अपडेट 254..
फियर
“कुत्ता कमीना …चुटिया …तू मरेगा मेरे हे हाथो मरेगा”
सोनाली नींद से उठी जोर से गुसाई से चिल्ला रही थी …उसकी आवाज सून कृति जल्दी से उनके रूम मई agayii..par एते हे उसका मू खुला रह गया …और जल्दी से वो पीछे मूड गयी…
सोनाली “ तुझे क्या हुवा जो पलट कर कड़ी हो गयी”
कृति “दीदी वो अपने सिर्फ”
सोनाली गुसाई से “क्या मैंने” और जैसे हे उसकी नज़र निचे गयी वो तुरंत धन्य भये देखने के लिए मोदी और बोली मेरे कपडे…
कृति “ आप रूकिये मैं नाईट सूट लाती हु…” इतना कह वो चली गयी …सोनाली पीछे कड़ी की कड़ी रह gayiii….aur बोली “मैं तोह सो गयी थी फिर मेरे कपडे इतना कह वो तुरंत बाथरूम मई गयी और अपनी बॉडी को देखा तोह ….और गुसा हो gayi….kyoki कई जगह हलके बिट्स के निसान थे ….और जब पीछे मूड कर अपने पीछे की तरफ देखा तोह पीछे भी बिट्स के निशान थे …ये देख सोनाली को और गुसा आने लगा और फिर से गुसाई से बड़बड़ाने लगी.. “ साला भोस्डिका चुटिया कुछ करता नहीं ह …बस इन्हे देखता रहता ह ….ये दुनिया का पहला चुटिया ह जो अपनी बीवी को प्यार करने से मन करता ह अगर मैं उसके जगह होती तोह एक मिनट नहीं छोड़ती…”
कृति बहार से “ दीदी नाईट रख रही हु …ाजाओ डिनर साथ करते ह”
सोनाली अंदर से “आयी और फिर खुद से बोली पता नहीं कृति क्या सोचेगी दोनों के बारे मई…
बहार कृति… “मतलब राज का अफेयर हिमाचल से हे इनके साथ चलना सुरु हो गया tha…tabhi मैं सोचु जिसे सरे गुंडे डरते ह वो राज राज क्यों करती h…akhir उसके प्यार को गहराई से महसूस जो कर चुकी ह …”
सोनाली नाईट सूट पहन कर कृति के पास आयी तोह…
कृति “ लगता ह आफ्टरनून बहुत अछि गयी ह आपकी…”
सोनाली उसकी तरफ देखते हुवे बोली “तू भी धुंध ले तेरी तोह मॉर्निंग आफ्टरनून नाईट तीनो हे अछि जाएँगी ..”
कृति सोनाली की तरफ मुस्करायी और फिर खुदसे मन मई हे बोली “ कैसे कहु आपको जिसे मैं पसंद करती हु वो मेरा हो हे नहीं सकता h…bus उसकी यादे हे बची ह जिंदगी मई हिमाचल की”
सोनाली “ क्या हुवा कोई ह क्या जिसके सपने देखने लगी”
कृति “फिलहाल दी मेरी छोड़ो लगता ह राज ने कुछ जायदा हे प्यार कर दिया ह जो आप उसे गालिया दे रही थी”
सोनाली “उसका नाम मत ले …अबकी बार छोड़ दिया कमीने को jinda…main हे बेवक़ूफ़ थी …” तभी उसे कुछ याद aya…aur वो कृति की यरफ घूरकर बोली “ वो तेरे पास फिनलैंड जाने के लिए हे आया था इसीलिए हे तेरे पास रूका हुवा था न…”
कृति “हआ इसीलिए हे वो यंहा आया था”
सोनाली को और भी कुछ याद आया और उसका दिमाग फिर से गुसाई से फटने लगा और वो गुसाई से बोली “वो चूजा सुनील मतलब उसे सब पता tha….aur उसने मुझे अपनी बहन को नहीं बताया …और वो भी छोड़ो उसने अपनी बीवी तक को नहीं बताया …दोनों मरेंगे ….”
कृति सोनाली का गुसा देख कुछ नहीं बोली और आराम से खाना लगाने लगी….
