Fantasy इच्छाधारी देव - Page 4 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Fantasy इच्छाधारी देव

अपडेट - 28

देव – बाबा आपकी जबान क्यों लड़खड़ा रही है वो ठीक तो है न? आप बोलते क्यों नहीं कहा है मेरा भाई?

फब– देव वो बिलकुल ठीक है. लेकिन ……………….

देव – लेकिन क्या बाबा अगर वो ठीक है तो कहा है?

फब – पृथ्वी लोक में

देव – क्या पृथ्वी पे? लेकिन क्यों ? कहा?

फब - जिस दिन वो हादसा हुआ था उस दिन उसे संभालना सब के लिए बेहद मुश्किल हो गया था, किन्तु तुम्हरे दिए हुए कंगन की वजह से उसे सब पता चला और वो शांत हो गया, लेकिन समस्या तो वह भी हो गयी. क्युकी वो खुद hi नहीं बल्कि उस के साथ नीलम भी शांत हो गयी. तुम्हरे अंतिम संस्कार के बाद रूद्र और नीलम एक डैम गुमसुम हो गए. यहाँ तक की वो एक दूजे से भी बात नहीं करते थे न hi मिलते थे.

……. ये बात मुझे मेरे गुरु से पता चली और उन्ही की आज्ञा से मए एक रात नीलम के पास पंहुचा उस वक़्त भी वो बस खोई खोई नजरो से शून्य में देख रही थी और उसकी आँखों से आंसू बहे जा रहे थे.

फब – nilam………..nilam…………..

अचानक नीलम की तन्द्रा टूटी और उसने सामने देखा

नीलम – आप कौन है बाबा?

फब - सब बता दुगा नीलम लेकिन पहले मेरे साथ आओ हमें अभी रूद्र के पास जाना है.

फिर फब और नीलम रूद्र के पास आते है. इस बीच न नीलम ने कुछ कहा न फ़कीर बाबा ने

दोनों जब रूद्र के घर पहुंचे तो वो अपने घर के बहार hi बैठा हुआ था एक डैम उदास और गम शूम

नीलम ने जाकर रूद्र को कंधे से पकड़ के हिलाया तो रूद्र होश में आया

रूद्र - अरे नीलम तुम यहाँ इस वक़्त ? क्या हुआ?

नीलम ने पशुपतिनाथ की तरफ इशारा कर दिया

रूद्र - प्रणाम बाबा

पण - आयुष्मान रहो वत्स

रूद्र – आपका इस समय आने का क्या कारन है बाबा

पण – रूद्र मए जो कहने वाला हु उसे पूरे ध्यान से सुन्ना. ये जो कुछ भी हुआ उस सब के पीछे मेरा hi स्वार्थ था देखा जाये तो इस सब का कारन मए hi हु.

रूद्र - ये आप क्या कह रहे है?

पण - मए सच कह रहा हु.

रूद्र – नहीं कृपया अपने शब्द वापस ले लीजिये वार्ना कही ऐसा न हो के मए अपना संयम खो कर कोई गलती कर बैठु मुझ पर किसी सिद्ध पुरुष की हत्या का कलंक न लग जाये.

पण – ये संभव है hi नहीं रूद्र. इसीलिए मैने कहा के पहले मेरी पूरी बात को सुन लो. फिर जो चाहो कर लेना किन्तु उससे पहले नहीं.

रूद्र – ठीक है बाबा आप कहिये मए सुनुँगा.

पण – ये सब बहोत पहले शुरू हुआ मेरे मन की लालच की वजह से तिलिस्म नगरी के सिंघासन की लालच किन्तु मुझे अपना सपना पूरा करने का कोई जरिया नहीं मिल रहा था फिर एक दिन मुझे एक मन्त्रिक मिला और मए जा कर उसे मिला…………………………………..

पण उसे पूरी बात बता देता है. जिसे सुन कर रूद्र एक बार फिर जोर जोर से रोने लगता है.

रूद्र - अब आप मुझसे क्या चाहते है?

पण - मुझे मेरे गुरु का आदेश है बस वही तुम्हे बताने आया हु. लेकिन उससे पहले मए तुम दोनों से कुछ जानना चाहता हु.

रूद्र - पूछिए

पण – तुमने कहा था के तुम दोनों अपना गृहस्थ जीवन तभी शुरू करोगे जब देव और पूनम का शुरू होगा. तो अब वो इस संसार में है hi नहीं क्या अब तुम अपना गृहस्थ जीवन शुरू करना चाहोगे?

रूद्र – babaaaaaaaaaaaaaa…………..

……………ये बात यदि किसी और ने कही होती तो वो दूसरी सांस लेने के लिए जीवित नहीं रहता. मेरा देव मारा नहीं है. वो लौट के आएगा. वो खुद भी कह कर गया है. और अभी आपने hi कहा के आप उसे ढूंढकर अपने पास रखेंगे और सही वक़्त पर उसे यहाँ लाएंगे तो वो मारा कैसे है? है वो हम सब से दूर जरूर चला गया है. इसलिए ये तो संभव hi नहीं के बिना उस के मए सिर्फ अपने विषय में या अपनी खुशियों के विषय में सोच भी लू. मए अपनी प्रतिज्ञा जरूर पूरी करुगा. उस के बिना मए विवाह नहीं करुगा . और अगर इस इंतजार में मए मर भी जाऊ तो मुझे परवाह नहीं.

पण – नीलम तुम्हरा क्या विचार है. रूद्र तो विवाह देव के बिना करेगा नहीं. तो क्या तुम किसी और से विवाह कर के अपना जीवन बिताना चाहती हो?

नीलम एक फीकी सी मुस्कान दे कर - बाबा मेरा विवाह तो रूद्र से उसी दिन हो गया था जिस दिन मए पहली बार इससे भोलेनाथ के मंदिर में मिली. हमारा रिश्ता भोलेनाथ के मंदिर में तय हुआ था. अब किसी और से विवाह का सोचना भी मेरे लिए संभव नहीं . मए हमेशा रूद्र की hi रहूगी चाहे हमारा तन मिले या न मिले मुझे भी कोई परवाह नहीं चाहे मुझे कितना भी इंतजार करना पड़े मए करुँगी.

पण – जीते रहो मेरे बच्चो. मुझे तुम दोनों से यही उम्मीद थी.

………. अब सुनो रूद्र. जब देव यहाँ आएगा. तब तक यु तो वो खुद बेहद शक्तिशाली हो चूका होगा. लेकिन फिर भी एक चीज़ है जो उसे तुम दोनों hi दे सकते हो क्यों की यदि देव वो चीज़ पाना चाहे तो उसे दुगना समय लग जायेगा .

रूद्र – नहीं बाबा हम नहीं चाहेंगे के देव को समय ज्यादा लगे पहले hi आपने कहा के उसे बहोत समय लगने वाला है. फिर किसी और चीज़ को पाने के लिए उतना hi समय और लगेगा तो ये उचित नहीं. मुझे बताइये मए उसे जल्दी लेन के लिए क्या कर सकता हु.

पण – वही जो अब तक तुम दोनों दोस्त करते आये एक दूजे की सहायता. जैसे दुश्मन अधिक होने पे तुम दोनों आधे आधे बात लेते थे और उन्हें निपटा देते थे. ठीक वैसे hi इस समय चक्र को भी तुम उस के साथ बात सकते हो यदि उस के हिस्से का आधा काम तुम कर दो तो उसे समय आधा लगेगा. हो सकता है जब तुम उस चीज़ तक पहुँचो तब तक देव भी आ जाये और फिर तुम्हे वही आ कर मदद करेगा उसे पाने में.

रूद्र – बाबा खुल कर बताइये आप कहना क्या चाहते है?

पण – तुम्हे और नीलम को भी वही तपस्या करनी होगी जो मए करुगा , जो देव और पूनम करेंगे. मेरी तपस्या से मए तुम सब की मदद करुगा, देव अपने तप से शक्तिया हासिल करेगा, पूनम अपने तप से खुद को तिलिस्मी शक्तिया और देव की शक्तिया सँभालने के लिए मजबूत करेगी, तुम और नीलम अपने तप से इच्छाधारी बनोगे और फिर सही वक़्त आने पर देव और पूनम के साथ मिल कर उस स्वर्ण मणि को हासिल करोगे. जिसकी सहायता से तुम भविष्य में आने वाले अपने दुश्मनो का नाश भी कर पाओगे और उस मन्त्रिक से बदला भी ले पाओगे क्यों की वो अब तक जिन्दा है और इस वक़्त वो भी अपनी शक्तिया हासिल करने के लिए तपस्या कर रहा है. यदि वो सफल हुआ तो उस मणि को हासिल कर के न सिर्फ वो अमर हो जायेगा बल्कि इस बार वो देव को हमेशा हमेशा के लिए समाप्त कर देगा.

रूद्र – उस मन्त्रिक को तो मए मरुँगा बाबा उसे कुचल के रख दुगा जिसने इस बार मेरे देव की जान ली मुझे मेरे देव से जुड़ा किया. मए तैयार हु बाबा.

पण – उसके लिए तुम्हे और नीलम को भी अपना शरीर त्यागना पड़ेगा, क्यों की जो सिद्धि देव, पूनम, और वो मन्त्रिक हासिल करेंगे वो शरीर के साथ पाना मुमकिन hi नहीं.

रूद्र - बस इतनी सी बात? अपने देव के लिए मए ख़ुशी ख़ुशी अपने प्राण त्याग सकता हु ये शरीर छोड़ सकता हु.

फब - तुम दोनों क्यों की अपनी मर्जी से शरीर छोड़ोगे इसीलिए मए तुम दोनों के शरीर सुरक्षित रखुगा जब तुम्हारी तपस्या सम्पूर्ण होगी तुम दोनों को अपने अपने शरीर में वापस भेज दुगा. इससे तुम दोनों की आयु भी यही से शुरू होगी और तुम दोनों के जिस्म भी बूढ़े नहीं होंगे., लेकिन एक बात का ध्यान रखना रूद्र तुम्हे और नीलम को हमेशा साथ रहना है तुम दोनों hi इच्छाधारी नाग नागिन बन जाओगे तब तुम कही भी जा सकोगे किसी का भी रूप ले सकोगे, तुम से बड़ा शक्तिशाली नाग या नागिन पूरे संसार में कोई नहीं होगा, तुम जो इच्छा करोगे वो पूरी होगी. लेकिन जब तक तुम दोनों का विवाह न हो जाये तुम दोनों का मिलान नहीं हो पायेगा . और यदि तुम्हारा मिलान हो गया. तो तुम्हारे सम्भोग करते hi. तुम दोनों फिर से साधारण नाग नागिन बन जाओगे और इस नाग लोक में वापस आ जाओगे. तुम दोनों की साडी म्हणत विफल हो जाएगी. है किन्तु यदि तुम चाहो तो किसी अन्य स्त्री के साथ सम्भोग कर सकते हो. नीलम के आलावा.

रूद्र – ऐसा नहीं होगा बाबा. मेरा विवाह देव के बिना नहीं होगा और विवाह से पहले नीलम के साथ या किसी अन्य के साथ मेरा सम्बन्ध भी नहीं होगा.

पण - ठीक है अब तुम दोनों किसी गुप्त स्थान पे चले जाओ और अपनी तपस्या इसी वक़्त से शुरू कर दो. साधना में बैठत hi तुम्हरे प्राण इस शरीर से निकल जायेगे और मए ये शरीर सुरक्षित कर दुगा. ईश्वर तुम्हे सफल बनाये.

प्रेजेंट टाइम………………

उस के बाअद रूद्र और नीलम भी अपनी तपस्या में लीं हो गए. सब कोई अपनी अपनी जगह पे जैम गया था. और खामोशी से सब भविष्य में होने वाले महासंग्राम की तैयारियों में जुट गए थे. वो वक़्त और जगह कौन सी होगी कोई नहीं जनता था पर सब अपनी अपनी तरफ से तैयारियों में जुट गए थे. उस युद्ध के लिए जो अभी क्षितिज के उस पार था.

देव – बाबा इतनी देर में आपने ये पहली अच्छी खबर सुनाई है. बस इतना और बता दे के मेरा दोस्त मेरा भाई कहा है . आँखे तरस गयी है उसे देखने के लिए.

पण – जैसे के मइँ बताया के नीलम और रूद्र भी तपस्या में लीं हो गए थे. तो अब उनकी भी तपस्या पूरी हो चुकी है और वो दोनों ह इच्छाधारी नाग नागिन बन चुके है. उन्होंने सच में अपना वादा निभाया है देव, इतने वर्षो तक अपनी मंगेतर के साथ अकेले बिताने के बावजूद रूद्र ने कभी अपनी सीमा पार नहीं की. उसी वजह से आज न सिर्फ रूद्र बल्कि नीलम भी सोनो hi बेहद शक्तिशाली बन चुके है. वो तुम्हारे गाँव के बहोत नजदीक पहुंच चुके है. लेकिन तुम उसे अभी मत मिलना क्यों की उस मन्त्रिक जो अब एक अघोरी बन चूका है. उस की नजर स्वर्ण मणि को हासिल करने के लिए hi नीलम पे लगी हुई है. वो रूद्र को पकड़ कर मरना चाहता है और नीलम के साथ सम्भोग कर के स्वर्ण मणि हासिल करना चाहता है. क्यों की यदि उस अघोरी ने नीलम के साथ प्रथम सम्भोग कर लिया तो उसे बिना किसी म्हणत के रूद्र से भी बड़ी शक्तिया हासिल हॉप जाएगी जो के इस वक़्त नीलम की है.

देव क्रोध में – कहा है वो अघोरी बाबा?

फब – आवेश में मत आओ पुत्र अब हर कदम सोच समझ के रखना है तुम्हे. जब तक रूद्र तुम्हारे गाँव नहीं पहुंच जाता तब तक तुम्हे भी उसके पास नहीं जाना है वार्ना उस अघोरी को पता चल जायेगा के तुम आ गए हो. …………

देव – तो उससे क्या फरक पद जायेगा बाबा

फब - उसे ये पता चलते hi वो रूद्र और नीलम को ख़तम कर देगा और तुम्हे भी फिर स्वर्ण मणि हासिल नहीं होगी. जिसकी सहायता से उस दुष्ट अघोरी का नाश संभव है.

देवा – लेकिन बाबा कही वो रूद्र को कुछ कर न दे.

फब – रूद्र तो पहले से एक महँ योद्धा है और अब तो सेकड़ो सालो की तपस्या से और भी शक्तिशाली हो चूका है. और ये मत भूलो की उस के साथ नीलम भी है. उसका अहित इतना आसान नहीं, उसे मरना इतना आसान नहीं होगा अघोरी के लिए इससे वो स्वर्ण मणि खो सकता है. इसीलिए वो भी इसी इंतजार में है जब रूद्र तुम्हरे गाँव के जंगल के करीब आये तो वो उसे ख़तम कर सके.

देव – ऐसा नहीं होगा बाबा अब तो ऐसा बिलकुल नहीं होगा. “बिकॉज़ ी ऍम बैक बहनचोद.”

सभी एक साथ - क्या?????????

देव – k..k..k..kuch नहीं मए ये कह रहा था मए ऐसा होने नहीं दुगा.

मन में … अबे क्या बोल दिया साला ये इंग्लिश कहा से निकल गयी मेरे मुँह से वो भी तिलिस्म लोक में.

इधर रूद्र और नीलम अपनी मस्ती में आराम से चले जा रहे थे उन्हें जल्दी पहुंचना भी नहीं था क्यों के जिस समय उन्हें उस जंगल में जाना था वो समय अभी दूर था.

रूद्र – क्या नीलम थक तो नहीं गयी हो?

नीलम – नहीं रूद्र हम थके नहीं है. लेकिन हमें यहाँ जाना है ये तुम्हे कैसे पता चला?

रूद्र – नीलम जब हम लोग तपस्या में लीं थे तब पण मेरे पास आये थे और उन्होंने मेरी आत्मा को मेर शरीर में वापस दाल दिया और फिर……………

पण - रूद्र …………… उठो पुत्र तुम्हरी साधना आज पूरी हुई

रूद्र धीरे से आँख खोल कर देखता है.

रूद्र – प्रणाम बाबा

पण – आयुष्मान भाव पुत्र. आज मए फिर तुम्हारे पास अपने गुरु की आज्ञा से आया हु वत्स

रूद्र - बाबा क्षमा चाहता हु किन्तु आप पहले मेरी उत्सुकता को शांत कीजिये.

पण मुस्कराते हुए – अच्छा ठीक है पूछ?

रूद्र - बाबा मेरा देव कहा है, पूनम कहा है?

पण – वो भी अपनी तपस्या पूरी कर चुके है और उन्होंने तो कई साल पहले पुनर्जन्म भी ले लिया है.

रूद्र – सच बाबा अभी कहा है वो? क्या वो नाग लोक में है ? क्या मए उनसे मिल सकता हु?

पण – नहीं पुत्र अभी वो वक़्त नहीं आया किन्तु जल्द hi वो वक़्त आएगा जब तुम और देव फिर से मिल जाओगे किन्तु……

रूद्र – किन्तु क्या बाबा?

उससे पहले तुम्हे एक कार्य करना है

रूद्र – आदेश दे बाबा

पण – तुम्हारी और नीलम की तपस्या का समय पूरा हो चूका है और तुम दोनों पूरी तरह से इच्छाधारी बन चुके हो. और तुम दोनों के अंदर इतनी शक्तिया आ चुकी है के तुम हर बुरी ताक़त का सामने कर सकते हो.

