Adultery Raj-- hero of the family - Page 91 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

अपडेट ों मंडे इतने दिन वेट किया तोह एक दिन और प्लीज
 
हाफ ऑवर मई एडिटिंग सुरु karunga...bhaiyo
 
अपडेट 252

मिस्ट्री उनलॉकेड…

सुभे के 5 बज रहे थे …तूफ़ान अपना कहर बरपा कर शांत हो चूका tha..junagargh के जंगल मई तभई का मंज़र इस कदर फैला हुवा था की दूर से हे साफ़ दिख रहा था …पूरा जंगल रक्त रंजीत हो रखा था …वो ऐसा लग रहा था मनो जैसे आसमान से लाल राखत की बारिश हुवी हो ……चारो तरफ भूमि लललरखत से रंजीत हो राखी थी फिजाओ मई चारो तरफ सिर्फ सन्नाटा पसरा हुवा tha…aur इस इतने भयानक आसमानी और जमीनी कहर के बावजूद जंगल के बिच मई कड़ी wo…haveli अभी भी अपनी shan-o-shoukat बिखेर रही thi…par उसके अंदर का महल ऐसा नहीं tha…andar तो मौत की भनायक आभा छायी हुवी thi….kyoki कोई था जिसके आगे …वर्षो से कड़ी हवेली भी अपनी शान ो शौकत की महिमा मंडल दिखने से संकोच कर रही thi…aur वो शख्स अपनी जलती आँखों से …निचे पड़े शख्स को घूर रहा tha…aur उस शख्स को पीछे से मित्युदूत ने कसकर जकड़ा हुवा था…

मित्युदूत “मास्टर”

निर्वाण “ क्या तुमने सुना नहीं उसने क्या कहा अभी”

मित्युदूत ने फिर भी निर्वाण को कसके पकडे रखा और बोलै “मास्टर ये झूट भी बोल सकता ह जैसे अभी ये बोल रहा ह की अगर आप उसे नहीं मरोगे तोह वो आपको राज़ बताएगा आप पहले खुद को शांत करिये”

पर निर्वाण अब कान्हा शांत रहने वाला था…

निर्वाण “ छोड़ो मुझे अगर नहीं छोड़ा तोह मैं तुम्हारे सरीर की हर एक हडियो के इतने टुकड़े करूँगा की समाज नहीं आएगा दर्द कान्हा से उठकर कान्हा हो रहा ह”

मित्युदूत भी निर्वाण की ताकत और गुसाई को भली भांति जनता था पर फिर भी उसने नहीं छोड़ा और हीमत करके बोलै “ मास्टर छोड़ दूंगा पर पहले वडा करिये की इसे जान से नहीं मरेंगे जब तक ये सब बता न दे… आप जब तक ये वडा नहीं करेंगे तब तक मैं आपको नहीं छोडूंगा फिर भले हे चाहे आप हड़िया हे क्यों न तोड़ दे मेरी”

निर्वाण “वडा ह नहीं मरूंगा”

मित्युदूत ने निर्वाण को छोड़ा और साइड मई खड़ा हो गया …निर्वाण उसे गुसाई से घूरता रहा और फिर एक किक निचे पड़े मालिक की चेस्ट पर मारी …और वो घसीट ता हुवा पीछे दीवार से जाकर टकराया ……निर्वाण उसके पास चलता हुवा गया.. उसके कदम आज किसी हवाएं के कदम से काम नहीं the…uski आंखे बिलकुल लाल हो राखी थी उसने आगे बढ़ मालिक को गर्दन से पकड़कर हवा मई उठा लिया…

गाला दबने की वजह से मालिक को सांस लेने मई दिकत आयी तोह वो तड़फड़ाने लगा …

निर्वाण “एक बार मई हे सच बोलना मुझे तेरी बात मई सचाई नज़र आयी तोह तीख वर्ण main…tujhe व दर्द दूंगा जो तू सहन नहीं कर पायेगा और ये दर्द तब तक दूंगा जब तक तेरी आधी आत्मा तेरा सरीर न छोड़ de…aur मैं जो कहता हु उसमे फरक की कोई गुंजाईश नहीं होती ह ये तू समाज हे चूका होगा अब तक”

मालिक कुछ बोलता उसे पहले हे


पीछे कड़ी निशा निचे गिर gayi…mityudoot ने उसे संभाला और बोलै “ master….master… इसे डॉ की जरुरत ह हमे अभी यंहा से जाना होगा वर्ण इसकी जान भी जा सकती ह ”

निर्वाण ने पास जाकर निशा को धयान से देखा और एक जगह से उसके शर्ट को फाड़ा तोह एक गांव और दिखाई दिया..

निर्वाण “ लड़की बोलै था न खुदका ख्याल रखना मेरे रहते तुम्हे कुछ नहीं होगा…” इतना कह उसने पॉकेट से छोटी बोतल निकली जैसे ुअत्तरपर्देश मई दीपू के पास रहती थी पर इसका रंग और गहरा था.. और उसे खोलकर निशा के गले मई ुड़ैल दी

असलम खान “ इसे तोह एक और गोली लगी ह और ये गोली अंदर हे ह”

निर्वाण “ इसे कुछ नहीं होगा …ये जिन्दा रहेगी ….” फिर मित्युदूत से “ मुझे एक निफे गरम करके दो गोली अभी निकालनी होगी”

विपिन की वाइफ अपनी बेटी से “ तुम जाओ जल्दी से इनके साथ जाओ ये जो कहते ह वो करो”

मित्युदूत विपिन की बेटी se“ap बस किचन का रास्ता दिखा दे और कोई दवाई का बॉक्स ह तोह वो ला दे”

विपिन की बेटी ने तुरंत है कहा और जल्दी से उन्हें किचन की तरफ साथ ले गयी…

निर्वाण निशा के गाल को थपथपाते हुवे “ तुम तीख हो जाओगी तुम्हारी मौत ऐसे कीड़ो की तरह नहीं होगी”

कुछ पल बाद हे मित्युदूत नाइफ लेकर आगया …

निर्वाण ने घाव को देखकर गोली का सही अंदाज़ा लगाया की वो किस तरफ ह और नाइफ को अंदर घुसा दिया गोली निकलने के लिए …बेहोश हुवी निशा को भी बेइंतिहा दर्द से होश आगया और वो दर्द से चिल्लायी…

निर्वाण उसकी आँखों मई देखते हुवे“ सहन करो लड़की”

निशा की आँखों से तेज़ दर्द की वजह से आंसू गिरे पर उसने चीक नहीं निकली और जोर जोर से सांस मू से लेती सुर छोड़ती रही यंहा तक उसने अपने हाथ को भी मू पर रख लिया…

अगले हे पल गोली बहार आकर गिरी…

और निशा वापस बेहोश हो गयी..

निर्वाण “ इसके गांव को सील do…ye खतरे से बहार ह…”

निर्वाण खड़ा होकर मालिक की तरफ पलटा हे था की तभी बहार पुलिस के साईरन की आवाज आने lagi…jisai सून निर्वाण का मूड और ख़राब हो गया …और वो बहार जाने लगा तोह…

विपिन वाइफ “बीटा हम पीछे से निकल जाते ह पीछे के ख़ुफ़िया रस्ते से हमे कोई परेशानी नहीं होगी”

निर्वाण पलटकर “निर्वाण कभी भागता नहीं ह ….और मेरी चेतवानी के बाद भी अगर कोई ए तोह उसे जिन्दा छोड़ता नहीं ह ” फिर शैडो वारियर से “इस कुत्ते को हिलने मत देना हिले तोह ऐसा दर्द देना की चीख मुझे बहार तक सुनाई दे” फिर रूकर बोलै “तुम रहने दे ये मुझे खुद करने दो जब तक इस कुत्ते की चीख मुझे सुनाई देती रहेगी तब तक मेरा घुसा काबू मई रहेगा…”

इतना कह निर्वाण ने उसके पेअर को निचे से पकड़कर मरोड़ diya…..aur मालिक जो अब तक दर्द देता ारः था वो अब खुद दर्द से बिल बोलता हुवा चीखने लगा उसे बहुत तेज़ दर्द हो रहा था…

निर्वाण विपिन की फॅमिली की तरफ देख कर “20 साल का dard…tadap और अपनों को खोने की कमी क्या होती ह मैं बहुत अचे से जनता hu…isliye मैं सिर्फ इतना हे कहूंगा …की इस कुत्तो को वो दर्द मिलेगा जो आप इसे देना चाहती h…Bus कुछ दिएर और फिर आप अपनों के पास पहुंच jayengi”phir शैडो वारियर से …ये बैठना नहीं चाहिए ह इसे खड़ा रखो और बैठने की कोसिस करे तोह दूसरा पेअर भी मरोड़ देना दोनों तरफ घुमाकर…”

शैडो वारियर “ जी मास्टर”

निर्वाण ने शैडो वारियर से मास्क लिया और बहार की तरफ चल दिया उसके पीछे पीछे मित्युदूत भी चल दिया …असलम खान भी साथ चलने लगे बहार की तरफ जाने के लिए तोह मित्युदूत ने उन्हें रोक दिया और बोलै “आपकी आइडेंटिटी अभी बहार नहीं अणि चाहिए ह …” असलम खान को मज़बूरी मई रूकना पड़ा…

पुलिस की गाड़िया भी बहार चुकी थी …पर रस्ते से लेकर अब तक जो उन सब ने देखा था और अब आगे हवेली के बहार का नज़र देख वो सब भी दर और शॉक मई the…ki अभी वो करे तोह क्या kare…wo सभी हवेली के मैं गेट से अंदर एंटर हुवे तोह सामने लाशो को ढेर देख सबने अपनी राइफल लोड karli…tabhi उन्हें हवेली से बहार दो जाने एते हुवे दिखाई diye…jinhe देख दोनों ने उनपर गन और राइफल पॉइंट कर दी…

पुलिस इंस्पेक्टर “हैंड्स उप यू अरे अंडर अरेस्ट”

निर्वाण ने अपनी पॉकेट मई हाथ डाला तोह

इंस्पेक्टर “ कोई होशियारी नहीं निर्वाण वर्ण हम शूट करदेंगे”

पर निर्वाण ने पॉकेट से एक चीज निकली और मित्युदूत को इशारा किया …मित्युदूत वो चीज लेकर इंस्पेक्टर के पास गया…

इंस्पेक्टर “क्या ह ये”

मित्युदूत “इंस्पेक्टर हे रहना ह या जिंदगी मई प्रमोशन भी लेना ह या फिर इंस्पेक्टर भी रहने की ीचा नहीं ह…”

ये सुनकर इंस्पेक्टर की जल गयी वो समाज गया की उसने ऐसा क्यों कहा h…usne एक बार सामने देखा तोह निर्वाण वापस हवेली मई जा रहा था…

इंस्पेक्टर ने जल्दी से वो चीज खोली तोह उसकी भी फैट कर हाथ मई आगयी...

मित्युदूत “तुम लेट हो निर्वाण जा चूका h…aur सामने खड़ा शख्स कौन ह ये तुम आइडेंटिटी देख कर समाज हे गए होंगे इसलिए अपने कमिश्नर को कॉल लगाओ और इन्फॉर्म करो इस मटर से दूर रहे वर्ण तकलीफ तुम्हारे साथ उन्हें भी होगी और तुम मई से किसी ने डिटेल्स लीक करि तोह गवर्नमेंट तुम्हे खुद सीक्रेट मिशन की इनफार्मेशन लीक करने के जुर्म मई गायब करवा देगी”

इतना कह मित्युदूत कार्ड लेकर अंदर चला गया और पीछे खड़े सबकी जान जो पहले हे ऊपर निचे हो रही थी वो उनके हलक से बहार आने को हो गयी …इंस्पेक्टर ने तुरंत कॉल लगाकर साडी इनफार्मेशन कमिश्नर को दी…

कमिश्नर “ तुम सब वंहा को कवर करलो बैकअप फाॅर्स भेज रहा हु कोई भी अंदर एंटर नहीं होना चाहिए ह मैं भी पहुंच रहा हु”

इंस्पेक्टर “ यस सर”

अंदर निर्वाण आकर… “अब बोल और एक हे सांस मई बोलना जो मैं पुछु …मेरा पहला सवाल सीधा सा ह “क्या जो तूने कहा था की मेरी माँ को तूने मरते हुवे देखा ह वो सच ह”

मालिक “ममममें”

निर्वाण “ आराम से यादकर बोल”

मालिक “मेरा काम था ..देहरादून से विद्या और उसके साथ की औरत के साथ अली को जिन्दा लेकर आना …और बाकी सबको मार देना ..पर पशुपति और हमारे आदमी जब वापस ए तब वो आधे से भी आधे बचे हुवे थे और उनके साथ दो औरते थी …मैंने उनसे पूछा…

पास्ट ……

मालिक “ ये क्या ह …तुम बस इतने से बचे हो”

पशुपति “ सेल सब कसाई थे दर्द हे नहीं हो रहा था उनसबको वो सहदेव का छोटा भाई पर्वत सिंह तोह सरीर पर हर जगह घाव लेकर भी लड़ रहा tha….kutte ने पास हे नहीं आने दिया जो आया उसको तलवार से काट diya….uske सरीर के टुकड़े टुकड़े किये तब जाकर वो मारा कुत्ता कंही का”

मालिक “और वो अली उसे क्यों नहीं लेकर ए”

पशुपति “ तुम्हे क्या लगता ह मेरे सरे आदमी ऐसे हे मरे गए h…us अकेले ने आधी फौज को मार दिया …वो और उसके भाई सेल मेरे आदमी को मटन चिकन समाज कर काट रहे थे … इनदोनो के लिए सालो ने अपनी जान दे दी …ये तोह मैं जायदा आदमी लेकर गया था वर्ण मेरी भी लाश हे अति और ये कुटिया सहदेव की वाइफ”

प्रेजेंट…

निर्वाण ने एक झापड़ मालिक को मारा मालिक के दांत टूट कर बहार आकर गिरे “इज़्ज़त से वर्ण तेरी ज़ुबान तेरे चालक से बहार निकल lunga…ab आगे बोल ये सब तेरा वो साथी बता चूका ह मुझे”

मालिक मतलब उसे भी …

निर्वाण “सब मेरे पास नर्क की सजा का मज़ा ले रहे ह ..अब तू बोल”

मालिक “ ब्ब्ब्बोलता हु….”

पास्ट.. कॉन्टिनुएस

मालिक “ तुमने सारा काम ख़राब कर दिया ह मैं आगे क्या जवाब दूंगा उन्हें ये दोनों जिन्दा चाहिए थी”

पशुपति “ ये दोनों जिन्दा हे तोह ह बस ये विद्या की तरफ इशारा करके साली झाँसी की रानी बनकर लड़ रही थी मेरे चार आदमियों को भी मर दिया तोह बदले मई मेरे आदमियों से इसे भी चाकू लग गया ये सायद मर जाएगी पर दूसरी को कुछ नहीं हुवा ह उसे खरोच हे आयी ह”

मालिक “ बेवक़ूफ़ तुमने ये क्या किया अगर सहदेव बच गया तोह तुम सब दवा करना की उसके हथाई न चढ़ जाओ वो तुम्हारा बहुत बुरा हाल करेगा ….” फिर अपने आदमियों से जल्दी ले चलो दोनों को हॉस्पिटल ”

करंट टाइम

मालिक “ फिर हम उन्दोनो को गाडी मई दाल कर हॉस्पिटल ले गए मेरा काम बस दोनों को बंगलोरे भेजना था …”

निर्वाण जो अब तक सब सुनकर गुसाई मई आगया था वो गुसाई से दहाड़ा “किसके पास लेकर जाना था”

मालिक “ wo..wo”

निर्वाण हिलने हे वाला था की..

