Adultery Raj-- hero of the family - Page 90 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

टुडे नाईट ...

11 .30 पं


प्रेय PART 2

किंग soon..Ultra मेघा अपडेट

"मिस्ट्री बॉक्स उनलॉकेड..."
 
एडिटिंग.. वर्ड काउंट 7क
 
अपडेट 251

प्रेय part 2


निर्वाण के पंच की वजह से आगे वाले अपने पीछे वालो को लेकर निचे गिरे …निर्वाण ने एक किक पीछे की तरफ मरी तोह लगी वो एक के सीने पर और वो अपने पीछे वालो को अपने साथ लेकर निचे गिरा …कुछ पल तोह सब उस दरवानी रात मई भी रूक गए पर फिर वो सभी एक साथ टूट पड़े …और निर्वाण को अपने निचे लेते दबाते गए एक के बाद एक सबने उसे अपने निचे पूरी तरह से दबा लिया दूर से निशा ने ये सन देखा तोह वो आगे बढ़ी बचने के लिए पर कुछ कदम आगे बढ़ने ..पर हे अचानक उसे अपने नाईट विज़न मई सामने मोमेंट दिखाई दिया और वो तुरंत रूक गयी क्योकि सामने ..एक चीक फिर दो फिर तीन फिर चार और ये चीखे धीरे धीरे तेज़ और तेज़ होती गयी …और निचे से एक भयंकर फाॅर्स ऊपर की तरफ आने लगा और उस फाॅर्स के दबाव मई निर्व्वाने को निचे दबाये हुवे सरे गुंडे एक साथ झटके से हवा मई उड़ाई और चरफ उड़ाकर अपने साथियो पर गिरे और फिर दिखाई दिया निर्वाण जिसके पूरा सरीर लाल राखत से सना हुवा था …

एक गुंडा निर्वाण को देख चिल्लाया “ ह्ह्हह्हाईवान ह ये is….is…iske इसके हाथ मई देखो”

जब सबने ये नोटिस किया तोह वो और खोफ्फ़ मई आगये और एक उसी खोफ्फ़ मई बोलै “ीीसके हाथ मई तोह एक दिल ह जो अब भी धड़क रहा ह ये तोह शैतान ह”

“ शैतान नहीं मैं वरदान हु जो नर्क भरी जिंदगी से तुम्हे मुक्ति देने आया हु”

रात के भयंकर तूफ़ान और निर्वाण के हैवानियत भरे सब्दो ने उन्हें और डरा दिया…

“मुझे मर्दो और अपनी जिंदगी ले लो या मुझे दे दो”

और निर्वाण ने अपने हाथ मई पकडे दिल को मसल दिया और एक तरफ बढ़ा और उसके बढ़ते कदम किसी मौत के देवता से काम नहीं लग रहे थे ..

जो गुंडे अब तक सोच मई थे उनका लीडर बोलै “ इसकी बाते क्या सून रहे हो मार डालो सेल को मुक्ति हम देंगे”

और लीडर की कमांड सुनते हे वो सब उसकी तरफ एक बार फिर भागे और सबसे पहले पीछे वालो मई से एक जाना पंहुचा और पीछे से निर्वाण के मू की तरफ वार किया पर निर्वाण घुमा और उसके हाथ को पकड़कर झटका दिया और कड़क के साथ उसके हाथ की हड्डी हे तोड़ दी पर यंहा तोह दर्द की सुरुवात थी …निर्वाण ने अगले हे पल एक किक उसकी रिब्स पर di..aur वो भयंकर तरह से छीकता हुवा उड़ता हुवा दूर जाकर गिरा …और फिर आगे की तरफ एक कदम बढ़कर झुका और एक का पेअर को पकड़ लिया और उसे उल्टा लटका दिया और सबको देखते हुवे इतनी तेज़ी से हवा मई पकड़कर घूमने लगा की उसको घेर कर खड़े गुंडे उस साई टकराकर गिरने लगे पर कुछ और भी हो रहा था साथ मई … और वो ये की जिसे पकड़कर निर्वाण घुमा रहा था उसका सर फैट चूका था और अब सर के मांस के लोथड़े टकरा कर हवाओ मई बिखर रहे थे ….और अंत मई निर्वाण ने उसे एक के ऊपर मारा और फिर सामने की तरफ बढ़ कर दो के जबड़े पर राइट किक मरी …फिर झुक कर पीछे से वार करने आरहे वाले के पेट मई पंच मारा और उसकी हड्डी टूट कर पीछे पीठ से बहार निकली….. निर्वाण तुरंत खड़ा हुवा और गुंडे के पीछे वाले दो को गले से पकड़ा और उनकी हड़िया अपने हाथो के इशारो से हे हवा मई लटका कर तोड़ di…phir एक साथ आरहे 5 की तरफ घुमा और अपने एक एक पंच और किक्स से उन्हें दूर उदा दिया …..निशा जो दूर से देख रही थी उसे अब बस निर्वाण की एक झलक हे दिख रही थी और जब दिखती तब वंहा के गुंडे जमीन पर पड़े हुवे दिखाई देते….

आगे निशा ने जो देखा उसे देख तोह उसका हाथ अपने मू पर चला गया क्योकि अब निर्वाण के हाथ मई उसका डैगर था और वो सबके गले पर एक कट देता हुवा बढ़ रहा tha…aur निशा समाज गयी थी की वो क्या कर रहा h…aur उसके बदन का रोम रोम हिल गया…

निर्वाण “ ाजाओ बहुत देख लिया तुमने और वो वंहा मेरा कुल्हाड़ा ह उसे भी लेती हुवी आना”

निशा किसी रोबोट की तरह जल्दी से हिली और कुल्हाड़े के पास पहुंच गयी और उसे खींचने लगी पर वो कुल्हाड़ा निकाल हे नहीं प् रही थी उसने दोनों पेअर पेड़ पर लगाए और पूरी फाॅर्स से कुल्हाड़े को खिंचा तोह कुल्हाड़े समेत वो निचे गिरी….. “ हे भगवन कितना भरी ह ये …और वो उसे आराम से लेकर घूमता ह बस ऐसे हे आराम से जैसे एक प्लास्टिक का ho”wo उसे घसीट ते हुवे निर्वाण के पास लेकर आयी…

निर्वाण ने कुल्हाड़ा लिया और अपनी पीठ मई टेंगा लिया…

निशा “ क्या इन्हे भी”

“नहीं वो अपनी मौत कुढ़ मरेंगे ……असलम की तरफ जाओ उसे तुम्हारी मदद की जरुरत ह”

निशा “ पर आप यंहा”

निर्वाण “ अब तुम कुछ नहीं कर paogi…bus जाओ और दूसरी तरफ से इतना कहर भरसाओ की धमाकों के सिवाए कुछ सुनाई नहीं दे”

निशा “ तीख ह आप ये स्मोक बम रख लीजिये सायद आपके काम ayenge”aur असलम की लाइव लोकेशन ट्रैक करती हुवी जाने लगी ..

