Incest मैं अपने परिवार का दीवाना - Page 11 - SexBaba
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Incest मैं अपने परिवार का दीवाना

अपडेट 93

दिलीप- लेकिन मैं पॅंट उपर नही कर रहा था पीछे से वो लड़की मेरे गले लग गयी]

यह आप क्या कर रही हैं छोड़िए मुझे मैं रिया को धोका नही दे सकता

लड़की- कोई बात नही मैं रिया की बहेन दिया हूँ

दिलीप- मैं कुछ समझा नही

दिया- तुम्हारा नाम क्या है

दिलीप- दिलीप

दिया- तो दिलीप आज तुम मुझे अपनी रिया ही समझो

दिलीप- अब मैं तो यही चाहता था अगर रिया आ गई तो वो मुझसे नाराज़ हो जाएगी

दिया- नही होगी और अगर हो गई तो मैं हूँ ना

[रिया को आने में 2 घंटा लग जाएगा]

दिलीप- दिया के इतना कहते ही मैं पीछे मूड गया और दिया के होंठ चूसने लगा दिया भी मेरे लंड को पकड़के आगे पीछे करने लगी मैने दिया की साड़ी को निकाल दिया अब दिया सिर्फ़ ब्लाउस ऑर पेटिकोट में थी मैं दिया कि ज़ुबान चूस्ते हुए दिया के दूध दबाने लगा दिया सिसकियाँ लेने लगी मैने दिया का ब्लाउस उतार के साइड में रख दिया दिया के दूध ब्रा के उपर से ही बड़े दिख रहे थे फिर मैने बिना देरी किए दिया बाकी कपड़े भी उतार दिए

दिया भी कहाँ पीछे रहने वाली थी वो भी मेरे सारे कपड़े उतार दी अब हम दोनो पूरे नंगे थे मैने दिया को डेस्क पे लेटा दिया और दिया के निपल पे ज़ुबान फिराने लगा दूसरे निपल को मसल्ने लगा 3 4 मिनिट बाद निपल को मुँह में लेके चूसने लगा

दूसरे दूध को दबाने लगा

दिया- धीरे दबाओ दर्द हो रहा है

दिलीप- रिया के साथ ऐसे ही करता हूँ फिर दिया कुछ नही बोली मैं दिया के दूसरे दूध को चूसने लगा थोड़ी देर बाद मैं दिया के दोनो दूध को चूस के लाल कर दिया फिर मैं दिया की गहरी नाभि में अपनी उंगली डालके घुमाने लगा दिया हिल गयी

मैं दिया की नाभि में अपनी ज़ुबान डालके घुमाने लगा दिया आहे भरने लगी मैं दिया के दूध दबाते हुए दिया की नाभि को अपनी ज़ुबान से चोदने लगा

थोड़ी देर बाद दिया की चूत ने पानी छोड़ दिया अब मैं दिया की चूत को देखने लगा दिया की चूत एक दम गुलाबी थी

मैं दिया कि चूत के फांको को खोलके देखने लगा मैं दिया की चूत को अपनी ज़ुबान से चाटने लगा दिया अपने हाथ से मेरे सर को चूत पे दबाने लगी मैं दिया की चूत को बेरेहमी से चूसने लगा फिर दिया की चूत ने पानी छोड़ दिया मैं सारा पानी पी गया उसके बाद मैं खड़ा हो गया दिया घुटनो के बल ज़मीन पे बैठ गयी फिर दिया अपनी ज़ुबान निकालके मेरे लंड को चाटने लगी मस्ती में मेरी आँखें बंद हो गयी फिर दिया मेरे लंड के टोपे को मुँह में लेके चूसने लगी और मेरे आंडो को सहलाने लगी

2 मिनिट बाद दिया मेरे आधे लंड को चूसने लगी दिया के चूसने का अंदाज देखके लग रहा था कि पूरी एक्सपर्ट है लंड चूसने में . फिर मैने दिया के मुँह से अपना लंड निकाल लिया दिया डेस्क पे हाथ रखके झुक गई

मैने अपनी पॅंट से कॉंडम निकालके अपने लंड पे लगा लिया अपना लंड दिया की चूत पे सेट किया और धक्का मार दिया

मेरा आधा लंड दिया की चूत में समा गया दिया की चीख निकल गयी

दिलीप- चीखो मत कोई सुन लेगा

दिया- अया माअर डाअला और बोलता है चीखू नही उई माआ

दिलीप-मैने एक और धक्का मार दिया दिया कि फिर से चीख निकल गयी अब मेरा पूरा लंड दिया की चूत में जा चुका था

मैं दिया कि कमर पकड़के हल्का धक्का मारने लगा थोड़ी देर बाद दिया भी अपनी गान्ड पीछे धकेलने लगा

दिया- अयाया कितना तगड़ा लंड है तेरा और ज़ोर से चोद फाड़ दे मेरी चूत को अया ऊवू

दिया के मुँह से यह सब सुनके मुझे झटका लगा फिर भी मैं धीरे से धक्के लगा रहा था थोड़ी देर बाद दिया की चूत ने पानी छोड़ दिया मैने दिया की कमर को ज़ोर से पकड़के अपना आधा लंड दिया की चूत से बाहर निकाला और पूरी ताक़त से पेल दिया दिया की चीखने लगी लेकिन मैं रुका नही तेज़ तेज़ धक्के मारने लगा पहले दिया को मज़े के साथ दर्द दिया अब दर्द के साथ मज़ा देना था मैं दिया को चोद रहा था दिया आहे भर रही थी

दिलीप- दिया कैसा लग रहा है

दिया- बहुत मज़ा आ रहा है पता नही रिया कब से मज़े कर रही है तुम्हारे साथ

दिलीप- दिया अब पोज़िशन चेंज करते हैं फिर मैं चेयर पे बैठ गया और दिया मेरे खड़े लंड पे अपनी चूत रखके बैठने लगा

मैं दिया की कमर पकड़के के नीचे से धक्के मारने लगा मैं दिया के निपल को अपने दाँतों में पकड़के दिया को चोदने लगा

दिया की चूत ने फिरसे पानी छोड़ दिया

मैने दिया को खड़ा किया और दिया की एक टाँग उठाके एक ही बार में अपना पूरा लंड दिया की चूत में डाल दिया मैं दिया को पिच्छले 30 मिनिट से चोद रहा था मैने दिया को अपनी गोद में उठा लिया और दिया की चूत में पूरी ताक़त से धक्के लगाने लगा अब मुझे लग रहा था कि मेरा निकलने वाला है मैं दिया को नीचे उतार दिया अपने लंड से कॉंडम निकालके दिया के मुँह में अपना लंड डाल दिया दिया मेरे लंड को चूसने लगी मैं दिया का सर पकड़के तेज़ तेज़ धक्के लगाने लगा एक विस्फोट के साथ मेरा सारा वीर्य दिया के मुँह में चला गया दिया मेरा सारा वीर्य पी गयी फिर मैं अपना कपड़े पहेन लिया

दिलीप- दिया जब पूछे तो बता देना कि मेरे आते ही वो चला गया

दिया- तुम फिकर मत करो मैं संभाल लूँगी वैसे तुम बहुत अच्छे से चुदाई करते हो फिर कब आओगे

दिलीप- देखूँगा तुम्हारी एज कितनी है

दिया- 33 और हां मुझे पता है कि तुमने रिया के साथ कुछ नही किया है

दिलीप- मैं मुस्कुरा दिया फिर मैं शांति की रिपोर्ट्स लेके बस स्टॉप पहुँचा बस में बैठ गया

बस चल पड़ी डेढ़ घंटे बाद मैं गाओं पहुँचा.'...
 
अपडेट 93

दिलीप- ठीक छुट्टी होने से पहले मैं अपने क्लास में जाके बैठ गया

अदिति मेरे साथ बैठी हुई थी रवि भी नही दिख रहा है

थोड़ी देर बाद छुट्टी हो गयी तभी वँया मेरे पास आई

हम दोनो चलते हुए बाते करने लगे

वँया- कहाँ थे तुम लंच टाइम में

दिलीप- वो विनय के घर गया था

वँया- क्यूँ

मैं वँया को घूर्ने लगा

वँया-अरे मेरा मतलब है तुम स्कूल के बाद भी तो जा सकते थे

दिलीप- आगे से तुम्हे बताके जाउन्गा

वँया- अच्छा सुनो कल से हम घर पे ही पढ़ाई करेंगे

दिलीप- क्यूँ

वँया- वो इसलिए कि अब हमे ज़्यादा पढ़ाई करनी होगी वरना तुम ऐसे घूमते रहोगे और कहीं फैल हो गये तो

दिलीप- क्या बात कर रही हो पिछ्ले कुछ साल से हर एग्ज़ॅम्स में मैं सेकेंड आरहा हूँ

वँया- और फर्स्ट कॉन आता है

दिलीप- मुझे क्या पता कौन आता है मैं सिर्फ़ अपने काम से काम रखता हूँ मुझे क्या कोई बंदर या बंदरिया फर्स्ट आए

वँया- गुस्से में मैं फर्स्ट आती हूँ वँया पैर पटकते हुए अपने रूम में चली गयी और मैं अपने आपको कोस्ता रहा

