Incest यह क्या हुआ - Page 29 - SexBaba
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Incest यह क्या हुआ

सुनीता अपने परिवार वालों के साथ, सुजाता के घर डिनर के लिए निकल गए थे।

इधर सुजाता तैयार होकर, राजेश और उसके परिवार के लोगो का इंतजार करने लगी।

निशा _मॉम आज तो अप बहुत ही सुंदर लग रही हो। इस तरह श्रृंगार में आपको पहली बार देख रही हूं।

सीमा _हा आंटी, निशा बिल्कुल सही कह रही है आज तो आप बिलकुल नई रूप में लगे रही हो।

सुजाता _अब राजेश ने जो हमारे लिए किया है, वह तो किसी से छुपी नहीं है बेटा अब डिनर में उसके मां और पापा आ रहे हैं तो उनके स्वागत के लिए तैयार तो होना ही पड़ेगा न, ताकि उन्हें भी लगे की उन लोगो के आने से हम बहुत खुश हैं।

निशा _हा मां ये तो आपने सही कहा।

सुजाता _बेटा अब जाओ तुम भी एक अच्छी सी ड्रेस पहन लो, जल्दी वे लोग आते ही होंगे।

निशा _ठीक है मां।

निशा, सीमा के साथ अपनी बेडरूम में चली गई।

निशा _सीमा, क्या पहनूं मैं?

सीमा _कुछ ऐसी ड्रेस जिससे राजेश और उसकी मम्मी पापा आपकी तारीफ करने मजबूर हो जाए।

निशा _ये ब्लू कलर की लहंगा चोली और चुनरी कैसी रहेगी।

सीमा _सुपर्ब।

निशा _जब ब्लू कलर की लहंगा और चोली पहनी तो कयामत ढा ने लगी।

सीमा _wow इस ड्रेस में तो सच में बिल्कुल स्वर्ग की अप्सरा लग रही हो।

उधर राजेश अपनी मम्मी पापा और बहन के साथ निशा के घर पहुंच गए।

विशाल और सुजाता दरवाजे पर खड़े थे।

जैसे ही शेखर और सुजाता घर के अंदर कदम रखे।

विशाल और सुजाता ने हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया।

सुजाता _आइए दीदी हमारे घर में आप लोगो का स्वागत है, आइए ।

सुनिता _सुजाता जी ये राजेश के पापा है।

सुजाता _भाई साहब।

शेखर _नमस्ते सुजाता जी।

सुजाता _इनसे मिलिए, आप मेरे पति है।

विशाल और शेखर ने हाथ जोड़कर एक दूसरे का अभिवादन किया।

शेखर _भाई साहब आपको कौन नही जानता विशाल एंड सुजाता ग्रुप्स के मालिक हो आप हमारी तरह साधारण इन्सान नहीं है।

विशाल _अरे शेखर जी क्यू आप मुझे शर्मिंदा कर रहे है? आप राजेश के पिता है ,इससे बड़े गर्व की बात और कुछ हो सकती है क्या?

बहुत खुश नसीब है आप।

सुनिता, घर का मुआइना करने लगी।

सुनिता _वाह, सुजाता जी आपका घर तो महलों से भी बड़ा और सुंदर प्रतीत होता है।

विशाल _सुजाता, भाभी जी को घर दिखाओ।

सुजाता _घर तो देखेंगे ही जी पहले चाय पानी तो पी लेने दीजिए।

नौकरों ने पानी लाया।

सुजाता _लीजिए दीदी पानी लीजिए। अपने हाथो से पानी का ट्रे लेकर पानी दी।

सुनिता _धन्यवाद, सुजाता जी।

सुजाता _राजेश तुम भी लो पानी ।

राजेश ने सुजाता की खूबसूरती में कही खो गया।

वह सुजाता की आंखो में देखता रहा। गिलास को सुजाता के हाथ से लेना छोड़कर।

सुजाता बहुत शर्मिंदगी महसूस करने लगी।

सुनिता _बेटा कहा खो गया, गिलास लो।

राजेश हड़बड़ा गया।

राजेश _हा मां।

राजेश भी शर्मिंदा महसूस करने लगा।

सुनिता _ये मेरी बेटी स्वीटी है।

सुजाता _बहुत सुंदर है, बिल्कुल आप पर गई है दीदी।

सुनिता _सुजाता जी निशा बिटिया नही दिख रही है।

सुजाता _दीदी, वो अपने रूम में होगी अपनी सहेली सीमा के साथ।

लो वो, आ रही है।

सभी लोग निशा को सीढ़ी से उतरते हुए देखने लगे।

निशा ने सुजाता का पैर छू कर प्रणाम की।

सुजाता _जी ती रह बेटी, तू सच में चांद की टुकड़ा लग रही है। सुजाता, निशा तो बिलकुल तुम्ही पर गई है।

तभी सुजाता हसने लगी।

सभी लोग आश्चचर्य से देखने लगे।

सुजाता अपनी हसी रोकते हुए बोली।

राजेश ने जब मुझको पहली बार देखा तो मुझे निशा ही समझ रही थी।

वो तो मेरे बताने पर ही जान सका की मैं निशा नही उसकी मम्मी हूं।

क्यू राजेश?

राजेश _मै ही क्यू? कोई भी धोखा खा सकता है।

सुनिता _हूं, राजेश ठीक कह रहा है।

निशा ने शेखर का भी पैर छू कर प्रणाम किया।

शेखर _खुश रहो बेटी, आगे चलकर तुम अपनी मां बाप का नाम रोशन करो।

निशा औरसीमा _हाई स्वीटी कैसी हो?

स्वीटी _निशा मै बिल्कुल ठीक हूं। आप दोनो कैसी है?

निशाऔर सीमा_ हम भी अच्छे हैं।

सुजाता _दी चलो मैं आपको हमारा घर दिखा दूं।

सुनिता और स्वीटी, सुजाता के पीछे चली गई।

इधर विशाल और शेखर आपस मे बात चीत करने लगें।

राजेश _निशा जी सच में आज तुम बहुत सुंदर लग रही हो।

निशा _ओह थैंक्स राजेश।

सीमा _राजेश, निशा आपसे कुछ कहना चाहती है।

राजेश _बोलो, निशा जी क्या कहना है?

सीमा _निशा, बोल दो राजेश को जो बोलना चाहती हो।

राजेश _हां निशा कुछ कहना चाहती हो, तुम घबरा क्यू रही हो बोलो।

निशा _ओ, मै कह रही थी कि,,

राजेश _हां, बोलो।

सीमा _लगता है निशा मेरे होने से अपनी मन की बात कह नही पा रही। अच्छा मै भी चलती हूं स्वीटी को कंपनी देने आप दोनो एक दूसरे के साथ बाते शेयर करे।

मैं चली।

सीमा चली गई।

राजेश _निशा की हाथ पकड़कर पूछा, बोलो निशा क्या कहना चाहती हो?

निशा _वो, राजेश,,,

राजेश _हां बोलो,,

निशा _ओ,,, आपके मम्मी पापा बहुत अच्छे हैं।

राजेश _हूं, तो इतनी सी बात बोलने के लिए घबरा रही थी। और कुछ बोलना चाहती हो तो बोल दो।

निशा _तुम्हारी मां तुमसे कितना प्यार करती है?

राजेश _, वो तो है।

और कुछ बोलना है?

निशा न में सिर हिलाया।

राजेश _चलो देखते हैं मैम,मॉम को क्या दिखा रही है।

निशा _हूं, आप जाओ मै आती हूं।

उधर सीमा छुप कर देख रही थी। जब राजेश चला गया तब सीमा निशा के पास आई।

सीमा_क्या huwa बोली की नही?

निशा _सीमा, राजेश के सामने मुझे घबराहट सी होती है।

सीमा _मतलब तुम नही बोल पाई।

सीमा ने अपना सिर पकड़ लिया।

सीमा _लगता है कोई दूसरा तरीका अपनाना पड़ेगा।

उधर राजेश सुजाता और सुनिता के पास पहुंच गया।

सुजाता, सुनिता को अपना घर दिखा रही थी।

स्वीटी और सुनिता घर की बडी तारीफ कर रहे थे।

स्वीटी और सुनिता घर के दीवारों पर बने नक्कासी को देख रहे थे।

तभी राजेश ने मौका पाकर सुजाता की कमर पे चिकोटी कांट लिया।

सुजाता चिहुंक उठी।

उई मां,,

सुनिता _क्या हुआ सुजाता जी।

सुजाता _दीदी मेरे कमर पे एक मच्छर ने कांटा।

सुनिता _सुजाता जी ये आप कैसी मजाक कर रही हो?

आपके घर और मच्छर।

सुजाता _हां दीदी सच कह रही हूं, पता नहीं कहा से आ गया, ये मच्छर, और मेरा खून पीने कांट दिया।

बडी तेज जलन हो रही है। देखो तो पूरा चमड़ी लाल हो गया है।

राजेश _मैम आपके पास कोई मलहम होगा तो मुझे दो मै लगा देता हूं आपको राहत मिलेगी।

सुजाता _वो तो मेरे कमरे में है। एक काम कर तू मेरे कमरे में चल वही लगा देना, जल्दी से राहत मिलेगी।

दीदी आप लोग घर देखो, मैं जल्द आती हूं।

सुनिता _ठीक है सुजाता जी, आप कोई मलहम लगा कर आइए। बेटा जाओ सुजाता जी का मदद कर दो।

राजेश _ठीक है मां।

बेडरूम में जानें के बाद।

सुजाता _ये क्या किया राजेश, इतना जोर से क्यू कांटा। पूरी चमड़ी लाल हो गई।

राजेश ने सुजाता को बाहों में भरते हुए कहा _तुम बहुत खुबसूरत और हॉट लग रही हो।

राजेश तो अपने घर में ही गर्म था। वह सुजाता का हॉट लुक देखकर और गर्म हो गया था।

वह सुजाता की चूची मसलने लगा।

सुजाता _अरे छोड़ो कोई आ जायेगा।

तू तो बावला हो गया है।

राजेश _हा, अब तुम इतनी सज धज कर मेरे सामने खड़ी रहोगी तो मै अपने को काबू में कैसे रख पाऊंगा?मै तुम्हारा यह खुबसूरत बदन देख बावला हो गया हूं।

राजेश सुजाता की ओंठ, मुंह में भरकर चूसने लगा।

सुजाता _देखो ये समय ठीक नहीं है। कोइ भी आ सकता है? प्लीज छोड़ो न।

राजेश _न, मुझे करने का बड़ा मन है !

सुजाता _देखो जिद मत करो। कोई आ गया न तो सारा भेद खुल जायेगा।

राजेश _अरे खुलने दो मै किसी से डरता नहीं।

मुझे कुछ नहीं सुनना।

राजेश नीचे झुककर सुजाता की नाभी चाटने लगा।

सुजाता सिसकने लगी। उसकी बुर में पानी भर गया।

राजेश ने देर न करते सुजाता को बेड पे लिटा दिया और उसकी साडी पेटी कोट ऊपर उठा कर पेंटी निकाल कर सूंघने लगा।

राजेश _क्या मस्त खुशबू है?

इसके बाद राजेश देर न करते हुए सुजाता के टांगों के बीच आ गया और उसको chut चाटने लगा।

अपना पेंट नीचे सरका कर land बाहर निकाल लिया।

राजेश, सुजाता की चूची ब्लाउज से बाहर निकाल,कुछ देर उसकी दूदू पीने लगा, कुछ देर तक दूदू पीने के बाद।

अपना लैंड सुजाता की बुर के छेद में टिका कर एक जोर का धक्का मारा।

लन्ड बुर को चीरकर अंदर घुस गया।

अब राजेश सुजाता की टांगे अपने कंधो पर रख कर gach gach बुर चोदने लगा।

राजेश अपने दोनो हाथो से सुजाता की चूचियां दबा दबा कर। लन्ड को बुर में पेलना जारी रखा।

लन्ड पूरी गहराई में जाकर सुजाता की बच्चेदानी को ठोकने लगा।

सुजाता कुछ ही देर में जन्नत की सैर करने लगी।

उसकी मुंह से कामुक सिसकारी निकल कमरे में गूंजने लगी।

आह मां,, उन,, आह,, उन, आई ,,,,

राजेश को भी बड़ा मजा आ रहा था। सुजाता की बुर पे lund डालकर, वह दनादन चोदने लगा।

सुजाता की बुर पे पानी का बाढ सा आ गया। जिसमे राजेश का लन्ड भीग कर और मस्ता गयाऔर गपागप अंदर बाहर होने लगा।

राजेश _आह मेरी रानी, बहुत मजा आ रहा है। सच में क्या मस्त मॉल है तू।

सुजाता _राजेश, और तेज कर आह उई मां मै आने वाली हूं, और जोर से आह, उई मां मर गई,, आह,,

सुजाता राजेश से को जोर से जकड़ कर झड़ने लगी।

सुजाता के झड़ने के बाद राजेश ने अपना land बुर से बाहर निकाल लिया।

और ज्यादा देर तक वहा रुकना ठीक नहीं था कोई भी आ सकता था।

इसलिए वे दोनो अपने कपडे जल्दी से ठीक कर सुनिता के पास आ गए।

स्वीटी दोनो को अजीब से नजरो से देखने लगी।

स्वीटी _पता नही दोनो इतने देर तक क्या कर रहे थे?

सुजाता _माफ करना दीदी ,मलहम दिख नही रहा रहा था इस कारण थोड़ी लेट हो गई।

सुनिता _कोई बात नही सुजाता जी, आपको जलन से राहत तो मिली न।

सुजाता _हां दीदी, राजेश ने अच्छे से मालिश किया जिससे जलन एक दम खत्म हो गया।

स्वीटी राजेश और सुजाता को पैनी नजरो से देखने लगी।

स्वीटी _छोटा सा मच्छर काटने पर इतने देर तक मालिश, मुझे तो लगता है कि इन दोनों के बीच कुछ नई खिचड़ी पक रही है।

इतने दिनो तक दोनो, सोनपुर में साथ बिता कर भी तो आए है? कैसी सजी संवरी है, नई नवेली दुल्हन की तरह। मुझे तो दाल में कुछ काला लग रहा है।

दोनो एक दूसरे को देखकर आंखो ही आंखो में इशारे भी कर रहे हैं।

भईया तो ऐसे भी गदराई घोड़ी का दीवाना है ही। मां का तो ले ही रहा था, लगता है अब अपनी होने वाली सास का भी लेने लगा है।

अपना प्यार सबको बांट रहा है सिर्फ अपनी बहन को छोड़ कर।

सुजाता _दी आप लोगो ने घर तो देख ही लिया ,

चलो अब डिनर करते हैं।

सभी डिनर हाल में आ गए।

यहां नौकरों ने खाने पीने की सभी चीजे टेबल पर सजा कर रख चुके थे।

सुनिता _सुजाता जी इतने सारे व्यंजन बनाने की क्या जरूरत थी?

सुजाता _दी, पहली बार हमारे घर में आए हैं आप लोग। बार बार मौका तो आप लोग देंगे नही खातिर दारी की।

सभी लोग डाइनिंग टेबल पर बैठ गए।

विशाल और शेखर आजू बाजू उसके बाद राजेश फिर स्वीटी फिर सीमा उसके बाद निशा। फिर सुजाता और सुनिता।

सुजाता और राजेश आमने सामने बैठे थे।

सभी लोग खाने पे व्यस्त थे।

सुनिता _भोजन तो बहुत ही स्वादिष्ट है।

शेखर _हा भई, जितनी भी तारीफ किया जाए कम है।

सुजाता _दीदी थोडा और लीजिए न।

सुनिता _बस सुजाता, बहुत खा ली पेट में अब बिल्कुल भी जगह नहीं।

सुजाता _राजेश तुम बिल्कुल चुप हो कुछ बोल क्यू नही रहे। क्या तुम्हे खाना पसंद नही आया? तुम ठीक से खा नही रहे हो।

स्वीटी _लगता है भैया ने डिनर के ठीक पहले कुछ ओर खा या पी के अपना पेट भर लिया।

सभी लोग स्वीटी की बात पर हसने लगे।

राजेश और सुजाता स्वीटी की बातों से झेप गए।

स्वीटी _क्यू भईया मै सही कह रही हूं न।

वैसे क्या खाए या पिए थे हमें भी बताओ।

सुनिता _स्वीटी,,,,,,

स्वीटी _सॉरी मां लगता है मै कुछ ज्यादा ही बोल गई।

निशा _राज आपको डिनर के ठीक पहले कुछ खाना या पीना नहीं खाना चाहिए था। देखो न आप तो बिलकुल भी नहीं खा रहे।

सीमा _वैसे क्या खा या पी लिए थे, हमे भाई तो पता चले, स्वीटी ठीक कह रही है।

सुनिता _अरे तुम सभी तो मेरे बेटे के पिछे ही पड़ गए।

अब उसका मन किया होगा तो कुछ खा पी लिया होगा।

राजेश _कोई प्यार से खिलाएगी तो मना कैसे कर सकता हूं?

सुनिता _किसने प्यार से खिलाया तुम्हे मै भी तो जानू?

शेखर _अरे भाग्यवान, तुम लोग तो राजेश के पीछे ऐसे पड़ गए जैसे उसने कोई बड़ा गुनाह कर लिया हो। अब छोड़ो भी इस मुद्दे को,,,

विशाल _हा ,भाई ,शेखर जी ठीक कह रहा है। क्यू राजेश को परेशान कर रहे हो?

सुजाता _न राजेश को सजा मिलेगी, और उसकी सजा यही है कि सभी लेडीज अपने पसंद का व्यंजन,राजेश को दो दो चम्मच खिलाएंगे।

राजेश _अरे, न बाबा, मै नही खा पाऊंगा।

सुजाता _, खाना तो पड़ेगा ही बच्चू।

पहले कौन खिलाएगा।

स्वीटी _मै उसकी बहन हूं । पहले मै खिलाऊंगी।

अपने भैया को।

स्वीटी ने अपनी पसंद की व्यंजन दो चम्मच राजेश को खिलाई।

स्वीटी _कैसा लगा भईया मेरी पसंद का व्यंजन?

राजेश _वेरी टेस्टी।

उसके बाद सीमा ने खिलाई अपनी पसंद का डिस।

सीमा _कैसा है इसका स्वाद ?, राजेश टेस्ट करके बताना।

राजेश _हूं बहुत ही जायेके दार।

सुजाता _निशा, बेटा तुम खिलाओ।

निशा _मै

सुजाता _हां बेटा।

निशा _पता नही क्यू मुझे राज को जबरदस्ती खिलाना कुछ ठीक नहीं लग रहा है।

राज तुमको क्या पसंद है बताओ मैं अपनी हाथों से खिला देती हूं।

सुजाता _न बेटा चीटिंग नही तुम अपनी पसंद का व्यंजन खिलाओ।

निशा _ठीक है,

निशा ने दो पानी पूरी बनाई और राजेश की ओर आगे बढ़ाते हुवे, बोली

राजेश इसको टेस्ट करो।

राजेश ने अपना मुंह खोला। निशा ने राजेश के मुंह में पानी पूरी भर दिया।

राजेश पानी पूरी खाने के बाद,

राजेश _वाउ,सुपर्ब।

दीदी अब आप भी खिलाओ।बीएम

सुनिता _लो बेटा ये छोले भटूरे टेस्ट करो। राजेश के मुंह की ओर छोले भटूरे अपने हाथ में लेकर बोली।

राजेश ने छोले भटूरे खाया।

राजेश_वाउ, बहुत ही स्वादिष्ट है।

सुजाता _अब मेरी बारी है।

सुजाता ने दो उबला अंडा ली,जो हल्का तला हुआ था उसे बीच से कांटकर उसमे लहसुनकी चटनी भरकर राजेश की ओर बढ़ाया।

सुजाता _राजेश तुम ये खाओ इसकी तुम्हे ज्यादा जरूरत है। इससे तुम्हारे शरीर को ताकत मिलेगी।

राजेश ने अंडा खाने के बाद, उसका जायका की तारीफ किया।

राजेश _लो तुम लोगो ने तो मुझे इतना खिला दिया की, मुझे भोजन पचाने के लिए मेहनत करना पड़ेगा।

सुजाता _तो कर लेना न थोड़ी मेहनत किसने मना किया है? वह हंसने लगी ।

भोजन कर लेने के बाद सभी हाल में आ कर बैठ गए।

राजेश _मैं थोडा गार्डन में टहलता हूं।

राजेश गार्डन में टहलने को जाने लगा।

सीमा निशा से बोली_निशा यह अच्छा मौका है तुमभी जाओ राज के साथ और अपनी दिल की बात बता दो।

निशा _राज रुको मैं भी चलती हूं।

राजेश _ok

निशा और राजेश दोनो गार्डन में टहलने चले गए।

बाकी लोग हाल में बैठकर बात चीत करने लगे।

इधर राजेश और निशा गार्डन में,,,

कुछ देर दोनो इधार उधर की बाते करने के बाद,

राजेश _निशा आगे क्या सोचा है फ्यूचर के बारे में?

तुम अपनी मां बाप की अकेली हो, बडी उम्मीद होगी तुमसे तुम्हारे मॉम डैड को।

निशा _मै तो आगे चलकर अपनी मां की काम में उसकी मदद करना चाहता हूं। वह अकेली ही इतनी बड़ी कंपनी सम्हाल रही है।

राजेश _हा, ये बात तो सही है, तुम्हारा फैसला बिल्कुल सही है।

निशा _राजेश क्या तुम हमारी कंपनी ज्वाइन नही कर सकते? अगर तुम हमारी कंपनी ज्वाइन कर लेते तो,,

राजेश _निशा, मेरी मां की सपना है कि मै आई ए एस अफसर बनू। मै अपनी मां की सपना पूरा करना चाहता हूं।

निशा _राजेश मै तुमसे कुछ बात कहना चाहती हूं।

राजेश _बोलो निशा क्या कहना है।

निशा _मै,,,

तभी switi वहा पर आ गई।

स्वीटी _लो भैया आप यहां पर हो, मै कहां कहा नहीं ढूंढी आपको। घर नही चलना है क्या, मां बुला रही है।

राजेश _हां, चलो।

निशा अब चलते हैं बाद में बता देना जो भी बात है ।

निशा ने हां में सिर हिलाया।

अब चलो, चलते हैं घर वाले हमारा वेट कर रहे है।

सुनिता _लो राजेश और निशा भी आ गई।

सुजाता जी अब हमें इजाजत दीजिए।

सुजाता _दीदी, एक मिनट रुकना।

निशा बेटा,मेरे साथ आना।

निशा , सुजाता के साथ उसके रूम में गई।

वहा पर आलमारी में रखी, तीन गिफ्ट पैकेट निशा को थमाया और उसे नीचे ले जानें बोली।

निशा ने तीनो पैकेट नीचे ले गई। सुजाता भी उसके पीछे पीछे नीचे आ गई।

एक पैकेट सुनिता के हाथों में थमाते हुए बोली।

सुजाता _दी दी आप पहली बार हमारे घर आई है, ये छोटा सा भेट स्वीकार करो।

सुनिता _सुजाता जी, ये भेट मै नही ले सकती। इसकी कोई आवश्यकता नहीं है।

सुजाता _नही दीदी। वे भेट तो स्वीकार करना ही पड़ेगा। हमे खुशी होगी।

जब सुनिता ने वह पैकेट खोलकर देखी। उसके अंदर हीरे का नेकलेस निकला, जो बहुत ही सुंदर था।

सुनिता _इतना कीमती नेकलेश ,ये तो करोड़ों का होगा।

सुजाता जी मै इतनी कीमती नेकलेश नही ले सकती। मुझे माफ कीजिए।

सुजाता _दी दी राजेश ने जो हमारे लिए किया, उसके बदले में तो ये कुछ भी नहीं है। आज ये जो शानो शौकत है राजेश की वजह से है। प्लीज इसे स्वीकार कर लीजिए।

सुनिता _राजेश ने जो किया वह उसका फर्ज था। सुजाता जी। उसके बदले भेट देने की आवश्यकता नहीं है।

सुजाता _दी जब कोई मेहमान, पहलीबार घर आता है तो उसे भेट देने की परंपरा है न बोलो

सुनिता _हा, वो तो है।

सुजाता _आज से तुम लोग हमारे मेहमान हो, और हमारे घर पहली बार आए हो। हम खाली हाथ नहीं जानें दे सकते।

स्वीटी बेटा या तुम्हारे लिए।

स्वीटी _ओह थैंक यू आंटी।

सुजाता ने विशाल से कहा, सुनो जी ये भाई साहब को दे दीजिए।

विशाल _शेखर जी _ये छोटा सा भेट स्वीकार कीजिए।

शेखर _भाई साहब ये भेट देकर हमें शर्मिंदा कर रहे हैं।

निशा _मां आपने राज के लिए कुछ नहीं ली हो क्या?

सुजाता _राजेश को क्या दू समझ ही नहीं आय।

। राजेश मेरे साथ आना। दो चार भेट पसंद की है तुम्हारे लिए तुमको जो पसन्द हो, बता देना।

राजेश _मैम मुझे कुछ नहीं चाहिए, रहने दीजिए न।

सुजाता _कुछ तो भेट स्वीकार करना पड़ेगा।

आओ ऊपर।

सुजाता ने आंखो ही आंखो में राजेश को इशारा की।

इस इशारे को स्वीटी ने भांप ली।

स्वीटी _लगता है कुछ खास है भैया के लिए आंखो से इशारा हो रही है।

इधर राजेश और सुजाता कमरे में पहुंचते ही।

सुजाता _बोलो क्या चाहिए तुम्हे।

राजेश ने सुजाता को बाहों में भर लिया।

राजेश _तुम से बडकर कोई गिफ्ट है क्या मेरे लिए?

सुजाता _तो ले चलो मुझे अपना घर।

राजेश _अब तो तुम मेरी अमानत हो, अब यहां रहो या मेरे घर में।

सुजाता _बाते बनाना तो कोई तुमसे सीखे।

राजेश और सुजाता एक दूसरे की आंखो में देखने लगे।

फिर दोनो एक दूसरे के ओंठ चूसने लगे।

इधर जब दोनो को नीचे आने में देर हो गई।

स्वीटी _लगता है ऊपर दोनो के बीच फिर रासलीला सुरू हो गया है।

वह निशा से बोली।

स्वीटी _निशा दी, लगता हैं भईया अपना भेट चूज नही कर पा रहे हैं। जाओ न तुम भैया की मदद कर दो। हम लेट हो रहे हैं।

सुनिता _ऊपर जाकर देखो बेटा, राजेश इतना समय क्यू ले रहा है?

