अपडेट. 5
सपना ...क्या इतने दूर काम से काम बता कर तो जाना था
किरण ...भाई आज आप मेरे साथ में पड़े नै की न
माँ मुझे हे पड़ती रहे
सूर्य ...कोई न छोटी कल पद लेंगे है साथ में ............
अब आगे.......
रात में सबने खाना क्या आवर सोने को चल दिए
सपना ने किरण की मालिश की आवर काढ़ा पीला कर सुला दिया
सूर्य .....माँ आज मई आपकी मालिश करुगा
आप दिनभर हम सब के लिया कितनी म्हणत करते है
सपना ....बस बस माखन न लगा तुम्हे मज़्ज़े करने है न
surya....kya मतलब माँ
सपना ....कुछ नै मई कह रहे थे पहले तेरी मालिश कर दू
फिर तू मेरी कर देना
सूर्य ....ठीक है माँ आप बे अपने कपडे.
निकल दो वर्ण ख़राब हो जायेंगे
सपना एक नॉटी स्माइल देते हुए
सपना ....है मुझे पता है तुजसे बड़ी हु मई
सूर्य डेरी से पता है आपकी कितनी बड़ी है
सपना ....क्या खा तुमने जरा जोर से बोलना मुझे कुछ सुनाई नै दिया
surya.....kuch नै माँ मैंने कब कुछ बोलै है
सपना ने अपने पुरे कपडे उतर दिए
सूर्य बे पूरा नंगा हो गया
अपनी माँ सपना की गदराई जवानी देख 8 इंच का कहता ( लैंड )
एक जटके में सलामी देने लगा
सूर्य ने आज कुछ आवर बे महसूस किया
आज उसको अंदर में बे बहुत साफ साफ अपनी नंगी माँ नजर आ रहे थे
उसे थोड़ा अजीब बे लग रहा था आवर साथ में उसके लैंड बे पहले से ज्यादा मोटा नज़र आ रहा था
सपना ....सूर्य किरण के पास लेट जाओ पहले तुम्हारे मालिश होगी
सूर्य चुप चाप लेट गया
सपना ने हलकी दिए (दीपक ) की रोशनी में देखा की सूर्य का लैंड पूरा खड़ा हुवा है
sapna.....ye हमेसा ऐसा हे रहता है क्या जब देखो तब सर उठाये सलामी देता रहता है
surya.....nai माँ पता नै आपको देख कर ये ऐसे हे खड़ा हो जाता है
सपना पहले पैरो की मालिश करते है
फिर सूर्य की छाती आवर पेट की
फिर सूर्य को पलट कर अच्छे से उसके खुल्हो ( गांड ) की मालिश करती है
आखिर में अपने हाथो को अच्छे से तेल में बेगहो के
सूर्य के लैंड को पकड़ती है
सपना अपने मन me....aaj ये सूर्य का लैंड अलग क्यों लग रहा है
आज कुछ मोटा लग रहा है आवर इसके लैंड की नशे बे मुझे साफ साफ महसूस हो रहे है
आवर गरम बे आज बहुत है
कहि सूर्य ने इसके साथ कुछ किया तो नै
sapna....tumne इसके साथ कुछ किया है क्या
सूर्य ...किसके साथ माँ
सपना...( अपने हाथ से लैंड की मुठ मरते हुए ांडो की मालिश करते हुए )
अरे जिसकी मई मालिश लार रहे हु तुम्हारे लानंन्द की
surya....nai माँ मैंने तो कुछ बे नै किया था इसके साथ में
surya.....waise माँ इसके साथ आवर क्या किया जाता है इस से तो बस पिसाब हे करते है न
सपना .....है है वही तो मई बोल रहे हु
( मन me....etna बड़ा घोड़े के जैसा लैंड दिनभर जुलता रहता है आवर अबे तक ये बे नै पता की इस से आवर क्या क्या काम होते है
इतना तो तेरे बाण का बे नै था लगता है बाबा के तेल कुछ ज्यादा हे असर कर रहा है इस पे
ऊऊफफफफ कितना गरम है हाथ में लैंड है लईकिन छूट में नै ले सकती
कितने साल हो गए छूट में लैंड लिया हुवा
कैसी किस्मत है मेरी लैंड पास में है फिर बे उसके लिया हे तरसती रहती हु
अब तो कुछ करना हे पड़ेगा )
ीदार सोचते सोचते कब सपना ने अपनी अगली अपनी छूट में दाल अंदर बहार करने लगे पता बे नै चला
जब सूर्य के लैंड की पिचकारी सपना के चेहरे पे पड़ी तब उसको होसे आया
sapna....ye क्या किया तुमने मेरा चेहरा ख़राब कर दिया तुमने पूरा का पूरा
सूर्य .....माफ करना माँ मैंने आपको रुकने को बोलै था किन्तु आप को कुछ सुना हे नै
सपना ने अपने हाथ आवर सूर्य का लैंड एक कपडे से साफ किया
सूर्य से नज़रे बचते हुए अपने जइब निकल कर होंटो पे पास जो गधा सा वीर्य था फ़ौरन चाट गई
सूर्य ने देख लिया किन्तु बोलै कुछ नै सपना अपना चेहरा साफ कर लेट गई
सूर्य ....माँ आप पेट के बल लेट जाओ पहले पीछे से करुगा फिर आगे से
सपना ....क्या खा तुमने पहले पीछे से फिर आगे से
सूर्य ....है तो सही तो खा पहले पीछे से आपकी मालिश होगी फिर आगे से
सपना ....है ठीक है
(अपने मन में ...कबे आगे पीछे से मेरी छूट आवर गांड की बे करदे अपने लैंड से मालिश अब आवर नै रुका जाता मेरे से सूर्य )
सूर्य अपने मन में ...
