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जब में निचे खाना खाने के लिए पंहुचा तोह स. चाचा को छोड़के सब निचे hi थे मेरा खाने पे इंतज़ार कर रहे थे
जब में डाइनिंग टेबल पे पंहुचा तोह दादाजी ने बोलना शुरू किया
दादाजी :- क्या हुआ राज नाराज़ हो क्या हम से
में :- नहीं दादाजी में समझता हु मेरे हर दिन के झगडे से आप सब को भी परेशानी होती होगी इसीलिए आपने ये फैसला लिया होगा
दादी :- राज ऐसा कभी मत सोचना की हमे तुमसे कोई परेशानी होती है बल्कि हमे तोह ये जान कर ख़ुशी होती है की तुम इतने से उम्र में अपने ऊपर की जिम्मेदारियों को इतने अचे समझने और सम्हालने लगे जब भी कोई गांव वाला हमे ठाकुर कहता है तोह हमे उनके दिल में हमारे प्रति जो सम्मान है सिर्फ वह दीखता है और जब वही लोग आपको छोटे मालिक कहते है तोह हमे उनके दिल में छुपी हुई उम्मीद और तुम्हारे प्रति उनका प्रेम दीखता है गांव के हर इंसान जनता है जब भगवन भी उनका साथ देने से मन कर दे तब भी आप उनके साथ हमेशा खड़े रहेंगे
दादी के मेरे तारीफ करने से मेरे चेहरे पर एक ख़ुशी सी आ गयी थी जो की शायद हर एक के चेहरे पर आती है जब कोई उनका अपना अपना उनकी तारीफ करे लेकिन शायद दादी को कुछ और hi मंजूर था
दादी :- खुश होने की जरुरत नहीं है राज ये हम आपकी तारीफ नहीं कर रहे है आपको ये बता रहे है की आपके सर पे कितनी बड़ी जिम्मेदारियां है आप केवल शेरगढ़ के वरिष्ठ hi नहीं बल्कि लोगों की आखरी उम्मीद भी हो इसीलिए आपको अगर कुछ हुआ तोह लोगों की उम्मीदे भी ख़तम हो जाएँगी इसलिए कुछ भी करने से पहले इस बात का ख्याल रखना
में :- जी दादी इस बात का मुझे ख्याल है मुझे
दादी :- अछि बात है तोह चलिए आप खाना ख़तम कीजिये
में :- जी दादी
उसके बाद कोई भी खास बात नहीं हुई हम सब ने खाना ख़तम कर के अपने अपने कमरों में सोने चले गए अभी में ज्यादा एक्ससिटेड था की आज दीदी कोनसा तरीका चुनती है मुझे अपनी तरफ आकर्षित करने का जब से मेने वह साडी स्टोरीज पढ़ी थी सेक्स के बारे में बहुत कुछ जान गया था और बची कुछ कसार वीडियोस ने पूरी कर दी थी अलग अलग स्टोरीज पढ़के में भी अब इन्सेस्ट रिलेशनशिप के तरफ अत्त्रक्ट होने लगा था अब जब भी में दीदी के बारे में सोचता मेरे मन में अजीब सी भावनाये जन्म लेने लगती में अपनी hi बहन के तरफ hi अत्त्रक्ट होने लगा था अभी मेरा मन मुझे धुत्कार रहा था लेकिन दिमाग ने जब दीदी के भी व्यव्हार को भी ध्यान में लायतोह दिल भी दिमाग के दलीलों के आगे टिक नहीं पाया
में ऐसे hi दिल और दिमाग के बिच हो रहे ध्वन्ध में फसा था की तभी मेरे रूम के दरवाजे और खिड़की अपने आप लॉक हो जाते है और लॉकेट चमकने लगता है
अभी में कुछ सोचता की तभी मेरे कानो में गाइड की आवाज आयी जो की मेरे hi बीएड पे बैठा था
में :- तुम फिर से बीएड पे चढ़ गए उतरो निचे
ग :- राज कभी तोह प्यार से बात करो में तोह तुम्हारी मदद करने hi आया हु
में :- और वह कैसे
ग :- वह तोह तुम बताओगे
में :- मतलब
ग :- में बस तुम्हारे इमोशंस को महसूस कर सकता हु जैसे अभी मुझे तुम टेंशन में हो ऐसा महसूस हो रहा है लेकिन उसके पीछे की वजह तुम नहीं बताओगे तब तक पता नहीं चलेगी.
में :- कोई इतनी भी बड़ी चिंता नहीं है जिसका हल जानने के लिए तुम्हारे रे की जरुरत पड़े लेकिन तुम्हारे साथ के लिए धन्यवाद लेकिन कुछ समस्या तोह मुझे बिना जादू के या किसी दूसरे के सहारे के बिना अकेले hi सोल्वे करने होंगे तभी तोह जीने में मजा आएगा
ग :- बड़ी गहरी बात कह दी वैसे तुम्हारी एक समस्या का हल तोह बता सकता हु
में :- कोनसी
ग :- यही की मुकाबले में तुम पर गोली किसने चलायी
में :- किसने
ग :- ये नहीं बता सकता लेकिन ये जान लो की जिसने तुम पे गोली चालयी वह मारा गया है
में :- तुमने मारा
ग :- नहीं जिसने उसे हुकुम दिया था उसी ने मारा
में ;- क्यों
ग :- क्यूंकि वह असफल हुआ था
में :- ये तुम्हे कैसे पता
ग :- ध्यान लगाओ तुम्हे भी पता चल जायेगा
में :- ठीक है
अभी में और गाइड और ज्यादा बाते करते उससे पहले hi किसी ने दूर नॉक किआ दूर नॉक होते hi गाइड भी वापस गायब हो गया
में :- कोण है
दीदी :- में हूँ सो गया क्या राज
में (दरवाजा खोलते हुए) :- नहीं दीदी बस सोने जा रहा था
दीदी :- तोह दरवाजा क्यों बंद किआ पता है न में आने वाली हूँ
में :- वह…. वह
दीदी :- चल छोड़ ये साडी बाटे और सो जा
में :- ठीक है दीदी
वही दूसरी तरफ एक सुनसान रोड जिसे पार करने के लिए भयानक जंगल के बिच से होक गुजरना पड़ता जिस वजह से यहाँ कोई भी आता जाता नहीं
ऐसे सुनसान रोड पे एक ट्रक जा रहा था जो की पूरा पैक था इस के अंदर क्या है किसी को पता नहीं चल सकता था
वह ट्रक सीधा जेक किसी पुराने गोडावण के पास जेक रुक गया उस ट्रक के रुकते hi उस गोडावण से 4 आदमी हाथों में आटोमेटिक गन्स लिए बहार निकले जो सीधा ट्रक के तरफ बढ़ने लगे
1ला आदमी :- (ट्रक ड्राइवर से) क्या काम है
ड्राइवर :- वही जो आप हुकुम करे सर्कार
1ला आदमी :- हम्म चलो अंदर
फिर वह ट्रक ड्राइवर और वह चारो बन्दे फिर से गोडावण के अंदर चल पड़े
जब वह पांचो लोग अंदर गए तोह वह का नज़ारा hi अलग था वह चारो तरफ उन चारो आदमियों के तरह hi और बहुत से आदमी गन लिए खड़े थे और एक जगह पे कुछ आदमी हाथों में बंदूकों के साथ उनके पीठ में 2 तलवारे भी लगी थे और साथ hi उनके कस्टम्स में और भी छोटे चाकू और पिस्तौल को रखने के लिए जगह थी और उनका चेहरा भी ढाका था जैसे इन गुंडों की सेना के खास सिपाही हो
ये सब देखके तोह उस ड्राइवर का तोह मुँह खुला का खुला hi रह गया जब वह ड्राइवर अंदर आया तोह उन चरों में से 3 वापस अपने जगह चले गए लेकिन एक आदमी अभी भी उस ड्राइवर के साथ जा रहा था वह दोनों चलते हुए एक दरवाजे के पास आ गए
1ला आदमी :- अंदर चले जाओ तुम्हे तुम्हारा काम समझा दिया जाये गए
ड्राइवर :- जी
फिर ड्राइवर उस दरवाजे को खोल के अंदर की और चल पड़ा और वह आदमी उसी दरवाजे के बहार खड़ा हो गया
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आज के लिए इतना hi
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जब में निचे खाना खाने के लिए पंहुचा तोह स. चाचा को छोड़के सब निचे hi थे मेरा खाने पे इंतज़ार कर रहे थे
जब में डाइनिंग टेबल पे पंहुचा तोह दादाजी ने बोलना शुरू किया
दादाजी :- क्या हुआ राज नाराज़ हो क्या हम से
में :- नहीं दादाजी में समझता हु मेरे हर दिन के झगडे से आप सब को भी परेशानी होती होगी इसीलिए आपने ये फैसला लिया होगा
दादी :- राज ऐसा कभी मत सोचना की हमे तुमसे कोई परेशानी होती है बल्कि हमे तोह ये जान कर ख़ुशी होती है की तुम इतने से उम्र में अपने ऊपर की जिम्मेदारियों को इतने अचे समझने और सम्हालने लगे जब भी कोई गांव वाला हमे ठाकुर कहता है तोह हमे उनके दिल में हमारे प्रति जो सम्मान है सिर्फ वह दीखता है और जब वही लोग आपको छोटे मालिक कहते है तोह हमे उनके दिल में छुपी हुई उम्मीद और तुम्हारे प्रति उनका प्रेम दीखता है गांव के हर इंसान जनता है जब भगवन भी उनका साथ देने से मन कर दे तब भी आप उनके साथ हमेशा खड़े रहेंगे
दादी के मेरे तारीफ करने से मेरे चेहरे पर एक ख़ुशी सी आ गयी थी जो की शायद हर एक के चेहरे पर आती है जब कोई उनका अपना अपना उनकी तारीफ करे लेकिन शायद दादी को कुछ और hi मंजूर था
दादी :- खुश होने की जरुरत नहीं है राज ये हम आपकी तारीफ नहीं कर रहे है आपको ये बता रहे है की आपके सर पे कितनी बड़ी जिम्मेदारियां है आप केवल शेरगढ़ के वरिष्ठ hi नहीं बल्कि लोगों की आखरी उम्मीद भी हो इसीलिए आपको अगर कुछ हुआ तोह लोगों की उम्मीदे भी ख़तम हो जाएँगी इसलिए कुछ भी करने से पहले इस बात का ख्याल रखना
में :- जी दादी इस बात का मुझे ख्याल है मुझे
दादी :- अछि बात है तोह चलिए आप खाना ख़तम कीजिये
में :- जी दादी
उसके बाद कोई भी खास बात नहीं हुई हम सब ने खाना ख़तम कर के अपने अपने कमरों में सोने चले गए अभी में ज्यादा एक्ससिटेड था की आज दीदी कोनसा तरीका चुनती है मुझे अपनी तरफ आकर्षित करने का जब से मेने वह साडी स्टोरीज पढ़ी थी सेक्स के बारे में बहुत कुछ जान गया था और बची कुछ कसार वीडियोस ने पूरी कर दी थी अलग अलग स्टोरीज पढ़के में भी अब इन्सेस्ट रिलेशनशिप के तरफ अत्त्रक्ट होने लगा था अब जब भी में दीदी के बारे में सोचता मेरे मन में अजीब सी भावनाये जन्म लेने लगती में अपनी hi बहन के तरफ hi अत्त्रक्ट होने लगा था अभी मेरा मन मुझे धुत्कार रहा था लेकिन दिमाग ने जब दीदी के भी व्यव्हार को भी ध्यान में लायतोह दिल भी दिमाग के दलीलों के आगे टिक नहीं पाया
में ऐसे hi दिल और दिमाग के बिच हो रहे ध्वन्ध में फसा था की तभी मेरे रूम के दरवाजे और खिड़की अपने आप लॉक हो जाते है और लॉकेट चमकने लगता है
अभी में कुछ सोचता की तभी मेरे कानो में गाइड की आवाज आयी जो की मेरे hi बीएड पे बैठा था
में :- तुम फिर से बीएड पे चढ़ गए उतरो निचे
ग :- राज कभी तोह प्यार से बात करो में तोह तुम्हारी मदद करने hi आया हु
में :- और वह कैसे
ग :- वह तोह तुम बताओगे
में :- मतलब
ग :- में बस तुम्हारे इमोशंस को महसूस कर सकता हु जैसे अभी मुझे तुम टेंशन में हो ऐसा महसूस हो रहा है लेकिन उसके पीछे की वजह तुम नहीं बताओगे तब तक पता नहीं चलेगी.