निशा _ठीक है आंटी।

निशा ऊपर जानें लगी।

जब वह सुजाता के कमरे के पास पहुंची। कमरे का दरवाजा बंद था, पर कुंडी अंदर से लगी नही थी।

निशा _मॉम और राज कमरे का दरवाजा बंद क्यू कर दिए हैं।

वह दरवाजे को थोडा धेकेली, दरवाज़ा थोडा खुल गई।

कमरे में सुजाता की मादक सिसकारी गूंज रही थी।

निशा का दिल जोरो से धड़कने लगा।

वह थोडा सा दरवाजे को और धकेली। उसने जो अंदर देखा उसे देख कर उसकी आंखो से खून की आंसु बहने लगी।

सुजाता राजेश के गोद में बैठी हुई थी और राजेश सुजाता की दुदू पी रहा था। सुजाता आंखे बंद कर सिसक रही थी।

निशा, बुत बनी हुई किसी तरह अपने कमरे में गई और दरवाज़ा बंद कर। दरवाजे पे पीठ रख कर खड़ी हो गई फिर धीरे धीरे नीचे बैठ गई। अपने घुटने मोड़ कर उस पर अपना सिर झुका कर फूट फूट कर रोने लगी।

इधर राजेश और सुजाता दोनो जन्नत की सैर कर रहे थे।

सुजाता _ओह, राजेश थोडा जल्दी करो, नही तो हमारे घर वालो, इतनी देर होता देख आ न जाए।

राजेश अपना स्पीड और बढ़ा दिया।

कुछ देर में ही,राजेश ने सुजाता को एक बार फिर झाड़ दिया।

सुजाता _राजेश अब चलो।

सुजाता और राजेश ने जल्दी से अपने कपडे ठीक किए और नीचे आ गए।

सुजाता _राजेश को तो कोई गिफ्ट, पसंद ही नही आया, अब राजेश का तोहफा उधार रहा।

सुनिता _ सुजाता जी इसमेहमान नवाजीके लिए शुक्रिया ,अब हम चलते हैं।

सुजाता _ठीक है दीदी और आइएगा।

सुनिता _जी जरूर।

शेखर ने विशाल से कहा_अच्छा भाई साहब, अब हमें इजाजत दीजिए।

विशाल _ठीक है शेखर जी। आप लोग आए हमे खुशी हुई।

राजेश _निशा कही दिख नही रही।

सीमा _निशा तो ऊपर ही गई थी आप लोगों को लेट होता देख।

राजेश _मां आप लोग निकलो मै निशा से मिलकर अभी पहुंचता हूं।

सुनिता _ठीक है बेटा तुम जल्दी आना हम बाहर वेट करेगें तुम्हारा।

राजेश _ठीक है मां।

राजेश ऊपर गया, निशा को इधर उधर देखा कही नही दिखा तो वह उसकी रूम की ओर गया।

इधर निशा, दरवाजे से सट कर बैठ फूटफूट कर रो रही थी ।

राजेश ने आवाज लगाया, निशा निशा कहा हो यार,,,

राजेश की आवाज सुनकर निशा जल्दी से अपनी आंसू पोछी।

और खड़ी हो गई।

राजेश ने दरवाज़ा धकेला।

राजेश _ओह निशा तुम यहां क्या कर रही हो?

मैं तुम्हे कहा कहा नहीं ढूंढा।

निशा_क्या huwa राजेश, मुझे क्यू ढूंढ रहे हो।

राजेश _निशा हम घर जा रहे हैं। तुम मूझसे कुछ कहने वाली थी,,

निशा _मै आपको कुछ कहने वाली थी,,, मुझे कुछ याद नही आ रहा की मै कया कहने वाली थी।

राजेश _ओह, जब याद आए तो फिर कभी बता देना। हम निकल रहे हैं।

राजेश जानें लगा,,

निशा राजेश को जाते हुई देखने लगी।

उसकी आंखो से आंसू तेज धारा बह रही थी।

राजेश कुछ दूर ही गया था कि निशा ने राजेश को आवाज दी,, राजेश रुको,,

राजेश रुक गया।

निशा अपनी आंसू पोंछ कर राजेश के पास पहुंची।

राजेश _बोलो निशा।

निशा _राजेश मै ये कहना चाहती थी कि हम एक अच्छे दोस्त हैं न बोलो ।

राजेश _निशा जी ये भी पूछने की बात है।

निशा _अगर हम अच्छे दोस्त हैं तो मुझे उसी दोस्ती की कसम दो।

राजेश _कैसा कसम निशा जी।

निशा _राजेश, तुम्हे तो पता है मेरे पिता जी बीमार रहते हैं। पता नही वे मां के साथ कब तक दे पाएंगे। भगवान न करे, पर उसे कुछ हो गया तो मेरी मां अकेली हो जाएगी।

मुझे लगता हैं कि मां तुम्हे इस घर का कोई सदस्य की तरह मानने लगी है। मूझसे वादा करो कि तुम हमेशा मेरी मां के सुख दुख में उसका साथ दोगे।

राजेश _निशा, इसमें वादा करने की क्या बात है मैं तो हमेशा आप लोगों के साथ खड़ा रहूंगा। मै तुम्हे विश्वास दिलाता हूं।

निशा _विश्वास नही वादा करो।

राजेश_ठीक है, निशा जी मै आपसे अपनी दोस्ती का का कसम देता हूं। मेरे रहते फिर से कोई तुम लोगो का कोई बुरा नही कर सकेगा , हर दुख सुख में तुम लोगो के साथ खड़ा रहूंगा,ये वादा है तुमसे।

निशा _मुझे तुमसे यही उम्मीद थी राजेश।

राजेश और निशा दोनो नीचे आ गए। निशा किसी तरह अपने आंसुओं को रोक रखी थी।

राजेश _अच्छा मैम अब मैं चलता हूं।

सुजाता _हूं।

बाई सीमा जी।

सीमा _बाई राज।

राजेश चला गया।

राजेश को जाते हुई निशा देखती रही।

सीमा _निशा तुम ऊपर में क्या कर रही थी?

निशा _झूठी मुस्कान लाते हुवे,मेरा, पेट दर्द कर रहा था, तो फ्रेस हो रही थी।

सीमा _लगता है तुमने भी आज कुछ ज्यादा ही खा ली थी।

निशा अब मै भी चलती हूं।

निशा _ठीक है सीमा, ड्राइवर तुम्हे घर छोड़ देगा।

सीमा _ओके निशा बाई।

बाई आंटी।

सुजाता _बाई, बेटा।

सुजाता ने निशा से कहा।

बेटा रात बहुत हो गई है अब तुम भी अपने कमरे में जाकर आराम करो।

निशा _ठीक है मॉम।

निशा _भारी मन से अपने कमरे की ओर जानें लगी।

उनके आंखो से आंसु, अब कहा रुकने वाला था।

किसी तरह वह अपने कमरे में पहुंची।

और अपने कमरे की दरवाज़ा बंद कर फिर से दरवाजे से टिक कर बैठ कर रोने लगी।

वह रोती हुई गीत गाने लगी,,,

बना के क्यू बिगाड़ा रे

बिगाड़ा रे नसीबा, ऊपर वाले, ऊपर वाले

बना के क्यू बिगाड़ा रे

जो तुझको मंजूर नहीं था फूल खिले इस प्यार के

फिर क्यों तूने इन आंखो को रंग दिखाए बहार के

आस बंधा के, प्यार जगा के, बिगाड़ा रे नसीबा

ऊपर वाले, ऊपर वाले।

बना के क्यू बिगाड़ा रे,,,,,,,

 
अगली सुबह जब सीमा कालेज जाने के लिए निशा के घर पहुंची।

सुजाता उसी समय ऑफिस जानें के लिए निकल रही थी

सीमा _आंटी, निशा कहा है?

सुजाता _, सीमा बेटा आज निशा की तबियत ठीक नहीं है, पूछने पर कह रही थी कि उसके सिर में दर्द है। वह आज कालेज नही जाऊंगी, बोल रही थी। अपने को में आराम कर रही है।

तुम बात करके देखो आख़िर बात क्या है?

सीमा _ठीक है आंटी।

सीमा, निशा के कमरे में पहुंची।

निशा सो रही थी, किसी सोच में डूबी हुई थी।

सीमा ने आवाज दी, निशा,,,,,,

निशा ने कोई जवाब नही दिया,,

वह निशा के करीब गई।

बेड पर बैठ कर जब उसके सिर पर हाथ रख बोली,

निशा क्या huwa है तुम्हे? कहा खोई हुई हो?

निशा _सीमा तुम कब आई?

सीमा _मैने तुमको आवाज दी तुमने सुना ही नहीं। कहा खोई हुई हो।

आंटी कह रही थी की तुम्हारी तबियत ठीक नहीं।

निशा _हां, सीमा आज मेरी तबियत ठीक नहीं है, मै आज कालेज नही जा रही।

सीमा _मै तुम्हे अच्छी तरह जानती हूं। तुम्हारी तबियत ठीक न होने पर भी तुम कालेज मिस नही करती,बोलो आख़िर बात क्या है?

तुम्हारी आंखे सूजी हुई लग रही है, जैसे तुम रात भर रोई हो। बताओ मुझे आख़िर बात क्या है?

निशा की आंखो में आंसु आ गए।

निशा _कुछ भी तो नही।

सीमा _निशा तुम रो रही हो, बताओ मुझे आख़िर बात क्या है?

निशा, सीमा के गोद में अपना सिर रखकर रोने लगी।

सीमा _मेरा दिल घबरा रहा है। निशा आख़िर बात क्या है? बताओ मुझे।

निशा _मै तुम्हे नही बता सकती।

सीमा _निशा, ऐसी क्या बात है को मुझे नही बता सकती?अगर तुम मुझे अपनी बहन समझती हो तो बताओ मुझे आख़िर बात क्या है?

निशा _राज किसी और से,,,

सीमा _निशा, ये तुम क्या कह रही हो?

ऐसा नहीं हो सकता। ये तुम्हारा वहम होगा।

क्या ये राज ये बात राज ने तुमसे कहा?

निशा ने न में सिर हिलाया

सीमा _फिर तुम यह कैसे मान ली की वह किसी और से प्यार करता है? मैंने राज की आंखो में तुम्हारे लिए प्यार देखा है?

निशा _मै सच कह रही हूं।

सीमा _कौन है वो?

आख़िर मै भी तो जानू, तुमसे बेहतर राज के लिए।

निशा _मै नही बता सकती?

सीमा _नही सीमा मुझे, बताना ही होगा। मै तुम्हारे आंखो में आंसू नहीं देख सकती बोलो,, कौन है वो, बताओ मुझे।

निशा _नही, सीमा मुझे इस बारे में मत पूछो, मै नही बता सकती।

सीमा _नही निशा मुझे बताना ही होगा तुम्हे तुम्हे, कौन है वो? बोलो

सीमा के बार बार जिद करने पर,,

निशा _पहले तुम वादा करो यह बात किसी को नही बताओगी?

सीमा _क्या मुझ पर भरोसा नहीं?

निशा _, भरोसा नहीं करती तो क्या मैं इतना कुछ बताती।

सीमा _मै हम बचपन की सहेली ही नही बहन जैसी है मै हमेशा तुम्हारी खुशियां ही चाही है। बताओ मुझे कौन है वो?

निशा _मेरी मॉम,,,

सीमा _निशा तुम पागल हो गई हो? तुम्हे पता भी है तुम क्या कह रही हो?

निशा _मै सच कह रही हूं। मैने अपने आंखो से देखा है। दोनो को प्यार,,,,

निशा रोने लगी,,

सीमा _नही ये नही हो सकता !

सीमा भी सोचने में मजबूर हो गई।

सीमा _पर ये सब huwa कैसे?

निशा _शायद, सोनपुर में अकेले रहने के दौरान वे करीब आ गए होंगे।

सीमा _कोई और होता तो मैं तुम्हे कुछ सलाह देती, तुम्हारी मां है, अब आगे जो भी करना है फैसला तुम्हे ही लेना होगा।

निशा _मैने फैसला कर लिया है?

सीमा _कैसा फैसला?

निशा _मै राजेश को अपने दिल से निकाल दूंगी।

सीमा _निशा अगर,आंटी को पता चले की तुम राजेश से प्यार करती हो तो शायद वह राजेश को अपने से अलग कर दे। तुम कहो तो मैं आंटी से बात करू की तुम राज को पसंद करती हो।

निशा _नही, सीमा एसा भूलकर भी न करना, तुम्हे मेरी कसम।

मैं अपनी मॉम से बहुत प्यार करती हूं। डैड के बीमार रहने के बाद, वह जैसे सजना, संवारना, ठीक से हंसना सब भूल चुकी थी।राजेश के आने से उसको पहली बार इतना खुश होते देखा है ।

मैं अपनी मॉम की खुशी के लिए राजेश को अपने दिल से निकाल दूंगी।

सीमा _क्या यह इतना आसान है?

निशा _जानती हूं। राजेश को भूल पाना आसान नहीं इसलिए मैंने एक और फैसला लिया है।

सीमा _कैसा फैसला?

निशा _दो माह बाद एग्जाम खत्म होने के बाद मैं आगे की पढ़ाई के लिए अपनी बुआ के पास लंदन चली जाऊंगी।

सीमा _पर तुम्हारा सपना तो आगे अपनी मॉम का सहारा बनने का है न। उसकी कंपनी को आगे बढ़ाने का।

निशा _मै पढ़ाई के बाद वही किसी नई प्रॉजेक्ट पर काम करूंगी। जिससे मॉम की कंपनी और आगे बड़ सके।

सीमा _ओह निशा, ये सब क्या हो गया?

सीमा ने निशा को अपने सीने से लगा लिया। उसकी आंखो से भी आंसू बहने लगी।

कुछ देर बाद सीमा ने कहा,,,

निशा अब आंसू बहाने से अच्छा है हालात से लड़ना, जो होगा ऊपर वाले पे छोड़ दो।

यहां घर में रहेगी तो अकेली घुट घुट कर अपनी हालात और खराब कर लेगी। चलो मेरे साथ कालेज। मै तुम्हे अकेली नहीं छोड़ सकती।

अगर तुम नही जावोगी तो मै भी कालेज नही जाऊंगी।

निशा _सीमा, मुझ अभागन का साथ छोड़ दो, नही तो मेरे साथ तुम्हारी भी किस्मत खराब हो जाएगी।

सीमा _निशा, मै तो तुम्हारी साया हूं, साया। तू जहा जाएगी हमेशा साथ ही रहूंगी। मैने तो बचपन से ही यह फैसला कर लिया है।

निशा _सीमा,,

सीमा _हां, मेरी बहना।

दोनो एक दूसरे को गले लगा कर रोने लगे।

सीमा _अब चलो, तुम फ्रेश होकर जल्दी तैयार हो जाओ।

इधर राजेश कालेज पहुंचता है।

कैंटीन में,,

भगत _भाई ये पार्टी वाले बार बार काल करके मुझे अपने पार्टी में शामिल होने के लिए फोर्स कर रहे हैं।

राजेश _तुम, उनसे कहो जो भी फैसला लूंगा वह एग्जाम के बाद ही लूंगा।

अभी मुझे अपनी पढ़ाई पर फोकस करना है।

भगत _ठीक है भैया।

राजेश _वैसे तुमने जो फेस बुक और इंस्टाग्राम पर अपना अकाउंट बनाया है उसका क्या हाल चाल है?

भगत _भैया, लाखो फालोवर जुड़ चुके हैं और रोज सैकड़ों नई फालोवर जुड़ रहे हैं। मेरे विचारो को लोग खूब लाइक कमेंट्स और शेयर कर रहे है। अधिकांश लोग तो कह रहे हैं की खुद की नई पार्टी बनाओ। हम आपके साथ है।

राजेश _गुड। फालोवर की संख्या जितनी बड़े अच्छी बात है। तुम उसमे अपनी नई नई विचारो को पोस्ट करते रहा करो।

और अपने फालोवर को अप्रैल तक सब्र रखने बोलो। फिर आगे का प्लान बताया जाएगा।

राजेश _ठीक है भाई।

भगत _आगे कुछ दिनों बाद इंटर कालेज फुटबाल टूर्नामेंट होना है। इसका आयोजन हमारे ही कालेज में होना है।

इसके लिए आवश्यक तैयारियों पर चर्चा के लिए। छात्र संघ और कालेज प्रशासन के बीच दोपहर में बैठक रखा गया है।

राजेश _ये तो अच्छी बात है। टूर्नामेंट में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। दूसरे कालेज से आने वाले छात्रों की सुविधाओ एवम ठहरने की व्यवस्था उनकी सुरक्षा पर चर्चा करना जरूरी है।

भगत _भाई, मीटिंग में हमारे कॉलेज की फुटबाल टीम के चयन पर भी चर्चा होगी। आपको टीम में कप्तान बनाने के लिए मैं पहल करूंगा। नियम के अनुसार जो स्टूडेंट लोकल टूर्नामेंट में भाग लेता है उसी को उसके परफामेंस के आधार पर टीम में शामिल किया जाता है । आप लोकल टूर्नामेंट में भाग नही ले पाए थे, तो आपका इस बार टीम में चयन के लिए, पुराने नियम पर विचार करना पड़ेगा।

राजेश _नही भगत, टीम मेंमेरा चयन के लिए अनावश्यक दबाव मत बनाना। नियम सबके लिए समान होना चाहिए। मैने लोकल टूर्नामेंट में भाग नही लिया था, तो टीम में मेरा चयन करना, नियम विरुद्ध होगा।

भगत _पर भाई लगातार दो बार हमारे कालेज को आप ही ने चैंपियन बनाया है, इस बार आप नही खेलेंगे तो फिर टूर्नामेंट जीतेंगे कैसे?

राजेश _अरे नही हमारे टीम में सब अच्छे प्लेयर्स है। रोहन में भी काबिलियत है, मुझे यकीन है उसके नेतृत्व में सभी खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करेगें।

भगत _भाई, हम जानते है कि रोहन टूर्नामेंट जीतने के लिए जी जान लूटा देगा, पर उसका इगो, कही टीम पर भारी न पड़ जाए।

राजेश _देखते है, क्या होता है? फिर हाल हमारे कालेज को उस पर विश्वास करना ही पड़ेगा।

दोपहर लंच के समय,,

सीमा _निशा, कैंटीन चले कॉफी पीने।

निशा _नही, सीमा अब मै कभी कैंटीन नही जाऊंगी।

सीमा _निशा, शायद तुम भूल रही हो राज तुम्हारा अभी भी बहुत अच्छा दोस्त हैं। उसका प्यार न मिला तो क्या? दोस्ती थोड़े ही छोड़ देगी।

निशा _मुझे डर है कि राज के सामने आने पर मैं कमजोर न पड़ जाऊं।

सीमा _ऐसा नही होने दूंगी, मै तुम्हारे साथ हूं।

चलो।

दोनो कैंटीन में चले गए।

वहा पर राजेश अकेला मिला।

सीमा _हाय राजेश।

राजेश _हेलो सीमा, हेलो निशा जी।

निशा _हेलो राज ।

सीमा _राज आजआप अकेले है।

राजेश _हां, भगत और कुछ दोस्त आज कालेज प्रशासन के साथ मीटिंग अटेंड कर रहे हैं।

राजेश _काफ़ी लेंगी आप दोनो।

सीमा _क्यू नहीं।

राजेश ने तीन कॉफी मंगाया।

राजेश _निशा जी आज आपके चेहरे में कुछ उदास लग रही है। कुछ बात है क्या?

निशा _नही राजेश, वो आंख में कचड़ा चला गया था न इसलिए आंख कुछ ठीक नहीं लग रहा है।

राजेश _दिखाओ अपनी आंखे, फुख मारकर कचरा बाहर निकाल दू। तुमको राहत मिलेगी।

निशा _ओह राजेश कचरा निकल चुका है, तुम्हे परेशान होने की जरूरत नहीं।

राजेश _वैसे निशा जी आपने कल बहुत अच्छा पानी पूरी बनाया था। खा कर मजा आ गया।

निशा _thanks राजेश

सीमा _राजेश तुम इतने दिनो तक सोनपुर में रहे, काफ़ी इंजॉय किए होगे वहा। हमें भी तो बताओ कुछ।

राजेश _वहा की वादियां बहुत अच्छी है, अगर तुम लोग होते तो और मजा आता।

निशा _Rajesh, तुमने हमें बुलाया ही नहीं, अगर तुम बुलाते तो हम वहा जरूर पहुंच ,,,

राजेश _वहा तुम लोगो का जाना थोडा रिस्की था न मज़दूर यूनियन वालो से,,

इसलिए तुम लोग न आए तो ही अच्छा था।

सीमा _तुम्हे चोंट लगी तो आंटी ने काफी अच्छी देखभाल की होगी आपका।

राजेश _ओ हां सुजाता मैम की जितनी भी तारीफ की जाए कम है। उसने मेरी दिन रात देखभाल की।

उसके बाद तीनो काफी पीने लगे।

सीमा _जब से आप लोग सोनपुर से आए है। आंटी तो आपकी तारीफ करते नही थक रही। लगता है तुमने आंटी पर भी अपना जादू चला दिया है।

राजेश तुमने फ्यूचर के बारे में क्या सोचा है?

राजेश _सीमा जी आप लोग तो जानते ही हो कि आगे मेरा लक्ष्य क्या है?

सीमा _वो तो जानते ही हैं, और तुम अपने लक्ष्य को भी प्राप्त कर लोगे, हमे यकीन है पर उसके बाद क्या?

राजेश _जी मै समझा नही।

सीमा _भई, जिंदगी जीने के लिए हमसफर भी तो चाहिए उसके बारे में बात कर रही हूं।

राजेश _ओह, उसके बारे में तो कुछ सोचा ही नहीं।

सीमा _पर हमे तो लगा कि तुम अपने लिए हमसफर ढूंढ चुके हो।

कैसा हमसफर चाहिए तुमको, हम तुम्हारे दोस्त हैं, शायद हम कुछ मदद कर सके। तुम्हारे आस पास कोई हो तो बताओ। उदाहरण के लिए।

राजेश _मुझे तो सुजाता मैम की तरह सुंदर,काबिल और मां के समान प्यार करने वाली पत्नी चाहिए।

सीमा _ओह, तो तुम निशा को क्यू पसंद नही कर लेते? वह सुजाता आंटी की परछाई ही है और वह मां की तरह तुमको प्यार करेगी?

राजेश खामोश हो गया,,

निशा चीखी ,,

सीमा, ये तुम क्या बकवास कर रही हो?

सीमा को अपनी गलती का अहसास हो गया,,

सीमा _सॉरी निशा मै तो मजाक कर रही थी।

राजेश तुम क्या सोचने लगें, मै तो सिर्फ मजाक कर रही थी।

निशा _राजेश ये लड़की तो पागल है कुछ भी बोल देती है, तुम इसकी बातो को दिल से न लेना।

अच्छा राजेश अब क्लास का समय हो रहा है, हम चलते हैं।

राजेश ने हां में सिर हिलाया।

राजेश निशा को जाते हुए देखने लगा,,,

निशा _सीमा ये तुमने क्या किया? राज को ये सब बोलने की क्या जरूरत थी।

सीमा _सॉरी निशा पता नही, ये सब मेरे मुंह से कैसे निकल गया?

निशा _राजेश अब मेरे बारे में न सोचें तो ही अच्छा है।

तुमने ये ठीक नहीं किया।

सीमा _सॉरी निशा, माफ कर दो मुझे प्लीज, तुम्हारे आंखो की आंसू मुझे देखे नही जाते।

निशा _सीमा तुम मूझसे वादा करो, राज से तुम कभी भी नहीं बताओगी की मैं उससे प्यार करती हूं।

सीमा _निशा, मै तुमसे वादा करती हूं। मैं ये बात राजेश को कभी नहीं बताऊंगी।

इधर राजेश के मन में सीमा की बात ने काफ़ी गहरा प्रभाव डाला था।

कालेज के छुट्टी के बाद राजेश जब घर पहुंचा,,

वह किचन में जाकर, सुनिता को पीछेसे अपनी बाहों में भर लिया ।

सुनिता _आ गया मेरा बेटा।

राजेश _हां, मां।

राजेश ने सुनिता की गालों को चूमने चाटने लगा।

सुनिता _अरे क्या कर रहा है तुमने फिर शैतानी शुरू कर दी।

राजेश _अपनी मां से प्यार कर रहा हूं, इसमें शैतानी क्या?

इधर राजेश सुनिता को और जकड़ लिया, उसका land उसकी गाड़ में धस गया।

जिससे सुनिता सिसक उठी।

राजेश _क्या huwa मां?

सुनिता _अपना छोटू को सम्हालो, गलत जगह जानें की कोशिश कर रहा है।

राजेश _तो सही जगह पहुंचा दो न अपने छोटे बेटे को।

सुनिता _चल हट बदमाश कही का जब देखो तब मस्ती सूझी रहती हैं।

राजेश _थोडा दुदू ही पीला दो ।

सुनिता_जानती हूं, दुदू पीने के बहाने मुझे गर्म करता है ताकि आसानी से तुम्हारी बातो में आ जाऊं।

चल हट, मुझे काम करना है। जाओ अपने कमरे में।

राजेश ने सुनिता की ओंठ को मुंह में भरकर चूस दिया फिर अपने कमरे में भाग गया।

सुनिता _बेशरम कही का, बिल्कुल आवारा बन गया है, और मुस्कुराने लगी।

राज अपने कमरे में जानें के बाद, फ्रेश होकर बेड पार आराम करने लगा।

वह सीमा द्वारा कही गई बातों के बारे में सोचने लगा,,

निशा, सुजाता की परछाई है उसे क्यू पसंद नही कर लेते। वह तुम्हे मां जैसे प्यार भी करेगी।

फिर उसे याद आया,किस प्रकार जब वह निराश हो गया था, तब निशा ने उसे इससे उबारा।

निशा के साथ जो उसने कालेज फंक्शन में परफार्म किया था, वह याद आने लगा।

प्राय के द्वारा कही गई बाते,,

निशा तुम पर मरती है,, इसका तुम्हे अहसास नही। तुम दोनो की जोड़ी सबसे बेस्ट होगी।

फिर उसे अपनी मां की कही बाते याद आया कि तुम अमीर घर की लड़कियों से दूर ही रहना।

राजेश उलझन में फस गया,,

वह मोबाइल में कैद निधा की फ़ोटो निकाल कर देखने लगा।

तभी उसकी मां कमरे में आई।

सुनिता _बेटा क्या कर रहा है?

राजेश _कुछ नही मां, बस आराम कर रहा था।

सुनिता _चलो भोजन के लिए तुम्हारे पापा वेट कर रहे हैं।

राजेश _ठीक है मां, मै अभी आया।

कुछ देर बाद राजेश, भोजन के लिए डाइनिंग टेबल पर उपस्थिति दे दिया था।

शेखर _सुनिता, गांव से भैया ने फ़ोन किया था। बोल रहा था की उसकी बहू को लडकी हुई है। जिसका नामकरण संस्कार अगले संडे को है। हमे निमंत्रण दिया है।

सुनिता _ये तो खुशी की बात है। काश हम जा पाते।

राजेश _मां आख़िर बात क्या है? आप लोग गांव जाते क्यू नही हो? पूछने पर भी आप लोग कुछ बताते नही। वहा ताऊ, ताई, चाचा चाची और भाई बहन सब है, मेरा उनसे मिलने का कितना मन है पर न तुम लोग जाते हो न मुझे जानें देते। आख़िर क्यू?

सुनिता _बेटा, वह बहुत पिछडा गांव है वहा किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं है। इसलिए हम वहा नही जाते।

राजेश _मां तुम न जाती हो वह समझ आता है पर पापा भी नहीं जाते। जबकि उनके बड़े और छोटे भाई वहा रहते हैं। क्या सुविधा के अभाव होने से कोई अपने भाईयो को भूल सकता है l

शेखर _बेटा, मुझे भी याद आता है मेरे भाईयो का पर हमारा वहा न जानें में भलाई है।

राजेश _पापा आख़िर बात क्या है?

सुनिता _राजेश, कितने बार कहा है? तुम इस बारे में मत पूछा करो।

राजेश _सॉरी मॉम।

रात को सुजाता ने राजेश को काल किया।

सुजाता _क्या कर रहे हो जनाब?

राजेश _मैम आप। कुछ नही सोने की कोशिश कर रहा था।

सुजाता _क्यू नींद नहीं आ रही क्या?

राजेश _हां, किसी के खयालों में खोया था।

सुजाता _कौनहै वह खुशनसीब मै भी तो जानू?

राजेश _आप के शिवा कौन हो सकता है?

