Apne Pyaare rishte - Page 7 - SexBaba
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Apne Pyaare rishte

अपडेट 54



अब तक आपने पढ़ा की कैसे में साक्षी के साथ कुछ हसीं पल बिताने के बाद जब फिर एक बार से मेरे दिल और दिमाग में जुंग चीड़ गयी तोह में उस दलीलों की जुंग के बिच पइसे जा रहा था तब साक्षी ने मेरे चेहरे से मेरे हाव भाव को पढ़ के इस जुंग का अंत कर दिया फिर में उससे विदा लेके अपने खेतों की तरफ चल पड़ा जब में खेत की तरफ जा hi रहा था की तभी मुझे ऐसा आभास होने लगा की कोई मेरा पीछा कर रहा है जब भी में पीछे मुड़ता वह कही कबप जाता लेकिन कोई था तोह जरूर इसी का पता लगा ने के लिए मेने स्लो मोड एक्टिव कर के में उसे ढूंढने लगा लेकिन मुझे कोई दिखा नहीं तोह में इसे अपना भरम मान के hi आगे बढ़ गया और स्लो मोड को भी डीएक्टिवेट कर दिया लेकिन इतनी चालाकी दिखा के भी कुछ फायदा नहीं हुआ मेरे सामने से आती गाड़ी ने मुझे उन लोगों के बारे में बता दिया मीन्स गाड़ी के फ्रंट मिरर में मुझे उनका अक्ष दिखाई देने लगा जो की केवल कुछ सेकंड के लिए था लेकिन मेरे लिए वह भी काफी था इन्हे देखने से hi ये कही के गुंडे लग रहे थे अब जब की मुझे इनकी पोजीशन पता थी तोह अब में भी तैयार था मुकाबले के लिए अभी में चलते चलते एक सुनसान रस्ते पे आ गया जहा मेरे और उन लोगों के अलावा कोई नहीं था ऐसा उन गुंडों को लग रहा था लेकिन ऐसा नहीं था जैसे hi उन गुंडों ने मुझे घेरना शुरू किया मेने तुरंत चीला दिया

में :- बहार निकलो

में जैसे hi चिलाय वैसे hi मेरे बोडीगार्ड्स जिनको दादाजी ने मेरी सुरक्षा के लिए मेरे पीछे लगाया था वह बहार आ गए और उन गुंडों को hi घेरने लगे इस अचानक हुए हमले को वह गुंडे समझ पते उससे पहले hi मेरे बोडीगार्ड्स ने उन्हें पूरी तरह घेर लिया

में :- भून डालो इनको

मेरे बोलगे hi बिना आगे पीछे का विचार किये सरे बोडीगार्ड्स ने अपने बंदूकों के मुँह खोल दिए बस फिर क्या वह जितने भी गुंडे थे वह कुछ समझ पते उससे पहले hi उन को गोलियों से भून दिया गया फिर में बोडीगार्ड्स के सामने जेक

में :- ये सब साफ़ करो और अगर किसी ने भी इसकी चुगली घर पे की तोह उसका क्या होगा वह खुद सोच ले

अभी में बोल hi रहा था की तभी उन लाशों में से एक का फ़ोन बजने लगा

मेने जब फ़ोन उठाया तोह सामने से आवाज आयी

सामने से :- क्या हुआ वह लड़का पकड़ा गया न उसे पकड़ के लेके आओ जल्दी फिर उसके परिवार को बताऊंगा की में क्या हु

में :- (डाट पिस्टे हुए) ी ऍम कमिंग सून

ये बोल में वह फ़ोन जमीं पे पटक देता हु और फिर सरे गार्ड्स की तरफ देखता हु

मेरा इशारा मिलते hi सरे गार्ड्स उन सबकी बॉडी को उठके खेतों में फेकने लगे

फिर में भी निकल पड़ा अपने खेत की तरफ

वही खेतों में आज खुद दीदी मेरा खाना लेकर आयी थी जब में खेत में पंहुचा तोह दीदी की स्कूटी देख में समझ गया की दीदी आयी है तोह कुछ न कुछ करेगी hi जब मेने आस पास नज़र दौड़ाई तोह डैड ने जिन बोडीगार्ड्स को दीदी के पीछे भेजा था वह लोग भी मुझे दिख गए

खेत हमारे घर से ज्यादा दूर नहीं थे इसीलिए में और दीदी कई बार खेत में आते थे इसीलिए हमे हमारे hi गांव के अंदर घूमने के लिए कोई भी बोडीगार्ड्स की जरुरत नहीं थी फिर भी डैड और दादाजी हिडन गार्ड्स को हमारे पीछे भेज देते थे

जब में खेत वाले घर में पंहुचा तोह मेरे पेअर वही रुक गए

दीदी खत पे पेट के बल लटके जमीं पे कुछ बना रही थी जिस वजह से उनकी चूचियां अलग hi उठ के दिख रही थी जैसे वह बहार आने के लिए बिलकुल तैयार हो अगर दीदी जरा भी हिली तोह वह दोनों तुरंत बहार आ जायेंगे

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में दरवाजे के पास खड़ा इस दृश्य को निहारे hi जा रहा था की तभी मेरे कानो में दीदी की आवाज आ गयी

जब मेने दीदी के तरफ देखा तोह वह अभी भी वैसे hi लेती हुई मुझे hi देख रही थी और मंद मंद मुस्कुरा भी रही थी

दीदी (मुझे देखते हुए) :- भाई क्या देख रहा है खाना नहीं खाना क्या

में दीदी के अचानक बोलने से जहा हड़बड़ा गया और अनादर चला आया और घर में hi दूसरे कोने में डाली हुई खत पर बैठे बैठे हिसाब किताब देख रहा था (वैसे तोह मुझे चेतन पे पूरा भरोसा था लेकिन फिर भी एक बार चेक कर रहा था) हिसाब देखते देखते देखते जब मेरी नज़र दीदी पे पड़ी तोह हिसाब को साइड में रख के में दीदी की उछलती हुई चूचियों को देख देख कर अनादित हो रहा था

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दीदी को भी पता था की उसका भाई क्या देख रहा है वो भी बार बार झुक कर मुझ को अपनी चूचियों के दर्शन करवा रही थी

जिसका असर सीधा मेरे लोअर के अंदर हो रहा था में अभी अपने एक हाथ से अपने विशाल लुंड को दबा कर बैठा हुआ था जो की साक्षी के वजह से पहले hi खड़ा था में अभी में हिसाब साइड में रखने के बाद हाथ मुँह धो कर दीदी के पास आ गया

में :- लाओ दीदी देदो खाना

दीदी जल्दी से झोपडी में से बर्तन लती है और मुझ को वही खत के पास खाना परोस देती है

में भी वही निचे बैठ कर खाना खाने लगता हु

दीदी :- क्या बात है आज कल बड़ी म्हणत कर रहा है तू

में :- दीदी म्हणत करेंगे तभी तो अच्छी फसल होगी न

दीदी :- पर भाई तुझे मेहनत करने की क्या जरुरत है तू इस सब का मालिक है तुझे तोह आराम करना चाहिए

में :- वही तोह इन सब का में मालिक हु अगर में hi ध्यान न दू तोह कैसे होगा और वैसे भी में अपने hi खेतों में मेहनत करता हु किसी और के नहीं

दीदी :- तुझसे बातों में कोई नहीं जीत सकता

दीदी भले hi बात मुझसे कर रही थी लेकिन उनकी नजरे मेरे लोअर पर तिकी हुई थी अब वो मुझ को उकसाना कहती थी उन्हें पता था की में भी अब उनकी तरफ अट्रैक्शन फील करने लगा हु बस दीदी को थोड़ी सी म्हणत करनी पड़ेगी और उनका भाई पूरी तरह से उनका हो जायेगा उसी के बारे में सोचते हुए अचानक दीदी जो अबतक बैठी हुई थी अब उल्टा होकर छाती के बल लेत जाती है अपना मुँह मेरी तरफ कर देती है

जिस वजह से उनकी की भरी भरकम चूचिया आधे से ज्यादा टॉप के बहार आ जाती है

दीदी :- भाई मेरी जमीं कब जोतेगा तू

में अच्चानक से दीदी की बात सुनकर उनकी तरफ नजर करता हु और दीदी को देखने लगता हु जिससे मेरा मुँह खुला का खुला रह जाता है

असल में दीदी इतनी उत्तेजित थी की वो अपने कुर्ते का एक बोटों भी खोल चुकी थी जिस कारन उसकी आधे से ज्यादा चूचिया मेरे सामने नंगी थी

जिसका सीधा असर सीधा मेरे लुंड पर होने लगता है

दीदी मेरी और देखती है तोह मुझे खुद की और देखता प् के शर्मा जाती है और समझ जाती है की उनका भाई उनके जाल में फसना शुरू हो गया है

दीदी अपना दुपट्टा उठती है और अपनी दोनों चुकियो के बिच बानी घाटी में दाल कर पसीना पोछने लगती है ये दृश्य देख के मेटः जैसे काबू से बहार hi जा रहा था की तभी दीदी बोल पड़ी

दीदी :- चल भाई जल्दी कर हमे घर भी जाना है

में (हड़बड़ा के) :- क्क्क्य दीदी

दीदी :- अरे खाना जल्दी ख़तम कर नहीं तोह देर हो जाएगी

फिर में जल्दी से खाना ख़तम करके हाथ धो लेता हु और फिर दीदी के साथ hi घर चल पड़ता हु

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 55



फिर में जल्दी से खाना ख़तम करके हाथ धो लेता हु और फिर दीदी के साथ hi घर चल पड़ता हु

अब आगे

वैसे तोह अभी मेरे घर जाने का प्लान नहीं था लेकिन आज एक hi दिन में हमारे परिवार पे 2 बार हमला हुआ था जिससे में हलके में लेने की भूल तोह बिलकुल भी नहीं करने वाला था इसीलिए में भी दीदी के साथ चल पड़ा में उनकी स्कूटी ड्राइव कर रहा था और वह पीछे बैठी थी की तभी गद्दे के वजह से मुझे अचानक ब्रेक लगनी पड़ी जिससे दीदी के सुडोल चुके मेरे पीठ में चुभ गए और इस अचानक हमले से उनकी भी अहह निकल गयी

