Incest मैं अपने परिवार का दीवाना - Page 4 - SexBaba
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Incest मैं अपने परिवार का दीवाना

अपडेट 30

अखिल- अपन एमएलए को 4 साल से मार नही पा रहा है और तू 4 दिन बोल रहा है

दिलीप- वो सब मैं सोच लूँगा तू जाके घर देख

अखिल- पहले कुछ ठुसने तो दे

दिलीप- किसी होटेल में चलते हैं

अखिल- होटेल की ऐसी की तैसी अपन के घर चल मस्त नाश्ता करेंगे

दिलीप- तू तो ऐसे बोल रहा है जैसे तेरी घरवाली ने तेरे लिए नाश्ता बनाया होगा

अखिल- तुझे नाश्ते से मतलब है या मेरा दिमाग़ खाने से

दिलीप- चल

अखिल ने एक टॅक्सी रुकाई हम उसमें बैठ गये 30 मिनिट बाद हम पहुँचे अखिल के घर

अखिल का घर बहुत भीड़ वाले इलाक़े में था अखिल अपने घर के अंदर गया मैं भी उसके पीछे अंदर गया

अखिल- मेरी डार्लिंग मेरी जानू कहाँ है तू मेरी रानी

[एक लड़की किचन से बाहर आई]

कौन है

अखिल- तेरा नन्हा मुन्ना अखिल

लड़की- अरे आप आ गये बैठिए नाश्ता तयार ही है

[उस लड़की की नज़र मुझपे पड़ी]

यह कौन हैं

अखिल- यह अपन का दोस्त है यह भी नाश्ता करेगा

लड़की- नमस्ते

दिलीप- मैं भी नमस्ते किया

फिर वो किचन में चली गयी

[मैं धीरे से अखिल को कहा]

मैं तो मज़ाक में कहा था सच में यह तेरी बीवी है

अखिल- नही रे अपन अभी 20 साल का है और यह 19 की

अपन 21 साल का होते ही इससे शादी मनाएगा और पूरी क्रिकेट टीम पैदा करेगा

दिलीप- पर तेरे जैसे लंगूर को यह अंगूर कहाँ से मिल गया

अखिल- तू अपन की तारीफ़ कर रहा है या बेज़्जती

दिलीप- तारीफ़ कर रहा हूँ

[लूक्के मैं बड़बड़ाया]

अखिल- वो मैं तुझे नही बताउन्गा अपन की जान बताना चाहे तो बता सकती है

दिलीप- [इसकी थोड़ी लेता हूँ] वैसे जान का नाम क्या है

अखिल- अबे वो तेरी भाभी है अरषि जान सिर्फ़ अपन की है

दिलीप- लेकिन मैं तो जान ही कहूँगा

अखिल- जा मैं तेरे साथ नही करता

दिलीप- अच्छा सॉरी

अरषि- यह लीजिए नाश्ता तय्यार है

अखिल- आहहा कितनी रापचिक खुसबु है खाने में कितना मज़ा आएगा

दिलीप- बहुत अच्छी खुश्बू है

[फिर हम तीनो ने नाश्ता किया नाश्ता करने के बाद]

अखिल- तू तय्यार हो जा तुझे कॉलेज छोड़ देता हूँ

अरषि- नही आज कॉलेज बंद है टीचर्स ने हड़ताल करदी है

अखिल- यह मास्टर लोगो ने बहुत अच्छा किया

अरषि- क्या आप भी चलिए हाथ धो लीजिए

अखिल- अच्छा सुन यह मेरा दोस्त है

यह हुमारी लवस्टोरी जानना चाहता है

अरषि- जैसी आपकी मर्ज़ी

अखिल- तू कभी नही सुधरेगी अच्छा जा तू आराम कर

[अरषि चली गयी]...
 
अपडेट 30ब

अखिल- हां तो सुन

पास्ट

यह बात 1 साल पहले की है उस वक़्त अपन बहुत गुस्से वाला था

अपन चोरी करता था डाके डालता था और मारा मारी भी करता था

अपुन के गॅंग बॉस ने बोला आज हमें लड़किया सप्लाइ करनी है

[एमएलए जो लड़किया लाता था वो मेरे गॅंग बॉस के यहाँ ही रखता था क्यूंकी मेरा गॅंग बॉस एमएलए का पुराना वफ़ादार था आज 60 लड़कियो की जिंदगी बर्बाद होने वाली थी]

अखिल- देखो बॉस अपन आपको पहले भी बोला है अपन यह लड़की वाला काम नही करेगा आपके लिए अपन जान भी दे सकता है

गॅंग बॉस- चल ठीक है मैं खुद चला जाउन्गा

[बॉस वहाँ से लड़कियो को ट्रक में डालके ले गया]

अपन अड्डे पे ही घूमने लगा

तभी 2 लुक्को की बाते मुझे सुनाई दी

वो लुक्खे बोल रहे थे कि आज बॉस पे हमला होगा और 60 लड़कियो में से 5 लड़कियो को टपका देंगे

[ अपन को पता था कि 5 लड़कियो का कम होना मतलब हरामी एमएलए बॉस को जान से मार्देगा

और अपन बॉस को कुछ नही होने दे सकता था बॉस ने ही अपन को पाला था]