मैं भी अपने रूम में आके लेट गया और पिच्छले कुछ दिनो के बारे में सोचने लगा

कैसे मैने मेडम को चुदवाते हुए देखा

फिर मेडम को मैने बोला सच बताने को

मेडम अपनी चुदाई पूरे डीटेल के साथ बताने लगी

उसी दिन मुझे पता चला कि चुदाई किसे कहते है कैसे करते हैं

फिर सुधा की वजह से मुझे पूरा सेक्स ज्ञान मिला

सुधा की याद आते ही मैं सोचा कि कल सुधा से मिल लूँगा

लेकिन अभी एक बड़ी प्राब्लम वँया को मनाना है

फिर मैं कपड़े बदलके वँया के रूम मे गया

गेट नॉक किया

वँया- रूम के अंदर से कौन है

दिलीप- मैं हूँ

वँया- क्या है

दिलीप- कुछ नही बस तुमसे बात करनी है

वँया- मुझे तुमसे कोई बात नही करनी है

दिलीप- लेकिन क्यूँ

वँया- क्यूंकी तुमने मुझे बंदरिया कहा

दिलीप- तो तुम भी मुझे कुछ बोल दो

वँया गेट खोलके मुझे घूर्ने लगी

दिलीप-क्या हुआ चाहो तो मार लो

वँया- हर वक़्त मज़ाक मत किया करो मैं जो कहूँगी करोगे

दिलीप- ज़रूर करूँगा

वँया- तो किताब लेके आओ आज 4 घंटे पढ़ाई करेंगे

दिलीप- यह सुनके मुझे ऐसा लगा कि मेरा हार्ट फैल हो जाएगा मैं अकेले 4 घंटे क्या 6 घंटे भी पढ़ सकता हूँ

लेकिन वँया के साथ वँया हर एक वर्ड को पहले समझती है फिर आगे बढ़ती है अब क्या कर सकते हैं

वँया के साथ 4 घंटे तक पढ़ाई करने के बाद कुछ करने का मन ही नही कर रहा था

मैं नीचे हॉल में गया बड़ी नानी के पास गया

दिलीप-बड़ी नानी आप बहुत थकि थकि लग रही हैं क्या हुआ आपकी तबीयत तो ठीक है ना

बड़ी नानी- जब तक मेरा बेटा ठीक है मुझे क्या होगा

दिलीप- बात मत बदलिए आपको मेरी कसम बताइए क्या बात है

बड़ी नानी- बहू सुबह से ना कुछ खा रही है ना कुछ पी रही है

दिलीप- इसका मतलब आप भी सुबह से भूखी हैं

[ मामी के सामने जाते ही कितना भी कोशिश . सपना याद आही जाता है फिर भी बड़ी नानी के लिए मामी को खिलाना तो पड़ेगा ही वरना वँया भी भूख हड़ताल कर देगी ]

मैं किचन में जाके प्लेट में खाना रखा और मामी के रूम पे गया गेट नॉक किया मामी ने गेट खोला मामी बहुत उदास लग रही थी मैं बिना कुछ कहे अंदर जाके बेड पे बैठ गया मामी गेट पे ही खड़ी मुझे देख रही थी मैं उठके मामी के पास गया

और मामी का हाथ पकड़के बेड पे बिठा दिया फिर तो कमाल हो गया

मैं अपने हाथ से मामी को खाना खिलता रहा मामी खाती रही फिर मैं रूम से बाहर आ गया

बड़ी नानी ने जब देखा कि प्लेट में कुछ नही है तो वो मुस्कुरा दी

अब रात के खाने का टाइम हो ही चुका था

वँया भी नीचे आ गई फिर हम सब साथ में खाना खाने लगे बड़े मामा और उनकी दूसरी बीवी भी हमारे साथ बैठके खा रहे थे मेरा तो खून जलने लगा कि दूसरी शादी हो गयी तो यह भी ध्यान में नही आरहा है कि एक और बीवी है उसको देखले कि वो कैसी है

तभी बड़े मामा मुझे घूर्ने लगे मेरी तो फट गई मैं जल्दी से खाना ख़ाके अपने रूम में आगया और बैठके सोचने लगा कि शांति का क्या . उसे सिड्यूस भी नही कर सकता क्यूंकी टाइम कम है उपर से एग्ज़ॅम्स अब एक ही रास्ता है बिंला

वोही मेरी मदद करेगी फिर मैं सो गया

सुबह में उठके वोही किया जो करता हूँ फिर अखाड़े से सीधा बिम्ला के घर गया...
 
अपडेट 94

दिलीप- गेट नॉक किया

बिम्ला की बेटी ने गेट खोला

[यह कहाँ से टपक गयी]

तेरी माँ है घर पे

बिम्ला की बेटी- हाँ

मैं अंदर जाके खाट पे बैठ गया

बिम्ला की बेटी मुझे घूर रही थी

पानी पिलाएगी कि खाली घुरती रहेगी

बिम्ला की बेटी मेरे लिए पानी लेके आई

मैने पानी पी लिया

खड़ी क्यूँ है बैठ ना तेरा ही तो घर है

बिम्ला की बेटी बैठ गयी

तू तो बोल रही थी कि तेरी माँ है घर पे

बिंला की बेटी- नहा रही हैं

दिलीप- तू मुझसे बात क्यूँ नही कर रही है

बिंला की बेटी- मैं आपसे क्या बात करूँ

दिलीप- सबसे पहले आप मत बोल मैं तेरे से एक दो दिन छोटा ही हूँ

बिम्ला की बेटी कुछ बोल ही नही रही थी

दिलीप- अच्छा ठीक है मैं जाता हूँ फिर मैं बिम्ला के घर से बाहर आगया घर के पीछे गया खिड़की से बिम्ला के घर में घुस गया बाथरूम ठीक रूम के सामने था मैं नही चाहता था कि बिम्ला की माँ की बेटी अपनी माँ को ग़लत समझे

बिंला की बेटी खाट पे बैठी हुई थी अब क्या करूँ मैं फिर खिड़की से बाहर आया 2 3 पत्थर लेके वापस अंदर आया

एक पत्थर किचन में फेंक दिया

बिंला की बेटी जल्दी से किचन में भागी शायद उसको लगा होगा कि बिल्ली है

मैने भागके बाथरूम में घुसके गेट बंद कर दिया

बिम्ला मुझे देखके सकपका गयी बिंला पूरी नंगी थी

बिम्ला- दिलीप तुम मेरी बेटी है घर में

दिलीप- मुझे पता है मैं उससे छुप्के आया हूँ

मैं बिम्ला के पास गया और उसके बूब्स को दबा दिया

बिम्ला की आ निकल गयी

दिलीप-मुझे आपको एक बात बतानी है

बिम्ला- क्या

दिलीप- [फिर मैं शांति की सारी बात बिम्ला को बता दिया]

बिम्ला- इसमें मैं क्या कर सकती हूँ

दिलीप- देखो काकी आपको पता है कि शांति का पति दूसरी शादी करेगा ही वो कभी नही मानेगा कि कमी उसमें है क्यूंकी शांति की सारी रिपोर्ट्स नॉर्मल है इसलिए अब मैं उसके पास नही जा सकता वो मुझसे पूछेगी कि रिपोर्ट्स में क्या आया तो

इसलिए अब आप कुछ ऐसा सोचो जिससे शांति मेरे साथ चुदाई करने के लिए तय्यार हो जाए और मैं उसे प्रेगनेंट कर दूं

बिम्ला- इसके बदले मुझे क्या मिलेगा

दिलीप- क्या चाहिए

बिम्ला- तुम

बिम्ला हँसने लगी

तभी बिम्ला की बेटी की आवाज़ आई

बिंला की बेटी- माँ कितनी देर से नहा रही हो

बिम्ला- अभी आई -----अब क्या करूँ

दिलीप- क्या करू मतलब बाहर जाके अपनी बेटी को किसी काम से बाहर भेज दो मैं चला जाउन्गा

बिम्ला बाहर चली गयी

थोड़ी देर बाद बिम्ला आई

बिम्ला- अब जाओ मैं कल तक कुछ सोच लूँगी

दिलीप- फिर मैं बिम्ला के घर्से चल दिया रास्ते में मुझे रवि दिखा उसके साथ 4 5 लोग भी थे रवि मुझे देखके रुक गया

दिलीप- तू कुछ दिन से स्कूल क्यूँ नही आरहा है

रवि- वो मेरी दीदी की शादी है इसलिए

दिलीप- और तू मुझे बुलाने भी नही आया

रवि- मुझे लगा कि तू नही आएगा

दिलीप- और तुझे ऐसा क्यूँ लगा

रवि- मैने सोचा कि तू ठाकुर है मेरी बहेन की शादी में कहाँ से आएगा

दिलीप- सबसे पहली बात मेरे मामा ठाकुर हैं मैं नही समझा

रवि- तो ठीक है कल शाम का महुरत निकला है और अगर आएगा तो मेरे घर पे तुझे रुकना पड़ेगा क्यूंकी बिदाई परसो है