दीदी :- अह्ह्ह भाई क्या कर रहा है

में :- मेरी गलती नहीं है अचानक गड्ढा आ गया तोह मुझे ब्रेक लगा न पड़ा

दीदी :- तोह आगे से गधा देख के चलना

में :- (शॉक से) हैं

दीदी :- (शरमाते हुए) बचने के लिए

में दीदी के बोलने का मतलब तोह समझ गया था और दीदी के ऐसे बोलने से मुझे हसी भी आ रही थी लेकिन मैंने बड़ी मुश्किल से उस हसी को कण्ट्रोल किया और फिर से बाइक चलने लगा और जब भी रस्ते में गधा दीखता तोह जान बुझ के बाइक को उसी गधे में से लेता जिससे मुझे और दीदी दोनों को मजा आने लगा था जिसका पता मुझे साइड मिरर में दीदी के मंद मंद मुस्कुराते हुए चेहरे को देख के पता चल रहा था

ऐसे hi मस्ती करते हुए में और दीदी अपने घर पहुंच गए जहा डैड और माँ दोनों भी किसी बात पे चर्चा कर रहे थे जो हम दोनों को आता देख के शांत हो गए

फिर में और दीदी दोनों भी अपने अपने कमरे में चले गए जब में कमरे में आया तोह आज के पुरे दिन के बारे में सोच ने लगा जहा आज के हमलों के बारे में सोच सोच के मुझे टेंशन और गुस्सा आ रहा था तोह वही साक्षी और दीदी के साथ बिताये हस्सें लम्हों के बारे में सोच सोच के मेरे चेहरे पे एक अंजनी सी ख़ुशी और रहत के एक्सप्रेशंस आ गए थे यही सब सोचते हुए में फ्रेश होने चला गया लेकिन वह मुस्कराहट अभी भी मेरे चेहरे पे मौजूद थी जब में फ्रेश होक आया तोह गाइड पहले से hi कमरे में मौजूद था

गाइड :- क्या बात है राज आज बड़े खुश दिख रहे हो कही प्यार व्यार के चक्कर में तोह नहीं पद गए

में :- तुम तोह हर वक़्त मेरे साथ होते हो लॉकेट के अंदर

ग :- में कोई जिन नहीं हु जो बॉटल या लॉकेट के अंदर रुकू ये लॉकेट सिर्फ एक जरिया है जिससे में अपनी दुन्या से तुम्हारी इस दुनिया में ट्रेवल कर सकू समझे

में :- इन कुछ दिनों के इतना कुछ देख और सुन लिया है अब तुम्हारी किसी बात से कोई आश्चर्य नहीं होता

ग :- ाचा ठीक है ये सब छोड़ो और अपना फैसला बोलो क्या फैसला लिया है तुमने

में (कुछ सोचकर) :- मई तैयार हु देव कुञ्ज की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाने के लिए में तैयार हु

मेरे इतने बोलते hi जो दिव्या वस्त्र काल और मेने पहने हुए थे वह पुनः से मेरे शरीर पे आ गए लेकिन मेरे शरीर पर उनके आते hi वह गायब हो गए

में :- ये सूट कहा गया

ग :- याद करो मेने क्या कहा था

में :- क्या

ग :- तुम्हे और कई शक्तियां मिलेगी लेकिन उनके लिए तुम्हे खुदको उनके लिए साबित करना होगा

में :- ाचा मतलब पहले मुझे खुदको इस सूट के लिए काबिल साबित करना होगा

ग :- जी सही समझे

में :- और ये में कैसे साबित करूँगा

ग :- वह भी तुम्हे पता है और वैसे भी तुम्हारे घर वाले हमे शांति स बात करने नहीं देंगे

इतना बोलके गाइड कही गायब हो गया अभी में उसे फिर आवाज देने hi वाला था की तभी मेरे रूम के दरवाजे पे नॉक हुआ

में (शॉक से) :- क्या इसे फ्यूचर भी दीखता है

तभी दरवाजे पे फिर से नॉक हुआ जब मैंने दूर खोल के देखा दीदी वह कड़ी थी उन्होंने इस वक़्त एक लूसे टी शर्ट और और पंत पहनी थी जिसमे से उनके चुके हलके हलके देखे जा सकते थे

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मेरी नज़र वही जेक जैसे अटक गयी थी में अभी उन्हें देख hi रहा था की दीदी के बोलने से में होश में आ गया

दीदी :- क्या भाई कितनी देर लगता है दूर खोलने में

में :- में फ्रेश होने गया था इसीलिए देरी हो गयी दीदी

दीदी :- ाचा चल अब मुझे अंदर तोह आने दे

में (साइड हट्टे हुए) :- आइये न दीदी

जकब में साइड में हटा तोह दीदी अपनी गांड मटकते हुए अंदर आ गयी उनके टाइट पंत की वजह से उनके चूतड़ों की गोलाई साफ़ साफ़ देखि जा सकती जो की दीदी के चलने के वजह से और मादक लग रहे थे

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फिर दीदी अंदर आ जाती है और मिरर टेबल पे बैठ जाती है में भी जेक उनके सामने की तरफ बैठ जाता हु

मेरे उनके सामने बैठ ने की वजह से मुझे उनके टीशर्ट से झाकते चुके अब साफ़ दिख रहे थे

दीदी :- क्या हुआ राज आज कल तू कुछ ज्यादा hi टेंशन में दिख रहा है

में :- नहीं दीदी ऐसी कोई बात नहीं कोई काम था आपको ( बात को टालते हुए)

दीदी :- क्यों जब कोई काम होगा तब hi में अपने भाई के पास आउंगी (मुस्कुराते हुए बोली)

इस वक़्त दीदी ने जो टीशर्ट पहनेहुए था उसका गाला काफी डीप था जिसकी वजह से उनकी चूचियों की झलक मुझे दिख रही थी जिस पैर जब से दीदी कमरे में आयी थी तब से hi नज़र हैट hi नहीं रही थी इसीलिए में बात तोह दीदी से कर रहा था लेकिन पूरा ध्यान उनके चुचों पर hi था

में :- नहीं में ऐसे hi पूछ रहा था ( मेरी नज़र बार बार दीदी के बूब्स पैर hi जा रही थी जिसे दीदी ने भी नोट कर लिया था)

दीदी :- ाचा वो सब छोड़ ये बता कोई गफ बनायीं या नहीं या फिर ऐसे hi शर्माता रहेगा ज़िन्दगी भर

में :- क्या दीदी कैसी बाते कर रही हो आपको तोह सब पता है फिर भी

दीदी :- अरे सही बात कर रही हु यही तो उम्र है मौज मस्ती की थोड़ा खुल कर जी और रही बात गांव वालों की तोह उनकी मत सोच

दीदी के ऐसे बोलने से मेने आज दीदी के साथ इस छुपन छुपाई वाले खेल को बंद करने का फैसला कर hi लिया था

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 56



मेने आज दीदी के साथ इस छुपन छुपाई वाले खेल को बंद करने का फैसला कर hi लिया था

अब आगे

में :- (अपना फसा फकए हुए) फिर तो आपका भी कोई बर्फ होगा क्युकी उम्र तो आप की भी हो गयी है

दीदी :- (साद मुँह बनके) में लड़की हु भाई हमे बहुत सोच संभल कर जीना पड़ता है ऊपर से अपनी और घर परिवार के बदनामी का दर अलग

में :- फिर तो आप भी मेरी जैसी hi हो न मेरी कोई गफ न आपका कोई बर्फ ः( हस्ते हुए)

मेरी बात सुनकर दीदी साद सा मुँह बनाते बोली

दीदी :- हां बात तो तेरी सही है तू शर्माता है इसलिए और मुझे बदनामी का दर है वैसे एक हल है मेरे पास इस का भी

में :- इस का क्या हल हो सकता है दीदी (चूचियों की तरफ देखते हुए जो दीदी अब खुद hi दिखा रही थी)

दीदी :- देख सुन किसी बोलना मत में क्या कहती हु क्यों न हम दोनों एक दूसरे के गफ बर्फ बन जाये न तुझे शर्म आएगी मेरे साथ न hi मुझे बदनामी का दर रहेगा क्या बोलता है

में (नाटक करते हुए) पैर दीदी हम भाई बहिन ये गलत है

दीदी :- (मुस्कुराते हुए) ाचा जी और जो तुम अभी मेरी छाती घर रहे हो वो क्या है फिर

में (नाटक कंटिन्यू करते हुए) सॉरी दीदी वो तो नज़र चली गयी गलती से

दीदी :- अरे सॉरी क्यों बोल रहा है इस में गलत क्या है तू मेरा भाई है और फिर इस उम्र में नहीं देखेगा तो फिर कब देखेगा वैसे भी ये तो आधी hi जन्नत देखि है तूने स्वर्ग के तो दर्शन भी नहीं किये अभी

दीदी की बात सुनके जहा मुझे ये कन्फर्म हो गया था की दीदी भी अब इस चुपम छुपाई को ख़तम करना चाहती है तोह में भी उनके साथ नाटक को कंटिन्यू करते हुए बोलै

में :- फिर भी दीदी सोचकर देखो किसी को पता चल गया तो क्या होगा और में कैसे आपके साथ मतलब.....