रूद्र – ये सब आपकी कृपा है बाबा

पण - अब ज्यादा वक़्त नहीं बचा है. तुम दोनों तुरंत hi पृथ्वी लोक में चन्दन पुर नमक जगह जाओ वह से पैदल hi तुम्हे सूर्यगढ़ के जंगल में जाना है और वही जाकर तुम्हे आगे का मार्ग मिलेगा और संभवतः तुम्हारी मुकत देव और पूनम से भी होगी. फिर तुम सब को एक साथ तिलिस्म लोक आना होगा. पहले इतना रास्ता पार कर लो फिर आगे की बाते हम तिलिस्म नगरी में करेंगे. किन्तु इसमें बहोत खतरा है. सावधानी बेहद जरूरी है. इसलिए तुम्हे और नीलम को जंगल में पहुंचने तक सावधान रहना होगा, तुम दोनों अपनी किसी भी शक्ति का उपयोग उस जंगल को पार करने से पहले नहीं करोगे न अपनी सुविधा के लिए न hi किसी लड़ाई झगडे के लिए और ध्यान रहे तुम्हे उस जंगल में उस दिन पहुंचना है जिस दिन पूनम की रात हो उससे पहले नहीं जब तुम जंगल तक पहुंचोगे तो आगे का मार्ग स्वयं hi मिलता चला जायेगा. और वो जो मैने खुद पर संयम रखने की बात कही थी उसे अवश्य याद रखना. क्यों के अब तक तुम और नीलम बिना शरीर के थे अब तुम्हे तुम्हारा शरीर वापस मिल गया है और अभी तक तुम दोनों का विवाह नहीं हुआ तो विवाह तक खुद पर संयम रखना. मए भी नहीं चाहता कुछ क्षण की ख़ुशी के बहकावे में आकर तुम अपनी इतनी बड़ी और सालो की म्हणत पर पानी फेर लो.

रूद्र – जी बाबा मए ध्यान रखुगा, बाबा मए देव से कब मिलुंगा?

पण – ईष्वर बेहतर जानते है पुत्र क्या पता इसी सफर में तुम्हे देव मिल जाये. या ये भी हो सकता है के सफर की समाप्ति पे hi मिले. उस ईश्वर की माया किसी को नहीं पता होती. मैने नीलम की आत्मा भी उसके शरीर में दाल दी है उसे उठाओ वो जाग जाएगी. अब तुम दोनों प्रस्थान करो.

प्रेजेंट टाइम...........

रूद्र - बस फिर मैने तुम्हे भी साधना से जगाया और हम यहाँ के लिए निकल पड़े लेकिन. बाबा ने पहुंचने का समय भी निश्चित बताया है वार्ना हम तुरंत वह पहुंच जाते और ये भी कहा के पैदल जाना है अपनी किसी शक्ति का भी उपयोग नहीं करना है रस्ते में, न अपनी सुविधा के लिए न hi किसी लड़ाई झगडे के लिए. सबसे बड़ी बात तुम्हारे साथ रहते हुए दूर रहना है अब देखो इस कातिल जवानी से मए खुद को कैसे बचाओ जी तो चाहता है तुम्हे अभी यही लिटा के ........

नीलम - ा........ ये मुझे अपने नीचे लिटाने का सोचना भी नहीं वार्ना भूलो मत देव भैया मिलने hi वाले है आपने मुझे लिटाया तो देव भैया आपको खड़े रहने लायक नहीं छोड़ेगे अब छोडो ये लेटने लिटाने की बात और आप चिंता क्यों करते है ? हम बिना कोई दिव्या शक्ति इस्तेमाल किये भी सब पे भरी पड़ेगे . लेकिन भगवन न करे की कोई ऐसा मौका अभी आये.

रूद्र – है सही कहा चलो देखते है आगे क्या होता है. उफ़ तेरी ये जवानी मुझे तो भोलेनाथ hi बचाये अब .......
 
थैंक यू माय आल रीडर्स आप लोग अपने कमैंट्स से हमें साथ देते रहिये तो कहानी को पूरा होने में समय नहीं लगेगा. आप सब का भरपूर मनोरंजन भी होगा. आप लोगो को पड़ने में मजा आएगा और मुझे लिखने में. इस कहानी के माध्यम से मए आप लोगो को अपने साथ एक शानदार, मनोरंजक, खतरनाक, और खूबसूरत दुनिया घूमना चाहता हु. बस आप सब यु hi साथ देते रहिये.

धन्यवाद
 
अपडेट - 29

उधर तिलिस्म लोक में

देव – बाबा अब तो सरे राज खुल गए अब मए सब जान चूका हु. अब मए अपने दोस्त से मिलुंगा. उसे उसका प्यार मिल जायेगा और मुझे मेरी पूनम हमेशा हमेशा के लिए और अघोरी को मिलेगी मौत वो भी इतनी भयानक के वो कभी दुबारा जन्म लेने के नाम से भी काँप जाये.

फब – देव अभी सारे राज नहीं खुले है. अभी भी बहोत कुछ बाकि है.

देव – क्या अब भी कुछ बाकि है? लेकिन क्या बाबा ?

फब – देव अभी मेरी मुक्ति का मार्ग खुलना बाकि है. अघोरी के ऊपर कौन है ये जानना बाकि है. इस नगरी का क्या होगा? तुम्हरे पृथ्वी लोक के परिवार का और वह की समस्याओ का क्या होगा? ऐसे बहोत से राज और भी है जो मए जान नहीं सकता , अब तक जो भी तुमने जाना वो सब तो तुम्हारे पूर्व जनम की बाते थी. तुम्हारा सफर इतना सा hi नहीं है के अपनी पिछली बाटे जानो और अघोरी को मार दो खेल ख़तम, अगर ऐसा hi होता तो मए तुम्हे बहोत पहले बता चूका होता.

देव – तो बाकि के राज भी खोल दीजिये बाबा

फब – देव अभी जो राज बाकि है वो भी अपने वक़्त पे खुलेंगे. इतनी जल्दी मत करो. अभी उनका समय नहीं आया.

देव – जैसा आप उचित समझे बाबा लेकिन अब मेरे लिए क्या आदेश है बाबा?

फब – इंसाने हो या कोई भी जीव उसे अपनी मंजिल का पता कभी किसी और से नहीं पूछना चाहिए देव तुम अपना करम करो अपने दिमाग और अपनी शक्ति का इस्तेमाल करो. समय की धरा तुम्हे अपने आप बहती चली जाएगी और तुम अपनी मंजिल पे पहुंच जाओगे. फिर मिलेंगे देव.

इतना कह कर फब गायब हो जाते है.

देव और उसके नाग लोक के माता पिता और पूनम का पूरा परिवार सब इस वक़्त खामोश थे. आखिर देव ने hi उस ख़ामोशी को तोडा.

देव – पिता जी मुझे जाना होगा पृथ्वी लोक

बीएस - लेकिन बीटा यहाँ का क्या सोचा है यहाँ का क्या होगा?

देव – अब मए जितना पृथ्वी लोक का हु उतना hi यहाँ का भी इसलिये आप लोग यहाँ सम्भालिये मए बीच में यहाँ आता रहुगा. और जब भी मेरी जरुरत हो मुझे आप बस याद करना मए हाजिर हो जाउगा.

बीएस – और पूनम का क्या बीटा?

देव पूनम को देखते हुए. – पूनम और मेरा साथ तो कभी टूट hi नहीं सकता. लेकिन इस वक़्त मए पूनम पे छोड़ता हु के वो जहा चाहे वह रह सकती है.

पूनम – कैसी बाते करते हो देव क्या पृथ्वी लोक के परिवार से मेरी माँ से मेरा रिश्ता ख़तम हो गया? वो भी सिर्फ ये जान कर के मए यहाँ की राजकुमारी हु…………..

………….. नहीं देव जो मेरे फर्ज है वह के वो मुझे भी पूरे करने है. इसलिए मए भी वापस अपने घर जोगी. मन के ये भी मेरा घर है. लेकिन मुझे मेरे इस जनम के क़र्ज़ उतरने है और उसके लिए मुझे वह जाना है.

सड़ – जीती रहो बेटी मुझे तुम पर नाज है. तुम आज भी अपने कर्तव्यों के प्रति उतनी hi सजग हो जितनी पहले हुआ करती थी. तुम लोग जाओ अब हमें कोई दुःख नहीं है अब तो हमारे बच्चे हमें मिल hi गए है.

देव – तो ठीक है महाराज हम कल hi वापस जायेगे.

…………. पूनम जरा मेरे साथ आओ मुझे तुमसे कुछ बात करनी है.

फिर देव और पूनम उठकर बहार महल के बैग में आजाते है .

पूनम – कहिये देव क्या कहना चाहते है?

देव- पूनम मुझे ये जान कर बेहद ख़ुशी हुई के हमारा प्यार जनम जनम का प्यार है. और मए तुम्हे प् कर खुश भी हु. किन्तु मेरे इस जनम का एक कड़वा सच कुछ और भी है.

पूनम - ऐसी क्या बात है देव ?

देव – पूनम मए तुमसे बेहद प्यार करता हु इसमें कोई शक नहीं है मुझे. लेकिन इस जनम का देव कुछ अलग है.

पूनम - जैसे?

देव – शायद तुम्हे ये जान कर दुःख हो लेकिन सच ये है के इस देव के सम्बन्ध कई औरतो से है पृथ्वी पर. ……………

……………कुछ सम्बन्ध मज़बूरी में बने तो कुछ बनाना की जरुरत पद गयी. जो की उस वक़्त मुझे सही भी लगे.

पूनम – कैसे सम्बन्ध देव?

देव – शारीरिक सम्बन्ध……….

…………. पूनम मए तुम्हे कोई धोखा नहीं देना चाहता. लेकिन सच छुपा कर मए तुमसे देगा भी नहीं करना चाहता. इसलिए वापस पृथ्वी लोक जाने से पहले मए तुम्हसे ये बता रहा हु.

पूनम - तो उन अनजान औरतो को मेरे देव का प्यार मुझसे भी पहले मिला है.

देव – प्यार……… वो तो किसी को मिला hi नहीं तुम्हरे आलावा. है ये जिस्म जरूर मिला है उन सबको. मेरा प्यार मेरी शक्ति सब तुम्हरे लिए है और वो सब कुछ सदा तुम्हरे लिए hi रहेगा.

पूनम - ये कैसा प्यार हुआ देव?

देव - पूनम जब बाबा मुझसे मिले थे तो उन्होंने hi मुझसे कहा था के इन शक्तियों को संभालना भी पड़ेगा मुझे कई साडी शक्तिया मिलेगी जो की तब नहीं मिली थी. मेरी शारीरिक जरूरते और मेरी शारीरिक क्षमताये भी बहोत बाद जाएगी. और उस के लिए मेरी जिंदगी में कई साडी स्तरीय आएगी. और उन्हें मुझे संभालना होगा और फिर वो आती चली आयी एक के बाद दूसरी. अगर ये सब नहीं होता तो मेरी शक्तिया hi शायद मुझ पर भरी पद जाती और मए उन्हें संभल नहीं पता. और जो जो स्त्री मेरी जिंदगी में आयी जिनसे भी मेरे सम्बन्ध बने वो सब तुम्हरे लिए भी अनजान नहीं है पूनम.

पूनम – तो जो जो आयी उनके नाम भी बता दो अब देव. मए भी सुनु के मए किस किस को जानती हु.

देव – सबको. पहली थी दिया भाभी, फिर देवकी kaki,sunita ममी, भर्ती ममी, ज्योति ठाकुर, ठकुराइन माला.

पूनम - हे भगवन इतनी साड़ी?

देव – अभी तो लाइन में और भी है लेकणि उनका कांड अभी हुआ नहीं शायद भविष्य में होगा.

पूनम – वेट…. तो क्या दिया भाभी के पेट में तुम्हरा बच्चा है?

देव – है पूनम ये पहली मज़बूरी थी मेरे उस घर की इज्जत को बचने के लिए.

पूनम - लेकिन देव ये सब करते हुए तुम्हे क्या मेरा ख्याल नहीं आया?

देव – अगर मेरी बाबा से बात न हुई होती तो शायद मए दिया भाभी के आलावा किसी और की तरफ देखता भी नहीं और उनकी तरफ भी इसलिए क्यों की उनकी जिंदगी बर्बाद हो रही थी मेरे hi भाई के कुकर्मो की वजह से मए उन्हें नहीं संभालता और उनके कदम बहार जाते तो भी बदनामी मेरे बाबू जी की होती जो मए बर्दाश्त नहीं कर पता न मेरा परिवार. ………..

………….. पर बाबा ने मुझे ये भी कहा था के पूनम के साथ hi मेरा रियल सेक्स होगा जिससे हमें एक बीटा मिलेगा और उसमे हम दोनों की पावर्स भी होगी , साथ hi उन्होंने ये भी कहा के शादी से पहले मए तुमसे दूर राहु वार्ना अगर हमने शादी से पहले सेक्स किया तो वो पावर्स हमारे बेटे को नहीं मिलेगी.

पूनम – ये सही है. तुम्हे आजादी दे दी और मुझे रोक दिया?

देव – तो क्या तुम्हे भी सेक्स करना है शादी से पहले

पूनम – है क्यों नहीं एक तरफ तो कहते है के लड़का लड़की एक सामान और अब मुझे पीछे क्यों कर दिया?

देव - अरे यार अब इसमें बराबरी की बात कहा से आ गयी. और ये सब मुझे नहीं मालूम तुम चाहो तो बुला लो फ़कीर बाबा को और उन्ही से पूछ लो

पूनम – रहने दो मए आपकी तरह ठरकी नहीं हु मुझे नहीं करना सेक्स मए तो मजाक कर रही थी. इवन मुझे तो आप के साथ भी नहीं करना जा रही हु मए भूल जाओ के मए आपके साथ सेक्स करुँगी, बड़े आये बीटा देने वाले.

देव – पूनम की बच्ची इधर आ मए देता हु तुझे बीटा.

पूनम भागने लगती है और देव भी उसके पीछे भागता है. और थोड़ी देर की भाग दौड़ के बाद आखिर देव पूनम को पकड़ लेता है और उसे लिए लिए hi घास पे गिर पड़ता है. देव पूनम के ऊपर पूरा लेता हुआ था और उसके दोनों हाथ पकड़ के दोनों साइड फैला दिए थे, पूनम गहरी साँसे ले रही थी हस्ते हस्ते और दौड़ते हुए उसकी सांस फूल गयी थी…………

…………..लेकिन देव तो पूनम की सुंदरता में और उसकी उठती गिरती चूचियों में खो सा गया. और उसे बहोत प्यार से देखने लगा, और इसी बीच देवा का लुंड खड़ा हो गया जो पूनम की छूट पे चिपका हुआ था. देव के लुंड की गर्मी और कठोरता को महसूस करते hi पूनम की आँखों में भी गुलाबी डोरे तैरने लगते है और वो भी देव की आँखों में डूबने लगती है……….

…………..देव पूनम पे झुक जाता है और उसके होठो को चुम लेता है ये पहला किश था पूनम और देव का जो ऐसी कंडीशन में था दोनों के होठ मिलते है और देव को भी पता नहीं चलता के उसकी कमर पूनम की छूट पर दबती जा रही थी और देव का खड़ा लुंड पूनम की छूट को मसल रहा था. ऊपर देव होठो से पूनम के होठ कुचला रहा था और नीचे उसका लुंड पूनम की छूट कुचल रहा था. दोनों hi इस आग में जलते जा रिहा थे. तभी देव आगे बाद के पूनम के चिकने पेट को सहलाते हुए अपना हाथ धीरे धीरे आगे बढ़ाता जा रहा था इधर पूनम की छूट भी पहली बार किसी लुंड का स्पर्श महसूस कर रही थी और वो भी इतना बड़ा और कठोर लुंड जिस का अहसास पा कर बहोत ज्यादा गीली हुई जा रही थी . तभी देव ने पूनम के विशाल और उन्नत चूचियों को छुआ . और देव ने उन कठोर चूचियों को अपने पंजे में ले कर हल्का सा बड़ा दिया.

……. तभी पूनम होश में आ गयी और देव को धक्का देकर नीचे लुढ़का दिया और खुद उठकर कड़ी हो गयी.

पूनम – क्या हुआ मर. देव मूड बन गया?( देव के लुंड को देखते हुए)

देव – के ों पूनम थ्ट्स नॉट फेयर

पूनम - एवरीथिंग इस फेयर इन लव & वॉर मर. देव.

देव – तेरी एवरीथिंग की तो. और देव ने उसे फिर पकड़ लिया अपनी बहो में.

पूनम – देव जरा सुनो. हमारी वजह से रूद्र और नीलम का प्यार भी अधूरा है उनका मिलान भी अधूरा है जरा सोचो वो सेकड़ो सालो से साथ है फिर भी उनका मिलान नहीं हुआ. क्यों? क्यों के उन्हें हम दोनों की वापसी का इंतजार थान ा, और आप? क्या आप उन्हें धोखा देना चाहते है? बोलिये देव?

देव – नहीं पूनम मए मेरे दोस्त को धोखा नहीं दे सकता ऐसा महा पाप मए सपने में भी नहीं सोच सकता.

पूनम - तो मर. अपने जज्बातो को और अपने इस शेर को काबू में रखना सीखिए. वार्ना आप तो इतने गंदे हो गए हो की मुझे भी बहका डोज. मए आपकी अमानत हु मुझे आपका hi होना है आपकी hi हु मए बस हमारे विवाह तक इंतजार कीजिये जिससे रूद्र और नीलम को भी उनका प्यार मिल सके उस दिन की बात hi कुछ और होगी देव.

देव हस्ते हुए – तुम सही कह रही हो पूनम और पूनम ऐसी गलती दुबारा नहीं होगी. Don’t वोर्री.

