अपडेट - 99
उसके बाद रूद्र अपने कमरे में चला जाता है और देव भी तैयार होने लगता है. फिर नाश्ते की टेबल पे
दन – है तो बच्चो क्या प्लानिंग है तुम सब की कहा तक पहुंची तैयारियां?
नागार्जुन – बाबू जी बहोत कुछ तो निपट गया है बचा हुआ आज निपट जायेगा.
दन – लेकिन बीटा अब समय hi कहा है. आज से तो मेहमान आने शुरू हो जायेगे न. देवा के ननिहाल से भी आज सब आएंगे.
रूद्र – मेहमानो से याद आया बाबू जी आज मेरे और नीलम के मम्मी दादी भी आएंगे.
दन – अरे वह ये तो बड़ी ख़ुशी की बात है. पर बीटा वो तो घर के मेंबर हुए न मेहमान नहीं.
रूद्र – बाबू जी यहाँ तो वो मेहमान hi है न.
देवा – तू गधा hi है. वो यहाँ अपने बेटे और बेटी की सगाई के लिए आ रहे है तो ये उनका घर हुआ न मेहमान तो होती हुई सगाई देखने आएंगे न पागल.
दन – देवा सही कह रहा है रूद्र वो यहाँ मेहमान नहीं बल्कि मेज़बान होंगे. क्यों की उनके बच्चो की सगाई है. वो किसी और की सगाई को एन्जॉय करने नहीं आ रहे है.
रूद्र - जी बाबू जी.
दन – तो कितने बजे आएंगे तुम दोनों के मम्मी पापा?
रूद्र – बस आते hi होंगे. किसी भी समय पहुंच जायेगे.
दन – ठीक है मए तो घर पे hi हु. तुम उन्हें लेने चले जाना.
रूद्र – जी बाबू जी
दन – देवा रूद्र के और नीलम बहु के माता पिता के लिए और उनके आराम के लिए पूरा इंतजाम तू खुद देखेगा. किसी और से मत कह देना वो तुम्हरे लिए भी माता पिता hi हुए.
देवा – ठीक है बाबू जी और कोई काम हो तो बता दीजिये क्यों के फिर मए व्यस्त हो जाउगा.
दन – अभी तो तू उन सब के ठहरने का इंतजाम कर दे बाकि कुछ होगा तो मए बता दुगा.
देवा - ठीक है बाबू जी मए उन लोगो के लिए यहाँ गेस्ट रूम्स ठीक करवा देता हु और बाकि मेहमानो के लिए अपने पुराने वाले घर को सही करवा दिया है. और अगर मेहमान बढ़ गए तो फिर पूनम के घर में रुकवा देंगे.
दन – देख लो वैसे उनके घर में भी उनके अपने मेहमान आएंगे तो वह दिक्कत होगी. पर अपने यहाँ सब हो सकता है
देवा – आप निश्चिन्त रहिये मए सब कर लगा.
फिर सब लोग अपने अपने कामो में लग जाते है. इतने में देवा को बीएस का सन्देश मंद में मिलता है के वो लोग बहार वाले खंडहर में पहुंच गए है.
देवा तुरंत रूद्र को साथ ले कर वह पहुँचता है तो वह सुमंत देव, कौशल्या देवी, भैरव सिंह, नीलमणि, रूद्र के माता पिता और नीलम के माता पिता सब आ चुके थे. देवा उनकी वेशभूषा चेंज कर देता है. तो वो लोग भी मॉडर्न कपड़ो में आ जाते है जैसे अभी अभी फ्लाइट से आये हो. अमेरिका से.
देवा उन्हें सब समझा देता है और उन्हें साथ ले कर घर की तरफ चल देता है. दो गाड़ियों में वो लोग घर पहुंचते है एक देवा चला रहा था दूसरी रूद्र.
घर पहुंच कर देवा अपने परिवार वालो को बुलाता है.
दन – अरे वह रूद्र तुम्हरे माता पिता आ गए?
रूद्र - जी बाबू जी ये मेरे पिता जी है, ये माता जी, और ये नीलम के माता पिता.
दन दोनों मर्दो से हेल मिलता है और दोनों औरतो के सामने हाथ जोड़ के अभिवादन और स्वागत करता है.
देवा – और ये मेरे और पूनम के माता पिता है बाबू जी. ये है शिव नगर के महाराज भैरव सिंह जी मेरे पिता, ये महारानी नीलमणि देवी मेरी माँ, दूसरी तरफ ये है पूनम के पिता जी त्रिलोक नगर के महाराज सुमंत देव और ये पूनम की माँ कौशल्या देवी…….. महाराज महारानी ये है मेरे पिता जी दीनानाथ जी और मेरी माँ सावित्री devi.Ye मेरी भाभी दिया, मेरे बड़े भाई रघु, मेरी छोटी बहन पायल.
सब लोग देवा की बाटे सुन कर हैरान परेशां थे लेकिन देवा के होठो पे मुस्कान थी.
दन – देवा इन सब का सही परिचय दो बीटा हमें मिलवाओ कौन है ये?
देवा – बात ये है की बाबू जी उस दिन हम जब मॉल गए थे न तो वह किसी ने महाराज भैरव सिंह जी को लूटने की कोशिश की थी तो मैने इनकी मदद की थी तभी इन्होने मुझे अपना बीटा बना लिया उस हिसाब से ये दोनों मेरे माता पिता है, और उसी दिन इत्तेफ़ाक़ से महारानी कौशल्या देवी की मदद पूनम ने की थी शॉपिंग में तो इन्होने उसे अपनी बेटी बना लिया. और जब हम सब वह इकट्ठे हुए तो हमने इन्हे यहाँ सगाई में आने का न्योता दिया था. इसीलिए मैने कहा के ये मेरे और पूनम के माता पिता है.