आगे में कुछ कहता उसे पहले hi मेरी आँखे बड़ी हो गयी सामने का नज़ारा देख कर

दीदी :- देख ले पूरी जन्नत स्वर्ग देखना हो तो ये शर्म त्याग कर आना में इंतज़ार करुँगी सोच ले अब

हुआ यु की जब में बोल hi रहा था की तभी दीदी ने अपनी टी शर्ट को ऊपर उठा दिया जिससे उनके चुके मेरे सामने खुल के आ गए थे

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दीदी इतना बोलके मेरे रूम से भाग के बहार निकल गयी थी वही में पीछे अपना मुँह खोले शॉक में बैठा हुआ था और जो भी अभी हुआ था उसे सोच hi रहा था मुझे ये तोह पता था की दीदी आज इस गेम को एन्ड कर देगी लेकिन वह ऐसी हरकत भी कर सकती है इसका पता नहीं था मुझे जब में इस शॉक से बहार निकला तोह सीधा पीठ के बल hi बीएड पे गिर गया जब खुद को मेने काफी हद तक संभल लिया तोह में थोड़ी ताज़ी हवा खाने चाट पे चला गया जहा जेक थोड़ी रिफ्रेशिंग सा लगने लगा की तभी मुझे घर के बहार की तरफ कुछ हलचल होती दिखी जब मेने गौर से देखा तोह वह कुछ आदमी दिल्हाई दिए ये वही आदमी थे जो दीदी की सुरक्षा के लिए डैड ने भेजे थे

में :- (मन में) अब ये समय आ गया की अपने hi घर में अचे से रहने के लिए बॉडी गार्ड्स के भरोसे रहना होगा इस आदमी से तोह अब मिलना होगा

फिर में वही चाट पे ध्यान लगाने बैठ गया और ध्यान लगा कर अपने त्रि नेत्र को एक्टिवटे कर दिया और फिर कुछ देर ध्यान लगाने के बाद में उठा और चाट पर hi राउंड लगाने लगा अभी दुपहर का समय था तोह चाट पर धुप भी निकली हुई थी जिस की वजह से में ज्यादा देर चाट पे रहने से ाचा अपने कमरे में आ गया और बीएड पे बैठ गया और आज हुई साडी चीजों के बारे में सोच ने लगा और फिर मुझे काल की कही बात भी याद आ गयी की सूट को अपने मन मर्जी हिसाब से उसे करने के लिए मुझे अपने सप्त चक्रों को काबू करना होगा फिर में निचे हॉल में आ गया

जब में निचे आया तोह दादा दादी भी आ गए थे और उनके चेहरे की ख़ुशी देख के hi पता चल रहा था की रिश्ता तय हो गया है वही पे दीदी भी थी लेकिन वह एक दम नार्मल बेहवे कर रही थी जैसे कुछ हुआ hi नहीं ये देख मेने भी फिलहाल नार्मल बेहवे करना hi सही समझा और फिर में निचे आ गया मेरा अंदाजा भी सही निकला जब मेने निचे आया तोह माँ ने मुझे मिठाई देते हुए ये खुश खबर दी जिसके बाद दादी ने बताया की लड़की डॉक्टर है वह फिलहाल सहर के हॉस्पिटल में पोस्टेड थी और वह शादी के बाद भी वह जॉब कंटिन्यू करना चाहती है तोह दादाजी ने उन्हें हमारा हॉस्पिटल जहा शेरा को एडमिट किआ था उसमे ट्रांसफर लेने को बोल दिया था जिसमे कुछ दिन लगने वाले थे

फिर में और दीदी मिलके स. चाचा को चिढ़ाने लगे ऐसे hi मस्ती करते हुए रात हो गयी डैड के चेहरे पर भी अब टेंशन नहीं दिख रही थी उन्हें रिलैक्स्ड देख कर मुझे भी ाचा लग रहा था तोह वही जब सब लोग दिंनिंग टेबल पे बैठे तोह मेने बोलना शुरू किआ

में :- दादाजी मुझे कल अर्जेंट में सहर जाना है कुछ शॉपिंग करनी थी और स्कूल जेक रिजल्ट की भी इनक्विरे करनी थी

मेरे और दीदी दोनों का भी स्कूल सहर के बेस्ट स्कूल मेसे था वैसे तोह शेर ग्रह में भी एक से बढ़ के एक स्कूल थे लेकिन डैड के कहने पे हमारा एडमिशन सहर के बेस्ट स्कूल में कराया गया था

माँ :- तोह उसमे क्या स्कूल में फ़ोन लगा के पूछ लो और रही बात शॉपिंग की तोह वह अपने यहाँ से कर लेना

अभी में कुछ बोलता की तभी दादाजी बोल पड़े

दादाजी :- बहु बच्चों को इतना भी बांधके नहीं रखना चाहिए वैसे भी अब राज बड़ा हो गया है उसका भी मन करता होगा बहार घूमने का (मुझ से) तुम्हारे साथ वीर और भीमा दोनों जायेंगे अगर तुमने सहर में किसी से भी लड़ाई झगड़ा किआ या फिर कुछ भी ऐसा जिससे तुम किसी भी तरीके के खतरे में पद जाओ तोह तुम्हारा हवेली से निकलना भी में बंद करा दूंगा

अब कोई और कुछ बोल भी नहीं सकता था क्यूंकि सब जानते थे दादा जी अपने शब्दों के कितने पके थे जहा सब चुप चाप खा रहे थे वही जब मेरी नज़ए दीदी से मिली तोह वह कुछ उदास सी लग रही थी जब सब ने अपना अपना खाना ख़तम किया तोह सब अपने अपने अपने कमरे में चले गए में भी अपने कमरे में जा hi रहा था की तभी मुझे दीदी चाट पे जाते हुए दिखी

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 57



जब सब ने अपना अपना खाना ख़तम किया तोह सब अपने अपने अपने कमरे में चले गए में भी अपने कमरे में जा hi रहा था की तभी मुझे दीदी चाट पे जाते हुए दिखी

अब आगे

जब मेने दीदी को चाट पे जाते हुए देखा तोह में भी उनके पीछे पीछे पीछे चल पड़ा जब में चाट पे पंहुचा तोह देखा की दीदी चाट पर एक कोने में कड़ी थी और लगातार चाँद को hi देख रही थी जब में दीदी के पास पंहुचा तोह मुझे उनके धीरे धीरे सिसकने की आवाज आने लगी जिसे सुनके hi मेरा दिल तड़प उठा और मेने उन्हें आवाज दे दी मेरी आवाज़ सुन जब उन्होंने पीछे मुद के देखा तोह मेरा दिल रोने लगा क्युकी दीदी की आंखे सुर्ख हो राखी थी जिसे देख कर मेने एक पल गवाए बिना उन्हें गले से लगा लिया

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में :- क्या हुआ दीदी किसी ने कुछ कहा क्या आपको प्लीज बताइये मुझे (दीदी भी मेरे गले लग गयी वही में उनके सर पैर हाथ फेर कर हौसला देने की कोशिश कर रहा था)

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दीदी :- सॉरी भाई मुझे माफ़ कर दो वह गलती से हो गया मेरे मन में ऐसा करने का कोई प्लान नहीं था वह..

और दीदी फिर से रोने लगी

(दीदी के मुँह से ये बात सुनकर में समझ गया की दीदी किस लिए रो रही थी और सॉरी बोल रही है)

दीदी :- पागल है आप बिलकुल मैंने कुछ कहा आपको अरे आप मेरी प्यारी और सबसे सेक्सी बहन हो समझी आप और मुझे पता है आप के मन में मेरे प्रति कितना प्यार है भाई बहन वाले के साथ बर्फ गफ वाला भी

मेरे मुँह से ये निकलते hi दीदी मुझसे तुरंत अलग होक मुझे घर हुए के देखने लगी थी

में :- मुझे शक पहले से hi था लेकिन कॉम्पिटशन वाले दिन हॉस्पिटल में सब क्लियर हो गया तब से में भी आपके प्रति धीरे धीरे आकर्षित होने लगा और कब आप से प्यार करने लगा पता hi नहीं चला

मेरे मुँह से ये सुन के जहा दीदी कुछ देर शर्मायी तोह तुरंत मेरे साइन पे मुक्के मारने लगी

दीदी :- पता है में कितना रोइ मुझे लगा तू मुझसे नाराज़ हो गया इसीलिए दिल्ली जा रहा है लेकिन तू है की तुझे कुछ पड़ी hi नहीं गन्दा

और ये बोल दीदी वापस मेरे गले लग गयी और मेरे गर्दन पे काट लिया

में :- अह्ह्ह जंगली बिल्ली कही की

फिर में और दीदी दोनों हसने लगे

दीदी (शरमाते हुए) :- वैसे कैसे लगे तुझे वह

में :- (समझ के भी नासमझ बनते हुए) क्या दीदी

दीदी :- अरे वही जो मेने तुझे दुपहर को दिखाए

में (सोचते हुए) :- क्या दिखाया था दुपहर को…

दीदी (मेरे साइन पे मारते हुए) :- बोलना भाई क्यों सत्ता रहा है

में :- बताने को तोह बाटाडू लेकिन दोपहर को अचे से देख नहीं पाया तोह कासी बता सकता हु अगर अचे से दिख जाते तोह बात अलग थी

दीदी :- देखना क्या है में तो तुझे महसूस करना चाहती हु पैर अभी तक तेरा जवाब नहीं मिला न मुझे

में :- अभी भी जवाब की जरुरत है क्या दीदी जब आपका भाई खुद अचे से देख ने के लिए बोल रहा है

दीदी :- तू सच कह रहा भाई तो बस एक बार बोल दे की तूने एक्सेप्ट कर लिया मुझे

में :- हां मेरी प्यारी और सेक्सी दीदी हां आपकी बातो पैर गौर किया तो मुझे सही लगा जिस में बदनामी का भी दर नहीं और हम दोनों एक दूसरे की जरुरत भी पूरी कर सकते है में तो दोपहर में hi आने वाला था आप के पास पैर सोचा रात को जब रूम में आओगी तोह अचे से देख भी लूंगा और चुकार महसूस भी कर पाउँगा दीदी अब तो जल्दी से जन्नत के दर्शन करा दो प्ल्ज़

दीदी :- ओह्ह मेरे भाई जन्नत तो क्या अब तो तुझे स्वर्ग की सैर भी करौंगी पैर पहले तो अपनी इच्छा पूरी कर ले ले देख जन्नत ( कहते hi अपनी टी- शर्ट उठा दी जिस उसके मोठे मोठे चुके हवा में झूल गए)