मालिक “ मुझे बस इतना पता ह की उन दोनों को रॉय इंडस्ट्रीज मई लेकर जाना था”

निर्वाण ने दो थपड इतने तेज़ मारे की मालिक का दिमाग वापस सही होने मई कई मिनट्स लग गए …

निर्वाण “ तुझे काम किसने दिया था सब सही से बोल ये तेरी आखिरी वार्निंग थी अब झूट बोलै तोह बस ट्रैन सब तेरे अंदर घुसेड़ दूंगा”

मालिक “बताता हु… ये काम मुझे रॉय इंडस्ट्रीज के मैनेजर से मिला था.. पर जब मैंने बंगलोरे उसी मैनेजर को ये बात बताई toh…wanha से कई मास्क पहने हुवे आदमी मेरे पास ए the…jinhone कुछ नहीं बताया न बात करि बस दोनों को ले गए”

निर्वाण “तूने बोलै की तूने माँ को मरते हुवे देखा था तोह क्या वो झूट था”

मालिक “वो मैंने डॉ से पूछा था उसने कहा था की ये एक नहीं बचेगी …”

निर्वाण जो अब तक बहुत सून चूका था वो गुसाई से खड़ा हुवा और उसके हाथ मई उसका डैगर आगया… “ तेरी जुबान सबसे पहले यही काटूंगा ताकि तू चीक न सके”

मालिक दर से सहम गया और बोलै “तुमने वडा किया था”

निर्वाण “मैं तुझे मार नहीं रहा हु जैसा मैंने वडा किया था ये तोह तूने जो गली दी उसके लिए ह ..”इतना कह उसने शैडो वारियर को इशारा किया तोह उसने मालिक का मू खोल दिया ..

निर्वाण “ हिलेगा तोह जायदा दर्द होगा”

निर्वाण उसकी जबान को काटने लगा तोह …मालिक चिल्लाया “मुझे कुछ और भी कहना ह”

निर्वाण ने उसे छोड़ दिया और उसे ऊँचा उठाकर अपने डैगर को उसके कंधे के अंदर धंसा कर दीवार के आरपार कर टेंगा दिया…. मालिक दर्द से बुरी तरह चिल्लाया…

निर्वाण “आखिरी वार्निंग दी थी न की एक बार मई हे भोक लेना …पर क्या ह न इस धरती के कीड़े को दर्द देकर हे बुलवाया जा सकता ह इतना कह अपना दूसरा डैगर भी उसके कंधे मई धंसा दिया….

मालिक “aaaaaahhhhhhh……..…agar मैं मर गया तोह वो राज़ भी

…Aahhhhh….mere साथ हे चला जायेगा…”

निर्वाण “मुझे फरक नहीं पड़ता ह तुझे मौका दिया था पर तूने मुझे निराश किया और सिर्फ मेरा वॉट बर्बाद किया अब तू नरक की सजा भोगेगा” फिर मित्युदूत की तरफ देख कर इसे इतनी दर्दनाक मौत देना की इसकी रूह दूसरा जनम लेने से भी काँप जाये नहीं…. इसे ऐसे जिन्दा छोड़ना की ये मरे नहीं और किसी को कुछ कहने लायक रहे इसे कीड़े मकोड़ो की तरह रेंगने के लायक छोड़ देना ताकि ये जिन्दा रहकर पल पल होनी मौत की दुई मांगे”

निर्वाण बहार की तरफ चल दिया विपिन की फॅमिली को लेकर…

पीछे मालिक की दर्द नाक चीक गूंज उठी…

पर निर्वाण को अब परवाह नहीं थी उसका दिल तोह बस अपनी माँ की हालत सून बुरी तरह टूट चूका था …उसने खुद को बड़ी मुश्किल से रोक रखा था अब तक. उसे उम्मीद थी की सायद उसकी माँ की एक दिन जिन्दा होने की बात उसे पता चलेगी. उसकी माँ से जुड़ा कोई राज़ उसे मालिक बताएगा पर उसे उसकी माँ के जिन्दा होने की खबर और टूटी नज़र आने लगी मालिक की बातो से …. वो तेज़ी से बहार की तरफ चलने लगा … उसके मन मई यही था की क्या उसकी माँ मर चुकी ह ….क्या वो कभी नहीं मिल पायेगा अपनी माँ से ….क्या उसका इतना लम्बा इंतज़ार …ऐसे हे बेकार जायेगा ……वो अभी बहार निकलता तभी पीछे से मालिक चिल्लाया “तुम्हारी माँ विद्या को बेटी हुवी थी..” ये आवाज निर्वाण के कानो मई तेज़ी से गुंजी वो रूका और उसे यकीं नहीं हुवा जो उसने अभी अभी सुना था तभी वो आवाज एक बार फिर गुंजी “विद्या को बेटी हुवी थी मुझे ये बात बाद मई पता चली”

व्हूज़…..


निर्वाण ने एक मूव लिया और उसकी रफ़्तार इतनी तेज़ थी की मित्युदूत और शैडो वारियर भी हैरान रह गए …..

दूर कंही बड़े गुरु जो अपने आश्रम मई तपस्या मई बैठे हुवे थे उनकी आंखे भी खुल गयी वो तुरंत खड़े हो गए और बोले “ये नहीं होना चाहिए tha….abhi सही समय नहीं आया ह….” इतना कहा वो तुरंत वंहा से निकल गए

इधर ….

कप्तान सिंघानिया ….प्राइवेट जेट से जुनागरघ मई लेंड करने के बाद सीधा अपने बॉडीगॉर्ड्स के साथ हवेली की तरफ हे ारः था ..

इधर हवेली जूनागढ़ मई…

निर्वाण ने मालिक को कलर से पकड़कर अपने करीब खींचकर कहा “क्या कहा तूने”

मालिक “विद्या को बेटी हुवी थी ये बात मुझे बाद मई पता चली”

निर्वाण एक बार और ये सुनते हे आज पहली बार खुसी से मुस्कराया और मित्युदूत की तरफ देख कर बोलै … “मेरी बहन h…..merii छोटीइ बहन ह …मैं अनाथ नहीं हु मैं अकेला नहीं hu…ha है है है है ” पर उसकी मुस्कान पल पल काम होती गयी और वो वापस अपनी दरवानी आवाज मई बोलै “ कान्हा ह वो”

मालिक “वो नहीं पता ह उनका मैनेजर जो काम करता था वो मेरे यंहा अत था उसने कुछ महीने बाद मुझे बताया की जो औरत तेरे यंहा से आयी थी उसको लड़की हुवी ह”

निर्वाण “ पूरी बात बता”

पास्ट …..

मालिक तेज़ी से अपनी अम्बेस्डर कार लेकर हॉस्पिटल pahucha…aur चिल्लाया “nurse…dr ..”

उसका आदमी तुरंत डॉ को खिंच कर लेकर aye…aur डॉ और नर्स ने तुरंत विद्या को स्ट्रेचर पर लेटाया और इमरजेंसी रूम मई लेकर गए …करीब दो ऑवर तक ट्रीटमेंट चला और उसके बाद डॉ बहार आया..

मालिक “कैसी ह वो डॉ”

डॉ “देखिये सिचुएशन बड़ी क्रिटिकल ह ..”

मालिक गुसाई se“are बच तोह जाएगी न”

डॉ “मुश्किल ह गांव गहरे ह और सबसे बड़ी बात की वो प्रेग्नेंट ह”

मालिक खुदसे प्रेगनेंट “अब क्या करू एक काम करता हु कॉल कर देता हु बंगलोरे फिर वो जाने उनका काम”

करंट टाइम ..

मालिक “अह्ह्ह्हह्हह बस मैंने कॉल करदिया और वो ए और विद्या के साथ साथ डॉ और दूसरी औरत को भी साथ लेकर चले गए फिर 8 महीने बाद उनका मैनेजर यंहा डिलीवरी लेने आया था माल की तब उसने कहा था की उस औरत को लड़की हुवी ह …औरत तोह बेहोस और बुरी हालत मई थी लड़की को नौकरानी को दे दिया वो हे उसे संभल रही थी… बस मुझे इतना हे पता ह”

निर्वाण “ सेल कीड़े तू जनता ह वो कौन ह वो राजकुमारी ह तेरे जैसे हजारो लोग उसके नौकर honge…wo निर्वाण की बहन h….usai चुने वाले हर किसी की पूरी नेसल को इस पुरे ब्रह्माण्ड से गायब kardunga…Roy इंडस्ट्रीज मैं ारः हु तुम्हारे पास तुम लोगो ने वो गलती करदी ह की जिसकी सजा देने से अब मुझे कोई नहीं रोक सकता h…na वो बूढ़ा और न वो ऊपर वाला ”

वो अभी और कुछ कहता या करता पीछे से मित्युदूत ने एक इंजेक्शन निर्वाण को लगा दिया और निर्वाण रियेक्ट करने से पहले हे बेहोश हो गया….

शैडो वारियर “ये अपने क्या किया”

मित्युदूत “इतनी तभई देख कर क्या सोचते हो …और आगे क्या होने वाला ह उसकी तुम न कभी उम्मीद कर सकते हो और न कभी कल्पनाकर सकते हो मुझे गुरूजी का आदेश था की जब भी ऐसा हो मुझे इन्हे बेहोश करना होगा वर्ण तुम सोच नहीं सकते हो कितनी तभई होगी…” फिर गहरी सांस छोड़कर “ये तीख ह कुछ घंटो मई हे इन्हे होश ajayega.aur इनके होश मई आने से पहले हमे यंहा से जाना होगा जल्दी चलो”

वो बहार निकले हे थे की सामने से उन्हें कप्तान सिंघनिया की काली सुव अति नज़र ईई …शैडो वररिरोर लीडर और उसके तीनो शैडो वारियर्स ने अपने हथियार निकल लिए तोह असलम खान ने भी गन को अनलॉक कर तैयार हो गए….

गाड़िया जैसे हे रुकी …suv’s से बॉडीगॉर्ड्स निकले और मित्युदूत और सबकी तरफ गन पॉइंट कर दी …बिच की सुव से कप्तान सिंघानिया बहार निकलर कर सबको गन्स को निचे करने का बोलै और मित्युदूत की तरफ देख कर bole“kanha ह राज …” इतना कहते हुवे वो जल्दी से मित्युदूत की तरफ आगये…

मित्युदूत “पहले हमे यंहा से निकलना होगा”

कप्तान “मेरी कमिश्नर से बात हुवी थी वो पूरी फाॅर्स को लेकर इधर हे ारः ह”

शैडो वारियर “जंगल के उस तरफ हमारी और मास्टर की कार ह हम उस साई निकल सकते ह”

मित्युदूत अपने पीछे की तरफ इशारा करके …ये विपिन सिंह की फॅमिली ह”

कप्तान का धयान मित्युदूत की आवाज से पीछे की तरफ गया तोह उसका हाथ अपने आप अपने मू पर चला गया और वो बोलै “भाभी ”और सीधा विपिन की वाइफ के दोनों हाथो को अपने हाथ मई लेलिया…

विपिन वाइफ कप्तान सिंघानिया को पहचानते huve“kaptaan ये तुम हो ..”

कप्तान भावुक होते हुवे “है भाभी मैं हे हु आपका कप्तान पर ये सब और आप जिन्दा ह”

मित्युदूत बिच मई रोकते हुवे “आपको इन्हे तुरंत मंडावा ले जाना होगा वंहा सब बाते होंगी पर पहले वंहा सबको इन्फॉर्म कर देना की मास्टर को आने मई अभी वक़्त लगेगा वो किसी को लाने जा रहे ह”

कप्तान को मित्युदूत की बात सून तुरंत याद आया की उसे राज से मिलना ह और दीपिका के बारे मई बताना ह “पर मुझे राज से मिलना बहुत जरुरी ह”

मित्युदूत अपने कंधे की तरफ इशारा करके “मास्टर अभी बेहोश ह और आपको इंतज़ार करना होगा किसी भी जरुरी काम के लिए”

कप्तान “नहीं कर सकता हु मेरी बेटी अपने भाई के बिना पल पल मौत के अघोष मई जा रही ह उसे अगर उसका भाई न मिला तोह वो मर जाएगी”

मित्युदूत “अपने देखा ह न अभी क्या किया ह इन्होने और अब ये अपने आप से पूरी तरह बहार हो चुके ह और अगर अभी इन्हे होश मई लाया गया तोह सबसे पहले मरने वाला मैं हे होऊंगा और फिर आप”

कप्तान “मुझे मौत की परवाह नहीं ह अब बस मुझे एक बहन को उसके भाई से मिलाना ह एक गलती मैं कर चूका हु अब दुबारा नहीं सह पाउँगा”

शैडो वारियर आगे एते हुवे बोलै “जब आप जिन्दा हे नहीं रहेंगे तोह तोह कैसे मिलवाएंगे अभी मास्टर बहुत ढक मई ह …फ़िलहाल इन्हे ले जाना होगा”

मित्युदूत “मैं आपको सब बताऊंगा पर हमे पहले दिल्ली जाना होगा अर्जेंट वर्ण बहुत बड़ी गड़बड़ हो जाएगी विस्वास रखिये मैं खुद लेकर आऊंगा मास्टर को सही वक़्त पर आपके पास”

कप्तान सिंघानिया कुछ सोचकर “मेरी बेटी के जिंदगी तुम्हारे वादे पर ह. एयरपोर्ट पर मेरा प्राइवेट जेट खड़ा ह आप उसे लेकर जा सकते ह मैं अपने बॉडी गॉर्डस के साथ भाभी और सबको लेकर सीधा मंडावा चला जाऊंगा ”

मित्युदूत “ ये तीख रहेगा हम निकलते ह”

इधर निर्वाण निकलने की तयारी कर रहा था तोह उधर जूनागढ़ मई दिल्ली से आयी फ्लाइट लेंड हुवी जंहा पर भीमा बहार पहले से हे तैयार था और सोनाली के एयरपोर्ट से बहार आकर बैठते हे उसकी कार दूध पड़ी हवेली की तरफ…

भीमा “है वंही हे ह”

सोनाली “हम लेट ह चाचाजी ..जल्दी चलिए कंही वो निकल न जाये आज उसे जवाब देना हे hoga…ki उसने ऐसा क्यों किया मेरे साथ”

इधर कमिश्नर ने पुरे एरिया को कवर कर दिया था ताकि कोई अंदर न जा सके और खुद हवेली पंहुचा तोह उसकी हालत टीवी मई न्यूज़ dekh.kar हुवी थी us.sai डोबबले बुरी हो गयी और उसने तुरंत ब्लड प्रेशर की टेबलेट ली

कमिश्नर इंस्पेक्टर se“ye क्या ह वो अकेला सबको काट गया और गायब हो गया और तोह और तुमने बताया था सीक्रेट एजेंट मौजूद था वो कान्हा ह”

इंस्पेक्टर “सर वो था …अभी जिन्हे अपने जाने दिया ह उन्होंने भी देखा होगा”

कमिश्नर “छोड़ो …इसमे ऊपर तक के सब इन्वॉल्व ह आखिर ये तोह ट्रांसपोर्टेशन किंग की हवेली थी जो एक नंबर का हे काम करता था और एक बड़ा टैक्स पाय करता tha…toh क्या निर्वाण ने जो कहा था वो सही था..”