सोनाली जिसके दिमाग मई अब बहुत से सवाल घूमने लगे थे वो आगे सवाल पिछते हुवे बोली“ और कौन कौन ह उसके साथ …नहीं. और किस किस को पता ह”
कृति बेचारी ये सवाल सूकर खाना लगते लगते रूक गयी और बोली दीदी आप शांत हो जाओ गुस्सा नहीं करते ह”
सोनाली “देख kriti…mujhe सच बता”
कृति “ जोगिन्दर अंकल को ,mech,mike,jennifer,richa,divya,sunil ,शेरदिल, मित्युदूत और दो जाने थे एक का नाम तोह आग था दूसरे का याद नहीं”
सोनाली ने इतने नाम सुने तोह
गुसाई से उसका सरीर कांपने लगा और उसे बहुत गहरा धक्का लगा और वो बोली “हम सब यंहा टिल टिल राज के लिए मरते रहे और इन सबने हउमै बताना तक सही नहीं समझा अगर इसे हे परिवार कहते ह तोह …कृति मुझे नहीं रहना ह ऐसे परिवार मई जंहा एक दूसरे पर विस्वास हे नहीं ह… ”
कृति “ पर दीदी हो सकता ह उनकी मजबूरी होगी”
सोनाली गुसाई se“majboori…. कृत… मजबूरी ….2 साल से मजबूरी नहीं होती h…raj की तरफ आने वाला हार वार मैं खाने की हीमत रखती हु और खाया भी ह उसके लिए हे नहीं इस परिवार के लिए भी …फिर भी मुझे नहीं बताने मई कैसे मज़बूरी ह जवाब तुम्हारे पास …. अरे फ़ोन नहीं tha…ya नंबर नहीं थे सब थे na…aur चलो ये सब छोड़ो …राज को हे लेलो उसने क्या किया …उसे भी पता हे होगा की मैंने क्या सहा ह उसके लिए और मेरे साथ क्या हुवा tha..par सिर्फ एक लेटर छोड़कर निकल gaya….nahi कृति नहीं …अगर एक परिवार मैं ऐसी मजबूरी ह तोह मैं ऐसे रोज घुट घुट कर जीने और इंतज़ार करने से ाचा ह सब छोड़कर कंही दूर चली जाऊ ….उसे मेरी इंच भर क़द्र नहीं ह तोह मुझे भी कसम ह …उसकी दुनिया से इतनी दूर चली जौंगीई की वो चाहकर भी मुझे धुंध नहीं पायेगा ..जब उसने और उसके परिवार ने मुझे अपना मन हे नहीं तोह फिर मैं भी जबरदस्ती नहीं करुँगी सायद ऊपर वाले ने कभी मेरी जिंदगी मई ख़ुशी के दो पल लिखे हे नहीं.. तुझे मेरी कसम ह किसी को कुछ कहने की जरुरत नहीं h…”itna कह उसने अंदर रूम मई आकर अपनी ड्रेस पहनी और निकल गयी कृति इस पुरे वक़्त सोनाली को रोकती रही पर सोनाली बिना कुछ कहे हे निकल गयी …उसने बहार आकर अपनी कार को एक एटीएम के पास रोका और एटीएम से पैसे विथड्रावल kiye…aur अपना मोबाइल उसी डस्टबिन मई दाल diya…is पुरे वक़्त मई उसके आंसू उसकी आँखों से बहते रहे उसका दिल बुरी तरह टूट चूका था … उसने कार को दिल्ली के अननोन प्लेस पर रोका और एक आदमी से मिली जिसने उसे नयी ईद और कुछ डाक्यूमेंट्स दिए ..सोनाली ने उसे सरे पैसे दिए और वंहा से चली gayii…..sayad वंहा से हे नहीं वो अपनी सभी पुराणी यादो से जुड़े हर शख्स से दूर जाने के लिए निकल गयी thi……wo बहुत तुफ्फ thi…storng thi…supercop thi…par इन सब से अलग वो एक लड़की hi, वो भी एक इंसान थी जिसे प्यार हुवा …और उसके साथ उसने अपनी जिंदगी के जार खवाब देखने की ीचा की ….अपने प्यार की हर अछि बुरी बातो को उसकी आदतों को अपनाया …हर तरीके से सैक्रिफिएस किया …और जब उसे उसके मरने की खबर मिली तोह भी वो उसके नाम का सिन्दूर भरकर उसके परिवार मई इस आस मई बैठी रही की वो एक दिन लौटकर जरूर वापस आएगा …उसके बचो को apnaya…unhe सगी माँ से बढ़कर प्यार देने की पूरी कोसिस kari…par आज उसे सचाई पता चली तोह उसका दिल टूट गया …जिन्हे वो अपना मानती थी उन्होंने हे उसे पराया बना दिया…. राज जिन्दा ह ये जानकार भी उसे बताया nahi……isi बात ने उसे अंदर तक तोड़कर रख दिया और उसने दुनिया के हर रिश्ते से अपना मू मोह मोड़ लिया और सबसे दूर चली gayiii…sayad बहुत दूर …इतनी दूर की कोई भी उसे धुंध न पाए…
पर ये बात यही ख़तम होने वाली नहीं thi…sonali ने कृति को कसम देकर बताने से मन तोह कर दिया tha…par कृति खुद एक लड़की थी उसे पता था की सोनाली की क्या हालत होगी ..इसलिए उसने कसम तोड़कर …मनीषा को कॉल किया और मनीषा को साडी सचाई बता diiii….manisha की हालत सब सुनकर बहुत बुरी हो gayi…usai समाज नहीं ारः था की वो अब क्या करे …वो तुरंत जगमाल सिंह के पास पहुंच गयी…
मनीषा “ दादाजी वो सोनाली दी…” और फिर हर बात बताती चली गयी जिसे सुनकर वो भी चौंक गए और बोले “ये बहुत गलत huva…turant जोगिन्दर को कॉल लगाओ और उसे सोनाली बहु को ढूंढने को कहो…”
मनीषा ने भी तुरंत जोगिन्दर को कॉल लगाया..