सभी लोग देवा के मंद की मन hi मन तर्रीफ़ कर रहे थे की किस खूबसूरती से उसने सच्चे रिश्ते बयां कर दिया और यहाँ किसी को कोई शक भी नहीं हुआ.
दन – बहोत अच्छा किया तुमने देवा की इन्हे यहाँ बुलवा लिया अगर इन्होने तुम्हे और मेरी पूनम बहु को अपने बच्चो के रूप में स्वीकार किया है तो सगाई में शामिल होना इन सबका हक़ भी है.
………मए दीनानाथ आप सब लोगो का यहाँ हार्दिक स्वागत करता हु. और आशा करता हु के आप लोगो को यहाँ किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी. आप लोग अपने बच्चो की सगाई में यहाँ आये और हमारा मान बढ़ाया इसके लिए मए आभारी हु आप सबका.
बीएस – कैसी बाटे करते है आप? आज आप ने हमें स्वीकार कर के हमारा मान बढ़ाया है और हमें इन बच्चो की ख़ुशी में शामिल होने का मौका दिया है हम सब आपके आभारी है.
दन – नहीं महाराज आभार कैसा आपने देवा को बीटा कहा है, मन है तो ये आपका hi बीटा है और पूनम को अपनी बेटी बना के भी आपने उसे अपनाया है तो फिर आभार की बात hi कहा रही महाराज.
सड़ – दन जी हमें महाराज मत कहिये हम आपके समधी hi है और भैरव सिंह जी तो आपके भाई hi हुए न.
दन – लेकिन आप महाराज है तो महाराज hi कहुगा मए तो.
बीएस – अरे कोई महाराज नहीं ये देवा तो ऐसे hi कह रहा है. अब क्या यहाँ भी राजा महाराज है क्या कोई. वो तो बीते ज़माने की बाटे है हमारे पूर्वज राजा महाराजा थे हम तो बस यु hi.
दन – ठीक है भाई साब मए आप लोगो को महाराज या इन्हे महारानी नहीं कहुगा. अब ये आपका hi घर है आप लोग भी आराम कीजिये……….. देवा इन सबका रहने का इंतजाम कहा किया है बीटा?
देवा – ये नीचे वाले कमरे इन्ही चारो कपल्स को दे देते है. बाकि मेहमानो के लिए देखेंगे.
बीएस – बीटा देव अगर कोई समस्या हो तो हम सब पुरुष एक hi कमरे में हो जाते है महिलाओ को एक अलग कमरा दे दो. दूसरे आने वाले मेहमानो को तकलीफ नहीं होनी चाहिए.
देवा – नहीं पिता जी महाराज ऐसी कोई समस्या नहीं है . आपके आशीर्वाद से सब व्यवस्था हो गयी है आप लोग आराम कीजिये.
फिर देवा वह नौकरो को बुलवा के उनके सामान जो देवा ने hi बना दिए थे. सब के कमरों में रखवा देता है. और सब को नाश्ता करवा के कमरे में आराम करने भेज देता है. बहार आ कर
रूद्र – अबे सारा घर तो यही भर गया बाकियो का क्या होगा?
देवा – कौन से बाकि बे? बाकि बचा hi कौन है पगला रहा है बेकार में क्या?
रूद्र – अबे सेल तेरे ननिहाल वाले भी तो आने है.
देवा – उन के लिए मेरा पुराण वाला घर है न वही रुकेंगे वो लोग. उसे भी तो आलीशान बनाया है हमने, और भी कोई आ जाये तो कोई दिक्कत नहीं उस घर में भी 5-6 कमरे है hi मां ममी के लिए दो कमरे चाहिए बाकि जो आएंगे वह सेट होंगे. और कौन सा सबको यहाँ महीनो रहना है?
रूद्र – ये भी ठीक है अब कौन आ रहा है?
देवा – अब मां ममी आएंगे मेरी कावेरी आएगी वो तो ज्योति के साथ रह लेगी. बाबू जी के दोस्त आएंगे शहर से उन्हें भी अपने पुराने घर में रखुगा. बस. बाकि सब यहाँ के लोकल लोग है .
फिर देवा कावेरी को कॉल कर के आज hi आने का न्योता दे देता है. और बाबू जी को बोल कर सुन्दर लाल और रजनी को बुलवा लेता है . सब लोग धीरे धीरे आ रहे थे. और देवा अपने हिसाब से उन्हें सेट कर रहा था.
नागार्जुन, शलाका, गुरुम तैयारियों में लगे हुए थे देवा और रूद्र मेहमानो में . पूनम और नीलम खुद को तैयार कर रही थी अब सब को दिखने के लिए तो उन्हें नार्मल hi तैयार होना था इसीलिए कभी फेसिअल तो कभी वेक्स तो कभी मेहंदी इन्ही सब में बिजी थी वो दोनों और साथ में पायल भी थी. पायल को तो सच में इन सब की जरुरत भी थी क्यों की वो पूनम और नीलम की तरह मैजिक से तो कुछ कर नहीं सकती थी और न hi पूनम या नीलम उसे मैजिक से तैयार कर के अपनी पोल खोल सकती थी अभी.
तभी एक पुलिस की जीप आकर देवा के बंगले के सामने रूकती है. सरे गार्ड्स सतर्क हो जाते है. और गेट खोल देते है. तो गाड़ी अंदर जाकर पोर्च में रूकती है सामने हॉल में सभी लोग बैठे थे. तो सबकी नजर बाहर जाती है……..