पूनम - अच्छा देव भाभी का तो समझ में आया ये बाकियो का क्या चक्कर है? और आपने मेरी देवकी काकी को भी नहीं छोड़ा. कैसे झेला होगा आपको बाप रे……………

देव – अरे वो तो उन्हें hi ठरक छड़ी थी मेरी झोपडी में आ कर मेरी धोती खोल दी और खुद भी नंगी हो कर टंगे खोल दी तो मए क्या करू?

पूनम – चुप बेशरम आप उनके होने वाले दामाद भी हो समधी भी कुछ तो शर्म कर लेते.

देव – अरे छोडो न यार, जब मूड बनता है तो रिश्ते नाते पीछे छूट hi जाते है.

पूनम - और दोनों ममिया?

देव – वो मेरे मां सेल दोनों hi मामियो को खुश नहीं कर पते तो वो दोनों बेचारी परेशां थी इसलिए…………

पूनम - इसलिए आपने उन्हें खुश कर दिया वह वह ………… क्या बात है………………

………….. और ठकुराइनों का क्या स्कीन है?

देव – वो ज्योति की खुजली बाद गयी थी तो मुझसे मिटा ली वो तो मुझे चाहने लगी थी मैने कह दिया मए किसी और को चाहता हु. तो बोली ठीक है मुझे सेक्स hi दे दो तो उसे भी दिया और फिर बड़ी ठकुराइन की भी ठरक मिटा दी.

पूनम – हे भगवन क्या करू मए इनका सरे ज़माने के ऊपर चढ़ोगे क्या?

देव – सरे ज़माने के ऊपर तो नहीं पर है जो मेरे भगाया में होगी वो मेरे पास आ है जाएगी और उस के ऊपर तो चढ़ना hi पड़ेगा. बस तुम अब बुरा मत मन्ना.

पूनम – ठीक है ये आपकी शक्तियों के लिए और आपकी सेहत के लिए है इसलिए मए अभी छूट दे रही हु. क्यों की अभी मए इसमें आपकी कोई मदद नहीं कर सकती. लेकिन शादी के बाद अगर मेरे शिव किसी और के बारे में सोचा भी न तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा.

देव – फिर तो मुझे तुम hi अपने अंदर फसा के रखोगी मए जनता हु. और मुझे तुम अकेली जिंदगी भर झेल लोगी ये भी मए जनता हु. पर पूनम एक विनती है तुमसे. मए तुमसे एक परमिशन चाहता हु. प्लीज इंकार मत करना.

पूनम - मए जानती हु देव आप क्या कहना चाहते है. आप चिंता मत कीजिये. शादी मेरी आपसे होगी लेकिन आपकी दो बीविया रहेगी हमेशा . एक मए और दूसरी दिया भाभी. और हमारे बच्चे भी सिर्फ आप से hi होंगे. यही कहना चाहते थे न आप.

देव- है……….. पर तुम्हे कैसे पता?

पूनम - देव मुझे शक्तिया मिलते hi मैने सब से पहले आपकी जन्दगी के बारे में जाना था जिससे मुझे ये सब पता चल गया था. पर मए चाहती थी के आप खुद मुझे ये सब बताये. और मुझे दिया भाभी से कोई जलन नहीं है. मए उन के लिए खुश hu.aur तुम्हरे पहले बेटे के लिए भी जो दिया भाभी की कोख में पल रहा है.

देव – तू निकली न वही टिपिकल वाइफ पति पे शक करना भी शुरू कर दिया और उसकी जासूसी भी कर ली?

पूनम – है तो ? मेरे पति पे मेरा पूरा हक़ है यार सबका होता है. चाहे वो पति हो या होने वाला पति हो इसमें क्या गलत है?

देव – कुछ गलत नहीं मेरी माँ अब मुझे बक्श दे और चलके सो जा कल जाना है वापस घर.

पूनम – अरे घर से याद आया वह क्या हो रहा होगा? वो लोग तो परेशां हो गए होंगे न?

देव – जी नहीं कोई परेशां नहीं है वह, मैने अपना और तेरा क्लोन वह सेट कर दिया था उन सब के लिए हम वही है और इस बीच वो हम दोनों का रोले प्ले कर रहे है don’t वोर्री. चलो अब जा कर सो जाओ.

पूनम देव से थोड़ा दूर हो कर पलटती आहे और अपने दन्त को स्टाइल से अपने होठ से कटती हुई देव को देखती है

पूनम - क्या देव मए अकेली जाकर सो जाऊ ? तुम्हे मेरे साथ नहीं sona?aesi भरी जवानी में अकेले सोने को बोल रहे हो अपनी बीवी को ?

देव घर को पूनम को देखता है तो पूनम हसने लगती है देव उसकी शरारत समझ जाता है

देव - इधर आ मए सुलाता हु तेरे को

पूनम ठेंगा दिखा के भाग जाती है - nahiiiiiiiiiiiiiiii...................

फिर देव और पूनम अपने अपने कमरे में जाकर सो जाते है. देव के दिमाग में पिछली बाते जानकर काफी सरे तूफ़ान घूम रहे थे. लेकिन अब उसे अपने दोस्त रूद्र से मिलने की भी जल्दी थी वो उस से मिलने के लिए बेचैन हो रहा था.

दूसरे दिन सुबह 4 बजे उठाकर देव फिर साधना में बैठ जाता है अब वो अपनी जागृत शक्तियों को बढ़ाने में लगा हुआ था. क्यों के उसे भी ये पता चल चुक्का था के उसकी शक्तिया जितनी स्ट्रांग होगी उसका दुश्मन उतना कमजोर होता जायेगा. करीब दो घंटे बाद वो उठकर तैयार होने चला जाता है. और फिर करीब एक घंटे बाद वो तैयार होकर जब सब के सामने जाता है तो वह सभी मौजूद थे. सब मिल कर नाश्ता करते है.

देव – महराज, पिता जी , माँ अब हमें आज्ञा दे हमें अभी पृथ्वी लोक जाना है.

सड़ – ठीक है बीटा जाओ. और अपना ख्याल रखना

बीएस – है बीटा अब हम सब में इतनी शक्ति नहीं के हम तुम सब की जुदाई को दुबारा बर्दाश्त कर पाए. तुम सब अपना ख्याल रखना और जल्दी आना

देव – आप लोग चिंता मत करे अब तो मेरा एक पेअर यहाँ रहेगा दूसरा धरती लोक पर क्यों के दोनों जगह मेरा परिवार है. और दोनों hi परिवार मेरी जिम्मेदारी भी है. बस वह के कुछ काम निपटने है और फिर अपने दोस्त को भी तो ढूँढना है. मए आता रहुगा.

फिर पूनम देव और शलाका निकलने को तैयार होते है. तो नागार्जुन उन्हें वापस ले आता है.

देव – नागार्जुन तुम यहाँ सब का ख्याल रखना और कोई भी परेशानी हो मुझसे तुरंत संपर्क करना मए उसी पल आ जाउगा.

नागार्जुन - आप बिलकुल चिंता न करे देव मेरे होते हुए कोई भी परेशानी नहीं होगी.

फिर देव और पूनम अदृश्य होकर गाँव में देव के hi बैडरूम में आ जाते है. और वह देव अपने क्लोन और पूनम के क्लोन को बुलाता है.
 
भाई ये मेरा बी तजुर्बा रहा है के फ्लैशबैक में काम hi मजा आता है. क्यों की उसमे तो पिछली बाटे सामने आती है इसलिए उसमे सेक्स सन तो डिटेल वाला फिट होता नहीं कही भी क्यों क फ्लैशबैक बताने वाला तो वैसी डिटेल बताएगा नहीं जो सेक्स की होती है. कोई वैसी डिटेल फ्लेशबैक्स में डालता बी है तो जमती नहीं है इसीलिए मेरी कहानी के फ्लैशबैक में कोई हॉट सन नहीं था. वही बाटे थी जो कोई किसी को रियल में बता सकता है. शायद इसीलिए आपको इंट्रेस्टिंग नहीं लगा होगा. कोशिश करेंगे के आगे स्टोरी आपको अच्छी लगे
 
रितिका जी थैंक्स फॉर योर कमैंट्स . अब तक मैने शलाका का सन किसी के साथ नहीं सोचा है थोड़ा कन्फूसिओं है उसे ले कर. ये तय है के देवा के साथ नहीं होगा उसका कुछ क्यों क वो पूनम की बहन है इसीलिए देवा उस पर हाथ नहीं रखेगा. नागार्जुन के साथ मुझे शलाका नहीं जैम रही है. फिर भी देखते है. मई बे शलाका के लिए कोई नया hi करैक्टर आ जाये. या फिर नागार्जुन hi हो. देखेंगे. बूत थिस टाइम ी रॉय don't क्नोव.
 
अपडेट - 30

फिर देव और पूनम अदृश्य होकर गाँव में देव के hi बैडरूम में आ जाते है. और वह देव अपने क्लोन और पूनम के क्लोन को बुलाता है.....................

कुछ hi देर में वो दोनों भी देव के बीएड रूम में आ जाते है. और आते hi देव का क्लोन देव में समां जाता है और पूनम का क्लोन पूनम के शरीर में और जैसे hi क्लोन उन के शरीर में समाते है. कुछ देर में hi देव और पूनम को सब पता चल जाता है के उन के पीठ पीछे क्या क्या हुआ किसने क्या कहा.

वैसे कुछ विशेष नहीं हुआ था इस बीच. बस देव के क्लोन से अब तक देवकी एक बार तर्रेके पे छुड़वा के आयी थी. और सब ठीक hi चला था. जस्ट नार्मल

रघु अपने काम में मस्त रहा, मां मम्मी जा चुके थे उन के घर और बाकि सब घर पे . फिर देव को गले लगा के पूनम अपने कमरे में चली जाती है थोड़ी देर के बाद देव जब नीचे आता है तो माँ देव से.

देवा बीटा देखो न ये पद्मा क्या कह रही है?

देवा – क्या हुआ काकी कुछ चाहिए आपको?

पद्मा – नहीं बीटा बस मए तो सावित्री बहन से कह रही थी के अब हमें भी इजाजत दे दो तो हम लोग भी अपने घर जाये.

देवा – काकी कैसी बात करती हो आप. क्या ये घर आपका नहीं?

पद्मा ऐसी बात नहीं बीटा लेकिन आखिर तो ये मेरी बेटी का होने वाला ससुराल hi है न तो बेटी के ससुराल में रहना कुछ सही नहीं है. लोग क्या kahege?aur फिर हमें अपने खेतो को भी देखना है.

देवा – सबसे पहली बात तो ये के ये जैसे मेरा घर है वैसे hi पूनम का भी है तो उस हिसाब से इस घर पे आपका भी उतना hi अधिकार है. आप इसे कुछ और मत समझिये और हमारे साथ hi रहिये.

पद्मा – तेरी सब बाते ठीक है देवा लेकिन फिर भी अब जिद न कर और हमें जाने दे वैसे भी यही तो है हम तू अपनी छत पे खड़ा हो कर देखेगी तो हमारा घर दिखने लगेगा कोई दूर तो नहीं . और अब तो मेरे बेटे की भी इच्छा है बहु के साथ यहाँ आकर रहने किउससे मेरी बात हो चुकी है वो भी आने वाला है जल्द hi तू क्या चाहता है. हम सब यहाँ पूनम के घर में रहे.

देवा -अरे तो क्या हुआ काकी सब साथ रहेंगे न बड़ा मजा आएगा

पद्मा - बड़ा आया मजे लेने वाला चल अब हमें जाने दे . फिर आएंगे हम और है तूने कहा न के मेरा भी हक़ है तो एक काम कर देना हक़ से बोल रही हु.

देवा – अरे सासु माँ हुकुम कीजिये क्या करना है जीन हाजिर है

पद्मा – चल रहने दे बड़ा आया जीन बन के, सुन देवकी को उस के गाँव छोड़ आना कल परसो में.

देवा – क्यों काकी भी जा रही है क्या अपने गाँव

पद्मा - है ये भी जाना चाहती है

देवा – क्या हुआ काकी हमारा घर और गाँव पसंद नहीं आया क्या?

देवकी - अरे बीटा अब तो सब कुछ यही है मेरा. और तू पसंद की बात करता है जो मुझे यहाँ मिला है वो वह तो मिल hi नहीं सकता कभी. पर मज़बूरी है जाना पड़ेगा बहोत दिन हो गए है. तू एक काम कर तू कल आ जाना मए बता दूगी कब चलना है.

देवा – ठीक है काकी मए आ जाउगा.

उस के बाद देवा पूनम, पद्मा और देवकी को रर में बिठा कर घर छोड़ने चला जाता है. और जब वो पद्मा के घर से निकला तभी उसे ठाकुर की गाड़ी नजर आयी देवा ने देखा के ठाकुर और ज्योति गाड़ी में बैठे थे और कही जा रहे थे. देवा थोड़ी देर कुछ सोचता है और उसके होठो पे कमीनी मुस्कान आ जाती है. और वो अपनी गाडी हवेली की तरफ मोड़ देता है.

देवा – गाड़ी को सीधा हवेली के अंदर ले जाता आहे और मैं गेट पे ला कर रोकता है. और जैसे hi गाड़ी से उतरता है तो सामने हॉल में उसे बाला की बीवी कामिनी बैठी नजर आती है.

देवा अंदर आते हुए उसे देख रहा था और मन hi मन उसकी ख़ूबसूरती की तारीफ भी कर रहा था देवा ने पहली बार कामिनी को देखा था. पर अपनी शक्तियों से वो ये पता लगा लेता है के ये hi बाला की पत्नी है.

कामिनी भी देवा को देख के फुल इम्प्रेस हो रही थी वो एक पड़ी लिखी पोस्ट ग्रेजुएट लड़की थी पर देवा के स्टाइल से आकर्षित होने से वो खुद को रोक नहीं प् रही थी.

देवा जैसे hi अंदर आया कामिनी कड़ी हो गयी. उसने भी पहली बार देवा को देखा था. उस रत खिड़की से उसे देवा का चेहरा नजर नहीं आया था. बस अपनी सास की चुदाई की आवाज़ों के बीच उसने सिर्फ देवा का नाम hi सुना था.

देवा - hello कामिनी जी

कामिनी - hi वैसे आप मेरा नाम कैसे जानते है मेरे ख्याल से हम दोनों तो कभी मिले hi नहीं है.

देवा – है मिले तो नहीं लेकिन आपकी तारीफे बहोत सुनी है.

कामिनी- वैसे आपकी तार्रेफ़ ?

देवा – हम जैसे मामूली लोगो की क्या तारीफ हो सकती है कामिनी जी?

कामिनी एक बार देवा को ऊपर से नीचे तक देखती है फिर गर्दन हलकी सी तिरछी कर के बहार देवा की गाड़ी को देखती है. और स्माइल कर के फिर से देवा को देखती है. ………..

………….. मुझे आप किसी भी तरीके मामूली तो नहीं लग रहे है.

देवा – ये तो आपकी नजरो का कमल है कामिनी जी के आपने हमें मामूली नहीं समझा. वार्ना हम किस गिनती में है आपके सामने. वैसे मेरा नाम है देवा.

कामिनी – ये नाम सुन कर हलके से चौंक जाती है और फिर से देवा को ऊपर से नीचे तक देखती है. अब उसके होठो पे एक जानलेवा मुस्कान आ जाती है.

कामिनी – ओह्ह्ह्हह हो तो आप है देवा? वैरी गुड़. बहोत hi शानदार पर्सनल्टी है आपकी ी म इम्प्रेस.

देवा – थँक्स. लगता है आप भी मुझे जानती है?

कामिनी हमने भी किसी के मुँह से सिर्फ आपका नाम hi सुना था. वो भी एक अजीब और सेंसुअल माहौल में… कामिनी मुस्कराते हुए कहती है.

देवा – ओफ्फफ्फ्फ्फ़ सेंसुअल माहौल में भला वो कैसे.

कामिनी – छोड़िये भी पुराणी बात कोई आज की बात कीजिये. वैसे जहा तक मए समझती हु आप तो मेरी सासु माँ से मिलने आये होंगे न?

देवा – ाजी नहीं आये तो हम किसी और से मिलने है पर लगता है के किस्मत में आज आपसे मिलना hi लिखा था और हम मिल hi गए

कामिनी हस्ते हुए – देवा आप फ़्लर्ट कर रहे है हमसे?

देवा – अरे वह आप तो समझ गयी

कामिनी – मुझसे फ़्लर्ट? ठाकुर खंडन की बहु से फ़्लर्ट? देखना कही बाद में पछताना न पद जाये.

देवा – अरे कामिनी जी आपकी खूबसूरती hi ऐसी है के इंसाने तो क्या फ़रिश्ते भी आपका साथ पाना चाहेंगे. फिर चाहे बाद में अंजाम कुछ भी हो. वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दू. के आज तक मुझे कोई ऐसा नहीं मिला के पछताना पड़े. है कई बार लोग मुझसे उलझने के बाद जरूर पछताते है.

कामिनी – अच्छा बहोत घमंड है आपको अपने आप पर?

देवा – घमंड नहीं गुरुर कामिनी जी और नाज़ है खुद पर. लेकिन उतना नहीं जितना आपको अपनी खूबसीरति पर.

और देवा थोड़ा आगे बाद के कामिनी की आँखों में झाँकने लगता है. कामिनी भी देवा के सम्मोहन में आ जाती है. देवा धीरे से अपना हाथ उस के हाथ पे रख देता है और उसे प्यार से सहलाने लगता है. कामिनी तो देवा की आँखों के समंदर में डूबती जा रही थी. देवा धीरे से आगे बाद के एक हल्का सा किस कामिनी के होठो पे कर के अपने होठ हटा लेता है कामिनी की आँखे बंद हो चुकी थी और वो खुद को हवाओ में उड़ता हुआ महसूस कर रही थी फिर धीरे से कामिनी आँखे खोल कर देवा को देखती है. और खुद hi अपना चेहरा देवा की तरफ बढ़ाने लगती है उन दोनों के होठ मिलने hi वाले थे के तभी मोबाइल रिंग बजती है, और कामिनी होश में आती है और एक डैम से झेंपकर पीछे हैट जाती है. और मुस्करा देती है.

