Incest आह..तनी धीरे से.....दुखाता. - Page 62 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Incest आह..तनी धीरे से.....दुखाता.

आप जैसे पाठकों के लिए ही यह कहानी को आगे बढ़ाने का मन करता है..आपके सारे प्रश्नों के उत्तर ही कहानी है..

सोनू को बलात्कारी कहना शायद ज्यादती होगी..सुगना का उंगली काटना और अपना प्रतिरोध घटाना और फिर उंगली को चुभलाना...सोनू को अपराध से बरी भी करता है....

पढ़ते रहिए और जुड़े रहिए
 
Welcome to story Thank u..





सुगना शायद कुछ ऐसी होगी...
 
One at a time ..

अपडेट0101 sent to both of you
 
Sent

दिल लगाकर पढ़िए आनंद आएगा और आप की विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार रहेगा

Bus kuch kuch likhate rahie mujhe achha lagata hai

Thanks

Sent waiting for your feedback

Thank u

Sent

101sent

Thanks dear

102sent

90sent

Sent

102sent

Sent

90 sent one at a time

90 sent one at a time

बहुत-बहुत धन्यवाद ....आपने यह जिक्र नहीं किया कि आपने कहानी कहां तक पढ़ ली है कृपया जो अपडेट आपको चाहिए उसे खुल कर लिखिए ताकि मैं वही अपडेट आपको भेज सकूं हां एक बार में एक ही अपडेट भेज पाऊंगा धन्यवाद

102 sent

90 sent one at a time

आपकी हौसला अफजाई और कहानी को पसंद करने के लिए आपको धन्यवाद मैंने आपको 101 वा अपडेट भेज दिया है पढ़कर जरूर बताइएगा और 102 भेजने का जिक्र भी कर दीजिएगा।

Thanks 101sent

सही कहा भाई सुगना को न जाने कितने अवसादों से गुजरना होगा....

Sent

Sent 101 one at a time
 
हिंदुस्तान में स्त्रियां आज भी अपनी वासना पर नियंत्रण रखना जानती हैं जिस परिवेश और ग्रामीण पृष्ठभूमि में यह कहानी दिखाई गई है उस परिपेक्ष में यह लगभग असंभव है मैंने इस कहानी में वासना का सत्र एक दिखाया है और आने वाली समय में उसके परिणाम भी दिखाऊंगा...

और यदि कहीं स्त्रियां वासना वस होकर अपने निकट संबंधों में कामूक संबंध बनाती भी हैं तो भाई और पिता सबसे आखिरी पायदान पर होंगे। यह संबंध निकृष्ट है और घृणित है... जब तक कि स्त्री स्वयं दुष्ट और व्यभिचारी न हो

उम्मीद है आप मेरे विचारों से सहमत होंगे।

Thanks sent

Sent १०२ thanks

देखिए क्या होता है..

आपको कहानी के पटल पर देख कर अच्छा लगा स्वागत है..

Please let me know up to what update you have read the story and which one I have to send...

९१ sent...

भाई साहब आप खाली अपडेट कलेक्ट कर रहे हैं या पढ़ भी रहे हैं... मुस्कुराते रहिए जुड़े रहिए
 
१०१ sent

धन्यवाद यूं ही साथ बनाए रखें

बहुत दिनों बाद आपको इस कहानी के पटल पर देख कर अच्छा लगा मैंने 101 वां अपडेट भेज दिया है पढ़कर बताइएगा

Sent

Sent

१०२ तो डाल देले बानी इकरा पहले वाला मिलल बा नू?

आप जैसे पाठक का आदेश सर आंखों पर भेज दिया है

आप जैसे पाठकों की वजह से यह कहानी आगे चल रही है साथ बनाए रखें जितना आप कमेंट में लिखेंगे उतना ही मुझे कहानी को और अच्छा लिखने में आनंद आता है।
 
Thanks

Sent

हो सकता है कुछ एपिसोड के बाद आपको अपने इस विचार में परिवर्तन लगे जो होता है वह अच्छा होता है...

धीरज रखें और इंतजार करें

Sent

Sent

सेंट

मौका आने पर दान करिएगा अभी तो आनंद लीजिए

Thanks

Sent

Sent

Thanks

इसी धरती से

इतनी नाराजगी...क्रोध भरी भाषा ...