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मेरी तो आंख hi बहार को निकल आयी में तो बस आंखे फाड़े उन्हें देखने लगा भले hi मेरे साक्षी और मीरा माँ के साथ भी सम्बन्ध थे लेकिन उन दोनों से भी कई होना ज्यादा सेक्सी और सुंदर दीदी थी तोह वही यु अपनी चूचियों घूरते देख दीदी शरमाते हुए बोली

दीदी :- कैसे लगे भाई अपनी दीदी के बूब्स यही सुन्ना था न तुझे

में :- मत पूछो दीदी कितने हसीं है ये पैर क्या में इन्हे छू सकता हु बहुत मैं कर रहा है

दीदी :- जो तेरा मैं करे वो कर भाई आज से सब तेरा है मेरा पूरा जिस्म बस मेरा प्यार मुझे देदे मेरी तड़प मिटा दे

यही सब बोलते हुए दीदी अपने में भी बोले जा रही थी जो शायद उनकी हिम्मत नहीं हो पायी ये सब अपने भाई से बोलने की

दीदी :- (मन में) रगड़ दे इन्हे मसल दे भाई और फाड़ दे अपनी बहिन की कुंवारी छूट उउउफ

दीदी की हां सुनते hi मेने बिना एक पल गवाए वो ठूस मांस के बॉल अपने हाथो में भर लिए जो हाथो में भी नहीं आ रहे थे और मसलते हुए बोलै

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में :- उउउउउफफ्फ्फ दीदी कितने सॉफ्ट है ये दिल करता है दबाता hi राहु कभी छोड़ू

दीदी :- आआआहहह भाई ऐसे hi मसल बहुत तदपि हु में ऐसे hi जोर जोर से दबा भाई ऊऊफफफ बहुत ाचा लग रहा है आआह्ह्ह्हह्ह मम्माआ मेरा प्यारा भाई ऐसे कितना सकूं मिल रहा है आह्हः

दोनों जिस्म की गर्मी में पिघल ने लगे थे और इस गर्मी में कब होठ जुड़े पता hi नहीं चला

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खुली चाट पैर बिना किसी की परवाह किये दोनों एक दूसरे में समां ने लगे थे इनका बस चलता तो अभी छूट लुंड का संगम करा देते पैर आज शायद ये मुमकिन नहीं था इसलिए निचे किसी की आवाज़ से दोनों झटके से अलग हुए और कपडे सही करके अपने कमरे में चले गए आज दीदी मेरे साथ नहीं सोने वाली थी वह इस पल को क्जस बनाने वाली थी इसीलिए अपने अपने कमरे में जा कर करवट बदलते हुए न जाने कब नींद की आगोश में चले गए

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 58



अगली सुबह जब में उठा तोह देखा की दीदी मेरे बगल में hi सोइ हुई है जो देख के मेरे चेहरे पर मुस्कराहट आ गयी और जब दीदी के चेहरे को देखा तोह ऐसा लगा की दुनिया भर की मासूमियत सिर्फ मेरे दीदी को hi दी गयी है फिर में अपने बीएड से उठा और चाट पर चला गया और ध्यान लगाने लगा क्यूंकि मुझे जल्द से जल्द अपने सप्त चक्रों पे काबू पाना था इसीलिए में तुरंत hi ध्यान में बैठ कर अपने सप्त चक्रों पे काबू करने की कोशिश करने लगा जैसे hi में ध्यान पे बैठा वैसे hi में फिर से उसी जगह पहुंच गया जहा मेरी मुलाकात काल से हुई थी जब में वह पंहुचा तोह मुझे वह 2 दीवारे दिखाई दी जिसमे से एक दिवार पे आँख की आकृति बानी हुई थी लेकिन उस आँख की पुतलिया मुझे कुछ अलग लगी वह लाल रंग में थी और और ऐसा लग रहा था की उस आँख से खून निकल रहा है इतना डार्क रेड था वह तोह वही दूसरी दिवार पर भी एक चित्र था जिस पे एक आदमी की आकृति बानी हुई थी जिसमे एक सीधी लाइन सात होल बने हुए थे जिसे देख मुझे तोह कुछ समझ नहीं आया तोह उन दोनों hi चित्रों को इग्नोर मरते हुए में वही जमीं पे बैठ गया और ध्यान लगाने लगा और अपने त्रि नेत्र पे फोकस करने लगा जहा से मुझे इन सप्त चक्रों की जानकारी मिल सके लेकिन बड़ी मुश्किलों के बाद भी मुझे कुछ पता नहीं चला बल्कि हर बिताते पल के साथ मेरा सर दर्द करने लगता ऐसा लगता मेरा सर पहात रहा है फिर भी में लगा हुआ था लेकिन फिर भी कुछ फायदा नहीं हुआ अभी में कोशिश कर hi रहा था की तभी मुझे मेरे कानो में गाइड की आवाज सुनाई दी

ग :- राज ये क्या कर रहे हो जल्दी अपने ध्यान को भांग करो नहीं तोह अनर्थ हो जायेगा तुरंत

वैसे भी मेरे सर में बहुत दर्द हो रहा था ऊपर से गाइड की आवाज मेरे सर में और भी दर्द पैदा कर रही थी जिसकी वजह से न चाहतर हुए भी मेरा ध्यान भांग हो गया जब में होश में आया तोह में अपने घर की चाट पे न होक किसी अनजान जगह पर था जहा एक तरफ बीच था तोह दूसरी तरफ समुन्द्र और मेरे सामने गाइड ध्यान में बैठा था जिसे देख के मुझे गुस्सा आने लगा क्यूंकि इसी के वजह से आज में अपने सप्त चक्रों पे काबू पाने में असमर्थ रहा जब में गाइड के तरफ देख hi रहा था की तभी गाइड ने अपनी आखे खोली जब उसने अपनी आखे खोली तोह में भी एक बार के लिए दर गया उसकी आखे पूरी काली हो चुकी थी और उन आखों में देख कर hi मेरे दिल में बैचेनी बढ़ गयी जिससे मेने तुरंत अपनी नज़रे हटा दी और दर को काबू करने लगा

ग (गुस्से में) :- क्या हुआ नज़रे क्यों चुरा रहे हो बोलो क्या कर रहे थे तुम

में सच बोलू तोह गाइड की आखे देकने के बाद मेने जैसे तैसे कर के अपने दर को काबू किया hi था की उसकी इतनी गुस्सैल और भयानक आवाज को सुन कर मेरी सच में अब पहात चुकी थी मेरे गले से आवाज भी नहीं निकल रही थी

में :- सप्त चक्रों पे काबू

अभी जैसे तैसे कर के में हिम्मत जूता के बोलना शुरू hi किआ था की तभी वेब फिर से चिलाने लगा

ग :- किस के मार्ग दर्शन से तुम ये कर रहे थे

में :- (दर से) किसी के भी नहीं

ग :- क्या समझते हो तुम एक दो आदमियों को मार दिया या कुछ शक्तियों पे काबू प् लिया तोह तुम सब में विजयी हो जाओगे क्या तुम जानते क्या हो सप्त चक्रों के बारे में मुझे सप्त चक्रों के नाम बताओ

में :- (शॉक से) हैं

ग :- सप्त चक्रों के नाम

में :- नहीं पता

ग :- वह किस जगह पे स्थित होते है

में :- नहीं

ग :- (बिच में टोकते हुए) तुम्हे पता क्या है तुम्हे क्या लगा था त्रि नेत्र काबू कर लिया तोह तुम सबसे ताकतवर और बुद्धिमान बन जाओगे अरे तुमने स्लो मोड भी इस्तेमाल कर लिया फिर भी कुछ आम मनुष्यों को ढूंढ नहीं पाए तुम्हे क्या लगता है की ये शक्तियां ये जिम्मेदारियां इस पूरी दुनिया में सिर्फ तुम्हे मिले है तोह तुम खास हो तुम्हे किसी की जरुरत नहीं तुम्हे सब पता है क्यों यही सब सोच के तुम केवल त्रि नेत्र के भरोसे सप्त चक्रों को काबू करने गए थे तुम इस सब को बड़े हलके में ले रहे हो आज मुझे लग रहा है जिस राज को इन साडी शक्तियों के लिए चुना गया था वह तुम हो hi नहीं बल्कि तुम कोई और हो जो अपने क्रोध और शक्तियों की लालसा में किसी भी हद तक जा सकते हो

अब गाइड की बाते सुन के मुझे भी गुस्सा आ रहा था इतनी बाते तोह मुझे मेरे परिवार ने भी नहीं सुनाई थी

में (गुस्से में) :- शांत रहो अब तुन ज्यादा बोल रहे हो

ग :- यही बोल रहा हु में तुम्हारा क्रोध तुम्हे अपने क्रोध पे काबू करना जरूरी है

अब मुझ से और सहन नहीं हुआ तोह मेने अपनी साडी ताकत को एक कर के अपने पूछ में समाकर पूरी जोर से उसपे वॉर किआ जिसकी ताकत का अंदाजा इस बात से भी निकल सकते है की जब वह पूछ गाइड से टकराया तोह इतनी ते विब्रेशन्स निकली की जिसने समुन्द्र के पानी तक को काट दिया हमारे आस पास के सरे पेड़ भी टूट के बिखर गए लेकिन वह पंच गाइड का कुछ भी नहीं उखाड़ पाया

ग :- तुम्हे ये चाहिए तोह यही सही

इतना बोलके उसने जिस हाथ से मेने उस पर वॉर किआ था उसी हाथ को पकड़ के सामने की चट्टान पे पहेच दिया जिससे में वोग चट्टान तोड़ते हुए सीधा जेक पीछे के रेट में घसीटता हुआ कुछ दूर तक जेक रुक गया लेकिन इस में मुझे बहुत छोटे भी आयी थी

गाइड :- (मेरे पास आते हुए) तुम्हे इस सब की इम्पोर्टेंस को समझना होगा राज नहीं तोह तुम सब खो डोज राज शायद अब मेरे पास यही रास्ता है