कामिनी – आप जादू भी जानते है क्या?

देवा – मेरा जादू तो अधूरा रह गया आपकी फ़ोन की वजह से.

कामिनी – एक मिनट डॉ. का कॉल है.

कामिनी फ़ोन पर - hello जी डॉ. साब कहिये.

डॉ. ………………………………………….

कामिनी – जी ठीक है लेकिन इस वक़्त मेरे ससुर साब कही गए है वो रात तक आएंगे तो मए उन्हें कह दूगी.

डॉ ……………

कामिनी - जी है अभी तो ठीक है वैसे hi है जैसे हॉस्पिटल से लाये थे.

डॉ.………………………

कामिनी - जी ठीक है, मए दे दूगी दवाई थैंक यू

देवा - क्या कह रहे थे डॉ. साब

कामिनी - कुछ नहीं मेरे पति के कुछ टेस्ट करवाए थे उस की रिपोर्ट आ गयी है तो उसे कलेक्ट करना है सिटी जा कर पर मेरे ससुर साब , ज्योति और मेरी सास कोई भी नहीं है इस वक़्त घर par.to अब बाद में ले लगे. और कुछ दवाइया देने की भी बात कर रहे थे.

देवा – कहा गए सब?

कामिनी – मेरे सासु और ज्योति तो पास के गाँव गए है. किसी काम से और मेरी सास कल hi गयी थी अपने मायके. अब घर में सिर्फ मए और मेरे पति hi है वो भी बीमार है और बिस्तर पे है. आप तो जानते hi होंगे के किसी ने उनकी बहोत ख़राब हालत कर दी है. और वो हमेशा के लिए बिस्तर पे आ गए है.

देवा – और आपकी देवरानी भी तो है न वो तो होगी?

कामिनी - नहीं वो अक्सर अपने मायके में hi रहती है फ़िलहाल तो वो भी यहाँ नहीं है.

देवा – मतब कोई भी नहीं है घर पे?

कामिनी मुस्कराते हुए - क्यों मए हु न मुझसे काम नहीं चलेगा क्या ?

देवा – आप चाहेगी तो जरूर चलेगा.

कामिनी - आप बुरा न मने तो कुछ देर मेरा इंतजार कर लीजिये मए अपने पति को दवाई देकर अभी आती हु.

देवा – अरे ऐसी भी क्या बात है चलिए मए उन्हें hi तो देखने आया था. मए भी आपके साथ hi चलता हु.

फिर कामिनी और देवा दोनों बाला के कमरे की तरफ चलने लगते है. कामिनी आगे आगे चल रही थी. साड़ी में कामिनी की गांड बहोत ज्यादा उभरी हुई दिख रही थी. एक डैम गोल और बड़ी hi खतरनाक. जिसे देख कर देवा का लुंड अंगड़ाई लेने लगा था उसके उठते गिरते चूतड़ों की थिरकन देवा को मजबूर कर रही थी के जाकर उन्हें दबोच ले और अपना लुंड उनके बीच घुसा दे. यही सब देखते हुए देवा भी ऊपर पहुंच जाते है तभी कामिनी अचनाक पीछे मुद के देखती है तो देवा उसकी गांड hi देख रहा था और उसके जीन्स में तम्बू बना हुआ था जिसे देखा कर कामिनी की छूट गीली होने लगती है. वो मुस्करा देती है.

कामिनी – बाद में देख लेना. कमरा आ गया है चलो अंदर

देवा – बाद में अच्छे से दिखा देना

कामिनी बिना जवाब दिए मुस्कराती हुई अंदर चली जाती है. देवा भी अंदर जाता है जहा बाला पत्तियों में लिप्त हुआ पड़ा था. उसकी आंखे अभी बंद थी. उसे देखते hi देवा की आँखों में आग बढ़ने लगती है. लेकिन देवा खुद को संभल लेता है. और पलंग के पास खड़ा हो जाता है. तभी कामिनी आवाज दे कर बाला का कन्धा पकड़ के हिलती है तो बाला आंखे खोलता है. कामिनी को देख कर वो जैसे hi अपने बाजु में देखता है तो खौफ के मरे पसीने निकलने लगते है. सामने देवा खड़ा मुस्करा रहा था.

देवा – कैसे हो बाला? मए तो तुम्हारा हाल चाल जानने आया था, कामिनी जी से पता चला के अब तुम कभी बिस्तर से उठ नहीं पाओगे. जान कर दुःख हुआ . अब कैसे हो?

कामिनी थोड़ा आगे जाकर दराज़ खोलने के लिए झुकती है और उसमे से दवाइया निकलने लगती है.

देवा बाला के कान में – मादरचोद बड़ा शौक था लोगो की जिंदगी बर्बाद करने का मासूम लड़कियों की इज्जत से खेलने का. वो देख तेरी बीवी की क्या मस्त गांड है. जैसे अभी झुकी हुई है न. थोड़ी देर के बाद मेरे लुंड के आगे भी ऐसी hi झुकी हुई होगी, पर नंगी. और उसे मए छोड़ूगा. जबरदस्ती नहीं. वो अपनी ख़ुशी से मुझसे छुडवायेगी. आज, अभी, यही , इसी घर में वो भी बिलकुल तेरे बाजु वाले कमरे में और उसे इतना छोड़ूगा के वो अपने मजे में ये भी भूल जाएगी के बगल वाले कमरे में तू है. इतनी तेज चीखे और सिसकियों की आवाजे निकल के कमर उठा उठा के छुडवायेगी मुझसे आज तेरी ये बीवी के तू इसी बिस्तर में मूट देगा. तू देख बहनचोद मए कैसे फाड़ता हु आज इसकी बुर. वैसे मस्त माल है तेरी बीवी.

इतने में कामिनी दवाई का दोसे बना चुकी थी. वो जैसे hi पलटती है देवा सीधा हो जाता है. कामिनी आगे आ रही थी के उसका पैर नीचे बिछे कालीन में उलझ जाता है और वो गिरने वाली होती है के देवा झट से आगे बाद के उसे थमता है लेकिन इस चक्कर में उस के दोनों हाथ कामिनी के दोनों भरी चुचो पे hi आते है और कामिनी को साथ लिए लिए देवा भी नीचे गिर जाता है.

अब नजारा ये था के देवा नीचे लेता था. और कामिनी देवा के ऊपर , देवा के दोनों हाथो में कामिनी के दोनों चुके थे. और कामिनी के होठ देवा के होठो के ऊपर. और ये सब बाला भी देख रहा था. देवा बिना मौका गवाए कामिनी के होठो को जोर से चूस लेता है और साथ hi उसके दोनों चुचो को बहोत जोर से दबा देता है, कामिनी इस उत्तेजना में अपनी छूट देवा के खड़े लुंड पे दबा देती है. ये सब कुछ hi पालो में हुआ लेकिन दोनों ने इस मौके का भरपूर फायदा उठाया और बाला ने सब देखा भी तभी देवा अपने हाथ चुचो से हटा कर कामिनी की कमर पकड़ के उसे उठा देता है. उसे मसलते हुए और कामिनी भी एक आखरी बार अपनी छूट को देवा के लुंड पे जोर से रगड़ के उठ कड़ी होती है.

कामिनी – सॉरी वो मेरा पेअर अटक गया था तो बैलेंस बिगड़ गया.

देवा – ाचा हुआ . मेरी तो किस्मत खुल गयी न

कामिनी मुस्करा के - शुतुप देवा

बाला सब देख रहा था और समझ रहा था. उसे हैरानी हो रही थी के उसकी बीवी देवा के फ़्लर्ट में उसका साथ दे रही है वो तो समझ रहा था कामिनी कड़ी हो कर देवा को एक जबरदस्त छठा मारेगी. लेकिन हुआ इसका उल्टा.

फिर कामिनी दूसरा दोसे बना के बाला को देवी दे देती है.

देवा – अच्छा बाला अपना ध्यान रखना. कामिनी जी मए भी चलता हु .

कामिनी – अरे ऐसे कैसे चलते है जनाब हमें आपकी कोई खातिर तो की hi नहीं. थोड़ी देर रुकिए फिर चले जाना. आइये हम दूसरे कमरे में बैठते है.

कामिनी बाला को - मए आती हु थोड़ी देर में. Ok

और कामिनी दरवाजा खोल कर बहार निकल जाती है देवा बाला को दिखा के ठुकाई का इशारा करता है और निकल जाता है.

कामिनी नीचे जाने लगती है तो देवा – अरे कामिनी जी बाला को आपकी जरुरत होगी न आप यही रहिये उस के पास

कामिनी – जिसे कभी मेरी जरुरत का ख्याल नहीं आया उसे अब मेरी क्या जरुरत . आप परेशां मत होइए. मए बाद में उसे आकर देख जोगी.

देवा – चाह एक काम करते है. यही बाला के बाजु वाले कमरे में बैठ जाते है.

कामिनी – ok चलिए

कामिनी बगल वाला कमरा खोल देती है जो के फुल फर्निश्ड था hi. उस कमरे में भी एक शानदार डबल बीएड और सोफे रखा हुआ था. साथ hi आत्ताच बाथ रूम भी था और कामिनी अंदर आ कर एक ों कर देती है.

दोनों वही सोफे पे बैठ जाते है.

कामिनी – देवा अगर आप बुरा न मने तो एक बात पुछु?

देवा – है पूछो न मए बुरा क्यों मानुगा?

कामिनी – आपको मातुरे लेडी पसंद है क्या

देवा – ऐसी तो कोई बात नहीं कामिनी, मुझे तो आप भी बहोत पसंद आयी कामिनी ये सुन कर शर्मा जाती है.

कामिनी - देवा कुछ दिन पहले आप यहाँ आये थे तो मैने आपको अपनी सास के साथ देख लिया था उनके बैडरूम में जब आप दोनों प्यार में खोये हुए थे.

देवा – प्यार में नहीं कामिनी. सेक्स में

कामिनी का चेहरा लाल हो जाता है वो देवा से नजरे नहीं मिला प् रही थी.

देवा – असल में तुम्हरी सा को मए पसंद आ गया तो उन्होंने मुझे बुलाया था. और फिर अपनी इच्छा जाहिर की अब इतनी बड़ी ठकुराइन की इच्छा को मए पूरी कैसे न करता?

कामिनी – ओह्ह मए समझी आप उस के प्यार में पद गए है

देवा – नहीं कामिनी प्यार मए एक लड़की से करता हु और उस से hi शादी भी करने वाला हु.

कामिनी ये तो बहोत अच्छी बात है. वैसे तुम रहते कहा हो?

देवा – बस यहाँ से थोड़ा दूर जो अंगूर के बैग के पास वाला झोपड़ा है वो मेरा है.

दीपा – लेकिन वह तो कोई झोपड़ा नहीं? बस एक शानदार बंगलो है.

देवा – है पर आप के सामने तो वो झोपड़ा hi है न.

कामिनी – no वे देवा, क्या तुम उस बंगलो के मालिक हो?

देवा – जी है

कामिनी – ओह्ह माय गोष देवा और वो बैग

देवा – वो भी इस नाचीज़ के hi है.

कामिनी – वैरी नीस देवा मए तो समझती थी. के उसका मालिक कही बहार रहता है.

देवा – जी नहीं उसका मालिक और आपका गुलाम तो यही आपके पास है

कामिनी शर्मा जाती है – मेरा गुलाम ?

देवा – कामिनी का हाथ पकड़ के उसे चुम लेता है और उसके गाल पे अपने एक हाथ से सहलाते हुए उसकी आँखों में देखता है – है कामिनी तुम्हारे इस हुस्न का गुलाम., तुम बेहद खूबसूरत हो कामिनी, तुम्हे पाने वाला कोई खुश किस्मत होगा. उसके तो भाग्य hi खुल जायेगे जो इस रूप का रसपान करेगा.

देवा कामिनी के होठो पे ऊँगली फेरत हुए. ये होठ, ये आंखे, ये नरम मुलायम गाल देवा उन्हें चूमता भी जा रहा था. ……… ये सब किसी आम इंसाने की किस्मत में कहा कामिनी. तुम तो रूप की देवी हो. सचमुच तुम कामिनी hi हो काम की देवी.

कामिनी से बर्दाश्त नहीं होता और वो तड़प के देवा के गले से लग जाती है. देवा भी कामिनी को बहो में कास लेता है और उसकी गार्डन को चूमने लगता है, चाटने लगता है.

जहा कामिनी के शरीर की भीनी भीनी खुशबू देवा को माधश कर रही थी वही देवा की मरदाना खुशबू से कामिनी और उसकी छूट पिघलती जा रही थी.

देवा कामिनी की आँखों में देखते हुए – क्या इस रूप की गागर से कुछ कतरे मुझे पिलाओगी?

कामिनी शर्मा के अपना चेहरा देवा की छाती पे रख देती है.

देवा – तुम्हे उस दिन अपनी सास के साथ देख कर hi मए तुम्हरी हो गयी थी. लेकिन उस दिन मए तुम्हारा चेहरा नहीं देख पायी थी.

देवा छेड़ते हुए– तो क्या देखा था?

कामिनी – धत्त बदमाश ……….. कुछ नहीं देखा था बस तुम्हरी और अपनी सास की आवाजे hi सुनी थी और ………………..

देवा – और?

डीप – और …………………. उन आवाज़ों से अपनी सास की सिसकारियों से hi तुम्हारी मर्दानगी की ताक़त का अंदाजा मुझे हो रहा था. मए तो उसी समय तुम्हरी दीवानी हो गयी थी.

देवा – सच?

कामिनी – हां देवा

देवा – तो आ जाती न अंदर बहार से सुन के चली क्यों गयी ?

कामिनी - उस समय तुम मेरी सास पे छाडे हुए थे मए कैसे आ जाती ?

देवा – आ जाती तो तुम पर भी चढ़ जाता

कामिनी – बहोत ख़राब हो आप जाइये मुझे बात नहीं करनी आपसे...................
 
अपडेट - 31

कामिनी – बहोत ख़राब हो आप जाइये मुझे बात नहीं करनी आपसे…………….

देवा – अब कामिनी को खींच कर अपने करीब लता है और उसे चूमने लगता है.

और उसे लिए लिए वही सोफे पे लेट जाता है. इस वक़्त कामिनी देवा के ऊपर hi थी और उसे चुम रही थी. देवा भी कामिनी के बदन को सहलाते हुए उसके गलो को और होठो को चुम रहा था., कामिनी ने देवा की शर्ट के बटन खोल कर शर्ट निकल क साइड में रख दी और उसकी छाती को सहलाते हुए चूमने lagi.ke अचानक

तभी कामिनी – देवा थोड़ा रुको दवाई उस समय मेरी साड़ी पे गिर गयी थी मए चेंज कर के आती हु.

कामिनी जाने लगती है तभी

देवा. – कामिनी जरा रुको मए बाथरूम से होकर आता हु.

देवा बाथरूम में घुस जाता है. और अपनी जीन्स उतर के व्है टांग देता है और मूतने लगता है. इस वक़्त वो पूरा नंगा था. शर्ट तो कामिनी ने उतर hi दी थी और जीन्स देवा ने खुद उतर ली

देवा का लुंड इस समय खड़ा hi था. देव उसे मसलते हुए मूट रहा था. जब वो फ्री हो कर पलटा तो सामने कामिनी कड़ी थी वो भी फुल नंगी.

देवा धीरे से आगे बाद के शावर चालू कर देता है . और अकेला भीगने लगता है और अपना लुंड सहलाने लगता है जिससे उसका लुंड और ज्यादा भयानक रूप में खड़ा होकर नाचने लगता है.

कामिनी की आंखे भी देवा के खतरनाक लुंड पे hi थी.

अचानक कामिनी ने झुक कर देवा के लुंड के टोपे को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी.....

देवा भी झुक कर उसके बड़े-2 बोस सहलाने लगा …और धीरे- धीरे कामिनी देवा के लुंड को मुँह में भर कर चूसने लगी...

देवा -aahhh…tum तो एक्सपर्ट हो

Kamini—ummmmmmmmmm……uuuummm..uummm..ummm.

अगले 5 मं कामिनी पुरे दिल से उसी पोजीशन में लुंड चूसती rahi....or jhuki-jhuki थक gai...to मुँह से लुंड निकाल कर बोली

Kamini-aaahhh….sach में …ऐसा लुंड काम hi मिलता hai….aaahhhh… बहोत मस्त है देवा

कामिनी उप्पेर उठकर देवा के होठो पर किश करने लगी और हाथ से लुंड सहलाते हुए....

Kamini-aaahhh…jo भी करना है जल्दी करो ……………जल्दी karo…jabse तुम्हे अपनी सास को छोड़ते हुए इस लुंड को देखा है तबसे आग लगी है…

देवा कामिनी को कमर से कीच कर- रुक jaa…teri आग बुझता हूँ…

Kamini-haa…par अभी जल्दी karna..kahi बाला घंटी बजा के मुझे बुला न ले

Main-jaldi में तेरी छूट और गांड दोनों कैसे फाडूगा...

Kamini(muskurate हुए)- मुझे लगा hi था तुम मेरी गांड जरूर मरना chahoge….but अभी nahi….time काम hai….or वैसे भी यहाँ तो अब तुम्हे आना hi पड़ेगा पहले तो सिर्फ मेरी सास की छूट की खुजली मिटानी थी अब तो मए भी तुम्हारे इस लुंड का इंतजार करुँगी फिर मेरी गांड भी मार लेना

Deva-ok..dekhte है….