इंस्पेक्टर “सर मीडिया आचुकी ह उन्हें जवाब देना होगा वर्ण वो अनाप स्नेप रिपोर्टिंग करने लगेंगे”

कमिश्नर “ये केस बहुत बड़ा सर दर्द होने वाला ह हमारे लिए अभी पता नहीं किस किस की और सकल दिखनी बाकी h..chalo पहले मीडिया को जवाब de”wo मीडिया के पास डिटेल दे हे रहे थे की मीडिया के बिच से उन्हें कोई आती हुवी दिखाई दी और वो धीरे से बोले “अब ये यंहा क्यों h.bus इसी तूफ़ान की कमी बची थी”

सोनाली आकर सलूट मरती हुवी जय हिन्द सर

कमिश्नर “ सुपेर्कोब सोनाली प्लीज के”

सोनाली “ क्या अंदर”

कमिश्नर “ नेगेटिव …”

सोनाली “अब तक की अपडेट”

कमिश्नर “निर्वाण ने किया ह पर वो नहीं मिला जब इंडपेक्टर विमल यंहा पहुंचे तोह उन्हें सीक्रेट एजेंट घोस्ट जरूर मिले थे”

ये नाम सुनते हे सोनाली की भोंहे सिकुड़ गयी और बोली “घोस्ट कान्हा ह वो”

कमिश्नर “करीब 30 मिनट पहले वो यही था …”

सोनाली “क्या कोई और भी था”

कमिश्नर “नहीं”

पास खड़ा इंस्पेक्टर बिच मई “एक और शख्स थे …कप्तान सिंघानिया”

सोनाली के चेहरे पर मुस्कुराकहत आगयी …और वो जाने लगी…

कमिश्नर “आप किस लिए आयी थी यंहा इस केस के लिए”

सोनाली मुस्कुराकर “ अपने पति के लिए”

और सून अब कमिश्नर को शॉक लगा और वो हैरान परेशां होकर सोनाली की बात का मतलब सोचने lage…par सोनाली उन्हें वैसा हे छोड़ कर तुरंत एयरपोर्ट की तरफ निकल gayi…jab वो एयरपोर्ट पर पहुंची तोह उसे कोई दिखाई नहीं दिया …कुछ दिएर बाद कप्तान सिंघानिया विपिन की फॅमिली के साथ वेटिंग एरिया मई बैठा हुवा मिला तोह सोनाली की नज़र उस पर पद गयी…

सोनाली “वो कान्हा ह”

कप्तान “वो जा चूका ह दिल्ली और वंहा से कान्हा जायेगा मुझे पता नहीं ह …”

सोनाली “भीमा चाचा अगली फ्लाइट बुक करवाओ”

कप्तान “ तुम्हे क्या लगता ह वो मिल जायेगा …वो खुद ayega…wo बेहोश था अभी”

सोनाली चिंतित होकर “ क्या हुवा क्या उन्हें फिर चोट लगी ह”

कप्तान “वो तीख ह बस वो खुद के अंदर के क्रोध से लड़ रहा ह ..उसे आज पता लगा ह की उसकी एक सगी बहन भी ह जो जिन्दा h..aur उसी की वजह से वो अपने एप से बहार हो गया ह इसलिए मित्युदूत ने उसे बेहोश कर दिया”

सोनाली बुरी तरह से चौंक गयी … “राज की बहन ह मतलब विद्या माँ पेट से थी “

कप्तान “ मित्युदूत जल्द बाज़ी मई बस इतना हे बता पाया …और वो अब रविंदर को लेन जायेंगे तुम्हे कुछ दिन और इंतज़ार करना होगा…”

इन प्राइवेट जेट

निर्वाण को सीट पर बैठाया हुवा था और मित्युदूत पास मई बैठा हुवा ..

शैडो वारियर लीडर “अपने इन्हे बांध क्यों रखा ह”

मित्युदूत “ ताकि ये होश मई एते हे मार न दे हम दोनों को”

शैडो वारियर “पर अब हम क्या करेंगे इनके होश मई आने पर ”

मित्युदूत “ इंतज़ार सिर्फ”

इन्द्रियंस

“भैया….

भैया….

भैया… उठो न …मैं कबसे आपका वेट कर रही हु …देखो न ये मुझे सीकर पर बहार नहीं जाने दे रहे ह”

निर्वाण “ चल मैं लेकर चलता hu”aur अपनी बहन की प्यारी मुस्कान देख उसके चेहरे पर भी मुस्कान आगयी

मित्युदूत जो निर्वाण के चेहरे पर आयी मुस्कान देख रहा था वो बोलै “ये जल्दी हे जागने वाले ह बस मास्टर राज जग जाये दवाई काम कर जाये वर्ण ये छोड़ेंगे नहीं ”

इन्द्रीम..

“गुड़िया…

गुड़िया…

राज के चेहरे पर गुसाई के भाव आने लगे जो पल पल बढ़ते गए और

और एक चीक के साथ राज की आंखे खुल gayiii…usne गुसाई से इधर उधर देखा और खुद को बंधा हुवा paakar…..bola “ ये क्या ह हम और हम यंहा क्यों ह”

ये सून मित्युदूत को सूकन आया और वो बोलै “ ऊपर वाले धन्यवाद् ओके रहम के लिए शुक्र ह आप जग गए आप अचानक बेहोश हो गए थे स”

राज “मैं तीख हु अब खोल सकते हो”

मित्युदूत “ यस मास्टर”

मित्युदूत ने जल्दी से राज को खोल दिया और बोलै “आपको कुछ याद नहीं ह”

राज ने मित्युदूत को ध्यान से देखा और उसके चेहरे पर एक खतरनाक मुस्कान आगयी और वो बोलै “ तुम एक्टिंग अछि करते हो पर गलत जगह उलझ गए हो. निर्वाण को पीछे से वार करने वालो से सख्त नफरत ह एक मौका ह मरने से पहले सोच कर बोलना क्योकि तेरी जिंदगी और मौत उसी पर निर्भर करेगी”

मित्युदूत की सांसे निर्वाण की भरी आवाज सुनकर गले मई अटैक गयी और वो जसल्दय से बोलै …”मास्टर मुझे गुरूजी ने आदेश दिए थे की जब भी आप ऐसी सिचुएशन मई दिखे तोह आपको तुरंत बेहोस कर दू”

निर्वाण “ कौनसे बूढ़े ने कहा था और कबसे तुम ये इंजेक्शन साथ लेकर चल रहे थे”

मित्युदूत “छोटे गुरूजी ने कहा था हिमाचल से ये इंजेक्शन हमेशा से था मेरे पास,”

निर्वाण “ओह तोह छोटे बूढ़े को भी होसियारी आने लगी h…ek baar…maa और बहन को धुन्ध्लु फिर इनदोनो बुधो को हे निपटाऊंगा सबसे पहले दोनों ने जीना हराम कर रखा h…abhi हम कान्हा जा रहे ह”

मित्युदूत “हम दिल्ली जा रहे ह”

निर्वाण “और वो क्यों”

मित्युदूत “मास्टर हमे रविंदर सिंह को बचने जाना ह वो फ़िनलैंड मई कंही कैद ह और वो हे आगे का राज़ हमे बता सकते ह की आखिर पास्ट मई क्या हुवा ह और फ़िनलैंड जाने का वीसा सिंह ग्रुप के ऑफिस से मिलेगा”

निर्वाण “हम्म्म तुम्हारे लिए ये अंतिम चेतावनी ह दुबारा उन बुधो की बाते मणि तोह तुम्हारी मौत तय ह”

मित्युदूत “जी मास्टर “

निर्वाण खड़ा होकर एक सोफे पर बैठ गया और अपने डैगर जो सामने पड़ा था उसे घूमने लगा ….कुछ दिएर बाद वो बोलै “रॉय इंडस्ट्रीज के बारे मई कौन हमे बता सकता ह”

मित्युदूत “सिंह ग्रुप से आपको साडी इनफार्मेशन मिल जाएगी”

निर्वाण “ हम्म्म वंहा कौन ह”

मित्युदूत अजीब सी सकल बनाकर “मटर आपकी फ्रेंड कृति वही तोह ह चेयर पर्सन वो आपको साडी डिटेल्स दे देंगी अगर आप उनसे पूछेंगे तोह”

निर्वाण कुछ दिएर चुप रहा और फिर बोलै “कृति राइट हम्म राज की स्कूल फ्रेंड”

मित्युदूत “वैसे भी हमे उनसे मिलना हे वो हे फ़िनलैंड का वीसा अर्रंगे करके देंगी”

निर्वाण के चेहरे पर एक चमक आगयी …वो मन हे बोलै “kriti…kriti kriti…tum बताओगी सब”

जुनागरघ एयरपोर्ट पर …

सोनाली “जोर जोर से हंस रही थी.. पर उसकी आँखों मई गुसा साफ़ दिख रहा था …वो ऐसे हे हँसते हँसते हुवे àचणक रूक गयी और बोली “वो पावर देखना चाहता ह …तोह अब मैं भी उसे दिखाउंगी की मैं भी वो हु जो अब उसका पीछा नहीं छोड़ने वाली हु …असली पुलिस पावर”

ये कह उसने सीधा चीफ को कॉल lagaya…idhar चेइफ़ एक केस पर वर्क कर रहे थे उनका पर्सनल मोबाइल रिंग हुवा तोह उन्होंने अपने सामने आगे बैठे अफसर को इंस्ट्रक्शंस देकर अपने मोबाइल को बहार निकला और जब उस पर सोनाली का नाम और लोकेशन देखा तोह वो तुरंत समाज गए की क्या मटर हुवा h..isliye उन्होंने एक लम्बी सांस ली और छोड़कर कॉल अटेंड करते हुवे बोले “मेरी बेटी कॉल कर रही ह या फिर जिसे पूरा इंडिया सुपरकॉप सोनाली कहता ह वो कॉल कर रही ह”

सोनाली ने सपाट सब्दो मई कहा “सिर्फ सोनाली”

चीफ “क्या हुवा ह”

सोनाली “मुझे राज की हर पल की लोकेशन चाहिए ह ये आप कैसे करेंगे मुझे पता नहीं ह वो किसी भी फ्लाइट से इंडिया से बहार मुझसे मिले बिना नहीं जाना चाहिए ह”

चीफ “वो जिन्दा ह”

सोनाली “ है वो जिन्दा ह पर जायदा दिन नहीं rahega…agar मुझे सही जवाब नहीं मिला तोह मैं उसे खुद हे मार दूंगी …मैं वापस आरही हु ”उसने इतना कह कॉल कट कर diya..par चीफ के चेहरे पर सिकन आगयी और वो बोले “जोगिन्दर सही कहता ह की राज बप बढ़ता ह और इधर ये मेरा बप बढ़ने को तैयार रहती ह दोनों आग ह जब भी गुसाई मई मिलते h…milkar ब्लास्ट हे होते ह”

चीफ ने तुरंत अपने डिपार्टमेंट को राज की लोकेशन पता करने को कहा …

दिल्ली …

स्कोर्पियन ट्राइब के पांच मेंबर ए थे उनमे से एक शख्स दिल्ली मई अभी अपने सामने बैठे आदमी को घूर रहा था…

सामने बैठा आदमी जो सकल से डॉ लग रहा था वो घुटनो पर बैठा हुवा बोलै “हॉस्पिटल मई रोज बहुत सरे बचे एते ह और उनमे से बहुत से जुड़वाँ भी होते ह”

स्कोर्पियन ट्राइब का वो मेंबर अपने हाथ मई लिया हुवा खंजर अपने आगे सोफे पर बैठी हुवी औरत की गर्दन पर घूमता हुवा “तुझे नहीं पता ह जुड़वाँ बचो के बारे मई …मैं याद दिलाता हु 14 अप्रैल ह उनकी डेट ऑफ़ बिरथ”

डॉ “डेट ऑफ़ बिरथ …मममम मुझे ऑफिस मई चेक करवाना होगा उसके बाद हे मैं आपको बता पाउँगा की कोई ऐसे जुड़वाँ बचे ए थे क्या”

स्कोर्पियन ट्राइब मेंबर “तोह इंतज़ार किसका ह पता करके बता मुझे वर्ण” ये कह उसने हल्का सा कट उस औरत के गर्दन पर दिया …औरत की गर्दन से खून बहता ढक डॉ बोलै “मैं करता हु प्लीज इसे कुछ मत करो”

स्कोर्पियन ट्राइब का मेंबर “पास कड़ी लड़की से तू जब तक कुछ ाचा खाने के लिए बना कर लेकर aa…agar पसंद नहीं आया तोह तेरा हे मांस काट कर पकाऊँगा और खाऊंगा ”

लड़की की कंकंपी सरीर मई दौड़ गयी और वो जल्दी से किचन की तरफ चली गयी

स्कोर्पियन ट्राइब मेंबर “डॉ तू जितनी दिएर करेगा उतना मुझे गुसा आएगा”

डॉ बेचारा जल्दी से मोबाइल निकल कर विद्या ग्रुप मई अपने जूनियर को कॉल किया..

सामने से “यस सर”

डॉ “संतोष जितने भी पिछले जुड़वाँ बचो के केस ए ह जिनकी डेट ऑफ़ बिरथ 14 अप्रैल की ह उन सभी की डिटेल मुझे अभी भेजो अर्जेंट ह ….और इस काम मई और किसी की भी हेल्प ले लेना पर डिटेल जल्दी चाहिए ह”

संतोष “ok सर”

कॉल कट होते हे .

डॉ “प्लीज उसे कुछ मत करो डिटेल कुछ हे दिएर मई आजायेगी”

स्कोर्पियन ट्राइब मेंबर के चेरे पर तिरछी मुस्कान आगयी और उसने उस औरत का गाला काट दिया ….और फिर डॉ के भी खंजर उसकी गर्दन के आर पार कर दिया लड़की कुछ दिएर बाद किचन से बहार आयी तोह उसके हाथ से ट्रे निचे गिर गयी …

स्कोर्पियन ट्राइब मेंबर मुस्कुराता हुवा “ मौत तोह मुक्ति ह लड़की तेरे साथ खेलने का मन था पर अभी वक़्त नहीं ह और दुसरो के पास भी जाना ह पता करने के liye”aur लड़की के बाल पकड़कर लगातार नाइफ उसके पेट के आरपार करता gaya….aur फिर गैस लीक करने के बाद एक जगह आग लगायी और चला गया अपने दूसरे सीकर पर …

इधर संतोष रिसेप्शन डेस्क पर बैठा हुवा सभी डिटेल्स चेक कर रहा था …उसे ऐसा करता देख रिसेप्शनिस्ट बोली “ सर आपको क्या चाहिए मैं हेल्प कर देती हु आपका काम जल्दी हो जायेगा..

संतोष “ मुझे जुड़वाँ बचो के केस डीटेल चाहिए ह रीसेंट टाइम की ..और उनकी डेट ऑफ़ बिरथ 14 अप्रैल होनी चाहिए ह”

रिसेप्शनिस्ट “ 5 मिनट रूकिये” फिर तीन रजिस्टर निकलकर “सर इनमे चेक करनी होगी इसमे सभी डिटेल रजिस्टर होती ह एक आप चेक कर लीजिये एक मैं करदेती हु “

संतोष “थैंक यू उमा तुम बहुत अछि हो”

दोनों जाने चेक करने लग गए ..करीब हाफ ऑवर बाद

संतोष “ ये जुड़वाँ बचो की डिटेल क्यों नहीं ह …”

उमा “ ओह्ह ये क्या ये दिव्या मम की नोन थी …इसलिए डिटेल नहीं ह अगर आपको चाहिए तोह मैं शीतल मैडम से ला देती हु उन्होंने हे चेक उप किया था उनका और इनकी डेट ऑफ़ बिरथ 14 अप्रैल ह मुझे अचे से याद ह”

संतोष उमा की बात सुनकर मुस्कुराकर “ डिटेल रहने दो बस डेट ऑफ़ बिरथ एक बार और कन्फर्म कार्डो”

उमा “ बस दस मिनट वेट कीजिये मैं यू गयी और यू ईई सर..