इतना बोलके गाइड ने अपना राइट हैंड मेरे दोनों आखों के बिच त्रि नेत्र की जगह पर रख दिया जिसके बाद मुझे अजीबो गरीब चित्र दिखने लगे कभी में लाशों के पहाड़ पे खड़ा होता तोह कभी में किसी अँधेरी जगह पर होता जो दिखने स्पेस के जैसे लग रहा था और सामने कोई प्लेनेट जैसी चिक में एक के बाद एक बड़े धमाके हो रहे थे तोह तीसरा चित्र देख के मेरी रूह hi कप गयी क्यूंकि ये वही समय था जब में सप्त चक्रों पे काबू पाने के लिए ध्यान में बैठा था थोड़ी देर तक तोह सब सही था लेकिन अचानक मेरा त्रिनेत्र खुलने लगा और कुछ मिनट्स के बाद hi मेरे त्रि नेत्र से इतनी भयानक अग्नि की ऊर्जा निकली की उसने देखते hi देखते पुरे घर को अपने चपेट में ले लिया और अभी बस मुझे चीखे hi सुनाई दे रही थी जो की किसी और की न होक मेरे परिवार की hi थी जो बार बार बचाव बचाव चिल्ला रहे थे लेकिन वह जितना चिल्लाते उतनी hi तेज अग्नि मेरे त्रि नेत्र से निकल रही थी की तभी मेरे घर में एक धमाका हुआ जो की इतनी जोर का था की पुरे हवेली के साथ साथ आस पास के घर भी उड़ गए और इसी धमाके को देख के मेरी भी चीख निकल गयी और उसी चीख के साथ मेरी आँख भी खुल गयी

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 59



अब तक आपने देखा की कैसे राज ख़ुदबसे सप्त चक्रों को जागृत करने का प्रयास करता है जिसके लिए वह अपने त्रि नेत्र की सहायता लेता है लेकिन हर बीतते समय के साथ उसके सरमे असहनीय दर्द का आभास होने लगता है जिसका प्रमाण हर एक पल बढ़ता hi जा रहा था की तभी राज को ध्यान अवस्था में hi गाइड की आवाज सुनाई देती है जिससे राज का ध्यान भांग हो जाता है जब मेरी आखे खुल जाती है तोह राज अपने आप को किसी अज्ञात जगह पे पता है जहा ठीक उसके सामने hi गाइड ध्यान अवस्ता में होता फिर जब गाइड अपनी आखे खोलता है तोह उसकी आखों में जैसे साक्षात् मौत समायी हुई थी उसको देख के hi राज को असीम भय की अनुभवति होने लगती है फिर गाइड राज को उसकी गलती के लिए बहुत डाटा है खूब सुनाता भी है जिससे राज को भी क्रोध आने लगता है फिर उसके बाद क्या हुआ आप सब जानते hi है

अब आगे

जब उस धमाके की आवाज के साथ मेरी आँख खुलती है तोह में एक पल के लिए शॉक hi हो जाता हु क्यूंकि में अभी अपने रूम में सोया हुआ था और सब बिलकुल ठीक भी था सब ठीक देख के मेने भी एक रहत की सास ली लेकिन तभी

" वहु ये सब सपना hi था में कितना दर गया था"

जैसे hi मेने रहत की सास ली वैसे hi ये आवाज मेरे कानो में आ जाती है

जब में इस आवाज के दिशा में देखता हु तोह वह गाइड खड़ा था

ग :- क्यों यही सोच रहे थे न की ये सब सिर्फ सपना था और कुछ नहीं

में कुछ बोल तोह नहीं पता लेकिन बस है में सर हिला देता हु

ग (सीरियस होते हुए) :- इसे सपना समझने की भूल मत करना ये सब सच था तुम्हारा खुद पे अहंकार के वाश में आके सप्त चक्रों पे काबू पाने का असफलता पूर्ण प्रयास तुम्हारी वजह से तुम्हारे परिवार की मृत्यु सब सत्य है

में :- तोह ये सब

ग :- ये सब बहुत काल है में तुम्हे यहाँ लेके आया हु क्यूंकि तुम्हारी वजह से किसी भी मासूम की जान न जा पाए

में (गाइड के पेअर पड़ते हुए) :- मुझे माफ़ कर दीजिये मुझसे ऐसी गलती नहीं होगी

ग :- तुमसे गलती हो चुकी है जिसकी सजा भुगतने को अब तुम्हे तैयार होना होगा

Me(rote हुए) :- में हर सजा भुगतने को तैयार हु

ग :- तुम्हारी सजा यही है की जब तक तुम अपने सप्त चक्रों पे काबू नहीं प् लेते और काल के वस्त्र को पूरी तरह अपना नागि लेते तुम अपनी कोई भी शक्ति शक्ति इस्तेमाल नहीं कर सकते मेने तुम्हारी साडी शक्तिया सील कर दी है

में :- में इन शक्तियों के काबिल नहीं हु मुझे इतनी बड़ी जिम्मेदारियां मत दीजिये नहीं तोह

ग :- बस राज फैसला हो गया है तुम्हारे पास 2 घाटे है आराम कर लो ठीक 5 बजे तुम्हारी नींद खुल जाएगी और फिर से तुम्हे सप्त चक्रों पे काबू पाना सीखना होगा लेकिन इस बार ये में तुम्हारे हाथ में छोड़ता हु की तुम उन्हें कैसे काबू करते हो तुम फिर से अहंकार में चूर होक खुद से सप्त चक्रों पे काबू पाओगे या फिर मेरे तरीके से काम करोगे क्यूंकि अब तुम पीछे हैट नहीं सकते

इतना बोलके उन्होंने फिर से मेरे सर पे हाथ रख दिया जिससे में नींद की आग़ोश में चला गया और गाइड भी वह से गायब हो गया

वही कही दूर किसी दूसरी जगह पे

ये वही जगह है जहा गाइड और मेरी फाइट हुई थी वह इस वक़्त काल खड़े होक समुन्द्र के पानी में hi घूरे जा रहे थे

की तभी वह गाइड भी आ जाता है

ग :- क्या सोच रहे हो काल

क :- यही की राज के मस्तिष्क के साथ ऐसे छेद चाँद करना क्या सही है

ग :- मेने पहले hi कहा था की अगर मुझे उसका मार्ग दर्शक बनाओगे तोह में उसे अपने तरीके से तैयार करूँगा

काल :- लेकिन फिर भी ये कही ज्यादा न हो जाये

गाइड :- काल ये बात तुम भी जानते हो और में भी की अगर राज इस सब को सीरियसली नहीं लेगा तोह क्या होगा मेने बस ट्रेलर दिखाया है अब तुम दुआ करो की ये मूवी कभी भी रिलीज़ न हो और जितनी बड़ी और खतरनाक बीमारी होती है उतनी hi कड़वी और ताकतवर दवाई भी होनी चाहिए नहीं तोह बीमारी का इलाज नहीं बल्कि बीमारी और घातक हो सकती है

काल :- बात तोह तुम्हारी भी सही है

इसी के साथ काल वह से गायब हो जाता है और गाइड वही उसी जगह पे ध्यान में बैठ जाता है

जब सुबह मेरी आँख खुलती है तोह मुझे रात की साडी बाते याद आने लगती जिससे मेरे आखों में अपने आप ासु आ जाते है की अगर गाइड सब ठीक न करते तोह आज क्या होता मेरे वजह से कितने मासूम लोग मरे जा सकते थे कितना बड़ा अनर्थ हो सकता था यही सब सोचते हुए मेरी नज़र मेरे बगल में लेती हुई दीदी पे पद जाती है

और उनके चेहरे की मासूमियत देखके में मंत्र मुग्ध हो जाता हु और अपने आप hi मेरे होठ जेक दीदी के माथे को चुम लेते है

में :- (उनके सर को सहलाते हुए) आपकी कसम दीदी आज के बाद ऐसा कुछ नहीं करूँगा जिससे आपको या किसी और निर्दोष को कोई समस्या न हो ये मेरा वचन और कर्त्तव्य दोनों है और इसे में कभी नहीं तोडूंगा में आपकी कसम खाके कहता हु

इतना बोलते hi फिर से मेरे आखों में ासु आ जाते है जिसकी एक बून्द जेक सीधा दीदी के गाल पर गिरती

में :- (ासु को साफ़ कार्टर हुए) मुझे नहीं पता ये प्यार है या बस आपके प्रति आकर्षण लेकिन जो भी हो अब में आपका साथ कभी नहीं छोडूंगा

इतना बोलके जब मेरे में और बोलने की हिम्मत नहीं हुई तोह मई बाथरूम में चला गया फ्रेश होने

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 60



में :- (ासु को साफ़ कार्टर हुए) मुझे नहीं पता ये प्यार है या बस आपके प्रति आकर्षण लेकिन जो भी हो अब में आपका साथ कभी नहीं छोडूंगा

इतना बोलके जब मेरे में और बोलने की हिम्मत नहीं हुई तोह मई बाथरूम में चला गया फ्रेश होने

अब आगे

जब में बात रूम से बहार आया तोह दीदी अभी भी आराम से सो रही थी तोह में उन्हें वैसे hi सोता छोड़ चाट पर आ गया और चाट पे आके ध्यान में बैठ गया और मन hi मन गाइड को पुकारने लगा

अभी में गाइड को पुकार hi रहा था की तभी मुझे गाइड की आवाज सुनाई देने लगी

ग :- क्या बात है राज मुझे कैसे याद किआ

में :- आप मुझे मार्गदर्शित करने वाले थे सप्त चक्रों पे काबू पाने के लिए

ग :- सप्त चक्रों पे काबू पाना इतने छोटे काम के लिए तुम्हे मेरी जरुरत कैसे पद गयी त्रि नेत्र को जागृत करो और सप्त चक्रों को अपने वाश में कर लो

में :- मुझे माफ़ कर दीजिये अब मेरे आखों से अभिमान की पट्टी उतर गयी है कृपया मुझे पथ प्रदर्शित करे

ग :- आज नहीं पहले hi तुम्हारे मस्तिष्क पर बहुत प्रभाव पड़ा है और ज्यादा प्रभाव हानि करक हो सकता है

में :- नहीं आप बताइये में तैयार हु

ग :- तुम फिर से वही भूल कर रहे हो राज सब जल्दी पाने के चक्कर में जो है उसे भी ख़तम कर बैठोगे