इतना कह कर देवा ने कामिनी के बूब्स चूसना सुरु किया और कामिनी अपने हाथ से अपनी छूट सहलाने लगी...

थोड़ी देर बाद देवा ने निचे झुक कर उसकी छूट चाट ली...

Deva-aaahh …में जान क्या रसीली छूट uuuuuuuuuummmmmmmmmhhhhhhhh …

Kamini-aaahh….mazaa..aa..gayyyaaaaaaaa ीीीे… देवा और छतो खा जाओ मेरी छूट को

अगले 5मं सिर्फ शावर से गिरते पानी की और छूट चुसाई की आवाज़े आ रही थी…

Kamini-ammmuuuhhhhh….aaaahhhh…….mmmnnnnnmmmm...uuummmmmm...uuummm

देवा की चुसाई से कामिनी झड़ने लगी और बोली.....

Kamini-aaaahhhh…..mmmmaaaa…..kkkkyaaa…choossta hai…….or देवा के मुँह में छोट रास बहाने लगी..

Kamini-aaahhh…maza आ gye…..tujhse तो पूरी रात chudwaugi…lekin अभी जल्दी से दाल de…aag लगी हुई है छूट में...

देवा मुस्कुरा kar-theek hai..aaja…

और देवा ने कामिनी को एक तरफ झुका kar…apna लुंड उसकी छूट में दाल दिया.....

Kamini—aaaiiii…..kitna tagda...aahhhhh

देवा अभी आधा hi लुंड डाला tha…par सायद कामिनी ने उसे पतला लुंड hi खाया hai…tabhi चीख पड़ी..

देवा ने फिर से 1 शॉट लगाया और इस बार पूरा लुंड कामिनी की छूट में चला गया

Kamini-aaahhh…mmaa ममममरर gagaaii…ooohhh…maaaa

देवा – क्यों डार्लिंग मज़ा आया

Deppa-aaarrram se…rruukkkooo..thhodaa.....aahhhhhh

कामिनी ने रुकने को बोलै पर देवा ने अपना लुंड बहार निकाल कर एक hi झटके में अंदर दाल दिया...

Kamini-ohhhhh…devaaaa….mmmaararrr....gggaaiiii....maee तो

देवा- sali..…kyo चिल्ला रही hai…tu hi आई थी छूट खोल कर

कामिनी- ….छोड़ने आई thi…..marne naaahhii…ooohhh..maa...

देवा ने अब एक के बाद एक शॉट लगाना सुरु किया और वो भी लुंड बहार करके एक बार में पूरा अंदर डालता था.....

Kamini-sssallleeee….aaarrraamma….aaahahh…ssseeee…mmmmaarrr…..fffaaat…gggaaiii…mmmaaa

Deva-ye ले कामिनी रानी …अब फटेगी तेरी…

और देवा तेजी से कामिनी की छूट मरने लगा

5 मिनट में hi कामिनी की आवाज़ बदल गई...

Kamini-aaahhh,…ahhhaaa…aaise hi…aaahhh…oorr…tejj…

Deva-faad दू...???

Kamini-aaahh….faadd de……pura daall…aahh….hhaaa…andddaarrr हहहा

देवा - saali...ye le...or देवा ने 1 हाथ से उसके बोस को पकड़ा और दवा दिया

Kamini-aaahh…haaa…raaajjjaaa…aaiiisseee..hhhii…ffaaad…deee….

देवा ने दूसरे हाथ से दूसरा बूब भी पकड़ा और दोनों बूब को निचोड़ते हुए कामिनी की चुदाई करने लगा

Kamini-aaahhh…maassaalllddde……kkkhhhaaa…jaaa….aaahhhh…oorrr…teeejj,,,,aahhh,,,,,,aaannnddaaaarrrrrrr ….taaakkk….mmmaaa

बाथरूम का दरवाजा खुला hi था इसलिए कामिनी की तेज आवाजे बगल वाले कमरे में बाला जरूर सुन रहा होगा क्यों की इसी दीवार के उस तरफ बाला का बीएड लगा हुआ था. उसे और जलने के लिए देवा कामिनी की गांड और चुके दबा दबा के उसकी बुर पेलने लगा

देवा इसी तरह 3-4 मिनट और छोड़ता raha...fir कामिनी की छूट से लुंड निकला और उसे शावर के नीचे ले गया....

देवा ने कामिनी की एक टांग को हाथ से पकड़ कर उठाया और पूरा लुंड उसकी छूट में दाल दिया....

कामिनी आगे झुकते हुए देवाल से हाथ लगाए हुए सिसकने लगी...

कामिनी- ohhh...mmmaaa...aaahh...aahh...aahhh...uumm...oohhh

देवा - yes...aahh....maza आया... के नहीं ohhhhhhhhhhhhh ये ले बहोत टाइट है तेरी छूट तेरा पति नहीं छोड़ता था क्या तुझे कामिनी

कामिनी – उसे छोड़ वो मादरचोद तो मेरी नाजुक कासी हुई छूट छोड़ कर रंडियो के ढीले भोसड़े में hi घुसा रहता था बहार छूट छोड़ने के पैसे भी देता था और फाटे हुए भोसड़े छोड़ कर आता था या फिर गाँव की मासूम लड़कियों और औरतो की जिंदगी बर्बाद करता था अच्छा हुआ साला बिस्तर पे पद गया अब तो उसका लुंड मूतने क hi काम आएगा बस.

देवा को ये जान कर बहोत ख़ुशी होती है के कामिनी बाला की तरफ नहीं है बल्कि कही न कही वो भी बाला से नफरत hi करती है और उसकी इस हालत पे खुश भी है.

देवा और तगड़े शॉट मरते हुए कामिनी को छोड़ने लगता है पुरे वाशरूम में चुदाई की आवाज़े आ रही thi....Deva कामिनी को चोदे जा रहा था और शावर से पानी की ठंडी ब्रौशर उन दोनों के नंगे जिस्मो को भिगो रही थी....

ऐसे hi कुछ देर की दुमदार चुदाई से कामिनी फिर से झड़ने लगी....

Kamini-aaahhhhh…ah.ahh.ahhh…ammmaaiinn…aaaiii…..ahh..ahhh... मई आइइइइइ देवा जोर जोर से छोड़ मुझे मए आ रही हु aaaaaaaaaaahhhhhhhhhh maaaaaaaaaaaa

देवा -aaahhh….ye ले … और ले मेरा लोढ़ा और दिल खोल कर अपना पानी निकल

कामिनी झड़ने लगी और चुदाई की आवाज़ बदलने लगी...

Aaahhh…..sshhhhehh..aahhh…ttthhhhuuuppp…cchhhhuuppp…..yeeehhhhaaa…aahhhhh…ttthhhuuupp…ttthhhuuuppp….ccchhhhhaaappp….ttttuuupp

वाशरूम में बस चुदाई की आवाज़ आ रही थी पानी की आवाज़ भी इसके आगे गायब थी....

कामिनी के झड़ते hi देवा ने पलट कर कामिनी को गॉड में उठा लिया और कामिनी ने देवा की कमर को अपनी जांघो से जकड लिया और गले में बाहें लपेट कर किश करने लगी....

देवा ने अपने हाथ से लुंड कामिनी की छूट में सेट किया और अंदर दाल diya...or फिर कामिनी के बूब्स चूसते हुए उसे गॉड में uchaal-uchaal कर छोड़ने laga....lund सटासट कामिनी की छूट फाड़ने लगा....

Kamini-aaahhhhh…ah.ahh.ahhh…ammmaaiinn…aaaiii…..ahh..ahhh...yes..yesss...yyeess...aahh...uuummm ..आठ

देवा -aaahhh….ye ले …टेक it...yes यस यस डार्लिंग ऐसी hi अपनी छूट को सिकोड़ ले कास ले अपनी छूट से मेरे लुंड को मजा आ रहा है. तेरी छूट तो तेरी सास की छूट से हजार गुना मस्त है

चुदाई की आव ाज़े फिर से तेज होने लगी....

Aaahhh…..sshhhhehh..aahhh…ttthhhhuuuppp…cchhhhuuppp…..yeeehhhhaaa…aahhhhh…ttthhhuuupp…ttthhhuuuppp….ccchhhhhaaappp….ttttuuupp

जब देवा को लगा की वो झड़ने के करीब है तो देवा कामिनी को गॉड से उतर कर उसे सामने झुका कर पीछे से छोड़ने लगा.....

Kamini—aahh…rrraaajjjja……aaaiiiseeee,,hii….kkhhhuusss…kkarrr ddiya…aabb…maiinn..bbhhi….khhusshh..kkarrrr duuugggiii…aa हहह…. ooorrr…tteejj

देवा -yeeeeeeeeeee hhhaaa….yyyhhhaaa

Kamini-aaahhh…ooojhhhh…mmmazzaaa…aahhhh

देवा -aahhh..mmmaiiannn झड़ने वाला हु… कामिनी .

Kamini-aaahhhh..mmmaaiinnnn बभही aiaiiaii,,,aahhhhhhh

और 30 मिनट की चुदाई में कामिनी फिर से झाड़ गई और साथ में देवा भी ....

जैसे hi देवा ने कामिनी की छूट को अपने लुंड रास से भर दिया ......तो वो पलट कर फर्श पर बैठ गई और देवा का लुंड चूसने lagi...or लुंड को पूरा चाट कर साफ़ क्र के बोली...

Kamini-maan गई tujhe…kya छोड़ता hai….mast लुंड hai…mujhe पूरा निचोड़ डाला तुमने देवा.

देवा -तुझे पसद aaya…bas और क्या चाहिए...

कामिनी नशीली आँखों से देखते हुए देवा के गले में बहे दाल कर अपने बूब्स उसके सीने से रगड़ती हुए – और कुछ नहीं चाहिए मेरे देवा को मुझसे?

देवा ने भी कामिनी की गांड दबोच ली. है मेरी जान चाहिए जरूर चाहिए तेरी ये गांड. इसे छोड़ने डौगी न?

कामिनी - मए तो पूरी की पूरी तेरी हो गयी देवा जब चाहो जहा चाहो जैसे चाहो मुझे छोड़ lo.ye गांड क्या है मए तो अपनी माँ छुड़वा लू तुझसे. मेरी जान उउउउउउउम्मम्मम्मह्हह्ह्ह्ह

देवा – तेरी माँ भी छोड़ दुगा अगर किस्मत में होगा तो. पर अब पहले तेरी देवरानी को छोड़ना है. ये मेरा मिशन है के ठाकुर खंडन के मर्दो के सामने उनकी औरतो की ठुकाई वो भी उन औरतो की मर्जी से.

क्यों की मए जनता हु की तुम सब में से कोई भी ठाकुर खंडन के किसी भी मर्द को पसंद नहीं करती यहाँ तक की अपने अपने पतियों को भी नहीं वो तो बस मज़बूरी है तुम लोगो की इसलिए उन के साथ रहती हो और उन के सामने अपनी टंगे भी खोल देती हो वार्ना दिल तुम लोगो का भी नहीं है.

कामिनी – बिलकुल सही कहा देवा देखो न ऐसा न होता तो मेरी सास तुमसे न चुदती मए न चुदती और अगर इस घर से या इस घर के मर्दो से प्यार hi होता तो मेरी देवरानी इस वक़्त मायके में नहीं अपने ससुराल में यहाँ होती जब की उसका पति जेल में है बाला की ऐसी हालत है फिर भी क्यों वो अपने मायके में है. उसका कारन यही है के हम लोगो का कोई लगाव नहीं है इस खंडन से.

देवा कामिनी के होठ चुम कर उसे अपनी गॉड में उठाकर पलंग पे लिटा देता है और उसकी चूचिया सहलाते हुए

……… कामिनी तुम्हरे बाला की ये हालत जानती हो किसने की?

कामिनी - नहीं मए नहीं जानती पर जिसने भी की सही किया. क्या तुम जानते हो उसे?

देवा – है कामिनी ……….. क्यों की उसकी ये हालत मैने की है

कामिनी - क्या तुमने ………..

……………… मए भी सोचु ऐसा कौन सा मर्द मिल गया इस गाँव में बी जिसने बाला को इस तरह अपाहिज बना डाला. पर अभी जो तुमसे चूड़ी हु तो मुझे महसूस हो रहा है के तुम hi वो मर्द हो सकते हो. मुझे तुमसे कोई शिकायत नहीं देवा वो है hi इसी काबिल अब साला जिंदगी भर पड़ा रहगे अपनी टट्टी पेशाब में . पर तुमने ऐसी बुरी हालत क्यों की थी उसकी तुम्हारा क्या बिगाड़ा उसने?

देवा – मेरी बहन का अगवा किया था उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर और उसकी इज्जत लूटना चाहते थे सब. उसके साथ गैंगरेप करना चाहते थे. मेरी मासूम बहन का.

कामिनी - बहोत सही किया देवा ऐसे वहशी दरिंदो को जीने का कोई हक़ नहीं ाचा किया तुमने उसके दोस्तों को जान से मार के. और बाला की ये हालत कर के तो तुमने उसे टिल टिल मरने पे मजबूर किया है. बहोत सही फैसला है तुम्हारा.

देवा - कामिनी मैने एक बात तुम्हारी सास से भी कही है तुमसे भी पूछ रहा हु.

कामिनी – कौन सी बात ……………..?
 
अपडेट – 32

कामिनी – कौन सी बात ……………..?

देवा – मए तुम्हे और तुम्हरी सास को बाला की आँखों के सामने छोड़ना चाहता हु. उसे अहसास दिलाना है मुझे. इस काम में तुम्हरी सास ने मुझे मंजूरी दी है. बस तुम्हारी मंजूरी चाहिए.

कामिनी – देवा बाला ने मुझे बहोत दुःख दिए है तुम्हे यकीन नहीं होगा मेरी सुहागरात कैसी थी. हर लड़की अपनी सुहागरात का इंतजार तब से करती है जब से उसे सेक्स का पता चलता है मुझे भी इंतजार था.

……. लेकिन इस वहशी ने जानते हो क्या किया? सुहागरात को ये फुल नशे में आया कमरे में. लोग प्यार से घुघट उठा कर अपनी बीवी की तारीफ करते है. और फिर धीरे धीरे उसे प्यार करते है और काली से फूल बनाते है. इसने आते hi झपट्टा मार के मेरा आँचल खिंच लिया और मुझे पहला शब्द जो इसने कहा था वो आज भी मेरे कानो में गूंज रहा है. इसने कहा था उठ कुटिया और आकर मेरा लोढ़ा चूस. उसने अपना मोबाइल सेट कर के रखा और रिकॉर्डिंग चालू कर दी. और उस रात उसने भूखे कुत्ते की तरह मुझ नोचा था . उस रत मेरी सुहागरात नहीं हुई बल्कि मेरा बलात्कार हुआ. सुहागरात के नाम पे.

………… और फिर इस कमीने ने अपना ये कारनामा अपने सरे दोस्तों को अपने बैडरूम में hi बैठ कर टी. व्. पे मोबाइल कनेक्ट कर के दिखाया. और उन्ही के सामने मुझे कहा के मए जाकर दारू और सारा सामान ले औ. मए बार बार जाती और उस के दोस्तों के सामने कभी कुछ रखती तो कभी कुछ, और उसके दोस्त जो मुझे टीवी में नंगी कुटिया की तरह चुड़ते हुए देख रहे थे अपना अपना लुंड निकल के सहला रहे थे, जब भी मए कोई सामान रखने जाती तो बाला की नजर बचा कर कोई मेरे बूब्स दबा देता तो कोई मेरी गांड, तो कोई साड़ी के ऊपर से मेरी छूट में ऊँगली करता. और बाला की नजर तो टीवी पे अपने कारनामे देख रही थी और ये मादरचोद खुश बी हो रहा था अपनी hi बीवी को जलील कर के

………… कामिनी की आँखों में आंसू और क्रोध था. तुम hi सोचो देवा इस इंसाने को मए पति कहु? प्यार दू? इज्जत करू? कैसे देवा?

देवा – तुम सही कह रही हो कामिनी आज मैने तुम्हरी चुदाई की आवाज़े उसे सुना दी है. तुम भी शायद इसीलिए जोर जोर से चीख रही थी के वो सुने. आज तुमने बदले की शुरुआत कर दी है. मए वादा करता हु इस घर की हर औरत को इनके जुल्मो से आज़ाद करवाऊंगा. तुम सब भी आज़ादी की सांस लोगी.

कामिनी – लेकिन देवा हमें हमेशा तेरा साथ चाहिए. दे पाओगे?

देवा – है साथ भी दुगा और ऐसा सहारा भी दुगा के तुम सब की जिंदगी खुशाल हो जाएग?

कामिनी - कैसे -?

देवा कामिनी के होठ चुम कर और उसके पेट को सहला कर – तुम सब के पेट में मेरे बच्चे दे कर. तुम सब मेरे बच्चो को पैदा करोगी जो बड़े हो कर तुम लोगो का सहर बनेगे. और इन सेल ठाकुरो को तो मए मौत दुगा पर अभी नहीं सही वक़्त आने पर.

कामिनी – चलो देवा हम एक राउंड चुदाई और करते है और इस बार बाला के पलंग पर करेंगे उसे कुर्सी पे बिठा कर , उसी की नजरो के सामने तुम मेरी बुर छोड़ो देवा मए छोड़ना चाहती हु खूब छोड़ना चाहती हु तेरे इस मुसल लुंड से बाला के सामने.

देवा – अभी नहीं लेकिन ये होगा और जल्दी hi होगा. अब मए चलता हु.

फिर देवा अपने कपडे पहन कर रूम से बहार निकलता है और अपने घर की तरफ निकल जाता है.

