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अपडेट 74
अब तक आपने देखा
चलते हुए में कुछ दूर hi पंहुचा था तोह मुझे वह चट्टान दिखाई देने लगी उसे देख के में जहा था वही रुक गया और उस चट्टान के मेरे करीब आने का इंतज़ार करने लगा जैसे hi वह चट्टान मेरे करीब आयी में तुरनर साइड हो गया जिससे वह चट्टान बिना मुझे छुए पीछे की और निकल गयी उसके जाते hi मेने भी फिर से चलना शुरू कर दिया
अब आगे
ऐसे hi कुछ देर और चलने के बाद अब एक साथ 2 चट्टानें मेरे तरफ आने लगी थी जिनको और आते देख में फिर से देवर से सात कर खड़ा हो गया जिससे वह चट्टानें मुझे सिर्फ चुकार निकल गयी लेकिन इस बार इनके चुने से मुझे असहनीय पीड़ा का अनुभव हुआ जिसके वजह से अभी में चल भी नहीं प् रहा था चलना तोह दूर की बात मेरे में अब खड़े रहने की भी ताकत नहीं थी जिसकी वजह से में वही गिर गया और दर्द से तड़पने लगा तभी मेरी नज़र सामने से आ रहे अब तक के सबसे बड़े चट्टान पर पड़ी जिसका साइज hi इतना बड़ा था की वह लग भाग पुरे टनल को कवर करके चल रहा था जब वह मेरे तरफ आ रहा था तोह में जमीं में हो रहे कम्पन को भी में महसूस कर प् रहा था जिससे ये तोह तय था अभी तक जो भी हुआ वह बस ट्रेलर था अभी और भी बड़ी चुन्नौतिया आणि बाकि है जिनके लिए में तैयार नहीं हु मुझे अभी और ट्रेनिंग की जरुरत है
यही सोचते हुए मेरे मुँह से वह निकल गया जो शायद नहीं निकलना चाहिए था
में :- में हार मानता हु मुझे अभी और अभ्यास की जरुरत है मुझसे अब और नहीं होगा
मेरे ये बोलते hi वह चट्टान जो मेरे तरफ बढ़ रही थी वह जहा थी वही पर वह टूट गयी और उसके वह छोटे छोटे टुकड़े आके मेरे ऊपर गिरने लगे जिससे मुझे और भी कई जगह छोटी मोती छोटे आयी लेकिन जब वह चट्टान पूरी तरह टूट गयी तोह बहार जाने का रास्ता भी खुल गया
फिर में कैसे तैसे अपने दर्द पर काबू प् कर उस रस्ते से बहार निकल गया और अब मेरे सामने था बहार जाने का दरवाजा जिसके दूसरे और में अपने रूम को देख सकता था जैसे hi में उस रस्ते से बहार निकलने लगा वैसे hi मेरे नज़र सामने बैठे एक 3 मुँह वाला शेर पर गयी जिसे देख के hi मेरी आगे बढ़ने की हिम्मत hi नहीं हुई इसीलिए में जहा था वही बैठ गया और उस शेर के जाने की रह देखने लगा अभी इतना चलके और इतनी छोटे खाने के बाद मेरे में हिम्मत नहीं थी की में फिर से किसी से भी लड़ाई करू या अब कुछ और करू इसीलिए में वही बैठ गया और ध्यान लगाने लगा क्यूंकि मुझे भी अब थोड़ी देर रिलैक्सिंग की जरुरत थी तोह में ध्यान लगा के रिलैक्स hi कर रहा था की तभी मेरे सामने जो शेर बैठा था उसकी जोरदार डरकाळी से मेरा ध्यान टूट गया जब मेने उसके और देखा तोह वह वही आराम से लेता था तोह में फिर से ध्यान लगाने लगा लेकिन इस बार किसी आदमी की आवाज मुझे आने लगी
आवाज :- आ गया रोटदु बचा
जब ये आवाज मेरे कानो में पड़ी तोह मेरा ध्यान फिर से टूट गया लेकिन जब मेने आस पास देखा तोह वह कोई भी नहीं था में अभी यहाँ वह देख hi रहा था की तभी मुझे फिर से उस आदमी की आवाज सुनाई दी
आवाज :- देखो इस बचे को कैसे मूर्खों की तरफ यहाँ वह देख रहा है
जब मेने ध्यान से देखा तोह वही 3 मुँह वाले शेर का एक सर ये बोल रहा था जिसे देख और सुन के तोह मेरे आस्चर्य से आखे hi फटी की फटी रह गयी में अभी उसे देख hi रहा था की तभी उस शेर के 2 सर ने भी बोलना शुरू किआ