दिलीप- ठीक है मैं आ जाउन्गा

थोड़ी देर बाद मैं पहुँचा घर मैं वँया के रूम पे गया

वँया रूम में इधर उधर घूम रही थी

वँया के हाथ में बेलन था

मैं वँया के पास गया

क्या हुआ ऐसे क्यूँ घूम रही हो

वँया- गुस्से में तुम अखाड़े से 2 घंटे पहले आने वाले थे कहाँ थे इतनी देर

दिलीप- मुझे तो कुछ समझ ही नही आया वँया मुझे बेलन दिखा कर डाँट रही थी

वँया- बोलोगे भी कि नही

दिलीप- वो मेरे दोस्त की बहेन की शादी है कल उसी से मिलने गया था

वँया- कल तो ऋतु की शादी है तुम्हारे दोस्त का नाम क्या है

दिलीप- रवि

वँया- अच्छा ठीक हैं मैं किताब लेके आती हूँ तुम्हारे रूम में अभी 10 बजे हैं हम शाम के 6 बजे तक पढ़ाई करेंगे

बीच में एक घंटा खाने की छुट्टी

दिलीप- 8 घंटे

वँया- क्यूँ कम है

दिलीप- नही नही ठीक है

फिर मैं अपने रूम की तरफ चल दिया और सोचने लगा कि जबसे मैने अपना सर फोड़ा है

वँया बदल गयी है उपर से अब हिट्लर की टोन में बात करती है

तभी मेरे दिमाग़ की घंटी बजी

यह ऋतु तो वोही है जिसको मैने चोदा था

चलो कोई बात नही और भी आएँगी

मैं कपड़े बदलके बेड पे बैठ गया

थोड़ी देर बाद वँया बुक्स लेके आ गई

उसके बाद वँया के साथ पढ़ाई किए 8 घंटे 48 घंटे के बराबर लगे मुझे

एक बार तो रोने भी वाला था फिर सोचा कि और नाराज़ हो गयी तो

शाम 6 बजे वँया मेरे रूम से चली गयी

थोड़ी देर बाद मेरा फोन बजने लगा

मैने फोन उठाया

दिलीप- हेलो एसपी सर कैसे हैं आप

एसपी- एसपी नही आइजी बोलो एमएलए के केस के बाद मेरा प्रमोशन हो गया

दिलीप- बधाई हो वैसे आप आइजी हैं तो आपके जीजाजी का क्या हुआ

एसपी- उनका भी प्रमोशन हो गया वैसे तुमने बताया नही कि तुम्हारे पैसो का क्या करूँ

दिलीप- मुझे नही चाहिए वो पैसे

एसपी- देखो दिलीप भले ही तुमने इतना बड़ा कारनामा करके दिखा दिया है पर तुम्हारी जिंदगी अभी शुरू ही हुई है

एसपी- इस लिए मेरी बात मानो मैं तुम्हारे नाम से एक अकाउंट खुलवा देता हूँ उसमें तुम्हारे पैसे सेफ रहेंगे

और तुम अगर वो पैसे खुद के लिए नही भी यूज़ करते हो तो कोई बात नही अभी तुम्हारी पूरी जिंदगी पड़ी है

दिलीप- ठीक है जैसी आपकी मर्ज़ी फिर मैं फोन कट कर दिया...
 
अपडेट 95

दिलीप- मैने सोचा अपनी विदू को फोन कर लेता हूँ

मैं फोन लगाया

विद्या- हेलो कॉन

दिलीप- आपका पति

विद्या- दिलीप कैसा है तू

दिलीप- मैं ठीक हूँ पर आप तो मुझे भूल ही गयी

विद्या- ऐसा क्यूँ बोल रहा है

दिलीप- कितने दिन हो गये और आपने मुझे एक फोन भी नही किया

विद्या- मैं सोची कि तू नाराज़ है मुझसे

दिलीप- आप सच में मेरी विदू बोल रही हैं ना

विद्या- हाँ और आप मेरे पति बोल रहे हैं

दिलीप- अच्छा तो अपने पति को एक किस दीजिए

विद्या- मम्मूऊऊउउन्ह अब रखती हूँ फोन मेघा आ रही है

दिलीप- फिर फोन कट हो गया और मैं सोचने लगा कि मेघा दी आराही थी तो विदू इतनी डर क्यूँ गई

फिर मैं खाना ख़ाके सो गया सुबह उठके नहा धोके तय्यार हुआ

नीचे गया डाइनिंगटेबल पे आज सब बैठे हुए थे

लगता है बड़ी मामी अब अपने आप को संभाल रही हैं

फिर मैं नाश्ता करने लगा

नाश्ता करते वक़्त मेरी नज़र नयी मामी पे गयी

नई मामी एक नीवाला अपने मुँह में लेके उस वक़्त से मुँह चला रही थी

वैसे तो मैं नई मामी को देखता नही

पर क्या करूँ आदत से मजबूर किसी को अकेले देखके मुझे अपना अकेलापन याद आजाता है

भले ही बड़ी नानी मेरी सब कुछ हैं

लेकिन दिल के कोने एक बात बैठ गयी थी अकेलापन

इसी बीच बड़े मामा और बड़ी मामी नाश्ता करके चली गयी

बड़ी नानी किचन में चली गयी

नई मामी मेरे सामने बैठी थी

लेकिन पहले वँया को मनाना था

तुमसे कुछ मांगू तो दोगि

वँया- क्या चाहिए

दिलीप- आज की छुट्टी दे दो

वँया- ठीक है लेकिन तुमको भी मेरी एक बात माननी होगी

दिलीप- मान लिया

वँया- पहले सुन तो लो मैं चाहती हूँ कि तुम पूरे स्कूल में फर्स्ट आओ

दिलीप- [यह सुनके मुझे ऐसा लगा कि वँया ने मुझे काला पानी की सज़ा दे दी हो]

यह तुम क्या बोल रही हो अपनी क्लास में मैं फर्स्ट नही आसकता और तुम चाहती हो कि मैं पूरे स्कूल में फर्स्ट आउ

वँया- हाँ और आज से मैं तुम्हे कुछ करने को नही कहूँगी यह कहके वँया अपने रूम में चली गयी

तभी मैं देखा कि नई मामी मुस्कुरा रही है

मैं वहाँ से उठके अखाड़े में गया

कालिया आज कुछ ज़्यादा ही सीरीयस मूड में था

बड़ी बेरेहमी से कसरत करवा रहा था

अभी अगर कोई मुझे जहेर भी दे देता पीने के लिए

तो वो भी मैं अपनी प्यास बुझाने के लिए पी लेता

फिर मैं वहाँ से बिम्ला के घर गया

मुझे पता था कि बिम्ला की बेटी भी स्कूल गयी होगी

मैं सीधा अंदर चला गया

बिम्ला किचन में थी

मैं किचन में गया

और पीछे से बिम्ला के गले लग गया

बिम्ला सकपका गयी

बिम्ला- तुमने तो मुझे डरा ही दिया

दिलीप- क्या कर रही हो

बिम्ला- चाइ बना रही हूँ

दिलीप- मैं बिम्ला के बूब्स दबाने लगा ----कुछ सोचा आपने

बिम्ला- हाँ अभी यह सब मत करो

दिलीप- क्यूँ आप मुझे मना कर रही हो

बिम्ला- नही पहले बात कर लेते हैं फिर तो मैं तुम्हे जाने नही दूँगी

दिलीप- मैं बिना कुछ बोले बाहर आके खाट पे बैठ गया

बिम्ला चाइ लेके आगयि

हम दोनो चाइ पीने लगे

दिलीप- अब बताइए क्या सोचा है आपने

बिम्ला- जैसा कि तुमने कहा की शांति 2 महीने के लिए यहाँ आई थी उसमें यह तीसरा हफ़्ता है

और शांति को देखके ऐसा नही लगता कि वो चुदासी है

तो मेरे हिसाब से मैं शांति को अपने घर बुलाउन्गी

तुम मेरी चुदाई करना अगर इसी बीच शांति हमारी चुदाई देखती है

तो वो गरम हो जाएगी और इसी का फ़ायदा उठाके तुम उसे चोद सकते हो

दिलीप- यही है आपका आइडिया मान लीजिए हमारा यह प्लान कामयाब भी हो जाता है तो मैं शांति को सिर्फ़ एक बार चोद सकता हूँ पर मुझे उसे प्रेगञेन्ट करने के लिए 2 हफ्ते लगेंगे

बिम्ला- एक काम करती हूँ मैं रोज उसे अपने घर 2 घंटे के लिए ले आउन्गि उसको चाइ में बेहोशी की दवा मिलाके पिला दूँगी तुम उसे चोद देना

दिलीप- छी कैसी औरत हैं आप मैं अगर आपको कही पे बुला कर आपको बेहोश करके आपको किसी और से चुदाई करवाऊ

तो आपको कैसा लगेगा

बिम्ला- तुम तो नाराज़ हो गये अब एक ही काम कर सकते हैं शांति को सब सच बता देते हैं अगर वो मान गयी तो ठीक है