मनीषा “ तुरंत सोनाली दी को ढूंढिए क्या हुवा ह कैसे हुवा ह आपको बाद मई बताउंगी”
जोगिन्दर सिंह को अंदाज़ा हो गया था की कुछ बहुत बुरा हुवा ह और उन्होंने तुरंत पुलिस इंटेलिजेंस रूम मई अपने ऑफिसर्स को सोनाली की लोकेशन ढूंढने के काम पर लगा दिया …पर बहुत ढूंढने पर भी उन्हें कुछ नहीं mila….infact हर जगह नाकाबंदी तक करवा दी गयी…
प्लेस मंडावा
इन कॉल
जगमाल सिंह “ हम तुम्हे दोषी नहीं ठहरारहे ह जोगिन्दर …पर तुम सोच कर देखो अगर सोनाली की जगह श्वेता होती तोह क्या फिर भी ये जो हुवा ह ये सब सही होता सुर तुम्हारी कोई गलती नहीं होती…”
जोगिन्दर सिंह “ पर मैं कसम से बंधा हुवा था …”
जगमाल सिंह “ जोगिन्दर इस उम्र मई हम अब और ढक नहीं सह सकते ह …दिव्या और ऋचा को भी बोल देना की दोनों ने जो किया वो बहुत गलत किया और हम भी उन्हें इस बात के लिए कभी माफ़ नहीं करेंगे…”
कॉल डिसकनेक्ट होते हे पीछे कड़ी श्वेता , कविता और अनु जीने अब तक सचाई पता चल चुकी थी …उनमे से श्वेता बस इतना हे बोली “ हम तोह फिर भी आपकी मजबूरी समाज सकते ह …पर पूनम भाभी के साथ आप सब ने मिलकर बहुत गलत किया ह वो दो साल से पागलो की तरह ढक मई जी रही h…aur आप सब ी हेट यू डैड…”
कविता “और पता ह बड़े पापा वो ऋचा वो हमेशा से हे घटिया thi…uski नियत मई हमेशा से हे खोट थी उसे पता था की भाई सोनाली भाभी और पूनम भाभी से शादी करेंगे तोह उसने इन दो सालो का पूरा फायदा uthaya…aur आप सबने उनका साथ भी दिया …आप सब सजा के हकदार हो”
जोगिन्दर “ मेरी बात तोह सुनो मुझे तोह बस…”
कविता बिच मई रोकते हुवे “ नहीं बड़े पापा अब और झूट नहीं …”
इतना कह तीनो हे ऊपर वाले रूम मई चली gayiii…dil टूटना और फिर पल मई रिश्ते टूटना इसे हे कहते h…jo जिंदगी भर राज के साथ जीना मरना चाहती थी आज पल मई सब छोड़कर चली gayiii…akhir सबके पास सब था पर वो दुनिया मई अकेली थी न माँ न बाप एक थी जिसे उसने सगी बहन जैसा मन था जो उसे अचे से समझती भी थी… आज वो भी उसके साथ नहीं थी …और होती भी कैसे आखिर वो इस दुनिया मई हे जो नहीं थी उसकी बहन शिवानी…
प्लेस फ़िनलैंड…
जिनशि हाउस
शेरदिल “तुम चुप हे रहना अगर कुछ बताया तोह मैं भी सब बता दूंगा फिर मुझे मत बोलना …और तुम जानती हे हो फिर क्या होगा”
जेनिफर “ पर प्रॉब्लम हो जाएगी कृति मम क्या कहेंगी”
शेरदिल “प्रॉब्लम …कोई प्रॉब्लम नहीं होगी …बस तुम अपनी चोंच बंद रखना बाकि सब मैं देख लूंगा”
तभी जिनशि कॉफ़ी लेट हुवे “क्या बात हो रही ह वैसे सुनील अचानक से क्यों गया”
शेरदिल “सरप्राइज प्लान करने गया ह तुम्हारे लिए ….वो क्या ह न तुमने उसे इतना प्यार दिया इसलिए आज उसने तुम्हारे लिए सरप्राइज प्लान किया ह”