बंगलोरे…

“ ये गर्दन स्पेशलय इन बर्ड्स के लिए हे तैयार करवाया गया h”ye कहकर उस लड़के ने जिसकी उम्र 25 के आसपास होगी उसने पास कड़ी लड़की से kaha…par जैसा उसने सोचा था हुवा उसका अपोजिट लड़की ने कोई रेस्पॉन्स नहीं दिया और अपने हाथो मई पड़े दानो को पंछिये को डालती रही …

लड़का “मेरा नाम कमल रॉय ह मैं रॉय इंडस्ट्रीज के चेयरपर्सन का बीटा हु …और आपका नाम”

लड़की ने एक बार फिर उसे बिना देखे अवॉयड कर दिया और दूसरी तरफ चली गयी जंहा मुस्कान उसके लिए आइसक्रीम लेकर आगयी..

मुस्कान “ये ले मेरी साइलेंट किलर तेरी आइस क्रीम एक बात तोह ह तुजे ये बाँदा पिछले कई दिनों से फॉलो कर रहा ह …हैंडसम ह रिच भी लग रहा ह”

लड़की जो पूनम हे थी उसने कोई रिएक्शन नहीं दिया…

मुस्कान “ ी क्नोव ी क्नोव तू उसे क्या किसी को भी भाव नहीं देगी भले हे चाहिए कोई दुनिया हे तेरे कदमो मई क्यों न लाकर रख दे”

पूनम ने अपनी बटर स्कॉच आइस क्रीम ली और खाने लगी…

मुस्कान “ ाचा एक बात बता तुझे कोई भी चीज अछि नहीं लगती ह पर ये बटर स्कॉच आइस क्रीम तू किसी भी वक़्त खा लेती ह ऐसा क्यों कोई खास वजह ह क्या इसे खाने से कोई याद अत ह”

पूनम ने मुस्कान की तरफ देखा तोह मुस्कान के चेहरे पर हैरानी के भाव आगये क्योकि ये पहली बार था जब उसने रियेक्ट किया था किसी बात पर …पूनम ने दुबारा अपनी गर्दन सीधी कर्ली…

इधर पीछे खड़ा वो लड़का दुबारा पूनम के पास आने लगा toh…muskaan ने उसे रोक लिया और बोली “ ओह्ह hello रिच हो हैंडसम हो तोह कोई भी लड़की पैट जाएगी तुमसे …कितने दिनों से देख रही हो फॉलो कर रहे ho…bhai एडवाइस देती हु ये सीचो ह किसी को भाव नहीं देती ह ..न किसी से बात करती ह मेन्टल ह मेन्टल ..हॉस्पिटल मई इलाज चल रहा ह दूसरी धुंदले भाई क्यों परेशां हो रहा ह” इतना कह वो पूनम को के पास वापस आगयी जो अब थोड़ी दूर कड़ी पंछियो को दाना दाल रही थी…

मुस्कान “ले बोल दिया तू मेन्टल ह अब पीछे नहीं ayega…aur अब चले देवी इनको तोह डेन खिला दिए पर इन्हे कहते देख मुझे भूक लग गयी ह”

इधर दोनों को जाता देख …..वो लड़का कुछ दिएर बाद पलटा तोह तीन कार उसके साइड मई आकर रुकी और उन कार मई से बीच वाली कार से उत्तरी उसकी रिसेप्शनिस्ट …और बोली “ये लड़की डिफरेंट ह सर”

कमल रॉय “ पता नहीं क्यों पर ये लड़की हर बार मुझे अपनी तरफ अत्त्रक्ट कर लेती h…iski सिम्पलिसिटी इसका सिंपल नेचर मुझे हमेशा परफेक्ट वाइब्स देता ह ..”

सेकरतेरी “ पर आपको तोह मोर्डर्न टाइप पसंद ह न”

कमल रॉय “वो सिर्फ बीएड मई सेक्स तक अछि लगती ह …बूत ये …वाइफ टाइप मेटेरियल ह”

सेकरतेरी “ ये लड़की सिंपल बैकग्राउंड से ह फादर मदर ह नहीं ..इसके अंकल और आंटी ने इसे पला ह और लड़की मुम्बई मई पढ़ रही थी तब टूर पर कोई हादसा हुवा था …पता करने पर पता लगा की इनके ग्रुप का फ्रेंड था जिसकी डेथ इनके सामने ऊंचाई से निचे नदी मई गिरने से हो गयी और उस शॉक मई ये पिछले दो साल से ऐसी ह…”

संतोष रॉय “गुड जॉब …डार्लिंग तुम सच मई बहुत फ़ास्ट हो”

सेकरतेरी “थैंक यू सर”

संतोष रॉय “ अमेरिका के बेस्ट डॉ को अप्पोइंट करो ट्रीटमेंट केलिए …मुझे ये लड़की चाहिए हे चाहिए h…mom को भी ऐसी हे लड़की पसंद ह सिंपल सूट पहने वाली फॅमिली टाइप लड़की… अब चाहे प्यार से मिले या जबरदस्ती इसे तीख होना हे होगा और हमेशा के लिए मेरी होना हे होगा”

सेकरतेरी “ आलरेडी कर दिया ह सर वो आज हे इंडिया आरहे ह और कल इस केस को हैंडल करने लगेंगे..…”

कमल रॉय ने प्यार से अपनी सेकरतेरी के गाल को थपथपाया

सेकरतेरी “सिंह ग्रुप ने ज्वेलरी ब्रांड मई नई ब्रांड लॉन्च किया ह …आपके पापा ने आपको तुरंत मीटिंग मई बुलाया ह”

कमल रॉय “ हम्म्म मिस कृति …अगेन ट्रबल क्रिएट कर रही h…iska भी ट्रीटमेंट अचे से करना होगा …लेटस जो पापा को इंतज़ार पसंद नहीं ह”

इधर दिल्ली 2 ऑवर बाद

संतोष वापस कॉल करता huva“Hello सर”

स्कोर्पियन ट्राइब मेंबर “उन्होंने मुझे कहा आपसे डिटेल्स कलेक्ट कर लू”

संतोष “ok आप उन्हें कह दीजियेगा की 14तह अप्रैल डेट ऑफ़ बिरथ के 2 जुड़वाँ बचे ए थे”

ये सुनते हे स्कोर्पियन ट्राइब मेंबर की आंखे चमक उठी… और वो बोलै “वो अभी कान्हा ह”

संतोष “वो दिव्या मम के साथ ए थे … उनका एड्रेस यंहा मेंशनएड नहीं ह आपको खुद उनसे पूछना होगा”

स्कोर्पियन ट्राइब मेंबर “मैं तुम्हे एड्रेस दे रहा हु वंहा डिटेल्स लेकर ाजाओ सर ने कहा ह”

संतोष “ok”

स्कोर्पियन ट्राइब मेंबर ने एड्रेस भेजा और फिर अपने एक हाथ को पास सोफे पर पड़ी लेडी डॉ के मू से हटते हुवे बोलै “ कितना फड़फड़ाती h…tere लिए स्पेशल सजा ह मेरे पास”

ये कह उसने फांसी का फंदा बनाया और उसे लटकने के बाद बोलै “जब तक वो डिटेल लेकर अत ह मैं तेरी मौत देखता हु …हिली तोह निचे का बॉक्स गिर जायेगा ..और तुजे फांसी लग jayegiii…isliye हिलना मत”

फिर लीडर को कॉल लगाकर “ लीडर बचो का पता लग गया ह वो वंहा से दिल्ली ए थे यंहा उनका ट्रीटमेंट हुवा ह और बाकि डिटेल्स कुछ दिएर मई मिल जाएगी…

लीडर “वैरी गुड मुझे भी कुछ इंट्रेस्टिंग मिला ह ..एक लड़की की डिटेल मिली ह उसका बिरथ टाइम बिलकुल मिनट तो मिनट उन जुड़वाँ बचो के जैसा हे ह पूनम नाम ह उसका बंगलोरे हॉस्पिटल मई ट्रीटमेंट चल रहा ह …”

स्कोर्पियन ट्राइब मेंबर “लीडर आप अब प्रमोट होने वाले ह अपने वो कर दिखाया ह जो आज तक कोई भी नहीं कर पाया …हमे उन्होंने इस कमजोर से देश भेज कर सजा हे दे थी पर …हमे यंहा वो मिल गया जो वो इतने सालो से नहीं कर पाए”

लीडर “ हां तुम सबको वंहा बुलाओ मैंने डेथ हेलो ko.wanha बुलाया ह हम उस लड़की को लेकर एते ह”

कॉल कट होते हे दोनों के चेहरे पर बड़ी सी मुस्कुराकहत आगयी थी…

प्लेस मंडावा …

मनीषा जो सोनाली के निकलते हे मंडावा आगयी थी वो आवाज मरती हुवी “ राजीव uncle,Narpat अंकल कान्हा ह आप”

राजीव और नरपत जो हवेली के पीछे अखाड़े मई बैठे हुवे थे वो मनीषा की तेज़ आवाज सुनकर जल्दी से अंदर आगये…. और एक साथ बोले “ क्या हुवा”

मनीषा “इस घर की तीसरी बहु के घर आने का वक़्त हो गया ह…

राजीव और नरपत दोनों एक साथ “तीसरी बहु …वो कौन ह”

मनीषा “पूनम …वो बंगलोरे क्सक्सक्सक्सक्स हॉस्पिटल मई ह उसे लेकर आईये”

नरपत और राजीव दोनों ने है मई सर गिलया …

नरपत “एक मिनट बस मुझे अपना सामान लेना ह फिर चलते ह”

राजीव “क्या हुवा”

नरपत “मुसीबत कभी कह कर नहीं अति ह मेरे दोस्त हथियार हमेशा तैयार रखना चाहिए ह”

राजीव “ok”

जगमाल सिंह एते हुवे “राजीव नरपत सही कह रहा ह और गुरूजी के कहे अनुसार एक युद्ध की आशंका मुझे साफ़ दिख रही ह.. जाओ और पूनम बेटी को लेकर औ वो इस घर की तीसरी नहीं पहली बहु ह ….उसका जनम हे निर्वाण के लिए हुवा ह वो हे उसकी मंजिल ह तुम दोनों ko….jaise जाना ह वैसे जाओ पर जल्द से जल्द पूनम को यंहा लेकर लाओ मैं रणवीर को यंहा बुलाता हु”

नरपत और राजीव एक साथ “जी babuji….ji ठाकुर साब”

दिल्ली सिंह ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज के एक ऑफिस मई..

“कमल साहब हम अपनी कोसिस कर रहे ह …आप जानते हे वो लड़की इतनी तेज़ ह की उसके आने जाने की डिटेल उसके सिक्योरिटी गॉर्ड हे देखते ह और उनके चेहरे पुरे मास्क से कवर रहते ह …कौन ह ये भी नहीं पता लगा ह वर्ण खरीद लेते…”

कमल रॉय “बाटलीवाला मौके काम हे मिलते ह तुम हंगामा करो ऑफिस हॉल मई मेरा एक आदमी सिंह ग्रुप के ऑफिस मई पहुंचने वाला ह उसे बस मिस कृति के पास तक ले जाओ फिर वो सब संभल लेगा …अब ये तुम कैसे करोगे तुम पर”

बाटलीवाला “ पर उसके बॉडी गॉर्डस”

कमल रॉय “वो हाइली क्लोज कॉम्बैट त्रिनेड अस्सासिं ह वो काम करके भीड़ से कब निकल जायेगा तुम्हे भी पता नहीं लगेगा”

बाटलीवाला “ ok हो जायेगा”

दिल्ली एयरपोर्ट

मित्युदूत “हम पहुंच गए ह”

निर्वाण अंगड़ाई लेते हुवे पहुंच गए h…par पहले मुझे एक स्ट्रेचेबल जीन्स और टी शर्ट लेनी ह कपड़ो से गंदी बदबू आरही ह”

मित्युदूत “ मास्टर एयरपोर्ट से बहार हमे मिल जायेंगे”

एयरपोर्ट से बहार आकर एक शो रूम मई…

निर्वाण को एक ड्रेस दिखी जो एक लड़की की थी उसे देख निर्वाण उसे देखने पास गया …

सेल्समैन उसके कपडे देख कर “95000 थाउजेंड”

निर्वाण ने बिना देखे एक कार्ड उसके मू की तरफ फेंका और ड्रेस को देख कर …बोलै …कीड़े इसे पैक कर दे ..और जरा भी गन्दी हुवी तोह तेरी गर्दन काट कर तेरे हाथ मई दे दूंगा…

मित्युदूत जल्दी से सेल्स पर्सन को लेजाकर … “क्यों मरना चाहता ह जो लेना ह लेने दे ज्ञान मत दे पैमेंट डेडक्ट कर साथ मई टिप भी काट लेना”

निर्वाण ने एक जीन्स और टी शर्ट पहनी और हाथ मू धोये और बहार आगया …

मित्युदूत “ हमे विद्या ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल चलना ह”

ये सून निर्वाण के चेहरे पर मुस्कान आगयी और वो बोलै … “ हम सिंह ग्रुप जायेंगे कृति के पास …. मुझे रॉय इंडस्ट्रीज को इस धरती से गायब करना ह”

मित्युदूत “पर”

निर्वाण “तुम्हे जो करना ह वो करो मुझे जो करना ह मैं कर लूंगा …तुम जाकर उस लड़की निशा से बोलना चलने जैसी हो जाये तोह मुझसे आकर मिले”

मित्युदूत “मैं आपके साथ जाऊंगा”

निर्वाण “ मैं कृति से मिलना जा रहा हु किसी युद्ध पर नहीं इसलिए तुम रहने के लिए जगह देखो अछि सी”

मित्युदूत “जी मास्टर”

सिंह ग्रुप ऑफ़ ऑफिस ….

बाटलीवाला “तुम कह रहे हो ये टेंडर डिटेल तुम्हारी वजह से लीक नहीं हुवी”

मैनेजर “सर ट्रस्ट में मैंने ये नहीं किया ह मुझे फंसाया जा रहा ह”

चटकककक…

चटककककक…

दो थपड मैनेजर के गाल पर बाटलीवाला ने मरे जिसे खाकर वो फर्श पर गिर गया ….सिंह ग्रुप ऑफिस के मैं हॉल मई मैनेजर थपड खाकर निचे गिरा हुवा था और अलग अलग डिपार्टमेंट के सीनियर मैनेजर्स आसपास इखट्टा हो गए the….aur आवाज का शोरे सुनकर गॉर्डस भी उस ररफ आगये ….तोह एक जाना उसी वक़्त काउंटर पर फेक लेटर दिखाता हुवा “मेरा अपॉइंटमेंट ह मार्केटिंग डिपार्टमेंट हेड के साथ”

रिसेप्शनिस्ट पर बैठे आदमी ने लेटर लिया और वेरिफिकेशन के लिए अंदर कॉल किया पर मार्केटिंग डिपार्टमेंट के सभी सीनियर्स और जूनियर्स हॉल मई थे तोह किसी ने भी पिक नहीं किया…

वो शख्स “प्लीज टाइम हो गया ह अगर टाइम से नहीं पंहुचा तोह प्रॉब्लम तुम्हे और मुझे दोनों को होगी”

रिसेप्शन डेस्क मैनेजर सोचता हुवा “ok सर आप मेरे साथ चलिए मैं खुद लेकर चलता हु”

शख्स “no प्रॉब्लम”

और वो दोनों साथ मई अंदर चल दिए पर हॉल मई एते हे उन्हें सामने भीड़ दिखाई दी और वो मैनेजर उस भीड़ की तरफ उस शख्स को ऐसे हे अकेला छोड़कर चला गया….