वरना उसकी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी

दिलीप- गुस्से में काकी मुझे शांति से कोई मतलब नही है मुझे सिर्फ़ अपने दोस्त विनय से मतलब है आप शांति को सारा सच बता दो अगर वो नही मानी और उसकी वजह से मेरे दोस्त विनय को कुछ हो गया तो आप सोच भी नही सकती कि मैं शांति और उसके पति के साथ क्या करूँगा मेरे एग्ज़ॅम्स को तीन हफ्ते बचे हैं लास्ट का एक हफ़्ता निकालके मेरे पास दो हफ़्ता बचता है आप एक दो दिन में शांति से बात कर्लो क्यूंकी ना मैं ज़बरदस्ती करता हूँ और ना मैं किसी का फ़ायदा उठाता हूँ

यह बोलके मैं बिम्ला के घर से बाहर आगया और सीधा सरपंच के घर गया

सरपंच घर के बाहर ही किसी से बात कर रहा था

दिलीप- कैसे हैं आप सरपंच जी

सरपंच- मैं ठीक हूँ छोटे मालिक अगर कोई ज़रूरी काम था तो मुझे बुला लेते

दिलीप- नही ऐसी कोई बात नही है वो बड़े मामा ने कहा है कि आप बिम्ला के खेत के कागज आप मुझे दे दीजिए आप को कोई परेशानी तो नही है

सरपंच- नही छोटे मालिक यह तो मेरा सौभाग्य है देखिए ना ठाकुर साहब की वजह से हमारे गाओं में कभी पानी की कमी नही होती सूखा भी पड़ता है तो ठाकुर साहब हमे सरकार से ज़्यादा मुआवज़ा देते हैं

[फिर तो सरपंच बड़े मामा की तारीफो के पुल बाँधने लगा

मैं बिम्ला के खेत के कागज सरपंच से लेके बिम्ला के पास गया

और बिम्ला को दे दिया बिम्ला मुझे देखती रह गयी और मैं रवि के घर पहुँचा.....

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अपडेट 96

दिलीप- रवि के घर पहुँचते ही रवि के माँ बाप मेरी खातिरदारी करने लगे

मैने उन्हे मना किया कि ऐसा ना करे

मैं रवि को साइड में ले गया

दिलीप- अबे तूने सबको बता दिया कि मैं कौन हूँ

रवि- मैने किसी को नही बताया तेरे बारे में जो नही जानते थे वो उसी दिन जान गये जिस दिन तूने प्रिन्सिपल मेडम को बचाया था अब तू बैठ मुझे और भी काम है

दिलीप- क्या बैठ मैं तेरा दोस्त बनके आया हूँ फिर हम दोनो काम करने लगे बारात दोपेहेर को आने वाली थी

हम दोनो के मिलके काम करने से काम जल्दी हो गया

दोपेहेर में बारात आ गई

दूल्हे की तरफ से उसके माँ बाप आए थे

दूल्हा पास ही के एक गाओं का था

दूल्हे की माँ बड़ी घमंडी लग रही थी

सब पर हुकुम चला रही थी

मैं यह सब होते हुए देख रहा था

तभी दूल्हे की माँ रविकी माँ पे चिल्लाने लगी

मैं वहाँ पे गया

दिलीप- क्या हुआ काकी कुछ परेशानी है क्या

रवि की माँ- कोई परेशानी नही है आप आराम से बैठिए

दूल्हे की माँ- समधन जी यहाँ मैं आप से बात कर रही हूँ और आप मुझे नज़रअंदाज कर रही हैं

रवि की माँ- सम्धन जी ऐसी कोई बात नही है यह हमारे ख़ास मेहमान हैं

[उसके बाद तो दूल्हे की माँ और ज़्यादा बोलने लगी उसके मुँह में जो आया बोलती चली गयी एक बार तो वो रवि की माँ को गाली भी दे बैठी लड़के वाली है तो क्या शादी करवा कर कोई एहसान नही कर रही है]

अब मुझे गुस्सा आने लगा था

तभी रवि के पिता हमारे पास आ गये

रवि के पापा- आपको रवि बुला रहा है

[मैं रवि के पास गया]

दूल्हे की माँ- समधी जी क्या यही इज़्ज़त है हमारी आपकी नज़र में आपकी पत्नी कहती है कि वो आपका ख़ास मेहमान है

अगर वो ख़ास मेहमान है तो हम क्या है

रवि के पापा- सम्धन जी आप शांत हो जाइए यह छोटे मालिक हैं

दूल्हे की माँ- [आँखे चौड़ी करके] मैं कुछ समझी नही

रवि के पापा- यह ठाकुर साहब के वारिस ठाकुर साहब के भानजे दिलीप हैं

[दूल्हे की माँ की फॅट गई]

दिलीप- गुस्से में क्या है

रवि- क्या हुआ तुझे

दिलीप- कुछ नही यार अच्छा एक बात बता यह जो तेरा होने वाला जीजा है उसके बारे में कुछ बता

रवि- बस यही कि एक सरकारी नौकरी है

दिलीप- सिर्फ़ इस बात पे तेरे पिता अपनी बेटी की शादी उससे कर रहे हैं

रवि- तू मेरा साथ चल

[रवि मुझे लेके एक खाली रूम आया और गेट बंद कर दिया]

दिलीप- अबे मैं उस टाइप का नही हूँ

रवि- तू मुझसे वादा कर कि तू यह बात किसी को नही बताएगा

दिलीप- वादा करता हूँ

रवि- बात यह है कि मेरी दीदी मेरे होने वाले जीजा के साथ मुँह काला कर रही थी

दिलीप- मैं कुछ समझा नही सॉफ सॉफ बताना

रवि- तू ना बिल्कुल बच्चा है मेरी बहेन उसके साथ चुदाई करती हुई पकड़ी गई इसीलिए वो डर की वजह से मेरी बहेन से शादी कर रहा है

दिलीप- समझ गया मैं रूम से बाहर आगया मैने देखा दीपा दुल्हन के रूम में जा रही थी

फिर शाम हो गयी

दूल्हा दुल्हन को मंडप में बिठाया गया पंडित जी मंतर पढ़ने लगे

इसी बीच मैने देखा कि दूल्हे की माँ मुझे ही घूर रही हैं मैने अपना मुँह दूसरी तरफ घुमा लिया

फिर ऋतु की शादी हो गयी

अब आई खाना खाने की बारी

बाराती और नोन बाराती सब कुत्ते बिल्ली के तरह खाने के उपर टूट पड़े

ऐसा लग रहा था कि आज के बाद इनको ऐसा खाना मिलेगा ही नही

मैने भी खाना खा लिया

फिर रवि मुझे एक रूम में ले गया

दिलीप- मैं अकेला इस रूम में सोउंगा क्या

रवि- हाँ तेरे लिए ही तो यह रूम तय्यार किया है

दिलीप- क्या मतलब

रवि- कुछ नही

दिलीप- [आँख दिखाते हुए] रवि

रवि- आज सुबह कुछ लोग आए थे शहर से उनके साथ लखन भी आया

वो लोग इस रूम में 2 घंटे तक पता नही क्या करते रहे

लखन ने बोला कि छोटे मालिक को इसी रूम में सुलाना

दिलीप- [यह क्या चक्कर है तभी मेरे दिमाग़ की घंटी बजी]

तू रूम के बाहर जा मैं तेरा नाम लेके तुझे बुलाउन्गा

रवि ने ऐसा ही किया

मैं गेट लॉक करके ज़ोर ज़ोर से रवि को बुलाने लगा

फिर मैने गेट खोल दिया

रवि- यह क्या था तू मेरा नाम लेके मुझे बुलाने वाला था

दिलीप- कुछ नही तू जा मुझे नींद आरहि है फिर रवि चला गया

मैं बेड पे लेटके सोचने लगा कि इस रूम को साउंडप्रूफ बनाने का मतलब क्या हुआ

थोड़ी देर बाद किसीने गेट नॉक किया

मैं टाइम देखा रात के 11 बजे कौन आगया..,
 
अपडेट 97

दिलीप- मैने जाके गेट खोला

सामने कोई शॉल ओढ़े खड़ा था

वो बिना कुछ बोले अंदर आगया

जैसे ही उसने अपना शॉल निकाला मेरा तो दिमाग़ घूम गया

मेरे सामने ऋतु की सास खड़ी थी

मैने गेट लॉक कर दिया

दिलीप- आप यहाँ इस वक़्त

ऋतु की सास मेरे पास आई

और मेरे पैर पकड़के मुझे कहने लगी

ऋतु की सास- छोटे मालिक मुझे माफ़ कर दीजिए मुझे आपसे ऐसे बात नही करनी चाहिए थी आप ठाकूर्साहब को कुछ मत बोलना

दिलीप- [अब समझा यह मुझसे माफी माँग रही है क्यूंकी इसे पता चल गया है कि मैं ठाकुर का भांजा हूँ तभी मुझे याद आगया कि इसने रवि की माँ को गाली दी थी]

मैने ऋतु की सास को उठाया

दिलीप- आपने रवि की माँ गाली क्यूँ दी थी

ऋतु की सास- मैं उनसे भी माफी माँग लूँगी

दिलीप- आप जाइए यहाँ से

[मैं यह बात इसलिए कहा कि अगर यह और ज़्यादा देर मेरे पास रुकी तो मेरा गुस्सा बढ़ जाएगा और मैं इसके साथ कुछ ग़लत ना कर दूं]