निर्वाण ने एक नज़र उसे जाते हुवे देखा और आगे चलता gaya….uski नज़र अभी भी चारो तरफ हे थी और उसे महसूस हो रहा था की जो दिख रहा ह वो सिर्फ एक दिखावा h…usne तुरंत निशा के स्मोक बॉम्ब्स का उसे किया उसे आगे की तरफ एक के बाद एक कई तरफ फेंक दिया हवा तेज़ चल रही थी तोह हवा की दिशा मई स्मोक तेज़ी से कुछ पल के लिए फ़ैल गया और निर्वाण उसी स्मोक मई बहुत तेज़ी से आगे निकलकर घनी झाड़ियों मई खड़ा हो gaya….par काफी दिएर कोई आवाज नहीं आयी तोह वो और आगे निकल गया एक कम और आगे तक निर्वाण को कुछ नज़र नहीं aya….phir उसे दिखाई दिया एक बड़ा सा gaanv…jisai देख निर्वाण के चेहरे पर मुस्कान आगयी वो समाज और महसूस कर रहा था की अब क्या होने वाला ह… उसने गाँव का एंट्रेंस दूर क्रॉस किया तोह उसे कई जगह लैंप जलते हुवे दिखाई दिए और उनसे आरही रौशनी ने फैलकर आसपास की पूरी जगह को हल्का रोशन किता हुवा tha……wo अभी कुछ और कदम आगे बढ़ा तोह उसे दिखाई दिया 2 जाने जिनका ऊपर का बदन बिलकुल नंगा और निचे सिर्फ लंगोट tha…undono ने निर्वाण को देख कर अनदेखा कर diya…aur उनकी इस हरकत पर भी निर्वाण ने कोई रिएक्शन नहीं दिया तभी उसकी नज़र गयी …एक स्नाइपर पर जो गन का निशाना उस पर पॉइंट करके लेता हुवा tha…aur ऐसे हे उसे दो और दिखाई diye…wo सबको देखता हुवा बिना किसी दर के आगे चलता रहा …और गाँव के बिच पहुंचने पर उसे झोपड़ियों के आंगन मई बहुत से पहलवान खड़े दिखाई दिए जो सिर्फलांगोट मई थे …सब निर्वाण को हे घूर रहे थे ..

निर्वाण उनको देख कर bola“Jitna घूरोगे उतना दर्द दूंगा”

निर्वाण की बात सुनकर वो और गुसाई से उसे घूरने लगे और उसकी तरफ भड़ने लगे तोह आवाज आयी …

“रूक jao…sabhi ..और tum…swagat ह तुम्हारा पहलवानो की बड़ी मई ..”

निर्वाण “ तुम सब सिर्फ एक लाश हो ”

अब जिसने रूकने के लिए कहा था वो निर्वाण की बात सुनकर एक झोपडी से बहार आया 7 फ़ीट की हिघ्त और 120-125 कग वेट होगा उसका … उसने निर्वाण की तरफ देखा और बोलै “मर्द तोह तू ह जो इतनी दूर आगया पर यंहा तोह मौत हे milegi…ab हथियार चलाया तोह गोली तेरे भेजे के पार होगी …” निर्वाण को उसे देखता देख बोलै “नहीं समजा दिखा देता हु दिखा बे”

और उसके बोलते हे एक गोली चली निर्वाण के पेअर से थोड़ी दूर आकर जमीनपर लगी..

“देख लिया …”

निर्वाण ने एक बार निचे की तरफ देखा और bola“kide…” फिर उसकी तरफ देख कर बोलै “ एक बार और बोल उसे”

पहलवान “मरने से पहले तेरी अंतिम ीचा समाज कर पूरी कर देता हु” उसकी बास्त सुनकर सब ठहाका लगा कर हंसपदी.. और पहलवान ने दुबारा बोलै गोली चलने को पर अबकी बार नहीं चली….

निर्वाण “ नहीं चली न …चलेगी भी नहीं क्योकि वो लाश बन चूका ह अब तू soon…ab मैं दिखता हु तुझे 1..2…3…4…5…6…7…8…9….10” और एक राकेट आकर एक झोपडी पर गिरा और झोपडी मई खड़े पहलवान हिल पते तब तक धमाके की चपेट मई आगये और वंही मर गए…

निर्वाण “ कीड़े तूने मेरा वक़्त बर्बाद कर दिया ह…”

अब तक जो निर्वाण शांत था वो एक बार फिर गुसाई मई agaya…aur इधर मित्युदूत ने बाकी स्निपर्स को भी मार गिराया और राकेट लॉन्चर को लेकर गई बढ़ने लगा …इधर निर्वाण आगे बढ़ा तोह पहलवानो की पूरी फौज उसकी तरफ बढ़ने लगी …पर उसकी निघाये सबसे पीछे खड़े मैं लीडर पहलवान पर हे थी और वो चीखा… “ तू इसलिए मेरी नज़र मई कीड़ा ह …क्योकि यौद्धा वो होता ह जो सबसे आगे आकर लाडे … आज तुम सब मरोगे क्योकि मेरा रास्ता धरम और नये का ह क्योकि मैं हु निर्वाण …”और ये आखिरी सब्द कहते हुवे कुछ पल उसका सर दर्द हुवा उसने अपने दिमाग को झटका दिया और अब उसे और ाचा महसूस हुवा उसकी आँखों मई हैवानियत उतर ayi…aur सामने से आरहे पहलवान को मौका हे नहीं दिया और उनके तेज़ी से भागते हुवे घुटनो पर फिसलते गुवे अपनी कोहनी से वार किया और एक साथ लेफ्ट राइट कोहनी से घुटने तोड़ता हुवा पीछे निकला और लीडर पहलवान को घूरते हुवे देखा …पीछे पहलवान वापस पालते तोह काट काट की आवाजके साथ 4 पहलवान छीकते हुवे निचे गिर गए दर्द के मरे …निर्वाण की नज़र पहलवानो की वर्जिस करनेवाले मुद्गर पर गयी जो काफी बड़े the…usne उसे अपने हाथो मई उठाया और घूमने लगा… “ गुड ..गुड”

और फिर वापस मुदा और जो उसकी तरफ आरहे थे उनमे से एक को देख कर उसकी तरफ मूव हुवा और उसके दोनों कंधो पर दोनों मुद्गर को दे मारा और गुंजी भयानक चीक …जिसे सून निर्वाण की आँखों मई भयानक भाव आगये और वो बोलै “ये जान से मरने से जायदा ाचा ह ”

और अब निर्वाण एकबार फिर मूव हुवा और घूमते हुवे लेफ्ट वाला मुद्गर दिया एक के सीने पर और तुरंत हे दूसरे हाथ का मुगदर दिया उसके सर पर वो सीधा निचे जमीनपर मू के बल टकराया …पर यंहा निर्वाण कान्हा रुकने वाला था उसने अपने मुगदर को अपनी तरफ आरहे दो की तरफ इस तरह फेंका की वो एक के कंधे से टकराकर दूसरे के मू पर laga…wo दोनों दर्द से कराये और लड़खड़ा गए वो खुद को सँभालते उसे पहले हे एक को अपनी आँखों के सामने निर्वाण की तरफ आरहे तेज़ मुगदर दिखा जो पड़ा उसके जबड़े पर वो कई फ़ीट हवा मई उन्चालत हुवा निचे gira…nirwana गोल घुमा और अपने हाथ का मुगदर दूसरे वाले के पेट मई दे मारा और वो वैसे हे दुनिया से अलविदा होगया फिर निर्वाण ने अपनी तरफ आरहे पंच की तरफ मुगदर को कर दिया और कड़क की आवाज के साथ पहलवान की कलाई टूट gayiii…nirwana ने एक घुटने की उछाल कर उसके सीने पर दी और वो भी कई फ़ीट खिसकता हुवा पीछे गिरा…

“1,2,10,15 बचे हो और उस समेत 16 …सब के सब कीड़े बहुत हुवा खेल तुम्हारे साथ”