हेड 2 :- देखो तोह इस रोटदु को कैसे हमे घर रहा है जैसे पहली बार किसी शेर को बोलते हुए देख रहा है
हेड1 :- देखो तोह थोड़ी देर पहले कैसे रो रहा था (मेरी नक़ल करते हुए) में हार मानता हु मुझे अभी और अभ्यास की जरुरत है मुझसे अब और नहीं होगा
ऐसे hi धीरे धीरे उस शेर के 3no सर मेरा मजाक उड़ने लगे जिससे मुझे भी अब गुस्सा आने लगा था लेकिन मेने अपने गुस्से को जैसे तैसे करके काबू किया और ध्यान लगाने लगा मुझे ध्यान लगता देख वह और भी ज्यादा मजाक उड़ने लगे जिससे मुहे गुस्सा तोह बहुत आ रहा था लेकिन मैंने जैसे तैसे अपने गुस्से पर कण्ट्रोल करके ध्यान लगाने लगा लेकिन जब में ध्यान लगाने लगा तोह वह 3no सर एक साथ बहुत जोर से चिल्लाने लगे जिससे मेरा ध्यान बार बार भांग हो रहा था जिस वजह से अब मेरा गुस्सा अपने चरम पर था लेकिन फिर भी में अपने गुस्से को काबू करके फिर से ध्यान लगाने लगा लेकिन वह अभी भी चिल्ला रहे थे लेकिन मैंने इस बार अपना ध्यान भांग नहीं होने दिया जिससे मुझे ध्यान लगाने में सफलता भी प्राप्त हो गयी अब उस शेर की आवाज आना भी बंद हो गयी थी और में शांति से ध्यान लगा प् रहा था जिससे जल्द hi मुझे अपने शरीर में एक नयी ऊर्जा का संचार होते हुए महसूस होने लगा जिससे मेरे सरे घाव भर गए और थकन भी मिट गयी जब मुझे शरीर में संचारित ऊर्जा का ाबहस होने लगा तोह अब में भी ध्यान से उठ गया जब मेने अपना ध्यान तोडा तोह सामने का नज़ारा देखके तोह मेरे होश hi उड़ गए में अभी अपने कमरे में सोया हुआ था और दीदी मेरे पास hi मुझसे लिपट के सो रही थी ये देखके तोह मेरे दिमाग ने hi काम करना बंद कर दिया की मेने जो इतनी मेहनत की इतना दर्द सहा वह सब झूट था केवल मेरे मन का वहां था
अब तक आपने देखा
चलते हुए में कुछ दूर hi पंहुचा था तोह मुझे वह चट्टान दिखाई देने लगी उसे देख के में जहा था वही रुक गया और उस चट्टान के मेरे करीब आने का इंतज़ार करने लगा जैसे hi वह चट्टान मेरे करीब आयी में तुरनर साइड हो गया जिससे वह चट्टान बिना मुझे छुए पीछे की और निकल गयी उसके जाते hi मेने भी फिर से चलना शुरू कर दिया
अब आगे
ऐसे hi कुछ देर और चलने के बाद अब एक साथ 2 चट्टानें मेरे तरफ आने लगी थी जिनको और आते देख में फिर से देवर से सात कर खड़ा हो गया जिससे वह चट्टानें मुझे सिर्फ चुकार निकल गयी लेकिन इस बार इनके चुने से मुझे असहनीय पीड़ा का अनुभव हुआ जिसके वजह से अभी में चल भी नहीं प् रहा था चलना तोह दूर की बात मेरे में अब खड़े रहने की भी ताकत नहीं थी जिसकी वजह से में वही गिर गया और दर्द से तड़पने लगा तभी मेरी नज़र सामने से आ रहे अब तक के सबसे बड़े चट्टान पर पड़ी जिसका साइज hi इतना बड़ा था की वह लग भाग पुरे टनल को कवर करके चल रहा था जब वह मेरे तरफ आ रहा था तोह में जमीं में हो रहे कम्पन को भी में महसूस कर प् रहा था जिससे ये तोह तय था अभी तक जो भी हुआ वह बस ट्रेलर था अभी और भी बड़ी चुन्नौतिया आणि बाकि है जिनके लिए में तैयार नहीं हु मुझे अभी और ट्रेनिंग की जरुरत है
यही सोचते हुए मेरे मुँह से वह निकल गया जो शायद नहीं निकलना चाहिए था
में :- में हार मानता हु मुझे अभी और अभ्यास की जरुरत है मुझसे अब और नहीं होगा
मेरे ये बोलते hi वह चट्टान जो मेरे तरफ बढ़ रही थी वह जहा थी वही पर वह टूट गयी और उसके वह छोटे छोटे टुकड़े आके मेरे ऊपर गिरने लगे जिससे मुझे और भी कई जगह छोटी मोती छोटे आयी लेकिन जब वह चट्टान पूरी तरह टूट गयी तोह बहार जाने का रास्ता भी खुल गया