ऋतु की सास- आप मुझे माफ़ कर दीजिए मैं चली जाउन्गी

दिलीप- मैने कहा ना आप जाइए यहाँ से

तभी ऋतु की सास ने वो किया जो मैने कभी नही सोचा था

ऋतु की सास अपने हाथ से मेरे पैंट के उपर से ही मेरे लंड को सहलाने लगी

और मेरा एक हाथ अपने बूब्स पर रख दी

दिलीप- सोच लीजिए मैं बड़ी बेरेहमी से चोदता हूँ

ऋतु की सास- आज मैं आपकी हूँ आप जो चाहे मेरे साथ कीजिए

[मेरी चूत के सामने बड़े बड़े पहलवानों के लंड नही टिक पाए तो तेरे जैसे बच्चे का लंड कहाँ से टिक पाएगा]

दिलीप- मैं फिर कह रहा हूँ आप बहुत पछताएँगी

ऋतु की सास- मैं भी कह रही हूँ कि आज मैं आपकी हूँ

दिलीप- ऐसी आपकी मर्ज़ी सबसे पहले आप मुझे दिलीप कहिए

ऋतु की सास- दिलीप

ऋतु की सास के इतना कहते ही मैने अपने होत ऋतु की सास के होंठ पे रख दिया और बुरी तरह से चूसने लगा

ऋतु की सास भी कुछ कम नही थी वो भी मेरे होंटो को चूसने लगी

मैने किस करते हुए ऋतु की सास की साड़ी निकाल दिया

ऋतु की सास भी मेरी शर्ट निकाल दी

मैने ऋतु की सास के मुँह में अपनी ज़ुबान डाल दिया

ऋतु की सास मेरी ज़ुबान चूसने लगी

मैं ऋतु की सास के बूब्स दबाने लगा

ऋतु की सास पूरे जोश के साथ मेरी ज़ुबान चूस रही थी

फिर मैने किस तोड़ दिया

और ऋतु की सास के पूरे चेहरे को चूमने लगा

थोड़ी देर तक चेहरे को चूमता रहा

फिर मैं ऋतु की सास की ज़ुबान चूसने लगा

अब मैं ऋतु की सास का ब्लाउस खोलने लगा

जैसे ही मैने ब्लाउस खोला ऋतु की सास के बूब्स मेरे सामने आगये

ऋतु की सास के बूब्स बिम्ला से बड़े थे

ऋतु की सास ने ब्रा नही पहनी थी

मैं ऋतु की सास के दोनो बूब्स को अपने हाथो से मसल्ने लगा

मैने ऋतु की सास को बेड पे लेटा दिया

और ऋतु की सास की गर्दन चूमने लगा

और बूब्स को दोनो हाथो में भरके मसल्ने लगा

फिर मैं ऋतु की सास के निपल पे अपनी ज़ुबान फिराने लगा

ऋतु की सास पागल हुए जा रही थी

मैं ऋतु की सास के दूसरे निपल को उंगली से मसल्ने लगा

फिर मैं ऋतु की सास के निपल को चूसने लगा

थोड़ी देर तक ऋतु की सास के निपल चूस्ता रहा

उसके बाद मैं दूसरे निपल को चूसने लगा

अपनी उंगली उस की नाभि में डालके घुमाने लगा

हाल यह था कि ऋतु की सास के एक बूब्स को मैं चूस रहा था

दूसरे बूब्स को दबा रहा था

और नाभि में उंगली घुमा रहा था

ऐसे में वो आहे भरने लगी

मैं जल्दी से उस का पेटिकोट उतार दिया

ऋतु की सास ने पैंटी भी नही पहनी थी

उस की चिकनी चूत मेरे सामने आगयि

ऋतु की सास की चूत पे एक भी बाल नही था

मैं उस की टाँगो के बीच आगया

और उस की जाँघो चूमने लगा

ऋतु की सास अपने हाथ से मेरे सर को अपनी चूत पे धकेलने लगी

ऋतु की सास को मैं तड़पाना चाह रहा था

मैं अपना मुँह उस की नाभि पे लेके आया

और अपनी ज़ुबान उस की नाभि में डालके घुमाने लगा

थोड़ी देर तक उस की नाभि को चूसने के बाद

जैसे ही मुझे लगा की वो झड़ने वाली है

मैने अपनी ज़ुबान निकाल ली

ऋतु की सास मुझे गुस्से से देखने लगी

मैने अपने सारे कपड़े उतार दिए

ऋतु की सास मेरे लंड को घूर्ने लगी

ऋतु की सास- तेरा लंड तो बहुत बड़ा है चल आजा 69 में

[साला गाओं की औरतो को भी पता है 69 का]

मैं बेड पे लेट गया

ऋतु की सास अपनी गान्ड मेरे मुँह पे रखके मेरे लंड पे झुकने लगी

मैं उस की चूत के फांको को खोलके उसमें अपनी ज़ुबान डालके चाटने लगा

ऋतु की सास मेरे लंड के सुपाडे को चाटने लगी

फिर मैं उस की चूत चूस्ते हुए उसकी चूत में अपनी तीन उंगली एक ही बार में डाल दिया

ऋतु की सास की चीख निकल गयी

मैं बड़ी बेदर्दी से ऋतु की सास की चूत चूस्ते हुए अपनी उंगलियो से उस की चूत को फाड़ने लगा

ऋतु की सास भी मेरे लंड को एक रंडी की तरह चूस रही थी

कभी आधा मुँह में लेती तो कभी पूरा

कभी मेरे पूरे लंड को चाटती कभी मेरे लंड के टोपे को

मैं तेज़ी से अपनी ज़ुबान और उंगली ऋतु की सास की चूत पे चला रहा था

उस का बदन अकड़ने लगा

उस की चूत ने पानी छोड़ दिया

मैं उस का सारा पानी पी गया

फिर मैं खड़ा हो गया

ऋतु की सास समझी कि मैं उसे चोदुन्गा

मैने ऋतु की सास को इशारा किया वो मेरा लंड चूसे

ऋतु की सास घुटनो के बल बैठके मेरा लंड चूसने लगी

मैने ऋतु की सास को बोला कि अपने दोनो हाथ पीछे करो

उस ने वैसा ही किया

मैने ऋतु की सास के सर को पकड़ा और एक ही बार में अपना पूरा लंड उस के गले में उतार दिया

ऋतु की सास पूरी हिल गयी

मैं बिना रुके उस के मुँह को बुरी तरह से चोदने लगा

ऋतु की सास की आँखो से आँसू निकलने लगे पर मुझे इसकी परवाह नही थी

मेरे दिमाग़ में तो एक ही बात घूम रही थी कि इसने र्वी की माँ को गाली दी है

थोड़ी देर तक ऋतु की सास के मुँह को चोदता रहा

फिर अपना लंड निकालके हिलाने लगा

और ऋतु की सास मेरे आंडो को चूसने लगी

उसके बाद मैने ऋतु की सास को लेटा दिया

और उस की चूत चूसने लगा

थोड़ी देर बाद ऋतु की सास की चूत ने फिर से पानी छोड़ दिया

मैं सारा पानी पी गया...
 
अपडेट 98

दिलीप- मैने अपने पैंट की जेब से कॉंडम निकालके अपने लंड पे लगाया

र्क्स मुझे देख रही थी उसको लग रहा हो कि उसको अभी मज़ा आएगा

पर मैं उसको ऐसा दर्द देना चाहता था जिससे उसका सारा घमंड टूट जाए

मैने अपना लंड र्क्स की चूत पे सेट किया और रगड़ने लगा

दिलीप- आपका नाम क्या है

र्क्स- अया सरलाा ऊन्ह

दिलीप- सरला के इतना कहते ही मैने अपनी पूरी ताक़त से धक्का लगा दिया मेरा लंड सरला की चूत को फाड़ता हुआ

सरला की चूत में पूरा समा गयासरला की भयंकर चीख निकल गयी

सरला- आआआआः माआअर डाााला हाराामी ने

दिलीप- मैने अपना लंड फिर से पूरा बाहर निकाला और एक ही बार में डाल दिया इस बार सरला रोने लगी मैने सरला की टाँगो को एक साथ जोड़ दिया इससे सरला की चूत और ज़्यादा टाइट हो गयी मैं ताबड तोड़ धक्के लगाने लगा सरला चीखे जा रही थी मैं उसकी चूत का भोसड़ा बनाने लगा

मैं सरला के निपल को पकड़ा लिया जैसे ही मैं पीछे होता सरला के निपल खींच जाते सरला की अया निकल जाती तभी मुझे एक आइडिया आया मैं सरला की दोनो टाँगो को चौड़ी करके सरला की चूत के दाने मसल्ने सरला जल बिन मछलि की तरह तड़पने लगी

दिलीप- सरला कैसा लग रहा है मुझसे चुदवाने में

सरला- रोते हुए मैं तो समझी थी कि तू बच्चा है पर तू पहला ऐसा मर्द है जो मुझे रुला रहा है

दिलीप- मुझे लगा था कि सरला मुझे धीरे चोदने को बोलेगी पर है यह पक्की खिलाडन 15 मिनिट से मैं सरला को उसी पोज़िशन में चोद रहा था