अपन उन दो लुक्खो को बहुत पीटा और उन लुक्खो की बाइक पे निकल गया बॉस को रोकने

अपन रास्ते में ही बॉस को सब बता दिया बॉस ने दूसरे रास्ते से जाने को बोला

सारी लड़किया हरामी एमएलए के रंडीखाने में पहुँचा दी गई अपन वहाँ से जाना चाहता था

पर बॉस ने अपन को जाने नही दिया

1 घंटे बाद लड़कियो की नीलामी शुरू हुई

नीलामी नीचे हो रही थी

और अपन यह घटिया खेल उपर वाला फ्लोर से देख रहा था

50 लड़किया रोती बिलखती सिसकती हुई नीलाम हो गयी

आखरी में बची 10 लड़किया जिनकी बोली 5 लाख से शुरू हुई

अपन अपना मुँह दूसरी तरफ घुमाया हुवा था

आपुन ने जब आखरी लड़की का सुना तो अपन को उसको देखने का मन हुआ

अपन ने जब उस लड़की का चेहरा देखा

तो अपन उस लड़की को देखता रह गया

दूध जैसा सफेद रंग

अपन ने आज तक किसी लड़की पे इतनी मासूमियत कभी नही देखी थी

वो लड़की रो रही थी अपन को आज पहली बार किसी और का दर्द देखके

ऐसा लगा कि अपन का किसीने दिल चीर दिया हो

तब अपन ने सुना की उस लड़की की नीलामी 15 लाख में हुई

उस लड़की को एक बुड्ढ़ा अपने साथ ले जा रहा था

वो उसके साथ जा ही नही रही थी

अपन ने बिना सोचे 25 फीट उपर से छलान्ग लगा दी...
 
अपडेट 30सी

सब अपन को देखने लगे

अपन उस लड़की का हाथ पकड़ के अपने साथ ले जाने लगा

तभी बॉस अपन के सामने आ गया बॉस अपन को यह लड़की चाहिए

बॉस- तुझे पता है बिकी हुई लड़की वापस नही मिलती और तेरे पास 15 लाख भी नही है

अखिल- बॉस अपुन को यह लड़की चाहिए

[तभी एमएलए के मॅनेजर ने अपने गुणडो को इशारा किया मॅनेजर के गुंडे अपन को मारने लगे

जब अपन ने उस लड़की का हाथ छोड़ा तो ऐसा लगा कि अपन की किसीने जिंदगी छीन ली हो

अपन को वो गुंडे मारते रहे अप्पुं खून से लथपथ ज़मीन पे गिर पड़ा]

अपन तड़प्ते हुए

बॉस अपन को इस लड़की से अलग मत करो

[बॉस ने अपना मुँह फेर लिया]

बॉस अपन ने आपकी जान बचाई है

[वो बूढ़ा ज़बरदस्ती उसे ले जा रहा था]

बॉस अपन को जान से मार दो पर अपन को यह लड़की दे दो

बॉस अपन ने आज तक तुमसे कुछ नही माँगा तुम्हारे लिए सारे ग़लत काम किए बिना कोई कीमत लिए

आज अपन उन सारे कामो का हिसाब माँगता है

[बॉस ने जाके उस बुड्ढे को धक्का दिया और मुझे आके उठाया]

बॉस- मैं इस लड़की का 20 लाख दूँगा मेनेज़र से कहा

मॅनेजर- यह लड़की बिक चुकी है

बॉस- मैं मालिक से बात करलूंगा

मॅनेजर- मालिक दिल्ली गये हैं

बॉस- शायद तुमने सुना नही मैं मालिक से बात करलूंगा

मेनेज़र-ठीक है

अखिल- [बॉस अपने साथ अपन को और उस लड़की को अपने पुराने घर लेके आए]

यह ले इस घर की चाभी और अपना पैर कभी उस इलाक़े की तरफ मत मोड़ना आज से तेरा मेरा सारा हिसाब चुकता

[यह कहके बॉस चला गया]

अखिल- अपन उस लड़की की तरफ देखा

तेरा नाम क्या है

[उसने अपना नाम अरषि बताया]

तेरे माँ बाप है

अरषि- मेरी सौतेली माँ ने ही मुझे 50000 में बेच दिया

[यह कहके अरषि रोने लगी]

अखिल- अच्छा अब रोना बंद कर तू जब तक चाहे मेरे पास रह सकती हो

अरषि- पर आपने तो मुझे खरीदा है

अखिल- अपन ने तुझे खरीदा नही है अपन ने सिर्फ़ अपने प्यार को बचाया है

[अरषि मुझे देखने लगी]

अरषि- इसका मतलब आप मेरे जिस्म से नही मुझसे प्यार करते हैं

अखिल- हाँ

अरषि- अपनी आँखें बंद कीजिए

अखिल- क्यूँ

अरषि- कीजिए ना

अखिल- अपन ने अपनी आँखें बंद कर ली

अरषि- अब अपनी आँखें खोलिए

अखिल- अपन ने जब आँख खोला तो देखा अरषि के जिस्म पे एक कपड़ा भी नही है

वो बिल्कुल नंगी अपन के सामने खड़ी हो गयी उसकी आँखें बंद थी

अपन जल्दी से गया और अरषि के बदन पे एक चादर लपेट दिया

अपन ने आरषि को 2 थप्पड़ मारा अरषि मेरे पैरो पे गिर गयी

अरषि- आज से मेरे लिए आप ही मेरे भगवान हैं

अखिल- अच्छा उठ रो मत तूने ऐसा किया ही क्यूँ कि मैने तुझपे हाथ उठाया पता है अपन को कितनी तकलीफ़ हुई