जिनशि “वो सरप्राइज पर उसने कुछ बताया हे नहीं वर्ण मैं तैयार हो जाती”
शेरदिल आँखों मई शैतानी मुस्कान लाते हुवे मनमै बोलै “बहुत हीरो बनता h…meri मनीषा भाभी को प्यार देने मई तेरे फेफड़े फुल जाते ह और इसके साथ तुझे सुकून मिलता ह बीटा तेरी हड़िया न तुड़वाई तोह मेरा भी नाम शेरदिल नहीं …ारः ह वो बस कुछ दिएर की बात और ह फिर तेरी बूँद मई तेरा हे मरोड़कर घुसा देगा वो हे हे हे मज़ा आने वाला ह क्या सन होगा”
जेनिफर उसके चेहरे पर आयी मंद मंद मुस्कान देख घबरा रही थी … वो ऊपर देखते हुवे बोली “गॉड सुनील को सेव करना …राज बहुत मरेगा अगर उसे पता चल गया तोह उसकी गलती भी नहीं ह”
इधर जिनशि शेरदिल को धीमे धीमे मुस्कुराता देख बोली “कुछ खास प्लान किया ह क्या जो तुम्हारे चेहरे पर भी स्माइल आरही ह”
शेरदिल “ ओह्ह्ह यस यस उसने बहुत स्पेशल प्लान किया ह …मई बे …स्पेशल डिनर प्लान किया हो ..या फिर लॉन्ग ड्राइव…” फिर और कामिनी मुस्कान हँसता हुवा “मई बे फुल नाईट…”
उसकी आखिरी बात का मतलब समझते हुवे जिनशि मुस्कुरा कर “ओह के ों लिओहेअर्त”
शेरदिल पास आकर “बस कुछ दिएर मई आने हे वाला ह वो तुम्हे तैयार होना चाहिए और है एक अछि सी ड्रेस पहननी चाहिए आज के लिए क्यों जेनिफर”
जेनिफर का रंग उड़ गया और वो बोली “ है है तैयार रहना चाहिए अछि सी ड्रेस पहनकर”
शेरदिल “ चलो जाओ रेडी हो जाओ हम कॉफ़ी पिटे ह तब तक”
जिनशि “ जेनिफर तुम मेरी हेल्प करो”
शेरदिल बिच मई हे “ no no इतस योर डेट तुम्हे खुद तैयार होना चाहिए …ताकि तुम भी उसे सरप्राइज दे सको और हमेशा की तरह देना किश करके”
जिनशि “ रियली ok”
इतना कह वो ऊपर चली गयी और शेरदिल के चेहरे पर और गहरी मुस्कान आगयी
जेनिफर “ये अपने क्या किया”
शेरदिल “ क्या kiya…maine कुछ नहीं किया वैसे भी आया हु तबसे वो जिनशि की फ्रेंड को मेरे ऊपर चिपका रखा ह कमीने ne…aur वो भी फेविकोल की तरह दूर जाती हे नहीं ह” अभी शेरदिल ने इतना हे कहा था की बहार से जिनशि की फ्रेंड अंदर एते हुवे “ ओह माय गॉड लायन हार्ट तुम यंहा होती”
शेरदिल मन मई “लो बहनचोद होता को होती बना देती ह करता को करती अब ये अंदर घुसने को तैयार रही हो जाएगी “
जिनशि फ्रेंड “ही जेन्नी”
जेनिफर “ही तुम आगयी पर तुम्हे तोह साइट पर होना चाहिए था”
जिनशि फ्रेंड “ है जिनशि ने कहा सुनील बिजी ह थॉट्स व्हाई ी चामे हेरे फॉर लिओहेअर्त तुम मेरे साथ चलोगी न”
शेरदिल थूक घटकते हुवे “ इसकी माँ की आंख …तेरे साथ वो भी अकेले बलात्कार नहीं करवाना मुझे” फिर जल्दी से “no no मेरा जेनिफर के साथ डिनर का प्लान ह”
जिनशि फ्रेंड “डिनर मैं तुम्हे करवा दुऊंगी” फिर शेरदिल को छूटे हुवे “बहुत मज़ा आएगा प्लीज चलती न”