में :- मुझे माफ़ करिये अब से आप जो बोलोगे वैसा hi में करूँगा

ग :- आज तुम्हे सहर भी जाना है फ्रेश हो जाओ कल से में तुम्हारा प्रशिक्षण शुरू कर वाउंगा

में :- जो आज्ञा

फिर गाइड गायब हो गया और में भी निचे अपने कमरे में आ गया जहा दीदी भी उठ गयी थी जैसे hi में रूम में आया दीदी बीएड से उठ कर दरवाजे को लॉक कर दिया और मुझे धक्का देकर बीएड पे गिरा दिया

अब वह मेरे ऊपर आ गयी और मेरी शर्ट उतर के मेरे साइन को चूमने लगी

में :- आप ये क्या कर रही हो दीदी अगर किसी ने देख लिया तो क्या होगा

दीदी :- तो क्या करू भाई जब से तूने हां की मेरे सब्र का बांध टूट गया है मेरी छूट में खुजली बहुत जायदा बढ़ गयी जिसकी वजह से एक पल भी काट न मुश्किल हो गया है मेरा और तू है की न जाने कहा घूम रहा है

में :- में तोह चाट पे hi था

दीदी :- चुप कर और मुझे करने दे जो करना है वह फालतू में दर रहा है

में :- दारू नहीं तोह और क्या करू दीदी सब घर में है ऐसे कैसे करेंगे आप खुद hi सोचो

दीदी :- पता है मुझे पैर में क्या करू ये गर्मी अब मुझसे बर्दास्त नहीं हो रही इस का इलाज़ सिर्फ तेरे पास और अब तू hi ठीक करेगा इसे ूऊमम्मठ

की आवाज़ के साथ मेरे होठ चूस ने लगी जिस में मेने भी उनका पूरा साथ दिया दीदी

कामाग्नि में पूरी तरह से झुलस रही थी उन्हें तो कुछ भी करके अब अपनी छूट में मेरा लुंड चाहिए था पैर कैसे ये उसे भी समझ नहीं आ रहा था

दीदी :- आआह्ह्ह्ह रवि मेरे भाई मेरी छूट का कुछ कर न भाई वर्ण तेरी दीदी पागल हो जाएगी ऊऊफफफफफ

में :- दीदी आप इतनी गर्म कैसे हो गयी आप तो बिलकुल शांत स्वभाव की थी फिर अचानक से सब कैसे

दीदी :- ओह्ह मेरे भाई समंदर भी शांत hi रहता है पैर सुनामी आती है रूद्र रूप दिखता है वैसी hi हालत मेरी थी भाई दिखने में शांत पैर मेरे अंदर कैसे तूफ़ान उठ रहे थे ये कोई नहीं जानता पैर अब मेरे बस में नहीं इन्हे रोक न तू खुद मेरी छूट छू कर देख न भाई

आआआअह्हह्ह्ह्हह

आगे कुछ कहती उस पहले hi मेने उनके होठो को चूसते हुए उनकी छूट से खेलने लगा

दीदी :- आआआह्ह्हूमहहहहहहहहह भाई मसल इसी आआह्ह्ह्ह बहुत परेशान किया है इसने तेरी दीदी को

में :- सच में दीदी आपकी छूट तो किसी भट्टी की तरह तप रही है पैर है बड़ी मुलायम एक दम सॉफ्ट सी

दीदी :- आआह्ह्ह्ह भाई इस भट्टी की आग को तू hi बुझा सकता है आआह्ह्ह्ह बस अब इस में अपना लुंड दाल दे ताकि इसे इसकी औकात पता चल जाये आअह्ह्ह्ह भाई

में :- ोुह्ह्ह दीदी अभी डाला तो आपकी चीख सुनकर सब यहाँ जमा हो जायेंगे और फिर क्या होगा ये आप भी जानती है

(में ये जनता था की घर के सरे रूम साउंड प्रूफ है लेकिन दीदी को रोकना भी जरूरी था)

दीदी :- तो क्या में यही तड़पती राहु ऐसे hi इस आग में जलती राहु

में :- भला मेरे होते हुए मेरी बहिन कैसे तड़प सकती है अभी आपकी तड़प दूर करता हु पैर पहले आपकी जन्नत तो चख लू (कहते हुए उसकी चूचियों को ब्रा से आज़ाद कर दिया)

दीदी :- ोोू भाई बहुत ाचा लग रहा है ऐसे hi प्यार कर मुझे मम्माह्ह्ह्ह

आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह oooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhh ममममाःह्ह्ह्हह्ह

में उनकी चूचियों को चूसते हुए उनकी छूट में तेज़ तेज़ ऊँगली करने लगा जिससे दीदी तो मज़े में पता नहीं क्या क्या बोले जा रही थी

दीदी :- आअह्हह्ह्ह्ह म्मम्मा ममममआ ऊऊह्ह्हह्ह्ह्ह भहहआआईईई मुझीऐ कुछ होऊ रहा हैआईई उउउउउफफ्फ्फ ोररररर टीज़ज़ज़ तेज़्ज़ज़ कक्काररररर आआआहहहहह

muummmmmmmyyyyyyyyyyyy माअररर्र gaaaayyyyyiiiiiiiiiiii ऊऊऊह्ह्हह्ह्ह्ह मेरी

भाआईईईई गाय्यीइइइइइ टेरिइइइ दीदी मेरे अंदर एक सैलाब उठ राहहहहाआ हैई

दीदी की छूट मेरी उंगलियों का प्रहार सेह नाई पायी और जल्द hi झड़ते हुए मूट ने लागीयी

दीदी अब शांत हो चुकी थी ऐसा मजा तो उसे आज तक नहीं मिला था इसलिए वो उस सुख के चानन को अचे से महसूस करना चाहती थी इस लिए पेअर फैलाये बीएड पैर पड़ी हुई थी पैर दीदी को कुछ न बोलते देख में उनकी छूट को देखते हुए बोलै

में :- क्या हुआ दीदी आप कुछ बोल क्यों नहीं रही हो

दीदी :- कुछ नहीं भाई जो सुख तूने दिया है उसे महसूस कर रही हु सच में भाई तू मेरा प्यारा भाई है अपनी दीदी की तकलीफ को समझकर तूने उसकी तकलीफ को दूर किया

अभी दीदी और कुछ केह्तु की गेट पैर नॉक हुआ

में :- कोण है

बहार से :- राज दरवाजा खोल में हु

में :- है माँ खोलता हु

तब तक दीदी उठ कर बाथरूम में भाग जाती है और में भी अपना शर्ट पहन के दरवाजा खोल लेता हु

माँ :- कितनी देर लगता है बीटा जल्दी कर तुजबे निकलना भी है न

में :- है माँ में आता हु आप चलिए

फिर माँ चली जाती है उसी के थोड़ी देर बाद दीदी भी अपने रूम में चली जाती है और में अपनी बेडशीट बदल के फ्रेश होने चला जाता हु

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 61



फिर माँ चली जाती है उसी के थोड़ी देर बाद दीदी भी अपने रूम में चली जाती है और में अपनी बेडशीट बदल के फ्रेश होने चला जाता हु

अब आगे

जब में फ्रेश होक निचे आ जाता हु तोह देखता हु की स. चाचा और भीमा काका दोनों तैयार खड़े थे और डैड थोड़े टेंशन में मुझे hi देख रहे थे

डैड :- में क्या बोलता हु राज ऐसे छोटे मोठे काम के लिए तुम्हे जाने की जरुरत नहीं है में स्कूल में फ़ोन लगाके hi सब पूछ लेता हु

में :- नहीं डैड मेरा जाना जरुरी है

डैड :- लेकिन

दादाजी (बिच में hi) :- धर्म राज अब बड़ा हो गया है बात बात पे रोक टोक अछि नहीं

डैड :- जी पिता जी

फिर हम तीनि निकल पड़ते है जहा में अपनी बाइक निकल लेता हु तोह भीमा काका

स. चाचा के साथ उनकी कार में आते है

अभी हम ड्राइव करते हुए सहर से थोड़े hi दूर थे की में अपनी बाइक को ब्रेक लगा देता हु

स. चाचा :- (गाड़ी से बहार निकलते हुए) क्या हुआ राज तुमने बाइक यहाँ क्यों रोकी तुम्हारा स्कूल तोह आगे है

में :- स्कूल कोण जा रहा है वह तोह हम दूसरे काम के लिए सहर आये है

स. चाचा :- मतलब तुमने घर में सबसे झूठ बोलै अभी में पिताजी को बता हु रुको

में :- आप भी न चाचा बहुत बड़े वाले बुद्धू हो मेने आप के लिए ये नाटक किया और आप hi मुझे फसा रहे हो

स. चाचा :- मेरे लिए मतलब

में :- अरे आपकी शादी तय हुई है आपको अपनी फ्यूचर वाइफ के साथ घूमने फिरने के लिए hi तोह मेने नाटक किया है

स. चाचा :- और ये सब तुमसे करने को किसने कहा

में :- अरे चाचा समझो अगर आप उनपर अभी इम्प्रैशन जमा लोगे तो फ्यूचर में शादी के बाद आप को hi इसका फायदा होगा

में अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहा था की चाचा मेरी बातों में फास जाये लेकिन वह मान hi नहीं रहे थे खैर बड़ी मुश्किल से उन्हें मन लिया और वह मेरी बाइक लेके चची के हॉस्पिटल के तरफ चल पड़े अब वह बस में और भीमा काका बचे थे

काका :- अब बोलिये छोटे मालिक आप सहर क्यों आये है और है मुझे अपनी बातों में मत फसाइये में नहीं फसने वाला

में :- में आपको फ़साने भी नहीं वाला आपकी मदद चाहिए मुझे

काका :- आपके लिए मेरी जान भी हाज़िर है बोलिये मुझे क्या करना है

में :- कल सुबह 4 घंटे में मेरे परिवार पे 2 बार जानलेवा हुम्ला हुआ उसके बारे में आपको जानकारी है क्या कर रहे थे आपके गार्ड्स