सुजाता _अच्छा, तो अभी तक काल क्यू नही किया।

राजेश _अब मुझे क्या पता आप कहा पर हो।

सुजाता _चल झूठा कही का।

अच्छा सुनो, आई मिस यू सो मच

मैं कल शाम को होटल में एक कमरा बुक कर दी हूं।

तुम कालेज से सीधा वही आ जाना, मै वही मिलूंगी।

तुम्हारे बिना रह पाना मुस्किल है मेरे लिए।

राजेश _किसी को पता चल गया तो।

सुजाता _तुम उसकी चिंता मत करो किसी को पता नहीं चलेगा।

अच्छा अब मै रखती हूं बाई।

राजेश _ओके बाई।

अगले दिन सुजाता ने अपने कंपनी के अधिकारियो की मीटिंग रखी थी। कंपनी के अधिकारियो से कंपनीकी स्थिति पर जानकारी लेने।

अधिकारियो ने बताया कि कंपनी के सारे प्रॉजेक्ट फिर से शुरू हो गए है।

हमारे निवेशक फिर से हमारी कंपनी पर भरोसा जता रहे हैं। कंपनी के शेयर में लगातार तेजी बना huwa है। हम बहुत जल्द पुरानी स्थिति को प्राप्त कर लेंगे।

सुजाता ने खुशी जाहिर की।

शाम को 4बजे सुजाता ने राजेश को काल कर होटल के बारे में जानकारी देकर जल्द पहुंचने को कहा।

सुजाता जल्द ऑफिस से निकल कर होटल मे पहुंच चुकी थी।

राजेश कालेज से छुट्टी के बाद फाइव स्टार होटल पहुंचा।

मैनेजर ने राजेश को देखते ही पहचान लिया।सुजाता ने मैनेजर को पहले ही राजेश का फ़ोटो mobile पर सेंड कर दिया था। और कह दिया था की जब वह आए तो मेरे कमरे में बिना किसी पूछताछ के भेज देना ।

जब मैनेजर ने राजेश को देखा,,

मैनेजर _आप राजेश है।

राजेश _जी।

आप मेरे साथ आइए।

राज मैनेजर के पीछे चला गया।

मैनेजर ने राजेश को रूम के बाहर छोड़ कर आया।

राजेश ने सुजाता को काल किया,,मैम मै रूम नंबर 24 के बाहर खड़ा हूं।

सुजाता ने दरवाज़ा खोला। और राजेश कमरे के अन्दर प्रवेश किया।

सुजाता ने दरवाज़ा बंद कर राजेश के गले में अपनी बाहें डाल दिया।

सुजाता _मै कब से वेट कर रही थी।

राजेश ने सुजाता के अपने बाहों मे जकड़ लिया।

आज तो आप बहुत हॉट लग रही हो,,

राजेश ने सुजाता को अपनी गोद में उठा लिया।

वे एक दूसरे की आंखो में देखने लगे।

राजेश ने सुजाता को बेड पे लिटा दिया।

सुजाता उठ कर बैठ गई, और राजेश के ओंठ चूसने लगी।

फिर वह गीत गाने लगी,,,

चलो प्यार मुझे करो,,,

अंग से अंग लगाके, प्रेम सुधा बरसादे,,

दासी तेरी प्यासी रही कितनी जनम,,,

भरो मांग मेरी भरो,,

चलो प्यार मुझे करो,,

बिन तेरे मेरा कोई और नहीं

मेरे प्यार की कच्ची डोर नही

पिया लेके मन की कली

तेरी पूजा करने चली प्रियतमा

चलो प्यार मुझे करो,,

भरो मांग मेरी भरो,,

दिल मेरा है तेरा ये जान ले

मेरी दीवानगी पहचान ले

सांस रुक भी गई जो सनम

लेके आऊंगा फिर मैं जनम प्रियतमा,

चलो प्यार मुझे करो,,

भरो मांग मेरी भरो,,

अंग से अंग लगाके प्रेम सुधा बरसादे

तेरे लिए बेचैन था कितने जनम,,

इधर निशा घर आने के बाद अपने कमरे में आकार राजेश को याद कर गीत गाने लगी,,,

शिकवा नहीं किसी से,,,

किसी से गिला नहीं,,,

नसीब में नहीं था,,

हमको मिला नहीं,,

 
होटल के कमरे में राजेश और सुजाता ने करीब एक घंटे तक समय बिताया।

सुजाता की खुबसूरत जिस्म को देखकर राजेश भी उत्तेजित हो गया। उसका land अकड़ गया। रही सही कसर सुजाता की ओंठो ने पूरा कर दिया। जिससे राजेश का land नाग की तरह फंफनाने लगा।

राजेश के जीभ की कमाल से सुजाता की बुर झरने की तरह पानी बहाने लगी।

राजेश ने सुजाता की जमकर chut बजाया। पूरे समय कमरे में सुजाता की मादक सिसकारी गूंजता रहा,,

उई मां,,, आह,, उन,,, आई,,,,

आह,,, ओह मां ,,, मर गई रि,,, आह,, अन उन ई,,,

आई,,, उह,,

राजेश काम की पूरे 64कलाओं का प्रयोग कर। सुजाता को संभोग सुख प्रदान किया।

सुजाता राजेश की बाहों में जन्नत की सैर कर रही थी। उसे राजेश ने संभोग का ऐसा परम सुख प्रदान किया जिसकी कल्पना तक उसने नही की थी।

इधर राजेश भी सुजाता की खुबसूरत जिस्म पाकर बहुत उत्तेजित होकर पूरे जोश के साथ दनादन बुर की chudai करता रहा।

राजेश को सुजाता की chudai करने में परम आनंद मिल रहा था।

इस एक घण्टे की chudai में राजेश ने सुजाता को तीन बार झाड़ा और अंत में,,, आह, आह मां उन,,

आह करके कराहते हुवे सुजाता के बुर में अपना बीज छोड़ दिया।

दोनो बुरी तरह से थक चुके थे।

सुजाता, राजेश की बाहों में अपना सिर रख कर लेट गई।

सुजाता _राजेश तुम खुश तो हो न।

राजेश _मैम ये भी कोई पूछने की बात है। मैं बडा किस्मत वाला हुं ,जो आपका प्यार मिला।

सुजाता _राजेश सन्डे को मैंने यह होटल बुक कर दी है।

राजेश _क्यू मैम? कोई खास वजह?

सुजाता _तुम्हारा बर्थ डे पार्टी के लिए।

राजेश _मैम आपको कैसा पता चला की सन्डे को मेरा बर्थ डे है।

सुजाता _तुम्हारी मां जब घर आई थी तो बातो ही बातो में मैंने पूछ ली थी।

राजेश _मैम इतने बड़े फाइव स्टार होटल में पार्टी देने की क्या आवश्यकता है?

सुनिता _तुम मेरे लिए खास हो, मेरा फर्ज है तुम्हारे जन्म दिन को खास बनाना।

तुम्हारे कालेज के सभी दोस्तों और रिश्तेदारों को इनवाइट करूंगी।

राजेश _ओह मैम तुम्हे मेरा इतना ख्याल है।

सुजाता _ओह राजेश तुम मुझे अकेले में मैम न कहा करो प्लीज।

सुजाता कहो।

मुझे अच्छा लगेगा।

राजेश _मैम पता नही मुझे क्यू आपका नाम लेना अछा नही लगता।

कुछ देर आराम करने के बाद दोनों अपने कपडे पहने।

सुजाता पहले होटल से बाहर गई। राजेश, सुजाता के जानें के कुछ देर बाद होटल के कमरे से बाहर निकला।

सुजाता ने भगत को काल किया और बताया की उसने राजेश के जन्म दिन पर पार्टी रखी है।

जिसमे राजेश के सारे मित्रो एवम रिस्तेदारो को आमन्त्रित करने की जिम्मेदारी तुम्हारी है।

भगत _मैम ये तो बडी खुशी की बात है, राजेश भाई का बर्थ डे में धूम मचाएंगे।

आप निश्चिंत रहिए। मै सबको आमंत्रित कर दूंगा।

भगत , कालेज के सभी दोस्तों एवम रिस्तेदारो को राजेश के बर्थ डे पार्टी का निमंत्रण पत्र बांटने में जुट गया।

सीमा को कालेज में इस बारे में पता चला,,

सीमा _निशा, कल राजेश का बर्थ डे है और आंटी ने होटल में राजेश का बर्थ डे पार्टी रखी है। जिसमे सभी को आमन्त्रित किया जा रहा है। इस बात से तो साबित होता ही है कि आंटी राजेश को चाहती है।

तुमने क्या सोचा है।

निशा _मेरा तो पार्टी में जाने का मन नहीं कर रहा।

सीमा _राजेश हमारा दोस्त हैं। अगर हम नही जाएंगे तो उन्हे बुरा लगेगा।

निशा _मै बहाना बना दूंगी की मेरी तबियत कुछ ठीक नहीं। तुम चली जाना।

सीमा _न, मै अकेली नहीं जाऊंगी।

निशा _सीमा तुम भी नही जावोगी, तो राजेश से मिलने पर क्या जवाब देंगे।

सीमा _अब कल सोचेंगे क्या करना है?

राजेश जब कालेज से घर पहुंचा।

सुनिता _राजेश जरा इधर आना।

राजेश _बोलो मां क्या है?

सुनिता _ये मै कया सुन रही हुं? स्वीटी बता रही थीकि

सुजाता ने कल तुम्हारे लिए फाइव स्टार होटल में पार्टी रखी है।

राजेश _हां मां, मैने मैम को मना किया था पर वह नही मानी, बोल रही थी की हमारे लिए इतना किया है तो हमारा भी कुछ फर्ज बनता है।

आप सभी को पार्टी में आने को कहा है।

सुनिता _पता नही बेटा पर मुझे ये सब कुछ अच्छा नही लग रहा है।

जब रीता को पता चला कि सुजाता ने राजेश के लिए पार्टी रखी है उसने सुजाता को काल की।

रीता _हाई सुजी,,, कैसी है?

सुजाता _हाई रीता, मै तो ठीक हूं तुम सुनाओ कैसे याद की।

रीता _क्या मै अपने सहेली से बात भी नहीं कर सकती।

सुजाता _कर सकती हो बाबा कभी भी।

रीता _तुम्हारी कंपनी पर आई विपत्ति तो टल चुकी हैऔर तुम्हारी कंपनी फिर से उचाइयो को छुने के लिए अग्रसर है, इसके लिए बहुत बहुत बधाई।

सुजाता _ओह, थैंक यू रीता।

रीता _सुना है राजेश के लिए तुमने बर्थ डे पार्टी ऑर्गेनाइज की है।

सुजाता _अब राजेश ने हमारी कंपनी के लिए इतना किया तो हमारा भी कुछ फर्ज बनता है। इसलिए मैंने उसकी बर्थ डे पार्टी को सेलिब्रेट करने के बारे में सोंचा।

रीता _ये तुमने अच्छा की।

पर यार हमे नही बुलाओगी पार्टी में।

सुजाता _अरे एक ही तो मेरी सहेली हो, कैसे भूलूंगी मैं। तुम भी आमंत्रित हो पार्टी में।

रीता _ओह थैंक्स, सुजी।

वैसे क्या गिफ्ट दे रही हो राज को उसके जन्म दिन पर।

सुजाता _इसके बारे में तो कुछ सोचा ही नहीं।

रीता _भई आपका गिफ्ट तो कुछ स्पेशल हो होगा।

जो राजेश के लिए सरप्राईज होगा।

सुजाता हसने लगी।

सुजाता _नही, ऐसा कुछ नहीं है।

रीता _चलो कल पता लगा लग ही जायेगाकि तुमने राजेश को क्या गिफ्ट दिया है?

आख़िर संडे की शाम आ ही गया।

सुजाता ने निशा से कहा,,

बेटा जल्दी तैयार हो जाओ हमे राजेश की पार्टी में चलना है

निशा _मॉम मेरी तबियत कुछ ठीक नहीं मै आराम करूंगी। आप जाइए।

सुजाता _बेटा राजेश तुम्हारा दोस्त हैं अगर तु नही जाएगी तो उसे बुरा लगेगा।

निशा _मॉम आप राजेश से कह देना न कि मेरी तबियत ठीक नहीं वैसे भी मेरे नही जानें से राजेश को कोई फर्क नहीं पड़ेगा ,मॉम।

सुजाता _ठीक है बेटा अपना ख्याल रखना।

निशा _ओके मॉम।

सुजाता ने भगत को काल किया,,

सुजाता _भगत सारी तैयारी हो चुकी है न।

भगत _जी मैम, आप आ जाइए।

सुजाता _बस अब मै निकल ही रही हूं।

आज सुजाता किसी स्वर्ग की अप्सरा की तरह लग रही थी।

उसने राजेश को काल किया।

सुजाता _राजेश, तुम रेडी हो गए।

राजेश _हा, मैम बस तैयार होने वाला हुं।

सुजाता _ओके, मै तुम्हे लेने आ रही हूं हम साथ ही निकलेंगे।

राजेश _मैम मै अपनी बाइक से आ जाऊंगी।

सुजाता _अरे नही, हम साथ ही निकलेंगे।

और सुनो मैने तुम्हारे लिए कुछ शूट पसंद किए है वो पहनना।

राजेश _ओह मैम मेरे पास कपडे है।

सुजाता _राजेश मेरे खुशी के लिए इतना नही कर सकते।

राजेश _ठीक है मैम।

सुजाता , कुछ ही समय में राजेश के घर पहुंच गई।

सुनिता ने दरवाजा खोला।

सुनिता _सुजाता जी आप।

सुजाता _मै पार्टी के लिए होटल निकल रही थी, तो सोचा राजेश को साथ ले लू। आख़िर पार्टी तो उन्ही का है।

सुनिता _आइए बैठिए न।

सुजाता _दी ज्यादा समय नहीं है अपने पास कुछ ही देर में मेहमान पहुंचने लगेंगे।

सुनिता _सुजाता जी इतनी सब करने की क्या आवश्यकता थी।

सुजाता _दी,राजेश ने हमारे लिए इतना किया है तो क्या उसके लिए मैं एक पार्टी अरेंज नही कर सकती।

कहा है राजेश।

सुनीता_वह अपने कमरे में है। अभी बुलाती हूं।

कुछ ही देर में राजेश आ गया।

सुजाता _चलो राजेश हम लेट हो रहे हैं।

राजेश _मां, आप लोग जल्दी आ जाना हम निकल रहे हैं।

सुनिता _ठीक है बेटा, तुम्हारे पापा के आते ही हम लोग भी पहुंच रहे हैं।

सुजाता और राजेश निकल पड़े।

रास्ते में,,

राजेश _मैम, आज तो आप कमाल की लग रही हो।

सुजाता _ओह सच में,,

राजेश _रियली

मैम निशा कहा है?

सुजाता _मैने उनसे कहा चलने के लिए, पर उसकी तबियत कुछ ठीक नही है, वह नही आ पाएगी।

राजेश _क्या?

राजेश को कुछ अच्छा न लगा,,

इधर निशा अपने कमरे में बेड पर लेट कर राजेश की फ़ोटो को देखते हुए,,

उसकी आंखो से आंसू बहने लगे,,

निशा _सॉरी जान मै आज तुम्हारे खास दिन पर तुम्हारे पास नही हूं। मुझे माफ कर दो। जन्म दिन की बहुत बहुत शुभकामनाएं।

उसकी आंखो से आंसू बहने लगे।

वह घर में रखी पियानो बजाने लगी,,,

फिर गाने लगी,,,

ओ साथी रे, तेरे बिना भी क्या जीना,

तेरे बिना भी क्या जीना।

फूलो में कलियों में, सपनो की गलियों में

तेरे बिना कुछ कही न

तेरे बिना भी क्या जीना,,

जानें कैसे अनजाने ही, आन बसा कोई प्यासे मन में

अपना सब कुछ खो बैठे है, पागल मन के पागलपन में

दिल के अफसाने,,,

दिल के अफसाने, मै जानू तू जानें और ये जानेकोई न

तेरे बिना भी क्या जीना ,,

ओ साथी रे,,

हर धड़कन में प्यास है तेरी, सांसों में तेरी खुशबू है

इस धरती से उस अंबर तक मेरी नजर में तू ही तू है

प्यार ये टूटे न,, तू मूझसे रूठे न साथ ये छूटे कभी न

तेरे बिना भी क्या जीना

ओ साथी रे,,

तुझ बिन जोगन मेरी राते, तुझ बिन मेरे दिन बंजारन

मेरा जीवन जलती बूंदे, बुझे बुझे मेरे सपने सारे

तेरे बिना मेरी, तेरे बिना मेरी, ये जिंदगी जिंदगी न

तेरे बिना भी क्या जीना

ओ साथी रे,

तेरे बिना भी क्या जीना,,,

 
सुजाता और राजेश कुछ ही समय में होटल पहुंच गए। होटल को बहुत अच्छी तरह से सजाया गया था।

वहा पर भगत और उसके दोस्त पहले से मौजूद थे, जो होटल की साज सज्जा एवम अन्य तैयारियों पे लगे हुए थे।

भगत ने सुजाता से कहा,,

भगत _मैम आपने जैसे कहा था , हमने सारी तैयारी कर रखी है। फिर भी आप देख लीजिए कोई कमी तो नहीं रह गई।

सुजाता _होटल तो बहुत अच्छी सजी है।

राजेश _अरे यार भगत लगता है तुम सुबह से ही तैयारी में लगे हुए हो ,,

भगत _भाई आपका जन्म दिन है, आपके लिए तो मैं अपना पूरा जीवन लगा दू।

सुजाता ने राजेश से कहा,,

सुजाता _राजेश, मैने तुम्हारे लिए शूट कमरे नंबर 24में रखवा दिए हैं, तुम ऊपर जाकर तैयार हो जाओ।

कुछ देर में मेहमान लोगो का आना शुरु हो जायेगा।

मैं यहां की तैयारी देखती हूं।

तुम जाओ,,

राजेश _ठीक है मैम।

राजेश ऊपर रूम 24में चला गया। यह रूम सुजाता ने परमानेंट बुक करा रखी थी। ताकि जब राजेश से मिलने की इच्छा हो मिल सके।

राजेश रूम में जानें के बाद देखा। बेड पर दो तीन शूट पड़ा हुआ है।

राजेश बेड पर लेट गया। जब से सुजाता ने राजेश को बताया था कि निशा नही आ रही पार्टी में।

उसका मन अच्छा नही लग रहा था।

उसे अपनी जन्म दिन पार्टी सेलिब्रेट करने की जरा भी इच्छा नहीं हो रहा था।

वह बालकनी पर खड़े होकर बाहर देखने लगा। और किसी सोच में डूब गया।

निशा मेरे सच्चे दोस्त की तरह हर सुख दुख में साथ रही है, फिर आज क्यू मेरे साथ नहीं। अभी तक मुझे काल भी नही की है।

कही ओ मूझसे नाराज तो नही है।

कही मूझसे कोई गलती तो नही हुई है।

वह सोचने लगा।

निशा की तबियत ठीक नहीं है, वह बीमार है और मैं यहां पार्टी सेलिब्रेट करू?

उसे आज पहली बार निशा की बहुत कमी महसूस हो रही थी।

वह बेड पर रखा एक शूट पहना फिर,

वह नीचे गया।

भगत _भाई, आप इस शूट में एकदम स्मार्ट लग रहे हो।

राजेश _भगत, मैम कहा है?

भगत _भाई, मैम तो खाने पीने की व्यवस्था देख रही है।

राजेश _भगत, तुम अपनी बाइक की चाबी दो।

भगत _भाई कही जाना है क्या?

राजेश _हां, मुझे कुछ काम है?

भगत _भाई कुछ काम हो तो मुझे बता दो, मै कर दूंगा। कुछ ही समय बाद मेहमानो का आना शुरु हो जायेगा, आपका यहां रहना जरूरी है।

राजेश _नही यार, मुझे ही जाना होगा। तुम यहां सम्हाल लेना। बोल देना की मैं ऊपर तैयार हो रहा हूं।

भगत _ठीक है भाई, पर जल्दी आ जाना।

राजेश, भगत की बाइक लेकर निकल गया ।

वह गाड़ी को स्पीड से दौड़ाया। कुछ ही देर में वह वह निशा के घर पहुंच गया। नौकरों से निशा के बारे में पूछा।

नौकरों ने बताया की वह अपने कमरे में है।

राजेश ऊपर निशा के कमरे कीओर चला गया।

वह दरवाज़ा को थोड़ा धकेला, निशा बेड पे लेटी किसी विचारों में डूबी हुई थी।

राजेश ने निशा को आवाज लगाया ।

निशा,,,

निशा का अपने विचारो से बाहर आई।

वह दरवाजे की ओर देखा।

दरवाजे पर राजेश खड़ा था।

निशा ने अपने आंसुओं को पोछा, फिर बेड में उठकर बैठ गई।

निशा _राजेश तुम यहां, तुम यहां क्या कर रहे हो। तुम्हे तो इस समय पार्टी में होना चाहिए। मेहमान तुम्हे पूछ रहे होंगे।

राजेश, निशा के पास आया और बेड पर बैठ गया।

राजेश _निशा, सुजाता मैम ने बताया की तुम्हारी तबियत ठीक नहीं,तुम पार्टी में नही आ रही हो इसलिए मै तुमसे मिलने चला आया।

तुम्हारी तबियत कैसी है?

निशा _थोडा सिर में दर्द है,,

पर तुम फोन पर भी पूछ सकते थे, पार्टी छोड़कर यहां आने की क्या आवश्यकता थी।

राजेश _पता नही, निशा पर तुम्हारे पार्टी में न आने की खबर जब से सुना, मुझे अच्छा नही लग रहा था।

तुम यहां बीमार पड़ी हो और मैं वहां अपना बर्थ डे पार्टी सेलिब्रेट करू। मेरा दिल नही माना।

निशा _राज, मै ठीक हूं, तुम जाओ वहां पार्टी में लोग तुम्हारा तुम्हरा इंतजार कर रहे होंगे।

राजेश _नही, निशा तुम भी चलो मेरे साथ। मुझे तुम्हारे बिना बिल्कुल अच्छा नही लगेगा।

निशा _राज, जिद न करो, मेरी तरफ से तुमको जन्म दिन की ढेरसारी शुभकामनाएं । मै क्या गिफ्ट दू तुम्हे मुझे कुछ समझ नहीं आया। इसलिये मैने सीमा के हाथों कुछ भिजवाई भी नहीं।

राजेश _निशा जी आप मेरे साथ चलो यही मेरे लिए सबसे बडा गिफ्ट होगा।

निशा _राज, मुझे माफ कर दो प्लीज, मै नही आ सकती। अब तुम जाओ, सब पूछ रहे होंगे तुम्हे।

राजेश _ठीक है निशा जी, मैं जा रहा हूं, पर अगर हमारी दोस्ती सच्ची होगी तो तुम जरूर आवोगी।

राजेश, वहा से होटल के लिए निकल गया।

रास्ते में जब वह आ रहा था। तब ट्रैफिक पर रुकना पड़ा। तभी प्रिया की नजर उस पर पड़ी।

दरअसल प्रिया, संजय, और पिंकी कार से होटल जा रहे थे। राजेश की पार्टी में।

प्रिया ने राजेश को आवाज लगाई।

राजेश,,

राजेश ने प्रिया की ओर देखा।

राजेश _दी, आप लोग कहा जा रहे?

प्रिया _पहले ये बता आज तेरी बर्थ डे पार्टी है और तुम बाइक में कहा भटक रहे हो।

प्रिया _ऐसा क्या काम आ गया जो अपनी पार्टी छोड़कर जाना पड़ा। हम लोग तो तुम्हारे पार्टी में ही शमिल होने जा रहे थे, पर तुम इधर ,,

राजेश _दी बात में बताऊंगा, अभी होटल में मिलते हैं।

प्रिया _ओके, बाई।

राजेश कुछ देर में ही होटल पहुंच गया। उसके जाते ही।

सुजाता _राजेश, तुम कहा चले गए थे। मेहमान लोग तुम्हारे बारे में पूछ रहे हैं।

राजेश _मैम मै कुछ काम से गया था।

सुजाता _ऐसा क्या काम आ गया था, भगत को बोल देता, वह कर देता।

तभी राजेश के कालेज के दोस्तो ने घेर लिया।

दोस्तो ने कहा _अरे यार राजेश हम कब से तुम्हारा वेट कर रहे थे। हमे पार्टी में बुलाकर,कहा रह गए थे?

राजेश _सॉरी दोस्तो कुछ काम से गया था।

सभी दोस्तो ने राजेश को जन्म दिन की शुभकामनाएं दिया।

सीमा भी पहुंच गई।

सीमा _राज जन्म दिन की बहुत बहुत शुभकामनाएं।

राजेश _, थैंक्स, सीमा जी।

सीमा _सॉरी राज निशा की तबियत ठीक नहीं है वह नही आ सकी। वह भी तुम्हे शुभकामनाएं संदेश भेजी है।

राजेश _सीमा जी ये आप क्या कह रही हो? निशा जी आयेगी?

सीमा _नही राजेश वह नही आयेगी, उसने खुद ही मूझसे ये बात कहीं है?

राजेश _सीमा जी, मैने कहा न निशा जी आयेगी।

सीमा _ये बात तुम इतने विश्वास के साथ क्यू कह सकते हो?

राजेश _क्यू की मेरा दिल कह रहा है की वह आयेगी।

तभी मंच पर राजेश को बधाई देने,रीता पहुंची।

रीता _जन्म दिन की ढेर सारी शुभकामनाएं राजेश।

राजेश _ओह थैंक यू रीता मैम।

रीता _राजेश इस शूट में बड़े स्मार्ट लग रहे हो।

राजेश _थैंक यू ।

राजेश अपना हाथ आगे करो।

राजेश ने हाथ आगे किया।

रीता _मेरे तरफ से ये घड़ी जो मैने विदेश से मंगाया है करोड़ों की है।

रीता ने अपनी हाथों से घड़ी पहनाया।

राजेश _मैम, इतनी महंगी गिफ्ट देने की क्या आवश्यकता थी।

रीता _राजेश मैने पहलेभी तुम्हे कुछ देना चाही थी पर तुमने ठुकरा दिया। आज मौका मिला है कुछ भेट करने का आज तुम मना नही कर सकते।

सुजाता _क्या बात है? बडी महंगी गिफ्ट दिया है,राजेश को मुझे तुम्हारा इरादा कुछ ठीक नहीं लग रहा।

रीता _इरादा तो मुझे तुम्हारा ठीक नही लग रही है। कितनी सजी संवरी है सभी लौंडे तुम्हे ही देख रहे हैं, और तुम राजेश के आगे पीछे मंडरा रही हो।

सुजाता _वैसे तू भी बहुत हॉट लग रही हो। लगता है किसी पर बिजली गिराना चाहती हो।

रीता _हाय, काश तुम्हारी बाते सच हो जाय।

आखिर हमें भी तो पता चले कि हममें भी कुछ कशिश बाकी है कि नही।

सुजाता _हाय, किसी लौंडे को इशारा करके तो देखो भागा भागा चला आएगा।

रीता _चल झूठी कही की।

रीता ने अपने मन में कहा,,

जिसको मैं अपना बनाना चाहती हूं वो तो घास नहीं डाल रहा।

उसके बाद होटल में बाबा चरमानंद और उसके शिष्य लोग, भीम और उसके दोस्त प्रवेश किए।

सभी लोग बाबा को प्रणाम करने लगें क्यू की बाबा ने अब तक बहुत अधिक प्रसिद्धि प्राप्त कर ली थी।

शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति पार्टी रूम में रह होगा जो बाबा को न जानता, और मानता हो।

पार्टी में देखकर सभी लोग आश्चर्य व्यक्त कर रहे थे।

लोगो ने बाबा का आशीर्वाद लेकर पूछा _बाबा आप यहां ।

बाबा _राजेश हमारा प्रिय शिष्य है। उसके जन्म दिन पर आशीर्वाद देने, आना ही था।

राजेश, बाबा के पास आकार उसका पैर छू कर प्रणाम किया।

बाबा _जीते रहो राजेश। जीवन में सफलता की ऊंचाइयां प्राप्त हो। मेरा आशिर्वाद सदा तुम्हारे साथ रहेगा।

उसके बाद उनके शिष्यों, भीमा और उसके साथियों ने बधाई दिया।

भीमा _जन्म दिन की बहुत बहुत बधाई भाई।

राजेश _धन्यवाद भीमा। और कैसे हो भीम। आश्रम का काम कैसा चल रहा है?