अरषि- मुझे लगा आप भी मुझसे नही मेरे जिस्म से प्यार करते हैं

अखिल- अपन को माफ़ कर्दे

अरषि- आप माफी मत मांगिए आप मेरे भगवान हैं

अखिल- अरे मैं तेरा पति बनना चाहता हूँ और तू मुझे भगवान बना रही है

अरषि- हां तो पति भी तो प्रमेश्वर ही होता हैना

अखिल- अच्छा सुन अगर मैं तेरे साथ वैसा करता तो तू क्या करती

अरषि- अपनी जान देदेति

अखिल- दोबारा ऐसा मत कहना

ऐसे ही 6 महीने गुजर गये

1 दिन अपन के दिमाग़ में बात आई कि अपन तो पढ़ नही पाया क्यूँ ना अरषि को पढ़ाऊं

अखिल- अरषि तू कितने तक पढ़ी है

अरषि- 10थ तक

अखिल- आगे पढ़ेगी

अरषि- नही

अखिल- क्यूँ

अरषि- आप से दूर नही रह सकती

अखिल- पर अपन तो चाहता है कि तू पढ़े

अरषि- आप चाहते हैं तो ठीक है

अखिल- अपन ने जुगाड़ करके अरषि का एक अच्छे कॉलेज में अड्मिशन करवा दिया

दिन ऐसे ही बीतते गये एक दिन मैं अरषि से पूछा

अखिल- तू अपन से प्यार नही करती

अरषि- क्यूँ

अखिल- आज तक तूने अपन से प्यार वाली बात नही की

खलीफोखत भगवान बनाया हुआ है अपन को

अरषि- मैं आपसे प्यार करती हूँ पर उससे ज़्यादा मैं आपकी पूजा करती हूँ

अखिल- क्यूँ

अरषि- मैं आपको बताती हूँ मेरी माँ कहती थी जो जान बचाता है वो इंसान होता है और जो ज़िंदगी देता है वो भगवान होता है

अखिल-[उसके बाद अपन के पास कुछ बोलने को नही बचता था]

प्रेज़ेंट

यह थी अपन और अरषि की लव स्टोरी....
 
अपडेट 33

विद्या दी को कुछ ठीक नही लगा

वो अरुणा दी के रूम में जाती है

विद्या दी अरुणा दी को सब बता देती है

दोनो वँया के पीछे भागती है

वँया मेघा दी के रूम का जैसे ही गेट नॉक करती है

गेट खुल जाता है

और वँया क्या देखती है

मेघा दी के हाथ मे ब्लेड है

और वो अपनी कलाई पे ब्लेड रखती है और हटा लेती है

रखती है और हटा लेती है

तब तक विद्या दी और अरुणा दी पहुँच जाती

यह देखके उनके भी होश उड़ जाते हैं

तभी अरुणा दी धीरे कदमो से चलते हुए मेघा दी के पास पहुँच जाती है

और झट से मेघा दी के हाथ से ब्लेड छीन लेती है

और एक थप्पड़ मेघा दी को मारती है

अरुणा- यहाँ हम सब भैया को लेके परेशान हैं

और तू एक नयी मुसीबत तय्यार कर रही है हमारे लिए

मेघा दी चुप चाप सुन लेती है

विद्या यह सब देखके समझ जाती है कि कुछ बहुत बुरा हुआ है

मेघा के साथ

विद्या दी मेघा दी के पास पहुँचती है

विद्या- मेघा मुझे नही पता कि तुम ऐसा क्यूँ कर रही थी

पर मैं इतना ज़रूर जानती हूँ

कि अगर तुम्हे कुछ होगया तो चाचा जी और चाची जी भैया को कभी माफ़ नही करेंगे

वो यही समझेंगे कि भैया ने तुम्हारे साथ कुछ ग़लत किया और भाग गया

क्या तुम यह चाहती हो कि भैया फिर हमसब से दूर हो जाए

[मेघा दी अपना सर ना में हिलाती है]

अच्छा अब तू आराम कर

विद्या दी और अरुणा दी वँया का हाथ पकड़ के बाहर आ गई

विद्या- [अरुणा] तुम जाओ अपने कमरे में

विद्या दी वँया को अपने रूम में ले जाती है

विद्या- देख वानु मुझे पता है हम से ज़्यादा तुझे भैया की फ़िक़र है

लेकिन मेघा भी हमारी बहेन है

अगर तू अपना गुस्सा नही पी सकती

तो यहीं अपने रूम में बैठ

तेरी एक ग़लती से हम मेघा और भैया दोनो को हमेशा के लिए खोदेंगे

तू समझ रही हैना

वँया- हाँ दी

विद्या दी वँया के रूम से चली गयी

वँया गेट बंद करती है

और वही पे बैठके रोने लगती है

[4 घंटे बाद]

विद्या दी जो सुबह से अपने आप को संभालने की कोशिश कर रही थी

अब उनकी हिम्मत भी जवाब दे चुकी थी

उनकी आँखो से भी आँसू बहने लगे थे

यही हाल अरुणा अवन्तिका और सुनीता का भी था

सी मामा भी बहुत परेशान हो गये

सी मामा किसी को फोन लगाने लगे

सी मामा- हेलो आइजी साहेब आप हमारे घर आ सकते है थोड़े देर के लिए

जी बहुत ज़रूरी है

हम वेट कर रहे हैं

[ 1 घंटे बाद ]

सी मामा के घरके बाहर 1 गाड़ी आके रुकी

उसमे से आइजी साहेब बाहर निकले

वो घरके अंदर गये और सी मामा को प्रणाम किया

आइजी- ठाकुर साहेब आप कुछ परेशान दिख रहे हैं

सी मामा- आइजी साहेब बात दरअसल यह कि हमारा भांजा सुबह से लापता है

आइजी- वही जो गाओं से आया था

सी मामा- जी वही

आइजी- पूरी बात बताइए

सी मामा- कल हम ने गुस्से में अपने भानजे पे हाथ उठा दिया

आज 8 एएम हमारी बेटियाँ उसके रूम में गयी वो नही था

हम ने पूरे घर में देखा फिर भी वो नही मिला

हम ने उसे फोन भी किया पर फोन बंद है

आइजी- आप के भानजे की उमर कितनी है

सी मामा- 18 साल

आइजी- आप हमे अपने भानजे की एक फोटो उसका फोन नंबर दे दीजिए हम पता करते है

सी मामा अपने रूम में गये दिलीप की फोटो और फोन नंबर 1 कागज पे लिखके आइजी को दे दिया

आइजी साहेब चले गये......,.,.
 