शेरदिल के सरीर मई झुरझुरी सी दूध गयी …और वो बोलै “कल चले आफ्टरनून”
जिनशि फ्रेंड “no लिओहेअर्त राइट क्नोव तुम मेरे साथ चलेगी मैंने साइट के पास हे होटल बुक भी करलिया ह सिर्फ तुमौर मैं व्होले नाईट ”
जेनिफर को लगा यही मौका ह तोह वो भी बोली “यस आपको जाना चाहिए इसने कितने प्यार से आपके लिए sab.arrange किया ह …सिर्फ आप और ये कल मिलते ह bye bye”
सेड्रिल अभी और कुछ कहता तभी ऊपर से ओने पीेछे ड्रेस मई जिनशि भी आगयी जो बाला की खूबसूरत लग रही थी…
शेरदिल जल्दी से अपना हाथ छुड़वाकर “वो तुम तोह वो क्या कहते ह लुकिंग गॉर्जियस …आज तोह वो तुम्हे देखता रह जायेगा”
जिनशि “सच मई”
शेडिल “,ट्रस्ट में क्यों सही कहा न जेन्नी मैंने”
जेनिफर “राइट”
अभी वो कुछ और बोलते दूर बेल्ल बज गयी…
शेरदिल मन मई आगया वो अब आएगा मज़ा … “फिर जिनशि से लगता ह वो आगया ह हम ऊपर चिप जाते ह तुम्हे जैसा कहा ह वैसा हे करना ”इतना कह वो जेनिफर और जिनशि की फ्रेंड दोनों को ऊपर ले गया …जेनिफर बेचारी क्रॉस का सिग्न बनाकर ऊपर वाले से रहम की दवा मांगने लगी
जिनशि ने सबके जाने के बाद अपने बालो को तीख किया और दूर खोला …सामने सुनील खड़ा था…
सुनील “ कंही जा रही हो”
जिनशि ने मुस्कुराते हुवे न मई गर्दन हिलायी और फिर सीधा हे सुनील को गले लगा liya…ye सुनील के लिए उन एक्सपेक्टेड था क्योकि उसके हिसाब से जेनिफर और शेरदिल को यंहा होना चाहिए था और उनके सामने तोह जिनशि ऐसा नहीं करती thi…isliye हे राज को लेन से पहले शेरदिल और जेनिफर दोनों को यंहा बुला लिया था…
जिनशि “ी क्नोव तुमने मेरे लिए सरप्राइज पलांकिया ह …थैंक यू थैंक यू”
सुनील मनमै “माँ की आंख वो भाभी का भाखत अंदर आने वाला ह उसने देख लिया तोह मेरा थे एन्ड आज और अभी हे हो जायेगा इसे समझाना होगा” इतना कहते उसने निंशी से कहा “जिनशि मैं ये कह रहा था की”
जिनशि ने बिच मई हे उसके मू पर ऊँगली रखते हुवे “सष्ठ आज की रात कहना और जो करना ह अभी मैं देखना चाहती हु की मेरे लिए तुमने क्या सरप्राइज प्लान किया ह”
सुनील मन मई “सरप्राइज और मैंने”
ऊपर से शेरदिलमान मई “बस तेरी कुटाई चालू होने वाली ह और रिकॉर्डिंग करता रहा ये कान्हा रह गया जल्दी आ राज”
जिनशि फ्रेंड “क्या होने वाली ह”
शेडिल “गांड …ी मैं अस्स बीटिंग”
जिनशि फ्रेंड “वो ानलफुक”
शेरदिल “राइट”
जेनिफर “गॉड प्लीज सेव सुनील”
तभी दूर के पास से कदमो की आवाज अंदर अति हुवी आयी…
सुनील “मर गया”
जिनशि “क्या हुवा तुम्हारा चेहरा क्यों उतर गया”
सुनील “ मेरी तोह सुन लेती पहले मेरी माँ अपने हे गीत गाने लग गयी”
जिनशि “व्हाट”
सुनील “ नथिंग”
तभी जिनशि को याद आया की शेरदिल ने क्या कहा था और उसने एक किश सुनील के गाल पर कर दी ..