और अब निर्वाण की नज़र मई वो कटीला भाव थे जो बहुत काम देखने को मिलते the…aur अब उसका ज़िग ज़िग मूवमेंट सुरु हुवा और पहले के पास पहुंचकर झुक कर उसके एक घुटने और फिर दूसरे घुटने पर दी और वंही से खिसकर दूसरे की तरफ आकर उसके वार को ब्लॉक किया और एक पंच उसके गले पर दिया जो उसकी मौत के लिए बहुत था फिर तीसरे के वार से बचने की कोसिस भी नहीं की क्योकि उसका हाथ वंही रूक गया था ..निर्वाण का हाथ उसकी टैंगो के बिच था जो तेज़ी से बंद होता जा रहा था …और उस पहलवान के अखरोट चटकते जा रहे थे और अब वो तड़फड़ाता हुवा दर्द से निचे बिलबिलाने लगा तभी निर्वाण निचे झुका और एक वार उसके सर के ऊपर से गया निर्वाण भी तुरंत घुमा और पीछे से अटैक करने ए वाले को उसका पंच लगा उस पहलवान के जबड़े पर और वो पीछे खड़े खड़े हे गिरता चला गया … फिर पांचवा जो उसकी तरफ ारः था …उसकी तरफ वो भगा और हवा मई जम्प के साथ अपने दोनों घुटने उसकी चेस्ट पर दिए और वंही से मूव होते हुवे झट (6तह) के पास उतरा और उसके हाथ को पकड़कर उसे एक धोभी पछाड़ दी जो लगी पीछे से आरहे सातवे पहलवान को और दोनों निचे लेत गए …अब 8 वे ने निर्वाण को पीछे से पकड़ने की कोसिस करि तोह निर्वाण ने अपनी सर को पीछे कर उसके मू पर दे मारा और अपने हाथ पीछे लेजाकर उसकी गर्दन को पकड़कर और उसे अपने ऊपर से लाकर आगे की तरफ पटका …

निर्वाण “अब बचे 6 और उसके समेत 7”

निर्वाण ने आगे बढ़ के पहलवान के सीने पर एक पेअर रखा और जम्प के साथ हे कोहनी की उसके सर मई दो बार di…kadak के साथ उसकी गर्दन की हदी टूटी और वो कटी पतंग की तरह लहराता हुवा निचे गिरा ….. फिर एक राउंड किक दूसरे के मू पर दी …जो उसके आगे के दन्त तोड़ gayi…aur वो दूसरी तरफ झुका तोह निर्वाण दूसरी तरफ आकर लेफ्ट पंच उसके दूसरे जबड़े पर दिया और उसके मू से उसका जबड़ा पूरी तरह टूट कर निचे लटकने laga…..ab निर्वाण की नज़र दो की तरफ गयी जो वापस भागने लगे तोह निर्वाण के एक झटके हाथो को दिया तोह उसके दोनों डैगर उसके हाथ मई आगये और अगले हे पल वो उड़कर दोनों के सर के पीछे से आगे मू से आरपार हो गए…. निर्वाण गरजा “लड़ो या मारो”

बचे बाकि पहलवानो ने मुगदर उठा लिए तोह .. पर वो कोई काम नहीं ए और कुछ पल मई वो भी बुरी तरह हड़िया तुड़वा कर चीक रहे थे..

“अब तू बचा ह तेरी काम से काम दस हड़िया तोडूंगा फिर अगर बच गया तोह तू पहला नहीं दूसरा होगा जो जिन्दा बच गया”

सामने खड़ा पहलवान निचे उतरता हुवा “पहला कौन था”

“वो था नहीं ह क्योकि मैं नहीं ..खैर तू जानकार भी क्या करेगा”

पहलवान आकर कुछ और बोलता उसे पहले हे एक रैप्टा निर्वाण का उसके गाल पर pada…aur उसका दिमाग हिल गया ….पर उसने खुदको तुरंत संभाला और अपना राइट पंच घुमाया तोह निर्वाण के लेफ्ट कोहनी से ब्लॉक किया और राइट पंच उसके उसी हाथ के कंधे पर दिया …कड़क के साथ उसकी हदी टूट गयी …वो दर्द से बिलबिला gaya…usne राइट लेग से किक मरी तोह निर्वाण ने अपने लेफ्ट पेअर से ब्लॉक किया और एक पंच उसकी राइट रिब्स पर मारा और फिर रिब्स की हड़िया टूटने की आवाज आयी …

अब निर्वाण उसके लेफ्ट पंच को ब्लॉक भी नहीं किया और अपने सर को उसके आरहे पंच पर दे मारा …और कड़क उसकी वृस्त की कलाई टूट गयी निर्वाण भी दो कदम पीछे हो गया और बोलै “कमजोर बॉडी ह साला कुछ खता नहीं ह अब ये काम भी मुझे हे करना होगा”

निर्वाण ने अब मौका दिए बिना उसके दोनों घुटने हाथ और रिब्स की हड़िया तोह दी

निर्वाण“ इंटरनल ब्लीडिंग हो रही ह तू सायद वो सवाल नहीं पूछता तोह तुझे ऐसी मौत नहीं देता” फिर ऊपर की तरफ देख कर “अब ऊपर वाला भी कहर धने को पूरी तरह तैयार ह ”

निर्वाण ने अपने हथियार लिए और आगे जाने की बजाये दूसरी तरफ चल दिया …और एअर पीेछे मई बोलै “तैयार हो दोनों”

असलम खान “है निशा मेरे पास पहुंच गयी ह और सरे बॉम्ब्स भी सेट ह और राकेट लॉन्चर भी रेडी ह बस मेरे कान सून हो गए ह”

निर्वाण “मित्युदूत”

मित्युदूत “ तैयार हु सभी बॉम्ब्स तैयार ह पूरा जुनागरघ थर्रा उठेगा”

निर्वाण “ मेरा इंतज़ार karo”ye कह निर्वाण ने 500 मीटर दूर दिख रही हवेली की तरफ देखा ..और सीधा चल चल दिया उसकी तरफ ……उसके कदम जैसे जैसे आगे बढ़ रहे थे ऊपर का आसमान भी बरिष्टि बारिश और बिजलियों के साथ और कहर बनकर निचे अपना प्रकोप गिराने को अब पूरी तरह तैयार था जैसे मनो कह रहा हो आखिरी वार मई सबको तहस नहस कर दूंगा…

हवेली से तीख 100 मीटर पहले पूरा खली मैदान था जिसमे आने वाला शख्स साफ़ साफ़ दिखाई देता था और अब निर्वाण वंहा खड़ा tha…aur उसकी नज़र हवेली की तरफ हे थी ….

हवेली के अंदर से मालिक भी सामने खड़ा उसे हे देख रहा था …उसने अपने आदमियों को इशारा किया तोह एक के बाद एक …

थक

थक

थक

थक

थक….

लाइट्स ों होती गयी और सामने का वो सारा खली मैदान रौशनी से जगमगा उठा……….

और निर्वाण को दिखाई दी अपने सामने एक बहुत बड़ी फौज …जो उसे हे देख रही थी …और उन्सबके आगे खड़ा tha….maalik का वफादार जो उसे हे धयान से देख रहा था….

निर्वाण ने एक सरसरी नज़र उसपर डाली और हाथ का इशारा अपनी गर्दन पर फिरकर किया …

सामने से सभी का खून भी खोल गया और वो सभी उस अंधी बारिश मई जिसमे बिजलिया कड़क रही थी वो चिल्लाये और निर्वाण को ललकारा……

निर्वाण ने अपना कुल्हाड़ा निकला और एक इशारा किया तोह …एक तरफ से एक राकेट आकर उनके बिच मई गिरा और बूम के साथ धमाका हुवा …और कई जाने मरे गए ….पर तुरंत हे जिस तरफ से राकेट लॉन्चर आया था उस तरफ से चिल्लाने की आवाजे आने लगी और एक पूरा गैंग उस तरफ भगा…. निर्वाण ने एक और इशारा किया तोह दूसरी तरफ से एक और राकेट उनके ऊपर अकार गिरा और धमाके से कई जाने फिर मरे गए ……और इस बार फिर उस तरफ एक पूरा गैंग भगा ….