कृति ऑफिस का दूर ओपन हुवा और दूसरी सेकरतेरी जो jennifer(alita) की जगह थी वो अंदर एते हुवे बोली मम निचे फर्स्ट फ्लोर पर Mr.battliwala मार्केटिंग टीम के sr.maneger को मार रहे ह ….उनका कहना ह की उसने टेंडर की डिटेल्स लीक करि ह”

कृति “इसे किसने इस कंपनी मई जगह दी ये सच मई बहुत घटिया इंसान ह चलो”

ये कह वो अपने दोनों गॉर्डस के साथ निचे जाने लगी ….

वंही हॉल मई ..

बाटलीवाला “बेल्ट उतारकर मरते हुवे तुझे तेरी इस नमक हरामी की सजा मिलेगी ….ये करोड़ो का टेंडर था …सिर्फ तेरी वजह से हमारे हाथ से ये निकल गया”

और हाथ मई लिया बेल्ट मरने लगा…

कुछ हे मिनट्स मई कृति निचे पहुंच गयी और बोली… “रूक जाओ” और उसकी आवाज सुनकर सब इधर से उधर हो गए पर बाटलीवाला बेल्ट मरता रहा …

कृति गुसाई से आगे बढ़ी और बाटलीवाला का बेल्ट पकड़ लिया और बोली “एनफ मर बाटलीवाला प्रूफ ह तोह दीजिये और पुलिस को बुलाकर काम ख़तम कीजिये ये ड्रामा करना हो तोह अपने घर मई करिये ये ऑफिस ह”

बाटलीवाला ने कुछ नहीं कहा और उसकी नज़र उस शख्स से मिली और आँखों हे आँखों मई इशारा हो गया …पर आज सायद कृति और उसकी मौत के बिच ऐसा शख्स खड़ा था जिस साई सामना करने से मौत भी डर्टी ह …निर्वाण जिसे रिसेप्शन के पास खड़ा गॉर्ड इज़्ज़त के साथ अंदर जस्ट लेकर आया था उसने भी उस शख्स का इशारा देख लिया था ..

निर्वाण गॉर्ड से “यंहा अटैक होने वाला ह जल्दी से सिक्योरिटी को अलर्ट कार्डो कोई अंदर से बहार न जाने पाए ..

इधर वो शख्स धीरे से साइड से खिसकता हुवा भीड़ मई आगया और एक छोटा स्मोक जो अपने पेन मई लाया था उसे निकल एक तरफ भीड़ मई फेंक दिया ….और जैसे हे स्मोक बहार निकली सब मई अफरा तफरी मच गयी और सब दर से भागने लगे ……कृति के सिक्योरिटी गॉर्डस कृति को अकेली छोड़कर उस स्मोक पेन की तरफ चले गए और उस शख्स को जो चाहिए था वो मिल गया वो कृति की तरफ तेज़ी से बढ़ा और उसके गत मई दूसरा पेन था जिसकी नीदडले मई ज़हर था ..और उसका सीधा अटैक कृति की गर्दन की तरफ हे था …उसने कृति के करीब पहुंचते हे सीधा पेन से कृति की गर्दन पर अटैक kiya…par एन्ड मूवमेंट पर उसका हाथ हवा मई हे रह गया और एक हाथ ने उसके हाथ को पकड़ लिया था ..तोह दूसरा हाथ पीछे से कृति के कंधे पर आया और उसे धीरे से पीछे करता चला गया कृति पहले चूँकि पर जैसे जैसे उसकी नज़र अपने साइड मई ए शख्स पर गयी उसकी आँखों मई पल पल अलग अलग भाव आते गए और बस उसे हे देखती गयी निर्वाण ने उसे अपने पीछे ले लिया और बोलै

“इसे मरने वाले तोह इस दुनिया मई अभी तक पैदा हे नहीं हुवा ह…” ये कह उसने एक किक उस शख्स के सीने पर मरी और वो शख्स हवा मई कई फ़ीट ऊपर उछला पर निर्वाण ने उसका पेन वाला हाथ अभी भी पकड़ा हुवा था और उसे जोर से निचे पटका और फिर अपनी तरफ खिंच कर एक कोहनी की उसकी गर्दन पर mariii…aur फिर लगे हाथ उसे अपनी तरफ दुबारा खिंच कर घुमा कर एक पंच उसकी चेस्ट पर मारा वो शख्स मू से खून थूकता हुवा कई पीछे ऑफिस की दीवार से जाकर टकराया…

तुरंत हे कृति के बॉडी गॉर्डस और दो तीन गॉर्डस ने निर्वाण को पकड़ लिया तोह कुछ ने उस शख्स को पकड़ लिया …

कृति तुरंत होश मई आयी और बॉडी गॉर्डस से राज को छुड़ाकर सबको दूर करती हुवी गुसाई से खा जाने वाली निघाओ से देखने लगी …..और उसका ऐसा रिएक्शन देख स्टाफ जो रूक गया था वो सब शॉक से खड़े हुवे कृति को तोह देखते तोह कभी निर्वाण की तरफ देखते ..

कृति “हाउ डरे यू …तुम सबकी हीमत कैसे हुवी इन्हे टच करने की”

वो गुसाई से और कुछ बोलती पीछे से आवाज “आयी कृति का गुसा आज भी वैसा हे ह”

कृति तुरंत पीछे पलट गयी उसकी आँखों मसि जो था वो भैया नहीं कर सकती थी वो बिना पालते होने गॉर्डस से बोली “उस आदमी की साडी हड़िया तोड़ो और उसे पकड़कर रखो मैं आकर बताउंगी की उसका क्या करना ह”

और फिर राज का गत पकड़कर उसे सीधा अपने ऑफिस मई ले आयी और उसके गले लग गयीईइ …

वंही ….

स्कोर्पियन ट्राइब का वो मेंबर इस वक़्त दिव्या के रेजिडेंस के बहार खड़ा था…. “तोह तू बताएगी …बताना तोह पड़ेगा हे वर्ण मारेगी तू”

तोह वंही बंगलोरे की तरफ भी एक ब्लैक सुव मई… लीडर सीधा पूनम की तरफ बढ़ रहा tha…usai लेने के लिए उसके चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान थी मिशन के पूरा हो जाने ki..wanhi पूनम इस बात से अनजान अपनी हे दुनिया मई खोयी थी की एक बहुत बड़ा खतरा उसकी तरफ बढ़ रहा ह …


आज के लिए इतना हे मस्ती मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने का ….वर्ड काउंट 8.4क
 
अपडेट 252 मिस्ट्री उनलॉकेड पोस्टेड मस्ती मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने का

अपकमिंग 253

"थिस इस माय वर्ल्ड"

ों ट्यूसडे नाईट

अपडेट 254

ों संडे 27 अप्रैल


अपकमिंग उपदटेस से भाइयो कमेंट या रिव्यु बड़ा न रखे ताकि मैं जल्द से जल्द आपको अपडेट दे सकू और वीकली तवो उपदटेस रेगुलर एटलीस्ट आपको रीड करने के मिले...🙏

अपडेट दिएर रात्रि तक पोस्ट होगा
 
इस बार अपडेट मेरी वजह से डिले नहीं होगा रीडर भाई लोग सुस्त चल रहे ह ..मुझे उम्मीद थी की इस बार तोह दो दिन मई हे हो जायेंगे लाइक्स का आंकड़ा पर ाचा ह मुझे टाइम मिल रहा ह👍👍😀
 
अपडेट दिएर रात्रि पोस्ट हो जायेगा चाहो तोह सुभे पढ़ लेना भाइयो...
 
एडिटिंग बताऊंगा तोह हंसोगे लिखते लिखते हे सो गया था...
 
अपडेट 253



थिस इस माय वर्ल्ड

कृति पिछले दस मिनट से निर्वाण के गले लगी हुवी थी…

निर्वाण ने भी उसे कुछ नहीं बोलै …और बस उसे गले लगे रहने diya…kuch और वक़्त बिट जाने के बाद निर्वाण बोलै “अगर ऐसे हे गले लगे रही तोह बहार वाले पता नहीं क्या क्या सोच लेंगे …”

ये सुनने के बाद भी कृति कुछ नहीं बोली बस गले लगी रही निर्वाण को अहसास था की वो सायद रो रही ह …इसलिए उसने भी उसे कुछ नहीं bola…aur कृति को उसके मन की करने दी ..

“जब मुझे पता लगा की तुम्हारे साथ क्या हुवा ह …मुझे लगा मेरी दुनिया उजाड़ gayi….main दिन रात सोचती थी की ऊपरवाला मेरे साथ इतना बुरा नहीं कर सकता h…mera एक हे दोस्त ह जिसने मुझे समझा मेरी हेल्प करि …और जब मैं उसकी मदद करने के काबिल हुवी तोह वो हे मुझे छोड़ कर चला गया …मुझे हर दिन हर पल तुम्हारी याद अति thi…main मंडावा गयी तुम्हारे घर …मुझे मनीषा ने सब bataya…tumhare बारे मई की तुमने क्या क्या सहा ह….”

निर्वाण “मेरी मौत इतनी आसानी से नहीं होगी …और तब तक नहीं होगी जब तक मैं एक एक गद्दार को धुंध धुंध कर अपने हाथो से न मार दू…”

कृति अलग होकर निर्वाण की तरफ देखते हुवे “प्लीज अब मरने की बाते मत करना”

निर्वाण “अब ऐसे हे रोटी रहोगी या कुछ खिलाओगी भी बहुत भूखा हु दो दिन से कुछ खाया नहीं ह”

कृति ने जल्दी से अपने आंसू साफ़ किये और मुस्कारते हुवे बोली “ अरे मैं भी न अपनी हे बाते लेकर बैठ गयी मैं अभी मंगवाती hu…kya मँगवॉ”

निर्वाण “ दाल chawal…salad एंड जूस”

कृति “नॉनवेज छोड़ दिया”

निर्वाण “ है वैसे साथ मई चूरमा मिल जाये पुरे बटर मई तोह बेस्ट रहेगा”

कृति मुस्कुराते हुवे “तुम जो कहोगे सब मिल जायेगा और नहीं मिलेगा तोह mangwaungi”itna कह उसने बेल्ल बजायी तोह बहार ऑफिस मई सीनियर्स लेवल के मैनेजर्स जिनकी निघाये कृति के केबिन की तरफ हे थी वो सेकरतेरी की तरफ देखने लगे सेकरतेरी बेल्ल की आवाज से जल्दी से अंदर ayiii…aur उसने देखा की कृति अभी ए उस शख्स के आगे कड़ी ह और वो शख्स पानी का गिलास खली करके उसे दे रहा ह …ये देख उसके अंदर का दिल जोर जोर से धड़कने लगा …और उसे कुछ दिन पहले का सन याद आया जब किसी ने गलती से कैंटीन मई किसी ने गिलास से पानी पिटे वक़्त गलती से टकराते हुवे कृति पर थोड़ा सा गिरा दिया था ….तोह कृति ने रूल बना दिया था की खाना कहते समय कोई पानी नहीं पियेगा और पियेगा तोह वाटर बोतल साथ रखेगा….

कृति “ एक आर्डर लिखो…”

सेकरतेरी आवाज से अपनी सोच से बहार अति huvi“ji जी मम”

कृति “30 मिनट्स ह उसे जायदा टाइम लगा और टेस्टी नहीं हुवा तोह तुम जानती हो” ये कहने के बाद आर्डर लिखवाया तोह सेकरट्री तुरंत बगैर आयी और जल्दी से खूब सारा पानी पिया क्योकि ये पहली बार था जब कृति इतनी सीरियस होकर धंखी भरे अंदाज़ मई बोल रही थी ..

उसे बहार एते हे सबने घेर लिया …

सीनियर हर “ क्या हो रहा ह आखिर कौन ह वो ….अरे बोल न यार”

सेकरतेरी “पता नहीं पर जो भी ह मैडम ने खुद उसे पानी पकड़ाया ह और उसके लिए खाने का आर्डर दिया ह वो जो भी ह खास तोह ह फ़िलहाल मुझे किचन मई आर्डर देने दो वर्ण मैं जिन्दा नहीं बचूंगी”

उसकी बात सुनकर सब चौंक गए ..

अंदर निर्वाण सोफे पर आराम से बैठ गया तोह कृति उसके सामने बैठी उसे देखे जा रही थी ..

निर्वाण “ क्या देख रही ह”

कृति “कुछ नहीं बस मन कर रहा ह…”

निर्वाण “ वो तुम्हे क्यों मरना चाहता था और तुम्हारी सिक्योरिटी इतनी ख़राब क्यों ह”

कृति “ सिक्योरिटी ख़राब ह …मैच और माइक सँभालते ह साडी सिक्योरिटी और उन्हें तुमने हे तोह रखा ह और इंसबको भी उन्होंने हे सेलेक्ट किया ह”

निर्वाण “30 मिनट ह न हमारे पास चलो उस किलर से मिलकर एते ह देखे किसने भेजा ह”

कृति “सूरे पर खाना …और ये कॉफ़ी”

निर्वाण “ पिटे पिटे चलता हु कोई दिकत तोह नहीं होगी na…kanhi सब सोचे थे ग्रेट मिस कृति किस कंगाल के साथ ह जो जीन्स और टी शर्ट मई आगया ह ऑफिस मई”

कृति सीरियस होते हुवे “ किस्मे इतनी हीमत ह”

निर्वाण “तोह फिर चले”

कृति के ऑफिस का दूर ओपन होते हुवे देख सब चुप चाप अपने काम मई लग गए पर सबकी नज़र चोरी छिपे कृति और निर्वाण पर हे थी…

निर्वाण को ऑफिस को धयान से देखते देख वो बोली “ कैसा लगा ऑफिस “

निर्वाण “ ाचा ह पर ये सब बहुत उनकंफर्टबले लग रहे ह ..वीक मई एक बार इनफॉर्मल ड्रेस को अल्लोवेद किया करो ताकि एम्प्लोयी कम्फर्टेबले हो सके”

कृति की सेकरतेरी जो पीछे चल रही थी वो शॉक हो गयी क्योकि …कृति को अगर कोई प्रॉपर ड्रेस्ड और वो भी डेन्ट वे मई ड्रेस्ड नहीं दिखे तोह वो उसे सबके बिच हे सुना देती ह ..और ड्रेस कोड के मामले मई तोह वो बहुत बहुत स्ट्रिक्ट भी ह…

कृति जो राज की बात सून रही थी वो अपनी सेकरतेरी से बोली “ फ्राइडे को एक दिन सभी ब्रांचेज मई इनफॉर्मल डे होगा …और इनफॉर्मल mai…bhi”

निर्वाण “ पलाइन टी शर्ट सिंगल कलर mai…niche जीन्स सिंगल कलर हो तोह बेस्ट h…with स्पोर्ट्स शूज नॉट फैंसी शूज और गर्ल्स के लिए …जीन्स और कुरता …या सलवार सूट …”

कृति “ लिख लिया”

सेकरतेरी बेचारी पागल हो रही थी ये सब सुनकर वो बोली “नोटेड मम”

निर्वाण और कृति निचे बेसमेंट मई पहुंचे जंहा सिक्योरिटी गॉर्डस के लिए डे रेस्ट रूस the…aur दोनों को अत देखे सब गॉर्डस खड़े हो गए …

निर्वाण सबकी सकल देखते हुवे “वो मर गया ह राइट”

सब हैरान होकर निर्वाण की तरफ देखते हुवे बोले “ है पर आपको”

निर्वाण “अगर वो मर गया तोह तुम सब जिन्दा क्यों हो तुम्हे भी मर जाना चाहिए ….. नहीं nahi…tumhari फॅमिली को मर जाना चाहिए”

उसकी बात सुनकर सब उसे देखने लगे …पर निर्वाण सबको देखते हुवे बोलै “ट्रस्ट में मुझे मरने से जायदा जिन्दा तड़पने मई मज़ा अत h…socho कैसा रहेगा की मैं तुम्हारे बीवी बचो की आंखे निकल लूंगा …फिर दोनों हाथ काट दूंगा तोह कैसे जियेंगे वो रेंग रेंग कर जायेंगे”

उसकी बाते जैसे जैसे सबके कानो मई गयी उनके सरीर की नसों मई दर की सनसनाहट उठने लगी…

निर्वाण आगे bola“Aur पता ह मेरा कोई कुछ कर भी नहीं पायेगा बेकौसे कोई प्रूफ नहीं होगा …और तुम कोसिस करोगे तोह भी जब तक मेरा नंबर आएगा तुम सब भूढ़े हो जाओगे या मैं तुम सबको एक्सिडेंटली दिखा दिखा कर मार रहा होऊंगा.”