और बस कुछ फटने की आवाज तोह आयी जो सुनाई किसी को नहीं दी पर ऊपर शेरदिल बोलै “यस अब आएगा मज़ा”
सुनील “ बस यही बाकी रह गया था..” वो पीछे पलटा तोह राज बस उसे और जिनशि को हे देख रहा था…
सुनील “जो तू देख रहा ह वैसा नहीं ह राज”
राज ने कुछ नहीं कहा …
पर जिनशि राज का नाम सुनते हे समाज गयी की कुछ तोह गलत उसने करदिया ह उसने इसलिए वो जल्दी से बोली …”ी विन ी विन ये ी विन होओओओ hooo…lion हार्ट गिव में माय मनी ी विन…
शेरदिल ऊपर से उछला बेनस्टॉकेश ये क्या कह रही ह ये चुड़ैल साली मुझे फंसा रही h…wo भागता हुवा निचे आकर “ कौनसी विन”
जिनशि “ तुमने हे तोह कहा था सुनील को किश करो और 100 यूरो तुम्हारे हुवे”
शेरदिल मू फाड़कर “गॉड से दर चुड़ैल हेलल मई भी प्लेस नहीं मिलेगा ..तुम दोनों अपनी गलती छिपाने के लिए मुझे फंसा रहे हो”
सुनील “sherdil.galat बात ह यार मुझे नहीं पता था तू ऐसे करेगा तेरी गफ बन तोह गयी ह” ये कहते हुवे उसने जिनशि की फ्रेंड की तरफ देखा तोह शेरदिलकी और बुरी तरह फटने लगी …
ये सब देख रहे राज ने जेनिफर की तरफ देखा जो कभी रहत की सांस लेती तोह कभी darti…usne उसे अपने पास बुलाया…
जेनिफर तुरंत राज के गले लगती हुवी “भैया आप तीख ह”
राज “लगता ह मैच और माइक ने तुम्हारा ख्याल सही से नहीं रखा ह”
जेनिफर “अपनी आंख मई ए आंसू पौंछती हुवी no no कृति मम …जोगिन्दर सर …मनीषा मम सुनील सर सबने अचे से ख्याल रखा ह ये आंसू तोह आपसे मिलने की ख़ुशी के ह”
राज “गुड ाचा अब ये बता की ये सब क्या चल रहा ह मुझे सही से बताना और पीछे देखने की कोई जरुरत नहीं ह”
ये मूव देख अब शेरदिल और सुनील की हालत ख़राब हो गयी …जिनशि कुछ बोलने लगी तोह राज ने अपने हाथ से रूकने का इशारा कर दिया …जेनिफर “वो भैया ..वो ये सब …जैसा आप ..”
राज “ डरो मत मुझे सच बताओ”
जेनिफर बोलने हे वाली थी की “शेरदिल तू भी न यार इतने दिनों बाद मिला ह गले मिल ये बाते फिर कर लेना”
सुनील “ हां हां शेरदिल सही तोह कह रहा ह”
राज शेरदिल से “अगर इस लड़की ने जो कहा वो तूने किया ह तोह तुझे माँ से और मनीषा भाभी से बचने वाला इस दुनिया मई कोई नहीं ह”
शेरदिल की सिटी पित्ती गुल हो गयी और बोलै “ भाई अल्लाह कसम मैंने नहीं bola…viswas कर मेरा”
ये सून राज के चेहरे पर मुस्कान आगयी और उसने जिनशि को ऊपर से निचे तक देखा और फिर सुनील की तरफ देख कर बोलै “लड़की तोह अछि ह”
सुनील जल्दी से “यार तू भी न”
जिनशि “प्रैंक था हम दोस्त ह”
राज सुनील के गले मई हाथ डालते हुवे जिनशि की तरफ देख कर मुस्कुराया और बोलै “किश वाले फ्रेंड्स” इतना कहते हे सुनील का गाला दबा दिया …
सुनील “अह्ह्ह दर्द होता ह”
राज “ जब तू यंहा ये सब कर रहा था तब तुझे समाज नहीं आया …”
सुनील “यार ऐसा कुछ नहीं ह”
जिनशि “ प्लीज उसे छोड़ो हम दोस्त ह सिर्फ जेनिफर से पूछ लजिए”
जेन्नी मन मई “ इडियट मुझे क्यों ले आती h…bich मई सच बता दिया तोह सुनील गया और कुछ गलती तोह मेरी भी ह …गॉड आज आज माफ़ करना झूट बोलना पड़ेगा”
इधर शेरदिल मन मई “बीटा अब तेरी गांड सुताई सुरु होगी” और अपने चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान लिए आगे का सन सोचकर एक्ससिटेड होने लगा
जेनिफर “ भाई दोस्त ह यानाः ऐसे हे मिलते ह …उसे हे देखलो …जेनिफर ने जिनशि की फ्रेंड की तरफ इशारा करके कहा वो शेरदिल की फ्रेंड ह और उसे लिखे करती ह …फिर जिनशि की फ्रेंड की तरफ देख कर “ दो यू लिखे लायन हार्ट”
जिनशि फ्रेंड “ ओह यस यस ी रियली लिखे लायन हार्ट …”
राज “आज छोड़ रहा हु और तुझे भी अहसान तुम्हे जेन्नी ने बचा लिया मुझे पता ह कहानी इतनी भी सीधी नहीं थी …मैं नहाकर अत हु”
जेनिफर राज को ऊपर ले गयी तोह पीछे …सुनील शेरदिल को घूरने लगा …और शेरदिल जिनशि को…
शेरदिल “ बीटा तू आज बच गया पर मेरे पास रिकॉर्डिंग ह”
सुनील “और मैं भी बता दूंगा तूने isai(jindhi की फ्रेंड की तरफ इशारा करके ” बिना कपड़ो के देखा और उसके साथ सो भी गया…
शेरदिल “ खुदा से दर वो गलती से हुवा था ”
सुनील “सच तोह सच ह इतनी पि हे क्यों थी जब पता हे नहीं हो की किसका रूम ह”
शेरदिल “ ये सब जिनशि ने किया था और तू भी साथ था”
जिनशि “स्टॉप आईटी गाइस …भूल जाओ सब और अब तुम दोनों ये बताओ उस साई डरते क्यों हो इतना’
सुनील “ क्योकि ये वो ह जिसके एक वर्ड से पूरा खंडन मतलब मेरी बहने मुझे कच्चा खा जाएगी ….”