अपडेट 34

[1 घंटे बादपोलीस हेडक्वॉर्टर]

आइजी साहेब अपने कॅबिन में बैठे किसी का इंतज़ार कर रहे थे

तभी उनके कॅबिन का गेट खुलता है

और एक 26 साल का नौजवान

लड़का- एसपी अरविंद राणा रिपोर्टिंग सर

आइजी- बैठ जाओ तुम्हे इस लड़के को ढूंडना है

[ आइजी ने फोटो अपने डेस्क पे रखते हुए कहा]

यह रहा इस लड़के का नंबर अभी यह नंबर बंद है

[यह सुनके एसपी को इतना तेज़ गुस्सा आया

उसकी आँखें लाल हो गयी]

एसपी- ओके सर

आइजी- कुछ कहना है

एसपी- नो सर

आइजी- तुम मेरे साले हो इसलिए जो दिल में है बोल डालो

एसपी- सर आज इस सिटी में गुमशुदा होने की 120 एफआइआर दर्ज हुई है वो भी लड़कियो की

और आपने इस एक लड़के को ढूँडने के लिए मुझे बुलाया है जबकि यह काम कोई इंस्पेक्तेर भी कर सकता है

आइजी- तुम ठाकुर धर्मेश वीर परताप सिंग को जानते हो

एसपी- यह वही ठाकुर तो नही जिसकी ज़मीन पे यह सिटी बनी है

आइजी- तुमने सही सोचा और भी बहुत कुछ है जो तुम्हे नही पता

अभी बस इतना जानलो कि यह लड़का बड़े ठाकुर का भांजा है

और बड़े ठाकुर ने 18 साल पहले इस लड़के के लिए क्या किया था

तुमने हमारी टॉप फाइल्स में पढ़ा होगा

एसपी- यस सर

आइजी- जल्द से जल्द इस लड़के को ढुंढ़ो तुम्हारे पास सिर्फ़ 4 दिन है

एसपी- ओके सर

[तब से यह लोग दिलीप को ढूंड रहे हैं]

[प्रेज़ेंट]

दिलीप- अबे मुझे ऐसे क्यूँ देख रहा है मैं उस टाइप का नही हूँ

अखिल- अबे तो अप्पुन तुझे उस टाइप का लगता है

दिलीप- वैसे एक बात बता इस शहेर का सबसे ईमानदार पोलीस वाला कौन है

अखिल- इस शहेर का सबसे बड़ा मामू तो एसपी अरविंद राणा है

दिलीप- जल्द ही मुलाक़ात होगी

अखिल- तेरा दिमाग़ तो खराब नही हो गया वो एसपी जब से यहाँ आया है

तबसे अपन जैसे बड़े बड़े भाई लोग चिंदी चोर बनके घूम रहे हैं

दिलीप- ऐसा क्यूँ

अखिल- सुन जिस दिन एसपी यहाँ आया उसी दिन एसपी ने अपने सारे पोलीस वालो को ऑर्डर दिया

कोई भी कितना भी बड़ा आदमी हो भाई हो टपोरी हो अगर किसी जुर्म में पकड़ा जाता है तो ना उसे ठोका जाएगा

ना उसे अंदर किया जाएगा उसको नंगा करके उसकी फोटो खींची जाएगी और नेट पे डाल दिया जाएगा

और अगर कोई पोलीस वाला कोई भी ग़लत काम करते हुए पकड़ा गया तो उसके साथ भी यही होगा

अब बोल ऐसा कोई पोलीस वाला होता है

दिलीप- एसपी से बड़े पोलीस वालो ने उसे नही रोका

अखिल- क्या घंटा रोकेगा यहाँ का आइजी जो है वो एसपी का जीजा है

दिलीप- मतलब जीजा साले ने मिलके तुम सब की मार ली

[ यह कहके मैं ज़ोर ज़ोर से हँसने लगा मेरी हँसी रुक ही नही रही थी]

अखिल- देख अगर तूने हँसना बंद नही किया तो अपन यहा से चला जाएगा

दिलीप- अच्छा सॉरी मेरे लिए खाना लाया

अखिल- यह ले ठूंसले

दिलीप- [मैं उसके हाथ से खाना लिया और फिर हँसने लगा]

अखिल- तू फिर हँसने लगा अपन तेरे साथ नही रहेगा

अपन सोसाइटी वाले पार्क में जा रहा है

दिलीप- [ यह कहके वो चला गया]

मैने 30 मिनिट में खाना खाया

वीडियो कॅमरा शीतल के घर की तरफ सेट करके मेन गेट लॉक किया

और पार्क की तरफ जाने लगा पार्क में पहुँचके लुक्खे को ढूँडने लगा

लुक्खा बेंच पे बैठके सिगरेट पी रहा था पर उसकी नज़र कही ऑर थी

मैने उसकी नज़र का पीछा किया तो मुझे यक़ीन नही हुआ कुछ लड़किया बॅडमिंटन खेल रही थी

यह लुक्खे की नज़र उन लड़कियो की गान्ड पे थी

[ मैं धीरे से उसके पीछे गया और बोला]

एसपी आ गया

[यह सुनके]

अखिल- अरषि[कहते हुए चीख पड़ा]..,,.
 
अपडेट 35

पार्क में सब लोग हमे घूर रहे थे

अखिल इधर उधर देखने लगा

दिलीप- और लुक्खे कैसा लगा

[अखिल पीछे मुड़ा उसकी शकल देखके मन किया ठहाका लगाऊ]

अखिल- आज तुझे नही छोड़ूँगा

दिलीप- पहले पकड़ तो ले

[यह कहके मैं भागने लगा]

अखिल मेरे पीछे भागता रहा पर मुझे पकड़ नही पाया

थोड़ी देर बाद अखिल ज़मीन पे बैठके हाँफने लगा

मैं वहाँ पे एक अंकल से पानी की बॉटल माँगा और अखिल के पास गया

दिलीप- यह ले

[अखिल बॉटल का सारा पानी गटक गया मैं अखिल के साथ ज़मीन पे बैठ गया]