काका :- आप गलत है 2 नहीं 4 बार हुम्ला हुआ जिस्मसे एक हुम्ला हुआ hi नहीं और एक हमले को आपने नाकाम किया और बाकि 2 हमले तब हुए जब आप खेत में गए थे

में :- क्या

अभी में आगे बोलता की तभी मेरे मन में गाइड की आवाज आयी

ग :- राज क्रोध के आवेश में कभी किसी के बारे में रे नहीं बनानी चाहिए ये तुम्हारा पहला सबक अपने क्रोध पे काबू पाने के लिए

काका :- छोटे मालिक अगर बुरा न मनो तिह एक बात बोलना चाहूंगा

में :- जी

काका :- इस भीमा ने अपनी साडी उम्र आपके परिवार की हिफाज़त और सेवा में बितायी है अगर फिर भी आप मुझ पे शक कर रहे हो तोह सहायद में hi कही चूक रहा होऊंगा

में (उन्हें बिच में hi टोकते हुए) :- नहीं काका वह तोह में फ्लो फ्लो में बोल गया में भी तोह आपके बेटे जैसा हु क्या आप अपने इस न समझ बेटे को माफ़ नहीं करेंगे

काका :- नहीं छोटे मालिक ऐसा न बोलिये आपका हक़ बनता है की जब आपके परिवार पर हुम्ला हो तोह आप हमसे ऊँची आवाज में hi नहीं हमारी जान भी लेलो

में :- बस अब बहुत हो गया इस बारे में कोई बात नहीं करेगा अब आगे का प्लान सुनिए

फिर में उन्हें मेरा पूरा प्लान बताता हु

वही किसी मॉल के बहार एक औरत अपने फ़ोन पे बात कर रही थी

औरत :- अरे नहीं मीणा में ऐसे नहीं आ सकती तुम्हे तोह पता है मेरा सचेडूले कितना बिजी होता है

फ़ोन पे hi बात करते करते वह सड़क क्रॉस करने लगती है तभी एक ट्रक उसे टक्कर मारने hi वाला होता है की तभी एक लड़का आके उसे ढाका दे देता है जिससे वह औरत पीछे की और गिर जाती है जिससे उसके हाथ में हलकी खरोंचे आ जाती है लेकिन वह ट्रक के नीचे आने से बच जाती है वह तरुस्कक वाला तोह वह से भाग गया लेकिन वह भीड़ जमा होने लगी जो की अस असुअल होता hi है

औरत (लड़के से) :- बीटा तुम ठीक तोह हो न मुझे बचते हुए कही तुम्हे चोट तोह नहीं आये

लड़का :- नहीं आंटी में ठीक हु आपको टेंशन लेने की जरुरत नहीं

अभी वह दोनों बात hi कर रहे थे की तभी उस औरत का बीटा जो शायद 8-9 साल का hi होगा वह मम्मी मम्मी करता हुआ आ गया

बचा :- मम्मी आप ठीक तोह हो न आपको चोट लगी है चलिए जल्दी हॉस्पिटल चलते है

औरत :- बीटा आपकी मां बिलकुल ठीक है इन गुड भैया ने आपकी मां को कुछ नहीं होने दिया

बचा :- इन्होने आपको सुपर हीरो की तरह बचाया

औरत :- है बिलकुल सुपर हीरो की तरह

फिर वह बचा उस लड़के को गले लगा के थैंक यू बोलता है फिर वह लड़का भी वह से चला जाता है

वही दूसरी तरफ एक लड़का किसी बड़ी से बिल्डिंग के सामने खड़ा था जो की दिखने से hi कोई बड़ी कंपनी लग रही थी वह लड़का बिल्डिंग को कुछ देर देखता रहा फिर चलते हुए वह उस बिल्डिंग के अंदर घुस गया

वही उस कंपनी के अंदर रिसेप्शन एरिया में कड़ी रिसेप्शनिस्ट उसे रोक लेती है

रिसेप्शनिस्ट :- एक्सक्यूज़ में सर आपको किस से मिलना है

लड़का :- मुझे इस कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर मर. शर्मा से मिलना है

र :- क्या आपके पास उनका अपॉइंटमेंट है

लड़का :- अपॉइंटमेंट तोह नहीं है

र :- माफ़ कीजियेगा सर वह बिना अपॉइंटमेंट किसीसे नहीं मिलते

में :- आप उनसे बोलिये राजवीर उनसे मिलने आया है वह मुझे जानते है

र :- माफ़ कीजियेगा सर हम ऐसे उन्हें कॉल नहीं कर सकते अगर आप जानते है तोह आप कॉल लगा दीजिये

में :- में अपना फ़ोन गाड़ी में भूल गया आप उन्हें फ़ोन लगाइये में बात करता हु

र :- अरे तुम समझते क्यों नहीं जब मेने बोलै वह बिना अपॉइंटमेंट किसी से नहीं मिलते

अभी में कुछ बोलता की तभी वह एक और लेडी आ जाती है जिसने कपडे बिलकुल रिसेप्शनिस्ट जैसे पहने थे बस उम्र में थोड़ी बड़ी थी

लेडी :- अरे सर आप यहाँ

में :- है मुझे शर्मा जी से मिलना है लेकिन मेरे पास अपॉइंटमेंट नहीं है

लेडी :- क्या सर आपको कब से अपॉइंटमेंट की जरुरत पद गयी

में :- ये बात इन्हे समझाइये (रिसेप्शनिस्ट के तरफ इशारा करके)

लेडी :- सर में इसके तरफ से माफ़ी मांगती हु आप अंदर जाइये

फिर में वह से अंदर चला जाता हु

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 62

अब तक आपने देखा की जब राज चाट पर अपने सप्त चक्रों पे काबू पाने गया तोह गाइड ने राज को अपने मस्तिष्क को आराम देने का बोल के वापस भेज दिया और जब राज अपने कमरे में पंहुचा तोह रीना पहले से जगी हुई तहज उसके बाद राज और रीना ने कुछ क्वालिटी टाइम साथ बिताया जिसके बाद राज सहर के लिए निकल गया जहा पर उसने चाचा को अपने शब्दों के जाल में फसा कर तोह अलग रस्ते भेज दिया और भीमा काका को अपने प्लान में शामिल कर लिया

अब आगे

जब में रिसेप्शन से निकल कर अंदर गया तोह वह सारा स्टाफ मुझे hi देख रहे थे लेकिन में किसी के भी तरफ देखे बिना सीधा अंदर की तरफ चल पड़ा में सीधा जेक जेक ऑफिस के मैं एरिया जहा ऑफिस के सरे हेड्स के केबिन था वह जेक मद के केबिन में घुस गया जहा एक 40-45 साल का आदमी बैठा हुआ था और कंप्यूटर में कुछ टाइप किये जा रहा था

में :- क्या में अंदर आ सकता हु

जब मेने अंदर आने की परमिशन मांगी तोह उस आदमी ने एक आँख उठके मुझे देखा और मुझे देखते hi वह उठ खड़ा हुआ

आदमी :- अरे राज बीटा तुम यहाँ क्या boss(dad) भी आये है.

में :- नहीं शर्मा अंकल फिलहाल में अकेला hi आया हु एक अर्जेंट काम के सिलसिले में

स :- जरूरी काम है बताइये में आपकी क्या सहायता कर शक्ति हु

फिर मेने कुछ देर उनसे बात की और फिर में बहार निकल गया जब में बहार निकल रहा था तोह उस रिसेप्शनिस्ट ने मुझसे माफ़ी मांगी तोह मेने भी उसे माफ़ कर दिया क्यूंकि गलती तोह मेरी hi थी जो बिना बताये आ गया

फिर में वह से निकल कर अपनी गाड़ी में बैठ गया

तोह वही किसी आलिशान बंगले में एक आदमी अभी आराम से सोफे पर बैठ के अपने फ़ोन पे बात कर रहा था

आदमी :- अरे टेंशन मत लो मेने हाई कमांड के जेब पैसों से भर दिया है अब तोह मिस्त्री की सीट मेरी hi समझो

अभी वह और कुछ बोलता की तभी एक आदमी जिसने वैठ मन जैसे कपडे पहने थे वह अंदर आया

व :- सर कोई आपसे मिलने आया है

आदमी :- उससे कहो में बुसीबहु बाद में आये

व :- सर वह कह रहा हाइबवह आपका रिश्तेदार है

आदमी :- मेरा रिश्तेदार (वैठ मन से) उसे अंदर आने दो

व :- ok सर

जैसे hi वैठ मन बहार जाता है वह आदमी भी अपना फ़ोन रख के अपनी नजरे दरवाजे की और गदा लेता है

थोड़ी देर में hi एक लड़का एंट्री मरता है

लड़का :- hello

आदमी :- hello बूत मेने तुम्हे पहचाना नहीं

लड़का :- ओह्ह्ह सॉरी वह अगर में सच बोलता तोह शायद गार्ड अंदर नहीं आने देता इसीलिए झूठ का सहारा लेना पड़ा

(सोफे पर बैठते हुए) मेरा नाम राजवीर है

आदमी :- में किसी राजवीर को नहीं जनता तोह तुम्हारा मुझसे क्या काम

में :- आप भले hi मुझे न जाने लेकिन मेरे पिता ठाकुर धर्मवीर प्रताप सिंह को तोह जानते होंगे

आदमी :- नहीं जानता.

में :- क्या बात है नहीं जानते और परिवार पे 4 बार हमला करा दिया

आदमी :- देखो बच्चे ये बिज़नेस है तोह तुम इसमें बोलो hi मत

में :- में भी वही बोल रहा हु ये बिज़नेस है और बिज़नेस में प्रोब्लेम्स आती रहती है लेकिन बिज़नेस में फॅमिली बिच में नहीं आणि चाहिए

आदमी :- देखो तुम इस सब से साइड hi रहो कही ऐसा न हो की धर्मवीर बिज़नेस बचने के चक्कर में अपने बेटे को खो दे

में :- आप….