शेरदिल “और इसकी बहाने मतलब मेरी भाभियाँ मुझे जिन्दा निगल जाएँगी”
जिनशि “ओह माय गॉड तू मच कंफुसिओं”
सुनील शेरदिल एक दूसरे से no फाइटिंग…
दोनों “डील”
कुछ दिएर बाद …
सभी “मतलब ये तीन लोकेशन ह जिसमे से दो जगह ट्रैप ह और वंहा जाना मतलब कन्फर्म मौत ह”
सुनील “ बिलकुल क्योकि आज तक जो भी वंहा गया ह वो जिन्दा लौटा हे नहीं ह अब वंहा क्या होता ह क्या नहीं ये इनफार्मेशन नहीं ह”
आग “ लोकेशन कान्हा ह दिखाओ”
मैच और माइक प्रोजेक्टर ों करते हुवे “ ये फर्स्ट लोवशन ह एयर आइलैंड के चारो तरफ हमेशा आइस रहती ह …इसलिए दूर से हे जो भी अत ह नज़र आजाता ह और आइस के निचे आटोमेटिक सेंसर गन्स ह जो निचे से आरहे दुश्मन को आइस मई हे दफ़न कर देती ह”
सुनील “ ये दूसरी लोकेशन ह ये आइलैंड पूरा जंगल ह और no फ्लाइंग जोन ह दूर से सिर्फ पेड़ हे पेड़ दिखती ह आज तक कभी भी किसी शिप को वंहा जाते हुवे नहीं देखा ह सिवाए एक शिप के …और पास जाने पर आइलैंड से सिर्फ अलर्ट की वौइस् अति ह …हमने स्टूडेंट्स को भेजा भी तोह उन्हें इज़्ज़त के साथ रेतुर्न कर दिया वंहा के गॉर्डस ने”
शेरदिल “ और तीसरी लोकेशन पानी के बिच मई ह मतलब ये एक बहुत बड़ा आइलैंड ह जिसके चारो तरफ पानी ह पर बिच मई बहुत बड़ा खुला मैदान ह वंहा स्ट्रिक्टली जाना मन ह और फाॅर्स एंट्री पर पुलिस अरेस्ट करके प्रिजन मई भेज देती ह और वार्निंग न करने पर भी रुके तोह सीधा शूट कर देते ह…”
राज “ मतलब तीनो जगह मई से ये लास्ट लोकेशन सबसे जायदा सस्पेक्ट फुल लग रही ह ..पुलिस अरेस्ट भी कर लेती ह स्ट्रिक्टली जाना मन ह …सब कुछ यही दिखा रहा ह की रविंदर सिंह यही हो सकते ह”
सभी “ राज कई बार जो दीखता ह वो होता नहीं ह …ट्रैप इसे हे कहते ह …ताकि सामने वाला हंड्रेड परसेंट सूरे हो जाये और गलती करे…”
आग “ बिलकुल …वो यही चाहते ह की हम लास्ट लोकेशन को हे सच मने …वो हर आने वालो को यही दिखते होंगे …क्योकि अगर वंहा दुनिया को खूंखार कैदी ह तोह हर कैदी का अपना एक बैकग्राउंड पावर हाउस ह और सभी के आदमी उन्हें छुड़ाने के लिए एते हे होंगे ..और ऐसे हे किसी खतरे के लिए उन्होंने तीन लोकेशन बनवायी ह ताकि कोई भी जो छुड़ाने के इरादे से अत ह वो मारा जाये”
राज “ आप सही कह रहे ह और मुझे भी यही लगता ह पर हम क्या कर सकते ह”
शेरदिल “ एक एक करके तीनो लोकेशन चेक कर सकते ह”
सुनील “ बहुत खतरा होगा तुम ये जानते हो न हमने कितनी हे बार इस बारे मई बात करि ह”
सभी “ कोई तोह तरीका होगा हे”
राज कुछ दिएर चुप रहकर बोलै “सिर्फ एक तरीका he…bacha ह”
सुनील “वो क्या”
राज की बात सुनकर सब उसकी तरफ डीके तक देखने लगे …राज ने भी सबकी तरफ देखा और बोलै मैं खुद उस नरक मई जाऊंगा”