फिर में कैसे तैसे अपने दर्द पर काबू प् कर उस रस्ते से बहार निकल गया और अब मेरे सामने था बहार जाने का दरवाजा जिसके दूसरे और में अपने रूम को देख सकता था जैसे hi में उस रस्ते से बहार निकलने लगा वैसे hi मेरे नज़र सामने बैठे एक 3 मुँह वाला शेर पर गयी जिसे देख के hi मेरी आगे बढ़ने की हिम्मत hi नहीं हुई इसीलिए में जहा था वही बैठ गया और उस शेर के जाने की रह देखने लगा अभी इतना चलके और इतनी छोटे खाने के बाद मेरे में हिम्मत नहीं थी की में फिर से किसी से भी लड़ाई करू या अब कुछ और करू इसीलिए में वही बैठ गया और ध्यान लगाने लगा क्यूंकि मुझे भी अब थोड़ी देर रिलैक्सिंग की जरुरत थी तोह में ध्यान लगा के रिलैक्स hi कर रहा था की तभी मेरे सामने जो शेर बैठा था उसकी जोरदार डरकाळी से मेरा ध्यान टूट गया जब मेने उसके और देखा तोह वह वही आराम से लेता था तोह में फिर से ध्यान लगाने लगा लेकिन इस बार किसी आदमी की आवाज मुझे आने लगी
आवाज :- आ गया रोटदु बचा
जब ये आवाज मेरे कानो में पड़ी तोह मेरा ध्यान फिर से टूट गया लेकिन जब मेने आस पास देखा तोह वह कोई भी नहीं था में अभी यहाँ वह देख hi रहा था की तभी मुझे फिर से उस आदमी की आवाज सुनाई दी
आवाज :- देखो इस बचे को कैसे मूर्खों की तरफ यहाँ वह देख रहा है
जब मेने ध्यान से देखा तोह वही 3 मुँह वाले शेर का एक सर ये बोल रहा था जिसे देख और सुन के तोह मेरे आस्चर्य से आखे hi फटी की फटी रह गयी में अभी उसे देख hi रहा था की तभी उस शेर के 2 सर ने भी बोलना शुरू किआ
हेड 2 :- देखो तोह इस रोटदु को कैसे हमे घर रहा है जैसे पहली बार किसी शेर को बोलते हुए देख रहा है
हेड1 :- देखो तोह थोड़ी देर पहले कैसे रो रहा था (मेरी नक़ल करते हुए) में हार मानता हु मुझे अभी और अभ्यास की जरुरत है मुझसे अब और नहीं होगा
ऐसे hi धीरे धीरे उस शेर के 3no सर मेरा मजाक उड़ने लगे जिससे मुझे भी अब गुस्सा आने लगा था लेकिन मेने अपने गुस्से को जैसे तैसे करके काबू किया और ध्यान लगाने लगा मुझे ध्यान लगता देख वह और भी ज्यादा मजाक उड़ने लगे जिससे मुहे गुस्सा तोह बहुत आ रहा था लेकिन मैंने जैसे तैसे अपने गुस्से पर कण्ट्रोल करके ध्यान लगाने लगा लेकिन जब में ध्यान लगाने लगा तोह वह 3no सर एक साथ बहुत जोर से चिल्लाने लगे जिससे मेरा ध्यान बार बार भांग हो रहा था जिस वजह से अब मेरा गुस्सा अपने चरम पर था लेकिन फिर भी में अपने गुस्से को काबू करके फिर से ध्यान लगाने लगा लेकिन वह अभी भी चिल्ला रहे थे लेकिन मैंने इस बार अपना ध्यान भांग नहीं होने दिया जिससे मुझे ध्यान लगाने में सफलता भी प्राप्त हो गयी अब उस शेर की आवाज आना भी बंद हो गयी थी और में शांति से ध्यान लगा प् रहा था जिससे जल्द hi मुझे अपने शरीर में एक नयी ऊर्जा का संचार होते हुए महसूस होने लगा जिससे मेरे सरे घाव भर गए और थकन भी मिट गयी जब मुझे शरीर में संचारित ऊर्जा का ाबहस होने लगा तोह अब में भी ध्यान से उठ गया जब मेने अपना ध्यान तोडा तोह सामने का नज़ारा देखके तोह मेरे होश hi उड़ गए में अभी अपने कमरे में सोया हुआ था और दीदी मेरे पास hi मुझसे लिपट के सो रही थी ये देखके तोह मेरे दिमाग ने hi काम करना बंद कर दिया की मेने जो इतनी मेहनत की इतना दर्द सहा वह सब झूट था केवल मेरे मन का वहां था