ठीक तो है

अखिल- अपन की लेने में तेरे को बहुत मज़ा आता हैना

अगर अपन का हार्ट फैल हो जाता तो आपुन की जान अरषि का क्या होता

दिलीप- तूने ऐसी ग़लती ही क्यूँ की

अखिल- अपन ने क्या किया

दिलीप- लड़कियो के पिछवाड़े को घूर्ना क्या अच्छी बात है

अखिल- अच्छा वो देख तेरे को तो पता है अपन जहाँ पैदा हुआ वो कितनी गंदी जगह थी वहाँ यह सब ऐसा था जैसे साँस ले रहा हो तो अपन का ऐसा होना भी आम बात है अपन आज तलक किसी लड़की के बारे में यह नही सोचा कि अपन इसका रेप करे हाँ अपन आँखें ज़रूर सेकता है

दिलीप- बस कर रुलाएगा क्या वैसे तू है लुक्खा पर बात बहुत अच्छी करता है

अखिल- यह तो मेरी जान अरषि का कमाल है

पहले अपन हर बात में गाली देता था

धीरे धीरे अरषि की वजह से अपन का चाल चलन थोड़ा सुधरा है

दिलीप- इसका मतलब तू और लड़कियो के साथ सोता भी होगा

अखिल- हाँ

दिलीप- अरषि को पता है

अखिल- अपन ने अरषि को

अपन के बारे में सब बता दिया था

दिलीप- अरषि ने कुछ नही कहा तुझे

अखिल- उसको तो जब भी मैं कोई बात बोलता हूँ

वो कहती है जैसी आपकी मर्ज़ी

दिलीप- और तू इतना घटिया क़ी

वो तुझे इतना प्यार करती है तुझे पूजती है

और तू उसके लिए यह सब नही छोड़ सकता

अखिल- पहले अपन रोज नयी लड़की के साथ सोता था

अरषि के प्यार की वजह से अब अपन हफ्ते में एक बार करता है

इससे ज़्यादा अपन के बस में नही है

अपन कई बार कोशिश किया

इससे ज़्यादा अपने आपको रोकने की

पर अपन नही रोक पाया

यह अपन की लत बन चुकी थी

दिलीप- [लुक्खे की बात सुनके मन किया लुक्खे को गले लगा लूँ पर यहा पे लोग थे

कही कुछ ग़लत ना सोचने लगे]

वैसे एक बात बता

अखिल- क्या

दिलीप- जब तू डर से चीखा

तो तेरे मुँह से अरषि का नाम क्यूँ निकला

अखिल- वो इसलिए की अपन का इस दुनिया में

अपन की जान अरषि अलावा कोई है ही नही

तो जब अपन को डर लगेगा

तो अपन तो अपन की

जान को ही पुकरेगा ना

दिलीप- आहहाहा बाबा लुक्खेश्वर महाराज की जै जै जै

अखिल- तू फिर शुरू हो गया

दिलीप- तुझे उन सब लड़कियो में सबसे ज़्यादा कौन पसंद है

अखिल- लड़किया पसंद नही है

लड़कियो का बड़ा पिच्छवाड़ा पसंद है अपन को

दिलीप- हाँ वही किसका पसंद है

अखिल- वो जो लंबी सी है

दिलीप- उसमें ऐसा क्या है

अखिल- अबे उसका पिछवाड़ा देख कितना बड़ा है

देखके ही लगता है बहुत गन्ने खाए है इसने

दिलीप- तो इरादा क्या है

अखिल- अपन का इरादा कुछ भी हो

अपन हिलाने के सिवा क्या करसकता है

दिलीप- मेरे पास 1 आइडिया है

अखिल- तू अपना आइडिया अपने पास रख

दिलीप- सुन तो बहुत बढ़िया आइडिया है

अखिल- सच में तेरे पास आइडिया है

दिलीप- हाँ रे

अखिल- सुना

दिलीप- मैने अखिल के कान में अपना आइडिया सुनाया

[आइडिया सुनके अखिल ने ऐसा मुँह बनाया

जैसे मैने उसकी मार ली हो].....
 
अपडेट 36

दिलीप- कैसा लगा आइडिया

अखिल- घंटा इसमें तो तेरा फ़ायदा होगा

दिलीप- यह आइडिया से तुझे ही फ़ायदा होगा

अखिल- फ़ायदा नही नुकसान होगा

दिलीप- तुझे यह करना पड़ेगा

अखिल- को ज़बरदस्ती है क्या

दिलीप- हाँ वरना तेरी मेरी दोस्ती ख़तम

अखिल- क्या मुसीबत है

तेरे जैसा दोस्त हो तो दुश्मन की ज़रूरत ही नही है

दिलीप- तू जा रहा है कि नही

अखिल- जा रहा हूँ

दिलीप- और सुन उस लड़की से बात करते हुए

अगर तूने टपोरी शब्द यूज़ किया तो अपना मुँह मत दिखाना

अखिल- ठीक है जाता हूँ

दिलीप- मैं उधर ही ज़मीन पे बैठ गया

अखिल और वो लड़की एक घर में चले गये

1 घंटे बाद अखिल मुझे आता हुआ दिखा

लुक्खे ने आके मुझे गले लगा लिया अब छोड़ मैं उस टाइप का नही हूँ

अखिल- दोस्त हो तो तेरे जैसा क्या आइडिया दिया था तूने

रात 11 बजे बुलाया है आइटम ने आज मज़ा आएगा

दिलीप- थोड़ी देर पहले मुझे दुश्मन बोल रहा था

अखिल- माफ़ कर्दे ना

दिलीप- 1 घंटे तक तू क्या कर रहा था

अखिल- उसने अपन को हल्का किया

और अपन ने उसको

दिलीप- [घर चल और पूरे विस्तार से बता क्या हुआ हम दोनो घर पहुँचे]

अब बता

[अब सुनिए आइडिया क्या था अखिल की ज़ुबानी]

अखिल- [मैं पहुँचा उस लड़की के पास]

हाई[मैने उस लड़की को बोला]

लड़की- हेलो

क्या मैं आपको जानती हूँ

अखिल- नही मैं आज ही शिफ्ट हुआ हूँ यहाँ

लड़की- ओह

अखिल- मुझे आपसे कुछ बात करनी है

[तभी वहाँ पे खड़ी दूसरी लड़की बोली]