भीमा _सब अच्छा चल रहा है,बस आप ही की कृपा है भैया।

इसके बाद मंच पर सुमन और सौरभ पहुंचे।

राजेश _मैम आप, ऐसी हालत में आने की क्या आवश्यकता थी।

सुमन 6माह की प्रेगनेंट थी।

सुमन _राजेश, जब मैने सुना की तुम्हारा जन्म दिन है तो खुद को आने से रोक न सकी।

सुमन और सौरभ दोनो ने राजेश को जन्म दिन की शुभकामनाएं दिए।

रीता की नजर सुमन पर पड़ी।

रीता अपने मन में _ओहो, तो वे है सुमन, केमेस्ट्री टीचर,जो राजेश को अपने जाल में फांस रखी है। लगता है इसके पेट का बच्चा भी राजेश का ही है कब से मिलना चाहती थी।

वह सुमन के पास गई।

रीता _हेलो सुमन जी।

सुमन _नमस्ते रीता जी।

रीता _, आप मुझे जानती है।

सुमन _, जी आपको कौन नही जानता। यहां की नंबर वन उद्योगपति महिला।

रीता _ओह क्यू शर्मिंदा कर रही हो,

नंबर वन तो वहां खड़ी है जिसने राजेश के लिए पार्टी रखी है।

सुमन _फिर हाल अभी तो आप नंबर वन पर है।

रीता _खैर इन बातों को छोड़िए, ये बताइए हमे खुशखबरी कब सुना रही हो।

सुमन _अभी तो ढाई माह का समय है।

रीता _ओह, जब बच्चे की जन्म की पार्टी हो तो हमे जरूर बुलाइए गा।

सुमन _जी जरूर।

राजेश की आंखे निशा की आने का इंतजार कर रही थी।

उसका दिल कह रहा था कि निशा जरूर आएगी।

राजेश के बधाई देने कौशल्या देवी, भीमा की मां मालती और अन्य स्त्री भी राजेश को जन्म दिन की बधाई देने पहुंची।

कालेज का चौकीदार और उसकी बीवी भी राजेश को बधाई दिया।

राजेश ने भगत से कहां _अबे तुमने तो किसी को नही छोड़ा सबको बुला लाया।

भगत _भाई मैने तो इन लोगो को आपके जन्म दिन की जानकारी दिया था। येसभी लोग खुशी से उत्साहित होकर यहां आए हैं।

तभी राजेश की मां सुनिता और उसके पापा शेखर और स्वीटी भी पहुंच गई।

राजेश ने अपनी मां और पापा के पैर छू कर आशीर्वाद लिया।

सुनिता और शेखर ने राजेश को जन्म दिन की शुभकामनाएं दिया।

स्वीटी _जन्म दिन मुबारखो भैया।

राजेश _, ओह थैंक यू, मेरे प्यारी बेबी।

रीता _हेलो, सुनिता जी।

सुनिता _नमस्ते रीता जी।

रीता _आप मुझे पहचानती है।

जी समाचार और टीवी में तो आप और आपकी कंपनी की खबर चलती रहती है।

कौन नही पहचानेगा आपको।

रीता _ओह थैंक।

सुनिता ने मन ही मन रीता को गाली दी,kutiya कही की तुम्हारे कारण ही तो मेरे बेटे ने कालेज के लोकल टूर्नामेंट में भाग नही लिया।

कालेज के प्रोफेसर और कमेटी के लोग भी राजेश को बधाई दिए।

प्रिया और संजय ने भी मंच पर जाकर राजेश को बधाई दिया ।

संजय _अरे साले साहब जन्म दिन की बहुत बहुत बधाई।

राजेश _ओह थैंक क्यू जीजू।

प्रिया_मेरे गोलू भाईकी जन्म दिन कीढेर सारीशुभकामनाएं ।

राजेश_ थैंक यू दी।

पिंकी _जन्म दिन मुबारखो मामू।

राजेश _ओह मेरी प्यारी भांजी थैंक यू।

प्रिया _राजेश मै कब से देख रही हूं तुम्हारी आंखे कब से किसी को ढूंढ रही है?

बोलो तुम निशा का इंतजार कर रहे हो न।

राजेश _हा दी, सभी आ गए पर निशा नही आई,पता नही वो आयेगी भी कि नही।

प्रिया _तुम्हरा दिल क्या कहता है?

राजेश _मेरा दिल कह रहा है कि वह जरूर आएगी।

सुजाता _राजेश सभी मेहमान आ चुके है अब केक कांटो।

राजेश _मैम थोड़ी देर और रुकते हैं।

रीता _क्यू राजेश कोई ओर आने वाला है क्या?

प्रिया _थोडा और रुक जाओ,हो सकता है कोई आ जाए।

थोड़ी देर और इंतजार करने के बाद राजेश निराश हो गया।

सुजाता_राजेश अब कोई नही आयेगा, केक कांटो।

राजेश केक काटने ही वाला था कि,,

प्रिया _राजेश, उधर देखो।

राजेश ने सामने देखा। निशा आ रही थी।

राजेश के आंखो में खुशी के आंसू भर गए।

सुजाता_अरे निशा बेटा तुम्हारी तबीयत तो ठीक नही थी। फिर तुम कैसे सा गई?

निशा _ओ मॉम, तबीयत ठीक लगी तो आ गई सोचा जाऊंगी तो राजेश को अच्छा लगेगा।

सुजाता _ओह, अच्छा की मेरी प्यारी बेटी।

जाओ राजेश को बधाई दो।

निशा _जन्म दिन मुबारखो राज,,

राजेश _थैंक क्यू निशा ज? यहां आने के लिए !

राजेश ने केक काटा और सबसे पहले निशा को खिलाया, यह टुकड़ा मेरी प्यारी दोस्त के लिए।

सीमा _निशा को देखकर बहुत खुश हुई। वह उसे गले से लगा ली।

इधर राजेश ने निशा के बाद सुजाता को केक खिलाया रीता ने तो जबरदस्ती राजेश के हाथ से केक छीनकर खा ली।

केक काटने के बाद, नाचने गाने का प्रोग्राम शुरु huwa ।

राजेश के कालेज के स्टूडेंट्स नाचने गाने लगे।

प्रिया ने निशा से कहा,,

प्रिया _निशा, मै Rajesh की दीदी हूं।

मैं तुमसे कब से मिलना चाहती थी।

निशा ने प्रिया की पैर छू ली।

प्रिया _सदा खुश रहो। तुम कितनी सुंदर हो।

पता है जाब तुम यहां नही आई थीं तो राजेश की आंखे हर पल तुम्हे ही खोज रह था। क्यू राजेश?

राजेश और निशा एक दूसरे की आंखो में देखने लगे।

तभी भगत ने अलाउंस किया।

यहां पर उपस्थित लेडीज एंड जेंटल मेन हम सब राजेश से अनुरोध करते है कि अपने जन्म दिन पर हमे कोई गीत सुनाकर इस पार्टी को यादगार बनाए।

सभी लोग राजेश राजेश चिल्लाने लगे।

राजेश ने गिटार बजाना शुरू किया।

ये हमने सोच रखा था, मोहब्बत न करेंगे हम,

किसी को फील नही देंगे, किसी पे न मरेंगे हम

तुम्हारी मस्त आंखो ने ये कैसा हाल कर डाला

की ये दिल चीज क्या है, मांग लो तो जान दे देंगे।

पलट के इस्क की गलियों से जाना है बडी मुस्किल

दिल गलती कर बैठा है, गलती कर बैठा है दिल

दिल गलती कर बैठा है गलती कर बैठा है दिल

दिल गलती कर बैठा अब बोल हमारा क्या होगा?

बोल हमारा, बोल hamara क्या होगा?

 
सीमा_आज के वाकिए से तो स्पष्ट हो गया कि राजेश तुम्हे चाहता है। निशा जाओ यही सही समय है राजेश से अपनी दिल की बात कहने की।



इधर प्रिया और राजेश दोनो एक दूसरे की बाहों मे बाहें डाल डांस कर रहे थे।

प्रिया _राजेश आख़िर तुमने मान ही लिया कि तुम निशा से प्यार करते हो।

राजेश जाओ यही समय है निशा को अपने प्यार का इजहार कर दो।

राजेश _पर दी कही निशा ने इनकार कर दिया तो।

प्रिया _अरे पागल ओ तुम पर मरती है। जाओ अब देर न करो।

इधर रीता और सुजाता,,

रीता _सुजाता, अभी तक तुमने बताया नही कि राजेश को तुमने क्या गिफ्ट दिया है?

सुजाता मै तुमसे पूछ रही यार तुम्हारा ध्यान कहा है?

सुजाता का ध्यान राजेश और प्रिया की ओर था दोनो को एक दूसरे के बाहों में बाहें डाल डांस करता देख अच्छा नही लग रहा था।

वहा पर कई लोग डांस कर रहे थे।

रीता _सुजाता, क्या सोच रही हो यार?

सुजाता _रीता तुमने कुछ कहा?

रीता _मैने कहा कि तुमने राज को क्या गिफ्ट दिया है?

सुजाता _ये सिक्रेट है।

रीता_अरे मै तो तुम्हारी दोस्त हूं, मूझसे क्या छिपाना?

सुजाता _कुछ चीजे गुप्त रहे तो ही अच्छा है।

रीता _ठीक है भई तुम्हारी मर्जी।

सुजाता राजेश और प्रिया के पास गई।

सुजाता _राजेश, अपनी दी के साथ ही डांस करोगे क्या? हमारे साथ नही।

राजेश _ओ मैम, ये आप क्या कह रही हो? हम तो आपके साथ रात भर डांस करने तैयार है।

सुजाता ने म्यूजिक बदलने कहा।

फिर राजेश के बाहों में आकार, राजेश की आंखो में देखते हुए, नृत्य करने लगी।

इधर, निशा ने जब राजेश और सुजाता को एक दूसरे से चिपक कर नृत्य करते देखी।

निशा पार्टी से जानें लगी,

सीमा _निशा, कहा जा रही हो यार , रुको।

निशा _नही, सीमा मै राजेश से कभी नही कहूंगी कि मैं उससे प्यार करती हूं।

देखो, मां कितनी खुश हैं, राजेश के साथ। अगर उसे पता चला कि मैं राजेश से प्यार करती हूं। तो उसकी खुशी, दुख में बदल जायेगी। जो मै नही चाहती।

निशा वहा से चली गई।

इधर रीता, अपने आप से

सुजाता ऐसी क्या गिफ्ट देने जा रही है भई ?जो हमें भी नहीं बता रही, लगता है कुछ ज्यादा ही सिक्रेट है। पर मै भी पाया करके ही रहूंगी।

सभी लोग पार्टी में खूब इंजॉय करने के बाद

,लोगो का धीरे धीरे पार्टी से जाना शुरू होने लगा।

एक एक करके लगभग सभी लोग चले गए, खास लोग ही रह गए।

सुनिता _बेटा, रात बहुत हो गई है अब हम लोग निकल रहे हैं, तुम भी सभी मेहमानों के जानें के बाद घर आ जाना।

राजेश _ठीक है मां।

प्रिया और समीर_राजेश अब हमे भी इजाजत दो।

राजेश _ठीक है दी, थैंक्यू जीजू आप लोग पार्टी में आए।

रीता _सुजाता, अब मै भी चलती हूं यार।

सुजाता _ठीक है रीता।

भगत _मैम अब तो सभी लोग चले गए, अब हमे भी चलना चाहिए।

सुजाता _ठीक है भगत तुम अपने दोस्तो के साथ निकलो। मै और राजेश दोनो साथ निकलेंगे। मै राजेश को घर छोड़ दूंगी।

इधर रीता ने होटल के एक वेटर को पैसे का लालच देकर खरीद लिया था।राजेश और सुजाता पर नजर रखने को कहा था। फ़ोन कर उनकी गतिविधि की जानकारी देने को कहा था।

राजेश _मैम सभी लोग चले गए अब हमे भी चलना चाहिए।

सुजाता _राजेश अभी तो मैने तुमको बर्थ डे गिफ्ट दिया ही नहीं।

राजेश _, मैम सब कुछ तो आपने दे दिया अब बचा क्या है?

सुजाता _बचा है राजेश, मैने एक चीज ऐसी अभी तक सम्हाल कर रखी है। तुम्हे देना चाहती हूं।

मैं कमरे में जा रही हूं। तुम 10मिनट बाड़ कमरे में आ जाना।

राजेश _, ठीक है मैम, मै भी यह जानने उत्साहित हूं कि अभी तक आपने कौन सा चीज बचा कर रखी है।

सुजाता कमरे में चली गई। 10मिनट बाद राजेश भी कमरे में पहुंचा।

जब वह कमरे में पहुंचा तो फूलो की खुशबू कमरे में महक रहा था।

बेड सेज की तरह सजा huwa था। सुजाता सेज में घूंघट डाले बैठी हुई थी।

राजेश के दोस्तो ने कोलड्रिंक में विस्की डालकर पिला दिया था जिससे वह हल्के नशे मे था।

राजेश जब बेड में जाकर बैठा और सुजाता की घूंघट उठाया ।

राजेश ने सुजाता का चेहरा देखा तो उसे निशा नजर आने लगा। उसे लगा की वह निशा की घूंघट उठा रहा है।

निशा दुल्हन की तरह सज कर उनका इंतजार कर रही है।

राजेश ने सुजाता की चेहरा ऊपर उठाया । दोनो एक दूसरे की आंखो में देखने लगे। सुजाता और निशा की चेहरा तो एक जैसी ही थी। राजेश को लगा की मेरे सामने जो अप्सरा बैठी है। वह निशा ही है। वह उसके ओंठो को चूम लिया।

सुजाता अपनी आंखे बंद कर ली।

राजेश उसकी चेहरे को देखता रहा।

फिर राजेश ने सुजाता को लिटा दिया और खुद उसके ऊपर झुक गया।

राजेश और सुजाता एक दूसरे को देखने लगे।

राजेश ने सुजाता की ओंठ चूसना शुरू कर दिया।

फिर धीरे धीरे वह नीचे गर्दन पर पहुंचा और जी भर कर चूमने चाटने लगा। आगे बढ़ते हुवे साड़ी की पल्लू को सरकाते हुवे उसकी पेट तक पहुंच कर उसकी खुबसूरत नाभी के चूमने चाटने लगा।

सुजाता सिसकने लगी।

फिर साड़ी जो कमर पर बंधा huwa था उसे खोल कर उसके शरीर से अलग कर दिया।

अब सुजाता ब्लाउज और पेटीकोट में थी।

राजेश एक बार फिर सुजाता की ओंठ चूसने लगा सुजाता भी उसका साथ देने लगी।

इधर वेटर ने इसकी जानकारी फ़ोन से रीता को दे दिया कि राजेश और सुजाता दोनो एक कमरे में साथ में ठहरे हुए है और दरवाज़ा बंद है।

रीता ने कहा की उन लोगो पर नजर बनाए रखना और मुझे जानकारी देते रहना।

इधर राजेश ने सुजाता की ब्लाउज भी निकाल दिया और ब्रा भी।

ब्रा निकलते ही सुजाता की मस्त सुडौल बडी बडी खुबसूरत चूची राजेश के आंखो के सामने आ गया। जिसे देखकर राजेश का land लोहे की तरह सख्त हो गया।

राजेश सुजाता की चुचियों को बारी बारी से मुंह में भरकर चूसने लगा।

सुजाता की मादक सिसकारी कमरे मे गूंजने लगी।

राजेश जी भरकर चूची मसलने एवम पीने केबाद नीचे गया और उसकी पेटीकोट का नाड़ा खोल कर उसकी पेटीकोट को नीचे से खींचकर अलग कर दिया।

सुजाता अब सिर्फ पेंटी में थी। वह बेड से उठी और राजेश के सारे कपडे एक एक कर उतार दी। राजेश पुरा नंगा हो गया। उसका land हवा में झटके मार रहा था।

सुजाता niche बैठ कर राजेश के land को हाथ में पकड़ ली और पहले उसके अंडकोष को सहलाई फिर मुठ मारी, उसके बाद land को मुंह में भरकर चूसने लगी।

राजेश जन्नत में पहुंच गया। वह सुजाता की बालो को हाथ से पकड़ कर land को सुजाता के मुंह में हल्के हल्के अन्दर बाहर करने लगा।land चूसने से राजेश का land और मोटा तथा लंबा हो गया।

जी भरकर land चूसने के बाद सुजाता उठी और बेड के किनारे लेट गई।

राजेश ने सुजाता की पेंटी को खींचकर निकाल दिया।

सुजाता पूरी तरह नंगी हो गई।

सुजाता की मस्त फुली हुई चिकनी chut राजेश के सामने आंखो के सामने आ गया।

जिसे देखकर राजेश का land झटके मारने लगा।

राजेश सुजाता की मस्त chut को मुंह में भरकर चूसने लगा, अपने जीभ से चाटने लगा। सुजाता की उत्तेजना के मारे उसकी पैर कपकपाने लगा।

उसकी मुंह से लगातार सिसकारी निकलने लगी।

उसकी chut से रज बहकर टांगो तक जानें लगी।

राजेश से रहा न गया और सुजाता की टांगो के बीच आ गया।

राजेश एक बार फिर सुजाता की ओंठ चूसा, उसकी चूची मसल मसल के पिया फिर अपना land सुजाता की chut के छेद पर रख उसकी टांगो के फैला कर एक जोर के धक्का मारा।

Land बुर को चीरकर आधा लन्ड बुर के अंदर चला गया। सुजाता चीख उठी।

राजेश उसकी ओंठ फिर चूसा। कुछ देर दूदू पीने लगा। सुजाता फिर सिसकने लगी।

राजेश ने फिर से एक जोर का धक्का मारा पुरा land बुर के अंदर चला गया।

सुजाता फिर से चीख उठी।

कुछ देर राजेश रुका रहा। सुजाता एक दर्द कम होने पर धीरे धीरे land को बुर में अंदर बाहर करना शुरू कर दिया।

कुछ देर अन्दर बाहर करने के बाद सुजाता को दर्द की जगह मजा आने लगा जिससे वह सिसकने लगी। राजेश ने अब अपना स्पीड बडा दिया। वह सुजाता की बुर जोर जोर से चोदना शुरू कर दिया।

सुजाता को खूब मजा आने लगा।land बुर में गपागप अंदर बाहर होने लगा। कमरे में गच गाच फ़च फच की आवाज, सुजाता की चूड़ियों की खनक खन खन और सुजाता के मुंह से उई मां आह उन की आवाज से मौहल अत्यंत कामुक बन गया था, राजेश और सुजाता दोनो स्वर्ग में पहुंच गए थे। दोनो अपना सुध बुध खोकर chudai का मजा ले रहे थे।

सुजाता कुछ ही देर में अपनी चर्म अवस्था में पहुंच गई। वह राजेश को और जोर जोर से चोदने बोलने लगी।

राजेश दनादन बुर चोदने लगा। सुजाता से अब बर्दास्त न huwa वह राजेश को जकड़ कर झड़ने लगी।

राजेश ने chudai बंद कर दिया।

राजेश सुजाता के ओंठ चूसने लगा।

कुछ देर बाद सुजाता होश में आई।

सुजाता _राजेश उठो अब।

राजेश _मैम अभी मेरा huwa नही है।

सुजाता _अब मै आपको बर्थ डे गिफ्ट दूंगी।

राजेश _मैम कहा है गिफ्ट।

सुजाता _घोड़ी बन गई। देखो राजेश तुम्हारा गिफ्ट दिख रहा होगा जिसे मैंने अब तक सम्हाल कर रखी है।

राजेश _मैम मैं समझा नहीं।

सुजाता _अरे बुद्धू मेरा दूसरा छेद जो अब तक कुंवारी है वही तुम्हारा बर्थ डे गिफ्ट हैं।

राजेश _मैम क्या सच में तुम्हारी गाड़ कुवारी है।

सुजाता _हा। आज तुम मेरी गाड़ की सील तोड़ो यही तुम्हारा बर्थ डे गिफ्ट हैं।

राजेश _, मैम तुम्हारी गाड़ तो बहुत खुबसूरत और नाजुक हैक्या मेरा मोटा land ले पावोगी। कही ऐसा न हो आपकी गाड़ फट जाए और आपकी चीख सुनकर यहां के वर्कर कमरे में आ जाए।

सुजाता _क्यू इतना कमजोर समझा है क्या मुझे?

चलो डालो इसमें मै तुम्हारे लिए दर्द सह लूंगी।

राजेश _मैम इसमें डालने के लिए काफ़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। इतना आसान नहीं है। छोटी सी छेद में मूसल जैसा land घुसाना।

कोई लुब्रिकेट लगाना पड़ेगा।

सुजाता कमरे की आलमारी को खोली और एक लुब्रिकेट का ट्यूब और एक डिल्डो निकाल कर राजेश को थमा दी।

राजेश _मैम आपने तो पूरी तैयारी कर रखी है।

सुजाता _मै जानती थी कि इन चीजों की जरूरत पढ़ सकती है इस लिए मैंने इसे मंगा कर रख दी थी।

राजेश _इन चीजों से तो काम आसान हो जाएगा।

सुजाता बेड पर घोड़ी बन गई।

राजेश ने ट्यूब से लुब्रिकेत निकाला और सुजाता की गाड़ में भर दिया।

फिर डिल्डो को उसकी गाड़ की छेद में घुसाने लगा। डिल्डो सामने से पतला पीछे से मोटा था।

सामने वाला भाग आसानी से गाड़ में घुस गया।राजेश डिल्डो के गाड़ में अन्दर बाहर करने लगा और डिल्डो को गाड़ के अन्दर घुसाता गया।

सुजाता के मुख से कभी दर्द से कराहने तो कभी मजे से सिसकने की आवाज निकलने लगी।

धीरे धीरे राजेश ने सुजाता की गाड़ में डिल्डो के जड़ तक घुसा दिया।

फिर उसने डिल्डोनिकाल कर देखा की गाड़ land के अन्दर जानें लायक फैला है कि नही।

जब उसे लगा कि land गाड़ में जा सकता है वह लुब्रिकेट् को फिर से गाड़ में डाला और अपने land पर अच्छे से मला।

फिर सुजाता की मुख में उसकी पेंटी को डाल दिया ताकि ज्यादा चीख न सके।

अपना land पकड़ा और सुजाता की गाड़ के छेद पे रख कर दबाव बनाया काफी मशक्कत के बाद land का कुछ भाग अन्दर घुसा।राजेश land का दबाव गाड़ पर बढ़ाया। सुजाता दर्द से छटपटाने लगी राजेश ने land का दबाव गाड़ पर और बढ़ाया land का टोपा अंदर घुस गया।

सुजाता दर्द से छटपटाने लगी। कराहने लगी अब राजेश ने गाड़ पर और land का दबाव डाला लन्ड का कुछ और भाग अन्दर सरक गया।

सुजाता जोर से चीखना चाही पर मुंह पर कपड़ा होने के कारण चीख न सकी।

राजेश ने एक जोर का धक्का मारा। आधा land गाड़ में सरक गया। गाड़ फट गया। गाड़ सी खून निकलने लगा।

सुजाता का दर्द से आंसू निकल गए।

राजेश _मैम आपकी गाड़ तो फट गई। निकाल दू क्या?

सुजाता _खुद को सम्हालते हुवेबोली, नहीं राजेश निकलना मत, थोडा रुक जाओ।

राजेश _नीचे झुका और सुजाता की चुचियों को पकड़ कर मसलने लगा उसकी पीठ और चूतड सहलाने लगा।

उसकी बुर की भग्नाशा को उंगली से रगड़ने लगा जिससे सुजाता सिसकने लगी।

कुछ देर बाद सुजाता का दर्द कुछ कम हुआ।

राजेश अब अपना land थोड़ा पीछे खींचा और फिर आगे धकेला वह धीरे धीरे गाड़ मारना शुरु किया । और उंगली से भग्नाश को रगड़ने लगा जिससे सुजाता को मजा और दर्द दोनो मिलने लगा।

राजेश अब धीरे धीरे land को गाड़ में और अन्दर सरकाने लगा।

धीरे धीरे आधे से ज्यादा land गाड़ में घुस गया। उसकी गाड़ की खून राजेश के land पर लगा huwa था।

राजेश अब थोडा तेज तेज गाड़ की ठुकाई करने लगा। एक उंगली से बुर के भगनासा को रगड़ता रहा।

Land गाड़ को फैलाता गया और एक समय आया जब गाड़ land को पूरी तरह निगल गया।

सुजाता_मैम आपकी गाड़ ने तो पुरा मेरा land ही निगल लिया। मुझे तो यकीन ही नहीं हो रहा।

अब राजेश ने गाड़ की जोर जोर से ठुकाई सुरु कर दिया।

राजेश को गाड़ मारने में बहुत मजा आने लगा राजेश का land गाड़ में बुरी तरह रगड़ का रहा था। अगर वह नही रुका टू जल्द ही झड़ जायेगा। इसलिए उसने अपना land बाहर निकाल लिया।

और सुजाता की बुर में अंदर डाल कर गच गच चोदने लगा।

बुर चोदते हुए राजेश ने सुजाता की गाड़ की छेद देखा जो बुरी तरह फैल चुकी थी। उस पर कुछ खून भू लगा huwa था।

इधर बोर की chudai होने सी सुजाता को बहुत मजा आने लगा। उसकी सिसकने की आवाज कमरे मे गूंजने लगी।

राजेश ने अब land बुर से निकाल कर गाड़ में डाल दिया। और गाड़ चोदना शुरु कर दिया। कभी गाड़ तो कभी बुर की chudai करने लगा जिससे सुजाता को बहुत मजा आने लगा। और वह फिर से झड़ गई।

सुजाता बेड पर लेट कर सुस्ताने लगी। उसकी गाड़ फट चुकी थी उसे दर्द कर रहा था।

सुजाता _राजेश , मै तुम्हे और देने के स्थिति में नहीं हूं। मेरी गाड़ पे दर्द हो रहा है।

राजेश _मैम अगर दर्द ज्यादा है तो रहने देते हैं। कोई बात नही। मैंने आपकी कुंवारी गाड़ फाड़ी। यह मेरे लिए आज का सर्वश्रेष्ठ गिफ्ट हैं।

राजेश और सुजाता दोनो कुछ देर सुस्ताने के बाद अपने अपने कपड़े पहने। फिर कमरे से निकल गए। वेटर ने दोनो को देखा। सुजाता ठीक सै चल नही पा रही थी। उसकी गाड़ फटने से तेज जलन हो रहा था।

राजेश ने सुजाता को सहारा देकर गाड़ी में बिठाया।

इन सब बातों की जानकारी वेटर ने रीता को फ़ोन में दे दिया।

सुजाता ने राजेश को घर छोड़ा फिर वह अपने घर के लिए निकल गई।

राजेश जब घर पहुंचा, वह दरवाजे के पास लगी घंटी बजाया। दरवाज़ा खुली। सामने सुनिता खड़ी थी।

सुनिता _हूं तो आ गया जनाब , इतनी रात तक कौन रुका था पार्टी में जो अब आ रहा है।

राजेश _ओह मां, दोस्तों ने रोक रखा था।

सुनिता _पुरुष दोस्तो ने या महिला दोस्त न।

राजेश _मां, आप क्या कह रही हो मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा।

सुनिता_बड़ा भोला बन रहा है। बहुत रात हो गई है जा कर अपने कमरे में सो जा।

राजेश चुप चाप अपने कमरे में चला गया।

और अपने कपडे चेंज कर बाथरुम में जाकर फ्रेश हो गया।

वह बेड में लेटकर आज के हुए घटना क्रम को याद करने लगा। जब उसे याद आया की कैसे उसने आज सुजाता की गाड़ फाड़ी उसका land तन कर खड़ा हो गया।

इधर सुनिता राजेश के जल्दी घर आने का इंतजार कर रही थी। वह आज राजेश को उसके जन्म दिन पर खुश करना चाहती थी। वह दिन भर यही सोच रही थी कि आज वह राजेश से चुदेगी जिसके कारण उसके बुर से सुबह से ही पानी बह रहा हा थ। वह पार्टी से आने के बाद भी अपनी साड़ी नही उतारी थी।

पार राजेश के लेट आने से उसका सारी योजना खराब हो गया था।

इधर राजेश को सोने से पहले पानी पीने का आदत था। लेकिन सुजाता ने गुस्से में पानी भी नहीं रख पाई थी। राजेश ने जब देखा की उसकी मां ने आज पानी नहीं रखा है तो वह किचन में चला गया। वहा जाकर वह फिल्टर से पानी लेने लगा पता नही उसे क्या सूझा की उसने गिलास नीचे छोड़ दिया जिसकी तेज आवाज सुनिता की कानो में पड़ी तो वह वह उठ कर किचन की ओर आई। ये आवाज़ कैसी है? जानने।

जब वह किचन में आई तो

सुनिता _बेटा क्या हुआ? तुम यहां क्या कर रहे हों।

राजेश _ओ मां मै यहां पानी पीने के लिए आया था आज आप कमरे में पानी रखना भूल गई थी।

सुनिता _ओ हा गलती मेरी ही है। पुरा पानी किचन में फैल गया। तुम अपने कमरे में चलो मैंफर्शसाफ कर पानी लेकर आती हूं।

राजेश _ठीक है मां

राजेश कमरे में चला गया और सुनिता की आने का इंतजार करने लगा।

कुछ देर बाद सुनिता कमरे मे पानी लेकर आई।

राजेश को पानी का गिलास देते हुए बोली।

सुनिता _लो बेटा पानी पी लो।

राजेश पानी पीने लगा।

पानी पीने के बाद गिलास सुनिता को दे दिया। सुनिता गिलास लेकर जानें को हुई तभी राजेश उसके पीछे गया और सुनिता को अपनी बाहों में भर लिया।

सुनिता _क्या कर रहा है छोड़ो मुझे रात बहुत हो गई है चुप चाप सो जाओ।

राजेश _मां, आप मूझसे नाराज हो क्या?