इधर कामिनी उठ कर एक ट्रांसपेरेंट निघ्त्य पहनती है. उसके बाल खुले हुए थे उसकी चल में भी हलकी सी लचक थी वो लंगड़ा के चल रही थी. वो सीढ़ी पहुँचती है बाला के रूम में जहा बाला अपनी मज़बूरी पे रो रहा था.

कामिनी उस के पास जा कर कड़ी हो जाती है और अपनी निघ्त्य उतर के फेंक डेट है.

कामिनी – देखा सेल कुत्ते ठाकुर. तूने ठाकुरो का नाम बदनाम hi किया है. तुझ जैसे लोग कलंक है इस धरती पर. तूने मुझसे शादी कर के मुझे अपनी कुटिया बनाया. अपनी गुलाम बनाया न . अरे मए तो देवा की आज जारकहरिद गुलाम बन गयी तूने मेरी बुर छोड़ी थी न जबरदस्ती लेकिन आज उसने प्यार से मेरी बुर फाड़ दी है.

इतना मजा मुझे तूने अब तक इतनी साडी चुदाई में नहीं दिया जो वो एक बार छोड़ के दे गया है. देख कैसे मेरे पूरे बाल बिखरे हुए है. देख मेरी गार्डन पे उसके दांतो के निशान ये वहशीपन की निशानी नहीं प्यार की निशानी है. उसने प्यार से मेरी गार्डन पे कटा है. मेरे गले पे देख यहाँ भी निशान है यहाँ भी कटा है. मेरी चूचिया देख इन पर उस मर्द की उंगलियों के निशान भी उभर आये है ऐसे दबाया है उसने और उसके दांतो के निशान भी. देख कैसे दबा दबा के लाल कर दी है मेरी चूचिया इन्ही को दबाते हुए वो मेरी छूट छोड़ रहा था एक मर्द की tarah.dekhe मेरी कमर पे उसके दांतो के निशान , देख मेरी जांघो पे, मेरी गांड पे उसके दांतो के निशान. आज मुझे इन दन्त के निशानों में दर्द या जलन नहीं है बल्कि एक मीठी सी सिहरन है. मजा आ रहा हे इस मीठ मीठे दर्द से जी चाहता है वो फिर से आकर मुझे वैसे hi प्यार दे, वैसे hi मुझे रगड़ के चोदे.

……………..अब देखना मए उस से रोज छुडवाउगि और उसी के बच्चे पैदा करुँगी और तेरे hi सामने छोडूगी.

उसका मोटा लुंड चूस चूस के खाऊगी और तू हिजड़ो की तरह देखता रहेगा. लाइव दिखाउंगी तुझे मए. तूने तो अपनी और मेरी चुदाई अपने दोस्तों को टीवी पे दिखाई थी न वो भी रिकॉर्डिंग, तू लाइव देखेंगे हरामजादे.

तू देखेगा के देवा कैसे तेरी hi आँखों के सामने तेरी माँ छोड़ेगा तेरी बीवी छोड़ेगा. और तेरी बहन भी छोड़ेगा और सब को गाभिन करेगा तू देखता जा तू इसी काबिल है.

…..और कामिनी पलंग पे चढ़ कर अपनी गांड बाला के मुँह पे रख के दबा देती है बाला छत पटाने लगता है.

ले सेल चाट मेरी गांड और सूंघ ले मेरी छूट जिसे अभी अभी वो मर्द फाड़ के गया है.

और कामिनी जबरदस्ती बाला का मुँह खोल कर उस पर अपनी बुर सेट करती है और उसमे मूट देती है. फिर उठाकर अपनी निघ्त्य पहन कर वह से चली जाती है.

आज बाला को औरत की असली पहचान हुई थी की अगर औरत चाहे तो क्या कर सकती है.

इधर देवा अपनी hi धुन में चला जा रहा था. आज उसने कामिनी को छोड़ कर अपनी भाभी को दिया वचन hi पूरा किया था. अब बस वो मन्नू की बीवी बची थी जिसे छोड़ के देवा का प्राण पूरा होना था. और उनसब को पेट से.

देवा सीधा पहुँचता है खेत में. और गाड़ी कड़ी कर के खेत में अंदर चला जाता है जहा उसे रघु नजर आता है. जो की पसीने में लथपथ था. और मिटटी से सना हुआ भी. वो खेत में म्हणत कर रहा था.

रघु की नजर भी देव एप जाती है.

रघु – अरे आओ देवा. कहा घूम रहे हो बन थान कर.

देवा – वो भैया थोड़ा हवेली में काम था तो वही गया था. पर आज आप अच्छे लग रहे हो.

रघु अरे भाई सज सवार के तू घूम रहा है मए तो मिटटी से सना हुआ हु मए कैसे अच्छा लग सकता हु.

देवा – नहीं भाई असली ख़ूबसूरती इन कपड़ो में नहीं इसी मिटटी में है. इसी मेहनत के पसीने में है.

रघु देवा के पास आ जाता है – तूने सही कहा देवा मुझे आज अहसास हो रहा है के मेहनत का नशा हर नशे से बड़ा है.

देवा – है भाई देखो आज तुझे म्हणत कर के अच्छा लग रहा है तो सोचो जब तेरी ये म्हणत फसल के रूप में खेतो में लहराती हुई दिखेगी तो तुझे कितनी ख़ुशी देगी? और जब उसी फसल की कमाई तेरे हाथो में होगी तो उस कमाई की खुशबू कैसी होगी?

रघु - है देवा वो पल सचमुच अद्भुत hi होगा. जब इतनी म्हणत के बाद कमाई हाथ में होगी. और मए भी कैसा बेवकूफ था जो इतनी कड़ी म्हणत की कमाई को शराब और जुए में उदा देता था. बाबू जी का गुस्सा जायज था. अगर कोई मेरी म्हणत की कमाई को वैसे उड़ाए तो मेरा भी खून खौलेगा. ये आज मुझे समझ में आ रहा है.

तेरा शुक्रिया भाई जो तूने मुझे सही रास्ता दिखा दिया.

फिर रघु देवा के गले से लग जाता है. और दोनों वही छाव में बैठ कर नाश्ता करने लगते है.

रघु – अच्छा ये बता तू घूम क्यों रहा है? तुझे तो आज देवकी काकी को छोड़ने जाना थान ा.

देवा – अरे है मए तो भूल hi गया था अच्छा हुआ तुमने याद दिला दिया भाई

रघु – अरे ससुराल पक्ष है जरा ध्यान रख वार्ना लुगाई नाराज हो जाएगी.

देवा – है भाई चल मए निकलता हु. देखता हु के क्या प्रोग्राम बना है उनका. बाद में मिलते है.

देवा अपनी गाडी मोड़ देता है. पूनम के घर की तरफ. और घर आकर जैसे hi देखता है. सामने देवकी काकी पेटीकोट ब्लाउज में कड़ी थी और ब्लौसे के हुक लगाने की कोशिश कर रही थी लेकिन हुक लग नहीं रहे थे शायद ये उनका पुराण ब्लाउज था जिसमे अब देवकी के बड़े बड़े बूब्स समां नहीं रहे थे.

देवा चुपके से जाकर पीछे से देवकी के बूब्स पकड़ लेता है और उन्हें दबाने लगता है इस अचानक हमले से देवकी भी घबरा जाती है और हाथ झटक कर घूमती है तो सामने देवा खड़ा था.

देवकी - हाय राम तूने तो मुझे डरा hi दिया देवा देख मेरी सांस कैसे चढ़ गयी है

देवा – है देख रहा हु तुम्हारे चुके कुछ ज्यादा hi फूल गए है

देवकी - हैट बेशरम

देवा आगे बाद के देवकी को पकड़ लेता है और उसके चुके दबाने लगता है और अपने होठ भी दवकी के होठो से मिला देता है.

देवकी - ufffffffffff उउउउउउउम्मम्मम देवा तू इंसान नहीं हो सकता इतनी मस्ती कोई कैसे दे सकता है. मेरी इस उम्र में भी तू मुझे एक पल में छुडासी कर देता है. देख मेरी छूट पानी छोड़ने लगी है. रामु के बाप से जब चुदती थी तो वो भी 20-25 दिन में एक बार hi छोड़ पता था वो भी इतनी मस्ती नहीं दे पता था पर तू तो कमल hi है.

देवा – तो आ जा न पूरी मस्ती ले ले

देवकी - है देवा मूड तो मेरा भी बन गया है तेरे चुकी दबाने से झट से कर ले घर पे अभी कोई नहीं है पद्मा तो पूनम को छोड़ने गयी है उसकी सहेली के घर तो वो जल्दी hi आ जाएगी तू मेरी ले ले जल्दी से

फिर देवकी झट से नीचे बैठ जाती है. और देवा का लुंड निकल लेती है जो औकात में आ चूका था. और गैप से अपने मुँह में भर लेती है और चूसने लगती है.

देवकी देवा के लुंड को मुठ्ठ मरते हुए जितना हो प् रहा था अपने मुँह के अंदर ले रही थी. और चूस रही थी अब देवकी भी लुंड चूसने में एक्सपर्ट हो गयी थी. तभी दरवाजे पे हलकी सी आहत होती है देवा तिरछी नजर से देखता है तो उसे पता चल जाता है के पद्मा आयी है और उसने उन्हें देख लिया है.

देवा मन में - अरे यार ये गलत तो नहीं हो गया अब इसे कौन संभालेगा.

तभी देवकी देवा का लुंड सहलाते हुए. - देवा तेरा लुंड नहीं लोढ़ा है बहोत मस्त है रे जो भी बुर इससे छुड़ेगी इस की गुलाम हो जाएगी.

देवा – काकी आपको ये इतना पसंद आया है?

देवकी - है रे मुझे तेरा लोढ़ा बहोत अच्छा लगता है. इतनी बार इससे छुड़वा लिया है के अब इसके बिना रहा नहीं जायेगा.

देवा कुछ सोचकर - पर काकी बिना लुंड के भी तो औरते रहती है न.

देवकी अरे कोई नहीं रहती बिना लुंड लीये जो एक बार ले लेती है वो बिना लुंड लिए रह hi नहीं पाती

देवा – तो क्या पद्मा काकी भी?

उधर पद्मा देवा के मुँह से अपना नाम सुन के चौंक जाती है. उसकी हालत तो वैसे भी ख़राब हो चुकी थी देवा का लुंड देख कर. वो तो कई सालो से बिना चूड़े रह hi रही थी आज तक अपने पति के आलावा किसी के सामने अपनी छूट नहीं खोली थी उसने. पर आज देवा का लुंड देख कर उसकी छूट बुरी तरह पानी बहा रही थी.

देवकी - अरे पद्मा तो बेवक़ूफ़ है. पति के आलावा किसी से चूड़ी नहीं आज तक और उस के जाने के बाद यु hi जिंदगी बर्बाद कर रही है. उसे क्या मालूम की उसके दामाद का लुंड कितना मस्त है. एक बार डलवा लेगी तो वो अपनी hi बेटी की सौतन बनने से खुद को रोक नहीं पायेगी. देवा तू पद्मा को छोड़ दे न. वो बेचारी बहोत प्यासी है. उस पर ये अहसान कर दे.

देवा – लेकिन क्या पद्मा काकी मानेगी?

पद्मा देवा के मुँह से ये सुन कर हैरान भी होती और खुश भी के कही न कही देवा भी पद्मा को छोड़ने में इंटरेस्टेड है.

देवकी – अरे तू है तो कर पद्मा को मए तैयार कर दूगी

देवा – काकी मुझे पद्मा काकी बहोत पहले से पसंद है पर उनकी तरफ मैने हाथ hi नहीं बढ़ाया दर लगता है कही वो मन न कर दे.

देवकी देवा का लुंड मुठियाते हुए- अरे ये सैंड जैसा देवा भी डरता है क्या ?

………… तू चिंता मत कर तुझसे छोड़ने में उसे कोई बदनामी का दर भी नहीं रहेगा मए बोल दूगी उसे.

देवा भी पद्मा के मन को पढ़ रहा था के पद्मा देवा के लुंड से इम्प्रेस हो चुकी है. अब उसे गरम करना है बस.

देवकी अपना पेटीकोट उठा के लेट जाती है चल देवा थोक दे अपना खूटा इस से पहले की पद्मा आ जाये.

देवा भी झट से नीचे बैठ जाता है और पद्मा की छूट को अपनी उंगलियों से पूरा खोल कर उसके गुलाबी छेड़ को चाटने लगता है.

देवकी sssssssssssssseeeeeeeeeeeeee देवा aaaaaaaaaaaaaa मत karrrrrrrrrrrrr ऐसा aaaaaaaaauuuuuuuuuuuuuhhhh देवा देख पद्मा आती होगी मए नहहीइइइइइ चाहतीईईई के मेरी छुट्ट्ट्ट्ट प्याससीईईई रह जाये छोड़ देवा मुझे छोड़ jaldiiiiiiiiiiiiiiiiiii aaaaaaaahhhhhhhhhhh maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaauuuiiiiiiiiiiiiiii

देवा भी झट से खड़ा होता है और नीचे से पूरा नंगा हो जाता है पद्मा तो देवा का घोड़े जैसा 10” लुम्बा और मोटा लुंड देख कर हैरान रह जाती है और उसका हाथ खुद बा खुद अपनी छूट पे चला जाट है और वो साड़ी के ऊपर से ह अपनी छूट दबा क एक हलकी सी सिसकारी भर लेती है जो देवा सुन रहा था उसे अंदाज़ा हो गया था के पद्मा की छूट उसे अब जरूर मिलेगी.

देवा नीचे खड़ा था जब की देवकी खटिया पे लेती हुई थी. देवा अपने सुपडे को थूक से गीला करता है और देवकी की छूट के मुँह पे रख कर देवकी की दोनों टंगे मिला देता है और थोड़ा सा नीचे झुक कर एक तगड़ा झटका मरता है. और देवा का आधे से ज्यादा लुंड देवकी की बुर में घुस जाता है

देवकी – uuuuuuuuuuuuhhhhhhhhhhhhhhhhhmaaaaaaaaaaa देवा क्या करता है मेरी बुर टाइट कर के आधा lundddddddddd दाल दिया मुझे टंगे फ़ैलाने दे इस मुसल को लेने के लिए मेरी बुर को टाइट मत कर आआआआह्ह्ह्हह्ह थोड़ा आर्म से karrrrrrrrrr aaaaaaaaaaaaaahhhhhhh रुक तो auiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa रुक naaaaaaaaaaaaaa uuuuuffffffffffff

पर देवा अपने लुंड को फिर से सुपडे तक बहार कर के एक तेज झटका मारता है और पूरा लोढ़ा देवकी की बुर में घुसा देता है.

देवा ने सूपड़ा छूट के अंदर कर के देवकी की जांघो को पकड़ कर एक जोरदार धक्का मारा और एक hi बार में पूरा लुंड अंदर उतर दिया.

देवकी - आउउउउउउउआआआआईईई माआ मर गई में.

पर देवा नहीं रुका और लगातार धक्के मरता रहा जब तक की देवकी का पानी नहीं निकल गया.

छूट का पानी निकलने से लुंड अशनि से अंदर बहार होने लगा तो देवा ने लुंड को तेजी से अंदर बहार करना सुरु किया जैसे पिस्टन चल रहा हो.

उधर पद्मा की छूट से पानी बाह कर उसकी जंघे भिगोने लगा था. बिना लुंड लिए उसकी छूट पहली बार ऐसे बाह रही थी. वो साड़ी के ऊपर से hi अपनी छूट को जोर जोर से रगड़ रही थी और अपने होठो को अपने दांतो में दबाये अपनी सिसकिया रोकने की कोशिश कर रही थी

देवकी - aaaahhhhhhhhhhhhh लो काकी मेरा लोढ़ा अपनी बुर में बहोत मस्त बुर है तुम्हरी जितना भी छोड़ू तेरी बुर को काम hi लगता है. yaaaaaaaaaaaaaa अह्ह्हआआ ले और ले मेरा लोढ़ा. पद्मा काकी की बुर भी ऐसी होगी न काकी?

देवकी – अरे उसकी बुर तो मुझसे भी टाइट होगी रे. उसे चूड़े हुए कई साल हो गए है मए तो उसे ज्यादा चूड़ी हुई हु अपने पति से. तेरे लोडे के लिए तो उसकी बुर किसी कुवारी लड़की की तरह hi होगी. जब तुम दोनों चुदाई करोगे न तो उसकी बुर ऐसे खून बहायेगी जैसे के उसकी सुहागरात हो रही हो. बहोत मस्त और टाइट बुर होगी उसकी.

देव - ओह्ह काकी मुझे छोड़ना है पद्मा काकी की कुवारी बुर को. आआआअह्ह्ह्ह और ले काकी मेरा लोढ़ा तो आज मेरे बस में hi नहीं है पद्मा काकी की बुर की बाते सुन कर.

देवकी – उसकी बुर की बाटे तुझमे जोश भर रही है देवा अब तू पहले से अच्छा और डैम से छोड़ रहा है. वैसे पद्मा की बुर मस्त फूली हुई है, उसकी बुर के होठ भी एक दूसरे से कुवारी बुर की तरह चिपक गए है. वो तो ऊँगली भी नहीं करती अपनी बुर में कभी.

देवा – तुम्हे कैसे पता उसकी बुर फूली हुई है?

देवकी – अरे मैने कई बार नहाते हुए और मुत्ते हुए उसकी बुर देखि है बहोत मस्त बुर है उसकी. मेरी बुर से भी अच्छी,

देवा देवकी की ऐसी गरम बाटे सुन कर बहोत जोश में देवकी को छोड़ने लगा उधर पद्मा देवा और देवकी की बाटे सुन कर जहा शर्म से गाड़ी जा रही थी. वही अब उसे भी ये सोच कर मजा आरहा था के देवा भी उसे छोड़ना चाहता है. ये सोचत हुए वो जोर जोर से अपनी छूट रगड़ने लगती है. और फिर से झाड़ जाती है.