ये बाते सुनकर एक गॉर्ड बोलै “मम सर हमने कुछ नहीं किया h…main और ये तीनो जब निचे ए हमे इन सबने बताया की वो मार चूका ह”

निर्वाण ने अपना डैगर अपने हाथ मई निकल लिया और बोलै “तुम चार इस तरफ ाजाओ ….और अब तुम बाकि सब भी अलग होते जाओ और बताओ की सबसे लास्ट कौन था देरी करोगे तोह तुम सब के मरने की काउंटिंग बढ़ेगी …एक ….doooo……teeeennnnn……..chhhhaaaaarrrrr….

निर्वाण के काउंट करते हे कालड़ी जल्दी एक एक करके गॉर्डस हैट ते गए ….तभी एक गॉर्ड बिच मई पहले हे एक तरफ आया toh…ek गॉर्ड बोलै “ ोये मैं आया तब तू यंहा था …तोह तू क्यों इधर ारः ह मुझसे पहले ..मम मैं जब आया तब ये पहले से हे यंहा था…”

निर्वाण ने काउंटिंग रोक दी तोह उस गॉर्ड के पसीने छूटने लगे….

गॉर्ड डरते हुवे “ मैंने कुछ नहीं किया ह”

निर्वाण “मैंने तोह कुछ बोलै हे नहीं तुझसे” इतना कहते हुवे वो धीरे धीरे उसकी तरफ अपना डैगर घूमते हुवे बढ़ने लगा …गॉर्ड ने अपना मोबाइल निकला और जैसे हे कॉल करने को हुवा खच की आवाज से उसकी कलाई कट कर अलग होगयी…

निर्वाण उसके दूसरे हाथ की उंगलिया पकड़कर “ ये भी कट जाये तोह कोई दिकत हे नहीं और फिर जीब …फिर तेरी किडनी आंखे निकलकर बेच दूंगा तोह बहुत पैसे मिलेंगे जो इन सब गॉर्डस के काम आएंगे…”

गॉर्ड “ बाटलीवाला सर का सेकरतेरी यंहा था …बस इतना हे पता ह”

निर्वाण उसकी गर्दन मोड़कर “ इसे ट्रक के आगे फेंक देना और एक्सीडेंट दिखाकर इन्शुरन्स का पैसा इसकी फॅमिली को दे देना” फिर कृति के दोनों बॉडी गॉर्डस की तरफ देखकर “ मैच और माइक ने तुम्हे रखा ह इसलिए इस बार छोड़ रहा hu…kabhi भी मिस कृति के सिवाए कोई भी मरे या जिए इसे तुम्हे फर्क नहीं पड़ना चाहिए ह तुम्हारा काम इन्हे प्रोटेक्ट करना h…half ऑवर ह तुम्हारे पास 500 फूशुप्स लगाओ”

दोनों यस सर फिर कृति की तरफ देख कर सॉरी मम..

कृति “चले …”

निर्वाण “बाटलीवाला के सेकरतेरी से मिल ले “

कृति “ ये बूढ़ा हमेशा बच जाता ह और आज भी बच जायेगा”

निर्वाण “बच जायेगा…” ये कहते वक़्त उसके चेहरे पर एक मुस्कान आगयी…

बाटलीवाला ऑफिस “ सर उन्हें पता लग जायेगा”

बाटलीवाला “ 5 कर तेरे मू बंद रखने की कीमत ह फिर तेरी फॅमिली भी समाज रहा ह न

…बस तुझे ये कहना ह की मैं आया जब वो मार चूका था तेरे साथ मेरा एक वंहा का गॉर्ड भी यही गवाही देगा..

सेकरतेरी “जी सर समाज गया जैसा अपने कहा वैसा हे कहूंगा”

वंही कृति अपने गॉर्डस के साथ तेज़ी से बाटलीवाला के ऑफिस की तरफ बढ़ रही थी और निर्वाण सबसे पीछे पुरे ऑफिस को देखते हुवे ारः था ..और आज की उथल पुथल के बाद पुरे ऑफिस मई चाहे फर्स्ट फ्लोर हो या टॉप फ्लोर सब पर अलग हे महल था और अभी 4तह फ्लोर पर बाटलीवाला की ऑफिस की तरफ कृति को जाता देख सब आपस मई बाते करने लग गए और आगे के शो का इंतज़ार करने लगे की अब क्या होने वाला ह…

कृति ने जोर से बाटलीवाला के ऑफिस का दूर खोला और गॉर्डस को इशारा किया तोह उन्होंने बाटलीवाला के सेकरतेरी को पकड़ा और बहार की तरफ ले जाने लगे …

बाटलीवाला गॉर्डस se“what थे हेलल अरे यू doing…how डरे यू तो टच माय सेकरतेरी”

कृति “रिलैक्स मर बाटलीवाला …आपका इतना हाइपर होना हेल्थ के लिए ाचा नहीं ह .. मैं पहले भी बता चुकी हु ki…is कंपनी मई सिर्फ वही रह सकता ह जो कंपनी के लिए सोचता h…agar आज जो हुवा ह उसमे आपका हाथ ह तोह ट्रस्ट में ओनर्स को ये पसंद नहीं आएगा और आप जानते ह की फिर क्या हो सकता ह..”

बाटलीवाला “ मिस कृति …विथाउट अन्य प्रूफ ऑब्लिगेशन लगाने से पहले सोचले क्योकि मटर ये भी उठ सकता ह …कुछ इम्पोर्टेन्ट राइट्स हमारे पास भी ह”

कुछ धीमी मगर एक पॉवरफुल आवाज आयी जो सबके कानो मई साफ़ साफ़ gayi“Pata ह बाटलीवाला पावर बहुत खतरनाक चीज होती h…jaise तेरे पास होकर भी तेरी नहीं h…ek 21 साल की लड़की की तू सून रहा ह ..जबकि तू बहुत पुराण बोर्ड ऑफ़ मेंबर और शेयर होल्डर ह…”

बाटलीवाला ने आवाज की तरफ देखा तोह निर्वाण पीछे से चलता हुवा आगे ारः था….

बाटलीवाला ने उसे घूरकर देखा…

“मैंने जस्ट अभी तेरे अंदर झांक कर dekha….aur पता ह क्या मिला मुझे”

बाटलीवाला “ कौन हो तुम”

निर्वाण “न न गलत सवाल ….सही सवाल क्या ह मैं तुझे बताता hu…sahi सवाल ये ह की आखिर मुझे क्या mila….jab मैंने तेरे अंदर झांक कर देखा आ तुझे दिखता हु” इतना कह निर्वाण ने उसके पॉकेट मई हाथ डाला तोह उसे दो मोबाइल मिले ….

बाटलीवाला “ मिस कृति …अगर अपने अभी एक्शन नहीं लिया तोह मैं पुलिस को कॉल करूँगा ..और साथ हे बाकी बोर्ड ऑफ़ मेंबर्स को बुलाऊंगा फिर देखता हु की आप क्या कर सकती ह”

कृति क्या बोलती आखिर कंपनी का रियल बॉस उसके सामने खड़ा tha…bhale हे कंपनी सुनील और मनीषा के नाम थी पर उन्दोनो ने भी पावर्स और डिसिशन मई फर्स्ट प्रायोरिटी राज के नाम हे राखी हुवी थी…

कृति “ मैं कुछ नहीं कर सकती हु”

निर्वाण “ देखा ये भी कुछ नहीं कर सकती h…ye मोबाइल सीक्रेट्स से भरा हुवा h…ye देखो मेरे पास इसकी कॉल हिस्ट्री h…are ये क्या यंहा तोह फर्स्ट नंबर हे रॉय इंडस्ट्री का ह…”

ये सुनते हे बाटलीवाला के चेहरे पर सिकन आगयी…

निर्वाण “ हो सकता ह कोई बिज़नेस डील हो या फिर वो किलर उसी ने तोह नहीं भेजा था..”

बाटलीवाला “क्या बकवास कर रहे हो”

निर्वाण “ डोंट वोर्री ये तुम्हारा सेकरतेरी सब बोलेगा …जब मैं इसकी साडी ऊँगली पहले तोडूंगा …फिर katunga…aur फिर भी नहीं बोलै …तोह इसकी फॅमिली के साथ भी यही करूँगा और मज़े की बात बिना प्रूफ कुछ भी नहीं कर पायेगा ये भी..”

सेकरतेरी दर से जल्दी से बोलै“ मैंने कुछ नहीं किया ह मैं जब गया तब वो मारा हुवा था”

निर्वाण “ मैंने कुछ कहा मुझे तोह बस तेरी उंगलिअ तोड़नी और काटनी ह फिर तेरे पेअर के घुटने तोडूंगा ….फिर तेरी आंखे निकलूंगा और फिर रोड पर ट्रक के निचे कुचलने के लिए तुझे जिन्दा छोड़ दूंगा…”

सेकरतेरी रट हुवे “ मैंने कुछ नहीं किया ह आप उस गॉर्ड से पूछिए मैं वंहा गया था तब एक गॉर्ड भी था वंहा पर ”

निर्वाण “ मैंने मार दिया उसे …अब तेरी बारी ह …” इतना कह निर्वाण ने इशारा किया तोह गॉर्डस उसे ले जाने लगे और उसने एक नज़र बाटलीवाला को देखा जो गुसाई से उसे घूर रहा था…

निर्वाण “ चले मुझे भूक लगी ह”

कृति “ चलो” और वो बहार आगये पर दोनों हॉल मई पहुंचे हे थे की बहार उन्हें बाकी सभी शेयर होल्डर्स और सरे मैनेजर्स भी खड़े दिखाई diye…aur इसी भीड़ का फाइदा उठाकर बाटलीवाला जो बहार सेकरतेरी कुछ न बोल दे उसे देखने आया था वो प्लान बनाकर बोलै “ सिंह ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज के फाउंडर का एक रूल था …जिसमे कहा गया था की कभी किसी शेयरहोल्डर को दबाया नहीं जायेगा …उसे थ्रेट नहीं दिया jayega…agar फिर भी चेयरपर्सन अपनी पावर का उसे कर थ्रेट देते ह तोह उस पर बाकी बोर्ड मेंबर्स अपना वोट करके चेयरपर्सन को हटा सकते h…main बाटलीवाला अपने ऊपर चेयरपर्सन मिस कृति के गलत ऑब्लिगेशन लगाने और अपनी पावर के मिस उसे करने का आरोप लगता हु …मेरी रिक्वेस्ट ह सभी बोर्ड मेंबर्स से जो यंहा मौजूद ह और जो नहीं वो ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के थ्रू वोटिंग कर सकते h…main अभी मीटिंग की रिक्वेस्ट करता हु उम्मीद ह आप सब मेरा साथ देंगे ताकि फिर किसी इनोसेंट के साथ ताकि दुबारा कुछ ऐसा न हो..

इतना कहा बाटलीवाला ने सबको देखा और अपने मन मई बोलै … “बाकी सरे बोर्ड मेंबर्स मेरी तरफ ह ..अब देखता हु तू क्या करेगी …इसी दिन का इंतज़ार हे तोह था जब तू ऐसा कुछ करे और मुझे मौका मिल जाये फिर तुझे मेरी झांग पर बैठूंगी साली”

निर्वाण “ मेरा लंच यंही मंगवा दो मैं लंच फिनिश करता हु आप देखो ये क्या करता ह तब तक ”

कृति ने सेकरतेरी को इशारा किया तोह वो तुरंत निकल गयी…

कृति भी मैं कॉन्फ्रेंस रूम की तरफ चली गयी…

निर्वाण हॉल मई गेस्ट वेटिंग साइड रखे सोफों मई से एकपर बैठकर …आराम से लंच कर रहा था …और कृति की सेकरतेरी उसके पास कड़ी थी बाकी सब दूर से उसे देख रहे थे की आखिर ये ह कौन जो ऐसे बैठा हुवा आराम से लंच कर रहा ह और कृति मम की पर्सनल सेकरतेरी उसके पास कड़ी ह ये बात उन सबकी समाज से बहार थी उन्होंने बहुत कुछ सोचा पर निर्वाण की ड्रेस देखकर वो किसी निर्णय पर नहीं पहुंच पाए यही हाल सेकरतेरी का भी था बेचारी को कृति की टेंशन थी इसलिए वो काफी दिएर से टेंशन मई कड़ी थी और हिल रही थी…

निर्वाण कहते हुवे उसकी तरफ देख “कर क्या बात ह कुछ टेंशन ह”

सेकरतेरी “ नाहीइ… ी मैं यस…”

निर्वाण “ क्या ह”

सेकरतेरी “ कृति मम ऑनेस्ट और सिंकेरे ह …और कंपनी के लिए बहुत लॉयल ह जब से आयी ह कंपनी का प्रॉफिट भी इनक्रीस हो गया h…aur आज उन्हें ये सब मिलकर फंसा रहे ह इसलिए”

निर्वाण बिच मई हे “ कुछ नहीं होगा उसे टेंशन मत लो”

सेकरतेरी “ तुम्हे …सॉरी सर आपको कैसे पता कीच नहीं होगा वो सभी कंपनी के मैं शरहोल्डर्स ह जो मम को परेशां करने का कोई न कोई तरीका सोचते हे रहते ह”

निर्वाण “ और कृति कुछ नहीं कहती उन्हें”

सेकरतेरी “ सर वो चाहती की उनकी वजह से बस कंपनी को लोस्स न हो ..”

निर्वाण “ ी क्नोव वो होने भी नहीं देगी”

सेकरतेरी “सर डोंट मंद बूत आप मम को”

निर्वाण “ Friend…ya क्लोज फ्रेंड कुछ भी कह सकती हो”

सेकरतेरी हैरानी से “आप उनके फ्रेंड ह बूत वो तोह किसी लड़के को बिज़नेस के सिवाए देखती तक नहीं ह”

निर्वाण “ पास्ट एक्सपीरियंस हो सायद इसलिए उसे पसंद नहीं किसी लड़के से बात करना”

सेकरतेरी ने निर्वाण की बात पर डीपली गौर नहीं किया क्योकि उसका धयान अभी कृति के साथ क्या हो रहा होगा उसी तरफ हे था”

करीब हाफ ऑवर बाद सब कॉन्फ्रेंस रूम से बहार ए तोह…

बाटलीवाला जोर से बोलै “ आज से जब तक ओनर का नेक्स्ट डिसिशन नहीं अत नेक्स्ट चेयरपर्सन के लिए तबतक सभी शरहोल्डर्स के वोटिंग से मैं चेयरपर्सन की सीट सम्भालूंगा …और….” वो आगे बोलता उसे पहले हे

भरी आवाज आयी…

“ तू भोंकता ज्यादा ह तुझे किसी ने कहा नहीं”

बाटलीवाला और बाकी सबकी नज़र उस पर गयी तोह बाटलीवाला गुसाई से चिल्लाया “ तू छोकरे तूने बहुत बोल लिया अब और nahi…security इसके हाथ पेअर तोड़कर बहार फेँकडो”

सरे सिक्योरिटी गॉर्डस निर्वाण की तरफ भाड़े तोह…

निर्वाण “ओह्ह्ह तोह ये तेरे सिक्योरिटी गॉर्डस h…isliye तू इतना भोंक लेता ह ..”