सुनिता _नही तो।

राजेश _फिर मूझसे ठीक से बात क्यू नही कर रही?

मुझे ठीक से बर्थ डे विश भी नही किया।

सुनिता _क्यू कि मुझे लगता है कि अब मेरे विश की तुम्हे जरूरत ही नहीं। तुम्हे बर्थ डे विश करने वाली जो मिल गई है।

राजेश _आपके विश के बीना बर्थ डे अधूरा है एक किस तो देदो।

सुनिता _क्यू उसने विश नही किया क्या? जिससे तुम चिपक चिपक कर नाच रहे थे।

राजेश _हूं, अब समझा कि आप इस लिए नाराज हो।

आपके विश बिना तो बर्थ डे अधूरा है।

राजेश ने सुनिता को अपने तरफ घुमाया और उसकी ओंठ को अपनी मुंह में भरकर चूसने लगा।

सुनिता _हू, हो गया न अब चलूं।

राजेश _न, अभी नही huwa है। मुझे आपका दुदू पीना है।

राजेश ने सुनिता को अपनी बाहों में जकड़ कर उठा लिया और उसे अपनी गोद में उठा कर बेड पर बैठ गया।

वह सुनिता की ओंठ फिर से चुसने लगा।

राजेश का land खड़ा था जिसका एहसास सुनिता को huwa तो वह भी गर्म होने लगी। वैसे तो वह सुबह से ही गर्म थी।

राजेश की हरकतों से वह और उत्तेजित होने लगी।

राजेश ने सुनिता की साड़ी की पल्लू नीचे हटा कर उसकी ब्लाउज का बटन खोल दिया और ब्रा खिसका कर उसकी चूची बाहर निकाल कर, मुंह में भरकर चूसने लगा ।

सुनिता सिसकने लगी।

जी भरकर चूची पीने के बाद राजेश ने सुजाता को गोद से उतारा और अपना लोअर , अंडर वियर निकाल दिया जिससे उसका मूसल जैसा land सुनिता के आंखो के सामने आ गया।

राजेश ने सुनिता की साड़ी खींचकर निकाल दिया अब सुनिता सिर्फ पेटीकोट में थी।

राजेश ने सुनिता को land चूसने का इशारा किया। सुनिता नीचे बैठ गई और राजेश के land को मुंह में भरकर चूसने लगी। राजेश जन्नत में पहुंच गया।

वह सुनिता की बाल को पकड़ कर land को उसके मुंह में धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा।

राजेश का land सुनिता के चुसने से और मोटा तथा लंबा हो गया।

राजेश ने सुनिता को ऊपर उठाया और उसकी पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया।

सुनिता को बेड के किनारे लिटा कर उसकी पेंटी भी उतार दिया।

उसकी मस्त फुली हुई चिकनी बुर को मुंह में भरकर चूसने लगा।

सुनिता सिसकने लगी,,

सुनिता की बुर से पानी टपके लगा।

राजेश ने सुनिता की चूची फिर से मसल मसल कर पीने लगा।

राजेश सुजाता की chudai कर झड़ा नहीं था, वह सुनिता को बेड के किनारे घोड़ी बना दिया। उसके पीछे आकार अपना land का टोपा उसके बुर के छेद में रख कर एक जोर का धक्का मारा land सरसराता huwa बुर फाड़कर अंदर घुस गया।

सुनिता के मुंह से आह मां निकल गया।

कमबख्त मैं कही भगी नही जा रही। एक ही बार में अन्दर घुसा दिया। आराम से नही कर सकता।

राजेश _सॉरी मां। मूझसे रहा न गया।

अब राजेश सुनिता की बुर पे अपना land अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया। वह उसकी कमर पकड़ कर gach gach बुर चोदने लगा।

राजेश का land सुनिता की बुर के रस से भीगकर सर सर अन्दर बाहर होने लगा।

सुनिता को बहुत मजा आने लगा।

राजेश अब तेज गति से सुनीता की बुर की chudai करने लगा।

राजेश और सुनिता दोनो जन्नत की सैर करने लगें। कमरे मे सुनिता की मादक सिसकारी गूंजने लगी।

दोनो दुनिया दारी भूल कर संभोग की परम सुख को प्राप्त करने लगें।

राजेश _आह मां, बहुत मजा आ रहा है, तुम्हारी chudai करने में जो मजा है वैसा कही और नही।

सुनिता भी अपनी क़मर हिला हिला कर राजेश का साथ देने लगी।

सुनिता बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गई। उसे राजेश से चुदने में जो मजा आ रहा था। उसका वर्णन नहीं किया जा सकता था।

राजेश भी जोश में आकर दनादन बुर चोदने लगा। जिससे सुनिता की बुर की पानी झरने की तरह बहने लगी। बुर से फच फच की आवाज़ आने लगी।

सुनिता खुद को ज्यादा देर तक रोक न सकी और आह मां आह करके झड़ने लगी।

राजेश ने सुनिता की बुर से अपना land बाहर निकाल लिया। उसका land बुर की पानी से चमकने लगा।

राजेश अपने अलमारी से क्रीम निकाला और उसे सुनिता की गाड़ में भर कर अपनी एक उंगली अन्दर डाल कर उसकी गाड़ में अन्दर बाहर करने लगा।

सुनिता की गाड़ राजेश पहले भी मार चुका था जिससे वह फैल चुका था। वह अब दो उंगली डालकर सुनिता की गाड़ फैलाने लगा।

राजेश एक उंगली से उसकी बुर की भग्नासा रगड़ने लगा दूसरे हाथ की दो उंगली उसकी गाड़ में डाल कर फैलाने लगा।

राजेश की हरकतों से सुनीता फिर से गर्म हो गई। उसकी बुर में फिर पानी भरने लगा।

राजेश ने अपना land फिर से बुर में रख कर गच से पेल दिया।

सुनिता सिसक उठी।

कुछ देर gach gach बुर चोदने के बाद land को बुर से निकाल कर उसकी गाड़ के छेद में रख कर दबाव डाला land का टोपा अंदर चला गया।

सुनिता कराह उठी।

राजेश सुनिता की चूची को मसलने लगा।

फिर अपना land का दबाव गाड़ पर बढ़ाया जिससे land और आगे सरक गया। जब land गाड़ में आधा घुस गया वह land को हल्के से बाहर खींचा फिर से gach से पेल दिया।

सुनिता कराह उठी।

आह बेटा आराम से।

राजेश ने अब land को गाड़ में अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया।

सुनिता दर्द से कराहने लगी।

धीरे धीरे land ने गाड़ में अपनी जगह बना ली।

गाड़ पूरी तरह फैल गई।

सुनिता को अब गाड़ मरवाने में मजा आने लगा।

राजेश अब सुनिता की गाड़ की जमकर ठुकाई करने लगा।

राजेश कुछ देर गाड़ मारने के बाद अपना land गाड़ से बाहर निकाल लिया और बेड पर जाकर लेट गया। उसका land हवा मेरे लहराने लगा।

वह सुनिता को land पर बैठने का इशारा किया।

सुनिता बेड पर खड़ी होकर राजेश के land के सीध में आकर नीचे झुकी और राजेश के land को अपने हाथ से पकड़ कर इसके टोपे को अपनी बुर के छेद में रख कर बैठ गई।land बुर को चीरकर उसके गर्भाशय से टकराया जिससे सुनिता सिसक उठी।

राजेश ने सुनिता की चूची पकड़ उसे मसलने लगा।

इधर सुनिता राजेश के land पर उछल उछल कर चुदने लगी।

दोनो को फिर से मजा आने लगा।

राजेश भी सुनिता की कमर पकड़ लिया और नीचे से अपनी क़मर उठा उठा कर सुनिता की सहयोग करने लगा।

सुनिता के मुंह से, आह अन आई ई आह मां उन की कामुक आवाजे निकलने लगी। वह राजेश के land पर जोर जोर से उछल उछल कर चुदने लगी। दोनो फिर से स्वर्ग की सुख भोगने लगे।

राजेश ने सुनिता को इशारा किया।

सुनिता राजेश के land को बुर से निकाल कर अपनी गाड़ पे रख कर बैठ गई। और उछल उछल कर गाड़ गाड़ चुदाने लगी।

कभी गाड़ तो कभी बुर में land डालकर चुदने लगी।

कुछ देर बाद राजेश उठ कर बैठ गया। सुनिता अब भी राजेश के गोद में बैठी थी उसका land बुर में ही था।

राजेश ने जी भर कर सुनिता की ओंठ चूसा फिर उसकी बुर में land अन्दर बाहर करने लगा।

सुनिता ने जब राजेश के लैंड को अपनी बुर में आते जाते देखा तो वह शर्मा गई।

कुछ देर इसी पोजीशन में चोदने के बाद राजेश ने सुनिता अपनी गोद में उठा कर बेड के नीचे ले आया और उसे अपनी land पर बिठा कर खड़े खड़े हवा में उछाल उछाल कर चोदने लगा सुनिता राजेश की मर्दानगी की दीवानी हो गई।

राजेश ने land को बुर से निकाल कर गाड़ में डाल दिया और हवा में उछाल उछाल कर अपने land पर पटक पटक कर चोदने लगा।

कुछ देर इसी पोजीशन में chudai करने के बाद राजेश सुनिता को बेड किनारे लिटा दिया और दनादन उसकी बुर चोदने लगा।

बुर को land से निकाल उसकी गाड़ में डाल कर गाड़ मारने लगा।

इसी तरह राजेश ने सुनिता की जमकर बुर और गाड़ की chudai किया। और अंत में उसकी गाड़ में झड़ गया।

सुनिता न जानें कितनी बार झड़ी थी।

झड़ने के बाद दोनों ऐसे एक दूसरे के बाहों में सो गए।

 


कुछ देर तक सुनीता राजेश की बाहों में सुस्ताने के बाद।

सुनीता _अब मुझे चलना होगा, कही तुम्हारे पाप जग गए तो मुझे न पाकर, सवाल करेंगे।

राजेश _मां, थोड़ी देर और रुको न आपके साथ अच्छा लग रहा है।

सुनीता _न बाबा, अब और नहीं रुक सकती।

सुनीता बेड सी उठी और सीधे बाथरूम में जाकर अपनी गाड़ और chut को धोने लगी।

जब वह बाथरूम की और जा रही थी तो उसकी मटकती गाड़ को देखकर राजेश का land तनकर फिर खडा हो गया।

सुनीता जब बाथरूम से बाहर आई और अपने कपड़े पहनने लगी, तो राजेश सुनीता की मदमस्त जवानी को, नंगे खूबसूरत जिस्म के देखकर उसका land तनकर फिर से हवा में लहराने लगा, राजेश अपना land सहलाने लगा।

जब सुनीता ने देखा की राजेश उसके ओर ही खा जाने वाले नजरो से देख रहा है,, और उसका land तनकर खड़ा हुआ है।

वह शर्माने लगी।

सुनीता _क्या देख रहा है re, तेरा अभी तक जी नही भरा है क्या? तेरा तो फिर से खड़ा हो गया है।

राजेश _मां आओ न एक बार फिर से करते हैं।

सुनीता _न बाबा तुमने तो मेरा पिछवाड़ा सूजा कर रख दिया है, और नही ले सकती मैं।

वैसे भी रात के 3बज चुके है। थोड़ी देर बाद सुबह हो जाएगी।

वैसे मुझे लगता है कोई एक लड़की तुम्हे झेल नहीं पाएगी, लगता है तुम्हारी शादी एक साथ दो लड़कियों से करवानी पड़ेगी।

सुनीता कपड़े पहन कर मुस्कुराते हुए कमरे से चली गई।

राजेश उसे अपना land सहलाते हुए कमरे से जाते हुवे देखता रहा।

कुछ देर बाद कमरे कीदरवाजे को किसी ने धकेल कर अंदर आया।

राजेश का ध्यान उस ओर गया।

राजेश _स्वीटी तुम इस वक्त।

स्वीटी _अभी कुछ देर पहले कमरे में क्या huwa मुझे सब पता है। मां ने तुम्हे किस तरह बर्थ डे विश किया।

मैं भी आपको बर्थ डे विश करने आया हूं।

स्वीटी ने राजेश के खड़े land जिसे राजेश छुपा रहा था, को पकड़ कर मुंह में ले ली।

राजेश _स्वीटी ये क्या कर रही हो, छोड़ो।

Switi _मैं तो मां की अधूरा काम पूरा कर रही हूं। लगता है मां ने आपको ठंडा नहीं कर पाई।

भैया मैं जानती हूं कि आपने निशा की मां सुजाता को भी अपना रखैल बना लिया है।

राजेश _ये तुम क्या कह रही हूं।

स्वीटी _मुझे सब पता है। उस दिन जब हम लोग उसके घर गए थे तो तुम लोग एक दूसरे को किसी तरह इशारा कर रहे थे। मच्छर काटने के बहाने से वह तुमको अपने कमरे में ले गई थी, बोलो क्या मैं झूठ बोल रही हूं।

राजेश _स्वीटी, ये बात तुम किसी से नहीं कहना।

स्वीटी _नही कहूंगी, पर तुम्हे अपनी बहन का भी ख्याल रखना होगा।

राजेश _स्वीटी मैंने, तुम्हे पहले भी कहा है की अभी तुम्हारा ये सब करने का समय नहीं,अपने पढ़ाई पर ध्यान दो।

स्वीटी _मेरा भी ये सब करने का मन करता है तो मैं क्या करूं?

राजेश _अपने मन को नियंत्रित करो।

Switi राजेश का land चूसते हुए बोली।

स्वीटी _भैया अगर आप मेरी chut का सिल नही तोड़ सकते तो, मेरी गाड़ का तो तोड़ सकते हो। उसमे तो कोई दिक्कत नही होना चाहिए।

राजेश _मैं वो भी नही कर सकता क्यों की मां का भरोसा मैं नहीं तोड़ सकता।

Switi _तो ठीक है, मैं भी अन्य लड़कियो की तरह किसी बाहर के लड़के से अपनी सिल तुड़वाऊंगी , फिर न कहना की मैंने घर वालो की बदनामी कर दी,वैसे भी रोहन मुझे बार बार प्रपोज कर रहा है।

राजेश _switi तु ऐसा कदम बिलकुल नहीं उठाएगी, तुम्हे तेरे भाई की कसम है।

स्वीटी _तो फिर मेरा कहना मानो, घर की बात घर में रह जायेगी किसी को पता नहीं चलेगा।

राजेश _ओह ये क्या मुसीबत है?

ठीक है स्वीटी अगर तुम इस वर्ष अपनी क्लास में टॉप करती हो तो मैं इस बारे में सोचूंगा।

स्वीटी _सोचूंगा नही प्रॉमिस करो मैं अगर क्लास में फर्स्ट आई तो दोनो मे से कम से कम एक शील तोड़ोगे।

राजेश _ठीक है प्रॉमिस किया।

Switi_ओहो, सच भैया मुझे यकीन नहीं हो रहा। मेरे होंटो पर किस करो ,मुझे तब यकीन होगा कि मैं सपना नही देख रही।

राजेश _अरे यार क्या मुसीबत है ये ऐसी नही मानेगी। राजेश ने स्वीटी के सिर को पकड़ कर उसके ओंठ को चूम लिया।

स्वीटी _ये क्या भैया? पता ही नही चला की आपने मेरे होंठ को किस किया। थोड़ा अच्छे से चूसो ना।

राजेश _ओहो क्या मुसीबत है यार?

राजेश ने स्वीटी के ओंठ को मुंह में भरकर कुछ देर तक चूसता रहा जिससे switi की उत्तेजना एक दम से बड़ गई।

उसका दिल जोर जोर से धड़कने एवम सांस तेज तेज चलने लगी।

Switi एक सेक्सी नाइटी पहनी हुई थी। वह अपना नाइटी उतार दी। नाइटी के अंदर कुछ नहीं पहनी थी।

नाइटी उतरते ही वह पूरी नंगी हो गई।

स्वाति का बदन सुनीता की तरह खूबसूरत और हॉट थी। पर सुनीता से थोड़ी दुबली थी। चूचे बड़े और सुडौल थे। आगे चलकर उसका खूबसूरत बदन सुनीता के बदन को खूबसूरती में टक्कर देने वाली थी।

Switi कि खूबसूरत नंगी जिस्म देखकर राजेश का land तनकर और कड़क होकर झटके मारने लगा।

राजेश किसी तरह अपने को नियंत्रित कर रख था।

इधर switi राजेश की आंखों में देखती हुई कभी मूठ मारती टू कभी मुंह में भरकर कर चूसने लगती।

स्वीटी कि हरकतों से राजेश को भाई अब जन्नत का मजा मिलने लगा।

राजेश_आह, स्वीटी बहुंत बढ़िया ऐसे ही थोड़ा और तेज आह, बहुत अच्छा कर रही हो।

राजेश अब झड़ने कि स्थिति में आ गया। वह स्वीति ले सिर को पकड़ कर अपना land उसकेमुंह में अंदर बाहर करने लगा।

ओर कुछ देर में ही आह मां आह करके कराहते हुवे झड़ने लगा।

वह अपने land से वीर्य की लंबी लंबी पिचकारी, स्वीटी के मुंह में छोड़ने लगा।

स्वीटी पूरा वीर्य निगल गई।

राजेश के ठंडा होने के बाद। स्वीटी भी उसके बाजू में लेट गई।

स्वीटी _भैया, तुम अपना प्रॉमिस याद रखना भूल ना जाना। आहार उस दिन अपने वादे से मुकरे तो मैं रोहन से chud जाऊंगी।

राजेश _अरे, अपने वादे से नहीं मुकरूंगा पगली। मुझ पर भरोशा रखो।

स्वीटी ने राजेश के गाल को चूम लिया,

स्वीटी _आई लव यू भैया।

राजेश _i Love यू टू बेबी।

राजेश ने स्वीटी के माथे को चूमते हुए कहा।

स्वीटी _भैया मुझे आपसे कुछ बात करनी थी। राजेश_क्या बात है? बोलो

Switi_आप निशा से प्यार करते हैं?

राजेश _तुमको क्या लगता हैं?

स्वीटी _मुझे पता है कि आप नि शा से प्यार करते हो।

पर भैया आप ने उसकी मां सुजाता को अपना रखैल बना लिया है। यह बात निशा को पता चल गया तो क्या इस बात को स्वीकार कर पायेगी।

राजेश _इसके बारे में तो मैंने सोंचा ही नहीं था। कही वो मुझसे नफरत कारण शुरू न करदे।

स्वीटी _भैया मुझे तो लगता है वह नफरत तो नही करेगी, पर वह तुम्हें अपनाएगी भी नही।

भैया तुम निशा से अपने प्यार का इजहार पहले न करना। कही निशा ने आपका प्यार स्वीकार नहीं किया तो आपका दिल टूट जायेगा।

राजेश स्वीटी की बातो को सुनकर गहन चिंतन में डूब गया।

स्वीटी _भैया अब आप आराम करो मैं भी अपने कमरे में चलती हूं।

स्वीटी अपनी नाइटी पहन कर वहा से चली गई।

अगले दिन जब राजेश कालेज गया,

कैंटीन में दोस्तो से मिला,,

भगत _भाई आज कालेज के सलेक्शन टीम द्वारा इंटर कॉलेज फुटबाल में खेलने वाले खिलाड़ियों की घोषणा किया जाएगा।

पता चला है कि रोहन को टीम का कप्तान चुना गया है।

राजेश _रोहन अच्छा प्लेयर है। चयन टीम ने उस पर भरोसा किया है। रोहन हमारी टीम को चैंपियन बनाने में कोई कसर नही छोड़ेगा। हमे चयन टीम का समर्थन करना चाहिए।

भगत_पार भईया, रोहन का अति आत्मविश्वास कही भारी न पड़ जाए।

दोपहर में लंच के समय,,

सीमा _निशा, कॉफी पीने चलो कैंटीन में चलते हैं।

निशा _नही, सीमा मेरे इच्छा नहीं है।

सीमा _ठीक हैं जब मूड बने टू बता देना।

इधर चयन टीम ने इंटर कालेज फूट बाल टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए फुटबाल टीम की घोसना कर दी।

जिसमे रोहन को कप्तान बनाया गया।

चयन टीम को लोकल टूर्नामेंट में खेलने वाले खिलाड़ियों से ही टीम चुनना था। राजेश ने लोकल टूर्नामेंट में भाग नही लिया था।

लेकिन चयन टीम राजेश का टीम में महत्व को समझता था पिछले दो वर्ष राजेश ने हो आर के कालेज को चैंपियन बनाया था।

अतः अपने नियमों के विरुद्ध राजेश का चुनाव एक्स्ट्रा प्लेयर के रूप में किया गया।

रोहन न इसका विरोध किया।

चयन टीम ने उसे समझाया कि राजेश को खेलने का मौका तभी दिया जाएगा। जब वह चाहेगा।

इस शर्त पर रोहन मान गया।

इधर राजेश के टीम में चुने जाने से सभी स्टूडेंट खुश थे वे आश्वस्त होगए कि इस बार भी हमारी टीम फिर से चैंपियन बनेगी।

इधर रीता अपनी ऑफिस के केबिन में बैठ सोच रही थी।

पता नही सुजाता ने राजेश पर ऐसा क्या जादू किया कि राजेश उसका दीवाना बन गया। सुजाता ने मुझे फिर से अपमानित महसूस कराया है।

आज वह राजेश के दम पर फिर से हवा में उड़ने लगी है।

जिस राजेश के दम पर वह हवा में उड़ रही है मैने भी उसे अपना गुलाम बनाकर अपना chut नही चटवाई तो मेरा नाम भी रीता मेहता नही।

उसने होटल के वेटर को फोन लगाया।

वेटर _बोलो मैडम जी कैसे फोन की थी।

रीता _, देखो, मै एक छोटा कैमरा भेजूंगी तुम उस कैमरे को उस रूम में छुपा देना जहा सुजाता और राजेश ठहरता है।

वेटर _मैम उस रूम में किसी को जाने की इजाजत नहीं है।

रीता _वहा कोई तो जाता होगा।

वेटर _मैडम वहा सफाई करने वाले जाते हैं।

रीता _देखो तुम उनसे बात करो। उसे बोलना इस काम के लिए मुंह मांगा पैसा मिलेगा।

वेटर _मैडम इस काम में बड़ा खतरा है, अगर किसी को पता चल गया तो नौकरी जायेगी।

रीता _तुम नौकरी की चिंता मत करो तुम्हे इतना पैसा मिलेगा जितना तुम नौकरी करके भी जिंदगी भर नही कमा सकोगे।

वेटर कुछ देर सोचने के बाद ,

वेटर _ठीक है मैडम जी।

रीता _गुड। तुम्हारे पास वह कैमरा पहुंच जाएगा।

वेटर ने उस रूम की सफाई करने वाले से इस बारे में बात की।

सफाई करने वाले ने तो पहले साफ मना कर दिया।

रीता को इसकी जानकारी दिया। रीता ने नोटो से भरा सूटकेस वेटर तक पहुंचाया। यह सूटकेस वेटर ने सफाई करने वाले को उसके घर में जाकर दिया।जिससे वह सफाई करने वाला लालच में आ गया।

अगली बार सुजाता ने मैनेजर को फोन कर बताया कि आज वह होटल आयेगी कमरे की सफाई करवा देना।

सफाई करने वाले को मैनेजर ने कमरे मे भेजा।

सफाई करने वाले ने बेडरूम के पास एक बड़ा सा गुलदस्ता रखा था, उसमे कैमरा छिपा दिया और उसे आन कर दिया।

इस बात की जानकारी रीता को दिया।

रीता ने अपना मोबाइल आन कर देखा। कैमरा बिलकुल सही जगह रखा था। कैमरे से पूरा बेड अच्छे से दिखाई दे रहा था।

रीता खुश हो गई।

इधर दोपहर में सुजाता ने राजेश को फोन किया।

सुजाता _हैलो जानू कैसे हो?

राजेश _मै ठीक हूं मैम। आप कैसी है?

सुजाता _बस तुम्हारी याद में खोए रहते हैं।

पार लगता हैं आपको हमारी याद नही आती।

राजेश _ऐसा नही है मैम हमे भी तुम्हारी याद सता रही थी।

सुजाता _चल झूठा कही का। अच्छा सुना हमे मिले कितने दिन हो गए। आज होटल में आ जाना छुट्टी के बाद, मै तेरा वेट करूंगी।

राजेश _ठीक है मैम।

सुजाता _गुड , Love you जान bye टाइम पर आ जाना।

सुजाता 4बजे होटल पहुंची।

वेटर ने इनकी जानकारी रीता को दे दिया।

रीता अपना मोबाइल आन कर कमरे के अंदर का नजारा देखने लगी और रिकार्ड करने लगी।

सुजाता कमरे में अंदर जाने के बाद। अपनी सारे कपड़े उतार नंगी हो गई और बाथरूम में जाकर नहाने लगी। जब वह बाथरूम से निकल कर वह अपने सरीर पे सुगंधित तेल लगाई और ओंठो पर लिपिस्टिक लगाकर अपने शरीर पर टावेल लपेट ली।

वह बेड पर बैठ कर राजेश के आने के इंतजार करने लगी।

कुछ देर बाद राजेश कमरे मे आया।

राजेश ने जान सुजाता को इस रूप में देखा तो वह भी उत्तेजित हो गया।

इधर सुजाता ने एक एक कर राजेश के कपड़े उतारना शुरू किया।

रीता गीत गाने लगी।

आज फिर तुम पे प्यार आया है।

आज फिर तुम पे प्यार आया है।

बेहद और बेशुमार आया है।

टूटे तो टूटे तेरी बाहों में ऐसे

जैसे शाखो से पत्ते बेहया

बिखरे तुझी से और सिमटे तुझी में

तू ही मेरा सब ले गया

न फिकर ना शरम

न लिहाज एक बार आया

फिर जर्रे जर्रे में दीदार आया है

फिर जर्रे जर्रे में दीदार आया है

बेहद और बेशुमार आया है।

राजेश ने सुजाता की जी भर कर chut की chudai aur गाड़ मारी। रीता सारा दृश्य रिकार्ड करता रहा।

रीता को गुस्सा भी आ रहा था। उसका जी कर रहा था कि वह मोबाइल पटक कर तोड़ दे।

पर अपने गुस्से पर काबू पाते हुवे वह सारा खेल अपने मोबाइल पे रिकार्ड कर ली।

इधर सुजाता और राजेश इस बात से अंजान दोनो कमरे में जी भर कर सेक्स करने के बाद थोड़ा देर सुस्ताया फिर अपने अपने घर चले गए।

इधर रीता अपने चेहरे पर कातिल मुस्कान लाते हुए बोली,,

राजेश अब मै भी देखती हूं तुम मर गुलाम कैसे नही बनते।

अब तो तुम वही करोगे जो मै कहूंगी।

फिर सुजाता को पता चलेगा की तुम मेरे गुलाम हो मेरे chut चांटते हो, वह रोए गी। तड़पेgi तुम्हारी बेवफाई पे तब मुझे कितनी खुशी मिलेगी मै बता नही सकती।

 
रीता जब सुबह सोकर उठी, वह बाथरूम में फ्रेस होने के बाद नहाने लगी। उसने देखा कि उसकी boor में घने जंगल उग आए हैं।

उसे कितने दिन हो चुके थे,boor के बाल साफ किए। असल में उसे इसकी जरूरत ही महसूस नहीं हुई। क्यों कि वह अपने पति संजय से कब chudi थी उसे भी नही पता था। जब से वह बिजनेस सम्हालने लगी थी। संजय से chudna बंद कर दी थी ।

वह दिन रात इन्ही बातो पर ध्यान देती की कंपनी को कैसे आगे बढ़ाया जाए?