वफादार “तू 4 मरेगा मैं 40 खड़े करदूंगा…”

निर्वाण ने कोई रिएक्शन नहीं दिया … और इंतज़ार करता रहा दोनों की नज़र आपस मई भी इस तूफान मई टकरा रही थी

निर्वाण जनता था की उसके सामने एक बहुत बड़ी फौज थी इसलिए उसे कोई जल्द बाज़ी नहीं thi…wo बस सामने दोनों हाथ पीछे किये देखता रहा…

इधर वो सरे जिस तरफ असलम खान और निशा थे उस तरफ पहुंचे ..और दोनों को देखते हे उन्हें मरने के लिए दूर से गुंफिरे करते हुवे उनकी तरफ बढ़ने लगे..

असलम खान जोर से हँसते हवस “ पागल कुत्ते आगये”

निशा “ पर ये तोह बहुत सरे ह”

असलम खान “चिप कर रहो बिलकुल भी मूवमेंट मत करना आप…” फिर उन सबकी तरफ साइड से देखते हुवे “और करीब ाजाओ कुत्तो आज तुम्हे दिखाऊंगा पुलिस की असली पावर …”

सभी गुंडे लगातार गोलिया भारस्ते हुवे उनकी तरफ एते जा रहे थे. .और निशा के दिल की धड़कन न चाहते हुवे भी बढ़ रही थी..

निशा “वो करीब आगये ह कुछ करो”

असलम खान निशा की तरफ देख कर “अभी नहीं”

निशा गुंडों की तरफ देखते हुवे “100 मीटर”

असलम खान “ अभी नहीं थोड़ा और करीब”

निशा जोर से बोली “ 50 मेटेरे रह गए ह और कब”

असलम खान के चेहरे पर मुस्कान आगयी और वो बोले … “अब होगी तभाईई” और अपने हाथ मई पकडे डिवाइस के बटन को दबा दिया …बूम …boom….boom…boom….boom…panch भयंकर धमके हुवे और वंहा कड़ी पूरी गैंग के चीथड़े उड़ गए……

असलम खान “ मर गए कमीने एक बात तोह ह जैसा न्यूज़ मई दिखते ह निर्वाण के बारे मई ये रियल मई उस साई तीन गुना खोफ्फ़ नाक ह”

ये सून निशा की आँखों के आगे अब तक जो उसने देखा वो घूमने लगा …और वो बोली… “जो मैंने देखा ह वो आप देख लेते तोह सायद आज आपको भी मेरी तरह व्हिस्की पिणि पड़ती …”

असलम खान “ क्या मतलब ह आपका”

निशा “वो अब तक 250 से जायदा को मार चूका ह और वो भी सबको अपने हथियार से”

असलम खान “हथियार वो कान्हा ह वो तोह बिना हथियार के गए थे और 250 मार चुके से क्या मतलब ह”

निशा “हथियार क्या उसका भी बाप ह उनके पास” फिर अपने एक हाथ दिखार “इतना बड़ा.. “नहीं नहीं” फिर दोनों हाथ दिखाकर इतना बड़ा कुल्हाड़ा ह जो पीठ से निकलता ह और एक बार घूमने पर तीन को एक साथ काट देता ह और पता नहीं हाथ मई से ऐसे दो बड़े चूरे निकलते ह” फिर अपने गले पर हाथ फिरकर “ऐसे धीरे धीरे उनको कट देता ह ताकि तड़प कर मरे और तोह और बिजली गिराकर लोगो को जला दिया एक झटके मई हे …”

असलम खान छोङकर जोर से “क्या मतलब बिजली गिरा कर”

निशा “मत पूछो अभी बाद मई बात करे अगर हम लेत हीवे तोह” ऐसे ऐसे फिर से अपनी गर्दन पर नाइफ का इशारा करके बोली “ हमे काट देगा”

असलम खान “ये राकेट लॉन्चर ह इसे लेकर मेरे साथ औ.. रहने दो जीप लेकर हे चलते ह”

निशा “ पीछे क्या धक्का हुवा ह”

असलम खान “ खुद देख लीजिये”

निशा ने देखा तोह उछाल पड़ी और बोली bombs,machine गन क्या जुंग लड़ रहे हो”

असलम खान जीब स्टार्ट करते हुवे “जुंग हे तोह ह मम वंहा अभी भी 500 से जायदा लोग ह आज के बाद आप मोस्ट वांटेड लिस्ट मई होने वाली हो ..आपकी आइडेंटिटी अब सीक्रेट हो जाएगी और लाइफ फुल ऑफ़ डेंजरस क्योकि वो मित्युदूत ह न वो कह रहा था मुझे की तुम दोनों पहले हो जिनसे मास्टर ने इतनी बात करि ह ”

और निशफिर सोच मई पद गयी क्योकि निर्वाणी यानि राज ने तोह उसको बिलकुल नुदे तक देखा हुवा ह और ड्रिंक भी करि थी…

असलम खान ने एकजगह जीप को रोका और बोलै वो देखो सामने ..

निशा ने देखा तोह वो शॉक रह गयी और बोली… “ ये तोह बहुत बहुत सरे ह ह और वो अकेला खड़ा ह”

असलम खान “ ये उसने खुद चुना ह हमे उस तरफ बक्सीडे दिख रही ह न वंहा के हर आदमी को मार गिरना ह बचने के चान्सेस न के बारे बार ह अभी भी लास्ट चांस ह …”

निशा “वैसे भी अब जीने का क्या फायदा …जिसे पसंद किया वो किसी और का निकला…”

असलमखान “ फिर तीख ह चलो फिर पुलिस की पावर दिखाए”

दोनों ने जीप घुमाई और चल दिए हवेली के पीछे की तरफ…

तभी उन्हें मित्युदूत की आवाज एआरपीएस मई आयी … “ तैयार हो”

निशा “ 5 मिनट और”

मित्युदूत “मैं भी अत हु”

इधर निर्वाण की तरफ

वफादार जोर से चीक कर “उसका सर मुझे चाहिए ह ….”

तोह एक जाना बोलै… “सर हे चाहिए ह न कैसे भी लौ”

तोह दूसरा अपने हाथ मई गन को अनलॉक करते हुवे बोलै “सेल के सरीर मई यही से गोलिया उतर दूंगा”

ऐसे हे सभी हथियार दिखने lage…jismai कोई गैंगवाला अपनी आटोमेटिक गन दिखा रहा था तोह कोई अपनी..

वफादार के चेहरे पर मुस्कुराकहत आगयी और उसने हाथ ऊँचा किया तोह सब rookgaye…usne निर्वाण को देख कर जोर से बोलै “गन नहीं मैं चाहता हु उसके सरीर के हर हिसाई पर निशान हो …वो चीखे …तड़पे ….”

सबने अपने हथियार फेंक दिए और अपने हाथ मई नाइफ स्वोर्ड्स ले ली…

वफादार “ये ह मेरी फौज आज तक दुनिया की सबसे बुरी मौत मरेगा तू ये हमारा जंगल ह और यंहा के सीकरी हम ह और तू होगा हमारा सीकर ”

निर्वाण के चेहरे पर भयानक मुस्कान उभर गयी और उसके हाथ मई आगया उसका कुल्हाड़ा

वफादार ने निर्वाण के हाथ मई हथियार देखा तोह अपने आदमियों को इशारा किया और उसकी फौज के आगे के 200 गुंडे एक साथ निर्वाण की तरफ भागे…

निर्वाण ने अपने कुल्हाड़े को दोनों हाथ मई लेकर घुमाया और फिर अपनी गर्दन को घुमा कर स्ट्रेच किया और बोलै “ इसका सरीर कमजोर ह पर अब आएगा मज़ा ताज़े खून की खुसबू आरही ह” ये कहते हुवे उसने एक कदम हे आगे भधय था की पीछे से दस काळा साये उसके आगे आगये जिनके पीठ पर गन और सोर्ड दोनों तंगी हुवी थी वो अपने घुटनो पर बैठते हुवे बोले मास्टर….

निर्वाण का मू बिगड़ गया और उसने उन सबको घर कर कहा “दफा हो जाओ”

पर उनका लीडर “ मास्टर वैलेंटाइन राइडर का इंस्ट्रक्शंस ह की आपकी जान को खतरा हो तोह आपको बचाये”

निर्वाण का मू और बिगड़ गया और वो बोलै “ बचना उन्हें ह बेवकूफो. तुम्हारा मास्टर और तुम सब गधे ho…ab दफा हो जाओ मेरा मूड मत ख़राब करो वर्ण तुम्हे यही काट दूंगा”

वो सब वैसे हे बैठे रहे ..

निर्वाण “ क्यों बेमौत मरना चाहते हो”

फिर भी वो वैसे हे रहे …

निर्वाण “ जाओ मारो”

और इतना सुनते हे सभी बिना अपनी जान की परवाह किये उन्सब्कि तरफ भागे ये देख निर्वाण शॉक हुवा..

“ सेल बेवक़ूफ़ मरना हे ऑप्शन थोड़ी होता h….hmmmm वफ़ादारीय इस अभी जिन्दा h”ye कहते हुवे निर्वाण की आँखों मई जो भाव हैट गए थे वो वापस आगये और वो बोलै “मैं अब किसी को मरने नहीं दूंगा” और उसकी रफ़्तार इतनी तेज़ हो गयी की वो दस शैडो गॉर्डस जिन्हे वैलेंटाइन राइडर ने राज की प्रोटेक्शन के लिए रखा था …जो अभी निर्वाण से बहुत आगे तरफ लड़ने के लिए भागे थे …उनके बिच से निर्वाण तेज़ी से आगे निकला और अपने कुल्हाड़े को इतनी तेज़ी से घूमते हुवे सबसे आगे वाले के दिया की कुल्हाड़ा उसे बिच से फाड़ते हुवे उसके पीछे वाले उसके पीछे वाले और उसके पीछे वाले 4जानो को बिच से फाड़ता हुवा निकलकर पीछे वाले को लगा … तोह शैडो वारियर्स एक साथ निचे की तरफ स्लाइड हुवे और उनके हाथ मई उनकी सोर्ड आगयी और वो अपने सामने वाले के पेअर काट ते हुवे चले गए ….और खड़े होते हे वो सब एक साथ गोल घूमे तोह दस की गर्दन उनके धड़ से अलग हो gayi..aur अब वो तेज़ी से सोर्ड चलते हुवे सबको मरने लगे

वंही निर्वाण का कुल्हाड़ा किसी सोर्ड की तरह घूम रहा था …और उसकी लपेट मई आने वाला दो हिस्सों मई कट ता हुवा जा रहा था पर निर्वाण सबके बिच से आगे बढ़ता हुवा सीधा हवेली की तरफ जा रहा था ..उसका टारगेट वो वफादार था जो आर्डर देने के बाद पलट कर बिना देखे हवेली की तरफ चला गया था….

वंही हवेली के पीछे कुछ मिनट्स पहले…

निशा ने व्हिशक्य का एक पूरा हाफ खली कर दिया और बोली “ इतनी बड़ी गन”

असलम खान “ बस ऐसे दुबारा से लोड करना ह यंहा से लिवर पुल्ल करो और फायर”

निशा “ मेरी लाइफ मई मैंने चार राइड मई 5 को शूट किया ह पर इन कुछ दिनों मई केन्टुअरी बन जाएगी लगता ह”

असलमखान “ मम धयान रखना मैं दूसरी तरफ hu”itna कह उन्होंने भी राकेट लॉन्चर और दूसरी मशीन गन को सेट किया हे था की मित्युदूत भी आगया ..

“छोड़ना मत मार डालना”

असलम खान “ आप”

मित्युदूत ने मशीन गन को उठाया और अपने बॉडी के चारो तरफ गोलियों को लपेट लिया और बोलै “तभई” और उसकी गन से गरजी हैवी बुलेट्स जो दीवार को भी फाड़ने की ताकत रखती थी.. धड़ …dhad..dhad..dhad…ki भरी आवाज चारो तरफ गूंज उठी toh…nisha ने खुदके गाल पर थपड मारा और वो भी चीखी “ तभाईईईई..” और उसकी मशीन गन भी तभई भरसाने लगी …dhad…dhad…dhad…dhad…uski चपेट मई आरहे गुंडों को वो लगी हे नहीं बल्कि उनको फाड़ कर दीवार मई जाकर घुसने लगी… और बची हुवी कसार असलम खान ने राकेट लॉन्चर से का दी …आगे निर्वाण और उसके शैडो वारियर्स कहर ध रहे थे तोह पीछे ये तीनो मौत भरसा रहे थे…

अंदर पूरी हवेली धमको और बिजलियों की गड़गड़ाहट से थाररहि थी….

वफादार ने जब बहार का नज़र देखा तोह वो भी देखता रह गया और अपने बची हुवी बहार की पूरी फौज को भी अटैक के लिए बोल दिया अब नज़ारा ये था की निर्वाण और उसके शैडो वारियर चरफ तरफ से घिर चुके थे ……

निर्वाण ने भी अपने चारो तरफ देख कर कहा “शानदार मज़ा आगयाए” और टूटपड़ा चिल्लाते हुवे “खून की खुसबू”

और उसका कुल्हाड़ा अपना कहर बरसाने लगा…

ऊपर हवेली से मालिक बहार की तरफ देखता हुवा .. “बहुत समय बाद इतना खून देखा ह …आखिर इसकी दुस्मनी क्या ह मुझसे या फिर ये सच मई हे उस सहदेव या उसके दोस्तों मई ऐ किसी से जुड़ा हुवा ह पर इतने साल बाद हे क्यों ..और मुझ तक कैसे pahucha”ye सोच उसने निचे झुक कर अपने वफादार से कहा “तुम तैयार रहो और अपने खास आदमी के साथ अंदर आकर हवेली को बंद करलो”

वफादार “जी मालिक”

इधर जुनागरघ सिटी तक धमाकों की गूंज की आवाज पहुंच गयी थी…

ैप “यस सर जूनागढ़ सिटी से दूर ट्रांसपोर्ट किंग के नाम से मशहूर ह उनपर हमला हुवा ह मैंने पुलिस फाॅर्स सपोर्ट के लिए भेज दी ह”

कमिश्नर “ाचा किया तुमने जंहा तक हमे इनफार्मेशन ह वो शख्स Up,Mp,hariyana,punjab, राजस्थान तक अपने ट्रांसपोर्ट बिज़नेस मई दबदबा रखता h…Matlb पोलिटिकल सपोर्ट भी पूरा होगा”

वो आगे अभी और कुछ कहता तभी उसका पर्सनल मोबाइल रिंग करने लगा ..