"अरे राज बीटा तुम"

अभी में कुछ बोलता की तभी वह उस आदमी का लड़का और वाइफ आगये

में :- नमस्ते आंटी आप यहाँ

आदमी (अपनी वाइफ से) :- तुम इसे कैसे जानती हो

औरत :- मेने आपको बोलै था न मुझे ट्रक निचे आने से एक लड़के ने बचाया ये वही है

में :- अब मुझे यकीन हो गया

औरत :- क्या बीटा

में :- यही की अंकल के किसी बिज़नेस राइवल ने hi आप पर हुम्ला किआ था

औरत :- मुझे भी यही लगा था क्यूंकि वह रोड पूरा खली था

में :- (उसके बेटे से) ये लो बीटा तुम्हारे लिए चॉकलेट

लड़का :- (मुस्कुराते हुए) थैंक्स सुपर हीरो

में :-(आदमी को घूरते हुए) बीटा कभी किसी अनजान से कुछ खाने पिने का लेते नहीं हो सकता है उससे हमे खतरा भी हो (आदमी से) अंकल ये तोह बचा है आपको समझाना चाहिए भगवन न करे कभी आपके किसी बिज़नेस राइवल ने आपसे बदला लेने के लिए इन पे हुम्ला कर दिया तोह आप बिज़नेस को बचने के लिए बीटा खो डोज

फिर और कुछ देर बाटे करने के बाद वह औरत अपने बेटे को लेके दूसरे कमरे में ले गयी

में :- तोह में कहा था

आदमी :- फॅमिली बिच में नहीं आणि चाहिए

में :- काम उम्मीद से जल्दी हो गया कल तुमने हुम्ला किया रात को मेने तुम्हारी इन्फो निकली सुबह सहर आया और दुपहर तक काम ख़तम भी हो गया और तुम भी जल्दी समझ गए चलो चलता हु

फिर में भी वह से निकल गया और वह आदमी बस मुझे जाते हुए मुँह फाड् कर देखता रहा

मेरे जाने के बाद उस आदमी ने अपना फ़ोन से किसी को फ़ोन लगा दिया.

आदमी :- सुन किसी धर्मवीर को धमकी दी थी और उसके परिवार को मारने का तरय किया था

सामने से :- है गवर्नमेंट ने टेंडर निकला है जो अगर वह मुझे मिल जाये तोह इंडिया के टॉप5 बिज़नेस मन में अपना नाम आ सकता है

आदमी :- वह टेंडर छोड़ दे और आज के बाद धर्मवीर और उसके परिवार की तरफ देखना भी नहीं

सामने से :- क्यों भाई वह टेंडर मुझे किसी भी हालत में चाहिए

आदमी :- (गुस्से में) चुप चाप जो बोलै वह कर मुझे मेरा परिवार किसी भी टेंडर से ज्यादा कीमती है समझा

सामने से :- लेकिन ऐसा क्या हुआ भाई

आदमी :- (डट पिस्टे हुए) तुझसे जितना बोलै जाये वह कर अपना दिमाग मत लगा नहीं तोह बिज़नेस छोड़ और फिर से चोरी चाकरी शुरू कर दे मेरी hi गलती थी की गुंडे को बिज़नेस देके निश्चिंत हो गया अब से मुझे बिज़नेस की साडी खबर चाहिए समझा

सामने से :- जी भाई

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 63



अब तक आपने देखा की कैसे राज ने अपने चाचा को बातों में फसा कर उनकी होने वाली पत्नी के साथ घूमे भेज दिया फिर भीमा काका को सब सुच बता के अपने सहर आने के मैं रीज़न के लिए निकल पड़ा जहा उसने सबसे पहले अपने परिवार पर हुम्ला करने वाले के परिवार पर झूठा हुम्ला करा के उन्हें बचा लिया जिससे उनके नज़र में वह हीरो बन गया फॉर अपने ऑफिस विजिट करके ऑफिस मद से कुछ देर बाते की उसके बाद जेक उस आदमी को भी समझा दिया की फॅमिली बिच में नहीं आणि चाहिए

अब आगे

जब में उस आदमी से बात करके बहार निकला तोह उसके घर के बहार hi भीमा काका खड़े मिले

भीमा काका :- क्या हुआ आज बिना मार पिट के काम निपट गया

में (मुस्कुराते हुए) :- अब आप भी तने मारने लगे

भीमा :- तना नहीं मार रहा हु बस शॉक में हु जिसने आपके परिवार पे हुम्ला किया उसे बिना मारे या बिना सबक सिखाये hi चल पड़े अगर उसने फिर हुम्ला किया तोह

में :- नहीं करेगा उसकी आखों में दर था अपने परिवार को खोने का और वह दर कितना डरावना होता है ये मुझे पता पद गया है और वैसे भी समझदार आदमी था जल्दी समझ गया आप बताइये सुजय का क्या हुआ

(सुजय वही जिसने राणा को हिरे किया था और भीमा के परिवार पे हुम्ला किया था)

भीमा :- अब वह कभी हमारे बिच नहीं आएगा उसका किस्सा भी ख़तम समझो

में :- (अपनी घडी देखते हुए) काम उम्मीद से ज्यादा जल्दी हो गया अब क्या करे वापस चले

भीमा :- घर पे शॉपिंग का बहाना करके निकले थे खली हाथ गए तोह झूठ पकड़ा जायेगा

में :- आप सुच बोल रहे हो तोह चलो आस पास के किसी मॉल में चलते है

फिर हम दोनों वही के पास के मॉल में चले गए जहा से हमने मेरे लिए थोड़े से कपडे ख़रीदे और फिर मेने बाकियों के लिए भी कुछ न कुछ खरीद लिया

जब हम वापस जा रहे थे तभी मुझे दीदी के लिए कुछ स्पेशल लेने का आईडिया आया तोह में भीमा काका को दूसरे सेक्शन में भेज के में लेडीज सेक्शन में घुस गया और जब में वह से निकलने लगा तोह मेरे कानो में किसी औरत के चिल्लाने की आवाज सुनाई देने लगी जब में उस आवाज का पीछा किया तोह देखा की मॉल के पार्किंग में कुछ लोग किसी औरत के साथ बदतमीजी कर रहे थे उस औरत की आगे कुछ 30-35 साल के बिच लग रही थी और उसे कुछ 5 लोगों ने घेर लिया था

में (छिलके) :- क्या कर रहे हो तुम लोग

मेरी आवाज सुनके उनमेसे एक मेरी तरफ घुमा

ा1 :- तू कोण है बे हम कुछ भी करे हमे रोकने वाला तू कोण अभी बचा है जा जेक पहले बड़ा हो जा

अब मुझे ज्यादा डायलाग बजी में समय बर्बाद नहीं करना था और भीमा काका भी मेरा वेट कर रहे थे तोह मेने बिना कुछ बोले आगे बढ़ कर ा1 के पेट में पंच मार दिया जिससे वह वही पेट पकड़ के बैठ गया अपने साथी को मार खता देख उन मेसे 3no एक साथ मुझ पर हुम्ला कर दिया उन 3no को अपने पास अत देख में भी ज्यादा समय बर्बाद न करते हुए वह पड़े ा1 को उठा के उन 3no के ऊपर फेक दिया जिससे वह 3no जमीन पर गिर पड़े लेकिन थोड़ी hi देर में वह 3no उठ गए लेकिन मेरे सामने कहा टिक पते जितने जल्दी वह खड़े हुए थे उतने hi जल्दी वह फिर जमीन पर गिर पड़े अपने साथियों की ये हालत देखते हुए आखरी बन्दे की मुझ पर हुम्ला करने की हिम्मत hi नहीं हुई

ा5 :- भाई मुझे छोड़ दो इन लोगों को हॉस्पिटल भी ले जाना है

में :- चल जा

फिर वह एक एक करके उन चरों को गाड़ी में दाल के वह से चल पड़ा उसके जाने के बाद मेने आस पास नज़र घुमयी तोह उस औरत का कोई भी नमो निशान नहीं था फिर में भी वह से निकल गया

भूमि :- कहा चले गए थे आप

में :- अरे कुछ नहीं वह कुछ पैकेट्स लेना भूल गया था वही लेने गया था

फिर हम मॉल से निकल गए और जब हम मॉल से निकले तोह मेने छोटे चच्चा को भी फ़ोन करके बता दिया तोह उन्होंने उसी जगह मिलने का बोल दिया जहा वह और हम अलग हुए थे फिर हम दोनों भी निकल पड़े फिर छोटे चाचा को पिक कर के हम अपने घर की तरफ निकल पड़े

हमे घर पहुंचते पहुंचते hi रात हो गयी फिर हमने सबके साथ मिलके खाना खाया फिर सब को उनके तोहफे भी दिए जिससे सब बहुत खुश हुए

फिर सब के खाना खाने के बाद दादाजी ने डैड और भीमा काका को अपने स्टडी रूम में बुलाया

इन स्टडी रूम

दादा जी :- अब मुझे सब सच बताओ पिछले कुछ दिनों से यहाँ क्या हो रहा है

डैड ;- में कुछ समझा नहीं पिताजी आप किस बारे में बात कर रहे हो

दादा जी :- धर्म ये बाल मेने धुप में सफ़ेद नहीं किये है

मेरा बीटा जो कभी भी मेरे बोले हुए शब्द को गिरने नहीं देता था वह मुझे मेरे किये फैसले पर टोक रहा है मुझे अपने hi बेटे के लिए लड़की देखने जाने से रोक रहा है

जो भीमा कभी मेरे अनुमति के बिना सास भी नहीं लेता वह बिना मेरे ौमती के 1-1.5 घंटे के लिए गायब हो जाता है

मेरा पोता जिसने कभी अपने लिए खिलोने लेने की भी जिद्द नहीं की जिसके लिए सहर जेक मॉल से कपडे खरीदना सिर्फ पैसों की बर्बादी है वह मुझसे जिद्द कर रहा है की उसे सहर जेक hi कपडे खरीदने है

बताओ है कोई जवाब मेरे सवालों का

दादाजी की बात सुनके काका और डैड दोनों के भी मुँह खुले के खुले रह गए

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आज के लिए इतना hi

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