अभी आप कॉमेडी कर रहे हैं क्या

[मन किया साली को रखके दूं]

लड़की- जी कहिए

अखिल- कहीं अकेले में बात करें

लड़की- ओके

[फिर वो मुझे अपने घर ले गयी अपन को समझ आ गया बहुत चालू है]

अखिल- घर बहुत खूबसूरत है

लड़की- मेन पॉइंट प्लीज़

अखिल- मेरा दोस्त आपको पसंद करता है

लड़की- तो मुझे सब पसंद करते हैं

अखिल- वो आपके साथ सेक्स करना चाहता है

[यह सुनते ही चटाक़ चटाक़ चटाक़ तीन थप्पड़ पड़े मुझको]

लड़की- तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई ऐसी घटिया बात कहने की घर में माँ बहेन नही है क्या

अखिल- आप पहले मेरी पूरी बात सुनिए

लड़की- मुझे तुम जैसे घटिया आदमी की कोई बात नही सुननी निकलो मेरे घर

ऑर आइ कॉल दा पोलीस

अखिल- [पोलीस शब्द सुनके मेरी]

जैसी आपकी मर्ज़ी बाद में मत कहना कि मैने आपको वॉर्न नही किया

लड़की- तुम मुझे धमकी दे रहे हो

अखिल- धमकी नही दे रहा हूँ समझा रहा हूँ पूरी बात सुनो पहले

लड़को- बोलो

अखिल- जब तुम पार्क में थी तो मेरा दोस्त तुम्हे घूर रहा था

मैने उसे बोला घूर के क्या मिलेगा अगर पसंद है तो जाके सीधा बात कर

मेरा दोस्त बोला अगर उसने थप्पड़ मार दिया तो तुझे तो पता है

अपन को कोई लड़की थप्पड़ मार्दे तो अपन उसको हाथ काट देता है

[यह सुनके आइटम की फट गई]

लड़की- मुझे पता है तुम मुझे डराना चाहते हो लेकिन मैं डरने वाली नही हूँ

मैं अभी पोलीस को फोन करती हूँ

अखिल- करो मेरा क्या जाएगा

पोलीस बिना सबूत के तुमपे विश्वास नही करेगी

और तुम पोलीस को रिश्वत भी नही दे पाओगी

तुमको एक और बात बताता हूँ वो मेरा कोई दोस्त नही है

वो मुझे ब्लॅकमेल कर रहा है वरना मुझे किसी पागल कुत्ते ने नही काटा है

जो मैं किसी लड़की से डाइरेक्ट यह बात कहूँ

[अब तो आइटम की पूरी तरह फट गई]

लड़की- मुझे बचा लो प्लीज़

अखिल- मैं तुम्हारी कोई मदद नही कर सकता

लड़की- प्लीज़

इसके बदले मैं तुम्हारे साथ सेक्स करलूंगी

अखिल- मैं मजबूरी का फ़ायदा नही उठाता

लड़की- जब मैं कह रही हूँ कि मैं तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहती हूँ तो तुम्हे क्या प्राब्लम है

अखिल- नो

[आइटम ने वो किया जो अपन ने कभी सपने में भी नही सोचा था...
 
