीनो हे वह से निकल गए अपने सफर की आवर
कुछ देर कार में खामोशी रहे
सूर्य .....माँ मुझे नींद आ रहे है मैं लेट जाता हु.
शालिनी सूर्य को अपनी ग्लैड में सुला लेती है
कुछ देर में सूर्य सो जाता है है
शिव ......शालू तुमने वो देखा जब उसने तुम्हारे साथ में बतमीज़ी करने की कोशिश की
शालिनी ........शिव सूर्य को कुछ तो हुआ है वो बदल रहा है उसका गुस्सा उसके कण्ट्रोल से बहार होगा जा रहा है या फॉर ये कुछ आवर हे है
शिव ......पता नहीं मुझे कुछ समाज नहीं आ रहा की सूर्य के अंदर इतनी ताकत इतना गुसा कहा से आ गया अचानक से एज्ड तुम नहीं रोकती तो वो सायद उस सराबी को जान से हे मर देता
02,30 जानते बाद ये सब सूरजगढ़ की सीमा के बहार थे क्युकी सूर्यगढ़ का रास्ता सूरजगढ़ जो कर हे गुजरता है
शालिनी .......शिव मुझे बहुत दर लग रहा है किसी ने हमें यहाँ देख लिया तो
शिव .....अब जो होगा देखा जायेगा कब तक ऐसे भागते रहेंगे
शिव कार को आगे बढ़ा देता है
कुछ लोग टास्ते में मिले भी जिनको शिव आवर शालिनी ने पहचानी लिया किन्तु बिना बोले हे लोग आगे बढ़ते रहे
किन्तु कोई था जो शिव आवर शालिनी को देख चूका था आवर पहचान भी लिया था
शिव आवर शालिनी की कार के निकलते हे उसमे अपनी बाइक उनके पीछे लगा दी
साथ हे किसी को फ़ोन कर दिया शिव आवर शालिनी का लौटने की खबर दे दी थी ............
अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ........
रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ........