Incest मैं अपने परिवार का दीवाना - Page 12 - SexBaba
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Incest मैं अपने परिवार का दीवाना

अपडेट 102

दिलीप- मैं और बिम्ला रूम में पहुँचे

फिर हम दोनो अपने कपड़े उतारने लगे

बिम्ला अपनी सारी खोलने लगी

मैने अपनी शर्ट और बनियान निकाल दिया

फिर बिम्ला अपना ब्लाउस उतार दी

बिम्ला के बूब्स आज मुझे अपनी तरफ बुला रहे थे

मैने अपना पैंट और अंडरवेर उतार दिया

बिम्ला अपने पेटिकोट का नाडा खींच दी

एक झटके में पेटिकोट बिम्ला के जिस्म से अलग हो गया

मेरे लंड में सरसराहट होने लगी

बिम्ला धीरे से चलते हुए मेरे पास आई

और घुटनो के बल बैठ गयी

मेरा लंड बिम्ला के गाल को छु रहा था

मेरा लंड बिम्ला के गाल पे झटके खा रहा था

बिम्ला मेरे लंड के सुपाडे पे अपनी ज़ुबान फेरने लगी

आज मेरा लंड कुछ ज़्यादा फूल गया था

बिम्ला मेरे लंड के सुपाडे को अपने होंटो में पकड़के अपना मुँह आगे पीछे करने लगी

मैने बिम्ला के सर पे हाथ रख दिया

बिम्ला मेरे आधे लंड को चूस रही थी

बिम्ला का एक हाथ मेरे आंडो पे था और दूसरा हाथ मेरी जाँघ पे

बिम्ला की चूत से रस टपक के उसके घुटनो तक पहुँच रहा था

बिम्ला मेरे आधे लंड को थोड़ी देर चुस्ती रही

फिर मैं बिम्ला के मुँह में अपना लंड आगे पीछे करने लगा

बिम्ला के थूक से मेरा पूरा लंड भीग चुका था

मैं बिम्ला के मुँह से अपना लंड निकाला

और बिम्ला को घोड़ी बना दिया

बिम्ला बेड पे अपना हाथ रख दी

मैं घुटनो के बल बैठ गया

अपना मुँह बिम्ला की चूत पे रखके चूसने लगा

बिम्ला की चूत पानी पे पानी बहा रही थी

मैं अपने मुँह में चूत के दाने को भरके चूसने लगा

बिम्ला आहे भरने लगी

थोड़ी देर तक बिम्ला की चूत चूस्ता रहा

फिर बिम्ला के पैर काँपने लगे और बिम्ला की चूत पानी छोड़ने लगी

मैं सारा पानी पी गया अब मैं खड़ा हो गया

और अपने लंड पे कॉंडम लगाके बिम्ला की चूत पे अपना लंड सेट किया

दिलीप- काकी अब शुरू करो कहानी

बिम्ला- जब तू मेरे खेत के कागज मुझे देके गया

दिलीप- मैने बिम्ला की कमर पकड़के एक झटका मार दिया मेरा आधा लंड बिम्ला की चूत में चला गया

बिम्ला- अया ऊवू तो मैं सोचने लगी कि शांति को कैसे मनाऊ

दिलीप-मैने एक और धक्का मार दिया मेरा पूरा लंड बिम्ला की चूत को फाड़ता हुआ अंदर तक चला गया

विमला-अया माअर डाअला ऊह अयीयिमया

मैं अपना लंड बिम्ला की चूत में आगे पीछे करने लगा

विमला-तभी मैं सोची शांति को सब सच बता देती हूँ अया और ज़ोर से चोद फाड़ दे मेरी चूत

मैं शांति को अपने घर में लेके आई और शांति को सारी सच्चाई बता दी

कैसे तू विनय को शराब की दुकान से लेके आया अया और ज़ोर से दम नही है क्या

मैं बिम्ला को चोदे जा रहा था और बिम्ला बातो को मिक्स करके बोले जा रही थी

फिर विनय ने तुझे सब सच बता दिया तू विनय के साथ शांति के घर गया

दिलीप-मैं अपना लंड बिम्ला की चूत के मुँह तक लाया और पूरी ताक़त से पेल दिया

बिम्ला की चीख निकल गयी

बिम्ला- उई माँ फिर तू मुझे अपने साथ ले गया शांति को डॉक्टर से दिखाने डॉक्टर से पता चला कि शांति में कोई कमी नही है

दिलीप- थोड़ी देर बाद बिम्ला की चूत ने पानी छोड़ दिया मैने बिम्ला को बेड पे लेटा दिया और एक ही बार में अपना पूरा लंड बिम्ला की चूत में पेल दिया और ताबड तोड़ धक्के मारने लगा पूरे रूम में फॅक- 2 की आवाज़ गूँज रही थी

बिम्ला- और ज़ोर से चोद काश मैं तुझे पहले बता देती तो मेरी जान तो बच जाती आ अया

शांति रोने लगी फिर मैने शांति को तेरी और मेरी सच्चाई बता दी कि तू मेरी मदद कर रहा है और तू सिर्फ़ विनय के लिए शांति को माँ बनाना चाहता है अब और नही बोला जाता बाकी चुदाई के बाद बताउन्गी

दिलीप- मैं बिम्ला की चूत फाड़ने लगा बड़ी शेरनी बन रही थी अब बोल कभी मेरी बात काटेगी

बिम्ला- कभी नही अया अया और ज़ोर से ऊवू सीईईईई मैं तो गयी बिम्ला की चूत ने पानी छोड़ दिया

दिलीप-अब मेरा भी निकलने वाला था मैने अपना लंड बिम्ला की चूत से बाहर निकाला लंड पर से कॉंडम निकाला और अपना लंड हिलाने लगा मैने अपना सारा वीर्य बिम्ला के बूब्स पे छोड़ दिया और हान्फते हुए बिम्ला की बगल में लेट गया

बिम्ला- आज तू क्या ख़ाके आया था कि मेरी चूत फाड़ दी

दिलीप- मेरा बस चले तो हर वक़्त आपकी फुद्दि में अपना लंड डालके आपको चोदता रहूं

बिम्ला- अब सुन क्या हुआ था शांति को मैं सब कुछ बता चुकी थी तेरे यहाँ से जाने तक का फिर मैं उसको बोली कि तेरा पति तो अब दूसरी शादी करेगा ही और उसकी दूसरी बीवी को भी बच्चा नही होगा फिर वो तीसरी करेगा इससे अच्छा है कि तू दिलीप के साथ चुदाई कर और माँ बन जा

शांति बोली कि अचानक अगर मैं माँ बन गयी तो मेरे पति को शक हो जाएगा

बिम्ला- अचानक नही तू अपने पति को यहाँ बुला और उसे बोल कि यहाँ से 9 किमी दूर एक पुराना मंदिर है वहाँ जो जाता है उसकी हर इच्छा पूरी होती है वहाँ के दर्शन करके आ जाना और यही अपनी माँ के घर 2 हफ्ते तक रात को अपने पति के साथ चुदाई करना फिर दोपहर में 2 घंटे के लिए मैं तुझे अपने घर ले आउन्गि उस वक़्त दिलीप के साथ चुदाई करना

शांति अभी यही बताने आई थी कि वो और उसका पति मंदिर जा रहे हैं तभी तू आगया

दिलीप- लेकिन वो मुझे देखके शरमाने क्यूँ लगी

बिम्ला- अरे बुद्धू कोई भी औरत अपने पति के रहते हुए किसी और मर्द से तभी चुदवाति है

या तो वो मजबूर होती है या तो उसको बहुत खुजली होती है शांति का कुछ उल्टा है वो तुझसे चुदवाने के लिए मजबूर भी है और खुश भी है

दिलीप- फिर मैं अपने कपड़े पहेन लिया और पहुँचा घर

मैं 2 घंटे लेट आया था फिर लगा पढ़ाई करने.,.
 
अपडेट 103

दिलीप- आज मैं अकेले पढ़ाई कर रहा था

दोपहर में मैं नीचे गया

डाइनिंग पे सब बैठे थे

बड़े मामा और नयी मामी दोनो एक साथ बैठे थे

मेरे एक तरफ वँया और दूसरी तरफ बड़ी नानी बैठी थी

बड़ी मामी सबके प्लेट में खाना परोस रही थी

सबको खाना परोसने के बाद बड़ी मामी मेरे पास आई

और मेरे पॅलेट में खाना परोसने लगी

पर यह क्या बड़ी मामी मेरी प्लेट में डबल खाना डाल दी

मैने बड़ी मामी की तरफ देखा

बड़ी मामी मुस्कुरा रही थी

]अब इनको क्या हो गया]

मैं धीरे धीरे खाना खाने लगा

थोड़ी देर बाद बड़े मामा और नई मामी अपने रूम में चली गयी

मेरे बगल में बैठी

बड़ी नानी- खाना ख़ाके हलवा ज़रूर खाना

दिलीप- [खुश होते हुए क्यूंकी सूजी का हलवा वो भी बड़ी नानी के हाथ]

आपने बनाया है

बड़ी नानी- नही तेरी मामी ने पहली बार तेरे लिए हलवा बनाया है

हलवा बनाने मैं जा रही थी लेकिन बहू बोली कि मैं बना देती हूँ

दिलीप- [यह सुनके मेरी सारी खुशी हवा हो गयी]

मैं फिर मुँह लटकाए खाना खाने लगा

खाना ख़ाके मेरा पेट तो फटने लगा था

लेकिन मरता क्या ना करता

जैसे ही मैने हलवे का पहला नीवाला अपने मुँह मे डाला

इतना सवदिष्ट था कि मैं जल्दी जल्दी खाने लगा

बड़ी नानी- आराम से बेटा बहुत है

दिलीप- मेरे सामने जितना हलवा रखा था मैं सारा चट कर गया

बड़ी नानी- बहू आज तो कमाल होगया मेरा बेटा तो पहेलवानों की तरह खा रहा है

बड़ी मामी- बड़ी माँ आपका बेटा मेहनत भी तो इतनी करता है

बड़ी नानी- मेरा बेटा है मेहनती तो होगा ही

दिलीप- [जोश में तो खा लिया लेकिन अब फॅट रही थी]

मैं वहाँ से अपने रूम में आया गेट लॉक किया और पेट पकड़के बेड पे लेट गया

आधे घंटे बाद किसीने गेट नॉक किया

मैने जाके गेट खोला

सामने बड़ी मामी ग्लास लेके खड़ी थी बड़ी मामी ग्लास मुझे देते हुए

बड़ी मामी- यह पी लो इससे तुम्हे आराम मिलेगा

दिलीप- [अब मना तो कर नही सकता था उपर से गुस्सा भी आरहा था एक ही साँस में पूरा ग्लास खाली कर दिया]

बड़ी मामी मुस्कुरा कर चली गयी

मैं बेड पे बैठके सोचने लगा कि बड़ी मामी को क्या हो गया

कल तक तो मुझसे बात भी नही करती थी

और आज मुझपे इतना प्यार लूटा रही हैं

क्या सच में वो मेरी चिंता करने लगी हैं जो भी हो देखा जाएगा

मैं किताब लेके पहुँचा वँया के रूम मे गेट नॉक किया

वँया गेट खोलके मुझे बिना देखे वापस जाके पढ़ाई करने लगी

मैं भी जाके बेड पे बैठ गया और पढ़ाई करने लगा

पढ़ाई करते हुए शाम हो गयी वँया मुझसे बात ही नही कर रही थी

मैने किताब को साइड में रख दिया और वँया को देखने लगा

थोड़ी देर बाद वँया का ध्यान मुझपे गया

वँया- क्या हुआ ऐसे क्यूँ देख रहे हो

दिलीप- मैं कुछ नही बोला बस वँया को देखता रहा

वँया- दिलीप क्या हुआ

दिलीप- मैं वँया को देखे जा रहा था

वँया घबरा गयी मेरा कंधे पकड़के हिलाते हुए

वँया- दिलीप

दिलीप- क्या हुआ

वँया- इतनी देर से आवाज़ दे रही हूँ

दिलीप- पता है

वँया- पता है का क्या मतलब हुआ

दिलीप- [हँसते हुए]मैं तो मज़ाक कर रहा था

यह सुनके वँया तकिया उठाके मुझे मारने लगी थोड़ी देर तक वँया मुझे मारती रही मैं भी हंसता रहा

फिर वँया भी मेरे साथ हँसने लगी हम दोनो बहुत देर तक हंसते रहे क्यूँ पता नही कभी कभी आपका दिल झूमने लगता है

आपको पता नही होता कि आप इतना खुश क्यूँ हैं लेकिन फिर भी आप उस पल को पूरी तरह जीते इस वक्त मैं और वँया उसी खुशी में झूम रहे थे

तभी गेट खुला और बड़ी नानी के साथ बड़ी मामी अंदर आगयि

हम अभी भी हंस रहे थे दोनो हमारे पास आगयि

बड़ी नानी- दिलीप क्या हुआ जो इतनी ज़ोर से हंस रहा है नीचे तक आवाज़ आरहि है

दिलीप- मैने हँसना बंद कर दिया कुछ नही बड़ी नानी यह आपकी वँया एग्ज़ॅम की वजह से बहुत परेशान थी इसीलिए मैं इसको जोक सुना रहा हूँ

[वँया मुस्कुरा दी]

बड़ी नानी- अच्छा मुझे भी तो सुना तेरा जोक

[अब क्या बताऊ कि वँया मुझे ब्लॅकमेल कर रही है वो भी मेरे फ़ायदे के लिए मैं सोच में डूबा हुआ था]

वँया- बड़ी दादी मैं इसलिए थोड़ी हंस रही हूँ कि मुझे इसका जोक अच्छा लगा इसका जोक इतना बेकार था कि मुझे हँसी आगयि

बड़ी नानी- अब बहुत हो गयी पढ़ाई थोड़ा आराम करो और तू कभी जोक मत मारना फिर बड़ी नानी और बड़ी मामी चली गयी

दिलीप- कल तुम्हे एक गिफ्ट दूँगा

वँया- [खुश होते हुए] क्या गिफ्ट जल्दी दो ना

दिलीप- बोला तो कल दूँगा

वँया- जब गिफ्ट कल देना था तो आज क्यूँ बताया

दिलीप- [मैने वहाँ से निकलने में ही अपनी भलाई समझी]

मैं अपनी किताब उठाया और गेट के पास आके रुक गया

दिलीप- शुभ रात्रि मेरी चीकी चुहिया यह कहके मैं अपने रूम में आगया और बेड पे लेट गया

गिफ्ट का इसलिए बोला शांति के चक्कर में पता नही कितना टाइम लग जाए पहले ही जाके गिफ्ट ले आउन्गा

थोड़ी देर बाद नीचे जाके खाना खाने लगा

डाइनिंग टेबल पे सब बैठके खाना खा रहे थे खाना ख़ाके मैं अपने रूम में आगया

थोड़ी देर बाद बड़ी नानी मेरे रूम में आगयि मैं उठके बैठ गया

बड़ी नानी- तू मेरी एक बात मानेगा

दिलीप- जी

बड़ी नानी- कुछ समय तू अपनी नयी मामी से बात कर लिया कर

दिलीप- जी कर लूँगा

बड़ी नानी- वो दिन भर अकेली अपने रूम बैठी रहती है ना वँया और ना बहू उससे कभी बात करेंगी इसी लिए कह रही हूँ तू थोड़ा समय उसके साथ रहा कर और तू तो अच्छी तरह जानता है कि अकेलापन कैसा होता है

बड़ी नानी चली गयी

दिलीप- [मैं सोचता रह गया कि मेरे दिल की बात जो मैं भी भूल गया था

बड़ी नानी वो बात कैसे जान गयी...
 
अपडेट 104

दिलीप- थोड़ी देर बाद नींद आ गई सुबह उठके नहा धोके तय्यार हुआ

नीचे गया बड़ी नानी का आशीर्वाद लेके डाइनिंग टेबल पे बैठ गया

फिर नाश्ता करके अखाड़े में पहुँचा आज खूब कसरत किया

लखन को तो यकीन नाì हो रहा था कि मैं अपने आप कसरत कर रहा हूँ

होता यह था कि मैं लखन को परेशान करने के लिए उसको बोलता कि पहले आप करके दिखाओ

कसरत करके लखन का ज़हरीला जूस पिया

दिलीप- आप मेरी बाइक लेके आ जाओ मुझे थोड़ी देर बाद कहीं जाना है यह कहके मैं विनय के घर पहुँचा विनय और उसकी माँ तो खेत गये थे शांति घर पे नही थी मैं बिमला के घर में आया बिमला खाट पे बैठी थी मैने गेट लॉक कर दिया और बिमला के पास बैठ गया

दिलीप- कैसी हो आप

बिमला- ठीक हूँ

दिलीप- शांति कहाँ है

बिमला- बेड रूम में

दिलीप- कितनी देर से

बिमला- आधा घंटा हुआ होगा अच्छा सुन आज उसके साथ आराम से करना कोई जल्द बाजी मत करना

इससे तुझे यह फ़ायदा होगा कि वो कल तेरे साथ खुलके चुदाई करेगी

दिलीप- यह मुझे भी पता है आप उदास लग रही हो

बिमला- तू तो शांति की ही चुदाई करेगा मुझे तो भूल ही जाएगा

दिलीप- मैं शांति की चुदाई सिर्फ़ 2 हफ्ते करूँगा उसके बाद 1 हफ़्ता और 1 एक महीना नो चुदाई

बिमला- तू तो मेरा हार्ट फैल करवाएगा डेढ़ महीना मैं चुदाई के बिना कैसे रहूंगी

दिलीप- अरे मेरी प्यारी काकी फ़िक़र मत करो सनडे को आउन्गा ना और हाँ आपको याद है ना मेरे अलावा किसी के साथ चुदाई मत करना

बिमला- नही करूँगी तेरे जैसा मर्द मुझे कहीं ऑर थोड़ी ही मिलेगा

[बिमला उदास हो गयी]

मैं बेड रूम के अंदर गया शांति बेड पे बैठी हुई थी मुझे देखते ही वो खड़ी हो गयी मैं बात करके समय बर्बाद नही कर सकता था शांति एक सिंपल सी साड़ी पहने हुई थी शांति थोड़ी साँवली थी उसके बूब्स भी मीडियम साइज़ के थे लेकिन उसका चेहरा काफ़ी मासूम और खूबसूरत था

मैं शांति के पास पहुँचा

शांति की साँस भारी हो गयी

उसका दिल ज़ोरो से धड़क रहा था

मैने शांति को गले लगा लिया

शांति बस वैसे ही खड़ी थी

थोड़ी देर तक मैं शांति के जिस्म को महसूस करता रहा

फिर मैने शांति को अपने से अलग किया

और उसके कपकपाते होंठो पे अपने होंठ रखके चूसने लगा

शांति किस करने में मेरा साथ नही दे रही थी

मैं शांति के मुलायम होंटो को चूस्ता रहा

हमें किस करते हुए 10 मिनिट हो गया था मैने किस तोड़ दिया

शांति मुझे देखने लगी मैं फिर शांति को किस करने लगा

उसकी ज़ुबान को अपने मुँह में लेके चूसने लगा

शांति सिर्फ़ मेरी पीठ सहला रही थी

मैं शांति की ज़ुबान का सारा रस निचोड़ने लगा फिर मैने किस तोड़ दिया

और शांति की गर्दन पे अपने होंठ रखके चूमने लगा शांति की अया निकल गयी

मैं शांति की गर्दन के हर हिस्से को चूमने लगा

अब मैं ज़ुबान से शांति की गर्दन को चाटने लगा

फिर मैने अपने हाथ से शांति की साड़ी का पल्लू नीचे गिरा दिया

शांति का दिल जोरो से धड़क रहा था और शांति के बूब्स उपर नीचे हो रहे थे

यह नज़ारा देखके मेरा लंड पैंट से बाहर निकलने को मचलने लगा

मैने शांति की साड़ी को उतार दिया और ब्लाउस के बटन खोलने लगा

शांति सिर्फ़ मुझे देख रही थी जैसे ही मैने शांति का ब्लाउस निकाला शांति के बूब्स मेरे सामने आगये

मैने अपनी शर्ट उतार दी और अपनी बनियान और अपनी पैंट को भी उतार दिया

मेरे लंड का सुपाडा अंडरवेर से बाहर दिख रहा था शांति मेरे लंड के सुपाडे को देखी तो देखती रह गयी

मैने शांति को लिटा दिया और शांति के दोनो बूब्स को दबाने लगा शांति सिसकिया लेने लगी

मैं शांति के निपल पे अपनी ज़ुबान फिराने लगा शांति का बदन काँपने लगा

मैं शांति के निपल को चूस्ते हुए दूसरे निपल को मसल्ने लगा

अब मैं शांति के दूसरे निपल को चूसने लगा मैं शांति के बूब्स बहुत देर तक चूस्ता रहा

फिर मेरी नज़र शांति की नाभि पे गयी मैं शांति की नाभि में अपनी ज़ुबान डालके घुमाने लगा

शांति का बदन अकड़ गया शांति मेरे कंधो को पकड़के झड़ने लगी

मैने शांति के पेटिकोट का नाडा खोल दिया और शांति का पेटिकोट उतार दिया

शांति की चूत बालो से भरी हुई थी मैं समझ गया कि शांति गाओं की पूरी गँवार है

मैं शांति की टाँगो के बीच आगया और शांति की जाँघो को चूमने लगा

मुझे पता था कि शांति मुझे अपनी चूत पे ज़रूर धकेलेगी मैं शांति की जाँघो को चूम रहा था

तभी शांति ने मेरे सर पे हाथ रख दिए मैं शांति की चूत पे अपना मुँह रखके चूसने लगा

तभी मेरी नज़र गेट पे पड़ी बिमला रंडी खाट पे लेटके अपनी चूत में उंगली कर रही थी

आज तो कुछ मज़ा ही नही आरहा था शांति साथ ही नही दे रही थी

मैं शांति की बालो से भरी चूत चूस्ता रहा शांति की चूत ने पानी छोड़ दिया

मैं सारा पानी पी गया फिर मैं शांति की चूत में अपनी 2 उंगली डालके आगे पीछे करने लगा

और चूत के दाने को अपने मुँह में भरके चूसने लगा

अपना दूसरा हाथ शांति के बूब्स पे रखके दबाने लगा

शांति मचलने लगी शांति सोच रही होगी

कि आज तक उसको चुदाई में इतना मज़ा नही आया जितना मेरे चूसने से आरहा था

जब लंड छूट में जाएगा तो कितना मज़ा आएगा मैं अपनी उंगली और अपनी ज़ुबान शांति की चूत में तेज़ चलाने लगा

शांति कुछ बोल नही रही थी लेकिन आहे ज़रूर भर रही थी और उधर से बिमला की सिसकी निकल रही थी

अभी आस पड़ोस के सभी लोग खेत गये हुए थे शांति की चूत ने फिर से पानी छोड़ दिया मैं सारा पानी पी गया.,.,.
 
अपडेट 105

दिलीप- अब वक़्त था शांति की चुदाई करने का

मैने शांति की गान्ड के नीचे तकिया रख दिया

शांति के उपर झुकके शांति की चूत पे अपना लंड सेट किया

शांति को मेरा लंड नही दिख रहा था शांति मुझे देखने लगी

मैं मुस्कुरा दिया और शांति के होंठो पे अपने होंठ रखके एक धक्का मार दिया

मेरा आधा लंड शांति की चूत फाड़ता हुआ अंदर चला गया शांति की चीख मेरे मुँह में ही दब गयी

मैं शांति के होंठ चूसने लगा और बूब्स दबाने लगा थोड़ी देर बाद शांति शांत हुई

मैं अपने आधे लंड से ही शांति को चोदने लगा अब शांति को भी मज़ा आने लगा था

शांति अपनी गान्ड धकेलके मेरा लंड अपनी चूत में ले रही थी शांति मदहोश होने लगी

मैं मौका देखके पूरी ताक़त से अपना लंड शांति की चूत में पेल दिया

मेरा लंड सीधा शांति के बच्चे दानी से टकराया इस बार तो शांति और ज़ोर से चीखी

उसकी आँखो से आँसू बहने लगे

मैं उसके होंठ पूरे जोश के साथ चूस्ते हुए उसके बूब्स दबाने लगा

थोड़ी देर बाद मैं अपना लंड धीरे से शांति की चूत में अंदर बाहर करने लगा

शांति की गर्दन चूमने लगा शांति के बूब्स मसल्ने लगा

शांति को चोदते हुए शांति की चूत के दाने को मसल्ने लगा

एक शांति थी कि कुछ बोल ही नही रही थी सिर्फ़ आहे भर रही थी

लेकिन मैं भी दिलीप था अब शांति की चूत में मेरा लंड आराम से अंदर बाहर हो रहा था

तभी शांति अपने दोनो हाथो से चादर पकड़ ली मैं ताबडा तोड़ धक्के लगाने लगा

शांति की चूत ने पानी छोड़ दिया शांति हाँफने लगी मैं शांति के बूब्स उपर नीचे होते हुए देखके मदहोश हो गया

मेरा लंड और ज़्यादा टाइट हो गया मैं अपना लंड शांति की चूत में से पूरा निकालके एक ही बार में डाल दिया

शांति पूरी हिल गयी मैं 3 4 बार ऐसे ही किया

इस बार मैने पूरी ताक़त से शांति की चूत में अपना लंड पेल दिया

शांति की चीख निकल गयी

शांति- उईईइ माआ डीलीइईप माआर डााला अयाया ऊवू

मैं ताबड तोड़ शांति को चोदने लगा अब शांति थोड़ी खुलके मज़े ले रही थी

मैं भी पूरे जोश के साथ शांति की चूत में अपना लंड पेल रहा था

फिर मैं शांति की चूत से अपना लंड निकाल लिया

शांति मुझे देखने लगी

मैने शांति को घोड़ी बनने को कहा जैसे शांति उठी वो मेरे लंड को देखती रह गयी

शांति बूत बनके मेरे लंड को देख रही थी मैं शांति के निपल को खींच दिया

शांति- अया

दिलीप- क्या हुआ

शांति बिना कुछ कहे घोड़ी बन गयी मैं शांति के पीछे आगया

शांति की कुँवारी गान्ड देखके मेरी नियत फिसलने लगी

मैं जल्दी से अपना लंड शांति की चूत पे सेट किया और एक ही बार में डाल दिया

अब तो मेरी स्पीड बढ़ने लगी थी

मैं पूरी स्पीड के साथ शांति को चोदने लगा

शांति भी मेरा साथ देते हुए अपनी गान्ड पीछे धकेलने लगी

मैं शांति के बूब्स मसल्ते हुए शांति को चोद रहा था

बिमला ने कहा था कि आराम से करना

लेकिन उसे क्या पता जितना आराम से करना होता है मैं शुरू में ही करता हूँ

उसके बाद तो मेरा लंड अपने आप ही किसीकि भी फाड़ने लगता है

एक बार फिर शांति के पैर काँपने लगे और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया

मैने शांति की चूत से अपना लंड निकाल लिया

दिलीप- मैं लेटता हूँ आप मेरे लंड पे कूदो

शांति झेंप गयी

मैं लेट गया शांति मेरे सीने पे हाथ रखके मेरे लंड पे बैठने लगी

मैने शांति की कमर पकड़ा और एक झटके में बिठा दिया

शांति की आह निकल गयी शांति धीरे धीरे मेरे लंड पे उछलने लगी

मैं शांति के बूब्स मसल्ने लगा थोड़ी देर बाद शांति हाँफने लगी

मैने शांति को अपने सीने से लगा लिया और शांति की कमर पकड़के धक्के मारने लगा

अवनी के बाद शांति ही थी जिसे चोदने में मुझे इतना मज़ा आरहा था

शांति की चूत ने फिर से पानी छोड़ दिया

मैने शांति को अपने उपर से हटाया और शांति को लेटा दिया

मैने गेट की तरफ देखा तो बिमला वहाँ पे नही थी

मैं शांति की चूत में अपना लंड डालके धक्के मारने लगा

अब मेरा भी निकलने वाला था मैं ओर ज़ोर्से शांति को चोदने लगा

थोड़ी देर बाद शांति झड़ने लगी

10 12 धक्को में मैने भी अपना वीर्य शांति की चूत में डाल दिया

थोड़ी देर तक वैसे ही लेटा रहा हमारी चुदाई 50 मिनिट तक चली

दिलीप- आप को मज़ा आया

शांति- बहुत मज़ा आया लेकिन मुझे पता है कि मैं तुमसे खुलके नही कर सकी

दिलीप- कोई बात नही

शांति- मैं कल तुम्हे खुश कर दूँगी

दिलीप- कल आप यह जंगल सॉफ करके आना बिमला के पास क्रीम है

शांति- ठीक है

दिलीप- आप अपने पति के साथ खुलके चुदाई करती हैं

शांति- नही वो भी मेरे साथ सब कुछ करते हैं सिर्फ़ मेरी चूत नही चूस्ते

दिलीप- उसके बाद मैं उठके बाथरूम गया

बाल्टी के पानी से खुदको सॉफ किया

बिमला किचन में थी

मैं कपेड़े पहेन कर खाट पे बैठ गया

बिमला मेरे लिए चाइ लेके आगयि

मैं चाइ पीने लगा

दिलीप- वैसे आप कुछ ज़्यादा ही जोश में नही आगयि थी

बिमला- मैं क्या करू तेरा लंड देखके ही मदहोश हो जाती हूँ

दिलीप- मैं बिमला के घर से अखाड़े में आया अपनी बाइक पे बैठके चल दिया शहर

शहर पहुँचके एक बड़ी सी शॉप में गया एक बड़ा सा टेडी बेर ऑर्डर किया

शॉप वाले को अड्रेस बताके मैं अपनी बाइक पे बैठके गाओं की तरफ आने लगा

शॉप वाले ने बोला कि शाम तक डेलिवरी मिल जाएगी

मुझे अखाड़े से निकले 4घंटे हो गये थे

घर पहुँचते ही पाँचवा घंटा भी बीत गया..,,
 
अपडेट 106

घर पहुँचके मैं बड़ी नानी से मिला

फिर वँया के रूम में किताब लेके गया

वँया पढ़ाई कर रही थी मैं जैसे बेड पे बैठा

वँया- दो मेरा गिफ्ट

दिलीप- शाम तक दे दूँगा

वँया- बाहर घूमना था तो सीधा बोल देते गिफ्ट का बहाना बनाने की क्या ज़रूरत थी

दिलीप- वँया मैं झूठ नही बोल रहा हूँ शाम तक अगर तुम्हारा गिफ्ट ना आए तो मेरा गाल होगा और तुम्हारा हाथ

उसके बाद हम दोनो पढ़ाई करने लगे फिर खाने का टाइम हो गया हम दोनो खाना ख़ाके अपने रूम में आगये

मुझे पता था कि अब वँया 1 घंटा आराम करेगी

यही सही मौका था नयी मामी से बात करने का

मैं अपनी एक किताब लेके नीचे गया बड़े मामा तो बाहर गये थे

मैं नई मामी के रूम मे गया

गेट नॉक किया

नई मामी ने गेट खोला मुझे देखके पता नही क्या हुआ

दिलीप- आपसे बात करनी है

नई मामी- अंदर आ जाओ

दिलीप- मैं अंदर जाके बेड पे बैठ गया ...बुक खोलके जी मुझे यह चॅप्टर पढ़ा दीजिए

[वैसे मुझे पता था कि नई मामी 10थ तक पढ़ी है बात तो करनी ही थी यह थोड़ी बोलता कि आप अकेली हैं इसीलिए आप से बात करना चाहता हूँ]

यह सुनके नई मामी मुझे घूर्ने लगी

दिलीप-क्या हुआ

नई मामी- कुछ नही

दिलीप- [फिर नई मामी मुझे वो चॅप्टर पढ़ाने लगी ऐसे ही 1 घंटा बीत गया हमारी थोड़ी बहुत बात भी हुई]

दिलीप- थॅंक यू मामी जी

नई मामी- कोई बात नही

फिर मैं वहाँ से भागके अपने रूम में आया

[वँया को जब पता चलेगा कि नई मामी से बात करता हूँ तो पता नही वो क्या करेगी]

मैं वँया के रूम में आगया वँया पढ़ाई कर रही थी मैं बैठके पढ़ने लगा

दिलीप- वँया विद्या दी तुम्हे फोन नही करती क्या

वँया- नही रोज़ मुझसे और माँ से बात करती हैं

दिलीप- कब

वँया- जब तुम अखाड़े में जाते हो तब

दिलीप- [फिर मैं कुछ नही बोला पढ़ाई करने लगा पढ़ाई करते हुए शाम हो गयी तभी बाहर से बड़ी नानी की आवाज़ आई मैं भागके नीचे आया]

जी बड़ी नानी

बड़ी नानी- शहर से कुछ आया है तेरे लिए

दिलीप- मैं बाहर गया साइन करके वँया का गिफ्ट ले लिया और बॉक्स को अपने कंधे पे उठा लिया जैसे अंदर गया

बड़ी नानी- दिलीप यह क्या कर रहा है रहने दे नौकर सब रख आएँगे

दिलीप- क्या बड़ी नानी आप भी यह तो बहुत हल्का है

बड़ी नानी- लेकिन इसमें है क्या

दिलीप- गिफ्ट है वँया के लिए फिर मैं वो गिफ्ट लेके वँया के रूम पहुँचा

और वो गिफ्ट साइड में रख दिया

वँया- यह क्या है

दिलीप- तुम्हारा गिफ्ट यह सुनके वँया धीमे कदमो से मेरे पास आके मेरे गले लग गयी

पहले अपना गिफ्ट खोलके देखो

वँया- देखती हूँ

फिर वँया गिफ्ट पास गयी और जैसे ही बॉक्स खोली वो खुशी से उछलने लगी

मैं उसके पास गया

दिलीप- बस और मत कूदो वरना कहीं मोच ना आ जाए

वँया- तुम्हे कैसे पता कि मुझे टेडी पसंद है वो भी बड़ा वाला

दिलीप- हम सब जब मूवी देखने गये थे तो मोविए के एक सीन में हेरोयिन को टेडी गिफ्ट में मिलता है

उस वक़्त मैने तुम्हे देख लिया था कि तुम्हे टेडी बहुत पसंद है

वँया- थॅंक यू दिलीप थॅंक यू थॅंक यू

दिलीप- बस बस पेट भर गया अब तुम अपने टेडी के साथ खेलो मैं बाहर घूम के आता हूँ

वँया- ठीक है बैल

दिलीप- क्या बोली

वँया- कुछ नही

दिलीप- अब गिफ्ट नही मिलेगा

वँया- [मासूम बनते हुए]मैं तो प्यार से बोलती हूँ

दिलीप- ठीक है मेरी चुहिया यह कहके मैं भागके नीचे आया

सोचा कि सुधा से मिल लेता हूँ मैं बाइक पे बैठके पहुँचा पुराने घर

पुराने घर की रखवाली सुधा और उसका पति कर रहे थे

सुधा के क्वॉर्टर पे पहुँचा गेट नॉक किया

सुधा ने गेट खोला

सुधा- छोटे मालिक आप अंदर आइए

[सुधा बहुत ज़्यादा खुश लग रही थी उसका चेहरा पहले से ज़्यादा खिल गया था]

मैं कुर्सी पे बैठ गया

सुधा- आप बैठिए मैं पानी लेके आती हूँ

दिलीप- रहने दो कैसी हो तुम

सुधा- ठीक हूँ

दिलीप- सॉरी मैं तो तुम्हारे बारे में भूल ही गया था

सुधा- कोई बात नही

दिलीप- एक मेरे एग्ज़ॅम्स ख़तम हो जाएँ फिर मैं तुम्हारी कहानी भी सुन लूँगा

सुधा- अब उसकी कोई ज़रूरत नही है

दिलीप- क्यूँ

सुधा- क्यूंकी अब मेरा बदला पूरा हो चुका है

दिलीप- चलो अच्छा हुआ मैं तो बच गया

सुधा- आप पहले से काफ़ी हॅंडसम दिख रहे हैं और आप की बॉडी भी टाइट हो गयी है

दिलीप- और बताओ मेरे बाद किसिका लिया

सुधा- नही आपके बाद किसिके साथ करने का मन ही नही होता

दिलीप- अच्छा एक बात बताओ अगर मैं तुम्हारा बदला नही लेता तो तुम क्या करती

सुधा- तो मैं आपसे कहती कि मैं आपकी जिंदगी भरके लिए रखैल बनके रहूंगी बस मेरा बदला ले लीजिए

दिलीप- [यह सुनके मैं अपने आप में खो गया क्यूंकी सुधा की आँखों में मुझे वो दर्द दिखा जो मेरे मन में था]

क्या तुम मुझे अपनी कहानी सूनाओगी

सुधा- नही छोटे मालिक अब मैं उसी को बताउन्गी जिसने उससे बदला लिया है जिसको मैं तडपा तडपा कर मारना चाहती थी

दिलीप- अच्छा सिर्फ़ यह बता दो जिससे तुम बदला लेना चाहती थी उसकी वजह से तुमने किसे खोया

सुधा- माँ को

दिलीप- माँ

सुधा- अच्छा वो सब छोड़िए आप कैसे हैं मैने सुना था कि आप ज़ख्मी हो गये थे

दिलीप- वो तो बहुत पुरानी बात है

[वो बात पूछ ही लेता हूँ]

सुधा तुमने मुझमे ऐसा क्या देख लिया कि तुम यह समझ बैठी कि मैं तुम्हारा बदला ज़रूर लूँगा

सुधा- आप अपनी भावनाओ को कंट्रोल कर सकते हैं जैसे कि आप अभी माँ सुनके अपने आप को रोक रहे हैं

आप अकेले में जाके इतना रोएंगे जिसे देखके कोई भी पत्थर दिल इंसान भी रो पड़ेगा.....
 
अपडेट 107

दिलीप- था तो मैं 18साल का लड़का ही सुधा की बात सीधा मेरे दिल पे लगी मैं वही इंसान हूँ जिसे दौरा पड़ता है

और उस वक़्त चीख चीखके रोते हुए मैं माँ को पुकारता हूँ लेकिन वो नही आती हैं यह सब सोचते हुए मुझे पता ही नही चला कि कब मेरी आँखो से आँसू बहने लगे

मैने अपने आँसू पोछे

दिलीप- अच्छा सुधा अब मैं चलता हूँ तुम अपना ध्यान रखना मैं जैसे ही मुड़ा मेरा ध्यान दीवार पे गया

दीवार पे न्यूसपेपर सब चिपका हुआ था जिसमें एमएलए की लाश जिसको एसपी ने मारा था फोटो सब था

मुझे ज़्यादा कुछ तो समझ में नही आया लेकिन इतना ज़रूर समझ गया कि एमएलए ही वो है जिससे सुधा बदला लेना चाहती थी

मैं अपनी बाइक पे बैठ गया और घर की तरफ जाने लगा तभी रास्ते में मुझे दीपा दिखी

उसके हाथ में दो बॅग्स थे शायद वो बाज़ार से आरहि थी मैने उसके पास बाइक रोक दी

दीपा मुझे घूर्ने लगी

दिलीप- घूर क्या रही हो बैठो मैं तुम्हे छोड़ दूँगा

दीपा- कोई ज़रूरत नही है तुम जाओ

दिलीप- क्या तुम अभी तक गुस्सा हो मुझसे

दीपा- नही मैं चली जाउन्गी

दिलीप- अरे पैदल जाओगी तो 30 मिनिट में पहुँचोगी गाओं

दीपा- गाओं वाले बाते बनाएँगे

दिलीप- देखो दीपा फालतू का टाइम पास मत करो बैठना है तो बैठो

दीपा सोचने लगी

अब मुझे गुस्सा आने लगा था मैं बाइक से उतरा आस पास मुँह घुमा कर देखा जब मुझे यकीन हो गया कि कोई नही है

मैं दीपा के सर को पकड़ लिया दीपा सकपका गयी वो कुछ कर पाती उससे पहले ही मैं उसके होंठ पे अपने होंठ रखके चूसने लगा थोड़ी देर तक वो विरोध करती रही फिर वो भी मेरे होंटो को चूसने लगी 10 मिनिट तक हम दोनो एक दूसरे के होंठ चूस्ते रहे फिर मैने किस तोड़ दिया और हाँफने लगा

दिलीप- अब बैठो

दीपा मेरे पीछे बैठ गयी फिर मैने गाओं से थोड़ा पहले दीपा को उतार दिया और पहुँचा घर

हॉल में बड़ी नानी बड़ी मामी और वँया बाते कर रही थी मेरी नज़र नई मामी के रूम पे पड़ी

नई मामी गेट के पीछे से सबको बाते करते देख रही थी मैं जाके बड़ी नानी की गोद में सर रखके लेट गया

बड़ी नानी मेरे सर में उंगली फिरने लगी

वँया- बड़ी दादी आपने कभी बैल को देखा है

दिलीप- बड़ी मामी आपने कभी चुहिया देखी है एक दम छोटी सी होती है

वँया- बैल बहुत गंदा होता है

दिलीप- चुहिया के तो दाँत ही नही दिखते हैं

वँया- बैल एक नंबर का गधा होता है

दिलीप- और चुहिया एक नंबर की चुड़ैल होती है

वँया- बड़ी दादी देखिए ना यह मुझे चुड़ैल बोल रहा है

दिलीप- बड़ी नानी मुझे देखने लगी मैने बड़ी मामी की तरफ देखा हम तीनो एक साथ हँसने लगे

वँया की शकल देखने लायक थी

वँया- बड़ी दादी माँ आप दोनो भी जाइए मैं आपसे बात नही करती

मैं और ज़ोर से हँसने लगा

बड़ी नानी- अब बस कर कितना हँसेगा

दिलीप- मैने हँसना बंद कर दिया और अपने रूम में आगया

थोड़ी देर बाद बड़ी मामी मेरे रूम में आगयि वो भी दूध लेके अब दूध भी पीना पड़ेगा

मैने दूध पी लिया फिर बड़ी नानी चली गयी

अब वक़्त था विदू को फोन करने का मैं फोन लगाया एक ही रिंग में विदू फोन उठा ली

विद्या- कैसे हैं आप

दिलीप- मेरी प्यार विदू आपकी मीठी आवाज़ मेरे कानो में पढ़ते ऐसा लगता है शहद घोल दिया हो

विद्या- लेकिन मैं आपसे नाराज़ हूँ

दिलीप- आज कल आप कुछ ज़्यादा ही आप नही कर रही हैं

विद्या- क्यूँ आपको अच्छा नही लगता है

दिलीप- नही थोड़ा अजीब लगता है

विद्या- लेकिन मुझे तो अच्छा लगता है बात मत बदलिए

दिलीप- हाँ तो बताइए कि आप क्यूँ नाराज़ हैं मुझसे और हाँ मैं भी नाराज़ हूँ आपसे

विद्या- मुझे माफ़ कर दीजिए मैं कभी दोबारा ऐसा नही करूँगी

[यह कहके विदू रोने लगी मैं अपने आप को कोसने लगा विदू जो यह भी नही जानती कि मैं उससे क्यूँ नाराज़ हूँ

इस वक़्त विदू के प्यार के सामने मैं बहुत छोटा महसूस कर रहा था क्या ऐसी लड़की की किस्मत में मेरे जैसा आवारा इंसान लिखा था क्या दे रहा हूँ मैं विदू को मैं अपनी ही सोच में डूबा हुआ था]

विद्या- आप मुझे माफ़ करदेंगे ना

दिलीप- यह आप कैसी बात कर रही हैं मैं आपसे बिल्कुल नाराज़ नही हूँ वो तो मैं देखना चाहता था कि अगर मैं आपसे नाराज़ हो गया तो आप क्या करेंगी

विद्या- आप झूठ बोल रहे हैं

दिलीप- बाहुबली की कसम

विद्या- कौन बाहुबली

दिलीप- आप बाहुबली को नही जानती पूरा इंडिया यह जानना चाहता है कि कटप्पा ने बाहुबली को क्यूँ मारा

[यह सुनके विदू हँसने लगी मेरी जान में जान आई]

दिलीप- बस बस अब बताइए कि मेरी जान कैसी है

विद्या- आपकी जान बिल्कुल ठीक है

दिलीप- आपकी पढ़ाई तो अगले साल ख़तम हो जाएगी

विद्या- आपको कैसे पता

दिलीप- मैं तो आपकी छोटी से छोटी पसंद भी बता सकता हूँ

[जोश जोश में कह तो दिया लेकिन अगर पूछ लिया तो]

विद्या- मेरा पसंदीदा रंग कौनसा है

दिलीप- [मैं अपना माथा पीटने लगा अब क्या बोलू अपनी पसंद बता देता हूँ शायद तुक्का लग जाए]

लाल रंग

विद्या- आपको कैसे पता

दिलीप- आपसे प्यार जो करता हूँ तभी कोई गेट नॉक करने लगा

विद्या- अब आप खाना ख़ाके आराम से सो जाइए उउम्म्म्मम्मूऊऊुउउन्ह

मैने जाके गेट खोला

बड़ी मामी थी खाने का टाइम हो गया था मैने नीचे जाके खाना खाया

और गार्डन में घूमने लगा

विदू के बारे में सोचके डर लग रहा था कि अभी तो प्यार की शुरुआत है आगे क्या होगा

बड़े मामा जिनसे मैं नज़रे नही मिला पाता उनको कैसे मनाउन्गा

शायद वो मुझे मार ही डाले मैं अपने रूम में आके लेट गया

रात 2 बजे आँख लगी.,
 
अपडेट 108

दिलीप- सुबह में एक घंटा लेट उठा

नाहया धोया रेडी होके नीचे गया

सब लोग डाइनिंग टेबल पे बैठे थे मैं भी जाके बैठ गया

बड़ी मामी नाश्ता परोसने लगी

आज भी बड़ी मामी मेरे प्लेट में डबल नाश्ता डाल दी

मैं चुप चाप ख़ाता रहा

बड़े मामा और नई मामी अपने रूम में चले गये

बड़ी नानी मेरे बगल में बैठी थी

दिलीप- [धीरे से] बड़ी नानी आप बड़ी मामी को बोलिए ना इतना ना डाला करे मेरे प्लेट में

खाया नही जाता

बड़ी नानी- अब मैं क्या बोलू तू अब बहू की ज़िम्मेदारी है शायद वो तुझे बेटा मानने लगी है

दिलीप- [इसके बाद मेरे कुछ बोलने का कोई मतलब ही नही था]

मैं चुप करके नाश्ता किया और बाहर आगया

लखन के साथ अखाड़े में गया कसरत करके बिमला के घर पहुँचा

सीधा अंदर गया

बिमला खाट पे बैठी थी

मैं गेट लॉक करके बिमला के साथ बैठ गया

बिमला- यह क्या हो गया तुमको

[मैं पसीने-2 था]

दिलीप- कसरत करके आरहा हूँ

शांति नही आई अभी तक

बिमला- तुझे तो मेरी फ़िक़र ही नही है एक काम कर तू गोली ख़ाके मेरी चुदाई कर फिर शांति की

दिलीप- [मुझे बिमला से ऐसी उम्मीद नही थी उसे पता है कि मैं शांति के लिए यह सब कर रहा हूँ]

बिमला- अरे मैं मज़ाक कर रही थी शांति कमरे में है

दिलीप- आप थोड़ा सब्र करो आपकी सारी खुजली मिटा दूँगा फिर मैं रूम में गया

शांति बेड पे बैठी हुई थी शांति मुझे देखके मुस्कुराने लगी मैं शांति के पास जाके बैठ गया

दिलीप- आप परेशान लग रही हैं

शांति- नही मैं बस सोच रही हूँ क्यूँ मैं अपने पति के साथ ग़लत कर रही हूँ

दिलीप- आप एक फ़ैसले से आपकी आपके पति की आपके भाई आपकी माँ की ज़िंदगी बर्बाद होने से बच जाएगी

आप 4 ज़िंदगी बचा रही हैं और हम सिर्फ़ 2 हफ्ते के लिए चुदाई करेंगे

शांति- तुम बड़े बेशरम हो

दिलीप- मैं बेशरम हूँ

शांति- हाँ

दिलीप- मैं खड़ा हो गया और एक झटके में नंगा हो गया

शांति आज भी मेरे लंड को देखती रह गयी

दिलीप- आज बेशरम बनके चुदाई करेंगे

मैने शांति को भी अपनी तरह नंगा कर दिया

शांति के बदन को देखके मेरा लंड खड़ा होने लगा

मैने शांति का हाथ पकड़के अपने लंड पे रख दिया

शांति मेरे लंड को आगे पीछे करने लगी मैं शांति के होंठ चूसने लगा

शांति के होंठ चूस्ते हुए शांति के बूब्स दबाने लगा

शांति आआहए भरने लगी मैने शांति को लिटा दिया

और शांति के उपर आके शांति के होंठ चूसने लगा

शांति अभी भी मेरे लंड को आगे पीछे कर रही थी

शांति भी आज मेरे होंठ चूस रही थी

इससे हम दोनो को जोश आने लगा

शांति ने अपना मुँह खोल दिया

मैने शांति के मुँह में अपनी ज़ुबान डाल दी

शांति मेरी ज़ुबान चूसने लगी

शांति की एक बात मुझे पता चली कि शांति सब कुछ आराम से करती है

मैं शांति के निपल को अपनी उंगली में पकड़के खींचने लगा

शांति और ज़ोर्से मेरी ज़ुबान चूसने लगी

मैने अपना एक हाथ शांति की चूत पे रख दिया

शांति का जिस काँप उठा

मैं शांति की चूत सहलाते हुए शांति के बूब्स दबा रहा था

शांति मेरी ज़ुबान चूस्ते हुए मेरे लंड को सहला रही थी

फिर मैने किस तोड़ दिया और शांति के बूब्स चूसने लगा

शांति के निपल को दांतो फँसके खींचने लगा

शांति की हल्की चीख निकलने लगी

फिर मैं शांति के निपल पे अपनी ज़ुबान फिराने लगा

थोड़ी देर तक बूब्स चूस्ता रहा फिर मैं शांति की चूत को देखने लगा

शांति की चूत आज पूरी सॉफ और चमक रही थी

मैं शांति की चूत पे अपना मुँह रखके चूसने लगा

शांति सिसकी लेने लगी

मैं शांति की चूत के अंदर तक अपनी ज़ुबान डालके चूसने लगा

शांति मेरे सर को अपनी चूत पे दबाने लगी

मैने शांति की चूत में अपनी दो उंगली डाल दिया

और तेज़ी से आगे पीछे करने लगा

शांति अया ऊवू करने लगी

थोड़ी देर बाद शांति की चूत ने पानी छोड़ दिया

मैं सारा पानी पी गया

मैं उपर आया और शांति के होंठ चूसने लगा

10 मिनिट तक हम किस करते रहे

फिर मैं लेट गया शांति मेरे पैरो के बीच आगयि

और मेरे लंड को अपनी दोनो मुट्ठी पकड़के नापने लगी

फिर शांति धीरे से अपना मुँह मेरे लंड के सुपाडे के पास लेके आई

और अपनी ज़ुबान निकालके मेरे सुपाडे अपने जीभ फिराने लगी

मेरे मुँह से आह निकल गयी

थोड़ी देर तक शांति मेरे सुपाडे पे अपनी जीभ फिराती रही

अब शांति मेरे पूरे लंड को अपनी जीभ से चाट रही थी

शांति का प्लान मुझे तरसाने का था

लेकिन मैं भी मज़े ले रहा था

अब शांति अपना मुँह खोलके मेरे लंड को अंदर लेने लगी

शांति मेरे आधे लंड को अपने मुँह में अंदर बाहर करके चूसने लगी

मैं शांति के लंड चूसने से मदहोश हो गया

शांति मेरे लंड को ऐसे चूस रही थी जैसे वो आइस्क्रीम खा रही हो

मैने शांति का सर पकड़ लिया शांति मेरे लंड अपने मुँह में लिए मुझे देखने लगी

मैं अपनी कमर उपर नीचे करके शांति के मुँह को चोदने लगा

लेकिन धीरे शांति भी मेरे आंडो को सहलाने लगी

फिर मैं रुक गया शांति मेरे आंडो को मुँह में लेके चूसने लगी

और मेरे लंड को सहलाने लगी फिर मैं बेड से उतरके खड़ा हो गया

शांति समझ गयी शांति बेड पे लेटके ही मेरा लंड चूसने लगी

मैं शांति का सर पकड़के शांति के मुँह को चोदने लगा

मैने अपना लंड सुपाडे तक निकाला और धीरे से अपना पूरा लंड शांति के मुँह में डाल दिया

कुछ देर तक शांति के मुँह मैं पूरा लंड डाले रहा फिर निकाल लिया शांति खांसने लगी

मैने शांति को लेटा दिया शांति की गान्ड बेड के किनारे पर थी..,
 
अपडेट 109

दिलीप- आज मैं अलग तरह से शांति को चोदना चाहता था

मैने शांति के दोनो पैरो को फैला दिया

और चूत पे लंड सेट करके एक झटका मारा

मेरा आधा लंड शांति की चूत में चला गया

शांति की हल्की चीख निकल गयी

मैने एक और झटका मारके अपना पूरा लंड शांति की चूत में पेल दिया

शांति अपने मुँह पे हाथ रख दी

मैं शांति के बूब्स दबाने लगा

मुझे पता था शांति को दर्द हो रहा होगा

थोड़ी देर बाद मैं हल्के धक्को से शांति को चोदने लगा

शांति को दर्द के साथ मज़ा भी मिल रहा था

मैं शांति के बूब्स दबाते हुए शांति को चोद रहा था

आज फिर बिमला रंडी खाट पे लेटके अपनी चूत सहला रही थी

थोड़ी देर बाद शांति की चूत ने पानी छोड़ दिया

अब वक़्त था असली चुदाई का

मैने अपना पूरा लंड निकाला और शांति की चूत में पूरा पेल दिया शांति की चीख निकल गयी