सभी “व्हाट”
सुनील “क्या”
शेरदिल “क्या कहा”
राज “ मैंने सही कहा मैं खुद उस प्रिजन मई जाऊंगा”
सुनील गुसाई से राज का कर पकड़ते हुवे“ अबे दिमाग तोह तीख ह तेरा”
सभी “ छोड़ो सुनील उसे”
सुनील “ पर सर इसकी बात सुनी”
सभी “सुनली अब छोड़ो उसे”
सुनील ने राज को छोड़ दिया…
आग “ तुम्हारा यंहा के लोकल गैंग से कांटेक्ट ह”
मैच “ हां”
आग “ तोह फिर मैं जो कहता हु वो मंगवाओ और बाकी सब मुझ पर छोड़ दो हो सकता ह बहुत पैसा लग जाये पर मेरे पास रास्ता ह और इसके लिए हमे जरुरत होगी टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट की “
सुनील “ अज्जू वो बेस्ट रहेगा”
राज “ प्लान क्या ह”
आग “ बस तुम देखते jao…kabhi कभी बुक्स रीड कर लिया करो”
2 दिन बाद …
लोकेशन फारेस्ट आइलैंड लोकेशन नंबर तवो..
छोटे छोटेपनि के जानवरो जैसे ड्रोन पानी मई तैरते huve.island की तरफ जा रहे थे और किनारे पर पहुंचते हे उन जानवरो की पीठ से चिपके हुवे कई मिनी ड्रोन ने उड़ान भरी ये ड्रोन बिलकुल माखी के साइज के थे जो धीरे धीरे उड़ते हुवे आगे जा रहे थे …उनकी आवाज उतनी हे थी जितनी बड़ी माखी की होती ह ..
अज्जू पूरा एरिया खली लगा रहा था …उसके वो छोटे ड्रोन थोड़ा हे आगे उड़ते हुवे गए थे की वो सभी ड्रोन किसी कटी पतंग की तरह निचे एक साथ गिर गए …
और स्क्रीन पर लिखा आया सिग्नल लॉस्ट …
अज्जू वंहा जैमर लगा हुवा ह सायद या फिर कोई इलेक्ट्रिकल शॉक वेव्स ह जिसने तुरंत हे सिग्नल तोड़ दिया …
अचानक अज्जू की नज़र एक तरफ गयी …और वो बोलै “वंहा देखो वंहा पानी मई कुछ ह और तभी उन्हें स्क्रीन पर दिखाई दिया एक शख्स जिसने अज्जू के ड्रोन वाले जानवर को देखा और फिर उसे सपने हाथो से तोड़कर वंही छोड़ दिया और तैरता हुवा वापस पानी के निचे चला गया…
प्लेस दिल्ली…
सीक्रेट प्लेस ऑफ़ विद्या ग्रुप …
ऋचा ने अपना मोबाइल ों किया …
दिव्या “ क्या हुवा”.
ऋचा “ तीन दिन हो गए ह मोबाइल ों करना भी जरुरी ह”
दिव्या “ हम्म”
पर मोबाइल की लोकेशन ों करना हे उनकी सबसे बड़ी गलती thi…scorpion ट्राइब का वो मेंबर जो दिल्ली मई हे था इस वक़्त वो एयरटेल के कंपनी के मैनेजर के घर मई था…
मैनेजर “मोबाइल ों हो गया ह उसकी लोकेशन मिल गयी ह अब तोह प्लीज हमे छोड़ दीजिये”
स्कोर्पियन ट्राइब मेंबर “ बिलकुल अब तुम आज़ाद हो इतना कह उसने एक झटके मई हे उसकी पत्नी और बेटे को ख़तम किया और फिर उसी ख़तम करने के बाद घर से कार की कीस ली और लोकेशन सेट करके मोबाइल की लोकेशन की तरफ चल पड़ा..
आज के लिए इतना हे मस्ती मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स और स्माल रेविएवस पकने का