अपडेट 37

अखिल- आइटम अपन के सामने घुटने के बल बैठ गयी

आइटम अपन का लंड अपन के पैंट के उपर से सहलाने लगी

अपन भी तो यही चाहता था

अपन की आँखें बंद हो गयी

आइटम ने अपन का पैंट खोलके नीचे कर दिया

अंडरवेर भी नीचे कर दिया

और अपन के लंड को मुट्ठी में पकड़ के मूठ मारने लगी

थोड़ी देर में अपन का लंड एक दम खड़ा हो गया

अपन ने आइटम के सर पे हाथ रखा आइटम समझ गयी

आइटम ने अपना ज़ुबान निकाला

और अपन के लंड को

उपर से नीचे चाटने लगी

आइटम अब अपन के सुपाडे अपने मुँह में लेके चूसने लगी

ऐसा लग रहा था कि आइटम को बहुत प्रॅक्टीस है

अब आइटम ने अपना दोनो हाथ मेरी गंद पे रख दिया

और अपना मुँह आगे पीछे करके अपन के लंड को चूसने लगी

अपन को बहुत मज़ा आ रहा था

अपन का लंड गपगाप आइटम के मुँह में अंदर बाहर कर रहा था

आइटम ने फिर अपन का लंड पकड़ा और मूठ मारने लगी

और अपन के आंडो को मुँह में लेके चूसने लगी

आइटम कभी अपन के अंदो को ज़ोर से चुस्ती

तो कभी चाट लेती

आइटम ने अब अपन का पूरा लंड मुँह डालके अंदर बाहर करने लगी

अपन का लंड आइटम के थूक से पूरा गीला हो गया

अब अपन झड़ने वाला था

अपन ने आइटम का सर पकड़ा

और आइटम के मुँह में अपना लंड पेलने लगा

आइटम की आँखें चौड़ी हो गई

अब अपन और ज़ोर्से अपना लंड आइटम के मुँह पेलते हुए झड़ने लगा

आइटम अपन का सारा कम पी गयी

आइटम- अब करोगे ना मदद

अखिल- रात में कब आऊँ

आइटम अपन को घूर्ने लगी

आइटम- 11 पीएम आ जाना

अखिल- फिर अपन तेरे पास आ गया

प्रेज़ेंट

दिलीप- जब अखिल ने मुझे देखा तो उसकी फट गयी

अभी मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था

मैं अपना गुस्सा कंट्रोल करते हुए कहा

[मैने तुझे बोला था

कि तू उस लड़की के पास जाएगा

उस लड़की से बोलेगा तुझे उससे अकेले में बात करनी है

जब वो लड़की अकेले में बात करने के लिए तय्यार हो जाए तो उससे कहना

कि तू उसे पसंद करता है

और तू उसके साथ सेक्स करना चाहता है

यह सुनके वो लड़की तुझे मारेगी गाली देगी पोलीस की धमकी देगी

तू उसे डाँट कर चुप कराएगा और बोलेगा

कि तुझे अगर कोई लड़की पसंद आती है तो तू

उसे अकेले में ले जाकर सॉफ सॉफ बोल देता है

कि तू उसके साथ सेक्स करना चाहता है

तू कभी किसी लड़की को देखके उसके बारे में गंदा नही सोचता

तू कभी सेक्स के लिए

किसी लड़की की फीलिंग्स के साथ नही खेलता

तू कभी किसी लड़की को सिड्यूस नही करता

क्यूंकी जो लड़किया सिड्यूस होती हैं

बाद में सबसे ज़्यादा तकलीफ़ उसी लड़की को होती है

तू कभी किसी लड़की को अपने प्यार के जाल में फँसा कर उसकी इज़्ज़त बर्बाद नही करता

तू कभी अपनी वजह से किसी भी लड़की को चोट नही पहुँचाता

तेरी बात सुनके वो लड़की हाँ बोलेगी या ना बोलेगी

हाँ बोलेगी तो तेरी ऐश

और अगर ना भी बोलती है तो भी तुझे फ़ायदा ही होगा

क्यूंकी तेरी बात सुनके

वो लड़की तेरे बारे में कभी ग़लत नही सोचेगी

हो सकता आगे चलके वो तुझे खुद आके बोले कि वो तेरे साथ सेक्स करना चाहती है]

लेकिन तू इतना गिरा हुआ निकला कि तूने उसके डर का फ़ायदा उठाया

आज मुझे पता चला कि मैं पहली बार किसिको अपना दोस्त चुना

लेकिन दोस्त तो बहुत दूर की बात है

तू इंसान भी नही बन पाया

आज अभी इसी वक़्त मैं तुझसे अपना हर रिश्ता तोड़ता हूँ

चल निकल मेरे घर से

और मैने अखिल को धक्के मारके बाहर निकाल दिया

और उसके मुँह पर गेट बंद कर दिया
 
अपडेट 38

दिलीप- मुझे अपने आप पे बहुत गुस्सा आ रहा था

आइडिया तो मैने ही दिया था अखिल को और मजबूर भी

वो कितना भी सुधर जाए पर लत का कोई इलाज नही होता

मैं बाथरूम में गया शवर लेके बाहर आ गया

8 तो बज ही गया था सोचा होटेल में खाना खा लेता हूँ

1 घंटे बाद शीतल को किडनॅप भी करना है

[उधर एसपी को सिम कंपनी से पता चला दिलीप का नंबर शाम 6 बजे से बंद है

और मोबाइल के आइएमईआइ नंबर से भी कुछ पता नही चला

तो एसपी लास्ट लोकेशन पे छान्बीन करने लगा

वहाँ भी उसे कुछ पता नही चला

एसपी ने आस पास होटेल में भी दिलीप की फोटो दिखा कर

पूछ ताछ की वहाँ भी खाली हाथ

तभी उसे कोई पुराना मुजरिम एक सस्ते होटेल में जाता हुआ दिखता है

एसपी भी अंदर चला जाता है

अंदर जाते ही एसपी होटेल के स्टाफ से टकरा जाता है

और उसके हाथ से दिलीप की फोटो गिर जाती है

काउंटर पे बैठा हुआ लड़का दिलीप की फोटो को देखता है

लड़का- साहब इसने कोई लफडा किया है क्या

एसपी- तुम इसे जानते हो

लड़का- नही साहब जानता तो नही पर सुबह यह लड़का होटेल में आया था

एक रूम बुक किया और थोड़ी देर में चला गया

एसपी- किस तरफ गया

लड़का- नही पता साहब

एसपी का माथा गरम हो गया]

दिलीप- [मैं ने मेनगेट खोला ही था कि सामने अखिल खड़ा दिखा

मैं वहाँ से जाने लगा

तो अखिल मेरे सामने आ गया]

सामने से हट जा

अखिल- तुझे अपन को जितना मारना है मार ले पर अपन तेरे को छोड़ के नही जाएगा

दिलीप- क्यूँ मैं तेरा हूँ ही कौन

अखिल- ऐसा मत बोल

जब उस लड़की ने अपन को थप्पड़ मारा तो अपन खुद को रोक नही पाया

पर अपन ने उससे माफी भी माँग ली है

अब तू भी अपन को माफ़ कर्दे

दिलीप- ठीक है माफ़ किया

[अखिल मेरे गले लग गया]

चल मेरे साथ

[मैं अखिल का हाथ पकड़ के उस लड़की के घर जाने लगा

अखिल बहुत घबराया हुआ लग रहा था

मैने डोरबेल बजाया

उसी लड़की ने गेट खोला

पहले तो वो मुझे देख के चौंक गयी

पर जब उसने अखिल को देखा]

लड़की- अंदर आओ

दिलीप- [मैं और अखिल अंदर गये]

मैं इसका वही दोस्त हूँ

जिसके बारे में इसने तुमसे बात की थी

[वो लड़की डर कर पीछे हट गयी

अखिल अपनी गर्दन नीचे किए खड़ा था]

डरो मत मैं तुमसे माफी माँगने आया हूँ

आज तुम्हारी वजह से मेरी आँखें खुल गयी

जब यह तुम्हारे घर से आया

तो मैने इसे ब्लॅकमेल करके यहाँ की सारी बात जान लिया

मैने इसे बहुत पीटा

फिर इसने एक लड़की के बारे में बहुत गंदी बातें की

मैं उस लड़की से प्यार करता हूँ

मुझे बहुत गुस्सा आया

तब इसने मुझे समझाया

जिससे तू प्यार करता है

उसके बारे में कुछ ग़लत सुनने से तुझे गुस्सा आ गया

तू तो खुद हर किसी के साथ ग़लत करता है

उनसब को कैसा लगता है

दिलीप- प्लीज़ मुझे माफ़ करदो

लड़की- इट्स ओके

दिलीप- मैं दिलीप हूँ

और यह अखिल

लड़की- मैं सुरभि

दिलीप- [फिर मैं और अखिल सुरभि के घर से बाहर आ गये]