मैं तेज़ तेज़ धक्के लगाने लगा

मेरे हर धक्के के साथ शांति पूरा हिल जाती

थोड़ी देर तक मैं शांति को चोदता रहा

फिर मैने शांति को घोड़ी बना दिया

शांति के पीछे आके एक ही बार में अपना पूरा लंड शांति की चूत में पेल दिया

मैं शांति की पीठ चूमते हुए शांति को चोदने लगा

शांति- अया अया और ज़ोर से चोदो दिलीप फाड़ दो मेरी चूत अयाया उमाआ माअर डाअला दिलीप ने

दिलीप- शांति की बात सुनके मैं कुछ ज़्यादा जोश में आगया

और पूरी ताक़त से धक्के लगाने लगा

शांति गान्ड मसल्ते हुए मैं शांति को चोद रहा था

शांति मदहोश होने लगी थी

मैने अपना लंड शांति चूत से निकाल लिया

शांति कुछ बोल पाती उससे पहले ही मैने अपना लंड शांति की चूत में डाल दिया

शांति की अया निकल गयी

थोड़ी देर तक शांति को चोदता रहा फिर शांति का बदन अकड़ने लगा

मैं पूरी ताक़त से धक्के लगाने लगाने लगा

एक अया के साथ शांति की चूत ने पानी छोड़ दिया

शांति निढाल होके बेड पे गिर गयी

मैं बेड पे लेट गया

शांति मेरा लंड चूसने लगी

मैं शांति के बूब्स दबाने लगा

फिर शांति मेरे लंड पे अपनी चूत सेट करके बैठने लगी

धीरे धीरे मेरा पूरा लंड शांति की चूत में समा गया

दिलीप- शांति कैसा लग रहा है मेरा लंड अपनी चूत में लेके

शांति- इतना मज़ा आरहा है कि पूछो मत अया ऊवू सीयी

शांति मेरे लंड पे कूदने लगी

दिलीप- जब तक आपकी चूत पानी नही छोड़े रुकना मत

शांति- अया ठीक उम्म्म माआ

शांति मेरे लंड पे कुद्ति रही

मैं शांति के बूब्स मसल्ने लगा

तभी मुझे एक आइडिया आया

दिलीप- आप मेरे गले लग्के अपनी गान्ड उपर नीचे करो इससे आप ज़्यादा देर तक कर सकती हो

शांति मेरे गले लग्के अपनी गान्ड उपर नीचे करने लगी

दिलीप- आप अपने दोनो हाथ अपनी कमर पे रक्खो

शांति अपने हाथ पीछे अपनी कमर पे रख ली

मैने शांति के दोनो हाथ पकड़ा अपना लंड शांति की चूत से निकालके पूरा एक ही बार में पेल दिया

शांति की आह निकल गयी

शांति- अयाया तुम ऐसे भी कह सकते थे

दिलीप- क्या करू आपकी चूत इतनी टाइट है चोदने में बड़ा मज़ा आता है मैं बिना रुके शांति की चूत फाड़ने लगा

आज शांति खुलके चुदाई कर रही थी

मैं शांति को अपनी गोद में उठाके अपना लंड शांति की चूत में पेलने लगा

बिमला खाट पे नही थी

एक बार फिर शांति की चूत ने पानी छोड़ दिया मैं शांति को अपनी गोद से उतार दिया और शांति को पेट के बल लिटा दिया शांति थोड़ी घबराई हुई लग रही थी उसको लग रहा होगा कि मैं कहीं उसकी गान्ड ना मार लूँ मैने पीछे से शांति की चूत पे अपना लंड सेट किया . इस पोज़िशन में शांति की चूत ज़्यादा टाइट लग रही थी मैने एक झटका मारा

मेरा आधा लंड शांति की चूत में चला गया मैं एक और धक्का मारा

शांति की दबी चीख के साथ मेरा पूरा लंड शांति की चूत में समा गया

शांति अपना मुँह तकिये में दबाए हुई थी

मैं पूरे जोश के साथ शांति को चोदे जा रहा था

मैं शांति को वैसे ही अपनी गोद में उठाके लेट गया

अब शांति मेरे लंड की सवारी कर रही थी

मैं अपना हाथ शांति की चूत पे लेगया और चूत के दाने को मसल्ने लगा

मेरी तो आदत बन चुकी थी एक साथ कयि हमले करने की

इधर मेरा लंड शांति की चूत फाड़ रहा था

एक हाथ से शांति के बूब्स मसल रहा था

दूसरे हाथ से चूत के दाने को मसल रहा था

एक बार फिर शांति चीखते हुए झड़ने लगी

अब तो शांति की टंकी पूरी खाली हो चुकी थी

मैं शांति की चूत से अपना लंड निकाल लिया

लंड शांति की चूत से निकलते ही शांति मेरे उपर से लूड़क गयी

मैं शांति के बूब्स उपर नीचे होते हुए देखके मेरा लंड झटके खाने लगा

अब आखरी राउंड की बारी थी मैं शांति की टाँगो के बीच आगया

अपना लंड शांति की चूत पे सेट किया और शांति के होंठो पे अपने होंठ रखे

अपना लंड पूरी ताक़त से पेल दिया उसके बाद तो मैं रुका ही नही

पूरी ताक़त से अपना लंड शांति की चूत में पेलने लगा

अब तो मेरा भी निकलने वाला था

पूरे रूम में फॅक-2 की आवाज़ आराही थी

हमारे जिस्म एक दूसरे को रगड़ रहे थे

कुछ ही धक्को मैं अपना वीर्य शांति की चूत में डाल दिया

साला आज तो कुछ ज़्यादा ही हो गया

थोड़ी देर तक मैं अपना लंड शांति की चूत में डाले रहा

मैने शांति के माथे पे किस किया

फिर मैं उठके नंगा ही रूम से बाहर निकलके बाथरूम मे नहा कर अपने कपड़े पहेन लिए

बिमला मेरे लिए चाइ लेके आगयि शांति सो चुकी थी

मैं चाइ पी लिया

बिमला आज कुछ रूठी लग रही थी

मैं बिमला को अपने गोद में बिठा कर किस करने लगा

फिर मैं अपने घर पहुँचा,,.
 
अपडेट 110

दिलीप- घर पहुँचके मैं वँया के रूम में गया

वँया पढ़ाई कर रही थी

मैं भी पढ़ाई करने लगा

पढ़ाई करते हुए दोपेहेर हो गयी

मैं और वँया खाना खाने नीचे गये

फिर हम सब खाना खाने लगे

मैं खाना ख़ाके अपने रूम में आगया

ठीक 10 मिनिट बाद मैं नई मामी के रूम पहुँचा

गेट नॉक किया

नई मामी ने गेट खोला

नई मामी- दिलीप अंदर आओ

मैं अंदर जाके बेड पे बैठ गया कल जो चॅप्टर पढ़ा था उसका अगला चॅप्टर पढ़ने लगा

बीच में मैं जानबूझके नई मामी से पूछ लेता इसी तराहा 1 घंटा बीत गया

फिर मैं वँया के रूम में आगया जैसे ही वँया के रूम में देखा मुझे झटका लगा

क्यूंकी वँया बड़े से टेडी को प्यार कर रही थी मैं धीमे कदमो से वँया के पास पहुँचा

वँया टेडी को प्यार करने में लगी थी

दिलीप- वँया क्या कर रही हो

वँया सकपका गयी

दिलीप-आराम से घबरा क्यूँ रही हो

वँया- पीछे से आके डरा दिया

दिलीप- चलो किताब लेके बैठो

वँया- आज तुम जाओ कल पढ़ाई करेंगे

दिलीप- तुम्हारी तबीयत तो ठीक है ना

वँया- हाँ तबीयत ठीक है बस आज पढ़ने का मन नही है

दिलीप- वँया तो मुझे झटके पे झटके दे रही है

चुप करके किताब लाओ टेडी से बाद में खेलना

[वँया की रॉनी सूरत देखके मुझे एक और झटका लगा]

अच्छा ठीक आज रहने देते हैं तुम अपने टेडी के साथ खेलो

फिर मैं अपने रूम में आगया और पढ़ाई करने लगा

पढ़ाई करते हुए शाम हो गयी तभी बड़ी मामी मेरे रूम में आगयि

मेरे लिए दूध लेके

मैं दूध पी लिया फिर मैं नीचे गया

बड़ी नानी को बता दिया कि गाओं घुमके आता हूँ

मैं घर से बाहर आया और गाओं घूमने लगा

चौक पे गया छाई पीने सब लोग मुझे देखते रह गये

फिर मैं पहुँचा विनय के घर विनय से मिले तो काफ़ी दिन हो गये थे

बाहर से ही विनय को आवाज़ दिया

विनय की माँ बाहर आई

मैने काकी को नमस्ते किया

विनय की माँ- छोटे मालिक आप अंदर आइए

दिलीप- मैने आपको कितनी बार बोला मुझे छोटे मालिक मत बोला कीजिए

अब अगर आपने मुझे छोटे मालिक कहा है तो मैं आपसे कभी बात नही करूँगा

विनय की माँ- ठीक है अब नही बोलूँगी

दिलीप- विनय का घर ज़्यादा बड़ा नही था 2 रूम्स एक किचन एक बातरूम और बीच में आँगन था]

विनय कहाँ है

विनय की माँ- वो सो रहा काम करके बहुत थक जाता है

दिलीप- ठीक है मैं उसके रूम में जाता हूँ

[विनय की माँ मुझे देखने लगी]