सरला- और ज़ोर से कुत्ते दम नही है क्या मैं आज तेरी रंडी हूँ आज तू अपनी रंडी को चोद रहा है और ज़ोर से चोद अया और ज़ोर स्से

तभी सरला की चूत पानी चोदने लगी अब मेरा लंड सरला की चूत को आराम से चोद रहा था मैं अपना लंड सरला की चूत से बाहर निकाला

सरला घोड़ी बन गयी मैं सरला के पीछे आके सरला की चूत में अपना पूरा लंड पेल दिया

इस बार सरला नही चीखी मैं धक्के पे धक्के लगा रहा था सरला सिसकिया ले रही थी

मैं सरला की गान्ड पे थप्पड़ मारने लगा सरला की हल्की चीख निकलने लगी तभी सरला के पैर काँपने लगे

और सरला झड़ने लगी

अब तक सरला की चूत 4 बार पानी छोड़ चुकी थी मैं लेट गया और सरला रंडी भी कुछ कम नही थी झट से मेरे सीने पे हाथ रखके मेरे लंड पे बैठने लगी मैं अपनी एनर्जी बचाना चाहता था इसलिए मैं कुछ नही कर रहा था सरला अपनी गान्ड उपर नीचे करके मेरे लंड पे कूदने लगी

सरला- तू आदमी है या जानवर झड ही नही रहा है अयाया उम्म्म उईईइ माआ

दिलीप- सरला मेरे लंड पे कूद रही थी और मैं उसके बूब्स मसल रहा था

थोड़ी देर बाद सरला रुक गई मैने सरला को अपने उपर झुका लिया

और लगा धक्का मारने सरला का मुँह मेरे कंधे पे था सरला आआहए भर रही थी

मैं सरला के नितंबो को पकड़के उपर नीचे करने लगा

दिलीप- सरला मेरी रंडी मेरी कुतिया अब गाली देगी किसिको बोल ना छीनाल

सरला- नही रे अब ना ऊह दूँगी अया गाली अब तो सिर्फ़ तुझसे चुदवान्गी

दिलीप- अच्छा मुझे तो लगा कि तू सिर्फ़ आज ही मेरी रंडी है

मैं सरला की चूत का भोसड़ा बनाते हुए बोला

सरला- आआआः बाते मत कर और ज़ोर से चोद

दिलीप- मैं कहाँ तुझे छोड़ रहा हूँ तू ही अपनी गान्ड उपर नीचे करके मुझसे चुदवा रही है

सरला- कैसा भड़वा है तू जो अपनी रंडी को ठीक से चोद भी नही रहा है

दिलीप- सरला के इतना कहते ही मैं सरला की चूत से अपना लंड बाहर निकाल लिया

और सरला की की चूत में अपनी तीन उंगली घुसा के चोदने लगा थोड़ी देर बाद सरला झड़ने लगी

मैं सरला की छूट से अपनी उंगली बाहर निकाल और सरला के मुँह में डाल दिया

सरला रंडी मेरी उंगली को चूसने लगी

अब मैने सरला को अपनी गोद में उठा लिया और सरला की चूत चोदते हुए सरला के बूब्स चूसने लगा

सरला- और ज़ोर से चोद हरामी कुत्ते कमिने भडवे और ज़ोर से चोद अपनी रंडी को

दिलीप- मैं सोचा इस रंडी को रुलाना ही पड़ेगा मैने सरला को बेड पे पटक दिया

सरला मुझे घूर्ने लगी

मैने अपना रुमाल से सरला की गीली चूत पोछने लगा अब सरला की चूत पूरी सूख चुकी थी

सरला कुछ समझ पति उससे पहले ही मैं सरला की चूत में अपना लंड पेल दिया

सरला की चीख निकल गयी सरला रोने लगी मैं बिना रुके सरला की चूत मारने लगा

सरला के बूब्स दबाने लगा सरला के बूब्स लाल हो गये थे थोड़ी देर बाद सरला की चूत पानी छोड़ने लगी

सरला अब पूरी तरह से निढाल हो चुकी थी

मैने सरला की चूत से अपना लंड निकाला और कॉंडम भी निकाला फिर मैं सरला के मुँह में अपना लंड डाल दिया

सरला मेरे लंड को चूसने लगी मैं सरला का सर पकड़के सरला के मुँह को चोदने लगा थोड़ी देर बाद मैं अपना सारा वीर्य सरला के मुँह में डाल दिया

सरला एक अच्छी रंडी की तरह मेरे वीर्य की एक एक बूँद गटक गयी फिर सरला मेरे बेड पे लेट गयी

मैं भी सरला के बगल में लेट गया और हाँफने लगा मैं टाइम देखा तो हमारी चुदाई 50 मिनिट तक चली

मुझे भी यकीन नही हुआ शायद इसलिए की मैं आज प्यार भरी नही नफ़रत भरी चुदाई किया था

लेकिन अभी सरला की गान्ड भी तो मारनी है

वो भी....
 
अपडेट 99

दिलीप- मैं और सरला दोनो अपनी सांसो को काबू करने में लगे मेरी नज़र सरला के बूब्स पे थी जो सरला के हाँफने की वजह से उपर नीचे हो रही थी थोड़ी देर तक मैं सरला के बूब्स को देखता रहा अब मेरा लंड पूरी तरह खड़ा हो चुका था सरला अपनी आँखें बंद किए हुई थी मैं खड़ा होके अपना लंड सरला के नाक के पास लेगया

मेरे लंड की खुश्बू सरला की नाक में जाते ही सरला की आँखें खुल गयी सरला अपनी आँखें फाड़के मुझे देखने लगा

दिलीप- [मुस्कुरा के] क्या हुआ ऐसे क्यूँ देख रही हो

सरला- तू आदमी है या जानवर मेरी फुद्दि को पानी- 2 करके तेरा जी नही भरा

दिलीप- आपने ही तो कहा था कि आज आप मेरी रंडी हो तो अपने भडवे का लंड चूसो मेरे इतना कहते ही सरला मेरे लंड को चाटने लगी मस्ती में मेरी आँखें बंद हो गयी

सरला अपनी ज़ुबान से मेरे लंड के सुपाडे से लेके मेरे आंडो तक चाट रही थी

मैने सोचा था कि सरला को सज़ा दूँगा पर सरला का रंडीपना देख कर मेरा गुस्सा हवा हो गया सरला मेरे लंड को एक मझि हुई रंडी के तरह चूस रही थी और मेरा बदन झटके खा रहा था जब सरला मेरे लंड को अपने में अंदर बाहर करती तो मेरा लंड सरला की मुँह के दीवारो से रगड़ खा जाता मुझे पहली बार इतना मज़ा आरहा था

मैने सरला के मुँह से अपना लंड निकाला फिर सरला लेट गयी

सरला- आजा मेरे भडवे मार ले अपनी रंडी की फुद्दि देखना मेरी फुद्दि कैसे तेरे लंड के लिए पानी बहा रही है आज यह रंडी तेरी गुलाम है [सरला अपनी चूत में उंगली करते हुए बोली]

दिलीप- [मेरी रंडी चूत नही गान्ड मारूँगा वो भी बिना बताए]

आरहा हूँ मेरी रांड़ पहले तू पेट के बल लेट जा

सरला पेट के बल लेट गयी सरला की सबसे बड़ी गान्ड देखके मेरा लंड झटके खाने लगा मैं सरला के नितंबो को अपने दोनो हाथ से सहलाने लगा

सरला- यह क्या कर रहा है

दिलीप- चुप चाप मैं जो कर रहा हूँ करने दो मज़ा तो तुमको ही आएगा ना यह कहके मैने सरला के नितंबो को मसल दिया

सरला की आह निकल गयी थोड़ी देर तक मैं सरला के नितंबो को दबाता रहा फिर मैं अपना मुँह सरला के नितंबो पे रखके चूसने लगा मुझे लग रहा था कि सरला समझ गयी है कि मैं उसकी गान्ड मारने वाला हूँ मैं सरला के नितंबो को बुरी तरह चूसने लगा फिर मैने सरला के नितंबो को फैला दिया

दोनो नितंबो को फैलते ही मुझे सरला की गान्ड का छेद दिख गया गान्ड का छेद बड़ा था सरला की गान्ड जो देखता होगा उसकी आआह ज़रूर निकलती होगी मैने सरला के गान्ड के छेद पे ढेर सारा थूक गिराया सरला का बदन काँपने लगा सरला को पता था कि मैं उसकी गान्ड बहुत बुरी तरह से मारूँगा मैने हाथ से अपने लंड को सरला के गान्ड के छेद पे लगाया और पूरी ताक़त से पेल दिया

मेरा पूरा लंड सरला की गान्ड को फाड़ता हुआ अंदर तक चला गया

सरला की भयनकार चीख निकल गयी

अगर मैने कॉंडम नही लगाया होता अपने लंड पे तो मेरा लंड ज़रूर छिल जाता

सरला अपने आप को छुड़ाने की कोशिश करने लगी पर मैं उसके उपर लेटके उसे जकड़े हुए था मैं अपना आधा लंड सरला की गान्ड से बाहर निकाला और फिर पेल दिया उसके बाद तो मैं रुका नही ताबड़तोड़ सरला की गान्ड में अपना लंड पेलने लगा

दिलीप- हिलना डुलना बंद करो वरना और ज़ोर से गान्ड मारूँगा

सरला- मेरी गान्ड फाड़के बोलता है और ज़ोर से मारेगा कुत्ता कमीना हरामीी सरला रोते हुए बोली

सरला की गाली सुनके मैं जोश में आगया और लगा पूरी ताक़त से अपने लंड को सरला की गान्ड में पेलने सरला की चीख अब कम हो गयी थी थोड़ी देर बाद मैने अपना लंड सरला की गान्ड से निकाल लिया मेरा लंड सरला की गान्ड से निकलते ही सरला की गान्ड से खून बहने लगा मुझे कुछ समझ नही आया बाद में पूछूँगा

फिर मैने सरला को घोड़ी बनने को कहा सरला घोड़ी बन गयी मैने अपना पूरा लंड एक बार फिर सरला की गान्ड में पेल दिया इस बार सरला की आआह निकल गयी मैं बिना रुके सरला की गान्ड मारने लगा

सरला अया ऊवू किए जा रही थी मैं बेरेहमी से सरला की गान्ड फाडे जा रहा था

दिलीप- अयाया मेरी रांड़ कितना मज़ा आरहा है तेरी गान्ड मारने में

सरला- यहाँ मुझे दर्द हो रहा है और तू मज़े ले रहा है कमीना कहीं का

दिलीप- तू भी तो मज़े से अपनी गान्ड मरवा रही है कुतिया कहीं की

अब मेरा लंड सरला की गान्ड में आराम से जा रहा था

सरला बस आहे भर रही थी

लेकिन गान्ड मारने की भी एक हद होती है और वो हद मैं पार कर चुका था

जब सरला को बर्दाश्त नही हुआ तो वो रोने लगी

सरला- गान्ड मार रहा है या मेरी जान ले रहा है बस कर और बर्दाश्त नही होता

दिलीप- एक शर्त पे रुकुंगा शर्त शब्द सुनके सरला की गान्ड फॅट गयी वो तो मैं फाड़ ही रहा था मेरी शर्त यह है कि तू ऋतु को कभी तंग नही करेगी

सरला- वादा करती हूँ

दिलीप- दूसरी शर्त यह है कि तू अपने पति के अलावा सिर्फ़ मुझसे चुदवायेगि

सरला कुछ सोचने लगी

मैं अपना पूरा लंड सरला की गान्ड से पूरा निकालके पूरा पेल दिया

सरला- उईइ माआ वादा करती हूँ

दिलीप- खा अपने बेटे की कसम

सरला- अपने बेटे की कसम अब तो निकाल ले

मैने अपना लंड सरला की गान्ड से निकाल लिया

सरला निढाल होके गिर पड़ी

मैने अपने लंड से कॉंडम निकाल के फेंक दिया

अब सरला की ऐसी हालत तो नही थी कि वो मेरा लंड चूस सके

मैं सरला के मुँह के पास जाके अपना लंड हिलाने लगा

मैने अपना वीर्य सरला के मुँह पे छोड़ दिया

और सरला के साथ बेड पे लेट गया..,.
 
अपडेट 100

दिलीप- बहुत थकावट महसूस हो रही थी

मैं 40 मिनिट तक सरला की गान्ड मरता रहा

लेकिन एक सवाल जो मेरे दिमाग़ में घूम रहा था कि सरला मुझसे कल भी माफी माँग सकती थी

तो वो फिर आज क्यों मुझसे चुदवाने आई थी

सरला की तो हालत खराब थी

मैं उठके बैठ गया

सरला भी उठके बैठ गयी

दिलीप- अब सच-2 बताओ कि आप यहाँ क्यूँ आई थी

सरला- मैं कुछ समझी नही

दिलीप- मेरे पास एक और बार करने की ताक़त अभी भी है

और तुमने ही कहा था कि आज रात तुम मेरी हो

यह सुनके सरला की फॅट गई

सरला- मैं तुमसे चुदवाने आई थी

दिलीप- पूरी बात बताओ

सरला- मैं मेरे पति की दूसरी बीवी हूँ

मेरी पति ने जब मुझसे शादी की तो वो 47 साल का था

और मैं 18 साल की

जैसे-2 उसकी उमर बढ़ती हो गयी

वो मेरी चुदाई करना कम करने लगा

एक दिन उसने कहा कि वो मेरी चुदाई नही कर पाएगा

पर मेरी चूत की खुजली बढ़ती गयी

मैने उससे सॉफ-2 कह दी

कि अब मुझे बर्दाश्त नही होता

तो मेरा पति कहता है कि मैं क्या करूँ

इसलिए मैं दूसरे मर्दो से चुदवाने लगी

लेकिन एक दिन मेरी पति ने मुझे किसी और के साथ देख लिया

उस दिन उसने मुझे बहुत मारा

और कहा कि दोबारा ऐसा करते हुए दिखी तो वहीं पे काट दूँगा

फिर कल मैने तुझे देखा

जब मुझे पता चला कि तू ठाकुर है

तो मैं सोची की तेरे साथ चुदवाते हुए अगर मेरा पति मुझे देख भी लेता है

तो वो मेरा कुछ उखाड़ नही पाएगा

दिलीप- पर आप अपने पति को धोखा दे रही हो

सरला- किस बात का धोका मेरी सौतेली माँ ने मुझे बताया कि 21 साल का गबरू जवान से मेरी शादी हो रही है

पर सुहागरात के दिन पता चला कि यह एक 47 का रन्डवा है

इसलिए मैं इतनी चिड़चिड़ी हो गयी

किसी से सही ढंग से बात नही करती

लेकिन मेरी सौतेली माँ अभी तक खुश है

दिलीप- [सरला की बात सुनके मैं सोचने पे मजबूर हो गया

कि मैने जो सरला के साथ किया क्या वो सही था

औरत चाहे कितनी भी बड़ी ग़लती कर्दे

पर उसके आत्मसम्मान को ठेस नही पहुँचाना चाहिए]

मैने सरला की तरफ देखा सरला मुझे ही देख रही थी]

मुझे माफ़ कर दीजिए मैने आपके साथ ग़लत किया

सरला- तुझे माफी माँगने की ज़रूरत नही है

तू तो पहले ही बोल चुका था कि तू मुझे बेरेहमी से चोदेगा

और मेरे अंदर 8 महीने की खुजली थी

तो मैं भी कुछ सोच नही पाई

दिलीप- अभी तक कितने ले चुकी हो

सरला- 12 नही 13 नही नही 14 हाँ 14

मैं सरला को आँखें फाड़के देखने लगा

दिलीप- आप की गान्ड से खून कैसे निकल गया

सरला- इतनी बेरेहमी से गान्ड मार रहा था और बोलता है खून कैसे निकला

दिलीप- आपको अपना वादा याद है ना

सरला- याद है ऋतु को कभी कोई तकलीफ़ नही दूँगी और अब सिर्फ़ तेरे से चुदवाउन्गी

दिलीप- पर चुदवाओगी कहाँ आप तो दूसरे गाओं में रहती हो

सरला- देख तू रवि का दोस्त है तो हर हफ्ते तू रवि के साथ आजाईयो कोई ना कोई जुगाड़ कर ही लेंगे

दिलीप- और आपका पति आपकी बहू आपका बेटा

सरला- मेरा बेटा तो कुछ दिन में शहर चला जाएगा

और मेरे पति का क्या है उसको नींद की गोली खीला कर सुला दूँगी

दिलीप- अब आपको आराम से चोदुन्गा

सरला- ना बाबा ना तू मुझे आज के जैसे ही चोदना ताकि मेरी फुददी एक हफ्ते तक तेरे लिए पानी बहा सके पर गान्ड थोड़ी आराम से मारना देख ना बैठा भी नही जा रहा है

दिलीप- मैं मुस्कुरा दिया अब आप जाओ 2 बज गये हैं लेकिन पहले आप यह बताओ कि आप की एज मतलब उमर कितनी है

सरला- 42 और मुझे थोड़ी बहुत तो इंग्लीश आती है फिर सरला कपड़े पहनने लगी

जब चल रही थी तो गान्ड इतनी ज़ोर से हिलती कि मेरा मन करता अभी एक और बार गान्ड मार लूँ