अखिल- दिलीप

दिलीप- कुछ कहने की ज़रूरत नही है

मुझे पता है कि तूने सुरभि से माफी नही माँगी थी

अखिल- तू अपन को माफ़ कर्दे

दिलीप- वो तो कब का कर दिया

और हाँ लास्ट वाली लाइन याद है ना

अखिल- हाँ याद है

अपन अब किसी के साथ कभी ग़लत नही करेगा

दिलीप- चल खाना ख़ाके आते हैं

9पीएम शीतल को उठाना है

फिर हम दोनो खाना ख़ाके घर आ गये.....
 
अपडेट 39

दिलीप- चल जल्दी तय्यार हो जा

[मैने अपने मुँह पे मास्क लगाया ग्लॉब्स पहना

1 मास्टर की खुद रखा

1 अखिल को दिया

बाकी सब चीज़ एक थैले में रखा]

बेहोश करने वाली दवा और वो लाया

अखिल- हां यह ले

दिलीप- बढ़िया है ना

अखिल- एक दम ओरिजिनल

[हम दोनो पहुँचे शीतल के घर

मैने मास्टर की से मेनगेट खोला]

एक काम कर तू इस साइड देख मैं उस साइड देखता हूँ

[मैने किचन में देखा हॉल में देखा बाहर चार रूम्स थे उनसब में देखा

यह अखिल 1 रूम में इतनी देर से क्या कर रहा है

जैसे ही मैं 5वे रूम में एंटर हुआ इतनी तेज़ बदबू आई दम घुटने लगा

और अखिल खड़ा पता नही क्या कर रहा था

मैं आगे जाके उसकी गांद पे लात मार दिया उसकी चीख निकल गयी]

अखिल- अबे मार डालेगा क्या

दिलीप- लुक्खे हम यहाँ पिक्निक मनाने आए हैं

अखिल- अबे उधर देख

दिलीप- [जैसे ही मैने मूड के देखा मेरा दिल दहल गयाशीतल की लाश बेड पे पड़ी थी

मैं कितना भी अपने जज़्बात को कंट्रोल करू पर एक लड़की की लाश वो भी पूरी नंगी

तभी अखिल ने मुझे हिलाया]

अखिल- अबे क्या हुआ

दिलीप- अबे यह क्या है

अखिल- और कर प्लान किडनॅपिंग की

दिलीप- पर यह मरी कैसे इसके जिस्म पर कोई निशान भी नही है

अखिल- अबे इसे ज़हर दिया गया है

दिलीप- तुझे कैसे पता

अखिल- देख इसके होन्ट नीले पड़ गये हैं

दिलीप- मुझे लग रहा है इसका रेप हुआ है

अखिल- रेप नही गॅंगरेप हुआ है

दिलीप- तुझे ऐसा क्यूँ लगता है

अखिल- देख इसके बदन पे खरोंच और काटने के निशान हैं

और इसकी चूत पे खून जम गया है

यह तो पक्का है कि

यह पहले चुदवा चुकी थी

सील टूटने के बाद खून तभी निकलता है

जब लगातार कम्से कम 10 बार चुदाई होती है

दिलीप- एक काम कर इधर उधर देख कही कुछ मिल जाए

अखिल- अबे यहाँ पे एक लाश पड़ी है और तुझे

दिलीप- जो बोला है वो कर

अखिल- अबे कुछ नही है

दिलीप- चल चलते हैं यहाँ से

[मैं आगे बढ़ा ही था

कि मेरा पैर किसी चीज़ से टकराया यह कचरे का डब्बा था

मैं नीचे झुक के देखा तो उपर एक काग़ज़ था

मैने उसे उठा लिया यह एक फोन नंबर था

मैने उस नंबर पे फोन लगाया

तो वो किसी ट्रॅवेल एजेन्सी का नंबर था

तभी मेरे दिमाग़ की घंटी बजी]

सुन तू अभी पता लगा सकता है कि एमएलए का बेटा कहाँ पे है

अखिल- अबे लेकिन हुआ क्या

दिलीप- तू करेगा कि नही

[अखिल ने जल्दी से फोन पे नंबर मिलाया

फोन पे बात करते हुए उसका चेहरे का हाव भाव अजीब था

अखिल- अबे यह एमएलए का बेटा कल ही अमेरिका चला गया

दिलीप- लवदे पे गया सारा प्लान

अखिल- क्यूँ

दिलीप- अबे मेरा प्लान था

कि शीतल के ज़रिए मदन को किडनॅप करेंगे

और मदन की मदद से एमएलए को किडनॅप करेंगे

अखिल- आगे

दिलीप- अबे यहाँ पे प्लान ही ख़तम हो गया और तू आगे का पूछ रहा है

अखिल- तो क्या हुआ तू कोई और प्लान सोच

दिलीप- अबे मैं कोई बचपन से प्लान बना रहा हूँ जो 1 मिनिट में प्लान तय्यार

मेरे प्लान की मेन कड़ी मदन था

अखिल- तो अब क्या करना है

दिलीप- इंतज़ार जब तक मदन अमेरिका से वापस नही आता

और सुन मैं आज ही वापस जा रहा हूँ

[हम दोनो बात कर रहे थे कि किसीने डोर बेल बजाई इस बार अखिल के साथ मेरी भी फॅट गयी]

अखिल- अबे कौन आगया इस वक़्त हमारी मारने

दिलीप- जाके देख

अखिल- मैं नही जाउन्गा

दिलीप- जाता है कि नही

[अखिल धीरे से आयेज बढ़ा और की होल से देखने लगा....
 
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