इतना कह उसने एक चुटकी बजायी …

बाटलीवाला ने इधर उधर घूम कर देखा पर उसे कुछ भी होता नहीं दिखाई दिया तोह वो मुस्कुराकर बोलै “तुम्हारी यंहा खड़े होने की भी औकात नहीं ह और तू बड़बोला बन रहा ह”

कृति गुसाई से चीखी “ मंद योर टंग बाटलीवाला ोथेरविसे”

बाटलीवाला “व्हाट ोथेरविसे मिस कृति यू डोंट हैवे पावर्स एनीमोर ..सो पैक योर बैग एंड गेट आउट ..”

कृति कुछ और बोलती …तभी थप थप की कई आवाज एक साथ आने लगी और सब आवाजों को सुनकर चौंकते हुवे आवाज की दिशा मई देखने लगे …और जब सबका धायनवाज की तरफ गया तोह उन्हें पीछे से कमिश्नर जोगिन्दर सिंह और उनके साथ उनके पुलिस अफसर दिखाई दिए…

बाटलीवाला “आईये आईये कमिश्नर साहब गिरफ्तार कर लीजिये इसने यंहा आकर मारपीट और मुझे जान से मरने की धमकी दी ह”

जोगिन्दर सिंह ने उंगलियों के इशारे की तरफ देख कर कहा “ किसी ….इसे ……इसी ने तोह मुझे बुलाया ह”

बाटलीवाला “व्हाटट”

तभी अब और जोर से ठाक ठाक बहुत सरे पैरो की आवाज सुनाई दी और अब सबका धयान बहार की तरफ गया तोह …सब चौंक गहे तोह कुछ हैरान परेशां रह गए ….क्योकि चेहरे पर मास्क लगाए हुवे एक साथ 100 के करीब गॉर्डस बहार आकर खड़े हो गए और उनमे से तीन जाने अंदर आने लगे ….. पूरा ऑफिस टॉप फ्लोर से लेकर निचे ग्राउंड फ्लोर तक सब बहार की तरफ इतने सरे तगड़े लम्बे चौड़े बॉडी गॉर्डस को हे देख रहे थे …

उनमे से तीन जाने आगे आकर निर्वाण के पीछे खड़े हो गए….

निर्वाण जो अब तक नकली हंसी का मुखते ओढ़ाई हुवे था उसके चेहरे से झूटी मुस्कराहट गायब हो गयी और अब वो घुराहट भरी आवाज मई बाटलीवाला की आँखों मई घूरते हुवे उसके बिलकुल करीब एते हुवे बोलै “थिस इस माय वर्ल्ड एंड ी …M….THE किंग ऑफ़ थिस वर्ल्ड”

बाटलीवाला की बोलती बंद हो gayii…tab निर्वाण सबकी आँखों मई देखते हुवे जोर से बोलै “KRITI…CHAIRPERSON थी …वो H….AUR RAHEGI….NO ओने हैवे पावर तो रिलीज़ हेर फ्रॉम हिज पोजीशन” फिर पलट कर मित्युदूत से बोलै… “ये सभी गॉर्डस आज और अभी से कृति की सिक्योरिटी मई रहेंगे ..और डायरेक्टली आर्डर कृति से हे लेंगे

मित्युदूत जोर से यस मास्टर बोलै तोह… बहार से और तेज़ आवाज आयी “यस मास्टर”

निर्वाण “ और आप सभी को बहुत जल्द अपने जो आज किया ह उसका रिप्लाई मिल जायेगा इनफैक्ट आज रात के 12 बजे से पहले….”

जोगिन्दर “वो कान्हा ह”

निर्वाण ने इशारा किया तोह “बाटलीवाला के सेकरतेरी को पकड़कर सामने लाया गया”

जोगिन्दर सिंह अपने ऑफिसर्स से “ ले जाओ इसे और थर्ड डिग्री जो भी करना ह करो पर रिजल्ट चाइये .”

ऑफिसर्स “ यस सर”

कृति ऑफिसर्स के जाने के बाद “ अंकल …राज आप दोनों चलिए रेस्ट रूम मई वंही बात करते ह”

तभी आवाज आयी…

और हम दोनों जो यंहा खड़े ह उसका क्या …

कृति हैरानी से उन्दोनो को देखने लगी तोह ..वंही निर्वाण ने सदी सी सकल बना ली …

सभी आग से “ये वो नहीं ह …”

आग “बात तोह तेरी सही ह हरकत तोह वैसी हे ह”

निर्वाण “ आप भी चलिए”

Mityudoot,xabhi ,jogindar,aag और कृति रेस्टरूम्स मई पहुंचे

निर्वाण “ एक सवाल रॉय इंडस्ट्रीज की डिटेल कैसे मिलेगी”

जोगिन्दर “सोनाली बहु के अचे लिंक्स ह वंहा वो पता कर सकती ह”

ये नाम सुनते हे निर्वाण का चेहरा देखने लायक हो गया और वो जोगिन्दर सिंह को देखते हुवे बोलै “ आप रहने दीजिये”

जोगिन्दर सिंह ये जवाब सून राज को देखते हे रह गए…

सभी “रॉय इंडस्ट्रीज इस टाइम पर इंडिया की टॉप कम्पनीज मई से एक ह …और उसके कई बिज़नेस ह प्रॉपर्टीज से लेकर ज्वेलरी , ट्रांसपोर्टेशन, shipping,export…par रियल डेप्थ बहार से देख पाना बहुत मुश्किल ह उसके लिए उसके अंदर घुसना पड़ेगा”

कृति “ सिंह ग्रुप्स का डायरेक्ट कॉम्पिटिटर ह …इसलिए मैं उसके बुसिनेय की काफी रीच जानती हु साथ हे उसके बहुत से वीक पॉइंट्स भी जानती हु जंहा पर चोट करने से उन्हें बहुत प्रॉब्लम फेस करनी padegi…halanki थोड़ा लोस्स हमे भी होगा बूत उसे कंही जायदा सुफ्फेर उन्हें करना पड़ेगा”

आग “ देखो अगर सच कहु तोह …तुम्हे रॉय इंडस्ट्रीज की नीव हिलनी ह तोह तुम्हे बहुत पावरफुल बैकअप की जरुरत ह …क्योकि रॉय इंडस्ट्रीज के पीछे स्कोर्पियन ट्राइब h…toh तुम्हे भी कोई ऐसा चाहिए जिसके नाम से हे रॉय इंडस्ट्रीज मई खलबली मच जाये …और ऐसा शख्स कौन और कान्हा ह तुम अचे से जानते हो भले हम हर तरह से उनपर वार करदे बूत उनकी बैक उप पावर ह स्कोर्पियन ट्राइब और उन्ही की वजह से साउथ का हर ईस्ट का हर बड़ा गैंग उन्हें जनता ह और कितने हिडन पॉवरफुल किलर्स जिन्हे तुम भी नहीं जानते हो वो उनकी प्रोटेक्शन करते ह…”

निर्वाण “ आप अभी रविंदर सिंह की बात कर रहे थे न”

आग “है वो हे ऐसे शख्स ह जिनकी पावर तुम्हारे पिता से भी जायदा thi….aur वो हे तुम्हे पास्ट के काफी राज़ खोलकर बता सकते ह की पहले क्या हुवा tha…isliye पहले उन्हें ढूँढना और छुड़ाना जरुरी हवा अगर तुम्हारे साथ होंगे तोह ये समजलो की एक पूरी फौज तुम्हारे पीछे पड़ी कड़ी ह …100 लोकल गुंडों के बराबर एक त्रिनेड फाइटर और 100 त्रिनेड फाइटर के बारबार वो एक अकेले ह”

जोगिन्दर “ पर रॉय इंडस्ट्रीज अचानक”

मित्युदूत “ क्योकि मास्टर की एक सगी छोटी बहन भी ह जो उनके पास ह”

जोगिन्दर खड़े होकर चक्कर“ क्या विद्या भाभी को लड़की भी हुवी थी…

और यही हाल कृति सभी और आग का भी था…

निर्वाण गुसाई से “रॉयस का नाम मैं इस ब्रह्माण्ड से हे गायब कर कर दूंगा …उन सबको मई अँधेरे की उस दुनिया मई भेज दूंगा जंहा उनकी आत्मा मरने के बाद भी भटकती rahegi…par उन्हें मुक्ति नहीं मिलेगी उन्होंने निर्वाण की प्रिंसेस को चुने की हीमत की ह”

मित्युदूत निर्वाण के कंधो को हिलाते हुवे“ मास्टर”

निर्वाण “ हुम्कल कल रात हे फ़िनलैंड के लिए निकलना होगा”

सभी “ हम इसीलिए हे ए ह …हम भी तुम्हारे साथ चल रहे ह …”

कृति “ डोंट वोर्री मैं आज हे वीसा का अरेंजमेंट करवा देती हु आप कल निकल जाईयेगा”

निर्वाण जोगिन्दर से “आप परेशां हो “

जोगिन्दर “है भाई और वजह हो तुम”

प्लेस बंगलोरे…

कमल रॉय को एक तेज़ झन्नाटेदार थपड गाल पर आकर पड़ा.

कमल ने हाथ अपने गाल पर रख लिया….

“तुम्हे क्या लगता ह मुझे मच पता नहीं ह ….”

कमल “ पर डैड”

“चुप बिलकुल चुप्प्प”

अपने बाप की गुसाई भरी आवाज सुनकर कमल चुप्प हो गया

“मैंने कितनी बार तुम्हे कहा ह की बिज़नेस करते समय सिर्फ बिज़नेस और तुम ….” फिर एक गहरी साँस छोड़कर कुमार इंडस्ट्रीज की बेटी के साथ तुम्हारा अफेयर चल रहा ह ….और तुमने उसे शादी के प्रॉमिस तक कर दिए h…look ात में …से यस और no”

कमल ने ऊपर देख कर कहा “ यस डैड”

“और शादी तुम करोगे nahi….kya लगता ह कुमार इंडस्ट्रीज क्या h…agar उसकी बेटी ने अपने बाप को सच बता दिया तोह क्या वो चुप rahega….idiot वो हमारी ज्वेलरी मई उसे होने वाले सभी रॉ मटेरियल सप्लाई रोक देगा साथ हे ांटिक्स जो हमे सप्लाई करता ह वो bhi…..tumhari इन्ही हरकतों की वजह से दादाजी बहुत नाराज ह तुमसे …ये एम्पायर ऐसे हे खड़ा नहीं हुवा ह kamal…sex के लिए पूरी दुनिया मई बहुत लड़किया ह …बूत बिज़नेस से इसे दूर रखो समझे”

कमल “ सॉरी डैड”

“Ok नाउ गिव में स्माइल परसो तुम्हारी माँ का बर्थडे ह उनके लिए ाचा सा गिफ्ट लो …इंडिया के ऑलमोस्ट सभी टॉप बुसिनेसस्मेन्स आएंगे”

Kamal…gardan हिलता हुवा चला गया ….उसके जाने के बाद कमल रॉय के बाप के मोबाइल पर मैसेज आया जिस पर लिखा था “पूनम और निचे उसके एक फोटो थी ..” जिसे देख कर …कमल रॉय का बाप खुद से बोलै “ इस लड़की मई ऐसी क्या खास बात ह की ये लोग खुद इसे लेने ारः h….kya ये उस परिवार से जुडी हुवी ह नहीं नहीं उस परिवार मई तोह कोई जिन्दा नहीं होना चाहिए”

प्लेस finland…secret प्लेस

सुनील “ी होप तुम्हारी इनफार्मेशन सही हो”

सामने बैठा आदमी अपनी लैंग्वेज मई कुछ बोलता ह…

जिसे पास मई बैठी जिनशि जो क्वींस ग्रुप से थी वो बोलती ह “ये बोल रहा ह मेरी इनफार्मेशन बिलकुल सही ह फिनलैंड मई थ्री लोकेशन ह फिर मैप पर पॉइंट आउट करती हुवी ……जंहा इसने पॉइंट किया ह इन्ही तीन लोकेशन मई से एक पर ह वो जिसे तुम धुंध रहे हो”

फिर सामने बैठा आदमी फिर कुछ बोलै …

जिनशि “ ये कह रहा ह तीनो प्लेसेस मई से एक रियल ह और दो फेक …बूत अगर फेक लोकेशन पर पहुंच गए तोह मौत तय ह इसकी सप्लाई वंहा जाती ह बूत तीन गाड़िया जाती ह एक जैसी इसलिए जिसमे दो खली होती ह इसलिए रियल लोकेशन के बारे मई कहना मुश्किल ह

” ….ये कहते वक़्त उसकी आँखों मई …एक फिक्र थी…

सुनील “ ok थैंक यू फॉर इनफार्मेशन टेक योर मनी…” आदमी जैसे हे मनी उठाने लगा सुनील ने बैग पर हाथ रखते हुवे …कहा …िफ़ योर इनफार्मेशन इस रॉंग थें ट्रस्ट में इन थिस वर्ल्ड no ओने कैन सेव यू फ्रॉम में… ी विल फंड यू एंड ब्रेक यू एव्री सिंगल बोन ….एंड गिव यू वैरी पेनफुल डेथ”

सामने बैठे शख्स के चेहरे पर मुस्कुराकहत आगयी. और वो चला गया…

जिनशि और सुनील भी वंहा से जाने के लिए निकले तोह उनके पीछे एक ब्लैक सुव लग गयी…

जिनशि और वो दोनों अपने होटल मई pahuche…jinshi ने अपने सरे कपडे उतरे और सुनील के सामने हे गिलास वाले बाथरूम मई चली गयी nahane…toh सुनील ने शेरदिल को कॉल लगाया

शेरदिल “ तुम्हारे पीछे एक ब्लैक सुव लगी हुवी ह …उसमे से दो जाने ऊपर आरहे ह”

सुनील “ और ये सब कब बताने वाला था तू मुझे”

शेरदिल “ अरे यार मुझ पर चढ़ने के बजाय तेरे पास ह न उस पर चढ़ …उनके लिए माइक गया ह… ”

सुनील “ शट उप”

शेरदिल मुस्कुराकर “ एक दो दिन मई वो भी आने वाला ह जब तक करले बीटा होशियारी उसे पता लगा न की तू उसकी भाभी के साथ धोखा कर रहा ह तोह खुदा की कसम वो तेरी गोलियों को अपने हाथो से मसलकर उसका पाउडर करदेगा समझा वो अपनी भाभी से बहुत प्यार करता ह पता ह na……ek मिनटेक मिनट भाई तीन और जाने ऊपर आरहे ह उनके पास गन्स भी ह तू जल्दी से सेफ हो जा”

सुनील तेज़ी से जिनशि की तरफ गया जो बाथरूम मई नाहा रही थी और उसे जल्दी से गोदी मई उठा लिया…

जिनशि मुस्कुराती हुवी “ पहले नाहा तोह लू”

सुनील ने कोई जवाब नहीं दिया और उसे जल्दी से सोफे पर पड़े ुन्दरगौरमेंट्स दिए और कपडे पहनवाए और जल्दी से बालकनी मई आगया …

जिनशि “सुनील क्या हुवा”

सुनील “ 5 किलर्स आरहे ह हमे अभी इस बालकनी से दूसरे रूम की तरफ जाना ह और वंहा से निचे”

जिन्सगी अब सीरियस होते हुवे “ ये जरूर हमारा पीछा करते हुवे यंहा तक ए ह चलो पहले यंहा से निकले”

सुनील बालकनी मई से होता हुवा दूसरे रूम की तरफ पंहुचा …जिन्सगी भी उसके पीछे पीछे आगयी…

इधर पहले ए दो जाने रूम तक पहुंचे …और एक ने दूसरे को इशारा किया तोह …उसने डप्लीकेटे के से एक दो बार लॉक को घुमाया और दूर ओपन हो गया उसने अपनी गन निकली और अपने साथी को इशारा कर अंदर घुस गया….