कमिश्नर “एक मिनट होल्ड रखना”

कमिश्नर कॉल उठा कर “Hello”

“ये लड़ाई तुम्हारी सोच से भी बड़ी h…ye लड़ाई 20 साल पुराने बदले की h.agar जलना नहीं चाहते हो तोह दूर रहो”

कमिश्नर “कौन बोल रहा ह”

सामने से “मैं कौन हु तुम कभी नहीं जान पाओगे पर इतना जरूर कहूंगा अगर तुम्हारी पुलिस वंहा पहुंची तोह अगले दिन लाश हे मिलेगी …और उस साई अगले दिन सायद तुम्हे तुम्हारी फॅमिली की लाश मिले क्योकि वंहा कौन ह और वो क्या कर सकता तुम जानते हो”

कमिश्नर सोच मई पद गया फिर बोलै “ मुझे फर्क नहीं पड़ता ह की वो कौन ह मुझे अपना काम करना अत ह”

सामने से “ ऊपरवाला तुम्हारी रक्षा करे उसकी चेतावनी के बावजूद अगर तुम उसके दुश्मन का साथ देना कहते हो तोह कल का सूरज तुम्हारा आखिरी सूरज होगा ..फिर भी एक बात कहूंगा …वो सिर्फ गुनेहरो को मरता ह ये तोह तुम्हे पता हे ह इसलिए सोचकर कदम उठाना अलविदा भगवन तुम्हारी आत्मा को शांति दे कल के दिन तुम्हे अंदाज़ा हो जायेगा की वो क्या बाला ह ”इतना कह उस शख्स ने तोह कॉल कट कर दिया …कमिश्नर गहरी सोच मई चला गया …क्योकि वो भी तोह यही चाहता था की क्राइम काम हो jaye….usne अपने ड्राइवर को बुला कर कहा हमे तुरंत निकलना होगा

ड्राइवर “साहब अभी बहार जाना मतलब मौत को बुलावा देना ह चक्रवाती तूफ़ान अपने चरम पर ह और अब तोह सुभे होने मई जायदा वक़्त नहीं ह”

कमिश्नर ने सोचकर कहा “ तीख ह हम सुभे का इंतज़ार करेंगे”

वंही …दिल्ली …हिमाचल rajasthan..aur अंदमान निकोबार से भी कई चॉपर और फ्लाइट्स उड़न भरने के किये तैयार the…aur कल का दिन वाकही जुनागरघ मई तूफ़ान के बाद का तूफान लेन वाला था

हिमाचल …..

गुरूजी के आश्रम मई .

सभी ,गुरूजी और आग बैठे हुवे थे ..

सभी “गुरूजी”

गुरूजी “विपिन के परिवार के जिन्दा होने की खबर जब मुझे मिली सुनील से तभी अंदाज़ा हो गया था की बहुत जल्द हमारा अस्तित्व भी सबके सामने आजायेगा….”

सभी “ आखिर हमने इसी पल के लिए हे तयारी करि थी गुरूजी जी”

गुरूजी “ नहीं पुत्र ये वो वक़्त नहीं ह वो वक़्त जब आएगा तब युद्ध होगा एक ऐसा युद्ध जिसमे आरपार की लड़ाई होगी ..और उस के लिए अभी हमे बहुत तयारी करनी ह …मुझे ऐसा लग रहा ह जैसे कुछ बहुत बड़ा अनर्थ होने वाला ह”

आग “अपने हमे राज के पास जाने से क्यों रोका गुरूजी”

गुरूजी “ क्योकि जिसका मुझे दर ह वो होने वाला ह ….”

सभी “ क्या होने वाला ह”

गुरूजी “ महागुरुजी ने मुझे बताया था की राज की जिंदगी मई एक बहुत बड़ा बदलाव उसकी कुंडली मई मित्युदोष के 2 वर्ष बाद आएगा जब उसे एक बहुत बड़ी सचाई का सामना करना पड़ेगा…”

आग “ गुरूजी क्या आप सीधे सीधे समझा सकते ह मुझे..”

गुरूजी “ ये समजलो की तुम्हारा सामना तुम्हारे सबसे खतरनाक दुश्मन से होने वाला ह ….इसीलिए ये काढ़ा तुम्हारे लिए बनाया ह इसे रोजाना दिनै दो बार पियो और जायदा से जायदा अभ्यास karo”phir उन्होंने एक गहरी साँस ली और बोले “लगता ह अब इस युद्ध मई आमना सामना होने वाला ह”

इधर …जुनागरघ मई निर्वाण लाशो के बिच खड़ा था और खड़े थे उसके शैडो गॉर्डस जिनमे से 6 को बाकी चार सहारा दे रहे थे…

निर्वाण ने उनकी तरफ देखा और बोलै तुम सब यही रूको ..

तोह शैडो गॉर्डस का लीडर “नहीं मास्टर …हम मई से एक भी चल सकता ह तोह वो आपके साथ रहेगा और खतरा होने पर आगे आकर लड़ेगा”

निर्वाण “ तीख ह दो यंहा रुक जाओ” और फिर एआरपीएस मई “मैं अंदर जा रहा हु

मित्युदूत “मैं भी अत हु और मास्टर आपको याद तोह ह न सब”

निर्वाण “ क्या”

मित्युदूत “ हमे मालिक जिन्दा चाहिए ह”

निर्वाण “क्यों”

मित्युदूत “क्योकि वो हे बड़े मास्टर और आपकी माँ के बारे मई बता सकता ह”

निर्वाण “हम्म्म”

फिर पलटकर “तुम सब वापस जाओ और खुद को तीख करो हमे सुभे हे निकलना होगा”

शैडो गॉर्डस लीडर पलट कर “ तुम सब वापस जाओ और मेडिकल करके तैयार रहो हमे निकलना होगा यंहा se”sab वापसी के लिए निकल दिए

अब निर्वाण के सामने हवेली का बड़ा सा गेट था….

असलम खान जो पहले हे पहुंच चूका था वो राकेट लॉन्चर से दूर उड़ने लगे तोह..

निशा “ दूर मजबूत ह पर वाल कमजोर होगी उस तरफ ब्लास्ट करो”

असलम खान ने उस दीवार तरफ की दीवार को राकेट लॉन्चर से तहस नहस कर दिया ….

निर्वाण “सारा लोहा सरीर मई भर दो और तुम लड़की जिन्दा रहना तुम मुझे पसंद आयी ”फिर उसके सरीर पर लगी गोली की तरफ देख कर “मरोगी नहीं…”

निशा ने ये सुनकर एक बार सबकी तरफ देखा और फिर अपने गांव की तरफ देख कर बस है मई गर्दन हिला दी…

निर्वाण लीडर और मित्युदूत तीनो साथ चले तोह…

एक शैडो warrior,nisha ,और असलम खान बहार की तरफ वालो को मरने चले गए…

निर्वाण” वो पथके ह”

मित्युदूत “ये लीजिये”

निर्वाण “ ग्रेनेड को उछलते हुवे अंदर आने लगे और हॉल मई पहुंचकर देखा तोह वंहा ..वफादार सामने खड़ा था …

निर्वाण “ तुझे हे धुंध रहा था मैं”

वफादार “तेरा मरना मेरे हे हाथो से लिखा ह”

निर्वाण “एक और बड़बोला …” निर्वाण उसकी तरफ चला तोह वफादार के साथ खड़े उसके खास आदमी जो दस के करीब थे वो भी आगे बढ़ गए. ..

मित्युदूत “मास्टर इन्हे हम देखते ह आप आगे बढिये”

और मित्युदूत ने जम्प के साथ दी राउंड किक एक के मू पर तोह शैडो गॉर्डस के लीडर ने अपने हाथ मई एक डैगर ले लिया और राइट हैंड मई पंच जैसा स्पीक्स वाले ग्लप्स पहने हुवे थे ..जिसे उसने अपने अपने आगे वाले के सीने पर दिया और बिना वक़्त गंवाए लेफ्ट हैंड मई पकड़ा हुवा डैगर उसके सीने के अंदर उतर diya……aur तेज़ी से अगले वाले के पैरो के बिच मई से फिसलकर पीछे आकर अपने राइट पंच की उसकी रीढ़की हड्डी मई दी. और तुरंत हे लेफ्ट हैंड का डैगर उसकी पीठ मसि घुसा diya…tabi एक किक उसे पीछे से पड़ी और वो आगे वाले के ऊपर गिरा पर तुरंत हे एक जम्प के साथ आगे की तरफ राउंड घुमाकर खड़ा हुवा और तेज़ी से पलटा और जिसने किक मरी थी उसकी तरफ लेफ्ट राइट मूव करता हुवा गया और उसके पंच के वार को निचे झुक कर डॉज किया और साथ हे उसकी झांग पर एक कट मार दिया …अब गुंडे ने शैडो लीडर को मरने के लिए किक मरी तोह शैडो लीडर राइट की तरफ आगया और उसके दूसरे पेअर के घुटनो पर अपने स्पीक्स ग्लप्स से पंच दिया जिसने उसके घुटनो की हड्डी तोड़ दी ..

इधर मित्युदूत ने अपने सामने वाले के आरहे पंच को एक हाथ से रोक कर पकड़ा और उसके हाथ को पीछे की तरफ करते हुवे पूरा मरोड़ कर तोड़ दिया और फिर उसे ऊपर ठाकर अपने घुटनो पर पटक कर उसकी रीद की हदी तोड़ दी …और उसकी गर्दन को मरोड़ diya…phir दूसरे की तरफ तेज़ी से लपका और लगातार चार पंच पेट से लेकर मू तक मरे और एक आखिर किक उसकी गर्दन पर मरी ..और उसके प्राण पखेरू उदा दिए तभी दो जानो ने उसे पकड़ लिया …उसने अपने सर को एक बार राइट वाले के मू पर तोह एक बार लेफ्ट वाले के मू पर मारा …और फिर एक के सर को पकड़कर पास के पिलर पर पूरी ताकत से दे मार अब वो दूसरे वाले की तरफ मुदा और उसे गले से पकड़कर जमीन से ऊपर उठाकर एक हाथ से हे उसका गाला दबाकर मौत के घाट उतर दिया…

इधर वफादार और निर्वाण आमने सामने खड़े हुवे थे…

वफादार ने आगे बढ़ निर्वाण का गाला पकड़ लिया …

“निर्वाण ने एक बार उसके हाथ को और फिर उसकी आँखों मई और करीब एते हुवे देखा …

3 सेकंड बाद …

Dhammm…chaannn…tadaakkkk…ek साथ शिक्षा टूटने से लेकर गिरने की और टूटने की आवाज आयी ….

वफादार ने अपनी गर्दन को झटका दिया …और वो लड़खड़ाता हुवा खड़ा हुवा …और इधर उधर उधर देखते हुवे निर्वाण की तरफ देखा जो उस साई करीब दस फ़ीट की दुरी पर खड़ा था …

“दुबारा गिरेभान पर हाथ मत डालना निर्वाण के गिरेभान को चुने वाला इस ब्रमांड मई जिन्दा नहीं रहता ह”

मालिक “उसका इस्तेमाल करो”

वफादार ने तुरंत एक इंजेक्शन निकला और उसे अपनी झांग पर लगा दिया कुछ पल बाद हे उसकी माथे की नशे उभरने लगी …और उसे अपने सरीर मई गर्मी महसूस होने लगी उसने अपने कुर्ते को फ़ायद डाला … और दिखाई दी उसकी पावरफुल बॉडी जिसपर उसकी साडी नशे उभर आयी थी…

अब वो गुसाई से निर्वाण को देखते हुवे गुररहने लगा और एक किक निर्वाण को मरी जिसे निर्वाण ने ब्लॉक किया पर वो ब्लॉक के साथ हे साइड मई चार कदम तक फिसलता चला gaya…wo अभी संभालता की उसके ऊपर वफादार ने तेज़ी से मुक्के भरसाने सुरु कर दिए जिन्हे निर्वाण ब्लॉक करता हुवा पीछे हटने लगा ..पर वफादार ने निर्वाण के हाथ के एक हाथ को पकड़लिया और उसे उठाकर दूसरी तरफ जोर से पटक दिया…

निर्वाण एक जम्प के साथ खड़ा हुवा और वफादार की तरफ भाड़ा …वफादार ने भी आगे बढ़कर राइट पंच मारा जिसे निर्वाण ने ब्लॉक किया और एक पंच उसके मुँह पर मारा जिसका उसपर बिलकुल असर नहीं हुवा क्योकि अगले हे पल उसने अपना सर निर्वाण के मू पर दे mara…par ये निर्वाण था जिसकी रगो मई खून नहीं अभी लावा धधक रहा था उसने भी अपना सर उसके मू पर जोर से मारा और उसे उठाकर निचे फर्श पर पटक दिया ….और अपने नाक से बहते खून को उंगलियों से साफ़ कर देखा ..और बोलै “निर्वाण को मज़ा आया”

वफादार तेज़ी से खड़ा हुवा और निर्वाण की कमर को पकड़कर पीछे की धकस देते हुवे लेकर जाने लगा …निर्वाण भी पीछे खिसकता हुवा उसकी पीठ मई कोहनी की मरने लगा …पर वफादार बिना किसी दर्द के उसे ढाका देता रहा ..तोह निर्वाण ने उसकी कमर को पकड़कर उसे उठाकर अपने पीछे की तरफ जोर से फेंक दिया और वो जाकर दीवार से टकराया ..…

वाफदार फिर से खड़ा होकर चीखा .. “फंसे मार दूंगा तुझे मैं”

निर्वाण “मतलब तुझे दर्द नहीं हो रहा h…par मैं भी वो हु जो मुर्दो को भी तड़पा देता हु”

वफादार ने लेफ्ट किक से वार किया “तोह निर्वाण ने उसकी किक को ब्लॉक के साथ हे पकड़ भी लिया और एक हाथ के वार से उसके पेअर के घुटने की हड्डी तोड़ di…wafadar के चेहरे पर सिकन ayii…phir निर्वाण तेज़ी से उसके पीछे आया और उसके पेअर के बिच मई अपने हाथ को फंसकर उसे ऊपर उठा और निचे फर्श पर जोर से पटक दिया और फुर्ती से उसके लेफ्ट पेअर को पकड़कर पहले राइट की तरफ फिर केफ्त की तरफ करके ट्विस्ट किया और तोड़ दिया…

“ अब तीख ह” और फिर अपने दोनों डैगर निकलकर उसके दोनों कंधो के आर पार करके निचे फर्श मई धंसे दिए .. और मालिक की तरफ देखा…

मालिक आरामसे सोफे पर बैठा हुवा था…

निर्वाण “मौत से दर नहीं लग रहा ह”

मालिक “ नहीं क्योकि” फिर अपने पीछे की तरफ इशारा करके इसके रहते तू मुझे सपनो मसि भी मार नहीं पायेगा”

निर्वाण ने मालिक के पीछे की तरफ देखा तोह वंहा उसे दिखाई दिया उसका जनि दुश्मन …डेथ हेलो

डेथ हेलो “हमारी मुलाकात अधूरी थी और अधूरी थी बाते “

निर्वाण “तुझे तोह पहले मरूंगा”

डेथ हेलो “ लगता ह तुझे” फिर फोटो दिखते हुवे “इसके बारे मई नहीं जानना ह”

निर्वाण “मेरा साबरा ख़तम होने वाला ह”

डेथ हेलो “ तोह भी तू कुछ नहीं कर payega…Ab सून इसको मरने से पहले पूछ लेना इस फोटो वाली के बारे मई क्योकि ये वो जनता ह जिसे सुनकर तुझे मुझे मरने की भी जरुरत नहीं पड़ेगी तू बहुत तड़पेगा और तुझे तड़पता देख कर मुझे ऐसे हे बहुत सुकून मिलेगा …हम फिर मिलेंगे और वो पल तेरे मेरा आखिरी पल होगा अंतिम युद्ध के साथ…” ये सुनकर मालिक के होश उड़ गए और वो बोलै “ पर तुमने कहा था तुम मेरे साथ रहोगे”

डेथ हेलो “ मेरी दूवये तुम्हारे साथ हे ह …चलता हु” और एक बार फिर वो गायब हो gaya…maalik ने गन निकली और निर्वाण की तरफ फायर करि निर्वाण ने टेबल को अपने आगे करलिया …तभी मित्युदूय ने उसके हाथ पर अपना खंजर फेंकर दे मारा ..और निर्वाण ने तेज़ी से उसके करीब आकर उसका गाला पकड़ लिया…..

मित्युदूत “ मास्टर विपिन की फॅमिली ह ..”

निर्वाण “ मरने दो मुझे मेरी माँ चाहिए ह”

मित्युदूत “ मास्टर विपिन की वाइफ आपकी माँ को अपनी बहन मानती थी …बस कुछ दिएर और मास्टर”

मालिक के चेहरे पर मुस्कान आगयी और वो बोलै “ मुझे कुछ भी किया तोह तुम भी उन्हें बचा नहीं पाओगे”

निर्वाण ने उसे उठाकर दीवार पर दे मारा …और गरजते हुवे बोलै “कान्हा ह वो”

मालिक ने एक तरफ इशारा किया तोह निर्वाण उस तरफ चल दिया और उसे दिखाई दिया एक बड़ा सा हॉल और उसके बिच एक बड़ा सा केज जिसमे वो सभी कैद थे और उनके चारो तरफ जंगली कुत्ते घूम रहे थे केज मई बैठे सबकी नज़र सामने खड़े निर्वाण मित्युदूत और मालिक पर गयी

मित्युदूत “मैं जाता हु” वो कुछ कहता उसे पहले हे निर्वाण केज मई घुस चूका था …उसे ऐसे अकेले घुसते देख विपिन का परिवार भी केज मई खड़ा हो गया दर से …

पर आज निर्वाण का कहर था उसने अपने तरफ झपटे कुत्ते के जबड़े को पकड़ लिया और दोनों हाथो से पकड़कर फाड़ दिया…

पर तभी एक कुत्ते ने निचे से पेअर को अपने जबड़े मई जकड लिया और khichne.laga …तोह निर्वाण ने झुक कर उसके जबड़ो को पदक और उसे ऊपर उठा किया पर तभी एक और कुत्ते ने ऊपर चढ़ कर उसके कंधो पर अपने दांत धंसा दिए पर निर्वाण के चेहरे पर दर्द की सिकन की जगह गुसाई के भाव और तेज़ हो गए और उसने ुसकुट्टे का भी जबड़ा फाड़ दिया और फिर कंधे वाले कुत्ते को एक हाथ से पकड़ा और आगे की तरफ फेंक दिया …और गुसाई से उसकी तरफ gurraya…dono कुत्ते ने अपने साथियो की मौत देखि तोह अब घुराहट की जगह खोफ्फ़ और दर से पीछे की तरफ जाकर चुप चाप बैठ गए निर्वाण ने केज को खोला और सबको बहार लेकर आया …

मित्युदूत “मास्टर आप तीख ह”

निर्वाण “ है मैं तीख hu…”phir मालिक को घूरकर मेरी माँ के बारे मई क्या जनता ह बता …”

मालिक “ मैं तुम्हे जनता तक नहीं हु तोह तुम्हारी माँ को कैसे जानूंगा”

निर्वाण “ विद्या नाम ह उनका”

ये सून मालिक चौंका और चौंके विपिन की फॅमिली वाले और एक दूसरे को देखने लगे …विपिन की वाइफ आगे बढ़ी और उसके कंधो को पकड़कर कर बोली तू सहदेव और विद्या का बीटा ह

निर्वाण “है”

ये सुनते हे वो शॉक से निचे गिरने लगी तोह निर्वाण ने उसे पकड़ लिया और उसे मित्युदूत को संभलवाया …और फिर मालिक की उंगलिया तोड़ ता हुवा “ बता कुत्ते”

मालिक “ वो मरचुके ह तुम्हारी माँ को मरते हुवे मैंने देखा था”

तभी विपिन की वाइफ चिल्लाई ये झूठा और मक्कार ह बीटा इसे छोड़ना मत इसने हम पर 20.saal.jurm किया h…Aur इस कुत्ते ने एक दिन कहा था मुझसे इसने तुम्हारी माँ के साथ साथ उस नन्ही जान को भी मार दिया था जो इस दुनिया मई आयी भी नहीं थी ..”

और ये सून निर्वाण के होश उड़ गए और वो निचे अपने घुटने के बल बैठ गया …और उसकी आँखों से गिरने लगे आन्सुऊ वो इस दर्द को सह नहीं पा रहा था और ये पहली बार था जब वो फुट फुट कर रोटा हुवा गुसाई से चीख रहा था… और वो चीखे कुछ दिएर बाद उसके जोर जोर से सांस लेने मई बदल गयी और फिर गुसाई के चरम तक उसने खा जाने वाली नज़रो से मालिक को देखा …और उसकी तरफ बढ़ा तोह मित्युदूत ने पकड़ लिया “मास्टर गुसाई पर काबू रखिये” निर्वाण के सर पर अब खून सवार हो गया था उसने मित्युदूत को साइड किया और एक किक मई हे कई फ़ीट दूर उदा दिया ..और मालिक के पकड़ा और जोर से एक दीवार पर फेंक दिया ..फिर उसे उठा कर जोर से दुरी तरफ की दीवार पर फेंक दिया …और उसके हाथ को पकड़कर “ इन हाथो से मेरी माँ को चुवा था tune”aur पूरी ताकत से उसकी ुंलियो को फाड़ दिया मालिक बुरी तरह दर्द से चीखा निर्वाण कुछ और करता ..तभी मित्युदूत आकर पीछे से पकड़ता हुवा “ मास्टर उसे जिन्दा रखकर हे जानकारी मिलेगी”

निर्वाण “ उसने क्या कहा सुना नहीं मेरी माँ को मरते देखा उसने तोह इसे भी मरना होगा”

मालिक “मुझे मत मारो मैं तुम्हे एक राज़ बताऊंगा तुम्हारी माँ के बारे मई…”

आज के लिए इतना हे …..

वर्ड काउंट 7.1क ह और टारगेट भी हमारा 200 पार ह

अगला अपडेट इस फेज का लास्ट अपडेट होने वाला ह जिसका नाम ह

"मिस्ट्री उनलॉकेड"


मस्ती मई पढ़ने का बिंदास लिखे और रेवोएस पेलने का .
 
अपडेट 251 प्रेय part 2 पोस्टेड मस्ती मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने का

200 बहुत दूर ह उसके बाद सुरु होगा ...मिस्ट्री उनलॉकेड....

रिजल्ट इस देक्लारेड एंड फाइनली सिलेक्टेड इन पंजाब नेशनल बैंक दिल से बहुत बहुत धन्यवाद् भाइयो की दुवाओ के लिए क्योकि आज ये बात साबित हो गयी की दुवाओ मई वो ताकत ह जो किस्मत को भी पलट कर रख दे और आज 10 परसेंट को 100 परसेंट मई बदलते हुवे देखा ह मैंने
 
200.gif
 
अपकमिंग 252 मिस्ट्री उनलॉकेड
 




कलर चल रहा ह इसलिए शांति रखना भाइयो
 
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