देवकी सही से सिसकिया भी नहीं ले प् रही थी और देवा पिस्टन चलने में लगा हुआ था

देवा के तेज और गहरे धक्को से देवकी के चुके ऐसे हिल रहे थे जैसे अभी उखड कर गिर जायेगे. देवकी तो अलग hi दुनिया में थी हर 2 मं में झाड़ रही थी.

देवा भी उसकी टैंगो को उठाये उसे ठोकने में लगा हुआ था अब की जैसे hi देवकी जहद के शांत हुई देवा ने उसे उठा कर खड़ा कर दिया और पलटा के झुका दिया

और पीछे से उसकी बुर में बिना बताये लुंड थुश दिया और देवकी के नंगे गोल मटोल चूतड़ पे छाते मरते हुए उसकी बुर पेलने लगा. देवकी - ssssssssseeeeeeeeeee देवा aaaaaaaaaaaaaa aaaahhhhhhhhhhhh ऐसे hi मार मेरे चूतड़ पे मजा आआआआआ रहा आआ है देवा

देवा ने अब देवकी के झूलते हुए बूब्स पकड़ लिए और उसकी निप्पल खींचते हुए धक्के मरने लगा.

देवकी की सिसकारियां देवा के धक्के और देवा की मजबूत कमर के प्रहार से देवकी फिर झड़ने लगती है.

देवकी - devaaaaaaaaaaa मए फिर से aaaaaaaaaaayiiiiiiiiiiiii उईईईईईमएआआआआ मर डालता है रे तू क्या खिलाती है सावित्री तुझे तू तो मेरी पूनम की हड्डिया चटका देगा रे आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह maaaaaaaaaaaaa मए तो gayiiiiiiiiii ओह्ह्ह्हह्हह देवा जोर जोर से छोड़ बेताआआआ.

पद्मा ये सब देख कर बहार झाड़ रही थी पर उसकी आँखों के सामने ऐसी मस्त चुदाई चल रही थी के वो अपनी छूट से हाथ hi नहीं हटा प् रही थी. अंदर देवकी झाड़ चुकी थी.

और अब देवा का भी नजदीक hi था. वो भी ज्यादा देर न टिक सका इतनी तेजी से चुदाई करने के कारन 20 मं में hi देवा का वीर्य निकलने की कगार पर आ गया .देवकी तो काम से काम 5 बार झाड़ चुकी थी अब उसकी छूट में और पानी नहीं बच्चा था और न hi उसके सरीर में ताक़त बच्ची थी. इधर पद्मा का भी लगभग यही हाल था बहार खड़े खड़े वो भी 3-4 बार झाड़ चुकी थी. देवकी की छूट भी सूज गई thi.aesi ठुकाई से अब उसे भी दर्द होने लगा था अगर कुछ देर और चुदाई चालती तो सायद छूट से खून भी निकल जाता.

जैसे hi देवा का वीर्य निकलने को हुआ तो देवा ने जानबूझ कर अपना लुंड पद्मा को दिखने के लिए देवकी की छूट से बहार निकल लिया और खटिया पर चढ़ कर नीचे कड़ी देवकी के मुँह के पास लुंड करते हुए मुठ मरने लगा.

देवा - काकी आपने मुँह खोलो.

देवकी ने आपने आखे खोल कर देखा तो देवा उसके होंटो के सामने अपना भयानक लुंड करके मुठ मर रहा था उसका लुंड देवकी के छूट के पानी से चमक रहा था और उसका सूपड़ा इतनी भयानक तेज चुदाई से एक डैम लाल हो कर नजर आ रहा था ये देख देवकी के होंटो पर स्माइल आ गई.

क्युकी उसने सुना था की लुंड का माल बहुत टेस्टी लगता है आज देवा ने बिना कहे hi देवकी की एक इच्छा पूरी करदी थी. देवकी ने आपने मुँह खोल लिया और देवा की आखो में देखने लगी

देवा भी देवकी की आखो में देखे हुए मुठ मर रहा था और वो ऐसे एंगल पे खड़ा था की उसके लुंड का भरपूर नजारा पद्मा को भी मिल रहा था.

तभी देवकी ने देवा के लुंड को पकड़ लिया तो देवा ने आपने हाथ हटा लिया. देवकी ने देवा के लुंड को पकड़ कर आपने मुँह में ले लिया और लुंड के छेड़ को अपनी जीभ से कुरेदने लगी और हाथ से लुंड को मुठ मरने लगी.

देवा भी देवकी के दोनों चुचो को पकड़ कर मसलने लगा. कुछ hi देर में देवा तेज चीख के साथ देवकी के मुँह में झड़ने लगा.

देवा – ऊह्ह्ह्हह्ह काकी आह और जोर से हिला पूरा माल निचोड़ ले और पि जायआ ओह्ह्ह्ह एससससससस uffffffffffffffffffffffff

और देवा भलभला के झड़ने लगता है देवकी जितना देवा का पानी मुँह में भर सकती थी भर लिया बाकि उसकी मुँह से निकल कर उसके चुचो पे गिरने लगा देवकी जल्दी जल्दी देवा का लुंड चूस कर और पानी निकल के पीती जा रही थी. थोड़ी देर बाद देवा शांत हुआ

इधर देवकी पूरा माल चाट चाट के पी रही थी उधर पद्मा अपने hi होठो पे जबान फिर रही थी मनो वो माल पद्मा के होठो पे लगा हो.

फिर देवकी ने देवा के लुंड को पूरा चाट के साफ़ किया

देवकी - तेरा माल तो बहोत स्वादिष्ट है रे. और गाढ़ा भी एक डैम दही के जैसे. तू तो एक बार में hi किसी को भी छोड़ कर गाभिन कर सकता है.

देख पद्मा के अकेले पैन को दूर कर दे देवा. उसे बहोत सुकून मिलेगा तेरे लुंड से वो तड़प रही है. और फिर अब तू hi तो उसका सहारा है न. किसी और के पास तो वो जा नहीं सकती छोड़ने या अपने बेटे से तो छुड़ेगी नहीं. उसे संभल लेना मए मन लगी उसे.

देवा – काकी अगर पद्मा काकी चाहेगी तो मए उन्हें संभल लगा लेकिन उनकी मर्जी के बिना नहीं . है उन्होंने हाथ बढ़ाया तो उन्हें निराश नहीं करुगा.

देवा ने ये बात थोड़ा जोर से कही थी ता के पद्मा सुने और उसकी तरफ खुद hi बढे बिना संकोच के

देवकी - ठीक है मए देख लगी.

फिर देवकी फटा फैट अंदर जा कर दूसरे कपडे पहनने लगती है. और देवा भी कपडे पहन लेता है पद्मा को आखरी बार अपने लुंड का भरपूर नजारा करवा के.

थोड़ी देर के बाद आवाज़े करते हुए पद्मा बहार से अंदर आती है.

पद्मा – अरे देवा बीटा तू कब आया ?

देवा पद्मा की आँखों में देखते हुए.- बस काकी आपके आने से ठोस सा पहले hi पंहुचा .

पद्मा – और देवा की आंखे मिलती है दोनों hi समझ रहे थे की देवा ने सही बोलै आखिर पद्मा के आने से थोड़ी देर पहले hi तो देवा आया था.

पद्मा - अच्छा हुआ तू आ गया देवकी के लिए आया है न तू ? मेरा मतलब उसे छोड़ने जाना है न तुझे उसके गाँव?

देवा – है काकी आया तो देवकी काकी के लिये hi था पर अगर आप बुलाएगी तो आपको भी मन नहीं karuga.jab कहोगी आ जाउगा.

पद्मा देवा की डबल मीनिंग वाली बात समझ के मन hi मन हसने लगती है.
 
आपका विचार सही है. लेकिन अब तक सावित्री के साथ होगा या न hi कह नहीं सकते. क्यों की ऐसा सन देने के बाद देवा की छवि भी बिगड़ जाएगी. और जो मैं कहानी है. उससे ये कहानी अलग हो जाएगी फिर ये इन्सेस्ट में कन्वर्ट हो जाएगी जब की हम अब तक मिक्स चल रहे है. सावित्री और पायल दोनों को अब तक बहार रखा है. फिर भी देखते है. क्या होता है. अगर कहानी कुछ वैसे टर्न हुई तो जरूर होगा सावित्री के साथ. थैंक्स फॉर ुर व्यूज.
 
अपडेट – 33

पद्मा - जानती हु रे तू मुझे किसी चीज़ के लिए मन नहीं करेगा. लेकिन अभी मुझे नहीं चाहिए कुछ. क्यों की जो तेरे पास है उस पर मेरा नहीं पूनम का हक़ है. मए कैसे तुझसे ले लू

देवा – क्या?

पद्मा – मेरे कहने का मतलब है के तू इतना सब कुछ तो हमारे लिए करता है अब और तुझसे कुछ भी क्यों मांगू. तेरे पैसे और तेरे घर पर तो पूनम का हक़ है न? भला मए कैसे तुझसे कुछ भी ले लगी?

देवा – क्या आप पूनम से कुछ मांगने से पहले इतना सोचती है?

पद्मा - नहीं

देवा – तो मुझसे मांगने या कहने से पहले भी आपको नहीं सोचना है. जो मेरा है वो जितना पूनम का है उतना आपका भी है.

पद्मा – अच्छा बाबा मांग लगी जब जरूरत होगी अब खुश?

अब ऐसी सदी सी शकल मत बना के दिखा. बोलै न जब मुझे किसी भी चीज़ की जरुरत होगी मांगूगी तुझसे hi.

तभी देवकी बहार आती है वो दूसरी साड़ी पहन के आयी थी मनो अभी कुछ देर पहले कुछ हुआ hi नहीं

देवकी – अरे क्या बाते हो रही है सास दामाद में?

देवा – कुछ नहीं काकी मए तो काकी से कह रहा था के कुछ चाहिए तो मुझसे ले ले.

देवकी समझ जाती है - है पद्मा देवा का काफी बड़ा है ……..

………… मेरा मतलब है के देवा का दिल काफी बड़ा है वो तुझे मन नहीं करेगा और दामाद पर तो पूरा हक़ है hi तेरा. देवा को कुछ देने से या देवा से कुछ लेने से संकोच मत करना वार्ना साडी जिंदगी यु hi निकल जाएगी.

देवा – अच्छा काकी मए ये पूछने आया था के आपको चलना है न आज अपने गाँव?

देवकी - नहीं रे आज नहीं आज बहोत देर हो गयी है और मेरी कमर में भी थोड़ा दर्द है कल चलेंगे सुबह सुबह

देवा – ठीक है काकी फिर मए चलता हु. मुझे घर भी जाना है.

देवा निकल जाता है तो पद्मा देवकीको छेड़ते हुए – क्या हुआ देवकी तेरी कमर को? ऐसा क्या कर लिया जो कमर में दर्द होने लगा?

देवकी – अरे पूछ hi मत बहोत ज्यादा वजन उठा लिया था कमर पर और बहोत देर तक इसलिए कमर में दर्द है.

पद्मा हस्ते हुए – तो किसने कहा था चढ़ाने को ?

देवकी घबराते हुए– क्या?

पद्मा अरे मेरा मतलब है के कौन बोलै था तुम्हे इतना वजन अपनी कमर पे उठाने को मए आती तो मिल कर उठा लेते ने

देवकी – यही तो रोना है तू साथ नहीं देती उल्टा मुझे भी मन कर देती. इसलिए मैने खुद hi अकेले उठा लिया. अब मए थोड़ी देर आराम कर लू. बाद में बात करेंगे.

फिर देवकी अंदर कमरे में जाकर लेट जाती अपनी कमर और अपनी छूट को आराम देने के लिए.

पद्मा भी पूरी घटना को शोने लगती है मन hi मन. उसे भी देवा तो बहोत पसंद आ गया था. लेकिन वो देवा के साथ कुछ करना नहीं चाहती थी, या करना भी चाहती थी पर पूनम को दुःख न हो ये सोच कर खुद को शांत कर रही थी.

इधर देवा अपने घर पहुँचता है. सीधा अपनी माँ के पास जाता है. उन के रूम में.

सावित्री - अरे आओ देवा क्या बात है आज माँ की याद कैसे आ गयी तेरे को सीधा मेरे कमरे में आ गया.

देवा – ऐसी बात है तो मए बहार चला जाता हु.

स – चल पागल, आ बैठ.

देवा – माँ वो मए ये कह रहा था के . अभी मए देवकी काकी से मिलने गया था. तो वो कल के लिए कह रही है चलने को, तो कल जब मए उनके घर जाउगा तो क्या ले कर जाऊ बता दे. क्यों के रिश्ता तय होने के बाद पहली बार जा रहा हु उन के घर और फिर रामु से भी मिलना होगा hi.

स – ये तूने सही सोचा. रामु के लिए कुछ कपडे ले के जाना और मिठाई. और जब ये तू उसे देगा तो साथ में 1000/- hi रख के देना.

देवा - बस 1000/-?

स – है बीटा वैसे भी ये तो यु hi है खली हाथ नहीं जाते इसलिए.

देवा – फिर भी माँ 1000/- तो बहोत काम है. एक काम करते है साडी चीज़ो के साथ 5000/- दे देते है. हलाकि काम तो ये भी है. पर ये फिर भी ठीक है .

स - जैसा तुझे सही लगे बीटा. वैसे बी बेटी के घर में जितना दो काम hi लगता है.

देवा – अरे माँ मेरी एकलौती बहन हे. ऐसे कैसे उसे काम दुगा. लेकिन एक समस्या है.

स – अरे क्या समस्या है. पैसे काम हो तो मए दे देती हु तुझे

देवा – क्या माँ जूता मरने वाली बात करती हो. मए भला तुझसे पैसे ले के बहन के घर में दुगा क्या. मए कुछ और कह रहा हु.

स – तो बोल न साफ़ साफ़

देवा -अरे मए तो ये कह रहा था. के रामु के लिए कपडे कहा से लाये. बाबू जी और मेरे तो उसे बड़े होंगे न.

स – है ये तो मैने सोचा hi नहीं था.

तभी वह दिया आ जाती है.

दिया – अरे देवर जी इतना कहे सोचते है. अभी जो आप नए कपडे लाये है. इनके (रघु) के लिए. वो वाइस hi रखे है और दामाद जी की कद काठी भी इनके जैसी hi है. तो उसी में से एक जोड़ा दे देते है जीन्स शर्ट का. पैकिंग मए कर दूगी.

स – है ये ठीक रहेगा. ड्रेस तो हो गई., घर की मिठाई में मए देसी घी के लड्डू बना देती हु. तू बाजार से फ्रुइट ले के दे देना और इन सब के साथ कॅश भी.

देवा – ok दोने , सो लेडीज लेटस जो फॉर आईटी

स – क्या गिटिर पितर करता रहता है ये लड़का आजकल?

दिया हस्ते हुए. कुछ नहीं माजी ये कह रहे है लग जाओ दोनों औरते इसी काम पे.

सब हसने लगते है. देवा अपने कमरे में जा कर नहाने लगता है. ठन्डे पानी की बूंदे जैसे hi उस के नंगे जिस्म पे पड़ती है. उसके बदन में एक स्फूर्ति आने लगती है. और वो आँखे बंद कर के उस आनंद में खो जाता है. आँखे बंद करते hi उसे अचानक कुछ नजर आता है. देवा धायण से देख रहा था. और उस की आँखे जलने लगती है.

वो झटके से शावर बंद करता है और बाथरोब पहन कर अपने कमरे में आता है.

देवा – नागार्जुन……………

एक सेकंड में वह नागार्जुन आता है.

न – क्या हुआ देवा आपने मुझे बुलाया.

देवा – है नागार्जुन अभी अभी मुझे मेरी शक्तियों ने कुछ बेहद खतरनाक संकेत दिया है.

न – कैसा संकेत क्या नाग लोक से सम्बंधित या तिलिस्म नगरी?

देवा – नहीं नागार्जुन वह अभी दूर दूर तक कोई खतरा नहीं फ़िलहाल. लेकिन मैने अपनी शक्तिया चारो तरफ लगायी हुई है. और उन्ही से मुझे पता चला है के कोई बेहद खतरनाक षड़यंत्र होने वाला है इस घर के खिलाफ. और जिसमे सबकी जान को खतरा है.

न – ऐसा कैसे हो सकता है. शलाका ने यहाँ की सिक्योरिटी संभाली हुई है. आपको कोई ग़लतफ़हमी हुई होगी.

देवा – नागार्जुन……. मुझे कोई ग़लतफ़हमी नहीं हुई. तुम एक काम करो तुम मुंबई जाओ. और ………………………………………

न – ठीक है देव अगर आप कह रहे है तो जरूर जाउगा बल्कि अभी चला जाता हु. और उसे ख़तम कर देता हु.

देवा के चेहरे पे बहोत खतरनाक और जहरीली मुस्कान आ जाती है.

देवा – तुम ऐसा कुछ नहीं करोगे नागार्जुन, तुम बस वही करो जो मैने कहा है. मुझे पूरा अपडेट देते रहना. और उस के पीछे साये की तरह चिपके रहना. वो साला हगने भी जाये तो तुम्हरी नजरो से दूर नहीं होना चाहिए. हर पल मतलब हर पल चाहे वो उस के पवत. पल hi क्यों न हो. समझ गए न.

न – ठीक है देवा मए समझ गया. मए देख लगा उसे. और कुछ भी होने से पहले आपको बता दुगा.

देवा – बढ़िया अब तुम जाओ मुंबई. और सरे इंतजाम कर के आना.