आप चिंता मत करो मैं सिर्फ़ उसको देखके आ जाउन्गा

विनय की माँ- आप कल आके देख लीजिएगा अभी वो बहुत थका हुआ है उसकी नींद ज़रा सी आहट से टूट जाती है

दिलीप- [मुझे विनय की माँ की बात सही लगी]

ठीक है मैं कल आउन्गा

फिर मैं घर आगया रात के खाने का टाइम हो गया

आज वँया कुछ ज़्यादा ही खुश लग रही थी

लेकिन बड़े मामा मुझे आज उदास दिखे

शायद इसलिए कि कयि दिनो से वँया ने उनसे बात नही की थी

अब मैं भी क्या करू वँया को यह भी नही कह सकता कि तुम्हारे पिता की कोई ग़लती नही थी

हालात ही कुछ ऐसे थे

हाँ लेकिन विदू को कह सकता हूँ कि वो बड़े मामा से बात करे

वो बेचारी तो मुझपे अपना सब कुछ कुर्बान कर चुकी है मैं सोच में डूबा हुआ था

बड़ी मामी- दिलीप क्या हुआ

दिलीप- कुछ नही

फिर हम सब खाना ख़ाके अपने अपने रूम में आगये

रात को बड़ी मामी मेरे लिए दूध लेके आगयि

मैने दूध पी लिया

अब वक़्त था मेरी प्यारी विदू से बात करने का

मैं विदू को फोन लगाया

एक रिंग में ही विदू फोन उठा ली

विदू- मेरे पतिदेव जी कैसे हैं

दिलीप- मेरी जान कैसी हैं

विदू- अच्छी नही हूँ

दिलीप- क्यूँ क्या हुआ

विदू- आपको देखने का बहुत मन कर रहा है

दिलीप- [मैं सोचने लगा कि कितना टाइम लगेगा]

विदू- क्या सोच रहे हैं

दिलीप- कुछ नही मैं क्या सोच सकता हूँ मैं तो आपको ही सोचता हूँ

विदू- आप मेरे बारे में ही तो सोच रहे हैं कि अभी बाइक से कितना टाइम लगेगा यहाँ मेरे पास पहुँचने मे

दिलीप- नही नही मैं यह थोड़ी सोच रहा था

विदू- झूठ मत बोलिए मैं अगर बोलूँगी कि आप मेरे लिए तारे तोड़के ला दीजिए तो आप ला देंगे बड़े आए कि अभी बाइक से 3 घंटे में विदू के पास पहुँच जाउन्गा 1 घंटा विदू के पास रुकुंगा फिर 3 घंटे में गाओं पहुँच जाउन्गा

दिलीप- [विदू की कही हर एक बात मेरे कानो में गूंजने लगी मेरा दिल दुगनी तेज़ी के साथ धड़कने लगा

कि विदू मुझसे इतना ज़्यादा प्यार करती है कि वो मेरे मन की बात जान गयी और विदू जो बात बोली मैं बिल्कुल वैसा ही सोच रहा था

विदू- क्या हुआ आप मुझसे नाराज़ हो गये शायद मैं कुछ ज़्यादा ही बोल गयी

दिलीप- मैं आपसे कभी नाराज़ नही रह सकता हूँ वो तो मैं आपका प्यार महसूस कर रहा हूँ

मैं आपसे जितना प्यार कर रहा हूँ उससे कयि ज़्यादा आप मुझे प्यार करती हैं

विद्या- इतनी तारीफ़ मत कीजिए कहीं मैं खुशी के मारे मर ना जाउ

दिलीप- विदू की बात सुनके मुझे इतना गुस्सा आया कि मैं फोन सीधा दीवार पे दे मारा फोन के टुकड़े यहाँ वहाँ फैल गये

आज पहली बार मुझे इतना ज़्यादा गुस्सा आरहा था विदू की कही बात मेरे दिल को चीरती हुई निकल रही थी मुझे कुछ समझ ही नही आरहा था कि मैं क्या करू मेरा दिमाग़ काम ही नही कर रहा था मुझसे बर्दाश्त नही हो रहा था कि विदू ने मरने की बात कह दी भले ही मैं अय्याश हूँ लेकिन मैं प्यार तो विदू से करता हूँ ना विदू अगर कहती कि मैं उसके लिए सब कुछ छोड़ दूं तो मैं उसके लिए सब कुछ छोड़ देता

मेरा सर फटा जा रहा था मैने बाथरूम का गेट खोला

शवर के नीचे खड़ा हो गया.....
 
अपडेट 111

दिलीप- ठंडा पानी मेरे सर पे पड़ते ही मेरा गुस्सा कम होने लगा

मैं नहा कर बाथरूम से बाहर आया और बेड पे लेट गया

सुबह मेरी आँख खुली तो मैं रेडी होके नीचे गया सब लोग डाइनिंग पे बैठे नाश्ता कर रहे थे

मैं भी बैठके नाश्ता करने लगा नाश्ता ज़बरदस्ती कर रहा था खाने का बिल्कुल मन नही था

दिलीप- बड़ी नानी आज मैं अखाड़े में नही जाउन्गा मुझे आज ज़्यादा पढ़ाई करनी है

बड़ी नानी- ठीक है बेटा मत जाना

दिलीप- जैसे तैसे करके नाश्ता किया फिर वापस अपने रूम में आगया

आज शांति के पास जाने का बिल्कुल भी मन नही हो रहा था

फिर मुझे रवि का ख्याल आया मैं बिमला के घर गया बिमला से भी बात नही किया

सीधा शांति के रूम में गया शांति बेड पे बैठी हुई थी मैने जल्दी से अपने कपड़े उतार दिए

शांति की पास जाके शांति के कपड़े भी उतार दिए

शांति को लेटके अपना लंड शांति की चूत पे सेट करके रगड़ने लगा

लंड छूट पे रगड़ने से मेरा लंड खड़ा होने लगा

2 झटको में अपना लंड शांति की चूत में डालके धक्के लगाने लगा

आज ना ही शांति के जिस्म को चूमा और ना ही शांति की चूत चूसा

शांति को दर्द हो रहा था पर मैं क्या करूँ

किसी चीज़ में मन नही लग रहा था

40 मिनिट तक शांति उसी पोज़ीशन में चोदता रहा

फिर अपना वीर्य शांति की चूत में डाल दिया

इस बीच शांति की चूत 4 बार पानी छोड़ी

आज बिमला भी खाट पे नही थी

मैने शांति की तरफ देखा तो शांति आज उदास लग रही थी

दिलीप- सॉरी मुझे पता है कि आज आपको मज़ा नही आया आज मैने आपको सिर्फ़ दर्द दिया है मुझे माफ़ कर दीजिए मैं बहुत शर्मिंदा हूँ

शांति- कोई बात नही दिलीप मैं तुम्हारी आँखे देखके ही समझ गयी कि आज तुम बड़ी तकलीफ़ में हो देखो ना तुम्हारी आँखो से अभी भी आँसू बह रहे हैं

दिलीप- मैं शांति के माथे को चूम्के बाहर आगया और नहा कर अपने कपड़े पहेन लिया

बिमला से थोड़ी देर बात करके घर आगया फिर अपने ही रूम में पढ़ाई करने लगा

थोड़ी देर बाद कोई मेरे रूम का गेट ज़ोर ज़ोर से नॉक करने लगा

मैं जाके गेट खोला वँया हाथो में फोन लिए काँप रही थी

दिलीप- वँया क्या हुआ वँया कुछ नही बोली

वँया बताओ क्या हुआ तुम काँप क्यूँ रही हो

वँया कुछ बोल ही नही रही थी

अब मुझे घबराहट महसूस होने लगी

तभी फोन दोबारा बजने लगा मैं वँया के हाथ से फोन ले लिया

जैसे ही कान में लगाया अरुणा दी के रोने की आवाज़ सुनाई दी

दिलीप- दी क्या हुआ आप रो क्यूँ रही हो

अरुणा- [रोतहुए] दिलीप वो वो

दिलीप- दी बताइए ना क्या हुआ है

इधर वँया भी कुछ बोल नही रही है

अरुणा- वो विद्या दी

दिलीप- विद्या दी क्या हुआ विद्या दी को

अरुणा- विद्या दी हॉस्पिटल में हैं उन्होने अपने हाथ की नसे काट ली हैं

दिलीप- क्याअ अरुणा दी मज़ाक मत कीजिए

अरुणा- मज़ाक नही कर रही हूँ तू जल्दी से सबको लेके **** हॉस्पिटल आजा

दिलीप- अरुणा दी मैं कह रहा हूँ ना मज़ाक मत कीजिए

अरुणा- [चीखते हुए] बेवकूफ़ ईडियट तुझे यह मज़ाक लग रहा है जल्दी से सबको लेके आ

अरुणा दी ने फोन कट कर दिया

दिलीप- मैं यह मानने के लिए तय्यार ही नही था कि मेरी विदू ऐसा कर सकती है मैने अपने आप को संभाला क्यूंकी मैं यह मान ही नही सकता था कि मेरी प्यारी विदू मुझे छोड़ने के जाने का सोच भी सकती है

मैने वँया को पकड़के हिलाया

वँया होश में आते ही मेरे गले लग्के रोने लगी...
 
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