Thanks

Padh bhi rahe hai na AAP...

Sent ९१



इस पोस्ट के पहले जितने भी पाठकों ने अपडेट की मांग की थी मैंने उन्हें वांछित अपडेट भेज दिया है यदि कोई पाठक छूट गया हो तो कृपया मुझे माफ करिएगा और एक बार फिर याद दिलाने का कष्ट करिएगा आप सब के सहयोग से या कहानी यूं ही आगे बढ़ती रहें यही आशा है...
 
१०२ भाग भेज दिया है आपसे भी कुछ पढ़ने लायक की उम्मीद है...

आपकी प्रतिक्रियाएं हमेशा से एक अलग स्थान रखती हैं यूं ही आते रहिए और कहानी को आगे बढ़ाने में सहयोग देते रहे

Dhnyavaad

Thanks

Sent

Sent

थैंक्स

१०१ sent

Thanks १०१ sent

Sent

Sent १०१

Sent

LutGaya ji ko bhi धन्यवाद

इस पोस्ट के पहले जितने भी पाठकों ने


अपडेट की मांग की थी मैंने उन्हें वांछित अपडेट भेज दिया है यदि कोई पाठक छूट गया हो तो कृपया मुझे माफ करिएगा और एक बार फिर याद दिलाने का कष्ट करिएगा आप सब के सहयोग से या कहानी यूं ही आगे बढ़ती रहें यही आशा है...
 
ऐसा मत करिए यदि आप कहानी नहीं पढ़ रहे हैं तो बधाई देने का कोई मतलब नहीं यह मेरे लिए कोई उपलब्धि नहीं है परंतु हां यदि कई पाठक मेरे साथ हैं मुझे हमेशा से उसक दरकार रही है।

मित्रवर आपका कहानी के पटल पर स्वागत है ... मैं हमेशा से अपने सक्रिय पाठकों के प्रति जिम्मेदार रहा हूं आपने जिस एपिसोड तक कहानी पढ़ी है मुझे बताइएगा मैं उसका अगला एपिसोड आपको अवश्य भेज दूंगा आखिर मैं यह काम आप सब पाठकों के लिए ही कर रहा हूं

आप बताए आप को कौन सा अपडेट भेजू
 
साथियों एक आवश्यक सूचना

मैंने पिछले एक दो हफ्तों से अपना अधिकतर समय इस कहानी को दिया है जिससे मेरी दैनिक दिनचर्या में बाधा आ रही है।

आज के बाद से मैं इस कहानी पर आप सबको पुराने अपडेट दिन में एक बार ही उपलब्ध कराऊंगा...



आगे के अपडेट कहानी के पटल पर आएंगे या आपको डीएम द्वारा भेजे जाएंगे यह वक्त आने पर बताया जाएगा परंतु अब आगे से कहानी के आने वाले अपडेट शनिवार को आप सब को भेजे जाएंगे ...

यह दिन आप आप याद कर सकते हैं...बाकी दिन आप इस कहानी के पटल पर चाहे तो अन्य पाठकों के कमेंट पढ़ने आ सकते हैं या उन पर मेरी प्रतिक्रिया पढ़ने आ सकते है।

मुझे अब पाठकों के व्यू की संख्या से कोई फर्क नहीं पड़ता परंतु पाठकों की प्रतिक्रिया मेरे लिए और इस कहानी के लिए अभी भी संजीवनी की तरह है...


जो भी पाठक नए या पुराने यदि एपिसोड पढ़ रहे हैं तो वह अपनी उपस्थिति और कहानी के बारे में अपनी राय रख कर मेरी अपेक्षाओं को पूरा करते रहें , मै आप सभी का इसी प्रकार मनोरंजन आगे भी करता रहूंगा...



जिन पाठकों को पुराने अपडेट अभी भी प्राप्त नहीं हुआ है वह अपनी मांग खुलकर अपडेट नंबर के साथ रख सकते हैं पर इतना ध्यान रखिएगा एक बार में में एक ही अपडेट भेज पाऊंगा...वह भी दिन में एक बार...

आप जैसे सक्रिय पाठक मेरे साथी जैसे हैं इसलिए साथ बनाए रखें और कहानी को आगे बढ़ाने में अपना सहयोग करते रहे।

शुभ रात्रि...



धन्यवाद
 
Back
Top