में :- कोई इतनी भी बड़ी चिंता नहीं है जिसका हल जानने के लिए तुम्हारे रे की जरुरत पड़े लेकिन तुम्हारे साथ के लिए धन्यवाद लेकिन कुछ समस्या तोह मुझे बिना जादू के या किसी दूसरे के सहारे के बिना अकेले hi सोल्वे करने होंगे तभी तोह जीने में मजा आएगा
ग :- बड़ी गहरी बात कह दी वैसे तुम्हारी एक समस्या का हल तोह बता सकता हु
में :- कोनसी
ग :- यही की मुकाबले में तुम पर गोली किसने चलायी
में :- किसने
ग :- ये नहीं बता सकता लेकिन ये जान लो की जिसने तुम पे गोली चालयी वह मारा गया है
में :- तुमने मारा
ग :- नहीं जिसने उसे हुकुम दिया था उसी ने मारा
में ;- क्यों
ग :- क्यूंकि वह असफल हुआ था
में :- ये तुम्हे कैसे पता
ग :- ध्यान लगाओ तुम्हे भी पता चल जायेगा
में :- ठीक है
अभी में और गाइड और ज्यादा बाते करते उससे पहले hi किसी ने दूर नॉक किआ दूर नॉक होते hi गाइड भी वापस गायब हो गया
में :- कोण है
दीदी :- में हूँ सो गया क्या राज
में (दरवाजा खोलते हुए) :- नहीं दीदी बस सोने जा रहा था
दीदी :- तोह दरवाजा क्यों बंद किआ पता है न में आने वाली हूँ
में :- वह…. वह
दीदी :- चल छोड़ ये साडी बाटे और सो जा
में :- ठीक है दीदी
वही दूसरी तरफ एक सुनसान रोड जिसे पार करने के लिए भयानक जंगल के बिच से होक गुजरना पड़ता जिस वजह से यहाँ कोई भी आता जाता नहीं
ऐसे सुनसान रोड पे एक ट्रक जा रहा था जो की पूरा पैक था इस के अंदर क्या है किसी को पता नहीं चल सकता था
वह ट्रक सीधा जेक किसी पुराने गोडावण के पास जेक रुक गया उस ट्रक के रुकते hi उस गोडावण से 4 आदमी हाथों में आटोमेटिक गन्स लिए बहार निकले जो सीधा ट्रक के तरफ बढ़ने लगे
1ला आदमी :- (ट्रक ड्राइवर से) क्या काम है
ड्राइवर :- वही जो आप हुकुम करे सर्कार
1ला आदमी :- हम्म चलो अंदर
फिर वह ट्रक ड्राइवर और वह चारो बन्दे फिर से गोडावण के अंदर चल पड़े
जब वह पांचो लोग अंदर गए तोह वह का नज़ारा hi अलग था वह चारो तरफ उन चारो आदमियों के तरह hi और बहुत से आदमी गन लिए खड़े थे और एक जगह पे कुछ आदमी हाथों में बंदूकों के साथ उनके पीठ में 2 तलवारे भी लगी थे और साथ hi उनके कस्टम्स में और भी छोटे चाकू और पिस्तौल को रखने के लिए जगह थी और उनका चेहरा भी ढाका था जैसे इन गुंडों की सेना के खास सिपाही हो
ये सब देखके तोह उस ड्राइवर का तोह मुँह खुला का खुला hi रह गया जब वह ड्राइवर अंदर आया तोह उन चरों में से 3 वापस अपने जगह चले गए लेकिन एक आदमी अभी भी उस ड्राइवर के साथ जा रहा था वह दोनों चलते हुए एक दरवाजे के पास आ गए
1ला आदमी :- अंदर चले जाओ तुम्हे तुम्हारा काम समझा दिया जाये गए
ड्राइवर :- जी
फिर ड्राइवर उस दरवाजे को खोल के अंदर की और चल पड़ा और वह आदमी उसी दरवाजे के बहार खड़ा हो गया
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आज के लिए इतना hi
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