वह अपनी कंपनी को नंबर वन बनाने पर ही अपना फोकस की थी। पर सुजाता को वह मात नही दे पा रही थी।

उसका सिर्फ एक ही उद्देश्य था किसी तरह वह सुजाता से आगे निकले।

सुजाता, रीता की दोस्त सिर्फ दिखावा के लिए थी । असल में सुजाता रीता की प्रतिद्वंदी थी।

रीता,सुजाता से आगे निकलना चाहती थी।

पर किसी न किसी वजह से मात खा जाती थी।

वह रोहन की निशा से शादी भी इसीलिए कराना चाहती थी ताकि शादी के बाद वह सुजाता को नीचा दिखा सके। इसके लिए उसने रोहन का एडमिशन उसी कालेज में कराई जिसमे निशा ने एडमिशन ली।

रोहन ने निशा को पटाने की बहुत कोशिश किया पर निशा ने रोहन में कोई इंट्रेस्ट नही लिया।

निशा के दिल में रोहन के लिए प्यार जगाने रीता रोहन को बेस्ट स्टूडेंट का खिताब दिलाना चाहती थी।

पर उसके इरादो पर राजेश ने पानी फेर दिया था।

ऊपर से राजेश ने उसे अपमानित महसूस कराया था।

आज तक उसने अपने पति के सिवाय किसी पराए मर्द को कभी प्रपोज नही किया था।

उसने पहली बार पराया पुरुष राजेश के आकर्षक व्यक्तित्व के कारण उसकी ओर आकर्षित होकर अपना शरीर सौपना चाही थी। लेकिन राजेश ने उसे ठुकरा दिया।

पर जब राजेश के बर्थ डे पर उसे पता चला की सुजाता ने राजेश को अपने प्रेम जाल मे फसा लिया है तो फिर से अपने को हारी हुई एवम अपमानित महसूस करने लगी।

अब वह राजेश को हर हाल मे अपना गुलाम बना कर सुजाता को राजेश से छिनना चाहती थी। तभी उसके दिल को सुकून मिलेगी।

आज जब नहा रही थी उसने अपने boor के झांटों को देखा, ओह कितने बड़े बड़े हो गए हैं। सुजाता की boor तो कितनी चिकनी है।

मुझे भी इसे हटाना होगा।

रीता आज अपने शरीर के सारे अनचाहे बालों को हटाने में लग गई।

शरीर के सारे अनचाहे बाल को हटाने के बाद। रीता जब अपने शरीर को आईने में देखी, उसे अपने बदन की खूबसूरती पर गर्व होने लगा।

वैसे रीता भी बहुत खूबसूरत और हॉट थी, वह खूबसूरती में सुजाता को टक्कर भी देती थी, कई लोग उनके दीवाने भी थे उन्हें प्राप्त करना भी चाहते थे, पर रीता की कड़क मिजाज के कारण किसी की भी हिम्मत नही हुई उसे प्रपोज करने की।

जब भी वह किसी पार्टी में जाती सुजाता को छोड़कर सभी का ध्यान उस पर जाए, उसके लिए हॉट ड्रेस पहनती थी।

इधर रोहन जब जवान huwa तो उसका land अपनी मां रीता की हाट लुक को देखकर खड़ा हो जाता।

रोहन अपनी मां की हुस्न का सबसे बड़ा दीवाना था, पर रीता के कड़क मिजाज के कारण, उससे डरता था और कभी आगे नहीं बड़ पाया।

वह रात मे अपनी मां के नाम पर मूठ मारने लगा।

एक दिन नौकरानी ने रोहन को मूठ मारते पकड़ लिया।

नौकरानी _रोहन बाबा, ये क्या कर रहा है? ये गंदा काम करने से तुम कमजोर हो जाओगे।

रोहन _ऐ, तुम्हे क्या मतलब? मै कुछ भी करू।

नौकरानी _कही मालकिन को पता चल गया तो की उसका बेटा ऐसी गन्दी हरकत करने लगा है? उसे कितना बुरा लगेगा।

रोहन _अगर मां को तुमने कुछ भी बताई न तो तुझे नौकरी से निकलवा दूंगा।

नौकरानी _न बाबा मै किसी को नहीं बताउंगी? पर तुम्हे ये गंदा काम करने की क्या जरूरत?

घर मे इतनी खूबसूरत खूबसूरत नौकरानी है किसी को पटा क्यू नही लेता।

तुम्हे ये गंदा काम करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

इस तरह मूठ मरोगे तो तुम्हारा हथियार कमजोर हो जायेगा। इससे अच्छा है किसी नौकरानी की सेवा लेलो। वह तुम्हे मजा देगी, तुम्हारी इच्छा पूरी करेगी और तुमको अपने हाथों से मूठ मारने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।

रोहन _बात तो तुम ठीक कह रही हो। क्या तुम मुझे मजा दोगी।

नौकरानी _रोहन बाबा ये तो मेरी खुशनसीबी है जो मुझे इस लायक समझे। पर उसके बदले मे पैसे लूंगी।

रोहन _तू पैसों की चिंता मत कर। चल मुझे मजा दे।

उस नौकरानी ने रोहन को सेक्स का हर आसन सिखाया, उसे खूब मजा दिया।

उसके बाद तो रोहन घर की सारी नौकरानी को पटाकर उसकी ठुकाई करने लगा।

अब वह नौकरानी के लिए अखबारो मे विज्ञापन देता।

खुद ही नई नौकरानी की नियुक्ति करता जो उसे पसंद आता उसे अच्छे वेतन का लालच देकर नौकरी पर रख लेता ।

फिर उसे पटाकर जमकर ठुकाई करता।

इन सबके बावजूद वह अपनी मां की हुस्न का सबसे बड़ा दीवाना था।

इन नौकरानियों में अपनी मां को इमेज कर जमकर चोदता था। बदले मे इन नौकरानियों को पैसा देता था।

रीता इन सब बातो से अंजान थी।

अब रीता का एक मात्र उद्देश्य, राजेश को अपना बनाकर सुजाता को रुलाना था।

इसके लिए आज अपने शरीर के सारे अनचाहे बाल हटा दी। जब वह ऑफिस जाने के लिए तैयार हुई।

बहुत ही सेक्सी लग रही थी।

उनकी बड़ी बड़ी चूचियां ब्लाउज से बाहर झांक रहे थे।

गहरी नाभी, उठे हुवे नितंब। किसी भी नामर्द के land को खड़ा कर दे,

रोहन ने जब अपनी मां को इस रूप में देखा, उसका land खड़ा होकर झटके मारने लगा।

रोहन _ मॉम आप कही जा रही हो क्या?

रीता _बेटा मै तो रोज की तरह ऑफिस जा रही, पर तुम ऐसा क्यों पूछ रहे?

रोहन _मॉम, आज आप बहुत सुंदर लग रही हो।

रीता _ओह थैंक्स बेटा। वैसे तुम्हारा फुटबाल का प्रैक्टिस कैसे चल रहा है? तुम्हारी टीम को हर हाल मे चैंपियन बनाना है बेटा।

रोहन _ मॉम आप चिंता न करे ? हमारी तैयारी बहुँत अच्छी चल रही है। हम जरूर चैंपियन बनेंगे।

रीता _गुड बेटा , अछा रोहन मै ऑफिस जा रही हूं।

रोहन _ओके मॉम। बाई मॉम।

रीता _बाई बेटा।

रीता जल्दी ही ऑफिस चली जाती थी, उसका पति संजय बाद मै जाता था। कंपनी का सारा काम रीता ही देखती थी।

संजय केवल फाइलों पर सिग्नेचर करता था।

इधर रीता की हॉट लुक देखकर, रोहन का land तनकर खड़ा हो चुका था।

अब उसे सेक्स करने की इच्छा होने लगी।

वह एक नौकरानी को इशारा कर अपने कमरे में बुलाया।

जब नौकरानी रोहन के बेड रूम में गई।

रोहन ने उसकी सारे कपड़े उतार कर नंगी कर स्वयं नंगा हो गया और अपने land को जी भर कर चूसवाने के बाद, नौकरानी को घोड़ी बना कर एक ही धक्के में अपना पूरा land उसकी boor में उतार दिया।

नौकरानी _आह मां,रोहन बाबा जरा धीरे, एक ही बार में पूरा अंदर घुसा दिया, आज बड़े जोश में लग रहे हो। लगता है मालकिन की सेक्सी फिगर देखकर, तुम्हारा घोड़ा काबू में नहीं है।

रोहन _चुप बे साली, हां आज मै अपनी मॉम की खूबसूरत बदन देखकर जोश में हूं।

अब तेरी boor फाड़कर ही शांत होऊंगा।

ले साली ले, ले एक और ले,,

नौकरानी _ आ मां, मर गई मै,, आह

लगता है आज मेरी नाजुक boor का भोसड़ा बना कर ही छोड़ोगे ।

रोहन _चुप साली, तेरा तो पहले से ही भोसड़ा बना दिया है।

आज तो तेरा गाड़ मारकर ही शांत होऊंगा।

नौकरानी _न बाबा बहुत दर्द होगा।

रोहन _साली तभी तो मजा आयेगा, जब तू चीखेगी।

नौकरानी _रोहन बाबा, वैसे आज मालकिन कुछ ज्यादा ही हॉट लग रही है कही ऐसा तो नहीं मालकिन किसी के साथ सेट हो गई है।

रोहन _चुप साली क्या बक रही है? किसी में इतना दम नहीं जो मेरी मां को सेट कर सके।

साली मेरे मां के बारे में कुछ भी बोलती है, ले एक ले ले,, रोहन और जोर जोर से ठोकने लगा।

नौकरानी_उई मां,, आह मर गई मै,, लगता है आज मै नही बचूंगी,,

रोहन _चीख साली, और जोर से चीख, अभी तो तेरा गाड़ फाडूंगा।

नौकरानी _ बाबा, तुम मालकिन को क्यू नही पटा लेते? उसकी लेने के लिए कितना तड़प रहे हो।

रोहन _चुप साली, मॉम शेरनी है शेरनी उसकी सवारी करना इतना आसान समझा है क्या?

मॉम की कड़क मिजाज के कारण किसी की हिम्मत नही उसे कोई छू भी सके।

नौकरानी _तब तो आपको हम नौकरानियों से ही काम चलाना पड़ेगा।

रोहन _तुम लोगो को यहां काम पर रखा ही क्यू हूं?

अपनी भूख मिटाने के लिए ही न।

अब रोहन ने अपना land boor से निकाल कर, उसकी छेद पे घुसाने लगा।

नौकरानी _रोहन बाबा ये क्या कर रहे ऐसे ही सूखे सूखे ही गाड़ में घुसा दोगे क्या? मै दर्द से मर जाऊंगी। क्रीम तो लगा लो।

रोहन _चुप साली, आज तो बिना क्रीम के ही गाड़ मारूंगा। रोहन ने गाड़ पे थूक दिया।

और अपना land गाड़ के छेद पर रख एक जोर का धक्का मारा।

नौकरानी दर्द से चीख उठी।

नौकरानी _उई मां मर गई मै,,, आह,,

लग गाड़ को फाड़ कर आधा घुस गया।

रोहन _चुप साली चीख तो ऐसे रही है जैसे पहली बार गाड़ मरवा रही हो।

नौकरानी _गाड़ कोई ऐसा मारा जाता है?

रोहन _आज तो ऐसे ही मारूंगा,, चीख और जोर से चीख,,

रोहन और जोर जोर से गाड़ मारने लगा,,

नौकरानी दर्द से चीखने लगी,,

आह, छोड़ो,, बस करो,, उई मां मर गई मै,,,

आज तो पूरे जानवर बन गए हो,,,

रोहन, और जोर जोर से गाड़ मारने लगा और गाड़ में ही झड़ने लगा,,

मॉम आह,,, मॉम मै गया,,,,,

रोहन के झड़ने के बाद नौकरानी ने राहत की सांस ली।

रोहन कुछ देर सुस्ताने के बाद,,, वह बाथरूम मे फ्रेस होकर, कालेज जाने के लिए तैयार हो गया।

नौकरानी को पैसा देकर बोला,, ये लो रखो आज बहुन्त मजा दी।

नौकरानी _बाबा आपको तो मजा आया पर मुझे कितना दर्द huwa इससे आपको क्या?

रोहन _ओह आज कुछ ज्यादा ही जोश में था।

ये लो रखो पैसा।

उसके बाद रोहन कालेज निकल गया।

इधर रीता अपने ऑफिस में जाने के बाद, सोचने लगी की आगे क्या करना चाहिए? कैसे वह राजेश को अपने जाल में फसाए।

कालेज मे छुट्टी के समय रीता ने राजेश को फोन लगाया।

राजेश _हेलो, कौन,,,

रीता _कौन हूं पहचानो?

राजेश _माफ करना आप कौन बोल रही है?

रीता _हां भई, हमारी आवाज को कहा पहचानो ge

मैं रीता बोल रही हूं।

राजेश _ओह मैम आप, अब क्या काम है?

रीता _लगता है अभी तक मुझसे नाराज़ हो।

सॉरी राजेश रोहन के लिए मुझे सब करना पड़ा मुझे माफ कर दो, देखो मेरे पास तुम्हारे और सुमन की जो फोटो ग्राफ और वीडियो हो उसे मै तुम्हे दे ना चाहती हूं तुम मेरे फार्म हाउस में आ जाओ।

राजेश _ठीक है मैम।

रीता पहले ही पहुंच गई, फार्म हाउस में। फार्म हाउस बहुत बड़ा था। कुछ मजदूर वहा काम करते थे। फल फूल सब्जियां लगाते थे।

वहा एक बड़ा सा बंगला भी था।

बंगले में किसी को जाने का इजाजत नहीं था। सिर्फ रीता के इजाजत या रोहन के इजाजत मिलने पर ही कोई बंगला में प्रवेश कर सकता था।

फार्म हाउस के बंगले में रीता राजेश का इंतजार करने लगी।

उसने गार्ड से कह दिया था की राजेश नाम का एक लड़का आयेगा उसे अंदरआने देना।

इधर कालेज से छुट्टी के बाद राजेश रीता के फार्म हाउस में पहुंचा।

गार्ड ने नाम पूछा राजेश ने अपना नाम बताया। गार्ड ने उसे अंदर जाने दिया। राजेश ने बंगले का दरवाजा खटखटाया।

रीता दरवाजा खोली।

रीता _राजेश तुम आ गए। मै तुम्हारा ही इंतजार कर रही थी। आओ अंदर आ जाओ।

राजेश अंदर गया अन्दर ड्राइंग रूम मे रखे सोफे पर बैठ गया।

रीता _राजेश बोलो क्या लोगे?

राजेश _मैम मुझे कुछ नहीं चाहिए, वो फोटोग्राफ्स और वीडियो देदीजिए प्लीज।

रीता _ओह राजेश वो तो मै दे ही दूंगी। वो देखो सामने टेबल पर रखा है।

लेलो।

राजेश ने वो फोटोग्राफ्स और वीडियो का पैकेट उठाया।

राजेश _थैंक यू मैम।

अब मै चलता हूं।

रीता _राजेश रुको, मुझे तुमसे कुछ कहना है?

राजेश _बोलो मैम क्या बात है?

रीता _राजेश जानते हो मैने तुम्हारे जन्म दिन पर विदेश से करोड़ो की घड़ी क्यू मंगाया?

क्या किसी सामान्य व्यक्ति के लिए कोई इतना बड़ा गिफ्ट दे सकता है बोलो।

रीता _कोई खास व्यक्ति के लिए ही कोई औरत ऐसा करती है।

राजेश _मैम मै कुछ समझा नहीं।

रीता ने राजेश को अपने बाहों में भर लिया।

रीता _राजेश मुझे तुमसे प्यार हो गया है।

राजेश _मैम ये आप क्या कह रही हो?

रीता _राजेश मेरे तरफ देखो, मुझमें क्या कमी है?क्या मै खूबसूरत नही?

राजेश _नही मैम मैने ऐसा तो नहीं कहा।

आप तो बहुत खुबसूरत हो।

रीता _फिर।

राजेश _मैम मेरे उम्र का आपका एक बेटा है, सोंचो अगर उसको पता चल गया तो उस पर क्या बीतेगा?

रीता _राजेश किसी को कुछ पता नहीं चलेगा। तुम मेरे प्यार को स्वीकार कर लो प्लीज।

राजेश _मैम मै ऐसा नहीं कर सकता प्लीज मुझे माफ कर दीजिए।

रीता _नही राजेश, मेरा दिल मत तोड़ो प्लीज, मेरा प्यार स्वीकार कर लो।

राजेश _नही मैम मुझे जाने दो मै ऐसा नहीं कर सकता ।

राजेश रीता को छुड़ाकर जाने लगा।

रीता ने राजेश का पैर पकड़ लिया।

रीता _राजेश प्लीज मुझे मत ठुकराओ।

राजेश _रीता की हांथ छुड़ाते हुए जाने लगा।

रीता _राजेश तुम मुझे नहीं ठुकरा सकते, वह चिल्लाते हुए बोली।

मै जानती हूं तुम मुझे क्यू ठुकरा रहे हो उस सुजाता के लिए न।

राजेश जो जा रहा था, वह रुक गया।

राजेश _मैम ये आप क्या कह रही हो?

रीता _मै सब जानती हूं, तुम्हारा और सुजाता के बीच क्या चल रहा है।

देखो टीवी पर।

रीता ने रिमोट से टीवी ऑन कर दिया।

टीवी पर वह वीडियो चलने लगा।

आज फिर तुमपे प्यार आया है।

जिसमे सुजाता और राजेशनंगे होकर सेक्स कर रहे थे।

राजेश _मैम ये सब क्या है?

रीता _ये वीडियो मुझे एक शख्स ने भेजा है।

वह तो इसे वायरल करने जा रहा था। मैने उसे रोका।

सिर्फ तुम्हारे लिए।

क्यू की मै तुमसे प्यार करती हूं, तुझे बदनाम होते नही देख सकती।

राजेश _अपना सिर पकड़ कर सोफे पर बैठ गया।

मैम ये वीडियो किसने बनाया। मै उसे छोडूंगा नही।

ये एक गिरोह है जो नामी लोगो का वीडियो बनाकर पैसा कमाता है।

रीता _देखो राजेश, मुझे तुम्हारा प्यार चाहिए।

मै उन लोगो को वीडियो वायरल करने से रोक सकती हूं। प्लीज मेरा प्यार स्वीकार कर लो।

सोचो अगर यह वीडियो वायरल हो गया तो क्या होगा?

जिस सुजाता के लिए मुझे ठुकरा रहे हो उसका क्या होगा?

उसकी कंपनी को तो एक बार मुसीबत से बचा लिए।

अब कैसे बचा पाओगे?

राजेश का दिमाक काम करना बंद कर दिया।

वह सोचने लगा सच में कही ये वीडियो वायरल हो गया तो, मेरा क्या?

पर सुजाता और निशा वह तो किसी को मुंह दिखाने के लायक नही रहेंगे। मैने निशा से ये वादा किया है की मेरे होते हुए कोई तुम लोगो को नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा।

राजेश मजबूर हो गया।

राजेश _मैम आप क्या चाहती हो।

रीता _तुम्हारा प्यार, जैसे तुम सुजाता को प्यार दे रहे हो, वैसे ही।

राजेश _मैम जो चाहती हो मेरे साथ कर लो प्लीज ये वीडियो वायरल होने मत देना।

रीता _राजेश मै रोहन की कसम खाती हूं ये वीडियो वायरल नही होगा।

राजेश _ओह थैंक यू मैम।

रीता _ओह राजेश शुक्रिया तो मुझे कहना चाहिए, तुम्हारा।

रीता राजेश के ओंठ को अपने ओंठ में भर कर चूसने लगी।

रीता _ओह राजेश, सारा काम मै ही करूंगी क्या?

मुझे वैसे ही प्यार करो जैसे इस वीडियो मे सुजाता को कर रहे हो।

राजेश मजबूर हो गया।

वह रीता की आंखों मे देखने लगा।

वह रीता में सुजाता को इमेज कर। उसके ओंठ को अपने ओंठ में भर कर चूसना शुरु कर दिया ।

रीता भी राजेश का सहयोग करने लगी,,,

राजेश ने रीता की साड़ी के पल्लू को सरका दिया उसकी बड़ी बड़ी उन्नत चूचियां जो ब्लाउज से बाहर निकलने बेताब थे, को देखकर राजेश के अन्दर भी खून तेज गति से दौड़ना शुरू कर दिया ।

रीता सुजाता की तरह खुबसूरत और हॉट थी ही।

राजेश ने रीता के गर्दन को चूमते हुवे उसकी चूची को चूमने लगा फिर उसकी ब्लाउज की बटन खोलने लगा।

ब्लाउज की बटन खोल कर ब्लाउज अलग कर दिया अब उसकी ब्रा भी खोल कर चूची को नंगा कर दिया।

क्या मस्त बड़े बड़े सुडौल चूचियां थी रीता कि राजेश ने जब रीता की इन मस्त चूचियों को देखा तो उसका land तनकर खड़ा हो गया। वह उसकी एक चूची के निपल को मुंह में भरकर चूसने लगा और दूसरे को अपने एक हाथ से दबाने लगा।

राजेश की इस हरकत से रीता सिसकने लगी।

जी भर कर दोनो चुचियों को चूसने और मसलने के बाद। रीता को खडा कर उसकी साड़ी को खींचकर अलग कर दिया।

उसकी सपाट पेट पर गहरी नाभी क्या कहर ढा रहे थे। राजेश उसकी नाभी को चूमने चाटने लगा।

रीता बहुत अधिक उत्तेजित हो गई।

रीता _राजेश चलो बेडरूम मे चलते हैं।

राजेश रीता की आंखों में देखते हुए,,

राजेश ने रीता को अपने बाहों मे उठा कर बेडरूम मे ले जाने लगा।

 
राजेश रीता को बाहों मे उठा कर बेड रूम मे ले गया फिर बेड पर लिटा कर उसके ऊपर आ गया। रीता के ओंठ को जी भर कर चूसने के बाद उसकी गर्दन चूमता हुआ नीचे गर्दन उसकी कान के नीचे चूमने चाटने लगा। फिर आगे बढ़ता huwa नीचे गया उसकी चूची को अपने दोनो हाथों मे पकड़कर खूब मसला और उसके चूचक पीने लगा। रीता सिसकने लगी।

पहली बार कोई मर्द ऐसी हरकत उसके साथ कर रहा था उसका पति संजय तो सिर्फ land को boor में डालकर 5_6धक्के मारकर ही ढेर हो जाता।

आज उसे राजेश की हरकतों से एक अलग ही आनद मिल रहा था।

राजेश आगे बड़ा और उसके पेट को चूमते हुए उसकी नाभी तक जाकर उसमे अपना जीभ डालकर चाटने लगा। रीता राजेश का सिर पकड़ कर मादक सिसकारी निकालने लगी।

राजेश आगे बढ़ा वह पेटीकोट का नाड़ा खींच दिया और रीता जी टांगो से अलग कर दिया। अब वह सिर्फ पेटीकोट में थी।

रीता बेड से उठ गई और राजेश के ओंठो को जी भर कर चूसने लगी। फिर राजेश के शर्ट पैंट और बनियान को निकाल दी राजेश अब सिर्फ अंडरवियर में था।

उसके अंडरवियर में बड़ा सा उभार साफ बता रहा था की उसका land तनकर खड़ा हो चुका है।

रीता ने जब राजेश का गठीला बदन देखा तो वह और रोमांचित हो गई वह राजेश के पूरे शरीर को चूमने चाटने लगी।

राजेश खडा था, रीता नीचे बैठ गई और राजेश का अंडरवियर नीचे खींचकर उसके पैरो से अलग कर दी। राजेश पूरा नंगा हो गया उसका मूसल की लंबाई मोटाई देखकर रीता सहम गई। हे भगवान इसका land तो घोड़े के land जैसा है। ये तो मेरा boor ही फाड़ कर रख देगा।

पता नही सुजाता कैसे लेती होगी।

राजेश ने अपना land रीता के मुंह में डाल दिया। रीता राजेश के आधे land को ही मुंह में ले पाई और चूसने लगी।

राजेश _ठीक से चूस साली तेरे पति ने ठीक से चूसना नही सिखाया है तुझे।

रीता इसके पहले कभी land नही चूसी थी। उसे गंदा लगता था पर आज वह राजेश को अपना बनाना चाहते थी अतः राजेश को हर तरह से संतुष्ट करना चाहती थी।

वह राजेश के land को जीतना हो सके मुंह में लेकर चूसना शुरु कर दिया।

राजेश को बहुत मजा आने लगा।

राजेश _आह ये हुईं न बात, हां ऐसे ही और अन्दर ले आह, बहुत अच्छा लग रहा है। और थोड़ा तेज तेज कर। आह।

राजेश रीता की बालो को पकड़ कर land को उसके मुंह में अन्दर बाहर करने लगा।

राजेश का land और मोटा हो गया।

अब राजेश से रहा न गया। वह रीता को ऊपर उठाया फिर बेड किनारे लिटा दिया।

उसके ऊपर झुक कर जी भर कर उसका ओंठ चूसा। निपल मुंह में भर कर चूसने के बाद वह उसकी पेंटी टांगो से खीच कर अलग कर दिया।

रीता की मस्त फूली हुई चिकनी गुलाबी chut देखकर कहा।

राजेश _तेरी chut तो ऐसा लग रहा है जैसे कभी chudi ही नहीं। तेरा पति चोदता नही है क्या?

राजेश ने रीता की boor की भगनासा को जीभ से छेड़ने लगा। जिससे रीता आनंद के मारे छटपटाने और मादक सिसकारी निकालने लगी।

फिर राजेश ने उसकी boor को मुंह में भर कर चूसने लगा।

रीता तो जैसे स्वर्ग मे पहुंच गई।

ओह मां आह उन, उसकी शरीर कपकपाने लगी। उसकी आंखों की पुतलियां पलट गई।

ऐसा आनद की कल्पना उसने आज तक नही की थी। उसकी boor से पानी झरने की तरह बहने लगी।

राजेश अब boor चाटना बंद कर उसकी टांगो को फैला दी।

अपना land उसकी boor के छेद पर रख।

रीता, घबराई हुई थी इतना बड़ा मूसल chut में जायेगी कैसे?