जैसे hi नागार्जुन जाता है. वैसे hi वह. पूनम प्रकट होती है.

पूनम - देवा?

देवा – चिंता मत करो पूनम मए जनता हु तुम्हे भी वही सब नजर आया hae.par ये तुम भी जानती हो के वो हमारा कुछ नहीं उखड सकते. चिंता मत करो जस्ट अभी मैने उन पर नजर रखने के लिए नागार्जुन को भेजा है.

पूनम दौड़ कर देवा के सीने से लग जाती है. ओह्ह देव मए तो घबरा hi गयी थी. क्यों के अभी वक़्त नजदीक आ रहा है. रूद्र से मिलने का कही ऐसा न हो के दोनों बाटे साथ में हो जाये.

देवा पूनम की पीठ सहलाते हुए – चिंता मत करो जान मेरे लिए जितना इम्पोर्टेन्ट रूद्र है उतने हीमपोर्टेन्ट बाकि सब भी मए देख लगा और फिर तुम सब भी तो हो न. वैसे भी दोनों काम एक साथ नहीं होंगे. उन्हें अभी टाइम लगेगा. बहोत ज्यादा. सो don’t वोर्री. अबाउट थम.

पूनम – फ़ीफ़ भी देव यदि जरुरत पड़े तो आप रूद्र के पास चले जाना इन सब से निपटने के लिए मए , शलाका , नागार्जुन है hi हम में से कोई एक अकेला hi इन्हे फाड़ सकता है. सब की जरुरत hi नहीं पड़ेगी.

देवा – राइट स्वीट हार्ट. लेकिन फिर भी मए चाहुगा के इस मटर को मए hi हैंडल करू. वैसे मेरी बहो में तुम बहोत खूबसूरत लग रही हो.

उसी समय पूनम को फिर से देवा का लुंड बड़ा होता महसूस होता है तो वो और जोर से देवा से चिपक जाती है और देवा का लुंड अपनी छूट पे महसूस करके आँखे बंद कर लेती है.

देवा भी पूनम को और कास के चिपका लेता है. और उसके होठो को चूसने लगता है. थोड़ी देर में hi पूनम बेहद गरम हो गयी थी.

देवा – पूनम के कण में वैसे मैडम मैने इस बाथरोब के अंदर कुछ नहीं पहना कहो तो इसे खोल दू तुम भी इस के अंदर आ जाओ.

पूनम देवा की छाती पे हाथ रख के उसे पीछे धकेल देती है – बेशरम …… आप बहोत गंदे हो मुझे नहीं घुसना इस बाथरोब में. जा रही हु मए.

देव आठ कर उसे फिर पकड़ लेता है और अपने ऊपर खिंच लेता है जिससे दोनों बीएड पे गिर पड़ते है.

पूनम – छोड़िये न देव क्यों सताते है हमें.

देवा – पूनम का माथा चूमते हुए. नहीं मेरी जान मए सत्ता नहीं रहा. मए बस ये कह रहा था, के तुम मेरी जान हो और छोटी छोटी बातो पे परेशां मत हुआ करो. मए हु न.

पूनम भी देवा के सीने पे सर रख कर लेट जाती है. और दोनों यु hi गले लगे हुए आँखे बंद कर के एक दूसरे के प्यार को महसूस करने लगते है जिसमे कोई हवस नहीं थी.

तभी ……………… hi लव बर्ड्स…………..

देवा – आंखे बंद किये हुए hi.- आ गयी कबाब में हड्डी. उठो पूनम

पूनम भी देवा को देखते हुए मुस्करा देती है फिर देवा और पूनम पलट के देखते है तो उसी बीएड पे सिरहाने से तक लगाए शलाका बैठी थी और हंस रही थी.

देवा - तू साली……………..

पूनम – क्या कहा देव?

देवा सकपका कर – नहीं कुछ नहीं मए तो वो वो……………… है मए तो कह रहा था के तुम साली साहिबा अचानक कैसे आ गयी.

शलाका – रहने दो अब बाते मत बनाओ?

देवा – कोई नहीं , मए कोई बाते नहीं बना रहा. वैसे क्या हुआ जो तुम हमें डिस्टुरेब करने आ गयी?

शलाका - कुछ नहीं बस मन किया आप दोनों से मिलने का तो आ गयी.

देवा – अच्छा ठीक है लेकिन आज जो हुआ है उसका तुम्हे कुछ पता है या बस हम दोनों की जासूस बन के hi घूमती है?

शलाका - पता है……. पता है…… सब पता है कुछ चूहे एक बिल से निकल कर दूसरे बिल में छुपने की तयारी कर रहे है. और वो समझते है के अपने दांतो से आप जैसे पहाड़ को कुतर सकते है. तो सोचने दो अब सोचने पे कोई पाबन्दी तो है नहीं. दूसीर बात हम अनजान भी नहीं उन के इरादों से तो don’t वोर्री एवरीथिंग इस अंडर कण्ट्रोल माय डिअर जीजा जी.

देवा - है पता है मुझे. वैसे भी नागार्जुन उन के पीछे चिपक hi चूका है.

शलाका - वैरी नीस फिर तो सब सेट hi है न.

देवा – है अब सुनो शलाका यहाँ का ध्यान रखना हर पल क्यों की कल मए जा रहा हु देवकी काकी को उनके गाँव छोड़ने

शलाका - देव देवकी काकी को गाँव छोड़ के hi आना च……….

पूनम - ा………… मंद आईटी

शलाका - अरे यार मए तो ये कह रही थी के उन्हें छोड़ के hi आना छोड़ने के चक्कर में खुद न रह जाना वह.

………… वैसे तुम क्या समझी थी.

पूनम - कुछ नहीं और ज्यादा न ओवर स्मार्ट न बना कर सब समझती हु मए.

शलाका हंस देती है. देवा भी मुस्करा रहा था.

पूनम - देवा हम चलते है आप कल आराम से जाना यहाँ की चिंता मत करना.

देवा – ok स्वीट हार्ट .

फिर पूनम और शलाका गायब हो जाती है. और देव नीचे चला जाता है. खाना खाने.

खाने की टेबल पे भी वही बाते हो रही थी. देवकी के घर जाने की . जब खाना हो जाता है तो………….

सब लोग चले जाते है अपने अपने कमरे में सोने.

फिर वही उस घर में दो कपल का सेक्स सेशन. आंधी तूफ़ान, घमासान, पलंग तोड़ चुदाई. 1).माँ बाबू जी की और इधर 2).देवा और दिया की.

इधर पद्मा और देवकी अभी एक hi रूम में सो रही थी . पूनम अपने कमरे में सो चुकी थी. पद्मा की आँखों में नींद का नामोनिशान नहीं था. जैसे hi वो आंखे बंद करती उसे रह रह कर देवा का भयंकर लुंड याद आ जाता. वो बस करवाते hi बदल रही थी.

देवकी – क्या बात है पद्मा आज तुझे नींद नहीं आ रही है क्या?

पद्मा - नहीं देवकी मए कुछ सोच रही हु.

देवकी - क्या?

पद्मा – हमने अपने बच्चो के रिश्ते उनसे बिना पूछे hi तय कर दिए है. क्या हम लोगो का ये फैसला सही है?

देवकी - देख पद्मा असल बात ये है के मए इस बार यहाँ इसी काम से आयी थी मुझे रामु पायल के रूप में अपनी पसंद बता चूका था. उस हिसाब से रामु और पायल का रिश्ता एक डैम सही है. क्यों के इसी में दोनों की ख़ुशी थी. रही बात देवा और पूनम की तो तू hi बता देवा जैसा लड़का देखा है तूने कभी ? क्या कोई लड़का आज भी तुझे नजर आता है जो सबका इतना ध्यान रखने वाला इतना प्यार देने वाला हो? सबका इतना मान करता हो, और सबसे बड़ी बात तू ये सोच के रिश्ता पक्का करने के बाद क्या एक बार भी तूने पूनम की आँखों में देवा के लिए प्यार के आलावा कुछ देखा है? सच पूछे तो मुझे ऐसा लगने लगा था के देवा और पूनम एक दूजे से प्यार करने लगे थे. और ये रिश्ता मैने इसलिए चलाया था. और फिर न तो देवा ने कोई इंकार किया न पूनम ने. फिर आज अचानक क्यों तुझे बेचैनी होने लगी? क्या पूनम ने तुझसे कुछ कहा है?

पद्मा – तेरी साडी बाते सही है. और पूनम ने भी मुझसे कुछ नहीं कहा. मए तो बस यु hi सोच रही थी क्यों के किसी ने मुझसे कहा था के देवा का नाजायज रिश्ता कुछ औरतो से भी है. (झूठ) मए ये सोच रही थी के कही ऐसा न हो के पूनम ये सुन के टूट जाये.

देवकी - अरे ऐसी कोई बात नहीं और उसका रिश्ता जिस औरत के साथ है उसे मए जानती हु वो जरूरतमंद है उसे भी शायद प्यार की तलाश थी, है पर मए उस औरत की जिम्मेदरी लेती हु. वो देवा और पूनम की जिंदगी बर्बाद नहीं करेगी. तू चिंता मत कर.

पद्मा - क्या देवकी तू जानती है उस औरत को?

देवकी – है जानती हु और उसका रिश्ता देवा से पहले hi जुड़ गया था पूनम से जुड़ने से पहले hi.

पद्मा - तू कैसे जानती है उसे?

देवकी - अब छोड़ न मए कैसे जानती हु.

पद्मा - क्या बताया उसने देवा के लिए?

देवकी – अरे वो तो देवा की तारीफ करते नहीं थकती.

पद्मा - लेकिन बोल तो उस के विचार क्या है देवा के बारे में?

देवकी अपने मन में - इसे आज देवा के लिए तैयार कर hi देती हु – उसका कहना है की देवा जैसा मर्द उसने आज तक नहीं देखा. एक डैम सैंड है. जितना प्यारा वो है उतना hi खतरनाक उसका हथियार भी है. जब प्यार करता है तो दुनिया भर की खुशिया दे देता है और जब ऊपर चढ़ जाता है तो जमीन पे टारे दिखता है. इतनी खतरनाक चुदाई करता है के शरीर की हड्डिया चटक जाती है.

पद्मा - हाय राम तुझसे तो बात करना hi बेकार है. कैसी गन्दी बाटरे करने लगी है तू. जानती है न किस के बारे में बात कर रही है. वो मेरा होने वाला दामाद है पागल

देवकी - अरे सच कह रही हु उसने यही बताया तो मए क्या कहु जो सच है वही कहुगी न.

पद्मा - इतना खतरनाक है उसका ?

देवकी - है है पर जितना खतरनाक है उतना hi प्यारा भी. जितना दर्द देता आहे उसे कही ज्यादा संतुष्टि भी. औरत को पूरा संतुष्ट कर देता है वो भी एक hi चुदाई में कई कई बार. तब जाकर खुद झाड़ता है. मतलब हमारी उम्र की औरते भी खिल उठे उसके नीचे लेट के. तो किसी जवान लड़की के तो पंख hi नकल आएंगे न उसके साथ चुदाई कर के. उसे कही और देखने की कभी जरुरत hi नहीं पड़ेगी. ऐसा है अपना देवा

पद्मा - हे भगवन मेरी पूनम का क्या होगा?

देवकी - आरी वो तो ख़ुशी से झूम उठेगी ऐसा तगड़ा मर्द पा कर. और जिंदगी भर किसी की तरफ आँख उठा के देखने की फुर्सत नहीं देगा उसे देवा. सच कहती हु. जितना वो उसे सांसारिक सूख देगा उससे कही ज्यादा शारीरिक सूख देगा. …………….

………….. और तू hi सोच हम दोनों को क्या मिला अपने पतियों से? क्या हमें मिला ऐसा सूख? मेरे ख्याल से तो कभी नहीं. है तुझे शायद मिला था जब जीजा जिन्दा थे. लेकिन वो भी कितना शायद जितना देवा देता है उसका आधा भी नहीं. बस तू संतुष्ट थी उससे ज्यादा कुछ नहीं. क्या तू हर वक़्त साड़ी उठा के अपने पति के लिए तैयार रही थी ? नहीं न?

पद्मा - नहीं ऐसा नहीं था. जब जरुरत लगने लगती थी हम तो तभी ………..

देवकी – है वही मए कह रही हु, लेकिन देवा ऐसा मर्द है के उस के लिए तो हर औरत, किसी भी वक़्त, कही भी, किसी भी हालत में, साड़ी उठा के टंगे खोल के लेट जाये. ऐसा जानदार मर्द है वो.

पद्मा – छेड़ते हुए, तू तो ऐसे कह रही हो जैसे देवा तुझपे hi चढ़ता हो.

पद्मा अपनी साड़ी के ऊपर से hi अपनी बुर को जकड लेती है क्यों की ऐसी बाते सुन कर उसकी बुर भी पानी छोड़ने लगी थी. ये देवकी देख लेती है .

देवकी - अगर तू है कहे तो उसे मए अपने साथ साथ तेरे ऊपर भी चढ़ा लू? वो हम दोनों को एक साथ एक hi बिस्तर पे ठंडी करने का डैम रखता है. हम दोनों थक जाएगी उसका लुंड नहीं थकेगा.

पद्मा मन में “ कामिनी चढ़ा तो लिया अपने ऊपर और कितना चढ़ायेगी” – तू hi चढ़ा ले मुझे क्या एतराज होगा? पर मुझे नहीं लेटना है उसके नीचे.

देवकी - हाय पद्मा अगर तूने ये पहले कह दिया होता तो मए जरूर तेरी आँखों के सामने उससे छुड़वा लेती उसके लुंड की तारीफ सुन कर तो मेरी छूट भी बहने लगी है.

पद्मा - इतनी बाह रही है तो अभी बुलवा ले उसे मए पूनम के साथ सो जाती हु तू उसे चढ़ा ले ऊपर और रत भर ऐश कर .

देवकी - ठीक है मए कल hi देवा को अपने ऊपर चडौगी. अपने घर में. लेकिन एक बात कहु पद्मा देवा अगर इस तरह मेरे गाँव में रहता वो भी मेरे पड़ोस में तो मए तो दिन रत उसकी hi बहो में होती चाहे वो मेरा दामाद hi क्यों न होता. मेरी मान तो तू भी अपनी सूनी जिंदगी में देवा को hi ले आ घर की बात घर में रहेगी और तेरी भी जिंदगी खुशियों से भर जाएगी.

पद्मा – क्या बक्ति है तेरा दिमाग ख़राब है क्या अपनी hi बेटी का घर बर्बाद नहीं करना मुझे और मए तेरे जैसी नहीं हु.

देवकी - तो बिल्लो रानी तेरी छूट क्यों बहने लगी उसके लुंड की बाटे सुन कर?

पद्मा – अब तू ऐसे चटखारे ले कर बताएगी तो ये तो बहेगी hi न.

देवकी – देख पद्मा मए मानती हु के देवा तेरा होने वाला दामाद है . पर शारीरिक जरुरत भी कोई चीज़ होती है. जैसे इंसाने के पेट को खाने की भूख होती है वैसे hi शरीर की भी भूख होती है जिसे मिटाना जरूरी है. अब तू किसी और से तो सम्बन्ध बनाएगी नहीं बदनामी का दर है. मेरी मान या तो अपने बेटे से hi छुड़वा ले या फिर देवा से. और इन दोनों में मुझे देवा hi सही लगता है. तेरे बेटे में भी देवा जैसा डैम नहीं होगा वार्ना अब तक तू दादी जरूर बन जाती. वो तो एक साधारण सा लड़का है बस जो शायद अपनी लुगाई की आग भी शांत न कर पता होगा. पर देवा की बात hi अलग है. जिसके ऊपर चढ़ जाये उसे hi गाभिन कर दे.

पद्मा – नहीं देवकी अब अपनी जन्दगी तो कट hi गयी है अब इन सब में नहीं जाना मुझे.

देवकी - कोई जनदगी नहीं गई अब भी तगड़ी घोड़ी लगी पड़ी है तू. और तुझे एक दमदार लुंड hi चाहिए. तू देवा को इशारा तो कर वो तुझे जमीन पे hi स्वर्ग दिखा देगा.

पद्मा - मुझे नहीं देखना कोई स्वर्ग. सो जा कल देवा को भी चढ़ाना है न तुझे तो अभी आराम कर ले.

देवकी पद्मा को बहो में ले कर उसे चुम लेती है. तेरा धन्यवाद् पद्मा. जो तूने इजाजत दे दी. अब देख मए देवा का लुंड अपनी गांड में hi लगी कल क्यों की मेरी गांड कुवारी है आज तक. देवा को मए अपनी कुवारी गांड दूगी. और तू भी उसे पता hi ले. बहोत मजा आएगा तुझे भी.

पद्मा – सोचूंगी. अब सो जा.

फिर देवकी पद्मा को बहो में भर के सो जाती है, पर पद्मा के कानो में देवकी की बाते गूंज रही थी. के देवा से छुड़वा ले वो तुझे स्वर्ग दिखा देगा. लेकिन पद्मा के मन में असमंजस था वो खुद को तैयार नहीं कर पा रही थी. यही सब सोचते हुए पद्मा की भी आँख लग जाती है . और वो देवा का लुंड सपनो में देखने लगती है

इधर देवा के घर में देवा और उसके बाबू जी की चुदाई निपटने के बाद जा कर ये घर नींद के आगोश में जाता है. लेकिन आज जो देवा ने देखा था उस की थोड़ी सी चिंता उसे जरूर हो रही थी. क्यों की वो नहीं चाहता था के उस के किसी भी करीबी को आंच भी आये. फिर देवा सब वक़्त पे छोड़ कर नींद के आगोश में चला जाता है.
 
Back
Top