आठ माँ आपकी तव्चा की नरम आवर चिकनी है आपकी मोती मोती कोमल जंगे जब बे आपकी मालिश करता हु बहुत मज़ा आता है
आपकी ये मटकी जैसे गांड कितने सॉफ्ट है बिलकुल ऐसे लगता है जैसे कोई दो बड़े गुब्बारे में पानी भर कर अपने हटो से दबा रहा हु
उफ्फफ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह माँ आपकी गांड का बुरा सा छेद जी करता अबे आपकी गांड में ताल दाल कर लैंड उतर दू )
सपना अपने मन me.....aaahhhh मेरी जान मेरा बीटा सूर्य आवर मोरे लगाए अपनी सपनाआ की गांड पे तेरे हाथूवो से अपनी गांड मसलवाने में बहुत मज़ा आता है रे
आआअह्ह्ह्हह मारा मई गई डेरी मेरी छूट )
सपना ....बीटा अब सामने से कर दे पीछे से बहुत हो गया
सूर्य ...ठीक है माँ
सपना ....जब तू मेरी मालिश करे तक मुझे माँ नै सपना खा कर मुझे अच्छा लगता है
सूर्य ...ठीक है maa...upsss सॉरी सपना
सपना ....हूउउ
सूर्य सपना की छूट से ले कर के चूचियों तक एक तेल के धार वीरता है
सपना की जंगे छोड़ी कर के जंगो के बिच बेथ कर जंगो के निचे

ऐसे पोज़ में ले आता है बस लैंड अंदर नै डाला था ))))
सूर्य जैसे जैसे चूचियों की मालिश करने आगे झुकता वैसे वैसे सूर्य का 8 इंची कामदण्ड सपना की छूट की फैंको को छोड़ा करते हुए छूट के डेन पे अपने लैंड की चाप छोड़ देता
( सपना अपने मन me....surya मेरी जान गुस्सा दे न अपने घोड़े को मेरी छूट में क्यों तड़पा रहा है अपनी सपना को
ेस्स्स्सस्स्स्स मेरी जान उउउउउफफ्फ कितना गरम लौंडा है
अह्ह्ह्हह्हह मा मेरी छूट फसाद दे न मेरे बेटे क्यों अपनी माँ पे तरस नै आता क्या )
सूर्य मन में ( ..अह्ह्ह्हहए माया आपकी ढूढ कितनी ठोस है कितनी कड़क है
आवर आपकी छूट कितनी नरम आवर गरम है जी करता है उउउउउफफ्फ्फ्फ़ आआअह्ह्ह्ह एक जोर का झटका मरू आवर आपकी छूट फाड् दालु आप मेरी माँ नै होती तो कब की आपकी छूट में अपना लैंड उतर दिया होता
)
दोनों अपने अपने मन में एक दूसरे को छोड़ने आवर चूसने के कामना कर रहे थे किन्तु कोई आगे नै बाद प् रहा था
आखिर में सूर्य ने सपना पे अपने वीर्य की बौछार कर दी सपना अपने छूट पे गरम तरल को महसूस करते हुए झाड़ गई
दोनों हे सूर्य के वीर्य से लिथड़ चुके थे
10 मिंट बाद सपना ने सूर्य को अपने ऊपर से अलग किया
खुद को आवर सूर्य को सूर्य की वीर्य को साफ किया
लेते हुए सूर्य को प्यार से देखते हुए सपना ने एक छोटा सा किश सूर्य के लिप्स पे कर दिया
सपना ...चल अब सो जा अपने कपडे बदल कर
सूर्य ...नै माँ आज मई ऐसे हे सौगा आपके साथ में
आप बे सुबह बदल लेना कपडे
सपना ...आवर तेरी छोटी ने ऐसे देखा हम दोनों को तो क्या होगा
किरण ...कुछ नै होगा माँ अब आप सो जाओ भाई के साथ
ऐसा कहते हुए किरण बे अपने भाई की छोड़ी छाती पे गले में बहे दाल कर सो गई .........