मेरी boor की आज खैर नहीं। मै कहा फस गई।

राजेश ने अपना land रीता की योनि द्वार पर रख एक हल्का दबाव डाला जिससे उसका टोपा boor में चला गया।

रीता सिसक उठी।

अब राजेश ने एक जोर का धक्का मारा।

राजेश का लौड़ा रीता की boor फाड़कर आधा अन्दर घुस गया।

रीता चीख उठी।

रीता _राजेश धीरे मै मर जाऊंगी।

राजेश रीता की ओंठ मुंह में भर कर चूसने लगा उसकी दूदू मसल मसल कर पीने लगा। रीता का दर्द कम हो गया।

अब राजेश अपना land boor से बाहर खींचा और अन्दर डाल दिया।

Land boor को चीरते हुए गच की आवाज करता huwa और अन्दर चला गया।

रीता फिर चीख उठी।

रीता के आंखों से आंसू आ गए।

रीता _राजेश प्लीज आराम से करो मै मर जाऊंगी।

राजेश अब अपने land को योनि मे अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया।land boor में सर सर अन्दर बाहर होने लगा।

धीरे धीरे रीता को दर्द की जगह मजा आने लगा।

रीता की boor से पानी बहना शुरू हो गया। अब

राजेश का लौड़ा रीता की boor की पूरी गहराई को नापने लगा।

Land boor में अपना जगह बना लिया।land fuddi में बिना किस रुकावट के गपागप अन्दर बाहर होने लगा।

इधर रीता को भी मजा आने लगा। उसे तो यकीन नही हो रहा था की इतना बड़ा land को उसकी boor ने निगल लिया है।

राजेश का land रीता की boor में कसाकसा अन्दर बाहर होने लगा जिससे राजेश को भी बहुत मजा आने लगा।

वह रीता की दोनो चुचियों को मसल मसल कर रीता की boor खोदना शुरू कर दिया।

रीता के मुंह से मादक सिसकारी निकल कर पूरे कमरे मे गूंजने लगा।

Land फच fach की आवाज करता huwa boor में अन्दर बाहर हो रहा था।

राजेश अब रीता को तेज तेज चोदने लगा। रीता तो जन्नत मे पहुंच गई थी।

वह इस सुख से अब तक अंजान थी।

वह राजेश की कमर को पकड़ कर उसका सहयोग करने लगी।

राजेश का land का टोपा उसकी बच्चे दानी को ठोकने लगा। जिससे रीता का पूरा शरीर गंनगनाने लगी।

उसे संभोग का ऐसा सुख मिल रहा था जिसकी कल्पना भी आज तक नही की थी।

रीता और राजेश दोनो ही दुनिया को भुलाकर किसी दूसरी दुनिया की सैर में निकल चुके थे।

रीता के मुंह से

आह मां उन आई आह,, उन ई,,, मां मर गई,,, आह उन आई उन,,,,

उसके हाथ पैर कपकापने लगे वह राजेश को जोर से जकड़ कर झड़ने,,

मै,,,गई,,,,,,, रा,,,je,,, श,,,,आ,,,,,, मां,,,,,,,

रीता का शरीर ढीला पड़ गया।

राजेश ने चोदना बंद कर दिया उसके ओंठ को मुंह में भर कर चूसने लगा।

रीता कुछ देर तक सुस्ताई फिर राजेश ने उसकी चूची दबाने और चूसने लगा।

पूरे बदन को सहलाने लगा।

भग्नासा को उंगली से रगड़ने लगा।

जिससे रीता फिर सिसकने लगी।

राजेश ने अब रीता को घोड़ी बना दिया।

अपना land रीता की boor के छेद मे रख कर। रगड़ने लगा।

राजेश की नजर जब रीटा की नितंब पर गया। तो उसकी खूबसूरती देख कर उसका land और अकड़ गया।

राजेश ने नितंब को अपने हाथों से सहलाया उसे चूमा। रीता सिसकने लगी।

अब राजेश ने रीता की योनी पर अपना land का टोपा रख कर एक जोर का धक्का मारा,land boor चीरकर एक ही बार में अन्दर चला गया।

रीता चीख उठी।

राजेश तुम बेरहम हो,,

प्लीज आराम से करो।

राजेश _चुप साली तुझे तो ऐसे ही चोदूंगा। अपनी रखैल बनाऊंगा।

अब राजेश रीता की boor को फिर से खोदना शुरू कर दिया।

Land रीता की योनी में फिर से गच गाच अन्दर बाहर होने लगा।

फिर से कमरा रीता की कामुक सिसकारी से गूंजने लगा।

राजेश अपना पूरा land बाहर निकलता फिर झटके से अन्दर डालता पूरा land योनि को रगड़ रगड़ कर अन्दर बाहर हो रहा था।

कमरे में थप थप की आवाज गूंज रहा था।

राजेश अपना एक उंगली रीता की गाड़ के छेद मे घुसा दिया।

रीता की गाड़ कुवारी थी। उंगली जाने से उसे दर्द हुवा। वह चीखी।

नही राजेश वहा नही प्लीज।

राजेश _क्यू साली, सुजाता मैम तो देती है तू नही देगी, तेरे मे दम नही क्या बड़ी शेरनी बनी फिरती है। क्या huwa बोल,,,,

रीता _अभी boor ही चोद, गाड़ देने की हिम्मत नही मुझमें, पता नही सूझता इतना बड़ा घोड़ा जैसे गाड़ में ली होगी।

राजेश रीता को और जोर जोर से चोदने लगा।

उसकी नितंब पर थप्पड़ मार मार कर चूतड लाल कर दिया।

राजेश नीचे झुक कर रीता की चूची पकड़ कर मसल मसल कर boor पेलने लगा।

रीटा तो अपनी आंखे बंद कर chudai का मजा ले रही थी।

उसे बहुत मजा आ रहा था। वह सोच रही थी ऐसा आनद से वह अब तक वंचित क्यू थी?

वह अब तक अपनी जवानी बेकार ही निकाल दी।

राजेश ने अपना land बाहर निकाल दिया।

अब वह बेड पर जाकर लेट गया उसका land तनकर खड़ा हवा मे लहरा रहा था।

रीता को खीच कर अपने ऊपर ले लिया।

राजेश _अब देख क्या रही है साली बैठ land पे।

रीता राजेश के land को पकड़ कर अपनी boor के छेद पर रखा और और उसके ऊपर बैठ गई।

राजेश, रीता की चूची मुंह में भर कर चूसने लगा।

राजेश _उछल साली land पर।

अब रीता land पर धीरे धीरे उछलने लगी।

राजेश रीता की कमर को पकड़ कर। अपन land तेजी से अन्दर बाहर करने लगा।।

रीता सिसकने एवम आनद में कराहने लगी।

अब रीता भी land पर अच्छे से उठक बैठक करते हुए chudne लगी इस तरह से वह पहली बार chuda रही थी।

Land रीता की गर्भाशय को ठोक रहा था।

जिसके कारण रीता की शरीर मे कपकपी पैदा हो रहा था।

राजेश रीता की कमर पकड़ कर उसे अपने land पर पटक पटक कर चोदना शुरू कर दिया।

रीता की हालत खराब हो गई।

वह अपने मुंह से अजीब अजीब आवाजे निकालने लगी।

वह अपनी आंखे बंद कर स्वर्ग की सैर कर रही थी।

इधर राजेश को भी मस्त गदराई औरत को चोदने मे बड़ा मजा आ रहा था।

वह जोर जोर से रीता की कमर पकड़ कर अपने land पर पटक पटक कर चोदने लगा।

रीता इस अद्भुत अहसास को पाकर खुद को रोक न पाई और झड़ने लगी।

वह राजेश के ऊपर ढेर हो गई।

सुस्ताने लगी।

कुछ देर सुस्ताने के बाद,

रीता _राजेश अब बस करतेहै मै थक गई।

मुझे मूत आ रही है।

रीता राजेश के ऊपर से उठी। राजेश का land जब रीता की boor से बाहर आया। रीता उसे देख दंग रह गई।

वह इतना लंबा land कैसे ले पाई।

वह अपनी जब चलने को हुई तो boor में दर्द महसूस होने लगा ।

वह किसी तरह बाथरूम मे गई और मूतने लगी।

उसकी मूत की आवाज जब राजेश के कानो पर पड़ा तो उसका land और तन गया।

वह बेड से उठा और बाथरूम मे गया। वह रीता को मूत ते देख जोश मे आ गया।

वह रीता कमोड पर बैठ कर मूत रही थी। वह उसके पास गया। और land चूसने कहा।

रीता राजेश का land मुंह में लेकर चूसने लगी।

कुछ देर land चुसवाने के बाद राजेश खुद कमोड पर बैठ गया और रीता को अपने land के ऊपर बिठा लिया अपना land रीता की योनि मे डालकर पटक पटक कर चोदने लगा।

रीता को भी मजा आने लगा। वह भी land पर उछल उछल कर chudne लगी।

उसकी मुख से निकलने वाली मादक सिसकारी कमरे बाथरूम गूंजने लगी। कुछ देर ऐसे ही चोदने के बाद।

राजेश रीता की ओंठ चूसने लगा।

फिर राजेश रीता को अपने land पर उठा कर वैसे ही बाथरूम से बाहर ले आया और हवा मे उछाल उछाल कर अपने land पर पटक पटक कर खड़े खड़े ही रीता को चोदने लगा। रीता कभी चीखती तो कभी मादक सिसकारी निकालती ।

रीता सपने मे भी नही सोंची थी की कोई उसे इस तरह चोदेगा।

वह राजेश के पौरुष शक्ति देखकर आश्चर्य चकित थी।

कुछ देर इसी पोजीशन में चोदने के बाद राजेश ने रीता को बेड पर लिटा दिया और उसकी टांगो को आपने कंधे पर डालकर दनादन चोदना शुरू कर दिया। उसका land boor की पूरी गहराई मे जाकर रीता की गर्भाशय की द्वार को ठोकने लगा रीता आनंद में चीखने चिल्लाने लगी।

इसी पोजीशन में राजेश रीता को तब तक चोदता रहा जब वह झड़ नही गया।

जब राजेश के land से गर्म गर्म वीर्य रीता की कोख में जाने लगा तो इस अद्भुत आनंद को प्राप्त कर रीता खुद को न रोक सकी और वह भी झड़ने लगी।

इधर राजेश रीता जोर जोर से कराहते हुवे ढेर सारा वीर्य रीता की कोख को पूरी तरह भर दिया।

राजेश थक चुका था वह रीता के ऊपर ही ढेर हो गया।

रीता उसे बाहों में भर कर उसका पीठ सहलाने लगी।

कुछ देर बाद राजेश रीता के ऊपर से उठा और बेड पर लेट गया।

दोनो बेड पर सुस्ताने लगे।

कुछ देर बाद रीता उठी और वह बाथरूम की ओर जाने लगी।

उसकी boor में जलन हो रहा था।

वह पेसाब करने फिर से बैठ गई फिर उसने अपनी boor की ओर देखा। उसका मुख ऐसा खुल गया था जैसे बच्चे जन्म देने के बाद खुल जाता है।

उसके boor से राजेश का वीर्य बाहर बह रहा।

वह उंगली डाल कर वीर्य को अच्छे से साफ की। राजेश ने

रीता की boor बुरी तरह फाड़ दिया था।

रीता नहाकर बाहर निकली।

फिर अपने कपड़े पहनने लगी।

रीता _राजेश, चलो अब तुम भी अपने कपड़े पहनो हमे काफी समय हो गया है।

राजेश _मैम अब आप खुश तो है न, वह वीडियो प्लीज वायरल हो ने मत देना।

रीता _नही होगी, पर तुम्हे वही करना होगा जो मै चाहूंगी।

राजेश और रीता दोनो अपने अपने कपड़े पहन कर फार्म हाउस से चले गए।

रात मे रीता, अपने बेड में लेटकर,राजेश के द्वारा किया गया chudai और उससे मिलने वाला स्वर्गीय सुख को ही महसूस कर रही थी।

वह राजेश की दीवानी हो चुकी थी। उसे राजेश ने ऐसा सुख दिया था जिसकी वह कभी कल्पना भी नहीं की थी।

कहा वह सुजाता को नीचा दिखाने के लिए राजेश को अपना गुलाम बनाना चाहती थी। वह खुद ही राजेश की गुलाम बन चुकी थी।

रीता अपने मन में _राजेश सिर्फ मेरा है मै उसे किसी और से शेयर नही करूंगी। उसे सिर्फ अपना बनाकर रखूंगी।

उसके शरीर मे थकान था वह गहरी नींद में सो गई, और राजेश की सपने देखने लगी।

वह सपने मे देखी कि उसने आज राजेश को बार में मिलने के लिए बुलाया है।

राजेश जब बीयर बार में पहुंचा,,,

बार का लाइट ऑफ हो गया फिर किसी म्यूजिक बजने लगा, रीता गाने लगी,,,

गली गली में फिरता है तू क्यू बनके बंजारा आ मेरे दिल मे बस जा मेरे आशिक आवारा,,


Rajesh _तेरा प्यार है एक सोने का पिंजड़ा वो सहजादी,मुझको अपनी जान से प्यारी है अपनी आजादी।

 
अगले दिन, राजेश जब कालेज पहुंचा। भगत के साथ कैंटीन में,,

भगत _भाई 5दिन बाद कालेज में इंटर कालेज फुटबाल टूर्नामेंट शुरू हो जाएगी इस मैच की मेजबानी 2कालेज एक हमारा कालेज, आरके कालेज और दूसरा जेके कालेज करने जा रहे हैं। पिछले बार तो फाइनल मे जेके कालेज के टीम को हराकर हमारा कालेज चैंपियन बना था। सुना है इस बार वे युद्ध स्तर पर तैयारी कर रहे है। इस बार चैंपियन बनने के लिए पूरी कोशिश करेंगे। सुना है इस बार तो वहा की कालेज प्रशासन ने बाहर से एक नामी फुटबालर को बुलाया है जो अपने उनके खिलाड़ी को प्रेक्टिस करा रहा है।

इधर रोहन का ओवर कामफिडेंस कही हमारे टीम के लिए भारी न पड़ जाए।

राजेश _मैने हमारे टीम को भी प्रेक्टिस करते हुए देखा है। लड़के काफी मेहनत कर रहे है। मैदान पर अपनी पसीना बहा रहे है। मुझे भरोसा है कि हमारी टीम पिछले बार की तरह अच्छा प्रदर्शन करेगी।

भगत _भाई आप को तो एक्स्ट्रा प्लेयर के रूप मे रखा गया है। रोहन कही अपने घमंड मे आकर टीम के मुसीबत के समय भी , आपको खेलने का मौका न दिया न तो इस बार हम यह टूर्नामेंट जीत पाएंगे, इस पर मुझे शक है।

बाकी दोस्तों ने भी कहा, हां भाई इस बार तो हमे भी शक है कि हम खिताब जीत पाएंगे।

राजेश _ऐसा कुछ नहीं होगा, हमारी टीम यह खिताब तीसरी बार जरूर जीतेगी।

लंच के समय स्वीटी अपनी सहेली के साथ मैदान की ओर गए जहा रोहन और उसकी टीम प्रेक्टिस कर रहे थे।

रोहन ने जब स्वीटी को देखा तो उसके पास आया।

रोहन _हाय स्वीटी, कैसी हो?

स्वीटी _ओ, hye, मै तो अच्छी हूं। मै तो देखने आई थीं की आप लोगो की प्रैक्टिस कैसी चल रही है?

कालेज के सभी स्टूडेंट्स को तुम लोगो पर बड़ा भरोसा है कि तुम लोग टूर्नामेंट जीतकर कालेज और हम सब को गौरांवित करोगे।

रोहन _थैंक्स स्वीटी हमारी टीम पर विश्वास जताने के लिए हम तैयारी मे कोई कसर नही छोड़ेंगे।

देखना यह टूर्नामेंट हम ही जीतेंगे।

स्वीटी _अगर तुम हमारे कालेज को चैंपियन बना दिया न तो मै तुम्हारे साथ किसी होटल में डिनर करने के बारे मे तुम्हारे प्रस्ताव के बारे में सोचूंगी।

रोहन _क्या सच मे?

स्वीटी _हां, पर सिर्फ डिनर और कुछ नहीं।

रोहन _ओह थैंक यू स्वीटी।

स्वीटी के वहा से जाने के बाद रोहन के दोस्त ने कहा,

रोहन भाई, स्वीटी भी आगे बढ़ने के लिए तैयार दिख रही है।

रोहन _हमारी टीम का चैंपियन बनने के बाद देखना, सब लड़कियां मेरे आगे पीछे घूमेगी।

दोस्त _भाई मतलब आपके अच्छे दिन आने वाले है।

रोहन _आने वाले नही बे, आ गया समझो।

कालेज मे छुट्टी के समय सुजाता ने राजेश को फोन किया इस समय राजेश भी फुटबाल ग्राउंड पर बैठकर अपनेदोस्तो के साथ टीम की प्रैक्टिस देख रहा था।

राजेश ने फोन उठाया।

सुजाता_हेलो, जानू कहा हो।

राजेश _हाय मैम मै अभी कालेज में हूं।

सुजाता _आज, मुझे तुम्हारी बड़ी याद आ रही है। तुम होटल में आ जाना।

राजेश _मैम, मुझे लगता है कि होटल मे बार बार मिलना सेफ नहीं है।

सुजाता _क्यू? तुम ऐसा क्यू कह रहे? कुछ बात है क्या?

राजेश _हमे कोई दूसरी जगह देखनी पड़ेगी। वह होटल सेफ नहीं है।

सुजाता _फिर तुम मेरे घर आ जाओ।

राजेश _घर में तो निशा होगी, नौकर और आपके पति।

सुजाता _फिर क्या करे? देखो मुझे आज तुमसे मिलना है बस। देखो ऐसा करो आज घर में आ जाओ। आगे का देखेंगे करना क्या है?

राजेश _ठीक है। मै एक घंटे में पहुंचूंगा।

सुजाता _ओके मै वेट करूंगी। बाई जानू।

इधर रीता अपने ऑफिस कैबीन मे, कल राजेश साथ बिताए पल को याद कर रही थीं। मंद ही मंद मुस्कुरा रही थी।

राजेश ने कैसे उसे कल जन्नत का सैर कराया था।

कैसे राजेश ने उसकी जमकर chudai की और उसकी chut सूजा दी। अभी भी मीठा मीठा दर्द का अहसास उसकी chut पर हो रहा था।

वह अपनी chut को अपनी साड़ी के ऊपर से ही सहला कर देखी। उसमे दर्द अभी भी था।

उसने राजेश को काल किया।

राजेश का मन नहीं था काल उठाने का।

वह काफी देर बाद काल उठाया।

रीता _ हाई, राजेश कैसे हो?

राजेश _मै ठीक हूं मैम, बोलो कैसे याद की।

रीता _राजेश, पहले ये बताओ की इतने देर से फोन क्यू उठाया? कही इग्नोर तो नही कर रहे थे।

राजेश _नही मैम, आस पास दोस्त थे न इसलिए उठाने में लेट huwa

रीता _राजेश, मुझे तुमसे ढेर सारी बाते करने ही।

राजेश _कैसी बाते मैम?

रीता _ओह राजेश तुमने मुझ पर पता नहीं कैसा जादू कर दिया है। कल से तुम्हारे बारे में ही सोच रही हूं। सच में तुम्हारी बाहों में जन्नत है।

अब समझी सुजाता तुसपे इतना मरती क्यू है?

देखो मैं तुम्हे सुजाता से मिलने से नहीं रोकूंगी पर हां, मै भी अब तुम्हारे प्यार के बिना नहीं रह सकती इसलिए तुम्हे मुझे भी उतनी ही संतुष्टि प्रदान करनी होगी जितना तुम सुजाता को संतुष्ट करते हो।

राजेश _मैम ये आप क्या कह रही है?

हमारे कल तरह बार बार मिलने से मेरे और तुम्हारे बीच का भी तो वीडियो बना सकता है।

रीता _राजेश मै सुजाता नहीं हूं, रहम दिल।

कोई ऐसा करने का हिम्मत भी किया तो वो मारा जायेगा।

राजेश _पर मैम मै आपको ज्यादा समय नहीं दे पाऊंगा। एक माह बाद परीक्षा शुरू हो जाएगी। मुझे भी अपना कैरियर देखना है।

रीता _राजेश, तुम्हे समय निकालना ही होगा। मेरे लिए। मै तो कहती हूं ये आईएएस को छोड़ो मेरे कंपनी ज्वाइन कर लो, फिर हमारे मिलने की समस्या ही नहीं रहेगी। मेरे या तुम्हारे केबिन में ही प्यार करेंगे।

बड़ा मजा आयेगा। किसी को कोई शक भी नहीं होगा ।

राजेश _अगर सुजाता मैम को हमारे संबंधों के बारे में पता चल गया तो उस पर क्या बीतेगी?

Rita गुस्से में आ गई,,

रीता _राजेश तुम तो ऐसे कह रहे हों, सुजाता के अलावा किसी का लिए ही नहीं हो, देखो मैं कह देती हूं। अगर तुम मेरा कहना नहीं माने न तो मै सुमन वाली बात सुजाता को बता दूंगी और यह बात भी बता दूंगी की उसके पेट में जो बच्चा है उसके असली बाप तुम हो ।

राजेश, मै तोतुम्हे प्यार से पाना चाहती हूं, पर तुम मुझे ब्लैक मेल करने मजबूर कर देते हो। देखो मुझे तुम्हारा प्यार चाहिए, मै न नहीं सुन सकती।

अगर मुझे तुम्हारा प्यार नहीं मिला न तुम्हे और किसी का होने नहीं दूंगी।

ऐसा बोलकर,

रीता ने फोन रख दिया।

राजेश को समझ नहीं आ रहा था की वह क्या करे? वह इस झंझट से कैसे बाहर निकले?

भगत _क्या बात है भाई कुछ टेंशन में लग रहे हो?

राजेश _हा यार प्रॉब्लम तो है, प्रॉब्लम क्या है? किसी को बता नहीं सकता।

भगत _भाई क्या मुझ पर भरोसा नहीं?

राजेश _तुम पर तो खुद से ज्यादा भरोसा है पर इस प्रॉब्लम से मुझे ही निपटना होगा।

भगत _ठीक है भाई, पर अगर मेरी जरूरत हो तो, बताना आपका यह दोस्त जान भी दे देगा आपके लिए।

राजेश _यार मामला औरतों का है, दिमाक़ से ज्यादा दिल से सोचना पड़ता है, इसलिए समस्या का समाधान करने उनकी सोच और हृदय में ही परिवर्तन लाना होगा।

अच्छा अब मै चलता हूं।

भगत _ठीक है भाई, अब हम भी निकलते हैं।

राजेश घर न जाकर सीधा निशा के घर की ओर चला गया।

जब वह निशा के घर पहुंचा। तब नौकरों से पूछने पर पता चल की सुजाता मैम तो अभी ऑफिस से घर पहुंची नहीं है।

वह सोफे पर बैठ कर हाल में इंतजार करने लगा।

तभी उसे ऊपर से पियानो की आवाज सुनाई दी।

कोई दर्द भरे मधुर धुन उसे सुनाई पड़ा।

राजेश ने नौकरों से पूछा, ये पियानो कौन बजा रहा है। ये पियानो तो निशा बिटिया बजा रहा है।

राजेश को पहले बार पता चला की निशा इतना अच्छा पियानो बजाती है।

वह सोफा से उठ कर निशा के कमरे की ओर जाने लगा।

दरवाजे के पास खडा होकर राजेश निशा को पियानो बजाते देख रहा था। निशा पियानो बजाते कही खोई हुई थीं।

तभी निशा को लगा की कोई दरवाज़े पर खडा है।

उसने मुड़ कर देखा। दरवाजे पर राजेश खडा था। वह उसको पियानो बजाते देख रहा था।

निशा _राज तुम, यहां।

राजेश _तुम इतना अच्छा पियानो बजाती हो, मुझे आज पता चला।

निशा _कभी कभी बजा लेती हूं, जब जी करता है।

वैसे तुम यहा अचानक।

राजेश _वो मैम ने कुछ काम से बुलाया था।

नीचे बैठा था कि पियानो पर मधुर सुनकर खुद को रोक नहीं पाया।

निशा आज कल कैंटीन में नहीं आती कॉफी पीने, मुझसे नाराज़ हो क्या?

निशा _नहीं राजेश ऐसी बात नहीं। ओ मेरा सिर दर्द वाला प्रॉब्लम अभी सॉल्व नहीं huwa है न इसलिए।

राजेश _किसी डॉक्टर को दिखाई की नहीं?

निशा _दिखाई न, उसने कुछ दवाइयां दी है और कहा है कि धीरे धीरे ठीक हो जायेगा।

तभी सुजाता भी ऑफिस से आ गई।

नौकर से पूछा, राज आया है क्या?

नौकर _हां, मैम साब, वो ऊपर गया है।

सुजाता ऊपर गई राजेश को इधर उधर ढूढते जाने लगी।

तभी उसे राजेश दिखाई दिया, जो निशा से बात कर रहा था ।

सुजाता _ओह राजेश तुम यहां हो। मै तुम्हे इधर उधर ढूंढ रही थीं।

राजेश_मैम आप कब आई?

सुजाता _जस्ट अभी, सॉरी तुमको वेट करना पड़ा। मै निकलने वाली ही थी कि अर्जेंट काम आ गया।

अच्छा बताओ, नास्ते में क्या लोगे?

राजेश _कुछ भी आप जो चाहे।

सुजाता _ओह, तुमको आमलेट पसंद है न मै अपने हाथों से बना कर लाऊंगी।

निशा बेटा तब तक तुम राजेश का ख्याल रखना।

निशा _जी मॉम।

राजेश निशा के कमरे में रखा पियानो चेयर पर बैठ गया।

निशा राजेश के पीछे खडी हो गई।

राजेश पियानो बजाने लगा,,,

तभी सुजाता भी नाश्ता लेकर कमरे में आ पहुंची।

सुजाता _राजेश आपको पियानों बजाना भी आता है। भई और क्या क्या खुबिया छुपाकर रखा है पता नही। तुम तो सरप्राइज़ देने में माहिर हो।

राजेश _जी मेरा बचपन से ही लगाओ संगीत में रहा है इसलिए लगभग सभी इंस्ट्रूमेंट बजा पाता हूं।

सुजाता _लो आपका पसंदीदा नाश्ता आ गया।

और कॉफी भी।

राजेश _थैंक्स मैम।

निशा तुम भी कॉफी लोगी।

निशा _नहीं मॉम।

राजेश नाश्ता करने लगा।

सुजाता _निशा बेटा तुम भी कुछ खाओ gi तो नौकरों से मंगा लो।

निशा _नहीं मॉम

जब राजेश ने नाश्ता कर लिया तब।

सुजाता _राजेश, मुझे तुमसे काम था, कंपनी से संबंधित कुछ परामर्श लेनी थी।

राजेश _बोलो मैम।

सुजाता _राजेश, ऐसा करो तुम मेरे रूम में चलो मैं वही बताती हूं।

निशा बेटा तुम नौकरों को यहां से कप और प्लेट, यहां से ले जाने बोल दो।

और हां बेटा तुम ध्यान देना कि मेरे कमरे की ओर कोई न आए, हम लोग कुछ जरूरी मुद्दों पर डिस्कस करेंगे।

निशा ने हां में सिर हिलाया।

जब सुजाता राजेश को लेकर अपने कमरे में गई । वहा से निकलकर सुजाता अपने पति के कमरे में गई और हाल चाल पूछी, फिर अपने कमरे में आकर दरवाज़ा बंद कर दी।

निशा के आंख से आंसू बहने लगे ।

वह अपनी आंखो से आंसू बहाते हुए पियानो बजाने लगी।

इधर सुजाता, राजेश से जी भर कर चुदाने लगी।

करीब एक घंटे तक समय बिताने के बाद।

राजेश _मैम मुझे लगता है अब चलना चाहिए काफी समय हो गया है हमे।

दोनों अपने कपड़े पहनने के बाद, कमरे से बाहर निकले।

सुजाता निशा के कमरे में गई जो पियानो बजाते बजाते सो गई थी।

निशा _बेटा उठो ये क्या ऐसे कोई सोता है क्या नींद लगी तो बिस्तर पर सो जाते।

निशा _सॉरी मॉम कब नींद लग गई पता ही नही चला।राज चला गया क्या?

वह घर जाने वाला था मैंने कहा खाना खा कर जाना। वह नीचे हाल में बैठा है।

तुम भी आ जाओ।

निशा _ठीक है मॉम।

इधर राजेश ने अपनी मां को इस बात की जानकारी दे दी की वह कुछ काम से निशा के घर आया huwa है और वह खाना खा कर आयेगा।

राजेश जब रात में घर पहुंचा तो10 बज चुके थे।

सुनीता ने दरवाज़ा खोला।

राजेश ने अपनी मां से बिना बोले ही अपने कमरे में जाने को huwa

सुनीता _राजेश रुको, मुझे तुमसे कुछ कहना है।

राजेश _बोलो मां क्या कहना है?