माइक ये साइड से सब चिपटा हुवा देख रहा था जैसे हे दोनों मई से एक अंदर गया तोह माइक ने मौका मिलते हे बहार खड़े आदमी की गर्दन को पीछे से आकर पकड़ा और मरोड़ diya….andar गया आदमी कुछ मिनट मई बहार आया …तोह ….उसे बोलने का मौका भी नहीं मिला और एक गुसा उसके मुँह पर माइक का पड़ा और वो सीधा अंदर वापस रूम मई जाकर गिरा….

माइक ने अपनी पॉकेट से सीलेंसर लगी गन निकली और उसे दो गोली एक चेस्ट और एक सर मई मार di…aur चुप चाप पाइप से निचे उतर गया….

इधर सुनील और जिनशि इमरजेंसी स्टैर्स से निचे उतर गए ….

जिनशि कार मई बिलकुल शांत थी…

सुनील “क्या हुवा”

जिनशि “नथिंग …. इडियट्स ने मेरा शावर टाइम ख़राब कर दिया …”

सुनील “ जान से जायदा इम्पोर्टेन्ट ह”

जिन्सगी अपने लम्बे गोर लेग्स सुनील की गोद मई रखते हुवे …. “ मुझे नाईट मई नहाते वक़्त डिस्टर्बेंस नहीं चाहिए h….wo भी तब तक जब तक डिस्टर्ब करने वाला उसकी पसंद का में न हो”

सुनील ड्राइव करते हुवे “ समाज गया डोंट वोर्री …ी म मन ऑफ़ माय वर्ड्स ……”

मतलब समझकर जिनशि के चेहरे पर मुस्कान आगयी और वो बोली “ तोह फिर घर पहुंच कर साथ नहाते ह ….वैसे ये आदमी हम जिसे मिले उसके तोह नहीं हो सकते ह …क्योकि मैं जानती हु उसे ….वो इनफार्मेशन देने के बाद तभी अटैक नहीं करवाता ह जब तक सामने वाला उसे न चीट करे बूत हमने उसे जायदा हे पैसा दिया ह तोह कन्फर्म ह ये उसके आदमी तोह नहीं ह”

सुनील “ तोह फिर ये डेफिनिटेली उस सप्लायर के आदमी ह जिसे हम पहले मिले थे”

सुनील कॉल लगते हुवे “शेरदिल मैच और माइक के साथ जिनशि के हाउस पर मिलो हमारा काम हो चूका ह हमारे पास अब लोकेशन ह ….अब राइट टाइम आगया ह …..प्लानिंग का”

तोह इंडिया मई ….

“मम जो इमेज अपने दी थी उसे मिलता हुवा 90 परसेंट मैच दिल्ली मई मैच हो गया ह और ऍम उस शख्स की लास्ट कक्तव लोकेशन सिंह ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज के मैं दूर के बहार पब्लिक सर्विलांस कक्तव मई कैप्चर हुवी ह”

सोनाली “excellent”usne मोबाइल निकला और सीधा कृति के नंबर पर डायल कर दिया

कृति जो नेक्स्ट डे …मॉर्निंग मई …राज के सामने बैठी थी वो राज से बोली “आज तुम काफी चेंज लग रहे हो”

निर्वाण “मुझे क्या हुवा ह…. बल्कि तुम्हारे साथ मैंने बहुत जायदा बाते करि ह और इतनी बाते करना मुझे पसंद नहीं ह

तभी कृति के मोबाइल पर रिंग हुवी और वो राज से बोली…

“एक मिनट “ और वो मोबाइल के पास जाकर मोबिल पर ए नाम को देख कर थोड़ा जोर से बोल गयी. “ सोनाली डीई ..का कॉल सुभे सुभे”

निर्वाण ने एक बार पीछे मुड़कर कृति की तरफ देखा

कुछ बात करने के बाद वो पलटी तोह राज अपना सर दबा रहा था …

कृति “ उसके माथे पर रखते हुवे क्या हुवा ..लाओ मैं दबा देती हु”

राज “ यार पता नहीं ऐसा लग रहा ह जैसे कल से पहले की कुछ बाते दिमाग से स्किप हो गयी h….aisa लग रहा ह जैसे नींद से जगा हु मैं”.

कृति “ तुम सुभे 4 बजे उठ गए थे. तब से योग और पता नहीं क्या क्या किया ह जो एक इंसान तोह नहीं कर सकता ह…..”

राज मन मई “ अब ये क्या हो रहा ह ….मुझे तोह कुछ भी याद नहीं ….पर कल की बात याद ह मुझे पर उसे पहले की तीन दिन की कोई बात याद नहीं h…..mujhe एक बार गिरजी से बात करनी होगी”

कृति “ क्या सोचने लगे ….वर्ल्ड की सबसे कॉस्टली मस्सगे वाली हु मैं”

राज साडी बातो से धयान हटाकर “ और वो कैसे”

कृति “सिंह ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज की चेयरपर्सन हु”.

राज “राइट वैसे मैं तुम्हारे पास कब आया मतलब परसो आया था या कल …”

कृति “ यार मज़ाक मत करो तुम कल ए हो” फिर राज के गाल को छूकर “ तुम्हारी तबियत तोह तीख ह न”

राज “ मैं तीख हु पता नहीं थोड़ा मन बेचैन ह …”

कृति “ मैं अभी डॉ को बुलाती हु”

राज “ नहीं रहने दो बस ऐसे हे सर दबती रहो मुझे नींद लेनी होगी एक अछि सी बस”

कृति “कल सुभे तुम फ़िनलैंड जा रहे हो ….इसलिए एक बार डॉ को चेक करवाना जरुरी ह मैं दोपहर को बुला लेती हु फ़िलहाल तुम सो जाओ मैं खाने के लिए बनती हु हमारे लीये”

पर राज को क्या पता था की उसके साथ क्या हुवा ह ….जिसकी वजह से उसे ये साडी दिकत हुवी … वो तोह उसे फंसकर स्लीप मोड मई जा चूका था….

राज ने कृति के जाते हे मोबाइल निकलकर गुरूजी को कॉल मिलाया

गुरूजी “कहो निर्वाण”

राज “ निर्वाण गुरूजी आप कैसी बात कर रहे हो मैं हु आपका राज”

गुरूजी मन मई “ये कैसी समस्या ह बड़े गुरूजी ने भी सन्देश भिजवाया था की समस्या हो गयी ह …”

राज “गुरूजी आप सुन रहे ह”

गुरूजी “क्या बात ह राज मैं सून रहा हु”

राज “ गुरूजी मुझे पहले सब पता रहता था पर पहली बार मेरे साथ पिछले तीन दिन क्या हुवा ह कुछ याद नहीं ह …और मैं अभी दिल्ली कब पंहुचा कैसे पंहुचा ये भी याद नहीं h…aur न हे मेरे पिछले लगभग दो साल मई से ुअत्तरपर्देश मई क्या हुवा ुस्काखीर ऐसा क्यों हो रहा ह”

गुरूजी “ पहले देखो तुम्हे जो काढ़ा मैंने दिया था क्या उसमे कुछ चेंज हुवा ह”

राज “नहीं …वो तोह वैसा हे ह मैंने कोई चेंज नहीं किया ह…”

गुरूजी कुछ सोचकर “ पुत्र एक बार अचे से देखना और अब धयान से suno…apne गुसाई को काबू मई रखना किसी भी कीमत पर गुसाई को अपने ऊपर हावय मत होने देना …मैं जल्द हे बड़े गुरूजी से मिलकर तुम्हे मिलता हु”

राज “ जी गुरूजी”

राज कॉल कट करके सोफे पर हे लेत गया …तोह कृति कुछ मिनट बाद बहार आकर “अरे यही लेट गए कोई बात नहीं”

राज “ मैं तीख हु “

तभी आवाज आयी ..

“मैं तुम्हे जिन्दा छोडूंगी तब तोह तुम तीख रहोगे …”

राज आवाज सुनकर और देख कर तुरंत खड़ा होते huve“tummm ….ाअप्प्प”

और सोनाली अंदर आयी उसकी आँखों मई आंसू थे ..वो कुछ पल ऐसे हे राज को देखती रही …..और उसके आंसू बहते रहे

राज के मू से एक सब्द नहीं निकल रहे था वो बस सोनाली को देखे जा रहा था…..

कृति “सोनाली दी”

सोनाली “कृति बहार जाओ …और जब तक मैं न बुलाऊ अंदर मत आना”

कृति ने एक बार राज को देखा और वो समाज गयी की क्या होने वाला ह इसलिए उसे अपनी गलती रीलीज़ हुवी और वो बोली “ी म सॉरी राज मई बताना भूल गयी थी की सोनाली दी का कॉल आया था”

राज ने झूटी मुस्कान चेहरे पर लाते हुवे कृति को dekha….par मन हे मन वो गाला फाड़ फाड़ कर गालिया दे रहा था कृति को पर उसे क्या पता था की ये तोह उसे फंसने वाला उसका निर्वाण था जो सोनाली की सिरदर्दी से बचने के लिए खुद कुछ वक़्त के लिए स्लीप मोड मई चला गया था….

कृति के जाते हे …

सोनाली अपनी आँखों से आंसू पौंछती हुवी राज की तरफ भड़ने लगी ..उसकी आँखों से आंसू रूकने का नाम हे नहीं ले रहे the….wo एक हाथ से पौंछती तोह दूसरी आँखों से बहने लगते….

राज के मू से सब्द हे नहीं निकलरहे थे वो बस सोनाली को एक तक देखे जा रहा था और सोनाली उसके करीब अति जा रही थी …राज ने सोनाली के आंसू देख बोलने की कोसिस की “सोना वो”

सोनाली ने तुरंत हे हाथ के इशारे से उसे चुप करा दिया ….और बिना कुछ बोले बस उसके करीब आती गयी… “ दो साल …पुरे दो साल मैं इंतज़ार करती रही …हर पल दर्द मई तड़पती रही …की क्यों मैंने तुम्हारी बात मानी खास न मानती तोह तुम जिन्दा होते”

राज “सोना”

सोनाली “पर तुम जिन्दा थे ..इनफैक्ट बहुत अचे से थे और मैं तुम्हारा इंतज़ार करती हुवी रोटी रही” ये कहते हुवे उसके चेहरे पर गुसा आने लगा. ..और उसने पास पहुंचते हे राज के सीने पर दी किक ….और राज सोफे के ऊपर से पीछे कई ग़लतिया कहते हुवे जाकर रूका…. “ मैं पल पल खुद को दिलासा देती रही की तुम जिन्दा हो …तुम्हे कुछ नहीं होगा पर तुम…”

राज “सोना मेरी बात सुनो”

सोनाली ने एक किक दुबारा से खड़े हो रहे राज के सीने पर मरी राज फिर से पीछे गिरा …

Sonali“sirf एक बार कह देते की मैं जिन्दा हु ….”

सोनाली ने एक पंच राज के चेहरे की तरफ मारा …पर राज बचकर साइड मई लुढ़क गया ….ये देख सोनाली को और गुसा आगया और सोनाली ने गन निकल ली ..

राज “सोना पागल हो गयी हो”

सोनाली “ पागल है पागल हो गयी हु ये सही कहा ….मेन्टल डॉ भी मेरा चेक उप कर चूका था ……..और जिसकी वजह से मैं मेन्टल हुवी वो कॉलेज मई घूम रहा था साला कुत्ता रोमांस कर रहा था”

ये कहते वक़्त प्रीती का फेस घूमने लगा उसकी आँखों मई और उसने फायर कर दिया ….

राज सोफे के पीछे जम्प करके बचा और बोलै “गोली लग गयी तोह सच मई मर जाऊंगा …मैंने तुम्हे सच मई याद किया”

सोनाली “ बोल मत तू …तेरी तोह कमीने सामने आ ….मैं रोटी रही मेरा राज मेरा राज करती रही पल पल और तुममम सेल कुत्ते कमीने”

एक और गोली फायर हुवी ….

बहार कृति मोबाइल मई अंदर चल रहा लाइव एक्शन देखते हुवे “मनीषा ने सही कहा था ये तोह राज के लव मई तोतली माध ह ….अरे माध क्या पूरी फुल्ली मेन्टल ह मतलब गन फायर कर दी ……”

अंदर

सोनाली कुछ राज के करीब आने के लिए सोफे की तरफ आयी तोह राज ने फुर्ती से सोनाली के दोनों हाथ पकड़ लिए….

राज “सोना मेरी बात सुनो”

सोनाली “बोल मत तू छोड़ मुझे …तुझे तेरे दुश्मन मरे या न मरे मैं तुझे मार दूंगी” ये कह वो दन्त से राज के हाथ पर काटने की कोसिस करने लगी ….और राज के मैं पॉइंट पर किक मरने की कोसिस करने लगी …

राज “यंहा नहीं”

सोनाली “ साडी खुजली तोह तेरे यही h”ye कहते गुवे वो उछली और दोनों पेअर की राज की चेस्ट पर किक मार्डी…

राज ने सोनाली को छोड़ दिया पर गन उसके हाथ मई आगयी और वो पीछे जाकर सोफे पर गिरा…

राज जल्दी से खड़ा हुवा और सोनकी के खड़े होने से पहले हे उसके ऊपर आकर उसके दोनों हाथ पकड़ लिए. …

सोनाली “ छोड़ मुझे …वर्ण चीखूंगी”

राज “ चीखो मुझे पता ह तुम नहीं चीखोगी”

राज को उम्मीद थी की वो ऐसा नहीं करेगी …पर उसकी उम्मीद से अलग सोनाली जोर से चीखी “कृति ये मुझे मार रहा ह …हेल्प”

राज की हवईया उड़ गयी और उसने उसके मू पर हाथरख दिया ….तोह सोनाली ने एक हाथ फ्री होते हे राज के मू पर पंच मारा राज और ऊपर आकर अपने घुटने सोनाली के हाथो पर रख दिए …और बोलै “बस बहुत करलिया अपने अब मेरी बात सुनो”

सोनाली ने घूर कर राज को देखा और हिलना डुलना बंद कर दिया ..और जैसे हे राज ने रिलैक्स होकर सोनाली को छोड़ा सोनाली ने राज को धक्का देकर साइड मई गिरा दिया ….और गुसाई से घूरती हुवी अपनी गन की तरफ बढ़ी तोह राज ने उसे पीछे से पकड़ कर ऊपर उठा लिया ..

सोनाली “ छोड़ो मुझे ”

राज ने उसे सीधा किया तोह एक थपड राज के गाल पर लगा ….पर राज ने सोनाली को नहीं choda….sonali ने कई थपड राज को मरे पर राज सोनाली की तरफ हे देकता रहा और जब सोनाली थक गयी मरते मरते तोह वो रट रट थक कर राज की बांहो मई सिमट gayiii…..raj उसे लेकर सोफे पर लेत गया और जब उसकी आंखे दुबारा से खुली तोह उसके हाथ पास एक लत्तेर रखा हुवा था जिसमे लिखा हुवा पढ़कर वो जोर से चिल्लाई “jhuttaaaa…..i हेट यू ….ी हेट यू …राज …”

आज के लिए इतना हे ….



मस्ती मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स पेलने का …
 
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