फिर सरला गेट खोलके बाहर चली गयी

मैने गेट लॉक कर दिया और अपने रूम को सही किया

फिर मैं पैंट पहेन कर बेड पे लेट गया जल्दी ही नींद अ गई

सुबह कोई गेट नॉक करने लगा मैने उठके गेट खोला

रवि की माँ थी जो मुझे देखके शर्मा रही थी

तभी मेरी नज़र अपने उपर गयी

मैं उपर से नंगा था

मैने जल्दी से अपनी शर्ट पहेन लिया

ऋतु की माँ- आप तय्यार हो जाइए 2 घंटे में बिदाई हो गी

ऋतु की माँ मुझे एक जोड़ी कपड़ा देके बोली फिर वो चली गयी

घर में एक ही बाथरूम था मैं उसमें जाके नहा लिया

फिर सबके साथ नाश्ता किया

रवि के पापा- दामाद जी समधन जी नही दिख रही हैं

सरला का बेटा- जी वो माँ के पैर में मोच आ गई है

दिलीप- फिर हम सब नाश्ता करके टाइम पास करने लगे

बिदाई का समय आ गया सारी औरते रोने लगी

फिर ऋतु अपने नये घर यानी ससुराल चली गयी

सरला तो मुझे दिखी ही नही भीड़ ही इतनी थी

एक दफ़ा तो मैं किसी लड़की से पूरा सट गया

शूकर है वो लड़की दीपा थी

फिर मैं और रवि बैठके बाते करने लगे

तभी रवि के माता पिता आ गये

उन्होने मेरा शुक्रिया अदा किया

कि मैं उनकी बेटी की शादी में आके उनका मान बढ़ाया

मैं जैसे ही रवि के घर से निकला कालिया अपनी भैंस मतलब जीप पे बैठा था

मैं लखन के पास पहुँचा

कालिए को आज भी चैन नही मिला मुझे अखाड़े में ले गया

और बुरी तरह कसरत करवाने लगा

फिर मैं घर पहुँचा बड़ी नानी से मिलके अपने रूम में गया

किताब लेके वँया के रूम पहुँचा

फिर वँया जब तक पढ़ती रही तब तक मैं पढ़ा

आज वँया ने ना मुझे टोका बस मैं कुछ पूछता तो जवाब दे देती

पढ़ते पढ़ते शाम हो गयी

वँया अपनी किताब रखके रूम से बाहर चली गयी

मैं फिर भी पढ़ता रहा

क्यूंकी बड़ी नानी के बाद अगर मुझे किसिके साथ अपनापन महसूस होता था तो वँया थी....
 
अपडेट 101

दिलीप- मैं थोड़ी देर और पढ़ता रहा फिर अपने रूम में आगया

तभी फोन बजने लगा

मैं फोन उठाया

हेलो कौन बोल रहा है

मेघा- तेरी दीदी कैसा है तू

दिलीप- मैं ठीक हूँ आप कैसी हो

मेघा- बस एग्ज़ॅम की तय्यारी कर रही हूँ

दिलीप- मैं भीसॉरी मैं आपको फोन नही किया

मेघा- सॉरी मत बोल मैं बड़ी हूँ मुझे फोन करना चाहिए था

सुनीता- क्या कर रही है मुझे फोन दे

[सुनीता दी मेघा दी से मोबाइल छीन के]

सुनीता- हेलो यह तो तुझे बोर करेगी ही

दिलीप- आप को क्या हुआ

सुनीता- क्या होगा तेरी याद आ रही है

मेघा- यह तो मैं बोली थी

दिलीप- अच्छा मतलब आपको मेरी याद नही आती

सुनीता- मैं तो तुझे हर वक़्त याद करती हूँ तू तो मेरा प्यारा भाई है

मेघा- अब मुझे फोन दे

[फिर दोनो झगड़ने लगी]

दिलीप- अच्छा मैं फोन रख रहा हूँ

मेघा- क्यूँ

दिलीप- आप दोनो झगड़ जो रही हो

सुनीता- हम दोनो कभी नही झगड़ते तू बता क्या कर रहा है आज कल

दिलीप- घर में बैठके पढ़ाई कर रहा हूँ

सुनीता- यह तूने बहुत अच्छा किया

अभी तू अपनी पढ़ाई पे ज़्यादा ध्यान दे

[थोड़ी देर बात करके मैं फोन कट कर दिया]

सोचा कि बाकी सबसे बात कर लेता हूँ

अरुणा दी को फोन किया

थोड़ी देर तक बात करता रहा फिर फोन कट कर दिया

[अरुणा दी हमेशा सीरीयस रहती हैं पता नही इनको क्या हो गया है]

अवनी को फोन किया अवनी का फोन बिज़ी आरहा था

फिर मैं अपनी प्यारी विदू को फोन लगाया

विद्या- कैसे हैं मेरे पति देव

दिलीप- मैं ठीक हूँ आप कैसी हैं

विद्या- अगर आप ठीक हैं तो मैं भी ठीक हूँ

दिलीप- खाना खाया आपने

विद्या- नही अभी तो1 घंटा है

दिलीप- एक बात बताइए उस दिन आपने फोन क्यूँ कट कर दिया था

विद्या- पता नही

दिलीप- यह कैसा जवाब हुआ आपको मेरी कसम

विद्या- आज कल दिल बहुत घबराता है कि आप मुझसे दूर हो गये तो

दिलीप- मैं आपसे कभी दूर नही जाउन्गा अगर आपको यही डर है तो मैं किसी लड़की से बात नही करूँगा

विद्या- मैं तो कुछ भी बोलती हूँ आपको यह सब करने की ज़रूरत नही है

दिलीप- ज़रूरत है

विद्या- आपको मेरी कसम

दिलीप- लेकिन क्यूँ

विद्या- क्यूंकी मैं आपसे प्यार करती हूँ और मैं आपको वो सब नही दे सकती जो आप चाहते हैं

दिलीप- मैं कभी आपसे वो सब करने को नही कहूँगा और अगर मुझे इस सब की लत लग गयी तो फिर आप क्या करेंगी

विद्या- ऐसा कुछ नही होगा और अगर हुआ भी तो मैं कभी मना नही करूँगी यह कहके विदू ने फोन कट कर दिया

मैं कान में मोबाइल लगाके सोचता रह गया कि विदू का यह कैसा प्यार है जो हक़ नही जताता

तभी मोबाइल पे मेसेज आया मेसेज विदू का था

ज़्यादा सोचने की ज़रूरत नही है वरना किस नही मिलेगा

यह पढ़के मैं झट से फोन लगाया विदू ने भी झट से फोन उठा लिया हम दोनो एक साथ

उम्म्म्मम्मूऊऊउउन्ह फिर विदू बाइ बोलके फोन कट कर दी

मैं मोबाइल से वो मसेज डेलीट कर दिया

तभी कोई गेट नॉक करने लगा मैने जाके गेट खोला यह वँया थी

फिर मैं नीचे गया खाना ख़ाके अपने रूम में आगया

थोड़ी देर तक और पढ़ाई किया फिर बेड पे लेटते ही नींद आगयि

सुबह वही 6 बजे उठा नाश्ता करके अखाड़े में गया

आज कसरत करने में मज़ा आरहा था शायद अब आदत पड़ गई है

कसरत करने के बाद लखन मेरे लिए वही गिलास लेके आया

आज तो पूछ के ही रहूँगा

दिलीप- लखन आपसे एक बात पुछु

लखन- कहिए छोटे मालिक

दिलीप- इस गिलास में आप क्या मिलाके लाते हैं जब पीता हूँ तो लगता है कि आग निगल रहा हूँ

लखन थोड़ी देर तक चुप रहा

लखन- आप जब से कसरत कर रहे हैं आपको कहीं पे दर्द हुआ

दिलीप- कसरत करते वक़्त होता है बाद में नही होता

लखन- आप को पता है जब मैने कसरत करना शुरू किया था तो मुझे 6 महीने तक दर्द होता रहा

और यह कसरत बड़े बड़े पहेलवन करते हैं आपको दर्द इसलिए नही होता है क्यूंकी आप जो चीज़ पीते हैं

उससे आपका दर्द बिल्कुल गायब हो जाता है

लखन- सिर्फ़ 1 साल आप अगर कसरत करेंगे तो आप की ताक़त 10 गुना बढ़ जाएगी

दिलीप- तो फिर तुम क्यूँ नही पीते यह

लखन- यह मैं आपको नही बता सकता

दिलीप- [मन मे] कितना फेंक रहा है

मैं जो पी रहा हूँ वो यह नही पी सकता अब एक ही रास्ता है

दिलीप- लखन यह हमारा हुक्म है कि आप हमे बताएँ कि आप यह क्यूँ नही पीते

लखन कुछ बोल ही नही रहा था

मैं सीधा बिम्ला के घर पहुँचा गेट खुला ही था

मैं सीधा अंदर चला गया

अंदर बिम्ला और शांति खाट पे बैठके बाते कर रही थी

शांति मुझे देखते ही शरमाने लगी और बिम्ला मुस्कुराने लगी

मैं बिंला के पास पहुँचा शांति खड़ी होके घर से बाहर चली गयी

मैं खाट पे बैठ गया

दिलीप- इसे क्या हुआ

बिम्ला- वो मान गयी है

दिलीप- क्या मान गयी है

बिम्ला- कभी कभी मैं सोचती हूँ कि तू बड़ा समझदार है लेकिन है तू एक नंबर का बेवकूफ़

शांति तेरे बच्चे की माँ बनने के लिए मान गयी है

बिम्ला के इतना कहते ही मैने बिम्ला को किस करना शुरू कर दिया

बिम्ला भी पूरे जोश के साथ मेरे होंठ चूसने लगी

फिर मैने किस तोड़ दिया हम दोनो हाँफने लगे

दिलीप- यह चमत्कार हुआ कैसे

बिम्ला- पहले तू मेरी चुदाई कर

दिलीप- पहले बात करेंगे

बिम्ला- पहले चुदाई करेंगे

दिलीप- पहले बात करेंगे अच्छा छोड़ो मैं आपकी चुदाई करता हूँ आप मुझे बताती जाना

बिम्ला- ठीक है...,.
 
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