सुनीता _बेटा, तुम अपने पढ़ाई पर ध्यान दो, ये बड़े लोगो से दोस्ती मुझे कुछ ठीक नहीं लग रहा है।

कही तुम्हे बाद में पछताना न पड़े।

राजेश _ मां, आप चिंता न करे, ऐसा कुछ नही होगा।

सुनीता _मै मां हूं तेरी कैसी चिंता नहीं होगी?

राजेश अपनी मां को गले लगा लिया।

अच्छा आप जो बोलोगी वही करूंगा बस, सुनीता की गालों को चूम लिया।

सुनीता _तू फिर शुरू हो गया।

अब छोड़ मुझेऔर जा अपने कमरे में।

राजेश अपने कमरे में चला गया।

सुनीता भी अपने कमरे में जाकर लेट गई।

आधी रात को सुनीता ने बुरा सपना देखी कोई उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश कर रहा है।

वह जोर से चीखी।

शेखर का नींद खुल गया।

शेखर _सुनीता क्या huwa

सुनीता लंबी लंबी सांस ले रही थी,,,

शेखर ने सुनीता को पानी पीने को दिया,,

सुनीता गिलास से पानी पीने लगी,,

शेखर _कही तुम फिर वही सपना तो नहीं देखी,,

सुनीता _हा जी, मैने फिर वही सपना देखा।

उस घटना को घटे 20साल से अधिक हो गए, पर मुझे अब भी सपने आते है। पता नहीं कब तक मेरा पीछा नहीं छोड़ेगी।

शेखर _उस घटना के कारण ही हम गांव नहीं जा रहे ताकि उसे भूल जाओ,पर तुम्हे अब भी वह घटना सपने में आ ही जाता है। लगता है तुम उस घटना को अब भी याद करती हो।

सुनीता _क्या करू जी, उस घटना को मै चाह कर भी भूल नहीं पा रही, याद आ ही जाती है।अब सपना किसी को बता कर तो नहीं आती।

शेखर _देखो, अब बच्चे बड़े हो गए है यदि उन्हें पता चल गया तो हम गांव क्यू नहीं जाते? उस घटना के बारे में कही राजेश को पता चल गया तो उसके कैरियर पर बुरा असर पड़ सकता है।

सुनीता _आप चिंता न करे जी उन्हें पता नहीं चलेगा।

सुनीता शेखर की बाहों मे फिर से सने की कोशिश करने लगी।

शेखर उसके सिर को सहलाते हुवे सुलाने लगा।

अगले दिन राजेश को रीता ने फिर से अपने फार्म हाउस में आने को कहा, राजेश न चाहते हुए भी फार्म हाउस गया और रीता की प्यास बुझाई।

रीता 2_3दिन की आड़ में राजेश को फार्म हाउस बुलाती, राजेश के मना करने पर उसे सुजाता को सारी बाते बता देने की धमकी देती। राजेश के फार्म हाउस पहुंचने पर जम कर चुदाती, और अब तो वह गाड़ भी मरवाने लगी।

इस तरह कुछ दिन और निकल गए।

अब कल से कालेज में इंटर कालेज फुटबाल टूर्नामेंट शुरू होने वाला था। जिसकी तैयारी कालेज में जोरो से चल रही थी।

अब आगे देखेंगे क्या होता है टूर्नामेंट में
 
आखिर वह दिन आ ही गया, आज से इंटर कालेज फुटबाल टूर्नामेंट शुरु हो रहा था। कुल 20टीम इसमें भाग लें रहे थे। इन टीमों को चार समूहों में बांटा गया था।A,B,C और D दो कालेज खेल की मेजबानी कर रहे थे। खेल के पहले चरण में प्रत्येक टीम को अपने समूह के टीमों से एक एक मैच खेलना था। इसमें प्रत्येक समूह बेस्ट



आखिर वह दिन आ ही गया, आज से इंटर कालेज फुटबाल टूर्नामेंट शुरु हो रहा था। कुल 20टीम इसमें भाग लें रहे थे। इन टीमों को चार समूहों में बांटा गया था।A,B,C और D दो कालेज खेल की मेजबानी कर रहे थे। खेल के पहले चरण में प्रत्येक टीम को अपने समूह के टीमों से एक एक मैच खेलना था। इसमें प्रत्येक समूह से दो बेस्ट टीमों का चयन कर उसे अगले चरण में खेलना था।

अगले चरण में टीम A के दोनो बेस्ट टीम को टीम B के दोनों बेस्ट टीम के साथ खेलना था। उसमे से दो बेस्ट टीम को तीसरे चरन के लिए चुनना था। इसी प्रकार टीम C के दो बेस्ट टीमों को टीम D के दो बेस्ट टीमों के साथ मैच खेलना था,फिर उनमें से 2बेस्ट टीमों का चयन खेल के तीसरे चरण के लिए किया जाना था। तीसरे चरन मेंटीम Aऔर B के दो दो बेस्ट टीमों से चुने हुए दो टीमों को, टीम C और D के दो दो बेस्ट टीमों से चुने दो टीमों के बीच मैच होना थाऔर अंत में तीसरे चरन में दो बेस्ट टीमों के बीच फाइनल मुकाबला होना था। एक मैच जीतने पर टीम को 2अंक, हारने पर 0और ड्रॉ होने पर दोनों टीमों 1, 1अंक दिया जाना था। फाइनल मैच को छोड़कर कोई भी मैच में निर्णय न हो पाने पर अतरिक्त समय दिए जाने का कोई प्रावधान नहीं रखा गया था।

दो बेस्ट टीमों का चुनाव करते समय अगर दो टीमो का अंक समान हो तो अधिक गोल करने वाले टीम को अगले चरण में भेजा जाना था। कुल 53 मैच होने थे। 2कालेज खेल की मेजबानी कर रहे थे। एक दिन में एक मैदान पर 2मैच होने थे। एक दिन में चार मैच इस प्रकार कुल 14 दिनों में खेल संपन्न होना था। कालेज में पढ़ाई भी कराया जा सके इसके लिए पहला मैच 3बजे से 5बजे तक और दूसरा मैच 5से 7बजे तक खेला जाना था।

आर के कालेजA ग्रुप में सामिल था जेके कालेज ग्रुप बी में था। पिछले वर्ष के बेस्ट चार टीमों को अलग अलग ग्रुप में रखा गया था।

आज खेल के प्रारंभ में ग्रुप A का पहला मैच से खेल प्रारंभ होना था, आर के कालेज और इसी ग्रुप के एक अन्य टीम के बीच उदघाटन मैच खेला जाना था।

खेल का शुभारंभ करने के लिए इस क्षेत्र के सांसद को मुख्य अतिथि और विधायको को विशेषअतिथि के रूप में बुलाया गया था।

आज तीन बजे के पहले ही आर के कालेज के मैदान में सारी तैयारी पूर्ण कर ली गई थीं। मैदान पूरी तरह छात्रों से पूरी तरह भर चुका था। सभी उत्साहित थे अपनी कालेज के टीम को प्रदर्शन करते हुए देखने के लिए। सांसद और विधायक भी निर्धारित समय पर पहुंच चुके थे।

आयोजक टीम द्वारा अतिथियों का स्वागत किए जाने के बाद, अतिथियों द्वारा सभा को उदबोधन किया गया। उन सभी ने खेल के महत्व के बारे में बताया और खिलाड़ियों को अपने टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दिया।

दोनों टीमों के कप्तान के बीच टास कराया गया। आर के कालेज ने टास जीता। उसने किस गोल पोस्ट से खेलना है डिसाइड किया।

खेल प्रारंभ होते ही।

स्टूडेंट रोहन रोहन करके चिल्लाने लगे।

आर के कालेज ने आक्रामक खेल दिखाया।

रोहन ने खेल के 15मिनट में ही पहला गोल कर दिया।

चारो तरफ रोहन रोहन की आवाज़ गूंजने लगा।

राजेश एक्स्ट्रा प्लेयर के बैठने के सीट पर बैठ कर अपने टीम का हौसला बड़ा रहा था।

खेल देखने के लिए स्वीटी, सीमा, निशासहित कालेज के सभी स्टूडेंट्स मौजूद थे जो अपने टीम को सपोर्ट कर रहे थे।

इधर रोहन ने खेल के पहले हाफ जो 45 मिनट का था, में तीन गोल दाग दिया था।

विरोधी टीम गोल करने का पूरा प्रयास किया पर वे असफल रहे।

15मिनट के ब्रेक के बाद खेल फिर से प्रारंभ huwa

खेल के दूसरे हाफ में आर के कालेज के टीम ने और बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 4और गोल दाग दिया।

इस तरह आर के कालेज ने यह मैच 7_0से जीत लिया।

सभी स्टूडेंट्स ने रोहन और उसकी टीम की जमकर तारीफ की।

इधर रीता भी समय समय पर मैच की जानकारी ले रही थी।

उसे जब पता चली की आर के कालेज ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 7/0से अपने विरोधी टीम को हरा दिया है।

वह बहुत खुश हुई।

इधर रोहन ने अपने टीम के खिलाड़ियों को होटल में रात्रि भोज के लिए आमंत्रित किया। वे सभी जमकर नाच गाना किए।

आर के कालेज के टीम ने अपने पहले चरन के सभी मैच में जबरदस्त प्रदर्शन किया। और सभी मैच जीते पहले चरण में सभी टीमों ने 4मैच खेल। आर के कालेज के टीम ने पहले चरण में 8अंक हासिल किए।

रोहन ने स्ट्राइकर प्लेयर के रूप में अपना बेस्ट खेल दिखाया। कालेज के सभी स्टूडेंट्स एवम टीचर ने रोहन की जमकर प्रशंसा की।

ग्रुप में नंबर 1पोजीशन प्राप्त करने के बाद रोहन और उसके दोस्तो ने होटल में जमकर पार्टी किया।

खिलाड़ियों में अहम की भावना भी आ गया।

वे समझने लगे की हमारे सामने कोई भी टीम नहीं टिक सकता।

इसी प्रकार टीम B में जेके कालेज नंबर वन पोजीशन बनाया।

उसने 8अंक प्राप्त किया।

टीम C में Sk कालेज और टीम D में पीके कालेज ने नंबर वन पोजीशन बनाया। इन्होंने भी अपने ग्रुप के सभी टीमों को हराकर 8अंक हासिल किए।

कालेज के सभी स्टूडेंट्स और आध्यापको के मुंह से, रोहन की तारीफ सुनकर रीता रोहन पर गर्व करने लगी।

रीता _बेटा मुझे तुम पर गर्व है। चारो तरफ तुम्हारी ही तारीफ हो रही है।

अभी तक सर्वाधिक गोल आर के टीम ने ही किए थे। सबसे अधिक गोल रोहन ने किए थे।

रोहन जब स्वीटी से मिला।

रोहन _स्वीटी तुम्हे याद है न अपना वादा, अगर हमारी टीम चैंपियन बनती है तो तुम मेरे साथ डिनर पर चलोगी।

स्वीटी _हा बाबा याद है। पर अभी तो आधा सफर ही huwa है, अभी तो सभी ग्रुप के बेस्ट टीमों को हराना है।

रोहन _कोई भी टीम हमारे सामने टिक नहीं पाएगी देखना।

स्वीटी _कही ओवर कामफिडेंस में तो नहीं आ गए, सुना है जेके कालेज की टीम भी बहुत तगड़ी है।

रोहन _हमारी टीम के आगे जेके कालेज की टीम भी नहीं टिक पाएगी।

प्रथम चरण के बाद दूसरे चरण में टीम A के दो बेस्ट टीमों का मुकाबला टीम C के दो बेस्ट टीमों के साथ होना था। प्रत्येक टीम को दो दो मैच खेलने थे।

टीम B के दो बेस्ट टीमों को टीम D के दो बेस्ट टीमों से भिड़ना था।

दूसरे चरण का खेल प्रारंभ huwa

आर के कालेज और एसके कालेज के बीच दूसरे चरण का पहला खेल शुरू huwa,

खिलाड़ियों के मैदान में उतरते ही चारो तरफ रोहन रोहन गूंजने लगा।

आर के कालेज ने अपने प्रदर्शन को बरकरार रखते हुए 4/2से मैच जीत लिया। अपना दूसरा मैच भी आसानी से जीत लिया। और दूसरे चरण में 4अंक प्राप्त कर आर के कालेज ने कुल 12अंक हासिल कर लिया।

आर के कालेज के खिलाड़ियों में अहम की भावना घर कर गया।

वह अपने विरोधी टीम के खिलाड़ियों को लल्लू कहकर चिढ़ाने लगे।

इधर दूसरे चरण में जेके कालेज के टीम ने भी बेस्ट परफॉर्मेंस दिखाते हुए अपना दोनों मैच जीता और 4अंक हासिल किया। इनके भी कुल 12अंक हो गए।

अगले चरण में पहुंचने की खुशी में रोहन और उसके दोस्तो ने होटल में जमकर पार्टी किया।

अब खेल के तीसरे चरन में आर के कालेज और एसके कालेज के टीम को जेके कालेज और पीके कालेज के साथ खेलना था।

आर के कालेज के टीम के 12, अंक,

जेके कालेज के 12अंक

एसके कालेज के 10अंक

पीके कालेज के 10 अंक थे।

खेल के तीसरे चरन में आर के कालेज का मुकाबला P k कालेज के टीम के साथ huwa

दोनो टीमों के खिलाड़ी मैदान में उतर चुके थे। चारो तरफ रोहन रोहन के नाम से स्टेडियम गूंज रहा था।

दोनों टीमों ने जबरदस्त खेल दिखाया।

खेल के पहले हाफ में एक गोल दागते हुए आर के कालेज ने बढ़त बना ली।

गोल दागते ही आर के टीम के खिलाड़ी पीके टीम के खिलाड़ियों को लल्लू कह कर चिढाने लगे।

पी के कालेज के खिलाड़ी भी थोड़ा सनकी माइंड के थे। उसके कप्तान को गुस्सा आ गया और बीच मैदान में ही, आर के कालेज के एक खिलाड़ी को लात घुसे से पिट दिया।

रेफरी ने रेड कार्ड दिखाते हुए उसे मैदान से बाहर निकाल दिया।

उसके बाद कप्तान के बाहर निकलते ही, पीके कालेज के खिलाड़ी थोड़ा कमजोर पड़ गए, जिसका फायदा उठाते हुए। रोहन ने सेकंड हाफ में तीन गोल दाग कर 4/0से मैच जीत लिया।

मैच जीतने के बाद आर के खिलाड़ियों ने पीके टीम के खिलाड़ियों को लल्लू कह कर और चिड़ा दिया।

पीके कालेज के खिलाडी अपमान का घुट पी कर वहा से चुप चाप चले गए।

लेकिन अन्दर से बहुत गुस्से में थे।

इधर अगलामैच जे के कालेज और एसके कालेज के बीच खेला गया, जिसमे जेके कालेज ने मैच आसानी से जीत लिया और 2अंक हासिल कर लिए अब उसके 14अंक हो गए।

आर के कालेज के भी 14अंक हो गए थे।

अगला मैच एसके और पीके कालेज के बीच huwa जिसमे पीके कालेज मैच जीत गया।

उसके 12अंक हो गए। एसके कालेज के10 ही अंक रह गए ।

तीसरे चरन का अंतिम मैच आर के कालेज और को कालेज के बीच huwa

दोनो ही टीम अब तक बेस्ट परफॉर्मेंस करते हुए कोई भी मैच नहीं हारे थे।

दोनों के 14 /14 अंक थे।

आखिर तीसरे चरन का अंतिम मैच शुरू huwa

चारो ओर रोहन रोहन का शोर होने लगा।

आर के कालेज के टीम ने शुरू डे ही आक्रामक खेलने की कोशिश की, वे गोल करने की जी तोड़ प्रयास किया। उधर जेके कालेज के डिफेंडिंग प्लेयर बहुत मजबूत थे। रोहन भेद उसे भेद पाने में सफल नहीं हो सका।

पहले हाफ में कोई गोल नहीं हो सका।

दोनों टीमों के बीच जबर्दस्त संघर्ष चला। कभी आर के टीम भारी पड़ता दिखाई पड़ता तो कभी जेके टीम।

कह पाना मुश्किल हो गया था कि कौन सा टीम बेस्ट है।

पहले हाफ में कोई गोल न हो सका।

15मिनट के ब्रेक में टीमों के कोच ने अपने अपने टीमों के खिलाड़ियों को आवश्यक सलाह निर्देश एवम सामने वाले टीम की कमजोरियों के बारे में बताया।

जब खेल फिर से प्रारंभ हुआ तो दोनो टीमों के खिलाडी दोगुने उत्साह के साथ मैदान में नजर आए।

दर्शक अपने अपने पसंदीदा खिलाड़ियों का नाम ले ले कर उसे बेहतर प्रदर्शन के लिए, प्रोत्साहित कर रहे थे।

दोनों टीमों के बीच जबर्दस्त संघर्ष चला। दोनों टीम भरसक प्रयास करने के बाउजूद गोल करने में अब तक कामयाब नहीं हो सके थे केवल 10मिनट का खेल शेष था।

दर्शक तनाव में आ गए थे।

खिलाडी अपने आप में हताश होने लगे थे। रोहन भी हर पैंतरा अपनाया पर सामने वाले टीम के डिफेंडिंग प्लेयर को शिकस्त देने में असफल रहा और अंतिम क्षणों में जेके कालेज को एक मौका मिला और गोल कर दिया।

चारो तरफ सन्नाटा छा गया ये क्या हो गया?

आर के कालेज के सभी समर्थक अपना सिर पकड़ लिया, ओ माई गॉड ये क्या गया?

आखिर खेल समाप्त हुआ और जेके कालेज को विजेता

1/0से विजेता घोषित किया गया।

रोहन और उसके दोस्तो के साथ कालेज के सभी स्टूडेंट्स हतप्रभ थे। वे मैच हार चूके थे।

सभी उदास हो गए।

उधर जेके कालेज के खिलाडी बहुत उत्साहित थे।

मैच हारने के बौजूद अंकतालिका में 14अंक के साथ दूसरे स्थान पर होने के कारण आरके कालेज फाइनल में पहुंच गया था।

अब फाइनल मुकाबला जेके कालेज और आर के कालेज के बीच ही खेला जाने वाला था।

फाइनल में पहुंच ने के बाद भी आर के कालेज के खिलाडी उदास थे उन्हें उम्मीद नहीं थी कि वे हार जायेंगे।

फाइनल मैच एक दिन बाद रखा गया था।

रात में आर के कालेज के टीम के प्लेयर होटल में इकट्ठा हुवे।

वे खुश नहीं थे। कुछ खिलाडी तो शराब भी पीने लगे।

रीता ने रोहन को फोन किया।

रीता _बेटा तू कहा है?

रोहन _मॉम मै दोस्तो के साथ हूं।

रीता _जानती हूं बेटा तुम लोग दुखी हो। पर तुम लोगो को उदास होने की जरूरत नहीं है। आज का मैच फाइनल नहीं था। देखना फाइनल में तुम लोग ही जीतोगे। तुम लोग हिम्मत न हारो, जब तक मैं हू तुम्हे कोई नहीं हरा सकता। मै जेके कालेज की पुरी टीम ही खरीद लूंगी।

रोहन _नहीं मॉम आप कुछ भी नहीं करेंगी। तुम्हे मेरी कसम।

रीता _बेटा ये तुम क्या कह रहे हो?

रोहन _हा मां, उन्हे अपने दम पर हराएंगे।

रीता _पर बेटा, उसके प्लेयर बहुत मजबूत है।

रोहन _मॉम कुछ भी हो पर आप इस बार कुछ मत करना।

रीता _ठीक है बेटा।

इधर Pk कालेज के टीम के खिलाडी इसी मौके की तलाश में थे की कब आर के कालेज के खिलाड़ियों को जलील कर अपने अपमान का बदला लिया जाए।

पीके कालेज के खिलाडी भी होटल पहुंच गए।

इधर राजेश और उसके दोस्त दूसरे होटल में बैठकर आज के खेल पर ही चर्चा कर रहे थे।

तभी भगत को किसी का फोन आया।

यह फोन भगत के किसी साथी का ही थे।

भगत _बोल बे कैसे फोन किया?

साथी _भाई, पता चला है कि पीके कालेज के खिलाडी रोहन और उसके दोस्तो को जलील करने होटल जा रहे है। मुझे तो लग रहा है वहा कोई लफड़ा होने वाला है।

राजेश _किसका फोन है, यार।

भगत _भाई, अपने ही साथी का फोन था बता रहा था की पीके कालेज के टीम के खिलाडी अपने अपमान का बदला लेने रोहन और उसके दोस्त जिस होटल में इकट्ठा है वहा जा रहे हैं, बता रहा था की कुछ लफड़ा होने वाला है।

राजेश _भगत ये क्या कह रहा है। हमे उन्हे रोकना होगा।

अगर हमारे प्लेयर को कुछ हो गया तो हमारी टीम के लिए मुसीबत बड़ जाएगी।

भगत _भाई होने दो लफड़ा, अच्छा है साले बहुत हवा में उड़ रहे थे। अब पता चलेगा।

राजेश _नहीं भगत हमे उन्हे रोकना ही होगा। चलो।

अगर तुम लोग नहीं चलोगे तो मै चलता हूं।

भगत _भाई ये आप क्या कह रहे? जहां तुम वहा हम।

राजेश और उसके दोस्त वहा से निकल पड़े।

इधर पीके कालेज के खिलाडी होटल में पहुंच चूके थे।

उन लोगो ने शराब आर्डर किया।

शराब पीते हुए।

पीके कालेज के कप्तान रोहन के एक दोस्त से_ क्यू बे, उस दिन हम लोगो को लल्लू बोल रहा था। अपने आप को चैंपियन समझ रहा था न अब तुम लोगो को अपनी औकात पता चली।

साला पूरे मैच में एक भी गोल नहीं कर पाए।

पीके कालेज के सभी खिलाडी हसने लगे।

कप्तान _दोस्तो बताओ, सबसे बड़ा लल्लू यहां कौन है?

एक ने कहा, रोहन।

रोहन के एक दोस्त से रहा न गया, उसने एक जोर का मुक्का, पीके टीम की कप्तान के मुंह पर मारा।

कप्तान _साला अभी तक हेकड़ी गई नहीं, मारो सालो को।

फिर दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच जमकर मारपीट शुरू हो गया।

अपने साथी को बचाने रोहन भी भीड़ गया।

पीके कालेज के खिलाडी पहले ही तैयारी करके आए थे लाठी डंडे से जमकर रोहन और उसके दोस्तो की पिटाई करने लगे।

इधर रोहन और पीके कालेज के कप्तान के बीच जमकर फाइट huwa, किसी ने डंडे से रोहन के सिर पर वार किया, उसका सिर फट गया।

पीके कालेज के कप्तान ने चाकू निकाल लिया और रोहन पर आत्म घाती वार किया।

रोहन को एक क्षण लगा कि अब वह नहीं बचेगा तभी एक हाथ ने उस वार को रोक दिया।

रोहन बेहोशी के हालात में पहुंच चुका था उड़ने आंखे खोल कर देखा आखिर किसने इज वार को रोका, सामने राजेश था।

राजेश ने दूसरे हाथ से एक जोर का मुक्का पीके कालेज के कप्तान को मारा, वह दूर जा गिरा।

उसके बाद राजेश और पीके कालेज के कप्तान की बीच जमकर फाइट huwa, राजेश के सामने वह टिक न सका, राजेश ने पीके कालेज के कप्तान को जमकर पीटा।

उधर भगत और उसके दोस्त भी पीके कालेज के अन्य खिलाड़ियों को जमकर पीटने लगे।

होटल मैनेजर ने थाने दार को पहले ही इसकी जानकारी दे दी कि यहां दो गुटों के बीच लड़ाई चल रही है।

कुछ देर में सब पुलिस भी पहुंच गए।

पीके कालेज के सभी खिलाड़ियों को पुलिस अपने साथ ले गए।

इधर भगत और राजेश ने रोहन और उसके दोस्तो को हॉस्पिटल पहुंचाया।

रोहन के सिर पर गहरी चोट लगी थी काफी खून बह गया था।

वह बेहोश हो गया था। डाक्टरों ने

उसे उसे ओपीडी रूम में ले जाकर उसका इलाज करने लगे।

रीता को इस बात की जब जानकारी हुई तो वह अपने पति संजय के साथ भागीभागी हॉस्पिटल पहुंची।

जहां राजेश और इसके दोस्त पहले से मौजूद थे।

उन्होंने घटना के बारे में पुरी जानकारी दिया।

रीता रोने लगी।

उसके पति ने ढांढस बंधाया।

जब डॉक्टर ओपीडी रूम से बाहर निकले तो रीता दौड़ते हुए उसके पास जाकर पूछी,,

रीता _डॉक्टर, मेरा बेटा ठीक तो है न।

डॉक्टर _देखो, खून काफी ज्यादा बह गया है।

उसे खून देना होगा।

भगत का खून रोहन के खून से मैच खा गया। उड़ने रोहन को खून दिया।

रोहन बेहोश था।

डॉक्टर ने बताया कि रोहन अब खतरे से बाहर है। पर उसे होस आने में समय लगेगा।

राजेश उसके दोस्त और रीता रात भर वही हॉस्पिटल में रोहन और उसके दोस्तो की इलाज के बारे में जानकारी लेते रहे।

सुबह 8बजे रोहन को होश आया।

डॉक्टरों ने रीता को रोहन से मिलने की इजाजत दे दी इजाजत ।

इधर सुनीता और सुजाता को भी इस घटना के बारे में जानकारी हो चुका था वे भी राजेश से फोन पर जानकारी लेते रहे।

जब रीता ने रोहन के पास गया।

वह रोहन को देखकर रोने लगी।

रीता _बेटा ये क्या हो गया?

रोहन _मां मै बिल्कुल ठीक हूं।

मां राजेश भाई कहा है?

रीता _बेटा, वे लोग बाहर है।

रोहन _मॉम अगर राजेश भाई नहीं होता तो आज मैं जिंदा नहीं होता।

रीता _जानती हूं बेटे मुझे सब पता चल गया है राजेश ने मुझ पर कितना बड़ा अहसान किया है। जिसका बदला मै कभी नहीं चुका सकती।

कुछ देर बात चीत करने के बाद डॉक्टर ने रीता को बाहर जानें को कहा।

कुछ डर बाड़ राजेश और भगत भी रोहन से मिलने गया।

राजेश _ कैसा है रोहन?

रोहन _भाई मै ठीक हूं।

राजेश _हमे पता था तू शेर है तुम्हे कुछ नहीं होगा।

रोहन _भाई, बांकी दोस्त कैसे है?

राजेश _सभी ठीक है रोहन। तुम्हे उनकी चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

रोहन _भाई कल के मैच का क्या होगा?

राजेश _रोहन, मैच को छोड़ो।

भगत _हमारे अधिकांश खिलाडी खेल पाने की स्थिति में नहीं है। सभी घायल है ठीक होने में समय लगेंगे। इसलिए मैच अब नहीं हो पाएगा।

रोहन _नहीं भाई, हमारे कालेज के सभी स्टूडेंट्स का दिल टूट जायेगा। राजेश भाई मुझे तुम पर पूरा भरोसा है।

अब फाइनल मैच जीतना तुम्हारी जिम्मेदारी है।

भगत _रोहन, 6खिलाडी तो घायल है सिर्फ 8खिलाडी ही खेल पाएंगे।

रोहन _मुझे राजेश भाई पर पूरा भरोसा है वह अकेला ही चार के बराबर है।

राजेश भाई मुझे वादा करो की हमारे कालेज का नाम झुकने नहीं दोगे।

वादा करो भाई,,

कुछ देर सोचने के बाद,,

राजेश _ठीक है रोहन मै पुरी कोशिश करूंगा।

 
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